Erotica Ek se jee nh bhara to aur b sahi - Page 5 - SexBaba
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Erotica Ek se jee nh bhara to aur b sahi

सॉरी friends..ab मुझे एक छोटा सा ब्रेक चाहिए इस कहानी को आगे बढ़ाने क लिए. क्यू की दीपावली क वजह थोड़ा बिजी हु स्क्रिप्ट पर ज्यादा ध्यान नह दे पा रहा hu...jisse कहानी की कामुकता काम हो सकती hai..jo मई कभी नह चाहता सो ....मिलते है एक छोटे से ब्रेक क baad..thank यू होप आप लोगो का साथ रहेगा हमेशा क liye...only ा शार्ट break..and आफ्टर्वर्ड्स स्टोरी विल बे कॉन्टिनोएड टिल एन्ड..

थैंक्स यू एव्री ओने
 
हैप्पी दिवाली इन एडवांस everybody...sure तेरे विल बे ा फ्रेश एंड मेगा अपडेट विल फॉलो आफ्टर दिवाली
 
मीणा जब घर पहुंची तो उसका अंदाज़ा सही था उसकी सास बहार खड़े hi मीणा का इंतज़ार कर रही thi…aur अपने बहु को आते देख उसकी बेचैन निगाहो को तसल्ली मिल गयी थी और वो मीणा से पूछी..

बड़ी देर लगाडी बीटा तुमने….

मीणा- है माज़ी वह का नज़ारा इतना ाचा लगा की कैसे वक़्त गुज़र गया इ पता hi नह chala…meena ने सच को छुपाने की कोशिश करते हुए सिचुएशन को सँभालने की कोशिश की थी..

सास- है बीटा बहुत ाचा बनाया है ..वैसे काफी लोग आते जाते है वह…

मीणा- है माजी मैंने गौर किया उस पार लोगो क आवाज़ आ रही थी

सास- मतलब तुम उस तरफ गयी नह..

मीणा- है माजी मुझे वो पानी में चलके उस तरफ जाने क लिए थोड़ा डर सा लगा…

सास- अरे बीटा कुछ नह hota..wo पानी थोड़ी गहरा hai…Teri पायल तक भीग नह जाते अगर चलके उस पार जाती तो…

मीणा- है माजी मैंने देखा था पर वक़्त बी हो गया था न इसलिए वापिस aagayi..aur मैं hi मैं मुस्कुराते हुए बोली अब क्या बतावु आपको माजी अगर उस तरफ जाने की सोचती तो शायद मेरा पूरा बदन hi भीग जाता हैदर क जिस्म की गर्मी se….aur उसे कुछ सज़ा और वो सास से पूछी ाचा माजी पर वह मुझे गांव का कोई एक आदमी बी नह दिखा…

सास- है बीटा गांव वाले क्यू जायेंगे waha..gaav वालो को वो जगह अब कॉमन हो गयी hai…wo लोग उसी वक़्त जाते है जब उनकी गाय भैंस वापिस घर न aaye….aur वैसे बी अब वो खेत जमींदार जी का है न तो लोग वह जाने से पहले सोचते है..

सास की बात सुनकर मीणा को अब यकीं हो गया था की झरने क आस पास रंगरलिया मानाने में उसे कोई परेशानी नह hogi..par तभी उसे याद आया की सुबह हैदर ने तो कहा था की वो आज वापिस शहर लौटने वाला hai…aur उसका मैं निराश हुआ और वो खुद मैं में बोलपडी अब क्या फयदा हैदर तो जानेवाला hai..aur वो अंदर गयी और फ्रेश होकर रात क लिए डिनर की तैयारी करने lagi…aur उसकी सास वही बहार आंगन बैठी थी..

किचन में मीणा डिनर बनाते वक़्त उसकी सोच अब सिर्फ हैदर क लिए hi सिमित हो रही thi…wo मैं hi मैं हैदर को शहर उसके घर दावत देने क लिए प्लान बनाने में लगी thi..par उसे हैदर पर गुस्सा बी आने लगा था की हैदर उसकी प्यास भड़काके आज वापिस जानेवाला hai..aur हैदर को मैं hi मैं कोसने लगी थी..

वही दूसरी तरफ घर जाते hi हैदर कुर्सी पर बैठ गया और कुछ देर पहले मीणा से हुई हर एक बातचीत को याद करने laga..har तरफ से सोचने का बाद उसे समझने में देर नह लगी की जब मीणा बिना कोई परेशानी क दोस्ती को काबुल कर सकती है तो… इसी दोस्ती क बहाने मीणा की जिस्म पर धीरे से दस्तक देनी बी शुरू करनी hogi…aur इसके लिए आज से ाचा कोई मौका नह hai…aur कुछ सोचा और मैं में hi कुछ प्लान बनाया और वो रेडी होकर पहले शहर की तरफ निकल gaya…q की उसे रात क लिए अपने खाने पिने की बी बंदोबस्त करनी thi..aur जाते वक़्त उसने कुछ सोचा और मीणा को मश्ग kiya…kya कर रहे हो मैडम

वही किचन में डिनर की तैयारी और हैदर क सोच में hi डूबी मीणा अपने फ़ोन में मश्ग का नोटिफिकेशन की आवाज़ आते hi समाज गयी थी की इ हैदर या तना दोनों में सी एक hi का hi मश्ग होगा और उसने तुरंत अपनी मोबाइल में देखा तो उसका अंदाज़ा सही देख कर वो ख़ुशी से रिप्लाई दी की कुछ नह बस रात क खाने क लिए तैयारी कर रही थी..

हैदर- और तुम्हारी सास कहा है…

मीणा- वो बहार बैठी hai..q उनसे कोई काम था kya..meena ने थोड़ा छेड़ते की अंदाज़ में जवाब दिया….

अब हैदर को बी मीणा का इ अंदाज़ ाचा लगा था और उसे समझने में देर नह लगी मीणा नह चाहती की जब उन उन्दोनो की बात हो रही है तो सास की बीच में लाना मीणा को बी पसंद नहीं hai…aur वो बी bola..kaam तो नह पर जब खूबसूरत हसीं मैडम से जब चाट हो रही हो to…saas बीच में न आजाये ….वैसे आपको कोई प्रॉब्लम तो नह अगर मई कुछ देर आपका वक़्त बर्बाद कर दू to…hyder ने बड़े नज़ाकत से पूछा था..

मीणा- मुझे क्या प्रॉब्लम hogi…muje तो लगा की आप को डर है की हम दोनों क बीच की चाट या बात सास को पता न चले hehehe…q की मीणा बी तो यही चाहती थी और वो हैदर को इंदिरेक्ट्ली संजना चाहती थी की सास क सामने कभी बी कोई गलत हरकत न करने की कोशिश करे…

और इ बात हैदर तो पहले से hi जनता था की मीणा उसके सास या पति क सामने कोई गलत हरकत बर्दाश्त नह करेगी और वो मीणा की बात की जवाब देते हुए बोलै है अब इतनी खूबसूरत मैडम हमारी दोस्त बन गयी है तो इतना तो ख्याल रखना hi पड़ेगा न हाहाहा

हैदर बार बार मीणा को मैडम कह कर सम्भोदित कर रहा था और अब इ मीणा को ाचा नह लग रहा था पर मीणा शायद नह जानती थी की हैदर अपने दिमाग में कुछ प्लान बनाये हुआ है. …और वो हैदर से boli…par मुझे लगता है तुम मेरी दोस्ती काबुल नह है…

हैदर,- चूकते हुए वो कैसे??

मीणा- और नह तो क्या अगर तुम मुझे अपना दोस्त मानते तो इ मैडम मैडम कह कर नह बुलाते..

मीणा की बात ने हैदर को खुल्ला छूट दी थी मीणा को उसके नाम से बुलाने की उसके साथ खुल क बात करबे की और वो इस मौके को कुछ अलग तरीके से अपना न चाहता था वो मश्ग किया …है इसके दो रीज़न है…

मीणा- नाम से बुलाने क लिए बी रीज़न chahiye..jara मई बी तो सुनु वो रीज़न क्या है…

हैदर- पहला रीज़न इ की आपने मुझे अपना नाम नह बताया और मुझे कभी नह कहा की नाम से पुकारो…

मीणा- वूऊह्ह्ह्ह बहुत शरीफ लगते ho…waise मई इस शरीफ इंसान को इ पुछु की मुझे अनजान बन क मश्ग करने से पहले क्या आपको मेरा नाम पता नह था???

हैदर- हाहाहा पता तो था पर अगर वही नाम आप खुद बताती तो और बी ाचा हो ता na….ab जब तक आप खुद होक अपना नाम नह बतावोगी तो मई कैसे नाम से बुला सकता हु…

मीणा- hmmmmm..to चलो ठीक hai…ab सोचो की मैंने आपने नाम बता diya..to अपना दूसरा रीज़न बी बता दो…

हैदर- कुछ देर सोच कर टाइप Kiya…ha अब नाम तो पता चल गया पर अब बी एक बात बाकी रह गयी न

मीणा- वही तो बोलो कौनसी?

हैदर- हुग करके दोस्ती को आगे बढ़ाने की ग्रीन सिग्नल देने की..

अब धीरे से hi सही दोनों की बात जिस्म से जिस्म क टकराहट होने तक पहुंच रही थी और मीणा बी यही छह रही thi…aur उसके दिमाग ने कुछ सोचा और रेतुर्न जवाब देते हुए टाइप की ाचा मैंने कब कहा की मई आपको हुग करुँगी…

हैदर- भूल गयी क्या जो कुछ देर पहले शर्ट लगी थी…

मीणा- है वो याद है वो तो गले मिलने की बात हुई थी..

हैदर- अब गले मिलने क लिए बी हुग करना hi पड़ेगा न..

मीणा- ाचा तरीका hai…kisi औरत से दोस्ती क नाम पर ..… चलो इ बी मान ली पर यहाँ नह… वो आप मेरे शहर जब आवोगे न तब सोच सकती हु…

हैदर- अब उतना दिन मई कैसे इंतज़ार कर सकता hu.agar आज hi कुछ इस नाचीज़ पर दया दिखती तो दिल खुश हो जाता…

मीणा- शायद आप भूल गए की सास क होते हुए इस वक़्त इ नामुमकिन hai…aur वैसे बी आप आज जाने वाले हो न…

हैदर- किसने कहा मई जानेवाला hu…jab मेरी सपनो की पारी मेरे गले मिलने राज़ी hai…aur इतना ाचा मौका छोड़ क मई कैसे जा सकता हु हेहेहे

मीणा- ाचा अब दोस्ती हुई hi नह सपनो की पारी बन गयी..??

हैदर- सपनो की पारी तो उसी दिन बन गयी थी जिस दिन पहली बार देखा tha..realy ु र वैरी मच ब्यूटीफुल एंड hot….hyder ने मीणा क तारीफ क फूल बन्दते हुए मश्ग किया…

अपनी tàarif सुनकर मीणा का दिल ख़ुशी से झूम उठ रहा था और उसके चेहरे की रंगत बी बदल कर ख़ुशी का माहौल चाय हुआ था इस वक़्त किचन में. और इस तारीफ़ क पीछे छुपा हुआ सच बी मीणा समाज गयी thi..par मीणा कोई चालू औरत नह थी जो हैदर क इशारे को आसानी से अपना हामी भर de….use चढ़ना तो था पर वो उसके पहले अपने आप को नादाँ और पतिव्रता का दर्जा देना चाहती thi…so वो हैदर को जवाब देते हुई टाइप ki…tume ऐसा नह लग रहा की तुम दोस्ती की हद को पार करने वाली तारीफ़ कर रही हो…

मीणा क इस जवाब ने हैदर को थोड़ा बैकफुट पे तो लाया था पर अपने आगे बड़े हुए कदम को हैदर किसी बी हालत में रोकना नह चाहता था क्यू की उसके लिए यही सबसे ाचा मौका लगा था वो बी बात को आगे बढ़ाते हुए …ाचा तो आप बता दो न दोस्ती की हद की बात कैसी होती है ..

मीणा- ाचा इतने बी बुद्दू मत बनो…

हैदर- सच में मुझे पता नह मुझे जो लगा वो बोलै मैंने..

मीणा- है है पता hai…pehle सब वैसे hi कहते hai..fir उसके बाद पता नह क्या क्या बोल पड़ते है…

हैदर- लगता है मैडम को पूरा एक्सपीरियंस है इस बारे में…

हैदर क इस मश्ग मीणा को खुद उसकी बातो में फसा दिया tha..aur वो अपना और जमील क सच को छुपाने की कोशिश करते हुए..

मीणा- अरे नह मुझे इसका कोई एक्सपीरियंस नह क्यू की मई ऐसी औरतो में से नह हु…

हैदर- है इ तो उसी दिन पता चल गया था जिस दिन पहली बार आपको देखा था…

मीणा- ाचा बहुत बड़ा झूट बोल रहे हो tum…ek बार देखने से थोड़ी पता chalta..jarur तुमने उसके बाद बी मेरे बारे में इन्क्वारी की होगी सच बोलो… मीणा ने जानबूजकर अपने बारे में हैदर की राय जानने क लिए कहा था..

हैदर- है वो तो है…

मीणा- मतलब??

हैदर- मतलब इ की तुम मुझे पहली नज़र में hi भ गयी thi…par जनता था एक शादीशुदा औरत किसी मर्द से आसानी से दोस्ती कर नह सकती..

मीणा- ाचा इ जानते हुए बी तुमने अनजान बने मश्ग क्यू किया?

हैदर- दिल बार बार कह रहा था बस एक तरय करके तो dekho..hehehe …और उसका नतीजा अब आप मेरे साथ हो…

मीणा- हम्म्म्म बहुत ache…balki सच कहु तो मेरा नंबर बी किसी को मिलना मुश्किल है समाज lo…aur शायद अगर माजी उस दिन आपके मोबिल से मुझे कॉल न करती तो शायद तुम बी मेरा नंबर नह milta…aur अनजान बने मेरा इम्तिहान नह लेते…

हैदर- है इसके लिए तो मई माजी को शुक्रिया ऐडा बी कर चूका hu.aur मैंने कब इम्तिहान लिया aapka….waise एक बात पुछु…

मीणा- अब और कोई बात बची है क्या हेहही

हैदर- है बस इतना बतादो मुझसे दोस्ती तुमने किसी मज़बूरी में तो नह की….

मीणा- इ कैसी बात कर रहे ho..meri कैसी मज़बूरी hogi..agar वैसे इ मैडम मैडम कहने क बदले नाम से पुकारते तो मुझे बी ाचा लगता हेहेहे

हैदर- ok तो फिर मैडम अपनी ख़ुशी से मुझसे दोस्ती करने तैयार hai…hehehe

मीणा- ह्म्म्मम्न

हैदर- अगर मैं से दोस्ती की है तो मई बी नाम से बुला लूंगा इसके बाद पर फिर बी एक दिक्कत बची है…

मीणा- लगता है तुम्हारे पास दिक्कतों की कमी नह …चलो इ बी बोल दो…

हैदर- वो …..हुग करके दोस्ती को आगे बढ़ाने में क्या दिक्खत है…

हैदर किसी बी तरह मीणा को हुग करके उसके जिस्म में अपनी गर्मी का एसएस दिलाना चाहता tha…aur वही मीणा बी को बी इसी बात का इंतज़ार कब से था पर वो खुल्लम खुल्ला इ सब झहीर बी नह कर सकती थी तो वो जवाब में बोली..

मीणा- दिक्खत तो है और वो है मेरी सास…. जानते हो अगर सास ने मुझे तुम्हारे इतने करीब आते देखा तो वो क्या sochegi..aur वैसे मैंने अभी तक किसी गैर मर्द से नहीं दोस्ती की है और नहीं उन्हें गले मिलने क बारे में सोचा बी है..

हैदर- अगर सास न हो तो…?

मीणा- अब सास को कहा भेजने का प्लान बना रहे ho…aur है इ प्लेन में मई तुम्हारा साथ कभी नह देने वाली है…

हैदर- प्लान बनाने की क्या जरुरत hai..agar वक़्त और आपका साथ मिला तो शायद प्लान खुद बी खुद बन बी सकता है..

मीणा- मुझे तुम्हारी इ बात समाजमे नह आती ok..waise तुम ने इ नह बताया की आज तुम जाने वाले the..q अचानक रुकने का मूड बना लिया…

हैदर- पर तुम किसने कहा की मई जानेवाला था….

मीणा- कल तुम hi केहराहते मेरे पति से..

हैदर- वोऊ वो बात hai…wo तो मैंने तुम्हारे पति से झूट कहा था हेहेहे

मीणा- पर इ झूट बोलने की जरुरत क्या थी पूछ सकती हु..

हैदर- है जरूर पर उसके पहले एक हुग तो हो jaaye…hehehe

Meena-nh नह अब नह तुम मेरे शहर आवो वह जरूर करुँगी.. खुश ..

हैदर- खुश तो तब होगा जब तुम मुझे अपने गले लगा क अपनी दोस्ती को दिल से काबुल करेगी…

हैदर की इ बात सुनकर अब मीणा सोच में पड़गयी इ हैदर तो अब पीछे hi padgaya…par यहाँ सास क होते हुए उसको गले मिलना कैसे संभव hoga…kya karu…mouka तो ाचा है सिर्फ सास का darr.,...use कुछ बी समाज नह आरहा था और वो जवाब देते हुए बोली नह हैदर प्ल्ज़ संजो न…

मीणा की बात सुनकर हैदर इस वक़्त मीणा पे ज्यादा जोर देना ठीक नह समजा और बोलै ठीक है पर अगर आज ऐसा वक़्त मिले तो कोशिश तो कर सकते न..

मीणा - हम्म्म्म कहते हुए अपनी सम्मति दे दी और boli..thik hai…par मीणा सोच में पड़गयी थी ऐसा वक़्त कैसे milega……use कुछ समाज में नह आरा था एक तरफ हैदर उसके जिस्म क करीब आने की बात कर रहा था और वही दूसरी तरफ मीणा छह कर बी हैदर का साथ देने अपने कदम आगे बड़ा नह सकती थी सास क डर se…wo अपने आप को मैं hi मैं कोसने लगी काश मई उसी वक़्त हैदर से लिपट जाती जिस वक़्त हैदर मेरे पीछे खड़ा मेरे जिस्म को निहार रहा tha..aur अपने हथियार से मेरे नितम्बो पर दस्तक दे रहा tha……par अब वक़्त तो निकल चूका hai…aur वो निराश मैं से boli..ab मुझे काम है हैदर बाद में चाट करती हु bye…

हैदर- मैं नह करता bye कहने का

मीणा- ,क्यू?

हैदर - जबसे तुम देखा hai..jee करता है की बार बार देखता hi rahu…har वक़्त तुमसे साथ बातो में लगे rahu…aur तुम्हारी बारे में सब कुछ पता karlu..jaise तुम क्या pasand..tumari हर चीज़….

हैदर की इस तरह की बाते मीणा को ख़ुशी क साथ एक अलग सोच में ले जा रही थी जिसके चलते वो अपना सब कुछ हैदर क लिए निछावर करने तैयार होने लगी थी…. उसकी दिल की उमंग में बढ़ती होने लगी thi..ek ुंचही ऐसाह का मज़ा वो अपने जिस्म में महसूस करने लगी thi…aur इस ऐसाह का असली मज़ा लेना है तो वो हैदर को उसकी मैं की बात कहने क लिए पूरी छूट देनी होगी और वो कुछ ज्यादा hi खुलने की इशारा छोड़ने क लिए बोली..

मीणा- ाचा जनाब कुछ ज्यादा hi सोच रहे hai….lagta है भूल गए की मेरे साथ अब मेरी सास बी है जो किसी वक़्त अंदर आ सकती है… मीणा ने जनाब इ शब्द जानबूजकर इस्तेमाल किया था ताकि हैदर समजे की वो पूरी तरह खुल चुकी है….

हैदर- क्या हर बार सास की धमकी देती ho…mai आज जब आपके लिए hi रुका hu…to एक दोस्त क नाते आपका फ़र्ज़ नह बनता की अपने दोस्त क लिए कुछ वक़्त निकले..

मीणा- ओह्ह्ह इमोशनल ब्लैकमेल …वैसे जनाब इसलिए तो रुक गए थे aaj…acha..sahi न…

हैदर- है ऐसे hi samjo…par ब्लैकमेल nh…haha

मीणा- हम्म्म्म

हैदर- वैसे तुम इतनी खूबसूरत हो सुशिल ho…kisi पे बी फेहली नज़र में hi बिजली गिरा सकती ho..to किसी ने तुम प्रोपोज़ नह kiya…shaadi से पहले या बाद में…

हैदर की बात सुनकर मीणा समाज गयी थी हैदर उसके बारे में अब जानकारी इकट्ठा करना छह रहा hai…wo हैदर क इस सवाल पर थोड़ा गुस्सा जातक बात को यही पे बी रोक सकती thi…par मीणा को लगा अगर ऐसा करने से हो सकता है हैदर समाज ले की मई कुछ छुपाना छह रही hu…isliye मुझे सोच समाज कर hi जवाब देना पड़ेगा..

मीणा- न बाबा मुझे इसके बारे में ज्यादा नॉलेज नह hai…aur हमारी अरेंज्ड मैरिज है..

हैदर- मतलब शादी से पहले तुम्हारा कोई दोस्त वगैरा नह थे….

मीणा- थे न कही सारे लेडीज फ्रेंड्स जो अब बी hai…aur पता है हैदर हमारे घर में ऐसा माहौल था की मई किसी अनजान लड़के से गलती से बी बात किये तो उसका सौ जवाब देने पड़ते थे..

हैदर- मतलब वैरी स्ट्रिक्ट फॅमिली बैकग्राउंड…

मीणा- स्ट्रिक्ट तो नह और सच कहे तो मुझे या मेरे बहनो को किसी से दोस्ती करने की नौबत hi नह aaye..hume जो चाहिए था सब कुछ घर में hi मिल जाता था…

हैदर- ok इ हुई शादी क पहले की baat…shadi क बाद??

हैदर की बात सुन क मीणा थोड़ी सोच में पड़गयी thi.q की शादी क पहले वाली बात को हैदर क सामने बोलने में उसे कोई दिक्कत नह आयी थी क्यू की जो कुछ बी था वो सच hi tha…par शादी क बाद की baat…wo कैसे बताती की वो जमील जैसे गुंडे क साथ जिस्मानी रिश्ता जोड़ चुकी है और उसकी सोई हुई हवस जग चुकी hai…aur वासना क नशे में खोये हुए उसे अब उसके पति से वो जिस्मानी सुख नह मिल रहा है जो एक गैर मर्द से मिलता hai…isi क चलते अपने पति क बॉस क साथ बी उसका चक्कर शुरू हो चूका hai..aur जल्द hi उनकी मुलाकात से बिस्टेर सजनेवाली hai…aur इतना hi नह …अपनी जिस्म की बढ़ती प्यास को भुजने क लिए वो खुद हैदर को अपना जिस्म परोसने को बी तैयार है…

यहाँ मीणा गहरी सोच में थी अब इस सिचुएशन को कैसे हैंडल किया जाए वही उसके मोबिल में हैदर का और एक मश्ग आ चूका था…

क्या सोच रही ho..kahi किसी पे दिल तो नह आगया था ..

और इ बात कहते हुए हैदर को थोड़ा डर बी लगा कही मीणा उसके इस बात पर गुस्सा न हो जाए और उसका प्लान बिगड़ न jaaye…par क्या करे वो मश्ग को रेतुर्न तो नह कर सकता था या delete…q की मीणा ने उस मश्ग को पद लिया था और अब बी वो सोच में थी…

थोड़ी देर दोनों तरफ ख़ामोशी छायी हुई थी पर हैदर की धड़कने तेज़ होने लगी thi…use लगा शायद मीणा को इस तरह उसका सवाल पूछना ाचा नह laga…aur वो सॉरी टाइप करने क लिए मोबिल को देख hi रहा था तो उसे स्क्रीन पे दिखा मीणा इस typing….aur हैदर क ऊँगली टाइप करने से पीछे हैट Gaye….aur कुछ hi देर में उसके सेल में मीणा का मश्ग था..

अरे कैसी बात कर रही ho..jab शादी से पहले hi किसी से दोस्ती नह कर पायी तो शादी क बाद कैसे karungi…hehe..

मीणा क इस मश्ग में कही गुस्सा का इमोजी या न कुछ पाकर हैदर की हिम्मत बाद गयी और वो एक कदम आगे बढ़ाने की कोशिश हुए टाइप Kiya…ha इ तो hai…par..tum इतनी खूबसूरत हो हसीं हो और उससे बी ज्यादा बहुत हॉट दिखती ho..to जाइज़ है किसी न किसी ने तुम प्रोपोज़ करने की कोशिश तो किया तो होगा na…chahe शादी क पहले हो या बाद me…khubsurat फूल हो और भवरे उसके आगे पीछे न मांदरायें ऐसा हो सकता है क्या??

मीणा छह कर बी इस सच को हैदर क सामने छुपा नह सकती थी …क्यू की बात तो सच hi थी मीणा क पीछे बहुत मर्द पड़े थे पर मीणा ने किसी को घास नह डाला था सिवाए जमील k…aur वो जवाब देते हुए..

मीणा- हम्म्म

हैदर- इसका मतलब किसी ने तो प्रोपोज़ किया था…

मीणा- हम्म्म्म

हैदर- क्या मई जान सकता हु वो खुशनसीब इंसान कौन है….

यहाँ हैदर क सवाल पे सवाल आने लगे थे और मीणा छह कर बी हैदर को मन नह करना चाहती thi…q की उसे बी अब मजा आने लगा था पर उसे थोड़ा डर बी था कही गलती से उसके मुँह से जमील की बात निकल न jaaye...aur वो अछि तरह जानती थी हैदर अपने मकसद में कामयाब होने क लिए बातो में hi फाउंडेशन दाल रहा hai..aur मीणा खुद इसके लिए तैयार thi..pichle एक महीने से उसका जिस्म किसी हट्टे काटते मर्द क निचे लेते बिस्टेर को गर्मी देने क लिए कबसे बेताब था और वही काम अब हैदर करने लगा tha…isliye वो अब पूरी तरह खुल क जवाब देना चाहती thi….par वो इ बी जानती थी की जवाब देते वक़्त उसका कोई एक गलत जवाब जमील का भन्दा फुट सकता hai…aur वो कुछ सोच कर अपने मैं hi एक प्लान banayi..aur हैदर को अपना जवाब सेंड किया..

मीणा- पर मई किस किस का नाम lu…aur शायद ुमने से मई कभी किसी को जानती तक नह thi…kabhi कभी अकेले कही आना जाना होता था तो कुछ मर्द मुझे देख कर टॉन्ट मरते थे और कुछ बुरी नज़र से देख ते the….ab मई थोड़ी उन लोगो का नाम पूछते firungi..hehe

हैदर- ओह तो इ बात hai…par उनमे से किसी ने तुम प्रोपोज़ नह किया…

मीणा- है किया na…par मैंने कभी इसके बारे में सोचा नह….

हैदर - ाचा पर क्यू?

मीणा- क्यू? का मतलब मुझे वो सब पसंद नह hai…aur शादीशुदा औरत थोड़ी किसी क प्रपोजल को मान legi…acha पूछते ho…hehehe

हैदर- मतलब इ सब शादी क बाद क स्टोरी है…

मीणा- है तुम क्या समजे शादी क पहले की मैंने पहले hi कहा था na…shadi क पहले ऐसा कोई चांस hi नह था…

हैदर - ाचा meena…ek बात सच kaho…jaise तुमने कहा कई सारे पीछे पड़े the…kya तुम उनमे से कोई पसंद नह aaya….ya और कुछ…

मीणा- अब क्या batavu…pasand आया की नह पर मेरे लिए इ सब गलत है तो सोचना बी मुनासिफ नह समजा…

हैदर- क्यू मुनासिफ नह बेचारो का दिल कितना टूट गया hoga…hehehe

मीणा- ाचा तो जनाब को उनकी पड़ी है मेरी नह..

हैदर- और नह तो क्या बेचारो ने कितना सोच समाज कर प्रोपोज़ किया hoga…kitni म्हणत लगी होगी उनको और तुमने एक hi पल में उनको निराश kardiya…bechare पता नह इस वक़्त बी तुम्हारी याद में कोई दर्द भरे गाने गुनगुनाते हुए भटक रहे honge….hehehe

हैदर की बात से मीणा बी है padi-hehehe..maine थोड़ी कहा था उनको मेरे पीछे लगने क लिए…

हैदर- पर मीणा कभी तो तुम एक पल तो लगा होगा की तुम किसी क बारे में सोचना होगा या तुम सोचने पर मजबूर किया हो….

मीणा अब मैं में hi सोचने लगी शायद हैदर को मुझपे शक hai…aur इस शक को मुझे दूर करना hi hoga…aur वो कुछ सोच कर बोली..

Meena-majbur तो नह पर कभी कभी लगता था किसी क बारे में सोच lu….par कभी दिल मन nh…isliye इस बात पे ज्यादा गौर नह किया….

शायद हैदर को इसी बात का इंतज़ार tha…aur मौके का फयदा उठाते हुए बोलै

हैदर- तुम हो hi इतनी कमल की कोई बुड्ढा बी तुम एक नज़र देख ले तो वो बी तुम…..

हैदर ने बात को अधूरा hi छोड़ दिया और मीणा को समझने में देर नह लगी की हैदर क्या कहना चाहता hai…wo एक पल क लिए अपने आप में शर्मायी और अपने चेहरे पे एक मुस्कान लाते हुए जवाब लिखी

मीणा- क्या बुड्ढा बी क्या??

हैदर- अरे कुछ नह मई तो बस इतना कहना चाहता था अगर कोई बुड्ढा बी तुम देख लेगा न तो उसके दिल में हलचल बाद जाए हेहेहे…

मीणा- बात बदलना कोई तुमसे sikhe…mai जानती हु तुम क्या कहना चाहते थे….

हैदर- ाचा जब समाज hi गयी तो बोल दो न मई सही या गलत?

मीणा- पता नह मैंने कभी गौर नह kiya…par एक बात बतावो तुम मेरी हिस्ट्री क्यू जानना चाहते हो….

हैदर- बस ऐसे hi पूछने का मैं किया वैसे आज कल तो इ कॉमन hi है न…

मीणा- नह बाबा इ सब मेरे लिए कॉमन nh…e सब मेरे लिए गलत hai…pata है अगर मई कुछ गलत करती और मेरे पति या सास को पता चलता तो मेरी इज़्ज़त की तो वाट लग चुकी होती अब तक…

मीणा दिल hi दिल में खुश थी की हैदर उसके करीब आने को बेताब hai…aur इसी क चलते वो उसे बातो में फसा रहा hai…par मीणा ने अब बी अपनी शराफत साबित करना hi ठीक समाज हुआ tha…par उधर हैदर खुश था क्यू की हैदर ने एक औरत से ऐसी बात पूछी जिससे कोई लड़की या औरत hi पूछ सकती है जो खास ho…aur मीणा ने ऐसी बात पर नहीं कोई आपत्ति जताई नहीं कोई गुस्सा दिखाए बिना अपना पर्सनल मटर शेयर करने से ज़िज़ेक नह रही hai..aur इस बात ने हैदर की हिम्मत को दुगनी करदिया tha..aur अब अपने प्लान को अंजाम देना चाहता था और उसी क चलते उसने चाट को आगे बढ़ाते हुए लिखा

हैदर- अगर इसी बात को किसी को पता न चले ऐसे किये to?….kya बुराई hai…waise देखो अब हम दोस्त की तरह चाट कर रहे है किसी को पता चला kya…aur अगर इ चाट तुम डिलीट करोगी तो हम दोनों क बीच कुछ हुआ था इसका नाम और निशाँ बी नह रहेगा सही न…

हैदर ने इस बार मीणा को इंदिरेक्ट्ली क्लियर कर दिया था की उनके बीच जो बी होगा वो किसी को पता नह चलेगा और मीणा बी यही चाहती थी एक गुप्त रिश्ता फिर बी वो थोड़े नखरे करते हुए…

मीणा- वो तो मई डिलीट करुँगी hi पर मुझे अब तक पता नह चला की तुम इ सब मुझे क्यू समजना चाहते ho…kahi उन्ही भवरो में से कही तुम बी एक हो…???

मीणा ने सवाल भरे अंदाज़ में मश्ग सेंड किया tha..aur शायद उसका इ इशारा बी था हैदर क लिए की चाहे तो तुम आगे बाद सकते हो इसी वक़्त और वही हैदर क लिए बी मीणा का इ जवाब सोने पे सुहागा tha….aur इसे अछि तरह वो इस्तेमाल करते हुए कहा

हैदर- ऐसे बी समाज सकती हो….

मीणा- चुलौकाने का नाटक करते हुए क्या????

हैदर- है मीणा जबसे देखा हु तुम उसी दिन से पागल हो गया hu….aur जानती हो मई सिर्फ तुम्हारे लिए यहाँ आया hu…aur आज बी यही रुका हु इसी उम्मीद से की तुम मेरी प्रपोजल को हरी झंडी दिखादो….

हैदर ने आखिर कर वही बात बोल दी जिसे वो अपने दिल में ख्वाब सजाये बैठा tha…aur मीणा क लिए बी ा एक्सपेक्टेड जवाब था वो मैं hi मैं तो खुश thi..ek तो उसने हैदर क सामने अपने आप को दूध की धूलि साबित किया था और दूसरी बात उसके जिस्म में बाद रही प्यास को भुजने क लिए उसे एक नया हथियार जो मिल गया tha…aur उसने तैय बी किया की वो शहर जाते hi पहले हैदर को किसी न किसी बहाने बुला लेगी और फिर …..इ सोच कर hi मीणा का जिस्म में हलचल शुरू होने लगी thi…ab वो काफी एक्सीटेंड बी thi…fir बी जानती थी की हैदर क सामने उसकी और शराफत साबित करनी होगी और वो नखरे करते हुए मश्ग की..

Meena-kya पागलो जैसी बात कर रहे ho…e जानते हुए बी इ सरासर गलत है और मेरे लिए तो नामुमकिन है…

हैदर- पागल hi संजो meena…aur इसमें गलत क्या hai…mai पहले बी कह चूका हु तुम देख कर बुड्ढे क दिल में बी हलचल मचती होगी और मई तो अब बी जवान हु और तुम बी…

मीणा- जवान और मई क्या मज़ाक करते हो hyder….shayad आपको मेरी सास ने बताया नह होगा की मई दो बचो की माँ बन चुकी hu…hehehe.

हैदर- है जनता hu…isliye तो दिल aagaya…do बचो की माँ इतनी खूबसूरत हो सकती है तो उसके दिल में बी कुछ अरमान बचे होंगे na….isliye वो अब बी इतनी खूबसूरत है….

हैदर बात बात पे मीणा की तारीफ़ कर रहा था जिसे सुनकर मीणा खुश हो जाती और हैदर को तड़पने क लिए अपने नखरे और बी बढ़ती चली thi….par मीणा ने कभी ऐसा महसूस बी नह होने दिया की वो हैदर पर नाराज़ हो चुकी hai..aur हैदर बी मीणा क ऐसे बेहेवियर से खुश नज़र आ रहा था और अपने बातो में मीणा को फ़साने क लिए अपने कोशिश जारी रखे हुए tha..kuch देर ख़ामोशी क बाद मीणा ने रेतुर्न जवाब लिखा

Meena-sach में तुम पागल हो हैदर हेहेहे

हैदर- तो है में जवाब दे कर एक बार गले मिल क देखो न यकीं दिलाता था हु तुम बी बहुत मजा आएगा…

मीणा- मैंने कब मन किया गले मिलने से पर.. जो तुम कह रहे ho…..wo सब…..

मीणा ने जानबूजकर आधा मश्ग hi भेजा था ताकि हैदर उसको और फाॅर्स करे या मानाने की कोशिश kare..aur तभी उसके मोबाइल में हैदर का मश्ग आया

हैदर- क्या मीणा क्या हुआ बात आधे में क्यू रोक दी……

मीणा- हैदर जानते हो इ मेरे जिंदगी का सवाल है एक गलती और मेरी बदनामी में कोई ज्यादा फरक नह होगा…

हैदर- अरे यार तुम सोचती बहुत ho…shayad इसलिए hi तुमने अचे अचे मौके गवाए होंगे…

मीणा मैं में मैं हस्ते हुए अब हैदर तुम क्या batavu….mai जमील जी क साथ क्या क्या कर चुकी hu…hehehe और वो हैदर को जवाब देते हुई लिखी.

मीणा- है डरना तो पड़ता hi hai…ek शादीशुदा जिंदगी है मेरी एक छोटा सा कदम उठाने क पहले बी लाखो बार सोचना पड़ता है….

हैदर- तो सोचो न …

मीणा- हम्म्म्म

और कुछ सोच कर टाइप ki…tumare बातो क चक्कर में मेरा काम अधूरा रह गया अब माजी ने पूछा तो क्या जवाब du….baad में मश्ग karo…bye..

हैदर- बाद में मश्ग तो करूँगा hi पर उसके पहले हुग बी करूँगा हेहेहे

मीणा- सच में पागल हो tum…yaha माजी क होते हुए हुग तो क्या मई तुमसे ठीक से बात बी नह कर सकती ..

हैदर- है पर कोशिश करने में क्या बुराई है…

मीणा- ok बाबा अब तो काम करू…

हैदर- ठीक है पर जरूर मेरे बातो पर सोचना बी हो सकता है आज hi मौका बन जाए हमारे liye…hehehe

मीणा- चुप pagal…kahi के

मीणा- bye

हैदर- bye…

हैदर क साथ हुई कुछ देर क चाट से मीणा खुश तो थी पर उसका दिमाग में अब बी एक hi प्रश्न था की हैदर क साथ गले मिलकर अपनी सहमति कैसे देना hai…wo काम करते करते यही सोच में डूबी हुई थी तभी उसे अपनी सास की आवाज़ आयी..

अरे मीणा बीटा अब तब क्या कर रही हो किचन में बहार आके बैठो न ….

मीणा- सास को जवाब देते हुए बोली जी माजी अब hi aayi…kehte हुए मीणा ने किचन को जल्द से साफ़ किया और बहार जाके आंगन में एक कुर्सी पर बैठ gayi…kuch देर सास बहु क बीच इधर उधर की बाते होने लगी thi…aur मीणा बी सास क साथ घुलमिल गयी thi…par कही न कही उसका दिमाग इसी सोच में डूबा हुआ था की अब हैदर का क्या करे….

कुछ आधे घंटा ऐसे hi बीत गए थे तब उन्हें रस्ते पे दूर किसी कार की हेडलाइट की रोशनी दिखी और उस रोशनी को देख मीणा की सास बोली लगता है जमींदार बीटा आज गए नह…

मीणा कुछ नह बोली बस हम्म्म में जवाब दी क्यू की मीणा को तो पता hi था हैदर गया नह…..

तब मीणा की सास बोली बीटा और एक कुर्सी लगाना यहाँ जमींदार बीटा आएगा शायद…

सास की बात सुनते hi मीणा क चेहरे पे ख़ुशी की लकीर दौड़ गयी पर वो अपनी इस ख़ुशी को सास क सामने जाहिर नहीं होने दी और अनजान बने puchi..nh माजी अब वो यहाँ क्यू aayenge…raat क वक़्त

सास- अरे नह बीटा वो आएगा मुझे पता hai…q की जब बी वो आता है न तो शाम टेल मेरा पास आके बैठ कर कुछ देर बाते करके hi जाता है…

सास की बात सुनकर मीणा मैं hi मैं बोली तो इ बात है इसलिए तो हैदर कह रहा था की आज hi मौका मिल जाए to….par सास क सामने कैसे??? है लगता है जब किसी बहाने सास घर क अंदर जाएगी तो हैदर मौके का फयदा उठाना चाहता hai…aur वो ख़ुशी ख़ुशी एक चेयर लेक उससे कुछ दूर लगाडी और अपने चेयर को किसक सास क बगल में कुछ पीछे लगा दी और फिर वही बैठे सास क साथ बातो में लग गयी..

कुछ 10 मीन्स hi गुजरते और उन्हें दूर से कोई अत नज़र आया और जिसे देख सास और मीणा दोनों मैं में hi अंदाज़ा लगा लिया tha..aur उनका अंदाज़ा अपनी जगह पर सही tha…aur कुछ hi देर में उन्हें गेट खोल क जमींदार यानि हैदर आता देख सास मीणा से boli…kaha था न मैंने…

मीणा- हम्म

सास- हैदर को देकते हुए बोली आओ बीटा मई अब hi बहु को आपके बारे में hi बता रही थी…

हैदर- नमस्ते maaji…acha माजी आप मैडम को क्या बता रही थी मेरे बारे me..kehte हुए हैदर ने कुछ फ्रूट्स क पैक को मीणा क सास को दिया…

मीणा की सास उन फ्रूट्स को लेते हुए बोली इसकी क्या जरुरत थी बीटा..

हैदर- बस ऐसे hi माजी ाचा लगता hai…par आप कुछ तो कह रहे थे न माजी

सास- कुछ नह बीटा मई तो बस बहु को कह रही थी की जमींदार बीटा मुझसे मिलने जरूर आएगा…

हैदर- है माजी आपसे कुछ देर बात करने की आदत जो पड़गयी है…

सास- ाचा बीटा तुम तो आज जानेवाले थे न…

हैदर- है माजी पहले तो वही सोच कर आया था पर जो सोच कर आया था वो काम अधूरा hi रह गया तो सोचा आज क दिन रुक क वो काम बी पूरा karlu..kehte हुए हैदर ने मीणा को तिरछी नज़र से देखा तो मीणा बी समाज गयी थी हैदर का कौनसा काम अधूरा पद गया hai…par कुछ नह बोली बस मैं hi मैं मुस्कुराते हुए हैदर को देखि और इशारो से बताने की कोशिश की सास क सामने?

सास- ठीक है beta..acha किया वैसे काम आधा रहा तो मुझे बी चैन नह पड़ता…

हैदर- है माजी मेरा बी कुछ ऐसा hi हाल है…

सास- कोई बात नह बीटा जो बी काम हो होजायेगा….

हैदर - है माजी अगर आपकी दुआ रही तो जरूर hoga…hyder इ बात कहकर मीणा को तिरछी नज़र देखने लगा…

वही मीणा बी हैदर क इस बात का मतलब अछि तरह समाज चुकी thi…par उसे डर था की हैदर क इस तरह क बातो से कही उसके सास को शक न हो jaaye..aur वो अपने आँखों से इशारा करते हुए हैदर को समजने की कोशिश करने लगी की सास क सामने ऐसा कुछ मत बोलो…

हैदर बी भली भाटी मीणा क इशारे को समाज कुछ देर बिना कोई हरकत किये मीणा क साथ इधर उधर क बातो में लग gaya…par सच बात तो इ हैदर मीणा क सास क साथ बातो में लगे होने पर बी अपने दिमाग में यही सोच रहा था कैसे प्लान बनाया जाए मीणा क साथ कुछ देर अकेले पाने क लिए और वही मीणा का दिमाग इस उत्सुकता से भरा हुआ था की अब हैदर का क्या प्लान hoga….dono को शायद बहुत बेसब्री से उस पल का इंतज़ार था..

अब आगे क्या होगा अपडेट विल फॉलो शॉर्टली…
 
सॉरी तो इन्फॉर्म ु फ्रेंड्स ी हव उन्देर्गोने ऑपरेशन इन ब्लैडर...

टेकिंग rest..plz कोपेराते फ्यू days..I ऍम सॉरी वन्स अगेन
 
डिअर फ्रेंड्स

जैसे मैंने पहले hi कहा की मेरा मेजर ऑपरेशन हुआ है और बीएड रेस्ट पे hu...aur आप सब लोग तो जानते हो की बीएड रेस्टेड पेशेंट की मानसिकता क्या होती है... इसलिए कोई अपडेट दे नहीं पाया पर कभी कभी वक़्त निकल क आप लोगो क कमैंट्स पड़ा करता tha...aur जिसे पद क मुझे ख़ुशी मिलती थी की मेरे जैसे एक मामूली राइटर क बी इतने चाहनेवाले hai...isliye मई आप सभी का शुक्रगुज़ार hu.,..aur है इनमे मैंने एक दो ऐसे कमैंट्स बी पड़े जिससे किसी बी राइटर की मानसिकता में फरक aajaye..agar ऐसे लौ केटेगरी क कमैंट्स करने है तो ...कृपया ऐसे पाठको से मई निवेदन करता हु आप मुझे फॉलो करना छोड़ दे क्यू की लेखक बी इंसान hi होते hai...koi रोबोट नह जो किसी बी परिस्थिति में लिखते hi रहे....

मेरे चहिते चाहनेवालो क लिए मैंने इस कहानी को एडिट करना शुरू करदिया hai...ummid है की इस सैटरडे तक अगला अपडेट देने की पूरी कोशिश रहेगी मेरी ...

उम्मीद है आप सब लोग मेरी प्रॉब्लम समाज गए होंगे....

आपका साथ और प्यार हमेशा बना रहे...

धन्यवाद्
 
सॉरी फ्रेंड्स आप सब लोगो को वेट करने क लिए जैसे की मैंने आप सब को बताया था की मेरी तबियत में कुछ खराबी होने क वजह से मई उपडते नह दे paaya...muje इस बात की ख़ुशी है की अपडेट लेट होने पर बी आप में से बहुत लोग मेरे साथ जुड़े रहे मेरे तबियत क बारे में दुआ करते rahe...aur इस बात क लिए मई आप सब को दिल से शुक्रिया ऐडा करना चाहता hu...aap लोगो का प्यार hi है जिसने मुझे फिर से लिखने की उम्मीद badayi..so मेरे प्यारे फ्रेंड्स क लिए आपका अगला अपडेट पोस्ट कर रहा हु उम्मीद करता हु आपको पसंद aayegi...aur आपसे और एक विनती करता hu..mai इस कहानी को पूरी करने क पहले इस साइट को नह छोडूंगा सो अपडेट देने में थोड़ी बहुत देरी होगयी तो प्ल्ज़ coperate...thank यू नाउ रीड एंड पोस्ट ु र वैल्युएबल कमैंट्स ....
 
कुछ देर हैदर मीणा क सास को बातो में उलझने क बाद जब उसे लगा की सास क सामने मीणा खुल नह पा रही है तो उसने अपना मोबिल निकला और एक मश्ग टाइप किया और दूसरी तरफ देख कर मीणा को सेंड किया ताकि सामने बैठी सास को थोड़ा बी शक हो न jaaye…aur जैसे hi उस मश्ग का नोटिफिकेशन अपने मोबाइल में पाया मीणा ने मश्ग देखा जिसमे लिखा tha..tum कुछ कहती क्यू नह..

मीणा ने मश्ग पड़ा और एक हल्का सा मुस्कान अपने चेहरे पे लाते हुए रिप्लाई टाइप किया.. सॉरी वोऊ सास क होते हुए मुझे डर लगता hai…mai तुमसे रात में चाट करलूँगी..

इधर हैदर ने मीणा क बजेझे हुए मश्ग को पढ़कर तुरंत रिप्लाई kiya..par रात में बी तो तुम्हारे साथ सास होगी न तो कैसे मश्ग करोगी..

मीणा- अरे रात भर सास थोड़ी मेरे साथ होगी जब डिनर होजायेगा वो अपने कमरे में सोयेगी और मई अपने कमरे में..

मीणा ने तो इ बात सहज रूप से सच कहा था पर शायद इ हैदर क लिए उसके मंज़िल हासिल करने क लिए सुनहरा मौका बन जायेगा शायद इ मीणा को बी पता नह था और वो हैदर क अगले मश्ग का वेट करने लगी क्यू की सास क होते हुए हैदर से वार्तालाप करने में मश्ग hi सही रास्ता समाज कर..

वही मीणा क जवाब सुनकर हैदर ने मैं hi मैं में एक प्लान बनाया और कुछ 5 मीन्स मीणा क सास क साथ बात करके अचानक उठ खड़ा हुआ और मीणा क सास से बोलै ाचा माजी लगता है अब आपको खाना करके गोली बी लेनी होगी सो मई चलता हु.. और वह से निकल गया

लेकिन मीणा इ सब देख कर कुछ सोचने में padhayi…ki हैदर ऐसे बिना कुछ बोले कैसे चला गया हलाकि उसने उसे इस बात का बी जवाब नह दिया था की वो रात में उसके साथ चाट करेगा बी nh…kuch देर मीणा सोच hi रही थी तभी उसके मोबाइल में हैदर का मश्ग आया" रात को डिनर करने क बाद गेट बंद करने क बहाने 5 मं अकेले बहार आ जाना'

हैदर का इ मश्ग पड़ते hi मीणा को समाज आया की हैदर उसे रात को क्यू बहार बुलाना चाहता hai…fir बी नादाँ बन कर पूछी क्यू?

हैदर- वही हुग करेंगे हेहेहे

Meena-pagal हो क्या ऐसे खुले में

हैदर- खुले में कहा वह तो अँधेरा रहता है…

मीणा- पर माजी….

हैदर- तुम उनकी चिंता मत करो कुछ नह पता चलेगा unhe..bas आजवो…

मीणा बी तो यही छह रही थी की उसके प्यासे जिस्म पर हैदर अपना मोहर जल्द से जल्द लागले और उनका इ गले मिलने का बहाना जल्द से जल्द उनके जिस्म क मिलान क लिए रास्ता बनादे सो वो वो बिना इंकार किये हुए likhi…thik है कोशिश करती hu…par पहले डिनर तो हो जाने दो…

हैदर- कोशिश नह आजाना plzzzzzzz..bahut दिल कर रहा है.

हैदर का प्ल्ज़ मीणा क दिल को छू गया था अब वो हैदर को अपनी सहमति देते हुए बोली ठीक hai…par सास को कुछ बी पता नह चलना चाहिए इसका ख्याल जरूर रखना bye..

हैदर - bye

मीणा और हैदर क बीच इ छोटी सी चाट मीणा क सास क मौजूदगी में hi हुई thi..halaki हैदर क जाने क बाद मीणा सास क साथ बात करते हुए hi हैदर से चाट कर रही थी और उसकी सास ने इस बारे में मीणा से कुछ बी नह कहा था क्यू की मीणा की सास को लगा आज कल ज्यादातर लोग मोबिल में hi अपने फ्रेंड्स या रिश्तेदारों क साथ आज कल बिजी रहते है वैसे उसकी बहु बी किसी फ्रेंड क साथ चाट कर रही hogi…lekin उसे कदापि अंदाज़ा नह था की संस्कारी होने का नकाब पहनी हुए उसकी प्यारी बहु किसी गैर मर्द क साथ gutur-gu करने में लगी हुई है…

खैर कुछ देर बाद सास बहु की बातो का बी सिलसिला ख़तम हुआ और दोनों अंदर आके किचन में hi बैठ कर डिनर करने lage..idhar उधर की बातो को करते हुए तभी मीणा का मोबिल में फिर से मश्ग टोन बजा और मीणा ने खाना खाना छोड़कर उस मश्ग को देखा क्यू क वो मश्ग हैदर का tha..jisme लिखा था खाना फिनिश हुआ क्या

मीणा ने तुरंत रिप्लाई दिया नह बस और 15 मं..

हैदर- ok ठीक hai…mai वेट करता हु…

मीणा- तुम्हारा खाना

हैदर- अभी फिनिश करके तुम्हारा hi वेट कर रहा हु..

Meena-acha…q

मीणा जानती थी हैदर किस लिए उसका वेट कर रहा है फिर बी वो हैदर को छेड़ने क अंदाज़ में इ मश्ग सेंड किया था और जब वो मश्ग सेंड कर रही थी तो उसके चेहरे पे एक ख़ुशी की मुस्कान लहार उठी थी जिसे सामने बैठी सास ने देख लिया था और वो मैं में hi सोच ने लगी इ मेरी बहु इस वक़्त बी किस्से मश्ग कर रही है है और इतना hi नह इसके चेहरे पे एक अलग hi रंग छाया हुआ इ सब नज़ारा देख कर मीणा क सास क मैं में एक बार अपने बहु क खिलाफ गलत सोच आने से नह रोक paayi…par जब उसे ख्याल आया की आज कल शहरी लोग ज्यादातर hi अपना वक़्त फ़ोन पे hi बिताते hai..e सोच आते hi सास ने अपने सोच पर काबू पाया और अपनी बहु से बोलै क्या मीणा बीटा पहले खाना तो खालो फिर मोबाइल देखना….

सास की बात सुनकर जैसे मीणा को होश आगया वो हड़बड़ाते हुए जीई maaaji….wo सहेली जान कहा रही thi…..kehte हुए उसने आखरी मश्ग टाइप किया माजी चिल्ला रही hai…tum गेट पास आते hi मश्ग करना कुछ देर बाद bye….

इस तरह हैदर और मीणा क बीच कुछ hi देर बाद गेट क पास कुछ देर क लिए मिलना तैय होगया tha..aur कुछ hi देर बाद सास और बहु दोनों का डिनर बी फिनिश होगया tha…aur रूटीन की तरफ मीणा सब बर्तन उठके साफ़ करने चालीगयी. कुछ देर क मेहनत क बाद मीणा पूरा किचन और सभी बर्तनो की साफ़ सफाई करने में कामयाब हो गयी thi…ab उसके सामने एक hi लखस्या था की बहार गेट क पास खड़े हैदर क पास जाना और हैदर को गले मिलकर अपने तरफ से ग्रीन सिग्नल देना क्यू की जब मीणा बर्तन साफ़ कर रही थी तब hi हैदर ने अपने आने की खबर मश्ग क रूप में मीणा को दे दी थी जो मीणा ने बर्तन साफ़ होते hi आकर किचन में रखे अपने मोबिल में देख लिया tha…par इसके लिए अब बी उसकी सास खबब में हड्डी बानी हुई थी जो अब तक मीणा क साथ इधर उधर क बातो में लगी हुई thi..aur मीणा उन्हें मन बी नह कर सकती thi...par मीणा मैं hi मैं बोली कोई बात नह सासु माँ आज तो मई हैदर को सिर्फ अपनी हामी देने जा रही hu..humara खेल तो शहर में मेरे घर में होगा और वह मई हैदर को वो चीज़ देने वाली हु जो आपके बेटे का हक़ होते हुए बी कभी ढंग से इस्तेमाल नह कर पाया अब तक उस चीज़ को आपके बेटे से बी ज्यादा प्यार से जमील जी ने hehehe…..meena मैं hi मैं सोच कर हस्ते हुए सास को दवाई देने lagi..aur जब सास दवाई खाकर बिस्टेर पर लेट गयी मीणा सास से बोली माजी मई वो गेट एक बार चेक करके आती हु आप सो जाईये..

मीणा की सास जवाब देते हुए बोली अरे बीटा अब तो कुछ देर पहले अंदर आते वक़्त मैंने hi बंद किया हुआ है और क्यू?

सास की बात से मीणा को क्या जवाब देना कुछ सज़ा नह पर उसे किसी न किसी बहाने बहार बी तो जाना तो वो सास से बोली अरे माजी इसी बहाने कुछ देर हवाकि की ठंडक जो मिल जाएगी ाचा लगता है ऐसे मौसम में कुछ देर बहार खड़े रहने me…meena ने अपने आप को जस्टिफाई करने की कोशिश करते हुए सास को बोलै…

पर मीणा की सास की बड़ी नज़र आज अपने बहु में कुछ अलग सा बदलाव ढूढने में कामयाब होगये the..saas को लगा शायद कुछ तो बात है जिससे आज उसकी बहु थोड़ी ज्यादा खुश नज़र आ रही है..

मीणा की सास मीणा की चेहरे क पीछे छुपी ख़ुशी की रास तो नह जनपयी पर उसने अंदाज़ा लगाया की पहल बार उसकी बहु को गांव का नज़ारा ाचा लगा होगा इसलिए वो मैं hi मैं खुश नज़र आ रही hai..par मीणा की सास मीणा क चेहरे क पीछे छुपे सचाई का रास जाने बिना बहु से बोली ठीक है बीटा जल्द जाके गेट चेक करलो और तुम बी अपने कमरे में सो जावो…

मीणा- जी माजी सिर्फ 5 मीन्स में aayi…kehte हुए सास क कमरे से बहार निकल गयी और मैं दरवाजा खोला तो उसे अपने घर क गेट क पास एक शख्स टहलता हुआ नज़र आया जिसे देख कर मीणा को समझने में देर नह लगी की वो शख्स कौन hai..meena एक बार पीछे मुद क देखि और सीधे पाँव गेट की तरफ निकल पड़ी..

गेट की तरफ बाद रहे मीणा क कदम डर क मरे कांप रहे थे उसका दिल जोरो से धड़क ने लगा था. आज वो अपनी जिंदगी में में पति क अलावा कोई तीसरे मर्द को अपने जिस्म पर अधिकार सौपने जा रही thi…isi कंपते कदम क साथ जब वो गेट क पास पहुंची तो ठीक उसके सामने हैदर खड़ा होकर मीणा को देख खिलखिलाकर मुस्कुराते हुए पूछा क्या हुआ मीणा इतना डर क्यू रही हो….

दर्रू नह तो और क्या करू पता है सास अभीतक सोई nh…aur तुम ज़िद्द है हुग karneki..mai थोड़ी भाग क जानेवाली thi…meena ने अपने धड़कते आवाज़ को काबू करते हुए धीरे से बोलै..

मीणा की बात सुन क हैदर बोलै अरे दर्रो मत मीणा बुध्दि बहार नह आएगी तुम बेफिक्र होकर मेरे गले मिलकर इस नाचीज़ की दोस्ती काबुल करने का मोहर lagado..kehte हुए हैदर कुछ आगे बड़ा..

हैदर का इस तरह अपनी सास को बुध्दि कहकर सम्भोदित करना मीणा को ाचा तो नह लगा था पर इस वक़्त मीणा का ध्यान बुध्दि शब्द से ज्यादा हैदर को अपने आप को नाचीज़ कहने पे था सो वो हैदर से थोड़ी पीछे सरकने का नाटक करते हुए बोली देखो मुझे तुम अपने आपको ऐसे नाचीज़ वगैरा कहना ाचा नह लगता..

मीणा की बात सुन क हैदर बोलै ok बाबा सॉरी अब तो गले मिलोगी कहते हुए इस बार हैदर ने अपने बहे फैलाये तो मीणा एक बार पीछे मुड़कर घर क दरवाजे क तरफ देखि फिर मुद क हैदर को देख कर स्माइल देते हुए हम्म्म्म कहते हुए उसके बहो में चालीगयी तो हैदर ने तुरंत अपने हातो को मीणा क पीठ पर रख कर कैद करलिया और जवाब ने मीणा ने बी हैदर क पीठ इर्दगिर्द अपने बहे फैलाडिये….

कुछ पल ख़ामोशी छायीगयी थी और जैसे जैसे ठंडी हवा की झोके दोनों को जिस्म को चुकार निकल ने लगी तो दोनों क जिस्म में कुछ अलग सी बेचैनी बढ़ाने लगी thi..aur इसी बेचैनी क चलते अब दोनों क हाथ हरकत में आने लगे थे और जैसे hi मीणा ने महसूस किया की हैदर क हाथ उसके पीठ पर चलने लगे तो मीणा क दिल की धड़कन ने तेज़ रफ़्तार पकड़ ली थी और उसका जिस्म को गर्मी का ऐसाह होने लगा जो उसे बहुत hi सुखद लगाने लगा tha..isliye इ जानते हुए बी हैदर क हाथ उसके पुरे जिस्म पर चलने क लिए तैयार हो रहे है, मीणा बिना कुछ बोले हैदर को देख एक स्माइल पास की जैसे कह रही हो तुम लगे रहो मुझे कोई आपत्ति nh…Chand की रोशनी में साफ़ झलक रही मीणा की इस मुस्कान क पीछे छुपे सचाई को पहचान लिए हैदर की हिम्मत और बढ़गयी थी और उसने इस बार मीणा को कास क ऐसे बहो में भर लिया की इस बार मीणा क मोठे दूध हैदर क सीने से पूरी तरह चिपक कर अपना मुलामियत और मोटेपन का एसएस हैदर को दिलाने क लिए कामयाब होगये the…hyder ने इतनी ताकत से मीणा क दूध से अपना सीना दबोच लिया था की मीणा की मुँह से अह्ह्ह्ह हैदर धीरे se…uuuuuhhh की सिसकारी निकल पड़ी thi…ek तरफ मीणा क कोमल अंग से अपना अंग स्पर्श का मधुर अनुभव और दूसरी तरफ इसपर मीणा की कोई आपत्ति या विरोध न पाकर हैदर ने मीणा क पीठ पे चल रहे एक हाथ को धीरे से निचे सरककर मीणा की मोती मखमली गांड पर रख कर हलके से सवारने लगा तो मीणा कुछ पल क लिए सहम सी gayi..meena क लिए तो इ पल आनंद दायक था hi पर उसके दिल में अब बी सास का डर था, और हैदर का इस तरह खुल्लम खुल्ला आगे बढ़ाने का मतलब बात हुग से बदल कर और आगे यानि जिस्म की गर्मी मिठाने तक बाद सकती है और जिसे पूरा करने क लिए नहीं इ सही समय है और नहीं सही jagah…aur जगह अँधेरे में बन बी गयी तो बी उनके पास पर्याप्त समय नह है.. इसलिए मीणा ने हैदर को रोकना hi सही समजा और हैदर से दूर होने की कोशिश करते हुए boli…hhhh छोड़ दो न हैदर इ क्या कर रहे ho….baat तो सिर्फ हुग करने की thi…e सब nh…plz…e सब गलत hai….plz छोड़ doooo….meena ने अपना डर और अपनी पतिव्रता को साबित करने की कोशिश करते हुए हैदर को दूर करते हुए बोलै…

लेकिन हैदर तो मीणा क जिस्म का मधुर स्पर्श को पाकर पागल हो गया tha..aaj तक उसने कभी बी इतना कोमल मुलायम किसी औरत क सेक्सी जिस्म को अपने सीने से नह लगाया हो …वो किसी बी हालत में हाथ आये मीणा का जिस्म को छोड़ना नह चाहता था सो वो मीणा को रोकते हुए बोलै nh….meena प्ल्ज़ और कुछ der..maine जिंदगी में कभी तुम्हारे जैसा सुन्दर जिस्म क मालकिन को देखा नह कितना मस्त मजा आरा है तुम्हारे एक एक अंग को चुने me..jee कर रहा है इन्हे यही रात भर अपनी बाहोंमे समेटे hi rahu….plz ajavo……uhhhhhh

मीणा बी तो यही छह रही थी पर उसका डर उसे रोक रहा था पर हैदर की इस बात ने मीणा को बी थोड़ा और उत्तेजित बना दिया और वो कुछ देर और अपने जिस्म को हैदर क बहो में जुलने क लिए हल्का छोड़ दी तो हैदर आगे बढ़ाने hi वाला था की घर से मीणा की सास की आवाज़ आयी अरे कहा हो मीणा बीटा गेट बंद करने में इतना देर क्यू?.....

सास क आवाज़ सुनते hi मीणा ज़हत से हैदर से अलग होगयी और कुछ दूर जाने hi वाली थी की हैदर ने फिर से मीणा की कलाई थम ली और दोनों की नज़र फिर से एक दूसरे से मिल gayi..dono की प्यासी नज़ारे एक दूसरे क दिल में चल रही हलचल को साफ़ साफ़ पद चुके the..dono क लिए बस एक मौका का इंतज़ार tha…jo इस वक़्त मीणा क लिए काफी मुश्किल लग लगा tha…aur वो जानती थी सास एक बार आवाज़ दे चुकी है और किसी बी वक़्त उसका कोई जवाब न पाकर बहार आसक्ति hai..jisse मीणा की चोरी पकड़ी जा सकती है इसलिए मीणा ने हैदर से अपने आंखे चुराए और घर की तरफ देख जोरो की आवाज़ में बोली जी आयी माजी वो बहार ाचा लगा सो थोड़ा टहल रही थी….

मीणा की आवाज़ अंदर पहुंचते hi उसकी सास का रिप्लाई आया ok..beta जल्दी आजाना मुझे सोना hai…aur जब तक तुम बहार रहोगी मुझे नींद नह aayegi…saas ने सोते सोते hi अपने रूम से आवाज़ दिया tha…jo की रात का सन्नाटे क वजह से बहार तक क्लियर सुनाई दे रहा था…

सास की बात सुनते hi मीणा फिर से जोर लगाके बोली जी माजी बस 5 मं aayi…..aur फिर मुड़कर हैदर की तरफ देखि मानो की कह रही हो सिर्फ 5 मीन्स है तुम्हारे पास जो करना है करलो….

लेकिन हैदर कुछ और hi सोच कर आया हुआ था उसे आज मीणा क साथ सिर्फ 5 मीन्स में hi मजा ख़तम करने की कोई मंशा नह tha…wo तो आज मीणा क साथ उस खेल का शुरुवात करना सोच कर आया था जो एक औरत और मर्द क बीच खेला जाता है एक दूसरे में समां kar…so वो मीणा को फिर से अपनी और खींच कर कास क बहो में लेकर बताशा मीणा क गलो को चूमने लगा और अपने एक हाथ से मीणा का पीठ और दूसरी हाथ से मीणा की मखमली गांड को मसलने लगा.. अचानक हुए इस हमले से मीणा एक पल क लिए सहम सी गयी उसका जिस्म डर क मरे हैदर से आज़ाद होने क लिए छटपटाने लगा tha…par उसकी कोशिश नाकामयाब रही क्यू की हैदर ने मीणा को इतना कस क पकड़ा हुआ था की हवा का ज़ौक बी उनके जिस्म से पार होने से पहले उनका परमिशन मांग ले…

कुछ hi सेकंड क जिस्म क घर्षण क बाद मीणा बी अपने जिस्म में गर्मी महसूस करने लगी और वो बी हैदर का साथ देते हुए अपने आप को ढीला छोड़ di..aur मीणा क तरफ से अब कोई विरोध न पाकर हैदर मीणा क गांड क दोनों खुल्ला को अपने एक एक हाथ में दबोच कर धीरे से मसलते हुए bola….sach मीनू डार्लिंग तुम बहुत बहुत मस्त ho….jee कर रहा है आज पूरी रात तुम्हारे साथ हुई hi खेलता rahu….ahhhhh कहते हुए हैदर में गांड पे और जोर डाला और मीणा क गाल को हलके से काट लिया तो मीणा की अह्हह्ह्ह्ह की सिसकारी निकली और boli…e क्या कर रहे hoooo…hyder…e सब ह्ह्हह्ह गलत है….





हैदर- कुछ गलत नह मीनू darling…..ek बार मजा करके dekho…,tume बी मजा aayega…ohhhhhh कितना सेक्सी हो तुम…….

मीणा- हम्म्म हैदरररररर ह्ह्ह्ह वोओओओ साआस ह्ह्ह्ह plzzz…meena मन तो कर रही थी पर उसे देख नह लगता था की वो इसवक्त हैदर क बहो से अलग होना चाहती थी…

सच बात तो इ थी की मीणा तो पहले से hi चाहती थी की हैदर और उसका मिलान हो जाए और उसने मैं hi मैं पहले hi तैय किया हुआ था की जब वो अपने शहर लौटेगी तो हैदर को घर बुला लेगी और मौका पाकर हैदर क लिए अपना जिस्म का दरवाजा खोल देगी, पर आज hi इ सब होगा इ सब उसके लिए काफी मुश्किल था और उसके सोच क बहार tha…q की मीणा चाहे अब पहले जैसी पतिव्रता औरत नह थी पर अब बी वो अपने सास और परिवार को उतना hi सम्मान करती थी जितना पहले से वो करते आयी है और हमेशा सास पति या परिवार क सामने अपने आप को शरीफ दूध की धूलि साबित करने की कोशिश की है पर जब अब उसकी सास घर में मौजूद है वो बी अभीतक जाएगी हुई है ऐसे सिचुएशन में हैदर क लिए अपने बहे खोलना किसी खतरे से खली नह है इ बात बी मीणा अछि तरह जानती thi..…uski एक छोटी सी छोटी गलती बी उसके और सास क बीच क रिश्ते में दारार फयदा कर सकती hai…jisse सिर्फ रिश्ता hi नह बिगड़ेगा बल्कि मीणा को अपने पति परिवार क सामने बी शक क दायरे में खड़ा होना padega..jo मीणा बिलकुल नह चाहती thi…so वो अपनी पूरी ताकत लगाकर हैदर को दूर करते हुए boli..nh हैदर इ सब नह प्ल्ज़….

अचानक इस तरह अपने से दूर हुए मीणा को देख हैदर मीणा से पूछा क्या हुआ मीणा क्यू रोक दिया….

मीणा- नह हैदर इ सब नह प्ल्ज़…..

हैदर- पर q?....jab हम दोनों को ाचा लग रहा था तो क्यू???? हुई बीच में अपने चाहने वाले को निराश करना ठीक है क्या?

हैदर की बात सुनकर मीणा कुछ नह बोली क्यू की हैदर क बात सच जो thi..q की मीणा बी इस पल को दिल से एन्जॉय कर बी रही थी और सास शायद इस वक़्त नह होती तो पूरा सिद्दत से एन्जॉय करना बी छह रही थी…

मीणा की ख़ामोशी देख हैदर ने फिर से मीणा को अपने और खिंच ने की कोशिश करते हुए पूछा क्यू मीनू डार्लिंग बोलो न…

हैदर का इस तरह डार्लिंग कहकर पुकारना मीणा क दिल में कही न कही एक ख़ुशी की लहार बना रहा था .. हैदर का इस तरह उसका नाम मीणा से बदलकर मीनू कहना मीणा क मैं में हैदर क लिए एक जगह बनाते गयी thi…wo अपनी ख़ुशी को दिल में hi समेटे हुए हैदर को टोकने नाटक करते हुए बोली बस हैदर और nh….aur मई तुम्हारी डार्लिंग नह हु जो तुम मुझे डार्लिंग कह रहे ho…meena ने जानबूजकर हैदर को इ बात कही थी ताकि वो हैदर क इस तरह उसे डार्लिंग कह क पुकारने क पीछे का सच जानना चाहती थी…

हैदर मीणा को और अपने और खींचते हुए बोलै …ाचा तो बन जावो न मेरी डार्लिंग इसके लिए तो इतनी म्हणत की है maine…anjaan बने दिन रात तुम्हारे मश्ग का इंतज़ार किया है maine…ab जब मुश्किल से तुम्हारे करीब आ गया हु तो तुम डार्लिंग बनाये बिना कैसे छोड़ सकता हु…

हैदर क खींचने पर इस बार मीणा बिना कोई विरोध क उसके बहो में आयी और बोली ..acha..to जनाब इतना म्हणत कर चुके है तो मई थोड़ी रोक सकती हु पर हैदर मुझे नह लगता है की इ ठीक वक़्त hai…wo माजी किसी बी waqt…bahar आ सकती hai…plz संजो muje….nh plz..mat chumo…maaji देखेगी to……kisi और दिन अह्ह्ह अह्ह्ह्ह उम्मम्मम

उधर हैदर मीणा की सहमति से खुश मीणा क गले और गलो पर अपने होतो की मोहर लगाने लगा tha…aur मीणा जो हो रहा है उसे गलत नह केहरहि थी बल्कि इ सब करने क लिए अपने सास का डर को सामने ला रही थी जिससे हैदर अब मीणा की मनोषिथि को पहचान गया और बोलै डरो नह कुछ नह होगा उम्मम्मम …अगर तुम चाहो तो हम सास क मौजूदगी में उन्हें बिना पता चले अपना काम निपटा सकते है…

मीणा- हैदर को सवाल भरे नज़रो से देखते हुए मीणा बोली वो कैसे???

हैदर- मीणा क चेहरे पे अपनी ऊँगली फेरते हुए बोलै.. माजी बहार आये इससे पहले hi हम अंदर चले जायेंगे किसी को कुछ नह पता चलेगा.. …..सोच lo…..kehte हुए हैदर ने मीणा क साथ रात बिस्टेर में कटाने की बात को झहीर कर दी थी.. और इस बात को सुनकर मीणा एक पल क लिए हैरान सी रह gayi..use समाज में तो आया की हैदर क्या कहना चाहता है पर उसके लिए मुश्किल था की इ सब होगा कैसे….. एक पल क लिए मीणा कुछ नह बोली बस हैदर को hi देखते रही फिर अपने आप को नार्मल बनाते हुए हैदर से बोली क्या बात कर रहे हो हैदर तुम जानते बी हो …….अगर माजी को पता चलेगा तो क्या होगा??? नह नह इ बिलकुल nh…mai रिस्क नह ले sakti….plz संजो..

Hyder-ha मीणा मैंने सोच समाज कर hi बोलै है अगर आज हमारा मिलान होना है तो छोटा सा रिस्क लेना hi होगा तुम…

हैदर अब डायरेक्टली मिलान जैसे शब्द इस्तेमाल करते हुए देख मीणा क दिल में बी उत्तेजना बढ़ाने लगी थी साथ hi साथ डर क मरे उसका पसीना बी निकलने लगा tha..use समाज में नहीं आरहा था की वो हैदर को क्या जवाब de..hyder क साथ वो रात कटाने मैं hi मैं तैयार तो थी पर इ सब इतना जल्दबाज़ी में मीणा ने कभी सोचा नह tha….aur मीणा कुछ सोच hi रही थी अंदर से सास की फिर से आवाज़ आयी अरे मीणा बीटा कितनी देर लगा रही हो कोई प्रॉब्लम तो नह….

सास की आवाज़ सुनकर मीणा फिर से सहम गयी और हैदर बी जंगया था की अब मीणा और रुकनेवाली नह है सो वो मीणा को अपने से आज़ाद करते हुए बोलै देखो मीणा मई यही खड़ा hu…bas तुम सोच समाज कर डेसिओं लेना मई जनता हु तुम बी वही छह रही हो जो मई चाहता हु पर तुम डर है सास ka….kuch देर क लिए सास का डर निकालो और सोचो अगर आज तुमने थोड़ा सा रिस्क लिया तो हमारा पहला मिलान होने में कोई रोक नह सकता और जस्ट इमेजिन करो कितना मजा आएगा हम दोनों ko…saas अपने कमरे में सोती रहेगी मई और तुम एक दूसरे क बहो में प्यार भरा मिलान का मजा लेते हुए दूसरे कमरे में सोच lo…kehte हुए हैदर ने मीणा को आज़ाद करदिया तो मीणा एक पल हैदर को देख दबे पाँव घर क तरफ निकल पड़ी..

गेट से घर आने तक मीणा को 10-15 कदम चलना था पर इन 10-15 कदम क छोटी सी सफर में मीणा 100 बार हैदर का hi बात सोच ने लगी thi…uska दिल कह रहा था सास क होते हुए इ सब करना ठीक नह रहेगा खतरे से खली नह रहेगा तो वही उसका प्यासा जिस्म बार बार एक hi बात कह रहा था की एक बार रिस्क लेने में क्या हर्ज़ है, वैसे बी सास निचे कमरे में सोती है और तुम ऊपर कमरे में, ऊपर तेरे और हैदर क बीच क्या होगा वो सास को कैसे पता chalega…meena मैं hi मैं हर पहलू को अछि तरह सोच रही thi…wo जानती थी उसे जिस चीज़ की इंतज़ार पिछले एक महीने से थी वो आज खुद उसके दरवाजे क कुछ दुरी पर कड़ी है मीणा क एक फैसले पर आज उसकी जन्नत की सैर होने वाली hai…par अब बी उसके दिल में सास का डर खयाम था जो जाइज़ बी था, क्यू की इन 14-15 साल की शादीशुदा जिंदगी में मीणा ने बिना कोई शिकायत का मौका दिए अपना पति और परिवार का ध्यान रखा हुआ था, इसलिए उसके लिए खास कर उसका पति और सास सबसे ज्यादा विश्वास बी करते थे, मीणा की सास तो ऐसे सुशिल संपन्न बहु मिलने पर अपने आप में गर्व बी महसूस करती thi.isliye सास क प्रति मीणा का डर जाइज़ बी था. लेकिन जब से जमील की एंट्री मीणा क लाइफ में हुई है तब से मीणा में बहुत कुछ बदलाव आ चुके थे …इसलिए वासना की नशे में चूर मीणा का बहकना बी अब असंभव नह tha..akhir कर मीणा एक ग़हरी सोच को अपने सर में लिए दरवाजे तक आगयी thi…ab उसके पास दो hi रस्ते थे एक दरवाजा बंद करके हैदर को आज क लिए गुड bye कर de…aur दूसरा एक बार रिस्क लेके हैदर को अंदर le…kaafi सोच में डूबी हुई मीणा का मैं एक पल क लिए सास क डर क मरे दरवाजा बंद करने का फैसला लिया और मीणा धीरे से hi सही बहार गेट क पास खड़े हैदर को देखते हुए दरवाजा बंद करने lagi..lekin मीणा का हाथ पुरे दरवाजा बंद नह कर पाए पता नह उन्हें मीणा क किश मैं ने रोका और दरवाजा आधा खुला छोड़ मीणा सीधे अपने सास क रूम में गयी और सास को बोली की वो गेट बंद करके आयी और सोने जा रही hai…jab सास ने कहा ठीक है तो मीणा सास क रूम से बहार निकल hi रही थी की उसने मैं दरवाजे पे हैदर को खड़ा पाकर उसके कदम वही रुक गए the…meena जानती थी वो खतरे से खेलने जा रही है फिर बी उसका मैं हैदर को वापिस भेजने क लिए तैयार नह tha…meena ने हैदर को देखा तो हैदर दरवाजे क पास खड़े होक मीणा को ऐसे देख रहा था जैसे अंदर आने की परमिशन मांग रहा ho…aur हैदर क चेहरे क एक्सप्रेशन को बहुत अछि तरह पद चुकी मीणा एक बार सास की तरफ देखि और फिर हैदर की तरफ देख कर एक ऐसी मुस्कान पास करदी जो हैदर क लिए अंदर आने का इशारा बन गया tha..aur मीणा का इशारा पाते hi हैदर ने अपने कदम अंदर दाल दिए और मीणा को इशारो में hi पूछने लगा की तुम्हारा रूम कौनसा hai…wahi सास क रूम क दरवाजे क पास किसी मूरत की तरह कड़ी मीणा एक बार फिर से सास की तरफ देखि और तुरंत हैदर को ऊपर की तरफ इशारा करके दिखाई तो हैदर तुरंत ऊपर जाने की दो सीडी चढ़ क वही खड़ा होगया तो मीणा अपने सास से बोली माजी मई सोने जा रही हु कुछ चाहिए तो फ़ोन करना कहते हुए सास क रूम को बंद करके बहार आके फिर मैं दरवाजा बंद करके ऊपर सीडी की तरफ देखि तो वह खड़ा हैदर को देख एक पल शर्मा gayi....aur अपना चेहरा निचे झुकाये हुए hi एक सीडी ऊपर छड़ी और सीडीवाला दरवाजे को अंदर से कुण्डी लगाडी और फिर मुद क देखि तो इस बार हैदर ने ने अपना हाथ आगे बढ़ाया तो मीणा बिना किसी विरोध क हैदर क हाथ को थम ली और दोनों सीडी चढ़ क ऊपर जाने लगे जैसे एक नयी नवेली दुल्हन अपने दूल्हे क साथ सुहाग रात मानाने क लिए श्रृंगार भारत रूम में जा रही ho..ab शर्म क मरे मीणा का चेहरा लाल पद चूका tha..meena जानती जिस इंसान क हाथ को थम कर वो ऊपर कमरे में जा रही है वही इंसान क हाथो कुछ hi देर में उसके कपडे उत्तरमेवाले hai…aur उस इंसान को वो अपने जिस्म का वो कीमती अंग सौपने वाली है जो एक औरत की इज्जत प्रतिष्ठा, सम्मान, और खास कर क अपनी पति क प्रति वफादारी का साबुत होता hai…Sharm और लज्जा क मरे मीणा की दिल की धड़कन तेज होने लगी थी इस वजह से उसकी छतो की उभर ऊपर निचे होते हुए मीणा क और बी हॉट बनाने लगा tha……kuch hi देर में दोनों सीडी पार कर क हॉल क पास आ पहुंचे the..ab दोनों की आंखे फिर से एक दूसरे से मिल gayi..dono क हाथ आपस में जुड़ गए और कुछ hi पल में मीणा हैदर क बहो में कैद थी और मीणा ने सहारे क लिए हैदर क पीठ को दोनों हाथो से लपेटा हुआ tha…dono क बीच कोई बातचीत तो नह हो रही थी पर दोनों आँखों hi आँखों में एक दूसरे क इशारे को समाज कर ऐसे पोजीशन में आगये थे जहा से मीणा और हैदर क होठ एक दूसरे क मिलान क लिए आतुरता से पेश आने लगे थे और देख थे hi देखते मीणा ने अपने हॉट खोल हैदर को खुल्ला इशारा दे दिया tha..meena आंखे बंद किये अपने हॉट खोल कर हैदर क होतो का रसपान करने क लिए उत्सुक थी तो वही पहली बार मीणा क गुलाबी रसभरे होतो का रसपान करने क लिए हैदर ने अपने हॉट आगे बढ़ाये तो कुछ hi सेकण्ड्स में दोनों क हॉट एक दूसरे क रसपान करने में मग्न हो गए the…dono बिना किसी संकोच क एक दूसरे में खो जाने क लिए तैयार होने लगे the…kareeb 1 महीने से प्यासी मीणा को आज हैदर क होतो क रसपान करते हुए एक अलग hi मजे का अनुभव होने लगा था इसलिए वो अब बिना कोई विरोध बिना कोई रूकावट क हैदर क गले में अपने हाथो से माला बनाकर अपने हॉट चुसवाने में मस्त thi..wahi हैदर मीणा क जिस्म को पाकर अपने आप को धन्य महसूस कर रहा tha…pure हॉल में चाप चाप उम्मम्मम ममममम की हॉट क मिलान से उघ रही आवाज़ गूंज ने लगी thi..hot चुसाई का नशा जैसे दोनों में बढ़ता गया वैसे उनके जुबान न एक दूसरे क मुँह में बारी बारी में मिलान का सुख लेने लगे the…kabhi ऊपर क हॉट तो कभी निचले तो कभी दोनों हॉट एक साथ और फिर जुबान से जुबान का milan..ne दोनों को जिस्म में इतनी गर्मी प्रधान कर दिया था की दोनों अब किसी बी हालत में अपना असली काम किये बिना रुक नह सकते थे…





दोनों ने करीब 10-15 मीन्स तक खड़े खड़े hi एक दूसरे क हॉट चुसाई का मजा लेने क बाद दोनों एक पल क लिए रुक gaye…dono जोरो से हाफ रहे the…meena क गुलाबी हॉट हैदर क कठोर होतो टेल पीसके पुरे लाल हो चुके the..bahut दिन क बाद ऐसे हॉट चुसाई का मजा लिए मीणा मैं hi मैं बहुत खुश लग रही thi…alag होते hi फिर से दोनों की नज़र एक दूसरे से मिल गयी तो हैदर ने मीणा को देख इशारो में hi कुछ पूछा तो मीणा शर्मा क अपना सर झुकाली और गार्डन हिलाते हुए है में इशारा की…

दरअसल हैदर ने इशारो में मीणा को चुदाई क लिए प्रोपोज़ किया था जो मीणा हैदर क लिए शरमाते हुए है में जवाब दी थी क्यू की मीणा और हैदर क इ पहला मिलान था सो मीणा का शर्माना जाइज़ था… मीणा का है का इशारा पाते hi हैदर ने मीणा को गॉड में उठा लिया और सीधे बैडरूम में ले गया और फिर मीणा को बीएड पे लिटाया तो मीणा हैदर की तरफ देख कर बोली दरवाजा लगा लो..

मीणा की बात सुनकर हैदर ने बिना देर किये दरवाजा बंद किया और मीणा क बगल में लेट gaya..aur मीणा क गालो को हलके से चूमते हुए पूछा अब तो मेरी मीनू डार्लिंग बन ने तैयार हो…

मीणा हैदर को देख मुस्कुराते हुए बोली अब दरवाजा बंद hi करदिया तो पूछना जरुरी है क्या,,..

कहते हुए मीणा पूरी तरह से हैदर क बहो में समां गयी thi…ab दोनों ने एक दूसरे को अपने बहो में जकड क रखा हुआ था और उनके बीच अब प्यार की बात से शुरुवात होने लगी thi…jaise hi मीणा हैदर क बहो में पूरी तरह समां गयी तो हैदर मीणा क जिस्म पे हाथ फेरते हुए बोलै दरवाजा तो सेफ्टी क लिए बंद हुआ hai..isse तो तुम मेरी मीनू डार्लिंग नह बन जावेगी न…

मीणा हैदर क छाती पर चुम्बन करते हुए बोली तो तुम क्या करना है वो karlo…mai थोड़ी रोक सकती हु तुम….

हैदर- ाचा सोच lo….agar तुम ऐसे कहोगी तो तुम्हारे इ कपड़ो की खैर नह किसी बी वक़्त इसे उतर कर तुम नंगा करदूंगा और तुम्हारी इ चिकनी छूट में लुंड पेलडंगा फिर मुझे कुछ मत kehna….hyder ने बड़े जोश में आते हुए बोलै और तुरंत मीणा क होतो की चुम्मी ली…

हैदर क मुँह से पहले दफा hi छूट और लुंड शब्द सुन ते hi मीणा की रोमते खड़े होगये थे मीणा मैं hi मैं सोचने लगी हैदर तो काफी फ़ास्ट hai..itna फ़ास्ट तो जमील जी बी नह the….chalo ाचा hi हुआ देर से hi सही पर सही इंसान से मिलान हो रहा है और नखरे दिखते हुए हैदर से बोली shi….kaisi गाँधी बात कर रहे हो…

हैदर तुरंत बोलै क्या गाँधी बात मीनू….

मीणा- वही जो तुम अब बोले… chuuu….lun…….chi ची कोई औरत क सामने ऐसे बोलते है क्या?...

हैदर- औरत क सामने तो पता नह पर मई मेरी मीनू डार्लिंग क आगे जरूर बोलना पसंद करूँगा.. और मुझे ख़ुशी होगी अगर मेरी मीनू डार्लिंग बी खुल क बात करेगी…

हैदर की बात तो मीणा क लिए खुल्ला दावत थी पर मीणा नह चाहती की वो हैदर क सामने पहली बार में hi खुल जाए क्यू की अब बी उसे हैदर क सामने अपने आप को संस्कारी औरत का दर्जा देना था सो वो हैदर से boli..meri पूरी कोशिश रहेगी तुम्हारे साथ खुल क रहने की पर इ मेरा पहली बार है किसी गैर मर्द क साथ so….muje थोड़ा वक़्त lagega…plz..samjo ….कहते हुए मीणा ने फिर से झूट hi सही पर अपने आप को सुशिल साबित करने की कोशिश की.

मीणा की बात क पीछे सचाई को जाने बिना हैदर बोलै -ok मेरी मीनू डार्लिंग लेकिन तुम जितना जल्द खुलेगी उतना hi मजा आएगा…..

मीणा जानती थी हैदर जो कह रहा है वो सही hai…q की जब वो पहली बार जमील क साथ खुल गयी थी तो उसे जन्नत का दरवाजा खुलता हुआ आभास हुआ tha…isliye वो बी यही छह रही थी पर कही न कही अब बी उसका बचा हुआ संस्कार एक गैर मर्द क सामने आसानी से अपने आप को पूरी तरह समर्पण करने तैयार नह हो रहा tha…aur मीणा अछि तरह जानती थी अगर ऐसा होना है तो एक बार दोनों क बीच दमदार चुदाई होना जरुरी hai….aur हैदर क बहो में समायी हुई मीणा का जिस्म की गर्मी अब हैदर क साथ समागम होने बेताब हो रहा था और वो अपनी बढ़ती उत्सुकता को हैदर क सामने ज़ाहिर करते हुए बोली लगता है हैदर हमे अब बात काम करनी चाहिए और हमे वो करना चाहिए जो इस वक़्त हम दोनों क लिए बेहद जरुरी है कहते हुए मीणा ने डायरेक्टली चुदाई की ीचा झहीर करदी thi…jise बखूबी समाज हैदर मुस्कुराते हुए मैं hi मैं सोचने लगा लगता है बहुत प्यासी hai…..chalo इ तो अछि बात है एक शादीशुदा औरत और इतनी तड़प मजा आएगा कहते हुए वो मीणा पे सीधे लेट गया तो मीणा उसके निचे अपने आप को एडजस्ट karli…..hyder मीणा क होतो को चूसते हुए बोलै मीनू डार्लिंग तुम्हारा मतलब चुदाई….

हैदर क मुँह से फिर से चुदाई शब्द सुनते hi मीणा क नस नस में खून का संचार बाद गया और वो और उत्तेजित होगयी थी वो जानती थी हैदर जानबूजकर ऐसे गांधी शब्दों से उसे सडके करना छह रहा hai…so वो हैदर क नाक से अपनी नाक को रगड़ते हुए boli….chi….fir से गाँधी baat….shi…….muje शर्म आती है…

लेकिन हैदर कहा सुननेवाला था उसके हाथ आज सोने की चिड़िया जो लगी हुई थी आज वो उस सोने की चिड़िया का भरपूर मजा लेना चाहता tha…so वो बात को आगे बढ़ाते हुए बोलै अब शर्म कैसी मीनू अब जब हम चुदाई करने hi वाले है….

बार बार हैदर क जुबान से अपनी चुदाई होनेवाली बात सुनकर मीणा काफी एक्सीटेंड होते जा रही thi..ab उससे रहा नह जा रहा था वो जानती थी की हैदर उसे ओवर सडके करना छह रहा hai….isliye वो इस बार थोड़ा खुल क बोली तो छोड़ दो न क्यू बेकार में बातो में टाइम वास्ते कर रहे ho…isse पहले सास का डर मुझे फिर से सताए कार्डो मुझे अपना बनालो muje…kehte हुए मीणा एक जोर दार ांगलादि लेती हुई हैदर क शर्ट में अपना हाथ डाले अपनी उत्सुकता को झहीर की…

अब हैदर बी समाज गया था की मीणा चुदाई की लिए बेताब है सो अब देर न करते हुए फिर से मीणा क होतो का रसपान करने laga…hyder ठीक मीणा क ऊपर सोया हुआ मीणा क हॉट चूस रहा था इस वजह से मीणा क मोठे दूध हैदर क सीने क निचे पुरे दबे हुए थे जिसका मधुर एसएस मीणा अपने दिल hi दिल में उतर रही थी साथ hi साथ हैदर क होतो से अपने होतो को मिलके रसपान का कोई मौका नह छोड़ रही थी. कुछ देर ौसे hi चला तो मीणा ने हैदर क शर्ट क एक बटन खोल क उसके नंगी छाती को चूमने लगी तो हैदर बी समाज गया की मीणा क्या कहना छह रही hai…ab हैदर मीणा क होतो को चूमना छोड़ धीरे से निचे सरक गया और एक हाथ में मीणा क एक बूब थामे उसे कपडे क ऊपर से जोर जोर से मसलने लगा और साथ hi साथ मीणा क नंगे गले पर अपनी जुबान फेरने laga…hyder क इस हरकत से मीणा पुरे जोश में आगयी थी.. करीब एक महीने क अंतराल क बाद कोई मर्द उसके जिस्म क नाज़ुक अंग उसके दूध से खेल रहा था इ मीणा क लिए जन्नत क सुख से कोई काम नह tha…e बात बी सच थी की इन एक महीने में वो अपने पति से तीन चार बार चुद बी चुकी थी पर उसे आज जो मजा मिल रहा था उसका कोई ठीकहाना नह था सो वो हैदर को बिना कोई विरोध किये अपने मम्मो को मसलवाने में मस्त हो गयी thi…dusri तरफ हैदर बी मीणा क मम्मो का आकर और गोलाई देख कर पागल हो गया था उसे यकीं नह हो रहा था की शादीशुदा औरत क मोममे इतने मस्त और मुलायम बी होते hai….meena क मम्मो को देख कर hi वो जंगया था की मीणा का पति मीणा क जिस्म पे काम कसरत करता hai..aur वो बताशा मीणा क मम्मो को बारी बारी में मसलने लगा तो कभी कपडे क ऊपर hi मम्मो को मुँह में भरने लगा tha…kuch 10 मीन्स दोनों एक दूसरे क बहो में कैद मम्मो का मजा लेने क बाद मीणा ने हैदर क एक हाथ को अपने टॉप में घुसा लिया और अपना पेट को सवरलेने लगी शायद इ मीणा का इशारा था हैदर क लिए की वो जल्द से जल्द उसके कपडे उतर de….par हैदर को कोई जल्दबाज़ी नह नह उसने मीणा क टॉप को थोड़ा ऊपर किया और अपने हॉट को मीणा क नंगे नाभि पर हॉट टिका दिए और धीरे से अपनी ज़ुबान को नाभि क गोल गोल चाटते हुए चूमने लगा तो मीणा मज़े क मरे छटपटाने लगी और अपने उत्तेजना पर काबू पाने क लिए मीणा ने हैदर क सर को जोर से थम लिया और उसे अपने नाभि पर दबाने लगी..

हैदर एक तरफ मीणा क नंगी नाभि क साथ छेद चढ़ कर रहा था तो उसका एक हाथ मीणा क टॉप क अंदर घुस कर क ब्रा क ऊपर से hi मीणा क बूब्स क माफ़ लेने में लगा हुआ tha..is दुगने हमले से मीणा काफी उत्तेजित होने लगी thi…ek अनगिनत ख़ुशी उसके जहां में उतरने लगी thi..meena इस पल का आनंद एक पल क लिए बी खोना नह छह रही thi..aur इसी क चलते अब उसके सासे बी तेज़ होगये the…aur हैदर की हर हरके पर मीणा क मुँह से अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ुह्ह्हह्ह्ह्ह की नशीली सिसकारी निकलने लगी थी….

दूसरी तरफ हैदर का बी लुंड पंत में hi अपना कमल दिखने क लिए तैयार खड़ा हो गया था और पंत से बहार आने क लिए तड़प रहा tha…lekin हैदर इतने जल्द अपने हथियार को मीणा क सामने नह लाना चाहता था वो छह रहा था की मीणा खुद उसके हथियार को अपने मुट्ठी में भर क अपना ले और उसे पंत से बहार निकल de….already हैदर मीणा का मखली जिस्म का मजा कपड़ो क ऊपर ले चूका था अब उसे मीणा को नंगा करके वो खूबसूरत नग्न दृश्य को आँखों में भरना का मैं हो रहा था जिसे देखने क लिए आज तक कितने मर्द मीणा क पीछे पड़े हुए थे और नाकामयाब बी रहे the…par हैदर वो दूसरा शख्स था जिसे मीणा ने अपने नग्न सौंदर्य को दिखने का मैं बना लिया था.. …सो अब हैदर ने देर न करते हुए मीणा क टॉप को ऊपर किया तो मीणा समाज गयी अब उसका नग्न रूप को हैदर क लिए प्रदर्शित करने का वक़्त आगया और वो उठ क बैठ गयी और अपने हाथ ऊपर करदिये ताकि टॉप आसानी से उसके जिस्म से अलग हो jaaye..aur जैसे hi मीणा का टॉप मीणा क जिस्म से अलग हुआ मीणा शर्म क मरे अपनी आंखे झुकाली और उसी टॉप को ऊपर से अपने छाती को धक् ली ताकि उसके काले रंग की ब्रा में छुपी उसकी दूध हैदर को नज़र न आये…

मीणा क लिए गैर मर्द क सामने नंगी होना इ पहली बार या नया थोड़ी नह था वो अनगिनत बार जमील क सामने नंगी हो चुकी thi…hui कहो तो वो जमील क बहो में नंगा रहना hi पसंद करती thi…q की जमील ने उसे इस कदर सुख का एसएस दिलाया था की वो छह कर बी जमील को रोक नह सकती थी जमील क प्रति मीणा का सोच बी कुछ हटके hi thi…meena अपनी पति से ज्यादा अपने जिस्म का हक़दार जमील को मानती थी. इसलिए जमील क सामने नंगी होने क लिए मीणा को कोई आपत्ति नह thi..…….par मीणा जैसी सुशिल पतिव्रता औरत अपने वासना क चलते अपनी जिस्म की प्यास मिठाने क लिए बहक कर तीसरे मर्द क सामने अपने गुप्तांग को खोलना वो बी एक ऐसे आदमी क सामने जिसे वो कल तक अनजान thi…so मीणा क लिए शर्म आना जाइज़ hi tha…aur वही हैदर बी मीणा को हुई शरमाते हुए देख समाज गया की इ तो पक्का घरेलु फ्रेश माल hai…ise तो पुरे मजे से खाना पड़ेगा सोचते हुए मीणा क नंगे पीठ पर हाथ फेरते हुए अपने ज़ुबान फेरने लगा जिसे मीणा क जिस्म में बिजली सी दौड़ने लगी thi…is अनगिनत ख़ुशी का एसएस लिए मीणा धीरे से फिर से बीएड पे लेट गयी और हैदर क एक हाथ को अपने कमर तक ले जाकर अपने लेग्गिंग्स क दोनों तरफ घुसली और हैदर को प्यासी नज़र से देखने लगी…

मीणा क इशारा बखूबी समाज हैदर निचे किसक गया और अपने दोनों हाथो को मीणा की लेग्गिंग्स दोनों तरफ फसके निचे खींचने लगा तो मीणा ने अपनी कमर उठके लेग्गिंग्स को उतरने में हैदर क मदत ki..jaise जैसे मीणा क लेग्गिंग्स मीणा की कमर क निचे से उतारते गया वैसे वैसे मीणा क गोर मोठे मखमली जंघे हैदर क सामने खुलते जा रहे थे जिसे देख हैदर क आँखों में रोशनी की चमक दौड़ने लगी thi..kuch hi देर में मीणा का लेग्गिंग्स मीणा क जिस्म से पूरी तरह अलग होक जमीन पर गिर चूका था अब मीणा सिर्फ एक काले रंग की ब्रा और चड्डी में थी ऊपर से मीणा ने अपने टॉप से छाती ढकी हुई थी लेकिन निचे से उसके जंघे पुरे नंगे थे जिसे देख हैदर बिना पलके झुकाये मीणा की खूबसूरत नंगे बदन को देखता hi raha..meena की चौड़ी कमर को इस वक़्त काले रंग क चड्डी में कैद उसके निचे मीणा क बलिष्ट मोठे मुलायम मखमली सूंदर दश्त पुष्ट गोर जंगो क बीच हैदर ने अपने सर घुसेड़ दिया और मन चाहे उसे चूमने लगा चाटने laga…shayad हैदर ने पहले कभी इतनी सुन्दर नज़ारा देखा hi नह था और इ बात मीणा क जांघो क साथ खेलते हुए हैदर क जुबान से निकल hi पड़ी thi…wo मीणा क जंगो को चूमते हुए मीणा से बोलै सच कहु मीणा यकीं नह होता की तुम शादीशुदा हो….

मीणा- ुह्ह्हह्ह्ह्ह हैदर aise…q. बॉऊल ररराहही hooooo..meena हैदर क होतो क जादू अपने जांघो पर चढ़ते हुए नशे में बोली…

हैदर- और नह तो क्या मीनू डार्लिंग मैंने कभी किसी औरत क इतने खूबसूरत चौड़ी कमर और जंघे देखि nh…meri बीवी की बी नह….

मीणा- अह्ह्ह्हह हैदर ऐसे मातटटट bolo…..mai पागल हो रही हूउउउउ hi hu……aaj सिर्फ tumari…..hu…..muje अपना बना lo….jald hi…muje कुछ हो रहा hai…..kuch चीज़ चाहिए muujjjj….uhhhhhh दे do….muje अह्ह्ह्हह ुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह हैदररररर ..वासना क नशे में चूर मीणा अब हैदर क सर में हाथ डेल खिंच क अपने बगल में लेता क अपने और हैदर क बीच दरार बने टॉप को फेक ते हुए बोल पड़ी थी..





अब मीणा क जिस्म में ब्रा और चड्डी क आवला कोई और कपड़ा नह था ….और बगल में लेता हैदर ने अब देर नह की मीणा की नशीली आवाज़ सुन कर hi वो जान गया था की मीणा अब चुदाई क लिए मैं बना चुकी hai..aur उसे जल्द से जल्द चुदाई की शुरुवात बी करनी पड़ेगी सो वो बिना देर की मीणा क बूब्स को ब्रा क ऊपर से मुँह में भर लिया और चूसने लगा तो मीणा ने अपनी एक टांग उठके हैदर पे डाली दिया इस वजह से अब मीणा की जांग क साथ मीणा की गांड बी हैदर क हाथो में सामने लगी थी..

हैदर एक तरफ मीणा क दूध को चूस चूस कर लाल कर रहा था वही दूसरी तरफ निचे मीणा क जांघ और गांड हैदर क हाथो पीसने लगी थी और मीणा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह hyder…..ohhhhhhhh सच मई kamallllllll…uyyy मेरी gaaaandddd…ahhh डीईईडीईए कककककारे हूऊऊ अह्ह्ह्हह meri……lleeeeloooooo प्ललज़्ज़्ज़्ज़ अह्हह्ह्ह्ह नशीली सिसकारी क साथ हैदर क जोश बढ़ाने क काम बहुत अछि तरह निभा रही थी.. करीब 5 - 10 मं एक hi पोजीशन में दोनों ने अपना जिस्म की मरम्मत करने क बाद इस बार हैदर ने मीणा क ब्रा का हुक खोल दिया तो मीणा क मोठे बूब्स बहार ऐसे आगये जैसे कोई संगमरमर का मोठे गोल पत्तर निकल क आये ho…Gol गोल स्तन क ऊपर नीच गुलाबी रंग क एक बड़ा सा सर्किल उसके बीच पिंक कलर का निप्पल को देख हैदर क मुँह खुला का खुला रह गया और दूसरे hi पल वो निप्पल हैदर ने अपने मुँह में भर लिए the…ek निप्पल हैदर क मुँह में था तो दूसरा मां हैदर क हाथ टेल आते की तरह पीसने लगा tha…hyder इतनी जोर से निप्पल चूसने क साथ दूध को मसल रहा था की मीणा को दर्द का एसएस होने लगा tha..meena का मैं कर रहा था की इस मीठे दर्द को चिल्लाते हुए काम करने की कोशिश करू पर वो जानती थी जहा पे उनका खेल चल रहा है उसके ठीक निचे क रूम में उसकी सास सोई हुई है.. इसलिए मीणा ने अपनी आवाज़ को दबा इ हुए सुख का अनुभव करने lagi…kareeb 1 महीने क बाद कोई मर्द इस कदर मीणा की जिस्म क मसल रहा था और मीणा इ सब गलत जानते हुए बी बिना किसी विरोध क हैदर का भरपूर साथ देने में लगी thi…is वक़्त मीणा भूल गयी थी की उसने जमील क साथ रिश्ता जुड़कर अपने पति को एक बार धोके में रखा hi hai…aur अब अपनी प्यास को मिठाने क लिए वो दूसरे मर्द क साथ बी सोने क लिए तैयार हो रही hai….aur इ सरासर बचलन, चुड़क्कड़ बन ने का पहला निशान hai…lekin मीणा को इस वक़्त इस बात की कोई फ़िक्र नह थी उसे बस अब एक लुंड चाहिए था जो इस वक़्त उसकी छूट को सही ढंग से चोदे और चरम सीमा तक ले jaaye…meena मस्त मजे क साथ ऊपर से पूरी नंगी अपने हॉट अपने गाल अपने नंगी चाहती अपनी मोठे बूब्स को बारी बारी मसलवा रही थी चुसवा रही थी और खुद बी हैदर क होतो को चुम कर अपनी ख़ुशी को झहीर कर रही thi….kareeb 15 मीन्स दोनों ने एक दूसरे क जिस्म का भरपूर मजा लिया हैदर ने कुलमिलाकर पिछले 20-25 मं में मीणा क जिस्म को ऐसे कुचला था की मीणा मैं hi मैं हैदर क डोमिनेंट अंदाज़ की दीवानी हो गयी thi….q की मीणा क जिस्म को अब तक सिर्फ दो hi लोगो ने भोगा है एक उसका पति और दूसरा उसका पहला प्यार jamil..in दोनों में से पति की बात छोड़ hi दे ते है क्यू की मीणा का पति कभी बी मीणा को जिस्मानी सुख देने में कामयाब नह हुआ था मीणा को जिंदगी में पहली बार सेक्स का असली सुख मिलता वो जमील से पर जमील ने बी पहली बार में hi ऐसे डोमिनेंट अंदाज़ में मीणा को नह रगड़ा था जैसे आज हैदर मीणा क एक एक जिस्म को रगड़ रगड़ क मरम्मत कर रहा tha….isliye मीणा हैदर को लेकर काफी एक्सीटेंड और खुश thi…wo मैं hi मैं सोच रही thi..jaise हैदर ने उसे बदन को निचोड़ा है वैसे hi वो उसकी छूट की खुजली पूरी मिठड़े और उसे बार बार हैदर से छोड़ने पर विवश banade….isi आशा क साथ मीणा हैदर को प्यासी नज़र से देख रही थी की हैदर का मैं कब होता hai…aur वही हैदर का बी वही हाल था उसका लुंड आस्मां को चुने की कगार पर था, हैदर का मैं अब बी मीणा क जिस्म क साथ फोरप्ले करके मीणा को ज्यादा से ज्यादा सडके करके मौके का दुगना मजा वसूल करने का कर रहा था पर इन सब क लिए फिलहाल उसका खड़ा लुंड क पास वक़्त नह tha…hyder का लुंड इतना तन कर खड़ा हो गया था की मीणा की chut.me फ़साने क लिए बेताब हो गया था इसी बेताबी क चलते हैदर ने मीणा क चड्डी में हाथ डाला और मीणा की चिकनी छूट क दरार पर हलके से ऊँगली से सवारने laga…jise मीणा की तड़प और बी बाद गयी thi…meena जोरो से हफते हुए वही कसमसाने लगी thi..apne छूट पे हैदर क कठोर हाथ फेरने से मीणा क रोम रोम खड़े हो गए the…na चाहते हुए बी उसकी छूट से प्रेमरस क हलकी सी बुँदे टपकने लगे जिसका ऐसाह हैदर अपनी उंगलियों पर करने लगा tha….meena हैदर क क्रीड़ा का बिना कोई विरोध किये बस अपनी चड्डी क भीतर हो रही हैदर क हाथ क कमल को अपने आँखों में भरे लुफ्त उठाते हुए हैदर क होतो को फिर से किश करते हुए boli…ahhhhh हैदर बड़े प्यारे होओओओ तुममममम अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बस आईसीई hi करत्तीीे राहूऊ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह मममममम

मीणा की नशीली बात सुनकर हैदर और बी खुश हो गया और एक कदम आगे बढ़ते हुए उसने मीणा की चड्डी को आगे से निचे किया और मीणा कुछ सोच पति अपनी एक ऊँगली मीणा क छूट में घुसेड़ दिया…..

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह इ क्या शह्ह्ह्हह्ह बोल क तो daaallttttee…..uyuyyyy अह्हह्ह्ह्ह धीरे से karo…..ahhhhhh अहिस्ताआआ.. …नशे में चूर मीणा अपनी आंख बंद किया हैदर को गले लगाकर बड़बड़ा रही थी और अपनी छूट में आगे पीछे हो रही हैदर क हाथ को पकड़ कर धीरे से अपने छूट की दरार को ऊँगली क सहारे खुलवाने लगी thi…wahi हैदर मीणा क एक मोममे को फिर से मुँह में दबा लिए ऊँगली से मीणा की छूट छोड़ने लगा tha….lekin इ बहुत देर नह चला क्यू की मीणा अब पूरी तरह से चुदाई क लिए तड़प रही thi..ab वो लुंड लिए बिना नह रह सकती थी सो वो हैदर क बालो को कास क पकड़ कर अपनी छूट में हिल रही हैदर क ऊँगली को एक हाथ से रोकते हुए boli…bas हैदर अब ऊँगली nh….ab वो डाल्दो जिसे डालना chahiye….plz और bas……ahhhh कहते हुए मीणा ने अपनी चड्डी को पूरी निचे करदी और निकल कर फेक di…ab मीणा पूरी तरह से नंगी एक गैर मर्द को अपना जिस्म परोसने को तैयार कड़ी thi….aur मीणा का इ नग्न रूप देख हैदर का लुंड पूरा तन कर खड़ा हुआ था और उसने देर न करते हुए अपने कपडे उतर दिए और सिर्फ अंडरवियर पहने मीणा क बगल में लेट गया तो इस बार मीणा ने उसे अपने ऊपर आने को कहा और खुद सीधे लेट gayi….aur जैसे hi हैदर मीणा क ऊपर लेट गया तो मीणा ने अपनी टाँगे खोल दी इस वजह से अंडरवियर में खड़ा हैदर का लुंड सीधे मीणा की छूट को दस्तक देने लगा था और इस असीम पल का आनंद लेने क लिए दोनों ने फिर से एक दूसरे क हॉट मिलाये और इस बार दोनों आंखे बंद किये बिना किसी क पर्व किये एक दूसरे क होतो क जाम को मस्ती क साथ पीने लगे थे अब पुरे कमरे में दोनों की हॉट चुसाई क चाप चाप की आवाज़ गूंज रही थी, और शायद इ आवाज़ निचे सोई मीणा क सास क कानो तक बी पहुंच जाती अगर वो गलती से बी जाग जाती to..par दवा की असर में खोयी मीणा क सास बिना इस बात की खबर एक ग़हरी नींद में सोई हुई थी…

इधर ऊपर हैदर और मीणा एक दूसरे क हॉट और अन्य गुप्त अंग को चुम्मा छाती में व्यस्त थे तो मीणा से अब रोका नह जा रहा था क्यू की अंडरवियर में तना हुआ लुंड बार बार मीणा क छूट क हिस्से को चूब रहा था जिसे मीणा की प्यास और बढ़ती जा रही thi…aur मीणा से अपने आप को रोका नह गया और उसने बीच में से हाथ हैदर क अंडरवियर में दाल hi दिया और वह खड़े लुंड को अपना हाथ लगते hi मीणा से रुका नह गया और उसके मुँह से वहह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल पड़ी thi…hyder का फौलादी लुंड ने मीणा क हाथ पे अपना कमल दिखा दिया था और मीणा ने सिर्फ उसको चुने से hi अंदाज़ा लगा लिया था की हैदर काफी मोठे और लम्बे लुंड का मालिक hai…aur इ बात मीणा क लिए सोने पे सुहागा tha…..jaise मीणा का हाथ हैदर क लुंड क करीब गया तो मीणा से रुका नह गया और उसने अपनी छोटी सी कलाई में हैदर क लुंड को थम liya..hyder क खड़े गरम लुंड की गर्मी में फिर से एक बार मीणा क मुँह से वहहहह क्या मस्त hai…kehne पे मजबूर किया था जिसे बखूबी इस बार हैदर ने सुनलिया और अपने लुंड को मीणा क कलाई में ऊपर निचे करते हुए पूछा ाचा लगा मीनू…

मीणा बस शरमाते हुए हैदर से नज़ारे चुराते हुए बोली है… बहुत ाचा है…..

मीणा को हुई शरमाते हुए देख हैदर बोलै तो शर्मा क्यू रही हो मेरी डार्लिंग.. ऐसे शरमावोगी तो इसे कैसे अंदर logi…hehehee

हैदर की बात सुनकर मीणा शरमाते हुए हैदर क छाती पर दोनों हाथो से मुक्का मरते हुए बोली तुम सिर्फ गांधी hi नह हो बड़े बदमाश बी हो….

हैदर- ाचा अब बदमाश बी बनगया तो इस बदमाश की बदमाशी बी देखो कहते हुए हैदर ने मीणा क निप्पल को जोरो से काटा तो….

ुह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ममममम अह्ह्ह्हह…. mummmy….dhire kaato..koi इतना बी जोर लगता है क्या इस नाजुक चीज़ par…meena दर्द और सुख मिश्रित आवाज़ में कंपते हुए बोली.,

हैदर मीणा क गाल को सवारते हुए है बदमाश जरूर काटता hai…aur काटू क्या कहते हुए हैदर ने मीणा का दूसरा मोममे को हाथ में लेकर अपना मुँह आगे बढ़ाया तो मीणा उसे अपने सीने से लगते हुए boli…kaato न जितना चाहे काटो chuso…par धीरे से karo…mai नह rokungi….ahhhh ajavo….uhhhhhhhh सच में बहुत मजा आरहा है मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने me…ahhhh हैदर सो स्वीट हहहहहह….

फिर कुछ देर दोनों एक दूसरे क बहो में लिपट गए और मैं चाहे जगह पर हाथ फेरने लगे चूमने lage….aur इस हरकत से हैदर का लुंड अब और बी तन्न कर खड़ा हो गया था और मीणा की नंगी छूट पर अंडरवियर से hi दस्तक देते हुए मीणा की छेद को चोट पहुंचने लगा तो मीणा से रहा नह गया और वो हैदर को देख प्यार से बोली अब बस बी करो हैदर अब दाल बी do…mujse रहा नह jaara…plz …..

मीणा ने अपनी तरफ से शुरुवात करते हुए हैदर को चुदाई की दावत दे दी thi…par हैदर का जी अब बी नह भरा था मीणा क नंगे जिस्म se..so वो मीणा को बोलै है डाल्डुन्गा मीनू उसके पहले तुम्हारे जिस्म क मलाई तो पूरी तरह से चाट लू…..

हैदर की बात सुनकर मीणा जान गयी थी हैदर और उसके जिस्म क साथ छेड़छाड़ करके उसे और ज्यादा सडके करके तड़पना चाहता hai….par मीणा क लिए अब परिस्थिति कण्ट्रोल क बहार हो चुकी थी क्यू की पिछले एक महीने से दबी हुई उसकी वासना का बांड किसी बी समय फुट सकता tha…so वो हैदर को boli…ha हैदर करो तुम जो चाहिए karo..mai नह रोकूंगी पर उसके पहले प्ल्ज़ अपना इ हथियार से मेरे साथ मिलान karo…bahut प्यास लगी hai…tumare इस मोरे हथियार को अह्ह्ह्ह तड़प रही हु इसे अपने भीतर सामने ुह्ह्हह्ह mmmmmm…ahhhhhh मिठाडो मेरी pyaas…uske बाद जो चाहे karo……plz डालल do….ahhhhh कहते हुए मीणा अपनी कमर को ऊपर निचे करने lagi..aur हैदर क लुंड से अपने छूट को घिसने लगी…

मीणा को हुई वासना क नशे में तड़पता देख हैदर से बी अब रोका नह गया और उसने अपनी अंडरवियर उतर फेक दी और सीधे मीणा क ऊपर लेट gaya…aur मीणा से बोलै तैयार हो मीनू…?

मीणा हैदर को देख मुस्कुराते हुए हैदर क होतो से अपने हॉट मिलायी और एक हाथ से हैदर क लुंड को थम कर अपने छूट क छेद पर रख क अपनी टाँगे फैलते हुए boli…daldo मेरे raja.ander पुश करूऊओ

…हुइइइइइ haaaa.maaaaas.uhhhhh





अब दोनों तरफ से पोजीशन सेट था और माहौल बी पूरा गरम और कामुक बनगया tha…hyder ने मीणा क छूट क छेद पर हलके से एक बार लुंड को घिसा और धीरे से पुश किया तो मीणा एक पल क लिए हिल सी गयी उसके रोम रोम में बिजली सी फ़ैलाने lagi…meena जानती थी इ सब क्यू हो रहा hai…darasal सच बात तो इ थी की जमील क जाने क बाद करीबन एक महीने तक सही लुंड से चुदाई न होने से मीणा की छूट क पाकले फिर से अंदर की तरफ होकर मीणा की छूट में फिर से तिघटनेस पकड़ ली थी… और क्यू की दिनु का 5" का लुंड मीणा को ऊँगली क सामान था सो मीणा की छूट पिछले एक डेड महीने में 4-5 बार दिनु से छोड़ने पर बी उसकी तिघटनेस पर कोई फरक नह पड़ा tha….par आज फिर से एक फौलादी लुंड मीणा की चिकनी छूट को चीरने की तैयारी में था

सो हैदर का पहला धक्का सिर्फ मीणा की छूट में सुपडे तक hi सिमित रहा और हैदर को बी इस धक्के से अपने लुंड में थोड़ा सा दर्द सा महसूस हुआ और उसे समाज ने में देर नह लगी की मीणा की छूट काफी टाइट hai….aur उसे इस बात की ख़ुशी बी हुई की आज उसका पला एक ऐसी औरत से पड़ा है जिसका सील बी अबतक ठीक से टुटा बी nh….hyder ने इस बार और एक झटका मारा और मीणा से बोलै कितना कासी हुई छूट है तेरी मीनू लगता है इसपर थोड़ी काम म्हणत हुई hai…hehehe…le अह्ह्ह्हह फिर से एक धक्के को मीणा क छूट में उतारते हुए बोलै

हैदर क धक्के को अपने ज़हन में उतारते हुए मीणा दर्द को सहन करते हुए हैदर से बोली तो इसे अपने हथियार से चौड़ा कार्डो na…haa….uhhh और मारो धक्का जोर से do…..ahhhhh ुह्ह्ह्ह

मीणा को दर्द तो हो रहा था फिर बी उसे जो सुख मिलने वाला था उसे सोच कर मीणा हैदर क लुंड को अपनी छूट में पूरी तरह समां लेने में कोई कसरत नह छोड़ रही थी और देखते hi देखते और दो तीन जोर दार झटको क बाद आखिर कर हैदर का फौलादी 9" का लुंड ने मीणा की छूट में अपनी जगह बना लिया tha…dono अब बेहद खुश नज़र आ रहे थे और दोनों ने एक दूसरे क आँखों में आंखे डेल एक मुस्कान क साथ अपनी ख़ुशी को एक दूसरे क लिए ज़ाहिर किया और तुरंत दोनों का ऊपर hi हिस्सा फिर से एक दूसरे से पूरी तरह से चिपक गया और दोनों बताशा एक दूसरे क चेहरे पे होतो पे चूसते हुए गर्मी को ाधन प्रधान करने लगे थे और निचे अब बी हैदर का लुंड मीणा क छूट में समाये हुए अपनी बारी का इंतज़ार कर रहा था…

कुछ देर एक दूसरे क जिस्म की गर्मी मिठाने क बाद दोनों की नज़ारे फिर से मिलगई और मीणा ने अपने कमर को थोड़ा हिलाते हुए हैदर से बोली करो न hyder….itna बी मत तडपावो….

हैदर अपनी लुंड को एक धक्का देते हुए बोलै कहा सत्ता रहा हु मीनू बस तुम सेट होने का वेट कर रहा था….

इस बात पे मीणा कुछ नह बोली और अपनी टंगे पूरी तरह फैलाके हैदर को लपेट ली और हैदर को देख शर्मा हैट क मरे मुस्कुराने lagi…meena की इस हरकत से हैदर समाज गया था की मीणा अब पूरी तरह सेट है और वो धीरे से hi सही धक्के को बढ़ाने लगा और मीणा हैदर क हर धक्के पर अह्हह्ह्ह्ह हैदररररर अह्ह्ह्हह mast….aise hi….ohhhhh करते राहूऊओ हूउउउउ बहुत ache….maar दूऊऊ ुह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह थैंक you….hyder…aisa सुख डीएनईई क लिएएररर उह्ह्ह इहह्ह्ह्ह की सिसकारी लेते हुए हैदर क लुंड को अपने छूट में पूरी तरह समां लेने की कोशिश करने लगी thi…aur मीणा की ऐसे नशीली सिसकारी हैदर क जोश को और बी दुगना कर रही thi…ab दोनों बिना कोई रूकावट बिना कोई रोकटोक क छूट और लुंड की संगम का भर पुर मजा लेते हुए एक अलग hi दुनिया में खोते जा रहे थे…





और कुछ 5 मीन्स की hi ठुकाई हुई थी मीणा का सेल फ़ोन रिंग करने लगा और दोनों को अपने मजे पर कुछ देर की ब्रेक लगनी पड़ी…

मीणा मैं hi मैं इस वक़्त फ़ोन करनेवालों को कोसते हुए बीएड क दूसरे किनारे पड़े अपने मोबिल को उठाकर देखि तो उसका पति का फ़ोन tha…meena ने तुरंत वक़्त देखा तो करीब रात क 10 बजने में 10-12 मीन्स काम hai…aur मीणा को समझने में देर नह लगी की सोने क पहले रूटीन की तरह उसका पति बात करना चाहता hai…jise वो इंकार बी नह कर सकती थी सो वो हैदर को देख धीरे से बोली मेरे पति का फ़ोन है…

मीणा की बात सुनकर हैदर को लगा जब तक अपने पति से बात नह होगी मीणा को रेस्ट चाहिए सो वो अपना लुंड को मीणा की छूट से अलग hi करने वाला था मीणा उसे रोकते हुए बोली नह नह इसे मत निकालो पूरा मोमेंटम बिगड़ जायेगा तुम एक काम करो जब तक मई बात ख़तम नह करती तुम बस धीरे से करते raho…samje na…kehte हुए मीणा ने दिनु का कॉल रिसीव किया और hello बोलै..

पर इधर हलके धक्के से मीणा की छूट की भराई करते हुए हैदर मैं hi मैं सोचने लगा कितनी प्यासी है मीणा लगता hai…meena और उसके पति क बीच कुछ काम hi कसरत होती hai…aur वो अपनी किस्मत पर खुश होगया की उसे एक बहुत hi खूबसूरत और बहुत से ज्यादा सेक्सी हॉट औरत क साथ चुदाई करने का मौका मिल गया है…

वही मीणा अपने पति को hello बोलते हुए पूछी क्या बात hai..aap अभीतक सोये नह…

दिनु- नह मीणा बस वो अब सोने जा रहा tha…acha माजी कैसी hai…unki तबियत…..

मीणा- हैदर क देखे क साथ ऊपर निचे होते हुए बोली वोओओओओ ठीककक hai…ab उनमममम

मीणा की आवाज़ में कुछ बदलाव सा पाकर दिनु बोलै क्या हुआ मीणा तुम ऐसे क्यू कंपनी जैसे बात कर रही ho..tum ठीक तो हो न…

मीणा इस बार हैदर को थोड़ा स्लो करने का इशारा करते हुए अपने पति से boli…woooo मई सके बात कर रही हु न इसलिए आपको ऐसा लग रहा है.

दिनु- ठीक hai…agar कुछ प्रॉब्लम हो तो छुपाना नह …

मीणा- हैदर को देखते हुए एक फ्लाइंग किश पास करते हुए दिनु से boli…problem यहाँ कुछ बी प्रॉब्लम नह hai..yaha तो बहुत मजा आता है दिन में बी और रात में बी…..

मीणा डबल मीनिंग से तो बात कर रही थी और इ दिनु क समाज क बहार thi…q की दिनु सपने में बी सोच नह सकता था की उसकी बीवी एक गैर मर्द का लुंड अपनी छूट में लिए उससे बात कर रही है वो बी फॉर्मलिटीज क liye…bechara दिनु इस बात से अनजान मीणा से पूछा अरे दिन में तो ठीक है रात में कैसा मजा..

मीणा ने शायद इस सवाल का जवाब पहले hi सोच रखा था वो झट से बोली रात में यहाँ इतनी मस्त हवा आती है की जिस्म क हर एक हिस्से को ठंडक मिल जाती hai…sach में बहुत मस्त जगह है…

दिनु- ाचा बाबा काम से काम तुम गांव की असलियत तो मालूम पड़ा..

इस बीच हैदर को धीरे से धक्के मार कर कुछ मजा नह आरहा था सो वो एक जोर का धक्का मारा तो मीणा की चिक निकल padi…isse पहले सामने से दिनु उसकी चिक सुन लेता मीणा

मीणा- हम्म्म्म अह्ह्ह्हह मस्त maja….ahhhhh कहते हुए फिर से मौसम का तारीफ़ ki…aur हैदर की तरफ देख धीरे से कानो में बोली बस और थोड़ी der…jald hi निपटा दूंगी inhe…tab तक धीरे से करो न कुछ देर….





geojson

हैदर क लिए इससे बड़ा ख़ुशी का मौका क्या होगा एक खूबसूरत घरेलु औरत उसके निचे लेती उसके लुंड को अपने छूट में समाये हुए अपने पति से बात करते हुए बी चुद ने को बेताब hai….hyder इस सिचुएशन से काफी खुश और एक्सीटेंड था और इसी एक्सिटमेंट क मरे उसने मीणा क हॉट को हलके से काट लिया तो मीणा की मुँह से फिर से अह्ह्ह की आवाज़ निकल padi…jise सुन दिनु मीणा से पूछा क्या हुआ मीणा..

मीणा हड़बड़ाते हुए एक बार हैदर को देखि पर उसे हैदर पर गुस्सा नह बल्कि और बी प्यार आया था वो जान गयी थी हैदर उसकी छूट की जोरदार चुदाई करने बेताब है …और वो हैदर को स्माइल देते हुए दिनु से बोली wo…ek मचार आ गया था ..ok ठीक है तो फिर मई रखती hu…bye कहते हुए पति क bye का इंतज़ार किये बिना hi कॉल काट कर हैदर को देख इशारो में hi शरमाते हुए आगे बढ़ाने की इशारा kiya…meena की तरफ से फिर से ग्रीन सिग्नल पाते hi हैदर क धक्को ने फिर से तेजी पकड़ ली और मीणा बी हैदर क कमर को पकड़ कर एक डैम सही पोजीशन में हैदर क निचे लेटर अपने दोनों टैंगो को हवा में फैलाकर हैदर क जोरदार धक्को का लुफ्त उठाने लगी

…अह्हह्ह्ह्ह हैदररररर…. ुष्ठ्हहह कितना मस्त करते ho…..ayyyyyy हूउउउउ ऐसे hi …..chodo….mujeeeee अह्हह्ह्ह्ह मर ज्जाएवंगीयी ुह्ह्हह्ह

हैदर- ले मेरी जान हाआल ले हूउउउउ आअज तू तेरी छूट का भोसड़ा hi बना दूंगा ुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह सच में बहुत चिकनी छूट hai….Teri..kisi लड़की की तरहहहह ुह्ह्ह्हह्ह इतनी टाइट छूट ….मेरी बीवी की शादी क वक़्त बी नह thi……….uhhhhhhh…sach में कमल की औरत हूऊऊ ुह्ह्ह्ह

हैदर अपने धक्के की रफ़्तार को बढ़ाते हुए धनधन मीणा की छूट फाड़ने लगा tha…aur वही मीणा अह्ह्ह्हह हैदरररर राआजास ुह्ह्ह्हह्ह जरा डीईईडीईए ुह्ह्ह्हह्ह इतनी जल्दी बी क्या haiiiiiiiiii ुह्ह्हह्ह्ह्ह ुष्ठ्हह अह्ह्ह्हह ऐसी हूऊऊ mast…..aur karo….bahut देर karooo..ahhhh बस करते राहूऊ हैदर का लम्बा फौलादी लुंड किसी तलवार की धार की तरह मीणा की छूट को चीरते जा रहा था वही मीणा इस मीठे दर्द और असीम आनंद से मिश्रित ख़ुशी को अपने चेहरे पे लाते हुए एक एक धक्के का दिल से स्वागत करते हुए अपनी ज़हन में उतारते हुए इस पल मजा उठाने ने लगी थी…





दोनों एक दूसरे क होश बढ़ाते हुए चुदाई क मस्त मजा लुटाने लगे थे अब आलम इ था की हैदर क हर धक्के क साथ मीणा बी अपनी कमर उछाल कर लुंड को पुरे अंदर तक लेने लगी थी इससे दोनों का मजा दुगना होने लगा था ..एक तरफ मीणा की नशीली सिसकारी तो दूसरी तरफ हैदर की मर्दानी जुर्रत माहौल को और बी कामुक बना चूका tha…aur हैदर अब पुरे जोश में किसी आते की चक्की में बसा पिस्टन की तरह बहुत तेजी से मीणा की छूट की खुदाई करने लगा तो, इससे मीणा को मजा तो दुगना ठिगना मिल रहा था पर मीणा को लगा अगर इसी स्पीड में हैदर छोड़ता रहा तो वो जल्द hi भरकास्ट हो जायेगा और खेल जल्द hi ख़तम हो jayega…jo इस वक़्त मीणा को बिलकुल hi पसंद नह था इतना जल्द खेल की समाप्ति होना सो वो हैदर को रोकते हुए boli…nh…hyder..itna स्पीड से करोगे तो जल्द hi ख़तम हो जायेंगे धीरे करो naaaa..maje लेकर karo…ahhhh देर तक छोड़ो…. पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ बस छोड़ते रहो…….

मीणा की बात सुनकर हैदर मैं hi मैं मुस्कुराया और मीणा की मम्मो पे अपना वॉर करते हुए बोलै इ हैदर का घोडा है meenu….jab तक इसका मैं नह करेगा इ झड़ने वाला nh…tum बेफिक्र होकर मजे lo….e घोडा बहुत लम्भा चलता hai…..le मेरी darling..le…..ahhhhhh घच घच घच…..

मीणा- अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह ुह्ह्ह्ह सच में कमल क मर्द हो हैदर ……छोड़ो और जोर लगवाऊऊऊ chodho……uhhhhh मममम अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आईसीईई uhhhhhhh….maiiii तो पागल हो राहहीइ hu…kya मस्त लल्लूऊउउउनदडड mila…wahhhhhh मजा aagaya…ughhhhh यहहगहह अहहहहहह ठोकूवो

मीणा अपनी मान मर्यादा लज्जा शर्म हाय सबकुछ भूल कर इस पल का खुल कर आनंद लेने में लगी थी…





अब दोनों को किसी बात की कोई परवा नह थी हलाकि कुछ देर क लिए मीणा इ बी भूल गयी थी की वो अपने ससुराल में सास क घर में है और उसकी सास ठीक उसके निचे वाले कमरे में सोई हुई है ऊपर क कमरे में हो रही हलचल का अंदाज़ा उसे लग बी सकता hai..….par मीणा को अब इस वक़्त किसी बात का फरक नह था उसे बस अपनी छूट में पद रहे हैदर क तेज प्रहार धक्को से मिल रहे सुकून को अपने नस नस में समां न था और मीणा बखूबी इस काम को निभा रहे thi…aur लगातार 20 मीन्स तक हैदर ने मीणा को इसी पोजीशन में छोड़ा तो मीणा का सब्र का बंद टूट गया और वो आंखे बंद किये तृप्ति से अपने अंदर उगे हुए ज्वालामुखी को प्रेमरस क रूप में बहाने लगी..

मीणा को जड़ता हुआ देख हैदर क आँखों में चमक सी आगयी और वो कुछ देर क लिए अपने धक्के को रोक मीणा पे सीधे लेट गया और मीणा को बड़े आराम से जड़ने क लिए छोड़ दिया…

जैसे hi मीणा पूर्ण रूप से ज़द क शांत हुई तो उसने आंखे खोले तो हैदर बिना पलके झुकाये उसे hi देखता देख मीणा शर्म से लाल लाल हो गयी thi…aur होती बी क्यू nh…aaj तक उसका पति दिनु कभी कामयाब नह हुआ था मीणा को चुदाई क वक़्त जड़ने में पर इ काम दो पराये मर्दो ने कर क दिखाया tha..pehla वाला था मीणा का पहला प्यार जमील तो दूसरा मर्द आज हैदर ने मीणा की शर्म को चढ़ा tha…meena अपने आप को हैदर क सामने जड़ने पर बहुत शर्म सी गयी और हैदर से आंखे चुराने क लिए अपने हथेली से चेहरा धक् liya..aur हैदर से बोली ऐसे मत देखो मुझे शर्म आ रही है…

मीणा को हुई शर्माता देख हैदर मीणा क चेहरे से उसकी हथेली को दूर करता हुआ बोलै इसमें शर्माना क्या है meenu…chudayi हो रही है तो झड़ना कॉमन है…..

मीणा- chi….kitne गांधी हो tum….muje शर्म आ रही hai…chod do….kehte हुए अपने हाथो को हैदर से अलग करते हुए फिर से चेहरे को धक् ने लगी तो हैदर ने इस बार बी मीणा की हथेली को मीणा क चेहरे से दूर करते हुए इसमें गंधा क्या है darling….e तो एक डैम खुश करनेवाला काम है….

मीणा- है खुश तो करता hai….par बोलना या सुन्ना गंधा लगता hai……uhhhhh..

हैदर- ाचा तो अब मई क्या karu….tum तो ज़द गयी मुझे भूका मरकर….

मीणा- चुप करो मैंने कहा भूका मारा hai…tum करो तो सही …..

हैदर- मई तो कब से तैयार खड़ा हु पर तुम hi इसे गंधा कह रही हो……

मीणा जंगायी थी हैदर उसे टॉन्ट मर रहा hai…aur मीणा इ बी जानती थी अब टॉन्ट का जवाब टॉन्ट से hi दे इसके लिए इ सही वक़्त बी नह है सो वो हैदर को देख मुस्कुराते हुए बोली तो संजो क मुझे इ गंधा काम करने में मजा आ रहा hai…..hehehe..

हैदर- इ हुई न बात अब तो तेरी खैर नह कहते हुए इस बार उसने मीणा क दोनों पैरो को ऊपर करके अपने हाथो क बीच फसलीय ताकि मीणा टांग को हिलने की कोशिश बी न करे और अपनी लुंड को मीणा की छूट में पेल दिया और फिर से धक्को ने अपनी रफ़्तार पकड़ ली thi….aur दोनों फिर से एक दूसरे क होश बढ़ाते हुए मस्त हो गए the…meena क मोठे मसल जंघे पूरी तरह से ऊपर होने क वजह से निचे से मीणा की गांड बी खुल चुकी थी और हैदर क लुंड कभी कभी निशाना चुकार एक दो बार गांड क दरार पे बी धक्के का एसएस मीणा को हो गया था जो बेहद दर्दनाक होने पर बी मीणा क मजे में कोई रूकावट नह tha….aur दोनों क बीच गाछ गाछ gach….thap थप थप आवाज़ क साथ धनधन चुदाई होने लगी thi…dono मस्ती में मनचाहे करने में व्यस्त the….dono की चुदाई क रफ़्तार इतना तेज थी की बहार से आ रही ठण्ड हवा के ज़ौके क बीच बी दोनों का जिस्म पसीने से भर पड़ा हुवा था और एक दूसरे क बदन क टकराहट क चिका छिकहत की आवाज़ पुरे रूम में एक मधुर कामुक आवाज़ की तरह गूंज रही थी तो वही हैदर क जांघो से मीणा क मोठे कूल्हे को घर्षण से थप थप की आवाज़ उस मधुर संगीत में अपना ताल मिला रहे the…..dono क बीच करीब 10 मं तक कुछ बी बात नहीं हुई पर दोनों एक दूसरे क आँखों में देख कर एक दूसरे की ख़ुशी को बताने का काम बखूबी निभा रहे थे…





मीणा अपने टंगे ऊपर किये हुए हैदर क बहो टेल पीस रही thi…niche से हैदर का बलिष्ट लुंड मीणा की छूट फाड़ने में व्यस्त था तो ऊपर हैदर ने मीणा क दोनों मम्मो को अपने हाथो में समाये हुए उसकी मस्त मरम्मत करने में लगा था और बारी बारी मीणा क हॉट और निप्पल बी हैदर क होतो का रसपान करने का कोई कसार नह छोड़ रहे the…kareeb 10 मं क बाद मीणा को अपने पावो में मोच आने का एसएस हुआ तो मीणा ने हैदर को बोलकर अपना पाँव निचे करलिया तो इस बार हैदर छोत से उतरा और निचे खड़े होकर मीणा क टैंगो को अपने और खिनः लिया इस वजह से अब मीणा क पेअर छोत क निचे हवा में तैर ने लगे थे और मीणा बी समाज गयी थी हैदर उसे अब किस पोजीशन में छोड़ना चाहता hai…so मीणा ने अपने दोनों पाँव ऊपर किये और हैदर क खन्धो पर चडडिये और हैदर क लुंड क लिए अपना छूट का रास्ता खोल diya……aur दूसरे hi पल हैदर का लुंड फिर से मीणा क छूट में विराजमान होकर अपना कमल दिखने में व्यस्त होगया tha…hyder खड़े खड़े मीणा को धनधन छोड़ रहा था तो मीणा बी अपने कमर को हैदर क धक्को क साथ अपना ताल मिलते हुए अपनी कमर को आगे पीछे करते हुए पुरे लुंड को अपने छूट में समां ने लगी थी…

meena-uhhhhhhh ुष्ठ्हह शह्ह्ह्ह hyder…….sach में bahut….tagade मर्द से पला पड़ा mera….ahhhhhh बहुत खूबबबबबब thoko…..aur ठोको रोको मत्तत्तत ुह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्हह हैदरररररर मेरे ररररास्फा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

हैदर- उययययय उम्मम्मम लिए मीनू खा मेरा lund……bahut तमन्ना थी तुजे छोड़ने की अह्ह्ह्हह्हह ाआज हाथ aaayi…ab रोज़ छोडूंगा ….ुयुयियी tuje…..din raat……huuu ाःहाहागा…

मीणा- छोड़ …. chod…..jitna चाहे छोड़ उय्य्य्यय्माआ जरा डीईईडीईए हूउउउउ bas….thoko..ooooohhhhh अह्ह्ह्हह

Hyder-,uuuuuuuuuu अह्हह्ह्ह्हलीबीए लूउउउऊँड़द्द कहाआआआ मीईनुउउउ अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ुह्ह्ह्हह्ह गाछ गाछ गाछ.....

फिर से कुछ 10-15 मीन्स तक दोनों छूट और लुंड क मिलान में एक दूसरे क जोश बढ़ाते मस्त होगये थे और आखिर कर वो घडी ाही गयी जिस घडी का इंतज़ार दोनों को था और हैदर जोरो से हफते हुए मीणा से पूछा मीणा मई झड़ने वाला हु अंदर या बहार…..

मीणा हैदर क माथे पे पसरे पसीने को अपने हाथो से पोछते हुए बोली म्हणत बेकार नह जानी चाहिए हैदर अंदर hi दाल दो …

मीणा की बात सुनते hi हैदर अपनी रफ़्तार को और बढ़ाया और 4-5 तेज धक्को क साथ गुर्राते हुए अपने प्रेमरस को मीणा की छूट में दाखिल करने लगा और जिसकी गर्मी का एसएस होते hi मीणा मदहोशी में खोयी अपनी बी सबर क बांड को तोड़ चुकी thi…aur कुलमिलाकर आज क डेट में तीसरी बार जड़ने लगी thi…kuch 2-4 मीन्स मीणा क छूट में होली खेलने क बाद हैदर ने अपने मुर्ज़े हुए लुंड को मीणा की छूट से बहार निकला और मीणा क ऊपर hi हफते हुए सो गया..

मीणा बी हैदर को बड़ी ख़ुशी से अपने बहो में उसे समां कर कुछ देर हैदर को प्यार से चुम्मा छाती कर क अपनी ख़ुशी को झहीर कर di…to कुछ देर बाद हैदर बी मीणा से अलग होकर वही हफते हुए लेट गया..

एक जोरदार और दमदार चुदाई क बाद मीणा काफी तृप्त और खुश नज़र आ रही thi..dono इतने जोरो से हाफ रहे थे की दोनों ने मिलकर कोई पहाड़ खोद कर आये ho…dono एक पल क लिए एक दूसरे को देखे और अपने होतो को हलके से चूमकर अपना प्रेमरस को अदला बदली कर क सुकून से कुछ देर क रेस्ट लेने क लिए आंखे बंद कर लिए..

यही मीणा आज उसे मिले अद्भुत आनंद का मजा अपने जहाँ में उतारते हुए हैदर क बारे में सोच में hi मग्न थी और फ़्लैश बैक जाने लगी थी कैसे हैदर ने उसके साथ पहले दोस्ती का हाथ बढ़ाया, फिर वो उसके नज़दीक कैसे aaya..hyder का वो अनजान बने मश्ग करना इ सब याद आते hi मीणा मैं hi मैं खिल खिलाकर हसने lagi..aur हैदर ने जो उसकी दमदार चुदाई की थी उसकी तो वो दीवाना हो चुकी thi..hyder क लुंड से जो उसे मजा सुकून मिला था वो सुकून उसे जमील से बी प्राप्त नह हुआ tha..hyder ने काफी वाइल्ड तरीके से मीणा की छूट की चुदाई की थी जो एक सेक्सी औरत को बहुत पसंद आता hai…wahi चीज़ आज मीणा क साथ हुआ tha…wo इसके पहले बी जमील से बहुत बार लगातार 15-20 दिन तो चढ़ चुकी थी

.पर जमील ने कभी बी मीणा को वाइल्ड तरीके से सेक्स नह किया था ..जमील हमेशा मीणा से प्यार से पेश आता था पर आज हैदर ने प्यार बी दुखाया था और चुदाई बी बहुत रफ़ तरीके से की thi..isliye मीणा हैदर को लेकर काफी खुश thi…...lekin अचानक इस ख्याल में खोये मीणा को फिर से एक बार गिलटी का आभास होने लगा tha…wo एक बार फिर से सोचने पर मजबूर होगयी थी क्या उसने किया वो सही है, या गलत. और मीणा खुद जानती थी की वो गलत रस्ते पर अपना कदम रख चुकी hai…sirf इतना hi नह वो अपने पति क साथ बार बार धोखा कर रही है और इ किसी बी दृष्टिकोण से सही साबित नह होता और इस गलती का एसएस मीणा को होते hi मीणा की आंखे फिर से नाम सी गयी थी और न चाहते हुए बी उसके आँखों से दो तीन असू क बुँदे टपक कर निचे गिरने लगे the…meena खुद तैय नह कर पा रही थी की इस वक़्त उसे जो हैदर ने जिस्मानी सुख दिया है उससे खुश होना चाहिए या अपने पति क साथ किये धोके को याद करके पछतावा करना chahiye…meena अपनी आंखे खुले छोड़ ऊपर चाट की तरफ किये सोच में डूबी हुई थी की तब हैदर ने मीणा क दिल में चल रही हलचल को पहचान लिया और उसने देखा की मीणा एक जुट होकर चाट की तरफ देख कर कुछ सोच में मग्न है तो हैदर ने मीणा क ऊपर अपना हाथ दाल क मीणा क तरफ करवट बदल कर सोते हुए मीणा से पूछा क्या हुआ मीनू darling….kya तुम खुश नह ho..ya मैंने hi कुछ काम प्यार किया…

हैदर की बात सुनकर मीणा बी हैदर क तरफ मुद क सोते हुए बोली नह हैदर तुमने जो किया उससे मई बहुत खुश हु….

हैदर- तो फिर इ ासु, इ एक जुट हो कर sochna….kya बात है…

मीणा एक ग़हरी सास लेते हुए बोली ऐसा कुछ नह हैदर पर पता नह एक गिलटी की भावना मैं को खाने लगी है…

हैदर- गिलटी किस बात की गिलटी तुमने तो मेरे साथ कुछ गलत नह किया बल्कि तुमने बी तो मेरा भरपूर साथ diya…muje तो नह लगता की तुम किसी बात क लिए गिलटी महसूस करना chahiye…sach बात तो इ थी हैदर को लगा की मीणा उसके साथ पहली बार hi खुल क चुदाई करने पर शर्मिंदा है और इस बात क लिए गिलटी महसूस कर रही है पर उसे सचाई पता नह थी सो मीणा उसे बोली अरे नह हैदर मई उस बात से नह पर मुझे लगा रहा है जो बी हम दोनों क बीच हुआ वो गलत है…

हैदर को मीणा क बाते कुछ पहेली जैसा लग रही thi…q की मीणा ने बड़ी ख़ुशी से मजे लेकर चुदाई में हैदर का साथ दिया tha…par अब मीणा उसे गलत तेहरा रही है उसे थोड़ा बी अंदाज़ा नह था की मीणा एक गैर मर्द से छुड़ाने पर अपने पति क प्रति गिलटी महसूस कर रही है सो वो मीणा से पूछा मई तुम्हारी बात को समाज नह पा रहा हु ..

मीणा अपने असू पोछते हुए बोली हैदर मुझे लगता है की मैंने तुम्हारे साथ जिस्मानी रिश्ता जोड़ क मेरे पति क साथ धोका किया hai…lagta नह बल्कि इ धोका hi hai…isliye मुझे अपने किये पे गिलटी महसूस हो रही है…

मीणा की बात अब हैदर क दिमागी पूरी तरह बस गयी thi..aur वो बी हकीकत से वाकिफ था की एक शादीशुदा औरत अपने पति क अलावा किसी गैर मर्द क साथ जिस्मानी रिश्ता जोड़ना मतलब उसके जीवन की सबसे बड़ी galti…par हैदर जनता था अगर इस वक़्त वो इस गलती को गलती कह कर मीणा को सँभालने की कोशिश करेगा तो हो सकता है मीणा आगे जाकर उसके साथ जिस्मानी मिलान नह करनेवाली जो हैदर बिलकुल नहीं चाहता tha…so वो कुछ देर चुप रहा मीणा को कोई जवाब दिए बगैर और मैं hi मैं इस सिचुएशन को हैंडल करने का बारे में सोचता रहा….

यहाँ पर जैसे hi मीणा क असू काम होते गए मीणा थोड़ी रिलैक्स बी फील करने लगी thi..sach बात तो इ थी की मीणा को अपने किये पर गिलटी तो हुआ था पर वो जानती थी उसके पास इसके सिवा कोई और रास्ता नह है अपने जिस्म की आग को शांत करने का, अगर उसे इस गिलटी का थोड़ा सा बी पछतावा होता तो शायद मीणा हैदर क बहो में अब बी नंगी लेती नह होती बल्कि अपने कपडे पहन कर हैदर से दूरिया खयाम करने की कोशिश करती लेकिन इस वक़्त ऐसा सन बिलकुल नह दिखाई दे रहा tha…aur शायद मीणा क मैं में कुछ और बी सोच ने जन्म लिया था जिससे वो जानबूजकर अब हैदर क सामने ऐसे पेश करना छह रही thi…hyder को खामोश सोता देख मीणा हैदर से पूछी क्या हुआ हैदर तुम कुछ बोलते क्यू नह….

इस बीच हैदर ने कुछ ऐसा सोच रखा था की मीणा फिर से उसके बहो में राज़ करने तैयार हो jaaye..aur वो मीणा से बोलै

हैदर- अब क्या बोलू मीणा मैंने तो पूरी कोशिश की तुम खुश करने की, फिर बी तुम लगता है की तुम उस इंसान क बारे में सोच कर गिलटी फील करना है जो शायद तुम जिस्मानी सुख देने में कामयाब न होता हो….

हैदर की बात सुनकर मीणा एक पल क स्तब्ध रह गयी वो सोच में पड़गयी की हैदर को कैसे पता चला की मई अपने पति से जिस्मानी टूर से खुश नह hu…aur वो कुछ सोच ते हुए हैदर से boli.,.par हैदर तुम कैसे कह सकते हो की मई अपने पति से खुश नह हु…..

हैदर मीणा को बड़े प्यार से देखते हुए बोलै सच कहु मीणा जब तुम सेक्स कर रही थी मई तुम्हारे में एक ऐसी प्यास देख रहा था जो बरसो से न भुजी ho…aur तो और जब मेरा लुंड तुम्हारे छूट में समां रहा था तुम इतने प्यार से लुंड का स्वागत अपने छूट में कर रही थी जैसे तुम जिंदगी का असली खजाना मिल गया ho..aur सबसे खास बात जब हम दोनों चुदाई में मग्न एक दूसरे क लउर्फ उठा रहे थे तब बीच में तुम्हारे उसी पति जिसके बारे में तुम गिलटी महसूस कर रही हो उसका फ़ोन आने पर बी तुमने मुझे रोकना नह चाहा बल्कि तुम छुड़वाते hi अपने पति से बात करते rahi…in सब बातो से मई यकीं क साथ कह सकता हु की तुम अपने पति से नाखुश हो….
 
हैदर मीणा को बड़े प्यार से देखते हुए बोलै सच कहु मीणा जब तुम सेक्स कर रही थी मई तुम्हारे में एक ऐसी प्यास देख रहा था जो बरसो से न भुजी ho…aur तो और जब मेरा लुंड तुम्हारे छूट में समां रहा था तुम इतने प्यार से लुंड का स्वागत अपने छूट में कर रही थी जैसे तुम जिंदगी का असली खजाना मिल गया ho..aur सबसे खास बात जब हम दोनों चुदाई में मग्न एक दूसरे क लउर्फ उठा रहे थे तब बीच में तुम्हारे उसी पति जिसके बारे में तुम गिलटी महसूस कर रही हो उसका फ़ोन आने पर बी तुमने मुझे रोकना नह चाहा बल्कि तुम छुड़वाते hi अपने पति से बात करते rahi…in सब बातो से मई यकीं क साथ कह सकता हु की तुम अपने पति से नाखुश हो….

हैदर की एक एक बात में डैम tha…aur मीणा खुद जानती थी की वो चुदाई क वक़्त कितनी मग्न और मस्त thi…jaise हैदर ने आज मीणा की ठुकाई की थी वैसे शायद उसका पहला प्यार जमील ने बी मीणा की ठुकाई नह की thi…lagatar एक पहाड़ी लुंड से 45 मीन्स से बी ज्यादा वक़्त लगातार चुदाई से मीणा हैदर की तरफ पूरी तरह आकर्षित हो गयी थी …और वो बी अब सच को काबुल करते हुए हैदर से बोली है हैदर तुम सही हो मेरे पति मुझे जिस्मानी सुख नह दे पाते hai…jante हो हैदर मई पिछले एक महीने से पति से आशा कर रही हु वो मेरी थोड़ी तो जिस्म की प्यास भुजाये पर उन्होंने पिछले एक महीने से मुझे हाथ तक नह lagaya…meena ने झूट hi सही पर पुरे नज़ाकत से कहा था क्यू की सच बात तो इ थी की मीणा का पति दिनु मीणा को खुश करने की पूरी कोशिश करता था वो हफ्ते में एक बार तो अपनी बीवी की छूट में अपना लुंड दे hi देता tha…par मीणा को hi अब उसके लुंड में कोई रूचि नह thi..aur इ बात कहते हुए मीणा आज पहली बार अपने प्यारे पति की बुराई एक गैर मर्द क सामने कर रही थी….

मीणा की बात सुनकर हैदर चूकते हुए बोलै kya…ek महीने se….lagta है तुम्हारा पति पागल hai…jo इतनी खूबसूरत हसीं पारी सामने होते हुए बी हाथ लगाने की कोशिश नह करता…

मीणा- सब मेरी किस्मत है हैदर.. अब किसे क्या बोलू…

मीणा की हवस अब इतनी बाद गयी थी एक गैर मर्द उसके जीवनसाथी को सबसे बड़ा पागल कह रहा है और मीणा को इ बात सुन क गुस्सा नह बल्कि उस गैर मर्द क प्रति और बी प्यार से बातो में लगी थी…

मीणा की बात सुनकर हैदर थोड़ा क्यूरियस होगया था उसे यकीं नह हो रहा था की मीणा जैसे सेक्सी बदनवाली औरत को उसके पति ने पिछले एक महीने से हाथ नह लगाया सो वो मीणा से pucha….par मीणा अगर तेरा पति तुजे एक एक महीने तक हाथ नह लगता है तो तुम कैसे ……मेरा मतलब tum…kaise अपने आप को रोक पाती ho…..tum सामजी न मई क्या कहना चाहता हु…

अब मीणा क्या बोलती अपने आप को सही और पतिव्रता सुशिल साबित करने क लिए मीणा ने एक महीने तक न छोड़ने की झूट जो हैदर को बोलै था उसे किसी बी तरह उसे डिफेंड करना hi tha…isliye वो कुछ सोच कर boli…are नह हैदर ऐसा नह पहले वो हफ्ते में एक बार करते थे पर पता नह पिछले एक महीने से क्या हुआ वो सेक्स में रूचि hi नह दिखते मैंने एक दो बार पूछा बी तो बोले की अब हमारी उम्र नह है सेक्स में ज्यादा रूचि रखने की अब हमे बचो क भविष्य क बारे में सोचना hai…kya हैदर सच में मेरी उम्र नह है क्या सेक्स करने की….? मीणा ने बड़े होशियारी से जवाब देते हुए सवाल भरे नज़रो से हैदर को देखा …

मीणा लगबघ 35 साल क भरे हुए बदन की एक डैम दूध से गोरी सेक्सी बदन की मालकिन थी …जैसा बदन की एक बार नह बार बार चूमने चाटने को चोधमे को दिल करे ऐसे खूबसूरत सेक्सी बदन क मालकिन को अगर कोई कहे की अब सेक्स करना तुम्हारी उम्र नह तो इ तो सबसे बड़ा हास्यास्पद झूट hi होगा न सो हैदर बोलै अरे मीनू डार्लिंग लगता है तुम्हारा पति एक तो सबसे बड़ा पागल है या उसमे तुम खुश करने की क्षमता नह hai…isliye ऐसे अनबषानाब बाते करता hai..meri मानु तो तुम और 15- 20 साल तक किसी को बी सेक्स में मजा दे सकती हो जितना एक नयी दुल्हन बी नह दे sakti…bahut हॉट और सेक्सी हो तुम.. हैदर ने मीणा क तारीफ़ क फूल बन्दते हुए कहा…

यहाँ पर नोट करने वाली एक बात हैदर ने मीणा क पति दिनु क खसमाता क बारे में बात की thi…aur इसका इंदिरेक्ट्ली मतलब एक नामर्द hi निकलता tha…par मीणा को अब इस बात से कोई फरक नह पड़ा था पर उसे हैदर क जुबानी अपनी तारीफ़ सुनकर खुश हुई थी और हैदर क गलो की चिट्टी लेते हुए बोली बस बस बहुत हुआ तारीफ़..

लेकिन हैदर कहा रुकने वाला था अपने पति क प्रति गिलटी फील होने क बाद बी मीणा का रवैया हैदर क लिए न बदलता देख हैदर बी अब मीणा की और तारीफ़ करते हुए बोलै सच कहु मीणा सिर्फ मई hi नह शायद ऐसा कोई मर्द नह होगा जो तुम देख कर एक बार अपना लुंड तुम्हारे छूट में पेलना नह चाहेगा…..

हैदर की बात सुनकर मीणा और बी खुश थी कोई मर्द पहली बार उसके जिस्म की गाँधी गाँधी तारीफ़ कर रहा था और मीणा को इ बात बुरा लगाने क बजाय अछि सी लगाने लगी thi…isliye वो हैदर क छाती पे मुक्का मरते हुए boli..itni बी सेक्सी नह हु जो हर किसी को अपना सबकुछ दे दू ha….wo तो पता नह तुम देख ने क बाद क्या hogaya..kaise तुम्हारी तरफ आकर्षित होगयी और वो सब कुछ कर बैठी जो एक औरत सिर्फ अपने पति क साथ करने का हक़ रखती है…

अब मीणा की बात हैदर को खुश करने वाली थी सो वो बी अपनी ख़ुशी को समेटते हुए मीणा से पूछा ाचा लेकिन एक बात गलत है…

मीणा- क्या?

हैदर- अभी सब कुछ कहा हुआ और बी बहुत कुछ बाकी है…

मीणा- हैदर को मुक्का मरते हुए तुम मर्द लोग hi ऐसे लगता hai…thode से जी नह भरता ..

हैदर- मीणा क बूब्स को मुँह में भरते हुए बोलै सिर्फ मर्द hi नह ha…tumari जैसे सेक्सी बी काम नह hoti..hehehehe..

मीणा- ययययय धीरे काटूवू ाचा बाबा मई बी सेक्सी hu…khush..ab तो धीरे kaatoo..pyaar से चूमो na…uhhhhhhh मममममममहहह

हैदर- इ हुई न बात…

मीणा- हम्म्म्म एक तुम जैसे मर्द जो औरत को खुश करने में कोई कसार नह छोड़ते और एक मेरा पति जो इतनी खूबसूरत बदन असली मालिक होते हुए बी कुछ नह कर paata…shiiiii

हैदर- अब भूल बी जा तेरा पति जादू है इसका मतलब सब मर्द थोड़ी गांडू होते hai..tu भूल जा और आज से इस मर्द को अपना le…fir देख तुजे कैसे जन्नत की सैर करवाता हु….

मीणा- अब और क्या अपना lu…ab तो हमारे जिस्मो का मिलान का बी सिलसिला शुरू हो चूका hai..bas यही आशा करती हु की हम दोनों का इ सफर काफी लम्बा चले और चलता hi रहे किसी को कानो काम खबर लगे bina…ummid करती हु हैदर की जितना यकीं क साथ मैंने तुम मेरी कीमती चीज़ दो है तुम उसका ख्याल जरूर karoge…aur इस रास को गुप्त hi रहने डोज..

हैदर- बिलकुल मीणा बस आज से तुम मेरी jimmedari..khush…

मीणा- हम्म्म्म

एक गैर मर्द खुल क मीणा क पति दिनु को गांडू शब्द से सम्भोदित कर रहा था और मीणा को इस बात का कोई फरक नह पद रहा था बल्कि मीणा उसी शख्स क साथ अपना जिस्मानी रिश्ता खयाम रखने की बात करने में व्यस्त thi…meena की आज की हरकत देख कर तो यही लग रहा था की मनो या न मानो इससे एक बात तो जरूर साबित हो रहा था की मीणा क सोच में अब बहुत कुछ बदलाव आ चुके hai…aur शायद मीणा क यही सोच मीणा को कहा से कहा ले जानेवाली hai…khair इ तो दूर की बात Hui…filhal इस वक़्त एक राउंड की लम्भी चुदाई क बाद बी एक दूसरे क बहो में समाये हुए दो नंगे जिस्म अपने प्यार भरे बात और खेल में मस्त थे…

और इसी खेल क चलते मीणा क मम्मो को मस्ती से चूस रहा हैदर मीणा क गांड को दबोचते हुए pucha…ab मैडम ऐसे hi सोने वाली या आगे का बी कुछ प्लान है…

मीणा कुछ सोच कर boli..ek औरत बिलकुल नंगी एक गैर मर्द क साथ एक बार सेक्स करने क बाद बी अब तक नंगी hi उसके बहो में लेती हुई है इसका मतलब तुम खुद संजो न…

हैदर - इसका मतलब तो यही हुआ की उस औरत की प्यास अभी मीठी नह….

मीणा- है हैदर पता नह तुमसे इतनी आकर्षित हो गयी हु की अलग होने का मैं hi नह karta….agar सास नह होती न तो पूरी रात तुम्हारे बहो में hi कटती…

हैदर- सिर्फ कटती बी या और बी कुछ करने देती.. हेहेहे

मीणा- ुह्ह्ह्ह वो और पूछनेवाली बात hai..raat काटेंगे तो वो बी होगा hi na…tum थोड़ी chodoge..bina कुछ किये…

हैदर- इसका मतलब अब मुझे तुम चुने क लिए कोई पाबंधी नह….

मीणा- हम्म्म्म ..बिलकुल नह बस सही जगह और वक़्त देख kar…samje न मेरे raaja….uhhhhhhh मममममम कहते हुए फिर दोनों एक दूसरे से लिप्स लॉक करदिये…

और दोनों फिर से एक दूसरे को बहो में लपेट कर किश करते हुए एक दूसरे क नंगे बदन को सवारने lage..kuch देर ऐसा करने क बाद मीणा हैदर को देख पूछी सच बोलो हैदर मई गैर मर्द क साथ रिश्ता बनाकर कोई गलत तो नह कर रही हु न…

मीणा की बात ऐसी थी की चोर क हाथ में खजाने की चाबी देकर उसे पूछे की तुम चोरी तो नह करोगे na…is बात पर चोर थोड़ी बोलेगा की वो चोरी karega…waise शामे हालत अब हैदर की थी वो थोड़ी मीणा को बोलेगा की गैर मर्द क साथ जिस्मानी रिश्ता जोड़ना एक औरत क लिए पाप है गलत hai…hyder मीणा क बात का जवाब देते हुए bola..agar तेरे पति को लगता है इस उम्र में सेक्स करने क बदले बीएड पे अकेली सोना ठीक है तो तुम बिलकुल सही ho…isme कोई शक नह की तुम सिर्फ वही कर रही हो जो तुम्हारी जरुरत hai…aur तुम्हारा पति वही कर रहा है जो उसका जरुरत है…

मीणा को तो हैदर से इसी बात की एक्सपेक्टेशंस थे फिर बी वो हैदर से पूछी पर पति क साथ धोका तो नह होगा न….

हैदर- बिलकुल नह अगर तुम्हारा पति को इसमें ीचा नह तो बिलकुल hi धोका nh….waise एक बात सच bolo…tume सेक्स करने में मजा आता है न….

मीणा- है बहुत मजा आता है…

हैदर- तो बस तुम इतना hi सोच कर सेक्स करो की तुम्हारी जरुरत तुम्हारा पति पूरा नह कर sakta…so तुम अपनी इन्चा को किसी गैर मर्द से पूरा कर लेती हो…

हैदर की बात सुनकर मीणा मैं hi मैं बोली सॉरी हैदर मई तो इस बात को पहले से hi जानती हु और दूसरे मर्द क साथ रिश्ते बना बी चुकी हु और बना बी रही hu…par तुम्हारे सामने मुझे अपने आप को जो साबित करना था वो जरुरी tha…ab जब तुम मुझपर यकीन कर hi चुके हो तो अब और रुकना ठीक नह और मैं hi मैं हस्ते हुए हैदर से बोली थैंक यू हैदर तुमने मेरे दिल क भोज को हल्का कर दिया….

हैदर- इसमें थैंक यू की क्या बात meenu…ab तो हम एक हो चुके है…

मीणा- ह्म्म्मम्म और हैदर क लुंड पर हाथ फेरते हुए बोली अब क्या घर जाना है या फिर और कुछ करना hai…kehte हुए मीणा ने दूसरे राउंड की बात को इंदिरेक्ट्ली छेद दिया..

मीणा की बात सुनकर हैदर बोलै मैं कर रहा है की इसी प्यारी सी औरत की गुलाबी पूछी में अपना लुंड और एक बार पेल दू अगर तुम गिलटी वाली भावना से बहार आगयी तो…..

मीणा हैदर क लुंड को ऊपर निचे करते हुए बोली वो तो मई कब का भूल गयी अब बस मई तुम्हारी प्यार की प्यासी hu…aur karoge…kya……

मीणा की बात से हैदर फिर से मूड में आगया और मीणा क ऊपर चढ़ क फिर से हॉट चुसाई में लग गया तो मीणा उसे रोकते हुए boli…bas एक बार निचे जाके चेक करके आती hu…uske बाद नह रोकूंगी हेहेहे..

हैदर- है मुझे बी जोर से सुसु आयी hai…mai बी चलता हु…

मीणा- तुम,??? सास ने देख लिया तो….

हैदर- नह देखेगी तुम पहले निचे उतरो बाद में मई आता हु…

मीणा कुछ सोची और बोली ठीक hai…par प्ल्ज़ धीरे से ha..humari एक गलती लाइफ बिगड़ सकती है….

हैदर- अरे बाबा उतना दूर की मत socho….Susu करने क बाद तुजे और छोड़ना है हहहहए..

मीणा- हहहहए बेशरम हो तुम…

अब मीणा बीएड से उठी और बगल क स्टैंड से अपनी निघ्त्य निकल ली और अपने नंगे बदन को धक् li..aur हैदर से बोली की वो बी कपडे पहन le…aur मीणा सिर्फ निघ्त्य पहन कर hi जा रही थी की उसे कुछ लगा और फिर अंदर रूम में आयी और स्टैंड से एक घागरा उठके हैदर की तरफ पीछे मुद क कड़ी होगयी और घागरे को चढ़ाने लगी तो हैदर मीणा क नंगे झांघो पर चुम्मी देते हुए बोलै इसे और क्यू पहन रही हो कुछ देर में तो फिर से उतरना hi है…

हैदर को दूर करते हुए मीणा ने घागरा को ठीक से पहन लिया और हैदर की तरफ देख बोली बिलकुल पागल हो तुम कहते हुए धीरे से हॉल से होते हुए सीडी उतारकर निचे जाने lagi…meena ने जानबूजकर कर सीडी क तरफ लाइट ों नह किया था इसलिए वो अँधेरे में hi सीढ़ी उतरने लगी थी और उसके पीछे हैदर बी कदम आगे बढ़ाने लगा था…

अब आगे क्या hua…hyder और मीणा की जोड़ी ने क्या कमल dikhaya….aur राणा जी का क्या hua….kya मीणा हैदर से मिल रहे मजे को छोड़ राणा क साथ अपना रिश्ता banayegi….kya जमील फिर से वापिस aayega…ayega तो बी कब aayega….kya मीणा की लाइफ जमील राणा और हैदर तक hi सिमित रहेगी या मीणा क लाइफ में और बी मर्द क एंट्री होगा इ सब पड़ने क लिए आखिर तक बने रहे….
 
हैदर को दूर करते हुए मीणा ने घागरे को ठीक से पहन लिया और हैदर की तरफ देख बोली बिलकुल पागल हो तुम कहते हुए धीरे से हॉल से होते हुए सीडी उतारकर निचे जाने lagi…meena ने जानबूजकर कर सीडी क तरफ लाइट ों नह किया था इसलिए वो अँधेरे में hi सीढ़ी उतरने लगी थी और उसके पीछे हैदर बी कदम आगे बढ़ाने लगा था…

अब आगे

सीडी उतारते hi मीणा हैदर को चुप वही सीडी पर खड़े रहने का इशारा करके खुद धीरे से कदम बढ़ाते हुए सास क रूम क पास गयी और हलके से दरवाजे क कोने से अंदर नज़र डेल सास को देखने lagi…saas क रूम जीरो लाइट की रोशनी में मीणा अछि तरह से देख रही थी की उसकी सास दूसरे तरफ मुँह करके सोई हुई है तो मीणा ने हैदर को मोबाइल टोर्च क सहारे इशारा करते हुए बाथरूम की तरफ जाने को कहा और खुद वही खड़े सास पे नज़र रखने लगी..

कुछ hi देर में हैदर बाथरूम से वापिस लौटा तो मीणा ने उसे ऊपर जाने को कहा और खुद बाथरूम की तरफ जाने लगी तो हैदर मीणा क कान में धीरे से बोलै अचे से धो Lena…aur म्हणत करनी है उसे हेहेहे

हैदर क बात सुन क मीणा मुस्कुरायी और हैदर को सीडी क पास जाने क लिए धक्का देते हुए boli…chal हैट बदमाश kahike….aur बाथरूम में जाके लॉक करदी….

इधर हैदर अपनी किस्मत पर नाज़ करते हुए दो तीन सीडी क ऊपर चढ़ क मीणा का वेट करता raha..aur कुछ 10 मीन्स hi हुए थे उसे बाथरूम का दरवाजा खुलने की आवाज़ आयी तो हैदर समाज गया उसकी रात की रानी फ्रेश होकर आगयी hai…aur मीणा बी अब टाइम वास्ते नह करना चाहती थी सो वो एक बार फिर से सास क रूम में नज़र डाली और ऊपर जाने की सीडी चढ़ क सीडीवाला दरवाजे को बंद करदी और इस बार हैदर क पूछने क पहले hi अपनी हाथ आगे बददि तो हैदर ने ख़ुशी ख़ुशी मीणा क हाथ को थम लिया और दोनों फिर से अपने प्रेमशाला की तरफ एक दूसरे क बहो में बहे डेल पृष्ठं करने लगे…

कुछ 10-12 सीडी चढ़ते हुए ऊपर का हॉल में दोनों आगये और इस बार दोनों फिर से वही एक दूसरे से लिपट गए तो हैदर ने मीणा को दीवार क सहारे वही खड़ा किया तो मीणा उसे देखते हुए अपनी नज़र झुकते हुए puchi…bathroom जातेवक़्त क्या बोल रहे थे….?

हैदर- हस्ते हुए क्या बोलै वही बोलै जो तुम कर क आयी हो….

मीणा- पागल ऐसे कोई बोलता है kya…aur कही माजी सुन लेती तो….

हैदर- कैसे सुनती बुध्दि तो घोड़े बेच कर सो रही है…

अपनी सास को फिर से बुध्दि कहते देख मीणा थोड़ा नखरे दिखते हुए हैदर से boli…dekho है इ तुम मेरी सास को बार बार बुध्दि कहोगे तो मुझे गुस्सा आएगा हुऊ…

हैदर मीणा क बातो से hi जान गया था की मीणा नखरे कर रही है सो वो मीणा को और छेड़ते हुए बोलै ाचा मेरी मीनू को गुस्सा बी आता है…

मीणा- और नह तो क्या सास है मेरी…

हैदर- ाचा तुम्हारी सास को बुध्दि न कहु तो ऐश्वर्या रे कहु हेहेहे….

अपनी सास को ऐश्वर्या से तुलना करने क बात से मीणा अपनी हसी रोक नह पायी और हस्ते हुए हैदर से पूछी ाचा अगर मेरी सास ऐश्वर्या तो मई किसके जैसी हु….

हैदर- मीणा क कमर को कस क पकड़ते हुए बोलै तू सनी लियॉन से काम नह मेरी jaan….ummmmmm

मीणा- jhut….bol क मेरी चुम्मी मत तो …सनी लियॉन कितनी स्लिम है और मई कितनी मोती……

हैदर- सनी लियॉन स्लिम और सेक्सी hai...aur तुम्हारे बारे में क्या कहु तुम तो उससे बी बढ़कर ho….aur उससे बी फिट ho…Hyder मीणा की तारीफ़ करते हुए बोलै..

अपनी तारीफ़ सुनकर मीणा खुश होते हुए बोली acha…jara मई जान सकती हु इ चने क झाड़ पे चढ़ाने क पीछे रास क्या hai…kahi पलंग पे बार बार खेलने क लिए तो नह….

हैदर मीणा को और कस क पकड़ते हुए बोलै उसके लिए चने क झाड़ पे चढ़ाने की क्या जरुरत hai…wo तो मेरी मीनू डार्लिंग देगी hi मुझे हेहेहे..

मीणा- ाचा इतना confidence…chalo अछि बात hai…par इ तुम्हारी मीनू डार्लिंग क सास का घर hai..thoda होशियारी से ….

बार बार मीणा क मुँह से अपनी सास क बारे सुन कर हैदर को थोड़ा इर्रिटेटिंग होने लगा था और वो मीणा क दोनों कंधो पे हाथ रख क मीणा को प्यार से देखते हुए बोलै क्या यार बार बार बुध्दि क नाम लेके इर्रिटेट कर रही हो…

अब अपनी सास को बुध्दि बोलने पर मीणा पर कुछ असर तो नह पड़ा था पर उसे अब बी डर था की वो कही सास क हाथो फास न jaaye..aur हैदर से boli…kya करू हैदर मई कर तो रही hu…par डर तो रहता hi है na…sach कहु हैदर मेरा मैं बी बहुत कुछ तुम्हारे साथ करने को कर रहा hai….par…..

हैदर मीणा की बात को बीच में hi काटते हुए बोलै पर वर कुछ nh…tum बस एन्जॉय Karo..bina किसी डर क बुध्दि को कुछ पता नह chalega…aur कुछ गड़बड़ हुई तो बी मई संभल lunga..ok…

मीणा- हम्म्म्म hyder…bas अब कुछ मत bolo….jo चाहे karo…ummmm ाजावो ुह्ह्ह्हह्ह उउउउउम्मम्मम्मम फिर मीणा ने हैदर क चेहरे पर चुम्बन की बरसात करते हुए होतो से हॉट miladiye…dono फिर से एक दूसरे क बहो में बहे डेल प्रेमरस का स्वाद लेने लगे…

उम्मम्मम अह्ह्ह्हह काटूवू मत्तत्तत hyder…..maaji ko…pattaa chalega….ummmmm ऐसी हीई मममममम

फिर बुध्दि महहहहहह मीनाआ अह्ह्ह्ह उम्मम्मम्म

दोनों एक दूसरे क हॉट क साथ साथ जीब को भीतर लेते हुए उसका रसपान करने लगे the…dono का जिस्म ने फिर से गर्मी की रफ़्तार पकड़ ली thi….aur दोनों क हाथ एक दूसरे क बदन पर चलने लगे the…aur देखते hi देखते हैदर क हाथ मीणा क स्तन पर चलने लगे और मीणा क दोनों दूधो को निघ्त्य क ऊपर से जोर जोर से मसलने लगे the..meena का बदन बिन पानी की मछली की तरह मचलने लगा था … मीणा को बढ़ती सासे इस मस्ती में तेज़ होने लगे the…ahhhh hyder….ummm jara…..dhire dabavo…….ahhhh ahistaaaaa….ummmm मजा aaaaaaa…bas….. अंदर चालूऊऊ उम्मम्मम्म यहाँ हैदर मीणा क मम्मो को मसल रहा तो वह मीणा क हाथ हैदर क शॉर्ट्स तक पहुंच गए the…aur हैदर क शॉर्ट्स में हाथ डेल अंडरवियर क ऊपर से लुंड को मुट्ठी में भर क भिचने लगे the…..aur मीणा क इस हरकत से अब हैदर की सिसकिया निकलने लगी थी

…उफ्फ्फफ्फ्फ़ सीईई क्या kar…..rahiiiii हो उखड डौगी क्या….. धीरे उम्मम्मम …

किसी मर्द क मुँह से नशीली सिसकारी सुन क कौनसी औरत खुश नह hogi…hyder क सिसकारियों ने बी मीणा क रोम रोम में एक नशा सा चने लगा और मीणा की हाथो की स्पीड और बढ़गयी thi…ek तरफ हैदर मीणा क बूब्स क साथ खेलते हुए उसके नंगे गार्डन को अपने होतो से भीगा रहा तो दूसरी तरफ मीणा हैदर क हथियार को अपने नाज़ुक कलाई का मीठे एसएस देकर और बी आसमान की तरफ सर उठाने क लिए जोश दे रहे थी…

लुंड क लिए मीणा का पागलपन देख कर हैदर क मैं में एक पल क लिए इ ख्याल बी आया की मीणा तो लुंड क साथ ऐसे खेल रही hai..jaise एक एक्सपर्ट रंडी बी नह karti…kahi इ पहले बी कई लुंड को खा तो नह chuki…aur वो अपने मैं में चल रही बात की सचाई जानने क लिए मीणा से bola…lagta है मीनू तुम लुंड से खेलना बहुत पसंद है…

हैदर की बात से मीणा को बी लगा की वो काफी ओवर एक्सीटेंड हो गयी hai..aur वो हैदर क लुंड को धीरे से ऊपर निचे करते हुए boli…ha क्यू nh…jab पहली बार इतना मस्त हथियार हाथ लगा हो तो मैं तो करेगा hi na..hyder…sach में बहुत कड़क hai…tumara….mast.,..maja मिलता hai…aisa लगता hai…jaise मेरे हाथ जादू की चढ़ी लगी है उम्मम्मम अह्ह्ह्हह

मीणा की बात ने हैदर क मैं की शंका को दूर करदिया तो और इ ख़ुशी ख़ुशी मीणा से बोलै इतना hi ाचा लगा तो इसे अपने होतो से प्यार करो na….ummmm मममममम मीनू इसे मुँह में लुओ….

मीणा का मैं बी बहुत कर रहा था की वो हैदर क मोठे लुंड को अपने मुँह में भरके स्वाद ले क्यू की उसे जमील क लुंड चूस चूस कर आदत पद चुकी थी और वो जानती थी लुंड चुसाई में कितना मजा आता hai……par मीणा खुद होकर आगे बढ़ाना नह चाहती थी सो wo…jhuta नखरे दिखते हुए boli….chi…nh बाबा मई नह …..

हैदर- ले लो न मीनू बहुत मज़ा आएगा उम्मम्मम

मीणा- उम्म्म्म nh…..muje आदत नह hai……plzzzz bas…aise hi…haath में रहने doooo…ahhh चूमो मुझे उम्मम्मम hyder…..oh माय darling……kiss में……

इधर मीणा अपने जिस्म को किश करने क लिए हैदर का जोश बड़ा रही थी तो वह हैदर कुछ और hi चूसने क प्लान में tha…aur वो कुछ देर मीणा को कपडे क ऊपर पेट क आसपास चूमते हुए मीणा क सामने घुटनो क बल बैठा और मीणा का कमर को दोनों तरफ से थम लिया और अपने चेहरे को मीणा क टैंगो क बीच घुसेड़ diya…aur मीणा क निघ्त्य क ऊपर से मीणा की छूट की खुसबू को सुंगथे हुए हलके से चूमने laga…q की इस वक़्त मीणा ने चड्डी नहीं पहनी हुई थी तो हैदर क होतो का एसएस मीणा क पहने निघ्त्य और उसके भीतर का घागरे से होता हुआ सीधा मीणा क चुत क छेद पर टकराने का एसएस होने laga..aur मीणा क जिस्म में बिजली की रफ़्तार दौड़ने lagi…uska मुँह खुल गया, सासे कंपते हुए तेज़ होने लगे the…aur उत्तेजना तो तब बढ़गयी जब हैदर ने मीणा को निघ्त्य को घागरे क साथ कमर तक उठके मीणा क गोर झंगो को चूमते हुए मदमस्त जांघो को मसलते हुए घागरे का नाडा खोल ने laga…aur मीणा का घागरा हैदर क वफादार की तरह मीणा क जांघो से उतारकर जमीन पे गिर गया…

अब मीणा अंदर से पूरी नंगी thi…sirf एक निघ्त्य थी जो उसके जिस्म को ढकने की नाकामयाब कोशिश कर रही thi….aur उसकी आधी निघ्त्य तो कमर तक ऊपर हैदर ने एक हाथ से पकड़ लिया था और हॉल में छाए चाँद की रोशनी में हैदर का चेहरा मीणा क छूट पर अपना नाक रगड़ते हुए मीणा की गुलाभी नाज़ुक चुत की मादक खुस्भू को सूंघ कर उस सोने की चिड़िया का मज़ा ले रहा था जो मीणा क लिए सब से अनमोल चीज़ thi..aur मीणा अपने इस अनमोल चीज़ पर हैदर क होतो का एहसास जल्द से जल्द महसूस करके इस पल को और बी कामुक बनाने क लिए आतुर होगयी थी…

मीणा का आतुरता कुछ hi पल में ख़तम बी हो गयी thi…kuch पल मीणा की छूट की खुसबू को सूंघ कर अपने जहाँ में उतरने ने क बाद हैदर ने अपने भीगे होतो को मीणा क अनमोल चीज़ क होतो से मिला दिए और मीणा इस मधुर पल क बढ़ती नशे में मदहोश होकर उयययययय अह्हह्ह्ह्ह उम्म्म्म hyderrrrrrr…..mar गएआईईई अज्झ…





मीणा क रोम रोम में खून का प्रवाह तेजी से उभर ने laga…pure बदन पे ठंडी क मौसम में बी पसीने क बुँदे सजाने लगे the…meena नशीली सिसकारियों को लेते हुए इस असीम आनंद देने वाला मिलान का एक एक पल का मधुर एहसास करने लगी थी अपने आंखे बंद kiye…aur कुछ hi पल मीणा क हाथ बी हैदर क सर को सहयोग देते हुए हैदर क होतो को अपने योनि पर और ज्यादा जोर देते हुए दबा ने लगे थे…

अब आलम इ था की मीणा अपने दोनों हाथो से हैदर क सर को अपने छूट पर दबोच कर पकड़ी अपनी छूट की चुसाई देख कर और महसूस किये मजे ले रही थी तो वही हैदर मीणा की गुलाबी छूट क रास को निचोड़ निचोड़ कर पीते हुए कभी मीणा क दोनों जांघो को सवरता तो कभी मीणा क पीछे हाथ डालकर मीणा क मोठे खुले को अपने मर्दानगी का ैहास दिलाते हुए मसल deta….kuch देर दोनों क बीच कोई बात नह हुई और इस असीम पल का मजे में दोनों खो गए the…kareeb 15 मं क छूट चुसाई क खेल ने दोनों क गुप्तांग में लावा का संचार बड़े जोरो से होने लगा अब दोनों को बस एक hi चीज़ की कमी लग रही thi…aur दोनों इस कमी को एक दूसरे में समाकर पूरा करने क लिए बेताब होगये the..jab छूट को चूसना छोड़कर हैदर ने मीणा को बड़े प्यार से देखा तो मीणा क नशीले आँखों में उसे फिर से प्यास झलकती नज़र आयी …और वो उस प्यास को भुजने क लिए आगे बड़ा और मीणा क टैंगो क बीच अपना एक हाथ लिए ऊँगली क सहारे मीणा की खजाने की दरवाजे को खोलने लगा तो मीणा बिना कुछ बोले अपने टैंगो को फैला ते हुए हैदर क साथ खुद बी घुटनो क सहारे हैदर क सामने बैठ गयी और हैदर को बहो में लेकर उसके छाती को अपने कोमल होतो का रास से भिगोने लगी thi…saath hi साथ दोनों क हॉट बी मिल रहे थे और सीने से सीना बी मैगनेट की तरह एक दूसरे से चिपक कर ठंडी क मौसम में बी गर्मी का एहसास दिलाने लगा tha…dono फिर से दो जिस्म एक जान होने क लिए एक दूसरे का भरपूर सहयोग देने लगे the…kareeb 5 मीन्स तक दोनों घुटनो क सहारे hi मजे लेने में व्यस्त हो गए the…ab फिर से दोनों तरफ आग लग चुकी thi….aur आँखों hi आँखों में दोनों में कुछ इशारा बी हुआ और हैदर आगे बढ़ते हुए मीणा की निघ्त्य को उतरने लगा to….meena उसे रोकते hue…Naa हैदरररररर नास यहहाआ महहहहहह बैडरूम मीटीई यहाँ गांधा haiiiiiiiiii उम्म्म्म चालूऊऊ….

दरअसल मीणा क सास का एक पुराण कवेली का पर बड़ा घर था काम से काम 30-40 बरस purana…isliye उसका घर क कंस्ट्रक्शन में ज्यादातर लकड़ी का hi इस्तेमाल किया गया tha…aur दो मेल क बीच का सीलिंग बी लकड़ी से बना हुआ tha…aur क्यू की ऊपर ज्यादातर हफ्ते में एक दो बार hi सफाई होती thi..to सीलिंग पर धूल ज़माने की ज्यादा चांस tha…so मीणा सेलिंग क पर्श पर लेटन्स नह चाहती और हैदर को बैडरूम में आगे बढ़ाने को बोल रही थी…

मीणा की बात सुनकर हैदर खड़ा हुआ और मीणा को गॉड में उठाये हुए बैडरूम में जाके उसे बीएड पे अदा लिटाया तो मीणा ने देर न करते हुए अपनी निघ्त्य उतर फेकि और हैदर क सामने दूसरी बार पूरी नंगी होकर अपने टंगे फैलाकर चुदाई क लिए अपनी आतुरता को झहीर करदी….

मीणा क इस सेक्सी ऐडा को देख हैदर बी पुरे जोश में अपने कपडे उतर फेका और अपने खड़े लुंड को मीणा की छूट पे रख कर घिसने लगा तो मीणा की तड़प और बी बढ़ने lagi…thi…nashe में चूर मीणा अपना सर इधर उधर पटकने लगी thi..aur हैदर को जल्द से जल्द लुंड को छूट में डालने क लिए कहने lagi…uski जिस्म क रोम रोम में हैदर क प्रति हवस जग रही thi….aaj जैसे हैदर मीणा को तड़पा तड़पा कर मजा ले रहा था और मीणा को बी दे रहा tha…is ऐडा से मीणा सब कुछ भूल कर हैदर की दीवानी होगयी thi…hyder क साथ जिस्मानी खेल में जो उसे सुख मिल रहा था मीणा छह रही थी इस सुख का पल कभी ख़तम न हो इसलिए वो हैदर को बार बार अह्ह्ह्ह hyder….aise hi….ummmm mast…maja….aaaaaaas शहहहहह काभहहभीईई ह्ह्हह्ह मिलल्लाह मूउज्जीए हम्म्म्म ..चुसुओ mujee…mmmmm अंडडररर daaaloooo…ummm





लेकिन हैदर अपनी मर्दानगी का खेल को आगे बढ़ाते hi चला था मीणा क छूट पर अपना लुंड को रगड़ते hue…aur साथ hi मीणा क निप्पल को मुँह में भर क बारी बारी में चूस रहा tha…aur कभी मीणा क दोनों टैंगो को ऊपर करके मीणा की मदमस्त गांड पर जोर का तप्पड़ लगा deta…jisse मीणा की आहे निकल jaati…khair करीब 8-10 मीन्स इस रगड़ा रगड़ी खेल से जब हैदर का जी कुछ देर क लिए भरा तो अब उसने अपने लुंड को मीणा की छूट क छेद को अपना निशाना बनके एक जोरदार धक्का मारा तो मीणा की अह्हह्ह्ह्ह की चीक निकल पड़ी और हैदर को रोकते हुए नखरे से boli…kya करते ho…dhire से दाल नह सकते क्या…

हैदर मीणा की छूट में फसे अपने सुपडे को वही हिलाकर एडजस्ट करते हुए bola….dhire करने में कहा मजा आता है मेरी रानी….

मीणा - तुम क्या hai…dard तो मुझे होता haim…ummm…muje 5 इंच लेने की आदत hai…e तुम्हारे jaisa…musal पहाड़ को नह…. hehehe…ummmm धीरे daalo…maar डोज kya…..ummm धीरीईई….

हैदर अपना लुंड को एक बार बहार खिंचा और फिर से एक हल्का धक्का देते हुए bola…..to अब आदत डाल्दो मेरी darling….…aaj क बाद तो यही लुंड तेरा छूट को pelega…..ummmmm.,..aur तुम्हारा दर्द मिथलाए मजा बी आएगा….

मीणा हैदर क हलके धक्के से आहे भरते हुए boli….adat तो तब hogi…jab तुम्हारा इ हथियार मेरी छूट में खूब khelega….ummmmm अब क्या देख रहे होओओओओ घुड ना पूरा का puraa…shiiiiiii अह्ह्ह्हह मममममममम जोर सी नहहह अह्ह्ह्ह हीइस्ताआँ

मीणा क मुँह से छूट शब्द सुन क हैदर अपने कानो पर यकीं नह कर पा रहा tha….aur इसी की चलते उसके लुंड ने फिर से एक जोरदार धक्का लगा या तो इस बार हैदर का लुंड मीणा क छूट को चीरते hue…puri तरह से मीणा में समां गया tha….meena को इस बार बी थोड़ा दर्द हुआ पर ..एक बार फिर से हैदर का लुंड उसके छूट में पूरी तरह समां जाने की ख़ुशी से मीणा इस दर्द को भूल हैदर को उकसाते हुए boli..mmmmmm शभाष… मेरे raja….ab मेरे होतो से अपने हॉट milake….niche का काम शुरू कर दो….

हैदर एक आज्ञाकारी सेवक की तरह मीणा क बदन से चिपक गया और मीणा क होतो से होतो मिलते हुए निचे से जोरदार धक्को को मरने लगा तो मीणा बी पूरी मस्ती क हैदर का साथ देने लगी thi..ek तरफ हैदर का लुंड मीणा क छूट में घाचा गाछ धक्के मरते हुए अपना मर्दानगी दिखा रहा था वही मीणा हैदर क हर धक्के पर दर्द और सुख मिश्रित आहे भरते हुए असीम आनंद लेने लगी thi…dono एक दूसरे में फिर से समां कर आगे जाकर दोनों क बीच उत्पन्न होने वाली सुनामी की संकेत दे रही the…dono जिस्म एक दूसरे क में ऐसा सामने लगे थे की जैसे मधुमक्खी और फूल का रिश्ता ho….jism से जिस्म की टकराहट से मिल रहे सुख को दोनों मस्ती क साथ भोग रहे थे और मिलान की एक कामुक खुसबू रूम क माहौल को चार चाँद लगाने लगे थे

स्ट्रैट फ़क

अरीब 10 मीन्स मीणा ऐसे टंगे खोले अपनी छूट में हैदर क लुंड को रास्ता आसान बना रही thi…jab मीणा की छूट हैदर क लुंड को आसानी से निगलने लगी तो हैदर ने मीणा को पेट क बल बीएड पे सीधा लिटाया और पीछे से लुंड को मीणा क छूट में दाखिल करने फिर से धनधन धक्को से मीणा की गुलाबी छूट का रंग बदलने laga…..aur मीणा इस आसान में एक अलग hi मजा लेने लगी थी

पिछ रिवर्स फ़क

…करीब 1 महीने बाद उसे इ आसान का मजा लेने मिला था सो वो हैदर को मैं hi मैं धन्यवाद् देते हुए चुदाई क इस सिलसिले में अपना पूरा साथ देने लगी thi…hyder क हर धक्के क साथ हैदर क जंघे मीणा क मोठे नितम्बो से टकरा ते हुए टेबल की आवाज़ निकल रहे the..aur इ आवाज़ दोनों क जिस्म में और तेज़ी से खून संचार करने में सफल होने लगा tha….ab मीणा क पीठ बी हैदर क होतो क टेल भीग रही थी तो मीणा क दूध बेडशीट पे डाब कर मीणा को एक अलग hi दुनिया में ले जा रहे थे हैदर क धक्के इतने तेज़ थे की मीणा दोनों तरफ मुठी में बेडशीट भींच कर हैदर क प्रति अपने मनपूर्वक समर्पण भाव को झहीर कर रही thi…har धक्के मीणा क छूट को चिर कर दर्द का आभास कर रहा tha…par इस दर्द क आभास में मीणा उस सुख को महसूस कर रही thi…jo एक सेक्सी बदन वाली औरत की जरुरत होती है ...दोनों क बीच बात तो नह हो रही थी पर दोनों की नशीली आहे पुरे रूम में गूंज रही थी….

मीणा- अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उम्मम्मम्म शह्ह्ह्हह्ह सूऊऊह्ह्प्प्पीरररर पागल होओओओ gaaayi…..maiii हैदररर ररर ummmmm…maar मार और जूरर उफ्फफ्फ्फ़ ममममम

हैदर- बाहुहहत्तत्त सिक्क्ष्य्यहोवू याआर उम्मम्मम्म शह्ह्ह्हह्ह uuhuhuhhhhh…ummmmmm……chudayi का मजा koi…..tummmeee चूड क leeee…sexyyyyyy उम्मम्मम

Meena-...to….choodhooooo इस्सस सेक्सययययय kooooo….ummmm उम्मम्मम उम्मम्मम उम्म्म्म अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह..

पिछ-

दोनों ऐसे चुदाई में मग्न थे की दोनों में से कोई रुकना नह चाहते the…bas एक दूसरे में खो जाना चाहते the…..par कुछ देर क चुदाई क बाद मीणा का jism..akadane laga…meena की सासे तेज़ चलने lagi…aur एक अद्भुत आनंद क नशे से चेहरे पे मुस्कान च गयी और एक नशील सिसकारी क साथ मीणा क छूट से कॉमर्स का सफलं होने लगा जिसे मीणा अपनी आंखे बंद किये पुरे मदहोशी में …इस असीम पल का सुख लेने लगी…

मीणा क झड़ते hi हैदर ने अपने धक्के रोके और मीणा को झड़ने diya….aur जब उसे लगा मीणा पूरी तरह से अपने कामर्स को बहा चुकी है तो हैदर ने इस बार मीणा को करवट बदल कर लेता दिया और खुद उसके बगल में सोगया तो मीणा ने एक बार फिर से मदहोशी से बंद हुए अपने आंखे खोले और हैदर को देख मुस्कुरायी और हैदर क माथे पर चुम क अपने ख़ुशी का इजहार ki…to हैदर प्यार से मुस्कुराते हुए मीणा से पूछा अब नह शरमावोगी..

मीणा न न में सर हिलाते हुए boli…nhhh हैदर अब मई इसकी आदत दाल लेना चाहती hu..mmmmm कहते हुए मीणा ने हैदर क मुँह में अपना एक दूध दिया …तो हैदर मीणा क और एक दूध को हाथो में मसलते हुए दूसरे दूध को मुँह भर क चूसने laga…..hyder कभी मीणा क दूध को मसलता तो कभी मीणा क पैरो से होते हुए जांघो तक अपने हाथो से सवरता और मीणा अपनी टाँगे उठके हैदर को अपना पूरा जिस्म उसके हवाले करने lagi…kuch देर क मेहनत क बाद मीणा फिर से गरम हुई और हैदर क लुंड को अपने मुट्ठी में भरके क उसे ऊपर निचे करते हुए अपनी छूट क करीब लाते हुए हैदर क कानो में बोली अब कैसे करोगे मेरे राजा…

मीणा की इस बात से हैदर समाज गया की मीणा उसके साथ खुलने लगी है सो वो बी जवाब देते हुए बोलै तुम जो पसंद hai….waise…

मीणा हैदर क लुंड को अपने छूट क छेद पर घिसते हुए boli…nhhhhh तुम जैसे चाहे वैसे डालो ..मुझे ाचा लगता hai……ummmm अब daalo..b

मीणा एक गैर मर्द क सामने शर्म हाय सब कुछ छोड़कर अपने जिस्म की नीलामी करने लगी थी…. चुदाई क प्रति अपनी उत्तेजना, अपनी उत्सुकता को झहीर कर रही thi…aur ऐसा करते हुए उसे थोड़ी बी शर्मिंदगी नह हो रही थी बल्कि वो ख़ुशी khushi…sab कुछ कर रही thi..isse एक बात तो साबित हो रही थी की मीणा हैदर क प्रति हद से ज्यादा आकर्षित होगयी thi..aur इस आकर्षण से इ बी साबित हो रहा था की मीणा का संस्कार कही न कही उसका साथ छोड़ चुके the…dhire से hi सही एक मीणा एक सुशिल संपन्न नारी से बदल कर एक चुड़क्कड़ औरत बन रही थी जिसे पति का नह गैर मर्द का लुंड से प्यार होगया था…

प्यार और हवस क नशे में खोये मीणा का एक टांग अब हैदर क हाथो में था और हैदर मीणा क ऊपर लेता अपना मोठे लिंग से सिर्फ मीणा का जिस्म hi नहीं बल्कि मीणा का मैं बी परिवर्तित कर रहा tha…..fir से एक दूसरे हर धक्के क साथ एक साथ hi हिलने लगे थे और एक साथ hi नशीली आहे भर रहे थे. ..कुछ देर क समागम क बाद एक बार फिर से दोनों अपने प्रेमरस क मिलान क लिए तैयार होगये the…..aur कुछ देर ताबड़तोड़ ठुकाई क साथ दोनों हम्पटी हुए एक साथ अपने प्रेमरस क मिलान करने lage….jaise दूध में चीनी मिलके उसे स्वादिष्ट बना रहे ho…dono का रास एक दूसरे से मिलने क बाद बी दोनों क जिस्म एक दूसरे से अलग होना नह चाहते थे दोनों ने एक दूसरे को कस क बहो में पकड़ा हुआ था और आँखों hi आँखों में एक दूसरे क प्रति तृप्त भावना इशारो में समजा रहे थे …और दोनों फिर से प्यार भरे चुम्बन क साथ न चाहते हुए बी अलग अलग होकर लेट gaye…kuch देर क लिए दोनों अपने आंखे बंद kiye…khamoshi से कुछ देर पहले बाईट उनके सुमधुर हसन पल क यादो को जहाँ में उतारते हुए अलग अलग होकर सोगये लेकिन अब बी दोनों एक हाथ एक दूसरे को पकड़ कर और बी बहुत कुछ बयान कर रहे the…jo वो दोनों खुद नह जानते थे आगे उनके बीच और क्या क्या होनेवाला hai…dono क बदन ठण्ड में बी पसीने से तर होगये the…do नंगे जिस्मो क अंदर अब बी तूफ़ान की लहरे चढ़ा हुआ tha…dono खामोश सीधे लेते हुए थे पर दोनों की तेज़ चल रही सासे इस ख़ामोशी क पीछे छुपी हुई रंगीन पल क गावै दे रही थी… कुछ 5 मीन्स ख़ामोशी क बाद मीणा हैदर की तरफ मुद गयी और बड़े प्यार से हैदर क छाती पे अपना सर रख क सोते हुए boli…hyder एक बात बोलू…..

हैदर मीणा क मात पे चूमते हुए मीणा क ज़ुल्फो को सवारते हुए बोलै बोलो न ….

मीणा- वो हैदर मुझे कुछ पिल्स लाके डोज कल..

मीणा की बात से hi हैदर सब कुछ समझ गया था और मीणा से बोलै क्यू नह meenu..kal सुबह hi लाके देता hu….akhir अब तुम मेरी जिम्मेदारी बी ho….sahi न…

मीणा हैदर क छाती पर अपना होतो का प्यार से चुम्बन देते हुए ह्म्म्मम्म इसलिए तो सावधानी बी बरसनी होगी…

हैदर- ाचा तुम मुझे वो पिल्स क नाम बतादो…

Meena-hmmm मई तुम मश्ग करदूंगी….

और दोनों फिर से एक दूसरे क बहो में कुछ देर क लिए खो gaye….aur उसके बाद हैदर बोलै लगता है मीणा अब मुझे जाना होगा….

मीणा ने मोबिल में टाइम देखा तो रात क 1 बजने में अब बी 10-15 मीन्स बाकी थे, मीणा चाहती तो नह थी इ रात इतनी जल्द hi ख़तम हो जाए पर वो जानती थी की इ उसका घर नह jo…bina किसी डर क पति क गैर हजारी में गैर मर्द क साथ रंगरलिया manaye..yaha अब बी उसे सास का डर था क्यू की उसे अभीतक यहाँ क Rehan-sahan, jagana-sona इन सब क बारे में ज्यादा जानकारी नह thi…so वो न चाहते हुए बी हैदर से boli…thik है…

हैदर बीएड से उठ गया और मीणा से एक टॉवल मांग क अपने लुंड और बदन का पसीना पोछकर अपने कपडे पहने लगा तो मीणा ने बी अपने चड्डी और पहन पहन लिया और ऊपर से सिर्फ निघ्त्य क्यू की मीणा का घागरा तो बहार हॉल में पड़ा हुआ tha…kuch देर में दोनों बिछड़ ने क लिए तैयार होगये और जाने से पहले एक बार फिर से खड़े खड़े hi एक दूसरे को हुग करते हुए होतो का रसपान करने lage…kuch 2-3 मीन्स क रसपान क बाद दोनों ने अपना चेहरा ठीक करलिया तो मीणा हैदर से उदास अंदाज़ में puchi..hyder कल तुम जा रहे हो क्या…? मीणा ऐसे पूछ रही थी कल हैदर का जाना उसे पसंद नह…

मीणा की बात सुनकर हैदर बोलै अरे नह तो किसने बोलै…

मीणा- वो तुम hi मेरे सास से कह रहे थे न…

हैदर हस्ते हुए बोलै हेहेहे वो तो मैंने बुध्दि क सामने झूट बोलै tha…waise मई तब तक यहाँ हु जब तक तुम ho….aisa सुनेहरा मौके को थोड़ी हाथ से जानेदुंगा…

हैदर की बात सुन क मीणा खुश हुई थी और हैदर से acha….kya करोगे इस सुनहरे मौके me…meena अदाए दिखते हुई पूछी…

हैदर मीणा क गांड पर एक हल्का सा थप्पड़ मरते hue…abhi इसे कहा देखा है…

मीणा हैदर क थप्पड़ अपने गांड पर पड़ते hi…ahhhh क्या करते हो …..अब कुछ देर पहले तो पीछे ghuma..k….ummm इ बात बोलते हुए मीणा खुद शर्मा क अपनी नज़र ज़ुका hi रही थी.. हैदर मीणा क चेहरे को ऊपर करते hue..kya…kya …पीछे se..aage बोलना…

मीणा फिर से शरमाते hue…chi…. कुछ नह…..

हैदर- क्यू क्या हुआ पीछे se…bolo bolo..kehte हुए हैदर ने और एक थप्पड़ मीणा क गांड पे जड़ दिया…

मीणा- उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ सच में बदमाश हो तुम…. अब सुनो तुम जाते असास ने तुम देख लिया तो….

हैदर- वो तुम मुझपे छोड़ दो मई संभल lunga…aur ha..tume बी संभल न होगा…

मीणा चूकते हुए हैदर को देख पूछी mai…nh बाबा मई सास को कैसे…..

मीणा कुछ आगे बोलने hi वाली थी हैदर मीणा की बात को बीच में hi काटते हुए bola…are मीनू darling…tume रात में संभल ने की बात कर रहा हु….…. हहहहए

मीणा हैदर क चेहरे पर हलके से थप्पड़ मरते hue…q आज नह संभाला क्या तुम…?

हैदर- ha….wahi तो मई चाहता hu…jaise आज संभाला वैसे हर रात sambhalo…..e कहते हुए हैदर ने मीणा क साथ आनेवाली रात क बारे में बी अपने जागे हुए अरमान को बयां किया tha…aur मीणा बी इसे अछि तरह समाज थोड़ा नखरे दिखते हुए बोली…. मतलब कल रात b….nh बाबा मुझसे नह hoga…tum पागल हो गए ho……har दिन थोड़ी करते है इ सब……

पर सच बात तो इ थी की मीणा बी यही चाहती थी हैदर क साथ उसकी हर रात रंगीन हो jaaye…aur वो फिर से एक बार हैदर क सीने पर अपना सर रखते हुए हैदर को ऐसे देखने लगी की मानो की मई बी यही चाहती hu….aur हैदर ने फिर से एक बार मीणा क ज़ुल्फो में अपना हाथ फेरते हुए मीणा को सहलाया और बोलै चल मीणा अब मई चलता hu…kal फिर से उम्म्म्मह हम्म्म्म कुछु kuchu…dogi न….

मीणा शरमाते हुए है .इ इशारा करते हुए हम्म्म्म कहते हुए हैदर क साथ रूम से बहार आयी और बहार हॉल में पड़े अपने घागरे को उठाकर उसे बैडरूम में फेक दी और हैदर क साथ सीडी उतरने लगी…

जब से मीणा को जमील से चुदाई का चस्का लगा था तब से मीणा बहुत ख़ुशी से जिस्मानी खेल का मजा लेती thi..jamil हर दिन दो तीन बार मीणा की चुदाई करता था सो मीणा को लम्बी चुदाई की आदत सी होगयी thi…aur पिछले एक महीने से इ सुख उसके जिंदगी में न क बराबर thi…par आज जब उसे हैदर से उसके उम्मीद से बी ज्यादा सुख मिलने की आशा की किरण दिख गयी तो मीणा ऐसे मौके का भरपूर फयदा उठाना चाहती thi….halaki मीणा और हैदर क बीच दो राउंड की घमासान चुदाई होने पर बी मीणा का जिस्म अब बी प्यासे की तरह पानी ढूंढने में लगा हुआ tha…uske जिस्म की गर्मी अब बी उतरी नह thi…hyder क बहो में बहे डेल बैडरूम और हॉल से बहार आते हुए मीणा यही सोच रही thi…kaash सास आज यहाँ नह होती to..hyder क जाने की बात hi नह होती.. ..और जब सीडी उतरने की बारी आयी मीणा पहले धीरे से सीडी उतरने लगी और हैदर उसके piche….aur जब सीडी का दरवाजा आया तो मीणा हैदर क कान में बोली तुम यही रुको मई माजी को देख कर आती hu…uske बाद तुम चले jaana…aur हैदर बी मीणा की बात मानकर वही खड़ा raha..aur मीणा सीडी उतर कर अँधेरे में hi निचे गयी और जाके अपने सास क रूम में झाकने lagi…zero बल्ब की रोशनी में मीणा साफ़ साफ़ देख रही थी उसकी सास ग़हरी नींद में सोई हुई है जिसे देख मीणा क दिल में फिर से अरमान जगाने लगे और वो सोचने लगी की माजी तो बिना कोई खबर क घोड़े बेचकर सोई हुई है और रात बी अभी बहुत कटनी बाकी hai….kya karu…..kya मई फिर से एक बार हैदर क बहो में खो jaavu…..kaash ऐसा मौका फिर कल न mile…kya पता कल क्या hoga…agar कोई आगया to…kahi पति किसी बहाने आगये to…muje हैदर क साथ खोने का मौका hi नह milega…kya karu…meena की मैं में उमंगें तो जाग रही थी और वो खुद कन्फूसेड thi…aur इस कन्फूसिओं से कुछ देर की रहत लेने क लिए वो बाथरूम गयी और वह पहले उसने सुसु किया और फिर अपने आप को फ्रेश किया और फिर आके अपने सास क कमरे में झाकने लगी…

वही दूसरी तरफ सीडी का पास खड़ा हैदर अपने खड़े लुंड को शॉर्ट्स क ऊपर से hi मसलते हुए मीणा क बारे में सोचने लगा tha…kya मस्त माल है यार …कितना बी छोड़ू उतना चुदवाती hai…rukne का नाम hi नह leti..aisi सेक्सी माल को पुरे दिन रात बी छोड़ू तो बी लुंड मुरझाने का नाम hi नह lega…sach में पताका है pataka…ahhhh meena…my sexy…..ab तू देखती जा कैसे मई तेरी बदन की मलाई को नोच नोच कर खता hu….hyder मैं hi मैं मीणा क खयालो में खोये अपने लुंड पर हाथ फेरने लगा था तो वही मीणा को जब यकीं हुआ की उसकी सास ग़हरी नींद में है तो वो हलके पाँव हैदर क पास आयी और कानो में boli…hyder माजी ग़हरी नींद में है..

मीणा की बात हैदर क लिए और एक राउंड खेल खेलने का इशारा या मीणा ने ऐसे कसुआलय बोलै था शायद मीणा खुद बी नह जमती थी पर मीणा की बात सुन हैदर बोलै ाचा तो मुझे इसी वक़्त चलना chahiye…sach बात तो इ थी की हैदर का खड़ा लुंड जाने की इजाजत नह दे रहा tha..meena का खूबसूरत बदन बार बार उसे अपनी और आकर्षित कर रहा था और इस वक़्त मीणा हैदर क इतने करीब सास क रूम की और देखते रुकी थी मीणा क गांड से हैदर का एक हाथ टकराया और रुई से बी मुलायम मखमली मीणा क गांड का एसएस अपने हाथो पर फिर से होते hi हैदर क दूसरा हाथ बी काम पे लग गया और वो मीणा की गांड को मसलने लगा…

हैदर क इस हरकत से मीणा क हिम्मत जाग गयी और वो वही खड़े खड़े hi अपने गांड मसलवाने lagi…aur अपना एक हाथ पीछे करके हैदर का सहारा लेने की कोशिश करने लगी तो उसे लगा की हैदर एक हाथ से अपना लुंड मसल रहा है और दूसरे हाथ से उसकी गांड तो मीणा हैदर क लुंड पर अपना हाथ फेरते हुए बोली ..इ क्या कर रहे हो hyder…aise क्यू हिला rahe….ho…..

हैदर बिना रुके अपने लुंड को मसलते हुए bola…kya करू मीनू तुम इतनी सेक्सी हो की बार बार लुंड तुम्हारे छूट में पेलने का मैं कर रहा hai…aur इ तुम्हारी सास क वजह से आज मुझे आधे पेट जाना पद रहा है….

अब मीणा बी तो यही छह रही thi…so वो हैदर क तरफ मुद गयी और हैदर क लुंड को पर अपने हाथो का हक़ जमाते हुई boli….ab तो सास ग़हरी नींद में है…. मीणा की बात सुनकर हैदर bola…to बुध्दि का नींद का फयदा uthale….hyder मीणा को चूमते हुए कानो में बोलै….

मीणा उसके नाक से अपना नाक रगड़ते हुए अदाए दिखते हुए बोली बदमाश कही क मुझे बी बदमाश बना रहे ho…..aur हैदर को बहो में कस क पकड़ ली तो हैदर ने मीणा को गॉड में उठाया और फिर वापिस सीडी चढ़ने लगा और मीणा ख़ुशी ख़ुशी अपनी सेक्सी ादवो से हैदर क माथे से होते हुए चेहरे पर हाथ फेरने लगी thi..jisse हैदर का जोश और बी बढ़ाने लगा और वो बीच में hi मीणा को गॉड में से उतरा और इस बार देर न करते हुए मीणा की निघ्त्य को वही निकल क फेक diya…meena ने उसे रोकने की कोशिश की पर हैदर ने मीणा पे इतना जोर डाला की मीणा को अपनी निघ्त्य उतर कर सिर्फ चड्डी और ब्रा में हैदर क सामने कड़ी होना pada….ab हैदर मीणा क ब्रा को निचे किये हुए मीणा क बूब्स को अपने मुँह में भरे हुए चूस रहा था तो कभी निप्पल्स को काट काट कर लाल कर रहा tha..…aur मीणा बी अपने आप को रोक नह पायी और वही खड़े खड़े हैदर का साथ देने लगी फिर से एक बार अपने नशीली आवाज़ क साथ हैदर को उत्तेजित करने लगी..…

पिछ बूब्स सकिंग

जहा पर हैदर और मीणा कामक्रीड़ा में लगे थे वह पर सीडी 'ल' शेप में कट होकर दूसरी तरफ मुड़ती thi…so मीणा को इस बात का डर नह था की निचे से उन्हें कोई देख सकता ेस्पेशलय उसकी सास जो इस वक़्त घर में hi मौजूद thi…meena अब सास की परवाह न किये वही सीडी पर hi अपने स्तन को हैदर क होतो का रंगत देने लगी thi…dono फिर से कामवासना क आग में जलने तैयार होगये the…aur इसी क चलते मीणा हैदर क कानो में boli…hyder अब अंदर बी चलो बड़े जोरो की भूक लगी है तन बदन में ….

हैदर उसी अंदाज़ में मीणा से बोलै भूक मिठाने क लिए अंदर जाने की क्या जरुरत है meenu….wo तो मई यही mithadunga….bas तुम पेट भर क खाने तैयार रहना…

मीणा एक नशीली ांगलादि लेते हुए हैदर से boli…yaha नह मेरे raja….pagal हो kya….hui सीडी क beech….niche से कोई आगया तो….

हैदर- अरे मेरी मीनू डार्लिंग बुध्दि तो सो चुकी है ….और तुम्हारा पति थोड़ी आएगा हमे dekhne…wo बी तो घोड़े बेचकर सोया होगा अपने घर में अपनी प्यारी बीवी को मेरे हवाले करके हेहही….

हैदर क मुँह से पति की बात सुनकर मीणा थोड़ी उदास हो गयी लेकिन अगले hi पल अपने आप को संभल ली इ सोचकर जो काम करके उसे जन्नत की ख़ुशी मिल रही है उस काम करते वक़्त उसके पति क प्रति कोई भावना को लाना जरुरी नह और वो बी अब सीडी पर खड़े खड़े hi हैदर क साथ आगे बढ़ाने मानसिक रूप से तैयार हुयी और हैदर से boli…ab जब मई तुम्हारे हवाले हो hi गयी हु तो और किस बात का इंतज़ार कर रहे ho…kehte हुए मीणा ने अपनी चड्डी खुद उतरी और उसे ऊपर हॉल में फेक di….aur अपनी आधी उतरी हुई ब्रा को बी अपने जिस्म से अलग करके वही ब्रा क साथ देने क लिए फेक कर पूरी नंगी हैदर क सामने कड़ी हुई और हैदर क शॉर्ट्स में अपना हाथ दाल कर अंडरवियर क साथ उसे हैदर क कमर से निचे करके पावो से अलग करके उसे वही बगल में रख दी तो हैदर ने अपनी टीशर्ट उतरी …अब दोनों हवस क गुलाम पुरे नंगे एक दूसरे से चिपक कर कड़े तेज़ सासो से एक दूसरे क जिस्म को ठंडक देने की कोशिश कर रहे the…aur देखते hi देखते कुछ hi देर में हैदर मीणा को वही दीवार क सहारे घोड़ी बनाया और मीणा क गांड को कुछ देर मसाला और फिर अपना मोठे हथियार से मीणा की छूट का चिर हरण करने laga..aur मीणा पीछे से थप थप आवाज़ करते हुए अपने छूट में पद रहे तेज़ धक्को का मजा लेते हुए ऐसी छोड़ने लगी जैसे वो हैदर की बीवी है हैदर की पर्सनल रखैल hai…….meena हैदर का भरपूर साथ देते हुए चुदाई क मजे को दुगना करने की कोशिश में लगी thi..dono खड़े खड़े चुदाई क लुफ्त उठाने लगे the…meena अपनी गांड को मटकते हुए पीछे से लुंड को अपनी छूट क घेहरायी तक लेने में कोई कसार नह छोड़ रही थी तो हैदर जोरदार धक्को क साथ अपने लुंड की खुजली मिठामे लगा था कभी कभी वो लुंड पूरा बहार खींचता और झुकाने क वजह से खुल क बहार आयी मीणा क गांड पर जोरदार थपड़ मरता और फिर एक hi झटके में लुंड को छूट क आर पार karta…aur मस्ती में मर्दानी आवाज़ निकलता. अब दोनों भूल hi गए थे की वो एक बड़े घर क पहली मंज़िल पर अपना खेल में व्यस्त है और निचे क रूम में एक औरत बी सोई हुई है जो किसी बी वक़्त उनकी आवाज़ सुनकर जाग सकती hai…dono बिना किसी परवा किये लुंड और छूट क मिलान से उत्पन्न हो रहे सुख को भोगने में लगे थे… … …करीब 20 मं खड़े खड़े ठुकाई से मीणा क पाँव कंपनी लगे उसे लग रहा था की वो किसी बी वक़्त लुटकाके गिर सकती है तो वो हैदर को रोकते हुए boli..hyder मेरे पाँव कांप रहे hai..to हैदर समाज गया और खुद निचे बैठा और मीणा को आगे से अपने ऊपर बैठा लिया और मीणा हैदर क दोनों तरफ अपने पेअर फैलते हुए हैदर क झाघो क सहारा लेते बैठ गयी तो हैदर ने मीणा को थोड़ा ऊपर उठाया और अपने मुसल लुंड को मीणा क छूट में दाखिल करके हलके से धक्के से शुरुवात करते हुए फिर से वासना क खेल को हरी झंडी दिखा दिया to…ab दोनों एक साथ खुद खुद कर लुंड और छूट की मधुर मिलान का सुख लेने लगे the..dono ने करीब 10-15 मीन्स पुरे मस्ती क साथ इस आसान में मजा लेने क बाद हैदर ने मीणा को वही लकड़ी क सेलिंग क पर्श पर लेटाया और मीणा क ऊपर चढ़ क धनधन चुदाई करने लगा. कुछ देर पहले इसी लकड़ी क सेलिंग पर सोने से मन कर रही मीणा अब बिना किसी विरोध क हैदर साथ देते हुए अपना कमर हिलाते हुए और उठाते हुए पुरे लुंड को निगल ने लगी. अब सीलिंग की धूल बी उसे बहुत प्यारी लग रही थी. ….करीब 20 मीन्स लगातार ठुकाई क बाद दोनों अपनी मंज़िल क करीब पहुंच गए थे और कुछ तेज़ कराए धक्को क बाद फिर से दोनों ने दूध में चीनी मिलायी और हफ्ते हुए वही पर्श पर लेट गए इस बीच मीणा कितनी बार झाड़ गयी थी वो खुद नह जानती थी

पिछ

दोनों एक दूसरे क बहो में खोये हम्पाने लगे और एक दूसरे क होतो को चूस चूस कर अपनी ख़ुशी को झहीर कर रहे the..dono दिल hi दिल में संतुष्ट थे. एक दूसरे क बहो में खोये मीणा को कुछ देर में ज्ञात हुआ की वो सीलिंग क पर्श पर नंगी हैदर क बहो में लेती हुई है और वो अपने इस हालत को देख कर खुद शर्मायी और हैदर को प्यार से देखते हुए एक चुम्मी देते हुए boli….ab तो खुश न मेरे राजा …

हैदर बी मीणा क चुम्बन क साथ दिया और bola…hmmm अब इ तो शुरुवात है मेरी rani…ab आगे आगे देखते जा …कितना सुख देता हु तुम….

मीणा- हम्म्म मई तैयार हु मेरे raja…par आज और नह बहुत थक गयी हु मई ..

हैदर बी जनता था आज क डेट में जितना मीणा का रास निचोड़ना था उससे कही ज्यादा निचोड़ चूका हु और वो वही पड़े अपने कपडे पहन लिया पर मीणा क पास फिलाल सिर्फ निघ्त्य hi थी पहने क लिए क्यू की चड्डी और ब्रा को उसने खुद हॉल में फेका हुआ tha…isliye वो सिर्फ निघ्त्य से hi अपने नंगे बदन को धक् li….aur हैदर को बहार तक छोड़ कर फिर बाथरूम जाके फ्रेश होकर अपने रूम में आयी पर इस बार उसने सीडीवाले दरवाजा पर कुण्डी नह लगायी क्यू की उसे इस वक़्त कुण्डी लगाने की आवश्यकता नह सूजी…

ऊपर आते hi मीणा पहले बैडरूम गयी और वह अस्तव्यस्त हुए बेडशीट को ठीक की और फिर उसके बाद बैडरूम से बहार निकल कर हॉल का लाइट ों की और वही निचे पर्श पर पड़े अपने चड्डी ब्रा को उठाकर फिर लाइट ऑफ करके बैडरूम गयी और अपनी निघ्त्य उतारकर अपने नंगे बदन को टॉवल से साफ़ की और फिर अपनी चड्डी, ब्रा, और घागरे क साथ निघ्त्य पहन कर बेडपर लेट गयी लाइट ऑफ करके…

बीएड पर लेती मीणा क चेहरे पे ख़ुशी की लहार साफ़ दिखाई दे रही थी शायद एक महीने क पहले बी इतनी खुश नह थी मीणा, जितना आज खुश thi…pehli बार में hi हैदर ने अलग अलग पोजीशन में चुदाई करके उसका दिल जीत लिया tha…meena आज क पहले दो लुंड से अपने माखन जैसे मुलायम छूट को पानी पीला चुकी थी, पर उनमे से एक लुंड उसके कोई काम का नह tha…jo उसके पति दिनु का tha…aur दूसरा लुंड था उसका पहला प्रेमी जमील का जिसने उसे चुदाई का असली मजा छकाया tha..par आज जो मीणा ने तीसरा लुंड से अपनी छूट भराई की थी उसमे मीणा को बहुत hi मजा सुख मिला tha..ek नया लुंड एक नया एहसास जिसे मीणा ने जी जान से एन्जॉय किया tha…meena मैं hi मैं आंखे बंद किये सोचने लगी काश हर रात मेरे साथ हैदर होता तो मेरे जैसी खुशनसीब और कोई नह hoti..sach में लुंड बदल कर चुदाई करने में कितना मजा आता hai….…….aur इसी ख्याल में उसे कब नींद आयी उसे पता hi नह चला था…

अब अगले दिन क्या hua…q की मीणा और यहाँ 3-4 दिन रुकने वाली thi..in 3-4 दिन में क्या hua…kya हैदर और मीणा की जोड़ी पे किसी की नज़र तो नह लग gayi……kya मीणा चुदाई क इस खेल को आगे बढ़ाते हुए एक चुड़क्कड़ तो नह बन गयी …मीणा की अब और किस किस से मुलाकात होने वाली hai..aur मीणा की लाइफ मीणा का स्वाभाव कैसे बदलने वाला है इ सब डिटेल में batavunga….bas बने रहिये अपने प्यार भरे कमैंट्स क saath…aur है अपने फवौरीते करैक्टर को वोट जरूर kare….thank you…enjoy
 
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थैंक यू आल
 
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