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- Dec 5, 2013
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राज भागते हुए जैसे hi टूबवेल पर पहुँचता है आराधना घुसकर कुण्डी लगा लेती है...
राज.. दीदी दरवाज़ा खोलो न कुण्डी क्यों लगाई आपने...
आराधना.. तुम मुझे काटोगे
राज.. उफ्फ्फ दीदी क्यों सत्ता रही हो अपने भाई को प्लीज दरवाज़ा खोलो..
आराधना.. पहले प्रॉमिसेस करो काटोगे तो नहीं..
अब आगे...
अपडेट....40...
कुछ देर पहले दीदी को किश करते हुए राज का लैंड पूरी तरह खड़ा होकर अपने पुरे शबाब पर आ चूका था..
मगर इस वक़्त दीदी की सररत राज की जान लेने लगती है..
राज टूबवेल के बहार खड़ा होकर
अपनी दीदी से दरवाज़ा खोलने की मिन्नत कर रहा था...
राज.. प्लीज दीदी क्यों तंग कर रही हो अंदर आने दो न देखो कैसे बहार खड़ा हु ...
अपने भाई की रिक्वेस्ट भरी आवाज़ सुनकर आराधना का दिल पिघल जाता है और अगले पल आराधना टूबवेल का दरवाज़ा खोल देती है..
मगर जैसे hi टूबवेल का दरवाज़ा खुलता है राज अंदर घुसते hi अपनी दीदी को गॉड में उठा लेता है..
और जानवरो जैसा विहेवार करने लगता hai..raj ने दीदी को अपनी बांहो में बहुत तेज़ जकड़ा हुआ था ...
जिससे आराधना कसमसा जाती है...
आराधना... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई आराम से...
मगर राज पर तो अपने लैंड का जोश चढ़ चूका था दीदी के बूब्स को अपने हाथो में बुरी तरह मचलने लगता hai..aaradhna की दर्द भरी सिसकी निकल जाती है....
आराधना... आअह्ह्ह्ह भाई ससीई ऊऊओह्ह्ह्हह्ह ऊऊफफफफफफ एआरएम से दर्द होता है....
राज.. बहुत तंग कर रही थी न अब बताता हु ये बन्दर कैसे कट्टा है..
और राज अपनी दीदी को धकेलते हुए निचे गद्दे पर गिरा देता है...
आराधना... आआअह्हह्ह्ह्हह भाई क्या कर रहे हो उफ्फफ्फ्फ़ आराम से भी तो कर सकते हो में कही भागी नहीं जा रही...
राज दीदी के ऊपर आते हुए उनकी कमीज उतर फेंकता है और दीदी की नंगी चूचियों को डिबेट हुए अपने होंठ दीदी के होंटो से लगा देता है...
Aaradhna....aahhhssseeeeee ऊह्ह्ह्ह सससससीईए उउउउउउम्म
आराधना के जिस्म में भी आग लगी हुई thi.raj का खड़ा लैंड सलवार के ऊपर से उसकी छूट पर चुभ रहा tha..kuch hi पालो में आराधना को भी अपने भाई की हरकतों में मज़ा आने लगता है..
आराधना की गीली छूट अपने भाई का लैंड लेने की कल्पना करने लगती है..
और अगले पल आराधना खुद को अपने भाई की बांहो में निढाल छोड़कर अपनी आँखे बंद कर लेती है.. जैसे कह रही हो की आओ भाई मेरी छूट की प्यास को अपने खड़े लैंड से बुझा दो...
दीदी को अचानक एक दम निढाल देखकर राज का मन भी बदल जाता है..
राज अपनी दीदी के चेहरे को देखता है जो आँखे बंद किये बहुत प्यारी मासूम सी गुड़िया जैसी लग रही थी..
राज को एक पल में अपनी दीदी से प्यार हो जाता है. उफ्फ्फ ये में दीदी के साथ किया कर रहा tha..raj को अपनी गलती का अहसास होता hai..apne खड़े लैंड के चक्कर में वह दीदी से कैसे जानवरो जैसा विहेवार कर रहा था....
राज अपने हाथ दीदी के मासूम चेहरे पर बड़े प्यार से फेरते हुए....
राज.. सॉरी दीदी मुझे आपके साथ बंदरो जैसा विहेवार नहीं करना चाहिए था...
आराधना अपनी आँखे खोलकर मुस्कुराते हुए राज की तरफ देखती है..
आराधना... ी लव यू भाई
राज.. ी लव यू दीदी में आपसे बहुत प्यार करता हु..
और ये कहकर राज दीदी के चेहरे को चूमने लगता है....
राज... दीदी आप बहुत खूबसूरत हो
ी लव यू...
दीदी के चेहरे को चूमते हुए राज निचे गार्डन तक पहुंच चूका था..
आराधना का रोम रोम अपने भाई के प्यार में मचलने लगता है..
दीदी के जिस्म पर अपने होंठ ऐसे चला रहा था जैसे दीदी के जिस्म पर सेहद लगा हो और राज उससे चाट रहा हो ...
आराधना अपनी आँखे बंद किये मस्ती भरी सिसकारियां लेने लगती है...
Aaradhna.....offffffffoooo भाई एआईईएसस ससससीई आआअह्ह्ह्हह ोूह सस्सिरीटीए
राज बड़े hi आहिस्ता से चूचियों को अपने हाथो में लेकर बढ़ाने लगता है...
उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ आराधना का बहुत बुरा हॉल हो जाता है उसकी सिसकारियां और भी कामुक हो जाती है...
आराधना... आआअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह ससससससीई ीिस्स्सह्ह्ह्ह ीीःहःहःहः
अपनी दीदी की हालत देखकर राज का लूँ भी बुरी तरह अकड़कर खड़ा हो जाता है.. और सीधा दीदी की छूट टटोलने लगता hai..jese अभी दीदी की सलवार पहाड़ कर अंदर घुसने वाला हो....
दीदी की छूट का हॉल भी बिलकुल राज के लैंड जैसा हो जाता है..
आराधना अपने हाथ को राज की कमर पर लेट हुए निचे दबाने लगती है.. जैसे वह राज को बताना छह रही हो
की भाई अब जल्दी से अपना लैंड छूट में दाल दो...
आराधना... आअह्ह्ह्ह भईईई प्लीज कुछःह करूऊऊ नाआआआ
राज अपनी दीदी के अंदर चुदाई की तड़प देखता है. कैसे उसकी दीदी अपनी कुंवारी छूट में लैंड लेने के लिए मचल रही थी..
मगर राज दीदी की छूट की प्यास बड़े hi प्यार से बुझाना चाहता था...
और राज अपनी दीदी की सलवार का नाडा खोलते हुए अपनी उँगलियाँ दीदी के पेट पर बड़े hi सेंसुअल स्टाइल में आहिस्ता आहिस्ता फेरने लगता hai..jisse आराधना पूरी तरह मदहोश होने लगती है उसकी छूट गीली होकर अपना पानी छोड़ने लगती है..
Aaradhna....ahhhh ओह्ह्ह्हह सीई ुह्ह्ह्ह ये तुम क्या कर रहे हो बस करो मुझे कुछ हो रहा है ....
मगर राज पर दीदी की बातो का कोई असर नहीं होता बल्कि इस बार हाथ की जगह अपनी झीभ दीदी के पेट पर पहरने लगता है ...
और जैसे hi राज जीभ से दीदी की नॉविल को छत्ता hai..didi तो मचल hi उठती है लगता है जैसे उनका जिस्म हवा में उड़ने लगा हो..
अगले पल राज दीदी की सलवार को भी उनके जिस्म से अलग कर देता hai..didi पूरी तरह नंगी हो जाती है..
राज जल्दी जल्दी अपने भी कपडे उतर
दीदी के ऊपर आ जाता है..
जिससे राज का खड़ा लैंड सीधा दीदी की छूट पैर आ जाता है....
आराधना ko.lagta है जैसे अब उसकी छूट काली से फूल बनने वाली है..
दीदी के ऊपर नंगा लेता राज अपने होंठ फिर से दीदी के निप्पल से लगा देता है और बरी बरी दोनों निप्पलों को चूसने लगता है ....
मगर अब दीदी से और सब्र नहीं हो रहा था आराधना अपने भाई की कमर पर नाख़ून गाड़ते हुए राज को अपनी छूट पर दबाने लगती है..
जिससे राज का लैंड दीदी की छूट की फैंको में फसने लगता है...
आराधना को अपनी छूट में दर्द सा महसूस होता है...
आराधना... aaaiiiiiiiiiii
राज को मालूम था पहली बार चुदाई करवाना इतना आसान नहीं होता...
और राज निचे आते हुए दीदी की छूट को देखता hai..didi की छूट लगातार पानी छोड़ते हुए बुरी तरह गीली हो चुकी थी...
राज एक दम निचे झुकते हुए अपने होंठ दीदी की गीली छूट से लगा देता है.. आराधना जल बिन मछली की तरह तड़प जाती है...
आराधना... आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सससससीईईई uuuuufffffffffff.
जैसे जैसे राज झीभ से दीदी की छूट को छत्ते हुए फैंको में चला रहा tha..wese hi आराधना का जिस्म हवा में उछलकर झीभ को अपने अंदर लेने लगता है...
आराधना... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
कुछ hi देर में आराधना का जिस्म अकड़ने लगता है जैसे उसके जिस्म से कोई लावा बहार निकलने वाला है...
आराधना अपने भाई के बालो को खींचती हुई अपनी छूट पर दबाने लगती है...
आराधना.... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह sssseeeeeeeeeeee
और अगले hi पल आराधना की सांसे ठंडी पड़ती चली जाती है..
आराधना की छूट से ज्वालामुखी फूट चूका था जिसे राज अपने अंदर
समां लेता है...
आराधना बेजान सी होकर लुढ़क जाती है...
राज.. दीदी दरवाज़ा खोलो न कुण्डी क्यों लगाई आपने...
आराधना.. तुम मुझे काटोगे
राज.. उफ्फ्फ दीदी क्यों सत्ता रही हो अपने भाई को प्लीज दरवाज़ा खोलो..
आराधना.. पहले प्रॉमिसेस करो काटोगे तो नहीं..
अब आगे...
अपडेट....40...
कुछ देर पहले दीदी को किश करते हुए राज का लैंड पूरी तरह खड़ा होकर अपने पुरे शबाब पर आ चूका था..
मगर इस वक़्त दीदी की सररत राज की जान लेने लगती है..
राज टूबवेल के बहार खड़ा होकर
अपनी दीदी से दरवाज़ा खोलने की मिन्नत कर रहा था...
राज.. प्लीज दीदी क्यों तंग कर रही हो अंदर आने दो न देखो कैसे बहार खड़ा हु ...
अपने भाई की रिक्वेस्ट भरी आवाज़ सुनकर आराधना का दिल पिघल जाता है और अगले पल आराधना टूबवेल का दरवाज़ा खोल देती है..
मगर जैसे hi टूबवेल का दरवाज़ा खुलता है राज अंदर घुसते hi अपनी दीदी को गॉड में उठा लेता है..
और जानवरो जैसा विहेवार करने लगता hai..raj ने दीदी को अपनी बांहो में बहुत तेज़ जकड़ा हुआ था ...
जिससे आराधना कसमसा जाती है...
आराधना... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई आराम से...
मगर राज पर तो अपने लैंड का जोश चढ़ चूका था दीदी के बूब्स को अपने हाथो में बुरी तरह मचलने लगता hai..aaradhna की दर्द भरी सिसकी निकल जाती है....
आराधना... आअह्ह्ह्ह भाई ससीई ऊऊओह्ह्ह्हह्ह ऊऊफफफफफफ एआरएम से दर्द होता है....
राज.. बहुत तंग कर रही थी न अब बताता हु ये बन्दर कैसे कट्टा है..
और राज अपनी दीदी को धकेलते हुए निचे गद्दे पर गिरा देता है...
आराधना... आआअह्हह्ह्ह्हह भाई क्या कर रहे हो उफ्फफ्फ्फ़ आराम से भी तो कर सकते हो में कही भागी नहीं जा रही...
राज दीदी के ऊपर आते हुए उनकी कमीज उतर फेंकता है और दीदी की नंगी चूचियों को डिबेट हुए अपने होंठ दीदी के होंटो से लगा देता है...
Aaradhna....aahhhssseeeeee ऊह्ह्ह्ह सससससीईए उउउउउउम्म
आराधना के जिस्म में भी आग लगी हुई thi.raj का खड़ा लैंड सलवार के ऊपर से उसकी छूट पर चुभ रहा tha..kuch hi पालो में आराधना को भी अपने भाई की हरकतों में मज़ा आने लगता है..
आराधना की गीली छूट अपने भाई का लैंड लेने की कल्पना करने लगती है..
और अगले पल आराधना खुद को अपने भाई की बांहो में निढाल छोड़कर अपनी आँखे बंद कर लेती है.. जैसे कह रही हो की आओ भाई मेरी छूट की प्यास को अपने खड़े लैंड से बुझा दो...
दीदी को अचानक एक दम निढाल देखकर राज का मन भी बदल जाता है..
राज अपनी दीदी के चेहरे को देखता है जो आँखे बंद किये बहुत प्यारी मासूम सी गुड़िया जैसी लग रही थी..
राज को एक पल में अपनी दीदी से प्यार हो जाता है. उफ्फ्फ ये में दीदी के साथ किया कर रहा tha..raj को अपनी गलती का अहसास होता hai..apne खड़े लैंड के चक्कर में वह दीदी से कैसे जानवरो जैसा विहेवार कर रहा था....
राज अपने हाथ दीदी के मासूम चेहरे पर बड़े प्यार से फेरते हुए....
राज.. सॉरी दीदी मुझे आपके साथ बंदरो जैसा विहेवार नहीं करना चाहिए था...
आराधना अपनी आँखे खोलकर मुस्कुराते हुए राज की तरफ देखती है..
आराधना... ी लव यू भाई
राज.. ी लव यू दीदी में आपसे बहुत प्यार करता हु..
और ये कहकर राज दीदी के चेहरे को चूमने लगता है....
राज... दीदी आप बहुत खूबसूरत हो
ी लव यू...
दीदी के चेहरे को चूमते हुए राज निचे गार्डन तक पहुंच चूका था..
आराधना का रोम रोम अपने भाई के प्यार में मचलने लगता है..
दीदी के जिस्म पर अपने होंठ ऐसे चला रहा था जैसे दीदी के जिस्म पर सेहद लगा हो और राज उससे चाट रहा हो ...
आराधना अपनी आँखे बंद किये मस्ती भरी सिसकारियां लेने लगती है...
Aaradhna.....offffffffoooo भाई एआईईएसस ससससीई आआअह्ह्ह्हह ोूह सस्सिरीटीए
राज बड़े hi आहिस्ता से चूचियों को अपने हाथो में लेकर बढ़ाने लगता है...
उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ आराधना का बहुत बुरा हॉल हो जाता है उसकी सिसकारियां और भी कामुक हो जाती है...
आराधना... आआअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह ससससससीई ीिस्स्सह्ह्ह्ह ीीःहःहःहः
अपनी दीदी की हालत देखकर राज का लूँ भी बुरी तरह अकड़कर खड़ा हो जाता है.. और सीधा दीदी की छूट टटोलने लगता hai..jese अभी दीदी की सलवार पहाड़ कर अंदर घुसने वाला हो....
दीदी की छूट का हॉल भी बिलकुल राज के लैंड जैसा हो जाता है..
आराधना अपने हाथ को राज की कमर पर लेट हुए निचे दबाने लगती है.. जैसे वह राज को बताना छह रही हो
की भाई अब जल्दी से अपना लैंड छूट में दाल दो...
आराधना... आअह्ह्ह्ह भईईई प्लीज कुछःह करूऊऊ नाआआआ
राज अपनी दीदी के अंदर चुदाई की तड़प देखता है. कैसे उसकी दीदी अपनी कुंवारी छूट में लैंड लेने के लिए मचल रही थी..
मगर राज दीदी की छूट की प्यास बड़े hi प्यार से बुझाना चाहता था...
और राज अपनी दीदी की सलवार का नाडा खोलते हुए अपनी उँगलियाँ दीदी के पेट पर बड़े hi सेंसुअल स्टाइल में आहिस्ता आहिस्ता फेरने लगता hai..jisse आराधना पूरी तरह मदहोश होने लगती है उसकी छूट गीली होकर अपना पानी छोड़ने लगती है..
Aaradhna....ahhhh ओह्ह्ह्हह सीई ुह्ह्ह्ह ये तुम क्या कर रहे हो बस करो मुझे कुछ हो रहा है ....
मगर राज पर दीदी की बातो का कोई असर नहीं होता बल्कि इस बार हाथ की जगह अपनी झीभ दीदी के पेट पर पहरने लगता है ...
और जैसे hi राज जीभ से दीदी की नॉविल को छत्ता hai..didi तो मचल hi उठती है लगता है जैसे उनका जिस्म हवा में उड़ने लगा हो..
अगले पल राज दीदी की सलवार को भी उनके जिस्म से अलग कर देता hai..didi पूरी तरह नंगी हो जाती है..
राज जल्दी जल्दी अपने भी कपडे उतर
दीदी के ऊपर आ जाता है..
जिससे राज का खड़ा लैंड सीधा दीदी की छूट पैर आ जाता है....
आराधना ko.lagta है जैसे अब उसकी छूट काली से फूल बनने वाली है..
दीदी के ऊपर नंगा लेता राज अपने होंठ फिर से दीदी के निप्पल से लगा देता है और बरी बरी दोनों निप्पलों को चूसने लगता है ....
मगर अब दीदी से और सब्र नहीं हो रहा था आराधना अपने भाई की कमर पर नाख़ून गाड़ते हुए राज को अपनी छूट पर दबाने लगती है..
जिससे राज का लैंड दीदी की छूट की फैंको में फसने लगता है...
आराधना को अपनी छूट में दर्द सा महसूस होता है...
आराधना... aaaiiiiiiiiiii
राज को मालूम था पहली बार चुदाई करवाना इतना आसान नहीं होता...
और राज निचे आते हुए दीदी की छूट को देखता hai..didi की छूट लगातार पानी छोड़ते हुए बुरी तरह गीली हो चुकी थी...
राज एक दम निचे झुकते हुए अपने होंठ दीदी की गीली छूट से लगा देता है.. आराधना जल बिन मछली की तरह तड़प जाती है...
आराधना... आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सससससीईईई uuuuufffffffffff.
जैसे जैसे राज झीभ से दीदी की छूट को छत्ते हुए फैंको में चला रहा tha..wese hi आराधना का जिस्म हवा में उछलकर झीभ को अपने अंदर लेने लगता है...
आराधना... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
कुछ hi देर में आराधना का जिस्म अकड़ने लगता है जैसे उसके जिस्म से कोई लावा बहार निकलने वाला है...
आराधना अपने भाई के बालो को खींचती हुई अपनी छूट पर दबाने लगती है...
आराधना.... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह sssseeeeeeeeeeee
और अगले hi पल आराधना की सांसे ठंडी पड़ती चली जाती है..
आराधना की छूट से ज्वालामुखी फूट चूका था जिसे राज अपने अंदर
समां लेता है...
आराधना बेजान सी होकर लुढ़क जाती है...