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- Dec 5, 2013
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अपडेट _ 91
मैं जल्दी से अपने रूम की तरफ गयी अभी मैं सीढिया चढ़े hi रही थी के मुझे काजल दिखी जो फ़ोन पर hello hello बोल रही थी फिर मैंने देखि के काजल के हाँथ मैं मेरी hi फ़ोन था
काजल किसका फ़ोन है मैं काजल के पास जाकर पूछो तो काजल ने फ़ोन मुझे दे दिया
काजल : पता नहीं गीता दीदी ये कोई लड़की थी आवर बोल रही थी की उसने किसी आदमी को पकड़ लिया है मगर मेरी आवाज़ सुन के hi उसने फ़ोन रख दिया आप hi देखिये कौन सी लड़की है क्या आप इसे जानती है
काजल मुझे फ़ोन मैं शीतल के नम्बर को देखते हुआ बोली नहीं काजल ये नम्बर तो मैं नहीं जानती फिर भी पता करती हुईं कौन है तू जा देख ज़रा पायल ने कॉफ़ी बनाई की नहीं अगर पायल ने कॉफ़ी बना दी है तो लेकर मुझे दे तब तक मैं देखती हुईं कौन है ये लड़की मैं काजल बोली
काजल : जी दीदी मैं अभी कॉफ़ी लेकर आई पायल दीदी ने बना दी होगी तो
मैंने थोड़ी रहत की शंश ली मैं तो पहले hi जान गयी थी जब काजल ने कहा की किसी लड़की ने किसी को पकड़ लिया फिर जब मैंने फ़ोन मैं नम्बर को देखि तो शीतल का hi फ़ोन था मैं जल्दी से अपने रूम मैं गयी आवर अपने रूम की गेट को बंद कर के शीतल को फ़ोन कर दिया
hello शीतल बोल क्या हुवा क्या उसने कुछ बताया की नहीं अभी तक मैं शीतल से बोली
शीतल : गीता मैंने इसे बहुत hi टॉचर कर लिया है मगर से अपने अड्डे के बारे मैं कुछ भी नहीं बता रहा है अब बस तू hi कुछ कर सकती है क्या अभी तू आ सकती है यह पर
नहीं शीतल अभी तो मैं नहीं आ सकती घर पर रागिनी माँ के लिए सभी परेशां है तू अब उसे कुछ मत कर मैं कल आती हुईं फिर देखती हुईं वह कैसे नहीं बताता है ठीक है शीतल अभी मैं रखती हुईं लगता है काजल आ रही है आवर मैंने फ़ोन काट दिया
क्यू की मैं नहीं चाहती थी अभी काजल को कुछ पता चले मैं पहले से hi पायल आवर कोमल की नज़र मैं आ गयी थी कारन को लेकर आवर अब काजल को मेरी इस ख़ुफ़िया राज़ के बारे मैं पता चला तो अभी अच्छा नहीं होगा जो मैं नहीं चाहती थी अभी काजल ये घर मैं किसी आवर को पता चले मैं कौन सा काम करती हुईं
दीदी कौन थी वह लड़की आवर उस लड़की ने किसे पका लिया है क्या आप इसे जानती है कअजल ने रूम मैं आते hi पूछी
नहीं काजल उस लड़की ने कही आवर पर फ़ोन किया था गलती से मेरे फ़ोन पर लग गया था दे कॉफ़ी मुझे
आवर मैं काजल से कॉफ़ी लेकर पिने लगी वही काजल मुझे अभी अजीब नज़र से देख रही थी
दीदी कुछ छिपा रही है मैं खुद सुनी थी उस लड़की ने दीदी की नाम लिया था आवर फ़ोन को देखते वक़्त भी दीदी थोड़ी अजीब सी हरकत की थी मुझे अब गीता दीदी के बारे मैं भी पता लगाना होगा दीदी मुझसे क्या छिपा रही है आवर अभी भी दीदी किसी से बात hi कर रही थी मगर मुझको देख कर hi दीदी ने फ़ोन रख दिया काजल मन मैं hi सोच रही थी
काजल क्या सोच रही है कुछ चाहिए क्या तुझे मैंने अभी काजल को अपने आप को घूरते पति तो पूछ लिया
काजल : नहीं गीता दीदी मुझको कुछ नहीं चाहिए आप कॉफ़ी पीकर निचे आ जाइये बड़ी माँ ने खाना खाने के लिए बोलै रही है
काजल मुझसे बोल कर रूम से चली गयी मैं भी कॉफ़ी पिने लगी
बड़ी माँ क्या हुवा है आप को आप की तबियत तो ठीक है न कारन ने अपनी बड़ी माँ माया से पूछा आवर कारन ने अपनी बड़ी माँ के आँखों से बहती हुई आंसू पॉच दिया
वही कारन अपनी कोमल दीदी के रूम के गेट नहीं खोलने से hi उद्देश हो गया था आवर अपने रूम की तरफ जा रहा था के देखा रागनी के रूम से उसकी बड़ी माँ निकल रही है आवर वह थोड़ी टेंशन मैं थी तो कारन ने पूछ लिया
माया : ओह्ह मेरा बच्चा मैं ठीक हुईं वह तेरी रागनी माँ बाबा जी से मिलने गयी थी वह रागनी के जाते है बाबा जी इस दुनिया को छोड़े कर चले गए बस बाबा जी के बारे मैं सुन कर आँखें भर आई जा देख रागनी अभी दुखी है आवर रो भी रही है जा चुप करा उसे
कारन अपनी रागनी माँ के बारे मैं सुन कर जल्दी से रागनी के रूम की तरार भगा रूम मैं अभी भी शांति रागनी को चुप करा रही थी कारन को देखते hi रागनी चुप हो गयी आवर अपनी आँखों से बहते आंसू भी पोछ लिया
माँ बाबा जी के साथ क्या हुआ बाबा जी तो अभी बिलकुल ठीक थे अचानक क्या हुआ बाबा जी के साथ कारन भी अपनी दोनों माँ के साथ मैं बैठे कर कहा
रागनी : पता नहीं क्या हुआ था बीटा बाबा जी के साथ मैं जब वह गयी तो बाबा जी इस दुनिया को छोड़े कर चले गए थे मैंने उनेह वही पर अंतिम संस्कार कर दिया
रागनी ने कारन को कुछ भी नहीं बताई के जंगल मैं क्या हुवा था कारन भी रागनी से आवर कुछ नहीं पूछा आवर वही रागनी के साथ बैठ गया आवर शांति कारन आवर रागनी को मुस्कुरा कर देख थी मगर शांति के आँखें भरी हुई थी
दीदी क्या हुआ आप ऐसे क्यू देख रही है रागनी ने जब शांति को कारन आवर अपने आप को देखते हुवे पायी तो बोल पड़ी
शांति: छोटी मैं इस लिए देख रही हुईं के मैं तुझे कब से चुप करा रही थी जो तू चुप hi नहीं हो रही थी मगर अभी देख कारन के आते hi तू सब कुछ भूल कर तेरे चरणों पर मुस्कान आ गयी है
शांति की बात सुन कर रागनी के चेहरों पर आवर भी कुछ मुस्कान आ गयी
ठीक है तुम दोनों बाटे करो मैं देखती हुईं किचेन मैं पायल बेटी अकेली है बोल कर hi शांति किचेन मैं चली गयी
आवर कारन रागनी के साथ मैं बैठ गया आवर शांति उठ कर चली गयी
रात मैं सभी ने साथ मैं खाना खाया आवर अपने अपने रूम मैं सोने के लिए चले गए मगर आज माया रागनी के साथ मैं सोने के लिए बोली जो रागनी ने हां मैं सर हिला दी
भैया भैया भैया नैना कारन के रूम के गेट के पास कड़ी हो कर कारन को चिल्ला रही थी
वही अभी कारन अपने बीएड पर लेट कर एक डायरी अभी पढ़ने hi वाला था के उसे नैना की आवाज़ आने लगी जो कारन ने डायरी को अपने तकिये के निचे रख दिया जल्दी से आवर जाकर गेट खोला
है क्या हुआ गुड़िया तू अभी तक सोई क्यू नहीं कारन ने गेट खोल कर पूछा
मगर नैना बिना कुछ बोले hi कारन के बीएड पर जाकर लेट गयी
क्या आज तुम मेरे साथ hi सोने वाली है कारन ने बोलै जो नैना ने मुस्कुराते हुवे हां मैं सर हिला दिया
चलो हो गया कल्याण अब मैं डायरी कैसे पढूंगा नैना ने देख लिया तो पता नहीं क्या लिखा होगा उस लड़के ने डायरी मैं कारन सोचते हुवे बीएड पर लेट गया
कारन के बीएड पर लेटते hi नैना कारन से चिपक गयी नैना अभी एक टीशर्ट आवर हांफ लूजर पहनी हुई थी नैना की मोटू जांघ कारन के पेअर पर पड़ते hi कारन के जिसम मैं करेंट सा लगा कारन अभी नैना के पेअर हो हटाने के लिए अपना हाँथ रखता इससे पहले hi नैना ने अपनी एक हाँथ कारन के जिसम पर रख दिया
गुड़िया क्या कर रही है अच्छे से नहीं सो सकती है चल सही से सजा अब मुझे भी निनाद आ रही है कारन नैना के हाँथ अपने सीने से हटते हुए कहा
मगर नैना ने अपना हाँथ फिर से कारन के सीने पर रख दिया
तो भाई आप सो जाइये न मुझे भी निनाद आ रही है बोल कर नैना ने कारन को अच्छे से पकड़ लिया नैना के चुकी अब कारन के एक बांह के निचे महसूस हो रहा था जो कारन को अजीब सा फील हो रहा था
अब मेरी गुड़िया भी बड़ी हो गयी है गुड़िया की जिसम भी गीता दीदी की तरह लग रही है आवर गुड़िया की जिसम की खुशबु भी गीता दीदी की तरह hi लग रही है क्या गीता दीदी की तरह hi गुड़िया का भी चुकी आवर छूट वैसा hi होगा मुझे तो अभी गुड़िया की चुकी भी गीता दीदी की तरह hi बड़ी लग रही है
ओह्ह्ह मैं भी क्या सोच रहा हुईं ये मेरी गुड़िया है मैं इतना कैसे गिर सकता हुईं मेरी हरकत से पहले hi कोमल दीदी मुझसे गुस्सा हो गयी है अगर गुड़िया भी मुझसे गुस्सा हो गयी तो मेरी जान hi निकल जायेगा
ये सोच कर hi कारन ने अपने दिमाग से गन्दा सोच को निकल कर नैना के सोने का इंतज़ार करने लगा ताकि कारन अभी उस डायरी को पढ़े सके आखिर इस डायरी मैं क्या लिखा है लड़के ने
मगर नैना तो सो hi नहीं रही थी नैना कुछ न कुछ कर hi रही कारन के साथ
गुड़िया प्लीज मुझे सोने दे मुझे अब निनाद आ रही है कारन ने प्यार से कहा
नैना : ठीक है भाई मैं सो जाउंगी पहले मुझे आप गुड नाईट किस करो फिर मैं पक्का सो जाउंगी आवर आप को परेशां भी नहीं करुँगी
कारन ने झट से नैना के माथे पर किस कर दिया ताकि नैना सो सके आवर कारन आराम से डायरी पढ़े सके
नैना : ये क्या भैया आप ने कहा किस कर दिया मैंने तो किस अपने इस जगह पर करने के लिए बोली थी जैसे मुझे गीता दीदी करती है आप ने चीटिंग कर दिया चलिए जल्दी से यह किस कीजिये नहीं तो मैं अभी नहीं सोऊंगी
नैना की उंगली का इशारा देख कर कारन को एक झटका लगा क्यू की नैना कारन को अपनी होंठों पर किस करने के लिए बोल रही थी जिस चीज को अभी कारन सोच कर दर रहा था वही काम अभी नैना करने के लिए बोल रही थी कारन को अब समझ मैं नहीं आ रहा था के अभी नैना के होंठों पर किस करे की नहीं जब कारन ने नैना के तरफ देखा तो नैना कारन को मुस्कुरा कर देख रही थी कारन कुछ देर सोच आवर बहुत जल्दी मैं बस नैना के होंठों पर अपना होंठ टाच कर के हटा लिया नैना को पता भी नहीं चला के कारन ने कब किस कर दिया
नैना : भैया आप ने फिर से चीटिंग कर दिया अब मैं नहीं सोऊंगी
गुड़िया गुड बोल कर कारन ने अपनी आँखें बंद कर लिया
वही नैना मुंह बना भी कर कारन को देख रही थी मैं भी आप की hi बहन हुईं देखना एक दिन गीता दीदी की तरह अपनी होंठों पर किश करवाउंगी नैना ने मन hi मन मैं सोच आवर कारन को पकड़ कर सो गयी
मगर कारन तो अपनी आँखें बंद कर लिया था मगर अभी नैना के होंठों मोलायम रह भरी होंठों को टाच कर के बहुत मीठा एह्शाश हो रहा था कारन को कब नींद आती गया पता भी नहीं चला दोनों भाई बहन एक दूसरे को पकड़ कर सो गए
वही एक रूम मैं एक लड़की सोइ हुयी थी मगर उसके माथे पर बहुत hi पसीने हो रहे थे आवर लड़की कर सर भी इधर से उधर हिल रहा था
है किस लिए मुझे बुलाया उसी लड़की के रूम मैं एक आदमी ने कहा एक औरत से
देखिये मुस्कान के माथे पर आज भी बहुत पसीना हो रहा है पता नहीं सोते हुए कौन से बुरा सपना देख रही है मेरी बच्ची देखिये कुछ hi देर मैं चिल्ला कर उठ जाएगी
aaaaaaaaaaa
मैं जल्दी से अपने रूम की तरफ गयी अभी मैं सीढिया चढ़े hi रही थी के मुझे काजल दिखी जो फ़ोन पर hello hello बोल रही थी फिर मैंने देखि के काजल के हाँथ मैं मेरी hi फ़ोन था
काजल किसका फ़ोन है मैं काजल के पास जाकर पूछो तो काजल ने फ़ोन मुझे दे दिया
काजल : पता नहीं गीता दीदी ये कोई लड़की थी आवर बोल रही थी की उसने किसी आदमी को पकड़ लिया है मगर मेरी आवाज़ सुन के hi उसने फ़ोन रख दिया आप hi देखिये कौन सी लड़की है क्या आप इसे जानती है
काजल मुझे फ़ोन मैं शीतल के नम्बर को देखते हुआ बोली नहीं काजल ये नम्बर तो मैं नहीं जानती फिर भी पता करती हुईं कौन है तू जा देख ज़रा पायल ने कॉफ़ी बनाई की नहीं अगर पायल ने कॉफ़ी बना दी है तो लेकर मुझे दे तब तक मैं देखती हुईं कौन है ये लड़की मैं काजल बोली
काजल : जी दीदी मैं अभी कॉफ़ी लेकर आई पायल दीदी ने बना दी होगी तो
मैंने थोड़ी रहत की शंश ली मैं तो पहले hi जान गयी थी जब काजल ने कहा की किसी लड़की ने किसी को पकड़ लिया फिर जब मैंने फ़ोन मैं नम्बर को देखि तो शीतल का hi फ़ोन था मैं जल्दी से अपने रूम मैं गयी आवर अपने रूम की गेट को बंद कर के शीतल को फ़ोन कर दिया
hello शीतल बोल क्या हुवा क्या उसने कुछ बताया की नहीं अभी तक मैं शीतल से बोली
शीतल : गीता मैंने इसे बहुत hi टॉचर कर लिया है मगर से अपने अड्डे के बारे मैं कुछ भी नहीं बता रहा है अब बस तू hi कुछ कर सकती है क्या अभी तू आ सकती है यह पर
नहीं शीतल अभी तो मैं नहीं आ सकती घर पर रागिनी माँ के लिए सभी परेशां है तू अब उसे कुछ मत कर मैं कल आती हुईं फिर देखती हुईं वह कैसे नहीं बताता है ठीक है शीतल अभी मैं रखती हुईं लगता है काजल आ रही है आवर मैंने फ़ोन काट दिया
क्यू की मैं नहीं चाहती थी अभी काजल को कुछ पता चले मैं पहले से hi पायल आवर कोमल की नज़र मैं आ गयी थी कारन को लेकर आवर अब काजल को मेरी इस ख़ुफ़िया राज़ के बारे मैं पता चला तो अभी अच्छा नहीं होगा जो मैं नहीं चाहती थी अभी काजल ये घर मैं किसी आवर को पता चले मैं कौन सा काम करती हुईं
दीदी कौन थी वह लड़की आवर उस लड़की ने किसे पका लिया है क्या आप इसे जानती है कअजल ने रूम मैं आते hi पूछी
नहीं काजल उस लड़की ने कही आवर पर फ़ोन किया था गलती से मेरे फ़ोन पर लग गया था दे कॉफ़ी मुझे
आवर मैं काजल से कॉफ़ी लेकर पिने लगी वही काजल मुझे अभी अजीब नज़र से देख रही थी
दीदी कुछ छिपा रही है मैं खुद सुनी थी उस लड़की ने दीदी की नाम लिया था आवर फ़ोन को देखते वक़्त भी दीदी थोड़ी अजीब सी हरकत की थी मुझे अब गीता दीदी के बारे मैं भी पता लगाना होगा दीदी मुझसे क्या छिपा रही है आवर अभी भी दीदी किसी से बात hi कर रही थी मगर मुझको देख कर hi दीदी ने फ़ोन रख दिया काजल मन मैं hi सोच रही थी
काजल क्या सोच रही है कुछ चाहिए क्या तुझे मैंने अभी काजल को अपने आप को घूरते पति तो पूछ लिया
काजल : नहीं गीता दीदी मुझको कुछ नहीं चाहिए आप कॉफ़ी पीकर निचे आ जाइये बड़ी माँ ने खाना खाने के लिए बोलै रही है
काजल मुझसे बोल कर रूम से चली गयी मैं भी कॉफ़ी पिने लगी
बड़ी माँ क्या हुवा है आप को आप की तबियत तो ठीक है न कारन ने अपनी बड़ी माँ माया से पूछा आवर कारन ने अपनी बड़ी माँ के आँखों से बहती हुई आंसू पॉच दिया
वही कारन अपनी कोमल दीदी के रूम के गेट नहीं खोलने से hi उद्देश हो गया था आवर अपने रूम की तरफ जा रहा था के देखा रागनी के रूम से उसकी बड़ी माँ निकल रही है आवर वह थोड़ी टेंशन मैं थी तो कारन ने पूछ लिया
माया : ओह्ह मेरा बच्चा मैं ठीक हुईं वह तेरी रागनी माँ बाबा जी से मिलने गयी थी वह रागनी के जाते है बाबा जी इस दुनिया को छोड़े कर चले गए बस बाबा जी के बारे मैं सुन कर आँखें भर आई जा देख रागनी अभी दुखी है आवर रो भी रही है जा चुप करा उसे
कारन अपनी रागनी माँ के बारे मैं सुन कर जल्दी से रागनी के रूम की तरार भगा रूम मैं अभी भी शांति रागनी को चुप करा रही थी कारन को देखते hi रागनी चुप हो गयी आवर अपनी आँखों से बहते आंसू भी पोछ लिया
माँ बाबा जी के साथ क्या हुआ बाबा जी तो अभी बिलकुल ठीक थे अचानक क्या हुआ बाबा जी के साथ कारन भी अपनी दोनों माँ के साथ मैं बैठे कर कहा
रागनी : पता नहीं क्या हुआ था बीटा बाबा जी के साथ मैं जब वह गयी तो बाबा जी इस दुनिया को छोड़े कर चले गए थे मैंने उनेह वही पर अंतिम संस्कार कर दिया
रागनी ने कारन को कुछ भी नहीं बताई के जंगल मैं क्या हुवा था कारन भी रागनी से आवर कुछ नहीं पूछा आवर वही रागनी के साथ बैठ गया आवर शांति कारन आवर रागनी को मुस्कुरा कर देख थी मगर शांति के आँखें भरी हुई थी
दीदी क्या हुआ आप ऐसे क्यू देख रही है रागनी ने जब शांति को कारन आवर अपने आप को देखते हुवे पायी तो बोल पड़ी
शांति: छोटी मैं इस लिए देख रही हुईं के मैं तुझे कब से चुप करा रही थी जो तू चुप hi नहीं हो रही थी मगर अभी देख कारन के आते hi तू सब कुछ भूल कर तेरे चरणों पर मुस्कान आ गयी है
शांति की बात सुन कर रागनी के चेहरों पर आवर भी कुछ मुस्कान आ गयी
ठीक है तुम दोनों बाटे करो मैं देखती हुईं किचेन मैं पायल बेटी अकेली है बोल कर hi शांति किचेन मैं चली गयी
आवर कारन रागनी के साथ मैं बैठ गया आवर शांति उठ कर चली गयी
रात मैं सभी ने साथ मैं खाना खाया आवर अपने अपने रूम मैं सोने के लिए चले गए मगर आज माया रागनी के साथ मैं सोने के लिए बोली जो रागनी ने हां मैं सर हिला दी
भैया भैया भैया नैना कारन के रूम के गेट के पास कड़ी हो कर कारन को चिल्ला रही थी
वही अभी कारन अपने बीएड पर लेट कर एक डायरी अभी पढ़ने hi वाला था के उसे नैना की आवाज़ आने लगी जो कारन ने डायरी को अपने तकिये के निचे रख दिया जल्दी से आवर जाकर गेट खोला
है क्या हुआ गुड़िया तू अभी तक सोई क्यू नहीं कारन ने गेट खोल कर पूछा
मगर नैना बिना कुछ बोले hi कारन के बीएड पर जाकर लेट गयी
क्या आज तुम मेरे साथ hi सोने वाली है कारन ने बोलै जो नैना ने मुस्कुराते हुवे हां मैं सर हिला दिया
चलो हो गया कल्याण अब मैं डायरी कैसे पढूंगा नैना ने देख लिया तो पता नहीं क्या लिखा होगा उस लड़के ने डायरी मैं कारन सोचते हुवे बीएड पर लेट गया
कारन के बीएड पर लेटते hi नैना कारन से चिपक गयी नैना अभी एक टीशर्ट आवर हांफ लूजर पहनी हुई थी नैना की मोटू जांघ कारन के पेअर पर पड़ते hi कारन के जिसम मैं करेंट सा लगा कारन अभी नैना के पेअर हो हटाने के लिए अपना हाँथ रखता इससे पहले hi नैना ने अपनी एक हाँथ कारन के जिसम पर रख दिया
गुड़िया क्या कर रही है अच्छे से नहीं सो सकती है चल सही से सजा अब मुझे भी निनाद आ रही है कारन नैना के हाँथ अपने सीने से हटते हुए कहा
मगर नैना ने अपना हाँथ फिर से कारन के सीने पर रख दिया
तो भाई आप सो जाइये न मुझे भी निनाद आ रही है बोल कर नैना ने कारन को अच्छे से पकड़ लिया नैना के चुकी अब कारन के एक बांह के निचे महसूस हो रहा था जो कारन को अजीब सा फील हो रहा था
अब मेरी गुड़िया भी बड़ी हो गयी है गुड़िया की जिसम भी गीता दीदी की तरह लग रही है आवर गुड़िया की जिसम की खुशबु भी गीता दीदी की तरह hi लग रही है क्या गीता दीदी की तरह hi गुड़िया का भी चुकी आवर छूट वैसा hi होगा मुझे तो अभी गुड़िया की चुकी भी गीता दीदी की तरह hi बड़ी लग रही है
ओह्ह्ह मैं भी क्या सोच रहा हुईं ये मेरी गुड़िया है मैं इतना कैसे गिर सकता हुईं मेरी हरकत से पहले hi कोमल दीदी मुझसे गुस्सा हो गयी है अगर गुड़िया भी मुझसे गुस्सा हो गयी तो मेरी जान hi निकल जायेगा
ये सोच कर hi कारन ने अपने दिमाग से गन्दा सोच को निकल कर नैना के सोने का इंतज़ार करने लगा ताकि कारन अभी उस डायरी को पढ़े सके आखिर इस डायरी मैं क्या लिखा है लड़के ने
मगर नैना तो सो hi नहीं रही थी नैना कुछ न कुछ कर hi रही कारन के साथ
गुड़िया प्लीज मुझे सोने दे मुझे अब निनाद आ रही है कारन ने प्यार से कहा
नैना : ठीक है भाई मैं सो जाउंगी पहले मुझे आप गुड नाईट किस करो फिर मैं पक्का सो जाउंगी आवर आप को परेशां भी नहीं करुँगी
कारन ने झट से नैना के माथे पर किस कर दिया ताकि नैना सो सके आवर कारन आराम से डायरी पढ़े सके
नैना : ये क्या भैया आप ने कहा किस कर दिया मैंने तो किस अपने इस जगह पर करने के लिए बोली थी जैसे मुझे गीता दीदी करती है आप ने चीटिंग कर दिया चलिए जल्दी से यह किस कीजिये नहीं तो मैं अभी नहीं सोऊंगी
नैना की उंगली का इशारा देख कर कारन को एक झटका लगा क्यू की नैना कारन को अपनी होंठों पर किस करने के लिए बोल रही थी जिस चीज को अभी कारन सोच कर दर रहा था वही काम अभी नैना करने के लिए बोल रही थी कारन को अब समझ मैं नहीं आ रहा था के अभी नैना के होंठों पर किस करे की नहीं जब कारन ने नैना के तरफ देखा तो नैना कारन को मुस्कुरा कर देख रही थी कारन कुछ देर सोच आवर बहुत जल्दी मैं बस नैना के होंठों पर अपना होंठ टाच कर के हटा लिया नैना को पता भी नहीं चला के कारन ने कब किस कर दिया
नैना : भैया आप ने फिर से चीटिंग कर दिया अब मैं नहीं सोऊंगी
गुड़िया गुड बोल कर कारन ने अपनी आँखें बंद कर लिया
वही नैना मुंह बना भी कर कारन को देख रही थी मैं भी आप की hi बहन हुईं देखना एक दिन गीता दीदी की तरह अपनी होंठों पर किश करवाउंगी नैना ने मन hi मन मैं सोच आवर कारन को पकड़ कर सो गयी
मगर कारन तो अपनी आँखें बंद कर लिया था मगर अभी नैना के होंठों मोलायम रह भरी होंठों को टाच कर के बहुत मीठा एह्शाश हो रहा था कारन को कब नींद आती गया पता भी नहीं चला दोनों भाई बहन एक दूसरे को पकड़ कर सो गए
वही एक रूम मैं एक लड़की सोइ हुयी थी मगर उसके माथे पर बहुत hi पसीने हो रहे थे आवर लड़की कर सर भी इधर से उधर हिल रहा था
है किस लिए मुझे बुलाया उसी लड़की के रूम मैं एक आदमी ने कहा एक औरत से
देखिये मुस्कान के माथे पर आज भी बहुत पसीना हो रहा है पता नहीं सोते हुए कौन से बुरा सपना देख रही है मेरी बच्ची देखिये कुछ hi देर मैं चिल्ला कर उठ जाएगी
aaaaaaaaaaa