Incest आह..तनी धीरे से.....दुखाता. - Page 20 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest आह..तनी धीरे से.....दुखाता.

आप सभी इस कहानी से अभी तक जुड़े हुए हैं जानकर अच्छा लगा यूं ही अपनी प्रतिक्रिया साझा करते रहे यदि आप कहानी के बारे में अपने सुझाव देंगे तो मुझे और भी अच्छा लगेगा. मैंने कहानी का 50 मा भाग आप लोगों को भेज दिया है इसी थ्रेड में प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में रहूंगा...
 
आपने पढ़ाई अच्छे से नहीं की है बनारस महोत्सव के पहले दोनों एपिसोड दुबारा पढ़िए आपके दूसरे प्रश्न का उत्तर मिल जाएगा। रहा पहला प्रश्न तो बनारस महोत्सव जारी है....नियति अपनी रचना रचने में लगी है परिणाम सामने होगा।

मुस्कुराते रहिये।
 
"लाली के गर्भ ने अपने ऊपर हो रही वीर्य वर्षा में से कुछ अंश को आत्मसात कर लिया। तृप्ति की पूर्णाहुति हो चुकी थी प्रेम अपनी पराकाष्ठा पर था और लाली के गर्भ में अपना अंश छोड़ चुका था"

भाग 46 से....
 
धन्यवाद। आप गायब मत हुआ कीजिए।।।

मेरे लिए यह फोरम अपने कामुक मित्रों के साथ व्हाट्सअप जैसा है।।

कुछ पलों के लिए ही सही पर मैं यहां पाठको की प्रतिक्रियाओं के लिए आता रहता हूँ।।
 
आपको बहुत-बहुत धन्यवाद मुझे भी कहानी के यह पात्र कहीं ना कहीं देखे हुए प्रतीत होते हैं कुछ घटनाएं अपवाद और कामुकता से ओतप्रोत हो सकती हैं परंतु सब की सब निराधार नहीं हैं।

कोमल जी के विचारों का आयाम अलग है परंतु आप सभी पाठक यदि दिल से इस कहानी से जुड़ रहे हैं तो निश्चय ही सभी का अंतर्मन एक है।

क्योंकि नियति का नियंत्रण स्वयं मेरे हाथों में है मैं आपको विश्वास दिलाता हूं की मैं कहानी के चरित्रों से न्याय करने का भरपूर प्रयास करता रहूंगा और यदि कहीं मैं भटका तो उम्मीद करता हूं आप सब मुझे वापस पटरी पर ला देंगे पाठकों का यही सहयोग और समर्थन किसी कहानी को अंजाम तक पहुंचाता है मैं सभी संजीदा पाठकों का तहे दिल से शुक्रगुजार हूँ।
 
धन्यवाद जी बस आप जैसे पाठवा की कमी खल रही थी जो कहानी पढ़ कर भी अपना विचार नहीं रख रहे थे मैं उम्मीद करता हूं कि आगे भी आपके विचार सुनने को मिलते रहेंगे धन्यवाद
 
प्रिय पाठकों

आप सभी को मेरा नमस्कार। पिछला 50 वा एपिसोड मैं इस फोरम पर ना डाल कर अपनी जागरूक पाठकों को अलग से भेजा था।

परंतु कोमल जी और prkin के सुझाव को ध्यान में रखते हुए मैंने यह पोस्ट इस फोरम पर भी अपडेट कर दी है आप सब इंडेक्स जो हर पेज के टॉप पर रहती है उसमें 50 वां भाग को क्लिक कर यह अपडेट पढ़ सकते हैं।

मैं आप सब से फिर अनुरोध करूंगा कि आपकी प्रतिक्रियाएं ही है जो इस कहानी को अंजाम तक पहुंचाएंगी। कृपया अपना सुझाव और परामर्श देते रहें और मुझे इस कहानी को आगे लिखने के लिए प्रेरित करते रहें।

बहुत-बहुत धन्यवाद और आपको हुयी असुविधा के लिए खेद है।

आपका दिन शुभ हो...
 
मान्यवर आप कहना क्या चाह रहे है? खुलकर बताएं मैं आपकी भावनाओं को समझ नही पाया।
 
अनीश जी पहली बात मैं मैडम नही हूँ। और मैं यह अब भली-भांति समझ चुका हूं कि आपको इस कहानी से और सेक्स की उम्मीद है परंतु मेरी अपनी मजबूरी है मेरा ज्यादातर ध्यान पात्रों के चरित्र चित्रण और परिस्थिति जन्य सेक्स पर रहता है जो शायद आपकी आकांक्षाओं पर खरा न उतर रहा हो।

फिर भी यही कहूंगा जब तक कहानी में मन लग रहा हो जुड़े रहिये।
 
Back
Top