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मां जी ने जल्दी से धोती पेहेन ली और दरवाज़े की तरफ बढे. उनका चेहरा गुस्से और शक से भरा हुआ था. रौशनी ने चद्दर को अपने बदन पर और टाइट से लपेट लिया. उसकी सांसें तेज़ चल रही थी. उसको बहुत डर लग रहा था की अगर कोई देख लेगा तोह क्या होगा.
गीता बहार कड़ी थी. उसकी टांगें काँप रही थी. वह वहां से भागने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसके पेअर उसके कण्ट्रोल में नहीं थे. जैसे hi मां जी ने दरवाज़ा खोला, गीता का चेहरा उनके सामने आ गया.
मां जी के मुँह से एक ज़ोर की आवाज़ निकली, “गीता? तू यहाँ क्या कर रही है?”
गीता का चेहरा लाल हो गया. उसकी आँखें नीचे की तरफ झुक गयी. उसको कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या बोले. उसकी बुर अब भी गीली थी और उसको यह सब देख कर बहुत गरम हो रहा था लेकिन साथ hi डर भी लग रहा था.
रौशनी अंदर से चिल्लाई, “मां जी… कौन है?”
मां जी ने गीता को अंदर खिंच लिया और दरवाज़ा बंद कर दिया. अब तीनो पंप हाउस के अंदर थे. गीता का चेहरा लाल था. उसकी आँखें रौशनी के नंगे बदन पर पद गयी. रौशनी ने चद्दर को और टाइट से पकड़ लिया.
गीता धीरे से बोली, “मैं… मैं आप दोनों को ढूंढ रही थी… लेकिन यह… यह सब… उफ्फ्फ्फ़…”
मां जी ने गीता की तरफ देखा. उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी. उन्होंने धीरे से कहा,
“गीता… तू बहार से सब देख रही थी न? अब अंदर आ गयी है… तोह अब यहाँ से जाने का कोई मतलब नहीं… बैठ जा… देख ले पूरा मज़ा…”
रौशनी की आँखें फैल गयी. उसको शर्म आ रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक और गर्मी भी आ गयी. गीता का चेहरा लाल था. उसको लगा जैसे उसका दिल बहार आ जायेगा.
अब तीनो एक दूसरे को देख रहे थे. पंप हाउस के अंदर की हवा और भी गरम हो गयी थी.
मां जी ने गीता को अंदर खिंच लिया और दरवाज़ा धीरे से बंद कर दिया. पंप हाउस के अंदर अब तीनो थे. हवा में एक अजीब सी सन्नाटा छ गया था. सिर्फ उन तीनो की तेज़ सांसें सुनाई दे रही थी.
गीता का चेहरा लाल हो चूका था. उसकी आँखें नीचे की तरफ झुकी हुई थी. उसको लगा जैसे उसका दिल बहार आ जायेगा. उसकी बुर अब भी गीली थी लेकिन उसके अंदर एक तेज़ डर भी था. वह सोच रही थी की अब क्या होगा… क्या मां जी गुस्सा करेंगे… क्या भाभी उसको डाँटेंगी… या फिर कुछ और…
रौशनी चद्दर को अपने बदन पर और टाइट से लपेट कर बैठी थी. उसका चेहरा शर्म और गुस्से से भरा हुआ था. उसको लगा जैसे उसका पूरा राज़ खुल गया है. उसकी आँखें गीता पर थी और उसके दिमाग में एक hi बात चल रही थी — यह गीता यहाँ क्या कर रही थी… क्या सब देख लिया इसने… अब क्या होगा…
मां जी के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी. उन्होंने धीरे से गीता की तरफ देखा और फिर रौशनी की तरफ. उनकी आँखों में एक चमक थी जो कह रही थी की अब यह पल उनके कण्ट्रोल में है. उन्होंने धीरे से कहा,
“गीता… तू बहार से सब देख रही थी न? अब अंदर आ गयी है… तोह अब यहाँ से जाने का कोई मतलब नहीं… बैठ जा… देख ले पूरा मज़ा… या फिर ज्वाइन कर ले…”
गीता की सांसें और तेज़ हो गयी. उसकी आँखें फैल गयी. उसको लगा जैसे उसका दिल बहार आ जायेगा. उसकी बुर अब भी गीली थी लेकिन उसके अंदर डर और हवस दोनों साथ चल रहे थे. वह सोच रही थी की अब क्या होगा… क्या वह यहाँ से भाग सकती है… या फिर यह सब और गहरा हो जायेगा…
रौशनी ने चद्दर को और टाइट से पकड़ लिया. उसकी आँखें मां जी पर थी. उसको लगा जैसे अब सब कुछ बदल सकता है. पंप हाउस के अंदर की सन्नाटा अब और भी गहरी हो गयी थी. तीनो एक दूसरे को देख रहे थे और कोई नहीं जान रहा था की आगे क्या होने वाला है.
रौशनी ने चद्दर को अपने बदन पर लपेट रखा था लेकिन उसकी आँखें गीता पर थी. उसको अब समझ आ गया था की गीता ने उनकी चुदाई पूरी तरह से देख ली है. उसकी आँखों में वह हलकी सी चमक थी जो कह रही थी की गीता खुद भी गरम हो गयी है.
मां जी ने अपनी धोती तोह पेहेन ली थी लेकिन ऊपर उनका भरी भरकम बालों वाला सीना अब भी नंगा था. गीता चोरी छुपे उसको देख रही थी. उसकी आँखें उसके चौड़े सीने पर अटक गयी थी. उसको यह देख कर और भी गरम हो रहा था.
रौशनी ने धीरे से, लेकिन मधुर स्वर में कहा,
“गीता… वहां निचे मेरी ब्रा और पंतय पड़ी है… मुझे दे दे न…”
गीता का चेहरा लाल हो गया. उसकी सांसें तेज़ हो गयी. वह धीरे से आगे बढ़ी और ज़मीन पर पड़ी रौशनी की ब्रा और पंतय उठा ली. उसकी उँगलियाँ थोड़ी सी काँप रही थी. उसको यह सब देख कर बहुत शर्म आ रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक तेज़ हवस भी जग रही थी.
रौशनी ने चद्दर को थोड़ा सा खिसका कर अपनी ब्रा और पंतय ले ली. उसकी आँखें अब भी गीता पर थी. उसको यह एहसास हो रहा था की गीता अब उनके राज़ में शामिल हो चुकी है. मां जी chup-chap देख रहे थे. उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी.
गीता ने धीरे से कहा, “भाभी… मैं… मैं यहाँ से जा रही थी… लेकिन…”
रौशनी ने हलके से मुस्कुराते हुए कहा, “अब जाने का क्या मतलब… बैठ जा…
रौशनी ने चद्दर को साइड कर दिया. अब वह सिर्फ अपनी ब्लैक लास ब्रा और थोंग स्टाइल पंतय में कड़ी थी.
उसकी बड़ी चूचियां ब्रा के अंदर से उभर रही थी और उसकी पतली कमर और मोठे गोल गोल चूतड़ उसकी उस थोंग पंतय में तोह और भी मस्त लग रहे थे .. . उसकी गोरी और मुलायम स्किन लास के साथ बहुत सुन्दर लग रही थी.
गीता ने यह सब देख कर अपने आप को रोक नहीं पायी. उसकी आँखें रौशनी के बदन पर अटक गयी. उसको अंदर से बहुत कुछ चल रहा था.
उफ्फ्फ्फ़… रौशनी भाभी का बदन इतना मस्त है… इतनी बड़ी और उभरी हुई चूचियां… पतली कमर… और यह मोती गांड… और ऊपर से यह महंगी और सेक्सी लास ब्रा और छोटी सी थोंग पंतय… बिलकुल सेक्स की देवी जैसी लग रही है… ऐसे बदन से तोह हर मां जी जैसे फौलादी मर्द उसको छोड़ना चाहेगा…
गीता की बुर अब भी गीली हो रही थी. उसको यह देख कर बहुत जलन हो रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक तेज़ हवस भी जग रही थी. उसको लगा जैसे वह भी ऐसे सेक्सी कपड़ों में होना चाहती है और मां जी के साथ ऐसे hi मस्ती करना चाहती है.
रौशनी ने धीरे से मां जी की तरफ देखा. उसकी आँखें अब भी गीता पर थी. उसको यह एहसास हो रहा था की गीता अब उनके राज़ में शामिल हो चुकी है.
मां जी ने दोनों को देखा और धीरे से मुस्कुराये.
मां जी का गुस्सा अब धीरे धीरे काम हो रहा था. उन्होंने गीता को अपनी तरफ खिंच लिया. गीता का चेहरा लाल हो चूका था. मां जी ने उसके कंधे पर हाथ रख कर धीरे से कहा,
“क्यों जाएगी मेरी गीता… तू बड़ी हो गयी है न… तेरे भी कुछ फीलिंग्स होंगे… वैसे भी कुवारी लड़की की गर्मी अलग hi होती है रे…”
=
गीता की सांसें तेज़ हो गयी. उसकी आँखें नीचे की तरफ झुक गयी. उसको शर्म आ रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक तेज़ गर्मी भी दौड़ रही थी.
रौशनी ने यह सुन कर थोड़ा सा शॉक फील किया. उसकी आँखें फैल गयी. उसको लगा जैसे गीता अब तक वर्जिन है. उसको यह बात समझ नहीं आ रही थी की गीता इतनी करीब होने के बाद भी अब तक कुछ नहीं हुआ है. उसकी आँखों में एक हलकी सी चमक आ गयी.
मां जी: (नशे में, गीता को देखते हुए) अरे रौशनी बीटा, देख तोह सही... तेरी बेहेन जैसी गीता की टाइट यंग बॉडी को. कितनी जवान और टाइट है यह लड़की. उसकी पतली कमर को देखा? जैसे कोई छोटी सी ढेली पतंग, हाथ में आ जाये तोह पकड़ के रख लून.
रौशनी: (मुस्कुराते हुए, गीता की तरफ इशारा करते) हाँ मां जी, बिलकुल सही कह रहे हो. गीता की पतली कमर इतनी सेक्सी है न... छूने का मैं करता है. ऊपर से उसकी aam-jaisi चूचियां... वह! दो bade-bade रसीले आम, टाइट कपड़ों में उभर के दीखते हैं. हिलती है जब वो चलती है तोह मैं करता है मुँह में ले लून.
मां जी: (हाथ से अपना लुंड दबाते हुए) अरे वह! और उसकी टाइट चंचल गांड... ओह्ह्ह मा... बिलकुल गोल और टाइट, जैसे कोई नयी पीच. चलते वक़्त ऊपर नीचे हिलती है, चंचल बन के ताड़ रही होती है. एक थप्पड़ मर के देखना चाहता हूँ कितनी टाइट है वह.
रौशनी: (गीता को घूरते हुए) मां जी, सच में... गीता की गांड देख के hi मेरा पानी निकलने लगता है. इतनी टाइट और यंग बॉडी, पतली कमर, आम जैसी चूचियां जो दबाने के लिए तड़प रही हैं, और वह चंचल गांड जो छोड़ने के लिए इन्विते कर रही है. आपको भी लगता है न?
मां जी: (गरम होते हुए) लगता है? पागल कर देती है यह गीता. उसकी टाइट यंग बॉडी को नंगा करके, उसकी पतली कमर पकड़ के, चूचियों को मसलते हुए, और उसकी टाइट गांड में घुसा के छोड़ने का मैं करता है. रौशनी, तू भी देख... हम दोनों मिल के इसकी यह सब चीज़ें एन्जॉय करेंगे.
रौशनी: (हस्ते हुए, एक्ससिटेड) हाँ मां जी... गीता की टाइट बॉडी, पतली कमर, रास भरी आम चूचियां और वह चंचल टाइट गांड... सब कुछ हमारा है आज. उससे बोलूं क्या कपडे उतार दे?
मां जी: हाँ उतार देंगे न .. लेकिन अब थोड़ा सा इसलके गुलाबी होठों का रास तोह पि लू जी भर के ..
(गीता रूम के अंदर कड़ी है, दरवाज़े की तरफ से मां जी और रौशनी की बातें सुन रही है. उसका चेहरा लाल हो चूका है, दिल zor-zor से धड़क रहा है, लेकिन शरीर में एक अजीब सी गर्मी फ़ैल रही है.)
गीता (अपने आप से, धीरे से):ओह गॉड... यह दोनों मुझे ऐसे कैसे बोल रहे हैं? मेरी टाइट यंग बॉडी... मेरी पतली सी कमर... और मेरी चूचियां... आम जैसी? शर्म आ रही है, पर... अंदर से कुछ और hi हो रहा है.
गीता (सोचते हुए, अपनी कमर पे हाथ फेरते):मेरी पतली कमर... सच में इतनी अट्रैक्टिव है क्या? जब मैं मिरर में देखती हूँ तोह लगता है हाँ, बिलकुल स्लिम और टाइट. उनकी बातें सुन के मुझे अपनी बॉडी को टच करने का मैं कर रहा है.
(वो अपनी चूचियों को हलके से दबती है)
गीता (व्हिस्पर में, excited-shy मिक्स):और मेरी आम जैसी चूचियां... दोनों बोल रहे थे रसीले आम जैसे हैं. सच में जब मैं चलती हूँ तोह हिलती हैं. अब उनकी नज़रों के सामने सोच के निप्पल्स खड़े हो गए हैं. शर्म से मर जाउंगी, पर मैं कर रहा है उनके सामने जा के कड़ी हो जॉन.
गीता (पीछे मुद के अपनी गांड को मिरर में देखते हुए):और यह... मेरी टाइट चंचल गांड. चंचल? हाँ, जब मैं चलती हूँ तोह थोड़ा ज़्यादा hi हिलती है. मां जी बोल रहे थे थप्पड़ मरने का मैं करता है... और रौशनी भी. लगता है मां जी मुझे छोड़ना चाहते हैं. मेरी टाइट गांड में... उफ़.
(गीता का सांस तेज़ हो जाता है, वो अपनी तइस प्रेस करती है)
गीता (इंटरनल मोनोलोगे):यह दोनों कितने नॉटी हैं. मां जी तोह मेरे अंकल हैं, और रौशनी मेरी भाभी. पर इनकी बातें सुन के मेरा शरीर रियेक्ट कर रहा है. मेरी यंग टाइट बॉडी को ऐसे प्राइसे कर रहे हैं... थीं कमर पकड़ के, चूचियां मसलते हुए, और मेरी टाइट गांड पे थप्पड़ मरते हुए मुझे छोड़ने का सपना देख रहे हैं. मैं इनको रोकना चाहिए... पर क्यों मैं कर रहा है की मैं अंदर जा के उनके सामने कड़ी हो जॉन और बोलूं – “देख लो जितना देखना है, टच भी कर लो...
गीता दरवाज़े के पास कड़ी सुन रही थी सब. उसका चेहरा लाल हो चुक्का था. जब मां जी और रौशनी की बातें और गरम होने लगी, तोह उसके पेअर अंदर की तरफ खींचे चले गए.
मां जी (गीता को देखते hi उठ कर उसके पास आते hue):Arre मेरी प्यारी गीता... यहाँ छुप के सब सुन रही थी क्या?
गीता ने सिर्फ शर्मा के आँखें नीचे कर ली. बोल नहीं पायी.
मां जी ने उसका हाथ पकड़ा और धीरे से अपनी तरफ खिंच लिया. गीता का दिल zor-zor से धड़क रहा था.
मां जी (गीता को गले से लगते हुए, टाइट हुग mein):Kitni टाइट यंग बॉडी है तेरी... बहुत दिन से इसको गले लगाने का मैं कर रहा था.
उन्होंने गीता को बहुत ज़ोर से अपने सीने से चिपका लिया. गीता की सॉफ्ट aam-jaisi चूचियां मां जी के सीने में डाब गयी. मां जी ने एक हाथ उसकी पतली कमर पे रख कर ज़ोर से दबाया और दूसरे हाथ से उसकी टाइट गांड पे थपकी दी.
गीता (शर्माती हुई, हलकी सी आवाज़ mein):M-Mama जी... ऐसे मत...
लेकिन उसने कोई रेजिस्टेंस नहीं किया. सिर्फ शर्मा के आँखें बंद कर ली.
मां जी ने गीता की सलवार का नाडा पकड़ा और एक hi झटके में धीरे से खोल दिया. सलवार नीचे गिर गयी. अब गीता सिर्फ टाइट ब्लैक लेग्गिंग्स में कड़ी थी, जिसमें उसकी चंचल गांड और पतली कमर बहुत ज़्यादा उभर के दिखाई दे रही थी.
मां जी (गरम सांस mein):Wahhh... देखो तोह सही. लेग्गिंग्स में तेरी गांड कितनी टाइट और गोल लग रही है. और यह थीं कमर...
उन्होंने गीता को फिर से गले लगा लिया और zor-zor से चूमने लगे. पहले उसके गाल, फिर नैक, और फिर लिप्स पे गहरी किश. मां जी के होठ गीता के सॉफ्ट लिप्स को चूस रहे थे. उनका हाथ गीता की पतली कमर पे घूम रहा था और kabhi-kabhi नीचे उसकी टाइट गांड को मसल रहा था.
गीता (शुरू में सिर्फ सांस चढ़ रही थी, dheere-dheere):Mmmh... मां जी...
पहले तोह वो बिलकुल पैसिव थी, लेकिन धीरे धीरे उसके होठ भी मां जी के साथ मूव करने लगे. वो शीलय उनके किश का जवाब दे रही थी. उसकी पतली कमर थोड़ी सी हिल रही थी मां जी के हाथों में.
मां जी (किश के बीच mein):Teri चूचियां इतनी टाइट और रसीली हैं... और यह गांड... बहुत चंचल है मेरी जान.
उन्होंने गीता को किश करते हुए उसकी चूचियों के ऊपर से दबाना शुरू कर दिया. गीता सिर्फ हलकी सी सिसकी भर रही थी.
गीता (शर्माती हुई, धीरे से मां जी की गर्दन में मुँह छुपाते हुए, लेकिन अब थोड़ा साथ देने lagi):Aahh... मां जी... धीरे... शर्म आ रही है...
लेकिन उसने अपने हाथ मां जी की पीठ पे रख दिए थे और उनको थोड़ा सा और खींच रही थी. उसकी टाइट यंग बॉडी अब dheere-dheere गरम हो रही थी. वो सुब्मिसीवलय उनके साथ लिपट रही थी, उनके किश का जवाब दे रही थी, लेकिन आँखें अब भी शर्मा के बंद थी.
रौशनी (साइड से देख कर मुस्कुराती hui)
ekho मां जी... गीता धीरे धीरे खुल रही है. इसकी टाइट गांड और चूचियां आज आपके हैं.
मां जी हाँ रे बहु इतनी मस्त हैं न गीता .... अब तोह पुरे मज़्ज़े लूंगा आज यहाँ पुम्हौसे में ..
मां जी ने गीता को अपनी बाँहों में खिंच लिया. दोनों के होठ एक दूसरे से लिपट गए. यह किश बिलकुल लॉन्ग लॉस्ट लवर्स जैसा था — गहरा, भूखा और बहुत प्यार भरा. मां जी की जीभ गीता के मुँह में घुस गयी और दोनों की जीभें एक दूसरे से लड़ने लगी. गीता के मुँह से हलकी सी सिसकारी निकल रही थी. उसकी टांगें थोड़ी सी काँप रही थी लेकिन वह भी उनके किश में पूरी तरह से खो चुकी थी.
रौशनी चद्दर को अपने बदन पर लपेट कर बैठी हुई देख रही थी. उसकी बुर फिर से गीली हो गयी थी. उसको यह देख कर एक अजीब सी गर्मी महसूस हो रही थी. उसकी आँखें गीता के टाइट और जवान बदन पर थी. उसकी फर्म चूचियां, पतली कमर और मोती गांड देख कर रौशनी के दिमाग में पुराणी यादें आ गयी.
*उफ्फ्फ्फ़… गीता अभी इतनी जवान है… उसकी चूचियां इतनी टाइट और फर्म हैं… मेरी उम्र में भी मैं ऐसी hi थी… लेकिन मुझे ऐसा मातुरे मर्द नहीं मिला था… मां जी जैसा… अगर मुझे उस वक़्त ऐसा एक मर्द मिल जाता तोह मैं कितनी मस्ती कर सकती थी…*
रौशनी की बुर अब भी गीली हो रही थी. उसको यह देख कर जेएलओसी भी हो रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक तेज़ हवस भी जग रही थी. उसको लगा जैसे अब यह सब और गहरा होने वाला है.
मां जी ने गीता के होठों को चूसते हुए उसकी कमर को पकड़ लिया और उसको और करीब खिंच लिया. गीता के मुँह से अब भी धीमी सिसकारियां निकल रही थी. दोनों अब एक दूसरे के बदन से चिपके हुए थे.
गीता अब मां जी के गले में hi लिपटी हुई थी. उसकी सलवार ज़मीन पर पड़ी थी और वो सिर्फ टाइट लेग्गिंग्स में थी. मां जी उसको गले लगाए zor-zor से चुम रहे थे, कभी उसकी पतली कमर को दबाते, कभी उसकी टाइट गांड पे हाथ फेरते. गीता शर्मा के आँखें बंद किये उनके सीने में मुँह छुपाये हुए थी, सिर्फ halki-halki सिसकियाँ निकल रही थी.
मां जी ने गीता को थोड़ा सा दूर किया ताकि रौशनी भी देख सके, लेकिन अपना एक हाथ अब भी उसकी थीं कमर पर रख रखा था.
मां जी (गीता को देखते हुए, गरम आवाज़ में रौशनी se)
ekh तोह सही रौशनी... कितनी सेहमी सी है गीता. थोड़ी घबराई सी लग रही है अभी. पूरी तरह से छुईमुई गुड़िया बन गयी है.
रौशनी (मुस्कुराते हुए, गीता को ताड़ते hue):Haan फिर क्यों न होगी मां जी? आप जैसे खुला सांड जो अब इसके पीछे चला हैं. देखि न कैसी छुईमुई सी गुड़िया लगती हैं गीता... इतनी शाय, इतनी टाइट यंग बॉडी के साथ. और आप देखिये – एक बुद्धा खुला सांड. सांड जब पहली बार पीछे पड़ता है न, तोह डर तोह लगता hi है छुईमुई को.
गीता ने यह सुन कर और शर्मा के अपना मुँह मां जी के सीने में छुपा लिया. उसका चेहरा पूरा लाल हो चूका था. उसकी सांस तेज़ हो रही थी.
मां जी (हस्ते हुए, गीता की पतली कमर को ज़ोर से पकड़ kar):Haan हाँ, बिलकुल सही कह रही है. देख इसकी टाइट चंचल गांड को लेग्गिंग्स में... कितनी घबराई हुई है. पर अंदर से गरम भी हो रही है लगती है. (गीता के कान में धीरे से) क्या बीटा? डर लग रहा है मां जी के सांड से?
रौशनी (गीता को और तैसे करते hue)
ekho मां जी, अब भी कुछ बोल नहीं पा रही. बस शर्मा के आपके सीने में मुँह छुपा रही है. इसकी aam-jaisi चूचियां आपके सीने से डाब रही होंगी अब. और यह पतली कमर... आपके बड़े हाथों में कितनी छोटी सी लग रही है. छुईमुई गुड़िया सच में... पर सांड जब ज़ोर लगाएगा न, तोह धीरे धीरे खुल जायेगी.
मां जी (गीता को फिर से गले लगते हुए, उसकी गांड पे ज़ोर का हाथ ferte):Bilkul. पहली बार सबको डर लगता है. पर देखती जा रौशनी... यह मेरी शाय गीता धीरे धीरे अपनी टाइट बॉडी खोल के देगी. इसकी चूचियां, इसकी पतली कमर, और यह टाइट चंचल गांड – सब कुछ आज मां जी के लिए तैयार है.
गीता (बहुत धीरे से, शर्माती हुई, मां जी के सीने में मुँह छुपाये hue):M-Mama जी... आप दोनों ऐसे मत बोलिये न... बहुत शर्म आ रही है...
लेकिन उसने अपने हाथ मां जी की पीठ पर और टाइट कर लिए थे. वो अभी भी सुब्मिसीवलय उनके गले में लिपटी हुई थी, उनके हर टच पे हलकी सी सिहरन ले रही थी.
मां जी ने गीता को गले लगाए रखा था. रौशनी के साथ बातें करते हुए उन्होंने धीरे से अपना हाथ गीता की लेग्गिंग्स के ऊपर रख दिया. उनकी उँगलियाँ कमरबंद में घुसी और dheere-dheere नीचे की तरफ खींचने लगे.
मां जी (रौशनी से, गीता को लेग्गिंग्स उतारते hue)
ekh रौशनी... यह मेरी शाय छुईमुई गुड़िया अभी भी काँप रही है. पर सांड जब एक बार टारगेट कर लेता है न, तोह पीछे हटने वाला नहीं होता.
लेग्गिंग्स dheere-dheere गीता की जाँघों से नीचे उतर रहे थे. अब गीता सिर्फ एक छोटी सी पंतय में कड़ी थी, जिसकी थीं फैब्रिक उसकी टाइट यंग बॉडी को बरेली कवर कर रही थी.
रौशनी (गीता की तरफ देखते हुए, नॉटी स्माइल के saath):Haan मां जी, आप तोह पूरे खुले सांड हो. इतना मोटा और बड़ा सांड का जो वह ौज़ज़ार हैं .. उफ्फ्फ लटकता हुआ जब सांड चलता हैं .. और फिर . देखो न गीता की हालत... कितनी सेहमी सी है. इसकी छूट कितनी टाइट होगी... इतनी यंग टाइट बॉडी वाली लड़की, पतली कमर, चंचल गांड... उसके अंदर का छेद भी तोह बिलकुल टाइट और छोटा होगा.
मां जी (गीता की पंतय के ऊपर हाथ फेरते हुए, उसकी बुर की तरफ दबाते रहे वहां रौशनी बातें कंटिन्यू राखी
रौशनी मां जी आपका सांड जैसा वह लटकता हुआ मोटा बड़ा चीज़ जब इसकी टाइट छेद पे चढ़ जाएगा न... तोह धज्जियाँ उड़ा देगा उसके छोटे से छेद की. अगर खुला सांड को इस्पे चढ़ने दिया तोह यह छुईमुई गुड़िया की तोह खैर hi नहीं बस ,अंदर घुसते hi चिल्लायेगी hi... लेकिन अगर थोड़ा सा उसे ट्रैन करे तोह वह उस औज़ार को तोह पूरा उस छेद के अंदर तक अंदर तक भर लेगी भी....
गीता यह सब सुन रही थी. उसका चेहरा अब पूरा लाल हो चूका था, बलुशिंग बियॉन्ड कण्ट्रोल. आँखें बिलकुल नीचे, मां जी के सीने से बिलकुल चिपकी हुई. उसकी सांस बहुत तेज़ हो रही थी. Jaise-jaise मां जी और रौशनी के मुँह से यह गन्दी बातें निकल रही थी, उसकी टाइट छूट से रास टपकना शुरू हो गया था. पंतय का अंदर का हिस्सा गीला होने लगा था, और हल्का सा निशाँ पंतय के ऊपर भी दिखने लगा.
गीता (बहुत धीरे से, कांपते हुए आवाज़ mein):M-Mama जी... आप ऐसे मत बोलिये न... बहुत शर्म आ रही है... प्लीज...
लेकिन उसने अपने हाथ मां जी की पीठ पर और टाइट पकड़ लिया था. उसकी पतली कमर थोड़ी सी हिल रही थी, और उसकी टाइट गांड पीछे की तरफ थोड़ा सा पुश हो रही थी जैसे शरीर खुद hi रियेक्ट कर रहा हो.
मां जी (हस्ते हुए, गीता की गीली पंतय पे ऊँगली ferte):Arre देखो रौशनी... यह तोह अभी से रास टपकने लगी है. इतनी टाइट छूट वाली शाय गुड़िया... सांड के लौंडे की बात सुन के hi पानी निकलने लगा. अब अगर यह मोटा सांड इस्पे चढ़ गया न... तोह इसकी छूट की तिघटनेस की धज्जियाँ उड़ा देगा.
रौशनी (गीता को और तैसे karte):Haan... देखो न मां जी, यह छुईमुई कितनी घबरा रही है. पर उसकी बॉडी तोह तैयार हो रही है सांड के लिए. इसकी पतली कमर पकड़ के, उसकी टाइट गांड को थोक के, और उसके छोटे टाइट छेद में अपना मोटा बड़ा सांड वाला हथियार घुसा के छोड़ोगे न आप?
गीता सिर्फ शर्मा के मां जी के सीने में मुँह छुपाये हुए थी. उसकी पंतय अब काफी गीली हो चुकी थी, रास की हलकी सी बूँद उसकी जांघ पर भी टपकने लगी थी. वो सुब्मिसीवलय उनके टच में थी, लेकिन अभी भी बहुत शाय और घबराई हुई.
मां जी ने गीता को और तिघ्टलय गले लगा लिया. उनका सांड जैसा bhar-bharkam, घने बालों वाला सीना गीता की टाइट स्मूथ बॉडी से बिलकुल चिपक गया था. गीता की सॉफ्ट aam-jaisi चूचियां उनके हेयरी चेस्ट में डाब रही थी. उसकी पतली कमर उनके बड़े हाथों में थी और उनकी टाइट गांड उनके तइस से रगड़ खा रही थी.
गीता का शरीर काँप रहा था. पंतय अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी, उसकी छूट से रास tapak-taapak कर उसकी जाँघों तक पहुँच रहा था. वो शर्मा के सिर्फ मां जी के सीने में मुँह छुपाये हुए थी, लेकिन उसने अपने हाथ उनकी पीठ पर और ज़्यादा टाइट कर लिए थे.
मां जी (गीता को चिपकाये हुए, उसकी पीठ सहलाते हुए, रौशनी se):Arre फिर तोह इसको ट्रैन करना hi होगा न. वैसे यह छोटी इतनी लकी है की उसकी भाभी जी hi सबसे बड़ी सेक्स की देवी हैं. मर्दों को दीवाना बनाने की कला में माहिर... और सांड को कण्ट्रोल करने में भी पूरी मास्टर. देख लेना, धीरे धीरे इसकी टाइट छूट को भी तैयार कर देगी.
रौशनी (हस्ते हुए, गीता की तरफ देखते hue):Lekin मां जी जैसे दयावान काम होते हैं. कण्ट्रोल कब खुद हाथ में ले लेते हैं, उसके जैसी मांगी हुई खिलाडी को भी पता नहीं चलता. यह छुईमुई सी गुड़िया क्या चीज़ है आपके सामने? कितनी भी ट्रैन कर लो, आपका सांड वाला बड़ा मोटा हथियार जब इसकी टाइट छूट में घुसे गए न... तोह धीरे से hi पूरी तरह से फाड़ देगा उसको.
गीता यह सब सुन कर और ज़्यादा शर्मा गयी. उसका चेहरा मां जी के हेयरी चेस्ट में बिलकुल दबा हुआ था. उसकी सांस बहुत तेज़ हो रही थी और उसकी छूट से और ज़्यादा रास टपकने लगा था. पंतय का गीला पैच अब साफ़ दिखाई दे रहा था.
गीता (बहुत धीरे से, कांपते हुए, मां जी के सीने में मुँह chhupaye):B-Bhabhi... मां जी... आप दोनों प्लीज... इतना मत बोलिये... मैं... मैं मर जाउंगी शर्म से...
लेकिन उसकी बॉडी सुब्मिसीवलय उनके अगेंस्ट चिपकी हुई थी. उसकी पतली कमर मां जी के हाथों में हिल रही थी और उसकी टाइट गांड थोड़ी सी पीछे पुश कर रही थी जैसे खुद hi उनके टच को फील करना चाहती हो.
मां जी (गीता के कान में गरम सांस फेंकते हुए, उसकी गीली पंतय पे ऊँगली ghumate)dekha रौशनी? यह सुन के hi इसकी छूट और गीली हो गयी है. सांड का बड़ा मोटा लौंडा इसकी टाइट छूट में जब तक घुसता नहीं, तब तक इसकी ट्रेनिंग नहीं होगी. पर तू तोह देवी है... इसको सीखा देगी न की सांड के सामने कैसे खुद को खोलना है?
रौशनी (गीता की तरफ आते हुए, उसके गाल पे हाथ ferte):Zaroor सिखाऊंगी. पर आप जैसे खुले सांड के सामने यह इनोसेंट गुड़िया कितनी देर तक कण्ट्रोल में रहेगी... यह तोह देखना hi पड़ेगा. इसकी टाइट छूट और चंचल गांड दोनों आज आपके हथियार के लिए खुलने वाले हैं.
गीता सिर्फ काँप रही थी, बलुशिंग उनकंट्रोलबली, लेकिन मां जी के bhar-bharkam हेयरी चेस्ट से चिपके हुए थी. उसकी बॉडी धीरे धीरे उनके कण्ट्रोल में आ रही थी.
मां जी ने गीता को और तिघ्टलय अपने सीने से चिपकाया. उनका bhar-bharkam बालों वाला सांड जैसा चेस्ट गीता की सॉफ्ट स्मूथ बॉडी से बिलकुल लगा हुआ था. फिर उन्होंने धीरे से अपना हाथ गीता की गीली पंतय के अंदर दाल दिया.
मां जी (गरम आवाज़ mein):Ab इसकी ट्रेनिंग शुरू करते हैं...
उन्होंने गीता की पंतय को dheere-dheere नीचे खिंच दिया. गीता की टाइट, स्मूथ, छोटी सी छूट अब बिलकुल नंगी हो गयी. उसकी छूट पहले से hi रास से चमक रही थी.
गीता (शर्म से कांपते हुए, मां जी के सीने में मुँह छुपाते हुए, हलकी सी सिसकी के saath):N-Nahi मां जी... प्लीज... मत देखो... बहुत शर्म आ रही है...
लेकिन उसने कोई हाथ नहीं उठाया. सिर्फ अपनी तइस को थोड़ा सा क्लोज करने की कोशिश की, जो फ़ैल हो गयी क्यूंकि मां जी के बड़े हाथ उसकी जाँघों के बीच थे.
मां जी ने एक हाथ से गीता की पतली कमर पकड़ी और दूसरे हाथ की उँगलियों से उसकी टाइट छूट पे डायरेक्ट टच कर दिया. उनकी मोती ऊँगली उसके रास से गीले लिप्स पे घूमने लगी, और धीरे से उसकी छोटी सी क्लीट को सहलाने लगे.
मां जी (रौशनी से, ऊँगली गीता की छूट में हलके से अंदर बहार करते hue)
ekh रौशनी... कितनी टाइट और गरम छूट है इसकी. सांड का मोटा बड़ा हथियार इसमें घुसे गए तोह सच में धज्जियाँ उड़ा देगी. अभी से इतना रास टपक रहा है.
रौशनी (एक्टीवेली हेल्प करते हुए, गीता के पीछे आ कर उसको मां जी से चिपकाये रखते hue):Main भी इसकी ट्रेनिंग में मदद करती हूँ मां जी. यह छुईमुई गुड़िया को खुद नहीं पता कितनी लकी है.
रौशनी ने गीता के पीछे से उसकी चूचियों को पकड़ लिया और dheere-dheere मसलने लगी. एक हाथ से गीता की पतली कमर पकड़ कर उसको मां जी के अगेंस्ट और तिघ्टलय प्रेस कर दिया.
रौशनी (गीता के कान में धीरे se):Sharma मत मेरी जान... अपनी भाभी को देख. सांड को कण्ट्रोल करने का तरीका मैं सिखाऊंगी तुझे. अब मां जी की ऊँगली को अंदर लेने की कोशिश कर...
गीता पूरी तरह से ब्लश कर रही थी. उसकी आँखें बंद थी, चेहरा लाल, और वो सिर्फ halki-halki सिसकियाँ भर रही थी.
गीता (शर्म से बहुत धीरे से, कांपते hue):B-Bhabhi... आप भी... ओह्ह... मां जी... आपकी ऊँगली... बहुत मोती है... दर्द हो रहा है थोड़ा... प्लीज धीरे...
लेकिन उसकी छूट मां जी की ऊँगली के अराउंड और ज़्यादा रास निकल रही थी. उसकी टाइट यंग बॉडी सुब्मिसीवलय दोनों के बीच में डाब रही थी. वो धीरे धीरे अपनी कमर हिलाने लगी थी मां जी के हाथ के रदम में.
मां जी (अपनी ऊँगली गीता की टाइट छूट में थोड़ी गहरी डालते हुए, रौशनी se):Bahut टाइट है यह... सांड को बहुत म्हणत करनी पड़ेगी इसको खोलने में. पर तेरी मदद से जल्दी हो जाएगा.
रौशनी (गीता की चूचियों को दबाते हुए और उसके निप्पल्स को पिंच karte):Haan... धीरे धीरे इसको तैयार करेंगे. यह गुड़िया अभी बहुत शर्मीली है, पर सांड के लिए खुल जायेगी.
गीता सिर्फ काँप रही थी, शर्मा रही थी, लेकिन उसकी बॉडी अब धीरे धीरे दोनों के टच में रेस्पोंद करने लगी थी.
**सन कॉन्टिनुएस:**
मां जी ने गीता को थोड़ा सा दूर किया. उनकी आँखों में भूख साफ़ दिखाई दे रही थी. उन्होंने अपनी पंत की ज़िप खोली और अपना मोटा, बड़ा, लौड़ा बहार निकाल दिया. वह पूरा खड़ा और मोटा था — जैसे सांड का बड़ा हथियार, लटकता हुआ, वेइन्स से भरा.
**मां जी** (अपना मोटा लौड़ा हाथ में पकड़ कर गीता के सामने ले आते हुए):
अब असली ट्रेनिंग शुरू होती है मेरी शाय गुड़िया...
गीता ने आँखें खोल कर देखा और तुरंत शर्मा के आँखें फिर से बंद कर ली. उसका मुँह खुला रह गया.
**गीता** (बहुत धीरे से, कांपते हुए, शर्म से):
M-Mama जी... यह... इतना बड़ा... नहीं... मैं नहीं कर पाऊँगी... बहुत शर्म आ रही है...
**रौशनी** (एक्टीवेली हेल्प करते हुए, गीता के पीछे से उसके बाल पकड़ कर उसका मुँह थोड़ा ऊपर की तरफ किया):
शर्मा मत गीता. भाभी सिखाती है. सांड का मोटा हथियार मुँह में लेने का तरीका बताउंगी. यह तेरी ट्रेनिंग का पहला स्टेप है.
रौशनी ने गीता को धीरे से घुटनो के बल बैठने में मदद की. अब गीता मां जी के सामने घुटनो पे बैठी थी, उनका मोटा लौड़ा उसके मुँह के बिलकुल सामने था.
गीता की टाइट यंग बॉडी अभी भी काँप रही थी, उसकी छूट से रास टपक रहा था.
**मां जी** (अपना मोटा लौड़ा गीता के लिप्स पे रगड़ते हुए):
ले बीटा... अपने सॉफ्ट होठ खोल. सांड का यह मोटा चीज़ तुझे ट्रैन करेगा. पहले सिर्फ चूसना शुरू कर.
रौशनी ने गीता के पीछे से उसकी चूचियों को पकड़ कर मसला और उसके कान में कहा:
**रौशनी:**
धीरे से मुँह खोल... जुबां से चाट पहले. जैसे आइस क्रीम चूस रही हो. भाभी यहाँ है, डर मत.
गीता शर्म से पूरी तरह लाल हो चुकी थी. उसकी आँखों में आंसू आ गए थे शर्म के मारे, लेकिन उसने धीरे से अपना मुँह खोला. मां जी ने अपने मोटा लौड़ा के सूपड़ा को उसके सॉफ्ट लिप्स पे रगड़ा.
**गीता** (हलकी सी सिसकी के साथ, मुँह में लेते हुए):
मममहह... बहुत बड़ा है मां जी... मुँह में नहीं आ रहा...
लेकिन वो सुब्मिसीवलय अपनी जुबां से चाटने लगी. रौशनी उसके बाल पकड़ कर धीरे धीरे उसका सर aage-peeche करवा रही थी, ओरल ट्रेनिंग शुरू करवा रही थी.
**मां जी** (सुकून से सांस लेते हुए):
बहुत अच्छा... देखो रौशनी, मेरी छुईमुई गुड़िया धीरे धीरे सीख रही है. इसकी टाइट छूट के बाद इसका मुँह भी ट्रैन हो जाएगा सांड के लिए.
**रौशनी** (गीता की चूचियों को दबाते हुए):
हाँ... और गहरा लेने की कोशिश कर गीता. सांड जब पीछे से चढ़ेगा न, तब यह ट्रेनिंग काम आएगी. अब जुबां से अच्छे से चाट... पूरा मोटा लौड़ा गीला कर दे.
गीता अब घुटनो के बल बैठी, मां जी का मोटा लौड़ा अपने मुँह में ले कर dheere-dheere चूस रही थी. उसकी आँखें बंद थी, चेहरा लाल, लेकिन वो सुब्मिसीवलय साथ दे रही थी. उसकी छूट से और भी ज़्यादा रास टपक रहा था ज़मीन पर.
**गीता** (मुँह भरे हुए, शर्म से हलकी आवाज़ में):
ममम... मां जी... आपका... बहुत मोटा है...
रौशनी गीता के पीछे घुटनो के बल बैठी थी. उसने गीता के बाल पकड़ कर उसका मुँह मां जी के मोटा लौड़ा के पास गाइड किया.
रौशनी (सॉफ्ट और ट्रेनिंग वाली आवाज़ mein):Geeta सुन... पहले किश कर इससे. Bade-bade प्यारे किश दे मोटा लुंड को. जैसे कोई प्यारा चीज़ हो. फिर जुबां से शाफ़्ट को लीक कर... ऊपर से नीचे तक पूरा गीला कर दे. तभी अच्छे से मुँह में ले सकती है. समझी?
गीता (शर्म से कांपते हुए, आँखें neeche):Ji... भाभी...
गीता ने शर्माते हुए मां जी के मोटा लौड़ा के सुपडे पे ek-do छोटे किश किये. फिर उसकी जुबां से शाफ़्ट को चाटने की कोशिश की, लेकिन वो बहुत नर्वस थी. उसका काम स्लॉपी हो रहा था — जुबां idhar-udhar कर रही थी, पूरा शाफ़्ट गीला नहीं हो प् रहा था, और वो सिर्फ टिप तक hi ले प् रही थी.
गीता (मुँह से निकालते हुए, शर्म se):Bhabhi... बहुत मोटा है... मेरा मुँह छोटा है... सही से नहीं हो रहा...
रौशनी (प्यार से हस्ते hue):Arre मेरी शाय गुड़िया... देखती है मैं कैसे करती हूँ. ध्यान से देख.
रौशनी ने आगे बढ़ कर मां जी का मोटा, बड़ा, सांड जैसा लौड़ा अपने सॉफ्ट हाथों में ले लिया. उसने पहले उसको प्यार से करेस किया, ऊपर नीचे हाथ फेरते हुए.
रौशनी (लुंड को देखते हुए, सेडक्टिव आवाज़ mein):Mmm... कितना मोटा और सांड जैसा है यह लुंड... लेकिन कितना प्यारा भी है. इतना बड़ा, इतना गरम... और कितना मज़ेदार.
उसने फिर मां जी के लुंड पे बहुत सारे प्यारे किश किये — सुपडे पे, शाफ़्ट के ऊपर, नीचे तक. फिर उसकी जुबां से पूरे शाफ़्ट को अच्छे से चाटने लगी, ऊपर से नीचे तक, दोनों तरफ, पूरा गीला और चमकदार कर दिया.
रौशनी (गीता को समझाते हुए, लुंड को चूसते hue)dekh... पहले किस्सेस, फिर लीक... पूरा वेट करो. अब देख कैसे मुँह में लेती हूँ...
रौशनी ने अपना मुँह खोला और धीरे से मां जी का मोटा लुंड अंदर लिया. वो अच्छे से सूचक कर रही थी — ऊपर नीचे हेड मूवमेंट के साथ, कभी जुबां से चाट टी, कभी गहरा ले लेती. उसकी सॉफ्ट लिप्स लुंड के अराउंड टाइट हो रही थी.
रौशनी (लुंड मुँह से निकाल कर गीता se):Ab तू तरय कर. किस्सेस दे, लीक कर पूरा वेट, और फिर सूचक कर. धीरे से शुरू कर.
गीता ने शरमाते हुए फिर कोशिश की. अब थोड़ी बेहतर थी — उसने मां जी के लुंड पे कुछ और किस्सेस दिए, शाफ़्ट को लीक किया (अभी भी स्लॉपी था लेकिन बेहतर), और धीरे से टिप को मुँह में ले कर चूसने लगी.
गीता (मुँह भरे हुए, हलकी सिसकी के saath):Mmmhh... मां जी... आपका... बहुत बड़ा है... मैं तरय कर रही हूँ...
मां जी (सुकून से, गीता के सर पे हाथ फेरते hue):Bahut अच्छा बीटा... धीरे धीरे सीख जायेगी. तेरी भाभी बहुत अच्छी टीचर है.
रौशनी गीता के साथ hi थी, कभी उसके बाल पकड़ कर गाइड कर रही थी, कभी खुद भी किश और लीक कर के दिखा रही थी. गीता अब भी शर्मा रही थी लेकिन सुब्मिसीवलय ट्रेनिंग ले रही थी, उसकी छूट अब भी रास से गीली हो रही थी.
रौशनी ने गीता के बाल पकड़ कर उसका मुँह मां जी के मोटा लौड़ा के सामने किया.
रौशनी:अब तरय कर दीप्तरोात की... धीरे से अंदर ले, गले तक. सांस नोज से ले और रिलैक्स कर.
गीता ने बहुत शर्माते हुए कोशिश की. उसने मां जी का सूपड़ा मुँह में लिया और धीरे से अंदर पुश करने लगी. लेकिन लुंड बहुत मोटा और लम्बा था.
गीता (मुँह भरे हुए, आँखों में आंसू आते हुए, गैग करते hue):Mmmhh... ुघ्घ... नहीं... बहुत बड़ा है भाभी... गले तक नहीं जा रहा... मैं नहीं कर पा रही... उफ्फ्फ ...
गीता का मुँह गीला हो चूका था, थूक के साथ लुंड चमक रहा था, लेकिन वो डीप नहीं ले प् रही थी. वो शर्म से मां जी के लुंड की तरफ देखती भी नहीं पा रही थी.
रौशनी (प्यार से गीता के गाल पे हाथ फेरते hue):Koi बात नहीं मेरी जान, पहली बार में नहीं होता. अब हम दोनों साथ में करते हैं. बहुत प्यार से.
रौशनी ने गीता के साथ hi घुटनो के बल बैठ कर मां जी के मोटा लुंड को दोनों तरफ से पकड़ा. दोनों बहनें अब साथ में उसको प्यार से चूसने लगी.
रौशनी और गीता दोनों मां जी के बड़े लुंड पे किस्सेस बरसने लगी — सुपडे पे, शाफ़्ट पे, नीचे तक. रौशनी गीता को beech-beech में सीखा रही थी.
रौशनी (लुंड को चाट ते हुए, गीता se)
ekh... पहले जुबां से पूरा गीला करो... फिर धीरे से अंदर लो. गले की गहराई तक जाने के लिए रिलैक्स करना पड़ता है. ऐसे...
रौशनी ने खुद डेमोंस्ट्रेटे किया. उसने मां जी का मोटा लुंड अपने मुँह में गहरा ले लिया, गले तक, और कुछ सेकण्ड्स तक वहां रखा.
फिर बहार निकाल कर गीता को दिखाया.
रौशनी:देखा? सांस रोक के थोड़ा प्रैक्टिस कर. अब तू भी तरय कर.
गीता ने फिर कोशिश की. रौशनी उसके बाल पकड़ कर धीरे से गाइड कर रही थी. गीता थोड़ा गहरा ले प् रही थी अब, लेकिन फिर भी गैग हो जा रही थी.
दोनों बहनें फिर साथ में लुंड को प्यार से चूसने लगी — कभी गीता टिप चूस रही होती, कभी रौशनी गहरा ले रही होती. दोनों की ज़ुबानें मां जी के मोटा लुंड पे मिल रही थी. रौशनी beech-beech में गीता को सिखाती:
रौशनी:जुबां नीचे रख... हाथ से शाफ़्ट को हिलाते हुए चूस... और जब गहरा ले सके तब गले की मुस्कले रिलैक्स कर. ऐसे देखो...
रौशनी ने फिर से डीप ले लिया और थोड़ा सा मोअन किया, फिर गीता को भी तरय करने दिया.
मां जी (सुकून से, हाथ दोनों के सर पे फेरते hue):Wahhh... दोनों बहेनो का मुँह कितना प्यारा लग रहा है मेरे सांड के लुंड पे. गीता धीरे धीरे सीख रही है.
गीता (लुंड चूसते हुए, शर्म से हलकी आवाज़ mein):Bhabhi... आप इतना अच्छा कर लेती हैं... मैं भी तरय कर रही हूँ... मममहह...
दोनों अब प्यार से साथ में सूचक कर रही थी. गीता अभी भी शाय थी लेकिन रौशनी के साथ होने से थोड़ा कॉंफिडेंट फील कर रही थी. मां जी का मोटा लुंड दोनों के मुँह और थूक से चमक रहा था.
रौशनी ने गीता के बाल से हाथ नहीं हटाया. वो मुस्कुराई और धीरे से बोली.
रौशनी:तू क्विक लर्नर है मेरी जान, लेकिन अभी जल्दी मत कर. हम स्लो लेते हैं. सिर्फ सॉफ्ट लीक्स और बहुत सारे वेट किस्सेस... और सिर्फ सुपडे को hi मुँह में ले के चूस. आज हम लेडीज का टाइम है इस खुले सांड को कण्ट्रोल करने का.
रौशनी ने मां जी के मोटा लौड़ा अपने हाथ में पकड़ा और गीता को साथ में गाइड किया.
रौशनी (प्यार se)dekh गीता... ऐसे. बहुत प्यार से किश कर इसको. जैसे यह तेरा फवौरीते चीज़ हो.
दोनों ने फिर से मां जी के बड़े सुपडे पे वेट किस्सेस बरसने शुरू किये. गीता अब dheere-dheere सीख रही थी. उसने शर्माते हुए सुपडे पे एक के बाद एक सॉफ्ट, गीले किश किये. फिर उसकी जुबां निकली और धीरे से लीक करने लगी.
रौशनी (गीता को सिखाते hue):Haan ऐसे... जुबां को पूरे सुपडे पे घुमा. अच्छे से गीला कर. अब सिर्फ हेड को मुँह में ले और धीरे धीरे चूस. बहुत स्लो... जैसे लोल्लिपोप.
गीता ने मां जी के सुपडे को अपने सॉफ्ट लिप्स में ले लिया और dheere-dheere चूसने लगी. अब वो थोड़ी बेहतर कर रही थी — क्विक लर्नर होने के बावजूद रौशनी उसको स्लो रख रही थी.
रौशनी (मां जी के लुंड को गीता के साथ लीक करते hue):Yeh hi वक़्त होता है हम लेडीज का... जब हम एक खुले सांड जैसे मां जी को कण्ट्रोल कर सकते हैं. देख, अभी यह सांड हमारे हाथों में है. इस मोटा, वाइल्ड सांड को टेम करने का यही तरीका है — प्यार से, धीरे से, किस्सेस से, लीक्स से. बहुत जल्दी मत कर, वर्ण सांड खुल जाएगा और तुझे फाड़ देगा.
गीता (सूपड़ा मुँह में ले कर, हलकी सी आवाज़ mein):Mmmhh... भाभी... समझ रही हूँ... यह... बहुत मोटा है... लेकिन प्यारा भी लग रहा है अब...
दोनों बहनें अब बहुत प्यार से मां जी के लुंड के सुपडे को चूस रही थी. कभी गीता सिर्फ हेड चूस रही होती, कभी रौशनी उसके साथ मिलकर लीक कर रही होती. बहुत सारे वेट किस्सेस, सॉफ्ट लीक्स — लुंड का सूपड़ा पूरा चमक रहा था उनके थूक से.
रौशनी (गीता को और मोटीवेट करते hue):Aur किस्सेस दे... जुबां से ऊपर निचे कर... यहीं से हम इस वाइल्ड सांड को टेम करेंगे. जब तक यह खुला सांड हमारी मर्ज़ी से नहीं चलेगा, तब तक हम इसे कण्ट्रोल में रखेंगे.
मां जी (सुकून से मोअन करते हुए, हाथ दोनों के सर pe):Uff... दोनों कितना अच्छा कर रही हो... मेरी शाय गीता भी धीरे धीरे सांड को मन रही है.
गीता अब शर्मा तोह रही थी, लेकिन वो क्विक लर्नर की तरह रौशनी के साथ मिलकर प्यार से लुंड के हेड को चूस और लीक कर रही थी. उसकी छूट अब भी रास से गीली हो रही थी.
रौशनी ने मां जी के मोटा लुंड को हाथ में पकडे रखा और गीता की तरफ देखा.
रौशनी:अब हम ऐसे करेंगे की पहले में चूसूंगी फिर तुम .. . लेकिन आज ज़्यादा तर गीता hi करेगी. मैं सिर्फ गाइड करुँगी. यह ट्रेनिंग उसके लिए ज़रूरी है.
रौशनी ने पहले खुद एक बार गहरा सूचक किया, फिर लुंड बहार निकाल कर गीता के मुँह के पास किया.
रौशनी:अब तू ले. बहुत प्यार से. किस्सेस, लीक्स, और हेड चूस.
गीता शर्मा रही थी लेकिन क्विक लर्नर होने के बावजूद उसने अपना मुँह आगे बढ़ाया. उसने पहले मां जी के सुपडे पे 4-5 वेट किस्सेस किये, फिर जुबां से अच्छे से लीक किया, और धीरे से सूपड़ा मुँह में ले कर चूसने लगी.
गीता (मुँह भरे हुए, धीरे dheere):Mmmhh... मां जी...
रौशनी ने उसके बाल पकड़ कर धीरे से गाइड किया, लेकिन ज़्यादा फाॅर्स नहीं किया.
रौशनी:हाँ ऐसे... अच्छे से चूस. जुबां अंदर घुमा. बहुत प्यारा लग रहा है तेरा मुँह.
थोड़ी देर बाद रौशनी ने लुंड अपने मुँह में लिया, लेकिन सिर्फ 10-15 सेकण्ड्स तक. फिर तुरंत गीता को वापस दे दिया.
रौशनी:अब फिर तू. ज़्यादा टाइम तू hi ले. मैं देखूंगी और सिखाऊंगी.
गीता ने फिर से फोकस किया. उसने मां जी के मोटा लुंड के सुपडे पे बहुत सारे सॉफ्ट वेट किस्सेस दिए, पूरे हेड को जुबां से लीक किया, और dheere-dheere चूसने लगी. वो अब थोड़ी बेहतर कर रही थी — हेड को मुँह में ले कर halke-halke सूचक कर रही थी.
रौशनी beech-beech में सिर्फ थोड़ा सा सूचक करती, फिर तुरंत गीता को मौका दे देती.
रौशनी (गीता को सिखाते hue)dheere से हेड को अंदर बहार कर... जुबां नीचे से ऊपर तक. देख, सांड का यह मोटा लुंड अब तेरे कण्ट्रोल में है. इससे टेम करने का यही तरीका है — प्यार से, धीरे से, बहुत सारे किस्सेस और लीक्स से.
गीता (लुंड चूसते हुए, शर्म से हलकी आवाज़ mein):Bhabhi... यह... बहुत मोटा है... मुँह में भर रहा है... लेकिन मैं तरय कर रही हूँ...
रौशनी ने गीता को और ज़्यादा मौका दिया. वो खुद सिर्फ kabhi-kabhi लीक कर देती या किश कर देती, बाकी टाइम गीता hi मां जी के लुंड को लीक, किश और सूचक कर रही थी.
मां जी (हाथ गीता के सर पे फेरते hue):Bahut अच्छा लग रहा है बीटा... तेरी सॉफ्ट जुबां और लिप्स... धीरे धीरे पूरा सीख जायेगी.
गीता अब थोड़ी कॉंफिडेंट फील कर रही थी. वो dheere-dheere मां जी के सुपडे को अच्छे से चूस रही थी, बहुत सारे वेट किस्सेस दे रही थी, और रौशनी के गाइडेंस में स्लो ट्रेनिंग ले रही थी.
मां जी ने दोनों की तरफ देखा और गरम आवाज़ में बोलै.
मां जी:रौशनी, अब तुम दोनों साथ में मेरा लुंड चुसो. गीता टोपा पे फोकस करे, तू शाफ़्ट को छाते. दोनों मिलकर मेरा लुंड मज़े से एन्जॉय करो.
रौशनी ने तुरंत मान लिया और गीता को अपने पास खींच लिया.
रौशनी:सुन गीता, अब हम दोनों एक साथ करेंगे. तू सिर्फ टोपा को अपने मुँह में ले और चूस. मैं शाफ़्ट को चाटूँगी.
दोनों अब मां जी के मोटा लुंड के दोनों तरफ से लग गयी. गीता ने शर्माते हुए टोपा को अपने सॉफ्ट लिप्स में ले लिया और धीरे धीरे चूसने लगी. रौशनी ने निचे से शाफ़्ट को जुबां से चाटना शुरू कर दिया.
मां जी (सुकून se):Haan ऐसे... दोनों मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है. गीता टोपा को प्यार से चूस, और तू पूरा शाफ़्ट गीला कर दे.
गीता अब सिर्फ टोपा पे फोकस कर रही थी. उसने टोपा पे बहुत सारे गीले किश किये, जुबां घुमाई और धीरे धीरे चूस रही थी. रौशनी निचे से शाफ़्ट को लम्बी लम्बी चाट मार रही थी, कभी कभी गीता के लिप्स के पास भी जुबां ले जाती.
रौशनी (गीता को धीरे se):Haan मेरी साली, टोपा को अच्छे से मुँह में रख. दोनों साथ में इस खुले सांड के लुंड को मज़े दे रहे हैं.
मां जी (हाथ दोनों के सर पे फेरते hue):Bahut मज़ा आ रहा है... भाभी और साली मिलकर मेरा लुंड बहुत प्यार से सेवा कर रही हो.
गीता शर्म से आँखें बंद किये टोपा को चूस रही थी, लेकिन अब वो धीरे धीरे मज़े ले रही थी. रौशनी उसको बीच बीच में गाइड भी कर रही थी.
रौशनी अब बहुत ज़्यादा गरम हो चुकी थी. उसने मां जी की तरफ देखा और गरम आवाज़ में कहा.
रौशनी:मां जी, आप खड़े हो जाइये. अब मैं और गीता दोनों आपको मज़े देंगे.
मां जी खड़े हो गए. उनका मोटा लुंड सीधा खड़ा था.
रौशनी (गीता se):Geeta, तू आगे जा और मां जी का मोटा लुंड चूस. मैं पीछे जाती हूँ.
गीता शर्माते हुए आगे बढ़ी और घुटनो के बल बैठ कर मां जी के मोटा लुंड को अपने मुँह में ले लिया. उसने टोपा को अपने सॉफ्ट लिप्स से चूसना शुरू कर दिया.
रौशनी पीछे चली गयी. उसने मां जी की गांड के दोनों ग्लोब्स को हाथों से फैला दिया और अपना मुँह उनके बीच में दाल दिया. उसकी जुबां मां जी के ासशोले पे पहुँच गयी और वो गहरी गहरी चाटने लगी.
मां जी (सुकून से मोअन करते hue):Uffff... रौशनी... यह क्या कर रही है तू... बहुत मज़ा आ रहा है... स्वर्ग जैसे लग रहा है...
रौशनी अब पूरी तरह से हॉर्नी हो कर मां जी की गांड चाट रही थी. उसकी जुबां ासशोले के अंदर बहार घूम रही थी, गहरी लिकिंग कर रही थी.
गीता आगे से मां जी का मोटा लुंड चूस रही थी — टोपा को मुँह में लेकर धीरे धीरे सूचक कर रही थी, कभी लीक्स और किस्सेस दे रही थी.
दोनों अब यूनिसन में काम कर रही थी — गीता आगे से लुंड चूस रही थी और रौशनी पीछे से गांड चाट रही थी.
मां जी (हाथ गीता के सर पे रख कर, आवाज़ में mazaa):Arre वहहह... एक तरफ साली मेरा मोटा लुंड चूस रही है, दूसरी तरफ भाभी मेरी गांड चाट रही है... दोनों ने मिलकर मुझे स्वर्ग में पहुंचा दिया है आज.
रौशनी (गांड चाटते हुए, थोड़ी रुक kar):Geeta धीरे से चूस... मैं इस सांड की गांड को अच्छे से साफ़ कर रही हूँ जुबां से.
गीता शर्म से आँखें बंद किये लुंड चूस रही थी, लेकिन अब वो भी धीरे धीरे मज़े लेने लगी थी. रौशनी की हॉर्नी लिकिंग मां जी को दीवाना बना रही थी.
मां जी अब पूरे मज़े में था, दोनों तरफ से सेवा ले रहा था.
मां जी खड़े हुए थे, उनका पूरा शरीर टेंशन में था. उनके मुँह से सिर्फ मोअन्स और गरम आवाज़ें निकल रही थी.
मां जी:आआह्ह्ह... उफ्फ्फ्फ़... बहुत गहरी चाट रही है तू रौशनी... मेरी गांड के अंदर तक जुबां दाल रही है... स्वर्ग है यह...
गीता आगे से उनके मोटा लुंड को अब गहरा ले रही थी. उसने टोपा के साथ शाफ़्ट का भी हिस्सा मुँह में लेने की कोशिश की थी.
मां जी:ओह्ह्ह गीता... मेरी साली... इतना गहरा मुँह में ले रही है... तेरी सॉफ्ट लिप्स और गरम जुबां... कितना मज़ा दे रही है तू...
रौशनी ने मां जी की गांड के ग्लोब्स को और फैला दिया और अपनी जुबां को गहरा अंदर तक घुसा दिया, zor-zor से चाटने लगी.
मां जी:उफ्फ्फ्फ़... हहहह... रौशनी... तेरी जुबां मेरी गांड के अंदर घूम रही है... कितनी गहरी लिकिंग कर रही है... मैं पागल हो जाऊँगा...
गीता ने अपना मुँह और गहरा किया और धीरे धीरे ऊपर नीचे करने लगी, मोटा लुंड को अच्छे से चूस रही थी.
मां जी:अरे गीता... बहुत अच्छा चूस रही है तू... मेरा पूरा लुंड तेरी गरम मुँह में... आआह्ह... दोनों ने मिलकर मुझे दीवाना कर दिया है आज...
रौशनी की जुबां अब तेज़ तेज़ अंदर बहार हो रही थी ासशोले में, गहरी रिम्मिंग कर रही थी.
मां जी:हहहह... रौशनी... और गहरा... मेरी गांड चाट... और गीता तू भी मत रुक... मेरा लुंड गहरा मुँह में ले... दोनों साथ में... उफ्फ्फ्फ़... स्वर्ग... बिलकुल स्वर्ग है यह...
मां जी के पेअर काँप रहे थे. उनके मुँह से सिर्फ मज़े भरी सिसकियाँ और गरम आवाज़ें निकल रही थी.
मां जी:ओह्ह्ह मा... दोनों बहेनो का यह सेवा... एक मेरी गांड चाट रही है, दूसरी मेरा मोटा लुंड चूस रही है... मैं झड़ने वाला हूँ... आआह्ह्ह...
दोनों अभी भी तेज़ पेस में जारी थी — रौशनी गहरी गांड लिकिंग और गीता गहरा लुंड की चूसै..
गीता बहार कड़ी थी. उसकी टांगें काँप रही थी. वह वहां से भागने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसके पेअर उसके कण्ट्रोल में नहीं थे. जैसे hi मां जी ने दरवाज़ा खोला, गीता का चेहरा उनके सामने आ गया.
मां जी के मुँह से एक ज़ोर की आवाज़ निकली, “गीता? तू यहाँ क्या कर रही है?”
गीता का चेहरा लाल हो गया. उसकी आँखें नीचे की तरफ झुक गयी. उसको कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या बोले. उसकी बुर अब भी गीली थी और उसको यह सब देख कर बहुत गरम हो रहा था लेकिन साथ hi डर भी लग रहा था.
रौशनी अंदर से चिल्लाई, “मां जी… कौन है?”
मां जी ने गीता को अंदर खिंच लिया और दरवाज़ा बंद कर दिया. अब तीनो पंप हाउस के अंदर थे. गीता का चेहरा लाल था. उसकी आँखें रौशनी के नंगे बदन पर पद गयी. रौशनी ने चद्दर को और टाइट से पकड़ लिया.
गीता धीरे से बोली, “मैं… मैं आप दोनों को ढूंढ रही थी… लेकिन यह… यह सब… उफ्फ्फ्फ़…”
मां जी ने गीता की तरफ देखा. उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी. उन्होंने धीरे से कहा,
“गीता… तू बहार से सब देख रही थी न? अब अंदर आ गयी है… तोह अब यहाँ से जाने का कोई मतलब नहीं… बैठ जा… देख ले पूरा मज़ा…”
रौशनी की आँखें फैल गयी. उसको शर्म आ रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक और गर्मी भी आ गयी. गीता का चेहरा लाल था. उसको लगा जैसे उसका दिल बहार आ जायेगा.
अब तीनो एक दूसरे को देख रहे थे. पंप हाउस के अंदर की हवा और भी गरम हो गयी थी.
मां जी ने गीता को अंदर खिंच लिया और दरवाज़ा धीरे से बंद कर दिया. पंप हाउस के अंदर अब तीनो थे. हवा में एक अजीब सी सन्नाटा छ गया था. सिर्फ उन तीनो की तेज़ सांसें सुनाई दे रही थी.
गीता का चेहरा लाल हो चूका था. उसकी आँखें नीचे की तरफ झुकी हुई थी. उसको लगा जैसे उसका दिल बहार आ जायेगा. उसकी बुर अब भी गीली थी लेकिन उसके अंदर एक तेज़ डर भी था. वह सोच रही थी की अब क्या होगा… क्या मां जी गुस्सा करेंगे… क्या भाभी उसको डाँटेंगी… या फिर कुछ और…
रौशनी चद्दर को अपने बदन पर और टाइट से लपेट कर बैठी थी. उसका चेहरा शर्म और गुस्से से भरा हुआ था. उसको लगा जैसे उसका पूरा राज़ खुल गया है. उसकी आँखें गीता पर थी और उसके दिमाग में एक hi बात चल रही थी — यह गीता यहाँ क्या कर रही थी… क्या सब देख लिया इसने… अब क्या होगा…
मां जी के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी. उन्होंने धीरे से गीता की तरफ देखा और फिर रौशनी की तरफ. उनकी आँखों में एक चमक थी जो कह रही थी की अब यह पल उनके कण्ट्रोल में है. उन्होंने धीरे से कहा,
“गीता… तू बहार से सब देख रही थी न? अब अंदर आ गयी है… तोह अब यहाँ से जाने का कोई मतलब नहीं… बैठ जा… देख ले पूरा मज़ा… या फिर ज्वाइन कर ले…”
गीता की सांसें और तेज़ हो गयी. उसकी आँखें फैल गयी. उसको लगा जैसे उसका दिल बहार आ जायेगा. उसकी बुर अब भी गीली थी लेकिन उसके अंदर डर और हवस दोनों साथ चल रहे थे. वह सोच रही थी की अब क्या होगा… क्या वह यहाँ से भाग सकती है… या फिर यह सब और गहरा हो जायेगा…
रौशनी ने चद्दर को और टाइट से पकड़ लिया. उसकी आँखें मां जी पर थी. उसको लगा जैसे अब सब कुछ बदल सकता है. पंप हाउस के अंदर की सन्नाटा अब और भी गहरी हो गयी थी. तीनो एक दूसरे को देख रहे थे और कोई नहीं जान रहा था की आगे क्या होने वाला है.
रौशनी ने चद्दर को अपने बदन पर लपेट रखा था लेकिन उसकी आँखें गीता पर थी. उसको अब समझ आ गया था की गीता ने उनकी चुदाई पूरी तरह से देख ली है. उसकी आँखों में वह हलकी सी चमक थी जो कह रही थी की गीता खुद भी गरम हो गयी है.
मां जी ने अपनी धोती तोह पेहेन ली थी लेकिन ऊपर उनका भरी भरकम बालों वाला सीना अब भी नंगा था. गीता चोरी छुपे उसको देख रही थी. उसकी आँखें उसके चौड़े सीने पर अटक गयी थी. उसको यह देख कर और भी गरम हो रहा था.
रौशनी ने धीरे से, लेकिन मधुर स्वर में कहा,
“गीता… वहां निचे मेरी ब्रा और पंतय पड़ी है… मुझे दे दे न…”
गीता का चेहरा लाल हो गया. उसकी सांसें तेज़ हो गयी. वह धीरे से आगे बढ़ी और ज़मीन पर पड़ी रौशनी की ब्रा और पंतय उठा ली. उसकी उँगलियाँ थोड़ी सी काँप रही थी. उसको यह सब देख कर बहुत शर्म आ रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक तेज़ हवस भी जग रही थी.
रौशनी ने चद्दर को थोड़ा सा खिसका कर अपनी ब्रा और पंतय ले ली. उसकी आँखें अब भी गीता पर थी. उसको यह एहसास हो रहा था की गीता अब उनके राज़ में शामिल हो चुकी है. मां जी chup-chap देख रहे थे. उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी.
गीता ने धीरे से कहा, “भाभी… मैं… मैं यहाँ से जा रही थी… लेकिन…”
रौशनी ने हलके से मुस्कुराते हुए कहा, “अब जाने का क्या मतलब… बैठ जा…
रौशनी ने चद्दर को साइड कर दिया. अब वह सिर्फ अपनी ब्लैक लास ब्रा और थोंग स्टाइल पंतय में कड़ी थी.
उसकी बड़ी चूचियां ब्रा के अंदर से उभर रही थी और उसकी पतली कमर और मोठे गोल गोल चूतड़ उसकी उस थोंग पंतय में तोह और भी मस्त लग रहे थे .. . उसकी गोरी और मुलायम स्किन लास के साथ बहुत सुन्दर लग रही थी.
गीता ने यह सब देख कर अपने आप को रोक नहीं पायी. उसकी आँखें रौशनी के बदन पर अटक गयी. उसको अंदर से बहुत कुछ चल रहा था.
उफ्फ्फ्फ़… रौशनी भाभी का बदन इतना मस्त है… इतनी बड़ी और उभरी हुई चूचियां… पतली कमर… और यह मोती गांड… और ऊपर से यह महंगी और सेक्सी लास ब्रा और छोटी सी थोंग पंतय… बिलकुल सेक्स की देवी जैसी लग रही है… ऐसे बदन से तोह हर मां जी जैसे फौलादी मर्द उसको छोड़ना चाहेगा…
गीता की बुर अब भी गीली हो रही थी. उसको यह देख कर बहुत जलन हो रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक तेज़ हवस भी जग रही थी. उसको लगा जैसे वह भी ऐसे सेक्सी कपड़ों में होना चाहती है और मां जी के साथ ऐसे hi मस्ती करना चाहती है.
रौशनी ने धीरे से मां जी की तरफ देखा. उसकी आँखें अब भी गीता पर थी. उसको यह एहसास हो रहा था की गीता अब उनके राज़ में शामिल हो चुकी है.
मां जी ने दोनों को देखा और धीरे से मुस्कुराये.
मां जी का गुस्सा अब धीरे धीरे काम हो रहा था. उन्होंने गीता को अपनी तरफ खिंच लिया. गीता का चेहरा लाल हो चूका था. मां जी ने उसके कंधे पर हाथ रख कर धीरे से कहा,
“क्यों जाएगी मेरी गीता… तू बड़ी हो गयी है न… तेरे भी कुछ फीलिंग्स होंगे… वैसे भी कुवारी लड़की की गर्मी अलग hi होती है रे…”
गीता की सांसें तेज़ हो गयी. उसकी आँखें नीचे की तरफ झुक गयी. उसको शर्म आ रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक तेज़ गर्मी भी दौड़ रही थी.
रौशनी ने यह सुन कर थोड़ा सा शॉक फील किया. उसकी आँखें फैल गयी. उसको लगा जैसे गीता अब तक वर्जिन है. उसको यह बात समझ नहीं आ रही थी की गीता इतनी करीब होने के बाद भी अब तक कुछ नहीं हुआ है. उसकी आँखों में एक हलकी सी चमक आ गयी.
मां जी: (नशे में, गीता को देखते हुए) अरे रौशनी बीटा, देख तोह सही... तेरी बेहेन जैसी गीता की टाइट यंग बॉडी को. कितनी जवान और टाइट है यह लड़की. उसकी पतली कमर को देखा? जैसे कोई छोटी सी ढेली पतंग, हाथ में आ जाये तोह पकड़ के रख लून.
रौशनी: (मुस्कुराते हुए, गीता की तरफ इशारा करते) हाँ मां जी, बिलकुल सही कह रहे हो. गीता की पतली कमर इतनी सेक्सी है न... छूने का मैं करता है. ऊपर से उसकी aam-jaisi चूचियां... वह! दो bade-bade रसीले आम, टाइट कपड़ों में उभर के दीखते हैं. हिलती है जब वो चलती है तोह मैं करता है मुँह में ले लून.
मां जी: (हाथ से अपना लुंड दबाते हुए) अरे वह! और उसकी टाइट चंचल गांड... ओह्ह्ह मा... बिलकुल गोल और टाइट, जैसे कोई नयी पीच. चलते वक़्त ऊपर नीचे हिलती है, चंचल बन के ताड़ रही होती है. एक थप्पड़ मर के देखना चाहता हूँ कितनी टाइट है वह.
रौशनी: (गीता को घूरते हुए) मां जी, सच में... गीता की गांड देख के hi मेरा पानी निकलने लगता है. इतनी टाइट और यंग बॉडी, पतली कमर, आम जैसी चूचियां जो दबाने के लिए तड़प रही हैं, और वह चंचल गांड जो छोड़ने के लिए इन्विते कर रही है. आपको भी लगता है न?
मां जी: (गरम होते हुए) लगता है? पागल कर देती है यह गीता. उसकी टाइट यंग बॉडी को नंगा करके, उसकी पतली कमर पकड़ के, चूचियों को मसलते हुए, और उसकी टाइट गांड में घुसा के छोड़ने का मैं करता है. रौशनी, तू भी देख... हम दोनों मिल के इसकी यह सब चीज़ें एन्जॉय करेंगे.
रौशनी: (हस्ते हुए, एक्ससिटेड) हाँ मां जी... गीता की टाइट बॉडी, पतली कमर, रास भरी आम चूचियां और वह चंचल टाइट गांड... सब कुछ हमारा है आज. उससे बोलूं क्या कपडे उतार दे?
मां जी: हाँ उतार देंगे न .. लेकिन अब थोड़ा सा इसलके गुलाबी होठों का रास तोह पि लू जी भर के ..
(गीता रूम के अंदर कड़ी है, दरवाज़े की तरफ से मां जी और रौशनी की बातें सुन रही है. उसका चेहरा लाल हो चूका है, दिल zor-zor से धड़क रहा है, लेकिन शरीर में एक अजीब सी गर्मी फ़ैल रही है.)
गीता (अपने आप से, धीरे से):ओह गॉड... यह दोनों मुझे ऐसे कैसे बोल रहे हैं? मेरी टाइट यंग बॉडी... मेरी पतली सी कमर... और मेरी चूचियां... आम जैसी? शर्म आ रही है, पर... अंदर से कुछ और hi हो रहा है.
गीता (सोचते हुए, अपनी कमर पे हाथ फेरते):मेरी पतली कमर... सच में इतनी अट्रैक्टिव है क्या? जब मैं मिरर में देखती हूँ तोह लगता है हाँ, बिलकुल स्लिम और टाइट. उनकी बातें सुन के मुझे अपनी बॉडी को टच करने का मैं कर रहा है.
(वो अपनी चूचियों को हलके से दबती है)
गीता (व्हिस्पर में, excited-shy मिक्स):और मेरी आम जैसी चूचियां... दोनों बोल रहे थे रसीले आम जैसे हैं. सच में जब मैं चलती हूँ तोह हिलती हैं. अब उनकी नज़रों के सामने सोच के निप्पल्स खड़े हो गए हैं. शर्म से मर जाउंगी, पर मैं कर रहा है उनके सामने जा के कड़ी हो जॉन.
गीता (पीछे मुद के अपनी गांड को मिरर में देखते हुए):और यह... मेरी टाइट चंचल गांड. चंचल? हाँ, जब मैं चलती हूँ तोह थोड़ा ज़्यादा hi हिलती है. मां जी बोल रहे थे थप्पड़ मरने का मैं करता है... और रौशनी भी. लगता है मां जी मुझे छोड़ना चाहते हैं. मेरी टाइट गांड में... उफ़.
(गीता का सांस तेज़ हो जाता है, वो अपनी तइस प्रेस करती है)
गीता (इंटरनल मोनोलोगे):यह दोनों कितने नॉटी हैं. मां जी तोह मेरे अंकल हैं, और रौशनी मेरी भाभी. पर इनकी बातें सुन के मेरा शरीर रियेक्ट कर रहा है. मेरी यंग टाइट बॉडी को ऐसे प्राइसे कर रहे हैं... थीं कमर पकड़ के, चूचियां मसलते हुए, और मेरी टाइट गांड पे थप्पड़ मरते हुए मुझे छोड़ने का सपना देख रहे हैं. मैं इनको रोकना चाहिए... पर क्यों मैं कर रहा है की मैं अंदर जा के उनके सामने कड़ी हो जॉन और बोलूं – “देख लो जितना देखना है, टच भी कर लो...
गीता दरवाज़े के पास कड़ी सुन रही थी सब. उसका चेहरा लाल हो चुक्का था. जब मां जी और रौशनी की बातें और गरम होने लगी, तोह उसके पेअर अंदर की तरफ खींचे चले गए.
मां जी (गीता को देखते hi उठ कर उसके पास आते hue):Arre मेरी प्यारी गीता... यहाँ छुप के सब सुन रही थी क्या?
गीता ने सिर्फ शर्मा के आँखें नीचे कर ली. बोल नहीं पायी.
मां जी ने उसका हाथ पकड़ा और धीरे से अपनी तरफ खिंच लिया. गीता का दिल zor-zor से धड़क रहा था.
मां जी (गीता को गले से लगते हुए, टाइट हुग mein):Kitni टाइट यंग बॉडी है तेरी... बहुत दिन से इसको गले लगाने का मैं कर रहा था.
उन्होंने गीता को बहुत ज़ोर से अपने सीने से चिपका लिया. गीता की सॉफ्ट aam-jaisi चूचियां मां जी के सीने में डाब गयी. मां जी ने एक हाथ उसकी पतली कमर पे रख कर ज़ोर से दबाया और दूसरे हाथ से उसकी टाइट गांड पे थपकी दी.
गीता (शर्माती हुई, हलकी सी आवाज़ mein):M-Mama जी... ऐसे मत...
लेकिन उसने कोई रेजिस्टेंस नहीं किया. सिर्फ शर्मा के आँखें बंद कर ली.
मां जी ने गीता की सलवार का नाडा पकड़ा और एक hi झटके में धीरे से खोल दिया. सलवार नीचे गिर गयी. अब गीता सिर्फ टाइट ब्लैक लेग्गिंग्स में कड़ी थी, जिसमें उसकी चंचल गांड और पतली कमर बहुत ज़्यादा उभर के दिखाई दे रही थी.
मां जी (गरम सांस mein):Wahhh... देखो तोह सही. लेग्गिंग्स में तेरी गांड कितनी टाइट और गोल लग रही है. और यह थीं कमर...
उन्होंने गीता को फिर से गले लगा लिया और zor-zor से चूमने लगे. पहले उसके गाल, फिर नैक, और फिर लिप्स पे गहरी किश. मां जी के होठ गीता के सॉफ्ट लिप्स को चूस रहे थे. उनका हाथ गीता की पतली कमर पे घूम रहा था और kabhi-kabhi नीचे उसकी टाइट गांड को मसल रहा था.
गीता (शुरू में सिर्फ सांस चढ़ रही थी, dheere-dheere):Mmmh... मां जी...
पहले तोह वो बिलकुल पैसिव थी, लेकिन धीरे धीरे उसके होठ भी मां जी के साथ मूव करने लगे. वो शीलय उनके किश का जवाब दे रही थी. उसकी पतली कमर थोड़ी सी हिल रही थी मां जी के हाथों में.
मां जी (किश के बीच mein):Teri चूचियां इतनी टाइट और रसीली हैं... और यह गांड... बहुत चंचल है मेरी जान.
उन्होंने गीता को किश करते हुए उसकी चूचियों के ऊपर से दबाना शुरू कर दिया. गीता सिर्फ हलकी सी सिसकी भर रही थी.
गीता (शर्माती हुई, धीरे से मां जी की गर्दन में मुँह छुपाते हुए, लेकिन अब थोड़ा साथ देने lagi):Aahh... मां जी... धीरे... शर्म आ रही है...
लेकिन उसने अपने हाथ मां जी की पीठ पे रख दिए थे और उनको थोड़ा सा और खींच रही थी. उसकी टाइट यंग बॉडी अब dheere-dheere गरम हो रही थी. वो सुब्मिसीवलय उनके साथ लिपट रही थी, उनके किश का जवाब दे रही थी, लेकिन आँखें अब भी शर्मा के बंद थी.
रौशनी (साइड से देख कर मुस्कुराती hui)
मां जी हाँ रे बहु इतनी मस्त हैं न गीता .... अब तोह पुरे मज़्ज़े लूंगा आज यहाँ पुम्हौसे में ..
मां जी ने गीता को अपनी बाँहों में खिंच लिया. दोनों के होठ एक दूसरे से लिपट गए. यह किश बिलकुल लॉन्ग लॉस्ट लवर्स जैसा था — गहरा, भूखा और बहुत प्यार भरा. मां जी की जीभ गीता के मुँह में घुस गयी और दोनों की जीभें एक दूसरे से लड़ने लगी. गीता के मुँह से हलकी सी सिसकारी निकल रही थी. उसकी टांगें थोड़ी सी काँप रही थी लेकिन वह भी उनके किश में पूरी तरह से खो चुकी थी.
रौशनी चद्दर को अपने बदन पर लपेट कर बैठी हुई देख रही थी. उसकी बुर फिर से गीली हो गयी थी. उसको यह देख कर एक अजीब सी गर्मी महसूस हो रही थी. उसकी आँखें गीता के टाइट और जवान बदन पर थी. उसकी फर्म चूचियां, पतली कमर और मोती गांड देख कर रौशनी के दिमाग में पुराणी यादें आ गयी.
*उफ्फ्फ्फ़… गीता अभी इतनी जवान है… उसकी चूचियां इतनी टाइट और फर्म हैं… मेरी उम्र में भी मैं ऐसी hi थी… लेकिन मुझे ऐसा मातुरे मर्द नहीं मिला था… मां जी जैसा… अगर मुझे उस वक़्त ऐसा एक मर्द मिल जाता तोह मैं कितनी मस्ती कर सकती थी…*
रौशनी की बुर अब भी गीली हो रही थी. उसको यह देख कर जेएलओसी भी हो रही थी लेकिन साथ hi उसके अंदर एक तेज़ हवस भी जग रही थी. उसको लगा जैसे अब यह सब और गहरा होने वाला है.
मां जी ने गीता के होठों को चूसते हुए उसकी कमर को पकड़ लिया और उसको और करीब खिंच लिया. गीता के मुँह से अब भी धीमी सिसकारियां निकल रही थी. दोनों अब एक दूसरे के बदन से चिपके हुए थे.
गीता अब मां जी के गले में hi लिपटी हुई थी. उसकी सलवार ज़मीन पर पड़ी थी और वो सिर्फ टाइट लेग्गिंग्स में थी. मां जी उसको गले लगाए zor-zor से चुम रहे थे, कभी उसकी पतली कमर को दबाते, कभी उसकी टाइट गांड पे हाथ फेरते. गीता शर्मा के आँखें बंद किये उनके सीने में मुँह छुपाये हुए थी, सिर्फ halki-halki सिसकियाँ निकल रही थी.
मां जी ने गीता को थोड़ा सा दूर किया ताकि रौशनी भी देख सके, लेकिन अपना एक हाथ अब भी उसकी थीं कमर पर रख रखा था.
मां जी (गीता को देखते हुए, गरम आवाज़ में रौशनी se)
रौशनी (मुस्कुराते हुए, गीता को ताड़ते hue):Haan फिर क्यों न होगी मां जी? आप जैसे खुला सांड जो अब इसके पीछे चला हैं. देखि न कैसी छुईमुई सी गुड़िया लगती हैं गीता... इतनी शाय, इतनी टाइट यंग बॉडी के साथ. और आप देखिये – एक बुद्धा खुला सांड. सांड जब पहली बार पीछे पड़ता है न, तोह डर तोह लगता hi है छुईमुई को.
गीता ने यह सुन कर और शर्मा के अपना मुँह मां जी के सीने में छुपा लिया. उसका चेहरा पूरा लाल हो चूका था. उसकी सांस तेज़ हो रही थी.
मां जी (हस्ते हुए, गीता की पतली कमर को ज़ोर से पकड़ kar):Haan हाँ, बिलकुल सही कह रही है. देख इसकी टाइट चंचल गांड को लेग्गिंग्स में... कितनी घबराई हुई है. पर अंदर से गरम भी हो रही है लगती है. (गीता के कान में धीरे से) क्या बीटा? डर लग रहा है मां जी के सांड से?
रौशनी (गीता को और तैसे करते hue)
मां जी (गीता को फिर से गले लगते हुए, उसकी गांड पे ज़ोर का हाथ ferte):Bilkul. पहली बार सबको डर लगता है. पर देखती जा रौशनी... यह मेरी शाय गीता धीरे धीरे अपनी टाइट बॉडी खोल के देगी. इसकी चूचियां, इसकी पतली कमर, और यह टाइट चंचल गांड – सब कुछ आज मां जी के लिए तैयार है.
गीता (बहुत धीरे से, शर्माती हुई, मां जी के सीने में मुँह छुपाये hue):M-Mama जी... आप दोनों ऐसे मत बोलिये न... बहुत शर्म आ रही है...
लेकिन उसने अपने हाथ मां जी की पीठ पर और टाइट कर लिए थे. वो अभी भी सुब्मिसीवलय उनके गले में लिपटी हुई थी, उनके हर टच पे हलकी सी सिहरन ले रही थी.
मां जी ने गीता को गले लगाए रखा था. रौशनी के साथ बातें करते हुए उन्होंने धीरे से अपना हाथ गीता की लेग्गिंग्स के ऊपर रख दिया. उनकी उँगलियाँ कमरबंद में घुसी और dheere-dheere नीचे की तरफ खींचने लगे.
मां जी (रौशनी से, गीता को लेग्गिंग्स उतारते hue)
लेग्गिंग्स dheere-dheere गीता की जाँघों से नीचे उतर रहे थे. अब गीता सिर्फ एक छोटी सी पंतय में कड़ी थी, जिसकी थीं फैब्रिक उसकी टाइट यंग बॉडी को बरेली कवर कर रही थी.
रौशनी (गीता की तरफ देखते हुए, नॉटी स्माइल के saath):Haan मां जी, आप तोह पूरे खुले सांड हो. इतना मोटा और बड़ा सांड का जो वह ौज़ज़ार हैं .. उफ्फ्फ लटकता हुआ जब सांड चलता हैं .. और फिर . देखो न गीता की हालत... कितनी सेहमी सी है. इसकी छूट कितनी टाइट होगी... इतनी यंग टाइट बॉडी वाली लड़की, पतली कमर, चंचल गांड... उसके अंदर का छेद भी तोह बिलकुल टाइट और छोटा होगा.
मां जी (गीता की पंतय के ऊपर हाथ फेरते हुए, उसकी बुर की तरफ दबाते रहे वहां रौशनी बातें कंटिन्यू राखी
रौशनी मां जी आपका सांड जैसा वह लटकता हुआ मोटा बड़ा चीज़ जब इसकी टाइट छेद पे चढ़ जाएगा न... तोह धज्जियाँ उड़ा देगा उसके छोटे से छेद की. अगर खुला सांड को इस्पे चढ़ने दिया तोह यह छुईमुई गुड़िया की तोह खैर hi नहीं बस ,अंदर घुसते hi चिल्लायेगी hi... लेकिन अगर थोड़ा सा उसे ट्रैन करे तोह वह उस औज़ार को तोह पूरा उस छेद के अंदर तक अंदर तक भर लेगी भी....
गीता यह सब सुन रही थी. उसका चेहरा अब पूरा लाल हो चूका था, बलुशिंग बियॉन्ड कण्ट्रोल. आँखें बिलकुल नीचे, मां जी के सीने से बिलकुल चिपकी हुई. उसकी सांस बहुत तेज़ हो रही थी. Jaise-jaise मां जी और रौशनी के मुँह से यह गन्दी बातें निकल रही थी, उसकी टाइट छूट से रास टपकना शुरू हो गया था. पंतय का अंदर का हिस्सा गीला होने लगा था, और हल्का सा निशाँ पंतय के ऊपर भी दिखने लगा.
गीता (बहुत धीरे से, कांपते हुए आवाज़ mein):M-Mama जी... आप ऐसे मत बोलिये न... बहुत शर्म आ रही है... प्लीज...
लेकिन उसने अपने हाथ मां जी की पीठ पर और टाइट पकड़ लिया था. उसकी पतली कमर थोड़ी सी हिल रही थी, और उसकी टाइट गांड पीछे की तरफ थोड़ा सा पुश हो रही थी जैसे शरीर खुद hi रियेक्ट कर रहा हो.
मां जी (हस्ते हुए, गीता की गीली पंतय पे ऊँगली ferte):Arre देखो रौशनी... यह तोह अभी से रास टपकने लगी है. इतनी टाइट छूट वाली शाय गुड़िया... सांड के लौंडे की बात सुन के hi पानी निकलने लगा. अब अगर यह मोटा सांड इस्पे चढ़ गया न... तोह इसकी छूट की तिघटनेस की धज्जियाँ उड़ा देगा.
रौशनी (गीता को और तैसे karte):Haan... देखो न मां जी, यह छुईमुई कितनी घबरा रही है. पर उसकी बॉडी तोह तैयार हो रही है सांड के लिए. इसकी पतली कमर पकड़ के, उसकी टाइट गांड को थोक के, और उसके छोटे टाइट छेद में अपना मोटा बड़ा सांड वाला हथियार घुसा के छोड़ोगे न आप?
गीता सिर्फ शर्मा के मां जी के सीने में मुँह छुपाये हुए थी. उसकी पंतय अब काफी गीली हो चुकी थी, रास की हलकी सी बूँद उसकी जांघ पर भी टपकने लगी थी. वो सुब्मिसीवलय उनके टच में थी, लेकिन अभी भी बहुत शाय और घबराई हुई.
मां जी ने गीता को और तिघ्टलय गले लगा लिया. उनका सांड जैसा bhar-bharkam, घने बालों वाला सीना गीता की टाइट स्मूथ बॉडी से बिलकुल चिपक गया था. गीता की सॉफ्ट aam-jaisi चूचियां उनके हेयरी चेस्ट में डाब रही थी. उसकी पतली कमर उनके बड़े हाथों में थी और उनकी टाइट गांड उनके तइस से रगड़ खा रही थी.
गीता का शरीर काँप रहा था. पंतय अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी, उसकी छूट से रास tapak-taapak कर उसकी जाँघों तक पहुँच रहा था. वो शर्मा के सिर्फ मां जी के सीने में मुँह छुपाये हुए थी, लेकिन उसने अपने हाथ उनकी पीठ पर और ज़्यादा टाइट कर लिए थे.
मां जी (गीता को चिपकाये हुए, उसकी पीठ सहलाते हुए, रौशनी se):Arre फिर तोह इसको ट्रैन करना hi होगा न. वैसे यह छोटी इतनी लकी है की उसकी भाभी जी hi सबसे बड़ी सेक्स की देवी हैं. मर्दों को दीवाना बनाने की कला में माहिर... और सांड को कण्ट्रोल करने में भी पूरी मास्टर. देख लेना, धीरे धीरे इसकी टाइट छूट को भी तैयार कर देगी.
रौशनी (हस्ते हुए, गीता की तरफ देखते hue):Lekin मां जी जैसे दयावान काम होते हैं. कण्ट्रोल कब खुद हाथ में ले लेते हैं, उसके जैसी मांगी हुई खिलाडी को भी पता नहीं चलता. यह छुईमुई सी गुड़िया क्या चीज़ है आपके सामने? कितनी भी ट्रैन कर लो, आपका सांड वाला बड़ा मोटा हथियार जब इसकी टाइट छूट में घुसे गए न... तोह धीरे से hi पूरी तरह से फाड़ देगा उसको.
गीता यह सब सुन कर और ज़्यादा शर्मा गयी. उसका चेहरा मां जी के हेयरी चेस्ट में बिलकुल दबा हुआ था. उसकी सांस बहुत तेज़ हो रही थी और उसकी छूट से और ज़्यादा रास टपकने लगा था. पंतय का गीला पैच अब साफ़ दिखाई दे रहा था.
गीता (बहुत धीरे से, कांपते हुए, मां जी के सीने में मुँह chhupaye):B-Bhabhi... मां जी... आप दोनों प्लीज... इतना मत बोलिये... मैं... मैं मर जाउंगी शर्म से...
लेकिन उसकी बॉडी सुब्मिसीवलय उनके अगेंस्ट चिपकी हुई थी. उसकी पतली कमर मां जी के हाथों में हिल रही थी और उसकी टाइट गांड थोड़ी सी पीछे पुश कर रही थी जैसे खुद hi उनके टच को फील करना चाहती हो.
मां जी (गीता के कान में गरम सांस फेंकते हुए, उसकी गीली पंतय पे ऊँगली ghumate)dekha रौशनी? यह सुन के hi इसकी छूट और गीली हो गयी है. सांड का बड़ा मोटा लौंडा इसकी टाइट छूट में जब तक घुसता नहीं, तब तक इसकी ट्रेनिंग नहीं होगी. पर तू तोह देवी है... इसको सीखा देगी न की सांड के सामने कैसे खुद को खोलना है?
रौशनी (गीता की तरफ आते हुए, उसके गाल पे हाथ ferte):Zaroor सिखाऊंगी. पर आप जैसे खुले सांड के सामने यह इनोसेंट गुड़िया कितनी देर तक कण्ट्रोल में रहेगी... यह तोह देखना hi पड़ेगा. इसकी टाइट छूट और चंचल गांड दोनों आज आपके हथियार के लिए खुलने वाले हैं.
गीता सिर्फ काँप रही थी, बलुशिंग उनकंट्रोलबली, लेकिन मां जी के bhar-bharkam हेयरी चेस्ट से चिपके हुए थी. उसकी बॉडी धीरे धीरे उनके कण्ट्रोल में आ रही थी.
मां जी ने गीता को और तिघ्टलय अपने सीने से चिपकाया. उनका bhar-bharkam बालों वाला सांड जैसा चेस्ट गीता की सॉफ्ट स्मूथ बॉडी से बिलकुल लगा हुआ था. फिर उन्होंने धीरे से अपना हाथ गीता की गीली पंतय के अंदर दाल दिया.
मां जी (गरम आवाज़ mein):Ab इसकी ट्रेनिंग शुरू करते हैं...
उन्होंने गीता की पंतय को dheere-dheere नीचे खिंच दिया. गीता की टाइट, स्मूथ, छोटी सी छूट अब बिलकुल नंगी हो गयी. उसकी छूट पहले से hi रास से चमक रही थी.
गीता (शर्म से कांपते हुए, मां जी के सीने में मुँह छुपाते हुए, हलकी सी सिसकी के saath):N-Nahi मां जी... प्लीज... मत देखो... बहुत शर्म आ रही है...
लेकिन उसने कोई हाथ नहीं उठाया. सिर्फ अपनी तइस को थोड़ा सा क्लोज करने की कोशिश की, जो फ़ैल हो गयी क्यूंकि मां जी के बड़े हाथ उसकी जाँघों के बीच थे.
मां जी ने एक हाथ से गीता की पतली कमर पकड़ी और दूसरे हाथ की उँगलियों से उसकी टाइट छूट पे डायरेक्ट टच कर दिया. उनकी मोती ऊँगली उसके रास से गीले लिप्स पे घूमने लगी, और धीरे से उसकी छोटी सी क्लीट को सहलाने लगे.
मां जी (रौशनी से, ऊँगली गीता की छूट में हलके से अंदर बहार करते hue)
रौशनी (एक्टीवेली हेल्प करते हुए, गीता के पीछे आ कर उसको मां जी से चिपकाये रखते hue):Main भी इसकी ट्रेनिंग में मदद करती हूँ मां जी. यह छुईमुई गुड़िया को खुद नहीं पता कितनी लकी है.
रौशनी ने गीता के पीछे से उसकी चूचियों को पकड़ लिया और dheere-dheere मसलने लगी. एक हाथ से गीता की पतली कमर पकड़ कर उसको मां जी के अगेंस्ट और तिघ्टलय प्रेस कर दिया.
रौशनी (गीता के कान में धीरे se):Sharma मत मेरी जान... अपनी भाभी को देख. सांड को कण्ट्रोल करने का तरीका मैं सिखाऊंगी तुझे. अब मां जी की ऊँगली को अंदर लेने की कोशिश कर...
गीता पूरी तरह से ब्लश कर रही थी. उसकी आँखें बंद थी, चेहरा लाल, और वो सिर्फ halki-halki सिसकियाँ भर रही थी.
गीता (शर्म से बहुत धीरे से, कांपते hue):B-Bhabhi... आप भी... ओह्ह... मां जी... आपकी ऊँगली... बहुत मोती है... दर्द हो रहा है थोड़ा... प्लीज धीरे...
लेकिन उसकी छूट मां जी की ऊँगली के अराउंड और ज़्यादा रास निकल रही थी. उसकी टाइट यंग बॉडी सुब्मिसीवलय दोनों के बीच में डाब रही थी. वो धीरे धीरे अपनी कमर हिलाने लगी थी मां जी के हाथ के रदम में.
मां जी (अपनी ऊँगली गीता की टाइट छूट में थोड़ी गहरी डालते हुए, रौशनी se):Bahut टाइट है यह... सांड को बहुत म्हणत करनी पड़ेगी इसको खोलने में. पर तेरी मदद से जल्दी हो जाएगा.
रौशनी (गीता की चूचियों को दबाते हुए और उसके निप्पल्स को पिंच karte):Haan... धीरे धीरे इसको तैयार करेंगे. यह गुड़िया अभी बहुत शर्मीली है, पर सांड के लिए खुल जायेगी.
गीता सिर्फ काँप रही थी, शर्मा रही थी, लेकिन उसकी बॉडी अब धीरे धीरे दोनों के टच में रेस्पोंद करने लगी थी.
**सन कॉन्टिनुएस:**
मां जी ने गीता को थोड़ा सा दूर किया. उनकी आँखों में भूख साफ़ दिखाई दे रही थी. उन्होंने अपनी पंत की ज़िप खोली और अपना मोटा, बड़ा, लौड़ा बहार निकाल दिया. वह पूरा खड़ा और मोटा था — जैसे सांड का बड़ा हथियार, लटकता हुआ, वेइन्स से भरा.
**मां जी** (अपना मोटा लौड़ा हाथ में पकड़ कर गीता के सामने ले आते हुए):
अब असली ट्रेनिंग शुरू होती है मेरी शाय गुड़िया...
गीता ने आँखें खोल कर देखा और तुरंत शर्मा के आँखें फिर से बंद कर ली. उसका मुँह खुला रह गया.
**गीता** (बहुत धीरे से, कांपते हुए, शर्म से):
M-Mama जी... यह... इतना बड़ा... नहीं... मैं नहीं कर पाऊँगी... बहुत शर्म आ रही है...
**रौशनी** (एक्टीवेली हेल्प करते हुए, गीता के पीछे से उसके बाल पकड़ कर उसका मुँह थोड़ा ऊपर की तरफ किया):
शर्मा मत गीता. भाभी सिखाती है. सांड का मोटा हथियार मुँह में लेने का तरीका बताउंगी. यह तेरी ट्रेनिंग का पहला स्टेप है.
रौशनी ने गीता को धीरे से घुटनो के बल बैठने में मदद की. अब गीता मां जी के सामने घुटनो पे बैठी थी, उनका मोटा लौड़ा उसके मुँह के बिलकुल सामने था.
गीता की टाइट यंग बॉडी अभी भी काँप रही थी, उसकी छूट से रास टपक रहा था.
**मां जी** (अपना मोटा लौड़ा गीता के लिप्स पे रगड़ते हुए):
ले बीटा... अपने सॉफ्ट होठ खोल. सांड का यह मोटा चीज़ तुझे ट्रैन करेगा. पहले सिर्फ चूसना शुरू कर.
रौशनी ने गीता के पीछे से उसकी चूचियों को पकड़ कर मसला और उसके कान में कहा:
**रौशनी:**
धीरे से मुँह खोल... जुबां से चाट पहले. जैसे आइस क्रीम चूस रही हो. भाभी यहाँ है, डर मत.
गीता शर्म से पूरी तरह लाल हो चुकी थी. उसकी आँखों में आंसू आ गए थे शर्म के मारे, लेकिन उसने धीरे से अपना मुँह खोला. मां जी ने अपने मोटा लौड़ा के सूपड़ा को उसके सॉफ्ट लिप्स पे रगड़ा.
**गीता** (हलकी सी सिसकी के साथ, मुँह में लेते हुए):
मममहह... बहुत बड़ा है मां जी... मुँह में नहीं आ रहा...
लेकिन वो सुब्मिसीवलय अपनी जुबां से चाटने लगी. रौशनी उसके बाल पकड़ कर धीरे धीरे उसका सर aage-peeche करवा रही थी, ओरल ट्रेनिंग शुरू करवा रही थी.
**मां जी** (सुकून से सांस लेते हुए):
बहुत अच्छा... देखो रौशनी, मेरी छुईमुई गुड़िया धीरे धीरे सीख रही है. इसकी टाइट छूट के बाद इसका मुँह भी ट्रैन हो जाएगा सांड के लिए.
**रौशनी** (गीता की चूचियों को दबाते हुए):
हाँ... और गहरा लेने की कोशिश कर गीता. सांड जब पीछे से चढ़ेगा न, तब यह ट्रेनिंग काम आएगी. अब जुबां से अच्छे से चाट... पूरा मोटा लौड़ा गीला कर दे.
गीता अब घुटनो के बल बैठी, मां जी का मोटा लौड़ा अपने मुँह में ले कर dheere-dheere चूस रही थी. उसकी आँखें बंद थी, चेहरा लाल, लेकिन वो सुब्मिसीवलय साथ दे रही थी. उसकी छूट से और भी ज़्यादा रास टपक रहा था ज़मीन पर.
**गीता** (मुँह भरे हुए, शर्म से हलकी आवाज़ में):
ममम... मां जी... आपका... बहुत मोटा है...
रौशनी गीता के पीछे घुटनो के बल बैठी थी. उसने गीता के बाल पकड़ कर उसका मुँह मां जी के मोटा लौड़ा के पास गाइड किया.
रौशनी (सॉफ्ट और ट्रेनिंग वाली आवाज़ mein):Geeta सुन... पहले किश कर इससे. Bade-bade प्यारे किश दे मोटा लुंड को. जैसे कोई प्यारा चीज़ हो. फिर जुबां से शाफ़्ट को लीक कर... ऊपर से नीचे तक पूरा गीला कर दे. तभी अच्छे से मुँह में ले सकती है. समझी?
गीता (शर्म से कांपते हुए, आँखें neeche):Ji... भाभी...
गीता ने शर्माते हुए मां जी के मोटा लौड़ा के सुपडे पे ek-do छोटे किश किये. फिर उसकी जुबां से शाफ़्ट को चाटने की कोशिश की, लेकिन वो बहुत नर्वस थी. उसका काम स्लॉपी हो रहा था — जुबां idhar-udhar कर रही थी, पूरा शाफ़्ट गीला नहीं हो प् रहा था, और वो सिर्फ टिप तक hi ले प् रही थी.
गीता (मुँह से निकालते हुए, शर्म se):Bhabhi... बहुत मोटा है... मेरा मुँह छोटा है... सही से नहीं हो रहा...
रौशनी (प्यार से हस्ते hue):Arre मेरी शाय गुड़िया... देखती है मैं कैसे करती हूँ. ध्यान से देख.
रौशनी ने आगे बढ़ कर मां जी का मोटा, बड़ा, सांड जैसा लौड़ा अपने सॉफ्ट हाथों में ले लिया. उसने पहले उसको प्यार से करेस किया, ऊपर नीचे हाथ फेरते हुए.
रौशनी (लुंड को देखते हुए, सेडक्टिव आवाज़ mein):Mmm... कितना मोटा और सांड जैसा है यह लुंड... लेकिन कितना प्यारा भी है. इतना बड़ा, इतना गरम... और कितना मज़ेदार.
उसने फिर मां जी के लुंड पे बहुत सारे प्यारे किश किये — सुपडे पे, शाफ़्ट के ऊपर, नीचे तक. फिर उसकी जुबां से पूरे शाफ़्ट को अच्छे से चाटने लगी, ऊपर से नीचे तक, दोनों तरफ, पूरा गीला और चमकदार कर दिया.
रौशनी (गीता को समझाते हुए, लुंड को चूसते hue)dekh... पहले किस्सेस, फिर लीक... पूरा वेट करो. अब देख कैसे मुँह में लेती हूँ...
रौशनी ने अपना मुँह खोला और धीरे से मां जी का मोटा लुंड अंदर लिया. वो अच्छे से सूचक कर रही थी — ऊपर नीचे हेड मूवमेंट के साथ, कभी जुबां से चाट टी, कभी गहरा ले लेती. उसकी सॉफ्ट लिप्स लुंड के अराउंड टाइट हो रही थी.
रौशनी (लुंड मुँह से निकाल कर गीता se):Ab तू तरय कर. किस्सेस दे, लीक कर पूरा वेट, और फिर सूचक कर. धीरे से शुरू कर.
गीता ने शरमाते हुए फिर कोशिश की. अब थोड़ी बेहतर थी — उसने मां जी के लुंड पे कुछ और किस्सेस दिए, शाफ़्ट को लीक किया (अभी भी स्लॉपी था लेकिन बेहतर), और धीरे से टिप को मुँह में ले कर चूसने लगी.
गीता (मुँह भरे हुए, हलकी सिसकी के saath):Mmmhh... मां जी... आपका... बहुत बड़ा है... मैं तरय कर रही हूँ...
मां जी (सुकून से, गीता के सर पे हाथ फेरते hue):Bahut अच्छा बीटा... धीरे धीरे सीख जायेगी. तेरी भाभी बहुत अच्छी टीचर है.
रौशनी गीता के साथ hi थी, कभी उसके बाल पकड़ कर गाइड कर रही थी, कभी खुद भी किश और लीक कर के दिखा रही थी. गीता अब भी शर्मा रही थी लेकिन सुब्मिसीवलय ट्रेनिंग ले रही थी, उसकी छूट अब भी रास से गीली हो रही थी.
रौशनी ने गीता के बाल पकड़ कर उसका मुँह मां जी के मोटा लौड़ा के सामने किया.
रौशनी:अब तरय कर दीप्तरोात की... धीरे से अंदर ले, गले तक. सांस नोज से ले और रिलैक्स कर.
गीता ने बहुत शर्माते हुए कोशिश की. उसने मां जी का सूपड़ा मुँह में लिया और धीरे से अंदर पुश करने लगी. लेकिन लुंड बहुत मोटा और लम्बा था.
गीता (मुँह भरे हुए, आँखों में आंसू आते हुए, गैग करते hue):Mmmhh... ुघ्घ... नहीं... बहुत बड़ा है भाभी... गले तक नहीं जा रहा... मैं नहीं कर पा रही... उफ्फ्फ ...
गीता का मुँह गीला हो चूका था, थूक के साथ लुंड चमक रहा था, लेकिन वो डीप नहीं ले प् रही थी. वो शर्म से मां जी के लुंड की तरफ देखती भी नहीं पा रही थी.
रौशनी (प्यार से गीता के गाल पे हाथ फेरते hue):Koi बात नहीं मेरी जान, पहली बार में नहीं होता. अब हम दोनों साथ में करते हैं. बहुत प्यार से.
रौशनी ने गीता के साथ hi घुटनो के बल बैठ कर मां जी के मोटा लुंड को दोनों तरफ से पकड़ा. दोनों बहनें अब साथ में उसको प्यार से चूसने लगी.
रौशनी और गीता दोनों मां जी के बड़े लुंड पे किस्सेस बरसने लगी — सुपडे पे, शाफ़्ट पे, नीचे तक. रौशनी गीता को beech-beech में सीखा रही थी.
रौशनी (लुंड को चाट ते हुए, गीता se)
रौशनी ने खुद डेमोंस्ट्रेटे किया. उसने मां जी का मोटा लुंड अपने मुँह में गहरा ले लिया, गले तक, और कुछ सेकण्ड्स तक वहां रखा.
फिर बहार निकाल कर गीता को दिखाया.
रौशनी:देखा? सांस रोक के थोड़ा प्रैक्टिस कर. अब तू भी तरय कर.
गीता ने फिर कोशिश की. रौशनी उसके बाल पकड़ कर धीरे से गाइड कर रही थी. गीता थोड़ा गहरा ले प् रही थी अब, लेकिन फिर भी गैग हो जा रही थी.
दोनों बहनें फिर साथ में लुंड को प्यार से चूसने लगी — कभी गीता टिप चूस रही होती, कभी रौशनी गहरा ले रही होती. दोनों की ज़ुबानें मां जी के मोटा लुंड पे मिल रही थी. रौशनी beech-beech में गीता को सिखाती:
रौशनी:जुबां नीचे रख... हाथ से शाफ़्ट को हिलाते हुए चूस... और जब गहरा ले सके तब गले की मुस्कले रिलैक्स कर. ऐसे देखो...
रौशनी ने फिर से डीप ले लिया और थोड़ा सा मोअन किया, फिर गीता को भी तरय करने दिया.
मां जी (सुकून से, हाथ दोनों के सर पे फेरते hue):Wahhh... दोनों बहेनो का मुँह कितना प्यारा लग रहा है मेरे सांड के लुंड पे. गीता धीरे धीरे सीख रही है.
गीता (लुंड चूसते हुए, शर्म से हलकी आवाज़ mein):Bhabhi... आप इतना अच्छा कर लेती हैं... मैं भी तरय कर रही हूँ... मममहह...
दोनों अब प्यार से साथ में सूचक कर रही थी. गीता अभी भी शाय थी लेकिन रौशनी के साथ होने से थोड़ा कॉंफिडेंट फील कर रही थी. मां जी का मोटा लुंड दोनों के मुँह और थूक से चमक रहा था.
रौशनी ने गीता के बाल से हाथ नहीं हटाया. वो मुस्कुराई और धीरे से बोली.
रौशनी:तू क्विक लर्नर है मेरी जान, लेकिन अभी जल्दी मत कर. हम स्लो लेते हैं. सिर्फ सॉफ्ट लीक्स और बहुत सारे वेट किस्सेस... और सिर्फ सुपडे को hi मुँह में ले के चूस. आज हम लेडीज का टाइम है इस खुले सांड को कण्ट्रोल करने का.
रौशनी ने मां जी के मोटा लौड़ा अपने हाथ में पकड़ा और गीता को साथ में गाइड किया.
रौशनी (प्यार se)dekh गीता... ऐसे. बहुत प्यार से किश कर इसको. जैसे यह तेरा फवौरीते चीज़ हो.
दोनों ने फिर से मां जी के बड़े सुपडे पे वेट किस्सेस बरसने शुरू किये. गीता अब dheere-dheere सीख रही थी. उसने शर्माते हुए सुपडे पे एक के बाद एक सॉफ्ट, गीले किश किये. फिर उसकी जुबां निकली और धीरे से लीक करने लगी.
रौशनी (गीता को सिखाते hue):Haan ऐसे... जुबां को पूरे सुपडे पे घुमा. अच्छे से गीला कर. अब सिर्फ हेड को मुँह में ले और धीरे धीरे चूस. बहुत स्लो... जैसे लोल्लिपोप.
गीता ने मां जी के सुपडे को अपने सॉफ्ट लिप्स में ले लिया और dheere-dheere चूसने लगी. अब वो थोड़ी बेहतर कर रही थी — क्विक लर्नर होने के बावजूद रौशनी उसको स्लो रख रही थी.
रौशनी (मां जी के लुंड को गीता के साथ लीक करते hue):Yeh hi वक़्त होता है हम लेडीज का... जब हम एक खुले सांड जैसे मां जी को कण्ट्रोल कर सकते हैं. देख, अभी यह सांड हमारे हाथों में है. इस मोटा, वाइल्ड सांड को टेम करने का यही तरीका है — प्यार से, धीरे से, किस्सेस से, लीक्स से. बहुत जल्दी मत कर, वर्ण सांड खुल जाएगा और तुझे फाड़ देगा.
गीता (सूपड़ा मुँह में ले कर, हलकी सी आवाज़ mein):Mmmhh... भाभी... समझ रही हूँ... यह... बहुत मोटा है... लेकिन प्यारा भी लग रहा है अब...
दोनों बहनें अब बहुत प्यार से मां जी के लुंड के सुपडे को चूस रही थी. कभी गीता सिर्फ हेड चूस रही होती, कभी रौशनी उसके साथ मिलकर लीक कर रही होती. बहुत सारे वेट किस्सेस, सॉफ्ट लीक्स — लुंड का सूपड़ा पूरा चमक रहा था उनके थूक से.
रौशनी (गीता को और मोटीवेट करते hue):Aur किस्सेस दे... जुबां से ऊपर निचे कर... यहीं से हम इस वाइल्ड सांड को टेम करेंगे. जब तक यह खुला सांड हमारी मर्ज़ी से नहीं चलेगा, तब तक हम इसे कण्ट्रोल में रखेंगे.
मां जी (सुकून से मोअन करते हुए, हाथ दोनों के सर pe):Uff... दोनों कितना अच्छा कर रही हो... मेरी शाय गीता भी धीरे धीरे सांड को मन रही है.
गीता अब शर्मा तोह रही थी, लेकिन वो क्विक लर्नर की तरह रौशनी के साथ मिलकर प्यार से लुंड के हेड को चूस और लीक कर रही थी. उसकी छूट अब भी रास से गीली हो रही थी.
रौशनी ने मां जी के मोटा लुंड को हाथ में पकडे रखा और गीता की तरफ देखा.
रौशनी:अब हम ऐसे करेंगे की पहले में चूसूंगी फिर तुम .. . लेकिन आज ज़्यादा तर गीता hi करेगी. मैं सिर्फ गाइड करुँगी. यह ट्रेनिंग उसके लिए ज़रूरी है.
रौशनी ने पहले खुद एक बार गहरा सूचक किया, फिर लुंड बहार निकाल कर गीता के मुँह के पास किया.
रौशनी:अब तू ले. बहुत प्यार से. किस्सेस, लीक्स, और हेड चूस.
गीता शर्मा रही थी लेकिन क्विक लर्नर होने के बावजूद उसने अपना मुँह आगे बढ़ाया. उसने पहले मां जी के सुपडे पे 4-5 वेट किस्सेस किये, फिर जुबां से अच्छे से लीक किया, और धीरे से सूपड़ा मुँह में ले कर चूसने लगी.
गीता (मुँह भरे हुए, धीरे dheere):Mmmhh... मां जी...
रौशनी ने उसके बाल पकड़ कर धीरे से गाइड किया, लेकिन ज़्यादा फाॅर्स नहीं किया.
रौशनी:हाँ ऐसे... अच्छे से चूस. जुबां अंदर घुमा. बहुत प्यारा लग रहा है तेरा मुँह.
थोड़ी देर बाद रौशनी ने लुंड अपने मुँह में लिया, लेकिन सिर्फ 10-15 सेकण्ड्स तक. फिर तुरंत गीता को वापस दे दिया.
रौशनी:अब फिर तू. ज़्यादा टाइम तू hi ले. मैं देखूंगी और सिखाऊंगी.
गीता ने फिर से फोकस किया. उसने मां जी के मोटा लुंड के सुपडे पे बहुत सारे सॉफ्ट वेट किस्सेस दिए, पूरे हेड को जुबां से लीक किया, और dheere-dheere चूसने लगी. वो अब थोड़ी बेहतर कर रही थी — हेड को मुँह में ले कर halke-halke सूचक कर रही थी.
रौशनी beech-beech में सिर्फ थोड़ा सा सूचक करती, फिर तुरंत गीता को मौका दे देती.
रौशनी (गीता को सिखाते hue)dheere से हेड को अंदर बहार कर... जुबां नीचे से ऊपर तक. देख, सांड का यह मोटा लुंड अब तेरे कण्ट्रोल में है. इससे टेम करने का यही तरीका है — प्यार से, धीरे से, बहुत सारे किस्सेस और लीक्स से.
गीता (लुंड चूसते हुए, शर्म से हलकी आवाज़ mein):Bhabhi... यह... बहुत मोटा है... मुँह में भर रहा है... लेकिन मैं तरय कर रही हूँ...
रौशनी ने गीता को और ज़्यादा मौका दिया. वो खुद सिर्फ kabhi-kabhi लीक कर देती या किश कर देती, बाकी टाइम गीता hi मां जी के लुंड को लीक, किश और सूचक कर रही थी.
मां जी (हाथ गीता के सर पे फेरते hue):Bahut अच्छा लग रहा है बीटा... तेरी सॉफ्ट जुबां और लिप्स... धीरे धीरे पूरा सीख जायेगी.
गीता अब थोड़ी कॉंफिडेंट फील कर रही थी. वो dheere-dheere मां जी के सुपडे को अच्छे से चूस रही थी, बहुत सारे वेट किस्सेस दे रही थी, और रौशनी के गाइडेंस में स्लो ट्रेनिंग ले रही थी.
मां जी ने दोनों की तरफ देखा और गरम आवाज़ में बोलै.
मां जी:रौशनी, अब तुम दोनों साथ में मेरा लुंड चुसो. गीता टोपा पे फोकस करे, तू शाफ़्ट को छाते. दोनों मिलकर मेरा लुंड मज़े से एन्जॉय करो.
रौशनी ने तुरंत मान लिया और गीता को अपने पास खींच लिया.
रौशनी:सुन गीता, अब हम दोनों एक साथ करेंगे. तू सिर्फ टोपा को अपने मुँह में ले और चूस. मैं शाफ़्ट को चाटूँगी.
दोनों अब मां जी के मोटा लुंड के दोनों तरफ से लग गयी. गीता ने शर्माते हुए टोपा को अपने सॉफ्ट लिप्स में ले लिया और धीरे धीरे चूसने लगी. रौशनी ने निचे से शाफ़्ट को जुबां से चाटना शुरू कर दिया.
मां जी (सुकून se):Haan ऐसे... दोनों मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है. गीता टोपा को प्यार से चूस, और तू पूरा शाफ़्ट गीला कर दे.
गीता अब सिर्फ टोपा पे फोकस कर रही थी. उसने टोपा पे बहुत सारे गीले किश किये, जुबां घुमाई और धीरे धीरे चूस रही थी. रौशनी निचे से शाफ़्ट को लम्बी लम्बी चाट मार रही थी, कभी कभी गीता के लिप्स के पास भी जुबां ले जाती.
रौशनी (गीता को धीरे se):Haan मेरी साली, टोपा को अच्छे से मुँह में रख. दोनों साथ में इस खुले सांड के लुंड को मज़े दे रहे हैं.
मां जी (हाथ दोनों के सर पे फेरते hue):Bahut मज़ा आ रहा है... भाभी और साली मिलकर मेरा लुंड बहुत प्यार से सेवा कर रही हो.
गीता शर्म से आँखें बंद किये टोपा को चूस रही थी, लेकिन अब वो धीरे धीरे मज़े ले रही थी. रौशनी उसको बीच बीच में गाइड भी कर रही थी.
रौशनी अब बहुत ज़्यादा गरम हो चुकी थी. उसने मां जी की तरफ देखा और गरम आवाज़ में कहा.
रौशनी:मां जी, आप खड़े हो जाइये. अब मैं और गीता दोनों आपको मज़े देंगे.
मां जी खड़े हो गए. उनका मोटा लुंड सीधा खड़ा था.
रौशनी (गीता se):Geeta, तू आगे जा और मां जी का मोटा लुंड चूस. मैं पीछे जाती हूँ.
गीता शर्माते हुए आगे बढ़ी और घुटनो के बल बैठ कर मां जी के मोटा लुंड को अपने मुँह में ले लिया. उसने टोपा को अपने सॉफ्ट लिप्स से चूसना शुरू कर दिया.
रौशनी पीछे चली गयी. उसने मां जी की गांड के दोनों ग्लोब्स को हाथों से फैला दिया और अपना मुँह उनके बीच में दाल दिया. उसकी जुबां मां जी के ासशोले पे पहुँच गयी और वो गहरी गहरी चाटने लगी.
मां जी (सुकून से मोअन करते hue):Uffff... रौशनी... यह क्या कर रही है तू... बहुत मज़ा आ रहा है... स्वर्ग जैसे लग रहा है...
रौशनी अब पूरी तरह से हॉर्नी हो कर मां जी की गांड चाट रही थी. उसकी जुबां ासशोले के अंदर बहार घूम रही थी, गहरी लिकिंग कर रही थी.
गीता आगे से मां जी का मोटा लुंड चूस रही थी — टोपा को मुँह में लेकर धीरे धीरे सूचक कर रही थी, कभी लीक्स और किस्सेस दे रही थी.
दोनों अब यूनिसन में काम कर रही थी — गीता आगे से लुंड चूस रही थी और रौशनी पीछे से गांड चाट रही थी.
मां जी (हाथ गीता के सर पे रख कर, आवाज़ में mazaa):Arre वहहह... एक तरफ साली मेरा मोटा लुंड चूस रही है, दूसरी तरफ भाभी मेरी गांड चाट रही है... दोनों ने मिलकर मुझे स्वर्ग में पहुंचा दिया है आज.
रौशनी (गांड चाटते हुए, थोड़ी रुक kar):Geeta धीरे से चूस... मैं इस सांड की गांड को अच्छे से साफ़ कर रही हूँ जुबां से.
गीता शर्म से आँखें बंद किये लुंड चूस रही थी, लेकिन अब वो भी धीरे धीरे मज़े लेने लगी थी. रौशनी की हॉर्नी लिकिंग मां जी को दीवाना बना रही थी.
मां जी अब पूरे मज़े में था, दोनों तरफ से सेवा ले रहा था.
मां जी खड़े हुए थे, उनका पूरा शरीर टेंशन में था. उनके मुँह से सिर्फ मोअन्स और गरम आवाज़ें निकल रही थी.
मां जी:आआह्ह्ह... उफ्फ्फ्फ़... बहुत गहरी चाट रही है तू रौशनी... मेरी गांड के अंदर तक जुबां दाल रही है... स्वर्ग है यह...
गीता आगे से उनके मोटा लुंड को अब गहरा ले रही थी. उसने टोपा के साथ शाफ़्ट का भी हिस्सा मुँह में लेने की कोशिश की थी.
मां जी:ओह्ह्ह गीता... मेरी साली... इतना गहरा मुँह में ले रही है... तेरी सॉफ्ट लिप्स और गरम जुबां... कितना मज़ा दे रही है तू...
रौशनी ने मां जी की गांड के ग्लोब्स को और फैला दिया और अपनी जुबां को गहरा अंदर तक घुसा दिया, zor-zor से चाटने लगी.
मां जी:उफ्फ्फ्फ़... हहहह... रौशनी... तेरी जुबां मेरी गांड के अंदर घूम रही है... कितनी गहरी लिकिंग कर रही है... मैं पागल हो जाऊँगा...
गीता ने अपना मुँह और गहरा किया और धीरे धीरे ऊपर नीचे करने लगी, मोटा लुंड को अच्छे से चूस रही थी.
मां जी:अरे गीता... बहुत अच्छा चूस रही है तू... मेरा पूरा लुंड तेरी गरम मुँह में... आआह्ह... दोनों ने मिलकर मुझे दीवाना कर दिया है आज...
रौशनी की जुबां अब तेज़ तेज़ अंदर बहार हो रही थी ासशोले में, गहरी रिम्मिंग कर रही थी.
मां जी:हहहह... रौशनी... और गहरा... मेरी गांड चाट... और गीता तू भी मत रुक... मेरा लुंड गहरा मुँह में ले... दोनों साथ में... उफ्फ्फ्फ़... स्वर्ग... बिलकुल स्वर्ग है यह...
मां जी के पेअर काँप रहे थे. उनके मुँह से सिर्फ मज़े भरी सिसकियाँ और गरम आवाज़ें निकल रही थी.
मां जी:ओह्ह्ह मा... दोनों बहेनो का यह सेवा... एक मेरी गांड चाट रही है, दूसरी मेरा मोटा लुंड चूस रही है... मैं झड़ने वाला हूँ... आआह्ह्ह...
दोनों अभी भी तेज़ पेस में जारी थी — रौशनी गहरी गांड लिकिंग और गीता गहरा लुंड की चूसै..