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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - १९२
भुमीका नीचेसे ही जोरोसे आवाज लगाकर चंदाको कहेती हेकी हम अभी पडोसमे मीलकर आते हे.. ओर दोनो बहार नीकलकर फटाफट ओटो रीक्षा पकडकर दुर अेक लेडी डोक्टरके पास चली गइ.. तब उनको नही पता थाकी यही लेडी डोक्टर उनकी जींदगीमे भुचाल लायेगी.. क्युकी सृती जब मेडीकल कोलजमे थी तब इसी डोक्टरके पास वाले रुममे रहेती थी.. ओर तब भुमीका अक्सर सृतीको मीलने जाया करती थी....अब आगे
भुमीकाको ये नही पता था की वही डोक्टर उनकी बेटीके साथ पढाइ करती थी.. ओर सृतीकी दोस्त भी थी.. दोनो ही क्लीनीकपे चली गइ.. ओर अंदर जाकर बैठ गइ.. जब वहा उनकी बारी आइ तो दोनो ही अंदर चली गइ.. ओर भुमीकाने खुदको प्रेगनेन्ट होने की बात करी.. तब डोक्टरको थोडा आस्चर्य हुआ.. ओर उसने भुमीको सोनोग्राफी करके चेक करलीया.. तो भुमीकी प्रेगनन्सीके बारेमे जानकर थोडी हेरान रेह गइ.. ओर बहार आकर उसने भुमीको इस उमरमे बच्चा ना करनेकी सलाह दी..
डोक्टर : देखीये मेडम.. अभी तो कोइ दिकत नही हे.. सब नोर्मल हे.. लेकीन आपको इस उमरमे बच्चा नही करना चाहीये.. आगे जाकर आपको कोइ प्रोबलेम आ सकती हे.. आपके लीये ओर बच्चेके लीये बहुत ही जोखीम भरा हे.. फीर आपकी मरजी..
भुमीका : (थोडी परेसान होते) अरे नही नही.. मुजे बच्चा पैदा करनेमे कोइ अेतराज नही.. आप दवाइ दे दीजीये.. मुजे ये बच्चा चाहीये.. कीसी भी हालमे..
डोक्टर : (मुस्कुराते) अच्छा.. क्या आपको दुसरा कोइ बच्चा नही हे.. मतलब आप पहेली बार प्रेगनेन्ट हुइ हे..?
भुमीका : (जटसे) अरे हे.. लडकी.. नही.. नही.. मे पहेली बार प्रेगनेन्ट हुइ हु.. पचीस साल बाद..
डोक्टर : (जब भुमीका थोडी हकलाने लगी.. तो थोडी संकासे देखते) ठीक हे मेडम.. मुजे क्या अेतराज हे.. लीजीये मे दवाइ लीख देती हु.. आप टाइमपे खाइअेगा.. ओर कुछ उल्टीया जैसा लगे तो ये भी लीख देती हु.. बाकी सब ठीक हे..
कहेते दवाइ लीखने लगी.. फीर लीखकर भुमीकाको देते वो गौरसे उनकी ओर देखती रही.. तब उसे भुमीकाका चहेरा थोडा जाना पहेचाना लगा.. तभी उसे अचानक सृती याद आगइ.. जो उनकी मम्मी उनको अक्सर होस्टेलमे मीलनेके लीये आती थी.. ओर जीस तराह जवाब देते भुमीका गभरा रही थी.. तब डोक्टरको भुमीपे सक होने लगा.. ओर उसने फोन नंबर देखते भुमी ओर नीर्मलाकी छुपकेसे तसवीर लेली.. तभी..
नीर्मला : (खडी होते) डोक्टर मेडम.. आपकी फीस..
डोक्टर : (मुस्कुराते भुमीकी ओर गौरसे देखते) जी.. बहार काउन्टरपे दे दीजीयेगा..
भुमीका : (खडी होकर मुस्कुराते) थेन्कयु.. मेडम..
डोक्टर : (अचानक) अेक मीनीट.. सायद मेने आपको कही देखा हे.. क्या आप इसी सहेरमे ही रहेती हे..?
नीर्मला : (जटसे) अरे नही नही.. हम दोनो तो पासके ---गांवसे आइ हे.. सायद आपको कोइ गलत फेहमी हुइ हे..
डोक्टर : (मुस्कुराते) ओह.. सोरी सोरी.. सायद मुजे गलत फेहमी हुइ हे.. क्या हेना कोलेजमे मेरी अेक फ्रेन्ड थी.. सृती.. उनका रुम हमारे रुमके पास ही था.. तो उनकी मम्मी उनको मीलने आती थी.. जो हुबहु उनकी सकल आपसे मीलती हे.. लेकीन वोतो इसी सहेरमे रहेते थे.. ओर आप लोग तो गांवके हे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (मुस्कुराते) ठीक हे मेडम कभी गलत फहेमी होजाती हे.. चलो बाय..
कहेते नीर्मलाने बहार नीकलकर फटाफट फीस देदी.. ओर दोनो ओटो पकडकर धरपे आनेके लीये बैठ गइ.. तब भुमीका ओर नीर्मलाकी सकल देखने लायक थी.. आज दोनो ही बाल बाल बच गइ थी.. क्युकी ये डोक्टर भी सृतीकी जानी पहेचानी नीकली.. ओर सृती गलत केस.. यानी अवैध ओर नाजायज बच्चेका केस इनके पास ही भेज देती थी.. ओर ये मेडम इलीगल अबोर्सन करके तगडा माल कमाती थी.. आज भुमीकाको पता नही थाकी वो फस चुकी हे..
यहा आनेके लीये खुदको मन ही मन कोसने लगी.. ओर नीर्मला भुमीका घरपे आगइ.. दोनोही रुममे आकर लेट गइ.. ओर बाते करने लगी.. तब भी चंदा ओर देवायतकी चुदाइ जारी थी.. अब तक देवायत दो बार चंदाकी चुतको अपने पानीसे भर चुका था.. लेकीन आज चंदाने उसे अपने उपरसे उतरने नही दीया.. ओर देवायत चंदाकी तीसरी बार धमासान चुदाइ कर रहा था..

चंदा अभी हीलनेकी स्थीती मे भी नही थी.. वो मुह फाडकर बहुत ही कामुम नजरोसे देखते देवायतसे चुदवाती रही.. उसके सभी बाल बीखरके बैडपे फैल चुके थे.. जीनकी वजहसे चंदा बहुत ही सेक्सी ओर कामी ओरत लग रही थी.. तब चंदाको पता नही था की देवायतका बीज उनके गर्भमे स्थापीत हो चुका हे.. चंदाकी पुरी चुत देवायतके पानीसे लबालब भरी हुइ थी.. जीनकी वजहसे सोट लगतेही पानी बहार नीकल रहा था..

तीसरी बार चुदाइकी वजहसे चंदाकी हालत पतली होती जा रही थी.. लेकीन फीर भी वो देवायतका साथ दे रही थी.. ओर आखीर देवायतने तीसरी बार भी चंदाकी चुतको लबालब भर दीया.. तब चंदाकी चुतसे ढेर सारा काम रस बहार नीकलने लगा था.. तब चंदा लगभग बेहोस जैसी हो चुकी थी.. आज देवायतने चंदाको पुरी तराह संतुस्ट कर दीया था.. ओर आखीर चंदा भी देवायतसे प्रेगनेन्ट होगइ..

क्लीनीकपे भी आज पुनम ओर सृती लखनकी बातोसे उतेजीत होकर अेक दुसरेके साथ लेस्बीयन खेल खेलकर अेक दुसरेको संतुस्ट कर चुकी थी.. आज दोपहोरके बाद कोइ खास पेसन्ट नही थे.. तो सृती ओर पुनम दोनोही ओटो करके घरकी ओर नीकल गइ.. तबतक देवायत कंपलीट होकर नीचे आगया था.. तो चंदा थकानकी वजहसे अैसे ही नंगी नींदकी आगोसमे चली गइ..
अध्याय - १९२
भुमीका नीचेसे ही जोरोसे आवाज लगाकर चंदाको कहेती हेकी हम अभी पडोसमे मीलकर आते हे.. ओर दोनो बहार नीकलकर फटाफट ओटो रीक्षा पकडकर दुर अेक लेडी डोक्टरके पास चली गइ.. तब उनको नही पता थाकी यही लेडी डोक्टर उनकी जींदगीमे भुचाल लायेगी.. क्युकी सृती जब मेडीकल कोलजमे थी तब इसी डोक्टरके पास वाले रुममे रहेती थी.. ओर तब भुमीका अक्सर सृतीको मीलने जाया करती थी....अब आगे
भुमीकाको ये नही पता था की वही डोक्टर उनकी बेटीके साथ पढाइ करती थी.. ओर सृतीकी दोस्त भी थी.. दोनो ही क्लीनीकपे चली गइ.. ओर अंदर जाकर बैठ गइ.. जब वहा उनकी बारी आइ तो दोनो ही अंदर चली गइ.. ओर भुमीकाने खुदको प्रेगनेन्ट होने की बात करी.. तब डोक्टरको थोडा आस्चर्य हुआ.. ओर उसने भुमीको सोनोग्राफी करके चेक करलीया.. तो भुमीकी प्रेगनन्सीके बारेमे जानकर थोडी हेरान रेह गइ.. ओर बहार आकर उसने भुमीको इस उमरमे बच्चा ना करनेकी सलाह दी..
डोक्टर : देखीये मेडम.. अभी तो कोइ दिकत नही हे.. सब नोर्मल हे.. लेकीन आपको इस उमरमे बच्चा नही करना चाहीये.. आगे जाकर आपको कोइ प्रोबलेम आ सकती हे.. आपके लीये ओर बच्चेके लीये बहुत ही जोखीम भरा हे.. फीर आपकी मरजी..
भुमीका : (थोडी परेसान होते) अरे नही नही.. मुजे बच्चा पैदा करनेमे कोइ अेतराज नही.. आप दवाइ दे दीजीये.. मुजे ये बच्चा चाहीये.. कीसी भी हालमे..
डोक्टर : (मुस्कुराते) अच्छा.. क्या आपको दुसरा कोइ बच्चा नही हे.. मतलब आप पहेली बार प्रेगनेन्ट हुइ हे..?
भुमीका : (जटसे) अरे हे.. लडकी.. नही.. नही.. मे पहेली बार प्रेगनेन्ट हुइ हु.. पचीस साल बाद..
डोक्टर : (जब भुमीका थोडी हकलाने लगी.. तो थोडी संकासे देखते) ठीक हे मेडम.. मुजे क्या अेतराज हे.. लीजीये मे दवाइ लीख देती हु.. आप टाइमपे खाइअेगा.. ओर कुछ उल्टीया जैसा लगे तो ये भी लीख देती हु.. बाकी सब ठीक हे..
कहेते दवाइ लीखने लगी.. फीर लीखकर भुमीकाको देते वो गौरसे उनकी ओर देखती रही.. तब उसे भुमीकाका चहेरा थोडा जाना पहेचाना लगा.. तभी उसे अचानक सृती याद आगइ.. जो उनकी मम्मी उनको अक्सर होस्टेलमे मीलनेके लीये आती थी.. ओर जीस तराह जवाब देते भुमीका गभरा रही थी.. तब डोक्टरको भुमीपे सक होने लगा.. ओर उसने फोन नंबर देखते भुमी ओर नीर्मलाकी छुपकेसे तसवीर लेली.. तभी..
नीर्मला : (खडी होते) डोक्टर मेडम.. आपकी फीस..
डोक्टर : (मुस्कुराते भुमीकी ओर गौरसे देखते) जी.. बहार काउन्टरपे दे दीजीयेगा..
भुमीका : (खडी होकर मुस्कुराते) थेन्कयु.. मेडम..
डोक्टर : (अचानक) अेक मीनीट.. सायद मेने आपको कही देखा हे.. क्या आप इसी सहेरमे ही रहेती हे..?
नीर्मला : (जटसे) अरे नही नही.. हम दोनो तो पासके ---गांवसे आइ हे.. सायद आपको कोइ गलत फेहमी हुइ हे..
डोक्टर : (मुस्कुराते) ओह.. सोरी सोरी.. सायद मुजे गलत फेहमी हुइ हे.. क्या हेना कोलेजमे मेरी अेक फ्रेन्ड थी.. सृती.. उनका रुम हमारे रुमके पास ही था.. तो उनकी मम्मी उनको मीलने आती थी.. जो हुबहु उनकी सकल आपसे मीलती हे.. लेकीन वोतो इसी सहेरमे रहेते थे.. ओर आप लोग तो गांवके हे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (मुस्कुराते) ठीक हे मेडम कभी गलत फहेमी होजाती हे.. चलो बाय..
कहेते नीर्मलाने बहार नीकलकर फटाफट फीस देदी.. ओर दोनो ओटो पकडकर धरपे आनेके लीये बैठ गइ.. तब भुमीका ओर नीर्मलाकी सकल देखने लायक थी.. आज दोनो ही बाल बाल बच गइ थी.. क्युकी ये डोक्टर भी सृतीकी जानी पहेचानी नीकली.. ओर सृती गलत केस.. यानी अवैध ओर नाजायज बच्चेका केस इनके पास ही भेज देती थी.. ओर ये मेडम इलीगल अबोर्सन करके तगडा माल कमाती थी.. आज भुमीकाको पता नही थाकी वो फस चुकी हे..
यहा आनेके लीये खुदको मन ही मन कोसने लगी.. ओर नीर्मला भुमीका घरपे आगइ.. दोनोही रुममे आकर लेट गइ.. ओर बाते करने लगी.. तब भी चंदा ओर देवायतकी चुदाइ जारी थी.. अब तक देवायत दो बार चंदाकी चुतको अपने पानीसे भर चुका था.. लेकीन आज चंदाने उसे अपने उपरसे उतरने नही दीया.. ओर देवायत चंदाकी तीसरी बार धमासान चुदाइ कर रहा था..

चंदा अभी हीलनेकी स्थीती मे भी नही थी.. वो मुह फाडकर बहुत ही कामुम नजरोसे देखते देवायतसे चुदवाती रही.. उसके सभी बाल बीखरके बैडपे फैल चुके थे.. जीनकी वजहसे चंदा बहुत ही सेक्सी ओर कामी ओरत लग रही थी.. तब चंदाको पता नही था की देवायतका बीज उनके गर्भमे स्थापीत हो चुका हे.. चंदाकी पुरी चुत देवायतके पानीसे लबालब भरी हुइ थी.. जीनकी वजहसे सोट लगतेही पानी बहार नीकल रहा था..

तीसरी बार चुदाइकी वजहसे चंदाकी हालत पतली होती जा रही थी.. लेकीन फीर भी वो देवायतका साथ दे रही थी.. ओर आखीर देवायतने तीसरी बार भी चंदाकी चुतको लबालब भर दीया.. तब चंदाकी चुतसे ढेर सारा काम रस बहार नीकलने लगा था.. तब चंदा लगभग बेहोस जैसी हो चुकी थी.. आज देवायतने चंदाको पुरी तराह संतुस्ट कर दीया था.. ओर आखीर चंदा भी देवायतसे प्रेगनेन्ट होगइ..

क्लीनीकपे भी आज पुनम ओर सृती लखनकी बातोसे उतेजीत होकर अेक दुसरेके साथ लेस्बीयन खेल खेलकर अेक दुसरेको संतुस्ट कर चुकी थी.. आज दोपहोरके बाद कोइ खास पेसन्ट नही थे.. तो सृती ओर पुनम दोनोही ओटो करके घरकी ओर नीकल गइ.. तबतक देवायत कंपलीट होकर नीचे आगया था.. तो चंदा थकानकी वजहसे अैसे ही नंगी नींदकी आगोसमे चली गइ..






