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- Dec 5, 2013
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अपडेट 73
मेने चची और निशा की अच्छे से छूट बजने के बाद में सुबह उठ कर निशा दी के कमरे में गया तो निशा दी ने अपने कपडे पहन लिए थे और वो आराम से सो रही थी मेने उनके होठो को किश करके निचे आ गया जहा चची रसोई में चाय बना रही थी फिर मेने उनको पीछे से जेक उनकी गांड के दोनों मटको को एक साथ थप्पड़ मरी
चची-: ाःहाहा क्याआ करते हो
में-: .मेरी नीता ह मेरी पत्नी ह कुछ भी करू तूने क्या .
चची-: लगती ह मेरे
मेने एक बार फिर मारा उनके दोनों मटको को
में-: लगती ह तो में क्या कृ
चची-: आपका मन पड़े वो करो जी
फिर में रसोई से हँसता हुवा निकल गया और हल में सोफे पर आके बेथ गया कुछ टाइम में चची चाय लेके आयी और हम दोनों में चाय पि फिर मेने चची को किश किया और वह से निकल गया घर की तरफ स्कूल जो जाना था
मेरे जाते hi चची चाय लेके निशा के लॉस गयी और उसे उठा कर पैन किल्लर की गोली दी क्र चाय पीला कर समझा दिया की नव्या को क्या बोलना हे फिर निशा सो गयी और चची निचे आ गयी इधर में घर आया और तैयार हो के स्कूल जाने hi वाला था की सोनाली भाभी मेरे लिए चाय लेके मेरे घर में आने लगी में सुबह सुबह उनको देख कर खुस हो गया
सोनाली-: देवरजी चाय
में-: जी भाभी जी
हम दोनों हंसने लगे फिर मेने चाय पि और सोनाली भाभी को देखते हुवे चाय पि वो भी कभी कभी मेरी तरफ देखती और फिर इधर उधर देखने लगी
सोनाली-: रत कैसे गुजरी देवर जी
में-: वही रोज जेस सोन क्र क्या
सोनाली-: में सांझी आज कुछ स्पेशल hi निकली हो तो घर में अकेले थे न
ये बोल कर वो हँसते हुवे चाय का कप उठा कर जाने लगी और दरवाजे के पास जेक रुक गयी और पलट कर देखते हुवे बोली
सोनाली-: आज की रत तो बेचारी की हालत hi ख़राब कर दी होगी आपने
और हँसते हुवे बहार चली गयी में सोचने लगा की ये किसके बारे में बोल के गयी हे कही इन्होने रत की निशा और मेरे या चची की बात का पता तो नहीं चल गया पर वो बात तो हम तीनो के अलावा किसी और को पता नहीं ह फिर ये क्या बोल के गयी हे है यद् आया रत को पूजा मेरा घर में आयी थी वो भी छत से कही इन्होने देख लिया होगा तभी उसके बारे में बोल रही ह वार्ना चची के घर पर क्या हुआ ये तो इन्हे पता नहीं ह पूजा और मेरे बारे में जरूर पता चल गया होगा फिर मेने ज्यादा सोचा नहीं और घर पर टाला लगा कर स्कूल गया
में स्च्होल गया तो आज सब आये थे स्कूल केवल सुमन और ममता के अलावा मेने पूजा को इशारा किया दिनेश की और वो समझ गयी फिर पूजा ने दिनेश को स्माइल दी जिसे देख कर दिनेश की खुसी का ठिकाना नहीं रहा और ाशे hi उन दोनों की प्रेम कहानी फिर सुरु करवा दी मेने पर मुझे एक बात समझ नहीं आ रही थी की माला जो अजय की गफ हे उसे मुझसे क्या ह बार बार मेरी तरफ देखती ह और स्माइल करती ह मेने उसे देखने दिया और देखते hi देखते लंच हो गया में अपने दोस्तों विकी अजय और दिनेश के पास बैठा की दिनेश खुस था आज पूजा उससे बात कर रही थी पर ज्योति विक्की को नहीं देख रही थी मुझे आज उससे बात करके समझाना था और अजय तो .माला के साथ खुस था माला उसे देख कर बाटे भी करती थी पर माला मुझे भी देख कर स्माइल करती थी सब से बच कर तभी मेरी निगाह एक लड़की पर गयी जो सीधा पूजा के पास जेक रुकी मेरी निगाह जिसे दूध रही थी वो आ गयी थी
पूजा-: ही धापू किसी ह तू
धापू-: दी में ठीक हु मुझे आपसे अर्जेन्ट बात करना हे प्ल्ज़ दी 2 मिनिट
पूजा-: हम्म
फिर पूजा और शालू कुछ दूर जेक बात करने लगी लगी पहले तो पूजा ने न में सर हिलाया पर फिर धापू रोने लगी तो पूजा ने उसे समझाया और कुछ बोल कर मेरी तरफ देखा फिर दोनों वह से आ गयी फिर धापू अपने क्लास की लड़कियों के लॉस जाने लगी तो मेने उसे आवाज दी जिसे सुन कर उसके चेहरे पर स्माइल आ गयी और वो रुक गयी
में-: धापू वो सपना की कोनसी बुक हे क्या तेरे पास वो देदे उसने बोलै था मुझे लेने का
धापू -: वो भैया.. सॉरी मेरे पास नहीं ह अभी में दिन में आपके घर आके दे दूंगी
में-: ठीक ह यद् से दे जाना वार्ना सपना नाराज हो जाएगी
धापू-: ठीक ह में 2 बजे तक आती हु
में-: ोककक
फिर धापू अपनी क्लास में चली गयी और में अपने दोस्तों पास में जैसे hi उन कमीनो के लॉस गया सब मुझे हैरानी से देखने लगे
में-: आबे लावड़ो आशा कुछ नहीं ह वो तो सपना की बुक थी जो मुझे लेनी थी इस लिए पूछा ह
विक्की-: है नहीं तो हम तो समझे की गांव के साडी खूबसूरत लड़किया तू hi पता लेगा क्या
में-: अब वो मेरे पीछे अपनी छूट लेके आएगी की मर ले तो में पागल हु क्या जो उसकी पायरी छूट चोर दूंगा
मेरी बात सुनकर सब हंस दिए क्र क्लास लग गयी तभी मुझे बुलबुल दुःख गयी और मुझे यद् आया की मेने आज इसे खेत वाले घर भुलाया ह पर आज तो में इसे मिल नहीं पाउँगा और देविका भी चली गयी अब तो में रुक गया और बुलबुल को स्कूल के पीछे आने का इशारा किया बुलबुल चली गयी में उसके पीछे गया और उसे बोल दिया की आज मत आनन उसने है बोलै और फिर में वह से निकल कर क्लास में गया देखते hi देखते चला ख़तम हो गयी और में घर आ गया आज मनीषा भाभी के वह खाना खाना था में वह जाने लगा तभी मुझे सोनाली भाभी उनके घर के बहार दिखी उन्होंने मुझे देख कर स्माइल की
सोनाली-: मनीषा भाभी के वह जा रहे हो क्या
में-: हम्म्म भाभी
भाभी-: ठीक ह कल यही खाना हे आपको देवरजी
में-: ठीक ह भाभी जी
फिर ह दोनों हंस दिए और में भाभी के घर खाने चला गया में जैसे hi धीरज भाभी की दुकान के पास पंहुचा मुझे आज धीरज भाभी को दुकान बंद दिखी में टेंशन में आ गया और मुझे रत वाली बात यद् गयी की भाभी रत को रो क्यों रही थी मेने भाभी को कॉल किया तो मोबाइल स्विच ऑफ आया में वह से मनीषा भाभी के घर आ गया घर आया तो पता चला की घर पर केवल भैया क्र भाभी hi हे मेने पूछा तो बताया की निशा रत को गिर गयी थी तो उसे पेरो में चोट आयी ह सब मिलने गए हे मेने मौका देख कर भैया के सामने भाभी की गांड पर एक चपत लगायी
भाभी-: अहहहहह विभु धीरे न
में-: क्यों तू मेरी परसनल रैंड हे क्यों भइया हे की नहीं
भैया--: हे ये तेरी परसनल रैंड हे जैसा करना ह वैसे करो में तो जा रहा हु घूमने
फिर भय उठ कर चले गए और मेने जेक दरवाजा लगा लिया और भाभी को किश करने लगा किश बहुत डीप करने लगा में
कुछ देर किश करने के बाद भाभी अलग हुई
मनीषा-: आप कुछ देर रुको पहले खाना खा लो
में-: आप खिलाओ आपने हाथ से
फिर भाभी ने खाना लगा लिया और मुझे बड़े प्यार से अपने हाथो से खाना खिलाया मेने मनीषा भाभी को किश करते हुवे खाना खाया हम खमा खा रहे थे की सब आ गए फिर सबने मुझसे बात की और मेने प्रिय दी की गांड से बचकर रहा और फिर वह से जल्दी से निकल कर घर आ गया आते टाइम भी मुझे धीरज भाभी की दुकान बंद दिखी में घर आया तब तक 2 बज चुकी थी मतलब धापू आने वाली थी
मेने सोच लिया था की उससे बात करना पड़ेगा वो मेरे बहुत काम आएगी में उसका वेट करने लगा पर 2.10 हो गए वो आयी नहीं फिर मेने उसका वेट नहीं किया और फिर मेने एक बार फिर धीरज भाभी को कॉल किया इस बार कॉल लग गया पर भाभी ने कॉल कट किया में फिर लगाने वाला था की भाभी का मस्सगे आ गया
मस्सगे-: में कुछ देर बाद लगा रही हु
में ाशे hi बैठे बैठे नॉट होने लगा तभी मेरे मोबाइल पर कॉल आया
में-: hello भाभी
धीरज-: hello
में-: किसी हो आप
धीरज-: ठीक हु आप कैसे हो
में-: में तो ठीक हु आप बताओ प्ल्ज़ क्या हुआ कल रत को आप रो क्यों रही थी
धीरज-; कुछ नहीं चोरो ये तो मेरी किस्मत में लिखा ह
में-: प्ल्ज़ भाभी मुझे अपना दोस्त मानती हो न बताओ न प्ल्ज़ प्ल्ज़
धीरज-: में तो आपको अपने दोस्त से भी बढ़कर मानती हु
में-: तो फिर मुझे बताओ क्या बात ह प्ल्ज़
धीरज -:कुछ नहीं ह विभु तुम क्यों चिंता कर रहे हो
में-: दोस्त से बढ़कर बोलती हो और बोल रही हो की तुम क्यों चिंता कर रहे हो
धीरज-: तुम नहीं मानोगे न
में-: बिलकुल भी नहीं
धीरज-: कुछ नहीं ह रत को मेरे पति ने मुझे मारा
में-: whattttttttttttt थे फुकककककककक
धीरज-: विभु गली नहीं
me-:aapko मारा पर क्यों
धीरज-: अरे ते तो रोक का काम ह कभी कभी बच जाती हु बाकि तो रोज hi मर कहती हु
में-: पर क्यों
धीरज-: वो दारू पीकर आते हे और मुझे मरते हे
में-: आशा क्या पर क्यों मुझे ये सब सुन कर अच्छा नहीं लग रहा ह
धीरज-: इसी लिए में बोलना नहीं चाहती थी की आप ाशे hi परेशान होंगे
में-: अब अपने प्यारे दोस्त के साथ आशा होता हे तो परेशान तो हों hi पड़ेगा न
धीरज-: चोरो ये सब वैसे खाना खाया आपने
में-: हम्म भाभी के वह गया था खाने तो मेने देखा आपकी दुकान. बंद थी
भाभी-: है आज मूड ऑफ था तो नहीं खोली शाम को खोल दूंगी वैसे भाभी के वह गए थे खाने क्यों
में-: वो मेरे घर पर कोई नहीं ह न तो
धीरज-: कब तक
में-: 5 दिन तक
धीरज-: ोकक और सुनाओ क्या चल रहा ह
में-: सब मस्त चल रहा ह मेरी लाइफ में तो इतनी अच्छी दोस्त जो मिल गयी हे
धीरज-: और मुझे भी एक प्यारा दोस्त मिल गया वार्ना बोरिंग लाइफ चल रही थी
में-: आपकी लाइफ को इंजॉय फुल बना दूंगा ये वडा रहा इस दोस्त का
धीरज-: ठीक ह देखा जायेगा
में-: हम्म विभु पटेल कभी अपना वडा नहीं तोड़ता
धीरे-: चलो कोई आया ह बाद में बात करती हु ब्ययी
में-; ब्ययी कॉल करना आपकी यद् आती ह बहुत
धीरज-: मुझे भी जल्द कॉल करूंगी ब्ययी
फिर भाभी ने कॉल कट किया और में खेत की और चल दिया काम देखने में खेत गया वह जेक मेने सब काम देखा की रामु काका आये मेरे पास
रामु काका-: छोटे बाबूजी कुछ पैसे चाहिए मुझे काम था
में-: कितने
रामु काका-: 5000
में-: रुको में लेके आता हु
रामु काका-: और वो हरिया की बीवी की तबियत ख़राब ह तो वो नहीं आया आज और उसे भी पैसे का बोलै ह
में-: ठीक ह उसे भी 5000 दे देना
फिर में घर में गया और वह से पैसे लेके रामु काका को दे दिए और काका खुस हो गए फिर में वह से काका को काम बता कर घर की तरफ जा रहा था की मुझे रस्ते में देविका मिल गयी जो अपने खेत की तरफ जा रही थी मेने उसे कॉल का इशारा किया और गांव की तरफ आ गया वो भी मुझे देख कर खुस हो गयी थी
में गांव में आया तो मुझे यद् आया की मुझे ज्योति से बात करना ह विक्की के लिए तो में निधि भाभी के घर की तरफ चल दिया जो की मेरी सबसे प्यारी भाभी थी जिनसे मुझे ट्रू लव हो गया था वो पता नहीं क्यों पर जब भी निधि भाभी से मिलता हु तो कुछ अपना पैन फील होता ह
मेने देखा की मुझे निधि भाभी के घर के बहार hi ज्योति दिख गयी में उससे मिला
में-: ही मेरी रानी
ज्योति-: विभु तुम
और उसने इधर उधर देखा फिर घर में आने का इशारा किया में भी उसके घर में चला गया उसके पीछे मेने देखा मेरा दिल मेरी निधि अंदर hi बैठी थी
मुझे देख कर निधि भाभी खुस हो गयी और उठ कर मेरे गले लग गयी में भी उनके गले लग गया निधि भाभी ाशे गली जैसे बरसो से जुड़ा थी मुझसे
Me-:kesi हो मेरी जान
निधि-: ठीक हु में तो आपकी बहुत यद् आ रही थी
में-: मुझे भी आज रत को आऊंगा में
निधि-: जरूर आना आपका स्वागत हे
में-: ओह्ह्ह्ह मेरी जान को मजाक सूझ रहा ह
निधि-: हम्म वो सब चोरो ये बताओ आज इस टाइम पर आने का कुछ कारन
में-: वो मुझे ज्योति से कुछ बात करना था
ज्योति-: मुझसे क्या बात करना ह आपको बोलो
में-: तुम आज कल विक्की से बात क्यों नहीं करती और न hi उसे देखती हो आशा क्यों
ज्योति-: में आपसे प्यार करती हु मुझे उससे कोई लेना देना नहीं ह
में-: पागल ह तू बिलकुल hi
निधि-: क्यों
में-: निधि जान ये बिलकुल hi पागल ह इसे नहीं पता की ये विक्की को चोर कर हमेशा मेरे पास रहने का मौका गवा रही ह
ज्योति-: वो कैसे मुझे बताना जरा
में-: पागलो की सरदारनी हे तू बिलकुल सुन जब तू विक्की को फसा कर उससे शादी कर लेगी तो हमेशा मेरे पास hi रहेगी जब भी मौका मिलेगा हम मिल लेंगे और अगर तेरी सधी कही और हो गयी तो तू रह जाएगी न कभी कभी मिलेंगे फिर
jyoti-;ohhhh सहित में तो ये भूल hi गयी थी हा सॉरी विभु अब में विक्की को नहीं छोड़ूंगी
nidhi-:sahi हे ज्योति ये इनका अच्छा आईडिया हे जिससे तू हमेश इनके साथ रह सकती ह
ज्योति-: है भाभी अब में समझ गयी हु
में-: ोकक तो अब विक्की से मिल और उसे सब करने दे जो वो तेरे साथ करे समझी
ज्योति-: हम्म समझ गयी
मेने निधि भाभी को पकड़ कर किश किया और अलग हो गया
में-: ठीक ह निधि रत को आता हु अभी चलता हु
निधि-: जल्दी आना
में-: ोकक
फिर में वह से निकल कर घर की तरफ जाने लगा और घर आके में सो गया मुझे सोये हुवे 2 घंटे हो गए थे तभी मेरे मोबाइल पर फोन बजा मेने देखा तो चची का था मेने टाइम देखा तो 5.30 हो गए थे
में-: है चची जान बोलो
चची-: आप अभी सहर जेक निशा के लिए बात करके आओ डॉ. से की हमने जो भी किया ह अब आके क्या करना
में-: अभी तो ठीक ह न निशा
चची-: है बिलकुल तुमने इंजेक्शन hi आशा लगाया ह
में-; नॉटी चची में अभी जाता हु
फिर में तैयार हो कर सहर की और चल दिया में सहर गया और डॉ. के पास जेक no लगाया कुछ टाइम में मेरा no. आया में अंदर गया तो डॉ. ने मुझे पहचान लिया
डॉ.-: आओ क्या हल ह
में-: ठीक हु डॉ. सब आप कैसे हो
डॉ.-: में तो बिलकुल ठीक हु वो आपकी बहन की तबियत किसी हे अब
में-; उसी के बारे में बात करने आया हु आपसे
डॉ -: ओह्ह बोलो भाई क्या बात करना ह
में-: वो डॉ. सब आपने जैसा बोलै था हमने उसकी सधी करे दी हे और अब वो ठीक भी ह पर आगे क्या करना ह
डॉ.-; कुछ नहीं अब उसका पति उसके साथ डेली सेक्स करेगा तो उसकी सेक्स नीड को ह दिन में पूरी हो जाएगी फिर कभी उसे आशा नहीं होगा
में-: और कोई गोली दवाई तो नहीं लेना न
डॉ.-: है एक गोली रोज चलने देना इससे जल्दी आराम मिलेगा
में-: ठीक ह डॉ. सब और मुझे एक बात और पूछना था
डॉ.-: बोलो भाई डरो मत क्या बात ह
में-: डॉ. सब क्या उसके साथ सेक्स डेली करने का बोलना पड़ेगा क्या उसके हस्बैंड को
डॉ.-: नहीं डेली तो नहीं पर हर 3 दिन में एक बार करना पड़ेगा 2 महीने तक जिससे उसकी सेक्स नीड जो उसके सरीर में हे वो पूरी तरह से ठीक हो जाएगी
में-: ठीक ह डॉ. सब धन्यवाद
डॉ.-: कोई नहीं आते रहना
में-: ठीक ह डॉ. सब
फिर में वह से निकल गया मेडिकल से एक गोली जो डॉ. ने लिखी थी वो लेके गांव की और जाने लगा मेने टाइम देखा तो 8.30 बज चुके थे सहर से जा रहा था की मुझे कुछ यद् आया मेने सहर से कुछ सामान लिया और उन्हें पैक करके गांव की तरफ जाने लगा में आधे रस्ते में पंहुचा था की मुझे गोली चलने की आवाज सुनाई दी मेने बाइक रोक ली तभी मेने देखा कुछ गुंडे एक औरत को मर रहे थे और उसके पास 2 लोग निचे जमीं पर गिरे हुवे थे
मेने बाइक रोक दी और बाइक लेके एक पेड़ के पीछे चिप गया
कुकब देर वो लोग उस औरत को मरते रहे और फिर वो बेहोश हो गयी सायद तो वो लोग बाइक लेके चले गए और में जैसे hi पेड़ से निकला तो देखा वो औरत उठ गयी और जमीं पर पड़े लोगो को उठाने लगे पर कोई उठा नहीं तो वो रोने लगी और पास में एक पहाड़ी थी वह जाने लगी
मुझे सोचते देर न लगी की ये अब क्या करेगी तो में दौड कर उसके पास पंहुचा और जैसे hi वो कूदने वाली थी मेने उसे पकड़ लिया और जैसे hi उसे अपनी और किया में उसे देख मर दांग रहा गया
दोस्तों अलग अपडेट अब परसो आएगा कल बिजी हु अगर टाइम मिल गया तो कल भी दे सकता हु धन्यवाद् ?
मेने चची और निशा की अच्छे से छूट बजने के बाद में सुबह उठ कर निशा दी के कमरे में गया तो निशा दी ने अपने कपडे पहन लिए थे और वो आराम से सो रही थी मेने उनके होठो को किश करके निचे आ गया जहा चची रसोई में चाय बना रही थी फिर मेने उनको पीछे से जेक उनकी गांड के दोनों मटको को एक साथ थप्पड़ मरी
चची-: ाःहाहा क्याआ करते हो
में-: .मेरी नीता ह मेरी पत्नी ह कुछ भी करू तूने क्या .
चची-: लगती ह मेरे
मेने एक बार फिर मारा उनके दोनों मटको को
में-: लगती ह तो में क्या कृ
चची-: आपका मन पड़े वो करो जी
फिर में रसोई से हँसता हुवा निकल गया और हल में सोफे पर आके बेथ गया कुछ टाइम में चची चाय लेके आयी और हम दोनों में चाय पि फिर मेने चची को किश किया और वह से निकल गया घर की तरफ स्कूल जो जाना था
मेरे जाते hi चची चाय लेके निशा के लॉस गयी और उसे उठा कर पैन किल्लर की गोली दी क्र चाय पीला कर समझा दिया की नव्या को क्या बोलना हे फिर निशा सो गयी और चची निचे आ गयी इधर में घर आया और तैयार हो के स्कूल जाने hi वाला था की सोनाली भाभी मेरे लिए चाय लेके मेरे घर में आने लगी में सुबह सुबह उनको देख कर खुस हो गया
सोनाली-: देवरजी चाय
में-: जी भाभी जी
हम दोनों हंसने लगे फिर मेने चाय पि और सोनाली भाभी को देखते हुवे चाय पि वो भी कभी कभी मेरी तरफ देखती और फिर इधर उधर देखने लगी
सोनाली-: रत कैसे गुजरी देवर जी
में-: वही रोज जेस सोन क्र क्या
सोनाली-: में सांझी आज कुछ स्पेशल hi निकली हो तो घर में अकेले थे न
ये बोल कर वो हँसते हुवे चाय का कप उठा कर जाने लगी और दरवाजे के पास जेक रुक गयी और पलट कर देखते हुवे बोली
सोनाली-: आज की रत तो बेचारी की हालत hi ख़राब कर दी होगी आपने
और हँसते हुवे बहार चली गयी में सोचने लगा की ये किसके बारे में बोल के गयी हे कही इन्होने रत की निशा और मेरे या चची की बात का पता तो नहीं चल गया पर वो बात तो हम तीनो के अलावा किसी और को पता नहीं ह फिर ये क्या बोल के गयी हे है यद् आया रत को पूजा मेरा घर में आयी थी वो भी छत से कही इन्होने देख लिया होगा तभी उसके बारे में बोल रही ह वार्ना चची के घर पर क्या हुआ ये तो इन्हे पता नहीं ह पूजा और मेरे बारे में जरूर पता चल गया होगा फिर मेने ज्यादा सोचा नहीं और घर पर टाला लगा कर स्कूल गया
में स्च्होल गया तो आज सब आये थे स्कूल केवल सुमन और ममता के अलावा मेने पूजा को इशारा किया दिनेश की और वो समझ गयी फिर पूजा ने दिनेश को स्माइल दी जिसे देख कर दिनेश की खुसी का ठिकाना नहीं रहा और ाशे hi उन दोनों की प्रेम कहानी फिर सुरु करवा दी मेने पर मुझे एक बात समझ नहीं आ रही थी की माला जो अजय की गफ हे उसे मुझसे क्या ह बार बार मेरी तरफ देखती ह और स्माइल करती ह मेने उसे देखने दिया और देखते hi देखते लंच हो गया में अपने दोस्तों विकी अजय और दिनेश के पास बैठा की दिनेश खुस था आज पूजा उससे बात कर रही थी पर ज्योति विक्की को नहीं देख रही थी मुझे आज उससे बात करके समझाना था और अजय तो .माला के साथ खुस था माला उसे देख कर बाटे भी करती थी पर माला मुझे भी देख कर स्माइल करती थी सब से बच कर तभी मेरी निगाह एक लड़की पर गयी जो सीधा पूजा के पास जेक रुकी मेरी निगाह जिसे दूध रही थी वो आ गयी थी
पूजा-: ही धापू किसी ह तू
धापू-: दी में ठीक हु मुझे आपसे अर्जेन्ट बात करना हे प्ल्ज़ दी 2 मिनिट
पूजा-: हम्म
फिर पूजा और शालू कुछ दूर जेक बात करने लगी लगी पहले तो पूजा ने न में सर हिलाया पर फिर धापू रोने लगी तो पूजा ने उसे समझाया और कुछ बोल कर मेरी तरफ देखा फिर दोनों वह से आ गयी फिर धापू अपने क्लास की लड़कियों के लॉस जाने लगी तो मेने उसे आवाज दी जिसे सुन कर उसके चेहरे पर स्माइल आ गयी और वो रुक गयी
में-: धापू वो सपना की कोनसी बुक हे क्या तेरे पास वो देदे उसने बोलै था मुझे लेने का
धापू -: वो भैया.. सॉरी मेरे पास नहीं ह अभी में दिन में आपके घर आके दे दूंगी
में-: ठीक ह यद् से दे जाना वार्ना सपना नाराज हो जाएगी
धापू-: ठीक ह में 2 बजे तक आती हु
में-: ोककक
फिर धापू अपनी क्लास में चली गयी और में अपने दोस्तों पास में जैसे hi उन कमीनो के लॉस गया सब मुझे हैरानी से देखने लगे
में-: आबे लावड़ो आशा कुछ नहीं ह वो तो सपना की बुक थी जो मुझे लेनी थी इस लिए पूछा ह
विक्की-: है नहीं तो हम तो समझे की गांव के साडी खूबसूरत लड़किया तू hi पता लेगा क्या
में-: अब वो मेरे पीछे अपनी छूट लेके आएगी की मर ले तो में पागल हु क्या जो उसकी पायरी छूट चोर दूंगा
मेरी बात सुनकर सब हंस दिए क्र क्लास लग गयी तभी मुझे बुलबुल दुःख गयी और मुझे यद् आया की मेने आज इसे खेत वाले घर भुलाया ह पर आज तो में इसे मिल नहीं पाउँगा और देविका भी चली गयी अब तो में रुक गया और बुलबुल को स्कूल के पीछे आने का इशारा किया बुलबुल चली गयी में उसके पीछे गया और उसे बोल दिया की आज मत आनन उसने है बोलै और फिर में वह से निकल कर क्लास में गया देखते hi देखते चला ख़तम हो गयी और में घर आ गया आज मनीषा भाभी के वह खाना खाना था में वह जाने लगा तभी मुझे सोनाली भाभी उनके घर के बहार दिखी उन्होंने मुझे देख कर स्माइल की
सोनाली-: मनीषा भाभी के वह जा रहे हो क्या
में-: हम्म्म भाभी
भाभी-: ठीक ह कल यही खाना हे आपको देवरजी
में-: ठीक ह भाभी जी
फिर ह दोनों हंस दिए और में भाभी के घर खाने चला गया में जैसे hi धीरज भाभी की दुकान के पास पंहुचा मुझे आज धीरज भाभी को दुकान बंद दिखी में टेंशन में आ गया और मुझे रत वाली बात यद् गयी की भाभी रत को रो क्यों रही थी मेने भाभी को कॉल किया तो मोबाइल स्विच ऑफ आया में वह से मनीषा भाभी के घर आ गया घर आया तो पता चला की घर पर केवल भैया क्र भाभी hi हे मेने पूछा तो बताया की निशा रत को गिर गयी थी तो उसे पेरो में चोट आयी ह सब मिलने गए हे मेने मौका देख कर भैया के सामने भाभी की गांड पर एक चपत लगायी
भाभी-: अहहहहह विभु धीरे न
में-: क्यों तू मेरी परसनल रैंड हे क्यों भइया हे की नहीं
भैया--: हे ये तेरी परसनल रैंड हे जैसा करना ह वैसे करो में तो जा रहा हु घूमने
फिर भय उठ कर चले गए और मेने जेक दरवाजा लगा लिया और भाभी को किश करने लगा किश बहुत डीप करने लगा में
कुछ देर किश करने के बाद भाभी अलग हुई
मनीषा-: आप कुछ देर रुको पहले खाना खा लो
में-: आप खिलाओ आपने हाथ से
फिर भाभी ने खाना लगा लिया और मुझे बड़े प्यार से अपने हाथो से खाना खिलाया मेने मनीषा भाभी को किश करते हुवे खाना खाया हम खमा खा रहे थे की सब आ गए फिर सबने मुझसे बात की और मेने प्रिय दी की गांड से बचकर रहा और फिर वह से जल्दी से निकल कर घर आ गया आते टाइम भी मुझे धीरज भाभी की दुकान बंद दिखी में घर आया तब तक 2 बज चुकी थी मतलब धापू आने वाली थी
मेने सोच लिया था की उससे बात करना पड़ेगा वो मेरे बहुत काम आएगी में उसका वेट करने लगा पर 2.10 हो गए वो आयी नहीं फिर मेने उसका वेट नहीं किया और फिर मेने एक बार फिर धीरज भाभी को कॉल किया इस बार कॉल लग गया पर भाभी ने कॉल कट किया में फिर लगाने वाला था की भाभी का मस्सगे आ गया
मस्सगे-: में कुछ देर बाद लगा रही हु
में ाशे hi बैठे बैठे नॉट होने लगा तभी मेरे मोबाइल पर कॉल आया
में-: hello भाभी
धीरज-: hello
में-: किसी हो आप
धीरज-: ठीक हु आप कैसे हो
में-: में तो ठीक हु आप बताओ प्ल्ज़ क्या हुआ कल रत को आप रो क्यों रही थी
धीरज-; कुछ नहीं चोरो ये तो मेरी किस्मत में लिखा ह
में-: प्ल्ज़ भाभी मुझे अपना दोस्त मानती हो न बताओ न प्ल्ज़ प्ल्ज़
धीरज-: में तो आपको अपने दोस्त से भी बढ़कर मानती हु
में-: तो फिर मुझे बताओ क्या बात ह प्ल्ज़
धीरज -:कुछ नहीं ह विभु तुम क्यों चिंता कर रहे हो
में-: दोस्त से बढ़कर बोलती हो और बोल रही हो की तुम क्यों चिंता कर रहे हो
धीरज-: तुम नहीं मानोगे न
में-: बिलकुल भी नहीं
धीरज-: कुछ नहीं ह रत को मेरे पति ने मुझे मारा
में-: whattttttttttttt थे फुकककककककक
धीरज-: विभु गली नहीं
me-:aapko मारा पर क्यों
धीरज-: अरे ते तो रोक का काम ह कभी कभी बच जाती हु बाकि तो रोज hi मर कहती हु
में-: पर क्यों
धीरज-: वो दारू पीकर आते हे और मुझे मरते हे
में-: आशा क्या पर क्यों मुझे ये सब सुन कर अच्छा नहीं लग रहा ह
धीरज-: इसी लिए में बोलना नहीं चाहती थी की आप ाशे hi परेशान होंगे
में-: अब अपने प्यारे दोस्त के साथ आशा होता हे तो परेशान तो हों hi पड़ेगा न
धीरज-: चोरो ये सब वैसे खाना खाया आपने
में-: हम्म भाभी के वह गया था खाने तो मेने देखा आपकी दुकान. बंद थी
भाभी-: है आज मूड ऑफ था तो नहीं खोली शाम को खोल दूंगी वैसे भाभी के वह गए थे खाने क्यों
में-: वो मेरे घर पर कोई नहीं ह न तो
धीरज-: कब तक
में-: 5 दिन तक
धीरज-: ोकक और सुनाओ क्या चल रहा ह
में-: सब मस्त चल रहा ह मेरी लाइफ में तो इतनी अच्छी दोस्त जो मिल गयी हे
धीरज-: और मुझे भी एक प्यारा दोस्त मिल गया वार्ना बोरिंग लाइफ चल रही थी
में-: आपकी लाइफ को इंजॉय फुल बना दूंगा ये वडा रहा इस दोस्त का
धीरज-: ठीक ह देखा जायेगा
में-: हम्म विभु पटेल कभी अपना वडा नहीं तोड़ता
धीरे-: चलो कोई आया ह बाद में बात करती हु ब्ययी
में-; ब्ययी कॉल करना आपकी यद् आती ह बहुत
धीरज-: मुझे भी जल्द कॉल करूंगी ब्ययी
फिर भाभी ने कॉल कट किया और में खेत की और चल दिया काम देखने में खेत गया वह जेक मेने सब काम देखा की रामु काका आये मेरे पास
रामु काका-: छोटे बाबूजी कुछ पैसे चाहिए मुझे काम था
में-: कितने
रामु काका-: 5000
में-: रुको में लेके आता हु
रामु काका-: और वो हरिया की बीवी की तबियत ख़राब ह तो वो नहीं आया आज और उसे भी पैसे का बोलै ह
में-: ठीक ह उसे भी 5000 दे देना
फिर में घर में गया और वह से पैसे लेके रामु काका को दे दिए और काका खुस हो गए फिर में वह से काका को काम बता कर घर की तरफ जा रहा था की मुझे रस्ते में देविका मिल गयी जो अपने खेत की तरफ जा रही थी मेने उसे कॉल का इशारा किया और गांव की तरफ आ गया वो भी मुझे देख कर खुस हो गयी थी
में गांव में आया तो मुझे यद् आया की मुझे ज्योति से बात करना ह विक्की के लिए तो में निधि भाभी के घर की तरफ चल दिया जो की मेरी सबसे प्यारी भाभी थी जिनसे मुझे ट्रू लव हो गया था वो पता नहीं क्यों पर जब भी निधि भाभी से मिलता हु तो कुछ अपना पैन फील होता ह
मेने देखा की मुझे निधि भाभी के घर के बहार hi ज्योति दिख गयी में उससे मिला
में-: ही मेरी रानी
ज्योति-: विभु तुम
और उसने इधर उधर देखा फिर घर में आने का इशारा किया में भी उसके घर में चला गया उसके पीछे मेने देखा मेरा दिल मेरी निधि अंदर hi बैठी थी
मुझे देख कर निधि भाभी खुस हो गयी और उठ कर मेरे गले लग गयी में भी उनके गले लग गया निधि भाभी ाशे गली जैसे बरसो से जुड़ा थी मुझसे
Me-:kesi हो मेरी जान
निधि-: ठीक हु में तो आपकी बहुत यद् आ रही थी
में-: मुझे भी आज रत को आऊंगा में
निधि-: जरूर आना आपका स्वागत हे
में-: ओह्ह्ह्ह मेरी जान को मजाक सूझ रहा ह
निधि-: हम्म वो सब चोरो ये बताओ आज इस टाइम पर आने का कुछ कारन
में-: वो मुझे ज्योति से कुछ बात करना था
ज्योति-: मुझसे क्या बात करना ह आपको बोलो
में-: तुम आज कल विक्की से बात क्यों नहीं करती और न hi उसे देखती हो आशा क्यों
ज्योति-: में आपसे प्यार करती हु मुझे उससे कोई लेना देना नहीं ह
में-: पागल ह तू बिलकुल hi
निधि-: क्यों
में-: निधि जान ये बिलकुल hi पागल ह इसे नहीं पता की ये विक्की को चोर कर हमेशा मेरे पास रहने का मौका गवा रही ह
ज्योति-: वो कैसे मुझे बताना जरा
में-: पागलो की सरदारनी हे तू बिलकुल सुन जब तू विक्की को फसा कर उससे शादी कर लेगी तो हमेशा मेरे पास hi रहेगी जब भी मौका मिलेगा हम मिल लेंगे और अगर तेरी सधी कही और हो गयी तो तू रह जाएगी न कभी कभी मिलेंगे फिर
jyoti-;ohhhh सहित में तो ये भूल hi गयी थी हा सॉरी विभु अब में विक्की को नहीं छोड़ूंगी
nidhi-:sahi हे ज्योति ये इनका अच्छा आईडिया हे जिससे तू हमेश इनके साथ रह सकती ह
ज्योति-: है भाभी अब में समझ गयी हु
में-: ोकक तो अब विक्की से मिल और उसे सब करने दे जो वो तेरे साथ करे समझी
ज्योति-: हम्म समझ गयी
मेने निधि भाभी को पकड़ कर किश किया और अलग हो गया
में-: ठीक ह निधि रत को आता हु अभी चलता हु
निधि-: जल्दी आना
में-: ोकक
फिर में वह से निकल कर घर की तरफ जाने लगा और घर आके में सो गया मुझे सोये हुवे 2 घंटे हो गए थे तभी मेरे मोबाइल पर फोन बजा मेने देखा तो चची का था मेने टाइम देखा तो 5.30 हो गए थे
में-: है चची जान बोलो
चची-: आप अभी सहर जेक निशा के लिए बात करके आओ डॉ. से की हमने जो भी किया ह अब आके क्या करना
में-: अभी तो ठीक ह न निशा
चची-: है बिलकुल तुमने इंजेक्शन hi आशा लगाया ह
में-; नॉटी चची में अभी जाता हु
फिर में तैयार हो कर सहर की और चल दिया में सहर गया और डॉ. के पास जेक no लगाया कुछ टाइम में मेरा no. आया में अंदर गया तो डॉ. ने मुझे पहचान लिया
डॉ.-: आओ क्या हल ह
में-: ठीक हु डॉ. सब आप कैसे हो
डॉ.-: में तो बिलकुल ठीक हु वो आपकी बहन की तबियत किसी हे अब
में-; उसी के बारे में बात करने आया हु आपसे
डॉ -: ओह्ह बोलो भाई क्या बात करना ह
में-: वो डॉ. सब आपने जैसा बोलै था हमने उसकी सधी करे दी हे और अब वो ठीक भी ह पर आगे क्या करना ह
डॉ.-; कुछ नहीं अब उसका पति उसके साथ डेली सेक्स करेगा तो उसकी सेक्स नीड को ह दिन में पूरी हो जाएगी फिर कभी उसे आशा नहीं होगा
में-: और कोई गोली दवाई तो नहीं लेना न
डॉ.-: है एक गोली रोज चलने देना इससे जल्दी आराम मिलेगा
में-: ठीक ह डॉ. सब और मुझे एक बात और पूछना था
डॉ.-: बोलो भाई डरो मत क्या बात ह
में-: डॉ. सब क्या उसके साथ सेक्स डेली करने का बोलना पड़ेगा क्या उसके हस्बैंड को
डॉ.-: नहीं डेली तो नहीं पर हर 3 दिन में एक बार करना पड़ेगा 2 महीने तक जिससे उसकी सेक्स नीड जो उसके सरीर में हे वो पूरी तरह से ठीक हो जाएगी
में-: ठीक ह डॉ. सब धन्यवाद
डॉ.-: कोई नहीं आते रहना
में-: ठीक ह डॉ. सब
फिर में वह से निकल गया मेडिकल से एक गोली जो डॉ. ने लिखी थी वो लेके गांव की और जाने लगा मेने टाइम देखा तो 8.30 बज चुके थे सहर से जा रहा था की मुझे कुछ यद् आया मेने सहर से कुछ सामान लिया और उन्हें पैक करके गांव की तरफ जाने लगा में आधे रस्ते में पंहुचा था की मुझे गोली चलने की आवाज सुनाई दी मेने बाइक रोक ली तभी मेने देखा कुछ गुंडे एक औरत को मर रहे थे और उसके पास 2 लोग निचे जमीं पर गिरे हुवे थे
मेने बाइक रोक दी और बाइक लेके एक पेड़ के पीछे चिप गया
कुकब देर वो लोग उस औरत को मरते रहे और फिर वो बेहोश हो गयी सायद तो वो लोग बाइक लेके चले गए और में जैसे hi पेड़ से निकला तो देखा वो औरत उठ गयी और जमीं पर पड़े लोगो को उठाने लगे पर कोई उठा नहीं तो वो रोने लगी और पास में एक पहाड़ी थी वह जाने लगी
मुझे सोचते देर न लगी की ये अब क्या करेगी तो में दौड कर उसके पास पंहुचा और जैसे hi वो कूदने वाली थी मेने उसे पकड़ लिया और जैसे hi उसे अपनी और किया में उसे देख मर दांग रहा गया
दोस्तों अलग अपडेट अब परसो आएगा कल बिजी हु अगर टाइम मिल गया तो कल भी दे सकता हु धन्यवाद् ?