Incest पिता की मौत के बाद मेरी आत्मा मेरे पिता के शरीर में घुसी (completed) - Page 7 - SexBaba
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Incest पिता की मौत के बाद मेरी आत्मा मेरे पिता के शरीर में घुसी (completed)

Update - 28

वीर की सिटी पीटी गुल हो चुकी थी और साक्षी और तनु के दूसरे की तरफ देख रही थी और स्माइल करते हुए बोली 1 बजे है 6 बजे तक टाइम हैं।

अब आगे----

तनु - वाह जी! आपको शॉक भी लगता है हमे तो पता नहीं था।

साक्षी - वैसे जानू बच गए थे, उस दिन आज कौन बचाएगा आपको।

तनु - ही ही ही ही अब मैं क्या करू पत्नियां है तुम्हारी ऐसे सरप्राइज़ मिलते रहेंगे।

वीर - ये ये ये बेड वैगरा तुमने सजाया

साक्षी - हा क्युकी मेरे पति जी को, सुहागरात माननी थी।

ये सुन कर वीर की नज़र दोनो पर पड़ती है दोनो एक से बडकर एक भरे हुए गदराये हुए बदन के मालिक सुंदरता और तीखे नैन नक्श दोनो को भर भर के दिए थे।

तभी तनु उठती है और साक्षी भी उठती है दोनो बड़ी ही सेक्सी अंदाज में चल कर वीर के पास आती है और तनु गेट बंद करने लगती है और साक्षी वीर के एकदम करीब खड़ी हो जाती है और कहती है सुहागरात माननी थी आपको घूर रहे थे जोड़े को तो कह देते हमसे।

वीर तनु के साथ तो कोम्फेटेबल था लेकिन साक्षी उसकी मां थी , जिससे वो बेहद प्यार करता था , लेकिन गभराहट वीर की जा नही रही थी, और वो साक्षी के लिए तड़प भी रहा था तभी वीर के पैर लड़खाते है और वो पिछे को होता है।

तभी पीछे से उसकों तनु पकड़ लेती है और साक्षी कहती है कब तक मेरी ब्रा और पैंटी खराब करोगे, अब तुम्हारी वाइफ खुद तुम्हे प्यार करेगी, तुम्हारा और मेरा साथ तो हमेशा का है बच्चू।

वीर कुछ कहता तभी साक्षी उसका हाथ थाम कर बेड पर ले कर चलने लगती है और तनु उसके पीछे पीछे वीर के दूसरा हाथ थाम कर बेड पर लाती है।

दोनो को ऐसे सजा और सवार देख कर वीर की सास तेज़ हो गई थी ऊपर से आज साक्षी के मौजूदगी उसे अहसास दिला रही थी।

साक्षी उसे बेड पर लिटा देती है और तनु और साक्षी एक दुसरे की तरफ हस्ते हुए देखती है और वीर की तरफ देखती है वीर ये तो समझ गया था की दोनो को आज कोई नहीं रोक सकता लेकिन तनु को वीर नजरो से देख रहा था।

तभी तनु हस्ते हुए कहती है पति जी आप की दोनो वाइफ तैयार है,सजी है, क्यो ऐसे ही हमसे शुरवात करना चाहते थे , ना अब हमे जी भर कर प्यार करना, वैसे भी आप हमारे हो और तनु स्माइल करते हुआ साक्षी को देखती है दोनो वीर को पा कर बहुत खुश थी, और अब वीर को इस प्यार की आदत डालनी पड़ेगी।

वीर कुछ बोलता उसके पहले तनु उसके फेस के पास फेस का कर उसकी आंखो में देखती है, और मौके का फ़ायदा उठा कर साक्षी उसके ऊपर आ कर लेट जाती है और उसके आधे शरीर पर कब्जा कर लेती है और उसका एक हाथ बहुत कस के अपने हाथ मैं दबा लेती है।

जिससे वीर की सास ही तेज हो जाती है, और वीर कुछ कहता उसके पहले उसके दूसरे तरफ उसके आधे शरीर पर तनु लेट जाती है, और उसका एक हाथ पकड़ लेती है।

और जैसे ही वीर को साक्षी और तनु के सीने के उबार अपने सीने पर फील हुआ उसकी सास एक बार अटक गई और वो अपनी आंखो से साक्षी की नजरो को देखने लगा।

तभी साक्षी कहती है "वैसे बात करना अच्छा नहीं लग रहा था, ऐसे ज्यादा अच्छा लग रहा है" और बोलते बोलते साक्षी एक हाथ से वीर के गले पर और होठ मैं उंगली फिराने लगती है।

वीर की सास तेज चलने लगी थी और तभी वीर का लन्ड साक्षी की नाभी पर फील होने लगा जिससे साक्षी की सास तेज चलने लगी, और वो भी तेजी से सास लेने लगी और वीर से कहती है इंतजार नहीं हो रहा तुमसे।

तभी तनु वीर की नजरो मैं देख रही थी और वीर के हाथ को बहुत कस के पकड़ लिया और वीर के गले पर अपने होठ रख दिए।

वही वीर को दोनो तरफ से हो रहे हमले बरदाश नहीं हो रहे थे, लेकिन उसे अच्छा तो बहुत लग रहा था।

तभी साक्षी अपने सीने वीर के सीने मैं गाड़ते हुए कहती है वैसे वो गलत छेद है, ये सुन कर वीर की सास अटक जाती है और साक्षी उसके होठ के करीब जाने लगी और धीरे से कामुक आवाज़ मैं कहती है वैसे पति और पत्नी की बेशर्मी जितनी ज्यादा हो प्यार उतना गहरा होता है, अभी तक आपने गुस्सा देखा है, अब प्यार देखने की बारी है।

तभी वीर अपना सर उधर कर लेता है जिससे उसके गले को पागलों की तरह चूम रही तनु के होठ अलग हो जाते है और तनु उसे घूरने लगती है और बच्चो की आवाज़ मैं कहती है " क्या कर रहे हो"

तभी तनु को एहसाह होता है की उसके बगल साक्षी भी मौजूद है जिससे वो वीर की नाक पकड़ कर हिलाती है और कहती है हाए जान अगर तुम्हारी 3 पत्नी जो बहार लेती है अगर वो ऐसे शरमाते हुए देख लेंगी ना तो वो तुम्हे खा जाएगी।

साक्षी - तनु जरा अलमारी से रस्सी लाओ ज़रा।

तनु - ही ही ही ही रुको लाती हूं।

वीर कुछ बोलता तभी साक्षी अब पूरा उसके ऊपर आ गई, और वीर की सास तेज़ हो गई, और साक्षी कहती है हिम्मत है तो बोल लो कुछ, मैं तुम्हारी वो साक्षी हूं , जिसके आगे तुम कुछ नहीं कर सकते।

और उसके बाद साक्षी वीर के मुंह के जस्ट सामने आ जाती है और वीर की गर्म सास उसे फील होने लगती है , और दोनो एक दूसरे को देख रहे थे, लेकिन तभी साक्षी उसके नाक के पास अपनी नाक लड़ा देती है और वीर की हालत खराब हो गई, बेशक उसने सेक्स पहले किया था लेकिन वो आज तीसरी बार सेक्स कर रहा था वो भी साक्षी के साथ जो उसकी पत्नी थी, अब बचपन से जिसे देखा था वो एहसाह वीर भूल नहीं पा रहा था।

तभी वीर को अपने हाथों मैं कुछ फील होता है तब तक साक्षी हंसते हुए कहती है," बहुत छटपटा रहे थे, ना अब तो आपके हाथ भी बांध दिए गए, अब आपके हाथ तब खुलेंगे जब हमे लगेगा।

वीर तनु और साक्षी का ये रूप देख कर मन ही मन खुश था, लेकिन ये रूप उसे बहुत हैरान भी कर रहा था, तो वो दोनो को अपनी टिमटिमाती आंखो से देखेंने लगा जिसे देखते ही तनु जो अपना जोड़ा सही कर रही थी, वो वीर के बाजू में आ कर लेट जाती है , और अपनी अल्पिन निकल देती है, और वीर की शर्ट तो पहले भी नही पहनी थी बस बनियान थी जिसे तनु ने फाड़ कर फेक दिया और अब वीर का बदन जिसमें 6 पैक ऊबर रहे थे, वो सामने आ जाता है।

वही साक्षी भी वीर के पास वापिस उसके आधे शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है, और उसके होठ एकदम करीब आ जाती है , और वीर अपनी आखें बंद कर लेता है।

तभी वीर को हल्का से दर्द का अहसास होता है जिससे उसकी आह निकल जाती है, तभी वीर अपनी आंखो को खोलता है तो देखता है तनु उसे नोचने मैं मस्त थी, जिसकी सास भारी थी, होठ कांप रहे थे और उसके पूरे आधे सीने पर वो काट रही थी, और अपने होठ के और दातों के निशान छोड़ रही थी।

इस हमले से वीर की सास अटक गई थी लेकिन फिर भी वो ठीक था, लेकिन उसे तनु पर बहुत प्यार आ रहा था, और आता भी क्यू नहीं , साहब पहले ही मजा लूट चुके है, इसलिया तनु जानती थी उसे क्या करना है, और वीर को प्यार कर रही थी।

वीर को तभी अहसास हुआ की उसके दूसरे छोर पर उसके आधे शरीर पर साक्षी लटकी हुई, जिसकी ओर देखते ही वीर की सास चढ़ गई, और साक्षी अपने नाखून वीर के कंधे पर गड़ा दी, और उसके होठ के जस्ट बगल अपने होठ रख दी।

यह वीर पागल हुआ जा रहा था उसे एक नसीब ना हुई , आज दोनो उसे खाए जा रही है, इस दोहरे हमले से वीर की सास तेज़ थी।

वीर के हाथ बंधे हुए थे, और वीर कुछ नहीं कर सकता तभी साक्षी ने और तनु ने एक साथ हमला कर दिया।

साक्षी ने पहली बार अपने होठ वीर के होठ पर रख दिए और तनु ने अपने जिस्म वीर के जिस्म पर रख कर उसके शरीर से चिपक गई और अपने होठ वीर के गले पर रख और वीर के गाल से गाल सटा रही थी।

वही साक्षी वीर के होठ को चूमे पड़ी थी, और उसके होठ से होठ मिला कर वीर के जीभ से अपनी जीभ मिला रही चुकी थी , ये साक्षी की पहली किस थी , उसने पहली बार किसी को चूमा था साक्षी के रोम रोम हिल चुका था, उसकी मदहोशी से साफ पता चल रहा था।

तभी साक्षी ने अपने एक हाथ से वीर के गाल पर रखा और दूसरा हाथ वीर के कंधे पर और उसके होठ को काटना शुरू कर दिया जिसमें वीर ने उसका पूरा साथ दे रहा था।

वही दूसरी तरफ तनु वीर से इतना कस कर के चिपकी हुई थी की वीर के रोए भी खड़े हो चुके थे और वीर के आधे शरीर को अपनी लाल लिपस्टिक से लाल कर चुकी थी

तभी तनु की नज़र साक्षी पर पड़ती है तो वो हैरान हो गई थी क्युकी साक्षी इतनी हार्ड किस कर रही थी की वीर के होठ भी लाल हो गया थे, और उनमें हल्की सी सूजन थी।

तभी तनु को अपनी किस याद आ गई, वीर की अदा सेम टू सेम उसी के जैसे थी वीर ने उसके गाल और कंधे पकड़ कर ऐसी ही जोरदार किस करी थी तभी उसने कहा बाद मैं सोचूंगी ये सब ये कह कर वो साक्षी के पीछे एक थप्पड मारती है और उसकी चोटी खींच लेती है जिससे उसकी की रुक जाती है।

और किस के रुकते ही वीर थोड़ी तेज तेज सास लेते है और साक्षी मुंह बना कर तनु को देखती है जैसे उसकी पसंदीदा चीज किसी ने छीन ली।

साक्षी - क्या है

तनु - सास ले खुद भी और उसे भी रोज़ रात और दिन अब यही करना है, उसकी हालात भी देख कब से उसे पकड़ के उसे ही खाए जा रही थी।

तभी साक्षी सास लेती है और पानी का बॉटल से पानी पीती है और फिर से अपने मुंह में पानी भर लेती है और वीर को किस करते हुए पिलाने लगती है।

तभी साक्षी की नज़र वीर पर पड़ती है तो उसे हसी आ जाती है, वीर की आधी साइड लाल थी , और आधी साइड वाइड।

तभी साक्षी तनु को देखती है और तनु कहती है, मेरा छोड़ अपना देख तूने उसका पूरा मुंह लाल कर दिया है।

तभी दोनो एक दूसरे की तरफ देखती है और फिर वीर को देखती है और दोनो की लाल आंखें बहुत कुछ कह रही थी।

तभी वीर कहता है फिर होने वाला है मेरे साथ और वीर कहता है अरे मुझे 2 मिनट के लिए खोल दो बस 2 मिनट के लिए प्लीज।

तभी तनु उसके ऊपर लेट जाती है और साक्षी उसके बगल वापिस अपनी साइड और दोनो वीर को देखती हुई अपनी सास पकड़ते हुए बोलती है " जी नहीं खोलेंगे"

वीर - यार बस 2 मिनट।

तभी वीर की नजरो मैं देखती हुआ साक्षी कहती है क्या बात है

तनु - दर्द कर रहा है

तभी दोनो हस्ते हुए वीर के लन्ड की ओर देखती है और वीर अपनी आंख फाड़े फाड़े देख रहा था तभी साक्षी ने जींस का बैटन ओपन कर दिया और तेज से सास लेने लगी और तनु ने अपनी सास पकड़ते हुआ हस्ते हुआ अपने हाथ से वीर का लन्ड सेट किया और दोनो वापिस अपनी अपनी जगह पर आ गए।

तनु - अब ठीक है

साक्षी अब वापिस वीर के होठ वीर को कोने कोने चूमने लगती है और अब उसकी सास पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और इधर तनु का भी यही हाल था वो वीर के होठ को काट रही थी और ऊपर से वीर के जिस्म से खेल रही थी।

वीर की दोनो भरी हुई पत्नियां वीर को पूरा खा रही थी, इधर वीर की हालत बहुत खराब हो चुकी थी उसका बस चलता तो अब वो अभी के अभी दोनो को चोदना शुरू कर देता।

लेकिन वो ऐसे नही करना चाहता था क्युकी आज उसकी दोनो पत्नियां उसे धीरे धीरे प्यार कर रही थी, जैसा सुहागरात में होता है, लेकिन दोनो बहुत गरम हो चुकी थी , लेकिन वीर के हिस्से का काम तो वीर के बिना नही हो सकता था।

दोनो इतनी गरम थी की कुछ समझ नहीं आ रहा था साक्षी तेज से सास लेते हुए तनु को देखती है और वीर का लन्ड जो अब 90 डिग्री पर खड़ा था वो दोनो को चूब रहा था वीर और साक्षी के दूसरे को बहुत प्यारी भरी नज़र से देख रहे थे।

तभी वीर तनु की तरफ देखता है और तनु उसका हाथ खोल देती है, और जैसे ही वीर का हाथ छूटा तनु और साक्षी की दिल की धड़कन तेज हो गई।

तनु तो फिर भी ठीक थी, लेकिन साक्षी की ये सही मैं सुहागरात थी बेशक दोनो वीर से कही ज्यादा जानती थी , लेकिन वो भी वीर को पति मान कर आज से ही उसको अपना सब कुछ शॉप दी थी, लेकिन वो शर्म और हया उसके चेहरे पर आ रही थी।

तभी वीर आगे बढ़ा साक्षी का हाथ पकड़ कर के अपने सीने से लगा लिया, और उसकी कमर को जकड़ कर के उसे बहुत कस कर सट कर होठ से होठ मिला दिया, और दोनो के होठ से होठ मिलते ही, वीर ने साक्षी के जिस्म को मसलना शुरू कर दिया।

वही वीर के हाथ अब साक्षी की गांड़ पर गए जिससे साक्षी मदहोश होने लगी और तभी वीर ने अपना एक साथ साक्षी के चूची पर रख कर मसलना शुरू कर दिया।

इस दोहरे हमले से साक्षी बावली सी हो गई, और वीर ने बेड पर टेक लगा लिया और साक्षी के जिस्म पर अपनी छाप छोड़ने लगा इधर साक्षी इस दोहरे हमले से पागल हुए जा रही थी, अगर ऐसे ही चला तो वो पानी छोड़ देती।

इधर तनु बस चुप चाप इनके काम कीड़ा को देखने लगी, और तनु मन मैं कहती है ये रात साक्षी को ज्यादा प्यार मिलना चहिए उसे इसकी ज्यादा जरूरत है और वो आराम से बैठ गई।

इधर वीर अपनी किस तोड़ते हुए कहता है मैने इसके लिए बहुत वेट किया , फाइनली आज दोनो चीज एक साथ हुई आप भी हमारी सुहागरात भी, इधर वीर अब साक्षी को थोड़ा साइड कर देता है और उसको एक हाथ से हग किया हुआ था और उसी हाथ से उसके जिस्म को छेड़ रहा था।

इधर वीर एक साइड खाली थी , जिसे तनु अजीब नज़रों से देख रही थी की ये क्या कर रहा है , तभी वीर ने उसे अपनी ओर खींच लिया, और उसकी आंखो में देखेते हुए बोला "बच्चू आज हमारी सुहागरात है समझी, कोई सान पट्टी नही , दुनिया की नजरो मैं चाहे जो भी हो तुम दोनो मेरे नजरो मैं तो पत्नी ही रहोगी, और ऐसे कोने कोने क्यो बैठी थी, अब तो हर रोज आपको झेलना पड़ेगा, आप को तो पता ही है।

तभी तनु हस देती है और उसकी आखों में हल्की नमी थी, तभी वो वीर के गले लग जाती है और वीर उसे अलग कर के उसके होठ पर हमला कर देता है और एक हाथ से तनु की कमर और चूची बहुत जोर जोर से दबा रहा था और तनु वीर के हाथ को रोकने की कोशिश करती है।

तभी तनु को एक हाथ और अपनी कमर पर फील होता है, वो हिल नही पा रही थी की क्युकी वीर उसे पकड़ हुआ था तभी साक्षी के साथ से तनु की कमर सहलाते हुए, दूसरे हाथ से तनु के चूचों को दबा देती हैं उसकी भी पकड़ बहुत तेज थी।

इधर तनु की आंखे अब खुद बा खुद बंद होने लगी और तभी उसके ऊपर लटते हुए साक्षी उसके कान को मुंह में भर लेती है और अब तनु छटपटाने लगती है और वीर स्माइल करते हुए उसके होठ को छोड़ देता है।

तनु - तेरी आ आआ आआ आ तेरी बारी आने दे फिर बताऊंगी मैं इतने कस के निचोड़ा है तूने।

साक्षी - ही ही ही ही आदत डाल ले बन्नो।

तभी वीर एक बार और किस करना शुरू कर देता है, इस बार भी तनु ने साथ दिया और दोनो ने साक्षी और वीर ने बहुत कस के तनु को निचोड़ा जिससे तनु की आह ही निकल जा रही थी।

तभी तनु को सास लेने के लिए वीर ने छोड़ा तो तनु लुड़क गई और तकिया पर और अपना बदन सहलाते हुआ बोलती है रुक तुझे तो बताती हुं, उसकी नाक की बाली और कान के जमके, उसका जोड़ा सब उसकी प्यार की गवाई दे रहा था तभी साक्षी बोली जब ये मुझे निचोड़ रहा था तब तो तू चुप चाप आंखे सेक रही थी, जो हाल तनु का था वही हाल साक्षी का भी था।

इधर वीर ने अब साक्षी को देखा और उसकी आंखें मैं देखते हुए, उसे अपने ऊपर बैठा लिया और उसके कानो से झुमके उतारने लगा , और साक्षी इस एहसाह से सिहर सी उठी, और अगले ही पल फिर ने उसके दूसरे झुमके उतारने लगा , वो बस अपनी आखों को बंद कर के ये एहसास ले रही थी क्युकी उसे पता था अब क्या होने वाला है, तभी साक्षी ने अपनी आखों को खोला और देखा तो पाया कि वीर उसकी बाली खोल रहा है नाक की और उसके बालो से हटाते हुए मांग टीका निकल रहा है।

और अब साक्षी के बाल जो बंधे हुए थे, उसे हमेशा बंधे बाल पसन्द थे, वीर ने उसे खोल दिया और कहा "खुले बालो मैं अच्छी लगती हो"

साक्षी - ठीक है फिर आपकी जैसी मर्जी पति जी

फिर वीर साक्षी के गले पर से गहने उतारने शुरू कर दिए और साक्षी के सारे गहने उतर जाने के बाद वीर उसकी साड़ी का पल्लू भी हटा दिया , जिससे एक बार फिर साक्षी की नज़र चोड़ी हो गई और उसने साक्षी को उठा कर खड़ा किया और साक्षी की साड़ी खोल दी जिससे साक्षी अब ब्लाउज और पेटिकोट मैं रह गई थी, जिससे वो अपने लाल गाल लिए चुप चाप बेड पर बैठ गई एक दम कोने और मन ही मन इस feeling को जी रही थी, जिससे तनु हसने लगी और वीर ने अब तनु को अपनी बाहों में भर कर उसके गहने उतारने शुरू कर दिया जिसके अहसास से अब उसकी सिसक निकल आई , वही तनु के सारे गहने उतर जाने के बाद वो स्माइल करती हुई वीर को गले लगा दी, और वीर ने उसकी पतली सी कमर के थाम लिया और दोनो ऐसे ही खड़े रहे, और फिर साक्षी भी चुप चाप खड़ी हो कर दोनो के बीच घुस गई।

तभी साक्षी को वीर ने उठा कर बेड पर रख दिया और तनु ने अपनी साड़ी उतारनी शुरू कर दी और पेटीकोट और ब्लाउज मैं आ कर बेड पर बैठ गई।

तभी वीर ने साक्षी को लिटा कर अपना जींस उतार कर फेक दिया और साक्षी के ऊपर लेट गया जिससे साक्षी को अपनी चूत के ऊपर वीर का लन्ड गड़ने लगा इधर वीर बस उसे चूमे जा रहा था और ऊपर से साक्षी को चोदने लगा, जिससे साक्षी की सास अटक गई।

और तनु ने तभी वीर को एक चपत मारी जिससे वीर होश में आया और तनु साक्षी के होठ को चूमने लगी और वीर साक्षी के पेट को चूमने और उसका हाथ तनु की हिप्स पर थे और साक्षी बस आहे भर रही थी, और साक्षी इस मजे से अपनी आखें बंद कर ली और तनु ने उसके चूचों को दबनाना शुरू दिया और साक्षी आहे भरते हुए तनु को जकड़ लिया और तनु को जकड़ते ही दोनो के चूचों के मिलते ही दोनो की एक साथ आह निकल पड़ी।

और वीर ने साक्षी के ऊपर तिरछे लेते लेते तनु को पकड़ लिया और उसकी कमर को चूमना शुरू कर दिया, जिससे तनु पागल हुए जा रही थी, और तनु के साथ खेलने के बाद वीर वापिस साक्षी पर आता है और उसके पेटिकोट को खोल देता है जिससे साक्षी की सास तेज़ हो गई थी।

और वीर ने 2 सैकंड मैं साक्षी के पेटिकोट निकल दिया और ऊपर से तनु ने उसका ब्लाउज निकल दिया और साक्षी ने भी जल्दी से तनु का ब्लाउज उतार दिया।

क्युकी दोनो को नही पता था वीर कब किसके साथ क्या करे।

इधर वीर ने जैसे ही अपना मुंह साक्षी की झांग पर रखा साक्षी के पूरे शरीर में करंट दौड़ गया और इधर वीर के हाथ तनु के झाग से खेल रहे थे और उसकी गांड़ को दबा रहे थे तभी तनु के भी पेटीकोट वीर ने उतार दिए और अब साक्षी के ऊपर साइड आ कर वीर तनु और साक्षी के ऊपर आ गया और तीनो की सास बहुत तेज चल रही थी।

तभी वीर के दोनो हाथ दोनो के चूचों को दबाने मैं शुरू हो गए धीरे धीरे दोनो के ब्रा उतार गई।

ब्रा के गिरते ही साक्षी की आंखे बंद और हार्ट बीट तेज हो गई , और वीर के आखों के सामने जैसे ही साक्षी और तनु के चूचों दिखे वीर पागलों जैसे उन्हें काटना चूसना शुरू कर दिया और वीर के हर अहसास से इधर साक्षी और तनु दोनो की हालत खराब होती जा रही थी और ऊपर से तनु फिर भी कंट्रोल में थी लेकिन साक्षी की चूत पानिया गई थी।

इधर वीर के हाथ साक्षी और तनु के हाथ थाम रखे थे, और दोनो की हाथों से चूड़ियों की छन छन पूरे रूम में फेल गई थी।

तभी वीर ने तनु को इशारा किया और तनु साक्षी के ऊपर आ गई और आते ही तनु की पँटी उतार गई और अगले ही पल साक्षी की पूरी लाल हो गई और उसकी पँटी उतार गई और उसकी पैंटी उतरते ही तनु ने उसका हाथ बहुत जोर से थाम लिया जिसेसे तनु उसकी आंखो में देखती है और उसके होठ को नोचने लगती है।

इधर वीर ने अपना मुंह साक्षी की चूत पर रखते ही साक्षी सिहर उठी उसके हाथ तनु के हाथ में थे और वो छटपटा रही थी और तनु उसे पागलों जैसे चूमे जा रही थी

साक्षी - तनु तनु तनु

तनु - हा बाबा तुम्हारे पास हूं ना,

साक्षी - तनु उम्मम्मम्मम

तनु ने उसके होठ चूम लिएं जिससे वो कुछ ना कह सकी लेकिन तभी वीर साक्षी को छोड़ देता है और तनु की चूत पर अपना मुंह रख देता है जिससे तनु की आह निकलने वाली थी की साक्षी ने उसके होठ को थाम लिया, और उसके दोनो चूची को दबाने लगीं और दोनो इस कदर गर्म हो गई थी की दोनो को कुछ भी परवाह नहीं थी।

तभी तनु जो साक्षी के ऊपर लेटी हुई थी उसकी कमर और गांड़ पकड़ लेता है और जोरदार धक्का लगाते हुए वीर तनु की चूत में लन्ड उतार देता है और मौके पर ही साक्षी ने तनु का मुंह अपने मुंह में ले लिया, और एक हाथ से उसकी चूत सहलाने लगी।


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तनु - शीट आआआआहह यारर थोडा आराम से aaaahahaa वीईईई वीर नही बच्चा जान आराम से ना आए कामिनी काट क्यो रही है।

साक्षी उसके होठ को अपने हाथ से बंद कर देती है और उसकी पीठ को एक हाथ से पकड़ लेती है और उसके चूचों को बारी बारी चूसने लगती है।

इधर तनु की सिसकारियां पूरे रूम मैं फेल गई थी और वो वीर को रुकने का बोल रही थी।

तभी साक्षी धीरे से उसकी ओर देख कर कहती है सारी दुनिया जिससे डरती है आज उसको एक लड़के ने परेशान कर दिया कहती थी ना मैं एक दिन ऐसे आएगा जब कोई तुम्हे प्यार से जोतेगा और तू खुद साथ देगी।

तनु - आआआहह्ह मम्मी ree थोड़ा धीरे यार पूरा जल रही है , कामिनी वो मेरे प्यार है उसी ने तो जीना सिखाया और तनु उसके होठ मैं होठ दे देती है और उसी टाइम वीर ने तनु की चूत से निकल कर साक्षी की चूत में डाल देता है जिससे साक्षी की चीख निकल जाती है।


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साक्षी - आह्हह्हह आह्हह्हह्ह वीर वीर यार आह्हह्हशा उम्म उम्मम् धीरे आह।

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साक्षी - आआआआहहह वीर आराम से आआहाह्ह ऐसे ही आआआहहहह उफ्फफ्फ तुमसे धीरे नही होता क्या तोड़ के रख देते हो यार हो यार दिन भर तो चुप रहते हो डाट खाते हो आआआआह मम्मी यार रात को हिम्मत इतनी आ जाती है

साक्षी - अह्हहहहह वीर मर जाऊंगी अब थोड़ा थड़ी रेस्ट दे दो थोडी देर के लिए रेस्ट दे दो आआआआआहहह यार

साक्षी की चीख सुन कर तनु उसके बाल सहलाने लगती है और वीर उठ जाता है


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इधर साक्षी छूटते ही सोफे पर बैठ जाती है और उसी सोफे पर तनु के कंधे पकड़ कर वीर शुरू रहता है।

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तनु - आह आराम से ऐसे ही दक्के लगाओ आआआआ येसस्सस्स yessss बेब आआआआहहह जान थोड़ा होले होले होले।

तनु - प्राण ही निकल लेते हो यार तुम , रात को तो पूरे फॉर्म में रहते हो आआ आआ

वीर - तुमसे कितना प्यार करता हूं

तनु - आआआआहहह उम्मम्म्म उम्मम्म्मम प्यार अरे प्यार तो मैं भी करती हूं बच्चा आहा , इस डायन की बारी अब छोड़ो मुझे हटो aaaaah दईया छोड़ दो यार थोड़ा सास लेने दो तोड़ कर रख देते हो।

तनु के छोड़ते ही वीर साक्षी की लेने लगता है और तनु साक्षी के चूत पर मुंह रख देती है।


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साक्षी - आआआहहहह अहाशहहह वीर वीर fuck fuck fuck ohhhh goddddddd सस्ससास

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साक्षी - यार वीर आआआहह्हह अहाहहह उम्मम्मम् तेज तेज तेज डक्के मारो आआ वीर वीर वीईईईईईईई बीयर

साक्षी का पूरा जिस्म अकड़ने लगा और जो झड़ने लगी थी।

साक्षी - यार अब छोड़ दो यार वाइफ हूं तुम्हारी थोड़ा रेस्ट दे दो हम दोनो को तुम तो रुक जाते हो बार बार हमारी चूत है मशीन नही बस थोड़ा रेस्ट।

तभी वीर साक्षी को दबा लेते है और उसके ऊपर लेट कर चोदने लगता है और उसके पूरे अंदर डाल देता है


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और पूरा पानी साक्षी की चूत में निकल देता है।

साक्षी और तनु वीर के नीचे दबी रहती है और दोनो की चूत में वीर में एक एक बार पानी छोड़ दिया था।

साक्षी और तनु अपनी सास पकड़ रहे थे। दोनो की पिछले 1 घंटे लगातार चूदाई हो रही थी दोनो का शरीर जवाब दे गया था।

साक्षी - जब उसका पानी एक बार आ गया था, तो तूने दुबारा खड़ा क्यो करवाया डायन।

तनु - क्युकी मैं वीर को जानती हूं एक बार से उसका दिल नही भरता और 2 बार मैं 45 मिनट तक चला अब वो थक गया है तो रेस्ट करो , और गुस्सा मत हो।

साक्षी - क्यो गुस्सा से क्या हुआ

तभी साक्षी की नजर वीर के लन्ड पर पड़ती है जो वापिस खड़ा हो रहा था तभी साक्षी मासूम सी सकल बना कर कहती हैं समझ गई।

तनु - क्या समझी

साक्षी - जितना पसंदीदा पत्नी, उतनी उसकी ठोकाई होती है।

तभी साक्षी और तनु और वीर एक दूसरे को जकड़ कर लेट जाते है और 15 मिनट बाद साक्षी नोटिस करती है की उसे कुछ आवाज आ रही थी।

तभी वो देखती है की वीर तनु का मुंह दबाए उसे चोद रहा रहा था।


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तनु - उम्मम्म्म इम्म्म यार आआआआह्हह्हह

तभी वीर अपना हाथ हटा देता है और तनु कहती है दिल नही भरता ना तुम्हारा।

वीर - तुमसे मेरे दिल भर जाएगा मजाक मत करो।

तभी तनु का बदन अकड़ने लगता है और वीर उसे पकड़े रहता है और तनु को झड़ने देते है।

तभी तनु को छोड़ कर वीर साक्षी के पास आता है और कहता है बस एक बार बार बस एक बार लास्ट बार प्लीज ना वाइफ

साक्षी - यार

तब तक साक्षी को वीर बड़ी सी तकिया पर टिका देता है और उसकी दमदार चूदाई शुरू कर देता है।


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साक्षी का तो दिमाग ही हिल गया इतना तेज तेज दकके वीर लगा रहा था और उसके गाल पूरे लाल लाल थे, आज उसका पति उसकी ऐसी दमदार चूदाई कर रहा था की उसे दर्द और मजा का मिला जुला अहसास हो रहा था।

तभी वीर झड़ने को आता है और दोनो एक साथ झड़ जाते है और वीर साक्षी और तनु एक दुसरे के ऊपर पड़े हुए थे, और तनु कहती है मजा आई सुहागरात को।

साक्षी - हा बहुत ज्यादा ही ही ही पूरा शरीर दर्द कर रहा है लेकिन फिर भी धीरे धीरे जगह बन जाएगी तो मजा ही मजा आएगा वैसे भी इतना प्यार पति है

तनु - गुड और एक राज की बात बता

साक्षी - क्या

तनु - ये सुहागरात ना भी होती तो भी इतनी चूदाई होती तुम्हारी 🤣😂 बस ये एक्स्ट्रा राउंड नही लगता लास्ट वाला , और अब आदत डाल लो कभी भी साड़ी उठानी पड़ जा

ये सुन कर साक्षी हसने लगती है और कहती है हम दोनो को पूरा निचोड़ दिया है या

तनु - यार पूरा शरीर दर्द कर रहा है , हाए वैसे बहुत प्यार करता है हम सब से मुझे इस बात की खुशी है, मैं क्या हूं इससे इसे फरक नही पड़ता

साक्षी - हा कहता है मुझसे एक दिन तुम और तनु साथ रहो मेरे बस बाकी खुश रखने की जिमेदारी मेरी है

तनु - प्यार जीता है इसने हम सब का मेरे लिया इतना कुछ कर रहा है प्रोमिस वीर तुम्हे कभी उदास नही होने दूंगी बस थोड़ा गुस्सा वाली हूं मैं, इस लिया बहक जाती हूं

साक्षी - तुम्हे लगता है तुम्हारे गुस्सा से उसे फर्क पड़ता है वो गुस्से मैं भी तुम्हे वाइफ समझता है, और तुम्हारे साथ रहना चाहते

तनु - बहुत प्यार करता है और ये अजीब ही है देखो इस

तभी दोनो की नज़र वीर पर पड़ती है जो नींद मैं भी दोनो को चिपकाए हुआ था, और साक्षी और तनु को नींद मैं ही धुड़ रहा था

उसकी इस हरकत पर दोनो हसने लगी और तनु एक थप्पड मारती है वीर के सर पर जिससे वीर कुनमुना जाता है और दोनो को जकड़ लेता

और दोनो हस्ते हुआ उसे सहलाने लगती है और कब सो जाती है पता ही नही चलता

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Ye shuagraat ka laat updated tha isliye bahut time laga main esa ache se finish karna chahta tha..... Aur update ki length bahut badi hai...
Khair chodo yar koi fayada nhi batane ka
 
Sir ji isiliya toh update late aata hai kyuki is forum ke baad hi meri duniya shuru hoti hai....but fir bhi update timely deta hun... Jyada wait nhi karwata aaj itna bada update diya....

Mera readers loyal hai beshak wo hmse naraz hote hai gussa hote hai but 🥰 wo mere sath nhi chodenge mujhe barosha hai apne readers par.... Wo samjte hai mujhe aur jo gussa hote hai unhe main mna leta hun....

But bhai update late aata hai wo manta hun...lekin jab main bolta hun ki update is coming thts mean main isi par kaam kar ha hun plss samjhiye sir main bhi insaan hun... Meri bhi duniya hai but still aap sab ke best krna try kr rha...
 
Well well well... Sir aapne baat puri shi kahi.... But main story ke update main laga rahta hun...kabhi kabhi aisa hota hai update main lga rahta hun but pasnd nhi aata aap sab ke best content sochta hun...beshak mera readers naraz hote hai but unki psnd bhi important hai... Main kahta hun update aayga thts mean main usi par laga hun bhai... Baaki maine kabhi sikhayat nhi ki readers ko le kar.... Mere sabhi readers mere hai agar acha main support krte hai toh galat main burai bhi mujhe accpet hai... Main puri kosis toh kar rha hun naah sir ab kya karu aap bataoo🥺.... Maine kal kaha aaj update aayga 2 but janta ke liye hi maine dono update marge kar ke mega update diya naah....taaki shuagraat update wo sab feel kare beech main koi rok aur tok naa aaye.... Sir main apna best dene ki kosis kar rha hun... Main raat 3 ya 4 bje bhi update deta hun jaaag jaag kar din bhar bhi rahta hun... But aapka review acha lga hme... Aur apko bura laga uske liye main tahe dil se maafi cahhta hun...aap sab ne hi toh mujhe banaya hai
 
Update posted guys pyar barsha do.... And revos dena ka....aur ek baat kahna chahunga sir main best dne ki kosis kar rha kabhi kabhi lete hun kyuki apko best update dene ki kosis rahti hai.... Aaj 2 update bola tha but 1 mega diya.. aur main main maafi chahunga tahe dil se agr kisi ko bura laga ho mera delay....baaki main apni puri kosis kar aur main baaki sab ki tarah problem waigra batane main trust nhi rakhta .... Baaki update deta rhunga... Ho sake toh maaf kar dena ...aap sab ka hi bhai hun
 
अपडेट - 29

तभी दोनो की नज़र वीर पर पड़ती है जो नींद मैं भी दोनो को चिपकाए हुआ था, और साक्षी और तनु को नींद मैं ही धुड़ रहा था।

उसकी इस हरकत पर दोनो हसने लगी और तनु एक थप्पड मारती है वीर के सर पर जिससे वीर कुनमुना जाता है और दोनो को जकड़ लेता है।

और दोनो हस्ते हुआ उसे सहलाने लगती है और कब सो जाती है पता ही नही चलता।

अब आगे ----

तनु को नींद सुबह खुलती है तो वो देखती है सुबह के 5 बजे चुके है, तो वो देखती है उसके ऊपर वीर चढ़ा हुआ है और और वीर का हाथ उसके सर के नीचे था और वीर तनु के सीने पर सर रख कर के लेता हुआ था तभी उसकी नज़र साक्षी पर पड़ती है, जो उसके सीने मैं घुसी हुई सो रही थी।

तनु - आह बाप र दोनो मेरे ऊपर चढ़ कर सोए हुए है, तभी तनु साक्षी को उठाती है , उठो साक्षी , उठ डायन कही की।

तभी साक्षी कुनमुनाती है और तनु को होठ पर होठ रख देती है और कुनमुनाते हुए कहती है" अब सोने दे यार प्लीज़"

तनु - अरे उठो , यार सुबह के 5 बज रहे है, और उठी नही तो सबको क्या मुंह दिखाओगी, हालत देखी है रूम की, उठ जा यार वर्ना देर हो जाएगी।

साक्षी उठ जाती है और उठते ही कहती है यार 4 बजे तक तो इसने सोने नही दिया, और तू बजे शुरू हो गई।

तभी साक्षी उठने की कोशिश करती है तो एक दर्द भरी आह निकल जाती है, तभी तनु कहती है अरे बैठ जा केवल।

तभी तनु वीर को उठाने लगती है , जिससे वीर कुनमुनाते हुए, तनु को अपने सीने मैं जकड़ लेता हैं , और बैठी हुई साक्षी अंगड़ाई ले रही थी, की तभी उसकी चोटी पकड़ कर वीर ने उसे भी अपने सीने मैं घुसा लिया।

साक्षी और तनु वीर के सीने में घुसी हुई एक अलग ही गर्मी महसूस कर रही थी और उनकी आंखें अपने आप बंद होने लगी।

तभी दोनो जल्दी से उठ जाती है और वीर को धकेल देती है।

तनु - यार ये तो हमे भी सुला देता।

साक्षी - अरे यार 2 मिनट और ऐसे ही रहते तो बस सो ही जाते।

साक्षी - वैसे उसे अच्छे से पता है हमे सुलाने कैसे है , मानना कैसे है, ही ही ही ही ही।

तनु - हा इसकी सीधापन देख कर बहुत प्यार आता है।

साक्षी - अगर ये सीधा और मासूम नही होता तो क्या तेरा दिल पिघलता।

तनु - वैसे अब इसका क्या फायदा अब तो वो प्यार हो गया है इससे।

साक्षी - कितना डरता है।

तनु कुछ कहती तभी वीर हड़बड़ा कर उठ जाता है और कहता है "भूकप आ गया , भूकंप आ गया"

जिसे सुन कर तनु और साक्षी हस्ते हुए बेड पर से जमीन पर गिर जाती है।

उनकी इस हसी से नीचे सभी का ध्यान इन पर आ गया , मधु निधि , उदय राज राखी सूर्य भान सभी बहुत खुश नज़र आ रहे थे, अपनी बेटियों की हसी देख कर उन्हें बस सुकून मिल रहा था, तभी राखी ऊपर की ओर जाने लगी।

तभी निधि धीरे से पुतपुआती है, अगर पापा और राज ने वीर के साथ ऐसा नही किया होता तो आज हमारे घर का मोहाल थोड़ा अच्छा होता, मुझे यू काम का बहाना बना कर के ऊपर नही जाना पड़ता।

तभी राखी कहती है अभी काम कर के दोपहर को चलना तू मेरे साथ अभी मुझे जाने दे।

तभी निधि खुश हो जाती है।

इधर वीर बस जमीन पर पड़े पड़े उन्हें देख रहा था, और कहता है सोने भी नही देती ऐसे कौन धकेलता है, वीर ने एकदम नर्म लहज़े से कहा था ये बात।

उसकी बात सुन कर तनु कहती है, जिसका पेट दुखने लगा था बहुत हसने की वजह से और वो वीर को प्यार से टपकी मारती है और हस्ते हुए कहती है, टाइम हो गया है एक बार सब सही कर लूं, फिर वापिस अपने सीने मैं घुसा कर सुला लेना।

वीर - तभी वीर आस पास रूम देखने लगता है , जो पूरा बिखरा हुआ पड़ा था

तभी तनु कहती है, हा सही पकड़े हम रूम की बात कर रहे है, ये सब सही करना है समझदार हो रहे हो तुम, और अपनी हालत देखू।

तभी वीर की नज़र अपने शरीर पर पड़ती है जहा पूरे सीने और गले पर नाखून के निशान थे और दातों के निशान थे जिन पर हल्का खून लगा था।

तभी तनु धीरे से कहती है " ज्यादा लग गई ना"

वीर शरामते हुए कहते है " नही ठीक है मुझे ये निशान अच्छा लगे"

तभी वीर की नज़र तनु और साक्षी पर पड़ती है जिसे वीर ने कल रात बहुत गंदी तरह से निचोड़ा था, नोचा था, ये देख कर के वीर धीरे से कहता है " सॉरी "

साक्षी - aawwwww मेरा बच्चा , हाए इसी मासूमियत पर हम दोनो फिदा हो गए, और वैसे भी तुम्हारे ये हक जताना, वैसे भी ये तो तुम्हारा फर्ज है , अब चलो बाद मैं बात करना वर्ना कोई उठ जाएगा.

इधर जैसे ही दोनो खड़ी होती है तो तनु को हल्का दर्द हो रहा था , और साक्षी भी तनु का हाथ पकड़ लेती है और दोनो अपनी साड़ी उठाने लगती है तभी वीर दोनो को पकड़ लेता है।

और तनु कहती है " अब छोड़ दो लेट हो रहा है , दुबारा नही बोलूंगी मैं , थोड़ा सब्र नहीं होता"

उसकी बात सुन कर वीर उसके गाल पर किस कर के दूर हट जाता है और तनु की स्माइल खिल जाती है और कहती है "पागल लड़का"

वो साड़ी धुड़ती तभी वीर की नज़र पर देखती है ,और खुशी से कहती है तुम रोक क्यू रहे हो साड़ी पहने से क्या लाए हो , जो देने से डर रहे हो।

वीर - वो वो मैं अलमारी की ओर देखते हुए वीर बोलता है

जिससे तनु चल कर अलमारी के पास जाति है और वीर की चीज ढूढने लगती है।

तभी साक्षी वीर के पास आ कर कहती है , " क्या बात है तिरछी नज़र से देख रहे हो"

वीर "कुछ भी तो नही"

साक्षी - अच्छा तो अपनी पत्नी के साथ प्राइवेट टाइम स्पेंट करना है, तनु देखो ये क्या कह रहा हैं।

वीर - तनु बहुत मरेगी,

साक्षी - अच्छा इसलिए मुझे घूर रहे थे।

तभी वीर उसका हाथ पकड़ लेटा है और साक्षी हसने लगती है और कहती है " रात भर मसला सुकून नही है अभी"

साक्षी को वीर जकड़ कर के किस करने लगता है और उसके पिछवाड़े को दबाने लगता है।

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साक्षी - वीर से अलग होती है क्युकी उसकी नज़र तनु पर पड़ जाती है , जो उसे ही देख रही थी

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साक्षी - कामिनी

साक्षी जल्दी से कुद कर अलमारी चेक करती है , और उसे भी एक नाइटी मिल जाती है और वो पहनने लगती है।

तभी तनु वीर के सामने आ कर खड़ी हो जाती है।

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तनु - अच्छी लग रही हूं, ना।

वीर - तुम्हे कैसे पता की मैं कुछ लाया हूं।

तनु - आप भूल रहे है, जब हर कोई तुम्हे दितकार रहा था , तब मैं तुम्हें साथ थी , उल्लू प्यार करती हूं , तुम्हारी तनु इतनी भी नासमझ थोड़ी है।

तभी तनु वीर के गले लग जाती है और साक्षी भी नाईटी पहन कर बहुत खुश थी और कूदते हुए वो भी हग कर लेती है और दोनो को लेट हो रहा था तो वो दोनो जल्दी से भाग गई , क्युकी उनके शरीर से वीर की खुशबू आ रही थी ऊपर से दोनो चल नही पा रही थी, और सब के उठने का टाइम हो रहा था।

इधर दोनो जल्दी से बाहर निकल गई, और जैसे ही बाहर आई उनके सामने राखी बैठी थी जिसे देख कर तनु और साक्षी उनका आशीर्वाद लेती है, और राखी कहती है सदा खुश रहो तुम दोनो की हसी वापिस आ गई , इससे अच्छा और क्या होगा।

तभी राखी की नज़र साक्षी और तनु के जिस्म पर पड़ती है जिससे उसे हसी आ जाती है और कहती है जाओ जल्दी नहा कर फ्रेश हो लो और क्रीम लगा लेना निशान चले जाएंगे।

इसे सुन कर दोनो एक साथ बोलती है ," नही " और नहानी मैं भाग जाती है और वीर रूम की हालत सही कर के जैसे ही बाहर आता है तो उसे राखी लगा लेती है।

वीर - अरे गुड मार्निंग मम्मी जी

तभी वीर की नज़र जैसे ही दूसरी तरफ पड़ती है तो तनु उसे चप्पल की तरफ इशारे कर रही थी।

जिससे वीर डर जाता है और साक्षी हस देती है।

फिर दोनो वापिस नहाने चली जाती है और वीर भी नहाने चला जाता है।

जैसे ही नहानी के पास आता है तो उसे तनु और साक्षी एक साथ घुसती हुई नजर आई, तो वीर उनसे कहता है " में भी चलु"

तनु - जी नहीं बाहर ही नहाओ और रखवाली करो हमारी कोई अंदर जाके नहीं और बाहर ही नहा लो, आप अंदर आओगे तो क्या करोगे हमे पता है।

वीर बाहर नहाने लगता है और दोनो इधर नहा रही थी।

और वीर को करना ही क्या था उसे सिर्फ अपने आप को साफ करना था , ताकि लिपस्टिक छूट जाए।

और वो जल्दी से नहा कर भागने वाला था की तभी उसे तनु को बात याद आती है।

वीर वही रुक जाता है और वही बैठ जाता है।

इधर जैसे ही वो दोनो नहा कर बाहर आती है तो वीर को खड़ा देखती है तो साक्षी हस्ते हुए कहती है वाह जी आप तो खड़े ही थे, अच्छा हुआ गए नही वर्ना मार्निंग गुड हो जाती।

वीर का ध्यान तनु और साक्षी की बात पर नही उनके चहरे पर था , जो सच किसी चांद जैसा लग रहा था।

तभी साक्षी कहती है क्या हुआ l

वीर - बहुत अच्छी लग रही हो तुम दोनो।

तनु - सूजी हुई है नही दूंगी।

उसकी बात सुन कर वीर झेप जाता है और साक्षी हस्ते हुए वीर को गले लगा लेती है, और कहती है "मत कर ना तंग सुबह सुबह"

और तनु और साक्षी के खिला खिला चहरा देख कर वीर को बहुत अच्छा लग रहा था साक्षी कपड़े डालने लगी थी , और तनु सीधे सीधे चली जा रही थी।

तभी वीर उसका हाथ पकड़ कर के उसे गोद मैं उठा लेता है, और बाहों मैं भर कर घूमने लगता है।

उसकी ये हरकत देख कर तनु भी हस देती है और कहती है जाने दो मुझे अब यार छोड़ दो सुबह हो गई है और तुम अब भी छोड़ने का नाम नही ले रहे।

वीर - तुम्हारी स्मेल अच्छी लग रही है ही ही ही।

तभी साक्षी कपड़े डालते डालते हस रही थी, और दोनो इस टाइम बहुत खुश थे,

वीर - हस्ते हुए अच्छे लगते हो तुम दोनो।

तनु - वो तो मैं हमेशा हस्ती रहती हूं।

अभी भी तनु वीर की बाहों मैं लटकी हुई थी, की तभी अंजलि वहा आ जाती है , और तनु को वीर की गोद मैं लटकी और हस्ते देख उसे ऐसे लग रहा था, जैसे उसकी आंखे अभी बाहर आ जाएंगी।

अंजली के लिए ये सब एक कोरे सपने जैसे था, वो तनु जिसके सामने किसी की हिम्मत नही होती थी उसे घूर कर देखने की आज एक लड़का उसे बाहों मैं भर कर छेड़ रहा था।

तभी," तनु कहती है, हटो बेशर्म काव्या जाग जाएगी , तो क्या सोचेगी" ये कह कर तनु जल्दी से उतर जाती है और भागने लगती है।

वीर - यही सोचेगी की , उसका मम्मी पापा कितना प्यार करते है।

ये कह कर वीर वापिस उसे पकड़ने लगता है, तभी तनु की नज़र अंजली पर पड़ जाती है और वीर तब तक वापिस उसे दबोच लेता है।

तनु वीर की बाहों में कैद हो चुकी थी और उसका हाथ थामते हुए कहती है क्या हुआ अंजू।

अंजू - कुछ नही फ्रेश होना था।

तभी साक्षी कहती है यहां नई नई हो ना इसलिए अच्छा नही लग रहा होगा, लेकिन धीरे धीरे आदत हो जायगी तो मजा आएगा, सारी बहने मिलकर उदम मचाया जाएगा, ये रहा बाथरूम।

साक्षी - आओ

साक्षी अंजली को बाथरूम पर छोड़ते हुए, तिरछी नज़र से वीर को देखती है और दोनो हसने लगते है।

तनु - नही नही अंजू तू मत जाना बहन देख तू मत जा।

अंजली - क्या हुआ ,

साक्षी - अरे ये उल्लू है , तू जा बहन,

अंजली को बाथरूम मैं धकेलते हुए, साक्षी कहती है।

अंजली बाथरूम मैं आते हुए, सोचती है तनु क्यों रोक रही थी।

तभी उसे बहुत जोर से खिलकरियो की आवाज आती है , जो तनु और साक्षी की होती है।

तनु - ही ही ही ही ही छोड़ दो ना।

साक्षी - ही ही ही ही मैं क्यो छोड़ दूं आपको।

तभी साक्षी तनु की कमर पकड़ने लगती है और तनु उल्टा साक्षी को पकड़ लेती है और वीर अब साक्षी का हाथ पकड़ लेटा है और तनु कहती है बच्चू अब कहा जाओगी।

फिर साक्षी की खिलकरिया गूंज जाती है और फिर दोनो भागने लगती है।

इधर जैसे ही दोनो का ध्यान सामने पड़ता है तो रूही अनु राखी, निधि सब उन्हें हस्ते हुए देख रही थी।

तभी पीछे अपनी कमर पर हाथ रख कर अंजली हस्ते हुए दोनो को देख रही थी।

इधर ये सब को अपनी ओर ऐसे घूरते हुए देख कर साक्षी और तनु के फेस पर लाली छा जाती है और वो दोनो चुप चाप अपने बिखरे बाल सही करते हुए , चुप चाप वीर के पीछे दोनो खड़ी हो जाती है।

इधर वीर ने अपने पीछे दोनो को छिपा हुआ, देख कर उनके आगे आता है और कहता है , क्या हुआ आप सब ऐसे क्यों देख रही है।

तभी मंजू कहती हुई "अपनी बच्चियों को ऐसे खेलते देख हम भी खेलने आ गए,"

तभी राखी आ कर दोनो बहेनो को सीने से लगा लेती है, और कहती है, "तुम्हारी ये हसी सुनने के लिए ही तो हम सब के कान तरस गए थे"

तभी उन सब की नज़र रूही और अंजली पर पड़ती है तो वो उन्हे घूरने लगते है।

और रूही डर जाती है और अंजली के पीछे आ जाती है और सब अंजली के यह होने का जवाब मांग रही थी।

तभी अंजलि कुछ बोलती उसके पहले वीर ने अंजली का हाथ पकड़ कर के रूही की कमर को जकड़ लेता है।

तभी साक्षी कहती है "इतना इंट्रोडक्शन ठीक है या और देना है"

तनु - साक्षी शान्त

वीर आगे आ कर साक्षी का हाथ पकड़ लेता है और तनु के कंधे पर हाथ रख देता है।

तनु - मेरी बहने है दोनो, और अब सौतन है मेरी।

मंजू - तुम रूही हो।

रूही अपना सर हिला देती है और मंजू रूही को गले लगा लेती है, और नम आंखों से उसे देखती है।

राखी - अंजली

अंजली दौड़ कर रोते हुए, राखी के गले लग जाती है और अब मोहाल एक दम प्यारा हो गया था।

तभी वीर धीरे से तनु और साक्षी को इसारा करता है और दोनो भाग जाती है।

और रूम में आ जाती है और वीर हसने लगता है।

तनु - ज्यादा दात मत दिखाओ।

तभी साक्षी और वीर हस्ते हुए एक दूसरे को देखते है और आगे बढ़ते है।

तनु - मैं मार दूंगी देखो अब नही।

साक्षी - बन्नो ही ही ही

तनु - नही ना यार देखो सब इधर ही है , सब जाग गय।

फिर दोनो साड़ी पहनने चली जाती है और वीर काव्या के पास आ कर उसे जकड़ लेता है, और अनु को इशारे से इधर बुलाता है।

अनु - क्या है

तभी वीर उसको बैठने का बोलता है जिससे वो चिल्ला कर कहती नही बैठना मुझे जाओ ना सबका हाथ पकड़ो मेरे पास क्यों आ रहे हो जाओ।

वीर - अच्छा कोई जल रहा है।

अनु - अबे गधे तेरे से कौन जलेगा।

वीर - अच्छा तो ठीक है रूही को बुला लेता है।

अनु - आने दे उसे, मुंह ना तोड़ दूं उसका तो कहना।

वीर हसने लगता है और उसे भी काव्या के साथ जकड़ लेता है।

और अपने पैर उसके पैर पर लाद देता है।

और उसकी सलवार को थोड़ा ऊंचा कर के उसके उसके पेट पर हाथ रख देता है।

अनु - इतना ही प्यार है तो आते क्यो नही मेरे पास , मुझे भी एहसाह करो अपनी वाइफ होने का या बस ऐसे ही रहूंगी मैं, मुझे भी तो जरूरत है ना प्यार की इतनी बुरी हो गई मैं की अब तू मेरे साथ रह कर बात भी नही करना चाहता।

अनु - हा तुझे बदन नही दिया , मैने क्युकी नही लगा सही लेकिन एक बार मेरा दिल तो जीतो , अगर जान भी ना दे दूं तो कहना, मैं किसी भी वाइफ के खिलाफ नही हूं, ना ही रूही के , ना ही अंजू दीदी की , लेकिन मुझे ऐसे अकेला छोड़ देते हो , तो बुरा लगता है।

अनु - बोलो मैं गुस्सा करती हूं , डाट देती हूं इसलिए तू बात नही करता ना मुझसे।

तभी वीर उसकी कमर पर हल्की सी चिकोटी काट लेता है जिससे वो चिहुंक जाती है और उसे एहसाह होता है वीर का हाथ कहा था।

फिर वीर उठ कर उसके माथे पर किस करता है , और कहता है तुमने तो गुस्सा किया ही नहीं कभी वो तो तुम्हारा प्यार था, वैसे भी सलवार और जींस में अच्छी लगती हो मेरी बिल्ली, वैसे भी तुम्हारे आलावा मेरा पास कोई जीरो फिगर वाली है बताओ।

वीर - आह जी आप देखना मैं बहुत टाइम स्पेंट करूंगा आपके साथ , क्या करता नही मैं पागल।

फिर वीर कहता है तुम मेरी वाइफ हो और वाइफ ही रहोगी, तुम्हारा मुझ पर हक बनता है और हमेशा रहेगा, मेरी हो तुम बस मेरी समझी , वैसे भी हमारी सुहागरात पेंडिंग है अभी।

तभी वीर उसे और काव्या को जकड़ कर के सो जाता है।

एक तरफ काव्या वीर के सीने मैं घुसी हुई थी, और इधर अनु को वीर ने जकड़ रखा था उसकी पैर पर अपने पैर और उसकी कमर को कस कर जकड़ रखा था।

इधर ये सब सुन कर अनु के गाल पूरे लाल हो गया थे, और वो अपने धुप्पते से वीर का हाथ छुपा लेती है और वीर के हाथ पर अपना सर रख देठी है और उसकी दिल की धड़कने बड़ जाती है, जिसे वो काबू नही कर पा रही थी आज पहली बार किसी ने उससे ऐसे बात की थी, जिसे सोच सोच कर उसके गाल हुए जा रहे थे ऊपर से वीर के स्पर्श ने भी उसे पत्नी होने का अहसास दिलाया था, और वो कब वीर को जकड़ कर के सो जाती है पता ही नही चलता

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दौड़ते हुए एक युवा लड़का आता है और कहता है " भाई रूही इंडिया आ गई"

आदमी - हा हा हा हा रोहित तुमने कमाल कर दिया, इंडिया का सबसे बड़े डॉन इतनी जल्दी चकमा खा जाएगा, उम्मीद नहीं थी।

लड़का - अब क्या करना है

आदमी जोर जोर से हसने लगता है और उसके सीने में गोली दाग देता है, " मेरे लिए लॉयल रहने के लिए शुक्रिया, लेकिन ये राज और मेरे हर काम जो मैं करना चाहता हूं ये किसी को नही पता चलने दूंगा, और इस बार मैं फेल नही होऊंगा"

आदमी फोन निकलता है और किसी को कॉल करता है ।

"हा खलीफा बोल रहा हूं , अपने सारे आदमी इंडिया से वापिस बुला लो, रोहित कोई एहरा गहरा नही है, इंडिया से दूर दूर तक दूरी बना लो और शांत बैठो कुछ टाइम, और राजेश और रमेश से कॉन्टेक्ट करो"

"सर " ये आवाज़ सुन के खलीफा फोन काट देता है और उस आवाज की तरफ़ देखता है और कहता है " क्या है "

सर वो आपको हमारे नए बिजनेस पार्टनर से मिलवाना था, " ये है रचना इंडिया की सबसे बड़ी कंपनी ""X Forum"" के को फाउंडर पूरे वर्ल्ड में इनका बोलबाला है"

खलीफा - हा हा i hope हम दोनो मिलकर वर्ल्ड में बोलबाला करेंगे।

रचना - ofcourse सर , मैं कभी फेल नही हुई, आप खुद जान जाएंगे, मैं चीज हूं क्या,

उसकी बात सुन कर खलीफा भी उसे देखने लगता है।

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एक प्लेन में बैठा रोहित और उसकी गोद मैं बैठी लड़की दोनो ऑडियो पर रचना की बात सुन रहे थे," और रोहित स्माइल करते हुए बोलता है " इट्स माय टर्न सर खलीफा"

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. To be continued ..... Waise ye pati patni aur pyar aur nokjhok kitni pasand aati hai naah.... Tanu aur sakshi ka ye look bhi dek lo... Well ye connection kewal inhi dono ke sath nhi rhega sab ke sath rhega .... Aur shruuwaat ho chuki hai.... Aur hamare saare villaan ko bhulna mat abhi toh game shuru hi nhi hua.........like toh kar hi dena...
 
उसकी बात सुन कर खलीफा भी उसे देखने लगता है।

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एक प्लेन में बैठा रोहित और उसकी गोद मैं बैठी लड़की दोनो ऑडियो पर रचना की बात सुन रहे थे," और रोहित स्माइल करते हुए बोलता है " इट्स माय टर्न सर खलीफा"

अब आगे --

खलीफा - बिल्कुल रचना मुझे पक्का यकीन है, सारी गल्फ कंट्री मैं हमारा ही नाम होगा।

रचना - उससे भी आगे सर

खलीफा - मुझे उम्मीद नहीं थी, तुम इतनी जल्दी इस मुकाम पर आ जाओगी।

रचना - उम्मीद तो हमे भी नही थी, सर लेकिन आप धीरे धीरे जान जाएंगे after all अब हम पेट्नर हैं।

खलीफा - मेरे बारे मैं तो तुम जानती होगी, पूरे अमेरिका मैं और गल्फ कंट्री मैं मेरी एयरलाइंस और वाटरलाइंस चलती है।

रचना - हा खलीफा मैं जानती हूं, और इसे गल्फ कंट्री से पूरे वर्ल्ड में करने के लिए तो मैं आई हूं।

खलीफा - i hope you dont regret me

रचना - यू ऑलवेज रिमेंबर me सर।

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इधर एक प्लेन में एक लड़की बैठी थी जो ड्रिंक बना रही थी, और लैपटॉप चला रही थी।

तभी वो लैपटॉप पटक देती है और कहती है," अब तुम मुझे सब बता रहे हो या नही , वर्ना अच्छा नही होगा"

रोहित - अरे अरे गुस्सा क्यो करती हो।

"गुस्सा ना होय तो क्या करू, तुम एशिया के सबसे बड़े डॉन हो और कोई तुम्हारे साथ खेल के चला जा रहा है"

रोहित - देखो सोनाली मेरी वाइफ हो ऐसे गुस्सा नही करते , और तुम्हे क्या लगता है मैं सब कुछ ऐसे कर रहा हूं, ये खलीफा ही है पुरे यूरोप का सबसे बड़ा डॉन है, और यही एयरलाइंस और वाटरलाइंस से इसकी इनकम आती है, जिससे लीगल तरीके से ये मजबूत है"

सोनाली - तुम क्या करोगे

रोहित - खेल का मजा लो अब तक खलीफा खेल रहा था अब हम खेलेंगे और उसे इंडिया में दिलचस्पी नहीं है , वो रूही को भारत लाना चाहता था, कुछ तो बड़ा झोल है, बस अब खेल शुरू होगा , लेकिन उसके पहले खलिफा की सारी डिटेल मुझे चहिए।

****************

तनु - साक्षी तू चाय चढ़ा और मैं जरा अपनी बेटी के पास जा रही, कल से नही खेली उसके साथ बहुत माया लग रही है।

तनु चली जा रही थी की साक्षी उसे रोकती है

"क्या बात है", तनु ने तपाक से उतर दिया

साक्षी - अरे बन्नो तुम्हारा फिगर हाय वीर इसी पर तो फिदा है, वैसे अब समझ आया की उसे तुम मैं इतना मजा क्यो आता है।

तनु - कामिनी सबका फिगर सेम टू सेम ही तो है, अब काम कर अपना हट कुछ भी बोलती रहती है।

इधर तनु बाहर आती है तो लड़कियों का एक झुंड बात कर रहा था, जिसमें रूही, अंजली, राखी और अंजू होती है और ये सब तनु को देख कर उसे ही देखने लगती है और फिर सब जाने लगती है।

राखी - जाने का मन नही है

अंजली - तो मत जाओ मां,

मंजू - फिर खाना कौन बनाएगा।

ऐसा कह कर वो हस्ते हुए जाने लगती है और तनु को गले लगा कर चली जाती है और साक्षी भी बाहर आती है।

इधर जैसे ही उन सब की नज़र अनु पर पड़ती है तो रूही हस देती है और कहती है ," दीदी ये ऐसे ही रहती है, इसका ये रूप तो देख कर ही समझ नी आ रहा"

तभी साक्षी देखती है तो वीर ने अनु को जकड़ रखा है और उसकी कमर पर वीर का हाथ होता है और सलवार के अंदर हाथ एक हाथ से अनु वीर का हाथ पकड़े रहती है और दूसरे हाथ से काव्या को जकड़े रहती है, और खुद वीर के सीने मैं घुसी रहती है

इधर वीर के पास आ कर सब खड़ी हो कर उसे ही घुर रही थी तभी अनु की नींद खुल जाती है और वीर को बाहों मैं पड़ी थी , तभी उसकी नज़र रूही अनु, और साक्षी और तनु पर पड़ी जो उसे देख कर हस रही थी, और वो ये देख कर हड़बड़ा जाती है और खड़ी हो जाती है जल्दी से और जींस और सलवार सही करने लगती है।

जिससे सब हसने लगती है और अनु साक्षी को पीछे से पकड़ कर के कहती है ऐसे क्या देख रहे हो सब, जान है वो मेरी।

साक्षी उसे गले लगा लेती है और कहती है अरे पागल लड़की ये बता नहा धो कर कौन सोता है।

अनु - ही ही ही ही मैं मुंह धो कर आती हूं।

तभी अनु जाते हुए देखती है की सब उसे घूर रहे है तो वो कहती है ऐसे क्या देख रहे हो मुझे।

तभी सभी हसने लगती है , और अनु चली जाती है और जाते हुए कहती है ,"सारी की सारी पागल लाया है वीर, बस भरा हुआ शरीर है सबका,एक मैं ही हूं सेक्सी मॉडर्न हू"

"बिल्लोटी भी" पीछे से किसी ने ये आवाज़ दी और अनु कहती है "अच्छी चीजों की नखरे भी बहुत है"

उसकी ये बात सुन कर सब हसने लगती है और अंजली चाय लाने चली जाती है, और तनु वीर के बाल सहलाती है और काव्या को आवाज लगती है।

तभी साक्षी कहती है तू वीर को उठा मैं चाय लाती हूं, जेसे ही वीर की नज़र खुलती है तो वो तनु को अपने सामने देखता है जिसकी गोद मैं वीर का सर होता है, तभी वीर आगे बड़ता है लेकिन तनु उसे इशारे से काव्या की तरफ़ दिखाती है ।

वीर उठ के बैठ जाता है तभी साक्षी वायग्रा सब वापिस आ जाती है और वीर मुंह धुलने चला जाता है।

वीर जैसे ही आता है उसे सामने रूही खड़ी मिलती है जो उसे देख रही थी।

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उसे देख कर वीर कही खो सा गया था।

वीर मन ही मन सोचता है," मैं ही मेडरचोद हूं, ऐसी लड़की से शादी से मना कर दिया"

वीर - तुम यह क्या कर रही हो , अंदर जाओ।

रूही - नही जाऊंगी तुमसे क्या अपना काम करो ,समझे वैसे भी शादी तो मुझसे करना नही था तुम्हे तो इतना भाव मत खाओ

वीर रूही की बात सुन कर चुप हो जाता है और कहता है प्लीज़ अंदर चलो, में नही चाहता आपके गुलाब जैसे होठ पर मेरे आलावा किसी और की नज़र पड़े ,

रूही उसकी बात सुन कर हस देती है और कहती है थैंक्स आज के लिए वीर।

तभी रूही कुछ और कहती तभी उसे अंजली की आवाज आती है जो उसे अंदर ले कर चली जाती है और अंजली जाते टाइम वीर को गुस्से से देख कर चली जाती है, उसकी नज़रे बहुत कुछ बोले रही थी।

वही अंजली का गुस्सा देख कर साक्षी और तनु हस रही थी।

अनु - दीदी , एंट्री तो वाइफ वाली मारी है दोनो ने फुल गुस्से मैं है।

अनु - दीदी आप दोनो इतनी लुंज पुंज क्यो है।

तनु साक्षी को देखती है और साक्षी तनु को।

तभी अनु की नज़र दोनो के जख्मों पर पड़ जाती है और वो कहती है ," रहने दो समझ गई मैं रात भर गाड़ी चली है लगता है"

इधर इसके बाद वीर अंदर आता है और काव्या के साथ खेलने लगता है और उसे खेलते देख अंजली की आंखे फटी की फटी रह गई जैसे उसने किसी भूत को देख लिया।

इधर वीर काव्या के साथ खेल कर वापिस आ कर चाय पीने लगता है और सब की नज़र टीवी पर होती है, और वीर चुपके चुपके रूही को देख रहा था।

रूही वीर को देख कर अंजली की ओर इसारे करती है और हसने लगती है ।

तभी वीर समझ जाता है अगर अभी बात करने की कोशिश की तो अंजली जान निकल कर बहार कर देगी।

तभी वीर की नज़र अकेली बैठी अनु पर पड़ती है जो कोने में अकेले बैठी थी, तभी वीर को बुरा लगने लगता है की अनु बेचारी इतना अकेले फील करती है।

तभी वो अनु को देखता है जो जींस और रेड हूड़ी में बहुत प्यारी लग रही थी, जो उसे देख कर स्माइल पास करती है

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वीर - उसके बाजू में आ कर, बैठ जाता है और उसका हाथ पकड़ कर कहता है चलो ना बाहर बागीचे में चले।

अनु - हा चलो मजा आएगी, रुको दीदी को बुला लेती है।

वीर - नही बस हम और तुम।

अनु - ओए

वीर उसका हाथ पकड़ कर कहता है प्लीज़ ना।

अनु - ठीक है दीदी की परमीशन ले लो फिर तुम्हारी wifuuuu मना नही करेगी।

वीर उसकी बात सुन कर हस देता है और तनु के बगल आ कर लेट जाता है।

तनु - क्या बात है।

वीर - कुछ भी तो नही।

तनु - अच्छा जी मैं वाइफ हूं, आपकी समझे बच्चू, मुझे अच्छे से पता है कब आपको क्या चाहिए , वैसे भी तुम्हारी favorite ऐसे ही थोड़ी हूं।

वीर - अनु के साथ टाइम स्पेंट करना है वो अकेली फील कर रही है, इसलिए उसे बहार ले जाना चाहता हूं।

तनु - नही अकेले जाने की परमीशन नही है, चुप चाप घर में चाहे जहा जाओ।

वीर - अपने बाग मैं जाऊंगा बस

तनु - एक बार मैं सुनाई नही देता तुम्हे, हा बार बार बोलना पड़ेगा, नही जाना मतलब नही जाना।

वीर उसकी बात सुन कर चुप हो जाता है और तनु को करवट ले कर लेटी थी, वो उसको सीधा कर देता है, और उसके ऊपर लेट जाता है।

वीर तनु की आंखो में देखता है और उसके होठ पर अपने होठ राख देता है और तुरंत हटा देता है और कहता है बस थोड़ी देर , पक्का थोड़ी देर में आ जाऊंगा।

तनु वीर की इस हरकत से उसे ही देख रही थी, तभी वो कहती है " 1 घंटे मैं वापिस आना पड़ेगा"

वीर एक बार और उसे किस करता है और कहता है गुस्सा हो क्या , बोलो गुस्सा हो गई इसलिए कह रही हो।

तनु कुछ नही बोलती और दूसरी तरफ करवट ले लेती है , सो रही साक्षी को गले लगा लेती है।

फिर वीर उसे सीधा करता है ,"उसके ऊपर लेट जाता है और उसकी जुल्फे सही करने लगता है, और तनु का अब पारा अब बहुत चढ़ा हुआ था"

वीर - मुझे पता है तुम्हारा दिमाग अब हिला हुआ है, गुस्सा हो ना तुम।

तनु बस वीर को घूर रही थी कही न कही उसे वीर की ये बचकानी हरकते अच्छी लगी रही थी।

तभी वीर फिर से उसे किस करता है और कहता है उसके गाल खींचने लगता है और कहता है अकेले नही जाना मुझे , सब के साथ चला जाऊंगा लेकिन तुम गुस्सा मत हो प्लीज़।

तनु - अच्छा ठीक है, जाओ मैं गुस्सा नही हूं, अंजली और रूही को लेटे जाओ और काव्या को भी लेते जाओ।

वीर - तुम चलो ना।

तनु - जी नहीं हमे सोना है, वैसे भी हम दोनो बहुत थक गए है, और साक्षी को मत जगाओ और जाओ चुप चाप 1 घंटे मैं आ जाना।

वीर - अब अंजली को मनाऊं

तनु - मेरी परमीशन मिल गई अब तुम जानो और तुम्हारा काम hehehe

वीर - तुम हेल्प कर दो ना

तनु - नही अब मुझे सोने दो।

वीर एक चादर उठा कर दोनो को उड़ा देता है और तनु के जिस्म को लपेट लेटा है।

तनु - क्या है जाओ ना

वीर - तुम्हे सोना है ना, नींद आ रही है तो फिर तुम्हे सुला दूं पहले।

तनु - अरे मैं सो जाऊंगी पागल तुम जाओ

वीर - हमे मत बताओ मुझे अच्छा से पता हैं तुम्हे तब तक नींद नही आती जब तक तुम्हे मैं सुला ना दूं, और तुम्हे सुला कर चला जाऊंगा प्रोमिस बस अपनी बाग मैं रहुंगा।

इधर वीर तनु की साड़ी की अल्पीन हटा कर पल्लू नीचे कर देता है और उसके पेट को लपेट कर उसको अपने सीने से लगा लेटा है।

और तनु उसके सीने में घुस जाती है और उसे छपता लेती है और कब उसे नींद आ जाती है पता ही नही चलता।

तभी वो तनु को छोड़कर साक्षी की तरफ देखता है और हस्ते हुए उसके माथे पर टुनकी मारता है और कहता है " मुझे अच्छे से पता है, एक बार आप सोती हो तो नींद खत्म करने के बाद ही उठोगी, बचपन से देख रहा मेरी साक्षी सो जाओ"

तभी वीर जैसे ही दोनो को सुला कर उठ जाता है देखता है तो रूही उसे ही दोनो को प्यार करता देख रही थी और अंजली उसे घूर रही थी।

तभी वीर बाहर जाने लगता है, और अंजली को भी बाहर बुला लेता है।

अंजली बहार आ जाती है और वीर को देख कर गुस्से मैं कहती है " तुम वो घटिया इंसान हो, वीर जिसका मैं कभी चहरा नही देखना चाहती थी"

वीर - मुझे पता है ," तुम मुझसे नफ़रत करती हो घिन आती है तुम्हे "

अंजली - इतने सालो में मैने हर दिन ये सोचा वीर की तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया, क्यो इस्तेमाल किया तुमने मेरा क्यो किया ये सब, तुम चाहे जितना बदल जाओ वीर मेरी नज़र में तुम वही पुराने वीर रहोगे।

अंजली ये कह कर जाने के लिए मुड़ जाती है और वीर उसका हाथ पकड़ लेता है, जिससे अब अंजली का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है और वो बहुत जोर जोर से वीर को तमाचे मारती है"

अंजलि - तुमने क्यू किया मेरा साथ ऐसा , क्यो किया बोलो , तुम्हे कुछ पता है मैं बस यही सोचती थी मेरे साथ ऐसा क्यो किया तुमने

ये कह कर अंजली जोर जोर से रोने लगती है

और वीर उसका हाथ पकड़ कर कहता है मत रो चाहो तो और मार लो मुझे , लेकिन ऐसे दर्द मत दो , तुम मत रो प्लीज़।

अंजली वीर को देखती है जो उसके आसू पोंछ रहा होता है और अंजली कहती है " दर्द देने वाले आसू पोछते हुए अच्छे नही लगते वीर"

अंजली को रोता देख वीर उसे गले लगा लेता है और अंजली रोते हुए, उसे गले लगा लेती है।

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वीर - तुम रोया मत करो।

अंजली अपने आसू पोंछ लेती है और वीर से अलग हो जाती है तभी वीर आजू बाजू देखता है और धीरे से कहता है डरो मत किसी ने गले लगते नही देखा।

वीर की बात सुन कर अंजली रो रही थी उसे हसी आ जाती है और तभी वीर कहता है क्या तुम रूही को ले कर बाग मैं चलोगी प्लीज़ मना मत करना।

अंजली कुछ नही कहती और पलट जाती है और जैसे ही अंदर जाती है अनु और रूही गेट पर से भाग कर बेड के कोने में बैठ जाती है

तभी अंजलि कहती है ," चलो बाग चलते है, थोड़ा बाहर की हवा खा कर मूड फ्रेश हो जाएगा"

अनु उठ जाती है और रूही का हाथ थाम कर चलने लगती है और पीछे पीछे वीर चल रहा था काव्या को ले कर"

तभी अनु पलट कर वीर को देखती है और रूही भी हल्की सी स्माइल पास कर के अंजली को और फिर वीर को देखती है।

तभी रूही अंजली से कहती है " वीर उतना भी बुरा नही है ना"

उसकी बात सुन कर अंजली कुछ नहीं कहती और रूही हसने लगती है।

तभी अनु और रूही बाग मैं खेलने लगती है और अंजली कोने में खड़ी वीर को देखने लगती है।

वीर - काव्या की बच्ची रुक तू

काव्या - hehehe पापा इतनी जल्दी हाथ में नही आऊंगी मैं, ही ही ही ही

वीर - काव्या रुक

काव्या - ही ही पकड़ के दिखाओ पापा।

तभी वीर और काव्या भागते भागते थक जाते है और अंजली के पास आ कर दोनो लुड़क जाते है।

इधर रूही और अनु भी उन्हें देख रही थी , और रूही वीर को चुपके से नज़रे बचा कर पूछती है क्यू हुआ।

वीर इशारे से सब ठीक है का इशारा करता है।

इधर वीर जैसे ही हल्का लेटा था की काव्या उठ कर पत्थर फेखना शुरू कर देती है ताकि फल नीचे गिर जाए।

तभी वीर एक टक काव्या को निहार रहा था, और बगल में बैठी अंजली को देखने लगता है जो तब एक एकदम चुप चाप बैठी थी।

तभी वीर उसके सर पर एक तापली मार देता है जिससे अंजली का सर फिर से घूम जाता है और उसने वीर को घुर कर देखा और उसकी आंखे बता रही थी की वो कितना गुस्सा मैं है।

तभी वीर उसको घूरता देख एक और टपली मार कर दूर चला जाता है और हसने लगता है।

तभी अंजलि गुस्सा मैं कहती है मैं चुप हूं, इसका मतलब ये नही की तुम कुछ भी करोगे।

अंजली अपना वाक्य पूरा करती उसके पहले एक बार और वीर टपली मार देता है और इस बार अंजली वीर को दौड़ा लेती है , " रुको तुम एक बार बहुत हाथ चल रहा तुम्हारा तुमने समझ क्या रखा है"

" इतनी हिम्मत कभी तनु ने नही की मुझे टपली मार कर भाग जाए"

वीर - तुम्हारे पति हूं इसमें और क्या समझने वाली बात है

वीर और अंजली को ऐसे भागते देख रूही दूर खड़ी हसने लगती है और कहती है , अगर मैं यह नहीं आती तो तुम्हारा ये रूप मुझे नही दिखता अंजली, हमेशा चुप रहने वाली लड़की वीर के सामने शेरनी कैसे बन गई"

अनु - क्युकी वो उसका पति है रूही , हम बहने ऐसी ही है वीर से बहुत लड़ती है, जितनी भी बहने आई है वो सभी वीर से बस लड़ती थी , क्युकी हमारा प्यार जताने का तरीका दूसरा है वैसे भी एक लड़की के लिए उसका पति बहुत कुछ होता है, वो उससे लड़ती है, मारती है, प्यार जताती है वैसे भी ये उसका हक है।

अनु - वीर को इतने थप्पड़ मारने के बाद उसका गुस्सा उतर गया कही ना कही उसे रियलाइज हुआ होगा कुछ।

रूही - ये तो गलत बात है ना हमेशा उसे डांटना ,मारना चुप करा देना इससे कल को वो कुछ फील करेगा तो क्या उसकी कोई वाइफ ऐसी है जिससे जो दिल की बात शेयर करे, और वो उसका साथ दे।

अब दोनो चुप थी और अनु के पास रूही की चीजों का उतर नही था तभी रूही आगे बोलती है हा मुझे पता है तुम और बाकी सभी उससे बहुत प्यार करती हो, लेकिन उसे स्पेशल फील करवाना क्या ये सही नही।

तभी अनु एक स्माइल करती है और कहती है हर किसी का अपना नेचर है, साक्षी दीदी मस्ती करती रहती है , तनु दीदी बहुत गुस्सैल है, दोनो वीर को बेशक बहुत डाटती है लेकिन तुमने आज देखा ना वीर के आलावा और किसी मैं हिम्मत है उन्हे ऐसे निशान देने की।

और वीर के साथ हम खुश है वीर खुद अंजली को ऐसे भागा रहा क्युकी इसी बहाने अंजली भाग रही और मस्ती कर रही चुप रहने से अच्छा है गुस्सा मैं मस्ती कर लो।

तभी उन दोनो की नज़र वीर पर लड़ती है जो अंजली के पास से भाग रहा था और कहता है " अच्छा सॉरी माफ कर दो वाइफ"

अंजली - तुमने मुझे छुआ कैसे

तभी वीर का पैर पर एक पत्थर लग जाता है और वो गिर पड़ता है उसे ऐसे गिरते देख अंजली हसने लगती है और कहती है आ गया स्वाद बहुत उड़ रहे थे ना भाग रहे थे ना।

तभी वीर चुप चाप बैठ जाता है और अपने पैर सहलाने लगता है

तभी अंजलि उसके पास बैठ जाती है और उसका पैर सही करने लगती है, देखने के लिए।

और उनकी ये हरकते देख कर रूही को कहती है अनु ," देखा पहली बार दीदी हसी ना जब से आई"

रूही - पहले तो नही पता था अनु वीर कैसा है, जिससे शादी हो रही वो मुझसे एक्सपेट करेगा भी या नही या केवल मेरे जिस्म से प्यार करेगा, लेकिन अब अच्छा लग रहा है मुझे एक ऐसा लाइफ पार्टनर मिला जैसा मैं चाहती थी देखना वीर तुम्हारी रूही तुम्हे वो अहसास दिलाएगी जो तुमने कभी फील नही किया होगा।

अनु ये देख कर हसने लगती है और मन मैं सोचती है बेशक तनु तुम हम सब मैं सबसे सुंदर हो, और खास हो लेकिन याद रखना एक बात।

रूही - क्या बताओ हमेशा याद रखूंगी।

अनु - मेरे जितनी सुंदर तो हो लेकिन भाभी हो 🤣😂 जीरो फिगर तो मैं ही हूं, और इसी बात का तो घमंड है पगलिया।

रूही - रुको तुम्हे बताती हूं मैं।

*" ही ही ही ही ही*" ,"अरे रुक ना"

तभी वीर खड़ा हो जाता है और कहता है अब चलो सब घर बहुत लेट हो रहा है।

अंजली - नही चलूंगी , जो करना है कर लो।

वीर अंजली के पास आता है और उसे पीछे से तपली मार कर भाग जाता है और कहता है मोटी भाग पाती नही और बोलती इतना है।

उसकी बात सुन कर अंजली भड़क उठती है और वीर के पास आने लगती है और वीर भाग जाता है घर की ओर।

और पीछे पीछे सभी आ जाती है।

और दोपहर का टाइम था सब थके होने की वजह से सोने चली जाती है और वीर चुप चाप बाहर आ जाता है छत पर।

" यहां अकेले क्या कर रहे हो" वीर के कान में ये लफ्ज़ पड़ते ही वीर पलट कर के देखता है तो उसे अनु खड़ी मिलती है।

अनु - बोलो यह क्या कर रहे हो , अकेले।

वीर - कुछ नही बस बोर हो रहा था।

अनु - अगर पांच पांच पत्नी होने के बाद भी पति बोर हो तो धिकार है उसकी पत्नी पर।

वीर - नही ऐसा नही है , तुम हस्ते हुए अच्छी लगती हो an

अनु - अच्छा जी , वैसे शर्म नही आती।

वीर - क्यो

अनु - अच्छा कोई मुझे बगीचे में चेक आउट कर रहा था।

वीर - अरे मेरी एक वाइफ ही तो ऐसी है तो वो मैं

अनु - क्या

वीर - क क क कुछ नही

अनु - ही ही ही उल्लू अब मैं सब को बताऊंगी ,

वीर - नही, वैसे सोरी

अनु - किस लिए सॉरी, क्युकी चेकआउट तो रोज करते हो अब बताओ, क्यो सॉरी।

वीर - वो मैने आपकी फ्रेंड की शादी मैं आपको नही ले जा पाया

अनु - कोई बात नही , मुझे पता है कुछ बड़ी बात है जो तुम सब मूझे नही बताओगे , मेरी सेफ्टी के लिए तो कोई बात नही तुमने कोशिश किया ना तो छोड़ो।

वीर - लेकिन मुझे अच्छा नही लगा ना।

अनु - क्यू किस नही ले पाए।

वीर - धत

अनु - मेरे लिए इतनी मार खाए, ताकि मुझे बाग ले जा सको।

वीर - आप स्माइल करिए बस।

तभी अनु उसे कस के गले लगा लेती है

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अनु - थैंकयू

वीर - वेलकम मिसेज वीर

तभी पहली बार दोनो गले लगे थे तो अनु की सास बहुत तेज चलने लगी थी, तभी अनु को अपने पेट पर कुछ एहसास होता है और वो चिहुंक कर हट जाती है और लाल गाल कर के दूसरी तरफ मुड़ जाती है।

तभी वीर उसका हाथ पकड़ लेता है और हर तरफ देखने लगता है, जब उसे अहसास होता है की कोई नही देख रहा तो वो अनु का हाथ पकड़ कर के रूम के पास ले आता है और रूम को बाहर से लॉक कर देता है।

तभी रूम के बंद होने के अहसास से अनु सिहर उठी थी उसे अजीब सी फीलिंग आने लगी थी।

तभी वीर तेजी से सास लेते हुए अनु को दिवाल से सटा देता है और अनु की सास बहुत तेज तेज चलने लगी थी और उसकी आंखे खुद ब खुद बंद हो गई थी।

अनु को आज एक पत्नी होने का अहसास हो रहा था।

तभी वीर का एक हाथ उसकी कमर पर आ गया, और दूसरा हाथ उसके गले पर अगले ही पल वीर अपने होठ अनु के होठ पर ले जाता है और अनु के तेज सास और और कापते हुए होठ वीर के सामने थे।

वीर अपने होठ अनु के होठ पर रख कर उसके ऊपरी होठ को चूमने लगता है

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और कब अनु के हाथ खुद ब खुद वीर की पीठ पर चलने लगे उसे पता ही नही चला और और अनु वीर का साथ देने लगी।

आज पहली बार कोई अनु के जिस्म का मजा लूट रहा था और ये कोई और नही उसका खुद का उसका प्यार और पति था जिसके अहसास से वो सिहर उठ रही थी।

तभी अनु की सास रुकने लगती है और वो वीर से दूर हट जाती है

और अनु की आंखे बंद थी और वीर वापिस उसे पकड़े खड़ा था।

अनु और वीर दोनो कुछ नही बोल रहे थे अनु की फूलती हुई सास वो कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी बेचारी को आज कोई मसल रहा था, जिससे कभी कोई बोलता नही था।

वीर - क्या हुआ अच्छा नही लगा क्या।

अनु - नही, हा

वीर - पहली बार मैं ऐसे होता है रुको मैं दुबारा करता हूं फिर कन्फर्म हो जाएगा

अनु - ओए तीस मार खान मार खाओगे अब समझे

वीर - अरे ये कौन सी बात हुई।

अनु - हमारे यहां ऐसा ही होता है समझे, ना इजहार ना कुछ सीधे शुरू हू हटो।

तभी वीर उसे चिड़ते हुए बोलता है हा हा मुझे छोटे छोटे पसन्द नही।

ये सुन कर अनु के गाल लाल के साथ मुड़ती है और अपनी hoodie उतार कर फेकते हुए, वीर को बिल्ली जैसी नज़र से देखती है।

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वीर की नज़र अब अनु के ऊपर नीचे हो रहे सीने उसकी पतली कमर, लाल लिपस्टिक जो अब गायब हो चुकी थी उस पर टिकी हुई थी।

और वीर को ऐसे घूरते देख अनु कहती है शो खत्म हुआ , और मेरे छोटे नही है समझे उल्लू की दुम हू।

वीर आगे बड़ता है तभी अनु भाग कर रूम का दूर ओपन कर देती है और वीर धीरे से कहता है ड्रेस तो लेती जाओ।

अनु बिना कुछ सुने बस रूम में घुस जाती है और तनु के बगल चुप चाप लेटे हुए तेज तेज सास ले रही थी।

और आज उसकी फर्स्ट किस हुई थी जिसके एहसास से उसका पूरा बदन कप जा रहा था और वो कहती है "उल्लू कही का "

तभी तनु पलट जाती है और अनु को कपते हुए देख कर पूछती है क्या हुआ।

रूही - अनु तू ठीक है ना।

अनु - हा हा मुझे क्या होगा, ये तो बस यू ही।

अंजली - पानी पियोगी सास क्यो फूल रही है।

तभी तनु कहती है अरे कुछ नही हुआ अंजू समझो यार वो शादी सौदा लड़की है अगर शादी सुदा लड़की हापे और कापे ना तो मतलब वो शादी शुदा नही।

ये सुन कर साक्षी जो सो रही थी वो हसने लगती है।

फिर अंजली वीर को तिरछी नजर से देखती है और वीर गाभरा जाता है।

************

To be continued 😄

anu ke sath bond kamjor ho rha tha ... Isliya reader ko jodna jaruri tha....😄 Aur waise bhi abhi toh party shuru hui hai.....bahut time se ramesh aur rajesh nhi dikh rhe kyu...🥴🥴...kuch bda hone waala hai..........

Like thokne ka ....revos likhne ka.........

Milte hai next update main seee youuuu tata tata.... soch rha agala update bhi jaldi de dun ... Ready toh wo bhi hai ... Bas thoda kaam baaki hai... Toh jaldi se like karwa do.....20 tak
 
Haan ... thankyou sir...waise biroo main janta hun suspance kaise dena hai... Lekin suspance already hai rachna , khalifa, ruhi, rajesh aur ramesh agar aur suspance diya toh readers dauda lenge 😂🤣 dayan aur nagin ka raaj 😂 upar se abhi toh yashasvi ki entry par gaur hi nhi kiya main... ... Well aise hi dhere dhere sab krunga... Pyar sex dikha kar damaka karunga taaki readers samaj le ...... Well update bhi timely aa rha .. toh milte hai next update main... Sir ji
 
Update - 31 rohit and khalifa...

तनु कहती है अरे कुछ नही हुआ अंजू समझो यार वो शादी सौदा लड़की है अगर शादी सुदा लड़की हापे और कापे ना तो मतलब वो शादी शुदा नही।

ये सुन कर साक्षी जो सो रही थी वो हसने लगती है।

फिर अंजली वीर को तिरछी नजर से देखती है और वीर घबरा जाता है।

अब आगे --------

अमेरिका की एक बहुत बड़ी बिल्डिंग में रचना खड़ी थी, जो चाय पीते हुए किसी से बात कर रही थी।

लड़का - मैम हमने अमेरिका मैं अपने आदमी लगा दिए, आपके कहे अनुसार और उधर से रोहित सर के मुताबिक़ सारा काम देखा जा रहा है।

रचना - काम की बात पर आओ , सीधे।

लड़का - मैम खलीफा के साथ हमेशा उसका राइट हैंड रहता है, लेकिन वो कौन है किसी को नही पता लेकिन जब भी कुछ काम होता है या खलीफा बुरा फस जाता है, तो वो आदमी ही खलीफा को निकलता है उसका दिमाग नेक्स्ट लेवल पर है कोई नही जानता , वो कौन है , क्या है बस खलीफा ही उसके बारे मैं जानता है।

रचना - अगर खलीफा पूरे यूरोप को कंट्रोल कर रहा है तो उसके ऊपर किसी बड़े कंट्री का सपोर्ट तो होगा।

लड़का - हा हैं, लेकिन किसका ये नही पता लेकिन कुछ गुप्त सूत्रों की माने तो उसके ऊपर यूएसए का कंट्रोल है , वही कुछ लोकल गैंग्स मानती है की यूएसए की मदद खुद छिपे हुआ तरीके से खलीफा करता है।

रचना - केवल एयरवेज से खलीफा के पैसे नही आ सकते, लेकिन खलीफा बहुत से राज छुपा रहा है।

लड़का - शायद तुम तुम भूल रही हो तुम कहा हो ये खलीफा की जगह है उसकी मर्जी के बिना पत्ता भी नही हिलता, उसके पास हर चीज पर उसकी नज़र रहती है।

रचना - इंतजार सबसे बड़ी चीज़ होती है और अब तुम जाओ।

उसके जाते ही रचना अपना फोन निकलती है, और किसी को कॉल मिलाती है।

रचना कॉल पर ," हेलो डैड"

रोहित - हा रचू

रचना - बहुत अजीब है डैड, मैने पता किया और ये बहुत ही स्ट्रेंज है पूरे यूरोप और गल्फ कंट्री पर खलीफा की एयरवेज है लेकिन खलीफा का केवल इतना ही बिजनेस नही हो सकता।

रोहित - ही ही ही मेरी बेटी बस तुम उसका विश्वास जीतो और किसी तरह खलीफा को बहुत बड़ा प्रॉफिट देने की कोशिश करो जिससे खलीफा का माइंड डिरवर्ट हो और तुम धीरे धीरे समझती जाओगी , और तुम्हारे लिए मैं इंटरनेशन दबाव बनाता हूं बाकी तुम बस इन्फोमेशन निकलो बाकी का काम मैं देखे लूंगा।

रचना फोन काटने के बाद कहती है, तुम्हे हमारे साथ नही खेलना था खलीफा , तुम्हे ये बहुत महंगा पड़ेगा।

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इधर एक बहुत बड़ी building जहा हर तरह हतियार समेत आदमी खड़े थे , और अंदर मीटिंग चल रही थी ये मीटिंग कोई और नही अमेरिका के डिफेंस मिनिस्टर हैंडल कर रहे है।

पूरे हॉल में बस हल्ला हो रहा था , तभी एक आदमी की जोर से चिल्लाने की आवाज से हर कोई चुप हो जाता है और वो कहता है " बहुत से एशियन माफिया और रसियन माफिया अमेरिका के आस पास नज़र आ रहे है हमे पूरा चोकना रहना पड़ेगा।

तभी एक लड़का कहता है लेकिन सर रसियन और एशियन माफिया तो रोहित के लिए काम करते है, तो क्या ये रोहित की कोई सोची समझी साजिश है, और हम रोहित को हल्के में नही ले सकते।

"क्या हमे एक बार और खलीफा से बात करनी चहिए"

वही रोहित और खलिफा के नाम सामने आते ही पूरा हॉल चुप हो गया और बस घड़ी की सुई की टिक टिक की आवाज आ रही थी।

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तुम करना क्या चाहते हो , सीधा उसके करीब और उसके प्लेन को तोड़वाओ , खलीफा को उससे बहुत नुकसान होगा" ये आवाज़ रोहित के राइट हैंड जॉन की थी जो रसियन माफिया था , जिसका नाम पूरे अंडरवर्ल्ड मैं खुल्यात था , जो पूरा रसियन सभलता है।

रोहित - उससे उसे नुकसान होगा वो रुकेगा नही , खलीफा झुकेगा , रुकेगा नही , उसे तोड़ना है सचेत नही करना, तुम रसियन माफिया को रचना के आस पास फैला दो, और लियो को तैयार करो मिलने बुलाओ।

जॉन - क्या उसे बुलाना जरूरी है।

रोहित - हा और उसे न्यूक्लीयर तैयार रखने को बोलो।

रोहित - और बिना मेरे से पूछे कोई स्टेप नही लेगा , लियो के अंडर पूरा चाइना है उसे जल्दी बुलाओ, हमारा सामना किसी अहरे गहरे से नही हो रहा गल्फ कंट्री के बादशाह खलीफा से हो रहा, जिसके बारे मैं किसी को कुछ नही पता।

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इधर इन सब से दूर वीर जैसे ही कमरे में घुसता है अंजली उसे घूर कर देखती है और अनु बस चुप चाप करवट ले कर लेट जाती है उसके होठ अभी भी वीर के एहसाह से कप रहे थे।

आज पहली बार उसे किसी ने प्यार का एहसाह जताया वो अनु जो सबको चिल्ला देती आज उसे किसी ने चुप करा दिया ये सोच कर वो वीर को चुपके से देखती है और कहती है उल्लू कही के हिम्मत तो देखो कोई देख लेता तो

तभी वीर अंजली के बाजू आ जाता है, और उससे धीरे से कहता है "ऐसे क्यो घुर रही हो हमे"

अंजली - पक्के बेशर्म हो तुम।

वीर - अच्छा जी और वो कैसे मैने क्या किया।

अंजली - हा हा मुझे तो दिखाई नही पड़ता ना कुछ 🤦 सुबह से देख रही हूं।

वीर - क्या देख रही हो?

अंजली - मैं पहले ही बता रही मुझे ये बेशर्मी पसंद नही समझे और अगर मेरा पास भी आए तो जान ले लुंगी तुम्हारी।

तभी वीर उसके गाल नोच लेता है और कहता है तुम बहुत अच्छी हो।

तभी अंजलि उसे घूर कर देखती है अगर तनु ना होती तो वीर को दौड़ा कर मारती।

अंजली - बहुत हाल चलने लगे है तुम्हरे एक बार अकेले मिलो फिर बताऊंगी तुमको।

वीर - बाहर चले क्या अभी

उसकी ये बात सुन कर अंजली उसे घूर कर देखती है और वीर चुप चाप पीछे सरक जाता है, क्युकी अब उंगली करना सही नही।

ये सोच कर वो साक्षी जो नींद मैं कुनमूना रही थी उसे देखने लगता है।

इधर वीर को जाता देख रूही हस्ते हुए अंजली से कहती है वैसे आपके दिल में एक आवारा और आजाद पंछी आ गया है ।

अंजली - तू टीवी देख और उसेसे दूर रह तू समझी ।

रूही - क्या कह कर उसे अलग करूंगी , की अपनी वाइफ को मत छेड़ो।

अंजली - ठीक है मैं उससे बात करूंगी।

इधर रूही अपने मन मैं सोचती है वीर इतना सिंपल है ,तभी उसे अपने फोन पर एक नोटिफिकेशन आती है।

रूही चेक करती है, तो देखती है वो किसी और का नही अनु का था msg, "लेकिन अनु तो अभी सो रही थी तो ये msg यानी वीर ये " ये कह कर अनु वीर को देखती है जो उसका फोन हाथ में लिया था।

रूही - क्या है हा , क्यो msg कर रहे हो।

वीर - वो देखना था,

रूही - क्या

वीर - आपने गुलाब को।

रूही - अच्छा कल तक तो गुलाब पसन्द नहीं आ रहा था अभी सजी हुई हूं तो गुलाब याद आ रहा है।

वीर - तब तो मैं अपनी वाइफ को cheat नही कर सकता था ना

रूही - बस बस नो मस्का

वीर - ओके सुनिए

रूही - क्या है जल्दी बोलो

वीर - वो दे दो ना।

रूही - क्या दे दूं, आपको।

वीर - वो स्माइल जिसे देखने के लिए हम तो कब से तड़प रहे।

रूही उसकी ये बात सुन कर फोन रख देती है और ना चाहते हुए भी उसके फेस पर एक स्माइल आ जाती है ।

तभी वीर कुछ कहता उसके पहले रूही कहती है "बस अब जिसके फोन से चैट कर रहे हो ना वो उठ गई तो जान ले लेगी"

वीर - आपके होते हुआ।

रूही ये बात सुन कर स्माइल करते हुए कहती है फ्लर्ट कर रहे है आप।

वीर - नही अपनी वाइफ से एक मुलाकात की परमीशन मांग रहा।

रूही - सॉरी वीर मुझे पता है तुम बहुत सीधे हो , मासूम हो और हमे अच्छा लगा तुम्हारा नेचर लेकिन हम अंजू को हर्ट भी नही करेंगे।

वीर - चुपके से तो मिल सकती हो ना

रूही - ये तड़प अच्छी है अब बाय मैं सोचोगी।

वीर - आज रात सोना मत जल्दी, प्लीज हमसे बात कर लेना एक बार तुमसे बात करूंगा बस।

रूही - अच्छा जी मैं तो सो जाऊंगी , वैसे भी क्यों जागू मैं हा।

वीर - थैंक्यू

रूही - क्यू , एक अनाथ के लिए इतना परेशान नही होते।

वीर - कुछ नही बस ऐसे ही क्या मैं तुमहरा पति नही इतना नफ़रत करती हो की एक मिनट मैं पराया कर दिया हमे, तुम अनाथ नही हो तुम्हारा पति है तुम्हारी मांग मैं सिंदूर है।

रूही - सॉरी अच्छा रो मत पक्का अब कभी नहि करूंगी।

वीर बिना जवाब दिया फोन रख देता है।

रूही अपना फोन रख कर वीर को देखती है जो उसे देख रहा था और उसकी आंखे नम थी जिसे देख कर कब रूही की आंखे खुद ब खुद नम हो गई पता भी नही चला।

तभी रूही अपनी नम आंखें साफ कर के मन ही मन कहती हैं देखो मां मेरा लाइफ पार्टनर मेरे से बात करने के लिएं तड़प रहा वो मेरे साथ है अब मैं अनाथ नही हूं, कोई मेरा है भी हैं जिसे मुझ पर हक जताना है , जिसे मेरा हाथ थामना है, वो मेरा साथ खड़े होना चाहता है ये सोच कर उसका बदन कप जाता है वीर वो पहला लड़का था जिसके बारे मैं रूही ने आज सोचा था।

तभी रूही वीर को देखती है और कहती है यार मैं इतनी पागल कैसे हो सकती हो आज पहली बार मेरे से वो बात करना चाहते थे , और मैने पहली बार मैं ही रुला दिया।

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"मैं कहता हूं मुझे मेरे शरीर मैं वापिस भेजो वर्ना अच्छा नही होगा आहाहहहह"

" मैं वापिस आऊंगा जल्दी ही आआआह्हह् "

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Aaj update main bas itna hi....chota isliya hai kyuki rohit aur khalifa ki real power ka andaza lga sako......and aaj Sunday hai toh aaj bhi update aayga....and promise guysss ....bada rhega.....with romantic scenes..... Thoda support kro brotherss.... 🥺 Kam se kam like kar diya karo whi support ho jayga....agar revos nhi de pate toh.....
 
Aap sbhi aise hi pyar banaye rakhe.... Next update main milte hai.... And :yes1: wo aane waaala hai upcoming updates main but sid ko powerfull dekhna chahoge as a normal human yaa power ke sath like sakshi and tanu and some others..... Waise tanu jitni power ni aaygii... But uska kirdaar normal power ke sath acha lgaga .... Revos dena.... Like thok do ....tab tk tuiii tuiii Saiyonara
 
Isliya toh aane waala update khaas hai ....veer ko powerfull banane ke liye use uske sharir main waapis jana padega....jo aane waala update main pta chalega.... Waise bhi.... Sab raaj hai abhi itni wife aur sab jo saamne aayga aane waala update main....saare suspance...saamne aa jayenge....aur kuch new ban jaynge.... Dekhte jaooo .....waise bhi sid dusre ki body main hai ye mat bhulna...
 
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