Incest The Tiger - Page 2 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 7

दर के कारण दोनों 1 घंटे से भाग hi थे की अचानक पेअर में कुछ टकराया और धादम्म्मम्म्म्म....

एक जोर दर विसपॉर्ट होता और दोनों आगे घास पर जा क्र गिरते है .

हुआ ये की नक्सलियों ने ससफ के जवानो को पकड़ने के लिए कम पावर का बूम लगाया था जिसमे ये दोनों आ कर फास गए. दोनों को कोई जायदा चोट तो नहीं लगी थी लेकिन वो बेहोस हो गई थी नक्सलियों ने उन्हें पकड़ लिया था.

जब उन होस आया तो वो लोग अपने आप को एक झोपडी में एक कहते से हाथ बंधे हुए पते है तो वो दोनों जोर से चिल्लाती है.

कोई है खोलो हमे उन दोनों का चिल्लाना सुन क्र लेडी नक्सली कमांडर झोपडी के अंदर आयी और बोली क्यों हॉल मचा रखा है .

आरती - हमे क्यों पकड़ रखा है हमने क्या बिगाड़ा है आप का.

लंक - तुम लोग चुप रो नहीं तो अभी मर दूंगी तुम लोग पुलिस के लिए काम करती हो न सुबह बड़े कमांडर आये गए व्ही फैसला करेंगे तुम लोग का .

आरती - नहीं हमे छोड़ दो हम कोई पुलिस का काम नहीं करती हमे तो देवी माता मंदिर जाना है दिन में तो ससफ वालो ने जाने नहीं दिया इस लिए हम रत में निकले.

लंक - मई कुछ नहीं जानती ुम्हारा क्या करना है ये फैसला बड़े कमांडर hi करेंगे अब तुम लोग चुप चाप आराम करो सुबस तो ये बोल क्र वो निकल गयी

अब आरती और वर्षा के पास कोई चारा नहीं बचा था सुबह तक रुकने के लिए

दोनों थकन के कारण सो गयी

सुबह जब बड़े कमांडर आया तो लेडी नक्सली ने उसे बताया की दो महिलाये को रत में पकड़ा गया है.

बड़े कमांडर - लेकर आओ उनहे.

आरती और वर्षा को b,com. के पास जाया जाता है .

बी. कॉम .- उन दोनों को ऊपर से नीस देखता है फिर कहता तुम लोग यह रत में जंगल के अंदर क्या करने आई थी.

आरती - देखिये भाई साहब हम यह माता आदि शक्ति के मंदिर में जा रहे hai.din में ससफ वालो ने जाने नहीं दिया इसलिए रत को निकले.

B.comm. - (मन में ) ये लोग तो किसी अच्छे घर की ओराते लगती है.

(B.comm. भी थोड़ा धार्मिक टाइप का आदमी था )

नाम तो मैंने भी सुना है मंदिर के बारे में की वह सिर्फ ोर्टे हिजा सकती है मर्द नहीं जा सकते है और वैसे भी मंदिर अंदर बीहड़ इलाके में है .

फिर कुछ सोच क्र बोलै ठीक है तुम लोग जा सकते हो.

आरती और वर्षा - थैंक यू भाईसाहब .

B.comm. ने उन्हें आगे जाने का रास्ता btaya,fir दोनों उस रस्ते पर चले गए.

दोने के चले जाने के बाद .

लेडी कम.- कमांडर आपने उन जाने कैसे दिया हो सकता है वो लोग जासूसी करने आये हो.

B.comm. - इन आखो ने दुनिया देखि है चेहरा देख क्र बता सकता हु के कोण कैसा आदमी है वो लोग तो मामूली सी हाउस वाइफ है उनसे हमे कोई खतरा नहीं है.

इधर आरती और वर्षा चले जा रहे थे नक्सली कैंप में उन्होंने थोड़ा बहुत फॉल वगेरा खा लिए थे इस कारण थोड़ी एनर्जी थी सरीर में नहीं तो चलना मुश्किल हो जाता.

थोड़ी दूरिंग और चलने के बाद आदिवासियों के घर दिखाई दिया .

वह उन्होंने कबीले के सरदार से तहत आने का कारन बताया तो सरदार ने बताया की मंदिर पास में hi है ,मई आप लोगो की ठहरने की व्यवस्था क्र देता हु और आप लोगो के मंदिर जाने की और पूजा विदी बताने के लिए किसी को भेजता हु .

(यह की भासा और पहनावा कुछ अलग है ,मर्द सिर्फ एक कपडा कमर के निचे बढ़ते है और महिलाये सूती की साडी को पुरे सरीर को ढकती है )

सरदार ने अपनी बेटी को आरती के साथ जाने के लिए खा था .

कुछ देर रेस्ट करने और फ्रेश होने के बाद दोनों आदिवासियों महिला के साथ मंदिर की और चलने लगी .

मंदिर के पास पहुंच क्र दोनों देखते है की मंदिर बहुत hi पुराण है और कितनी सन्ति थी वह और वह पर आदिवासी महिलाये साफ सफाई क्र रही थी .

वर्षा - ये यह इतनी साफ सफाई क्यों हो रही है .

आदिवासी महिला - कल से नवरात्री सुरु होने वाली है आप लोग बहुत hi अच्छे समय पर आये हो नवरात्री में देवी माता की पूजा करने पर जल्द hi मनोकामना पूरी होती है वो दोनों मंदिर घूम क्र देखने लगी .

मंदिर के पीछे सरोवर है जिस्म स्नान क्र के पूजा पथ करते है .

फिर दोनों मंदिर देख क्र कबीले की और लोट गए...

तो बे कॉन्टिनोएड....,.
 
थोड़ा बिजी तहत इस लिए अपडेट नहीं दे पाया

कुछ hi अपडेट में हीरो का जन्म होगा
 
अपडेट 8

सूर्य मंडल से दूर दूसरी आकाश गंगा में एक प्लेनेट था जिसका नाम था नील गृह .

यह की हेर चीज नीली थी धरती ,पेड़ ,पौदे, जिव ,जंतु ,पर्वत यह तक की पानी का रंग भी नीला था और यह के गॉड था " थे गॉड ऑफ़ नील ".

नील गृह के राजा थे सेज़ेन्डर और रनिया थी (रनिया से मतलब है की सेज़ेन्डर की 3 रनिया थी)

  1. ामंडा
  2. स्टेबेला
  3. सकेंद्र
एक दिन की बात है वो अपने गॉड की पूजा क्र रहे थे की पूजा के बाद achanak"the गॉड ऑफ़ नील" प्रकट हुए.

सेज़ेन्डर और रानियों ने उन्हें प्रणाम किया .

गॉड - खुस रो मेरे बच्चो .

सेज़ेन्डर धायण सी सुनो मेरी बात ये गृह नस्ट होने के कगार पर है इसलिए जितनी जल्दी हो सके इस गृह को छोड़ क्र चले जाओ.

सेज़ेन्डर - मगर गॉड मई अपनी प्रजा को छोड़ क्र नहीं जा sakta.log क्या कहेंगे मुसीबत पड़ने पर राजा की प्रजा को छोड़ क्र भाग गयी, नहीं गॉड मई ये नहीं क्र सकता मई नहीं जाउगा अपनी प्रजा को छोड़ क्र .

गॉड - परन्तु तुम्हे नील गृह के वारिस को तो बचाना hi होगा .

ये बोल क्र गॉड ऑफ़ नील गायब हो गए.

सेज़ेन्डर आपने बैडरूम में अपनी तीनो रानियों के साथ चिंता में लग रहे थे.

सेज़ेन्डर - देखो मई तो अपनी प्रजा को छोड़ क्र नहीं जा सकते इसलिए मैंने सोचा है की मई hi तुम लोगो को सुरक्छित जगह तक पहुंचा दू.

रनिया - नहीं हम आपको छोड़ क्र नहीं जा सकते चाहे कुछ भी हो जाये.

सेज़ेन्डर - देखो तुम लोग समझने की कोसिस क्यों नहीं करती हमे हमारा वारिस को बचाना है

रनिया - उसका भी उपाय हम ने ढूंढ लिया है जो समय आने पर पता चल

जायेगा.

इधर पृथ्वी लोक पर....

सुबह आरती और वर्षा दोनों उठ क्र मंदिर के पास बने सरोवर में स्नान क्र के सूती की साडी को पहन क्र मंदिर में पूजा पथ में लग गयी ,आज नवरात्री का पहला दिन था .

ऐसे hi 8 दिन बिट गए आज आखरी दिन था नवरात्री का .

आज रत भर उन्हें मंदिर में रुकना था

तो बे कॉन्टिनोएड.......
 
अपडेट 9

आज रत भर उन्हें मंदिर में रुकना था....

इधर निल नील गृह में भी गृह के नस्ट होने की शुरुआत हो चुकी थी जगह जगह विसपॉर्ट के साथ ज्वालामुखी का लावा निकल रहा tha.neel गृह के प्रतीक चिन्ह नीला सेर ( ब्लू टाइगर) की मूर्ति में भी दरार पद गई थी.

ये प्रतिक चिन्ह यह के सभी गृह वासियो के पीठ पर टैटू के रूप में होती है.

सेज़ेन्डर अपनी रानियों को लेकर थोड़ी सुरक्छित स्थान पर पहुंचे फिर उन्होंने रानियों से पूछा.

सेज़ेन्डर - अब आप लोग बताये की हमारे वरिष्ठ को बचने के लिए आप लोग क्या करने वाली हो.

अमांडा - हम लोग अपने गर्भ में पल थे बच्चो को किसी दूसरे के गर्भ में दाल देंगे और गॉड ऑफ़ नील की सहायता सी हमने अपनी अपनी पसंदीदा जगहों पर संतान की जरूरत मंद नारियो को भी ढूंढ निकला है आप चिंता न करे.

सेज़ेन्डर - तो वो समय आ गया है अब आप लोग आपने सिसुओ को दूसरे के गर्भ में दाल दो.

तीनो रनिया - जी जैसी आपकी आज्ञा.

ये कह क्र तीनो ने गॉड ऑफ़ नील को यद् किया और अमांडा के पेट से दो ज्योति निकल क्र एअर्थ की तरफ और स्टेबेला के पेट से निकली ज्योति जिनलोक की तरफ और सकेंद्र के पेट से ज्योति परिस्तान की तरफ जाने लगी.

ये तीनो रानियों ने पहले hi सोच लिया तहत की वो अपनी संतान को खा और किसे भेजेगी. तीनो जगहों पर कोई न कोई गॉड के सामने प्रार्थना क्र रहे थे संतान के लिए.

लेकिन सेज़ेन्डर ने कुछ और hi सोच रखा था उसने सोचा था की अपनी रानियों को भी वो किसी दूसरे सुरक्छित जगह भेजे और रानियों ने उसका काम भी आसान क्र दिया था उसे अपनी पसंदीदा जगहों क्र बारे में बता क्र .

ये समय आने पर पता चलेगा की नील गृह में क्या हुआ .

इधर पृथ्वी लोक में रत में सभी आदि वासी महिलाये जा चुकी थी मंदिर से केवल आरती और वर्षा को छोड़ क्र क्योकि इन दोनों ने मन्नत राखी थी बेटे के लिए.

कहते है नवरात्री के नवमी की रत खुद देवी माँ आती है भक्तो की मनोकामना पूरी करने.

इस लिए आज रत इन दोनों को यह रत गुजारनी थी.

दोनों मंदिर प्रांगण में सो रही तभी एक ज्योति आरती के पेट में और एक ज्योति वर्षा के पेट में समै गयी मंदिर के बुझे हुए दिए जल उठे घंटिया बजने लगी जिससे दोनों की नींद खुल गयी और उन्हें अपने सरीर में ऊर्जा का आभास होने लगा .

वो समझने लगी की ये माता आदि शक्ति का चमत्कार है, देवी माता की कृपा उन पर हुई है .

ये माता का कृपा hi तो है जो जिस काम के लिए आये हो और वो पूरा हो जये .......

तो बे कॉन्टिनोएड........
 
अपडेट 10

वो समझने लगी की ये माता आदि शक्ति का चमत्कार है, देवी माता की कृपा उन पर हुई है .

ये माता का कृपा hi तो है जो जिस काम के लिए आये हो और वो पूरा हो जये ...

सुबह वो दोनों मंदिर में पूजा पथ करके आदिवासी लोगो से मिले और जंगल से निकलने का मार्ग पूछ क्र शहर की और निकल गए.

जंगल से निकलने में उन्हें कोई खास परेशानी नहीं हुई और फिर होटल में पहुंच क्र रेस्ट किया और फिर निकल गए अपने घर के तरफ.

आरती अपने भाई के घर पहुंच क्र उन्हें सब कुछ बताया की वह क्या हुआ और क्या किया ेट्स.

आरती कुछ दिन आपने भाई के घर रही फिर अपने घर पहुंच गए.

घर पहुंच क्र वो सबसे अपने बेतिया से मिली जो उन्हें बहुत मिस क्र रही थी फिर पति सी और बाद में अपने साद ससुर सी और उन्हें भी सब कुछ बताया.

फिर 1 महीने बाद एक दिन आरती को उलटी हुई तो डॉक्टर से चेक करने पर पत्स चला की वो प्रेग्नेंट है .

इधर वर्षा को भी पता चला की वो भी माँ बनाने वाली है दोनों ने एक दूसरे को फ़ोन क्र खुसखबरी सुनाई.

परिवार में सभी खुस थे की माता की कृपा हुई तो घर को वरिष्ठ मिलेगा.

वर्षा के भी घर परिवार में भी सभी की यही सोच थी.

पर इनको क्या मालूम की समय के गर्भ में क्या छुपा है .

इस तरह समय निकलता गया और वो दिन भी आ गया जब शाम को पेट दर्द सूरे हुआ (प्रसव पीड़ा) तो तुरंत hi उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया उस दिन तूफानी बारिश हो रही थी.

इधर वर्षा को भी हॉस्पिटल ले जाया गया था ,आज के दिन चार अलग अलग जगहों पर चार बच्चे जन्म लेने वाले थे.

2 बच्चे तो पृथ्वी लोक में, 1 जिन लोक में और 1 पारी लोक में.

आरती के परिवार वाले ऑपरेशन थिएटर के बहार खड़े थे और फिर डॉक्टर बहार आये और राजेश्वर से बोले मुबारक हो बीटा हुआ है राजेश्वर तो खुस हुआ hi साथ में उसके परिवार वाले भी खुस थे .

सांता देवी - माता रानी की कृपा से हमे पोता और इस घर का वरिष्ठ मिल गया

राजनाथ - अपने पॉकेट से नोटों का बण्डल निकल क्र वार्ड बॉय को देते हुए कहता है पुरे हॉस्पिटल में मिठाईया बटवा दो.

अर्चना - अपने बेटियों और आरती के बेटियों से कहती है की तुम्हारा छोटा भाई आया है .

बच्चे बहुत खुस होते है फिर राजेश्वर डॉक्टर से कहते है क्या हम मिल सकते है क्या मेरी बीबी और बेटे से.

डॉक्टर - हम कुछ hi देर में उन्हें वार्ड रूम में शिफ्ट क्र देंगे फिर मिल lena.kuch देर बाद आरती को रूम में शिफ्ट क्र दिया गैस फिर सभी माँ बेटे से मिले .

राजेश्वर अपने बेटे की गोद में ले क्र कहता है इसकी आखें तो पूरा नीला है और इसकी पीठ पर ये टाइगर टैटू बना हुआ है जिसे देख क्र सब आसचर्य चकित रह जाते है (ये सब नील गृह की दें थी)

इधर वर्षा ने एक बेहद hi सुंदिर बेटी को जन्म दिया जिसकी आखे भी नीली थी .

जब राजवीर ने ये सुना की बेटी हुई है तो वो थोड़ा नाखुश जिसे वर्षा ने देख लिया उसे मालूम तहत की राजवीर को और बेटी नहीं चाहिए थी वो सोच रहा था की आरती के कारण hi उसे एक और बेटी मिली है, वो न hi बेटे का लालच देती और न hi एक और बेटी मिलती .

राजवीर की यही सोच आगे एक भयानक रूप लेगी......

तो बे कॉन्टिनोएड.......
 
अपडेट 11

राजवीर को और बेटी नहीं चाहिए थी वो सोच रहा था की आरती के कारण hi उसे एक और बेटी मिली है, वो न hi बेटे का लालच देती और न hi एक और बेटी मिलती .

यही सब सोचते हुए उसने राजेश्वर को फ़ोन किया, उसे पता था की आरती भी हॉस्पिटल में एडमिट है फिर जब उसे पता चला की आरती को बीटा हुआ है तो वो और जल गए .

वो फिर सोचने लगा की आरती को बीटा हुआ और मुझे बेटी मिलती है उसके ससुर के श्राप को हमे भी झेलना पद रहा है उनसे हमारा रिस्ता न hi होता तो कितना अच्छा होता.

खैर होनी को कोण ताल सकता hai.fir कुछ दिन में hi सभी हॉस्पिटल से घर आगये.

एक दिन सभी घर के हॉल में बैठ क्र बच्चे को खेला रहे थे की एक साधु उनके घर आये ,उसने अपना परिचय बाबा जी के सीसी के रूप में दिया .

साधु - मुझे यह पर बाबा जी ने ये बताने के लिए भेजा है की 1 हप्ते बाद नव जाट शिशु का नाम करण होना है तो आप साडी तयारी क्र ले और है अपने भाभी को भी अपने सिसु के साथ बुला ले .

ये बोल क्र साधु चले गए उनको रुकने के लिए खा गया परन्तु वो काम का बोल क्र निकल गए .

सभी काम में जुट गए .

वर्षा को भी फ़ोन क्र बता दिया गया की उसके बेटी का भी नाम करण भी यही होना है जब वर्षा ने ये बात राजवीर के बताई तो पहले तो उसने साफ मन क्र दिया लेकिन वर्षा के कहने से मन गए लेकिन उसने खुद जाने सी न क्र दिया .

इधर राजनाथ के घर में भी सभी को इन्विते क्र दिया गया था ,सीता और गीता को भी परिवार सहित आने को खा गया था.

एक इंट्रोडक्शन सीता और गीता के फॅमिली मेंबर्स की

  1. केसव जो आर्मी में है और j&k में पोस्टिंग है लेकिन फॅमिली देहरादून में रहती है . माँ बाप की कार एक्सीडेंट में चल बसे है ,बीएस एक छोटी बहन है.
  2. सीता - नाम जैसे hi उसका आचरण है सुन्दर सुसील और संस्कारी है दो बेटियों के माँ हो के बावजूद कोई नहीं कह सकता की ये सदी सुदा है , फिगर भी कमल का है 36 28 36, देखने से कुमारी लगती है
  3. सीमा - ये केसव की बहन है अभी 10तह में पढ़ रही है
  4. कविता
  5. काव्य
मुकेश - गीता के पति ये भी आर्मी में है लेकिन अपने फॅमिली के साथ hi आर्मी से मिले घर में रहते है ,और माँ बाप गांव में रहते है छोटे भाई के साथ.

गीता -ये भी अपनी बहन की तरह सुन्दर सुसील है पर दिल में जो हो वो बोल देती है. पति के साथ रहने के कारन इनका सरीर थोड़ा भर गया है .

फिगर 38 30 36 है.

मार्किट जब जाती है तो सभी इनकी बॉडी की थिरकन को hi देखते रहते है

इनकी बेतिया है

  1. ऋचा
  2. रूचि
बैक तो स्टोरी

वो दिन भी आ गया जिस दिन नामकरण होना था घर में सुबह सी hi चहल पहल हो रही थी ठाकुर विल्ला को फूलो से सजाया गया tha,sabhi मेहमान भी आ गए थे बीएस बाबा जी कस इंतजार हो रहा था .

बाबा जी भी अपने दो सिसयो के साथ 11बजे करीब पहुंच hi gye,fir सुरु हुआ हवं और पूजा के बाद आयी नामकरण करने का समय पहली बरी थी आरती के बेटे की तो बाबाजी लग गए अपने गुना भाग करने फिर को उन्हों कुंडली बनाई उसे देख क्र तो वो खुद दांग रह गए .

फिर उन्होंने धयान लगाया और फिर वो धयान से बहार आये और बोले ये बालक इस दुनिया का रक्छक बनेगा और बहुत hi महान का को अंजाम देगा माता का आशीर्वाद से जन्मे और पीठ पे शेर का नीसाण होने के कारण इस बालक का नाम होगा शेर सिंह ठाकुर..

आरती - पर बाबा जी ये नाम बहुत पुराने जमाने का लगता है.

बाबा - बेटी ये नाम तो इसका राशि नाम है फिर चाहे तो आप लोग अपना कुछ भी नाम रखा लो

स्नेहा जो पुरे घर में सबसे बड़ी थी वो माँ सेर को इंग्लिश में टाइगर कहते है तो क्या क्या हम भाई को टाइगर कह क्र बुलाये .

राजनाथ - लो जी हो गया समाधान और वो भी स्नेहा बेटी के द्वारा आज से मेरे पोते कस नाम शेर सिंह होगा और प्यार सी हम उसे टाइगर बुलाएँगे.

टी









आगे चल के पूरी दुनिया इस नाम को यद् रखेगी
 
अपडेट 12

स्नेहा जो पुरे घर में सबसे बड़ी थी वो माँ सेर को इंग्लिश में टाइगर कहते है तो क्या क्या हम भाई को टाइगर कह क्र बुलाये .

राजनाथ - लो जी हो गया समाधान और वो भी स्नेहा बेटी के द्वारा आज से मेरे पोते कस नाम शेर सिंह होगा और प्यार सी हम उसे टाइगर बुलाएँगे.

अब बरी आती है वर्षा के बेटी की.

बाबा - बेटी वर्षा तुम्हे बेटी हुई तो तुम दुखी तो नहीं न.

वर्षा - थोड़ा दुःख तो हुआ बाबा जी लेकिन किस्मत में जो लिखा है उसे कोण बदल सकता है .

बाबा - बेटी किस्मत में तो कुछ और hi लिखा था और लिखा है.

बेटी मैंने तो आरती को भेजा था माता आदि शक्ति के मंदिर पर साथ में वो तुम्हे ले गयी, तुमने पूजा पथ की तो तुम्हे भी इसका फल मिला .ये बेटी भी आरती के भाग्य में था परन्तु साथ में तुम थी इस कारन ये बेटी तुम्हारी गॉड में आया.

आरती - तो क्या वर्षा की बेटी भी मेरे कोख से पैसा होती .

बाबा - है बेटी किस्मत में तो यही लिखा था लेकिन माता की कृपा वर्षा पर भी हुई.

अब आते है कन्या के नामकरण पर तो इसकी आखें भी नीली है और और पारी की तरह सुन्दर तो इसका नाम होगा नीलम.

सभी- बहुत hi सुन्दर नाम है बाबा जी.

बाबा - तो ये तो हो गया नामकरण की विदी पूरी, अब जो मई बताने जा रहा हु उसे धयान से सुनए राजनाथ को मिले श्राप के असर के कारन बालक शेर सिंह के जान को खतरा है 5 वर्ष की आयु के बाद उसे यह से कहि दूर भेज दिया जाये तो hi अच्छा होगा .

राजनाथ - क्या मेरे पंप का असर मेरे पोते पर होगा नहीं मई ऐसा नहीं होने दूंगा मई अपने पोते को बचने के लिए कुछ भी करूंगा.

लेकिन खतरा किसे होगा बाबा जी .

बाबा - उसे अपने किसी रिस्तेदार से hi खतरा होगा, जो आपको समय आने पर पता चल जायेगा.

एक और बात बालक शेर सिंह के 18 वर्ष पूर्ण होते hi इस रउरे खंडन को श्राप से मुक्ति मिल जाएगी और सभी को पुत्र प्राप्त नोने लगेंगे .

ठीक है अब हमे जाने के आज्ञा दीजिये .

फिर बाबाजी अपने सिसयो के साथ चले गए.

वर्षा भी कुछ दिन रुक क्र वो भी अपने घर चली गयी.

इस तरह ख़ुशी ख़ुशी दिन निकलने लगे इस बिच स्नेहा ,सुमं और प्राची का स्कूल जाना सुरु हो गया था. घर में बचते थे सोनम और पूर्वी दोनों hi टाइगर को छोटा खिलौना hi बना लिया था अपने तोतली आवाज में टैगल टैगल पुकारती थी , स्कूल से आने के बाद ये तीनो उसे अपने साथ ले जाती थी इस बात पर उन लोगो का झगड़ा भी होता था की टाइगर भाई को हम कहलायेंगे तो ये दोनों भी कहती थी ,नहीं तीगेल भाई हमले तहत खेलेगा.

इस तरह समय निकलता गया और वो दिन भी आज्ञा.

तो बे कॉन्टिनोएड.......
 
अपडेट 13

तीगेल भाई हमले तहत खेलेगा.

इस तरह समय निकलता गया..

इधर राजवीर अपने पुराने कॉलेज फ्रेंड्स के साथ एन्जॉय क्र रहा था जैम जैम से जैम टकराया जा रहे थे राजवीर पुरे नसे में हो गया था.

ये व्ही दोस्त थे जो कॉलेज टाइम में आरती के साथ जबरदस्ती करने की कोसिस की थी लेकिन राजेश्वर ने बिच में आकर आरती की इज्जत लूटने से बचाई थी ये बात जब राजवीर तक पहुंची तो उसने अपने दोस्तों को खूब पिता तब उसके कमीने दोस्तों ने ये कह क्र बच गए की हमे मालूम hi नहीं था की आरती तुम्हारी बहन है राजवीर, तुम्हारी बहन हमारी बहन के सामान है और हम आरती बहन से माफ़ी मांग लेंगे फिर उन्होंने आरती से माफ़ी मांगी .

आरती ने भी बहुत जोर देने पर माफ़ क्र दिया था पर राजवीर के कमीने दोस्तों ने सोच लिया था की राजेश्वर और आरती से इसका बदला लेंगे.

लगता है वो समय भी आ गया था.

राजवीर के दोस्तों के नाम है रंजीत, अमरीश, गुलशन .

रंजीत - यार राजवीर आज इतनी क्यों पि रहा तू तो कभी इतनी सरब नहीं पिता था फिर आज क्या हो गया तुझे यार.

अमरीश - है यार मई भी यही सोच रहा हु .

राजवीर से कुछ भी बात उगलवाने के लिए उसके दोस्त यही तरीका अपनाते थे , राजवीर को खूब पिलालो और बिज़नेस और फॅमिली की सब बाटे बहार.

राजवीर - आज मई एक और बेटी होने के गम में पि रहा हु मेरी बहन आरती की बातो की वजह से मई तैयार हो गया की बीटा होगा लेकिन हुई क्या बेटी और बीटा मिला उसे .

मई आरती को को कभी माफ़ नहीं करूंगा .

उसने बेटे की चाहत दिल में जागकर मेरे दिल को ठेस पहुंचे है .

मई तो सोचता हु उसके बेटे को hi मर दू तब पता चलेगा आरती को की बेटे की चाहत क्या होती है.

रंजीत - बहुत बुरा किया यार तुम्हारी बहन ने तुम्हारे साथ, मई होता तुम्हारी जगह तो अब तक तो उसे मर भी चूका होता.

राजवीर - मर तो मई भी दू मगर कहि मई पकड़ा गया तो मेरे बीबी बच्चो का क्या होगा यही सोच क्र मई रुक जाता हु .

अब तू लोग hi बताओ मई क्या कृ तुम लोग hi मेरी मदद क्र सकते हो.

रंजीत सोचता है सही मौका है आरती और राजेश्वर से बदला लेने का.

रंजीत - प्लान तो है मेरे पास तुम खो तो बोलू.

राजवीर - है बता यार क्या प्लान बनाया है तूने.

रंजीत - तो सुन तू सब से पहले अपनी जितनी भी प्रॉपर्टी है उसे बेच दे और बोल दे की इतर कंट्री में बिज़नेस खोलना है लेकिन किसी को नहीं बताना की खा जा रहा है और इधर मई अमरीश और गुलशन तुम्हारे भांजे को ऊपर पहुंचा देंगे , कैसा लगा प्लान .

राजवीर - प्लान तो ठीक है पर मई अपने घर में क्या कहूंगा वो लोग तो बता hi देंगे की हम खा है .

अमरीश - इसका हल मेरे पास है , राजवीर तुमने बताया था की कोई बाबा बाबा ने बताया था की तुम्हारे भांजे के जान को कोई रिस्तेदार से hi खतरा है

राजवीर - है बताया तो था इसमें क्या बरी बात है और राजनाथ ने ये भी खा था की वो अपने पोते को बचने के लिए कुछ भी करेगा.

अमरीश - यही तो बात है है है है....

गुलशन- मतलब क्या है वो बता हसना बंद क्र .

अमरीश - तो सुनो हम लोग अपना चेहरा छुपा क्र गुंडे बनकर राजवीर के घर में घुस क्र इतना डराएंगे और कहेंग की राजनाथ ने हमे भेजा है उसके पोते को तुम लोगो से hi खतरा है जान की सलामती चाहते हो तो ये सहर छोड़ क्र चले जाओ और कभी दिखाई भी नहीं देना और उसके बाद राजवीर तुम अपना ड्रामा सुरु क्र देना की कोई उनसे बात नहीं करेगा और रिस्ता ख़त्म क्र लेना.

अमरीश की बात ख़त्म होने के बाद अपने प्लान की कामयबी के लिए सभी ने 1-1 जैम और टकराये.

फिर क्या था राजवीर ने प्लान के मुताबिक प्रॉपर्टी बेचना सुरु क्र दिया.

एक दिन अचानक उसके घर में गुंडे घुस आये और बहुत hi डराया भंकाया कुछ राजवीर ने भी ड्रामा किया तब जाकर आरती की माँ और भाभी ने मन की राजनाथ ने hi गुंडे भेजे है और सरे रिश्ते भी तोड़ दिए और दुदरे सहर जाने के लिए भी तैयार गए.

राजवीर ने अपने दोस्तों को फ़ोन करके ये बस्तय की हम विदेश जा रहे है और तुम लोग अपना काम क्र लो.

इधर अपना टाइगर भी अब 5 साल का हो गया था .

स्नेहा उसका पूरा ख्याल रखती थी, उसे नहलाना कपड़े पहनना खाना पीना सब एक तरह उसकी माँ hi बन गयी थी .

उसकी माँ भी कहती थी मजाक में बेटी स्नेहा ये मेरे बेटे से ज्यादा तो तेरा बीटा लगता है.

एक रत टाइगर स्नेहा के साथ सो रहा था, एक आदमी घर के पीछे से पीपे में चढ़ क्र ऊपर आरहा था खिड़की खोल क्र कमरे में घुसा और रुमाल में क्लोरोफॉर्म निकल क्र उसमे डाला पहले तो उसने स्नेहस को बेहोस किया फिर टाइगर की और बढ़ा जैसे hi उसने रुमाल उसके नक् पर रखा टाइगर की आखें खुल गयी लेकिन ये क्या टाइगर तो बेहोस hi नहीं हो रहा और मुस्कुरा रहा है फिर से रुमाल निकला और पूरा क्लोरोफॉर्म दाल दिया और फिर से नक् के ऊपर रख लेकिन फिर भी बेहोस नहीं हुआ तो उसने पास में रखे तकिये से दम घोटने की कोसिस की लेकिन टाइगर ने अपने छोटे पेअर से एक लत उसकी छाती पर मारा तो वो आदमी उड़ता हुआ दरवाजा को तोड़ क्र बहार गिरा . दरवाजा के टूटने की आवाज सुन क्र घर के सभी लोग अपने कमरे से बहार आ गए .

और जब राजेश्वर और आरती की नजर उस आदमी पर पड़ी तो दोनों के मुँह से निकला ............तू...

कोण hi सकता है.....

तो बे कॉन्टिनोएड.......
 
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