Mera parivar mera gav maha gatha - Page 12 - SexBaba
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Mera parivar mera gav maha gatha

अपडेट --: 101

शीला भाभी आगे और विभु उनके पीछे जाने लगा उस जगह जहा शीला भाभी शाम को देख कर गयी थी वो खाई के अंदर थी और गांव से थोड़ी दूर थी जिससे उनकी आवाज आसानी से गांव में नहीं जा पाए

विभु--: कितना दूर हे और

शीला-: बस आ गया

थोड़ी देर चलने के बाद शीला रुक गयी


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विभु भी रुक गया शीला भाभी ने वह रखा एक चद्दर जो उन्होंने शाम को रखा था वो बिछा दिया और विभु के सामने कड़ी हो गयी

विभु उनके सामने और शीला उनके सामने दोनों एक दूसरे को अंधरे में देख रहे थे

विभु--- आप कोण हो में नहीं जनता मुझे मनीषा ने भेजा हे आप तैयार हो ये सब करने के लिए

शीला-: ह्म्म्मम्म ममममम

विभु--; क्या आप मुझे जानती हो

शीला-: नही मनीषा ने नहीं बताया मुझे

विभु--: चलो ये हम दोनों के लिए अच्छा ह

शीला-: हम्म्म

विभु--: एक बात बोलू भाभी

शीला-: है बोलो

Vibhu-:jab हम दोनों को पता नहीं की हम कोण ह और हम आये क्यों हे यहाँ मज़ा लेने तो मेरी एक बात मनो तो खुल के मज़े लेना जी भर के

शीला भाभी कुछ न बोली चुपचाप कड़ी रही

कुछ देर न बोलने पर विभु ने उसे पकड़ कर अपनी बहो में भर लिया

जिससे शीला की सांसे जोर से चलने लगी

विभु-: भाभी आपके सरीर की खुसबू मुझे मदहोश कर रही ह

शीला--: तो समां जाओ इसमें मन किसने किया हे

विभु ने शीला भाभी की अनुमंती मिलते hi शीला भाभी के होठो पर अपनी उंगली घूमने लगा

इधर शीला भाभी की छूट में खुजली बाद गयी उनकी घबराहट बढ़ती जा रही थी

तभी विभु ने अपने होठ आगे बड़ा कर शीला भाभी के नरम नाजुक होठो पर रख दिए कुछ देर दोनों की सांसो को महसूस करते रहे इतने में विभु के हाथ शीला भाभी की चिकनी पतली कमर पर गए और वो वः हाथ फेरने लगा

बड़े प्यार से हाथ फेरने पर शीला के तन बदन में आग लग गयी

शीला भाभी ने भी अपने हाथ विभु के सर को पकड़ कर अपने होठ चलने लगी और देखते hi देखते दोनों में एक भयंकर किश स्टार्ट हो गयी


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Vibhu शीला bhabhi ke chikni kamar ko pakad kar jor se kiss karne laga dono ko pata hi nhi chala kab dono ki jibh aik dusre ko muh ko talash karne lagi

vibhu ne Sheela bhabhi ke muh ka thuk apni jibh se chatne laga sheela bhabhi ka ye pahla anubhav tha Jo uske sath ye kar raha tha use bhi bada maza aaya

wo bhi apni jibh muh me dal dal kar maze lene lagi


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दोनों की किश 5 मिनिट तक चली दोनों के चेहरे पर एक दूसरे का थूक लग गया था किश की वजह से

किश तोड़ कर विभु शीला भाभी की पीछे चला गया

पीछे जा कर

विभु-: केसा लगा भाभी मेरा किश

शीला-: हम्म्म

विभु-: भाभी न में आपको जनता न आप मुझे जानती फिर क्यों सर्मना

शीला-: आज नहीं मगर आगे पता चल hi जायेगा फिर क्या होगा

विभु-: सब अच्छा होगा आज खुल कर मज़े लो

शीला-:( ये सही बोल रहा ह मुझे खुल कर मज़े लेने चाहिए ) ठीक ह

विभु ने शीला भाभी की गर्दन पर किश करते हुवे काटने लगा

शीला भाभी किश की खुमारी उत्तरी नहीं की फिर से उसके तन में आग लगने लगी

किश करते हुवे विभु ने शीला भाभी की साड़ी का पल्लू गिरा कर निचे कर दिया


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साड़ी का पल्लू निचे करके विभु ने ब्लाउज के ऊपर से शीला भाभी की दूध भरी चुकी को बढ़ाने लगा

शीला-: अहहहहह धीरीईईई ड़ड़ड़ड़ड़ड़ कएटीईआई हेबेई

विभु-: आज मेरा अधिकार हे इन पर मेरा मन में कैसे भी दबाउ बोलो मेरा अधिकार हे न

ये बाटे करते हुवे विभु ने शीला भाभी की ब्लौसेस को निकल दिया अब शीला भाभी सिर्फ एक ब्रा में कड़ी थी

शीला-: है आज मेरे ऊपर आप का पूरा हक़ ह

विभु--: फिर में मेरे मन से करू आपके साथ आप मन तो नहीं करोगे न

विभु ने पीछे से शीला भाभी की ब्रा को खोल कर साइड में रख दिया विभु ने आगे ले जा कर उनकी नंगी चुकी को दबाने लगा

शीला-: हाआआ मी अहहहहहहह माआआआ आज आप्कोऊ हीईई रोकुंगीीीी

कुछ देर चुचो को दबाने के बाद शीला भाभी ने विभु को आगे किया और उसके मुँह पकड़ कर अपने दूध पर लगा दिया

शीला-: आपको मेरा दूध पीना था न आज पिलो जी भर के नहीं रोकूंगी मेरे बच्चे को मेने नहीं पिलाया हे आज पूरा दूध आपके लिए ही आजा

विब्बू--: तभी आपके दूध इतने बड़े हे आज उस दिन के मुकाबले पुरे चुके में दूध भरा हे

विभु ने अपना मुँह चुचो के ऊपर रख कर हाथ से चुचो को दबाने लगा दबाने से शीला भाभी के चुचो मेसे दूध निकलने लगा जो विभु के मुँह पर लगा रहा था


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विभु को ये सब करने में पहली बार मज़ा आ रहा था

वो जोर जोर से दूध को दबा दबा कर दूध निकलने लगा जैसे गे का दूध निकलते हे

शीला-; पिलो निकालो मत

विभु ने शीला सेक्सी भाभी के मुँह से ये सुनकर दूध को मुँह में भर कर दूध को चूसने लगा

दूध चूस कर उसने जैसे hi मुँह में चूसा उसके मुँह में दूध की धार आ गयी उसे मज़ा आ गया उसने अब जोर जोर से शीला भाभी के चुका को दबा दबा कर पिने लगा जितने जोर से चुस्त दूध उतना ज्यादा आता

शीला भाभी भी अपनी चुके की चूसै से मस्त हो रही थी वो भी बड़े प्यार से विभु को अपना दूध पीला रही थी

जैसे छोटे बच्चे को दूध पिलाते हे मगर यहाँ विभु बड़े मस्त तरीके से दूध की चूसै कर रहा था


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शीला-: ाहाहाःहाहा कटु मत दर्द होता हीइ पुरे चुके में दर्द क्र रहा ह आराम से अहहहहह माआआआ मज़ाआ आए रहा हेबेई अहहहहहह एससससस अहःअहः

कुछ देर विभु ने शिला भाभी का पक्का हुआ दूध पि कर अलग हुआ उसके मुँह में और मुँह पर अभी भी शीला भाभी का दूध लगा था वो खड़ा हुआ और शीला भाभी को किश करने लगा ौंका दूध उनको hi छकाने लगा

शीला भाभी ने भी कोई कसार न छोड़ी विभु को किश करने में

फिर विभु ने अपनी लोअर निचे कर ली उसका विकराल लुंड बहार आ गया

विभु ने शीला भाभी को निचे बिठा दिया शीला भाभी समाज गयी की उसे क्या करना हे

sheela-;(manisha ने बोलै था की लुंड भी चूसना पड़ेगा मगर मुझे ये ज्यादा किया नहीं ह कभी कभी चूसा हे करती हु )

शीला भाभी निचे बेथ गयी उन्होंने अपना हाथ आगे ले जा कर विभु के लुंड पर रख दिया और जैसे hi शीला भाभी का हाथ लुंड पर लगा विभु के लुंड ने एक झटका खाया शीला भाभी को भी विभु का लुंड बहुत गरम लगा उसने कुछ देर लुंड को हिलाया

विभु-; ाहः भाभी चुसो ना लुंडडडड अच्छी सीई अहहहहह

शीला भाभी ने विभु की आवाज सुन कर अपना मुँह विभु के लुंड की तरफ बढ़ाया धीरे धीरे शीला भाभी ने लुंड को मुँह में लिया और लुंड को चूसने लगी धीरे धीरे

कभी शीला भाभी जीभ फेरती कभी लुंड को मुँह में लेके चूसने लगी


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विभु--: ाहः भाभी आप पूरी मनीषा की तरह hi हो वैसी दूसरी जवनेसेट पोर्न स्टार हो आप ायः कबूसू और अंदर लो भाभी अहहहहह चुसोऊ ाहाहाःहाह आपको और मनीषा को ाइक साथ छोडायआ ाहाःहाहा एसससस अहःअहः

इधर शीला भी विभु को ाहः को सुन रही थी और उसकी बातो को भी सुनते हुवे लुंड को बहार निकल निकल कर चूसने लगी


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उसने मुँह से थूक की लार लुंड के साथ बहार आ रही थी जो देखने में मज़ा आ रहा था

कुछ देर चूसने के बाद विभु ने शीला भाभी को उनकी बिछाई. चटाई पर सुला दिया और धीरे धीरे शिला भाबी को पूरा नंगा कर दिया अब शीला भाभी विभु के सामने मादरजात नंगी थी हलाकि विभु को दिखाई कुछ नहीं दे रहा था

विभु ने शीला भाभी की टैंगो को छोरा किया

sheela-:(lgta ह ये लुंड डालने वाला ह अब )

शीला भाबी ने अपनी आँखे बंद कर ली इतनेजर करने लगी कब लुंड अंदर जायेगा

इधर विभु ने शीला भाभी की दोनों टैंगो को छोरा करके अपना मुँह एक डैम से शीला भाभी की चिकनी छूट पर लगा दिया एक डैम हुवे इस अचानक हमले से शीला अंदर तक हिल गयी उसे समझ नहीं आया की ये हुआ क्या फिर उसने हाथ लगा कर देखा तो विभु उसकी छूट को चाट रहा था ये उसके साथ पहली बार हो रहा था जब कोई उसकी छूट को मुँह लगा कर चाट रहा था उसकी दिल की तम्मना थी की उसका पति उसके साथ ये करे मगर कभी नहीं क्या वो आज विभु उसके साथ कर रहा था

विभु ने उसकी छूट में जीभ दाल कर चूसै करने लगा

उसका एक हाथ शीला भाभी की दूध भरे बोबो को बड़ा रहा था


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शीला--: ाहाःहाह मज़ाआआ आआ रहाहाः हा ोररररर चुसोऊ आहहहहा एसससससस ऑर्डर चुसोऊ अहहहहहहह maaaaaaaaaaa jorrrrrrrrrrr सीईई अहहहहहहहहहहहह एसससससस ऑर्डर

विभु शेला भाभी की आवाज सुन कर और तरपत हो गया मज़े से अपनी शीला भाभी की छूट को चूसने लगा

कुछ देर अच्छे से चूसने के बाद शीला भाभी कीआवाज बाद गयी उन्होंने विभु का सर अपनी छूट में घुसा दिया जिससे विभु समझ गया की शीला भाभी का होने वाला हे

उसने जोर लगा कर मुँह अलग कर लियाआआ

ये देख कर शीला भाबी सोचने लगी की उसे क्या हो गया

शीला भाभी- क्या हुआ आपको

विभु-; कुछ नहीं अभी नहीं अब खेल सुरु होगा मेरी भाभी जान

विभु ने अपना मुँह साफ किया और शीला भाबी की गीली छूट में अपनी 2 उंगली दाल कर अंदर बहार करने लगा


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शीला-: ाहः दर्द होताआ ही अहाहा ारममम सीई ाहः

विभु-: भाभी अभी कहा अभी तो मेरा लुंड बहार हे जब ये जायेगा तब

भाभी--: अहहह करो न जल्दी मेरा बच्चा रो रहा होगा घर जल्दी करो ाहाहव.

विभु-; है भाभी ने भूल गया था आप तैयार हो लुंड लेने के लिए

भाभी-; हम्म्म्म

विभु ने शीला भाभी की दोनों टैंगो को छोरा करके अपना लुंड शीला भाभी की छूट पर लगा दिया

जैसे hi लुंड छूट पर लगा शीला भाभी ने एक झटका खाया वो समझ गयी की अब उसकी भयंकर चुदाई होने वाली हे

उसने विभु को अपने ऊपर खिंच लिया और उसको किश करने लगी कुछ देर किश करने के बाद .

शीला-: आओ कोई भी हो मुझे आज खुस कर देना मेरा जन्मो की प्यास ाक भुजा देना प्ल्ज़

विभु-; भाभी आप चिंता मत करो में आज आपको इतना प्यार दूंगा की आप मुझे कभी नहीं भूलोगे

विभु ने फिर से शीला भाभी की किश करते हुए. अपना लुंड शीला भाभी की गीली छूट में घुसने लगा

जोर लगाने पर लुंड नहीं गया तो विभु ने एक जोर दर धक्का लगाया जिससे विभु का लुंड कुछ अंदर चला गया

शीला भाभी छटपटाने लगी विभु ने उनको जोर से पकड़ रखा था और अपने मुँह से उनका मुँह बंद कर रखा था उसे पता था वो खुले में हे और रत को आवाज भी बहुत जाती हे

कुछ देर शीला भाभी तड़पने लगी विभु उसे लगातार किश करते हुवे उसके चुके दबा रहा था

फिर विभु ने किश तोड़ दी

sheela-:ahahhaa दर्द हुआ बहुत जोर से आपका बहुत बड़ा हीइ आराम से करना मर न जाऊ मीटी

विभु-; छ्हम्म बहभी बस थोड़ा देर फिर आपको मज़ा ाएगाआआ

विभु ने अपना आधा लुंड अंदर बहार करने लगा कुछ देर ाशे hi करने के बाद वो फिर से झुक गया और शीला भाभी को किश करने लगा और अचानक एक जोर दर झटका लगाया जिससे उसका पूरा लुंड शीला भाभी की बच्चे दानी में घुस gayaaaaaaaaaaaa

शीला भाभी ने विभु को हटाने की कोसिस की मगर विभु ने उसे छोरा नहीं और लगातार किश करते हुवे उसके बोबे दबाने लगाआआ

कुछ देर शीला भाभी तड़पती रही विभु लगातार किश करता रहा कुछ देर में शीला भाभी ढीली हो गयी और निचे से अपनी गांड हिलने लगी विभु ने भी देर ने करते हुवे अपना लुंड आगे पीछे करने लगा

पहले धीरे धीरे और फिर जोर जोर से अब उसने शीला भाभी को किश करना बंद करके ओनली चुदाई और धन दिया और जोर जोर से छोड़ने लगा


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शीला-: ाहाहाःहाह मज़ाआ अहःअहः हीईई अहःअहः डरडडडडड कररररर रभहह हेबेई अहहहहहह जोरररर सीईए ाहाःहाहाः आईटी आआआ मज़ाहा पहली कभीजी नहिई आगयेया ोर्ड्र्र जोररर सीई अहहहहह

विभु-: हा भाभी जान आज आपकी सरई इच्छा पुरीय कर्रे डूंगाआ हाहाहाहाहा मज़ाआ आए रहाहाः ह मुजीई आपकी टाइट छूट को छोडनीयी मेई अहहहहा आपकी चुके कैसे हिल रही हीइ हहहहहहहह

शीला-: इनमे दूध भरा हीइ हिलेंगी ाहाःहाहा जोररर सीई हहहहहहह मज़ाआ रहाःहाहा हेबेई अहहहहहह एसससससससस ऑर्डर अंडररर अहहहहा

विभु शीला भाभी को दोनों टैंगो को कमर से पकड़ कर चोर चोर से छोड़ने लगाआआ


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विभु--: ाहाःहाह भाभी मज़ाआ आए गयाआ आप्कोऊ छोड़नी मेई अहहहहा

शीला-: अहःअहः मेराआ होनी लललला हीइ हेबेई अहहहहहह आअज्ज्ज पहली बार्डर चुड़ते तिमी मीरा पणीइइइइइ निकल रहा हे इ हाहाहाहा शीला भाबी नई विभु को जोर से पकड़ कर जहर गयी

शीला भाभी निढाल हो गयी विभु ने अपना लुंड बहार निकल लिया और साइड हो गया

शीला समझी की इनका भी हो गया

तभी विभु ने शीला भाभी को पकड़ा और अपने ऊपर खींच लिया

. शीला-: आपका नहीं हुआ अभी तक

विभु-: अभी कहा अभी तो बहुत देर हे जान

विभु ने अपना लुंड शीला भाभी की छूट पर लगाया और धक्का लगाया शीला ने भी निचे बैठने लगी जिससे विभु का लुंड शीला की गीली छूट में अंदर चला गया

शीला-: ाहः ाशे भी करती ही ाहाःहाहा ाआज पगली बार्डर मज़ाआ ययययय अआप्के सठह ाहाहाःहाहा यस छोड़ू अहहहहहह अहहहहहह माआआआआ थैंक्स मनीषआआआआ आहहहहहह तेरई वाहंजाहहहा सीए मज़ाआ आय्यायावहहाबा

विभु-: आपके पति मज़ाआ नहीं देती क्याआ हाहाहाहा

शीला-; नही बिलकुल भी नहीं आ ाःहाहाःहाहा ाहसीबनहिई करती थोड़ीई दररर में हो जतततात हहहह केवल निचे लिया कर करती हीइ हहहहाव यासस्स हहहहहहहह

विभु ने शीला भाभी की गांड को पकड़ कर ऊपर निचे करके छोड़ने लगाआआ


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विभु--: अहाहा मेरी जापानीज पोर्न स्टार अहहहह मज़ाआ आ रहः हे अशीही हिलती राहूऊ अहहहहह माआआआ अहहहहहह

शीला-: आप कोण हूँ आहहहहहह बुटटटटटट मज़ाहा आआ रहः हेबेई अहहहहहह अशी hi हाहाहाहा

विभु-: मनीषा से पूछ लेना आए अहहहहहहहह वो बताता डेगीीिबाहहहहहहह

शीला-: जांननाआ पड़ेगा आए आप्कोऊ नहिई बी चोरररर सक्तीओई अब्बब्बब अहहहहहह हेरे सीईअहहहहहहह

विभु-: आए ाहाःहाह मत चोरनाआ आप मनीषा से कैसे भी करके ीे पुछूओ ाहाहाःहाहा मुजीब कासम्म दे राखी ही हाहाहाहा

विभु ने जोर से शीला भाभी की निचे से छोड़ते हुवे उनके दूध को जोर से दबा दिया जिससे उनका दूध विभु की चटीई पर गिरने लगाआआ विभु का जोश दूंगा हो गया और वो छोड़ने लगाआआ


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शीला-: अहःअहः जोररर सीए में पूछ लुंगी ीी उनसीईए अब्ब्ब्ब आप कॉंणवहोक ाहः जोर सी दूध बढ़ाओ पिलो मेराआ दूध अहहहहह

विभु ने शीला भाबी का दूध मुँह में भर कर दूध पिने लगा और शीला भाभी ऊपर निचे होने लगी

शीला भाभी की स्पीड बाद गयी और वो अब दूसरी बार झाड़ कर विभु के ऊपर गिर गयी

विभु ने उनको उअत्याआआ और घोड़ी बना दियाए

शीला -: ये क्या कर रहे हूँ ाआपपपप

विभु-: अभी तो चुदाई बाकि हे मेरी पोर्न स्टार

शीला-: ाशे कैसे करोगीयी आपपपपप

विभु-; कभी कुत्ते और कटिया की चुदाई देखि हे शीला-: हा

विभु-; बस वैसे देखती जाओ इसमें आपको सबसे ज्यादा मज़ा ाएगाआआ

विभु ने शीला भाभी की छूट को पीछे से उंगली भर कर मज़ा दियाए

फिर शीला भाभी की कमर को पकड़ कर लुंड को छूट पर लगा कर एक जोर दर ढक्काए लगाया लुंड एक बार में hi छूट में चला गया

शीला-: अहःअहः क्याआ करती होई दर्द्द होऊ रहहहह हीइ अहहहहा मर्डरर गयीईइ निकालूओ अहहहहहह अंदर चलाआ गैयाआ बहुत अंडरररे अहःअहः मेरी बसी दांयी फैटी वाईईई हहई

विभु-: है मेरी जान अब मज़ा ाएगाआआ

विभि में शीला भाभी की कमर का पकड़ा कर जोर जोर से धक्के लगाने लगाआआ


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शीला -; अहःअहः मायआ ऑर्डर जोरररर सीए हाहाहाहाहा अपना वोओओओ मेरेईईई बच्ची बढ़नी मेई ाझाहाहाहाज जोरररर सीए माआआ गयी मेई हाहाहाःहाहा मज़ाआ ाहाःहाहा गययययय मायआ बचाकू अहहहहह

विभु-: मेरी बहभी जान केसा लगा रहा हीइ हआ

शीला-; बहुत मज़ाआ आए रहा हह अज्जाना ऑर्डर करूऊ जोररर सीए अहःअहः जोररर सी ाजजजजज

विब्बू ने जोर जोर से चुदाई चालू रखी और अब विभु का भी होने वाला था उसने शीला भाभी की छोटी को पकड़ कर जोर जोर से धक्के लगाने लगाआआ धक्के लगने से शीला भाभी की भी पानी आए गया तीसरी बार और विभु ने अपनी स्पीड और बड़ा दी

विभु-: अहःअहः बहभी मेरा होनी वलायआ हाहाहाहाहा हाहाहाहाहा में गयाए

शीला-: मेरा भीइबोनीई वललललला हेबेई अहहहहहह गयेयायईईईईई मीटीए माआआआआ.


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दोनों चिल्ला क्र झाड़ गए शिल्ला भाभी निचे और विभु उनके ऊपर गिर गया

कुछ देर उनके ऊपर लेटने के बाद में सीधा हुआ और उनको अपने ऊपर ले लिया

में-: ी लव ु भाभी मज़ा आ गया आज आपके साथ ये पल में कभी नहीं भूलूंगा आपके साथ का

शीला-: में भी मुझे आज पता चला की सेक्स क्या होता ह ी लव ु मुझे इतनी खुसी देने के लिए आपको

विभु-; जब आपको पता चलेगा की में कोण hi फिर भी आप मुझसे ये सब करोगी

शीला-: तुम क्या करोगे

विभु-: में तो और मज़े से करूंगा फिर तो

शीला-- में भी पता क्र लुंगी की आप कोण हो

विभु--: चले अब बहुत लेट हो गया

शीला-: हम्म्म मगर मेरे निचे वह बहुत दर्द हो रहा ह .


विभु-: थोड़ी देर में ठीक हो जायेगा चलो में आपको गांव तक ले जाता हु

शीला-: ह्म्म्मम्म

विभु ने शीला भाभी की पतली कमर को पकड़ कर सहारा देते हुवे मनीषा भाभी के तबेले के पास आ गया और मनीषा भभ को कॉल कर दिया

मनीषा भाभी कुछ देर में वह आ गयी

म भाभी-: हो गया

विभु-: हम्म इनको घर ले जाओ और आप संभल लेना में जा रहा हु अब

म भाभी--: हम्म जाओ

विब्बू वह से निकल गया
 
अपडेट -102

इधर नीता चची के घर चलते हे आशा क्या देखा सीमा दी ने की वो एक डैम चीला पड़ी

सीमा दी-: आप यहाँ और मेरी नीता चची के साथ ये क्या कर रहे हो

आदमी-: ये कहा से आ गयी

नीता चची-: तुम यहाँ किसी आयी निशा कहा ह

निशा-: सॉरी मम्मी में दयँ नहीं रख पायी

सीमा--: चल क्या रहा ह ये आप चहका के साथ धोका कर रही हो और ये निशा को भी पता ह

निशा-: है ये मेरे पापा हे न की वो

सीमा-: क्या बात कर रही ह तू में चहका को सब बता दूंगी

नीता चची-: तुम कुछ नहीं बताओगी मेरे इतने दिन का सारा खेल ख़राब नहीं होने दूंगी में निशा पकड़ लो इसे

निशा ने सीमा दी को पकड़ लिए जोर से

वो आदमी आया और उसने सीमा दी को पकड़वाने में मदद की

सीमा ने पास रखे एक गुलदस्ते से उस आदमी के सर में मर दी

आदमी-: माँ की छूट तेरी मेरा सर फोड़ दियाए

निशा-: कामिनी मेरे पापा को मरती हे

निशा ने सीमा दी को 1-2 थप्पस रखे

वो आदमी गिर गया था उसे चोट लगी थी वो उठा और सीमा को पकड़ने लगा इतने सीमा दी ने निशा को गिरा दिया और भागने लगी

तभी नीता चची दौड क्र आयी एक डंडा ले लिया और जैसे hi सीमा दी गेट खोलने लगी नीता चची ने पीछे से उस डंडे से सीमा दी के सर पर मर दी


सीमा दी-: ाहाहाःहाहा maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa बहकाकूओ bhaiiiiiiiiiii mujeeeeeeeeeeeee

इतने निशा डीएड कर आयी और उसने भी सीमा दी के सर में डंडा ले कर मर दी

सीमा दी के सर से खून निकलने लगा

सीमा दी-: ये क्या किया आपने मेरा भाई आपसे बदला जरूर लगेगा

नीता चची-: तेरे भाई को पता नहीं चलने दूंगी कभी और न hi तेरे भाई को छोडूंगी कभी एक दिन उसका भी यही हल होगा अअअअअअअ

आदमी-; इसे मर दो अब ये जिन्दा नहीं रहनी चाइये

नीता चची ने सीमा दी का गाला दबा दिया

सीमा-: मन में)))) ी लव ु भाई बहुत प्यार करती हु तुजसे मेरा बदला जरूर लेना आआ मेरी बाइइइइइ और इनसे कब्को बचा लेनाआआ))


कुछ देर सीमा दी तड़पने लगी और उसने डैम तोड़ diyaaaaaaaaaaaaaaa

नीता चची अलग हो गयी और उस आदमी से लिपट गयी

नीता-: आप ठीक हो न

आदमी-: हम्म

नीता-: अब इसका क्या करे कोई आ गया तो अब कैसे छुपाये

आदमी-: (कुछ सोच कर) एक काम करते हे उसे हम छत से गिरा देते हे और तू सबको कॉल करके बोलना की निशा और सीम ऊपर बैठे थे की अचानक ये पीछे गिर गयी

निशा-: है ये ठीक रहेगा सबको पता ह की सीमा दी को दिवार और बैठने की आदत हे में बोल दूंगी की ये यहाँ से गिर गयी

नीता चची--: निशा मेरी बात सुन हमें बहुत रोना हे ाशे एक्टिंग करना ह की किसी की पता न चले जो सुने रियल लगे

निशा-: हआ मम्मी

आदमी-: अब इसे में और नीता उठा कर ऊपर ले जाते हे निशा तू ये सब खून साफ कर दे

निशा-: हाआआआ आप ले जाओ इसी

उस आदमी और नीता चची ने सीमा दी की लाश को खींच के ऊपर ले आये दोनों तक गए थे

आदमी-: नीता तुम जा कर देखा निशा ने सब साफ कर दिया ने यहाँ ऊपर निचे सब साफ करो पहले

नीता चची निचे गयी और दोनों ने पूरा साफ कर दिया

इतने उस आदमी ने सीमा दी की लाश को ऊपर रख दिया

कुछ देर में निशा और नीता चची ऊपर आ गयी

आदमी-: अब में जाता हु मेरे जाते hi तुम इसे निचे गिरा देना और निशा तुम रोटी हुई निचे आना और जोर जोर से आवाज लगा कर रोंआआआआ

नीता तुम इसकी आवाज सुन कर बहार आना और तुम भी रोने लग्न बाकि तुम मेरी दोनों जान संभल लेना देखना कुछ गड़बड़ नहीं होनी चाहिए

Nita-:hmm

नीता और निशा दोनों ने उस आदमी को गले लगाया

नीता-: ये कामिनी आ गयी और जान से चली गयी जो भी हमारे मकसद के रस्ते में आएगा मारा जायेगा

आदमी-: हम्म्म

फिर नीता चहकी और वो आदमी निचे आये वो आदमी नीता को किश करके निकल गया

कुछ देर में निशा और नीता ने मिल कर सीमा दी को सर के बल ऊपर से निचे गिरा दिया

फिर नीता चहकी निचे आ गयी और निशा दी रट हुए निचे आयो

निशा--; माँ माँ मा सीमा दी गिर गईइइइइइ ऊपर सीईए

निस्बा बहार आ कर रट हुवे चिल्ला रही थी कुछ देर में नीता चची बहार आयी और जब उसने निशा को सीमा दी के बस बेथ कर रट देखा तो वो भी चिल्ला चिल्ला कर रोने लगी

उन दोनों की आवाज सुन कर आस पास के लोग इक्कठा हो गए सबने देखा की सीमा ऊपर से गिर गयी

निशा-: मम्मी दी ऊपर से गिर गयी वह बैठी थी

वह पास में आदमी थे उन्होंने संजय चाचा को कॉल कर दिया किसी ने एम्बुलेंस पर कॉल कर दियाए

नीता चची-: निशा जल्दी से विभु को कॉल करे

निशा दौड कर अंदर आयी और विभु को कॉल किया आए

इधर विभु शीला भाभी को मनीषा भाभी को चोर क्र निकला था और कुछ दूर गया था की उसके मोबाइल पर नीता चची का कॉल आया उसने कॉल उतःया

विभु--: है नीता बोलो

सामने से निशा रट हुवे बोल रही थी

निशा-: भाई जल्दी मेरे घर आ जाओ सीमा दी गिर गयी

विभु ने जैसे hi सीमा दी गिर गयी ये सुना वो दौड कर नीता चची के घर चला गया

इधर गांव के लोगो ने माया को बता दिया था माया ने सुमन को भुलाया और सब नीता चची के घर की तरफ दौड पड़े

तै को पता चला तो वो और चेतना दोनों भी चले गए सोनाली बभी नाहा रही रही उस समय


िद्बार विभु नीता चची के घर आया वह बहुत से लोग इक्कठा हो गए थीई ..विभु ने सबको चीरते हुवे अंदर गया जहा सीमा दी की लाश पड़ी थी खून hi खून था सीमा दी का सर पहात गया था

विभु ने उसे गॉड में उठा लिया और वो भी रोने लगाआआ कुछ देर में माया सुमन चेतना भाभी भी आ गयी इधर मनीषा भाभी को भी पता चला तो वो भी जल्दी से शीला भाभी को उनके कमरे में चोर कर प्रिय को बोल कर आ गयी

सब िक्कते हो कर रो रहे थे उधर विभु के पापा बड़े पापा और चाचा भी वह से निकल चुके थे

इधर सब का रो कर बुरा हल हो गया था थोड़ी देर में एम्बुलेंस आ गयी उन्होंर आ कर देखा और सीमा दी को डेथ हो गयी बोल दिया सब जोर जोर से रोने लगे

सबने सीमा दी को उठाया और नीता चची के घर में ले आये इधर विभु सुध बुध खो चूका था उसके कुछ समाज नहीं आ रहा था अचानक क्या से क्या हो गया था

इधर माया बेहोश हो गयी थी ये देख कर तै और चेतना भाभी ने उनको सुलाया

कुछ देर में तीनो भाई भी आ गए उन्होंने भी आकर देखा तो सीमा की डेथ हो गयी थी

सीमा के मां के घर भी हे खबर पहुंच गयी थे वह भी सब रोने लगे थे आज hi सीमा वह से आयी थीई

सबका रो रो कर बुरा हल था

इधर सोनाली जब नाहा कर बहार आयी और तैयार हो कर निचे आयी तो उसे कोई नहीं दिखा उसने चेतना भाभी को कॉल किया तो उसे पता चला वो रोने लगी और डीएड कर नीता चची के घर की तरफ गयी

एम्बुलेंस वापस चली गयी थी सीमा की डेथ हो गयी थी

रट रट सबने आज की रत निकल दी सबका हल बुरा हो गया था तै ने सबको संभाला

सुबु होते हे बड़ी मम्मी भी आ गयी उसके साथ पूनम भी आ गयी पूनम ने तो जबसे सुना था तबसे उसका बुरा हल था आपको पता ह पूनम और सीमा दी एक साथ रहते थे

पूनम सीमा दी की लाश से लिपट कर रोने लगी

पूनम--: मेरी बहन मेरे से मिल कर जाती मेरे बिना कैसे रहूंगी अब क्या होगाआआ मेराआआ मेरी बाह्म मुझे भी साथ ले जाआआआ

पपौणम पास में बैठे विभु से लिपट कर रोने लगइईईई जोर जोर से दोनों की रोना बंद नहीं हुआ था विभु का रत से रोये जा रहा था

सुमन का भी यही हल था सुनाम को पूजा आ गयी थी वो अम्बाल रही थी सब एक दूसरे को संभाल में लगे थे इतने में

सीमा के मां मौसा फूफा बावजी सब आ गए सब रोने लगे पुरे घर में रोने की आवाज गूंज रही थी

सब ने एक दूसरे को संभाला और वो समय भी आ गया जब सीमा को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे

विब्बू उसे जाने नहीं दे रहा था सबने उसे संभाला और फिर सीमा को सबने रट हुवे अंतिम विदाई दी

फिर सबने रट हुवे सीमा का अंतिम संस्कार कर दियाए

विभु अभी तक सुध बुध में नहीं था उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या हो गया एक पल मेई

सब घर आ गया अंतिम संस्कार करके विभु की माँ को अभी भी यकीन नहीं हो रहा था की उसकी बड़ी बैठी उसे चोर कर इस दुनिया से चली गयी हे

विभु के मां ने गांव के हलवाणी से कबसे लिए खाना बनाया और सबको समझाया

मां-: जो हुआ वो एक हादसा था जिसे हम बदल नहीं सकते हमारी लाड़ली सीमा अब इस दुनिया में नहीं रही

ये बोलते हुवे वो जोर से रोने लगे विभु के पापा ने उनको समझाया और सबने खाना खाया

विभु सुमन पूजा माया सपना इनके घर वालो ने नहीं खाया बाकि सबके खाना खाया और वही रहे

इधर नीता चची अपने कमरे में जा कर मुँह धो कर उस आदमी को कॉल किया

नीता-: सब हो गया किसी को शक नहीं हुआ हे

आदमी-: तू कहा ह अभी

नीता-: कमरे में hi में आपको बादमे कॉल करती हु

दरख्ते hi देखते शाम हो गयी सब मेहमान यही थे सब एक दूसरे को समझा रहे थे


इधर आज दिन में देविका ने वैभव को उसके सरे दोस्तों को भुलाने का बोलै था देविका ने टाइम देखा तो अभी आधा घंटा बाकि था फिर भी वो अकेली खेत पर निकल गयी

ो रस्ते में थी की उसके मोबाइल पर मंजू काकी का फोन आया

devika-:ha बोल मंजू

मंजू-: दीदी वो विभु की बहन गिर गयी अब हमारा काम लेट हो गया इतने वो भूल न जाये नहीं तो हमारी साडी ख्वाइश अधूरी रह जाएगी उसी छोड़ने की

देविका-: अभी वो गम में हे कुछ दिन रुक अब फिर कुछ करते हे

मंजू-: है दी

देविका--: वैसे वैभव कहा हे घर हे क्या

मंजू-: नहीं वो तो कबका यहाँ से निकल गया ह खेत जाने का बोल रहा था

देविका-: ठीक ह आये तो बोलना की मुझसे मिले

मंजू-: ठीक ह दी

देविका ने कॉल कट किया और वह से सीधा खेत पर चली गयी वह जाकर देखा अभी तक कोई नहीं आया था उसने

देविका ने मोबाइल निकला और किसी को कॉल किया मगर सामने से कोई रिस्पांस नहीं मिला तो देविका कुछ सोचने लगी

कुछ देर वेट करने के बाद वैभव और बाकि सरे लड़के आ गए

वैभव

मंगल .

भोला

सुनील

मनीष

राहुल

रणजीत


ये सरे लड़के आ गए. इन्होने आकर दरवाजा खोला और अंदर आ गए जहा पहले से देविका थी सब देविका को देख कर दर रहे थे की इन्होने यहाँ क्यों भुलाया हे

देविका-: सब लाइन से खड़े हो जाओ और मुझे अपना अपना नाम बताओ और अपने पिताजी का भी

सबने देविका को अपना नाम और पिताजी का नाम बताया

देविका-: सुनो में ज्यादा टाइम नहीं लुंगी तुम सबका मुझे कुछ बात करना ह जो तैयार हो वो यहाँ रुक जाना और जिसको कोई दिक्कत हो यहाँ से चले जाना

मंगल-: बोलो काकी क्या बात करना ह

देविका-: मेरे लिए काम करोगे

मंगल-: कोनसा काम

देविका--: कुछ भी में कुछ भी करवा सकती हु तुमसे

मंगल-: और बदले में हमें क्या मिलेगा

देविका-: है ये बात हुई बदले में जो तुम मानगो गए वो मिलेगाए पैसे जितने जरुरत हो बोल देना मोबाइल मिलेगा सबको और जोभी तुम्हे जरुरत हो मुझे बोल देना

मंगल-:( देविका के बोबो को घूरते हुए ) सब मिलेगा नाआ काकीईई

देविका -:(उसकी मनसा को समझ क्र) है सब कुछ मिलेगाए बस तुम मेरे लिए काम करो वैसे भी तुम फ़ोकट का काम करते हो और काम पैसे मिलते हे मेरे साथ रहोगे तो काम कुछ ज्यादा नहीं ह और पैसे बहुत हे उसके अलावा भी बहुत कुछ मिलेगाए

मंगल-: में तो तैयार हु जो भी काम होगा कर दूंगा

सब सोचने लगे

वैभव-: में भी करूंगा

भोला -: में भी

धीरे धीरे सब तैयार हो गए हे

देविका खुस हो गयी

देविका-: सुनो तो आज से तुम मेरे लिए काम करोगे और है सुनो ये बात कभी भी किसी से नहीं बोलोगे समझे

सब -: हम्म

भोला-: काकी गांजा मिलेगाए

देविका--: सब मिलेगा दारू गांजा और कुछ तुम मानगो वो बस काम टाइम से करना हे और ध्यान रखना मेरा नाम कही नहीं आना चाहिए

मंगल-: ठीक ह काकी आज से आप हमारी मालिकन हूँ

देविका-: गुड ये पेसो लो और सबके लिए मोबाइल ले के आना वैभव तू और सिम भी नई एक मोबाइल मेरे लिए भी लेके आना

mangal-:thik ह

देविका--: और है आज से वैभव तुम्हे जो बोले करना हे

देविका ने पैसे दिए और वैभव के मगल शहर की और चले गए बाकि सब वही थे

. देविका--: तुम भी जाओ शाम को आ जाना मोबाइल लेने

फिर सब चले गए देविका खुश हो गयी उसने अपना मोबाइल निकला और उसी औरत को कॉल कियाआआ

devika--:kam हो गया हे सब तैयार हे कुछ दिन सबको पैसे दे दे कर खुस करना ह फिर कुछ भी करवले कर देंगे

औरत--: ठीक ह अभी मेहमान बहुत हे घर पे में बादमे बात करती हु .

देविका-: ये सब कैसे हुआए डीई

औरत-: बाद में बताती हुऊ

औरत ने कॉल कट किया क्र अपने काम में लग गयी इधर देविका खेत वाले घर पर अकेली बैठी थी वो सोच रही थी की विभु की बहन की मोत के बाद कुछ दिन अब विभु सदमे में रहेगा इतने वो इन लड़को की गैंग बना लेगी और बादमे धीरे धीरे उनको विभु की फेमेली- के खिलाफ इस्तेमाल करेगी

इधर घर पर मंजू के सरे अरमान पानी में फिर गए थे कुछ दिन के लिए वो सोच के बैठी थी की उसकी चुदाई भी एक बड़े लुंड से होगी बड़ी म्हणत करके उसने और देविका ने विभु को फसाया था और उसकी बहन की मोत हो गयी अब उसे कुछ दिन रुकना था उसे नहीं पता की ये देविका का प्लान था विभु से छुड़वाने का जिसमे में फास चुकी थी बस अब बाकि था तो विभु के निचे आना


इधर विभु के घर आज भी सब मेहमान थे अभी तक किसी को यकीं नहीं हो रहा था की सीमा उनको चोर क्र हमेसा के लिए चोर के जा चुकी थी

सब बैठे थे माया और विभु अभी तक सदमे में थे

पूजा ने सुमन को समझने अपने घर ले गयी

पूजा-: सुमन ये क्या ह पता ह दी चली गयी मगर तेरी माँ और हमारा प्यार विभु को संभल न हे हमें तू टूट जाएगी तो वो किसी रहेंगे

सुमन--; वो दी

पूजा-: बिलकुल चुप अगर सुच में मुझसे प्यार हे तुजे तो अब बिलकुल नहीं रोयेगी तू बिलकुल चुप देख हमारा विभु केसा टूट गया ह उसे समझना हे हम दोनों को

सुमन ने पूजा को गले लगाया और रोने लगी पूजा ने उसे चुप करवाया पूजा की माँ आयी और उसने भी सुमन को समझाया फिर दोनों ने मिल कर सुमन को खाना खिलाया सुमन ने थोड़ा सा खाना खाया

मनीषा भाभी विभु के पास गयी

म भाभी-: जान मेरी तरफ देखो .

विभु--: भाभी मेरा कब कुछ लूट गया मेरी दी मुझे चोर के चली गयी

म bhabhi-wo मुझे पता ह अब खुद को समझाओ तुम जो हुआ वो एक हादसा हे माया चची को देखो उनको संभालना हे अपने पापा को देखो वो अलग बैठे हे उनको समझना हे आपको 2 छोटी बहन हे उनको आपको समंजना हे आप टूट जाओगे तो कैसे चलेगा

विभु कुछ नहीं बोलै मनीषा भाभी ने सबके सामने उसे बहो में भर लिया और वो भी रोने लगी

है के एक कोने में सोनाली भाभी विभु को देख रही थी

सोनाली-:( मन में) में मन से आपको अपना पति मन चुकी हु आपको ाशे दुखी नहीं देख सकती जान

चेतना-: सोनाली ये क्या हो गया सुबह hi आयी थी सीमा बहुत खुस लग रही थी शाम को मिलने आयी थी बड़ी मज़ाक कर रही थी और अब देखो वो हमारे बिच नहीं हे

इधर नीता चची और निशा एक कागज बेथ कर सबको समझा रहे थे उन दोनों की इस गलती का बदला विभु कैसे लेता ह उसे कैसे पता चलता हे की सीमा दी की मारा गया हे उसको चची ने मारा हे

पूनम प्रिय और नव्या तीनो hi चुप बैठी थी तीनो ने आज अपनी बहन को खो दिया था

ाशे hi सब बैठे थे सुमन ने विभु को अपनी कसम दे कर कुछ खिलाया था विभु और सुमन ने माँ और पापा को कुछ खिलाया आजसे hi शाम हो गयी नव्या प्रिय पूनम यही सो रहे थे नीता चची भी माया के पास सो गयी बड़ी मम्मी भी यही सो गयी बाकि चहका और बड़े पापा उनके है चले गए

विभु जब ऊपर आया तो उसकी नजर सीमा दी के कमरे पर गयी जिसे देख कर वो फिर से रोने लगा

वो रट हुवे अपने कमरे में चला गया कुछ देर रट रहा और फिर सो गया

सब लोग सो चुके थे

अगले दिन उठ कर सब टेस्टिंग में थे सबने मिलकर चाय पि और देखते hi देखते सरे मेहमन जाने लगे धीरे धीरे सब मेहमान चले गए ..

विभु के दोनों मां चले गए उसकी दोनों ममी अभी 2-4 दिन यही रुके रहे थे

बाकि सब चले गए थे


िधार देविका ने रत को सभी को इक एक मोबाइल दे दिया था सब लड़के खुस थे

. देविका--: ये no. मेरा हे जिसको जब भी कुछ काम हो मुझे कॉल कर लेना

देविका ने जो एक एक्सटर मोबाइल मंगवाया था उसके no. इन सब को दे दिया

सब चले गए थे सिर्फ वैभव रुका था

वैभव-: बड़ी मम्मी मेरा मोबाइल केसा हे

देविका--: अच्छा हे सुन इन सबको तुजे कण्ट्रोल करना ह और ये साडी बाटे तू घर में किसी को मत बताना में तुजे साडी खुसी दूंगी समझा

. वैभव-: है बड़ी मम्मी में कभी नहीं बताऊंगा

फिर दोनों वह से साथ में घर आ गए

इधर शाम को जब पूजा और सुमन विभु के रूम में जा कर उसे समझाया दोनों ने विभु ने भी दोनों को बोलै की अब वो दुखी नहीं होगाआआ

ाशे hi देखते देखते 3-4 दिन निकल गए उसकी दोनों ममिया अब जा चुकी थी

बड़े पापा और चाचा भी सहर जहा फेक्ट्री बन रही थी वह जा चुके थे

सब अब धीरे धीरे नार्मल हो रहे थे

इधर देविका ने सब लड़को को दारू और गांजा के नशे में चूर कर दिया था उसका कुछ दिमाग में था जो थोड़े दिन में क्लियर होने वाला था

विभु के 3 दोस्त अजय विक्की और दिनेश ने उसको बहुत सहारा दिया जो काम होगा वो कर देते थे 3 no कभी विभु को महसूस hi नहीं होने दिया की वो उसके दोस्त हे

इधर ठाकुर और काकाओ ने भी अपना काम चालू कर दिया था कुछ दिन से उनको बह कुछ नुकसान नहीं हुआ था

ठाकुर के घर में वैशाली अब खुस थी विक्रम सिंह का लुंड अब डॉ. की हैवी दोसे गोली से खड़ा होने लगा था बस उनकी टाइमिंग काम हो गयी थी फिर भी वेहसली खुस थी

उसके पास सिमरन की हिम्मत नहीं हो रही थी अपने ससुर को पटाने की उनके ससुर ने भी अभी तक कुछ नहीं किया सिर्फ पेंटी लेने के आलावा वो छह कर भी हिम्मत नहीं कर प् रही थी

ठकुराइन ने भी विभु की बहन की डेथ की वजह से कुछ दिन चुप बैठी रही

िधाए कजरी भी अब आ चुकी थी उसे भी जब पता चला की विभु की फेमेली में क्या हुआ तो उसे बहुत दुःख हुआ वो वापस से ठकुराइन के घर पे काम करने लगी

इधर पारो ने भी विभु के मोबाइल पर मस्सगे किया मगर विभु ने उसे कोई जवाब नहीं दिया थाआ

.सोनाली ने विभु को बहुत समझाया एक पत्नी की तरह मगर विभु ने अब उसे वो रिस्पांस नहीं दिया जिससे वो उदाश हो गयी थी

मनीषा भाभी भी बिच बिच में उससे अच्छे से बात कर लिया करती थी

नीता चची ने भी दिखावे के लिए विभु को संजय था निशा और नीता अब अपने घर पर hi रहते थे दोनों ने सोच लिया की अब जो भी करना हे दयँ से करना ह

धीरज भाभी ने विभु को कॉल करके समझाया था विभु ने उससे बात करके अच्छा लगता था


निधि और ज्योति भी कॉल कर लिया करती थी पूजा का एक दिन कहा नहीं रहा जब वो विभु से न मिली हो डेली उसे समझाया उसने hi विभु को हिम्मत दी थी

दरख्ते hi देखते 15 दिन निकल गए इन दिनों में कुछ खास नहीं हुआ और फिर वो दिन भी आ गया जब विभु की एग्जाम आ गयी

विभु अब ज्यादा अपने कमरे से निकलता नहीं था और कभी कभी खेत पर जा कर काम देख कर आ जाता था

इधर खेत पर सारा काम सेरा ने देख लिया था विदिशा को भी बुरा लगा ये सब सुन कर उसने भी विभु को बहुत समझाया

ाशे hi देखते देखते दिन निकल रहे थे विभु की एग्जाम चल रही थी सुमन उसे पढ़ाया करती थी पूजा भी मदद करती थी

दरख्ते hi देखते एग्जाम का लास्ट पपएर बचा था विभु का अब विभु भी थोड़ा गम से बहार आ गया था उसके पापा अभी तक यही थे

वो अब अपने दोस्तों के साथ उठने बैठने लग गया था एक दिन वो खेत पर बैठा था की


(( दोस्तों ये कहानी के लिए जरुरी था आगे देखो अब विभु क्या करता हे कैसे उसे पता चलेगा की उसके अपनों ने hi. उसे धोका दिया हे ))
 
अपडेट-- 103 .

विभु अपने कल के लास्ट पेपर की तैयारी कर रहा था खेत पर आज उसकी बहन के डेथ' हुवे ने 1 महीना ऊपर हो गया था इतने दिन से उसने किसी को छुआ तक नहीं था वो सदमे में था उसे समझ नहीं आ रहा था की क्या हुआ और कैसे हुआ अब वो उस सदमे से बहार आने लगा था थोड़ी थोड़ी बाटे हर किसी से करने लग गया था

आज भी खेत पर बेथ कर वो अपने लास्ट पेपर की तैयारी कर रहा था की उसने देखा की ठाकुर और विष्णु काका जंगल की और जा रहे थे

तभी इन दोनों को देख कर उसे वो बात यद् आ गयी जब इन दोनों ने रमेश को इसके पापा और चहका को मरने की सुपारी दी थी

मन की आवाज-: भाई एक हादसा था उसे अब भूल जा सीमा दी हमारे साइन में हमेसा जीवित रहेगी कही तू उस गम में रहे और ये लोग तेरे पापा और इनके साथ कुछ गलत न करदे तुजे अब वापस विभु बनन्ना पडेगाआ अपने परिवार की जिम्मेदारी तुजे लेनी पड़ेगी

विभु-: है अब मुझे भी लग रहा ह कल लास्ट पपएर हो जाये मेरा फिर वापस मुझे मेरा सारा देखना पडेगा इनको इनकी ोकत बतानी पड़ेगी

मन की आवाज-: है भाई बतादे की तेरे दिल की आग में कैसे जलेंगे ये सब

विभु-: हम्म्म अब लोट आया हे विभु

मन की आवाज-: सुन भाई वो प्रेणा मम का क्या हुआए

विभु-: है वो तो मेने मस्सगे किया था उसके बाद कहा देखा आज देखना पड़ेगा मेरा वो मोबाइल घर पर हे

मन की आवाज -: आज नहीं कल पेपर दे पहले फॉर कल से देखते हे सब

विभु-; हम्म्म एहि सही रहेगा

मन की आवाज--- वैसे सोनाली को तूने उस दिन प्रपोज़ किया था न वो उस दिन की तड़प रही ह रोज तुजसे बात करती ह अच्छे से तू उस पर दयँ नहीं दे रहा ह

विभु-: हम्म यद् हे अब नहीं अब वो मेरी ह सिर्फ मेरी

मन की आवाज-: ये हुई न बात चल अब पड़े कर कल से भोकाल मचाना हे इस गांव में

विभु-: हम्म्म

फिर विभु पड़े करने लगा पड़े करके घर ायवाया. वो घर आ कर अपनी मम्मी और पापा बैठे थे उनके पास गया

पापा-: आ गया बीटा

विभु-: हम्म पापा

पापा-: आजा खाना खा ले बीटा

विभु-: हम्म चलो सब साथ कहते हे आज

मम्मी-; बीटा तुम खालो हम बाद में खा लेंगे

विभु-: मम्मी जो हुआ वो गलत ह हम कभी सीमा दी को भूल नहीं. सकते. मगर हमें अब आगे बढ़ना ह मेरी 2 छोटी बहन ह उनको प्यार देना ह अब में उधास नहीं रहूंगा न hi आप दोनों हम अब संभालना हे माआ

पापा-: माया देख हमारा बता कितना समझदार हो गया ह हमें सही गलत बता रहा ह आज मुझे गर्व ह बीटा तुज पर

माया की आँखों में आंसू आ गए उसने विभु को गले लगाया इतने सुमन और सपना भी आ गए

वो दोनों भी गले लग गए इसी तरह सबने खाना खाया अब सब लोग उस हादसे को भूलने लगे थे धीरे धीरे

विभु और सब खाना खा कर अपने रूम में चले गए सुमन बुक ले कर आ गयी

सुमन-: भाई पड़े कर लेते हे

विभु खड़ा हुआ और सुनाम को खड़ा कर दिया.

सुअन--: क्या हुआ भाई

विभु-; भाई नहीं जान हु में तेरी और तू मेरी

सुमन-: हम्म जान ये. वर्क सुनने को कण तरस गए थे मेरे

.

सुमन ने विभु को गले से लगा लिया


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विभु--: ी लव ु जान

सुमन-: लव ु 2 आपके इस प्यार के लिए तरस गयी थी जान में .

विभु-: अब कभी आशा नहीं करूंगा जान

सुमन-: हम्म्म

फिर दोनों भाई बहन पड़े करने लग गए बिच बिच में विभु सुमन को छेद देता ये देख कर सुमन को खुसी हो गयी की उसका भाई अब जल्दी सब भूल रहा ह कुछ देर पड़े करने के बाद

सुमन--; ठीक ह जान अब में चलती हु

विभु-: जान आज मुझे अपनी बहो में सुला लो बहुत दिन हो गए सुकून नहीं मिला

सुमन ने बुक रख दी और गेट लगा क्र विभु को अपनी बहो में भर लिया

दोनों कुछ देर बाटे करते रहे और सो गयी

सुबह सुमन ने विभु को उठाया विभु उठ कर बाथरूम गया फ्रेश हो कर अपनी छोटी बहन सपना के रूम में गया वो अभी तक सो रही थी

विभु-; छोटी ुत जा देख कितना टाइम हो गया

सपना विभु की आवाज सुन कर एक डैम से कड़ी हो गयी

सपना-: भाई आप

विभु-: क्यों में आ नहीं सकता क्या

सपना-: नहीं आशा नहीं ह बहुत दिन हो गए न

विभु ने अपनी बहे फैला दी सपना उसके गले लग गयी

विभु-: मेरी छोटी को कुछ जरुरत हो बोल देना

सपना-: हम्म भाई आज आपका लास्ट पेपर हे न

विभु-: हां क्यों

सपना-: मेरे पपएर हो गए में सोच रही हम कही जाते हे घूमने वो हादसा होने के बाद सब उधास hi रहते हे

विभु-: ठीक ह में देखता हु

sapna-:hmm माँ से बात करना आप

विभु-- अभी नहीं छोटी कुछ दिन बाद जाते हे

विभु वह से निकल गया और निचे आ कर चाय पि कर बहार आया जहा पूजा पहले से कड़ी थी


विभु--: गम जान किसी हो

पूजा-: वो

पूजा कुछ बोल पति उससे पहले सुमन आ गयी विभु आगे चल दिया

प Pooja-:tuje अभी आना था क्या कितने दिन बाद तो इन्होने मुझे जान बोलै था तू बिच में आ गयी

सुमन--: जान तुजे भी बोल दिया आज रत को मुझे भी बोलै ह और मेरे पास hi सोये थे

पूजा-: ही ही मेरी लड़ो की किस्मत मेरे दिन कब आएंगे ाशे .

सुमन-: अब उनके दिमाग से सीमा दी की मोत का सदमा काम हो रहा ह थोड़े दिन में पुरे ठीक हो जायेंगे फिर

POoja-:hmm आज का दिन बन गया मेरा तो

दोनों खुश हो गयी और एग्जाम देने चले गए

आज लास्ट पेपर था सबके चेहरे पर स्माइल थी सब खुस थे विभु भी रोज के मुकाबले आज थोड़ा ज्यादा खुस था

विभि को ाशे देख क्र सुमन पूजा धापू ज्योति माला सब खुस हो रहे थे एक और चेहरा था जो बार बार विभु को देख रहा था तिरछी नजर से

जल्दी से पपएर किया सबने और सब बहार आ कर चिल्लाने लगे

विभु सबसे मिला और घर को निकल गया घर आ कर सीधा अपनी माँ के पास गया उसे बड़े प्यार से खाना खिकया फिर सुमन के रूम में जा कर उससे जादू की झप्पी ले कर अपने दोनों मोबाइल ले कर खेत पर चला गया

खेत पर जा कर सीधा सेरा से और विदिशा से मिला

विदिशा-: इतने दिन बाद आपको खुस दे कर अच्छा लगा

सेरा-: हआ विभु आज आपको ाशे देख कर अच्छा लग रहा ह

विभु-: में तो हमेसा से hi आशा hi हु अच्छा सुनो आगे का अब क्या प्लान ह हमें जल्दी hi कुछ करना ह

विदिशा--: है में भी सोच रही हु अब कुछ बड़ा करने का टाइम आ गया हे

सेरा-: विभु कुछ भी करके ठाकुर को मरना हे हमें

विदिशा-; नहीं सेरा उसे पहले नहीं पहले उसके सरे साथी को 1 -1 करके ख़तम करना हे उसके सामने

विभु-: है ये ठीक रहेगा अब कुछ प्लान करते हे वैसे तुम्हे कजरी से मिलवा देता हु वो भी हमारी गैंग में शामिल हे

विभु ने कजरी को कॉल किया इतने दिन बाद विभु का कॉल देख कर वो खुस हो गयी बाकि तो रोज वोही कॉल करती थी

कजरी-; है विभु बोलो

विभु-: कहा हो तुम

कजरी-; अभी घर आयी हु थोड़ी देर पहले

विभु-: एक काम करो मेरे खेत वाले घर आ जाओ अभी तुम

kajri-:thik ह आ रही हु

विभु ने कॉल कट किया और कजरी का इंतजार करने लगा

.कजरी ने अपनी दोनों बेटियों को बोल कर विभु के खेत पर जाने लगी उसने सोचा की विभु ने जल्दी में भुलाया हे तो जरूर आज इतने दिन बाद उसकी चुदाई करेगा कुछ देर में कजरी खेत पर आ गयी

विभु बहार खड़ा था उसे घर के पीछे भुलाया और उस कमरे में हो कर ताल घर में ले गया

कजरी-; बाप रे विभु यहाँ निचे इतना सुन्दर घर हे

विभु-: है कजरी सुनो यहाँ नहीं अंदर भी आशा hi घर ये बात किसी को पता नहीं ह मेने तुन्हे इसलिए बताया की तुम मेरे साथ हो और में तुन्हे किसी और से भी मिलवा देता हु

विभु ने विधिसे- और सेरा को भुलाया दोनों को देख कर कजरी सोचने लगी की ये कोण हे और विभु मुझे क्यों मिलवा रहा ह

. विभु-; कजरी ये सेरा और विदिशा हे और ये कजरी हे हम सब का मकसद हे एक ठाकुर और उसके आवारा साथी

कजरी--: है मगर ये कोण ह और उनका उसके साथ क्या

विभु-: ........ ने सब बता दिया की कैसे ठाकुर ने सेरा की बीवी का रपे कर के उठा के ले गया और विदिशा का पति बचने गया तो उसे मर दिया

कजरी ने विदिशा को गले लगा लिया

कजरी-: आज से तू मेरी छोटी बहन ह हम सब मिल कर उससे बदला लेंगे

विभु-; : है मगर काजिर स्टार्ट कहा से करे ये समझ नहीं आ रहा ह

काजिर-: एक काम करते हे ठकुराइन ने मुझे बोलै था की एक खाना बनाने वाली रखनी हे क्यों न में विदिशा को ले जाऊ मेरी मौसी की लड़की बता कर

विभु-: उससे क्या होगा और वैसे में विदिशा को उस दरिंगे के पास नहीं भेज सकता

कजरी-: में रहेंगी इसके साथ वह रह कर हम दोनों बहुत कुछ कर सकते हे

विदिशा--: है दीदी सही कह रही ह मुझे भी वह जाना ह उसके फेमेली को समझना हे फिर आगे क्या करना ह में आपको बताती रहूंगी

विभु-: ठीक ह मगर ये मोबाइल अपने पास hi रखना कुछ भी दिक्कत हो तो मुझे या सेरा फिर कजरी को कॉल करना

विदिशा--: है में वह रह कर सबका दिल जित लुंगी और सबके साथ रह कर एक एक को खतम करवा दूंगी

सेरा-: है मगर विदिशा तुम अपना दयँ रखना

विदिशा--: है सेरा भय

कजरी-: और है अब तुम जब भी विभु या सेरा से मिलना हो दयँ रख कर मिलना कोई देख न ले और मोबाइल में सेरा और विभु के no. किसी लड़की के नान से सेव करना समझी

विधिसे--: है समझ आ गया हे मुझे कब से चलना ह

कजरी-: तुम मेरे साथ रहना अब मेरे घर पर

विदिशा-; ठीक ह

कजरी--: ठीक ह में आज hi बात कर लेती हु ठकुराइन से

विभु-: है जल्दी करना तुम

फिर कजरी विभु से मिल कर वह से निकल गयी सीधे अपने घर और विभु भी वह से निकल गया अपने घर

विभु और कजरी के निकलते hi सेरा और विदिशा भी बेथ गए और बाटे करने लगे

इधर कजरी कुछ देर में अपने घर से ठकुराइन के पास चली गयी

कजरी-: मालकिन वो आपने एक दिन बोलै था न की आपको खाना बनाने के लिए एक नौकरानी की जरुरत ह हे

ठकुराइन-: है हे तुजे कोई अच्छी मिली ह क्या .

कजरी-: है वो मेरी मौसी की बहु ह पास के गांव में रहती ह उसका पति मर गया ह वो अकेली ह कल मिली थी मुझे बोल रही थी कही काम मिल जाये

ठकुराइन-: चल ठीक ह कल भुला ले उसे

कजरी-: ठीक ह मालकिन .

ठकुराइन-: मगर वो पास के गांव से हे तो रोज जल्दी कैसे आएगी यहाँ

कजरी-: वो में अकेली हु तो वो अब मेरे पास hi रह लेगी यही पर

ठकुराइन-: है नहीं तो वो तो सीढ़ियों के निचे एक खली रूम रहता ह वह रह ले

कजरी-: देखो उसको जो अच्छा लगे में उसे कल ले कर आ जाती हु

ठकुराइन-: वो तो हे उसको तो में रख लुंगी मगर वो विभु से मिली तू उसके बाद

कजरी-: कहा मिली में अपने मायके गयी थी वह से आयी उस दिन उसकी बहन की डेथ हो गयी अब कैसे मिलती आज तक नहीं मिली

ठकुराइन-: है उससे अब जल्दी दूसरी बार करवा और मेने बोलै था न वीडियो बनाना अब जल्दी कर तू

कजरी-: ठीक ह कुछ दिन और रुको में उसे पता लुंगी

ठकुराइन-: है बहुत जल्दी क्र अब बहुत दिन कर दिए पहले भी तूने

कजरी-: मालकिन अभी में चलती हु बाद में आती हु

ठकुराइन-: है ठीक ह

कजरी फिर वह से निकल गयी और सीधा विभु को कॉल किया

कजरी-: विभु ये तो मेरे पैसा hi पद गयी हे बोली की चुदाई करवा और वीडियो बना

विभु-: ठीक ह बनाते ह रुक करता हु कुछ प्लान

कजरी-: और है ठकुराइन ने है बोल दी हे कल से विदिशा को भेज देना काम के लिए

विभु-- : कजरी ये ठीक तो रहेगा न कोई दिक्कत तो नहीं होगी न में कोई रिस्क नहीं ले सकता विधिसे को ले कर

कजरी-: कुछ नहीं होगा में रहूंगी यहाँ कोई दिक्कत नहीं आने दूंगी और मुझे भी एक साथी की जरुरत ह यहाँ रह कर हम बहुत कुछ कर सकते हे .

विभु--: ठीक ह फिर देखो अपने हिसाब से तुम

कजरी-: ठीक ह में शाम को जा कर कजरी को ले कर आ जाउंगी तुम भी आ जाना

विब्बू--: ठीक ह

फिर कजरी ने कॉल रखा और ठकुराइन के घर पर काम करने लगी


इधर विभु ने अपना दूसरा मोबाइल निकला और उसे चालू किया और इतने दिन बाद खोला उसके प्रेणा मम का मस्सगे था

प्रेणा--: कोण हो तुम ये वीडियो कैसे बनाया और मेरे no. कैसे मिले

में किसी को कुछ नहीं बोलूंगी तुम किसी को वीडियो मत बताना

क्या हुआ रिप्लाई दो बोलो क्या चाहिए तुम्हे .

क्या हुआ बोलो न


प्रेणा मम के इतने रिप्लाई देख कर में समझ गया की दर गयी ह ये तो विभु ने भी एक मस्सगे लिखा

विभु-: मुझे ये जानना हे की कमल सर के होते हुवे आप उस घटिया इंसान के साथ ये सब क्यों कर रही हो

विभु ने मस्सगे किया मगर सामने से मस्सगे को नहीं पड़ा तो विभु ने मोबाइल रख दिया

विभु ने अपना मोबाइल देखा इतने दिन के मस्सगे देखे उसने पारो के मस्सगे थे धीरज भाभी के मस्सगे थे सोनाली बहभी के मस्सगे थे सब मस्सगे को पद रहा था

इधर नीता चची के घर पर

नीता चची और निशा बहार सोफे पर बैठे थे

निशा-: माँ हमें कितनी चालाकी से ये सब कर दिए और किसी को पता भी नहीं चला

नीता चची-: मेरी बात सुन तू ये बात अब भूल जा किसी ने सुन लिया तो दिक्कत हो जाएगी

निशा-: जो सुनेगा वो भी सीमा की तरह दुनिया को चोर देगा .

नीता-: वो तो चूर्ण hi पड़ेगा जो हमारे मकसद के बिच आएगा समझो वो दुनिया को चोर देगा

निशा-: माँ हम कितने दिन बाद मेरी मम्मी और पापा के पास जाउंगी अब मुझे वही रहना ह

नीता-: मुझे भी बस थोड़े दिन तेरे पापा का कुछ काम बाकि ह वो हम लोग कर दे फिर तेरी माँ पापा और में यहाँ से दूर चले जायेंगे

निशा-: हम्म्म

निशा ने नीता चची को गले लगा लिया दोनों नीता चहकी के कमरे में थे नीता चची को छूट में लुंड गए ने बहुत दिन हो गए थे उसकी छूट में खुजली होने लगी थी दोनों माँ बेटी ने अपनी अपनी छूट की खुजली को संत किया

इधर प्रेणा मम अपने घर में काम से फ्री हो कर अपना मोबाइल देखा उसने वही नव no.se इतने दिन बाद मस्सगे आया था

प्रेणा मम ने मस्सगे पड़ा वो सोचने लगी की इसे ये सब जान कर क्या करना उसने फिर मस्सगे किया

प्रेणा-: तुम कोण हो और तुन्हे क्या में किसी के साथ भी कुछ करू

मस्सगे करके प्रेणा मम फिर अपना काम करने लगी उसने मोबाइल अपने पास hi रखा

इधर विभु ने देखा की मस्सगे आया उसने मस्सगे पद कर रिप्लाई किया

विभु-: मुझे कुछ नहीं करना ह पर मुझे जानना ह

प्रेणा-: क्या करोगे जान कर

विभु-: पहले बताओ फिर बताता हु में

प्रेणा-: पहले मुझे तुम बताओ की तुम कोण हो

विभु-: बता दूंगा तो आप बताओगी क्या

प्रेणा-: अगर मुझे सही लगा तो जरूर बता दूंगी

विभु-: ठीक ह शाम को चाय पिने आता हु आपके घर

प्रेणा-: यहाँ नहीं यहाँ तो वो रहेंगे

विभु-: चिंता न करो कुछ नहीं होगा

प्रेणा--: कुछ गड़बड़ की आपने तो .

विभु-: विश्वाश करो कुछ नहीं होगा

प्रेणा-: ठीक ह

विभु-: ok मुझे काम ह में शाम को. आता हु

प्रेणा सोचने लगी की कोण हे ये और ये घर आने का बोल रहा ह मतलब कोई करीबी ह गांव का hi ह जिसने ये वीडियो बनाया हे कोई तो ह जो हमारा पीछा कर रहा था उस दिन में विष्णु को बताऊ या नहीं. पहले उसे देख लू कोण ह और वो क्या चाहता ह उसके बाद देखती हु

इधर शाम को विभु और कजरी खेत वाले घर आ गए थे विधिसे को लेने दोनों ने ताल घर में जा कर

विभु-: विदिशा सुनो कल से तुन्हे ठकुराइन के घर जाना ह अपना दयँ रखना कुछ दिक्कत हो तो कॉल करना

कजरी-: और में वही रहूंगी तेरे आस पास तुजे खाना बनाना हे रसोई में और में ठकुराइन का सारा काम देखती हु अभी तक खाना में बनती थी अब तुन्हे देखना ह में भी तेरी मदद करुँगी .

विदिशा-: ठीक ह

विभु-: और जब भी कुछ सुचना देना हे कॉल या मस्सगे कर देना

विधिसे-: ठीक ह

फिर कजरी ने विदिशा के कपडे पैक किये और दोनों कजरी के घर आ गए इधर विभु ने प्रेणा मम के घर जाने का सोचने लगा की जाऊ या नहीं या प्रेणा मम को कही और भुला लेता हु विभु कुछ सोचने लगा फिर उसने सोचा की वो उसके घर नहीं जायेगा क्या पता उसने विष्णु काका को बता दिया हो और कुछ गड़बड़ हो जायेगा पहले उसे ये कन्फर्म करना ह की उसने किसी को नहीं बताया होगा

विभु वही खेत पर बैठा था की उसे धीरज भाभी का कॉल आया

विभु ने देखा और कॉल अत्तयं किया

धीरज भाभी-- : क्या कर रहे हो

विभु-; कुछ नहीं खेत पर बैठा हु आप सुनाओ

धीरज भाभी--: क्या सुनौ आपको अच्छे से देखे ने बहुत दिन हो गए

विभु--: हम्म मुझे भी इस हुस्न की मल्लिका के हुस्न को देखे ने बरसो गुजर गए आशा लग रहा ह

धीरज भाभी-: (देखो न किसने मन किया हे) मस्का मत लगाओ और ये बताओ कब दर्शन दे रहे हो

विभु-- : आप कहा हो अभी .

धीरज-; दुकान पर हु

विभु-: में आ रहा हु उधर hi .


धीरज-: सुच .

विभु-; हम्म बहार hi खड़े रहना आप

धीरज-: जल्दी आना अभी कोई नहीं ह फिर कोई दुकान पर आ गया तो में नहीं आ पाऊँगी

विभु-: बस आया

विभु ने अपनी बुलेट सरत की और घर पर के गया बुल्लट को घर पर कड़ी करके धीरज भाभी की दुकान के सामने पेडल hi निकल गया उसने मस्सगे कर दिया .

मस्सगे-: मल्लिका ा हुस्न अपना खूबसूरत चाँद जैसा चेहरा लेके बहार आ जाओ

धीरज भाभी ने मस्सगे पड़ा और बहार आ कर कड़ी हो गयी

विभु भी दुकान के सामने आ गया उसने पहली नजर जब दुकान कर डाली तो सामने उसके स्वर्ग की अप्सरा कड़ी थी एक डैम ब्यूटीफुल

जिसे देख कर विभु रोड पर वही खड़ा रह गयाआ कुछ देर धीरज भाभी को देखता रहा भाभी ने उसको ाशे देखा और हंस दी


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धिआराज भाभी ने हंस कर विभु को देखा और अपने मोबाइल से फोन lagaya.vibbu ने भी एक hi रिंग में कॉल उठा लिया

विभु-: मर जॉन में इस हुस्न परररररे

धिआराज भाभी-: किसी ने देख लिया तो वैसे hi मर देंगे

विभु-: ये हुस्न देखने के बदले तो मर भी डेल तो चलेगा

धीरज भाभी-: ाशे नहीं मरने दूंगी आपको

विभु-; तो कैसे मरने डौगी

धीरज-: नहीं मरने दूंगी अब देख लियाए

विभु-: एक बात बोलू

धीरज-: हम्म्म बोलो

विभु-; आप मुझे पहले क्यों न मिली आपसे सधी क्र लेता में

धीरज-( में तो अभी करने के लिए तैयार हु) अब जो हुआ हो गया अब तो बस दूर से देखो

धीरज भाभी हंसने लगी

विभु-: मुझे पास से देखना ह इस हुस्न को

धीरज-: सपने में आउंगी देख लेना मेरे दोस्त .

विभु-; दोस्त भी बोलती हो और ाशे तड़पती हो अपने दोस्त को

dheeraj-;(sab आपका hi ह थोड़े दिन तड़पने दो फिर मिलेगा) हो गया आपका अब जाओ कोई देख न ले

विभु-; अच्छा एक काम करो एक अच्छा अभी का फोटो भेज दो मुझे

धीरज भाभी ने विभु की बात सुन कर अपने माथे पर हाथ रखा


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धीरज- देख तो लिया सामने से अब पिछ का क्या करोगी

विभु-: मेरे पास रहेगी मेरी दोस्त की यद्

धीरज-: रोज देख लो लाइव

विभु-; भेज दो नखरे मत करो अब

धीरज-; ठीक ह भेजती हु

विभु ने कॉल कट किया और लास्ट बार धीरज भाभी को देखा उन्होंने विभु की तरफ मुँह मोड़ लियाआ


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विभु ने देखा क्र स्माइल करके जाने लगाआआ

विभु अपने घर आया और मोबाइल देखने लगा तभी उसके मोबाइल पर एक मस्सगे आया उसने देखा धीरज भाभी का था उन्होंने एक पिछ भेजी और कुछ लिखा था


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धीरज-: मेरा सबसे प्यारा दोस्त कुछ मांगे और में न दू ये लो देख लो अपनी हुस्न की मल्लिका का हुस्न

विभु-: ये हुस्न न कभी देखा ह न कभी देखूँगाआ मिस ु दोस्त

विभु ने मस्सगे करके निचे आया और सबने खाना खाया आज सीमा दी की गए हुवे 1.5 महीने ऊपर हो गए थे सब अब उस हादसे की भूल कर खुस रहने लगे थे.

विभु ने खाना खा कर छत पर आ गया और सोचने लगा की अब क्या करे कल विदिशा ठाकुर बके घर में घुस जाएगी उसके बाद देखता हु क्या करना ह

छत पर घूम रहा था की उसे सोनाली भाभी को प्रपोज़ किया था वो यद् आ गया तभी उसके मन की आवाज आयी

मन की आवाज-; भाई धीरज भाभी से प्यार हो गया ह मुझे .

विभु- है ीरर्र बड़ी hi मासूम हे देखता hi राहु आशा लगता ह

मन की आवाज-: भाई प्रपोज़ करके सायद वो भी प्यार करती ह तुजे .


विभु-; है लगता तो मुझे भी ह मगर में दोस्त नहीं खोना चाहता हु मेरा प्यारा दोस्त बन गयी ह वो अगर मेने कुछ बोलै और नाराज हो गयी तो

मन की आवाज-: है ये हे फिर क्या दोस्त hi बना रहेगा

विभु-: है अगर वो पहल करे तो में कुछ बोलू जब तक वो न बोले तब तक तो दोस्त hi ठीक ह

मन की आवाज-; चल ठीक ह उनके ऊपर hi चोर देते हे मगर तूने एक बात नोट की

विभु-: क्या

मन की आवाज-: इतने दिन में देविका का कॉल तुजे नहीं आया हे

विभु-: है ीरर्र एक बार भी उसने बात नहीं की मुझसे

मन की आवाज-: है ीरर्र यु तो होलटि ह की आप मेरे मालिक हो और. कॉल नहीं किया तेरे बुरे समय में भी ..

विभु-: कल देखता हु उसे

मन की आवाज-: सुन वो तुजे पता ह न मंजू काकी का प्लान बना कर छोड़ने का

विभु-: है पता ह अब उसका समय आ गया ह 2-3 दिन में प्लान बनता हु

मन की आवाज-: उसका प्लान में बनाऊंगा जैसा में कहु वैसा करना ह तुजे

विभु-: ठीक ह

मन की आवाज-: और हमारी जान सोनाली भाभी का क्या हुआ सधी का उसको तो भूल hi गया तू

विभु-: है ीरर्र रुक में अभी बुलाता हु

मन की आवाज-: अभी नहीं कल बात करते हे उनसे

विभु-: चल ठीक ह अब सो जाते हे कल से फ्री हु काम कुछ नहीं ह एग्जाम भी हो गयी इस गर्मी में मुझे ठाकुर और उसके आदमी को मरना ह

मन की आवाज- : हां आज आराम कर लेते ह कल से मिससँ पर लग्न ह और है ठकुराइन को छोड़ने का भी समय आ गया ह .


विभु-: है कितनी छूट अभी लाइन में हे

मन की आवाज-: मंजू और ठकुराइन दोनों तो तैयार ह जब बोलो तब चुद जाएगी .


विभु-: नहीं ठकुराइन का कुछ करना पड़ेगा मुझे नहीं लगता वो सीधे निचे आ जाएगी उसने कजरी को बोलै ह की वीडियो बना अब ये क्यों बोलै

मन की aawaj-abhi तो आराम करते ह आगे देखते ह क्या होता ह

व् िभु--: चल ठीक ह

विभु वही बहुत दिन बाद छत पर बेथ गया और कुछ सोचने लगा

इधर कजरी विदिशा को लेकर अपने घर आ गयी

कजरी की दोनों बेटियों को कजरी ने समझा दिया की ये आपकी बहन हे आज से हमारे साथ hi रहेगी और तुम दोनों इसे दीदी कहना कोई पूछे तो कहना की मेरी मौसी की लड़की ह ठीक ह

कजरी की दोनों बेटियों को समझा दिया कजरी का घर छोटा था एक झोपडी टाइप

1 कमरा और 1 हॉल था हॉल के अंदर hi लेट बाथ और रसोई बना हुआ था

कजरी की दोनों लड़किया कमरे में सोती थी और कजरी हॉल में रेखा भी आज कजरी के साथ हॉल में सो रही थी

इधर बाबू यानि मंगल का पिता और आशा भभ का ससुर जिससे आशा भाभी चुदवाती थी उसे गए हे 1 महीना ऊपर हो गए थे

(दोस्तों आपने पड़ा होगा ठाकुर बाबू से पैसे मांगता था जिसके कारन ठाकुर ने उसे अपनी कंपनी में काम देने का बोलै और उसे सहर भेज दिया था ))

बाबू के जाने के बाद उसने अभी तक न कोई कॉल किया न hi कोई सुचना थी उसकी

आशा भाभी ने ये बात अपने पति अर्जुन से बताई मगर वो नशे में दयँ नहीं देता था भाभी ने ये बात मंगल को भी बताई मगर वो तो देविका के द्वारा दिए पैसे उडाता और उसके लिए काम करता था वैसे भी उसका बाप था इतने वो मज़े नहीं ले प् रहा था उसके जाते hi वो और आवारा किस्म का इंसान हो गया था

िधाए आशा भाभी अपने ससुर के लिए बहुत परेशान थी उनकी कोई खबर नहीं थी उसे और दूसरी और उसकी छूट की आग को अब संत करने वाला कोई नहीं था एक उसका ससुर था मगर वो चला गया था उसका पति उस पर दयँ नहीं देता था वो खेत पर hi रहता था वही खाना खा लेता था और सो जाता था

जणू काका से भी उसने पूछा छुड़ा लिया था विभु और देविका की मदद से

अब उसकी रोज की छुड़ाने की आदत थी और अब अचानक से छोड़ना बंद हो गया था जिससे वो परेशान हो गयी थी उसकी छूट अब लगातार पानी वह रही थी

वो रोज रत को अपनी छूट में उंगली करती मगर उसे कहा आराम मिलने वाला था जिसे रोज लुंड की आदत लग जाये उसे उंगली कहा संत करने वाली थी

उसकी आँखों में आंसू आ गए उसे ठाकुर पर गुस्सा आ रहा था उसके देवता जैसे ससुर जिसने उसके लिए क्या नहीं किया उसे दूर भेज दियाआ वो उसी आग में जलते हुवे ठाकुर को गली देते हुवे सो गयी


इधर रत को जब विभु अपने छत पर बेथ कर कुछ सोच रहा था उसी समय प्रेणा मम अपने कमरे में अकेली बैठी थी और अपने मोबाइल में कुछ देख रही थी

वो वही वीडियो देख रही थी जो विभु ने उसका और विष्णु काका का बनाया था

वीडियो को 1 बार फिर देखने के बाद वो सोचने लगी

prena-:(man में) ये वीडियो बनाया किसने होगा और वो कोण ह जो आज शाम को मेरे घर आने वाला था और आया नहीं कोण ह जो मुझसे ये पूछ रहा ह की तू विष्णु के साथ कैसे फास गयी उसे ये सब जानना क्यों हे. कही ये मेरे पति तो नहीं जिन्हे सब पता हो और वही सब जनना चाहते हे .है सायद वही हो मगर वो कैसे हो सकते हे वो तो उस दिन यही थी और वो होते तो अभी तक तो हंगामा कर देते फिर कोण ह मुझे जल्दी पता करना ह कैसे भी करके इससे पहले की देर हो जाये .

विष्णु को भी बता नहीं सकती अभी पहले मुझे पता करना होगा की कोण ह वो जो मेरे हाथ धो कर पीछे पड़ा हे ........

प्रेणा मम कुछ समय सोच में डूबी रही उसे समझ नहीं आ रहा था करे तो क्या करे और तभी उसने मोबाइल उठाया और उस आदमी को मस्सगे किया

प्रेणा-: मुझे आपसे मिलना ह कोण हो तुम एक बार मिल कर बात करलो जो पूछना ह सब बता दूंगी एक बार मिल लो

उसी समय विभु छत पर बैठा कुछ सोच रहा था उसने देखा की उसका दूसरा वाला मोबाइल बजा उसने देखा प्रेणा मम का मस्सगे था उसे पद कर सोचने लगा फिर मस्सग किया

विभु-: सॉरी आज कुछ काम की वजह से आ नहीं पाया मगर में कल आपको पक्का मिलता हु कब और कहा ये में कल बताता हु

प्रेणा-: आप जहा भी मिलो मगर मेरा फायदा मत उठाना प्ल्ज़

विभु-: पक्का में कुछ नहीं करूंगा आपके साथ मुझे कुछ जानना ह बस

प्रेणा-: ठीक ह फिर बता देना कहा आना ह

विभु-; ठीक ह

फिर प्रेणा मम का कोई मस्सगे नहीं आया तो विभु ने भी मोबाइल जेब में रख दिया तभी उसके मन की आवाज ने फिर उसे पुकारा

मन की आवाज-: भाई मेरी बात मने तो इस गदराये बदन वाली सेक्सी मम जो हमारे दुश्मन से मज़े ले रही ह चोदे बिना चूर्ण मत

विभु--: सोच तो में भी यही रहा हु मगर उसने बड़े प्यार से बोलै की मेरा फायदा मत उठाना अब कैसे करूंगा

मन की आवाज-: ठीक ह जो होगा देखा ज्यादा वैसे भी विभु पटेल को जीबन हे पलटना नहीं ह

विभु-: आएगी जरूर ये नहीं एक दिन अपनी छूट के कर

मन की आवाज--: आयी तो आज तक पालक भाभी भी नहीं ह उस दिन तूने अच्छे दिखाई टी उसके बाद वो भी कहा आयी थी

विभु-: आएगी वो तो जरूर आएगी और प्रेणा मम भी हमारी लिस्ट में आएगी

मन की आवाज-: दोनों आ जेए एक भरे बदन की मलिका हे तो दूसरी स्लिम सेक्सी


विभु-; चल ठीक ह बहुत टाइम हो गया में सोता हु अब

विभु निचे रूम में आ गया और सो गयाए

दोस्तों देखते ह अब नया सवेरा क्या क्या ले कर आता ह विभु के लिएईईए))))))
 
अपडेट--104

सुबह विभु की नींद खुली आज से साडी पड़े की चिंता से दूर था 2 महीने वो उठा और सुमन के पास जा कर उसे गले से लगा कर जादू की झप्पी ली और सपना से मिल कर निचे आ क्र चाय पि कर चल दिया खेत की ोर्ड्र्र

वो खेत पर जा रहा था की सामने से उसे धापू आते दिखी जिसे कुछ दिन पहले उसे गफ बनायीं थी वो उससे प्यार करती थी विभु ने उसके प्यार का मन रखा था

विभु ने सामने देखा जहा से धापू सुबह सुबह कही से आ रही थी

विभु ने उसको देख कर स्माइल की उसने ब्बि इधर उधर देखा और विभु को होठो से किश करने का इशारा किया


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Vibhu ne bhi use ishara किया और आगे bad gaya

vibhu vaha se sidha khet par nikal gayaa

idhar subah jaldi uth kar kajri ne vidhisha ko le kar thakurain ke ghar chali gayi

vidhisa pahli bar itne bade Ghar ko dekh rahi thi wo dhire dhire andar ja rahi thi vaha ke jo chokidar the wo sab vidisha ko gandi najar se dekh rahe the ye bat vidisha ko bhi samajh aa rahi thi or kajri ko bhi

fir bhi vidisha dhire dhire kajri ke piche piche chalte huve thakur ke ghar me pravesh kar gayi

kajri-: vidihsa tum yaha betho me thakurain ko bhula kar lati hu

vidhisa-: ji mosi

KAjri upar gayi or thakurain ko bata diya ki wo vidisha ko le kar aa gayi h aap unse mil kar smjha do use kya kam karna h

thakurain-: tu bata dena kam to use kya karna h thik h

kajri-: fir bhi aik bar aap mil lo or sabse milwa do

thakurain-: hmmm chlo aap bhi chlo

thakurian ne thakur ko bola jo vhi betha tha tha thakur bhi uth kar niche aaya uske aage thakurain or kajri chal rahi thi usne kajri ki gand ko saree ke upar se dekha or aik bar lund ko pakad kar niche aa gaya

thakirain or thakur ne vidisha ko dekha bhola sa chehara or halka sa sawal rang tha vidhisa ka thakur ne uski jism ko dekha jo AIK dam se upar se niche tak bhara tha jo kapdo me sama nhi Raha tha

thakurain-: kya nam h tumhara

vidhisa-: ji malkin vidhisa

thakurain-: ghar pr kon h

vidhisa-: koi nhi akeli hi sas sasur or pati ka accident ho gaya tha ab akeli hu

thakurian-: sadhi sab hui thi tumhari

vidhisa-: agle sal

thakur ye sun kr khus ho gaya mtlb jyada chudi nhi h ise to chodna padegaa )

thakurain-: thik h kajri ke kahne par rkh rahi hu tuje

vidihsa-: ji milkin sikayat ka moka nhi milega thakurain-; ha to suno tunhe khana banana he sath me kapde dhone ka kam bhi karna h

vidhisa--: thik h Malkin

thakurain-: or ha rahogi kaha tum

itne me thakur bol pada

thakur-: ye jo sidhiyo ke niche Khali kamra he vahi rah legi bechari

thakurain ne thakur ki taraf dekha ghur kar or vidhisa ko bola

thakurain-: ha ye kamra he dekh lo

kajri-: mere sath rah legi ye mere ghar

thakirain-- : or rat ko hame kuch kam pad gaya to

kajri-: thik h

usne vidhisa ko taraf dekha to vidhisa ne use ishara kiya ki chalegaa

kajri-: Malkin fir bbi kisi kisi din ise me apne ghar le jja skati hu na .

-

thakurain: ab tu kabse ye kam mere se puch kr krne lagi jesa tuje thik Lage sapte me 1 rat ko le jana

kajri--: ok malkin

thakurain-: dono bahu ko bhii mila de ja bhula kar le aa unko bhi to pata chale ki khana banane nayi ladki aayi h

kajri-: thik h

fir kajri vaha se nikal gayi dono bahu ko bhulane pahle kajri badi Bahu veshali ke pas gayi or use bol diya ki malkin ne aapko bhulaya he fir wo simaran ke room me use bhi bol diya heee

kajri aa gayi kuch der me dono bahu sath me aa gayi niche or thakurain ne dono bata diya ki ye apni nayi kam wali he jo khana banayegi

dono ne ha kar di vese dono kaha mana karne wali thi itne din dono paresan ho rahi thi ab dono free ho jayegi

vidhisha ko kajri or simaran rasoi me le kar gayi or use sab bata diya ki kaha konsa saman rakha h or abhi kya banana he

jab rasoi me kajri or simaran thi tab kajri ko thakurain ki aawaj aayi or kajri vaha se nikal gayi

or kajri ke jate hi simran or vidhisa aik dusre ko dekhne lage or dono ke chehre par muskan aa gyi dono doad kar aik dusre ke gale lag gayeeeeeeeeeeeeeeeeee


इधर विभु वह से सीधा खेत पर आ गया खेत पर आ कर उसने सबसे पहले सेरा को काम पर लगाया और ताल घर में लगे बीएड पर सो कर अपना मोबाइल निकला और एक no. पर कॉल किया

विभु-: hello समय आ गया ह अब वो करने का जिसके लिए मेने तुजे तैयार किया ही


-

औरत: ठीक ह फिर कब आना ह अभी में बिलकुल तैयार हो गयी हु एक डैम वैसी जैसे आपने बोलै था


Vibhu--:thik ह फिर में लेने आऊंगा 1-2 दिन में तुजे

-

औरत-: ठीक ह .


विभु-: इतने आप कुछ और वीडियो देख देखो कैसे क्या रहना ह क्या करना ह ये सब

-

औरत---: ठीक ह


फिर विभु ने कॉल कट किया और देविका को कॉल किया सामने देविका ने देखा की इतने दिन बाद विभु का कॉल आया ह उसने जल्दी से कॉल उठाया

विभु-; किसी हो मेरी रैंड

देविका--: ठीक हु तुम कैसे हो ये आवाज सुनने को कण तरस गए थे

व् िभु--: तो इतने दिन से कॉल क्यों नहीं किया

डी ेविका--: वो आपके घर इतना कुछ हो गया हिम्मत नहीं हुई थी

विभु-; चल चोर और मंजू को छोड़ने का समय आ गया ह अब

देविका-: ठीक ह आप बोलो कहा छोड़ना ह

विभु-: कल में बताता हु कहा और कैसे

देविका--: ठीक ह आपके पास उसके no. हे न उसी पर कॉल करके उसे बता देना

विभु-: इतने दिन हो गए उस बात को वो तैयार हो जाएगी अब

देविका--; वो तैयार ह आप कॉल क्र देना बस और है मुझे भी छोड़ना ह कब करोगे

विभु-: है है पहले उसका no. लेने दे

देविका--; ठीक ह उसे कॉल करके बता देना और मुझे भी

विभु-: ठीक ह चल अब रखता हु

विभु ने कॉल रखा और कुछ सोचने लगा इधर देविका ने कॉल लगाया उसी औरत को

.देविका-: आज उसका कॉल आया था मंजू को छोड़ने का बोल रहा था कल भुलाया ह

औरत-: ठीक ह फिर लेजा न इसे और छुड़वा आना

डी ेविका--: ठीक ह शेर जंगल में लौट आया ह सीकर करने का मज़ा आएगा अब

औरत-; हम्म चल ठीक ह मुझे काम ह में रखती हु

देविका ने कॉल रखा और कुछ सोचने के बाद एक आदमी को कॉल कियाए

आदमी-: है जान बोलो

देविका--: मुझे मिलना ह अभी

आदमी-: अभी में बहार हु एक काम करना में शाम को आ कर कॉल करता हु फिर कुछ प्लान करता हु

देविका--: है और दीदी को भुला लेना बहुत दिन हो गए मिले हुवे

आअदमी-: ठीक ह जान

फिर देविका ने कॉल कट किया और घर पर काम करने लगी


.इधर विभु वही बैठा सुबह धीरज भाभी को कॉल किया कुछ देर में धीरज भाभी ने कॉल उठाया

डी भाभी--: बोलो मेरे डिअर फ्रेंड

विभु--: माय डिअर बेस्ट फ्रेंड किसी हे

डी भाभी--: फ़िलहाल तो मस्त हु वैसे आपको आज सुबह सुबह यद् आ गयी

विभु-: वो में खेत पर जा रहा था दिखी नहीं आप तो कॉल किया

डी भाभी-: अरे वो मेने दुकान पर काम करने के लिए एक लड़की रखी ह जो पास के गांव से आती ह उसे काम समझा रही थी

विभु-: ओह्ह तो मेरी प्यारी फ्रेंड अब फ्री रहेगी मेरे लिए

डी भाभी-: जी नहीं सादिया स्टार्ट हो गयी ह भीड़ स्टार्ट हो गयी ह यहाँ अब टाइम काम मिलेगा

विभु--; ठीक ह जी जितना भी मिले देब्देना भूल मत जाना

डी भाभी-: आप भी भूलने वाले हो क्या ने खुद को भूल जाऊ तुम्हे नहीं

विभु-: है है पता ह देखा जायेगा

डी भाभी--; ठीक ह डिअर फ्रेंड करो काम टाइम टाइम पर यद् कर लेना

विभु-: में तो हमेसा यद् करता हु आपको

डी भाभी-; पता ह कल देखा ह

विभु-: कल तो मेने देखा मेरे हुस्न की मल्लिका को

डी भाभी--: बस बस ज्यादा मत देखो नजर न लग जाये मुझे.

विभु-: न लगे इतनी भी ख़राब नजर नहीं ह

इतने में जो लड़की काम के लिए रखी ह वो आ गयी

डी भाभी--: ठीक ह में आपको बाद में कॉल करती हु फ्री हो कर

विभु-; ठीक ह मिस ु आज दिखा दो अपना हुस्न एक बार

डी भाभी--: (कोमल की तरफ देख कर) इधर से निकलो तब मिस कॉल क्र देना

विभु-; थँक्स फ्रेंड

धीरज भाभी ने कॉल रख दिया और कोमल से बात करने लगी कोमल उस लड़की का नाम हे जो पास के गांव की ह और आज hi धीरज भाभी ने काम के लिए रखा ह उसे अपने यहाँ


इधर ठाकुर विदिशा को देख कर घर से निकल चूका था उसके दिल और दिमाग में विधिसे का हसीं जिस्म छ गया था वो कैसे भी करके उसके जिस्म से खेलना चाहता था उसने सोचा की कजरी को न प् सका ठकुराइन की वजह से मगर विदिषा की गांड जरूर मरेगा वो ठकुराइन से बच कर वह से निकल कर सीधे वो विष्णु को कॉल किया और विष्णु काका और दोनों अपनी बाइक से गांव की और निकल गए गांव में जाने के बाद ठाकुर और विष्णु ने मुनीम के घर से कुछ जानकारी ले कर शहर की और जाने लगे

ठाकुर-: विष्णु हम एक काम करते हे मेरी कार से चलते हे

विष्णु-: ठीक ह में बाइक थी रख देता हु आप कार लेके आ जाओ

ठाकुर घर गया और अपनी कार लेके आ गया दोनों कार में बेथ कर शहर की और निकल गए इधर विभु खेत से निकल कर स्कूल के पास आ गया था उसने देखा विष्णु काका और ठाकुर कहि जा रहे हे

वो उन दोनों को चोर के घर की और निकल गया इधर ठाकुर और विष्णु थोड़ी देर में ठाकुर के फार्म हाउस जो की गांव से कुछ दूर hi था वह चले गए

ठाकुर की कार देख कर चौकीदार नहीं गेट खोल दिया दोनों अंदर चले गए अंदर जाने के बाद ठाकुर और विष्णु फार्म हाउस में जाने की बजाये फार्म हाउस के पीछे चले गए और जा कर पीछे से गेट खोल लियाए

गेट खोलते hi अंदर बहुत से लोग थे जिनके हाथ में बन्दुक hi बन्दुक थी इतने सरे लोग की एक साथ पुरे गांव को ख़तम कर दे ठाकुर और विष्णु काका दोनों अंदर चले गए उन लोगो ने ठाकुर को प्रणाम किया तभी वह एक आदमी आया

. thakur-:or बिलाल कैसे चल रहा ह काम

बिलाल-: बढ़िया मालिक काम चल रहा ह मगर यहाँ वो पिछले महीने आया न एक आदमी जिसे आप लाये थे वो रोज निकलने की कोसिस करता -; ठाकुर-; उससे कुछ पैसे लेने थे 1 महीने और काम करवाओ उससे और मर डालना

बिलाल-: ठीक ह मालिक

ठाकुर--: और वासिम खान जी कब आये थे यहाँ

बिलाल-; वो तो आपके आने पर hi आते ह अकेले कभी नहीं आये

ठाकुर--: चलो अंदर

विसबनु और ठाकुर दोनों अंदर चले गए अंदर जोरो से काम चल रहा था

विष्णु kaka--:kuch भी बोलो ठाकुर सब नकली शराब बना कर बेचने में हमने 3 महीने में कितने पैसे कमा लियी हे

ठाकुर-: है वासिम खान ने हमें ये अच्छा आईडिया दिया ह हम तीनो पार्टनरशिप में ये काम अच्छा चल रहा ह

विष्णु-: बस कैसे भी करके यहाँ के लोग बहार नहीं जाना चाहिए ये बात किसी को पता नहीं चलेगी थोड़े दिन में हम इतने पैसे वाले हो जायेगे की पूछो मत

ठाकुर-: इसके अंदर कोई काम करने एक बार आ जाता ह वो कभी जिन्दा बहार नहीं जायेगा या तो वो जिन्दा रह कर यही पूरी जिंदगी काम करे या मर जाये

विष्णु-: है कहा hi होगा अभी हमें और मजदूरों की जरुरत होगी अब हम गांव से नहीं लाएंगे हम दूसरे गांव से लोगो को उठा लेंगे

ठाकुर--: है ये ठीक रहेगा वासिम भाई को भी समझा देंगे हम अब की गांव से किसी को अब यहाँ नहीं लाना ह किसी दिन पन्गा हो जायेगा

विष्णु--: चलो ठीक ह ये काम तो अच्छा चल रहा उधर वो मादरचोद फेक्ट्री दाल देंगे तो वो आगे हो जायेंगे

ठाकुर-: उन माधर्चोदो कोटो एक दिन मरूंगा सही टाइम आने दे और उस माया और नीता और बिच बाजार में नंगा करके नहीं छोड़ा तो मेरा नाम ठाकुर बलवंत सिंह नहीं

विष्णु-: है उन माधर्चोदो को नंगा करके मरेंगे

दोनों ाशे hi बाटे करते रहे और कुछ देर में वह से निकल गए उनके निकलते हे वह जा गए बंद हो गया

ठाकुर--: इतने लोग काफी ह काम से काम 200 लोग यहाँ हे जिनके पास बंदूके हे ये यहाँ की सुरक्षा में काफी हे

विष्णु--: ठीक ह आप वासिम खान से बात कर लेना

ठाकुर--- : अरे यार विष्णु किसी को चोदे ने बहुत दिन हो गए किसी को उठा ले क्या

विष्णु--: है ठाकुर सब वो बाबू हे न उसकी बहु क्या नाम भी आशा उसे उठा लेते ह सुना ह अपने सरूर से बहुत मज़े लिए हे

ठाकुर-: है उसके बारे में मेने भी बहुत सुना ह चल देखते ह उसे नहीं कब तक बचती ह मेरी निगाह से

विष्णु--: हम्म चलो अब घर चलते हे

दोनों वह से सीधा अपने घर आ गए


इधर विभु स्कूल के पास से सीधा घर जाने लगा आज वो पेडल hi था बाइक घर पर रख कर आया था उसने धीरज भाभी की दुकान के कुछ दूर hi रह कर उसे मिस्ड कॉल कर दिया

इधर धीरज भाभी नवदेखा विभु का मस्सगे हे वो समझ गयी की वो आने वाला ह वो रूम में गयी और खुद को संवर के आ गयी और बहार कड़ी हो गयी इतने में बहार विभु भी आ गया उसने धीरज भाभी को देखा और धीरज भाभी ने उसे दोनों एक दूसरे को देखते रहे और अंदर से वो लड़की कोमल दोनों को देखते हुवे देख रही थी और मुस्कुरा रही थी विभु ने कॉल किया


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विभु-: ओह्हो क्या बात हे दिन पर दिन खिलती जा रही हो आप

डी भाभी--: रहने दो अब देख लिया वैसे क्या होता ह रोज देखने से .

विभु-: दिन बन जाता ह दिल को सुकून मिलता ह .

डी भाभी--: ओह्ह दिल को सुकून मिलता ह जनाब का

विभु--: वैसे आप इतनी सज धज के किसके लिए रहती हो .

डी भाभी--: हे कोई जो रोज मुझे देखना पसंद करता ह .

विभु--: इतनी अच्छी किस्मत हे उसकी

डी भाभी--: है कुछ ज्यादा hi अच्छी किस्मत हे उसकी फोटो भी मांगता ह रोज वो

विभु-: है आज भी भेज देना

डी भाभी--: क्यों भेजू

विभु-: इस लिए की मेने माँगा हे समझी

डी भाभी--: है समझ गई अब रखती हु

.विभु ने एक बार भाभी को हँसते हुवे देखा भाभी ने बड़े प्यार से स्माइल की और अंदर चली गयी विभु भी अपने घर आ गया

जब विभु अपने घर में जा रहा था उसे पूजा बहार दिख गयी पूजा ने उसे अभी ऊपर ानबका बोल कर अंदर चली गयी विभु भी अंदर आ कर सीधा ऊपर गया

पूजा-: इधर आओ

विभु उसके छत पर चला गया .

पूजा उसका हाथ पकड़ कर वह बने कमरे में ले गयी

पूजा--: ी लव ु जान .

विभु-: ी लव ह तवो जान क्या हुआ

पूजा-: कुछ नहीं आपकी बहुत यद् आ रही थी . विभु-: मुझे भी मेरी पीउउउउउउ

पूजा-: क्या बोलै .

विभु-: मेरी पीउउउउउउ

पुजा--: आज से मुझे इसी नाम से भूलना अच्छा लगा विभु की पीउउउउउ

विभु--: हम्म मेरी पीउउउउउउ

पूजा ने अपने होठ आगे कर दिए विभु ने भी उसके सूखे होठो को अपने होठो के बिच दबा दिया दोनों एक अच्छी और मज़े वाली फ्रेंच किश करने लगे दोनों आज लम्बे समाया बाद किश कर रहे थे दोनों hi खुल कर इस किश को मज़े ले रहे थे विभु ने पूजा की गांड को बड़ा बड़ा कर किश करने लगा कुछ देर में दोनों अलग हो गए

पूजा--: ी लव ु

विभु-: कितने दिन बाद आज किश किया अच्छा लगा

पूजा-: हम्म मुझे भी

विभु-- : चलो ठीक ह चलते हे अब मुझे काम ह

पूजा-: हम्म

दोनों पूजा की घर की छत से निकले पूजा तो अपने घर चली गयी विभु जब अपनी छत पर आया तो उसे सामने पीहू कड़ी मिली जिसे देख कर वो रुक गया

.पीहू-: भ कैसे हो भाभी तो निचे चली गयी

विभु-: मतलब

पीहू-: पूजा भाभी

इतना बोलकर को निचे चली गयी विभु भी हंस दिया और निचे आ गया निचे आ कर उसने और सबने खाना खाया

विभु ने खाना खा कर अपने रूम में चला गया और कुछ देर में उसके रूम में सुमन आ गयी उसने आ कर सीधा दरवाजा लगाया और विभु को पकड़ कर किश करनी लगी

विभु अचानक हुवे इस हमले को समझ पता नहीं पता उसने सोचा नहीं था की उसकी जान सुमन कभी अच्चानक आशा करेगी विभु भी अब उसका साथ देने लगा दोनों hi एक डीप किश करने लगे विभु के हाथ कब सुमन की पड़ी गांड पर चके गए और उन्हें बढ़ाने लगा दोनों को पता hi नहीं चला दोनों को किश लम्बी चली फिर दोनों hi एक दूसरे से अलग हो गए अलग होते hi सुमन जाने लगी विभु ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे रोक दिया

विभु--: जान मज़ा आ गया आज तो

सुमन--: आपके मज़े के लिए hi किया ह . Vibhu-:matlb मेरा hi मज़ा तुम्हारा कुछ मज़ा नहीं ह

.सुमन-: हंस कर) नहीं

विभु-: रुक अभी बताता हु .

सुनन-: अभी मुझे निचे काम ह बाद में बताना

विभु-: ठीक ह जान जाओ

सुमन विभु को बी बोलकर निचे चली गयी इधर विभु बीएड पर लेट कर कुछ सोचने लगा की सुमन को अचानक क्या हो गया एक डैम से किश करने लगी आखिर मेरा पहला प्यार हे मेरा hi हक़ हे

विभु खाना खा कर सोने की कोसिस कर रहा था तभी उसके मन की आवाज आयी

मन की आवाज-: भाई वो प्रेणा मम का मेरे मन में एक प्लान आया ह

विभु-; है बोल

मन की आवाज-: क्यों न उसे रत को अँधेरे में भुला कर सब बता देते ह की तू कोण ह और क्यों कर रहा ह

विभु-: चल ठीक ह तेरी बात मन लेता हु

.मन की आवाज--; फिर करो मस्सगे

विभु ने मोबाइल निकला और प्रेणा मम को मस्सगे किया

Vibhu-:aaj रत को 8 बजे में आपके घर के पीछे वाली गली में इंतजार करूँगा आ जाना

विभु ने मस्सगे करके सो गया


इधर नीता चची को दिन में उसी आदमी का कॉल आया जिसके साथ मिलकर सीमा दी को मारा था मतलब नीता चची का असली पति

नीता चची-: बोलो जी

आदमी-: सुनो आज शाम को आ जाना उसी जगह हर बार मिलते ह .

नीता चची-: क्या हुआ सब ठीक तो ह न

आदमी-; अरे वो देविका जिद कर रही थी उसे आज मिलना ह बोलै दीदी को भी बोलना

नीता चची-: वो न कभी मरवायेगी हमें ठीक हे आ जाउंगी में

आदमी-: और निशा क्या कर रही ह

नीता चची-: अरे वो अपने कमरे में सोई ह

आदमी-: ठीक ह उसका दयँ रखना मेरे प्यार की पहली निशानी ह वो

नीता चची-: पता ह ठीक ह जी शाम को मिलते हे तीन याररर

आदमी-: ठीक ह

फिर नीता चची और नहाने चली गयी


इधर पूजा के घर पर सुमन और पूजा दोनों उसके रूम में बैठी थी

पूजा-: ओह्ह तो मेरी जान ने आज मेरी जान को किश कर hi दिया

सुमन-: तू तो बोल मत कुट्टी कामिनी

पूजा-: अब मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकती क्या

सुमन-: जान जो किया ह आज तक वो तेरे और उनके लिए hi तो किया ह

पूजा-: ह्म्मम्म्म्म मेरी बिल्लो रानी

सुमन-: सुन मेने मेरा काम कर दिया ह

पूजा-: हम्म्म सुमन मेरे दिल बहुत उदास हे

सुमन-: क्या हुआ जाना बोल मुझे

पूजा-: पापा को गए आज कितने दिन हो गए बोलके गए की काम मिल गया ह उस दिन से आज तक न तो उनका कॉल लगा ह न hi कॉल आया ह बात hi नहीं हुई मम्मी भी बहुत परेशान ह

सुमन--: क्या आशा कोनसा काम हे जिसमे उन्हें टाइम नहीं मिल रहा ह

पूजा-: वही तो समझ नहीं आ रहा कही पापा किसी मुसीबत में तो नहीं ह

सुमन-: तेरे भाई से बोल की रिपोर्ट करवा दे

पूजा-: है हम भी यही सोच रहे हे

सुमन-: तूने विभु को बताया

पूजा-: नहीं अभी तक तो नहीं .

सुमन-: ठीक ह में बात करती हु उससे

पूजा-: इसमें विभु क्या कर सकते हे

सुमन-: कुछ नहीं हमारी जान ह उन्हें तो पता होना चाहिए न

पूजा-: हम्म ठीक ह जान

सुमन ने पूजा को कुछ देर समझाया और फिर अपने घर आ गयी घर आ कर वो सीधे विभु के रूम में गयी वह जा कर देखा तो विभु सो रहा था उसने उसे उठाया नहीं और अपने रूम में चली गयी वह जा कर उसने बीएड पर बेथ गयी और कुछ सोचने लगी

इधर निचे माया अपने कमरे में अकेली बैठी की उसका पति वापस जा चूका था अभी थोड़े दिन पहले उसने अपनी एक बैठी खोई थी जो उदास अपने रूम में बैठी थी

माया इतनी भोली थी की उसे कोई भी जल में फसा स्काट था आज तक उसने कभी मोबाइल नहीं लिया था

अपने पति से बात भी कभी कभी कर लिया करती थी अब उसके पास मोबाइल था जो उसका पति उसे दे कर गया था बात करने के लिए उसका अकेला पैन दूर हो जाये इस लिए वो अपने कमरे में बैठी बैठी मोबाइल देख रही थी उसे चलना नहीं आ रहा था की कैसे चलेगा ये जब उसे कुछ समझ नहीं आया तो उसने मोबाइल साइड में रख दिया और कुछ सोचने लगी

इधर खेत पर सेरा कुछ काम करके थक कर निचे आया और अपने लिए खाना बनाने लगा रोज खाना उसे विदिशा बना कर देती थी मगर आज उसे खाना खुद बनाना पद रहा था

वो खाना बनाने के लिए चावल रख दिए कुकर में और बाथरूम में चला गया और नहाने लगा तभी उसे सामने विधिसे की ब्रा पेंटी तंगी दिखी

उसने ब्रा और पेंटी को उठा लिया और नक् के पास ले जा कर सूंघने लगा

सेरा-: अहहह विदिषा ी लव ु मुझे प्यार हो गया हे आपसे में भी अकेला आप भी अक़्ली क्या मुझसे सधी करोगी ये काम ख़तम करके हम जल्दी hi बहुत दूर चले जायेंगे

सेरा ने विधिसे- की पंतय को लुंड पर लगा कर हिलने लगा उसने अपने मोबाइल में विदिशा के फोटो भी खींचे थे उसे देख कर मुठ मरने लगा कुछ देर में उसका पानी निकल गया वो नाहा कर आया और चावल जो पाक चुके थे उन्हें खाने लगा खाना खा कर वो वापस ऊपर आया उसने दयँ से टाला लगाया और वापस खेत का काम करने लगा

इधर विभु की नींद करीब 4 बजे खुली उठते hi वो सबसे पहले वो उठ कर सुमन के रूम में गया

वह जहा देखा उसने अंदर सुमन नहीं थी

वो निचे आया और खेत की तरफ निकल गया वह जाकर कुछ काम करने लगा


इधर नीता चची तैयार हो कर कही जानवकी तयारी कर रही थी तभी नव्या उसके पास वा गयी

नव्या-: मम्मी बाप काहीवजए रही हो क्या

नीता चची-: है वो में तै के घर जा रही हु

नव्या-: चलो में भी चलती hi मुझे कुछ काम हे सुमन से मिल आउंगी में भी

नीता chachi-:(ab इसको क्या बताऊ की कहा जा रही हु) तू कल चली जाना यहाँ निशा अकेली रहेगी

नीता चची ने निशा को कुछ इशारा किया

. निशा-: है दीदी हम दोनों कल चलेंगे

नव्या-- : ठीक ह तू बोल रही तो कल चलते हे

नीता चची ने निशा की तरफ देख कर स्माइल की और नीता चची वह से बहार निकल गयी

इधर देविका भी अपनी पति विष्णु को मंजू से मिलने का बोल कर निकल गयी

उधर वो आदमी वही खड़े रह कर उन दोनों का इंतजार करने लगा

कुछ देर में पहले नीता आ गयी उसने आकर उस आदमी को गले लगाया

आदमी-: देविका कहा रह गयी

नीता -: आती hi होगी

आदमी-: ज्यादा टाइम नहीं ह मुझे काम से जाना ह

कुक देर में देविका भी आ गयी देविका ने उस आदमी को गले लगाया दोनों कुछ देर ाशे hi रहे

नीता चची-: में भी हु पास में

देविका ने देखा और नीता चची की और दौड कर आई डैम दोनों गले लग गयीईइ

नीता-: किसी ह छोटी तू तेरी बहुत यद् आती ह

देविका-: दी पूछो मत में कैसे रहती हु आपके बिना पास हो कर भी दूर जैसा लगता ह

नीता-: थोड़े दिन और फिर सब ठीक हो जायेगा हम हमेसा पास रहेंगे

इतने में वो आदमी गया और दोनों को पकड़ कर गले लगा लिया तीनो ाशे मिलने लगे जैसे बरसो के बिछड़े हुवे हे

आदमी-: सुनो तुम दोनों का काम ठीक से चल रहा ह न

देविका--: हां जी मेरी राजाआं मगर आप दोनों ने ये सीमा को मर क्यों दिया उसे गायब भी कर सकते थे न

आदमी-: है मेने भी बादमे यही सोचा उसे गायब कर देना था मुझे

नीता-: कोई नहीं अब जो जो गयाहो गया अब आगे का क्या प्लान ह

देविका-: मेने उन सर्व लड़को को अपना कर लिया ह जो बोलूंगी वो कर देंगे वो

आदमी--: और उस मंजू का क्या हुआ अभी तक उस विभु के पास क्यों नहीं भेजा तूने

देविका--: यही कर रही हु 1-2 दिन में भेज दूंगी

णुता-: वो सब तो होता रहेगा मगर मेरी भी एक प्रॉब्लम हे आप दोनों बताओ में क्या करू

आदमी-: बोल क्या हुआ

देविका--: मेरी दी की प्रॉब्लम मेरी प्रॉब्लम बोलो दी

.नीता चची-: आपके कहने पर मेने विभु को बोल तो दिया की मेरे पेट में उसका बच्चा ह मगर आपने मुझे गोली देदी थी अब बताओ में उसे कैसे क्या बोलूंगी

देविका--: सिंपल हे उसे बोल दो की बच्चा गिर गया ह

आदमी--: है मेरे पास एक प्लान हे तू कुछ दिन के लिए तेरे मायके जा वह रह और एक दिन विभु को कॉल कर कर में गिर गयी हु और अपना बच्चा गिर गया ह वो मन लेगा

देविका--: है ये सही रहेगा

नीता-: ठीक ह कुछ करती हु वैसे कब तक हमें ये गाने खेलना ह

आअदमी-: जब तक सहर में वो माधरचोद फेक्ट्री नहीं दाल देते

देविका-: बनाने दो वो तो हमारे लिए hi बना रहे हे

नीता-: है अब हमें चलना चाहिए कोई आ सकता ह

देविका-: हम्म में भी घर पर कुछ देर का बोल कर आयी हु

वो आदमी आगे बड़ा क्र देविका को पकड़ कर किश करने लगा दोनों कुछ देर किश की फॉर उसने नीता को किश किया और तीनो वह से निकल गए मिल करररर अपने अपने घर्रर


इधर विभु शाम को प्रेणा मम को बता गया जहा मिलना ह वह पहुंच गया

उसे गहे कुछ देर hi हुई थी की प्रेणा मम सामने से आ गयी अँधेरा होने के कारन दोनों एक दूसरे का चेहरा नहीं देख प् रहे थे

विभु-: आ गयी तुम

प्रेणा-: कोण हो तुम बोलो क्या चाहते हो . Vibhu-:bola न की मुझे कुछ नहीं चाहिए बस जानना हे की तुम उस कमीने विष्णु के साथ ये सब कैसे करने लगी

प्रेणा-: ोयी मिस्टर कोण हो तुम और वो मेरा प्यार ह उसे कुछ नहीं बोलोगे समझे

विभु-: प्यार पता ह तेरा प्यार क्या करता ह ..कितनी ोर्टो का घर उजड़ा ह उसने पता ह

प्रेणा--: क्या बक रहे हो तुम वो ाशे नहीं ह वो सिर्फ मेरे हे एक दान अच्छे आदमी ह वो

विभु-: मम समझ जाओ वो आपका फायदा उठा रहा ह किसी दिन आपका भी गलत फायदा लेगा वो कमीना

प्रेणा-: तुम ये सब कैसे जानते हो और इतने यकीन के साथ कैसे कह सकते हो

विभु-: आपको ये पता ह आपके अलावा वो और कितनी ोर्टो के साथ करता ह

प्रेणा-: माय फुट वो सिर्फ मेरे ह मेरे अलावा सिर्फ अपनी पत्नी देविका के साथ hi रहते ह वो और किसी को आँख उठा कर नहीं देखा ह उन्होंने

Vibhu-:(hanste हुवे ): मम आप भोली हो में आपको बताऊंगा की वो क्या इंसान ह

prena-:ha कोई साबुत हो तो बोलो ाशे hi उन पर इल्जाम मत लगाओ समजे

विभु-: ोकक वो भी आपको दे दूंगा मगर पहले ये बताओ वो तुम्हे कैसे मिला ह

प्रेणा-: ok बता दूंगी पहले ये बताओ तुम हो कोण

विभु-: पहले आप बताओ

प्रेणा--: नहीं पहले आप अपना चेहरा बताओ में सब बता दूंगी

विभु-: ठीक ह मत बताओ जब साबुत दूंगा तब खुद दौड कर आएगी मेरे पास

prena--:jao अब जो हो कर लेना मुझे उन पर खुद से भी ज्यादा भरोसा हे

विभु-: ठीक ह अब ये तो में बताता हु. बस आप कुछ दिन विष्णु को ये कुछ मत बताना

प्रेणा-: ोकक ये इतनी छोटी बात उनको वैसे भी बता कर टेंस्टीन नहीं देना ह मुझे ऊँह वैसे भी बहुत परेशान रहते ह वो

विभु-: क्या क्या हुआ उसे

प्रेणा--: तुम्हे क्या करना जाओ और साबुत हो तभी मस्सगे करना नहीं तो कॉल भी मत करनाआ समझीये

विभु-: ठीक ह जा अब यहाँ से खुद मेरे पास नहीं आयी तो देख लेनाआ

प्रेणा कुछ नहीं बोली और वह से निकल गईइइइइइ

विभु भी कुछ देर खड़ा रहा और अपने घर आ gayaaaaaaaaaa घर आ कर उसने कुछ देर धीरज भाभी से बात की और सो गया


दोस्तों अब ये सिमरन और विदिशा का क्या मटर हे ये जानने के लिए अगले अपडेट का इंतजार करो
 
दोस्तों 5 तारीख को अपडेट मिल जायेगा और सायद रेगुलर मिलने लगे

इतने आप सब कमेंट करके बताते रहो आपके हिसाब से कहानी में आगे क्या होगा क्या होना चाहिए..

मुझे इंतजार रहेगा

में देखना चाहता हु मेरे दोस्त यहाँ से कहानी को किस मोड़ पर ले जाना चाहते हे उनके दिमाग में कहानी को ले कर क्या चल रहा ह प्ल्ज़ सभी दोस्तों से निवेदन हे की अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे

आपका
सुपरस्टार
 
कल फ्री हो जाऊंगा परसो से अपडेट स्टार्ट हो जायेगा

1)सीमा का मरना जरुरी था कहानी में क्यों वो आगे पता चलेगा आपको

2) वो आदमी कोण ह और ये नीता और देविका से क्या रिश्ता हे और वो दोनों ये सब क्यों कर रही हे


3) रही बात धीरज भाभी की तो वो इस कहानी और हीरो की जान ही ये मन के चलो

4) पूजा विभु से बेइंतेहा प्यार करती ह फिर भी विभु उसे दिनेश के पास क्यों भेजता ह क्योकि विभु नहीं चाहता की पूजा कही उससे दूर जाये वो चाहता ह की दिनेश उससे सधी करले और वो हमेसा उसके सामने hi रही

5) सुमन का किरदार अलग ह उसके साथ सेक्स अभी नहीं होगा

6) माया की जिंदगी बहुत ख़राब ह वो बस जिंदगी जी रही ह क्यों आगे देखू

7) सोनाली भाभी विभु से प्यार करने लगी ह और वो उसे अपना पति मन बैठी ह

8) अब रेखा भाभी का किरदार स्टार्ट होगा किस रूप में आगे देखो

9) सिमरन और विदिशा का अलग हो स्वाग ही आगे देखा
 
अपडेट-: 105

इधर विदिशा और सिमरन जैसे hi रसोई में अकेले हुवे दोनों ने एक दूसरे को कास के गले लगा लियाआ

विदिशा--: सिम्मी तू यहाआआ

सिमरन-: विधि ये सवाल मुझे पूछने दे तू यहाँ कैसे और वो भी काम के लिएएएएए क्या हुआआ

vidisa-:(ise नहीं बताती हु) वो मेरे परिवार वालो का िक्सेडेन्ट हो गया था जिसमे सब की डेथ हो गयी ह कोई नहीं बचा

सिमरन-: क्या तेरा हस्बेंड

विधिसे-; हा जनाआ सब ख़तम हो गया

विधिसे रोने लगी कुछ देर उसे सिमरन ने समझाया

सिमरन-; जोई नहीं अब में हु न सब ठीक कर दूंगी मेरी जान को कुछ नहीं होने दूंगी तू यही मेरे पास रहना

विसिषा--: है मगर एक सरत पर हम दोनों के बारे में किसी को पता नहीं लग्न चाहिए की हम एक दूसरे को जानते हे

सिमरन--: तू जानती नहीं आज मुझे कितनी खुसी मिली ह मेने मेरा खोया हुआ प्यार मिल गयाए मुझे उम्मीद नहीं थी की हम दोनों फिर कभी मिलेंगे

विदिशा-- : उम्मीद तो मुझे भी नहीं थी की मेरी इतनी अच्छी किस्मत की यहाँ मुझे तू मिल जाएगी

सिम्मी-: ी लव ु जाना तुजे बहुत मिस कियाआ मनी

विदिशा--: और मेने भी तेरे पापा कैसे ह

सिमरन-: अच्छे ह आते ह यहाँ कभी कभी मिलवाउंगी अब जब. भी यहाँ आएंगे

विदिशा-: अब भी तू तेरे पापा के साथ लगी रहती ह की चोर दिया ह सब

विदिषा--: मेरी अशी किस्मत कहा उसी चक्कर में तुजसे दूर होना पड़ा

सिमरन--: काश उस दिन तेरे पापा नहीं आते हम कभी जुड़ा नहीं होते तेरे बिना ये 2 साल कैसे गुजरे में hi जणू

विदिशा-: ोकक सिम्मी अब थोड़ा यहाँ दीना रखना

सिमरन-: चिंता मत कर रानी अब तुजे नहीं जाने दूंगी कही भी वैसे भी मुझे यहाँ एक जरुरी काम करना ह जिसमे मुझे साथी की जरुरत हे वो अब आ गयी

विदिशा-:( मुझे भी तेरी जरुरत पड़ेगी यहाँ जान ) हम्म में तेरे साथ हु

दोनों एक बार फिर गले लग गए इतने में कजरी आ गयी दोनों अलग हो गयी

कजरी-: छोटी मालकिन क्या बात ह दोनों इतने जल्दी घुल गयी

simran--:kaki मेने सुना इसके साथ क्या हुआ रहा नहीं गया मेरी फ्रेंड बन गयी ह ये तो गले लगा लियाआआआ

कजरी-: ठीक ह विदिशा मेने तेरा सारा सामान यहाँ पास वाले कमरे में रख दिया ह तू आज से यही ेहना

vidhisha--:thik ह मोसिई

कजरी चली गयी और विदिशा काम करने लगी सिमरन उसे बताने लगी कोन्स सामान कहा ह कोनसा रूम किसका ह घर में कोण कोण ही सब बता दियाए.

((यहाँ में आपको विधिसे और सिमरन एक दूसरे को कैसे जानती ह वो बता देता हु इनका पास्ट ))


पास्ट

बात आज से 2 साल पहले की विदिशा और सिमरन एक hi गांव में रहते हे दोनों साथ में पड़ने जाते थे एक hi स्च्होल में दोनों एक दूसरे से इतना लगाव था की दोनों कब एक दूसरे से प्यार करने लगी पता hi नहीं चला दोनों साथ में रहती थी और लेस्बियन करती थी

लेस्बियन करते करते कब सिमरन अपने पापा की तरफ अटेंटिव हो गयी और वो अपने पापा से सेक्स करने लगी ये बात उसने विदिशा को बताया ाशे hi कुछ दिन निकल गए एक दिन विदिशा और सिमरन गांव के पास मेले में घूमने गए थे वह विदिषा को एक लड़का पसंद आ गया विधिसे को उससे प्यार हो गया और देखते hi देखते उसने लड़के को बता दिया लड़का भी विदिश की खूबसूरती पर मर गया और दोनों एक दूसरे से घुल मिल गए इधर सिमरन और विदिशा का लेस्बियन भी चलता रहा दोनों एक दूसरे से दूर नहीं रह सकती थी मगर सधी तो करनी थी ये दोनों की मज़बूरी थी

एक दिन विदिशा और उस लड़के ने सधी की बात की मगर विदिशा के पापा नहीं मने वो एक नीची जाट के लड़के से अपनी लड़की की सधी नहीं करवाना चाहते थे विदिशा ने भाग जाने की धमकी दी तो उन्होंने उसे घर में बंद कर दिया

एक लास्ट होप उसकी सिमरन थी वही उसकी साडी बाटे उस लड़के तक ले जाती सिमरन और दोनों ने एक दिन प्लान बनाया

सिमरन--: विदी में तो कहती हु तू उसे ले कर भाग जा यहाँ से दूर बहुत दूर

विदिशा-: कैसे जाऊ तुजे चोर के में उसे भी नहीं चोर सकती और न hi तुजे

सिमरन-: जाना तुजे जाना होगा मेरे लिए अपने लिए अपने प्यार के पास देख ये दुनिया हम दोनों के प्यार को समझ नहीं सकती ह इसलिए सधी मुझे भी करनी हे और तुजे भी तो तू अपनेप्यार के साथ hi रह

विधिसे-: बात तो सही ह तू कहा सधी करेगी हम फॉर मिलेंगे क्याआ जाएं

सिमरन-: भगवन ने चाहा तो हम जरूर मिलेंगे बहुत जल्द तू कही भी रहे तेरे साथ मेरी दुआ रहेगी

विधिसे ने सिमरन को जोर से पकड़ा और किश करने लगी दोनों लगभद बहुत देर तक एक दूसरे को किश करती राहीईई

सिमरन--: में कल तुजे मेरे घर ले जाउंगी तू वह से भाग जाना

विदिषा-: ठीक ह

फिर दूसरे दिन विदिशा सिमरन के घर गयी वह सिमरन से लास्ट बार मिली और उस लड़के के साथ भाग gayiiiiiiiiii कही दुर्र्र्र

उधर गांव में ये बात फेल गयी तो विदिशा के पापा बदनामी के दर से गांव को चोर के कही चके गए

इधर विधिसे जब उस लड़के के घर आये तो लड़के के घर वालो ने उसे अपना लियाए दोनों खुस रहने लगे विदिशा को एक hi गम था बस सिमरन से दूर होने कहा

इधर विधिसे के जाने के बाद थोड़े दिन सिमरन को उसकी यद् आयी और कुछ दिन बाद वो सब भुला कर अपने पापा के कहने पर ठाकुर के छोटे बेटे जशवंत से सधी कर्ली और यहाँ आ गयी

अभी कुछ दिन पहले hi ठाकुर ने सेरा की बीवी को उठा लिया उसे बचने के चक्कर में विदिशा का पति मर गया बाकि आप सब जानते हूँ

फाइनली दोनों एक दूसरे की पक्की लेस्बियन सहेलिया थिई अब ये दोनों वापस मिल गयी हे अब क्या करती ह देखते हे


सुबह विभु की नींद खुली उसने उठते hi मोबाइल देखा वह पारो का मस्सगे था

पारो--: विभु मेरी जान में आपकी पारो सिर्फ आपकी पारो जो सायद अब आपके बिना रह नहीं सकती हर रोज उठते बैठते सोते आपका hi चेहरा नजर आता ह जबसे यहाँ आयी हु आपको देखा ह तबसे आपसे एक लगाव सा हो गया ह में नहीं जानती ये क्या ह मगर है ये मेरा प्यार हे जो अब हो गया ह अब मरने के बाद hi ख़तम होगा में नहीं जानती की तुम मुझे क्या समझते हो मगर है मेरा प्यार सिर्फ आपके लिए हे आप जो बोलोगे वो कर जाउंगी प्ल्ज़ मुझे अपना लो मुझे अपनी बना लो प्ल्ज़ जान ....आपकी पारो

विभु ने मस्सगे पड़ा और रिप्लाई किया

विभु-: में नहीं जनता की आप कोण हो बस इतना जनता हु की सायद आप सुच में मुझसे प्यार करती हो ठीक ह मेरी पारो जी आज से ये विभु आपका हुआए मगर मुझे एक बात समझ नहीं आयी जब आप मुझसे इतना प्यार करती हो तो एक बार मेरे सामने आ जाओ नाआ में आपको दिल से अपना लूंगा बहुत प्यार दूंगा आपको

विभु उठा और सुमन से जादू की झप्पी ले कर खेत वाले घर चला गया

इधर जब कजरी सुबह ठकुराइन के घर गयी तो सीधा वो रसोई में विधिसे के पास गयी

कजरी-: विदिषा किसी रही तेरी रत नींद तो आयी न

विधिसे--: है अच्छी रही मगर आप कल आयी क्यों नहीं रत को

कजरी--: वो मुझे घर पर काम था

विधिसे-: दीदी वो मुझे आपको कुछ बताना ह और विभु को भी .

कजरी-: बोल

विदिशा-: वो दीदी सिमरन और में एक दूसरे को जानते हे

कजरी-: क्याआ केसीएएएएए

सिमरन-:............ साडी बाटे सही जो सही ह वो बता दियाए

कजरी-: फिर तो अच्छा ह ये तेरी हर बात मानती ह दोनों अच्छी फ्रेंड्स हो तो अपना काम अदा यही कर देगी

विदिशा-: है इसी लिए मेने आपको बताया हे सायद ये हमारे पूरी hi काम आ जाये

कजरी-: विभु को बताया

विधिसे -; नहीं आप बता देना

कजरी ने वही से विभु को कॉल किया उस वक्त विभु अपने खेत पर बैठा था

विभु-: है बोलो कजरी काकी

कजरी-: यहाँ आते hi विदिषा ने हमारा पहला काम तो कर दिया

विभु-: मतलब इतनी जल्दी क्या कर दिया

कजरी-: विदिशा ने ......... कजरी ने सब बता दिया उसे

विभु-: वव फिर तो हमारा आधा काम हो गया अगर ठाकुर की छोटी बहु विदिशा के साथ हो गयी तो ये कांड हम 2 महीने में hi कर देंगे

.कजरी-: वही तो अब आगे क्या होता ह देखते ह

विभु-: विदिशा को बोलो की सिमरन से वह से सरे राज खुलवाए धीरे धीरे

. कजरी- -: आप hi बात करलो

कजरी ने मोबाइल विदिषा को दे दिया ह

विधिसे-: है विभु बोलो

विभु--: मेरी बात दयँ से सुनो तुन्हे सिमरन से वह के सरे राज जानने से ठकुर के पास आच्चंक इतने पैसे कैसे आ रहे ह और ठाकुर के घर में क्या चल रहा ह सब

विदिशा-: ोकक ये सब में आराम से कर लुंगी अब

विभु-: और है अपना दयँ रखा

विधिसे-: हम्म्म

काजै-: 1 मिनिट मेरी बात करवाना

कजरी-: विभु मेरी रेखा से बात हुई ह वो पूरी तरह तैयार ह उसे ले कर आ जाओ आज रत को और एक्सचेंज करने का समय आ गया ह

विभु-: ठीक ह में बात करता हु उससे फिर ले कर आता हु

.कजरी ने कॉल कट किया और विदिशा की मदद करने लगी इधर विभु ने रेखा बहभी को कॉल कियाए

रेखा-: है बोलो विभु

विभु-: तुम तैयार हो न आ जाऊ लेने

रेखा-: है आ जाओ में तैयार हु पूरी तरह से

विभु-: सोच लो कुछ दिन और रह कर सिख लो यहाँ बहुत रिस्क हो सकता ह

रेखा-: बोलै न पूरी तरह से तैयार हु आप आ जाओ जल्दी काम निपटा देंगे

विभु-: ठीक ह रेड्डी रहना

रेखा-: ोककक

विभु ने कॉल कट कियाए और मंजू काकी को कॉल कर दियाआआअ

मंजू काकी के पास विभु के no. सेव थे उसने दूसरे नाम से सेव किया था जैसे hi उसने देखा की विभु का कॉल हे उसके चेहरे पर एक स्माइल आ गयी उसने जल्दी से कॉल उठाया

मंजू-: है बोलो विभु

विभु-: मेरी बात दयँ से सुन तुजे यद् हे न हमारे बिच पहले क्या बात हुई थी

मंजू-: हम्म यद् ह बोलो

विभु-: तो सुनो कल दिन में मुझे उसी खण्डार में मिलो और अकेले आना देविका को साथ मत लाना

मंजू-: ठीक ह

विभु ने कॉल कट किहा इधर मंजू की खुसी का ठिकाना न रहा उसकी पहली दमदार चुदाई कल होने वाली थी उसने देविका को फोन लगा दिया

manju-:didi विभु का कॉल आया था उसने कल दिन में मुझे भुलाया ह .

देविका--: सुच फिर तो तेरे दिल के अरमान पुरे हो जायेंगे कल एक्के से तैयार हो कर जाना

मंजू-: हम्म उसने बोलै की आपको साथ नहीं लाना

इतने में देविका के मोबाइल पर विभु का फोन आया

देविका-: में तुजे बादमे लगाती हु विभु क ा कॉल उठाया

देविका-; बोलो विभु

विभु-: सुनो मेने मंजू को कॉल किया ह वो कल दिन में आने वाली hi तुम उसके आने के 1 घंटे बाद आना और उसे ले जाना

देविका--: ठीक ह

विभु ने कॉल कट किया देविका खुस हो गयी उसकी एक और चल कामयाब हो गयी थी ......


इधर विभु ने जैसे hi ये बात खतम की उसके मन की आवाज उसे आयी

मन की आवाज-: मेरी एक बात मानेगा तू

विभु-: आबे चूतिये ये भी पूछने की बात ह क्याआ बोल तू

मन की आवाज-: उस दिन साधु बाबा ने हमें क्या बोलै था .

विभु-: क्या तू यद् दिला मुझे

मन की आवाज-: उन्होंने बोलै था की अगर तू ये बाटे किसी को बता नहीं पाया तो समझ जाना की वो तेरे साथ नहीं ह

विभु-: है तो सही कहा था वो

मन की आवाज--: तू बिलकुल चुटिया hi हीइ

विभु-: आबे जो भी बोलना ह क्लियर बोल न

मन की aawaj-:sun ये बात तो सही ह न की साधु बाबा ने आशा बोलै था

व् िभु--: है सही हे अब आगे बोल

मन की aawaj--:to तू उस दिन ये बाटे विदिशा की नीता चची को बताने वाला था तब तेरी आवाज बहार क्यों नहीं निकली तू उन्हें बता क्यों नहीं पाया

विभु-: बक्क्सक्कक्कक्स ये तो मेने सोचा hi नहीं काभीई

मन की आवाज--: भाई मुझे वो औरत ठीक नहीं लगती ह तू उससे आज के बाद कुछ मत बताएगा it's माय आर्डर समझा

विभु-: बूत वो मेरी चची हे मेरी प्यारी चची मेरे साथ क्या गलत करेगी मुझे यकीं नहीं हो रहा ह .

मन की आवाज-: तू उसे उस दिन कुछ नहीं बता पाया न

विभु-: है मेरी आवाज hi बहार नहीं आयी थी

मन की आवाज-: और तू बाबा की अच्छे से मंटा ह न

व् िभु--: कैसे नहीं मनु तू मुझे उन्ही से मिला ह में उनकी हर बात मंटा हु

मन की आवाज-: तो सुन उन्होंने बोलै था की जो अपने हे वो अपने नहीं तू किसी के बात सरे मत करना और जो तेरे साथ नहीं तू उसे कभी ये बात नहीं बता पायेगा

विभु-: हाआआ और उस दिन में नीता चची को कुछ नहीं बता पाया मतलब वो मेरे साथ नहीं ह .

मन की आवाज-: है मुझे यही लग रहा ह आज से तू उस औरत को कुछ नहीं बताएगा और उस पर हमें अब नजर रखनी ह

विभु -: ठीक ह बॉस अब कुछ मुझे भी समझ आ गया ह आज से उनको कुछ नहीं बताना ह

मन की आवाज-: बताओ तो झूट बताना और उसे ये जाहिर नहीं होने देना हे की हम उससे अब उतना लगाव नहीं हे

विभु-: ोकक बोससस्स्स्स

मन की aawaj-:ab जा और रेखा को ले कर आ और एक नया अध्याय सुरु कर कल सीई

विभु-: ठीक ही


विभु घर गया और वह से बुलेट ले कर सहर की और चल पड़ा धीरज भाभी की दुकान के पास जा कर उसने देखा भाभी बहार कड़ी थी उसे ही बोलै दोनों ने स्माइल की और विभु शार की और चल दिया रेखा भाभी को लेने

विभु वह से सीधा सहर गया और एक हॉस्पिटल में गया वह जा कर उसने डॉ. से मिला और उस रूम में गया जहा उसे जाना था वो धीरे से उस रूम में अन्तर हो गया और. सामने जा कर देखा तो रेखा भाभी कड़ी थी मगर रूप एक डैम दूसरा थाहा

विभु-: वव तुम तो सुच में बिलकुल एक डैम अप्सरा हो गईइइइइइ

रेखा-: है ये सब इनका कमल ह

विभु-: डॉ. सब धन्यवाद आपका

डॉ. सब-: अरे इसमें धन्यवाद की जरुरत नहीं ह मेरी भांजी ने मुझसे पहली बार कुछ माँगा था और ये में मन नहीं कर पाया अब आप इनको ले जा सकते हो

रेखा-: विभु में किसी लग रही हु सुच बताना

विभु-; एक पल तो में सॉकेड हो गया आशा भी हो सकता ह क्या मगर आल डैम मस्त लग रही होओओओ

रेखा दौड कर विभु के पास गयी और जा कर गले लग गईइइइइइ

.रेखा -: ी लव ु जान नाआआआआ

विभु-: ी लव ू 2 चले अब .

रेखा-: है चलो एक बार पीहू से मिलकर आ जाते हे

विभु-: चलो

विभु ने बाइक डोडा दी कुछ देर बार दोनों बलराम भैया के सामने खड़े तेरे

बलराम-: आ गए विभु तुम आओ बैठो ये कोण हे साथ में

विभु-: ये मेरी ौंटी जी ही

बलराम-: ok बैठो आप भी

रेखा भाभी बलराम भैया के सामने बेथ गयी फिर वो उठ कर रसोई में गयी और पीहू से गले लग गयी

पीहू-: वव भाभी आप तो सुच में

.रेखा ने उसके मुँह पर ऊँगली रख दी

रेखा-: मेरी बात दयँ से सुन्ना अपने भाई का दयँ रखना और बहार जाओ तो मुँह बांध कर जाना बाकि में कभी कभी आ जाया करुँगी

पीहू -: ठीक ह भाभी

दोनों गले लगे फिर विभु वह से रेखा भाभी को ले कर निकल गया

.विभु ने बाइक मेडिकल शॉप पर रोकी और वह से कुछ सामान लिया मेडिकल वाला उसे दे नहीं रहा था मगर विभु ने कुछ ज्यादा hi पैसे दिए और वो सामान ले लियाए फिर विभु ने बाइक डोडा दी गांव की और रेखा भाभी ने अपना मुँह बांध लियाआ

विभु ने बाइक से कजरी को कॉल किया और उसे खेत वाले घर भुला लियाआ

कुछ देर में दोनों गांव आ गए गांव आ कर रेखा की आँखों में आंसू आ गए उसने किस कंडीशन ने ये गांव छोरा था और आज कितने दिन बाद फिर अपने गांव में आ गयी एक नया मकसद के कर

विभु उसे खेत वाले घर ले गया जहा पहले से सेरा और कजरी बैठे थे कजरी ने दौड कर रेखा को गले लगाया

. कजरी-: आ गयी मेरी बच्ची

रेखा-: हां दीदी अब होगा तांडव ..


इधर कजरी के जाने के बाद सिमरन विदिशा के पास आ गयी और उसकी मदद करने लगी काम निपटा कर दोनों सिमरन के रूम में गयी उस समय जशवंत सिंह बहार गया था और जैसे hi सिमरन ने गेट लगाया विदिशा ने उसे पीछे से पकड़ लियाआ और उसके हाथ सीधे सिमरन के बड़े बूब्स को होल होल दबाने लगे

सिमरन-: अहःअहः विधि इन हाथो के स्पर्श के लियी यी तरस गयी थीई ाहः माआआआ

विधिसे-: अब रोज ये हाथ तेरे पास hi रहेंगे जननं


सिमरन घूम गयी दोनों सहेलिया अब एक दूसरे को देख रही थिई दोनों की आँखों में हवस साफ दिख रही थी और देखते hi देखते दोनों आगे बाद कर एक डैम से एक दूसरे के होठो को जकड कर किश करना स्टार्ट कर दियाए

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दोनों ने एक दूसरे के चेहरे को पकड़ कर लम्बी किश करने लगे दोनों की किश इतनी खतरनाक थी की दोनों के मुँह पर कब एक दूसरे का थूक लगा था दोनों थक कर अलग हो गयी दोनों जोर जोर से सांसे लेने लगी

सिमरन-: ी लव ु जान वही अनुभव जो 2 साल पीछे रह गया था आज फिर मेरे सामने आ गया

विदिशा-: आज से तुजे ये रोज मिलेगा मेरी जान इसके लिए सोचा नहीं था की फिर कभी मिलेंगे और देख हमारी तक़दीर हमें फिर से एक कर दिया

सिमरन-: हां जाना आज से तुजे कभी दूर नहीं करुँगी मेरे पास hi रखूंगी बस कुछ दिन और फिर तुजे यहाँ काम करने की जरुरत नहीं पड़ेगी मेरे साथ hi रहगे

विदिशा-:( ये क्या बोल रही) आशा क्यों मेरी सिम्मी

सिमरन-: आशा इस लिए की बहुत जल्द में इस घर की महारानी बनने वाली हु

विधिसे-: तू तो छोटी ह तेरे से बड़ी बहु हे घर में फिर तू कैसे में जान सकती हु

सिमरन-; तू तो मेरी जान ह तुजसे क्या छुपाना सुन मेरा और मेरे पापा का तो तुजे पता ह की हम दोनों के बिच क्या चलता ह और कबसे चल रहा ह हम दोनों का प्लान ह की ठाकुर की इतनी सम्पति हे की मेरी 7 पड़िया बेथ कर खा सकती ह

में कैसे भी करके इस घर की मालकिन बनना चाहती हु और ये काम सिर्फ ससुर जी hi कर सकता ह

विदिशा-: तो तू क्या करना चाहती हे

सिमरन-: जैसे में पापा को खुस करती हु वैसे ससुर जी को भी इस हुस्न का रास चखा दूंगी फिर वो मेरे पीछे लट्टू हो जायेंगे और में उनसे वो सब करवा लुंगी

विदिशा-:( वव ये तो बिना कुछ किये हे मेरा साथ देगी बस मुझे इसे अब उकसाना ह ) वव क्या आईडिया ह ससुर भी तेरा पति भी तेरा और ये जायदाद भी तेरी

इतने बोल कर उसने सिमरन को बीएड पर धक्का दे दियाआआअ अब सिमरन बीएड पर नीचीई गिर गयी और सिमरन धीरे से उसके ऊपर चढ़ गयीईइ और उसके मुलायम होठ अपने होठ में लेके चूसने लगी


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कुछ देर किश करने के बाद सिमरन ने विदिशा को बहो में भराआआ

विदिशा-: तो मेरी लड़ो अब काट अपने प्लान में कहा पहुंची

सिमरन-: अभी तक कुछ नहीं किया तू आ गयी ह अब मेरी मदद करना मेरे ससुर के निचे आने मीटीए

विदिशा-: जरूर अब तू देख तू ससुर hi नहीं में तो कहती हु जेठ जी को भी अपने जल में उतर की न रहेगा बस न बजेगी बासुरी

सिमरन-: पहला टारगेट ससुर ह पर कैसे करू यहाँ तो कुछ होगा नहीं कैसे दिखाऊ हुस्न अपना

विदिशा-: मेरे दिमाग में एक आईडिया हेबेई

सिमरन-: बोल जल्दी

विदिशा-: तू उन्हें सडके करेगी उससे अच्छा आशा कुछ प्लान करे की ये काम न तेरी मर्जी से हो न उनकी मर्जी से हो जिससे तू भी बदनाम न हो ससुर की निगाह में की तूने सडके किया वो तुजे चालू समझे इससे अच्छा आशा हो तो कितना अच्छा रहेगा

सिमरन-: वो तो हे मगर आशा होगा कैसे वो मुझे बता

विदिशा ने सिमरन के काम को अपने मुँह में लेके चूसने लगी और धीरे से उसके काम में कुछ बोलने लगी धीरे धीरे जैसे कोई सुन न leeeeeeeeeeeeeeeeee

सिमरन-: प्लान अच्छा ह मगर वो 2 लोग हम कहा से लाएंगी

विधिसे-: में कुछ कर सकती हु में पहचान टी हु ाशे लोगो को कुछ पैसे लेंगी और काम कर देंगे

सिमरन-: फिर तो में रेड्डी हु तू तैयार कर प्लान और उन लोगो को रेड्डी कर्रे जितने पैसे ले मुझे बोलना

विदिशा-: वो तो में एक दिन में कर दूंगी मगर तू अपने ससुर को वह लेके कैसे जाएगी

सिमरन-: इसका प्लान में रत को कुछ सोचती हु

विदिशा-: ठीक ह अब में चलती हु रत को निचे आ जाना तेरे निचे का सिम्मी रास पिए बहुत दिन हो गए आज पीला देणाआ

सिमरन-- : ठीक ह तो आज तेरा भी सारा रास मेरे गले में उतर लुंगी तू तैयार रहना

विदिशा उससे बात करके डायरेक्ट रसोई में गयी

रसोई में जा कर उसने कजरी को कॉल किया कजरी उस समय विभु और रेखा से मिलने खेत वाले घर गयी थी उसने कॉल नहीं उठाया

विदिशा--: ये काम हो जाये मेरी सिम्मी कैसे भी करके ठाकुर को कब्जे में करले फिर देख ठाकुर तेरा क्या हल करती हु तेरे और उस विष्णु के खंडन की साड़ी ोर्टो को रंडिया न बना दिया तो मेरा नाम भी विदिशा नहीं मेरी हस्ती खेलती जिंदगी में तूने तबाह किया ह अब तेरा जनता खेलता परिवार कोटे पर बैठेगा देखता जा तू

.विदिशा सोचते हुवे काम करने लगइईईई


इधर जैसे hi कजरी ने रेखा को देखा वो दौड कर गयी और उसे निहारने लगी

. kajri--:bap रे आशा भी हो सकता ह क्या जब मेने देखा था तब तो चेहरा hi वैसा हुआ था अब तो पूरा सरीर वैसा कैसे कर लिया तूने

रेखा-: थोड़ी म्हणत लगी पर हो गया

विभु-: अब मेरी बात दयँ से सुनो जो भी करना ह कल दिन में हो जाना चाहिए विदिशा को भी ये बात बता दो की रेखा आ गयी ह

कजरी-: विदिशा का कॉल आया था अभी जस्ट

विभु-: लगाओ क्या बोल रही ह और एक बात आज से विदिशा और रेखा जब भी कॉल करे उठा लिया करो चाहे जो कंडीशन हो

कजरी--; सॉरी विभु और उसने विदिषा को कॉल किया

कजरी-; बोल छोटी क्या हुआ

विदिशा-: ................. उसने सिमरन से जो बात हुई वो उसे बता दियाआआआ

कजरी-: चल रुक में विभु के पास hi हु तुजे कॉल करती हु इससे बात करके और है रेखा आ गयी हे ले इससे बात कर

विदिषा-: रेखा किसी ह तू

रेखा-: में ठीक हु तू किसी ह ठीक ह न वह

विदिशा-: अभी तक मस्त और सिम्मी ह न यहाँ वो मेरा दयँ अच्छे से रखती ह

.रेखा-: कोण सिम्मी

कजरी-: में बता दूंगी तुजे ला फोन मुझे दे

कजरी-: ठीक ह छोटी तू काम कर कोई सुन न leeeeeeeeeeeeeeeeee

फिर कॉल कट गया

कजरी-: वो विदिशा ने सिमरन को एक प्लान में फसाया हे सुनो ........ उसने सब बता दियाए

विभु-: WAWWWWWWWWWWWWWWWW

रेखा-; डबल मज़ा फिर टूओ

सेठा-: ये काम तो में करूंगाआआआ...
 
अपडेट-: 106

विभु रेखा को खेत वाले घर चोर क्र कजरी को बोल दिया की कल टाइम से आ जाना वो भी घर चला गया

जब वो घर आया उसने मोबाइल देखा पारो का मस्सगे था

पारो-: विभु मुझे समझो में अभी आपके सामने नहीं आ सकती मगर ये वडा ह बहुत. जल्द में आपके पास आपकी बहो में रहूंगी

विभु ने मस्सगे पड़ा और सोचने लगा की मुझे क्या करना जब भी आये थोड़ी सी बात hi तो करना ह इससे

विभु-: ोकक मेरी करूओ आपका देववव😘😘

विभु ने मस्सगे कर दिया और उसे धीरज भाभी की यद् आयी उसने धीरज भाभी को कॉल किया सामने से पल भैया ने कॉल उठाया विभु कुछ बोलने hi वाला था की उसे पल की आवाज सुन कर रुक गया

पल-: कोण हे वववववववव कुछ बोल नहीं रहा ह

धीरज-: वो मेरी फ्रेंड हे सायद आवाज नहीं आ रही होगी

आ कर मोबाइल धीरज भाभी ने ले लिया

डी भाभी-: हेलिओ hello आवाज नहीं आ रही ह में बादमे लगाती हु तुजीई हआ हआ सारी लेनी आए जाना

डी भाभी ने कॉल रखा विभु ने भी चेन की साँस की

. विभु-: अच्छा हुआ बस कुछ नहीं बोलै नहीं तो ये तो मेरी जान को मरता बस का कुछ करना पड़ेगा मेरी जान को मरता ह ये

विभु अपने खयालो में मगन था रत की 10 बज चुकी थी इधर सोनाली भाभी छत पर टहल रही थी अपने विभु को यद् करते हुवे उसका मोबाइल बजा उसने देखा उसके पति विनोद का था उसने कुछ देर बाद की और कॉल कट किहा फिर कुछ यद् करके रोने लगी कुछ देर अकेले रोने के बाद वो निचे आ गयी

इधर विभु के मन की आवाज ने उसे सोनाली की यद् दिलाई मगर वो कुछ सोच न सका और सो गया

इधर बड़े पापा के घर पर मनीषा भाभी प्रिय के रूम में बैठी थी की तभी उसका मोबाइल बजा

मनीषा -: रत को 10 बजे किसका फोन आया हे

प्रिय-: आपके तो 2 पति ह किसी को यद् आ गयी होगी आपकी

म भाभी--: मेरी ननद रानी दोनों का नहीं ह नए no. से आया हे ..

मनीषा भाभी ने कॉल आतताइन किया सामने से किसी औरत की आवाज थी

औरत-: हेलिओ कोण मनीषा

म भाभी--: है आप कोण

औरत-: तेरे नई दोस्त

म भाभी--: नाम तो होगा आपका

औरत-: नाम जानकर क्या करना ह तुजे जो जानना हे वो बता देती हु

म भाभी--: बोलो फिर

औरत-: और तेरा पति ह केसा हे कहा ह आज कल

म भाभी--: आप कोण हो और आपको क्या करना ये जान कर

औरत-: जितना पूछा हे उतना बता ज्यादा बक बक मत कर समझी

म भाभी--: वो सहर ह आपको क्या करना

औरत-; अरे अरे में तो तेरे दूसरे पति विभु की बात कर रही हु जिससे तूने अपनी कुंवारी छूट को सधी के बाद खुलवाया

म भाभी--: क्या बक रही हो और हो कोण तुम

औरत-: बोलै न तेरी हमदर्द

म भाभी--: मुझे कोई बात नहीं करना ह कॉल रख अब

औरत-: ोय सुन रैंड अपने देवर के साथ सो कर उससे सुहागरात मन कर मेरे सामने ज्यादा बन मत समझी साडी बाटे गांव में फैला दूंगी फिर मारती रहना गांड उससे

म भाभी--: ोय सुन वो मेरा प्यार ह उसके लिए बदनाम भी हो जाऊ तो कुछ नहीं जा तुजसे जो हो वो करना उन्हें पता लग गया न तो तेरी गांड मेरे से पहले मर लेंगे वो समझी

औरत-: क्या हे क्या तेरा विभु उसे अशी मोत दूंगी न की रूह कम्प जाएगा सामजी

म भाभी--: कोण ह तू

इतने में कॉल कट गया मनीषा भाभी के पसीने छूट गए उसने विभु को कॉल किया मगर विभूउउ ने कॉल नहीं उठाया उसने. मस्सगे चोर दिया

म भाभी--- : जान फ्री हो कर कल मुझसे मिलने आना मुझे आपसे अर्जेन्ट बात करना ही बहुत जरुरी

मनीषा भाभी अपने रूम में आ गयी और सोचने लगी कोण होगी ये औरत जो ाशे बात कर रही थी और इसे कैसे पता मेरे और विभु के बारे में मनीषा भाबी ने एक बार उस no. पर कॉल कियाए मगर मोबाइल बंद आया

म भाभी--: रंडी मेरे विभु को हाथ भी मत लगा लेना वार्ना पुरे परिवार को ख़तम कर दूंगी समझी मेरे लिए मेरा असली पति hi विभु हे उनका बच्चा मेरे पेट में हे समझी उसकी कसम खा कर कहती हु अगर मेरे विभु को किसी ने हाथ भी लगा लिया तो उसकी आने वाली पीडिया भी चेन से नहीं रह सकेगी

मनीषा भाभी बहुत क्रोध में आ गयी उसने अपने बीएड पर लेट गयी और अपने पेट पर हाथ फेरे लगी उसे आज hi पता चला की वो प्रेग्नेंट हे

वो कल मिल कर विभु को सब बताना चाहती थी मगर अचानक ये कॉल आ गया वो यही सब सोचते हुवे सो गयी


सुबह करीब 6 बजे विभु उठा आज उसको एक काम था जो उसे पूरा करना था

वो उठ कर फ्रेश हो कर सुमन के रूम में गया वो सो रही थी उसके पास जा कर उसके होठो पर किश करके निकल गया बहार

निचे आया तो उसकी माँ हॉल में बेथ कर सब्जी काट रही थी उससे मिल कर माँ ने उसे चाय दी वो पीकर माँ को बोल कर खेत पर निकल गया वह गया तो सेरा और रेखा पहले से उठ गए थे दोनों नास्ता कर रहे थे नास्ता करके

विभु--: सेरा वो आम के बाद में पानी देना हे आज दे दो अभी लाइट अभी चल रही हे

सेरा नास्ता करके निकल गया अब बचे सिर्फ रेखा और विभु सुबह 7 बजे का टाइम था

विभु-: अपना दयँ रखना तुम

रेखा-: मेरे पास आप रहोगे फिर क्यों डरना

विभु-; है में तुन्हे कुछ नहीं होने दूंगा

रेखा-: ी लव ु विभु

विभु-: ी लव ु 2

रेखा--: हम ये कर तो पाएंगे न

विभु-: आराम से हो जायेगा तुम्हे कैसे भी करना ह

रेखा-: मुझे खुद पर भरोसा हे की में कर दूंगी मगर फिर भी दिल में एक दर हे कही पकड़ी गयी तो .

विभु-: अगर आशा ह तो रहने दो हम कुछ और सोचते ही

रेखा-; नहीं अब में पीछे नहीं हैट सकती 3 महीने जी जान से मेहनत करके ये सब किया ही

विभु-: तुम बिलकुल चिंता मत करो में हु ना

रेखा-: अगर मुझे कुछ हो जाये तो मेरे पति और मेरी मानन्द का दयँ रखना

विभु-: में कुछ नहीं होने दूंगा

विभु ने आगे बाद कर अपने होठ रेखा के होठ पर लगा दियाआ रेखा ने भी विभु को बहो में भर कर किसिंग स्टार्ट कर दी किश करते हुवे विभु के हाथ कब रेखा भाभी की गांड पर चले गए और दबाने लगे

विभु-: में हु न अपनी जान को कुछ नहीं होने डूंगाआ

रेखा-: मुझे आप पर खुद से ज्यादा विश्वास हीइ और फिर आप मेरा प्यार भी हो

विभु-: हम्म जान तुम थोड़ा आराम करो में आता हु इतनी

विभु का हाथ अभी भी रेखा भाभी की गांड को बड़ा रहे थी

रेखा--: कुछ देर मेरे पास रहो ना

विभु-: क्यू .

rekha--:muje अच्छा लगता ह आपके पास

विभु-: ोककक

.रेखा और विभु अभी भी बहो में थी की कजरी का फोन रेखा को आया

.कजरी-: hello रेखा उठ गयी .

रेखा-: हआ अभी उठी हु.

कजरी-- ठीक ह तुम रेड्डी रहना में कुछ देर में आती हु वह

रेखा-: ोकक काकी में आपको बादमे लगाती हु नहाने जा रही हु

कजरी--: ठीक ह

रेखा ने कॉल कट किया और विभु को आँखों में देखने लगीई दोनों hi एक दूसरे को देख रहे थी

विभु-; ाशे मई देखो में बहक जाऊंगा

rekha-:to बहक जाओ न किसने रोका ह आपको

विभु-: रेखा मुझे अच्छा नहीं लग रहा ह वह तुम अकेली और हमारे प्लान के हिसाब से तो तुम्हे हो सकता ह उनमे से किसी से निचे भी सोना पड़े

रेखा-: विभु इस बारे में अब बात नहीं बोलै न मेने मुझे जो करना पड़े करुँगी मगर आगे से किसी की जिंदगी मेरी तरह ख़राब नहीं होने दूंगी

विभु ने रेखा को बहो में भर कर एक. बार फिर किश करनी लगे

कुछ देर किश करने के बाद विभु उठा और बहार आ गया रेखा उसे ाशे अचानक जाने से दर गयी उसने विभु को रोका भी नहीं उसे पता था विभु अभी इस हालत में नहीं ह


इधर विभु जब बहार आया और उसने अपना मोबाइल देखा उसने मनीषा भाभी का मस्सगे था जिसे पद कर उसने अपनी बुलेट स्टार्ट की और कुछ देर में वो सीधा मनीषा भाभी के घर सुबह का टाइम था सब हल में बैठे थे आज इतने दिन बाद विभु यहाँ आया था विभु को सुबह सुबह देख कर सब सोचने लगे विभु आज इतनी जल्दी क्यों आया सिवाय मनीषा के उसे पता था की विभु उसका मस्सगे पद कर जरूर आएगा

बड़ी मम्मी-: आओ बीटा आज सुबह जल्दी आ गए कुछ काम था

विभु-: नहीं वो इधर से जा रहा था सोचा बहुत दिन हो गए आप लोग से मिल लू आप ठीक हो मम्मी

बी मम्मी-: है बीटा तू ठीक ह न

प्रिय विभु को hi देख रही थी उसकी चुदाई के बाद से उसकी विभु से साहिबसे बात hi नहीं हुई थी

और पूनम जब मां के घर गयी थी तब अचानक विभु को किश करके गयी थी और विभु को ी लव ु बोल कर गयी थी मगर उसके बाद विभु और सब सीमा के गम में चले गए जिससे पूनम ने अपनी दिल की उम्मीद को दिल में hi दबा कर रख दिया आअज आच्चंक सुबह hi विभु को देख कर उसके दिल से फिर आवाज आयी की आ गया हे प्यार जा उसे अपना बना लीईई .

विभि बड़ी मम्मी और बाकि से बात करके लगा कुछ देर में बड़ी मम्मी तबेले में गयी उसके साथ पूनम को भी ले गयी

प्रिय-: कैसे हो भाई आप .

विभु-: ठीक हु तू किसी ह

प्रिय-: ठीक हु आप तो मुझे भूल hi गए हो

विभु-: तुजे कैसे भूल सकता हु मेरा प्यार हे तू

.विभु ने प्रिय को बहो में भर लिया दोनों गले लग गयी

.प्रिय-: सीमा के साथ हुआ उसके बाद तो में टूट hi गयी थिई

विभु-: सबकी हालत अशी hi थी प्रिया मगर विधि का विधान कोण ताल सकता ह

प्रिया-: मुझे कभी चोर कर मत जाना

विभु ने उसे ाक्ष्हे से समझाया

.vibhu-:accha मुझे मनीषा भाभी से कुछ बात करना ह में रसोई में जा रहा हु

प्रिय-: ोककक

विभु वह से सीधा रसोई में गयाए वह मनीषा भाभी दरवाजे की तरफ hi देख रही थी

विभु--: आपने मुझे भुलाया

म भाभी-: (मजाक के मूड में) ये आप आप क्या लगा रखा ह में आपकी तू हु समझीये

विभु-: अच्छा ठीक ह मेरी मनीषा ने मुझे भुलाया बोल

म भाभी-: मुझे आपसे कुछ बात करना ह अर्जेन्ट ही

विभु-: बोलो नाआ

म भाभी-; मेरे रूम में चलो

विभु चलो

म भाभी-: आप चलो रूम में में आती हु

.विभु उठा और हल में गया वह सोफे पर प्रिय बैठी थी उसे hi देख रही थी और सीधा म भाबी के रूम में गया

कुछ देर में म भाभी भी आ गयी और वो सीधा प्रिय के पास गयी

म भाभी--: प्रिय मेने सब्जी काट दी ह आप उसे बना दो में कुछ देर में आती हु

.प्रिय-: ोकक भाभी मगर मम्मी तो अभी आधे गणहते में आ जाएगी आप दयँ रखना

म bhabhi--;meri नानन्द रानी में वो नहीं करने जा रही हु मुझे इनसे कुछ बात करना ह अर्जन्ट हीइ

प्रिया-: ओह्ह्ह में समझी

म भाभी-: वैसे आपको करना हो तो बोलो इनसे बात करती हु

प्रिय-: हीईई अहह नही

और प्रिया रसोई में गयी और सब्जी बनाने लगी

इधर मनीषा भाभी रूम में आयी और दरवाजा लगा कर अपना मोबाइल उठाया और उसने जो उसने रिकॉर्डिंग की थी वो विभु को सुनाने लगी

विभु जैसे जैसे रिकॉर्डिंग सुनते गया उसको भी कुछ समझ नहीं आ रहा था

विभु-; कोण ह ये

म भाभी--: यही तो कोण ह ये और इसे ये ब्बि पता ह की आपने मेरी सील खोली ह सधी के बाद

विभु--: एक मिनिट तूने ये बात किसी को बताई ही

म भाभी-: नहीं तो मेने ये बात आअज तक किसी को नहीं बताई

. विभु-: फिर ये इतनी सीक्रेट बात जो सिर्फ तुम्हे मुझे और भैया को पता ह है भैया को कॉल कारु जल्दी सायद उन्होंने बताई होऊ.

म भाभी ने कॉल किया दिलीप भैया को

डी भैया-: है मनीषा बोलो आज सुबह सुबह कॉल कर दिया .

म भाभी--: मेरी बात सुनो आपने मेरी और विभु की बात किसी को बताई ह क्याआ

डी भैया-: क्या बात कर रही हो में अपनी इज्जत खुद थोड़ी उछालउन्हगा

म भाभी--: सूरे हो न आपने किसी को नहीं बताया

डी भाभी-: है नहीं बताया ही पक्का

म भाभी--: चलो में बाद में लगाती हु

डी भैया-: हुआ क्या ये तो बताओ

म भाभी--: में लगाती हु

ये कह कर म भाभी ने कॉल कट किया विभु ने भी सुना दोनों के बिच क्या बात हुई

विभु-: इन्होने नहीं बताया फिररर किसी और ये हे कोण

म भाभी-: कोई ब्बि हो मेरी जान को हाथ नहीं लगाने दूंगी . .

विभु-: चिंता मत करो जान कुछ नहीं होगा उसका पता करते हीइ कोण हे ईई

म भाभी--: आपकी किसी के साथ कोई लड़ाई झगड़ा तो नहीं हुआए ही नाआ

विभु-: नहीं हुआए ही कुछ नहीं हुआए ह अब तू चिंता मत कर में ठीक हु में पता करता हु कोण हे एई औरत और इसे की छैयी

म bhabhi--:ab कॉल आया तो में क्या करुँगी क्या जवाब दूंगी

विभु कुछ सोच कर

विभु-: एक काम करना मनीषा जी की इसको ये अहसास दिलाना की तू दर गयी ह और इसकी हर बात मैंने को तैयार ही

म भाभी-: इससे क्या होगा

विभु-: इससे ये होगा की ये तेरे सामने आ जाएगी या ये जो बोले वो करेगी तो जोर इसकी सच्चाई आ जाएगी फिर हम देखते हे इसका क्या करना ही

म भाभी-: ोककक जाना मुझे कुछ हो जाये आपको कुछ नहीं होने दूंगी

विभु-: पता ह जाना मगर आपको कुछ होने नहीं दूंगा में आपको मेरी पहली बीवी हो ाशे कैसे कुछ होने दूंगा

म भाभी--: बीवी से यद् आया एक खुस खबरि हे आपके लीईई

विभु ने मनीषा भाभी को अपने से सत्ता लिया और दोनों हाथो को पकड़ कर


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विभु--: अच्छा क्या हे खुसखबरी बताओ जरा

म भाभी-: ाशे थोड़ी न बताउंगी पहले कुछ मांगना हे आपसे

विभु-: मानगो जो मांगना ह जान भी हाजिर हे आपके लियी

विभि मनीषा भाभी के गोर हाथो पर अपने हाथ देर रहा था

म भाबी-: जान तो आप मेरी हो hi उसे क्या मांगना सुनो

विभु-: सुनाओ

म भाभी-: वो शीला को मेने सुच बता दिया हीइ

विभु-: ोकक तो आपने बताया होगा तो कुछ सोच कर hi बताया होगा

म भाभी-: वो हीई आप समझ नहीं रहे हूँ

विभु-: तो जान अच्छे से समझाओ नाआ क्या बात हे

म भाभी-: वो यकीं नहीं कर रही ह की वो आप थी

Vibhu-:kyu

म भाभी-: उसका कहना हे की आप इतने सीधे हो और ऊपर से मेरे देवर हो ये हो hi नहीं सकता

विभु-: तो इसमें में क्या कर सकता हु

म भाभी-: एक बार उससे मिल लो

विभु-: क्यों

म bhabhi-:is लिए की उसे यकीं हो जेईई

विभु-: ok मिल लूंगा मगर में वो कुछ नहीं करने वाला अभी

म भाभी--: ok बस एक बार मिल लेना और समझा देना की आप hi थे

विभु-: ok यही मांगना था आपको

म भाभी-: जी नहीं वो तो कुछ और हे ये तो सिर्फ बात थी

विभु-: फिर वो बताओ न आपने बोलै में मन करता क्याआ

म भाभी-: अच्छा मुझसे कितना प्यार करते हूँ

विभु-: ये नहीं कोई पूछने वाली बात ह मेरे दिल की धड़कन हो आप

म भाबी-: ok तो अपनी धड़कन से कोई बात छुपता हे क्या

विभु--: मतलब

म भाभी-: मेरा दिल जो अब आपके पास हे और आपका दिल जो मेरे पास हे वो कह रहा ह की आप मुझसे कोई बड़ी बात चुप्पा रहे होऊ

विभु-: जाना आशा कुछ नहीं ह .

म भाभी-: में मन नहीं सकती मेरा दिल आपके लिए कुछ गलत नहीं कहता और ये मुझे बार बार इशारा कर रहा ह की आप कुछ तो छुपा रहे हूँ

विभु-: अच्छा आशा क्याआ .

म भाबी-: हम्म आहा

विभु-: कुछ नहीं ह जाना

म भाभी-; नहीं बताना हे रो रहने दो

विभु-; वैसे आप क्या खुसखबरी दे रहे थी

म भाभी-: (खुस हो कर) बता दू

विभु-; है जी हा

म भाभी--: आप बाप बनने वाले हूँ

विभु ये सुन कर एक डैम से उछाल गयाए

विभु-: ईईईई साला में तो बाप बन गया

म भाभी-; और में माआआआ

विभु-: वव आज तो आपने दिल खुस कर दियाआआ ी लोवी ु जनाआ


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विभु ने मनीषा भाभी के चेहरे पर किश की बरसात कर दी

म भाबी-: अगर कुछ बताना हो तो बता देना आपकी होने वाले बच्चे की माँ को

विभु-: अब कुछ नहीं रहा छुपाने को शाम को सब बताता हुऊ मेरी जाना

विभु ने मनीषा भाभी को बहो में भर कर किश किया

म भाभी-: ओह्होऊ मेरे बच्चे के बाप की खुसी तो देखो

विभु-: आज बहुत खुस हु जान मेरे सच्चे प्यार की निशानी हे एई

म भाभी-: हम्म्म

इतने बहार से आवाज आयी बड़ी मम्मी की

म भाभी-: अब मम्मी बहार हे आप और में अंदर वो क्या सोच्नेगे

विभु-; आप जाओ और उन्हें रसोई में ले जाओ इतने में बहार निकल जाऊंगा


म भाभी बहार आ गयी और बड़ी मम्मी से बात करके उनको रसोई में किसी बहाने से ले गयी इतने विभु वह से निकल कर जाने लगाए

तभी उसे पूनम ने देख लियाआआआ मनीषा भाभी के रूम से ाशे चुप कर निकलते हुवे और पूनम को प्रिय ने देखा की उसने विभु को देख लिया मनीषा भाभी के रूम से निकलते हुवेई.........


विभु वह से निकल कर जैसे hi बहार आया उसे माला बहार मिल गयी

माला-: क्या बात हे ाशे चुप चुप के क्यों निकल रहे हूँ

विभु-: चोरी करके जा रहा हु

माला-: किस खजाने की .

विभु-: अच्छा खजाना थाआ

माला-: है वो तो दिख रहा ह तभी इतनी खुसी हे

विभु-: अच्छा और तू किसी ह

माला-: ठीक हु (आपको देख लिया अब क्या चाहिए)

विभु-: ok में चलता हु

mala-:aapko एक बात बताना थी

विब्बू-: बोलो जल्दी

माला-: वो में..... .

इतने शीला भाभी बहार आ गयी और विभु को देख कर उसे अपनी उस रत वाली चुदाई यद् आ गयी दोनों ने एक दूसरे को देखा

विभु -: नमस्ते भाभी जीई

शीला-; तुम hi विभु हो नाहा

माला-: है यही वो विभु हीईई

शीला-: अच्छाआ

विभु -: क्यों मुझे देख कर आपको कुछ यद् आ रहा ह क्या भाभी जी (स्माइल करके )

शीला-: (यही लगता ह ) कुछ नहीं कुछ नहीं

विभु-: कुछ यद् आये तो बताना अभी चलता हु

शीला-: (शीला के चेरे के हाव भाव बदल गयी) हाआआ जरूर

विभु-: माला तुम बता रही थी ना

माला-: बादमे कभी बताउंगी आप दोनों क्या बात रहे हो मुझे कुछ समझा नहीं आ रहा ह

विभु-: कुछ नहीं एक रत की बात हम दोनों मिले थे अँधेरे में मगर एक दूसरे को जानते नहीं थे आज जान पहचान हो गयी क्यों भाभी

शीला--: (हकलाते हुवे) है हां हआ

vibhu--:thik ह चलता हूँ

विभु वह से निकल गयाए

माला ने शीला भाभी का हाथ पकड़ कर अंदर उनके कमरे में ले आयी

शीला-: क्या हुआ माला आपको

माला-: ये बताओ आप मेरे इनको कैसे जानती हूँ

sheela-:(ab इसे क्या बताऊ की इनके और मेरे बिच क्या हुआ ) माला जी आशा कुछ नहीं एक दिन रत को में आ रही थी मनीषा भाभी के घर से की अचानक ये अंदर आ गए और हम दोनों की टक्कर हो गयी जिससे में गिर गयी और ये दर कर अचानक भाग गयी हम दोनों एक दूसरे को देख नहीं पाए बादमे मनीषा ने बताया की में कोण थी और ये कोण

माला-: तभी वो बोले की हम अँधेरे में मिले थे जान पहचान नहीं थी आज जान पहचान हो गयी

शीला-: वैसे मेरी ननद रानी को क्या लगा

माला-: कुछ नहीं में समझी की आप उनको जानती हो फिर मुझसे झूट क्यों बोलै

शीला-: नहीं जानती थी माला जी आपके उनको बस नाम सुना था और एक दो बार देखा थाहा

माला-: कैसे लगे मेरे वो

शीला-: मस्त हे एक डैम हीरो हे आपकी और उनकी जोड़ी जमती ही .

माला-: भाभी आप भी नाआ

शीला-: उनसे प्यार हे तो बोल दो न आप से नहीं होता तो में बोल देती हु

माला-: नहीं में hi तरय करती हु .

शीला-: ठीक हे माला जी में आपके साथ हु हमेशा

माला ने शीला भाभी को गले लगा लियाए दोनों नानन्द भाभी एक दूसरे को बहो में भर कर सोचने लगी

शीला-: ( ये क्या हो गया मुझसे माला के प्यार के साथ जब उसे पता चलेगा तो नहीं ये नहीं होने दूंगी में )

माला-: थैंक्स भाभी

शीला-: अब गले पड़ी रहोगी तो में काम कैसे करुँगी

माला-: हम्म्म

वो अलग हो गयी और शीला रसोई में चली गयी

माला रूम में बेथ कर विभु के बारे में सोचने लगी

दोस्तों माला को बस वाले कांड के बाद और जब विभु ने उसकी पैसे दे कर इतने प्यार से मदद की थी तभी से उसे विभु से प्यार हो गया था जिसका इजहार वो नहीं क्र सकीय मगर उसके पहले उसे अजय ने प्रपोज़ कर दिया था जिसका जवाब उसने है में कह दिया था अब वो अजय को मन नहीं कर प् रही थी और उसे प्यार विभु से हो गया था ये बात उसने अपनी शीला भाभी को भी बताया थाआ बस वाला पूरा कांड ...


इधर विभु के निकलते hi पूनम ने अपने मुँह पर हाथ रख लियाए

पूनम-: ये क्या देख रही हु मेरा विभु मनीषा भाबी के कमरे से चुप चुप कर निकल रहा ह और मनीषा भाभी भी जस्ट अभी निकली ह और उन्होंने माँ को रसोई में इसी लिए भुलाया ह की विभु यहाँ से निकल जेईई

वो ये सब सोच hi रही थी की प्रिया ने उसे देख लिया था वो उसके पास आ गयी

प्रिय-: क्या हुआ दी क्या सोच रही हो

पूनम-: वो मेने वो

प्रिय-: क्या बोलो

पूनम-: वो मनीषा भाभी के रूम से चुप कर क्यों निकला

प्रिय-: वो क्याआ और प्रिया जोर से हंसने लगी

पूनम -: क्या हुआ अब तुजे तू क्यों ाशे है रही ह

प्रिय-: वो चुप कर भाग गया इस लियी

पूनम-: मतलब


प्रिया-: अरे जब तू और माँ गयी तो हम तीनो बाटे कर रहे थी बातो बातो में उसने मनीषा भाभी को हॉट भाभी कह दियाए और मनीषा भाभी उसे मरने गयी वो भाग गया उनके कमरे मी मनीषा भाभी पीछे पीछे इतने तुम आ गयी और मनीषा भाभी बहार आयी माँ की आवाज सुन कर इतने वो मौका देख कर भाग गया होगाआ

पूनम-: आशा क्या में कुछ और समझी

प्रिय-: क्या-:

poonam-;yhi की भाभी और दोनों के बिच कुछ

प्रिय-; सोचना भी मत मेरी भाभी के बारे मी

पूनम -; हम्म सॉरी मगर विभु न हॉट भाभी

ये बोल कर दोनों हंसने लगी .

Priya-:(sambhal लिया आज मेने आगे से दयँ रखना पडेगा))


इधर पारो विभु का मस्सगे पद कर खुस हो गयी उसे विभु मिल चूका था कुछ दिन वो पारो बन कर उससे बात करेगी फॉर उसको अपना असली नाम और चेहरा बता देगी

इधर सोनाली भाभी अपने रूम में बेथ कर विभु के बारे में सोचने लगी की उन्होंने मुझे प्रपोज़ किया अब खुद hi मुझे भूल गयी आशा नहीं होगा मुझे मेरा प्यार भी भूल सकता में उन्हें प् कर रहूंगी चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े

विभु मनीषा भाभी के घर से निकल कर माला और शीला से बात करके अपनी बुलेट ले कर सीधा अपने घर आया घर आ कर पहले उसने खाना खाया और अपने रूम में चला गया उसके पीछे सुमन आयी

सुमन-: आ गए आप .

विभु-; जान तुम आओ न

विभु बीएड पर बेथ गया सुमन आयी और उसके पास बैठने लगी तो विभु ने उसे खींच कर अपनी गॉड में बिठा लियाआआआ और सुमन के गलो पर किस किया


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सुमन-: अहहहहा जान

विभु-: बोलो मेरी जान

सुमन-: कहा गए थे

विभु-: मेरी जान के दिल में .

सुमन-: वह तो आप हमेसा हो अभी कहा थे

विभु-: खेत गया था

सुमन-: मुझे आपको कुछ बताना हे

विभु-; बोलो ना जान

सुमन-: वो पूजा के पापा को गए कितने दिन हो गए आज तक न कॉल आया न वो उनसे बात नहीं हुई हे वो परेशान ह और आपको पता ह वो परेशान तो में परेशान

विभु-: हम्म कहा गए थे वो

सुमन-; कही काम करने गए थे ये बोल रही थी पूजा

विभु-; तो जान उसे बोलो न की रिपोर्ट करीब .

सुमन-; मेने समझाया मगर आप समझाओ उसे वो जल्दी मन जाएगी

विभु-: क्यों मेरे से कैसे मन जाएगी

सुमन-:( क्योकि वो आपकी और मेरी जान ही ) पता नहीं आपकी साडी बात मानती ह वो

विभु-: ठीक ह जान में बात करता हु उससे शमजा दूंगा

सुमन-: ोकक जाना

विभु-: ोकक नहीं ये बताओ कल अचानक इतना लम्बा किस्सा किया क्या वजह थी

suman-(sarma गयी )आप भी न जो हो गया वो हो गया

विभु-; ओह्ह अहशा हे तो आशा रोज होना चाहिए

सुमन-: आपको अच्छा लगा

विभु-;: अच्छा अरे मेरा प्यार मेरी जान आशा करेगी ाचा नहीं लगेगा

सुमन-: अच्छा जी

विभु-: जान एक बात समझ लो जितनी खुसी और सन्ति आपकी बहो में मिलती ह इतनी सायद hi कही मिले

सुमन-: मुझे भी

विभु-: हम्म विभु और दोनों एक दूसरे की बहो में ाशे hi बैठी रहे

विभु-: जान आअज खेत पर काम हे मुझे जाना होगा

सुमन-: हम्म ोककक

विभु ने सुमन को किश किया और निचे आ कर माँ को बता दिया की आज खेत पर काम ह इसलिए उसे लेट हो जाएगा वो वह से सीधा खेत की तरफ जाने लगा उसने देखा धीरज जान की दुकान पर अभी भीड़ थी मगर फिर भी उसने बहार से कॉल कियाए उधर भाभी ने कॉल देखा विभु का ह उसने कॉल पूछ किया

डी भाभी-: बोलो

विभु-: क्या कर रही हो .

डी भाभी-; दुकान पर बीड हे अभी

विभु-: ok में बहार था सोचा एक बार देख लू

डी भाभी-: जी नहीं अभी तो बिलकुल नहीं

विभु-: ोकक करो आप अपना काम दिन में आता हु .

डी भाभी--; रुको एक मिनिट

डी भाभी-: कोमल ये साड़ी बताना इनको में आई मेरा कॉल आया ह

.डी भाभी बहार आयी कोमल समझ गयी की विभु आया होगा वो साड़ी बताने लगी इधर डी भाभी भहर आयी और उन्होंने विभु को देख कर स्माइल की

विभु ने धीरज भाभी को देखा और उसके मुँह से निकल गया .

विभु-: ववववव


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डी भाभी--: जनाब देख लिया हो तो जाओ अभी मुए काम हे ..

विभु-: मन नहीं भरा

डी भाभी-: प्ल्ज़ न बाद में देख लेना अभी भीड़ बहुत ही

. विभु-: ोकक जी. करो काम मेरा तो इतनी कालक से hi दिन निकल जायेगा

डी भाभी-: ोकक जी मेरा भी

विभु-: ठीक ह आप करो काम में आपको बादमे लगता हु .

डी भाभी---: ोकक जो भी टाइम हे मेरा आपके लिये hi हे

विभु-: ोककक

डी भाभी ने कॉल रखा और हँसते हुवे अंदर आ गयी कोमल ने उनको देख कर स्माइल की दोनों ने एक दूसरे को देखा और काम करने लगी


इधर देविका ने देखा 11 बज चुके थे मतलब मंजू अब जाने के लिए तैयार हो रही होगी वो मंजू के घर गयी

मंजू-: आओ दीदी

देविका-: तू हो गयी तैयार

मंजू-: है रेड्डी हु आप तो नहीं आ रही न

देविका-: में 1 बजे तक आती हु तू वही रहना

मंजू-: ok मुझे दर लग रहा ह

देविका-: केसा दर

मंजू-: किसी को पता चल गया तू

देविका--: अब हम पीछे नहीं हैट सकते उसके पास वीडियो हे हमारा

मंजू-: ok आप आ जाना उसका कितना बड़ा ह बाप रे मेरा तो दिल धक् धक् कर रहा ह .

देविका-: है तभी तो में आउंगी तेरी हालत ठीक नहीं रहेगी में ले के आ जाउंगी वह से .

मंजू-: ठीक ह दीदी

कुछ देर बाद मंजू अपने घर पर खेत का बोल कर देविका के साथ निकल गयी अपने खेत पर दोनों खेत पर पहुंच गयी और मंजू ने टाइम देखा तो हो गया थाआ

देविका-: तुम जाओ वह में एक घण्टे बाद आती हु

मंजू-: हम्म

.मंजू डरते डरते जंगल में बने खण्डार में जाने लगीई
 
अपडेट-: 107

इधर मंजू आंटी जंगल में बने खण्डार में जाने लगी


इधर जब मंजू और देविका घर से निकले hi थे तब खेत वाले घर कजरी ,सेरा, विभु, रेखा वही बैठे थी

कजरी-: रेखा तुम तैयार हो ना

रेखा-: है रेड्डी चलो अब

विभु-: ठीक ह कजरी ले जाओ उसे में और सेरा आ रहे हे

रेखा-: हम्म

विभु-: मेरी बात सुन मोबाइल अपने पास hi रखना कुछ भी गड़बड़ हो मुझे या सेरा को कॉल करना ोककक

रेखा-: हम्म्म्म

विभु-: ोकक जाओ अब वो अत्ति hi होगी टाइम होने आ गया

रेखा भाभी और कजरी वह से निकल. गए और वो उस जगह चले गए जहा उनको जाना था कुछ देर में विभु और सेरा भी जरुरत का सामान ले कर उसी खण्डार में चले गए जहा मंजू उससे छुड़वाने आ रही थी

कजरी-; वो आ रही ह उधर से विभु

विभु-: ठीक ह आप उस दिवार के पीछे चुप जाओ सब में देखता हु और सेरा तुम बहार निकल जाना देविका तो नहीं आ रही ह न देख लेना

वो तीनो उस दिवार के पीछे चले गए इधर मंजू डरते डरते धीरे धीरे खण्डार के पास आ गयी उसकी नजर चारो तरफ थी और डरते डरते वो खण्डार में अंदर आ गयी

अंदर आते hi उसकी नजर विभु पर गयीईइ और वो रुक गयी उसने अपनी नजर निचे कर ली उसे शर्म आ रही थी वो आ तो गयी थी छुड़वाने किसी दूसरे मर्द से मगर उसकी आँखों में सरम और दर साफ दिख रहा था वो विभु के आगे आकर कड़ी हो गयी

विभु--: आ गयी मेरी रैंड काकी

मंजू -: तमीज से बात करो

विभु--- : तमीज से बात करना तो जा यहाँ से क्यों आयी ह मुझसे छुड़वाने

मंजू-: वो मेरा वीडियो हे आपके पास

विभु-: हे तो क्या करना ह

मंजू-: तुम मुझे ब्लैकमेल कर रहे हो

विभु--; आशा क्या नहीं करता जा

मंजू-: मतलब

विभु-: यही की नहीं करूँगा जा अब मुझे नहीं छोड़ना टूजी

मंजू इतने अरमान ले कर आयी थी और इधर विभु ने उसके अरमान एक पल में चकना चूर कर डीएई उसके चेरे के हाव भाव से पता चल रहा था की वो चूड़े बिना नहीं जाने वाली मगर उसे कहा पता था की वो अब जाने वाली hi नहीं हे

विभु--: क्या हुआ मेरी रैंड काकी जा न अब

मंजू-: वो वो

विभु-: वो वो क्या साफ बोल न .

मंजू-: वो तुम विद्ये किसी को बताओगे तो नहीं न

विभु-: नहीं बताऊंगा जा अब

मंजू-: नहीं तुम बता डोज मुझे पता ह

विभु-: नहीं बोलै मतलब नहीं बताऊंगा अब जा मेरी रैंड काकी

मंजू-: नहीं मुझे पता ह तुम वीडियो गांव में फैला डोज तुम्हे जो करना ह करलो मेरे साथ पर वीडियो मत देना किसी को

विभु--: (मंजू काकी के पास जा कर) मतलब तू छोड़ने को तैयार हे बोल

manju-;(bahana बना कर) वो वीडियो

विभु-: विडिओ तो कबका डिलीट कर दिया जा अब नहीं करना

मंजू-: (इसको कैसे मनौ छोड़ने के लियी) नहीं तुम झूट बोल रहे हूँ

vibhu-:(devika ने सही कहा था ये छोड़ने को मरी जा रही ह मगर बोल नहीं प् रही ह) वीडियो में किसी को नहीं बताऊंगा वो मेने देलेट कर दिया

मंजू-: पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़

विभु ने उसकी आँखों में देखा सेक्स उसकी आँखों में साफ दिख रहा था उसकी छाती ऊपर निचे हो रही थी उसकी आँखों में हवस थी विभु समझ गया की ये पलज़्ज़ज़्ज़ज़ इसका चुदाई के लिये ही

. विभु-- मेरी रैंड तुजे छोड़ना हे क्या मुझसे बोल

(ये साडी बाटे बहार सेरा अंदर रेखा और कजरी सुन रही थे)

मंजू-: (तोड़ दे शर्म मंजू यही मौका ह फिर कभी तेरी प्यास नहीं भुझेगी अगर यहाँ से आज तू चली गयी तो ) वो धीरे से बोली हम्म

विभु-: क्या सुनाई नहीं दिया जोर से बोल

मंजू-; मुझे छोड़ना ह आपसे

विभु-: तो बोल की तू मेरी रैंड काकी ही

मंजू ने कभी इस तरह नहीं बोलै था उसे शर्म आ रही थी मगर उसकी छूट को निचे से सोम रास की बरसात कर रही थी उसके चुके जो अब चुदाई के नाम से कड़क हो कर विभु को अपनी और भुला रहे थी वो उसे पागल कर रहे थी वो चुपचाप कड़ी रही कुछ बोली नहीं

विभु-: (चिल्ला कर) बोल न जल्दी

मंजू काकी एक डैम दर गयी

मंजू-: में आपकी रैंड काकी हु

विभु--: हम्म्म अब बोल की में आपकी रखेल हु .मंजू-: में आपकी रखेल हु

विभु-: ok तो आज से मेरी रखेल हे तू चल मेरे साथ आ जाओ सब

ये सुन कर रेखा और कजरी बहार आ गयी रेखा को देख कररर मंजू एक डैम से हादपृट रह गयी

मंजू-: ये कोण ीीीी

रेखा-: में मंजू हु

विभु-: मेरी रैंड काकी ये हे असली मंजू आज से और तू मेरी रखेल

मंजू-: ये क्या बोल रहे होओओओ

कजरी-: यही की आज से ये मंजू तेरे घर जाएगी मंजू बन कर और तू हमारे साथ हमारी रखेल बन कर

मंजू ये सुन कर भागने लगी तभी सेरा बहार से आ गया और उसने मंजू को पकड़ लियाआ


(दोस्तों है रेखा भाभी का चेहरा अब मंजू काकी का चेहरा बनवा दिया गया था दोनों आमने सामने कड़ी थी कोई पहचान नहीं पायेगा एक जैसी बॉडी एक जैसा चेहरा

ये कब हुआ और कैसे हुआ ये में अगले अपडेट में बताता हु )


मंजू-: करना क्या चाहते हो तुम चोरो मुजीई मुजी जाना ही

रेखा-: तुजे नहीं जाना हे मुझे जाना ह उस घर में अब

मंजू-: क्या हे विभु एई मेरे घर वालो को पता चला तो तेरे खंडन का नमो निशान मिट जाएगा

विभु--; चुप रैंड तेरे खंडन को बर्बाद करने hi ये जा रही ह और जिसे तूने hi मंजू मन ली हे उसे तेरे घर वाले क्या पहचाने गई

मंजू-: कमीनूओ चोरो मुजीई

विभु--: सेरा बेहोश कर दो इसी

सेरा ने जेब से एक बोतल निकली और उसको रुमाल में ले कर मंजू काकी के मुँह पर लगाने लगा मंजू काकी बहुत जोर लगा रवि थी मगर सेरा आगे वो फीकी पद गयी और सेरा ने रुमाल उसके मुँह पर लगा दियाए जिससे मंजू काकी लुढ़क गयी

कजरी-: जल्दी से रेखा इसके कपडे पहन ले तू और इसको तेरे कपडे पहना दी

विभु--: नहीं इसे कुछ मत पहनाओ नंगी hi रखू इसे

कजरी-: ठीक ह

रेखा और कजरी ने मिल कर मंजू काकी को नंगा कर दिया और देखते hi देखते रेखा भी नंगी हो गयी

.खण्डार में टोटल में 3 ओराते और 2 मर्द थी

जिसमे से 2 ओराते बिलकुल मदारजाद नंगी थी एक को नंगा किया गया था और दूसरी अपने आप हो गयी थी

िद्बार विभु और सेरा उन दोनों मॉल को नंगा देख कर ाहः भरने लगीई सेरा जो पिछले कही दिन से अपनी हवस को दबा कर रख रहा था वो बोल पड़ा

सेरा-: इस मंजू रैंड को में छोडूंगा

ये सुन कर अब की नजर उसके ऊपर गयी

विभु-: हां हां कुछ देर सबर कर आज से ये तेरे साथ hi भी रहेगी जो करना ह कर लेना

कजरी-: रेखा जल्दी कपडे पहनो

रेखा ने सेरा और विभु की तरफ देख कर मंजू के कपडे पहन लिएईईए उसके हर ,कंगन , मंगलसूत्र , झुमके सब निकल कर पहना लियाए

कजरी विभु और सेरा ने देखा तो रेखा अब बिलकुल मंजू बन गयी थिई उसके चेहरे पर एक विजय मुस्कान थी


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विभु--: इसका मोबाइल लेलो इसमें हम सबके no. भी सेव करलू और ये तुम्हारा मोबाइल भी अपने पास hi छुपा कर रखना हे

कजरी-: और है अपना मिशन पूरा करना

रेखा-: आप देखती जाओ मंजू बन कर उस घर में आग नहीं लगा दी तो देखना

सेरा-: अब तुम जाओ नहीं तो वो देविका कभी भी आ सकती ह

रेखा-: हम्म

कजरी-: वो देविका तूने चेक करेगी तुम जा कर पहले hi बोल देना की वो नहीं आया ह वह मेने कुछ देर जा कर वेट कियाए मेने कॉल किया तो वो बहार चला गया ह बाद में भुलाया ह ये बोल देना

विभु--: और है इस देविका की कुंडली निकालो जल्दी

रेलः-: हा

सेठा-: चलो में वह तक चोर देता हु

रेखा सेरा के पीछे चली गयी सेरा उसे जंगल के कोने पर चोर के आ गयाए

जब तक सेरा आया कजरी और विभु ने मिलकर मंजू काकी को कपडे पहना दिए थी

कजरी--: ये तो बहुत हॉट ह आप दोनों के तो मज़े हे जब तक ये रहेगी

विभु-: तेरे से काम हे कजरी

सेरा-- इसे में उठा लेता हु

. विभु-: नहीं सेरा अभी दिन में कोई देख. सकता ह तुम एक काम करो यही राहू इसे वह पीछे छुपा देते ही

सेरा-: इतने ये होश में आ जाएगी इसे ले जाना मुश्किल हो जाएगा

कजरी-: ये ब्बि सही ह फिर क्या करे

सेरा-: आप दोनों आगे जाओ में इसे उठा कर लता हु कोई दिखे तो बोलना में चुप जाऊंगा इसे अभी के लेते हे

विभु-: ोकक

विभु और कजरी आगे निकल गए सेरा ने मंजू को उठा लिया और चल दिया विभु बड़े दयँ से देखता हु जा रहा था वो अपने खेत के पास चला गया उसे अभी तक कोई नहीं दिखा उसके पीछे सेरा भी आ गया

विभु-: कोई नहीं ह जल्दी चलो

सेरा मंजू को ले कर घर के पास आ गया कजरी ने गेट खोल दिया सेरा उसे ले कर अंदर चला गया

विभु-; इसे अंदर वाले घर में जा कर बांध दो

कजरी ने एक कुर्सी लगा दी उस पर मंजू को बिठा दिया सेरा ने उसे रस्सी से अच्छे से बांध दिया

विभु-: कजरी आज से तू उसे रोज खाना खिलने आना सुबह शाम और सेरा जब तुम नाश्ता या चाय बनाओ इसे भी दे देना

कजरी-: है और इसका भी नास्ता करते रहना टाइम टाइम पर

सेरा-- : हम्म्म

इतने विभु का मोबाइल बजा उसने देखा धीरज भाभी का हे वो बहार वाले घर में आया

(दोस्तों अंदर वाला घर मतलब ताल घर में एक और घर हे वो और बहार वाला मतलब ताल घर मंजू को अंदर वाले घर में रखा था)

विभु-: यस माय डिअर बोलो

डी भाबी-: क्या कर रहे हो

विभु-: में कुछ नहीं खेत पर हु आप हो गयी फ्री

डी भाभी-: ये आप क्या ह

विभु--: ोकक तू फ्री हो गयी .

डी भाभी-: नहीं अभी नहीं

विभु-: फिर कॉल क्यों किया

डी भाभी-: आपकी यद् आ रही थी इसलिए

विभु-: मुझे भी

स भाभी-: सुच

विभु-: हम्म

इतने किसी ने भाभी को आवाज दी

डी भाभी-: में आपको बादमे लगाती हु .

विभु-: ोकक

विभु बात करके अंदर आया और कजरी से बात करने लगा तभी कजरी का मोबाइल बजा .

कजरी-: ठकुराइन का कॉल आया हे

कजरी ने बात की

कजरी--: विभु में जाती हु उसने मुझे भुलाया ह सयद कुछ काम ही

. विभु-; ठीक ह विदिशा का दयँ रखना

कजरी ने विभु को गले लगाया विभु ने भी उसे गले लगाया

कजरी-: विभु कितने दिन हो गए आपसे चुदाई की ने अब नहीं रहा जाता .

विभु-: कुछ दिन और जब तक में ठाकुर या काका की फेमेली में से किसी को बड़ा नुकसान नहीं कर देता सेक्स नहीं करूँगा किसी से भी

कजरी-: तो फिर जल्दी hi कुछ बड़ा करना पड़ेगा

.विभु ने उसे स्माइल की

कजरी उस स्माइल को देख कर शर्मा गयी वो निकल गयी ठकुराइन के घर

इधर विभु सेरा को मंजू का दयँ रखने का बोल कर निकल गया अपने घर की तरफ


इधर प्रिय ने मनीषा भाभी का सारा काम होने के बाद उनका हाथ पकड़ के उनके रूम में ले गयी

म भाभी-: क्या हुआ प्रिय तुम्हे क्या हुआ

प्रिय-: आप चुप रहो बिलकुल चुप

म भाभी चुप हो गयी

प्रिय-: क्या हे ये .

म भाबी-: क्या हे बताओ न

प्रिय-: सुबह सुबह सुरु हो गयी आप भाई के साथ .

म भाबी-: ननद रानी वो मेरे पति ह मेरी मर्जी हो तब करू आपको क्यों जलन हो रही हे आपको करना हे तो बोल्दो उनको

प्रिय-: भाभी आप भी न में ये नहीं बोल रही वो पूनम

प्रिय ने सब बता दिया उसे की पूनम ने कैसे विभु को देखा और कैसे प्रिय ने उसे झूट बोल कर बात को संभल लिया ये सुन कर मनीषा भाभी हंसने लगी

म भाभी-: क्या बोलै आपने हॉट भाभी ..

प्रिय-: हम्म

म भाभी-: मेरी नानन्द रानी समझदारी हो गयी ह

प्रिय-: ननद नहीं सौतन हु आपकी समझी

म भाभी-: है है पता ह

वो दोनों नोक जोक कर रहे थी


इधर रेखा जो मंजू बन गयी थी अब वो देविका के पास चली गयी जो खेत वाले घर किसी से बात कर रही थी उसने मंजू को देखा जो बड़े उदास मन से इधर आ रही थी देविका ने कॉल कट किया

देविका-: क्या हुआ मंजू तुजे जल्दी आ गयी और तेरे चेहरे पर 12 क्यों बजी ही

मंजू-: दीदी वो उस कमीने को कही काम आ गया ह वो आया नहीं

देविका-: क्या नहीं आया .

मंजू-: है मेने वेट किया फिर उसे कॉल किया उसने बोलै की आज नहीं आऊंगा में तुजे बादमे भूलता हु

देविका-: सीट मादरचोद

ये सुनकर रेखा को गुस्सा आया उसने सोचा की ये तो विभु की रखेल हे फिर गली क्यों दे रही ह जल्दी hi पता करना होगा

मंजू-: अब चले घर दी

देविका-: है चले

दोनों घर आ गयी रेखा ने मंजू के घर का कोना कोना वीडियो के माध्यम से देख लिया था और ऊपर से उसका घर भी उसी गली में था जिस कारन वो उस घर में सबको अच्छी तरह से जानती थी फिर भी एक दिक्कत थी की वो किस्से किस तरह बात करे क्योकि उसे ये नहीं पता था की मंजू काकी किस्से क्या बाटे करती थी

वो उस घर में आ गयी और सीधा मंजू के रूम में चली


इसका अभी यही चोर के हम आते ह ठाकुर के घर जहा ठकुराइन ने कजरी को कॉल करके अर्जेन्ट भुलाया था जो विभु के पास से गयी थी

कजरी ठकुराइन के पास चली गयी

कजरी-: मालकिन आपने मुझे भुलाया हे .

ठकुराइन-: है कजरी इधर आओ मेरे पास बेथ मुझे काम ह

कजरी वह जा कर बेथ गयी

ठकुराइन-: वो विभु का वीडियो बनाया तूने

कजरी-: नहीं वो मिल नहीं रहा ह मुझे अभी

ठकुराइन-: चोर एक काम कर मेरा

कजरी-: बोलो

thakurain-:dekh तुजे पता ह वो दमदार चुदाई करता ह

kajri-:(bahut मज़ेदार) है वो तो हे मुझसे अच्छे कोण जान सकता ह 2 दिन तक पेरो और कमर में दर्द हुआ था

thakurain-:to सुन मेरी एक फ्रेंड हे जिसे एक दमदार चुदाई चाइये उसके लिए मुझे विभु चाहिए

कजरी-: क्या

ठकुराइन-: है उसके लिए विभु को तैयार कर कल hi इसे भेजना हे उसकी दमदार चुदाई करवाने

कजरी-: ( ये किसकी बात कर रही ह कही ये तो नहीं छुड़ेगी अभी पता कर लेती हु) वो तो ठीक ह मगर वो वह कैसे जायेगा कैसे पहचाने गए कोई इसे

ठकुराइन--: में वही रहूंगी मगर इसके सामने नहीं आउंगी तू उसे किसी और का बोलना मेरा मत बोलना की मेने उसे वह भुलाया ह

कजरी-: (यही छुड़ेगी पक्का ह) ठीक ह में कल उसे कैसे भी करके वह भेज दूंगी

ठकुराइन के चेहरे पर स्माइल थी जिसे कजरी ने देखा

ठकुराइन ने कजरी को एक 10000 की गद्दी देद्दी जिसे ले कर कजरी वह से निकल गयी

उसने बहार आ कर सीधा विभु को कॉल करके उसके घर भुलाया

कुछ देर में विभु भी वह से निकल गया और सीधा कजरी के घर आया

विभु-: क्या हुआ बोलो .

कजरी-: वो कल थाकृअन ने आपको यहाँ भुलाया ह

उसने विभु को पता दिया जो थाकृअन ने दिया था

विभु--: क्यों

.kajri-;usne बोलै ह की उसकी एक फ्रेंड की दमदार चुदाई करनी ह आपको


-

विभु: आशा क्यों

कजरी-: जान सुनो में पक्का कह सकती हु की वो प्यासी ह और वो उसकी hi चुदाई वह करवाएगी ये कन्फर्म हे

विभु-; अच्छा वो वह चुप कर मुझसे मज़े लेगी और यहाँ तू समझेगी की उसने अपनी फ्रेंड को छुड़वाया हे

कजरी-: है इसी लिए कल आप जाओ और उसे इतना जैम कर छोड़ो की वो फिर कभी नाम hi न ले किसी और से छोड़ने का

.विभु-: ठीक ह कल कितनी बजे जाना ह

कजरी-: 10 बजे और है उसने ये भी बोलै ह की विभु को ये मत बताना की मेने ये बोलै ह तू hi कुछ प्लान करके उसे बोल की तेरी फ्रेंड हे

विभु-: चल कल पता करता हु ाअखिर वो चाहती क्या ह

कजरी-: हम्म ठीक ह.

विभि कजरी से मिलकर वह से निकल गया उसने टाइम देखा शाम की 7 बज चुकी ह वो घर आ गया जब वो घर आया उसने देखा की पूजा बहार बैठी ह तभी उसे सुमन की बात यद् आ गयी की पूजा के पापा कही गायब ह उसने पूजा को बोलै की मुझे अभी छत पर मिलो

विभु सीधा छत पर गया जहा पहले से सुमन अकेली कड़ी थी ..

विभु-: ओह्हू मेरी जान अकेली यहाँ क्या कर रही हो

सुमन-: आ गए आप

विभु-: हम्म जान

इतने में छत पर पूजा आ गयी

विभु-: पूजा

.सुमन ने पूजा की तरफ की देखा

सुमन-: ओह्ह मेरी बहन तू भी आ गयी

पूजा-: मस्का मत लगा मुझे

सुमन-: है पता ह

पूजा-: क्या कर रहे हो आप दोनों

विभु-: में तो अभी जस्ट ऊपर आया हु

सुमन-: और पीछे 15 मिनिट से यहाँ हु अब तू बता तू क्यों आयी ह

पूजा-: वो मुझे पता चला की चल 2 लोग तेरा इंतजार कर रहे ह में आ गयी

सुमन-: 2 की 1

पूजा-: 2 समझी

पूजा ने सुमन को निचे जाने का इशारा किया

सुमन-- में 5 मिनिट में आयी

सुमन निचे गयी विभु और पूजा अभी भी वही थे

पूजा-: क्या हुआ जान मुझे क्यों बुलाया

विभु-: मेरी स्वीट पीउउउउ की यद् आ रही थी

पूजा-: अच्छा अपनी पीउउउ से दिन में hi मिल कर गए थे

विभु-; हम्म वो सुमन बता रही थी की तुम्हारे पापा

पूजा-; है जान उनके गए 2 महीने ऊपर हो गए अभी एक नहीं आये वो न hi उनसे किसी की बात हुई ह

vibhu-:kaha गए हे वो तुम्हे पता होगा न

पूजा-: पता नहीं किसी का कॉल आया था की काम चाहिए तो यहाँ आ जाओ और वो चले गए तबसे उनका मोबाइल भी बंद आ रहा ह

विभु--: अपने भइया से बोलो को रिपोर्ट कैसे उससे वो मोबाइल का लास्ट कॉल किसका था उससे पता लगा लेंगे

पूजा-; कल भइया भाभी आ रहे ह फिर कुछ करते हे

विभु-: जान तुम चिंता मत करो सब ठीक होगा

पूजा-: हम्म जान लव ु .

विभु-: लव ु 2

उधर सुमन उन दोनों को देख रही थी वो दोनों थोड़ी देर बाटे करते रहे फिर विभु भी निचे आ गया और पूजा नहीं चली गयी विभु निचे आया उसने सपना ने माँ ने और सुमन ने खाना खाया इतने विभु को विक्की का कॉल आया वो उधर चला गया

जब विभु पूल पर गया वह विक्की अजय दिनेश आलरेडी बैठे थे

वोभु-- मेरी चुतियो की फौज यही ह

दिनेश-: है उसका सरदार अब आया हे

विक्की-: और केसा ह भाई तू

विभु-: ा 1

अजय-: विभु बहुत दिन हो गए मिले तो सोचा आज पूल पर मिल hi लेते ह

विभु-: है तुम्हारे तो बड़े बड़े बिज़नेस चल रहे हे टाइम नहीं ह आपके पास ..

दिनेश-: टाइम की बात करता ह में तो पूजा से मिले ने 5 दिन हो गए

विक्की-: और ज्योति भी आजकल बिजी हे उसकी भाभी प्रेग्नेंट हे तो सारा काम उसे hi करना पद रहा ह

इधर विभु ने सुना की निधि भाभी प्रेग्नेंट हे ये बात उसे पता थी मगर वो भूल कैसे गया आज hi बात करना पड़ेगा उनसे मेरी प्यारी निधि भाभी से

विभु-: हो गयी तुम्हारी चुटिया बाटे

विक्की-- ोयी अजजा लवदु तू चुपचाप क्यों बैठा हे तेरी कोई गांड मर गया क्या

दिनेश-; इसकी शकल देख कर तो आशा hi लग रहा ह

विभु--: बोल न लवडे क्या हुआ हे तुजे

अजय-: क्या बोलू यरररर

विक्की-: सुच में कोई गांड मर गया हमें बोलता ये मौका हमें देता न

अजय-: आबे लवडे चुप हो जा नहीं तो हम तीनो तेरी गांड मर लेंगे

विभु-: तू बता न हुआ क्या

अजय-: वो दुकान वाली भाभी ह न

विक्की-: धीरज भाभी

अजय-: है वही

विभु की धड़कन बढ़ने लगी अपनी जान का नाम सुन कर

विक्की-: क्या किया उसने

अजय-: अरे उसने नहीं किया वो आज में दुकान पर गया था न दिन में मेरी बहन को ले कर .

दिनेश-: तो क्या हुआ

अजय-: कितनी मस्त ह न आज देखा मेने इतनी नजदीक से तबसे उनका चेहरा मेरी आँखों में घूम रहा ह

. विभु-: चोर जो हमारा नहीं उनकी बाटे क्या करना

दिनेश-: है एरर जलवे हे उनके तो गांव वाले लड़के सब उधर चक्कर लगते रहते ह एक झलक दीदार के लिए

विक्की-: है ीरर्र मुझे तो उनकी पतली कमर एक डैम मस्त लगती ह

विभु-: अब चुप हो जाओ और दूसरा टॉपिक देखो समझे

अजय-: तेरी क्यों गांड जल रही ह

विभु-: किसी के बारे में ऐसी बाटे नहीं करते

अजय-: तू सोच नहीं सकता मेरे साथ क्या हुआ इतने नजदीक से आज उनके बूब्स देखे क्या मस्त ह एक डैम गोल. गोल जैसे किसी ने 2 क्रिकेट की बोलल लगा दी हे

विभु--: (आँखे बंद करके) बस ीरर्र हो गया अब में चलता हु

विक्की-: रुक यरररर थोड़ी देर बाद चलते हे

दिनेश-: विभु अब आगे का क्या प्लान हे गर्मी की छुट्टी का

विभु-: यही रहूंगा इस बार बहुत सरे काम ख़तम करना ह

विक्की-: में भी यही रहूँगा कही नहीं जाऊंगा

दिनेश-: मेरे मां के वह सधी हे आना हे तुम तीनो को

विक्की-: जरूर पधारेंगे मगर उसके पहले गांव में कितनी बढ़िया आ रही ह उनमे मज़े लेंगे

विभु-: है इस बार तो बहुत साधिया ह

अजय-: मुझे तो धीरज भाभी की गांड मरना हे

विभु-: चुप हो जा ीरर्र तू अब

अजय-: आज तीन बार उनके नाम की मुठ मरी ही


ये सुन कर विभु ने एक जोर दर थप्पड़ अजय के गाल पर मारा अजय निचे गिर गया .

ये देखा कर विक्की और दिनेश एक डैम से दर गयी

.विक्की-: क्या हुआ भाई मारा क्यों इसे

अजय-; बस इतनी जोर से कोई मरता ह क्या मेरे दन्त दर्द करने लगे

दिनेश-; मगर विभु मारा क्यों हम पहले भी तो गांव की ोर्टो की अशी बाटे करते थे

विक्की-: है ये गलत बात ह विभु. मारा क्यों

.उन दोनों ने अजय को खड़ा किया वो अभी भी अपना हाथ गाल पर रख कर खड़ा था

vibhu--:(gusse) सुन ले बे वो सिर्फ मेरी हे मेरी हे आज के बाद उनकी तरफ देखा भी तो आँखे निकल दूंगा

ये सुन कर वो तीनो दर गए अजय विभु का गुस्सा देख कर विकी के पीछे चला गया

विब्बू--: मेरा प्यार हे वो उनसे कब प्यार हो गया पता नहीं मगर है सिर्फ मेरी ह वो आज से यद् रखना

विभु गुस्से में वह से निकल गया विभु के जाते hi वो तीनो बच्चे थे

विक्की-: लवडे तभी वो तुजे बार बार बोल रहा था की अब चुप हो जा चुप हो जा तभी समझ जाना चाहिए थे

अजय-: मुझे क्या पता था की ये प्यार करता ह उनसे

दिनेश-; अब दयँ रखें वो हमारी भाभी हे सिर्फ विभु की समझे आज के बाद कोई उस नजर से मत देखना

दिनेश-: मेरे दोस्त को कोई कोई hi पसंद आती ह पहले ममता आयी वो उसे चोर के चली गयी अब उसे ये भाभी आयी ह भगवन करे वो विभु को पसंद करीब

विक्की-: जिस लड़के के लिए गांव की साड़ी ोर्टे और लड़किया नंगी हो जाये उसे केवल 2 लड़किया पसंद आती अभी तक ममता और धीरज भाभी

अजय-: मुझे नहीं पता था वार्ना में यहाँ कुछ बोलता नहीं उनके बारे में

.विक्की-: भोसड़ी के जा कर उससे माफ़ी मांग ले नहीं तो सुच. में तेरी गांड मर लूंगा में

अजय-: कल माफ़ी मांगता हु

वो तीनो भी घर आ गए


इधर विभु गुस्से में था वो घर जा रहा था की उसे मनीषा भाबी का कॉल आया और उसे यद् आया की उसे भाभी को सब बताना था सुच वो मन को हल्का करके मनीषा भाभी के घर की तरफ चल दिया तभी उसे मन की आवाज आयी

मन की आवाज-: भाई मनीषा भाबी को अगर बता पाया तो सब सुच बताना कुछ मत छुपाना कुछ भी नहीं

.विभु--: क्या वो सुच सहन कर पायेगी

मन की आवाज-: अगर तुजसे अच्छा प्यार होगा तो जरूर .


विभु-: चल देखते ही

विभु मनीषा भाभी के घर गया वह जा कर उसने बहार से भाभी को कॉल किया मनीषा भाभी ने धीरे से गेट खोला और दोनों भाभी के रूम में चले गए

म भाभी-: भूल गए थे क्या

विभु-: है दिमाग से निकल गया था

म भाभी-: खाना खाया आपने

विभु पलंग पर बेथ गया भाभी को गॉड में बिठा लिया

विभु--: हम खा लिया आपने

म भाभी-; जी मेरे होने वाले बचे के पापा

विभु-: केसा हे मेरा कल अंदर

म भाभी-: अच्छा ह अब बताओ क्या छुपा रहे थे मुझसे ..

विभु--: आप सुन पाओगी

म भाभी-: है क्यों नह .

vibhu-:pahle वाला करो गुस्सा या नाराज तो नहीं होगी न

म भाभी-: जान प्यार किया हे आपसे मेरा जैसा प्यार कोई नहीं कर सकता ह आप अगर दुःख में होंगे तो खुसिया बिछा दूंगी और सुख में होंगे तो आपके साथ में भी खुस रहूंगी

विभु-; लव ु जान .

म भाबी-: ी लव ु 2 बोलो अब सुबह से मेरे मन में दर हे कोण थी वो औरत

विभु--: ....................... विभु ने धीरे धीरे मनीषा भाभी को नीता चची से लेकर स्टार्ट हुआ तो कैसे उसने पूजा को छोड़ा कैसे ज्योति और निधि को कैसे देविका को जंगल में देखा और उसे भी छोड़ दिया कैसे मोहिनी भाभी को छोड़ा कैसे पूर्वी की चुदाई की और कैसे कजरी को छोड़ा ठकुराइन का पूरा गेम बता दिया कैसे सोनाली भाभी को सडके किया और प्रपोज़ किया कैसे धीरज भाभी से बाटे करने स्टार्ट किया कैसे निशा को चहकी के सामने छोड़ा

कैसे ठाकुर और काका की फेमेली से बदला लेने के लिये प्लान किया कैसे बाबा ने विदिशा और सेरा को बाबा ने दिया और कैसे विदिशा को ठाकुर के घ भेजा और क्यों और कैसे रेखा भाभी को मंजू का चेहरा दे कर करू काका के घर भेज दिया

विभु ने सुरु से लेके अभी तक जो हुआ सब बता दियाए और आगे उसके दिमाग में क्या ह वो भी बता दिया कल ठकुराइन से मिलने जा रहा ह वो भी बता दिया

मनीषा भाबी जैसे जैसे सुन रही थी उनकी पकड़ विभु पर और मजबूत हो जा रही थी उन्होंने एक डैम से विभु को गॉड में बैठे हुवे उससे चिपक गयी

Vibhu-:jan यही. कहानी हे मेरी

म भाभी-: इतना कुछ कर दिया मेरी जान ने

विभु-: हम्म जान

(कुछ देर चुप रही दोनों तरफ से को नहीं बोल रहा था सिर्फ दोनों की धड़कन की आवाज आ रही थी )

म भाभी-: अपने परिवार के लिए इतना कुछ कर रहे हो आप

विभु-: करना पड़ता ह जान

म भाभी-: ी लव ु

Vibhu-:aap नाराज नहीं हो मेने इतनी साडी ओरतो के साथ वो किया

म भाभी-:( उनकी आँखों में आंसू थे) जान एक बात बोलू .

विभु-: हम्म

म bhabi-:kisi के साथ भी कुछ करो मेरे लिए प्यार कभी काम मत होने देना

vibhu--:bhabhi जान आप अपने विभु को समझी नहीं उसका प्यार आपके लिए कभी काम नहीं होगा

म भाबी-: ी लव ु जान

विभु-: ी लव ु जाना

म भाभी के चेहरे पर स्माइल आ गयी

विभु-: क्या हुआ जाना

म भाभी-: धीरज भाभी को भी पता लिया यकीं नहीं हो रहा ह

विभु-: पटाया नहीं सिर्फ बाटे करती ह वो

म भाभी--: आप समझे नहीं वो आपसे प्यार करती ह .

विभु-: मतलब

म भाभी-: जैसे आप उसे अपना मन चुके हो वैसे hi वो भी आपको बहुत प्यार करती ह मगर बोल नहीं प् रही ह

विभु-: अच्छा आशा क्या

म bhabhi-:ha मेरे जाना

विभु--: आशा ह तो जब तक वो आगे से प्रपोज़ नहीं कर देती में उनसे ये बाटे नहीं करूँगा

म भाभी-: अब तो मुझसे भी हसीं मिल जाएगी

विभु-: ोय मेडम सुन लो आप से हसीं नहीं ह आप दोनों hi मेरी हुस्न की परिया हो एक जैसी

म भाभी-: हम्म और सोनाली भाभी के साथ आपने गलत किया हे

विभु-: क्या

म भाभी-: इन्हे प्रपोज़ करके उसके बाद उनके दिल का हल hi नहीं जाना की उनके दिल में क्या ह उन्होंने आपस इतनी बात करने की कोसिस की आपने जवाब hi नहीं दिया

विभु-: हम्म में उनसे सधी करूँगा बहुत जल्द

म bhabhi-:ha है पता ह मेरी गांव में बहुत साडी सौतन ह और बहुत साडी बनने वाली ह

विभु-: मनीषा जान एक बात बोलू में गांव में साड़ी ोर्टे वो मुझे प्यार करेगी उनके साथ करूँगा मगर दिल से प्यार सिर्फ निधि भाभी, सोनाली भाभी , आप और धीरज भाभी से hi होगा बाकि पुजा हे और वो लड़की वो मेरे इस घर में दुलहाल बन कर आएगी

म भाभी-: पता ह और वो कोण होगी

विभु-: अभी तक तो पता नहीं मगर हे कही वो

म भाभी-: मेरी सौतन को घर में लेन का सोच रहे हो

विभु-: हम्म्म

म bhabhi-:aap कुछ भी करो मुझे बताना और अपना दयँ रखना

Vibhu-:hmmm जरूर जान

म bhabhi-:aaj से में भी आपके साथ हु में भी बदला लुंगी उनसे

विभु-: मेरे होने वाले बच्चो की माँ आप अपना और मेरा दयँ रखी बाकि में देख लुंगी

म भाबी-: मुझे भी आपके लिए कुछ करना ह

Vibhu-:ok तो आप ये पता लगाओ की वो औरत कोण ह और क्या चाहती ह

म भाबी-: ोकक तो आज से मेरा ये काम ह जरूर पूरा करुँगी

विभु ने मनीषा भाभी को सब बता दिया मनीषा भाभी को खुस देख कर उसे भी अच्छा लगा उसके दिल को खुसी मिली की बाबा के आशीर्वाद ने उसे रोका नहीं मतलब भाभी उसके साथ हमेसा रहेगी

वो वह से सीधा अपने घर आया उसने मोबाइल देखा अजय के 3 मिस्ड कॉल थे उसने फिर डी भाभी को मस्सगे किया सामने से कोई रिप्लाई नहीं आया तो वो घर आ कर सो गया उसे कल ठकुराइन के बताये पते पर जाना था


अब वह क्या होता ह देखते ह अगले अपडेट में बहुत कुछ होगा वह उसके बाद में आपको बताऊंगा की विभु के दिमाग में कैसे रेखा भाभी को मंजू बहभी बनाने का प्लान आया और कैसे ये सब किया ये इस ठकुराइन के कांड के बाद बताता हु 🤗😘

 
Bro is kahani me bina logic ke kuch nhi he sab acche tarike se or kahani ko bana kar ,kar raha hu kahani ko banane me time lag raha h is liye ail aik din ka ail aik view jo jaruri he wo samjha or bata raha hu

Aaik do update ke bad me rekha ko kese manju banaya ye past me kya hua wo bataunga tab sab clear ho jayega

ध्यानवाद आपको आपका किंमती समय निकाल कर सुझाव देने के लिए 🤗
 
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