Incest The Tiger - SexBaba
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Incest The Tiger

hotaks

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Dec 5, 2013
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35,204
Xabhi said:

अरे अन्नू भाई आपके अंदर तो आग hi आग है लगाओ थोड़ा अपनी स्टोरी के 2-4 करैक्टर पर पता नहीं कब से ठन्डे पड़े है थोड़ा तो जले आपको देख क्र... :डी

क्लिक तो एक्सपैंड...
अरे क्या बात बोलै भाई आप ने पूरा जोश के साथ hi आग लगा दी ,आग लगा, दी आग लगा दी अन्नू मालिक का डायलॉग की याद दिला di:flamethrower::devil:🔥
 
यस 1 इन्सेस्ट अडुल्टेरी रोमांटिक सस्पेंस से भरी हुई स्टोरी होगी इंट्रोडक्शन

आप सभी के डिमांड पर फिर से एक बार स्टोरी के मुख्य किरदारों का इंट्रोडक्शन

मई याने के स्टोरी का हीरो और ये है मेरी फॅमिली-

राजनाथ - दादा जी

सांता देवी- दादी जी (डेथ)

राजेस्वर (फादर) - आरती (मदर)

Rajendra(chacha) - aarchana(badi चची)

रवि- (चाचा) - अंकिता (छोटी चची)

राजेस्वर- आरती

  1. स्नेहा (डॉटर)
  2. सुमन (डॉटर)
  3. सोनम (डॉटर)
  4. टाइगर (सोन) हीरो
राजेंद्र- अर्चना

  1. प्राची
  2. पूर्वी
Sita(bua) - kesav(fufa जी)

  1. कविता
  2. काव्य
Gita(bua)- मुकेश (फूफा जी)

  1. ऋतू
  2. रूचि
राजवीर या dhanraj(mama) - वर्षा (ममी)

  1. दिव्या (डॉटर)
  2. दीपिका (डॉटर)
  3. नीलम (डॉटर)
आराध्य (मसि)- jitendra(mausa की)

mahima(daughter)

मेघना (डॉटर)

Anita(masi) इनका रोले बाद में आएगा

सेजेन्दर- नील प्लेनेट के राजा

  1. अमांडा- वाइफ
  2. स्टेबेला- वाइफ
  3. सकेंद्र- वाइफ
टाइगर की पत्निया जिनसे सदी हो चुकी है

  1. समिति (काव्य की बुआ)
  2. सीतल (समिति की फ्रेंड)
  3. स्नेहा
  4. रम्भा ( बाबा जी की बेटी)
  5. नीलम
  6. दीपिका

    सुमन

    नुशरत

    नरगिश

    नीलोफर
टाइगर के फ्रेंड

  1. विनोद
  2. संध्या (विनोद की सिस्टर)
  3. मनोज
  4. रचना (मनोज की सिस्टर)
स्टोरी के इतर किरदार

  1. पतलासुर
  2. मल्लिका
  3. प्रेमलता
  4. मर्री (शीतल की माइड
  5. विक्रम और उसकी पत्नी (आर्मी ऑफिसर्स
जीन लोक के किरदार

  1. जुबेर बादशाह जीन लोक
  2. खालिदा (बेगम)
  3. तनूजा (बेगम)
  4. नुसरत (खालिदा डॉटर)
  5. नीलोफर (खालिदा डॉटर)
  6. नरगिस (तनूजा डॉटर)
  7. कादर ( जीन लोक के काली सक्तियो के मालिक)
  8. मुमताज़ (बेगम ऑफ़ कादर)
  9. Heena(mumtaj डॉटर)
  10. जमाल ( मुमताज सोन)
  11. सुलेमान ( वजीर ऑफ़ जीन लोक)
  12. जफ़र (वजीर सोन).
आगे और भी किरदार आएंगे

लास्ट एडिटेड: 2 मिनट्स एगो
 
अपडेट 1

राजेश्वर अपने कमरे बैठा था बहुत hi परेशां लग रहा था,

आइये जानते है इनकी परेशानी की वजह क्या है.

10साल पहले की बात है राजेश्वर के पिता राज नाथ फुल सरब पीकर गाड़ी चलरहा था उसे कुछ भी होस नहीं था रत बहुत हो चुकी थी रास्ता पूरा सुन सं था कार फुल स्पीड से चली जा रही थी आज वो 1 बिज़नेस पार्टी में दोस्तों ने कुछ ज्यादा hi पीला दी thi.car की स्टीयरिंग डगमगा रही थी.

राजनाथ आपने सिटी के पास पहुंचने hi वाला था की अचानक कार रोड के किनारे उतर गई और एक झोपडी में जा घुसी वह सो रहे एक छोटा सा मासूम से बच्चे को रोड दिया बगल में सो रही उसकी माँ ने जब ये देखा की उसके बेटे को कार कुचल क्र निकल गए तो वो एक चीख के साथ बेहोस हो गई.

राजनाथ की कार जब झोपडी से बाहर आई तब उसे होस आया की क्या हो गया है कार से उतर क्र जब वो बाहर आया तो उसने देखा की एक छोटा सा मासूम लड़का खून सी लथपथ पड़ा है और कोई औरत बेहोस पड़ी है खून देख कर उसका नासा hi उतर गया एक पल के लिए सोचना समझाना hi भूल गया फिर उसने आपने मोबाइल निकला और आपने p.a. को फ़ोन किया थोड़ी hi देर में उसका p.a भी अस गया और उसने बोलै

P.a- सर मई सब संभल लूंगा आप जाइये यह से.

राजनाथ- नहीं पहले उस औरत को उठाओ और बोलो की हम हर प्रकार से उसकी हेल्प करेंगे उसे जो चाहिए सब देंगे.

P.a ने कार से पानी का बोतल निकल कर पानी उस औरत के चेहरे पर चिटा मारा तो वो औरत उठ गई और आपने बेटर को देख क्र जोर जोर से रोने लगी .वो तो झोपडी सिटी के बहार थिस नहीं तो और भी लोग आ जाते.

राजनाथ ने उस औरत से खा जो हो गया उसे हम ठीक तो नहीं कर सकते लेकिन उसके बदले जो चाहिए हम देंगे पैसा घर गाड़ी तुम जो बोलो.

ऑर्डर- रट हुए उसकी और देखा और कुछ देर बाद बोली तुम्हारे पैसो का मई क्या करुँगी जब मेरा बीटा hi नहीं रहा तो ,2 साल पहले मेरा पति चला और अब मेरे बेटे को भी मुझसे चीन लिया तूने अब मई किसके शेयर जियूँगी एक hi तो बीटा तहत मेरा और वो भी अब नहीं रहा.

राजनाथ कुछ नहीं बोले और बोलते भी तो क्या एक माँ के दर्द को सभी जानते है जो अपने बेटे के लिए कुछ भी क्र जाती है.

Orat-ab मेरा बीटा hi नहीं रहा तो मई इस दुनिया में रह कर क्या करुँगी और ये बोलते हुए सब्जी काटने वाला चाकू उठा क्र अपने पेट में घुसा ली ये सब इतना अचानक सी हुआ की राजनाथ और p.a देखते hi रह गए

औरत- मई तो अपने बेटे के पास जा रही हु लेकिन मई बद्दुआ देती हु तुझे की तेरे कुल (खंडन) में किश बीटा नहीं होगा ये एक मरती हुई औरत और माँ की बद्दुआ है और ये बोल के वो जमीन पर गिर जाती है....
 
अपडेट 2

राजनाथ को औरत के बोले गए 1 -1 सब्द उसके दिल को चिर के रख दिया और मूर्ति की तरह खड़ा हुवा था उसे कोई होस hi नहीं था आज उसने क्या कर दिया आज 2 लोगो की माउथ उसके हाथो से हो गया था

P.a- सर आप यह दे जाइये मई सब संभल लूंगा आप तुरंत यह से निकलिए कहि किसी ने देख लिया तो और आफत हो जाएगी पुलिस भी आ सकती है .

राज नाथ ने कोई जवाब नहीं दिया और धीरे धीरे अपने कार तक आया और फिर पलट लड़ वो दोनों लसो की और देखा फिर अपने गाड़ी में बैठ और घर की और निकल गए

राजनाथ के जाने के बाद उसके p.a ने गाड़ी से पेट्रोल निकला और झोपडी में दाल क्र आग लगा दी और झोपडी के साथ साथ दोनों माँ बेटे भी जल गए p.a भी निकल गया .

राजनाथ घर आया तो सब सो गए वो भी बैडरूम में आया और फ्रेश हो के बीएड पर अपनी वाइफ के बगल में लेट गया नींद तो नहीं आ रही थी वो औरत के बोले गए सब्द उसके दिमाग में hi घूम रहे थे वो सोचने लगता है ये आज क्या हो गया मेरे हाथो अगर उस औरत ने जो खा है वो सच हुवा तो क्या होगा मेरे खंडन को आगे कोण बढ़ाएगा ये सोचते सोचते वो सो गया

राजनाथ - परिवार का मुखिया

सांता देवी - वाइफ

राजेश्वर- बड़ा बीटा

राजेंद्र- दूसरा बीटा

सीता - बेटी

गीता- दूसरी बेटी

रवि - छोटा बीटा

अभी किसी की सदी नहीं हुई है
 
सबसे पहले मई बता बू मई कोई व्रिठे नहीं हु .मई तो भू दिनों से सोच रहा था की मई भी कहानी लिखू इस लिए यह लिख रहा हु गलती होने जरूर बताय

एंड थैंक्स आप लोगो को मेरी स्टोरी पसंद आई.

मई मोबाइल का उपयोग करता हु इस लिए अपडेट छोटा होगा .

अपडेट का कोई टाइम नहीं रहेगा इस लिए क्यों की मुझे जब टाइम मिलेगा लिखता हु तो 1 दिन में 1से जयदा अपडेट भी दिया करूंगा.

फिर से सभी को थैंक्स और है फ्रंट साइज ठीक है की नहीं बताना.

नेक्स्ट नाईट में
 
राजनाथ ने कुछ सालो बाद अपने बेटे राजेश्वर की सदी अपने दोस्त की बेटी आरती के साथ क्र दी वो एक सुन्दर सुसील और धार्मिक लड़की थी अपनों से बड़ो का मन सम्मान और छोटे को स्नेह देती थी.

आरती के फॅमिली का डिटेल्स बाद में आएगा.

1साल बाद राजेंद्र और सीता की सदी और दी

उस समय आरती प्रेग्नेंट थी

कुछ hi महीनो में आरती ने एक सुंदिर सी कन्या को जन्म दिया नाम रखा गया स्नेहा.

फिर गीता की सदी हुई वो भी अच्छे घर में गई .

उसके कुछ hi महीनो बाद राजेंद्र की वाइफ ने जिसका नाम अर्चना था एक बेटी को जन्म दिया प्राची नाम रखा गया.

सीता नीड भी एक बेटी को जन्म दिया, नाम था कविता.

इधर आरती ने भी एक और बेटी को जन्म दिया जिसका नाम रखा सुमन .

गीता ने भी एक बेटी को जन्म दिया जिसका नाम ऋतू रखा गया.

अब राजनाथ की परेशानी बढ़ने लगी क्यों की उसके बीटा और बेटी में से किसी को भी बीटा नहीं हुआ था.

आपने पति की परेशां देख क्र सांता देवी ने पूछा.

सांता देवी - क्या हुए जी आप कुछ परेशां दिख रहे है.

राजनाथ - कुछ नहीं , मई ये सोच रहा था की हमारे घर बेटी और भुवो को बेटी hi हुई है , बीटा क्यों नहीं ?

सांता देवी - ये तो भगवन की मर्जी थी इस में क्या सोचना.

राजनाथ - नहीं सांता इस में भगवन की नहीं मेरी गलती की वजह से हुआ है.

सांता देवी - क्या मतलब ?

राजनाथ - मुझसे गुनाह हो गया है सांता . इस के बाद राजनाथ ने सब कुछ उस रत की घटना के बारे में . जिसे सुन और सांता देवी भी सोच में पद गई .

सांता देवी - आप ने ये बात हम लोगो को क्यों नहीं बताई ये बात हमारे बेटो और बहुओ को भी बता दीजिये .

राजनाथ - ठीक है बुलो सब को .

फिर सांता सभी को हॉल में बुलाती है.

और राजनाथ ने सब को भी उस घटना के बारे में बता दिया .

राजेश्वर - ऐसा कुछ नहीं होता पिता जी आज में मॉर्डन युग में भी खा दुआ बद्दुआ के चक्कर में पद गए.

आरती - नहीं जी ऐसा होता है एक माँ की बद्दुआ लगती है , तो क्या हमारे खंडन में कभी किसी को बीटा नहीं होगा .

राजनाथ - नहीं बहु हम आज से hi इसका कुछ उपाय ढूढ़ते है.....
 
नाईट में लिखते लिखते सो गया था

अभी अपडेट दे दिया हु

सॉरी..
 
अपडेट 4

इस तरह देखते hi देखते कुछ सालो में

राजेश्वर की तीन बेतिया हो गई

  1. स्नेहा
  2. सुमन
  3. सोनम
राजेंद्र की दो

  1. प्राची
  2. पूर्वी
सीता के भी दो बेतिया थी

  1. कविता
  2. काव्य
गीता ने भी दो बेटियों को जन्म दिया तहत

  1. ऋतू
  2. रूचि
प्रेजेंट टाइम

राजेश्वर सोच को उनकी वाइफ ने आकर भांग किया

आरती - सुनिए जी कमला कह रही थी की सिटी के बाहर जो दुर्गा माता का मंदिर है न वह पर एक सिद्ध मुनि आये है जो हाथ देख क्र उनके कस्तो का निवारण करते है .

(कमला उनकी घर में काम करने वाली नौकरानी का नाम है)

राजेश्वर - ऐसा कुछ नहीं होता वो ढोंगी बाबा होगा लोगो से पैसा लूटने आया होगा क्या तू भी ऐसे लोगो पर विस्वाश करती हो

पता है न हम कितने ऐसे लोगो के चक्कर काट चुके है बाईट सालो में.

आरती - नहीं जी हर कोई एक समान नहीं होता जैसे हाथो की सभी उंगलिया बराबर नहीं होती ुसिंग प्रकार सभी लोग एक जैसे नहीं होते.

राजेश्वर - ठीक है इनसे भी मिल लेते है पर मई वह कुछ नहीं बोलूगा तुम hi पूछना उनसे टिक है.

फिर वो दोनों मंदिर की और निकल गए

वह पर पहले माता का दरसन किये फिर बाबा जी के पास चले गए ,जो मंदिर के बाजु में hi आखे बंद करके बैठे हु थे.

पास जाकर दोनों ने hi प्रणाम किया.

आरती - प्रणाम महाराज

बाबा जी- आओ बेटी आरती आओ राजेश्वर बैठो.

आरती और राजेश्वर दोनों बाबा के मुँह सी आपने नाम सुन क्र चौक गए.

राजेश्वर - बाबा आपको हमारा नाम कैसे मालूम.

बाबा - मई तो ढोंगी पैसा लूटने वाला हु न तो पता क्र लिया.

बाबा की ये बात सुनकर राजेश्वर का मुँह खुला का खुला रह गया .

बाबा - बैठ जाओ बीटा मई सब बताता हु.

दोनों बैठ गए.

बाबा - बेटी आपने दाहिना (राइट) हाथ आगे करो .

आरती ने आपने दाहिना हाथ आगे Kiya,or बाबा बोले.

बाबा - बेटी तुम लोग बीटा पाने की लालसा सी यह आये हो .

आरती - है बाबा जी

बाबा - तो सुनो तुम्हारे ससुर ने जो पाप किया है उसकी सजा hi तुम लोगो को मिल रही है .उस औरत की बद्दुआ के कारण की तुम्हारे घर की किसी भी लोगो को बीटा नहीं होगा .

तुम्हारा ससुराल hi क्या तुम्हारे माइका (आरती के माँ का घर) में भी किसी को बीटा नहीं होगा .

आरती - क्यों बाबा जी ? मेरा माइका में क्या परेशानी है .

बाबा - क्यों की वो लोग भी तुम से जुड़े hai.tumhara उन के साथ रिस्ता है और जो भी तुम्हारे परिवार से जुड़े हुए है सब पर उस बद्दुआ का असर रहेगा.

आरती - तो क्या हमारे घर में किसी को भी बीटा प्राप्त नहीं होगा ? क्या इस समस्या का कोई उपाय नहीं है?

बाबा - है बेटी हेर समस्या का कोई न कोई उपाय होता है.

आरती - तो बताये न बाबा हम सब कुछ करेंगे जिससे हमे बीटा मिले.

बाबा - छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के गणे जंगल में आदि वासी इलाके बिच माता आदि शक्ति का एक बहुत hi पुराण मंदिर है उसमे जाकर वह पूजा करनी होगी . लेकिन रास्ता बड़ा hi कठिन है तुम्हे वह अपने पति के बिना hi जाना है क्योकि वह पुरुसो का प्रवेश वर्जित है है किसी स्त्री के साथ जा सकती हो .और उस इलाके में नक्सलियों का भी डेरा है तो सम्हाल के जाना होगा.

आरती - ठीक है बाबा मई जोगी बेटे के लिए मई कहि भी जा सकती हु.

ठीक है बाबा अब हम चलते है.

राजेश्वर - बाबा आपसे फिर से मिलने के लिए हमे खा आना होगा .

बाबा - बीटा तुम्हे मुझसे मिलने की कोई आवश्कता नहीं है जब मेरी जरूरत होगी मई खुद hi ाजुगा.

फिर दोनों उठ क्र चले गए

बाबा मन में - पूजा तो एक बहाना है बेटी बाकि माता आदि शक्ति की इचछा ....
 
अपडेट 5

घर पहुंच क्र दोनों ने ये बात अपने परिवार वालो को बताई टॉप पहले तो सांता देवी ने अकेले जाने से मना क्र दिया, लेकिन आरती के आगे सब झुक गए .

वो नहीं मणि उसे बीटा चाहिए तो चाहिए किसी भी हल में.

फिर बात हुई के उसके साथ को जायेगा क्यों की कोई पुरुष तो जा नहीं सकता था .

पहले सांता से पूछा गया लेकिन उसके घुटनो में दर्द होने के कारण नहीं जा सकती थी और अर्चना , सीता , गीता के बेटिय अभी छोटी थी इस कारण वो भी नहीं जा सकती थी .

तो आरती ने खा मई अपने भाभी सी बात करती हु .

अब एक इंट्रोडक्शन आरती के माइका की

योगेंद्र सिंह

आरती के पिता जी और राजनाथ के दोस्त भी the.the इस लिए क्यों की एक कार एक्सीडेंट में इनकी मौत हो गयी है.

ममता

आरती की माँ ये अपने नाम के अनुपुप अपने बच्चो को प्यार और स्नेह से पला है.

राज वीर सिंह

ये आरती के बड़े भाई है . अपने पिता के मरने के बाद घर की जिम्मेजारी अपने ऊपर ले li.abhi अनपे पिता जी बिज़नेस सम्हालते है .

एक और बात आरती और राजवीर की सदी एक hi दिन हुई थी.

वर्षा सिंह

राजवीर की वाइफ है ,खूबसूरत हो के साथ संस्कारी और तेज दिमाग भी पाया है, कभी कभी अपने पति की मदद भी क्र दिया करती थी . ये भी अच्छे घने से आई थी

राजवीर डॉटर

  1. दिव्या
  2. दीपिका
आरती की दो सिस्टर भी थी, आरती सी छोटी थी.

  1. आराध्य
  2. अनीता
इनका डिटेल्स समय आने पर मिलेगा.

तो आते है स्टोरी पर

आरती अपने माँ के घर आती है जो सिटी से 200 कम दूसरी सिटी में था वो वर्षा से बात करने आई थी.

आरती बहुत दिनों बाद अपने माँ के घर आयी थी तो सबसे मिलने पर थोड़ी इमोशनल हो गए खैर सबसे मेल मिलाप के बाद वर्षा आरती को लेकर अपने बैडरूम में लेट गयी.

वर्षा - है अब बोल आरती क्या कहना चाहती है फ़ोन में तो बोल रही थी की भोत hi इम्पोर्टेन्ट बात है.

आरती - है भाभी और बाबा जी ने जो भी खा था वो बता देती है .

वर्षा - तो तू क्या चाहती है.

आरती - मई चाहती हु की आप मेरे साथ चलिए , क्योकि आपको भी एक बेटे की चाहत है मई ये जानती हु.

वर्षा - है आरती बेटे की छह किसे नहीं होती मगर तेरे भाई ने दो बेतिया होने के बाद तो अब कह दिया है की हम दो हमारे दो अब और कोई संतान नहीं चाहिए .

आरती - मई भाई सी बात करुँगी देखना वो मन जायेंगे.

तो बे कॉन्टिनोएड.........

गुड नाईट फ्रेंड्स
 
अपडेट 6

शाम को राजवीर जब घर आया तो अपनी बहन को बहुत दिनों बाब देख क्र बहुत hi खुस हुआ ,मिलने के बाद आरती ने अपने भाई से बात सूरे की और

बाबा जी ने जो खा उसे पूरा बता दिया.

आरती - तो भाई में ये चाहती हु की भाभी भी मेरे साथ जाये क्या पता माँ की कृपा से भाभी को बीटा मिल जाय.

राजवीर - देखो आरती मई बीटा- बेटी में कोई फर्क नहीं करता ,तुम्हारी भाभी भी कह रही एक बार और देख लेते है सेक्स बीटा हो जाये लेकिन मैंने साफ मना क्र दिया की मुझे और संतान नहीं चाहिए लेकिन तुम कह रही हो तो ठीक है एक बार और देख लेते है.

आरती - थैंक्स भाई तो हम कल hi निकटले है नव रावरात्रि भी आने वाली है.

भाभी आप अपनी पैकिंग क्र लव हम कल hi निकलेंगे.

सुबह के 9 बजे दोनों c.g.ke लिए निकल गए और बस्तर पहुंच गए.

धुर नक्सली इलाके में .

रत को व्ही होटल में रेस्ट किया फिर निकले सुबह तो कुछ hi अंडर गए थे की ससफ वालो ने उन्हें रोक दिया की अंदर खतरा है आप लोग आगे नहीं जा सकते .

फिर दोनों ने सोचा की रत में hi अंदर जा सकते है फिर दोनों इधर उधर घूम क्र मंदिर के बारे में और जानकारी लेने लगे ,तो उन्हें पता चला की मंदिर बहुत hi पिछड़े आदिवासी इलाके में है और वह पर सिर्फ स्त्री hi जा सकती है .पुरुसो को मंदिर के एरिया में कदम रखते hi उसे lakva(peralice) मर देती है और पूजा के लिए लाल रंग की साडी hi पुरे बदन में लपेटनी होती है वो भी श्रुति की साडी और कुछ नहीं होना चाहिए फिर दोनों ने वह से मार्किट से 3-3 सूती की साडी ली तब तक शाम हो चुकी थी होटल आकर उन्होंने डिनर किया और थोड़ा रेस्ट किया.

रत के 11 बजे निकल गए जंगल की तरफ ससफ के लोगो से बचते हु घुस गए जंगल के अंदर थोड़ा अंदर जाने पर उन्होंने टोर्च जलाई और झड़ी और पेड़ो की टहनियों की हटते हटते आगे की और चले hi जा थे थे 2 घंटे सी ज्यादा हो गया था फिर भी चले hi जा रहे थे

वर्षा - आरती और कितना अंदर जाना है और किधर जाना hai,Mai तो बहुत hi थक गयी हु .

आरती - भाभी थक तो मई भी गयी हु और पता नहीं किधर और कितना जाना है .

ये अभी बाटे क्र hi रही थी की जो से शेर के दहाड़ने की आवाज आयी .

आवाज सुन क्र दोनों का दर के मरे बुरा हल हो गया दोनों के पेअर कपङे लगे थे .

आवाज और पास अस रही और दोनों ने एक दुदरे को देखा और लगे भागने .

दोनों भागते हु कितना अंदर घुस गए पता hi नहीं चला .दर के कारण दोनों 1 घंटे से भाग hi थे की अचानक पेअर में कुछ टकराया और धादम्म्मम्म्म्म.....

तो बे कॉन्टिनोएड......
 
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