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- Dec 5, 2013
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अपडेट-40
अम्मा- कैसा ह मेरे बच्चे
तुषार- पेअर छूटे हुए अच्छा हु अम्मा आप कैसी हैं
अम्मा- मैं भी ठीक हु अंजलि और बच्चे कसिए हैं
तुसाहर- सब अच्छे हैं
अम्मा- रिंकी से -कड़ी रहेगी कुछ चाय कॉफ़ी ले आ
तुषार- ये और चाय क्यों, अनीता जी कहा गई
रिंकी- उनकी तबियत ठीक नहीं ह
तुषार- क्या हुआ
रणिक्य- लेडीज वाली प्रॉब्लम ह तुम्हे चेक करनी ह
अम्मा- रिंकी काम बोलै क्र क्या बकवास करती रहती ह, चाय तो ले नहीं जाती तुझसे
रिंकी- मुझे नहीं आती चाय बनानी
तुषार- रहने दो अम्मा
अम्मा- ऐसे कैसे रहने दू मैं लती हु, घर आया ह और चाय तक नहीं मिलेगी क्या
अम्मा उठ क्र किचन में चली गई,
तुषार उठा और रिंकी को पकड़ क्र अपनी बहो में उठा लिया, बहुत बोल रही हो चाय आती नहीं और लेडीज वाली प्रॉब्लम का पता ह
रिंकी- छोड़ो अब मैं लड़की हु तो मुझे तो पता hi होगी, तुम्हे पता ह वैसे लेडीज वाली प्रॉब्लम
तुषार- मुझे कैसे पता होगा
रिंकी- झूठे गर्लफ्रेंड ने जरूर बताया होगा
तुषार- मेरी गफ तो तू ह तूने बताया hi नहीं
तुषार ने रिंकी को पहेली बार तू बोलै था
तुषार- श्री वो तू निकल गया असल में दोस्तों को तू कहने की आदत ह न
रिंकी- कोई नहीं दोस्ती में चलता ह मुझे भी ये आप तुम अच्छे नहीं लगते एक दम बिबदास होकर बोलना चाइये, और मैं तेरी गफ कब बानी
तुषार- अरे तू लड़की ह और दोस्त भी तो हो गई न गर्ल फ्रेंड
रिंकी- अच्छा गर्ल फ्रेंड बना क्र ठोकेगा भी क्या
तुषार- क्यों गर्लफ्रेंड को ठोका जाता ह क्या
रिंकी- जैसे तुझे पता hi न हो गफ के सतह क्या करते हैं
तुषार- मुझे कैसे पता होगा तुझसे पहले कोई गफ थी hi नहीं
रिंकी- क्यों मेरी माँ भी तो तेरी गफ ह उन्हें नहीं ठोका
तुषार- तू बड़ी बेशरम ह
रिंकी- तेरे पास इतना बड़ा इंजेक्शन ह ऐसा हो hi नहीं सकता किसी को लगाया hi न हो
तुषार- तूने कब देख लिया मेरा इंजेक्शन
रिंकी- देखा नहीं ह बस महसूस क्र रही हु क्योकि वो मेरे पीछे घुसा जा रहा ह,
तुषार का लुंड खड़ा हो चुक्का था जो रिंकी की गांड में घुसा जार है था, तुषार झेप गया, और रिंकी को छोड़ दिया
रिंकी- अरे क्या हुआ शर्मा गया क्या इतनी जल्दी मेरे समाने अच्छे अच्छे शर्मा जाते हैं
तुषार- रहने दे अगर दिखा दिया न तो शर्म से भगति पायेगी
रिंकी- ऐसा ह तो आज दिखा दे मैं भी देखु ऐसा कोनसा साप ले रखा ह,
तभी अम्मा आ गई कहा ह साप,
रिंकी- कुछ नहीं अम्मा तुषार बोल रहा ह की यहाँ आ गए ाचा किया, गाओं में साप बहुत होते हैं
अम्मा- अरे हवेली में कभी साप नहीं आते बीटा, और इस लड़की ने तो आज तक साप देखे hi नहीं
रिंकी- अम्मा देखे हैं साप तो देखे हैं पैर वो छोटे थे, देख क्र मजा नहीं आया
तुसाहर- कोई बात नहीं मैं बड़ा साप दिखा दूंगा, फिर बताना कोनसा अच्छा होता ह बड़ा या छोटा
रिंकी- वो तो देख और पकड़ hi पता चलेगा कोनसा अच्छा ह
तुषार- बड़ा साप देख क्र दर मत जाना, कही सही मोके पैर दर क्र भाग जाये
रिंकी- मैं डरने वालो में से नहीं हु साप की मुंडी मरोड़ क्र सारा जहर निकल लुंगी
अम्मा- तुम लोग ये क्या साप की बात लेकर बैठ गए आओ चाय पि लो और ये तू तुषार को तू तड़क से क्यों बात क्र रही ह
रिंकी- अम्मा ये मेरी hi आगे का ह न और अब हम दोस्त की तरह हैं तो दोस्तों में ये चलता ह, मैं अभी आई
अम्मा- दोस्त कहा तुम तो भाई बहन हो अगर मेरी किस्मत और मेरे बेटे सही होते तो तुम लोग एक hi घर में होते
ये बात तुषार ने सुन लिट् hi
तुषार- अम्मा दुबारा कभी ऐसा न तो बोलना न hi सोचना ये मेरे सम्मान पैर चोट होगी
अम्मा- नहीं कहूँगी माफ़ क्र दे लेकिन तू मेरा पोता ह ये तो मन ले मेरा सम्मान बढ़ जायेगा
तुषार- आपके लिए ये मैं जरूर मानूंगा
रिंकी आ गई अपनी ग्रीन टिया लेकर, मैं तो ये पियूँगी
अम्मा- पहले क्यों नहीं बताया ये चाय एक्स्ट्रा बनवा दी,
पीछे से आवाज आई मैं पि लुंगी, पीछे परदे से अनीता निकल क्र आई जिसकी चल में लंगड़ाहट थी, जो तुषार की आवाज सुनकर खुद को रोक नहीं पाई थी, उसके फेस पैर दुनिया जहाँ की चमक थी जैसे सुहागरात की गले दिन दुल्हन के फेस पैर होती ह, वो तुषार को देख क्र शर्मा रही थी, अनीता को देख क्र तुषार के फेस पैर भी एक घेरि मुस्कान आ गाइट hi, जिसे रिंकी बड़े गोर से देख रही थी,
अम्मा- तुझे क्या हुआ ऐसे क्यों लंडा रही ह
रिंकी- एक दम से बोली पेअर फिसल गया होगा
अनीता को कुछ नहीं सुझा उस टाइम वो है है पेअर फिसल गया था,
अम्मा- आराम से चला क्र और उठी hi क्यों तू आराम क्र न
अनीता- वो बस आ गई लेते लेते मन नहीं लग रहा था
रिंकी- है ऐसे में मन लगता hi नहीं ह
अनीता ने रिंकी को देखा जिसके फेस पैर एक स्माइल थी,
रिंकी- अब देखो मैं जबसे यहाँ आई हु घर में hi कैद हु, कही जा नहीं प् रही अकेले अकेले पड़ी रहती हु
अम्मा- तुझे किसने रोका ह और तुझे रोक hi कोण सकता ह तू खुद नहीं गई
रिंकी- अकेले जाने का मन नहीं करता न कही, और यहाँ की जगह जानती भी तो नहीं हु
अम्मा- तो तुषार ले जायेगा तुझे घूमने, क्यों तुषार ले जायेगा न
तुषार- है है जरूर अम्मा ले जाऊंगा
रिंकी- तो कब चलोगे आज चले
तुषार- आज नहीं कल चलते ह आज थोड़ा रेस्ट करना चाहता हु रात को देर से सोया था
तुषार ने अनीता की तरफ देखा, अनीता ने शर्मा क्र नजरे निचे क्र ली,
रिंकी- ठीक ह फिर कल शाम को चलते हैं मुझे मूवी देखनी ह,
तुषार- ठीक ह अब मैं चलता हु
तुषार वह से निकल गया, और छोड़ गया एक मुस्कान दोनों माँ बेटी के फेस पैर, ये hi संस्कार थे अंजलि के बदला यश और अजय से लेना था तो उसके परिवार को दर्द नहीं देना था,
शाम को अलका की कॉल आई की वो मिलना चाहती ह मॉल के बहार उसका वेट करेगी, तुषार उसे मन नहीं क्र प् रहा था, इसलिए रेडी होकर चला गया, अलका कड़ी थी अपनी कार के बहार, सुंदरता की मूरत थी अलका और वेस्टर्न ड्रेस में तो कमल hi लगती थी,
तुषार- जी मम साहिब बताइये बाँदा हाजिर ह सेवा में
अलका- तो हुकुम ये ह की आज आप मेरे साथ डिनर करेंगे और मुझे आइसक्रीम खिलाएंगे
तुषार- ये रोज बहार डिनर करना ठीक नहीं ह देवी जी हेल्थ ख़राब हो जाएगी, घर का खाना खाया कीजिये
अलका- मेरा मन नहीं करता घर में रहने का जब से ये सब यहाँ आये हैं मैं उस घर में hi जाना नहीं चाहती,
तुषार- परिवार से अलग कैसे रह सकती हो
अलका- माँ का तो पता hi नहीं होता वो रात में कही चली जाती ह कब आती ह मालूम नहीं, ननदनी का तुम उस दिन देख hi चुके हो वो तो आज भी कही निकली होगी रात में आये न भी आये और सोहन मैं उससे खुद को दूर hi रखती हु, वो घर में अकेला हो तो मैं कभी नहीं रूकती, ये ह फॅमिली इनके पास कैसे रहु
तुसाहर- सोहन इतना बुरा ह क्या
अलका- उसकी नजर में हैवानियत ह उसकी नजर में माँ बहन बीवी और बहार की कोई लड़की इनके लिए कोई अंतर नहीं ह बहुत गन्दा ह वो
तुषार- ओह्ह्ह और कमल
अलका- वो तो ड्रग्स एडिक्ट ह उससे तो और भी दर लगता ह बड़ा खतरनाक ह वो
तुषार- और चोपड़ा जी
अलका- हैवान ह वो हैवान उनका बस चले वो मुझे
इतना कहे क्र अलका चुप हो गई, तुषार ने भी इस वक़्त ज्यादा जानना सही नहीं समझा,
तुषार- छोड़ो उन सबको मैं तुम्हे आज खाना खिलता हु चलो
अलका- कहा चलो खाना तो अंदर hi ह न
तुसाहर- ये खाना रोज नहीं कहते मेरे साथ चलो
अला- ठीक ह बैठो कार में
तुषार- नहीं बाइक पैर चलो
अलका- बाइक पैर ऐसे कपड़ो में
तुषार- अच्छा आज कार में चलते हैं अगली बार बाइक पैर चलेनेगे
फिर तुषार अलका को लेकर एक छोटे से ढाबे पैर आ गया और खाना पैक करवाया फिर दोनों वह सेनिकाल क्र एक हाइवे पैर आ गए और रोड पैर hi कार कड़ी करके सड़क पैर hi खाना खाया, अलका को बड़ा मजा आ रहा था, आज खाने में भी स्वाद आ रहा था, वो बहुत खुश थी, फिर तुसाहर ने अलका को माल छोड़ा और बाइक लेकर निकल गया, अपनी माँ के पास,
रात के 12 बजे थे सड़क सुमसान पड़ी थी तुषार बाइक से जार है था, जैसे hi वो घर के पास पंहुचा तो उसकी नजर एक कार पैर पड़ी, जिसमे 2 आदमी बैठे थे, उनके हाथ में दूरबीन थी जिससे वो तुषार के घर को hi देख रहे थे, तुषार घ रकि तरफ न मुद क्र आगे चला गया आगे बढ़ते hi शामे ऐसे hi एक कार और कड़ी थी जिसमे 2 आदम बैठे थे, तुसाहर ने बाइक आगे बढ़ा दी, और सुनसान जगह पैर जाकर अंजलि को कॉल किया
अंजलि- कहा हो अब तक आये नहीं
तुषार- मैं तो आ चुक्का हु लेकिन हमारे घर पैर निगरानी लगी हुई ह
अंजलि- कहा पैर
तुषार ने सब बता दिया,
तुसाहर- अब क्या करे क्या मैं इनको ठिकाने लगा दू मैं सम्हाल ूँगा सबको
अंजलि- नहीं उन्हें ये नहीं लग्न चाहिए की हमे पता ह की हम पैर निगरानी राखी जार hi ह, आप घूम केर पीछे की तरफ से आओ और किसी तरह रूफ के रस्ते आओ
तुषार ने वैसा hi किया बाइक एक गली में खड़ा किया और पैदल hi अँधेरे अँधेरे में चलता हुआ घर के पास पंहुचा तब तक अंजलि चाट पैर पहुंच चुकी थी उसने अपनी साड़ी पीछे लटका दी जिससे तुषार उप्पेर चढ़ आया, आते hi दोनों एक दूसरे से चिपक गए, और एक दूसरे को चूमने लगे,
तुसाहर ने अंजलि को पानी की टंकी से चिपकाया और उसे चूमें लगा दोनों ऐसे लग रहे थे जैस ेजन्मो के प्यासे प्रेमी जोड़ा हो, तुषार अंजलि की चूचियों को मसल रहा था निचोड़ रहा था
अंजलि तुषार के होतो को चूसे जार hi थी और एक हाथ से तुषा रके लुंड को मुठी में लेकर शलए जा रही थी कपड़ो के उप्पेर से hi,
तुषार चूमता हु ानीचे बैठने लगा और निघ्त्य के अंदर सर देकर अंजलि की छूट को चस्में लगा, अंजलि ने आज निघ्त्य के निचे पंतय नहीं फेनी थी, तुषा रके हॉट सीधे अंजलि की छूट पैर लगे, और तुषा रने उन्हें चूसना शुरू क्र दिया था, कुछ देर बाद अंजलि ने तुषार को खड़ा किया और उसकी जीन्स खोलने लगी,
और लूँ डको बहा रनिकल क्र चूसने लगी, ाफी देर लुंड चूसने के बाद, तुषार ने अंजलि को वही झुकाया और लुंड छूट में दाल दिया,
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh कितने दिन बाद सकूं मिला ह अब इसके बिना जीना मुश्किल ह अब इतना मत तड़पाया कीजिये बहुत तदपि हु इस सुख के लिए,
तुषार- नहीं तड़पाऊंगा मेरी जान जल्दी hi ये हमेशा के लिए आपकी छूट में घुसा रहा करेगा, बस कुछ टाइम और
अंजलि- जल्दी hi सब ठीक करना होगा अब मुझसे दुरी बर्दास्त नहीं होती
तुसाहर ने धक्के लगाने शुरू क्र दिए, अंजलि आहे भरे जार hi थी, लेकिन दोनों के मजे में खलल पद गई जब किसी की आहात हुई तो देखा सीमा सामने कड़ी थी और अपनी माँ और भाई को नंगा एक दूसरे की चुदाई करते देख बड़ी हैरत से वह कड़ी थी,
सीमा को देख क्र अंजलि घबरा गई, वो काफी बोल्ड और ओपन माइंडेड थी अपनी बेटी से चुदाई की बात भी क्र लेती थी लेकिन सच में अपनी बेटी के सामने अपने hi बेटे से छोड़ना ये बहुत बड़ी बात थी,
अंजलि और तुषार खड़े हो गए थे, अंजलि अपने कपडे ढूंढ़ने लगी, सीमा कुछ देर तो वह कड़ी रही उसने अंजलि और तुषार दोनों के हाथ पकडे और निचे ले जाने लगी, दोनों को कुछ समझ नहीं आया, अंजलि हाथ छुड़ा क्र कपडे पहनना चाहती थी लेकिन सीमा ने कोई मौका नहीं दिया, वो सीधे अपने रूम में लेकर पहुंची,
सीमा- वो जगह ठीक नहीं ह अगर कोई अपनी चाट पैर आ गया तो आप लोग दिख सकते थे, यहाँ करो जो करना ह मैं ये नहीं पूछूँगी ये क्यों कब कैसे हुआ लेकिन जो भी ह मुझे अच्छा लगा
अन्जाइ शर्मा रही थी लेकिन उसने एक बड़ा कदम उठाया- सीमा मैं अपने रूम में जा रही हु तू इनके साथ रुक आज
सीमा- नहीं माँ आज आप का दिन ह आप रुकिए
अंजलि- मान जा बेटी
तुषार- माँ मैं आपको छोड़ क्र नहीं जाऊंगा
अंजलि- समझा कीजिये सीमा बहुत दिन से खुद को रोके हुए ह
तुषार- लेकिन
सीमा- माँ क्या हम दोनों एक साथ नहीं हो सकते
अंजलि और तुषार ने एक साथ सीमा को शॉकेड होकर देखा
अंजलि- ये क्या बोल रही ह तू पागल
वो इतना hi बोल पाई सीमा ने आगे बढ़ क्र तुसाहर के होतो से अपने हॉट मिला दिए और अंजलि की कमर में हाथ दाल क्र अपनी तरफ खींचा,
अंजलि हन्ता चाहती थी लेकिन सीमा ने एक और बड़ा कदम उठाया और अंजलि के होतो पैर अपने हॉट रख दिए, बस ये hi पल था की अंजलि का कण्ट्रोल खुद पैर से छूट गया उसे अपनी जवानी में सोनिया और नौकरानी के साथ बिताये पल याद आ गए,
वही तुषार शॉकेड सा खड़ा था,
सीमा ने अंजलि के हॉट चूमने शुरू किये और उसकी चूचिया सहलाने लगी, और तुषार को खींच क्र अंजलि के पीछे खड़ा क्र दिया और उसका सर अंजलि की गार्डन पैर दबा दिया, तुसाहर सीमा का इशारा समझ क्र अंजलि की गार्डन चूमने लगा, अंजलि दोहरे मजे में पागल सी हो गई और सीमा को वीलडली चूमने लगी,
सीमा ने जल्दी से अपनी निघ्त्य उतर क्र अलग फैकि और नंगी हो गई, अब तीनो माँ बेटी बीटा एक दम नंगे थे, फिर तुसाहर बिच में आ गया और आगे अंजलि उसे चुम रही थी पीछे सीमा उसकी कमर चुम रही थी,
तुषार का लुंड इस डबल मजे से फटा जार है था, फिर सीमा भी आगे आ गई और निचे बैठ गई, और तुषार के लुंड को मुठी में लेकर हिलने लगी फिर अपने मुँह में भर लिया, तुषार अंजलि के हॉट और सुचिया चूस रहता सीमा निचे लुंड चूस रही थी, फिर अंजलि भी निचे बैठ गई और सीमा को देखते हुए लुंड के पीछे के हिस्से को चूमें लगी, अगला टोपा सीमा के मुँह में था पीछे से अंजलि चुम रही थी,
फिर दोनों माँ बेटी अलग अलग साइड से लुंड को चुम रही थी, तुषार ने दोनों के सर पड़के और उन दोनों के होतो के बिच लूँ ढके धक्के लगाने लगा, तुषार के लिए ये बहुत जबरदस्त नजारा था,
फिर वो बीएड पैर आ गए तो अंजलि ने सीमा को बीएड पैर लिटाया और उसकी छूट पैर मुँह लगा दिया और अपनी गांड उठा ली जिसके पीछे तुषार आ गया और अंजलि की छूट चूसने लगा, कुछ देर बाद तुषार ने अपना लुंड अंजलि की छूट में घुसा दिया और छोड़ने लगा, कुछ देर छोड़ने के बाद अपनी पैशन बदल ली
अब सीमा बीएड पैर लेती थी और अंजलि ने अपनी छूट सीमा के मुँह पैर राखी और लेट गई, तुषार ने अपना लुंड सीमा की छूट में घुसा दिया, अंजलि जीभ निकला क्र तुषार का लुंड चाट रही थी, जब लुंड सीमा की छूट से बहार आता तो अंजलि उसे चाटने लगती, फिर तुषार ने सीमा की छूट से लुंड बहार निकला और अंजलि के मुँह में दे दिया फिर वापस सीमा की छूट में दाल दिया,
ऐसे hi तीनो चुदाई करते रहे, फिर सीमा ने अंजलि की अपने उप्पेर लिटा लिया दोनों की भरी भरी चूचिया एक दूसरे की चूचियों में डाब रही थी, दोनों की छूट आमने शामे थी, उनके पीछे तुषार था जिसके सामने दोनों छूट खुली हुई थी,
तुषार एक बार सीमा की छूट में लुंड दाल क्र धक्के मरता फिर अंजलि की छूट में, ऐसे hi ये खेल 1 हरष तक चला सबसे पहले सीमा झड़ी और अंजलि और लास्ट में तुषार उसने पूरा रास अंजलि की छूट में भर दिया था, तीनो माँ बीटा बेटी थक क्र एक दूसरे से चिपक क्र लेट गए,
तीनो ने चुदाई तो जबरदस्त की लेकिन बिना कुछ बोले तीनो hi शर्मा रहे थे, लेकिन अंजलि के दिमाग में सीमा की हवस घूम रही थी, शुरुआत सीमा ने hi क्र दी ये अंजलि के लिए अच्छा हुआ इससे सीमा और खुल जाएगी अंजलि के सामने जब से उसे अपनी सच्चाई का अहसास हुआ तब से वो बहुत खामोश हो गाइट hi, उसके अंदर एक दर बैठ गया था, वो खुद को बहुत छोटा सा महसूस क्र रही थी, उसे हमेशा यही लगता था की वो hi इस सब का कारन ह, घर में उसकी कोई जगह नहीं ह,
आज के सेक्स की वजह से उसका विश्वास कुछ वापस आएगा, दोनों माँ बेटी तुषार के दोनों तरफ लेती हुई थी, रात का टाइम था सीमा को तुरंत hi नींद आ गई, फिर अंजलि और तुषार नंगे hi उठे और अंजलि के रूम में आ गए,
अंजलि- कैसा लगा
तुसाहर- बहुत अजीब था लेकिन मजा बहुत आया
अंजलि- आपको मजा आना चाहिए वैसे वह सब ठीक ह न
तुसाहर- बहुत घोच पॉश हो रहा ह
अंजलि- ऐसा क्यों
तुषार ने अलका सोनिया ननदनी अनीता रिंकी रजनी कविता सबके बारे में बताया, सब सुनने के बाद
अंजलि- अब मेरी बात धयान से दुनो, सबसे पहले तो अनीता के साथ सब लिमिट में रखना ऐस आना हो की वो आपसे इतना आत्ताच हो जाये की बा दमे तकलीफ हो, वैसे वो अच्छा हतियार बन जाएगी अजय रु यश के खिलाफ, लेकिन वो दोनों अभी दूर हैं यहाँ बड़ा दूषण ह अभी, दूसरा इस रजनी का जॉब hi सोचा ह जल्दी से ख़तम करो वर्ण ये दुबारा हाथ नहीं आएगी शायद हमे कुछ बड़ा करना पड़े और यहाँ से निकलना पड़े, फिर उसके पास नहीं जा पाओगे,
अलका के लिए शब्द नहीं ह समझ नहीं आ रहा उसे कैसे हैंडल करे, इस लड़ाई में सबसे ज्यादा मेरी उस बहन को hi तकलीफ होने जार hi ह,
तुषार- बहन
अंजलि- है वो सुरेश चोपड़ा की बेटी ह तो इस रिश्ते से बहन hi हु मेरी तेरी मौसी लगती ह वो
तुषार- हे भगवान् ये हो क्या रहा यार मैं तो पागल हो जाऊंगा
अंजलि- अभी से पागल
अच्छा सुनो, इस सोनिया से खबरदार वो आज चंडीगढ़ गई थी, सुरेश ने उसे अर्जेंट बुलवाया ह, कुछ बहुत बड़ा होने वाला ह, इस सोनिया के और वफादार बनो कोशिश करो वो आपको अपने मिशन में शामिल करे,
तुषार- कोशिश करूँगा
अंजलि- और इनकी फॅमिली की कुछ डिटेल्स मिली ह,
नंदनी चंडीगढ़ के मंत्री की बेटी ह, जिसके इलेक्शन में सुरेश पैसे लगता ह और वो मंत्री सुरेश के प्रोजेक्ट्स पास करवाता ह, सोनिया ने उससे चुद क्र उसे अपने फेवर में किया था, और इस चुदाई की वजह से hi मंत्री ने ननदे की शादी सोहन से की थी, नंदनी अपने बाप की इजात की वजह से चुप ह, ननदनी बहुत hi आजाद खयालो की लड़की ह लंदन से पढाई की ह, काफी अयाश टाइप की लड़की ह सोहन के साथ खुश नहीं ह लेकिन मज़बूरी में रुकी हुई ह, सोनिया और उसके बिच डील ह ननदनी सोनिया के राज जानती ह, नंदनी इसी शरत पैर यहाँ ह की उसे उसकी जिंदगी जीने से न रोका जाये, इसलिए सोनिया उसे कभी नहीं रोकती क्योकि अगर वो गई तो मंत्री से भी नाता टूट जायेगा,
वही कोमल कमिशनर की बेटी ह, कोम्मिस्सिनोर मंत्री का खास ह, कमल और कोमल एक hi कॉलेज में थे, कमल एक ड्रग्स एडिक्ट ह और जल्द ह उसके अंदर कोई रहम दया नहीं ह क्रिमनल ह वो, उसने कॉलेज में ड्रग्स के नशे में काफी लड़कियों के साथ रपे किया, लेकिन उसका शरीर बिलकुल बेकार ह किसी लड़को को वो 1 मिनट्स भी खुश नहीं क्र सकता इसलिए ड्रग्स ज्यादा लेता ह, और रपे करता ह और लड़कियों को मर देता ह, कोमल भी एक डोमितावे लड़की ह उसे डोमिनाते करना पसंद ह, उसे लड़को में कोई इंट्रेस्ट नहीं ह, जब कमल रपे और मर्डर में फसा तो उस कोम्मिस्सिनोर ने मंत्री की मदद से उसे बचाया, तब उन्हें पता चला की ये तो सेक्स क्र hi नहीं सकता,
वही सोनिया ने मंत्री और कोम्मिस्सिनोर के साथ रात गुजारी, वही इनकी बात हुई और कोम्मिस्सिनोर की बेटी का पता चला तो सोनिया ने दोनों की शादी करवा दी, कोमल को ऐसा hi कोई चाहिए था
अब कोमल उसे ड्रग्स देती ह और लड़किया देती ह नोचने के लिए खुद भी उसे डोमिनाते करती ह अब वो कोमल के साथ डोमिनाते होकर खुश रहता ह, लेकिन अब पहले से ज्यादा खतरनाक हो चुक्का ह, किसी को मरने से पहले एक सेकंड नहीं सोचता,
वही अलका से बड़ी बेटी वर्षा बहुत hi माइंडेड लड़की ह बहुत तेज ह और दोनों भें सुरेश सोहन और कमल तीनो से नफरत करती हैं, सोनिया ने बड़ी चालाकी से उनसे कनेक्शन जोड़ा हुआ ह अभी तक, कमल से नफरत का कारन तो समझ आया लेकिन सुरेश और सोहन से नहीं,
तुषार- वो मैं पता क्र लूंगा, इस सब से ये पता चला की नंदनी आसानी से काबू में नहीं आने वाली वो अपनी लाइफ अपने दिमाग से चलती ह, और ये कोमल खतरनाक आइटम ह, और मुझे इस वर्षा नाम की आफत से दर लगता ह अलका हमेशा इसी के गन गति रहती ह, वे से भी वो कभी भी मुझसे मिलने आ सकती ह,
अंजलि- आप के सामने ये सब सर झुकायेगी बस आप प्लान के हिसाब से चलते रहना, मुझे पता नहीं क्यों ऐसा लग रहा ह की बहुत बड़ा कुछ होने वाला ह, क्योकि अब सुरेश और सोनिया सुमित से भी सब छुपा रहे हैं दोनों ने नए लोग काम पैर लगा रखे हैं, किसी को कुछ खबर नहीं ह,
तुषार- मैं सोनिया के जरिये पता करता हु लेकिन ये निगरानी किस लिए उन्हें पता ह की सब कहा ह फिर भी कुछ नहीं क्र रहे, और क्या ये हो सकता ह की उन्हें हम सबके बारे में पता हो
अंजलि- हो सकता ह,
तुसाहर- फिर मेरे बारे में भी पता होगा कही हम जो क्र रहे हैं वो उसके लिए तैयार हो
अंजलि- वो आपके बारे में नाम के अलावा कुछ नहीं जान पाएंगे, आप बस उन्हें अपनी किसी हरकत से कुछ जाहिर मत होने देना, क्योकि आज तक हमारे पुरे परिवार का कोई फोटो नहीं ह और जो फोटो स्कूल कॉलेज में लगे हैं मैं वो सब हटवा चुकी हु, कोशिश करो ये नाटक कुछ दिन और चल जाये, क्योकि अगर आपने वह से उनकी मूवमेंट पता क्र ली तो हमे आसानी होगी, मैं अभी सामने नहीं आना चाहती हमे 15 दिन ये जरूर करना होगा उसके बाद मैं सामने आने के लिए तैयार हो जाउंगी, लेकिन आपको तब भी सामने नहीं आना ह, क्योकि ये लड़ाई यही तक नहीं ह बहुत लम्बी ह, उनके पास पावर और पैसा ह, हमारे पास वो सब इकठा करना ह,
हम भी लगभग तैयार हैं,
इधर जो लोग निगरानी क्र रहे थे, किसी से फ़ोन पैर
मन- सर 1 बजे के करीब रूफ पैर कुछ हलचल थी, वह 2 से ज्यादा लोग थे
फ़ोन पैर- वह तो बस 2 hi लोग ह न तो ज्यादा कहा से आये कोई घर में आया था क्या
मन- नहीं सर कोई नहीं आया
फ़ोन पैर- तो फिर और लोग कहा से आये तुरंत जाओ और घर को नाजीद से निगरानी करो चारो तरफ से निगरानी करो,
कुछ देर बाद चारो आदमी घर के चारो तरफ हो गए दूर से,
सुबह के 4 बज रहे थे, तुषार को अब निकलना भी था उजाला होने से पहले,
तुषार- अब चलता हु
अंजलि- मन नहीं लगता आपके बिना
तुसाहर- मेरा भी मन नहीं लगता लेकिन
अंजलि ने एक बार फिर तुषा रके होतो पैर अपने हॉट रख दिए, तुसाहर के लुंड ने तुरंत झटका मारा, तुषार ने तुरंत अंजलि को बीएड पैर लिटाया और 69 पोजीशन में आ गया, दोनों एक दूसरे के अंगो को चूमने चाटने लगे,
जल्दी hi तुसाहर अंजलि के उप्पेर आ गया और लुंड की झटके में पूरा जड़ तक घुसा दिया, अह्हह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मरोगे क्या,
तुषार- अब तो आदत पद गई होगी इसकी
अंजलि- ये कोई नार्मल लुंड नहीं ह ये हर बार उतना hi दर्द और मजा देता ह,
तुषार- आज थोड़ा हार्डकोर का मजा ले लो ताकि कुछ दिन याद काम आये
अंजलि- फिर तो ज्यादा आएगी क्योकि उस चुदाई के बाद रोज ऐसी hi चाहिए होगी,
तुषार ने लुंड को बहार खींचा और जोर डरे क और धक्का मारा, ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh uuufffffffffffffffffffff
तुसाहर ने लगातार धक्के मरने शुरू क्र दिए और धक्के बहुत ताकतवर थे, लुंड को पूरा बहार खींच क्र एक hi झटके में अंदर घुसा देता, रूम में बस थप थप थप थप की आवाज गूंझ रही थी, फिर तुषार ने अंजलि उठाया और दीवार से लगाया और पीछे से लुंड घुसा दिया और धक्के लगाने लगा, ऐसे hi तुषार अलग अलग पोजीशन में चुदाई करने लग गया था, काफी देर अंजलि की छूट का भोसड़ा बनाने के बाद उसने अपना लुंड बहार निकल लिया और पूरा रास अंजलि की चूचियों पैर निकल दिया,
आज पहेली बार था जब तुषार ने अंजलि की छूट के अलावा रास कही और निकला था वो भूल गया था की अंजलि तो रास अंदर hi डलवाती ह,
तुषार- श्री माँ आपको गन्दा क्र दिया
अंजलि- कोई नहीं
अंजलि ने रास को अपनी चूचियों पैर रगड़ा और तुषार के देखते हुए अपने हाथ चाटने लगी,
अंजलि- हम्म्म्म टेस्टी ह, सीमा और दीपा पीती ह क्या
तुषार- दीपा दी को बहुत पसंद ह ये वो तो पागल सी हो जाती ह इसके लिए
अंजलि- चलो साफ़ क्र लो और कपडे तो उप्पेर hi पड़े हैं
तुषार- मैं ले आता हु
अम्मा- कैसा ह मेरे बच्चे
तुषार- पेअर छूटे हुए अच्छा हु अम्मा आप कैसी हैं
अम्मा- मैं भी ठीक हु अंजलि और बच्चे कसिए हैं
तुसाहर- सब अच्छे हैं
अम्मा- रिंकी से -कड़ी रहेगी कुछ चाय कॉफ़ी ले आ
तुषार- ये और चाय क्यों, अनीता जी कहा गई
रिंकी- उनकी तबियत ठीक नहीं ह
तुषार- क्या हुआ
रणिक्य- लेडीज वाली प्रॉब्लम ह तुम्हे चेक करनी ह
अम्मा- रिंकी काम बोलै क्र क्या बकवास करती रहती ह, चाय तो ले नहीं जाती तुझसे
रिंकी- मुझे नहीं आती चाय बनानी
तुषार- रहने दो अम्मा
अम्मा- ऐसे कैसे रहने दू मैं लती हु, घर आया ह और चाय तक नहीं मिलेगी क्या
अम्मा उठ क्र किचन में चली गई,
तुषार उठा और रिंकी को पकड़ क्र अपनी बहो में उठा लिया, बहुत बोल रही हो चाय आती नहीं और लेडीज वाली प्रॉब्लम का पता ह
रिंकी- छोड़ो अब मैं लड़की हु तो मुझे तो पता hi होगी, तुम्हे पता ह वैसे लेडीज वाली प्रॉब्लम
तुषार- मुझे कैसे पता होगा
रिंकी- झूठे गर्लफ्रेंड ने जरूर बताया होगा
तुषार- मेरी गफ तो तू ह तूने बताया hi नहीं
तुषार ने रिंकी को पहेली बार तू बोलै था
तुषार- श्री वो तू निकल गया असल में दोस्तों को तू कहने की आदत ह न
रिंकी- कोई नहीं दोस्ती में चलता ह मुझे भी ये आप तुम अच्छे नहीं लगते एक दम बिबदास होकर बोलना चाइये, और मैं तेरी गफ कब बानी
तुषार- अरे तू लड़की ह और दोस्त भी तो हो गई न गर्ल फ्रेंड
रिंकी- अच्छा गर्ल फ्रेंड बना क्र ठोकेगा भी क्या
तुषार- क्यों गर्लफ्रेंड को ठोका जाता ह क्या
रिंकी- जैसे तुझे पता hi न हो गफ के सतह क्या करते हैं
तुषार- मुझे कैसे पता होगा तुझसे पहले कोई गफ थी hi नहीं
रिंकी- क्यों मेरी माँ भी तो तेरी गफ ह उन्हें नहीं ठोका
तुषार- तू बड़ी बेशरम ह
रिंकी- तेरे पास इतना बड़ा इंजेक्शन ह ऐसा हो hi नहीं सकता किसी को लगाया hi न हो
तुषार- तूने कब देख लिया मेरा इंजेक्शन
रिंकी- देखा नहीं ह बस महसूस क्र रही हु क्योकि वो मेरे पीछे घुसा जा रहा ह,
तुषार का लुंड खड़ा हो चुक्का था जो रिंकी की गांड में घुसा जार है था, तुषार झेप गया, और रिंकी को छोड़ दिया
रिंकी- अरे क्या हुआ शर्मा गया क्या इतनी जल्दी मेरे समाने अच्छे अच्छे शर्मा जाते हैं
तुषार- रहने दे अगर दिखा दिया न तो शर्म से भगति पायेगी
रिंकी- ऐसा ह तो आज दिखा दे मैं भी देखु ऐसा कोनसा साप ले रखा ह,
तभी अम्मा आ गई कहा ह साप,
रिंकी- कुछ नहीं अम्मा तुषार बोल रहा ह की यहाँ आ गए ाचा किया, गाओं में साप बहुत होते हैं
अम्मा- अरे हवेली में कभी साप नहीं आते बीटा, और इस लड़की ने तो आज तक साप देखे hi नहीं
रिंकी- अम्मा देखे हैं साप तो देखे हैं पैर वो छोटे थे, देख क्र मजा नहीं आया
तुसाहर- कोई बात नहीं मैं बड़ा साप दिखा दूंगा, फिर बताना कोनसा अच्छा होता ह बड़ा या छोटा
रिंकी- वो तो देख और पकड़ hi पता चलेगा कोनसा अच्छा ह
तुषार- बड़ा साप देख क्र दर मत जाना, कही सही मोके पैर दर क्र भाग जाये
रिंकी- मैं डरने वालो में से नहीं हु साप की मुंडी मरोड़ क्र सारा जहर निकल लुंगी
अम्मा- तुम लोग ये क्या साप की बात लेकर बैठ गए आओ चाय पि लो और ये तू तुषार को तू तड़क से क्यों बात क्र रही ह
रिंकी- अम्मा ये मेरी hi आगे का ह न और अब हम दोस्त की तरह हैं तो दोस्तों में ये चलता ह, मैं अभी आई
अम्मा- दोस्त कहा तुम तो भाई बहन हो अगर मेरी किस्मत और मेरे बेटे सही होते तो तुम लोग एक hi घर में होते
ये बात तुषार ने सुन लिट् hi
तुषार- अम्मा दुबारा कभी ऐसा न तो बोलना न hi सोचना ये मेरे सम्मान पैर चोट होगी
अम्मा- नहीं कहूँगी माफ़ क्र दे लेकिन तू मेरा पोता ह ये तो मन ले मेरा सम्मान बढ़ जायेगा
तुषार- आपके लिए ये मैं जरूर मानूंगा
रिंकी आ गई अपनी ग्रीन टिया लेकर, मैं तो ये पियूँगी
अम्मा- पहले क्यों नहीं बताया ये चाय एक्स्ट्रा बनवा दी,
पीछे से आवाज आई मैं पि लुंगी, पीछे परदे से अनीता निकल क्र आई जिसकी चल में लंगड़ाहट थी, जो तुषार की आवाज सुनकर खुद को रोक नहीं पाई थी, उसके फेस पैर दुनिया जहाँ की चमक थी जैसे सुहागरात की गले दिन दुल्हन के फेस पैर होती ह, वो तुषार को देख क्र शर्मा रही थी, अनीता को देख क्र तुषार के फेस पैर भी एक घेरि मुस्कान आ गाइट hi, जिसे रिंकी बड़े गोर से देख रही थी,
अम्मा- तुझे क्या हुआ ऐसे क्यों लंडा रही ह
रिंकी- एक दम से बोली पेअर फिसल गया होगा
अनीता को कुछ नहीं सुझा उस टाइम वो है है पेअर फिसल गया था,
अम्मा- आराम से चला क्र और उठी hi क्यों तू आराम क्र न
अनीता- वो बस आ गई लेते लेते मन नहीं लग रहा था
रिंकी- है ऐसे में मन लगता hi नहीं ह
अनीता ने रिंकी को देखा जिसके फेस पैर एक स्माइल थी,
रिंकी- अब देखो मैं जबसे यहाँ आई हु घर में hi कैद हु, कही जा नहीं प् रही अकेले अकेले पड़ी रहती हु
अम्मा- तुझे किसने रोका ह और तुझे रोक hi कोण सकता ह तू खुद नहीं गई
रिंकी- अकेले जाने का मन नहीं करता न कही, और यहाँ की जगह जानती भी तो नहीं हु
अम्मा- तो तुषार ले जायेगा तुझे घूमने, क्यों तुषार ले जायेगा न
तुषार- है है जरूर अम्मा ले जाऊंगा
रिंकी- तो कब चलोगे आज चले
तुषार- आज नहीं कल चलते ह आज थोड़ा रेस्ट करना चाहता हु रात को देर से सोया था
तुषार ने अनीता की तरफ देखा, अनीता ने शर्मा क्र नजरे निचे क्र ली,
रिंकी- ठीक ह फिर कल शाम को चलते हैं मुझे मूवी देखनी ह,
तुषार- ठीक ह अब मैं चलता हु
तुषार वह से निकल गया, और छोड़ गया एक मुस्कान दोनों माँ बेटी के फेस पैर, ये hi संस्कार थे अंजलि के बदला यश और अजय से लेना था तो उसके परिवार को दर्द नहीं देना था,
शाम को अलका की कॉल आई की वो मिलना चाहती ह मॉल के बहार उसका वेट करेगी, तुषार उसे मन नहीं क्र प् रहा था, इसलिए रेडी होकर चला गया, अलका कड़ी थी अपनी कार के बहार, सुंदरता की मूरत थी अलका और वेस्टर्न ड्रेस में तो कमल hi लगती थी,
तुषार- जी मम साहिब बताइये बाँदा हाजिर ह सेवा में
अलका- तो हुकुम ये ह की आज आप मेरे साथ डिनर करेंगे और मुझे आइसक्रीम खिलाएंगे
तुषार- ये रोज बहार डिनर करना ठीक नहीं ह देवी जी हेल्थ ख़राब हो जाएगी, घर का खाना खाया कीजिये
अलका- मेरा मन नहीं करता घर में रहने का जब से ये सब यहाँ आये हैं मैं उस घर में hi जाना नहीं चाहती,
तुषार- परिवार से अलग कैसे रह सकती हो
अलका- माँ का तो पता hi नहीं होता वो रात में कही चली जाती ह कब आती ह मालूम नहीं, ननदनी का तुम उस दिन देख hi चुके हो वो तो आज भी कही निकली होगी रात में आये न भी आये और सोहन मैं उससे खुद को दूर hi रखती हु, वो घर में अकेला हो तो मैं कभी नहीं रूकती, ये ह फॅमिली इनके पास कैसे रहु
तुसाहर- सोहन इतना बुरा ह क्या
अलका- उसकी नजर में हैवानियत ह उसकी नजर में माँ बहन बीवी और बहार की कोई लड़की इनके लिए कोई अंतर नहीं ह बहुत गन्दा ह वो
तुषार- ओह्ह्ह और कमल
अलका- वो तो ड्रग्स एडिक्ट ह उससे तो और भी दर लगता ह बड़ा खतरनाक ह वो
तुषार- और चोपड़ा जी
अलका- हैवान ह वो हैवान उनका बस चले वो मुझे
इतना कहे क्र अलका चुप हो गई, तुषार ने भी इस वक़्त ज्यादा जानना सही नहीं समझा,
तुषार- छोड़ो उन सबको मैं तुम्हे आज खाना खिलता हु चलो
अलका- कहा चलो खाना तो अंदर hi ह न
तुसाहर- ये खाना रोज नहीं कहते मेरे साथ चलो
अला- ठीक ह बैठो कार में
तुषार- नहीं बाइक पैर चलो
अलका- बाइक पैर ऐसे कपड़ो में
तुषार- अच्छा आज कार में चलते हैं अगली बार बाइक पैर चलेनेगे
फिर तुषार अलका को लेकर एक छोटे से ढाबे पैर आ गया और खाना पैक करवाया फिर दोनों वह सेनिकाल क्र एक हाइवे पैर आ गए और रोड पैर hi कार कड़ी करके सड़क पैर hi खाना खाया, अलका को बड़ा मजा आ रहा था, आज खाने में भी स्वाद आ रहा था, वो बहुत खुश थी, फिर तुसाहर ने अलका को माल छोड़ा और बाइक लेकर निकल गया, अपनी माँ के पास,
रात के 12 बजे थे सड़क सुमसान पड़ी थी तुषार बाइक से जार है था, जैसे hi वो घर के पास पंहुचा तो उसकी नजर एक कार पैर पड़ी, जिसमे 2 आदमी बैठे थे, उनके हाथ में दूरबीन थी जिससे वो तुषार के घर को hi देख रहे थे, तुषार घ रकि तरफ न मुद क्र आगे चला गया आगे बढ़ते hi शामे ऐसे hi एक कार और कड़ी थी जिसमे 2 आदम बैठे थे, तुसाहर ने बाइक आगे बढ़ा दी, और सुनसान जगह पैर जाकर अंजलि को कॉल किया
अंजलि- कहा हो अब तक आये नहीं
तुषार- मैं तो आ चुक्का हु लेकिन हमारे घर पैर निगरानी लगी हुई ह
अंजलि- कहा पैर
तुषार ने सब बता दिया,
तुसाहर- अब क्या करे क्या मैं इनको ठिकाने लगा दू मैं सम्हाल ूँगा सबको
अंजलि- नहीं उन्हें ये नहीं लग्न चाहिए की हमे पता ह की हम पैर निगरानी राखी जार hi ह, आप घूम केर पीछे की तरफ से आओ और किसी तरह रूफ के रस्ते आओ
तुषार ने वैसा hi किया बाइक एक गली में खड़ा किया और पैदल hi अँधेरे अँधेरे में चलता हुआ घर के पास पंहुचा तब तक अंजलि चाट पैर पहुंच चुकी थी उसने अपनी साड़ी पीछे लटका दी जिससे तुषार उप्पेर चढ़ आया, आते hi दोनों एक दूसरे से चिपक गए, और एक दूसरे को चूमने लगे,
तुसाहर ने अंजलि को पानी की टंकी से चिपकाया और उसे चूमें लगा दोनों ऐसे लग रहे थे जैस ेजन्मो के प्यासे प्रेमी जोड़ा हो, तुषार अंजलि की चूचियों को मसल रहा था निचोड़ रहा था
अंजलि तुषार के होतो को चूसे जार hi थी और एक हाथ से तुषा रके लुंड को मुठी में लेकर शलए जा रही थी कपड़ो के उप्पेर से hi,
तुषार चूमता हु ानीचे बैठने लगा और निघ्त्य के अंदर सर देकर अंजलि की छूट को चस्में लगा, अंजलि ने आज निघ्त्य के निचे पंतय नहीं फेनी थी, तुषा रके हॉट सीधे अंजलि की छूट पैर लगे, और तुषा रने उन्हें चूसना शुरू क्र दिया था, कुछ देर बाद अंजलि ने तुषार को खड़ा किया और उसकी जीन्स खोलने लगी,
और लूँ डको बहा रनिकल क्र चूसने लगी, ाफी देर लुंड चूसने के बाद, तुषार ने अंजलि को वही झुकाया और लुंड छूट में दाल दिया,
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh कितने दिन बाद सकूं मिला ह अब इसके बिना जीना मुश्किल ह अब इतना मत तड़पाया कीजिये बहुत तदपि हु इस सुख के लिए,
तुषार- नहीं तड़पाऊंगा मेरी जान जल्दी hi ये हमेशा के लिए आपकी छूट में घुसा रहा करेगा, बस कुछ टाइम और
अंजलि- जल्दी hi सब ठीक करना होगा अब मुझसे दुरी बर्दास्त नहीं होती
तुसाहर ने धक्के लगाने शुरू क्र दिए, अंजलि आहे भरे जार hi थी, लेकिन दोनों के मजे में खलल पद गई जब किसी की आहात हुई तो देखा सीमा सामने कड़ी थी और अपनी माँ और भाई को नंगा एक दूसरे की चुदाई करते देख बड़ी हैरत से वह कड़ी थी,
सीमा को देख क्र अंजलि घबरा गई, वो काफी बोल्ड और ओपन माइंडेड थी अपनी बेटी से चुदाई की बात भी क्र लेती थी लेकिन सच में अपनी बेटी के सामने अपने hi बेटे से छोड़ना ये बहुत बड़ी बात थी,
अंजलि और तुषार खड़े हो गए थे, अंजलि अपने कपडे ढूंढ़ने लगी, सीमा कुछ देर तो वह कड़ी रही उसने अंजलि और तुषार दोनों के हाथ पकडे और निचे ले जाने लगी, दोनों को कुछ समझ नहीं आया, अंजलि हाथ छुड़ा क्र कपडे पहनना चाहती थी लेकिन सीमा ने कोई मौका नहीं दिया, वो सीधे अपने रूम में लेकर पहुंची,
सीमा- वो जगह ठीक नहीं ह अगर कोई अपनी चाट पैर आ गया तो आप लोग दिख सकते थे, यहाँ करो जो करना ह मैं ये नहीं पूछूँगी ये क्यों कब कैसे हुआ लेकिन जो भी ह मुझे अच्छा लगा
अन्जाइ शर्मा रही थी लेकिन उसने एक बड़ा कदम उठाया- सीमा मैं अपने रूम में जा रही हु तू इनके साथ रुक आज
सीमा- नहीं माँ आज आप का दिन ह आप रुकिए
अंजलि- मान जा बेटी
तुषार- माँ मैं आपको छोड़ क्र नहीं जाऊंगा
अंजलि- समझा कीजिये सीमा बहुत दिन से खुद को रोके हुए ह
तुषार- लेकिन
सीमा- माँ क्या हम दोनों एक साथ नहीं हो सकते
अंजलि और तुषार ने एक साथ सीमा को शॉकेड होकर देखा
अंजलि- ये क्या बोल रही ह तू पागल
वो इतना hi बोल पाई सीमा ने आगे बढ़ क्र तुसाहर के होतो से अपने हॉट मिला दिए और अंजलि की कमर में हाथ दाल क्र अपनी तरफ खींचा,
अंजलि हन्ता चाहती थी लेकिन सीमा ने एक और बड़ा कदम उठाया और अंजलि के होतो पैर अपने हॉट रख दिए, बस ये hi पल था की अंजलि का कण्ट्रोल खुद पैर से छूट गया उसे अपनी जवानी में सोनिया और नौकरानी के साथ बिताये पल याद आ गए,
वही तुषार शॉकेड सा खड़ा था,
सीमा ने अंजलि के हॉट चूमने शुरू किये और उसकी चूचिया सहलाने लगी, और तुषार को खींच क्र अंजलि के पीछे खड़ा क्र दिया और उसका सर अंजलि की गार्डन पैर दबा दिया, तुसाहर सीमा का इशारा समझ क्र अंजलि की गार्डन चूमने लगा, अंजलि दोहरे मजे में पागल सी हो गई और सीमा को वीलडली चूमने लगी,
सीमा ने जल्दी से अपनी निघ्त्य उतर क्र अलग फैकि और नंगी हो गई, अब तीनो माँ बेटी बीटा एक दम नंगे थे, फिर तुसाहर बिच में आ गया और आगे अंजलि उसे चुम रही थी पीछे सीमा उसकी कमर चुम रही थी,
तुषार का लुंड इस डबल मजे से फटा जार है था, फिर सीमा भी आगे आ गई और निचे बैठ गई, और तुषार के लुंड को मुठी में लेकर हिलने लगी फिर अपने मुँह में भर लिया, तुषार अंजलि के हॉट और सुचिया चूस रहता सीमा निचे लुंड चूस रही थी, फिर अंजलि भी निचे बैठ गई और सीमा को देखते हुए लुंड के पीछे के हिस्से को चूमें लगी, अगला टोपा सीमा के मुँह में था पीछे से अंजलि चुम रही थी,
फिर दोनों माँ बेटी अलग अलग साइड से लुंड को चुम रही थी, तुषार ने दोनों के सर पड़के और उन दोनों के होतो के बिच लूँ ढके धक्के लगाने लगा, तुषार के लिए ये बहुत जबरदस्त नजारा था,
फिर वो बीएड पैर आ गए तो अंजलि ने सीमा को बीएड पैर लिटाया और उसकी छूट पैर मुँह लगा दिया और अपनी गांड उठा ली जिसके पीछे तुषार आ गया और अंजलि की छूट चूसने लगा, कुछ देर बाद तुषार ने अपना लुंड अंजलि की छूट में घुसा दिया और छोड़ने लगा, कुछ देर छोड़ने के बाद अपनी पैशन बदल ली
अब सीमा बीएड पैर लेती थी और अंजलि ने अपनी छूट सीमा के मुँह पैर राखी और लेट गई, तुषार ने अपना लुंड सीमा की छूट में घुसा दिया, अंजलि जीभ निकला क्र तुषार का लुंड चाट रही थी, जब लुंड सीमा की छूट से बहार आता तो अंजलि उसे चाटने लगती, फिर तुषार ने सीमा की छूट से लुंड बहार निकला और अंजलि के मुँह में दे दिया फिर वापस सीमा की छूट में दाल दिया,
ऐसे hi तीनो चुदाई करते रहे, फिर सीमा ने अंजलि की अपने उप्पेर लिटा लिया दोनों की भरी भरी चूचिया एक दूसरे की चूचियों में डाब रही थी, दोनों की छूट आमने शामे थी, उनके पीछे तुषार था जिसके सामने दोनों छूट खुली हुई थी,
तुषार एक बार सीमा की छूट में लुंड दाल क्र धक्के मरता फिर अंजलि की छूट में, ऐसे hi ये खेल 1 हरष तक चला सबसे पहले सीमा झड़ी और अंजलि और लास्ट में तुषार उसने पूरा रास अंजलि की छूट में भर दिया था, तीनो माँ बीटा बेटी थक क्र एक दूसरे से चिपक क्र लेट गए,
तीनो ने चुदाई तो जबरदस्त की लेकिन बिना कुछ बोले तीनो hi शर्मा रहे थे, लेकिन अंजलि के दिमाग में सीमा की हवस घूम रही थी, शुरुआत सीमा ने hi क्र दी ये अंजलि के लिए अच्छा हुआ इससे सीमा और खुल जाएगी अंजलि के सामने जब से उसे अपनी सच्चाई का अहसास हुआ तब से वो बहुत खामोश हो गाइट hi, उसके अंदर एक दर बैठ गया था, वो खुद को बहुत छोटा सा महसूस क्र रही थी, उसे हमेशा यही लगता था की वो hi इस सब का कारन ह, घर में उसकी कोई जगह नहीं ह,
आज के सेक्स की वजह से उसका विश्वास कुछ वापस आएगा, दोनों माँ बेटी तुषार के दोनों तरफ लेती हुई थी, रात का टाइम था सीमा को तुरंत hi नींद आ गई, फिर अंजलि और तुषार नंगे hi उठे और अंजलि के रूम में आ गए,
अंजलि- कैसा लगा
तुसाहर- बहुत अजीब था लेकिन मजा बहुत आया
अंजलि- आपको मजा आना चाहिए वैसे वह सब ठीक ह न
तुसाहर- बहुत घोच पॉश हो रहा ह
अंजलि- ऐसा क्यों
तुषार ने अलका सोनिया ननदनी अनीता रिंकी रजनी कविता सबके बारे में बताया, सब सुनने के बाद
अंजलि- अब मेरी बात धयान से दुनो, सबसे पहले तो अनीता के साथ सब लिमिट में रखना ऐस आना हो की वो आपसे इतना आत्ताच हो जाये की बा दमे तकलीफ हो, वैसे वो अच्छा हतियार बन जाएगी अजय रु यश के खिलाफ, लेकिन वो दोनों अभी दूर हैं यहाँ बड़ा दूषण ह अभी, दूसरा इस रजनी का जॉब hi सोचा ह जल्दी से ख़तम करो वर्ण ये दुबारा हाथ नहीं आएगी शायद हमे कुछ बड़ा करना पड़े और यहाँ से निकलना पड़े, फिर उसके पास नहीं जा पाओगे,
अलका के लिए शब्द नहीं ह समझ नहीं आ रहा उसे कैसे हैंडल करे, इस लड़ाई में सबसे ज्यादा मेरी उस बहन को hi तकलीफ होने जार hi ह,
तुषार- बहन
अंजलि- है वो सुरेश चोपड़ा की बेटी ह तो इस रिश्ते से बहन hi हु मेरी तेरी मौसी लगती ह वो
तुषार- हे भगवान् ये हो क्या रहा यार मैं तो पागल हो जाऊंगा
अंजलि- अभी से पागल
अच्छा सुनो, इस सोनिया से खबरदार वो आज चंडीगढ़ गई थी, सुरेश ने उसे अर्जेंट बुलवाया ह, कुछ बहुत बड़ा होने वाला ह, इस सोनिया के और वफादार बनो कोशिश करो वो आपको अपने मिशन में शामिल करे,
तुषार- कोशिश करूँगा
अंजलि- और इनकी फॅमिली की कुछ डिटेल्स मिली ह,
नंदनी चंडीगढ़ के मंत्री की बेटी ह, जिसके इलेक्शन में सुरेश पैसे लगता ह और वो मंत्री सुरेश के प्रोजेक्ट्स पास करवाता ह, सोनिया ने उससे चुद क्र उसे अपने फेवर में किया था, और इस चुदाई की वजह से hi मंत्री ने ननदे की शादी सोहन से की थी, नंदनी अपने बाप की इजात की वजह से चुप ह, ननदनी बहुत hi आजाद खयालो की लड़की ह लंदन से पढाई की ह, काफी अयाश टाइप की लड़की ह सोहन के साथ खुश नहीं ह लेकिन मज़बूरी में रुकी हुई ह, सोनिया और उसके बिच डील ह ननदनी सोनिया के राज जानती ह, नंदनी इसी शरत पैर यहाँ ह की उसे उसकी जिंदगी जीने से न रोका जाये, इसलिए सोनिया उसे कभी नहीं रोकती क्योकि अगर वो गई तो मंत्री से भी नाता टूट जायेगा,
वही कोमल कमिशनर की बेटी ह, कोम्मिस्सिनोर मंत्री का खास ह, कमल और कोमल एक hi कॉलेज में थे, कमल एक ड्रग्स एडिक्ट ह और जल्द ह उसके अंदर कोई रहम दया नहीं ह क्रिमनल ह वो, उसने कॉलेज में ड्रग्स के नशे में काफी लड़कियों के साथ रपे किया, लेकिन उसका शरीर बिलकुल बेकार ह किसी लड़को को वो 1 मिनट्स भी खुश नहीं क्र सकता इसलिए ड्रग्स ज्यादा लेता ह, और रपे करता ह और लड़कियों को मर देता ह, कोमल भी एक डोमितावे लड़की ह उसे डोमिनाते करना पसंद ह, उसे लड़को में कोई इंट्रेस्ट नहीं ह, जब कमल रपे और मर्डर में फसा तो उस कोम्मिस्सिनोर ने मंत्री की मदद से उसे बचाया, तब उन्हें पता चला की ये तो सेक्स क्र hi नहीं सकता,
वही सोनिया ने मंत्री और कोम्मिस्सिनोर के साथ रात गुजारी, वही इनकी बात हुई और कोम्मिस्सिनोर की बेटी का पता चला तो सोनिया ने दोनों की शादी करवा दी, कोमल को ऐसा hi कोई चाहिए था
अब कोमल उसे ड्रग्स देती ह और लड़किया देती ह नोचने के लिए खुद भी उसे डोमिनाते करती ह अब वो कोमल के साथ डोमिनाते होकर खुश रहता ह, लेकिन अब पहले से ज्यादा खतरनाक हो चुक्का ह, किसी को मरने से पहले एक सेकंड नहीं सोचता,
वही अलका से बड़ी बेटी वर्षा बहुत hi माइंडेड लड़की ह बहुत तेज ह और दोनों भें सुरेश सोहन और कमल तीनो से नफरत करती हैं, सोनिया ने बड़ी चालाकी से उनसे कनेक्शन जोड़ा हुआ ह अभी तक, कमल से नफरत का कारन तो समझ आया लेकिन सुरेश और सोहन से नहीं,
तुषार- वो मैं पता क्र लूंगा, इस सब से ये पता चला की नंदनी आसानी से काबू में नहीं आने वाली वो अपनी लाइफ अपने दिमाग से चलती ह, और ये कोमल खतरनाक आइटम ह, और मुझे इस वर्षा नाम की आफत से दर लगता ह अलका हमेशा इसी के गन गति रहती ह, वे से भी वो कभी भी मुझसे मिलने आ सकती ह,
अंजलि- आप के सामने ये सब सर झुकायेगी बस आप प्लान के हिसाब से चलते रहना, मुझे पता नहीं क्यों ऐसा लग रहा ह की बहुत बड़ा कुछ होने वाला ह, क्योकि अब सुरेश और सोनिया सुमित से भी सब छुपा रहे हैं दोनों ने नए लोग काम पैर लगा रखे हैं, किसी को कुछ खबर नहीं ह,
तुषार- मैं सोनिया के जरिये पता करता हु लेकिन ये निगरानी किस लिए उन्हें पता ह की सब कहा ह फिर भी कुछ नहीं क्र रहे, और क्या ये हो सकता ह की उन्हें हम सबके बारे में पता हो
अंजलि- हो सकता ह,
तुसाहर- फिर मेरे बारे में भी पता होगा कही हम जो क्र रहे हैं वो उसके लिए तैयार हो
अंजलि- वो आपके बारे में नाम के अलावा कुछ नहीं जान पाएंगे, आप बस उन्हें अपनी किसी हरकत से कुछ जाहिर मत होने देना, क्योकि आज तक हमारे पुरे परिवार का कोई फोटो नहीं ह और जो फोटो स्कूल कॉलेज में लगे हैं मैं वो सब हटवा चुकी हु, कोशिश करो ये नाटक कुछ दिन और चल जाये, क्योकि अगर आपने वह से उनकी मूवमेंट पता क्र ली तो हमे आसानी होगी, मैं अभी सामने नहीं आना चाहती हमे 15 दिन ये जरूर करना होगा उसके बाद मैं सामने आने के लिए तैयार हो जाउंगी, लेकिन आपको तब भी सामने नहीं आना ह, क्योकि ये लड़ाई यही तक नहीं ह बहुत लम्बी ह, उनके पास पावर और पैसा ह, हमारे पास वो सब इकठा करना ह,
हम भी लगभग तैयार हैं,
इधर जो लोग निगरानी क्र रहे थे, किसी से फ़ोन पैर
मन- सर 1 बजे के करीब रूफ पैर कुछ हलचल थी, वह 2 से ज्यादा लोग थे
फ़ोन पैर- वह तो बस 2 hi लोग ह न तो ज्यादा कहा से आये कोई घर में आया था क्या
मन- नहीं सर कोई नहीं आया
फ़ोन पैर- तो फिर और लोग कहा से आये तुरंत जाओ और घर को नाजीद से निगरानी करो चारो तरफ से निगरानी करो,
कुछ देर बाद चारो आदमी घर के चारो तरफ हो गए दूर से,
सुबह के 4 बज रहे थे, तुषार को अब निकलना भी था उजाला होने से पहले,
तुषार- अब चलता हु
अंजलि- मन नहीं लगता आपके बिना
तुसाहर- मेरा भी मन नहीं लगता लेकिन
अंजलि ने एक बार फिर तुषा रके होतो पैर अपने हॉट रख दिए, तुसाहर के लुंड ने तुरंत झटका मारा, तुषार ने तुरंत अंजलि को बीएड पैर लिटाया और 69 पोजीशन में आ गया, दोनों एक दूसरे के अंगो को चूमने चाटने लगे,
जल्दी hi तुसाहर अंजलि के उप्पेर आ गया और लुंड की झटके में पूरा जड़ तक घुसा दिया, अह्हह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मरोगे क्या,
तुषार- अब तो आदत पद गई होगी इसकी
अंजलि- ये कोई नार्मल लुंड नहीं ह ये हर बार उतना hi दर्द और मजा देता ह,
तुषार- आज थोड़ा हार्डकोर का मजा ले लो ताकि कुछ दिन याद काम आये
अंजलि- फिर तो ज्यादा आएगी क्योकि उस चुदाई के बाद रोज ऐसी hi चाहिए होगी,
तुषार ने लुंड को बहार खींचा और जोर डरे क और धक्का मारा, ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh uuufffffffffffffffffffff
तुसाहर ने लगातार धक्के मरने शुरू क्र दिए और धक्के बहुत ताकतवर थे, लुंड को पूरा बहार खींच क्र एक hi झटके में अंदर घुसा देता, रूम में बस थप थप थप थप की आवाज गूंझ रही थी, फिर तुषार ने अंजलि उठाया और दीवार से लगाया और पीछे से लुंड घुसा दिया और धक्के लगाने लगा, ऐसे hi तुषार अलग अलग पोजीशन में चुदाई करने लग गया था, काफी देर अंजलि की छूट का भोसड़ा बनाने के बाद उसने अपना लुंड बहार निकल लिया और पूरा रास अंजलि की चूचियों पैर निकल दिया,
आज पहेली बार था जब तुषार ने अंजलि की छूट के अलावा रास कही और निकला था वो भूल गया था की अंजलि तो रास अंदर hi डलवाती ह,
तुषार- श्री माँ आपको गन्दा क्र दिया
अंजलि- कोई नहीं
अंजलि ने रास को अपनी चूचियों पैर रगड़ा और तुषार के देखते हुए अपने हाथ चाटने लगी,
अंजलि- हम्म्म्म टेस्टी ह, सीमा और दीपा पीती ह क्या
तुषार- दीपा दी को बहुत पसंद ह ये वो तो पागल सी हो जाती ह इसके लिए
अंजलि- चलो साफ़ क्र लो और कपडे तो उप्पेर hi पड़े हैं
तुषार- मैं ले आता हु