Incest पिता की मौत के बाद मेरी आत्मा मेरे पिता के शरीर में घुसी (completed) - Page 2 - SexBaba
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Incest पिता की मौत के बाद मेरी आत्मा मेरे पिता के शरीर में घुसी (completed)

Update 6

साक्षी - वो तो हैं साथ रहेंगे अब ये इसकी प्रोब्लम है कब जीत पाए हमारा दिल लेकिन हमारा साथ चाहता है हमारे साथ रहना चाहता है तो कल साबित करे

इधर एक रूम में उदय भान सूर्य भान अजय और रोहित बैठे थे

अजय - ही ही ही ही ही कल वो आ रहीं है अब तो वीर चला जाएगा और नही जाएगा तो उसको जाना पड़ेगा जबरदस्ती ही ही ही

रोहित - अब तो भाभी तेरी हो जाएंगी

अब आगे

अजय - चल ना ऊपर चल के देखते है क्या कर रही है दोनो

रोहित - नही मुझे मार नही खाना समझा तू । तू अकेला जा कल वो आएगी और वीर को ले कर चली जाएगी फिर तुझ जो करना होगा वो तू करना अभी कुछ भी मत कर...

इधर साक्षी सो चुकी थी लेकिन तनु जागी हुई कुछ पुरानी याद मैं खोई हुई थी

तनु - ही ही ही ही मम्मी तुम टेंशन क्यो लेती हो मेरा पति शादी बाद मुझे यहां से ले जाएगा और बहुत अच्छी जगह रानी की तरह रखेगा देखना फिर तू तेरी बेटी खुश रहेगी रानी की तरह

राखी - बेटा तू रानी की तरह रहे या ना रहे लेकिन तेरे चहरे का जो ये नूर है और हसी है ये बनी रहे

तनु - ही ही ही ही हमेशा मम्मी

राखी - बाकी तू जो ये नाक पर गुस्सा ले कर बैठी रहती है वो छोड़ दे समझी

तनु - खाना दो ना मम्मी भूख लगी है

राखी जा कर छत पर कोने से किचन में देखती है वहा खाने को कुछ नही था

तनु - मुझे भूख नी है मां तू परेशान मत हो

राखी - माफ करना बेटी

लेकिन तब तक राखी जा चुकी थी

सूर्यभान - अरे साक्षी कहा हो बेटा

मधु - गई है बाग अनु के साथ

उदय भान - ये लड़की शहर से आती है तो जमीन पर पाव तो टिकते ही नहीं

साक्षी - रुक अनु की बच्ची तुझे तो मैं बताती हूं

अनु - अरे नही रुको तो

साक्षी - रुक कामिनी

अनु - ही ही ही ही दीदी सुनो तो

तभी एक उड़ता हुआ चप्पल उसने अनु की ओर फेक दिया जो सीधा जा कर तनु को लग जाता है

तनु - कामिनी देख कर नी फेक सकती

साक्षी - ऐसे ही फेक ती हूं मैं तुमको दिक्कत है क्या

तनु - कर्म जली तेरा मुंह ना तोड़ दूं

साक्षी - मैं तेरी गांड़ ना तोड़ दूं वैसे भी फुली हुई है

तनु - हद मैं रहो कुटिया

साक्षी - अरे जा ना बंदरिया

तभी वहा पर एक बाल आ कर लग जाती है साक्षी को

और फिर एक लड़का आता है बाल दे मेरी साक सब्जी

तनु - बाल इधर कैसे आई

लडका - क्या मतलब

तनु - *चाटाआक*

साक्षी जल्दी से तनु के पीछे आ जाती हैं

लडका - बहुत महंगा पड़ेगा मुझे मारना

तनु - रुक तेरी मां की बताती हूं

इतने में वो लड़का भागा गया

2 लडका - क्या है बे बाल क्यो नी लाया

वो लड़का बोलता है - अबे मदर चोद वहा तनु खड़ी थी

2 लड़का - तूने अदब से बात की होगी तनु से

लडका - हा

2 लड़का - अबे वो तनु दी है जितनी प्यारी और सुंदर है उतनी गुस्सैल अगर उनको गुस्सा आ गया तो मतलब फिर दूर रहना का रुक तू मैं बाल ले कर आता हूं

फिर ये लड़का भी डरते डरते आता है

तनु - तुझे क्या चाहिए

लडका - दीदी बाल दे दो ना

तनु - आ पास देती हूं

लडका - नही आप मरोगी दे दो ना दीदी

तनु - ले कर जा बाल अपनी

जैसे ही वो लड़का गया साक्षी बोलती है " डरती क्यो है तू इतना तनु मैं हूं ना डर जाती है बार बार

तनु - हप्प बस मेरे से लड़ती है तू और किसी से मत लड़ियों तू डरपोक

साक्षी - में डरती नही गभरा जाती हूं

तनु - जा दोनो बहन यह से

साक्षी - ये ले केला खा डायन

तनु को भूख लगी थी वो भी खाने लगती है फिर तनु कहती है अब मैं शहर नी जाऊंगी पास मैं कॉलेज है यही बच्चो को पड़ा कर पैसे कमा लूंगी

अनु - दी दी दी आप दोनो के लिए रिश्ता आया है चलो घर जल्दी

इतने में दोनो घर चले जाते है...

और साक्षी और तनु घर आते है तो बहुत भीड़ लगी हुई थी।।

दोनो का रिश्ता तय हो चुका था वैसे तो दोनो छोटी थी लेकिन बाप पुराने खयाल का था ।

तनु - मेरी शादी किसने तय की और क्यो

उदय भान - देख तू शादी के लिए हा कर दे राखी का ध्यान और खाना पीना हम लोग देख लेंगे

तनु के पास फिर कोई ऑप्शन नहीं बचता तो वो हा कर देती है

इधर वीर एक घर में बैठा था

रमेश - क्या यार मां मुझे नी करनी शादी समझती क्यो नही तू

रमेश - कुछ कर ना वीर यार तू

वीर - अबे मैं क्या करू लोडू मैं जा रहा घूमने मेरी प्रेमिका ने बुलाया

रमेश - सही से जाना ये गांव है यहां लोग पीट देते है

वीर निकल पड़ता है बाग की तरह जहा पर पेड़ के नीचे वो लड़की बैठी इंतजार कर रही थी

वीर - सॉरी लेट हो गया मैं

अंजली - अरे लेट नही हुआ आप आ गए हम दासी के पास ये बहुत है ना

वीर - ही ही ही एक गुड न्यूज़ हम दोनो शादी करने जा रहे है

वीर कुछ और कहता तभी कुछ लोग आ गए वीर को ले कर चले गए

वीर - छोड़ दीजिए मुझे कहा ले कर जा रहे हो आप मुझे

तभी वीर देखता है ये कोई और नही सूर्य भान होता है

सूर्य भान - अरे लड़के तू रमेश का दोस्त हैं ना शहर का पड़ा लिखा

वीर - हा

सूर्य भान - अब तेरी शादी होगी साक्षी और तनु से क्योकी तेरे दोस्त रमेश और राजेश जिससे शादी होनी थी वो भाग गया

वीर - मुझे नी करनी शादी मेरी शादी मेरी प्रेमिका अंजली से करनी है समझे गवार

तभी वहा पर उदय भान आता है और कहता है "अंजली का बाप तो जमीदार है ना अरे सूर्य जरा बता उसको की उसकी बेटी क्या कर रही है "

देखते ही देखते वीर की दुनिया बिगड़ गई और उसकी बचपन की दोस्त उसकी प्रेमिका अब जा चुकी थी उससे दूर

जमीदार ने बहुत मारा उसको और भेज दिया अमेरिका पढ़ाई करने ।

अंजली - आप बहुत गलत कर रहे है पापा उसका दुनिया में कोई नही है मेरे सिवा

जमीदार - ठीक है तुझे उसके साथ रहना हैं ना जा यह से उसके पास लेकिन याद रहे तुझे हमारे हिस्सा का एक नवा कुछ नही मिलेगा और बदले में तेरे इस आशिक को में बहुत बुरी मौत दूंगा

अंजली - आप मेरे किया का उसे क्यों दे रहे है

जमीदार - ठीक है फिर तुझे यह से जाना पड़ेगा मुझे माफ कर देना बच्ची मैं एक ऐसे दल दल में फस गया हूं जहा पर मैं लाचार हूं ! तनु तेरी बहन है सगी छोटी बहन

फिर अंजली ना चाहते हुआ भी अमेरिका के लिए निकल गई लेकिन उसको ये नही पता था की प्रोब्लम खुद उसके पीछे पीछे आएगी

इधर वीर ये सब बात सुन कर टूट गया उसके दिमाग में बस यही चल रहा था बहुत शौक है ना तुझे जबरदस्ती शादी करवाना का अगर तेरी बेटियों को मौत से भी ज्यादा दर्द ना दिया तो मेरा नाम भी वीर नही

और वीर ने ऐसा किया भी उसने साक्षी को सोसाइड करने तक की नौबत लाई और तनु को गरीबी भरा जीवन जीने पर मजबूर किया

वही ये सब तनु लेट लेट सोच रही थी तभी उसने वीर की तरफ देखा जो उसकी बेटी को जकड़ कर सोया हुआ था

तभी उसको याद आता है इसके शादी के बाद की बात

तनु और साक्षी की शादी के बाद दोनो रूम में बैठे थे तभी वीर भी आता है।

फिर वीर ने साक्षी के साथ जो सुलूह किया उस रात की तनु दंग रह गई

और साक्षी रोते हुए बस इतना पूछ रही थी आप मेरे साथ ऐसा क्यू कर रहे है मैना क्या बिगाड़ा है आप का

वीर - तू मेरी कुछ नही है याद रखना

वीर ने उसके साथ ऐसा ऐसा सुलुह किया की अब साक्षी हंसना मस्ती करना भूल गई।

लेकिन वीर तनु के साथ ऐसा कुछ नही कर सकता था लेकिन तनु के साथ उसने बदला 5 साल पहले लिया तनु को नींद की होली मिला कर जिसके रूप में उसे काव्या मिली।

तभी साक्षी नींद में कांपने लगती है और तनु का ध्यान साक्षी पर आता है और वो भी फिर सो जाती है

तभी वीर की नजर खुलती है तो वो देखता है की साक्षी कपकपा रही थी क्यो छत पर ठंड लगती है तो वो काव्या को साक्षी को दे देता है

और साक्षी काव्या को अपने सीने से लगा लेती है जिससे उसका कापना बंद हो गया लेकिन अब वीर को नींद नही आ रही थी एक तो उसके बगल साक्षी और तनु लेती थी एक से बढ़कर एक कसा हुआ माल

तभी वीर चुप चाप सो जाता है लेकिन उसको उलझन हो रही थी वो थोड़ा घूमने का फैसला करता है।

जैसे ही वीर उठने की कोशिश करता है वो देखता है तनु उसको घूर रही होती हैं

वीर तुरंत लेट जाता है और सो जाता है

वीर - हद है मैं अब उठ भी नी सकता

वीर भी चुप चाप सो जाता है और जब सुबह होती है तो वीर सो रहा होता है

तनु और साक्षी उठ जाती है

इधर नीचे भी सभी उठ गया था

अनु - भाभी अच्छा हुआ ना दीदी आ गई अब शादी अटैंड कर के जाएंगी

निधि - बनो अच्छा तो शादी बाद होगा

अनु - क्यो

निधि - पागल शादी बाद ही तो होगा आआअह आह धीरे दर्द हो रहा आह ओह येसस्सस फक्ककक

अनु - मुझे नी बात करनी आप से हटिए

तभी उनकी बात के बीच उनको आवाज आती है

कामिनी ये तेरी करतूत है

तनु - मेरी करतूत है मैं तो गई बर्तन धोने सुबह सुबह तूने किच किच की

साक्षी - बड़ी आई तू तो धुद की धुली है ना जैसे मैं टी बनूंगी तू खाना

तनु - फिर रात को तू बनाएगी खाना

अनु - भाभी सुबह हो गई

निधि - 😂 ये दोनो जितनी सुंदर उतनी बवाल दोनो हंसना भूल गई लेकिन लड़ना नही भूली

वही ये सुबह की लड़ाई सुन कर जब वीर उठता है तो वो देखता है सामने तनु बैठी थीं

तनु उसको तिरछी नजर से देखती है

तभी वीर की बिल्ली उठ जाती है और वो कहती गुड मॉर्निंग पपाआ

उसकी बात सुन कर साक्षी को चाय बना रही थी वो हस देती है

वीर - गुड मॉर्निंग बिल्ली

काव्या - ही ही ही ही फिर वो वीर के गले लग कर तनु की ओर भाग जाती है

तनु - मेरी बच्ची गुड मॉर्निंग umaaah 😘

फिर काव्या साक्षी के पास चली जाती है और काव्या के जाते ही वीर तनु के पास जाता है

तनु इतनी ज्यादा सुंदर लग रही थी की उसको मन कर रहा था उसको जकड़ ले

तनु - क्या है

वीर उसकी बात सुन कर भाग जाता है किचन मैं

वीर किचन में जाता है जहा साक्षी बैठी थी वो उसके पास आ कर उसको देखता है

साक्षी - गुड मॉर्निंग

वीर - गुड मॉर्निंग काव्या कहा पर है

साक्षी - गई है फ्रेश होने तुम भी फ्रेश हो लो

वीर - मैने कुछ गडबड नही किया ना देखो तुमने कहा था गांव में कुछ मत करना

साक्षी - हा तुमने कुछ नही किया , अच्छा किया अब मैं चाय बना रही हूं तुम जाओ ब्रश करो और जो तुम सोच रहे हो वो दिमाग से निकल दो ठरकी

वीर - तुम और तनु मुझे नी छोड़ोगी ना अब

तनु - आज पता चल जाएगा तुमको

तभी घर के बाहर एक ऑडी कार आ कर रुकती है जिसमें से एक लड़का और एक लड़की बाहर आते है

लडका - मेरे भाई वीर हम आ गए चल बाहर

वीर शोर सुन कर बाहर आता है और देखता है सामने एक लेडी और एक लड़का खड़ा था

वीर - कोन

लडकी - अपनी अंजली को भूल गए तुम तो हा

रमेश - भाई तू भी ना यार बहुत फनी है बदला नही जरा भी

रमेश - हमने तुझे जितना जलील करने को कहा उतना जलील किया आखिर तूने अपनी दोनो वाइफ को हा

अंजली - छोड़ो ये बात अब हम आ गए चलो अब चलते हैं यहां से दूर अपनी प्यार की दुनिया में

वीर - मेरी दुनिया ऊपर छत पर खेल रही है और बाकी दोनो खाना बना रही है तुम लौट जाओ अपनी दुनिया में

अंजली - तुम ये क्या कह रहे हो हा 😶 वीर होश में आओ तुम्हारे सामने मैं हूं अंजली तुमरी अंजली जिसने तुम्हरा हमेसा साथ दिया या है ना मेरे कहने पर तुम क्या क्या करता थे

वीर - निकल जाओ यहा से

तभी रमेश उसको पकड़ लेता है और कहता है भोसडी के लन्ड सी सकल के तेरा दिमाग काम नही कर रहा है क्या

अंजली - होश में रहो समझे रमेश

तभी वीर आगे आने लगता है तो अंजली उसको पकड़ लेती हैं कहती है क्या तुम मुझसे प्यार नी करते हा

इतना मैं रमेश उसको थप्पड़ मार देता है और कहता है तू अंदर जा अंजली इसे मैं समझा दूंगा

रमेश - साले जिस थाली में खायगा उसी मैं छेद करेगा हा तुझे याद है तूने क्या क्या किया अंजली के लिया हां

रमेश - साले तू गाटिया इंसान किसी भी लड़की के लायक नही है चुप चाप चलता है अंजली के साथ या दूसरा रास्ता अपना पड़ेगा हमे

वीर - गिरा हुआ तो तू है साले उससे भी गिरी हुई है ये लड़की अंजली मुझे केवल मेरी फैमिली से मतलब है बस

रमेश - तू किसी का नही हो सकता बे, चोट ने तुझे मर्द से छक्का बना दिया। आज तुझे वो मिल रही है तो इतनी सान पट्टी कर रहा है। अबे इतना ही प्यार था तो तूने तनु के साथ क्या किया पाता है ना नींद मैं, जिसका नतीजा है काव्या और उसको भीख मांगने पर मजबूर किया

रमेश - साक्षी के साथ याद है हर दिन उसको मारता पीट देते क्युकी वो सीधी थी तू प्यार के लायक नही है साले तुझे कदर नही है किसी इंसान की

रमेश - कहा है तेरी पत्नी जिसके लिए इतना बोल रहा है तू तुझे उनसे इतना ही प्यार हैं क्यों किया उनके साथ ऐसा सुलह

वीर - तू कोन होता है पूछने वाला तेरा साथ क्यो आई अंजली! और मैं नही जानता निकालो यह से में किसी के लायक नही हूं तो निकालो इतने साल से नही आए तो अब भी मत आओ।

रमेश - इतना ही गमंड है अपनी सुन्दरता पर रुक इसको ही छीन लेता हु

इतने में रमेश गरम पानी उठा लेता है और कोई कुछ बोलता उसके पहले रमेश पानी वीर के ऊपर फेक देता है

वही ये सब ऊपर से साक्षी और तनु देख रही थी और पीछे से काव्या ये सब देख रही थी

काव्या - पापा

तभी तनु काव्या को अंदर भेज देती है और चुप चाप वो दोनो नीचे आने लगती है

जिनको देख कर रमेश कहता है तुम दोनो devoce के कागज साइन करो और जाओ

साक्षी - पानी क्यो फेका

रमेश - तुम मेरी पत्नी होने वाली थी याद है ना devoce दे दो फिर मैं तुमको अपना बना लूंगा तनु राण्ड

इतना मैं रमेश को अपने चहरे मैं गरम पानी फील हुआ रमेश - आह किसने किया ये मदर चोद

इतना मैं रमेश को एक बार और गर्म पानी फील हुआ जिसको किसी और ने नहीं अंजली ने फेका था

अंजली - वो रांड़ नही है समझे राड तेरी मां थी जो मेरे बाप के साथ सोने आई थी मेरी बहन के पाव के धूल जितनी भी नही है वो समझी

इतना कांड हो रहा था तभी वीर का दिमाग ब्लास्ट हो गया (बहन चोद हो क्या रहा है ये कोई कुछ बोल रहा कोई कुछ, मैं रीडर का दिमाग चोद के बराबर कर दूंगा )

वही ये सुन कर तनु राखी को देखती हैं

राखी मुंह छिपा कर चुप चाप बैठ गई

तनु - शर्म नही आई ना मेरी जिंदगी बर्बाद करने में

अंजली - नही आई। क्यो आएगी मेरा पास एक ही ऑप्शन थे तुम सब की शादी करा दूं और खुद चली जाऊ तो मैने ऐसा किया लेकिन फिर रमेश भी अमेरिका आया उसको वहा देख कर मैं शॉक्ड हो गई।

अंजली - फिर रमेश से मुझे पता चला की उसका मां। मेरे बाप की रखैल थी उसने मुझे धमकी दी और ये सब करवाना पर मजबूर किया तो मैने किया

तनु - कैसी धमकी

अंजली - तुम सब की जान की धमकी तो मैं भी लड़की थी क्या करती डर गई, तो को समझ आया वो किया। फिर मेरी इससे डील हुई की में सारी प्रॉपर्टी इसके नाम कर दूंगी बदले में ये तुम्हे आजाद कर दे।

अंजली - लेकिन आधी प्रॉपर्टी तो तुम्हारे नाम पर थी तो इसने वीर से कॉन्टेक्ट करवाया और मुझसे तुम सब को जलील करवाया लेकिन फिर अचानक से वीर का एक्सीडेंट हो गया और वीर ने इसका साथ छोड़ दिया और तुम सब के आगे पीछे घूमने लगा।

रमेश - ही ही ही ही सचाई जान गई लेकिन हमारे प्लान को सक्सेसफुल बनाने वाला तो साक्षी का बाप भी था उसी के वजह से ये सफल हो पाया आखिर इसने ही तो वीर से शादी करवाने का आइडिया दिया क्युकी इसको भी आधी प्रॉपर्टी चाहिए थी हवस में इसको भी घेर लिया था

अनु - भगवान कभी तुझे खुश नही रखेगा रमेश

रमेश - मेरी छोड़ बन्नो तू अपनी देख वीर तो हमारा साथी है उसको सारा प्लान पता था ही ही ही लेकिन तू अपनी देख तेरा बाप तो शादी भी राजेश से करा रहा था लेकिन अब बहुत इंतजार कर लिया

अंजलि - हम तुझे अपना हिस्सा नही देंगे

रमेश ने अपनी बंदूक वीर की तरफ कर दी और बोला मुझे नहीं पता तू कोन है लेकिन इतना जरूर जनता हूं तू वीर तो बिल्कुल नही है

काव्या - पापा को मत मारो मारो पापा

रमेश - तू सब की जान एक ही तोते मैं बस्ती है ना अब तोता ही खतम होगा।

तनु - तुझे हिस्सा चाहिए ना

रमेश - हा

तनु - हम देने को तैयार है।

रमेश - पंडित को बुलाओ और शादी रचाओ तुम आज क्युकी तुमारे बाप ने मरते मरते वसीयत की मां चोद दी थी। तुम्हारे बाप ने वसीयत में लिखा की तुम्हारी प्रॉपर्टी शादी बाद ही तुम्हरे नाम पर होगी।

तभी रमेश बोलता है किस्से शादी करनी है जल्दी करो और तुम्हारी तो हो गई है। अंजली तुम दोनो भी करो और फिर वसीयत पर सिग्नेचर करो और अगर 10 मिनट मैं शादी शुरू नही हुई तो मैं ही ही ही

इधर वीर से मतलब ही नहीं था यह क्या हो रहा है क्या होगा

तभी सूर्यभान साक्षी और तनु के आगे आ कर हाथ फैला देता है और कहता है मुझे माफ कर दो।

पंडित - जल्दी बोलिए किसकी शादी करवानी है

वीर - मैयत करवानी है मेरी

तनु और साक्षी एक दूसरे की तरफ देखती है

साक्षी - डायन देख तूने क्या करवा दिया एक मौका देने की बात हुई थी एक और आ गई

तनु - मुझे तो जैसे सपना आया था ना अरे मुझे क्या पता था ये अलग ही कांड करेगा

तभी साक्षी कहती है तनु

तनु - जा

साक्षी - पल्लू सही करो

तनु आस पास देखती है तो पाती है वीर उसको ही घूर रहा है

तनु - मेरी आधी जिंदगी तो इसने झाट कर दी है इसको ऐसे टाइम पर भी सुकून नही है

तभी जब अंजली की शादी होने जा रही थी तभी अनु बोलती है ये तो गलत है ना सब बहन की शादी एक लड़के से हो रही है

साक्षी - बेटा हो नही रही करनी पड़ रही है सामने देख, अब होने दे वर्ना यही से जनाजा उठ जाएगा

अनु - जब सब बहन एक साथ रहेगी तो मैं अलग क्यो जाऊ। मुझे भी वीर से शादी करनी है वैसे भी पिता जी ने तो मुझे मारना का प्लान बना रखा है

फिर अंजली के बगल अनु भी आ जाती है

रमेश - अब शुरू करो शादी और मैं जायदाद लूं फिर मुझे नही मतलब किसी चीज से

पंडित - जजमान वीर आप आगे क्यो नही बड़ रहे

तभी वीर को याद आता है की उसकी शादी तो हुई ही नहीं है तनु और साक्षी से तो वो कहता है मैं शादी तभी करूंगा जब साक्षी और तनु दोनो शादी करेंगे साथ मैं

रमेश - बहन चोद ये क्या नाटक चला रहा है KBC चल रहा है क्या?

लेकिन फिर साक्षी और तनु आगे आ जाती है और शादी होती है और रमेश प्रॉपर्टी ले कर चला जाता है.....

तभी शादी होने के बाद वीर लंगड़ाते हुए ऊपर जाने लगता है उसका पूरा चहरा लाल हुआ पड़ा था पीट भी जल गई थी।

वीर ऊपर आ कर चुप चाप क्रीम लगाने लगता है तभी तनु और साक्षी आती है जिसको देख कर वीर डर जाता है

तनु - नही छोडूंगी तुमको डरो मत लेकिन मुझे तुमसे प्यार नहीं है जो है वो सिर्फ नफरत है पुराने पास्ट को ले कर तो और है अगर तुम मैं इतनी हिम्मत है तो हमे मना सको तो मना लो...

तभी तनु और साक्षी का ध्यान काव्या पर जाता है तो देखती है तो वो उन दोनो से बात नही कर रही थी उल्टा दूर जा रही थी वो बस वीर की गोद में बैठी क्रीम लगा रही थी।

तनु - क्या हुआ बेटा

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To be continued..... Guys sara past clear ho gya .... Aur isi ke sath intro arc khatam ho gya .... ... Bhot log past past kar rha tha aur sory for delay kyuki main past yhi par khatam karna chahta tha.... Ab thoda romance dek sakta hai aap... And guyss plss like kar dena yarr...pta ni kyu like ni krta aap ...... Agr 20 like aaya aaaj hi toh ek chota hi shi par update aayga ........ review dena na bhula time milte hi reply de dunga thanks
 
Update 7

तभी तनु और साक्षी का ध्यान काव्या पर जाता है तो देखती है तो वो उन दोनो से बात नही कर रही थी उल्टा दूर जा रही थी वो बस वीर की गोद में बैठी क्रीम लगा रही थी।

तनु - क्या हुआ बेटा

अब आगे

साक्षी - बेटा जरा आप नानी के साथ जा कर खेलोगी

तभी ऊपर अंजलि आती है और तनु उससे कहती है अब बोल रण्डी क्या बक रही थी नीचे बंदूक दिखा कर

वही ये सुन कर अनु बेचारी डर जाती है और चुप चाप बैठ जाती है कोने में तभी वो ध्यान देती हैं उसके बगल चुपके से वीर छिपा बैठा है

तभी वो दोनो अपना ध्यान तनु पर लगाते हैं

साक्षी - हम दोनो ने क्या इधर ट्रस्ट चला रखा है कोई भी आएगा और हमारे पति से शादी कर लेगा अब सच सच बता

तभी अंजलि कहती है वाह अकड़ तो देखो तुम दोनो की, तुम दोनो की जिंदगी जहानुम कर दी थी मैंने लेकिन अकड़ नही गई हा।

अंजलि - इस बक्चोद के साथ रहना का मुझे भी कोई शौक नही है समझी लेकिन मुझे मेरी प्रॉपर्टी चाहिए वही लेने आई हूं मैं

साक्षी - कामिनी दिखा दी ना अपनी औकात

अंजलि - हा किया मैने ये सब, रमेश मेरा भाई है हमने ये सब बस पैसे के लिए किया लेकिन वीर की खानदानी प्रॉपर्टी वीर की शादी बाद उसकी पत्नी के नाम हो गई यानी मेरी अब मुझे किसी चीज से नही मतलब

तनु - गंदे खून का नतीजा अच्छा तो कभी हो ही नहीं सकता मुझे यही उम्मीद थी तेरे से

साक्षी - बहस बंद करो तुमको प्रोपर्टी चाहिए थी तो मुझे बताया होता मैं पहले ही दे देती ये इतना लंबा चौड़ा नाटक क्या करना

तभी साक्षी वीर को आवाज लगाती है

वीर आता है साक्षी उससे कहती है इन सब कागज पर सिग्नेचर करो

उसकी बात मान कर वीर चुप चाप कर देता है तभी अंजलि कहती है थैंक्यू umaaah 😘

अंजलि - अब मैं जाती हूं

तनु - इतनी भी जल्दी क्या है

अंजलि - क्या मतलब

तनु - उसके सामने devoce पेपर रख देती है और कहती है अब इस पर सिग्नेचर करो और फिर तुम्हरा वीर से सारा रिश्ता खत्म

अंजलि हस्ते हुआ सिग्नेचर कर देती है और चली जाती है

साक्षी - साली रण्डी

तनु - अनु का क्या करना है

तभी उन दोनो का ध्यान अनु पर जाता है जिसको किसी बात से मतलब ही नहीं था

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साक्षी - इसको तो किसी चीज से मतलब ही नहीं है ये पिक क्लिक कर रही है

तनु - अनु इधर आओ

अनु - हा दीदी

साक्षी - वीर से शादी के लिया हा क्यो की

अनु - क्या करती मैं मेने देख पापा को किसी और के साथ मरने से अच्छा है अपनी बहनों के साथ ही रह लूं

तभी अनु कहती है दीदी आपने अंजली को इतनी तेज तलाक दे कर क्यो भागा दिया और आपको कैसे पता चला

तनु - हाथ में उसके हीरे की रिंग थी और अगर कोई किसी से प्यार करता है तो 17 साल इंतजार नही करता और उनकी नजर वीर की खानदानी जमीन पर थी जो वो लेकर गए।

साक्षी - और भागने के पीछे की वजह हैं काव्या उसके लिए उसके पापा बेस्ट और हम किसी बाहरी को नही आने देंगे जिससे उसका दिल टूटे तू अगर बहन नही होती तो तेरा भी यही हाल करते।।

अनु - मुझे मत चाटो

तनु - इसको रहने का तरीका सिखा दो

साक्षी - समझ जाएगी खुद ही

तभी वीर रूम से बाहर आता है और कहता है क्या हम सब घर चले अब शहर

तनु उसको इग्नोर कर के रूम में चली जाती है खाना बनाने चली जाती है

उसके बाद अनु सोचती है रहने का तरीका मतलब कहना क्या चाहती हैं

तभी वीर को देख कर वो भी उसको अनदेखा कर के चली जाती है

तभी साक्षी उसके पास आ जाती है और कहती है तुम्हारा घर तो अंजली का हो गया और तुम्हारा टूर का बिजनेस भी

तभी वीर ये सुन कर उदास हो जाता है

और अनु साक्षी को भी ले कर चली जाती है

तनु - बता दिया

अनु - हा दीदी ने बता दिया

तभी तनु की नज़र वीर पर पड़ती है जो एक कोने चुप चाप उदास बैठा हुआ था

साक्षी भी उसको देखती है तो उसे अच्छा नही लग रहा था

अनु - आप लोग उसे क्यों देख रही हो सुन नही था क्या अगर वीर पहले जैसा होता ना तो अब तक ये भी हमे छोड़ कर प्रोपर्टी ले कर चला जाता अंजली के साथ, तब ये अंजली का ही राग जपता और ये एक तो पता नही कोन है कोनसा वीर है भले ही ये बदल गया बट रहेगा तो वीर ही।

और ये बात सच भी थी वीर पहले जैसा होता तो बहुत चीज बदल चुकी होती

तभी साक्षी कहती है बस करो अनु बहुत बोल ली तुम्हारा तो पति है ना और जैसा भी है कोई भी है कोसिस तो कर रहा है ना वो साथ पाने की तुम्हारा भी साथ दिया ना उसने इतना ही नफरत है तो उसके नाम का सिंदूर क्यों लगा ली

अब अनु चुप हो गई तभी तनु कहती है जाओ जरा काव्या को बुला कर ले आओ और डरो मत

अनु भाग जाती है जल्दी काव्या को लाने

तभी साक्षी वीर के पास आ कर बैठ जाती है और दूर से उनको तनु भी जाक रही थी

साक्षी - क्या हुआ उदास हो क्यो

तनु - अरे उसी के लिया होगा अंजली के लिए बुला दूं उसको

साक्षी - रुको करती हूं कॉल

वीर बहुत धीरे से कहता है मेरे पास जब 3 वाइफ है तो मुझे उसकी क्या जरूरत

साक्षी - तो क्या बात है

वीर - मैं क्या करूंगा 28 साल का हूं मेरे पास पैसा कमाने का क्या जरिया है मेरा घर सब कुछ तो चला गया

साक्षी - अच्छा ये बात है चलो एक गुड न्यूज़ देती हूं ये जो घर का ये हिस्सा देख रहे हो ये हमारा छोटा सा घर है और उस साइड भी एक रूम बनवा देंगे बाकी रही बात तो पैसे कमा कर फिर आ जाएगा सब

साक्षी - और वैसे तुम्हारी वाइफ भी तो है तुम्हारे पास मैं और तनु भी, नही छोड़ कर जा रहे कही ही ही ही

तनु - नई शुरुवात करो हम भी पुरानी बात छोड़ कर तुमको एक मौका दिए ना क्या ये तुम्हारा घर नही है

वीर अब बहुत खुस हो गया था उसको पहली बार तनु कुछ बोली फिर उसने पता नही क्या सोचा उसने जल्दी से तनु और साक्षी को गले लगा लिया

इससे पहले की साक्षी अलग होती 1 सेकंड बाद एक आवाज आई

• चाटाअक *

वीर के गाल लाल हो गए

साक्षी ये देख कर हसने लगती हैं और हस्ते हस्ते गिर पड़ती है वही छत पर बेचारी लेट जाती है और उसका पेट दुकने लगता है

वही ये हसी की आवाज नीचे तक आती है जो रूम में उदास बैठी निधि सुनती है तो वो भी स्माइल करती है राज और राखी ,उदय और सूर्य, मधु पूरा परिवार वही बैठा था

वही ये सुन कर निधि कहती है चलो अच्छा है ऊपर खुशी का मोहाल है

तभी नीचे हस्ते हुआ भागते हुए अनु आतीं है और वो किसी तरह हसी को रोकती है और देखती है सामने काव्या अकेली बैठी हैं

अनु को देख कर राज कहता है दीदी आप नीचे आओ बैठो ना

तभी उदय भान बोलता है बिटिया

अनु - चलो काव्या ऊपर चलो अपने घर

निधि - ये भी तो तुम्हारा घर है

अनु - मेरा घर ऊपर है चले बेटा

काव्या आ जाती है और ऊपर चली जाते है दोनो

जैसे ही काव्या ऊपर आती हैं वैसे वो देखती है साक्षी ऊपर छत पर पड़ी हस रही थी और रूम में तनु काम कर रही थी लेकिन एक खुश नुमा मोहाल था

तनु मन मैं सोचती है चलो कम से कम ठीक तो हुआ सुबह से नाटक हो रहा था मैं अपनी बेटी को क्या बोलती अगर वीर की शादी हो जाती तो वैसे भी बड़ा आया हम दोनो की ही डाट खाएं मार खाए तभी तनु कहती है मैं क्यों सोचूं रही उसके बारे में

तभी उसको हसी की आवाज़ आती है जिससे वो समझ जाती है की काव्या आ गई

तभी तनु बाहर आतीं है और उसके पीछे पीछे निधि भी आती है

मम्मी ये मौसी ऊपर क्या कर रही है इतनी देर से हमारे घर

साक्षी - बेटा वो ये वो ये ! वो वाली मम्मी से पूछो

तभी निधि हस देती है और तनु से कहती है बताओ

तनु - ये भी तुम्हारी मम्मी है

काव्या - मेरी और कितनी मम्मी है

तनु - बस लास्ट है और कोई नही आएगी पक्का

काव्या - अब कोई नही आएगी ना मुझे नही चाहिए और

तनु - प्रोमिस अब कोई और नही आएगी अब आई तो किसी की जान जाएगी

ये सुन कर वीर डर जाता है और थोड़ा पिछे हो जाता है तभी तनु ये हरकत देख कर थोड़ा स्माइल कर देती है

और साक्षी फिर हसने लगती है और अनु भी हसने लगती है

फिर वीर अनु को देखता है तो वो नोटिस करता है अनु भी बहुत कसा हुआ माल है 27 साल की ये भी है कतई चोदने लायक

तभी तनु अनु को घूरती है तो अनु डर जाती है तभी अनु साक्षी को आखों में देखती है तो पाती है वो कुछ समझ रही थी

अनु भी लड़की थी उसको समझते देर नहीं लगी की वो दोनो उसको क्या कहना चाहती है तभी अनु देखती है वीर उसके जिस्म को घूर रहा है

तभी वो गुस्सा मैं वीर को देखती है तो वो फिर साइड हो जात है

तभी काव्या कहती है मम्मी

तनु - क्या है

काव्या - मतलब अब पापा इनको भी घूरेंगे, पापा इनको भी सोते टाइम चादर डालेंगे और ठंड लगने पर माथा टच करेंगे जैसे आपको किए थे कल और फिर मुझे उनके पास लिटा देंगे

वही ये बात सुन कर साक्षी और तनु के गाल थोड़ा लाल हो जाते है ये उनके साथ पहली बार था जब कोई उनको प्यार जता रहा था

वही अनु ये सुन कर अजीब नज़रों से वीर को देखती है जो मन मैं कहता है पोल खुल गई

तभी तनु काव्या के कान नोचते हुए कहती है बहुत बोलने लगी है तू मार भूल गई है क्या चल कमरे में बड़ी आई तू रात को सोती है या यही सब करती है

तभी काव्या की नज़र निधि पर पड़ जाती है और कहती है अरे मैं तो आपको देखा ही नहीं मामी ।

काव्या - सोरी मम्मी मामी के सामने ये बात नही पूछनी थी ना

तभी ये सुन कर वीर जल्दी से उसको उठा लेता है और कहता है चलो रूम में टीवी देखते है

काव्या - नही है पापा आपको पता है मेरी सभी सहेली के पास है टीवी

तभी वो दोनो बात करते है रूम में चले जाते है

और इधर बच गए अनु और साक्षी और तनु

वही ये तीनों अच्छी तरह से समझ गए की अब इनकी अच्छी वाली खिंचाई होगी

निधि - तो साक्षी वो एक हेल्प करेगी मेरी

साक्षी - हा बोलो ना निधि

निधि - वो मेरा कंडोम खतम हो गया है तुम दोनो के पास एक्स्ट्रा है क्या

वही ये सुन कर तनु को खासी आ जाती है और वो कहती है आप बैठो मैं चाय बना देती हूं

साक्षी - म म म बर्तन धूल कर आती हूं

निधि - अरे चाय और बर्तन छोड़ो और इधर बैठो तो

अनु - वो भाभी मेरी सहेली आ रही है मैं उसको बुला कर आती है

निधि - अरे रुक तो

वही फिर निधि कहती है इतने सालो बाद तुम्हारी हसी से घर गुलजार हो गया साक्षी बस ऐसे ही हस्ती रहो तुम उम्मीद है तनु भी हासेगी जल्दी क्यों

तनु कुछ नही कहती लेकिन निधि जानती थी तनु ने बहुत कुछ फेस किया है उसका दर्द उसकी पीड़ा गांव वालो के ताने और वही साक्षी जिससे हर दिन मार खाते हुआ सुनना

और इन दोनो की वजह से बेचारी अनु को घर में कैद कर दिया गया

तनु कुछ कहती लेकिन उसकी नजर तभी काव्या पर पड़ती है जो तकिया फेक रही थी वीर पर

काव्या - ही ही ही ही पापा ये लो ये मेरी प्यारी तकिया है

तभी वो तकिया वीर को लग जाती है और वीर गिर जाता है

तभी काव्या उछलने लगती है और दोनो हाथ से नेता की तरह हिला कर कहती है थैंक्यू

वही ये देख कर तनु को हसी आ जाती है फिर उसकी आंखों में आसू आ जाते है

एक साल पहले उसकी बेटी बस घर पर अकेले रहती ना बोलती है ना हस्ती है।

तभी उसके कंधे पर किसी का हाथ फील होता है और वो देखती है उसके एक तरफ साक्षी और दूसरी तरफ अनु लटकी है

फिर दोनो अलग होती है और साक्षी कहती है आदत डाल लो ऐसे

तभी वो दोनो अलग होते है और निधि वापिस से काव्या को बुलाती है लेकिन तभी काव्या चुपके से बाहर जाक कर रूम का गेट बंद कर देती है

ये देख कर अनु को हसी आ जाती है और कहती है कुछ कांड किया इसने तभी तनु अंदर आती है देखती है रूम अब कबाड़ हो चुका था

और तनु को देख कर काव्या डर जाती है और चुप हो जाती है और वीर उसको इशारे से मना करता है

तभी तनु कहती है बिल्ली कही की ये रूम को क्या किया

काव्या - मम्मी ही ही ही

काव्या तनु के गले लग जाती है और फिर तनु खाना निकल देती है जिसमें खाना कम था और खाने वाले ज्यादा

तभी अनु कहती है मुझे भूख नही है तभी साक्षी अंदर आती है और अपनी सैंडल उठा लेती है जिसको देख कर अनु कहती है अब भूख लग गई।

तभी वीर ये सीन देख कर उदास हो जाता है क्युकी ये अब उसकी ज़िमेदारी थी की वो घर पर किसी चीज की कमी ना रहने दे और उसके घर पर खाना का भी समान नही था।

वही तनु गांव के बच्चो को ट्यूशन देती थी जिससे उसको कुछ पैसे मिल जाते थे क्युकी उदय भान उसको पैसे देता नही था

और अब साक्षी और अनु उसके पैसे लेंगी भी नही

तभी साक्षी वीर को देखती है और उसके हाथ पकड़ लेती है उसको अच्छा से पता था वीर क्या सोच रहा था उसकी हरकते किसी नए नए पति के जैसे थी।

अनु और तनु ये नोटिस करती है

तभी साक्षी कहती है खाना खाओ फिर हम भी खाए भूख लगी है

वीर खाना खा लेता है और फिर सब खा लेते है थोड़ा थोड़ा।

तभी वीर काव्या के पास जाता है और कहता है चॉकलेट खाओगे बेटू

काव्या कुछ सोचती है फिर कहती है नही मुझे नही चहिए उसके बदले मेरी मम्मी के लिए साड़ी ला दोगे सब मेरी मम्मी को चिड़ाती है की मेरी मम्मी के पास साड़ी नही है

तभी वीर कहता है आपके पापा का प्रोमिस है आज आपके लिए बहुत सारी चॉकलेट लाऊंगा और बहुत साड़ी लाऊंगा आपके लिए

काव्या - प्रोमिस

वीर - हा प्रोमिस

काव्या - नही पिंकी प्रोमिस करो

वीर- अरे ये कैसे करते है

काव्या - अरे बुधु अपनी उंगली बड़ी उगली के पीछे रखो फिर कहो

वीर हस्ते हुआ कहता है ओके पिंकी प्रोमिस

तभी वीर को याद आता है दुकान से तो रेडिमेट ब्लाउज भी आता है फिर वीर चुप चाप साक्षी के पास जाता है लेकिन वो और अनु सहेली के घर चली गई थी साथ मैं काव्या को भी ले कर चली गई।

तभी वीर तनु के रूम में जाता है जहा वो अपना पेटीकोट और साड़ी फट गई थी वो सिल रही थी वीर को देखते ही वो कहती है चिल्ला कर क्या है जाक क्या रहे हो

वीर कुछ नही कहता बस अलमारी ओपन कर के देखता है कोने में तनु की ब्रा राखी हुई थी फिर वो उसको टच करता है ये देख कर तनु गुस्सा हो जाती है और उसकी आंखे लाल हो जाती है और बहुत तेज थप्पड़ मारती है वीर को कहती है ये क्या बदतमीजी है

तनु - इसी लिए मेरी बेटी के पास आ कर अपना रहे हो हवस में अंधे हो गया हो याद रहे मैने साथ रहने का फैसला किया है बेटी के लिया तुमसे प्यार नहीं है तुम एक गिरे हुआ हवस से भरे इंसान हो जो तुमने मेरे साथ किया ना वो याद है

तनु - निकल जाओ वर्ना अच्छा नही होगा

वीर ये सब सुन कर बस अपनी नम आंखों से आसू पोछते हुए कार ले कर अपनी चला जाता है

वीर - तुम मुझे मत अपनाओ लेकिन तुमको मैं जीना फिर से सीखा दूंगा साक्षी और तनु ये मेरा वादा है तुम्हारी नजरो में चाहे जितना गिर जाऊ लेकिन अपनी बेटी की नजरो मैं नही गिरना चाहता अब चाहे मर जाऊ लेकिन किसी को भी तुमको ताने नही मारने दूंगा।

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I am rally sorry guyss 🙃 Tabiyat bahot jaada khyaab ho gai hai meri but update aaynge chill...🙃 Aap sb ke kahne main anjali fix kar diya ab main herione yhi teen. rhengiii..... Pls sex ki jaldi mat kro story acha se chalne do.....and thanks for supporting....milte hai jaldi hi jin waale story par update ke sath pinky promise 🤣😂🤣 ..... Like kar dena guyss....aur sorry tabiyat issue se delay kar rha hun bs...
 
Update 8

वीर ये सब सुन कर बस अपनी नम आंखों से आसू पोछते हुए कार ले कर अपनी चला जाता है

वीर - तुम मुझे मत अपनाओ लेकिन तुमको मैं जीना फिर से सीखा दूंगा साक्षी और तनु ये मेरा वादा है तुम्हारी नजरो में चाहे जितना गिर जाऊ लेकिन अपनी बेटी की नजरो मैं नही गिरना चाहता अब चाहे मर जाऊ लेकिन किसी को भी तुमको ताने नही मारने दूंगा।

अब आगे -

वीर ऐसा कह कर चुप चाप कार की चाबी ले कर निकल गया को शायद काम ही मिल जाए कुछ।

लेकिन वीर अच्छा से जानता था, ये गांव है यहां पर उसको काम मिलेगा,तो भी मेहनत वाला और वो उससे होगा नही हा! भोसड़ा मारने को मिल जाए तो कह नही सकता।

तभी वीर कार ले कर चुप चाप गांव में जा रहा था लेकिन शाम का टाइम था तो ज्यादा भीड़ थी लेकिन वो किसी तरह कार ले कर जा रहा था

वीर कही भी काम मागता लेकिन काम उसको मिल नही रहा था तभी वीर को याद आता है वो टूर का काम करता था वहा कार का काम शायद मिल जाए फिर तो उसकी खुद की भी कार भी थी।

तभी गांव के एक टूर का काम करने वाले जमीदार के पास गया

जमीदार - का हो बबुआ! का हाल चाल बा।

जमीदार को लगा कि वीर कोई कार बुक करने वाला कस्टमर है

तभी जमीदार कहता है वीर के बोलने से पहले " देखो बबुआ अभी कोई कार खाली ना बा"

तभी वीर कहता है " अरे नही चाचा मैं खुद काम मागने आया हूं "

वीर की बात सुन जमीदार हस्ते हुआ कहता है " का काम कर लेवा हो"

वीर उससे कहता है " चाचा कुछ भी लेकिन नौकर छोड़ कर "

उसकी बात सुन कर जमीदार कहता है तो ससुरा ये का कंपनी है का जाऊंन तोहका रख देई।

वही वीर जमीदार की बात सुन कर कहता है नहीं चाहिए तुम्हारी नौकरी रखो अपने पास लेकिन मेरे सामने आवाज़ ऊंची मत करना कोई मेरी पत्नी नहीं हो जो तुमसे डरूंगा।

तभी वीर अपनी कार की चाबी निकल लेता है

तभी जमीदार ये देख कर उसको रोक लेता है और कहता है " एक काम है तुम्हारी कार खुद की है "

वीर - हा

जमीदार - तब अच्छा है घरवाली है तुम्हारी

वीर - हा है घरवाली मेरी 3 थो काहे तू भी एक दोगे का

जमीदार - बबुआ अच्छा मजाक करता हा, हम तोहका टूर के काम पर रख देता हूं, लेकिन रोज के 2500 देब और पेट्रोल के अलग से लेकिन हामर हर बात माननी पड़ेगी।

वीर - ठीक है

तभी जमीदार कहता है हम रमाकांत है हमका यही कहा करा अब से

वीर उसकी बात मान लेता है तभी वो जोर से आवाज लगाता है अरे बिट्टू बाहर आओ

तभी एक औरत चाय ले कर बाहर आती है

रमाकांत - ये अब काम करेगा टूर का और रोज तुमको पैसा दे देगा ला कर

रज्जो - ठीक है जी

फिर रज्जो अंदर चली जाती है और जमीदार कहता है देखो यहां पर कार के अच्छा खासे पैसे मिलते है तभी रमाकांत वीर को दूसरे शहर भेज देता है और कहता है " दूसरे शहर में एक ई जगह पर जा कर इनको ले कर आना है

तभी वीर कार ले कर चला जाता है और कहता है मेडरचोद साला इतनी दूर भेज रहा है

तभी वीर कार चुप चाप चलने लगता है

इधर घर पर काव्या और साक्षी नीचे से ऊपर आती है खेल कर

तभी काव्या कहती है चलो ना जल्दी मम्मी पापा को परेशान करना है

तभी काव्या ऊपर आ जाती है और कहती पापा

तभी तनु ऊपर उसको कपड़े सिलते हुआ दिख जाती है जो उसको कहती है पापा कही बाहर गए है

तभी काव्या उदास हो जाती है और उसको ऐसे देख कर तनु का मन बैठ जाता है।

तभी साक्षी कहती है थोड़ी देर में आ जाएंगे पापा बेटू

तभी साक्षी अंदर आती है और कहती है खाना का क्या होगा

तभी तनु कहती है क्या होगा क्या थोड़ा चावल है बस वही फ्राई कर दूंगी सब खा लेंगे और कुछ लाने के पैसे नही है

तभी साक्षी कहती है उस रा‌ंड ने तो फकीर बना दिया कुछ करना पड़ेगा वर्ना इतना लोगो के खर्चा कैसे चलेगा।

तभी साक्षी कहती है तूने कुछ कांड किया क्या ये अचानक से वीर क्यो चला गया

तभी तनु कहती है मुझे नहीं पता और मैं जानती भी नही हट सामने से साड़ी सिलने दे

तभी अनु ये सुन लेती है जो अभी अभी आई थी वो ये सुन कर कहती है लगता है पिट कर गया है ही ही ही ही

तभी साक्षी उसको चुप कराती है कहती है जा कर काव्या के साथ खेल समझी

इधर वीर भी शहर आ गया था तभी वो जिस जगह रुकता है वहा एक औरत आती है

"ए ड्राइवर चल बैग रख कार मैं"

जिसको सुन कर वीर कहता है " मैं कार चलाने के पैसा लेता हूं समान रखने के नही"

तभी वो औरत वीर को घूरती है और सामन रख देती है और

चुप चाप बैठ जाती है

तभी कार चाल पड़ती है जिसको देख कर वो औरत कहती है देखो अगर मेरी तरह देखा ना तो आंखो को नोच लुंगी

ये सुन कर वीर हस्त है मैं भी तुमको देखने के लिए मरा नही जा रहा समझी शौक नही पड़ा मुझे तुमको देखने का

तभी वीर कहता है इतनी अकड़ ले कर कहा जा रही गांव में

औरत - वहा स्कूल में मेरी नौकरी लग गई है टीचर की वही रहूंगी अब बेटी के साथ

तभी वीर देखता है उसका बेटी भी इधर है तभी वीर कार चलाते हुए आने लगता है तभी वो एक सुन सान रोड पर गाड़ी रोक देता है

जिससे वो औरत डर जाती है और कहती नहीं मुझे कुछ मत करो तुम मुझसे पैसे ले लो मुझे मत करो

वीर - अबे चुप करो यार कितना बोलती तुम्हारे पास क्या है लेने को मोटी

तभी वीर कहता है उससे की कार पंचर हो गई है रुक जा कुछ मिनट बना लूं।

इधर घर में अब काव्या परेशान हो गई और कहती है मम्मी आप ने ही कुछ किया जो पापा चले गए।

तभी तनु कहती है तुम्हारे पापा कहा जाएंगे हम सब को छोड़ कर आगे पीछे ही घूमेंगे हम सब के परेशान मत हो ना बेटू थोड़ी देर में वो आ जाएंगे।

काव्या - नहीं मम्मी कॉल करो ना पापा को, मुझे नहीं चहिए चॉकलेट बस पापा को बुला दो।

साक्षी - क्या मतलब बेटा

काव्या - वो कुछ नहीं आप कॉल करो ना पापा को

फिर उसकी बात मान कर साक्षी ने कॉल किया उसको लेकिन फोन तो कार मैं था जिसकी वजह से वीर उठा नही सकता था।

वीर भी पंचर बना कर उस लड़की को सीधा जमीदार के घर उतार देता है क्युकी अब वो वही रहेगी।

तभी जमीदार आता है बाहर और कहता है आओ आओ चमेली , कोई तकलीफ तो नही हुई आने मैं

तभी चमेली कहती है नही कोई दिक्कत नही हुई वीर ने सब अच्छा से संभाल लिया।

तभी वीर कहता है अब रात काफी हो गई है मेरे पैसे दे दे मैं चलूं।

ये सुन कर चमेली वीर को 3000 दे देती है जिससे वीर स्माइल कर के चला जाता है

वीर वहा से निकलते टाइम देखता है रज्जो जमीदार की बेटी ऊपर खड़ी चमेली को घूर रही थी और उसकी आंखो मैं नमी थी।

लेकिन वीर वहा से निकलने लगता था तभी उसको जमीदार रोकता है और कहता है वीर कल 1 बजे आ जाना मैं कॉल करूंगा, दोपहर को कही चलना है।

वीर उसकी बात मान कर मुंडी हिला देता है और इधर साक्षी वीर का फोन नहीं उठने से परेशान हो जाती है और तनु को देखती हैं।

तभी तनु कहती है पता नहीं किस लन्ड से मेरी किस्मत लिखी गई थी।

तनु की ये बात सुन कर साक्षी और अनु हस हस के गिरी जा रही थी।

तभी साक्षी कहती है ध्यान से काव्या के पास रहना हम पापा को ले कर आते है।

तभी तनु और साक्षी गुस्सा मैं नीचे आते है और तभी नीचे आने पर मधु चाची और भाभी किसी बात को लेकर बात कर रहे थे।

वही तभी तनु गुस्सा मैं नीचे आती है तभी मधु उसको कहती है अरे बेटा तनु और साक्षी तुम दोनो का पति क्या करता है 3 पत्नियां है अब।

इतना सुन कर तनु का दिमाग तो पहले भी हिला हुआ था लेकिन ये सुन कर और हिल जाता है, लेकिन तभी तनु कहती है कुछ भी नहीं करते चाची हम तीनो को बारी बारी चोदते है क्यों,आपको भी चुदवाना है क्या?

उसकी ये बात ऊपर खड़ी अनु और भाभी सुन लेती है जो फिर हसने लगती है तभी साक्षी कहती है माफ करना चाची ये तो है ही पागल।

इतना कह कर साक्षी तनु को ले कर बाहर निकल जाती है।

तभी तनु से साक्षी कहती है और बता सच्ची सच्ची वीर के आने से अब अच्छा लगता है ना।

वही ये बात सुन तनु रुक जाती है क्युकी वो खुद जानती थी लेकिन फिर तनु आगे बढ़ जाती है और जब दोनो गेट पर आते है तो एक कार आ कर रुकती है।

साक्षी और तनु देखते है तो ये वीर था साथ मैं कई चीज भी थी उसके पास जो वो साक्षी को पकड़ा देता हैं।

तभी साक्षी वो सब पकड़ लेती है आगे जाने लगती है तभी रुक जाती है और पीछे देखती है तो वीर वापिस से उन्हे ताड़ रहा था।

साक्षी - ऊपर चल कर घूर लोगे तो कोई दिक्कत होगी क्या?

वीर ये सुन झेप जाता है और आगे चलने लगता है ऊपर आते ही वीर के ऊपर काव्या कुद पड़ती है और कहती ही ही ही पापा कहा चलें गए थे मुझे लगा आप फिर हम छोड़ कर चले गया मुझे और मम्मी को छोड़ कर।

वही उसकी ये बात तनु सुन लेती हैं और वो काव्या देखती है तो उसकी खुशी देख कर के हस देती है।

इधर वीर काव्या को उतार का के नीचे रूम में लाता है और खूब सारी चॉकलेट उसके सामने रख देता है जिसको देख कर तनु की आंखे चोड़ी हो जाती हैं।

तभी ये देख कर के अनु आती है और कहती है रुको मैं खत्म करने में मदद करती हूं काव्या।

काव्या अपनी टूटी आवाज़ में कहती है नही छोटी मम्मी, मम्मी देखो ना ये मेरी चॉकलेट

लेकिन तभी काव्या को कुछ और याद आ जाता है वो सभी झोले में चेक करती है और देखती है 4 साड़ी पड़ी हुई थी।

ये देख कर साक्षी आगे आती हैं और देखती है एक बैग मैं ब्रा और पँटी पड़ी हुई थीं जिसको देख कर वो नोटिस करती है ये किसके लिए है और हस्ते हुए तनु की ओर देखती है।

तनु - कामिनी भाग इधर से रुक तू जरा।

साक्षी - मेरे पर क्यो गुस्सा हो रही हैं, मैने थोड़ी लाया है ये सब

तभी साक्षी आगे आती है और कहती है बाकी की बैग चेक करने दे हट।

साक्षी और तनु चेक करते हैं तो देखती है एक बैग मैं सब्जी पड़ी हुई थी और सेंटरी pad पड़ी हुई थी।

ये देख कर साक्षी और अनु फिर हसने लगते है और इस बार तनु के गाल ही लाल हो हुए थे वो समझ नही पा रही थी क्या रिएक्शन दे।

क्युकी अब वीर की हरकतें जैसी भी हो वो खुश तो रख रहा था सभी को।

तभी अनु एक लास्ट बैग चेक करती है और कहती है मेरे लिए क्या लाया है वो देखती है तो जींस और टॉप दो सेट थे उसके लिए।

ये देख कर वो कहती है "ये मेरे लिए है क्या "।

तभी तनु कहती है अब हम दोनो को तो ये साइज होता नही और काव्या छोटी सी है।

तभी तनु फिर उदास होती है क्युकी उसको लगा था वीर काव्या के लिए कुछ नहीं लाया तभी वो कुछ और कहती तभी एक थप्पड़ उसके सर मैं पड़ता है जो बहुत ज़ोर से पड़ा था।

साक्षी - किसकी याद मैं खोई है रात को खोना यादों में इतनी देर से चिल्ला रही बैग मैं काव्या के कपड़े हैं निकाल हाथ मैं पकड़ कर बैठी है छोड़ हट।

तभी तनु का ध्यान आता है और उसकी आंखे नम हो जाती है ये पहली बार था जब उसकी बेटी के लिए नए नए कपड़े आए थे और ऊपर से वीर में थप्पड़ के बाद भी ऐसा किया।

वो एक टक वीर को देखती है जो बाहर बैठा हुआ था।

तभी अनु कपड़े साइड कर देती है और कहती है " मुझे नहीं चाहिए किसी ऐसे इंसान से कपड़े''

उसकी ये बात साक्षी और तनु सुनती हैं और बाहर आती है वीर के पास जो मुंह धुलने जा रहा था।

साक्षी - तुम वीर को मुंह धुलवा कर लाओ मैं चाय बनाती हूं और अच्छा से पूछ लेना सब सारी बात

तभी साक्षी वापिस रूम मैं आती है और चॉकलेट खाने लगती है क्युकी अभी तक काव्या अकेली खा रही थी।

ये देख कर अनु की आंख बड़ी हो जाती है दीदी आप उसकी लाई हुई चॉकलेट क्यो खा रही।

साक्षी - तो तू मत खा ना, वैसे भी ऐसे इंसान के हाथ से नही खाना चहिए।

ऐसा कह कर साक्षी काव्या से कहती है बेटू ये वाली चॉकलेट अच्छी है वो कोने से समोसा निकल ना, दोनो मां बेटी खाते है।

ये सब आंखे फाड़े अनु देख रही थी उसको अपनी बहन पर यकीन नही हो रहा था।

तभी वीर मुंह धुलने के लिए बाथरूम में आता है जहा पर उसके साथ तनु होती है, वीर को देख रही थी।

तनु - काव्या के कपड़े लाने के लिए थ

वीर - बेटी है, वो मेरी उसकी खुशी के लिए मैं कुछ भी करूंगा।

वीर - तुमको साड़ी पसंद आई

तनु कुछ नही बोलती तभी वीर कहता है वो पर्पल🟣 वाली पहन लेना ना मैने बड़े प्यार से एक साथ बहुत साड़ी लाने के पैसे नहीं थे क्युकी घर के सामान भी लाने थे।

वीर - बस मेरी बेटी को फटे पुराने कपड़े मत पहनाया करो और मैं हूं हवासि क्या करू नही बदल सकता खुद को ना, तुमसे प्यार करता हूं जो सही लगता है वो करता हूं।

वीर - वैसे के बात बताऊं

तनु - हा

वीर - इमोशन करवा कर कर तुमको साक्षी रूम से बाहर भेजना चाहती थी क्युकी समोसा और टिकिया अंदर है।

तनु - अरे! खाने के बाद बात करती हूं हा।

ऐसा कह कर तनु भाग जाती है और साक्षी को देख कर कहती है डायन

साक्षी - गुस्सा क्यो होती है तू भी बैठ के खा ना।

तभी तनु भी बैठ कर खाने लगती है जिसे देख कर अनु अब हिल जाती है।

अनु - दीदी

साक्षी - दीदी दीदी क्या कर रही है चल खाना बना, तू हम खा कर बनाते है।

तनु - तुझे खाना है या नही

साक्षी - जल्दी बता फिर हम खा ले

तनु - चल मत खा मैं खा लेती हूं।

अनु - दीदी

साक्षी - क्या है

अनु - मुझे समझ नही आ रहा

तनु उठती है और कहती है ज्यादा समझ मत ये समोसा ठूस बैठ कर और फिर तनु साड़ी अलमारी में रखने लगती है और पुरानी वाली फटी हुई फेक देती है।

तभी साक्षी कहती है रेड वाली साड़ी मेरी तनु ठीक है पर्पल वाली मेरी।

तनु- अनु जरा गारमेंट्स देना

साक्षी - रुक मैं देती हूं ये सटक है, अब तो खाना बना दे मेरी मां

तनु - हा चावल सब्जी बना देती हूं वैसे भी खाया तो सब ने

साक्षी - ठीक है मैं वीर के पास हूं तब तक तुमने पूछा था उससे

तनु - में गई थी बट पूछी नही तुम कर लो मैं खाना बना देती हूं।

तभी साक्षी बाहर निकल जाती है और वीर के बगल आ कर बैठ जाती है।

वीर - हल्लो

साक्षी - ही ही ही हेलो, अब बताओ कहा से लाए इतने पैसे

वीर - जमीदार के यह कार टूर का काम किया 3000 मिले और कुछ पैसे मेरे पास थे पहले।

वीर - तुम मुझसे गुस्सा हो क्या।

साक्षी - क्यो मैं क्यों होने लगी गुस्सा।

वीर - तुम्हारे अलावा तो कोई है भी नही जो मुझेसे सही से बात करे, लेकिन तुम भी तो बात नही करती तो अकेले फील होता है,

साक्षी - अरे इतना सब अकेला सोच लिया जरा मेरी तरफ देखा, तनु की तरफ देखो काव्या को देखो जो अपनी मम्मी के पास बैठी खाने में मस्त है, हा थोड़ा गुस्सा है हम सब लेकिन मानाओ तुम ना तुम्हरे ही है।

साक्षी - चाहे तुम हो या कोई और लेकिन इसी शरीर ने हमारे साथ खिलवाड़ किया था इतनी आसानी से कैसे भूल जाए सब हा।

वीर- i love you अब तो मैने साबित किया ना की मैं तुमसे प्यार करता हूं, अब तो मेरे साथ रहने मैं तुमको दिक्कत नही है।

साक्षी - i love you too इतना सोचने की जरूरत नही है हम सब तुम्हरे है।

तभी तनु कहती है चलो अब खाना खा लो फिर फुसलाना हम सब को

तभी वीर अंदर रूम में आता है और उसको तनु हस्ते हुआ दिखती है वो ये देख कर खुश हो जाता है।

तनु - अभी भी नहीं है मेरी समझे दात मत दिखाओ।

ये सुन कर वीर तनु और साक्षी को देखता है जो भले ही पहले ही टूट चुके थे लेकिन अब वीर ने उनको जोड़ने का काम शुरू कर दिया था।

तभी वीर की नजर अनु पर पड़ती है

वीर सोचता है ये लड़की तो पूरा का पूरा साक्षी की फोटो कॉपी है 😂 बस थोड़ी पतली है।

तभी काव्या कहती है छोटी मम्मी देखो पापा आप को देख रहे है अब।

वही ये सुन कर वीर अब खाने पर ध्यान देता है और तनु उसकी प्लेट में और डाल देती है।

फिर खाने के बाद वीर चुप चाप बाहर आ जाता है और साक्षी बाहर बिस्तर लगाने लगती है और तनु भी काम कर के आने लगती है।

अनु - सोना कहा है दीदी

साक्षी - देखो मैं और तनु और ये बहार सोते है।

अनु - मैं कहा लेटू

साक्षी- अनु तू भी वाइफ है समझी साथ मैं चल कर सो और तू भी जानती है वो तेरे हसबैंड है नई शुरवात हुई है वैसे भी तू खुस है या नहीं ये तेरा दिल जानता है।

तनु - बस कर वो समझ गई।

इधर बेड पर वीर काव्या को जकड़ कर सुला रहा था, और साक्षी को ताड़ रहा था जो बहुत खिली खिली लग रही थी।

वही रात का टाइम था और अब काव्या सो गई थी और वीर उसको प्यार से सुला दिया और काव्या के बगल तनु आ कर लेट गई और वहीं वीर के बगल साक्षी और फिर अनु।

वीर लेटा हुआ था उसको नींद नही आ रही थी तो वो बाथरूम करने के लिए उठा हुआ था।

वो जब सीढ़ी के पास पहुंचा तो उसको शोर सुनाई पड़ा तो वो शोर की तरफ बढ़ा।

गांव के दरवाजा तो होता ही है खतरनाक तो उसने चुपके से झांकना सही समझा और जैसे ही वीर ने नज़र अंदर की ओर की उसकी आंखे ही जम गई गेट पर।

सामने साक्षी का भाई राज अपनी पत्नी को चोद रहा था

राज निधि को पेट के बल लिटा कर पीछे से चोद रहा था और उसकी ही आवाज आ रही थी

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निधि - आह आह.. आ थोडा रुक रुक आआआ आ आराम से करिए ना देर तक चलेगा मजा आएगा आ हाए ओह यारर समझ करो ना उह उह मां यार समझ नही आती क्या

राज - चुप करो आने वाला आआआआआआआ मेरी जान धीरे मजा नही आता

निधि - अरे आआआह उह उह उह नही रुको

लेकिन तब तक निधि के अंदर झड़ चुका था।

निधि - जब कर नही पाते तो दवा ले लो ना हद है ।

इधर वीर ये देख कर जल्दी से भाग गया ऊपर और निधि वापिस गेट पर आती है तो उसको पता चल गया था की कोई था गेट पर तभी उसको ऊपर का गेट बंद होने की आवाज आई।

इधर वीर ने पहली बार सामने से चूदाई देखी थी उसकी सास बस ऊपर नीचे हो रही थी।

तभी वो वापिस लेट जाता है जहा उसके जस्ट बगल साक्षी लेटी हुई थी वो आपने कापते हुआ हाथो से साक्षी के कमर को सहलाता है।

वही ऐसा करते ही उसकी सास जम गई आज अपनी खुद की मां को ऐसे इतने करीब देख उसकी सास अटक रही थी लेकिन फिर वो हिम्मत कर के उसके और करीब आ जाता है।

फिर वो अपनी एक टांग साक्षी के ऊपर रख देता है और उसके बाद उसकी नजर साक्षी के चूचो पर पड़ती है जो देख कर उसकी सास और तेज हो रही थी।

फिर कोई भी लड़का अपना कंट्रोल खो दे तो वीर तो फिर भी पहली बार किसी लड़की के साथ था वो जल्दी से साक्षी के ऊपर आ जाता है और उसको दबोच लेता है।

तभी साक्षी की नींद खुल जाती है और वो चीखती उसके पहले वीर ने उसका मुंह दबा दिया।

वीर - प्लीज चीकना मत प्लीज मैं तो बस तुम्हारे साथ मैं बहक गया था माफ कर दो।

साक्षी बस हा मैं मुंडी हिला देती है, और ऊपर से हट जाता है वीर।

वही वीर अब बहुत ज्यादा डर रहा था जिसकी वजह से साक्षी हस देती है और उसके सीने में घुस जाती है और धीरे से कहती है मैने तो कुछ कहा भी नही फिर भी डर रहे हो।

वीर - ए एक किस कर सकता हूं।

साक्षी - चुप चाप सो जाओ हग करने दे रही हो ना

वही साक्षी, वीर को ऐसे तड़पते देख बहुत हसी भी आ रही थी आज उसको पाने लिए कोई तड़प रहा था।

थोड़ी देर बाद साक्षी सो जाती है और फिर वो करवट ले लेती है।

तभी उसकी नजर तनु पर पड़ती हैं जो साई हुई थी करवट ले कर

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पहले तो वीर उसको देख कर आंखे बंद कर लेता हैं लेकिन फिर उसको बाहों में जकड़ लेता है।

और उसकी कमर कस लेता है और उसका पल्लू हटा कर उसकी पीट पर सर रख देता है।

थोड़े टाइम बाद तनु की नींद खुल जाती है और वो देखती है वीर उसको जकड़ कर के सोया हुआ है

पहले तो तनु उसको मारने के लिए आगे बढ़ती है लेकिन फिर उसको वीर की बात याद आती है जो उसको कह रहा था मैं तुमको प्यार करता हूं।

तनु - अगर बात मेरी बेटी की खुशी की है तो मैं ये माफ कर सकती हूं और ऐसा कहते हुए वो वीर के हाथ को हटा देती है और कहती है अब सब खत्म हो चुका है वीर,अब तो मैं टूट चुकी हूं। शायद तुम मेरी खुशियां वापिस ला पाओ।

तभी वीर नींद मैं था और उसने तनु की कमर को लॉक किया और उसके ऊपर लेट गया और उसके चूचों पर सर सर रख कर लेट गया।

तनु वीर को धकेलने वाली थी तभी उसको आवाज आती है वीर के बड़बड़ाने की

वीर - तनु मत जाओ, तनु , रुक जाओ प्लीज। मुझे मत छोड़ो।

अचानक वीर कांपने लगता है और उसको कापते हुआ देख कर तनु एक तरफ देखती है जहा उसकी बेटी सोई हुई थी और उसके ऊपर उसका पति।

लेकिन तनु धीरे से वीर को अपने ऊपर से हटा देती है और उससे थोड़ा दूर हो कर लेट जाती है।

थोड़ी देर बाद तनु पलट कर देखती है तो वीर हाथ चला कर उसको ढूंढ रहा था।

फिर तनु स्माइल कर देती है उसको ये खेल अच्छा लग रहा था।

ऐसे ही रात गुजर जाती है।

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To be continued 😀 ab romantic life shru ho gai hai toh 🥰.... Lets enjoy.... Aur ek question hai batoo sabse pahle chut kon degiii....😂🤣 Nidhi mat bolna.
 
Update 9

फिर तनु स्माइल कर देती है उसको ये खेल अच्छा लग रहा था।

ऐसे ही रात गुजर जाती है।

अब आगे

सुबह सुबह चिड़ियों की चह चहाने से साक्षी और तनु की एक साथ ही नींद खुल जाती है जिससे वो देखती है की उन दोनो ने ही वीर को अपने अपने साइड जकड़ रखा है और दोनो ने अपनी टांग वीर के ऊपर लाद रखी है।

तभी उन दोनो की नज़र आपस में पड़ी तो दोनो झेप जाती है और दोनो ने जल्दी से वीर को देखा।

साक्षी - सो रहा है।

तनु - अनु

साक्षी जल्दी से अनु को देखती है जो सो रही थी।

साक्षी - वो भी सो रही।

तभी अनु खासती है और दोनो जल्दी से आंखों को बंद कर लेती है।

जैसे ही उन दोनो को कन्फर्म हुआ की अनु सो चुकी है दोनो जल्दी से उठ जाती है और रूम में भाग लेती है।

साक्षी - ओए सेक्सी सुनो जरा

तनु - क्या है

साक्षी - रात को मेने देखा कुछ

तनु - क्या

साक्षी - मैने देखा एक लड़की रात को खेल रही थी

तनु कुछ नही बोलती और साक्षी फिर हस्ते हुआ जाने लगती है तभी तनु कहती है उसको

मैने भी कुछ देखा वैसे

साक्षी - क्या देखा

तनु - मैने देखा एक लड़की लड़की रात को चुप चाप हस रही थी और सीने में घुसी हुई थी

अब साक्षी कहती है सच्ची बताऊं तो उसके साथ रहने मैं अच्छा लगता है।

तनु - हा दिन भर गांड़ के नशे में चूर रहता है घूरता रहता है।

साक्षी हस्ते हुआ कहती है बेचारा अब क्या करे हम दोनो को देख कर ही काम चला लेता है।

तनु - लेट हो रही है खाना बना कितनी देर तक सो रही थी हम दोनों।

साक्षी - कुत्ते ने ऐसे चिपका रखा था की बहुत प्यारी नींद आई पता ही नही चला कब सुबह हो गई यार

तनु - मेरी बेटी अब खुश रहने लगी है।

साक्षी - और तू

तनु - काम कर मैं नहा कर आती हूं

साक्षी उसका हाथ पकड़ लेती है और कहती है मुझे जवाब चहिए।

तनु - मुझे कोई जवाब नही देना और अगर मेरी बेटी की खुशी जरूरी है तो उसके लिए सब करूंगी

साक्षी - अच्छा और अगर तुझे उसने खुश रहना जीना सीखा दिया तो

तनु - तब तू जो कहेगी।

साक्षी - फिर वादा कर खुद प्यार से साड़ी उतारेगी

तनु - ठरकी कही की चल वादा लेकिन दिल्ली बहुत दूर है समझी।

तनु वहा से निकल जाती है और साक्षी दूर खड़ी हो कर उसे देख रही थी और कहती है एक बार हम दोनो को जीना सिखा दो ना वीर तुमने जो गलती करी है वो तुमको ही सही करनी पड़ेगी एक बार सब ठीक कर दो फिर वादा करती हूं खुद साडी उतारूंगी।

तनु - चल हट लंबी लंबी सोचती है,खाना तुझे बनाना है।

साक्षी - सोच ही सही लेकिन अब एक आस तो है

तभी वो दोनो बाहर आती है तो दोनो की नज़र ही जम गई थी।

सामने अनु वीर को बाहों में भर कर के लेटी है और वीर उसके ऊपर लेटा है।

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साक्षी - बड़े ही सेक्सी अंदाज में लेटी है देखो, और दिन भर हम दोनो को बोलती फिरती है की मैं वीर से नफ़रत करती हूं, ये बोल बोल कर मेरा दिमाग खा गई और सोई देखो कैसी है।

तनु - उसकी कोई गलती नही है चल अब

साक्षी - नही चलूंगी तू चल मैं अपनी बेटी के साथ नहूँगी आज

तनु - मुझे पता है तू कितनी संस्कारी है चल अब

तभी साक्षी कुछ बोलने वाली थी लेकिन तनु उसका मुंह दबा देती है।

साक्षी - नही उठाऊंगी पक्का

तभी तनु उसका मुंह छोड़ देती है और साक्षी चिल्लाती है "ओए ठरकी उठ जा"

इधर राज अपने पापा उदय के साथ बैठा था जो खेत के सिलसिले से बात कर रहे था।

राज - पापा जमीदार हमारी जमीन पर पानी नी आने देता कुछ करना पड़ेगा वर्ना इस साल की फसल खराब हो जाएगी।

तभी उसके चाचा कहते है बेटा राज वो जमीदार से हमारी बनती कम है हमीं ने उसके स्कूल को खुलवाने से रोका था वही बदला ले रहा है वो साला

उदय - तुम कुछ मत करो वर्ना वो इंसान बहुत बुरा है मारने से पहले सोचेगा नही।

राज - लेकिन उसका दिल जीत लिया तो, जन्नत का मजा है फिर

तभी रसोई में चाय बना रही निधि ये सुन कर कहती है जन्नत का मजा बहन चोद साला रात को बिस्तर पर चोदता नही बड़ा आया जन्नत।

निधि - साला कहती हूं धीरे धीरे चोद ना, चूस तब मजा भी आया बीवी को खुश रख नही पता।

तभी उसको राखी कहती है अरे बिट्टू कब क्या सोच रही हो बेटा

निधि - कुछ नही बुआ

राखी - बीवी को खुश रहने के लिए पति का साथ जरूरी है।

निधि कुछ बोलती तभी उसको आवाज आती

"रुक जा डायन, आज तेरा सर फोड़ दूंगी"

"ही ही ही ही ही ही"

"तू तो पिसचिनी है पता है"

तभी ये सुन कर निधि कहती है बुआ बीवी के खुश रहने के लिए पति का पास होना जरूरी है साथ जरूरी है।

राखी कुछ कहती तभी उसको निधि कहती है कभी तनु और साक्षी को इतना खुश देखा है पहले दोनो जो हमेशा खोई रहती है अब एक सा तेज आ गया है उनकी आंखों में।

राखी -

निधि - हा वीर के पास होने से वैसे हमारी बिल्लो अब अच्छे से लाइफ जीयेगि।

राखी - मैं हैरान हूं ये घर की खिसयाई बिल्ली से शादी होने के लिए कैसे मान गई तनु और साक्षी।

निधि - दोनो की लाडली है और ऊपर से डिट्टो साक्षी की तरह दिखती है।

इधर इतना हल्ला सुन कर अनु की नींद खुल जाती है वो जब आंखों को खोलती है तो देखती है आजू बाजू उसकी बहने जा चुकी थी।

अनु- फिर देखती है की वो वीर के नीचे सोई है

तभी अगले ही पल वो वीर को धकेल देती है और उसकी सास पूरी ऊपर नीचे हो रही थी।

पहली बार किसी ने अनु के जिस्म को छूआ था बेचारी कप कापा गई इस बात से।

तभी ये झटके से वीर उठ जाता है।

तब तक अनु जा चुकी थी।

वीर- ये सुबह सुबह बहन चोद पेल गया, मेरी भी जिंदगी मेंटोस खा कर लिखी गई थी एक से एक सुंदर लड़की मेरी वाइफ जिसके ख्वाब सब देखते है वो वो मेरी है।

वीर - लेकिन मजाल है किसी को हाथ भी लगा दूं मां चोद देंगी मेरी।

वीर - लेकिन कोई नही सब खुश रहे बाकी सबके लिए प्यार खुद जाग जाएगा सबसे पहले मैं अपनी परी को उठा दूं।

वीर काव्या के पास आता है और उसके माथे पर हाथ फेरता है अरे मेरा बेटू उठ जाओ, जाओ।

काव्या - उफ्फ पापा सोने दो ना।

वीर - धत चलो उठो जल्दी से फिर,जलेबी खिलाऊंगा पक्का।

काव्या - साथ मैं पकोड़ा भी गरम गरम

वीर को काव्या की ये तुतराती हुई आवाज बहुत प्यारी लगती है।

काव्या अब उठ कर वीर की गोद में बैठ कर लिपटी हुई थी।

तभी वीर के दिमाग में एक आइडिया आता है और वो काव्या से कहता है बेटू आपको पकोड़ा खाना है ना।

काव्या - हा

वीर - तब आपको पापा की एक बात माननी पड़ेगी।

काव्या - मैं तो आपकी सारी बात मानती हूं ना

वीर - ये हम दोनो की scerat बात है ओके।

काव्या भी वीर से धीरे से फुसफुस्ती हुई कहती है पक्का छोटा भीम वाला प्रोमिस।

वीर - मैं जब पकोड़ा लाऊंगा ना तो आप वो आप खाने से पहले कहना मम्मी आप पापा को अपने हाथो से खिलाओ ना।

काव्या - ठीक है तीनो मम्मी को कह दूंगी लेकिन शाम को चाकलेट लुंगी एक।

वीर - पक्का

काव्या - ही ही ही आप बेस्ट पापा हो, हमेशा ऐसे ही हस्ते रहा करो आप नही थे, तो मम्मी बहुत रोती थी।

वीर- पक्का अब नही जाऊंगा कभी अब तो हर दम तुम्हारे पास रहूंगा।

तभी वीर जल्दी से बाहर आता है और तुरंत पकोड़ा और जलेबी वैगर ले कर आता है

वीर - हाय अब मजा आएगा अब तीनो को मुझे खिलाना पड़ेगा ।

वीर अंदर आता है तो सामने उसको अनु दिख जाती है ।

वीर - ये तो पूरा साक्षी की फोटो कॉपी।

तभी अनु देखती है की वीर उसको देख रहा है और वो कुछ नही कहती।

वीर अंदर आ कर खाने का समान काव्या को दे देता जिसको तनु और साक्षी देख लेती है।

काव्या तो समान ले कर अंदर आ जाती है अनु और साक्षी के पास, तभी तनु बाहर आती है और कहती ये क्या है ये सब

वीर - क्या क्या है

तनु - ये सब क्या लाए हो, क्यो इतने पैसे वेस्ट कर रहे हो फालतू चीज के लिए कल भी मुझे ,2000 दिए था।

वीर - फालतू चीज के लिए नही है कुछ भी, मेरी वाइफ हो तुम समझी, तुम्हारे चहरे पर खुशी देखना चाहता हूं अब आदत डाल लो इन सब की।

तनु - क्यो कर रहे हो ये सब हा

वीर - तुम्हारे हसी के लिए।

तनु कुछ नही बोलती बस वीर को देखती है एक टक।

वीर- वैसे बहुत सुंदर लग रही हो अभी ऐसे सजी रहा करो ना हम बाप, बेटी के लिए।

तभी तनु को अनु बुलाने आती है और वो अंदर चली जाती है और उसके पीछे अनु भी चली जाती है और वीर वापिस जाते टाइम उसकी गांड़ देखने लगा अनु को इस बात का पता चल गया।

उसकी इस बात को साक्षी ने भी नोटिस किया

साक्षी - शर्म तो आती नही इसको ऐसे गुरते हुए, तुझे दिक्कत होती है तो मना कर दिया कर।

अनु - क्या कह कर मना करू 😑 की अपनी पत्नी को ऐसे घूरो मत, इतना अपनापन दिखाओ, वैसे आपको और तनु दीदी को क्यों दिक्कत नही होती।

तनु - तेरे सुर तो एक दिन मैं ही बदल गए।

ये सुन कर अनु झेप जाती है

साक्षी चल खा चुप चाप फिर बाहों में सोना भी तो है

वही ये सुन कर अनु के गाल लाल हो गया थे।

अनु - हा तो पती है मेरा।

साक्षी - क्या है

तनु - मत छेड़ो उसको ।

तभी वीर अंदर आता है तभी उसका कॉल बज जाता है।

वीर - सुबह सुबह ही बहन के लन्ड का कॉल आ गया

वीर - हेलो

जमींदार - बेटा जरा 4 घंटे के लिए कार ले कर चले आओ 12 बजे तक छोड़ दूंगा। पैसे भी ले लेना 4000

वीर - ठीक है

जमीदार - सुनो

वीर - हा

जमीदार - तुम मेरे खास आदमी हो परेशान मत हो बड़ा भाई समझ अपना

वीर - धन्यवाद

जमींदार - सुनो

वीर - हा

जमीदार - कंडोम का डिब्बा भी ले लेना 2 पेकेट और दवा भी और जल्दी आओ कार की सीट पीछे वाली पर कवर चढ़ा लेना ।

तभी फोन कट जाता है।

इधर वीर की तीनो पत्नियां हस रही थी।

वीर तीनो को एक एक बारी बारी देखता है और कहता है आज कुछ भी कर के किसी एक का तो होठ काट कर रहूंगा।

साक्षी - कब तक आओगे

वीर - 12

तनु - 12 मतलब 12.30 इससे लेट हुआ तो समझ लेना।

वीर हा कह कर निकल जाता है लेकिन वीर को कहा पता था आज उसकी जवानी पर बिजलियां गिरने वाली है आज वो आंखो से देखगा चूदाई किसको कहते है तभी तो 3 वाइफ संभाल सकेगा। इधर वीर के दिमाग मैं किस चल रही थी जो आज उसको किसी से लेना थी।

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Sory for delay ab update time to time rhenga,....ab jaldi hi romantic angel dekna ko milega..
 
Update 10

साक्षी - कब तक आओगे

वीर - 12

तनु - 12 मतलब 12.30 इससे लेट हुआ तो समझ लेना।

वीर हा कह कर निकल जाता है लेकिन वीर को कहा पता था आज उसकी जवानी पर बिजलियां गिरने वाली है आज वो आंखो से देखगा चूदाई किसको कहते है तभी तो 3 वाइफ संभाल सकेगा। इधर वीर के दिमाग मैं किस चल रही थी जो आज उसको किसी से लेना थी।

अब आगे

वीर कार ले कर निकल पड़ता है और कहता है साला जमीदार की औलाद इतना अच्छा देख रहा था तीनो को लेकिन इस मदर चोद ने कंडोम मगाने के लिए मुझे बुलाया।

वीर सीधा कार ले कर एक दवा की दुकान से कंडोम खरीद लेता है और सीधा चल पड़ता है जमीदार के घर के बाहर कार खड़ी करता है और सीधा अंदर चला जाता है।

जमीदार - आ गए बबुआ उम्मीद तो नहीं थी इतनी जल्दी आ जाओगे।

वीर उसको वो सारा समान पकड़ा देता है और जमीदार कहता है अरे वाह ये है ना काम की चीज़।

तभी वीर की नज़र ऊपर पड़ती है जहा से उसको रज्जो दिखती है जो बहुत गुस्सा मैं लग रही थी।

तभी जमीदार बिना कुछ बोले ऊपर चला जाता है और वीर को भी अपने साथ आने को बोलता है, थोड़ी देर बाद वो वीर को ऊपर रोक देता है और कहता है बस दो मिनट मैं आया तू देखना रज्जो ना आ जाए।

वीर कुछ समझ नही पाता तभी जमीदार अंदर चला जाता है

वीर तभी देखता है जमीदार अंदर चला गया जिसे देख कर वीर कहता है ये बहन का चोदा, मुझे सुबह सुबह इसलिए बुलाया अपनी छत देखने के लिए।

तभी वो बिना कुछ बोले अपनी मोबाइल चलाने लगता है तभी वीर को चिलाने की आवाज़ आती है।

"आआह्हह आआआआहहह मैमम्मी ईईईईई मार दोगे क्या आआआआहह्हह यार रहम करो"

"अरे यार रज्जो सुन लेगी आआआआहह रुक रुक जाओ साबर करो".

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वीर ये घूर कर देखने लगता है तभी वो कहता है मन में साला जबरदस्ती चोदता है।

तभी जमीदार चमेली को छोड़ देता है और ऊपर से हट जाता है तभी चमेली फिर उसके ऊपर कुद पड़ती है और खड़े खड़े लन्ड लेने लगती है

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वीर अब ये देख कर हैरान रह जाता है उसके कुछ समझ नही आ रहा था लेकिन उसको ये जरूर पता चल जाता है की चूदाई कैसे करते हैं।

तभी उसका ध्यान उसके लौड़े पर जाता है जो एक दम खड़ा हो गया था अब वीर भी जवानी था उसकी सास चढ़ गई ये देख कर।

तभी वीर की नज़र अपने बगल पर पड़ती है जहा उसको रज्जो खड़ी दिखाई देती है।

जिसको देख कर वीर डर जाता है और रज्जो अब गुस्सा मैं जमींदार की ओर बढ़ती है तभी वीर उसका मुंह दबा कर उसको खींचते हुए दूर ले आता है

रज्जो - तू नौकर है ना तो हद मैं रह

वीर - क्यों मरवा रही हो अगर उसने देख लिया तो हम दोनो के लोड़े लगा देगा और क्या कर लेंगे हम दोनो

रज्जो - तू हट मैं जान ले लुंगी उसकी, तुम सभी मर्द ऐसे होते हो हवसी

वीर - मैं ऐसा नहीं हूं समझी और अभी जा कर भी क्या कर लोगी वो कौन सा तुझसे डरता है अरे निकाल देगा तो कहा जाएगी हा।

रज्जो अब रोने लगती है और वीर उसको चुप कराता है

तभी वीर कहता है रोने से कोई फायदा नही तू अपनी जिंदगी मज़े से जियो वो कौन सा तुमको मना करेगा।

तभी रज्जो बस हा मैं सर हिला देती है और दोनो की नज़र दरवाजे पर जाती है जहा अन्दर चूदाई का प्रोग्राम मचा हुआ था।

तभी रज्जो अपने आसू पोछती है कहती है ठीक है तुम पैसे के लिए काम करते हो तो मेरे लिए करोगे बदले मैं तुम्हें पैसे दूंगी।

वीर उसकी बात मान लेता है क्युकी उसे पैसे की जररूत थी क्युकी उसके सर पर बहुत ज़िमेदारी थी।

तभी रज्जो मन मैं सोचती है आज पहली बार इतने करीब होने के बाद भी कोई रज्जो पर ध्यान नहीं दे रहा, वही वीर को रज्जो के गदराए हुआ बदन में ज़रा भी जुकाव ना था उसने ना ही रज्जो के बदन को देखा ही नहीं।

रज्जो मन मैं कहती है अब से मैं आज़ाद हूं, तुम्हे अपने करीब भी नही आने दूंगी।

रज्जो वीर की नियत भी सही है लेकिन जहा तक मैं जानती हूं तो मर्दों को तो भरी हुई औरते पसंद होती है

इधर रज्जो कहती है तुम मेरे लिए काम करोगे, जमीदार की सारी जानकारी, सभी लड़कियों के बारे मैं किसको किस तरह चोदता है सब मुझे बताओ।

वीर उसकी बात मान जाता है और तभी रज्जो उसको पैसे दे कर चली जाती है क्युकी अब जमीदार आने वाला था।

रज्जो जाते टाइम सोचती है, अच्छा है अब मैं बताऊंगी तुमको जमींदार, तुमने मुझे बहुत समय से धोका दिया अब मेरी पारी है।

इधर वीर बाहर खड़ा था, की जमीदार उसको देखता है और कहता है चले

दोनो कार के पास आते है और तभी एक आदमी आता है और कहता है साहब

उसकी बात सुन कर जमीदार कहता है हा बोलो का बात बा

"साहब हमार बहिन के शादी बिना पैसा चाहत हा, अगर तू दाई देवा तो बहुत दया होई"

उसकी बात सुन कर जमीदार कहता है अरे तू जरा भी टेंशन ना लेंया हो तू आपन आदमी अहा, हम अभी ही घर जा कर तुम्हारी बहिन को पैसा दे देते है

तभी वो आदमी चला जाता है।

इधर वीर और जमीदार चल पड़ता है और कार सीधा उस आदमी के घर पर रुकती है

जमीदार को देख कर उस आदमी की मां बाहर आती है और आदर सत्कार करती है।

जिसकी उम्र यही कोई 45 के आस पास थी।

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जिसको देख कर जमीदार बोलता है चलो तुम्हारी बेटी मेरी बेटी है अब तुम जरा भी टेंशन मत लो बस तुम कार मैं चल कर बैठो, अभी चल कर पैसे दे देते है अंदर तक।

तभी वो औरत बेटी को गले लगा कर चल देती है और वीर मन मैं कहता है, हो गया इसका भी कल्याण

तभी वो औरत कार मैं बैठ जाती है और जमीदार कार मैं आता है और कार चल पड़ती है।

जमींदार - जरा कार के शीशे लगा दे।

वीर उसकी बात मान कर कार के शीशे लगा देता है और वो औरत जमीदार से कहती है आपका बहुत बहुत धन्यवाद साहब।

जमीदार - अरे बेटी है वो मेरी तू टेंशन मत ले

औरत बस हा कहती है तभी जमीदार अपनी लुंगी उतार देता है और उसका लन्ड एक दम टाइट हो जाता है।

वही ये देख कर वो औरत कहती है नही मुझे नही चहिए पैसे मुझे जाने दीजिए

इसके पहले की वो कुछ और कहती जमींदार उसकी साडी उठा कर लन्ड डाल देता है

औरत - आआआआहह्ह साहब हम का पैसा ना चाही साहब

जमींदार - अरे कुछ ना होता तू मेरी पत्नी है अगर वो मेरी बेटी है तो तू मेरी बीवी और सुन मेरी बेटी की शादी धूमधाम से होनी चाहिए कोई कमी ना आने पाए

और अब वो औरत कुछ नहीं बोलती बस चुप चाप धक्के खा कर पैसे ले कर अपने घर उतर जाती है।

और वीर उसके पैसे से भरा बैग ले कर उसके साथ चलता है

औरत - बस यही रख दो मेरा बैग

वीर पैसे दे कर चला जाता है और औरत अपने आसू पोछती है जिसे देख कर वीर उसके आसू पोछता है

जिसे देख कर वो अपनी साड़ी का पल्लू झटक देती है और चिल्लाते हुए कहती है तुम भी चोद लो मजबूरी का फायदा उठा ले तू भी।

तभी वीर उसका साड़ी का पल्लू सही करता है और उसके आसू पोछता है और उसको गले लगा लेता है और कहता है मैं भी मजबूर हूं, नहीं रोक सकता था, लेकिन आपको रोता हुआ भी नहीं देख सकता, लेकिन अगर रोने से ही सब सही होता तो आज सब सही होता।

वही वीर उसका माथा सहला कर चला जाता हैं वही वीर के जाने के बाद वो औरत थोड़ी शांत हो जाती है, और आसू पोछते हुए भी उसे हसी आ जाती है, आज पहली बार उसे किसी से बड़े अपनेपन से सहलाया था।

औरत - आज भी ऐसे लडके होते है वर्ना हर तरफ तो हवस के मारे भरे है

तभी उसको एक लड़की की आवाज़ आती है अरे मां।

इधर वीर भी जमीदार को छोड़ कर रज्जो को सब बता कर पैसे ले कर चला जाता है घर का समान ले कर।

वही आज इतनी सारी चूदाई देख कर उसका भी दिमाग हिल गया था।

इधर वीर भी जोश मैं घर निकल जाता है।

इधर दूसरी तरफ एक लड़की ऑफिस मैं बैठी थी ।

लड़की - रमेश मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी लेकिन अब वीर पर कोई आंच नहीं आने दूंगी, वादा रहा मेरी छोटी बहन तुम्हारे लिए तो मैं दुनिया छोड़ दूंगी।

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To be continued.. next update romance aur thoda ladai dekna ko milega... Update thoda chota hai but next update bhot romantic hoga....
 
Update 11

इधर वीर भी जोश मैं घर निकल जाता है।

इधर दूसरी तरफ एक लड़की ऑफिस मैं बैठी थी ।

लड़की - रमेश मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी लेकिन अब वीर पर कोई आंच नहीं आने दूंगी, वादा रहा मेरी छोटी बहन तुम्हारे लिए तो मैं दुनिया छोड़ दूंगी।

अब आगे

लड़की - अंजली मेम

अंजली - क्या है

लड़की - ये हमारी इस महीने का टूर का प्रॉफिट है।

अंजलि - ठीक है

अंजली किसी को कॉल लगती है और कहती है " पता करो रमेश कहा है और उसकी बेटी आज कल कहा रहती है"

इधर वीर भी तेजी से सास लेते हुऐ आज जो जो उसने देखा था उससे उसका दिमाग जो हिल गया था।

तभी वो ऊपर आता है तो उसके सामने से कोई जा रहा होता है वो समझ जाता है ये उसकी ही वाइफ है।

तभी वो नज़र डालता है तो देखता ही रह जाता है।

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उसकी वाइफ इतनी सजी हुई थी ऊपर से इतनी सुंदर ऊपर से गदराया हुआ बदन, ऊपर से वीर अभी भी वर्जिन वो बहक गया उसने बिना जाने समझें की वो कोन है उसने उसको पीछे से अपने बाहों में समेट लिया।

वीर ने अपने हाथ उसकी कमर पर लोक कर के, उससे पीछे से चिपक जाता है और अपने होठों को उसके पीठ पर रख देता है।

वही वीर उसकी कमर पर हाथ सहलाते हुए बोलता है आई लव यू

तभी किसी की खांसने की आवाज़ आती है।

तभी वीर को तनु धकेल देती है

जिससे देख कर निधि बोलती है ओए होए दीदी रोमांस हा।

निधि - इसी लिए आपने काव्या को तनु और साक्षी के साथ भेज दिया बाग हा अब आम तो एक बहाना है असली मकसद तो प्यार को पाना है क्या जीजू

तभी राखी हस्ते हुआ निधि को जबरदस्ती नीचे ले कर चली जाती है।

राखी - तुम दोनो आराम करो बेटा, दामाद जी बहुत प्यारे है।

बेचारी तनु का पारा चढ़ गया ये देख कर वो गुस्से मैं वीर को देखती है जिससे वीर सहम जाता है और कहता है मत मारो वो बहुत अच्छी लग रही थी।

तनु - ऐसी हरकतें क्यो करते हो जिससे मैं मारू तुमको, कितना भी सोच लूं तुमको ना मारू, लेकिन नही बिना लात खाए दिमाग नही चलता तुम्हारा ।

वीर चुप चाप सर नीचे झुकाए सुन रहा था वो इतने प्यार से मुंह बना कर सुन रहा था ।

तनु - घर में एक बेटी है, चैन नहीं है तुम्हें कभी भी कुछ भी कर देते हो।

तनु - मूड खराब मत करो अब वर्ना सीधा सैंडल उतारूंगी, चुप चाप बोलते हो या नहीं।

वीर - क्या बोलूं

तनु - कल रात से देख रही हूं, हरकते तुम्हारी सब सच सच बोलते हो दूसरा तरीका है मेरे पास किसके साथ मुंह काला कर रहे हो।

वीर - मतलब

तनु - अब सैंडल उतारती है अपनी

तभी वीर जल्दी से कुद पड़ता है और बोलता है अरे मैने कुछ नहीं किया सच्ची मैं कल रात को बस पानी पीने उठा था तभी कुछ शोर सुन तो नीचे गया तो देखा राज निधि प्यार कर रहा था और फिर मैं ऊपर चला आया और आज काम पर गया तो जमीदार ने एक औरत को कार मैं चोदा और वो रो रही थी तभी मैं उसको चुप कराने के लिए गले लगा दिया वो मां की उम्र थी।

(एक तरफ से वीर सब कुछ बक दिया तनु को)

वीर - में अपनी बेटी की कसम खाता हूं मैं बस तुम्हारे और अपनी पत्नियों के अलावा किसी को भी गलत नजर से नहीं देखा।

तनु फिर उसको घूरती है

वीर - तुम्हारी कसम मेरे दिल में ज़रा भी उनको ले कर हवस नही आई ।

तनु - वो तो घर आते ही दिख रहा था।

तभी तनु वीर को पास बुलाती है।

वीर स्माइल करते हुआ जाता है उसके पास तभी तनु उसका हाथ पकड़ कर पास मैं गरम गरम चूल्हे से लकड़ी उठा लेती है।

ये देख कर वीर की गांड़ फट कर हाथ मैं आ जाती है और वो जल्दी से कुद कर बेड पर आ जाता है।

तनु - रुको बहुत देखने का नासा चढ़ा हुआ है ना उतरती हूं अभी आओ नीचे, आओ आज हग🫂 करवाती हूं बहुत दुसरे का हिम्मत देना है ना आओ दिलवाती हूं।

वीर - नी नी अब से कसम से अब नही होगा।

तनु - घर में तीन तीन को दिन भर ताड़ते हो हवासी कहीं के रुको तुम आज

वीर - रे मैं जल जाऊंगा उससे , मेरी नियत खराब नहीं थी।

तनु - नियत खराब नहीं थी तो हो जाएंगी, तुमने उनको छूआ कैसे।

तनु को इतना गुस्सा मैं देख कर वीर की गांड़ फटी हुई थी

तनु - तुम्हारी नियत सही हो या नहीं आज के बाद किसी को भी नहीं छूना नौकरी करने भेजती हूं हिम्मत देने नहीं।

वीर - हा हा पक्का

तनु - और ये झांकने की आदत कहा से सीख रहे हो घर में।

वीर - अब से पक्का तुम सब के अलावा किसी को नहीं झकुंगा मैने तो वैसे भी कुछ गलत नहीं किया।

तनु - गलत किया या नहीं किया मुझसे नहीं मतलब अब से अगर किसी और को छुआ हम तीनो के अलावा गलती से भी, तो तुम देखना क्या करती हूं मैं।

वही साक्षी अंदर आती है और उसके हाथ से लकड़ी ले लेती है और कहती है वो समझ गया।

वीर - बाहरी वाले से क्या मतलब मैं तो छूता तो छोड़ो देखता भी नहीं, मेरी खुद तीन पटाका पत्नियां है मुझे दूसरे की क्या जरुरत छुने की, मैं तो तुमसे सारी बात शेयर करता हूं।

वीर तभी जाने लगता है तो कहता है बाहरी को क्या छूना घर वाली को छूता हूं तो गांड़ फाड़ देती है।

तभी तनु वापिस से लड़की उठा लेती है और कहती है रुको आओ प्यार करती हूं

लेकिन वीर लकड़ी देख कर भाग जाता है बाथरूम और भागते हुए बोलता है जल्दी भाग वर्ना लोड़ा जला देगी, साले जमीदार तेरी मां की साला कुत्ता।

तनु - अरे आओ ना कपड़े उतार दूं

वही ये देख कर साक्षी हस्ते हुआ लड़की छीन लेती है और और तनु के सर पर मारती है।

साक्षी - क्या करती रहती है तू।

तनु - देखा नी तूने उस बुढ़िया से तो मैं मिलूंगी तब बतुंगी मेरे सीधे साधे पति को बहला रही है ना जो रुको

साक्षी हस रही थी अरे वो बस उसका रोना चुप करा रहा था।

तनु - मेरे पति है बस मेरा ऐसे सब का रोना चुप कराने के लिए नहीं है वो, बस हमारा रोना चुप कराए और बस हमारी डॉट खाए बस किसी और ने ये हक लेने की कोशिश की तो जान ले लुंगी।

तभी साक्षी कहती है चलो कम से कम पति तो माना तुमने।

साक्षी - तू भी अच्छी तरह जानती है, वो हम दोनो के होते हुए कही नहीं जा सकता उसके दिल पर हमारा कब्जा है।

साक्षी - भाभी वाला फिगर और थोड़ा अच्छा फेस इसी पर तो वो फिदा रहता है वैसे भी वो हम तीनो से प्यार करता है।

तनु अब खाने बनाने लग जाती है और साक्षी भी बनाने में लग जाती है।

साक्षी - तनु

तनु - अब क्या है

साक्षी - वैसे हम दोनो ऐसे साड़ी लपेट लेते है तो इससे कंट्रोल नही होता, जिस दिन सज धज जाएंगे क्या होगा।

तनु - इसी लिए जरा भी मेकअप नहीं करती, ऊपर से डर लगता है मेरी बेटी भी है इसीलिए मार भी नहीं सकती।

तभी साक्षी कहती है वैसे अब हम दोनो की लाइफ सेट हो गई है ना।

तनु - हा

तभी काव्या अंदर आती है और बोलती है मम्मी आपकी पीट पर ये रेड रेड क्या है।

जिससे अनु देख कर हैरान रह जाती है क्युकी वो अच्छा से पहचानती थी इस निशान को ये लव बाइट के था।

तभी वीर जो अभी अभी अंदर आया था वो वापिस जाने लगता है।

अनु - वो एक चिटी ने काट लिया था इनको।

काव्या - ओ मम्मी ध्यान रखा करो ना इस चिटी ने कल बड़ी मम्मी को भी कटा था।

ये सुन कर साक्षी और तनु एक साथ अटक जाती है।।

तभी अनु बाहर चली जाती है किसी काम से।

और वीर रूम में चुप चाप बैठा था दोनो पत्नी को ताड़ रहा था अपनी।

तभी उसे किसी के डाट खाने की आवाज़ आती है जिससे वो उठ कर बाहर आता है तो देखता है सीधी के पास खड़ी अनु थोड़ा उदास हो कर बैठी हुई है।

वीर पास से देखता है तो पता है उसकी आंखे नम थी।

वीर - क्या है क्यो रो रही हो आप हा

अनु आसू पोछते हुए तुमसे मतलब मैं चाहे जो करू।

वीर - मतलब है तुम मेरी हो तुम्हे रुलाने का हक बस मेरा है आज तक तुम्हारे पति ने तुम्हे नी रुलाया तो किसकी हिम्मत हो गई तुम्हें रुलाने की।

अनु वीर की बात सुन कर अब थोड़ा चुप हो जाती है और कहती है मेरी सहेली की शादी है लेकिन मुझे कोई जाने नी दे रहा।

वीर - कोन नी जाने दे रहा।

अनु - कोई नी जाने देगा मैं बाहर जा रही थी तो पापा ने डाट कर ऊपर फेक दिया वापिस कहता है बाहर गई तो मुंह तोड़ दूंगा।

वीर - बाहर क्या करने जा रही हो।

अनु - तो क्या करू दिन भर दीदी लोग भी ऊब जाती है और मेरी फ्रेंड की शादी में भी नी जाने देंगी।

वीर - अगर मैं तुम्हे ले चलू शादी मैं और घूमने तो ?

अनु - सच्ची ? लेकिन तनु दीदी नी मानेगी।

वीर - वो में देख लूंगा अभी चलो मेरे साथ

वीर उसको ले कर बाहर चल देता है और बाग मैं आ जाता है ।

जहा वो अनु का हाथ पकड़ कर चल रहा था।

और रास्ते में उसको सब देख रहा था और अब उसके पापा ने भी नी डाटा उसको।

वीर के साथ बाग आ कर वो बहुत खुश थी वो उछल उछल कर आम तोड़ थी और वीर उसको देख रहा था।

वीर उसके पास आ कर खड़ा हो जाता है और कहता है मुझे पता है तुम मुझसे नफ़रत करती हो शायद इस शरीर ने तुम्हरे साथ भी कुछ गलत किया लेकिन तुम उदास मत होया करो तुम हस्ती हुई प्यारी लगती हो।

उसकी ये बात सुन कर अनु उसको देखती है और अब वीर उसको ले कर घर चल देता है।

अनु - इतनी जल्दी क्यों है चलने की मेरे साथ रहना तो तुम्हे जरा भी पसन्द है नही क्यों।

वीर उसको कुछ नहीं कहता है और अनु कहती है मैं सही थी तुम हो ही ऐसे हू ।

अनु - इतनी जल्दी मेरे दिल नी पिघलेगा।

तभी घर आ जाता है और वो दोनो खाना खाते है और वीर नोटिस करता है अब तनु उसे इग्नोर कर रही थी।

वही साक्षी हस रही थी।

वीर - अभी भी गुस्सा है क्या

साक्षी - हा मना लेना रात को में।

तभी वीर कहता है बाहर घूमने चले मॉल।

साक्षी - पागल हो तुम तनु मार डालेगी

तभी वीर हस्त है और काव्या को इशारा कर देता है।

थोड़ी देर बाद

साक्षी और तनु मॉल में साडी ले रहे होता है और दूसरे तरफ अनु वीर के पास खड़ी थी।

वीर - अब सुनो मेरी बात शादी कब है।

अनु - 5 दिन बाद

वीर - ठीक है तुम अच्छी सी ड्रेस ले लो

अनु और वीर ड्रेस लेने लगते है।

अनु - ये कैसी है

वीर - कलर अच्छा नहीं है।

अनु - ये

वीर - ये ठीक है

अनु - रुको मैं ट्राय कर के आती हूं।

अनु ड्रेस पहन कर आती है और जिससे वो बहुत प्यारी लग रही थी और वीर अनु के लिए बहुत सी जींस लेता है क्युकी उसे बहुत पसन्द थी।

वही अब अनु वीर को घूर रही थी उसने कभी नी सोचा था कि वीर उसके लिया ये सब करेगा।

अनु मन मैं कहती है थैंक्यू वीर

वही वीर उसको खोया हुआ देख कर उसके पास आता है और कहता है क्या हुआ और कुछ चाहिए।

अनु - नहीं पागल इतना बहुत है

तभी वीर अनु के हाथों मैं 2000 रख देता है और कहता है मेरी वाइफ हो ये तुम्हरे खर्चे के लिया।

अब अनु की आंखे नम हो गईं आज पहली बार किसी ने उसे इतना प्यार दिया था।

वही फिर वो सीधा भाग गई सीधा साक्षी के पास।

वही साक्षी कब से देख रही थी की वीर अनु को संभाल रहा है आज साक्षी बहुत खुश थी एक तरफ आज वीर ने थोड़ा ही सही तनु के करीब आया और अब अनु के लिए इतना कुछ।

तभी वीर तनु के पास जाता है लेकिन तभी वो ट्राय रूम मैं चली जाती है।

और इधर से शॉपिंग कर के वो सब घर चल देते है और वीर ने सब के लिए बहुत कुछ लिया था और आते आते रात हो गई थी इसलिए उन सब ने बाहर से खाना खा लिया।

फिर आते ही काव्या सो गई और आज उसने बहुत खेला था वो बहुत खुश थी और उसकी खुशी देख कर तनु।

तभी सोने का टाइम हुआ और एकदम कोने काव्या उसके बगल तनु और फिर वीर और फिर साक्षी और अनु।

जैसे ही वीर ने देखा काव्या सो गई वीर ने तनु के पैर के ऊपर पैर लाद दिए और उसे अपनी तरफ खींच लिया।

लेकिन तनु ने जरा भी करवट नहीं लिया।

तो वीर ने धीरे से उसके बाल को सहलाया और उसको बोलो नाराज हो हमसे।

तनु - नाराज़ क्यों होंगी तुमने तो बहुत अच्छा किया आज मेरी बेटी खुश है देखो सो गई।

वीर - और मेरी पत्नी खुश नहीं है क्या।

तभी वीर ने उसको पकड़ कर अपनी तरफ कर लिया, अब तनु का फेस वीर की तरफ था।

वीर - माफ कर दो अब से कभी नहीं करूंगा ऐसा पक्का।

तनु - नही जाओ सपोर्ट करो ना

वीर - प्रोमिस नहीं होगा ऐसा दुबारा मैं तो बस तुम्हारा हूं ना तुम्हारी डाट सुनुगा दिन भर और मार खाऊंगा दिन भर और ये हक तो बस तुम्हरा है।

उसकी ये बात सुन कर तनु भी हल्का हस देती है।

तनु - अच्छा ठीक है अब सो जाओ लेकिन अब से नही होना चाहिए।

वीर - पक्का कभी नहीं होगा।

तनु वापिस अपनी बेटी को देखती है और उसे गले लगा कर लेट जाती है।

तभी वीर वापिस साक्षी को देखता है जो अनु को गले लगा कर सो रही थी।

वीर वापिस तनु को सीधा करता है और कहता है मैं तुमसे बहुत प्यार करता हुं तनु तुमने मुझे मारा पीटा मुझे फरक नही पड़ा, क्योंकि तुम जैसी भी हो मेरी हो मेरी पत्नी तुम्हरा गुस्सा भी प्यारा होता हैं ही ही ही ही

वीर - तनु

तनु - हम्म्म

वीर - मैं कोशिश कर रहा हूं तुम्हारा दिल जीतने की तुमको खुश करने की, तुम देखना तुम्हारा दिल जीत लूंगा मैं।

तनु - इतना ही प्यार था तो पहले छोड़ क्यो दिया, और अब प्यार आ रहा है जब सब बदल गया मेरी फीलिंग,

वीर - क्या सच्ची तुम्हें मुझसे प्यार नहीं है

तनु कुछ नही बोलती और करवट बदल लेती है

तभी वीर उसकी कमर पकड़ कर डरते हुआ उसके ऊपर आता है जो अब उसके ऊपर आने मात्र से काप रहा था।

वही तनु अब वीर को कटीली नज़र से देखती है।

वीर - नहीं करती प्यार मुझसे

तनु - हा नही करती क्यो करू तुमसे प्यार हां बंदर कही के।

वीर - मैं तुमसे प्यार करता हूं सबसे करता हूं, तुम मुझसे गुस्सा मत होया करो, मार दिया करो मुझे जब गुस्सा आया करे तो लेकिन इग्नोर करती हो तो दिल में दर्द होता है नही बरदाश होता।

तनु - और जो दिमाग चलाते हो आज कल जायदा मुझे सब पता है समझे।

वीर - क्या मतलब

तनु - काव्या से क्या क्या कहलवाते हो ये करो वो करो कही भी चलना हो तो काव्या का सहारा ले लेते हो।

तनु - और रहते रहते तुम्हारा दिमाग काम करना बंद कर देता है क्या, क्या जरुरत थी इतने पैसे खर्चे करने की मॉल में सारे पैसे लगा दिए हम सब के कपडे मैं।

वीर - मुझे अच्छा लगता है तुम सब के ऊपर खर्चा करना वैसे भी तुम्हारी स्माइल से बड़ कर थोड़ी कुछ है।

अब वीर तनु के उपर लेता था जिससे उसका लन्ड टाइट हो गया था लेकिन वो कुछ कह नी रही थी और वीर एक नज़र देखता है तो तनु सच मैं किसी चांद जैसी है रूप रंग ऊपर से उसकी चूचियां में ऊबार।

वीर - मेरा साथ दोगी, मेरा हाथ थामोगी, पक्का कुछ भी उल्टा सीधा नहीं करूंगा।

तनु - नहीं

वीर - हा कर दो ना रोज तुम्हारे पैर दबा दिया करूंगा।

वही तनु उसकी बात सुन कर मन ही मन हस देती है और ना चाहते हुए भी उसके होठ खिल उठते है नन्ही सी स्माइल के साथ, जो तनु वीर को नही दिखाना चाहती थी इसलिए वो अपना सर पलट देती है दूसरी तरफ।

लेकिन वीर ने देख लिया और कहता है धीरे से ओय मेरी बच्चो की मम्मी आपकी स्माइल बहुत लाजवाब है।

तनु की स्माइल बड़ी हो जाती है अब वीर उसके ऊपर चढ़ कर उसको छेड़ रहा था, जिसे वो ना चाहते हुआ भी बहुत पसन्द आ रही थी।

तनु वही मन मैं वो सब बात याद करती है की जब वो वीर को डाट देती थी, तो भी वो चुप चाप सुनता रहता है हमेशा उसकी डाट सुन लेता है एक बार भी नज़र ऊपर कर के नहीं देखता है, उसका चुपके चुपके उसे घूरना उसकी डाट और मार के बाद भी वो बस तनु को प्यार की नज़र से ही देखता।

वही ये सब सोच कर उसकी स्माइल बड़ी जा रही थी और वीर को देखती है जो उसकी स्माइल को बस प्यार से देख रहा था उसे।

वीर - क्या तुम मुझसे नफ़रत करती हो।

तनु - पहले तुमने मेरे सथ

वीर उसके मुंह पर हाथ रख देता है और कहता है मत याद करो उसे मुझे खुद वो सब बात याद नहीं क्या पता मैं कोई दूसरा सक्स हूं, वो कहानी तो खत्म हो चुकी है उसे सोच कर मूड मत खराब करो अपना बहुत मेहनत करी है मैने ये स्माइल वापिस लाने मैं।

और जब वो हाथ हटाता है तो तनु कहती है मेहनत कैसी मेहनत हा

वीर - क्यो हरदम मार खाता रहता हूं तब जा कर अपनी तनु की हसी देखी है मैने, और वैसे भी सुबह तो जलने वाला था मैं।

वीर की बात सुन कर फिर ना चाहते हुए भी तनु का चहरा खिल जाता है और धीरे से कहती है अच्छा ठीक है नहीं सोचती वो सब बात।

वीर - ही ही ही तो आपको हमसे प्यार हो गया ना

तनु - गधे ऐसे ही मार खाओ, फिर सोचूंगी।

वीर अब ना चाहते हुए भी तनु को देखता है उसकी कमर उसके चूंचे अब बेचारा के नीचे इतनी प्यारी वाइफ हो तो कोन नही बहकेगा।

वीर धीरे धीरे उसके होठ की ओर बढ़ने लगता है लेकिन तनु उसको रोक देती है और कहती है मैने तुम्हे थोड़ा क्या भाव दिया तुम तो सर पर चढ़े जा रहा हो हा, मैने कब कहा कि मेरे दिल पिगल गया।

वीर तेजी से सास लेते हुआ कहता है प्लीज़ मैं जानता हूं तुम्हरा दिल भी प्यार करता है

तनु - बड़े आए मेरे दिल की जानने वाली

वीर - करती हो ना प्यार मुझसे

तनु - रात को तुम्हे क्या हो जाता है दिन भर तो चुप चाप सर झुकाए रहते हो और रात को हरकतें देखो अपनी।

वीर - में क्या करू ऐसा की तुम्हे मुझसे प्यार हो जाए तुम्हारा दिल पिघल जाए, तुम्हारी हसी वापिस आ जाए।

वही ये सुन कर तनु हस देती है और कहती है बस करो सब जाग गए अगर तो मैं बहुत मरूंगी कसम से कह रही।

तनु का दिल भी जनता था की अब वो कितनी खुश रहने लगी है।

तभी वीर फिर आगे आता है और तनु फिर रोक देती है।

वीर अब उदास हो जाता है और चुप चाप ऊपर से हट जाता है।

तनु ये देख कर बहुत हस्ती है और उसकी हसी रुक ही नहीं रही थी वो किसी तरह अपनी हसी रोकती है और वीर की सारी बात याद करती है जो उसे बहला रहा था उसे मना रहा था।

तनु मन मैं कहती है प्यार करते हो ना मुझसे गधे और फिर वो हस्ती रहती है तभी वो कहती है वैसे झूठ भी नहीं कह रहा था थोड़ा ही सही लेकिन प्यार तो है।

तनु अपनी बेटी को देखती है जो बहुत गहरी नींद में सोई थी और वो कहती है अब सब अच्छा चल रहा है अब आदत डालनी पड़ेगी ऐसे ही खुशी की।

तनु वापिस से वीर की तरफ मुंह करती है और उसे अपनी तरफ मुंह करने को कहती है

तनु - उदास मत हो एक बात बताऊं

वीर - हा

तनु - मैने ये नी कहा की प्यार करती हुं लेकिन मैने ये भी नही कहा की प्यार नहीं करती हुं।

वीर इतना सुनता ही पागल हो गया लेकिन उसने कंट्रोल रखा तो वापिस तनु ने बोला अब मैं बहुत खुश हूं तुम्हारे वजह से।

वीर - तो मुझे एक्सेप्ट करने में क्या दिक्कत है

तनु फिर हस्ती है अच्छा बच्चू मेरा मन नहीं है जो दिन भर उठ पटांग हरकतें करते हो इसीलिए बहक रहे हो क्यो करते हो ऐसी हरकते ।

वीर - बस थोड़ा सा

तनु - अच्छा ठीक है प्यार है तुमसे तुम बहुत प्यारे हो बस

वीर - बस एक किस करने दोगी

तनु - वादा करो उससे आगे नहीं बढ़ोगे

वीर - वादा

तनु - किसी और की तरफ़ नहीं देखोगे

वीर - पक्का बस तुम तीनो को देखूंगा

तनु - ठीक है फिर एक किस कर लो

तनु का इतना सुनते ही वीर उसके ऊपर कुद पड़ा और उसके होठ मैं होठ मिला दिया और काटने लगा पहली बार अपनी वाइफ को थोड़ा ही सही प्यार कर रहा था इसीलिए खुश था।

वीर तनु के होठ को चूम रहा था काट रहा था उसे बहुत प्यार आ रहा था तनु पर।

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तनु - उम्मम्म्म उम्म्म

तनु फिर वीर को हटा देती है जिससे वीर का मुंह बच्चे जैसा हो गया जैसे वीर का पसंदीदा चीज छीन लिया गया हो।

तनु - पागल हो क्या खा जाओगे 1 घंटे हो गया है हटो मेरे ऊपर से और तुम्हारे हाथ कहा है ।

वीर - हल्दी से अपना हाथ उसकी चूची पर से हटा लेता है

वीर - मेरी नियत जरा भी खराब नहीं थी।

तनु - अच्छा तो मुझे गड़ क्या रहा है नीचे

ये सुन कर वीर के गाल ही लाल हो गए था।

तनु - हटो अब एक ही बात हुई थी।

वीर - क्या एक ही किस बस और अब मैं कभी नहीं कर सकता

तनु - नहीं कभी नहीं।

वीर वापिस उदास हो जाता है और तनु हस रही थी।

तभी तनु बहुत देर तक हसी फिर वापिस से कहती है अच्छा सुनो

वीर - हा

तनु - आई लव यू, अब खुश हा प्यार करती हूं तुमसे बहुत ज्यादा तुमरे आने से सब बदल गया। एक दिन मैं तो प्यार जाग नही जाएगा, एक दिन मैं इतना क्लोज आई बात की ये काफी नहीं है क्या।

वीर अब खुश हो जाता है और तनु फिर बोलती है याद रहे मैने बस एक किस बोला था।

वीर - और आगे का

तनु ये सुन कर गुस्सा हो जाती है और कहती है क्या आगे का जरा बोलो तो

वीर अब चुप हो जाता है तभी तनु कहती है अब सो जाओ जरा भी इधर उधर का ख्याल आया तो जान ले लुंगी समझे हवासी कही के।

वही वीर अब सो जाता है और तनु वापिस पलट कर देखती है उसे तो हसी आ जाती है और कहती है कामिने ने प्यार तो करवा दिया।

तनु - साक्षी सही कहती थी प्यार तो खुद बा खुद हो जाएगा अब इतनी मार खा कर भी केयर करेगा तो आएगा ही ना।

तनु - कामिना कही का पूरा होठ दर्द कर रहे है किस कम किया लेकिन काट डाला पूरा।

वीर बहुत खुश था उसके लाइफ की फर्स्ट किस जो मिली थी तनु से।

वीर - तनु को पहले जैसा खुश कर दिया धीरे धीरे ही सही वो एक दम खुश रहने लगेगी।

इधर तनु ये सुन कर स्माइल करती है तनु भी जान रही थी वीर क्या चाह रहा है और वो मन मैं कहती है ऐसे ही नही होगा वीर बहुत प्यार जताना पड़ेगा बहुत मेहनत करवाऊंगी लेकिन प्रोमिस अगर तुम दिल जीत लिया तो पक्का खुद साडी उतारूंगी और किस करना भी सिकाऊंगी, और वादा तुम्हारी साक्षी को भी तैयार कर दूंगी।

इधर तभी तनु को वापिस वीर बुलाता है

तनु - अब क्या है

वीर कुछ नही बोलता बस उसके सीने पर अपना सर रख कर लेट जाता है और कब भी तनु सो गई उसे पता ही नहीं चला

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Ab dhere dhere romance hoga fir chodam patti hogi🥱... ... Like toh barsha hi doge....
 
Well Thanks for the comment.... Waise main update ke time reply krta hun but apko trurant kr de rha....

Kala saaya ki wagah se sakshi apne bete ke baare main bhul gai.... Just because wo apni life enjoy kr ske ....😜 Aur isiliye insb ki age bhi kam kr ke 28 ki gai hai ........ek update aur aaj syd aaye likhne ja rha.... Waise lik toh kr diya hi hoga..
 
Update 12

तनु - अब क्या है

वीर कुछ नही बोलता बस उसके सीने पर अपना सर रख कर लेट जाता है और कब भी तनु सो गई उसे पता ही नहीं चला

अब आगे

वीर सो तो गया था लेकिन थोड़े टाइम बाद उसकी नींद खुल जाती है और जब वो देखता है तो तनु के ऊपर लेटा हुआ था उसके सास लेते हुए चूचे जिसको देखने मात्र से ही वीर की सास तेज़ हो गई।

वीर अपने आप को कंट्रोल करने की कोशिश करता है लेकिन आज उसने पहली बार किस किया था तो उसका दिमाग जरा भी काम नही कर रहा था।

तभी वो सोती हुई तनु के होठ पर अपने होठ रख देता है और उसके नीचे के होठ को अपने मुंह में भर के नोचने लगता है और अब वीर जरा भी अपने होश में नहीं था।

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वही वीर की इस हरक़त से तनु की नींद खुल जाती है और वीर को गुस्से से देखती है और वीर को धकेल देती है अपने ऊपर से और धीरे से कहती है दिमाग़ खराब है क्या तुम्हारा तुमको कुछ समझ में नहीं आता।

वीर चुप चाप सुन रहा था और क्या ही करता।

तनु - काव्या बगल में सो रही है अगर वो नही सो रही थी तो अभी पीट के रख देती।

तनु थोड़ी देर चुप होती है और अपनी बेटी की तरफ़ मुंह करती है तभी उसकी क़मर पर एक हाथ आ कर उसको जकड़ लेता है।

तनु - रात को तुमको हो क्या जाता है, इतनी हिम्मत कैसे आ जाती है तुम्हारी।

वीर कुछ नहीं कहता बस उसकी साड़ी का पिन खोल रहा होता है जो ब्लाउज पर लगा हुआ था जिससे उसका पल्लू कंधे से नीचे ना आए।

वीर को ये करता देख तनु एक बार पलट जाती है और उसको धकेल देती है जिससे उसका सर टकरा जाता है हल्का सा।

लेकिन वीर वापिस आता है उसके पास और पिन निकलने लग जाता है और ये देख कर तनु धीरे से कहती है यार क्यो नाटक लगा रखा है मानते क्यों नहीं मेरी बात काव्या उठ जाएगी तो क्या मुंह दिखाने के लायक रह जाऊंगी मैं।

तनु - मैं बाद में तैयार हो जाऊंगी तो खुद सब करने की परमिशन दे दूंगी मुझ पता है तुम बहुत अच्छे पति हो ना देखो अब तो मैं इज़हार भी करी ना।

लेकिन वीर उसकी बात बहुत प्यार से सुनता है और धीरे से कहता है ठीक है और वापिस पिन निकलने लग जाता है।

इस बात तनु का पूरा दिमाग हिल गया और वो उठ का वीर को एक झापड़ मारती है और कहती छूना भी मत अब सुबह तुम्हारी ऐसी की तैसी नहीं करी मैने तो मेरे नाम भी तनु नहीं देखना तुम।

तभी वीर अपना गाल सहलाता है लेकिन थप्पड़ बहुत टाइट था जिसकी आवाज सुन कर साक्षी और अनु भी उठ गई।

अनु - दीदी क्या हुआ

साक्षी - चुप बिलकुल चुप वर्ना तनु हम दोनो को मार देगी चुप चाप सुन।

तभी तनु अगल बगल देखती है की सब सो रही है या नही और फिर बोलती है मैना बोला एक बार जब बस बस अब बस तुमको समझ नहीं आता पहले ही मेरे होठ दर्द कर रहे है ऊपर से साड़ी थोड़ा साथ क्या दिया सर पर चढ़े जा रहा हो दिमाग मत खराब करो मैं नहीं करना चाहती इतनी हवस चढ़ी है तो बताओ।

तनु वापिस लेट जाती है और वीर वापिस उसकी पिन खोलने लग जाता है तनु की आंखे गुस्सा से लाल हो गई उसने वीर को पटापटना शुरू कर दिया।

लेकिन वीर रूका नहीं।

तो तनु उसकी तरफ देखती है और कहती है क्या है हा?

तनु मन मैं कहती प्यार से समझाना पड़ेगा।

तनु - क्या है हा बोलो

वीर - बहुत अकेला फील करता हूं आज पहली बार किस किया तुमने तो बहक गया लेकिन मेरी नियत ऐसी नहीं है मैं कुछ खराब नहीं चाहता मैं धीरे से ही सही तुम्हारा दिल जीत लूंगा।

तनु - तो क्यों नाटक लगा रखा है सो जाओ, दिया ना मैने एक किस तो क्या कर रहा हो।

वीर - बस थोड़ा अपनापन चहिए इसीलिए अल्पिन (पिन) निकालकर साड़ी क़मर तक कर रहा था जिससे तुम्हारा ब्लाउज के पीछे जो पीट दिख रही वहा सर रख कर सोना है।

तनु - ठीक है फिर बिना नाटक के से जाओगे

वीर - पक्का

तनु जल्दी से उठ जाती है और पिन निकालकर साड़ी नीचे कर देती है जिससे उसकी कमर के ऊपर बस ब्लाउज रह जाता है।

और रात में कुछ दिख नहीं रहा था लेकिन वीर को तनु के चूड़ियों की छन छन की आवाज़ आ रही थी।

फिर तनु लेट जाती है दूसरी तरफ मुंह कर के और काव्या को देखती है जो सो रही थी उसको प्यार से सहलाती है।

वीर भी उसको सहलाता है जब दोनो को कन्फर्म हो जाता है की काव्या सो गई तो तनु कहती है अब सो जाओ तुम भी हरकतें तुम्हारी ऐसी है की पूछो मत बच्चो जैसे।

वीर उसकी कमर को जकड़ लेता है और उसकी गांड़ का फील लेता हुआ उसकी पीट पर अपने गाल रख देता है।

वही वीर की बाहों में पड़ी तनु सोचती है पागल लड़का मेरा थोड़ा साथ पाने के लिया इतना मार खाया, वैसे तनु जैसी भी थी उसे इस वीर से थोड़ा तो प्यार था उसके अंदर की लड़की को वीर धीरे धीरे जगा रहा था लेकिन आज वीर ने उसको अहसास दिला दिया की वो एक शादी शुदा है, बच्ची के उठ जाने का डर और पति की ऐसी तड़प देख उसे हसी आ रही थी यही जिंदगी तो वो जीना चाहती थी।

तनु - अभी तो मैं 28 साल की हूं, चलो अब मेरी लाइफ सुधर रही है अच्छा है।

तभी तनु को पता चलता है की वीर की तरफ पिट कर के सो रही है इसका मतलब वीर मेरी गांड़

इतना सोच कर जल्दी से तनु करवट बदल लेती है जिससे देख कर वीर डर जाता है और कहता है अब मेने कुछ नहीं किया बस मैं तो पेट से खेल रहा था तुम्हारे।

वही ये सुन कर तनु कुछ नहीं कहती बस वीर को घूर कर देखती है और कहती सोना है या नही चुप चाप।

वीर उसके होठ को देखता है और धीरे से दूसरी तरफ़ देख कर कहता है नींद नहीं आ रही।

तनु उसे अपनी तरफ खीच लेती है और वीर तुरंत उसके होठ को चूमने लगता है उसकी जीभ से अपनी जीभ मिला देती है तनु इस अहसास से ही वीर का लन्ड खड़ा हो जाता है और तनु के साड़ी के ऊपर से ही टोकरे मार रहा था।

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फिर तनु उसको रोकती है और अपनी आंखों को खोलती है और वीर के सीने में घुस जाती है और वीर अब कब सो जाता है उसे पता नहीं चलता।

वही वीर की बाहों में तनु भी सो जाती है।

और इन दोनो को सो जाने के बाद अनु हस्ती है और कहती है दीदी बड़ी जबरदस्त किस थी तनु दीदी का तो पूरा होठ खा गया ।

साक्षी - मेहनत का फल है मेहनत का इतना गुस्सा सहता है बेचारा दिन भर हम सब के लिया सब कुछ करता है तो थोड़ा ही सही तनु हंसना सिख रही है।

अनु - वैसे दीदी ये कहना गलत होगा की अब तनु दीदी वीर के बिना सो नहीं पाती।

साक्षी - सो जा वर्ना अगला नंबर हमारा और तुम्हरा होगा।

वही अनु को जल्दी से साक्षी सुला देती है।

और खुद भी सो जाती है।

वही सुबह जब तनु की नींद खुलती है तो वो देखती है की उसके ऊपर वीर सो रहा है और वीर ने अपने एक हाथ से काव्या को भी पकड़ रखा है और तनु वीर को ऐसे हाल में देख कर उसकी सुबह बन जाती है।

लेकिन अब तनु उठे कैसे क्युकी वो तो नीचे दबी हुई थी।

किसी तरह तनु उसके नीचे से निकल कर आती है और जब वो अपनी हालत देखती है तो जल्दी से बाथरूम भाग जाती है।

तनु के पूरे बाल बिखरे ब्लाउज के बैटन खुले ऊपर के और साड़ी का पल्लू कमर के नीचे लटका हुआ गले पर होठ पर काटे जाने के निशान, पीट पर दात के निशान।

सब चीज उसके शादी शुदा होने के सबूत दे रहे थे।

वही तनु जल्दी से बाथरोम में नहाते टाइम सोचती है अभी उटेगा तो देखूंगी रात को तो बड़ी हिम्मत आ रही थी अभी मेरी तरफ देख कर दिखाएं, ज़रा उठने दो तो देखती हूं रात की हिम्मत का हिसाब लुंगी उठो तो देखू तुमकों।

वही तनु को रात की बात पर हसी भी आ रही थी कितना डर रहा था वो।

फिर तनु ये सब बात छोड़ कर नहा कर टाइम देखती है तो उसका दिमाग हिल गया था 9 बजे इस लड़के ने बिगाड़ के रख दिया है।

जल्दी से तनु नहा कर बाहर आती है तो देखती है अब वीर काव्या को अपने सीने में छिपाए हुए सो रहा है और उसका दूसरा हाथ साक्षी की कमर पर था।

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To be continued ye thoda chota update tha lekin ek aur aayga aaj hi.... Daily aayga aur jaisa kaha pyar ka ful khil chuka hai🤭... next update aayga dhophar 3 bje tak....19 July...like toh kr hi dena...
 
Update 13

जल्दी से तनु नहा कर बाहर आती है तो देखती है अब वीर काव्या को अपने सीने में छिपाए हुए सो रहा है और उसका दूसरा हाथ साक्षी की कमर पर था।

अब आगे

थोड़े देर बाद साक्षी की नींद खुल जाती है और वो देखती है की वो खुद वीर की बाहों में सो रही है उनके बीच काव्या सो रही है जो साक्षी से चिपकी हुई थी।

थोड़े देर बाद काव्या की नींद खुल जाती है और वो हस्ते हुआ कहती है गुड मार्निंग मम्मी

साक्षी - गुड मार्निंग मेरी बच्ची, रात को अच्छी नींद आई।

उसके बाद साक्षी ऐसे ही काव्या को बातों मैं फुसलाकर वीर का हाथ अपने कमर से हटाती है और ब्लाउज ठीक कर के काव्या को ले कर जाने लगती है और जाते टाइम चुपके से वीर के सर पर तपली मार कर जाती है, और कहती है पागल 🤭

वही साक्षी के जाने के बाद वीर कसमसाने लगता है और साक्षी जल्दी से भाग जाती है।

साक्षी जब रूम में जाती है तो तनु बस एक कोने बैठी थी।

तनु - गुड मार्निंग बेबी।

काव्या खूब कस के तनु के सीने में घूस जाती है, मम्मी आप बहुत प्यारे लग रहे हो, नई नई साडी में अच्छी लग रही हो।

तनु - तो अच्छी नही लगूंगी, काव्या की मम्मी हूं अब तो सुन्दर लगना ही पड़ेगा।

तभी साक्षी की नज़र तनु की हालत पर जाती है जिसे देख कर उसे हसी आ जाती है, और मन मैं कहती है वाह प्यार की निशानी ले कर ही मानी आप।

इधर तनु जान बूझकर काव्या को अपने दूर नहीं जाने दे रही थी उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी साक्षी से बात करने की

तभी हस्ते हुआ साक्षी बोलती है तनु बेटा जाओ जल्दी से तैयार हो फ्रेश हो कर फिर आराम से खेलना।

"जी मम्मा" काव्या इतना बोल कर भाग गई।

काव्या के जाते ही तनु को देखती हुई साक्षी बोलती है चुम्मा चाटी मैं आप तो हमसे भी आगे निकली मैम।

तनु - दिमाग़ मत खराब कर समझी, कुत्ता रात को सटक गया था।

साक्षी - अच्छा कुत्ता सटक और कुटिया का दिल

तनु - हा तो थोड़ा प्यार आ रहा था बस, है मुझे उससे प्यार😕 इतनी मासूम सी सकल बना कर प्यार देखता है तो पीगल जाती हूं मैं।

साक्षी - वैसे एक बात बताऊं , यार यही हाल मेरा भी है लेकिन अब को भी अच्छा फील करता है खुश रहता है।

तनु - हवस भरी है खुश नहीं होगा दिन भर ताड़ता रहत है तो अच्छा नही लगेगा।

साक्षी - वैसे रात को में मजा आई सच्ची बता

तनु - हट कामिनी, इतना लात खाया लेकिन मारा नहीं।

साक्षी मन मैं सोचती है चल कम से कम तू खुश रहना सीख गई वीर तुमने सच मैं कर दिखाया

इधर तनु किसी तरह साक्षी से बच जाती है और साक्षी कहती जल्दी से इसको उठाओ।

साक्षी - तू जा कर उठा , मैं नहा धो कर फ्रेश हो लूं।

तनु वीर को उठाने जाती है और जब देखती है तो वीर अब अनु की कमर पकड़ कर के सो रहा होता है वीर का हाथ उसके सलवार के अंदर जा कर उसके पेट पर था।

तनु वहा पर अनु को बुलाती है जब अनु थोड़ा नींद से बाहर आई तो तनु को देख कर बोली दीदी गुड़ मार्निंग।

तनु - तुम्हार रोमांस बिगाड़ने के लिए माफी चाहती हूं लेकिन अब कृपा उठ जाए वरना कुछ देर में काव्या आएगी तो ये देख कर पूरे घर में बताएगी।

वही अनु को अपनी हालत का अंदाजा हुआ तो वीर का हाथ झटक देती है और एक हाथ घुमा कर मारती है

और ये देख कर दरवाजे के गेट पर वही बैठ जाती है।

वीर पहले अपनी नज़र खोल कर आजू बाजू देखता है और उसकी नज़र अनु पर पड़ती है वो साक्षी समझ कर एक बार और उसके गले पड़ जाता है और कहता है साक्षी गुड मॉर्निंग।

लेकिन इस बार वो झापड़ तेज होता है

वीर जल्दी से उठ जाता है।

और उसको ऐसे खड़े होते हुआ देख तनु हस देती है दरवाजे पर बैठे बैठे।

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जैसे ही वीर की नज़र तनु पर पड़ती है वो देखता है वो हसी वीर को अच्छा लग रहा था।

तभी साक्षी कहती है अरे इतना क्यों हस रही हो कुछ हुआ क्या वो अंदर बेड के पास बैठते हुए पूछती है।

वीर - हा मैने आज नोटिस किया की तुम्हारी और अनु की सकल 70% मिलती है बस तुम भाभी हो वो मॉडर्न पटाका।

ये सुन कर साक्षी हसने लगती है और वीर को देखती है

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भले ही जो भी हो वीर को साक्षी पर हमेशा से बहुत लगाव रहा है तो वो साक्षी को ऐसे देखता है तो वो उसकी गोद मैं सर रख कर लेट जाता है और उसकी कमर को बहुत कस के जकड़ लेता है और कहता है मैने तुम्हे समझ कर अनु को हग कर लिया और तुम मुझे छोड़ कर मत जाया करो ना सुबह और इस तनु ने भी नहीं बचाया मुझे बस पटाका जैसे बन कर सज जाती है और हस रही थी।

वही वीर सारी शिकायत करता है साक्षी से और साक्षी उसे प्यार से उसके बालो को सहला रही थी तभी अनु अंदर आती है और जब वो देखती है वीर को ऐसे तो उसको हटाने के लिए आगे आती है और कहती है इसको जब देखो हवस ही चढ़ी हुई है, हटो दीदी इसको मैं बताती हूं ये कह कर वो वीर के बालों पर आती है।

तभी साक्षी उसकी तरफ देखती है और कहती है खबरदार अगर छुआ भी तो अभी वो मेरे पास है समझी।

फिर वीर सबकी शिकायत कर रहा था साक्षी हंसते हुए उसके गाल सहला रही थी।

साक्षी - अच्छा अब बस जाओ और नहा कर आओ फ्रेश हो कर।

जैसे ही वीर उठता है वैसे ही बाहर निकल जाता है जहा तनु आराम से काम करने मैं लगी थी बिस्तर हटाने में।

अब वीर तनु को देखता है तो उसके पास चला जाता है और बैठ जाता है

तनु - क्या है अब

वीर धीरे से फुसफुसाते हुए कहता है बहुत अच्छी लग रही हो।

तनु - ज्यादा मस्का मत लगाओ, हटो मेरे पास से काम करने दो।

वीर - तुम हस्ते हुआ बहुत प्यारी लगती हूं, लेकिन गुस्सा मैं इतना प्यारी की पूछो मत लेकिन ये बताओ इतना मारती क्यो हो मैं तो तुम्हे

तनु - तुम्हे नही पता क्यों मारती हूं तुमको

तभी वहा पर काव्या आ जाती है और हस्ते हुआ गले लग जाती है वीर के गुड मॉर्निंग पापा।

वीर - अरे मेरा बच्चा गुड मॉर्निंग

काव्या - अरे पापा आप ने दोनो गाल पर मेकअप किया किया है बुधु पापा मेकअप लड़कियां करती है।

उसकी बात सुन कर तनु और साक्षी हस देती है, दोनो हस्ते हुए पेट पकड़ लेती है और वीर झेप जाता है।

लेकिन तनु कहती है अरे बेटा वो पापा को ना किसी कीड़े ने मार दिया।

काव्या - उसी कीड़े ने आपके होठ और गले में कटा है ना मम्मा

तनु अब झेप जाती है और वीर को देखती है और धीरे से कहती है हा गंदा कीड़ा था, फायदा उठा रहा था बहला कर।

ये सुन कर अनु और साक्षी हसने लगती है और तभी काव्या कहती है उफ्फ मम्मा ये कीड़ा बहुत गंदा है यार, इसी कीड़े ने परसो बड़ी मम्मा को काट लिया था।

ये सुन कर वीर जल्दी से उसे गोद मैं उठा लेता है और बिना कुछ कहे बाथरूम में घुस जाता है।

और फिर दोनो की हसी बाहर आ रही थी और उनकी इस हसी ने तनु साक्षी और अनु का रोम रोम खुश कर दिया था।

लेकिन तभी गेट नॉक होता है और निधि अंदर आती है जिसके साथ राखी भी होती है, और जब वो दोनो तनु को देखती है तो उसकी हसी देख कर दोनो सरप्राइज हो जाती है।

तभी निधि की नज़र तनु पर पड़ जाती है जो बहुत ध्यान से देखने पर उसे सारे लव बाइट नज़र आ जाते है और हस्ते हुआ कहती है।

निधी- क्या बात है तनु तू तो छिपी रुस्तम निकलीं।

वही ये सुन कर तनु थोड़ा शरमा जाती है वीर ने हरक़त ही ऐसी की थी वो लव बाइट तो छिपा देती लेकिन होठ उसके कटे पड़े था।

तभी निधि कहती है वैसे साक्षी तू भी कम पिछे नही है होठ तो तेरे भी चीख चीख के कह रहे है।

लेकिन जब तनु और साक्षी को ऐसे चुप और शरमाते देखती है तो अनु बोलती है अरे भाभी पूछो ही मत ऐसे ऐसे दर्द देते है की पूछो मत।

लेकिन हम तीन रहते है ना तो संभाल लेते है वर्ना घंटो तक मेहनत करनी पड़ती है।

उसकी ये बात सुन कर निधि ही झेप जाती है और कहती है अरे अनु तू तो बेशरम हो गई है।

अनु - अब शादी बाद तो बेशरम होना ही पड़ता है क्यो।

तनु - और नहीं तो क्या वर्ना कभी कभी लोग चिलाते है रुक रुक कर गाड़ी चलाओ ना

वही ये बात सुन कर निधि भाग जाती है गाल लाल कर के नीचे क्युकी ये चीज़ उसने राज से बोली थी चूदाई के टाइम जो सुन लिया वीर ने और वीर सब कुछ बताता था तनु से।

तभी निधि को ऐसे भागते देख तीनो हस पड़ती है, तभी राखी आ कर तनु को साक्षी को गले लगा लेती है और कहती है ऐसे ही हस्ते रहा बेटा तुम दोनो।

तभी वीर बाहर आता है जिसने बस एक टॉवल लगा रखा था और काव्या चिलाती है अरे नानी मुझसे मिलने आई हो।

राखी - हा तुमंसे मिलने आई हूं।

वही वीर को देख कर साक्षी उसके आगे खड़ी हो जाती है ताकि उसका शरीर राखी ना देख पाए।

और तभी तनु धीरे से कहती है, रूम में जाओ जल्दी।

तभी वीर रूम में कपड़े पहन रहा होता है तभी उसके सामने अनु आती है और रेड ड्रेस में वो बहुत सुंदर लग रही थी वो वीर को देख कर कहती है सॉरी सुबह के लिए।

तभी वीर कहता है सॉरी किस लिए

अनु - सुबह तुमको मारने के लिए

वीर - अरे तुम मेरी वाइफ हो कोई किरायेदार थोड़ी चिल खिली खिली रहती हो तो अच्छा लगता है।

अनु उसकी बात सुन कर एक टक हस देती है और कहती है शैतान, वैसे भी में तो सबसे पतली दुबली वाइफ हो ना छोटी सी।

वही वीर उसको रोक कर कहता है पतली दुबली नहीं, सबसे मॉडर्न वैसी मुझे पसंद हो तुम।

अनु - कामिने मुझे सब पता है, 2 गदराई हुई है पहले ही इसीलिए तुझे 1 चिकनी चाहिए मॉडर्न वाली

तभी अनु को कुछ याद आ जाता है और वो कहती मेरी सहेली के लिए तुमने तनु दीदी से बात की

लेकिन जब अनु वीर को देखती है तो पाती है वो तो उसको ऊपर से नीचे तक देख रहा है।

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अनु - घुर लो आराम से, घूर लो घूर कर ही काम चला लोगे ना।

वीर - और क्या करू थोड़ा छु लिया तो इतनी मार पड़ी।

अनु - तो ऐसे करोगे तो मार पड़ेगी ना, हू नहीं तो

अनु जाने लगती है और उसको जाते हुए ऐसे देखना वीर को अच्छा नहीं लग रहा था।

वीर - उदास मत हो अच्छा सुनो, आज तुम्हे अपनी सहेली की शादी मैं ले कर चलूंगा परेशान मत हो, तुम ही तो मेरी शान हो हमेशा हस्ती रहा करो ना तुम्हे उदास देखता हूं तो बुरा लगता है।

अनु कुछ नहीं कहती बस वीर को देखती है जो उसका हाथ थामे हुआ था और अब अनु को थोड़ी सी कपकपी हुई उसे अहसास हुआ एक पत्नी होने का, लेकिन साथ मैं उसे ये भी पता चला की वीर उससे प्यार करता है लेकिन डरता है।

अनु - ठीक है

और अनु जाने लगती है तभी वीर उसका हाथ पकड़ लेटा है और कहता है मुझे नहीं पता तुम मेरा बारे में क्या सोचती हो लेकिन मैं तुमसे प्यार करता हूं , हा मैने बहुत गलतियां किया लेकिन मैं इसीलिए तो सुधारना चाहता हूं ना, आई लव यू अनु

अनु प्यार का इजहार सुन कर कप कपा जाती है और तेजी से सास लेते हुए कहती है मेरे हाथ छोड़ो वीर , मुझे नहीं पता कुछ।

लेकिन वीर उसका हाथ नहीं छोड़ रहा था।

वीर कुछ कहता उसके पहले वो वीर के गाल पर एक थप्पड़ जड़ देती है और तेजी से भाग जाती है।

और उसको ऐसे भागता हुआ देख तनु और साक्षी हस देती है।

वीर - बहन चोद ये लड़कियां का दिमाग अलग लेवल का चलता है में तो इसको शांत करना चाह रहा था ताकि ये आराम से मस्ती कर सके विश्वास करे मुझ पर।

तभी वीर कहता है मुझे कुछ भी कर के तनु और साक्षी को मनाना पड़ेगा, वर्ना ये मेरी जान ले लेगी, तभी वो मन मैं सोचता है अगर तनु और साक्षी खुश हो जाती है तो आज रात वो मुझे किस करने देंगी।

तभी वो देखता है साक्षी आईने के सामने झुमके पहन रही होती है जिसे देख कर वीर की नज़र उसकी कमर और पीट पर टिक जाती है।

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तभी वो साक्षी के पीछे खड़ा होता है।

साक्षी - क्या हुआ कुछ चहिए

तभी साक्षी वीर की हालत देख कर समझ जाती है क्या बात है।

लेकिन तभी वीर पीछे से उसकी उसकी कमर पकड़ कर के हग कर लेट है और उसके कंधे पर अपना सर रख देता है

साक्षी उसे कुछ नहीं कहती और और उसकी तेज सास और उसकी बेबसी देखती है आखिर वीर भी तो इंसान था, वो अपना प्यार ले लिया सब कुछ कर रहा था।

साक्षी उसका हाथ पर अपना हाथ रख देती है और कहती है आराम से सास लो मैं तुम्हारी बाहों में हूं ना, चुप बिलकुल।

साक्षी - मेरे सामने तुम्हारी सिटी पीटी क्यों गुल हो जाती है हा, अच्छा देखो मेरी आंखों में देखो बाबा

तभी साक्षी हस्ती है और उसकी तरफ मुड़ जाती है और वीर उसे कस के गले लगा लेटा है।

अब वीर के हाथ थोड़े थोड़े कप रहे था।

साक्षी - रेड साडी में अच्छी लग रही हूं ना।

वीर - हम्म

साक्षी - i love you ना बाबा इतना बेबस मत हो मैं तुम्हारी ही तो हूं ना, तुम्हारी इसी अदा पर तो मुझे प्यार है।

साक्षी - वीर प्लीज़ ना मेरी तरफ तो देखो

वीर अब साक्षी की तरफ देखता है तो साक्षी स्माइल करते हुआ कहती है तुम्हारी साक्षी सबसे खास है ना तुम्हरे लिए

वीर - हा

साक्षी - तो मैं तुमसे प्यार करती हूं बहुत, तुमने बहुत ध्यान रखते हो मेरा।

वीर अब साक्षी से दूर हटने को तैयार नहीं था।

साक्षी - वीर वीर जब मुझसे दूर नहीं रह पाते तो क्यों रहते हो।

साक्षी वीर के सीने में घुसती है और उसे खूब टाइट हग कर लेती है जिससे वीर की सास अटक जाती है और धीरे से साक्षी कहती है वैसे मेरे लिया इतना तड़प रहा है आप हा।

वीर - बहुत ज्यादा

तभी काव्या अंदर आने लगती है और वीर हट जाता है।

साक्षी वीर का उदास चहरा देख कर हसी आ जाती है।

साक्षी - ये लड़का ना साड़ी उतरवा कर मानेगा मानना पड़ेगा, प्यार तो बहुत करता है।

तनु - इसी लिया मैं आज इसके सामने नहीं आई

साक्षी - तो तड़पता हुआ छोड़ दोगी तो बेचारा क्या करे

तनु - तड़पना जरूरी है

साक्षी - कामिनी तू भी जानती है और मैं भी प्यार हम दोनो करते है

तनु - ही ही ही हा लेकिन इतना भी नहीं की साडी उतर जाए

साक्षी - जल्दी किसको है लेकिन किस करना सीखना पड़ेगा वर्ना दिक्कत हो जाएगी।

तनु - खुद कुछ करेगा हम दोनो को खुश करने के लिया अगर मैं इंप्रेस हुई तो पक्का करना सीखा दूंगी , तू और मैं बारी बारी, लेकिन अगर मैं खुश नहीं हुई तो छुने भी नही दूंगी।

साक्षी - तू कब तक सामने नहीं आयेगी, और तुझे लगता है वो हम दोनो को देख कर कंट्रोल कर पाएगा

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To be continued.... Ab romance ki shruuwaat ho chuki hai... next update bahot jyada romantic hoga...... Kis ladki ke sath dekna hai bta dena... Like kar dena bye bye next update bhi aaj aayga... Bas time nhi pta...
 
Update 14

वीर खाना पीना खा कर जमीदार के यहां काम करने चला जाता है और कार से फिर दोपहर को आता है।

वीर - ये बेटी चोद इंसान है या लन्ड बहन चोद बस भोसड़ा मैं खोया रहता है ।

तभी वीर ऊपर कार को तबेले के पास खड़ा कर के जब जाने लगता है तो उसे कुछ आवाज आती है

वीर देखता है

निधि - आआआहहह हट जाइए वरना अच्छा नहीं होगा, आआआआहह्हह मम्मी छोड़ दीजिए उई मां रात को चोदने में क्या दिक्कत रहता है आपको अभी कोई आ जाएगा तो क्या रह जायेगा

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निधि - निकल गया ना अब हटो , कुत्ता कही का रोज रोज का यही हो गया है।

वीर इन दोनो की चूदाई देख कर तेज से सास लेता हुआ भाग गया।

वीर - आज एक बात तो समझ गया ना मैं भी हा होती है और सभी पत्नी की गाली खाते है , लेने के लिए।

तभी वीर ऊपर चला जाता हैं तो उसको दीवाल के पास बैठी हुई काव्या दिखती है।

और अंदर तीनो पत्नियां बैठ कर कुछ कर रही थी।

जैसे ही वीर काव्या को ले कर रूम में आता है तो देखता है तीनो उसको देखने लगती है

तभी काव्या बोलती है मम्मी चलो ना घूमने चलते है बाहर।

तभी तनु वीर को देखती है और मन मैं कहती है फिर कुछ दिमाग लगा कर आया है

साक्षी - हा बेटा हम सब चलेंगे परेशान मत हो।

तभी साक्षी और अनु काव्या को तैयार करने लगती है, और वीर बाहर आता है तभी उसको तनु बाहर दिखती है, जो दीवाल पर चढ़ के बैठी थी।

वीर - चलो ना घूमने तुम भी

तनु - वो दोनो जा रही है ना, काव्या को ले कर जाओ ना, आराम से।

वीर - नही मैने तो तुम्हारे लिया सब किया, चलो ना मैं तुमको पसन्द करता हूं।

तनु वही दीवाल पर टेक लगा कर वीर को देखती है।

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और कहती है मुझे सब पता है तुम्हे क्यो पसन्द आ रही हूं मैं, हट जाओ वर्ना कूट दूंगी हटो जरा साक्षी को बताने दो मुझे ये मेरे लिया है ना रुको।

तनु की इतनी बात सुन कर वीर की गांड़ फट जाती है और वो तनु को पकड़ लेटा है, अरे प्लीज़ मत बताओ ना।

ये सुन कर तनु कुछ नहीं कहती है वीर को हटने का इशारा करती है, लेकिन वीर फिर से जज्बातों मैं बह गया था। और तनु की खोपड़ी अब हिल गई थी।

तनु - बार बार आ कर छूना जरूरी है बिना छुए बात नहीं हो सकती तुम्हारी।

और वीर को थोड़ा धकेल देती है और आगे बड़ जाती है

वीर - मेरी ही गलती है पता नही इसको देख कर क्या हो जाता है कंट्रोल खो क्यो देता हूं।

तभी तनु गुस्से में नीचे जाती है और उसने ध्यान नहीं दिया की सीढ़ी के बगल ऊपर साइड गरम पानी है और वीर जस्ट उसके पीछे होता है।

तभी तनु की हाथ उस बर्तन पर लग जाता है, जिसमें गर्म पानी था और वो गर्म पानी तनु के ऊपर गिरने लगता है।

तभी वीर तनु को अपनी बाहों में दबोच लेता है, और सीढ़ी पर ही उसके ऊपर लेट जाता हा, जिससे गर्म पानी उसके ऊपर गिर पड़ता है और तनु बिल्कुल सेफ रहती है।

तभी वीर का ध्यान आता है, की उसके एक हाथ तनु की मुलायम चुचियों पर होते है , जिसके अहसास से ही वीर का दिल खुश हो जाता है, लेकिन तभी वीर की आंखों में आसू आ जाते है।

जब शरीर पर पूरा गरम पानी गिरता है ना तो सारी आशिकी गांड़ के रास्ते निकल जाती है और वही वीर के साथ हुआ।

उसकी पूरी पीठ जल गई और इस आवाज़ से हर कोई आ गया।

काव्या - ही ही ही ही पापा क्या हुआ गिर पड़े, मम्मी के ऊपर।

वही वीर काव्या की आवाज़ सुन कर जल्दी से अपना हाथ तनु के ऊपर से हटा लेता है और खड़ा हो जाता है।

साक्षी - क्या हुआ वीर, तनु, तुम दोनो ठीक हो ना।

अनु - कैसे गिर पड़े दिखाई नहीं देता क्या, अंधे हो जरा देख लिया करो, बेटी है तुम्हारी कुछ तो शर्म कर लिया करो।

तभी ये शोर सुन कर राज और उसका चाचा सूर्य और उदय दोनो खड़े थे।

उदय - दिमाग़ सही नहीं रहता क्या तेरा, तीन तीन बीवी मिलने से पागल हो गया है तू।

सूर्य - कैसे गिर पड़े , ये तुझे परेशान कर रहा था क्या बिटिया।

मधु - अरे आप दोनो कहा बच्चो के बीच आ गए है।

उदय - अरे ये तो इंसान ही गिरा हुआ है, पता नहीं कहा मेरी बिटिया फस गई इस करमजले के चक्कर में, कल को मेरी बेटी गिर पड़ती, चोट लग जाती तो , आज बच गई आगे क्या होगा भगवान जाने।

मधु - कुछ नहीं होगा वो दोनो खुश है।

तभी तनु चिल्लाती है , अरे इतनी ही फिकर है तो बर्तन किसने रखा था , वीर की गलती नहीं है समझे अपनी हरकतें देखे।

तभी तनु कुछ और बोलती उसके पहले वीर ने उसको इशारे से मना कर दिया।

और ऊपर जाने लगा और काव्या को देख कर बोला परेशान मत हो बेटा हम सब घूमने चलेंगे।

तनु ये सुनती है तो उसकी आंखें नम हो जाती हैं , और तनु का गुस्सा देख कर सब सटक लेते है और सब को पता चल गया था गलती वीर की नहीं थी।

वीर ऊपर आता है और तनु उसके पीछे रहती है।

साक्षी - ठीक हो तुम दोनो, बर्तन में पानी था इसलिए चोट लगी।

तभी तनु कुछ बोलती उसके पहले वीर बोलता है हा बाबा मैं बिल्कुल ठीक हूं आप टेंशन मत लो अब चलो वर्ना काव्या रो देगी।

तभी वो दोनो और काव्या नीचे जाने लगती है।

तनु - बताने क्यो नहीं दिया।

वीर - काव्या बहुत खुश है अगर तुम बता देती तो साक्षी कभी जाने नहीं देती, और मैं काव्या को उदास नहीं देख पाता।

तनु कुछ और कहती तभी वीर कहता है माफ करना मैने तुम्हे छुआ, अब से नही टच करूंगा।

तनु - क्यो बचाया मुझे , में तुम्हे दिन भर मारती रहती हूं फिर भी मुझे बचाया।

वीर - प्यार करता हूं , तुमसे अपनी आंखों के सामने ऐसे जलता नहीं देख सका, तो सोचा दुनिया भर की गाली सुन सकता हूं, तुम्हे बचा कर तो किया।

तनु अपनी आंखों को पोछती है और कहती है शर्ट उतारो, कमरे में चल कर।

वीर - अरे ठीक है

तभी तनु अपनी चप्पल उतार लेती है।

वीर- उतार दिया मैने आओ।

तनु - बिना डाट खाए दिमाग चलता नहीं तुम्हारा।

फिर वो वीर के पीठ पर क्रीम लगती है और धीरे धीरे पोछती है फिर शर्ट पहने को बोल देती है।

वीर जाने लगता है और कहता तुम भी चलो।

तनु - एक शर्त है

वीर - कैसी

तनु - तुमने कहा था तुम अब से मुझे टच नहीं करोगे।

वीर - हा तो

तनु - वैसे मैने तो रोका नहीं, इसीलिए अगर तुम उस बात के लिया सॉरी बोलो तो मैं चलूंगी।

वीर - ठीक है सॉरी, अब चलो।

तनु - ही ही ही तुमने मुझसे एक सवाल पूछा था ना, कल रात को।

वीर - हा , यही की तुम सजती क्यो नहीं, सवारती क्यो नहीं , बेकार सी सकल क्यों बनाए रहती हों, और मेरे प्यार झूठा है क्या, यही पूछा था।

तनु - एक औरत, तब सजती है जब उसको अपने पति को लुबाना हो, उसके लिया ही औरत सजती है , और तुमने कहा था ना बहुत प्यार करते हो मुझसे।

वीर - हा

तनु - तुमको तुम्हारी तनु को सजती हुई देखना था, वादा रहा अब से तुम्हारी तनु तुमको हमेशा सजी हुई मिलेगी, तुम्हारे लिए , अब जाओ पागल।

वीर आगे आता है और तनु भाग जाती है पीछे

तनु - ओह हेलो, मिस्टर बेताब मैने सजने को बोला की तुम्हारे लिए सजूँगी, सज नहीं गई, और वैसे भी मैने इज़हार नही किया।

वीर उदास हो कर जाने लगता है , तभी तनु कहती है लेकिन क्या पता तुम्हारा हस्ता चहरा देख कर कर दूं,

वीर हस्ते हुआ चला जाता है,

और तनु स्माइल करती है और कहती है बेरूपिए ने मेरा दिल तो जीत लिया🙈 और ये कहते हुए उसके गाल लाल हो जाते है।

तनु - आज तुमको पागल ना कर दिया तो मेरा नाम भी तनु नहीं, पागल लड़का कुछ भी कर देता है बताओ, बंदर कहता है तुम तो मेरी हो ही ही ही ही।

राखी - तुम्हे खुश देख कर अच्छा लगा बेटी।

तनु - मां बहुत खुश हूं मैं, बहुत प्यार करने वाला मिला, अब जो भी हो ये मुझे अपनाया है इसने अब मेरी पारी इसे दिखाने की, की इसकी तनु कोई गांव की ऐसी वैसी नहीं है।

राखी - पागल

इधर तनु तैयार होना शुरू कर देती है, और दूसरी तरफ कार में साक्षी और अनु और काव्या बोर हो जाती है।

काव्या - पापा मम्मी कहा है , कब आएगी वो, मैं बोर हो गई।

अनु - यार दीदी बुलाओ ना, बड़ी दीदी को।

साक्षी - मेरे मैं इतनी हिम्मत नहीं , जिसको दात खाना हो बुलाओ।

वीर पहले सोचता है तनु को बुलाने जाए लेकिन फिर वो कहता है आज दात खाना का मन नही तनु कभी भी गुस्सा हो जाती है।

तभी 1.5 घंटे बाद तनु नीचे आती है, और उसको देख कर वीर की सास अटक आती है वो जल्दी से पानी पीने लगता है।

वही सूरज ढल चुका था और हल्का हल्का चांद निकला था, ऊपर से तनु ने ग्रीन साड़ी पहनी थी जिस पर स्ट्रीट लाइट की रोशनी तनु की कमर पर पड़ती है, खुले खुले बाल, होठ मैं हल्की लिपस्टिक, और हवा में उसके बाल लहरा रहे था, और तनु के बाल उसकी आंखों में लग रहे था इसलिए उसने अपनी आंखें बंद कर ली ।

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और तनु का ये रूप देख कर वीर का रोम रोम हिल गया, उसे अपनी सास कंट्रोल करने मैं दिक्कत होने लगी, उसे ये समझ नहीं आ रहा था की सुबह वाली तनु कही कोई दूसरी तो नही थी ये तो पूरी चेंज हो गई।

वीर - तो ये है तनु जिसने पूरा गांव में अपना सिक्का चला रखा था

वीर खुद अब किसी तरह अपने लन्ड और सास को बैठने की कोशिश कर रहा था।

और वही तनु का ऐसा रूप देख कर राज और उसके चाचा और पापा सब तनु को घूर रहे था।

काव्या - हाए मेरी मम्मी।

साक्षी हल्की स्माइल के साथ तनु को देखती है और कार का डोर खोल कर सबसे पहले तनु को अंदर बैठने देती है।

काव्या - मम्मी मुझे चिपका लो।

उसकी ये बात सुन कर तनु को हसी आ जाती है और उसने काव्या को अपनी गोद मैं बैठा लिया और वीर को हल्की स्माइल के साथ देखने लगी।

साक्षी आगे बैठी थी वो खांसती है और कहती है चले।

अनु बस चुपके चुपके तनु को घूर रही थी वो भी लड़की थी उसे भी पता था एक लड़की कब सजती है।

अनु मन में सोचती है दीदी ने सजना शुरू कर दिया मतलब.

साक्षी - इतना टाइम कैसे लग गया।

तनु - पानी भरी नहाई, और फिर तैयार हुई, और थोड़ा हेयर रिमूवर की।

साक्षी भी अब तनु को तिरछी नज़र से देख रही थी या ये कहे उसको भी जलन हो रही थी की तनु इतना सज कर आई है।

तनु मन मैं कहती है वीर तुम्हारी सास तो तेज है अभी ही, इज़हार करूंगी तो पागल हो जाओगे,

तनु को मन ही मन हसी आ रही थी क्युकी उसको पता था , वीर को इज़हार के बाद भी बहुत प्रोब्लम होगी, उसकी 2 वाइफ और भी है।

तनु - अभी तो पार्टी शुरू हुई है वीर

नेक्स्ट सीन

"हा भाई वीर का गेम बजा डाल" ऊपर से ऑर्डर है रमेश भाई ने बोला है।

लेकिन उन्हें क्या पता था उनकी ये कॉल अंजली बैठी सुन रही थी।

अंजलि - now game start ramesh

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To be continued.... Next scene bahut romantic hoga..i know update chota hai lekin ab bahut jald chudai hone walai hai🤣😂😂 aur next scene main aap shyad anjali se bhi mile😂😂🤣 i dont know lekin romance toh bahut gajab wala hoga....dekho yaha tak aaye ho toh like kar hi doge
 
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