JAWANI KI AAG (Completed) - Page 5 - SexBaba
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JAWANI KI AAG (Completed)

राज भागते हुए जैसे hi टूबवेल पर पहुँचता है आराधना घुसकर कुण्डी लगा लेती है...

राज.. दीदी दरवाज़ा खोलो न कुण्डी क्यों लगाई आपने...

आराधना.. तुम मुझे काटोगे

राज.. उफ्फ्फ दीदी क्यों सत्ता रही हो अपने भाई को प्लीज दरवाज़ा खोलो..

आराधना.. पहले प्रॉमिसेस करो काटोगे तो नहीं..

अब आगे...

अपडेट....40...

कुछ देर पहले दीदी को किश करते हुए राज का लैंड पूरी तरह खड़ा होकर अपने पुरे शबाब पर आ चूका था..

मगर इस वक़्त दीदी की सररत राज की जान लेने लगती है..

राज टूबवेल के बहार खड़ा होकर

अपनी दीदी से दरवाज़ा खोलने की मिन्नत कर रहा था...

राज.. प्लीज दीदी क्यों तंग कर रही हो अंदर आने दो न देखो कैसे बहार खड़ा हु ...

अपने भाई की रिक्वेस्ट भरी आवाज़ सुनकर आराधना का दिल पिघल जाता है और अगले पल आराधना टूबवेल का दरवाज़ा खोल देती है..

मगर जैसे hi टूबवेल का दरवाज़ा खुलता है राज अंदर घुसते hi अपनी दीदी को गॉड में उठा लेता है..

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और जानवरो जैसा विहेवार करने लगता hai..raj ने दीदी को अपनी बांहो में बहुत तेज़ जकड़ा हुआ था ...

जिससे आराधना कसमसा जाती है...

आराधना... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई आराम से...

मगर राज पर तो अपने लैंड का जोश चढ़ चूका था दीदी के बूब्स को अपने हाथो में बुरी तरह मचलने लगता hai..aaradhna की दर्द भरी सिसकी निकल जाती है....

आराधना... आअह्ह्ह्ह भाई ससीई ऊऊओह्ह्ह्हह्ह ऊऊफफफफफफ एआरएम से दर्द होता है....

राज.. बहुत तंग कर रही थी न अब बताता हु ये बन्दर कैसे कट्टा है..

और राज अपनी दीदी को धकेलते हुए निचे गद्दे पर गिरा देता है...

आराधना... आआअह्हह्ह्ह्हह भाई क्या कर रहे हो उफ्फफ्फ्फ़ आराम से भी तो कर सकते हो में कही भागी नहीं जा रही...

राज दीदी के ऊपर आते हुए उनकी कमीज उतर फेंकता है और दीदी की नंगी चूचियों को डिबेट हुए अपने होंठ दीदी के होंटो से लगा देता है...

Aaradhna....aahhhssseeeeee ऊह्ह्ह्ह सससससीईए उउउउउउम्म

आराधना के जिस्म में भी आग लगी हुई thi.raj का खड़ा लैंड सलवार के ऊपर से उसकी छूट पर चुभ रहा tha..kuch hi पालो में आराधना को भी अपने भाई की हरकतों में मज़ा आने लगता है..

आराधना की गीली छूट अपने भाई का लैंड लेने की कल्पना करने लगती है..

और अगले पल आराधना खुद को अपने भाई की बांहो में निढाल छोड़कर अपनी आँखे बंद कर लेती है.. जैसे कह रही हो की आओ भाई मेरी छूट की प्यास को अपने खड़े लैंड से बुझा दो...

दीदी को अचानक एक दम निढाल देखकर राज का मन भी बदल जाता है..

राज अपनी दीदी के चेहरे को देखता है जो आँखे बंद किये बहुत प्यारी मासूम सी गुड़िया जैसी लग रही थी..

राज को एक पल में अपनी दीदी से प्यार हो जाता है. उफ्फ्फ ये में दीदी के साथ किया कर रहा tha..raj को अपनी गलती का अहसास होता hai..apne खड़े लैंड के चक्कर में वह दीदी से कैसे जानवरो जैसा विहेवार कर रहा था....

राज अपने हाथ दीदी के मासूम चेहरे पर बड़े प्यार से फेरते हुए....

राज.. सॉरी दीदी मुझे आपके साथ बंदरो जैसा विहेवार नहीं करना चाहिए था...

आराधना अपनी आँखे खोलकर मुस्कुराते हुए राज की तरफ देखती है..

आराधना... ी लव यू भाई

राज.. ी लव यू दीदी में आपसे बहुत प्यार करता हु..

और ये कहकर राज दीदी के चेहरे को चूमने लगता है....

राज... दीदी आप बहुत खूबसूरत हो

ी लव यू...

दीदी के चेहरे को चूमते हुए राज निचे गार्डन तक पहुंच चूका था..

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आराधना का रोम रोम अपने भाई के प्यार में मचलने लगता है..

दीदी के जिस्म पर अपने होंठ ऐसे चला रहा था जैसे दीदी के जिस्म पर सेहद लगा हो और राज उससे चाट रहा हो ...

आराधना अपनी आँखे बंद किये मस्ती भरी सिसकारियां लेने लगती है...

Aaradhna.....offffffffoooo भाई एआईईएसस ससससीई आआअह्ह्ह्हह ोूह सस्सिरीटीए

राज बड़े hi आहिस्ता से चूचियों को अपने हाथो में लेकर बढ़ाने लगता है...

उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ आराधना का बहुत बुरा हॉल हो जाता है उसकी सिसकारियां और भी कामुक हो जाती है...

आराधना... आआअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह ससससससीई ीिस्स्सह्ह्ह्ह ीीःहःहःहः

अपनी दीदी की हालत देखकर राज का लूँ भी बुरी तरह अकड़कर खड़ा हो जाता है.. और सीधा दीदी की छूट टटोलने लगता hai..jese अभी दीदी की सलवार पहाड़ कर अंदर घुसने वाला हो....

दीदी की छूट का हॉल भी बिलकुल राज के लैंड जैसा हो जाता है..

आराधना अपने हाथ को राज की कमर पर लेट हुए निचे दबाने लगती है.. जैसे वह राज को बताना छह रही हो

की भाई अब जल्दी से अपना लैंड छूट में दाल दो...

आराधना... आअह्ह्ह्ह भईईई प्लीज कुछःह करूऊऊ नाआआआ

राज अपनी दीदी के अंदर चुदाई की तड़प देखता है. कैसे उसकी दीदी अपनी कुंवारी छूट में लैंड लेने के लिए मचल रही थी..

मगर राज दीदी की छूट की प्यास बड़े hi प्यार से बुझाना चाहता था...

और राज अपनी दीदी की सलवार का नाडा खोलते हुए अपनी उँगलियाँ दीदी के पेट पर बड़े hi सेंसुअल स्टाइल में आहिस्ता आहिस्ता फेरने लगता hai..jisse आराधना पूरी तरह मदहोश होने लगती है उसकी छूट गीली होकर अपना पानी छोड़ने लगती है..

Aaradhna....ahhhh ओह्ह्ह्हह सीई ुह्ह्ह्ह ये तुम क्या कर रहे हो बस करो मुझे कुछ हो रहा है ....

मगर राज पर दीदी की बातो का कोई असर नहीं होता बल्कि इस बार हाथ की जगह अपनी झीभ दीदी के पेट पर पहरने लगता है ...

और जैसे hi राज जीभ से दीदी की नॉविल को छत्ता hai..didi तो मचल hi उठती है लगता है जैसे उनका जिस्म हवा में उड़ने लगा हो..

अगले पल राज दीदी की सलवार को भी उनके जिस्म से अलग कर देता hai..didi पूरी तरह नंगी हो जाती है..

राज जल्दी जल्दी अपने भी कपडे उतर

दीदी के ऊपर आ जाता है..

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जिससे राज का खड़ा लैंड सीधा दीदी की छूट पैर आ जाता है....

आराधना ko.lagta है जैसे अब उसकी छूट काली से फूल बनने वाली है..

दीदी के ऊपर नंगा लेता राज अपने होंठ फिर से दीदी के निप्पल से लगा देता है और बरी बरी दोनों निप्पलों को चूसने लगता है ....

मगर अब दीदी से और सब्र नहीं हो रहा था आराधना अपने भाई की कमर पर नाख़ून गाड़ते हुए राज को अपनी छूट पर दबाने लगती है..

जिससे राज का लैंड दीदी की छूट की फैंको में फसने लगता है...

आराधना को अपनी छूट में दर्द सा महसूस होता है...

आराधना... aaaiiiiiiiiiii

राज को मालूम था पहली बार चुदाई करवाना इतना आसान नहीं होता...

और राज निचे आते हुए दीदी की छूट को देखता hai..didi की छूट लगातार पानी छोड़ते हुए बुरी तरह गीली हो चुकी थी...

राज एक दम निचे झुकते हुए अपने होंठ दीदी की गीली छूट से लगा देता है.. आराधना जल बिन मछली की तरह तड़प जाती है...

आराधना... आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सससससीईईई uuuuufffffffffff.

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जैसे जैसे राज झीभ से दीदी की छूट को छत्ते हुए फैंको में चला रहा tha..wese hi आराधना का जिस्म हवा में उछलकर झीभ को अपने अंदर लेने लगता है...

आराधना... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

कुछ hi देर में आराधना का जिस्म अकड़ने लगता है जैसे उसके जिस्म से कोई लावा बहार निकलने वाला है...

आराधना अपने भाई के बालो को खींचती हुई अपनी छूट पर दबाने लगती है...

आराधना.... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह sssseeeeeeeeeeee

और अगले hi पल आराधना की सांसे ठंडी पड़ती चली जाती है..

आराधना की छूट से ज्वालामुखी फूट चूका था जिसे राज अपने अंदर

समां लेता है...

आराधना बेजान सी होकर लुढ़क जाती है...
 
और अगले hi पल आराधना की सांसे ठंडी पड़ती चली जाती है..

आराधना की छूट से ज्वालामुखी फूट चूका था जिसे राज अपने अंदर

समां लेता है...

आराधना बेजान सी होकर लुढ़क जाती है...

अब आगे......

अपडेट....41....

आराधना झड़ने के बाद अपनी आँखे बंद किये लेती thi..raj भी निचे से सरकते हुए अपनी दीदी के ऊपर आ जाता है....

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राज का खड़ा लैंड सीधा दीदी की छूट में फसने लगता hai..raj प्यार से अपनी दीदी के चेहरे को सहलाते हुए...

राज... केसा लगा दीदी आपको मेरा प्यार करना...

आराधना अपनी आँखे खोलकर राज की आँखों में देखती है और बस मुस्कुराने लगती है...

राज.. बोलो न दीदी

आराधना.. बहुत अच्छा लगा भाई..

राज.. सुच सच्ची में

आराधना.. हम्म्म मगर भाई में तो इससे आगे तक का सोचने लगी थी..

राज अपनी दीदी की बात का मतलब समझ जाता है की दीदी आज उससे छुड़वाने तक का सोच रही है...

राज.. दीदी मेरा दिल भी आपके साथ सब कुछ करना चाहता है..

आराधना.. तो करो न भाई में कब से तुम्हारे मिलान के लिए तड़प रही हु..

मगर राज को जाने क्या हो जाता है..

दीदी की छूट के ऊपर खड़ा लैंड होने के बावजूद

राज चुदाई छोड़कर गण गाने लगता है...

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राज.. धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना hai..had से गुज़र जाना है...

राज के मुँह से प्यार भरा गण सुनकर आराधना भी मुस्कुराती हुई राज का साथ देने लगती है...

aaradhna..mujhe बस तुझसे दिल लगाना hai..had से गुज़र जाना है..

Raj..aisi ज़िन्दगी होगी हर तरफ ख़ुशी होगी

इतना प्यार दूँगा तुझे ै मेरे सनम

aaradhna..Ab न कोई गम होगा न ये प्यार काम hoga..Saathi मेरे मुझको तेरे सर की है कसम

Raj...Ek दूजे को आज़माना है

हद से गुज़र जाना है

धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है

हद से गुज़र जाना है

मैं अकेला क्या करता

ऐसे hi आहे भरता

तेरे प्यार के लिए तड़पता उम्र भर

Aaradhna..Jaane क्या मैं कर जाती

यूं तड़प के मारा जाती

बिन तेरे भला कैसे काटता ये सफर

तेरे लिए मर के भी दिखाना है

हद से गुज़र जाना है

धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है

हद से गुज़र जाना है

Raj..Tera चाँद सा मुखड़ा

तू जिगर का है टुकड़ा

तू हमारे सपनो की झील का कँवल

Aaradhna..Jaan से तू है प्यारा

आँखों का तू है तारा

बिन तेरे जियेंगे अब हम न एक पल

सब कुछ तुझपे hi लुटाना है

हद से गुज़र जाना है

Raj...Dheere धीरे प्यार को बढ़ाना है

हद से गुज़र जाना है

मुझे बस तुझसे दिल लगाना है

हद से गुज़र जाना है

हो हद से गुज़र जाना है

है हद से गुज़र जाना है.....

दोनों भाई बहिन एक दूजे के ऊपर नंगे लेते प्यार का गीत गुनगुना रहे थे...

राज का अकड़ा लैंड बार बार दीदी की छूट से रगड़ रहा tha..jisse आराधना फिर से काफी गरम हो चुकी थी..

और आराधना बार बार अपनी छूट को ऊपर उठती हुई अपने भाई को इशारा कर रही thi..ki भाई प्लीज दाल दो न अपना लैंड छूट में क्यों तड़पा रहे हो.. राज दीदी का इशारा समझ चूका था मगर राज को मालूम था दीदी की छूट अभी कुंवारी है पहली बार छुड़वाने में उन्हें कितनी तकलीफ होने वाली है...

राज को अचानक अपनी दीदी से इतनी मोह्हबत हो जाती hai..ki उनको घायल करने के बारे में सोचते हुए hi राज को तकलीफ हो रही थी..

राज.. दीदी ब्लोजॉब करोगी

aaradhna..blowjob में कुछ समझी नहीं भाई..

राज दीदी के ऊपर से उठता है जिससे राज का खड़ा लैंड दीदी के चेहरे के करीब आ जाता है...

आराधना अपने भाई के ऐसा करने से ब्लोजॉब का मतलब समझ जाती है..

राज.. मेरा लैंड चुसोगी दीदी..

आराधना मुस्कुराती हुई अपने भाई को छेड़ती है..

आराधना.. क्या बात है भाई तुम्हे सेक्स का बड़ा ज्ञान है.. कही सेहर में कोई मिल तो नहीं गई...

राज.. किसी बाते करती हो दीदी इसका ज्ञान तो मुझे मोबाइल से हुआ है...

आराधना.. अच्छा ग

और अगले पल आराधना बिना कुछ कहे अपना मुँह खोलकर राज का लैंड अपने मुँह में ले लेती है...

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राज को अपने लैंड पर बर्फ सी ठंडक का अहसास हो जाता है...

राज... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह ससीईए उफ्फ्फ diiiddddiiiiìiii

राज मस्ती के सागर में गोटे खाने लगता है...

आराधना पहली बार किसी के लैंड को कुश रही thi..magar अपने पापा को कई बार अपना लैंड चुसवाते देख चुकी थी....

राज का लैंड पहले से काफी अकड़ा हुआ था दीदी के मुँह में जाकर तो राज अपना कण्ट्रोल खोने लगता hai..use लगता है कुछ hi पालो में उसका लैंड अपना पानी छोड़ने वाला है...

मगर तभी राज का मोबाइल बज उठता है...

राज... आआह्ह्ह्ह सस्सी उफ्फ्फ कम्बखत इस वक़्त किसका फ़ोन आ गया...

इस स्टेज पर आकर राज को अपना लैंड दीदी के मुँह से निकलना नामुमकिन था..

और राज जल्दी जल्दी अपने लैंड को दीदी के मुँह में अंदर बहार करने लगता है....

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जिससे कुछ hi पालो में राज का लैंड पुरे चार्म पर आ जाता है..

राज के झटको से दीदी का हफ्ते हुए बुरा हाल हो जाता है..

और जैसे hi राज को लगता है उसका लैंड पानी छोड़ने वाला है वह एक दम दीदी के मुँह से अपना लैंड बहार खींच लेता hai..land से एक के बाद एक कई पिचकारी छूटने लगती है..

राज.. ाःह आअह्ह्ह आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आआह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह

आराधना अपने भाई को झड़ते हुए देख रही थी...

राज झड़ने के कुछ देर बाद अपना मोबाइल उठाकर देखता है.. पापा की 3 मिस्ड कॉल हो चुकी थी...

राज... पापा का फ़ोन है..

और राज इधर से फ़ोन मिलता है...

राज.. hello पापा

अजय... बीटा कहा हो में कब से फ़ोन मिला रहा हु...

राज.. वह पापा मेरा फ़ोन साइलेंट हो गया था..

अजय.. में ये कह रहा था बीटा की में और सुमन तेरी नानी में यहाँ जा रहे है. तुम जल्दी घर आ जाओ..

राज... ग पापा..

राज जैसे hi फ़ोन रखता है..

aaradhna..kya हुआ भाई..

राज मुस्कुराते हुए

राज.. मम्मी पापा नानी के यहाँ जा रहे है..

आराधना.. तो भाई इसमें इतना

मुस्कुराने की क्या बात है..

राज.. क्युकी आज घर पर हमारी सुहागरात जो बनने वाली है..

आराधना.. सुहागरात तो शादी के बाद बनाई जाती है..

राज.. दीदी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो और में साडी ज़िन्दगी आपके साथ गुजरना चाहता हु..

आराधना अपने भाई की बात सुनकर चंक जाती है..

aaradhna...kyaaa हम भाई बहिन ज़िन्दगी भर कैसे साथ रह सकते है..

राज.. दीदी मुझे आपसे प्यार हो गया hai.or में आपसे शादी करना चाहता हु...

आराधना.. भाई तुम बिलकुल पागल हो गे हो..

राज... दीदी क्या तुम नहीं करती मुझसे प्यार...

अपने भाई की बात सुनकर आराधना निचे पड़े अपने कपडे उठाते हुए....

आराधना.. भाई में भी तुमसे बहुत प्यार करती हु

मगर हम ज़िन्दगी भर साथ नहीं रह सकते....

राज अपनी दीदी का बाजु पकड़ते हुए आराधना को अपनी तरफ खींचता है...

राज.. क्यों नहीं रह सकते

आराधना.. हमारा रिश्ता भाई बहिन का है इसलिए...

ये कहकर आराधना अपने कपडे पहनने लगती है...

दीदी की बात सुनकर राज बूत सा बना खड़ा का खड़ा रह जाता है...

आराधना अपने कपडे पहनकर...

आराधना.. भाई जल्दी से कपडे पहन लो देर हो रही है....
 
आराधना.. हमारा रिश्ता भाई बहिन का है इसलिए...

ये कहकर आराधना अपने कपडे पहनने लगती है...

दीदी की बात सुनकर राज बूत सा बना खड़ा का खड़ा रह जाता है...

आराधना अपने कपडे पहनकर...

आराधना.. भाई जल्दी से कपडे पहन लो देर हो रही है....

अब आगे......

....अपडेट....42.....

आराधना अपने कपडे पहन चुकी थी.. मगर राज अभी तक अपनी दीदी के सामने चेहरा लटके नंगा खड़ा tha...uska लैंड भी झड़ने के बाद बिलकुल छुवारे जैसा हो गया था..

आराधना अपने भाई के लैंड को देखकर हसने लगती है..

आराधना.. hi hi hi भाई तुम्हारी तरह इसका चेहरा भी उतरा हुआ है...

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राज.. आपको हसी आ रही है और मेरी जान निकल रही है जब में मर जाऊंगा तब खूब हसना...

अपने भाई की बात सुनकर आराधना का दिल भर आता hai...or आगे बढ़कर आराधना अपने भाई को गले से लगा लेती है...

आराधना.. फिर कभी मरने की बात मत करना तुमसे पहले मेरी जान निकल जैगी..

Raj...I लव यू दीदी

आराधना.. भाई क्या हमारे प्यार को दुनिया वाले समझ पैंगे....

राज.. दीदी में आपको दुनिया वालो से दूर ऐसी जगह लेका जाऊंगा जहा हम दोनों के सिवा कोई न होगा. बस प्यार hi प्यार करेंगे वह...

aaradhna..achcha ग इतना प्यार करते हो मुझसे..

राज.. मुझे कितना प्यार है तुमसे

अपने hi दिल से पूछो तुम

जिससे दिल दिया है वह तुम हो

मेरी ज़िन्दगी तुम्हारी है...

आराधना.. ुये होये क्या बात है मेरा भाई शायर भी बन गया..

राज.. आपके प्यार ने मुझको शायर बना diya..didi बोलो मेरे साथ ज़िन्दगी भर साथ रहोगी न ...

आराधना भी अपने प्यार का इजहार राज से शायराना अंदाज़ में hi करती है..

आराधना.... एहसास नहीं तुझको मैं प्यार करू kitna..kar दूंगी तुझे पागल चाहूंगी सनम इतना..

दामन न कभी छूटे तोड़े न कभी tuute..Jo रिश्ता जुड़े एक बार

मर्डर भी गई तोह मैं तुझे करती रहूंगी प्यार.. ी लव यू ी लव यू...

राज.. सातो जनम में तुझे करता रहूँगा pyar..mar भी गया तो में तुझे करता रहूँगा प्यार...

aaradhna..sapana समझके भूल न जाना ो दिलवाले साथ निभाना

साथ निभाना दिलदार...

राज.. सातों जनम में तेरे मैं साथ रहूँगा यार

मर्डर भी गया तोह मैं तुझे करता रहूँगा प्यार

aaradhna..I लव यू ी लव यू ी लव यू ी लव यू

दीदी ने अपने प्यार का इक़रार कर दिया था..

और इक़रार करते hi राज दीदी को अपनी पत्नी के रूप में देखने लगता है..

और दीदी को अपनी बांहो में जकड़ते हुए बेतहाशा चूमने लगता है..

राज.. ओह्ह दीदी तुम नहीं जानती तुमने मुझे कितनी बड़ी ख़ुशी दी है..

और ये कहकर राज अपने होंठ दीदी के रसीले होंटो से लगा लेता है..

आराधना भी अपने भाई का प्यार देखकर अपने होंठ खोल देती है..

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दोनों भाई बहिन एक दूसरे की झीभ को चूसने लगते है..

राज अभी भी बिलकुल नंगा अपनी दीदी की बांहो में tha..jisse राज का लैंड फिर से अकड़कर खड़ा हो जाता है और सीधा दीदी की छूट में ठोकर मरने लगता hai.....kiss करते करते राज अपना हाथ दीदी के जिस्म पर चलने लगता जिससे आराधना का जिस्म भी गरम हो जाता है...

आराधना के मुँह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगती है...

aaradhna...aaaaahhhhhhhh oooohhhhhhhhhhhhhhh स्स्स्सस्स्स्सीीीीे एआईएसस्सस्स्स्स

ऐसा लग रहा था जैसे आज टूबवेल के अंदर दो जिस्मो का संगम होने वाला है... मगर जैसे hi राज अपने हाथ दीदी की सलवार में डालकर छूट को सहलाता है.

आराधना राज का हाथ पकड़ लेती है..

आराधना.. आअह्ह्ह्ह ससीईए भाई क्या कर रहे हो घर नहीं चलना क्या मम्मी पापा आआह्ह्ह्ह हमारा इंतज़ार कर रहे होंगे...

आराधना की छूट भी गीली हो चुकी थी...

राज.. दीदी प्लीज मत रोक्को मुझे आज ग भर कर प्यार करने दो..

और इतना कहकर राज अपनी ऊँगली दीदी की गीली छूट में गुसा देता है..

आराधना दर्द से कुलमुला जाती है...

आराधना... आइइइइइइइइइ सस्सी ऊऊफफफफफ भैई छोड़ो मुझे बाकि प्यार मम्मी पापा के जाने के बाद घर पर कर लेना....

दीदी की बात सुनकर राज फिर से खुश हो जाता है...

राज... क्या आप सुच कह रही हो दीदी

आराधना... है भाई मेरा दिल भी तुम्हारे साथ सुहागरात मानना चाहता है...

राज.. ये बात है तो चलो दीदी..

राज की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था

उसे भी लगने लगा था आज दीदी के साथ उसकी सुहागरात बनने वाली है..

राज अपने कपडे पहन कर दीदी के साथ मुस्कुराते हुए घर के लिए निकल जाता है...

घर पहुंच कर दोनों देखते है मम्मी पापा नानी के यहाँ जाने के लिए तैयार हो चुके थे...

राज.. मम्मी अचानक नानी के यहाँ जाने का प्रोग्राम कैसे बना लिया आपने..

सुमन.. अरे बीटा कल तेरे मां का फ़ोन आया था उन्होंने तेरे लिए कोई लड़की पसंद की है वही देखने जा रहे है.....

राज.. क्याआ मम्मी एक बार मुझसे तो पूछ लिया होता...

अजय.. अरे बीटा इसमें पूछने वाली क्या बात है लड़की देखने जा रहे है तुम्हे पसंद आ जय तब है बोल देना..

सुमन.. आराधना बीटा तुम भी चलो हमारे साथ...

दीदी को साथ ले जाने की बात सुनकर राज के तो जैसे सरे अरमान टूट जाते है..

आराधना भी अपने भाई की हालत समझ जाती है...

आराधना.. मम्मी मेरा मन नहीं है जाने का आप काजल को अपने साथ ले जाओ न...

आराधना की बात सुनकर सुमन बिगड़ जाती है..

सुमन.. तेरे मन को क्या हो गया अब

वह कोई हसने थोड़े जा रहे है.. जेक बोल काजल को जल्दी से तैयार हो जय...

आराधना अपने चेहरे की ख़ुशी छुपाते हुए वह से उठकर काजल को देखने कमरे में पहुँचती है...

मम्मी पापा के साथ काजल के जाने की खबर राज को गड गड कर रही थी.. सुहागरात मानाने के सरे रस्ते क्लियर जो होते जा रहे थे...

आराधना काजल के पास कमरे में पहुँचती है काजल इस वक़्त बैठती हुई बधाई कर रही थी...

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आराधना... काजल तुम्हे मम्मी अपने साथ नानी के यहाँ ले जाने की बोल रही है..

काजल.. क्या उन्हें पता नहीं कल मेरा स्कूल में एग्जाम है..

आराधना.. ओह्ह

kajal..aap क्यों नहीं चली जाती उनके सेठ..

काजल का जवाब सुनकर जैसे आराधना के सरे सपने बिखर जाते है..

आराधना.. (ओह्ह्ह्हह गुड अब में क्या करू)

आराधना बुझे मन से वापस अपनी मम्मी के पास पहुँचती है और उन्हें काजल के एग्जाम में बारे में बताती है...

मम्मी फिर से आराधना को अपने साथ

चलने को बोलती है..

सुमन.. एक दिन की तो बात है तू चल हमारे साथ...

इस बार आराधना से मन करने की हिम्मत नहीं हो पति और आराधना बुझे मन से तैयार होकर नानी के यहाँ चली जाती है..

बेचारे राज ने दीदी के साथ जाने क्या क्या सपने संजो लिए the..didi के जाने का राज को इतना सदमा पहुँचता है की उसका सर दर्द से फटने लगता है...

और राज रूम में जाकर लेट जाता है..

राज अपनी किस्मत को रो रहा tha..pata नहीं

दीदी के साथ फिर कब उसका मिलान होगा..

कुछ देर बाद काजल अपनी पढाई करके भैया के पास आती है..

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भैया को ऐसे लेता देखकर..

काजल.. क्या हुआ भैया ऐसे क्यों लेते हो तबियत तो ठीक है आपकी

राज.. ओह्ह है बस थोड़ा सर में दर्द हो गया..

काजल.. क्या में आपका सर दबा दू भैया..
 
कुछ देर बाद काजल अपनी पढाई करके भैया के पास आती है..

भैया को ऐसे लेता देखकर..

काजल.. क्या हुआ भैया ऐसे क्यों लेते हो तबियत तो ठीक है आपकी

राज.. ओह्ह है बस थोड़ा सर में दर्द हो गया..

kajal..kya में आपका सर दबा दू भैया..

अब आगे....

अपडेट....43.....

इससे पहले की राज कुछ बोलता काजल अपने भैया के बिस्टेर पर चढ़ जाती है...

राज काजल को सर दबाने के लिए मन करता है..

राज.. अरे काजल क्यों परेशां होती है रहने दे में ठीक हु..

मगर काजल कहा मैंने वाली थी अपने हाथो से राज का माथा दबाते हुए...

Kajal..bhaiya इसमें परेशानी वाली क्या बात ये तो मेरा फ़र्ज़ है. देखना कैसे दो मिनट में आपका दर्द छूमंतर होता है...

और काजल आहिस्ता आहिस्ता अपने हाथो से भैया का सर दबाने लगती है...

काजल ने इस वक़्त गले में दुपट्टा नहीं पहना था जिससे काजल की चूचियों पर राज की नज़रे टकरा जाती है...

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काजल के गले से बहार निकलती चूचियां देखकर राज के दिमाग से अपनी दीदी का ख्याल निकल जाता है.. और राज एक तुक अपनी नज़रे बस काजल की चूचियों पर लगा देता है...

सर दबाते हुए काजल की चूचियां भी स्पिरिंग की तरह जंपिंग कर रही थी..

जिन्हे देखकर राज का दिल डामाडोल हो रहा था..

काजल अपने भैया की नज़रो से अनजान सर दबाने में लगी हुई थी...

और सर दबाते दबाते भैया से पूछती है..

काजल.. अब केसा महसूस हो रहा है भैया..

Raj...aa है काजल बहुत अच्छा लग रहा है.. तुम्हारे हाथो के जादू ने मेरे सर दर्द वाक़ई छूमंतर कर दिया...

कुछ देर यु hi भैया का सर दबाने के बाद काजल वह से उठकर किचिन में खाना बनाने चली जाती है...

राज के सर दर्द पूरी तरह छूमंतर हो चूका था.. मगर अब उसको अपने लैंड में अकड़ाहट महसूस होने थी...

ये अकड़ाहट छोटी बहिन काजल की चूचियों को देखने से आई थी..

राज की समझ में नहीं आ रहा था की काजल के साथ कैसे ओपन होये...

राज अभी तक काजल को एक छोटी बच्ची hi समझता था इसलिए भी राज को झीखक सी हो रही थी..

राज अपने कमरे से निकलकर जैसे hi बहार आता है उसको काजल का मोबाइल टेबल पर रखा नज़र आ जाता है..

मोबाइल देखकर राज के अंदर जासूसी का कीड़ा जाग उठता है.. और मोबाइल उठा कर देखने लगता hai..magar मोबाइल में तो काजल ने पैटर्न लुक लगाया हुआ था..

राज वही बैठकर मोबाइल का लुक खोलने की कोशिश करने लगता है..

कभी ल बना कर तो कभी ु बनाकर

राज लुक खोलने की बहुत तरय करता है..

राज के कोशिश करने पर काजल के मोबाइल का पैटर्न लुक खुल जाता है...

राज के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है...

Raj..yaahhh

जैसे कोई ट्रॉफी जीत ली लो ..

राज फ़ौरन मोबाइल की गैलरी ओपन करके देखता है

गैलरी में राज को एक वीडियो फोल्डर नज़र आता है ..

जैसे hi राज उसमें से एक वीडियो प्ले करता है..

वीडियो में ब्लोजॉब वाली पोर्न मूवीज स्टार्ट हो जाती है..

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राज... ोुह्ह्हह्ह मययययय गुऑडडड क्या ये सब काजल देखती है..

राज को अपनी आँखों पर यक़ीन नहीं हो रहा tha..magar ये सब सुच था..

राज एक एक कर मोबाइल की साडी वीडियोस देखता है उसमें ज्यादातर मूवीज ब्लोजॉब वाली थी..

राज का दिमाग सुन्नन रह जाता hai..kajal को वह एक छोटी बच्ची समझता था..

मगर काजल तो अब बहुत बड़ी हो चुकी है...

राज काजल का मोबाइल वापस टेबल पर रख देता है..

रात को दोनों भाई बहिन साथ मिलकर खाना कहते है..

खाना कहते हुए भी राज बार बार काजल की तरफ hi देख रहा था और सोच रहा tha..kya वाक़ई हमारी काजल इतनी बड़ी हो चुकी hai..or राज काजल के साथ ओपन होने के बारे में सोचने लगता है...

खाना खाने के बाद काजल बर्तन उठा कर किचन में जाने लगती है..

राज.. काजल मेरे लिए काजू बादाम वाला दूध गरम कर देना...

काजल.. ग भैया

राज अपने रूम में जाकर बिना अंडरवियर के लोअर बनयान पहनता है..

और रूम में नाईट बल्ब जला कर बिस्टेर पर लेट जाता है..

रात के करीब 10.30 बजे काजल किचन का सारा काम निपटाकर अपने भैया के लिए काजू बादाम का दूध लिए कमरे में आती है..

काजल.. भैया सो गे क्या में आपके लिए दूध लेकर आई हु..

राज उठते हुए सरक कर काजल को बैठने की जगह देता है और काजल के हाथ से दूध का गिलास पकड़ लेता है..

राज.. बैठो काजल और सुनाओ तुम्हारी एग्जाम की तैयारी किसी चल रही है..

काजल.. एक दम फसक्लास चल रही है भैया देखना आपकी बहिन स्कूल में टॉप करेगा..

राज.. अरे वह फिर तो में तेरा भी एडमिशन सेहर के कॉलेज में करवा दूंगा..

भैया की बात सुनकर काजल का चेहरा खिल उठता है..

काजल.. सुच भैया

राज.. हम्म्म

राज दूध पीकर आधा गिलास काजल को पकड़ते हुए..

राज.. काजल ले थोड़ा दूध तू भी पि ले

काजल.. नहीं भैया आप पि लीजिये

राज.. मेरा झूठा है इसलिए नहीं पि रही

काजल.. किसी बात कर रहे हो भैया ये तो मैंने सोचा भी नहीं...

और काजल भैया के हाथ से दूध का गिलास पकड़ती हुई गटागट दूध पि जाती है..

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काजल दूध का खली गिलास लेकर जैसे hi उठने लगती है..

राज.. खा जा रही हो काजल आज अपने भैया के पास hi सो जाओ..

काजल.. भैया मेरे लेटने से आपको ठीक से आराम नहीं मिलेगा..

राज.. क्यों भला इतना बड़ा बीएड खली पड़ा है..

काजल.. अच्छा ठीक है भैया में अपने कपडे बदलकर आती हु...

और काजल दूध का खली गिलास लेकर कमरे से बहार चली जाती है..

और राज लेते हुए काजल के नंगे जिस्म को याद करने लगता है..

क्युकी कुछ देर बाद काजल उसके बराबर में लेटने वाली है.. सोचकर hi राज का लैंड झटके मरने लगता है...
 
काजल.. ठीक है भैया में अपने कपडे बदलकर आती हु...

काजल दूध का खली गिलास लेकर कमरे से बहार चली जाती है..

राज लेते हुए काजल के नंगे जिस्म को याद करने लगता है.. कुछ देर बाद काजल उसके बराबर में लेटने वाली है.. ये सोचकर hi राज का लैंड लोअर में झटके मरने लगता है...

अब आगे....

अपडेट....44.......

कुछ देर बाद काजल एक नाईट ड्रेस पहन कर कमरे में आती है..

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उफ्फ्फ क्या गजब की हॉट लग रही थी काजल

राज तो देखता का देखता रह जाता है...

Kajal..bhaiya दरवाज़ा लुक कर दू क्या

राज.. है कर दो

कजज कमरे का दरवाज़ा बंद करके जैसे hi बिस्टेर के पास आती है..

काजल का मोबाइल बज उठता है..

मम्मी का फ़ोन था..

काजल फ़ोन रिसीव करती है..

Kajal..hello

सुमन.. hello काजल

काजल.. ग मम्मी

सुमन.. क्या कर रही है खाना खा लिया तुमने

काजल.. ग मम्मी खाना खा लिया अब सोने ली तैयारी कर रही हु..

Suman..kajal किचन में दूध खुला मत छोड़ना और सरे दरवाज़े ठीक से बंद कर लेना और है अपने भैया को भी दूध जरूर पीला देना..

काजल.. ग मम्मी ठीक है..

काजल अपना मोबाइल बाद के सिरयाणे रखती हुई अपने भैया के बराबर में लेट जाती है..

राज भी काजल की तरफ करवट बदलते हुए..

राज.. क्या कह रही थी मम्मी

काजल... कुछ नहीं बस बोल रही थी घर के सब दरवाज़ा ठीक से बंद करके सोना..

और आपको दूध भी पीला देना..

काजल मुस्कुराते हुए अपने भैया से कहती है..

राज भी मुस्कुरा कर काजल के साइन की तरफ देखता hai...or मन hi मन काजल का ताज़ा दूध पिने की चाहत करने लगता है...

राज.. मम्मी बहुत अच्छी है हमारी कितनी फ़िक्र करती है...

काजल.. है भैया

दोनों भाई बहिन बिस्टेर पर लेते एक दूसरे की आँखों में देखते हुए बाते कर रहे थे..

राज.. काजल एक बात पुछु तुमसे..

काजल.. ग भैया पूछिए..

Raj..tum अकेली क्यों सोती हो दीदी के साथ क्यों नहीं सोती...

kajal..woh भैया में रात को पढाई करती हु न इसलिए अकेली सो जाती हु..

राज.. मगर आराधना दीदी तो तुम्हारे बारे में कुछ और hi बोल रही थी..

काजल चौंकती हुई अपनी आँखे बड़ी करके पूछती है ...

काजल.. क्या कह रही थी दीदी...

राज.. तुम मोबाइल में फिर से गन्दी गन्दी वीडियो देखती हो..

काजल.. ऐसा कुछ नहीं है भैया दीदी झूट बोल रही है ..

काजल की बात सुनकर राज मुस्कुराते हुए काजल के चेहरे पर हाथ फेरने लगता है..

राज.. में भी तो दीदी से एहि बोल रहा था हमारी काजल पढाई की वजह से दूसरे कमरे में सोती है...

काजल ko.lagta है भैया को उसकी बातो पर यक़ीन आ गया मगर तभी राज बाद पर रक्खा काजल का मोबाइल अपने हाथो में उठा लेता है..

इससे पहले काजल कुछ समझ पति राज मोबाइल का पैटर्न लुक खोलकर वीडियो गैलरी ओपन कर देता है...

ये देखकर काजल का रंग उड़द जाता है..

भैया ने उसके मोबाइल का पैटर्न लुक कैसे खुल लिया...

राज एक वीडियो ओपन करके काजल को दिखता है..

राज.. काजल ये सब क्या है..

मोबाइल में एक लड़की ब्लोजॉब कर रही थी..

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ओह्ह मयययय गुऑडडड काजल के पेरो टेल ज़मीन खिसक जाती है...

काजल.. वह भैया वह में में वह

काजल की तो जैसे आवाज़ hi बंद हो जाती है..

राज काजल को ऐसे सकपकाते देखकर मोबाइल बंद करके वापस बाद पर रख देता है और काजल को समझने लगता है...

राज.. काजल तुम ये सब मोबाइल में देखती हो...

काजल.. सॉरी भैया..

राज खिसकते हुए काजल से काफी चिपक चूका tha..jisse बिना अंडरवियर के राज का खड़ा लैंड काजल की टैंगो से रगड़ खाने लगता है...

राज के अंदर वासना की आग लगातार बढ़ती जा रही थी...

और एहि आग काजल के अंदर भड़काने के लिए राज हिम्मत करके काजल से पूछता है...

राज.. काजल ये सब देखकर तुम्हारा मन भी तो करता होगा सेक्स करने को..

भैया की बात सुनकर काजल सरम से पानी पानी हो जाती है..

और राज अपने हाथ काजल की कमर में डालते हुए आहिस्ता आहिस्ता सहलाने लगता है...

राज अपने होंटो को काजल के होंटो के बहुत करीब ले आता है...

Raj..bolo न काजल क्या तुम्हारा मन भी करता है ऐसा करने को..

काजल.. वह भैया

राज.. है है बोलो काजल क्या तुम मेरे साथ ये सब करना चाहोगी..

अपने भैया की बात सुनकर काजल को झटका लगता hai..magar काजल कुछ बोल नहीं पति...

काजल को यु खामोश देखकर राज अपने होंठ काजल के होंटो से लगा लेता है..

काजल सरम के मरे फ़ौरन अपनी आँखे बंद कर लेती है..

राज को जैसे ग्रीन सिग्नल मिल जाता है राज फ़ौरन काजल के होंटो को अपने होंटो से पकड़ते हुए चूमने लगता है...

काजल की धड़कने बहुत तेज़ी से चलने लगती hai..usne सोचा भी नहीं था आज उसके साथ ये सब होने वाला है..

राज किश करते हुए अपने हाथ भी काजल के साइन पर रख देता है...

राज काजल के साथ ऐसे आगे बढ़ रहा था जैसे वह काजल से पहले से काफी खुला हुआ था..

राज को काजल के जिस्म पर हाथ फेरने में जरा भी झीखक नहीं हो रही थी..

अपने उभारो पर भैया के हाथ फेरने से काजल की सांसे अटकने लगी थी..

काजल... ोुह्ह्ह्ह भैयाआ

पहली बार किसी ने उसके उभारो को छुआ था...

काजल के अंदर भी वासना की चिंगारी सुलगती जा रही थी उसके अंदर अपने भैया का विरोध करने की जरा भी हिम्मत नहीं थी...

राज किश करते हुए लगातार काजल की चूचियों को मसलता जा रहा था..

जिससे काजल भी अब अपने होंठ खोलकर अपने भैया को किश करने लगती है..

दोनों भाई बहिन किसी प्रेमी की तरह एक दूसरे को किश कर रहे थे...

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राज के लैंड का उत्तेजना में बुरा हाल हो चूका था..

राज काजल के होंटो को छोड़कर

राज.. काजल तुम्हे ब्लोजॉब पसंद है न..

काजल.. क्या

राज अपने हाथो को निचे लेकर अपना लोअर उतर देता है और काजल का हाथ पकड़कर अपने खड़े लैंड पर रख देता है...

काजल एक दम अपने हाथ वापस खींच लेती है जैसे उसके हाथो ने किसी सांप को छू लिया हो...

राज.. क्या हुआ काजल इसको किश नहीं करोगी...

राज फिर से काजल का हाथ पकड़कर अपने लैंड पर रख देता है.. इस बार काजल अपने हाथ में भैया का लैंड पकड़ लेती है...

ोुह्ह्ह्ह मय्यै गूदड़ड्ढ लैंड का साइज सोचकर hi काजल की रूह कंपनी लगी थी..

अभी तक काजल ने सिर्फ मोबाइल पर hi लैंड को देखा tha..aaj पहली बार उसके हाथो में किसी का लैंड आया था..

काजल अपने हाथो को आगे पीछे करते हुए लैंड की लम्बाई मोटाई का मुआयना कर रही थी..

राज काजल के सर पर हाथ रखते हुए काजल को निचे जाने का इशारा करता है...

काजल भी अपने भैया का इशारा समझकर निचे खिसकती हुई अपना चेहरा बिलकुल लैंड के करीब ले आती है...

अब काजल की आँखों के सामने

अपने भैया का खड़ा लैंड था..

अब तक लैंड को ब्लोजॉब करते काजल ने सिर्फ मोबाइल में देखा था.. आज उसे लैंड को ब्लोजॉब करने का सौभाग्य मिला था..

और अगले पल काजल जैसे hi अपना मुँह खोलकर राज के लैंड को मुँह में लेती है..

राज की सिसकी निकल जाती है....

राज.... आआअह्हह्ह्ह्ह कजआलल्ललल

राज अपनी आँखे बंद करके स्वर्ग की सेर करने लगता है...

काजल जैसे मोबाइल में ब्लोजॉब की वीडियो देखती thi..bilkul वैसे hi अपने भैया का लैंड चूस रही थी....

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राज तो अपनी छोटी बहिन का ये रूप देखकर हेररान था

कुछ hi देर में राज का जिस्म अकड़ने लगता है...

राज... ोुह्ह्ह्ह काजल आआह्ह्ह्हह ोुह्ह्ह्ह ससीईई आआह्ह्हह्ह्ह्ह कजाएआललललल

और अगले पल राज के लैंड से वीर्य की पिचकारी निकल जाती है.....
 
राज तो अपनी छोटी बहिन का ये रूप देखकर हेररान था

कुछ hi देर में राज का जिस्म अकड़ने लगता है...

राज... ोुह्ह्ह्ह काजल आआह्ह्ह्हह ोुह्ह्ह्ह ससीईई आआह्ह्हह्ह्ह्ह कजाएआललललल

और अगले पल राज के लैंड से वीर्य की पिचकारी निकल जाती है....

अब आगे....

अपडेट....45......

काजल ने अपने भैया के लैंड को ब्लोजॉब देकर सडके कर दिया tha.magar खुद काजल की छूट में आग लग चुकी थी..

काजल अपने भैया की तरफ वासना भरी नज़र उठाकर देखती hai..magar राज तो झड़ने के बाद अपनी आँखे बंद किये ऐसे लेता था जैसे वह गहरी नींद में सो गया हो..

काजल का जिस्म वासना की आग में बुरी तरह तप रहा tha.use अब अपने कपड़ो तक का बोझ भी शम्भालना मुश्किल हो जाता hai..or अगले पल काजल अपने जिस्म से निघ्त्य खुद उतर फेंकती है..

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काजल की दोनों मोसम्बी अपना जूस निकलवाने बहार निकल चुकी thi..magar राज को अभी तक काजल के नंगे होने का पता भी नहीं था..

काजल भैया की टैंगो के बिच उठकर उनके बराबर में छिपकर लेट जाती है..

काजल के चिपककर लेटने से राज को फ़ौरन काजल के नंगे जिस्म का अहसास हो जाता है..

राज अपने हाथ काजल के जिस्म पर फेरता hai..ohh माय गुड काजल इस वक़्त बिलकुल नंगी लेती थी...

राज की तो जैसे लौटरी निकल जाती है झड़ने के बाद भी लैंड झटके मरने लगता है..

जैसे उसके लैंड को आज काजल की शील तोड़ने का सौभाग्य प्राप्त होगा...

राज अपना हाथ काजल के जिस्म पर फेरते हुए साइन पर उभरी हुई मोसम्बी पर रख देता है..

काजल के मुँह से सिसकारी निकल जाती है...

काजल... ैइससस्ससहस्सेइइइ

राज आहिस्ता आहिस्ता अपने हाथो में काजल की मोसम्बी पकड़ते हुए उनका रास निचोड़ने लगता है..

काजल की सिसकारियां भी लगातार बढ़ती चली जाती है..

काजल.. आआह्ह्ह्ह ससससीईई ऊऊफफफफफफफ आअह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह ोुह्ह्हह्ह ससससीईए

राज ऊपर उठते हुए काजल के ऊपर आ जाता है..

काजल के निप्पल तन कर खड़े हो चुके थे..

राज अपनी झीभ को निप्पल पर चलने लगता है...

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काजल.. आआह्ह्ह्ह भैइय्याहा ससीईईई..

निचे राज का लैंड फिर से खड़ा होकर काजल की गीली छूट पर दस्तक देने लगता है..

काजल को भी अपनी छूट पर भैया के खड़े लैंड का अहसास हो जाता है..

काजल की जैसे तम्मना पूरी होने वाली थी

और काजल निचे से अपनी छूट को ऊपर उठती हुई लैंड को अंदर लेने की कोशिश करने लगती है..

काजल.... ऊऊह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह भैयाआआआ ससीईईई

काजल बार बार अपनी छूट को ऊपर उठाते हुए अपने अंदर लैंड घुसवाना छह रही थी..

मगर काजल को ये मालूम नहीं था पहली बार छूट में लैंड इतनी आसानी से नहीं घुसता...

राज को भी काजल की तड़प का अहसास हो जाता है..

और राज अपना चेहरा मोसम्बी से हटाकर निचे काजल की छूट के पास ले आता है...

उफ्फफ्फ्फ़ क्या कमसिन मुलायम छूट थी काजल की एक रउँवा तक नज़र नहीं आ रहा था छूट पर..

काजल की छूट के दोनों लिप आपस में चिपके हुए थे बहुत छोटी सी छूट नज़र आ रही थी काजल की.. राज तो सोचने पर मजबूर हो जाता है उसका लैंड कैसे झेल पैगी काजल...

राज अपनी ऊँगली से काजल की छूट के लिप खोलने लगता है... काजल तो बिलकुल मछली की तरह अपने हाथ पटकती हुई तड़पने लगती है..

काजल... aaiiiisssssssshhhhhhhhhh भैयाआआ ससससीएएएएए ऊऊफफफफफफ oooohhhhhhhhhhhh

राज गीली छूट के लिप खोलकर छूट की फैंको में अपनी ऊँगली फेरने लगता है...

काजल तो जैसे हवा में उड़ने लगती है...

काजल.. ऊऊओह्ह्ह्हह्ह bhaiyaaaaaaaaaa

काजल से बर्दाश्त करने मुश्किल हो रहा था

आग लगातार बढ़ती जा रही थी

और काजल अपने भैया से बोल देती है....

काजल.. आअह्ह्ह्ह भैया प्लीज दाल दो न

काजल की बात सुनकर राज भी झटका खा जाता है.. मगर क्या काजल उसका लैंड झेल पैगी...

राज अपनी ऊँगली छूट की फैंको में फेरते हुए थोड़ी सी अंदर घुसा देता है...

काजल... aaaaiiiiiiiiiiiiii भैयाआआआ

छूट में ऊँगली घुसने से काजल दर्द से बिलबिला जारी है...

राज अपनी ऊँगली बहार खींच लेता है और सोचने लगता है जब काजल को ऊँगली घुसवाने में इतनी तकलीफ हो रही है.. लैंड घुसने पर काजल का क्या हर्ष होगा...

मगर इस वक़्त काजल जवानी की आग में जल

रही थी और राज काजल की प्यास बुझाने के लिए अपना चेहरा छूट पर लगा देता है..

काजल को जैसे प्यासे को पानी मिल जाता है..

काजल.. आआह्ह्ह्हह ोुह्ह्ह्हह्ह

काजल के दोनों हाथ एक दम अपने भैया के सर पर पहुंच जाते है...

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राज अपनी झीभ से काजल की छूट की प्यास बुझाने लगता है...

काजल.. ोुह्ह्हह्ह भैयाआस ससीईए ोुह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

काजल स्वर्ग की सेर करने लगती है केसा मज़ा आ रहा था काजल को इस वक़्त बाइयाँ करना मुश्किल था..

राज लगातार काजल की छूट में अपनी झीभ किसी लैंड की तरह चलाये जा रहा था..

और कुछ hi देर में काजल का जिस्म अकड़ते हुए हवा में उठने लगता है. और अगले पल काजल की छूट से झरना फुट जाता है...
 
राज काजल की छूट में अपनी झीभ किसी लैंड की तरह चलाये जा रहा था..

और कुछ hi देर में काजल का जिस्म अकड़ते हुए हवा में उठने लगता है. और अगले पल काजल की छूट से झरना फुट जाता है...

अब आगे.....

अपडेट....46......

राज ने अपनी छोटी बहिन काजल की छूट की प्यास बिना लैंड के इसलिए बुझाई थी...

राज को लग रहा था काजल अभी बहुत छोटी है उसकी छोटी सी छूट उसका मोटा तगड़ा लैंड झेल नहीं पैगी..

ये सोचकर hi राज ने काजल की चुदाई अपनी झीभ से की थी..

दोनों भाई बहिन एक दूसरे को अपने मुँह से तरपत करके चिपके हुए नंगे hi सो जाते है...

रात के करीब दो बजे पेशाब की वजह से काजल की आँखे खुल जाती है..

काजल अपने भैया से चिपकी हुई लेती थी..

काजल को अपनी नंगी हालत पर सरम आ जाती है..

और काजल आहिस्ता से अपने भैया से अलग होते हुए बाद पर पड़ी निघ्त्य पहन कर बाथरूम में पेशाब करने चली जाती है..

कुछ देर बाद काजल पेशाब करके बाथरूम से बहार निकलती है..

राज भैया बाद पर बिलकुल नंगे लेते हुए थे

काजल कड़ी होकर अपने भैया का नंगा जिस्म निहारने लगती है..

भैया का लैंड देखकर काजल को अपने पापा और चची की चुदाई याद आ जाती है..

कैसे पापा का लैंड चची की छूट में अंदर बहार हो रहा था. सोचकर हु काजल की छूट में पानी आ जाता है.. और अगले पल जाने क्या सोचकर काजल अपनी निघ्त्य फिर से उतर देती है..

और फिर से बिस्टेर पर आकर भैया से चिपककर लेट जाती है..

राज बहुत गहरी नींद में सोया था. उसे काजल के जागने का जरा भी अहसास नहीं था..

इधर काजल अपने हाथ निचे लेजाकर भैया के लैंड पर रख देती है..

काजल के मन में जाने क्या चल रहा था वह अपने हाथो से आहिस्ता आहिस्ता लैंड को सहलाने लगती है..

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ऐसा लग रहा था जैसे काजल अपनी छूट में भैया का लैंड लेना छह रही है..

की चिंगारी सुलगने लगी है...

लगातार सहलाने से राज का लैंड भी खड़ा हो जाता है..

काजल अपने भैया से चिपककर ऐसे लेट जाती है की उसकी छूट बिलकुल लैंड के निशाने पर आ जाती है...

राज अभी भी बेखबर सोया था.. काजल क्या कर रही है उसे जरा भी अहसास नहीं था.. काजल अपने हाथ से भैया का लैंड पकड़ती हुई बार बार अपनी छूट पर लगा रही थी.. मगर काजल की पोजीशन ऐसी नहीं थी की लैंड छूट में घुस सके..

काजल के लाख प्रयाश के बावजूद लैंड छूट में एक इंच भी नहीं घुसता...

तभी अचानक राज करवट लेते हुए सीधा लेट जाता है..

राज का खड़ा हुआ लैंड किसी खम्भे के जैसे लगने लगता है..

काजल की छूट पूरी तरह गीली हो चुकी थी.. अपनी छूट में लैंड लेने के लिए काजल ऐसी तड़प रही थी की कड़ी होकर अपनी दोनों टंगे भैया के िरिद गिरिद कर लेती है..

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और निचे बैठती हुई लैंड को अपने हाथ से पकड़कर अपनी छूट के छेद पर सेट कर लेती है...

अगले पल उसके साथ क्या होने वाला इस बात का काजल को कुछ पता नहीं था...

इस पोजीशन में काजल की छूट की फैंको में राज का लैंड फास जाता hai..or तभी काजल अपना सारा वजन लैंड पर डालती हुई धम्म से निचे बेथ जाती है....

लैंड छूट की शील फाड़ता हुआ अंदर घुसता चला जाता है...

काजल... aaaaaiiiiiiiiiii माआररररररररर gaiiiiiiiiiiiiiiiiii

काजल दर्द से बिलबिलाती हुई चीख पड़ती है....

राज काजल की चीख सुनकर हड़बड़ाते हुए उठता है..

राज... ओह्ह्ह्ह मयययय गुऑडडड ये तूने क्याआ कर लिया...

पोजीशन ऐसी थी की राज जल्दी से कुछ कर भी नहीं सकता tha.or बस ऊपर उठते हुए अपने दोनों हाथो से काजल का मुँह बंद कर देता है.. जिससे काजल के चीखने की आवाज़ बहार निकालनी बंद हो जाती है..

राज का लैंड काजल की छूट में बुरी तरह फास चूका था..

काजल दर्द से तड़प रही थी उसकी आँखों से जहर जहर आंसू बह रहे थे...

राज.. ये तुमने क्या कर लिया काजल...

काजल.. ोूंण ोूंण ोूंण ोूंणणन्न ोोू

काजल अपने भैया से कुछ कहना छह रही थी मगर मुँह बंद होने की वजह से आवाज़ बहार नहीं निकल रही थी..

राज.. में हाथ हटा रहा हु कहल तुम चिल्लाना नहीं...

काजल... ह्ह्हम्म्म

काजल गर्दन हिला कर बोलती है..

राज काजल के मुँह से अपने हाथ हटा लेता है...

काजल.. आआह्ह्ह्हह भैयाआ प्लीज मुझे बचा लो में मर जाउंगी..

राज.. कुछ नहीं होगा काजल में हु न

काजल.. आअह्ह्ह्ह भैयाआ बहुत दरररडद्ड होऊ राहहहआ हैआईईईई प्लीज इसे बहार निकल दो...

raj..thik है जैसा में कहता हु वैसे करो सब ठीक हो जाइएगा..

और राज अपने सर के निचे एक और तकिया लगा लेता है..

राज.. काजल थोड़ा मेरी तरफ झुको..

काजल दर्द से काढ़ा रही थी...

काजल... आअह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह्ह आआह्ह्हह्ह्ह्ह oooohhhhhhhhhh

भैया के कहने से काजल थोड़ा निचे झुकती hai.or राज भी थोड़ा ऊपर होते हुए काजल का चेहरा पकड़कर अपने होंटो को काजल के होंटो से लगा लेता है...

राज काजल के होंटो को बुरी तरह चूसने लगता है जिससे काजल का ध्यान अपनी छूट से हैट जय.. काजल की छूट में अभी तक लैंड फसा हुआ था...

कुछ देर बाद राज को लगता है जैसे काजल भी उसके होंटो को चूसने लगी है..

राज अपने हाथ काजल के चेहरे से हटाकर चूचियों पर ले आता है और बड़ी बेदर्दी से दोनों चूचियों को मसलने लगता है..

काजल का ध्यान फ़ौरन अपनी छूट से हटाकर चूचियों की तरफ आ जाता है..

राज अपने होंठ काजल के होंटो से हटा लेता है..

काजल... आआह्ह्ह्हह भैयाआ आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

राज को ऐसा महसूस होता है जैसे उसके लैंड पर छूट की पकड़ कुछ ढीली पड़ने लगी है...

राज... काजल अब केसा लग रहा है..

काजल.. आअह्ह्ह्ह ठीक लग रहा है..

राज.. में ऊपर आ जाओ तुम्हारे

काजल.. हुऊँ

और राज इसी हालत में काजल को पैलेट हुई अपने निचे ले लेता है..

पोजीशन बदल जाती है..

और राज अपना लैंड आहिस्ता आहिस्ता हिलने लगता hai..jisse काजल की लगातार सिसकारियां निकलती रहती है...

काजल... आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह bhaiyaaaaaaaaaa

कुछ hi देर में काजल की छूट में इतनी जगह बन जाती है की लैंड आराम से अंदर बहार होने लगता है...

काजल... ओह्ह्ह्ह ोुह्ह्हह्ह बभहैयाआ बहुत ाकछआ लगगग रहा है..

राज को भी पूरा मज़ा आने लगा था...

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राज की स्पीड लगातार बढ़ती hi जा रही थी... काजल तो जैसे आसमान में उड़ते हुए स्वर्ग की सेर करने लगी थी....

काजल... ोुह्ह्ह्ह ब्बब्धिया एआईसीए hi करते रहो बहुत मज़ा आए रहा है..

काजल को कितना मज़ा आ रहा था इसकी कल्पना सपने में भी नहीं की थी...

कुछ देर बाद दोनों भाई बहिन चरम सुख की तरफ बढ़ते हुए निढाल हो जाते है...
 
राज की स्पीड लगातार बढ़ती hi जा रही थी... काजल तो जैसे आसमान में उड़ते हुए स्वर्ग की सेर करने लगी थी....

काजल... ोुह्ह्ह्ह ब्बब्धिया एआईसीए hi करते रहो बहुत मज़ा आए रहा है..

काजल को कितना मज़ा आ रहा था इसकी कल्पना सपने में भी नहीं की थी...

कुछ देर बाद दोनों भाई बहिन चरम सुख की तरफ बढ़ते हुए निढाल हो जाते है...

अपडेट... 47....

काजल खुद अपनी कोशिश से आज काली से फूल बनकर खिल चुकी थी...

सुबह के करीब 6 बजे राज की आंख खुलती है

उसकी नज़र बराबर में नंगी लेती काजल पर पड़ती है.. राज काजल को ऊपर से निचे तक निहारने लगता है.. कितनी मासूम लग रही थी काजल जैसे hi राज की नज़र काजल की टैंगो की बिच उसकी छूट पर पड़ती है..

राज को रात हुई काजल के साथ जबरदस्त चुदाई

याद आ जाती है.. क्या हाल हो चूका था काजल की छूट का शूज का कुप्पा हो चुकी थी..

छूट की हालत देखकर राज को बड़ा अफ़सोस होता है और राज आहिस्ता से काजल की छूट पर अपनी ऊँगली रखकर छूट का मुआयना सा करने लगता है..

राज... उफ्फ्फ्फ़ ये सब क्या हो गया

छूट पर ऊँगली तूच करते hi काजल की भी आँख खुल जाती है..

दोनों भाई बहिन की नज़रे आपस में टकराती है..

राज.. ओह्ह्ह सॉरी काजल ये मुझसे क्या हो गया

राज को अपने किया का पछतावा हो रहा था

मगर काजल के चेहरे पर जरा भी पछतावा नज़र नहीं आ रहा था बल्कि काजल मुस्कुराते हुए भैया से बोलती है..

काजल.. किसी बात कर रहे हो भैया आपने तो मुझे वह सुख दिया है जिसके लिए में तड़प रही थी...

राज.. मगर काजल देख तो क्या हालत हो गई

राज काजल की छूट की तरफ इशारा करते हुए बोलता है..

काजल निचे अपनी छूट पर नज़र डालती है और खिलहिलाते हुए हसने लगती है..

काजल... भैया ये तकलीफ तो एक न एक दिन मुझे होनी थी मुझे ख़ुशी इस बात की है की आप मेरी इस तकलीफ में मेरे साथ थे.. .

काजल की बात सुनकर राज के चेहरे पर भी मुस्कराहट आ जाती है.

और राज काजल के गाल खींचते हुए

राज. . बहुत बड़ी बड़ी बाते करने लगी गई

काजल.. भैया अब में बड़ी हो चुकी हु

राज काजल के नंगी चूचियों को निहारते हुए

राज.. है वाओ तो दिख रहा है काफी बड़ी हो गई है

भैया की बात सुनकर काजल सरम के मरे अपनी नज़रे झुका लेती है...

राज काजल के चेहरे को अपने हाथो में लेते हुए

राज.. मेरी गुड़िया को सरम भी आती है

kajal..bhaiya आप बड़े वह हो जाओ में आपसे बात नहीं करती ..

राज.. अले अले मेरा सोना तो नॉलेज हो गया मेला सोना को लोल्लयपोप चाहिए

और ये कहकर राज काजल के हाथो में अपना खड़ा लैंड पकड़ा देता है..

काजल भी बिना किसी झिझक के भैया के लैंड को अपने हाथो में जकड लेती है...

राज.. . आअह्ह्ह्हह

और कुछ hi पालो में काजल झुकती हुई अपने भैया के लैंड को मुँह में लेकर लोल्लयपोप की तरह चूसने लगती है

राज... आआह्ह्ह्हह काआजाललललललललल आआआआईएससस्स्सस्ठ्ठ uuuffffffffffffff

काजल बड़े कामुक अंदाज़ में अपने भैया का लैंड कुश रही थी कुछ hi देर में राज हवा में उड़ता हुआ स्वर्ग की सेर करने लगता है और काजल भी अपने भैया की आखरी बूँद तक निगल जाती है...

काजल अपने भैया से इस कदर खुल जाती है की पूरा दिन दोनों को प्यार करते हुए गुजर जाता है..

शाम के 5 बजे मधु चची पकोड़े लेकर निचे आती है... और दोनों भाई बहिन को आवाज़ लगाती है..

मधु... राज काजल कहा हो तुम दोनों

मगर इस वक़्त भी कमरे में राज और काजल चुदाई का खेल खेल रहे थे..

राज जल्दी से अपना लैंड छूट से बहार खींचते हुए

राज.. ओह्ह्ह माय गुड़ ये तो चची की आवाज़ है...

तभी दरवाज़े पर थक थक होने लगती है..

काजल जल्दी से बाथरूम में चली जाती है..

चची.. राज बीटा दरवाजा खोलो में तुम्हारे लिए पकोड़े ले हु

राज.. रुको चची अभी खोलता हु

राज जल्दी से अपना लोअर बनियान पहन कर दरवाज़ा खोलता है चची पकोड़े की पालते लिए फ़ौरन अंदर आ जाती है. .

चची.. लो बीटा गरमा गरम पकोड़े खा लो

राज. . ग चची

चची.. काजल कहा है दिखाई नहीं दे रही

चची की बात सुनकर राज सकपका जाता है

राज... वो वह नाहा रही है

चची.. ओह्ह्ह अच्छा

पकोड़े की पालते राज को. पकड़कर चची कमरे से बहार जाने लगती है तभी चची की नज़र राज के लोअर में बने बड़े से तम्बू से टकरा जाती है...

ओह मय्यै गॉड तम्बू देखकर तो मधु चची के होश उड़द जाते है...

तम्बू पर चची की नज़र जैसे जैम सी जाती है राज को जैसे hi चची की नज़र अपने लैंड को घूरते पति है राज फ़ौरन लैंड को टैंगो में छुपाने की कोशिश करता है...

चची लड़खड़ाते कदमो से राज के कमरे से बहार चली जाती है...

चची के जाने के बाद काजल भी अपने कपडे पहन कर बाथरूम से बहार आ चुकी थी..

काजल.. भैया कही चची को हमपर शक तो नहीं हो गया

राज.. अरे नहीं काजल ऐसा कुछ नहीं हुआ...

राज ने काजल से तो बोल दिया ऐसा कुछ नहीं हुआ मगर खुद राज को लग रहा था जैसे मधु चची को उसपर शक हो गया. . ..

फिर दोनों भाई बहिन बहार बरांडे में बैठकर पकोड़े खाने लगते है. . .

तभी राज के मोबाइल पर आराधना दीदी की कॉल आ जाती है..

काजल.. भैया आप दीदी से बात करो तबतक में चाय बनाकर लती हु..

राज.. hello दीदी

आराधना.. है भाई कैसे हो

राज.. क्या दीदी आपके बिना सब बेकार है..

आराधना.. भाई मेरा तो जाने का जरा भी मन नहीं था मम्मी की ज़िद की वजह से जाना पड़ा

राज.. कब तक वापस आओगी

आराधना.. बस अभी निकलने वाले है रात तक पहुंच जाएंगे

राज.. जल्दी से आ जाओ आपके बिना एक पल भी नहीं कट्टा

आराधना.. तुम्हारे जैसा hi मेरा भी हाल हो चूका है बस चाँद घंटो की दूरी है भाई ..

कुछ देर दोनों भाई बहिन हु hi बाते करते रहते है...
 
राज.. जल्दी से आ जाओ आपके बिना एक पल भी नहीं कट्टा

आराधना.. तुम्हारे जैसा hi मेरा भी हाल हो चूका है बस चाँद घंटो की दूरी है भाई ..

कुछ देर दोनों भाई बहिन हु hi बाते करते रहते है...

अब आगे.. .. अपडेट.... 48

रात के 8 बजे रहे थे..

काजल ने रात के खाने में मटर पनीर तैयार कर लिया था जैसे hi काजल अपने भैया के सामने खाना लगाती है राज मटर पनीर की डिश देखकर खुश हो जाता है..

राज.. ओह्ह्ह वूऊ काजल क्या बात है मटर परीं

काजल... मुझे मालूम था भैया आप ऐसे hi उछाल पड़ोगे इसीलिए तो मैंने आपको पहले नहीं बताया..

काजल की बात सुनकर राज मुस्कुरा पड़ता है..

फिर दोनों भाई बहिन साथ बैठकर खाना कहते है..

उधर ऊपर अपने कमरे में मधु चची अकेली अपने बिस्टेर पर लेती राज के लोअर में बने तम्बू के बारे में सोच रही थी...

चची.. आखिर राज कमरे में ऐसा क्या कर रहा था जिससे उसका तम्बू खड़ा हुआ था... कही राज मस्टरबिते तो नहीं करने लगा

ये सोचते हुए बिस्तर पर लेती चची की छूट गीली हो रही थी मगर आज चची की छूट की प्यास बुझाने के लिए न तो घर में उसका पति विजय था.. और न hi अजय बेचारी चची बिस्तर पर लेती

खुद hi अपनी छूट को मसलने लगती है. . .

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इधर निचे दोनों भाई बहिन अबतक खाना खा चुके थे..

काजल.. भैया एक पालते सब्ज़ी चची को पकड़ा आओ तब तक में ये बर्तन धो देती हु

राज.. ठीक है

राज एक पालते में मटर पनीर करके चची को देने चल पड़ता है..

जैसे hi राज चची के कमरे के कमरे में पहुँचता है उसकी आँखों के सामने चची अपनी छूट को मसलते नज़र आ जाती है...

अब तक चची की नज़र भी राज पर पद जाती है

राज को देखकर चची सकपका जाती है..

मधु चची जल्दी से अपने हाथ छूट से हटाकर हड़बड़ाती हुई बेथ जाती है..

राज हाथो में खाने की पालते पकडे अपनी चची को आँखे फडे देख रहा था..

चची.. वव वो ववववूऊह राज बीटा मेरी टैंगो में दर्द हो रहा था..

मधु चची खुद को नार्मल करने की कोशिश करती है मगर अब तक राज सारा माजरा समझ चूका था ...

राज... चची में तो आपके लिए मटर पनीर की सब्ज़ी लाया था..

और राज सब्ज़ी की पालते एक तरफ रखते हुए बिलकुल चची के बराबर में आकर बेथ जाता है..

राज.. बताये चची आपको कहा पर दर्द हो रहा है में थोड़ा दबा देता हु..

राज के इतना करीब बैठने से चची झिझकने लगती है..

चची.. कोई बात नहीं बीटा में थोड़ा मूव लगा लुंगी तो अपने आप ठीक हो जाएगा..

मगर राज कहा मैंने वाला था

Raj..aap बताइये कहा राखी है मूव में लगा देता हु..

राज की ज़िद के आगे मधु चची को आखिर झुकना hi पड़ता है..

चची.. वह ड्रेसिंग अलमारी में रख्खी है बीटा..

राज मुस्कुराता हुआ बिस्टेर से उठता है और अलमारी में रख्खी मूव निकल लता है और बिना कुछ कहे सीधा चची की टैंगो के पास आ बैठता है...

राज.. अपने पांव थोड़ा सीधा करो चची देखना ऐसी मालिश करूंगा की 5 मिनट में आपका दर्द छूमंतर हो जाएगा..

राज अपने हाथो में चची के पेरो को थामकर थोड़ी सी मूव निकलता है और आहिस्ता आहिस्ता अपने हाथो का जादू चलना शुरू कर देता है....

चची का जिस्म तो पहले से hi गरम था राज का हाथ लगते hi चची के सरीर में वासना की चिंगारी भड़कने लगती है और देखते hi देखते कब चची की आँखे बंद हो जाती है पता hi नहीं चलता...

राज को लगता है चची भी गरम होना शुरू हो गई है..

राज... अब केसा लग रहा है चची

चची.. आए हआ अच्छा लग रहा है बीटा

बस फिर क्या था राज अपने हाथो को मालिश करते हुए चची के पेरो से घुटनो तक पहुंच जाता है..

चची की आंखे पूरी तरह बंद हो चुकी थी और अब चची को मदहोशी चने लगी थी...

राज बिना किसी झिझक के आगे बढ़ता जा रहा था

और जैसे hi राज के हाथ टैंगो के जोड़ तक पहुंचते है राज को अहसास हो जाता है मैक्सी के निचे चची ने कुछ नहीं पहना....

इतना ऊपर पहुंचने पर भी चची की हिम्मत नहीं थी राज को रोकने की...

और अगले पल जैसे hi राज की ऊँगली चची की छूट से टकराती है. . .

उफ्फ्फ्फ़ चची की तो सिसकारी निकल जाती है...

चची... आआह्ह्ह्ह सससससीईए ोुह्ह्हह्ह फ्फ्फफ्फ्फ़

चची की गीली छूट में राज की साडी उँगलियाँ सं जाती है...

राज फिर भी आगे बढ़ता चला जाता है और अपनी दो उँगलियों को चची की छूट में गुसा देता है...

चची... ोुह्ह्हह्ह ससससीईए ऊऊह्ह्हह्ह ाआआआंमम्मम्म

चुकी पूरी तरह गरमा चुकी थी और कुछ hi देर बाद चची की छूट से फव्वरा बह निकलता है....
 
राज फिर भी आगे बढ़ता चला जाता है और अपनी दो उँगलियों को चची की छूट में गुसा देता है...

चची... ोुह्ह्हह्ह ससससीईए ऊऊह्ह्हह्ह ाआआआंमम्मम्म

चुकी पूरी तरह गरमा चुकी थी और कुछ hi देर बाद चची की छूट से फव्वरा बह निकलता है....

अपडेट.. . .. 49

अब आगे.....

कुछ देर बाद राज अपनी चची से पूछता है..

राज... चची अब केसा है आपकी टैंगो का दर्द..

राज बिना किसी झिझक के अपनी चची से ये बात बोलता है.. और चची भी अब राज से खुलकर बाते करने लगी थी..

चची.. है बीटा बहार का दर्द तो गायब हो गया मगर अभी अंदरूनी दर्द बाकि hai..jo की बिना इंजेक्शन लगे जाने वाला नहीं है ..

चची राज के लोअर में बने तम्बू की तरफ देखकर कहती है..

चची का इंजेक्शन से मतलब लैंड से था..

चची की बात सुनकर राज मुस्कुरा देता है

मगर राज अभी इंजेक्शन लगाने के मूड में नहीं था क्युकी राज को ऊपर आये लगभग एक घंटा गुजर चूका था.. काजल उसे देखने किसी भी वक़्त ऊपर आ सकती है...

राज.. चची इंजेक्शन तो में अभी लगा सकता हु मगर कही काजल ऊपर आ गई तो....

मधु चची राज को वासना भरी नज़रो से देखने लगती है जैसे कह रही ho..beta ऐसे अधूरा छोड़कर अपनी चची को निचे मत जाओ...

चची की वासना भरी आँखों का मतलब राज भी समझ जाता है..

राज... चची में आज अआप्के सरे अंदरूनी दर्द दूर कर दूंगा बस एक बार निचे काजल को देखकर आता हु वह निचे क्या कर रही है..

ये कहकर राज चची के कमरे से बहार चला जाता है..

निचे राज जैसे hi काजल के पास पहुँचता है..

काजल को देखकर राज के होश उड़द जाते है..

काजल ने बड़े hi छोटे सेक्सी कपडे पहन रक्खे थे जिसमे काजल का पूरा भूगोल नज़र आ रहा था ऐसा लग रहा था जैसे काजल फिर से छुड़वाने के मूड में हो..

काजल अपने भैया को देखते hi उनसे लिपटने लगती है...

काजल... क्या बात है भैया आपने बड़ी देर लगा दी uper..kya चची को अपने हाथो से सब्ज़ी खिला कर आये हो..

राज.. ारी नहीं काजल वह तो चची की टैंगो में दर्द हो रहा था इसलिए थोड़ा उनकी मालिश करने लगा था...

काजल पुरे मूड में लग रही थी अपना एक हाथ निचे ले जाकर लोअर में से भैया का लैंड पकड़ लेती है ...

काजल.. अच्छा ग तो मेरे भैया अब सबकी टैंगो का दर्द दूर करने लगे है ...

ये बात काजल सिर्फ मजाक में कही थी मगर जाने क्यों इस बात को सुनकर राज के चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है..

भैया के चेहरे पर मुस्कराहट देखकर काजल को शक हो जाता है.

चची के साथ ऊपर जरूर कुछ न कुछ हुआ hai..or ये जानने के लिए काजल अपने भैया का हाथ पकड़कर अपने सर पर रख देती है..

काजल.. भैया आपको मेरी कसम बताइये ऊपर क्या हो रहा था...

उफ्फ्फ्फ़ फास गया ज़िद्दी बहिन के चक्कर में बेचारा राज अब कैसे पीछा छुड़ाय ...

राज.. काजल तुम भी न बहुत शक़्क़ी हो कुछ भी कहने लगती हो..

काजल.. आपको मेरी कसम है भैया जो कुछ भी

ऊपर हुआ है वह मुझे बताओ..

राज.. ये कसम वसं न दिया कर काजल....

मगर काजल अपनी ज़िद पर अदि रहती है और आखिर

राज को hi काजल के आगे झुकना पड़ता है..

राज अपने और चची के बिच हुई रासलीला बताने लगता है... काजल भी अपने भैया की आँखों में आँखे डालकर भैया की बाते सुनने लगती है..

Raj..mei जब चची के लिए सब्ज़ी लेकर ऊपर रूम में पंहुचा तो मैंने देखता हु चची बिस्टेर अपना हाथ मैक्सी के अंदर डेल अपनी छूट खुजला रही थी...

राज बिना किसी झिझक के काजल के सामने छूट शब्द बोल देता है. काजल भी छूट शब्द सुनकर बिलकुल नार्मल थी..

काजल... फिर

Raj..mujhe देखकते hi चची हड़बड़ा जाती है और जल्दी से अपना हाथ मैक्सी से बहार निकल लेती hai..mei वही स्टेचू बना उनको देख रहा था..

काजल.. फिर क्या हुआ

राज.. फिर चची घबराती हुई खुद मुझसे कहने लगती hai..beta मेरी टैंगो में न दर्द हो रहा था. इसलिए थोड़ा मालिश कर रही थी..

मगर मुझे मालूम था काजल दर्द चची की टैंगो में नहीं बल्कि उनकी छूट में हो रहा था...

राज काजल को अब खुलकर सब बाते बता रहा था..

और काजल भी बड़े मज़े से भैया की स्टोरी सुन रही थी....

काजल.. फिर क्या हुआ

राज.. फिर मैंने चची को बोलै में 5 मिनट में आपका दर्द छूमंतर कर सकता हु..

चची मुझसे बहुत झिझक रही थी मगर में भी उनकी झिझक दूर करने के लिए मूव तुबे लेकर उनकी टैंगो के बिच जा बैठा हु...

काजल को अपने भैया की बातो पर जरा भी यक़ीन नहीं हो रहा था मगर जाने क्यों इन बातो को सुनकर काजल को मज़ा सा आ रहा था..

काजल.. फिर क्या हुआ भैया..

राज .. फिर में उनकी टैंगो की मालिश करता हुआ में कब उनकी छूट तक पहुंच गया पता hi नहीं चलता में उनकी छूट में ूँगी डालते हुए अंदर बहार करने लगता हु जिससे कुछ hi देर में उनकी टैंगो क दर्द छूमंतर हो जाता है...

काजल.. ोुह्ह्ह मय्यै गुड भैया मुझे यक़ीन नहीं होता आप चची के साथ ये सब करके आये हो...

काजल हसने लगती है जैसे उसके भैया ने कोई मजाक किया हो..

काजल.. ऐसा नहीं हो सकता भैया आप झूठ बोल रहे है..

राज... क्यों नहीं हो सकता काजल

काजल... चची तो माँ सामान होती है भला कोई माँ के साथ ये सब थोड़े कर सकता है..

राज.. में ये रिश्ते नाते कुछ नहीं मंटा काजल

ऊपर वाले ने हमें सिर्फ मर्द औरत बनाकर इस दुनिया में भेजा है.. मर्द औरत दोनों की अलग अलग जरूरते होती है..

औरत को लैंड की जरूरत और मर्द को छूट की जरूरत.. बोलो काजल क्या ऐसा नहीं है अगर में किसी की जरुरत पूरी कर सका तो इसमें बुराई क्या है..

भैया की बात का जवाब काजल के पास नहीं था क्युकी खुद उसकी छूट को लैंड की जरूरत थी जो उसने अपने भैया से hi पूरी की थी...

काजल सब बातो को छोड़ कर अब अपने भैया के लैंड को लोअर से बहार निकलकर खेलने लगती है जो अब विकराल रूप धारण कर चूका था..

काजल घुटनो के बल बेथ कर अपने भैया के लैंड को अपने हाथो में लेकर चप्पे लगाने लगती है...

और अगले पल जो बात काजल उससे बोलती है उसकी उम्मीद तक राज को नहीं थी..

काजल.. भैया अपनी आराधना दीदी को भी इसकी जरूरत है तो क्या आप उनकी भी जरूरत पूरी करेंगे...

उफ़ काजल ने ये क्या पूछ लिया उससे आराधना दीदी के लिए..

अब काजल को कैसे बताये आराधना दीदी उसके लिए क्या है .. आराधना दीदी उसकी ज़िन्दगी है सिर्फ सेक्स की जरूरत नहीं है आराधना दीदी आराधना तो उसके दिल की ठंडक है आरज़ू है धड़कन है..

राज अपनी दीदी के खयालो में खोया हुआ था....

कुछ देर बाद राज काजल को उठाते हुए सोफे पर ले जाता है और उससे अपने दिल की बाते करने लगता है..

राज.. काजल तुम मेरी सबसे प्यारी बहिन हो और मेरी एक सच्ची फ्रेंड भी हो..

काजल.. क्या बात है भैया

राज.. काजल में तुम्हे अपने दिल का एक राज बताना चाहता हु..

काजल अपने भैया के चेहरे को देखने लगती है..

काजल.. कोण सा राज

राज.. काजल पहले वडा करो जो बात में तुम्हे बताने जा रहा हु तुम किसी से नहीं कहोगी...

.

काजल आश्चर्य से अपने भैया को देखने लगती है..

काजल.. ऐसी क्या बात है भैया

राज.. पहले मुझसे वडा करो काजल तुम मेरा राज अपने दिल में रखोगी..

काजल.. ठीक है भैया में वडा करती हु आपका राज हमेशा मेरे दिल में रहेगा..

राज... मुझे न एक लड़की से प्यार हो गया है.. में उसके बिना जी नहीं पाउँगा काजल..

काजल.. क्याआ अगर ऐसा था तो तुमने मम्मी पापा से क्यों नहीं कहा वह तो आपके लिए लड़की देखने गे है..

राज... काजल में उसके बारे में मम्मी पापा को नहीं बता सकता..

काजल.. किसकी बात कर रहे हो तुम भैया आखिर कोण है वह लड़की

राज.. तुम उसको जानती हो काजल

काजल.. क्या में जानती हु उसको मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा भैया अगर में जानती हु तो एक बार उसका नाम बता दो..

देखना में उसको अपनी भाभी बना लाऊंगी

राज.. उसको भाभी बनाते hi तुम न मेरी आधी घर वाली बन जाओगी..

अभी भी राज से आराधना का नाम नहीं लिया जा रहा था.. बस काजल को आराधना का एक हिंट दे देता है..

काजल.. उसको भाभी बनाने से में कैसे आपकी आधी घरवाली बनूँगी आधी घरवाली तो साली को कहते है..

राज.. हम्म्म्म

काजल को झटका लगता है...

काजल.. कही आप दीदी के बारे में तो बात नहीं कर रहे....
 
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