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- Dec 5, 2013
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कमीना .. एक नंबर का नौटंकी है .. अभी अरविन्द से प्यारे प्यारे बाटे करेगा .. इतनी टाइम उसके बीवी से कर रहा था
दिल्ली से आया हु.. ये लॉक की की कहा है मिल नहीं रही है
की ढूडने का नाटक करता है..
ये की तो आरती मैडम ने लगाए हुई होगी
हां वो पता है मुझे
ये की कहा राखी है ये आरती मैडम के पास होगी .. उनोने hi राखी होगी कहा
पर कहा
उनको पूछ के औ क्या
ये सुन के आरती हँसाने लगी..
मुझे नहीं नहीं वो सो रही होगी
उससे क्या .. आप की पत्नी है .. आप का हक़ बनता है साहब ..
हां पर ठीक नहीं लगता .. वैसे तू सोया नहीं अभी तक
सोया था .. बहुत रोमांटिक और सेक्सी नींद आयी थी पर आप बीच मई आ गए
ये सुन के आरती को हसी आने लगी
रोमांटिक और सेक्सी नींद .. मतलब
वो जाने दो .. आप को नहीं लगता क्या आज कल आरती मेमसाब आप पाई काम ध्यान दे रही है..
ये सुन के आरती कहती है
कमीना ..अब मेरे बारे मई मेरे हस्बैंड को उलटा सीधा बोल न ले उसके पास जाती हु तब आरती उन्दोनो के पास आ जाती है
आप इस वक़्त
दिल्ली से आया हु
ये क्या आने के टाइम है क्या..
अब क्या करे .. अब फ्लाइट लेट हो गयी तो
आ रहे हो ये तो बोलना था न
हां वो जल्दबाज़ी मई
ठीक है चलिए अंदर .. आप को भूख लगी होगी ..
हां जोर से भूख लगी है
चलिए खाना परोस देती हु आप को गरम करके
मुझे भी भूख लगी है
तब आरती नवाज़ को देखने लगती है
और इशारे से कहती है
चलो आप भी
पर ये गेट का लॉक
मई लगता हु
ऐसा बोल के नवाज़ आरती को देखते हुई कहता है
पर चाभी किधर है
तब आरती उसको चाभी देते है तब उसके हाट को नवाज़ पकड़ लेता है .. आरती दर जाती है और हाट छोड़ने की कोशिश करते है.. आपने पति को देखते हुई..
चोरो हाट मेरा
इतने आसानी से क्या कोई शोहर आपने बेगम का हाट चोरता है क्या
वो सच वाला शोहर न देख ले
सच वाला शोहर मई हु
नहीं वो है
ठीक है हाट hi नहीं चोरता मई
तब आरती स्माइल करते हुई कहते है
छोड़िये प्ल्ज़
नहीं
प्ल्ज़
नहीं
ठीक है आप hi मेरे असली वाले शोहर हो
इतने देर तक अरविन्द आपने मोबाइल में बिजी था
ऐसा नहीं किश करते हुई
पागल हो गए हो क्या आप
ठीक है रहने दे फिर
तब आरती ने लाज लज्जा चोर कर उसके बहे के इरडा किरद आपने बहे डाली .. और नवाज़ को किश करनी लगी..
इस समय एआरटी का बुरा हाल था.. आरती के दिल की धड़कन बहुत बुरी तरीके से धड़क रही थी .. तभी नवाज़ ने उसका किश तोड़ दिया.. और वही उसके आँखों के सामने आपने चेहरा रख कर उसकी आँखों मई देखने लगा.. उसकी आँखों मई देखते हुई उसके सर मई आपने हाथ रब करते हुई आरती आपने थरथराते हुई होंठो से कहती है
.. बहुत चालू हो आप ..
तेरे जैसे छूट पाने के लिए चालू तो बनाना hi पड़ेगा ..
हम्म्म..
आरती इस गेट का क्या करे
मई लगता हु साहब
ऐसा कहते हुई नवाज़ गेट के पास जाता हु गेट लॉक करता है और नवाज़ फिर उन दोनों के पास आके अरविन्द का बैग उतने लगता है ..
ारे रहने दो .. आरती ले लेगी
मेरे होते हुई मेमसाब को क्यों तकलीफ
तब आरती नवाज़ को स्माइल करते हुई देखती है तब नवाज़ उसको आँख मार्के उसके पति के हाट से बैग लेता है और धीरे से कहता है
तो औ क्या तेरे बैडरूम मई
तब शरमाते हुई आरती निचे देखने लगती है
और निचे गर्दन करके आरती हाँ कहती है..
दिल्ली से आया हु.. ये लॉक की की कहा है मिल नहीं रही है
की ढूडने का नाटक करता है..
ये की तो आरती मैडम ने लगाए हुई होगी
हां वो पता है मुझे
ये की कहा राखी है ये आरती मैडम के पास होगी .. उनोने hi राखी होगी कहा
पर कहा
उनको पूछ के औ क्या
ये सुन के आरती हँसाने लगी..
मुझे नहीं नहीं वो सो रही होगी
उससे क्या .. आप की पत्नी है .. आप का हक़ बनता है साहब ..
हां पर ठीक नहीं लगता .. वैसे तू सोया नहीं अभी तक
सोया था .. बहुत रोमांटिक और सेक्सी नींद आयी थी पर आप बीच मई आ गए
ये सुन के आरती को हसी आने लगी
रोमांटिक और सेक्सी नींद .. मतलब
वो जाने दो .. आप को नहीं लगता क्या आज कल आरती मेमसाब आप पाई काम ध्यान दे रही है..
ये सुन के आरती कहती है
कमीना ..अब मेरे बारे मई मेरे हस्बैंड को उलटा सीधा बोल न ले उसके पास जाती हु तब आरती उन्दोनो के पास आ जाती है
आप इस वक़्त
दिल्ली से आया हु
ये क्या आने के टाइम है क्या..
अब क्या करे .. अब फ्लाइट लेट हो गयी तो
आ रहे हो ये तो बोलना था न
हां वो जल्दबाज़ी मई
ठीक है चलिए अंदर .. आप को भूख लगी होगी ..
हां जोर से भूख लगी है
चलिए खाना परोस देती हु आप को गरम करके
मुझे भी भूख लगी है
तब आरती नवाज़ को देखने लगती है
और इशारे से कहती है
चलो आप भी
पर ये गेट का लॉक
मई लगता हु
ऐसा बोल के नवाज़ आरती को देखते हुई कहता है
पर चाभी किधर है
तब आरती उसको चाभी देते है तब उसके हाट को नवाज़ पकड़ लेता है .. आरती दर जाती है और हाट छोड़ने की कोशिश करते है.. आपने पति को देखते हुई..
चोरो हाट मेरा
इतने आसानी से क्या कोई शोहर आपने बेगम का हाट चोरता है क्या
वो सच वाला शोहर न देख ले
सच वाला शोहर मई हु
नहीं वो है
ठीक है हाट hi नहीं चोरता मई
तब आरती स्माइल करते हुई कहते है
छोड़िये प्ल्ज़
नहीं
प्ल्ज़
नहीं
ठीक है आप hi मेरे असली वाले शोहर हो
इतने देर तक अरविन्द आपने मोबाइल में बिजी था
ऐसा नहीं किश करते हुई
पागल हो गए हो क्या आप
ठीक है रहने दे फिर
तब आरती ने लाज लज्जा चोर कर उसके बहे के इरडा किरद आपने बहे डाली .. और नवाज़ को किश करनी लगी..
इस समय एआरटी का बुरा हाल था.. आरती के दिल की धड़कन बहुत बुरी तरीके से धड़क रही थी .. तभी नवाज़ ने उसका किश तोड़ दिया.. और वही उसके आँखों के सामने आपने चेहरा रख कर उसकी आँखों मई देखने लगा.. उसकी आँखों मई देखते हुई उसके सर मई आपने हाथ रब करते हुई आरती आपने थरथराते हुई होंठो से कहती है
.. बहुत चालू हो आप ..
तेरे जैसे छूट पाने के लिए चालू तो बनाना hi पड़ेगा ..
हम्म्म..
आरती इस गेट का क्या करे
मई लगता हु साहब
ऐसा कहते हुई नवाज़ गेट के पास जाता हु गेट लॉक करता है और नवाज़ फिर उन दोनों के पास आके अरविन्द का बैग उतने लगता है ..
ारे रहने दो .. आरती ले लेगी
मेरे होते हुई मेमसाब को क्यों तकलीफ
तब आरती नवाज़ को स्माइल करते हुई देखती है तब नवाज़ उसको आँख मार्के उसके पति के हाट से बैग लेता है और धीरे से कहता है
तो औ क्या तेरे बैडरूम मई
तब शरमाते हुई आरती निचे देखने लगती है
और निचे गर्दन करके आरती हाँ कहती है..