Mera parivar mera gav maha gatha - Page 9 - SexBaba
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Mera parivar mera gav maha gatha

अपडेट 73

मेने चची और निशा की अच्छे से छूट बजने के बाद में सुबह उठ कर निशा दी के कमरे में गया तो निशा दी ने अपने कपडे पहन लिए थे और वो आराम से सो रही थी मेने उनके होठो को किश करके निचे आ गया जहा चची रसोई में चाय बना रही थी फिर मेने उनको पीछे से जेक उनकी गांड के दोनों मटको को एक साथ थप्पड़ मरी

चची-: ाःहाहा क्याआ करते हो

में-: .मेरी नीता ह मेरी पत्नी ह कुछ भी करू तूने क्या .

चची-: लगती ह मेरे

मेने एक बार फिर मारा उनके दोनों मटको को

में-: लगती ह तो में क्या कृ

चची-: आपका मन पड़े वो करो जी

फिर में रसोई से हँसता हुवा निकल गया और हल में सोफे पर आके बेथ गया कुछ टाइम में चची चाय लेके आयी और हम दोनों में चाय पि फिर मेने चची को किश किया और वह से निकल गया घर की तरफ स्कूल जो जाना था

मेरे जाते hi चची चाय लेके निशा के लॉस गयी और उसे उठा कर पैन किल्लर की गोली दी क्र चाय पीला कर समझा दिया की नव्या को क्या बोलना हे फिर निशा सो गयी और चची निचे आ गयी इधर में घर आया और तैयार हो के स्कूल जाने hi वाला था की सोनाली भाभी मेरे लिए चाय लेके मेरे घर में आने लगी में सुबह सुबह उनको देख कर खुस हो गया

सोनाली-: देवरजी चाय

में-: जी भाभी जी

हम दोनों हंसने लगे फिर मेने चाय पि और सोनाली भाभी को देखते हुवे चाय पि वो भी कभी कभी मेरी तरफ देखती और फिर इधर उधर देखने लगी

सोनाली-: रत कैसे गुजरी देवर जी

में-: वही रोज जेस सोन क्र क्या

सोनाली-: में सांझी आज कुछ स्पेशल hi निकली हो तो घर में अकेले थे न

ये बोल कर वो हँसते हुवे चाय का कप उठा कर जाने लगी और दरवाजे के पास जेक रुक गयी और पलट कर देखते हुवे बोली

सोनाली-: आज की रत तो बेचारी की हालत hi ख़राब कर दी होगी आपने

और हँसते हुवे बहार चली गयी में सोचने लगा की ये किसके बारे में बोल के गयी हे कही इन्होने रत की निशा और मेरे या चची की बात का पता तो नहीं चल गया पर वो बात तो हम तीनो के अलावा किसी और को पता नहीं ह फिर ये क्या बोल के गयी हे है यद् आया रत को पूजा मेरा घर में आयी थी वो भी छत से कही इन्होने देख लिया होगा तभी उसके बारे में बोल रही ह वार्ना चची के घर पर क्या हुआ ये तो इन्हे पता नहीं ह पूजा और मेरे बारे में जरूर पता चल गया होगा फिर मेने ज्यादा सोचा नहीं और घर पर टाला लगा कर स्कूल गया

में स्च्होल गया तो आज सब आये थे स्कूल केवल सुमन और ममता के अलावा मेने पूजा को इशारा किया दिनेश की और वो समझ गयी फिर पूजा ने दिनेश को स्माइल दी जिसे देख कर दिनेश की खुसी का ठिकाना नहीं रहा और ाशे hi उन दोनों की प्रेम कहानी फिर सुरु करवा दी मेने पर मुझे एक बात समझ नहीं आ रही थी की माला जो अजय की गफ हे उसे मुझसे क्या ह बार बार मेरी तरफ देखती ह और स्माइल करती ह मेने उसे देखने दिया और देखते hi देखते लंच हो गया में अपने दोस्तों विकी अजय और दिनेश के पास बैठा की दिनेश खुस था आज पूजा उससे बात कर रही थी पर ज्योति विक्की को नहीं देख रही थी मुझे आज उससे बात करके समझाना था और अजय तो .माला के साथ खुस था माला उसे देख कर बाटे भी करती थी पर माला मुझे भी देख कर स्माइल करती थी सब से बच कर तभी मेरी निगाह एक लड़की पर गयी जो सीधा पूजा के पास जेक रुकी मेरी निगाह जिसे दूध रही थी वो आ गयी थी

पूजा-: ही धापू किसी ह तू

धापू-: दी में ठीक हु मुझे आपसे अर्जेन्ट बात करना हे प्ल्ज़ दी 2 मिनिट

पूजा-: हम्म

फिर पूजा और शालू कुछ दूर जेक बात करने लगी लगी पहले तो पूजा ने न में सर हिलाया पर फिर धापू रोने लगी तो पूजा ने उसे समझाया और कुछ बोल कर मेरी तरफ देखा फिर दोनों वह से आ गयी फिर धापू अपने क्लास की लड़कियों के लॉस जाने लगी तो मेने उसे आवाज दी जिसे सुन कर उसके चेहरे पर स्माइल आ गयी और वो रुक गयी

में-: धापू वो सपना की कोनसी बुक हे क्या तेरे पास वो देदे उसने बोलै था मुझे लेने का

धापू -: वो भैया.. सॉरी मेरे पास नहीं ह अभी में दिन में आपके घर आके दे दूंगी

में-: ठीक ह यद् से दे जाना वार्ना सपना नाराज हो जाएगी

धापू-: ठीक ह में 2 बजे तक आती हु

में-: ोककक

फिर धापू अपनी क्लास में चली गयी और में अपने दोस्तों पास में जैसे hi उन कमीनो के लॉस गया सब मुझे हैरानी से देखने लगे

में-: आबे लावड़ो आशा कुछ नहीं ह वो तो सपना की बुक थी जो मुझे लेनी थी इस लिए पूछा ह

विक्की-: है नहीं तो हम तो समझे की गांव के साडी खूबसूरत लड़किया तू hi पता लेगा क्या

में-: अब वो मेरे पीछे अपनी छूट लेके आएगी की मर ले तो में पागल हु क्या जो उसकी पायरी छूट चोर दूंगा

मेरी बात सुनकर सब हंस दिए क्र क्लास लग गयी तभी मुझे बुलबुल दुःख गयी और मुझे यद् आया की मेने आज इसे खेत वाले घर भुलाया ह पर आज तो में इसे मिल नहीं पाउँगा और देविका भी चली गयी अब तो में रुक गया और बुलबुल को स्कूल के पीछे आने का इशारा किया बुलबुल चली गयी में उसके पीछे गया और उसे बोल दिया की आज मत आनन उसने है बोलै और फिर में वह से निकल कर क्लास में गया देखते hi देखते चला ख़तम हो गयी और में घर आ गया आज मनीषा भाभी के वह खाना खाना था में वह जाने लगा तभी मुझे सोनाली भाभी उनके घर के बहार दिखी उन्होंने मुझे देख कर स्माइल की

सोनाली-: मनीषा भाभी के वह जा रहे हो क्या

में-: हम्म्म भाभी

भाभी-: ठीक ह कल यही खाना हे आपको देवरजी

में-: ठीक ह भाभी जी

फिर ह दोनों हंस दिए और में भाभी के घर खाने चला गया में जैसे hi धीरज भाभी की दुकान के पास पंहुचा मुझे आज धीरज भाभी को दुकान बंद दिखी में टेंशन में आ गया और मुझे रत वाली बात यद् गयी की भाभी रत को रो क्यों रही थी मेने भाभी को कॉल किया तो मोबाइल स्विच ऑफ आया में वह से मनीषा भाभी के घर आ गया घर आया तो पता चला की घर पर केवल भैया क्र भाभी hi हे मेने पूछा तो बताया की निशा रत को गिर गयी थी तो उसे पेरो में चोट आयी ह सब मिलने गए हे मेने मौका देख कर भैया के सामने भाभी की गांड पर एक चपत लगायी

भाभी-: अहहहहह विभु धीरे न

में-: क्यों तू मेरी परसनल रैंड हे क्यों भइया हे की नहीं

भैया--: हे ये तेरी परसनल रैंड हे जैसा करना ह वैसे करो में तो जा रहा हु घूमने

फिर भय उठ कर चले गए और मेने जेक दरवाजा लगा लिया और भाभी को किश करने लगा किश बहुत डीप करने लगा में


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कुछ देर किश करने के बाद भाभी अलग हुई

मनीषा-: आप कुछ देर रुको पहले खाना खा लो

में-: आप खिलाओ आपने हाथ से

फिर भाभी ने खाना लगा लिया और मुझे बड़े प्यार से अपने हाथो से खाना खिलाया मेने मनीषा भाभी को किश करते हुवे खाना खाया हम खमा खा रहे थे की सब आ गए फिर सबने मुझसे बात की और मेने प्रिय दी की गांड से बचकर रहा और फिर वह से जल्दी से निकल कर घर आ गया आते टाइम भी मुझे धीरज भाभी की दुकान बंद दिखी में घर आया तब तक 2 बज चुकी थी मतलब धापू आने वाली थी

मेने सोच लिया था की उससे बात करना पड़ेगा वो मेरे बहुत काम आएगी में उसका वेट करने लगा पर 2.10 हो गए वो आयी नहीं फिर मेने उसका वेट नहीं किया और फिर मेने एक बार फिर धीरज भाभी को कॉल किया इस बार कॉल लग गया पर भाभी ने कॉल कट किया में फिर लगाने वाला था की भाभी का मस्सगे आ गया

मस्सगे-: में कुछ देर बाद लगा रही हु

में ाशे hi बैठे बैठे नॉट होने लगा तभी मेरे मोबाइल पर कॉल आया

में-: hello भाभी

धीरज-: hello

में-: किसी हो आप

धीरज-: ठीक हु आप कैसे हो

में-: में तो ठीक हु आप बताओ प्ल्ज़ क्या हुआ कल रत को आप रो क्यों रही थी

धीरज-; कुछ नहीं चोरो ये तो मेरी किस्मत में लिखा ह

में-: प्ल्ज़ भाभी मुझे अपना दोस्त मानती हो न बताओ न प्ल्ज़ प्ल्ज़

धीरज-: में तो आपको अपने दोस्त से भी बढ़कर मानती हु

में-: तो फिर मुझे बताओ क्या बात ह प्ल्ज़

धीरज -:कुछ नहीं ह विभु तुम क्यों चिंता कर रहे हो

में-: दोस्त से बढ़कर बोलती हो और बोल रही हो की तुम क्यों चिंता कर रहे हो

धीरज-: तुम नहीं मानोगे न

में-: बिलकुल भी नहीं

धीरज-: कुछ नहीं ह रत को मेरे पति ने मुझे मारा

में-: whattttttttttttt थे फुकककककककक

धीरज-: विभु गली नहीं

me-:aapko मारा पर क्यों

धीरज-: अरे ते तो रोक का काम ह कभी कभी बच जाती हु बाकि तो रोज hi मर कहती हु

में-: पर क्यों

धीरज-: वो दारू पीकर आते हे और मुझे मरते हे

में-: आशा क्या पर क्यों मुझे ये सब सुन कर अच्छा नहीं लग रहा ह

धीरज-: इसी लिए में बोलना नहीं चाहती थी की आप ाशे hi परेशान होंगे

में-: अब अपने प्यारे दोस्त के साथ आशा होता हे तो परेशान तो हों hi पड़ेगा न

धीरज-: चोरो ये सब वैसे खाना खाया आपने

में-: हम्म भाभी के वह गया था खाने तो मेने देखा आपकी दुकान. बंद थी

भाभी-: है आज मूड ऑफ था तो नहीं खोली शाम को खोल दूंगी वैसे भाभी के वह गए थे खाने क्यों

में-: वो मेरे घर पर कोई नहीं ह न तो

धीरज-: कब तक

में-: 5 दिन तक

धीरज-: ोकक और सुनाओ क्या चल रहा ह

में-: सब मस्त चल रहा ह मेरी लाइफ में तो इतनी अच्छी दोस्त जो मिल गयी हे

धीरज-: और मुझे भी एक प्यारा दोस्त मिल गया वार्ना बोरिंग लाइफ चल रही थी

में-: आपकी लाइफ को इंजॉय फुल बना दूंगा ये वडा रहा इस दोस्त का

धीरज-: ठीक ह देखा जायेगा

में-: हम्म विभु पटेल कभी अपना वडा नहीं तोड़ता

धीरे-: चलो कोई आया ह बाद में बात करती हु ब्ययी

में-; ब्ययी कॉल करना आपकी यद् आती ह बहुत

धीरज-: मुझे भी जल्द कॉल करूंगी ब्ययी

फिर भाभी ने कॉल कट किया और में खेत की और चल दिया काम देखने में खेत गया वह जेक मेने सब काम देखा की रामु काका आये मेरे पास

रामु काका-: छोटे बाबूजी कुछ पैसे चाहिए मुझे काम था

में-: कितने

रामु काका-: 5000

में-: रुको में लेके आता हु

रामु काका-: और वो हरिया की बीवी की तबियत ख़राब ह तो वो नहीं आया आज और उसे भी पैसे का बोलै ह

में-: ठीक ह उसे भी 5000 दे देना

फिर में घर में गया और वह से पैसे लेके रामु काका को दे दिए और काका खुस हो गए फिर में वह से काका को काम बता कर घर की तरफ जा रहा था की मुझे रस्ते में देविका मिल गयी जो अपने खेत की तरफ जा रही थी मेने उसे कॉल का इशारा किया और गांव की तरफ आ गया वो भी मुझे देख कर खुस हो गयी थी

में गांव में आया तो मुझे यद् आया की मुझे ज्योति से बात करना ह विक्की के लिए तो में निधि भाभी के घर की तरफ चल दिया जो की मेरी सबसे प्यारी भाभी थी जिनसे मुझे ट्रू लव हो गया था वो पता नहीं क्यों पर जब भी निधि भाभी से मिलता हु तो कुछ अपना पैन फील होता ह

मेने देखा की मुझे निधि भाभी के घर के बहार hi ज्योति दिख गयी में उससे मिला

में-: ही मेरी रानी

ज्योति-: विभु तुम

और उसने इधर उधर देखा फिर घर में आने का इशारा किया में भी उसके घर में चला गया उसके पीछे मेने देखा मेरा दिल मेरी निधि अंदर hi बैठी थी

मुझे देख कर निधि भाभी खुस हो गयी और उठ कर मेरे गले लग गयी में भी उनके गले लग गया निधि भाभी ाशे गली जैसे बरसो से जुड़ा थी मुझसे

Me-:kesi हो मेरी जान

निधि-: ठीक हु में तो आपकी बहुत यद् आ रही थी

में-: मुझे भी आज रत को आऊंगा में

निधि-: जरूर आना आपका स्वागत हे

में-: ओह्ह्ह्ह मेरी जान को मजाक सूझ रहा ह

निधि-: हम्म वो सब चोरो ये बताओ आज इस टाइम पर आने का कुछ कारन

में-: वो मुझे ज्योति से कुछ बात करना था

ज्योति-: मुझसे क्या बात करना ह आपको बोलो

में-: तुम आज कल विक्की से बात क्यों नहीं करती और न hi उसे देखती हो आशा क्यों

ज्योति-: में आपसे प्यार करती हु मुझे उससे कोई लेना देना नहीं ह

में-: पागल ह तू बिलकुल hi

निधि-: क्यों

में-: निधि जान ये बिलकुल hi पागल ह इसे नहीं पता की ये विक्की को चोर कर हमेशा मेरे पास रहने का मौका गवा रही ह

ज्योति-: वो कैसे मुझे बताना जरा

में-: पागलो की सरदारनी हे तू बिलकुल सुन जब तू विक्की को फसा कर उससे शादी कर लेगी तो हमेशा मेरे पास hi रहेगी जब भी मौका मिलेगा हम मिल लेंगे और अगर तेरी सधी कही और हो गयी तो तू रह जाएगी न कभी कभी मिलेंगे फिर

jyoti-;ohhhh सहित में तो ये भूल hi गयी थी हा सॉरी विभु अब में विक्की को नहीं छोड़ूंगी

nidhi-:sahi हे ज्योति ये इनका अच्छा आईडिया हे जिससे तू हमेश इनके साथ रह सकती ह

ज्योति-: है भाभी अब में समझ गयी हु

में-: ोकक तो अब विक्की से मिल और उसे सब करने दे जो वो तेरे साथ करे समझी

ज्योति-: हम्म समझ गयी

मेने निधि भाभी को पकड़ कर किश किया और अलग हो गया

में-: ठीक ह निधि रत को आता हु अभी चलता हु

निधि-: जल्दी आना

में-: ोकक

फिर में वह से निकल कर घर की तरफ जाने लगा और घर आके में सो गया मुझे सोये हुवे 2 घंटे हो गए थे तभी मेरे मोबाइल पर फोन बजा मेने देखा तो चची का था मेने टाइम देखा तो 5.30 हो गए थे

में-: है चची जान बोलो

चची-: आप अभी सहर जेक निशा के लिए बात करके आओ डॉ. से की हमने जो भी किया ह अब आके क्या करना

में-: अभी तो ठीक ह न निशा

चची-: है बिलकुल तुमने इंजेक्शन hi आशा लगाया ह

में-; नॉटी चची में अभी जाता हु

फिर में तैयार हो कर सहर की और चल दिया में सहर गया और डॉ. के पास जेक no लगाया कुछ टाइम में मेरा no. आया में अंदर गया तो डॉ. ने मुझे पहचान लिया

डॉ.-: आओ क्या हल ह

में-: ठीक हु डॉ. सब आप कैसे हो

डॉ.-: में तो बिलकुल ठीक हु वो आपकी बहन की तबियत किसी हे अब

में-; उसी के बारे में बात करने आया हु आपसे

डॉ -: ओह्ह बोलो भाई क्या बात करना ह

में-: वो डॉ. सब आपने जैसा बोलै था हमने उसकी सधी करे दी हे और अब वो ठीक भी ह पर आगे क्या करना ह

डॉ.-; कुछ नहीं अब उसका पति उसके साथ डेली सेक्स करेगा तो उसकी सेक्स नीड को ह दिन में पूरी हो जाएगी फिर कभी उसे आशा नहीं होगा

में-: और कोई गोली दवाई तो नहीं लेना न

डॉ.-: है एक गोली रोज चलने देना इससे जल्दी आराम मिलेगा

में-: ठीक ह डॉ. सब और मुझे एक बात और पूछना था

डॉ.-: बोलो भाई डरो मत क्या बात ह

में-: डॉ. सब क्या उसके साथ सेक्स डेली करने का बोलना पड़ेगा क्या उसके हस्बैंड को

डॉ.-: नहीं डेली तो नहीं पर हर 3 दिन में एक बार करना पड़ेगा 2 महीने तक जिससे उसकी सेक्स नीड जो उसके सरीर में हे वो पूरी तरह से ठीक हो जाएगी

में-: ठीक ह डॉ. सब धन्यवाद

डॉ.-: कोई नहीं आते रहना

में-: ठीक ह डॉ. सब

फिर में वह से निकल गया मेडिकल से एक गोली जो डॉ. ने लिखी थी वो लेके गांव की और जाने लगा मेने टाइम देखा तो 8.30 बज चुके थे सहर से जा रहा था की मुझे कुछ यद् आया मेने सहर से कुछ सामान लिया और उन्हें पैक करके गांव की तरफ जाने लगा में आधे रस्ते में पंहुचा था की मुझे गोली चलने की आवाज सुनाई दी मेने बाइक रोक ली तभी मेने देखा कुछ गुंडे एक औरत को मर रहे थे और उसके पास 2 लोग निचे जमीं पर गिरे हुवे थे

मेने बाइक रोक दी और बाइक लेके एक पेड़ के पीछे चिप गया

कुकब देर वो लोग उस औरत को मरते रहे और फिर वो बेहोश हो गयी सायद तो वो लोग बाइक लेके चले गए और में जैसे hi पेड़ से निकला तो देखा वो औरत उठ गयी और जमीं पर पड़े लोगो को उठाने लगे पर कोई उठा नहीं तो वो रोने लगी और पास में एक पहाड़ी थी वह जाने लगी

मुझे सोचते देर न लगी की ये अब क्या करेगी तो में दौड कर उसके पास पंहुचा और जैसे hi वो कूदने वाली थी मेने उसे पकड़ लिया और जैसे hi उसे अपनी और किया में उसे देख मर दांग रहा गया

दोस्तों अलग अपडेट अब परसो आएगा कल बिजी हु अगर टाइम मिल गया तो कल भी दे सकता हु धन्यवाद् ?❤️
 
अपडेट-: 74

मेने उस औरत को अपनी और पलटा दिया और जैसे hi उसका चेहरे देखा मेरे होश उजड़ गए मैंने देखा की वहां पैर कोई और नहीं रखा भाभी थी फिर में उनका हाथ पकड़ कर वह से दूर ले गया आया

rekha-:muje चोर दू मुझे मरने दो मुझे जीने का कोई हक़ नहीं ह में किसी को नहीं बचा पायी मेरे सामने उन्होंने मेरे पुरे परिवार को मर डाला

( यहाँ मैं आपको बता दूँ की ये वही रेखा भाभी है जिसकी में हर बार जिक्र करता हूँ जिसकी सास गट्टू काकी को गुंडों ने मार दिया था उस रत को)

में-: नहीं भाभी में आपको मरने नहीं दूंगा

भाभी-: मुझे नहीं जीना अब

में-: रुको तो सही अभी

फिर में उनका हाथ पकड़ कर दूर ले गया और उनको एक पत्थर पर बिठा दिया और में उठ कर उनके पति ok नानन्द पीहू के पद गया तो देखा मेने दोनों की सांसे चल रही थी

मेने जल्दी से दोनों को आवाज लगायी और पर दोनों नहीं उठे तो में दौड कर रेखा भाभी के पास गया और उनको बताया की आपके पति और ननद जिन्दा हे अभी तो भाभी दौड कर उनके पास आयी और रोने लगी

इतने में मेने एम्बुलेंस पर कॉल कर दिया

में-: भाभी मेरी बात सुनो मेने एम्बुलेंस पर कॉल कर दिया ह वो आपसे कुछ पूछे तो बोलना की कुछ गुंडे थे उन्होंने हमें मारा और हमरे सरे पैसे ले लिए ह आपको बस इतना hi बोलना हे

भाभी-: ठीक ह और हम दोनों ने उन दोनों के पास बेथ गए कुछ देर में एम्बुलेंस आ गयी और साथ में पुलिस की गाड़ी भी फिर हमने उन दोनों को एम्बुलेंस में डाला और सहर की और दौड पड़ी एम्बुलेंस में भी बाइक लेके सहर की और चल दिया उनके पीछे पीछे कुछ टाइम में हम हॉस्पिटल पहुंच गए और उन दोनों को स्ट्रक्चर पर लिटा कर ऑपरेशन थेथर में ले गए और भाभी को पुलिस ने अपने साथ रखा में भी पास में खड़ा था

पुलिस-: ये सब कैसे हुआ

bhabhi-:ham तो गांव जा रहे थे की रस्ते में कुछ गुंडे आये और हमें रोक लिया फिर उन्होंने हमरे पैसे छीन लिए और हमें बहुत मारा मुझे भी मारा

फिर भाभी रोने लगी

पुलिस-: क्या आप पहचान टी हो उन्हें

भाभी-: नहीं में नहीं जानती उन्हें

पुलिस-: ठीक ह अब आप अपने पति के पास जाओ

फिर भाभी वह से ऑपरेशन थेथर के बहार आ गयी में भी उनके पास आके बेथ गया भाभी रोने लगी उन्होंने अपना सर मेरे कंधो पर रख लिया हम दोनों ाशे hi बैठे रहे कुछ देर कोई 1 घंटे बाद डॉ. आये और बोले

डॉ.-: वो दोनों खतरे से बहार हे पर आपके पति की तंग में गोली लगी ह वो कभी अब सही से चल नहीं पाएंगे और आपकी नानन्द बिलकुल ठीक ह उनको हलकी से चोट आयी ह कुछ दिन में डिस्चार्ज कर दिए जायेंगे

फिर डॉ. वह से चले गए और भाभी फिर मेरे गले लग कर रोने लगी कुछ देर मेने उनको रोने दिया फिर उनको ले जेक टेबल पर बेथ गया

में-: भाभी सब अच्छा होगा आप चिंता मत करो

भाभी-: टंक्स विभु तुम आ गए और हमें बच्चा लिया वार्ना में जान दे देती और ये दोनों ाशे हो तड़प तड़प के नर जाते

में-: भाभी वो तो ठीक ह पर ये सब कोण थे और ये आपके साथ आशा क्यों कर रहे थे

भाभी-: में आपको कल बताती हु अभी में इस हालत ने नहीं hi

में-: भाभी 10 बज चुकी हे में खाना लेके आता हु आप खा लो और आपके पति और ननद को भी खिला देना में कल दिन में आता हु इतने आप किसी को पता मत चलने देना की आप यहाँ हो किसी भी रिस्तेदार को अभी कॉल मत करना

भाभी-: तुम कल आना दिन में

में-: ठीक ह आप अपना दयँ रखना

फिर में बाजार गया और कुछ खाना पैक करवा के हॉस्पिटल आया और भाभी को खाना देके में जल्दी से निकला और घर आ गया 11 बजे तक में घर आया और देखा पुरे गांव में सन्नटा छ गया था सब सो गए थे में घर गया और टाला खोल कर अंदर गया मेने अपना मोबाइल देखा तो 40 मिस्ड कॉल थे

10 मनीषा भाभी के

9. चची के

7 निधि भाभी

8 धीरज भाभी के

10 नई no. से मेने मोबाइल रखा मुझे भी भूक लगने लगी थी पर खाने का कुछ था नहीं अब क्या करू किसके वह खाने जाऊ

मेने मोबाइल देखा तो उसने मस्सगे भी था उसमे धीरज भाभी का मस्सगे पद कर में खुस हो गया

मस्सगे-: आप कॉल क्यों नहीं उठा रहे हो मेने आपके लिए कुछ स्पेशल बनाया हे आपके घर के बहार जो खिड़की हे वह टिफ़िन रखा हे

में दौड कर वह गया और देखा सुच में टिफ़िन रखा था में अंदर आया और और टिफ़िन खोल कर देखा तो दाल बाटी थी में खुस हो गया और खाने लगा मेने खाना खा कर धीरज भाभी को मस्सगे किया

में-; टंक्स दोस्त

फिर मेने अगला मस्सगे देखा जिसे देख कर मुझे यद् आया की आज निधि भाभी के पास जाना था पर अब लेट हो गया तो में सोने की सोचा और अपने रूम में जेक सो गया

मेरी नींद सुबह 6 बजे खुली में तैयार होक निचे आया और स्कूल के लिए निकल hi रहा था की सोनाली भाभी आज फिर चाय लेके आ गयी

सोनाली-; कल कहा थे मेने कितने कॉल किये एक कॉल नहीं उठाया आपने

में-: आपने कब मुझे कॉल किया

सोनाली-: लाओ मोबाइल दो मुझे में दिखती हु

मेने मोबाइल उनको दिया तो उन्होंने अपने no. दिखाए जो मेने कल देखे तो नई no. से कॉल आया था

में-: ये no. आपके हे क्या वो कल में दोस्त की बर्थडे पार्टी में गया था लेट आया था

भाभी-: बोलना तो चाहिए था न मनीषा भाभी का भी कॉल आया था वो भी परेशां हो रहे थे

में-: हम्म सॉरी न भाभी जी

भाभी-: कोई नहीं ये चाय पियो और आज खाना खाने आ जाना

में-: ोकक भाभी जी

फिर मेने चाय पि के उनको देखने लगा चाय पि कर आज फिर वो गेट तक गयी क्र पलट कर बोली

सोनाली भाभी-: आज तो अच्छे से थकन दूर की होगी न

और इतना बोलकर वो चली गयी में सोचने लगा की इनके दिमाग में क्या चल रहा हे

फिर में स्कूल गया वह आज भी सब आये थे आज ज्योति और विक्की एक दूसरे को इशारा कर रहे थे ये देख कर मेरा दिल खुस हो गया और देखते hi देखते लंच हो गया में वह से निकल कर धापू को देखा तो वो आज आयी नहीं थी और ाशे hi स्कूल का टाइम ख़तम हो गया पर आज माला ने मुझे एक बार भी नहीं देखा था ये देख कर में आश्चर्य में था

फिर में स्कूल से घर आ गया घर आके में सोनाली भाभी के घर खाना खाने चला गया आज भी भाभी ने मुझे खाना खिलाया पर आज उनकी हरकते आज कुछ अजीब लगी मेने ज्यादा दयँ नहीं दिया और वह से निकल कर में खेत वाले घर गया और बहस से दादाजी से पैसे लेके में सहर की और चल दिया

में सहर जा रहा था और इधर दिन में ठाकुर के घर पर एक कमरे में ख़ुफ़िया केयर लगाए जा रहे थे ये पता नहीं कोण लगा रहा था और किसके कमरे में लगा रहा था ये हम बाद में देखेंगे पहले एक खेत पर चलते हे

वह से कुछ दूर देविका अपने खेत पर बैठी किसी का वेट कर रही थी उसके हाथ में डंडा था डंडा तो क्या एक पतली लकड़ी थी जो आसानी से टूटने का नाम नहीं लेती थी वो उसकी छल निकल रही थी तभी कुछ दुरी पर उसने अपने देवर को आते देखा और वो लकड़ी छुपा ली

और जणू काका ने देविका के. पास आके खड़ा हो गया

जणू काका-: भाभी आपने मुझे भुलाया था

देविका-: है वो मुझे तुमसे एक बात करना हे इस कमरे में आओ

फिर देविका के कहने पर जणू काका उस कमरे में चला गया और देविका ने वो पतली लकड़ी को लिया और उसके पीछे अंदर चली गयी

देविका-: है तो देवरजी अब बोलो उस दिन उस बिचारि आशा के साथ क्या कर रहे थे

जणू काका अपनी भाभी की इतने दिन बाद उस बात को लेके बोलने पर दर गया और उसके हाथ में लकड़ी देख कर उसके पसीने छूट गए

जणू काका-: वो भाभी उस दिन अब माफ़ कार्डो मेने सॉरी बोलै न और उस दिन के बाद कभी आशा नहीं किया प्ल्ज़ भाभी

देविका-: चुप एक डैम चुप मेने बोलै क्या कर रहे थे उसके साथ

.जणू काका-: चुदाई

देविका-: है यही सुन्ना था अब अपनी पेण्ट और अंडरवियर उतराओ

जणू काका-: पर भाभी आपके सामने और ये सब क्या ह

देविका ने उसके पेण्ट के ऊपर से एक लकड़ी की रखी जिससे जणू उछाल गया ..

देविका-: एक बार बोलै न की जैसा कहु वैसा करो

जणू काका-: भाभी प्ल्ज़ मुझे माफ़ कार्डो प्ल्ज़ प्ल्ज़ आशा कभी नहीं होगा अब

देविका-: जल्दी खोल

देविका का गुस्सा देख कर जणू ने जल्दी से अपनी पेण्ट और अंडरवियर खोल दी

देविका-: अब कुत्ता बन जा

अपनी भाभी के गुस्से के आगे वो हर गया और कुत्ता बन गया

देविका उसके पास गयी और उसकी गांड को लकड़ी से मरने लगी

देविका-: अब करेगा किसी भी औरत के साथ आशा बोल कुत्ते

जणू काका-: ाहाहाः भाभी लग रही ह माफ़ कार्डो अब में मेरी बीवी को भी नहीं. छोडूंगा मुझे माफ़ कार्डो

देविका-: बोल तू नहीं छोड़ेगा उसको तो उसकी आग कोण भुजायेगा बोल सेल

जणू काका-: मुझे नहीं पता भाभी मुझे माफ़ करड़ूऊओ आह्हाः में नर जाऊंगा बहुत दर्द कर रहा ह अहहहहहहह

देविका-: आज के बाद किसी भी औरत की तरफ देखा तो ये डंडा तेरी गांड में दाल दूंगी समझा

.जणू-: नहीं भाभी मुझे माफ़ कार्डो आज के बाद आशा कुछ नहीं होगा

देविका-: ठीक ह अब तू जा यहाँ से और ये बात किसी को भी बताना मत वार्ना उल्टा में बोल दूंगी की तूने मेरा रपे करने की कोसिस की और तेरे भैया तो पता ह तुजे की वो तेरा क्या हल करेंगे

.जणू काका-: मुझे माफ़ कार्डो में कोई भी बात किसी को नहीं बताऊंगा

फिर जणू काका वह से भाग गए लंगड़ाते हुवे और देविका के चेहरे पर हंसी आ गयी

देविका-: लव ु विभु आपने जैसा बोलै था वैसा मेने इस कमीने के साथ किया बस अपनी गांड नहीं चटवायी क्योकि ये मेरी गांड देखता तो इसी शक हो जाता मेरी गांड पर भी बहुत से नीसाण ह जो आपने मुझे मारा था लव ु अब मंजू का no. लेना ह उसे आपके निचे सुलाना हे

इधर में गांव से सहर की और निकला hi था की मुझे कजरी काका नई रोक लिया उनके घर के पास

कजरी-: विभु बीटा कहा जा रहे हो तुम

में-: काकी वो में सहर जा रहा हु मुझे काम ह

कजरी-: ओह्ह्ह ये तो अच्छा हुआ मुझे भी सहर जाना हे मुझे ले चलोगे क्या

में-: कक्की में इधर से तो आपको ले जाऊंगा पर उधर से आपको बस में आना होगा मुझे काम ह

मुझे कजरी काकी से बोबे अच्छे से दिख रहे थे सायद आज उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी इतने बड़े दूध को देख कर में उनमे खो गया काकी ने मुझे अपने दूध को देखता देख खुस हो गयी उनका मिशन मुझे पटाने का सक्सेस हो रहा था

काकी-: क्या देख रहे हो बीटा

में-: वो वो वो वो कुछ नहीं काकी चलो

कजरी-: 10 मिनिट रुको में तैयार होक आती हु

में-: ोकक इतने में भी कुछ टाइम ह अभी आया

कजरी अंदर गयी और उसके चेहरे पर कातिलाना स्माइल आ गयी चलो आज अपने प्लान का पहला कदम चलने का टाइम आ गया इसके बाद तो मेरे पास पैसे hi पैसे होंगे ठकुराइन मुझे बहुत सरे पैसे देगी और उसके एक ब्लैक साड़ी पहनी और ब्लैक ब्लाउज पहन लिया बिना ब्रा के उसका गोरा और भरा बदन ब्लैक साड़ी में और भी हसीं लग रहा था

इधर में बाइक लेके मनीषा भाभी के घर गया तो वो मुझे बहार hi मिल गयी

मनीषा -: कहा थे कल और खाना खाने भी नहीं आये आप और मेरा कॉल भी नहीं उठाया

में-: वो भाभी में मेरे दोस्त की बर्थडे पार्टी में गया था


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मनीषा-: ठीक ह अभी चलो खाना खा लो

में-: खाना तो मेने तै के घर खा लिया

मनीषा-: आज फिर आज कल सोनाली के आहे पीछे बहुत घूम रहे हो उसको भी अपनी पत्नी बनाने का मदद हे क्या

.में-: मेरी तो आलरेडी भरे बदन की भाभी ह तो में दूसरी को क्यों देखु

.भाभी-: .मस्का मत लगाओ ज्यादा

में-. ठीक ह भाभी में शाम को आता हु अभी मुझे काम ह थोड़ा

भाभी-: ठीक ह जल्दी आना

फिर में वह से वापस कजरी के पास गया तो देखा कजरी तैयार होक बहार मेरा इंतजार कर रही थी में उसको देखता रहा

कजरी kaki-:ab चले की यही देखते रहोगे

में-: है ः चलो

फिर काकी मेरी बाइक पर बेथ गयी उनके बैठते hi मेरे नक् में एक मदमस्त करने वाली खुसबू आयी जिसे सूंघ कर मेने बाइक आगे चला दी गांव से बहार जाते hi काकी मुझसे सात कर बेथ गयी और अपना हाथ मेरे कंधो पर रख दिया जिससे मेरा कोबरा नाग खड़ा होने लगा काकी वाकई में बहुत hi ज्यादा खूबसूरत थी और उनका बदन भरा हुआ था बड़े बड़े दूध. मेरे साइन पर थुश रही थी जिससे मुझसे कण्ट्रोल होना मुश्किल लग रहा था

में-: काकी आप कहा जा रही हो

कजरी-: वो मुझे वह से कुछ सामान लाना ह

में-: काकी आप वापस कब तक आओगी

कजरी-: मुझे तो ज्यादा कुछ काम नहीं ह थोड़ी देर में आ जाउंगी

इतना बोलकर अब उन्होंने अपना हाथ आगे लेक मेरी कमर में दाल कर पकड़ ली ..कजरी-: रास्ता बहुत ख़राब ह में गिर न जाऊ

.मुझे भी उनके चिपकना अच्छा लग रहा था

में-: है काकी मुझसे अच्छे से चिपक कर बेथ जाओ और मुझे जोर से पकड़ लो

मेरा इतना कहना था की कजरी काकी ने अपने दूध .मेरी कमर में जोर से दबा दिए क्र मेरी कमर को जोर से पकड़ लिया

me-:kaki आप बहुत खूबसूरत लग रही हो इन कपड़ो में ..

कजरी-: सुच में अच्छी लग रही हु

में-: है काकी आप बहुत अच्छी लग रही हो अगर आप कुंवारी होती तो में आपको अपनी गफ बना लेता

काकी-: बड़ा आया गफ बनाने वाला इतनी भी अच्छी नहीं हु में

में-: सुच काकी आप बहुत अच्छी लग रही हो

kajri-:hoga मुझे तो नहीं लगता और वैसे भी क्या करना इस खूबसूरती का जब साथ देने वाला साथ न हो

में समझ गया की काकी को काका की यद् आती ह तभी वो उदास हो गयी

में-: काकी आपको काका की यद् आती होगी न

कजरी-: हम्म्म बहुत यद् आती ह उनकी

me-:to आप दूसरी सधी करलो न काकी

कजरी-: नहीं बीटा अब व जवान लड़किया ह मेरी अब दूसरी सधी नहीं करना

में-: ोकक और सुनाओ क्या चल रहा ह लाइफ में

कजरी-: यही सुबह जल्दी उठो ठकुराइन की सेवा करो पुरे दिन और रत को घर. आ जाओ

में-: काकी आप वह क्यों जाती हु कोई दूसरा काम करलो न

कजरी-: दूसरा काम कहा आता ह मुझे खेत का काम आता नहीं क्र वो काम मुझसे होता भी नहीं वैसे

में-: हम्म ये भी ह

काकी अब खुस थी की विभु उसकी बातो में उतरता जा रहा था
जैसे hi गद्दा आया गाड़ी गद्दे में उतर गयी और काकी का हाथ फिसल कर मेरे खड़े लुंड पर आ गया उन्होंने बचने के लिए मेरे लुंड को जोर से पकड़ लिया

में-: अहहहहहहहह kakiiiiiiiiii मररररररर dalllaaaaaaaaaaaaaaaa

.कजरी-: क्या हुआ ..

me-:aapka हाथ

और काकी ने जब आके झुक कर देखा की उनका हाथ कहा ह तो वो दर गयी और हाथ वह से हटा लिया

कजरी-: सॉरी वो में गिरने वाली थी तो जल्द बजी में सॉरी

में-: कोई नई काकी पर कुछ और पकड़ न था अगर टूट जाता तो मेरी सधी नहीं होती

कजरी सोचने लगी की सुच में मेने वो पकड़ा था पर वो तो एक रोड जैसा मोटा था और वो चीज़ इतनी मोती और बड़ी थोड़ी होती पर उसने पकड़ा वही था के विभु की अशी बात सुनकर उसका दयँ टुटा...

कजरी-: वो वो सॉरी बोल न मेने

मुझे भी अब मजाक सुझा तो मेने भी मजाक किया

में-: काकी आप अब सधी करलो आपको उसकी बहुत यद् आ रही ह सायद

कजरी भी मेरी बात सुन कर खुस हो गयी

kajri-:(ye तो खुद मुझे लाइन दे रहा ह तब तो मेरा काम आसान ह )इसकी यद् अभी कहा जब सोती hi तब आती ह मुझे

में-: ओह्ह्ह्ह तो फिर आप क्या करती हो

कजरी-. तुजे क्या उससे में कुछ भी करू

फिर मेने ज्यादा कुछ नहीं बोलै क्र बाइक लेके सहर आ गया

में-: काकी आपका मार्किट आ गे मुझे आगे जाना ह अब

कजरी-: ठीक ह बुय बाद में मिलते ह

में-: हम्म पर अब वो नहीं पकड़ने दूंगा

इतना बोलकर में वह से आगे निकल गे

कजरी-: वो तो में लेके रहूंगी पर ये क्या था इतना बड़ा होता ह क्या किसी का और अगर होता ह तो अंदर कैसे जाता होगा न बाबा माँ मेटो न लू ये मेरे पति का ीित्तु सा था फिर मुझे दर्द हुआ था और इसका तक 3 गुना मोटा ह में तो मर hi जाउंगी पर एक बार देखना तो पड़ेगा और लेना भी पड़ेगा पेसो के लिए अब घर जाऊ फालतू में इसे इम्प्रेस करने के लिए यहाँ आना पड़ा

करि अपनी सोच में बस स्टैंड आ गयी क्र बस में बेथ मर वापस घर की क्र चल दी


इधर में भी वह से खाना पैक करवा के हॉस्पिटल आ गया हॉस्पिटल आके मेने देखा आज वह रेखा भाभी नहीं थी जहा में कल चोर के गया था में दर गया की कही गुंडों ने फिर से उन्हें कुछ किया तो नहीं फिर में वह से काउंटर पर आया और बलराम और पीहू की जनकरीली तो उन्होंने बताया की उन्हें 201 रूम no. में सिफत कर दिया हे

में वह गया तो देखा ये एक प्राइवेट रूम था मेने बहार से गेट बजाय तो कुछ टाइम में रेखा ने गेट खोला वो मुझे देख कर खुस हो गयी में उसके साथ अंदर चला गया भी बीएड पर पीहू बैठी थी वो तो अब बिलकुल ठीक हो चुकी थी बस हलकी सी चोट लगी थी और पास में बलराम भैया सोये थे उनकी तबियत अभी भी ठीक नहीं लहि उनके पैर में पत्ता लगा था हाथ भी टूट गया था और जगह जगह चोट लगी हुई थी वो सायद सो रहा था ..पीहू ने मुझे देख कर दर गयी

रेखा भाभी-: पीहू बीटा इनसे मत करो इन्होने hi हमें बचाया हे

में-: भाभी ये खाना खा लो आप सब

रेखा-: पीहू आजा खाना खा लेते हे

फिर पीहू और भाभी खाना खाने लगे बेथ कर

में-: भैया को भी खिला दो न

भाभी-: वो अभी सोये ह डॉ. ने नींद का इंजेक्शन लगाया ह दर्द ज्यादा हो रहा था तो

में-: ोकक आपने किसी को बताया तो नहीं न

भाभी-: नहीं अभी तक तो नहीं

में-: ोकक

फिर कुछ देर हम कोई नहीं बोलै जब तक की उन्होंने खाना न खा लिया खाना खा कर पीहू कचरा फेकने बहार गयी तो मेने भाभी को पूछा

में-: रेखा भाभी अब बताओ ये सब कैसे हुआ और कोण कर रहा ह

भाभी-; हम्म बताती हु रुको

इतने में पीहू आ गयी

रेखा-: पीहू बीटा तू कमरे से बहार मत निकलना और यही आराम करना ये तो लेट तक उठेंगे इतने में मुझे कुछ सामान लाना ह में लेके आती हु

पीहू-; थूक ह भाभी

फिर भाभी ने मुझे इशारा किया और चल दी में भी उनके पीछे पीछे चल दिया हम दोनों बहार आये और वो मुझे गार्डन में लेके चली गयी एक पेड़ के निचे बेथ गयी

में-: अब बोलो भाभी

भाभी रोने लगी मेने उन्हें चुप करवाया और फिर भाभी बोलने लगी

भाभी;: वो ठाकुर ने ये सब किया

में इतना सुन कर दांग रह गया

में-: क्या ठाकुर ने पर क्यों

रेखा भाभी-: वो उस दिन में और सासु माँ सहर गए थे तभी रस्ते में आते टाइम हमने देखा की ठाकुर और आपके सुरेश काका किसी आदमी को पकड़ के ले जा रहे थे और आगे जेक उसे मर दिया ये देख कर मेरी चीख निकल गयी तो उन लोगो ने हमें देख लिया उन्होंने हमें घेर लिया और हमें डराया फिर हमने उनसे वडा किया की आज के बाद ये बात किसी को नहीं बताएँगे उसके बाद हम बहुत दर दर के रहने लगे पर अच्छा का ठीक 1 महीने बाद ठाकुर के आदमी रत को हमारे घर आये मेरे पति तो बहार गए थे

ठाकुर के आदमी ने हमें बहुत मारा जबकि हमने किसी को नहीं बताया था उस दिन वो लोग चले गए पर 3-4 दिन बाद वो लोग फिर आये में तो ऊपर थी और पीहू और मेरे पति उनके मां के वह कुछ काम से गए थे

वो लोग आये शाम को माँ जी को पकड़ कर उनके साथ गलत किया 4 लोगो ने उनका रपे किया जिसमे ठाकुर और विष्णु काका थे आपके बाकि 2 लोगो को मेने पहचाना नहीं उस दिन सासु माँ की हालत उन लोगो ने ख़राब कर दी मेने उनको नहलाया और कपडे पहना दिए फिर हमने दिसदे किया की हम अब पुलिस की बताएँगे वार्ना कल फिर हमारे साथ आशा होगा तो अगले दिन हम सब पुलिस ठाणे में गए वह जेक हमने रिपोर्ट लिखवाई और घर आ गए उस रत को फिर ठाकुर के आदमी घर आये और हमारे साथ मारपीट करने लगे हम सब घर से अलग अलग भाग गए तो उन लोगो ने माँ पर गोली चला दी और उनको मर डाला उसके बाद फिर हमें पुलिस ले गयी और रत को डरा के चोर दिया की अब कोई शिकायत मत करना हम सब बुरी तरह से दर गए तो हमने मेरे गांव जाने की सोच ली क्र हम वह चले गए कुछ दिन बाद कल वो लोग वह भी आ गए क्र सबके साथ मारपीट करके हम तीनो को उठा लाये और उस रस्ते पर हमें फिर मारा उन्होंने मेरे साथ भी रपे किया

इतने बोल कर भाभी जोर जोर से रोने लगी और मेरे कंधे पर सर रख लिया मेने उनको रोने दिया जब वो चुप हुई तो में बोलै

में-: भाभी आप उस आदमी को पहचान टी जिसको ठाकुर और मेरे काका ने मारा ह

रेखा-: में तो नहीं जानती पर माँ जानती थी बोल रही थी की इसी गांव का आदमी ह जो अब यहाँ नहीं रहते मेरे लाख पूछने पर भी नहीं बताया उन्होंने

में-: ोककक अब आपको क्या करना ह

भाभी-: में अब यहाँ से बहुत दूर चली जाउंगी

में-; कैसे अगर उन्होंने देख लिया तो फिर हमला करेंगे वो

रेखा-: में बहुत दूर जाउंगी जहा वो हमें देख hi नहीं पाएंगे

में-: और में कहु की आप कही मत जाना और यही रह कर अपनी इज्जत और माँ की मोट और अपने परिवार के साथ जो हुआ उसका बदला लो तो

रेखा-: तुम पागल हो गए क्या ठाकुर से बदला लेने की सोच भी नहीं सकती में

में-: और इस काम में में आपकी मदद करू तो

रेखा भाभी-: फिर भी हम उसका कुछ नहीं बिगड़ सकते विभु

me-:ham दोनों एक साथ मिल गए तो हम गुप्त में रह कर बहुत कुछ बिगड़ सकते हे उसका

रेखा -: वो कैसे

में-: तुम्हे पता ह ठाकुर के बेटे पर 2 बार हमला हुआ ह और इस बार तो उसकी हालत ख़राब हो गयी ह वो मेने की ह

.रेखा-: क्याआआआ तुमने पर कैसे

में-: बस वही तो बात ह गुप्त में रह कर आज तक किसी को पता चला क्या

रेखा-: नहीं चला

में-: आगे hi बहुत कुछ ह जो तुम्हे और गांव वालो को पता नहीं ह पर मेने कर दिया ह में तुम्हे सब बता दूंगा अगर तुम तैयार हो तो

रेखा-: मुझे मेरी चिंता नहीं ह पर मेरे पति और नानन्द को कुछ हो गया तो

में-: उनकी आप चिंता मत करो उनके लिए में कुछ बंदोबस्त यही कर दूंगा

रेखा-: मतलब

में-: मतलब की एक किराये का घर लूंगा यहाँ और उसमे रहेंगे दोनों यहाँ

रेखा-: और में

में-: तुम मेरे साथ गांव में एक सीक्रेट जगह पर रहोगी वही से हम सब खेल खेलेंगे

रेखा-: पर कुछ हुआ तो

में-: मुझपे यकीं करो कुछ नहीं होगा

तुम्हे हम सब काम दिमाग से करेंगे है जान का जोखिम रहेगा पर होने कुछ नहीं दूंगा

रेखा कुछ देर सोचने लगी कोई 10 मिनिट तक सोचने में बाद बोली की में आपको कल जवाब देती हु

में-: ठीक ह अच्छे से सोचना तुम्हारी सासु माँ और तुम्हारी इज्जत उसने लूटी ह ाशे hi कितनी बेगुनाह ोर्टो और लड़कियों को उसने तबाह किया ह सोचना अच्छे से और जवाब देना

रेखा-: हम्म मार्किट चलो कुछ सामान लाना ह पर अभी पैसे ह क्या आपके पास

में-: हम्म ये लो पैसे मेने 50000 रस उसे दे दिए

रेखा-: इतने पैसे

में-: हॉस्पिटल में जरूरत पड़ेगी और है अभी कुछ दिन किसी भी रिस्तेदारो से बात मत करना वार्ना ठाकुर को पता चल जायेगा

रेखा-: हम्म

फि में उसे बाइक पर बिठा कर मार्किट ले गया जहा उसने कुछ जरुरी सामान लिए और चल दिए हॉस्पिटल

में उसे हॉस्पिटल चोर के कल आने का बोल कर घर की तरफ निकल गया में कोई 1 घंटे में घर आ गया घर आके टाइम देखा तो 4 बज चुकी थी मुझे आते हुवे कजरी देखि जिसने मुझे देख कर स्माइल की

में-: इसकी तो मटकती गांड मरूंगा जैम के मेरी गुलाम बनूँगा और ठाकुर की बर्बादी की कहानी लिखूंगा

 
अपडेट 75

में हॉस्पिटल से घर आया और रस्ते में मुझे कजरी मिल गयी जिसने मुझे देख कर स्माइल की मेने भी उसे स्माइल दी और मन में बोलै

में-: इसकी तो ये मटकती गांड मरूंगा और मेरी गुलाम बनाऊंगा इसे उसके बाद ठाकुर और काका की बर्बादी की कहानी लिखूंगा

अब ागीयी..............

में वह से सीधा घर आ गया टाइम देखा तो 4 बज चुकी थी मेने मैं गेट लगाया और अपने कमरे में जेक बीएड पर लेट गया और सोचने लगा की आज धीरज भाभी ने कॉल नहीं किया न hi मस्सगे वो ठीक तो ह न

फिर मेने मोबाइल निकल कर कॉल किया तो उधर से एक रिंग में hi कॉल कट हो गया फिर मेने मोबाइल साइड में रखा था की मेरा मोबाइल बजा

मेने देखा नई no. से कॉल था मेने कॉल रिसीव किया तो जो आवाज आयी उसे में एक पल में पहचान गया

में-: आ गयी मरी जान को मेरी यद्

सुमन-: यद् तो हर पल आती हे पर क्या करू हर पल कॉल नहीं कर सकती न

में-: और सब क्या कर रहे हे

सुमन-: सब ठीक ह. बैठे ह यहाँ

में-: और तू किसके मोबाइल से बात कर रही ह

.सुमन-: दीपिका भाभी के

में-: ोककक और सुना

सुमन-: आपकी बहुत यद् आ रही ह जान

में-: ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जान

में-: मुझे भी जादू की झप्पी नहीं मिल रही न

सुमन-: रहने दो जादू की झप्पी तो बहाना हे सुच में तो मेरे साइन से लगाने का बहाना चाहिए इनको

में-; ओह्ह्ह्ह वैसे ये भी सुच hi ह जिसका सीना इतना बड़ा हो उसके तो बार बार गले लग्न पड़ता ह

.

सुमन-: आप बहुत गंदे होते जा रहे हो

में-: मुझे गन्दा भी तो तूने hi किया ह

सुमन-: ब्यययय अब बाद में कॉल करती हु

में-: इन रसीले होठो से एक पप्पी तो देदे मेरी जान

सुमन-: क्यों दू मेरी मर्जी

में-: देदे तेरे इस दीवाने को

सुमन-: ??????????

में-: हआ दिल पर लग गयी अब तो मेरा दिल तेरे प्यार में घायल हो गया

सुमन-: अब रख रही हु बुय

में-: बी जान अपना दयँ रखना

फिर सुमन ने कॉल कट किया और मुझे उससे बात करके एक खुसी मह्सुश हुई मेरा दिल खुस हो गया

फिर में उठा और कल निधि मेरी जान ने मेरा वेट किया होगा तो उससे मिलना जरुरी हे उनकी नाराजगी दूर करना होगा

मेने उसे कॉल किया पर कॉल उठाया नहीं तो मेने मस्सगे किया सॉरी मेरी जान कल थोड़ा अर्जेन्ट काम से चला गया था

फिर में वह से निकल कर आज दोस्तों के साथ घूमने का मन हुआ तो में सबसे पहले दिनेश के घर से उसे लेके फिर हम दोनों विक्की को लेके वह से अजय को लेने उसके घर गए तो देखा उसके घर तो टाला लगा था

में-: ये सब कहा गए

विक्की-: पता नहीं आज सुबह तो स्कूल आया था ये लावड़ा

दिनेश-: हा और उसकी बहाने भी आज दिन में स्कूल गयी

उसने ये बोलै की हम दोनों की निगाह उस पर गयी और हम दोनों हसने लगे

दिनेश-: तुम दोनों ाशे क्यों घर रहे हो और हंस रहे हो

में-; तुजे उसकी बहनो का बड़ा पता ह

दिनेश-: वो तो आज स्कूल से आती टाइम वो जाती हुई दिखी तो बोल दिया ..

विक्की-: ह्म्म्मम्म चोर

फिर हम तीनो वही घूम रहे थे की विक्की बोलै

विक्की-: चलो मेरे खेत की तरफ जेक आते ह

में-: ठीक ह चलो बहुत दिन हो गए उधर गए ने

फिर हम तीनो वह से विक्की के खेत पर पहुंच गए हमें जाने में कोई 15 मिनिट लगे

में-: व ीरर्र विक्की तूने तो अच्छा बगीचा तैयार कर लिया रे

दिनेश-: है य्र्र पहले तो कुछ नहीं था यहाँ

विक्की-; है इस बार बहुत म्हणत करके तैयार किया ह

दिनेश-: काश अभी कोई मिल जाये जिसे छोड़ छोड़ कर मजा ले

विक्की-: है ीरर्र बहुत मन कर रहा ह छोड़ने का काश अभी कोई मिल जाये तो यही पटक पटक कर चोदे

में-: है मन तो मेरा भी कर रहा ह पर अभी कोण मिलेगा

विक्की-: मिलेगा नहीं मिलेगी पर वो हमें करने देगी की नहीं ये पता नहीं ह

में-: मतलब

विक्की-: चलो में बताता हु वैसे अभी उनका यही काम चल रहा होगा

दिनेश-: कोण ह और क्या काम चल रहा होगा

में-: आबे बॉडी के कोई छोड़ रहा होगा और क्या लवडे इतना भी नहीं समझता

दिनेश-: क्या पर कोण ह और किसे छोड़ रहा ह

मेने उसकी गांड पर एक लत मरी लगदे वह जेक देखेंगे तो पता चलेगा न

फिर हम तीनो वह गए और एक झड़ी के पीछे चुप गए पर वह कोई आया नहीं था

में-: सेल चुटिया बना रहा ह अभी तक तो कोई आया नहीं

विक्की-: आबे लगदे रुक तो अभी आएंगे और तू उसे देख कर मुठियाने न लग जाये तो बोलना

तभी मेरा मोबाइल बजा और मेने देखा तो कॉल निधि भाभी का था

में/: मेरा कॉल आया ह में अभी बात करके आता हु

में दूर जेक बात करने लगा

में-: hello निधि जान

ज्योति-: में ज्योति बोल रही हु

में-: है ज्योति बोल

ज्योति-: आपको पता ह भाभी आज कितनी नाराज ह सुबह का खाना नहीं खाया ह उन्होंने

में-: अरे कल में दोस्त की बर्थडे पार्टी में गया था इस लिए नहीं आ पाया

ज्योति-: अरे वो कोई नहीं आज भाभी का बर्थडे ह और आपने विश नहीं किया

में-: क्या मेरी जान का बर्थडे हे आज

ज्योति-: है और आपका वेट मर रही ह सुबह का

में-: सॉरी बोलना उन्हें और है सुन उनको कुछ बताना मत आज उन्हें सरप्राइज देंगे

jyoti-:matlb

में-; तू बताना मत की तूने मुझे बता दिया की आज उनका बर्थडे हे में शाम को आता हु और है 7 बजे उनको कमरे में बांध कर देना कुछ बोलना मत

ज्योति- पर क्यों

में-: पागल लड़की उनका बर्थडे सेलेब्रेट करने के लिए ..

ज्योति-: समझ गयी में

फिर मेने कॉल कट किया और वापस उन दोनों के पास आ गया और देखा तो वह एक मस्त पताका ितों खड़ा था साड़ी में एक डैम मस्त लग रहा था बिलकुल दूध से गोरा सरीर था उसका


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में-: आबे विक्की ये इतनी सुन्दर भाभी कोण ह ीरर्र आज पहली बार देखा ह मेने

विक्की-: धीरे बोल लवडे

में-: बता न इसको देख कर देख मेरा लुंड फटा जा रहा ह

विक्की-: देख थोड़ी देर सब पता चल जायेगा और अब कुछ बोलना मत केवल देखना वार्ना वो सुन लेंगे

में-: हम्म

मेने देखा दिनेश ने अपनी लोअर में हाथ दाल कर अपने लुंड को हिला रहा था और विक्की केवल सामने देख रहा था मेरा लुंड भी इस औरत को देख कर तन कर पूरी ोकत में आ गया था की तभी एक बुड्ढा आदमी उस औरत के पास आया और उसे पकड़ लिया

में उस आदमी को देख कर दांग रह गया ये और को नहीं मेरे खेत में काम करने वाला जरिया काका ह ( हरिया काका वो जो मेरे खेत में काम करते ह रामु काका और हरिया काका जिसे कल मेने 5000 रस दिए थे आज पहचान गए होंगे )

अब में देखने लगा उन्होंने आके उस औरत को पकड़ लिया

औरत-: अहहह बाबूजी कितना टाइम लगा दिया आपने

hariya-:wo बहु मालिक के वह थोड़ा काम था

मेने विक्की के कण में

में-: बस कोण हे ये औरत अब बता मुझे वार्ना में मेरा लुंड तेरी गांड में घुसा दूंगा

विक्की-: बस वो जो ह न हरिया काका ह जो तेरे वह काम करते हे

में-: लवडे वो तो में जनता हु पर वो औरत कोण ह और वो उसे बाबूजी क्यों बोल रही ह

विक्की-: भोसड़ी वाले सुन तो सही वो उसकी सगी बहु हे

में-: क्याआआआआ

विक्की-: हआ उसका पति बहार हे काम करता ह और इसी साल इसकी सदी हुई ह

में-: क्या नाम ह इसका

विक्की-: पालक भाभी

me-:palak भाभी वव कब से चल रहा ह इनके बिच ये सब

विक्की-: में तो 4 दिन से रोज देखता हु ये बुड्ढा अपनी जवान बहु को छोड़ता हे और बहु भी मजे लेती ह

में-: ोकक अब देखने दे

फिर मेने देखा तो हरिया काका ने अपनी धोती निकल दी थी उसका 5 इंच का छोटा लुंड पालक भाभी के गोर हाथो में था और काका और वो दोनों बात कर रहे थे

हरिया-: बहु छोटे मालिक ने कल 5000 रस दिए ह तुजे जो लेना हो ले लेना

पालक भाभी-: ठीक ह बाबूजी फ़िलहाल तो मुझे ये लेना ह

पालक भाभी ने हरिया काका के लुंड को जोर से हिलाते हुवे कहा फिर भाभी ने अपनी साड़ी ऊपर की और काका अपनी बहु के ऊपर आ गए और अपना लुंड इनकी छूट में दाल दिया जो एक बार में hi अंदर चला गया

पालक भाभी-: ाहः बाबूजी धीरे आपकी बहु में हु

हरिया-: है सॉरी बहु ये ले फिर काका पालक भाभी की टैंगो को हवा में करके छोड़ने लगे

मेने देखा हरिया काका ने न तो पालक भाभी के दूध चूसे थे न अपना लुंड चुसवाया था न उनकी छूट को देखा डायरेक्ट सुला दिया न hi ब्लाउज के बटन खोले और लुंड छूट में दाल कर चुदाई करने लगे


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पालक भाभी-: ाहः बाबूजी और जोर से करो न मजा आ रहाहै हह

हरिया काका-: है बहु

और काका ने जोर लगा लगा कर छोड़ने लगा

भाभी हलकी हलकी सिसकिया निकल रही थी ये देख कर मेरा लुंड झटका खाने लगा और इधर विक्की और दिनेश तो अपने छोटे लुंड निकल कर हिलने लगे

उधर भाभी जोर जोर से करने का बोलने लगी और देखते hi देखते काका ने अपना पानी अपनी बहु के पेट पर दाल दिया और पास में लुढ़क गए

पालक भाभी-: बाबूजी आज भी अपने मुझे अधूरा चोर दिया

हरिया-: बहु में बुड्ढा हो गया हु अब वो डैम नहीं रहा मुझसे

पालक-: कोई नहीं आप जाओ मजी न आ जाये

फिर काका ने अपनी धोती पहनी और और वह से चले गए इधर पालक भाभी ने पास रखे एक कपडे से अपने ससुर का पानी अपने पेट से डफ किया और कुछ देर ाशे hi लेती रही और फिर अपना हाथ निचे ले जा के जोर से अपनी छूट में 2 ऊँगली घुसा कर आगे पीछे करने लगी

पालक-: अहःअहः माँ कहा भेज दिया आपने एक पति मिला ह जो आता hi नहीं मुझे छोड़ने और बाबूजी अच्छे हे पर अब ये मुझे छोड़ नहीं पते हाहाहाःहाहा माँ कैसे बुजाउ अपनी छूट की प्यास

इधर विक्की और दिनेश ने जोर जोर से हिला कर अपना पानी निकल दिया था और वो दोनों वह से उठ कर बहार आ गए

मेने देखा की भाभी अब जोर जोर से अपनी छूट को हिलने लगी और देखते hi देखते उन्होंने अपना पानी चोर दिया ये देख कर मेरे चेहरे पर एक कातिलाना हसीं आयी और अब भाभी ने अपने हाथ से अपनी छूट को साफ किया और चल दी उठ कर में भी वह से बहार आया तो दोनों ने अपने लुंड को साफ कर रहे थे

में-: आबे चुतियो ाशे क्यों हिलाया तुम्हारी तो गफ ह जेक उन दोनों की छूट में घुसा देते

विक्की-: मेरी बात हुई ह आज ज्योति से उसने कल का बोलै ह कल करने के लिए राजी हो गयी ह वो

दिनेश-: और पूजा की तबियत ख़राब ह अभी तो उसने बोलै कुछ दिन रुको फिर करने दूंगी

में-: वव य्र्र तुम्हारे तो मजे ह

विक्की-: य्र्र विभु पालक भाभी का कुछ कर ीरर्र रोज इन ससुर बहु को देख कर मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा ह

में-: आबे चूतिये ये इतना आसान नहीं ह फिर भी देखते हे कुछ करता हु में कही पैट गयी तो हम तीनो के मजे हे

दिनेश-: मुझे तो पालक भाभी को छोड़ना ह इसके लिए जो चाहे क़ुरबानी देने को तैयार हु

विक्की-: मुझे भी कुछ भी करके इतने गदराये दुधारू औरत को छोड़ना ह

में-: में इसकी छूट तुम दोनों को दिलवा सकता पर मेरी एक शर्त ह

विक्की -: बोल मुझे हर शर्त मंजूर ह

में-: कल से तुम दोनों यहाँ मत आना और ये सब मत देखना कुछ दिन में भाभी को अपने खेत पर काम के लिए भुलऊँगा और वह उनको पता कर छोड़ने का प्लान बनाएंगे यहाँ कुछ नहीं करना ह हमें

विक्की-: मंजूर ह पर जल्दी hi करना विभु तू

में-: ोकक ठीक ह चलो अब घर

फिर में दोनों के साथ घर आ गया मुझे निधि भाभी के बर्थडे की तैयारी भी करनी थी तो में घर आ गया और टाइम देखा तो 5 बज चुकी थी मेने अपनी बाइक तैयार की और चल दिया सहर दोबारा कुछ सामान लेन जो मुझे निधि जान को देना था

में सहर आ गया और वह से कुछ सामान को मुझे बिर्थडेज़ पर जरूरत लगती ह ले लिया और फिर निधि भाभी और ज्योति के लिए कुछ इम्पोर्टेन्ट गिफ्ट लेके में घर के लिए निकल गया मुझे घर आते हुवे 7 बज चुकी थी में घर आते hi सीधा मनीषा भाभी के घर खाने गया वह जेक मेने मनीषा भाभी की गांड और बूब्स दबा दबा कर परेशान करने लगा में सबकी निगाह से बच कर फिर मेने वह से निकल कर नीता चची के वह आया और चची के साथ भी आशा hi किया निशा के हलचल जानने के बाद में वह से निकल गया और तै के घर पर आ गया और वह सोनाली भाभी से आँख मिचोली करके खाना खा कर अपने खर आ गया इन सब में कोई 8.30 का टाइम हो गया था तो अब मुझे निधि भाभी के घर जाना था में वह से सीधा निकल कर निधि भाभी के घर गया तो गेट खुला था मुझे ज्योति अंदर hi दिख गयी

में-: कहा ह निधि

ज्योति-: अंदर बहुत गुस्से में हे और नाराज भी

में-: ोकक कोई नहीं में हु न रुको

ज्योति-: ये सब क्या सामान ह

में-; में बताता हु रुको

फिर मेने ज्योति को समझा दिया वो खुस हो गयी और मेरे गले लग गयी उसके बड़े दूध मेरे साइन में डाब गए मेने उसे अलग किया

में-: ये सब रत को अभी तैयारी करो

फिर ज्योति रसोई में चली गयी और खाने की तैयारी करने लगी

और में ज्योति के रूम में गुब्बारे लगा कर सजावट करने लगा मुझे कोई 45 मिनिट लगे सजावट करने में और ज्योति ने भी 1 घंटे में अच्छा खाना बना लिया

फिर ज्योति मेरे पास आयी

ज्योति-: जान सब रेड्डी हे टेस्टी खाना रेड्डी ह

में-: ोकक तो अब में जा रहा हु निधि के पास तुम एक काम करो ये थोड़ा बहुत और डेकोरेट कार्डो और ये ड्रेस पहन लेना

ज्योति-: जी हुजूर

फिर में एक ड्रेस जो निधि के लिए लाया था वो लेके उसके रूम में गया तो निधि अंधरे रूम में बीएड पर बैठी थी

मेने जैसे hi जेक लाइटर चलती तो देखा मेरी जान मुझसे नाराज होक रो रही थी मेने दौड कर उसे बहो में भर लिया और चुप करवाने लगा

में-: सॉरी जाना मुझे माफ़ कार्डो मुझे यद् था तेरा बर्थडे पर में तुजे सरप्राइज देना चाहता था मुझे नहीं पता था की तू ाशे नाराज हो जायेगा

निधि जो अब तक चुप थी और जोर से रोने लगी और मेरी बहो में कस्ती चली गयी

में-: सॉरी न जाना अब रोना बंद करो मेरी कसम ह तुजे मेरी जान निधि

निधि-: हम्म्म पर आप सुबह से आये क्यों नहीं

में-; जाना मुझे पता नहीं था की तेरा बिर्थडेज़ हे वो तो 4 बजे ज्योति माँ कॉल आया था उसने बताया

निधि-: में कल का आपका वेट किया रत को भी बिलकुल नहीं आये आप सोचा था रत को 12 बजे आपके साथ रहूंगी

में-: निधि मेरी जान अब सब चोर और बहार आओ नाहा धो कर तैयार हो कर और ये ड्रेस पहन कर आना

nidhi-:aap मेरे लिए ड्रेस लाये हो

में-: हम्म जान

निधि फिर मेरे गले लग गयी मेने उसे दूर किया और तैयार होने माँ बोल कर बहार आ गया

बहार आके में बेथ गया और ज्योति और निधि का वेट करने लगा कोई आधे घंटे में ज्योति के रूम का गेट खुला और मेने देखा तो मेरी आँखे वही ठहर गयी ज्योति बाला की खूबसूरत पारी लग रही थी मेरी दी हुई ड्रेस में


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में उसकी खूबसूरती में खो गया और उसे देखने लगा एक तक में उसे निहार रहा था और ज्योति सरमाती हुई रसोई में चली गयी फिर मुझे मेरी हुसैन ा मलिक्का का इंतजार था जो अब पूरा होने वाला था तक के साथ निधि भाभी के रूम का गेट खुला और मेने देखा तो वह तो एक हुस्न की पारी कड़ी थी उसे देख कर ऐसा लग रहा था जैसे कामदेवी स्वयं मेरे सामने आके कड़ी हो गयी हो

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में उसे भी निहारने लगा तभी वो मेरे पास आके मुझे हिलाया और में होश में आया

में-: निधि निधि

निधि-: हम्म में हु

में-: वव सो ब्यूटीफुल जान

निधि-: अब तारीफ मत करो और खाना कहते ह मुझे जोरो से भूक लगी हे मेने निधि का हाथ पकड़ा और रसोई में ले गया जहा टेबल पर खाना रखा था और ज्योति हमारा वेट कर रहो थी

ज्योति-: आओ जल्दी भूल लगी ह

निधि को देख कर ज्योति ने भी कहा की भाभी आप बड़ी मस्त लग रही हो और निधि ने भी उसकी तारीफ की तभी में बिच में बोलै

में-: ज्यादा खुस मत रहो थोड़ी देर में दोनों hi नंगी होने वाली हो

मेरी बात सुनकर दोनों हंसने लगी और निधि भाभी भी टेबल पर बेथ गयी और खाना देख कर खुस हो गयी

निधि-: वव ज्योति आज तूने पनीर की सब्जी और तंदूरी रोटी बनायीं

ज्योति-: मेने नहीं हमारे हस्बैंड लाये हे दोनों के लिए मार्किट से मेने तो सिर्फ गरम किया ह

निधि;: टंक्स जान इतनी खुसी देने के लिए

में-: खाना कहो 10 बज चुकी ह अब

फिर उन दोनों ने खाना खाया और मुझे भी अपने हाथो से बड़े प्यार से खिलाया खमा खा कर निधि क्र ज्योति ने बर्तन साफ किया और हल में आ गयी फिर मेने. ज्योति को इशारा किया और उसने है में सर हिलाया और अपने रूम में चली गयी

में-: चलो जान ज्योति के रूम में चलते ह आज वही सोयेंगे

निधि-: हम्म चलो

फिर में निधि का हाथ पकड़ कर उसे ज्योति के रूम में ले गया निधि के चेहरे पर प्यारी स्माइल थी जिसे देख कर में खुस था अभी तो ये स्माइल और प्यारी होने वाली हे

मेने गेट खोला तो रूम में अँधेरा था

निधि-: ज्योति रूम में आंध्र क्यों कर रखा ह

निधि लइते चलने गयी तो मेने उसे रोका और बीएड के पास ले गया और गिनती गिनी 1.2.3.

और ज्योति ने लाइट्स चला दी और हम दोनों जोर जोर से चिल्लाने लगे

हैप्पी बर्थडे निधि

हैप्पी बर्थडे निधि

हैप्पी बर्थडे निधि

और बभी आशा नजारा देख कर खुस हो गयी और अपने चेहरे पर हाथ रख लिया


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ज्योति का पूरा बीएड गुब्बारों से सजा था और पास में टेबल पर कक रखा था निधि ये सब देख कर खुसी से पागल होती जा रही थी फिर दौड कर आके मेरे गले लग गयी मेने भी उसे बहो में भरके उसके होठो पर किश करके

में-: हैप्पी बर्थडे मेरी निधि डार्लिंग को

निधि-: टंक्स मेरे प्यार

ज्योति-: में भी हु मेने भी सजाया हे रूम

और निधि ने ज्योति को भी गले लगाया जिससे दोनों के बड़े दूध आपस में ठाकरे गए और दोनों के मुँह से अहःअहःअहः निकल गयी फिर दोनों हंसने लगी

ज्योति-: हैप्पी बर्थडे मेरी प्यारी भाभी जी

निधि-: टंक्स मेरी ननद काम सौतन ज्यादा ज्योति

दोनों hi खुस थी क्र में भी फिर मेने बोलै

में-: निधि अब कक काटो जल्दी से

निधि-: हम निधि कक काटने बैक के पास गयी और हम दोनों भी उसके पास चले गए फिर जैसे hi निधि कक काटने लगी ज्योति ने रोक लिया

ज्योति-: रुको भाभी मुझे आपसे बात करना ह

और फिर ज्योति निधि को दूर ले जा के कुछ बोलने लगी जिसे सुन कर निधि के चेहरे पर स्माइल और बाद गयी और मेरे पास आके कड़ी हो गयी

निधि-: है तो जान अब तैयार हो जाओ

और निधि कक के पास जेक कड़ी हो गयी फिर ज्योति ने कुर्सी पर बिठा दिया निधि को उसके सर में बर्थडे केप पहना दी


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फिर ज्योति मेरे पास आयी और निचे बेथ कर मेरी पेण्ट को खोल कर मेरे लुंड को निकल कर हिलने लगी

me-:ye क्या कर रही ह तू ज्योति

निधि-: आप चुप रहो आज मेरा बर्थडे हे हम जो करे करने दो

me-:okk

फिर ज्योति हाथ लगाने से मेरा लुंड खड़ा होने लगा तो ज्योति ने मुँह में लेके चूसने लगी और 2मिनिट तक चूसने के बाद मेरा लुंड पुरे ोकत में आ गया

ज्योति-: आप अब जेक अपने लुंड से कक काटो और लुंड से कक भाभी को खिलाओ

में-: तुम दोनों भी क्या क्या करती रहती हो

फिर में जेक कक के पास खड़ा हो गया मेरा लुंड कक पर रखा जिसे देख कर निधि खुस हो रही थी


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मेने लुंड को पकड़ कर कक में घुसा दिया और पुरे लुंड पर कक लगा लिया

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ज्योति-: वास् काश मेरा भी बर्थडे होता तो में भी लुंड पर लगा कक कहती भाभी अब सोच क्या रही हो जेक चख लो लुंड कक

इतना सुनकर निधि मेरे पास आयी और मेरे लुंड को देखने लगी और बोली

निधि-: ी लव ु जान

फिर निधि ने मेरे लुंड को मुँह में लेके उस लार लगे कक को चाट चाट कर खाने लगी और मेरे पुरे लुंड को ऊपर से लेके निचे तक चाटने लगी


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ये देख ज्योति ने भी अपने होठो पर जीभ फेरने लगी तो मेने उसे खींच कर अपने पास किया और किश करने लगा इधर निधि भाभी भी बार बार मेरे लुंड को मुँह में लेके साफ कर रही थी जिससे निधि भाभी के मुँह के पास कक लग गया था

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अब मेने लुंड पर फिर से कक लगाया और ज्योति को निचे बिठा दिया और ज्योति इशारा समझ कर मेरे लुंड को मुँह में लेके चूसने लगी

ज्योति ने भी मेरे लुंड को चाट कर साफ कर दिया फिर मेने अपने पेण्ट को पहन लिया के दोनों के मुँह पर लगे कक को चाट कर खा गया

निधि-: मजा आ गया क्या आईडिया था ज्योति तेरा

ज्योति-: हम्म मजा आया न पति जी

में-: बहुत मेरी जान

में-: वैसे ज्योति कल तुम विक्की से मिलकर छुड़वाने वाली हो

ज्योति-: हां वो बहुत फाॅर्स कर रहा था तो मेने है करदी

में-: तो फिर आज तेरी चुदाई नहीं करूंगा

ज्योति-: क्यों ाशे थोड़ी होता

में-: देखा डार्लिंग में अगर तुम्हारी चढाई आज की तो तेरी छूट छोड़ी हो जाएगी जिससे कल विक्की को शक हो जायेगा और अगर विक्की को शक हो गया तो हमारा प्लान बिगड़ जायेगा

निधि-: है ज्योति कल तुम विक्की से करवालो और आशा रियेक्ट करना जैसे पहली बार चुदाई करवा रही हो

ज्योति-: हम ये सही ह अब देखो में कैसे करवाती हु कल उससे उसे भी अपना दीवाना बना लुंगी

में-: हम्म कल वो जो करे करने देना

ज्योति-: ोकक अब में चली भाभी के कमरे में सोने आज की रत बर्थडे गर्ल के नाम

nidhi-:love ु ज्योति

फिर निधि ने ज्योति को गले लगाया और ज्योति मुझे किश करके चली गयी अब बच्चे में और निधि

मेने निधि को रत भर 2 बार चुदाई की जिससे निधि की छूट में सूजन आ गयी और हम दोनों नंगे hi एक दूसरे की बहो में सो गए
 
अपडेट 76

निधि के बर्थडे के दिन उसकी छूट को अच्छे से बजने के बाद में सुबह उठ कर चाय पि कर घर आ गया मेने आज बोल दिया था की आज रत को में नहीं आऊंगा क्योकि आज मुझे पूजा के साथ रत गुजरने की इच्छा हुई थी मेने सबसे पहले नीता चची को छोड़ा था लाइफ में और सील मेने पूजा की खिली थी सबसे पहलेउसके पूजा को छोड़ने का मौका hi नहीं मिला तो आज उसे छोडूंगा उससे बात तो करनी पड़ेगी न पहले

में वह से घर आया और सीधा तैयार हो कर स्कूल के लिए निकल hi रहा था की आज फिर सोनाली भाभी आ गयी चाय लेके

सोनाली भाभी-: लल्ला चाय

में-: लल्ला नहीं अब में बड़ा हो गया हु भाभी

सोनाली-: हम चाय

फिर मेने चाय पि और चाय पि कर भाभी ने कप लिया और जाने लगी आज फिर गेट पर रुक कर बोली

सोनाली भाभी-: बड़े तो तुम हो गए हो देवरजी ये मेने उस दिन देख लिया था जब आप मुझसे टकरा के मेरे ऊपर गिरे थे

ओट हंस कर भाभी चली गयी और मुझे कुछ समझ नहीं आया और में हँसता हुआ स्कूल जाने लगा तभी मेरे मन से आवाज आयी

मन-: भाई सोनाली भाभी आज कल पूरी लाइन दे रही ह तुजे इसको पटक कर छोड़ दे अब

में-: तुजे कैसे पता की वो लाइन दे रही ह

मन-: भाई ये बोली की उस दिन तुम टकराये थे तब आपके बड़े होने का अहसास हो गया था मुझे और यद् कर उस दिन तू सीमा दी की जवानी देख मर खड़ा लुंड लेके बहार निकल रहा था तभी इनसे टकराया और तेरे लुंड ने जरूर इनकी छूट पर हमला बोलै था

में-: है आशा हुआ था में तो भूल hi गया अगर आशा हे तो इस ऐश्वर्या राइ जैसी दिखने वाली मेरी सोनाली भाभी को मेरे लुंड का स्वाद चखना hi पड़ेगा

फिर में स्कूल आ गया आज स्कूल में कुछ खास नहीं हुआ तो ाशे hi टाइम निकल गया आज पूजा स्कूल नहीं आयी थी तो मेने सोचा घर पर बात कर लूंगा उससे ज्योति ने मुझे देख कर अपने होठो पर जीभ फिराई ये देख कर मेरालुंड उठने लगा पर मेने कण्ट्रोल किया और उसकी तरफ नहीं देखा वो हंसने लगी तो मुझे गुस्सा आया मेने मन में सोचा तुजे तो कल बताता हु हु देख तेरी ये बड़ी गांड की पिटाई करूंगा अब तब हंसना फिर

स्कूल से में घर आया और सोनाली भाभी के वह खाने गया

मेने कल से देखा धीरज भाभी का कॉल आया नहीं था अभी तक मेने खाना खा कर उधर जाने की सोची पहले तो खाना खाने चला गया आज मेरी सोनाली भाभी क्या हरकते करती उससे पता चल जायेगा की मुझसे छोड़ने वाली ह या नहीं

फिर भाभी के घर जेक खाने लगा पर सोनाली भाभी आज कुछ नहीं बोली केवल मेरे हलचल पूछ लिए और खाना खिला दिया में वह से आया और मन को आवाज दी

में-: आबे भोसड़ी के भाभी ने आशा कुछ नहीं किया ह ाशे hi फालतू बात कर रहा था तू

मन-: भाई आगे आगे देखो होता ह क्या

में-: देखा जायेगा पहले धीरज भाभी को तो देखु कल से कॉल नहीं किया

मन-: है ीरर्र उसको देख कर मेरा मन डोलता ह जल्दी पता उसे

में-; आबे उसे नहीं पटना ह वो अच्छी ह जब बोलेगी खुद से तब देखा जायेगा

मन-: जैसी आपकी इच्छा

फिर में वह से धीरज भाभी की दुकान की तरफ गया पर दुकान आज भी बंद थी मेने कॉल किया कॉल उठाया नहीं

में वह से नीता चची के घर पर चला गया कुछ देर चची से और निशा से बात करके घर आ गया

घर आके में सहर की और चल पड़ा रेखा भाभी से मिलने क्योकि आज मुझे उनसे बात करना था उनके मन में क्या चल रहा ह वो जानना था वो मेरे साथ हे या नहीं वो देखना था

में बाइक लेके सहर की और निकल गया कुछ टाइम में सहर आ गया सहर आके में डायरेक्ट हॉस्पिटल गया रस्ते में मेने खाना बुक करवाया और उसी कमरे में चला गया

रेखा और पीहू मुझे देख कर खुस हो गए आज फिर बलराम भैया सोये थे

में-: भैया अभी तक होश में भी आये क्या ..

रेखा-: कल पुरे दिन ठीक था पर सुबह पैर दर्द हुआ तो नींद की गोली दे दी ह डॉ. ने

में-: ोकक खाना खाओ आप दोनों फिर पीहू और दोनों खाने खाने लगे में उन्हें देखता रहा और कुछ देर में पीहू कचरा बहार फेकने गयी

में-: भाभिबापने क्या सोचा ह

.इतने में पीहू आ गयी और में चुप हो गया ..

रेखा-: बोलो मेने पीहू को सब बता दिया ह

में-: क्या आआ

पीहू-: है भैया मुझे सब पता चल गया ह

में-: ोकक तो अब आप दोनों का दिल क्या कहता ह

.रेखा-: हम दोनों ने रत को लेट तक सोचा और ते फैसला लिया हे की हम दोनों आपका साथ देंगे जहा तक हमारी जान ह

में-: (में खुस हो gaya)ok पर आप दोनों नहीं मुझे केवल आपका साथ चाहिए

रेखा-: में hi साथ हु पर कभी जरूरत पड़ी तो पीहू भी आ जाएगी

में-: ोकक बलराम भैया को कुछ पता न चलना चाहिए

पीहू-: वो में देख लुंगी आप दोनों अपना काम आराम से करना कोई रिस्क जैसा मत लेना उन दरिंदो को तो अशी सजा देना की वो अब किसी दूसरे के साथ आशा न करे

रेखा-: सही तो ये ह की हम दोनों भी ऐसी लिए तैयार हुवे की आज अगर हम चुप बेथ गए तो कल गांव में वो लोग फिर किसी के साथ करेंगे

में-: वो तो ह तभी तो मेने भी आशा hi सोचा था

रेखा-: आप एक काम करो 5 दिन बाद इनकी छुट्टी हो जाएगी तब तक में यही रहूंगी उसके बाद आप एक माकन लेलो जहा ये दोनों रहेंगे और में गांव में जहा आप बोलोगे वह रहूंगी

में-: नहीं अभी तुम अपने पति के साथ रहो यही जब इस काम की शुरुआत होगी में आपको लेने आ जाऊंगा

रेखा-: ोककक

में-: ोकक अब में चलता हु बाकि बादमे और आपके no. देदो

रेखा-: मेरे पास तो मोबाइल नहीं ह

में-: ये लो पैसे एक अच्छा सा मोबाइल लेलो आपके लिए और पीहू के लिए भी

पीहू खुस हो गयी फिर में वह से सीधा घर आ गया टाइम देखा तो आज भी 3 बज चुकी थी मेने घर आके सोने का सोचा और मैं गेट लगा कर रूम में सोने चला गया में बीएड पर लेता hi था की मेरे मोबाइल के व्हाट्सप्प पर एक मस्सगे आया मेने देखा तो नई no. थे

नई no.-: ही मेरे देवदास कैसे हो

में-: कोण हो आप

नई-: में तो आपकी दीवानी हु बस

में-: ओह्ह्ह्ह मेरी ये दीवानी कोण ह में जान सकता हु

नई-: आप मेरे देवदास हो तो में आपकी पारो हुई न

में-: ोझ पारो आपका रियल नाम तो बताओ

पारो-: मेरा रियल नाम जान कर क्या करना फ़िलहाल तो मुझे पारो hi भुलाओ

में-: है तो पारो जी ये तो बताओ की मेरे no. कहा से मिले

पारो-: दिवाली हु आपकी no. तो कही से भी ले आयी

में-: वैसे आप सही में पारो hi हो यो कोई पारा तो नहीं

पारो-: हे हे हे मुझे पता था आप आशा बोलोगे ये लो

फिर उधर से ऑडियो रिकॉर्डिंग आयी

पारो-: में पारो hi हु आपकी पारो

मेने आवाज सुनी तो ये तो एक लड़की की hi आवाज थी

में-: ओह्ह्ह तो आप रियल में पारो hi हो

पारो-: हम्म अपने देवदास की पारो

में-: अच्छा अपनी पिछ तो सेंड कर दो

पारो-: कर दूंगी थोड़ा सब्र करो सब सेंड कर दूंगी

में-: ओह्ह वैसे सब क्या

पारो-: सब कुछ आपका hi ह चलो में बाद में बात करती हु अभी थोड़ा काम ह

फर वो ओफ्लिने हो गयी और में सोचने लगा की ये कोण ह जो मुझसे इस तरह से बात कर रही ह कोई भी हो मुझे क्या मुझे तो नयी छूट मिल जाएगी

तभी चची का कॉल मुझे

चची-; में अपने सीस के घर जा रही हु दोनों भी आ रही ह मेरे साथ

.में-: ोकक चची वापस कब आओगी ..

चची-: 3-4 दिन में लौट आउंगी

में-: ोकक

हमें बात करने में 4 बज गयी में सोचने लगा की कैसे पूजा से मिलु और उसे रत को घर में आने का बोलै पर मेरा दयँ एक डैम से टुटा क्योकि 4 बज गयी और उधर खेत पर पालक भाभी और हरिया काका का खेल सुरु हक जायेगा तो मेने जल्दी से निचे आया और बाइक लेके चल दिया उधर कोई 5 मिनिट में मेने बाइक विक्की की बगीचे में कड़ी करके वह गया तो खेल आज सुरु हो गया था भाभी आज घोड़ी बानी हुई थी और काका अपने छोटे से लुंड से उनकी छूट की चुदाई कर रहे थे


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पालक भाभी सिसकियाँ ले रही थी और काका ने पालक भाभी की बड़ी गांड को पकड़ कर उनकी छूट में लुंड थी के जा रहे थे की आज फिर भाभी अधूरी रह गयी और काका ने अपना पानी भाभी की छूट में दाल दिया काका साइड में लेट गए और भाभी ने उठ कर अपने कपडे ठीक किया और चली गयी

इधर मेरा लुंड इस घोड़ी को घोड़ी बने हुवे देख कर फुल हार्ड हो गया था और झटके खा रहा था पर इसकी आज सब उम्मीद टूट गयी मेने सोचा था भाभी आज रुकेगी तो उन्हें रेंज हाथ पकड़ लूंगा पर मेरा मकसद कामयाब नहीं हो सका क्योकि भाभी आज पहले चले गयी मेने अपने लुंड को ठीक किया और कुछ देर विक्की के खेत पर बेथ कर लुंड को बैठने का इंतजार किया जब मेरा लुंड बेथ गया में वह से बाइक लेके घर आ गया और सो गया

उधर ठाकुर के घर पर सिमरन ने अपने पति को वडा किया था की वो इस घर की साडी छूट विक्रम यानि उसके पति को दिलवा देगी खास कर उसकी बहन रानी की और देवरानी वैशाली की तो उसने रानी के कमरे में एक सीक्रेट कैमरा लगवा दिया जिसका उसे पति को भी पता नहीं था

सिमरन की नजर ठाकुर की साडी दौलत पर थी वो चाहती ह की साडी दौलत उसके नाम हो जाये इस लिए वो अपने पति की हर बात मानती रहती ह और उनको भी अपना गुलाम बनाना चाहती ह उसने अपने पति की हर खवाइश पूरी की ह बीएड पर जैसे वो चोदे वैसे छुड़वा लेती ह सिमरन और खास सिमरन ने अपनी गांड भी मरवा ली थी विक्रम सिंह के पास अब देखना ये था की सिमरन अब आगे आशा क्या करती ह की विक्रम सिंह को इस घर की साडी छूट आसानी से मिल जाये और विकर्म को अपना गुलाम बना ले

दूसरे कमरे में वैशाली उस दिन से उधास थी वो हर रोज कोसिस करती रहती थी अपने पति का लुंड खड़ा करने की पर खड़ा नहीं कर पायी तब से उसने खाना पीना काम कर दिया था और हर टाइम उदास रहने लगी थी उसके गदराये जिस्म में सेक्स की प्यास बाद रही थी और इसका एक और कारन और भी एक ह वो आगे बताऊंगा

सिमरन अब रोज जशवंत को गालिया देती रत को और सो जाती इधर जशवंत का गुस्सा भी सातवे आसमान पर था उस लड़के पर जिसने उससे 2 बार मारा था क्योकि उसकी वजह से वो नामर्द हो गया था जशवंत ने सोच लिया था की अगर उसे पता चल गया की उसे किसने मारा तो तो वो उसे भरे गांव में गोली से उदा देगा

ठकुराइन के दिमाग में अलग hi कुछ खिचड़ी पाक रही थी वो पता नहीं कजरी से आशा क्यों करवा रही थी और वो बार बार किस्से फोन पर बात करके सब जानकारी देती रहती ह

इधर ठाकुर ने भी रेखा और उसके परिवार को मरवा दिया ऐसा वो सोचता था क्योकि उन्होंने hi विभु के बड़े पापा को मारा था जो गट्टू काकी ने देख लिया था जिस दर से उसने सबको मरने का प्लान बनाया और कामयाब भी हो जाता अगर टाइम पर विभु नहीं आता

ठाकुर और विष्णु काका और सुरेश काका तीनो में मिलकर पुरे गांव पर राज करने का प्लान बनाने लगे

उधर ठाकुर का बड़ा बीटा विकर्म सिंह एक बेयर बार पर बैठा सोच रहा था की उसकी पत्नी कितनी अच्छी ह उसके लिए रानी जो मेरी सगी बहन थी उसकी छूट दिलवा देगी और वैशाली की भी

रानी और रेनू जो ठाकुर की दोनों बेतिया रोज कर से सहर में स्कूल जाती और घर आती थी उन दोनों को अभी तक किसी ने चुवा था नहीं था दोनों निहायत खूबसूरत थी वो दोनों के जिस्म भर गए थे नजर तो बहुत लोगी की थी दोनों पर ठाकुर से दर जाते से और यही हल उन दोनों का भी था दोनों की छूट अब लुंड लेने को तैयार हो चुकी थी पर अपने पापा के रुतबे और दर की वजह से बहार किसी को छूट दे नहीं सकती थी और ऊपर थी और होने का घमंड भी दोनों पर हावी था हर टाइम अपने आप को महारानी समझाना दोनों की ऐडा थी

इधर चची ,निशा और नव्या तीनो hi घर से आज अपने वह जा चुकी थी मतलब मोहिनी के वह जहा जेक चची ने मोहिनी से बाटे की तो पता चला की मोहिनी भी प्रेग्नेंट हो गयी हे विभु से चची खुस हो गयी और उसने भी अपनी गांड के उद्घाटन की दास्ताँ सुनाई की कैसे विभु ने उसकी गांड मरी

मोहिनी-: मौसी फिर तो में भी आउंगी अभी आपके साथ अपनों इस कातिलाना गांड को मरवाने

चची-: हम्म मेरे साथ चलना और करवा केना इस गांड का भी उद्घाटन

इसी तरह दोनों की बाटे चलती रही

इधर में सके उठा तो 6 बज चुकी थी में वह से सीधा सोनाली भाभी के वह गया तो आज सोनाली भाभी मुझे नहीं दिखी आज मुझे खाना तै ने खिलाया में खाना खा कर घर आ गया और फिर गांव में निकल गया में गांव में जा रहा था की मुझे धीरज भाभी की दुकान अभी भी बंद hi दिखी मेने मोबाइल लेके कॉल किया तो भाभी ने एक घंटी में कॉल उठा लिया

में-: hello क्या ह ये कॉल क्यों नहीं उठा रही हो

.धेरराज -: थोड़ा संत दोस्त में अभी अपने पियर आ गयी हु सुबह

में-: ओह्ह्ह तो बताना चाहिए न

धेरराज-: वो मॉर्निंग में जल्दी आ गयी में आपको रत को कॉल करती हु

में-: ोकक

धीरज भाभी से बात करके में खुस हो गया अब मुझे सन्ति मिल गयी में वह से निकल कर मनीषा भाभी को छेड़ने चला गया क्योकि मनीषा भाभी की गांड बड़ी कातिलाना थी और उसी गांड को मुझे मरने के लिए मनीषा भाभी को पटना था

में वह से मनीषा भाभी के घर में चला गया टाइम देखा तो 7.30 बज चुकी थी मनीषा भाभी अपने कमरे में थी में धीरे से उनके कमरे में चला गया और उनको पीछे से पकड़ लिया

.मनीषा-: हाहाहाःहाहा

में-: मेरी भाभी जान क्या मर रही हो

मनीषा-: अहह कुछ नहीं बैठी थी आखिर आपको मेरी यद् आ गयी

में-: आपकी नहीं आपकी उस गांड की यद् आयी ह

मनीषा-: तो देखलो न किसने मन किया ह

मेने दौड कर जेक गेट बंद किया और आके भाभी को बीएड पर जुका के घोड़ी बना दिया और उनकी साड़ी को उनकी कमर पर चढ़ा कर भाभी की नंगी गांड देखने लगा

मेने देर करते हुवे पंतय को यात्रा दिया और गांड को अच्छे से देखने लगा


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में-: वव क्या गांड ह दिल करता ह अभी लुंड थोक दू इस गांड में

मनीषा-: हां अभी तो देखलो जी भर के जब टाइम आएगा तो लुंड दाल भी देना इस गांड में

में-; इसमें अगर लुंड चला गया तो आपको बहुत आसानी होगी लेटरिंग जाने में छेद hi इतना बड़ा हो जायेगा आपका

मनीषा-: तो कर देना न एक छेद तो बाद कर दिया इसको भी कर देना

मेने एक जोर से भाभी की गांड पर थप्पड़ मारा

भाभी-; ाहः लगती ह

में-: है पता ह तभी तो मारा ह मुझे तो ाशे मरने में मजा आता हे

मेने एक क्र मरी दोनों हाथो से दोनों गांड के मटको पर

भाभी-: अहहहह कितने बेशर्म हक अपनी भाभी की गांड पर कोई मरता ह क्या

में-: जब भाभी गांड को नशे फैला कर अपने देवर की सामने नंगी गांड दिखाएगी तो मरेगा नहीं तो क्या इसकी पूजा करेगा क्या

भाभी-; वो भी कर लेना सब कुछ आपका ह जब चाहे तब मर लेना

में-: पहले तो इस लुंड को चूस कर संत कर खड़ा हो गया ह कबका बैठने का नाम नहीं ले रहा ह

और मेने भाभी की गांड पर 2-3 थप्पड़ मरी और अपनी पेण्ट को खोलने लगा की बहार से प्रिय दी की आवाज आयी

प्रिय दी-: भाभी आपको मां भुला रही ह

मनीषा-: आयी प्रिय तुम चलो

me-:ye क्या ह इसको भी अभी आना था क्या अब इसको कोण संत करेगा

मनीषा-; तुम बोलो तो प्रिय को भेज दू वो चूस कर संत कर देगी

में-: नहीं आप जाओ में भी अब जा रहा हु

फ़ी मेने भाभी को पकड़ा और किश करने लगा


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फिर भाभी ने मुझे धक्का दिया और बहार चली गयी में इधर अपने लुंड को एडजस्ट करके बहार आया और जैसे hi बहार निकलने वाला था की मेरे सामने एक आशा नजारा आया की मेरा दिल दिमाग और लुंड सब एक जगह hi ठहर गया

दरअसल मेरे सामने प्रिय कड़ी थी और उसके कुछ दुरी पर में खड़ा था मेरी निगाह सीधे प्रिय दी की गांड पर गयी क्योकि वो अपने गांड की दोनों मटको के बिच फांसी अपनी कपड़ो को निकल रही थी जिससे मेरी निगाह सीधी वही गयी और मेरी गलती ये हो गयी अब मेरा लुंड बैठने नाम नहीं लेगा

मेने कुकब देर देखता रहा और प्रिय ने अपनी कुर्ती अपनी गांड के फको से निकल कर ऊपर जाने लगी जब वो मेरी आँखों से ओझल हो गयी में वह से जल्दी से बहार निकल गया और बहार जेक अँधेरे में अपनी लोअर के अंदर हाथ दाल कर अपने लुंड को सही से एडजस्ट करने लगा तभी मेरी निगाह सामने कड़ी माला पर गयी जो मुझे ये सब करते हुवे देख कर मुस्कुराती हुई अंदर चली गयी और में भी हँसता हुवा वह से जाने लगा मेने खड़े लुंड को देखा जो अभी तक बैठा नहीं था मुझे पता था की अब जब तक इसका पानी नहीं निकल लेता ये बैठेगा नहीं तो मेने निधि को कॉल किया तो उसने बोलै की पला और मम्मी आ गए ह और ज्योति तो विक्की से मिलने गयी ह

मेने देविका को कॉल किया उसने उठाया नहीं फिर में वह से निराश लास्ट आशा पूजा की लेके घर आ गया मेने टाइम देखा तो 9 बज चुकी थी में छ्हात पर चला गया में इतने जोर से आया था की तै के घर पर बहार कड़ी सोनाली भाभी को नहीं देख सका जबकि भाभी ने मुझे इतनी जल्दी अंदर जाते देख लिया

सोनाली-: ये विभु को क्या हुआ और ये पूजा के घर की तरफ देखता हुवा ऊपर गया मतलब कुछ तो कला ह दाल में मुझे जेक देखना पड़ेगा

फिर सोनाली भाभी ने अपने रूम का दरवाजा ाशे बंद किया की जेस वो अंदर हे किसी को पता न चले और धीरे से छत पर आ गयी और चुप गयी

इधर विभु छत्त पर आके पूजा के घर की तरफ देख रहा था उसका लुंड ह की मन hi नहीं रहा था उसने प्रिय की गांड की खुस्भु से खड़ा लुंड लेके खड़ा था और सोनाली ने अभी तक विभु को पीछे से देखा था क्योकि विभु का मुँह पूजा के घर की छत्त की तरफ था और लुंड पूरी ोकत ने लोअर में खड़ा था

vibhu-:ye ये पूजा आज मिली क्यों नहीं मेरा लुंड को कोई संत कर दो वार्ना में मर जाऊंगा पूजा नहीं आयी तो मुझे मुठ hi मरना पड़ेगा

न चची ह आज न निशा के पास जा सकता दोनों तो बहार गए ह ,और निधि भाभी के घर पर भी नहीं जा सकता ज्योति तो विक्की के पास गयी ह तो वो तो आने से रही नहीं और देविका ने कॉल उठाया नहीं तो अब क्या करू कुछ समझ नहीं आ रहा हे एक काम करता पूजा के घर की छत पर जाता हु और उधर देखता हु सायद पूजा निचे दिख जाये

में पूजा की छत पर गया और उधर जेक दरवाजे से अंदर देखने लगा मुझे कोई नहीं दिखा

में जैसे hi पूजा की घर की छत पर गया इधर सोनाली भाभी ने कुछ सोचने लगी

सोनाली-: मुझे विभु की छत पर बानी टंकी के पीछे जेक चुप जाना चाहिए वह से सब अच्छे से देख पाऊँगी यहाँ से तो कुछ नहीं दिखेगा

फिर भाभी धीरे से अपनी छत से निकलकर विभु की छत पर आ गयी और टंकी के पीछे एक कोने में जहा कोई देख नहीं पता और नहीं कोई आ सकता ह वह जेक चुप गयी और पूजा के छत की तरफ देखने लगी

उधर विभु ने जान निचे देखा कुछ नहीं दिखा तो उसे यद् आया की उसके पास तो पूजा की भाभी के no. हे कॉल कर सकता ह वो पूजा से बात करवा देगी

फिर विभु ने जैसे हो पूजा की भाभी को कॉल किया पूजा की भाबी ने कॉल उठाया

मीणा भाभी-: hello

में-: hello भाभी में विभु

meena-:ha no. सेव हे बोलो

में-: पूजा से बात करवा दो न

मीणा-: वो तो घर पर ह और में अपने पियर आयी हु

में-: अरे यररररर सहित

मीणा-: क्या हुआ कुछ काम ह क्या

me-:(ha मेरा लुंड खड़ा ह उसे चूस कर ये छूट में लेके उसका पानी निकलना ह )कुछ नहीं ब्ययी

मीणा-: सुनो तो सही रुको ...

इतने में विभु ने कॉल कट कर दिया और मोबाइल जेब में रख लिया

विभु-: अब लास्ट ओप्तिओंस मुठ मरना ह वार्ना मेरे लुंड की नशे फैट जाएगी

विभु जैसे hi अपनी छत पर आया और सोनाली की नजर विभु के लुंड पर गयी


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जो लोअर के अंदर hi इतना बड़ा दिख रहा था की लोअर के निचे की साइड में लटका हुआ था जिसे देख कर सोनाली भाभी के आँखे छोड़ी हो गयी और मुँह अपने आप खुल गया जो खुला का खुला hi रह गया और अपनी साड़ी का पल्लू निचे गिर गया जिससे उसके दूध केवल ब्लाउज में hi थे

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इधर विभु अपने खड़े लुंड से परेशान हो के कुछ सोचने लगा की मुठ कहा मरू निचे जेक मर लेता हु फिर उसे कुछ यद् आया और रुक गया और अपने लुंड को लोअर के ऊपर से जोर से पकड़ कर दबाने लगा

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इधर सोनाली ने जब इतना मोटा लुंड देखा तो उससे रहा नहीं गया और उसने सोचा अपनी छूट में ऊँगली कर लेती हु यहाँ आके कोण देखेगा और उसने अपने ब्लाउज के बटन खोल दिए और अपने चुके बहार निकल लिए और अपने साड़ी को अपनी कमर तक करके अपने देवर का लुंड देख कर अपनी छूट में उंगली करने लगी जोर जोर से और दूसरे हाथ से अपने चुके दबाने लगी उसने अपने होठ बिच लिए जिससे उसकी आवाज बहार न निकले और विभु सुन न ले

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इधर विभु जब अपने लुंड को दबाने लगा तो उसकी हालत ख़राब हो गयी और लुंड दर्द करने लगा उसने सोचा टंकी के पीछे जेक लुंड को हिला कर मुठ मर लेता हु वह अँधेरा भी हे कोण देखेगा वह और विभु ने धीरे से टंकी की पीछे जाने लगा इधर सोनाली ने अपनी छूट में ऊँगली करने में मस्त थी और उसकी आँखे बाद थी

इधर विब्बू चल कर सीधे सोनाली के पास आ गया जिससे सोनाली भाभी होश में आ गयी और कुछ बोलने वाली थी की विभु की आवाज सुन ली

विभु-: यही मुठ मर लेता हु अँधेरा भी हे कोई देखेगा भी नहीं पूजा आ जाती तो मेरा काम हो जाता अब खड़े लुंड को मुठ मर के संत करना पड़ेगा

इतना बोल कर विभु ने अपनी लोअर को निचे सरका दी और उसका विकराल लुंड सोनाली के मुँह के पास आ गया खुलता हुवा एक टाइम तो सोनाली को लगा की उसके मुँह से लुंड टकरा जायेगा जिससे वो हल्का सा पीछे हैट गयी

इधर विभु ने बिना सोचे अपने लुंड को हाथ में पकड़ा और जोर जोर से हिलने लगा और सिसकिया लेने लगा


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इधर सोनाली भाभी ने जोर से साँस ली जिससे विभु के लुंड की खुसबू सीधी उसके मुँह में और नक् में होती हुई उसकी छूट तक आगयी

sonali-:(devarji का जितना बड़ा लुंड ह खुस्भु भी उतनी hi अच्छी आ रही ह आज काश इस लुंड से में चुद सकती अहःअहः)

और सोनाली ने फिर से धीरे से अपनी छूट में ऊँगली दाल दी और और बोन दबाने लगी

इधर विभु इन सब से अनजान अपने लुंड का पानी निकलना चाहता था और जोर जोर से लुंड को अपनी hi भाभी के मुँह के ऊपर अनजाने ने हिलाये जा रहा था

विब्बू के लुंड और सोनाली के मुँह के बिच अंतर बहुत काम था पीछे जगह भी काम थी जिस करना सोनाली पीछे भी नहीं हाथ सकती थी वो ाशे hi बैठी बैठी अपनी छूट में ऊँगली किये जा रही थी


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कोई 10 निमित तक दोनों देवर भाभी ने अपने लुंड और छूट को संत करने का प्रयास किया जिस्मे सोनाली ने 1 बार पानी चोर दिया जबकि विभु का पानी अभी तक नहीं निकला था

विभु-; अहःअहःअहःअहः अहहहहहह कोई मेरे लुंड को अपनी छूट में लेके इसका पानी निकल लो ा हाहाहाःहाहा माँ मेरा लुंड दर्द कर रहा ह ाहाःहाहाहाः

आज जब मुझे जरुरत ह तो मेरे लुंड का पानी निकलने के लिए कोई नहीं ह और ऐसे तो कई छूट मेरे आस पास हे हहहह

sonali-;(devarji मुझे माफ़ कार्डो में कर सकती पर अभी नहीं में आपकी भाभी हु वार्ना आपका लुंड तो में मुँह में क्या छूट और गांड में भी ले लेती इस लुंड को तो बस देख कर hi दिल को तसली दे सकती हु)

इधर विभु अब जोर जोर से लुंड को हिलने लगा क्र बाद बढ़ाने लगा की उसे दिल की बात यद् आगयी और उसके मन में सोनाली भाभी का चेहरा आ गया

vibhu-:ahahahhaah सोनाली भाभी आप भी मस्त हो आप कितनी अच्छी हो काश में आपको छोड़ सकता मनीषा भाभी की तरह जैसे मेने मनीषा भाभी और नीता चची को छोड़ा हे वैसे hi आपको भी जी भर के छोड़ सकता ाहः

sonali-:(ye विभु क्या बोल रहा ह इसमें मनीषा और नीता चची को छोड़ रखा ह पर कैसे नहीं ये नहीं हो सकता हे झूट बोल रहा ह मुझे पता करना पड़ेगा और ये इनका पानी क्यों नहीं निकल रहा ह 30 मिनट्स ऊपर हो गए अभी तक तो लोगो का पानी 3 बार निकल जाता ह और देवरजी का एक बार भी नहीं निकला )

इधर विभु के लुंड में तनाव आने लगा और वो जोर लगा कर लुंड को हिलने लगा जब उसका पानी निकलने को हुआ तो उसने जोर से मुठियाने लगा

विभु-; ाहः सोनाली भाभी आपको भी मेरे निचे आना होगा अपने देवर का लुंड लेना हो गए आहे में गया भाभी मेरा पानी पियोगी न हाहाहाःहाहा सोनाली भाभी आपके दूध मुझे पीना हह अहफाज

और विभु ने एक तेज़ धार जो उसके लुंड से निकली जो सीधी सोनाली के मुँह पर जेक गिरी और उसके बाद तो एक के बाद एक 7-8 धार सीधा सोनाली के मुँह पर जेक गिरी

सोनाली अपने देवर की बात सुन कर गरम हो गयी और फिर से अपनी छूट में ऊँगली करने लगी और जेस hi अपने देवर का पानी अपने मुँह पर गिरा वो एक डैम दर गयी पहले तो और जोर से साँस ली जो सीधा विभु के लुंड पर विभु को महसूस हुई फिर सोनाली कुक सोच कर बैठी रही चुपचाप और विभु ने अपना सारा पानी सोनाली के मुँह पर गिरा कर वह से अपनी लोअर पहन कर निकल गया और सोनाली ने भी अपनी जीभ निकल कर अपने देवर का पानी को अपने मुँह में लेके टेस्ट करने लगी


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सोनाली ने सारा पानी जो अपने मुँह पर गिरा था अपने देवर का सारा पानी अपने हाथो से अपने मुँह में लेके चाट गयी और जोर जोर से अपनी छूट में उंगली करने लगी अपने देवर के लुंड को सोच कर और अपने देवर का पानी पि कर

इधर विभु वह से तो निकल कर दरवाजे के पास आ गया उसे यकीं नहीं हो रहा की वह कोई ह इसलिए वो दरवाजे के पीछे चुप गया और देखने लगा की अगर कोई होगा तो वह से निकलेगा जरूर

इधर सोनाली ने भी अपनी छूट से तीसरी बार पानी चोर दिया और उसकी छूट में हलचल करके पानी चोर्ने लगी


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फिर सोनाली के चेहरे पर स्माइल आ गयी और उसने अपने सब कपडे सही किये और वह से निकल कर अपने छत पर आ गयी और निचे चली गयी

विभु भी देख कर दर गया उसे ये तो नहीं दिखा की कोण ह पर ये जरूर दिख गया की वह कोई थी उसके दिल में दर बेथ गया हलाकि वो अपने परिवार की ोर्टो को छोड़ चूका था पर फिर भी दर था एक तो उसने सोनाली का नाम लेके मुठ मरी ये तो उसने जरूर सुना था और दूसरा उसने जोश में नीता चची और मनीषा भाभी को छोड़ने की बात भी बोल दी

फिर विभु भी निचे आ गया और जो होगा वो देखा जायेगा सोच कर सो गया

इधर सोनाली निचे आ के अपने कमरे में आयी और अपनी साड़ी चेंज की मुँह धोया और नीड पर लेट गयी और सोचने लगी

सोनाली-: मतलब देवरजी मुझे छोड़ने के फ़िराक में हे और मनीषा और नीता चची को छोड़ चुके हे बड़े हरामी हो आप में भी इतनी जल्दी हाथ आने वाली नहीं हु और हंसती हुई सो गयी
 
सॉरी दोस्तों 2 दिन लत हो गया पर अपडेट दे दिया ह अब आप सबसे एक गुजारिश हे की आप सब रेगुलर कमेंट करके मुझे अपने सुझाव देते रहो जिससे मुझे कहानी लिखने में और मजा आये अब परिवार की ोर्टो और लड़कियों का एक एक करके no. लूंगा और बहार की लड़किया और ओरतो का तो वैसे भी चल hi रहा ह आप सब मुझे रेगुलर सुझाव देते रही धन्यवाद ?☺️
 
अपडेट-: 77

दोस्तों में और सोनाली भाभी के मुँह को अपने वीर्य से भर कर चैन से सो गया उसे ये पता नहीं था की जिसको सोच कर उसने मुठ मरी उसी के मुँह पर पानी गिराया ह और उसी औरत ने भी उसका पानी पानी ह अब उसे ये पता करना था की रत को छत पर कोण था

दूसरी यरफ सोनाली भी रत को सोच के सोई थी विभु के हाथो में इतनी जल्दी आने वाली नहीं ह आएगी जरूर क्योकि उसको लुंड बड़ा पसंद आ गया था उसे सबसे पहले तो नीता चची और मनीषा भाभी की चुदाई की असलियत पता करना था

विभु के मोबाइल पर धीरज भाभी के 4 मिस्ड कॉल थे और उस नई no. वाली पारो के भी मस्सगे थे उसे कुछ पता hi नहीं चला और वो बिना मोबाइल देखे सो गया

इधर कुछ दुरी पर गांव में पूल पर ठाकुर और एक और आदमी था दोनों बैठे थे

आदमी-: ठाकुर सब मुझे वो चाहिए उसके लिए आप चाहे मुझसे जो मानगो में दे दूंगा पर मुझे उसे हासिल करना ह

ठाकुर-: में पूरी कोसिस कर रहा हु अब देखो आज भी मेने उसे तुम्हारे सामने कितना बेवकूफ बनाया ह वो इतनी जल्दी राजी नहीं होगा

आदमी-: तो उसे कुछ और लालच दो मम जायेगा वो और उसे मुझे दे देगा

ठाकुर-: में अपनी तरफ से पूरी कोसिस कर रहा हु और आगे भी करूँगा

आदमी-: और उस औरत के परिवार वाले कहा ह जिसने हमें देख लिया था

ठाकुर-: मेने सबको मरवा दिया ह

आदमी-: ये ाचा किया ह और है में तुमसे मिलता हु और तुम्हारे हर ब्लैक काम में तुम्हारे साथ हु ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए आगे भी

ठाकुर-: आप चिंता न करो आप के होने से तो में इतनी तरक्की कर प् रहा हु

आदमी-: अब में जाता हु जब भी मिलना हो आ जाना

ठाकुर-. ठीक ह में भी जाता हु

फिर वो आदमी अपनी बाइक लेके उसके घर आ गया और ठाकुर भी अपनी बाइक लेके घर की और चल दिया

ये दोनों तब मिल रहे थे. जब विभु अपनी सोनाली भाभी के मुँह पर अपना वीर्य चोर रहा था

((दोस्तों विक्की और ज्योति कैसे मिले और क्या हुआ ये इस कहानी से दूर हो रखे तो ाचा ह बस उसने विक्की को अपना दीवाना बना दिया हे ))

सुबह जल्दी विभु की नींद खुल गयी वो उठा और नाहा कर तैयार हो कर स्कूल की तरफ जाने लगा की सोनाली भाभी ने उसे आवाज दी

वो सोनाली भाभी के पास गया

सोनाली-: चाय पिए बिना hi जा रहे थे

में-: आप आयी नहीं तो में चल दिया

.सोनाली-: थोड़ा वेट तो कर सकते थे ..

में-: हम्म लाओ अब में लेट हो गया वैसे भी

सोनाली-: क्यों नींद लेट खुली क्या ....

में-: हम्म

सोनाली-: रत को जल्दी सो जाते तो सुबह जल्दी नींद खुल जाती देवरजी

में-: हम. कल से दयँ दूंगा

फिर में वह से चाय पि कर बहार आ गया सोनाली भाभी की बातो से तो आशा लग रहा था की कल रत को वो नहीं थी मतलब कोण था तै, चेतना भाभी, ये मेरी बहन , ये पता करना था मुझे

में स्कूल गया आज भी पूजा नहीं आयी थी विक्की बड़ा खुस लग रहा था आज सायद ज्योति ने ज्यादा hi खुसी दे दी थी उसे और ज्योति भी आज नहीं आयी थी मेरी निगाह माला पर गयी तो माला ने मुझे देख कर स्माइल की मुझे रत वाली घटना यद् आ गयी जब माला ने मुझे लुंड को एडजस्ट करते हुवे देख लिया था मेने भी उसे स्माइल दी और क्लास लेने लग गए

देखते hi देखते स्कूल ख़तम हो गया मेने एक बात नोट की जबसे मेने धापू से बात की उस दिन से वो स्कूल नहीं आयी थी अब तक बे क्या ह मुझे पता करना था

में स्कूल से निकल कर घर आया और घर आके में कुछ देर बैठा और आज मनीषा भाभी के घर गया मुझे वह खाना खाना था

ने भाभी के वह गया और जेक देखा तो हल में पूनम दी बैठी थी

पूनम-: आओ विभु में तुम्हारे लिए hi बैठी हु खाना लगा देती हु

में-: आप अकेली बाकि सब कहा ह

पूनम-: वो माँ और भाभी खेत पर गए ह सब्जिया लेने और प्रिय डॉली दी के पास गयी हे

में-: ओह्ह तो आप मेरी सेवा के लिए रुकी हो

पूनम-: अब क्या करू मेरा प्यारा भाई ह तो

में-; है मेरी प्यारी इनोसेंट दी

पूनम-: इतनी भी इनोसेंट नहीं हु जितनी तू समझता ह

में--: ोकक अब खाना खिलाना ह या बातो से hi मेरा पेट भरने की इच्छा हे

पूनम-: में भी पागल हु बेथ में खाना गरम करके लती हु

me-:(poonam दी कितनी खूबसूरत हे इनकी खूबसूरती के आगे सब फ़ैल हो जाये मेरी सुमन और पूनम दी एक जैसी ह पूनम दी का सरीर भी एक डैम भर गया ह लुंड लेने के लायक हो गयी हे एक बार में hi 3-4 बार छुड़वा ले अशी हो गयी ह पूनम दी) में वह से उठ कर रसोई घर के दरवाजे पर जेक खड़ा हो गया हो गया और पूनम फि को देखने लगा दी एक हराम में अपनी बड़ी गांड को समेटे हुवे रसोई में काम कर रही थी मेरी निगाह उनकी जानलेवा गांड पर नजर थी मेरा लुंड पूरी ोकत में खड़ा हो गया और में दी की गांड में खो गया


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में-: व ीरर्र क्या गांड हे दी में तो आज पहली बार देख रहा हु शामे तो शामे नव्या दी की कॉपी हे इनकी गांड

तभी दी ने पलट कर मेरी तरफ देखा और मुझे इस तरह से अपनी गांड देखते हीवे देखने लगी


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में इतना खो गया पूनम दी की गांड में की पूनम दी मेरी तरफ देख रही ह मुझे पता भी नहीं चला

poonam-:(seema सही कहती ह ये बड़ा कमीना हो गया ह मेरी गांड को कैसे देख रहा ह देखो तो सही और सीमा को तो नंगी भी देख चूका ह कमीना अब सायद मेरा no. हे और मन में हंसने लगी )

दोस्तों जैसा की मेने स्टार्टिंग में hi बता दिया हे की बहनो को भी जोडिया ह

पूनम दी और सीमा दी एक दूसरे के साथ रहती ह और सब कुछ बताती ह एक दूसरे को

प्रिय दी और नव्या दी भी एक दूसरे को सब बताती ह और उन दोनों की जोड़ी हे

निशा की सबके साथ बनती ह खास कर अपनी बहन नव्या के साथ

सुमन तो खुद में अकेली रहती ह और उससे सब प्यार करती सभी पहने सुमन की मासूमियत पर मरती ह

सपना और निया पुष्प और पायल की की जोड़ी हे

तो अब आते हे वापस पूनम दी के पास जो विभु को अपनी गांड में खोता देखती हे और हंस टी हुई ऐसी हरकत करती हे की विभु का लुंड जोरो से झटका खता ह

दरअसल पूनम ने विभु के मेक लेने के लिए निचे घोड़ी बन गयी और निचे की अलमारी से कुछ निकलने लगी जिस कारन पूनम की गांड हवा में लहरा गयी और वो विभु की आँखों के सामने झूल गयी


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पूनम को काम कुछ नहीं था बस विभु को अपनी गांड के दर्शन करवा के अपनी और आकर्षित करना था और उसमे वो कामयाब भी हो गयी थी

दिन के 1 बजे अपनी कुंवारी बहन की कातिलाना गांड देख कर विभु की हालत ख़राब हो गयी और वो सामने अपनी दी की गांड को देखने लगा उसकी दी भी अपनी गांड को हिलने लगी और मुस्कुराने लगी जब विभु से ये बर्दास्त नहीं हुआ तो वो वह से भाग गया बाथरूम में और जेक जोर जोर से सांसे लेने लगा

विभु-: आप सही हो दी अब आप इनोसेंट नहीं हो अब आप घोड़ी बंद गयी हो मुज जैसे घोड़े को झेलने वाली घोड़ी और लुंड को बहार निकल कर पानी डालने लगा कुछ टाइम में लुंड बेथ गया

इधर पूनम ने धीरे से देखा की उसका भाई भाग गया ह तो वो जोर से हंसने लगी और आके देखा तो विभु बाथरूम में घुस गया

पूनम-: वव सीमा तूने सही बोलै था विभु को गांड बड़ी पसंद आयी ह मेरी अब इसी गांड के चलते में उसके निचे आ सकती हु और हंसने लगी और अपने गांड पर हाथ फेर कर उसे सबसि दी

फिर पूनम ने अब विभु को ज्यादा परेशान करने का नहीं सोचा क्योकि ज्यादा किया तो विभु को समझने में देर न लगेगी फिर विभु भी बहार आया और चुपचाप अपनी हॉट बहन को देखते हुवे खाना खाया और बहार निकल गया

पूनम हंसने लगी जोर जोर से और बोलने लगी

पूनम-: विभु पटेल अपनी बहन से कब तक बचेगा देखती हु में ये गांड hi अब तुजे मेरा दीवाना बनाएगी और हंसती हुई काम करने लगी

इधर विभु वह से निकला और घर जाने लगा की कजरी ने उसे रोक लिया

कजरी-: कहा जा रहे हो विभु

में-: घर जा रहा हु

कजरी-: मुझे कुछ आम लेना ह तुम्हारे बगीचे से लेख क्या

में-: (इसको वह भुला कर इसकी जवानी का बहुत उतरता हु रंडी तू रुक) है कुछ टाइम बाद आ जाना में भी खेत पर रहूँगा

कजरी-: ठीक ह में 1 घंटे में आ जाउंगी

फिर में वह से घर गया आज सोच लिया था की अगर कजरी ने आज मुझसे छोड़ने जैसी हरकते की तो उसे आज छोड़ के hi रहूँगा रंडी की तरह

फिर मेने चाय बना कर पि और मोबाइल देखा तो पारो के मस्सगे थे रत के और अभी के भी

में-: ओह्ह पारो जी बोलो

पारो-: कल रत को मस्सगे किया कोई रिप्लाई नहीं

में-: वो रत को में जल्दी सो गया था

पारो-: कोई नहीं और क्या कर रहे हो खाना खाया की नहीं

में-: खा लिया आपने खाया

पारो-: हम्म्म बड़े अच्छे से

में-: मेरी दीवानी पारो की एक पिछ तो सेंड कर दो

पारो-: हम्म रुको करती हु


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में-: ये क्या पारो जी इसमें तो आपका चेहरा नहीं दिख रहा ह

पारो-: अभी के लिए इतना hi आगे सब कुछ दिखा दूंगी

में-: सब कुछ देखने का इंतजार रहेगा

पारो-: बड़ी जल्दी ह सब कुछ देखने की

में-: जिसकी आँखे एंटनी खूबसूरत हे उसका चेहरा कितना हसीं होगा

पारो-: सिर्फ चेहरा और कुछ नहीं

में-: सब कुछ खूबसूरत होगा

पारो-: सब कुछ बोले

में-: रत को बताता हु सब कुछ क्या होता ह अभी तो मुझे काम ह खेत पर जा रहा हु

पारो-: ोकक बी अपना दयँ रखना

में-: हम आप भी

फिर वो ऑफलाइन हो गयी और में उस फोटो को घोर से देखने लगा

में-: इन आँखों को कही तो देखा हे पर यद् नहीं आ रहा ह की कोण ह कही तो देखा ह कोई अपना hi ह पर कोण मुझे क्या धीरे धीरे पता कर लूंगा अभी तो कजरी का क्या मेटर हे वो देखना ह...

में वह से बाइक लेके खेत पर आ गया और बाइक को कड़ी करके निचे आ गया जहा मेरे चुदाई का आसियाना था मेने जेक देखा तो वह सब साफ सफाई थी देविका ने सब साफ करके यहाँ से गयी थी फिर में वह बीएड पर बेथ कर कुछ देर आराम किया और कजरी के दिए टाइम पर वह से आम के बैग के पास आ गया अभी यहाँ दूर दूर तक कोई नहीं था और कजरी भी नहीं आयी थी तो मेने देविका को फोन किया देविका ने फोन उठा लिया

में-: hello मेरी जान कल कॉल क्यों नहीं उठाया

देविका-: वो कल विष्णु बैठा था पास

में-: अच्छा कुत्ता पास बैठा था .देविका-: हआ वो कुत्ता मेरे पास था

में-: अभी कहा ह तू .

देविका-: में खेत पर

में-: में भी खेत पर हु तेरी चुदाई करने की इच्छा हो रही ह

देविका-: रत को पूल के पास आ जाना

में-: और मंजू तेरी देवरानी का क्या हुआ हुआ कुछ बात

देविका-: मेने जणू की अच्छी पिटाई की और मंजू को भी छोड़ने से मन कर दिया ह 3-4 दिन में जब मंजू मुझसे बात करेगी तब में कुछ करती हु

में-: है उसके दूध उतने छोटे कैसे रह गए किसी ने दबाये नहीं क्या

देविका-: लगता तो यही ह आप दबा दबा कर कर देना बड़े

में-: मेरी कुटिया तेरी गांड किसी ह अब

.देविका-: अब ठीक ह पर अब पूरी खुल गयी ह

me-:rat को मिल फिर तेरी गांड मरूंगा एक बार

देविका-: जी हजार

फिर मेने कॉल कट किया क्योकि सामने से कजरी बड़ी बन थान के आ रही थी


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मेने देखा वो हँसते हुवे मेरे पास hi आ रही थी येल्लो साड़ी में कजरी काकी लाजवाब लग रही थी ने उनको देखते hi रहा उनकी गोरी कमर पूरी चिकनी लग रही थी उस पर अंगूर के बराबर नाभि का छेड़ पर अच्छा लग रहा था दूध ाशे थी की जैसे अभी दूध बहार निकल कर आ जाये

में कजरी के गदराये जिस्म को देख रहा था कभी वो मेरे पास आ गयी

.कजरी-: आम देख रहे हो क्या

में-: है पके आम देख रहा हु

कजरी-: कैसे लगे आम

में-: आम के अंदर तो रास भरा ह बहुत

कजरी-: है इन ामो को बहुत दिन से किसी ने चूसा नहीं ह

में-: में तो चूसूंगा इन बड़े ामो को

कजरी-: रोका किसने हे तुम्हारे लिए hi हे ये आम

में-: चूस लू

कजरी-: हम चुसलो सारा रास

बोल कर आगे निकल गयी में उसके पीछे जाने लगा अब मेरी निगाह पहली बार कजरी की गांड पर गयी


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काजड़ी की गांड न ज्यादा बड़ी न ज्यादा छोटी थी पर थी अशी की जिसका लुंड कभी खड़ा न हुआ वो उसका भी कजरी की नंगी गांड देख कर खड़ा हो जाये

में कजरी की गांड देखते हुवे पीछे पीछे जाने लगा तभी कजरी रुक गयी और झुक कर अपने चप्पल को कुछ करने लगी और इधर ये देख कर मेरा लुंड लोअर में फुल आकर में खड़ा हो गया

इधर कजरी हंसती हुई आगे बाद गयी विभु में उसे हँसते हुवे देख लिया था

vibhu-:(matlb ये रंडी जांभोज के ये सब कर रही ह इस कुटिया की तो ाशे हालत करूँगा की देविका से भी ज्यादा मेरी गुलाम बन जाएगी रंडी साली )

में दौड कर उसके पास गया और उसे रोक लिया

में-: काकी अब आम चूसने दो

कजरी-: तोड़ के चूसले किसने रोका ह

में -: ok में पेड़ पर चढ़ कर आम तोड़ता हु आप उनको इक्क्ता कर लेना

कजरी-: हम्म जल्दी करो मुझे जाना भी ह

में-: अभी किया hi कहा ह करूंगा तो 1 घाटे पुरे

कजरी-: क्या मतलब

में-: काम

इतना बोलकर में पेड़ पर चढ़ गया और आम को तोड़कर निचे गिराने लगा कुछ देर कजरी ने आम िक्क़ते नहीं किया जब में आम तोड़ कर निचे आया

में-; काकी आपने आम इक्क्ठे नहीं किया

.कजरी-: कर रही हु रुक तो सही ..

और कजरी काकी मेरे सामने निचे बेथ गयी मेरी निगाह उस पर थी उसने अपने हाथो से अपनी साड़ी का पल्लू मुझे देख कर गिरा दिया

में उसे देख कर हैरान हो गया की ये इतनी छुडासी हे की इतनी जल्दी ये सब करने लगी फिर उसने मुझे देख कर निचे पड़े आम को लेने लगी


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काकी अभी भी आम hi ले रही थी और देख मेरी तरफ रही थी और में उनके चुचो को देखने लगा जो बहुत बड़े लग रहे थे आधे चोली से बहार थे

कजरी-: बीटा आम तो बहुत बड़े हे न

में-: है काकी बहुत बड़े ह

काकी-: इनको चूसेगा नहीं

में-: चूस लूंगा पर आप नाराज हो जाओगी

कजरी-: आम तेरे तू चूसेगा तो में नाराज कैसे होउंगी

में-: काकी दूध तो बहुत होगा इनमे

कजरी-: दूध नहीं रास ह इनमे

में-: हम रास

फिर कजरी ने मेरे सामने एक बार देखा और अपने हाथो से अपने दूध को दबा कर कड़ी हो गयी और मेरी तरफ देख कर जाने लगी

kajri-:(itna कुछ करने के बाद भी ये तो कुछ कर नहीं रहा ह साला गे हे क्या कुछ कर नहीं पता ह क्या इतना में किस और के सामने कर दे टी तो पटक कर यही चुद के जाती एक लास्ट तरय कर लेती हु अगर नहीं पता तो समझूंगी गे हे ये )

फिर काकी वापस चल कर मेरे पास आयी और बोली

कजरी-: विभु मुझे पेशाब आया हे मेरे साथ चलना

में-: हम्म काकी चलो

विभु का लुंड तो पहले से hi ये सब देख कर खड़ा था जो अब दर्द करने लगा था

vibhu-:(is रंडी ने अब कोई ाशे वैसी हरकते की तो वही पकट कर मेरा लुंड इसकी छूट में थुश दूंगा )

फिर में काकी के पास आ गया काकी अब सरसो के खेत में आ गयी और जस्ट मेरे सामने एक बार मुझे देखा और कातिलाना स्माइल देके अपनी साड़ी को अपने कमर तक करके मुझे देखते हुवे निचे बेथ गयी अब काकी उधर देखने लगी काकी ने पंतय पहनी नहीं थी जिस कारन उनकी नंगी गांड मेरी आँखों के सामने थी और मेरी नजर कजरी की गांड पर अटक गयी मेने एक बार अपने लुंड को दबाया और आगे जाने लगा तभी मेरे काम में एक सिटी की तरह आयी और उसके साथ hi कजरी की भी आवाज सुनील अहहहहहहहह maaaaaaaaaaaa

कजरी-: पेशाब करने से कितनी सन्ति मिलती ह न विभु

में-: हम्म काकी

में अभी भी कजरी की छूट से निकलने वाले पानी को देख रहा था फिर काकी ने आशा कुछ किया की में देख कर दांग रह गया काकी ने मेरी तरफ देखा एक बार और फिर आगे देख


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कुटिया जैसी बन गयी अब मेरी नजर सीधी उनकी छूट पर गयी गयी जिस पर हलकी हलकी झांटे थी िर गांड का छेद एक डैम बंद था मेने अपने लुंड को एक बार पकड़ा तभी काकी ने मुझे देखा और स्माइल करके आँख मर दी बस मेरे लिए इतना काफी था ने अपनी लोअर निचे खिसका कर कजरी के पीछे जेक उसकी गांड पर एक तमाचा मारा

कजरी-: ाहः क्या कर रहे हो

में-: मेरी रैंड मेरे सामने अपनी गांड नंगी करके कुटिया बानी ह और पूछ रही ह की क्या कर रहे हो

में उसके मुँह के आगे गया और अपना लुंड उसके आगे कर दिया

कजरी ने एक बार मेरे लुंड को देखा और उसकी आँख चोरी हो गयी उसने उस दिन मेरे लुंड को केवल हाथ में पकड़ा था गाड़ी पर आज वो hi लुंड उसकी आँखों के सामने झूम रहा था वो बिना पलकें झुकाये मेरे लुंड को देखती रही

कजरी-: ये क्या ह इतना बड़ा

में-: मेरी काकी इसे लुंड कहते ह जो तेरी जैसी कुटिया की प्यास भुजा सके

kajri-:itna बड़ा भी होता ह क्या किसी का लूउउउउउऊँड

में-: इतना बड़ा hi ह और मजा भी दुगना देता ह काम से काम 50 मिनिट तक पानी नहीं निकलता

कजरी-: मुझे इसे देखना ह

और कजरी ने मेरे लुंड को हाथ में ले लिया उसके हाथ कम्पन कर रहे थे

कजरी-: ये कितना गरम ह

में-: साली लुंड गरम hi होते ह

कजरी-: तुम ाशे गली कई देते हो .

में-: क्योकि मुझे इसमें मजा आता ह

फिर मेने दूर होक अपनी लोअर अलग की मुझे पता था अब ये चूड़े बिना रह नहीं सकती थी उसकी आँखे लाल हो गयी थी उसकी सांसे जोर से चल रही थी अभी भी वो कुटिया बानी हुई थी

kajri-:andar क्यों डाला मुझे देखने दो

में-: देखना ह मेरी रैंड तो आज मेरे घर पर कोई नहीं ह रत को 11 बजे मेरे घर आ जाना

कजरी-: में नहीं आने वाली

में-: में इंतजार करूंगा और है पंतय पहन कर आना खूब छोडूंगा

इतना बोलकर मेने उसकी गांड पर एक छठा रखा

कजरी-: उईईई मायआ

में-: रत को चिल्लाना जब ये लुंड इस छूट में जायेगा और आना जरूर मजा बहुत आएगा सुच में दरवाजा खुल्ला रहेगा 11 बजे तक आ जाना नहीं तो कभी भी मेरे पास मत आना और गेट बंद हो जायेगा 11 बजे तक

फिर में वह से खेत वाले घर आ गया मेने टाइम देखा तो 3.30 हो गए थे मुझे पालक भाभी की चुदाई देखने जाना था आज मौका मिला तो उसे भी रेंज हाथो पकड़ कर पेल दूंगा

में वह से जाने लगा तभी कजरी बैग से आयी और मेरी तरफ गुस्से में देख कर अपनी गांड मटकती हुई जाने लगी में भी अपनी बाइक लेके 4 बजे पालक भाभी का शो देखने विक्की के खेत पर चला गया

में फिर 4 बजे उसी जगह जेक चुप गया आज फिर दोनों साथ आये और बिना किश बिना दूध चूसे दोनों hi चुदाई स्टार्ट कर दी

me-:(ashe में पालक भाभी को क्या मजा आता होगा एक बार मेरे निचे आजा फिर इतना मजा दूंगा की इस बुड्ढे से छुड़वाना भूल जाएगी इन दोनों का वीडियो बना लेता हु)

फिर मेने दोनों का वीडियो बनाया अपने मोबाइल में दोनों की चुदाई 5 मिनिट चले मेरा लुंड आज फिर खड़ा हो गया मेरा लुंड आज खड़ा hi खड़ा रहा पहले पूनम दी को देख कर फिर कजरी के साथ हुवे कांड से अब पालक जैसी हसीना की चुदाई देख कर और इसका पानी अब कजरी की छूट में hi निकलेगा

मेने देखा जी दोनों चुदाई ख़तम करके आज भी चले गए

में-: आज फिर भाभी रुकी नहीं क्र चली गयी कोई नहीं वीडियो ह अब देखता हु कब तक बचेगी बहुत जल्द ये लुंड आपकी छोटी से छूट में होगा

फिर में वह से बाइक लेके घर आया और घर आके सो गया तभी मेरे दिमाग में रत वाली बात यद् आयी की रत को छत पर कोण थी जो मुझे मुठ मरते देख रही थी जस्ट मेरे सामने बेथ कर मेने मुठ मरी फिर भी कुछ नहीं बोली और मेरा पानी भी उसके ऊपर गिरा था सायद कोण थी आज खाना खाने जाऊंगा तब सबकी हरकते देखूंगा तो पता चल जायेगा

तै, सोनाली भाभी, चेतना भाभी, या डॉली इनमे से कोई ह पर कोण

फिर में सो गया गहरी नींद में आज मुझे रत को एक नई छूट की जमकर चुदाई करना था और उसे अपनी रंडी बना कर ठाकुर के घर की साडी छूटो को अपना बनाना था

इधर प्रिय मनीषा भाभी के पास बेथ कर उनके रूम में कुछ बाटे के रही थी

प्रिय-: भाभी सुच में इतना मजा आता ह

मनीषा-: है मेरी नानन्द रानी एक बार किसी के निचे सो कर तो देख जन्नत का मजा मिलेगा

प्रिय-: सदी के बाद hi जन्नत का मजा लुंगी अब तो

फिर दोनों हंस दिया

प्रिय-: वैसे मेने आपको उस दिन भैया के साथ रसोई में सब करते हुवे देख लिया था

मनीषा-: कब

प्रिय-: उस दिन जब आप अपने माँ के पास गयी थी उसके पहले

मनीषा-: ओह्ह्ह उस दिन क्या वो आपके भैया मानते hi नहीं जब देखो तब सुरु हो जाते ह (होता जाता कुछ नहीं ह उससे और मुझे उसकी तारीफ करनी पद रही ह)

प्रिय-: अब आप हो hi अशी की भैया तो आपके पीछे hi रहेंगे न

मनीषा-: हम वो तो ह वैसे आप भी काम नहीं हो 21 साल की हो गयी ह देखो आपकी गांड किसी निकल गयी ह बहार

प्रिय-: हर कोई मेरी इसी जगह के बारे में क्यों बोलता ह

मनीषा-: क्योकि ये हे hi इतनी मस्त में लड़का होती तो जरूर इसको मरती

प्रिय-: भाभी आप कितनी गन्दी बाटे करती हो

मनीषा-: हम तो गंदे ह तो गन्दी बाटे करेंगे hi मेरी रानी

प्रिय-: भाभी उस दिन भैया आपकी यहाँ (छूट की तरफ इशारा karke)chus रहे थे क्या ये भी होता ह

मनीषा-: सबसे ज्यादा इसी में मजा आता ह मेरी रानी जब मर्द यहाँ मुँह लगाके चूसे तो मजा दूंगा हो जाता ह और औरत भी मर्द का लुंड मुँह ने लेके चुस्ती हे

प्रिय-: है ये मेने भी सुना था भाभी पर आप ाशे वर्ड क्यों बोल रही हो

मनीषा-: अब लुंड को लुंड न बोलू तो क्या पप्पू बोलू क्या

प्रिय-: हंसती हुई कुछ भी बोल दो आप भाभी

तभी बहार से बड़ी मम्मी की आवाज आयी और दोनों बहार जाने लगी

मनीषा -: में तो कहती हु आप भी किसी का लुंड लेके चूस ले एक बार मजा आ जायेगा

प्रिय-: है जैसे लुंड तो ाशे hi घूम रहा ह की आजा प्रिय मुझे चूस ले

ये सुन मर मनीषा जोर से हंसने लगी और प्रिय शर्मा गयी

मनीषा और प्रिय दोनों बहार आ गयी और मनीषा ने प्रिय के कण में कुछ बोलै

मनीषा-: लुंड तो बहुत ह बस आप किसी को अपनी गांड दिखा दो अच्छे से लुंड तो डोडा हुआ आ जायेगा

इतना बोलकर मनीषा रसोई में चली गयी और प्रिय हंसती हुई अपने रूम में जाने लगी और मन में बोलने लगी

priya-:(lund तो मेरे प्यार विभु का hi लुंगी कब ये पता नहीं मुँह में , गांड में, और छूट में सब जगह लुंगी)

फिर प्रिय अपने रूम में आ गयी और अपना काम करने लगी

इधर विभु की नींद 6 बजे खुली और वो उठ कर तैयार होक खाना खाने सोनाली भाभी के घर की तरफ चल दिया

तै के घर आके विभु सोफे पर बेथ गया जहा पहले से डॉली मौजूद थी विभु ने एक नजर डॉली पर डाली और उसे वो घोर से देखने लगा

एक तंग हराम और कुर्ती में उसका सरीर बहुत कासी हुई लग रही थी उसकी आगे अभी सपना के बराबर थी पर उसके दूध सुमन जैसे बड़े थे उसका चेहरा भी कुछ हद तक सुमन से मिलता जुलता था

हसीं चेहरे पर गलो पर डिम्पल था और दूध बड़े थे गांड भी लाजवाब थी विभु डॉली को देख रहा था तभी सोनाली पास आ गयी

sonali-:(dolly रानी अब तू गयी देख कैसे आँखों से hi तुजे छोड़ देगा वैसे हे बड़ी जगह डॉली तो देखेगा hi न ) विभु खाना

विभु-: हम्म भाभी जी

फिर विभु खाना खाने लगा और तै भी आ गयी उसके पास

तै-: बीटा कब आएगी माया

में-: माँ तो 3 दिन बाद आएगी

तै-: अच्छा खाना खाने रिज यही आ जाना

में-: जी तै आपकी तबियत किसी ह

तै-: अब बुध्दि हो गयी हु तो बीमार hi रहूंगी बीटा

me-:aap जल्दी ठीक हो जाओगी ने कल आपको सहर के डॉ. के पास ले जाऊंगा

तै-: नहीं बीटा भी तो ठीक हु बाद में देखा जायेगा

फिर विभु खाना खाने लगा उसने नोट किया की रत को कोण था पर न तो सोनाली अशी कोई प्रतिक्रिया दे रही थी न तै न डॉली तो फिर बच्ची चेतना भाभी विभु उसी का सोचने लगा की सायद चेतना भाभी थी और विभु ने खाना खा कर अपने घर आ गया टाइम देखा तो 7 बज चुकी थी थोड़ी देर गांव में घूमने का सोच कर वो निकल गया गांव में

उसने आज अपने दोस्त के साथ जाना ठीक नहीं समझा क्योकि रत को देविका उससे मिलने आने वाली थी देखते hi देखते 8 बज चुकी थी पूल पर देविका आयी और उसी जगह जाने लगी विभु भी उसके पीछे चला गया

जब विभु उसके पास गया देविका ने उसे गले लगा लिया जैसे परसो से पिछड़ी हुई हो विभु ने भी उसे वाले लगा कर रखा

vibhu-:devika किसी ह तू

देविका-: में ठीक हु आप कैसे हो .

में-: बढ़िया अब टाइम आ गया ह तुजे मुझे नयी छूट दिलवाने का और वो भी उसकी जिसकी में मांगू

देविका-: पता ह मंजू रैंड की

में-: नहीं

देविका-: फिर किसकी

में-: कल बताता हु अभी तो में जाता हु मुझे काम ह

देविका-: आप जिसका नाम लोगे उसकी छूट आपके सामने होगी ये आपकी देविका का वडा ह

में-: ोकक

देविका-: वैसे आपको करना था न

में-: नहीं अभी तबियत ख़राब ह कल देखूंगा में कॉल करू तभी आना

देविका-: डॉ. को दिखाया

में- तू आ गयी न अब ठीक हो जायेगा

.फिर मेने देविका को किश किया हमने 10 मिनिट तक किश किया फिर मेने देविका को जाने का बोलै और वो गले लग कर चली गयी

.इधर मेरे दिमाग में एक नई आईडिया आ गया अब विष्णु काका को सबक सीखने का पर वो बादमे अभी उसका देविका रैंड को देख कर लुंड कड़क हो गया था जो कजरी की छूट में जेक ठंडा होगा

विभु 9 बजे घर आ गया और तभी उसके मोबाइल पर मस्सगे आया जिसे ओपन किया तो उसके होश यद् गए
 
अपडेट-: 78

मेरे मोबाइल पर एक मस्सगे आया जिसे देख कर मेरे होश उजड़ गए और अगले hi पल मेरे चेहरे पर हसीं आ गयी

दरअसल ये मस्सगे धीरज भाभी का था और उन्होंने अपना एक फोटो मुझे व्हाट्सप्प किया था


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जिसके निचे लिखा खा

किसी लग रही हु

में उस फोटो को घोर से देखता रहा मेने धीरज भाभी को सामने से कही बार देख चूका था पर कभी उनकी तरफ ाशे फोकस करके नहीं देखा था पर आज फोटो में उनके एक एक अंग को अच्छे से देख प् रहा था उनके दूध न ज्यादा बड़े न ज्यादा छोटे एक परफेक्ट साइज थी चेहरा इतना अच्छा की एक बार कोई नजर भर के देख ले तो नजर हेट hi नहीं वह से निचे आओ तो साइन पर 2 पहाड़ थे जो आपस में टकरा रहे थे और निचे आओ तो देख कर मेरे मुँह से ववव निकल गया क्या सुन्दर कमर और पेट था भाभी का साड़ी में अच्छे से दिख रहा था कोई इतना भी सुन्दर हो सकता ह क्या में भूल गया उनका फोटो देखने में की उनको जवाब भी देना ह तभी मस्सगे आया

धीरज-: अच्छी नहीं ह क्या

में-: अच्छी तो चोरो आपका फोटो देख कर आशा लगता ह जैसे रेगिस्तान की धुप हो आप, खूबसूरती अशी की दिल में समां गयी ,कोई इतना भी खूबसूरत कैसे हो सकता ह अगर आप कुंवारी होती तो पक्का मेरी होता

धीरज-: (आपकी तो अभी भी हु मेरी jan)hato पागल ाशे भी कोई तारीफ करता ह क्या

me-:itni खूबसूरत कैसे हो आप

धीरज-: मुझे क्या पता

में-: एक बार सामने से देखने देना अच्छे से इस खूबसूरत चेहरे को

धीरज-: ये अब किसी और का अमानत ह

में-: पता ह यही तो मेरी बुरी किस्मत ह ..

dheeraj-:(or मेरी भी जिस दिन इस गांव में तुम्हे देखा था उसी दिन ये दिल तुम्हे दे बैठी थी )अब कुछ नहीं हो सकता मेरे दोस्त

में-: हम्म दोस्त वैसे किसी हो आप

धीरज-: फोटो देखा तो ह और पूछ रहे जो की किसी हो

में-: हम्म बढ़िया हो पर मेरा दिल तो घायल कर दिया न दोस्त ोकक ब्यय अब बाद में बात करता hi

मेने फोटो में भाभी के होठ को एक किश किया गुलाबी पंखुरी जैसे होठ थे भाभी के तभी मेरे छत पर किसी ने गेट बजाय धीरे से

में ऊपर गया और दरवाजा खोला तो सामने पूजा कड़ी थी

में-: पूजा तुम पहले बता देती

पूजा-: वो मेरी तबियत ख़राब ह न

में-: क्या हुआ तुम्हे

पूजा-: पेट दर्द कर रहा ह 3 दिन से

में-: मेरे बच्चे की माँ तो नहीं बनने वाली हो

pooja-:majak नहीं और बन गयी तो अच्छा ह न

में-: तबियत ख़राब ह तो ऊपर क्यों आयी

पूजा-: तुमसे मिलना था न इसलिए (सुमन ने बोलै था तुम्हे एक जप्पी देने का)

में-: ठीक ह जान

पूजा-: एक झप्पी देदो फिर में जाती हु

के-: ोकक

और मेने पूजा को छत पर hi दिवार के सहारे खड़ा करके उसको गले लगा लिया और फिर अचानक उसने मेरे होठो पर अपने नरम होठ रख दिए जिसे में बड़े मजे से पिने लगा उसके मुँह का थूक मेरे मुँह में आ रहा था जो मुझे किसी रास के जैसा लग रहा था फिर मेने उसके दोनों हाथ पकड़कर जोर से उसके होठ चूसने लगा


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कुछ देर चूसने के बाद वो अलग हुई मेने उसका हाथ पकड़ कर अपने बहो में भर लिया

में-: पूजा एक बार और करना ह मुझे तेरे साथ

पूजा-: एक बार नहीं जब तुमि बोलो तब कर लेना पर अभी मेरी तबियत ख़राब हे जब में ठीक हो जाउंगी तब कर लेना

में-: ोकक अब तुम जाओ

पूजा-: कल मॉर्निंग में खाना मेरे हाथ को खाना

में-: कैसे

पूजा-: कल छुट्टी ह संडे ह तो 11 बजे घर में आ जाउंगी में

में-: ोकक जाना आपका इंतजार रहेगा

पूजा-: लव ु विभु

में-: लव ु 2 पूजा

फिर पूजा निचे चली गयी और में भी निचे चला गया इस बार हम दोनों को डॉली ने देख लिया था जो छत पर थी हम दोनों की निगाह उस पर नहीं गयी

डॉली-: ओह्ह तो भैया की गफ पूजा दी ह एक डैम मस्त हे पूजा दी पतली हे पर पतली लगती नहीं ह एक डैम मस्त फिगर ह कैसे किश कर रहे थे दोनों पूजा भाभी

और हंसती हुई निचे चली गयी इधर विभु भी ऊपर का गेट लगा कर निचे हल में आ गया और टाइम देखा तो 10 बज चुकी थी मेने मोबाइल देखा तो पारो के मस्सगे भी थे मेने इग्नोर किया और हल में बेथ गया

में-: कजरी आने वाली ह आएगी जरूर रंडी वो ाशे मुझे अचानक क्यों सडके करने लगी कुछ तो बात ह जब लुंड छूट में जायेगा तब सब सुच उगल देगी रंडी बुरी तरह से छोडूंगा इसे तो वो आये इतने में दूध पि लेता हु और विग्रा गोली लेलु जिससे रंडी की हालत ख़राब हो जाये और मेरी गुलाम बन जाएगी

मेने अच्छा दूध गरम किया और विग्रा गोली खाई और कुछ बादाम खा कर मेने गेट खोल दिया क्योकि अब कजरी कभी भी आ सकती ह

मेने गेट खोला और मम्मी के कमरे में से खिड़की से देखने लगा गेट की तरफ की 11 बजने में कुछ देर थी तभी कजरी ने गेट खोल और अंदर आ गयी उसने अंदर आके गेट लगा दिया और जोर जोर से सांसे लेने लगी


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कजरी ब्लैक साड़ी बहन कर आयी थी उसके हांथो में मोबाइल था में उसे देखने लगा तभी उसने आगे बढ़कर सोफे पर आके बेथ गयी और इधर उधर देखने लगी अभी भी उसके बड़े आम जोर जोर से हिल रहे थे जैसे दौड कर आयी हो

में भी अब वह से निकल कर उसके सामने आ गया मुझे देख कर वो कुछ न बोली और अपना सर निचे झुकाये बेथ गयी थी

में-: काकी आ गयी आखिर आप मेरे लुंड के निचे आने के लिए

कजरी-: इतना गन्दा मत बोलो तुम

में-: गन्दा कर लोगी पर बोलोगे नहीं

कजरी-: तुम मुझे ब्लैकमेल कर रहे हो

में-: ओह्ह्ह तेरी की रंडी मुझे बोल रही की ब्लैकमेल कर रहा हु मुझे अपनी गांड दिखा रही थी बोबे दिखा रही थी और ऊपर से मुझे hi

कजरी-: यहाँ आने का तुमने hi बोलै ह

में-: भाग यहाँ से मुझे नहीं छोड़ना ह तुजे साली कुटिया मेरे सामने आ मत जाना अब कभी ..

कजरी-: मतलब

में-: यहाँ से भाग और आज के बाद मुझे ये शक्ल मत दिखाना मेरे पास बहुत छूट ह छोड़ने के लिए तू जा यहाँ ह रंडी

.कजरी-: पर विभु

मुझे गुस्सा आ गया और मेरे दिमाग में एक और आईडिया आया जो 100 % सही हुआ तो ठाकुर की बर्बादी का पहला कदम ये रंडी कजरी hi चलेगी

में-: भाग जा यहाँ से मुझे नहीं छोड़ना ह अब तुजे तू अपनी गांड लेके यहाँ से भाग जा

kajri-:(ye तो गुस्सा हो गया इसे मानना पड़ेगा नहीं तो मुझे एक रहे लुंड से छोड़ने माँ मौका निकल जायेगा और ठकुराइन भी नाराज हो जाएगी) सॉरी विभु मुझे माफ़ कार्डो में hi तुमसे छोड़ना चाहती हु

में-: पर अब में तुजे नहीं छोड़ना चाहता हु

कजरी-: क्यों मेने क्या किया

में-: तू मुझे बोल रही न की में ब्लैकमेल कर रहा हु

कजरी-: वो मेटो मजाक कर रही थी वरना इतनी रत को तुम्हारे पास नहीं आती

में-: मुझे तो अब करना hi नहीं ह तू जा यहाँ से वार्ना में चिल्ला दूंगा की ये रंडी यहाँ आ गयी ..

कजरी दर गयी और उठ कर मेरे पैर में बेथ गयी

कजरी-: मुझे माफ़ कार्डो पर आशा मत करो प्ल्ज़ विभु मुझे छोड़ो एक बार प्ल्ज़

में-: रंडी हे तू मेरी बोल

कजरी मुझे देखने लगी उसने सोचा नहीं था की पेसो के लिए वो इतनी भोली भली रहने वाली औरत को भी आशा करना पड़ेगा उसने कुछ सोचा और मन बना लिया की आज जो करना होगा करने के लिए तैयार हु

कजरी-: में आपकी रंडी हु मुझे छोड़ो विभु

में-: रंडी ह और मेरा नाम ले रही ह तू


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मेने 3 थप्पड़ उसके गलो पर रखे कजरी के मुँह से ाहाःहाहाः निकल गयी

कजरी-: में आपकी रंडी हु कुटिया हु में

में-: ये हुई न बात चल अपना मुँह खोल पूरा

कजरी ने अपना मुँह खोल कर मेरे सामने बेथ गयी मेने अपने मुँह में सारा थूक िक्खता किया और कजरी के मुँह में थूकने लगा


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कजरी को बहुत बुरा लगा उसके मुँह से पता चल रहा था फिर भी उसने मेरा सारा थूक अपने गले में गायक लिया

में-: रंडी अपने कपडे खोल जल्दी

कजरी उठ गयी और धीरे धीरे अपने सरे कपडे खोलने लगी जिसे देख कर और विग्रा की वजह से मेरा लुंड पूरा खड़ा था मेने अपनी लोअर निचे कर दी और अपना टी- शर्ट भी निकल दिया अब हम दोनों मादरजात नंगे थे वो

कजरी की निगाह फिर से मेरे लुंड पर गयी क्र उसके चेहरे पर चमक बाद गयी मेने उसे निचे बैठने का बोलै और खुद सोफे पर बेथ गया

में-: रंडी ह तू मेरी ..

कजरी-: हम्म

में-: तो मेरे पैर चाट जल्दी से कुट्टी

और मेने कजरी के मुँह के सामने अपने पाव कर दिए कजरी ने देर न करते हुवे मेरे पेट की एक एक उंगली को मुँह में भरके चूसने लगी फिर उसने मेरे पाव के निचले हिस्से को जीबन से चाट कर साफ करने लगी


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में-: कजरी काकी तुजे मुझसे छुड़वाने का शोक कैसे हो गया ये तो बता

कजरी-: मेने आपका लुंड देख लिया था उस दिन और में 7 साल से प्यासी हु तो छोड़ने की थान ली थी मेने

में-: कब देखा तूने मेरा लुंड

कजरी-: उस दिन देखा था जान आप मेरे घर आये थे

में-: चल फिर एक काम कर मेरे साथ चल

में उसे हाथ पकड़ कर मेरे रूम में ले आया ऊपर

में-: बीएड पर लेट जा

kajri-:hmm क्या करोगे

में-: तेरे दूध तो देखु कैसे ह

कजरी-: जो ह आपके सामने ह

में-: है बड़े हे पक्के आम कल बोल रही थी न की चूस लो इन्ही के बारे में बोल रही थी न तू रंडी

कजरी-: हआ में इनके बारे में hi बोल रही थी ाहः मरते क्यों हो दर्द होता ह

me-:dard होगा तभी तो तुजे पता चलेगा की चुदाई क्या होती ह

कजरी-: जो करना ह करो पर. जल्दी छोड़ो

में-: रुक रंडी तेरी छूट ने आग लगी ह न यहाँ से जाने जैसी हालत नहीं रखूँगा

कजरी-: रहने दो डैम हे मुज जैसी घोड़ी को छोड़ पाओगे

में-: तेरी जैसी 2 भी हो तो दोनों को रुला फु

kajri-:agar मुझे रुला दिया तो और संतुस्ट कर दिया तो ये कजरी आज से तेरी गुलाम और एक सेक्स डॉल पर कर रह जाउंगी

में-: सोचले रंडी

कजरी-: सोच लिया और सब सुच बता दूंगी

में-: क्या

कजरी-: पहले छोड़ो तो सही

में-: फिर तो देख विभु पतले का डैम आज तू

मेने एक झटके में कजरी को बीएड पर बिठा दिया और उसके दोनों बड़े चुकी को जो मेरे एक हाथ में आने से रहे न उनको पकड़ कर बढ़ाने लगा और चूसने लगा


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कजरी-: हाहाहाःहाहा हाहाहाहा maaaaaaaaaaaa dhireeeeeeeeeeeeeeee करूऊऊ डरडडडडडडडड होता आआ हहहहहह उखड. दोजेईईई क्याआ ईन्हीए

में-: अब इतने बड़े और गोर आम लेके घूमोगी तो खाने का दिल तो करेगा न काकी

कजरी-: चूस के दिल भर के चूसले सारा रास निकल दे आज इनका

में-: काकी तू इतनी मस्त कुटिया हे और ठाकुर के यहाँ काम करती ह कभी ठकुर ने तुजे छोड़ा तो होगा

kajri-:us हरामी का बस चले तो रोज मुझे नंगी करके चोदे पर मालकिन के दर से वो मुझे दूर से hi देख कर ाहाहे भरता ह काटो मत आपके दन्त के निशान लग जायेंगे

मेने अब कजरी को बीएड पर सुला दिया और उसके दोनों चुचो को दबा दबा कर लाल कर दिए जैसे सारा खून चुकी पर hi आ गया हो कजरी के दोनों चुकी पर निशान हो गए थे


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kjari-:ahaha कितना चुसोगे खा जाओगे क्या लाल हो गयी ह दोनों चुकी दर्द भी बहुत कर रही ह

में-: है पता ह मुझे दिख रही ह पर क्या करू बड़ी hi इतनी हे की यहाँ से हटने का मन hi नहीं कर रहा ह

कजरी-: निचे भी देखलो बहुत पानी भरा ह वह

में-: सारा पानी आज छूट के रस्ते बहार आ जायेगा मेरी रानी

मेने अब कजरी को बीएड पर लिटा कर उसकी भरी झंगो को पकड़ कर अलग किया जिससे मुझे कजरी के दोनों पेरो के बिच छिपा खजाना आसानी से दिख सके

में-: काकी तेरी गांड के कूल्हे कितने बड़े हे और ये तेरी जांघ भी अच्छी खासी भरी हुई ह मांस की

कजरी-: हा बीटा ये गांड hi जो लोगो को दीवाना बनती ह

में-: रंडी में तेरा बीटा नहीं हु

मेने एक जोर से गांड पर थप्पड़ रखा मेरा पूरा रूम चटक की आवाज के साथ गूंज गया

अब मेरी निगाह उस खजाने पर गयी जो 7 साल से बांध था जिसे 7 साल तक किसी ने नहीं चुवा था एक डैम चिकनी छूट थी कजरी की बालो का एक नीसाण तक नहीं था

me-:waw क्या छूट ह कजरी तेरी मजा आ जायेगा आज तो

कजरी-: ाहः आपको जो करना ह करो जल्दी करो

में-: रुक अच्छे से देखने दे अभी मुझे

कजरी के छूट के दोनों होठ आपस में बंद थे जैसे कुंवारी लड़कियों के होते हे जबकि कजरी 2 लड़कियों की माँ ह

में-; कजरी आज तू बहुत रोयेगी देखना

kajri-:ye कजरी ह कोई अशी वेदी औरत नहीं जो रो देगी

में-: देख फिर रैंड

मेने अपनी 2 उंगलिया कजरी के मुँह के पास ले गया और कजरी ने अपना मुँह खोल लिया मेने दोनों उंगलिया उसके थूक से गीली करके उसकी छूट के होठ को छोरा करके एक साथ अंदर दाल दी

कजरी-: ाहः धीरी मायआ मर्डरर गयीईइ में

me-:kaki अभी तो केवल ऊँगली गयी ह तो तेरी ये हालत हे सोच जब ये मुसल अंदर जायेगा और तेरी छूट को 1 घंटे तक चुदाई करेगा तेरा क्या होगा मेरी रैंड

कजरी-: कुछ नहीं होगा कोई 1घण्टे तक कर hi नहीं सकता अहहहहहहा धीरीई से डालूऊओ ऊँगली बस 5 मिनिट में फ़स हो जाएगी आपकी बट्टी

में-: फिर तो तू आज यहाँ से चलके नहीं जा पायेगी कुट्टी

मेने ऊँगली अंदर डेल रखा कर अपनी जीभ को कजरी की छूट के डेन पर चलने लगा

कजरी इस दोहरे हमले से पगला गयी क्र अपना सर इधर उधर घूमने लगी

kajri-:ahaha मजा आ रहा ह चूड़ी मेरी छूट और सारा पानी निकल लो इसका ाःहाहार माँ इतना मजा आहहह पहले क्यों नहीं मिले आप ाहहए

में अब जोर जोर से कजरी की छूट के डेन को खाने लगा और अब मेरी दोनों उंगलिया आसानी से आगे पीछे होने लगी


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कजरी-: ाहः जोर से चूका मेरा होने वाला ही आहहह और जकरररररर सीईए माआ अहहहआ

कजरी का पानी निकलने वाला था में रुक गया मेने अपनी उंगलिया बहार निकल कर मुँह हटा लिया मेरे मुँह पर कजरी का पानी था

कजरी-: हैट क्यों गए आप मजा आ रहा था

में-: मेरी काकी अभी कहा मजा मजा तो अब आएगा देखना जब मेरा लुंड तेरी छूट में घुसेगा

कजरी-: वो बाद में देखा जाता अभी तो मजा आ रहा था न

में-: मेरी कुटिया ह न तू रैंड

कजरी-: हआ में कुटिया हु

me-:to फिर में जैसे करूंगा वैसे करवा चुप चाप

कजरी चुप हो गयी

Me-:rand नाराज क्यों होती ह देख तो सही बहुत मजा देता हु तुजे

फिर मेने कजरी को अपने पास बिठा लिया और जोर से अपने पास करके उसके होठो को चूसने लगा में पहली बार कजरी के प्यारे और नरम होठो को चूस रहा था पहले तो कजरी केवल होठो को खोल के बैठी रही पर जब मेने उसकी चुकी को जोर से दबाया तो वो मेरे साथ देने लगी में उसकी चूचियों को जोर से दबा दबा कर होठ चूसने लगा अब मेने कजरी की जीभ को मुँह में लेके चूसने लगा कजरी के लिए ये पहला अनुभव था


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कजरी भी पागलो की तरह मेरे होठ चूसने लगी अब उसने मेरे मुँह को चाटने लगी मेने उसे अलग किया

me-kaki अब मेरे लुंड की भी सेवा कार्डो जरा मुँह में लेके चुसो एक बार

kajri-:me में में में नहीं मेने कभी ये किया नहीं

में-: नहीं किया तभी तो अब करलो

कजरी-: नहीं मुझसे नहीं होगा तुम तो डायरेक्ट छूट में डाल्दो

में-: रंडी एक बार चूस बोलै न मेने

kajri-:kitna गन्दा होगा मुझे तो उलटी हो जाएगी पर आप बोल रहे तो कोसिस करती हु

में-: आज मेरी रंडी तुजे लुंड का स्वाद चखा ता हु

में बीएड के निचे खड़ा हो गया कजरी डर्टी हुई मेरे पास आयी और मेरे लुंड के सामने बेथ गयी

kajri-:kitna बड़ा ह पूरा अंदर मत डालना में जितना चूस सकू चूसने देना

में-: एक बार मुँह में तो ले पहले

कजरी ने लुंड को हाथ में पकड़ कर हिलने लगी वो लुंड की तरफ नहीं देख रही थी मेने कजरी के बालो को पकड़ कर उसका मुँह लुंड के सामने किया अब कजरी की नक् मेरे सुपडे के सामने आ गयी

में-: आँख खो मेरी कुटिया वार्ना तेरी दोनों बेटियों को मेरा लुंड चूसना पड़ेगा

कजरी ने आँख खोल कर मेरे लुंड को इतने पास से देखने लगी लाल सुपडे को देख कर उस पर लगी पानी की बून्द को देखने लगी और एक जोर से साँस अंदर ली जिससे कजरी की नक् से मेरे लुंड की खुसबू अंदर गयी

में-: किसी लगी मेरे लुंड महाराज की खुसबू

कजरी-: अच्छी ह पर मुझसे चूसने का नहीं होगा

में-: फिर क्या तेरी माँ को लेके आएगी क्या लुंड चुसवाने

कजरी-: गली क्यों देते हो

में-: क्योकि मुझे मजा आता ह

कजरी ने अब मेरे लुंड को हिलने हुवे अपना मुँह मेरे लुंड के पास लायी और एक बार मेरी तरफ देखते हुवे अपने होठ थोड़े से खोल कर मुँह में सूपड़ा लेके चूसने लगी और इधर मुझे आनंद मिलने लगा कजरी धीरे धीरे अपना मुँह खोलती रही और लुंड को अंदर लेने लगी मुझे उसके मुँह की गर्मी मेरे लुंड पर बड़ी अच्छी लग रही थी कजरी अब 4 इंच लुंड को अंदर लेके चूसने लगी उसके मुँह से लग रहा था की वो लुंड पहली बार चूस रही ह

में-; ाहः काकी और अंदर लेके चीज़ो मजा आ रहा ह जोर से चूस मेरी रैंड

कजरी अब जोर से मुँह हिलने लगी पर लुंड को और अनादर नहीं लिया

मेने उसके बल पकड़ कर उसके सर को सामने करके एक जोर दर ढाका मारा

मारा की मेरा पूरा लुंड कजरी के गले में ुअत्तर गया उसके आँखों से आंसू आने लगे और उसकी आँखे बहार को आ. गयी

में कुछ देर ाशे hi उसके सर को पकड़ कर खड़ा रहा वो जोर लगा रही थी लुंड निकलने की मेने उसे पीछे हटने नहीं दिया और जोर जोर से धक्के देने लगा कजरी के मुँह से थूक निकल रहा था बहुत सारा जो उसके चुचो पर गिर कर भीगा रहा था


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में-: चूस साली रंडी कितना अच्छा लुंड चुस्ती ह और बोल रही की लुंड चूसना आता नहीं ह तेरी माँ भी ाशे hi चुस्ती होगी तेरे बाप का चूस जोर से

में-: तू भी कबि चूस अपने बाप का मजा आ जायेगा मेरी कुटी तुजे

कजरी-:. Uuuuuuuuuuuuuuuu अहहहहहहहह गुरगुजुगुगुगुगु की आवाज आ रही थी उसके मुँह से

मेने कोई 5 मिनिट में अपना लुंड बहार निकल लिया कजरी जोर जोर से खांसते हुवे निचे गिर गयी और जोर जोर से सांसे लेने लगी

में-: क्या हुआ रैंड

कजरी-: अहह माअररर हैईईई डालटीईए अज्ज्ज्ज तुममम मुजीबी ाशिये भीईई कोइइइइइ करता आआ हीईई क्याआ मेराआआ गलायआ ड़ड़ड़ड़ड़ करनी लगाना

में-: चल आजा एक बार और

कजरी-: अब नहीं होगा

में-: आ तो सही तेरी बेटियों को छोड़ू

मेने उसका हाथ पकड़ कर उठा कर लुंड एक बार फिर मुँह में झाड़ तक घुसा कर चुसवाने लगा

कजरी-: अहहह गुगुगु

मेने अब लुंड निकल कर उसे बीएड पर सुला दिया अभी भी वो जोर जोर से सांसे ले रही थी

में-; अब तैयार होजा मेरी रानी लुंड लेने के लिए

कजरी-: उसके लिए तो जबकि तैयार हु डाल्दो आप

में-: ोकक तो ये ले तेरी माँ को छोड़ू रैंड

कजरी की टैंगो को हवा में उठा कर उसके दूध पर रख दी मेने

kajri-:ahaahaha आपने मेरी टैंगो को इतनी चोरी क्यों की दर्द कर रही ह ये

में-: अभी कहा अभी तो छूट और पैर दोनों 1 घंटे तक दर्द करेंगे वो भी नॉन स्टॉप

कजरी-: अब दाल भी दो देखो कितना पानी चोर रही ह ये

मेने लुंड को कजरी की छूट के ढक्कन पर रख और कजरी ने अपने मुँह पर वह रखी अपनी ब्रा रख ली

में-: रैंड अब देख तेरी छूट का भोसड़ा बनता हु में

मेने उसकी कमर को पकड़ कर एक तगड़ा धक्का मारा कजरी की छूट में लुंड 4 इंच अंदर घुस गया मेने देखा की कजरी की आँखों से आंसू आ गए थे और उसके मुँह में उसकी ब्रा थी जिस कारन उसकी आवाज अंदर hi डाब गयी उसके बड़े नाख़ून ने बिस्तर को इतनी जोर से पकड़ रखा था की नाख़ून की वजह से बिस्तर फैट गया फिर उसने अपने मुँह से ब्रा निकल ली

कजरी -: अहहहहहहहह मर gayiiiiiiiiiii रे nalayakkkkkkkkkk ईईईईई इतनाआआआआ बड़ा आ अनादरररररर ददलललललललल दिया आआ रेफ़री माआआआआ बचोओओओओओओ

में-: काको अभी तो 4 इंच hi गया ह 5,5, इंच बाकि ह अभी तो

कजरी-: ाहः नहीं ले पाऊँगी ाहाःहाहा मायआ दर्द हो रहा ह खतरनाक अहःअहः

मेने कजरी काकी के होठो पर अपने होठ रख दिए और उन्हें चूसने लगा और दूध को दबाने लगा

कुवह देर में कजरी को कुछ रहत मिली मेने अलग होक एक बार छूट की तरफ देखा तो उस पर से खून की पतली धार निकल रही थी मेने एक तकिया लेके अब आखिरी प्रहार करने का सोचा

me-:kajri ये आखिरी धक्का और पूरा लुंड अंदर सह लेना

Kajei-:nhi नहीं अब इतना hi नहीं ले पाऊँगी में नहीं की नही

काकी नहीं नहीं करती रही और मेने एक जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा पूरा लुंड अंदर काकी के छूट की गहराई में घुस गया

काकी-: मर डाला रईईए मायाआआ तेराआआ बेताआए बढाएआ बेरहम हीईई मेरिइइइइइ बुरररररररर फड़ड़ड़ड़ड़ दी ाहाहाःहाहा बहुत दर्द कर रही ह

me-;bus मेरी जब अब मजा hi मजा आएगा

kajri-:haahhaha कोई की बचाओ कोई बच्चू मुझे इस सैंड से ये मेरे ऊपर चढ़ गया

में-: मेने ज्यादा सोचा नहीं और काकी का मुँह अपने होठो से बाद कर दिया और चूसने लगा काकी ने अपने हाथ निचे ले जा के अपनी छूट पर रखा और बहार आके देखा तो उसके हाथ पर खून लगा था

kajri-:uuuuu उउउउउ

में-: क्या हुआ रैंड तुजे छुड़वाना ह की नहीं

kajri-:ahah बुर फाड् दी मेरी देखो कितना खून आया ह इतना तो सुहागरात पर भी नहीं आया था और दर्द इतना की अभी जान निकल जाये

में फिर से उसके दूध दबाने लगा क्र किश करने लगा किश करते हुवे मेने देखके लगाना सुरु किया और फिर कुछ देर में जोर जोर से धक्के मरने लगा कजरी का मुँह खुल्ला रह गया और वो निचे दबी सिनसिक्य लेती रही


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कजरी-; हाहाहाहा धीरे करून हाहाहाहा अभी रुकोऊ दर्द हो रहा हहह सहज रुक जउओ ना में मर जाउंगी

me-:kese रुक जाओ इतनी मस्त दुद्धरू गे मेरे निचे लेती हे और रुक जाऊ

कजरी-: कर लेना अभी कुछ देर हाहाहाःहाहा धीरीईई बाद कर लेना हहह

में-: रंडी रुक अभी थोड़ी देर बाद चिल्लायेगी की जोर से करो

कजरी-: नहीं मुझे मरना नहीं ह अहहह मायाआआ तेरा बीटा पूरा सैंड हो गया ह इसे क्या खिलाया ह हाहाहाहा

me-:mene मेरी माँ का दूध पिया ह रैंड

कजरी-: तेरी माँ का दूध में बहुत सकती ह हहहह रुक जा दर्द होता ह हाहाहा

मेने रुकने के बजाय और जोर जोर से छोड़ने लगा जिससे अब कजरी को भी मजा आने लगा उसका दर्द अब गायब हो गया था और फुल खुलके मजे लेने लगी

मेरे धक्के इतने खतरनाक थे की उसके दूध हर धक्के के साथ जोर जोर से हिल रहे थे जो मुझे और भी कोर से छोड़ने पर मजबूर कर रहे थे


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में-: रैंड ह तू मेरी बोल कुटिया

कजरी-: रैंड हु में आपकी मुझे छोड़ो जोर जोर से छोड़ो और छोड़ो

में-: तेरी में चुके कैसे हिल रहे ह कुटी

कजरी-: हाहाहाहा पहली बार छुड़वाने का मजा आरहा हह और जोर से और जोर से

.में-: तेरी माँ भी तेरी जैसी hi मस्त घोड़ी होगी

काजर -:.अहहहहह मेरा होने वाला ह हहह शाहजहां में गयी हाहाहाहाहा अहहाआआ जोर अस्सेस्स अहाहा और कजरी के छूट से पानी निकला जिससे मेरा लुंड भीग गया और आसानी से अंदर बाहर होने लगा

कजरी-: शाह में ठग गयी कुवह देर रुको

me-;nhi जब तक मेरा नहीं होता रुकने का नाम नहीं लूंगा

मेने लुंड बहार निकल कर उसे घोड़ी बना दिया क्र उसके बल पकड़ कर एक बार में hi पूरा लुंड बच्चे दानी में दाल दिया

kajri-hahahahahahahaah माआरररर दल्लाआआ तेरी जालीमंममम तूंबीएए कितनी की फ्रेर करेगा आआ मेरी बुर फैट करररररर भोसडायआ हो गयी हैईईई हहहहह

me-:rand तूने बोलै नहीं की तेरी माँ किसी घोड़ी बोल मेने एक थप्पड़ उसकी गांड पर मारा

kajri-:haaaaaa .मेरी मा भी मस्त घोड़ी हे मेने देख था अकबर पापा उसे पीछे से छोड़ रहे थे घोड़ी बना कर अहःअहःअहः

में-: तब तो लाना तेरी माँ को भी ाशे लुंड से छोडूंगा उस रैंड को

kajri-:aik no. की रैंड ह मेरी माँ मेरे पापा में उसे दूसरे के साथ छुड़वाने हुवे पकड़ लिया था हाहाहा धुरीईए सीने दर्द करती की ह बुर


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इधर में अपनी स्पीड लगातार बढ़ाये जा रहा था कजरी की बुर से अब खून आना बंद हो गया उसकी जगह अब छूट रास आने लगा था

kajri-:ahahhhaha क्या चुदाई करते हो मजाआआ आए रहा हह शहर जोर सीईए अंदर तक हिल रही ह छूट

कजरी जोर से चीख कर एक बार क्र पानी गिरा दिया और बीएड पर गिर गयी मेने उसे छोरा नहीं और उसकी तंग को एक साइड करके जोर जोर से छोड़ने लगा


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कजरी-: अहहह मेरा पनीइ 2 बररररर निकल चुकाआ हेबेई लेटर आपको होकूवोीी अभी तक पानी नहीं चक्राआआ

में-: मेरी रैंड मेने बोलै था न की 1 घंटे तक तेरी छूट में लुंड रहेगा पर तू मुझे चैलेंज करती रही

kajri-:galti हो गयी माफ़ कार्डो अब रुक जाओ आह्हः

मेने अब कजरी के ऊपर से अलग हुआ और बीएड पर लेट गया और कजरी को ऊपर आने का बोलै

कजरी-: अभी कुछ देर रुको न दर्द हो रहा ह

में-: तू रुक जा तेरी माँ को भेज दे वो मेरी सवारी करेगी

kajri-:usko भी करवा दूंगी अभी तो मुझे hi करने दो इस सैंड को सवारी

और कजरी मेरे ऊपर आ कर मेरे लुंड को पकड़ के छूट के ढक्कन पर रखा और धीरे धीरे बेथ गयी निचे उसे दर्द हुआ पर धीरे धीरे निचे बैठने लगी मेने एक जोरदार धक्का मारा और पूरा लुंड अंदर

kajri-ahahaahhaha बेरहम रुक नहीं सकते अहहहहहहह मसाला कहा आआ फसा गयीईइ

में-: रैंड अब तो तू जब बोलूंगा तब छुड़वाने के लिए राजी होगी

कजरी-: शहर ाशे लुंड से तो में भरे बाजार में चुद जाऊ मेरे राजा

में-: तो अब शर्त के हिसाब से तू मेरी गुलाम ह रखेल हो गयी तू मेरी

kajri-shart न लगती तो भी में आपकी गुलाम हो गयी हु सहज रखेल भी छोड़ो

कजरी अब ऊपर से अपनी बड़ी गांड हिला हिला कर मजे लेने लगी उसे दर्द में बी मजा आ रहा था

कजरी-: आहे में थक गयी अब आप करो निचे से

में अब निचे से धक्के मरने लगा और उसकी गांड पर थप्पड़ मर मर कर लाल भी करदी


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कजरी-: हाहाहाहा मरते क्यों हो दर्द होता ह ाहः पूरी गांड लाल करदी मर मर के

में-: कजरी काकी वाइल्ड सेक्स के मजे hi कुछ अलग ह आपको मजा नहीं आता क्या

काकी--: पूछ मत मजा क्या आज hi पता चला की असली चुदाई क्या होती ह अहहहहहह और मर मेरी गांड को हाहाहाहा में थक गयी अब आप मेरे ऊपर आ जाओ

मेने कजरी को एक झटके में निचे किया और उसके ऊपर आ गए और लुंड को एक बार में hi उसकी छूट में दाल दिया

kajri-ahahahahha जितनी बार डालते हो उतनी बार दर्द करता ह

में-: तेरी छूट थोड़ी दिन में मेरे लुंड के हिसाब से चोरी हो जाएगी रैंड

कजरी-: 7 साल से ुंचुड़ी छूट को इतना तगड़ा लुंड मिला ह तो दर्द होगा न हाहाहाःहाहा

में-: अब बोल मेरी रैंड कोनसे सुच की बात कर रही थी तू

कजरी-: शहर बताती हु आप रुको मई हाहाहाहा जोर से छोड़ो कोई नहीं रोकेगा अहहह फाड् डीके हाहाहाहा

में-: बता मुझे क्या बात ह रैंड कुट्टी साली चिन्तल जो तू मेरे साथ सहर आयी और बिना कुछ लिए वापस बस में बेथ कर आ गयी और आज दिन में भी मुझे अपनी गांड और चूहे दिखाए

kajri-:haaaaa मेने hi सब किया पर मुझे ये सब करने के लिए बोलै गया शहर धीरे पेडू में दर्द होता हहहह

में-; किसने करवाया मुझे सब बता जल्दी

कजरी-: ठकुराइन ने मुझे बोलै था की में एक बार तुम्हे पता कर तुमसे चुदाई करवौ

में-: kyaaaaaaaaaa पर आशा क्यों किया उस कुटिया ने

कजरी-: ये मुझे पता नहीं था पर उसने मुझे बहुत सरे पैसे देने का बोल ह

में-: ओह्ह तो अब समझ आया उस कुटिया को मेरा लुंड पसंद आ गया ह और वो तेरे जरिये ये जानना चाहती ह की में उसे संतुस्ट कर पाउँगा की नहीं

kajri-:ahahahhaa धीरी से करूओ मुझे भी यही लगता था उसने मेरे साथ भी ये सब करवाया ह आअह्ह्ह्ह

में-: मतलब वो रैंड भी प्यासी ह तब तो मजा आएगा उसे भी छोड़ने में

कजरी-: है छोड़ लेना उस रैंड को बहुत गर्मी ह उसकी छूट में

में-: अब तू मेरा एक काम करना

kajri-:aapke लिए तो कुछ भी कर सकती हु आप बोलो

में-;........

कजरी-: हां अब मजा आएगा इसमें तो

में-: बस तुम अपना दयँ रखना

कजरी-: हम्म अब अप्प करूऊऊ जोर जोर ससससस शाखा मेरा होने वाला ह बहुत दर्द कर रहा ह ाजाहहहहहह

और मेने अपनी स्पीड बड़ा दी कुछ देर में लुंड बहार निकला तो कजरी की छूट से जोर जोर से धार निकलने लगी


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कजरी-: अहहहहहहह एक दिन में hi सब पानी निकल दियाआआअ हाहाहाहा मर हीी मजाआए आ गयाए आपका ये अहसान कभी नहीं भूल पाऊँगी आप जब बोलोगे वो काम कर दूंगी

में-: रंडी पहले तो अपनी छूट में लुंड ले और मेरा पानी अपनी छूट में डलवा

कजरी-: अहहह आपका अभी तक नहीं हैए मेरा 4 बार हो चूका ह हाहाहाःहाहा मा

में-: ले अब झेल मेरे तूफानी धक्के

मेने एक बार में पूरा लुंड अंदर दाल कर जोर जोर से धक्के मरने लगा

कजरी-: अहहहहहहहह मेरिइइइइइइइ छुटटटटटट sujjjjjjjjjjjj हैईईई बच्चू कोई isssssssssss संदददददद अस्सेस्सेड शाहजहां dhireeeeeeeeeeeee

कजरी चिल्ला रही थी जोर से और उसकी आवाज पुरे रूम में गूंज रही थी में और ताबरतोड़ धक्के मरने लगा


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कजरी-: आहार मेरा फिर होने वाला ह टंगे भी दर्द कर रही ह गांड दर्द कर रही ह छूट दर्द कर रही ह आपका कब होगाआ

में-: मेरा भी होने वाल्ला ह

और कुछ देर में मेरा पानी कजरी की छूट में चला गया क्र कजरी की छूट ने भी 5 बार पानी चोर दिया

में थक कर कजरी के ऊपर hi केट गया मेरा लुंड भी अब भी कजरी के छूट में था. और हम दोनों हांप रहे थे

कोई 10 मिनिट बाद में उठा और पानी पिया मेने पैन मिलकर कजरी को दी और उसे सोने दिए में भी पास में सो गया
 
अपडेट-: 79

में और कजरी दोनों दमदार चुदाई से थक हर कर लगे hi सो गए हमें चुदाई करते हुवे 1.30 बज गयी थी 4 बजे कजरी की नींद खुली उसने खुद को नंगा देख कर स्माइल की और विभु को देखा जो नंगा चद्दर ोड कर सोया था

कजरी ने विभु के होठो पर हल्का सा किश किया और सोचके लगी ..

कजरी-: बहुत साल बाद मजा आया ह वो भी आपकी वजह से लव ु जान आज से आप मेरे लिए सब कुछ हो आज से में फिर सुहागन हो गयी हु अपनी नजर में लव ु जाना

फिर कजरी उठने लगी उसे दर्द हुआ फिर भी हिम्मत करके उठ कर लंगड़ाती हुई जाने लगी

कजरी-: अहःअहः कितना खतरनाक दर्द हो रहा ह टंगे छोड़ी करके चलना पद रहा ह असली मर्द से आज पला पड़ा ह मेरा और तो और कितना खून निकला था आशा लग रहा ह आज hi सुहागरात हुई हो के वो दर्द में भी हस्ती हुई बाथरूम में आ गयी धीरे धीरे बाथरूम में आके दीवाल का सहर लेके बेथ गयी और पेशाब करने लगी उसने जोर लगाया तो उसके मुँह से जोर से आहहहहहहह निकल गयी

कजरी-: हाहा माँ जलन हो रही ह ही हाहाहाहा

कजरी रोक रोक कर कुछ देर में हिम्मत करके टॉयलेट किया और वही पाव पसर के बेथ गयी अब उसने अपनी छूट को देखा तो दर गयी

कजरी-: बाप रे क्या हल कर दिया ह उन्होंने इसका आशा लग रहा ह अब कभी लुंड नहीं ले पाऊँगी सूजन भी आ गयी ह

.उसने गरम पानी का सेक किया अपनी छूट पर और फिर बहार आ गयी उसे चलने में दर्द हो रहा था रूम में आके उसने अपने कपडे इधर उधर रखे थे वो उठाये और कपडे पहन लिए

कजरी-: उठो न

में-: क्या हुआ काकी

कजरी-: में जा रही hi 4.30 बज चुके ह आप गेट लगा देना

में-: अभी से

कजरी-: अभी कोई नहीं ह तो

में-: अब दर्द केसा ह तेरा

कजरी-: बहुत दर्द ह चलने में भी नहीं आ रहा ह

में-: ये टेबल पर रखी एक गोली लेलो और जाओ आराम से शाम को 4 बजे मिलता हु

फिर कजरी ने एक गोली ली और में उठ गया मेने अपनी लोअर पहनी और उसको उठा कर निचे ले आया

में-: आज ठकुराइन के पास मत जाना उसे जब तक में न बताऊ कुछ मत बताना

कजरी-: हम्म्म जाना

में-: और शाम को 4 बजे में आता हु तेरे घर ..

कजरी-: हम्म

फिर मेने गेट खोला और कजरी मुझे किश करके वह से धीरे धीरे निकल गयी उसका घर मेरे घर से 10 घर दूर था जो वो आराम से चली गयी मेने गेट लगाया और अंदर आके सो गया

मेरी नींद आज 8 बजे खुली आज संडे था जो कोई दर नहीं था में उठ कर खड़ा हुआ और बीएड की हालत देखा जो एक कोने पर पूरा बीएड लाल हो चूक था और कजरी के पानी से गिला भी था जो अब सुख तो गया था पर डेग बहुत हो गए थे

मेने पहले बीएड शीट बदली और फिर नहाने चला गया नाहा कर आया और कपडे पहन कर निचे आया निचे आके मेने एक सुपर चाय बनायीं और चाय पिने लगा

में-: में इतनी अच्छी चाय बनता हु क्या मुझे आज पता चला

और फिर मेने चाय पि कर बैठा hi था की किसी ने दरवाजा बजाय में उठके गया और देखा तो सामने प्रिय दी कड़ी थी उसके हाथ में एक छोटा सा टिफ़िन था

में-: दी आप सुबह सुबह यहाँ .

प्रिय-: क्यों में नहीं आ सकती क्या .

में-: आ सकती हो न पर सुबह सुबह और ये क्या ह .

प्रिय--: दूध ह तेरे लिए चाय बनाने आयी हु

में-: पर मेने तो अभी चाय बना कर पि ली .

प्रिय-: पिली कोई नहीं शाम को पि लेना .

में-: मेरी प्यारी दी अब आप आ hi गयी हो तो रसोई में चाय के बर्तन ह धोने

प्रिय-: चल रसोई में

में-: ोकक दी

फिर प्रिय दी ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे लेके रसोई में आ गयी

प्रिय -खाना भी खाना होगा न तुजे .

me-:(khana तो पूजा लेके आएगी अभी )नहीं दी मुझे बहार जाना ह आज सहर काम ह मुझे अभी जाऊंगा

प्रिय -: ोकक तू आराम से जाना और आराम से आना

फिर प्रिय दी बर्तन धोने लगी और में मुँह पलटा के खड़ा हो गया मुझे पता था की अगर मेने दी की गांड देख ली तो फिर लुंड खड़ा हो रहेगा बैठने का नाम नहीं लेगा तो में वह से बहार आ गया

प्रिय-: इसको क्या हो गया मेरे गांड आज नहीं देख रहा ह

फिर दी भी बहार आ गयी

प्रिय-: में जाती हु अपना दयँ रखना

में-: ोककक

प्रिय दी मेरे पास आयी और मेरे गले लग गयी फिर वो बाहर चली ागीयी मेने आँखे बंद कर्ली और दरवाजा लगा दिया कुछ देर बाद में ऊपर आ गया और छत पर चला गया वह जेक में पूजा का वेट करने लगा

कुछ देर में पूजा आयी और मुझे टिफिन देने लगी

में- तुम भी आओ न अंदर

पूजा-: अभी नहीं बाद में आउंगी

में-: ोकक

फिर वो कुछ न बोली और निचे चली गयी में भी खाना लेके निचे आ गया और खाना खाया फिर मेने टाइम देखा तो 10 बज चुकी थी और आज संडे था तो मेने खेत पर जेक बाकि का सारा काम देखने की सोची और बाइक निकल कर खेत पर निकल गया

में खेत आया तो वह हरिया काका और रामु काका दोनों बैठे थे उनकी निगाह मुज पर नहीं गयी

मेने सोचा जेक उनसे पुछु तो सही की क्या चल रहा ह तभी मेने जो सुना वो सुन कर में रुक hi गया वह

रामु काका-: हरिया आज भी जाना ह क्या तेरी बहु को छोड़ने

हरिया-: है आज भी जाना ह फिर कल मेरा बीटा आएगा वो छोड़ेगा

रामु-: तेरे तो मजे ह जवान और खूबसूरत बहु को रोज छोड़ने को मिल रही ह

हरिया-: तू भी अपनी बहु और बेटी को पता ले मजा आ जायेगा तुजे भी

रामु-: क्या घंटा मेरी बहु तो मुझे भाव hi नहीं देती .

हरिया-: मेरे साथ भी आशा hi था पर एक दिन मेने उसे उसकी छूट में ऊँगली करते देख लिया तो समझ गया की बहु प्यासी ह तो मेने उसे 1-2 बार अपने लुंड के दर्शन करवा दिए फिर क्या मेरे आस पास घूमने लगी और एक दिन मौका देख कर पकड़ लिया उसने कुछ नहीं कहा और आजतक मुझसे छुड़वा रही ह 15 दिन हो गए

रामु-: मेरी बहु भी प्यासी ह अब देख में क्या करता हु की खुद hi बोलेगी की बाबूजी मेरी छूट में लुंड दाल दो

यहाँ में आपको रामु और हरिया काका के परिवार से मिलवा डेट हु कुछ इनके बारे में भी बता देता hi

हरिया काका

पत्नी-: विमला काकी

बीटा-: यशवंत

bahu-:palak

बेटी-: यशी

रामु काका

पत्नी-: जानकी

बीटा-: मनोहर

बहु- हेमा

बेटी-: मोना

ये वही मोना ह जो स्टोरी के स्टार्ट ने मेने लिया था और अब तक उसे चोर दिया पर अब इस स्टोरी में इसे लेना पड़ेगा

में उन दोनों बुद्धो की बात सुन कर सोचने लगा की ये दोनों ठरकी अपनी अपनी बहु पर मार्ट ह वैसे क्यों न मरे दोनों की बहु हे हो इतनी मस्त की जिसको देख कर छोड़ने का मन तो करेगा hi

वो दोनों बाटे कर रहे रहे में उनको उनकी हल में चोर कर खेत वाले घर में आ गया उन दोनों. ने अब मुझे देखा और काम पर लग गए मेने निचे आया ताल घर में और एक लाख रूपए लेके ऊपर आके टाला लगा कर वापस गांव में आ गया

में जब गांव में आ रहा था तो स्कूल के पास बहुत लोगो की भीड़ थी लगभग 100 लग खड़े थे वह और पुलिस की गाड़ी भी थी मेने अपनी बाइक रोकी और जब अंदर क्या ह देखने के लिए गया तो मुझे विक्की दिख गया में उसके पास चला गया

में-: क्या हुआ भाई यहाँ

विक्की-: वो इंग्लिश की मम ने फांसी लगा ली ह

में-: क्याआआ मम ने पर क्यों

विक्की-: वो पता नहीं पुलिस आ गयी ह अभी यहाँ वो सब छान बिन कर रही ह अंदर

में-: चल देखते ह

फिर में और विक्की वह भीड़ के पास आ गए और देखा तो बहार इंग्लिश वाली मैडम की लाश पड़ी थी और उसे जिस्म पर निशान भी थे

विक्की-: देख कर तो लग रहा ह किसी ने मर कर यहाँ लटका दिया ह

में-: है मुझे भी यही लग रहा ह

तभी 7-8 पुलिस वाले अनादर से आये और पूछने लगे पास में प्रिंसिपल मम कड़ी थी

पुलिस-: मम इनका किसी ने मर्डर किया ह और फिर फांसी पर लटका दिया ह और हो सकता ह रपे भी किया ह

प मम-: कल तक तो अच्छी थी स्कूल से घर गयी उसके बाद ये सब कैसे हुआ होगा

पुलिस-: वो हम इन्वेस्टीगेशन करेंगे आप 10 दिन स्कूल बंद रखना अब

प मम-: क्यों .

पुलिस-: हमें इन्वेस्टीगेशन करना ह आर्डर भी ह ये देखो

प मम-: ठीक ह मंडान ने एक नोटिस लिखवा कर जिला कलेक्टरो में भेज दिया

और एक नोटिस स्कूल पर लगा दिया की 10 दिन स्कूल नहीं लगेगा



पुलिस-: ये मम कहा की ह इनके घर वालो को इन्फॉर्म कार्डो

प मम-: मेने इनके हस्बैंड को इन्फॉर्म कर दिया ह वो आते hi होंगे

कुछ देर में मम का हस्बैंड आ गया वो रोने लगा उसके साथ उसके परिवार वाले भी थे सब रो रहे रहे लोगो ने उन्हें संजय और पुलिस वालो ने लाश लेके वह से निकल गए और बाकि सब परिवार वाले भी लोगो की भीड़ भी ख़तम होने लगी क्र प मम भी अपने घर में चली गयी और दूसरी पुलिस की गाड़ी जो कड़ी थी उसमे से एक पुलिस ने एक तरफ देख कर स्माइल की और मेने उधर देखा और में समझ गया की माजरा क्या ह वह से कुछ दूर ठाकुर खड़ा था

में-: विक्की अब तो 10 दिन की छुट्टी समझो मजा आ गया

विक्की-: है ीरर्र अब तो 10 दिन फुल इंजॉय रोज ज्योति से मिलूंगा

में-: है तेरे तो मजा हे इतना हॉट मॉल जो ह तेरे पास छोड़ने को

विक्की-: तू भी किसी को पता ले

में-: है अब पटना पड़ेगा अब नहीं रहा जाता छूट के बिना

.फिर हम दोनों बाटे करने लगे और हम घर आ गए

घर आके मेने गेट लगाया और सोचने लगा की हो न हो ये खून ठाकुर ने hi किया या करवाया हे और पुलिस को भी ाचे से पता ह ये बात अब तो केस रफा दफा हो जायेगा पर अब मुझे इस ठाकुर का कुछ इलाज करना पड़ेगा नहीं तो ये गांव का माहौल बिगड़ देगा

मेने एक आईडिया सोचा और नीता चची को कॉल किया

चची-: ओह्ह मेरे होने बच्चे के बाप को हमरी यद् आ गयी

में-: चची मजाक नहीं आपके पास वो गोलिया ह न जो आदमी को नपुंसक बना दे

चची-: क्या हुआ आप ठीक तो हो न

में-; है में ठीक हु पर ाअजज और रेखा भाभी की भी साडी बात बता दी

चची-: फिर तो उसका इलाज करना hi पड़ेगा एक काम करना आप मेरे घर जाओ मेरे रूम में दर्ज में एक सीसी में गोलिया रखी ह वो गोली आप ठाकुर को 10 दिन तक खिला दो उसका लुंड कभी खड़ा नहीं होगा

में-: 2 महीने

चची-: हम्म उससे काम में असर नहीं होगा इंजेक्शन आता ह पर आप ठाकुर को इंजेक्ट कैसे लगाओगे

में-: आप तो मुझे इंजेक्शन बताओ में कुछ करके लगता हु उसे

चची-; वही रखा ह

में-: चाबी

चची-: तै के पास ह लेलो

में-: ोकक जान .

चची-: अपना दयँ रखना ब्यय

में- ब्यय

फिर मेने फोन कट किया और आगे के बारे में सोचने लगा मुझे परसो मामाजी के वह फंक्शन में भी जाना ह दी की सगाई में

में कुछ देर बैठा रहा और फिर में वापस खेत की तरफ निकल गया में खेत गया तो मेने देखा एक आदमी मेरे खेत के पास से होते हुवे जंगल में जा रहा था और उसके पीछे एक औरत थी जो पूरा घूँघट में जा रही थी दिन में लोग खेत पर कोई होता नहीं ह तो वो दोनों आराम से इधर उधर नजर रखते हुवे जंगल में घुस गए में भी उनके पीछे पीछे चल दिया दोनों एक जगह रुक गए और में पेड़ के पीछे चिप गया जहा से मुझे उन दोनों की आवाज साफ सुनाई दे

आदमी-: आजा मेरी रानी तेरे बिना तो दिल hi नहीं लगता

औरत-: झूट बोल रहे हो मुझे पता ह किसलिए आये हो आप यहाँ

आदमी-: अब तो घूँघट हटा ले मेरी रानी ..

उस औरत ने अपना घूँघट हटाया में उसकी खूबसूरती को देखने लगा की ये कोण ह मेने उसे आज से पहले नहीं देखा तो ये अपने गांव की हे भी की नहीं में नहीं पहचान ता पर उसकी खूबसूरती और कपड़ो से कह सकता हु की ये कोई बड़े घर की औरत ह


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बेहद hi खूबसूरत ये औरत मुझे पहली बार में hi पसंद आ गयी इसकी तो एक बार लेना लड़ेगा में सोच hi रहा था की उनकी बाटे सुरु हो गयी

आदमी-: बेटी क्या हुआ कुछ बात बानी मन गया वो.

औरत-: मेने उसे बोतल में ुअत्तर लिया ह कुछ दिन में सब कुछ अपने नाम हो जायेगा पापा

में-: ओह्ह तो ये बाप बेटी हे पर kon.h और किसकी बात कर रहे ह ये

आदमी-: मेने भी कल रत को तेरे ससुर से बात की मेरी जान को पटाने के लिए

औरत-: ओह्ह पापा अभी तक आपके ऊपर से उसका बहुत नहीं उतरा क्या

आदमी-: वो हे hi इतनी हसीं की एक बार तो उसे पाने की हसरत पूरी करनी ह

औरत-: पापा में हु मुझे प् तो लिया ह और में उससे तो अच्छी hi हु

आदमी-: नहीं बेटी उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती वो लाखो में एक ह उस पर मेरी नजर उसकी सधी से पहले से थी पर कभी मौका नहीं मिला उसकी सधी इस गांव में हो गयी इसी कारन तो मेने तुजे पटाया तेरे साथ सेक्स किया और तेरे लिए लड़का भी यही देख कर तेरी सधी बड़े घर में करवा दी ताकि मुझे अब मौका मिल सके उसे पाने का

औरत-: चोरो पापा आप जानो ने वो मुझे तो बस एक बार साडी जमीं मेरे नाम हो जाये तो में यहाँ की मालकिन हो जाऊ

आदमी-: हो जायेगा तू बस उसके कहे अनुसार उसकी माँ, बहन, और भाभी को उसके निचे स्कूल दे फिर देख वो तेरा गुलाम हो जायेगा और तू जैसा कहेगी वैसा करेगा वो

औरत-: है पापा अभी तक तो सब ठीक ह आगे देखती हु

आदमी-: और ठाकुर कहा ह अभी .

औरत-: वो सहर गए

me-:(matlb ये ठाकुर की कोई ह इसे कजरी पहचान की होगी मेने मोबाइल निकल कर दोनों बाप बेटी का फोटो ले लिया )

फिर दोनों बाप बेटी ने किश किया और दोनों वह से निकल गए में पहले बार किसी सही बेटी को अपने बाप से किश करते हुवे देख रहा था मेरा लुंड फुल हार्ड हो चूका था वो दोनों वह से जा चुके थे मेरा लुंड अब छूट मांग रहा था में भी लुंड बोथ कर वह से निकल गया और खेत वाले घर आ गया मेने आके देविका को कॉल किया

देविका-: बोलो मेरे राजा बाबू

में-: कहा ह तू मुझे अभी छोड़ना ह तुजे

देविका-: अभी कैसे में तो बहार हु आज कल आउंगी

में-: ोकक बी दयँ रखना अपना

फिर मेने फोन कट किया और मनीषा भाभी को कॉल किया

में-: hello मनीषा

पूनम-: में पूनम हु और तुम ये कैसे बोल रहे हो मनीषा भाभी को मनीषा

में-: अरे मेरी माँ पूरा तो सुन लेती मनीषा भाभी

पूनम-: ओह्ह वैसे क्या काम ह

में-: कहा ह भाभी

पूनम-: वो तो अभी जस्ट नहाने गए ह 1 घंटा पूरा लगेगा अब तो

में-; ोकक आये तो बात करने का बोलना

पूनम-: ोकक

मेने कॉल कट किया और रहत की सास की अच्छा हुआ कुछ और नहीं बोलै वार्ना आज तो थानेडररनी मुझे कही का नहीं चोरटी

में-: अब क्या किसको छोड़ू की रत का इंतजार करू रत को तो कोई न कोई मिल hi जाएगी यही सोच कर मेने सोने का सोचा और सो गया

मेरी नींद 3 बजे खुली में वह से घर गया और कुछ देर तैयार हो कर कजरी के घर चला आगे की प्लानिंग करने

में कजरी के घर पंहुचा तो वजा कोई नहीं था में अंदर गया बीएड पर कजरी लेती थी

me+:kajri किसी ह अब तू .

कजरी-: आप आओ बैठो

में-: किसी तबियत ह अब तेरी

कजरी-: ाशे भी कोई करता ह क्या 2 घंटे से भी ज्यादा मुझे निचोड़ा हे और पूछ रहे हो की किसी तबियत ह

में-; अब में क्या मेरी टीमिंग hi इतनी ह

कजरी-. कोई नहीं पर मजा बहुत आया और शर्मा गयी

में-: अच्छा कजरी मुझे एक बात तूने इन दोनों को कही देखा ह क्या

मेने अपना मोबाइल उसके सामने कर दिया

कजरी-: ये तो छोटी मालकिन सिमरन ह और ये उनके पापा हे

में-: सिमरन कोण

कजरी-: विक्रम सिंह की पत्नी

में-: क्या हे वो ह

कजरी-: है पर हुस क्या

में-: में आज दिन में .......

फिर मेने कजरी को साडी बात बता दी और वो उसे सुन कर दांग रह गयी

kajri-:muje तो पहले से शक था इस रंडी पर

में-: वो कैसे

कजरी-: ये हमेशा अकेले अकेले रहती ह और कुछ न कुछ गड़बड़ करती रह टी ह

me-:accha तू ये बता की ये सिमरन का बाप किस औरत की बात कर रहा ह

kajri-:wo तो मुझे पता नहीं ह

में-: तो मेरी पूरी बात सुन हम दोनों के बिच जो हुआ ह वो किसी को मत बताना अभी और है तू ठकुराइन को कल जेक तेरी और मेरी चुदाई की साडी दास्ताँ बता और अपनी छूट भी दिखा देना ये मत बोलना की तू अब मेरी गुलाम ह ये बोलना की तू आज के बाद अब विभु से नहीं करवाएगी

कजरी-: क्यों में तो अब रोज चुदाई करुँगी तुमसे

में-: पागल बस तुजे बोलना ह फिर वो क्या कहे वो सुन्ना और है इस सिमरन का कुंडली ला जल्दी

kajri-:sab हो जायेगा में समझ गयी ये कोई पुराणी बेर ह जिसे अब तुम अंजाम देना चाहते हो

में-: हां और मुझे तेरी जरूरत ह

कजरी-: में तो तैयार. हु मुझे भी इसी मोके का इंतजार था

में-: वो क्यों

कजरी-: वो मेरे पति को ठाकुर ने मारा था

में-: kyaaaaaaaaaa पर क्यों और फिर भी तू वह

कजरी-: वो मुझे उन्होंने हॉस्पिटल में बता दिया था तब से में अनजान बन कर उसी हवेली में काम करती हु और मौका आने पर एक दिन सब ख़तम करने की सोचती हु पर अकेली थी तो दर जाती थी अब तुम हो तो कोई दर नहीं ह

में-: में हमेशा तेरे साथ हु पर ये बात किसी को पता न चले और हमें सब गुप्त तरीके से करना ह

कजरी-: ठीक ह लव ु

में-: लव ु 2 अब में चलता हु तू कुछ भी करके सिमरन के मन में क्या चल रहा ह वो पता कर

फिर में वह से निकल गया और सीधा घर आ गया आज पालक भाभी की चुदाई देखने नहीं गया था तो टाइम देखा तो 5 बक चुकी थी में घर में गया और छत पर निकल गया और मोबाइल देखने लगा तो पारो का मस्सगे थे वो भी 7

में-: सॉरी वो थोड़ा बिजी था इस लिए .

पारो-: कोई नहीं में आपकी क्या लगती परेशान करती रहती हु अब नहीं करूंगी

में-: पारो बोलै न सॉरी अच्छा अब रोज बात करूंगा पक्का

पारो-:,😍

में-: ये क्या ह

पारो-: स्माइल ह मेरी

me-:ohh प्यार वाली स्माइल

paro-:sayad

में-: कही आपको मुझसे प्यार तो नहीं हो गया

पारो-: शायद

me-:fir तो ये देवदास गया

पारो-: वो क्यों

में-: क्योकि इतनी हसीं गफ को बिना देखे कैसे रह सकता हु

पारो-: सबर करो सब दिखने को मिलेगा

में-: सब मतलब

पारो-: चेहरे के अलावा सब देख लो

में-: सोचो में कुछ भी देख सकता हु

पारो-: पता ह क्या देखना ह देख लेना जब सब आपका ह तो छुपाना क्या

में-: फिर तो रत को देखूंगा सब सोचलो बाद में मुखर मत जाना

पारो-: सोच लिया ह जी रत को बात करती हु

me-:okk इंतजार रहेगा

फिर में निचे जा रहा था की मनीषा भाभी का फोन आ गया

में-: hello भाभी

मनीषा-: बोलो कॉल किया था

में-: जब जरुरत हो तब काम नहीं आती ह तू मेरे किसी पत्नी ह

मनीषा-: हुआ क्या ह

में-: मुझे चुदाई करनी ह अभी इसी वकत तेरी

मनीषा-: अभी तो पर कैसे में अभी नहीं कर सकती

में-: बस किसी पत्नी ह तू अपने पति की एक विश पूरी नहीं सकीय

मेने कॉल कट किया मनीषा भाभी ने 2 बार कॉल किया पर मेने उठाया नहीं

मुझे भूल लगने लगी तो में तै के घर खाना खाने गया में अंदर गया पर मुझे वह कोई नहीं दिखा रसोई ने देखा तो वह भी कोई नहीं था मेने आवाज लगायी पर किसी ने नहीं सुना

sonali-:(lgta ह वो आ गया ह अब ऊपर भी आएगा सोनाली आज अच्छा मौका ह जब मनीषा भाभी और नीता चची चुद सकती ह तो तू क्यों नहीं दिखा दे उसे इस गदराये जिस्म की झलकियां)

इधर विभु वह से देखने के लिए ऊपर जाने लगा धीरे धीरे वो जा रहा था उसे लगा सायद कोई नहीं हे वो सबसे तै के कमरे में गया वह कोई नहीं था फिर वो धीरे से सोनाली भाभी के रूम में गया और गेट धीरे से धक्का दे कर खोल दिया

और जैसे hi विभु ने अंदर देखा उसकी निगाह वही अटक गयी सामने सोनाली भाभी बीएड पर घोड़ी बानी हुई थी और उनकी दो ऊँगली छूट में थी जिसे वो धीरे धीरे आगे पीछे कर रही थी


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मेरी निगाह सीधे भाभी की गांड पर गयी जो माध्यम आकर के कूल्हों से बानी थी भाभी ने अपने एक हाथ से अपने कूल्हे को पकड़ रखा था तो दूसरे हाथ से जो निचे से आ रहा था उसकी 2 ऊँगली अपनी छूट में दाल कर बीएड पर घोड़ी बानी मजे ले रही थी

उनके मुँह से मादक सिसकिया और आशा नजारा देख कर मेरा बाबूराव पूरा तन कर खड़ा हो गया

भाभी-: ाहाहाःहाहा माआआआ mazaaaaaaaaaa आ रहा सास हह अहहहहहह अब हैईईई ी कम्म्मम्म्म्म ीीीीर जिससीईई मीटीई अपनी प्यासस्सस्स भुजाआए सकतीई हूउउ अअअअअअअ

मेने देखा भाभी की उँगलियों पर उनका रास लगा था

ये देख कर तो में पत्थर सा जैम गया मेरा हाथ भी कब अपने लुंड पर चला गया और उसे हिलने लगा

तभी भाभी ने जोर से चीख कर अपना पानी निकल दिया सारा


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में देखने में इतना खो गया की मुझे पता भी नहीं चला कब भाभी सीधी लेट गयी और उन्होंने मुझे देखा और जोर से आवाज दी

सोनाली-: विभु तुम

में एक डैम होश में आया मेने देखा मेने अपना लुंड लोअर से बहार निकल लिया था और उसे हिला रहा था जबकि सोनाली भाभी ने अभी भी अपने सरीर को नहीं धक्का था और उनकी निगाह मेरे नंगे लुंड पर थी जो सीधा सलामी दे रहा था उन्हें


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में-: सॉरी भाभी जी

और वह से निकल कर सीधा अपने घर आके सोफे पर बेथ कर अभी जो हुआ उसे यद् करने लगा

इधर सोनाली भाभी ने जब विभु के लुंड को नंगा देखा और उसे भागते हुवे देखा तो वो हंसने लगी

सोनाली-: आधा काम हो गया अब बस आधा और करना ह फिर तो ये खूबसूरत लुंड इस ब्यूटीफुल छूट में जायेगा वैसे हे बहुत बड़ा

वो अपनी छूट पर हाथ लगाने लगी और उसे कुछ कहने लगी

सोनाली-: तेरी तो हालत ख़राब कर देगा वो बहुत रोयेगी तो देख लेना अरे वो निचे होगा उसे भूक लगी होगी जल्दी जाऊ

फिर भाभी ने जल्दी से हाथ धोये और अपने कपडे पहन कर थोड़ा मकूप किया और निचे आ गयी पर मुझे वह न पाकर हंसती हुई रसोई में चली गयी और एक टिफ़िन में खाना पैक करके मेरे घर की तरफ बढ़ने लगी

इधर मेरे दिमाग में अभी भी ऐश्वर्या राइ जैसी दिखने वाली सोनाली भाभी का नंगा जिस्म घूम रहा था खास कर उनकी बड़ी गांड और छोटी छूट जिसने वो 2 ऊँगली अंदर बहार हो रही थी मुझे आशा लग रहा था जैसे में अपना लुंड अंदर बहार कर रहा हु मेरा लुंड अभी भी फूल हार्ड था जो 9.5 इंच का था वो आसानी से किसी को भी दिख जाता ह

तभी बहार से किसी ने गेट बजाय और मेने जेक गेट खोला तो मेरा दर और बाद गया क्योकि सामने तो वही हुस्न की मल्लिका कड़ी थी जिसे मेने अभी कुछ पल पहले नंगा अपनी छूट में उंगली करते हुवे देखा था

सोनाली-: अब क्या देख रहे हो जो देखना था वो तो सब देख लिया अंदर आने दो मुझे

me-:haaaa

भाभी अंदर आ गयी और में उसके पीछे आ गया भाभी बिना कुछ बोले रसोई में गयी और एक थाली में खाना लेके आ गयी

सोनाली-: खाना खा लो बिना खाना खाये hi आ गए थे तुम

मस-: जी जी जी भाभी

में खाना खाने लगा और भाभी वापस रसोई में जेक कुछ करने लगी मेने रसोई में देखा तो भाभी रसोई के गेट पर कड़ी अपने बल बांध रही थी में उनको इस रूप में देखता रहा जबकि वो मेरी hi और देख रही थी


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क्या मस्त लग रही थी मेरी भाभी बड़े दूध और खास पतली कमर जो एक दान सपाट दिख रही थी

सोनाली-: क्या हुआ खाना अच्छा नहीं लगा क्या देवरजी .

में--. हम्म ठीक ह ठीक ह

sonali-:(hanste huve)me सांझी कुछ और देख लिया ह और वो अच्छा लग गया हो तो

में-: नहीं आशा नहीं ह भाभी जी

फिर मेने खाना खाया और भाभी थाली लेके रसोई में धोने चली गयी फिर अपना टिफ़िन लेके जाने लगी में उनको जाते हुवे उनकी गांड को देख रहा था की

.सोनाली-: अच्छी हो तो मांग लेना दे दूंगी

और भाभी चली गयी वह से और में सोचने लगा की क्या ये हिन्द दे रही ह की ले लेना पर में आगे से कुछ नहीं करूंगा ये तो पक्का ह अगर ये प्यासी ह तो जरूर कुवे के पास आएगी
 
अपडेट-: 80

सोनाली भाभी मुझे खाना खिला कर चली गयी और में ऊपर रूम में आया मेने टाइम देखा तो 7 बज चुकी थी स्कूल तो अब 10 दिन जाना नहीं था मेने सोचा रत को निधि भाभी और ज्योति को साथ ने चुदाई की जाये तो मेने थोड़ी देर गांव में घूमने का सोचा और निकल गया वह से गांव की और में जा रहा था की धीरज भाभी को दुकान के पास वह दुकान बंद थी में उधर देखते हुवे निकला तो मुझे पालक भाभी आती हुई दिखी में उसे देखने लगा

me-:(kitni भोली बन रही ह पालक यु तो अपने ससुर के निचे लेट कर रोज मजे लेती )

फिर पालक भाभी अपने घर की तरफ चल दी और में पूल की तरफ में पूल पर गया और विक्की को कॉल किया उसने नहीं उठाया तो में वह बेथ कर आगे के बारे में सोचने लगा की आगे क्या किया जाये 10 दिन स्कूल जाना नहीं ह तो कुछ आशा करू की ठाकुर की इज्जत से खेल जाऊ पाए कैसे में सोचने लगा की मुझे किसी के आने की आहात हुई

मेने देखा ये तो विक्की और दिनेश ह दोनों आ गए

विक्की-: हमें पता था तू यही होगा

में-: कॉल कई नहीं उठाया तुम दोनों ने

विक्की-: मेरा मोबाइल तो घर पर ह

में-: और लवडे तेरा कहा ह

दिनेश-: मेरा मोबाइल मेरी बहन दिव्या के पास ह

में-; ोकक और दोनों इधर कहा आ रहे हो

दिनेश-: लवडे तूने बोलै था न पालक भाभी का क्या हुआ कुछ बात बानी

में-: आबे बस वो क्या रंडी ह जो में जब चहु तब छोड़ लू मेने बात नहीं की ह कल जेक उसका no. लेता ह में

विक्की-: है यर अब जल्दी कर अब उसकी रसीली छूट का स्वाद लेना hi पड़ेगा

में-: आबे तू 2 दिन पहले एक जवान घोड़ी को छोड़ कर आया ह और फिर से तेरा लुंड खड़ा होने लगा

दिनश-: है ीरर्र तुतो 2 दिन पहले ज्योति की छूट में अपना पानी दाल कर आया ह और फिर से

विक्की-: आबे तो तू क्या काम ह वो तो पूजा की तबियत ख़राब ह वार्ना तू भी उसकी छूट में अपना मुसल घुसा देता

में-: आबे लड़ो मत भोसड़ी वालो और ये बताओ गांव में चल क्या रहा ह कुछ दिन पहले गट्टू काकी को किसी ने मर दिया आज मम को किसी ने मर कर लटका दिया ये क्या हो रहा ह गांव में

विक्की-: है य्र्र ये मुझे भी समझ नहीं आ रहा की ये कर कोण रहा ह

दिनेश-: मुझे तो लगता इन सब के पीछे ठाकुर का हाथ ह सब लोग बाटे भी करते ह

में-: मुझे तो पक्का यकीन हे की दोनों मर्डर उसी हरामी ने hi किये ह

विक्की-: आबे धीरे बोल कोई सुन लेगा तो हमारी गांड मर देगा

में-; है वो तो ह चलो अब चलते ह घर

मेने टाइम देखा तो रत की 8 बज चुकी थी तभी मेरे मोबाइल पर 1 मस्सगे आया वो मस्सगे मनीषा भाभी का मस्सगे था

मनीषा-: अभी कुछ देर में मेरे तबेले वाले घर आओ जल्दी

में ये पद कर खुस हो गया मुझे पता था की अब मनीषा भाभी की दूसरी बार चुदाई करने का मौका मिल गया ह आज तो जैम कर चुदाई करूँगा उसकी

में वह से थोड़ी देर में भाभी के घर के पास बने तबेले में चला गया वह जेक में भाभी का वेट करने लगा मुझे 15 मिनिट हो गए अभी तक मनीषा भाभी आयी नहीं थी इधर मेरा लुंड मनीषा भाभी के बारे में सोच कर खड़ा हो गया था मेने भाभी को कॉल किया

मनीषा-: वही रुको आती हु में

Me-:okk जल्दी आओ .....

भाभी वह आ गयी

मनीषा-: में आवाज लागू तब अंदर आना आप और कुछ बोलना मत बस चुदाई करके निकल जाना आगे घर ह कोई सुन लेगा

में-: ोकक जान पहले चुदाई तो करने दे लुंड बगावत कर रहा ह

मनीषा-: रुको मजा देती हु आज तुम्हे में

फिर भाभी अंदर चली गयी और में बहार उनकी आवाज का इंतजार करने लगा अंदर बहुत अँधेरा था

मनीषा-: आ जाओ

में अंदर चला गया अंदर गया तो भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे बहो में भर कर किश करने लगी

में-: भाभी लव ु .

भाभी ने मेरे होठ पर अपने होठ रख कर किश करने लगी


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मेरे हाथ भाभी की कमर से होते हुवे उनकी गांड पर आ गए में उसे जोर जोर से दबाने लगा में जैसे hi भाभी की गांड दबाता भाभी और पागलो की तरह मेरे होठ चूसने लगी फिर उन्होंने मेरे होठ चोर कर निचे बेथ गयी और मेरे लुंड को बहार निकल कर हाथ में लेके हिलने लगी और देखते hi देखते मेरे लुंड को मुँह में लेके चूसने लगी मेरे हाथ भी उनके सर पर चले गए और लुंड पर आगे पीछे करने लगा

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में-: ाहाःहाहा मज़ा आ रहा ह भाभी जोर से ाहः मनीषा भाभी हाहाहाःहाहा

भाभी पुरे जोर से लुंड को चूसने में लगी रही मेरा पूरा लुंड एक्सेस से गिला करके भाभी कड़ी हो गयी हो गयी और अपनी पंतय निकल कर अपने हाथ में ली और दिवार पकड़ कर कड़ी हो गयी

भाभी-: धीरे डालना एक बार hi लिया ह इस बड़े लुंड को आराम से करना

में-: ोकक मेरी जापानीज पोर्न हेरोइन

भाभी मेरे सामने दिवार के पास कड़ी हो गयी मेरे सामने भाभी की बड़ी गांड थी जिसे में महसूस कर रहा था देख नहीं सकता था

मेने बेथ कर मनीषा भाभी की गांड के खुल्हे को पकड़ कर दूर किया और उनकी छूट पर मुँह लगा कर चाटने लगा

जैसे hi मेने छूट पर होठ रखे भाभी ने अपनी पंतय अपने मुँह में दाल दी

Me-:(dhire से मुँह हटते huve)waw भाभी जान आपको छूट को बहुत रास निकल रही ह इतनी गीली छूट लेके घूमती रहती हो आप

मनीषा-: ाहः भाभी मत बोलो मनीषा बोलो हाहाहा मज़ा आ रहा ह आए


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में-: आआह्ह्ह जान तुजे तो भाभी बना कर छोड़ने में hi मजा आता ह

मनीषा-; तो अब छोड़ो न अपनी प्यारी भाभी को

में-: भाभी लाइट्स चला दो मुझे आपको देखते हुवे छोड़ना ह

मुझे

भाभी कोई आ जायेगा देवरजी

में-: अब कोई नहीं आएगा आप चला दो

फिर भाभी ने जाकर लाइट्स चला दी में उनको देखने लगा उन्होंने आकर मुझे किश किया और वापस अपनी साड़ी को कमर तक करके दिवार के सहारे झुक गयी

भाभी-: अब डाल्दो मत तड़पाओ अब

मेने भाभी की छूट पर पीछे से लुंड लगाया और उनकी पतली कमर को पकड़ कर एक धोका मारा मेरा लुंड भाभी की छूट में कसता हुवा आधा अंदर चला गया

मनीषा-: ueeeeeeeeee maaaaaaaaaa मररररररररर gayiiiiiiiiiiiiii

भाभी के मुँह में पंतय थी फिर भी उनकी आवाज निकली मेने रुक कर उनके लटकते दूध को पकड़ कर दबाने लगा भाभी अभी भी दर्द से सिसकिया ले रही थी

में-: भाभी दाल दू अब पूरा

मनीषा-: हम्म पर आराम से दर्द होता ह बहुत

फिर मेने उनकी कमर पकड़ ली भाभी ने भी मुँह बंद करके आँखे भी बंद कर्ली उनको पता था की अब लुंड एक धक्के में बच्चे दानी के अंदर चला जायेगा और मेने एक जोरदार धक्का लगा कर उनकी छूट में अपना पूरा कहते जैसा लुंड गड दिया

मनीषा-: (पंतय मुँह से निकल kar)aahaha मा धीरे डालो न दर्द होता ह देवरजी

में-: अब क्या ह मेरी रंडी मेने पूरा दाल दिया ह

मनीषा-: अहहहहह क्याआ बोलायआ आपनेईईई मुजेरेस हाहाहाहा

में-: सॉरी जान गलती से निकल गया

मनीषा-: एक बार और बोलो

me-:meri रंडी भाभी .

मनीषा-: है में आपकी रंडी भाभी hi छोड़ो मुझे जोर से

में उनके मुँह से सुन कर पूरा लुंड जो छूट के अंदर था बहार निकल कर फिर अंदर दाल दिया

मनीषा-: ुर्ररर माआआआ ड़ड़ड़ड़ड़ड़ होता आ हहहहह मा धीरीईए करूऊ


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इधर बहार एक औरत जब यहाँ से गुजर रही थी तब उसने किसी की चीख सुनी तबेले से और उसके पाव उस तरफ चल दिए जब वो तबेले के गेट के पास आ गयी और उसने मनीषा भाभी की सिसकिया और धीरे करने का बोलै तो उसे समझते देर न लगी की अंदर कोई चुदाई कर रहा ह

orat-:kon हो सकता ह अनादर जो यहाँ अपनी हवस मिटा रहे ह मुझे क्या में तो चालू यहाँ से वार्ना में बदनाम हो जाउंगी भरी जवानी में

वो औरत जा hi रही थी की उसकी कानो में एक आवाज आई जिसे सुन कर उसके पाव वही रुक गए और उसकी दिल की धड़कन बाद गयी

में-: हाला मनीषा भाभी आपके साथ बड़ा मज़ा आ आता ह मस्त हो आप जापानीज पोर्न स्टार जैसी गांड ह आपकी आहहहहहह

मनीषा-: हाआआ तो छोड़ो जोर से अपनी जापानीज पोर्न स्टार को अहहहहह मज़ा आ रहा ह जोर सेवा शहर

बहार औरत को समझने में देर न लगी की अंदर कोण ह

orat-:(andar तो मेरी सहेली मनीषा ह पर वो लड़का कोण ह जिसे वो देवर बोल रही ह कोण हो सकता ह पता तो करना पड़ेगा )

मनीषा-: अहहह माँ मेरी टंगे दर्द करररर रहियी ह देवरजी अहहह थोड़ा आराम दो आह्हः मायआ


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में-: ले रंडी जोर से छुड़वा और छुड़वा बड़ा लुंड ले मेरा हाहाहा बड़ी मस्त ह तू भाभी हाहाहा

मनीषा-: है में थक गयी तुम्हारा होता क्यों नहीं शाहजहां मा

मेने लुंड को बहार निकल लिया मेरा पूरा लुंड भाभी की छूट रास से भीगा था

भाभी-: हां मर hi डालते हो आप इतने तगड़े धक्के मरते हो जान hi निकल जाती ह

में-: निचे बेथ कर अपनी बुर का स्वाद चक की केसा ह तेरा पानी

.भाभी को मेने निचे बिठा दिया और उनके मुँह में लुंड दाल दिया वो अपना पानी चाट कर मेरे लुंड को चूसने लगी


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मेरे लुंड को एक्सेस से चूसने के बाद मेने उनको खड़ा किया और अपनी और मुँह करके खड़ा कर दिया उनकी एक तंग को हवा में उठा कर लुंड को उनकी बुर पर लगा कर एक धक्का मारा लुंड एक बार में पूरा अंदर चला गया

मनीषा-: अहहहहहह माआआआआ बचोओओओओओ ये मुझे मर देगा हाहाहाहाहा माँ

औरत ने भी अब अपनी छूट पर हाथ रख कर अपनी छूट को सहलाने लगी और बाद बढ़ाने लगी

साली हरामजादी कितनी सरीफ बानी फिरती ह और अंदर रंडी की तरह छुड़वा रही ह

में-: है भाभी मज़ा आ रहा ह भैया ने कब छोड़ा बी आपको .

मनीषा-: कल hi किया ह पर लगता नहीं की किया ज मुझे तो अब ये तगड़ा लुंड hi लेना ह ाहः जोर से मेरा फिर से होने वाला हे अह्हाब


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में-: अहहह मेरा भी होने वाला ह अहहहहहहह मज़ा आ गया भाभी जी आपके साथ करके सी आहहहहहहह माँ ये लो मेरा लानी अपनी बच्चे दानी में हाहाहाःहाहा माआआआआ

मेने सारा पानी भाभी की बच्चे दानी में दाल दिया और भाभी को किश करने लगा भाभी भी मेरे साथ hi 4 बार झाड़ गयी

में-: मज़ा आ गया जान कल फिर आऊंगा तेरी इसी जगह लेने

भाभी-; ठीक ह कल आ जाना अब तो रोज करलो कोई दिक्कत नहीं ह अब जाओ कोई आ जायेगा

में-: लाओ पंतय दो मेने रख ली और बहार निकल गया आंध्र होने के कारन में उस औरत को नहीं देख पाया और न hi वो औरत मुझे देख पायी फिर उस औरत ने अनादर आ गयी और देखा मनीषा भाभी जमीं पर बेथ कर हम रही ह उसकी सकल पर थकन थी और उसके बल बिखरे थे वो वापस बहार आयी और अपने घर चल दी

औरत-: कोण था ये लड़का जो इस घोड़ी की अशी हालत करदी और 40 मिनिट तक छोड़ता रहा कोण होगा देखा नहीं कैसे हम्प रही ह ये मनीषी

फिर वो भी अपने घर आ गयी भाभी ने खुद को ठीक किया और अपनी छूट में दर्द के साथ थोड़ा लंगड़ाते हुवे अपने घर आके कमरे में जेक सो गयी

manisha-:(mar डाला कितना दर्द हो रहा ह छूट में करवाते टाइम तो बोल रही थी की और जोर से छोड़ो और अब दर्द सहन नहीं हो रहा मुझसे वो भी तो पागलो की तरह धक्का लगते ह जान hi निकल देते ह )

फिर मनीषा बीएड पर सो गयी उसने अपने पति को बोल दिया की उसकी तबियत ख़राब ह और वो सो रही ह

इधर सोनाली अपने रूम में बीएड पर अकेली लेती अपनी साड़ी को ऊपर करके अपनी छूट से कुछ बाटे कर रही थी और उसे सहला भी रही थी

सोनाली-: थोड़े दिन और रुक जा मेरी छूट रानी फिर तुजे भी एक दमदार लुंड मिलने वाला ह जो तेरी हालत ख़राब कर देगा बहुत पानी बहती ह न तू देख तेरे लिए मेने अपने देवर को ृजना स्टार्ट कर दिया ह

बहुत जल्द वो मेरे ऊपर होगा और उसका सैंड जितना बड़ा लुंड जो शाम को तुजे देख कर खड़ा था वो तेरे अंदर होगा बस मुझे सब काम ठीक से करना ह और सोनाली भाभी ने अपनी छूट से नदी बहा कर सो गयी

इधर ठाकुर के घर पर ठाकुर और ठकुराइन रूम में बैठे थे ....

ठाकुर-: क्या बात ह आज कल तुम भुजी भुजी लगती हो

thakurian-:(muje असली लुंड दिख गया ह वो hi मेरे दिमाग में चलता रहता ह )आशा तो नहीं ह आप आज कहा गए थे

ठाकुर-: में सहर गया था वकील के पास

ठकुराइन-: क्यों वकील से क्या काम पद गया आपको

वकील-: वो सहर में एक नई प्लाट लिया ह उसे तेरे नाम से करवाने के लिए कागज तैयार करवाने गया था ..

ठकुराइन-: इतनी जमीं लेके क्या करोगे आप .

ठाकुर-: मुझे विधायक बनना ह इस बार तो मुझे अब सहर में रहना पड़ेगा अधिकतर वह लोगो से पहचान बढ़ाना पड़ेगा

thakurain-:(ye भी अच्छा हुआ )ये तो अच्छी बात ह इससे हमारा रुतबा और बढ़ेगा और रानी और रेनू को भी सहर में रहने का मौका मिल जायेगा उन दोनों की पड़े भी वही चल रही ह

ठाकुर-: है वो दोनों वही रहेगी अब मेने माकन का काम चालू करवाने वाला हु जैसे hi कागजी कार्यवाही पूरी हो जाये

ठकुराइन-: फिर तो आज आपकी अच्छे से सेवा करनी पड़ेगी

ठाकुर-: क्यों नहीं आजा मेरी जान मेरी बहो में

थक्रीन-: अभी बहो का बोल रहे हो पर थोड़ी देर में निचे रोंडोगे मुझे

ठाकुर-: अब तू हे hi अशी की निचे hi रओं दुगा तुजे में

फिर ठाकुर और ठकुराइन की चुदाई स्टार्ट हो जाती हो जो कोई 5 मिनिट मुश्किल से चलती ह ठकुराइन मन में ठाकुर को गली देती हे और उठ कर बाथरूम में आ जाती ह जहा आके वो विभु के लुंड को सोच कर अपनी छूट की आग भुजती हे

वही पास के रूम में वैशाली रो रही थी उसकी छूट की आग उसे परेशान कर रही थी और उसका पति जिसका लुंड अब खड़ा नहीं होता ह वो उसे बिना देखे hi सो गया था वैशाली भी धीरे धीरे अपनी छूट की आग में जलती हुई सो गयी

पास के रूम में सिमरन अपने प्लान के मुताबिक अपने पति को नंगा करके उसके ऊपर चढ़ कर अपनी छूट ने पति का छोटा लुंड ले रखा था और धीरे धीरे ऊपर कूद रही थी .

सिमरन-: ाहाःहाहा भैया छोड़ो मुझे. ाहाहाःहाह में आपकी रानीई अहहहहहह

सिमरन जशवंत को उसकी बहन रानी बन कर चुदाई करवा रही थी उसे पता था की उसके पति को क्या पसंद ह जिस कारन वो उसके चंगुल में hi रहे

जशवंत-: हाहा मेरी बहन तेरा जिस्म कब डौगी है और जोर सीईए हिलोओओओओ मजाक आए रहा हह अजाजाहहहह

दोनों की रासलीला ाशे hi चलती रही और फिर जशवंत ने पानी चोर दिया और सिमरन उसके ऊपर लुढ़क गयी

ऊपर एक रूम में रेनू और रानी दोनों बेतिया आराम से सो रही थी उनकी जवानी को अभी किसी ने भड़काया नहीं थी इस लिए दोनों अपनी जवानी से बेखबर सो रही थी

इधर विभु भी अपनी प्यारी जापानीज मनीषा भाभी भी को छोड़ कर घर आया और अपने कमरे में सो गया

उसने मोबाइल देखा तो पारो और धीरज भाभी दोनों के मस्सगे थे उसने पहले धीरज भाभी को रिप्लाई किया पर उधर से कोई मस्सगे नहीं आया फिर उसने पारो के मस्सगे पड़े

पारो-: hello दोस्त कहा रह गए आज बात करने माँ वडा किया था न

में-: है दोस्त बोलो

Paro-:kese हो आप

में-: में ठीक हु आप किसी हो

पारो-: आपके बिना अधूरी हु में

में-: ओह्ह ये क्या आ जाओ आपको पूरा कर दूंगा में

पारो-: वो टाइम भी आएगा जो सबर करो अभी

में-: अच्छा एक बात बताओ

पारो-: पूछो

में-: आप सधी सुधा हो की कुंवारी झूट मत बोलना

पारो-: सुच बोलू तो सधी सुध hi हु

में-: ओह सुच की झूट

पारो-: आपकी कसम सुच

में-: मुझे तो मर hi डालोगे

पारो-: प्यार किया ह झूट नहीं बोलूंगी

में-: ओह्ह वैसे आपने वडा किया था रत को सब बताने का

पारो-: बड़ी जल्दी ह आपको सब कुछ देखने की

में-: इतनी हसीं बाला जब सब दिखने को तैयार ह तो हम तो जरूर देखेंगे

पारो-: पहले आप भेजो अपने कुछ फोटो

में-: मेरा की मेरे बाजीराव का

पारो-: बाजीराव का

me-:mere बाजीराव को देख कर क्या करोगी आप

paro-:dikha दो क्या करू या न करू मेरी मर्जी

में-: दिखा दूंगा जान पर पहले तुजे इसका नाम लेके बोलना पड़ेगा

पारो-: मतलब

में-: पारो जी आप मेरे बाजीगर को क्या कहते ह हिंदी में वो बता दो में आपको बाजीगर दिखा दूंगा

पारो-: बड़े चालू हो आप तो

me-:ab क्या करू ज़माने के हिसाब से चलना पड़ता ह

पारो-: मुझे पता नहीं ह की उसको क्या बोलते ह

में-: फिर तो भूल जाओ उसे देलकना

पारो-: आशा क्या

में-: हम्म आशा hi ह

पारो-; फिर तो बताना पड़ेगा

में-: वव तो फॉर बोलो रुको लिख कर नहीं ऑडियो भेजो

पारो-: ये क्या ह आपकी तो डिमांड बढ़ती hi जा रही ह

में-: है वो तो बढ़ेगी ह रहने दो आपको नहीं बोलना तो वैसे मुझे नींद आ रही ह .

पारो-; रुको भेजती हु

में-: गुड भेजो

फिर कुछ देर विभु ने वेट किया क्र उधर से एक ऑडियो आया

पारो-: मुझे आपका लुंड देखना ह

में-; वव क्या आवाज ह पारो जी मज़ा आ गया

पारो-: अब बाटे मत बनाओ और आगे का काम करो

में-: कोनसा काम

पारो-: लुंड दिखने का और क्या

में-; ओह्ह अब तो बिना शर्म के बोल दिया

पारो-; आप मुझे बिगड़ के रख डोज अब दिखा भी दो

में-: ok देखो


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पारो-: ये क्या ह अपना लुंड भेजने माँ बोलै ह फोटो नहीं किसी और के लुंड का

me-:miss पारो जी ये मेरे लुंड का hi फोटो ह

पारो-; झूठे किसी का लुंड इतना बड़ा और मोटा नहीं होता

में-: वो तो मुझे पता नहीं ह पर है मेरा तो आशा hi ह

paro-:muje यकीं नहीं हो रहा ह

में-: एक काम करो वीडियो कॉल करो और देख लो मेरा लुंड

पारो-: ोकक

फिर पारो ने वीडियो कॉल किया मेने मोबाइल को मेरे लुंड पर फोकस किया और पारो ने अपना चेहरा नहीं बताया के मेरे लुंड को देखने लगी

में-: आप ने आंध्र क्यों कर रखा ह .

पारो-: वो मेने कैमरा के आगे हाथ लगा दिया ह

में-: देख लिया मेरा लुंड

पारो-: कितना बड़ा ह आपका लुंड सुच में

में-; एक काम और करो मुझे अपने दूध को दिखा दो

पारो-: क्यों दिखाऊ

में-: बस पारो जी इतनी सी बात ह कोई नहीं बी

पारो-: रुको बताती हु

फिर मोबाइल को एक साइड में करके पारो ने अपने दूध को नंगा किया और अपने कमरे को दूध पर फोकस कर दिया

इधर विभु ने जैसे hi स्क्रीन पर 2 ब्यूटीफुल और गोर दूध देखे उसने स्क्रीनशॉट ले लिया और गौर से देखने लगा


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में-: में वव खुदा की क्या कारीगरी हे इनको बनाने में

पारो-: देख लिया

में-: हम्म देख लिया और दिल में बसा लिया

फिर उधर से हंसने की आवाज आयी क्र वीडियो कॉल कट गया

पारो-: दिल में बसाया की और कही

में-: फ़िलहाल तो दिल में नशा ह

पारो-: ठीक ह अब में कल बात करती हु

में-: ोकक में अब इन सुन्दर दूध के सपनो में खो जाता हु

पारो-: जैसी आपकी मर्जी बुय कल मिलती हु

में-: आपका इंतजार रहेगा बी

फिर वो ऑफलाइन हो गयी और में उन चुचो को घोर से देखने लगा कितने गोर थे और खास कर ह

चुचो के ऊपर एक कला टिल जो उनकी बुरी नजर से बचती ह में देख कर लुंड हिलने लगा और ाशे hi नंगा सो गया

वही उधर पारो भी इतनी गरम हो गयी थी की उसने नंगी हो कर विभु के लुंड का फोटो देख देख कर अपनी छूट को जोर जोर से घिस कर पानी की नदी बहा दी वो भी थक कर सो गयी

दोस्तों अब स्टार्ट होगा परिवाहिक जोरदार चुदाई एक के बाद एक का no. आएगा और बहार की ओराते तो चलती hi रहेगी रही ठाकुर की और काकाओ की फेमेली उनको भी अब एक एक करके no. लूंगा

बस आपके रिव्यु थोड़े काम हो गए ह आप मेरा साथ देते जाओ इसको में स्फोरम की टॉप स्टोरी में ले आऊंगा ये वडा ह मेरा आप सब मुझे टाइम टाइम अस रिव्यु देते रहे धन्यवाद् आपका सुपरस्टार्स 🙏✔️
 
अपडेट-:81

पारो को अपना लुंड दिखा कर और उसके मस्त चूचक देख कर मेरा दिल गड गड हो गया फिर में नींद के आग़ोश में चला गया

में तो सोया hi सुबह और इधर कजरी सुबह उठ कर अच्छे से तैयार हो कर ठाकुर के धार की तरफ चल दी उसकी चल आज बदली बदली जैसी लग रही थी चेहरे पर हल्का सा ग्लो आ गया था

वो धीरे धीरे चलते हुवे ठाकुर की हवेली पर आ गयी उसने आके आज काम किया और चल दी ठकुराइन के कमरे के पास जेक दरवाजा बजाय

ठकुराइन-: कोण हे

कजरी-: मालकिन में कजरी

ठकुराइन-: तू आ गयी रुक

फिर ठकुराइन ने गेट खोला सामने कजरी को देखा जो हंसती हुई उसके सामने कड़ी थी

ठकुराइन-: अंदर आजा

कजरी अंदर गयी और गेट लगा दिया

कजरी-: अभी तक सोई हो आज क्या बात ह मालकिन

ठकुराइन-: वो आज रत को लेट सोई न वैसे तुजे बोलै था न जब तक काम न हो तब तक यहाँ मत आना

कजरी-: है और काम हो गया अभी तो में आ गयी

ठकुराइन-: क्याआ काम हो गया इतना जल्दी

कजरी-: है देखो मेरे होठ पुरे खा गया नीसाण अभी तक ह

ठकुरिन ने देखा तो कजरी के होठ थड़ा कटा हुआ ह उसकी गर्दन पर भी हलके से दांतो के निशान ह

ठाकुरान-: ये कैसे हुआ

कजरी-: उस जंगली ने किया ह ये सब

ठकुराइन-: उसने तुजे मारा क्या ...

कजरी-: है बहुत पटक पटक के मारा मुझे

ठकुराइन-: उस कमीने की इतनी हिम्मत

कजरी-: नहीं उसने मुझे छोड़ा ह पटक पटक कर पुरे 1 घंटे तक

ठकुराइन-: क्याआआआआ 1 घंटे तक

कजरी-; है 2 घंटे तक मेने तो सोचा में मर गयी पर मज़ा बहुत आया

ठकुराइन-: में मन hi नहीं सकती की 1 घंटे तक कोई कर सकता ह

कजरी-; आप खुद देख लो मेरी हालत

ठकुराइन-: तेरी छूट बता

कजरी ने अपने कपडे उतर दिए और मदर जाट नंगी हो गयी अपनी मालकिन के सामने

ठकुराइन ने कजरी को घोर से देखा उसके गोर जिस्म पर जगह जगह चोट के निशान उसके दूध अभी तक लाल थे और सूजन थी कजरी की गांड विभु के मरने से लाल थी और थोड़ी सूजी हुई भी

ठकुराइन ने कजरी को बीएड पर लिटा दिया और उसकी टैंगो को छोरा करके देखा तो उसके होश यद् गए 4 दिन पहले जिस छूट को उसने अपने मुँह से छठा था ये वो छूट तो नहीं लगती ह ये तो अब भोसड़ा बन गयी ह जिसके दोनों होठ अब खुल चुके थे ठकुराइन ने डरते हुवे कजरी के छूट पर ऊँगली राखी

कजरी-; आअह्ह्ह्ह माहाआलललकिण्णं दर्द से करररररर रहहहहह हीईई हठहठ मत लगाओ

ठकुराइन ने ऊँगली हटा कर उसकी छूट को देखती रही घोर से और फिर कजरी के पास सो गयी

ठकुराइन-: सुच में उसने तुजे छोड़ा ह

कजरी-: मेरी छूट देख कर नहीं लगता क्या

ठकुराइन-: कितना बड़ा ह उसका लुंड

कजरी-: पर 10 इंच का ह और मेरी कलाई जितना मोटा पहली डाला था तो आशा लगा की मर गयी में

ठकुराइन-: तूने पूरा अंदर ले लिया

कजरी-: हां पूरा मेरी बच्चे दानी में घुस गया था पहले तो दर्द हुआ दर गयी फिर इतना मजा आया की कह नहीं सकती अब तो रोज लुंगी उसका लुंड

ठकुराइन ने अपनी छूट को सहलाना स्टार्ट कर दिया .

ठकुराइन-: पर तुजे ये चोट कैसे और तेरी गांड पर भी किसी ने मारा आशा लगता ह और तेरे दूध भी सूजे हुवे ह

कजरी-: है मालकिन मुझे उन्होंने ने hi चुदाई करते टाइम मारा मेरी गांड को पहले तो दर्द हुआ पर फिर वो मुझे मरे तो और मजा आया मुझे पहली बार ाशे जंगली टाइप करवा कर मजा आ गया और ये दूध उसने hi लाल किये बहुत चूसे ह उसने और दबाये ह जोर जोर से बहुत मजा आया सब आपकी वजह से मालकिन

ठकुराइन-: अब तुतो रोज उससे चुदाई करवाएगी

कजरी-: नहीं रोज नहीं जब टाइम मिलेगा तब उसका लुंड लुंगी अंदर एक बार में मेरी छूट ने 4 बार पानी छोरा था

.ठकुराइन अब पूरी छुडासी हो गयी उसकी पंतय भी गीली हो गयी थी उसने अपने हाथ से अपनी छूट में ऊँगली करने लगी

ठकुराइन-: अब तुम जाओ जब में भूलौ तब आ जाना

कजरी ने अपने कपडे पहने और चली गयी और इधर ठकुराइन ने अपनी चित में ऊँगली करके विभु को यद् करके बहुत पानी निकला फिर बीएड से उठ कर नंगी hi आईने के सामने जेक खुद से बात करने लगी

ठकुराइन-: अब मिला ह मुझे मेरा राजकुमार जो मुझे बहुत प्यार करेगा और मुझे जैम कर छोड़ेगा मेरे सरीर की साडी गर्मी निकल देगा पर अब में उसे कैसे पतौ कजरी से hi बात करनी होगी

इधर कजरी ठकुराइन के रूम से निकल कर रसोई में आ गयी

कजरी-: (आहे हो गया अपना काम विभु जी अब ये इस आग में जलेगी और खुद hi बोलेगी की मुझे विभु से छोड़ना ह इसे तड़पने का मज़ा आएगा अब जेक सिमरन की क्या पिक्चर हे ये देख कर आती हु)

कजरी को पता ह की इस वकत सिमरन अपने रूम में अकेली होगी वो कई बार सिमरन के रूम में गयी ह पर आज उसे एक खास मकसद से जाना था उसने एक कॉफ़ी बनायीं और चल दी सिमरन के रूम में

कजरी ने जेक दरवाजा बजाय तो सिमरन ने गेट खोला और सिमरन को देख कर कजरी ने आहे भरी


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कजरी-: क्या बात ह काकी आज तो सुबह सुबह आ गयी

कजरी-: हम्म छोटी मालिकन आना पड़ा

सिमरन-: अच्छा हुआ वैसे मुझे कॉफ़ी पिने की इच्छा हो रही थी और आप गयी आओ अंदर

कजरी अंडे गयी तो रूम से एक अलग hi महक आ रही थी जैसे किसी ने स्प्रे किया हो परफ्यूम का

कजरी-: छोटी मालकिन आपके रूम में कितनी अच्छी खुशबु आ रही ह न

सिमरन-: है वो में रोज स्प्रे करती हु न

कजरी-: ये भी अच्छा 1 आप का hi रूम ह जो इतना अच्छा रहता ह बाकि सबके रूम तो मुझे hi साफ करना पड़ता ह

सिमरन-: मुझे रूम को साफ रखना अच्छा लगता ह

कजरी-: जी मेमसाब आप कॉफ़ी पियो इतने में आपके कपडे वाशिंग मशीन में डालती हु

सिमरन-: है ठीक ह काकी

फिर कजरी सिमरन के रूम में बने बाथरूम में चली गयी वह भी एक अलग hi खुसबू उसकी नक् में जा रही थी उसने सिमरन के धोने वाले कपडे उठाये और कपडे डालने लगी तभी उसके हाथ में सिमरन की छोटी सी पंतय हाथ में आ गयी

कजरी-: ये इतनी छोटी क्यों इसमें तो कुछ नहीं ढकता होगा फिर पहनती क्यों ह ये सिमरम मुझे क्या बड़े लोग और छोटे से कपडे फिर उसे कुछ यद् आया और उसने वो पंतय पहन ली वैसे भी उसने चुदाई के बाद पंतय नहीं पहनी थी तो उसने ये सिमरन की ुसेड पंतय पहन कर उसके कपडे वाशिंग मशीन में दाल कर बहार आ गयी

कजरी-: वो कपडे आप देख लेना में आती हु

उसने उस पंतय को पहन कर वापस ठाकुर के रूम में गयी और बाथरूम में घुस कर उस पंतय को ठाकुर की पेण्ट के जेब में रख दिया और बहार आ गयी अभी ठकुराइन रूम में थी नहीं जो उसने ये काम आसानी से कर दिया और जेक रसोई में काम करने लगी

फिर आधे घंटे बाद सिमरन के रूम में गयी और उसके सरे कपडे खुखने को डालने बहार आ गयी और वापस अंदर आ गयी

कजरी-: मालकिन आप ये किसी पेंटी पहनती हो इसमें तो कुछ नहीं ढकता होगा

सिमरन-: काकी ये आज कल की फैशन ह

कजरी-: तुम नई ज़माने के पता नहीं क्या क्या करते रहते हो

सिमरन-: काकी आपको लेना हो तो आप को भी दे दूंगी हे मेरे पास वैसे आप भी कमल की बाला हो

कजरी-: रहने दो मालकिन में कहा में तो बुध्दि हु अब

सिमरन-: नहीं काकी आप अभी भी जवान हो अगर कोई आप पर चढ़ जाये तो आप 1-2 और बच्चे निकल दो

और सिमरन शर्मा गयी ये बोलकर और हंसने लगी

कजरी-; छोटी मालकिन आप भी न किसी बाटे करती हो

फिर कजरी वह से निकल कर रसोई में आ गयी

कजरी-: (ये तो बड़ी चालू लगती ह थोड़ी दिन में सरे राज जान लुंगी इससे )

इधर मेरी सुबह की 10 बजे खुली वो भी एक सुरीली आवाज से मतलब में सोया था की मेरे मोबाइल पर कॉल आया मेने जब कॉल देखा तो हुस्न की पारी धीरज भाभी का फोन था

में-: hello

धीरज-: गम दोस्त

में-: गम आज सुबह सुबह

धीरज-: अभी कहा सुबह 10 बज चुकी ह

में-: क्या आआ 10

मेने मोबाइल देखा और उठ गया

में-: दोस्त बाद में बात करता हु

धीरज-; ोकक उधर से लगा देना

में-; ठीक ह

फिर मेमे कॉल कट किया और नाहा धो कर तैयार होक निचे आया मेने चाय बांयी और पि कर खाना खाने मनीषा भाभी के घर गया

वह जेक देखा तो बड़ी मम्मी और भाभी हल में बैठे

बड़ी मम्मी-: आओ बीटा आज लेट हो गए

में-: वो नींद hi आज लेट खुली

मनीषा-; (हंसती hui)rat को थकन वाला काम किया होगा

में-: है रत को एक बिल्ली आ गयी थी मुझे परेशान करने उसकी मर रहा था

मनीषा-: बिल्ली तो नहीं थकी फिर तुम कैसे थक गए

में-: बिल्ली ाची मोती थी न भाभी

बड़ी मम्मी-: क्या चूहा बिल्ली का खेल खेल रहे हो तुम दोनों मनीषा इसे खाना खिला में तो चली रूम में

मनीषा-: जी मम्मी

फिर बड़ी मम्मी चली गयी और भाभी ने मेरी और जीभ निकल कर मुझे चिड़ा कर रसोई में चली गयी

में उनके पीछे रसोई में गया और जेक उनकी कमर को जोर से पकड़ लिया

मनीषा-: ये क्या कर रहे हो कोई देख लेगा

में-: देखने दो बोल दूंगा की अपनी भाभी को प्यार कर रहा हु

मनीषा-: और केसा वाला प्यार

में-: जिसकी इनको जरुरत ह वो प्यार .

मनीषा-: मुझे तो किसी प्यार की जरुरत नहीं ह रत को ले लिया ह मेने तो

में-: है बचाओ हचक के लिया ह

मनीषा-: मेरे पैर दर्द होने लगे थे खड़े खड़े

में-: मज़ा भी तो बहुत आया मेरी भाभी जान को

अब मेने मेरे दोनों हाथो से उनकी बड़ी गांड को दबाने लगा

भाभी-: आआह्ह्हा क्या करते हो .में-: भाभी कभी यहाँ रसोई में करेंगे बड़ा मज़ा आएगा

मनीषा-: जब घर में कोई नहीं होगा तब

में-: नहीं जब घर में सब होंगे तभी तो छुपकर यहाँ करने का मजा आएगा

भाभी-; हे हे हे और किसी ने देख लिया तो सजा hi सजा

में-: वो बादमे देखा जायेगा

मनीषा-: है देखेंगे और है रत को आ जाना उसी टाइम और है लाइट्स मत चलना और न hi बाटे करना

में-: अश्व मजा नहीं आता

मनीषा-: मेरी इतनी सी बात नहीं मानते आप

में-: ओहो जान तो ेमोटीनल कर रही ह ठीक ह जैसी तेरी .मर्जी पर मेरी भी एक शर्त ह

मनीषा-: क्याआ

में-; में करूँगा मेरे हिसाब से

मनीषा-: मतलब

में-; रत को देख लेना

मनीषा-: ठीक ह जो करना ह कर लेना पर गांड नहीं मरना वो फिर कभी

में-; है ये तो पता ह जान

मनीषा-: अब चलो हल में खता लगा देती हु

में-: पहले मुझे मुँह तो मीठा करने दे मेरी रानी

और मेने भाभी को पलटा लिया अपनी और उसके हसीं चेहरे को देखने लगा

भाभी-: क्या देख रहे हो

में-; हसीं चेहरे पर ये गुलाबी होठ की पंखुरी कितनी खिल रही ह न

भाभी-; चुम लो न जी भर के

मेने भाभी के दूध को जोर से बहार निकल लिया और उनके दूध को दबा दबा कर मेने अपने होठ आगे बड़ा दिया


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मेने भाभी की कमर को पकड़ा एक हाथ से और दूसरे हाथ से और दूसरे हाथ से उनके दूध को पकड़ कर उनके होठ चूसने लगा उन्होंने भी मेरा साथ दिया फिर उन्होंने मुझे अलग किया और अपने दूध को अंदर दाल कर

मनीषा-: ये भी निकल लिया

में-: दूध पीना था मुझे

मनीषा-: दूध पीना ह रत को पीना दूध पीला दूंगी असली वाला

में-: फिर तो रत को इन दूध को मसल के रख दूंगा

भाभी-: दूध लास्ट में पीना जब सब हो जाये

में-; पर क्यों

भाभी-: बस मेरी मर्जी

में-: आज कल आपको मर्जी ज्यादा चल रही ह ये लास्ट ह इसके बाद मेरी hi मर्जी चलेगी

भाभी हंसने लगी ठीक ह मेरे प्यारे देवर जी

फिर में बहार आ गया और भाभी ने खाना लगा दिया और ने खाने लगा कुछ देर में खाना खा कर में वह से निकल गया और फिर घर आ गया

घर आके मेने अपना सामान पैक किया कल मुझे मां के वह जो जाना था

मेमे पैकिंग की और टाइम देखा तो सब में 3 बज चुकी थी

आज पालक भाभी भी आने वाली थी नहीं तो में कजरी के पास जाता हु आज गयी थी क्या हवेली क्या हुआ फिर

में घर से निकला और घर पर टाला लगाया था की पूजा उसके घर से बहार आयी

.पूजा-: विभु आज रत को में आउंगी घर में 11 बजे

में-; ोकक आपका इंतजार रहेगा जानेमन

फिर में वह से निकल कर गया और कजरी के घर पर गया तो कजरी के घर तो टाला लगा हुआ था में वह से निकला और खेत की तरफ गया और कुछ देर सो गया आज मुझे पता था की पूजा भी कुछ सोच कर आएगी हो सकता ह उसकी भी चुदाई करनी पड़े और भाभी की तो करनी hi ह इसलिए में सो गया

मेरी नींद 5 बजे खुली में उठ कर बहार आया और मुँह धो कर घर आया चाय पिने की इच्छा हुई तो मुझे यद् आया की घर पर तो दूध ह नहीं तो में पास में तै के घर गया दूध लेने अंदर आया तो रसोई में किसी की आवाज आयी में उधर गया

में-: भाभी

अंदर से डॉली आयी और बोली

भाभी नहीं ह में हु बोलो भैया क्या काम ह

में-: सब कहा ह

डॉली-: सब तो पास वाले घर ह न उसे भेसो का तबेला बना रहे ह तो वह काम से गए ह

में-: ोकक मुझे चाय बना कर पीना सर दर्द हो रहा ह

डॉली आप बैठो में लती हु

में हल में आके बेथ गया मुझे टॉयलेट आया तो में उठ कर बाथरूम में गया वह जेक में टॉयलेट करने लगा तो मुझे वह 3 अलग अलग पंतय दिखी मेने टॉयलेट किया और तीनो पंतय को घोर से देखने लगा और तीनो को हाथ में उठा लिया फर्स्ट पंतय को रेड कलर की उस पर साइज 34 लिख रखा था मेने मुँह के पास लेक उसे सुंघा जैसे hi मेरे लुंड ने एक झटके में कड़क होक झटका खा लिया

में-; वव कामुक गंध ह इसकी तो पर ये हे किसकी

फिर मेने दूसरी पंतय देखि जिस पर 30 साइज लिखा था मेने उसे नक् के पास ले जेक सुंघा तो मेरा दिमाग ख़राब हो गया मेरा लुंड फिर से जोर से झटके खाने लगा

में-; ये क्या ये तो वही महक ह जो मेमे एक दिन अपने घर में एक पंतय से ली थी और ये गंध यहाँ भी ये पंतय तो मुझे डॉली की लगती ह तो क्या वो पंतय भी नहीं पर वो तो 32 की पंतय थी और उस टाइम तो ये लोग यहाँ आये थे भी नहीं मेने उस पंतय को जेब में डाला और तीसरी को देखा जो 32 की थी मेने उनको सुंघा पर उसकी तो वही खुसबू थी नार्मल वाली मेने उन दोनों को वही रखा और बहार आ गया

में-: 30 की साइज तो डॉली की लगती ह और 32 की साइज सैयद चेतना भाभी की होगी क्योकि सोनाली भाभी को गांड तो उनसे बड़ी दिखती ह

में अपनी सोचो में घूम था की डॉली आ गयी चाय लेके मेने चाय पि और उसे दयँ से देखा

में-: (दिखने में तो सुमन जैसी दिखती ह पूरी मेरी डॉली पर सुमन नहीं ह वो पंतय सायद सुमन की थी क्र ये डॉली की पर दोनों की छूट की गंध एक जैसी कैसे पता नहीं होता होगा मुझे क्या )

फिर मेने चाय पि और घर आ गया घर आके मेने सबसे पहले गेट लगाया और उस पंतय को सूंघने लगा फिर उसे अपने रूम में अच्छी जगह रख कर निचे आ गया

निचे आ कर में घर पर टाला लगा कर वह से निकला और गांव में जाने लगा में गांव में गया टाइम देखा तो 6.30 बज चुकी थी मतलब अँधेरा होने लगा था में गांव में जा रहा था की मुझे एक सुनसान गली से किसी के फुसफुसाने की आवाज आयी में उधर गया तो देखा वह 1 लड़का और 1 लड़की दोनों बाटे कर रहे थे

लड़की-; आज नहीं राकेश में कल आउंगी यही थोड़ा लेट तब कर लेना आज मुझे जल्दी ह

वो लड़का जिसका नाम राकेश था मेरे गांव का hi लड़का था जो लड़कियों को फसा कर उनकी चुदाई करता था उसने कही बार लोगो के हाथ की मर भी खायी थी

राकेश-: मुझे अभी करना ह तेरे

लड़की-: अभी कैसे ठीक ह थोड़ी देर बाद मुझे गांव के बहार जो मंदिर ह उसके पीछे मिलो में आती हु

राकेश-; ठीक ह धापू रानी आधे घंटे में आ जाना

फिर वो लड़का चला गया और मेने उस लड़की को देखा तो ये तो धापू थी जो मुज पर मरती थी पर ये इस लड़के के साथ भी ये तो बड़ी चालू लड़की ह वो जाने लगी की मेने पीछे से जेक उसका हाथ पकड़ लिया उसने दर के पीछे देखा

में-; ओह्ह्ह तो ये काम चल रहा ह यहाँ

धापू-; विभु तुम

में-: है में साली तू किसी लड़की ह पूजा को बोल कर मुझसे प्यार करना चाहती ह और यहाँ इस लड़के के साथ भी ....

धापू-: प्ल्ज़ आशा मत बोलो मेने सदा आपसे hi प्यार किया ह ये तो मुझे ब्लैकमेल कर रहा ह

में-: ब्लैकमेल पर कैसे

धापू-: वो उस दिन आपने मुझे घर आने का बोलै था उस दिन में एक चिट्टी आपको देना चाहती थी तो में लिख कर आयी थी जो आपको देना था पर वो मुझसे रस्ते में गिर गयी जब मेने वह आके देखा तो वो चिट्टी कही गिर गयी थी तो में वापस उसे देखने रस्ते में गयी पर वो मुझे नहीं मिली और ये लड़का मेरे सामने आ गया इसने मुझे उस चिट्टी को लेके डराया ये मेरे भाई का दोस्त ह जो में दर गयी थी इस लिए इसके साथ में अशी लड़की नहीं हु

में-: सॉरी धापू लव ु मुझसे गलती हो गयी मुझे माफ़ कार्डो मेने तुजे गलत समझा

धापू-: कोई नहीं मुझे आपके मुँह से लव ु सुन्ना था वो आज मेने सुन लिया

में-: ोकक तो आज तुम उससे वो सब करवाने जा रही हो .

धापू-; आप भी न अब न जाऊ कोई दर नहीं ह मुझे उस कमीने का अब मर भी डेल मुझे घर वाले तो कोई नहीं मुझे प्यार जो मिल गया

me-;tu अभी 10 में ह और ये सब

धापू-; उम्र काम ह तो क्या हुआ में देखो कितनी बड़ी हो गयी

में-; वो सब दबमे पहले तुम वह जाओ में भी आऊंगा थोड़ी देर में उसको सबक सीखने

धापू-; सुच

में-; मच मेने उसे समझाया की क्या करना ह

फिर वो मेरे गले लग गयी में उससे दूर किया और फिर उसे जाने माँ बोल कर आधे घंटे में आने का बोल कर भाभी के घर आ गया खाना खाने

घर पर सब थे मेने चुप चाप सबसे गप्पे लड़ते हुवे खाना खाया फिर जब भाभी अकेली रह गयी

.मनीषा-: कल वाले टाइम में आ जाना वह और सब यद् रखना में जो बोलै ह

में-: मेरी मेरी जापानीज पोर्न स्टार

फिर में वह से निकल कर उस गांव से बहार वाले मंदिर की तरफ चल दिया कुछ देर में वह जेक चुप गया पीछे की लाइट्स जल रही थी वह कोई इस टाइम पर आता नहीं था इस लिए में वह जेक चुप गया फिर वह राकेश और 2 लड़के और आ गए

में-: बस 3 लड़के अच्छा हुआ मेने धापू से बात कर्ली वार्ना ये तो आज उसका गैंगरेप कर डालते

फिर कुछ देर में चालू भी आ गयी वो वह 3 जानो को देख कर दर गयी वो जाने लगी तभी राकेश ने उसे पकड़ लिया .

.राकेश-: कहा जा रही हो जानेमन अभी तो काम भी नहीं हुआ

.धापू-: ये क्या ह तू अकेला आने वाला था फिर इन कमीनो को यहाँ क्यों लाया

राकेश-: चुप रंडी मेरे दोस्त को कुछ न बोलेगी

dhapu-;(ab विभु अकेला इन तीनो से कैसे लड़ेगा हे ईश्वर बचा लेना हम दोनों को )पर में तीन ने नहीं करवा पाऊँगी

राकेश-: रंडी तेरा सरीर देख इतनी छोटी उम्र में कैसे फूल गया ह 10 एक साथ छोड़ ले तुजे 3 क्या

धापू चुचाप कड़ी हो गयी वो रोने लगी तभी एक लड़का आया उसे मेने देखा तो मेरा खून खोल गया ये तो वही कमीना ह जो सिया दी को भी ब्लैकमेल कर रहा था और ममता के साथ भी गलत मरना छह रहा था

तभी तीसरा लड़का बहार आया और उसे देख कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए वो और कोई नहीं मेरे करू काका का लड़का वैभव था तीनो जोर जोर से हंसने लगे और धापू रोये जा रही थी

धापू-: (विभु अभी तक नहीं आया सायद नहीं आएंगे और आये भी होंगे तो तीन जानो को देख कर दर गए होंगे अब तो तीनो मिल कर मेरी क्या हालत करेंगे कोई बचालो मुझे ये जिस्म विभु का ह में किसी और को नहीं दूंगी इससे अच्छा तो में मर जाऊ है ये सही रहेगा )

तीनो में धापू को पकड़ लिया जोर से और हंसने लगे तभी में मंदिर में गया लाइट्स बंद की और बहार आया अपना मुँह बांध कर उनके सामने आ गया अँधेरे में कोई किसी को नहीं देख प् रहा था मेने जेक सबसे पहले वैभव को जोर से मारा वो जेक गिर गया मेने उसके कण के लॉस मारा जिससे उससे काम सुनाई देने लगा और जेक गिर गया फिर मेने राकेश को पकड़ कर कुछ दूर ले के गया उसके काम में बोलै एक कण पर रख कर

में-; भोसड़ी के अब इसे हम दोनों छोड़ेंगे तू जा यहाँ से

बाद मेने उस लड़के को तबियत से मारा वो लड़का अधमरा हो के गिर गया फिर मेने कुछ आशा किया की तीनो hi आपस में लड़ने लगे

में-: आवाज बदल कर तुम दोनों जाओ ये मॉल मेरा मेने इसे पटाया ह में hi इसे छोडूंगा

में-:-: आशा नहीं हो सकता हम भी इसे छोड़ेंगे लवडे धोका मत कर तू

में-: तुम दोनों जाओ वार्ना और मरूंगा अभी काम मारा ह मेने तुम दोनों को

इतना बोलकर में धापू का हाथ पकड़ कर उसे वह से मंदिर में ले आया और लिखते चला दी फिर हम उस छेद से देखने लगे
 
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