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सभी खास थे गौरी परेश को अपने हांथो से दूल्हा बना रही थी परेश को तैयार करने के बाद गौरी भी रूम मैं गयी तो देख निम्मी अपने कपडे देख रही थी के कौन सा पहनो सब कपडे तो पुराने है फिर उसी मैं से एक कपडे उठा लिया वह थोड़ी अच्छी थी आवर घर के बाथरूम चली गयी जो कपडे से चारो तरफ से घेरा था
छोटी ये कपडे अच्छे नहीं लग रहे है निम्मी जब नाहा कर आई तो गौरी ने खा
निम्मी : दीदी मुझे भी अच्छे नहीं लग रहे है मगर मुझे एहि कपडे पहनने होंगी कस पैसे होते हमारे पास निम्मी का चेहरा उदाश हो गया था
गौरी : ठीक है मुझे कुछ देना है तुझे चल आँखे बंद कर
निम्मी : दीदी ऐसे hi देदो न मैं आँखे बंद नहीं करूंगी
गौरी : देख मेरी प्यारी बहन है न तू तो आँखे बंद कर गौरी के कहने पर निम्मी ने आँखे बंद कर लिया
गौरी : चलो अब आँखे खोलो
जब निम्मी ने अपनी आँखे खोली तो देखा गौरी के हाँथ मैं 2 कपडे थे निम्मी गौरी के गले लग गयी आवर गौरी के गलो पे चूमने लगी निम्मी बहुत खुश हो गयी थी
गौरी उसे कपडे तो पहले भी दे देती मगर अभी जो खुसी थी निम्मी के चेहरे पे उस वकत वह नहीं होती निम्मी बहुत खुश थी
निम्मी : दीदी ये आप कब लिया आप के पास तो पैसे नहीं थे
गौरी : छोटी तुझे जानना है या कपडे लेना है
निम्मी : दीदी मुझे कपडे लेना है
तो ठीक है तुम कपडे पहन मैं भी नहाने जा रही होनी
शाम होने के बाद सभी नाचते हुवे चल दिए क़िले की तरफ जो राजकुमारी ने बजा बजाने वाले को भेजी थी सभी कृषि कृषि चल रहे थे
_________________________________________ राजकुमार बारात गाओ से निकल चुकी है मुंसी ने खा जो बड़ी तीजी हांफ रहा था
राजकुमार: अर्जुन सिंह अपने कुछ साथियो को कह दीजिये मेरे साथ जाने के लिए मैं क़िले के गुपत रस्ते से उनेह अंदर ले जाऊंगा अंदर जाने के बाद मैं आप को क़िले के ऊपर से इसरा करवा दूंगा उसी वकत आप भी हमला कर दीजिये गए
अर्जुन सिंह : ठीक है राजकुमार आवर अर्जुन सिंह ने सभी अपने कुछ बहादुर साथी को राजकुमार के साथ जाने को खा राजकुमार उनको लेकर चल दिया
चलिए महाराज एक आवर क़िले पर आप की हुकूमत होगी अर्जुन सिंह के एक साथी ने खा आवर अर्जुन सिंह के साथ सभी हसने लगे
अर्जुन सिंह : है चन्दर किल्ला तो मिलेगा hi मगर साथ मैं एक नगीना भी मिलेगी जिसके लिए मैं तड़प रहा हुईं
चन्दर ; मैं कुछ समझा नहीं महाराज आप के पास तो पहले से hi बहुत hi नगीना है फिर इस नगीना मैं क्या है
अर्जुन सिंह : है मेरे पास बहुत hi एक से एक रनिया है मगर राजकुमार की जो बहन मीणा है न वह किसी मूरत से काम नहीं है उसे एक बार देखा था तब से उसके लिए तड़प रहा हु
__________________________________________ सभी नाचते हुवे क़िले के अंदर पहुँच
राजकुमार भी गुप्त रस्ते से आगे बढे रहा था राजकुमार जब क़िले के अंदर पहुंचा तो देखा कुछ तो पहरा दे रहे है आवर कुछ जगह जगह बाथ कर जाम पि रहे है तभी राजकुमार को भीमा नज़र आया तो राजकुमार चिप गया
राजकुमार आप चिप क्यू रहे है हम इन के लिए कभी हैं चली हमला करते है एक साथी ने खा
राजकुमार : नहीं अभी रुक जाओ अभी हमें थोड़ी देर इंटर करना पड़ेगा भीमा के जाने तक
राजकुमार आप उस बुड्ढे से दर रहे है फिर उसी साथी ने खा
राजकुमार : जयादा बकवास मत करो वह तुम जैसे कितनो को अकेला मर सकता है इस लिए उसके जाने तक हमें एहि चिप कर रहना पड़ेगा
कुछ देर अपने आदमियों को समझने के बाद भीमा निकल गया वह से भीमा के जाता hi राजकुमार ने हमला कर दिया
अरे मेरी तलवार तो वही रह गयी भीमा ने खा आवर फिर चल दिया वही तलवार लेने के लिए
सभी खास थे गौरी परेश को अपने हांथो से दूल्हा बना रही थी परेश को तैयार करने के बाद गौरी भी रूम मैं गयी तो देख निम्मी अपने कपडे देख रही थी के कौन सा पहनो सब कपडे तो पुराने है फिर उसी मैं से एक कपडे उठा लिया वह थोड़ी अच्छी थी आवर घर के बाथरूम चली गयी जो कपडे से चारो तरफ से घेरा था
छोटी ये कपडे अच्छे नहीं लग रहे है निम्मी जब नाहा कर आई तो गौरी ने खा
निम्मी : दीदी मुझे भी अच्छे नहीं लग रहे है मगर मुझे एहि कपडे पहनने होंगी कस पैसे होते हमारे पास निम्मी का चेहरा उदाश हो गया था
गौरी : ठीक है मुझे कुछ देना है तुझे चल आँखे बंद कर
निम्मी : दीदी ऐसे hi देदो न मैं आँखे बंद नहीं करूंगी
गौरी : देख मेरी प्यारी बहन है न तू तो आँखे बंद कर गौरी के कहने पर निम्मी ने आँखे बंद कर लिया
गौरी : चलो अब आँखे खोलो
जब निम्मी ने अपनी आँखे खोली तो देखा गौरी के हाँथ मैं 2 कपडे थे निम्मी गौरी के गले लग गयी आवर गौरी के गलो पे चूमने लगी निम्मी बहुत खुश हो गयी थी
गौरी उसे कपडे तो पहले भी दे देती मगर अभी जो खुसी थी निम्मी के चेहरे पे उस वकत वह नहीं होती निम्मी बहुत खुश थी
निम्मी : दीदी ये आप कब लिया आप के पास तो पैसे नहीं थे
गौरी : छोटी तुझे जानना है या कपडे लेना है
निम्मी : दीदी मुझे कपडे लेना है
तो ठीक है तुम कपडे पहन मैं भी नहाने जा रही होनी
शाम होने के बाद सभी नाचते हुवे चल दिए क़िले की तरफ जो राजकुमारी ने बजा बजाने वाले को भेजी थी सभी कृषि कृषि चल रहे थे
_________________________________________ राजकुमार बारात गाओ से निकल चुकी है मुंसी ने खा जो बड़ी तीजी हांफ रहा था
राजकुमार: अर्जुन सिंह अपने कुछ साथियो को कह दीजिये मेरे साथ जाने के लिए मैं क़िले के गुपत रस्ते से उनेह अंदर ले जाऊंगा अंदर जाने के बाद मैं आप को क़िले के ऊपर से इसरा करवा दूंगा उसी वकत आप भी हमला कर दीजिये गए
अर्जुन सिंह : ठीक है राजकुमार आवर अर्जुन सिंह ने सभी अपने कुछ बहादुर साथी को राजकुमार के साथ जाने को खा राजकुमार उनको लेकर चल दिया
चलिए महाराज एक आवर क़िले पर आप की हुकूमत होगी अर्जुन सिंह के एक साथी ने खा आवर अर्जुन सिंह के साथ सभी हसने लगे
अर्जुन सिंह : है चन्दर किल्ला तो मिलेगा hi मगर साथ मैं एक नगीना भी मिलेगी जिसके लिए मैं तड़प रहा हुईं
चन्दर ; मैं कुछ समझा नहीं महाराज आप के पास तो पहले से hi बहुत hi नगीना है फिर इस नगीना मैं क्या है
अर्जुन सिंह : है मेरे पास बहुत hi एक से एक रनिया है मगर राजकुमार की जो बहन मीणा है न वह किसी मूरत से काम नहीं है उसे एक बार देखा था तब से उसके लिए तड़प रहा हु
__________________________________________ सभी नाचते हुवे क़िले के अंदर पहुँच
राजकुमार भी गुप्त रस्ते से आगे बढे रहा था राजकुमार जब क़िले के अंदर पहुंचा तो देखा कुछ तो पहरा दे रहे है आवर कुछ जगह जगह बाथ कर जाम पि रहे है तभी राजकुमार को भीमा नज़र आया तो राजकुमार चिप गया
राजकुमार आप चिप क्यू रहे है हम इन के लिए कभी हैं चली हमला करते है एक साथी ने खा
राजकुमार : नहीं अभी रुक जाओ अभी हमें थोड़ी देर इंटर करना पड़ेगा भीमा के जाने तक
राजकुमार आप उस बुड्ढे से दर रहे है फिर उसी साथी ने खा
राजकुमार : जयादा बकवास मत करो वह तुम जैसे कितनो को अकेला मर सकता है इस लिए उसके जाने तक हमें एहि चिप कर रहना पड़ेगा
कुछ देर अपने आदमियों को समझने के बाद भीमा निकल गया वह से भीमा के जाता hi राजकुमार ने हमला कर दिया
अरे मेरी तलवार तो वही रह गयी भीमा ने खा आवर फिर चल दिया वही तलवार लेने के लिए