Mera parivar mera gav maha gatha - Page 10 - SexBaba
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Mera parivar mera gav maha gatha

अपडेट 82

में और धापू उसे छेद से देखने लगे वो तीनो एक दूसरे को देख रहे थे

राकेश-: भोसड़ी को मेने तुम दोनों को यहाँ भुलाया उस लोंड़िया के मजे लेने के लिए और तुम मुझे hi भगा रहे थे

वैभव-: लवडे तूने मुझे मारा उस लड़की के लिए अब तू रुक

भारत सिंह-: राकेश अब देख तू

फिर दोनों ने मिलकर राकेश को मरने लगे राकेश भी दोनों को मरता बिच बिच ने और इसी तरह वो तीनो hi आपस में लड़ते रहे जब राकेश की हालत ख़राब हो गयी तो वो जान बचा कर भाग गया

वैभव और भारत सिंह की भी हालत ख़राब हो गयी थी वो दोनों भी लंगड़ाते हुवे वह से निकल गए इधर उड़ छेद से जब चालू आगे होक देख रही थी तभी में उसके पीछे खड़ा था मेरा बाबूराव को धापू की गांड की मादक खुशबु आ रही थी मेरा लुंड धीरे धीरे खड़ा हो गया था जो सीधा धापू की बड़ी गांड जे छेद में घुस रहा था तभी वो लड़के वह से चले गए और में आशा hi खड़ा रहा

धापू-; आप नहीं आते तो ये लोग आज मेरे साथ पता नहीं क्या करते

में-: मेरे होते हुवे जो मेरा ह उसे कोई हाथ नहीं लगा सकता

धापू-: लव ु विभु

में/: लव ु 2

धापू-; मुझे कुछ चुभ रहा ह पीछे हाथो न .

में-; हम्म्म

फिर में पीछे हुआ और अँधेरे में कुछ दिख नहीं रहा था इस लिए मेने अपने लुंड को एडजस्ट किया और हम बहार आ गए

में-; ये बात अब तुम किसी से बताना मत वो लड़के अब तुजे कभी परेशान नहीं करेंगे

धापू-: ठीक ह जान ये आपने अच्छा किया इसमें हम दोनों पर कोई शक नहीं करेगा और वो समझने लगे की उन तीनो ने hi खुद का काम बिगड़ लिया

में-; ओह्ह कोनसा काम मेरी रानी

धापू-: पता नहीं मुझे आपसे एक बात करना ह

में-: बोलो

धापू रुक गयी और मुझे अपनी तरह पलटा कर मेरे होठो पर अपने छोटे से होठ दिए और होल होल किश करने लगी

में भी इस जवान होती घोड़ी के होठो को चूसने लगा अब मेरे हाथ उसके गांड के कूल्हों को जोर से दबा दबा कर किश करने लगा

में किश करने में बिजी था की मुझे किसी के आने की आहात हुई मेने किश तोड़ कर धापू को लेके एक झाड़ के पीछे चुप गया

मेने देखा की वही लड़के फिर आ गए थे

भारत सिंह-: वो लड़की कहा गयी भाग गयी क्या

वैभव-; है उस लवडे ने सारा खेल बिगड़ दिया वार्ना उस नए मॉल की सील खोलने का मजा आ जाता

भारत-: है अब क्या कर सकते ह चल फिर कभी हाथ में लेंगे उसे अभी तो घर जाते ह सरीर दर्द कर रहा ह पूरा

फिर वो दोनों आगे बाद गए

में-; धापू तुम जाओ घर में आया कुछ देर में

धापू-: दयँ रखना अपना कल मिलोगे न

में-: नहीं में 2 दिन के लिए मां के वह जा रहा हु

धापू-: ोकक

फिर वो चली गयी में भी उसके पीछे पीछे जाने लगा और अब हम दोनों गांव में आ गए धापू आज बहुत खुस थी वो अपने घर चली गयी और में वह से मनीषा भाभी के घर के पास तबेले में

में भाभी का वेट करने लगा कल का टाइम होने में अभी 10 मिनिट बाकि थे में मोबाइल निकल कर देखने लगा

में मोबाइल में खोया था टाइम देखा तो 10 मिनिट ऊपर हो गए अभी तक मनीषा भाभी आयी नहीं थी

मेने उनके मोबाइल पर कॉल किया पर मोबाइल बंद था मुझे गुस्सा आने लगा अब आधे घंटे ऊपर हो गया भाभी अभी तक नहीं आयी थी मेने फिर कॉल किया पर फिर भी नहीं आयी मेने कुछ देर और वेट किया पर अब भी नहीं आयी मुझे वह 1 घंटे से ज्यादा हो गया था मेरा लुंड भाभी की लेने की सोच कर hi खड़ा था

में-: भाभी आशा क्यों किया आपने आप बहुत ख़राब हो अब देखो में आपके साथ क्या करता हु हमेशा यद् रखोगी मुझे

में वह से निकल कर घर आ गया टाइम देखा तो 10 बज चुकी थी मेरा लुंड फूटने वाला था अब तो पूजा hi आखिरी उम्मीद थी जो इस लुंड को संत कर सके आज वैसे भी उसने आने का बोलै ह वो जरूर आएगी मुझे मिलने छोड़ न सकू पर लुंड तो चूस कर संत कर hi देगी वो

में घर आया और मोबाइल निकल कर पारो से बात करने लगा

पारो-; ओह्ह्ह राजा जी को आखिर मेरी यद् hi गयी

में-; जिसके चुके इतने मस्त और कठोर ह उसे कोण यद् नहीं करेगा

पारो-; ओह्ह्ह आशा ह क्या मुझे तो नहीं लगता की मेरे चुके इतने मस्त ह

में-: आपको क्या लगेगा सामने वाले की जान निकल जाती ह इन्हे देख कर

पारो-: होगा मुझे नहीं लगता

में-: वो सब चोरो मुझे आपकी गांड की पिछ भेजो न देखु तो सही की जिसके चुके ाशे हे उसकी गांड किसी होगी

पारो-: ओह्ह्ह्ह गांड देखना ह मरना नहीं

में-; मौका मिला तो मर भी लेंगे फ़िलहाल तो गांड का फोटो भेजो

पारो-: कपडे के ऊपर से की नंगी

में-: दोनों फोटो भेजो


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me-;waw क्या दृश्य हे काश में वह होता एक बार चुम लेता इन कूल्हों को

पारो-: बड़े आये चूमने वाले

me-:paro तेरी गांड तो बड़ी hi सेक्सी ह कैसे किया इतनी सेक्सी इसे कातिलाना गांड को

पारो-: ये तो बस मेरे सरीर के हिसाब से हो गयी

में-: तुम्हारे पति को तो मजा hi आ गया होगा इतनी मस्त गांड और चुके वाली औरत जो मिली ह

paro-:(ghanta )है वो तो ह

में-: हमें कब मौका दे रही हो इस गांड की दरार में मेरा लुंड डालने का

पारो-: जल्दी hi दूंगी इंतजार करो फल मीठा मिलेगा

में-; फिर तो करना हो होगा सबर

पारो-: में कल बात करती हु ब्यय

में-: अपनी गांड की नंगी फोटो तो देदो

पारो-: सो जाओ अब

फिर कुछ देर तक कुछ आया नहीं और मेने मोबाइल साइड में रख दिया तभी मेरा मोबाइल बजा मेने मोबाइल में देखा पारो का मस्सगे था मेने खोल कर देखा तो मेरी आँखे वही जैम गयी सामने का नजारा hi आशा था


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मेरे सामने पारो ने एक फोटो भेजा था जिसमे वो घोड़ी बानी हुई ह वो उसकी छूट और गांड का छेद मुझे पूरी तरह से देख रहा था

पारो की छूट देख कर लग रहा था की ज्यादा नहीं मरी गयी ह और मरी भी गयी ह तो छोटे से लुंड से मतलब ये मॉल भी बड़ी प्यासी ह मज़ा आएगा एक बार पता तो चले की ये कोण ह फिर देख तेरी ये कातिलाना गांड का छेद भी छोड़ा हो जायेगा पर तू हे कोण कैसे पता करू

तभी मेरा दयँ टाइम पर गया 11:30 बज चुकी थी मतलब पूजा तो आके चली गयी होगी ऊपर से मेने दयँ क्यों नहीं दिया में कैसे भूल गया में दौड कर ऊपर गया

वह जेक देखा तो ऊपर कोई नहीं था पूजा के घर का गेट लगा था

में-: क्या यरररर पूजा आयी होगी उसने वेट किया होगा पर में पारो के चक्कर में सब भूल गया अब क्या करू चलो निचे

आज मेने सोचा था 2 छूट मिलेगी पर घंटा किस्मत यहाँ तो 1 भी छूट नसीब नहीं हुई पहले भाभी ने धोका दिया अब पूजा आयी होगी पर में लेट हो गया आज मेरे खड़े लुंड पर धोका हो गया इधर लुंड हे की खड़ा का खड़ा hi रहा

में रूम में आ गया और मन मार्के सो गया

सुबह मेरी नींद आज 5 बजे खुली में उठ कर चाय पि कर आज रनिंग पर निकल गया बहुत दिन बाद आज रनिंग पर गया थोड़ा रनिंग करके ने घर आ गया 7 बज चुकी थी

मेने आके नाहा धो कर तैयार हो कर निचे आया 8 बज चुकी थी आज शाम को मुझे मां के घर के लिए निकलना था तो मेने सोचा आज दिन में किसी की जैम कर चुदाई कर लू फिर क्या पता 2 दिन कुछ हो या न हो

में घर से निकलने लगा मेरे लिए जुगाड़ करने लगा अभी तो जुगाड़ काम hi थे 1 तो कजरी और दूसरी देविका और ज्योति या निधि में से कोई मिल जाये मनीषा भाभी का तो no. अब स्पेशल लूंगा मुझे धोका दिया देख अब तू मनीषा

फिर मेने निधि को कॉल किया

में-: hello जान कहा हो

निधि-; घर पर हु

में-; अभी औ क्या बहुत मन हो रहा ह करने का

निधि-: अभी नहीं रत को आना अभी मेरे पेट में दर्द हो रहा ह

में-: कोई नहीं ज्योति कहा ह

निधि-: वो अपने रूम में हे

में-; उसे पूछ फ्री हो तो औ उसे छोड़ने

निधि-: यहाँ तो आ नहीं सकते यहाँ तो अभी पापा ह

में-: ोकक फिर रहने दो बाद में बात करता हु

मेने कॉल रखा और देविका को कॉल किया

में-: hello जान कहा हो

देविका-; घर पर हु

में-; मेरी जान बहुत मन कर रहा ह आजा न अभी

देविका-: ोकक आती हु 1 घंटे में

में-; सुन जंगल में आ जाना

देविका-: हम्म्म अति हु

फिर मेने कॉल कट किया और सोनाली भाभी के पास गया खाना खाने कल से वो सही से मिली नहीं मुझे नाराज हो गयी होगी सायद आज भी मुझे नहीं दिखी आज भी डॉली ने मुझे खाना दिया

में खाना खा कर कजरी के घर गया वो मुझे मिल गयी

में-: किसी ह कजरी अब तू

कजरी-: आ गयी यद् अब आपको मेरी

में-: जानेमन कल आया था 4 बजे टाला लगा था यहाँ

कजरी-: वो कल ठाकुर के वह गयी थी न

में-: तेरी बेतिया कहा ह दोनों

कजरी-: वो मां के यहाँ गयी ह स्कूल की छुट्टी ह न तो

me-:okk कल फिर क्या हुआ

कजरी-:............

कजरी में साडी बात विभु को बता दी जिसे सुन कर विभु खुस हो गया

में-: पागल पंतय वाला गलत किया तूने

कजरी-: क्यों जब ठाकुर की जेब से पंतय निकलेगी तो उस घर में झगड़ा होगा न

में-: वो ठीक ह पर अभी मेरे दिमाग में अलग चल रहा ह में अभी बहार जा रहा हु 2 दिन में आऊंगा तब तक तू और कुछ करके उस ठकुराइन को गरम कर और उस सिमरन की कुंडली भी खोल

कजरी-: ोकक मालिक

में-: मालिक नहीं तू मुझे विभु hi बोलै कर

कजरी-: ठीक ह विभु जी घर पर कोई नहीं ह 1 राउंड हो जाये क्या

me-:(muje तो देविका के पास जाना h)abhi नहीं में आके तेरी इस गांड का भी उद्घाटन करता हु

कजरी-; जी महाराज

फिर में कजरी से मिल कर निकल गया खेत की तरफ वह जेक में देविका का वेट करने लगा कुछ देर बाद देविका आयी और जंगल की तरफ निकल गयी में उसके पीछे चल दिया हम दोनों एक जगह जाकर रूल गए

में-: मेरी जान किसी ह तू

devika-:thik हु

में-; ाशे गांड मटका के क्यों चल रही ह

देविका-: आपको दिखने की इसी भी मरना ह आपको

में-: इसको बाद में आज तो चुद की 12 बनाऊंगा

देविका-: है बहुत दिन हो गए लुंड लिए ने जल्दी करो मुझे घर भी जाना ह

में-: ोकक मेरी रानी

फिर मेने देविका को नंगा करके उसकी छूट को 1 बार जैम कर खुले आसमान के निचे मारा हम दोनों थक गए थे देविका अपने कपडे पहने लगी

में-: देविका तुजे एक बात बतानी ह

देविका -: बोलो

में-; ........

मेने देविका को कल धापू के साथ जो उसके भतीजे वैभव और 2 लड़को ने किया वो सब बता दिया

देविका-: आशा ह क्या इसने मेरी जान की जान के साथ आशा किया अब देख में उसे छोड़ने लायक hi नहीं छोडूंगी

में-; और उस मंजू का क्या हुआ

देविका-: 1-2 दिन में कुछ करती हु में भूल गया थी उसका तो

में-: में 2 दिन के लिए मां के वह जा रहा हु इतने तू देख लेना उसको

देविका-: ठीक ह जान

फिर हम दोनों वह से निकल कर बहार आ गए

में अपने खेत आया और दोनों को बता दिया की में 2 दिन से आऊंगा नहीं सब देख लेना फिर में वह से निकल कर घर आ गया फिर मेने टाइम देखा तो 4 बज चुकी थी में वह से बेग लेके तै के घर गया वह सब हल में बैठे थे

में-: तै में मां के वह जा रहा हु ये चाभी घर की

तै-; सोनाली चाभी लेले

सोनाली भाभी चाभी लेने आयी और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे आँख मरी में उन्हें देखने लगा फिर वो हंसने लगी और चाभी लेके चली गयी

में वह से निकल गया बड़ी मम्मी के घर बताने

में-; ये सोनाली भाभी जरूर प्यासी ह इनकी प्यास तो आके भुजता हु

फिर में बड़ी मम्मी के पास गया उनके घर में वह उनसे मिलकर मेने जाने का बोलै मेने मनीषा भाभी को गुस्से में देखा और बहार आ गया मेरे साथ प्रिय दी भी आयी थी

प्रिय-: अपना दयँ रखना डफ्फर

में-; जी दीदी आप अपना रखना

प्रिय-; वापस कब आएगा

में-: 2 दिन में

प्रिय-: ठीक ह आराम से जाना

में-; ोकक दी

फिर में वह से निकल गया और इधर मनीषा भाभी सोचने लगी की ये मुझे गुस्से में क्यों देख रहा ह कही इसे पता तो नहीं चल गया की में नहीं थी रत में इसने किसी और को छोड़ा ह उससे बात करनी होगी उससे

इधर विभु शक को 3.30 बजे अपनी बाइक लेके मां के घर की और निकल गया ह अब में यहाँ आपको विभु के मां के घर माँ पूरा परिचय डबल दे देता हु


फर्स्ट मां की फेमेली

1 मां- विनय पटेल

2 ममी- रोहिणी पटेल

3 बीटा- दीपक पटेल

4 भाभी- दीपिका पटेल

6 बेटी- दीपा पटेल

7 बेटी- दिया पटेल

सेकंड मां की फेमेली

1 मां विकाश पटेल

2 ममी -कामिनी पटेल

3 बीटा- राजेश पटेल

4 भाभी - रजनी पटेल

6 बेटी- नेहा पटेल

7 बेटी- निहारिका पटेल

1 मौसी की फेमेली

1 mosi-padma पटेल

2 मौसा- सत्तू पटेल

3 बीटा- बलराम पटेल

4 भाभी-मयूरी पटेल

5 बेटी- राधा पटेल

6 बेटी - सुनीता पटेल

7 बीटा - हरिओम पटेल

सेकंड मौसी की फेमेली

1 mosi-sangeeta पटेल

2 मौसा- जित्तू पटेल

3 beti-nutan पटेल

4 बेटी- निक्की पटेल

6 बेटी- नैना पटेल

दूसरी मौसी के भी बीटा नहीं ह.

2-3 दिन स्टोरी इन्ही कैरेक्टर के आस पास रहेगी तो एक बार आप वापस ये सबको जान लो की कोण क्या क्या ह किसका नाम क्या ह

में गांव से निकल गया आज मुझे मां के वह जाना था में कोई 45 मिनट्स में सहर आ गया वह जेक मेने एक बार रेखा भाभी से मिलने माँ सोचा में चल दिया उस हॉस्पिटल में जहा रेखा भाभी के हस्बैंड और ननाद एडमिट थे

में वह गया रूम में देखा तो आज तीनो बैठे थे बीएड पर

में-; अब कैसे हो भैया

बलराम भैया मुझे देख मर खुस हो गए और मुझे अपने भुलाया अब में उनके पास गया और जेक बीएड पर बेथ गया

बलराम-: मेने सुना ह कैसे तुमने हम सब को बचाया इसके लिए में तुम्हारा धन्यवाद् कैसे करू

में-: कोई नहीं भैया ये तो मेरी सस्ता ह सबकी मदद करना और आप की तबियत किसी ह अब

बलराम-: अब में ठीक हु 2 दिन में घर आ जाऊंगा

में-: गजर नहीं अब यही रहोगे आप शहर में

बलराम-: पर क्यों

में-: देखो वह वो लोग फिर आप पर हमला कर सकते गए आप यही रह कर काम करो

रेखा-: है मेने इनको बोलै ह की ये दोनों यही रह कर काम करे और मुझे कुछ दिन अपनी मौसी के वह जाना ह

में-: ये तो अच्छा ह न आप वह रहोगी इन दोनों को यही कही रूम में सिफत कर देते ह इनके खर्चे का सारा काम हम देख लेंगे

मेने रखा की तरफ देख कर बोलै उसे पता था की बात को कैसे करना ह पीहू को भी आगे क्या होने वाला ह सब पता था तो वो बोल पड़ी

पीहू-: है भैया भाभी के साथ उन लोगो ने गलत किया ह अब उन्हें कुछ दिन जाने दो आराम करने दो अपनी मौसी के वह और वैसे भी उनको सिलाई सीखनी ह जो मोदी सीखा देगी तो यहाँ आके दुकान खोल लेंगे

बलराम-: ठीक ह तुम बोल रहे हो तो ठीक hi ह और ये अच्छा ह की रेखा सिलाई सिख जाएगी

रेखा-: बस 2-3 महीने की बात ह फिर में वापस आ जाउंगी

बलराम-: ठीक ह कल हॉस्पिटल से छुट्टी हो जाएगी

में-: कल आप 2 दिन और रुको यहाँ तब तक में यहाँ कोई घर देखता हु

रेखा-: है ये ठीक रहेगा

में-; ोकक में चलता हु

रेखा-: मुझे मार्किट से कुछ सामान लाना ह पहले वो लड़ो

में-: ठीक ह चलो

फिर भाभी मेरे साथ बहार आ गयी मेने उनको बाइक पर बिठाया उन्होंने अपने मुँह बढ़ लिया

में-: भाभी सब ठीक hi होगा बस 2 दिन बाद में माकन देख लूंगा मुझे मां के वजा जाना ह

भाभी-: हम्म मुझे पता ह वैसे इनके पैर तो अब कभी काम नहीं करेंगे तो ये काम कैसे करेंगे

में-; इनको काम करने की जरूरत नहीं ह कुछ दिन बीएड रेस्ट करेंगे ये आप अभी 10 दिन यही रुकना फिर में आपको गांव में ले जाऊंगा तब तक आप पीहू को सब समझा देना की भैया की सेवा कैसे करनी ह कोनसी गोली देना ह और खाना बना कर खिलाना ह में आपको 3-5 दिन में यहाँ लेट रहूँगा

रेखा-: वो सब तो ठीक ह विभु पर मुझे सिलाई आती नहीं ह और इनको हमने सिलाई का बोलै ह तो जब में वापस आउंगी तो इनको पता चल जायेगा न

me-:;meri भाभी जी में सब कर दूंगा आप लोड मत लो

भाभी-: ठीक ह आप हो तो कोई चिंता नही

फिर भाभी ने कुछ सामान लिया और में उनको हॉस्पिटल चोर कर मां के घर तरफ निकल गया मेने टाइम देखा तो 5 हो गए थे और मुझे जाने में 2 घंटे लगेंगे

me-:(bc मेने रेखा भाभी को बोल तो दिया की सिलाई का में कर लूंगा पर कैसे कोण करे गए ये सब और टाइम कैसे मिलेगा जो होगा देखा जायेगा अभी तो मां के घर पर जाता हु मेरी सुमन मेरा इंतजार कर रही होगी )


दोस्तों अब स्टार्ट होगा असली पारिवारिक धमाका 😎🙏
 
अपडेट-83

....

में 7 बजे मां के गांव में पहुंच गया गांव में बड़ी चहल पहल दिख रही थी में वह से सीधा मेने सबसे बड़े मां के वह गया वह जेक देखा तो बहुत भीड़ भाड़ लग रही थी मेने मेरी बुलाते को लेके मां के घर के पीछे रख दिया और अपना बैग उठा कर अंदर आ गया अंदर आके देखा तो सब लोग वह बैठे थे सुमन ने मुझे देखा और दौड कर मेरे गले लग गयी मेने भी उसे अपने गले लगाया

में-: जान सब देख रहे ह

सुमन-: हम्म पता ह कितना लेट हो गए कबका वेट कर रही थी

में-: सॉरी वो काम था

सुमन-: हम्म चलो अब सब वेट कर रहे ह आपका

इधर में सुमन के गले लगा था उधर एक औरत हम दोनों को घर रही थी

औरत-: देखो आके hi अपनी मामबुबा को बहो में भर लिया इसने भाई बहन होक ये सब कर रहे ह पर हे एक डैम हैंडसम मेरा भाई भी आशा होता तो में भी प्यार कर लेती उससे

फिर मेने एक एक करके सबके गले लगा मेने अपनी मम की साडी लड़कियों से मिला सब अब बड़ी हो गयी थी खास कर सबके बूब्स और गांड जो अब बड़ी और कटाव भरी हो गयी थी

मेरी साडी बहने अब बोले तो मॉल लगने लगी थी जिन्हे देख कर मेरा लुंड जो अभी तक बैठा था वो एक डैम से जागने लगा तो मुझे दर लगने लगा की कोई देख न ले

में-: सुमन मेरा कमरा कोनसा ह मुझे फ्रेश होना ह

सुमन-: चलो

सुमन मेरे साथ जाने लगी तभी माँ ने आवाज दी

माँ-: सुमन बीटा तू मेरे साथ चल मुझे काम ह जल्दी आ

में माँ की आवाज सुन मर उनके पास गया और उनके पाव छू कर आशीर्वाद लिया माँ ने मुझे गले लगाया

सुमन-: तू एक काम करो नेहा के साथ जाओ नेहा इधर आना भइया को उसके कमरे में चोर दो

मेने सुमन ने जिस लड़की को आवाज दी उसकी तरफ देखा नेहा ये तक मेरे छोटे मां की लड़की ह जो मुझसे हमेशा झगड़ा करती रहती थी पर ये तो अब बड़ी हो गयी ह बहुत दिन बाद देखा ह आज इसको मेने एक डैम बैडमिंटन की प्लेयर लग रही थी चुके गोल थे जो मुझे hi देख रहे थे


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me-:neha लड़ाकू

सुमन-: अब ये लड़ाकू नहीं ह अच्छी लड़की हो गयी ह

नेहा-: क्या बोलै भैया आपने मुझे

में-: तू लड़ाकू ह और क्या

नेहा-: में लड़ाकू नहीं हु पर आपसे तो हमेशा लड़ाई करती रहूंगी

में-: है मुझे भी लड़ाई करना ह

सुमन-: बाटे बाद में कर लेना पहले जेक फ्रेश होक आओ

नेहा-: चलो

में नेहा के साथ चलने लगा

में-: ोय लड़ाकू तुतो अब बड़ी हो गयी ह .नेहा-: आप भी तो बड़े हो गए हो

में-: हम दोनों बड़े हो गए ह अब हमें लड़ाई नहीं करना चाहिए

नेहा-: में तो करुँगी लड़ाई

में-: फिर तो पछताना पड़ेगा तुजे

नेहा-: पता ह बचपन में रोके माँ के पास जेक मेरी शिकायत करते थे

में-: तब में छोटा था आज तू रोयेगी समझी

नेहा-: वो तो वक्त बताएगा की कोण रोयेगा

में-:(3 दिन में मेरे निचे सुला कर रुला नहीं दिया तो मेरा नाम भी विभु पटेल नहीं ह नेहा लड़ाकू)

नेहा-: ये लो आपका रूम आ गया ह भैया जी

में-: ठीक ह अब तू जा में आता हु

neha-:me आपको खा नहीं जाउंगी

me-:kya भरोसा तेरा जंगली बिल्ली

नेहा-; आप लड़ाई स्टार्ट मत करो देखो

में-: ठीक ह अभी तू जा

नेहा-: है जा रही हु आप जाओ अंदर

फिर नेहा वह से निकल गयी और मेने दरवाजा खोल दिया मेने जैसे hi गेट खोला सामने का नजारा देख कर मेरे पैर वही रुक गए सामने एक ोरतपणे कपडे उतर रही थी उसके सरीर पर एक मात्रा कपडा था उसकी पंतय जिसे वो अपनी गांड से भी निचे तक निकल चुकी थी


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सामने का नजारा देख कर में वही रुक गया और उस भरव्दार गांड को देखने लगा ये गांड किसकी थी ये पता नहीं था पर थी गजब गांड क्या मांसल कुल्ही हे एक डैम गोर गांड की लकीर मुझे देख रही थी जिससे मेरा लुंड भी उफान पर आ गया इस मातुरे गांड को देख कर मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और में बहार निकल आया

मेने बहार आके जोर से साँस ली और उस औरत के निकलने का वेट करने लगा कुछ देर में वो औरत बहार निकली और में उसको देख कर सोक हो गया बस ये थी क्या

है दोस्तों वो और कोई नहीं मेरी छोटी ममी थी कामिनी पटेल जो एक डैम फटका मॉल थी


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ममी के बहार जाते hi में कमरे में घुस गया मेने अपना बैग अलमारी में रखा और बीएड पर बेथ गया और कामिनी ममी की गांड जो मेने अभी देखि थी कुछ देर पहले नंगी उसके बारे में सोचना लगा

में-: क्या गांड थी मेरी ममी की एक डैम मेरी माँ के जैसी पर मेरी माँ से थोड़ी काम हसीं थी इनको छोड़ने का मज़ा आ जायेगा मगर कैसे मेने तो सुना ह ये बड़ी धार्मिक औरत ह और इनोसेंट भी कैसे बताऊ कुछ तो आईडिया लगा विभु 2 दिन हे तेरे पास इस हसीं ममी को छोड़ने के लिए

मेने कुछ देर आराम किया और बहार आ गया

बहार आके मेने देखा तो मेरी बड़ी मौसी का लड़का बलराम भैया बहार खड़े थे में उनके पास गया

में-: भैया कैसे हो आप .

बलराम -: अरे विभु तू कब आया

में-: अभी 1 घंटे पहले आया हु

बलराम-: चल ाचा ह तू आ गया मेरा भी मन नहीं लग रहा था अकेले अकेले बोर हो गया हु

में-; राकेश भइया और दीपक भैया कहा ज दिख नहीं रहे हे

बलराम-: वो मार्किट गए ह कुछ सामान लेने

में-: ोकक

बलराम-: चल मां के खेत की तरफ घूम कर आते हे

में-: चलो भइया

हम दोनों पेडल hi मां के खेत की तरफ निकल गए कुछ देर में हम दोनों खेत पर पहुंच गए

में-: भइया क्या चल रहा ह लाइफ में

भइया-: कुछ नहीं छोटे मस्त लगे चल रही ह मेरी तो अपनी सुना कोई गफ हे की नहीं

में-: नहीं भैया कोई नहीं ह अभी तक तो

भइया-: अरे रहने दे झूट मत बोल इतना सुन्दर लड़का और कोई गफ नहीं ह

में-: सुच में नहीं ह कोई गफ

भइया-: बनाना चाहता ह

में-: है जरूर भइया

भइया-: चल यहाँ रहेंगे तो 2 दिन में कोई न कोई लड़की तो सेट हो जाएगी तुजसे तरय करना

में-: मतलब आप भी तरय करोगे

भइया-: है अब मुझे भी कोई मिल गयी तो जरूर पेल कर जाऊंगा

में-: भैया भाभी ने देख लिया तो खेर नहीं

भइया-: उसको पता नहीं चलेगा और में 2 दिन में किसी को पेल दूंगा

में-: भइया किसी को भी पेलो मुझे भी थोड़ा सहद चखा देना

भइया-; जरूर अगर कोई मेरे निचे आयी तो वो तेरे निचे भी जरूर सोयेगी

में-: ठीक ह भइया अब चलते ह

हम दोनों रत को 8 बजे घर आ गया मेने मन में सोचा आप क्या मुझे लड़की पता कर डोज में खुद आपकी नक् के निचे यहाँ किसी न किसी को छोड़ के चला जाऊंगा 2 दिन में

हम दोनों घर आ गए घर आते hi मुझे एक हसीं औरत अपने हाथ में एक थाली लेके जाते हुवे दिखी उसकी खूबसूरती में खो गया उसका गदराया जिस्म देख कर मेरा लुंड हिल गया मेने अपने लुंड को अपने हाथ से सहलाया और उस औरत के जिस्म को देखने लगा


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में भूल गया की भइया मुझे hi देख रहे ह

भैया-: क्या देख रहा ह विभु

में-: कुछ नहीं भइया

भइया-: कुछ तो देख रहा ह

में-: भइया वो कोण ह इतनी खूबसूरत

भइया-: (ओह्ह्ह तो ये इसको देख रहा h)bhiya मुझे नहीं पता में भी खुद पहली बार देख रहा हु

में-: कितनी खूबसूरत ह न

भइया-: है वो तो दिख रही ह मगर हे कोण

में-: कोई भी हो मुझे क्या देखने से काम

भइया-: अपने रिश्तेदार में से कोई निकल गयी तो

में-: तो क्या हुआ हसीं ह इसको पटाने का तरय करता हु भइया में

भइया-: करले तू इस पर तरय अगर तेरे हाथ में आती हो तो

में-: है भइया आप भी तरय करो जो पहले पता लेगा उसकी ये

भइया-: ठीक ह विभु

फिर भैया हँसते हुवे वह से मां के पास चले गए मेने भी दोनों मां से मिला और ाशे hi भइया और हम दोनों खाना खा रहे थे की वही भाभी फिर आयी

भइया-: विभु वो औरत फिर आ गयी कुछ बात बानी

में-: नहीं भइया ये हे कोण पहले पता करना पड़ेगा

भइया-: है पता करके मुझे भी बताना की कोण हे

में- ठीक ह फिर हम दोनों ने खाना खाया

सुमन और नेहा साथ थे दोनों मुझे देख कर मेरी कुछ बाटे कर रही थी ये उनको देख कर लग रहा था तभी नेहा ने मेरी तरफ देख कर अपनी जीभ निकली

मेने भी उधर देख कर अपने जीभ निकली जिसे देख कर सुमन हंसने लगी

सुमन-: तुम दोनों लड़ते hi रहो

नेहा-: है आखिर मेरा भाई ह लड़ेंगे hi

इधर वही औरत जिसने हमारी रिकॉर्डिंग सुनी थी और जो मेरे पर और सुमन पर नजर रख रही थी वो हम दोनों को देख रही थी ाशे hi मेने खाना खाया और सुमन को एक साइड जाने का इशारा किया सुमन चुपचाप उधर चली गयी ये इशारा सायद उस औरत ने भी देखा था वो भी सुमन से आगे उधर जेक चुप गयी में खाना खा कर उधर गया मेने सुमन को गले लगाया

में-: जान किसी हो

सुमन-: जान नहीं सुमन

में-: मेरे लिए तो जान hi हो

सुमन-: ok बाबा जान बोलो क्यों भुलाया

में-: वो जादू की झप्पी लेनी थी

सुमन-: आप भी न

में-: ok अब जाओ कोई देख लेगा

सुमन-: खाना अच्छे से खाया

में-: मेरे सामने हुस्न की पारी बैठी थी जिसे देख कर में खाना खा रहा था

सुमन-: है है पता ह चलो अब

फिर दोनों वह से निकल गए और बहार आ गए बलराम भइया मुझे अपने रूम में ले गया जो 2 दिन के लिए यहाँ रहने वाले थे उनका और मेरा रूम पास hi था में उनसे बात करके अपने रूम में चला गया महिला मंडल निचे बैठी थी सभी में रूम में था की सोचा भइया से बाटे करता हु ये सोच कर अपने रूम से निकल कर भइया के रूम में गे मेने जैसे hi गेट खोला गेट खुल गया क्र सामने का नजारा देख कर मेरा लुंड मेसे आवाज आयी की देख सेल तू तो देखता रह गया और तेरे भइया ने इस मॉल को किश भी कर रहा ह

है दोस्तों बलराम भइया उस औरत को जिससे में देख रहा था उसको बीएड पर बैठे बैठे दोनों किश करने में लगे हुवे थे


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में उनको घोर से देखने लगा तभी मेरे दिमाग की बत्ती जाली

में-: (बस ये तो मेरी भाभी ह बलराम भइया की वाइफ बस मेने बलराम भइया को क्या क्या नहीं बोलै इनके बारे में अब भैया मेरे बारे में क्या सोच रहे होंगे बस ये क्या हो गया)

में वह से निकल गया और वापस अपने रूम में आ गया में टेंशन में था की भइया को क्या जवाब दूंगा मगर मेरा दिल खुस भी था की ये हसीना मेरी मयूरी भाभी हे और ये जल्द hi मेरे लुंड के निचे आएगी

कुछ देर रूम में बैठने के बाद में निचे आया जहा मेरे दीपक भैया और राजेश भइया बैठे थे में उनसे आके मिला दोनों अब मुझे मिले दोनों बहुत खुस हुवे मेरे दीपक भैया मुझसे बहुत प्यार करते थे बचपन से वो मुझे अच्छा रखते थे मुझे बचपन में किसी भी सामान की जरूरत हो ला के दे देते थे और अब भी

दीपक-. आ गया छोटे कब आया तू

राजेश-: है छोटे पुरे रस्ते तेरे hi चर्चे रहे जल्दी चला गाड़ी छोटा आ गया होगा

में-: मेरे भाई का प्यार हे राजेश भैया आप नहीं समझोगे

राजेश-: वैसे बलराम भी आया था कहा ह वो

में-: (अपने रूम में गुलछर्रे उदा रहे ह वो )अपने रूम में होंगे

फिर राजेश भइया ने कॉल करके उन्हें निचे भुलाया कुछ देर में बलराम भइया भी आ गए और हम बाटे करने लगे कुछ देर बाद उनके पीछे hi मयूरी भाभी भी आ गयी में उनको देख रहा था उन्होंने सबसे बच के जल्दी से महिला मंडल में चली गयी इधर में और बाकि बहिया बेथ कर बाटे कर रहे थे उधर महिला मॉडल में भी कुछ बाटे हो रही थी उसे सुना जाये

में आपको पहले मेरे मां के परिवार मौसी के परिवार और के बारे में अपडेट देता हु


फर्स्ट मां की फेमेली

1 मां- विनय पटेल

2 ममी- रोहिणी पटेल

3 बीटा- दीपक पटेल

4 भाभी- दीपिका पटेल

6 बेटी- दीपा पटेल

7 बेटी- दिया पटेल

सेकंड मां की फेमेली

1 मां विकाश पटेल

2 ममी -कामिनी पटेल

3 बीटा- राजेश पटेल

4 भाभी - रजनी पटेल

6 बेटी- नेहा पटेल

7 बेटी- निहारिका पटेल

1 मौसी की फेमेली

1 mosi-padma पटेल

2 मौसा- सत्तू पटेल

3 बीटा- बलराम पटेल

4 भाभी-मयूरी पटेल

5 बेटी- राधा पटेल

6 बेटी - सुनीता पटेल

सेकंड मौसी की फेमेली

1 mosi-sangeeta पटेल

2 मौसा- चांदमल पटेल

3 beti-nutan पटेल

4 बेटी- निक्की पटेल

6 बेटी- नैना पटेल

दूसरी मौसी के भी बीटा नहीं ह.

आपने सब के नाम पद लो कोण किसकी लड़की ह और कोण किसकी पत्नी हे

इधर महिला मंडल में जैसे hi मयूरी भाभी आके बैठी

दीपिका भाभी जो दीपक भइया की पत्नी हे और रजनी भाभी जो राजेश भइया की पत्नी हे और मयूरी भाभी बलराम भइया की

दीपिका-: आ गयी मयूरी अपने पति से मिल कर

रजनी-: मुझे तो इसे देख कर लग रहा ह जैसे आज भी छुड़वा के आ गयी ह

.मयूरी-: नहीं भाभी केवल किश किया ह बाकि का प्रोग्राम भी था मगर आपके पति ने कॉल करके भुला लिया

रजनी -: वो तो मेरे पति ने काम बिगड़ दिया वार्ना आज तो चार चाँद लग जाते

मयूरी-: उसमे कोई शक नहीं आज भी चुद जाती में

दीपिका-: मेरे तो अब 4 दिन तक को चांस नहीं ह

रजनी-: मेरे भी

मयूरी-. मेरे भी अब नहीं लगता की कुछ हो पायेगा

तीनो एक दूसरे को बता कर हंसने लगी उनकी बात कोई नहीं सुन रहा था तभी दीपिका को सुमन दिखी जो सब लड़कियों के बिच बैठी थी उसे देख कर हंसने लगी

deepika-:(meri भोली नानन्द मुझे पता ह क्या हो रहा ह तुम दोनों के बिच )

ये बात दीपिका भाभी ने मन में सोची है दोस्तों वो औरत दीपिका भाभी हे जिसके मोबाइल से उस दिन सुमन ने बात की थी और रिकॉर्डिंग उन्होंने सुन ली थी जब से में आया था सब से नजर रख रही थी और अभी भी

मयारी भाभी-: वैसे तुम दोनों अभी जेक मजे ले सकती हो ऊपर कोई नहीं ह

यहाँ बता दू की ये तीनो भाभी hi एक दूसरे खुली ह मतलब कुछ किया नहीं ह ओनली बाटे करती रहती ह मजे लेती रहती ह एक दूसरे के

दीपिका भाभी-: नहीं अभी कोई रिस्क नहीं लेना कोई देख लेगा कितने मेहमान ह अभी

रजनी भाभी-: है अआप सही कहती ह अभी दयँ रखना और उनको भी समझाना पड़ेगा

दीपिका भाभी-: सही ह ये देखो मम्मी कैसे डांस क्र रही ह

तीनो डांस की बाटे करने लगी

में अपने धुन में डांस देख रहा था की मुझे यद् आया मयूरी भाभी की बलराम भैया पास में बैठे थे मेने बात चेदि सोचा भैया के मन में क्या ह पता तो करू

में-: भैया कुछ बात बानी वो देखो वो हुस्न की अप्सरा सामने hi बैठी ह

बलराम भैया-: नहीं ीरर्र अभी कहा वैसे तू सुच में नहीं जनता की वो कोण ह

में-: नहीं भइया आप जानते हो

बलराम -: नहीं तू सुबह किसी से पूछ क्र बताना मुझे

में-: ठीक ह भैया

बलराम भाई-: चलो अब सोने जाते ह नींद आ रही ह मुझे

में-: है चलो यरररर

फिर कुछ देर बाद हम तीनो भैया के साथ ऊपर आ गया :):)


स्टार्ट कहानी सॉफ्ट में 2 बार अपडेट आएगा छोटा hi सही पर आएगा धन्यवाद् मेरी कहानी को सपोर्ट करने के लिए
 
अपडेट-: 84

ाशे hi आज रत को ज्यादा कुछ नहीं हुआ मेरे कमरे में मेरे बाकि तीनो भाई सोने आ गए क्योकि उनके कमरे तो बाकि साडी बहनो ने बुक कर लिए थे अब चारो सोये थे हम नींद निकल रहे थे की मेरे मोबाइल पर किसी का कॉल आया वो देविका थी मेने उसे बात की फिर कुछ देर बाद धीरज भाभी का कॉल आ गया मेने उनसे भी बात की और लास्ट में एक नई no. से कॉल आया मेने कॉल रिसीव किया तो ये पूजा थी मेने उससे बात की वो मुझसे बात करके रोने लगी बोली की ी लव ु आपकी यद् आ रही ह मेने उसे 2 दिन में आने का बोलै और कॉल रख दिया मुझे सांसे ज्यादा मेरी निधि भाभी की यद् आ रही थी जो ज्योति की भाभी थी पता नहीं उनसे मुझे कुछ अपनापन लगता ह

मेने कॉल किया तो उन्होंने कॉल उठा लिया मेने कुछ देर उनसे बात की वो भी मुझे बहुत मिस कर रही थी फिर मेने नीता चची और निशा से बात की

इतनी साडी छूट में फाड् चूका का आज भी मेरा मन किसी को छोड़ने का कर रहा था की मेरे मोबाइल पर कॉल आया मेने उठाया

लड़की-: hello क्या कर रहे हो

में-: दी आप क्या हुआ कॉल क्यों किया

सीमा दी-: अरे तेरी यद् आ रही ह मुझे मिलना ह तुजसे

में-: अभी किसी ने देख लिया तो

सीमा दी-: कोई नहीं देखेगा आजा तू छत्त पर

में-: ठीक ह आ रहा हु आप चलो

फिर मेने सीमा से मिलने धीरे से वह से निकल गया पिछली बार सीमे दी को छोड़ते छोड़ते रह गया था उस दिन घर आज भी छोड़ तो नहीं पाउँगा पर किश करके आ जाऊंगा

में छत्त पर गया और वह सीमा दी पहले से मौजूद थी

मेने जेक सीमा दी को पीछे से पकड़ लिया

सीमा दी-: आहहहह विभु क्या करता ह

में-: पहले भुलाई हो फिर नौटंकी करती हो

सीमा दी-: मेने कब भुलाया

में-: पता नहीं में तो ाशे hi आ गया मुझे सपना आ रहा था की जा तेरी बड़ी बहन छत पर अकेली ह जेक उसे पकड़ ले

सीमा दी-: हां हहहह पागल

में-: आपके लिए

सीमा दी-: पता ह मुझे बड़ा आया

में-: सुच दी में आपके लिए पागल हु

सीमा दी-: सुच

में-: मच

सीमा दी ने मुझे आगे किया और मेरी आँखों में देख रही थी

देखते hi देखते कब हमारे होठ एक दूसरे के होठो में बंद हो गए

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मेरे हाथ कब दी की गांड पर चले गए मुझे पता भी नहीं चला अब में इस काम में बड़ा माहिर खिलाडी हो गया था मेने अब धीरे से दी की गांड को बड़ा दिया जिससे दी और जोश में आ गयी और मेरे होठ जोर से चूसने लगी हम दोनों ाशे hi एक दूसरे के होठ को चूसे जा रहे थे में अब जोर से दी की मुलायम गांड को मसल रहा था की हमें किसी के आने की आहात हुई हम दोनों एक डैम से अलग हुवे और वह बने एक कमरे के पीछे चले गए मेने देखा तो वह कोई औरत आयी थी जिसे में देख नहीं प् रहा था वो फोन पर बात करने लगी

दी-: विभु कोण आया ह अब

me-:pata नहीं दी कोण ह फोन पर बात क्र रही ह कोई

दी-: अब वो वापस कब जाएगी

में-: पता नहीं

दी को क्या हुआ की मुझे दीवाल से सत्ता लिया और वापस मुझे किश करने लगी मेने भी मोके का फायदा उठा कर इंजॉय करने लगा अब मेरे हाथ पहली बार सीमा दी के बड़े बड़े दूध पर था जिन्हे में जोर जोर से दबा रहा था

सीमा दी -: अहहहह धीरीईईए नाआआ भईईईई

में-: आज करने दो न डीई

सीमा दी-: मन नहीं कर रही मगर धीरे न बहुत दर्द करते ह ये

me-:abhi कहा दर्द दर्द तो बाद में दूना बहुत रोवोगी आप

दी-: हट पागल अपनी दी से कोई ाशे बात करता हे

में-: दी नहीं आप मेरा प्यार हो दी

दी-: लव ु विभु

में-: लव ु चलो अब चलते ह निचे

दी-: पहले देख तो सही की वो औरत निचे गयी या नहीं

में-: हम्म

मेने जेक देखा तो अब वह कोई नहीं था मेने दी का हाथ पकड़ा और निचे चला गया दी अपने कमरे में चली गयी और में निचे अपने रूम में आ गया जहा में सोया था

मेरा लुंड भूचाल खा रहा था उसे छूट की जरूरत हे पर अभी यहाँ आशा कोई नहीं था जो इसकी प्यास को मिटा सके मेने बाथरूम में गया और थोड़ी देर बाद आ कर सो गया एक नई सुबह की तलाश में

सुबह मेरे तीनो भाई उठ गए और मुझे भी उठा दिया में तैयार हो कर निचे आया भाई के साथ निचे सब बैठे थे सुमन ने मुझे आके पानी पिलाया और चाय दी मेने उसे आँख मरी सबकी नजर से बचा कर मगर एक नजर जो हमें hi देख रही थी मेरी दीपिका भाबी उन्होंने मुझे आँख मरते हुवे देख लिया मेने सुमन को कप दिया और बहार आ गया जहा मुझे सीमा दी दिखी एक डैम मस्त लग रही थी आज रत को सगाई का कार्यक्रम था जिसके कारन मेहमान आने लगे थे और सब चहल पहल हो रही थी

में बलराम भैया के साथ बहार कुर्सी पर बैठा था की मुझे एक मस्सगे आया मेने देखा तो वो मस्सगे वही औरत का था जो मुझसे पारो बन कर बात क्र रही थी आज उसने सुबह सुबह मस्सगे कर दिया था मुझे

पारो-: है मेरे राजा कैसे हो

में-: ओह्ह्ह पारो जी आप आज कैसे यद् क्र लिया आपने हमें

पारो-: आपको भूली hi कब थी जो यद् करुँगी पल पल यद् आते हो

में-: ओह्ह्ह आशा ह क्या

पारो-: जी

में-: और सुनाओ क्या हल ह

पारो-: आपके प्यार में पागल

में-: ज्यादा प्यार मत करो वार्ना प्यार में रोना पड़ता ह

पारो-: मंजूर ह रोने के लिए भी आप बोलो तो सही

में-: ाशे कैसे है बोल दू न जान न पहचान तू मेरा मेहमान

पारो-: आप मुझे जानते हो अच्छी तरह से

में-: ोकक तो असली वाला नाम बता दो मुझे अपना

पारो-: जरूर टाइम आने पर बता दूंगी

में-: अभी बता दो कोण हो में किसी को नहीं बताऊंगा और पक्का आपको प्यार भी करूंगा

पारो-: प्यार तो आप करोगे hi

में-: अच्छा आशा क्या तब तो भूल जाओ मुझे

पारो-: नहीं आपको भूलना संभव नहीं ह

में-: ओह्ह्ह्ह वैसे वो उस दिन अपने जो पिछ भेजा था अपने परसनल दूध का वो आपके hi थे क्या

पारो-; है जी वो हमरे hi थे

में-: दिखने में तो अच्छे थे अब ये चेक करना पड़ेगा की उनमे रास कितना ह

पारो कुछ नहीं बोली थोड़ी देर में समझा नाराज हो गयी पर मुझे क्या में तो वैसे जनता भी नहीं उसे की कोई ह चोरो मस्सगे आया तो बात कर लूंगा नहीं तो जाये भाड़ में

बलराम भैया-; क्या छोटे गफ से बात कर रहा ह क्या

में-: नहीं भैया मेरी अशी किस्मत कहा

बलराम-: यहाँ देख अपनी बहनो की कितनी सहेलिया ह किसी को पता ले और देख ले जन्नत

में-: देखता हु कोई पट जाये सायद

बलराम भैया -: और उस औरत का पता चला

में-: सॉरी भैया मुझे पता नहीं था. की वो मयूरी भाभी ह

बलराम-: कोई नहीं में भी तेरे मजे ले रहा था मिला तू अपनी भाभी से

में-: नहीं भैया अभी तक नहीं

बलराम-: जेक बात कर वो भी तुजे नहीं जानती ह मेरी सदी के बाद कभी दिखा नहीं तू न

में-: जरूर बात होगी अब तो

बलराम-: केवल बात हो कुछ और मत करना इतना बोल कर भैया हसने लगे

में-: सॉरी न भैया गलती हो गयी न

बलराम भैया-: मजाक कर रहा था छोटे

इतने में मेने पारो से हुई बात का चाट देलेट कर दिया

दीपक भैया आ गए इतने में और मुझे सहर ले जाने लगे तो बलराम भैया ने जाने का बोल दिया और भैया के साथ बलराम भैया चले गए राजेश भैया रसोई का काम देखने में लगे थे

में अकेला रह गया तो में वह आने वाले मेहमानो को देखने लगा तभी मेरी नजर सामने से आती एक लड़की पर गयी वो मेरी तरफ hi आ रही थी क्या जागब तैयार हो कर आयी थी मेरे पास आके रुक गयी अभी भी में उसे hi देख रहा था


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लड़की-: विभु आपका नाम ह क्या

में उसे hi देख रहा था घर के क्या क्यूट थी वो उसकी नक् की बनावट उसकी चेहरे की हसीं रंगत उसमे खो गया था

लड़की-: ोयी मिस्टर तुजे आवाज दे रही हु

में-: है बोलो

लड़की-: सुनाई नहीं देता ह क्या

में-: नहीं बोलो क्या हुआ

लड़की-: तुम्हे अंदर भाभी भुला रही हे

में-: कोण भाभी

लड़की-: दीपिका भाभी

में-: चलो

लड़की-: तू चला जा मेरे साथ आएगा जा यहाँ से तू

में-; क्यों मेरे साथ चलने में कोई दिक्कत ह क्या तुजे

लड़की-: बहुत

इतना बोलकर वो लड़की मेरे सामने से जाने लगी अंदर और में भी चल दिया अंदर

में उसके पीछे देख रहा था मेरी मजार उसकी मस्त थिराख्ती हुई गांड पर गयी जो उसके चलने पर हिल रही थी मेरा लुंड हिलने लगा इधर मेने लुंड को एडजस्ट किया और अंदर आ गया में दीपिका भाभी के पास गया

में-: भाभी आपने मुझे भुलाया

यहाँ में दीपिका भाभी को डी भाभी ,रजनी भाभी को र भाभी , और माहिती भाभी को म भाभी बोलूंगा

डी भाभी-: है जी आने के बाद हमसे तो मिले hi नहीं आप

में-: वो आप भी नहीं मिली न

डी भाभी-: मेने सोचा आप आओगे

में-: सॉरी भाभी जी

डी भाभी-: और कैसे हो

में-: बढ़िया हु आप किसी हो

डी भाभी-: में भी ठीक हु वो आपका मोबाइल देना मुझे मेरे घर पर बात करनी ह मेरे मोबाइल में बेलेन्स नहीं ह

में -: क्यों नहीं भाभी ये लीजिये न

डी भाभी-: आप बैठो में आती हु बात करके

में-: ोकक

डी भाभी मेरा मोबाइल लेके ऊपर चली गयी और में वही रह गया तभी रजनी भाभी मेरे पास आयी

र भाभी-: में भी हु यहाँ मुझसे भी बात करलो

में-: भाभी आप किसी हो

र भाभी-: ओह्ह्ह जनाब को मेरे पूछने पर मेरी यद् आयी

में-: सॉरी न भाभी

र भाभी-; चलो कोई नहीं आते ह नहीं आप तो अब यहाँ

में-: जरूर आऊंगा थोड़े दिन बाद आपके पास मतलब यहाँ

र भाभी-: कोई नहीं आना अभी मुझे काम ह रत को बात करते ह

में-: ok भाभी जी

.र भाभी भी वह से चली गयी में दोनों भाभी की कपड़े करने लगा दोनों एक से बढ़कर एक हुस्न की पारी थी दोनों के जिस्म में कोई अंतर नहीं था दोनों भोली भली लगती थी इसलिए में ज्यादा उनपर धन नहीं दिया मेरा दयँ अभी के लिए एक पर था वो ह मयूरी भाभी जो सामने वाले रूम से निकल कर इधर hi आ रही थी


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में उनमे खो गया अगर ये कुंवारी होती तो जरूर इससे सधी करता में यही सोचने लगा में मयूरी भाभी यही कोई 20 साल की थी एक डैम से कच्ची काली लगती थी 1 साल पहले सधी हुई थी उनकी सधी में गया नहीं था जिस कारन पहले कभी देखा नहीं था उनको यहाँ आके देखा ह अब वो बिलकुल मेरे पास आ गयी और मुझे आवाज देने लगी

यहाँ म भाभी मतलब मयूरी भाभी ह न की मेरी मनीषा भाभी समझ जाना 😅

म भाभी-: देवरजी

में-: है भाभी जी

म bhabhi-:kese हो आप hi विभु हो न

में-: है भाभी जी आप मयूरी भाभी

म भाभी-: है

में-: पहले कभी देखा नहीं न आपको

भाभी-: मेने भी यही आके देखा ह सुनती रोज हु कोई न कोई बोलता रहता ह की विभु आशा ह विभु वैसा ह देखने की इच्छा थी जो आज पूरी हो गयी

में-: ओह्ह वैसे केसा लगा देख कर

म भाभी-: दिखने में तो हैंडसम हो

में-: टंक्स

म भाभी-: कोई नहीं वैसे कैसे हो ठीक तो हो न अच्छा तो लग रहा ह न यहाँ

me-:muje क्या आज की रत रहना ह कल तो यहाँ से निकल जाना ह मुझे

म भाभी-; बड़ी जल्दी हे यहाँ से जाने की

में-: आशा कुछ नहीं वो आपने बोलै न इसलिए

इधर में माधुरी भाभी से मिट्ठी मिट्ठी बाटे करके जान पहचान कर रहा था की उधर ऊपर दीपिका भाभी एक रूम में बेथ कर मेरे मोबाइल की तलासी ले रही थी वो मेरे मोबाइल में कुछ ढूंढ रही थी मगर उन्हें कुछ नहीं मिल रहा था तभी मेरे मोबाइल पर वप पर एक मस्सगे आया दीपिका भाभी ने खोला तो किसी पारो का मस्सगे था उन्होंने देखा की एक फोटो आया ह पहले तो उन्होंने इग्नोर किया की होगा किसी का मगर उनकी जिज्ञासा हुई की कोण ह कही कोई गफ तो नहीं हे

उन्होंने वो पारो का मस्सगे खोल कर देखा

जिसे देख कर उनकी आँखे बहार आ गयी उनके हाथ से मेरा मोबाइल गिर गया अच्छा हुआ वो बीएड पैर बैठी थी जिस कारन मेरा मोबाइल बिस्तर पर गिरा उन्होंने थोड़ी देर में फिर मोबाइल उठा लिया और देखने लगी


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दीपिका भाभी उस फोटो को घोर से देखने लगी दरअसल पारो ने आज फिर अपने दूध का फोटो भेजा था मुझे जो की पहले से भी ज्यादा खूबसूरत लग रहे थे भाभी उन्हें देखने लगी और उनके चेहरे पर अब स्माइल आ गयी

तभी पारो का एक मस्सगे आया

पारो-: देख लिए मेरे रास भरे आम

भाभी उस मस्सगे को देख कर हंस दी

डी भाभी-: मतलब मेरे देवरजी ने अपनी गफ से ये पिछ मांगी थी

और हंसने लगी भाभी ने एक बार और दूध देखे जो फोटो में थे और फिर मोबाइल लेके आईने के सामने खड़े हो कर अपने दूध से कपड़े करने लगी

डी भाभी-: मेरे से छोटे hi हे इसकी गफ के

भाभी हंसने लगी और मेरे मोबाइल से पारो को मस्सगे किया की मस्त ह आपके आम

पारो-: चुसोगे नहीं

भाभी ने मस्सगे kiya-:ha

पारो-: जरूर मौका दूंगी एक बार तो जी भर के चूसना मेरी जाना

bhabhi-ok मुझे काम ह में बाद में बात करता हु

पारो-: मुझे पता ह अब बाथरूम में जाओगे और अपना काम करोगे

ये मस्सगे पद कर दीपिका भाभी हसने लगी और पारो के मस्सगे डिलीट कर दिया सब और वापस खुद को तैयार करके निचे आ गयी जहा में और म भाभी बाटे कर रहे थे

deepika-ohh आखिर मिल hi लिए देवर भाभी तुम

me-:mtlb भाभी

डी bhabhi-:ye कल की बोल रही की विभु से मिला न

me-:ha मेने भी देखा नहीं था इन्हे आज से पहले आज मिल लिया

म bhabbi-:ha वैसे आप कहा गयी थी

डी bhabhi-:wo मुझे मेरे घर पर बात करना था ऊपर गयी थी शाम तक आएंगे वो अब निकल रहे ह ये लो आपको मोबाइल देवरजी

me-:thik ह भाभी अब में चलता हु बहार

म bhabhi-:thik ह देवरजी कुछ काम हो तो बोलना

डी bhabhi-:ha देवरजी कुछ भी काम हो तो बोल देना ये आपके लिए तैयार ह हमेसा

me-ok भाभी

इतना बोलकर में बहार आ गया

म bhabhi-:kya बोली आप कुछ भी करने को तैयार ह इसका मतलब क्या ह बताओ तो आप

डी bhabhi-:kuch भी मतलब कुछ भी पागल समझ जा

म भाभी-: कुछ भी मत बोलो वो हमारे देवरजी ह दी

डी bhabhi-:majak कर रही हु चल अब काम करते ह

म भाभी- आशा केसा मजाक कोई ाशे भी मजाक करता ह क्या चलो

फिर दोनों भाभी रसोई में चली गयी और में बहार आ गया मेरे पास सीमा दी आयी और मेरे से थोड़ी देर बाटे करके चली गयी

सुमन को मेरी आँखे ढूंढ रही थी मगर वो मुझे कही नहीं दिख रही थी सुबह से

मेरे सामने फिर इक बार वो लड़की आ गयी जो मुझे भुलाने आयी थी मेने उसे देखा उसने मुझे घर के देखा और वो गांव में चली गयी

me-:ohh ये मोहतरमा हे कोण हुस्न की पारी कितनी सोनी ह ये किस्से पुछु अगर किसी से पूछा तो कोई गलत समझेगा

में यहाँ बैठा था की नेहा लड़ाकू मेरे पास आयी

neha-:bhai चल न मेरे साथ अभी खेत पर जेक आते हे मुझे वह से कुछ लाना ह पेडल कब जाउंगी तू अपनी बाइक से मुझे ले चल न अभी जेक आ जाते ह

me-:ha रुक चल वैसे भी में यहाँ बोर हो रहा हु चल में आया बाइक लेके

में बाइक निकल कर आया और नेहा को बिठा कर चल दिया उसके खेत की तरफ


((((((((इधर मेरे गांव में नीता चची को किसी का कॉल आया

नीता chachi-:ha काम हो गया ह अब कुछ दिन और बाकि सब बढ़िया होगा सब अच्छा होगा कुछ दिन और हमें ाशे रहना हे

सामने से-: है जल्दी करो जितना जल्दी हो सके हमें ये करना ह अभी कहा ह वो

नीता चची-: अभी वो अपने मां के वह गया ह वो यहाँ आजाये फिर काम हो जायेगा तुम अपना वडा यद् रखना

सामने-: जरूर ...... वैसे मुझे तेरी यद् आ रही ह कब आ रही ह ))))))))=))))

नीता chachi-:bahut जल्द आऊंगा अपना काम करके ok बी अब मुझे काम ह


इधर में नेहा लड़ाकू को बिठा कर उसके खेत पर आ गया

नेहा दौड कर वह बने रूम में गयी और कुछ वह रखा था उसे ले लिया और अपनी जीन्स की जेब में रख दिया मेने उसे कुछ छुपाते हुवे देख लिया

me-:kya ह ये

neha-:kuch नहीं भाई

me-:ab चले हम

नेहा -:चलो आम के बैग में से कुछ आम लेके आते ह

me-:ha चलो आम hi चूस ले कुछ और तो मिलने वाला नहीं

neha-:kuch और क्या चूसना ह तुजे

me-:kuch नहीं चल तू

नेहा आगे में पीछे जाने लगा मेने उसकी गांड को देखा और उसे hi देखता रहा


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नेहा की गांड

हम दोनों आम के बगीचे में आ गए मगर आम तो ऊपर लगे थे

me-:ladaku अब इसे तोड़ेंगे कैसे

neha-:ha ये तो मेने सोचा नहीं

me-:me ऊपर चढ़ जाता हु पेड़ पर

neha-:nhi में रिस्क नहीं ले सकती तुम रहने दो चलो यहाँ से

me-:ruk अब नौटंकी मत क्र में तोड़ देता हु आये ह तो चूस क्र hi जाते हे अब आम

neha-:pr तोड़ेगा कैसे

me-:me ऊपर चढ़ जाता हु पेड़ पर

Neha-:nhi

कुछ देर हम वही खड़े रहे में उसे बोलता रहा मगर वो नहीं मणि तो नेहा ने एक पेड़ देखि जो थोड़ा निचे था

neha-:dekh भाई वो पेड़ की दलीय निचे हे वह से हम तोड़ लेट हे

me-:ha चल

हम दोनों वह गए मगर मेने कोसिस की मेरा हाथ ऊपर नहीं गया

me-:ye भी नहीं जा रहा अब

neha-:aik काम करो आप मुझे ऊपर उठालो में तोड़ लुंगी

me-:kyaa तुजे

neha-:ha मुझे और क्या

me-:moti तुजे उठाया तो मेरा डैम निकल जायेगा देख कितनी मोती हो गयी ह तू

neha-:kaha मोती देखो में कितनी पतली हु अभी तो

मेने उसे घोर से देखा तो वो पतली hi थी मगर उसका फिगर बड़ा गजब था उसकी गांड और दूध निकले हुवे थे भरे हुवे थे

me-:moti तो नहीं ह पर

neha-:pr क्या

me-:me तुजे कैसे उठाएगा

neha-:bhai मुझे उठालो आपकी बॉडी तो अच्छी बानी ह आप तो मुझे आसानी से उठा लोगे

me-:hmm चल आजा जल्दी तोड़ लेते ह

में उस डाली के निचे आ गया और खड़ा हो गया कुछ देर बाद मेरे सामने नेहा आ के कड़ी हो गयी

neha-:ab क्या सोच रहा ह उठा जल्दी

me-:ha चल आजा

नेहा मेरी तरफ मुँह करके कड़ी हो गयी मेने उसकी कमर से उठाने की कोसिस की मगर कामयाब नहीं हो सका

neha-:kya करते हो सही से उठाओ न

me-:hm

अब मेने मेरे हाथ नेहा की गांड के कूल्हों के निचे ले गया और उसके दोनों कूल्हों को जोर से पकड़ कर ऊपर उठा लिया

नेहा एक डैम से ऊपर हो गयी मेने उसके गांड के निचे से हाथ से पकड़ रखा था

में-: जल्दी तोड़ मोती में मर जाऊंगा नहीं तो

नेहा-: कुछ भी मत बोल रुक

मेने नेहा के बदन की खुसबू ली मन तो किया बड़ा दू उसे मगर मेरा प्लान था की पहल वो करेगी तो hi सुरु करूंगा नहीं तो नहीं

कुछ देर में उसने आम तोड़े 2 और निचे उतर दिया फिर हम दोनों वही बेथ क्र आम खाने लगे

में-: आम तो अच्छे बड़े ह जूस देखते हे कितना ह इनमे

नेहा-: है चूस के देख ले

यह नेहा का मतलब केवल आम से था उसके मन गलत कुछ नहीं था मगर मेरे मन में था🤣

हम दोनों ने आम खाये और फिर वह से घर चल दिए

me-(isne जेब में क्या छुपाया हे देखना पड़ेगा कुछ तो हे जो ये भूल गयी थी मगर ये यहाँ आयी कब थी और क्या हे इसके पास)

कुछ देर में हम घर आ गए और वो घर में चली गयी में वही बहार बेथ गया मेरा मन अब छूट चुदाई में जा रहा था की कैसे भी करके मुझे छूट चाइये मगर किसकी में अपने खयालो में गम था


इधर मेरे गांव में नीता चची के घर

नीता चची-: निशा किसी ह अब तू

निशा दी-: ठीक हु मम्मी वैसे आपका प्लान हे मस्त

नीता दी-: किसी को पता नहीं लेना चाहिए और न hi नव्या को समझी

निशा-: जी मम्मी आप चिंता न करो वैसे वो दवाई कहा से ले जिससे मुझे इतना हीट किया और हमने विभु को बेवकूफ बनाया

नीता चची-: वो तेरे पापा ने दी थी अब देख आगे आगे होता ह क्या

निशा-: वैसे मम्मी आप प्रेग्नेंट हो और वो भी विभु से उसका बच्चा कैसे रखोगी आप

नीता चची-: अरे रखना पड़ेगा उसको लग्न नहीं चाहिए की में उससे प्यार नहीं करती

निशा-: ठीक ह मम्मी कुछ भी कहो मगर उससे. छोड़ने में बड़ा मज़ा आया

नीता चची-: है वो तो हे लुंड hi आशा हे उसका तूने उसके लुंड की यद् दिला दी अब संत क्र मेरी आग को

निशा-: है मेरी मम्मी ये ले


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दोनों माँ बेटी एक दूसरे की आग को संत करने लगी
 
अपडेट-: 85

यहाँ में बहार बैठा था मेरे मोबाइल पर मस्सगे आया

पारो-: मेरे मजनू अभी तक फ्री नहीं हुआ क्या

में-: में तो फ्री हु कबका आपका hi मस्सगे सुबह का नहीं आया नाराज हो गयी क्या पारो जी

पारो-: ओह्ह्ह मिस्टर मेने आपको दिन में फोटो भेजा था और आपको बड़े अच्छे लगे थे 😁😁

में-: क्या भेजा कुछ नहीं आया मेरे पास तो

पारो-: पागल हो आप

me-:(muje क्या भेजा दिन में मेरे पास तो कुछ नहीं आया य्र्र ये पागल तो नहीं हो गयी )

तभी पारो का मस्सगे आया

पारो-: .......

फिर पारो ने फोटो भेजा जिसे देख क्र मेरा दिमाग हिल गया पारो ने एक स्क्रीनशॉट भेजा था जिसमे उसने अपने बूब्स का फोटो और हमारे बिच बात हुई हे वो भेजा


बहन छोड़ मेने कब बात की अरे ये तो उस समय तो दीपिका भाभी के पास था मोबाइल मतलब उन्होंने .........

माँ चुद गयी

अब उनको क्या बोलूंगा क्या सोचेगी

पारो-: कहा खो गए

में-: मेरी पारो में आपको कुछ देर में मस्सगे करता हु अभी में काम क्र रहा हु

पारो-: ok मेरे देव जल्दी यद् करना अपनी पारो को ...

में-: माँ चुद गयी अब तो मुझे उनको मोबाइल देना hi नहीं था पर मुझे क्या पता की ये उसी टाइम वो फोटो भेज देगी गांड मर गयी ये तो

मगर भाभी ने देख क्र रिप्लाई क्यों किया वो भी ऐसा सायद वो समझी होगी की मेरी गफ हे देखते हे अब क्या होता ह बस वो माँ को कुछ न बोले उससे पहले मुझे बात करनी ह उनसे

में दीपिका भाभी को ढूंढ़ता हुआ अंदर आया तभी मेरी नजर कामिनी ममी पर गयी जिनको मेने यहाँ आते hi नंगा देखा था मेने उन्हें देखा और ाः भरी इतनी क़यामत लग ररहि थी मेरी ममी


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में- मामीजी

कामिनी ममी- है विभु बोलो

में- ममी वो आने के बाद आपसे तो मिला hi नहीं न

क mami-ha में भी सोच रही थी की विभु आया नहीं वैसे केसा ह तू

में-: मस्त हु आप तो ठीक हो न मामीजी

ममी-: है में भी ठीक हु

इतने ममी को किसी ने आवाज दी और ममी उधर चली गोई में उनकी गांड को देखने लगा

इधर मेरे गांव में मेरे आने के बाद मनीषा भाभी मेरी जापानीज पोर्नस्टार ये सोच रही थी की विभु क्यों गुस्से में देख रहा था उसने फिर उस औरत को कॉल किया जिसने उन्हें चुदाई करते देख लिया था

म भाभी- hello कहा ह तू

orat-ghar पर

म भाभी- मुझे अभी मिल जल्दी आ यहाँ

orat-kya हुआ

म भाभी- बताती हु जल्दी आ

औरत- अभी आयी रुक बच्चे को दूध पीला कर

म भाभी- है जल्दी आ

फिर फोन कट गया और भाभी अपने कमरे में आ गयी

कुछ देर में वो औरत आयी और सीधा मनीषा भाभी के कमरे में चली गयी

औरत-: बोल इतनी जल्दी क्यों बुलाया

म भाभी-: कल रत को क्या हुआ ये बता

औरत-: कुछ नहीं में तो गयी hi नहीं वह

माँ भाभी- kyaaaaaaaaaaaaaaaaa मगर क्यूओ

औरत-: अरे में दर गयी कही तेरे आशिक़ को पता चल गया की तू नहीं और कोई हे तो इस लिए में नहीं गयी .

म भाभी- पागल हे क्या तू उसने वेट किया होगा मेरा और में भी नहीं गयी तेरे भरोसे मेने पूरा गेम सेट किया था तेरे लिए वो गुस्सा अलग हुवे होंगे मुझपर

औरत- फिर कभी चली जाउंगी

म भाभी-: अब रहने दे तू तेरे बस का नहीं ह

औरत-: नहीं मुझे करवाना ह मेने देखा था उसने तेरी क्या हालत की थी बहुत मज़ा आया था तुजे उस दिन मुझे भी करवाना हे

म भाभी-: मेने तुजे कल मौका दिया तबसे कुछ पता नहीं चलता तेरा मेरा सरीर एक जैसा ह बस तेरे बोबो में दूध हे और मेरे नहीं मेने उसे समझा दिया था की बोबो को हाथ मत लगाना दर्द क्र रहे हे वो मन भी गया था कल सब हो जाता अब कैसे मनाऊंगी उसे में

औरत-: वो हे कोण मुझे बता दे में पता लुंगी उसे

म भाभी-: सोचना भी मत वो मेरा हे सिर्फ मेरा तू मेरी पक्की सहेली हे मेरे hi गांव की हे हम दोनों की सदी भी यही हुई ह हम बचपन से साथ रही ह तो तेरे लिए मणि हु समझी

औरत-: ोकक बाबा सॉरी न कुछ कर न एक बार केवल उससे करवा न

म बयभी-: ठीक ह में कुछ सोचती हु वैसे उन्हें मानना पड़ेगा कल तू गयी नहीं तो नाराज ह वो मुझसे सुबह भी बात नहीं की

औरत- वो तू जाने मेरी जान मेरे लिए इतना तो क्र hi सकती ह

म भाभी-: है मस्का मत लगा वैसे अब वो तेरा दूध पियेगा देखना

औरत-: फिर तो उसे पता चल जायेगा न

म भाभी-: है वो तो ह

ोरता-: कुछ क्र मेरी मनीषा रानी

म भाभी-: ok में कुछ सोचती हु

औरत-: में जाती हु अभी तो मेरा बच्चा रो रहा होगा

म भाभी-: ठीक ह जा तू में जब बोली तब तैयार रहना अब चली जाना वार्ना फिर में नहीं जणू के कुछ बोलना मत समझी

औरत-: है समझी

म भाभी- ठीक ह

फिर वो औरत चली गयी और इधर मनीषा ने विभु को मस्सगे किया .

मेरे पतिदेव नाराज हो गए में नहीं आयी तो वो कल मेरा पेट दर्द क्र रहा था में हॉस्पिटल गयी थी वह से आके सो गयी पता hi नहीं चला और नींद आ गयी मोबाइल भी ऑफ था प्लस न जान मन जाओ आपकी मनीषा आपके दिल की रानी लव ु कॉल करना फ्री हो क्र

मनीषा-: अब देखती हु कॉल आये या न फिर तो यह आ जाये फिर कुछ करती हु मेरी जान को मानना तो पड़ेगा

इधर में कामिनी ममी से बाटे करके ऊपर जा रहा था की मुझे मेरी जान सुमन दिखी

में-: जान कहा हो सुबह की दिखी नहीं

सुमन-: अरे में निहारिका को तैयार क्र रही थी न

में-: मुझे भी क्र दो कभी

सुमन-: चलो करती हु

सुमन मेरा हाथ पकड़ के एक रूम में ले गयी मेने उसे बहो में भर लिया

सुमन-: जादू की जप्पी लेली आखिर

में-: इसके बिना तो रह hi नहीं सकता जान

सुमन-; में आपकी जान नहीं हु

में-: जान हे मेरी

सुमन-: वैसे पूजा किसी ह अब किसी तबियत हे उसकी

में-: है ठीक ह कल hi मिला था उससे

suman-:(kese माइलेज होंगे वो तो मुझे पता ह पूजा बता देगी) वैसे आपके दिन कैसे निकले वह

में--: आपके बिना सब सुना सुना हे जान

वैसे आज आपका सुना कुछ ज्यादा hi बड़ा लग रहा ह

सुमन-: गंदे हो आप

में-: गन्दा भी तूने hi बनाया ह

सुमन-: मेने क्या किया

में-: हुस्न दिखा के कहती हो मेने क्या किया

सुमन-: वो आपकी hi जिद थी देखने की

में-: मेरी तो बहुत कुछ देखने की हे देखोगी क्या

सुमन-: नहीं कुछ नहीं दिखाना मुझे

me-:jan एक किश तो देदो

सुमन-: नहीं क्यों दू

में-: एक

सुमन- आंके बंद करो

मेने आँखे बंद की सुमन ने धीरे से मेरे होठो पर एक हलकी से किश को और बहार चली गयी

में -: ओह्ह आज तो दिन बन गया मेरी जान की किश मिल गयी

में भी बहार आ गया देखते hi देखते शाम हो गयी मुझे यहाँ आये आज दूसरा दिन था और अभी तक लुंड संत नहीं हुआ था जबबकी वह होता तो किसी न किसी तरह तो लुंड का पानी निकल चूका होता

अब यहाँ सगाई का कार्यक्रम चालू होने वाला था में भैया के साथ बैठा था और सभी बाटे क्र रहे थे की मुझे दीपिका भाभी ऊपर जाते हुवे दिखी में भी ुत क्र ऊपर गया

में-: भाभी किसी हो

डी भाभी-: ओह्ह देवर जी अभी तो निचे थे अब ऊपर आ गए

में-: वो मुझे आपसे बात करना था

डी भाभी-: बोलो

में-: मेरा मोबाइल आपके पास था तब किसी का मस्सगे आया था क्या

डी bhabhi-(ab इसे क्या बोलू) नहीं तो क्यों

में-: अरे वो मेरे किसी फ्रेंड का था सायद

डी भाभी-: फ्रेंड या गफ

में-: मतलब

डी भाभी-: कुछ नहीं मेने तो नहीं देखा में तो बात करके आपको दे दिया था

में+: ok वैसे आप कहा जा रही हो

भाभी-: छत पे वो कपडे लेने

में-: चलो में भी चलता हु

डी भाभी-: चलो आ जाओ

में भाभी के साथ सिडिया चढ़ने लगा भाभी आगे में पीछे मेरी नजर गांड पर गयी तो देखा भाभी की गांड सिडिया चढ़ने से ऊपर निचे हो रही थी में उन्हें देखता हुआ ऊपर आ गया

भाभी-: विभु सुमन कहा ह

में-: निचे होगी

भाभी-: आपकी उससे बहुत बनती ह न

में-: मेरी प्यारी बहन हे वो बनेगी न

भाभी-: है सही ह चलो अब

में और भाभी निचे आ गए फिर देखते hi देखते ये रिंग सेरेमनी का फंक्शन ख़तम हो गया और सब मेहमन सोने की तैयारी करने लगा में भी भैया के पास जा कर सो गया

इसे hi मां की लड़की निहारिका का रिंग फंक्शन भी ख़तम हो गया और सुबह उठ के सब मेहमान जाने लगे में भी जाने की तैयारी करने लगा में सबसे मिला और वह से निकल गया मेरी माँ और बहन सब कल आएंगे तो में निकल गया वह से रस्ते में आ क्र मेने कुछ सामान लिया और शाम तक घर आ गया

(दोस्तों मेने यहाँ किसी को भी नहीं फसाया क्योकि ये कहानी की डिमांड थी आगे जब में कुछ काम से मां के यहाँ आऊंगा तब सबका no. लूंगा वो भी सीक्रेट मिशन के तहत)

में घर आ के तै के घर गया वह से चाबी ली और अपने घर में आ क्र कपडे चेंज करके सो गया

िधाए विभु की चची ने भावना ौंटी के घर से किसी को कॉल किया

न चची+: क्या हुआ फिर

औरत-: है प्लान के मुताबित काम हो रहा ह

न चची-: तुजे बोलै न की चुद जा उससे

औरत-: पहले में देखना चाहती हु की वो क्या चाहता ह

चची-: मेरी बे दयँ से सुन उसे तू फसा और आशा फसा की वो तेरा दीवाना हो जाये तुझसे नहीं होता तो मुझे बोल में किसी और को लागू

औरत-: अरे मेरी सुन तो सही में करती हु कुछ

फिर चची ने अपना पैर सामने दीवाल पर मारा

चची-: फुकककककक एक काम नहीं हुआ तुझसे अब क्या होगा उसे काबू नहीं किया तो वो हाथ से निकल जायेगा

औरत-; में करती हु 3-4 दिन में

चची-: ठीक ह में देखती हु बी

चची ने कॉल कट क्र दिया मुझे hi कुछ करना ह वैसे विभु ने रेखा को क्या समझाया मुझे पल पल की अपडेट लेना ह उससे किसी भी तरह .........

मेरी नींद खुली देखा शाम की 7 बज चुकी थी लुंड भी खड़ा था किसी को छोड़ा नहीं था 3 दिन से में निचे आया तैयार हुआ और तै के घर पे जाकर खाना खाने लगा मेने देखा सोनाली भाभी टीवी देख रही थी और में उन्हें

me-:(isko क्या हुआ जब से मेने इसे नंगा देखा ह तब से दूर दूर रहने लगी मुझे क्या अगर आग लगेगी तो आएगी hi मेरे पास)

में वह से खाना खा क्र चची के घर की चाबी लेके चची के घर निकल गया मेने जेक टाला खोला और अंदर से गेट बंद करके चची के कमरे में चला गया वह जेक मेने चची ने बोलै था वो गोली और इंजेक्शन लेके निचे आया मुझे बाथरूम जाना था में वह बाथरूम में गया और फिर बहार आ गया वह से निकल क्र में सीधा खेत पर बने घर में गया वह से में ताल घर में गया वह अच्छी साफ सफाई थी देविका ने जाने से पहले क्र दी थी में बीएड पर जाकर बेथ गया और सोचने लगा की आगे कैसे ठाकुर के साथ क्या करू

मेरा लुंड भी छूट मांग रहा था मेने देविका को कॉल किया उसने नहीं उतःया मेने कजरी को कॉल किया उसने भी नहीं उतःया मुझे गुस्सा आया तो मेने दीवाल पर लत मरी जोर से

मगर ये क्या यहाँ तो कुछ बजने की आवाज आयी मेने फिर मरी जोर से तो वही आवाज आयी जैसे मेने किसी चद्दर को मारा हो मेने देखा तो वह तो सही में एक चद्दर था निचे छोटा सा मेने देखा उसे किसी ने नट बोल्ट से कास रखा था

में-: माँ की छूट अब ये क्या ह इसमें क्या ह देखना पड़ेगा

मेने धीरे धीरे उसे खोल दिया अंदर से बदबू आयी मेने मुँह पर रुमाल बंद क्र अंदर मोबाइल की टोर्च चला क्र देखा अंदर तो एक कमरा था

में-: बस दादाजी ने क्र क्या रखा ह एक और सीक्रेट कमरा अब इसमें क्या हे

में उस चद्दरत को हटा क्र अंदर गया अंदर जेक मेने देखा अंदर तो लइते नहीं हे में बहार आया रूम का बल्ब लेके अंदर गया और वह बल्ब लगा दिया और लइते चला दी

मेने देखा ये रूम पूरा धूल में था अंदर एक और रूम था यहाँ भी सब था रसोई लेट बाथ सब वैसा का वैसा जैसा बहार था मेने अंदर जेक देखा तो यहाँ भी एक बैग था मेने खोल क्र देखा तो उसने ब्बि बहुत सरे पैसे थे कमरे में एआईएम कुर्सी रखी थी और उस रस्सी रही जिसे देख कर लगता हे यहाँ किसी ने किसी को बांध क्र रखा था

में-: ये तो बढ़िया हुआ एक और सीक्रेट जगह मिल गयी मगर इसकी जानकारी में किसी को नहीं दूंगा न hi चची को न hi किसी और को मगर ये साफ सफाई तो करनी पड़ेगी न

है यहाँ में रेखा भाभी को तोह सकता हु कोई देखेगा नहीं और बहार वाले में कसी को भी लेक छोड़ दू तो भी किसी को पता नहीं चलेगा की यहाँ कोई ह मगर ये जगह किसी को दिख गयी तो दरवाजा भी नहीं ह में इसके आड़ में कुक रख दूंगा

फिर में बहार गया और वो पैसे का बैग भी यही आके रख दिया और वापस वो चद्दर लगा दिया मेने चद्दर की आड़ में एक बड़ी अलमारी रख दी जिससे किसी को ये दिखना

फिर में वह से निकल क्र मनीषा भाभी के क्या हल हे जानने को निकल गया उनके घर

इधर ठाकुर और वविष्णु काका

ठाकुर-: क्या हुआ हे विष्णु

विष्णु काका-: कुछ नहीं ठाकुर वो में सोच रहा की अब आगे क्या किया जाये वो तीनो मादरचोद तो कुछ भी करे हाथ में hi नहीं आ रहे ीरर्र

ठाकु-: है उनका कुछ तो करना पड़ेगा ीरर्र मेरा मकसद हे माया और नीता को छोड़ना जो मेरा सपना हे ोरववो तीनो मुझसे आगे निकलने के लिए फेक्ट्री दाल रहे ह जो में होने नहीं दूंगा और तेरा उनकी दौलत का जब तक वो तीनो रस्ते में हे कुछ नहीं होगा ऐसा करते हे एक एक करके रस्ते से हटा दे तीनो को

विष्णु-: है अब लास्ट में यही बच्चा ह

ठाकुर-: वो सब हे मगर मुझे एक बात ये समजह नहीं आयी की मेरे लड़के को बार बार कोण मर रहा ह

विष्णु-: है ये तो में भी समझने की कोसिस क्र रहा हु उनके अलावा आपका ऐसा कोनसा दुश्मन हे

ठाकुर-: दुश्मन तो पूरा गांव ह मेरा मगर ऐसी हिमंत किसी की नहीं हे फिर ये क्र कोण रहा ह

विष्णु-: हो सकता ह आपको कोई बहार का दुश्मन हो और ये वो क्र रहा हो

ठाकुर-: है ये हो सकता ह अब उस पर निगाह रखना पड़ेगा कोण ह ये पता चल गया तो उसके खंडन की ोर्टो को नंगा करके गांव में नहीं घुमाया तो मेरा मेरा नाम भी ठाकुर नहीं

विष्णु काका-: वो सब ह मगर मुझे ये समझ नहीं आया की आपने उस मैडम को क्यों मरवाया

ठाकुर-: अरे वो मुझे पसंद आगयी थी मेने बोलै था नखरे क्र रही थी रपे किया और मर के लटका दिया

विष्णु-: मुझे भी भुला लेना था में भी मजे ले लेता उसके थी बड़ी गजब मॉल

ठाकुर-: चल अगली बार आशा होगा तो तुजे जरूर बुलाऊंगा

विष्णु काका-: है अब चलते हे

ठाकुर -: है चलो

फिर दोनों अपने घर चले गए

विष्णु काका- अपने घर आ गया और अपने कमरे में जा क्र देविका को उठा क्र किश करने लगा

देविका-: ओह्ह्ह्हह आज क्या बात ह

विष्णु काका-: लोढ़ा गरम हे आज मेरी रानी

देविका -: तो मन किसने किया हे करलो न

फिर विष्णु काका में देविका को छोड़ना स्टार्ट किया कोई 4 मिनिट में उसका पानी निकल गया और देविका अधूरी रह गयी

devika-(aap हमेसा आशा hi करते हो मुझे अधूरा चोर दिया आपकी इसी वजह से मुझे उस विभु के पास जाना पड़ता ह न चब क्र भी उसकी गुलाम बनना पड़ा जो मांगे वो देना पड़ा बस उस लुंड की वजह से आपको भी गली पड़ी क्या करू वो कितना मज़ा देता हे मज़ा आ जाता ह उसके पास जेक मरते हुवे करता हे तो जंगी निकल जाती ह क्या चुदाई करता ह वो अब तो कभी न छोड़ू उसे में चाहे इसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े ))))हो गया आपका

विष्णु-; है हो गया अब में सोता हु

तभी विभु का कॉल आया देविका को और उसने उतःया नहीं ये बात उसी टाइम की हे जब विभु ने वह से कॉल किया था

इधर निधि भाभी को उस दिन बहुत उल्टिया हुई तो उन्हें डॉ. के पास ले गए जिससे निधि के घर वालो को पता चला की निधि तो प्रग्नेंट हे सब खुस हो गए संदीप भी खुस हो गया वो बाप जो बनने वाला था मगर उसे कहा पता था की इस बक्से का बाप तो विभु पटेल हे

ज्योति-: ओह्ह्ह मेरी प्यारी भाभी माँ बनने वाली हे

निधि भाभी-: है इसमें विभु का बच्चा हे

ज्योति-: मेरी भी सदी होगी तो बच्चा तो विभु पटेल का hi होगा मेरे पेट में

निधि-: ी लव ु विभु उनको खुसखबरी दे देना तू

ज्योति- -: में क्यों दू आप दो आपकी खुसखबरी

और ज्योति ने मुझे कॉल किया जब में मनीषा भाभी के घर जा रहा था

में-: है बोलो

ज्योति-: कहा हो आप

में-: मेरी ज्योति डार्लिंग में घर hi

ज्योति-: लो भाभी से बात करो उनको आपको कुछ बताना हे

me-:hmm

निधि-: जान

में-: है जान

निधि-: कैसे हो

में-: ठीक हु आप

निधि-: हॉस्पिटल में हु

में-: क्यों

निधि-: आपकी वजह से

me-:kya हुआ मेरी जानको

निधि-: हुआ नहीं होने वाला हे

me-:mtlb

निधि-: आप बाप बनने वाले हो

में-: सुच

निधि-: सुच

में-: वव आखिर कर मेरी जान को वो मिल गया जिसके लिए वो मुझसे मिली

निधि-: है मगर मिलने के बाद आपसे प्यार हो गया अब कभी नहीं छोडूंगी

में-: ok जान अपना दयँ ेखमा

निधि -: हम्म

me-:ok में बाद में बात करता ह बी

निधि-: बी लव ु

में-: लोवेउ 2 जान

में निधि भाभी से बात करके फोन कट किया और मनीषा भाभी के घर चला गया मेने जेक देखा हॉल में कोई नहीं हे तो में धीरे से मनीषा भाभी के कमरे में चला गया टाइम कोई 8 बज रही थी

भाभी कमरे में थी नहीं में वह से बहार आया और भाभी को कॉल किया भाभी ने कॉल उतःया

में-: में आपका तबेले में इंतजार क्र रहा हु जल्दी आ जाओ आज नहीं आयी तो तभी नहीं मिलूंगा

म भाभी-: सुनो ताऊ

इतने मेने कॉल कट क्र दिया

भाभी-: आ गए आखिर वो चलो मिलके आती हु

मनीषा भनहि कुछ देर में तबेले में गयी और लइते चला दी विभु ने देखा अपनी मनीषा भाभी को


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में-: कोण हो आप यहाँ क्यों आयी

भाभी-: में अपने ासिक से मिलने आयी हु

में-: तो जाओ न वह यह क्यों आयी

भाभी-: यही ह मेरा ासिक

में-: कहा ह दिख नहीं रहा

भाभी मेरे पास आयी और मुझे गले लगा क्र

म भाभी-: ये रहा मेरा ासिक

में-: रहने दो आप उस दिन आयी क्यों नहीं और तो और नहीं कॉल मस्सगे कुछ नहीं


म भाभी-: क्या मेने मस्सगे किया था न आपको

में-: रहन्दे दो ये मोबाइल एक भी मस्सगे नहीं आया

म भाभी-: रुको में बताती हु

फिर भाभी ने मस्सगे दिखाया जो इन्होने किया था

में -: मेरे पास क्यों नहीं आया रुको

मेने मस्सगे का टाइम देखा

में-: बस ये क्या अपने इस टाइम मस्सगे किया क्या इस टाइम तो मोबाइल दीपिका भाभी के पास था


म भाभी-: क्या अरे ये क्या हो गया उनको तो सब पता चल गया होगा

में-: है अब

म भाभी-: अब क्या जो होगा देखा जायेगा

में-: वैसे चोरो और आयी क्यों नहीं उस दिन आप

भाभी-: वो मेरा पेट दर्द था तो सो गयी थी

में-: ok अब ठीक हो न

भाभी-: हम्म्म

Me-:fir हो जाये 1 राउंड

भाभी-: आज नहीं कल मेरे प्यारे देवरजी

में-: भाभी जान आज क्यों नहीं

भाभी-: वो अभी मुझे मम्मी के पास जाना हे

में-: ठीक ह फिर कल शाम को इसी टाइम पर यही आ जाना नहीं तो गांड मर दूंगा आपकी सबके सामने

म भाभी-: मर देना सबके सामने में मन नहीं करूँगा

में-: ok कल आ जाना

भाभी-: विभु

में-: हम्म

भाभी-: ी लव ु

में-: ी लव ु 2

भाभी-: वो मेने उस दिन बताया था न की कल क्या करना ह न तो बोलोगे न hi लइते चलाओगे न hi दूध चुसोगे

में-: ये क्या ह

भाभी-: मेरी मर्जी एक बार मेरे हिसाब से लेली

में-: ोकक मगर चुदाई में मेरे हिसाब से करूंगा जैसे मेरी मर्जी रोकोगे नहीं

भाभी-: ठीक ह मगर केवल छूट में गांड में नहीं

me-:manjur गांड तो आपकी ासबके सामने मरूंगा

म भाभी-: जैसी आपकी मर्जी

में-: वैसे ये सब क्यों में पूछ सकता हु मेरी जान को

भाभी-: वो उस दिन माँ पूछ रही थी की लइते क्यों चल रही थी तबेले में और पड़ोस की भाभी भी पूछ रही थी की तेरे तबेले में से आवाज किसी आ रही थी इस लिए

में-: वो सब तो ठीक ह मगर दूध लास्ट में चूसना इसका क्या कारन ह

म भाभी-: मेरी जान ये सरप्राइज हे दूध लास्ट में चूस लेना जितना चूसना हे है दबा सकते हे कभी भी बीएस चूसना लास्ट में हे

में -:ok जान

इतने में बहार से किसी की आवाज आयी

म भाभी-: में जाती हु

में-: किश

भाभी ने जल्द में किश किया और चली गयी में भी वह से निकल क्र घर जाने लगा आज भी कसी को छोड़ने का प्लान नहीं बना मगर आज किसी को तो छोड़ना था

निधि भाभी के वह तो आज सब हे तो उनको और ज्योति का तो बिगड़ गया आज चहकी और निशा हे नहीं भाभी का कल का हो गया फिक्स बच्ची देविका उसे कॉल करता हु

मेने देविका को कॉल किया

देविका-: बोलो जी

में-: कहा ह तू और कॉल क्यों नहीं उठा रही

देविका-: वो विष्णु पास में बैठा था

में-: अभी कहा ह

देविका-: घर हु

में-: मुझे छोड़ना ह तुजे अभी

देविका-: अभी को मेरी बहम आयी ह यहाँ

में-: उसे भेज दे उसे छोड़ दूंगा

देविका-: में कल आ जाती हु

में-: ok भाड़ में जा तू

और मेने कॉल कट क्र दिया फिर दो बार देविका का कॉल आया मगर मेने नहीं उठाया

इधर पूजा के घर पे पूजा बहार बैठी थी उसे नहीं पता था की में आ गया हु तो वो बैठी कुछ सोच रही थी तभी डॉली उसके पास गयी

डॉली-: ही दी किसी हो आप

पूजा-: डॉली तू आ बेथ न

डॉली-: जी भाभी

पूजा-: में भी नहीं आपकी दी हु

डॉली--: नहीं हो तो क्या बन जाओगी

पूजा-: मतलब

डॉली-: कुछ नहीं आप यहाँ अकेली बैठी बाकि सब कहा ह

पूजा-: माँ डैड अंदर हे भैया खेत पे ह भाभी मायके गयी ह

डॉली-: दी आप मुझे थोड़ा बहुत पड़े में मदद कर डौगी क्या

पूजा-: क्यों नहीं

डॉली-: ोकक मुझे जब भी डाउट होगा में आपके पास आजाऊंगी

पूजा-: जरूर

डॉली -: ठीक ह भाभी में चलती हु अब

पूजा-: फिर भाभी

डॉली-: सॉरी दी

pooja-:okkk (इसे क्या हो गया आज भाभी भाभी क्यों बोल रही बी सायद गलती से निकल गया होगा)

फिर पूजा भी अंदर चली गयी

पूजा अंदर गयी और छत पर देखने गयी मगर उसे कोई नहीं मिला में फिर निचे आ गयी इधर में वह से निकल के गांव में गया वह मुझे पालक भाभी मिल गयी वो सीधी निकल गयी

me-:((((((matak मटक के चलती हो मर hi डालोगी क्या हमको न डौगी तो अचार डालोगी क्या

इसको देखो सरीफ बन कर घूम रही ह जबकि मुझे पता ह अपने ससुर के निचे सोती ह सॉरी कुट्टी बनती ह उसके सामने तेरा भी काम जल्दी hi निपटना पड़ेगा ताकि जब भी छूट चाइये एक और मिल जाएगी छूट ाशे तड़पना नहीं पड़ेगा ))))

में वह से पूल की तरफ चला गया और वह जेक बेथ क्र सोचने लगा की आज किसे छोड़ू

तभी मेरा फोन बज गया

देखा मनीषा भाभी का फोन था

में-: अब इन्हे क्या काम ह अभी तो मिल क्र आया

और मेने कॉल उठा लिया

भाभी-: कहा हो आप

में-: घर

भाभी-: अभी करना ह क्या आपको

में-: क्या

भाभी-: मेरी चुदाई

में-: है में तो तैयार हु बोलो

भाभी -: तो 15 मिनिट में तबेले में आ जाओ और है मेने जो बोलै ह वो यद् रखना

में-: ok जान लव ु आ रहा हु

फिर मेने कॉल कट किया और चल दिया भाभी को छोड़ने में आज 4 दिन बाद छोड़ने जा रहा हु मज़ा आ जायेगा

(((इधर भाभी ने अर्जेन्ट प्लान क्यों बनाया वो देखते हे)))

विभु से तबेले में मिल के और कल का प्लान बना क्र मनीषा भाभी घर गयी और वह से उस औरत को मिलने चली गयी जिससे वो कल भेजने वाली थी

.म भाभी-: सुन कल वो आएगा वह तू तैयार रहना

औरत-: क्या कल तो मुझे मायके जाना ह सधी में

म भाभी-: तू क्या ह हर बार प्लान बिगड़ देती ह

औरत-: मेने तुजे सुबह बोलै था न की कल में जा रही हु तू चल रही ह क्या

म भाभी-: है एई में भूल गयी अब क्या करेंगे😭

औरत-: तू ह न तू hi मज़े ले लेना कल

म भाभी-: है यही करना पड़ेगा

औरत-: रुक तू चाहे तो उसे आज भुला ले में आज के लिए तैयार हु

भाभी-: अब अर्जेन्ट में कैसे होगा सब व अभी मुझे मिल के गया हे

औरत-: एक बार कॉल तो क्र सायद मन जाये

म भाभी-: वो तो सब ठीक बी मगर तेरा बच्चा हे और तू क्या बोलेगी घर वालो को

औरत-: में यहाँ से तेरे साथ चलूंगी तो बोल दूंगी की मनीषा के वह जा रही हु 2 घंटे में आउंगी वह काम हे

म भाभी-: ok पहले तू पूछ मेरे सामने

वो औरत मनीषा के साथ अपनी सास के पास गयी और बोल दिया उसकी सास में बच्ची को अपने पास सुला लिया और उसे बोलै की 2 जानते में आ जाना

औरत-: जी माँ में आ जाउंगी

म भाभी-: में कॉल करती हु

फिर भाभी ने कॉल किया मुझे और मुझे वह बुलाया

म भाभी-: तू सुन वो जैसा करे जैसे करे वो करने देना और जो तुजे करने के लिए इशारा करे करना ठीक ह

औरत-: ठीक ह

फिर वो दोनों वह से तबेले में चले गए और औरत एक जगह चिप गयी कुछ देर में विभु वह आ गया उसे मनीषा भाभी दिखी

म भाभी-: आ गए तुम अंदर जाओ और है जो मेने बोलै ह वो यद् रखना कोई भी सुन सकता ह यहाँ


में-: ोकक आप तो सही में कुक नह बोलूंगा

म भाभी-: पहले मेरी कसम खाओ

me-:aapki कसम सच्ची

म भाभी-: ठीक ह जाओ में आ रही हु

फिर विभु अंदर चला गया भाभी उस औरत के पास गयी और बोली

म भाभी-: जा अंदर और वो कुछ करे तो करने देना और तू भी उसका पूरा साथ देना वार्ना उसे शक हो जायेगा

औरत-: तू कहा जाएगी

म भाभी-: में घर जा रही हु तू यहाँ से सीधा अपने घर चली जाना

औरत-: ok

फिर वो औरत वह से तबेले में जाने लगी

 
अपडेट-: 86

वो औरत अंदर आ गयी और भाभी अपने घर चली गयी विभु पहले से अंदर मौजूद था तबेले में अँधेरा था वो औरत धीरे धीरे अंदर आ गयी वो धीरे धीरे मेरे पास आने लगी अँधेरा होने की वजह से उसे न hi कुछ दिख रहा था न hi मुझे कुछ दिख रहा था वो किसी चीज़ से टकरा गयी में उसकी और गया और उसका हाथ पकड़ क्र अपनी और खींच लिया मेने उसे अपने बहो में भर लिया


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और उसके गले में किश करने लगा वो जोर जोर से सांसे लेने लगी में भी अब उसको किश करने लगा गले पर और उसकी गांड को दबाने लगा जोर जोर से .

मेने धीरे से उसकी साड़ी को निचे क्र दिया और उसका ब्लाउज भी निकल दिया उसने रोकने की कोसिस की मगर मेने नहीं रुका फिर मेने उसे पलटा दिया और पीछे से उसके दूध को पकड़ के दबाने लगा


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में-: (भाभी के दूध आज ज्यादा hi कड़क लग रहे जैसे इनमे दूध भरा हु चूस के देखता हु मगर भाभी ने मन बोलै था )

फिर मेने उनके दूध जोर से दबाने लगा

orat-:(dhire बढ़ाना दर्द क्र रहे ह इतनी जोर से कोई बढ़ाता हे क्या)

मेने अब उसे अपनी और पलटा दिया और उसके होठ पर अपने होठ रख क्र किश करने लगा किश करने में वो मेरा साथ नहीं दे रही फि धीरे धीरे मेरा साथ देने लगी में भी मज़े से उसको किश करता रहा

में-: ( भाभी की सांसो को खुसबू नहीं ह ये में अपनी मनीषा की खुसबू अच्छे से जनता हु ये भाभी तो नहीं हे कोई और हे ये भाभी तो नहीं हे )

मेने अब जोर से किश करने लगा


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किश करते हुवे विभु क हाथ भाभी के बोबो को दबाने लगा

में-:( अब मुझे कन्फर्म हो गया था की ये भाभी नहीं ह अब मुझे पता करना था की ये कोण हे और भाभी और इसमें मेरे साथ क्या गेम खेला हे तभी भाभी ने मुझे बोलै की आवाज मत करना लइते मत चलना मगर दूध. चूसने का क्यों मन बोलै चूस के देखता हु )

विभु किश करते हुवे धीरे धीरे निचे आया और उस औरत के दूध के पास आके रुक गया पहले तो दूध को जोर से दबाया उस औरत ने अपने होठ को दबा लिया वार्ना उसकी आवाज निकल जाती फिर विभु ने उस औरत के दूध को मुँह में ले लिया उस औरत ने रोकने की कोसीस की मगर विभु ने उसके हाथ को पकड़ के पीछे क्र दिया अब विभु का मुँह उस औरत के दूध के पास था और अगले hi पल उसके मुँह में उस औरत का चुका था जिसे वो चूसने लगा और जैसे hi चूसा उसके मुँह में दूध आ गया


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विभु के मुँह में दूध आया तो विभु ने मुँह अलग क्र दिया

विभु-: कोण हे तू

औरत-: वो में में में

विभु-: बता रही की नहीं

औरत -: वो सॉरी में

इतने में बहार से आवाज आयी

म भाभी-: जल्दी दरवाजा खोलो जल्दी

में उठा क्र जाकर दरवाजा खोल दिया भाभी अंदर आयी और उस औरत के पास जाकर

म भाभी-: जल्दी घर जाओ तेरा पति आया था तुजे ढूंढ़ते हुवे मेने बोलै की बाथ्ररोम में ह जल्दी जा तू घर

औरत-: हआ

फिर वो औरत जल्दी से अपने कपडे सही किये और वह से निकल गयी उसके जाने के बाद भाभी ने लइते चला दी

में-: क्या हे ये सब

म भाभी-: वो में मेरे मी

इतने में में निकलने लगा तो भाभी ने आके मुझे रोक दिया


में +: क्या हे भाभी ये मेरे साथ आइशा क्यों किया मेरे साथ धोका किया हे आपने कोण थी वो औरत

भाभी-: वो मेरी सहेली थी में आपको सब बताती हु प्लस न जैम

में-: में जा रहा हु

फिर मेने भाभी को धक्का दे कर वह से निकल गया और सीधा घर आ गया

भाभी वही बेथ क्र रोने लगी

म भाभी-: विभु ी लव ु मुझे नहीं पता था आप नाराज हो जाओगे मेने तो सोचा आप खुस होंगे और मेरी कोई गलती नहीं समझो मुझे में आपके बिना मर जाउंगी विभु

कुछ देर भाभी रोटी रही और फॉर उठ क्र घर आ गयी

घर आ क्र भाभी ने विभु को कॉल किया विभु ने उताहै नहीं कुछ देर में विभु को फिर कॉल किया विभु ने उठा लिया सामने से मनीषा भाभी रो रही रही

विभु-: भाभी आप रो क्यों रही ह

म भाभी-: सॉरी विभु मेने आपको धोका नहीं दिया वो

फिर भाभी ने सब बता दिया कैसे उस औरत ने इन्हे देखा और कैसे उसने ये सब करने का बोलै फिर जेक भाभी मणि

में-: भाभी आप एक बार मुज पर विश्वाश करके बोल देती में उसके घर जेक उसे छोड़ देता अगर उसे छोड़ना था तो

म भाभी-: सॉरी न अब ऐसी गलती नहीं होगी

में-: ok कोई नहीं गलती तो हुई ह सजा तो मिलेगी

म भाभी-: मुझे मंज़ूर हे हर सजा आप मुझसे गुस्सा मत होना जान

में-: वैसे वो औरत कोण थी

भाभी-: बादमे बताती हु

में-: मेने पहचान तो लिया था की वो कोई और हे

म भाभी-: कैसे

में-: आपकी खुसबू मुझे अच्छी तरह से यद् हे और जब मेने उसे किश की तो में पहचान गया की ये आप नहीं हो और जब ामुसके दूध दबाये तो मुझे अज्जेब लगा आपके बढ़ाने में आसान हे उसके नहीं दबे इस लिए में समजह गया

म भाभी-: तभी तो मेने बोलै था की दूध लास्ट में चूसना

में-: मेने चूस लिया था दूध आ गया था उनमे से

म bhabhi--:kesa लगा आपको

में-: अच्छा और पीना ह मुझे वही दूध

म बहभी-: ok अब तो खुले आम पि लेना

में-: आपका पीना ह मुझे अब

म भाभी-: मेरे अभी कहा आता ह

में-: में आपको प्रग्नेंट करूंगा फिर बच्चा होगा तब तो आएगा न

म भाभी-: है तब आएगा

me-:fir तो जल्द hi माँ बनान पड़ेगा आपको

म भाभी-: जैसी आपकी मर्जी

में-: कोण थी वो औरत

म भाभी-: कल देख लेना दिन में मिलवा दूंगी

में-: कहा

म भाभी-: कल 1 बजे घर आना और ताज़ा दूध पीला दूंगी

में-: ok आ जाऊंगा मगर मेरा लुंड अभी खड़ा ह उसका क्या

म भाभी-: आ जाओ

में-: सुच आ जाऊ

भाभी-: नहीं वो हिलालो

में-: कल देख तू

म भाभी-: है कल क्या दिखाओगे

में-: सजा दूंगा वो भी अशी की जिंदगी भर यद् रखेगी मेरी

म भाभी-: जी पति देव मंजूर हे

में-: ok तैयार रहना कुछ भी करवा सकता हु

भाभी-: जी अब रख टी हु वो आने वाले हे

में-: में भी तो वो हु

भाभी-: आप उनसे भी ज्यादा वाले वो हो

में-: लव ु मनीषा

भाभी-: लव ु 2 जान बी

फिर मेने भी कोई मस्सगे नहीं किया

में-:( कोण थी और में भाभी से गुस्सा क्यों हुआ वैसे हुआ तो मज़ा भी आएगा अब उनसे कुछ सजा देने में कोण थी वो औरत दूध भी आया मतलब मज़ा आएगा पहले बार दूध पिने का)

घर आते आते 9 बज चुकी थी लुंड भी बैठने का नाम नहीं लड़ रहा था में मेरे रूम था फिर मुझे कजरी की यद् आयी मेने उसे कॉल किया

कजरी-: है विभु बोलो

में-: कहा ह तू अभी

कजरी-: ठाकुर की हवेली

में-: अभी तक

कजरी-: वो आज काम ज्यादा हे यहाँ कल ठाकुर की बड़ी बेटी रीमा की सगाई हे

में-: ओह्ह्ह अच्छा ok करो काम

कजरी-: कुछ काम था क्या

में-: है तेरी छूट छोड़ने थी

कजरी-: अच्छी औ क्या

में-: आ जाएगी क्या अभी

कजरी-: देखती हु रुको में कॉल करती हु

में-: ोकक जल्दी

फिर कजरी ने कॉल कट किया कुछ देर बाद फिर कजरी का कॉल आया

में-: है बोलो

कजरी-: सॉरी विभु वो

में-: ोककक कोई नहीं बी बाद में बाद करता हु अपना दयँ रखना

कजरी-: ोकक विभु

फिर कॉल कट हो गया तभी मेरे मोबाइल पर कॉल आया मेरी दोस्त धीरज भाभी का

में-: ओह्ह्ह दोस्त को यद् गयी आखिर

डी भाभी-: वो सॉरी न यहाँ फंक्शन हे तो टाइम नहीं मिलता

में-: ok भाभी आप अपना दयँ रखो

डी भाभी-: ोकक में कल बट करती हु आप ठीक तो हो न

में-: है एक डैम बढ़िया (बस लुंड ठीक नहीं ह ये प्रेसन क्र रहा ह )

डी भाभी-: ोकक बुय

में-: ब्यययय

में -:( कोई नहीं तो चलो सलोनी भाभी पे तरय करता हु अभी तो नींद आने वाली नहीं हे कॉल करता हु )

मेने कॉल किया भाभी बिजी आ रही थी 2 बार किया मगर भाभी बिजी hi बता रही थी

में-; बस ये भी अपने पति से लगी होगी किस्मत hi ख़राब हे मेरी तो

में मन मार्के सोने लगा तभी मेरा मोबाइल बजा मेने देखा तो सलोनी भाभी का कॉल था

में-: hello भाभी जी

सलोनी भाभी-: है बोलो विभु

में-: भाभी क्या क्र रही हो

स भाभी-: आपके भैया से बात

में-: ओह्ह कभी हमारे लिए भी टाइम निकल लिया करो

स भाभी-: (ओह्ह्ह ाः क्या बात हे इसको मस्ती सूजी हे ) क्यों निकलू

में-: आपका प्यारा देवर हु में

स भाभी-: ओह्ह्ह देवरजी मेरे आ गए वैसे आप

में-; है आज hi आया हु वैसे एक कप चाय मिलेगी क्या

स भाभी-: ोककक आ जाओ बना देती हु

में-: आप बना क्र छत पर लेके आ जाओ

स भहाभी-: वह क्यों

में-: ाशे hi आ जाओ घर में आऊंगा सब सो गए होंगे

स भाभी-: ( चलो वह थोड़ी बाटे क्र लुंगी) ोकक बना के व्ही आ रही हु)

में-: 2 कप लाना

स भाभी-: 2 क्यों

में-: ले आना

स भाभी-: ोकक लती हु

में-: टंक्स माय स्वीट भाभी

स भाभी-: रखो अब लती हु

में-: ok

फिर कॉल कट किया और में अपना मोबाइल लेके ऊपर आ गया ऊपर आ क्र में कुछ देर इधर उधर घूमता रहा की मेरे मोबाइल पर पारो का मस्सगे आया

पारो-: क्या क्र रहे हो मेरे देव

में-: कुछ नहीं छत पर हु बैठा हु

पारो-: ओह्ह्ह अकेले की कोई हे

में-: अकेला हु आप आ जाओ

पारो-: आ गयी तो आप तो मुझे चोरो गए नहीं

में-: है वो तो ह तेरे आम इतने प्यारे हे कैसे चोर दूंगा सारा रास निचोड़ दूंगा इनका में

पारो-: है जब रियल में मिलना होगा तब पि लेना

में-: वैसे एक बात पूछ सकता हु

पारो-: है बोलो

में-: सुच बताओगी अगर मुझे प्यार करती हो तो

पारो-: ोकककक बाबा सुच बताउंगी

me-:aap मेरे hi गांव की होना

पारो-: हा

में-: कोण हो नाम भी बता दो

पारो-: टाइम आने पर बता दूंगी

में-; ोकक उस टाइम का इंतजार रहेगा

पारो-: मुझे भी

में-: वैसे कॉल करके भी बात क्र सकती हो

पारो-: हम्म्म कल करती हु

इतने में सलोनी भाभी चाय लेके आ गयी


में-: बी में बाद में बात करता हु

सलोनी-: आपकी चाय

में-: आओ भाभी

सलोनी-:2 क्यों मंगवाई

में-: एक मेरे लिए एक आपके लिए

सलोनी-: ओह्ह्ह्ह चलो पीओ जल्दी

me-:itni क्या जल्दी हे थोड़ी देर बाटे करो में बोर हो रहा था

सलोनी-: ओह्ह्ह बोर हो रहे थे वैसे आज कोई आया नहीं छत पर मिलने

में-: आप आयी तो हो

सलोनी-: हम्म सही ह बाकि सब कब आएंगे

me-;sayad परसो तक आ जायेंगे

SAloni-:(pooja मिली नहीं तभी बोर हो रहा था ) अब में चालू

में-: रुको न

सलोनी-: हम्म्म

में-: उस दिन के लिए भाभी

सलोनी-: किस दिन के लिए

में-: वो में अचानक ऊपर आ गया था

सलोनी-: कोई नहीं चोरो

में-: चाय बड़ी अच्छी बनती हो भाभी के

सलोनी-: मस्का मत लगाओ

में-: सुच भाभी

सलोनी-: ok अब में जाती हु

में-: ok जाओ 😔

सलोनी-: वैसे एक बात पुछु

में-: हम्म भाभी

सलोनी-: कुछ नहीं चोरो

में-: पूछ भी लो

सलोनी-: फिर कभी

में-: ोककक

सलोनी-: ok बी गम

में-: हम्म गण

भाभी जाने लगी और गेट के पास रुक क्र

सलोनी-: चाय अच्छी हे मन और बनाने वाली

में-: भाभी.....

इतने भाभी निचे चली गयी


मेने मोबाइल निकला और मस्सगे किया

में-; बनाने वाली और भी अच्छी हे

उधर से कोई रिप्लाई नहीं आया और में निचे चला गया


विभु अपनी भाभी से बात क्र रहा था इधर मनीषा भाभी ने उस औरत को कॉल किया

मनीषा भाभी-: क्या हुआ तेरे घर में किसी को पता तो नहीं चला न

औरत-: नहीं मगर उस लड़के ने पहचान लिया

मनीषा-: कैसे

वृत्त-: अरे उसने दूध पि लिया मेरा

म भाभी-: ok में समझा दूंगी उसे

औरत-: मेरी इज्जत के कुछ नहीं होना चाहिए .

म भाभी-: तुजे hi खुजली हो रही थी

औरत-: तू समझा देना उसे .

म भाभी-: तू कब जा रही ह

औरत-: कल दिन में

म भ्बहि-: वापस कब आएगी तू

औरत-: 2-3 दिन में

म भाभी-: ok चल ठीक में कल बात करती हु उससे

औरत-: समझा देना मेरा कुछ मत बोलना की में कोण हु

म भाभी-: लोड मत ले मत कुछ करती हु

औरत-: ोककक

म भाभी-: चल ठीक ब्ययी

औरत-; ब्ययययय


विभु भी सो गया निचे आ क्र और उधर ठाकुर के के घर पे कल फंक्शन हे तो ठाकुर के घर पे मेहमान आये थे वो भी आया था सिमरन के पापा जो उस दिन मेने उसे देखा था अपनी hi बेटी से मिलते हुवे वो ठाकुर के पास बैठा था

में आपको बता दू की सिमरन के पापा का नाम ठाकुर भवर सिंह हे वो भी अपने गांव का ठाकुर हे और लोग उससे डरते हे

ठाकुर-: चलो थोड़ा गांव में जेक आते हे

भवर सिंह - : है चलो यहाँ बोर रहे हे

दोनों अँधेरे में घर से निकले और पूल की तरफ जाने लगे

भावै सिंह-: कहा ह वो नीता दिख नहीं रही ह आज कल

ठाकुर-: पता नहीं कहा गयी ह

भवर सिंह-: मुझे उसकी लेनी ह

ठाकुर-: आपको बोलै न वो इतना आसान नहीं ह उस परिवार को चोर क्र जिसकी आप बोलो उठा के ले आऊंगा में

भवर सींग-: ok उसको तो बादमे देखते हे पहले किसी छूट का जुगाड़ करो आज

ठाकुर-: है चलो

फिर ठाकुर ने किसी को कॉल किया और अपने खेत पर चला गया कुछ देर में वह विष्णु काका- भी आ गए

ठाकुर-: आओ विष्णु

विष्णु-: ये यहाँ क्यों आये किसी ने इन्हे देख लिया तो .

ठाकुर-: इसी लिए इन्हे रत को लाया हु कोई नहीं पहचाने गए इन्हे

विष्णु-: क्यों भुलाया आपने

ठाकुर-: वो आज किसी की छूट मरने की मर्जी हो रही ह

विष्णु-: सन्ति को भुला लो

भवर सिंह -: उसमे मज़ा नहीं ह किसी और को भुलाओ

विष्णु काका-: फिर तो उसी नए ितों को भुला लो

भवर सिंह-: कोण ह

ठाकुर-: रुबीना

भवन-: वव मस्त चिकनी होगी

विष्णु-: झकास ह


फिर विष्णु काका- ने कॉल किया और कुछ देर में आने का बोलै

ठाकुर-: वो आ रही ह इतने मुझे ये बता विष्णु ये नीता कहा गयी ह

विष्णु-: सायद अपने मायके गयी ह

भवर सिंह-: मुझे कितना टाइम इंतजार क्र ा पड़ेगा तुम दोनों का हर काम करता हु में केवल नीता के लिए वो अभ्ब तक मुझे नहीं मिली

ठाकुर-: एक काम करते ह पहले उन तीनो को मरवा दे फिर कोई नहीं बची हमारे रस्ते में

विष्णु-: दिलीप और विभु

ठाकुर-: वो तो बच्छे हे िहने पता नहीं चलेगा

विष्णु-: है दोनों ाशे hi पागल ह हे

भवर सिंह-: फिर ये काम जल्दी करो कैसे भी करके

विष्णु-: टाइम तो लगेगा सेर के जंगल में जाकर उन्हें मरने में

ठाकुर-: है कुछ और टाइम दो मुझे मुझे भी माया चाहिए

भवर सींग- ok

ok इतने में सामने से किसी के आने की आहात हुई. कोई आदमी और एक औरत थी दोनों आ गए


ठाकुर-: क्यों रे सलीम इतना टाइम लगता ह

सलीम-: वो तैयार होने में टाइम लग गया

ठाकुर-: जा अब 1 घंटे में तेरी बीवी को लेना आ जाना

सलीम-: ठाकुर सब पैसे

ठाकुर-: ये ली


फिर वो आदमी पैसे लेके चला गया और वो औरत वही कड़ी रही

(में आपको बता दू की ये दोनों मिया बीवी हे दोनों का काम यही ह ये दूसरे गांव के हे )

रुबीना


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ठाकुर-: आओ रुबीना आज तुम्हे हम तीनो को खुस करना ह

रुबीना-: जी ठाकुर सब

फिर पहले भवर सिंह ने रुबीना को पकड़ के किश किया और उसके कपडे निकल क्र छोड़ने लगा फिर ठाकुर और विष्णु दोनों ने एक साथ. छोड़ा फिर एक बार भंवर सींग ने छोड़ा तीनो ने आधे घंटे तक छोड़ा रुबीना बेगम को

भवर सिंह-: मज़ा आ गया इसे छोड़ क्र ये ले मेरी तरफ से भी इनाम

भर सींग ने अपनी जेब से 2000 निकले और रुबीना को दे दिए

फिर रुबीना वह से आगे चली गयी और अपने सोहर को कॉल किया कुछ टाइम में सलीम आ गया और रुबीना को बिठा के ले गया

तीनो बेथ क्र बाटे करने लगे तभी भवर सिंह का दयँ नहीं रहा और उसका पैर पास में बने गद्दे में गिर गया जिससे उसके कपडे गंदे हो गए

भवर सिंह-: ये क्या हेर मेरे तो कपडे गंदे हो गए

ठाकुर-: चलो घर चलते हे वह जा क्र चेंज क्र लेना

भवर-: में आज कपडे नहीं लाया हु मेरे कपडे मेरा बीटा कल लेके आएगा

ठाकुर-: मेरे पहन लेना चलो

फिर तीनो वह कुछ देर बेहे रहे और वह से निकल क्र तीनो घर आ गए

रत की 10 बज रही थी ठाकुर के घर में मेहमान बहुत थे आस पास के गावो के ठाकुर के परिवार वाले सब आ गए थे

ठाकुर और भवर सिंह रुबीना को छोड़ क्र घर गए तो मेहमान बैठे थे

भवर सिंह -: में आता हु ठाकुर सब आपके कमरे में कपडे चेंज करके आप चलो मुझे कपडे दे देना

ठाकुर-: है चलो

ठाकुर अपने कमरे में गया और एक ड्रेस वह लटकी थी उसे भवर सिंह को दे दी और बहार आ गया

भवर सिंह बाथरूम में गया और कपडे चेंज क्र लिए और कमरे में आ गया तभी उसे ठाकुर की जेब में कुछ दिखा

उसमे जेब से उसे निकला तो वो एक पेंटी थी


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भवर सिंह-: ठाकुर की जेब में पंतय वो भी अशी और है ये तो मेरी बेटी की पेंटी ह वही पहनती ह अशी ह मेने खिब्बर ुअटारा ह उसकी पेंटी को मेने देखा ह उसे hi पसंद हे ऐसी पेंटी मगर ठाकुर को सिमरन की पेंटी अपने जेब में रखने की जरूरत क्यों पद गयी

समझा ठाकुर को भी सिमरन पसंद आ गयी होगी

मुझे जल्दी से सिमरन से बात करना होगा

भवर सींग ने सिमरन को फोन लगाया सिमरन रीमा के पास बैठी थी रीमा का हाथ भर. रही थी उसने देखा की उसके पापा क्क कॉल आया

सिमरन-: वैशाली भाभी आप 2 मिनिट देखो में पापा का कॉल आया सायद उन्हें कुछ काम हे आती हु

वैशाली-: ठीक ह सिमरन तू जा.

फिर सिमरन बहार आयी और पापा का कॉल उतःया

सिमरन-: है पापा बोलो क्या हुआ

भवर सिंह-: कहा ह तू बेटी

सिमरन-: रीमा के कमरे में

भवर सींग-: अभी अभी तेरे कमरे में आ मिलना ह मुझे

सिमरन-: पापा पागल हो गए क्या अभी बहुत मेहमान ह किसी ने देख लिया तो दिक्कत हो जाएगी

भवर सिंह-: अरे छोड़ना नहीं ह तुजे कुछ बताना हे बहुत जरुरी हे

सिमरन-: ok आती हु रुको आशा तो नहीं आप भुला लो और चालू हो जाओ

भवर सिंगा -: नहीं बेटी तू आ जल्दी बहुत अर्जेन्ट हे

सिमरन-: आयी रुको

कुछ देर में सिमरन आयी तो भवर सिंह पहले से मौजूद था सिमरन के आते hi भवर सिंह ने गेट लगा दिया

सिमरन-: पापा आपने मन किया था कोई देख लेगा न

भवर सिंह: रुक तो सही मेरी सिम्मी कुछ बताता हु

सिमरन-: क्या बताना हे पापा

भवर सिंह-: कुछ दिनों से तेरी कुछ सामान गायब हे क्या

सिमरन-: आसा मुझे तो यद् नहीं हे पापा

भवर सिंह-: तेरे पहनने वाली चीज़

सिमरन-: कुछ सोच क्र मुझे तो यद् नहीं

भवर सिंह-: रुक में बताता हु तेरी पेंटी

सिमरन-: है मुझे मेरी एक पेंटी 3 दिन से मिल नहीं रही ह

भवर सिंह -: यही ह न

सिमरन-: है यही ह आपके पास कहा से आयी आप भी न में पूरी आपकी हु फिर भी मेरी पंतय लेके बैठे हो ये बोलने के लिए भुलाया क्या

भवर सिंह-: अरे सुन तो सही ये पेंटी मेने नहीं ली किसी और ने ली हे

सिमरन-: क्याआ किसने

भवर सिंह-: तेरे ससुर ने

सिमरन-: मतलब

भवर सिंह-: यही की जब में ये ठाकुर के कपडे पहन रहा था तो ठाकुर की जेब से मुझे ये मिली

सिमरन-: मतलब मेरे ससुर ने मेरी पंतय चुराई मगर क्यों .

भवर सिंह-: सायद वो भी तुजे छोड़ना चाहता हो

सिमरन-: नहीं पापा ने मुझे तो कभी इस नजर से नहीं देखा

भवर सिंह-: बेटी कुछ हो ये पंतय उसकी जेब से मिली मतलब उसने ली ह ान क्यों ये तुजे पता करना ह

सिमरन-: कैसे

भवर सिंह-: सुन अब तुजे अपने ससुर को पटना हे अगर वो भी तुजमे इंट्रेस्टेड हे तो फिर मज़ा आएगा उसे अपने जल में फसा और उसकी पसंद बन जा फॉर वो तुजे hi अपनी जायदाद देगा उसे अपना दीवाना बना ले

सिमरन-: अगर ऐसा ह तो अब देखो कैसे वो मेरे पीछे लट्टू होता हे

भवर सिंह-: ससुर मिलने के बाद अपने पापा को भूल मत जाना

सिमरन ये सुन क्र दौड के अपने पापा के पास आयी और उनके होतो पर किस करने लगी दोनों बाप बेटी कोई 5 मिनिट किस करने लगे


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सिमरन-; कुछ भी हो जाये में आपको कभी नहीं भूलूंगी आप मेरे सब कुछ हो पापा

भवर सिंह-: मज़ाक क्र रहा था बेटी मुझे पता हे तू मुझे कितना प्यार करती ह

सिमरन-: मगर पापा सुच में ससुर जी मुझे छोड़ना चाहते हे

भवर सिंह-: ये पेंटी उनकी जेब से मिली हे इसका मतलब तो वही होता ह फिर भी तू कुछ भी करे तो आराम से करना पहले देखा की क्या सुच में वो तेरे बारे ये सब सोचता ह फिर कुछ कदन ुतहां

Simran-:ok पापा में देखती हु पहले फिर कुछ करती हु अगर ये सुच हे तो फिर मुझे इस घर की मालकिन बनने से कोई नहीं रोक सकता

भवर सिंह ने सिमरन का हाथ पकड़ लिया और दोनों हंसने लगे बाप बेटी

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सिमरन-: ठीक ह पापा अब में जाती हु कोई आ गया तो दिक्कत हो जाएगी

भवर सिंह-: एक बार छूट तो देदे बेटी

सिमरन-: कल मेहमान चले जाये फिर देती हु अच्छे से

भवर सिंह-: ठीक ान में जाता हु

सिमरन-: हम

फिर दोनों बाप बेरी वह से निकल क्र अपने अपने काम में लग गए ..........

(((यहाँ आपको बता दू की ये पंतय ठाकुर की जेब में कजरी ने रखी थी अपडेट 81 में देख लेना उसका मकसद ये नहीं था मगर अब देखते हे क्या होता ह))
 
अपडेट 87

इधर बाप बेटी अलग गेम खेल रहे थे उधर नीता चहकी और निशा पता नहीं क्या गेम खेल रही ह इधर देविका के मन में भी कुछ चल रहा ह इधर सोनाली भी अब लाइन लड़ आने लगी ह और पारो कोण ह ये जो विभु को बार बार मस्सगे करती ह और वो औरत कोण थी जो मनीषा भाभी ने भेजा था विभु के पास ये सब राज धीरे धीरे खुलेंगे

इधर अपना हीरो रत भर सोता रहा और उसके पड़ोस में उसकी हेरोइन पूजा उसकी तो पता hi नहीं की उसका हीरो आ गया वार्ना वो तो सोच के बेटी थी की विभु के आते hi दूसरी चुदाई करवा लेगी

इधर नव्या दी पूनम दी और प्रिय दी भी मन hi मन सोच सकीय थी की सधी के पहले कैसे भी करके विभु से सील तुड़वाना हे इसके लिए कुछ भी क़ुरबानी देनी पड़े आगे देखते हे क्या मज़ा आता हे

इधर विभु सुबह उठ कर तैयार हो क्र खेत पर चला गया उसे वह अपने दोनों काम करने वाले मिल गए

विभु-: काका वो में सोच रहा था की काम ज्यादा हे तो क्यों नहीं आप दोनों अपनी फेमेली वालो को भी लाया करो काम के लिए

हरिया काका-: है बीटा अब से लाएंगे

में-: है में उनको जिस दिन वो आएंगे में मजदूरी दे दूंगा आप मुझे बता दो

काका-: वो बीटा दिलीप बाबू कहा हे

में-: वो अभी पापा के पास हे वह फेक्ट्री का काम हो रहा ह वह

काका-: ोकक

में-: और सब काम बढ़िया चल रहा ह न

काका-: है सब बढ़िया हे आज आम के बैग में पानी देना ह और पास में ऑरेंज और अंगूर के बैग के लिए भी जगह तैयार करना ह

में-: ोकक तो आप मजदुर क्र लेना और काम करवा देना बाकि मुझे बता देना

हरिया काका-: बीटा वो एक बात बताना था तुजे

में-: है बोलो

हरिया काका-: वो ठाकुर का छोटा बीटा क्या नाम हे उसका

में-: जशवंत सिंह

काका-: है वो 2 दिन हो गए इधर आता हे और देख क्र चला जाता हे

में-: क्याआ इधर पर क्यों और क्या देखता ह वो

काका-: वो आम के बैग में आता हे और कुछ ढूंढता हे

में-: ok अब आये तो मुझे इस no. पर कॉल क्र देना आप

काका-: है जरूर

में-: और अपना दयँ एखन आप

काका-: वो खतरनाक लोग ह तू अपना दयँ रखना

में-: अपने उनसे क्या लेना देना

काका-: है बीटा


में-: वैसे काका आपके पिताजी तो वही काम करते थे न ठाकुर के वह

काका-: है करते थे उनके खेत वही सँभालते थे

में-: अब बंद क्यों हो गए

काका-: उन्हें लकवा मर गया तो अब घर hi रहते हे

में-: ोकक

फिर में वह से आम के बैग में आया

में-: क्या देखने आता ह वो मादरचोद यहाँ

मेने देखने की कोसिस की मगर कुछ मिला नहीं तो में मन मार्के जाने लगा वह से निकल क्र घर आ गया


(इधर आज ठाकुर की बड़ी बेटी की सगाई थी तो वह आज छूटो और लाँडो का मेला लगा रहा था सब एक से बाद कर एक तैयार हुई थी और देखते hi देकते सगाई हो गयी)

दोस्रो विष्णु इससे अपने को कुछ लेना देना नहीं ह इस लिए ज्यादा नहीं लिखा जो कहानी के िलए सही होगा वो लिखा जायेगा

इधर काका ने जशवंत सिंह को कॉल किया

जशवंत सिंह-: है बोलो

विष्णु काका-: मिला वो लिफाफा

जसवंत -: नहीं में दो दिन से ढूंढ रहा हु कही नहीं मिला ह पुरे जंगल को छान मारा जहा जहा गया सब जगह देख ली मुझे कही नहीं मिला

विष्णु-: पागल हे क्या अगर वो नहीं मिला तो लाखो का मॉल कैसे मिलेगा

जसवंत -: में कोसिस क्र रहा हु मेने अपने आदमी पुरे जंगल में लगा दिए हे वो देख रहे ह कही न कही तो मिलेगा

विष्णु-: ठीक ह ठौर सब को बोलना वो उससे बात क्र के फिर से पता करे की वो मॉल कहा रखा ह

जशवंत-: है अगर ये लिफाफा नहीं मिला तो उससे hi पूछना पड़ेगा

विष्णु-: ठीक ह देख अब

विष्णु काका बे कॉल कट कियावोर टेंशन में बेथ गया

देविका-: क्या हुआ

विष्णु-: कुछ नहीं वो एक लिफाफा नहीं मिल रहा .देवीका-: कहा रखा था

विष्णु काका-: वो मेरे पास नहीं जशवंत सिंह के पास था उससे कही खो गया


-

देविका: आपको कितनी बार बोलै ह ठाकुर और उनसे दूर रहा करो

विष्णु-: अपने बहुत काम आएंगे वो अपने दुश्मन की जमीं जायदाद लेने में

देविका-: वो तो वैसे भी अपनी हे तो मिल जाएगी मगर ठाकुर
उसके साथ रहकर कैसे

विष्णु-: मेने तुजे पहले बताया था की ठाकुर को लगता ह की विमल पटेल और विनय उससे भी आगे निअक्ल जायेंगे उनको रोकने के लिए और माया और नीता को भी वो पसंद करता हे उनको पाने के लिए वो कुछ भी करेगा अगर वो कुछ करेगा तो उसमे हमारा भी फायदा हे न

देविका-: है माया और नीता से तो मुझे भी बदला लेना हे उसके लिए में भी कुछ क्र रही हु

विष्णु-: वो क्या

देविका-: बादमे बताती हु एक बड़ा गेम हे

विष्णु-: कुछ हेल्प चाहिए तो मुझे जरूर बताना

देविका -: है और आपको कुछ मेरी मदद चाहिए तो भी. बताना

विष्णु-: क्या क्र सकती हो तुम

देविका-: बोल के देखना कुछ भी


विष्णु-: ोकक जब जरुरत पड़ेगी जरूर बताऊंगा

देविका-: वैसे उस लिफाफे में क्या था

विष्णु-: अरे उसमे कुछ मॉल हे कहि रखा ह उसका पता था

devika-:okk चलो खाना कहते हे

विष्णु-: यही लेक अपने हाथो से खिला दे

देविका-: जी हुजूर

फिर देविका बहार गयी और अपनी बहु अनीता से खाना लिया और कमरे में आ गयी

देविका-: ये लो

विष्णु-: खिला न मेरी देविका

फिर देविका ने विष्णु को खाना खिलाया दोनों बहुत प्यार से खाया और फिर विष्णु वह से निकल क्र ठाकुर से मिलने चला गया

देविका-:( अब आएगा मज़ा ) और देविका जोर से हांसे लगी ))))

फिर देविका ने किसी को कॉल किया

देविका-: है सुन तू कब आ रही ह .

औरत-: में कल आ जाउंगी

देविका-: है तेरे बिना कुछ अच्छा नहीं लग रहा बहन

औरत-: मुझे भी वैसे तेरा काम कहा तक पंहुचा

देविका-: धीरे धीरे होगा न सब मेरी बछिया किसी हे

औरत-: ठीक ह यही ह मेरे पास

देविका-: दयँ रखना उनका

औरत-: खुद की भी जान से जयदा

.देविका-: ठीक ह में रखती हु विभु के पास जाउंगी आज

orat-:thik ह अपना दयँ रखना उस दरिंदे से

देविका-: है जरूर उस दिन बहुत बुरी हालत की थी वो तो तेरी दवाई ने दर्द काम होने दिया वार्ना मर जाती

औरत-: और वो मंजू को मांग रहा ह उसका क्या सोचा

देविका-: है उसका कुछ समझ नहीं आ रहा ह क्या करू

औरत-: वो लड़की ह न बुलबुल इसे दे दे वैसे वो कब काम आएगी

देविका-: वो तो मेरा मोहरा ह उसके जरिये तो बहुत बड़ा गेम खेलना ह

औरत -: कुछ भी करे अपना दयँ रखना तू

देविका-: है जरूर

औरत-: क्या सुच में माया को तू नहीं छोड़ेगी

देविका-: कैसे चोर दू माया ने मेरा प्यार चीन फिर मेरा मजाक भी उदय

औरत-: ोकक में साथ हु तेरे कुछ काम हो तो बोलना

देविका-: वैसे माया ह कहा

औरत-: वो अपने मायके गयी ह आज hi बात हुई ह उससे

देविका-: चल बी अब रखती हु

फिर देविका ने कॉल कट किया और माजू के पास चली गयी

देविका-: मंजू क्या क्र रही ह तू

मंजू-: कुछ नहीं दीदी वो कपडे धोने थे तो जा रही हु .

देविका-: सुन आज मेरे साथ खेत पर चलना

मंजू-: ठीक ह दीदी फ्री हो केलर आती हु

देविका-: मेरे घर आ जाना

मंजू-: ठीक ह दी

फिर देविका वह से निकल गयी

devika(ise बोल तो दिया मगर वह के जा के करुँगी क्या कैसे मनौ इसे कुछ समझ नहीं आ रहा और वो तो आज मांगेगा चलो कुछ करुँगी वह जेक )


घर आ क्र विभु ने देखा दूध आज भी नहीं हे तो विभु सलोनी भाभी को कॉल किया मगर सलोनी भाभी ने कॉल उतःया नहीं

विभु तै के घर गया वह जेक देखा तो हल में कोई नहीं था विभु रसोई में चला गया वह जेक देखा तो कोई रसोई ने काम कर रहा था में पीछे से देख रहा था


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वो चेतना भाभी थी क्योकि सलोनी भाभी तो छोटी साइज की हे और ये लम्बी थी मेने देखा की इसका जिस्म भी भरा हुआ हे मुझे इनकी पूरी कमर दिख रही थी चेतना भाभी ने ब्लाउज hi आशा पहना था

में-: भाभी

चेतना भाभी पीछे मुड़ी

चेतना+: है विभु आप आओ न क्या हुआ

में-: भाभी वो चाय पीना था तो आ गया

चेतना भाभी-: रुको में बनती हु

में-: सब कहा ह भाभी

चेतना-: वो पीछे तबेला बन रहा ह वह ह सब

में-: ok में भी जाता हु चाय पि क्र

चेतना-: है और क्या हल ह आपके

में-: बस बढ़िया हे आप किसी हो

चेतना-: देख लो एक डैम मस्त

में-: है वो मस्त hi दिख रही हो

चेतना भाभी-: में तो मस्त hi रहती हु न गन न टेंशन बस मस्त ये लो चाय हम गयी

फिर मेने चाय पि क्र कप वह रखा और निकल गया तभी विभु के मन की आवाज आय

मन -: भाई हे तो ये भी मस्त ितों देखा नहीं किसी कमर दिख रही थी

में-: है हे तो सही मगर ये सरीफ हे ज्यादा नहीं बोलती ह

मन-: बोलेगी बोलेगी एक बार निचे लेके aaaaaaaaaa maaaaaaaaaa मररीररररररर gayiiiiiiiiiiiii बोलेगी

में-: तू पागल ह

मन-: भाई लुंड का भी कुछ क्र 4 दिन हो गए हे उसे भी छूट चाइये

में-: आज कुछ करता हु

मन-: वैसे मेरी एक बात मानेगा

में-: है बोल

मन-: किसी कुंवारी काली को छोड़ने का मन क्र रहा ह यरररर

me-:ab वो कहा से लौ

मन-: देख यरररर कही से भी ला

में-: चल देख करता हु मगर आज तो पुराणी से hi काम चलन पड़ेगा

मन-: है आज तो कोई भी मिल जाये चलेगा

me-:chal ठीक अब

man-:bhai रेखा भाभी के पास जाना हे उसको माकन दिलाना हे और उसे यहाँ लाना हे जिससे

में-: यंहा ीरर्र में भूल गया था आज जाता हु

इधर में बहार बैठा था की मुझे बहार पूजा दिख गयी वो अपने घर पर झाड़ू लगा रही थी में -: मिस कैटरीना

पूजा-: ओह्ह्ह विभु आप कब आये आप

में-: कल आ गया

पूजा-: क्या कल और मुझे अब मिले

में-: पागल में कल आ क्र सबसे पहले तूने hi देखने गया था ऊपर मगर तू नहीं मिली


पूजा-: खाना खा लिया

में-: नहीं

पूजा-: रुको में देती हु

में-: रहन्दे दे मनीषा भाभी के वह जाऊंगा उन्होंने बोलै ह .

पूजा-: ok रत का खाना मेरे यहाँ

में-: नहीं जान तू कल सुबह खिलाना

पूजा-: मगर आज रत को में आउंगी 11 बजे .में-: तेरे घर वाले

पूजा-: पापा आज कही जा रहे ह भैया और भाभी उनके मायके गए हे माँ हे अकेली वो सो जाती ह तो सुबह उठती ह में आ जाउंगी

में-: ok आज को रत मेरी जान की बहो में

पूजा- -: हम्म और शर्मा के चली गयी अंदर

में-: अब में सहर जा क्र आता हु ये सब काम करके आगे क्या करना ह रेखा को भुला क्र अब उस पर भी दयँ देना ह

मन की आवाज-: भाई आज मेरी सबसे प्यारी छूट मिलेगी

में-: मतलब

मन की आवाज-: पूजा

में-: वो तो मेरी भी फेवरौत हे

मन की आवाज-: आराम से करना उसके साथ वो सबसे प्यारी ह

में-: मुझे पता ह वो मेरे लिए जान भी देदे चल अब मुझे खाना खाने जाना ह भाभी के वह

फिर में वह से सीधा बड़े पापा के घर चला गया वह जाने से पहले मेने सबसे पहले एक बात सोच के गया की कुछ भी हो जाये प्रिय दी की गांड को नहीं देखना ह कुछ भी हो जाये नहीं तो खड़ा लुंड लेके घूमना पड़ेगा मुझे

में घर में गया तो प्रिय दी और पूनम दी हल में टीवी देखते हुवे मिल गयी में उनके पास जाते बेथ गया

priya-:(aa गया मेरा हीरो) आ गए विभु

में-: नहीं मेरा बहुत आया ह .

पूनम-: वैसे तो तू बहुत hi ह

में-: है कभी इस बहुत ने डराया क्या आपको

पूनम-:( है सपनो में आता ह ये बहुत) नहीं पर क्या भरोसा तेरा .

में-: कभी तो डरायेगा ये बहुत आपको उस दिन रट रहना

पूनम-: जेखा जायेगा

प्रिय-: तू बेथ में खाना लगते हु

में-: (ये उठी मतलब इसकी गांड दिखी इसको यही बताना पड़ेगा) में रुको आप मेरे पास hi. बैठो पूनम दी आप लगाओ खाना आज

पूनम-: है है ये तो तेरी प्यारी बहन ह हम कोण ह हम hi लगा देते हे

में-: आशा कुछ नहीं ह मेरी पूनम दी

पूनम-: पता ह मुझे सब

फिर पूनम दी चली गयी

प्रिय-: दी को नाराज कर दिया में hi चली जाती हु

में-: नहीं आप बैठो न मेरे पास मुझे आपकी गॉड में सोना ह

प्रिय-: पागल था कोई देख लेगा

में-: तो चलो आपके रूम में

प्रिय -: पागल ह तू

में-: आपके लिए

प्रिय-:( सुच में) रहन्दे दे मस्का मत लगा

इतने में पूनम दी ने खाना लग दिया और में खाना खाने लगा

में-: भाभी कहा ह दिख नहीं रही .

प्रिय-: खाना बना रही ह

में-: ोककक दी

में-: आपको पता ह दी एक दी मुझसे नाराज हो गयी

प्रिय-: कोण

में-: हे यही बैठी ह मुझे खाना भी नहीं खिला सकती

पूनम-: ज्यादा मत बोल और चुपचाप खा

में-: देखा प्रिय दी कैसे बोल रही ह.

प्रिय हंसने लगी और पूनम भी हसने लगी

बातो बातो में खाना खा लिया में वह से सीधा रसोई में गया मुझे पता था सब बहार हे मेने जयदा हरकत नहीं की और सीधा भाभी के पास चला गया

में-: मेरी जान क्या क्र रही हो

भाभी-: खाना मेरे पति के लिए

में-: मेने तो खा लिया

म भाभी-: पता ह

में-: जान किश दो न

म भ्बहि-: पागल हो क्या दोनों महारानी बहार ह

में-: तो क्या हुआ देदो न

भाभी मेरी तरफ पलटी और मुझे बेलन बताने लगी


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में -: अपने पति को मरोगी

म भाभी-: परेशान करोगे तो मरूंगी

में-: फिर में भी मेरे मोठे बेलन से बहुत मरूंगा

ंभाभी-: गंदे जाओ यहाँ से

में-: दे दो न

इतने में पूनम दी आ गयी अंदर

पूनम दी -: क्या मांग रहा ह भाभी ये

म भाभी: (किश चाहिए इनको आप देदो) जा विभु पूनम दे देगी तुजे

विभु-: (मज़े लेता हु) क्या पूनम दी आप डौगी क्या मुझे

पूनम-: मेरे पास होगा तो जरूर दूंगी मेरे भाई को

म भाभी-: जा अब तो ये भी दे देगी लेले इससे मेरा पीछा चोर

पूनम-: क्या चाहिए ये तो बता

म भाभी-: ( बात को घूमना पड़ेगा)

म भाभी-: वो इसे 1000 रूपए चाइये

पूनम-: ओह्ह्ह रुक में लती हु बन्दर

में-: ok लाओ आपने तो नहीं दिए न भाभी

म भाभी-: मेने बोलै रुक थोड़ी देर देती हु तुजे तो अभी चाहिए

में-: कोई नहीं अब देखो जब लूंगा तो ाशे लूंगा की यद् रखगो


पूनम-: में लेके आती हु

फिर पूनम चली गयी

में-: भाभी आपने पैसे का क्यों बोलै

म भाभी-: अरे वो समझ जाती तो मेने बात घुमा दी

में+: ओह्ह्ह्हह्ह

म bhabhi-:vese जा क्र किश भी लेके मन नहीं करेगी ये

में-: है जरूर लूंगा अगर मन नहीं करेगी तो

म भाभी-: केवल किश की और कुछ भी लेगा

में-: बाकि तो आप डौगी और वो औरत कोण थी मेरी जान

भाभी-: सोच मेरे पड़ोस में अशी कोण ह जिसके अभी 8 मंथ का बच्चा ह जिसके दूध आता ह

में-: कोण हो सकती ह

म भाभी-: देखना और पता क्र लेना और है उसे ये पता नहीं ह की तू ह मेने बोलै की गांव का कोई लड़का ह जिससे में प्यार करती हु

में-: ok में दयँ रखूंगा वैसे कब दिलवा रही हो उसकी

भाभी-: अभी रुको 3-4 दिन

में-: ोकक जल्दी करना उसको भी तो असली लुंड का मज़ा दिलाता हु

म भाभी-: पहले पता तो करो की कोण ह वो

में-: शाम तक पता करता हु

म Bhabhi-:aaj एक राउंड हो जाये शाम को

me-:(aaaj तो पूजा के साथ करना ह वो मेरी जान को आज खुस करना हे ) में आज तो में नहीं आ पाउँगा है कल जरूर आपकी खुजली मिटाता हु


म भाभी-: है खुजली कुछ ज्यादा hi हो रही ह

में-: तो भैया को भुला लो

म भाभी-: उनसे ये खुजली नहीं मिटेगी

में-: फिर तो कल तक का वेट करो

इतने पूनम पैसे लेके आ गयी मेने उससे 1000 रूपए लिया

में-: दी इसका अहसान कभी न कभी चूका दूंगा

पूनम-: फालतू मत बोल और जा अपना काम क्र मुझे नहीं चाहिए

में-: ठीक ह मेरी प्यारी दीदी

और मेने पूनम को गले लगा लिया


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पूनम दी ने मुझे कास के पकड़ लिया 1 मिनिट तक हम ाशे hi रहे

भाभी-:. (खास कर) में हु यहाँ रूम में चले जाओ

हम दोनों अलग हो गए

पूनम-: भाभी आप भी न

भ्बहि-: गलत क्या बोलै मेने

में-: कुछ गलत नहीं बोलै अब में जाता हु

फिर में वह से निकल गया

पूनम-: आप क्या बोलती हो वो कुछ समझ जाता तो

म भाभी-: तो क्या लेजा रूम में यहाँ कोई आ जाता वह कोई नहीं देखता

पपौणम-: आप भी न

ये बोल क्र वो निकल गयी अपने रूम में और में वह से निकल गया

तभी मुझे बहार माला मिल गयी उसके पास एक बच्चा था

(माला अजय की गफ जिसका घर मनीषा भाभी के घर के सामने हे जिस माला को विभु ने बस में पीछे से लुंड छूट पर रगड़ था गलती से अपडेट 10 में पद लो और अगर फिर भी समजह न आये तो आपसे रिक्वेस्ट हे की कहानी एक बार शार्ट में रीड करलो जिससे आपको अच्छे समज आ जाएगी )

में-: माला किसी हो

माला-: ठीक हु आप कैसे हो

में-: बढ़िया हु तू तो बोलती hi नहीं अब

माला-: (क्या बोलू उस दिन के बाद दिल दे बैठी हु में आपको) बोलती hi हु में आपको hi टाइम नहीं मिलता -: ओह्ह वैसे ये बच्ची कोण ह

माला-: मेरे भैया की लड़की ह

में-: पहले तो कभी नहीं दिखी

माला-: वो मेरी भाभी को डिलीवरी पर भेजा था न इनके मायके अभी लगे हे 1 महीना हुआ

में-: और आपकी भाभी का मीका कहा ह

माला-: जहा मनीषा भाभी का मीका ह वह

में-:( बस मतलब वो औरत माला की भाभी थी ) अच्छा मस्त बेबी हे

माला-: आज वापस जा रही ह ये इसके मां के वह

में-: क्यों अभी तो आयी ये

माला-: वो इसके मां के वह कुछ ह 2 दिन में आ जाएगी

में-: चल ठीक अपना दयँ रखना मुझे काम हे

माला-: आप भी अपना दयँ रखना

फिर में वह से अपनी बुलेट लेके निकल गया सहर

में-: इसका मतलब शालू भाभी थी अंदर उस दिन

फिर मेने मनीषा भाभी को मस्सगे किया

में-: मेरी जान उस दिन और कोई नहीं आपकी सहेली शालू भाभी थी

फिर मेने बाइक डोडा दी सहर की और कुछ टाइम में में सहर आ गया वह जेक सबसे पहले में हॉस्पिटल गया सबसे मिला

में-: कैसे हो भैया अब आप

बलराम भैया-: है अब ठीक हु थोड़ा दर्द हे मगर पहले से आराम हे

में-: हो जायेगा आपको आराम

रेखा भाभी-: विभु वो घर देखा आपने

में-: नहीं चलो अभी देख क्र आते हे

रेखा भाभी-: पीहू अपने भैया का ख्याल रखहना में अभी आती हु आज hi सिफत हो जाते हे

फॉर हम दोनों वह से सहर में निकल गए मेने एक नई कॉलोनी में माकन देखा वह मुझे किराये से माकन मिल गया 4000 रूपए मंथ के हिसाब से हमें माकन मिल गया उस माकन में 1 रूम 1 किचन और एक हॉल था हल में hi लेट बाथ का और ऊपर छत था

में-: रेखा भाभी ये माकन ठीक ह न

रेखा भाभी-: है बढ़िया हे मगर यहाँ सामान कुछ नहीं ह

में-: है सामान खारिधना पड़ेगा

रेखा भाभी-: एक काम करो ये लो चाभी गांव वाले घर से सारा सामान पंहुचा देना यहाँ

में-: ok में आज शाम को पंहुचा दूंगा

फिर हम दोनों में वह अपना टाला लगवा दिया और में रेखा भाभी को हॉस्पिटल चोर क्र सहर में एक पिकप की उनको चाभी दे दी और बोल दिया की मेरे पीछे आओ और में जिस घर का बोलू वह का सामान निकल लेना सब कोई पूछे तो बोल देना पुलिस वालो ने बोलै ह

फिर हम सब वह से आ गए गांव आ क्र उन्होंने सारा सामान भर लिया फिर में आगे हो गया और पिकप मेरे पीछे हम सहर आ गए मेने हॉस्पिटल से रेखा भाभी को भी बिठा लिया और सामान उन्ही लोगो से सही जगह जमवा लिया ुनओने 2000 रूपए मांगे तो मेने दे दिए और हम हॉस्पिटल गया वह जेक भैया के डिस्चार्ज कागज बनवा क्र बिल भर के नई घर में ले गए वह जेक सिफत क्र दिया सबको

बलराम भैया-: तुम्हारा ये अहसान कैसे चुकाएंगे हम

में-: कोई नहीं भैया सब पैसा आपका hi ह मेने आपके घर में जो धन रखा था उसे बेच दिया ह (मेने झूट बोलो और ये बात रेखा बहभी और पीहू को पता थी)

रेखा भाभी-: सब चोरो और अब हम थी रहेंगे जब तक सब ठीक नहीं हो जाता

में-: है

पीहू-: वैसे आप कब जा रही सिलाई सिखने

में- इनको अभी यही रहना ह जब भैया ठोस ठीक हो जाये तो चली जाना

रेखा भाभी-: है ये ठीक रहेगा

में-: अच्छा में चकता हु ये लो 60000 रूपए कुछ काम पड़ेगा और मोबाइल तो मेने आपको दिलवा दिए हे सबको ये मेरे no. आप सब लेलो कुछ दिक्कत हो तो कॉल क्र देना और बहार जाओ तो मुँह बांध क्र जाना

रेखा भाभी-: है यही करेंगे

फिर में वह से बी बोलकर निकल गया

में-: चलो ये अच्छा हुआ 10 दिन बाद रेखा भाभी को यहाँ लेके आ जाऊंगा और फिर स्टार होगा महाभारत

में वह से निकल क्र घर आ गया टाइम देखा तो 5 बज चुकी थी घर आ कर थोड़ी देर सो गया ..
 
अपडेट- 88

विभु घर आ क्र सो गया इधर ठाकुर के घर पर आज हेमा की सगाई थी तो सब मेहमान सगाई के बाद जा चुके थे ठकुराइन भी अपने कमरे में बैठी थी उसने कजरी को भुलाया

कजरी-: है मालकिन आपने भुलाया

ठकुराइन-: वो अपने काम का क्या हुआ फिर मिली उससे

कजरी-: नहीं उसके बाद तो वो अपने मां के वह चला गया था न

ठकुराइन-: है आने के बाद उससे मिल और चुदाई करवा अपनी

कजरी-: पर मालकिन आप मुझसे ये सब क्यों करवा रही हो

टी हकुरैन- वो मुझे उससे एक काम ह वो में तुजे बादमे बताउंगी

कजरी-: वैसे आप बता सकती हो मुझपर विश्वाश क्र सकती हो

ठकुराइन- : है में बता दूंगी तुजे ये बड़ा मोबाइल लेले आज से तेरा और है अगली बार मिले न तो वीडियो बना लेना

कजरी-: न बाबा न आप ये वीडियो क्यों बना रही किसी ने देख लिया तो में बदनाम हो जाउंगी

ठकुराइन- नहीं में किसी को नहीं बताउंगी

कजरी- में विडिओ नहीं बनाउंगी चाहे आप कुछ भी करलो

ठकुराइन- ( इसको क्या बोलू ). अरे पागल देख मेने सुना ह की उसका लुंड बड़ा ह और तूने भी देखा ह तो में उससे छुड़वाना चाहती हु अब ाशे तो बोल नहीं सकती की आजा छोड़ दे में ठकुराइन हु न तो में उसे वीडियो बना क्र ब्लैकमेल करूंगी जिससे वो किसी तो मेरे क्र तेरे बारे में नहीं बताएगा

कजरी- अच्छा ये बात ह क्या

टी Hakurain-ha ये बात ही

कजरी-:( फिर तो हमारा भी मकसद पूरा हो जायेगा ) ok फिर तो उसे आने दो अबकी बार वीडियो बना लुंगी

ठकुराइन-: आज आज तो मेरी प्यास भुजा दे

ठकुराइन ने कजरी को पकड़ क्र किश किया और फिर दोनों ने एक दूसरे को ठंडा किया

कजरी-:( ये तो कुछ ज्यादा hi प्यासी ह इसकी साडी खुजली तो मेरा विभु मिटाएगा) अब में चलती हु घर दो दिन हो गए घर गए ने

कजरी वह से बाथरूम में गयी क्र खुद को ठीक किया फिर वह से निकल क्र निचे आयी जहा उस पर ठाकुर और उसके पास बैठे भवर सिंह की निगाह गयी कजरी बहार जा चुकी थी

बावर सिंह-: ठकुर सब ये कड़क मॉल कोण ह

ठाकुर-: ये कजरी ह ठकुराइन की प्राइवेट नौकरानी ह

भवर सिंह-: इसको दिलवा दो न

ठाकुर-; पागल मत बन अगर ठकुराइन को पता चल गया न तो हम दोनों को कच्चा चबा जाएगी मेने एक बार तरय किया था मगर फिर ठकुराइन ने मुझे समझा दिया की आज के बाद देखा तो लुंड काट डालूंगी

भवर सिंह-: कुछ भी कहो मॉल तो कड़क ह

ठाकुर-: भूल जा इसे तो

भवर सिंह-: ( कैसे भूल जाऊ एक बार तो जरूर लूंगा इसकी ) ठीक ह अब आपका आर्डर हे तो भूलना hi पड़ेगा

ठाकुर-: चलो बहार गर्डर में घूमते हे

फिर दोनों वह से निकल क्र गार्डन में आ गए

तभी वह ठाकुर का छोटा लड़का जशवंत आया

जशवंत -: पापा वो कैरेबियन का लिफाफा घूम गया ह

ठाकुर-: क्याआआआ बस एक काम सही से नहीं होता ह तुझसे

जशवंत-: पापा में क्या करू में तो वह से लाया था घर आके देखा तो वो रस्ते में कही गिर गया

ठाकुर-: अगर वो खो गया तो 600 करोड़ हाथ से चला जायेगा उसमे उस मॉल का ाड्र्स हे जहा 600 करोड़ रूपए पड़े हे

जशवंत-: आप कैरेबियन को फोन लगा क्र फोर्स पूछ लो न

ठाकुर-: उनके पास भी यही था अब उनको भी पता नहीं ह और ऊपर से उनको 300 करोड़ देना ह 50-50 में बात हुई थी

जशवंत-: आप चीन मत करो में दूध निकलू गए उस को

फिर जशवंत वह से चला गया और भवर सिंह सोचने लगा की ये कोनसे पैसे की बात क्र रहे थे

भवर सिंह-: ठाकुर सब कोनसे पैसे

ठाकुर-: वो इस जंगल में कही खजाना हे 600 करोड़ का अब कहा ह वो उस लिफाफा में नक्शा बना था उसमे पूरा पता था और इस बेवकूफ ने पता नहीं कहा घुमा दिया ..

भवर सिंह - धुनःदो मिल जयेगा वो

फिर दोनों वही गार्डन में घूमने लगे और जशवंत अपने दोस्तों के साथ फिर ढूढ़ने निकल गया

इधर पूनम दी आज विभु ने उसे गले लगाया था यही सोच सोच क्र उसके दिल में घंटिया बज रही थी

पूनम-: आज मेरे हीरो में मुझे गले लगाया जल्द hi मेरी बहो में मेरा बांके हो जायेगा वो में सिर्फ उसकी हु मेरे राजा की विभु की

इधर देविका ने अपनी देवरानी मंजू को आज खेत पर चलने का बोलै था दोनों वह से निकल के खेत पर आ गए

देविका-: और बता मंजू तेरी लाइफ किसी चल रही ह

मंजू-: बढ़िया चल रही ह

देविका-: करू तेरा दयँ रख रहा ह की नहीं

मंजू-; है. दीदी

देविका-: सुच बता तेरे चेहरे से तो लगता नहीं की वो तेरा दयँ रखता ह अच्छे वे

मंजू-: अब क्या बताऊ दीदी वो आज कल मेरी तरफ ज्यादा दयँ नहीं देते हे घर से बहार hi रहते हे और रत को आ क्र सो जाते हे

देविका-: मतलब मेरी देवरानी तड़प रही ह प्यासी ह .

मंजू-: आप भी न दीदी कुछ भी बोलती हो

दोनों सब्जी तोड़ने लगी तोड़ते हुवे देविका के हाथ में एक अच्छा लम्बा और मोटा बेंगन हाथ में आ गया वो उसे घर के देखने लगी और हाथ में लेके हिलने लगी

उसकी देवरानी मंजू उसे घर के देख रही थी थी

देविका-: क्या देख रही ह इतना मोटा लुंड होता तो कितना मजा आता

मंजू-: क्या बोलती hi दीदी आप

देविका-: देख मंजू हम दोनों औरत ह और जैसा हल तेरा ह वैसा मेरा भी मुझे भी चुदाई किये ने 3 महीने हो गए

मंजू-: सुच दीदी जेठ जी अब आपको भी नहीं करते हे क्या

देविका-: नहीं अब उनका खड़ा नहीं होता ह होता ह भी तो अंदर डेल इतने झाड़ जाता ह

मंजू-: दी आशा क्यों ह हम. प्यासी क्यों रह जाती ह

देविका-: वो तो हमारी किस्मत में लिखा ह

फिर देविका को क्या समझ आया की मंजू का हाथ पकड़ क्र खेत पर बने एक कमरे में ले गयी

मंजू-: क्या हुआ दी

देविका-: एक बात बता मुझे. तुजे ऐसे लुंड से छोड़ना हे जिसका लुंड इस बेंगन से भी बड़ा हे और वो 1 घंटे तक छोड़ता हो

मंजू-: आशा थोड़ी होता ह दीदी इतना बड़ा नहीं होता ह और 1 घंटा किसे कहते हे

देविका-: मेने देखा ह इतना बड़ा लुंड

मंजू-: कहा और किसका

देविका-: बता दूंगी पर पहले बता छोड़ना हे या नहीं तेरी बरसो की प्यास भुज जाएगी

मंजू-: क्या आपने लिया ह वो

देविका-: नहीं बस देखा ह उसे छोड़ते हुवे वो वो उसका लुंड हे जिसको हम सायद ले नहीं पाएंगे

मंजू-: आशा कोण ह दी

देविका-: वो अपने परिवार का विभु हे न उसका

मंजू-: क्या उस चुटीऐई कहा

देविका-: हाआआ

मंजू-: मगर आपने कहा देख लिया

devika-(jhut) वो उस दिन में जंगल में गयी थी ाशे hi घूमते हुवे वह बने खण्डार हे न

मंजू-: है मेने भी देखा ह वो

देविका-: है उस खण्डार में कसीस औरत के चिनले की आवाज आ रही थी में समझ गयी की कोई चुद रही ह अंदर मगर इतनी आवाज क्यों क्र रही ह छोड़ने टाइम में देखने अंदर गयी धीरे से तो विभु था वह और एक औरत थी जिसे में पहचान नहीं पायी उसे वो छोड़ रहा था और जैसे hi मेरी नजर उसके लुंड पर गयी मेरी तो साँस hi अटक गयी इतना बड़ा भी होता ह क्या वो औरत बहुत मज़े ले रही थी मुझे देखते देखते 45 मिनिट हो गए उसने उस औरत को अलग अलग पोजीशन में छोड़ा मगर जड़ने के नाम hi नहीं ले रहा था औरत की तो हालत ख़राब हो गयी थी पर उसे देख क्र लग रहा था उसे बहुत मज़ा आया होगा

मंजू ये सुनकर शर्मा गयी देविका भी उसका हाथ पकड़ लिया

देविका-; फिर में रोज जेक देखने लगी कभी कभी आते हे वो और जोरदार चुदाई करते ह मेरी तो कभी कभी इच्छा होती ह की जेक उसके सामने टंगे खोल दू

मंजू-: सुच दी

देविका-: है कल चलना मेरे साथ में तुजे बताती हु

मंजू-: आज नहीं होंगे वो

देविका-:( में उसे बोलूंगी तब होगा न) नहीं वो जल्दी आते हे कल थोड़ा जल्दी चलेंगे

मंजू-: ठीक ह कल में जल्दी काम ख़तम क्र लुंगी

फिर दोनों अपनी गीली छूट लेके उन्होंने जो सब्जी तोड़ी थी वो लेके घर आ गयी

घर आ कर देविका सोचने लगी

देविका-:( बस इसको एक बार उसकी चुदाई बता दू फिर तो इसको कैसे भी करके चुदाई के लिए तैयार क्र लुंगी )

इधर विभु की नींद 6.30 बजे खुली वो उठा और बाथरूम में जाकर फ्रेश होने चला गया फ्रेश हो क्र आया और रसोई में गया वह जेक देखा तो कुछ खाने का नहीं था उसने काजू बादाम रखे थे वो निकले और खाने लगा फिर उसे यद् आया की सलोनी भाभी को कॉल करके चाय का बोल देता हु

फिर उसने सलोनी भाभी को कॉल किया भाभी ने कॉल उतःया

सलोनी भाभी--: है देवर जी बोलो

में-: भाभी वो चाय

सलोनी-: आ जाओ बना देती हु मेरा काम भी हो गया सब

में-: भाभी ऊपर लेके आ जाओ न

सलोनी-: ओह्ह क्या बात ह आज कल मुझे ऊपर भुलाने लगे हो इरादे सही नहीं लगते जनाब के

में-: भाभी आप भी न आशा कुछ नहीं आ रही हो क्या

सलोनी-: आयी कुछ देर में आज भी 2 कप लेन हे क्या

में-: हआ

सलोनी-: ोकक लती हु

फिर भाभी ने कॉल कट किया और अपनी सासु को बोलै

सलोनी- बहभी-: मम्मी वो विभु का सर दर्द क्र रहा ह में चाय दे क्र आती हु उसे ऊपर हे वो

mummy-:goli भी लेजा

सलोनी-: ठीक ह मम्मी

फिर सलोनी भाभी चाय बनाए लगी और विभु भी ऊपर आ गया जब विभु ऊपर था तो वह पहले से पूजा मौजूद थी

विभु-: ओह्ह्ह मेरी जान ऊपर hi ह

पूजा-: आपका hi वेट क्र रही थी

में-: जान एक मोबाइल लेलो न जब जी चाहे कॉल क्र दिया करो ाशे वेट नहीं करना पड़ेगा

पूजा-: आज मम्मी को बोलूंगी की घर पर भी एक मोबाइल होना चाहिए भैया पापा और भाभी के पास ह हमारे पास भी होना चाइये

में-: जान ाशे इंतजार नहीं करना पड़ेगा वैसे क्यों कर रही थी

पूजा-: वो खाना खाया आपने

में-: नहीं मनीषा भाभी के वह जाऊंगा

पूजा-: चाय बना के लौ क्या

में-: अरे नहीं वो सलोनी भाभी लती होगी चाय उन्हें बोलै ह वो यही आती होगी

पूजा-: ोकक जान

में-: आज आओगी न

पूजा-: हआ रत को 11 बजे

में-: पूरी रत रुकना पड़ेगा

पूजा-: हम सुबह जल्दी. चली जाउंगी

इतने सलोनी भाभी आ गयी

सलोनी-: पूजा भी यही ह क्या किसी हो पूजा तुम

पूजा-: ठीक हु भाभी आप ठीक हो

सलोनी-: है हम तो ठीक hi ह

ये लो चाय पीओ

पूजा-: नहीं आप पीओ में चाय नहीं पीती

सलोनी-: तभी इतनी गोरी हो

पूजा-: आशा कुछ नहीं ह भाबी

में-: आप दोनों रहने दो में पि लेता हु

दोनों हंसने लगी इतने में पूजा की मम्मी की आवाज आ गयी और वो चली गयी

सलोनी-: क्या चल रहा था


में-: कुछ नहीं में आया तो ये पहले से यहाँ थी

सलोनी-: अच्छा में साझी चोरो वैसे ये बताओ तुम्हारे कोई गफ हे

में-: भाभी आप भी न

सलोनी-: इसमें सर्मना क्या बताओ

में-: नहीं भाभी अभी तक तो कोई नहीं ह

SAloni-:koi तो होगी

में-: है हे एक

सलोनी-:( बातयेगा ये)

कोण

में-: फिर मेने उनको ममता की कहनी बताने लगा

सलोनी-:( झूट अच्छा बोल लेता ह मुझे सब पता ह ये जो लड़की अभी थी पूजा वो तुझसे hi मिलने आयी थी ) अच्छा वैसे कहा गयी वो

में-: मेने सुना की वो उसके मां के वह गयी ह

सलोनी-: कॉल नहीं करती वो

में-: नहीं अभी तक तो नहीं आया मगर पहले जिस no. से करती थी वो no. अब बंद आ रहा ह

सलोनी-: वैसे ये पूजा भी अच्छी ह इससे करलो पास में hi ह जब चाहो तब मिल लो

में-: नहीं ये अच्छी लड़की ह

सलोनी-: मेने कब कहा बुरी ह मेटो. गफ बनाए का बोल रही हु

में -: ये उस दिनेश से सेट हे

saloni-:(kya झूट बोलता बी रोज तो तुझसे मिलती ह) अच्छा उस लंगूर को ये अंगूर कहा से मिल गया

me-:(meri वजह से ) अब प्यार ह हो जाता ह

सलोनी-:( हम्म जैसे अब मुझे आपसे हुआ ह) सही ह और भाभी हंसने लगी


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में भाभी को देखने लगा ब्लू साड़ी में बहुत मस्त लग रही थी वो में उनको देखने में भूल गया की वो भी मुझे hi देख रही ह

भाभी-: देख लिया हो तो जाऊ अब

में-: वो वो वो

सलोनी-: में जाऊ की और देखना ह

me-:nhi वो अभी कहा थोड़ी देर रुको न

सलोनी-: ाचा अभी देख क्र जी नहीं भरा अच्छा देख लो और

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भाभी फिर स्माइल करते हुवे मुझे देखने लगी और में उन्हें कुछ देर बाद भाभी

सलोनी भाबी-: अब जाऊ

में-: हम्म

भाभी-: जा रही हु अब में

भाभी जाने लगी तबाही विभु

में-: भाभी

सलोनी भाबी-: है बोलो

में-: भ्बहि- आप आज कमल की लग रही हो

सलोनी भाभी-:( हँसते हुवे) क्यों रोज नहीं लगती

में-: लगती ह न रोज hi कमल लगती हो आप

सलोनी-: मस्का मत लगाओ

में-: सुच भाभी मुझे तो आपकी जैसी hi पत्नी चाइये आपकी कोई बहन ह क्या

भाभी-:( जोर से हँसते हुवे) नहीं हे में सिंगल हु

में-: क्याआ यरररररर

भाभी-: खाना खा लिया

में-: नहीं

सलोनी भाभी-: में लेकर आती हु आपके घर चलो निचे

फिर भाभी निचे चली गयी और में

में-: भाभी नाराज नहीं हुई मुझे और तरय करना चाइये क्या पता भाभी लाइन पर आ जाये

में निचे आया और कुछ देर बैठा की मेरा गेट की घंटी बजी मेने सोचा भाभी hi होंगी तो में गया और गेट खोला मगर सामने तो डॉली थी जो टिफिन लेके आयी थी

मेरे सरे अरमानो पर पानी फिर गया

में-: (भाभी नाराज तो नहीं हो गयी ीरर्र तभी डॉली को भेजा ह उन्होंने ) क्या बात ह डूल्य आज तू आयी भाभी कहा ह

डॉली-: वो भाभी ने मुझे भेज दिया उन्हें कुछ काम था सायद

में-: )लगाओ खाना

फिर डॉली ने खाना लगाया और मेने खाना खाया कुछ देर में डॉली ने थाली धो क्र रख दी और टिफिन लेके चली गयी

में-: बस भाभी को क्या हुआ आ जाती तो पता तो चल जाता की उनके मन में क्या ह अब क्या करू

में कुछ देर बैठा मोबाइल देख रहा था की मेरे मोबाइल पर पारो का मस्सगे आया

पारो-: होई मेरे देव कैसे हो

में-: ठीक हु पारो जी आप बताओ आप किसी हो

पारो-: ठीक ह हम भी

में-: वैसे आपने बोलै था की कल कॉल पर बाटे करोगे

पारो-: है पता ह करलो कॉल

फिर विभु ने उस no. पर कॉल किया

विभु-: ही मेरी पारो

पारो-: मिल गयी सन्ति

में-: वव क्या आवाज ह आपकी एक डैम सुरीली

पारो-: है वो तो ह

में-: जैसी आवाज ह वैसी hi. सुरीली आप होंगे

पारो-: मिलके देख लेना

में-: मिलना तो पड़ेगा न

पारो-: क्यों

में-: मेने देखा ह आपके चुके कितने रास से भरे हे और आपकी गांड उसका तो जवाब hi नहीं

पारो-: फोटो में देख क्र hi कर टपक रही ह सामने से देखो गए तो क्या करोगे

में-: आपकी छूट और गांड फार दूंगा

पारो-: इतना डैम ह

में-: आ जाओ अभी घर पर कोई नहीं ह पता चल जायेगा

पारो-: आउंगी न कभी तो

में-: वैसे आप भी अपनी छूट फड़वाने चाहती हो

पारो-: छूट छाती ह कभी किसी की आपने

में-: है एक की छाती थी न

पारो-: किसकी अपने गांव की hi ह क्या

में-: है

पारो-: कोण

में-: आपकी

पारो-: ओह्ह्ह रहने दो

में-: मिल तो सही तू तेरे छूट का सारा पानी नहीं निकल दिया तो मेरा नाम भी विभु पटेल नहीं

पारो-: देखा जायेगा वो तो

में-: तूने कभी लुंड छठा ह

पारो-: नहीं आज तक तो नहीं मगर तुम्हारा लुंड देख क्र चाटने की इच्छा हो रही ह

में-:-: आ जाओ का

पारो-: अभी नहीं न पर है बहुत जल्द चाट लुंगी

में-: वैसे एक बार वीडियो कॉल केउ

पारो-: नहीं

में-: ोकक एक बार अपनी गांड का फोटो तो भेज देना

पारो-: ोकक अब में रखती हु

में-; फोटो यद् से भेज देना

paro-:haaa जरूर आपका hi ह आपको तो दिखाना पड़ेगा न

में-: आप सधी सुधा हो या लड़की

पारो-: हम्म्म सधी सुधा

में-: ओह्ह्ह फिर तक गांड का फोटो एक बार और भेजो

पारो-: भेजती हु

फिर पारो ने कॉल कट किया

में-:( कोण हो सकती बी आवाज कितनी अच्छी ह बाटे भी अच्छी करती ह और सधी सुधा ह तो कोण हो सकती ह ये )


इतने में उसके मोबाइल पर एक मस्सगे आया जिसमे एक फोटो था

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लो देख लो और निकल लो अपना पानी

में-: क्या गजब गांड हे एक बार चाटने का मौका देदो मेरी रानी

उधर से कोई मस्सगे नहीं आया

इधर सलोनी भाभी निचे गयी छत से और विभु के लिए टिफिन पैक किया

saloni-:me नहीं जाती हु थोड़ा तड़पने दो उसे अभी चली गयी तो उसे लगेगा की भाभी तो सेट हे थोड़ा धीरे धीरे आगे बढ़ती हु उसने दल्ली को भुलाया

सलोनी-: डॉली जाओ विभु को ये टिफिन देके आ जाओ और है खाना खिला कर थाली साफ करके आना मुझे थोड़ा काम ह

डॉली-: ठीक ह भाभी

फिर डॉली खाना लेके आयी

इधर देविका ने मंजू को बोल तो दिया था की कल वो विभु और उस औरत की चुदाई दिखाएगी मगर करेगी कैसे उसने विभु को कॉल किया

विभु-: है देविका बोलो

देविका-: कहा हो

में-: घर

देविका-: वो मेने मंजू को .........(देविका ने सब बता दिया जो मंजू और देविका के बिच बात हुई ))

में-: अब औरत कहा से लाऊंगा में

देविका-; है वो में भूल गयी थी मगर कुछ तो करना पड़ेगा न

में-: चल ठीक ह कल 12 बजे लेके आ जाना उसे में कुछ करता हु

देविका-: ोकक

में-: वैसे तेरी भी गांड मरना ह मुझे अब बहुत दिन हो गए

देविका-: है जब आप बोलो तब आ जाउंगी में

में-: ठीक ह टाइम निकल क्र देखता ह अभी मुझे कल के लिए जुगाड़ करना ह

में-: अब में कल वह किसे ले जाऊ जिसे में छोड़ू और देविका मंजू को दिखा सके अपनी फेमेली मेस किसी को ले जा नहीं सकता और बाहर से तो ज्योति निधि और कजरी ह है कजरी से बात करता हु

में घर से निकला और कजरी के घर गया कजरी मुझे घर मिल गयी

में-: किसी ह कजरी कुछ बात बानी

कजरी-: है विभु में तेरे पास hi आ रही थी वो आज ठकुराइन ने मुझे ये बताया ( आज ठकुराइन और उसके बिच जो बात हुई सब बोल दिया)

में-: अच्छा तो उस रैंड को भी मुझसे छोड़ना ह

कजरी-: है इसने तो हमारा काम आसान कर दिया ह

me-:or उस सिमरन का क्या हुआ कुछ पता चला

काजै-: उस दिन के बाद उससे बात नहीं हुई ह

में-: जल्दी पता क्र तू

कजरी-: है में कुछ करती हु

में-: :वैसे कल दिन में तू कहा जाएगी

कजरी-: ठकुराइन के पास

में-: कल तू 12 बजे मेरे साथ चलेगी

काजै-: कहा

में-: बस चलना ह तू कल 11.30 पर मेरे खेत पर आ जाना

कजरी-: ठीक ह पर क्यों

ME-:(bata देता हु इसे). फिर मेने साडी बात बता दी

कजरी-: क्या तुमने देविका को छोड़ रखा ह और अब वो अपनी देवरानी को हमारी चुदाई दिखा क्र उसे भी छुड़वाना चाहती ह

में-: है और इसमें तू मेरी मदद करेगी

कजरी-: है मगर वो तो मुझे पहचानते हे

में-. तू एक काम करना अपने मुँह पर कपडा बांध क्र रखना जिससे मेरा भी काम हो जाये और वो दोनों तुजे पहचान नहीं पाए

कजरी-: ठीक ह फिर भी दखना मुझे आप पर पूरा भरोसा ह

में-: ठीक ह कल तैयार रहना और टाइम से आ जाना कल तुजे बहुत कुछ बताना ह

कजरी-: ोकककक

फिर में कजरी से मिल कर बड़े पापा के घर गया वह जेक देखा तो आज सब हॉल में hi थे

में-: व ीरर्र आज क्या बात ह सब हॉल में hi बैठे हे

पूनम-: क्यों अब हम एक साथ बेथ भी नहीं सकते क्या

में-: है बैठो न मेने कब मन किया ह मेरे लिए भी जगह क्र मोती

प्रिय-: है ये मोती 2 जानो की जगह करके बैठी ह

में-: और मनीषा भाभी अपने खा हल ह

म भाभी-: बढ़िया अब तुम बाटे क्र रहे थे मेरा काम ह

me-:(aapke बिना तो सब सुना सुना लगे जान) है ये भी सही ह

पूनम -: कल में और माँ मां के वह जा रहे ह

में-: और प्रिय दी नहीं जा रही ह क्या

पूनम-; नहीं ये बाद में जाएगी शादी में

में-: किसकी सधी

प्रिय-: मेरी मौसी के लड़के की

me-;ok जाना

बड़ी मम्मी -: बाटे मत क्र और जा कर पैकिंग करके 5 दिन रुकना ह वह

पूनम दी-: ok चल प्रिय मेरी पैकिंग करवा दे

प्रिय-: चल .

फिर दोनों चली गयी

बड़ी मम्मी-: खाना खाना होगा न बीटा

में-: नहीं मम्मी वो में तै के घर खाके आया हु

बड़ी मम्मी-: अरे में तो भूल हो गयी मुझे तै ने भुलाया था अभी आती हु

मनीषा भाभी-: मम्मी आप भी पैकिंग करलो सुबह चले जाना रत को जा क्र क्या करोगी

में-: है आप पैकिंग करलो कल सुबह चले जाना

बड़ी mummy-:ha ये सही रहेगा

और बड़ी मम्मी चली गयी अपने कमरे में अब में और मेरी जान मनीषा भाभी थी

म भाभी-: तो जनाब को पता चला गया की वो औरत कोण थी

में -: है हम तो जीनियस हे

म भाभी-: शालू hi थी वो

में-: कल दिलवा रही हो शालू भाभी की

मनीषा-: अभी तो वो 2 दिन बाद आएगी आज उसके मायके गयी ह

में-: आप भी चले जाते आपका भी तो मायका व्ही हे

म भाभी-: मुझे अभी नहीं जाना था माँ और पूनम जा रहे थे तो प्रिय अकेले रह जाते

में-: फिर तो कल यही आके उसके साथ करूँगा

भाभी-: कल का कल देखा जायेगा और वैसे भी आपके भैया कल आ जायेंगे

में-: भैया के सामने hi क्र लूंगा उनका दर नहीं ह

म भाभी-: वो प्रिय का ह देखते ह मगर करेंगे जरूर

में-: भाभी ी लव ह वैसे वो सजा यद् ह न

भाभी-: है यद् ह

में-; फिर तैयार रहना कभी भी मिल सकती ह

भाभी-: जरूर

में-: भाभी एक किश तो देदो

भाभी-: चलो कमरे में

में-: हम्म

फिर भाभी ने इधर उधर देखा और मेरा हाथ पकड़ क्र कमरे में ले आयी

और मेने कमर में हाथ डाला और चिपका लिया

में-: इस हसीं चेहरे को जी भर के देख लू

म भाभी-: इजाजत हे

में-: ये खुस्भु में कैसे भूल सकता हु इसी खुसबू से में समझ गया की वो आप नहीं और कोई हो

म भाभी-: इतना गहरा लागू मुझसे

में-: आप नहीं समझ पाओगी जान की आपसे कितना प्यार हे

म भाभी-: ी लव ु

में -: ी लव ु 2

फिर भाभी ने अपने होठ मेरे होठ पर लगा दिए और हम एक दूसरे को किश करने लगे


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मेरा हाथ उनकी गांड को दबा रहा था और उनके हाथ मेरी कमर पर थे हम धीरे धीरे किश क्र रहे थे मेरा लुंड खड़ा हो क्र सीधा उनकी छूट पर लगा हुआ था

कुछ देर में हमने किश तोड़ी

म भाभी-: इसको समझाओ ये क्यों खड़ा हो गया

में-: अब इतनी हसीं दिलरुबा किश करेगी तो खड़ा तो होना पड़ेगा न

म भाभी-: विभु मेरा साथ कबहि छोड़ोगे तो नहीं न

में-: जान क्या बात करती हो मेरी जान से जान का मिलान हुआ ह कभी नहीं बस कभी आप मुझे धोका मत देना

म भाभी-: कभी नहीं ये सोचना भी मत जान

फिर हम दोनों कुछ देर ऐसे hi खड़े रहे और किश करते रहे

म भाभी-: (मेरे लुंड को पकड़ के ) इसका पानी निकलू क्या वार्ना ये आपको रत भर प्रेसन करेगा

में-: नहीं जान कल hi निकलेगा इसका पानी अपनी छूट में और एक प्यारा सा बच्चा होगा उसके बाद में आपके इन प्यारे चुचो से दूध पियूँगा

भाभी-: मेरा भी वादा रहा जब भी होगा इसका पहला दूध आपका

में-: अच्छी

म भाभी-: मुच्ची

फिर हम दोनों किश किया और वह से निकल गया मेने बहार आ क्र लुंड को एडजस्ट किया की आज फिर माला ने मुझे लुंड को एडजस्ट करते देख लिया मेरी निगाह उस पर गयी और वो हंस क्र अंदर चली गयी

में-: ये हर बार यही कड़ी रहके मुझे देखती ह

फिर में वह से निकल hi रहा था की मेरे मोबाइल पर कॉल आया वो मेरी सुमन का था

में -: है जान बोलो

दीपिका भाभी-: आपकी जान नहीं में हु आपकी भाभी

में-: ओह्ह्ह सॉरी भाभी में समझा किसी ओर्बका कॉल ह

दीपिका भाभी-: ( सुमन का समझा)-: है वैसे वो जान कोण ह

में-: कोई नहीं वो तो गलती से निकल गया

दीपिका भाभी-: गलती से भी सही निकल गया

में-: भाभी कैसे हो आप

भाभी-: में ठीक हु आप कैसे हो और जाने के बाद तो कॉल hi नहीं किया

में-: ( इन्होने अगर मनीषा भाभी बालक मस्सगे पद लिया होगा तो इनका रिएक्शंस कुछ होगा )है वो भूल गया था वैसे मेरा मोबाइल आपके पास था तब किसी का मस्सगे आया था सुच बताओ न

दीपिका-: (बता देती हु) है एक तो आपकी पारो का आया था उसने कुछ आपको दिखने के लिए फोटो भेजा था ( भाभी हंसने लगी)

में-: वो पागल ह कुछ भी भेज देती ह

दीपका-: आपने माँगा था उसने तो लिखा था

में-: है वो

दीपिका-: ोकक कोई नहीं

में-: और किसी का मस्सगे आया था

दीपिका-: है आया था अआप्की मनीषा भाभी का

me-:aapne पड़ा

दीपिका भाभी-: है पड़ा और सब समझ गयी में

में-: सॉरी वो

दीपिका भाभी-: कोई नहीं इस बात पर बाद में बात करते हे

में-: आप किसी को बताना मत

दीपिका भाभी-: don't वोर्री में किसी को नहीं बताउंगी ये लो आपकी जान से बात करो

me-:mtlb

इतने में उधर से एक आवाज आयी जिसे सुन क्र मेरा दिल खुस हो गया

में-: सुमन किसी ह जान

सुमन-: ठीक हु आप कैसे हो आपने खाना खाया

में-: है मेरी जान इतनी फ़िक्र मत किया कर

सुमन-: एक दिल जो जान ह फ़िक्र तो होगा न

में-: हां खाया तू कब आ रही ह

सुमन-: में और माँ कल आ जायेंगे सपना और सीमा दी यही रुकेंगे कुछ दिन उनको मां की लड़किया नहीं आने दे रही

में-: और तुजे नहीं रोका क्या

सुमन-: मुझे भी रोका मगर में आपसे अब दूर नहीं रह सकती अब में तो कल आ जाउंगी

में-: है जान आ जाओ मुझे भी तेरी बहुत यद् आ रही ह

सुमन-: ी लव ु जान

में-: लव ु 2

फिर थोड़ी देर हमने बात की और कॉल रख दिया

कॉल रखा और इधर सुनाम मोबाइल दीपिका भाभी को देने गयी

सुमन-: भाभी ये मोबाइल

दीपिका भाभी-: हो गयी अपनी जान से बात

सुमन-: मतलब भाभी

दीपिका ने सुनाम के कंधो और हाथ रखा और

दीपिका भाभी-: मेरी गुड़िया रानी मुझे सब पता ह विभु और तुम्हारे बारे में ये देखो इसमें रिकॉर्डिंग होती ह मेने सब सुन लिया

सुमन-: भाभी वो सॉरी में उनके बिना नहीं रह सकती

डी भाभी-: कोई नहीं होता ह मेरी गुड़िया

सुमन-: आप किसी को बताना मत

डी भाभी-: ok विभु की जान

सुमन-: भाभी आप भी न

डी भाभी-: मेरी गुड़िया बताएगी की ये कहा से स्टार्ट हुआ और क्या क्या हुआ

सुमन-: भाभी हमारा प्यार सच्चा ह मेने आज तक कुछ नहीं किया किश भी केवल हलकी हुई ह

डी भाभी-: सुच

सुमन-: भाभी मुझे बचपन से इनसे प्यार था और इनको मुझसे


डी भाभी-: कोई नहीं प्यार हे हो जाता ह पर डयम रखना अब से किसी को पता नहीं चलना चाहिए

SUman-v ठनक ु भाभी

डी भाभी-; कोई नई गुड़िया आजा

और भाभी ने सुमन को गले लगा लिया

सीमा दी -: क्या बात ह नानन्द बहभी में बड़ा प्यार आ रहा ह

सुमन-: तो आपको क्यों. जलन हो रही ह

डी भाभी-: वो मेरी गुड़िया कल का रही ह न तो मिल लेती हु

सुमन-: वैसे भ्बहि आप कब आओगी वह

डी भाभी-: देखते ह बहुत जल्द आउंगी बहुत दिन हो गए हे वह आये हुवे ने इसलिए

सुमन-: मुझे आपका इंतजार रहेगा

डी भाभी-: गुड़िया उससे पहले आपको यहाँ आना पड़ेगा हमारी निहारिका की सधी में

सुमन-: है आना तो पड़ेगा

ाशे hi दोनों नानन्द भाभी की बाटे चलती रही और अपना हीरो घर आ गया उसने टाइम देखा तो 9 बज रही थी मगर अभी पूजा के आने में 2 घंटे हे

विभु-: उस दिन भी में सो गया था पूजा आके चली गयी हे आज में ऊपर hi चला जाता हु हलकी ठण्ड हे कपडे पहन क्र जाता हु

विभु छत पर चला गया वह जेक देखा तो पूजा के वह दरवाजा बंद था मतलब पूजा अभी तक आयी नहीं ह

विभु छत पर घूमने लगा

इससे पहले सोनाली अपने कमरे में बैठी थी वो सोच रही थी की विभु ने उस दिन बोलै की उसने मनीषा और नीता चची को छोड़ रखा ह और वो अब मुझे छोड़ना चाहता ह

तो क्या ये सुच ह की उसने इन दोनों के साथ किया ह या यूँही बोल दिया पता करना पड़ेगा

चलो अभी थोड़ा टेरिश पर घूम क्र आती हु नींद तो आएगी नहीं
 
अपडेट-: 89

सलोनी भाभी छत पर आयी और जैसे hi उसने देखा विभु पहले से मोबाइल चलते हुवे घूम रहा ह वह

सलोनी भाभी-; आज दिखती हु इसे में अपने जलवे वैसे तो पूरा नंगा उस दिन इसने देख लिया था

उसने देखा की निचे सब अपने कमरे में हे तो वो अपने कमरे में गयी और ब्लाउज में से ब्रा निकल क्र केवल ब्लाउज पहन लिया उसके भी 2 बटन खोल दिए और साड़ी ऊपर लपेट ली

फिर भाभी ऊपर आ गयी ऊपर आकर वो फोन लेके दूसरी साइड चली गयी और मोबाइल से किसी से बात करने लगी

इधर विभु भी अपने मोबाइल में बिजी था जब उसकी निगाह उधर गयी तो उसने देखा सामने कोई खड़ा ह फिर सरीर की बनावट से सलोनी भाभी को पहचान लिया

विभु-: वव मेरी ऐश्वर्या राइ जैसी भाभी

में-: भाभी

सलोनी पीछे मुड़ी

सलोनी-: है विभु आप कब आये बोलो

में-: भाभी में तो कबका हु आप कब आयी

सलोनी-: में अभी बात करते हुए आयी

में-: इधर आओ न मेरे पास बैठो कुछ देर

सलोनी-: आती हु

ऊपर लाइट चल रही थी जिससे दोनों एक दूसरे को आराम से देख सकते थे

सलोनी भाभी-:( इसको में बस सब दिखा दूंगी पर अभी फ़िसलूंगी नहीं) बोलो देवरजी

में-: आप खाना ले क्र क्यों नहीं आयी

सलोनी भाभी-: वो डोली आयी थी न

में-: है मगर आप आते तो खाना खाने का मज़ा आता न

सलोनी -; वो क्यों

में-: पता नहीं मगर आता

सलोनी-; ok सुबह में आ जाउंगी अच्छे से पेट भर के खाना

में-: भाभी जी कल तो मेरा खाना कही और ह

स भाभी-: ोकक फिर कभी खिला देंगे

ये बोल क्र भाभी ने धीरे से अपना पल्लू गिरा दिया


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जैसे hi सलोनी भाभी का पल्लू गिरा सामने बैठने की वजह से विभु की निगाह सीधे उनके अध् नंगे चुचो को ताड़ने लगी भाभी ने भी देखा की विभु की नजर कहा हे उन्होंने आराम से अपना पल्लू सही किया

सलोनी-: ( ये मेरे निचे झुरझुरी क्यों चल रही ह इसका लुंड देखा केसा खड़ा हो गया ह )

विभु-; भाभी..

सलोनी-: है विभु

में-: भाभी मुझे टॉयलेट जाना ह में आता हु

सलोनी-: है जाओ न

विभु-: भाभी आप चाय पीला दो न

सलोनी-: दूध नहीं पियेगा क्या

में-: क्या मतलब

सलोनी-; में समझी तुजे दूध ज्यादा अच्छा लगता हो

में-: है लगता तो ह पर ताज़ा वाला

सलोनी-: अब तेरे लिए ताज़ा दूध कहा से लौ

में-; ान आपने बोलै तो पीला भी दो ताज़ा दूध

सलोनी-: ok आज तो चाय पिले फिर कभी सीधे ताज़ा दूध पीला दूंगी

फिर भाबी निचे चली आगयी और मेने अपने पेण्ट से लुंड निकल कर देखने लगा

मन की आवाज-: भाई अब रहा नहीं जाता आ जाये तो पकड़ क्र छोड़ दे इसे खड़ा क्र दिया हे इसने तो

में-; रुक रुक साबरा का फल मीठा होता ह

मन की आवाज-: है भाई जल्दी दिलवा ीरर्र इसकी

इधर निचे सलोनी भाभी रसोई में आ गयी और चाय बनाने लगी

सलोनी-: ये मुझे क्या हो रहा ह निचे इतनी खुजली क्यों चल रही ह उसे चाय दे क्र आकर ऊँगली से इसकी आग को ठीक करती हु

दोनों अपने अपने काम में बिजी थे की सलोनी भाभी में चाय बना दी और ऊपर चल दी उसे नहीं पता था की विभु वह नंगा लुंड लेके सहला रहा था

विभु भी लुंड की आग में भूल गया की उसकी भाभी वापस ऊपर आएगी वो अपने काम में बिजी था इतने सलोनी एक डैम से ऊपर आ गयी उसने देखा विभु अपना लुंड हिला रहा ह


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सलोनी भाभी कड़ी हो कर देखने लगी

सलोनी-: (सही में इसका औजार तो बहुत बड़ा ह कैसे ले पाऊँगी में इसे अंदर मर डालेगा ये तो मुझे अभी तो इसे चाय पिलाती हु वार्ना ये भी ठंडी हो जाएगी)

सलोनी भाभी मुँह पलटा के कड़ी हो गयी उसके गांड विभु की तरफ हो गयी

सलोनी भाभी-: में हु यहाँ अपना परसनल काम अपने रूम में जेक कर लेना

विभु ने जैसे hi सुना उसकी निगाह वह गयी तो देखा सलोनी भब्बी उधर मुँह क्रेक कड़ी थी उसके हाथ में चाय के कप ह


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विभु की नजर सीधा सलोनी भाभी की गांड पर गयी उसके लुंड ने एक झटका खाया

सलोनी-: ( जरूर मेरी गांड देख रहा होगा ) हो गया आपका

विभु ने जल्दी से अपना लुंड पेण्ट के अंदर डाला मगर इतने बड़े लुंड को संबलना भी मुश्किल था

सलोनी-: हो गया

विभु-: हम्म्म

सलोनी पलटी और चाय दे दी विभु को और बेथ गयी विभु के सामने सलोनी भाभी चोर नजरो से विभु के लुंड को देख रही थी तो विभु उसने पल्लू के पीछे चुप्पे चुचो को दोनों चुपचाप चाय पिने में लगे थे

विभु-: भाभी सॉरी वो मेरा दयँ hi नहीं रहा

सलोनी bhabhi-niche देखते हुवे) ये अपना काम कमरे में किया करो

विभु-; भाभी वो पता नहीं क्या हुआ की अचानक पता hi नहीं चला और हो गया

सलोनी- मेरे दूध देख क्र ) क्या हुआ था अचानक

विभु-: भाभी एक बात पुछु आप नाराज तो नहीं होगी न

Saloni-:ab ये क्या पूछेगा ) है बोलो

विभु-: भाभी सच में मुझे कमल लगती हो

सलोनी भाभी-: (कड़ी हो गयी ) में तो वैसे हु hi कमल और निचे बेथ क्र कप लेने लगी तो उनका पल्लू फिर निचे गिर गया


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विभु की नजर फिर गयी और इस बार तो झुके होने से उनकी आधी चूचिया दिख गयी

सलोनी-: अब जी भर के देख लिया न

विभु-: नहीं अभी कहा

सलोनी भाभी-: आज के लिए इतना काफी ह बाकि फिर कभी दिखा दूंगी

और वो हंस क्र भाग गयी निचे इधर विभु ने ये सब सोच क्र दिमाग काम करना भूल गया उसने सोचा अब ये तो बहुत जल्दी hi मेरे निचे होगी

विभु का लुंड खड़ा था की टाइम हो गया अब पूजा के आने कुछ टाइम बाद पूजा आ गयी विभु अभी भी सलोनी भाभी के ख्याल में खोया था पूजा ने अपने छत का गेट धीरे से लगाया और उसने विभु को देख लिया वो धीरे से आयी और विभु को पीछे से गले लगा लिया विभु एक डैम से दर गया और वो मुदा तो वो पूजा थी

विभु -: आ गयी तुम

पूजा-: लगता ह जनाब मेरा hi िटजर कर रहे थे

vibhu-:ha जान चलो निचे

पूजा-: हा

फिर दोनों निचे चले गए विभु ने गेट लगाया

पूजा-: जान आप चाय पियोगे क्या बनाऊ क्या

में-: जान पूजा मेने थोड़ी देर पहले पि हे

पूजा-: सुमन कब आ रही ह

में-: वो कल आ जाएगी पूजा तू बेथ में आता हु

पूजा-: में सुमन के कमरे में जा रही हु वही आ जाना

विभु बहार कुछ देर में आया और सामने देखा तो उसकी जान वह बैठी थी बहुत हसीं लग रही थी वो उसे वही से देखने लगा


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विभु-:

वो जो चाँद पर चंद दाग है ना,

बस उसीकी वजहसे उसको कभी किसीकी नजर नही लगती....

और वो आपके चेहरे पर जो एक नूर हैं ना,

बस उसीकी वजहसे आपके चेहरे से हमारी नजर नही हटती।

पूजा-: िलोवे ु जान

और दौड क्र आयी और विभु के गले लग गयी

दोनों एक दूसरे में खो गए उन्हें पता hi नहीं की वो दोनों बहुत देर से एक दूसरे के गले लगे हुवे हे


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पूजा-: जान एक बात बोलू

विभु-: हम्म्म जाना

पूजा-: मुझे दिनेश से मिलना अच्छा नहीं लगता

विभु-: जान अच्छा तो मुझे भी नहीं लगता मगर ये हमारी मज़बूरी ह अगर हमें हमेसा साथ रहना ह तो

पूजा-: में आपसे दूर नहीं रह सकती जान

विभु-: तो फिर जान दिनेश के साथ कैसे भी रहना hi होगा

पूजा-: हम्म आपके लिए

विभु-: वैसे जान इन कपड़ो में आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो

पूजा-: आपके लिए तैयार होक आयी हु

में-: जान आज की रत मेरी और तेरी ह

पूजा-; हम्म जान

में-: पूजा इतना प्यार क्यों करती हे मुझसे

पूजा-: वो में नहीं जानती मगर है जब से आपको देखा ह तब से ये प्यार हे

मेमे पूजा को बोलते हुवे देखा तो मुझे उसके पतले और मुलायम होठ ने अपनी तरफ खिंच लिया में उसे किश करने वाला था की मेरे मन की आवाज आ गयी

मन की आवाज-: ( में तुजे एक बार और बता रहा हु ये मेरी सबसे प्यारी लड़की ह इसके साथ और सुमन के साथ आराम से करना बाकि सबसे साथ तेरी मर्जी )

में-: (मन में-:)) है पता ह इसको बिलकुल भी दर्द नहीं दूंगा

फिर में पूजा के होंटो की ततफ खींचा चला गया और देखते देखते hi देखते मेरे होठ पूजा के होठो से मिल गए पूजा ने भी अपने पतले होठ खोल दिए और मेरे होठो से मिला दिए हम दोनों एक दूसरे के होंटो को चूसने लगे


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दोनों मेसे कोई भी बंद नहीं हुआ और लगातार होठ चूसते रहे फिर पुजा में मेरे जीभ को मुँह में लेके चूसने लगी कभी वो मेरी जब चुस्ती तो कभी में उसकी जीभ चुस्त ाशे hi हम दोनों लगातार एक दूसरे के मुँह में जीभ घूमने लगे

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पूजा ने मुझे बीएड पर सुला दिया और खुद मेरे ऊपर आ गयी और मुज पर टूट पड़ी लगातार मेरे मुँह पर और मेरे होठो पर किश करती रही और में भी अपने हाथो से उसकी छोटी और मजेदार गांड को दबाता रहा

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में-: जान केसा लग रहा ह

पूजा-: अच्छा लग रहा बी जान आप करते रहो

में-: अभी किया कहा ह

pooja-:aap गंदे हो

में-: अच्छा और तू जो मुझे किश क्र रही मेरे ऊपर चढ़ क्र तो

पूजा मुझे बोलने नहीं दिया और वापस मेरे होठो को अपने होठो से बंद क्र दिया मेने अब पूजा को निचे लिया और उसके ऊपर आ गया

मेने धीरे से पूजा की कुर्ती को निकल दिया पूजा अब सिर्फ मेने सामने ऊपर से ब्रा में थी मुझे उसके छोटे साइज के चुके ब्रा के अंदर बहुत मस्त लग रहे थे

में-: जान इन्हे बड़ा करना पड़ेगा .

पूजा-: अगर आपको बड़े अच्छे लगते हो तो बड़ा करदो .

में-: है मुझे तो बड़े अच्छे लगते हे और इनको कैसे करू में

पूजा-: जैसे आपका मन करे

में-: जान मुझे तो तेरे ये छोटे चुके hi अच्छे लगते हे तू जैसी भी हे मेरे लिए परफेक्ट हे

पूजा -: टंक्स जान और पूजा में मेरे होठो पर किश किया

मेमे अब उसकी ब्रा के ऊपर से किश किया उसके चुचो को और फिर धीरे से ब्रा निकल दी अब पूजा के दोनों आम मेरे सामने बिक्लुल नंगे थे एक डैम गोर जिसे थोड़ा भी छुआ तो लाल पद जायेंगे

में-: जान तेरे आम बड़े प्यारे हे

पूजा-: आपके hi हे

में-: इनका रास पि लू

पूजा-: इनमे अभी कहा ह रास

मेने पूजा के एक दूध के निप्पल को मुँह में लेके चूसने लगा तो कभी दूसरे निप्पल को लेके चूमने लगा


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पूजा-: आहहह जन्न्नन मज़ाआ आ रहा ह. ह्ह्हह्ह्ह्ह थोड़ा jorrrrrrrrrrr सीएएएएचसूको नाआआआआ

मेने अपना मुँह उसके निप्पल से अलग किया और बोलै

में-: जान वैसे इनमे रास कब आएगा

और फिर में चूसने लगा

पूजा-: ाहाःहाहा जाआआआं धीरीईईईई जब में आपकककककेईएए बछुओ kiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaa बन जाउंगी

में-: मगर तुम्हारा तो पति दिनशस रहेगा न

पूजा-: है मागररररररर नामममममम का मेरे बच्चाकककक केईएए बपपपपपपप तूऊऊऊओ आआपललललल होइईईईई बाणुऊजेईई

मेने उसके दूध चोर क्र तकदी देर पूजा की चिकने पेट से खेलता रहा और उसकी नाभि को चुस्त रहा

पूजा-: हाआआआ जन्न्नन्न्न्नन चुसूऊऊ आपपपप यहा चुस्सस्स्स्स रहीीी हूऊऊऊ ोरररररररर सुरसुरी निछेईईई हो राहीईई हीरे

में-: जनन कहा नाम बोलो न

पूजा-: मुझे सरम आती ह

में-: प्लस न

पूजा-: मेरी बुर में jannnnnnnnnnn

में-: ok में बुर की सुरसुरी बंद क्र देता हु

मेने पूजा का पजामा निकल कर उसकी पंतय को भी निकल दिया और उसके सामने चाटने लगा

फिर मेने पूजा की छूट को हाथो से सहलाने लगा


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गयी

में-. जान अपने पैर पकड़ो जिससे में मेरी जान की छोटी सी बुर को अच्छे से देख सकू

पूजा ने अपने हाथो से अपने दोनों पैर हवा में करके पकड़ लिए और विभु ने पूजा की बूर को पहले देखा और फिर अचनाक से मुँह वह लगा दिया


ीीी और जोर से चुसो उस दिन केईएएए बड़ड़ड़ड़ बहुत तडपीईई ह एईई आपकी लिएईईए

मेने भी पूजा की आँखों में देखते हुवे उसकी बुर को चाटने लगा


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में-: प्यार कैसे मेरी जान

पूजा-: देखो थोड़ी देर में पता चल जायेगा

ये बोलकर पूजा बिना कुछ बोले मेरे मेरे लुंड को देख क्र ऊपर से निचे तक चाटने लगी


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में-: आआ जान मज़ाआआ आए रहा आए ह्ह्हह्ह्ह्ह आराममममम ाराआआअम्म्म से चुसूऊऊऊ

विभु में अपना था पूजा के सर पर फिरने लगा प्यार से और पूजा लुंड को चूसने लगी वो कभी विभु को देखती तो कभी लुंड को

विभु-; जान अब हो गया प्यार आओ इधर

विभु में पूजा को अपनी गोदी में बैठा लिया और किश करने लगा कभी दूध चुस्त कभी किश करता

पूजा-: जान आप ाशे hi करोगे क्या मुझसे ाशे नहीं होगा

में-: नहीं जान में सुला क्र करूंगा मेरी जान के

फिर मेने पूजा को सुला क्र उसके ऊपर आ गया और उसको फोर्स किश करने लगा कभी किश कभी दूध चूसना यही काम में 10 मिनिट तक करता रहा

पूजा-: अब करो न जान

में-: क्या

पूजा-: व्ही तो पहले किया था

me-:kya किया था

पूजा+: उन्न्नन्नं दाल दो न

में+: कहा क्या दाल दू

पूजा -: गंदे हो आप

में-: जान बोलो न

पूजा-: आँखे बंद करके मेरी बुर में आपका वो दाल दो न

में-; मेरे उसका क्या हम हे

पूजा-:-: वो आपका लुंड

में-: जान आप तैयार हो न

पूजा-: आँखे बंद करके है में इशारा किया

में-: जान में चाहता हु की आपकी आँखे आज खुली रहे और आप मेरी तरफ देखो

पूजा ने आँखे खोल दी और विभु ने लुंड को पूजा की छूट के छेद पर रख क्र पूजा के होंठो को किश किया और उसके दूध को बढ़ाने लगा पूजा इतनी गरम हो गयी की वो निचे से लुंड को छूट में लेना च रही थी विभु ने मोके का फायदा देख क्र एक झटका मारा जिससे विभु का लुंड पूजा की छूट में आधे से ज्यादा घुस गया

पूजा चुल्ले मगर उसकी आवाज विभु के मुँह में रह गयी विभु ने पूजा के गोर दूध को बढ़ाया और किश करना जारी रखा जब तक पूजा वापस गरम न हो गयी


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और चुदाई की स्पीड बड़ा दी

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पूजा-: आहहहह jannnnnnnnnnn मज़ाआआ अअअअअ रह्हह्हआआ हहहह आराममममम सीईई karooooooooooo मीटीए aapkiiiiiiiiiiiiii हूउउउउउ सिर्फफफ्फड़ aapkiiiiiiiiiiiiii

में-: जान में भी तेरा hi हु jannaaaaaaaaaaa िल लाइव ु

poojaa-:ahahahahahahaha maaaaaaaaaaa विभूउउ ी लोओओओओवीएएए ueeeeeeeeee

मेमे अपनी स्पीड फुल करदी पूजा का पानी निकल गया

पूजा-: जनन परररररर डरडडडडडडडड कररररररर राहीईई ीीीी

मेने लुंड निकल लिया और पूजा के ऊपर आ क्र उसे किस्सा किया

में-: जान थक गयी क्या

पूजा-: नहीं बस पैर दर्द करने लगे

में-: ठीक ह आप पलट जाओ

मेने पूजा को कुटिया बना दिया और उसके पीछे आ गया

पीछे आ क्र मेने उसकी गोरी गांड को देखा जो एक डैम गोरी थी मुझसे रहा नहीं गया और मेने एक हाथ से पूजा की छूट को सहलाया और मेने पोज्जा की गांड के कूल्हे को मुँह में भर क्र चाटने लगा

पूजा-: ाहाःहाहा जनाआए क्या करे राहीईई होऊलूऊऊओ

में-: मेरी जान के कूल्हों को चाट रहा हु

पूजा-: ाहाःहाहा जनानाआआआ मज़ाहा आए राहाआआ हीईईई


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पूजा-:

अब मेने लुक पो फिर से पूजा की छूट पर रगड़ ने लगा

पूजा ने अभी मेरी मदद की और अपने हाथ से अपने कूल्हों को पकड़ के छोड़ा क्र दिया

मुझे इस तरह पूजा की गांड का गुलाबी छेद दिख रहा था मस्त छेद था पूजा की गांड का


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मेने अब अपनी स्पीड फुल करदी और पूजा को छोड़ने लगा

पूजा-: ाआहहहहहहहहहह विभूउउ jorrrrrrrrrrr सीईई kroooooooooo

ाहाहाःहाह धीरीईईईई जन्न्नन्नन्नन्न बहुत्तत्ततत्तत अछाअअअअअ लगगगगगगगगग राहाआआ हीईईआ

अअअअअजहाआआआ माआआआआ डरडडडडडडड हो रहा हेबेई

पूजा मजे में कुछ भी बोले जा रही थी और इधर मेने भी फुल स्पीड में छोड़ना जारी रखा


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मेने अपनी फुल स्पीड में उसे छोड़ने लगा वो भी अब आगे पीछे होने लगी और फिर हम मेने जोर जोर से धक्के लगते हुवे अपने चरम सीमा पर पहुंच गया

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में-: आहहहहहह janaaaaaaaaaaa मइईईई gayaaaaaaaaaaaaaaaa

पुजाआए-; में भईईई gayiiiiiiiiiiii

मेने लुंड निकल क्र उसकी गांड और कूल्हों पर वीर्य दाल दिया

पूजा धड़ाम से गिर गयी और में उसके साइड में लेट गया हम दोनों जोर जोर से साँस लेने लगे

कुछ देर हम ाशे hi लेते रहे फिर मेने वह रखा कपडा लिया और पूजा को साफ करके चद्दर ोड क्र में उससे लिपटा गया

में-: पूजा तुम ठीक हो न

पूजा-: है जान

में-: केसा लगा

पूजा-: अच्छा मगर आपने अंदर क्यों नहीं डाला पानी

में-: नहीं जान इससे प्रॉब्लम हो सकती ह

पूजा-: आपको दूध पीना था न मेरा

में-: जान वो तो पियूँगा पर अभी नहीं अभी तो बहुत इंजॉय करना ह हम दोनों को

पूजा ने फिर से मुझे किश 💋 किया मेने भी उसको जी भर के किश किया

पूजा-:( सुमन मेरी जान तेरे बीएड पर अपने आशिक़ से छुड़वा लिया हे कल आ क्र देख) जाना दर्द क्र रहा ह


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Me-:jana में गरम पानी लेके आता हु

विभु रसोई में गया इतने पूजा में अपनी ब्रा तकिया के निचे रख दी

इधर विभु में अपनी लोअर पहनी और निचे आया उसने गरम पानी किया और वह रखे कुछ फ्रूट लेके ऊपर आया

विभु-: जान सीधी हो जाओ

पूजा-: में क्र लुंगी जान

विभु-: में करता हु

विभु में चद्दर उठा लिया और पूजा की छूट पर गरम पानी से सिकाई करने लगा

विभु-: जान ये फल खालो

पूजा खाने लगी और विभु उसकी सिकाई करने लगा

कुछ देर सिकाई करने के बाद दोनों लेट गए एक दूसरे की बहो में उन्हें भी पता नहीं चला की कब उन्हें किश करते हुवे नींद आ गयी

सुबह पूजा ने विभु को किश किया 5 बज रही थी


विभु-: जान सोने दो न

पूजा-: जाना मुझे जाना ह सुबह हो गयी ह

विभि-: हम्म

दोनों उठे पूजा ने अपने कपडे पहने और विभु ने पूजा की पेंटी रख ली और पूजा को धीरे से ऊपर चोर दिया पूजा वह से अपने घर में चली गयी और जा क्र रूम में सो गयी

इधर विभु भी ऊपर से आ क्र अपने रूम में जा क्र सो गया
 
अपडेट 90

रत भ
र अच्छे से पूजा- की चुदाई करके विभु पूजा की बहो में सो गया रत को

भर अच्छी नींद उसे सुबह उसकी नींद आराम से खुली वो भी सलोनी भाभी ने उसे कॉल किया

विभु-: हम्म्म भाभी

सलोनी भाभी-: उठ जाओ 9 बज चुकी ह

में-: हम्म्म उठ रहा हु

सलोनी भाभी-: चाय यहाँ आ क्र पिओगे की वह लेके औ

में-: नहीं में आ रहा हु थोड़ी देर में

फिर कॉल गया

विभु -: आज रत को जितना मज़ा आया उतना तो किसी के साथ करने में नहीं आया मेरी राजकुमारी पुज्जजीईईई🥰🥰🥰😘😘😘😘😘😘

फिर विभु उठ क्र फ्रेश हो क्र तैयार हो गया और तै के घर चला गया वह जेक देखा तो बड़ी मम्मी और पूनम दी वही थी

पूनम दी-: यययय हीरो ये टाइम हे क्या उठाने का

बड़ी मम्मी-: अभी स्कूल नहीं लग रहे तो राजा बीटा मज़ा क्र रहा ह

में-: है मम्मी अब इन अनपढ़ को कोण समझाए

पूनम दी-: यययय मेने 12 तह तक पड़े की हे समझा बंधु तुझसे तो 1 क्लास आगे hi पड़ी हु

सलोनी भाभी-: आप बाद में लड़ाई कर लेना जल्दी गरमा गरम चाय पीओ

जब भाभी ने ये बोलै तो विभु ने सलोनी भाभी के चेहरे की तरफ देखा और स्माइल की जिससे सलोनी भाभी के हसीं चेहरे पर एक प्यारी स्माइल आ गयी

विभु-: बड़ी मम्मी कब जा रही हो आप

पूनम-: ोय तुजे छोड़ना पड़ेगा हमें 12 बजे सहर

विभु-: ठीक ह मेरी लड़ाकू बहन

पूनम-: तू मेरे साथ चल मुझे सीमा के कमरे से कुछ सामान लेना ह

में-: है है मगर मुझे चाय तो पिने दे

पूनम-: तो मन किसने किया ह जल्दी पि और चल मेरे साथ

मेने चाय पि और पूनम दी के साथ मेरे घर आ गया

पूनम दी-: चल मेरे साथ सीमा के कमरे में

में-: तो चलो न मन किसने किया हे

में पूनम दी के साथ सीमा दी के कमरे में आ गया कमरे में आते hi पूनम दी ने अलमारी खोली और दर्ज से कुछ लिया

पूनम-: विभु इधर आना

में पास गया तो पूनम दी ने मुझे गले लगा लिया

विभु कुछ समझ पता उससे पहले पूनम ने उसे कास के पकड़ लिया


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विभु ने भी पूनम को गले लगाया

विभु-: दी क्या हुआ

पूनम-: पता नहीं मन किया की आपके गले लागु

में-: ओह्ह तो लगो न जब चाहो तब लगो किसने मन किया ह

पूनम दी -: विभु

में-: है दी

पूनम-: कुछ नहीं चलो

में-: चलो

फिर मेने दी को अलग किया और हम निचे आ गए दरवाजे के पास आये और दी मेरी तरफ पलटी

दी-: विभु

में-: है दी

दी ने कुछ नहीं देखा और आके मेरे होठो पर होठ रख क्र किश करने लगी


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कुछ देर किश करने के बाद दी अलग हुई और जाने लगी तो मेने उसे पकड़ लिया और दरवाजा बंद क्र के अंदर लाया

में-. दी ी लव ु 💕

पूनम-: ी लव ु

फिर मेने दी के होठ पर होठ रख दिया दी भी मुझे किश करने लगी

दी को किश करना आ नहीं रहा था मेने उसका मुँह खोला और अपनी जीभ से उनके मुँह को चाटने लगा सच में मुझे उनका मुँह के कोने कोने को चाटने का बड़ा मज़ा आ रहा था हम कोई 5 मिनिट तक किश करते रहे फिर दी अलग हो गयी

दी-: अब में जा रही हु भाई

में-: दिल आप कॉल करना आपकी यद् आएगी

पूनम दी-; लव ु भाई मेरे जीवन का पहला अनुभव तेरे साथ हुआ

में-: लव ु. दी मिस ु

फिर हम दोनों एक बार और गले लगे और दी चली गयी और में वही बेथ क्र सोचने लगा की एक दी का प्यार और मिल गया

इधर पूनम बहार आयी और स्माइल करके अपना मुँह साफ किया और तै के घर आ गयी फिर दोनों माँ बेटी वह से अपने घर निकल गयी

में-: मेने टाइम देखा तो 10 बज चुकी थी में बहार आया तो पूजा दिखी बहार मुझे देख क्र शर्मा गयी

पूजा-: ऊपर में खाना रख दूंगी खा लेना आप

में-: जी अब किसी ह जान

पूजा-: अब ठीक हु

में-: अपना दयँ रखना

पूजा अंदर चली गयी और में कजरी के घर चला गया और उसे बोल दिया की आज नहीं आना ह तुजे मुझे कुछ काम ह क्योकि मुझे बड़ी मम्मी और पूनम दी को चोर्ने जाना था

मेने देविका को भी कॉल करके समझा दिया की मंजू काकी को आज नहीं लेक कल लेके आना आज मुझे काम ह

सब सेट किया और वापस घर आ गया घर आ क्र में ऊपर गया पूजा ने टिफिन रख रखा था मेने उठा लिया और निचे आ क्र खाना खाया फिर थाली साफ करके टिफिन वापस ऊपर रख क्र आ गया और घर पर टाला लगा क्र चाभी तै को दी चाभी देते हुवे मेरी एक नजर सामने कड़ी चेतना भाभी पर गयी


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उनकी नजर भी मेरे ऊपर hi थी और जैसे hi मेने देखा वो इधर उधर देखने लगी में घोर से उन्हें देखने लगा फिर मेरी नजर उनकी नाभि पर गयी जिसे मेने देखा और भाभी की तरफ एक बार स्माइल की और बहार निकल गया

वह से में सीधा बड़ी मम्मी के वह गया तो वो दोनों रेड्डी थी मेने उनको बाइक पर बिठाया और जाने लगा मेने एक बार मनीषा भाभी को देखा और बाइक डोडा दी मेरे पीछे पूनम दी बैठी थी जिनका अभी अभी मेने किश लिया था अब उनके चुके मेरी पीठ में चुभ रहे थे पुरे रस्ते में इसी अनुभव के साथ सहर पहुंच गया सहर पहुंच के हम बस का इंतजार करने लगे

me-:(dhire से ) दी आपके आगे कुछ बड़ा हे क्या .

दी-: मतलब नहीं तो

में-: रस्ते में मेरे दो ाशे पहाड़ क्यों चुभ रहे थे

di-:chup पागल कुछ भी बोलता ह

में-: अब गलत क्या बोलै

दी-: चुप हो जा मम्मी सुन लेगी तो मुझे दिक्कत हो जाएगी

फिर में चुप हो गया और बस आ गयी बड़ी मम्मी को मेने बस में बिठाया और पूनम दी ने बड़ी मम्मी को बोलै की में चिप्स लेके आती हु और हम दोनों निचे आ गए

दी-: तुजे पहाड़ चुभ रहे थे न

में-: है दी दो थे

di-:me आके बताती हु तुजे

में- क्या दी पहाड़ क्या

दी-: तू नहीं सुधरेगा बहुत मिस करूंगी तुजे

me-:jldi आ जाना आप

फिर मेने दी को चिप्स दी और उन्हें बस में बिठा के में वह से सहर में घूमने लगा टाइम देखा तो 1 बज चुकी थी में वह से घर निकल गया

घर आते टाइम मुझे 2 बज चुकी थी में वह से सीधा मेरे खेत पर गया और ताल घर में जा क्र बेथ गया

में-: क्या करू यरररर नीता चची को इन पेसो के बारे में नहीं बताया और रूम के बारे में भी नहीं बताता हु ये मेरी सीक्रेट जगह रहेगी जहा में बहुत कुछ क्र सकता हु जैसे किसी की चुदाई करूंगा तो वह रेखा भाभी को रख सकता हु मगर बस रत को अकेले कैसे रहेगी वो यहाँ ये तो मेने सोचा भी नहीं वो यहाँ अकेली तो रह नहीं सकती दर जाएगी यहाँ तो वह

अब क्या करू मेरा तो सारा प्लान ख़राब हो जायेगा अगर आशा हो गया तो क्या करू कजरी से बात करता हु सायद वो कुछ हल निकले इसका मुझे किसी का भी भरोसा नहीं करना ह यहाँ कजरी को पहले में अजमाऊँगा फिर उस पर ट्रस्ट करता हु

विभु कुछ सोच क्र वह से निकला और जंगल की तरफ चल दिया कुछ ढूंढने

विभु-: वो जो नक्शा वो लोग धुंध रहे थे वो कहा होगा मुझे मिल जाये तो में उनको और कमजोर कर सकता

इतने में नीता चहकी का कॉल आया विभु ने देखा और उतःया नहीं बाद में बात करेगा ये सोच क्र वो निकल गया उस जंगल में और अनादर

बाबा-:( आओ बीटा तेरा hi इंतजार हे आ जाओ)

विभु वह से सीधा खण्डार से आएगी चला गया वो इतना अंदर पहली बार गया था तभी उसे वह बेप के पास एक तपस्वी दिखा जो अपनी तपस्या में मगन था विभु ने उसके पास गया और उसके पैर छू क्र आशीर्वाद लिया

बाबा-: आओ बीटा सदा खुस रहो जो मानगो वो तुजे मिल जाये

baba-:aao बैठो मेरे पास

विभु बाबा के पास बेथ गया

बाबा -: बीटा इधर जंगल में क्यों आये हो

विभु-: बाबा वो में घूमते हुवे आ गया

बाबा-: बीटा तूने मुझे पहचान नहीं

विभु-: नहीं बाबा कोण हो आप मुझे यद् नहीं आ रहा ह

बाबा-: बीटा यद् क्र तूने मुझे एक सहर में मरने से बचाया था रोड पर

विभु-: है बाबा यद् आया आप व्ही हो क्या .बाबा-: है बीटा

विभु-: वो बाबा में भूल गया था कैसे हो बाबा आप यहाँ कैसे ( विभु ने फिर दिमाग पर जोर देखे सोचा तो उसे यद् आ गया की यही बाबा थे क्योकि उसने जिसको बचाया था उनके मुँह पर भी एक बड़ा टिल था और उनके बह वही एक टिल हे )

बाबा-: बीटा में तपस्वी हु हम जंगल में hi रहते हे

विभु-: बाबा यहाँ से कुछ दूर हमारा गांव हे आप चलो

बाबा-; नहीं बीटा अभी नहीं मेरी ये तपस्या पूरी हो जाये फिर में आऊंगा .

विभु-: जी बाबा आप जरूर आना

बाबा-: बीटा मुझे ये कुछ मिला ह तेरे सायद काम आ जाये

विभु ने देखा तो वो एक लिफाफा था उसने खोल क्र देखा तो एक नक्शा था और उस पर कुछ एड्रेस लिखा था

विभु--: बाबा में यही ढूंढने आया था

बाबा-: मिल गया बैठा अब जा तेरा सारा काम सही होगा ये मेरा आशीर्वाद हे

विभु-: जी बाबा

विभु बाबा के पैर चुने लगा और जैसे hi बाबा ने विभु के सर पर हाथ रखा विभु क्र सरीर में एक बार टंकक जैसा मतलब सरीर me(jhurjhuri) हुई

बाबा-: बीटा जा और मेरी एक बात का अच्छे से दयँ रखना

विभु-: जी बाबा

बाबा-: बीटा इस दुनिया में कोई किसी का नहीं होता ह और खास क्र वो जो तुजे अपना बोलते हे मगर अपना नहीं मानते

विभु-: मतलब बाबा

बाबा-: में सब जनता हु तू क्या करता ह तू ठाकुर और तेरे जो परिवार के लोग ह जो तेरे परिवार के पीछे पड़े हे तू उनसे अकेला hi भिड़ने जा रहा ह मेरा आशीर्वाद सदा तेरे साथ ह

विभु-:( बाबा को ये सब कैसे पता) जी बाबा जी आपका आशीर्वाद मिल गया

बाबा-: बीटा सुन तू अपनी कुछ भी बाटे किसी और को मत बताया क्र लोग तेरा फायदा उठा लेंगे

विभु-: जी बाबा अब किसी को कुछ नहीं बोलूंगा जो करना ह मुझे करना ह

बाबा-: जा बीटा जा अब अपना दयँ रखना और है मेरी बात हमेसा यद् रखना किसी को भी कुछ नहीं मत बताना

विभु-: बाबा फिर में अकेला रह जाऊंगा अगर में किसी को कुछ न बोलूंगा तो

बाबा-: बीटा तेरा साथ जो देंगे उनको तू खुद सब बता देगा और जो तेरे खिलाफ हे उनके साणे तू कुछ बता नहीं पायेगा जा अब और है इस लिफाफे को पूरा खोल क्र देख लेना एक बार

विभु ने बाबा के एक. बार और पैर छू क्र वो लिफाफा लिया और वापस खेत पर आ गया और निचे तक घर में जा क्र उस लिफाफे का अच्छे से देखा और गोदरेज हटा क्र सीक्रेट घर में चला गया और लिफाफे को छुपा क्र वापस बहार आ गया

विभु-: बाबा सब जानते हे जरूर उन्होंने मुझे कुछ बोलै तो मेरा hi फायदा ह में अब कुछ भी करू किसी को कुछ नहीं बोलणा मगर उन्होंने ये क्यों बोलै की जिसको बताना ह उसको तू बता देगा और जिसको नहीं बताना ह उसे तू नहीं बता पायेगा फिर भी मेरी बातो को दयँ रखना विभु थी सोच रहा था और उसने लास्ट में यही सोचा की अब किसी को कुछ नहीं बताएगा ..

उसने उस लिफाफे में देखा तो वह कुछ रखा था उसने लिफाफे को पूरा खोल दिया और देखा तो उसके ाडणार एक पर्ची चिपली थी उसने उसे निकल क्र देखा और पड़ने लगा

(((((ठाकुर ने किसी का बहुत पैसा और अफीम लुटा था वो बनकर तू उनसे बदलाबले सकता ह ))))


फिर वो खेत पर काम करने वाले काका से बात करने लगा

विभु-: काका हरिया काका कहा गए .

रामु काका-: (अपनी बहु को छोड़ने) बीटा वो काम से घर आया हे आता hi होगा

में-: ोकक कुछ काम हो तो बोल देना मुझे

रामु काका-: ोकक

फिर में वह से निकल कर सीधे विक्की के खेत से जहा हरिया काका अपनी बहन पालक को छोड़ते थे वह चला गया मुझे पता था काका और कही नहीं यही आये होंगे

मेने झाड़ियों के पीछे देखा तो सही में काका आज भी पालक भाभी की ले रहे थे


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आज भी बुड्ढा काका जवान बहु को घोड़ी बना के छोड़ रहा था थोड़ी देर में काका का पानी निकल गया और काका ने अपनी धोती पहनी और निकल गए

इधर पालक फिर प्यासी अपनी छूट में उंगली करने लगी

इधर हमारा हीरो ये सब अपने मोबाइल में वीडियो बना रहा था वीडियो बना क्र वो सीधा जहा पालक अपनी प्यास अपनी उंगली से भुजा रही थी वह चला गया

विभु-: भाभी ये आप क्या क्र रही हो

पालक एक डैम से देख क्र दर गयी और अपनी साड़ी निचे कर्ली

विभु-: क्या नाम हे आपका पालक भाभी आप तो अपने ससुर से hi ताका भिड़ा क्र यहाँ रासलीला रचा रही हो

पालक-: कोण हो तुम और ये फालतू बाटे क्या क्र रहे हो

विभु-: भाभी जी ये देखो आपकी रासलीला का पूरा साबुत हे और में चला आपकी सास के पास ये वीडियो लेके

पालक-: (भाभी की सकल रोने जैसी हो gayi)ruko प्ल्ज़ उनको मत बताना आपको क्या चाहिए हम गरीब लोग से

में-: कुछ नहीं भाभी आपके यौवन की प्यास आपके ससुर मीठा नहीं प् रहे तो सोचा में एक्के से मीठा दूंगा

पालक-: मुझे नहीं मिटानी आप जाओ यहाँ से

में-: ok में चला जाता हु भाभी पर मेरे से अच्छा और ईमानदार जो आपकी इज्जत की क़द्र करे वो लड़का आपको पुरे गांव में नहीं मिलेगा ो ऊपर से आपको बदनाम क्र देगा में ये वीडियो देलेट क्र देता हु जाओ आप जिओ अपनी जिंदगी में किसी को कुछ नहीं बोलूंगा पर है मेरे बारे में अपने इसी ससुर से पूछ लेना की विभु पटेल केसा हे

फिर विभु वह से निकल गया अपनी बुलेट लेके और पालक भाभी ने अपनी पंतय उठायी और पहन क्र वह से निकल क्र चली गयी

रस्ते में चलते हुवे भाभी सोच रही थी

पालक भाभी-: (मन में) ये कोण था क्या नाम था इसने है विभु पटेल और ये आशा क्यों बोलै की मेरे ससुर से पूछ लेना ह और इसमें मेरा फायदा भी नहीं उतःया और वीडियो देलेट क्र दिया बाबूजी से पूछना पड़ेगा ये कोण था आखिर

यही सब सोचते हुवे पालक चली गयी अपनी सास के पास और काम करने लगी

इधर विभु पालक भाभी की चुदाई उसके ससुर से देख रहा था उधर उसकी माँ और सुमन घर आ गए घर आ क्र उसकी माँ तै के पास गयी और चाबी ले क्र आ गयी

सुमन-: माँ आप जाओ में पूजा से मिल क्र आती हु उसकी तबियत ख़राब थी न

माया -: अरे घर में तो चल थोड़ी देर बाद चली जाना

सुमन-: आप चलो में अभी आयी

माँ-: ये आज कल की लड़किया भी न ..


विभु की माँ अंदर चली गयी और सुमन पूजा के घर में वह हल में पूजा की न बैठी थी

सुमन-: hello ौंटी किसी हो आप

पूजा- की माँ-: सुमन बेटी आ गयी तू कब आयी बीटा

सुमन-: वो में अभी जस्ट आयी हु कहा ह पूजा

पूजा की माँ-: अपने रूम में हे चली जा

सुमन वह से धीरे से गयी और देखा पूजा कुछ क्र रही ह उसने गेट खोला और जेक पूजा की आँखों पर अपने हाथ रख दिया

पूजा-: आ गयी तू मुझे तेरा hi इंतजार था मेरी जान

सुमन-: कैसे पहचाना

पूजा-: ये हाथ तेरे से ज्यादा मेरे हाथ में रहे हे कैसे न पहचानू

पूजा ने सुमन को गले लगा लिया

pooja-:jan बहुत दिन हो गए तेरी झप्पी लिए

सुमन-: तेरे और उसका यही हे क्या ह मुजमे जो तुम दोनों मेरी झप्पी लेते रहते हो


पूजा-: पूछ मत मेरी जान तेरी झप्पी मिल जाती ह तो दिल के सरे गम निकल जाते हे और दिन भी अच्छा जाता ह

सुमन-: वो सब चोर और तूने उनको झप्पी दी या न रोज

पूजा-; रोज दी और रत को तो फिर से सब कुछ दे दिया

सुमन-: मतलब फिर से

पूजा-: हा मेरी जान

सुमन-: कितनी बार करवाया हे अब तूने

पूजा-: बस कल रत को

सुमन-: ओह्ह्ह्ह तभी बोलू मेरी गुड़िया का चेहरा इतना चमक क्यों रहा ह

पूजा-: जान वो भी तेरे रूम में तेरे बीएड पर

सुमन-: सच्ची

पूजा-: जा क्र देख लेना बस तेरी कमी थी

सुमन-: तू थी न फिर मेरी क्या कमी थी

पूजा-: हम्म और तेरे तकिये के निचे देखना मेरा कुछ सामान रखा ह वह

सुमन-: ठीक ह बाबा

पूजा-: और है बीएड शीट बदल लेना बहुत गन्दी हो गयी ह तीन बार तो मेरा पानी निकला और एक बार उनका सब तेरे बीएड पर

सुमन-: है वो में धो दूंगी मगर उनका पानी बीएड पर कैसे उन्होंने तो तेरे अंदर डाला होगा न

पूजा-: नहीं जान उन्होंने मेरे कूल्हों पर डाला ह और बोले की में रिस्क नहीं ले सकता

सुमन-: हा समझी अब किसी ह हालत तेरी

पूजा-; आज ठीक ह पहली बार तो बहुत ख़राब थी दूसरी बार में इतनी नहीं


-

सुमन: है अब तो मज़ा आया होगा तुजे

पूजा-: जब अब तू भी करले कितने दिन और रुकेगी

सुमन-: अभी टाइम नहीं आया हे

पूजा-: कब आएगा तेरा टाइम

सुमन-: कल

पूजा-: मतलब कल तू

सुमन-: नहीं रे पागल कल मेरा पीरियड (टाइम) आने वाला ह

पूजा-: पागल कही की में उस टाइम का नहीं पूछ रही हु

सुमं-: वो टाइम भी आएगा पर अभी नहीं बहुत जल्दी आ जायेगा और जब भी आएगा तुजे बता दूंगी की आज टाइम आने वाला ह

पूजा-: है उस दिन का तेरे से ज्यादा मुझे इंतजार हे

सुमन-; ाक्ष्हा


पूजा-: हआ जननं

सुमन-: ोकक जान अब में चलती हु माँ मेरे कमरे में न चली जाये फिर मिलती हु

पूजा-: हआ जान में आती हु कुछ देर में वही

फिर सुमन वह से सीधा घर आयी और अपने कमरे में चली गयी और वह जेक देखा तो उसके बीएड की तो हालत ख़राब थी


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जगह जगह दोनों के पानी के डेग लगे थे चद्दर भी ाशे hi रखी थी

पूजा ने आ क्र गेट लगाया और बीएड पर जेक तकिये के निचे देखा तो वह एक ब्रा पड़ी थी

सुमन-: कामिनी अपनी ब्रा यहाँ चोर गयी

सुमन में ब्रा अलमारी के दर्ज में रखी और बीएड शीट निकल क्र दूसरी बीएड शीट दाल दी और पुराणी वाली बीएड शीट लेके बाथरूम में जाने लगी तभी उसकी माँ ने डेल्ह लिया

माया-: सुमन अभी आयी ह और बेडशीट क्यों धो रही ह

सुमन-: वो माँ इस और धूल लग गयी तो मेने दूसरी बिछा ली ह

माया-: आज कल की लड़किया भी न थोड़ी सी धूल लगी की धोने लग गयी

सुमन-:( अब क्या बोलो न में आपको आपके बेटे ने मेरी जान मेरी सौतन के साथ यहाँ सुहागरात मनाई जिससे ये बेडशीट गन्दी हो गयी अब मुझे hi साफ करना ह न ) पूजा उस क्र अंदर चली गयी

उसने वो बीएड शीट पानी में गाला दी और अपने रूम में जा क्र अपने रूम को साफ किया और निचे चली गयी

इधर विभु पालक भाभी से बोल क्र और वीडियो देलेट करके घर को निकल गया घर आया तो गेट खुला था मतलब समझ गया की उसकी माँ और बहन आ चुकी हे

वो बाइक कड़ी करके अंदर गया और माँ से मिला और उसकी जान भी वही बैठी थी

विभु-: माँ चाय बना दो न

माँ-: है बेथ में सोच रही थी अभी लायी

उसकी माँ गयी और विभु सुमन सोफे पे बैठी थी उसकी गॉड में सर रख क्र सो गया


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Suman-:(Vibhu के सर पर हाथ फेरते हुवे) कैसे हो आप

विभु -: ठीक हु जान तू किसी ह

सुमन-: आपके बिना अच्छा नहीं लग रहा था तो आ गयी में आपके पास

विभु-: और मुझे तेरे बिना जाना

सुमन-: आपने टाइम से खाना तो खाया न की ाशे hi घूमते रहे

VIbhu-:khaya हे जान

सुमन ने निचे झुकबकर विभु के माथे को चुम लिया


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जिससे विभु को अच्छा लगा उसकी आँखे बाद थी फिर सुमन विभु को ाशे hi गॉड में सुला रहने दिया और बेथ क्र टीवी देखने लगी उसे पता था की माँ चाय लेके कभी भी आ सकती ह इधर उस बाबा से मिलने के बाद विभु को एक झुरझुरी हुई थी उस समय से विभु का सर दर्द हो रहा था जिससे वो अपनी जान की गॉड में सर रख कर आंखे बंद की और उसे नींद आ गयी

माया-: उठ जा अब ो चाय पिले

सुमन-: सोने दो न माँ सो गया सायद ये

माँ-: तो फिर चाय क्यों बनवायी

सुमन-: आप रख दो जब उठ जायेगा में बना क्र पीला दूंगी

माँ-: ok में जा रही हु सोने तुम बैठो

फिर उसकी माँ चली गयी और इधर सुमन विभु के सर पर हाथ फेरते हुवे टीवी देखने लगी

इधर मनीषा भाभी आज बहुत खुश थी उसे पता था की आज विभु उसे जरूर चौड़ाई करेगा वो रसोई में काम करने लगी जल्दी जल्दी

इधर शाम के टाइम पूजा के घर में उसके पापा आये और उसकी माँ से बोले

किशोर-: मुझे कुछ दिन के लिए बहार जाना हे काम करने में जा रहा हु

गुड्डी-: मगर अचानक क्यों

किशोर-: मुझे अच्छा काम मिल गया ह में जल्दी वापस आ जाऊंगा

गुड्डी-: वो बेटे और बहु को तो आ जाने दो

किशोर-: मेरे पास इतना टाइम नहीं ह पूजा कहा ह

पूजा-: में यही हु पापा आप कहा जा रहे हो

किशोर-: में काम से जा रहा हु वापस जल्दी आ जाऊंगा

पूजा-: ठीक ह पापा

गुड्डी+: पूजा तू चाय बना दे इतने में इनके कपड़े पैकिंग करती हु

फिर किशोर और गुड्डी रूम में गए और पूजा रसोई में चाय बनाए चली गयी

गुड्डी-: कहा जा रहे हो आप और आज कल आप बहुत टेंशन में रहते हो क्या करते हो आप

किशोर-: कुछ नहीं मुझे काम की चिंता थी जो अब मुझे मिल गया ह

गुड्डी-: अपना दयँ रखना

किशोर-: ये ले मोबाइल यहाँ घर पर रखना कुछ काम हो तो मुझे कॉल क्र देना

गुड्डी-; ठीक ह

फिर दोनों ने कपडे पैक किये और इतने पूजा ने चाय बना दी चाय पि क्र पूजा के पापा वह से निकल गया

किशोर-: है में घर से निकल गया हु जाना कहा ह

चौधरी-: गांव से बहार एक कार कड़ी हे रेड कलर की उसने बेथ जाना वो पंहुचा देगी

फिर पूजा के पापा उस कार में जा क्र बेथ गए और वो कार चल दी अपने रस्ते पर


पूजा के पापा के निकलने के बाद पूजा भी सुमन के पास जाने का बोल क्र सुमन के घर में आ गयी और जैसे hi वो गेट के अंदर आयी उसने देखा की सुमन टीवी देख रही ह और विभु उसकी गॉड में सर रख क्र सोया ह

पूजा धीरे से सुमन के पास आयी और उसके काम में बोली

pooja-kya बात ह जान गोदी में hi सुला लिया सो रहे की ाशे hi सोये हे

सुमन-: इनको नींद आ गयी आ तू बेथ न

पूजा भी सुमन के पास बेथ आगयी और विभु के सर पर हाथ फेरते हुवे दोनों उसे देखने लगी और फिर टीवी देखने लगी

इधर विभु के पापा और उसके दोनों भाई फेक्ट्री पर को काम चल रहा था उसे देख रहे थे

((((विमल-: विभु के पापा

विनय-: बड़े पापा

संजय-: चहका )))

विनय-: दिलीप तू अब घर चला जा यहाँ अब काम का लोड कम हो गया ह और वैसे तेरी माँ भी मायके गयी ह घर पे बहु और प्रिय अकेली होगी

संजय चाचा-: है बीटा तू कल चले जाना वह विभु अकेला ह वो स्च्होल भी जाता ह और खेत भी देखता ह तू वह जा क्र खेत का काम संभाल लेना

दिलीप भैया-: ठीक ह पापा कल चला जाऊंगा में

विमल-: वो सन्ति उस दिन के बाद आयी नहीं यहाँ क्या बात ह

विनय-: है में भी कल सोच रहा था ठाकुर फिर कुछ नयी चल तो नहीं चल रहा

संजय-: नहीं अब वो कुछ नहीं करेगा मुझे दर उस विष्णु का ह वो सुरु से hi हमें कुछ न कुछ नुकसान पंहुचा रहा ह

दिलीप भैया-: वो अब कुछ नहीं कर पाएंगे

विनय-: है मुझे भी आशा hi लगता ह फिर भी हमें अब साबधान रहना पड़ेगा तू वह सबका दयँ रखना और है विभु का भी

दिलीप भैया-: आप वो चिंता मत करो में सब संभाल लूंगा वह

फिर वो सब बाटे करते रहे


इधर ठाकुर के घर पर आपको मालूम हो पिछले अपडेट में सिमरन और उसके बाप ने कुछ प्लान बनाया था जबसे ठाकुर की जेब में वो पेंटी मिली थी सिमरन की मगर ठाकुर को तो ये भी पता नहीं था ठाकुर इन सब चीज़ो से अंजाज था सिमरन का बाप उसकी फेमेली के साथ चला गया था अपनी बेटी को बिना चोदे hi

सिमरन -: पापा ने बोलै था उस समय तो मेने मन बोल दिया अब वो ाशे hi चले गए हे नाराज होंगे एक बार करवा लेना था कोई नहीं देखता बेचारे पापा

मगर वो ससुर जी का क्या करू क्या सुच में मेरी पेंटी उनकी जेब से निकली मगर पापा मुझसे झूट नहीं बोलते तो निकली होगी अगर आशा ह तो में अब जशवंत के लिए साडी छूट का जुगाड़ न करके केवल मेरी एक छूट पापा को देदू पापा के निचे आ जाऊ कैसे भी करके तो ये जायदाद क्या पापा ये गांव मेरे नाम क्र देंगे

मेरे पति देव भूल जाओ अब रानी को में वह क्यों रिस्क लू में तो चली आपके पापा के पास अपनी छूट लेके अब व्ही मेरा सारा काम क्र देंगे

इधर दूसरे कमरे में वैशाली अपने पति को खाना खिला रही थी उसे उम्मीद थी की उसका पति ठीक हो जायेगा उसका लुंड फिर से खड़ा हो जायेगा विक्रम भी उसको गली दे रहा था जिसने उसकी ये हालत की हे

वैशाली-: आप कब जाओगे डॉ. को बताने

विक्रम-: आज शाम को जाता हु

वैशाली--: है जल्दी जाओ न मेरे से अब सबर नहीं हो रहा ह आपने जो आदत डाली ह वो मुझे hi अब मर रही ह मेरे खुजली बंद नहीं हो रही ह और ऊपर से मुझे गरम करने की गोलिया भी देते थे जिससे मेरी आग अब बाद रही ह

विक्रम-: अब तू वो गोलिया बंद क्र दे

वैशाली-: मेने क्र दी हे मगर अब उनका असर हो गया ह अब कैसे कण्ट्रोल कृ कल सगाई में भी मेरा पानी बहता हुआ निचे आ गया था ..विक्रम-: में आज डॉ. को बता के आता हु

और ठाकुर ठकुराइन की छूट की चुदाई कर रहा था कजरी रसोई में काम कर रही थी

रमा जिसकी कल सगाई हुई ह वो अपने मंगेतर से बाटे क्र रही थी और रानी अपने रूम में बेथ क्र टीवी देख रही थी

पुरे घर में हर कोई बिजी था केवल 1 को चोर के वो था ठाकुर का छोटा बीटा जसवंत उसने अपनी पत्नी सिमरन से जबबसे सुना ह की वो उसे उसकी दोनों बहनो और भाभी वैशाली की छूट दिलाएगी तब से वो सपने देखने लगा था की उसे तो अब सबकी छूट मिल जाएगी मगर उसे पता नहीं था की उसकी बीवी अब खुद अपनी छूट लेके उसके पापा के पास जाएगी

उसे उस लिफाफे की भी टेंशन थी वो लिफाफा अभी तक उसे मिला नहीं था उसकी चिंता अलग थी उसे उसने बहुत कोसिस की मगर वो लिफाफा उसे नहीं मिला

ठाकुर भी ईसिस में लगा था


इधर विभु अच्छे से 2 घंटे से सुमन की गॉड में सोया था उसकी नींद खुली तो देखा वो अभी भी सुमन की गॉड में सोया ह और उसके पास पूजा भी बैठी थी दोनों टीवी डेल्ह रही थी विभु उठ गया

विभु-: मुझे उठा देना. था में कमरे में जा क्र सो जाता

सुमन-: कोई नहीं अब आपको अच्छे से नींद आ गयी तो मेने नहीं उतःया

सुमन ने अपना पैर सीधा किया 2 घंटे से वो ाशे hi बैठी थी जिससे उसका पैर सुन्न हो गया था और हल्का सा दर्द करने लगा मगर उसने विभु को ये पता नहीं लगने दिया

पूजा-: में भी यही हु आप भाई बहन का प्यार हो गया हो तो मुझे भी यद् करलो

विभु-: तू कब आयी

पूजा-: जब आप मेरी सहेली की गॉड में सोये थे

विभु-: अब आ गयी तो जा मेरे लिए एक चाय बना अच्छी मेरा सर दर्द क्र रहा था तो में सो गया

पूजा-: जी हुकुम आका अभी आया

फिर तीनो हंसने लगे और विभु ने सुमन को गले लगा लिया

सुमन-: आखिर लेली जादू की झप्पी

विभु-: इसके बिना तो मेरा दिन नहीं निकलता

सुमन-: जाना

विभु-: है जान

सुमन-: ी लव ु 😘

विभु -: लव ु 2 जान अब आप भी जा क्र सो जाओ

पूजा आ जाये फिर हम कमरे में जाते हे आप भी फ्रेश हो जाओ मुझे फिर आपसे बात करना ह

विभु-: ok जान

फिर पूजा चाय लेके आयी और चाय पि हम सब ने और पूजा ने जाकर बर्तन साफ करके आ गयी फिर इतने में अपने कमरे में आ गया वो दोनों भी सुमन के कमरे में आ गए

सुमन-: मेरे बीएड की क्या हालत की तुमने

पूजा-: वो तो उनसे पूछो

सुमन-: उन्होंने तुजे यहाँ लेक क्यों किया

पूजा-: उन्होंने नहीं में उन्हें यहाँ लेके आयी

सुमन-: वो मतलब तू लेके आयी

पूजा-: और मेरा गिफ्ट देखा तूने जो तकिये के निचे था

सुमन-: है देखा ह ले जा अब उसे

पूजा-: नहीं वो मेरा गिफ्ट ह तुजे अब से तू पहनना

सुमन-: मैडम जी आपकी साइज देखो और मेरी साइज वो मुझे टाइट लगेगी

पूजा-: मेरे थोड़ी बोलै ठइन्हि दबा दबा क्र बड़ा करने का

सुमन-: अब ये तो हो गए मेने कुछ नहीं किया हे

पूजा-: फिर भी अब्वो तुहि पहनना

सुमन-: ोकक कोसिस करूंगी

पूजा-: है जब पहली बार अपने जान की पास अपनी ये रामप्यारी देने जाये तब पहन लेना

सुमन-: ok जैसी तेरी मर्जी

फिर दोनों बीएड पर सो गयी एक hi चद्दर में


और इधर विभु घर से फ्रेश हो क्र अपने खेत चला गया वह जा क्र उसने अपना मोबाइल निकला और नीता चहकी. को कॉल किया कुछ देर बाद करने के बाद उसने कॉल कट किया और धीरज भाभी से भी बात की निधि से ज्योति से सबसे बात करके उसे कुछ यद् आया और वो वापस जंगल में गया उसी जगह मगर वो बाबा वह नहीं मिले तो वो वापस आ गया

आकर उसने सोचा आज तो सब हे सलोनी भाबी- से कैसे मिलूंगा फिर उसने सोचा की रत को लेट तक में उन्हें ऊपर भुला लूंगा अगर मर्जी हुई तो आएगी hi

फिर विभु ने खेत का काम देखा इसमें उसे शाम की 6 बजने लगी वो वह से सीधा मनीषा भाभी के घर गया और जाते hi उसने आशा देखा जो वो नहीं देखना चाहता था
 
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