Update..No..42..
MeGa..UpDate
Abb..Takk..
अब लास्ट चरण बचा हुआ था...
जिसका हमें बाहबरी से इंतज़ार था..
मेरे और जिन के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण फेज था..
क्युकी अन्य ! तो पहले से hi इसमें बेस्ट थी...
Abb..Aage...
सुबह 8.30 बज चुके थे सूरज ने अपनी किरणे बिखेर दी थी...
मस्त सुहाना मौसम था...
हम लोग भी रेस्ट कर चुके थे..
पिछले दो चरण की समाप्ति के बाद..
माँ सबके लिए ब्रेकफास्ट वही गार्डन में ले आयीं...
सबने मिलकर ब्रेकफास्ट किया और थोड़ा देर रेस्ट करने लगे.. अगले पड़ाव जे लिए...
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फेज 3.. युद्ध कला, मार्टिकल आर्ट्स, कॉम्बैट फाइट, ेट्स...
हम तीनो एक साथ एक लाइन में खड़े थे मैदान में...
सदनं जी - अब तक तुम तीनो ने अच्छा प्रदर्शन किया हालाँकि वो सरल थे किन्तु बहुत उपयोगी थे...
अब युद्ध कला की बरी है जिसमे तुम्हें अपने प्रतिद्वंदी को साम, दाम, दंड, भेद सभी हाथ कंदो को अपनाते हुए उन्हें पराजित करना है....
यह चरण जितना महत्त्वपूर्ण है उतना hi खतरनाक भी
क्युकी इस चरण में सभी भागीदार एक दूसरे को पराजित करने के लिए छल, भेद, चतुराई का प्रयोग कर सकते है.....
अपने प्रतिद्वंदी से तब तक लड़ना होगा की जब तक कोई एक घुटने न तक दे...
प्रत्येक को तीन लोगों से एक साथ लड़ना होगा,
जो भी विजयी होगा अगले प्रतियोगी के साथ मिलकर लड़ेगा...
ऐसे Hi गुरूजी बहुत सी बातें और नियमों को समझते गए जिन्हे हम सभी बड़े गौर से सुन रहे थे...
गुरूजी ने टीम रेडी की...
अन्य के साथ जैन अंकल, और दो गार्ड्स,
जिन के साथ तीन गॉर्डस,
मेरे साथ..
हयान, गुरु डचेन और दो गॉर्डस...
जब सभी प्रतियोगी की टीम बन गयी तो तब जाकर मुझे अहसास हुआ की यह फेज कितना कठिन होने वाला है...
यदि मैं गुरु डचेन से जीत भी जाता, तो फिर से कोई दूसरा प्रतियोगी मुझसे लड़ने लगता...
कुछ ऐसा नियम बनाया था गुरूजी ने....
जो की काफी कठिन और लम्बे समय तक चलने वाला चरण हो सकता था.....
क्यूंकि हम तीनो लोग,
अब किसी भी हाल में पीछे हटने वाले न थे...
गुरूजी ने माँ डैड को दूर रहने का आदेश दिया....
क्युकी इसा फाइट में कोई भी कुछ कर सकता है अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए...
.
गुरूजी ने फाइट स्टार्ट करने की इजाज़त दी...
इजाज़त मिलते hi शुरू हुआ मुकाबला....
1सत राउंड - जिन V/S 3 गार्ड्स
गार्डन में बने राउंडेड रिंग में जिन कड़ी हो गयी रेडी होकर
उसके सामने तीन पावरफुल त्रिनेड गार्ड्स खड़े थे...
गुरु जी का इशारा मिलते hi... स्टार्ट...
ग1 और जिन दोनों एक दूसरे को चुनौती देते हुए कूद पड़े मैदान में....
फिर शुरू हुआ मुकाबला...
ग1 ने सीधा अटैकिंग मोड में जिन पर हमला शुरू कर दिया,
पंच, किक की बरसात शुरू कर दी जिन पर...
जिन सिर्फ उनसे बचने की कोशिश कर रही थी..
अटैक नहीं क्युकी उसे अभी 2 और से लड़ना था..
अपनी एनर्जी यूँही वेस्ट नहीं कर सकती थी...
हम सभी जिन के फाइट करने की कला को देख रहे थे..
वो बड़े hi आसानी से ग1 को ब्लॉक कर रही थी...
तभी अचानक जिन ने बैक फ्लिप लेते हए एक किक ग1 के गर्दन पर मर दी,
अटैक काफी तेज़ था वो वही पर धराशायी हो गया...
ग2 तुरंत मैदान में आ गया फाइट के लिए....
लेकिन जिन ने ग3 को भी बुला लिया....
एक साथ दोनों से निपटने के लिए...
शायद उसका हौसला काफी बढ़ गया था...
G2,G3 ने दोनों तरफ से जिन पर अटैक करने की कोशिश करने लगे...
इस बार जिन भी सीधा अटैक मोड पे आयी और थोड़ा सा भी गैप मिलने पर अटैक कर देती...
तीनो में बड़ी टक्कर का मुकाबला चल रहा था की तभी...
ग2, ने ग3 को इशारा किया और चालाकी से एक किक मरने की कोशिश की..
जिन उनके इशारो को समझ पति उससे पहले hi ग3 ने मौके फायदा उठाया और एक पंच जिन के मुँह पे धार दिया,
नाक से खून की फुहार फुट पड़ी....
जिन खुद को संभालती उससे पहले hi दूसरी किक ग2 ने उसके जांघ पे मार दी...
जिन वही मैदान पर गिर पड़ी...
G2,G3 रुक गए...
जिन को सँभालने का मौका देने लगे...
जिन ने खुद के खून के साफ़ किया और दुबारा मैदान में कूद पड़ी...
जोररदर किक, पंच लगातार अटैक के साथ ग2, ग3 के ऊपर किये जा रही थी...
बिलकुल घायल शेरनी की तरह दिख रही थी जंगली बिल्ली..
जिन ने खुद को दोनों के बीच फंसा दिया ,
ग2 ग3 इस मौका का फायदा उठाने की सोंची और जैसे hi अटैक किया ग2 का हाथ पकड़ खुद की ओर खिंच लिया और ग3 के सामने कर एक साथ दोनों को किक दे दी..
दोनों एक hi दिशा में उड़ते हुए गिरे..
जिन ने सँभालने का मौका न देते हुए सिद्ध जुमो मरते हुए दोनों की गर्दन को अपने घुटनो में दबोच लिया....
और इस तरह जंगली बिल्ली जिन ने मुकाबला जीत लिया... फर्स्ट राउंड एन्ड...
सबने उसके लिए तालियां बजाकर बधाई दी..
मैं पानी की बोतल और First-Aid लेकर दौड़ पड़ा उसकी तरफ...
मेरे पीछे अन्य !
जिन की हालत काफी बुरी हो चुकी थी नाक और मुँह में खून निकल रहा था...
चलने के हिम्मत बिलकुल न बची थी वो वही रिंग में गिरने वाली थी की मैंने उसे अपनी बाँहों में थाम लिया....
मैं और अन्य ! उसे लेकर बहार आये और पानी से उसके फेस को वाश किया...
डेटोल से जख्म साफ़ कर बैंडेज लगा दी...
जिन के चेहरे पर जीत की मुस्कान थी..
मैंने और अन्य ! उसके दोनों गलों में एक एक किश जड़ दी..
और जीत की मुबारक बाद दी...
तभी गुरु जी ने दूसरे राउंड के लिए अन्य ! को बुलाया....
मैं जिन को वही अपनी गॉड पे सर रख के अपने पास बिठा लिया और नेक्स्ट राउंड का फाइट देखने लगा.....
2ंद राउंड अन्य V/S जैन, तवो गॉर्डस,
अन्य ! ने पहले एक साथ दोनों गॉर्डस को बुलाया.....
जैन अंकल से बाद में लड़ने की सोंच राखी....
तीनो आमने सामने खड़े हो गए....
स्टार्ट....
लो अब शुरू हुआ मुकाबला....
ओह्ह्ह गॉड ये ये ये क्या...??
ख़त्म हुआ मुकाबला...!!
ग1 और ग2 दोनों एक एक पंच और किक में hi ढेर हो गए...
वाओ क्या स्पीड से अन्य ! ने दोनों को धोया..
मेरी hi तरह सबका मुँह खुला का खुला रह gaya...Shock से...
हुआ ये था की अन्य ! ने दोनों के अटैक करने का इशारा किया...
जैसे hi वो दोनों अन्य ! की तरफ लपके...
एक पंच नैक पे, एक किक कमर पे ग1 की धम्म से निचा गिरा बेहोश....
अन्य ! तुरंत बैक फ्लिप मरती हुयी ग2 के पास पहुंची एक पंच हेड पे और एक किक जांघ पे...
पहले हड्डी टूटने की आवाज़ आयी...
फिर ग2 के चीखने की...
मुश्किल से ये सब 30 सेक् में हुआ...
और दोनों धराशायी जमीन पे पड़े थे...
सबकी आखें असमंजस से फटी पड़ी थी..
लेकिन 3 लोग मुस्कुरा रहे थे..
सदनं जी, डचेन सर, और मैं...
सबने खड़े होकर तालियां बजायी....
अन्य ! ने जैन अंकल को आने का इशारा दिया..
एक बार फिर शुरू हुआ मुकाबला...
जैन अंकल फुल स्पीड से अटैक करते रहे और अन्य ! सिर्फ ब्लॉक,
एक भी अटैक नहीं किया...
लगभग 40 मं तक दोनों की घमासान फाइट चलती रही..
जैन अंकल थक चुके थे..
क्युकी उनके अटैक अब बिलकुल नार्मल स्पीड से हो रहे थे..
10मं और गुजर जाने के बाद आखिरकार अन्य ! ने पहला एक अटैक किया...
जैन अंकल को बैक पे एक पंच पड़ी और वही पर गिर गए....
अब उनमे उठने की भी ताकत न बची थी...
आज एक गुरु शिष्य के सामने गिरा पड़ा था.....
अन्य ! ने आगे बढ़कर उन्हें उठाया और रिंग के बहार लेकर कुर्सी में बिठा दिया...
जैन अंकल के फेस पे स्माइल थी..
जान अंकल - बहुत खूब अन्य ! आज तुमने खुद को साबित कर diya..ki
तुम जैसी शिष्य अपने गुरु को भी हरा सकती है...
मैं बहुत खुश हु...!!
सबने अन्य ! को जीत की बधाई दी..
माँ - डैड ने गले से लगा लिया..
अन्य ! ने अपने स्टैमिना और पावर्स का बहुत बढ़िया उसे किया..
बहुत hi शालीनता और धैर्य के साथ प्रदर्शन दिखाया था...
मैं जिन को वही छोड़ा और अन्य ! के पास दौड़ कर पहुंचा और ख़ुशी से अपनी बाँहों में भर लिया...
मैं - आज एक बार फिर तुमने सब का दिल जीत लिया अन्य !
अन्य - वो तो मैं हमेशा से सब के दिल ोे राज करती आयी हु..
मुस्कुराते हुए...
क्यों तेरे दिल में कोई और है क्या..??
बता दे आज hi उसकी haddi-pasli तोड़ के एक साइड कर दू...
मैं - अच्छा जी ! एक तो है दिल में लेकिन उसको हराना अब किसी के बस की बात नहीं..
अन्य - मेरे भी बस में nahi...Impossible..
नाम बता उसका..??
अन्य ! गाल को चूमते हुए धीरे से कान में कहा...
मैं - कभी किसी को खुद से लड़ते हुए देखा है..??
अन्य - िष्ठ्हहह हय्यू !
तभी गुरूजी की आवाज़ आयी...
3रद राउंड हयान V/S गुरु डचेन, 2 गार्ड्स.....
आज के लिए बस इतना hi...
लाइक्स, कमेंट और सपोर्ट का रखना Dhyan....Aapka दोस्त हयान..!!