Hayaan - Ek Insaan Ya Shaitaan - Page 7 - SexBaba
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Hayaan - Ek Insaan Ya Shaitaan

Hi गाइस !!

आओ सभी का बहुत बहुत धन्यवाद !!

इतना प्यार देने के लोए हायं को..!!

बस ऐसे hi साथ देते रहिये डेली अपडेट आते रहेंगे...

21 दिन में 30 अपडेट दे चूका हु..

जिस दिन शार्ट अपडेट दिया उस दिन दो अपडेट दिए..

आपके सुग्गेस्टिव के अनुसार कहानी भी चेंज की...

बस आप लोगों से गुज़ारिश है की...

लाइक्स, कमेंट, व्यूज, रेविएवस एंड वोटिंग का ध्यान de.....Agar स्टोरी पसंद आये तो....

थैंक यू वैरी Much....Aapka दोस्त हयान !!

गुड नाईट एंड स्वीट ड्रीम्स !!
 
नोटिस...



ही गाइस जैसा की मैंने पहले hi इन्फॉर्म किया था..

मैं चेन्नई में संकर नेत्रालय में अपनी आँख का check-Up करवाने के लिए...

सो फ्रेंड्स Check-up कम्पलीट हो गए...

अब मई पुरे 1 वीक के लिए बिजी हो Jaunga....Motiyabind का ऑपरेशन होना है....

आज रात नेक्स्ट अपडेट दे दूंगा..

उसके बाद कुछ वक़्त लगेगा आने में....

सो गाइस !! नाराज़ मत होना...

मैं अपना अकाउंट एक दोस्त के दे जाऊंगा...

वो समाया समय पर आप सब लोगों को इन्फॉर्म करता रहेगा...

मेरी वापसी होने तक इंतज़ार कीजियेगा....

कहानी को अभी बहुत दूर जाना hai...saath बनाये रखना...

मेरा वडा है मैं कहनी जरूर पूरा करूँगा....

हो सकेगा तो उस दोस्त से कहूंगा लिखने को मेरे हिसाब से...

अगर वो लिख पाया तो...

अपडेट आते रहेंगे...

थैंक्स भाई लोग इतना सपोर्ट करने के लिए....!!

अब मुझे बस दुआ और दवा की जरुरत है !!
 
Update..No..31 (मेगा अपडेट )

मैं अभी गार्डन में बैठा हुआ,

िमरब से मीटिंग के बारे में सोंच रहा था ki...Tabhi

मीरा की आवाज़ आयी...

मीरा - क्या सोंच रहे हो अकेले इतनी टेंशन में...??

मैं - आज की मीटिंग के बारे में...

मीरा - दीदी की बातों से कुछ समझ hi नहीं आ रहा था,

आप साफ़ साफ़ बताओ न की आखिर मैं प्रॉब्लम क्या है...??

मैं एक लम्बी अहह भरते हुए बोलना शुरू किया....

कबीर और रश्मि की टेंशन का मुख्या कारन िमरब इंटरनेशनल कंपनी थी...

जिस पर अब दब. बॉस का राज़ चलता था..

क्यूंकि दब. बॉस ने पैसों के डैम पर अपने अंडर काम करने वाले सख्स को कंपनी का चेयरमैन ेलेक्ट करवा दिया...

जिसका पता रश्मि दी को आज मीटिंग के दौरान, चेयरमैन से मिलने के बाद हुआ...

बस इतना hi कारन नहीं था, टेंशन तो मर. काइल ने पैदा की,

जो रिसर्च उसने कबीर को Hand-over की थी,

Mr.Kyle ने K.M. ग्रुप के साथ बहुत बड़ी जालसाज़ी ki...wo भी सिर्फ चाँद पैसों के लिए..

उसने कुछ सैंपल बचा लिए थे ब्लैक मार्किट में बेचकर और पैसा बनाने के लिए....

मर. काइल ने सैंपल िमरब के चेयरमैन को Muh-mange दाम में बेंच दिए...

जिसका नतीजा ये हुआ की...

घूम - फिरकर वो सैंपल फिर से Db.Boss के हाथ आ गए,

वैसे भी उसके पास एक पहले से hi था,

जिसका डर काम नहीं था.. ..जो की अब और बढ़ गया...



परेशानी यही ख़त्म नहीं हुयी...

जो कभी नहीं होना चाहिए था वो हुआ...

परेशानी का सबसे बड़ा कारन था टूरिस्ट का गायब होना,

वो दरअसल किसी एक्सीडेंट के चलते नहीं गायब हो रहे थे,

उन्हें किडनैप किया जा रहा था Db.Boss के कहने पर...

सबसे छिपकर उनपर जेनेटिक म्युटेशन का एक्सपेरिमेंट किया जा रहा था,

जिसका अंजाम बहुत बुरा होने वाला था....??

िमरब का K.M. ग्रुप को मीटिंग में बुलाने का मैं उद्देश्य K.M ग्रुप की रिसर्च को खरीदना था...

जो की कबीर ने Mr.Kyle से खरीदी थी....

रश्मि ने िमरब का ये ऑफर ठुकरा कर चली आयी...

जिसके कारन बदले में चेयरमैन ने उनका बुसिनेस्स और रिसर्च सेंटर बर्बाद कर देने की धमकी भी दी...??

डर धमकी का नहीं था,

और न hi दूसरे वेपन्स का था क्युकी अंतितोड़े तो हमारे पास थे...

डर तो रिसर्च से था जो ह्यूमन पर किया जा रहा था इसका परिणाम बहुत भयानक होने वाला था...??

इतनी सब परेशानी बताने के बाद मई उठकर जाने लगा अंदर...

तो मीरा ने बोलै...



मीरा - ाजी सुनो न..

कहा चल diye...Baithiye तो सही..

कुछ बात करनी है आपसे..??

कबीर - अरे महारानी साहिबा अब हमने क्या गलती कर दी...??

मीरा - बचे बहुत शरारती हो गए है..

अब हमें संभल जाना चाहिए...

मैं - क्यों ऐसा क्या हो गया.. जो संभल जाने की बात करती हो..

फिर मीरा ने मुझे कदम कदम वाली बात बताई....

कबीर - मेरा तो हँसते हँसते पेट गुल गया..

मैं बोलै, जान तुम भी न बेवजह नाराज़ होती हो..

अब बचे समझदार हो गए है वो सब जानते समझते हैं..

अब इसका मतलब ये तो नहीं की हम प्यार करना hi छोड़ दे..

हम तो आपके आशिक़ hai..Jaan दे देंगे लेकिन प्यार करना नहीं भूल सकते....

वो तो बस तुमसे मस्ती कर रहे है अगर तुम ऐसे hi भागोजी तो वो और सतायेंगे...

एक दिन वो भी बड़े होंगे उनकी भी शादी होगी तब तुम छेड़ना ....

मीरा - धत्त तेरी की,

आप तो बच्चों से भी ज्यादा बचे हो...

वैसे सच कहा हमारे बचे बड़े हो रहे है...

नेक्स्ट 2 डेज बाद दोनों का बर्थडे भी है....

ख़ुशी के पल कितनी जल्दी बीत जाता है पता hi नहीं चलता...

मुझे तो आज भी उनकी बदमाशियां शरारतें याद है..

कितनी नाजों से पला है उन्हें...

कितने बुरे और अच्छे दौर से गुज़रे hai..hum सब..

कबीर - है मुझे भी सब याद hai.....Har एक pal...Har वो Lamha...achha हो या बुरा...

शार्ट फ्लैशबैक...

बात तब की जब हयान 8 साल का हुआ तब अन्य 8.5 साल की थी..

अब दोनों अच्छे खासे समझने की आगे के हो गए थे..

लेकिन शरारते कूट कूट कर भड़ी पड़ी थी..

कुछ chhoti-Moti अनहोनी तो हयान के साथ अक्सर होती रहती थी..

हयान को काले साये दीखते the..Jo रात में उसे सोने नहीं देते the..Jabtak की अन्य को साथ न लिटाया जाये,

दोनों को एक दूसरे का हाथ पकड़ कर सुलाने से हयान की साड़ी प्रॉब्लम ख़त्म हो जाती थी..

हयान को अकेले में छोड़ना मतलब किसी बुरे समय आने की आहात होती थी...

लेकिन हमने जान बूझकर एक गलती करदी..

हालाँकि ज्यादा कुछ तो नहीं हुआ, लेकिन जितना हुआ काफी था...

एक रात यूँही हयान खेलते - खेलते दूसरे कमरे में सो गया,

सबने उसे वहीँ सोने दिया की अब तो सब ठीक है बड़ा भी हो गया hai..samajhkar

हयान की नींद 11.30 बजे उसके पालतू डॉग के भौकने से खुली..

जो की बिस्तर के पास विंडो की तरफ देखकर भौंक रहा था...

हयान ने उठकर पेट्स को अपनी गॉड में ले लिया और शांत करने laga...puchkarne लगा..

डॉग की भौकने की आवाज़ सुनकर मीरा भी हयान के दरवाज़े के पास आयी तो उसे हयान पेट को प्यार से सहलाता हुआ दिखा...

मसेरा भी उसे प्यार से देखने lagi...Tabhi

तभी अचानक लाइट चली गयी और कमरे में अँधेरा फ़ैल गया...

मीरा कमरे में जाने को हुयी थी की हयान की आँखे अँधेरे में चमकने लगी.. आँखों से लाल रौशनी निकल रही थी..

हलकी सी रौशनी में हयान का चेहरा बहुत hi भयानक और डरावना नज़र आ रहा था...

अब मीरा की हिम्मत नहीं हो रही थी अंदर कमरे में कदम रखने की...

दरी सहमी आँखे फाड़े बीएस अंदर की ओर निहार रही थी...

डर तब और बढ़ गया जब हयान ने डॉग की गर्दन को अपने दांतो में दबा लिया..

डॉग की बस की की की की आवाज़ निकल रही थी और कुछ देर में उसने डैम तोड़ दिया...

डॉग की बॉडी बिलकुल सूख चुकी थी...

ऐसा लग रहा था उसका सारा खून चूस लिया गया हो..

हयान ने बॉडी को विंडो से बहार फेंक दिया...

ये सब नज़ारा देखकर मीरा वही गिरकर बेहोश हो गयी...

इधर कबीर,

मीरा के वापस आने में देर लगते देखा तो वो भी उठकर चल दिया...

रूम के बहार उसे मीरा बेहोश मिली

और हयान बीएड पर उल्टा लेता हुआ पड़ा था....

कबीर मीरा को उठाकर दूसरे कमरे में ले gaya...aur पानी के छींटे मरकर होश में लाया...

मीरा उठते hi डर के मरे कबीर के सीने लग गयी...

जब कुछ देर बाद खुद को सम्हाल लिया तो.. कबीर को पूरी बात batayi...ki क्या हुआ था अभी कुछ देर पहले..

जिसे सुनकर कबीर को भी तगड़ा झटका लगा...

कबीर और मीरा तुरंत उठकर हयान के कमरे में भागे..

हयान के मुँह में खून लगा था..

मीरा ने कपडे से मुँह साफ़ किया.

और चेहरा धुला..

लेकिन हयान बेहोश hi रहा..

पानी पड़ने पर भी आँखें नहीं खोली..

कबीर ने हयान को उठाकर अन्य के पास लिटा दिया...

और खुद भी दोनों उनके अगल बगल लेट गए...

ये सोंचकर की अब गुरूजी hi इसका उपाय बताएँगे....

अगली सुबह सब नार्मल था,

जैसा डेली रूटीन में होता था..

बस हयान बारे बार अपने पेट्स के बारे में पूछ रहा था..

जिसके जवाब में कबीर ने ये कहा की रात में दूर खुला रहा गया और वो भाग गया..

हयान को कुछ भी याद नहीं था रात को हुयी घटना के बारे में...

गुरूजी से मिलने पर इसका उपाय पूछा,

सदनं जी ने सोनो की हेल्प की....???

फ्लैशबैक एन्ड

मीरा कबीर को उसकी सोंच से बहार निकलती है...

मीरा - क्या हुआ कहा खोये हुए हो इतनी सेर से.

आज बारे बार कही न कही गम हो जाते हो,

सब ठीक तो है न..

मैं - है सब ठीक है..

अब मुझे गुरु जी से मिलना चाहिए एक बार फिर...

वही हमारी परेशानियों को दूर करेंगे...

सभी परेशानियों को किनारे रख कबीर को सबसे पहले बेटे हयान की प्रॉब्लम का हल खोजना सही लगा...

कबीर गाड़ी लेकर निकल गया आदिगुरु महाराज से मिलने...

कबीर दुपहर को hi गुरूजी के आश्रम पहुंचा और हयान के साथ बीती सभी बातों से अवगत कराया

कबीर - क्या मेरी भेंट आदिगुरु महाराज से हो सकती है...??

सदनं जी - महाशिवरात्रि के दो दिन बाद hi गुरुवार कही चले गए थे..

और अब तक उनकी कोई खबर नहीं...

किन्तु उन्होंने कहा था की उचित समय आने पर वो तुम्हारी मदद करने आएंगे..

किन्तु मुझे कुछ जरुरी बाटे बता गए है..

सायद अब वक्त आ गया है हयान की सीख्शा और ज्ञान का...

अब उसकी शक्तियां जागृत हो रही तभी ये अनहोनी हो रही है...??

गुरुवार के कथन अनुसार अब मुझे हयान का मार्गदर्शन करना होगा गुरुवार के आने तक्क...

कबीर - जैसा आपको उचित लगे...!!

सदनं जी, कबीर के साथ आकर उसके hi गांव आ गए...

कबीर के घर के अंदर hi गार्डन के पास वाला कमरा गुरूजी को दे दिया गया...

सदनं जी

हयान और अन्य को धर्म, नीति, शाश्त्र और जीवन का मार्गदर्शन करने लगे....

आज कबीर और मीरा का घर रौशनी और फूलों से जगमगा रहा था....

घर की सजावट देखते बन रही थी...

ऐसा लग रहा था की जैसे बरात आने वाली हो.....????

आज के लिए बस इतना hi...

....

....

लाइक्स, कमेंट, वोट और रेविएवस का रखना Dhyan.....Aapka दोस्त हयान !!

थैंक्स गाइस !!

फॉर योर फैंटास्टिक सपोर्ट !!
 
थैंक यू वैरी मच शाहब !!

इसमें मेरी अकेले की म्हणत नहीं...

इसमें आपके बेहतरीन सपोर्ट और फैंटास्टिक रेविएवस का कमाल भी शामिल है...

मैं तो बीएस ऐसे लिखना स्टार्ट किया था...

लेकिन आप सभी रीडर के सपोर्ट के कारन..

मुझमे सुधर आये और मैं कहानी अचे से लिख पाया...

थैंक्स एवरीवन गाइस !!

आपके बेहतरीन सपोर्ट के लिए !!

आपके सपोर्ट के बिना मैं कुछ नहीं !!

आप सब साथ है तो मैं भी hu...Warna मैं कुछ नहीं !!

थैंक यू थैंक यू वैरी मच !!
 








@राजीवशव



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ही गाइस टुडे अपडेट है बीन पोस्टेड ात पेज no..100

कीप रीडिंग एंड सपोर्टिंग...
 
मेंबर





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@ @राजीवशव

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क्या हुआ गाइस आज का अपडेट पसंद नहीं आया क्या...

मैंने तो पूरी कोशिश की थी की अपडेट अच्छा हो...

शायद कोई कमी रह गयी....

आप लोग सुग्गेस्टिव दे मैं सुधर करूँगा...

टुडे अपडेट ात पेज No.100
 
पहले तो बहुत बहुत शुक्रिया शाहब !!

आपके इतने बेहतरीन रेविएवस का...

जब आपका कमेंट नहीं आता तो आईएस लगता जैसे मुझमे कुछ ल्हामियाँ आ गयी....

आप मेरी खामियों को दिखते हो...

सही मायने रिव्यु देते hi...

नेक्स्ट अपडेट जल्द मिलेगा...

थैंक यू अवेरय मच...

अब तो एक नई सस्पेंस का वक़्त है...???
 
ही गाइस !!

गुड Evening....Main अपनी ख़ुशी आप सब के साथ बाटना चाहता hu.....Kyuki इस ख़ुशी के हक़दार आप हो....


22Days.....31Update.....109..Pages..

1256Likes......1080Messages...

77000व्यूज... 143 ट्रॉफी पॉइंट्स....सिर्फ और सिर्फ 22 डेज...

और आज मुझे Well-Known मेंबर का खिताब भी मिल गया....

थैंक्स गाइस फॉर सपोर्ट में...

थैंक यू सो मच Guys....itna प्यार देने के लिए...



रेस्पेक्टेबले मेंबर....





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@ @राजीवशव

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Update..No..32 ( सुपर मेगा - अपडेट )

आज का अपडेट Well-Known मेंबर बनने की ख़ुशी mein....Aap सभी के Be-Inteha प्यार देने की ख़ुशी में...

हैप्पी बर्थडे डिअर अन्य & हयान

Abb..Aage...



शाम 6 बज रहे थे..

पूरा घर रौशनी से Jag-maga रहा था...

ऐसा लग रहा था की जैसे की बरात आने वाली हो....

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घर के बहार पंडाल लगा हुआ था जिसमे लोगों के खाने इंतज़ाम किया गया था...

घर के अंदर का नजारा hi देखने लायक था..

हर तरफ रंग - बिरंगे बिरंगे फूलों और गुब्बारों से सजावट की गयी थी....

भीनी भीनी खुशबु हाल के अंदर के मौसम को और भी खुशगवार बना रही थी..

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धीमी धीमी आवाज़ में म्यूजिक बज रहा था...

सब अपनी निगाहें एक तरफ गड़ाए खड़े the...Jaise किसी के आने का वेट कर रहे hi...

तभी दो लोग ऊपर सीढ़ियों से निचे आते दिखे...

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लड़के ने ब्लैक और वाइट कलर का थ्री - पैसा सुईठे पहना हुआ था, जिसमें वो क़हर बरपा रहा था..

उसका मज़बूत शरीर और गोरा मुखड़ा निखरकर सामने आ रहा था...

वहीँ दूसरी तरफ लड़की...

सुर्ख लाल रंग के गाउन में थी, ऐसा लग रहा था की जैसे कोई पारी आसमान से अभी उतारकर आयी हो..

उसके चेहरे की सुंदरता को बखान करना मेरे बास की बात नहीं थी...

खूबसूरत आखें , कानो में दो झुमके...

जुल्फें ऐसी की जैसी कोई काली घटा अभी नदी से नहाकर आयी हो...

संग इ मर्मर सा तराशा हुआ बेदाग बदन में लाल जोड़ा ऐसे खाप रहा था जैसे किसी गालब के फूल पर बैठी सफ़ेद तितली...

दोनों एक दूजे का हाथ थामे हुए हौले हौले क़दमों के साथ निचे आ रहे थे....

सभी मुँह फाड़े दोनों की खूबसूरती में खो गए...

एहि हाल मेरा भी था..

आज तो अन्य बिलकुल पारी लग रही थी..

ऐसा लग रहा था की जैसे चाँद जमीन पर उतर आया हो..

और अन्य के बगल चमकता हुआ एक सितारा हयान..


तभी......

"""आई ऐसी रात है जो

भहुत खुशनसीब है

चाहे जिसे दूर से दुनिया

वह मेरे करीब है...

कितना कुछ कहना है

फिर भी है दिल में

सावल कहीं

सपनो में जो रोज कहा है

वह फिर से कहूं या नहीं

आँखों में तेरी

अजब सी अजब सी अदाएं है...."""

इस गाने के साथ दोनों का वेलकम हुआ....


म्यूजिक से हम सभी का ध्यान टूटा...

सबने जोररदरर तालियों से स्वागत किया...

तभी कबीर ne....bolna शुरू किया...

"

""बार बार दिन यह आये, बार बार दिल यह गाये

तू जिए हज़ारों साल, यह मेरी आरज़ू है

हैप्पी बर्थडे तो यू

हैप्पी बर्थडे तो यू, डिअर हयान एंड अन्य,

हैप्पी बर्थडे तो यू""



दोनों ने आकर सबसे पहले मेरे और मीरा के पेअर छुए..

फिर सदनं जी के और गुरु डचेन के...

लास्ट में रमेश चाचा के और रश्मि दीदी और विजय जीजू के....

सबने ने दोनों को सदा खुश रहने का आशीर्वाद दिया....

दोनों ने बरी बरी अखिल, माहि और तेंजिन को हुग किया....

अन्य से 6 माह छोटा होने बावजूद भी हयान का बर्थडे मई और मीरा एक साथ मानते है....

हयान और अन्य भी इस फैसले से खुश थे...

आज ये पार्टी दोनों का 12तह बर्थडे सेलिब्रेट करने के लिए राखी गयी है...

सभी लोग टेबल को घेरकर खड़े हो गए...

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दोनों ने एक साथ केक कटा और सबसे पहले एक दूसरे को खिलाया...

फिर मुझे और मीरा और माहि को खिलाया..

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फिर जो शुरू हुआ जश्न का आगाज़...

की हर तरफ रौनक फ़ैल गयी...

बहरे झूम उठी...

हॉल में बने स्टेज में मैं चढ़ गया और सबको आने के लिए थैंक्स कहा.

फिर दोनों को बुलाया और अपने दिल का हाल बयां करने को कहा...

दोनों ने एक एक माइक पकड़ लिया...

हयान ने बोलना शुरू किया...

""रुके तो चाँद जैसी hai...Chale तो हवाओं जैसी है,

वो माँ hi है Jo...Dhoop में छाँव जैसी है..!!""


लव यू Mom-Dad..!!



पुरे हॉल में तालियां गूँज गयी...

फिर अन्य ने बोलना शुरू किया...

अन्य - ""जिसके होने से मई खुद को मुकम्मल मानती hu...Mere रब के बाद बस मैं अपने Maa-Baap को जानती हु...!!""

एक बार फिर शोर गूँज उठा...

हयान - अन्य का हाथ को पकड़ के चूमते हुए बोलै...

""आँखे झीलों की तरह होंठ गुलाबो जैसे

अब भी होते है कई लोग किताबो जैसे..!!"


अन्य शर्मा गयी..

मैं जोरर जोरर से हूटिंग करने लगा...

अन्य - मुस्कुराते हुए..

""मेरा दुश्मन भी तू....और दोस्त भी तू,

मेरे लिए मुसिबत भी तू....उसका हल भी तू,

कर दे मेरा जो हाल बुरा...पर मेरे खुशीयों की दस्तक भी तू..!!""


लव यू हय्यू !!

इस बार मीरा, अखिल, और तेंजिन जोरर जोरर से हूटिंग करते huye..once मोरे वन्स मोरे चिल्लाने लगे...

हयान - अन्य !! थिस isn't fare...maine तुम्हारी तारीफ की थी...

अन्य - एवरीथिंग इस फारे इन लव...

हयान - Okay ok...listen..

""कभी लगती है दादी अम्मा

तो कभी डांटती जैसे हो मेरी मम्मा..

कभी गुस्सा हो रूठ जाती

तो कभी प्यार से पास बुलाती..

कभी टप टप आंसू बहाती

तो कभी मंद मंद ही मुस्काती..

दिल की बड़ी ही नेक है, तेरी तारीफ में और क्या कहूँ तू तो लाखों में एक है..!!""

Love you my dear love Any...


अन्य थोड़ा रुहांसि हुयी..

फिर khil-khila कर हंसती हुयी हुयी जाके हयान के गले लग गयी...

सबने एक बार फिर तालियां बजायी दोनों के बीच इतना प्यार देखकर...

फिर अखिल, तेंजिन, माहि भी स्टेज में चढ़ गए और सब एक साथ गले लग गए और मस्ती करने लगे...

थोड़ी देर मस्ती करने के बाद, हयान ने अन्य का हाथ पकड़ा और दूसरे हाथ से कमर को..

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फिर शुरू हुआ दोनों का डांस....

ऐसा शमा बंधा की...

सबको अपने लपेटे में ले लिया...

सब एक एक जोड़ी बनाकर डांस करने उसमे मैं और मीरा भी शामिल थे....

डांस ख़त्म होने के बाद....

इधर डिनर भी चालू हो गया...

सब जायके - दार खाने का लुत्फ़ उठाने लगे....

मैं भी डिनर का मज़ा ले रहा था की तभी गुरु सदनं जी के बुलाने की आवाज़ आयी...

मैं - क्या हुआ गुरूजी आप इतने परेशां क्यों है..??

सदननजी- मुझे कुछ बुरा होने का आभास हो रहा है...

जल्दी पार्टी ख़त्म करो और जैन से कहो की सभी लोग अलर्ट हो जाएं....

कुछ तो भयानक होने की आशंका है...??

इधर अचानक मीरा के दिल भी घबराने लगा...

वो सीधा मेरे पास आयी...

मीरा - मेरा दिल घबरा रहा है..

बहुत बुरा बुरा महसूस हो रहा है...

मैंने तुरंत बाँहों में भरते हुए कहा सब ठीक है तुम परेशां मत हो.

मैंने तुरंत जैन को कॉल करके इन्फॉर्म किया...

और पार्टी को अचानक से ख़त्म करने अन्नोउंस दिया....

और सबको अपने घर साफल्य जाने को कहा..

अचानक से जश्न का माहौल ख़त्म हो गया.....

सबको अपने अपने रूम में जाने को कहा....

सभी घबराते हुए अंदर चले गए..

सभी के जाने के बाद हम एक साथ एक रूम में इकठ्ठा हुए...

सबको समझने लगा और सावधानी बरतने की सलाह दी...

अभी हम बातें hi कर रहे थे की मेरा मोबाइल रिंग हुआ देखा तो डिफेन्स सेक्रेटरी का कॉल था....

मई साइड में जाकर बात करने लगा....

सबके पास आकर....

मैं - मुझे अभी तुरंत देहरादून जाना होगा..??

वहीँ दूसरी तरफ...

एक सीक्रेट बेस में...

सक्कूबी - वह तो कुछ नहीं मिला,

न hi कोई केमिकल वेपन उस जगह पर ट्रेस हुआ है...

वो तो बिलकुल सिंपल स्कूल टीचर थे......

नरकिसा - है बॉस मैंने मंद को स्कैन भी किया बूत कुछ नहीं मिला किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं थी...

सक्कूबी - बॉस मैंने उन्हें टॉर्चर किया..

दो गार्ड्स को भी मार दिया.....

बूत उनका कहना है,

वो वह लगभग 15 साल से यहीं रह रहे हैं...

और घर का मालिक लंदन में रहता है और अपना बुसिनेस्स करता है....

बुमलीन - क्या नाम बताया ....??

नरकिसा - कबीर सोन ओनर ऑफ़ K.M. ग्रुप...

बुमलीन - एहि तो है वो,

जिसने जेनेटिक केमिकल खरीदे थे..

उसके पास hi वेपन होंगे....??

नरकिसा - तो क्या अब प्लान कैंसिल..??

सक्कूबी - ऐसा करते हैं, हम अटैक करते हैं,

वो खुद सामने आ जायेगा..??

बुमलीन - प्लान कम्पलीट होगा आज hi,

अगर उसके पास वेपन है तो वो अपने शहर को बचने जरूर आएगा...

तब देख लेंगे वो क्या चीज़ है...??

इधर सोनपुर में...

मीरा - किश लिए जाना जरुरी है..??

साफ़ साफ़ बताओ क्या बात है..??

मैं - देहरादून में जेनेटिक अटैक हुआ है,

और मेरा वह जाना बहुत जरुरी है,

वर्ण पूरा शहर ख़त्म हो जायेगा...??

अन्य - मैं आपके साथ चलूंगी

अगर आपको कुछ हुआ तो..??

हयान - मैं भी...??

मैं - नहीं कोई नहीं जायेगा...

मई और जैन जायेंगे बस..

मुझे कोई खतरा नहीं है,

मुझे बस अपने ऑफिस में काम करना है..

सब लोग घर के अंदर hi रहोगे आज कोई बहार नहीं निकलेगा,

मेरे आने तक्क...

मीरा तुम्हारी सब पर हर वक़्त नजर होनी चाहिए...

खासकर हयान और अन्य पर...

मीरा - ठीक है मैं इनके साथ hi रहूंगी...

मैं गुरु सदनं जी को सबका ख्याल रखने को कहकर

बहार आ गया...

मैंने गार्ड्स को हर एक पल चौकन्ना रहने को कहा कुछ भी गड़बड़ लगे सीधे शूट कर देने का आर्डर दे दिया...

मैं जैन और कुछ गार्ड के साथ देहरादून के लिए निकल गया...

इधर देहरादून सिटी में हर तरफ Afra-Tafri का माहौल बना हुआ था.....

हर तरफ Cheekh-Pukaar गूँज उठ रही थी...

सड़कों में लोग घायल पड़े थे..

सबकी स्किन झुलसी हुयी थी..

ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने बॉडी पर तेज़ाब छिड़क दिया हो...

सब दर्द से Chhat-Pata रहे थे..

मई सबकुछ नजर अंदाज़ करते हुए सीधा ऑफिस पहुंचा...

और जैन को गेट पर सुरक्षा करने को कहकर बेसमेंट में चला गया....

वह रखे सभी मशीन को ों कर दिया...

ों होते hi सभी सीरम भरना चालू हो गए...

5 मं बाद सभी सीरम पाइपलाइन के जरिये ऊपर की और जाने लगे और छत पे लगी मशीन के जरिये हवा में फैलने लगे....

मैंने रहत की सांस ली,

वापस अपने ऑफिस में जाकर डिफेन्स सेक्रेटरी को कॉल किया....

""देखिये मैंने आपको पहले भी आगाह किया था की एक दिन ये जरूर होगा...""

दस - ................??

मैं - मुझे नहीं पता की अब उनके पास वेपन बचे है या नहीं...

बूत वो अब मुझ तक जरूर पहुँच जायेंगे...

मेरे घर पर भी हमला हुआ था,

दो गार्ड्स को भी मर दिया है...

वो तो अच्छा हुआ की मेरी फॅमिली घर पर नहीं थी..

दस - ......,,.....???

मैं - अपनी पूरी कोशिश करूँगा....

थैंक्स सर !!

""अच्छा तो तुम गोवत. के लिए काम करते हो,

इसका मतलब वो तुम्हारी फॅमिली नहीं थी..""

मैं - कौन हो तुम..??

अंदर कैसे आये..??

अननोन - सच में तुम मुझे नहीं जानते,

इतने बेवक़ूफ़ तो नहीं दीखते हो..??

मैं - क्या चाहिए तुम्हें ..??

अननोन - तुम्हारी रिसर्च और Scientist..Jise तुमने काइल से खरीदा था..??

अब बताओ तुम क्या कर सकते हो खुद की जान के बदले..??

मैं - हम्म तो तुम hi हो िमरब के चेयरमैन !!

रिसर्च चाहिए इसका मतलब सभी वेपन ख़त्म हो गए...??

मेरे पास अब कुछ नहीं बचा, सिवाय अंतितोड़े के...

गोवत ने सब जब्त कर लिया...

मैंने लैब डिस्ट्रॉय कर दी,

साइंटिस्ट्स भी अपने अपने घर चले गए....

मैं - मुझे तो लगा था मेरा सामना दब. बॉस से होगा,

लेकिन वो तो नामर्द की तरह छिपा बैठा रहता hai....Apni पहचान छिपाये...

चेयरमैन - ओह्ह तो ये बात है,

तो फिर तुम्हें जिन्दा छोड़ने का कोई फायदा नहीं,

साइंटिस्ट्स को तो मैं खोज hi लूंगा....

तुम इतने लकी नहीं की Db.Boss से मिल पाओ,

जब वो मुझसे नहीं मिले तो तुझसे क्या मिलेंगे....

और फिर चेयरमैन ने मुझपर किसी इलेक्ट्रिक रेज़ से हमला किया और चला गया...

मैं दर्द से तड़पने लगा,

मेरी स्किन से खून बहने लगा और सर में तेज़्ज़ दर्द उठा...

सर को पकडे हुए मैं जमीन में लेट गया,

आँखों के सामने अँधेरा छाने लगा...

शायद मेरी अंतिम घडी आ चुकी थी..

मैं वहीँ पर बेहोश हो गया.....

कहा अभी कुछ घंटे पहले जश्न और खुशियां मनाई जा रही थी......

कहा अब कबीर की ये हालत......

वक़्त बदलते देर नहीं लगती....

"""वक्त नूर को बेनूर कर देता हैं,

छोटे से जख्म को नासूर कर देता हैं,

कौन चाहता हैं अपनों से दूर होना,

लेकिन समय सबको मजबूर कर देता हैं।""

आज के लिए बस इतना hi....

.....

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लाइक्स, कमैंट्स, वोट्स और रेविएवस का रखना Dhyan.....Aapka दोस्त हयान..!!

थैंक्स Guys.....Achha लिखने में वक़्त लगता है...!!
 
टुडे अपडेट है बीन पोस्टेड at...Page...No..110

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