Mrs.Roshni - Buddhon Ke Jaal me Phasi - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Mrs.Roshni - Buddhon Ke Jaal me Phasi

एक सुबह एक स्लम एरिया के घर में ----------

“उफ्फ्फ अह्ह्ह ममम सलीम मिया उफ्फ्फ ममम क्या चुदाई कर रहे हो ममममम”

“अरे जानेमन तेरी छूट hi इतनी मस्त हैं , मेरे बड़े लोडे से देख कैसे तेरी हालत ख़राब का रहा हूँ उफ्फ्फ एले मम ले मेरे लोडे को तेरे इस बुर में”

“अह्ह्ह क्या बातें करते हो सलीम मिया उफ्फफ्फ्फ़ , ऐसा दमदार लुंड को बस खुशनसीब लड़कियों और औरतों को मिलता हैं उफ्फ्फ ममममम पहले तोह में आपसे डर्टी थी लेकिन उफ्फ्फ्फ़ ममम अब बस हवस की नज़रों से देखती हूँ आपको मममम छोड़िये मेरी छूट अह्ह्ह्ह”

33118362-090-9cc0.jpg


gif-lena-paul-blacked-taking-a-monster-from-behind-5edaafd051557.gif


“अरे ये ले कुटिया , ये ले मेरे घोड़े जैसा लुंड तेरी इस बुर में अह्ह्ह ये ले उफ्फ्फ ममम”

“उफ़ मेरे चूड़ाकड यार मममम पता नहीं था आप जैसे बुड्ढे में भी ऐसी चुदाई की ताक़त होगी मम उफ्फ्फ दे दो आपका लुंड मेरी इस छूट में अह्ह्ह, आपके इस लोडे को सलाम उफ्फ्फ्फ़”

————————-————————-————————-

उसी सुबह मेडलिक कॉलोनी के एक घर में .

“ाजी सुनते हो , नाश्ता तैयार हैं .. आइये और गरम गरम नाश्ता करिये”

“अरे जानेमन आ रहा हूँ “

डाइनिंग टेबल के पास एक महिला कड़ी थी , नाश्ता टेबल पर रखती हुयी अपने पति से बातें कर रही थी.

images-q-tbn-ANd9-Gc-SVl-EFRMTBs-X5ift-KEn-R6if5p8-R2f8p-Tnka-NBA8-QUFsxed-QGwg-N-usqp-CAc.jpg


“आप भी न, गरम गरम नाश्ता बनती हूँ और आप उसे ठंडा होने पर hi आते हैं”

उस महिला का पति उसके पास आता हुआ उसे पीछे से पकड़ लेता हैं ..

“अहह डार्लिंग , माय लव आ गया में मममम तुम hi इतनी गरम हो , नाश्ता ठंडा हुआ तोह क्या हुआ मेरी गरम बीवी तोह तुम हो”

“उफ्फ्फ आप भी न सुबह सुबह शुरू हॉग ए , उफ्फ्फ छोड़िये न मुझे , नाश्ता आज स्पेशल बनाया हैं खुद के हाथों . प्लीज आप नाश्ता कर लीजिये”

“अरे जानेमन नाश्ता hi तोह कर रहे हैं हम , उफ्फ्फ्फ़ दूध भरी इस बदन को खाने का मन कर रहा हैं मममम”

c2482f1e3cc762a019156bb5ac58f7d0.jpg


पीछे से वह महिला अपने पति के उभरते लुंड को अपनी गांड पर महसूस करती हैं , उनका उभरता लुंड अब उसकी चूतड़ों के बीच सारे फसा रही हैं और उसके पति का लुंड उसकी चूतड़ों से टकरा रही हैं.

“उफ्फ्फ आपका शैतान फिर से जाग गया हैं जानू , ममम उफ्फ्फ्फ़ बहुत चुभ रहा हैं पीछे से मममम प्लीज हटिये न ममम”

“अरे जानू कल रात को तोह तुम ऐसे बिलकुल नहीं कह रही थी , इस लुंड की तोह पूजा कर रही थी तुम, उस छेद में डालने की मांग कर रही थी उफ्फ्फ्फ़”

“डार्लिंग पति जी वह रात की बता थी, अब सुबह हैं, आपको काम पर नहीं जाना हैं क्या ममम इस शैतान को सबक सिखाऊंगी रात में ..”

“डार्लिंग रात का क्यों इंतज़ार उफ्फ्फ अभी सिखाओ सबक , तैयार हूँ आज ममम आओ”

ऐसी नटखट बातें चलती रहती थी इन दोनों के बीच. वैसे उस महिला का नाम हैं रौशनी शर्मा.

8820c3b7a6ef4a057ce8d0f46b1adf25.jpg


उम्र 27 अभी नयी शादी हुयी थी , शादी होकर 6 महीने hi हुए थे .. उसके पति रोनित शर्मा का बिज़नेस हैं ऑटोस का .. नया बिज़नेस था और अब तक ठीक hi चल रहा था बिज़नेस.

रौशनी शर्मा एक काफी अच्छे खंडन की महिला हैं , रोनित और उसकी शादी अरेंज्ड मैरिज हुयी थी लेकिन दोनों में एक दूसरे के प्रति काफी प्यार हैं .. रोनित वैसे तोह काफी बड़े खिलाडी हैं , उसके शादी से पहले कोई 2 गर्ल फ्रेंड्स हो चुके थे .. रौशनी शर्मा उसके विपरीत शादी से पहले कभी कोई बर्फ नहीं राखी थी .. वह बस पढाई में ध्यान देती थी और अपने परिवार की सबसे दुलारी थी. रौशनी शर्मा की विर्जिनिटी तोह उसके पति ने hi ली थी सुहागरात के रात को .. तब से रौशनी और रोनित काफी बार चुदाई कर चुके थे , काफी अच्छी सेक्स लाइफ चल रही थी उनकी .. अब रौशनी को सेक्स के बारे में बहुत नहीं पता था , जितना रोनित कहता था उतना वह करती थी ..

रौशनी को अपने पति रोनित की ऐसी मस्ती का मज़्ज़ा आता था .. वह अब उसके बाँहों में थी और कल रात की चुदाई के बारे में सोच रही थी .. रोनित का 8 इन का लुंड काफी अच्छी तरह से उसकी छूट की चुदाई करता था … एक रात में दो बार तोह चुदाई करते hi थे दोनों …

“जानेमन मन करता हैं आज जाऊ hi नहीं शोरूम पर , फिर दोनों बिस्तर में बहुत मस्ती करेंगे मममम”

“रोनित मेरे प्यारे पति बस होगया अब , जाओ काम पर, बस दिन रात चुदाई के hi सपने देखते हो क्या उफ्फ्फ्फ़ बस अब काम पर जाओ , वैसे भी आपकी इम्पोर्टेन्ट डील थी न आज.”

“हाँ यार हु तोह हैं उफ्फ्फ्फ़ आज काफी इम्पोर्टेन्ट दिन हैं , लाइफ अपनी सेट हो जाएगी इसके बाद.”

रौशनी अब मुड़ती हैं रोनित की आंखों में आँखें डालते हुए और उसके गुलाबी होठों से रोनित को चूमने लगती हैं ..

“यह लो डार्लिंग आपके लिए एक गुड लक किश …”

“उफ्फ्फ आठ क्या किश दिया हैं जानू मम अब तोह डील पक्की”

“उफ्फ्फ रोनित तुम भी न …” और रौशनी मुस्कुराते हुए अपनी सीट पर बैठने लगती हैं.

रोनित नाश्ता करके फिर चला जाता हैं …

दोनों की ज़िन्दगी बदलने वाली हैं और इस बात की दोनों को भनक भी नहीं हैं.
 
शाम को रौशनी अपने पति का इंतज़ार कर रही हैं .. बेल्ल बजती हैं और रौशनी दरवाज़े को ओपन करती हैं . उसके पति रोनित मायूसी का चेहरा बनाए खड़े थे.

“डार्लिंग क्या हुआ , आप उदास क्यों हो, डील का क्या हुआ”

रोनित कुछ नहीं बोलता बस सोफे पर जा कर बैठ जाता हैं …

“डार्लिंग बोलिये न क्या हुआ , प्लीज बताइये मुझे”

फिर रोनित बोल पड़ता हैं

“डार्लिंग , डील नहीं हुयी सब पर पानी फेर गया .. और रोनित के आँखों में ासु आने लगते हैं

रौशनी अब रोनित के करीब जाती हैं और उसे हुग करती हैं ..

‘डार्लिंग इतना मत टेंशन लेना , बस एक डील hi तोह हैं , और डील्स आते रहेंगे बिज़नेस में आप ज्यादा चिंता न करिये”

“डार्लिंग , ी ऍम सो सॉरी , मुझे माफ़ करो , ी ऍम वैरी सॉरी “

“जान बोलो न , सॉरी क्यों कह रहे हो , डील होते रहेंगे , मुझे आप पर पूरा भरोसा हैं.”

“डार्लिंग मैंने एक बता तुमसे छुपाई थी , हु बिज़नेस को शुरू करने जो लोन लिया था न , वह .. वह .. मैंने इस घर पर लिया था .. पीछे 6 महीनो से एमी नहीं भर प् रहा हूँ लोन के लिए , मुझे लगा था इस डील की सक्सेस पर जो पैसे मिलेंगे उससे लोन भी में पाय करके ख़तम कर पाउँगा .. लेकिन अब बैंक वाले भी बहुत पीछे पड़े हैं , और इस डील की ुंकेसस की वजह से हमें अपना घर पर बैंक कब्ज़ा करेगा …”

रौशनी के पैरों के निचे की ज़मीन hi हिल गयी ..

tumblr-o241xr-Ih-Mk1se66q8o4-400.gif


उसे रोनित पर ग़ुस्सा करना चाहिए या बेसबसि से बैठना चाहिए कुछ समझ नहीं आ रहा था ..

दोनों पति पत्नी सोफे की लग अलग साइड्स में बैठे रहे , आगे क्या होगा इसके बारेमें सोचते हुए…

2 महीने बाद

“रोनित चलो नाश्ता करो , मुझे काम पर जाना हैं , आज इस काम का पहला दिन हैं मेरे लिए , जल्दी आओ और नाश्ता कर लो”

“आए रहा हूँ रौशनी , थोड़ा रुको आ रहा हूँ.”

“जल्दी आओ , बहुत काम हैं मुझे , आप जैसे घर पर बैठ नहीं सकती न .. मुझे आज जाना हैं काम पर .. आप का क्या आप तोह बस दिन भर घर पर hi रहते हो, मुझे जाना हैं, इसीलिए अब नाश्ता करलो में निकलती हूँ.”

रोनित कुछ नहीं बोलता बस नाश्ता करने बैठ जाता हैं…

क्या हुआ हैं दोनों को , इतना प्यार था दोनों के बीच , अब दोनों प्यार की बातें तोह दूर एक दूसरे से ठीक तरह से नार्मल भी बातें नहीं कर रहे हैं …

अब ऐसा हुआ था की उनका घर अब नहीं रहा था उनका, उन्हें एक दूसरे कॉलोनी में शिफ्ट करना पड़ा .. जहाँ वह 3 भक में रहते थे उन्हें अब बस 1 भक में hi रहना पड़ा. रोनित ने पीछे 2 महीनों से एक जॉब कर रहे थे लेकिन उन्हें जॉब से 2 हफ्ते हुए निकला गया था . अब वह घर बैठे बस जॉब एड्स पर रिप्लाई देते और इंटरव्यू देने जाते .. लेकिन कोई जॉब नहीं मिल रहा था उन्हें.

रौशनी ने अपनी बा की पढाई कर ली थी , घर चलने के लिए उसे अब काम करना था. उसकी एक सहेली थी जो ंगो चलती थी .. उसके 4 ंगोस थे .. खुश किस्मती से रौशनी के hi शहर में उसका एक ंगो था .. वह उसके दोस्त ने उसके काम दिया था … वहां के ंगो को मैनेज करने की ज़िम्मेदारी, और आज उसके नए जॉब का पहला दिन था.

रौशनी 27 उम्र की महिला थी , गोरा बदन , काफी गदरायी बदन वाली महिला थी वह .. हट 5’6 वट 63 कग्स .. उसकी चूचियों की साइज 36स- कमर बस 30 और हिप्स की साइज 36 … लम्बे काळा सिल्की बा जो उसकी कमर के ऊपर तक एते थे … वह अपने बालों को कुछ इस तरह रखती थी ..

desi-girl-monalisa-looks-spicy-red-hot-in-latest-saree-photos-fans-feel-the-heat-4.jpg


आअज उसने साड़ी पहनी थी .. स्लीवलेस साड़ी थी , गर्मी की वजह से उसे बहुत पसीना आता था इसलिए वह स्लीवलेस hi पहनती थी.. साड़ी येलो रंग की और ब्लाउज काळा रंग का .. ब्लाउज था काफी डीप बैक .. लेकिन आगे से फुल कवर्ड … कानों में उसने लम्बे इयररिंग्स पहने थे . आँखों में हल्का सा kaja;l. चेहरे पर हल्का सा मेक उप और होठों पर एक लाइट पिंक रंग की लिपस्टिक , हाथों और पैरों पर लाल कलर की नेल पोलिश. उसका ऐसे रूप देख जवान लौंडो से लेकर बुद्धों का भी लुंड खड़ा करदे …

E858-AF58-FD04-4784-ABE7-CBB3-B50-AF0-D4.jpg


रौशनी मन की काफी साफ़ महिला थी .. वह काफी फ्रेंडली भी थी लोगों के प्रति.. वह हमेशा चाहती थी की वह इंसान की अच्छे hi देखे .. उसे लगता था की हर इंसान में अच्छे होती हैं , कभी कभी अंदर दबी हुयी पर रहती ज़रूरर हैं.

अब वह अपने अपार्टमेंट के बहार रिक्शा स्टैंड के पास चली गयी ..

रिक्शा स्टैंड में 3 बन्दे खड़े थे उनके रिक्षाव्स एक तरफ और तीनो एक तरफ बातें करते हुए.. उन में से एक बोलता हैं

“उफ्फ्फ देख यार , मस्त पाठक माल आ रही हैं … में hi उसे लिफ्ट दूंगा ..”

दूसरा बोलै “अरे में उसे लिफ्ट दूंगा , उफ्फ्फ देख न कैसे मटक कर चल रही हैं … कितनी गदरायी बदन वाली हैं यार , उफ्फ्फ लौड़ा टाइट हो रहा हैं उसे देख …

तीसरा बोलै “अरे तुम दोनों के साथ नहीं आएगी मैडम , उन्हें रेगुलरली में ड्राप करता हूँ , बैठे रहो , हु मेरे साथ hi आएगी”

दोनों रिक्शा वाले बोले “साले तू हैं महा कमीना और हैं साला बुद्धा , फिर भी उन जैसी मदमस्त तेरे साथ hi तेरे रिक्शा में सवारी करती हैं , ज़रा तुम्हारा राज़ तोह बताओ ..”

तीसरा वाला बोलै “अरे ठर्कियों , इस मैडम जैसी महिला को प्यार से hi बातें करके फ़साना चाहिए .. लम्बा खेल होता हैं इनके साथ , में उन्हें 5-6 बार ड्राप करा हूँ तब जाकर मुझे से बातें करती हैं .. तुम्हारे जैसे में भी इसकी बदन का भूका हूँ यकीन लम्बा गेम खेलना चाहिए .. याद रहियो ाचा चलो मैडम जी आ गयी.”

उस बन्दे का इंट्रो करवा देता हूँ .. उस का नाम था रमेश .. करीबन 55 साल का बुद्धा था . वह पास hi के स्लम एरिया में रहने वाला आदमी था … कमीना बड़ा चूड़ाकड था , उसके एरिया की अस पास की काफी महिलाओं को अपने निचे सुलाया था , उनमें से ek-do अच्छे घर की हव भी थी. पहली बार उसने जब रौशनी को ड्राप किया तह तब से वह उसका दीवाना बन गया था .. वही आता रोज़ ताकि रौशनी को कहाँ ड्राप करे … अब तक 5 बार ड्राप कर चूका था रौशनी को , और हर बार थोड़े थोड़े बातें होती थी दोनों के बीच .. रौशनी भी उससे बातें करती थी … दोनों के बीच फ्रेंडशिप जैसे बन चुकी थी कह सकते हैं.

रौशनी ने रमेश को देख स्माइल दी

“अरे रमेश जी आप आज भी यहाँ पर , लगता हैं इसी एरिया में सवारी देने की थान ली हैं आपने.”

“हाँ मैडम जी अब क्या करे , इतनी गर्मी में कहाँ दूर दूर तक जाऊ राइड्स देने … अब इसी एरिया में दूंगा राइड्स, वीएस भी आप हैं न , आप को सवारी देने में मुझे अच्छा लगता हैं , आप कितनी फ्रेंडली महिला हो”

“शुक्रिया रमेश जी , अब चलो आज मेरे जॉब का पहला दिन हैं …”

“हाँ जरूर पहले आप बैठए मेरी रिक्शा में ..”

रमेश अब रौशनी को रिक्शा में बैठते देखता हैं , उसका गोरा बदन. उस ब्लाउज में उसकी मुलायम पीठ,

1c27b47ce3720c6cfccccf244b7527f8.jpg


और उसके गोर गोर हाथ उन लाल नेल पोलिश से रंगी हुयी .. उसका लुंड झटका मारने लगा था ..- साली उफ़ क्या गदरायी माल हैं , उफ्फ्फ दूध जैसा बदन ममममम ,

एक बार तोहि स्की जमकर चुदाई करनी हो होगी उफ्फफ्फ्फ़”

वहां दो रिक्शा ड्राइवर्स के मन में – साली माल हैं यार , ूिश रमेश से जरूर छुड़ेगी , साला बड़ा चूड़ाकड हैं , स्वीट बातें करके फिर बिस्तर गरम करता हैं ऐसी महिलाओं के साथ. काश हमें भी ऐसी सवारी मिले रेगुलरली उफ्फ्फ्फ़-

“अच्छा बताइये मैडम जी कहाँ जाना हैं आपके जॉब केलिए “

“रमेश जी वह मशहूर ंगो हैं न , सुहानी मैडम की वहां जाना हैं , वहां जॉब लगी हैं मेरी>”

“मैडम सच में, आपको पता हैं , वह ंगो मेरे hi घर के एरिया के बिलकुल बगल में आता हैं , “

“रमेश जी सच , अच्छा हैं आप की एरिया भी देख लेंगे आज .. अब तोह रोज़ का आना जाना रहेगा.”

“हाँ मैडम जी रोज़ आऊंगा आपको वहां ड्राप करने और वहां से घर चोर्ने , मेरी रिक्शा बुक करा लो आपकी ट्रेवल्स रोज़ करवाऊंगा मेरे hi रिक्शा में”

“हाँ जरूर , मुझे भी हर्र ोज़ रिक्शा ढूंढनी नहीं पड़ेगी खासकर वहां से वापस घर आने के लिए “

रमेश मन में – उफ़ मैडम जी कभी कबर वहां मेरे कुटिया में ले जाऊंगा , वहां पर hi मस्ती करेंगे –

“रमेश जी किस सोच में पद गए हो .. चलो जॉब को लेट नहीं होनी चाहिए.”

“मैडम जी आप फ़िक्र न करो , वहां तक जाने के रास्ते पता हैं मुझे , आपको जॉब केलिए लेट नहीं होने दूंगा “

“शुक्रिया रमेश जी .” -कितने अच्छे इंसान हैं रमेश जी , अब रोज़ इनके साथ जाउंगी तोह रिक्शा का भाड़ा भी काम देना पड़ेगा , वह देंगे न डिस्काउंट मुझे-

रमेश एक हाथ से अपने लुंड को मसलते हुए , आईने से रौशनी की खूबसूरती देख रहे थे , राशि रिक्शा के बहार देख रही थी इसीलिए उसे रमेशकी गन्दी नज़र नहीं दिखी आईने में. रमेश रौशनी की गुलाबी होठों को देख ता और लुंड मसलता .. -उफ्फ्फ ऐसी गुलाबी होठं अपने लौड़े पर आये तो हफ़ जन्नत ममम ऐसे होठों का रास भी पीलूँगा एक दिन उफ्फ्फ क्या गदरायी माल हैं रौशनी . काश ऐसे बिस्तर पर होती मेरे घर उफ्फ्फ.

3-C703506-3631-4640-A258-169893-C30735.jpg


“रौशनी मैडम वैसे एक बता कहु , आपकी ड्रेस बहुत अच्छी हैं .. आप पर बहुत hi अच्छे से जजती हैं”

रौशनी मुस्कुरायी, रमेश जी भी न , तारीफ़ इतने करते हैं … बुड्ढे होकर भी जवानो जैसे बातें करते हैं ..

“रमेश जी आप भी न , चिकनी चुपड़ी बातें करना तोह आप hi से कोई सीखे “

“रौशनी जी जो सच हैं वह बोलता हूँ बे झिझक, मन में कुछ नहीं रखता में , अब ऐसे ह स्टाइल हैं मेरा ः”

“अच्छा फिर बताओ और क्या पसंद आया आपको मेरी ड्रेस में .” रौशनी एक फ्रेंडली मज़ाक में पूछती हैं.

“रौशनी जी आपका ब्लाउज , काफी अच्छा हैं आप पर स्लीवलेस बहुत जजता हैं , आपके गोर बाँहों को दर्शाता हैं , कितनी स्मूथ होंगी आपकी बाहें”

E4-Kl4y-XVg-A8-Xyi8.jpg


रौशनी थोड़ा सेहम जाती हैं , फिर सोचती हैं – पगली तुम hi पूछी की और क्या पसंद आया , अब बोल रहा हैं तोह तेरी hi गलती –

“शुक्रिया रमेश जी , अब बहुत तारीफ हुयी आपकी , जरा जल्दी चलाइये जॉब में देरी नहीं होनी चाहिए …”

रमेश अब रिक्शा चलने पर ध्यान देते हुए टाइम प् रौशनी को पहुंचता हैं उस ंगो.

रौशनी को नहीं पता था लेकिन उस ंगो में hi उसकी ज़िन्दगी एक अलग मोड़ लेने वाली हैं …
 
रमेश ने रौशनी को वहां ड्राप किया , वह ृष्णि को बोले की वह शाम को आएँगे उसे लेने .. और फिर वहां से चले गए.

रौशनी अब ंगो के ऑफिस में चली गयी. उसे वहां के सब काम काज के बारे में समझाया गया .. आज उसका बस वहां के एरिया के लोगों से इंट्रोडक्शन होने वाला था ..

ंगो वहां के एरिया के बुद्धों के लिए था .. वहां उन्हें ंगो खाना प्रोवाइड करते थे , रहने के लिए जगह. वहां करीबन 20-30 बुड्ढे रहते थे … उस एरिया में और भी लोग रहते थे ..

उनमें से एक था सलीम .. वह करीबन 60 साल का बुद्धा होगा. उसकी बीवी को गुज़रे 10 साल हुए थे .. उसका एक बीटा था जो अब उससे मिलने कभी नहीं आता .. वह काफी ठरकी किसम का आदमी था .. उसने पिछले 10 साल में यही कोई 5 महिलाओं की चुदाई करि हो, सब जवान औरतें … उसके जाल में साली फस्ती थी और फिर खुद उससे चुदती रहती … उसका एक दोस्त था असलम … वह भी उसी के उम्र का होगा , और अपने दोस्त जैसे hi ठरकी …

उसकी बीवी थी रुकसाना और उसकी मौत 5 साल पहले हुयी थी. दोनों एक साथ ंगो ने बनाये एक घर में रहते थे.

दोनों एक दूसरी की मदत करते और महिलाओं को फसा कर उन्हें छोड़ते थे.

A91-AAA14-9-C82-47-D2-8299-4-A404-E89-A2-E2.gif
CFA9-E431-6490-44-AD-99-F4-3-CE90-F1-FD3-DD.gif
E18-DA975-C468-4-AAE-8809-5733588-D3738.gif


C3986647-7-A08-4725-B8-C3-315-E9-F095501.gif
020154-D9-4930-4623-8-C5-A-3324-E1-AA7-CD7.gif


रौशनी 4-5 बुद्धों से मिली और फिर उसे सलीम और असलम के घर जाना था उनसे मिलने … दोनों दोस्त एक साथ रहते थे .. अंदर पहले ंगो का एक कर्मचारी चला गया और उनसे मिला

ंगो का एक कर्मचारी बोलै “सलीम मियां, असलम मियां सलाम वालैकुम.”

दोनों ने जवाब दिया “वालैकुम सलाम”

“मियां आपको ंगो के नए मैनेजर की इंट्रोडक्शन करवानी थी इसलिए आया हूँ . रौशनी जी आप अंदर आ सकती हैं”

रौशनी की एंट्री होते hi असलम और सलीम बस उसे देखते hi रह गए .. असलम की नज़र गयी रौशनी की कमर पर और सलीम की नज़र गयी रौशनी के बाँहों पर … उसकी मटकती चाल और गोर बाँहों को देख दोनों के लुंड झटका मारने लगे ..

“नमस्ते सलीम जी और असलम जी , में हूँ रौशनी , ंगो की नयी मैनेजर.”

दोनों बस उसे देखते hi रहे …

सलीम “नमस्ते रौशनी जी , आपका हमारे इलाके में स्वागत हैं ..”

असलम “हाँ रौशनी जी वेलकम.

रौशनी दोनों को देखने लगी .. दोनों बुड्ढे थे बिलकुल रमेश के उम्र के होंगे , लेकिन और भी काळा रंग के और हट्टे काटते थे दोनों , उनके चेहरे पर एक स्माइल थी.

असलम और सलीम एक दूसरे को देखने लगे और स्माइल दी .. फिर रौशनी की तरफ देखे

असलम “रौशनी जी आप प्लीज बैठे न वहां चेयर पर .. प्लीज आप यहाँ की नयी मैनेजर हो , आपको कोई ठंडा जूस चाहिए …”

“नहीं शुक्रिया , आपके वेलकम के लिए शुक्रिया .. आप से मिलकर ख़ुशी हुयी .. आप को शिकायत का मौका नहीं मिलेगा.”

सलीम “मैडम हमें कोई शक नहीं आप अपने काम में बहुत अच्छी होंगी .. आप जैसे लोगों की hi जरोर्रता हैं ंगो को , और हमें , हमारा ख्याल रखने बस यह िंगो हैं और अब आप यहाँ की मैनेजर.”

सलीम बोल रहा तहत ओह साइड से असलम रौशनी की बाँहों को घूरते रहा .. उसके मुलायम पुरे स्मूथ बाहें उसे पागल बना रही थी .. उसका लुंड अंदर उठने लगा और झटका मारने लगा ..

DC49-BC75-687-B-45-FE-BB81-A258-AD886017.jpg
9-BCE1-DE5-30-A3-4923-8-FEC-B92-C1-F49362-B.jpg
6985-C814-620-D-47-AC-958-E-85-DFFFED000-A.jpg
FD5-A934-E-57-C7-40-E8-9-A52-3-E6-B99-D14-CD9.jpg


रौशनी इस सब से बेखबर सलीम से बातें कर रही थी …

जब असलम बोलने लगा तोह सलीम उसकी बदन को घूरने लगता ..

असलम “मैडम जी वैसे आप बहुत नेक काम कर रही हैं , ऐसे ंगो में काम करके हमारी मदत कर रही हो आप , भगवन आपको खुश रखे” में में असलम सोचता हुआ -भगवन से ज्यादा हम hi आपको खुश रखेंगे डिअर , कभी आओ मेरे लोडे की सवारी करने-

रौशनी “आप सब का ख्याल रखना hi मेरा काम हैं , आपके हर ज़रूरतों को पूरा करना hi काम हैं मेरा ..” रौशनी तोह बस उनके खाने , पिने ,रहने और बाकी के चीज़ों की बातें कर रही थी …

असलम और सलीम , महा ठरकी जो तेरे , वह तोह कुछ और hi अपनी ज़र्रोरतेओं के बारे में hi सोच रहे थे ..

सलीम “हाँ रौशनी जी आप आये हो तोह हम दोनों … मतलब हम सब बहुत खुश हैं”

“चलिए सलीम जी और असलम जी में वापस आप सब को मिलूंगी.”

रौशनी अब उठकर जाने लगी , दोनों बुड्ढे अपने लुंड को मसलते हुए उसकी मटकती चाल को देखते रहे ,

दोनों बस रौशनी को अपना बनाने की सोच रहे थे , उसकी चुदाई के बारे में सोच रहे थे.

रौशनी चली गयी तोह दोनों दोस्त आपस में बातें करने लगे ..

असलम “उफ्फ्फ सलीम कैसी गदरायी माल हैं यह उफ्फ्फ्फ़ उसकी चाल देख hi लौड़ा खड़ा हो गया मेरा …”

सलीम “ हाँ असलम दोस्त , क्या माल हैं , क्या जवानी हैं , उसके कूल्हों का शेप क्या मस्त हैं , नयी शादी हुयी लगती हैं , क्या खुशबु हैं उफ्फ्फ्फ़.”

असलम “ हाँ और वैसे गदरायी बदन वाली औरत उसके जैसे चुदती काफी हैं अपने पति से , मुझे भी लगता हैं पति चुदाई तोह करता होगा , फिर भी ऐसी महिलाओं की ज़रूरतें बहुत होती हैं , आसानी से हाथ नहीं आगि , कुछ सोचना पड़ेगा इसकी अगर चुदाई करनी हो तोह”

सलीम “मेरे पास एक प्लान हैं असलम”

सलीम कुछ प्लान असलम को बताने लगा .. उसे सुन कर असलम मुस्कुराने लगा ,,,

क्या प्लान बनाया था सलीम ने .. रौशनी के साथ दोनों क्या क्या करवाने वाले थे . रौशनी को पता नहीं था वह इन दोनों के प्लान की हीरोइन थी.

9-FF5-BCBA-5-E1-F-4554-93-C6-7-AD93-B4046-A5.jpg
21-AA1108-9-A8-D-40-B0-B28-F-02-BD45-F80129.jpg
6-F6-EBA94-401-A-420-F-8648-FF9-BA0-D0770-F.jpg
94-D2-F927-B8-BE-4435-BD03-F2748230-AD9-E.jpg
460-A2-FC4-0-F8-A-408-E-82-EE-9-F8-B46113315.jpg
1-B6-F1-DE2-0-D81-4-BA2-AB2-C-669-E616691-CE.jpg
BA45-C951-5-AB7-4-F55-BF65-A7-DE9-F26-C799.jpg
 
अब रौशनी ंगो के ऑफिस में बैठे अपना काम करने लगी. उसे ंगो के बुद्धों के लिए नए एक्टिविटीज की खोज करनी थी.

उसे पता चला वहां के लोगों से बातें करने के बाद की सलीम ुर असलम सबसे ज्यादा एक्टिव थे ंगो में. उनके हाँ बिना वहां कोई एक्टिविटीज नहीं होती थी …

रौशनी को उनसे बातें करनी थी इसीलिए वह उनके घर के पास चली गयी.

वह दरवाज़े के पास गयी तोह उसने देखा की दरवाज़ा खुला था . वह आवाज़ निकली , कोई हैं , अंदर कोई हैं … लेकिन कोई जवाब नहीं मिला इसलिए और जांच करने वह अंदर चली गयी. अंदर कोई नहीं था उसे लगा .. वह फिर भी और अंदर चली गयी .. अचानक पीछे से असलम ने रौशनी को कास कर पकड़ लिया

“उफ्फ्फ जानेमन कहाँ चली गयी थी , उफ्फ्फ कितने दिनों बा दायी हो मेरे पास … ी लव यू माय जान ..” और असलम ने रौशनी को अपने तरफ किया और उसे चूमने के लिए अपने काळा होंठों को आगे बढ़ने लगा.

रौशनी ने आवाज़ निकली ,

“चोरो मुझे , काळा कमीने कही के , चोरो मुझे …”

“अरे जानू कैसे चोरु तुझे उफ़ मेरी रातों की रानी आजा न अपने असलम मियां को जोरों का चुम्मा दे दे मममम”

“बद्तमीज़ चोरो मुझे , नहीं तोह में सब को बताउंगी , चोरोर मुझे ..”

लेकिन असलम उसे चोर्ने के मूड में नहीं था ..

“उफ्फ्फ तुम बहुत hi नटखट हो मेरी जान , हमेशा ऐसे hi करती हो … उफ्फ्फ्फ़ अब नहीं रूआ जाया मेरी जानू … मुझे तुम चाहिए ममम मुझे चूमो डिअर …”

रौशनी अब असलम को जोर का तमाचा मारने hi वाली थी की अचानक से उसे सलीम की आवाज़ सुनाई दी

“असलम मियां चोरो उसे , यह तुम्हारी बेगम रुकसाना नहीं हैं , चोरो इसे यह तोह अपनी नयी मैनेजर हैं रौशनी , अरे चोरो उसे”

असलम ने रौशनी को चोर दिया

“सॉरी उफ्फ्फ माफ़ कीजिये मुझे रौशनी जी उफ्फ्फ्फ़ सच में ी ऍम सॉरी … प्लीज मुझे माफ़ कीजिये …”

“असलम जी आप ऐसे क्यों कर रहे थे , में रौशनी हूँ …”

सलीम बोलै “उसे माफ़ कीजिये रौशनी जी , वह असलम को एक बीमारी जैसी हैं , कभी कभी वह भूल जाता हैं उसकी बेगम अभी दुनिया में नहीं रही .. वह कभी कभी किसी महिला को अपनी बेगम समझता हैं और ऐसे कुछ करता हैं .. सच उससे यह गलती हुयी थी आपके साथ भी ..”

रौशनी हैरान हो जाती हैं , क्या ऐसे भी कुछ बीमारी होती हैं क्या वह सोचती रही , ऐसे पहली बार उसने इस बीमारी के बारे में सुना था ..

“ठीक हैं सलीम जी , पहली बार ऐसी बीमारी की सुनी हूँ .. सच में ऐसी बीमारी होती हैं .. यह कब से चल रहा हैं .. इनका इलाज करना होगा न ..”

सलीम “रौशनी जी यह कुछ महीनो पहले से हुआ हैं इसे .. अब क्या करे .. कभी किसी डॉक्टर को नहीं दिखाया .. वैसे भी यह बहुत काम बार ऐसे होता हैं तोह हम सोचे की ज्यादा उस पर ध्यान न दे तोह बेहतर होगा ..”

असलम वहां मायूसी का चेहरा बनाये , अपने मुँह को लटकाये खड़ा था .. रौशनी को असलम की तरफ देख थोड़ा बुरा लगा .. वह बहुत शर्मिंदा दिख रहे थे ..

रौशनी असलम के पास गयी “असलम जी आप फ़िक्र न करिये , अब में आयी हूँ तोह आपकी यह बीमारी का इलाज में करवाउंगी .. आपको मैंने माफ़ किया ..”

और रौशनी हलके से मुस्कुरायी हैं.

d7639e6491ef8005dffc2e18bd16bc3a.jpg


असलम “शुक्रिया रौशनी जी आप बहुत नेक दिल की हो .. मुझे समझ नहीं आता जब ऐसे मुझ से होता है. .. अगली बार हुआ तोह सच अभी से माफ़ी मांग लेता हु”

अरे असलम जी छोड़िये न .. अब भूल जाओ उसे , में आपके इलाज करने में मदद करुँगी .. ंगो के डॉक्टर आने वाले हैं उनसे इसके बारे में बात करुँगी ..”

दोनों बुड्ढे मन में हसने लगे … एक दूसरे को देख स्माइल दिए ..

रौशनी साइड में एक फ़ोन कॉल लगाने लगी …

तब असलम और सलीम एक दूसरे के पास आये और सलीम ने असलम को आँख मारी … दोनों के प्लान की शुरुवात अच्छी हुयी थी ..
 
रौशनी का कॉल ख़तम हुआ और वह असलम और सलीम के तरफ मुड़ी

“ंगो के डॉक्टर एक हफ्ते के लिए छुट्टी पर हैं … जब डॉक्टर वापस आएँगे ंगो तब hi में उनसे बात कर पाऊँगी .. तब तक असलम जी में कुछ मदत नहीं कर पाऊँगी ..”

असलम “ठीक हैं अब डॉक्टर आने तक क्या कर सकते हैं , ऐसे hi मुझे जीना पड़ेगा .. रौशनी जी बस आप गुस्सा न कीजिये अगर गलती से यह सब वापस हो जाता हैं तोह .. “

रौशनी मुस्कुरायी और बोली ‘ठीक हैं असलम जी बस आप थोड़ा खुद पर कण्ट्रोल करिये .. में नहीं गुस्सा हूँगी अब यह तोह आपकी बीमारी की वजह से हैं .. उसे डॉक्टर आने के बाद में ठीक करवाउंगी.”

“शुक्रिया रौशनी जी आप सच में काफी स्वीट हो , आप हमारी ंगो की मैनेजर बन कर हम बहुत खुश हैं.”

अब रौशनी ऐसे कड़ी थी की वह असलम को दीख बातें कर रही थी .. सलीम उसके पीछे था और उसकी चूतड़ों को घूरे जार अहा था .. और अपने लुंड को मसले जार अहा था . -उफ़ क्या क़यामत हैं यार ममम रौशनी तोह मेरी बेगम बन कर hi रहेगी .. उफ्फ्फ क्या गदरायी बदन वाली गोरी माल हैं उफ्फफ्फ्फ़ … उसकी पथ देख उसकी पीठ को चूमने का मन कर रहा हैं मममम मलाईदार हैं रौशनी उफ्फ्फ. सलीम ऐसी बातें सोचते हुए अपना लुंड मसलते रहा. –

सलीम के तरफ रौशनी मुद कर उसे बातें करने लगी .. उसके अपने तरफ मुड़ते hi सलीम सीधे खड़ा रहा .. लेकिन उसका उभरता लुंड अब उसकी पंत में से उसके लुंड का आकर साफ़ दिखाई देता अगर रौशनी अपनी नज़रों को निचे करती तब.

“सलीम जी , वैसे आप को ऐसी बीमारी नहीं हैं न …”

“ः नहीं रौशनी जी ऐसी तोह बिमारी नहीं हैं …” फिर वह अपने मन में सोचने लगा .. – मुझे तोह बिमारी हैं तेरे जैसी मस्त शादी शुदा औरत की छूट मारने की -

रौशनी जी में आपको कुछ जूस दू .. आप को तोह हमने कुछ ऑफर भी नहीं किया हैं जब से आप आयी हो तब से ..

रौशनी “नहीं सलीम जी इतस फाइन , ऐसे कुछ नहीं .. “

“अरे क्यों नहीं , रुकिए में आपको जूस देता हूँ , थोड़ा जूस होगा हमारे पास .. रुकिए .”

सलीम जूस लेन जाता हैं फ्रिज में , उनके फ्रिज में तोह काफी दारु के बॉटल्स थे , कोई जूस नहीं था .. उसे बस रौशनी को जाने नहीं देना था इसलिए कुछ बहाना बनाना के लिए बस जूस का बोल रहा था ..

फिर वह रौशनी के पास आया ..”सॉरी रौशनी जी हमारे पास भी कोई जूस नहीं हैं , लेकिन आप बैठ्यासलाम को में बेहज देता हूँ जूस लेन ...”

असलम वहां मन में बड बुदबुदा रहा था – उफ्फ्फ कमीना सलीम , मुझे जूस लेन भेज रहा हैं ताकि वह अकेले में रौशनी से बातें कर सके , कमीना बहुत स्मार्ट हैं …- “सलीम आप जाओ न , में रौशनी जी को कंपनी दूंगा ..”

सलीम “अरे नहीं तुमने रौशनी जी को अभी तोह डार्लिंग बना लिया था , में जाऊंगा तोह फिर से तेरी बिमारी के वजह से तुह उनके बदन को जकड लेगा और उनके होठों को चूमने की कोशिश करेगा . बिलकुल जैसे तू अपनी माशूका को करते थे ..”

रौशनी यह सब सुन कर शर्मा रही थी ..

सलीम “अब तुम सॉरी हो उस बता के लिए , उसे प्रोवे करने जाओ और रौशनी जी के लिए जूस लाओ जाओ”

रौशनी “हाँ असलम जी आप जूस लाइए , एहि आपकी सज़्ज़ा हैं , अब आप जाइये”

असलम “अच्छा ठीक हैं रौशनी जी आप के लिए तोह जान हाज़िर , अब जूस लाना क्या चीज़ हैं उसके सामने , यु गया और यु आया ..”

सलीम खुश था की वह रौशनी के साथ कुछ पल बिता पाएगा अकेले में …

रौशनी जी आप बैठिये न , असलम को थोड़ा टाइम लगेगा … अब उनके कमरे में बस एक सोफे था .. रौशनी सोफे पर बैठ गयी तोह सलीम उसके सामने खड़े रहा ..

रौशनी “अरे सलीम जी आप भी उस कुर्सी पर बैठिये न “

रौशनी जी हु कुर्सी पर पानी गिर गया हैं .. और सोफे बस एक hi हैं , इसलिए में खड़ा hi रहूँगा और आप आराम से बैठिये. “

रौशनी “सलीम जी यह आपका घर हैं और आप खड़े रहोगे , नहीं प्लीज आप बैठए सोफे पर मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हैं उससे”

सलीम मुस्कुराया , वह अब सोफे पर बैठ गया .. सोफे ज्यादा बड़ा नहीं था, और बैठने के बाद वह अब तक सबसे करीब बैठा हुआ था रौशनी के पास.

रौशनी जी बुरा न मानिये लेकिन मुझे कभी नहीं लगा था की हमारी नयी मैनेजर आप जैसी खूबसूरत और नेक दिल की महिला होगी”

रौशनी मुस्कुराई “शुक्रिया सलीम जी” “ वैसे सलीम जी आपकी बीवी की भी देहांत हो गयी हैं या डाइवोर्स .. ऐसे कुछ”

सलीम बोलै “रौशनी जी मेरे बेगम तोह दुनिया की सबसे हॉट लेडी थी , उनकी गुज़र जाने के बाद में बहुत उन्हें मिस करता हूँ .” उनकी नशीली आँखें , और गदरायी बदन के बारे में सोचता हंट ओह .. अभी भी ….”

रौशनी मुस्कुराते “ाचा आप उन्हें इतना मिस करते हो सलीम जी .. ओह सो स्वीट आपकी बेगम जब तक दुनिया में थी इतनी खुशनसीब थी की उन्हें आप जैसे प्यार करने वाले पति मिले थे”

अब रौशनी को क्या पता था की सलीम ने काफी बार उसकी बीवी को धोका दिया था … उसकी बीवी की देहांत तोह हुयी थी लेकिन जब ज़िंदा थी तब भी वह दोनों एक साथ नहीं रहते थे .. एक बात ज़रूर थी की उसकी बीवी काफी हॉट लेडी थी ..

सलीम ने अपना बटवा निकला और रौशनी को अपनी बीवी की पुराणी तस्वीर दिखाई,

रौशनी तस्वीर देख रही थी और सलीम की गन्दी नज़र रौशनी के कमर पर थी , गर्मी की वजह से रौशनी की कमर स्वेट से गीली हो चुकी थी , वहां स्वेट एक कुछ बूंदे जमा हुए थे , और सलीम की नज़र उसी पर थी. सलीम का मन कर रहा था रौशनी की कमर से उन स्वेट के बूंदों को चाटने का.

रौशनी “ सलीम जी आपकी बीवी सच में बहुत hi खूबसूरत लेडी थी .. आप बहुत लकी थे.”

सलीम “हाँ रौशनी जी उनकी तस्वीर अभी भी देखता हंट ओह मन करता हैं वह अभी मेरे पास होती तोह उसे कास कर गले लगता और ढेर सारे चुम्मे देता , उफ्फ्फ्फ़ बहुत मिस करता हूँ उसे, कभी कबर रात को उसकी तस्वीर देख मन करता हैं वह मेरे बिस्तर पर हैं और में उसकी अच्छी तरह से चुदाई करता”

7-ACC3460-020-D-42-DD-8010-25-A573277682.gif
78-D27-F69-1732-415-F-9210-44-AAD9-BE052-A.gif


रौशनी ऐसी बता सुन कर स्टन हो गयी .. सलीम ने उसके सामने चुदाई का शब्द इस्तेमाल लिया था … लेकिन वह सोच सकती थी की जिस पत्नी से वह इतने प्यार करते थे उन्हें वह बहुत मिस कर रहे थे , और समझ सकती थी की मर्द होने के नाते उनकी भी ज़रूरतें होंगी.

दोनों आगे कुछ बोल पाते तब तक असलम वापस आ गया जूस लेकर .. उसने रौशनी को जूस देने हाथ बढ़ाया , रौशनी भी जूस लेने हाथ आगे बढ़ने लगी … ऐसे लग रहा था मनो दोनों के हाथों का स्पर्श होगा , लेकिन रौशनी ने जूस का गिलास ऐसे पकड़ लिया की उसके गोर हाथों का स्पर्श असलम के काळा हाथों से नहीं हो पाया.

रौशनी जूस पि ली और फिर उसे एक कॉल आया .. वह कॉल उसके पति का था .. 5 बज गए थे , रौशनी को समय कैसे गया पता नहीं चला .. फिर वह उठ गयी.

सलीम जी , असलम जी मुझे अब घर जाना होगा , हम फिर से मिलेंगे कल. आप दोनों के साथ बातें कर और आप दोनों से मिलकर अच्छा लगा. और असलम जी आपकी बिमारी का इलाज डॉक्टर आने के बाद हम ज़रूर करेंगे.

हाँ रौशनी जी आपसे मिलकर और बातें कर हमें भी बहुत अच्छा लगा .. कल फिर मिलेंगे ..

दोनों रौशनी की मटकती चूतड़ों को देखते रहे और अपने लुन्डों को मसलने लगे …

3-AA7141-B-F0-F7-49-E3-900-D-15-DE9-E8-CF71-D.gif
0-D9438-FE-0499-4265-AE22-69-B6-B5-EA6-B61.gif


रौशनी के जाने के बाद दोनों सोफे पर बैठ गए .

“सलीम , तुम्हारे प्लान के मुताबिक hi सब हुआ … वैसे मुझे जूस लेन भेजने का प्लान अछ्सा था तुम्हारा कमीने ..”

“असलम मियां , तुमने तोह मैडम को कास कर पकड़ने का मौका मिला था , उसे तोह तू चुम hi लेता , तेरी hi तोह ज्यादा मज़े हुए . में तोह बॉस बातें hi कर पाया उससे. “

“सलीम यार सच बोल रहे हो उफ्फ्फ क्या मलाई जैसे नाज़ुक बदन हैं मैडम का .. उफ्फ्फ उसके बदन को और निचोड़ने का मन कर रहा था .. मम सच में बढ़िया माल हैं”

सलीम बोलने लगा “हाँ यार तू सिर्फ देख , ऐसी माल को न धीरे से hi फ़साना पड़ता हैं , जल्द करि तोह हाथ से निकल जाएगी … बेहला कर फुसला कर , hi ऐसी माल बन जाती हैं अपनी .. याद रख.

“असलम मियां तेरे पास तोह अगले हफ्ते तक रौशनी को कास कर पकड़ने का फुल चांस मिलता रहेगा … डार्लिंग कह कह कर उसे निचोड़ लेना थोड़ी देर , फिर एकदम से सॉरी , माफ़ कीजिये कहना और उस फ़र्ज़ी बिमारी पर ब्लामे डालना … सलीम ने असलम को नहीं बोलै था की उसने चुदाई का शब्द इस्तेमाल किया था रौशनी के सामने .

147-EBBFF-461-C-484-A-8908-D8-F32-E3-E5-CCA.gif
8-FCBA851-5334-4328-B75-E-AF6-DD792483-F.gif


सलीम तोह खुद रौशनी को पाने के लिए प्लान बनाने वाला था .. कैसा प्लान होगा , कैसे वह उसे इस्तेमाल करेगा .. सब कहानी के आगे पता चलेगा …
 
अब दिन का काम ख़तम हुआ तोह रौशनी ंगो के ऑफिस के बहार गयी और उसने देखा की रमेश अपनी रिक्शा लिए वही खड़ा था ..

“नमस्ते मां , आज का पहला दिन कैसे रहा ..”

“रमेश hi बहुत hi अच्छा रहा , बहुत hi वेलकमिंग हैं सब वहां पर.”

रमेश मन में सोचता हुआ – क्यों न हो मैडम आप हो hi ऐसी पाठक माल , सब मर्द वहां तोह आपके इशारों पर नाचते होंगे .. रमेश फिर से रौशनी के बदन को निहारने लगा .. उसकी पतली कमर , बड़ी चूचियां और उसकी चूतड़ जिसका तोह रमेश दीवाना बन चूका था … रौशनी अब रिक्शा में बैठने के लिए उसके पास से गुज़री , रमेश अब रौशनी की महक सूंघने लगा … रौशनी पूरा दिन काम कर के भी एक दम फूलों जैसे सुंगंध आती थी उसके बदन से ..

08-E22-DB0-CB42-4144-B799-C260-CFDD64-B3.jpg
023-B3-E3-A-703-F-4-D9-F-B956-0607758-A766-F.jpg
3-F847327-F5-D4-4-BE7-B4-D3-D7-CC1-D281891.jpg


उसे सूंघते और रौशनी के गदराये बदन को देख रमेश का लुंड उसके पंत में झटके मारने लगा .

अब रौशनी रिक्शा में बैठ गयी … और रिक्शा चल पड़ी ..

बहार से हवा बहुत hi चल रही थी … अब ऐसे हुआ की एक हाव् ेके झोके से रौशनी का पल्लू सरक गया और रमेश आईने से उसकी चूचियों की दरार देख पाया … उसका लुंड झटके मारने लगा और एकदम से उसका रस्ते पर से कंसंट्रेशन चला गया और रक्षा थोड़ी डगमगायी ..

“रमेश जी क्या हुआ , रस्ते पर ध्यान द्जिनिये ..”

रमेश मन में सोचते हुए – अरे उफ्फ्फ तेरी जैसी माल पीछे बैठी हैं तोह कौन देगा रस्ते पर ध्यान …

रौशनी जी अब क्या करे कुछ ऐसे नज़ारा दिखा की थोड़ा रस्ते से ध्यान hi हैट गया … माफ़ कीजिये”

रौशनी ोेहले तोह कुछ समझ नहीं पायी, फिर उसे कुछ मं में एहसास हुआ की उसका पल्लू सरक गया हैं और उसकी चुच्यों की दरार झलक रही हैं . वह मन में सोची – उफ्फ्फ क्या इस बुड्ढे ने ये देख किया होगा .. इसीलिए .. उफ्फ्फ नहीं रमेश जी अच्छे इंसान हैं उनकी नज़र वहां पर नहीं गयी होगी .. और उसने अपना पल्लू फिर से एडजस्ट किया ..

B5823-A38-88-A5-4-F56-AC63-7454541499-F8.jpg


788-C6-AA5-B7-D3-4-BEB-98-FF-7-BBD4470-DCDA.jpg
57-F88-FB7-4-A90-4-BCA-B55-D-8-DC34-A45998-F.jpg
E354-FA92-4460-4-FEC-94-FF-309-F1-FC62-CCF.jpg


रमेश जी वैसे आप की बीवी बच्चे हैं या नहीं …”

रौशनी जी मेरी बीवी अपने गाँव में हैं और एक बीटा हैं वह अब शादी शुद अभी हैं और इसी शहर में क्लर्क की नौकरी लार रहा हैं ..”

रमेश जी फिर आपका ख्याल कौन रखता हैं , आपके खाने पिने का , सेहत का ख्याल ..”

रौशनी जी में खुद hi अपना ख्याल रखता हूँ, अब क्या करे मेरी पत्नी को शहर की हवा नहीं अच्छी लगती , वह अपने गाँव में hi खुश हैं अब .. अब में अकेले रहता हूँ , खाना पीना खुद बनता हूँ ..”

रौशनी सोचने लगी - उफ्फ्फ देखो कितने मेहनती हैं रमेश जी , और रही बात मेरी पति की … जॉब ठीक से कर नहीं पाते और न hi घर के कुछ काम करते हैं ..

रमेश जी आप बहुत मेहमत करते हैं .. दिन भर रिक्शा चलते होंगे न , वैसे आप कब घर लौट जाते हो ..

रौशनी जी मुझी कभी कभी 12 भी बज जाते हैं .. फिर सुबह 5 बजे फिर से रिक्शा चलने लगता हूँ .. क्या करे मैडम, कमाने के लिए बहुत काम करना पड़ता हैं .

रमेश जी आप इतने अच्छे हो , कमा इतना करते हो , खुद अपना ख्याल रखते हो , बीवी को मिस नहीं करते आप ..?

रौशनी जी मिस तोह करता हूँ …” - फिर कुछ सोचते हुए – “हाँ रात में तोह बहुत hi मिस करता हूँ मेरी बीवी को .”

“अच्छा रात में क्यों ऐसे क्या ख़ास बात हैं रात में ……” रौशनी समझ जाती हैं की रमेश जी क्या बात बोलना चाहते हैं और फिर खुद को रोकती हैं

रमेश मौके का फायदा उठाते hi “रौशनी मैडम अब रात को और क्या करते हैं पति पत्नी , बस सटासट , बिस्तर पर चुदाई और क्या …”

रौशनी बहुत शर्माने लगती हैं , आज दूसरी बार एक बुड्ढे ने उसके सामने चुदाई का शब्द का इस्तेमाल किया था , लेकिन वह भी उसकी बातों के रिप्लाई में थी इसीलिए वह उन्हें भी गलत नहीं बोल सकती थी.

रौशनी अब चुप बैठी रही , बहार देखती रही ..

रमेश को समझ आया की चुदाई के शब्द से रौशनी चुप बैठ गयी हैं , शरमते हुए .. “रौशनी जी आप चुप क्यों हो गयी , प्लीज बातें करिये , आप को चोर्ने के बाद अकेले hi घर रहता हूँ , कोई बात करने वाला नहीं, प्लीज आप बात करिये , मुझसे कुछ गलती हुयी तोह माफ़ कीजिये”

रौशनी बहार से नज़र हटा कर रमेश को देखती हैं ,, बहुत अच्छे हैं रमेश जी , उनसे बातें की चाहिए . “रमेश जी इतस ok आपकी कोई गलती नहीं हैं … में समझ सकती हूँ की आप को अपनी बीवी की याद आती होगी , आप के उम्र में भी बीवी से सुख हफ्ते में एक- दो बार तोह मिलनी hi चाहिए ..”

“मैडम जी सही कहा आपने लेकिन आप हमेशा मेरी उम्र को क्यों लाती हो बीच में ः … वैसे में और मेरी बीवी जब शहर में रहते थे तोह काम से काम 4-5 बार हफ्ते में हम रात को चुदाई करते थे …”

रमेश भी अब थोड़ा खुल कर बातें करने की सोचने लगे ..

रौशनी इस बार चुदाई शब्द को सुन नहीं शर्मायी , उसे भी ऐसी बातें अच्छी लग रही थी, उसके और पति तोह बस झगड़ा hi करते हैं जब भी मिलते हैं तब … रमेश जी से दोस्ती अच्छी रहेगी. – “रमेश जी आप अभी भी हफ्ते में 5 बार चाहते हो बीवी से मस्ती … उफ्फ्फ्फ़ सच या आप ऐसे hi फेक रहे हो”

“रौशनी जी अब आपको तोह में बस बता सकता हूँ जो सच हैं , आप को मेरी बातों को hi मन्ना पड़ेगा , आपको दिखा तोह नहीं सकता न …”

रौशनी फिर से शर्मायी .. “रमेश जी आप भी न , चलो आपकी बातों पर यकीन करती हूँ ..”

रौशनी जी हाँ शुक्रिया , अब बीवी होती तोह उनसे पूछती आप , वही सच बताती , लेकिन मेरी चाहत और बीवी की चाहत उसमें भी मिलती नहीं हैं .. वह बस 3 बार hi हफ्ते में रात को मस्ती करना चाहती हैं .. बाकी के टाइम तोह बस मेरी ख़ुशी के लिए hi करती हैं..

(अब बात ऐसी हैं की रौशनी को नहीं पता था की रमेश की बीवी उससे काफी काम उम्र की हैं … अगर वह करीबन 55 उम्र के होंगे तोह उसकी बीवी हैं बस 35 उम्र की .. और वह उसकी दूसरी बीवी थी .. रमेश महा कमीना इंसान हैं , उसने पहली शादी के दौरान hi दूसरी से भी शादी करि थी, और बिना किसी को बोले दोनों बीवियों को एक hi घर में रखता था, सब मोहल्ले वालों को बताया गया था की दूसरी बीवी नहीं बल्कि उसकी बीवी की रिश्तेदाद हैं . अब उसकी पहली बीवी 5 साल पहले चल बसी थी. फिर उसने 2 साल उसकी देहांत के बाद लोगों को दिखने उसकी दूसरी बीवी से शादी का नाटक किया था और अब हु और उसकी दूसरी बीवी साथ रहते थे .उसकी दूसरी बीवी रमेश के चुड़काकड़ बर्ताव के वजह से गाँव गयी थी.)

7-B0066-BB-5143-41-FB-B159-A3-ADEBF50-C54.gif
9-C535-F19-CB12-4-E84-B6-A5-CBB2-BAB3811-F.gif


5357488-F-AD64-45-D7-9-D6-D-AA445-B34-AE0-E.gif


रौशनी को रमेश के अतीत के बारे में कुछ पता hi नहीं था .. उसे तोह लगता था रमेश एक नेक इंसान हैं ..

रौशनी कभी ऐसे बुद्धों से ऐसी तरह की बातें नहीं करि थी, यह सब नया था उसके लिए .. उसे अजीब तरह से मज़्ज़ा आ रहा था उससे ऐसे बातें करने में.

“वैसे मैडम जी आप खुश्बासीब हैं, आपके शौहर आपके पास hi रहते हैं , आपको तोह कोई तकलीफ नहीं होगी , आपको तोह वह ढेर सारा प्यार करते होंगे.

रौशनी ठोसी मायूस हो जाती हैं , जब उसके पति का बुसनेस्स तहत ओह वह हार्ड रोज़ चुदाई करते थे . अब इस सिचुएशन में मुश्किल से होता हैं उनके बीच चुदाई .. हु तोह एक हफ्ते से रोनित से चुदाई भी नहीं करि थी) रौशनी बस एहि सोच रही थी..

मैडम जो कहाँ खो गयी हो आप , लगता हैं अपने पति के बारे में सोच रही हो … हाँ आप तोह जवान हो , रोज़ hi करते होंगे रात में …”

यह बात सुन कर रौशनी अपने सोच से जग गयी … और हु अनजाने में बोल पड़ी “रमेश जी काश आप की बात सच होती , मेरे पति तोह एक हफ्ते …. “ खुद के शब्दों को सँभालते हुए रौशनी चुप बैठ गयी .. अनजाने में वह कुछ ज्यादा hi बोल रही थी ..

लेकिन रमेश को सब बात समझ आयी .. उसे यकीन था रौशनी की शादी शुदा ज़िन्दगी में कुछ प्रोब्लेम्स हैं और लगता हैं एक हफ्ते से वह अपने पति से चूड़ी भी नहीं होगी…

रौशनी जी , होता हैं शासी शुदा ज़िन्दगी में ऐसे कभी , आप टेंशन न लो ..”

मन में वह सोचते हुए (काश मेरी बीवी होती तोह रात भर रगड़ रगड़ कर चुदाई करता … क्या गदरायी बदन वाली माल हैं , उफ्फफ्फ्फ़ नंगी करके खूब प्यार करता और बहुत चुदाई करता पटक पटक कर )

F12-CBE3-B-7285-43-AD-9-F7-A-9-EE7-E35-F250-B.jpg
3259-C339-D3-F8-4-E82-8407-46082-D0-FF63-B.jpg
5-C3533-CF-F398-41-CA-8-EFB-DCE58-B61305-C.jpg


अब रिक्शा एकदम से एक स्पीड ब्रेक के वजह से हैवे वे उछली और खुद को सँभालने रौशनी का हाथ रमेश के कन्धों पर जाता हैं …

“उफ्फ्फ्फ़ , रमेश जी ज़रा धीरे चलालिये ,, पलासी

“सॉरी मैडम लेकिन क्या करे रास्ता hi कुछ ऐसा हैं ..” और रिक्शा फिर से और एक स्पीड ब्रेकर की वजह से हवे में उछली और फिर रौशनी के हाथ जा कर रमेश के लंढो से टकराई .. रौशनी का हाथ अपने कंधे पर पड़ते hi रमेश का लुंड फिर से एक झटका मारा ..

जब रौशनी बैठी तब उसका पल्लू सरक गया और फिर से रमेश उसकी चूचियों के दरार को देख पाया .. रौशनी ने फिर से पल्लू ठीक करि ..

अब दोनों बिना कुछ बोले सवारी करते रहे और 10 मं में रौशनी की सोसाइटी आ गयी .. वह रिक्शा से निचे उतारकर रमेश को शुक्रिया करि और उसे पैसे दिए मीटर के हिसाब से ..

रमेश बोलै “रौशनी जी कल सुबह फिर से मिलेंगे .. में अब रोज़ आपको छोड़ूंगा ंगो और फिर से वहां से यहाँ ड्राप करूँगा ..”

“शुक्रिया रमेश जी आप बहुत अच्छे हो .. ठीक हैं कल सुबह आ जाना … “

रमेश बहुत खुश होगया , अब हु रोज़ रौशनी से बातें कर पाएगा और धीरे धीरे वह उस अपना बनाने का सोचने लगा .. रमेश अब रौशनी को जाते देख रहा था , उसकी हिलते हिये चूतड़, मटकती चाल देख अपने लुंड को मसलने लगा .. (उफ्फ्फ एक बार मिल जाये तोह इस माल को मस्त करूँगा और रात भर ठोकूंगा .. उफ्फ्फ्फ़ क्या माल हैं रौशनी जी.. मेरी चूड़ाकड दोस्त बनाऊंगा इसे ..: अह्ह्ह) रमेश ऐसे सोचते हए अपने बड़े लुंड को हाथों से मसलने लगा ..
 
घर जाते hi रौशनी अपने कपड़ों को बदल कर निघ्त्य पेहेन लेती हैं . वह देखती हैं की उसके पति घर बैठे टीवी देख रहे हैं … कुछ काम के नहीं वह सोचने लगती हैं .. रमेश जैसे बुड्ढे कमान ेके लिए कितनी म्हणत करते हैं और मेरे पति बस अब टीवी के सामने hi बैठे तेहते हैं .. क्या करू इनका उफ्फ्फ ..

“ाजी सुनते हो , अब टीवी देखना बंद कीजिये .. कुछ जॉब की सर्च की, कोई इंटरव्यू हैं इस हफ्ते ?

“नहीं कुछ नहीं , अब मुझे टीवी देखने दो …”

रौशनी मायूस बैठी रही , (आज के दिन की बातें भी नहीं कर रहे हैं रोनित , उन्हें कोई इंटरेस्ट hi नहीं हैं किसी में भी )

ऐसे hi अब इवनिंग और रात गुज़र गयी.. रौशनी को भी कल के दिन के लिए कुछ रिसर्च करना चाहती थी , ंगो के बारे में , वहां के एक्टिविटीज के बारे में ऐसे सब कुछ .. वह सोची की अगर उसके पति कुछ नहीं कर रहे हैं तोह उसे hi अब काम करना पड़ेगा …

अब अगले दिन की सुबह , रौशनी सुबह उठ कर नाहा धो कर पहले नाश्ता बना लिया .. रोनित को नाश्ते पर बुलाया लेकिन हमेश की तरह वह सुबह लेट उठे थे … रौशनी अब इस सब से थक गयी थी.. वह खुद नाश्ता कर बैठी और फिर कपडे बदलने चली गयी ..

आज उसने एक ग्रीन साड़ी पहनी थी , बाल खुले चोरे थे. ब्लाउज स्लीवलेस था और हाफ बैक कट, आगे से ब्लाउज के बटन्स थे .. ब्लाउज का रंग लाल था … उसने आज हल्का सा मेक उप पहना था .. उसके गुलाबी होठों पर लाइट पिंक लिपस्टिक .. हाथों में वही लाल नेल पोलिश …

e3e6fe258a4f8e458911e4af107ded4c.jpg


maxresdefault.jpg


6f660cc22c308484ce159c44f14b6b67.jpg


“रोनित में जा रही हूँ काम पर , प्लीज आज कुछ जॉब ढूंढो …”

लेकिन उसे कुछ रिप्लाई नहीं मिलता और हु वहां से निकल जाती हैं.

रमेश अपने रिक्शा लिए रुका था रौशनी के लिए ..

“गुड मॉर्निंग मैडम , कैसी हो आप?

“अच्छी हूँ रमेश जी आप कैसे हो”

रमेश रौशनी को ऊपर से निचे देखने लगा … सच में रौशनी बहुत hi मालदार आइटम हैं वह सोचते रहा .. आज थोड़ी और बातें हो जाएगी इसी पर वह खुश था .

रौशनी रिक्शा में बैठ रही थी की उसकी साड़ी रिक्शा के एक नेल में फस गयी .. ूई माँ रमेश जी मेरी सारे फस गयी हैं , निकल नहीं पा रही हूँ. प्लीज मदत कीजिये.

रमेश झट से साड़ी को वहां से निकलने की कोशिश में लग जाता हैं .. वह पहले से hi जनता था की साड़ी उस कील से निकलना आसान हैं लेकिन वह नाटक करने लगा जैसे उसे भी वह मुश्किल हो रहा हैं ..

वह कुछ देर रौशनी के पास उसके साड़ी को पलड़े खड़ा रहा .. उसे रौशनी की मेढक संफंध आ रही थी … उसकी सुंगंध और रौशनी को इतने लरीब पाकर उसके लुंड में हुलकजूल होने लगी .. वह अब रोहणी की कमर देख सकता था .. सफ़ेद गोरा बदन , उस पर दो फोल्ड्स … और एक गोल गहरी नाभि देख वह पागल हो रहा था ..

C6-A4014-F-F3-BB-4775-9600-8-CDFC18-AC5-B0.png


D0-C3-E6-A7-9-F80-4346-9-C37-7-C073-CE14-B43.png


2-B623-D2-B-2-D53-4-FAD-9-D25-3916039-B7-B44.jpg


रमेश जी प्लीज जल्दी करिये , नहीं तोह लेट हो जाएगा ..

मैडम अगर जल्दबाज़ी किट ओह साड़ी पहात सकती हैं … प्लीज आप मुझे काम करने दीजिये ..

“सॉरी रमेश जी सही कहा आपने , यह साड़ी मेरी फॅवुरीते में से हैं , धीरे से निकलना ..

अब रमेश रौशनी के पैरों को देखने लगा .. उसके पैरों की उँगलियाँ भी परफेक्ट थी .. उस पर हु लाल नेल पोलिश, दूसरे अंगूठे पर एक गोल्डन रिंग्स .. बहुत hi क्यूट लग रही थी हु रिंग उसके उँगलियों पर .. रमेश का लुंड यह सबब देख उभर रहा था …

फाइनली उसने रौशनी की साड़ी उस कील से निकल दी ..

शुक्रिया रमेश जी , आपने बहुत अच्छी तरह से वह साड़ी निकली उस कील से उसके लिए बहुत शुक्रिया ..

मैडम जी आपकी मदत हमेशा करता रहूँगा , अब आप हमारी दोस्त हैं न .. (जल्द hi तुझे में अपनी चूड़ाकड दोस्त बनाऊंगा रौशनी ) मन में ऐसे सोचते हुए रमेश अब रिक्शा में बैठे उसे चलने लगा ..

मैडम कल रात अच्छी गुज़री आपकी , आप काफी फ्रेश लग रही हो आज ..

हाँ रमेश जी अच्छी थी रात , शुक्रिया , वैसे आज में जॉब के लिए बहुत तयारी की हैं …

हाँ मैडम जी आप तोह जॉब में चार चाँद लगाओगी … आप बहुत सक्सेसफुल होंगी आपके नए जॉब में.

शुक्रिया रमेश जी , हाँ पहली बार जॉब कर रही हूँ … शादी के बाद .

रमेश ने अब अपने आईने को ऐसे एडजस्ट किया था पहले से hi की उसे रौशनी का चेहरा, उसकी चूचियों की जगह और उसकी नाभि साफ़ साफ़ दिखाई दे सके .. उसकी नज़र बीच बीच में रौशनी के गुलाबी होठों पर गयी ..

(उफ्फ्फ्फ़ काश मेरी होती रौशनी फिर उन गुलाबी होठों को हमेशा चूमते हुए चुस्त रहता उफ्फ्फ्फ़ क्या सॉफ्ट होंगे उनके लिप्स ) रमेश का लुंड अब आधा खरा हो चूका था ..

रौशनी जी आज आप कल से भी सुन्दर दिख रही हो , बताइये आपके खूबसूरती का राज़ क्या हैं ,

शुक्रिया रमेश जी , अरे क्कुह नहीं बस नेचुरल होगा , में ज्यादा कुछ नहीं करती रमेश जी ..

मैडम जी भगवन ने आपको बड़े ध्यान से बनाया हैं … आप में कुछ भी कमियां नहीं हैं .. सच कहता हूँ आपके पति तोह बहुत लकी हैं ..

रौशनी को अपनी तारीफ पसंद आ रही थी .. बुड्ढे से तारीफ सुन वह और खुश हो रही थी . हवा ज़ोरों की चल रही थी और उसने अपनी ज़ुल्फ़ों को अपने चेरे से हटा दिया और साइड में करि.. ऐसे करने पर रमेश को आईने में से रौशनी के नैक का साइड एरिया दिख पाया .. उसका लुंड अब जोरों का झटके मारने लगा ..

अचानक से उसने ाः की आवाज़ निकली ..

रमेश जी क्या हुआ , आप को कुछ हुआ क्या ..:

मैडम जी वह एक पत्थर आकर मेरे पैरों से टकराया हैं , दर्द हो रहा हैं …

रमेश जी आप थोड़ा रिक्शा रोक लीजिये …

नहीं मैडम आपको जॉब पर जाने में लेट होगा , आप मेरी चिंता न करिये , में चलते रहूँगा ../

रौशनी फिर कुछ नहीं बोली , रमेश ने फिर सोचा की अब वह ऐसे किसी और पत्थर का लगने का मटक करेगा और जोर से चिल्लाएगा .. और उसने वैसे hi किया ..

रमेश जी लगतभाईन और बड़ा पत्थर लगा आपको , आप प्लीज रिक्शा रोक लीजिये , जॉब ठीक हैं लेकिन आपको लगा हैं न , थोड़ा 5 मं आराम लो आप..

रमेश खुश हुआ , इसी बहाने वह और टाइम स्पेंड कर पाएगा रौशनी के साथ .. उसने फिर रिक्शा साइड में रोक दी. अब रिक्शा ऐसे जगह रुकी थी वहां लोग नहीं थे ..

रौशनी रिक्शा से उतर गयी , वह रमेश के वहां गयी , वह निचे देखि तोह रमेश के अंगूठे से सच में ठोस खून बह रहा था ..

अरे रमेश जी खून आ रहा हैं आपके उस अंगूठे से .. रमेश को भी पता नहीं चला था शायद पहले पत्थर के टकराने से उसे वहां जखम हुयी थी …

रौशनी झट से अपने पर्स से टिश्यू पेपर निकली और निचे झुक कर रमेश के अंगूठे को टिश्यू पेपर से साफ़ करने लगी .. ऐसे करने से उसका पल्ली धीरे से थोड़ा साइड में सरक गया .. रमेश अब उसकी चूचियों की हलकी सी दरार देख प् रहा था और उसके लुंड ने उसकी पंत में झटका मारा ..

रोष ी ऐसी बैठी थी की उसका वजह एक hi पेअर पर ज्यादा था , इसके वजह से वह डगमगायी और गिरने ली वाली थी की उस इ रमेश के झंघों को पकड़ी खुद को सँभालने .. ऐसे स्पर्श से रमेश का लुंड और औकात में आ चूका था ..

रौशनी की नज़र ऊपर आयी तोह वह देखि की उनके पंत में एक उभर बन चूका था .. अब ोान्त का मटेरियल काफी थीं था , इसलिए रौशनी को हमझत से पता चला की वह उभर और कुछ नहीं बल्कि रमेश के उभरते लुंड ला था .. कुछ सेकंड तो वह बस वहां पर देखती रही .. उनके लुंड का आकर उसे दिखाई दिया (उफ्फ्फ यह तोह काफी बड़ा हैं , रोनित जैसे बड़ा होगा , उफ़ इस उम्र में भी इतना बड़ा ) रौशनी सोच में पद गयी .. रमेश को पता चला रौशनी उसके उभर को देख रही थी .. कुछ सेकंड वह दृश्य एन्जॉय करने ले बाद वह बोल उठे ..

रौशनी जी क्या हुआ , कुछ सांप देखा क्या आपने इस रस्ते पर ..

रौशनी यह सुन कर सेहम उठी ..

“ुघ्ग कुछ नहीं रमेश जी ऐसे कुछ नहीं …

रौशनी उठा नहीं प् रही थी इसलिए रमेश ने अपने हाथों से रौशनी को ऊपर उठाया … उसने रौशनी की कलाई पकड़ ली थी .. कितनी सॉफ्ट कलाई थी उसकी , मलाईदार हाथें , ऐसे स्पर्श से रमेश का लुंड झटका मरने लगा ..

शुक्रिया रमेश जी .

रौशनी बस अपने दिमाग से रमेश के लुंड के उभर के बारे में औच्ति रही , उनके लुंड का आकर बिलकुल उसके पति उतना hi था , और शायद पूरा हार्ड भी नहीं हुआ होगा .. ऐसी उम्र में भी इतना बड़ा .. वह उस दृश्य को दिमाग से हटा नहीं पायी ..

वहां रमेश बस उस एहसास में खुश था की वह रौशनी के कलाई को पकड़ कर उसके बदन के एक हिसस ेके स्पर्श का पूरा आनद लिया था .. सच में बहुत hi नाज़ुक कलाई थी रौशनी की , अब वह सोचने लगा की उसका बदन कितना नाज़ुक होगा , मेरे हाथों में hi पिघल जाएगी ये सुंदरी ..

ऐसे करते हुए वह ंगो पहुँच गए .. जहाँ दो और बुड्ढे रौशनी के इंतेज़्ज़र में बैठे थे ..

अब वह क्या गुल खिजलेंगे आगे देखेंगे
 
रौशनी अब काम पर लग गयी .. उसके 3 इम्पोर्टेन्ट मीटिंग थे अज्ज और वह सब ख़तम करके दुपहर के 2 बजे थे ..

रौशनी आज खाने का डब्बा लाना भूल गयी थी … उसे बहुत hi भूक लगी थी … वह ऑफिस के बहार निकल कर सोची की वह पास के किसी होटल में कुछ खाकर आएगी वापस .. लेकिन पास कोई अच्छी रेस्टोरेंट hi नहीं थी, बस ढाबे थे और ठेले थे खान ेके .. रौशनी लाभ ऐसी जगहों पर खाना खाइये नहीं थी इसलिए वह वहां जाने से झिझक रही थी …

फिर उसे एक अव्वाज़ सुनाई दी , वह आवाज़ सलीम जी की थी .. रौशनी मुद कर उन्हें देख स्माइल झलकाई ..

4999-BC40-D220-42-A7-A54-F-A973-E7329401.jpg
6482-ABF4-7-E3-A-4322-9-F82-795719-C9-B867.jpg
75373-EA2-4-D16-4077-A7-D1-6-E9-CC8-A9-E587.jpg


सलीम दूर से अपने दिल पर हाथ रख स्माइल देने लगा .. रौशनी उनके ऐसे करने से मुस्कुरायी … बुड्ढे होकर बिल्लुल जवानों जैसी हरकत किट hi उन्होंने .. फिर सलीम उनके पास आया

मैडम जी आज बहार कैसे , लगता हैं घर से खाना लाना भूल गयी हो आप . चलो मेरे साथ इस ढाबे पर बैठते हैं , मेरी भी लंच हुयी माहि हैं चलिए ..

रोहणी झिझक रही थी .. सलीम को उसकी झिझक का एहसास हुआ और बोलै

रौशनी जी आइये कभी ढाबे का टास्ते भी लीजिये , बहुत स्वादिष्ट खाना बनता हैं यहाँ … आप मेरे साथ आइये अच्छे डिशेस बताऊंगा आपके लिए

सलीम रौशनी के चेहरे को देख रहा था , उसकी नज़र रौशनी के गुलाबी होठों पर गयी .. “मैडम बहुत रसेले जइसेस भी मिलते हैं यहाँ .. आइये ..” सलीम की नज़र अब रौशनी की कमर पर गयी .. पसीने से वह चमक रही थी … उसकी खुसबूदार सुंगंध भी आ रही थी उसे ..

रौशनी को भूक लगी थी और फिर सलीम के साथ गयी उस ढाबे पर.

“रोशन मियां आज हुनरी नयी मैडम आयी हैं आपके ढाबे पर , आपका ढाबा अब 5 स्टार हो गया हैं …”

रौशनी इस बात पर मुस्कुरायी ..

ढाबे के सब मर्द अपना खाना चोर रौशनी को hi देखे जा रहे थे .. ऐसी कामुक और गोरी महिला मनो पहली बार देख रहे हो ..

रौशनी उनके नज़र से थोड़ा अजीब फील करि ..

“सलीम जी कही. और जाते हैं न ..”

“नहीं मैडम जी आप यहाँ का लहना टास्ते अक्रिये , किसी भी 5 स्टार से अच्छा बढ़िया खाना मिलेगा यहाँ प् र..”

सलीम जी वैसे बात नहीं हैं बस यह सब घूरे जा रहे हैं , थोड़ी उनकंफर्टबले फील कर रही हूँ” रौशनी धीमे स्वर में बोली .

सलीम का दिमाग तेज़ था … वह सोचा की अभी मौका हैं ढाबे के किसी ऐसे एरिया में बैठे जहाँ बस दोनों होंगे .. वह फिर बोले

“रौशनी जी ठीक हैं चलो वहां बैठेंगे , थोड़ा कार्नर में हैं लेकिन इन सब की नज़र से दूर रहोगी और आपको अच्छा लगेगा ..

रौशनी ने सर हां में हिलाया और फिर सलीम और रौशनी कार्नर की सीट में बैठ गए …

सलीम ने रौशनी के लिए एक वेग थाली और खुद के लिए एक चिकन थाली आर्डर करि.

अब ढाबे पर ऐसा था की वहां के बैठने के कुर्सियां थोड़े ऊँचे थे और खान एक टेबल थोड़ा निचे , इसीलिए थोड़ा झुक कर खाना खा सकते थे ..

थाली बस 5 मं में आयी और दोनों खाना खाने लगे ..

सलीम बोले “रोशन मियां तुम्हे पता हैं न लेग पीेछे पसंद हैं मुझे , आपने ज्यादा ब्रैस्ट पीेछे hi दिए , अब ब्रैस्ट पीेछे पसंद तोह हैं लेकिन लेग पीेछे के बराबरी में कुछ नहीं .. “

“अच्छा सलीम जी इतना क्यों पसंद हैं आपको लेग पीेछे “

“मैडम जी बहुत hi रसीले होते हैं लेग पीेछे , मुझे तोह बहुत पसंद हैं … उफ्फ्फ मस्त होता हैं लेग पीेछे … वैसे ब्रैस्ट पीेछे भी अच्छा hi होता हैं … और सलीम रौशनी के चूचियों के तरफ देखने लगा ..

रौशनी अपनी प्लेट पर झुक कर खाना खाने लगी तोह उसका पल्लू बाज़ू में सरक गया , अब सलीम उसकी चूचियों के दरार की झलक देख पाया …

“ममम बहुत hi टेस्टी हैं मममम मज़्ज़ा आ गया इतना मलाईदार हैं मममम ..”

रौशनी को एकदम से पता चला उसकी पल्लू सरक गया हैं और उसे एडजस्ट करते,, वह थोड़ा सेहम गयी सोची क्या सलीम वहां देख ऐसे बोल रहा था ?-

मैडम जी ये चिकन बहुत hi टेस्टी हैं मज़्ज़ा आगया … देखो कितना मलाईदार हैं , ढाबे वाला चिकन को दूध में रखता हैं और फिर उसे पकता हैं ..

रौशनी यह सुन मुस्कुरायी मन मेजन सोचने लगी (धत रौशनी टब hi कुछ भी सोचती हैं , सलीम जी तोह चिकन के बारे में बोल रहे थे )

रौशनी फिर से खाना खाने लगी … अब क्यूंकि वह झूल कर खा रही थी तोह पल्लू थोड़ा साइड में सरक hi रहा था लेकिन इस बार उतना नहीं इसलिए उसका ध्यान वहां नहीं गया.. लेकिन सलीम तोग बस उसे hi देखे जा रहा था ..

उसका लुंड अब पंत में उभरने लगा था , लेग आईएस कहते कहते वह रौशनी की हलकी सी दिखाई देने वाली चूचियों के दरार को hi देखे जा रहा था ..

दोनों का खाना ख़तम कर दोनों हाथ धो कर वहां से निकल गए ..

रौशनी आगे चलती रही और सलीम पीछे से चलता रहा .. वह रौशनी की मटकती चूतड़ों पर hi नज़ारे टिकाये हुए था ( उफ़ क्या कमर हैं ममम और उसकी हिलती चूतड़ उसे दबोचने का मन कर रहा हैं सलीम को , ऐसी पतली कमर वाली और बड़े चूतड़ों वाली औरतें काम hi होती हैं और अब हु उसकी चूतड़ों और कमर का दीवाना हुआ था )

3543-E3-B4-EC07-4205-9-EEE-EDFDB943569-E.gif
FB3-FD9-B0-7-D8-D-49-D7-AB76-F7-EC4-A5-ACA9-E.gif
52963426-104-E-4124-9744-8022701-A7-B74.gif


रौशनी पीछे मुड़ी सैमी जी चलिए न जल्दी जाना होगा मुझे टाइम हो गया मेरे ब्रेक का ..

मैडम जी ऐसे खूबसूरत नज़ारा हैं … थोड़ा लुफ्त उठाने दो इसका .. बार बार नहीं दीखता ऐसे नज़ारे …

रौशनी को फिर से लगा की सलीम उसके बारे में बात कर रहा होगा , पहले की वह कुछ बोलती सलीम बोले

“मैडम जी देखो न मौसम इतना सुहाना हैं , सब हरियाली hi हरियाली हैं , ऐसे नज़ारे हर बार नहीं दीखते न ..

रौशनी मुस्कुरायी .. सलीम जी आप बस वही देखो मुझे तोह जल्दी जाना है. ..

सलीम फिर दौड़ते हुए रौशनी के बगल मेजन जाता है. … अचानक से बिजली कड़कने से रौशनी डर जाती हैं और सलीम को पकड़ती हैं ..

सलीम अब मौके का फायदा उठाते हुए अपने हाथों को रौशनी के मुलायम दूधिया जैसे पीठ पर फेरता हैं ,, ऐसे टच से उसका लुंड उसी पंत में झटके मारने लगतभाईन .. पुरे बैक पर वह अपने कठोर हाथों को फेरता हैं

फिर रौशनी उससे जुड़ा होती हैं “सलीम जी सॉरी मुझे बिजली से बहुत दर लगता हैं ..”

सलीम बोले “मैडम जी ठीक हैं कोई प्रॉब्लम नहीं , मुझे तोह कोई प्रॉब्लम नहीं हैं , आप जब चाहे मुझे पकड़ सालते हो .. बिजली फिर से दिखी आपको तोह ..”

रौशनी ने सलीम के हाथों को अपने नाज़ुक पीठ पर महसूस करि थी लेकिन वह सोची की वही सलीम से जाकर पकड़ी थी ..

सलीम का लुंड ान तोह उस स्पर्श से तबा हुआ था … पंत में से उसके लुंड का उभर दिख सकता था अगर रौशनी की नज़र वहां जाती तब ..

सलीम जी वैसे आज असलम जी नहीं दिखाई दिए ..

असलम कुछ काम के सिलसिले कहाँ गया हैं .. आज शाम को hi लौट आएगा.

अच्छा सलीम जी में चलती हूँ देर हुयी हैं …

ठीक हैं मैडम जी चलो में भी जाता हिन् . वैसे आप 4.30 बजे आ सकती हो मेरे घर पर , एक छोटा सा फंक्शन रखा हैं .. प्लीज आइये ..

ठीक हैं सलीम जी काम से फुर्सत मिली तोह जरूर आउंगी ..

रौशनी जाते वक़्त उसे एक लड़की की आवाज़ दुनि दी .. वह दिल्ली तोह वह लड़की अच्छे घर की युवा महिला थी ..: गोरा बदन, स्लिम बदन , शार्ट बाल जो बस उसके कन्धों तक आते थे .. लगभग 20 की उम्र की होगी ..

उसने देखा की वह सलीम से बातें कर रही थी ..

745-C054-E-58-A2-4-EEF-B1-BB-F1-C6-E3-E7-B327.jpg
E579-BC89-BBFF-40-D9-8-CE4-763069-F11-CA2.jpg


759809-CB-8-E1-F-4-BCF-A8-D9-1-BB24-BE4-B685.jpg


थोड़े सेकंड बाद रौशनी देखि की वह लड़की कुछ ज्यादा hi करीब कड़ी थी सलीम जी के साथ … और दोनों हसी मज़ाक कर रहे थे … फिर सलीम ने कुछ ऐसे किया जिसे देख रौशनी दांग रह गयी .. उसने उस लड़की को कमर से पकड़ लिया और उसके गालों पर एक चुम्मी दी … सलीम की पकड़ किसी दोस्त इवकी पकड़ नहीं थी बल्कि ऐसी जिससे लगे की दोनों दोस्त से ज्यादा कुछ और hi है .. (रौशनी मन में सोची की यह बस उसकी वेहम होगी .. सलीम रहे काळा बुड्ढे और वह गोरी कमान लड़की .. नहीं ऐसे कुछ नहीं होगा उनके बीच ..) और रौशनी ऑफिस में चली गयी ..

कुछ देर बाद वही लड़की रौशनी को मिल इ आयी ..

“Hello दीदी , कैसी हो आप में हूँ मीनल .. आपको इस नयी जॉब की बधाई ..”

शुक्रिया मीनल , वैसे में हूँ रौशनी ..”

“हाँ रौशनी जी सलीम मियां ने आपके बारे में सब बताया मुझे , वह तोह आपसे काफी इम्प्रेस हैं .. आपकी तारीफ कर रहे थे”

रौशनी मुस्कुरायी .. “हु सलीम जी अच्छे हैं , ऐसे hi तारीफ करते रहते हैं ..”

मीनल मन में (अच्छा तोह सलीम ने इस पर भी अपने अच्छे पैन का नाटक किया हैं .. साल बुद्धा हैं hi महा कमीना )

मीनल बोली “हाँ हैं तोह काफी अच्छे सिम मियां , थोड़े पागल हैं ः लेकिन अच्छे हैं ..”

रौशनी मुस्कुराई “ैक्सः फिर तुम यहाँ कैसे , तुम्हे कैसे पता है. सलीम जी”

मीनल बोली “रौशनी जी में यहाँ मेरी एक इंटर्नशिप करती थी कुछ 6 महीने पहले .. में सोशल वर्क में मास्टर्स कर रही हूँ.”

मुझे यहाँ मौका मिला था एक छोटी सी इंटर्नशिप करने की इसलिए आयी थी. सलीम जी को अच्छी तरह से जानती हूँ.

रौशनी मुस्कुराई “और असलम जी उनको ?

मीनल “उनसे इतना नहीं लेकिन हाँ दोस्ती हुयी थी ..”

रौशनी बोलती हैं “अच्छा तोह तुम्हे पता हैं असलम जी की बीमारी के बारे में ..

मीनल कुछ सोचती हैं , कौनसी बिमारी हैं असलम को , फिर सोचती हैं कुछ तोह दाल में कला हैं .. उनको तोह कोई ऐसी बिमारी नहीं .. “रौशनी जी में 6 महीने पहले hi यहाँ से गयी हूँ , तब से बस सैमी मोयन से कभी कबर मिलने आ जाती हूँ..”

रौशनी को याद आया की सलीम और असलम ने कहा था की असलम जी की बिमारी बस कुछ hi 3 महीने पहले से शुरू हुयीभाईन .. “खैर रहने दो , वैसे it’s ा प्लेअसुरे मीटिंग ु .. मिलते रहना ..

मीनल मन में ( हाँ मिलना तोह होगा hi , सलीम मियां से छोड़ने जो आती रहती हूँ , साला ठरकी मुझे से मन भर गया तोह अब रौशनी जैसी महिला की चुदाई के प्लान्स बना रहा होगा..)

“यस रौशनी जी हम मिलते रहेंगे .. (आखिर तू मेरी कम्पटीशन बनने वाली हैं डिअर )

अब रोहणी को याद आया की 4.30 को सलीम ने उसे किसी फंक्शन के लिए बुलाया था.

व हास पास दिल्ली तोह ऑफिस में और कोई नहीं था . रौशनी को अजीब लाहा की ऑफिस में कोई माहि था .

अब रौशनी सलीम के घर गयी . पहले तोह पूरा अँधेरा था … इसकिये रौशनी को समझ नहीं आया ऐसे क्यों हैं .. जैसे hi वह और अंदर चली गयी एकदम से लाइट ों हो गयी और रौशनी ने पाया की सब ऑफिस स्टाफ और ंगो के रहने वाले आगे खड़े थे और उनके सामने एक केक था और पीछे एक बैनर जिस पर लिखा था - वेलकम रौशनी मां आवर नई ंगो मैनेजर-

रौशनी यह देख बहुत इमोशनल हो गयी … वहां सलीम और असलम दोनों भी थे ..

रौशनी को पता चला की सब प्लानिंग सलीम और असलम ने करि थी. इसी काम के लिए hi असलम बहार गए थे आज .

रौशनी दोनों को शुक्रिया kari”thank यू सलीम और असलम , आपने यह सब मेरे लिए किया हैं .. शुक्रिया.”

“चलो रौशनी जी केक कट करिये … चलिए ..

अब रौशनी केक कट करने के लिए टेबल के वहां गयी. पीछे एक तरफ असलम खड़ा था और दूसरी तरफ सलीम और बाकी के काफी लोग बुइ खड़े थे ..

दोनों रौशनी के कमर को, नंगी पीठ को देख रहे थे और उसके ितंव करीब होते हुए उनका लुंड भी उभरने लगा ..

अब रौशनी निचे झुकी केक कट करने तोह उसकी चूतड़ पीछे एकदम सलीम के उभरते लुंड के करीब थी .. सलीम अब एक कदम आगे बढ़ा . उसके आगे आते hi हलके से रौशनी के चूतड़ जा कर सलीम के उभरते लुंड को टच करि … पीछे के लोगों का फायदा उठा कर सलीम ने अपने हिप्स को थोड़ा आगे धकेल दिया जिससे उसका उभरता लुंड अब रौशनी की चूतड़ों पर हलके से दबने लगा ..

रौशनी को अपने चूतड़ों पर थोड़ी सी चुंबन महसूस हुई .. सलीम ने एक धीरे से धक्का दिया और उसका लुंड अब रौशनी के चूतड़ों पर और दबने लगा .. इससे रौशनी के मुँह से हलकी सी आह निकली ..

असलम यह सब देख रहा था … वह भी सलीम जैसे hi एक दो कदम आगे बढ़ा और रौशनी की दायी चूतड़ अब असलम के लुंड पर भी दबने लगी .. दोनों इसका आनद ले रहे थे .. रौशनी भी अपनी दो चूतड़ों पर चुंबन महसूस करि ..

जल्दी कर करिये रौशनी जी” सलीम बोले ..

हाँ रौशनी जी जल्दी कट करिये ..

दोनों पीछे खड़े अपने लुंड उसकी चूतड़ों पर और दबाने लगे .. रौशनी के मुँह से हलकी सी आह निकली ..

अब केक कट कर सब लोग केक खाने लगे … रौशनी अब असलम और सलीम के साथ एक कार्नर में कड़ी थी ..

“रौशनी जी केक कैसे लगा , आपके लिए चॉकलेट केक लाया था … आपको चॉकलेट पसंद हैं न”

हाँ सलीम जी बहुत hi पसंद हैं , मुझे तोह डार्क चॉकलेट बहुत पसंद हैं ..”

असलम मुस्कुराया “रौशनी मैडम हमारे पास दो दो बड़े डार्क चॉकलेट्स हैं … उन्हें आपको खिलने में हमें बहुत मज़्ज़ा आएगा ..”

“अच्छा असलम जी कहाँ हैं हु डार्क चॉकलेट .. मुझे ज़रूर एक दिन दे दो आपके पास जो डार्क चॉकलेट हैं उसे.”

सलीम बोले “ज़रूर वक़्त आने पर आपको हमारे पास वाले डार्क चॉकलेट्स खिलाएंगे”

अब सलीम का गन्दा दिमाग चलने लगा .. वह बोलै “रौशनी जी दो मं मुझे असलम से कीच बात करनी हैं ..”

सलीम और असलम रौशनी से थोड़ा दूर जाकर कुछ बाते करने लगे ..

सलीम की बात सुनकर असलम मुस्कुराने लगा .

दोनों ने अपने पंत में अपने हाथों से अपने लुंड को रगड़ने लगे , … फिर रौशनी के पास दोनों आ गयेह.

रौशनी जी हमें आपको केक खिलाना हैं , मन मत करिये ..”

रौशनी उन्हें देख मुस्कुरायी , ठीक हैं . आप ने यह सब अर्रंगे किया हैं तोह आप मुझे केक खिला सकते हो”

फिर रौशनी ने केक कट करि … उसने एक पीेछे निकला और उसे सलीम को दिया और फिर असलम को.

फॉर सलीम ने एक केक पीेछे कट कर रौशनी को खिलने लगा .. उसने जान बुझ कर स्माल पीेछे खिलाया ताकि रौशनी उस पैसा को अपने मुँह में लेते हुए अपने होठों से सलीम के उँगलियों को भी अपने मुँह में लेना पड़ा … उसके होठं हलके से सलीम के उँगलियों पर बंद हुए .. यह दृश्य देख सलीम का लुंड जोरों से झटके मारने लगा ..रौशनी एक तोह केक खा रही थी और दूसरी बात उसने उसके वही हाथ से केक खाया था जिससे उसने अपने लुंड पर रगड़ कर आया था .

फिर असलम केक खिलने लगा , उसने एक बड़ा पीेछे लिया और वह खिलते समय केक का क्रीम रौशनी के होठों पर हलके से रगड़ने लगा …

रौशनी केक के बाद मुस्कुरायी असलम जी आप ने मेरे लिपस्टिक को ख़राब किया हैं उफ्फ्फ इतना बड़ा पीेछे दिया आपने और क्रीम सब लिप्स पर लगायी आपने उफ्फ्फ .. आप भी न ..

असलम मुस्कुराया “मैडम जी केक hi तोह खिला रहा हूँ ; मुझे तोह बड़े पीेछे hi खिलने में मज़्ज़ा आता हैं …” आपको हमेशा बड़े पीेछे hi खिलाऊंगा ..”

रौशनी मुस्कुरायी , “अच्छा असलम जी कोई प्रॉब्लम नहीं …

रौशनी को नहीं पता था की उसने केक तोह खाया था लेकिन उसने केक उनके ुसिन्हाथ से खायी थी जो अभी कुछ समय पहले उनके लुन्डों पर थे ..

असलम और सलीम को वह बात पता थी और मन hi मन खुश थे ..

रौशनी जी आप हमारी दोस्त बन गयी हो … आप को रोज़ हमसे मिलना चाहिए .. डील !!

“हाँ सलीम जी , असलम जी जरूर , आप दोनों इतने वेलकमिंग हो जब से में आयी हूँ .. हाँ हम तीनो दोस्त हैं ..”

डॉन ओने अपने हाथों को आगे बढ़ाया और रौशनी दोनों के हाथों को शेक करि ..

रौशनी के मुलायम हाथों को अपने हाथों में पाकर दोनों के लुंड बुरी तरह से उनके पंत में झटके मार रहे थे ..

अब सब होने के बाद रौशनी वहां से चली गयी … उसे फिर से घर जाना था और रमेश उसके लिए रेडी था उसे घर ड्राप करने..
 
रौशनी रमेश को देखि तब उसे सुबह के बारे में याद आने लगा .. रमेश के बड़े उभर के बारे में जो उसने देखा था ..

वह रमेश से बातें करने के लिए शर्मा रही थी.

रमेश भी ज्यादा कुछ बोले नहीं ..

अब रौशनी रिक्शा में बैठ गयी.

“रौशनी मैडम कैसा रहा आज का दिन ..”

रौशनी कुछ नहीं बोली बस बहार देख रही थी ..”

रौशनी जी क्या आप मुझसे नाराज़ हो ? बात क्यों नहीं कर रही हो आप.. बोलिये मैंने कुछ गलती की तोह माफ़ी मांग लूंगा..”

रौशनी मुस्कुरायी “नहीं रमेश जी ऐसे कुछ नहीं .. आप की कोई गलती नहीं हैं”

“फिर मैडम जी बात करिये न , आप की ख़ामोशी पसंद नहीं हमें”. आप हमेशा हस्ती हुयी बातें करती हुयी अच्छी होगी ..”

रौशनी मुस्कुरायी “रमेश जी आज ाचा गया दिन , आज बहुत काम हुआ और आज मेरे ऑफिस वालों ने और ंगो के लोगों ने मेरे लिए एक छोटी सी वेलकम पार्टी राखी थी ..”

“अच्छी बात हैं रौशनी जी , आप सच में इतनी प्यारी हो की सब ाबको पसंद करते होंगे .. उनकी किस्मत की उन्हें आप जैसी प्यारी अच्छे दिल की मैनेजर मिली हैं”

“शुक्रिया रमेश जी …”

“ रौशनी जी वैसे एक बात कहु आपसे”

“हाँ बोलिये रमेश जी”

“रौशनी जी सच बताइये , आप पूरा दिन काम कर के आयी हो फिर भी आप ऐसे लग रही हो जैसे सुबह आप आई थी .. इतनी फ्रेश लग रही हो आप , अपना राज़ तोह बताइये”

383-DF1-CE-C988-46-D6-A699-EC9-EC4204407.png
DFC5-A950-65-C4-490-D-B179-220-F410-B5638.png


रौशनी मुस्कुरायी “रमेश जी ऐसे कुछ नहीं हैं , अब में क्या कहु आपसे .. नेचुरल हैं सब शायद

“रौशनी जी आप बहुत डाउन तो एअर्थ हो , आप जैसी सुंदरी जो होती हैं उनका ऐटिटूड बहुत होता हैं …”

ः रमेश जी आप भी न कुछ भी”

“नहीं रौशनी जी आप सच में बहुत hi सुन्दर हो , आप जैसी तोह सुन्दर लेडी मैंने आज तक नहीं देखि हैं … आप गज़ब दिखती हो.”

रौशनी को उसकी तारीफे पसंद आ रही थी .. वह मुस्कुरा रही थी …

रौशनी की मुस्कराहट देख रमेश और बोल्ड होने लगे .. “रौशनी जी आप काफी वेल मैनटिनेंड भी हो , रोज़ एक्सरसाइज करती हो आप , या डाइट ..”

“रमेश जी में न डाइट करती हूँ न एक्सरसाइज , बस खाना टाइम पर खरी हूँ , और घर के काम करती हूँ शायद उसके वजह से मैनटैनेड हूँ”

“रौशनी जी मुमकिन hi नहीं की आप एक्सरसाइज नहीं करती .. आपकी कमर कितनी पतली हैं , फिर भी आज कल की लड़कियों जैसी आप पतली भी नहीं हो”

“रमेश जी लगता हैं आपकी नज़र बहुत हैं मुझ पर ः …”

“रौशनी जी बस जो हैं हु बोल दिया मैंने , में बातें छुपता नहीं .. जो हैं बोल देता हूँ. अब आप की फिगर हैं इतनी अच्छी तोह हैं .. उसमें क्या झूट बोलना आपसे”

रौशनी मन में मुस्कुराती हैं, रमेश जी तोह ज्यादा hi तारीफ कर रहे थे उसकी , लेकिन उसे उनकी ऐसी बातें अच्छी लगी , बुड्ढे होकर भी जवान लड़कों जैसे बातें कर रहे थे”

“रमेश जी ज़रा रुकिए वहां एक पेड़ हैं वहां पर बहुत अच्छे फूल हैं , मुझे घर के लिए लेने हैं उन्हें”

रमेश गाडी रोक देता हैं ,

रौशनी निचे उतर कर फूलों को लेने लगती हैं पेड़ से .. रमेश बस रौशनी की पतली कमर और गोरी सी मखमली पीठ को hi देखे जा रहा था .. उफ्फ्फ क्या कमल की फिगर थी रौशनी की .. ऐसी फिगर मनो भगवन ने बहुत म्हणत से बनायीं हो …

5-DF39603-7-A21-4959-9-B56-1-F9188-B86697.jpg
8-E1-EBD39-13-A4-407-C-B7-A8-1090-B782-E300.jpg
5-F03-F353-5-F6-E-43-DA-899-F-202-C9-B9-ABA75.jpg


“मैडम जी आपको फूल बहुत पसंद हैं लगतभाईन ..”

रौशनी पीछे मुद कर रमेश को देखती हैं , रमेश जी हाँ मुझे फूल बहुत पसंद है. …

“रौशनी जी मुझे एक जगह पता हैं वहां फूल बहुत अच्छे मिलते हैं .. चाहो तोह अभी आपको वहां ले जा सकता हूँ..”

रौशनी बोली “हैं रमेश जी ज़रूर थोड़ा टाइम हैं मेरे पास अभी, रस्ते में हैं तोह ज़रुर जाएंगे वहां.”

“रौशनी जी वह रस्ते पर नहीं हैं , अलग रास्ता लेना पड़ेगा कुछ 20 मं लगेंगे वहां पहुँचने में” लेकिन फूल एक से एक बढ़कर मिलेंगे आपको”

रौशनी सोचने लगती हैं , वैसे भी घर जाकर रोनित तोह उससे बातें नहीं करता , यहाँ रमेश जी उसे कंपनी भी अच्छे दे रहे हैं और उसे फूल भी मिल जाएंगे घर के लिए, इसीलिए वह रमेश जी के साथ वहां जाने के लिए हाँ करती हैं..

रमेश खुश हो जाता हैं , वह कुछ और समय बिता पाएगा इस सुंदरी के साथ .

अब दोनों रिक्शा में वहां चल पड़ते हैं ..

कुछ 10 मं बाद अचानक से बारिश गिरने लगती हैं … धीरे धीरे बारिश जोरों से गिरने लगती हैं…

“रौशनी जी बारिश बहुत तेज़ हैं , आप एक काम करिये वहां साइड में दोनों तरफ एक फ्लैप हैं .. उसे खोलिये , उससे बारिश अंदर नहीं आएगी .”

रौशनी वही करती हैं और फ्लैप निचे लारती हैं . रमेश अंदर एक लाइट हैं वह लगता हैं .. पीछे देखता हैं तोह रौशनी उस धीमी लाइट में मस्त लग रही थी , उसका गोरा बदन अँधेरे में चमक रहा था .. रमेश का लुंड तोह जोरों से झटके मारने लगा .. बहुत hi मस्त लग रही थी रौशनी.

रौशनी देख रही थी की वह तोह बारिश से बच कर बैठी थी लेकिन बारिश की तेज़ी से रमेश गीले हो रहे थे .. आगे रास्ता भी अच्छी तरह से नहीं दिख रहा था ..

रमेश जी आपके बगल में वह फ्लैप नहीं हैं , आप तोह भीगे जा रहे हो.. आपको रास्ता भी नहीं दिख रहा होगा …

“कुछ नहीं रौशनी जी ऐसे hi चला लूंगा .. आप तोह भीग नहीं रही हो न , बस और क्या , हम भीगेंगे कोई प्रॉब्लम नहीं .. हाँ रास्ता थोड़ा साफ़ नहीं दिख रहा हैं , लेकिन आपको लेट होगा काफी इसीलिए रोक नहीं सकता रिक्शा .. वैसे भी रिक्शा रोकूंगा तोह भी में भीगते जाऊंगा न ..”

रौशनी कुछ सोचती हैं , उसे दर था की रास्ता मजो दिखने के कारन कुछ एक्सीडेंट न हो, और रमेश भी इतने भीग रहे थे , उसे उनके लिए बुरा लग रहा था

“रमेश जी प्लीज आप मत चलाइये , आप चाहे तोह रिक्शा रोक कर पिछले सीट पर आ सकते हो … मुझे थोड़ा लेट हुआ तोह चलेगा रमेश जी.”

रमेश यह सुनकर बहुत खुश हुआ , वह अब रौशनी के करीब बैठ पाएगा. उसने रिक्शा साइड में रोक दी और निचे उतर कर रौशनी के साथ पीछे बैठ गया.

अब रौशनी और रमेश ोीचे बैठे थे और फ्लैप बंद कर दिया था .. अब दोनों अंदर थे और बस धीमी सी लाइट थी ..

रमेश जी आप तोह बहुत भीग गए हो ..

रौशनी जी इतस फाइन , मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं …

रौशनी की नज़र अनजाने में रमेश जी के क्रॉत्च एरिया पर गयी , सुबह का सिचुएशन सोचने लगी और फिर शर्मा कर झट से अपने आँखों को वाहन से हटा दिया ..

अब दोनों शांति से अंदर बैठे थे … फिर बिजली की कड़कने की आवाज़ आयी और रौशनी दर कर रमेश को पकड़ लिया ..

अब रौशनी के ज़ुल्फ़े रमेश के चेहरे पर थे .. और वह रमेश की बाँहों में थी .. रमेश इसी का मौका उठाते अपने हाथों को रौशनी के बदन पर फेरने लगा .. उसकी पीठ पर फिर उसके बाँहों पर .. उसकी मुलायम त्वचा को फील करते hi उसका लुंड उभरने लगा … और झटके मारने लगा ..

कुछ सेकंड दोनों ऐसे hi बाँहों में थे … फिर रौशनी ने अपना चेहरा ऊपर किया और रमेश को देखने लगी.. दोनों के आँखें एक दूसरे के आँखों को देखती रही ..

बहार बारिश और अंदर रिक्शा में दोनों उस धीमी लाइट में बैठे थे एक दूसरे के बाँहों में …

रौशनी के होठं अब रमेश के काफी करीब थे . रमेश और रौशनी के होठं एक दूसरे के तरफ बढ़ने लगे … और अब बस कुछ hi इन की दुरी थी दोनों के होठों में. रौशनी की हलबी होठं और रमेश के काळा भद्दे होठ बिलकुल करीब थे ..

F0-C81-C9-F-2-FCD-4819-968-A-40-F227133-A1-E.jpg
FA1-A5-BF5-10-BE-498-A-9459-62-B5103-DF0-D3.jpg
AD3-CE63-B-490-B-4375-A771-3633-E3-B119-F0.png


रमेश जी का लुंड झटके मार रहा था .. रौशनी जैसी सुंदरी उसके बाँहों में थी और उसके गुलाबी होठं उसके होठों के बिल्कु करीब थे .. रमेश अपने हाथों को रौशनी के बाँहों में फेर रहा था जिससे रौशनी को गूसबम्प्स आने लगे .. कीच और सेकंड ऐसे hi रहकर रौशनी बुदबुदायी

“रमेश जी , आप प्लीज मुझे छोड़िये .. प्लीज …”

रमेश का दिमाग चलने लगा ज़ज़ वह झट से रौशनी से जुड़ा हुआ ..

“सॉरी रौशनी जी मुझे माफ़ कीजिये , मुझे ऐसे नहीं करना चाहिए था .. सॉरी में जाता हूँ ..”

रौशनी बस रमेश को देखती रही ..

“रमेश जी ोप्लेसे आपने कुछ गलत नहीं किया .. मुझे न बिजली से बहुत डर लगता हैं , में hi गलत थी की आपको ऐसे पकड़ने लगी ..”

“नहीं रौशनी जी आपको कोई गलती नहीं हैं इसमें .. कुछ भी हो मुझे आपको चुना नहीं चाहिए था.. कहाँ आप महलों की पारी और में बुद्धा सा रिक्शा ड्राइवर “

“रमेश जी प्लीज इसमें आपकी कोई गलती नहीं हैं …”

नहीं रौशनी जी आप कितनी भी सेक्सी हो .. मुझे आपको ऐसे नहीं चुना चाहिए था मुझे जैसे काळा बुड्ढे ड्राइवर ने .. आप जैसी सुन्दर सुशील महिला को ऐसे नहीं चुना चाहिए था ..”

रौशनी को बहुत बुरा लग रहा था .. उसकी नज़र निचे रमेश के पंत पर गयी तोह वह देखि की उनका लुंड खड़ा हुआ था … उफ्फ्फ काफी बड़ा लुंड था रमेश जैसे बुड्ढे का .. उसे अब बहुत शर्म आ रही थी .. वह झट से दूसरी तरफ देखने लगी.

रमेश समझ गया की रौशनी उसके लुंड को उसके पंत में उभरते देख शर्मा रही थी .. वह अब ऐसे बैह गया जिससे उसके उभरता लुंड पंत में से साफ़ साफ़ दिखाई दे .. लेकिन वह अनजान बने बैठे हुआ था ..

रौशनी को रहा नहींजा रहा था .. उसने कुछ सेकंड फिर से अपनी नज़र रमेश की उभर पर डाली ..

उफ्फ्फ बड़ा शैतान होगा इनका ममम …

EB724780-FAF3-423-B-A225-DE4781-BC559-B.webp
2-EE6-F2-C2-6-F1-E-4071-A527-4864-C5-FA1-D6-E.gif


(उफ़ ये क्या में सोच रही हूँ … रौशनी खुद के ख्यालों को पकड़ती हुयी )

रौशनी जी एक बात कहूंगा . आप सच में ेल खूबसूरत पारी हो … आपके पति बहुत hi लकी हैं … काश आप मेरी बीवी होती .. सच कहता हूँ आपको कभी काम करने नहीं भेजता , खुद बहुत कमाता आपको खुश रखने ..”

रौशनी को रमेश की बातें पसंद आने लगी .. वह ज़रूर बुड्ढे थे लेकिन बहुत एक अच्छे थे और उनकी तारीफों में सचाई थी ..

अब बारिश बंद हुयी थी .. रमेश फिरसे रिक्शा चलने लगा और कुछ देर में रौशनी को घर तक पहुंचा दिया

“रौशनी जी में चाहो तोह कल से नहीं आऊंगा आपको लेने .. मैंने गलती की हैं और उसकी सजा यही होगी की में अपनी प्यारी दोस्त को सवारी नहिन्दुंगा .. आप किसी और रिक्शा से जाइये ..

“ नहीं रमेश जी आप hi अब मेरे परमानेंट रिक्शा ड्राइवर हो . में आप hi की रिक्शा से जाउंगी और आप hi मुझे घर छोड़ोगे .. हम दोस्त हैं और आपको इस दोस्ती की बात माननी hi होगी..”

रमेश मन में मुस्कुराया … रौशनी जाल में फस्ती जा रही थी .. बहार से तोह वह मायूसी का चेहरा बनाये था .. फिर बोलै “हाँ ठीक हैं अब आपने दोस्त मान hi लिया हैं तोह यह दोस्ती कभी नहीं तोडूंगा .. आप सच में बहुत hi स्वीट हो रौशनी जी .. आपका दोस्त बनकर मुझे बेहद ख़ुशी होगी .”

रौशनी मुस्कुरा कर घर जाने मुद कर चली गयी .. रिक्शा में रमेश अपने बड़े लुंड को अपनी पंत में मसलता हुआ रौशनी की पतली कमर, हिलते चूतड़ों को देख बोलै (हैयय उफ्फ्फ क्या माल हैं यार , आज तोह मस्ती में थोड़ा सा रगड़ने मिला उसके नाज़ुक बदन को … अब तोह इसके हर अंग से खेला चाहता हूँ .. उफ्फ्फ रौशनी तुम्हे तोह में अपनी बना कर hi रहूँगा अह्ह्ह मेरी कामुक रानी )

1-E2-BF200-D5-DC-4-B6-F-AC29-8-B05190967-B0.jpg
4-B649-AC9-AF1-B-4159-A47-A-DCDB9-C1-BEC01.jpg
9-DC8-BA3-E-8-E63-4-EB4-BA36-48-D7027-CE65-E.jpg
51838-ACA-F2-F8-4-E2-F-92-CC-01-A20-AC65-CAD.jpg
 
Back
Top