Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed) - Page 11 - SexBaba
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Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed)

अपडेट _ 91

मैं जल्दी से अपने रूम की तरफ गयी अभी मैं सीढिया चढ़े hi रही थी के मुझे काजल दिखी जो फ़ोन पर hello hello बोल रही थी फिर मैंने देखि के काजल के हाँथ मैं मेरी hi फ़ोन था

काजल किसका फ़ोन है मैं काजल के पास जाकर पूछो तो काजल ने फ़ोन मुझे दे दिया


काजल : पता नहीं गीता दीदी ये कोई लड़की थी आवर बोल रही थी की उसने किसी आदमी को पकड़ लिया है मगर मेरी आवाज़ सुन के hi उसने फ़ोन रख दिया आप hi देखिये कौन सी लड़की है क्या आप इसे जानती है

काजल मुझे फ़ोन मैं शीतल के नम्बर को देखते हुआ बोली नहीं काजल ये नम्बर तो मैं नहीं जानती फिर भी पता करती हुईं कौन है तू जा देख ज़रा पायल ने कॉफ़ी बनाई की नहीं अगर पायल ने कॉफ़ी बना दी है तो लेकर मुझे दे तब तक मैं देखती हुईं कौन है ये लड़की मैं काजल बोली


काजल : जी दीदी मैं अभी कॉफ़ी लेकर आई पायल दीदी ने बना दी होगी तो

मैंने थोड़ी रहत की शंश ली मैं तो पहले hi जान गयी थी जब काजल ने कहा की किसी लड़की ने किसी को पकड़ लिया फिर जब मैंने फ़ोन मैं नम्बर को देखि तो शीतल का hi फ़ोन था मैं जल्दी से अपने रूम मैं गयी आवर अपने रूम की गेट को बंद कर के शीतल को फ़ोन कर दिया

hello शीतल बोल क्या हुवा क्या उसने कुछ बताया की नहीं अभी तक मैं शीतल से बोली


शीतल : गीता मैंने इसे बहुत hi टॉचर कर लिया है मगर से अपने अड्डे के बारे मैं कुछ भी नहीं बता रहा है अब बस तू hi कुछ कर सकती है क्या अभी तू आ सकती है यह पर

नहीं शीतल अभी तो मैं नहीं आ सकती घर पर रागिनी माँ के लिए सभी परेशां है तू अब उसे कुछ मत कर मैं कल आती हुईं फिर देखती हुईं वह कैसे नहीं बताता है ठीक है शीतल अभी मैं रखती हुईं लगता है काजल आ रही है आवर मैंने फ़ोन काट दिया

क्यू की मैं नहीं चाहती थी अभी काजल को कुछ पता चले मैं पहले से hi पायल आवर कोमल की नज़र मैं आ गयी थी कारन को लेकर आवर अब काजल को मेरी इस ख़ुफ़िया राज़ के बारे मैं पता चला तो अभी अच्छा नहीं होगा जो मैं नहीं चाहती थी अभी काजल ये घर मैं किसी आवर को पता चले मैं कौन सा काम करती हुईं

दीदी कौन थी वह लड़की आवर उस लड़की ने किसे पका लिया है क्या आप इसे जानती है क
अजल ने रूम मैं आते hi पूछी

नहीं काजल उस लड़की ने कही आवर पर फ़ोन किया था गलती से मेरे फ़ोन पर लग गया था दे कॉफ़ी मुझे

आवर मैं काजल से कॉफ़ी लेकर पिने लगी वही काजल मुझे अभी अजीब नज़र से देख रही थी

दीदी कुछ छिपा रही है मैं खुद सुनी थी उस लड़की ने दीदी की नाम लिया था आवर फ़ोन को देखते वक़्त भी दीदी थोड़ी अजीब सी हरकत की थी मुझे अब गीता दीदी के बारे मैं भी पता लगाना होगा दीदी मुझसे क्या छिपा रही है आवर अभी भी दीदी किसी से बात hi कर रही थी मगर मुझको देख कर hi दीदी ने फ़ोन रख दिया काजल मन मैं hi सोच रही थी

काजल क्या सोच रही है कुछ चाहिए क्या तुझे मैंने अभी काजल को अपने आप को घूरते पति तो पूछ लिया


काजल : नहीं गीता दीदी मुझको कुछ नहीं चाहिए आप कॉफ़ी पीकर निचे आ जाइये बड़ी माँ ने खाना खाने के लिए बोलै रही है

काजल मुझसे बोल कर रूम से चली गयी मैं भी कॉफ़ी पिने लगी

बड़ी माँ क्या हुवा है आप को आप की तबियत तो ठीक है न कारन ने अपनी बड़ी माँ माया से पूछा आवर कारन ने अपनी बड़ी माँ के आँखों से बहती हुई आंसू पॉच दिया

वही कारन अपनी कोमल दीदी के रूम के गेट नहीं खोलने से hi उद्देश हो गया था आवर अपने रूम की तरफ जा रहा था के देखा रागनी के रूम से उसकी बड़ी माँ निकल रही है आवर वह थोड़ी टेंशन मैं थी तो कारन ने पूछ लिया


माया : ओह्ह मेरा बच्चा मैं ठीक हुईं वह तेरी रागनी माँ बाबा जी से मिलने गयी थी वह रागनी के जाते है बाबा जी इस दुनिया को छोड़े कर चले गए बस बाबा जी के बारे मैं सुन कर आँखें भर आई जा देख रागनी अभी दुखी है आवर रो भी रही है जा चुप करा उसे

कारन अपनी रागनी माँ के बारे मैं सुन कर जल्दी से रागनी के रूम की तरार भगा रूम मैं अभी भी शांति रागनी को चुप करा रही थी कारन को देखते hi रागनी चुप हो गयी आवर अपनी आँखों से बहते आंसू भी पोछ लिया

माँ बाबा जी के साथ क्या हुआ बाबा जी तो अभी बिलकुल ठीक थे अचानक क्या हुआ बाबा जी के साथ कारन भी अपनी दोनों माँ के साथ मैं बैठे कर कहा


रागनी : पता नहीं क्या हुआ था बीटा बाबा जी के साथ मैं जब वह गयी तो बाबा जी इस दुनिया को छोड़े कर चले गए थे मैंने उनेह वही पर अंतिम संस्कार कर दिया

रागनी ने कारन को कुछ भी नहीं बताई के जंगल मैं क्या हुवा था कारन भी रागनी से आवर कुछ नहीं पूछा आवर वही रागनी के साथ बैठ गया आवर शांति कारन आवर रागनी को मुस्कुरा कर देख थी मगर शांति के आँखें भरी हुई थी

दीदी क्या हुआ आप ऐसे क्यू देख रही है रागनी ने जब शांति को कारन आवर अपने आप को देखते हुवे पायी तो बोल पड़ी


शांति: छोटी मैं इस लिए देख रही हुईं के मैं तुझे कब से चुप करा रही थी जो तू चुप hi नहीं हो रही थी मगर अभी देख कारन के आते hi तू सब कुछ भूल कर तेरे चरणों पर मुस्कान आ गयी है

शांति की बात सुन कर रागनी के चेहरों पर आवर भी कुछ मुस्कान आ गयी

ठीक है तुम दोनों बाटे करो मैं देखती हुईं किचेन मैं पायल बेटी अकेली है बोल कर hi शांति किचेन मैं चली गयी

आवर कारन रागनी के साथ मैं बैठ गया आवर शांति उठ कर चली गयी

रात मैं सभी ने साथ मैं खाना खाया आवर अपने अपने रूम मैं सोने के लिए चले गए मगर आज माया रागनी के साथ मैं सोने के लिए बोली जो रागनी ने हां मैं सर हिला दी

भैया भैया भैया नैना कारन के रूम के गेट के पास कड़ी हो कर कारन को चिल्ला रही थी

वही अभी कारन अपने बीएड पर लेट कर एक डायरी अभी पढ़ने hi वाला था के उसे नैना की आवाज़ आने लगी जो कारन ने डायरी को अपने तकिये के निचे रख दिया जल्दी से आवर जाकर गेट खोला

है क्या हुआ गुड़िया तू अभी तक सोई क्यू नहीं कारन ने गेट खोल कर पूछा

मगर नैना बिना कुछ बोले hi कारन के बीएड पर जाकर लेट गयी

क्या आज तुम मेरे साथ hi सोने वाली है कारन ने बोलै जो नैना ने मुस्कुराते हुवे हां मैं सर हिला दिया

चलो हो गया कल्याण अब मैं डायरी कैसे पढूंगा नैना ने देख लिया तो पता नहीं क्या लिखा होगा उस लड़के ने डायरी मैं कारन सोचते हुवे बीएड पर लेट गया

कारन के बीएड पर लेटते hi नैना कारन से चिपक गयी नैना अभी एक टीशर्ट आवर हांफ लूजर पहनी हुई थी नैना की मोटू जांघ कारन के पेअर पर पड़ते hi कारन के जिसम मैं करेंट सा लगा कारन अभी नैना के पेअर हो हटाने के लिए अपना हाँथ रखता इससे पहले hi नैना ने अपनी एक हाँथ कारन के जिसम पर रख दिया

गुड़िया क्या कर रही है अच्छे से नहीं सो सकती है चल सही से सजा अब मुझे भी निनाद आ रही है कारन नैना के हाँथ अपने सीने से हटते हुए कहा

मगर नैना ने अपना हाँथ फिर से कारन के सीने पर रख दिया

तो भाई आप सो जाइये न मुझे भी निनाद आ रही है बोल कर नैना ने कारन को अच्छे से पकड़ लिया नैना के चुकी अब कारन के एक बांह के निचे महसूस हो रहा था जो कारन को अजीब सा फील हो रहा था

अब मेरी गुड़िया भी बड़ी हो गयी है गुड़िया की जिसम भी गीता दीदी की तरह लग रही है आवर गुड़िया की जिसम की खुशबु भी गीता दीदी की तरह hi लग रही है क्या गीता दीदी की तरह hi गुड़िया का भी चुकी आवर छूट वैसा hi होगा मुझे तो अभी गुड़िया की चुकी भी गीता दीदी की तरह hi बड़ी लग रही है

ओह्ह्ह मैं भी क्या सोच रहा हुईं ये मेरी गुड़िया है मैं इतना कैसे गिर सकता हुईं मेरी हरकत से पहले hi कोमल दीदी मुझसे गुस्सा हो गयी है अगर गुड़िया भी मुझसे गुस्सा हो गयी तो मेरी जान hi निकल जायेगा

ये सोच कर hi कारन ने अपने दिमाग से गन्दा सोच को निकल कर नैना के सोने का इंतज़ार करने लगा ताकि कारन अभी उस डायरी को पढ़े सके आखिर इस डायरी मैं क्या लिखा है लड़के ने

मगर नैना तो सो hi नहीं रही थी नैना कुछ न कुछ कर hi रही कारन के साथ

गुड़िया प्लीज मुझे सोने दे मुझे अब निनाद आ रही है कारन ने प्यार से कहा


नैना : ठीक है भाई मैं सो जाउंगी पहले मुझे आप गुड नाईट किस करो फिर मैं पक्का सो जाउंगी आवर आप को परेशां भी नहीं करुँगी

कारन ने झट से नैना के माथे पर किस कर दिया ताकि नैना सो सके आवर कारन आराम से डायरी पढ़े सके


नैना : ये क्या भैया आप ने कहा किस कर दिया मैंने तो किस अपने इस जगह पर करने के लिए बोली थी जैसे मुझे गीता दीदी करती है आप ने चीटिंग कर दिया चलिए जल्दी से यह किस कीजिये नहीं तो मैं अभी नहीं सोऊंगी

नैना की उंगली का इशारा देख कर कारन को एक झटका लगा क्यू की नैना कारन को अपनी होंठों पर किस करने के लिए बोल रही थी जिस चीज को अभी कारन सोच कर दर रहा था वही काम अभी नैना करने के लिए बोल रही थी कारन को अब समझ मैं नहीं आ रहा था के अभी नैना के होंठों पर किस करे की नहीं जब कारन ने नैना के तरफ देखा तो नैना कारन को मुस्कुरा कर देख रही थी कारन कुछ देर सोच आवर बहुत जल्दी मैं बस नैना के होंठों पर अपना होंठ टाच कर के हटा लिया नैना को पता भी नहीं चला के कारन ने कब किस कर दिया


नैना : भैया आप ने फिर से चीटिंग कर दिया अब मैं नहीं सोऊंगी

गुड़िया गुड बोल कर कारन ने अपनी आँखें बंद कर लिया

वही नैना मुंह बना भी कर कारन को देख रही थी मैं भी आप की hi बहन हुईं देखना एक दिन गीता दीदी की तरह अपनी होंठों पर किश करवाउंगी नैना ने मन hi मन मैं सोच आवर कारन को पकड़ कर सो गयी

मगर कारन तो अपनी आँखें बंद कर लिया था मगर अभी नैना के होंठों मोलायम रह भरी होंठों को टाच कर के बहुत मीठा एह्शाश हो रहा था कारन को कब नींद आती गया पता भी नहीं चला दोनों भाई बहन एक दूसरे को पकड़ कर सो गए

वही एक रूम मैं एक लड़की सोइ हुयी थी मगर उसके माथे पर बहुत hi पसीने हो रहे थे आवर लड़की कर सर भी इधर से उधर हिल रहा था

है किस लिए मुझे बुलाया उसी लड़की के रूम मैं एक आदमी ने कहा एक औरत से

देखिये मुस्कान के माथे पर आज भी बहुत पसीना हो रहा है पता नहीं सोते हुए कौन से बुरा सपना देख रही है मेरी बच्ची देखिये कुछ hi देर मैं चिल्ला कर उठ जाएगी

aaaaaaaaaaa

 
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हैप्पी दिवाली भाई लोगो :celebconf::celebconf::celebconf::celebconf::celebconf::celebconf:
 
अपडेट _ 92

ये तीन से चार बार हो चूका था मुस्कान के साथ जो हर बार रूम मैं रम्य जी मुस्कान के साथ hi रूम मैं रही आवर अपनी मुस्कान बेटी की हालत को देख कर दुखी होती थी

अभी रम्य जी अपने पति परेम सिंह से बोल hi रही थी के मुस्कान चिल्लाते हुए उठ बैठी रम्य जी वही थी तो जल्दी से अपनी प्यारी बेटी मुस्कान को सीने से लगा लिया वही मुस्कान भी अपनी माँ को भी बहुत hi कास कर पकड़ ली थी अभी मुस्कान के चहरे पर बहुत दर आवर बेबसी के साथ दर्द था अभी मुस्कान के आँखों से सिर्फ आंसू निकल रहे थे आवर मुस्कान बस रोटी हुई अपनी माँ को पकड़ कर लिपटी थी मगर मुस्कान के आँखों से आंसू अभी भी बाह रही थी


रम्य : बीटा क्या हुआ क्या आप ने बुरा सपना देखा कुछ नहीं होगा मैं आवर तुम्हारे पापा भी एहि पर है क्या देखा तुमने मुझे बताओ वह बस एक सपना hi है जो तुमेह डरने की ज़रूरत नहीं है

रम्य बोल कर मुस्कान को अपने आप से अलग करना चाही ताकि अभी मुस्कान से कुछ पूछे लेकिन अभी मुस्कान रम्य से अलग नहीं हुयी उल्टा मुस्कान ने आवर भी कास कर hi रम्य को पकड़ लिया जो मुस्कान की दर को देख कर रम्य के दिल मैं एक दर्द सा हुवा आवर रम्य के आँखों मैं भी आंसू छलक गए मगर रम्य ने अपनी आँखें से बहती आंसू पॉच कर मुस्कान के बहती हुई आंसू को अपनी साड़ी के पल्लू से पॉच कर मुस्कान को अपनी सीने से लगा ली

आवर कुछ भी नहीं पूछा रम्य जी ने मुस्कान से परम सिंह भी मुस्कान से एक दो बार पूछा फिर रम्य जी ने अभी कुछ पूछने से मन कर दिया तो परेम सिंह भी फिर अपने रूम मैं फ्रेश होने के लिए चले गया क्यू के अब सुबह भी होने वाली थी वही अब रम्य जी की आँखों बंद होने लगी मगर फिर भी मुस्कान को अपनी सीने से लगा कर संभल रही थी

कारन मैं तुमेह कभी भी नहीं खोना चाहती मैं तुमेह बहुत बहुत प्यार करती हुईं फिर मैं तुमेह मरते हुए कैसे देख सकती कैसे वह दरिंदा सभी को मस्त रहा था मुझे ऐसा लग रहा जैसे वह सपना नहीं हकीकत मैं हो रहा है कारन प्लीज मेरे पास आ जाओ मैं तुमसे दूर नहीं रह सकती अब तो मुझे सोने मैं भी दर लगने लगा है मैं फिर से यह सब नहीं देखना चाहती हुईं मुस्कान अपनी माँ से लिपटी हुई सोच रही थी

अब मुस्कान को थोड़ी पता था वह जो भी सपना मैं देख रही थी वह सब उसका गुजरा हुवा कल था मुस्कान को ये सपना तब से आ रहा था जब से मुस्कान गाँव से अपने घर आई थी आवर सायद उसी दिन hi कारन आवर गीता का मिलान हुवा था

एक दिन रम्य जी जब रात को उठ के मुस्कान के रूम से जा रही थी के उनेह मुस्कान के सिसकने की आवाज़ सुनाई दिया मगर रम्य जी ने कोई ध्यान नहीं दिया आवर फिर किचेन की तरफ चली गयी मगर जब पानी पीकर रम्य जी अपने रूम की तरफ जाने लगी तो जैसे hi मुस्कान की रूम के पास पहुंची उनेह फिर से मुस्कान की रूम से आवाज़ आई सिसकने की जाते हुवे तो रम्य जी ने जायदा धयान नहीं दिया मगर जब फाई से मुस्कान की सिसकने की आवाज़ आई तो इस बार रम्य जी जल्दी से मुस्कान के रूम मैं भागी जो अभी मुस्कान की रूम का गेट भी खुला था जब रम्य जी रूम मैं गयी तो देखि मुस्कान तो पूरी नींद मैं सो रही थी मगर मुस्कान के पुरे चेहरों पर पसीने हो रहे था आवर मुस्कान रह रह कर सिसक रही है रम्य जी अपनी बेटी की हालत देख कर मुस्कान के पास बैठ कर मुस्कान के चहरे पर से सरे पसीने पोछ कर मुस्कान को उठाने लगी मगर मुस्कान ने अपनी आँखें नहीं खोली फिर अचानक hi मुस्कान चिल्लाते हुए उठ गयी उस दिन भी रम्य जी ने मुस्कान से बहुत बार पूछी मगर मुस्कान ने अपनी माँ को कुछ नहीं बताया मगर इस रात के बाद रम्य जी हर रात मैं मुस्कान के रूम मैं जाने लगी आवर आज अपने पति को भी साथ मैं लेकर आई थी

रम्य क्या मुस्कान अभी भी सो hi रही है परेम सिंह नाश्ता करते हुए रम्य से पूछा


रम्य : नहीं जी अभी मुस्कान बेटी फ्रेश होने गयी है बस आती hi होगी आप नाश्ता कर लीजिये फिर मैं आवर मुस्कान साथ मैं नाश्ता कर लेंगे आप को देरी भी हो रही है जाने मैं

रम्य तुमने मुझे पहले क्यू नहीं बताया इस बारे मैं मेरा नाश्ता करने का दिल hi नहीं कर रहा है मुस्कान जब तक आती है तुम भी तैयार हो जाओ फिर साथ मैं hi हम हॉस्पिटल चलते है आवर कभी भी मुझसे कुछ नहीं छुपाना नहीं तो अच्छा नहीं होगा परेम सिंह ने रम्य जी से थोड़ी गुस्से मैं कहा

रम्य : मुझे मांफ कर दीजिये मैंने सोची थी बस मुस्कान कोई बुरा सपना देख रही है इस लिए आप को नहीं बताया मगर मुझे अब साख हो रहा है मुस्कान बेटी हम दोनों से कुछ छिपा रही है आप नाश्ता करिये फिर चलते है

अभी दोनों hi परेशां आवर दुखी थे मुस्कान को लेकर आखिर एकलौती बेटी थी इन दोनों का जो दोनों की जान बस्ती थी मुस्कान मैं आवर सायद इस वजह से आज पहली बार परेम सिंह ने रम्य को गुस्से मैं बोल दिया था

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दीदी कारन को किसी तरह मन कर उसे ले जाना hi होगा नहीं तो कारन के साथ मैं आवर भी बुरा होता hi रहेगा रागनी परेशां होते हुवे माया आवर शांति से बोली जो अभी तीनो किचेन मैं खाना बना रही थी


माया : रागनी तू परेशां मत हो कारन को मैं मन लुंगी लेकिन ये बात काजल कोमल आवर गुड़िया को पता न चले नहीं तो उन सब को मन्ना मेरे बस मैं नहीं है

शांति : है छोटी दीदी सही कह रही है कारन को तो हम मन सकते है मगर उसकी बहनों को तो हम नहीं मन सकते इस लिए ये बात को उनको पता भी नहीं चलना धयान रखना

माँ बड़ी माँ मैं लेकर जा सकती हुईं कारन को मगर मैं भी रागनी माँ आवर भाई के साथ मैं जाउंगी पायल किचेन मैं अंदर आते हुवे बोली

ये तीनो माँ बाते कर रही थी के कारन को कैसे भेजना है घर से बिना कारन के बहन को पता चले तभी पायल आकर बोल पड़ी जो तीनो पायल को हैरानी से देख कर चुप होकर बैठ गयी


पायल : आप लोग जल्दी से बोलिये नहीं तो मैं अभी गुड़िया को बताने जा रही हुईं फिर मेरे साथ hi गुड़िया आवर कोमल काजल भी जाने को कहने लगेंगी नहीं तो जाने भी नहीं देंगी जल्दी से बोलिये

माया : तुझे जाने की क्या ज़रूरत है कारन के साथ मैं आवर रागनी तो जा hi रही है नहीं मैं तुझे नहीं जाने दूंगी तू अब बड़ी हो गयी है तुझे मैं इतने दूर जाने नहीं दूंगी पता नहीं कैसी जगह है आवर कितने दिन वह पर रहना है

माया जी ने साफ साफ मन कर दिया पायल को नहीं लेकर जाने का आवर माया के है मैं है शांति आवर रागनी भी हामी भरने लगी

फिर ठीक है आप लोग मुझे नहीं जाने देंगी तो मैं अभी hi सबसे पहले गुड़िया को बताती हुईं फिर देखती हुईं आप मुझे कैसे नहीं जाने देंगी

पायल ने सोच लिया था के कारन के साथ जाना hi है इस लिए पायल ने गुड़िया का सहारा लिए क्यू के पायल को पता था अगर गुड़िया का नाम लिया तो ज़रूर उसे साथ मैं लेकर जाना hi पड़ेगा माया आवर रागनी को

रुक जा पायल बेटी पहले मेरी बात सुन अभी पायल किचेन से निकलती के रागनी बोल पड़ी

पायल मुस्कुराते हुवे पलटी आवर जाकर माया के पास बैठ गयी तो माया ने पायल कर सर पर मस्त दिया जो पायल आवर भी हसने लगी


रागनी : पायल बेटी तू समझे नहीं रही है हमेह नहीं पता के वह कैसी जगह है आवर वह पर हमेह कितने दिन रुकना है उस अनजान जगह पर तुझे कुछ हो गया तो आवर ऊपर वह लोग भी मेरे

रागनी बोलते हुवे रुक गयी


पायल : माँ आवर कौन लोग साथ जा रहे है आवर भी कोई जा रहा है क्या आप उन सब को मन कर दीजिये मैं आवर आप बड़ी माँ भाई के साथ मैं चलेंगे आवर आप सब परेशां मत होइए मुझे कुछ नहीं होगा मेरा भाई है न साथ मैं

लास्ट मैं रागनी शांति आवर माया को मन्ना hi पड़ा पायल की बात को

वही कारन अभी सो रहा था आवर नैना बिलकुल कारन के ऊपर थी आवर नैना के होंठ कारन के ऊपर था मगर नैना का पूरा जिसम कारन के ऊपर था क्यू की नैना अपनी दोनों हाँथ कारन के दोनों तरफ बीएड पर रख कर झुकी हुई थी

कितना प्यारा लग रहा है मेरा भैया आवर भैया के होंठ भी बिलकुल सुख गया है क्या मैं अभी अपना होंठ रख कर भैया के होंठ भिनगा दू मैं किस भी कर लुंगी भैया तो अभी सो रहा है उसे पता भी नहीं चलेगा नहीं मज़ा नहीं आएगा जब भैया भी गीता दीदी की तरह करेंगे तब आवर भी मज़ा आएगा अगर अभी कर दिया तो सायद भैया गुस्सा हो जायेगा फिर कभी किस भी नहीं करेगा मगर अभी मेरा बहुत मन कर रहा है मुझे तो सोच सोच कर hi मेरे मुंह मैं पानी आ रहा है ओह्ह्ह्ह क्या कर दू

नैना कारन के होंठों के ऊपर अपना होंठ ला कर सोच रही थी किस करूँ की नहीं कुछ देर के बाद hi नैना उठ कर बाथरूम मैं चली गयी

कौन हो आप आवर मेरी गीता दीदी की रूम मैं कैसे आई क्या है आप के हाँथ मैं दिखाइए मुझे

नैना जैसे hi गीता के रूम मैं गयी तो देखि गीता के रूम मैं एक लड़की थी आवर वह कुछ कर रही थी लड़की को अपनी दीदी के रूम मैं देख कर नैना बोल पड़ी

नैना की अचानक आवाज़ सुन कर लड़की थोड़ी सी दर गयी मगर जल्द hi लड़की के चेहरों पर एक मुस्कान आ गयी मगर लड़की अभी भी थोड़ी दरी हुई थी आवर दर की वजह थी उसके हाँथ मैं अभी जो था लड़की अब क्या करे उसे कुछ सूझ भी नहीं रहा था

क्या है आप के हाँथ मैं अभी मुझे दिखाइए दीदी क्या आप अभी बाथरूम मैं हो देखिये पता नहीं कौन लड़की है यह नैना ज़ोर से चीख कर बोली

नैना इतनी ज़ोर से चीखी के लड़की आवर भी दर गयी आवर उसके हाँथ मैं जो सामान था गीता के बीएड पर फेख दिया बीएड पर लड़की के फेके हुवे चीज को देख कर नैना अपनी मुंह पर हाँथ रख ली ये तो दीदी का है इतना hi बोली नैना

नैना इतनी ज़ोर से चीखी के घर के सभी hi गीता के रूम मैं आ गयी

प्लीज गुड़िया रानी इस चीज के बारे मैं कुछ नहीं बताना प्लीज
 
उपडेट _ 93

नैना की चीखने की आवाज़ सुन कर रागनी माया शांति पायल आवर काजल के साथ दादी भी आ गयी थी आवर यह लड़की थोड़ी शरमाई हुए नैना को इशारा कर रही थी किसी को कुछ नहीं बताने को

क्या हुआ तुझे तुमने अभी चीखा क्यू सभी नैना के पास आकर नैना से पूछने लगी आवर नैना अजीब से नज़र से सामने कड़ी हुई लड़की को देख रही थी तो कभी बीएड पर पड़ी अपनी गीता दीदी की ब्रा पेंटी को देख रही थी जो लड़की ने अभी दर कर फेक दिया था

जो सामान लड़की के हाँथ मैं था वह कुछ आवर नहीं गीता की ब्रा आवर पेंटी hi था जो लड़की गीता की ब्रा पेंटी के साथ कुछ कर रही थी के नैना रूम मैं आ गयी थी


शांति : क्या हुआ गुड़िया तू चिल्ला क्यू रही है यह कुछ भी तो नहीं है पागल लड़की

मगर नैना कुछ बोल नहीं रही थी बस सामने लड़की को देख रही थी

सपना क्या हुआ तुमने कुछ कहा क्या गुड़िया से पायल सामने दरी हुई कड़ी लड़की से कहा

ये लड़की आवर कोई नहीं गीता की सेक्रेटरी सपना थी जो पायल के साथ सभी अच्छे से जानती थी बस नैना को छोड़े कर

म ममैने कुछ नहीं कहा पायल मैं सच कह रही हुईं सपना ने हकलाते हुआ कही

क्या हुआ सभी मेरे रूम मैं क्या कर रही है आवर मुझे लगा गुड़िया चिल्लाई क्या हो गया था गुड़िया तुझे ! सपना तुम यह क्या कर रही हो गीता बाथरूम से किसी से फ़ोन पर बाटे करते हुए निकली


सपना : गीता मेम वह एक अर्जेन्ट मीटिंग है इस लिए मुझे आना पड़ा क्यू के मैं कल से hi आप को फ़ोन कर रही हुईं मगर आप ने फ़ोन उठाया hi नहीं तब मुझे आप के घर आना पड़ा

सभी ने बहुत बार नैना से क्या हुआ पूछी मगर नैना ने कुछ नहीं बताया तो सभी चली गयी अब रूम मैं सिर्फ नैना सपना आवर गीता hi थी मगर नैना अभी भी सपना को घर रही थी

गुड़िया तू सपना को ऐसे क्यू घर रही है जा कॉफ़ी लेकर आ मेरे आवर सपना के लिए गीता ने कहा

नहीं मेम मैं कॉफ़ी पीकर अभी hi आई हुईं आप जल्दी से तैयार हो जाइये मीटिंग के लिए देरी हो रही है सपना ने नैना को देखते हुआ बोली


गीता : ठीक है सपना तुम चलो मैं कुछ देर मैं ऑफिस मैं आती हुईं

ठीक है मेम ज़रा जल्दी आ जाइएगा बोल कर सपना जल्दी से चली गयी

गीता जल्दी मैं नाश्ता कर रही थी वही नैना अभी भी खोई थी आवर सपना के बारे मैं सोच रही थी आखिर सपना उसकी गीता दीदी के ब्रा पेंटी के साथ क्या कर रही थी

ोये गुड़िया अब क्या सोच रही है चल जल्दी से नाश्ता करो कॉलेज नहीं जाना क्या नैना को खोई हुयी देखि तो काजल ने कहा


नैना : काजल दीदी आज मेरा मन नहीं कर रहा कॉलेज जाने का आप कोमल दीदी को साथ लेकर चली जाइये आवर मेरा सर भी दुःख रहा है लगता है मुझे जोखम भी हो गया है

ये बहाना नहीं चलेगा चल जल्दी तू बहुत शैतान हो गयी है बस तुझे कोई बहाना चाहिए काजल ने नैना के सर पर मरते हुआ कहा

मैं नहीं जाउंगी देखिये गीता दी मैं सच कह रही हुईं की नहीं आवर नैना ने गीता को आँखों से इशारा करते हुआ अपने गले पर गीता का हाँथ रख कर देखने लगी

है काजल सच मैं गुड़िया को तो बहुत तेज़्ज़ जोखम है तू कोमल को साथ लेकर चली जा आवर गीता ने कहा आवर काजल को आँख मार दी जो गीता को आँख मारिये सभी ने देखा आवर सभी गीता की बात सुन कर मुस्कुराने लगी

नैना की चालाकी देख कर गीता की चहरे पर हसी आ गयी ये गुड़िया के दिमाग मैं पता नहीं कहा कहा से बहाना आता है सोच कर गीता मन मैं hi मुस्करा दी

है सपना किस के साथ मीटिंग है जो तुम इतना परेशान हो गीता ने कहा जो सपना बहुत टेंशन मैं लग रही थी मीटिंग को लेकर या कुछ आवर वजह थी मगर गीता के घर से आने के बाद कई बार फ़ोन भी कर चुकी थी


सपना : गीता मेम उसने कोई जक का नाम बताया था आवर बोल रहा था वह उसका पार्टनर है

गीता : है तो क्या हुआ किसी का भी पार्टनर हो एक मिनट अभी तुमने क्या नाम बताया

गीता को जब अचानक नाम पर ध्यान गया तो पूछा


सपना : जगन कुमार उर्फ़ जक मेम ये एक बहुत बड़े आदमी है मेम मगर मेम मुझे नहीं लगता ये अच्छा आदमी है आप सीधे से मन कर दीजियेगा उनके साथ काम करने से

जगन कुमार उर्फ़ जक सुन कर है गीता समझ गयी ये वही जक है गीता कभी जक से मिली तो नहीं थी मगर जो के बारे मैं सब कुछ जानती थी आवर कुछ दिन पहले Hi तो गीता ने जक के भाई को मरी थी मगर अब जक से सामने से मिलने का वक़्त आ गया था जो गीता कभी नहीं जाने दे सकती थी


गीता : सपना तो क्या हुवा वह बड़ा आदमी है तो मैं भी उससे काम थोड़ी हुईं तुम मन करने के लिए क्यू बोल रही हो आवर भी कुछ पता है क्या तुमेह जक के बारे मैं तुम मुझे बता सकती हो

गीता के पूछने पर सपने थोड़ी देर के लिए चुप हो गयी फिर कुछ सोच कर ना बोल दिया मगर अभी भी सपना दर रही थी जो सपने ने गीता से झूट भी बोली थी के सपना को आवर कुछ भी नहीं पता मगर सपना को आवर भी कुछ तो पता तो लगा था जक के बारे मैं आवर कुछ देर पहले भी सपने के साथ हुआ था जिससे सपना आवर भी दर गयी थी

गीता को लगा सपना को आवर भी कुछ पता है इस लिए पूछा क्यू के गीता सपना को इसमें नहीं लाना चाहती थी

तो फिर ठीक है चलो मिलते है जक से क्या कहना चाहता है वह मुझसे

गीता जब अपने ऑफिस मैं गयी तो देखा गीता के कुर्सी पर एक लड़का बैठा है आवर अपना पेअर आगे के टेबल पर रखा है आवर गीता की टेबल पर राखी फोटो को एक हवश भरी नज़र से रहा था

कौन है तू तेरे माँ बाप ने कुछ नहीं सिखाया किस से कैसे मिलना चाहिए गीता को एक वक़्त के लिए गुस्सा आया गया जब उसके हाँथ मैं अपनी फोटो को देखि तो

ओह्ह सॉरी मिस गीता आप को आने मैं लेट हो गया आवर मैं बूर होने लगा तो आप की फोटो को देख रहा था सॉरी सॉरी आप को बुरा लगा तो वैसे आप हकीकत मैं आवर भी बहुत खूबसूरत हो लड़का एक कमीनी मुस्कान के साथ बोलते हुआ गीता के कुर्सी से उठ गया आवर आगे आकर कुर्सी पे बैठ गया मगर

घटिया साला कैसे कुत्ते की तरह गीता का भी जिसम देख रहा है मन तो कर रहा है एहि पर इसका खून कर दो सपना ने मन मैं सोची

अब उस लड़का का नज़र गीता के सामने से दिख रही मदहोश जिसम को देखने लगा जो अभी कुछ देर पहले गीता को फोटो को देख कर उसकी हालत ख़राब हो गयी थी अब वही लड़के के सपने hi लड़की थी


गीता : कोई बात नहीं तुम हो कौन आवर यह आने की वजह क्या है ये बताओ ! सपना अभी तुम जाओ मैं तुमेह काम होने पर बुला लुंगी तब सपना चली गयी

ओह फिर से सॉरी मैं अपना नाम नहीं बताया ही मेरा नाम राज है आवर मैं जगन कुमार का बीटा हुईं

लड़के ने कहा आवर अपना हाँथ आगे कर के गीता से मिलाना चाहा मगर गीता ने हाँथ जोड़े दिया तो लड़के ने अपना हाँथ कुछ सोच कर फिर निचे कर लिया


गीता : मैंने सिर्फ तुम्हारा नाम पूछा था तुम्हारे बाप का नहीं चोलो बता hi दिया तो अच्छा hi हुआ अब ये भी बता दो तुम यह आया क्यू है

गीता लड़के को ज़रा भी िज़ात नहीं दे रही थी क्यू की गीता को अपने फोटो को देखते देख बहुत गुस्सा हो गयी थी गीता का मन तो अभी लड़के को टप्पर मरने का कर रहा था मगर गीता कुछ सोच कर नहीं मगर रही थी ऊपर से लड़का की नज़र गीता अभी भी अपने जिसम को घूरते हुआ देख रही थी


राज : मैं तुमको बस ये बोलने के लिए आया था जो सहर के किनारे जो तुम्हारी जमींदारिन है वह मुझे चाहिए तुमेह जितना भी उस ज़मीन की कीमत चाहिए मैं दे दूंगा बस वह ज़मीन मुझको चाहिए कीमत बोलो

आवर मैं वह ज़मीन तुमेह ना दू तो गीता ने मुस्कुराते हुआ कही

तो मैं वह ज़मीन मैं तुमसे छीन लूंगा फिर तुमेह कुछ भी नहीं मिलेगा नहीं ज़मीन आवर नहीं पैसे आवर तुमने पुलिस कम्प्लेन की तो तुम्हारे साथ तुम्हारे फॅमिली के लिए भी अच्छा नहीं होगा इस लिए मुझे वह ज़माने तुम मुझे प्यार से दे दो लड़का ने गीता को सीधे धमकाते हुवे कहा


गीता : तू क्या तेरा बाप भी वह ज़मीन मुझसे नहीं छीन सकता है अभी निकल जा मेरे ऑफिस से नहीं तो तेरे लिए अच्छा नहीं होगा

राज खस्ने लगा आवर इसका हिसाब भी तुझे चुकाना होगा बोलते हुआ राज गुस्से मैं चला गया आवर जाते हुवे गीता के ऑफिस का गेट पर भी मुक्के से वॉर कर दिया


राज ने गलती कर दिया था गीता की परिवार को बिच मैं लेकर गीता अभी उससे भी जयादा गुस्से मैं थी आवर गुस्से मैं hi राज का गाला भी पकड़ ली थी

बड़ी माँ मैंने कारन के साथ गुड़िया को भी मन लिया है पायल खुश होते हुवे माया से बोली


माया : ये तो बहुत अच्छा किया पायल बेटी तुमने मैं तुझे भेजना तो नहीं चाहती लेकिन तू मानेगी hi नहीं ठीक है कल तुम कारन आवर रागनी चली जाना मेरी तबियत सही नहीं लग रही है इस लिए अब मैं नहीं जाउंगी आवर पायल बेटी अपना आवर अपनी माँ भाई का ध्यान रखना आवर हर वक़्त अपनी माँ के साथ hi रहना कही भी अकेले मैं जाना ठीक है

ठीक है बड़ी माँ आप मेरी फिकर मत कीजिये भाई मेरे साथ है वह मुझे आवर माँ को कुछ नहीं होने देगा पायल बोली आवर माया के गलों पर किश कर दिया
 
अपडेट _ 94

मेरा दिमाग ख़राब हो गया था इस वक़्त आवर अभी ऑफिस मैं भी मेरा मन नहीं लग रहा था तो मैंने शीतल को फ़ोन कर दिया हां शीतल मैं अभी वह आ रही हुईं शीतल के फ़ोन उठाने पर मैं बोली

आवर मैं तुरंत hi ऑफिस से निकल कर शीतल के अड्डे की तरफ चल पड़ती है

कहा है वह मैं गाड़ी से उतर कर शीतल से बोली जो अभी hi शीतल के आड़े पर आई थी


शीतल : गीता सेल को बहुत मारा मैंने आवर टॉचर भी किया मगर कुछ भी बोल hi नहीं रहा है लगता है बहुत वफादार है अपने बॉस के लिए ये तो हम दोनों को पता hi है ये किस गैंग का आदमी है इस लिए हमेह संभल कर कोई भी कदम उठाना होगा बस किसी तरह हमेह इनका अड्डे का पता चल जाये फिर एक एक को चुन चुन कर मरेंगे

शीतल तू फिकर मत कर वह क्या उसका बाप भी सब कुछ बोलेगा मैं तो इस गैंग को कब से ख़तम करना चाहती थी मगर अब मैं सच मैं ख़तम कर दूंगी क्यू की अब ये मेरी माँ से जुड़े चुकी है जो मैं कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती हुईं मैं उन हर एक को अब मस्त दूंगी जो मेरे आवर मेरे परिवार के बिच मैं आएगा चाहे इसमें मेरी जान hi क्यू न चली जाये मैं शीतल से बोली

शीतल मेम शीतल मेम अभी शीतल आवर गीता बात hi कर रही थी के एक बाँदा शीतल को पुकारता हुआ आया जो थोड़ा घबराया हुआ भी था

क्या हुआ राजा तुम चिल्ला क्यू रहा है पहले शांत होजा फिर बोल क्या हुआ है शीतल ने अपने बन्दे से बोली


राजा : शीतल मेम वह हह आदमी सायद बेहोश हो गया है मगर पानी मरने पर भी उठ नहीं रहा है हमेह उसे जल्दी से हॉस्पिटल ले जाना होगा नहीं तो वह मर भी सकता है

क्या बोल रहे है बे तू क्या किया है तुम लोगो ने उसके साथ मैंने सिर्फ उसे मरने के लिए बोली थी जान से मरने के लिए नहीं तू क्या कर रही थी शीतल तुझे ज़रा भी अकाल नहीं तुझे पता है न वह कितना ज़रूरी है मेरे लिए तू कैसे भूल सकती है मुझको राजा की बात सुन कर आवर भी कई गुना गुस्सा आ गया जो राजा के साथ शीतल को भी बोलने लगी

राजा ने अपना सर निचे कर लिया वही हॉल शीतल का भी था शीतल भी अपनी सर निचे कर लिया अब क्या उसके मरने का वेट कर रहा है जल्दी से हॉस्पिटल लेकर चल वह मरना नहीं चाहिए किसी भी हालत मैं मैं फिर से बोली दोनों को अपना सर निचे होकर देखती पायी तो

जी मेम बोल कर राजा जल्दी से गाड़ी निकल कर उस बंदी को हॉस्पिटल ले कर भगा उसके पीछे hi गीता आवर शीतल भी चली गयी मगर अभी शीतल थोड़ी शर्मिंदा हो गयी थी मेरी बात को सुन कर

थोड़ी hi देर मैं सभी हॉस्पिटल मैं पहुँच गयी आवर बंदी को एडमिट कर दिया मैं अपनी मुठी को एक दूसरे पर मरते हुआ हॉस्पिटल मैं घूम रही थी आवर कभी कभी शीतल आवर उसके आदमियों को देख रही थी जो सर निचे किये हुआ खड़े थे

अब तुम लोग यह क्या कर रहे हो जाओ यह से मैं फिर से बोली जो सभी शीतल की तरफ देखे तो शीतल ने भी इशारा किया जाने को तब चले गए

गीता सॉरी मुझे मांफ करदे ये पता नहीं कैसे हो गया मुझे नहीं लगता है हम्हारी मरने से उसे कुछ हुआ है मैं सच कहती हुईं मैंने या मेरे किसी साथी ने उसे इतना नहीं मारा के वह मर जाये मेरे यकीन कर ये मैं भी जानती हुईं कितना ज़रूरी था ये आदमी फिर भला मैं ये कैसे कर सकती हुईं प्लीज मेरा यकीन शीतल के आँखों मैं अब आंसू आ गए थे आवर वह मुझसे बोल रही थी रट हुए

जब शीतल को रट हुआ देखि तब मुझको अहशास हुआ के मैंने गुस्से मैं कुछ जयादा hi बोल दिया शीतल आवर उसके साथियों को

नहीं शीतल तू मुझे मनाफ़ कर दे मैं गुस्से मैं कुछ जयादा hi बोल दिया तुम लोगो को प्लीज तू मुझे मनाफ़ करदे तू जानती है मैं अपनी परिवार के लिए कुछ भी कर सकती हुईं मैं बस उनको सोच कर थोड़ी परेशां हो गयी थी मैं ये भी भूल गयी थी के तू मुझे कभी निराश नहीं करेगी प्लीज प्लीज मुझे मनाफ़ करदे मैं भी शीतल से सॉरी बोलने लगी जो शीतल झट से मेरे गले लग गयी

कोई 30 मिनट के बाद डॉ रूम से बहार आये तो मैं डॉ के पास गयी फिर डॉ को देख कर मैंने उनके पेअर छू लिया


डॉ : गीता बेटी तुम यह कैसे क्या तुम को मुस्कान ने बोले है आवर कोई भी आया है क्या घर से

मुझे ौंकल की बात सुन थोड़ी हैरानी हुयी के मुस्कान मुझे हॉस्पिटल मैं क्यू बोलाएगी कुछ हुआ तो नहीं है न उसे मगर मैंने अभी कुछ नहीं पूछी ौंकल से अभी मुझे गुंडे के बारे मैं जन्नत था

ये डॉ कोई आवर नहीं मुस्कान के पापा परेम ौंकल hi थे आवर मैंने जान कर hi परेम ौंकल के hi हॉस्पिटल मैं लायी थी गुंडे को


मैं नहीं ौंकल मैं इस लिए आई हुईं जो अभी आप इलाज कर रहे थे मैं उसके लिए आई थी वह लड़का मेरे इस फ्रेंड का भाई है वैसे ौंकल क्या मुस्कान भी एहि है क्या हुआ है उसे आखिर मैंने पूछ hi लिया मुझसे रहा hi नहीं गया मुस्कान को हॉस्पिटल मैं आने की खबर सुन कर

परेम : अच्छा तुम अभी मैंने जिसका इलाज किया उसके लिए आई हो

डॉ क्या हुआ है मेरे भाई को बिच मैं शीतल बोल पड़ी


परेम : मुझे लगता है आप के भाई ने कोई दवा खाया है जो बहुत hi खतरनाक है मगर मुझे समझ मैं नहीं आ रहा ये दवा यह कैसे आई ये तो अच्छा हुवा तुम टाइम पर उसे मेरे पास लेकर आ गयी मैंने उसका इलाज कर दिया है मगर मैं अभी कुछ कह नहीं सकता उसे कब तक होश आएगा ये दवा खाने के बाद बछङे का बहुत काम उम्मीद है

डॉ प्रेम की बात सुन कर थोड़ी देर के लिए शीतल रोने लगी ताकि डॉ परेम को कोई साख न हो की वह शीतल का भाई नहीं है वही मैंने भी शीतल को सँभालने लगी ौंकल भी शीतल को समझया फिर अपने ऑफिस की तरफ जाने लगे

ौंकल मुस्कान यह किस लिए आई है आवर अभी है कहा वह मैंने फिर से ौंकल से पूछा क्यू की मुझे थोड़ी परेशानी होने लगी मुस्कान के लिए तो एक रूम की तरफ ौंकल ने इशारा किया

शीतल तुम अभी एहि रहो मैं मुस्कान से मिल कर आती हुईं बोल कर मैं मुस्कान के रूम की तरफ चली गयी

मैं रूम मैं जैसे hi गयी के मुस्कान को बीएड पर लेती पायी तो मेरा दिल धड़क गया मैं जल्दी से मुस्कान के पास गयी मुस्कान गुड़िया क्या हुआ तुझे आंटी क्या हुआ है इसे यह यह काट कर रही है आंटी प्लीज बताये न मुस्कान मुस्कान मेरा दिल तड़प गया क्यू के मुस्कान अभी बीएड पर लेती थी आवर सायद अभी होश मैं नहीं थी जो मुझे आवर भी दुःख होने लगा क्यू की मुस्कान मेरे भाई की जान थी जिसके लिए मैं माँ आवर भाई की जान चली गयी थी मुझे तो सब कुछ याद आ गया था मुस्कान hi मेरे भाई की मीरा है मैं मुस्कान को आयी देख कर hi दर गयी गयी कही फिर मुस्कान कारन से बहुत दूर न चली जाए तो मैं आंटी से पूछने लगी मेरी आवाज़ सुन कर मुस्कान ने अपनी आँखें भी खोल दिया तब मैं संत हुयी


रम्य : गीता बेटी कुछ नहीं हुआ है बस तेरे ौंकल ने इसके जिसम के कुछ टेस्ट लिया है बाकि सब ठीक है तुझे घभराने की कोई जरुरत नहीं है

आंटी ने कहा की कुछ नहीं हुआ तो मैंने थोड़ी रहत की शंश ली मगर किस चीज का टेस्ट लिया ौंकल ने मुस्कान का क्या हुआ था आंटी मुस्कान को आवर आप ने हम लोगों को क्यू नहीं बताया आप जानती है न हम सब मुस्कान को कितना प्यार करते है मैंने थोड़ी नाराजगी से बोली आंटी से


रम्य : बेटी मुझे आवर तेरे ौंकल को खुद नहीं पता चल रहा इसके साथ क्या हो रहा है आवर पूछने पर भी ये कुछ नहीं बत्ती है तो तेरे ौंकल ने इसका कुछ टेस्ट लिया जो सब कुछ ठीक है फिर पता नहीं क्यू ये कुछ दिन से रात मैं अचानक hi चिल्ला कर उठ जा रही है मैंने कई बार देखि ये सोते हुवे न जाने कौन सही सपना देखती है जो इसके माथे पर बहुत पसीने आते है अब तुम hi पूछ लो सायद तुमेह कुछ बता दे

आंटी ने कहा मुस्कान सपना देखते हुआ चिल्लाती है तो मुझे कुछ साख होने लगा सायद मुस्कान को भी कुछ याद तो नहीं आने लगा मैं पूछना तो छह रही थी मगर आंटी की वजह से पूछ नहीं प् रही थी

आंटी सायद मुस्कान कोई बुरा सपना देखती होगी मैंने कहा आवर मुस्कान के पास hi बैठ गयी

कुछ देर के बाद आंटी बाथरूम मैं जा रही हुईं बोल कर चली गयी

तब तक मुस्कान बिलकुल होश मैं आ गयी थी आवर मुझे अपने पास देख कर खुश भी लग रही थी मुझे लग रहा था की मुस्कान मुझे देख कर कुछ जयादा hi खुश लग रही थी आवर बार बार वह मेरा हाँथ पकड़ रही थी जैसे वह मुझे कही जाने नहीं देगी

तब मैंने मुस्कान से पूछना सही समझी मुस्कान तुझे मेरी कसम प्लीज बता मुझे तू सपने मैं क्या देखती है

मुस्कान कुछ देर चुप रही कुछ बोल नहीं रही थी बस मुझे hi देख रही थी

मुस्कान तू बिलकुल मेरी नैना गुड़िया की तरह है आवर मैं तुझे भी उसकी तरह hi प्यार करती हुईं आंटी की बात सुन कर मुझे बहुत दुःख हो रहा है प्लीज बता न मुझे तू सपने मैं क्या देखती है जो तू दर जाती है प्लीज बता दे तुझे कारन की कसम मैं जानती हुईं तू कारन से प्यार करती है मैं बिल पड़ी


मुस्कान : गीता मुझे नहीं पता ये सपना सच है या झूठ मगर मैं ये सपना दुबारा कभी नहीं देखना चाहती हुईं मुझे इस सपने से बहुत दर लगने लगा है मेरे सपने मैं आप नैना आवर कारन के साथ रागनी आंटी भी दिखती है जो एक आदमी हम सब को बहुत बेरहमी से मार रहा है गीता दीदी मुझे बहुत दर लगता है मैं कारन को कभी नहीं खोना चाहती मैं कारन को बहुत प्यार करती हुईं दीदी मुझे सोने से भी दर लगने लगा है

मुस्कान रो रो कर बोल रही थी आवर मेरे चहरे पर एक मुस्कान के साथ दुःख भी था मैं जान गयी थी के मुस्कान वही मनहूष सपना देख रही जो हम्हारी जिंदगी का आखिरी दिन था मेरे आँखों मैं आंसू आ गए

कुछ नहीं होगा तुम सब को वह सब एक सपना है तुम उसका सामना करो देखो फिर कभी नहीं आएगा मैंने मुस्कान को गले लगा कर बोली

मैं सब कुछ भूल कर खुश थी जिस वजह से हम्हारी दुनिया ख़तम हो गयी थी वह फिर से सुरु होने जा रही है मैं दिन भर मुस्कान के साथ रही आवर मुस्कान के बारे मैं घर पर भी बता दिया जो सभी हॉस्पिटल आ गयी साम मैं हम सब घर आ गयी मैंने जबरदस्ती परेम ौंकल आवर आंटी को घर ले आई

मगर परेम ौंकल जिससे hi दादी को देखे भाग कर दादी के पैरों मैं गिर गए जो मेरे साथ सभी को हैरानी हुयी

क्या हुआ क्या वह ज़मीन तुमने खरीद लिया है जगन कुमार बोलता है राज से

वही राज गुस्से मैं घर जाता है तो अपने बाप को सामने पता है तो राज अपने बाप से बिना कुछ बोले जाता है की जगन कुमार खुद hi बोल पड़ता है तो राज अपना सर निचे कर लेता है राज को अभी भी गीता का चेहरा सामने दिख रहा था जिस वक़्त गीता ने राज के गाला पकड़ी थी


जक : क्या हुआ इस तरह क्यू खड़ा है क्या तूने ज़माने नहीं लिया उससे क्या तुमने नहीं बताया तू किसका बीटा है उसकी इतनी हिम्मत कैसे हुई मुझे मन करने की तू बता मुझे क्या कहा उसने

जक अपने बेटे के चेहरा देख कर hi समझ गया था के ज़मीन नहीं मिला है इस लिए कुछ जयादा hi जोश आवर गुस्से मैं अपने बेटे से बोल रहा था

राज : पापा साली बहुत हिम्मत वाली है उसने ज़मीन देने से साफ मन कर दिया मैंने आप के बारे मैं भी बताया फिर भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ा फिर मैंने उसको धमकी भी दी साली ने मुझे अपने ऑफिस से निकल दी वह आयी नहीं मानेगी मैं उसके परिवार के हर एक को मर दूंगा फिर उसे अपनी एक सस्ती रैंड बनाऊंगा बहुत गर्मी है उसके अंदर मैं निकल दूंगा राज बोल कर गुस्से मैं घर से निकल गया वही हॉल जक का भी था

अरे राज भाई आप आज यह कैसे आये ! ोये कालिया भाई के लिए एक काम बना कर ला

राज घर से निकल कर अपने क्लब पहुँच गया था जहा पहले से hi उसके आदमी आज पार्टी कर रहे थे राज वही बैठ कर अपना फ़ोन को निकल कर गीता की फोटो देख रहा था राज गीता की फोटो देख देख कर आवर भी पिटे जा रहा था

कालिया लगता है भाई आज बहुत hi गुस्से मैं है ज़रूर कोई लड़की का मैटर है उस लड़की के लिए अच्छा नहीं होगा अब चल तू सैलाब मैं hi रहना मैं भाई को घर छोड़े कर आता हुईं एक बन्दे ने कहा जो सैलाब वही चलता था ! आवर राज को पकड़ कर लेकर जाने लगा जो राज नशे मैं गीता को बहुत गली दे रहा था अभी राज को गाड़ी मैं बैठा कर चालू कर hi रहा था के उसे पीछे से आवाज़ आई तो रुक कर देखा तो उसका आदमी hi था कालिया

क्या हुआ बे मैंने बोलै न तुझको की अभी मैं भाई को घर छोड़े के आता हुईं समझ मैं नहीं आता भोसड़ी के बन्दे ने गली देते हुआ कहा

ओरे मैं तो बस ये राज भाई का फ़ोन देने आया था आप जाइये मैं सब संभल लूंगा

हां चल ठीक है कालिया से फ़ोन लेते हुआ कहा आवर फ़ोन अपने गाड़ी मैं रख कर चालू कर के जाने लगा के राज का फ़ोन बजाने लगा तो उसने फ़ोन देखा तो जक का था तो जल्दी से उठाया आवर बोल दिया मैं भाई को घर लेकर आता हुईं फिर जैसे hi फ़ोन रखने को हुआ की तभी उसने राज के फ़ोन पर लगी फोटो को देख कर उसके हांथों से फ़ोन निचे गिर गया आवर उसके माथे पर पसीने भी होने लगा जो वह बहुत दर गया उसके पेअर भी कपङे लगे उसे विश्वास नहीं हो रहा था के वही लड़की है वह तो उसने फिर से फ़ोन उठाकर देखा आवर उसके मुंह से बस इतना निकला ये ज़िंदा कैसे है


भाई लोग 2 से 3 उपडेट मैं मैं इस स्टोरी की पहला part ख़तम कर रहा हुईं फिर इसका दुबारा part भी जल्द hi लिखना चालू करूँगा
 
उपडेट _ 95

वह गीता की फोटो राज के फ़ोन मैं को देख कर अभी बहुत दर गया था आवर उसे कुछ याद भी आ गया था क्यू के अभी उसे फिर से अपने आँखों के सामने अपनी मौत नज़र आने लगी थी वह जल्दी से राज को लेकर घर की तरफ चल दिया वह सोच भी रहा था गाड़ी चलते हुआ की गीता की फोटो राज के पास कैसे है वह बाहय डरा हुआ जक के घर पहुंचा जो उसे जक बहार hi मिल गया जो राज के आने का वेट कर रहा था

क्या हुआ है इसे तुम इसके साथ क्या कर रहा है बाँदा जैसे hi राज को उस बंदी के सहारे आते हुआ देखा तो बोलै जक

सर राज भाई ठीक है इन्होने ने आज कुछ जयादा hi पि लिए है तो मैं िनेह लेकर आ गया घर बंदे ने कहा

मगर बंदी के चहरे पर अभी भी दर साफ पता चल रहा था जो जक ने देख लिया था मगर अपने बेटे को अपने नौकरों के सहारे कर्मरे मैं लेकर जाने को कहा

तुम मेरे पास आओ बाँदा जाने लगा तो जक ने कहा जो बाँदा धीरे धीरे जक के पास आया मगर अपना सर निचे hi किये खड़ा रहा

तू इतना दर क्यू रहा है क्या किया है तूने मेरे बेटे के साथ सच बता नहीं तो मैं तेरी जान ले लूंगा अगर बाद मुझे कुछ पता चला तो जक ने गुस्से मैं बंदी के गाला पकड़ कर बोलै

जक को गुस्से मैं देख कर बाँदा आवर भी दर गया

नहीं सर मैं राज भाई को आखिर कैसे भला कुछ कर सकता हुईं सर मैं सच कह रहा हुईं राज भाई आज कुछ जयादा hi पिने लगे थे आवर बहुत hi गुस्से मैं भी लग रहे थे मैंने कुछ नहीं किया बंदी ने फिर से सर निचे किये hi जवाब दिया जक को

फिर तू इतना दर क्यू रहा है कुछ नहीं किया है तो क्या बात है सच सच बता जक ने इस बार सही से बोलै

सर मेरे डरने की वजह ये लड़की है इसके वजह से hi मैंने ज़िंदगी मैं पहली बार मौत का दर महसूस किया था ये तो उस दिन मर गयी थी फिर ज़िंदा कैसे है आवर इसकी फोटो भाई के फ़ोन मैं कैसे आई भाई तो कभी अमेरिका गए hi नहीं बन्दे ने गीता की फोटो को देखते हुआ कहा

क्या मतलब है तेरा कौन है ये लड़की क्या तू इसे जनता है जक ने कहा आवर गीता की फोटो को देखने लगा

सर आप को याद होगा आज से 7 से 8 सल्ल पहले हमने अमेरिका मैं कुछ लड़कियों को उठाया था आवर उनपर डर्क्स टेस्ट कर रहे थे उनमे से एक ये भी लड़की थी हम्हरा टेस्ट तो अब फ़ाइनल आवर ख़तम होने वाला था के तभी ये लड़की एकदम पागल की तरह हो गयी आवर हम्हरा सभी आदमियों को मरने लगी जैसे इसमें एक नहीं कई गुना ताकत आ गया हो इसने लग भाग हम्हरा सभी आदमियों को मार hi दिया था आवर अब मुझे मरने वाली थी उस दिन इस लड़की का पूरा जिसम खून से भिनगा हुआ था मैं तो बस इसके कपके पर लगी हम्हरा सभी आदमियों की खून देख कर hi पेंट गीली हो गयी थी आवर मैं अपना मौत आँखों के सामने देख रहा था तभी आप के भाई विजय जी आ गए आवर उन्होंने ने इस लड़की के सर पर पीछे से वॉर कर दिया जो इसके सर से बहुत hi खून गिर रहा था विजय भाई इसपर गन चलने hi वाले थे की वह पर पुलिस की गाड़ी का हॉर्न सुन कर हम लोग भाग गए मुझे पूरा यकीन है भाई ये लड़की बचने की हालत मैं तो बिलकुल भी नहीं थी फिर ये बच कैसे गयी उन लम्हों को याद करते हुआ आवर अपने माथे पर पसीने को पूछते हुआ बोलै

तो फिर ये लड़की अमेरिका से यह पे कब आवर ये अमेरिका मैं क्या कर रही थी आवर ज़िंदा कैसे बच गयी ये पता लगाना hi होगा अब मुझे कुछ साख हो रहा है कही एहि लड़की तो नहीं है मेरे भाई को मरने वाली इसके बारे मैं मुझे पूरी जानकारी चाहिए ये कौन है मैंने यह पर इसके बारे मैं तो पता लगाया था के ये सहर के जानेमाने बिसेनेमन मर पंकज सिंह की बेटी है मगर ये अमेरिका मैं क्या कर रही थी जल्दी से पता लगाओ मुझे शाम तक पूरी जानकारी चाहिए इसके बारे मैं अगर इसका हाँथ हुआ मेरे भाई को मरने मैं तो मैं इसकी पुरे परिवार को जान से मार दूंगा जक ने कहा

जी सर मैं अपने आदमियों को अभी पता लगाने को बोलता हुईं शाम तक पता लग जायेगा बंदी ने कहा आवर चला गया

वही अब जक भी गुस्से मैं घूमने लगा

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बीटा खुश रोहो तुमेह इस तरह मेरे पैरों मैं गिरने की ज़रूरत नहीं है तुम्हारा वजह से तो मेरे घर का एक चिराग अभी भी जल रहा है पेअर तो मुझे छूना चाहिए तुम्हारा तुम्हारे वजह से मेरी ये बहुओं आवर मेरी सभी पोतियां के चहरे पर आज इतनी ख़ुशी है ये अहसान मैं कभी नहीं भूलूंगी दादी ने परेम ौंकल को उठाते हुआ आवर अपना हाँथ जुड़ते हुआ बोली

मगर जब परम ौंकल को हम सब ने देखा तो आवर भी हैरानी होने लगी सभी को आखिर ये परेम ौंकल अब रोने क्यू लगे क्या परम ौंकल दादी को जानते है अगर जानते भी है तो कैसे आवर ौंकल के रोने की वजह क्या है

ममता बुवा आप क्या बोल रही है आवर आप हाँथ जुड़ कर मुझे आवर भी शर्मिंदा मत करिये भला कोई अपनी बुवा पर भी अहसान कर सकता है बुवा कारन भी मेरा बीटा है सायद आप मुझे पहचान नहीं पा रही मगर मैं बचपन से आप की आवर दादा दादी की फोटो देखते हुआ बड़ा हुआ हुईं मैं आप लोगो से हर वक़्त मिलना चाहता था मगर आप लोग hi नहीं मिल रही थी हम लोगो से आप लोगो से दूर रह कर भी पिता जी आवर मेरी माँ बस हर वक़्त मुझे बस आप के बारे मैं hi बताते रहते थे मेरी बहन ाएसि वैसी है हर रात बस आप के hi बाटे करते थे माँ भी मरने से पहले बोली थी के एक दिन मेरा राजा बीटा ज़रूर अपने दादा दादी आवर ममता बुआ के साथ सभी परिवार से मिलेगा दादा दादी न सही मगर आज किस्मत ने मुझे अपनी बुवा सी मिला hi दिया जिसके बारे मैं बचपन से hi सुनता आ रहा हुईं अब आप सोच रही होंगी की मैं क्या बोल रहा हुईं बुवा मैं आवर कोई नहीं आप के राजेंद्र भाई का बीटा हुईं परम सिंह

परेम ौंकल की बात सुन कर सभी ने अपने मुंह पर हाँथ रख लिया आवर सभी के आँखों मैं आंसू आ गए थे मगर सभी के आँखों मैं आंसू रहते हुआ भी चेहरों पर मुस्कान थी वही दादी तो ख़ुशी के मारे कुछ कदम पीछे hi हैट गयी आवर वही ज़मीन पे बैठ गयी दादी के आँखों से आंसू नहीं रुक रही थी उनके आँखों सामने उनका भाई की यादें चलने लगा था आवर सोचने लगी वह इतना प्यार करने वाला भाई को वह कैसे भूल सकती है जो भाई उनका हर वक़्त साथ खड़ा रहता था हर ज़िद करने पर कर दिया करता था उस भाई को कैसे भूल गयी

मैं जल्दी से दादी के पास भागी जो बैठ कर रोटी जा रही थी फिर माँ छोटी माँ दादी को पकड़ लिया वही रम्य आंटी आवर मुस्कान प्रेम ौंकल के साथ कड़ी होकर देख रही थी

दादी आप को तो कुश होना चाहिए आवर आप रोने बैठ गयी लगता है जितना राजेंद्र दादा जी आप से प्यार करते है उतना प्यार आप नहीं करती इस लिए सिर्फ रोने बैठ गयी इस तरह

मेरी बात से माँ छोटी माँ मुझे घूरने लगी के मैं क्या बोल रही हुईं आवर माँ ने तो मुझे टप्पर hi मार दिया

देख नहीं रही तेरी दादी कितनी रो रही है आवर तू ऐसी बाते कर रही है पागल लड़की माँ ने कहा

नहीं गीता बेटी मैं भी अपने भैया से बहुत प्यार करती हुईं मगर मैं अपने बड़े पापा के गुस्से आवर दुःख के आगे कभी भैया से मिलने की कोशिश नहीं की मगर मैं भी भैया को हर वक़्त याद करती थी मुझे अपने भैया से अभी मिलना है गीता बेटी मुझे अपने भैया से मिलना है दादी ने कहा

जो मेरी बातों के वजह से दादी को थोड़ी दुःख तो हुवा था मगर दादी के आँखों मैं अब आंसू नहीं अपने भैया से मिलने की ख़ुशी आ गयी थी जो मुझे भी अच्छा लगा

दादी फिर उठ कर परेम ौंकल के पास गयी तो रम्य आंटी ने दादी की पेअर छूने के लिए झूखी तो दादी ने रम्य आंटी को गले लगा लिया दादी फिर रम्य आंटी आवर परेम ौंकल से अच्छे से मिली वही पर मुस्कान मुस्कुराते हुवे दादी के पीछे कड़ी थी फिर दादी ने मुस्कान को भी अपने सीने से लगा ली आज मेरे घर मैं सभी खुश थे सभी के चेहरों पर मुस्कान थी जिसे देख मुझे आज अपने पापा आवर चाचा की याद आ गयी आवर मेरी आँखें फिर से भर आई

काश पापा आवर चाचा भी आज हम लोगो के साथ होते मैं मन मैं सोची आवर अपने आँखों मैं आई आंसू पोछ लिया

बुवा मैं पापा को फ़ोन कर देता हुईं पापा कल सुबह hi यह पर आ जायेंगे रात मैं नाश्ता करते हुआ परेम ौंकल बोले

नहीं बीटा मैं खुद जाउंगी अपने भैया से मिलने तुम उनेह फ़ोन मत करो मैं भैया से अचानक मिल कर उनेह आवर भी खुश करना चाहती हुईं जब वह मुझे अपने सामने अचानक देखेंगे तो सायद मुझे मांफ करदे मैंने उनके साथ अच्छा नहीं किया है मुझे भैया से मिलना चाहिए था मेरी वजह से भैया को आवर भी दुःख हुवा होगा जो मैंने भी उनका साथ नहीं दिया दादी बोली ौंकल को मन करते हुवे

दादी फिर से रोने लगी आप कल सुबह हम सब चलेंगे दादा जी से मिलने के लिए क्यू गीता दीदी चलेंगे न हम सभी दादा जी से मिलने के लिए नैना बोली तो मैंने हां मैं सर हिला दिया

देखिये गीता दीदी भी जाने के लिए बोल रही है फिर क्यू रो रही है आप मेरे हां मैं सर हिलने के बाद नैना फिर से दादी से बोली आवर दादी की आँखों से आंसू पोछ दिया

जो दादी ने नैना को मुस्करा कर चुम लिया फिर हम सब अपने अपने रूम मैं सोने चले गए

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Hello सर वही लड़की है जिसने आप के भाई को मारा है वह कोई आवर नहीं उसने एक नहीं हम्हारे बहुत सारे आदमियों को मारा है जितने भी हम्हरा नुकशान हुवा है उन सब मैं उसी का हाँथ है आवर वह एक अंदर कवर एजेंट है उसे बस टारगेट मिलता है जिसे मरना होता है वह मार देती है उसे हम्हरा दुनिया मैं सभी 1 no के नाम से जानते है आवर no 1 उसे एक बहुत hi काबिल एजेंट ने बनाया है हमने जितने भी लड़कियों को पकड़ा था उनमे से एक एजेंट की लड़की भी थी आवर उसने उस दिन no 1 को लगते हुवे देखि थी आवर उसी ने अपने बाद को बताया जो आज उसी लड़की को no1 का नाम मिला है सर जिसने भी no1 को देखा है वह सारे मरे गए है मगर सर एक बार मुझे अभी भी समझ मैं नहीं आ रहा है ये कैसे हो सकता है थोड़े परेशां हो ते हुआ बोलै जक से आदमी फ़ोन पर जो सब कुछ पता लगा लिया था गीता के बारे मैं

कौन सी बात तुझे परेशां कर रही है साफ साफ बोल जक ने कहा जो गुस्से मैं अब पागल हो रहा था जानने के बाद के गीता hi है जिसने उसके कई सारे आदमी को मरने के बाद उसके भाई को भी मारा आवर कितने सारे पैसे का नुकशान भी करवा चुकी है मेरे डर्क्स गन लड़कियों को पुलिस से पकड़वा कर

सर मैंने आप से सुबह बोलै था के उस दिन ये no1 बचने की हालत मैं नहीं थी मगर मुझे पता चलने पर मेरे आदमी उस हॉस्पिटल मैं गए मगर वह उनेह पता चला की उस लड़की को कही कोई छूट के निशान नहीं थे बस उसके जिसम मैं बस थोड़ी बहुत डर्क्स के ांश पाए गए थे मगर मुझे अच्छे से याद है हम लोगो ने सबसे जयादा डर्क्स का टेस्ट उसी पर किये थे फिर ये कैसे हो सकता है के उसके जिसम के अंदर बहुत काम मात्रा मैं डर्क्स पाया गया हो ये न मुमकिन है ये 1 no बच कैसे गयी मुझे समझ मैं नहीं आ रहा है

तुझको आवर कुछ समझने की कोई जरुरत नहीं है अपने सारे आदमी को अपने पास बुला कर बता दे मुझे कल तक साली के पूरा परिवार मेरे पास चाहिए वर्ण मैं सबसे पहले तुम सब को मार दूंगा ज़रूरत पड़े तो आवर भी आदमी को बुलाओ जिसको भी तुम जानते है मुझे बस उसका परिवार चाहिए जक ने कहा आवर फ़ोन कर दिया
 
अपडेट _ 96

इधर कारन के घर सभी चैन से सो रहे थे वही जक के कहने पर उस बंदी ने अपने सभी साथियों को अपने आड़े पर आने को बोल रहा था आवर कुछ बहार से भी आदमियों को बुला रहा था

वही जक अभी किसी से फ़ोन पर बात कर रहा था तुम बिलकुल भी फिकर मत करो पुलिस को कोई खबर नहीं मिलने वाली है तुम आराम से सारा माल मेरे अड्डे पर उतर सकता है फिर हम सब माला मॉल हो जायेंगे जक ने कहा फ़ोन पर

फिर ठीक है जक शाहब मैं सारा मॉल आप के अड्डे पर उतर रहा हुईं बाकि सब आप देख लेना आवर सके तो कोई पार्टी आती का भी इंतेज़ाम कर दीजियेगा जितना मॉल मैं अभी लेकर आ रहा हुईं इतना मॉल कभी आप ने देखा भी नहीं होगा दूसरी तरफ से आवाज़ आई

अगली सुबह ......................................

मैं रागनी माँ आवर कारन पायल को लग भाग रात मैं कोई 3 ऍम को hi घर से निकल दिया ताकि इनके जाने की खबर किसी आवर को न मिले कारन माँ आवर पायल के जाने के बाद मैं फिर से सो गयी

मेरी जब नींद खुली जब गुड़िया ने मुझे जगाया गुड़िया कितना टाइम हो रहा है मैं उठने के बाद नैना से बोली क्यू की मुझे अभी भी नींद आती रही थी


नैना : गीता दीदी कितना सोती हो आप अभी सुबह के 10 बजने वाला है आवर आप बस सो रही है चलिए जल्दी दादी तो कब के उठ कर तैयार हो गयी है अपने भैया से मिलने के लिए जल्दी से आप फ्रेश हो जाइये ये कॉफ़ी पीकर

गुड़िया ने मुझे कॉफ़ी दी आवर मेरे गलों पर किश कर के चली गयी मेरे तो होंठों पर मुस्कान आ गयी आवर फिर मैंने कॉफ़ी पीकर बाथरूम मैं चली गयी मगर मुझे थोड़ी चिंता हो रही थी रागनी माँ कारन आवर पायल के लिए मैं बाथरूम से फ्रेश होकर निचे आई तो सभी तैयार कड़ी थी जाने के लिए

गीता बेटी चल जल्दी से तू भी नाश्ता करले फिर चलते है मुझे देख के माँ बोली

माँ आप लोईंग चाहिए मुझे अभी थोड़ा काम है ऑफिस मैं काम होते hi मैं जल्दी आ जाउंगी मैं माँ से बोली आवर मैं नाश्ता करने लगी नाश्ता कर के मैं सभी को बहार तक छोड़ने आई एक गाड़ी मैं नैना कोमल मुस्कान बैठ गयी आवर गाड़ी काजल चलने वही थी वही दूसरी गाड़ी मैं माँ छोटी माँ आवर दादी के साथ रम्य आंटी बैठ गयी आवर गाड़ी परेम ौंकल चलने वाले थे

काजल गुड़िया गाड़ी आराम से चलना आवर परेम ौंकल के गाड़ी के पीछे hi रहना ठीक है मैं काजल से बोली

जी दीदी मैं ौंकल के गाड़ी के पीछे hi रहूंगी आवर गाड़ी भी आराम से चलूंगी आप फिकर मत कीजिये काजल ने कहा

मैंने देखि कोमल बार बार पीछे देख रही थी जैसे किसी के आने की वेट कर रही है मेरी कोमल गुड़िया के चहरे पर अभी भी ुधाशी थी जो मुझे पता था सायद अभी भी कोमल कारन से गुस्सा है गुड़िया क्या हुआ किसे धुंध रही है मैं बोल पड़ी जो कोमल ने अपना सर निचे कर लिया मगर कुछ बोली नहीं

गीता दीदी रागनी आंटी पटल दीदी आवर कारन नहीं जाइएगा क्या हम्हरा साथ मुस्कान ने पूछा मुझसे

मैंने देखि मुस्कान के पूछने पर कोमल भी मेरे तरफ देखने लगी जिससे उसे भी एहि जानना है

नहीं मुस्कान रागनी माँ आवर कारन पायल रागनी माँ के घर गए है वह लोग अभी नहीं आ सकते तुम लोग जाओ मैं बोली

मेरी बात सुन कर मुस्कान आवर कोमल के चहरे पर थोड़ी मायूसी आ गयी फिर मैंने काजल को जाने के लिए बोली

इधर काजल आवर परेम सिंह के गाड़ी निकलते hi उनके पीछे एक गाड़ी लग चुकी थी आवर पीछे पीछे चल रही थी जिस बात से मैं अनजान थी


सभी के जाने के बाद मैंने शीतल को फ़ोन किया आवर आवर उस बंदी के बारे मैं पूछा उसे होश आया की नहीं मगर शीतल ने बताया उस अभी भी होश नहीं आया है मैं शीतल से बात कर के ऑफिस के लिए निकल रही थी के मेरे मोबाइल पर किसी का फ़ोन आने लगा तो मैंने फ़ोन पर नम्बर देख कर फ़ोन उठायी

hello सर क्या बात है आज इतना सुबह फ़ोन किया आप ने लगता है बहुत बड़ी वजह है कुछ मैंने फ़ोन उठा कर बोली


हां गीता बहुत बड़ी वजह है इस लिए मुझे तुमेह इतना सुबह मैं फ़ोन करना पड़े गया है क्या तुम अभी मेरे घर आ सकती हो उधर से सर ने कहा

सर आप फ़ोन पर भी बता सकते है आप चाहे तो मैंने सर से बोली

नहीं गीता तुमेह मेरे घर पर hi आना होगा आवर हो सके तो तुम शीतल को भी साथ लेकर आना बाकि तुम्हारे सभी साथियों को मैंने फ़ोन कर दिया है सर ने उधर से कहा

जी सर मैं कुछ देर मैं वह पर आती हुईं बोल कर मैंने फ़ोन रख दिया अब मुझे साख हो रहा था कोई तो बहुत बड़ी वजह है जो सर मेरे साथ सभी साथियों को बोलै लिया है मैं जल्दी से घर से निकल गयी सर के घर की तरफ

मैं कोई 20 मिनट के बाद सर के घर पहुंचे गयी आवर मुझे सर भी बहार hi मिल गए फिर मुझे सर अपने घर मैं ले गए मैं सर के साथ चलती रही घर के कुछ अंदर जाने के बाद सर मुझे एक रूम मैं ले गए जहा सिर्फ अँधेरा था आवर सर ने कुछ टाच किया तो रूम मैं उजाला के साथ एक दरवाज़ा भी खुला जो दिखने मैं अलमारी की तरह लग रहा था सर ने मुझे अपने साथ आने को कहा मैं जैसे hi अलमारी मैं गयी बहार से अलमारी बंद हो गयी आवर मैं सर के साथ चलती गयी

वह सर क्या जगह बनाया है आप ने मैं बोल पड़ी जब अचानक hi सीट ने लाइट जला दिए तो क्यू की रूम मैं हर तरह बड़ा बड़ा कमरे लगे थे जो पुरे सहर के कमरे से कनेक्टेड था मैं वह अपने सभी दोस्तों को देख कर बहुत खुश हुई आवर सभी से गले लग कर मिली क्यू के जब से मैंने घर आई थी तब से अपने दोस्तों से नहीं मिली थी क्यू के सभी अलग अलग जगह चले गए थे

मैं आप लोगो को आज इतने दिन के बाद एक साथ किस लिए बुलाया है आप सब को पता है क्यू सर बोले तो हम सभी ने नहीं मैं बोल दिया

आप लोग बहुत बहादुर आवर बहुत ईमानदार के साथ देशभक्त भी है आप लोगो ने अपने इस देश के लिए अपनी जान तक देने के लिए तैयार रहते है आवर आज तक मैंने जो भी काम आप लोगो को दिया आप लोगो ने उसे अच्छे से अंजाम तक पहुँचाया है मगर इस काम मैं कितना खतरा है मुझे खुद नहीं पता है मगर ये काम आप लोगो को करना hi होगा चाहे कुछ भी हो

फिर सर ने दिवार पर लगी सकारें पर जक का फोटो ला दिए जिसे हम मैं से सभी जानते थे ये कौन है आवर क्या करता है सहर के पुलिस को भी पता है मगर इसका पुलिस भी कुछ नहीं कर सकती है

इसे तो आप सब जानते hi है ये दुनिया के नज़र मैं एक बड़ा बिसेनेमन है मगर यह हम सभी को पता है ये कितना गलत काम करता है इसके कितने आयी क्लब है जिसमे हेरोइन चर्ष डर्क्स का नशे का ज़हर हम्हरा बच्चों को बीच रहा है जिससे हम्हरा सहर के साथ देश भी बर्बाद हो रहा है मेरे खबरि ने बताया ये आज रात मैं अपने अड्डे पर इतना डर्क्स हेरोइन गांजा लेन वाला है जिससे हम्हरा सहर hi नहीं कई आवर भी सहर बर्बाद कर सकता है जो मैं कभी होने नहीं देना चाहता हुईं मैं आप लोगों को इस लिए बोलता है ये आप लोगो का अंदर कवर आखरी मिशन है ये मिशन ख़तम होने के बाद मैं खुद दुनिया के सामने तुम सब को बता दूंगा तुम सब इस देश के रखवाले हो

सर की आखिरी बात को सुन कर हम मैं से सभी के चेहरों पर मुस्कान के साथ कई गुना ख़ुशी झलक गयी हम सभी एक दूसरे से गले मिल कर अपना ख़ुशी ज़ाहिर करने लगे मैं भी बहुत खुश थी मैं अभी माँ को फ़ोन कर के बताना चाहती थी क्यू के सर ने आज खुद बोल दिया था इस मिशन के बाद वह बताने वाले है फिर मैं कुछ सोच कर मैंने फ़ोन नहीं किया क्यू जब माँ आवर मेरी सारे परिवार को बहार से पता चलेगा तो सायद आवर भी ख़ुशी मिले आवर अपनी बेटी बहन पर उनेह आवर भी गर्व हो इस लिए मैंने फ़ोन नहीं किया

मैं फ़ोन जेब मैं रखती के मेरा फ़ोन बजने लगा तो मैंने फ़ोन उठायी आवर मुझे उधर से हसने की आवाज़ आई

hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

कौन है तू कही पागल तो नहीं हो गया न तुझे मेन्टल हॉस्पिटल मैं जाना चाहिए मैं कुछ देर hello hello करती रही मगर वह बस बस रहा था तो मुझे गुस्सा आने लगा था तू कुछ बोलेगा या मैं फ़ोन रख दू मैं फिर से बोली

तुझे बड़ी जल्दी है फ़ोन रखने की मेरे हसने की वजह नहीं जानना है तुझे मैं क्यू है रहा हुईं जक नाम है मेरा दूसरी तरफ से उसने बोलै

मुझे तेरे हसने से क्या है तू सायद अपनी बीवी को अपने किसी निकट के साथ देख कर तुझे सायद शादमा लगा है आवर तू पागल होकर है रहा होगा मैं तुझे बता दू ये कोई हॉस्पिटल का नम्बर नहीं है आवर नहीं मैं कोई डॉ हुईं जो तूने मुझे फ़ोन किया है मैं बोली जक का नाम सुन कर hi मेरा दिमाग ख़राब हो रहा था

सही कहा मैं पागल hi हो गया हुईं तेरी माँ बहन को देख कर सभी एक से बढ़ कर ितम है मैं तो िनेह मरना चाहता था मगर इनके जिसम आवर खूबसूरती देख कर मेरे तो बदन मैं नशा होने लगा है जिहः तो कर रहा है एहि पर नंगी कर के इनकी गोरी गदरायी हुयो जिसम गर्मी निकल दू मैं तुझे बता नहीं सकता तेरी परिवार मैं सभी एक से बढ़ एक पारी है

अपनी बकवास बंद कर कुत्ते मैं अभी तेरे पास होती तो तेरी ये जुबान hi निकल लेती भड़वे मेरी माँ बहन को तूने कुछ करने की कोशिश भी की तो मैं तेरे हर उस आदमी को मार दूंगी जो तुझसे जुड़ा है कहा है मेरी माँ बहन बता मुझे मैं अभी आ रही हुईं मैं चिल्लाते हुआ बोली जो सभी मेरे तरफ देखने लगे मगर मैंने अभी चुप रहने का इशारा किया

चिल्ला आवर चिल्ला मैं तुझे चिल्लाते हुआ hi देखना चाहता हुईं मैं तो तुझसे कब से मिलना चाहता था मिस गीता सिंह उर्फ़ no1 तुमने जितना भी मेरे नुकशान किया है मैं सब पैसे तेरी इस माँ को धंधा करवा के वसूल करूँगा तू नहीं चाहती तेरी ये माँ बहन किसी कोठे की रौनक बने तो चुप चाप ****** इस जगह पर आ जा अकेले किसी को साथ लेकर आई तो तेरी परिवार के लिए अच्छा नहीं होगा aaaaaaaaaa hhhhhhhhhh मैं तेरा इंतज़ार कर रहा हुईं बोल कर जक ने फ़ोन रख दिया हस्ते हुआ

मेरी आँखों मैं खून उतर आई थी मैं सर को बिना कुछ बताये वह से निकल गयी

इधर गीता के जाने के बाद शीतल भी जाने वाली थी मगर सर ने उसे रोक दिया आवर मिशन की तयारी करने को बोले सभी को सर को यकीन था गीता खुद को संभल सकती है आवर वह अपना मिशन ज़रूर पूरा करेगी

वही एक जंगल के बीचों बिच कई लाशें पड़ी थी किसी के हाँथ उसके जिसम से अलग हो गया था तो किसी के पेअर तो किसी के गर्दन हर किसी के जिसम से कुछ न कुछ अलग हो गया था वह कुछ दुरी तक सिर्फ खून hi खून बाह रहा था आवर उसी खून मैं एक लड़का बैठा था आवर उसका जिसम जल रहा था लड़के के आँखों से आग की चिंगारी निकल रही थी लड़का बहुत गुस्से मैं चिल्ला भी रहा था

आवर वही एक औरत तो बेहोश होकर गिरी थी मगर वह एक लड़की दर कर एक पेड़ के पीछे छिप गयी थी उसे वह पर लाशें आवर खून से जयादा वह बैठे लड़के को देख कर जयादा दर लग रहा था

वही औरत को अचानक hi होश आता है आवर वह चीख पड़ती है पाआयल

दोस्तों एक आवर उपडेट मैं स्टोरी ख़तम हो जायेगा
 
उप उपडेट _ 97

पायल जल्दी से अपनी माँ के पास भागी तभी बिच मैं hi एक गुंडे ने पायल को पकड़ लिए

छोड़े दे मेरी दीदी को अगर तू नहीं चाहता के इस जंगल मैं तेरी लाश को किसी जानवर खाये कारन चिल्ला कर बोलै

हां सही बोल रहा है इस जंगल के जानवर को मांस तो मिलेगा खाने को मगर मेरा नहीं तेरा आवर तेरी इस खूबसूरत दीदी आवर तेरे घर की सभी औरतों को जक अपनी कोठे की रंडी बना देगा अब तक तो तेरी माँ आवर बहन सभी को जक ने पकड़ भी लिया होगा सुना है तेरी एक छोटी बहन भी है जो उसका जिसम बहुत कातिलाना है उसे तो जक यकीनन अपनी बीवी बनाएगा आवर

aaaaaaaaaaaaaa

अभी आवर कुछ बोलता कारन उठ कर उसका सर hi उखड दिया कारन का पूरा जिसम जलने लगा था गुंडे का सर उखड़ते देख कर पायल दर गयी आवर कारन सभी गुंडों को मरने लगा आवर कुछ hi वक़्त मैं कारन ने सभी को मार दिया

अपनी माँ रागनी की आवाज़ सुन कर भी पायल कुछ बोल hi नहीं रही थी वह दरी हुई कनाप रही थी तभी रागनी को कारन पर नज़र पड़ा आवर रागनी भी थोड़ी दर कर पीछे हैट गयी फिर जल्दी से कारन के पास भागी आवर कारन को पकड़ लिया कारन अभी भी गुस्से मैं था मगर जब उसे अपनी माँ को गले लगे हुआ पाया तो कारन का गुस्सा संत होने लगा आवर कारन का जिसम भी अब नार्मल होने लगा

माँ आप ठीक है न कारन नार्मल होते हुआ hi बोलै

हां बीटा मैं ठीक हुईं तेरी दीदी पता नहीं कहा चली गयी मुझे बहुत दर लग रहा है मैं शांति दीदी आवर माया दीदी से क्या कहूँगी रागनी रट हुआ बोली

माँ दीदी को कुछ नहीं होगा पायल दीदी एहि कही होंगी कारन ने कहा आवर दोनों पायल को पुकारने लगे जो कुछ देर के बाद पायल पड़े के पीछे से बहार आई पायल को देख कर रागनी पायल के पास भागी आवर पायल को सीने से लगा लिया जो पायल अभी भी दरी हुई थी

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मेरी आँखों मैं अभी आंसू तो आ गयी थी मगर मैं अपने आप को कुढ़ से संभल रही थी मैं बस किसी तरह अपने परिवार को बचने के बारे मैं सोच रही थी आवर फिर मैंने सोच लिया आज मैं अपने परिवार को बच्चा कर उस कमीना जक को जान से मार दूंगी

गीता क्या हुआ तू वह से बिना कुछ बताये क्यू चली आई सब कुछ ठीक है न शीतल मेरे पास बैठते हुआ बोली

है शीतल सब ठीक है चलो मिशन की तयारी करते है मैंने कहा आवर फिर मैं शीतल के साथ उसके अड्डे पर आ गयी

हम लोग सभी तैयार थे मिशन पर जाने के लिए मैं अपनी आंसू को बार बार पोछ रही थी क्यू के ये मेरा पहला मिशन था जो मैं अपने आप को बहुत कमज़ोर महसूस कर रही थी आवर थोड़ी दर भी रही थी मैं कितने भी मिशन पर गयी थी निडर होकर आवर अपना मिशन भी बहुत hi बहादुरी से पूरा करती थी मगर आज अपने परिवार के बारे मैं सोच कर मुझे दर लग रहा था फिर भी मैं अपने साथियों के साथ हिम्मत कर के निकल गयी

हम सब जक के आड़े से कुछ दूर एक जंगल मैं थे आवर थोड़ी hi दूर पे जक का अड्डा था जो जंगल मैं था

no 1 क्या बोलती हो आज मैं तुमसे जयादा इन कुत्तों को मरने वाला हुईं देख लेना

मेरे एक साथी ने कहा जो अब तक एक बार भी किसी मिशन मैं मुझसे जयादा गुंडे को मार नहीं पाया था मगर ये बात हर मिशन पर बोलता ज़रूर था

देखते है no 2 कौन कितना मरता है बोलते हुआ मैं एक को मार दिया जो मेरी ठीक हूँ के निशाने पर था

तुम no 1 कभी नहीं सुधरने वाली बोलने से पहले hi एक को मार hi देती है मगर आज मैं तुमसे जयादा तो मार कर hi रहूँगा उसने कहा फिर उसने भी एक को मार दिया

हम सभी एक एक को मरते हुआ जक के अड्डे के पास पहुंचा गयी थी

वही जक के अड्डे पर बहुत से बड़ा बड़े बिसेनेमन आये हुआ थे वही पर मेरी परिवार को बिच मैं बंधा था जक ने जो मैं अभी देख रही थी आवर शीतल ने भी देख लिया जो मेरे पास आ गयी शीतल कुछ बोलती के मैंने मन कर दिया शीतल को कुछ बोलने से

no 1 क्या बोलती हो स्टार्ट करे मिशन को या कुछ आवर भी सोचने वाली हो कब से देख रहा हुईं तुम अंदर hi देख रही हो no 2 बोलै

लगता है तुम आज मुझसे जयादा को मार कर hi रहोगे मानोगे नहीं ठीक है पूरा करते है मैं बोली तो no 2 ने मुंडी हिला कर हां कहा

हम सब एक साथ गोली चलने लगे जो जक के अड्डे पर हंगामा मच गया सभी इधर उधर भागने लगे आवर जक के आदमी भी एक साथ गोली मैं चलने लगे आवर मरते हुआ मैं आगे बढ़ रही थी वही मेरे साथी भी मेरे पीछे hi मरते हुआ आ रहे थे मैं जितना जल्दी अपने माँ बहन के पास जाना चाहती थी आवर मैं माँ बहन के पास पहुंचा भी गयी थी मगर एक आवाज़ सुन कर रुक गयी आवर पीछे देखि तो मेरे हाँथ से गन अपने आप hi गिर गया क्यू के पीछे जक खड़ा था आवर उसके पास मेरी गुड़िया थी आवर जक ने अभी गुड़िया के सर पर गन लगाया हुआ था

तू तो वेड की पक्की निकली मगर तू सायद भूल गयी मैंने तुझे अकेले आने को कहा था मगर तू तो पूरी टीम hi अपनी लेकर आ गयी ये अच्छा नहीं किया तुमने अब जल्दी से अपने साथियों को बोलो की गन फेके कर चुप चाप सामने आ जाये नहीं तो मेरी हांथों इस मासूम की जान चली जाएगी जो तुम कभी नहीं चाहोगी क्या मैंने सही कहा न जक अपना गन गुड़िया के सर पर लगते हुआ कहा

नहीं प्लीज तुम गुड़िया को कुछ मत करो तुम्हारी दुश्मनी मुझसे है प्लीज मेरी परिवार को जाने दो मैं बोली

वही मेरे परिवार वाले मुझे अभी देख कर हैरान थी मगर गुड़िया मुझे देख कर थोड़ी खुश भी लग रही थी तब तक शीतल ने सभी को बता दिया मेरी परिवार के बारे मैं जो सभी गन फेके कर आगे आ चुके थे

aaaaaaaaaaaaa

तू मेरा इस्तेमाल क्यू कर रहा है तेरे अंदर हिम्मत है तो मेरी दीदी से लाडे न मेरी दीदी तुझे देख लेंगी नैना अपना होंठों से खून को पोछते हुआ बोली

क्यू के नैना ने जक हाँथ पर दन्त से काट दिया था आवर जक ने नैना को टप्पर मर दिया

हां तू सही कह रही है मैं आज देख hi लेता हुईं तेरी इस दीदी को इसके जिसम मैं कितनी गर्मी है जो कभी ख़तम hi नहीं होती है चलो जल्दी से सभी को बांध दो आज सभी दुश्मन को एक साथ ख़तम करते है मगर उससे पहले कुछ मज़ा कर लेते है

कुछ देर मैं मेरे सभी साथियों को जक के आदमियों ने बांध दिया मैं अकेली कड़ी थी आवर जक वही पे बैठ कर शराब पिने लगा

मैं सोच रहा हुईं तेरी परिवार को छोड़े दूँ मगर इसके बदलने मैं तुझे भी कुछ करना पड़ेगा मैं ये जानते हुआ भी तेरे परिवार को छोडने के लिए तैयार हुईं के तूने मेरे कितने आदमी को मार दिया आवर मेरे कितने पैसों को बर्बाद कर दिया यह तक के तूने मेरे भाई को भी मर दिया फिर भी मैं तुझे एक मक्का देता हुईं तुझे पास ये करना है तू अपने इस खूबसूरत जिसम से कपके को उतरना होगा जब तू एक कपडा निकलेगी तो मैं तेरी परिवार के एक को खोल दूंगा फिर वह यह से जा सकती है क्या कहती है कैसा है मेरा िद्या अगर नहीं मणि तो मैं तेरे आँखों के सामने hi एक एक को मरना चालू कर दूंगा आवर जक ने एक साथी को मार दिया

नहीं रुक जाओ मम म मुईन निकलती हुईं मैं ये जानते हुआ भी तैयार हो गयी के ये मेरी परिवार को नहीं छोडने वाला है मगर इसी बहाने मैं अपनी परिवार को कुछ देर तक आवर ज़िंदा रख सकती थी तो मैं अपने कपडे उतरने के लिए तैयार हो गयी मैंने हां तो कह दिया मगर मेरे हाँथ कपङे लगे थे

वही माँ के साथ सभी कपडे न उतने के लिए चिल्ला रही थी दीदी आप प्लीज कपडे मत निकालिये मैं आप को इस तरह नहीं देख सकती दीदी हम सब मरने के लिए तैयार है प्लीज दीदी प्लीज कपके मत निकालिये काजल मुस्कान गुड़िया माँ दादी सभी बोल रही थी वही परेम ौंकल भी बोल रहे थे

मगर मैंने उन सब के मन करने के बाद भी अपनी जैकेट निकल दिया मैं इसी तरह अपने एक एक करके सभी कपडे निकल दिया आवर मेरे एक कपडे के बदले जक के आदमी मेरे एक परिवार को छोड़े रहे थे जो एक जगह कड़ी होकर वह रो रही थी मैं अब सिर्फ ब्रा पेंटी मैं थी मेरे भी आँखों से आंसू निकल रहे थे आवर मैं एक हाँथ से अपनी चुकी तो एक हाँथ अपनी पेंटी के ऊपर राखी थी वही मुझे देख कर जक के आदमी ज़ोर ज़ोर से है रहे था मगर मेरे साथी शर्मिंदा होकर निचे देख रहे थे

वहहह कसम से बहुत जबरदस्त जिसम है तेरी आवर इस तरह देख कर तो मेरे भी जिसम मैं कुछ होने लगा भगवन ने तुझे बहुत अच्छे से बनाया है ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह तू अपने घर मैं बिना पति के कैसे रह लेती है तुझे तो अब तक शादी कर के बच्चे पैदा करना चाहिए था

हां मैं जनता हुईं इससे मेरे कोई वास्ता नहीं है तू शादी करे की नहीं मैं सिर्फ बता रहा हुईं अगर तू किसी से शादी कर लेती तो आज तू यह नहीं होती आवर अपने पति के साथ खुश रहती फिर भी मुझे क्या चल जल्दी से अपना ये कपडे भी निकल दे देख मेरे आदमी कितने उतावले है तेरी छूट देखने के लिए जल्दी कर नहीं तो तेरे एक आवर साथी अपना जान गवा देगा

मुझे बहुत रोना आ रहा था आवर मेरा पूरा जिसम कैंप रहा था आवर मैं निचे देख रही थी मैं अभी अपनी पेंटी निचे करने hi जा रही थी के मेरे साथ सभी को एक चीख सुनाई दिया आवर तभी एक बहुत तेज़्ज़ गाड़ी आकर रुकी आवर गाड़ी के आगे राज को मैंने बंधा हुआ पायी जो चीख रहा था

राज बीटा किसने किया ये बोलता हुआ जक भगा अपने बेटे के पास

अभी इसे मरना नहीं देखना चाहता तो दूर रह आवर मेरे सभी परिवार को छोड़े दे बोलता हुआ गाड़ी से कारन उतरा जिसे देख कर मेरी आँखों मैं ख़ुशी के आंसू गिरने लगे आवर मैं उसी तरह भाग कर कारन से लिपट गयी तब कारन ने अपना सरत मुझे दे दिया निकल कर

चल अपने इन कुत्तों को बोल सब को छोडने के लिए नहीं तो मुझे बस इस बटन को दबाना है आवर तेरे इस बेटे का मांस का भी पता नहीं चलेगा कहा कहा गिरा है कारन ने कहा

जक ने जल्दी से अपने आदमी को सब को छोडने के लिए बोलै गीता के साथी खुलते hi सभी जक के आदमियों को सूत कर दिया जिसमे no 2 ने कुछ जयादा को hi सूत कर दिया

आवर फिर जंगल से हम कुछ दूर निकल गए तक जक के अड्डे पर एक धमाका हुआ आवर पूरा जक के अड्डा hi तबाह हो गया जक आवर उसके बेटे के साथ

हम सभी घर आ गए थे मगर मेरे बारे मैं जान कर माँ दादी आवर छोटी माँ थोड़ी नाराज थी जो रात मैं मुझसे बात भी नहीं की मगर वह अकेली मैं खुश थी मेरे बारे मैं जान कर आवर ऊपर से सर ने आकर मेरी इतनी तारीफ कर दिए की सभी के सर गर्व से ऊपर हो गया

एक जगह जो वह देखने मैं वह एक समुन्दर लग रहा था उसके किनारे hi एक बहुत प्यारा घर बना हुआ था आवर उस घर को कुछ आदमी गन के साथ खड़े होकर पहरा दे रहे थे

आवर उसी घर मैं एक बॉडी बिल्डर जैसा लड़का जो उसका जिसम बहुत हार्ड आवर मज़बूत लग रहा था वह अभी जिम कर रहा था तभी उसे टीवी पर कारन के फैमली दिखाई देती है जो आज गीता के साथ सभी साथी को बता जा रहा था के गीता आवर उसके साथ देश के अंडरकवर ोफिफिकर सर है

लड़का टीवी पर देख कर जल्दी से किसी को फ़ोन करता है hello पापा मुझे वह लड़की मिल गयी मैं आज hi इंडिया आ रहा हुईं

आवर यह रागनी फिर से कारन के साथ पायल को लेकर बाबा के बताई हुई जगह पर लेकर चली गयी

आवर यह गीता अपनी बाकि परिवार को साथ लेकर अपनी बुवा के पास अमेरिका चली गयी कुछ दिनों के लिए आवर यह का पूरा बिसेने सपना कुछ दिनों के लिए देखने लगी वही शीतल के साथ सभी साथी आज पार्टी मन रहे थे व के आज पहली बार No 2 ने गीता से जयादा गुंडा मारा था जिसकी ख़ुशी अपने दोस्तों को पार्टी देकर मन रहा था


थे एन्ड

मिलते है भाई लोग नेक्स्ट part मैं
 
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