Incest Porn Kahani - EK MAA - Page 7 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Porn Kahani - EK MAA

अपडेट-40




अम्मा- कैसा ह मेरे बच्चे

तुषार- पेअर छूटे हुए अच्छा हु अम्मा आप कैसी हैं

अम्मा- मैं भी ठीक हु अंजलि और बच्चे कसिए हैं

तुसाहर- सब अच्छे हैं

अम्मा- रिंकी से -कड़ी रहेगी कुछ चाय कॉफ़ी ले आ

तुषार- ये और चाय क्यों, अनीता जी कहा गई

रिंकी- उनकी तबियत ठीक नहीं ह

तुषार- क्या हुआ

रणिक्य- लेडीज वाली प्रॉब्लम ह तुम्हे चेक करनी ह

अम्मा- रिंकी काम बोलै क्र क्या बकवास करती रहती ह, चाय तो ले नहीं जाती तुझसे

रिंकी- मुझे नहीं आती चाय बनानी

तुषार- रहने दो अम्मा

अम्मा- ऐसे कैसे रहने दू मैं लती हु, घर आया ह और चाय तक नहीं मिलेगी क्या

अम्मा उठ क्र किचन में चली गई,

तुषार उठा और रिंकी को पकड़ क्र अपनी बहो में उठा लिया, बहुत बोल रही हो चाय आती नहीं और लेडीज वाली प्रॉब्लम का पता ह


Boop-pressing-14.jpg


रिंकी- छोड़ो अब मैं लड़की हु तो मुझे तो पता hi होगी, तुम्हे पता ह वैसे लेडीज वाली प्रॉब्लम

तुषार- मुझे कैसे पता होगा

रिंकी- झूठे गर्लफ्रेंड ने जरूर बताया होगा

तुषार- मेरी गफ तो तू ह तूने बताया hi नहीं

तुषार ने रिंकी को पहेली बार तू बोलै था

तुषार- श्री वो तू निकल गया असल में दोस्तों को तू कहने की आदत ह न

रिंकी- कोई नहीं दोस्ती में चलता ह मुझे भी ये आप तुम अच्छे नहीं लगते एक दम बिबदास होकर बोलना चाइये, और मैं तेरी गफ कब बानी

तुषार- अरे तू लड़की ह और दोस्त भी तो हो गई न गर्ल फ्रेंड

रिंकी- अच्छा गर्ल फ्रेंड बना क्र ठोकेगा भी क्या

तुषार- क्यों गर्लफ्रेंड को ठोका जाता ह क्या

रिंकी- जैसे तुझे पता hi न हो गफ के सतह क्या करते हैं

तुषार- मुझे कैसे पता होगा तुझसे पहले कोई गफ थी hi नहीं

रिंकी- क्यों मेरी माँ भी तो तेरी गफ ह उन्हें नहीं ठोका

तुषार- तू बड़ी बेशरम ह

रिंकी- तेरे पास इतना बड़ा इंजेक्शन ह ऐसा हो hi नहीं सकता किसी को लगाया hi न हो

तुषार- तूने कब देख लिया मेरा इंजेक्शन

रिंकी- देखा नहीं ह बस महसूस क्र रही हु क्योकि वो मेरे पीछे घुसा जा रहा ह,


grind-2-960x540.jpg


तुषार का लुंड खड़ा हो चुक्का था जो रिंकी की गांड में घुसा जार है था, तुषार झेप गया, और रिंकी को छोड़ दिया

रिंकी- अरे क्या हुआ शर्मा गया क्या इतनी जल्दी मेरे समाने अच्छे अच्छे शर्मा जाते हैं

तुषार- रहने दे अगर दिखा दिया न तो शर्म से भगति पायेगी

रिंकी- ऐसा ह तो आज दिखा दे मैं भी देखु ऐसा कोनसा साप ले रखा ह,

तभी अम्मा आ गई कहा ह साप,

रिंकी- कुछ नहीं अम्मा तुषार बोल रहा ह की यहाँ आ गए ाचा किया, गाओं में साप बहुत होते हैं

अम्मा- अरे हवेली में कभी साप नहीं आते बीटा, और इस लड़की ने तो आज तक साप देखे hi नहीं

रिंकी- अम्मा देखे हैं साप तो देखे हैं पैर वो छोटे थे, देख क्र मजा नहीं आया

तुसाहर- कोई बात नहीं मैं बड़ा साप दिखा दूंगा, फिर बताना कोनसा अच्छा होता ह बड़ा या छोटा

रिंकी- वो तो देख और पकड़ hi पता चलेगा कोनसा अच्छा ह

तुषार- बड़ा साप देख क्र दर मत जाना, कही सही मोके पैर दर क्र भाग जाये

रिंकी- मैं डरने वालो में से नहीं हु साप की मुंडी मरोड़ क्र सारा जहर निकल लुंगी

अम्मा- तुम लोग ये क्या साप की बात लेकर बैठ गए आओ चाय पि लो और ये तू तुषार को तू तड़क से क्यों बात क्र रही ह

रिंकी- अम्मा ये मेरी hi आगे का ह न और अब हम दोस्त की तरह हैं तो दोस्तों में ये चलता ह, मैं अभी आई

अम्मा- दोस्त कहा तुम तो भाई बहन हो अगर मेरी किस्मत और मेरे बेटे सही होते तो तुम लोग एक hi घर में होते

ये बात तुषार ने सुन लिट् hi

तुषार- अम्मा दुबारा कभी ऐसा न तो बोलना न hi सोचना ये मेरे सम्मान पैर चोट होगी

अम्मा- नहीं कहूँगी माफ़ क्र दे लेकिन तू मेरा पोता ह ये तो मन ले मेरा सम्मान बढ़ जायेगा

तुषार- आपके लिए ये मैं जरूर मानूंगा

रिंकी आ गई अपनी ग्रीन टिया लेकर, मैं तो ये पियूँगी

अम्मा- पहले क्यों नहीं बताया ये चाय एक्स्ट्रा बनवा दी,

पीछे से आवाज आई मैं पि लुंगी, पीछे परदे से अनीता निकल क्र आई जिसकी चल में लंगड़ाहट थी, जो तुषार की आवाज सुनकर खुद को रोक नहीं पाई थी, उसके फेस पैर दुनिया जहाँ की चमक थी जैसे सुहागरात की गले दिन दुल्हन के फेस पैर होती ह, वो तुषार को देख क्र शर्मा रही थी, अनीता को देख क्र तुषार के फेस पैर भी एक घेरि मुस्कान आ गाइट hi, जिसे रिंकी बड़े गोर से देख रही थी,

अम्मा- तुझे क्या हुआ ऐसे क्यों लंडा रही ह

रिंकी- एक दम से बोली पेअर फिसल गया होगा

अनीता को कुछ नहीं सुझा उस टाइम वो है है पेअर फिसल गया था,

अम्मा- आराम से चला क्र और उठी hi क्यों तू आराम क्र न

अनीता- वो बस आ गई लेते लेते मन नहीं लग रहा था

रिंकी- है ऐसे में मन लगता hi नहीं ह

अनीता ने रिंकी को देखा जिसके फेस पैर एक स्माइल थी,

रिंकी- अब देखो मैं जबसे यहाँ आई हु घर में hi कैद हु, कही जा नहीं प् रही अकेले अकेले पड़ी रहती हु

अम्मा- तुझे किसने रोका ह और तुझे रोक hi कोण सकता ह तू खुद नहीं गई

रिंकी- अकेले जाने का मन नहीं करता न कही, और यहाँ की जगह जानती भी तो नहीं हु

अम्मा- तो तुषार ले जायेगा तुझे घूमने, क्यों तुषार ले जायेगा न

तुषार- है है जरूर अम्मा ले जाऊंगा

रिंकी- तो कब चलोगे आज चले

तुषार- आज नहीं कल चलते ह आज थोड़ा रेस्ट करना चाहता हु रात को देर से सोया था

तुषार ने अनीता की तरफ देखा, अनीता ने शर्मा क्र नजरे निचे क्र ली,

रिंकी- ठीक ह फिर कल शाम को चलते हैं मुझे मूवी देखनी ह,

तुषार- ठीक ह अब मैं चलता हु

तुषार वह से निकल गया, और छोड़ गया एक मुस्कान दोनों माँ बेटी के फेस पैर, ये hi संस्कार थे अंजलि के बदला यश और अजय से लेना था तो उसके परिवार को दर्द नहीं देना था,

शाम को अलका की कॉल आई की वो मिलना चाहती ह मॉल के बहार उसका वेट करेगी, तुषार उसे मन नहीं क्र प् रहा था, इसलिए रेडी होकर चला गया, अलका कड़ी थी अपनी कार के बहार, सुंदरता की मूरत थी अलका और वेस्टर्न ड्रेस में तो कमल hi लगती थी,


410223229-122115619694122669-5756538910601975425-n.jpg




तुषार- जी मम साहिब बताइये बाँदा हाजिर ह सेवा में

अलका- तो हुकुम ये ह की आज आप मेरे साथ डिनर करेंगे और मुझे आइसक्रीम खिलाएंगे

तुषार- ये रोज बहार डिनर करना ठीक नहीं ह देवी जी हेल्थ ख़राब हो जाएगी, घर का खाना खाया कीजिये

अलका- मेरा मन नहीं करता घर में रहने का जब से ये सब यहाँ आये हैं मैं उस घर में hi जाना नहीं चाहती,

तुषार- परिवार से अलग कैसे रह सकती हो

अलका- माँ का तो पता hi नहीं होता वो रात में कही चली जाती ह कब आती ह मालूम नहीं, ननदनी का तुम उस दिन देख hi चुके हो वो तो आज भी कही निकली होगी रात में आये न भी आये और सोहन मैं उससे खुद को दूर hi रखती हु, वो घर में अकेला हो तो मैं कभी नहीं रूकती, ये ह फॅमिली इनके पास कैसे रहु

तुसाहर- सोहन इतना बुरा ह क्या

अलका- उसकी नजर में हैवानियत ह उसकी नजर में माँ बहन बीवी और बहार की कोई लड़की इनके लिए कोई अंतर नहीं ह बहुत गन्दा ह वो

तुषार- ओह्ह्ह और कमल

अलका- वो तो ड्रग्स एडिक्ट ह उससे तो और भी दर लगता ह बड़ा खतरनाक ह वो

तुषार- और चोपड़ा जी

अलका- हैवान ह वो हैवान उनका बस चले वो मुझे

इतना कहे क्र अलका चुप हो गई, तुषार ने भी इस वक़्त ज्यादा जानना सही नहीं समझा,

तुषार- छोड़ो उन सबको मैं तुम्हे आज खाना खिलता हु चलो

अलका- कहा चलो खाना तो अंदर hi ह न

तुसाहर- ये खाना रोज नहीं कहते मेरे साथ चलो

अला- ठीक ह बैठो कार में

तुषार- नहीं बाइक पैर चलो

अलका- बाइक पैर ऐसे कपड़ो में

तुषार- अच्छा आज कार में चलते हैं अगली बार बाइक पैर चलेनेगे

फिर तुषार अलका को लेकर एक छोटे से ढाबे पैर आ गया और खाना पैक करवाया फिर दोनों वह सेनिकाल क्र एक हाइवे पैर आ गए और रोड पैर hi कार कड़ी करके सड़क पैर hi खाना खाया, अलका को बड़ा मजा आ रहा था, आज खाने में भी स्वाद आ रहा था, वो बहुत खुश थी, फिर तुसाहर ने अलका को माल छोड़ा और बाइक लेकर निकल गया, अपनी माँ के पास,

रात के 12 बजे थे सड़क सुमसान पड़ी थी तुषार बाइक से जार है था, जैसे hi वो घर के पास पंहुचा तो उसकी नजर एक कार पैर पड़ी, जिसमे 2 आदमी बैठे थे, उनके हाथ में दूरबीन थी जिससे वो तुषार के घर को hi देख रहे थे, तुषार घ रकि तरफ न मुद क्र आगे चला गया आगे बढ़ते hi शामे ऐसे hi एक कार और कड़ी थी जिसमे 2 आदम बैठे थे, तुसाहर ने बाइक आगे बढ़ा दी, और सुनसान जगह पैर जाकर अंजलि को कॉल किया

अंजलि- कहा हो अब तक आये नहीं

तुषार- मैं तो आ चुक्का हु लेकिन हमारे घर पैर निगरानी लगी हुई ह

अंजलि- कहा पैर

तुषार ने सब बता दिया,

तुसाहर- अब क्या करे क्या मैं इनको ठिकाने लगा दू मैं सम्हाल ूँगा सबको

अंजलि- नहीं उन्हें ये नहीं लग्न चाहिए की हमे पता ह की हम पैर निगरानी राखी जार hi ह, आप घूम केर पीछे की तरफ से आओ और किसी तरह रूफ के रस्ते आओ

तुषार ने वैसा hi किया बाइक एक गली में खड़ा किया और पैदल hi अँधेरे अँधेरे में चलता हुआ घर के पास पंहुचा तब तक अंजलि चाट पैर पहुंच चुकी थी उसने अपनी साड़ी पीछे लटका दी जिससे तुषार उप्पेर चढ़ आया, आते hi दोनों एक दूसरे से चिपक गए, और एक दूसरे को चूमने लगे,

तुसाहर ने अंजलि को पानी की टंकी से चिपकाया और उसे चूमें लगा दोनों ऐसे लग रहे थे जैस ेजन्मो के प्यासे प्रेमी जोड़ा हो, तुषार अंजलि की चूचियों को मसल रहा था निचोड़ रहा था


nx5fqvnwksjb1.gif




अंजलि तुषार के होतो को चूसे जार hi थी और एक हाथ से तुषा रके लुंड को मुठी में लेकर शलए जा रही थी कपड़ो के उप्पेर से hi,

तुषार चूमता हु ानीचे बैठने लगा और निघ्त्य के अंदर सर देकर अंजलि की छूट को चस्में लगा, अंजलि ने आज निघ्त्य के निचे पंतय नहीं फेनी थी, तुषा रके हॉट सीधे अंजलि की छूट पैर लगे, और तुषा रने उन्हें चूसना शुरू क्र दिया था, कुछ देर बाद अंजलि ने तुषार को खड़ा किया और उसकी जीन्स खोलने लगी,


porn-gif-magazine-canadianlust67.gif




और लूँ डको बहा रनिकल क्र चूसने लगी, ाफी देर लुंड चूसने के बाद, तुषार ने अंजलि को वही झुकाया और लुंड छूट में दाल दिया,

271418965-1077406716445918-4851876023134566778-n.gif


Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh कितने दिन बाद सकूं मिला ह अब इसके बिना जीना मुश्किल ह अब इतना मत तड़पाया कीजिये बहुत तदपि हु इस सुख के लिए,

तुषार- नहीं तड़पाऊंगा मेरी जान जल्दी hi ये हमेशा के लिए आपकी छूट में घुसा रहा करेगा, बस कुछ टाइम और

अंजलि- जल्दी hi सब ठीक करना होगा अब मुझसे दुरी बर्दास्त नहीं होती

तुसाहर ने धक्के लगाने शुरू क्र दिए, अंजलि आहे भरे जार hi थी, लेकिन दोनों के मजे में खलल पद गई जब किसी की आहात हुई तो देखा सीमा सामने कड़ी थी और अपनी माँ और भाई को नंगा एक दूसरे की चुदाई करते देख बड़ी हैरत से वह कड़ी थी,

सीमा को देख क्र अंजलि घबरा गई, वो काफी बोल्ड और ओपन माइंडेड थी अपनी बेटी से चुदाई की बात भी क्र लेती थी लेकिन सच में अपनी बेटी के सामने अपने hi बेटे से छोड़ना ये बहुत बड़ी बात थी,

अंजलि और तुषार खड़े हो गए थे, अंजलि अपने कपडे ढूंढ़ने लगी, सीमा कुछ देर तो वह कड़ी रही उसने अंजलि और तुषार दोनों के हाथ पकडे और निचे ले जाने लगी, दोनों को कुछ समझ नहीं आया, अंजलि हाथ छुड़ा क्र कपडे पहनना चाहती थी लेकिन सीमा ने कोई मौका नहीं दिया, वो सीधे अपने रूम में लेकर पहुंची,

सीमा- वो जगह ठीक नहीं ह अगर कोई अपनी चाट पैर आ गया तो आप लोग दिख सकते थे, यहाँ करो जो करना ह मैं ये नहीं पूछूँगी ये क्यों कब कैसे हुआ लेकिन जो भी ह मुझे अच्छा लगा

अन्जाइ शर्मा रही थी लेकिन उसने एक बड़ा कदम उठाया- सीमा मैं अपने रूम में जा रही हु तू इनके साथ रुक आज

सीमा- नहीं माँ आज आप का दिन ह आप रुकिए

अंजलि- मान जा बेटी

तुषार- माँ मैं आपको छोड़ क्र नहीं जाऊंगा

अंजलि- समझा कीजिये सीमा बहुत दिन से खुद को रोके हुए ह

तुषार- लेकिन

सीमा- माँ क्या हम दोनों एक साथ नहीं हो सकते

अंजलि और तुषार ने एक साथ सीमा को शॉकेड होकर देखा

अंजलि- ये क्या बोल रही ह तू पागल

वो इतना hi बोल पाई सीमा ने आगे बढ़ क्र तुसाहर के होतो से अपने हॉट मिला दिए और अंजलि की कमर में हाथ दाल क्र अपनी तरफ खींचा,

अंजलि हन्ता चाहती थी लेकिन सीमा ने एक और बड़ा कदम उठाया और अंजलि के होतो पैर अपने हॉट रख दिए, बस ये hi पल था की अंजलि का कण्ट्रोल खुद पैर से छूट गया उसे अपनी जवानी में सोनिया और नौकरानी के साथ बिताये पल याद आ गए,

वही तुषार शॉकेड सा खड़ा था,


girls-002-7.gif


सीमा ने अंजलि के हॉट चूमने शुरू किये और उसकी चूचिया सहलाने लगी, और तुषार को खींच क्र अंजलि के पीछे खड़ा क्र दिया और उसका सर अंजलि की गार्डन पैर दबा दिया, तुसाहर सीमा का इशारा समझ क्र अंजलि की गार्डन चूमने लगा, अंजलि दोहरे मजे में पागल सी हो गई और सीमा को वीलडली चूमने लगी,

सीमा ने जल्दी से अपनी निघ्त्य उतर क्र अलग फैकि और नंगी हो गई, अब तीनो माँ बेटी बीटा एक दम नंगे थे, फिर तुसाहर बिच में आ गया और आगे अंजलि उसे चुम रही थी पीछे सीमा उसकी कमर चुम रही थी,

तुषार का लुंड इस डबल मजे से फटा जार है था, फिर सीमा भी आगे आ गई और निचे बैठ गई, और तुषार के लुंड को मुठी में लेकर हिलने लगी फिर अपने मुँह में भर लिया, तुषार अंजलि के हॉट और सुचिया चूस रहता सीमा निचे लुंड चूस रही थी, फिर अंजलि भी निचे बैठ गई और सीमा को देखते हुए लुंड के पीछे के हिस्से को चूमें लगी, अगला टोपा सीमा के मुँह में था पीछे से अंजलि चुम रही थी,


gifcandy-threesome-51.gif


फिर दोनों माँ बेटी अलग अलग साइड से लुंड को चुम रही थी, तुषार ने दोनों के सर पड़के और उन दोनों के होतो के बिच लूँ ढके धक्के लगाने लगा, तुषार के लिए ये बहुत जबरदस्त नजारा था,

one-man-two-women-9578.gif


फिर वो बीएड पैर आ गए तो अंजलि ने सीमा को बीएड पैर लिटाया और उसकी छूट पैर मुँह लगा दिया और अपनी गांड उठा ली जिसके पीछे तुषार आ गया और अंजलि की छूट चूसने लगा, कुछ देर बाद तुषार ने अपना लुंड अंजलि की छूट में घुसा दिया और छोड़ने लगा, कुछ देर छोड़ने के बाद अपनी पैशन बदल ली

c8365d5e3f85d50e734189d5be612fac-19.jpg




अब सीमा बीएड पैर लेती थी और अंजलि ने अपनी छूट सीमा के मुँह पैर राखी और लेट गई, तुषार ने अपना लुंड सीमा की छूट में घुसा दिया, अंजलि जीभ निकला क्र तुषार का लुंड चाट रही थी, जब लुंड सीमा की छूट से बहार आता तो अंजलि उसे चाटने लगती, फिर तुषार ने सीमा की छूट से लुंड बहार निकला और अंजलि के मुँह में दे दिया फिर वापस सीमा की छूट में दाल दिया,

joymii-211-014-2.jpg


ऐसे hi तीनो चुदाई करते रहे, फिर सीमा ने अंजलि की अपने उप्पेर लिटा लिया दोनों की भरी भरी चूचिया एक दूसरे की चूचियों में डाब रही थी, दोनों की छूट आमने शामे थी, उनके पीछे तुषार था जिसके सामने दोनों छूट खुली हुई थी,

6256921.gif




तुषार एक बार सीमा की छूट में लुंड दाल क्र धक्के मरता फिर अंजलि की छूट में, ऐसे hi ये खेल 1 हरष तक चला सबसे पहले सीमा झड़ी और अंजलि और लास्ट में तुषार उसने पूरा रास अंजलि की छूट में भर दिया था, तीनो माँ बीटा बेटी थक क्र एक दूसरे से चिपक क्र लेट गए,

तीनो ने चुदाई तो जबरदस्त की लेकिन बिना कुछ बोले तीनो hi शर्मा रहे थे, लेकिन अंजलि के दिमाग में सीमा की हवस घूम रही थी, शुरुआत सीमा ने hi क्र दी ये अंजलि के लिए अच्छा हुआ इससे सीमा और खुल जाएगी अंजलि के सामने जब से उसे अपनी सच्चाई का अहसास हुआ तब से वो बहुत खामोश हो गाइट hi, उसके अंदर एक दर बैठ गया था, वो खुद को बहुत छोटा सा महसूस क्र रही थी, उसे हमेशा यही लगता था की वो hi इस सब का कारन ह, घर में उसकी कोई जगह नहीं ह,

आज के सेक्स की वजह से उसका विश्वास कुछ वापस आएगा, दोनों माँ बेटी तुषार के दोनों तरफ लेती हुई थी, रात का टाइम था सीमा को तुरंत hi नींद आ गई, फिर अंजलि और तुषार नंगे hi उठे और अंजलि के रूम में आ गए,

अंजलि- कैसा लगा

तुसाहर- बहुत अजीब था लेकिन मजा बहुत आया

अंजलि- आपको मजा आना चाहिए वैसे वह सब ठीक ह न

तुसाहर- बहुत घोच पॉश हो रहा ह

अंजलि- ऐसा क्यों

तुषार ने अलका सोनिया ननदनी अनीता रिंकी रजनी कविता सबके बारे में बताया, सब सुनने के बाद

अंजलि- अब मेरी बात धयान से दुनो, सबसे पहले तो अनीता के साथ सब लिमिट में रखना ऐस आना हो की वो आपसे इतना आत्ताच हो जाये की बा दमे तकलीफ हो, वैसे वो अच्छा हतियार बन जाएगी अजय रु यश के खिलाफ, लेकिन वो दोनों अभी दूर हैं यहाँ बड़ा दूषण ह अभी, दूसरा इस रजनी का जॉब hi सोचा ह जल्दी से ख़तम करो वर्ण ये दुबारा हाथ नहीं आएगी शायद हमे कुछ बड़ा करना पड़े और यहाँ से निकलना पड़े, फिर उसके पास नहीं जा पाओगे,

अलका के लिए शब्द नहीं ह समझ नहीं आ रहा उसे कैसे हैंडल करे, इस लड़ाई में सबसे ज्यादा मेरी उस बहन को hi तकलीफ होने जार hi ह,

तुषार- बहन

अंजलि- है वो सुरेश चोपड़ा की बेटी ह तो इस रिश्ते से बहन hi हु मेरी तेरी मौसी लगती ह वो

तुषार- हे भगवान् ये हो क्या रहा यार मैं तो पागल हो जाऊंगा

अंजलि- अभी से पागल

अच्छा सुनो, इस सोनिया से खबरदार वो आज चंडीगढ़ गई थी, सुरेश ने उसे अर्जेंट बुलवाया ह, कुछ बहुत बड़ा होने वाला ह, इस सोनिया के और वफादार बनो कोशिश करो वो आपको अपने मिशन में शामिल करे,

तुषार- कोशिश करूँगा

अंजलि- और इनकी फॅमिली की कुछ डिटेल्स मिली ह,

नंदनी चंडीगढ़ के मंत्री की बेटी ह, जिसके इलेक्शन में सुरेश पैसे लगता ह और वो मंत्री सुरेश के प्रोजेक्ट्स पास करवाता ह, सोनिया ने उससे चुद क्र उसे अपने फेवर में किया था, और इस चुदाई की वजह से hi मंत्री ने ननदे की शादी सोहन से की थी, नंदनी अपने बाप की इजात की वजह से चुप ह, ननदनी बहुत hi आजाद खयालो की लड़की ह लंदन से पढाई की ह, काफी अयाश टाइप की लड़की ह सोहन के साथ खुश नहीं ह लेकिन मज़बूरी में रुकी हुई ह, सोनिया और उसके बिच डील ह ननदनी सोनिया के राज जानती ह, नंदनी इसी शरत पैर यहाँ ह की उसे उसकी जिंदगी जीने से न रोका जाये, इसलिए सोनिया उसे कभी नहीं रोकती क्योकि अगर वो गई तो मंत्री से भी नाता टूट जायेगा,

वही कोमल कमिशनर की बेटी ह, कोम्मिस्सिनोर मंत्री का खास ह, कमल और कोमल एक hi कॉलेज में थे, कमल एक ड्रग्स एडिक्ट ह और जल्द ह उसके अंदर कोई रहम दया नहीं ह क्रिमनल ह वो, उसने कॉलेज में ड्रग्स के नशे में काफी लड़कियों के साथ रपे किया, लेकिन उसका शरीर बिलकुल बेकार ह किसी लड़को को वो 1 मिनट्स भी खुश नहीं क्र सकता इसलिए ड्रग्स ज्यादा लेता ह, और रपे करता ह और लड़कियों को मर देता ह, कोमल भी एक डोमितावे लड़की ह उसे डोमिनाते करना पसंद ह, उसे लड़को में कोई इंट्रेस्ट नहीं ह, जब कमल रपे और मर्डर में फसा तो उस कोम्मिस्सिनोर ने मंत्री की मदद से उसे बचाया, तब उन्हें पता चला की ये तो सेक्स क्र hi नहीं सकता,

वही सोनिया ने मंत्री और कोम्मिस्सिनोर के साथ रात गुजारी, वही इनकी बात हुई और कोम्मिस्सिनोर की बेटी का पता चला तो सोनिया ने दोनों की शादी करवा दी, कोमल को ऐसा hi कोई चाहिए था

अब कोमल उसे ड्रग्स देती ह और लड़किया देती ह नोचने के लिए खुद भी उसे डोमिनाते करती ह अब वो कोमल के साथ डोमिनाते होकर खुश रहता ह, लेकिन अब पहले से ज्यादा खतरनाक हो चुक्का ह, किसी को मरने से पहले एक सेकंड नहीं सोचता,

वही अलका से बड़ी बेटी वर्षा बहुत hi माइंडेड लड़की ह बहुत तेज ह और दोनों भें सुरेश सोहन और कमल तीनो से नफरत करती हैं, सोनिया ने बड़ी चालाकी से उनसे कनेक्शन जोड़ा हुआ ह अभी तक, कमल से नफरत का कारन तो समझ आया लेकिन सुरेश और सोहन से नहीं,

तुषार- वो मैं पता क्र लूंगा, इस सब से ये पता चला की नंदनी आसानी से काबू में नहीं आने वाली वो अपनी लाइफ अपने दिमाग से चलती ह, और ये कोमल खतरनाक आइटम ह, और मुझे इस वर्षा नाम की आफत से दर लगता ह अलका हमेशा इसी के गन गति रहती ह, वे से भी वो कभी भी मुझसे मिलने आ सकती ह,

अंजलि- आप के सामने ये सब सर झुकायेगी बस आप प्लान के हिसाब से चलते रहना, मुझे पता नहीं क्यों ऐसा लग रहा ह की बहुत बड़ा कुछ होने वाला ह, क्योकि अब सुरेश और सोनिया सुमित से भी सब छुपा रहे हैं दोनों ने नए लोग काम पैर लगा रखे हैं, किसी को कुछ खबर नहीं ह,

तुषार- मैं सोनिया के जरिये पता करता हु लेकिन ये निगरानी किस लिए उन्हें पता ह की सब कहा ह फिर भी कुछ नहीं क्र रहे, और क्या ये हो सकता ह की उन्हें हम सबके बारे में पता हो

अंजलि- हो सकता ह,

तुसाहर- फिर मेरे बारे में भी पता होगा कही हम जो क्र रहे हैं वो उसके लिए तैयार हो

अंजलि- वो आपके बारे में नाम के अलावा कुछ नहीं जान पाएंगे, आप बस उन्हें अपनी किसी हरकत से कुछ जाहिर मत होने देना, क्योकि आज तक हमारे पुरे परिवार का कोई फोटो नहीं ह और जो फोटो स्कूल कॉलेज में लगे हैं मैं वो सब हटवा चुकी हु, कोशिश करो ये नाटक कुछ दिन और चल जाये, क्योकि अगर आपने वह से उनकी मूवमेंट पता क्र ली तो हमे आसानी होगी, मैं अभी सामने नहीं आना चाहती हमे 15 दिन ये जरूर करना होगा उसके बाद मैं सामने आने के लिए तैयार हो जाउंगी, लेकिन आपको तब भी सामने नहीं आना ह, क्योकि ये लड़ाई यही तक नहीं ह बहुत लम्बी ह, उनके पास पावर और पैसा ह, हमारे पास वो सब इकठा करना ह,

हम भी लगभग तैयार हैं,

इधर जो लोग निगरानी क्र रहे थे, किसी से फ़ोन पैर

मन- सर 1 बजे के करीब रूफ पैर कुछ हलचल थी, वह 2 से ज्यादा लोग थे

फ़ोन पैर- वह तो बस 2 hi लोग ह न तो ज्यादा कहा से आये कोई घर में आया था क्या

मन- नहीं सर कोई नहीं आया

फ़ोन पैर- तो फिर और लोग कहा से आये तुरंत जाओ और घर को नाजीद से निगरानी करो चारो तरफ से निगरानी करो,

कुछ देर बाद चारो आदमी घर के चारो तरफ हो गए दूर से,

सुबह के 4 बज रहे थे, तुषार को अब निकलना भी था उजाला होने से पहले,

तुषार- अब चलता हु

अंजलि- मन नहीं लगता आपके बिना

तुसाहर- मेरा भी मन नहीं लगता लेकिन

अंजलि ने एक बार फिर तुषा रके होतो पैर अपने हॉट रख दिए, तुसाहर के लुंड ने तुरंत झटका मारा, तुषार ने तुरंत अंजलि को बीएड पैर लिटाया और 69 पोजीशन में आ गया, दोनों एक दूसरे के अंगो को चूमने चाटने लगे,


Terrible-Insidious-Cony.gif


जल्दी hi तुसाहर अंजलि के उप्पेर आ गया और लुंड की झटके में पूरा जड़ तक घुसा दिया, अह्हह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मरोगे क्या,

तुषार- अब तो आदत पद गई होगी इसकी

अंजलि- ये कोई नार्मल लुंड नहीं ह ये हर बार उतना hi दर्द और मजा देता ह,

तुषार- आज थोड़ा हार्डकोर का मजा ले लो ताकि कुछ दिन याद काम आये

अंजलि- फिर तो ज्यादा आएगी क्योकि उस चुदाई के बाद रोज ऐसी hi चाहिए होगी,

तुषार ने लुंड को बहार खींचा और जोर डरे क और धक्का मारा, ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh uuufffffffffffffffffffff

तुसाहर ने लगातार धक्के मरने शुरू क्र दिए और धक्के बहुत ताकतवर थे, लुंड को पूरा बहार खींच क्र एक hi झटके में अंदर घुसा देता, रूम में बस थप थप थप थप की आवाज गूंझ रही थी, फिर तुषार ने अंजलि उठाया और दीवार से लगाया और पीछे से लुंड घुसा दिया और धक्के लगाने लगा, ऐसे hi तुषार अलग अलग पोजीशन में चुदाई करने लग गया था, काफी देर अंजलि की छूट का भोसड़ा बनाने के बाद उसने अपना लुंड बहार निकल लिया और पूरा रास अंजलि की चूचियों पैर निकल दिया,

आज पहेली बार था जब तुषार ने अंजलि की छूट के अलावा रास कही और निकला था वो भूल गया था की अंजलि तो रास अंदर hi डलवाती ह,

तुषार- श्री माँ आपको गन्दा क्र दिया

अंजलि- कोई नहीं

अंजलि ने रास को अपनी चूचियों पैर रगड़ा और तुषार के देखते हुए अपने हाथ चाटने लगी,

अंजलि- हम्म्म्म टेस्टी ह, सीमा और दीपा पीती ह क्या

तुषार- दीपा दी को बहुत पसंद ह ये वो तो पागल सी हो जाती ह इसके लिए

अंजलि- चलो साफ़ क्र लो और कपडे तो उप्पेर hi पड़े हैं



तुषार- मैं ले आता हु
 
बहुत बहुत धनयवाद जी आप सभी आप सबके प्यार का इस स्टोरी को पसंद करने के लिए

threesome-gif-69.gif
 
आप सबसे एक सलाह चाहिए क्या आप अपनी इस रिया को भी इस कहानी में कुछ अपडेट में चुड़ते हुए देखना पसंद करेंगे अगर आपको सही लगे तो प्लस जवाब देना

img-1-1709349310859.jpg
 
ठंकु वैरी मच डिअर फ्रेंड्स लव यू आल

1648536648125.gif


गुड नाईट
 
अपडेट-41






अंजलि- नहीं मैं लती हु नंगे hi जाओगे क्या आप दूसरे कपडे पहन लो अपने रूम से मैं लेकर आती हु कपडे

अंजलि उप्पेर गई और कपडे उठा क्र निचे जाने लगी, फिर कुछ सोच क्र वो पीछे के रस्ते पैर देखने के झाकने लगी, जैसे hi वो पीछे गई तो उसे महसूस हुआ कोई कोई वह था जो एक दम से साइड हो गया, अंजलि को शक हो गया, फिर उसने घर के चारो तरफ देखा लेकिन कोई दिखाई नहीं दिया, वो निचे आई

अंजलि- मुझे लगता ह वो निगरानी वाले आदमी घर के आस पास hi हैं,

तुषार- ये अच्छा नहीं ह वो दूर से देख रहे थे लेकिन अब वो घर के नजदीक तक आ गए हैं कुछ करना पड़ेगा,

अंजलि- लेकिन उन्हें पता चल जायेगा

तुषार- माँ मैं रिस्क नहीं ले सकता, या आप लोग यहाँ से निकल क्र गाओं जाओ वह पापा ह तो सुरक्षा रहेगी, यहाँ अकेले रहना नुकसान दायक होगा

अंजलि- ये ठीक ह हम गाओं चले जाते हैं लेकिन सबसे बड़ा रिस्क ये ह की उन्हें हमारे पुरे परिवार का पता चल जायेगा

तुषार- माँ उन्हें पता चल चुक्का होगा पहले hi, बस किसी को फेस से नहीं जाते होंगे,

अंजलि- ठीक ह हम आज hi चले जायेंगे,

लेकिन आप कैसे निकलोगे यहाँ से

तुषार- वो तो निकल जाऊंगा लेकिन माँ ये हमेशा आप कह क्र मत बुलाया कीजिये अब ऐसा लगता ह जैसा मैं आपका बीटा रहा hi नहीं

अंजलि- ऐसी बात नहीं ह बीटा बस मेरा दिल करता ह आप कहने का

तुषार- जैसा आपका मन

अब आप मैं दूर खोलो और बहार कड़ी हो जाओ, अंजलि ने वैसा hi किया, अंजलि के बहार आते hi सामने से निगरानी करने वाला आदमी एक दम एक्टिव हो गया और घर के नजदीक आ गया जिस पैर तुषार की नजर थी, वो जैसे hi नजर रखने और नजदीक आया तुषार ने अपना फेस कवर किया और बड़ी तेजी से घर से बहार निकला, तुषार सीधा उस आदमी की तरफ डोडा जब तक वो सम्हाल पता तुषार ने एक जोर दर टक्कर उसमे मर दी, वो सीदा सड़क पैर जाकर लगा, उसके सम्हलने से पहले तुषार ने उसकी गार्डन पकड़ी और खींच क्र झाड़ियों में ले गया, और उसके सर पैर जोर दर वॉर किया जिससे वो बेहोश हो गया. तुषार ने उसे उठाया और अपने साथ hi ले गया,

बाकि तीनो आदमियों को पता hi नहीं चला उनका साथी गायब हो चुक्का ह, कुछ घंटे बाद तक भी जब आदमी की रिपोर्ट नहीं आई तो वो उसे ढूंढ़ने लगे तो वो नहीं मिला, उन लोगो ने तुरंत सुरेश को रिपोर्ट की,

सुरेश- कहा जा सकता ह वो पूरी जानकारी लो उसकी फिर फ़ोन काट दिया

सोनिया- क्या हुआ

सुरेश- अंजलि के घर बहार जो आदमी लगाए थे उनमे से एक गायब ह

सोनिया- ऐसे आदमी लगाओगे तो किसी को तो शक हो hi जायेगा

सुरेश- निगरानी तो करनी hi थी मैं अपनी पावर नहीं लगाना चाहता वर्ण साली को कब का ठिकाने लगा देता

सोनिया- 14 दिन और सबर करो तब तक मुझ पैर छोड़ दो मेरे पास एक आदमी ह वो उन दोनों माँ बेटियों को फसा सकता ह

सुरेश- कोण

ासोनिया- ह एक नया स्टाफ ह नया लड़का ह बहुत स्मार्ट और ताकतवर भी ह मैं उसे लगाती हु,

सुरेश- मुझे तेरे आदमियों पैर विश्वास नहीं ह, मुझे तो आज कल तेरे उस चमचे पैर भी शक ह उसकी हरकते शक के घरे में चल रही हैं

सोनिया- ऐसा क्या हुआ ह

सुरेश- पता चल जायेगा अभी टीम लगी हुई ह, मैं ये काम खुल क्र नहीं क्र सकता अगर उस अनिल शर्मा को पता चला तो खेल बिगड़ जायेगा और मीडिया में बात खुल सकती ह,

सोनिया- मंत्री मान गया ह प्रोजेक्ट के लिए बड़ी मुश्किल से मनाया ह इस बार

सुरेश- तू हमेशा मन hi लेती ह उसे

सोनिया- कब तक मानती रहूंगी

सुरेश- जब तक ये पूरी प्रॉपर्टी हमारे नाम नहीं आ जाती, अच्छा सुन कमल और कोमल आ रहे हैं वापस उन्हें अपने साथ वही ले जा

सोनिया- क्या नहीं नहीं वो वह आया तो अलका फिर भाग जाएगी बड़ी मुश्किल से वापस ले हु उसे

सुरेश- तुझे पता ह न वो रुकने वाला नहीं ह और यहाँ मैं रखना नहीं चाहता क्योकि यहाँ अभी बहुत गड़बड़ ह वो छोटा शहर ह वह कुछ करेगा तो छोटे मोठे मंत्री से सेटिंग करके बात ख़तम करवा लेंगे यहाँ कुछ किया तो सब गड़बड़ हो जायेगा

सोनिया- ठीक ह लेकिन उसे समझा देना कण्ट्रोल में रहे अलका से दूर रहे बस

सुरेश- ठीक ह अब तू वह पहुंच और कोशिश कर इन 14 दिन उन माँ बेटी पैर नजर रख सके मैं 12 दिन बाद वही आ रहा हु जल्दी से एक सेफ हाउस का इंतजाम कर वह पैर सब वही निपटाएंगे,

वही दूसरी तरफ

तुषार ऑफिस पंहुचा सोनिया आज भी नहीं थी, सोहन आया लेकिन दोनों ने एक दूसरे को इग्नोर किया, पूरा दिन ऐसे hi गुजर गया आज सतुरदय था अगले दिन हॉलिडे था, आज तुषार को रिंकी को मूवी दिखाना था, तुषार अनीता से भी मिलना चाहता था, चुदाई के बाद उनकी ठीक से बात नहीं हुई थी, एक तो तुषार बिजी था दूसरा अनीता शर्मा भी रही थी,

आज अलका ने भी साथ चलने को कहा था, लेकिन तुषार ने कही बहार जाने का बहाना क्र दिया, शाम को तुसाहर रूम पैर लेता था तभी किसी अननोन no. से कॉल आई,

तुषार- hello

कॉल पैर- एक औरत कैसे हो सेक्सी

तुषार- hello कोण

कॉल पैर- पहचाना नहीं क्या

तुषार- जी नहीं

कॉल पैर- मैं कविता बोल रही हु

तुषार- ू जी कविता जी कैसी ह आप

कविता- अब पहचाना

तुषार- है जी पहचान लिया

कविता- कब आ रहे हो मिलने

तुषार- आप बताइये कब औ आपने तो याद hi नहीं किया

कविता- आप मंडे को आ सकते हो 10 बजे

तुषार- कुछ खास ह क्या उस दिन

कविता- मंडे को सभी बच्चे स्कूल कॉलेज चले जायेंगे और हस्बैंड भी नहीं होंगे पूरा घर खली होगा मेरा,

तुषार- और रजनी जी का

कविता- रजनी की बड़ी चिंता ह उस पैर दिल आ गया ह क्या

तुसाहर- ऐसी कोई बात नहीं ह बस सोचा आ रहा हु तो दोनों को साथ hi क्र औ

कविता- अच्छा जी दोनों को एक साथ क्र पाओगे

तुसाहर- दोनों हाथ जोड़ने लगोगी

कविता- वो तो यही आकर पता चलेगा, रजनी यही आ जाएगी मेरे घर

तुषार- ठीक ह तो मंडे को मिलता हु

फिर फ़ोन काट दिया

तुषार ने तुरंत कॉल दीपा को मिलाया और पूरा प्रोग्राम समझा दिया,

तुसाहर- मैं जो करने जा रहा हु उसका सबसे बड़ा असर शाक्षी पैर पड़ने वाला ह

दीपा- तुझे उसकी फ़िक्र ह प्यार हो गया ह क्या उससे

तुषार- प्यार करने के लिए मैंने कोई जगह छोड़ी hi नहीं अपने दिल में, लेकिन किसी के साथ गलत करना फितरत नहीं ह मेरी

दीपा- किसी न किसी के साथ तो गतल होगा hi

तुषार- हम्म्म ठीक ह आप तैयारी करो बस

फिर तुषार पहुंच गया रिंकी को lene,usne दूर बेल्ल बजे तो सामने कड़ी थी अनीता जी,

तुषार को देखते hi अनीता के फेस पैर एक चमक आ गई, तुषार ने भी मुस्कुरा क्र देखा

तुसाहर- कैसी हो अब

अनीता- शरमाते हुए अच्छी हु

तुषार- दर्द तो नहीं ह अब

अनीता- ूमममहहहह नहीं

तुसाहर- अंदर आ जाऊ क्या

अनीता झेपते हुए है है आओ न बैठो क्या लोगे

तुषार- कुछ नहीं रिंकी को लेने आया हु उसे आज मूवी देखनी ह

अनीता तुषार की तरफ देखते हुए क्या आज hi उसके साथ

तुषार- पता नहीं ये तो वक़्त hi बताएगा आपको जलन हो रही ह क्या

अनीता- मुझे क्यों जलन होगी

तुसाहर- पता नहीं मुझे ऐसा लगा

अनीता- नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं ह मैं तो खुद hi तैयार हु

तुषार- लेकिन आपकी आँखे तो कुछ और hi बोल रही हैं इनमे ये आंसू क्यों

अनीता- है हो रही ह जलन मैं प्यार करती हु तुमसे जिससे मैं प्यार करू वो किसी और के साथ जलन नहीं होगी क्या

तुषार- आप जानती ह न मैं क्या करने जार है हु क्यों करने जार है हु सब आपको बताया था मेरी मंजिल अलग ह अनीता जी, मैं आपका दिल नहीं तोडना चाहता लेकिन मैं मजबूर हु

अनीता- मैं समझती हु मैं तुम्हे रोकूंगी नहीं मैं खुद इसमें तुम्हारा साथ दूंगी लेकिन औरत हु तो औरत की फीलिंग तो रहेंगी न

तुषार- इन फीलिंग को सम्हाल क्र रखो ये यश को सबक सीखने के काम आएँगी

अनीता- खुद को सम्हालते हुए सही कहा मेरी फिल्लिंग्स से ज्यादा जरुरी ह उस इंसान की बर्बादी

तभी रिंकी आ गई

आ गए तुम

तुषार- है तू तैयार ह तो चले

रिंकी- मैं तो हमेशा तैयार हु तुझे मेरी माँ से फुर्सत मिले तो देखेगा न

तुषार- आज तुझे hi देखूंगा चल

रिंकी- माँ आती हु अगर न भी औ तो डिस्टर्ब मत करना

अनीता- तू तुषार के साथ ह तो मैं क्यों डिस्टर्ब करुँगी

रिंकी- नहीं होता ह औरतो को जलन होती ह तो डिस्टर्ब करती ह

अनीता- क्या बोली तू

रिंकी- कुछ नहीं चल तुषार जल्दी वर्ण कोई जल जायेगा

रिंकी हस्ती हुई तुषार के साथ निकल गई,

तुषार- आज तूने ये जीन्स और टॉप पहना ह पहेली बार तुझे पुरे कपड़ो में डकः ह


0a2e8b91313e342cb0425f4b6c5380c3.jpg


रिंकी- निकल दू क्या मैं तो ब्रा पंतय में भी चल लुंगी

तुसाहर- रहने दे ऐसे hi अच्छी ह

रिंकी- तू चल फिर दिखती हु क्या फेन क्र आई हु

तुषार- बता तो सही चलना कहा ह मूवी तो 9 बजे से स्टार्ट होगी

रिंकी- मूवी देखने आया कोण पहले मुझे बाइक पैर सेर करवा क्र ला फिर हम मॉल घूमेंगे फिर हम चैलेंज क्लब में

तुषार- क्लब मैं कभी नहीं गया वह

रिंकी- आज चलेगा मेरे साथ बहुत मजा आएगा

तुषार रिंकी को लेकर बाइक पैर चल दिया, रिंकी तुषार से बिलकुल चिपकी हुई थी रिंकी की चूचिया तुषार की कमर में दबी हुई थी, रिंकी बार बार साइड होती जिससे उसकी चूचिया औरर रगड़ जाती, तुषार समझ रहा था रिंकी क्या कर रही ह, काफी दे रेज hi सिटी में घूमते हुए दोनों मॉल में घूमे, रिंकी तुषार का हाथ पकड़ क्र घूम रही थी जैसे दोनों बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हो, दोनों की जोड़ी लग भी जबरदस्त रही थी, रिंकी हॉट सेक्सी और खूबसूरत लड़की थी, और तुषार वो भी किसी हीरो से काम नहीं था,

काफी देर घूमने के बाद रिंकी उसी मॉल के उप्पेर बने क्लब में तुषार को ले गई, गेट पैर 4 बाउंसर खड़े थे, जो केवल कपल्स को अंडर जाने दे रहे थे या केवल लड़कियों को, अकेले बॉयज को अलौड़ नहीं था जाना,

कितना गलत नियम ह न बिना लड़को के लड़किया क्या करेंगी अंदर, खैर छोड़ो कहानी पैर आते हैं,

अंदर का नजारा देख क्र तुषार की आँखे चकाचोंध हो गई, अंदर बस शराब की hi गंध थी, तेज म्यूजिक और इतनी लड़किया वो भी इतनी छोटी छोटी ड्रेस में,

रिंकी- कैसी लगी जगह

तुसाहर- बड़ी खतरनाक ह

रिंकी- ये hi असली मजा ह बेबी यहाँ आकर दुनिया को भूल जाते हैं लोग

तुषार- जो कुछ समय के लिए मजा दे वो असली ख़ुशी नहीं होती बेबी डॉल, जिसे सोच क्र भी मन खुश हो जाये वो असली ख़ुशी ह

रिंकी- मेरे लिए तो यही असली ख़ुशी ह, तुम यहाँ वेट करो मैं अभी आई

रिंकी तुषार को बोल क्र चली गई, और कुछ टाइम बाद वो आई तो तुषार की आँखे hi फटी रह गई


102375652-1649158295238166-4055271064576410019-o.jpg




रिंकी- मुँह बंद क्र ले जीभ बहार गिर जाएगी

तुषार- झेपते हुए ये ये कहा रख क्र ले थी

रिंकी- पर्स में

इसका साइज hi इतना ह की पर्स में आ गई,

तुषार- और वो कपडे कहा ह

रिंकी- यही ह जाते हुए मिल जायेंगे तू उनकी छोड़ और मुझे देख कैसी लग रही हु

तुषार- आधी से ज्यादा नंगी ह ऐसे में दिमाग सोचेगा क्या कुछ,

रिंकी- जो सोचेगा उसी से बता दे

तुषार- ुपीर से निचे तक हिला दिया तूने तो

रिंकी- हहहहए आजा कुछ पियेगा क्या

तुषार- मैं कुछ नहीं पिता ह तुझे पीना ह तो पि ले

रिंकी- कैसा इंसाने ह तू न कुछ पिता ह नाग फ ह न कहि घूमता ह कैसे दुनिया में जीर है ह

तुषार- तुझे यहाँ ख़ुशी मिलती ह मुझे परिवार के साथ माये ख़ुशी के ह जह ामिले वही रहना चाहिए

रिंकी- परिवार हहहह चल आजा मैं पियूँगी तू बस साथ दे देना

तुषार खड़ा हो गया,

रिंकी ने टकीला के 3 शॉट्स पि लिए फिर वो तुषार का हाथ पकड़ क्र डांस फ्लोर पैर चली गई, तुषार डांस नहीं क्र रहा था बस आराम से खड़ा था, रिंकी उससे चिपक चिपक क्र डांस क्र रही थी, कभी अपनी गांड उसके लुंड पैर रगड़ देती कभी पूरी उससे चिपक जाती,

फिर रिंकी ने तुषार के हाथ पकड़ा और अपनी कमर पैर रख दिया और अपनी कमर हिलने लगी, कुछ देर बाद उसने तुषा रखा हाथ अपनी गांड पैर रख दिया,


tumblr-o1jrcn-NGa-X1rkd4a4o2-500.gif


रिंकी तुषा रके कान में- मजे ले न

तुषार मुस्कुराते हुए हलके हलके डांस करने लगा रिंकी की गांड को पकडे हुए,

कुछ देर नाचने के बाद रिंकी बोली मैं अभी आई 2 शॉट्स लगा क्र, रिंकी चली गई तुषार वह अकेला खड़ा रहा, तभी उसकी नजर पास में hi नाच रही एक लड़की पैर गई उसे वो जनि पहचानी सी लगी, क्लब में रौशनी काम होती ह और दज की लाइट भी ठीक से देखने नहीं देती, तुषार उधर गया तो देखा वो नंदनी थी, जो एक ग्रुप के साथ नाच रही थी, उस ग्रुप में 3 लड़के और 1 लड़की और थी, लड़के दोनों लड़कियों से चिपक चिपक क्र नाच रहे थे,

एक लड़का ननदनी के पीछे बिलकुल चिपक क्र नाच रहा था, तभी एक लड़की और ा गई उनके पास वो साथ में 3 लड़किया और 3 लड़के थे, तुषार उनके नजदीक जाना चाहता था लेकिन अगर रिंकी और तुषार को रिंकी ने एक साथ देखा तो वो अलका को बता सकती ह, तुषार ने पहले रिंकी पैर नजर डाली वो बार काउंटर पैर hi बैठी थी,

तुषार आगे बढ़ा और एक लड़की से टकरा गया,

तुषार- ी ऍम श्री मिस

लड़की- आईटी इस ok

तभी ननदनी की नजर तुषार पैर पड़ी,

ननदनी- ू hello देखो कोण आया ह था मस्कुलर मन

तुषार- hello मम

ननदनी- ू फ़क यू, यहाँ मैं तुम्हारी मम नहीं हु समँझे नंदनी ओनली नंदनी

तुषार- श्री ननदनी जी

नंदनी- यू फुकेर ओनली नंदनी

तुषार- ok नंदनी

ननदनी- यहाँ क्या क्र रहे हो

तुषार- जो आप क्र रह हैं एन्जॉय

ननदनी- हम्म्म नॉटी बॉय किसको लाये हो कही अलका को तो नहीं ले आये

तुषार- वो इस टाइप की नहीं ह और फ़िलहाल तो मैं अकेला आया हु

ननदनी- अकेले तो यहाँ अल्लोवेद नहीं ह

तुषार- बाउंसर दोस्त ह उससे सेटिंग करके आया हु

ननदनी- यू चेटर कॉक आओ डांस करो

ननदनी ने काफी शराब पि रही थी उसकी जबान और पेअर दोनों लड़खड़ा रहे थे

तुषार- आप लोग एन्जॉय कीजिये आप किसी और के साथ ह, और मैं दूसरे के साथी को नहीं चिंता

ननदनी ने एक घेरि नजर तुषार पैर डाली और मुस्कुराई,

Ooooofffffffffffff ये उसूल ये आदर्श

तभी एक लड़का- हे सेक्सी कहा बिजी हो गई आओ मजा करो न

ननदनी- तुम लोग करो मेरा सर घूम रहा ह ी वांट रेस्ट

लड़का ननदनी का हाथ खींचते हुए आ न जानेमन अभी कहा सर घूम रहा ह आओ मजा लेते हैं

ननदनी- मैंने कहा न बस और नहीं मेरा सर घूम रहा ह

लड़का- ोू जाने मन तेरे चक्कर में मैं अपनी गफ को झूट बोल क्र आया हु और तू यहाँ धोका दे रही ह आजा अभी मजा आएगा

तुषार ने उस लड़के का हाथ पकड़ा- जब वो मन क्र रही ह तो मान जा न

लड़का- ोोू हीरो तू अपना काम क्र न ये मेरी आइटम ह समझा निकल यहाँ से

तुषार- जबान को सम्हाल क्र बोल भाई और उनकी तबियत ठीक नहीं ह तो उन्हें रेस्ट करने दे न

लड़का- हैट भेनचोद आज इसकी लिए स्पेशल टाइम निकल क्र आया हु छोड़ने के लिए अब कैसे जाने दू

ननदनी- यू मदर फुकेर तूने सोच भी कैसे लिया तू मुझे हाथ भी लगा पायेगा

लड़का- जान इतने दिन से क्लब आ रहे हैं फिर आज क्यों ड्रामा क्र रही हो

ननदनी- मैं यहाँ ड्रिंक और डांस करने आती हु खुद को नीलम करने नहीं समजह

लकड़ा- साली इतने दिन से मेरा फुद्दू काट रही थी, भोसड़ी की तेरे तो आज छूट फाड़कर hi रहूँगा

तुषार ने उस लड़के का मुँह पकड़ा और पूरी ताकत से जबड़ा दबा दिया, यही गाड़ दूंगा अगर ज्यादा बकवास की तो समझा न

लड़का नशे में था और होश में भी होता तो भी वो खुद को तुषार के हाथ से छुड़ा नहीं पता,

नंदनी- तुषार छोड़ दो इसे

तुषार ने उसे छोड़ दिया,

लड़का- तू रुक अभी यही रुक तुझे तो मैं दिखता हु

वो वह से निकल गया,

तुषार- आप भी जाइये यहाँ से बहुत पि ली ह आपने

ननदनी- क्या हुआ पि ली ह तो

तुषार- हुआ तो कुछ नहीं ह लेकिन हो सकता ह

ननदनी- मैं मंत्री की बेटी हु J.S.S कंपनी के ओनर की बहु हु मुझे कोई कैसे कुछ क्र सकता ह

तुषार- ये सब आपके फेस पैर नहीं लिखा हुआ और मंत्री जी और चोपड़ा जी बाद में ायेनेगे पहले आपके साथ कुछ हो चुक्का होगा, और होने के बाद कोई कुछ कर ले आपकी इज्जत वापस नहीं आएगी, आपके पापा और ससुर करने वाले को मरवा सकते हैं लेकिन आपके साथ जो होगा उसे नहीं बदल सकते,

पहले खुद की इज्जत को सम्हालिए फिर परिवार की धमकी दीजिये, ननदनी मुँह फाडे तुषार को देखे जा रही थी,

ननदनी- तुम बहुत बोलते हो

तुषार- ठंकु अब जाइये कही वो किसी और को लेकर न आ जाये

ननदनी- तुम भी चलो यहाँ से वर्ण वो तुम्हे हर्ट कर सकता ह

तुषार- वो मैं देख लूंगा आप जाइये

ननदनी- तुषार ये सब अलका को मत बताना प्लस वो वैसे भी मुझसे दूर रहती ह फिर तो बिलकुल इज्जत नहीं करेगी

ये तुषार के लिए अच्छा hi था

तुषार- जी जरूर

नंदनी वह से निकल गई, तभी पीछे से रिंकी आई

रिंकी- अरे कहा घुसे हुए हो कब से ढूंढ रही हु किस्से बात कर रहे थे,

तुषार- कुछ नहीं ऑफिस के स्टाफ मिल गए थे

रिंकी- यहाँ स्टाफ या गफ

तुषार- ऊऊफफफफफ तेरा दिमाग अगर गफ होती तो अकेले आती क्या यहाँ वो

रिंकी- हहममम ये भी सही ह, लगता ह मुझे चढ़ गई ह,

तुषार- अब चले क्या

रिंकी- है है चलते हैं बस एक पेग और

तुषार- इतनी पि ली ह अगर ऐसे में घर जाएगी तो अम्मा और अनीता जी क्या कहेंगी

रिंकी- क्या कहेंगी मेरी लाइफ ह मैं जैसे जियु मेरी मर्जी ह

रिंकी फिर गई और 1 पेग और चढ़ा दिया, फिर नशे में लड़खड़ाती हुई तुषार के साथ चल दी

तुषार- तेरे कपडे कहा ह उन्हें तो ले ले

रिंकी काउंटर पैर गई और नशे में किसी तरह कपडे उठाये और चल दी

तुषार- अब इन्हे पहनेगी कहा

रिंकी- क्या जरुरत ह ऐसे hi जाउंगी मैं क्यों फेनु

वो झूमती हुई चलने लगी, वो दोनों माल से बहार निकलने hi वाले थे की सामने से 4-5 लड़के आ रहे थे,

रिंकी आगे जा रही थी तुषार उसके कपडे लिए पीछे था,

लड़के- ोये होये सेक्सी माल ह ये तो कहा अकेले घूम रही ह जाने मन

रिंकी- यू इडियट

लड़का- ोू जाने मन कुछ चाहिए क्या

भाई देख देख स्कर्ट कितनी छोटी ह साली की कच्ची दिख रही ह

तभी तुषार आ गया हे क्या प्रॉब्लम ह

लड़का- हमे क्या प्रॉब्लम ह मजे ले रहे ह तेरा माल ह क्या, ले जा साली को अच्छे से बजाना ठोकने लायक माल ह

तुषार- जबान सम्हाल क्र वर्ण

लड़का- ोये सेल ले जा इसे वर्ण यही दोनों की गांड मार लूंगा

तुषार- ने उसकी गिरबान पकड़ ली भोसड़ी के तेरी माँ छोड़ दूंगा

बाकि लड़के तुषार पैर झपटने लगे, तभी एक लड़का बोलै भैंचोड़ो इसे छोड़ो वह समीर भाई इंतजार क्र रहे हैं जल्दी चलो

लड़का- तुझे फिर कभी देखूंगा अभी किसी और को देखें जा रहे हैं

वो लड़के वह से निकल गए उन्हें नहीं पता था अंदर भी वो तुषार को ढूंढ़ने hi जा रहे हैं,

रिंकी नशे में दो कोड़ी के लोग मेरे साथ बतमीजी करेंगे

तुसाहर- तू जिस हालत में ह ऐसी हालत में लड़कियों के साथ ऐसे hi हरकत होती ह

रिंकी- ये छोटे शहर के छोटे लोग ह यहाँ ऐसी hi गन्दी सोच के लोग रहते हैं

तुषार- अच्छा बड़े शेरो में ऐसा नहीं होता, इससे ज्यादा होता ह लेकिन तुम पैसे वाले लोग इसे अपना सतातुस समझते हो,

लड़किया ऐसे कपडे फेन क्र निकलती ह जिससे लड़के उन्हें छेड़े

रिंकी- तो क्या लड़को के दर से हम कपडे भी न पहने लड़को को पूरी आजादी ह लड़कियों को नहीं

तुषार- सबको पूरी आजादी ह , अगर रात को 2 बजे एक लड़का नशे में टल्ली होकर ऐसे सड़क पैर घूमता ह तो कोई भी आएगा उसमे दो थप्पड़ लगाएगा और पैसे वगर चीन क्र चला जायेगा

रिंकी- लेकिन लड़कियों से तो कुछ और hi छींटे हैं

तुषार- जिसके पास जो होता ह उसे hi छीनेंगे, और इसमें लड़का या लड़की की बात नहीं ह, जो चीन रहा ह उसे फरक नहीं पड़ता तुम कोण हो, उसे तुम्हारे पैसे और अपने मजे से मतलब होता ह, उनके अंदर का इंसान मर चुक्का होता ह,

अगर तुम एक अच्छे लड़के को ऐसी हालत में मिलोगी तो शायद वो तुम्हे घर तक भी ड्राप क्र दे, इसलिए ये विक्टिम कार्ड खेलना बंद करो की लड़कियों को आजादी नहीं मिलती लड़को को मिलती हैं, ऐसे क्लब में लड़को से ज्यादा लड़किया नाच रही हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा करना खुद की hi जिम्मेदारी होती ह, लड़का अपनी रक्षा क्र सकता ह लड़किया नहीं क्र सकती, इसलिए वो लोगो को बाम लगाती ह की लड़कियों के साथ अत्याचार हो रहा ह, क्रिमिनल्स किसी के सेज नहीं होते उनसे खुद को बचाना होता ह,

रिंकी- है है समझ गई दे दिया ज्ञान मुझे

तुषार- ज्ञान नहीं दे रहा समझा रहा हु अगर तेरे माँ बाप ने संजय होता तो शायद अच्छा होता

रिंकी- हहहहह माँ बाप

तूने पूछा था न परिवार तेरे पास परिवार ह इसलिए तू वह जाता ह लेकिन मेरे पास तो कोई नहीं ह मैं कहा जाऊ, मेरा बाप एक नंबर का अयाश इंसान ह उसे बस लड़किया छोड़ना ह अपनी बेटी से भी काम उम्र की लड़किया छोड़ता ह साला, मेरी माँ हमेशा दरी दरी शमी शमी रहती ह मेरा बाप उसे हमेशा मारता लेकिन कभी विरोध नहीं क्र सकीय वो, मुझे क्या सिखाती, माँ से सीखती तो मैं भी वैसे hi बन जाती, मेरा चाचा जो मुझे hi इतनी गन्दी नजरो से देखता ह की सबके समाने खड़े खड़े छोड़ देगा, मेरी चची वो मजबूत औरत ह उसी ने मुझे दुनिया में मजे लेना सिखाया बहुत मजे दिए उसने, पता ह वो मेरे साथ मजे लेती ह, हहहहहए

फिर रोने लगी रट हुए- तुझे क्या लगता ह मैं ऐसे अकेले खुश हु बचपन से अपने बाप और चाचा को रंडीबाजी करते देखती आ रही हु, जिस आगे में मुझे माँ बाप से प्यार और इंस्ट्रक्शन मिलने चाहिए थे उस आगे में अपने बाप की गिर्ल्फ्रेंड्स के साथ बैठ क्र उनकी अश्लील बाते सुनती थी, तो मैं कैसी बनती फिर मेरी टीचर बन गई मेरी चची जो खुद इतनी बड़ी बीच ह की अमेरिका में उसके 10 से ज्यादा बर्फ होंगे उसने hi मेरे 4 बर्फ बनवा दिए, अपने बर्फ से hi छुड़वा दिया मेरे साथ खुद भी चूड़ी, तो सोच मैं कैसी बनती लेकिन आज तक कोई मुझे खुश नहीं क्र सका, मुझे कभी ख़ुशी नहीं मिली,

तुषार मुझे कभी प्यार नहीं मिला पैर तू ह न मेरा दोस्त तू मुझे प्यार देगा ह न, देगा न प्यार बुझायेगा न पेरी प्यास

तुषार ने रिंकी को गले से लगा लिया- शांत हो जा बस शांत हो जा घर च लैब

तुषार उसे बाइक तक तो ले आया लेकिन घर ऐसे लेकर जाये, वो पुरे नशे में थी, रात के 2 बज रहे थे, तुषार ने रिंकी को बाइक पैर आगे बैठाया और अपने से चिपका लिया, रिंकी ने तुषार को बहो में भर लिया, जैसे तैसे तुषा रुसे घर तक लाया,

फिर तुषार ने रिंकी को कंधे पैर उठाया और अपने रूम में अपने बीएड पैर लिटा दिया, और अनीता को कॉल करके सब बता दिया,

अनीता- क्या आज hi उसके साथ वो सब करोगे

तुषार- नहीं अनीता जी मैं नशे का फायदा नहीं उठाऊंगा, मैं उसे आपके पास hi लता लेकिन अम्मा उसे इस हालत में देखती तो उन्हें तकलीफ होती इसलिए यही सुला दिया ह आप सो जाइये कल लता हु उसे,

रिंकी को सुला क्र तुषार साइड में पड़े चेयर पैर बैठ गया, काफी देर तक ऐसे hi बैठा रहा जाने कब उसे नींद आई,

सुबह रिंकी की आँख खुली तो उसका सर घूम रहा था, उसने अंगड़ाई ली और देखा ये तो नै जगह ह, उसने चारो तरफ देखा तो सामने तुषार को चेयर पैर बैठे बैठे सोते देखा, फिर खुद को देखा और उसे रात का सब याद आया,

रिंकी रात को क्या क्या सोच क्र आई थी लेकिन हुआ कुछ और hi, वो काफी देर तक तुषार को देखती रही, उसके दिमाग में तुषार की बाते घूमती रही,

रिंकी अपने मन में hi- कैसा लड़का ह ये इसक ेसमने इतनी सेक्सी लड़की ऐस कपड़ो में नशे की हालत में थी और ये उसे ज्ञान दे रहा था उसके साथ कुछ करने की जगह सुला दिया खुद चेयर पैर सो रहा ह, क्या कोई इतना शरीफ हो सकता ह, इसे तो मैं नामर्द भी नहीं बोल सकती इसके पास तो हतियार भी इतना बड़ा ह, क्या उसकी बातो में सचाई ह क्या मैं गलत हु,
 
अपडेट- 42






फिर रिंकी मुस्कुराती हुई उठी और तुषार के सामने बैठ गई और उसके होतो पैर अपने हॉट रख दिए,

तुषार हड़बड़ा क्र उठा गया रिंकी को इतने नजदीक देख क्र चौंक गया,

तुषार- क्या हुआ तू ठीक ह

रिंकी- मैं तो ठीक हु पैर तू यहाँ क्यों सो रहा था

तुषार- वह तू लेती थी न

रिंकी- तो क्या हुआ मेरे साथ hi सो जाता न

तुषार- तू फ्रेश हो ले और कपडे बदल ले मैं कुछ नाश्ते के लिए लता हु, क्या खायेगी

रिंकी- हहहह पागल ह तू, अच्छा मैं बस कॉफ़ी लुंगी

तुषार- वो तो यही बन जाएगी तू फ्रेश हो जा

रिंकी बाथरूम में चली गई, तुषार कॉफ़ी बनाने लगा,

तुषार- अरे ये कपडे तो यही बीएड पैर छोड़ गई फेन क्र क्या आएगी, तभी बाथरूम का दूर खुला और तुषार ने उधर देखा तो उसके हाथ में जो कपड़े थे वो वही गिर गए मुँह खुला रह गया, सामने का नजारा था hi इतना जानलेवा, सामने रिंकी एक दम नंगी बाथरूम से बहार आ रही थी,


images.jpg


तुषार ने तुरंत मुँह घुमा लिया- तूने कपडे क्यों नहीं पहने

रिंकी- वो बहार hi रह गए थे न

तुषार- तो मुझसे मांग लेती नानाजी hi क्यों चली आई

रिंकी- अरे तो क्या हुआ तू क्यों शर्मा रहा ह

तुषार- तुझे शर्म नहीं आती एक लड़के समाने नंगी कड़ी ह

रिंकी- तेरे सामने नहीं आती

अच्छा देख ा मुझे बता कैसी ह मेरी फिगर

तुषार- वो तो मैं कपड़ो में से भी बता सकता हु

रिंकी – ऐसे hi बता न अच्छे से देख सकेगा

तुषार- रिंकी ये ठीक नहीं ह

रिंकी- क्यों ठीक नहीं ह

तुषार- मैं तुझसे शादी नहीं क्र सकूंगा

रिंकी- तो मैंने कब कहा तू शादी क्र मुझसे

तुषार- बिना शादी के ये सब गलत ह

रिंकी- मैं 5 लड़को के साथ क्र चुकी हु मेरे लिए कुछ गलत नहीं ह, लेकिन अब मैं रुकना चाहती हु अगर तू चाहता ह मैं रुक जाऊ तो मुझे रोक ले वडा करती हु शादी करने के लिए कभी नहीं कहूँगी, बस हम दोस्त रहेंगे बहुत अच्छे दोस्त,

तुषार रिंकी की तरफ पलटा और एक नजर रिंकी पैर उप्पेर से निचे तक डाली जिससे रिंकी शर्मा गई, तुषार ने हाथ में लिए कपडे अलग रख दिए और रिंकी की तरफ जाने लगा, रिंकी के करीब पहुंच क्र तुषार ने उसकी कमर में हाथ डाला और अपनी तरफ खींच लिया रिंकी भी उससे चिपक गई,

रिंकी- मुझे प्यार दे दो तुसाहर वो प्यार जिसे ढूंढ़ती हुई मैं जाने क्या क्या क्र गई

तुषार- तुम सोच समझ क्र ये क्र रही हो न

रिंकी- मैंने आज तक जो किया ह बिना सोचे किया ह लेकिन आज सोच समझ क्र क्र रही हु

तुषार- हम दोनों का मिलान होता ह तो तुम्हे मेरी बात माननी होगी

रिंकी- मैं तुम्हारी हर बात मानूंगी हमेशा मानूंगी चाहे तो गुलामी करवा लेना

तुषार- मुझे बस दोस्त चाहिए अच्छी और सच्ची दोस्त

तुषार ने रिंकी के होतो से अपने हॉट मिला लिए, और चूसने लगा फिर उसने रिंकी को गोद में उठा लिया और चूमने लगा, काफी देर तक चूमने के बाद रिकनी को हार्ड चूचियों को चूसने लगा,


2830921.gif


रिंकी- aahhhhhhhhhhhhh निचोड़ दो इन्हे बहुत मजबूत हाथ ह तुम्हारे

तुषार ने रिंकी की गांड को अच्छे से पकड़ा और मसलने लगा, फि निचे उतर क्र उसे घुमा दिया और उसकी गार्डन और कमर चूमें लगा, रिंकी बैचैन होने लगी,


tumblr-25b6fc0cb856db792b9cf17283c906a5-44a19fcf-250.gif


तुषार ने एक हाथ आगे लेजाकर रिंकी की चुकी पकड़ ली और दूसरे हाथ से उसकी छूट को सहलाने लगा, रिंकी मजे में सर इधर उधर हिला रही थी, फिर रिंकी पलटी और तुषार के कपडे उतरने लगी, जीन्स उतरने के बाद तुषार का लुंड अंडरवियर में पूरा तना हुआ खड़ा था, जिसे रिंकी उप्पेर से hi चाटने लगी

m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-gx4db-Ls-5-Bt2f-Zl-22368091b.gif




और अंडर वियर को निचे खिसकने लगी, कैसे hi लुंड बहार आया तो रिंकी की आँखे फटी रह गई,

वो बस लुंड को देखे जार hi थी,

तुसाहर – कैसा ह साप

रिंकी- इससे बड़ा तो जोंनि सिन का भी नहीं ह

तुषार- पसंद आया न तुझे ये साप, इससे पहले इससे छोटे थे या बड़े

रिंकी- इससे बड़ा तो रियल साप भी नहीं होगा

रिंकी लुंड को इधर उधर करके देखने लगी फिर अपने होतो पैर लुंड को रगड़ने लगी,


4-A04112-D-3-D42-46-CB-BE75-D8-BDD94-E68-B7.gif


फिर उसने लुंड को अपने गाल पैर रखा और लम्बाई नापने लगी,

images-2022-02-16-T145232-952.jpg


फिर उसने घूम क्र अपने सर पैर रख लिया देखा मेरे सर से भी बड़ा ह ये,

images-2022-02-07-T160146-574.jpg


तुषार बस मुस्कुरा रहा था,

फिर रिंकी लुंड के टोपे को चाटने लगी, वो लुंड को निचे से लेकर उप्पेर तक चाट रही थी, फिर ांडो को पकड़ क्र उन्हें चाटने लगी, फिर लुंड को चूसने लगी,


IMG-20240119-211929.gif


कुछ देर बाद तुषार ने ुए उठाया और खड़े खड़े hi रिंकी को 69 पोजीशन में ले आया और अपना मुँह उसकी छूट पैर लगा दिया और रिंकी ने उसका लुंड मु में भर लिया, काफी देर तक चूसै होने के बाद

4695681.gif




रिंकी- बस अब अंदर दाल दो अपने इस साप को मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा

तुषार- तू त्यार ह न झेल लेगी

रिंकी- मर भी जाऊ परवाह नहीं बस इसे दाल दे मेरे अंदर

तुषार ने रिंकी को बीएड पैर लिटाया और उसकी पैरो के बिच आ गया, और टोपा छूट पैर लगाया, और रिंकी की तरफ देखा और लुंड पैर दबाव बना दिया, छूट बहुत गीली हो राखी थी जिससे टोपा अंदर घुस गया, रिंकी की ahhhhhhhhhhhhhh निकल गई aaahhhhhhhhhhhh बहुत मोटा ह ahahhhhhhhhhhhh


pussy-penetration-001.gif


तुषार ने रिंकी की चूचिया पकड़ी और सहलाने लगा और लुंड का दबाव बनाए लगा,

रिंकी- बस बस बस बस रुक जा प्लस ahhhhhhhhhhhhhhh बहुत दर्द हो रहा ह बहुत मोटा ह

तुषार रुक गया- अभी भी सोच ले

रिंकी की आँखों में आंसू थे और वो फिर भी हसी मैंने कहा न इसके लिए मर भी जाउंगी तू चिंता मत क्र बस एक बार अंदर घुस जाये फिर मत रुकन चाहे कुछ भी हो जाये

तुषार ने हलके हलके कमर हिलनी शुरू की लुंड पूरा फसा हुआ था लेकिन छूट के अंदर बहुत पानी होता ह तुरंत चिकनी हो जाती ह, और हुआ भी वही रिंकी की छूट कुछ hi देर में चिकनी हो गई और लुंड थोड़ा थोड़ा अंदर बहार होने लगा, कुछ देर तुषार ऐस एही धक्के लगता रहा, जब रिंकी को मजा ाँ ेलगा तो तुषार ने एक जोर दर धक्का लगाया और पूरा लुंड अंदर हुआ दिया,

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मर गई ahahhhhhhhhhhh माँ मर गई,

तुषार- तेरी माँ नहीं आएगी यहाँ ये तो तुझे hi झेलना पड़ेगा

रिंकी- हहहह बहुत दर्द ह यार बहुत बड़ा ह इसे कोई कैसे झेल सकता ह

तुषार- जैसे तू झेल रही ह

रिंकी- मेरी माँ ने कैसे झेला होगा

तुषार- क्या

रिंकी- तुझे क्या लगता ह मुझे पता नहीं होगा तूने hi उनकी चल बिगड़ी ह उन्होंने कैसे झेला होगा

तुषार- तुझे पता ह फिर भी तू मेरे पास आई

रिंकी- वो अपनी जिंदगी जी रही ह मैं अपनी उन्हें कोई सुख नहीं मिला अब मिल रहा ह तो मैं क्यों रोकू और उनकी वजह से मैं अपनी ख़ुशी क्यों मरू, अभी तू उन्हें भूल और मुझे छोड़ अच्छे से छोड़

तुषार जोश में आ गया था उसने पूरा लुंड बहार खींचा और एक बार में hi पूरा अंदर घुसा दिया,


tumblr-mryx1y-K6ip1qm7d6go1-500.gif


Aghhhhhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह फ़क फ़क फ़क

तुषार ने लगातार धक्के लगाए शुरू क्र दिए, 10 मिनट्स में hi रिंकी झड़ने लगी,

Ahhhhhhhhhhhhhhh तुषा ऋ ऍम किंग अह्हह्ह्ह्ह फ़क फ़क फ़क फ़क में फ़क में फ़क में ahhhhhhhhhhhhhhhhhh uuufffffffffffffff ऐसे hi ahhhhhhhhhh है है है अहा कपल्स प्लसप्ल्स फ़क में फ़क में


TTTTR-1.gif


तुषार लगातार धक्के लगाए जा रहा था रिंकी बड़बड़ाये जा रही थी, कुछ देर में वो शांत हो गई, लेकिन तुषार नहीं रुका उसने तुरंत रिंकी को घोड़ी बनाया और उसके पीछे आ गया, और एक hi झटके में लुंड घुसा दिया,

तुषार ने धक्के लगाने शुरू क्र दिए धक्के इतने तेज थे की रिंकी खुद को सम्हाल hi नहीं प् रही थी, उसका बैलेंस बिगड़ रहा उसने अपना मुँह बीएड पैर टिका दिया, इससे उसकी हूत उप्पेर उप्पेर उठ गई जिससे लुंड और घेरे में जार है था,


tumblr-mmtsbai-VN51s7u3gao1-500.gif




रिंकी ज्यादा देर बर्दास्त नहीं क्र पाई फिर झाड़ गई, लेकिन तुषार पुरे मजे में था, रिंकी के जैसे hi झाड़ क्र शांत हुई तुषार ने उसे उठाया और गॉड में लेका रखड़ा हो गया और हवा में hi उसे छोड़ने लगा,

her-stretching-pussy-feels-so-good-squeezing-my-thick-thrusting-mushroom-001.gif


रिंकी की हालत खरब हो चुकी, वो कभी एक साथ इतनी बार नहीं झड़ी थी, इतनी बार क्या वो कभी एक बार भी ठीक से नहीं जड़ी थी, उसे झड़ने के लिए खुद hi जोर लगाना पड़ता था लेकिन यहाँ तो वो 2 बार झाड़ चुकी थी, वो भी तगड़े तरीके से,

271196071-1291167888126840-8783085686948867120-n.gif




तुषार उसे डॉल की तरह उछाल रहा था इस पोजीशन में लुंड रिंकी की बच्चे दानी तक टकरा रहा था, रिंकी से अब बर्दास्त नहीं हो रहा था वो मज एमए पागल हुई जार hi थी और वो तीसरी बार भी झड़ने लगी,

Aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh फ़क फ़क फ़क तुषार फ़क में लिखे व्होरे फ़क में ी ऍम फूकिंग बीच फ़क में ी ऍम योर बीच ी ऍम योर पेट बीच, फ़क में लिखे पोर्न एक्ट्रेस,

तुषार ने भी धक्के तेज क्र दिए अब वो भी झड़ने वाला था तो उसने रिंकी को निचे उतरा तो रिंकी ने तुरंत लुंड मुँह में भर लिया, तुषार ने उसका सर पकड़ा और मुँह में 5-6 धक्के लगाए और अपना रास उसके मुँह में खली करने लगा, तुषार के लुंड से इतना रास निकला था की रिंकी के मुँह से बहार भी निकलन ेलगा और उसकी चूचियों पैर भेने लगा


gifcandy-cum-in-mouth-74.gif


लुंड पूरा खली होने के बाद रिंकी लुंड को चाटने लगी और चाट क्र उसे साफ़ क्र दिया,

100802-adoring-her-fresh-daddy.gif


फिर उसे अपने गाल से छिपा लिया लटका हुआ लुंड भी रिंकी के फेस से बड़ा था,

images-2022-02-16-T145320-079.jpg


फिर रिंकी ने अपनी चूचियों पैर से रास को लिया और चाटने लगी,

तुषार- फ्रेश हो जाओ कॉफ़ी भी ठंडी हो गई

रिंकी- ये hi तो थी मेरी कॉफ़ी इससे अच्छी कॉफ़ी नहीं हो सकती,

रिंकी जैसे hi उठी वो वही गर पड़ी, उससे खड़ा hi नहीं हुआ गया, तुषार ने उसे गॉड में उठाया और बाथरूम में ले गया और उसे साफ़ किया, खुद को भी साफ़ किया फिर बीएड पैर लिटा दिया, तुषार जैसी hi मुदा रिंकी ने उसका हाथ पकड़ लिया लेट जाओ न

तुषार- तेरे लिए दवाई लेकर आ रहा हु दर्द में आराम मिलेगा

रिंकी- नहीं मुझे अभी नहीं चाहिए मुझे इस दर्द को फील करना ह ऐसा दर्द तो मुझे तब भी नहीं हुआ था जब मेरी सील टूटी थी, इस दर्द और सुख के लिए मैं जाने कहा कहा भटकी हु,

तुषार उसके पास hi लेट गया दोनों नंगे एक दूसरे से चिपक क्र लेट गए,

तुषार- तुझे पता था मैंने और अनीता जी ने वो सब किया

रिंकी- है तेरे इस हतियार को देख क्र कोई औरत रह hi नहीं सकती

तुषार- तू बस इस हतियार की वजह से मेरे पास आई

रिंकी- सच कहु तो है लेकिन तू मेरा सच्चा दोस्त ह और मुझे तेरे अलावा कुछ नहीं चाहिए

तुषार- ये अजीब नहीं ह मैं अनीता जी के साथ भी और तेरे साथ भी प्यार क्र रहा हु

रिंकी- हम दोनों माँ बेटी को प्यार दे hi रहा ह हमसे कुछ चीन तो नहीं रहा, जो हमे आज तक नहीं मिला वही दे रहा ह

तुषार- लेकिन तूने अपनी जीवन को इतना बर्बाद क्यों किया हुआ ह

रिंकी- क्या करती कोई समझने वाला तो था नहीं बचपन से बाप को ऐसी हरकते करते देखा फिर चाचा की वो गन्दी नजर जब जवान हुई तो चची मिल गई उन्होंने ये रास्ता दिखाया तो चल पड़ी, चची अच्छी हैं

तुषार- हाहाहा अच्छी तुझे लगता ह तेरी चची अच्छी ह

रिंकी- मेरे अकेलेपन में वही सहारा बानी

तुषार- जब तू अकेले थी और छोटी थी उस आगे में सही गलत समझने की जगह तुझे सेक्स की लत लगा दी, तूने सोचा कभी उन्होंने अपनी लत को पूरा करने के लिए तुझ भी वही लत लगा दी, अगर वो अच्छी होती तो तुझे मजबूत बनती और तेरे बाप जैसी न बनती, अब तुझमे और तेरे बाप में क्या अंतर ह, वो भी अपनी अयाशी करता ह और तू भी, इसमें तेरी माँ वो कहा रही,

अगर तू अकेली थी तो अनीता जी भी तो अकेली थी तूने उनका सहारा बनने की जगह अपने बाप जैसा बनना सही समझा, जिस आदमी की हरकतों से तुझे नफरत थी तू खुद उसके जैसी बन गई, अपनी माँ जैसी क्यों नहीं बानी, इतनी तकलीफो के बाद भी उस औरत ने अपने आप को किसी के सामने नहीं झुकाया, तेरी ख़ुशी के लिए उस इंसाने के साथ रहती रही, उससे कभी अलग नहीं हु ताकि तू अकेली न रह जाये, वो जब चाहे तेरे बाप से तलाक लेकर अलग हो सकती थी लेकिन तू क्या करेगी कैसे रहेगी ये सोच क्र नहीं गई,

अगर तेरी चची अच्छी होती तो वो तुझे तेरी माँ का साथ देना सिखाती तुझे समझती की अपनी माँ को मजबूत बना लेकिन उसने तुझ एक सेक्स तोय बनाना सही समझा अपने hi बर्फ के सामने परोस दिया सोच वो कितनी गिरी हुई होगी

रिंकी की आँखों में आंसू थे, वो बस तुषार की बातो को सुने जा रही थी,

तुषार- जिस आगे में हमारे यहाँ लड़कियों को पूजा जाता ह तू उस आगे में लोगो के बिस्टेर गर्मी करने लगी, इंडिया में होती तो यहाँ लोग त्योहारों पैर तुम्हारे पेअर छू रहे होते उस आगे में, यहाँ के लोगो को गवर और पिछड़े हुए बोलै जाता ह लेकिन कुछ जल्द को छोड़ क्र बाकि देश औरत को देवी मन क्र पूजता ह , और कपडे तू कुछ भी पहन हेगी रिंकी hi, चाहे नंगी भी घूमेगी तो भी रिंकी hi रहेगी बस जीतनेय कपडे काम होते जायेंगे लोगो की नजर उतनी गन्दी और तेरी इज्जत उनकी नजरो में उतनी hi काम हो जाएगी,

मैं तुझे कपडे ज्यादा या बुरखे में ढकने को नहीं बोल रहा लेकिन जो भी फेनो वह के माहौल के हिसाब से फेनो, वह के लोग क्या फेंटे ह वो फेनो, तुम्हे बहुत जगह मिलेंगी जहा लोग बहुत काम कपडे फेंटे ह तो उनके सामने फेनो, लेकिन जहा लोग पुरे कपडे फेंटे हो वह पुरे फेनो,

रिंकी- बस बस प्लस तुषार मैं और नहीं सुन पाऊँगी आज मुझे लग रहा ह जैसे मैं आज तक एक गन्दगी में जी रही थी, मैं खुद की hi नजरो में गिरती जा रही हु मुझे माफ़ क्र दो तुषार

तुषार- माफ़ी अपनी माँ से मांगना और उसने सम्मान और प्यार देना वो उसी की भुकी हैं

रिंकी- वडा करती हु उन्हें कभी तकलीफ नहीं दूंगी बस तुम मेरी दोस्ती मत तोड़ देना

तुषार- कभी नहीं

रिंकी- तुम्हारी मेरे बाप और चाचा से क्या दुश्मनी ह

तुषार- तुम्हे किसने कहा

रिंकी- जब मैं अमेरिका में थी तो वो लोग बात क्र रहे थे की उस अंजलि ने हमारे साथ ऐसा क्र दिया वैसा क्र दिया तुम्हारा भी नाम आया था,

तुषार- तुम रहने दो इस से दूर रो

रिंकी- नहीं मैं कैसे दूर रह सकती हु तुम दोस्त हो मेरे

तुषार- बहुत रिस्की ह इस मटर में घुसना

रिंकी- तुम बता क्र तो देखो

तुषार- सोच लो

रिंकी- सोच लिया

तभी तुषार का फ़ोन बजने लगा

फ़ोन अनीता का था,

तुषार- तुम रेस्ट करो मैं अभी आया,

तुषार ने जल्दी से कपडे पहने और फ़ोन लड़के बहार चला गया

तुषार- hello

अनीता- hello रिंकी ठीक ह

तुषार- है जी अब बिलकुल ह ठीक ह

अनीता- अब मतलब

तुषार- जब वो आपको मिलेगी तो देख लेना

अनीता- क्या तुम्हारे बिच कुछ हुआ

तुषार- जी और उसका रिजल्ट भी आज hi आपके सामने होगा

अनीता- क्या वो मेरे पास रहेगी

तुषार- वो कभी आपके पास से नहीं जाएगी ये मेरा वडा ह आपसे

अनीता- ठंकु तुषार ठंकु लव यू ी लव ु

तुषार- ठीक ह मैं जरा उसे दवाई दे दू बहुत दर्द में ह

अनीता- दर्द में क्यों क्या हुआ

तुषार- वही जो आपको हुआ था आपको तो पता hi ह न मेरे साथ कैसा दर्द होता ह

अनीता- शरमाते हुए पता ह ठीक ह जाओ

तुषार वापस आ या तो रिंकी सो चुकी थी, टाइम दोपहर के 1 बजे हुए थे, आज संडे था तो ऑफिस की छुट्टी थी, तुसाहर भी वापस आकर रिंकी के पास hi लेट गया और सो गया,

इधर अंजलि और सीमा एक दूसरे का सामना करते हुए शर्मा रही थी, क्योकि उन्होंने एक रात पहले जो किया, वो चुदाई के नशे में क्र तो गई लेकिन अब उन्हें शर्म आ रही thi,kal का दिन तो अंजलि काम से निकल गाइट hi रात को hi वापस आई थी लेकिन आज तो संडे था दोनों माँ बेटी घर में hi थी, पूरा दिन हो चुक्का था सीमा निचे उतर क्र नहीं आई थी, अंजलि भी उसे बुलाने से शर्मा रही थी,

अब सीमा को भूक लग रही थी वो धीरे से निचे आई और किचन में गई, चुपचाप खाना प्लाट में दाल क्र उप्पेर जाने लगी तो सामने से अंजलि आ गई, दोनों की नज़ारे मिली और शर्मा कर झुका ली,

लेकिन अंजलि समझदार थी उसे पता था ऐसे करेगी तो सीमा और शर्मा जाएगी, सीमा जैसे hi उप्पेर जाने लगी

अंजलि- सीमा यही खा ले मैं भी खा लुंगी

सीमा- वो माँ मैं उप्पेर hi खा लुंगी

अंजलि- रुक ना मैं भी खा लुंगी

सीमा रुक गई फिर अंजलि ने भी खाना किया और दोनों बैठ गई

कुछ देर चुप चाप खान ेके बाद अंजलि ने चुप्पी तोड़ी

अंजलि- मैं और टुशु अब पति पत्नी की तरह हैं साथ में

सीमा ने अंजलि को देखा जैसे पूछना चाहती हो कब से

अंजलि- तू तो मेरा पास्ट जानती hi ह मैंने पूरी जिंदगी अकेले काट दी, अब मुझे प्यार मिला तो मैं खुद को रोक नहीं पाई, वो मेरा बीटा ह लेकिन वोट क अल्फ़ा मर्द ह जो सबको अकेले सम्हाल सकता ह,

सीमा- जानती हु माँ और मुझे आपके रिश्ते से कोई ऐतराज नहीं ह

अंजलि- अब इसी घर में हम तीनो माँ बेटी तुषार के साथ सो रही हैं ये ह तो बड़ा अजीब लेकिन इससे हमारा प्यार बढ़ना hi चाहिए काम नहीं होना चाहिए, हम सब तुषार को प्यार करती हैं तो इसी वजह से हम एक दूसरे को भी हमेशा प्यार करती रहेंगी,

सीमा- आपको पता ह दीपा भी

अंजलि- मुझे सब पता होता ह

सीमा- माँ इससे हमारा क्या रिश्ता बन गया ह

अंजलि- हस्ते हुए बहुत कॉम्प्लिकेटेड ह, तू मेरी बेटी ह और मेरी बहन भी ह और मेरी ननद भी ह मेरी बहु भी ह और मेरी सौतन भी ह

सीमा- हहहह क्या फॅमिली ह हमारी हम सिंपल रिस्तो में कितनी घोच पॉच क्र राखी ह

अंजलि- कल रात जो हुआ उससे हमारा रिश्ता और मजबूत होना चाहिए शर्म नहीं आणि चाहिए

सीमा- नहीं आएगी माँ और जिसकी आप जैसी माँ और उनका रिश्ता कभी नहीं डगमगा सकता हमारा परिवार कभी अलग नहीं होगा, बस आपसे एक रिक्वेस्ट ह

अंजलि- है बोलै

सीमा- मैं तुषार के अलावा किसी से शादी नहीं करुँगी

अंजलि- ह तो बहुत मुश्किल लेकिन किसी और से नहीं करवाउंगी ये वडा क्र सकती हु, टुशु से होगी या नहीं ये पता नहीं

सीमा- उससे हो या न हो किसी और से नहीं करना बस

फिर दोनों ने खाना खाया और अपने रूम में आ गए,

सीमा ने तुरंत दीपा को कॉल लगा दिया

दीपा- hello जान कैसी ह अकेली

सीमा- साली यहाँ तो कांड हो गया तू पड़ी रह अकेली

दीपा- क्या हुआ सब ठीक ह न कुछ गड़बड़ तो नहीं हुई

सीमा- गड़बड़ क्या बहुत लोचा हो गया कल

दीपा- आरी हुआ क्या बता न क्यों डरा रही ह

सीमा- कल टुशु आया था

दीपा- फिर

सीमा- फिर क्या वो और माँ चाट पैर लगे पड़े थे

दीपा- क्या

सीमा- है तुझे नहीं पता था न माँ उससे चुद चुकी हैं

दीपा- ोोू ये कांड हुआ इसमें क्या नया ह

सीमा- तुझे पता था हरामजादी तूने मुझे भी नहीं बताया

दीपा- तू तब अलग दुनिया में चल रही थी इसलिए नहीं बताया था, अब तुझे खुद hi पता चल गया, तूने कुछ गड़बड़ तो नहीं की न माँ को बड़ी मुश्किल से खुशिया मिली ह कुछ मत करना

सीमा- साली तूने तो छुपा लिया था लेकिन मैं जो बताने जा रही हु उसके बाद तेरी गांड से धुए निकल जायेंगे

दीपा- क्या क्या क्र दिया तूने

सीमा- मैंने नहीं टुशु ने क्र दिया

दीपा- क्या क्र िद्या जल्दी बता पहेलियाँ मत बुझा

सीमा- टुशु में हम दोनों माँ बेटी एक साथ एक hi बिस्टेर पैर अपने गधे जैसे लुंड से छोड़ दिए,

दीपा- kyaaaaaaaaaaaaa

दीपा हड़बड़ा क्र उठ गई उसके हाथ से फ़ोन गिरत गिरते बचा, रुचे भी उसके पास आ गई,

दीपा- तू तू तू झूट बोल रही ह ऐसा नहीं हो सकता

सीमा- हहहहहा निकला न धुआँ तेरी कसम मेरी जान रात उसने हम दोनों की जो ठुकाई की ह न कसम से जन्नत दिखा दी, ऐसा मजा पहले कभी नहीं आया माँ के साथ जो सुख मिला वो दुनिया में कही नहीं मिल सकता

दीपा- हरामजादी तेरी छूट में गरम तेल दाल दूंगी मैं वह आयकर तूने, माँ तुम्हे इसके साथ क्यों किया मेरे साथ क्यों नहीं उठ उठ उठ उठ

रूचि- क्या हुआ दीपा

सीमा- रूचि पास में ह क्या चल बाद में बात करुँगी, और फ़ोन काट दिया

दीपा- फ़ोन को साइड में फेंक दिया मैं तेरी जान ले लुंगी मम्मी ये क्यों किया

रूचि- अरे क्या हुआ ऐसे ड्रामे क्यों क्र रही ह

दीपा- ड्रामे उस सीमा में सारा मजा लूट लिया और तुम मुझे ड्रामे बता रही ह

रूचि- क्या क्र दिया दी ने

दीपा- वो हरामजादी तुषार के साथ चुद गई

रूचि- तो इसमें कोनसी बड़ी बात ह

दीपा- माँ के साथ एक hi बिस्टेर पैर एक hi साथ में

रूचि- kyaaaaaaaaaaaaa

ये ये ये कैसे हो सकता

दीपा- तू यहाँ सपने देखती रह मैंने कहा था मेरे साथ छोड़ना तू तो ड्रामा क्र रही थी, और वो कामिनी माँ के साथ hi चुद गई

रूचि- हे भगवान् और क्या क्या देखना पड़ेगा मुझे कैसी फॅमिली दी ह ये मेरी, मेरे प्यार को खाये जा रही हैं ये सब

दीपा- हे भगवान् मुझे कब देगा माँ के सतह तुषार से छोड़ने का मौका

रूचि- माँ के साथ hi क्यों

दीपा- तू नहीं समझेगी जब माँ खुद टुशु का लुंड पकड़ क्र मेरी छूट में डालेंगी तो वो सुख दुनिया का सबसे बड़ा सुख होगा

रूचि- हैट गन्दी कितनी गन्दी हो गई हो तुम सब

दीपा- जिस दिन तेरी छूट में हम तीनो मिलकर तुषार का लुंड डालेंगे न उस दिन बताउंगी तुझे

रूचि- मैं ऐसा नहीं करुँगी

दीपा- तेरी सुहागरात पैर यही होगा देख लेना वर्ण मैं शादी नहीं करवाउंगी

रूचि- शादी तो टुशु से hi करुँगी चाहे उसके लिए कुछ भी करना पद जाये,

दीपा- हहहहहहाआआ

शाम को तुषार और रिंकी की आँख खुली तो तुषार ने रिंकी को ब्रेड दी खान ेको फिर एक पेनकिलर दी, फिर रिंकी तैयार होकर घर जाने लगी तो तुषार पहले उसे खान ेखिलान ेले गया फिर एक कपड़ो की शॉप पैर ले गया और वह से रिंकी की के लिए कुछ कपडे खरीदे और वही फिटिंग करवा दी,

तुषार- ये मेरी तरफ से

रिंकी- लेकिन मैं ये कैसे

तुषार- तुम क्र लोगी सबको ख़ुशी मिलेगी और मुझे तो बहुत ज्यादा

रिंकी- ठीक ह तुम्हारे लिए करुँगी

तुषार रिंकी को उसके घर छोड़ क्र आया वो अनीता जी के समाने नहीं जाना चाहता था, उसे खुद hi शर्म लग रही थी अनीता भी शर्मा रही थी, रिंकी अंदर गई तो उसकी थकन और चल अलग hi बता रही थी वो क्या करके आई,

अनीता- तू ठीक ह न

रिंकी- है माँ ठीक हु रात देर हो गाइट hi वही रुक गई बाइक पैर बैठने से पेअर सो गया ह

अनीता- कोई नहीं तू अंदर जाकर आराम क्र ले खुश खाने को लौ

रिंकू- नहीं मैं खा क्र आई हु आप रेस्ट करो

आज रिकी की आवाज में बड़ा बदलाव था जिसे अनीता भी महसूस क्र रही थी,

रिंकी अंदर चली गई, अनीता दूर पैर कड़ी रही सोचा तुषार आएगा उसका मन कह रह अतः एक बार आ जाये बस, लेकिन आज तुषार नहीं आया वो जा चुक्का था, कुछ देर खड़े रहने के बाद अनीता ने दूर बंद किया,

तुषार रूम पैर आया और थोड़ी देर रेस्ट किया, फिर दीपा को कॉल लगा दिया

दीपा- hello

तुषार- आज ये hello इतना रुखा क्यों

दीपा- बात मत क्र मुझसे

तुषार- अरे क्या हुआ मैंने क्या कर दिया

दीपा- तुझे नहीं पता तूने क्या किया ह

तुषार- कोई बताइयेगा तभी तो पता चलेगा न क्या किया ह

दीपा- जो तूने सीमा और माँ के साथ किया

तुषार- ओहो तो खबर दे दी आपके खबरि ने, अरे वो सब हो गया बस कुछ सोचा तोडना था सीमा दी आई और खुद hi लग गई मैं तो समझ hi नहीं पाया था

दीपा- रहने दे बस रहने दे पूरी डिटेल देख मेरा खून मत जला

तुषार- हहहहह आपको भी जलन होती ह

दीपा- जलन नहीं हो रही बस दुःख ह मैं वह क्यों नहीं थी

तुषार- आप भी होगी एक दिन

दीपा- सच्ची

तुषार- मुचि

तुषार- अब कल का बताओ मुझे सब सेट हो गया न

दीपा- है सब सेट ह बस उम्मीद ह सब ठीक होगा, इस बार उसे इअसा सबक सिखाऊंगी की जिंदगी भर याद करेगी

तुषार- बस पैसा उल्टा न पद जाये

दीपा- पॉजिटिव सोच सब अच्छा होगा



तुषार- ठीक ह कल मिलता हु बी
 
अपडेट-43



अगले दिन तुषार ने ऑफिस से छुट्टी ले ली और चल दिया रजनी का शिकार करने, तुषार ने बाइक गाओं के बहार एक दुकान के पास कड़ी क्र दी और गाओं में पैदल hi गया, उसने कविता को कॉल करके लोकेशन ले ली ताकि किसी से एड्रेस न पूछना पड़े, तुषार ने दरवाजा खटखटाया तो सामने कविता ने दरवाजा खोला, जो एक गाउन सा पहने हुए थी,

01.jpg


कविता ने बड़ी कातिल अदा के साथ तुषार का स्वागत किया,

कविता- आइये आइये

तुषार- आपने बुलाया ह तो आना तो था hi

कविता- कुछ खाएंगे या पिएंगे

तुषार- खाना पीना तो आपको खाने के बाद देखेंगे

कविता- बड़ी जल्दी ह अभी तो पूरा दिन पड़ा ह

तुषार- जब मैं शुरू हो जाऊंगा तो दिन छोटा हो जायेगा फिर आप कहोगी मेरा तो 3 बार hi हुआ दो दो औरतो को करवाने के लिए पूरा दिन तो लगेगा न, रजनी जी कहा ह

कविता- 3 बार दोनों औरतो को कुछ ज्यादा नहीं हो गया

तुसाहर- ज्यादा 3 बार ज्यादा ह मैं तो 6 बार करवा सकता हु

कविता- वो तो अभी देख लेंगे और ये रजनी के इतने दीवाने क्यों हो गए हो

तुसाहर- दीवाना तो आपकी ऐडा का हु वो तो बस टेस्ट बदलने के लिए

पीछे से – अच्छा जी मैं टेस्ट बदलने के लिए हु

तुषार एक दम चौक गया पीछे रजनी कड़ी थी, शामे कविता जैसे गाउन में,


pic1.jpg


तुषार- अरे किसने कहा आप तो काम देवी हैं

कविता- बाते बनानी तो खूब आती ह

तुषार- मुझे घोड़ी बनाना भी अच्छे से आता ह

रजनी- वो तो कुछ देर में hi पता चल जायेगा पहले कुछ खा लो कही बाद में कहो की मैं भूका था इस लिए जल्दी हो गया

दोनों औरते हसने लगी

तुषार- भूका तो मैं हु और मेरी भूक आप दोनों hi बजाओगी और आपकी प्यास मैं बुझाऊंगा

रजनी ने तुषार का हाथ पकड़ा और रूम में ले गई, रूम में बड़ी अच्छी खुशबु आ रही थी डबल बीएड पैर वाइट चादर बिछी हुई थी, रजनी ने तुषा रको बीएड पैर बैठा दिया, तभी कविता एक गिलास में दूध ले आई

तुषार- इसकी क्या जरुरत थी

कविता- बादाम का दूध ह तुम्हे ताकत मलेगी

तुषार- मुझे डायरेक्ट थानों से पिने का शोक ह

रजनी- वो भी पि लेना

तुषार- आओ तीनो पिटे हैं फिर थोड़ा थोड़ा

तीनो ने थोड़ा थोड़ा दूध पिया,

तुषार- क्या प्रोग्राम ह एक साथ या अलग अलग

कविता- दिल तो कर रहा ह अलग अलग का hi लेकिन उसमे पहले कोण लेगी ये फैसला करना मुश्किल हो रहा था इसलिए आज सोचा दोनों एक साथ मजा लेते हैं मूवीज में बहुत देखा दो औरतो को एक साथ लेकिन कभी तरय नहीं किया आज वो भी क्र लेते हैं मौका भी ह और मोके वाला भी

तुषार- तो हो जाओ शुरू

दोनों औरतो ने एक दूसरे की तरफ देखा और अपने गाउन उतर दिए अंडर दोनों ने ब्लैक लिंगेरिएस फेनी हुई थी, दोनों hi कयामत लग रही थी,


pic1-1.jpg




दोनों ऐडा से चलती हुई तुसाहर के पास आई और उसकी शर्ट खोलने लगी, कविता ने अपने हॉट तुषार के होतो पैर रख दिए, रजनी ने उसकी शर्ट उतर दी फिर उसकी चेस्ट को चूमने लगी, कविता निचे गई और तुषार की जीन्स खोलने लगी, रजनी के हॉट तुषार के होतो से मिले हुए थे और कविता जीन्स उतर रही थी, तुषार केवल अंडर वियर में लेता हुआ था, तुषार ने रजनी की चूचियों पैर अपना मुँह लगा दिया और चूमने लगा,

271280471-1093805591373608-4112047791866105963-n.gif


रजनी भी तुषार का सर अपनी चूचियों पैर दबाने लगी. निचे कविता अंडरवियर में से लुंड का उभर देख क्र खुश हो रही थी और उसे रगड़ रही थी, लुंड भी अपनी औकात पैर आया हुआ था, कविता ने जल्दी से अपने कपडे उतर दिए, इधर तुषार ने रजनी के कपडे उतर दिए, रजनी थोड़ा शर्मा रही थी, जबकि कविता पूरा मजा ले रही थी,

फिर तुषार खड़ा हो गया रजनी और कविता नंगी तुषार के सामने बैठी हुई थी, कविता ने तुषार का अंडर वियर निचे खिसकना शुरू क्र दिया, जैसे hi लुंड बहार आया दोनों औरतो की आँखे फटी रह गई,


tumblr-m3xifll-It11rsuygmo1-500.webp


रजनी- ये क्या ह

कविता- ये ह असली लुंड

तुषार- पसंद आया

रजनी- ये तो जान ले लेगा

कविता- मैं तो हस्ते हस्ते दे दूंगी

तुषार- ये प्यार देता ह

कविता ने तुरंत लुंड को मुट्ठी में भर लिया और आगे पीछे करने लगी, लुंड का टोपा स्किन से बहार आता अंदर जाता बड़ा प्यार लग रहा था,


IMG-20231222-081058.gif




फिर कविता ने लुंड को मुँह में भर लिया, तुषार ने रजनी को सर लुंड की तरफ बढ़ा दिया वो भी लुंड को निचे से चाटने लगी, फिर कविता लुंड को कहते हुए ांडो तक पहुंच गई और उन्हें मुँह में लेकर चूसने लगी,

IMG-20240217-134429.gif


रजनी लुंड को आगे से चूसने लगी फिर दोनों एक साथ लुंड चूसने लगी,

5e76d2152e8d710bd77168ba75ed5d33.gif


तुषार ने कविता को उठाया और अपनी गॉड में उठा लिया और अपना मुँह उसकी छूट में लगा दिया निचे रजनी तुषार का लुंड चूसने लगी, थोड़ी देर ऐस एही चूसै करने के बाद तुषार ने कविता को बीएड पैर झुकाया और लुंड उसकी छूट में लगा दिया, रजनी भी साइड में आ गई और उसने लुंड को पकड़ा और कविता की छूट पैर सेट किया

download.jpg


तुषार ने लुंड को आगे धकेल दिया, लुंड का टोपा घुसते hi कविता की चीख निकल गई

Aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मैया मार दिया रे फाड् दी मेरी भोसड़ी aahhhhhhhhhhhhhhhhhh

तुषार- अभी से फैट गई अभी तो टोपा hi घुसा ह

कविता- बहुत मोटा ह ahhhhhhhhhhhh आराम से

तुषार- चुदाई में आराम नहीं होता

और तुषार ने एक और जोर दर धक्का लगाया और आधे से ज्यादा लुंड छूट में घुस गया, कविता औंधे मुँह बीएड पैर गिर गई, aaahahhhhhhhhhhhhhh फैट गई aaahhhhhhhhhhhhhh मर जाउंगी आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बस बस बस आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

रजनी- हस्ते हुए तू तो कह रही थी मैं मरने को तैयार हु अब क्यों दर रही ह बोल निकलवा दू मैं डलवा लुंगी पहले

कविता- नहीं नहीं नहीं निकला मत दुबारा घुसवाते हुए दर लगेगा अब तो फाड् hi दो

तुषार ने हल्का सा लुंड बहार खींचा और पूरा अंदर दाल दिया, और रुका नहीं फिर बहार खींचा और फिर दाल दिया,

Ahhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhh आराम से आराम से जालिम बहुत दर्द हो रहा ह आज से पहले इतना बड़ा नहीं लिया uuufffffffffffff बस aahhhhhhhhhhhhh

रजनी साइड में बैठी अपनी छूट शेला रही थी, तुषार ने हलके हेक धक्के लगाने शुरू क्र दिए थे, जल्दी हु कविता की छूट भी ढीली हो गाइट hi और लुंड आराम से जाने लगा था कविता का दर्द अब मजे में बदलने लगा था, 15 मिनट्स ऐसे hi छोड़ने के बाद कविता झड़ने लगी ahhhhhhhhhhhhhhhhhh जालिम मजा आ गया aaahhhhhhhhhhhhhh और जोर से छोड़ आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह फाड् दे मेरी छूट बना दे भोसड़ा ahahahhhhhhhhhhhhhhhhh मजा आ गया aaahhhhhhhhhhhh हां है है यह ऐसे hi aahhhhhhhhhhhhhhhh


unnamed-1.gif




तुषार बहुत तेज धक्के लगाए जार है था, जैसे hi रजनी को अहसास हुआ कविता झाड़ चुकी ह फिर भी चूड़े जार hi ह उसने तुरंत कविता को साइड क्र दिया

रजनी- बस क्र कामिनी झाड़ तो गई ह तुझे छोड़ने में कही ये झाड़ गया तो बहुत देर में खड़ा करना होगा फिर टाइम ख़राब हो जायेगा अब मुझे छोड़ने दे

कविता- दीदी कितना मजा आ रहा था

तुषार- कोई टेंशन की बात नहीं ह ये जल्दी hi खड़ा हो जाता ह

कविता- ये इतनी देर से छोड़ रहा ह खुद भी झड़ने वाला होगा कही आपकी में डालते hi झाड़ गया तो आपका सारा मज अखरब हो जायेगा इससे तो मुझे hi चुद लेने देती कुछ देर

तुषार- ये आप दोनों को 3-3 बार झाड़ा क्र hi झाड़ेगा कविता जी

रजनी- मुझे बिच में मत छोड़ देना

तुषार- नहीं छोडूंगा

रजनी- इसे पहले धो लो

तुषार- धो क्र तो ठंडा हो जायेगा

रजनी- अभी तो ये इसकी छूट में सना हुआ ह

तुषार- तो क्या हुआ छूट में hi जा रहा ह कोनसा मुँह में जा रहा ह

तुषार ने रजनी को अपने से चिपका लिया और उसके हॉट चूमने लगा तुषार का लुंड रजनी के पेट से चिपक गया,


271346190-1005671420016648-1667210514896265615-n.gif


फिर तुषार ने रजनी को बीएड पैर लिटाया और उसके पैरो के बिच आ गया, लुंड छूट पैर टिकाया और दोनों पैरो को बहार की तारा खोला और धक्का लगा दिया, धक्का लगते hi लुंड आधा घुस गया, रजनी की छूट पूरी गिल्ली थी और तुषा रखा लुंड भी कविता की छूट क ेरस में भीगा हुआ था जिससे एक बार में hi आधा लुंड घुस गया,

रजनी की आँखे बहार आ गई, aaaahhhhhhhhhhhhhh माँ aahahhhhhhhhhhhhhhhhhh मर दिया रे aahahhhhhhhhhhhhhhhh


271434235-1588650628162751-5530767202981571686-n.gif


कविता हसने लगी अब आया मजा मुझे कह रही थी अब बोलो

रजनी- aahhhhhhhhhhhhh बहुत मोटा ह आह्ह्हह्ह्ह्ह आराम से प्लस आराम से

लेकिन तुषार को जाने क्या हुआ उसने एक और जोर दर धक्का मारा और पूरा लुंड जड़ तक घुसा दिया,

रजनी- aahhahhhhhhhhhhh फाड् दी भेनचोद aaahhhhhhhhhhhhh मर दिया से अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह कविता बचा ले aahhhhhhhhhhhhh aaahhhhhhhhhhhh

तुषार ने लुंड बहार खींचा और फिर धक्का मारा थोड़ा मुश्किल हुआ लेकिन 2-4 धक्को में लुंड को थोड़ी आसानी हो गाइट hi, तुषार कोई रहम नहीं क्र रहा था ो लगातार धक्क्के मरे जार है था, रजनी की हालत ख़राब थी,


Tiny-slut-choked-hard-while-getting-fucked-4.gif


10 मिनट्स तक वो दर्द झेलती रही, अब दर्द काम होने लगा था मजा बढ़ने लगा था अब दर्द की aahhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhh मजे की ाःह अह्ह्ह में बदल गाइट hi, लुंड पूरा घेरे तक जार है था, तुषार ने रजनी के दोनों पेअर उप्पेर को मोड और पूरी घेरे तक धक्के लगाने लगा,

271398042-217765787225560-6670772805783528699-n.gif


कुछ देर बाद तुषार ने रजनी को घोड़ी बनाया और पीछे आ गया, लुंड छूट में दल क्र धक्के लगाने लगा, रजनी और कविता शॉकेड थी तुषार को छोड़ते हुए 40 मिनट्स से ज्यादा हो चुके थे, लेकिन वो झाड़ नहीं रहा था,

365646774-302653635636504-2969407327762351577-n.gif


तुषार- क्यों रजनी जी मजा आ रहा ह न

रजनी- बहुत मजा आ रहा ह आज से पहले ऐसा मजा नहीं मिला था

तुषार- कितने मजे लिए हैं आज से पहले

रजनी- मजे कहा लिए अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मजे के चक्क्र में hi इतनी जगह चुद गई पैर मजे नहीं मिल पाए आज जाकर वो मजा मिला ह

तुषार- कहा कहा चुद ली ऐसे जो कही मजे नहीं मिले

रजनी- बहुत जगह मुँह मार आई हु कहा कहा बटु

तुषार- बताती जाओ मजा डबल होता जायेगा

रजनी- अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह , जवानी में hi पडोसी से चुद गई तो माँ ने पकड़ लिया तो तुम्हारे गाओं में शादी क्र दी जबरदस्ती वह पति से ज्यादा कुछ नहीं मिला तो उस यश से चुद गई, उस हरामखोर से ज्यादा तो कुछ होता थान hi बस मुझे प्रेग्नेंट क्र गया, उस चक्क्र में तुम्हारे पिता के साथ गलत हो गया, और मेरे पति मर गया, फिर घर वापस आ गई तो प्यासी रहने लगी तो एक और छोड़ू मिल गया सोचा ये अच्छा छोड़ेगा उससे शादी क्र ली लेकिन कुछ hi सालो में वो भी ठंडा पद गया दो बेतिया पैदा करके, फिर एक पडोसी से चूड़ी लेकिन संतुस्ती नहीं मिली, इस कविता के खसम से भी चूड़ी लेकिन ये भी ठंडा hi निकला, कही ये मजा नहीं मिला जान जो तूने दिया ह, कब से प्यासी हु

तुषार- इतनी जगह मजा लेने गई कही सजा नहीं मिली

रजनी- सजा कैसी सजा, अपना मजा लेने के लिए किसी से क्यों दारू

तुषार- और जिसके साथ गलत हुआ उनका क्या, तुम्हारी बेटियों का क्या शाक्षी मुझे पसंद करती ह उसे पता चला तो क्या होगा

रजनी- क्या मेरा सुख मेरी ख़ुशी मायने नहीं ह और ये तो अच्छी बात ह अगर शाक्षी तुझे पसंद करती ह तू मेरा दामाद बन जायेगा फिर तो जब दिल आये छोड़ देना

तभी एक चीखने की आवाज आई- जरा भी शर्म नहीं ह तुम्हे कही दुब के मर जाओ

रजनी ने पलट क्र देखा तो उसकी आँखे फटी रह गई, रजनी के सामने सबसे आगे दीपा और उसकी साइड में नेहा उसके पीछे शाक्षी उसके साथ शाक्षी का बाप और उसकी दादी खड़े थे, सबका मुँह खुला हुआ था, रजनी ने चरण भाग क्र कपडे पहने लेकिन कपडे तो वह थे hi नहीं जो गाउन था ो भी गायब था, और साथ में कविता भी गायब थी, सब कब आये रजनी को पता नहीं चला,

लेकिन ये सब तुषार और दीपा की प्लानिंग थी, दीपा ने सबसे पहले नेहा को साथ में लिया और कविता के घर में घुसने का रास्ता ढूंढा फिर वह तक ले आई, उस वक़्त कविता चुद रही थी, कुछ hi देर में रजनी भी छोड़ने लगी, कुछ देर में शाक्षी आ गई अपनी दादी के साथ पीछे से शाक्षी के पापा भी आ गए, दीपा ने नेहा को समजह दिया था की कविता के घर में ड्रामा होने वाला ह, बस अपनी फॅमिली लेकर आ जाना, घर से तो अपने प्रोग्राम के नाम से hi निकला लेकिन कोई जाये नहीं, नेहा ने वैसा hi किया उसे तब तक नहीं पता था वह क्या होगा लेकिन जब देखा तो उसके पैरो के निचे से जमीन खिसक गई,

तुषार और दीपा को प्लान रजनी को सबके सामने छोड़ना और जलील करना था लेकिन सबसे जबरदस्त तो तब हुआ जब रजनी मजे मजे में अपने सरे राज खोल गई, वो लुंड के चक्कर में अपना कण्ट्रोल खो बैठी,

शाक्षी बहुत गुस्से में कभी अपनी माँ को तो कभी तुषार को देख रही थी,

शाक्षी- मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी तुषार

तुषार- शाक्षी ी ऍम श्री लेकिन

तुषार इतना hi बोल पाया था की शाक्षी ने उसे थपड मर दिया और शाक्षी के पिता तुषार को मरने के लिए आगे बढे

रजनी- इसने मुझे फसाया ह इसने मेरे साथ जबरदस्ती की मेरी बेटी को बदनाम करने की धमकी दी तो मैं मजबूर हो गई ये करने के लिए शाक्षी तेरी कसम खा क्र खेती हूत ेरे लिए मैंने ये सब किया

दीपा ने आगे बढ़ क्र एक थपड जड़ दिया रजनी को

दीपा- ख़बरदार जो मेरे भाई पैर इल्जाम लगाया तो जान से मर दूंगी, रुक जाइये अंकल वर्ण अच्छा नहीं होगा, पहले ये सुन लो

दीपा ने तुषार को फ़ोन लिया और कविता के कॉल की रिकॉर्डिंग सुना दी जिसमे कविता खुद की चुदाई की और रजनी को भी आने की प्लान बता रही थी,

दीपा- और साबुत चाहिए तो पूछिए इस औरत से मैं कोण हु पूछिए

सबकी नजरे रजनी की तरफ उठ गई

शाक्षी के पिता- क्या बोल रही ह ये लड़की जवाब दो

रजनी- ये ये मेरी बेटी ह

सब एक साथ- क्या

दीपा- और ये भी पूछिए किसकी औलाद हु मैं और इनके पास क्यों नहीं हु मैं, बताओ इनको कोण ह मेरा बाप बोलो

रजनी चुप रही वो बीएड की चादर लपेटे कड़ी थी, तुषार कपडे पहन चुक्का था,

दीपा- ये किस किस के साथ सो चुकी ह ये तो आप इसके मुँह से hi सुन चुके हैं, इस औरत ने अपने पहले पति को धोका दिया और गाओं के ठाकुर के साथ अयाशी करती रही,

फिर दीपा ने रजनी की साडी कहानी सुना दी कैसे दीपा को उसने अंजलि के पास छोड़ दिया फिर कैसे उसे वापस लेने आई और उसकी माँ के खिलाफ hi भड़काया,

दीपा की बात सुनकर सबके चेरे पैर गुस्सा चढ़ा हुआ था

दीपा- शकसी बहन मुझे माफ़ क्र दे तेरे साथ गलत हुआ लेकिन मैं मजबूर थी, मुझे ये सब करना पड़ा तुम सबको ये सच दिखाना पड़ा क्योकि ये औरत किसी किन hi ह ये अपनी बेटी के पति के साथ भी रंगरेलिया मैंने को तैयार थी, तुषार को पता तह ातुम रजनी की बेटी हो इसलिए आज तक उसने तुम्हे कभी कुछ कारण ेके लिए मजबूर नहीं किया बल्कि खुद तुमसे दूर hi रहा, तुम मेरी बहन हो तो तुषार तुम्हारे साथ गलत कैसे क्र सकता था,

तुसाहर- दीदी अब चलो यहाँ ये अब हमारी तरफ से इसकी सजा पूरी हुई अब ये इन लोगो की गुन्हेगार ह ये क्या सजा देते हैं इनका फैसला ह, हमारे पिता को जो दर्द इस औरत की वजह से मिला ह वो तो नहीं भर सकता लेकिन आज से ये अपने hi बच्चो की नजरो में गिर क्र जियेगी इससे बड़ी सजा और क्या होगी,

शाक्षी- नहीं ये हमारी माँ नहीं ह मैं इन्हे अपनी माँ नहीं मानती,

नेहा- मैं भी नहीं मेरा इनसे कोई रिश्ता नहीं ह

शाक्षी की दादी- मैं तो कभी इसे पसंद नहीं करती थी तू hi पागल हो रखा था इसके पीछे देख लिया कैसी रंडी औरत ह ये

शाक्षी के पिता- अगर तू चाहती ह मैं अपने हाथ खून से न रंग लू तो चली जय अहा से दुबारा कभी हमे अपनी शकल मत दिखाना

रजनी- मेरी बात तो सुनिए, नेहा तू मेरी बात सुन बीटा

नेहा- मत बोलिये मुझे बीटा मर गाइट ुम हमारे लिए,

दीपा- अब जियो अपनी जिंदगी अब करो मजे अब तुम आजाद हो

रजनी गुस्से में दीपा की तरफ बढ़ी उसकी चादर निचे गिर गई वो बिलकुल नंगी दीपा को मरने बढ़ी, मैं तुझे नहीं छोडूंगी

तभी बिच में तुषार आ गया ख़बरदार जो मेरी बहन को हाथ लगया, मैं औरतो पैर हाथ नहीं उठता लेकिन ऐसी गिरी हुई औरत को मैं औरत नहीं मंटा इसलिए उठा सकता हु, मेरा हाथ उठा न तो उठने लायक नहीं बचोगी

नेहा के पिता- तू निकल जा मेरे घर से मैं सोचूंगा तू मर गई मेरे लिए, तुषार और दीपा भगवान् के लिए मुझ पैर मेहरबानी करना ये बात किसी के सामने मत कहना वर्ण मैं जिन्दा नहीं रह पाउँगा

दीपा- कैसी बात कर रहे हो अंकल इस औरत की वजह से आप क्यों तकलीफ में रहेंगे हम कही कुछ नहीं कहेंगे

तुषार- बस वो जो पीछे कमरे में छुपी ह कविता जी उनकी हवस कुछ ज्यादा ह जरा उन्हें खामोश रखना

नेहा की दादी- अगर उसने किसी को बताया तो उसका खुद का घर उजाड़ जायेगा

तुषार और दीपा वह से निकल गए, दीपा की आँखों में आंसू थे ख़ुशी के आंसू

तुषार- रो क्यों रही हो

दीपा- ये ख़ुशी और सकूं के आंसू ह आज मेरे दिल को सकूं मिला ह, आज हमारे पिता को इंसाफ मिला ह,

तुषार- है लेकिन दुःख ये ह हम उन्हें hi नहीं बता सकते की आज उन्हें इंसाफ मिला ह काश वो आज यहाँ होते और इस औरत की ये हालत देखते

दीपा- कोई नहीं आज मैं सकूं से कुछ खा सकुंगी, आज मेरा बदला पूरा हो गया

तुषार- बस एक hi बदला था अभी तो बहुत लोग ह दीदी लाइन में, वो यश और अजय,

दीपा- है उन दोनों को भी करना ह

तुषार- यश की पत्नी और बेटी दोनों को मैं छोड़ चुक्का हु

दीपा- क्या कब कैसे

तुषार ने सब बता दिया

दीपा- फिर तो हो गया बदला पूरा

तुषार- नहीं उन्हें छोड़ना मेरा बदला नहीं ह अजय और यश को उनकी औकात दिखाना मेरा बदला ह जल्दी hi उन्हें उनकी करतूतों की सजा मिलेगी

दीपा- तेरी प्यास नहीं बुझी न बिच में hi रुकना पड़ा न तुझे प्रॉब्लम हो रही होगी

तुसाहर- नहीं ऐसी कोई बात नहीं ह, मैं अपने मज ेके लिए उसे नहीं छोड़ रहा था बदले के लिए छोड़ रहा था मेरा मन hi नहीं था ो सब करने का

दीपा- लेकिन मैं तुझे ऐसे नहीं छोड़ सकती, तू बाइक कही ऐसी जगह लगा जहा कोई देख न सके

तुसाहर- दीदी रहने दो न क्या जरुआत ह, मैं ठीक हु

दीपा- लेकिन मैं ठीक नहीं हु मैं इस ख़ुशी को सेलिब्रेट करुँगी, तू बाइक लगा

तुषार ने बाइक जंगल की तरफ मोड़ दी और एक सुमसान सी जगह पैर रोक दी, काफी पेड़ थे वह

दीपा ने उतारते hi तुषार के हॉट चूमे शुरू क्र दिए,

और जल्दी जल्दी उसकी पेण्ट खोलने लगी,

तुषार- दीदी यहाँ सेफ नहीं ह जल्दी वाला क्र लेते हैं कोई आ गया तो प्रॉब्लम हो जाएगी

दीपा- तेरा जल्दी हो जायेगा क्या

तुषार- आपके साथ हो जायेगा मैं कण्ट्रोल नहीं करूँगा

दीपा- ठीक ह लेकिन मैं इसे खड़ा तो क्र दू

तुषार- ये तो हमेशा कहड़ा hi रहता

दीपा ने पेण्ट नीच ेकी तो तुषार का लुंड अब तक खड़ा हो चुक्का था दीपा ने तुरंत मुँह में बाहर लिया और चूसने लगी,


40519931.gif




कुछ देर चूसने के बाद उसने अपनी जीन्स निचे की और पेड़ पैर हाथ लगा क्र झुक गई,

तुषार ने पीछे से उसकी छूट को चूसा िर लुंड उसकी छूट में डाला और छोड़ने लगा, दीपा को दर्द हुआ लेकिन ख़ुशी और मजे में उसे अहसास hi नहीं हो रहा था, तुषार ने धक्के लगाने शुरू क्र दिए,


unnamed-2.gif


20 मिनट्स की धक्के दर चुदाई के बाद दीपा झड़ने लगी तो तुषा रने भी खुद का कण्ट्रोल छोड़ दिया और कुछ hi धक्को के बाद वो भी झड़ने लगा दीपा ने उसका लुंड मुँह में भर लिया और पूरा रास पि गई, फिर लुंड को चाट चाट क्र साफ़ क्र दिया,

दीपा- ले मैंने इसे अच्छे से साफ़ क्र दिया

तुषार- कितनी गन्दी हो आप

दीपा- तेरा ये रास मेरे लिए अमृत ह समझा न इसे वैस्ट मत करना कभी

तुषार- ok देवी जी अब चलो यहाँ से ये अपना एरिया नहीं ह,

फिर दोनों ने कपडे ठीक किये और बाइक पैर बैठ क्र वह सेनिकाल गए, रस्ते में तुषार ने दीपा को बस में बैठा दिया और खुद निकल गया सिटी की तरफ, रूम पैर पहुंच क्र तुषार ने अंजलि को कॉल किया और आज की साडी घटना बता दी

अंजलि- ये अच्छा नहीं हुआ तुम लोगो को मुझे बताना चाइये था

तुषार- मैंने बताया तो था माँ

अंजलि- लेकिन ये नहीं बताया कब करोगे और केस एकरोगे

तुषार- इसमें कुछ गड़बड़ हुई क्या

अंजलि- गड़बड़ तो नहीं होना तो ये hi था लेकिन इस वक़त रजनी को ऐसे छोड़ना ठीक नहीं, वो नागिन ह और तुमने नंगीं का जख्मी क्र दिया ह, अब वो डसने की कोशिश जरूर करेगी और वो वॉर चुप क्र hi करेगी, अभी हम एक बड़ी लड़ाई के बिच में ह, अउ रेज में एक छोटा दुश्मन भी हमे बहुत नुकसान पंहुचा सकता ह,

तुषार- है आप सही बोल रही हैं

अंजलि- अभी सबको चौकन्ना रहना होगा और गाओं में रुचे दीपा को सचेत कर दो की घर पैर hi रहे कही न जाये, अगले 12-13 दिन कही न जाये अपने पिता के साथ रहे, मैं राजेश जी को भी समझा दूंगी, जब तक मैं न कहु कोई कुछ नहीं करेगा आप बस अपने हिसाब से लगे रही

तुषार- ठीक ह माँ

अंजलि- और ये प्यार बाटना अब कुछ काम कीजिये आपको अपनी ताकत को ऐसे हर किसी के अंदर डालने की जरुरत नहीं ह, ये ताकत बहुत काम आएगी, इस ताकत को बचाहिये, अब से नियम ह आप अगले 15 दिन किसी के साथ कुछ नहीं करेंगे और मैं कुछ दवाइयों के नाम भेज रही आयुर्वेदिक हैं उन्हें रोज खाना शुरू क्र दीजिये, आप लगातार सेक्स क्र रहे हैं, आपको कमजोरी का अहसास नहीं hi रहा बदले के जनों में लेकिन आप इंसाने हो कोई मशीन नहीं, इससे आपको तकलीफ हो सकती ह,

तुषार- समझ गया माँ समझ गया, कमजोरी तो फील होती ह लेकिन ये जरुरी ह इसलिए कर रहा हु

अंजलि- कुछ आपसे या आपकी हैलट से ज्यादा जरुरी नहीं ह समझे आप, अब से 15 दिन तक किसी के साथ कुछ नहीं और 15 दिन बाद भी सोच समझ क्र जरुरी हो तभी करना

तुषार- लेकिन उस सोनिया का क्या वो तो देखते hi टूट पड़ेगी, अगर उसके साथ नहीं किया तो गड़बड़ होगी

अंजलि- मुझे नहीं पता आप क्या करेंगे कैसे करेंगे लेकिन आप 15 दिन कुछ नहीं करेंगे

तुषार- ok माँ नहीं करूँगा

अंजलि- गुड बॉय

अंजलि ने तुषार को कुछ दवाइयों के नाम भेजे जिन्हे तुषार लेने चला गया, रस्ते में वो अनीता के घर गया, जब उसने दूर बेल्ल बजे तो सामने से रिंकी ने दूर खोला और दूर खुलते hi तुषार का मुँह भी खुला रह गया,

रिंकी- मुँह बंद क्र लो मखहि घुस जाएगी

तुषार- ये ये क्या ह तू तो आसमान की पारी लग रही ह हे तू इतनी सूंदर ह मैंने तो कभी देखा hi नहीं


main-qimg-d14da56f80443b699ae0e55d74346fae.jpg


रिंकी- चोकते हुए देखा नहीं पूरा निचोड़ दिया और बोलता ह देखा नहीं

तुषार- वो तेरा शरीर देखा लेकिन ये तेरी सुंदरता ह, तुझे समझ आ जाना चाहिए की जो तू दिखती थी वो क्या था और अब जो तू दिख रही ह वो क्या ह

रिंकी- मैं समझ गई हु वो मेरा शरीर था जिसे लोग हवस की नजरो से देखते थे और ये मेरी सुंदरता ह जिसे लोग सम्मान की नजरो से देखते हैं

तभी अनीता आ गई

अनीता- तुषार वह क्यों खड़े हो अंदर आओ

तुषार- मैं तो इस अप्सरा को देख क्र शोकेड हो गया इसलिए यही रुक गया

तभी अम्मा आ गई

अम्मा- पता नहीं क्या जादू हुआ इस पैर कल तो पूरा दिन सोती रही और आज उठी ह तो मेरे पेअर छुए अपनी माँ के गले लगी और ये कपडे, मुझे तो यकीन hi नहीं हो रहा ये हमारी hi रिंकी ह एक hi दिन में इतना बदलाव

रिंकी- अम्मा आज तक कोई समझने वाला नहीं मिला था की मैं क्या गलत क्र रही हु, और जो मिले वो खुद कमजोर थे तो उनकी सलाह सही लगती hi नहीं थी लेकिन अब जिसने संजय ह न वो कमजोर ह न hi गलत तो सलाह भी सही लगी और मैंने मान भी ली

अम्मा- जो भी ह मैं बहुत खुश हु

अनीता- तुषार बटिहो मैं चाय लेकर आती हु

तुषार- मिठाई लाइए आज मुँह मीठा करने का दिन ह


सबने एक साथ चाय पि अनीता आँखों hi आँखों में तुषार को ठंकु बोल रही थी, फिर तुषार अपने रूम पैर आ गया,
 
बहुत बहुत धन्यवाद् जी

कहानी को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 15 लाख के पास व्यूज हो गए हैं

बहुत बहुत धन्यवाद्

गुड मॉर्निंग

e77c35a35d6323276db50e7b32fbca5f.gif
 
अपडेट-44




अमेरिका में…………

अजय- भैया वह क्या हो रहा होगा

यश- कहा

अजय- इंडिया में, उस अंजलि ने सब कैसे किया होगा हमे पता तो करना चाहिए न

यश- क्या करेगा पता करके पैसे मिल गए न हमे और क्या चाहिए

अजय- भैया जो इंसल्ट हुई ह पुरे गाओं में वो बर्दास्त नहीं हो रही, गाओं में कितनी इज्जत थी हमारी सब डरते थे, उस दो कोड़ी के राजेश ने पुरे घर पैर कब्ज़ा क्र लिया ह

यश- हम क्र भी क्या सकते हैं

अजय- पता तो चले ये सब हुआ कैसे

यश- वो सुमित महेता कोण था उससे अंजलि का क्या कनेक्शन

अजय- उसका कार्ड ह न आपके पास

यश- है ह तो सही

अजय- दिखाओ

यश ने कार्ड ढूंढ क्र अजय को दिया

अजय- ये सुमित महेता J.S.S कंपनी में बोर्ड ऑफ़ मेंबर ह, या तो ये अंजलि का कोई रिस्तेदार ह या इस कंपनी से कुछ कनेक्शन ह

यश- लेकिन हम पता कैसे करेंगे

अजय- हमे इंडिया जाना होगा

यश- लेकिन हम करेंगे क्या

अजय- वो तो वही जाकर पता चलेगा, एक बार अम्मा से भी मिल आएंगे बहुत दिन हो गए, अलीशा भी बोल रही थी वह जाने के लिए रिंकी से मिलना ह,

यश- ठीक ह तू टिकट बुक करवा ले फिर चलते हैं, कुछ दिन बाद की करवाना

अजय- ok देखता हु कब की मिलती ह

इंडिया में……

अंजलि कॉल पैर- अंकल हवेली खुलवा दो और उसे तैयार करवाओ मैं आ रही हु

उधर से- अभी माहौल ठीक नहीं ह

अंजलि- अभी सही माहौल ह अंकल अब टाइम आ गया ह सामना करने का, आप काम शुरू करवाओ मैं तैयार हु

उधर से- जैसे तुम्हे ठीक लगे

अंजलि एक सोच में दुब गई थी, फिर उसने सचिन को कॉल लगाया

सचिन- hello माँ

अंजलि- कैसा ह मेरा बच्चा

सचिन- अच्छा हु माँ बस आप सबकी बहुत याद आ रही ह

अंजलि- बस जल्दी hi तुम दोनों यहाँ आ जाओगे, एग्जाम ख़तम होते hi अपने कॉलेज से ट्रांसफर की एप्लीकेशन दाल देना, ********** सिटी में

सचिन- ठीक ह माँ कहा लेकिन वह क्यों

अंजलि- वही पता चलेगा

सचिन- ठीक ह माँ साथ में उसकी की भी डलवा दू क्या

अंजलि- है सभी की डलवा दो

सचिन- बाकि लोग भी पीछे पीछे पहुंच जायेंगे उन्हें कॉलेज से पता चल जायेगा कहा ट्रांसफर हुआ ह

अंजलि- चल जाने दे मैं यहाँ देख लुंगी बस तुम एग्जाम ख़तम करो और आ जाओ

सचिन- बस 20 दिन में एग्जाम ख़तम हो जायेंगे

अंजलि- ठीक ह दोनों खुश रहना

अंजलि मन में -अब सबको साथ रहना होगा सब साथ होकर लड़ेंगे अलग अलग रहे तो प्रोब्लेम्स होंगी

सुबह तुषार ऑफिस पंहुचा उसका सामना सोनिया से हुआ

सोनिया- hello हैंडसम कैसे हो

तुषार- नाराज हु

सोनिया- अरे मेरी जान नाराज क्यों ह

तुषार- जब बिना बताये गायब हो जाओगी तो नाराज तो रहूँगा न

सोनिया- श्री जान वो अर्जेंट चंडीगढ़ जाना पड़ा चोपड़ा जी ने बुलाया था, मुझे टाइम hi नहीं मिला लेकिन तुम तो कॉल क्र लेते

तुषार- मैंने ये सोच क्र नहीं किया कही बहुत बिजी हो और मैं डिस्टर्ब क्र दू

सोनिया ने आगे बढ़ क्र तुषार के हॉट चुम लिए, तुम्हारे कॉल करने से कभी डिस्टर्ब नहीं हो सकती,

सोनिया- अच्छा कैसे कटे ये दिन मिस किया मुझे

तुषार- आपके बिना ऑफिस में दिल hi नहीं लग रहा था,

सोनिया- मेरा भी दिल नहीं लगा तुम्हारे बिना,

तुषार- आओ दिल लगा देता हु

सोनिया- अभी नहीं कुछ दिन थोड़ा सम्हाल क्र रहना होगा हमे

तुषार- क्यों क्या हुआ कोई प्रॉब्लम ह क्या

सोनिया- अब क्या बताऊ तुम्हे मैं थोड़ी प्रॉब्लम में हु

तुषार- मेरी जान प्रॉब्लम में ह और मुझे पता hi नहीं, मुझे बताओ जड़ से उखड दूंगा प्रोब्लेम्स को

सोनिया- कुछ प्राइवेट हैं लेकिन तुमसे छुपाना नहीं चाहती पर दर ह तुम क्या सोचोगे हमारे बारे में

तुषार- जान अगर कुछ गलत सोचना होता तो तुम्हे छोड़ने से पहले सोचता अब तो दिल लग गया ह अब क्या सोचूंगा

सोनिया- हे मेरी जान कितने अच्छे हो तुम

तुषार- बताओ क्या प्रोब्लेम्स ह

सोनिया- तुम सीमा को जानते हो न

तुषार- कोण, अलका मम की सेक्रटरी

सोनिया- है वही आज कल ऑफिस नहीं आ रही

तुषार- है आ तो नहीं रही, क्या हुआ ह उसे

सोनिया- उसका पता नहीं ह वो कहा ह वो अलका से झूट बोल क्र गई ह लेकिन मुझे लग रहा ह वो किसी प्रॉब्लम में ह

तुषार- ओह्ह कैसे क्या हुआ

सोनिया- उसकी माँ बहुत hi खतरनाक औरत ह वो एक no की…

तभी दूर नॉक हुआ.

सोनिया गुस्से में- कोण ह

पेओन- मम कमल सर आये हैं

सोनिया तुरंत कड़ी हो गई जल्दी अंडर लेकर आओ उसे

पेओन- जी

तुषार- कमल आपका बीटा ह न

सोनिया- है तुम उसके सामने चुप रहना उसे स्टाफ का ज्यादा बोलना पसंद नहीं ह

तभी एक सादे पांच फिट का लड़का अंदर आया मरियल सा दादी बढ़ी हुई बड़े बड़े बाल सिगरेट पिटे हुए, उसके साथ उसकी की हाइट की बाला की खूबसूरत लड़की, ऐटिटूड ऐसा की जैसे उसके सामने इंसान नहीं जानवर हो,


86870661-176666003750984-1662594957111721984-n.jpg


तुषार उन्हें देख क्र खड़ा हो गया,

सोनिया- मेरा बच्चा आ गया कितने टाइम बाद आया ह आँखे तरस गई तुझे देखने को,

सोनिया ने उसे गले लगा लिया,

फिर सोनिया ने उस लड़की को गले लगया कैसी ह कोमल बीटा

कोमल- अछि hi मम्मी

सोनिया- बैठो बैठो

सोनिया ने बेल्ल बजे तभी पेओन आया,

सोनिया- सबके लिए कॉफ़ी लेकर आओ

कमल- ये कोण ह

उसने तुषार की तरफ इशारा किया

तुषार- hello सर मैं तुषार हु मम का सेक्रेटरी

कमल- तो इतना अकड़ क्यों रहा ह तू ले आ कॉफ़ी या यही खड़ा रह क्र हमारी बात सुनेगा

तुषार का माथा चढ़ गया उसके फेस पैर गुस्सा साफ़ दिखने लगा

तुषार- पेओन ला रहा ह कॉफ़ी, ी ऍम नॉट पेओन

कमल- ो तेरी इतनी अकड़

सोनिया- कमल कमल उसको मैंने रोका ह यहाँ

कोमल बहुत गौर से तुषार को देख रही थी,

सोनिया- तुषार आओ मेरे साथ तुम्हे कुछ बताना ह

सोनिया तुषार को लेकर बहार आ गई

कमल- बहुत अकड़ ह इसमें

कोमल- इसकी अकड़ तोड़ने में मजा आएगा ऐसे लोगो को hi डोमिनाते करने में मजा आता ह मुझे

कमल- मुझे भी इसकी अकड़ तोड़नी ह

कोमल- मम्मी से बोलो यहाँ हमारे रहने का और जरुआत का ये hi ख्याल रखेगा

कमल- मैं इसे अपने आस पास नहीं देखना चाहता

कोमल- आस पास रहेगा तभी तो मैं इसे जलील क्र पाऊँगी इसकी अकड़ तोड़ पाऊँगी

कमल- ठीक ह लेकिन सेल ने ज्यादा अकड़ दिखाई तो जान से मर दूंगा

कोमल- है जरूर मैं खुद मरूंगी इसे हहहहह

सोनिया- तुषार प्लस कमल के सामने थोड़ा आराम से रहना वो बहुत बड़ा पागल ह ड्रग्स ने उसे पागल क्र दिया ह

तुषार- आप जैसा कहोगी वैसा hi करूँगा आप टेंशन न लो, आप सीमा के बारे में कुछ बोल रही थी,

सोनिया- अभी नहीं बाद में बात करुँगी फुर्सत में अभी इसे सम्हाल लू

सोनिया अंदर वापस चली गई, तुषार गुस्से में अपनी टेबल पैर बैठ गया, उसे कमल के शब्द और कोमल की आँखे चुभ रही थी, तुषार ने कोमल की आँखों में अपने लिए इंसल्ट महसूस की थी,

सोनिया- ये बताओ रहने का इंतजाम किस इलाके में करवौ होटल में ज्यादा मत रुकना

कोमल- जहा आप और अलका रह रही ह उसी के पास कोई घर देख लो आपसे मुलाकात भी होती रहेगी, बाकि सबको भी देख लेंगे

सोनिया- अलका से दूर रहना प्लस

कमल- मैं कुछ नहीं कर रहा अब मैं वैसा नहीं हु

सोनिया- जानती हु तू कैसा ह

कमल- ये लड़का क्या नाम ह इसका

सोनिया- तुषार

कमल- है इसे बोलो जब तक हम यहाँ ह ये हमारा सब जरुरत पूरी करेगा हमारी देख रेख इसकी जिम्मेदारी होगी

सोनिया- लेकिन क्यों मैं करवा रही हु न

कमल- माँ मुझे इससे करवानी ह बस

सोनिया- लेकिन बीटा वो यहाँ ऑफिस देख रहा ह मैंने उसे दूसरा काम दिया ह

कमल- मैं कोनसा उसे साथ रहने को बोल रहा हु बस हमारी जरूरते देखेगा फिर आपका काम देख लेगा

सोनिया- ठीक ह लेकिन उसे कुछ कहना मत बहुत अच्छा लड़का ह

कमल- मैं कभी किसी को कुछ कहता हु क्या

सोनिया ने पेओन से तुषार को बुलवाया

सोनिया- तुषार मैं तुम्हे एक जिम्मेदारी दे रही हु, कमल और कोमल कुछ टाइम के लिए यही रहेनेगे अभी ये *** होटल में रुके हुए ह कुछ दिन बाद ये *** कॉलोनी ने hi रहेंगे तो वह इनको जॉब hi चाहिए तुम अर्रेंगे कर देना और इनका ख्याल रखना किसी चीज की जरुरत न हो

तुषार- ok मम

फिर कमल और कोमल चले गए सोनिया के फेस पैर चिंता अलग hi दिख रही थी,

तुषार एक सोच में डूबा हुआ बैठा था, तभी अलका दनदनाती हुई आई और उसने तुषार की तरफ देखा तक नहीं बस गुस्से में सोनिया के केबिन में घुस गई, तुषार को बड़ा अजीब लगा,

अंदर से जोर से बोलने की आवाजे ा रही थी, तुषार ने सोचा नजदीक जाकर सुने फिर सोचा अलका खुद बता देगी,

कुछ देर बाद अलका बहार आई वो अभी भी गुस्सा थी, जब वो तुषार के पास आई तो एक पल रुकी तुषार को देखा फिर चली गई, तुषार लो थोड़ा अजीब लगा, वो कुछ देर तो बैठा रहा लेकिन उसे बेचैनी सी होने लगी की अलका ने ऐसा क्यों किया,

वो उठा और अलका के ऑफिस की तरफ चल दिया, बिना किसी से पूछे वो अलका के केबिन में घुस गया, अलका चेयर पैर बैठी बस दूर को hi देख रही थी, दूर खुलते और तुषार के अंदर आते hi उसके फेस पैर एक स्माइल आई जिसे उसने तुरंत hi छुपा लिया,

तुसाहर- कोई प्रॉब्लम ह क्या

अलका- तुमसे मतलब तुम क्यों पूछ रहे हो

तुषार- क्यों मैं पूछ नहीं सकता क्या

अलका- क्यों पूछोगे तुम

तुषार- अरे तुम दोस्त हो मेरी तो इतना हक़ तो बनता ह मेरा

अलका- अच्छा तो तुम्हे याद ह मैं दोस्त हु तुम्हारी 3 दिन से गायब हो न कोई कॉल न संस न hi मिले, साथ घूमने जाना था उसको भी मन क्र दिया, मन करने के बाद एक बार आकर हल चल भी नहीं पूछा

तुषार- ोूटरी इतनी नाराजगी

अलका- अब मैं नाराज भी न रहु

तुषार- बिलकुल हो सकती हो नाराज लेकिन दोस्तों की प्रोब्लेम्स समझते हैं उनसे नाराज नहीं हुआ करते

अलका- प्रॉब्लम कैसी प्रॉब्लम क्या हुआ

तुषार- कुछ नहीं बस फॅमिली प्रॉब्लम थी अब सुलझा दी ह पैर तुम क्यों परेशां हो

अलका- मेरी पहेली परेशानी तो तुम हो जब तुम दीखते नहीं तो बेचैनी हो जाती ह

तुसाहर- अब तो मैं आ गया न

अलका- हम्म्म लेकिन कोई और भी आ गया ह

Tushar-kon

अलका- कमल और कोमल

तुषार- तो क्या हुआ

अलका- क्या हुआ वो यहाँ आया ह अब होगा, वो इंसान नहीं ह जानवर ह उसके लिए दुनिया की हर लड़की उसकी जागीर ह वो एक भेड़िया ह जो बस नोच क्र खाना जनता ह और उसकी वो बीवी किसी की इज्जत नहीं करती बहुत बड़ी बीच ह वो, लोगो को जलील करने में उसे बड़ा सकूं मिलता ह

तुषार- तुम क्यों घबरा रही हो तुम्हारे साथ क्या कर सकता ह वो

अलका- तुषार वो बहुत बुरा ह बहुत बुरा उसने मेरे साथ वो वो मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी

तुषार- क्या उसकी ये हिम्मत

अलका- उस इंसान के अंदर बहन के रिश्ते का भी मान नहीं ह बहुत गन्दा ह वो

तुषार अलका की सोच से थोड़ा घबरा सा गया क्योकि उसने तो माँ के रिश्ते का भी ख्याल नहीं रखा था, अलका उसके बारे में क्या सोचेगी वो तो नफरत करने लगेगी

अलका- क्या सोचने लगे

तुषार- कुछ नहीं तुम चिंता मत करो अब मैं हु न अब कुछ नहीं करेगा वो, वैसे भी सोनिया मम ने मुझे उसकी ड्यूटी पैर लगाया ह

अलका- क्या ये क्या किया माँ ने ये बहुत गलत हुआ, तुम्हे उस कोमल के पास नहीं भेजना चाहिए था ो बाउट ख़राब ह वो तुम्हारे साथ गलत करेगी

तुषार- हाहाहाहा ऐसा क्या क्र लेगी मेरे साथ तुम जानती हो न मेरे साथ कोई गलत नहीं क्र सकता

अलका- तुम किसी मज़बूरी में मत आना अगर तुम्हे जॉब से निकलने की धमकी भी दे तो भी तुम खुद को झुकना मत तुम्हारी जॉब मैं नहीं जाने दूंगी अगर कुछ हुआ तो तुम मेरे ऑफिस में जॉब क्र लेना लेकिन उसकी कोई शर्त मत मन्ना

तुषार- इतना क्यों घबरा रही हो वो कुछ नहीं क्र पायेगी

अलका- कुछ दिन और बस दीदी आ रही ह मैं उनसे आज hi बात करुँगी वो जल्दी आ जाये

तुषार- दीदी आ रही हैं ये चिंता की बात ह

अलका- क्यों

तुषार- पता नहीं क्यों मुझे तुम्हारी दीदी के नाम से दर सा लगने लगा ह तुमने टैरिफ hi इतनी क्र दी ह उनकी

अलका- वो ह भी तारीफ के लायक बहुत प्यारी हैं वो

तुषार- वो तो जब मिलूंगा देख hi लूंगा

अगले कुछ दिन आराम से निकले, सोनिया फिर दो दिन के लिए कही चली गई कमल और कोमल के लिए हाउस का अरेंजमेंट करके, उनका घर अलका के घर से कुछ hi दुरी पैर था,

जब तक घर नहीं मिला था वो होटल में hi थे तो तुषार की ड्यूटी नहीं लगी थी लेकिन घर मिलते hi तुषार की ड्यूटी लग गई, सुबह ऑफिस जाने से पहले उनकी जरुआत पूछ क्र आये और इवनिंग में भी पूछ क्र घर जाये,

अलका बहुत नाराज थी इससे सोनिया भी खुद नहीं चाहती थी ऐसा करना लेकिन कोई भी कमल और कोमल को ना नहीं क्र प् रहा था, सोनिया ने तुषार को समझाया था की कुछ भी हो जाये कमल और कोमल को किसी भी काम के लिए मन मत करना,

तुषार ने अंजलि को बताया अंजलि ने उसे कुछ दिन सबर से काम लेने को कहा, अंजलि किसी भी कीमत पैर तुषार की आइडेंटिटी जाहिर नहीं करना चाहती थी, वो नहीं चाहती थी की तुषार का नाम सुर्खियों में आये और सुरेश चोपड़ा की नजर पद जाये,

तुषार जब भी कमल के घर जाता तो कमल हमेशा उसे निचा दिखता, सोहन ने भी कमल को बता दिया था की तुषार ने उसकी इंसल्ट की ह, कोमल उसे डायरेक्ट कुछ नहीं बोल रही थी बस उसके सामने हमेशा गरीबो को गालिया देती रहती, तुषार ने जैसे तैसे 3 दिन और निकल लिए थे,

एक दिन तुषार इवनिंग में कमल के घर पंहुचा

कमल- है बाई क्या चल रहा ह

तुसाहर- सब ठीक ह सर

कमल- सुना ह तेरे में बड़ी अकड़ ह तू ऑफिस में किसी को कॉफ़ी भी नहीं पिलाता

तुषार- सर मैं ऑफिस में ऑफिस के काम के लिए हु कॉफ़ी पिलाने के लिए नहीं

कमल- हम तुझे साल्लेर्य देते हैं तो जो चाहे काम करवाए ये हम सोचेंगे तू नहीं

तुषार- मैं वही काम करूँगा जिसके लिए मुझे रखा गया ह उसके अलावा नहीं

तभी कोमल आ गई- ये दो कोड़ी के लोग ी हेट थी

कमल- क्या हुआ डार्लिंग

कोमल- अरे यार सड़क पैर इन गरीबो को देख क्र मुझे उलटी सी आती ह

तुषार- वो भी इंसान ह

कोमल- तुझसे पूछा क्या ब्लडी इडियट

तुषार- श्री मम

कोमल- जाओ मेरे लिए पानी लाओ

तुषार ने कोमल की तरफ देखा

कोमल- सुना नहीं क्या नौकरी नहीं करनी क्या

तुषार चुप चाप चला गया

जब वो पानी लेकर आया तो कोमल वह नहीं थी,

कमल- मैडम अपने रूम में गई ह वही दे आ

तुसाहर चुप चला गया, लेकिन जैसे hi वो अंदर घुसा तो रूम की हालत देख क्र उसका दिमाग घूम गया वह का नजारा बड़ा खतरनाक था उसने आज से पहले से सब नहीं देखा था,

लोग हेंगर पैर कपडे टांगते हैं इस लड़की ने तो रुबेर के लुंड पैर कपडे टंगे हुए थे,


426121986-768629261823966-2683356623141844059-n.jpg


और जाने क्या क्या पड़ा था वह एक कमर पैर बांधने वाला लुंड पड़ा था, ये सब क्या ह

Strap-On-Dildo-10-Inches.jpg


कोमल किन अजर जैसे hi तुषार पैर पड़ी वो गुस्से- तेरी हिम्मत कैसे हुई अंदर आणि की

तुषार- मम वो पानी

कोमल- सेल दो कोड़ी के आदमी तू मेरे बैडरूम में कैसे घुसा

कमल- क्या हुआ डार्लिंग

कोमल- कमल देखो ये हमारे बैडरूम तक आ गया ह इसकी इतनी औकात

कमल- सेल तेरी हिम्मत कैसे हुई यहाँ आने की

तुषार ने शोकेड होकर कमल को देखा

कोमल- निकल जा यहाँ वर्ण इतना मरूंगी भूल जायेगा सब कुछ और क्या देख रहा इसे

कोमल ने वो लुंड उठा क्र दिखाया,

कोमल- इसी लुंड से तेरी गांड मर लुंगी

तुषार- श्री मम लेकिन मैं बस पानी लेकर आया था आप प्लस तमीज से बात कीजिये

कमल ने तुषा रके कंधे पर हाथ रख्हा चिल यार वो ऐस एही गुस्सा ह, वैसे तूने ये सब पहले कभी देखा ह

तुषार- नहीं सर

कमल- ओह्ह्ह वैसे कभी गांड मरवाई ह

तुषार- no सर लेकिन मरी बहुत ह

कमल और कोमल को ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी,

कोमल- हाहाहाहा तेरे जैसो को कोण देगा

तुषार- लाइन लगी हुई ह

कोमल- बहुत गुरुर ह तुझे चल अपनी पेण्ट खोल

तुषार- श्री मम मैं नहीं क्र सकता

कमल- मैडम बोल रही ह न खोल पेण्ट

तुषार- सर प्लस ऐसा मत कीजिये

कमल- खोल न नहीं तो आज hi तेरी नौकरी गई

तुषार को नौकरी की फ़िक्र नहीं थी, पहला तो उसे इन लोगो के करीब रहना था दूसरा कमल और कोमल को उनकी औकात भी दिखानी थी,

तुषार- सर प्लस नौकरी मत चिङिये

कोमल- तो खोल

तुषार ने सर निचे करके पेण्ट खोलने लगा,

तभी बहार से ननदनी आ गई, ये क्या हो रहा ह

कोमल- आओ आओ ननदनी तमाशा देखेंगे इस दो कोड़ी की इजात का

ननदनी- बंद करो ये सब तुषार तुम कपडे ठीक क्र लो

कोमल- नंदनी ये क्या ह तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे काम में तंग अदने की

नंदनी- कोमल मैंने कहा न इसको अगर किसने कुछ भी किया तो अच्छा नहीं होगा

कोमल- नंदनी तुम मुझे जानती हो मैं क्या हु

नंदनी- और तुम भी मुझे जानती हो मैं क्या हु अगर मेरा दिमाग घुमा तो तुम्हारे डैडी तक हिल जायेंगे

कोमल- चील चील ठीक ह नहीं करती जा बे बच गया तू

तुषार उस वक़्त चुप चाप चला गया,

रात में तुषार ने उनके घर जाने का फैसला किया अब तक तो उसे सरे रस्ते पता चल hi चुके थे, रात में तुषार रूफ के रस्ते से कमल के घर में घुस गया, वो सीधे बैडरूम के पास पंहुचा तो दरवाजा खुला हुआ था, अंदर से आवाजे आ रही थी,

कमल- जान तुम इतना गुस्से में क्यों हो

कोमल- उस नंदनी की हिम्मत कैसे हुई मेरे काम में तंग अदने की

कमल- छोड़ो न

कोमल- ऐसे कैसे छोड़ दू उस तुषार के बदले अब वो नंदनी नंगी होगी मेरे सामने

कमल- ये क्या बोल रही हो उसका बाप मंत्री ह

कोमल- तुम कबसे डरने लगे मंत्रियो से अगर तुम चाहते हो मैं खुश रहु तो वो नंदनी मुझे मेरे सामने नंगी झुकी होनी चाहिए और मेरा ये लुंड उसकी छूट और गांड में घुसना चाहिए वर्ण मैं पुरे घर को आग लगा दूंगी

तुषार ने अंदर झक क्र देखा तो कमल टेबल पैर झुका हुआ था और ड्रग्स ले रहा था, और कोमल उसके पीछे साइड में लुंड कमर पैर बंद क्र कड़ी थी,

ये देख क्र तुषार चौंक गया ये सब क्या ह, तुषार ने मोबाइल निकल और वीडियो बनाने लगा,

कोमल- तुम सुन रहे हो न मैं क्या बोल रही हु

कमल- सुन रहा हु जान कल किसी लड़की को ले आऊंगा तुम्हारे लिए दोनों मिल क्र खेलेंगे उससे

कोमल- मुझे ननदनी चाहिए वर्ण तुम्हारी बहन अलका की सील तोड़ दूंगी मैं रपे क्र दूंगी उसका और फिर तुम जानते हो मैं क्या करती हु

कमल- उसे अगर हाथ भी लगाया तो सब हमारे hi दुश्मन हो जायेंगे

कोमल- हो जाये तो हो जाये मैं यहाँ आई hi उसके लिए हु वो मुझसे बच क्र भाग गाइट hi न अब नहीं भागने दूंगी

कमल- मेरे हाथो से भी भाग गई थी और वो बड़ी वाली कुटिया वर्षा वो भी हाथ से निकल गई

कोमल- वो तो मेरी कॉलेज में फ्रेंड थी फिर भी मेरे हाथ नहीं आई वो जानती ह मैं क्या हु और मुझे क्या चाहिए

कमल- कल मैं तुम्हारे लिए कोई लड़की लता हु

कोमल- मुझे मजा करना ह कोई ऐसी लाना जो बिलकुल कच्ची काली हो

कोमल- ऐसी hi लाऊंगा

तुषार वह से निकल गया, रात को उसने अंजलि से बात की और उसे सब बताया,

अंजलि- ये दोनों बड़े खतरनाक लग रहे हैं टुशु किसी का गलत न क्र दे ये लोग

तुषार- मैं हु यहाँ आप चिंता मत कीजिये

अंजलि- हम सब गाओं में हैं और 3 दिन बाद हम ***** निकल जायेंगे अब टाइम आ गया ह आमना सामना करने का

तुषार- जी माँ लेकिन सम्हाल क्र

अंजलि- सब सही होगा, अगर इन तीन दिन में तुम्हारी मुझसे या तीनो बहेनो में से किसी से बात न हो पाए तो तुम्हे क्या करना ह वो जान लो

अंजलि ने तुषार को कुछ समझाया,

तुषार- माँ इतना कुछ होने की संभावना ह

अंजलि- कुछ भी हो सकता ह

तुषार- ok माँ

फिर तुषार ने रूचि से बात की, रूचि बात करते हुए शर्मा रही थी जिसे अंजलि भी महसूस क्र रही थी, उसने दीपा की तरफ देखा तो दीपा के फेस पैर स्माइल आ गई, दीपा की स्माइल देख क्र अंजलि ने अपना सर पकड़ लिया

अंजलि मन में- हे भगवान कोई बचेगी या नहीं मेरे टुशु का क्या होगा वो कैसे झेलेगा सबको

फिर दीपा ने बात की अकेले में

दीपा- टुशु 3 दिन बाद याद ह न तुझे आना ह

तुषार- याद ह लेकिन माँ तो 3 दिन बाद ***** चली जाएँगी तुम सबको लेकर

दीपा- जाएँगी लेकिन पहले वह जाकर मैंने प्लान बना लिया ह तू बस आ जाना देर मत करना

तुषार- ऐसा क्या ह 3 दिन बाद सब 3 दिन बाद hi क्र रहे हैं

दीपा- बस यही पता चलता ह तेरे धयान परिवार पैर कितना होता ह अगर तुझे ये hi नहीं पता तो

तुषार- बता दो न

दीपा- वही बता दूंगी

सीमा बेचारी इंतजार क्र रही थी की वो भी बात करे लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी, लेकिन तुषार ने खुद दीपा से कहा सीमा दी से भी बात करवा दो

सीमा खुश होती हुई फ़ोन लेकर भागी

सीमा- टुशु कैसा ह

तुषार- अच्छा हु दी आप ठीक हो

सीमा- बस जीर hi ह उतेरी नाराजगी जीने नहीं दे रही

तुषार- किसने कहा मैं नाराज हु उस दिन तो आपके साथ hi था

सीमा- उस दिन बस तू साथ था लेकिन तूने एक बार भी मुझसे हाल चल तक नहीं पूछा मुझे तो ऐसा लग रहा था की मैं जबरदस्ती तुम दोनों के बिच घुसी हु

तुषार- ऐसा नहीं ह दी बस यहाँ थोड़ा उलझा हुआ हु जल्दी hi आपसे आकर मिलता हु

सीमा- ी लव ु टुशु

तुषार- लव ु तू दीदी, बस आप खुश रो आपकी ख़ुशी के लिए पूरा परिवार आपके साथ खड़ा ह

सीमा- अब खुश रहूंगी तू नाराज नहीं ह तो मैं खुश हु

वही सुरेश चोपड़ा परेशां था अंजलि और सीमा घर से लापता थी, उसका आमदी भी लापता था, इसी लिए उसने सोनिया को बुलाया था,

सोनिया- ऐसा कैसे हो सकता ह आदमी क्या कर रहे थे उन्हें पता hi नहीं चला वॉक अहा चली गई कब चली गई

सुरेश- ये hi तो सोचने की बात ह

सोनिया- आपके आदमी hi बेकार ह अंजलि को आपके आदमियों की जानकारी होगी और वो बस मोके का इंतजार क्र रही होगी मौका मिलते hi गायब हो गई,

तभी बहार से नौकर ने दूर खटखटाया

सुरेश- क्या हुआ देख नहीं रहा बिजी हैं हम

नौकर- साहिब कोई आपसे मिलने आया ह बोल रहा ह बहुत जरुरी ह

सुरेश- बोल ऑफिस में आकर मिलेगा मैं घर पैर मीटिंग नहीं करता

नौकर- बोल रहा ह किसी अंजलि के बारे में बात करनी ह

सुरेश- क्या बुला उसे ऐसा क्र मेरे प्राइवेट रूम में बैठा मैं आता हु

सोनिया- कोण हो सकता ह

सुरेश- चाक र देखते हैं



सुरेश और सोनिया रूम में पहुंचे तो सामने दो आदमी बैठे थे
 
Back
Top