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अपडेट 82
में और धापू उसे छेद से देखने लगे वो तीनो एक दूसरे को देख रहे थे
राकेश-: भोसड़ी को मेने तुम दोनों को यहाँ भुलाया उस लोंड़िया के मजे लेने के लिए और तुम मुझे hi भगा रहे थे
वैभव-: लवडे तूने मुझे मारा उस लड़की के लिए अब तू रुक
भारत सिंह-: राकेश अब देख तू
फिर दोनों ने मिलकर राकेश को मरने लगे राकेश भी दोनों को मरता बिच बिच ने और इसी तरह वो तीनो hi आपस में लड़ते रहे जब राकेश की हालत ख़राब हो गयी तो वो जान बचा कर भाग गया
वैभव और भारत सिंह की भी हालत ख़राब हो गयी थी वो दोनों भी लंगड़ाते हुवे वह से निकल गए इधर उड़ छेद से जब चालू आगे होक देख रही थी तभी में उसके पीछे खड़ा था मेरा बाबूराव को धापू की गांड की मादक खुशबु आ रही थी मेरा लुंड धीरे धीरे खड़ा हो गया था जो सीधा धापू की बड़ी गांड जे छेद में घुस रहा था तभी वो लड़के वह से चले गए और में आशा hi खड़ा रहा
धापू-; आप नहीं आते तो ये लोग आज मेरे साथ पता नहीं क्या करते
में-: मेरे होते हुवे जो मेरा ह उसे कोई हाथ नहीं लगा सकता
धापू-: लव ु विभु
में/: लव ु 2
धापू-; मुझे कुछ चुभ रहा ह पीछे हाथो न .
में-; हम्म्म
फिर में पीछे हुआ और अँधेरे में कुछ दिख नहीं रहा था इस लिए मेने अपने लुंड को एडजस्ट किया और हम बहार आ गए
में-; ये बात अब तुम किसी से बताना मत वो लड़के अब तुजे कभी परेशान नहीं करेंगे
धापू-: ठीक ह जान ये आपने अच्छा किया इसमें हम दोनों पर कोई शक नहीं करेगा और वो समझने लगे की उन तीनो ने hi खुद का काम बिगड़ लिया
में-; ओह्ह कोनसा काम मेरी रानी
धापू-: पता नहीं मुझे आपसे एक बात करना ह
में-: बोलो
धापू रुक गयी और मुझे अपनी तरह पलटा कर मेरे होठो पर अपने छोटे से होठ दिए और होल होल किश करने लगी
में भी इस जवान होती घोड़ी के होठो को चूसने लगा अब मेरे हाथ उसके गांड के कूल्हों को जोर से दबा दबा कर किश करने लगा
में किश करने में बिजी था की मुझे किसी के आने की आहात हुई मेने किश तोड़ कर धापू को लेके एक झाड़ के पीछे चुप गया
मेने देखा की वही लड़के फिर आ गए थे
भारत सिंह-: वो लड़की कहा गयी भाग गयी क्या
वैभव-; है उस लवडे ने सारा खेल बिगड़ दिया वार्ना उस नए मॉल की सील खोलने का मजा आ जाता
भारत-: है अब क्या कर सकते ह चल फिर कभी हाथ में लेंगे उसे अभी तो घर जाते ह सरीर दर्द कर रहा ह पूरा
फिर वो दोनों आगे बाद गए
में-; धापू तुम जाओ घर में आया कुछ देर में
धापू-: दयँ रखना अपना कल मिलोगे न
में-: नहीं में 2 दिन के लिए मां के वह जा रहा हु
धापू-: ोकक
फिर वो चली गयी में भी उसके पीछे पीछे जाने लगा और अब हम दोनों गांव में आ गए धापू आज बहुत खुस थी वो अपने घर चली गयी और में वह से मनीषा भाभी के घर के पास तबेले में
में भाभी का वेट करने लगा कल का टाइम होने में अभी 10 मिनिट बाकि थे में मोबाइल निकल कर देखने लगा
में मोबाइल में खोया था टाइम देखा तो 10 मिनिट ऊपर हो गए अभी तक मनीषा भाभी आयी नहीं थी
मेने उनके मोबाइल पर कॉल किया पर मोबाइल बंद था मुझे गुस्सा आने लगा अब आधे घंटे ऊपर हो गया भाभी अभी तक नहीं आयी थी मेने फिर कॉल किया पर फिर भी नहीं आयी मेने कुछ देर और वेट किया पर अब भी नहीं आयी मुझे वह 1 घंटे से ज्यादा हो गया था मेरा लुंड भाभी की लेने की सोच कर hi खड़ा था
में-: भाभी आशा क्यों किया आपने आप बहुत ख़राब हो अब देखो में आपके साथ क्या करता हु हमेशा यद् रखोगी मुझे
में वह से निकल कर घर आ गया टाइम देखा तो 10 बज चुकी थी मेरा लुंड फूटने वाला था अब तो पूजा hi आखिरी उम्मीद थी जो इस लुंड को संत कर सके आज वैसे भी उसने आने का बोलै ह वो जरूर आएगी मुझे मिलने छोड़ न सकू पर लुंड तो चूस कर संत कर hi देगी वो
में घर आया और मोबाइल निकल कर पारो से बात करने लगा
पारो-; ओह्ह्ह राजा जी को आखिर मेरी यद् hi गयी
में-; जिसके चुके इतने मस्त और कठोर ह उसे कोण यद् नहीं करेगा
पारो-; ओह्ह्ह आशा ह क्या मुझे तो नहीं लगता की मेरे चुके इतने मस्त ह
में-: आपको क्या लगेगा सामने वाले की जान निकल जाती ह इन्हे देख कर
पारो-: होगा मुझे नहीं लगता
में-: वो सब चोरो मुझे आपकी गांड की पिछ भेजो न देखु तो सही की जिसके चुके ाशे हे उसकी गांड किसी होगी
पारो-: ओह्ह्ह्ह गांड देखना ह मरना नहीं
में-; मौका मिला तो मर भी लेंगे फ़िलहाल तो गांड का फोटो भेजो
पारो-: कपडे के ऊपर से की नंगी
में-: दोनों फोटो भेजो
me-;waw क्या दृश्य हे काश में वह होता एक बार चुम लेता इन कूल्हों को
पारो-: बड़े आये चूमने वाले
me-
aro तेरी गांड तो बड़ी hi सेक्सी ह कैसे किया इतनी सेक्सी इसे कातिलाना गांड को
पारो-: ये तो बस मेरे सरीर के हिसाब से हो गयी
में-: तुम्हारे पति को तो मजा hi आ गया होगा इतनी मस्त गांड और चुके वाली औरत जो मिली ह
paro-
ghanta )है वो तो ह
में-: हमें कब मौका दे रही हो इस गांड की दरार में मेरा लुंड डालने का
पारो-: जल्दी hi दूंगी इंतजार करो फल मीठा मिलेगा
में-; फिर तो करना हो होगा सबर
पारो-: में कल बात करती हु ब्यय
में-: अपनी गांड की नंगी फोटो तो देदो
पारो-: सो जाओ अब
फिर कुछ देर तक कुछ आया नहीं और मेने मोबाइल साइड में रख दिया तभी मेरा मोबाइल बजा मेने मोबाइल में देखा पारो का मस्सगे था मेने खोल कर देखा तो मेरी आँखे वही जैम गयी सामने का नजारा hi आशा था
मेरे सामने पारो ने एक फोटो भेजा था जिसमे वो घोड़ी बानी हुई ह वो उसकी छूट और गांड का छेद मुझे पूरी तरह से देख रहा था
पारो की छूट देख कर लग रहा था की ज्यादा नहीं मरी गयी ह और मरी भी गयी ह तो छोटे से लुंड से मतलब ये मॉल भी बड़ी प्यासी ह मज़ा आएगा एक बार पता तो चले की ये कोण ह फिर देख तेरी ये कातिलाना गांड का छेद भी छोड़ा हो जायेगा पर तू हे कोण कैसे पता करू
तभी मेरा दयँ टाइम पर गया 11:30 बज चुकी थी मतलब पूजा तो आके चली गयी होगी ऊपर से मेने दयँ क्यों नहीं दिया में कैसे भूल गया में दौड कर ऊपर गया
वह जेक देखा तो ऊपर कोई नहीं था पूजा के घर का गेट लगा था
में-: क्या यरररर पूजा आयी होगी उसने वेट किया होगा पर में पारो के चक्कर में सब भूल गया अब क्या करू चलो निचे
आज मेने सोचा था 2 छूट मिलेगी पर घंटा किस्मत यहाँ तो 1 भी छूट नसीब नहीं हुई पहले भाभी ने धोका दिया अब पूजा आयी होगी पर में लेट हो गया आज मेरे खड़े लुंड पर धोका हो गया इधर लुंड हे की खड़ा का खड़ा hi रहा
में रूम में आ गया और मन मार्के सो गया
सुबह मेरी नींद आज 5 बजे खुली में उठ कर चाय पि कर आज रनिंग पर निकल गया बहुत दिन बाद आज रनिंग पर गया थोड़ा रनिंग करके ने घर आ गया 7 बज चुकी थी
मेने आके नाहा धो कर तैयार हो कर निचे आया 8 बज चुकी थी आज शाम को मुझे मां के घर के लिए निकलना था तो मेने सोचा आज दिन में किसी की जैम कर चुदाई कर लू फिर क्या पता 2 दिन कुछ हो या न हो
में घर से निकलने लगा मेरे लिए जुगाड़ करने लगा अभी तो जुगाड़ काम hi थे 1 तो कजरी और दूसरी देविका और ज्योति या निधि में से कोई मिल जाये मनीषा भाभी का तो no. अब स्पेशल लूंगा मुझे धोका दिया देख अब तू मनीषा
फिर मेने निधि को कॉल किया
में-: hello जान कहा हो
निधि-; घर पर हु
में-; अभी औ क्या बहुत मन हो रहा ह करने का
निधि-: अभी नहीं रत को आना अभी मेरे पेट में दर्द हो रहा ह
में-: कोई नहीं ज्योति कहा ह
निधि-: वो अपने रूम में हे
में-; उसे पूछ फ्री हो तो औ उसे छोड़ने
निधि-: यहाँ तो आ नहीं सकते यहाँ तो अभी पापा ह
में-: ोकक फिर रहने दो बाद में बात करता हु
मेने कॉल रखा और देविका को कॉल किया
में-: hello जान कहा हो
देविका-; घर पर हु
में-; मेरी जान बहुत मन कर रहा ह आजा न अभी
देविका-: ोकक आती हु 1 घंटे में
में-; सुन जंगल में आ जाना
देविका-: हम्म्म अति हु
फिर मेने कॉल कट किया और सोनाली भाभी के पास गया खाना खाने कल से वो सही से मिली नहीं मुझे नाराज हो गयी होगी सायद आज भी मुझे नहीं दिखी आज भी डॉली ने मुझे खाना दिया
में खाना खा कर कजरी के घर गया वो मुझे मिल गयी
में-: किसी ह कजरी अब तू
कजरी-: आ गयी यद् अब आपको मेरी
में-: जानेमन कल आया था 4 बजे टाला लगा था यहाँ
कजरी-: वो कल ठाकुर के वह गयी थी न
में-: तेरी बेतिया कहा ह दोनों
कजरी-: वो मां के यहाँ गयी ह स्कूल की छुट्टी ह न तो
me-
kk कल फिर क्या हुआ
कजरी-:............
कजरी में साडी बात विभु को बता दी जिसे सुन कर विभु खुस हो गया
में-: पागल पंतय वाला गलत किया तूने
कजरी-: क्यों जब ठाकुर की जेब से पंतय निकलेगी तो उस घर में झगड़ा होगा न
में-: वो ठीक ह पर अभी मेरे दिमाग में अलग चल रहा ह में अभी बहार जा रहा हु 2 दिन में आऊंगा तब तक तू और कुछ करके उस ठकुराइन को गरम कर और उस सिमरन की कुंडली भी खोल
कजरी-: ोकक मालिक
में-: मालिक नहीं तू मुझे विभु hi बोलै कर
कजरी-: ठीक ह विभु जी घर पर कोई नहीं ह 1 राउंड हो जाये क्या
me-
muje तो देविका के पास जाना h)abhi नहीं में आके तेरी इस गांड का भी उद्घाटन करता हु
कजरी-; जी महाराज
फिर में कजरी से मिल कर निकल गया खेत की तरफ वह जेक में देविका का वेट करने लगा कुछ देर बाद देविका आयी और जंगल की तरफ निकल गयी में उसके पीछे चल दिया हम दोनों एक जगह जाकर रूल गए
में-: मेरी जान किसी ह तू
devika-:thik हु
में-; ाशे गांड मटका के क्यों चल रही ह
देविका-: आपको दिखने की इसी भी मरना ह आपको
में-: इसको बाद में आज तो चुद की 12 बनाऊंगा
देविका-: है बहुत दिन हो गए लुंड लिए ने जल्दी करो मुझे घर भी जाना ह
में-: ोकक मेरी रानी
फिर मेने देविका को नंगा करके उसकी छूट को 1 बार जैम कर खुले आसमान के निचे मारा हम दोनों थक गए थे देविका अपने कपडे पहने लगी
में-: देविका तुजे एक बात बतानी ह
देविका -: बोलो
में-; ........
मेने देविका को कल धापू के साथ जो उसके भतीजे वैभव और 2 लड़को ने किया वो सब बता दिया
देविका-: आशा ह क्या इसने मेरी जान की जान के साथ आशा किया अब देख में उसे छोड़ने लायक hi नहीं छोडूंगी
में-; और उस मंजू का क्या हुआ
देविका-: 1-2 दिन में कुछ करती हु में भूल गया थी उसका तो
में-: में 2 दिन के लिए मां के वह जा रहा हु इतने तू देख लेना उसको
देविका-: ठीक ह जान
फिर हम दोनों वह से निकल कर बहार आ गए
में अपने खेत आया और दोनों को बता दिया की में 2 दिन से आऊंगा नहीं सब देख लेना फिर में वह से निकल कर घर आ गया फिर मेने टाइम देखा तो 4 बज चुकी थी में वह से बेग लेके तै के घर गया वह सब हल में बैठे थे
में-: तै में मां के वह जा रहा हु ये चाभी घर की
तै-; सोनाली चाभी लेले
सोनाली भाभी चाभी लेने आयी और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे आँख मरी में उन्हें देखने लगा फिर वो हंसने लगी और चाभी लेके चली गयी
में वह से निकल गया बड़ी मम्मी के घर बताने
में-; ये सोनाली भाभी जरूर प्यासी ह इनकी प्यास तो आके भुजता हु
फिर में बड़ी मम्मी के पास गया उनके घर में वह उनसे मिलकर मेने जाने का बोलै मेने मनीषा भाभी को गुस्से में देखा और बहार आ गया मेरे साथ प्रिय दी भी आयी थी
प्रिय-: अपना दयँ रखना डफ्फर
में-; जी दीदी आप अपना रखना
प्रिय-; वापस कब आएगा
में-: 2 दिन में
प्रिय-: ठीक ह आराम से जाना
में-; ोकक दी
फिर में वह से निकल गया और इधर मनीषा भाभी सोचने लगी की ये मुझे गुस्से में क्यों देख रहा ह कही इसे पता तो नहीं चल गया की में नहीं थी रत में इसने किसी और को छोड़ा ह उससे बात करनी होगी उससे
इधर विभु शक को 3.30 बजे अपनी बाइक लेके मां के घर की और निकल गया ह अब में यहाँ आपको विभु के मां के घर माँ पूरा परिचय डबल दे देता हु
फर्स्ट मां की फेमेली
1 मां- विनय पटेल
2 ममी- रोहिणी पटेल
3 बीटा- दीपक पटेल
4 भाभी- दीपिका पटेल
6 बेटी- दीपा पटेल
7 बेटी- दिया पटेल
सेकंड मां की फेमेली
1 मां विकाश पटेल
2 ममी -कामिनी पटेल
3 बीटा- राजेश पटेल
4 भाभी - रजनी पटेल
6 बेटी- नेहा पटेल
7 बेटी- निहारिका पटेल
1 मौसी की फेमेली
1 mosi-padma पटेल
2 मौसा- सत्तू पटेल
3 बीटा- बलराम पटेल
4 भाभी-मयूरी पटेल
5 बेटी- राधा पटेल
6 बेटी - सुनीता पटेल
7 बीटा - हरिओम पटेल
सेकंड मौसी की फेमेली
1 mosi-sangeeta पटेल
2 मौसा- जित्तू पटेल
3 beti-nutan पटेल
4 बेटी- निक्की पटेल
6 बेटी- नैना पटेल
दूसरी मौसी के भी बीटा नहीं ह.
2-3 दिन स्टोरी इन्ही कैरेक्टर के आस पास रहेगी तो एक बार आप वापस ये सबको जान लो की कोण क्या क्या ह किसका नाम क्या ह
में गांव से निकल गया आज मुझे मां के वह जाना था में कोई 45 मिनट्स में सहर आ गया वह जेक मेने एक बार रेखा भाभी से मिलने माँ सोचा में चल दिया उस हॉस्पिटल में जहा रेखा भाभी के हस्बैंड और ननाद एडमिट थे
में वह गया रूम में देखा तो आज तीनो बैठे थे बीएड पर
में-; अब कैसे हो भैया
बलराम भैया मुझे देख मर खुस हो गए और मुझे अपने भुलाया अब में उनके पास गया और जेक बीएड पर बेथ गया
बलराम-: मेने सुना ह कैसे तुमने हम सब को बचाया इसके लिए में तुम्हारा धन्यवाद् कैसे करू
में-: कोई नहीं भैया ये तो मेरी सस्ता ह सबकी मदद करना और आप की तबियत किसी ह अब
बलराम-: अब में ठीक हु 2 दिन में घर आ जाऊंगा
में-: गजर नहीं अब यही रहोगे आप शहर में
बलराम-: पर क्यों
में-: देखो वह वो लोग फिर आप पर हमला कर सकते गए आप यही रह कर काम करो
रेखा-: है मेने इनको बोलै ह की ये दोनों यही रह कर काम करे और मुझे कुछ दिन अपनी मौसी के वह जाना ह
में-: ये तो अच्छा ह न आप वह रहोगी इन दोनों को यही कही रूम में सिफत कर देते ह इनके खर्चे का सारा काम हम देख लेंगे
मेने रखा की तरफ देख कर बोलै उसे पता था की बात को कैसे करना ह पीहू को भी आगे क्या होने वाला ह सब पता था तो वो बोल पड़ी
पीहू-: है भैया भाभी के साथ उन लोगो ने गलत किया ह अब उन्हें कुछ दिन जाने दो आराम करने दो अपनी मौसी के वह और वैसे भी उनको सिलाई सीखनी ह जो मोदी सीखा देगी तो यहाँ आके दुकान खोल लेंगे
बलराम-: ठीक ह तुम बोल रहे हो तो ठीक hi ह और ये अच्छा ह की रेखा सिलाई सिख जाएगी
रेखा-: बस 2-3 महीने की बात ह फिर में वापस आ जाउंगी
बलराम-: ठीक ह कल हॉस्पिटल से छुट्टी हो जाएगी
में-: कल आप 2 दिन और रुको यहाँ तब तक में यहाँ कोई घर देखता हु
रेखा-: है ये ठीक रहेगा
में-; ोकक में चलता हु
रेखा-: मुझे मार्किट से कुछ सामान लाना ह पहले वो लड़ो
में-: ठीक ह चलो
फिर भाभी मेरे साथ बहार आ गयी मेने उनको बाइक पर बिठाया उन्होंने अपने मुँह बढ़ लिया
में-: भाभी सब ठीक hi होगा बस 2 दिन बाद में माकन देख लूंगा मुझे मां के वजा जाना ह
भाभी-: हम्म मुझे पता ह वैसे इनके पैर तो अब कभी काम नहीं करेंगे तो ये काम कैसे करेंगे
में-; इनको काम करने की जरूरत नहीं ह कुछ दिन बीएड रेस्ट करेंगे ये आप अभी 10 दिन यही रुकना फिर में आपको गांव में ले जाऊंगा तब तक आप पीहू को सब समझा देना की भैया की सेवा कैसे करनी ह कोनसी गोली देना ह और खाना बना कर खिलाना ह में आपको 3-5 दिन में यहाँ लेट रहूँगा
रेखा-: वो सब तो ठीक ह विभु पर मुझे सिलाई आती नहीं ह और इनको हमने सिलाई का बोलै ह तो जब में वापस आउंगी तो इनको पता चल जायेगा न
me-:;meri भाभी जी में सब कर दूंगा आप लोड मत लो
भाभी-: ठीक ह आप हो तो कोई चिंता नही
फिर भाभी ने कुछ सामान लिया और में उनको हॉस्पिटल चोर कर मां के घर तरफ निकल गया मेने टाइम देखा तो 5 हो गए थे और मुझे जाने में 2 घंटे लगेंगे
me-
bc मेने रेखा भाभी को बोल तो दिया की सिलाई का में कर लूंगा पर कैसे कोण करे गए ये सब और टाइम कैसे मिलेगा जो होगा देखा जायेगा अभी तो मां के घर पर जाता हु मेरी सुमन मेरा इंतजार कर रही होगी )
दोस्तों अब स्टार्ट होगा असली पारिवारिक धमाका
✔
में और धापू उसे छेद से देखने लगे वो तीनो एक दूसरे को देख रहे थे
राकेश-: भोसड़ी को मेने तुम दोनों को यहाँ भुलाया उस लोंड़िया के मजे लेने के लिए और तुम मुझे hi भगा रहे थे
वैभव-: लवडे तूने मुझे मारा उस लड़की के लिए अब तू रुक
भारत सिंह-: राकेश अब देख तू
फिर दोनों ने मिलकर राकेश को मरने लगे राकेश भी दोनों को मरता बिच बिच ने और इसी तरह वो तीनो hi आपस में लड़ते रहे जब राकेश की हालत ख़राब हो गयी तो वो जान बचा कर भाग गया
वैभव और भारत सिंह की भी हालत ख़राब हो गयी थी वो दोनों भी लंगड़ाते हुवे वह से निकल गए इधर उड़ छेद से जब चालू आगे होक देख रही थी तभी में उसके पीछे खड़ा था मेरा बाबूराव को धापू की गांड की मादक खुशबु आ रही थी मेरा लुंड धीरे धीरे खड़ा हो गया था जो सीधा धापू की बड़ी गांड जे छेद में घुस रहा था तभी वो लड़के वह से चले गए और में आशा hi खड़ा रहा
धापू-; आप नहीं आते तो ये लोग आज मेरे साथ पता नहीं क्या करते
में-: मेरे होते हुवे जो मेरा ह उसे कोई हाथ नहीं लगा सकता
धापू-: लव ु विभु
में/: लव ु 2
धापू-; मुझे कुछ चुभ रहा ह पीछे हाथो न .
में-; हम्म्म
फिर में पीछे हुआ और अँधेरे में कुछ दिख नहीं रहा था इस लिए मेने अपने लुंड को एडजस्ट किया और हम बहार आ गए
में-; ये बात अब तुम किसी से बताना मत वो लड़के अब तुजे कभी परेशान नहीं करेंगे
धापू-: ठीक ह जान ये आपने अच्छा किया इसमें हम दोनों पर कोई शक नहीं करेगा और वो समझने लगे की उन तीनो ने hi खुद का काम बिगड़ लिया
में-; ओह्ह कोनसा काम मेरी रानी
धापू-: पता नहीं मुझे आपसे एक बात करना ह
में-: बोलो
धापू रुक गयी और मुझे अपनी तरह पलटा कर मेरे होठो पर अपने छोटे से होठ दिए और होल होल किश करने लगी
में भी इस जवान होती घोड़ी के होठो को चूसने लगा अब मेरे हाथ उसके गांड के कूल्हों को जोर से दबा दबा कर किश करने लगा
में किश करने में बिजी था की मुझे किसी के आने की आहात हुई मेने किश तोड़ कर धापू को लेके एक झाड़ के पीछे चुप गया
मेने देखा की वही लड़के फिर आ गए थे
भारत सिंह-: वो लड़की कहा गयी भाग गयी क्या
वैभव-; है उस लवडे ने सारा खेल बिगड़ दिया वार्ना उस नए मॉल की सील खोलने का मजा आ जाता
भारत-: है अब क्या कर सकते ह चल फिर कभी हाथ में लेंगे उसे अभी तो घर जाते ह सरीर दर्द कर रहा ह पूरा
फिर वो दोनों आगे बाद गए
में-; धापू तुम जाओ घर में आया कुछ देर में
धापू-: दयँ रखना अपना कल मिलोगे न
में-: नहीं में 2 दिन के लिए मां के वह जा रहा हु
धापू-: ोकक
फिर वो चली गयी में भी उसके पीछे पीछे जाने लगा और अब हम दोनों गांव में आ गए धापू आज बहुत खुस थी वो अपने घर चली गयी और में वह से मनीषा भाभी के घर के पास तबेले में
में भाभी का वेट करने लगा कल का टाइम होने में अभी 10 मिनिट बाकि थे में मोबाइल निकल कर देखने लगा
में मोबाइल में खोया था टाइम देखा तो 10 मिनिट ऊपर हो गए अभी तक मनीषा भाभी आयी नहीं थी
मेने उनके मोबाइल पर कॉल किया पर मोबाइल बंद था मुझे गुस्सा आने लगा अब आधे घंटे ऊपर हो गया भाभी अभी तक नहीं आयी थी मेने फिर कॉल किया पर फिर भी नहीं आयी मेने कुछ देर और वेट किया पर अब भी नहीं आयी मुझे वह 1 घंटे से ज्यादा हो गया था मेरा लुंड भाभी की लेने की सोच कर hi खड़ा था
में-: भाभी आशा क्यों किया आपने आप बहुत ख़राब हो अब देखो में आपके साथ क्या करता हु हमेशा यद् रखोगी मुझे
में वह से निकल कर घर आ गया टाइम देखा तो 10 बज चुकी थी मेरा लुंड फूटने वाला था अब तो पूजा hi आखिरी उम्मीद थी जो इस लुंड को संत कर सके आज वैसे भी उसने आने का बोलै ह वो जरूर आएगी मुझे मिलने छोड़ न सकू पर लुंड तो चूस कर संत कर hi देगी वो
में घर आया और मोबाइल निकल कर पारो से बात करने लगा
पारो-; ओह्ह्ह राजा जी को आखिर मेरी यद् hi गयी
में-; जिसके चुके इतने मस्त और कठोर ह उसे कोण यद् नहीं करेगा
पारो-; ओह्ह्ह आशा ह क्या मुझे तो नहीं लगता की मेरे चुके इतने मस्त ह
में-: आपको क्या लगेगा सामने वाले की जान निकल जाती ह इन्हे देख कर
पारो-: होगा मुझे नहीं लगता
में-: वो सब चोरो मुझे आपकी गांड की पिछ भेजो न देखु तो सही की जिसके चुके ाशे हे उसकी गांड किसी होगी
पारो-: ओह्ह्ह्ह गांड देखना ह मरना नहीं
में-; मौका मिला तो मर भी लेंगे फ़िलहाल तो गांड का फोटो भेजो
पारो-: कपडे के ऊपर से की नंगी
में-: दोनों फोटो भेजो
me-;waw क्या दृश्य हे काश में वह होता एक बार चुम लेता इन कूल्हों को
पारो-: बड़े आये चूमने वाले
me-
पारो-: ये तो बस मेरे सरीर के हिसाब से हो गयी
में-: तुम्हारे पति को तो मजा hi आ गया होगा इतनी मस्त गांड और चुके वाली औरत जो मिली ह
paro-
में-: हमें कब मौका दे रही हो इस गांड की दरार में मेरा लुंड डालने का
पारो-: जल्दी hi दूंगी इंतजार करो फल मीठा मिलेगा
में-; फिर तो करना हो होगा सबर
पारो-: में कल बात करती हु ब्यय
में-: अपनी गांड की नंगी फोटो तो देदो
पारो-: सो जाओ अब
फिर कुछ देर तक कुछ आया नहीं और मेने मोबाइल साइड में रख दिया तभी मेरा मोबाइल बजा मेने मोबाइल में देखा पारो का मस्सगे था मेने खोल कर देखा तो मेरी आँखे वही जैम गयी सामने का नजारा hi आशा था
मेरे सामने पारो ने एक फोटो भेजा था जिसमे वो घोड़ी बानी हुई ह वो उसकी छूट और गांड का छेद मुझे पूरी तरह से देख रहा था
पारो की छूट देख कर लग रहा था की ज्यादा नहीं मरी गयी ह और मरी भी गयी ह तो छोटे से लुंड से मतलब ये मॉल भी बड़ी प्यासी ह मज़ा आएगा एक बार पता तो चले की ये कोण ह फिर देख तेरी ये कातिलाना गांड का छेद भी छोड़ा हो जायेगा पर तू हे कोण कैसे पता करू
तभी मेरा दयँ टाइम पर गया 11:30 बज चुकी थी मतलब पूजा तो आके चली गयी होगी ऊपर से मेने दयँ क्यों नहीं दिया में कैसे भूल गया में दौड कर ऊपर गया
वह जेक देखा तो ऊपर कोई नहीं था पूजा के घर का गेट लगा था
में-: क्या यरररर पूजा आयी होगी उसने वेट किया होगा पर में पारो के चक्कर में सब भूल गया अब क्या करू चलो निचे
आज मेने सोचा था 2 छूट मिलेगी पर घंटा किस्मत यहाँ तो 1 भी छूट नसीब नहीं हुई पहले भाभी ने धोका दिया अब पूजा आयी होगी पर में लेट हो गया आज मेरे खड़े लुंड पर धोका हो गया इधर लुंड हे की खड़ा का खड़ा hi रहा
में रूम में आ गया और मन मार्के सो गया
सुबह मेरी नींद आज 5 बजे खुली में उठ कर चाय पि कर आज रनिंग पर निकल गया बहुत दिन बाद आज रनिंग पर गया थोड़ा रनिंग करके ने घर आ गया 7 बज चुकी थी
मेने आके नाहा धो कर तैयार हो कर निचे आया 8 बज चुकी थी आज शाम को मुझे मां के घर के लिए निकलना था तो मेने सोचा आज दिन में किसी की जैम कर चुदाई कर लू फिर क्या पता 2 दिन कुछ हो या न हो
में घर से निकलने लगा मेरे लिए जुगाड़ करने लगा अभी तो जुगाड़ काम hi थे 1 तो कजरी और दूसरी देविका और ज्योति या निधि में से कोई मिल जाये मनीषा भाभी का तो no. अब स्पेशल लूंगा मुझे धोका दिया देख अब तू मनीषा
फिर मेने निधि को कॉल किया
में-: hello जान कहा हो
निधि-; घर पर हु
में-; अभी औ क्या बहुत मन हो रहा ह करने का
निधि-: अभी नहीं रत को आना अभी मेरे पेट में दर्द हो रहा ह
में-: कोई नहीं ज्योति कहा ह
निधि-: वो अपने रूम में हे
में-; उसे पूछ फ्री हो तो औ उसे छोड़ने
निधि-: यहाँ तो आ नहीं सकते यहाँ तो अभी पापा ह
में-: ोकक फिर रहने दो बाद में बात करता हु
मेने कॉल रखा और देविका को कॉल किया
में-: hello जान कहा हो
देविका-; घर पर हु
में-; मेरी जान बहुत मन कर रहा ह आजा न अभी
देविका-: ोकक आती हु 1 घंटे में
में-; सुन जंगल में आ जाना
देविका-: हम्म्म अति हु
फिर मेने कॉल कट किया और सोनाली भाभी के पास गया खाना खाने कल से वो सही से मिली नहीं मुझे नाराज हो गयी होगी सायद आज भी मुझे नहीं दिखी आज भी डॉली ने मुझे खाना दिया
में खाना खा कर कजरी के घर गया वो मुझे मिल गयी
में-: किसी ह कजरी अब तू
कजरी-: आ गयी यद् अब आपको मेरी
में-: जानेमन कल आया था 4 बजे टाला लगा था यहाँ
कजरी-: वो कल ठाकुर के वह गयी थी न
में-: तेरी बेतिया कहा ह दोनों
कजरी-: वो मां के यहाँ गयी ह स्कूल की छुट्टी ह न तो
me-
कजरी-:............
कजरी में साडी बात विभु को बता दी जिसे सुन कर विभु खुस हो गया
में-: पागल पंतय वाला गलत किया तूने
कजरी-: क्यों जब ठाकुर की जेब से पंतय निकलेगी तो उस घर में झगड़ा होगा न
में-: वो ठीक ह पर अभी मेरे दिमाग में अलग चल रहा ह में अभी बहार जा रहा हु 2 दिन में आऊंगा तब तक तू और कुछ करके उस ठकुराइन को गरम कर और उस सिमरन की कुंडली भी खोल
कजरी-: ोकक मालिक
में-: मालिक नहीं तू मुझे विभु hi बोलै कर
कजरी-: ठीक ह विभु जी घर पर कोई नहीं ह 1 राउंड हो जाये क्या
me-
कजरी-; जी महाराज
फिर में कजरी से मिल कर निकल गया खेत की तरफ वह जेक में देविका का वेट करने लगा कुछ देर बाद देविका आयी और जंगल की तरफ निकल गयी में उसके पीछे चल दिया हम दोनों एक जगह जाकर रूल गए
में-: मेरी जान किसी ह तू
devika-:thik हु
में-; ाशे गांड मटका के क्यों चल रही ह
देविका-: आपको दिखने की इसी भी मरना ह आपको
में-: इसको बाद में आज तो चुद की 12 बनाऊंगा
देविका-: है बहुत दिन हो गए लुंड लिए ने जल्दी करो मुझे घर भी जाना ह
में-: ोकक मेरी रानी
फिर मेने देविका को नंगा करके उसकी छूट को 1 बार जैम कर खुले आसमान के निचे मारा हम दोनों थक गए थे देविका अपने कपडे पहने लगी
में-: देविका तुजे एक बात बतानी ह
देविका -: बोलो
में-; ........
मेने देविका को कल धापू के साथ जो उसके भतीजे वैभव और 2 लड़को ने किया वो सब बता दिया
देविका-: आशा ह क्या इसने मेरी जान की जान के साथ आशा किया अब देख में उसे छोड़ने लायक hi नहीं छोडूंगी
में-; और उस मंजू का क्या हुआ
देविका-: 1-2 दिन में कुछ करती हु में भूल गया थी उसका तो
में-: में 2 दिन के लिए मां के वह जा रहा हु इतने तू देख लेना उसको
देविका-: ठीक ह जान
फिर हम दोनों वह से निकल कर बहार आ गए
में अपने खेत आया और दोनों को बता दिया की में 2 दिन से आऊंगा नहीं सब देख लेना फिर में वह से निकल कर घर आ गया फिर मेने टाइम देखा तो 4 बज चुकी थी में वह से बेग लेके तै के घर गया वह सब हल में बैठे थे
में-: तै में मां के वह जा रहा हु ये चाभी घर की
तै-; सोनाली चाभी लेले
सोनाली भाभी चाभी लेने आयी और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे आँख मरी में उन्हें देखने लगा फिर वो हंसने लगी और चाभी लेके चली गयी
में वह से निकल गया बड़ी मम्मी के घर बताने
में-; ये सोनाली भाभी जरूर प्यासी ह इनकी प्यास तो आके भुजता हु
फिर में बड़ी मम्मी के पास गया उनके घर में वह उनसे मिलकर मेने जाने का बोलै मेने मनीषा भाभी को गुस्से में देखा और बहार आ गया मेरे साथ प्रिय दी भी आयी थी
प्रिय-: अपना दयँ रखना डफ्फर
में-; जी दीदी आप अपना रखना
प्रिय-; वापस कब आएगा
में-: 2 दिन में
प्रिय-: ठीक ह आराम से जाना
में-; ोकक दी
फिर में वह से निकल गया और इधर मनीषा भाभी सोचने लगी की ये मुझे गुस्से में क्यों देख रहा ह कही इसे पता तो नहीं चल गया की में नहीं थी रत में इसने किसी और को छोड़ा ह उससे बात करनी होगी उससे
इधर विभु शक को 3.30 बजे अपनी बाइक लेके मां के घर की और निकल गया ह अब में यहाँ आपको विभु के मां के घर माँ पूरा परिचय डबल दे देता हु
फर्स्ट मां की फेमेली
1 मां- विनय पटेल
2 ममी- रोहिणी पटेल
3 बीटा- दीपक पटेल
4 भाभी- दीपिका पटेल
6 बेटी- दीपा पटेल
7 बेटी- दिया पटेल
सेकंड मां की फेमेली
1 मां विकाश पटेल
2 ममी -कामिनी पटेल
3 बीटा- राजेश पटेल
4 भाभी - रजनी पटेल
6 बेटी- नेहा पटेल
7 बेटी- निहारिका पटेल
1 मौसी की फेमेली
1 mosi-padma पटेल
2 मौसा- सत्तू पटेल
3 बीटा- बलराम पटेल
4 भाभी-मयूरी पटेल
5 बेटी- राधा पटेल
6 बेटी - सुनीता पटेल
7 बीटा - हरिओम पटेल
सेकंड मौसी की फेमेली
1 mosi-sangeeta पटेल
2 मौसा- जित्तू पटेल
3 beti-nutan पटेल
4 बेटी- निक्की पटेल
6 बेटी- नैना पटेल
दूसरी मौसी के भी बीटा नहीं ह.
2-3 दिन स्टोरी इन्ही कैरेक्टर के आस पास रहेगी तो एक बार आप वापस ये सबको जान लो की कोण क्या क्या ह किसका नाम क्या ह
में गांव से निकल गया आज मुझे मां के वह जाना था में कोई 45 मिनट्स में सहर आ गया वह जेक मेने एक बार रेखा भाभी से मिलने माँ सोचा में चल दिया उस हॉस्पिटल में जहा रेखा भाभी के हस्बैंड और ननाद एडमिट थे
में वह गया रूम में देखा तो आज तीनो बैठे थे बीएड पर
में-; अब कैसे हो भैया
बलराम भैया मुझे देख मर खुस हो गए और मुझे अपने भुलाया अब में उनके पास गया और जेक बीएड पर बेथ गया
बलराम-: मेने सुना ह कैसे तुमने हम सब को बचाया इसके लिए में तुम्हारा धन्यवाद् कैसे करू
में-: कोई नहीं भैया ये तो मेरी सस्ता ह सबकी मदद करना और आप की तबियत किसी ह अब
बलराम-: अब में ठीक हु 2 दिन में घर आ जाऊंगा
में-: गजर नहीं अब यही रहोगे आप शहर में
बलराम-: पर क्यों
में-: देखो वह वो लोग फिर आप पर हमला कर सकते गए आप यही रह कर काम करो
रेखा-: है मेने इनको बोलै ह की ये दोनों यही रह कर काम करे और मुझे कुछ दिन अपनी मौसी के वह जाना ह
में-: ये तो अच्छा ह न आप वह रहोगी इन दोनों को यही कही रूम में सिफत कर देते ह इनके खर्चे का सारा काम हम देख लेंगे
मेने रखा की तरफ देख कर बोलै उसे पता था की बात को कैसे करना ह पीहू को भी आगे क्या होने वाला ह सब पता था तो वो बोल पड़ी
पीहू-: है भैया भाभी के साथ उन लोगो ने गलत किया ह अब उन्हें कुछ दिन जाने दो आराम करने दो अपनी मौसी के वह और वैसे भी उनको सिलाई सीखनी ह जो मोदी सीखा देगी तो यहाँ आके दुकान खोल लेंगे
बलराम-: ठीक ह तुम बोल रहे हो तो ठीक hi ह और ये अच्छा ह की रेखा सिलाई सिख जाएगी
रेखा-: बस 2-3 महीने की बात ह फिर में वापस आ जाउंगी
बलराम-: ठीक ह कल हॉस्पिटल से छुट्टी हो जाएगी
में-: कल आप 2 दिन और रुको यहाँ तब तक में यहाँ कोई घर देखता हु
रेखा-: है ये ठीक रहेगा
में-; ोकक में चलता हु
रेखा-: मुझे मार्किट से कुछ सामान लाना ह पहले वो लड़ो
में-: ठीक ह चलो
फिर भाभी मेरे साथ बहार आ गयी मेने उनको बाइक पर बिठाया उन्होंने अपने मुँह बढ़ लिया
में-: भाभी सब ठीक hi होगा बस 2 दिन बाद में माकन देख लूंगा मुझे मां के वजा जाना ह
भाभी-: हम्म मुझे पता ह वैसे इनके पैर तो अब कभी काम नहीं करेंगे तो ये काम कैसे करेंगे
में-; इनको काम करने की जरूरत नहीं ह कुछ दिन बीएड रेस्ट करेंगे ये आप अभी 10 दिन यही रुकना फिर में आपको गांव में ले जाऊंगा तब तक आप पीहू को सब समझा देना की भैया की सेवा कैसे करनी ह कोनसी गोली देना ह और खाना बना कर खिलाना ह में आपको 3-5 दिन में यहाँ लेट रहूँगा
रेखा-: वो सब तो ठीक ह विभु पर मुझे सिलाई आती नहीं ह और इनको हमने सिलाई का बोलै ह तो जब में वापस आउंगी तो इनको पता चल जायेगा न
me-:;meri भाभी जी में सब कर दूंगा आप लोड मत लो
भाभी-: ठीक ह आप हो तो कोई चिंता नही
फिर भाभी ने कुछ सामान लिया और में उनको हॉस्पिटल चोर कर मां के घर तरफ निकल गया मेने टाइम देखा तो 5 हो गए थे और मुझे जाने में 2 घंटे लगेंगे
me-
दोस्तों अब स्टार्ट होगा असली पारिवारिक धमाका