MANAV or DANAV sex story - part 1 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

hotaks

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HELLO FRIENDS

Main yaha per ek story suru kar raha hu. Asha hai ap sabhi ko pasand aayegi. Meri story ka kisi bhi ग्रंथ ya वास्तविक जीवन se koi Mel nahi hai. Ye ek kalpnik kahani hai.

Ye kahani hai danav or dev ki. Ek devdut tha - dalbhya. Or uski patni thi - dakshana

Ye dono ek bar jangal me mangal kar rahe the to ek misunderstanding me ek Rishi ne inko sada vasna me duve rahne ka or danav banne ka sarap de diya.

Inko dalbhya ek shaktishali yodha the to danav guru me inko danav raj bana diya. Per ye vasna me itne ande ho gaye ki inki vasna me sansar dubne laga. Tab sansar ko bachne ke liye usi Rishi ne or dev raj Indra ne inko jeevan ki nayi raha di. Or inko btaya ki ek ladka (hero) inko is sarap or is vasna ke khel se mukt karwayega.

Ye kahani in dono danavo ko ek manav davara mukt karvane ki kahani hai. Jaha vasna ka khel bhi hoga to shakti ka takrav bhi.....
 
इंट्रो :-

पंकज बैठत – पब – हीरो, आगे 25 ईयर (व्हेन स्टार्ट थे स्टोरी)

अल्पना – माँ

प्रतिक – पिताजी

गुड़िया (सोनल) – बहन (पंकज से 2 ईयर बड़ी है)

गुरुपित – गुरु – उसकी प्रेमिका (और 1सत वाइफ)

सविता – 2ंद वाइफ, आगे 32 ईयर. पानीपुर गाओं की रहने वाली एक विद्वा औरत

अवनि – सविता की बेटी, आगे 22 ईयर, आईटी इंजीनियर & मेक उप एक्सपर्ट

जय – सविता का beta,Age 21 ईयर. एग्रीकल्चर इंजीनियर बूत खेतो में hi काम करता है.

(अवनि और जय सविता की बहन के बच्चे है, जिन्होंको सविता ने पला है)

भानु – ठाकुर ऑफ़ पानीपुर विलेज

कामिनी – ठाकुर वाइफ, आगे 38 ईयर. (आफ्टर ठाकुर डेथ. शी विल मैरिज विथ पब. हिज 3रद वाइफ)

ऐडा – ठाकुर 1सत बेटी, छोटी आगे में hi मस्त माल है, (पब से छोटी है)

पेय – ठाकुर 2ंद बेटी, 7तह क्लास में है.

जुली – सिक्सर (शमले), शी हैवे ा 16 पर्सन टीम लिखे हेर. आल अरे एक्सपर्ट इन आल टाइप फाइट्स एंड मोरे इतर आर्ट्स…

सैंडी – जुली team’s मेंबर

रतन सिंह – रिचेस्ट पर्सन इन इंडिया.

लता सिंह – Ratan’s वाइफ

सूर्य प्रताप सिंह – रतन फादर

अंकिता – Ratan’s डॉटर, आगे 27 ईयर. शी इस ा साइकोलोजिस्ट डॉक्टर.

अविनाश – Ratan’s 1सत सोन, आगे 24 ईयर.

अखिल – Ratan’s 2ंद सोन, आगे 22 ईयर.

पारी – 22 ईयर इनोसेंट गर्ल, योग एक्सपर्ट. पारी सुंदरता से सच में पारी है.

रखा – पारी की फॅमिली का कातिल और चुना सिटी का डॉन

त्रिकाल – एक बड़ा तांत्रिक

संभु – त्रिकाल चेला और उसका साथी

गुरु सत्यानंद – त्रिकाल और मणि गुरु

संभु फॅमिली –

रेखा – संभु वाइफ, आगे 44 ईयर

अदिति – संभु 1सत बेटी, आगे 24 ईयर

शालिनी – संभु 2ंद बेटी, आगे 20 ईयर

राहुल – संभु बीटा, आगे 22 ईयर

मणि शंकर – गुरुपित का गुरु और पब का सुप्पोर्टर

गुरुपित फॅमिली

नवल – गुरुपित बीटा, आगे 48 ईयर

प्रीति – नवल वाइफ, आगे 47 ईयर

पालक – नवल 1सत बेटी, आगे 26 ईयर

दीप्ती – नवल 2ंद बेटी, आगे 24 ईयर

सोनू – नवल बीटा, आगे 23 ईयर

अमिता – नवल 3रद बेटी, आगे 20 ईयर

सुधा – प्रीति सिस्टर, आगे 38 ईयर (हस्बैंड की डेथ हो चुकी है.)

रति – प्रीति बेटी, अमिता से # साल छोटी है.

विशाल – प्रीति बीटा, रति से # साल छोटा है.

माहि – पब सोल्लगे फ्रेंड, आगे 24 ईयर.

साक्षी – 1सत सिस्टर ऑफ़ माहि, आगे 22 ईयर

रेनू – 2ंद सिस्टर ऑफ़ माहि, माहि के घर में सबसे छोटी है.

गोपाल – माहि बरोथेर, आगे 20 ईयर

दीनदयाल – माहि फादर

दक्षसूरी – दक्षणा – देव और दानव

डलासुर – दाल्भ्य – देव और दानव

दक्षसूरी और डलासुर के बेटे

1सत बीटा – नकसुर

2ंद बीटा – भीमासुर

3रद बीटा – भलासुर

4तह बीटा – पतासुर

5तह बीटा – दयासुर

काँटी – दयासुर की बीबी (मर चुकी) & कामिनी की माँ

सलोनी – दयासुर और काँटी की बेटी, आगे 29 ईयर

एरिका – सिंगर 23 ईयर ओल्ड, सिंगिंग इन आल कन्ट्रीज इन पार्टीज.

माउद - एरिका स्टेप सिस्टर, मंद डिस्टर्ब है, (एरिका की माँ मरते हुए एरिका को दे गयी थी)

निआना – ब्लाइंड है ,आगे - 18 ईयर (अनाथ है)

मंजिमा – मणि की चली थी, आगे 28 ईयर, बहुत साडी सिद्धिया प् राखी है

ये हंबा - फाइटिंग स्किल्स एक्सपर्ट, कुंग फु एंड इतर फाइटिंग ट्रेनर

ेबेचा – ये हेंडा टॉप स्टूडेंट, आगे 25 ईयर गर्ल

हमक – ेबेचा कॉम्पिटिटर, आगे 27 ईयर बॉय

पानीपुर – विलेज

पानीपुर के लोग-

सुसमा – वेद की बीबी

कमला – पंडित की बीबी

लीलादेवी – सरपंच की बीबी

लखन – जय का दोस्त

मुखिया – रामलाल

मुखिया की बीबी – रेखा

मुखिया की बेटी – काजल & जय वाइफ

नैनपुर सिटी – पानीपुर का सबसे नजदीक सिटी (टाउन). ये पहाड़ियों से गिरा हुआ है. ये एक टूरिस्ट प्लेस है.

शिवा नगर – ये वो सिटी है जिसके जंगलो मैं गुरु रहती थी. ये सिटी चारो और से जंगलो से hi गिरा है. इसके एक विलेज में सविता का भाई रहता है.

पलु सिटी – नैनपुर जैसा hi उसके पास का सहर. उसे तोडा बड़ा है.

सूरज कुंड – पब फादर विलेज

चुना – पारी सिटी.

कहो – चाइना, इंडिया और बर्मा के बॉर्डर का एक छोटा सा विलेज.
 
अपडेट 1

एक लड़का (पंकज) पर्वतो के बेच गाने जंगल में idar-udar घूम रहा था. कभी ीदार जाता तो कभी उदार. ऐसा लग रहा था की कुछ दूँ रहा है पर उसको उसका रास्ता नहीं पता. पता नहीं कितने दिन से गम रहा है. कियोकि उसकी हालत ख़राब थी. एक डंप हेट कपड़े, सूखा सा सरीर, था तो बस हडियो का ढाचा. पर उसमे कुछ हिमत बाकि थी. किसी भी प्रकार के फल, फूल हो उसको खा रहा था.

कुछ टाइम से एक जगली सा दिखने वाला आदमी उस को फॉलो कर रहा था. जब रात का वक्त हुआ तो लड़का एक ट्री पे चार गया. और उसपे सो गया. जब वो सो गया तो जगली आदमी ने उसकी नाक पर एक पत्ता रख कर उसको बेहोस कर दिया. और उसको कंडे पे ले के ट्री से निचे आया. और चल दिया अपनी मंजिल की तरफ.

वो उसको लेके बिच जंगल में एक गुफा में गया. वह पर एक ओल्ड आगे लेडी हवन कर रही थी. और सामने एक लेडी दानव की मूर्ति थी. वो बूढ़ी बहुत hi बढ़ सूरत लग रही थी. और पूरा सरीर झुर्रियों से भरा पारा था. बढ़ सूरत इतनी की बच्चा तो दर hi जाये. पर सरीर में ताकत काम नहीं थी.

उस बूढ़ी औरत ने जंगली को देख कर इसरा किया. तो वो उस लड़के को ले कर तालाब पर पहुंच. वो उसको पानी से साफ करने लगा. फिर उसके कपड़े उतर दिए. वो उसकके है अंग को साफ़ कर रहा था. पहले टांग फिर जांघ और जब उसका लैंड साफ़ करने लगा तो 1 मं में hi वो खरा हो गया पुरे 6.5इंच का लग रहा था. वो जंगली ये देख कर मन hi मन हसने लगा.

फिर उसने उसके हैंड को साफ करने लगा जब उसने उसका लेफ्ट हैंड देख तो वो दर गया और कपङे लगा. उसको वही छोड़ कर वो भूदी के पास पहुंच और दर कर बोलै

जंगली – माँ माफ़ कर दे..

भूड़ी – (इसारे में) क्या हुआ??

Jaangli-me जो बलि के लिए लड़का लाया था. वो बलि के लायक नहीं है. उसके 6 फिंगर है.

भूड़ी- (क्रोध में चीला कर) तुम कुछ भी सही नहीं करते हो. में हवन पूर्ण हो गया है. और यदि मेने आज बलि न दी तो मेरी लास्ट 1 साल की तपस्या बेकार हो जाएगी. और यदि ऐसा हुआ तो तुम मरोगे मेरे हातो.....

जंगली – माफ़ कर दे माँ. माफ़ कर दे. अब अप्प hi कोई उपाए सोचे. और मुझको कुछ टाइम और दे....

भूड़ी –ठीक है, मैं कुछ सोचती हु. (और सोचने लगती है)

सोचते-2 वो डायन में लग जाती है. और मन hi मन अपने एक साथी से बात करने लगती है. कुछ टाइम बाद वो उठती है और जगली से कहती है की उस लड़के को ले कर औ. और जगली उस लड़के को ले कर आ जाता है. लड़का नंगा था पर उसके हाथ और per(Leg) बड़े थे. भूड़ी के मंत्र से उसे होश आ जाता है.

भूड़ी – तुम्हारा क्या नाम है??

लड़का – पंकज बैठत. पर तुम कोण हो और मुझको यहाँ पर क्यों लाये हो. और मुझको नंगा क्यों किया है??

भूड़ी – पहले मेरे सवालो का जबाब दो बाद में तुमको भी जवाब मिलेंगे. (मन में – लड़का पंडित है मतलब में इसके अंग (बॉडी पार्ट्स) की बलि दे सकती हु)

पंकज – ठीक है पर तुम कोण हो ये तो बता दो (डरता हुआ)

भूड़ी – सब बाद में. तुम्हारी आगे क्या है??

पंकज – 25

भूड़ी – शादी हो गयी??

पंकज – नहीं.

भूड़ी – (जगली से) इसका लिंग देखो की ये कुंवारा है या नहीं???

जंगली पंकज की तरफ अत है तो पंकज अपना लिंग तागो में छिपाने की कोसिस करता है. पर जंगली उसको सिदा कर के उसके लिंग को देख कर कहता है. की ये कुंवारा है. पंकज उसकी बात उन कर दांग रहा जाता है. वो सोच में पर जाता है. वो अपने जीवन की पिछली बातो को याद करता है. और सोचता है की – “में कुंवारा हु ये कैसे हो सकता है. इस लैंड की वजा से तो में यहाँ जंगल में हु. इसकी वजह से hi तो मेरी माँ और बहन की मूट हुई है. इसके वजा से hi तो एक हसी और ख़ुशी से भरी जिंदगी ख़तम होगी. न में उस लड़की के साथ सोता और न में आज यहाँ होता. पर ये तो कहा रहा है की में कुंवारा हु कैसे , कैसे हो सकता है ये. ये क्या पहली है. में पागल हो जाउगा. मेरी लाइफ में क्या हो रहा है में जिसको सच मंटा हु वो सच नहीं. और सच कोई बताता नहीं. माँ का वो लास्ट लेटर. और अब में कुंवारा हु हो क्या रहा है मेरे साथ. कोण देगा मेरे सब सवालो के जवाब. और इस औरत ने मुझको क्यों पकड़ा है. कही ये जंगली जूथ तो नहीं बोल रहा है”. पंकज इस सब बातो में खोया था. की तभी उसकी एक दर्द खरी चीख निकल जाती है.

हुआ ये था की भूड़ी के लिए ये एक दम सही था. वो इसके अंगो की बलि देना चाहती थी. उसके एक साथी ने ये hi बताया था डायन में. तो वो जंगली को इसरा कर देती है. तो जंगली पंकज को उदा कर हवन कुंड के पास ले जाता है पर पंकज को इसका पता hi नहीं चलता है. वो तो एक मूर्ति की तरह हो गया था जब उसने सुना की वो कुंवारा है. और अपनी hi सोच में था उसको मतलब नहीं था की क्या हो रहा है. वो कुंवारा है इस बात ने उसकी पूरी जिंदगी को hi बदल कर रख दिया था. पर ीदार भूड़ी अपने काम में लगी हुई थी. उसने कुछ मंत्रो के बाद पंकज की 6तह फिंगर को काट दिया. और पंकज की चीख निकल गयी. और भूड़ी ने उस फिंगर को आहुति के रूप में कुंड में दाल दिया.

उसकी फिंगर के कुंड में डालते hi उस दानव मूर्ति में जैसे जान आ गयी. और मूर्ति की आँखों में चमक आ गयी. उस चमक को देख कर लागत था की वो ख़ुशी की चमक है. भूड़ी ये देख के ख़ुशी से चिल्लाने लगी “जय हो दक्षसूरी की, जय हो माँ दक्षसूरी की, दर्शन दो , दर्शन दो”

5 मं तक कुश नहीं हुआ तो भूड़ी ने फिर एक और अंग की बलि देने की शोचि. जैसे की उसके साथी ने उसको बताया था. पर ीदार पंकज लास्ट 5-10 मं से दर्द की वजह से तरफ रहा था उसको बहुत दर्द हो रहा था. पर न तो वो चीख प् रहा था और न hi दर्द काम हो रहा था. चीखता भी तो कैसे उसकी आवाज से पूजा में रुकावट न हो इसलिए जंगली ने उसके मुँह में कपड़ा खहसा दिया था. वो रोये जा रहा था. पैर ये दोनों तो अपने में मस्त थे.

भूड़ी ने फिर से चाकू उदा लिया था. पंकज ये देख कर दर गया था. भूड़ी ने फिर कुछ मंत्र परे और उसका लैंड काट दिया. पंकज दर्द के कारन बेहोश हो गया उसको लगा की ये उसके जीवन का लास्ट टाइम है. पर उसको क्या पता था की अभी तो उसके जीवन की सुरुवात भी नहीं हुई है. वो जिस लिए इस डर्टी पर आया है वो तो उसने अभी सुरु भी नहीं किया. पैर वो इनसब से अनजान बेहोश हो चुक्का था.

और भूड़ी ने उस लिंग को आहुति की तरह कुंड में दाल दिया. पर ये क्या >>>>> ...

अपडेट 2

लुंड कुंड में गिरा hi नहीं. वो तो अग्नि के ऊपर hi हवा में ठहर रहा था. और अभी जिस मूर्ति की आँखों में ख़ुशी जलक रही थी वो लाल पर्ने लगी. भूड़ी को कुश भी समाज नहीं आया. वो तो कभी मूर्ति को तोकभी लुंड को देखती. चोरो तरफ से एक दम तूफान सा आ गया और मौसम को देख कर जानवर तक ीदार उदार भागने लगे. जंगली भी घौराकर भाग गया. कुंड की अग्नि काम होने लगी. जानवरो की चीख चिल्लाने की आवाजे चारो तरफ से आने लगी. भूड़ी भी डरने लगी. तभी.......

तभी वो मूर्ति जीवित हो गयी. और एक दानव में बदल गयी. वो भी लेडी दानव (सॉरी फ्रेंड्स ी don’t क्नोव व्हाट इस से फॉर लेडी दानव) वो पुरे गुस्से में थी. आँखों से अंगारे निकल रहे थे करोड़ के. वो एक दम तेज आवाज में दहाडी (आवाज ऐसी थी की साडी जानवर एक आवाज में दर कर संत हो गए अब केवल उनकी hi आवाज थी पुरे जंगल में) – कोण है जिसने ये मूर्खता की है. कोण है जो एक पुत्र का लिंग उसकी माँ को बलि के रूप में देने की कोसिस कर रहा है कोण है वो सामने आओ........

भूड़ी दर के मरे कपङे लगी. उसको कुछ समाज में नहीं आ रहा था. वो क्या करे. वो बस कैंप रही थी

दक्षसूरी (दस) – कोण है सामने आओ या इस जंगल को hi रख बना दू?? (किरोध में)

भूड़ी (बढ़) – (कांपते हए बरी हिम्मत कर के बोली) – माफ़ कर दो माँ. ये अनजाने में हुआ है. Muj/ko माफ़ कर दो. मुझसे जॉब hi भूल हुई है आंजने में हुई है. (उसको तो खुद hi नहीं पाटा था की दस क्यों गुस्सा है, पर उसने माफ़ी मांगने में hi अपनी बलाई सामजी थी)

दस – क्या मतलब है तुम्हारा??

बढ़ – माँ में तो समज hi नहीं प् रही हु की ये आपका बीटा कैसे है??? और आप लिंग की भेट से प्रसन होती है. और ये लड़का मानव भी है, और कुंवारा भी, और आपने इसकी पहली भेट भी ले थी. तो इसमें क्या हो गया (बढ़ ने बोल तो दिया पैर उसको खुद अपने आप पैर बिस्वास नहीं हो रहा था की वो अपनी देवी से इतना कुश कहा रही है जबकि वो गुस्से में है, और उसको पता था की दस का गुस्सा मतलब मूट, सायद ये मूट का बे hi था की जो बढ़ ये सब बोल पाई थी)

दस उसकी बात सुन कर सोच में पर गई. और उनका गुस्सा संत हो गया. तब उनका डायन हवा में जुलते लिंग पर गया. उन्होंने तुरंत उसको अपनी सकती से पंकज के साथ जिद दिया और उसकी ऊँगली की जगह का घाव भी थी हो गया अब उसके हाथ को देख कर ये लग hi नहीं रहा था की कभी पंकज के कभी 6 फिंगर भी थी. और न hi लग रहा था की उसका लिंग कभी कटा भी था. बढ़ भी दस के चेहरे को देख कर समाज गई की वो अब गुस्से में नहीं है. ये देख कर उसकी जान में जान आयी.

बढ़ –माँ की जय हो, माँ की जय हो... माँ अपने अभी तक नहीं बताया की ये आपका बीटा कैसे है कियोकि आप ने कहा है तो ये सच होगा hi पर कैसे??

दस – बेटी तुम्हारी सोच सही है. पर ये तुम खुद मणि संकर से इसके बारे में पूछ लेना. मुझको लगा था की उसने तुमको ये बताया है. तभी तुमने इसकी 6तह फिंगर को भेट किया है. पर तुमको, सायद मणि भी नहीं जनता की तुम किसके bête की बलि देने वाली थी. और जब वो इस लड़के के माँ बाप का नाम सुनेगा तो वो तुमको एक सच बता देगा.

बढ़ – जैसी आपकी आगया माँ. मैं मणि से hi पूछ लगी. (ओह्ह सॉरी सायद फ्रेंड मणि कोण है ये जानना चाहते है – मणि शंकर – एक और दस का भक्त और बढ़ का गुरु और मार्ग दर्शक, बढ़ ने डायन में इससे hi पूछा था बलि का क्या करना है, मणि और पंकज में भी एक रिस्ता है जो आगे पता चलेगा)

दस – मैं तुमसे अब प्रश्न हु. पर तुमने एक ाप्रद भी किया है चाहे अनजाने में hi सही. इसलिए तुमको एक वरदान और एक जिम्मेदारी दोनों देती हु. पैर ये जिम्मेदारी भी तुम्हारे लिए वरदान hi होगी. पहले तुम वरदान मागो.

बढ़ – जो माँ की इच्छा. आप यदि मुझसे प्रश्न है तो....................

दस – (बिच में hi बोलती है ) तुम अपनी जवानी और rup-sundarya चाहती न??

बढ़ – हाँ मैं यही चाहती हु पर ये भी चाहती हु की मेरी वजा से जो अशुभ मेरे घर में हुए अब ऐसे न हो.

दस – बेटी तुम्हारी बजह से कुछ भी गलत नहीं हुआ है तुम्हारे घर में. तुम्हारी भहु hi तुम पर सब रख देती थी जिससे तुमको वह से निकल सके. और अब वो तेरे पुरे परिवार पर राज करती है. तेरे घर का विनाश का कारन तू नहीं तेरी भहु है. और वो तेरी विद्या तुज से सिख चुकी थी इसलिए तुझको घर से बहार निकल दिया. मैं तेरी इच्छा पूर्ति का वर देती हु. पर तुझको एक और काम करना है. तुझको इस लड़के के साथ हमेशा सायेके रूप में रहना है. और इसको इसके लक्ष्य पाने के लिए मांग दर्शन भी करना है. पर तू कभी भी अपनी सकती का इस्तेमाल नहीं कारगी जब तक अति आवश्यक न हो.

बढ़ – जो आज्ञा माँ. पर इसका लक्ष्य क्या है?? और ये आपका बीटा कैसे है?? और इसको मेरी जरुरत क्यों है. और मेरे परिवार को मेरी बहु से कोण बच्येगा यदि माँ इसके साथ रही तो?? और में इसके साथ कैसे……..?

दस –सब समय पर पता चलेगा. और इसका लक्ष्य बहुत बड़ा है और बहुत जरुरी भी है. इसको सबसे पहले कुछ सकतिया को पाना होगा. उसके लिए इसको सम्भोग किरिया करनी होगी. तुम्हारा इसके साथ होना विदी का विद्वान है पुत्रीड. समय आने पर ये तेरे परिवार का भी भला करेगा. और तू इसके साथ ………………………… (दस ने और भी कुछ बताया था पैर वो समय आने पैर hi पता चलेगा)

बढ़ – जैसी आपकी मर्जी माँ. पर ये सम्भोग किरिया क्या है. और कैसे की जाती है. ??? और ………………………………

दस – वो सब तुझको मणि बताएगा. बस उसको कहना इस किरिया का समय आ गया है. और ये मेरा आदेश है. तुमको एक और बात बताती हु जो डर्टी पर 3 लोग hi जानते है और तुम 4तह होगी.

बढ़ ............ (दस की तरफ आशा भरी नजरो से देखती है..)

दस – मणि हमारे बारे पुत्र का पुनर्जन्म है. इसलिए वो सब जनता है. वो तुमको समय पर सब बताएगा.

बढ़ – हम्म जैसी आपकी मर्जी..

दस फिर पंकज को होश में ले आती है. पंकज दस को देख कर डरने लगता है और सोचता है की में मार गया या जीवित हु.
 
अपडेट 3

दस फिर पंकज को होश में ले आती है. पंकज दस को देख कर डरने लगता है और सोचता है की में मार गया या जीवित हु.

दस – तुम जीवित हो मेरे बच्चे. तुमको डरने की जरुरत नहीं है. अब से ये गुरुपित (बढ़) सदा तुम्हारे साथ रहेगी. तुम कभी भी अपने आप को अकेला मत संजना. और तुमको तुम्हारे मणि संकर से ये hi मिलवाएगी. और वो hi तुमको आगे का रास्ता दिखाएंगे. तुम्हारी इच्छा भी जरूर पूरी होगी. तुम अपना बदला भी लोगे पर उसे पहले तुमको और भी कुछ करना है. और बहुत सी सकती भी हासिल करनी है.

“तुम्हारी विजय हो”

और इसी के साथ दस गायब हो जाती है. रात ख़तम होने को थी. पर इन दोनों का सूरज निकल चुक्का था. दोनों को वरदान मिल चुके थे. दस के दर्शन बहुत hi काम लोगो को होते है पर ये उनमे से एक थे. इन दोनों को इस बात की बहुत ख़ुशी थी पर उसे भी जायदा तो दोनों के सामने क्यू. का एक पहर था. और जबाब केवल एक दे सकता था. मणि संकर

दोनों अपने अपने सवालो में उलझे थे. एक दूसरे के सामने हो कर भी एक डरने को नहीं देख रहे थे. जब दोनों सवालो से परेशां हो गए तब दोनों को एक दर्रे का ख्याल आया. तो गुरु ने पंकज की और देखा. तो वो शर्मा कर हसने लगी. गुरु की हाशि की आवाज से पंकज का डायन भी उस की तरफ गया. पर वो उसकी हसी को समज नहीं सका. और जब उसने उसकी नजरो का पहिचा किया तो वो भी शर्मा गया परेशां भी हो गया. और उसको अपने बेहोश होने से पहले की घटना याद आयी. तो वो गुरु से और भी डरने लगा. पर पहले वो भाग कर एक और चिप गया उसको ऐसे बगता देख कर गुरु भी और तेज़ हसने लगी. कियोकि वो अभी तक नंगा था. इसलिए वो दोनों शर्मा रहे थे. और उसका लैंड इस गंभीर परेशानी में भी कड़ा था. इसलिए पंकज परेशां था. गुरु ने फिर हस्ते हुए उसे कहा की बीटा जब हग कर बहार से अपने कपड़े ले आ. और फिर हसने lagi....hahahahaha
 
अपडेट 4

पंकज बैठत – पब

तब पब भगा बहार की तरफ. और अपने कपड़े खोजने लगा. ीदार गुरुपित (– गुरु) भी अपनी हसी रोकी और दस की मूर्ति की और देखने लगी. और बोल उडी “जय माँ दक्षसूरी की”

उसका इतना hi बोलना था की एक चमक हुई उसके चारो तरफ और वो 18 साल की एक बहुत hi खूबसूरत लड़की में बदल गयी. वो अब इतनी सुन्दर लग रही थी जैसे कोई पारी हो. गुरु ने अपने चेंज को महसूस करते hi वो मिरर में देखने को उसकी और भागी. और खुद को देखते hi वो खुद पे मोहित हो गयी. उसकी आँखें बरी बरी भूरी हो गयी थी. मोठे होतो ने एक दम पतले और गुलाब जैसे गुलाबी होतो में बदल चुके थे. पूरा फेस की झुर्रिया गायब हो गयी थी. अभी उसके सरीर पर फटी हुई साडी की जगह एक ब्लू कलर की सुन्दर साडी थी और स्लीव लेस्स ब्लाउज था जिसने उसके मिल्की कलर के हाथ बहुत hi मनमोहक लग रहे थी. वो अपनी सुंदरता को निहारने में लगी थी. और ीदार पब को उसके कपड़े मिल गए थे तो वो उनको पहन कर अंदर आने लगा पब का दर गुरु की हसी से कुछ काम हो गया था. तो वो बे खौफ अंदर आ रहा था. जब वो अंदर आया तो वो मिरर के सामने बैठी लड़की को देख कर अपना होश खो बैठा. वो भी उसको निहारने लगा. गुरु को तो अपने आप को निहारने से फुर्सत hi नहीं थी. होती भी कैसे वो जब से जवान हुई थी तब से उसकी एक ये hi तो तमन्ना थी. जो आज पूरी हुई थी.

और दूसरी तरफ पब उसके रूप सम्मोहित हो कर बस खरा था. और उसका मुँह कुल हुआ था. उसने भी कभी ऐसी लड़की नहीं देखि थी. और उसका लुंड जोर जोर से जटके ले रहा था. लुंड पेण्ट में घुटने लगा था. वो इस टाइम पूरा खरा था और काम से काम 9” का था. तो लुंड की बेचैनी को समझते हुए पब ने उसको पेण्ट के बहार निकल लिया था. और उसको कूद भी किस बात का पता नहीं चला वो तो उसके रूप को निहार रहा था बस. उसके हाथो ने उसके लुंड को कब आजाद किया उसको पता hi नहीं चला.

तभी अचानक से गुरु के चेहरे के भाव बदल जाते है. उसको कुछ चिंता होती है और वो थोड़ा जुक कर अपने ब्लाउज के अंदर देखती है. पीछे से ये सीन पब देख कर मस्त हो जाता है. उसके बारे बारे 36 के साइज के बूब्स और उनके बिच की वो घाटी. उफ्फ्फ्फ़ क्या नजारा था उसको ऐसा लगा की अभी पाकर ले उन दोनों कबूतरों को. पर तब तक गुरु सीडी हो कर कुश सोचते हुए अपना ब्लाउज उतरने लगती है. ब्लाउज उतरा hi था की उसकी दोनों चुकी सामने आ जाती है. जिनको देख कर पब का तो गाला सुच गया था. वो तो सेक्स के नशे ने होश खो बैठा था. पर गुरु को कोई मतलब hi नहीं था पब से उसको तो पता भी नहीं था की कोई उसको देख भी रहा है वो तो अपने चुचो को हाथ से पाकर कर गुमा गुमा कर देख रही थी जब वो उनको अच्छे से देख लेती है तो एक मुस्कान उसके होतो पर आ जाती है. और वो फिर से कुछ सोचती हुई वही जमीं में बेथ जाती है और अपनी साडी उठा कर अपनी जंगो को और अपनी चोट को देखती है पर ये नजारा पब को नहीं मिल रहा था तो वो सेक्स के नशे में अपने हिलते हुए लुंड को लेकर गुरु की तरफ जाने लगा. उसके पाऊँ खुद hi उस तरफ जा रहे थे. जैसे hi वो गुरु के सामने पहुंच वो उसकी पिंक चोट को देखने लगा और उसको देखते hi उसका लुंड बगाबत पर उतर आया. वो खुद hi फुदकने लगा. जैसे खुद hi जाकर उसकी छूट में घुस जायेगा. पर उसने फुदकते हूजे 2 मं में hi अपना रास छोड़ने लगा. वीर्य निकले के साथ hi उसकी आवाज भी निकले जो गुरु के कानो में पारी. और उसने गार्डन उदा कर आवाज की दिशा में देखा और तब hi उसके फेस पर वीर्य की पिचकारी गिरी. फिर 1-2 उसके बूब्स पर गिरी. और कुश उन दोनों के बिच के फर्श कर गिरी. उसके फेस कर वीर्य गिरते hi उसको एक पुराणी बात याद आ गई. (जब उसकी सुहागरात थी तो उसके पति ने उसको नंगा किया और उसके बूब्स के और जंगो के दैगो को देख कर बोलै की यदि कोई तुमको नंगा देख लेगा तो उसको उलटी हो जाएगी. और वो उसको बिना चोदे hi सो गया. और तब से आज तब वो जब भी चूड़ी थी तब उसका पति नशे में होता था. और बस साडी ऊपर करके 10-15 धक्केमार कर सो जाता. इसलिए वो अभी नंगी होकर अपने वो दाग देख रही थी पर अब तो वो एक दम सुन्दर और बे दाग सरीर की मालकिन थी. तो आज उसके नंगे सरीर को देख कर एक लुंड ने उलटी कर दी थी. वो भी बिना हाथ लगाए. कहा कोई मर्द उसको देखना भी पसंद नहीं करता था. और आज उसकी सुंदरता ने एक युवा का पानी निकल दिया था )वो बहुत खुस हुई. और इस ख़ुशी में उसकी आँखों में 2 आशु आ गए.

पब ने जब उसकी आँखों में ासु देखे तो उसको लगा की ये उसके किये से दुखी है. और उसने किया भी गलत hi था. एक नारी को बिना उसकी इच्छा के नंगा देखना सभ्यता नहीं है. तो पब की आँखे भी जलक गई और वो बोलै

पब – सॉरी मुझसे गलती हो गई. पर में भी क्या करता जब में गुफा में आया तो तुम्हारे रूप में खो गया. मुझको पता hi नहीं चला की में क्या कर रहा हु. पर में आपका दोषी हु. आप जॉब hi सजा दे मुझको मंजूर होगी. पर आप कोण है. और गुरु माँ कहा है?? आप कब आयी???

गुरु – (एक मुस्कान के साथ) (गुरुपित को पब का दुखी होने से प्रशांत हुई. कियोकि ये उसकी नारी के लिए सम्मान भावना को दिखा रही थी. और खुस तो वो अपने रूप के जादू से थी hi) – तुमने मुझको नहीं पहचाना क्या पंकज में ी हु गुरुपित. जो अब तुम्हारे साथ रहूगी.

पब ये सुन कर बहुत दर गया. और बोलै – माफ़ कर दे गुरु माँ. माफ़ कर दे…

गुरु ने जब उसको डरते हुए देखा तो उसको अपने गले से लगा लिया. और कहा – डरो मत प्लीज. में तुमसे गुस्सा नहीं हु और न hi तुम्हारे काम से दुखी हु. बल्कि आज तुमने कुज्को वो ख़ुशी दी है की में तुमको बता नहीं सकती. तुमने मुझको इस हालत में (वो अभी भी नंगी hi थी) देख कर जब अपने होश खो दिए. तो तुमने मुझको अहसास दिलाया की में भी एक नारी हु. और जब तुमने अपने होश खो कर भी मुझको हाथ तक नहीं लगाया तब मुझको पता चला की तुम्हारे दिल में नारी जाती के लिए कितना सम्मान है. तुमने आज मेरा दिल जीत लिया है अब मुझको तुम्हारे साथ रहने में कोई भी प्रॉब्लम नहीं होगी.

और रही तुम्हारे विरए मुझपर गिरने की बात तो मेरे देख की, मेरी सुंदरता में खोये हुए तुम्हारा अपने आप निकल गया. तो ये भी मेरे सुंदरता का कमल हुआ न. (तोड़े नॉटी स्टाइल ने) वैसे तुम्हारा है बहुत टेस्टी (और ये कहा कर एक फिंगर से अपने बूब्स पे लगा वीर्य चाट लिया और हसने लगी )… हाहाहाःहाहा

ये देख कर पब जप गया और कुछ नहीं बोलै पर अब वो रिलेक्स था. उसका दर जा चुक्का था. पर वो अभी भी गुरु को hi देखे जार अहा था. और इसका असर उसके लुंड कर हो रहा था. गुरु उसके लुंड को फिर से खडाहोता देख बोली – आई मिस्टर आ में दुवारा कुश भी नहीं करने दूगी. पहले hi मेरे को गन्दा कर दिया है चल भाग यहाँ से. मुझको सफाई करनी है. थोड़ी देर में आना…..

पब गुरु की प्यार भरी बात सुन कर मुस्कुराते हुए बहार की और चल दिया वो बस जबाब में इतना hi कहा पाया – जी गुरु माँ….

और बहार चला गया. कुछ देर बाद जब वो बापिस गुफा में लोटा तो आवाज करते हुए आया. तो गुरु ने भी उसको कहा की आ जाओ अंदर..

अब गुरु एक और कड़ी थी. वो वह गया और बोलै – अब क्या करना है गुरु माँ

गुरु – पहले एक बात बता तुझको मुझको देख कर लगता है की में एक भूड़ी हु. ??

पब – नहीं –नहीं अब तो आप मुझसे भी छोटी दिखती हो. और क्या लगती हो एक दम …… (ये उसके मुँह से अपने आप निकल गया. पब समाज hi नहीं प् रहा था की वो उसकी और इतना क्यों आकर्षित हो रहा है)

गुरु – हाहाहाहाहा क्या एक दम है बोल बोल ….. हाहाहा… तो तू मुझको माँ कह कर क्यों बुलाता है. यार एक फिर से वो भूड़ी वाली फीलिंग अति है तू मुकजो बस गुरु कह.

पब – जैसे तुम्हारी मर्जी गुरु… (एक मुस्कान के साथ)

गुरु – that’s ा गुड बॉय…

पब – ओह्ह तुमको इंग्लिश भी आती है??? जबकि तुम तो यहाँ जंगलो में रहती हो…

गुरु – हाहाहा – नहीं में बस पिछले 10-12 साल से यहाँ हु. ोथेरविसे में भी एक सहर में रहती थी. पर तब मुझको कोई पसंद नहीं करता था तो में या तो अपनी पूजा करती या बुक्स पड़ती थी.

पब – ओह्ह तब तो ठीक है. अब मैं एक ेडक्टेड और हॉट गर्ल के साथ रहुगा. और अब तुमको सब पसंद करेंगे.

गुरु – हॉट हुम्म्म… तुम तो मेरे साथ फ़्लर्ट करने लगे. हाहाहा …. मेरे साथ ऐसे hi रहना में भी अपनी जिंदगी जीना चाहती हु. पर कभी भी सीमा पर मत करना. पर में जानती हु तुम आएसा नहीं करोगी. जब अभी तुमने नहीं किया तो आगे भी नहीं करोगे…
 
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गुरु – हॉट हुम्म्म… तुम तो मेरे साथ फ़्लर्ट करने लगे. हाहाहा …. मेरे साथ ऐसे hi रहना में भी अपनी जिंदगी जीना चाहती हु. पर कभी भी सीमा पर मत करना. पर में जानती हु तुम आएसा नहीं करोगी. जब अभी तुमने नहीं किया तो आगे भी नहीं करोगे….

पब – हम्म ok… पर अब क्या करना है. दस माँ ने क्या आदेश दिया है??? अरे हां तुम मुझको मणि जी से मिलवागी कैसे?? तुम उनको जानती हो?? और वो कहा है क्या तुमको पता है.???

गुरु – हां मैं मणि जी को जानती हु. वो hi मेरे गुरु है. पर तुम कैसे जानते हो और तुम क्यों मिलना चाहते हो उनसे??

पब – वो मेरे पापा के दोस्त थे. वो अभी कुछ साल पहले hi हमारे घर आये थे तब में परता था. तो उन्होंने कहा था जिस दिन तुमको ऐसा लगे की तुम्हारी जिंदगी ख़तम हो चुकी है और तुम्हारे पास न कुछ खोने को हो और न पाने की इच्छा हो तो मेरे पास आजाना. इसलिए तो में इस जंगल में उनको खोजता हुआ घूम रहा था की तुम्हारे आदमी ने मुझको पाकर लिया और यहाँ ले aaya.(itna कहते हुए उसकी आवाज दुःख से भरी हो गयी).

गुरु – ओह्ह पर तुम्हारे साथ आएसा क्या हुआ की तुम इस छोटी सी आगे में hi अपनी जिंदगी को ख़तम समाज बैठे??

पब – मेरी माँ और बहन जो की मेरी जिंदगी थी. मेरे जेने की वजह थी वो दोनों hi मर गयी. वो भी मेरी एक गलती की वजह से तो मैं किस के लिए जीता?? और में क्यों जीयु?? तब मेने मणि जी से मिलने का सोच और यहाँ आ गया. (पब की आँखे नाम हो गई था)

गुरु – हम्म सो सॉरी मुझको नहीं पता था तुम्हारे बारे में. पर अब तो तुम्हरे पास जीने की वजा भी है. (एक स्माइल के साथ) और एक हॉट सी गुरु भी है साथ देने को…

पब – (बहुत दिमि आवाज में) हम्म साथ तो देगी पर अपनी नहीं देगी.

गुरु – क्या कहा तूने हाँ जरा जोर से बोल तब बताती हु…

पब – कुछ भी तो नहीं… हाहाहाहा (और फिर दोनों hi हसने लगते है. पर पब की आँखें अभी भी नाम थी)

गुरु – ऐसे hi हस्ते रहा करो.. चलो में मणि जी से बात करने की कोसिस करती हु. जब तक तुम बहार से कुछ खाने को ले आओ.

पब – ok

और पब चल देता है जंगल की और कुछ काने को लेन के लिए. ीदार गुरु डायन में कुछ समय की लिए बेटी है. और फिर वेट करने लगती है.

कुछ 1 ऑवर के बाद पब वापस गुफा में आ जाता है कुछ जंगली फलो के साथ. गुरु के पास जाकर वो फल उसको दे देता है. गुरु उसको कुछ टाइम वेट करने को बोलती है. दोनों बात करने लगते है ीदार उदार की. तभी…….
 
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मणि जी भी पहुंच जाते है वह पर. दोनों उनको देख कर नमस्ते करते है. और तीनो बेथ कर फल खाने लगते है. पर पब का डायन फल खाने से ज्यादा मणि जी की और था. पर मणि जी सन्ति से फल कहते है और फिर कहते है की अब बताओ क्या हुआ था...... तो गुरु मणि जी को पब को कैद में लेने से लेकर दस माँ के जाने तक की पूरी कहानी सुना देती है.

मणि – हम्म इसका मतलब है की अब समय है मैं सम्भोग क्रिया का. जो की आज तक किसी ने नहीं की. जिसका इंतजार पिछले 22 साल से हो रहा था. पहले में तुमको कुछ जरुरी बाते बाटता हु.

दक्षसूरी केवल एक असुर नहीं है. बल्कि एक अप्सरा भी है. देव लोग की अप्सरा. और इनके पति का नाम है – डलासुर. ये भी एक देव थे. दोनों एक श्राप के कारन असुर बने. ये एक लम्बी कहारी है और कई 100 साल पुराणी. ये में तुमको समय आने पर बताउगा. दोनों देव और असुर दोनों का रूप है. तो इनकी पूजा बहुत हार्ड है. और इनके विषय में भी बहुत काम लोग hi जानते है. इनको खुस करने के लिए दोनों रूपों को खुस करना परता है. इनके देव रूप को मंत्रो से और दानव रूप के लिए चाहिए बलि – वो भी ऐसे मानव की जो शाकाहारी हो. और पूरा मानव हो (मतलब कोई भी बॉडी part काम न हो).

पर एक और क्रिया है जो इनके श्राप से जुडी है और वो है शंभोग क्रिया. इससे इनको बहुत hi आसानी से खुस किया जा सकता है. पर इस क्रिया के कुछ रूल्स है. इस क्रिया में इनके मंत्रो के जाप के बाद सेक्स करना होता है. जिससे ये खुस हो जाते है और वर देते है.

पर अभी परिस्तिति दूसरी है तो इस किरिया में और भी बहुत कुछ डायन रखना होगा. और उस क्रिया को करना होगा जो आज तक किसी को नहीं पता.

पब – अंकल पैर अभी परिस्तिति अलग क्यों है??

मणि – वो सब तुमको समय आने कर hi पता चलेगा. अभी तुम इसको कैसे करना है. ये सुनो.

और मणि दोनों को इस किरिया की विदी और मंत्रो को बताने लग जाता है. और फिर कहता है.- ये तो नार्मल किरिया है. पर आज की परिस्तिति में तुमको सकती हासिल करने के लिए कुछ और भी डायन रखना पड़ेगा. (यानि की मैं किरिया के लिए कुछ और भी रूल है. और कुछ अलग मंत्र है. ) मैं क्रिया के मंत्र मणि जी बताते है. और फिर रूल बताते है.

नार्मल में (जो की कुछ और लोग भी जानते है)

1. दोनों लोग साफ होने चाहिए.

2. सेक्स के समय दोनों अपने पूरी तरह होश में हो. और कोई जबरदस्ती न हो. (चाहे दूसरे को न पता हो की वो किसी किरिया में भाग ले रहा है)

3. और एक बार मंत्र पर्ने के बाद किरिया बिच में नहीं रुकनी चाहिए. कियोकि मंटो से डलासुर और दक्षसूरी दोनों का एक अंश उन दोनों में आ जाता है.

4. करीरिया के पूरा होने के लिए दोनों का झरना जरुरी है.

मैं किरिया में (जो की मणि जी बताते है)

1. दोनों लोग कुंवारे होने चहिये.

2. दोनों के बिच में एक प्रेम का भाव हो. न की केवल वासना का. (फिर मणि जी पब की और इसरा कर की कहा है की -तुमको लड़की को देख कर उत्तेजना की जगह प्रेम आये पहली मुलाकात में. नहीं तो तू जिसको भी देखते हो बस वासना किन अजर से hi देखते हो 1सत टाइम. हाँ ये बात और है की तुरंत hi तुम खुद पर काबू भी कर लेते हो. ये सुन कर पब चौक जाता है)

3. किरिया के बारे में दोनों को पता हो. कियोकि सम्भोग से पहले दोनों को hi मंत्र पर्ने है.

4. दोनों के कुंवारे होने के कारन दर्द होगा. पर कोई भी दर्द से बेहोश नहीं होना चाहिए. (मणि जी पब की तरफ देख कर कहती है – पर तुम को इस रूल के बारे में सोचना hi नहीं है. कियोकि तुम्हारे जनम के टाइम के कारन मिली सकती से कोई भी नारी उस समाये तक बेहोस नहीं हो सकती जब तक तुम्हारा लिंग उसके अंदर है. )

और एक बात तुम केवल 10 बार hi ये कर सकते हो. 11वि बार में तुमको कहा और कैसे करना है ये समय पर छोड़ दो. वो hi है तुम्हारा मैं लक्षय. और इन 10 बार में तुम कोण सी सकती या वर लोगे वो या तो तुम या नियति तय करेगी.

पब – मुझको कुछ भी समाज नहीं आ रहा है. एक तरफ तो आप कहते है की दोनों कुंवारे होने चाहिए. और दूसरी तरफ कहती है की तुम इस किरिया को 10 बार तक कर सकते हो जबकि पहली किरिया में hi मेरा कुंवारा पैन खत्महो जायेगा. तो 10 बार कैसे??

मणि – तुम्हारा जनम और तुम्हारा लिंग का दस दवरा दुवारा जोड़ना ये दोनों hi तुमको तुम्हारे कुंवारे पैन को 11 बार तक बचा पाएंगे. और एक बात तुम जिस लड़की के साथ किरिया करोगे उसका कुंवारा पैन भी उसको किरिया पूरी होने पर फिर से मिल जायेगा. बस वो इस सब को कभी भुला नहीं पायेगी.

तुमको पता है दस ने तुम्हारे लिंग को जोड़ने के लिए अपने पति से मिली साडी सकती लगा दी है तब तुम जीवित हो.

पब – हम्म समाज गया. पर आपका कहना है की लड़की को देख कर उत्तेजना न आये. पर में तो………. पब सरम के कारन इतना hi बोल पाया था.

मणि – हाँ में जनता हु, अभी बताया तो था की तुम हर लड़की को किस नजर से देखते हो. तुम बचपन से hi हमेश उत्तेजित रहते हो. फिर भी तुम ने कभी भी कोई गलती नहीं की है. हमेशा सयम रखा है. ये सयम hi तुम्हारी जीत का कारन बनेगा (मन में – और आंत का भी हो सकता है)

पब – अस्चर्य से देखता है… पर आपको कैसे पता ये सब?? और मेने एक बार आपने सयम खो दिया और में बर्बाद हो गया. मेरी माँ बहन दोनों मुझको छोड़ के स्वर्ग चली गयी.

मणि – नहीं तुमने कभी अपना सयम नहीं खोया था. वो उस औरत की चल थी. उसने तुमको सम्मोहित कर रखा था. जिससे तुम उसको अपना सारा रस. दे दो. और वही हुआ. और आगे तो तुम जानती हो…

पब – क्या ये सच है?? – 2 , में उस औरत को नहीं छोड़ूगा. मुझको कोई भी सकती नहीं चाहिए. में अब बस उसको मरना छटा हु. (और पब उड़ कर जाने लगा)
 
अपडेट 7

पब – क्या ये सच है?? – 2 , में उस औरत को नहीं छोड़ूगा. मुझको कोई भी सकती नहीं चाहिए. में अब बस उसको मरना छटा हु. (और पब उड़कर जाने लगा)

मणि – सन्ति से बैठो ( थोड़े गुस्से के साथ). तुम उसका अभी कुछ नहीं बिगड़ सकते हो. जब तुम्हारे पास सकती होगी तब तुम कुछ कर पाओगे न. और भूल गए दस माँ ने क्या कहा था. तुम्हारा बदला भी पूरा होगा.

तुम पहले भी एक गलती कर चुके हो जिसकी वजा से तुमने अपने परिवार को खो दिया. अब तुम फिर से गलती करने जा रहे हो. तो तुम अपने आप को भी ख़तम कर लोगे.

पब – क्या मतलब है आपका ?? मेने कोण सी गलती की है?? जहा तक मुझको याद है मेने एक hi गलती की थी उसको भी अपने एक चल बताया तो फिर और कोनसी गलती??

मणि – तुमको याद है में तुम्हारे घर आया था तुमको लेने. पर तुमने मन कर दिया. तब मेने कहा था की जब मरने के करीब हो तो मेरे पास आना. यदि तुम जब hi मेरे साथ आ जाते तो इतना कुछ नहीं होता. नियति ने तुमको hi इस काम के लिए चुना है और यदि तुम भागोगे तो तुम्हारा hi नुकशान होगा.

पब – ये सब सुन कर रोने लगता है. वो रट रट बेहोश हो जाता है.

ये देख कर गुरु गबरजती है. गुरुपित के मन में पंकज के लिए एक प्यार एक अंकुर फुट चुक्का था. इसलिए वो जायदा hi बेचें हो गई. तभी मणि जी बोले – उसको बेशस hi रहने दो. उसके लिए ये hi उचित है. अब वो जब जागेगा तब वो पूरी तरह से अपने लक्षय के लिए तैयार होगा.

और फिर मणि जी गुरु को और भी बहुत सी करुरी बाते बता कर चले जाते है. पब अभी भी बेहोश था.

2 जानते बाद उसको होश आता है. तो वो अपने आप को बहुत फ्रेश फील करता है. और जब गुरु की तरफ देखता है. तो वो उस को hi देख रही थी पर किसी सोच में थी. और उसके होतो पर एक मुस्कान थी. जो पब के दिल को ठंडक देती है. पब भी उसको देखते हुए खो जाता है. तभी गुरु का डायन पब की तरफ जाता है. तो वो कहती है

गुरु – आए मर. तुम मुझको ऐसे क्यों घर रहे हो?? (तोडा तेज़ आवाज में)

पब – (हड़बड़ाते हुए) नहीं-2 मेने कब गुरा….

गुरु, पब की सकल देख कर हसने लगती है. और उसको हस्ता देख वो भी हसने लगता है.

गुरु – तो अब क्या सोच है तुमने??

पब – नहीं कुछ भी नहीं सोचा मेने (इसको कैसे पता चला की में इसके बारे में hi सोच रहा हु)

गुरु – अरे नालायक लड़के मैं मणि जी और दस माँ की बातो के बारे में बोल रही हु. … हाहाहाहा

पब – ओह्ह्ह अच्छा अब समजा तुम क्या पूछ रही थी, हाँ मैं अब मणि जी के अनुसार hi आगे करुगा. कियोकि मैं वैसे भी सब कुछ खो hi चुक्का हु तो अब तो बस ये hi मेरे जीने की बजह है.

गुरु – हम्म गुड तो चले अपनी नयी मंजिल की और…

पब – हाँ चोलो चलते है. पर हम जायेगे कहा??

गुरु – वो बाद में सोचेंगे. पहले तो इस जंगल ने बहार जाना होगा. कियोकि यहाँ तो तुमको कोई भी लड़की मिलने से रही….

पब – क्यों तुम लड़की नहीं हो??

गुरु – तू रुक तू फिर मुझपर लाइन मरने लगा. आज तू पिटेगा……

फिर दोनों हसने लगते है. और फिर निकल पार्टी है अपनी एक नयी खोज में. दोनों को जांगले में चलते हुए करीब 2 ऑवर हो चुके थे. दोनों थक भी रहे थे. पर पब का हाल जायदा बुरा था. उसका लुंड बार बार उसको परेशां कर रहा था. आज वो जायदा hi कूद रहा था गुरु के चक्कर में. कभी उसका हाथ गुरु से टच हो जाता या खभी उसका डायन उसकी बल कहती कमर पर चला जाता तो कभी उसकी गाड़ पर तो कभी उसकी नंगी बाजुओं पर, हर बार उसका पप्पू कूदने लगता. बस वो hi जनता था की वो कैसे सयम रख रहा है खुद पर. अभी वो अपना डायन बाटने के लिए ीदार उदार देख कर चल रहा था. वो गुरुपित को देख hi नहीं रहा था. की तभी एक टाइगर गुरु के ऊपर कूद जाता है. गुरुपित निचे और टाइगर उसके उप्पेर. ये देख कर पंकज तुरंत अपना चाकू निकल कर उसकी और मरता है जो टाइगर की गार्डन के निचे घुस जाता है. यदि 3” और ऊपर होता तो पक्का टाइगर मर चुक्का होता. पैर अभी वो घायल हो कर पीछे हैट जाता है. और दोनों की और देखने लगता है. इतने में hi गुरु फुर्ती सेखारि हो जाती है तो पंकज उसके सामने आने लगता है. और गुरु को पीछे हटने को कहता है.

कियोकि इस्तिति बहुत ख़राब थी. एक टाइगर घायल हो कर उनकी और द्देख रहा था. और इनके पास कोई हतियार भी नहीं था. और यदि दोनों ट्री पैट चढ़ने के लिए पाऊँ भी हिलाते तो टाइगर एक को तो पक्का मर देता.
 
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गुरु पीछे हटने की जगह पंकज के सामने आगि. पर पंकज उसको पीछे करने में लगा था. तो वो एक दम आदेश देने वाली दिमि आवाज में बोली “पीछे हटो”

पब पीछे हैट गया और गुरु सामने आ कर टाइगर की आखों में देखने लगी. 2मं में hi टाइगर वह से भाग गया. पंकज ये देख कर चौक गया.

पब – अरे ये कैसे भाग गया.?? तुमने इसके साथ क्या किया?

गुरु – (गुस्से में) सायद तुम भूल गए की में कोण हु. तुम्हारी सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी है. और तुम खुद आगे जा रहे थे. बताओ कैसे सामना करते उसका??

पब – सॉरी गलती हो गई. पर में दर गया था की कही वो तुमको कुछ न कर दे. तुम्हारे पास भी कोई हतियार नहीं था. और मुझको तुम्हारी सक्तियो के बारे में नहीं पता. (वो उसके गुस्सा करने से दुखी हो गया था)

गुरुपित उसकी और देखते हुए सोचती है. एक ये है जो मुझको नहीं पहचानता. और न hi मेरे इस ससिर को भोग सकता है अभी. तब भी इसको मेरी कितनी चिंता है. खुद मरने को भी तैयार था मुझको बचने की लिए. और कहा एक मेरा पति था जो कखि प्यार से मेरी तरफ भी नहीं देखा. हहहहाआईए कितना प्यारा मुंडा है. काश ये मेरा हो जाता………. पंकज गुरु को हिलने लगता है. तब वो अपनी सोच से बहार आती है.

पब – (डरते हुए) क्या हुआ? मेने अब तो सॉरी भी बोल दिया. आज अब आएसा कभी नहीं करुगा. कान पकार्टा हु (और अपने कान को हाथ लगने लगता है.)

गुरु ये देख कर उसको अपने गले लगा लेती है और सॉरी बोलने लगती है. सॉरी मैं भी दर गाइट hi. इसलिए hi तुम पर गुस्सा कर बैठी.

गुरु की बात सुन कर पब को भी अच्छा लगने लगता है. पर वो अभी भी चिपके हुए थे. तो जैसे hi पब का डायन इस तरफ जाता है तुरंत उसका लुंड खरा हो जाता है और गुरु के पेट पर सुब्ने लगता है. तो गुरु उसको और जोर से भींच लेती है. और उसकी पूरी चुकी पंकज के साइन में डाब जाती है. पब की हालत ख़राब हो रही थी. तो वो तुरंत उसे दू रो जाता है. ये देख कर गुरु भी मुस्कुरा देती है. और फिर दोनों आगे बढ़ते है. पर जैसे hi गुरु अपना पाऊँ उड़ाती है उसकी जंग में दर्द होने लगता है. और एक चीख निकल जाती है और वही बेथ जाती है. तो पब पीछे मुर कर देखता है.

पब – क्या हुआ?? चीखी क्यों??

गुरु – लगता है टाइगर पंजा मर गया है. बहुत दर्द है.

पब – ओह्ह्ह दिखाओ मुझको कहा मारा है. कही गांव गहरा तो नहीं है?

गुरु शर्मा जाती है और सोचती है की वो अपनी जंग उसको कैसे दिखाए. पर फिर कुछ सोच कर वो अपनी साडी ऊपर करके पब को दिखती है.. पंकज जैसे hi उसकी गोरी जंग देखता है उसका फिर खरा होने लगता है. पर वो अपने पर कभू रख कर गांव को देखता है वह पर टाइगर के 2 नाखुनो का गांव था जो गहरा लग रहा था. वो तुरंत ीदार उदार नजर डरता है और एक जगली से दिकने वाले ट्री के कुछ पत्ते ले आता है. और उसकी जंग के पास बेथ जाता है. वो जैसे hi जंग पर हाथ रख कर साडी को थोड़ा सा और ऊपर करता है. तो बस क़यामत हो जाती है. और उसको उसकी छूट दिख जाती है. और वो अपना होश खो कर बस छूट को hi देखे जा रहा था. उसका लैंड पेण्ट में hi उछाल कूद मच्ये हुए था. वो अब उसकी मखमल जैसी मुलायम जंग को सहरने लगता है. उसको बहुत मजा आ रहा था. और वो सब भूल कर मदहोश हो चुक्का था. उसकी गुलाबी छूट बहुत सुन्दर दिख रही थी. और वह पे बालो का नामोनिशान नहीं था. एक दम चिकनी छूट थी. उसकी छूट की फाँकहुति बरी मन मोहक थी. उसकी छूट पूरी तरह से नंगी नहीं हुई थी वो तो उसको साडी के अंदर से hi झक रहा था. पर उसका मान नहीं मन रहा था. वो उसको ठीक से देखना चाहता था. छूना चाहता था. उसका एक हाथ अभी भी उसकी एक जंग पर चल रहा था. और और धीरे -2 उसकी साडी को ऊपर और ऊपर करता जा रहा था. और उसकी छूट पूरी तरह से बे पर्दा हो गई. पर पंकज को होश hi नहीं था की वो क्या कर रहा है. वो उसकी छूट को देख कर बहुत जयादा उत्तेजना फील कर रहा था. उसका मन कर रहा था की वो अभी उसने अपना लुंड गुसा दे. पैर वो ऐसा नहीं कर रहा था. उसका दिमाग उसे रोक रहा था. पर वो वासना के बहाव में अपने हाथ को नहीं रोक प् रहा था. उसने अभी तक गुरुपित के फेस की तरफ नहीं देख था एक बार भी. वो उसको देख कर बस मुस्कुरा रही थी. उसके हाथ की एक फिंगर जंग को सेहराते हुए उसकी छूट से छू गयी. और बस उसके सरीर में एक करंट सा डोर गया. उसका लैंड एक दम सख्त हो रख था उसकी पेण्ट में, और हल्का – 2 दर्द हो रहा था. उसका लुंड अब बस छोड़ना चाहता था गुरुपित को.

की थबी उसके मन में मणि की बात आ गई. उसका लक्ष्य उसके परिवार की मूट का बदला, दस माँ का विस्वाश, ये सब दिमाग में एते hi उसके हाथ जहा थे वही रुक गए. पर अभी वो पूरा उत्तेजित था. उसने अपने हाथो को भींच कर अपनी आँखें बंद की और बसपने लुंड को संत करने की कोसिस करता है. और 2 मं में hi वो जरने लगता है. उसका वीर्य उसकी पेण्ट में hi निकल जाता है. और जब वो जार जाता है तब उसको होश आता है तो डेक्था है की उसकी एक फिंगर खून से भीगी है. जो की उसके गांव के ऊपर थी. वो बहुत सर्मिन्दा था. पब कुछ बोल भी नहीं पाया.

अब वो अपनी नजरे निचे कर के उसके गांव पर पत्तो का रास टपकता है. और ऊपर से उसी पत्ते को रक् देता है. और फिर अपनी शर्ट की बाजू को फाड़ता है और पत्ते को उसकी जंग से बंद देता है. गुरु चुप चाप उसको देख रही थी और उसके फेस पर एक दर्द भरी मुस्कान थी. उसने बहुत दे से कुछ भी नहीं बोलै था.
 
अपडेट 9

पंकज चुप चाप एक ट्री के निचे उसकी तरफ पथ कर के खड़ा हो जाता है. वो बहुत जायदा शर्मिंदा था. वो कुछ बोल भी नहीं प् रहा था. कुछ देर तक वो ऐसे hi खरा रहा. गुरु को भी दर्द में कुछ आराम था.

गुरु – सुनो पंकज…….

पब – हम्म (बहुत दिमि आवाज में)

गुरु – कुछ बोलोगे भी की नहीं..

पब – आपने रोका क्यों नहीं…..

गुरु – (कुछ सोच kar).KIKOKI में भी यही चाहती थी

पब एक डैम चोकते हुए पीछे मुर कर गुरु के फेस को देखने लगता है. पर कुछ भी नहीं समाज पता.

पब – मतलब?

गुरु – फिर कभी बताऊगी. अभी चलो ये इलाका खतरनाक है. यहाँ जायदा देर रुकना सेफ नहीं है. हमको जल्दी से जल्दी जंगल से निकलना होगा. नहीं तो रात किसी ट्री पे hi बितानी होगी.

पब – हम्म सही कह रही हो पर क्या तुम चल पाओगी??

गुरु – हाँ चलो..

दोनों जाने चलने लगते है. पर अब उनकी चल दिमि थी. वो 3 ऑवर से लगातार चल रहे थे. बिच में रुक कर दोनों ने जंगली फल खा लिए थे. और जब की कोई फल का ट्री दीखता तो उसे फल तोर लेते थे. अभी वो जंगल की बाहरी सीमा के पास थे. पर दोनों बहुत तक गए थे. पर अभी रात होने में भी 1-1.5 ऑवर hi था तो वो चले जा रहे थे. तब उनको कुछ दुरी पर एक तालाब देखता है दोनों वह जा कर पानी पिटे है. पब तो पानी में कूद जाता है. और नाहा कर उन्ही गीले कपड़ो में चल देता है. वो रात होते होते एक गाँवों में पहुंच जाते है. और एक खेत की पगडंडी पर hi सो जाते है.

अब सुरु होता है इनका मिशन. एक लड़की खोजने का. जिसके लिए ये बहुत से गाँवों में घूमते है. और कई लड़कियों को देखते है बात करते है. पर हर लड़की को देखते hi पंकज का मान उसको छोड़ने का hi करता. ीदार पंकज ने जंगल वाले एक्सीडेंट के बाद गुरु की तरफ उसने देखना hi छोड़ दिया था. वो बहुत hi काम बात करता था गुरु से अब. और इसी तरह 15 दिन बिट जाते है. और वो इन 15 दिनों में या तो किसी से मांग कर खलेते या फिर रस्ते में मिलने वाले फलो से काम चलते. पर अभी तक न तो कोई लड़की मिली और नहीं वो किसी एक जगह रुके. अब पंकज हिम्मत हरने लगा था.

रात का समय था दोनों एक खेत के बहार बेथ थे. और गणना खा रहे थे. अभी पब कुछ हद थक गुरु के साथ नार्मल होने लगा था. पैर वो उस बात को भूल नहीं प् रहा था. आज दोनों को खाने को कुछ नहीं मिला था. तो खेत से गणना तोड़ कर खा रहे थे. पर पंकज दुखी था.

पब – गुरु मुझको नहीं लगता की में कुछ कर पाउगा. हमको भटकते हुए इतने दिन हो गए पर कोई भी ऐसी लड़की नहीं मिली. सायद मेरे अंदर वासना कुछ जयादा है. में बहुत hi गन्दा हु. में कुछ नहीं कर सकता. तुम क्यों अपना टाइम मेरे साथ वास्ते कर रही हो??

गुरु – देखो हिम्मत हरने से कुछ नहीं होगा. और ये नियति hi तय करेगी की तुम किसके साथ वो किरिया करते हो.

पब – पर मेरे से कुछ भी नहीं हो प् रहा है.

गुरु – नहीं तुम बहुत कुछ कर सकते हो. तुम्हारे साथ बहुत लोगो का आसिरदव है. अच्छा तुमको एक बात बताती हु ……. तुमको पता है की तुम जिनकी साथ भी ये किरिया करोगे वो तुम्हारी बीबी बन जाएगी.

पब – क्या ???

गुरु – हां कियोकि किरिया के मंत्रो से तुम पहले pati-patni बनोगे. और फिर सम्भोग करोगे. बिना शादी के सम्भोग दानवो को खुस करता है. पैर पति पत्नी का प्रेम मिलान को देवता आशीर्वाद देते है.

तुम्हारी हर पत्नी तुम्हारी उस सकती का प्रतिक होगी. तुम जब भी उसके साथ सम्भोग करोगे तुम्हारी सकती और बाद जाएगी. तो तुम खुद सोच की वो लड़की कोई भी कैसे हो सकती है…………. (कुश देर रुक कर)

उसने कुछ खास होगा तभी तो वो तुमको झेल पायेगी. नहीं तो तुम उसको मर hi डोज.

पब – मतलब क्या है तुम्हारा, मुझको झेलेगी से?? में कोई दानव हु??

गुरु – नहीं तुम दानव नहीं हो पर तुम्हारा वो जरूर दानव है…. (और मुस्कुराने लगती है)

पब – मेरा क्या दानव है?? (उसको समज नहीं आया था) … (पर एक दम से वो समज गया की वो उसके लुंड की बात कर रही है. तो वो थोड़ा सा शर्मा गया. और मुस्कुराने लगा.)

गुरु उसको सरमाता देख कर हसने लगती है…… हहहहहहह (इसतरह की हसी मजाक उनके बिच 15 दिन बाद hi हुई थी)

पब – है कियो रही हो?? हां बोलो?

गुरु – तुम पुरे के पुरे ……………….. भिखारी लग रहे हो

पब – तूने मुझको भिखारी बोलै रुक तुझको अभी बताता हु. …. पर तब तक तो गुरु हस्ते हुए भाग गई. और पब उसके फिच भागा. उसने उसको जल्दी पाकर लिया. वो अभी भी है रही थी.

पब – बोल अब बोलेगी भिखारी?? बोल बोलेगी??

गुरु – अरे तुमको भिखारी न बोलू तो क्या बोलू. अपनी हालत देखि है. काप्रि फटे परे है. और गंदे इतने है की पूछो मत… चेहरा सेविंग से चुप गया है . जरा देखो अपनी तरफ..

पब – उसकी बात सुन कर सोचता है की कहा तो रही रही है यदि कोई लड़की मिली भी तो वो मेरी तरफ देखेगी भी नहीं. तो छोड़ना तो दूर की बात है. पर मैं क्या करू.?

पब – हम तुम कहा तो सही रही हो पर में क्या करू?? मेरे पास तो 1 रस भी नहीं है. कोई कपड़ा तो दूर रुमाल भी नहीं देगा.

गुरु – गुरु के होते हुए भी tension…(Notanki करते हुए) बच्चा रास्ता हम दिखाएंगे पर चलना टुकजो hi होगा. हमारे रस्ते पे चलोगे तो आयेश करोगे …….. हाहाहाहा

पब – रास्ता बताये माँ.. (उसकी टन की नक़ल कटे हुए)

गुरु – कल से खेतो में मजदूरी करो और रस कमाओ बहुत सिंपल है… हहहहहहह

पब – अब तो गए भेस पानी में. साला ये दिन भी देखना था की एक इंजीनियर मजदूरो की तरह काम करे. और मजदूरी करके में आयेश करुगा हां……..

फिर दोनों hi संत हो जाते है कियोकि दोनों को पता था की ये जरुरी है. अगले दिन दोनों खेत पैर पहुंचते है और पब गुरु को एक तरफ बेटने का इसरा कर के मजदुइ करने लगता है. तो गुरु भी मजदूरी करने आ जाती है. दोनों पुरे दिन म्हणत करते है. उनके काम को देख कर खेत मालिक उनको कुछ एक्स्ट्रा रस देता है. और खाने को भी देता है. दोनों रात को सो जाते है. और मॉर्निंग में के कसबे की तरफ चल देते है. दुपहर तक वहॉ पहुंच कर पब अपने लिए नए कपड़े लेता है, सेविंग करवाता है. और गुरु के लिए कुछ चुडिया ले आता है. जिनको देख कर गुरु खुस हो जाती है. और पब तालाब पर नाहा दो कर नए कपड़े पहन कर एक दम निखार गया था. दोनों फिर उस कसबे क ीक मंदिर में जाते है. तो प्रशाद में खाना मिल जाता है. जिसे लेकर वो मंदिर के पीछे एकांत में खाने बेथ जाते थे. थबी गुरु उसको खाना देने के लिए जुक्ति है तो उसका पल्लू निचे गिर जाता है और उसके बारे -2 सुन्दर बूब्स पब की आँखों के सामने आजाते है. जिनको देख कर पब के बार अपना थूक गटकता है और नजरे फेर लेता है. ये देख कर गुरु बादक जाती है.

गुरु – ये तुमको क्या हो गया है. तुम मेरी तरफ देखते भी नहीं हो. क्या में खुबशुरत नहीं हु. क्या तुमको मेरे ये चुके अच्छे नहीं lagte.(apne बूब्स को हाथ में ले कर देखते हुए)

पब गुरु की बात सुन कर संन्न रहा जाता है. वो कुछ नहीं बोलता. पर उसका लुंड पूरा खरा हो चुक्का था.
 
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