Incest यह क्या हुआ - Page 18 - SexBaba
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Incest यह क्या हुआ

सुनीता झडने के बाद जब होश में आई,,,

सुनीता _बेटा अब बस करो, स्वीट उठ गई होगी वह किसी भी वक्त आ सकती है, अब तुम जाओ यहां से।

राजेश _ठीक है मां,

राजेश ने जाते, अपना land सुनीता की बुर से बाहर निकाला,

Land सुनीता की बुर का पानी पीकर खूब लंबा और मोटा हो गया।

राजेश ने जैसे हीland को बाहर निकाला वह हवा में लहराने लगा।

सुनीता land Ko देखकर मुस्कुराने लगी।

राजेश _मां, थोडा चूस कर साफ़ तो कर दो।

सुनीता पाटे से उतर कर नीचे बैठ गई, और राजेश के land को मुंह में भर कर चूसने लगीं।

राजेश उसकी बालो को सहलाने लगा।

राजेश के land पे लगे बुर की पानी को चूस कर साफ़ कर दिया।

सुनीता _अब जाओ बेटा।

राजेश अपना पैंट का चैन लगा लिया।

राजेश जैसे ही कमरे से बाहर निकला, स्वीटी उस पर टूट पड़ी, हैप्पी होली भईया कहते हुए उसके गालों पर रंग मल दिया।

राजेश स्वीटी को रंग लगा पाता इससे पहले ही स्वीटी तेजी से अपने की ओर भागने लगीं।

राजेश _रुको, स्वीटी कि बच्ची, कहा भाग रही हो।

स्वीटी राजेश को जीभ निकाल कर चिड़ाते हुवे अपने कमरे मे घुस गई और बाथरुम में जाकर छुप गई।

राजेश स्वीटी के कमरे में घुसा और स्वीती को रंग लगाने के लिए ढूढने लगा।

स्वीटी कमर में दिखाई नही दिया।

राजेश _स्वीटी की बच्ची कहा छिप गई, निकल बाहर।

स्वीटी बाथरुम से बोली, न मै नही निकलने वाली।

राजेश _अच्छा तू बाथरुम में है।

राजेश बाथरुम का दरवाजा पीटने लगा।

राजेश _स्वीटी की बच्ची खोल दरवाजा।

स्वीटी ने अपने सारे कपड़े उतार कर नंगी हो गई।

भईया मै नहा रही अब तुम यहां से जाओ।

राजेश _ये कैसा मजाक है, अभी तो होली खेली ही नहीं और नहाने लगीं।

स्वीटी _हां, बाबा, मुझे रंग नही लगवाना। त्वचा खराब हो जाता है।

राजेश _अच्छा, होली नही खेलना था तो मुझपे रंग क्यू लगाया? चलो दरवाजा खोलो।

स्वीटी _भईया मै कह रही न मै नहा रही हूं।

अगर कहना नही मान रहे तो देख लो।

स्वीटी ने दरवाजा खोला और दरवाजा के पीछे छुप गई।

राजेश अदंर गया।

स्वीटी ने बाथरुम का दरवाजा बंद कर दिया।

राजेश ने स्वीटी को देखा, वह एकदम नंगी थी।

राजेश _स्वीटी ये कैसा मजाक है?

स्वीटी _कैसा मजाक भईया?

मैने तो पहले ही कहा था कि मैं नहा रही हूं।

देख लो।

चलो लगा दो रंग,

राजेश _चलो हटो मुझे जाने दो।

स्वीटी _क्या huwa होली नही खेलोगे मेरे साथ।

मां के साथ तो बड़े मजे से खेल रहे थे।

राजेश _ये क्या कह रही हो?

स्वीटी _मैने अपनी आंखो से देखा है कैसे तुम कीचन में मां की chudai कर रहे थे?

राजेश _ओ आज होली था न तो हम बहक गए।

चलो अब दरवाजा खोलो और मुझे जाने दो।

स्वीटी _न, अब ये दरवाजा तभी खुलेगा जब तुम मेरे साथ होली खेलोगे जैसे तुम मां के साथ खेले।

देखो मेरी बुर को, तुम लोगो की chudai देखकर कितना पानी बहा रही है। स्वीटी अपनी बुर दिखाने लगीं।

राजेश की नजर स्वीटी की मस्त चिकनी बुर पर गया। वैसे भी सुनीता की chudai कर अभी वह झड़ा नहीं था तो उसका land बुर देखकर झटके मारने लगा।

स्वीटी _भईया, अब देख क्या रहे हो? डाल दो अपनी पिचकारी मेरी बुर पे और खेलो अपनी बहन के साथ होली।

राजेश _न, अगर मां आ गई न तो होली का सारा रंग उड़ जायेगा, कई चाटे पड़ेंगे। वैसे भी तेरी शादी तय हो गई है।

स्वीटी _भईया, बस एक बार जल्दी से झाड़ दो मुझे। इतने देर में तो हो भी जाता।

प्लीज। जल्दी करो।

राजेश _ओ हो क्या मुसीबत है?

स्वीटी राजेश का चैन खीच कर उसका land बाहर निकाल लिया और मुंह में भर कर चूसने लगी।

राजेश का land स्वीटी की मुंह का गर्माहट पाकर और शख्त हो गया।

वैसे भी स्वीटी बहुत ही खुबसूरत और हॉट थी।

राजेश की स्वीटी की बालो को सहलाने लगा और अपनी क़मर को आगे पीछे कर land को अदंर बाहर करने लगा।

कुछ देर चुसने के बाद स्वीटी ने चूसना बंद कर दिया और कमोड को पकड़कर झुक गई।

स्वीटी _लो भईया, अब देर न करो डाल दोअपनी पिचकारी मेरी बुर पर।

राजेश नीचे झुका और स्वीटी की बुर को थोडा चूसा।

स्वीटी पहले से ही बहुत गर्म थी राजेश के हरकत से वह मादक सिसकारी निकालने लगी।

आह भईया, आह उन मां,, भईया,,, अब,,, डा,,, ला,,, दो,,,,

राजेश ने अब समय न गवाते हुवे अपना land उसकी बुर के छेद पे सेट किया और एक जोर का धक्का मारा।

Land एक ही बार में सरसराता huwa बुर के अंदर घुस गया।

स्वीटी चीख उठी,,

उई मां,,

भईया धीरे,, एक ही बार में डाल दिए,, मेरी बुर फट गई,,, आ,,

अब राजेश नीचे झुक कर स्वीटी की चूचियां पकड़ कर मसलते हुए land को धीरे धीरे अदंर बाहर करना शुरू कर दिया।

Land बुर को चीर कर अदंर बाहर होने लगा।

राजेश कुछ देर धीरे धीरे चोदने के बाद स्वीटी के मुंह से मादक सिसकारी सुन कर अपना स्पीड बढ़ा दिया।

अब वह स्वीटी की बुर को gach gach चोदने लगा।

कमरे में स्वीटी की मादक सिसकारी के साथ, फच फच की आवाज गूंजने लगा ।

स्वीटी और राजेश दोनों को बहुत मज़ा आने लगा। दोनो स्वर्ग में पहुंच चूके थे ।

स्वीटी _आह भईया, और जोर से चोदो, आह,, उई मां आह बहुत मज़ा आ रहा है।

आह साली बहुत खुजाती हैं।

आज इसकी पूरी खुजली मिटा दो,

राजेश और जोर जोर से चोदने लगा।

Land गपागप अंदर बाहर हो रहा था।

स्वीटी _आह मां, उई आह, बहुत मज़ा आ रहा है,, आह भईया और जोर से, आह मां आह

मै आने वाली हूं,, आह भईया चोदो और जोर से,,,

आह,,

राजेश स्विति की क़मर पकड़ कर और राजेश स्वीटी को तेज गति से चोदने लगा।

राजेश के जांघो से स्वीटी की चूतड टकराने लगा। जिससे थप थप की आवाज़ आने लगा।

इधर स्वीटी जन्नत की सैर कर रही थी।

उसे बहुत मजा आ रहा था।

वह लगातार अपने मुंह से कामुक सिसकारी निकालने लगी।

और चीखते हुए झरने लगी।

राजेश को पता चल गया कि स्वीटी झड़ गई है। वह चोदना बंद कर दिया और अपना खोया ताकत फिर से प्राप्त करने लगा।

कुछ देर बाद स्वीटी के बुर से अपना land बाहर निकाल दिया। और गुलाल को स्वीटी के चेहरे पर मल दिया। फिर उसकी चूची को मसल मसल कर पीने लगा। उसकी चूची पर भी रंग मल दिया।

स्वीटी फिर से गर्म हो गई। वह राजेश को कमोड पर बिठा दिया।

और खुद उसके land को अपनी बुर पे सेट कर उसके ऊपर बैठ गई।

फिर land पर उछल उछल कर चुदने लगी।

राजेश को भी मज़ा आने लगा।

वह स्वीटी की कमर पकड़ लिया और उसे अपने land पर पटक पटक कर चोदने लगा।

स्वीटी फिर से जन्नत में पहुंच गई।

उसकी मादक सिसकारी से बाथरुम गूंजने लगी।

कुछ देर में ही स्वीटी फिर से चरम अवस्था में पहुंच गई।

आह, मां उन आई,,, आह उह उन,,,,

भईया मै और जोर से चोदो बहुत मज़ा आ रहा है, आह उन,, आई मां, मै,, गई,,,

स्वीटी राजेश को जोर से जकड़ ली फिर झडने लगी।

राजेश स्वीटी को उठा कर बेड बाथरुम से कमरे मे ले आया और उसे बेड पर लिटा दिया।

फिर अपना land उसकी बुर से निकाल लिया।land fuck की आवाज़ कर बाहर निकला।

और हवा में लहराने लगा।

स्वीटी बेहोश सी हो गई थी।

राजेश को सुजाता का काल आया।

सुजाता _राजेश, तुम कहा हो मै कब से तुम्हारा वेट कर रही।

राजेश _मै अभी आया,जान।

राजेश स्वीटी को छोड़कर ,अपना पैंट का चैन लगा कर, कमरे से बाहर चला गया।

वह कीचन में गया, जहां सुनीता काम कर रही थी।

राजेश _मां मै बाहर जा रहा दोस्तो से मिलने।

सुनीता _बेटा, रीता जी का फोन आया था। होली की पार्टी रखी है। हमे इनवाइट किया है।

अब वे हमारे रिश्ते दार बनने वाले है, हमे जाना होगा।

राजेश _कितने बजे चलना है मां।

सुनीता _10बजे।

राजेश _ठीक है मां मै घर पहुंच जाऊंगा।

सुनीता _ठीक है बेटा। समय पर पहुंच जाना। हम लोग तैयार रहेंगे।

राजेश _ठीक है मां।

राजेश अपना बाइक लेकर सीधा सुजाता के घर के लिए निकल गया।

वहा पहुंचने पर देखा की सीमा हाल में बैठी थी।

राजेश _हैप्पी होली सीमा जी,

सीमा _हैप्पी होली राजेश। अच्छा huwa तुम आ गए।

देखो न यहा तो कोई होली खेलने के मूड में ही नहीं। निशा और आंटी अपने कमरे से बाहर ही नहीं निकल रही।

राजेश _अच्छा, मै देखता हूं।

राजेश निशा की कमरे की ओर चला गया।

दरवाजा खटखटाया।

निशा ने दरवाजा खोला।

निशा _सीमा, मैने कहा न, मुझे होली नही खेलना।

तभी उसने देखा, सीमा नहीं, राजेश खडा है दरवाज़े पर।

राजेश _हैप्पी होली, निशा जी।

राजेश तुम,,

राजेश _हा निशा जी, सीमा बता रही थी की तुम्हारा होली खेलने का मन नही। कमरे से बाहर नहीं निकल रही।

निशा _मेरा मन नही कर रहा था होली खेलने का।

राजेश _पर क्यू?

निशा _पता नही।

राजेश _क्या मै तुम्हे गुलाल लगा दू?

निशा _राजेश की ओर देखने लगीं।

फिर अपनी आंखे बंद कर दी।

राजेश ने गुलाल लेकर निशा की गालों पर लगा दिया।

हैप्पी होली निशा जी।

नीचे चलिए न, सीमा और कई लोग होली खेलने के लिए तुम्हारा इन्तजार कर रहे हैं ।

तभी वहां सीमा भी पहुंच गई।

वह निशा को पकड़ कर उसकी गालों में रंग मलने लगी।

हैप्पी होली मैम साहिबा।

निशा_सीमा की बच्ची छोड़ो कितना लगाएगी।

राजेश _निशा लो गुलाल, तुम भी सीमा जी को अच्छे से मल दो।

निशा ने गुलाल लेकर सीमा को लगाने की कोशिश करने लगी।

सीमा भागने लगीं।

तभी राजेश ने सीमा को पकड़ लिया।

राजेश _लो निशा जी, लगा दो अच्छे से।

सीमा _राजेश छोड़ो न, हंसते हुवे बोली।

निशा _सीमा की बच्ची, अब देख तुम्हारी शकल कैसे बिगाड़ती हूं।

निशा ने ढेर सारा रंग सीमा की गालों पर मल दिया।

सीमा _राजेश, ये तुम्हारे गालों पर क्या huwa है।

राजेश _कुछ भी तो नहीं, राजेश अपनी गालों को हाथ से छूकर कहा,,

सीमा _जरा दिखाओ तो कुछ तो है?

राजेश झुका।

सीमा ने राजेश के गालों पर गुलाल मल दिया।

हैप्पी होली।

निशा, देख कर हसने लगी।

सीमा_निशु, चलो न नीचे गार्डन में चल कर होली खेलेंगे।

निशा _चलो।

राजेश _मैम कहा है?

सीमा _वह भी अपने कमरे से बाहर नहीं निकली है।

राजेश _ओह, तुम लोग नीचे गार्डन पे चलो मैं मैम को लेकर आता हूं।

सीमा _ठीक है राजेश।

राजेश सुजाता की कमरे की ओर चला गया।

वह दरवाजा खटखटाया।

सुजाता _दरवाजा खोली।

आ गए तुम,

राजेश _हैप्पी होली, जान, राजेश ने सुजाता को बाहों मे भर कर उसकी गालों को चूम कर गुलाल लगाते हुए कहा?

सुजाता_कितना देर लगा दिया? छोड़ो मुझे। झूठा गुस्सा दिखाते हुए बोली।

राजेश _सॉरी जान ।

माफ कर दो।

चलो अपने हाथो से मुझे रंग लगाओ।

सुजाता _तुम तो पहले से ही रंगे हुवे हो, अब कहा लगाऊंगी मै रंग तुम्हे।

राजेश _अपनी होंठो की गुलाबी रंग मेरे पिचकारी पे लगा दो। सुजाता की चूची को मसलते हुए कहा।

सुजाता _अच्छा।

पहले अपना पिचकारी तो बाहर निकालो।

राजेश _पहले अपनी ओंठो पर रंग तो लगा लो,,

सुजाता मुस्कुराने लगी।

वह आईने के पास गईं फिर गुलाबी रंग का लिपिस्टिक अपने होंठो पर अच्छे से लगा ली।

फिर राजेश का शर्ट निकाल कर उसके पूरे बदन में चूमने लगी। उसकी ओंठो की गुलाबी रंग का निशान पूरे बदन पर पढ़ने लगा।

फिर सुनीता ने राजेश का पेंट भी निकाल दिया।

राजेश को नंगा कर दिया।

राजेश के land Ko मुंह में भर कर चूसने लगी।

राजेश का land सुजाता की गुलाबी ओंठ की गर्मी पाकर, तनकर खुब लंबा और मोटा हो गया।

राजेश ने सुजाता की साड़ी ब्लाउज उतार दिया, फिर कुछ देर तक उसकी चूची मसल कर चुसने के बाद। उसकी पेटीकोट भी उतार कर नंगी कर दिया।

फिर राजेश ने सुनीता की गुलाबी chut को जी भर कर चूसा।

सुजाता बहुत अधिक उत्तेजित हो कर, सिसकने लगी।

राजेश देर न करते हुए। सुजाता को बेड के किनारे लिटा दिया और उसकी टांगो को अपने कंधो पे रख दिया।

फिर उसकी chut सहलाने लगा।

सुजाता बहुत अधिक उत्तेजित हो गई थी।

सुजाता _अब देर न करो जान डाल दो अपनी पिचकारी मेरी बुर में।

राजेश,अपना मोटा land सुजाता की बुर में रख कर एक जोर का धक्का मारा।

Land एक ही बार में सरसराता huwa बुर फाड़कर अदंर ,

राजेश दोनो चुचियों को हाथो से मसल मसल कर।

बुर की chudai शुरू कर दिया।

कुछ ही देर में दोनो जन्नत की सैर करने लगें।

कमरे में सुजाता की मादक सिसकारी गूंजने लगी।

साथ ही फच फच की आवाज़ भी गूंज रही थी।

Land बिना किसी रोक टोक के बुर की पानी में गिला होकर, गपागप अंदर बाहर हो रहा था।

दोनो को संभोग का अपार सुख प्राप्त हो रहा था। जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता।

कुछ देर बाद ही सुजाता झडने लगी।

राजेश, सुनीता और स्वीटी की chudai करने के बाद भी झड़ा नहीं था।

वह दो तीन पोजीशन में सुजाता की जमकर chudai किया और अपना पानी सुजाता की कोख में छोड़ दिया।

सुजाता भी चार बार झड़ चुकी थी।

कुछ देर सुस्ताने के बाद दोनों नीचे आए।

फिर गार्डन में निशा, सीमा, सुजाता, राजेश, नौकर चाकर सभी मिलकर होली खेले। नाचे गाए।

राजेश _9बजे वहा से निकल कर अपनी प्रिया दी के घर चला गया।

 
राजेश प्रिया का घर पहुंचा। घर के बरामदे में समीर अपने दोस्ती के साथ बैठा था।

पिंकी कुछ बच्चो के साथ पिचकारी से एक दूसरे पे रंग डाल रही थी।

राजेश को देखते ही पिंकी उसके ओर दौड़ी।

पिंकी _मामू, हैप्पी होली।

और राजेश के ऊपर पिचकारी से रंग डालने लगी।

राजेश _हैप्पी होली, मेरी प्यारी भांजी।

राजेश ने पिंकी के गालों पर रंग मलते हुए कहा।

उसके बाद राजेश समीर के पास गया, जहां कुछ लोग साथ बैठे थे ।

समीर _आओ साले साहब।

राजेश _हैप्पी होली जीजा जी।

राजेश ने समीर को गुलाल लगाकर कर आशीर्वाद लिया।

समीर _हैप्पी होली जवान।

समीर ने राजेश को रंग लगा कर गले से लगाया।

समीर ने अपने दोस्तो से राजेश का परिचय कराया।

समीर _ये मेरा साला है राजेश।

वेरी इंटेलीजेंट बॉय।

आई ए एस बनना चाहता है।

राजेश ने सभी का अभिवादन किया।

इधर पिंकी ने प्रिया को जो कीचन में थी, को बता दिया की मामू आया आया है।

प्रिया ने पिंकी को अपने मामा को बुलाने कहा।

पिंकी राजेश के पास आकर।

पिंकी _मामू आपको मम्मी अंदर बुला रही है।

समीर _जाओ भई, तुम्हारी दीदी बुला रही है, अच्छे से रंग लगाना अपनी दीदी को।

सभी हसने लगे।

राजेश अंदर गया, वह कीचन में जाकर देखा।

प्रिया कीचन में कुछ बना रही थी।

एक नौकरानी भी थी।

हैप्पी होली दी।

प्रिया _अरे तू आ गया। मुझे तो लगा की तू नही आयेगा।

राजेश _ऐसा क्यू दी?

प्रिया _मुझे लगा की तू अपने दोस्तो के साथ होली खेल रहा होगा कहा अपनी दी को याद करेगा।

राजेश _दी, कैसे भुल सकता हूं आपको।

तभी प्रिया ने प्लेट पे नाश्ता लगा कर नौकरानी को समीर और उसके दोस्तो को देने भेज दिया।

अब कीचन में सिर्फ प्रिया और राजेश ही थे।

राजेश ने प्रिया को पीछे से बाहों मे भर कर उसकी गालों पर रंग मलने लगा।

प्रिया _रहने दे, अभी दी की याद आई। कहा थे अब तक।

राजेश _ओ निशा के घर गया था।

प्रिया _मुझे पता था, तू वही गया होगा।

निशा को अच्छे से रंग लगाया की नही।

राजेश _हां, लगाया।

प्रिया _कहा तक आगे बडा तुम्हारा प्रेम कहानी।

राजेश _दी ऐसा कुछ नहीं है।

प्रिया _, क्यू झूठ बोलता है।

खा मेरी कसम की तू उससे प्यार नही करता।

राजेश _पता नही दी, पर मुझे नही लगता कि मैं निशा से इस मामले में कुछ कह पाऊंगा।

और मुझे लगता नही की निशा मुझसे प्यार करती है।

प्रिया _अरे बुद्धु, वह भले ही तुमसे अपनी प्यार का इजहार नही कर रही। लेकिन मुझे पता है वह तुमसे बेंतहा प्यार करती है।

पर एक बात मुझे समझ नहीं आ रही कि वो तुमसे इजहार क्यू नही कर रही। पता नही वह किस उलझन में है।

राजेश _दी, वह एक सुलझी हुई लड़की है, जो भी फैसला लेगी सोच समझकर ही लेगीऔर

मुझमें इतनी हिम्मत नही कि उसे मै अपनी दिल की बात बोल सकू।

वैसे आज आप बहुत खुबसूरत और हॉट लग रही हो, राजेश ने प्रिया की ओंठ को चूमते हुवे कहा।

प्रिया _अच्छा, तुम्हारा इरादा कुछ नेक नही लग रहा।

अब छोड़ो नौकरानी, आनी वाली है।

राजेश ने प्रिया को छोड़ दिया।

नौकरानी भी कीचन में आ गई।

राजेश _अच्छा दी अब मैं चलता हूं।

प्रिया _इतनी जल्दी, अभी तो आए हो।

राजेश _दी, रीता मैम के यहां होली पार्टी रखी है तो पूरे सबको वहा आमंत्रित की है, वही निकलना।

आपको तो पता ही है, रोहन और स्वीटी की शादी की बाते चल रही है। ऐसे में मां कह रही थी की हमे जाना पड़ेगा नही तो वे नाराज हो जायेंगे।

प्रिया _ओह ये बात है।

पर कुछ खा तो लो, फिर चले जाना। भई हमारे साथ तो अभी होली खेले ही नहीं, हमने तो तुमको रंग लगाया ही नही।

राजेश _तो लगा दो न रंग।

प्रिया _यहां कीचन में पुरा रंग रंग हो जायेगा।

चलो बाहर चलते हैं।

प्रिया ने नौकरानी को कीचन का काम समझा कर कीचन के बाहर आ गया।

दोनो हाल में थे।

तभी समीर अंदर आया।

समीर _यार प्रिया मै दोस्तो के साथ, अन्य दोस्तो के घर जा रहा हूं। कुछ समय लगेगा आने में।

प्रिया _ठीक है जी।

समीर _साले सब लगता है अपनी दीदी को ठीक से रंग नही लगाए। पता ही नहीं चल रहा है। अच्छे से होली खेलो अपनी बहन और भांजीके साथ

मै आता हूं।

राजेश _ ठीक है जीजू।

समीर वहा से चला गया।

प्रिया _राजेश, तुमने सुना नही, तुम्हारे जीजू ने तुमसे क्या कहा, तुमने अपनी बहन को ठीक से रंग ही नहीं लगाया।

चलो अच्छे से रंग लगाना।

ठीक है दी,

राजेश ने रंग हाथो में लेकर प्रिया की ओर आगे बडा।

प्रिया _अरे रुको, कमरा पे रंग फैल जायेगा।

चलो ऊपर छत पर चलते हैं।

वहा अच्छे से लगा देना।

राजेश और प्रिया दोनो छत पर चले गए। साथ में रंग ले गए।

ऊपर छत पहुंचने के बाद देखा, उन दोनो को देखने वाले कोई नहीं था।

राजेश हाथो में रंग लेकर प्रिया को लगाने आगे बडा, पर प्रिया उसे जीभ दिखाते हुए भागने लगीं।

राजेश उसके पीछे पीछे भागने लगा।

तभी प्रिया की साड़ी की पल्लू राजेश के हाथो में आ गया।

राजेश ने पल्लू पकड़ कर अपनी ओर खींचा।

प्रिया पल्लू छुड़ाने की कोशिश करने लगी। और जीभ निकाल कर चिढ़ाने लगीं।

तभी राजेश ने पल्लू को जोर से खींचा।

प्रिया गोल गोल घूमने लगीं उसकी साड़ी राजेश के हाथो में आ गया।

होल गोल घूमते हुवे प्रिया गिरने को हुई तो राजेश ने उसे पकड़ लिया। प्रिया राजेश की बाहों मे झूल गई।

वे एक दूसरे के आंखो में देखने लगे।

प्रिया शर्मा गई।

वह राजेश से दूर हो है।

वह सिर्फ पेटीकोट और ब्लाऊज़ में थी।

राजेश की नजर प्रिया की बडी बडी सुडौल चुचियों पर गया जो ब्लाउज से बाहर निकलने को बेताब थे।

अपनी चुचियों को घूरते देख प्रिया लजाते हुवे अपनी चुचियों को हाथी से छिपाते हुए खड़ी हो गई।

तभी राजेश आगे बड़ा अपने हाथी में गुलाल ले रखा था। राजेश को अपनी ओर आता देख प्रिया की सांस तेज होने लगी।

राजेश प्रिया के पास गया, नीचे बैठ कर उसकी नाभी को चूमा प्रिया सिसक उठी। फिर राजेश प्रिया की पूरा पेट चूमने चाटने लगा।

प्रिया राजेश की सिर को पकड़ लिया। उसकी मुख से मादक सिसकारी निकलने लगी।

राजेश ने पूरे पेट में गुलाल मल दिया।

फिर राजेश खड़ा होकर उसकी ब्लाउज का बटन पर कर चूची को आजाद कर दिया। और उसे जी भर कर मसला और चूसा।

प्रिया की बुर पानी छोड़ने लगा। वह बहुत अधिक उत्तेजित हो गई।

इसकी मूख से लगातार मादक सिसकारी निकलने लगी।

उसके बाद राजेश ने उसकी चूचियों पर भाई रंग मल दिया।

और कहा हैप्पी होली दीदी।

राजेश _दी अब तो मैंने रंग अच्छे से लगा दिया न अब चले।

प्रिया ने राजेश के हाथ पकड़ लिया।

राजेश _क्या huwa दी?

प्रिया _गुलाल लगाकर होली खेलने में क्या मज़ा? अपनी पिचकारी से रंग डालो तब होली खेलने का मजा आए।

राजेश , प्रिया की बात सुनकर उसके पास गया और उसकी ओंठ को अपने मुंह में भरकर चुसने लगा।

प्रिया भी सहयोग करने लगी।

कुछ देर बाद राजेश ने कहा।

दी पिचकारी चलाऊ इसके पहले इसमें रंग तो भर दो।

राजेश ने अपना पेंट का चैन खीच कर अपना land बाहर निकाल दिया।

प्रिया नीचे बैठ गई।

और राजेश का land मुंह में भर कर चूसने लगी।

जिससे राजेश का पिचकारी खूब लंबा मोटा और शख्त हो गया।

राजेश _दी अब पिचकारी में रंग भर गया। अब इसे चलाने दो।

राजेश ने प्रिया की पेटी कोट का नाड़ा खोल दिया। पेटीकोट नीचे गिर गया। उसकी पेंटी भी निचे गिर गया।

प्रिया का पेट फूला huwa था वह राजेश और सुनीता के बच्ची की मां बनने वाली थी।

प्रिया ने राजेश की बुर को खुब चूसा।

प्रिया बहुत अधिक उत्तेजित हो कर बोली,,

राजेश, अब बर्दास्त नही हो रहा डाल दो अपनी पिचकारी को मेरी बुर पे

छत पर पानी की टंकी थी , जिसे पकड़ का प्रिया झुक गई।

राजेश पीछे गया और अपना land का सुपाड़ा उसकी बुर के छेद पे रख कर एक जोर का धक्का मारा।

Land एक ही झटके में सरसराता huwa अदंर घुस गया।

प्रिया ने राहत की सांस ली ।

क्यों की उसकी बुर land मांग रही थी।

कुछ देर राजेश प्रिया को चूमा उसकी चूची मसला।

प्रिया बोली,,

राजेश _अब अपना पिचकारी चलाओ, मै नही रह सकती।

राजेश ने प्रिया को गच गच चोदना शुरु कर दिया।

प्रिया तो जन्नत में पहुंच गई।

आह मां उन आई आह, राजेश बहुत मजा आ रहा है,, आह और जोर जोर से चोदो,, आह मां,,,

राजेश प्रिया की बुर को दनादन चोदने लगा।

Land बुर में गप गप अंदर बाहर हो रहा था।

राजेश को भी संभोग का अपार सुख प्राप्त होने लगा।

कुछ देर तक इसी पोजीशन में प्रिया को जमकर पेलने के बाद अपना पिचकारी प्रिया की बुर से बाहर निकाल कर छत पर पीठ के बल लेट गया।

प्रिया उसके land Ko अपने हाथो से पकड़ कर अपनी बुर के छेद में रख कर बैठ गई।land boor में समा गया।

अब प्रिया राजेश के land पर उछल उछल कर चुदने लगी।

कुछ देर में ही फिर से वह स्वर्ग की सैर करने लगीं उसके मुंह मादक सिसकारी निकल रही थीं।

प्रिया को राजेश से chudwaane में इतना मजा आ रहा था कि वह खुद को ज्यादा देर तक रोक न सकी। और चीखते हुए झडने लगी।

वह राजेश के ऊपर ढेर हो गई।

राजेश ने उसे अपनी बाहों मे भर लिया।

कुछ देर बाद प्रिया होश में आई। वह राजेश के land से उठी।

फुच की आवाज़ करता लन्ड बुर से बाहर निकला, जो अभी भी तना हुआ खड़ा था। प्रिया की बुर के पानी से चमक रहा था।

प्रिया उसके land Ko देखकर मुस्कुराने लगीं।

राजेश _दी 10बजने वाला है मां वेट कर रही होगी। मुझे जाना होगा।

प्रिया _ठीक है।

और थैंक्स, प्रिया ने राजेश की माथे को चूम कर कहा?

राजेश _दी किसलिए

प्रिया _होली को यादगार बनाने के लिए।

राजेश _दी आपकी सेवा के लिए तो आपकाभाई हमेशा तैयार रहेगा।

प्रिया अपनी कपड़ा पहनने लगीं।

दोनो कपड़ा ठीक कर लेने के बाद छत से नीचे आ गए।

राजेश घर से बाहर आया, प्रिया उसे छोड़ने आई।

प्रिया ने हाथ हिलाकर बाई कहा।

राजेश अपना बाइक लेकर घर चला गया।

घर पहुंचा तो स्वीटी, सुनीता और शेखर तीनो रीता के घर जाने को तैयार हो चूके थे, राजेश के आने का ही इन्तजार कर रहे थे।

जब राजेश घर पहुंचा वह फ्रेस huwa, कपड़ा चेंज किया फिर चारो कार से रीता के घर के लिए निकल पड़े।

इधर रीता के घर में होली पार्टी की सारी तैयारी हो चुकी थीं।

गार्डन में एक तरफ गुलाल, रंगो की टंकी पिचकारी। तो दूसरी तरफ खाने पीने की चीजेनाचनेगाने के लिए डीजे,आदि की व्यवस्था किया था।

रीता जब अपनी रूम से तैयार होकर बाहर निकली। तो रोहन देखता रह गया।

रीता बहुत ही खुबसूरत और हॉट लग रही थीं । उसकी बडी बडी चूचियां उसकी ब्लाउज से बाहर आने बेताब थे।

ब्लाउज पीछे से पूरा खुला था।

साड़ी नाभी से काफी नीचे बांधी थी।

सपाट पेट पे नाभी, कहर ढा रहा था।

अपनी मां की हॉट लुक देखकर रोहन का शरीर में रक्त संचार बड़ गया।

वह अपनी मां से डरता था।

लेकिन आज मौका था, अपनी मां को रंग लगाने के बहाने छूने का इसलिए उसने हिम्मत दिखाते हुए रीता को पीछे से अपनी बाहों में भर लिया।

और उसकी गालों में रंग मल दिया।

हैप्पी होली मॉम।

रीता चौंकी।

इस तरह से उसे उसका पति भी गुलाल नही लगा सकता था।

कही रीता बुरा न मान जाए।

जब रीता ने देखा की रोहन है, तो

रीता _हैप्पी होली बेटा।

आज अपनी मां पर बडा प्यार आ रहा है।

रोहन _आज आप सच में बहुत खुबसूरत लग रही हो।

रीता की बदन से आ रही खुशबू सूंघ कर वह मदहोश सा हो गया।

वह अपनी मॉम की बदन से पहली बार इस तरह चिपका था।

रीता की बदन की गर्मी से रोहन का land हरकत में आ गया वह तन गया।

रोहन ने झट से अपनी क़मर रीता की गाड़ से हटाया कही उसकी मॉम को उसका खड़ा land पता न चल जाए।

रीता _बेटा अब छोड़ो, कितने देर तक चिपका रहेगा। चलो अब मेहमान के आने का समय हो गया है।

रोहन _ठीक है मॉम।

रोहन रीता को छोड़ दिया।

रीता वहा से चली गईं।

इधर रोहन के land तन गया था। वह कीचन में गया और खुबसूरत नौकरानी के कानो में कहा,,

मेरे रूम में आओ।

रोहन अपने रूम में जाकर नौकरानी की आने का इंतजार करने लगा।

कुछ देर बाद जब वह कमरे मे आई।

रोहन ने उसकी बालो को पकड़ कर खींचा।

शाली इतनी देर क्यों लगा दी।

नौकरानी _रोहन बाबा दर्द हो रहा है छोड़ो न।

शाली रण्डी, अभी तो खुब दर्द होगा तुझे।

चल चूस शाली।

रोहन ने नौकरानी की बाल पकड़ कर अपने land पर झुका दिया।

नौक्रानी रोहन का land मुंह में भर कर चूसने लगी।

रोहन _आह, मेरी जान ठीक से चूस, आह हा ऐसे ही बहुत मजा आ रहा है।

नौकरानी_रोहन बाबा, आज बड़े जोश में लग रहे हो लगता है मालकिन की मस्त गाड़ देखकर आज फिर गर्म हो गए।

रोहन _हा शाली, आज मॉम बहुत हॉट लग रही है। देखते ही land खड़ा हो गया।

हाय क्या मस्त मॉल है मॉम?

तभी रोहन ने अपना land नौकरानी के मुंह से निकाल कर उसे घोड़ी बना कर उसकी बुर में डाल दिया। और जोर जोर से धक्के मारने लगा।

नौकरानी चीखने लगी।

आह रोहन बाबा, धीरे,, आह दर्द हो रहा है,, जरा धीरे,,, मै कही भागी नही जा रही।

रोहन _चुप शाली, मै तो ऐसे ही चोदूंगा।

रोहन अपनी मॉम की बुर को इमेज कर,gach gach नौकरानी की बुर चोदने लगा।

आह क्यामस्त खुशबू है मॉम की बदन की,,, एक बार उसकी बुर देखने और मारने को मिल जाए तो मजा आ जाए।

ले साली ले एल ओर ले,,,

रोहन, नौकरानी की बुर जोर जोर से चोदने लगा।

नौकरानी _आह बहुत मजा आ रहा है, रोहन बाबा, इसे मालकिन की बुर समझकर चोद, तुम्हे भी बडा मजा आएगा।

रोहन _जोर जोर से पेलने लगा। ऐसा महसूस करने लगा की वह नौकरानी की नही बल्कि अपनी मॉम की बुर पेल रहा हो।

इधर राजेश अपनी मां पापा और स्वीटी के साथ रीता के घर पहुंच गया था।

राजेश ने देखा गार्डन पे सारी तैयारियां की जा चुकी है।

वे वही पर रखे अपने कुर्सी पर बैठ गए।

रीता संजय वहा पहुंचे।

सुनीता _, नमस्ते रीता जी।

रीता _नमस्ते सुनीता जी, नमस्ते भाई साहब।

शेखर _नमस्ते जी।

राजेश _नमस्ते मैम।

सभी एक दूसरे को अभिवादन करने लगें।

रीता _अरे आप लोग यहां क्यों बैठ गए, आप लोग तो हमारे खास मेहमान है ।

इधर शेखर और संजय एक दूसरे से बातचीत करने लगें।

रीता संजय से कहा _सुनो जी आप मेहमानों को देखिए मै सुनीता जी, और स्वीटी को घर दिखा देता हूं। ये लोग पहली बार आए हैं हमारे घर।

संजय _, ठीक है रीता।

संजय और शेखर वही रुक गए।

रीता _अरे राजेश तुम भी चलो घर देख लेना, पहली बार आ रही हो। कितनी बात आमंत्रित किया था तुमको आने के लिए, आए ही नहीं।

अब आए हो तो अंदर चलो।

संजय _हा बेटा जाओ।

राजेश _जी अंकल।

राजेश भी उन लोगो की साथ चला गया।

रीता,सुनीता और राजेश को अपना घर दिखाने लगी।

सुनीता _आपका घर तो काफी बडा और खुबसूरत है।

रीता _, बहुत जल्द अब ये हर स्वीटी की भी हो जाएगी।

क्यू स्वीटी।

स्वीटी _शर्मा गई।

राजेश _मैम, रोहन कही नजर नहीं आ रहा।

रीता _, यही पर तो था।

रीता न एक नौकरानी से कहा।

अरे, बिजली जरा देखा तो रोहन कहा है? उससे कहना की राजेश ओर उसके परिवार वाले आए हैं।

बिजली _जी मालकिन।

इधर रोहन नौकरानी को बेड पर लिटा कर उसकी दोनो टांगो को कंधे पर डाल कर दनादन उसकी बुर चोद रहा था।

के मॉम ले chud अपने बेटे के land से,, ले,,

नौकरानी _आह, उन आह बडा मजा आ रहा है बेटा ओर चोद अपनी मां को,, आह,,,

तभी बिजली ने दरवाजा खटखटाया ।

रोहन _यू शाला कौन आ गया अपनी मां चोदाने।

रोहन चोदना बन्द कर दरवाजा खोलने चला गया।

रोहन _क्या है शाली क्यू दरवाजा खटखटा रही है।

बिजली _मालकिन बोली की राजेश और घर वाले आए है। तुम्हारे बारे में पूछ रहे हैं।

रोहन ला गाड़ फट गया,,

रोहन _, मै अभी आया,,,

रोहन _कमरे के अंदर आया और अपन कपड़ा पहनने लगा।

नौकरानी _क्या huwa बाबा, अभी तो अपनी पिचकारी से रंग डाला ही नहीं और कपडे पहनने लगे।

रोहन _चुप रण्डी शाली, यहा मेरी गाड़ फट गई है और तुम्हे chudai की पड़ी है, कही मै तुम लोगो को चोदता हू ये बात राजेश भईया को पता चल गया न तो स्वीटी से मेरा शादी कैंसल कर देगें।

चल भाग यहां से।

रोहन अपना कपड़ा पहन कर अपना हुलिया ठीक किया फिर अपने कमरे से बाहर आ गया।

राजेश को देखते ही,,

रोहन _अरे राजेश भाई आप कब आए हैप्पी होली भाई।

राजेश ने रोहन को गले लगा लिया।

हैप्पी होली रोहन।

कैसा है? कहा था?

रोहन _भाई मै तो मजे में हूं, बस पार्टी की तैयारी देख रहा था। आप कैसे है?

राजेश _मै भी मजे में हूं यार।

रोहन ने सुनीता का पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

सुनीता _जीता रह बेटा।

रोहन _, हाई स्वीटी कैसी हो?

स्वीटी _मै अच्छी हूं।

रीता _रोहन कहा चला गया था?

रोहन _मॉम, मै काम में लगा था।

रीता _कैसा काम?

रोहन _मॉम मै पिचकारी चला कर देख रहा था ठीक है की नही।

कही पिचकारी काम न करे तो हमारी मजाक न बन जाए।

तभी रोहन को काल आया।

रोहन बात करने लगा।

रीता _किसका फोन था बेटा।

रोहन _मॉम मेरे कालेज के दोस्तो का है वे आ चूके है।

रीता _ठीक है बेटा तुम अपने दोस्तो को देखो।

स्वीटी हमारे कालेज के बहुत से दोस्त आए हैं, चलो तुम भी।

स्वीटी ने सुनीता की ओर देखा।

सुनीता _जाओ बेटी, पर रंग संभल कर खेलना।

रोहन _मां जी आप चिंता न करे स्वीटी मेरी जवाब दारी है।

सुनीता _ठीक है, बेटा वैसे ये तो अब तुम्हारी ही अमानत है। इसकी सुरक्षा तुम्हारी जिम्मेदारी है।

रोहन _जी मां जी,आप चिंता न करे।

रोहन और स्वीटी चले गए।

अब रीता, राजेश और सुनीता ही रह गए।

नौकरानी ने काफी लेकर आई

काफी का कप उठाकर रीता राजेश की ओर देने लगीं। जैसे ही राजेश कप को पकड़ने वाला था रीता ने कप छोड़ दिया। काफी राजेश के शर्ट पर गिर गया।

रीता _ओह आई एम सॉरी राजेश बेटा, मेरा हाथ से कप छूट गया।

राजेश _कोई बात नहीं आंटी।

रीता _एक काम करो, तुम रोहन के कमरे में चलो। उसके पास नई शर्ट होगी वह पहन लेना।

सुनीता _जाओ बेटा।

रीता, राजेश को लेकर रोहन के रूम में चली गई।

जैसे ही वे रूम में पहुंचे रीता ने राजेश को अपनी बाहों मे भर लिया।

रीता _तुम तो ऐसे अनजान बन रहे हो, जैसे हम पहली बार मिल रहे है।

मेरी कितनी बार ले चुके हो सब भुल गए क्या?

सुजाता की आज जरूर लिए होगे।

आज मेरे साथ होली नही खेलेगो।

क्या मै अच्छी नहीं लग रही बोलो।

राजेश _आज तो आप बहुत खुबसूरत और हॉट लग रही हो।

रीता _फिर मेरे साथ होली खेलने का मन नही कर रहा क्या?
 
आप सभी का शुक्रिया, अगला अपडेट जल्द आएगा।
 
राजेश और रीता दोनो रोहन के कमरे में प्रवेश किया।

प्रवेश करते ही रीता ने राजेश को अपनी बाहों में भर लिया।

रीता _राजेश, तुम मुझे इग्नोर क्यों कर रहे हों।

क्या मै अच्छी नहीं लग रही है। तुम्हारा ध्यान तो मुझ पर जा ही नहीं रहा।

राजेश _नही मैम ऐसी बात नहीं है तुम तो आज सच में बहुत खुबसूरत और हॉट लग रही हो।

रीता _चल झूठा कही का। मै तुम्हे कितना मिस करती हूं। पर तुम्हे मेरी याद कहा आती होगी। सुजाता से फुर्सत मिले तब न। हा ये सच है कि मैंने तुम्हे हासिल करने के लिए तुम्हे ब्लैक मेल किया।

पर सच में जब से तुम्हरा प्यार पाया है, मै तुम्हे भुल नही पा रही। मै तुम्हारी दीवानी हो चुकी हूं।

क्या तुम्हे मेरे साथ मजा नही आता?

क्या मेरे चूचे अच्छे नहीं हैं, क्या मेरी बुर तुम्हे पसन्द नही आया। कितने दिन हो गए, मुझे प्यार किए। आज तो होली है सुजाता के साथ तो आज जी भर कर खेले होगे,आज तो इच्छा पूरी कर दो अपनी दीवानी की।

राजेश _मैम, बाहर मां बैठी है औरयहरोहन का कमरा है, यहां वह आ भी सकता है।

रीता _तुम चिंता न करो कोई नही आयेगा।

रीता राजेश की ओंठ चूसने लगीं।

राजेश भी उसका साथ देने लगा।

रीता _पता है राजेश आज मैने ये साड़ी तुम्हे इंप्रेस करने के लिए पहनी थी।

पर पहली बार रोहन ने मुझे पीछे से अपनी बाहों में भर लिया। और कहा हैप्पी होली मॉम, आज आप बहुत खुबसूरत और हॉट लग रही है।

मै तो चौंक गई।

इसके पहले कभी उसने ऐसी हरकत नही की थी।

राजेश _आपकी खूबसूरती और हॉट लुक को देखकर बेचारे से रहा नहीं गया होगा।

रीता _पर मै उसकी मां हूं।

राजेश _मां खुबसूरत और जवान हो तो बेटे का मन कभी न कभी बहक ही जाता है।

अब इसमें बेटे का क्या दोष, दोष तो जवानी का है, जो रिश्ते नाते नही देखता। उसे तो सिर्फ मजा चाहिए।

रीता _सुनीता जी भी तो काफी खुबसूरत और जवान है। फिर तुम्हारा मन भी करता होगा उसे पीछे से अपनी बाहों में लेने की।

राजेश _हूं करता है, ये तो प्राकृतिक है।

राजेश ने रीता की ब्लाउज का बटन खोल कर उसकी चूचे बाहर निकाल कर, मसलने एवम चूसना शुरु कर दिया।

रीता सिसकने लगीं।

कुछ देर तक चूची से खेलने के बाद उसके पेट और नाभि को चूमा, चांटा।

रीता काफी उत्तेजित हो गई।

रीता नीचे बैठी राजेश के पैंट का चैन खोल कर उसका land बाहर निकाल दिया।

फिर land का सुपाड़ा मुंह में भर कर चूसना शुरू कर दी। कुछ देर में ही राजेश के पिचकारी होली खेलने के लिए तैयार हो गया।

फिर राजेश ने रीता को अपनी बाहों में उठा लिया और उसे रोहन के बेड में पटक दिया।

फिर उसके ऊपर लेट गया। उसकी ओंठो को चुसने लगा।

उसकी चुचियों से खेलने लगा। उसकी नाभी चाटने लगा। फिर उसकी पेंटी को टांगो से अलग कर। टांग फ़ैला दिया।

उसकी मस्त चिकनी, फूली हुई गोरी chut को चाटना शुरु कर दिया।

रीता पागल सी हो गई।

आह मां, उन,, आई, उसने अपनी आंखें बंद कर दी और मादक सिसकारी निकालने लगी।

कुछ देर में ही,,,

रीता _राजेश, अब बस करो, अब मुझसे और बर्दास्त नही हो रहा,,, आह मां आई,,,,,

डाल दो अपनी पिचकारी के मेरी बुर पे, डाल दो अपनी पानी और बुझा दो इसकी प्यास।

राजेश उखडू बैठ गया। और रीता की टांगो को फैला कर अपना land का टोपा उसकी बुर के छेद में रख कर एक जोर का धक्का मारा।

Land बुर को फाड़कर सरसराता huwa अदंर चला गया।

रीता के मुंह से आह मां मर गई,,,

राजेश रीता की चूची को मसल मसल कर कुछ देर चूसा उसके बाद फिर एक जोर का धक्का मारा।

Land पूरा जड़ तक रीता की बुर में घुस गया।

अब राजेश ने रीता की दोनो टांगो को अपने कंधे में डाला दिया और जोर जोर से बुर पे धक्के मारकर चोदना शुरु कर दिया।

Land बुर पे गप गप अंदर बाहर आने जाने लगा।

रीता तो स्वर्ग की सैर करने लगीं।

उसकी मुंह से मादक सिसकारी निकल कर कमरे में गूंजने लगी।

राजेश इसी पोजीशन में लगातार रीता को गच गच चोदता रहा। दोनो को संभोग का परम आनंद मिलने लगा।

Land का टोपा रीता के बच्चे दानी से टकराने लगा जिससे उसे अलौकिक सुख मिलने लगा।

वह खुद को न रोक सकी और कुछ देर में ही झडने लगी।

उसके बाद राजेश चोदना बन्द कर रीता के ऊपर लेट कर उसकी ओंठ चूसने लगा। उसकी चूची से खेलने लगा जिससे रीता फिर गर्म होकर सिसकने लगीं।

राजेश ने रीता को kutiya बनाकर जमकर पेला।

और रीता को एक बार फिर जन्नत का सैर कराया।

पूरे कपरे में पच फच की आवाज़,

रीता के मुंह से, आह मां,, आह उन,,, आह राजेश,, कितना मजा देता है तू,,, आह मां,,, मै मर जाऊंगी,,,

राजेश,,, आह,, ऐसे ही चोदते रहो आह माई,,, बहुत मजा आ रहा है,,, मै जिंदगी भर तेरी रखैल बनकर रहूंगी,,, तू ही मेरा इस शरीर का असली मालिक है,, आह मां,, आई,, और जोर से आह,

राजेश _ले मेरी रानी,chud मुझसे, ले मजा ले chudai का, ले,,,

राजेश और जोर जोर से पेलने लगा।

राजेश रीता की क़मर को पकड़ कर तेज गति से चोदने लगा।

रीता खुद को रोक न सकी और एक बार फिर झडने लगी। और बेड में लेट गई।

राजेश फिर रीता के ऊपर लेट कर उसे चूमने चाटने लगा।

राजेश की हरकतों से रीता फिर गर्म हो गई।

राजेश ने रीता को अपने ऊपर खींच लिया।

रीता राजेश के पूरे बदन को चूमने लगी। उसके बाद राजेश के land को चुसने लगी।

उसके बाद राजेश के land को अपने हाथ से पकड़ कर अपनी बुर के छेद में रख कर बैठ गई।land boor में जड़ तक घुस गया।

राजेश रीता की चूची को थाम लिया।

रीता धीरे धीरे land पर उछल उछल कर chudna शुरू कर दिया।

कुछ देर में ही दोनो को संभोग का अपार सुख फिर से मिलने लगा।

अब राजेश रीता की क़मर को पकड़ कर, रीता को अपने land पर पटक पटक कर चोदने लगा।

रीता भी उछल उछल कर चुदने लगी।

दोनो अपना सूद भुद खोकर chudai करने लगे।

कमरे में रीता की मादक सिसकारी, आह, उह, उई मां,, आई,

तो land का बुर में जाने की फच फाच गच गच की आवाज़ गूंज रहा था।

दोनो ही सेक्स के परम आनंद को प्राप्त करने में लगे थे। की रीता खुद को न रोक पाई और एक बार फिर से झडने लगी।

वह राजेश के ऊपर लुड़क गई।

कुछ देर बाद,,

रीता _राजेश अब तुम अपने पिचकारी का पानी जल्दी से मेरे ऊपर डाल दो, बाहर तुम्हारी मां परेशान हो रही होगी, इतने देर तक कर क्या रहे हैं?

राजेश _पिचकारी का पानी जल्दी निकालने के लिए, पिचकारी को गाड़ पे चलाना पड़ेगा।

रीता _तो डाल दो न मना किसने किया है?

राजेश ने रीता को kutiya बना दिया ।

और अपना मोटा लन्ड उसकी बुर में डाल कर gach gach चोदने लगा अपनी एक उंगली उसकी गाड़ के छेद में डाल कर अंदर बाहर करने लगा।

फिर दो उंगली डाल दिया।

इधर बुर की पेलाई जारी रखा और दो उंगली गाड़ में डालकर अदंर बाहर करने लगा।

गाड़ फैलने लगा। कुछ देर बाद राजेश ने अपना land boor से बाहर निकाल कर उसकी गाड़ में रख कर दबाव डाला।land का टोपा गाड़ में धस गया।

सुनीता चीख उठी। राजेश ने रीता की पेंटी उसके मुंह में डाल दिया। और जोर का दबाव डाला।

Land कुछ और सरक कर गाड़ के अंदर चला गया।

रीता के मुंह से घू घु की आवाज़ निकलने लगी।

वह चीखना चाहती थी पर चीख न सकी।

इधर राजेश का land धीरे धीरे रीता की गाड़ में समा गया।

अब राजेश रीता की क़मर पकड़ कर धीरे धीरे land Ko गाड़ में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

रीता को बहुत दर्द हो रहा था।

धीरे धीरे गाड़ फैल गया। राजेश का लन्ड अब गाड़ में अच्छे से अंदर बाहर होने लगा।

रीता का भी दर्द अब कम होने लगा।

राजेश अब स्पीड बढ़ाने लगा।

राजेश का land रीता की गाड़ में कसा हुआ अंदर बाहर होने लगा। जिससे राजेश को बहुत मज़ा आने लगा।

राजेश लन्ड को गाड़ से निकाल कर बुर में डाल कर चोदने लगा, कुछ देर बुर चोदता फिर गाड़ में डाल देता और गाड़ मारने लगता जिससे रीता को भी बहुत मज़ा आने लगा।

एक बार फिर दोनो chudai का परम सुख को प्राप्त करने लगें।

अब रीता की गाड़ पूरी तरह फैल चुकी थी।land आसानी से गाड़ में अंदर बाहर हो रहा था।

सुनीता कभी दर्द से चीखती तो कभी मजे से सिसकती।

दोनो सुध बुध खोकर chudai का खेल खेल रहे थे।

तभी राजेश को लगा की गाड़ की तेज रगड़ से अब खुद को रोक नहीं पाएगा।

राजेश _आह मेरी जान, आह अब मै आने वाला हू। आह

राजेश ने अपना लन्ड गाड़ से बाहर निकाल दिया।

सुनीता उठ कर बैठ गई। और राजेश की लैंड को मूठ मारने लगी।

राजेश ने अपनी land से वीर्य की कई पिचकारी रीता के चेहरे, उसकी चूची और पूरे बदन पर मारा।

राजेश _आह, आह, ले मेरी जान मेरी पिचकारी के पानी से होली खेल,, आह,,,

रीता राजेश के वीर्य को अपने पूरे शरीर पर मल दिया।

राजेश ने रीता की ओंठ को जी भर कर चूसा फिर हैप्पी होली, जानेमन कहा,,

उसके बाद रीता ने अपने कपडे ठीक किए। राजेश के लिए रोहन के अलमारी से अपनी पसन्द की नई शर्ट निकाल कर दे दिया।

दोनो कमरे से बाहर निकल सुनीता के पास पहुंचे।

सुनीता _काफी देर लगा दिए

रीता _ओ क्या है न सुनीता जी, कोई शर्ट राजेश को फिट नहीं आ रहा था बडी मुस्कील से ये शर्ट मिला।

चलो अब हम भी चलकर पार्टी एंजॉय करते हैं।

तीनो गार्डन में आ गए। जहां मेहमानों की भीड़ थी सभी एक दूसरे पर रंग गुलाल लगा रहे थे ये तीनो भी उसमे शामिल हो गए।

कुछ देर बाद राजेश ने मंच पर गाना शुरू किया,,,

रीता ने सुनीता को पकड़ कर नाचने के लिए मंच पर ले गई।

राजेश गाने लगा,,

रीता और सुनीता अन्य लोग नाचने लगे।

रंग बरसे भीगे चुनर वाली रंग बरसे,,,,,,,,

जी भर कर होली खेलने के बाद। रीता और संजय से इजाजत लेकर सुनीता, शेखर राजेश और स्वीटी घर आ गए।

इधर रिया अपनी फार्म हाउस में होली की पार्टी रखी थी। पार्टी दोपहर बाद होना था।

रिया होली फार्म हाउस में होली पार्टी की तैयारी देख रही रही थीं। अपने दोस्तो को आमंत्रित भी कर रही थी । फार्म हाउस में उनकी सहेलियां मौजूद थीं।

सहेली _यार रिया तुम्हे लगता है कि राजेश आएगा।

रिया _राजेश, जरूर आएगा।

रिया ने राजेश को काल की।

रिया _हेलो राजेश, कहा हो।

राजेश _हा रिया, मै रीता जी के यहां पार्टी में गया था तो थोडा थक गया हूं, आराम कर रहा हूं।

रिया _पार्टी की सारी तैयारियां हो गई है, तुम आ रहें हो न दोपहर बाद फार्म हाउस।

राजेश _यार मै तो थक गया हूं। तुम लोग इंजॉय करो न।

रिया _राजेश अब तुम नही आवोगे तो पार्टी में रंग कौन भरेगा? जब सबको पता चलेगा कि तुम आ रहे हो तो सभी उत्साहित होंगे। प्लीज राजेश। भगत और तुम्हारे अन्य दोस्त सभी आ रहे हैं। स्वीटी और सीमा को भी बुलाया है।

राजेश _क्या स्वीटी, और सीमा जी भी आ रही है।

रिया _हां, स्वीटी और सीमा भी पहुंच रही है।

राजेश _ओह, ठीक है मैं भी आता हूं।

रिया _ओह थैंक यू राजेश।

सहेली _यार रिया एक बात समझ नहीं आई।

स्वीटी और सीमा आ रही है ये बात हमे बताई नही और स्वीटी सीमा यहां आई तो राजेश हमारी chudai कैसे करेगा?

हमे कुछ समझ नहीं आया।

सब समझ में आ जायेगा, पहले सीमा को तो काल कर लू।

रिया ने सीमा को काल किया।

रिया _हेलो सीमा।

सीमा _हाई, कैसे काल की थी, रिया।

रिया _यार मैने अपने फार्म हाउस में आज दोपहर बाद होली की पार्टी रखी है सारे दोस्त आ रहें हैं तुम और निशा दोनो आ जाना।

सीमा _, क्या राजेश भी आ रहा है।

रिया _हां, मेरी अभी उससे बात हुई, वह और उसके सारे दोस्त आ रहे हैं। तुम दोनो भी आ जाना।

सीमा _देखती हूं यार , निशा से बात कर के वैसे तो उसे कही जाने के लिए मनाही है। फिर भी बात करती हूं शायद जाने तैयार हो जाए।

रिया _थैंक यू सीमा मुझे इन्तजार रहेगी तुम दोनो का।

बाई।

सहेली _यार तुम्हे लगता है, ये दोनो आएंगी।

रिया _हूं, ये दोनो जरूर आएगी।

क्यू की मैंने उन्हें बता दी है कि राजेश आ रहा है।

रिया हसने लगी,,,

सहेली _, यार अब निशा आयेगी तो राजेश हमारी chudai कैसे करेगा? हम सबका मूड खराब हो गया। सुबह से बुर में राज से चुदने वाले है सोच कर बुर पानी बहा रही थी।

तेरी बात सुनकर सब मजा खराब कर दिया।

रिया _राज हमे जरूर चोदेगा।

देखो उधर, रिया ने ताली बजाई,,

कुछ देर बाद कमरे सी दो लड़की बाहर निकली, वे रिया और उनकी सहेली की ओर आने लगीं।

सहेलियां गौर से उन लडकियो को देखने एवम पहचानने की कोशिश करने लगी।

सहेली _यार ये तो सीमा और निशा है, ये यहां कैसे?

सभी सहेलियां आश्चर्य में पड़ गए आखिर चक्कर क्या है?

रिया हसने लगी,,,

वे दोनो लड़किया रिया के पास आई।

रिया _पहचानो कौन है ये?

सभी सहेलियां _रिया, ऐसे क्यू पूछ रही? ये सीमा और निशा है।

रिया हसने लगीं,,,,

रिया _खा गए न धोखे,,

दोनो लड़किया ने अपने चहरे पर मास्क लगा रखी थी। वह हटा दी।

सभी सहेलियां आश्चर्य चकित रह गए।

ये निशा और सीमा नहीं। रिंकी और चिंकी है।

मैने ये मास्क विदेश से लाखो रुपए देकर बनवाए हैं।

इनके कहने पर राजेश हमारी chudai करेगा।

रिया हसने लगी,,,,,

सहेलियां _यार तू तो बहुत बडा खिलाड़ी निकली।

रिया _आज भी उस थप्पड़ की गूंज मेरे कानो पे सुनाई पड़ती है जो निशा ने मेरे गालों पे मारी थी। सबके सामने मेरी बेज्जती की थी। मै भुल नही सकती। मै राजेश को उसकी नजरों से गिरा कर उसे छोड़ने मजबूर कर दूंगी।

रिया फिर हसने लगी,,,

दोपहर बाद रिया के सारे दोस्त फार्म हाउस पहुंचने लगे।

यहां फार्म हाउस में रंग, पिचकारी गुलाल, खाने पीने, नाचने गाने सभी चीजों की व्यवस्था किया गया था।

भगत और उसके दोस्त राजेश के घर उसे लेने पहुंचे।

राजेश को लेकर रिया के फार्म हाउस पहुंच गए।

राजेश के पहुंचते ही, रिया और उसकी सहेलियां की शरीर में हलचल मचने लगी।

रिया _लो आ ही गया, जिसका हमें था इन्तजार, जिसके लिए थी तुम कई दिनों से बेकरार, वो घड़ी आ गई आज।

सभी दोस्त एक दूसरे को होली की बधाई देने लगें ।

रिया _राजेश मुझे यकीन था तुम जरूर आओगे। अब देखना पार्टी में कितना मजा आएगा?

राजेश _निशा जी नही आई है?

रिया _वो भी आ जाएगी तुम्हारी निशा, हम लोगो के साथ भी तो होली खेल लो सभी लड़कियां राजेश को रंग लगाने लगे।

थोड़ी देर बाद सीमा और निशा भी पहुंच गई।

रिया, राजेश से बोली, लो तुम्हारी निशा भी पहुंच गई।

सभी लड़के एवम लडकियो ने होली की बधाई दिया, निशा को।

वहा टेबल पर खानेपीने कीचीजे एवम मिठाई की प्लेट सजी थी मिठाई में भांग मिलाया गया था।

ये बात सिर्फ रिया को पता था।

रिया ने गुलाल का प्लेट और एक हाथ में मिठाई का प्लेट लाया और राजेश को निशा को गुलाल लगाने कहा।

राजेश ने निशा के ऊपर गुलाल फेका। और मिठाई लेकर उसके मुंह में डाल दिया और निशा को हैप्पी होली। कहा ।

निशा ने भी राजेश के ऊपर गुलाल फेका और उसके

सभी लोग एक दूसरे पर गुलाल फेकने लगे और मिठाई खाने खिलाने लगे।

धीरे धीरे निशा के ऊपर भांग का नशा चढ़ गया।

सभी लोग भांग के नशे में नाचने गाने लगे।

तभी निशा ने गाना शुरू किया,,,,

इतना मजा क्यू आ रहा है, तूने हवा में भांग मिलाया।

दुगना नशा क्यू हो रहा है?

आंखो से मीठा तूने खिलाया।

राजेश _हो तेरी मल मल की कुर्ती गुलाबी हो गई।

मनचली चाल कैसे नवाबी हो गई?

बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी।

तो सीधी साधी छोरी शराबी हो गई।

कुछ देर नाचने गाने के बाद भगत ने कहा, भाई निशा जी को चढ़ गई है ये खाने पीने की चीजों में लगता है भांग मिला है।

सीमा _राजेश आंटी ने जल्दी घर आ जाने को कहा था, अब ऐसी हालात में निशा घर कैसे जाएगी?

राजेश _कोई तो तरीका होगा, नशा उतारने की।

भगत _भाई, सुना है नींबू पानी से नशा दूर हो जाता है। मैंने सुना है। इस फार्म हाउस में नींबू का पेड़ तो जरूर होगा मै लेकर आता हूं आप चिंता न करें।

भगत थोड़ी देर में नींबू लेकर आया।

निशा एक गिलास पानी लेकर आया। फिर भगत ने पानी में नींबू घोल दिया।

राजेश ने वह गिलास लेकर निशा के पास गया। नसे में बक बक कर रही थी।

राजेश ने निशा के सामने जाकर नींबू पानी पीने की कोशिश करने लगा।

निशा _तुम क्या पी रहें हो, निश ने राजेश से कहा,,

राजेश _वही जो मर्दों को पीना चाहिए।

निशा नशे मे बोली _मुझे भी पीना है, दो मुझे,,,,

राजेश _नही तुम नही पी सकती, ये मर्द लोग पीते हैं।

निशा _मुझे पीना है, वह राजेश के हाथ से गिलास लेकर पीने लगी।

रिया _मुझे लगता है , निशा को भांग का नशा कुछ ज्यादा हो गया। सीमा निशा को कमरे में ले जाओ। कुछ देर में उसका नशा उतर जायेगा फिर उसे घर ले जाना।

सीमा _हूं ये ठीक रहेगा।

राजेश और भगत ने निशा को फार्म हाउस के एक कमरे मे बेड पे लिटा दिया और सीमा को साथ रहने कह दिया।

इधर पार्टी जोरो पर थी सभी नाच गा रहे थे। रिया और उसकी सहेलियों ने जबरदस्ती राजेश के मुंह में खाने पीने की ऐसे चीजों को ठूंसी जिसमे भांग था।

राजेश और भगत भी भांग के नशे में आ गए।

राजेश का दिमाक चकराने लगा।

उसने खुद को उड़ता हुआ महसूस करने लगा।

सभी लोग भांग के नशे में अजीब अजीब हरकत करने लगें।

धीरे धीर सभी लोग घर जाने लगे।

राजेश _यार निशा का नशा उतर गया होगा तो उसे घर छोड़ दो। भगत से कहा,,,

भगत को नशा कम था।

उसने पता किया तो निशा और का नशा उतर चुका था। वह निशा और सीमा के साथ घर उसके घर चला गया । उसे छोड़ने।

भगत के जाते ही इधर रिया ने पार्टी समाप्ति की घोषणा कर दिया ।

सभी लोग अपने अपने घर चले गए।

राजेश के दोस्तो ने राजेश से घर चलने को कहा रास्ते में भगत को भी ले लेंगे।

तभी रिया बोली,,

राजेश _तुम ऐसे नसे में घर जाओगे तो तुम्हारे घर वाले क्या समझेंगे।

मै तो कहती हूं तुम कुछ देर फार्म हाउस में ही आराम करो, मेरे पास दवाई है जिससे नशा जल्दी उतर जाता है।

नशा उतर जाने के बाद मैं अपने गाड़ी से छोड़ दूंगी।

राजेश के दोस्तो ने कहा हां भाई ये ठीक रहेगा।

राजेश के दोस्तो ने राजेश को फार्म हाउस के एक कमरे केबेड में लिटा दिया ।

रिया और उसकी सहेलियां मुस्कुराने लगी।

तभी कमरे में रिंकी और चिंकी निशा और सीमा के भेस में पहुंची।

राजेश _निशा और सीमा जी आप लोग घर से वापस कैसे आ गई।

रिंकी _हमे पता चला की तुम नशे में यही रुक गए हो तो हम भी वापस आ गए।

मेरी चिंता क्यों कर रही हो मै ठीक हू।

तभी रिया और उसकी सहेलियां कमरे में प्रवेश किया।

रिया _निशा और सीमा तुम लोग चिंता मत करो राज का नशा जल्दी उतर जायेगा।

वैसे नहाने से भी नशा जल्दी उतर जाता है। हम लोग तो नहाने जा रहें हैं स्विमिंग पूल पर तुम लोग भी चलो। अपने शरीर का रंग भी छुड़ा लेंगे और राजेश को नहलाकर उसका भी रंग छुड़ा देते हैं।

रिंकी जो निशा की मास्क लगाई थी।

बोली _हा ठीक कह रही हो। चलो राजेश हम तुम्हे नहलाएंगे।

स्विमिंग पूल एक फार्म हाउस के अंदर और एक बाहर था।

अंदर वाले स्विमिंग पुल पे सभी लड़कियां राजेश को लेकर पहुंचे अंदर दरवाजा बंद कर दिया ताकि कोई आ न सके।

सभी लड़कियां एक एक अपने सारे कपड़े उतार कर नंगी हो गई।

राजेश को भी रिंकी ने सारे कपड़े उतार कर नंगा कर दिया।

राजेश का बडा land देखकर सभी के बुर में पानी भर गया।

सभी लड़कियां राजेश के शरीर पे लगे रंग को छुड़ाने में लग गए। एक दूसरे के शरीर का रंग भी छुड़ाने लगे।

कुछ देर में ही सभी का शरीर दमकने लगा।

इधर राजेश का नशा थोडा कम huwa पर अभी भी नशे मे था।

इधर सभी लड़कियां को नंगी देख, सबकी मस्त गदराया huwa बदन, सुडौल स्तन चिकनी बुर देखकर राजेश का land खड़ा हो गया।

रिंकी ने जो निशा की भेष में थी, राजेश का land मुंह में लेकर चूसने लगी।

रिकी _राजेश मुझे लगता है, तुमको सेक्स की जरूरत है देखी तुम्हारा औजार कैसा तन गया है।

मै सादी से पहले नही chudna चाहती तुम चाहो तो इन लडकियों को चोद सकते हो मुझे बुरा नही लगेगा।

राजेश _नही निशा, मै खुद को नियंत्रित कर सकता हूं।

तभी रिया बोली _ निशा मुझे तो लगता है तुम्हारा राज नामर्द है। देखो न इतनी खुबसूरत खुबसूरत लड़किया नंगी खड़ी है।

और खुद को काबू कर लेने की बात कर रहा है। अगर असली मर्द होता न तो हम सब को खुब रगड़ कर चोदता। ये नामर्द है।

रिंकी _राज मै तुम्हारा अपमान नहीं सहन कर सकती। अगर तुम मुझसे प्यार करते हो तो इन रंडियों की बुर फाड़ो।

 
रिंकी ने कहा _राज मै तुम्हारा अपमान नहीं सहन कर सकती। ये रंडिया तुम्हे नामर्द कह रही है। अगर तुमको मुझसे मुहब्बत है तो इन रंडियों की बुर फाड़ दो।

रिंकी जो निशा के भेष में थी की बात सुनकर राजेश रिया और उनकी सहेलियों की ओर गौर से देखा जो मादर जात नंगी थीं।

अपने शरीर से रंग छुड़ाने के बाद साक्षात काम की देवी लग रहीं थीं।

उनकी पतली कमर, उन्नत चूचे, चिकनी फूली हुई बुर, सपाट पेट।उठी हुई चूतड देखकर राजेश का land लोहे की रॉड की तरह सख्त हो गया,घोड़े की land की तरह मोटा और लंबा हो गया।

राजेश ने रिया को अपनी ओर आने का इशारा किया रिया राज के पास आई। राजेश ने रिया की ओंठ को अपने मुंह में भर कर चूसना शुरू कर दिया। रिया भी राजेश का साथ देने लगी।

इसके बाद तो रिया की सभी सहेलिया राज पर टूट पड़ी। कोई उसके अंडकोष को चाटने लगी तो कोई उसका land चुसने लगी। कोई राजेश के पीठ चूमने लगी तो कोई उसके सीने सहलाने लगीऔर बारी बारी से लड़किया अपनी चूचियां राजेश को पिलाने लगी।

लड़किया एक दूसरे की बुर भी चाटने लगी।

चारो तरफ लडकियों की मादक सिसकारी गूंजने लगी।

तभी चिंकी जो सीमा के भेष में थी बोली,,,

निशा आंटी का फोन है। घर बुला रही है। कह रही है तुम लोग अभी तक वहा क्या कर रही हो? हमे चलना होगा।

निशा _राज हम लोग घर निकल रहे है, तुम इन रंडियों की गाड़ और बुर फाड़कर चीखे निकालो और वीडियो बनाकर मुझे भेजो तभी मेरे मन को शांति मिलेगी।

रिंकी और चिंकी वहा से चली गई।

इसके बाद रिया और उसकी सहेलियो ने राज को एक कमरे में ले गए।

पूरे कमरे मे गद्दा बिछा हुआ था।

इधर रिया ने एक सहेली को इशारा किया। वह लड़की रिया के मोबाइल पर वीडियो बनाने लगीं।

कमरे में टीवी लगा था उसमें गाना चलने लगा।

ले ले ले ले ले मजा ले,,,,,,

ले ले ले मजा ले,,,,

इधर राजेश भांग के नशे में था।

रिया घोड़ी बन गई।

एक लड़की ने रिया की बुर खुब चांटी। उसकी पानी बुर से टपकने लगीं तो उधर अन्य लड़किया राजेश के land को चूस रहे थे उसकी गोटे चांट रहे थे।

अब लड़कियो ने राजेश के land को पकड़ कर उसे रिया की बुर के छेद में सेट किया राजेश ने एक जोर का धक्का मारा।

Land रिया की बुर को फाड़ता huwa फचाक की आवाज करता पूरा अंदर घुस गया।

रिया चीख पड़ी, इतना मोटा और लंबा land वह पहली बार ले रहि थी।

अब राजेश ने रेलगाड़ी की पिस्टन की तरह तेज तेज चोदना शुरू कर दिया।

Land रिया की बुर में तेजी से अंदर बाहर होने लगा।

एक लड़की पीछे से राजेश की चूतड पे अपनी हाथो से धक्के मार रही थीं। एक लड़की राजेश के land को जो रिया की बुर में अंदर बाहर हो रही थी को चांट रही थी। एक लड़की राजेश के ओंठ चूस रही थी। राजेश उसकी चूची मसल रहा था।

और अपनी क़मर हिला हिला कर रिया को जोर जोर से चोद रहा था।

रिया की मुंह से मादक सिसकारी पूरे कमरे में गूंज रही थी।

सभी लड़कियां की योनि से पानी टपक रहा था।

वे अपना बुर खुजा रही थी।

इधर रिया जन्नत की सैर कर रही थीं उसे राजेश के land से संभोग का जो सुख मिल रहा था ऐसा सुख उसे आज तक कभी नहीं मिला था।

वह सेक्स के चरम अवस्था में पहुंच गई और झडने लगी।

गद्दे पर लुड़क गई।

इसके बाद दूसरी लड़की घोड़ी बन गई। एक लड़की ने राजेश के फनफनाते हुवे land को पकड़ कर बुर पे सेट किया। राजेश ने जोर का धक्का मार कर उस लड़की की बुर में पुरा अंदर डाल दिया।

इस प्रकार बारी बारी से सभी लड़कियां घोड़ी बन कर राजेश से chudi और संभोग के परम सुख को प्राप्त की।

उसके बाद दूसरा राउंड सुरू huwa राजेश गद्दे पर लेट गया।

उसका land हवा में सीधा खड़ा था।

रिया राजेश के land को अपने हाथ में लेकर अपने बुर पर सेट कर बैठ गई।

Land का टोपा उसके बच्चे दानी से टकराया। रिया का पूरा शरीर झनझना गया। आह मा,, मर गई,,,

कुछ देर बाद रिया राजेश के land पर उछल उछल कर chudna शुरू कर दी।

एक बार फिर कमरे में रिया की मादक सिसकारी गूंजने लगी।

रिया फिर से जन्नत में पहुंच गई।

उसे इतना मजा आ रहा था कि उसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी।

राजेश भी रिया की क़मर को पकड़ कर अपने land पर पटक पटक कर चोदने लगा।

रिया खुद को ज्यादा देर तक न रोक सकी और फिर से झडने लगी।

उसके बाद सभी लड़किया बारी बारी से राजेश के land पर बैठ कर उछल उछल कर chudi और सेक्स का मजा ली, ऐसा आनंद उसे कभी नहीं मिला था जो आज उन लोगो को मिला।

सभी लड़कियां की बुर बुरी तरह फट चुकी थी।

उसकी बुर सूज गई।

बुर का मुख तो ऐसे खुल गया जैसे बच्चे जनने वाली हो।

उसके बाद सभी लड़किया इस हालात में नही थी की वे बुर और chuda सके।

रिया ने कमरे में सारी व्यवस्था कर रखी थी।

राजेश के land पर चिकनाई वाला क्रीम लगा दिया और एक लड़की ने रिया की गाड़ पे उंगली डाल कर अंदर बाहर करने लगीं फिर उसकी गाड़ में चिकनाई लगा दी।

अब रिया फिर से घोड़ी बन गई, राजेश के land Ko पकड़ कर लड़किया रिया की गाड़ के छेद पे सेट कर दिया।

राजेश ने एक जोर का धक्का मारा land का टोपा गाड़ में घुस गया। रिया जोर से चीखी।

आह मां मर गई मैं,,,

राजेश नशे मे था, वह फिर से जोर का धक्का मारा इस बार रिया की गाड़ को फाड़ता huwa land गाड़ में आधा घुस गया।

उसकी गाड़ से खून निकल गया। रिया दर्द से छटपटाने लगी। चीखने लगी।

पर सभी लड़किया उसे पकड़ रखी थी।

अब राजेश अपनी क़मर हिला हिला कर land Ko गाड़ में अंदर बाहर करने लगा।

रीया चीखने छटपटाने लगीं।

राज ने कोई रहम नहीं किया।

और जोर जोर से गाड़ मारने लगा।

लड़किया उसके land Ko चांट रही थी जो गाड़ में अंदर बाहर हो रहा था।

धीरे धीर रिया का दर्द कम huwa उसकी गाड़ पूरी तरह फैल गया अब land गाड़ में आसानी से अंदर बाहर होने लगा।

रिया को दर्द के साथ मजा भी आने लगा।

कुछ देर तक रिया की जमकर गाड़ मारने के बाद रिया फिर झड़ गई।

रिया के झड़ते ही रिया का पोजीसन दूसरी लड़की ने ले ली।

इस तरह राजेश ने सभी लड़कियो की गाड़ फाड़ दी।

सभी को गाड़ पूरी तरह खुल गया।

लाल लाल दिखने लगा।

इधर सारी चीजे मोबाइल पर रिकार्ड हो रही थीं।

राजेश अभी झड़ा नहीं था।

चौथे राउंड में राजेश ने रिया को अपने लैंड पर बिठा लिया और उसे अपनी गोद में उठा कर खड़े खड़े चोदने लगा।

राजेश की मर्दाना ताकत देख कर सभी लड़किया आश्चर्य में पड़ गई थी। और सेक्स का भरपूर आनंद लें रही थी।

बारी बारी से सभी लड़कियो को राजेश ने अपने land पर बिठा कर खड़े खड़े चोदा सभी लड़कियां चौथी बार झड़ गई। इसके बाद राजेश भी झडने की स्थिति में आ गया।

सभी लड़कियां राजेश के land के नीचे बैठ गई। लड़किया बारी बारी से राजेश के land को चुसने लगी।

राजेश खुद को अब और रोक न सका वह कराहते हुवे सभी लड़कियो के फेस पर वीर्य की पिचकारी मारने लगा।

वीर्य उसके चेहरे पर से टपक कर उसकी चूचियो पर गिरने लगा।

कुछ देर तक सभी गद्दे में लेट कर सुस्ताने लगे।

सभी लडकिया पूरी तरह संतुष्ट थे।

रिया अपनी चाल में कामयाब हो चुकी थी।

वह मंद मंद मुस्कुरा रही थी।

रिया _काफी देर हो चुकी है अब हम सबको अपना घर चलना चाहिए।

इधर राजेश का नशा भी लगभग उतर चुका था।

सभी लड़कियां नए कपड़े पहने जो वे लेकर आए थे।

राजेश कपड़ा लेकर नही आया था तो उसने वही रंग लगे कपड़े पहन लिए।

सभी लडकियों की गाड़ और बुर में जलन हो ने के कारण ठीक से चल नहीं पा रही थी।

पर वे सभी बहुत खुश थीं।

आखिर राज के साथ उन लोगो ने सेक्स का मजा ले ही लिया।

आज का दिन सब के लिए यादगार बन गया था।

रिया ने राजेश को अपनी कार में उसके घर तक छोड़ आया।

घर आने के बाद रिया ने वह वीडियो चला कर देखने लगीं।

और हसने लगी। वह अपने इरादों पर काम याब जो हो चुकी थी।

रिया अपने आप से बोली ,,

निशा आज रात तू चैन से सो ले, कल से तेरे बुरे दिन शुरू, हो जाएगी।

बेचारी,, हा हा हा हा,,,

बडी अकड़ थी राजेश पे,,,

अब सिर्फ रोएगी,,,

निशा, तू खुद राज को ठुकराएगी,,,,

हा हा हा,,,

कल मेरा अपमान का बदला पूरा होगा,,,

अगले दिन सुबह रिया ने निशा को फोन लगाया,,,

निशा उस समय नहाकर निकली थीं,,

उसने देखा रिया का फोन है ।

निशा _रिया का फोन इस वक्त,,,

वह मुझे फोन क्यू कर रही है?

निशा ने फोन उठाया,,,

निशा _हेलो रिया, कैसे फोन की थी?

रिया _मै तुम्हे कुछ बताना चाहती थीं।

निशा _क्या बात है बोलो?

रिया _यही की कल तुम्हारे पार्टी से जाने के बाद राज ने हम सब लडकियों को खुब दर्द दिया। हाई अभी तक पूरा बदन दर्द कर रहा है।

निशा _मै समझी नहीं तुम क्या कहना चाहती हो?

रिया _हाय, मै भी भुल गई थी कि तुम तो बिलकुल भोली हो इस मामले मे जल्द समझोge नही, खुल कर समझाना पड़ेगा।

राज ने कल हम सभी लडकियों को खुब रगड़ा।

अभी तक तेज दर्द हो रहा है। पूरी तरह सूज गई है दोनो जगह।

निशा _तुम क्या बकवास कर रही हो? तुम्हारी फालतू बात सुनने के लिए मेरे पास समय नहीं।

रिया _निशा, फोन रखना मत, लगता है तुम ऐसे नही समझोgi पूरा खोल के बताना पड़ेगा।

राज पर तुम्हे बहुत अकड़ था न, मुझे सबके सामने थप्पड़ मारी सिर्फ चुम्मन के लिए,,,

कल राज ने हम सबको जी भर कर चोदा।

निशा _साली रण्डी ये तू राज के बारे में क्या अनाप शनाप बक रही है। मै तेरा मुंह तोड़ दूंगी। कुछ भी अनाप शनाप उसके बारे में बोली तो।

रिया हसने लगी,,

हा हा हा हा,,,

रिया _मै जानती थीं की तू राज पे बहुत भरोशा करती है मेरी बातो को नहीं मानेगी, इसलिए मैने पूरा वीडियो बना रखी है, तुम्हे सबूत दिखाने।

रिया _हाय क्या land है राज का हम सब लडकियों को २घंटे तक जन्नत की सैर कराया।

हाय तू सच में बडी किस्मत वाली है जो राज तुमपे मरता है?

निशा _साली कहदे की ये सब झूठ है और तू मजाक कर रही है।

रिया _मजाक तो तूने बनाया था, मेरा उस दिन, उसी का बदला है।

देख अपनी व्हाट्सएप पर मै वीडियो भेज रही हूं। हा हा हा हा,,,,

रिया ने फोन काट दिया,,

मोबाइल पर कई वीडियो क्लिप आने का रिंग बजा,,

निशा की दिल की धड़कन बड़ गई।

उसने वीडियो चला कर देखा,,,

वीडियो देखते ही उसके हाथ पाव सुन्न पड़ गए,,

वह जोर से चीखी

नही,,,,,,,

वह चक्कर खा कर नीचे गिर गई।

उसकी चीखने की आवाज़ नीचे हाल में बैठी सुजाता तक पहुंची,,,

वह भागते हुवे निशा की कमरे मे पहुंची।

उसने देखा निशा नीचे पड़ी हुई है।

सुजाता _बेटी, क्या huwa तुम्हे, हे भगवान मेरे बेटी को क्या हो गया?

अरे कोई है? कोई तो मदद करो,, मेरी बेटी को क्या हो गया,,वह रोने लगीं।

तभी एक नौकरानी वहा पहुंची,,

क्या huwa मालकिन,,

सुजाता _मेरे बेटी को क्या हो गया? मेरी मदद करो।

नौकरानी _हे भगवाना निशा बिटिया आंखे खोलो।

सुजाता रो रही थी, बेटी भगवान के लिए आंखे खोलो ये तुम्हे क्या हो गया?

कुछ देर बाद निशा आंखे खोली,,

नौकरानी _ मालकिन बिटिया होश में आ रही है।

सुजाता _आंखे खोलो बेटा, ये सब कैसे हो गया?

निशा ने आंखे खोली, उसे याद आया राज ने उसका भरोसा तोड़ दिया है,,

वह अपनी मां से लिपट कर रोने लगी,,,

सुजाता _बेटा क्या huwa?

क्यू रो रही है?

निशा बिना कुछ बोले रोए जा रही थीं।

नौकरानी और सुजाता दोनो ने मिलकर निशा को उठाया और बेड पर लिटा दिया।

सुजाता _बेटा बोलो क्या बात है तुम रो क्यू रही हो?

निशा अपनी मां को बताना चाही पर रुक गई?

वह बता न सकी की उसकी ये हालत क्यू हुई है?

नौकरानी _मालकिन मै पानी लाती हूं। वह पानी लाने चली गई।

सुजाता _बोलो बेटा क्या हुआ है?

निशा ने सुजाता को कुछ नहीं बताया।

सुजाता का जी घबरा गया।

वह रूम से बाहर आई और सीमा को फोन लगा कर बताई की निशा की तबीयत ठीक नहीं वह रो रही है। कुछ बता नही रही तुम्हे कुछ पता है क्या बेटा?

सीमा _मुझे तो कुछ भी नही पता आंटी मैं अभी आती हूं।

सुजाता _ठीक है बेटा।

सुजाता ने राजेश को फोन किया,

राजेश _क्या बात है मैम?

सुजाता _रोते हुवे बोली। राजेश पता नही निशा को क्या हो गया है? बस रोई जा रही है कुछ बता नही रही कि बात क्या है? प्लीज तुम जल्दी आ जाओ।

मेरा दिल बहुत घबरा रहा है।

राजेश _ठीक है मैम, मै अभी पहुंचता हूं।

राजेश इस समय नाश्ता कर रहा था।

सुनीता _क्या बात है बेटा किसका फोन था।

राजेश _सुजाता मैम का फोन था मां। बता रही थी कि निशा की तबीयत ठीक नहीं है।

मां मै निशा के घर से होकर आता हूं।

सुनीता _ठीक है बेटा।

सीमा और राजेश दोनों कुछ ही समय में निशा के घर पहुंच गए।

दोनो निशा के कमरे में पहुंचे।

सुजाता _बेटा देखो कोन आए हैं तुमसे मिलने राजेश और सीमा।

राजेश का नाम सुनते ही निशा आंखे खोली।

वह राजेश की ओर देखने लगीं।

तभी उसे वीडियो का दृश्य नजर आने लगी किस तरह वह लडकियों की chudai कर रहा था। वह गुस्से से भर आई। वह बेड से उठी

राजेश की ओर आगे बढ़ी बहुत गुस्से में थी।

वह राजेश के गालों पर कई थप्पड़ लगाते हुई चीखी।

निशा _आवारा,हवशी, रण्डी बाज यहां क्या करने आया है?

सुजाता और सीमा हतप्रभ थी। वे दोनो निशा को रोकने लगी निशा ये क्या कर रही है?

निशा _मां छोड़ो मुझे, एक औरत से इसका जी नही भरता ये रंडीबाज है।

निशा रोने लगी।

अरे मै तुमसे कितना प्यार करती थीं। मै तुमसे अपने प्यार का इजहार करना चाहती थी। पर जब मुझे पता चला की मॉम तुमसे प्यार करती है। अपनी मॉम के खुशी के लिए मैंने अपने प्यार को छुपाया।

तुमने मुझसे वादा किया था कि तुम मां को सदा खुश

रखोगे।

सुजाता _बेटा ये सब तू क्या कह रही है?

निशा _मां ये धोखे बाज निकला, यह आवारा है एक औरत से इसका जी नही भरता।

मै तुम पर कितना विश्वास करती थीं।

छी मुझे तो घिन आने लगीं है मुझ पर की मैने तुम जैसे रंडीबाज से प्यार किया।

अब देख क्या रहा है? निकल जा मेरे घर से आज के बाद मेरे घर पर कभी अपना कदम मत रखना।

वह फूट फूट कर रोने लगी।

इधर जब सुजाता को पता चला की निशा राजेश से प्यार करती है। और उसकी खुशी के लिए राजेश से अपनी प्यार का इजहार नही की वह लज्जित महसूस करने लगी।

उसकी आंखों से आंसू बहने लगीं।

सीमा _निशा ये तुम क्या कह रही हो जरूर तुम्हे कुछ गलत फहमी huwa हैं।

निशा _सीमा धोखे में तो हम थे, पूछो कल रिया के पार्टी से हमारे आने के बाद वह क्या कर रहा था।

सीमा _राज तुम चुप क्यों हो? कुछ बोलते क्यू नही?

निशा _अरे ये क्या बोलेगा? ये लडकियों के साथ सेक्स पार्टी कर रहा था।

सीमा _क्या? निशा राज ऐसा नहीं है।

निशा _देखो इसकी करतूत।

निशा ने अपना मोबाइल पर वीडियो चलाकर सीमा को दिखाने लगीं।

सीमा ने जब वीडियो देखा। वह भी हतप्रभ रह गई। राज ऐसा कर सकता है।

निशा _अब देख क्या रहा है? चलेजा मेरी जिंदगी से। मेरे घर पर कभी कदम न रखना।

इधर सुजाता भी बुहुंत लज्जित महसूस कर रही थी। उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे।

सुजाता _राजेश तुम यहां से चले जाओ।

सुजाता कि बात सुनते ही राजेश वहा से चला गया।

इधर राज के जाने के बाद निशा रोने लगी। सीमा उसको चुप कराने लगी।

सुजाता _बेटा मुझे माफ कर दो।

मै तुम्हारे और राज के बीच आ गई।

छी मै कैसी मां हू, अपनी ही बेटी की खुशियां छीन ली अपनी हवस पूरी करने के लिए वह फूट फूट कर रोने लगी।

निशा _मॉम, तुम चुप हो जाओ इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं।

सुजाता _नही बेटा, मै एक अच्छी मां नही बन पाई। मुझे घिन आ रही है अपने आप पर।

दोनो मां बेटी रोने लगी।

सीमा के आंखो से भी आंसू बहने लगे।

इधर राजेश को समझ नहीं आ रहा था कि ये सब क्या हो गया।

निशा के कहने पर ही उसने रिया और उनकी सहेलियों के साथ उसने सेक्स किया था।

फिर निशा को आज क्या हो गया?

जरूर रिया ने कुछ चाल चली है। जिसमे वह फस गया।

वह इस बात से दुखी था की उसके कारण निशा को बहुत दुख पहुंचा है।

वह सुजाता और निशा की नजरो में गिर चुका था।

वह अपने दिल में दर्द लिए भगत के घर पहुंचा।

भगत _भाई अचानक से कुछ काम था क्या?

मुझे बता देते, मै खुद चला आता।

राजेश _क्यू बिना बताए नही आ सकता क्या?

भगत _नही भाई, आप कभी भी आ सकते है।

पर अचानक से,,,

आए तो पूछ लिया,,,

राजेश अंदर गया और बेड में लेटकर गहरे चिंतन में खो गया।

भगत समाझ गया की कुछ गडबड है।

भगत _भाई कुछ huwa hai क्या?

आप एकदम खामोश है।

राजेश _तुम कल सीमा को घर तक छोड़ा था।

उनको घर छोड़ने के बाद दोस्तो ने बताया की रिया तुमको घर छोड़ देगी।

पार्टी खत्म हो गई है। मै भी दोस्तो के साथ घर चला आया।

भगत _ पर पूछ क्यू रहे हो? कुछ बात है क्या?

राजेश _लगता है रिया ने मेरे साथ कोई खेल खेला है।

मै निशा की नजरो में गिर गया।

वह शक्ल भी देखना नही चाहती।

भगत _भाई huwa क्या है खुल कर बताओ।

राजेश _अब बताने के लिए कुछ रहा नही भगत। सच ही है मै रण्डी बाज हूं। कई औरतों के साथ मेरा संबंध है। निशा को मै धोखे में रख रहा था। रिया ने मेरी सच्चाई निशा के सामने ला दी।

भगत _उस साली रण्डी की इतनी हिम्मत।

राजेश _भगत अब रिया पर गुस्सा करने से कोई फायदा नही।

आखिर सच कब तक छुपता।

मै आवारा हूं। निशा एक भोली भाली लड़की है उसके अपने सपने है जिससे वो प्यार करती है। मै उसके लायक नहीं।

अच्छा ही हुआ जो उसको सब पता चल गया।

भगत _भाई मै निशा जी से बात करु।

राजेश _नही भगत।

मै अब उसकी नजरों में गिर चुका हु। उसक सामना नही कर सकता।

भगत _भाई निराश न हो सब ठीक हो जाएगा।
 
शुक्रिया दोस्तो कहानी पसन्द करने के लिए। आप लोगो का कमेंट्स पड़ कर कहानी को आगे लिखने एवम पोस्ट करने की प्रेरणा मिलती है। वैसे कहानी तो लगभग बन ही चुकी है। सिर्फ टाइप कर पोस्ट करना banki है । दोस्तो कहानी में निशा राजेश से बहुत दूर चली जाएगी। कुछ सालो के बाद जब वह वापस आयेगी। सब कुछ बदल चुका होगा। वह विदेश से एक सफल युवा उद्यमी बनकर लौटेगी।

इधर राजेश को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उसके जीवन में एक नई लड़की भी आएगी। राजेश अपना लक्ष्य हासिल करेगा। वह कलेक्टर बनेगा।

जब निशा उद्यमी बनकर भारत लौटेगी। और एक नए प्रोजेक्ट पर काम करेगी। तब राजेश का कलेक्टर के रूप में और निशा का उद्यमी के रुप में आमना सामना होगा। निशा राजेश से मिलना नही चाहेगी। पर बिना राजेश से मिले उसका प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाएगा।

बरसो बाद जब निशा राजेश से मिलेगी तब क्या होगा?

यह सब जानने के लिए कहानी को पड़ते रहना होगा।
 
इस घटना के बाद से राजेश गुम सुम सा रहने लगा।

उधर निशा की हालात भी कुछ ऐसी ही थी। खाने पीने का उसका मन नही करता।

नौकरानी _निशा बेटा, सुबह से आज कुछ नही खाई है। उधर मालकिन का भी खाने का मन नही है।

पता नही घर को किसकी नजर लग गई है।

मालिक तो बीमार पड़े हुवे है इस बात की जानकारी उन्हें देना उचित भी नहीं।

निशा गुमसुम अपने बेड पर लेटी हुई थी। उनकी आंखों से अब भी आंसू बह रहे थे।

कुछ देर बाद सुजाता आई।

सुजाता _बेटा चलो कुछ खालो। सुबह से कुछ खाई नही है। कब तक आंसू बहाती रहेगी। उस धोखेबाज के लिए।

निशा _मॉम तुमने भी तो अब तक कुछ नहीं खाई है।

सुजाता _मुझे तो भूख ही नहीं लग रही बेटा।

निशा _मॉम मुझे भी भूख नहीं।

उस दिन दोनो मॉ बेटी कुछ खाई ही नहीं।

दूसरे दिन निशा ने जब देखा कि उसकी मां भी भूखी है तो उसने अपनी मॉम को अपने हाथो से खिलाई और आंसू बहाना बंद कर दी।

सुजाता ने भी अपने हाथो से निशा को खाना खिलाया।

सुजाता _बेटा मुझे माफ कर दो मै नही जानती थी कि तुम राजेश से प्यार करती हो, नही तो मैं उसके साथ कभी आगे नहीं बढ़ती।

निशा _मॉम, इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है। गलती राज की है। वह हवशी निकला। एक औरत से उसका जी नही भरता। वह रण्डी बाज निकला। ऐसे लड़कों से मुझे शख्त नफरत है। अच्छा huwa जो मैने उससे अपनी प्यार का इजहार नही किया। नही तो वह मेरे भी जिस्म से खेल कर छोड़ देता । आई हेट राजेश मां। पता नही वह कितनी औरतों के साथ खेल चुका है।

इधर राजेश गुमसुम सा रहने लगा।

ज्यादा किसी से बातचीत नही करता। ठीक से खाना भी नहीं खाता।

सुनीता को इस बात का अहसास हो गया।

जब राजेश सुबह जिम के लिए निकल रहा था।

सुनीता _बेटा जरा इधर आना।

राजेश _क्या है मां?

सुनीता _बेटा कुछ दिनों से देख रही हूं। तुम गुमसुम सा रहते हों। खाना भी ठीक से नहीं खा रहें।

तुम पहले से काफी बदले बदले लग रहे हो। बेटा कुछ बात है क्या?

राजेश _नही मां, ऐसे कोई बात नही, आपको कुछ वहम हु़वा है। मै ठीक हू।

अच्छा मां मै जिम जा रहा हूं।

सुनीता _ठीक है बेटा।

राजेश चला गया।

राजेश के चले जाने के बाद, Sunita सोचने लगती है।

जरूर कोई बात है जो राजेश मुझसे छुपा रहा है।

उसे राजेश की चिंता होने लगती है।

भगत राजेश को काल करता है।

राजेश _बोलो भगत कैसे काल किए?

भगत _भाई, आपको पता ही है आज agkp वालो ने राजधानी में सभा का आयोजन किया है।

आज पार्टी प्रमुख आने वाले है। उसकी उपस्थित में मै पार्टी ज्वाइन करूंगा।

भाई आपको भी मेरे साथ चलना है।

राजेश _भगत मै सभा में आऊंगा, लेकिन तुम्हारे साथ नही। मै भीड़ में कहीं बैठा रहूंगा।

भगत _भाई आपके मार्ग दर्शन के बिना नहीं हो पाएगा।

राजेश _भगत मै हमेशा तुम्हारे साथ हूं। तुम्हे जब भी मेरी मदद की आवश्यकता पड़े मुझे याद करना।भगत तुम अपने सभी साथियों के साथ।agkp पार्टी ज्वाइन करो।

सभी सभी साथियों को जानकारी तो दे ही दिए होगे।

भगत _हां भाई।

राजेश _भगत आज से तुम अपनी जीवन की नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हो, इसके लिए मेरी ओर से बहुत बहुत शुभकामनाएं ।

भगत _धन्यावाद, भाई।

निर्धारित समय अनुसार भगत अपने हजारों प्रसंशको के साथ agkp पार्टी ज्वाइन करने निर्धारित सभा स्थल पर पहुंच गया।

पार्टी के राज्य के अध्यक्ष ने उनका स्वागत किया।

जब पार्टी प्रमुख दिल्ली से वहा पहुंचा तो भगत को अपने बाजू बिठाया।

पार्टी प्रमुख ने अपने भाषण के बाद लोगो को यह जानकारी दिया की यह हमारे पार्टी के लिए गौरव की बात है की छात्र संघ के नेता, भगत हमारे आज से हमारे पार्टी में शामिल होने जा रहा है। हमे पूरा विश्वास है कि भगत हमारे पार्टी को इस राज्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। वह इस राज्य के हमारे पार्टी अध्यक्ष प्रमोद जी के साथ मिलकर काम करेगा।

मै भगत को हमारी पार्टी के राज्य के युवा मोर्चा का अध्यक्ष चुनता हूं। सभी कार्यकर्ताओं ने जमकर ताली बजाया।

पार्टी प्रमुख ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में हम सबकी परीक्षा होगी। हम सबको कठिन परीक्षा में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। भगत के आ जाने के बाद उम्मीद है हम अपने लक्ष्य में जरूर कामयाब होंगे।

पार्टी प्रमुख के भाषण के बाद। भगत को पार्टी का सपथ दिलाया गया।

भगत ने कहा,_मै शपथ लेता हूं की मैं सदा पार्टी हित के लिए काम करूंगा। पार्टी हित ही मेरे लिए सर्वोपरी होगी। मै पार्टी की गोपनीयता को बनाए रखूंगा।

आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को बहुमत दिलाने के लिए पूरी तन मन धन से प्रयास करूंगा।

पार्टी प्रमुख ने जो मुझ पर विश्वास दिखाया है उसकी अपेक्षा पे खरा उतरूंगा। आज मै और मेरे साथी एजीकेपी पार्टी में शामिल होकर अपने को गौरांवित महसूस कर रहे है। क्यू कि इस पार्टी आम गरीबों की हित के लिए कार्य कर रही हैं।

भगत के भाषण के बाद सभी कार्यकर्ताओं के अंदर जोश भर गया।

राजेश भीड़ में बैठ कर भगत का भाषण सुन रहा था।

भाषण खत्म होने के बाद भगत की नजरे राजेश को तलाश कर रहा था। वह इधर उधर ढूंढ रहा था लेकीन मीडिया वाले भगत को घेर लिए और उससे प्रश्न करने लगें।

जिसे टीवी चैनलो पर सीधा प्रसारण किया जा रहा था।

मीडिया से मुक्त होने के बाद राजेश को भगत ने ढूंढा पर वह जा चुका था।

भगत ने राजेश को काल किया।

भगत _भाई, आप कहा है? आप नही आए क्या? मै इधर उधर काफी ढूंढा।

राजेश _आया था भगत, भीड़ में बैठा था। कार्यकर्ता तुम्हारे पार्टी में शामिल होने से उत्साह में है। देखना तुम जरूर उचाइयो को छुओगे।

भगत _भाई मै तुम्हारे बिना कुछ नही कर पाऊंगा।

राजेश _मै हमेशा तुम्हारे साथ हूं भगत।

युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त होंने के बाद राज्य के पार्टी अध्यक्ष के कहने पर पार्टी कार्यालय के पास ही उसे रहने के लिए आवास दे दिया गया, जहां भगत सिप्ट हो गया।

अगले दिन सीमा का जन्म दिन था। उसने अपने घर में पार्टी रखी थी। अपने सभी दोस्तो को आमंत्रित किया था।

राजेश, भगत उनके अन्य दोस्तो को भी आमंत्रित की थी।

शाम के समय सुजाता अपने ऑफिस से निशा को काल की।

सुजाता _बेटा तुम तैयार हो न आज सीमा का जन्म दिन है पार्टी में जाना है।

निशा _मां मेरा कही जाने का मन तो नही कर रहा है, पर सीमा का जन्म दिन है तो जाना ही पड़ेगा। तुम उसके लिए कोई अच्छे से गिफ्ट लेते हुए आना।

सुजाता _ठीक है बेटा तुम तैयार रहना।

निशा _ठीक है मॉम

इधर भगत ने राजेश को फोन लगाया,,

भगत _भाई आज सीमा का जन्म दिन है तुम तैयार हो न जाने के लिए।

राजेश _भगत, वहा निशा जी भी होगी, मै उसके सामने नहीं जा पाऊंगा। मै उसकी नजरों में गिर चुका हूं।

भगत _भाई सीमा जी हमारी बहुत अच्छी दोस्त हैं। अगर हम नही गए तो वह बुरा मान जायेगी। अगर मै अकेला गया तो तुम्हारे बारे में पूछेगी। मै क्या जवाब दूंगा?

भाई जो हो गया उसे भुल जाओ। हो सकता है निशा जी से आपको माफी मांगने का मौका मिल जाए।

मै आपको लेने आ रहा हूं।

भगत दोस्तोके साथ , राजेश के घर पहुंचा और उसे जिद कर अपने साथ ले गए।

इधर पार्टी की सारी तैयारियां हो चुकी थीं।

निशा और सुजाता भी पहुंच चूके थे।

केक काटने का समय हो चुका था।

सीमा, राजेश और उसके दोस्तो का ही इन्तजार कर रही थी।

सुजाता _सीमा बेटा, और कोई मेहमान आना बांकी रह गया है क्या?

केक काटने का समय हो गया है।

निशा _हां सीमा चलो केक कांटो।

सीमा को लगा शायद राजेश नही आयेगा।

वह के काटने वालीथीं। तभी राजेश और उसके दोस्त वहा पहुंचे ।

राजेश ने सीमा को जन्म दिन की बधाई दिया।

निशा वही खड़ी थीं।

निशा _सीमा, आवारा लोगो को पार्टी में बुलाने की क्या जरूरत थीं?

भगत ने सीमा को बधाई दिया उसके बाद निशा से बात किया।

निशा जी कैसी है आप,

निशा _मुझे आवारा लोगो के दोस्तो से,,

कोई बात नही करनी।

राजेश निशा से अपनी नजरे बचा रहा था।

इधर सीमा ने केक कांटी।

सभी ने ताली बजाकर सीमा को जन्म दिन की बधाई दिया।

सभी नाचने गाने लगे।

तभी सीमा ने राजेश से रिक्वेस्ट किया की मेरे जन्म दिन पर कोई गीत सुनाए।

सीमा और भगत के जिद करने पर राजेश ने गीत गाना शुरु किया,,

खीजा के फूल पे आती कभी बहार नहीं,,,,

मेरे नसीब में ऐ दोस्त तेरा प्यार नही,,,,

गाना सुनकर सीमा और भगत भावुक हो गए।

निशा वह पार्टी में और न रुक सकी और भागते हुए।

अपने घर पहुंची सुजाता भी निशा के पीछे पीछे चली आई।

घर आने के बाद निशा अपने कमरे मे आकर, बेड में बैठ कर फूट फूट कर रोने लगी,,,,

सुजाता निशा को गले लगा कर चुप कराने लगी।

सुजाता _बेटा, मुझे लगता है राजेश को तुम्हे एक मौका देना चाहिए।

निशा _नही मां, मेरे दिल में अब उसके लिए कोई जगह नही है।

सुजाता _ तू राजेश के बिना रह पाएगी।

निशा _मॉममै एक आवारा को अपना जीवन साथी कभी नहीं चुन सकती।

मैने फैसला किया है कि मैं हमेशा के लिए लंदन चली जाऊंगी। क्यू की यहां रहूंगी तो,,, राज मुझे कमजोर बना देगा। मै उसे भुल जाना चाहती हूं।

 
अगले दिन सीमा, निशा के घर पहुंची।सुजाता हाल में बैठी थी।

सीमा _नमस्ते आंटी।

सुजाता _नमस्ते बेटा। अच्छा huwa सीमा बेटा आ गई। मै तुम्हे ही काल करने वाली थी।

सीमा_क्या बात है आंटी? कुछ काम था क्या?

सुजाता _बेटा, निशा लंदन जाना चाहती है। मैने उसे बहुत समझाने की कोशिश की पर वो मेरा कहना नही मान रही। शायद तुम्हारा कहना मान जाए ।

सीमा _निशा कहा है आंटी, मै उससे बात करती हूं।

सुजाता _निशा ऊपर है बेटा अपने कमरे में।

सीमा, निशा के कमरे में जाने के लिए सोफे से खड़ी हुई।

तभी निशा कमरे से गाना गाने की आवाज़ सुनाई देने लगा।

निशा अपने कमरे में रखी पियानो पर बैठ कर उसमे अपना सिर रखकर गाने लगी,,,

लिखा हुआ है किस्मत में वो है एक दिन होना,,,,,,,

भूली बिसरी बातो को यारो तुम याद करोना,,,,

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2024 New Dard Bhari Ghazal Kanchan Yadav : निà¤à¤² à¤à¤¯à¤¾ दिल सॠ| Heart Touching Sad Song | à¤à¤® à¤à¤°à¥ à¤à¤¾à¤¨à¥


💕💕Welcome to KY records 🐀𵐽𵐠► Subscribe Now :- Kanchan Yadav ►2024 New Dard Bhari Ghazal Kanchan Yadav : निकल गया दिल से ...

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धीरे धीरे सीमा और सुजाता सीडी चढ़ते हुवे निशा के कमरे की ओर जाने लगी।

उसके कमरे के दरवाज़े पर जाकर खड़ी होकर दोनो निशा की गाना सुनने लगीं।

दर्द भरी गाने को सुनकर दोनो के आंखो से आंसू निकल गए।

गाना गाती गाती, निशा पियानो पर सिर रख कर सो गई।

सीमा उसके पास जाकर। उसके कंधे पर हाथ रखकर कर निशा को आवाज़ दी,,,

सीमा _निशा,, निशा,,,

निशा ने आंखे खोली,,,

निशा _सीमा, तुम यहां, कब आई,,

सीमा _जब तुम अपनी दर्द को बया कर रही थी।

निशा, आंटी क्या कह रही है तुम लंदन जा रही हो।

निशा _मै राज को भुल जाना चाहती हूं, सीमा।

मै यहां रहूंगी तो जी नही पाऊंगी,,,

सीमा _निशा, राजेश भी एक इंसान हैं, गलती हो जातीहै, उसे एक मौका देकर देखो। शायद वो सुधर जाए।

निशा _नही सीमा, बार बार वह गंदा दृश्य मेरे आंखो के सामने आता है, जो राज, रिया और उसकी सहेलियो के साथ कर रहा है। मै उसे माफ नहीं कर सकती।

सीमा _तुम्हे लगता है कि तुम लंदन जाकर राजेश को भुल जायेगी।

निशा _हां, उसे मै दिल से निकाल चुकी हूं। कुछ भूली बिसरी बाते है उन यादों को भी भुला दूंगी।

सीमा _निशा तुम मेरे तरफ देखो।

सीमा, निशा की आंखो में देखने लगी,,,

कुछ देर बाद,,

सीमा _पता है निशा, पहले की तरह आज भी तुम्हारी आंखो में मै नही दिखाई दे रही,,

आज भी तुम्हारी आंखों में राज दिखाई दे रहा है।

निशा खड़ी हो गई।

निशा _नही तुम झूठ बोल रही हो, उस आवारा के लिए मेरे दिल में कोई जगह नही है,,

निशा _जो से चीखती हुई बोली, आई हेट, राज,,

सुनी तुमने,, आई हेट , राज,

वह बेड पर सिर रख कर रोने लगी,,,

कुछ देर बाद,,

निशा _मै लंदन जा रही, हमेशा के लिए ये मेरा अंतिम फैसला है।

मैने वीजा के लिए एप्लाई कर दिया है।

सीमा _ठीक है निशा अगर यही तुम्हारी जिद है तो, कर लो अपनी इच्छा पूरी। पर मैं तुम्हारे भले के लिए कह रही हूं। एक बार तुम राज को मौका देकर देखो,,,

निशा _नही सीमा, अब राजेश मेरी नजरो से गिर चुका है,, पहले जैसे उसे मान सम्मान नही दे सकती।

सीमा वहा से चली गईं।

सुजाता _क्या huwa बेटा, निशा मानी क्या?

सीमा _नही आंटी, वह मानने को तैयार नहीं।

सुजाता _बेटा, मुझे तुम से एक निवेदन करना था।

सीमा _बोलो आंटी,,

सुजाता _बेटा, मेरे फूल जैसी बच्ची वहा लंदन में अकेली कैसे रहेगी। मै उसकी चिंता में मर जाऊंगी। बेटा तुम भी निशा के साथ अगर लंदन चली जाती तो। मै तुम्हारा यह अहसान जिंदगी भर नही भूलूंगी।

तभी निशा वहा पर पहूंच गई थी। अपनी मां की बात सुनकर निशा बोली,,

नही मां, मुझे किसी की मदद नहीं लेनी, मै अकेली ही रह लूंगी। मै नही चाहती मेरे कारण किसी दूसरे की जिंदगी खराब हो,,,

सीमा _वाह निशा वाह, बना दी न मुझे पराया।

बचपन से मै तुम्हारे साथ हूं। मैने सहेली नही हमेशा अपनी बहन माना है। तुम्हे क्या लगता है मै तुम्हारे बिना रह पाऊंगी?

मुझे दुख है कि तुम मुझे अब तक समझ नहीं पाई।

सीमा की आंखो से आंसू बहने लगीं।

निशा ने सीमा को अपने गले से लगा लिया,, और सीमा से बोली।

सीमा मुझे माफ कर दो मेरी बहना,,,

सीमा _निशा, तू जहां भी जाएगी मै तुम्हारे साए की तरह साथ रहूंगी। जहां निशा वहा सीमा। मुझे भी अपने साथ ले चलो निशा।

निशा और सीमा दोनो रोने लगे।

उन दोनो के बीच प्यार देखकर सुजाता की आंखे भर आई।

इधर सुनीता राजेश के कमरे में जाकर राजेश से पूछता है, जो उस समय अपने कमरे में उदास लेटा हुआ था।

सुनीता _बेटा, आखिर बात क्या है? कुछ बताता क्यू नही। क्या हो गया है तुझे, दिन भर गुमसुम सा रहता । तू जिम भी जाना बंद कर दिया है। मुझे तुम्हारी ये हालात देखी नही जाती।

राजेश _कुछ भी तो नहीं huwa है मां, मै बिल्कुल ठीक हू। तुम बेकार ही चिंता कर रही हो।

सुनीता _अभी तक नहाया भी नही है। नाश्ता का समय हो गया है।

राजेश _तुम जाओ मां, मै अभी नहाकर आता हूं।

सुजाता _जल्दी आना बेटा, हम सब टेबल पर तुम्हारा वेट कर रहे है।

राजेश _ठीक है मां।

राजेश नहाकर निकला और कपड़े पहन कर डाइनिंग टेबल पर पंहुचा। जहां सभी इन्तजार कर रहे थे।

शेखर _राजेश बेटा तुम्हारी मां कह रही थीं की तुम जिम जाना बंद कर दिए, कुछ बात है क्या?

राजेश _नही पापा, ऐसी कोई बात नही कल से जाऊंगा।

शेखर _ठीक है बेटा, कोई बात हो तो हम तुम्हारे मां ता पिता है हमसे शेयर किया करो।

राजेश _ठीक है पापा।

अगले दिन से राजेश जिम के लिए निकलता लेकीन वह जिम न जाकर नदी की ओर चला जाया करता। निशा के साथ बिताए पलो को याद करता रहता।

2दिन बाद जब राजेश जिम के लिए निकला।

भगत का फोन आया,,,

भगत _भाई कैसा है?

राजेश _, मै ठीक हू भगत ,तू कैसा है? कैसा चल रहा है सब।

भगत _सब अच्छा है भाई यहां, सबका अच्छा सपोर्ट मिल रहा है।

भाई आपको पता है न?

राजेश _किस बारे में।

भगत _यही की निशा और सीमा जी हमेशा के लिए लंदन जा रही है।

राजेश _क्या?

राजेश को गहरा धक्का लगा।

भगत _भाई मुझे आज दोस्तो से पता चला तो तुमको काल किया।

राजेश _कब जा रहें हैं?

भगत _भाई, दोस्त लोग बता रहें थे की उन दोनो को एयर पोर्ट पर देखे है। पूछने पर सीमाजीउन्हे ने बताया कि वे लंदन जा रहें हैं।

राजेश ने फोन जेब में रख दिया,,

भगत ने भाई भई चिल्लाता रहा, उसे राजेश की चिन्ता होने लगीं।

इधर राजेश अपनी बाइक को तेज गति से एयर पोर्ट की ओर दौड़ा दिया।

कुछ देर में ही वह एयर पोर्ट पहूंच गया था।

वह एयर पोर्ट में पागलों की तरह निशा को ढूंढने लगा।

कुछ देर में ही निशा सुजाता और सीमा तीनो के बेंच पर बैठी हुईं दिखी।

राजेश तेज तेज सांस लेता huwa खडा होकर निशा की ओर देखने लगा।

शायद फ्लाइट थोडा लेट था तो वे वेट कर रहे थे।

सुजाता उन्हे छोड़ने आई थी।

सीमा की नजर राज पर पड़ी।

सीमा _निशा, राज आया है।

तीनो राज की ओर देखने लगें।

तभी एयर पोर्ट पर अलाउंस की लंदन वाली फ्लाइट कुछ देर में उड़ान भरने वाली है कृपया सभी यात्री प्लेन पर बैठ जाए।

सुजाता _बेटा, अब जाओ, तुम दोनो एक दूसरे का ख्याल रखना।

निशा और सीमा दोनो एयर लाइन एरिया की ओर चले गए।

राजेश उन्हे जाते हुए देखता रहा उसकी आंखो से आंसू बहने लगा।

सुजाता राजेश के पास आया।

सुजाता _राजेश तुम यहां क्यू आए हो, अब सब कुछ ख़त्म हो गया। निशा हमेशा के लिए लंदन जा रही है।

अच्छा होगा कि अब तुम भी उसे भुल जाओ और मुझे भी। यह बोलकर सुजाता रोती हुई वहा से चली गई।

राजेश का पैर लड़खड़ाने लगा,,,

वह बेंच पर बैठ कर वह उस ओर देखता रहा जहां से निशा गई, शायद वह वापस आ जाए।

पर वह नही आई।

उसकी फ्लाइट उड़ान भर चुकी थी।

फ्लाइट में निशा की आंखो में आंसू देख सीमा ने उसे कंधे का सहारा दिया।

इधर राजेश भारी कदमों के साथ एयरपोर्ट से बाहर निकला। उसकी आत्मा यह गीत गा रहा था,,

 
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