Parivar se nafrat fir pyaar - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

hotaks

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Dec 5, 2013
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Hello दोस्तों मेरा नाम हे अजय में यहाँ पर एक स्टोरी पोस्ट कर रहा हु.

ये स्टोरी पुररी तरह काल्पनिक हे अगर यहाँ के किसिस कैरक्टर का अस्तित्व रॉलिटी में निकल अत हे तो बस ये एक सहयोग हे

बाकि ये पूरी स्टोरी काल्पनिक हे.

ये कहानी हे एक ऐसे बेटे की जो की अपने hi माँ बाप से अपने परिवार से नफरत कर बेथ ता हे और अपने परिवार में सिर्फ अपनी दादी को hi प्यार करता हे.

सबसे पहले इंट्रोडक्शन फमलीय का

सबसे पहले एते हे सिटी में रहने वाली फमलीय पर

मर. आकाश सींग रावल :-
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आगे 44यर हे दिखने मैं अभी भी 30 साल के एक हैंडसम मन है. इनकी फमलीय बहुत रिच हे इनकी एक बार सदी गौ में hi हो गई थी बूत इन्होने 3 बार सदी की हे. आकाश को शुरू से बिज़नेस करना था और आज वो एक बिज़नेस टाइकून है इसकी कंपनी इंटरनेशनल लेवल पे है अभी जिसका नाम है रावल इंडस्ट्रीज

नाम पैसा इज़्ज़त सोहरत आकाश के पास बहुत है जो की आकाश ने अपनी काबिलियत से और अपनी म्हणत से काम्य है अंकित इनकी जान है.

मरस. अवंतिका सींग रावल :-(शी इस NO मोरे) अपने हीरो की माँ बूत इनकी प्रेगनेंसी में कुछ प्रॉब्लम होने के चलते अपने बेटे को जनम देते वक़त ये चल बाशी.

मरस. निशा सींग रावल :
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आगे 40 यर ये अपने हीरो की सौतेली माँ हे पर यह अपने हीरो को अपने सागा बेटे से भी ज्यादा प्यार करती हे. ये बहुत hi हॉट लेडी हे 38 के बूब्स 28 की गोरी चिकनी कमर और 38 की भर निकली हुई गांड. अगर इस इस हुश्न की देवी को कोई देखले तो सो नहीं पायेगा इतनी खूबसूरत है मस्ट बड़े होठ पर इतने भी बड़े नहीं नीली आखें और गानन्द के थोड़े निचे आते लम्बे काळा रेशमी बाल और चेहरे पर एक सेक्सी सी लत

मरस मनीषा सींग रावल :-
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आगे 39यर सच में आकाश की तो किस्मत hi खुल गई इसका फिगर तो निशा जैसा hi हे पर चेरा भी सूंदर है मस्ट गोरा बदन नुकीले गोल चूचिया भरी हुयी गानन्द और मस्ट आखे ये भी निशा के जैसे hi अपने हीरो को अपने बेटे की तरह प्यार करती हे क्युकी निशा की तरह hi ऐसे भी बेटे की माँ बनने का सुख नहीं मिला.

नेहा सींग रावल:-
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आगे 20यर ये आकाश और निशा की बेटी हे. ये अभी अपनी

म. कॉम की पढाई कर रही हे और खूबसूरती तो ऐसे अपनी मसे विरासत में मिली हे कॉलेज में सुबलाड़के पागल हे इसके पीछे. कोई ऐसे अपने गफ नहीं बनाएं कहता सीधा सदी करना चाहते हे. पर नेहा की सिर्फ एक hi िक्षा हे की कब अपने छोटे भाई से मिले. इसका फिगर पर भी नज़र देते है 34 26 34 मस्ट गोरी दिखती है

मोनिका सींग रावल :-
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आगे 20यर ये आकाश और मनीषा की बेटी हे ये अपनी M.A. की पढाई कर रही हे और एनेः से 2 महीने

Hi छोटी हे तो कभी कभी गलत बात पर नेहा ऐसे थप्पड़ भी जड़ देती हे. और ये भी अपने छोटे भाई को मिलने केलिए बेताब हे. इसका फिगर भी 33 26 33 है

ये तो हो चूका सिटी के परिवार का इंट्रो अब एते हे गौ में रहने वाले परिवार वालो पर.

मरस. सुलोचना सींग रावल :-
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ये बहुत सीधी महिला हे पर इसका एक और रूप भी हे जिसमे यह बहुत ऐयाश थी. ये अपने पति के गुज़र जाने के बाद अपने बेटो से चुदती थी.

(यहाँ में आपको बाटाडू की इस परिवार में कोई भी मर्द घर की किसी भी ायरत को छोड़ सकता हे या यु कहो की ये पूरा परिवार चुड़क्कड़ हे.)

अंकित सींग रावल:-
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आगे 18 यर अपना हीरो ये भाई साहब अपनी मस्ती में रहते हे. अपने ड्रेसिंग सेन्श पर ध्यान देना नै नै लड़किया पटना और उन्हें छोड़ना यही काम हे इनका. इसे सभी दोस्त प्यार से एक कहते हे. क्यों की ये दोस्तों की हेल्प के लिए हमेशा तैयार रहता हे. और ये भाई साहब कॉलेज में पढ़ती सभी लड़कियों के डिल पे राज करते हे क्यों की एक बहुत hi. हैंडसम हे या यु कहु की चोकलाती बॉय हे रोज़ाना टाइम से गयम करने वजह से इनकी बोड्डी काफी अच्छी हे और इनका लुंड 8इंच लम्बा और 3 इंच मोटा हे जो किसी भी

लड़की या औरत को खुस कर देता हे पर एक

को अपने घर की ऐयाशी के बारे में कोई खबर नहीं हे. फ़िलहाल ये भाईसाहब क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स शर के बेस्ट कॉलेज में अपनी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कर हे हे और एक बात ये भाई साहब पढ़ी में भी टॉप पर हे 12तह का एग्जाम तो इन्होने ऐसे पास किया की जैसे कोई इजी एग्जाम हो.

मर. मनोज शिंग रावल :-
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आगे 42 यर ये एक के चाचाजी हे इनकी भी दो शादी हुई हे पर दोनों बीइओ से बेतिया hi हे इस लिए एहि भी अपने भतीजे को अपने बेटे की तरह प्यार करते हे.

मरस शीतल सींग रावल :-
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आगे 37यर ये भी दिखा ने में काफी खूबसूरत हे 37-30-38

का दमदार फिगर ये अपने पति और सासु ा के साथ गौ में hi रहते हे.

तन्वी शिंग रावल :-

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आगे 35 यर ये भी शीतल के जैसी हे खूबसूरत हे. और ये और शीतल दोनों अंकित के साथ चुदाई करने को तरस रही हे पर अंकित को अपनों के साथ ये सब करने को गलत मंटा हे इसी लिए कभी भी इनकी कहा नई ओरल सेक्स से आगे बढ़ी hi नहीं. 34 26 34 का फिगर

साक्षी शिंग रावल:-

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आगे 20 यर ये सुन्दर भी बहुत हे पर ऐसे अपने एक काम पर बहुत पछतावा हे जोकि अंकित और इसके बिच हुवा था ** साल था अंकित तब इन्होने अंकित साथ सम्बन्ध बना लिए थे पर ये hi अपने परिवार की ऐयाशी के बारे में नहीं जानती ये मनोज और शीतल की बेटी हे.

फ़िलहाल ये अपने गायके नजदीक वाले शर के कॉलेज में अपनी बबा की पढाई कर रही हे

तिया सींग रावल :-
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आगे **यर ये भी बहुत सुन्दर हे पर ये अभी बाकी हे और अंकित की लाड़ली बेहेन ये अभी 10तह पास किया हे और ये 1 साल ब्रेक कहती हे ऐसी लिए अभी ये घर पर हे रहती हे.

डॉ. लीज़ा अरोरा :
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आगे 35 ईयर एक बहुत hi खूब सूरत औरत फिगर 36 30 36 है और चेहरे से भी ब्यूटीफुल है ये एक माहिर साइकोलॉजी डॉक्टर है ये और ये अंकित का इलाज करती थी क्यों की अंकित हंमेशा किसीने किसी टेंशन में रहता और स्ट्रेस में आजाता और इसका मैं रेसों था उसका अकेला पैन और उसका गुस्सा इसी लिए वैसे भी ये अंकित को पसंद करती थी कभी कभी ये दोनों ओरल सेक्स भी करते थे

मर राज मल्होत्रा :
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आगे 37 एक डॉक्टर है बहुत बड़े सुरजन है खुदका एक बड़ा हॉस्पिटल है और जरुरत मंद लोगो का फ्री मैं इलाज करते हज निशा का छोटा भाई और अंकित और नेहा के मां दिल के बहुत ा अच्छे है

ज़रा मल्होत्रा :
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आगे 35 राज की पत्नी एक दम खुश मिज़ाज़ ायरत और सुलजी हुयी हंमेशा पाने पति की हर बात मानती है और उसे बहुत प्यार करती हज ख़ूबसूरत चेहरा भरा हुवा सरीर मतलब 36 30 38 रंग गोरा

और अपने पति को निशा को माफ़ करने की हंमेशा रिक्वेस्ट करती है

जिया :
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राज और ज़रा की बेटी आगे 18 साल से दो साल काम इयर्स एक दम अंकित की गुड़िया जैसी अभी 12 तह मैं है

एक दम मस्ट गोरी खूबसूरत प्यारी और फिगर 26 24 28 अभी से hi हॉट फिगर है

रजनी मल्होत्रा :
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आगे 37 इयर्स एक खूबसूरत अप्सरा अपनी बड़ी बेहेन निशा की तरह ये भी दिल की अच्छी ायरत है ये तलाक सुधा है क्यों की इसका पति रोज़ इसे मरता था और तोर हेर करता इसी लिए इसके उसे तलाक दे दिया इसका पति शरभ था जिसके चलते उसने एक बार भी रजनी के साथ सेक्स नहीं किया इसका बिगड़ : 36 28 36 है

ये अपने भाई और भाभी के साथ hi रहती है और कॉलेज मैं प्रोफेस्सर की जॉब करती है और ये भी अपने भाई के जैसे अपनी बड़ी दीदी निशा से नाराज़ है राज और रजनी ट्विन्स थे राज रजनी से 5 मं बड़ा है

बात तब की हे जब ाखास ने निशा से सदी कीथी और उसके बाद वो शर चला गया वसे तो आकाश कहता तो अपने पिता के पैसो से वैसे भी बड़ा बिज़नेस खड़ा कर सकता था क्यों की उसका परिवार काफी रईस था पर उसे अपनी पहचान बनानी थी इसीलिए वो शर चला गया और अज्ज

आकाश शर का जाना मन रईस बिज़नेस मन हे. पर जब आकाश जब शर आया तो उसने अपने प्यार अवंतिका के से साडी की निशा अवंतिका से छोटी थी पर दोनों में सगी बहनो जैसा प्यार था जब आकाश ने अवंतिका से साडी की तब निशा

ने नेहा जनम दे दिया था जब दो शॉल बाद अंकित पैदा हुवा तो कुछ मेडिकल इश्यूज की वजह से अवंतिका चल बसी पर आखरी वक़त में उस ने निशा से एक वाद लिया

अवंतिका : निशा मुझे पता नहीं की में बच पाऊँगी की नहीं पर मुझे एक वादा करो की तुम मेरे बेटे को अपने बेटे की तराश प्यार डौगी

निशा (रट हुआ) : दीदी आपको कुछ नहीं होगा प्लीज ऐसी बात मत करिये

अवंतिका :अरे पगली रो क्यों रही हे जो भी दुनिया में एक बात अत हे उसे एक दिन जाना hi हे तू बस मुझे वादा कर की मेरे बेटे को कभी अपनी सगी माँ की कमी महसूस नहीं होने देगी

तभी वह आकाश भी आ जाता हे और रोने लगता हे क्युकी आकाश ने अवंतिका से सच्चा प्यार किया था

ाआकाश :ये क्या हुआ हे तुम में तुम्हे कुछ नथी होने दूंगा.

आवंतिका :में हमेशा आपके साथ rahugi.bas में कहती हु की हमारे बेटे का मेरे जीतेजी नाम कारन हो जाये

आकाश :बोलो क्या आम रखना हे इसका नाम तुम हे रखोगी.

अवंतिका: इसका नाम होगा अंकित हमारा अंकित. निशा बोल वादा करती हे मेरे बेटेको हमेशा खुश रखेगी.

त्रिशा (सुबकते हुए) :है दीदी में हमेशा अंकित पर अपनी ममता बर्सौंगी

अवंतिका : मैं कितनी खुश हु आखिर मृ तीनो जाने एक साथ यहाँ है जिनका चेहरा देख कर मैं खुसी खुसी अपनी आखें बंद कर सकती हु मेरी तीनो जाने मेरा बीटा मेरी बेहेन और मेरा सुहाग सच मैं मैं बहुत खुश किस्मत हु जो इस जनम मैं आप सब का साथ मिला

अब मैं चलती हु ाललललववविदाआ ाःह्ह्ग्ग

और ये कहते हुए अवंतिका ने डैम तोड़ दिया

और उसके बाद आकाश अपने गौ कला गया पर सुलोचना को अपने खंडन के चिराग को देखने की जल्दी थी. अवंतिका की मौत का दुःख तो सभी को था पर उससे भी ज्यादा खुसी थी अंकित के पैदा होने की. उसके बाद आकाश ने अंकित को अपनी माँ के साथ छोड़ने का फैसला किया ये सोच कर की उसकी माँ का मन लगा रहेगा पर उसे कहा पता था की ये उसकी सबसे बड़ी गलती

साबित होने वाली हे. उसके बाद आकाश वापस शर आज्ञा और उसने अपनी दूसरी प्रेमिका जोकि आकाश अवंतिका से पहले प्यार करता था वो थी मनीष उसे सदी कर्ली थी पर अवंतिका को हर्ट नहो इसीसलिए उसने अपने पार को डाबडिया. पर अवंतिका के जाने के बाद आकाश का प्यार निशा और मनीषा केलिए बाद गया था.

पर मनीषा को भी अवंतिका केवड़े के बारेमे पता चला और उसने उस वादे कोई निभाने में निशा का साथ देने का फैसला किया पर उस वादे कोई निभाने की नौबत hi नहीं आयी. पर नेहा और मोनिका को ये बात पता नहीं की अंकित उनका सागा भाई नहीं हे

और अब बात अति हे अंकित की अपने माँ बाप की तरफ भावना ो की तो अंकित अपने माँ बाप से बेतहासा नफरत करता हे अंकित को हमेशा ये लगता था की मेरे माँ बाप जल्द उससे मिलने ए या फ़ोन करे पर किस्मत को कुचोर hi मंजूर था आकाश कभी भी उससे मिलने नहीं गया न किसीको जाने दिया क्यों की आकाश अपनी बेटियों की पढाई को लेकर बहुत स्ट्रिक्ट था. ोसी लिए जब अंकित 16 साल का हुवा तब उसकी बेचैनी की जगह नफरत ने लेली.

पर अंकित अपने बाप सभी ज्यादा आमिर हे क्यों की जब अंकित 10 तह में था और दूसरे शर में था तब एक दिन रात के वक़त जब अंकित अपनी ट्यूशन पूरी करके लौट रहा था तब उसने देखा की कुछ गुंडे एक आदमी को मार रहे थे. (यहाँ में आपको बता दू के अंकित मरक्लार्ट्स में चैंपियन था) तो उसने वह जा कर सभी गुंडों को अधमरा करदिया और उसके बाद अंकित उस आदमी को हॉस्पिटल लेग्या. और वहासे निकल गया. परदूसरे दिन उसे हॉस्पिटल बुलाया गया वह पर उसे पता चला की वो आदमी बहुत रईस हे और उसकी प्रॉपर्टी हथियाने केलिए उसके बेटे ने उसपर हमला किया पर उसने उसे कुछ नहीं दिया. उसके बाद उस आदमी के लॉयर ने वसीयत सुनाई जिस में उस अड़ मि का सब कुछ अंकित के नाम करदिया. जिससे अंकित खुस था और हैरान भी पर उसने उसमेसे 30 %प्रॉपर्टी दान करदी पर फिर भी वो अपने चाचा और बाप दोनोसे आमिर था और उसकेघर वालो ने भी अंकित को बधाई दी और अंकित शर में आलीशान ज़िन्दगी जिरह था..

और उसके चाचा उनकी पुस्तिनी जमीं देखते थे और फैक्ट्री भी असलमे अंकित के दादाजी ने गौ वालो की भलाई केलिए एक फेक्टय खोली थी जिससे गौ वालो को रोजगार मिलसके इसीलिए उनकी गौमे बहुत इज्जत थी मनोज उसी को फैक्ट्री को देखता था.

यहाँ इंट्रो ख़तम होता है. अपडेट में जल्द hi देने की कोशिश करूँगा ok ब्यय सीयू सून
 
गाइस ये स्टोरी मेने एक स्टोए से इंस्पिरेशन लेकर बनाई हे अगर मेने किसिस वृतितर को हार्ट किया हो तो में तहे डिल से माफ़ी मांगता हु

ये स्टोरी मेने नफरत स्टोरी को पढ़ के बनाई हे जो की रितेश भाई ने लिखी हे अगर मुझसे गलती हुई हो तो माफ़ करना पर ये स्टोरी उस स्टोरी से अलग होगी ये वादा हे मेरा

फ़ास्ट एक सहर के रिहाशी िकाले में एक संदर बंगलो हे उस बैग्लोव के

सेकंड फ्लोर पर एक आलीशान रूम में सो रहा हे इस प्रॉपर्टी का मालिक

अंकित.

सुबह के 7 बज रहे थे

तभी अंकित उठ ता हे और फ्रेश होने चला जाता हे और वापस एके गयम में जा ता he(yaha में आपको बाटाडू के अंकित के बंगलो में उसका पर्सनल

गयम भी हे) और अंकित अपना ीफोने सस मैक्स निकल कर उससे अपने एयर पोड कांटेक्ट करता हे और गयम करने लगता हे.

उसके बाद वो नहाने अचला जाता हे

या एक और कैरेक्टर को इंटरडूस करदु

जो हे प्रिय :-आगे हे 30 ये एक मिडिल क्लास घर की लड़की हे इसकी घर की हालत ख़राब थी पर तब अंकित ने ऐसे घर में खाना बनाने ऑफ़ साफ़ सफाई काम दे दिया. ये थोड़ी सावली हे पर इसके नयननक्श बहुत तीखे हे 32 28 36 का फिगर जिसे देख कर कोई भी पानी छोड़ दे

एक बार इसने अंकित से अपने परिवार की खातिर एक छोटी सी जमीं का टुकड़ा माँगा और अंकित ने एक अच्छी और उगजौ जमीं देदी और वह पर भी मजदूर लगवा दिए जिससे प्रिय के परिवार को आसानी से अछि रकम मिल सके प्रिय ने अंकित का ाषाण छू काळा केलिए कहा की वो जो कहेगा वो करेगी

तब अंकित कहा की तुम मेरी प्यास भू जड़ो पर अगर तुम्हारी मर्जी हो तोहि वर्ण में किसी की मजबूरी का फायदा नहीं उठता पर प्रिय को अंकित भ गया और तबसे ये अंकित की रखेल बन गई

बैक तो थे प्रेजेंट

अंकित तैयार होकर आईने के सामने खुद को देख रहा था

अंकित (मन में) : क्या बात हे एक तुझे देख कर तो कोई भी लड़की या एंटी अपनी छूट खोल दे.

अंकित सोच रहा और सोचे भी क्यों न अंकित था hi ऐसा दूध सा गोरा रंग

सिल्की बाल और अच्छी खाची बॉडी.

अंकित सोच hi रहा था की उसके रूम के दरवाज़े पर प्रिय आगे जो अंकित को देख रही थी

Priya:kya बात है सर अज्ज बड़े सजे

धजे लग रहे हे.

अंकित :अरे प्रिय तुम ाजाओ. और मेटो हमेश ऐसे hi तैयार होतहु.

पर आपको देख कर ये सब्द निकल hi जाते हे खैर अप्प कॉफी पीकर अपना दिन बनाइये में अपनी कॉफी पि कर अपना दिनन बनती हु

और ये कहा कर प्रिय ने अंकित को कॉफी का कप दिया एक कॉफी लेकर सोफे पर बैठ गया और प्रिय एक का पंत खोल कर अंकित का लुंड चूस ने लगी

यहाँ अंकित कॉफी के सिप ले रहा था और वह प्रिय अक्का लुंड चूस रही थी

अंकित: आअह्ह्ह्ह एहहह बेबी याहहह फ़ास्ट फ़ास्ट.

प्रिय ने अपनी रफ़्तार बाधादि

अंकित: आठ अह्ह्ह ी ऍम किंग बेबी ीमाकंमिंगगग अह्ह्ह

ये कहकर अंकित प्रिय के मुँह में जड़ गया.

और परिया अंकित के लुंड का पूरा रास पि गईऔर फ्रेश हो कर आई और अंकित को किश करके अंकित बहार चला गया

अंकित कॉलेज हंमेशा अपनी ऑडी कार में जाता था. अंकित कॉलेज पंहुचा वह उसके दोस्तों सभी रह देख रहे थे उसके दोस्तों में ौसे खास दोस्त था आर्यन

आर्यन और अंकित बहुत अचे दोस्त थे ये दो no दोस्त काम भाई ज्यादा थे

अंकित वह जा कर सबको ही किया सुब एक सिगरेट पि कर और सभी क्लास में काले गए

अब एते हे आकाश के सहर में

सुबह सुबह सुबूत छू के थे

बस मोनिका नहीं उठी थी और निशा ुरको जगा रही थी

निशा : मोनिका बेटी उठ जा नहीतो कॉलेज केलिए लेट हो जाएगी

मोनिका ने अपने ऊपर से चादर हटाई तो निशा ने देखा की मोनिका बिलकुल नंगी लेती हुई थी

मोनिका : ओह्ह मेरी प्यारी बड़ी माँ

ये कह कर मोनिका निशा के गले लग जा टी हे और निशा भी उसे प्यार से गले लगाती हे.

निशा: अरे बीटा ये क्या तू नंगी hi सोया थी.

Monika:kyu माँ हॉट लग रहिहु न

तभी बहार से मनीषा की आवाज अति हे

मनीषा :थोड़ी टी सर्कार मोनिका अपनी बड़ी माँ के सामने ऐसे बात करते हे

मोनिका :अब में हॉट हु तो हु माँ तू भी काम नहीं हे.

उसके बाद मोनिका टॉवल लेकर बाथ रूम में घूस जाती हे

मनीषा : दीदी अपने न ऐसे लड़ प्यार दे कर बिगाड़ रखा हे
 
निशा : अरे तू छोड़ न बच्ची हे.

'' अरे निशा अज्ज चाय मिलेगी की नहीं ''

आकाश बहार से सी आवाज लगता हे.

Manisha:didi देखोटो इनको पता हे की चाय सविता hi इन्हे देगी पर फिरभी आपको hi पूछ रहे हे ऐसा क्या हे आप में दीदी हेहेहे.

निशा :चुप कर बेशरम

निशा :सविता ज़रा साब को चाय देना

सविता :जी मेमसाब

और ये कहकर सविता आकाश को चाय देती हे

तभी वह नेहा और मोनिका आजाते हे

नेहा & मोनिका : गुड मॉर्निंग डैड

आकाश :गुड मॉर्निंग बीटा

नेहा : सविता आंटी हमें भी कॉफी पीला दीजिये

सविता :अभी लो गुड़िया रानी

सब चाय की सिप ले रहे थे के तभी

आकाश बोलै

आकाश : कल गौ से मनोज का फ़ोन आया था कह रहा था की हमारे भाई साहब बहुत बिगड़ गए हे सिगरेट पिने लगे हे

मनीषा : सब आपकी गलती हे आपको अंकित को गौ में छोड़ना hi नहीं चाहिए था अगर हमारे साथ रहता तो वो बिगड़ता क्या.

निशा :एक भी ऐसा दिन नहीं गया की मेने उसे याद न किया हो मुझे तो ये भी पता नहीं वो दिकता कैसा हे

अपना पत्नी धरम निभाने के लिए में उसे वहींछोड कर आगयी

आकाश :निशा में और करता भी क्या तुम्हे तो पता हे की माँ को कितनी िक्षा थीपरिवार के वरिष्ठ की और 6 साल बाद मुझे लगा की उसे लेकर अउ पर अपने काम में से सही फुर्सत नहीं मिली

मनीषा : चलो काम से काम एक फ़ोन तो कर देते

आकाश :पर घरवालों ने कहा की वो फ़ोन उसे नहीं करता एक काम करते हे एक महीने बाद बेटिओ की एग्जाम हे तो एग्जाम के बाद अपने गौ जायेंगे और फेस तो फेस मिलेंगे और उसे वापस भी लाएंगे

मोनिका :माँ कितना अच्छा होगा जब हमारा भाई हमारे साथ रहेगा

निशा :अबकी बार तो में उसे कही नहीं जाने दूंगी

सब यहाँ अंकित को मिल ने केलिए एक्ससिटेड हो रहे थे पर इन्हे कहा पता था की एक महीने बाद इनकी एक्ससिटेमेंट की ऐसी की तैसहि होने वाली हे

अपडेट पोस्टेड भाइयो सॉरी पर मुझे स्टोरी राइटिंग का इतना नॉलेज नहीं हे और ये मेरी फोर्ट स्टोय हे तो कुछ भूल हो तो इग्नोर कर देना
 
अंकित के सहर में

कॉलेज की चिट्टी हो चुकी थी अंकित और आर्यन सेण्ट में बैठे कॉफी पि रहे थे

तभी अंकित ने देखा की आर्यन अज्ज कुछ ज्यादा hi परेशां लग रहाहे हलाकि अंकित को पता है की आर्यन काफी दिनों से परेशां है पर अज्ज कुछ ज्यादही टेंशन में दिख रहा था अंकित से रहा नहीं गया और उसने

आर्यन से पूछा

अंकित: भाई तुझे कुछ प्रॉब्लम है क्या बहुत परेशां दिख रहा है

Aryan(sakpaka कर) नहीतो भाई मुझे क्या टेंशन

अंकित : देख भाई दोस्त हु तेरा तुझे अच्छी जनता हु बोल क्यों परेशां है

आर्यन : भाई क्या बताऊ जीने का मन नहीं करता ऐसा लगता है मर जाऊ

अंकित (गुस्से से) :क्या बक रहा है होश में तो है मुझे पूरी बात बता की आखिर हुआ क्या है तुझे

आर्यन :यहाँ नहीं कोई संत जगह चलते है जहा हु मरी बाते कोई सुन न सके

अंकित :चल अपने अड्डे पर चलते है

ये कहकर दोनों अंकित की कार में निकल गए और पहुंचे एक छोटे फार्महाउस पर ये फार्महाउस भी अंकित का hi था जब कभी अंकित उदास होता या फिर बेचैन होता तो थोड़ा वक़त यहाँ अकेले में बीतता

यहाँ में आर्यन की फमलीय को इंट्रोडस करदु

मर. अनमोल :ये एक बिज़नेस मन है इनका खुद का ट्रांसपोर्ट का बिज़नेस है ये आर्यन के डैड है

मरस रागिनी : ये हाउस वाइफ है आर्यन की माँ

मस रश्मि :आर्यन की सबसे बड़ी बहन

मस स्वाति :ार्यान्की बड़ी दीदी

मस जानवी : आर्यन की छोटी दीदी

खुशबु: रश्मि की खास सहेली

मर. राजीव : आर्यन के मां

मरस ज्योति :आर्यन की ममी

मर विक्की : आर्यन के मां का बीटा

मस ेशा : आर्यन के ममकि बड़ी बेटी

अंकित :क्यों मरना छठा है. ऐसा क्या हुवा की तू इतना स्ट्रेश में आगया

आर्यन (रट हुए) क्या बताऊ भाई मेरे परिवार में सब मुझसे नफरत करते है

अंकित आगे बढ़ कर आर्यन को गले लगा

लेता है उसे शूम हल ताहै और पास राखी चिर पर बैठा देता है

आगे की कहानी आर्यन की जुबानी

बात आजसे एक साल पहले की है जब हु मरी छुट्टिया चल रही थी और तू गौ गया था तब मेरे 17तह बर्थडे पर हम सुब कसिन्स गोवा गए थे रात के वक़्त पार्टी चल रही थी और सभी पार्टी एन्जॉय कर रहे थे.

पार्टी ख़त्म होने के बाद हम सभी

ट्रुथ और डरे खेल रहे थे उसमे मुझे

डरे मिला और सजा में मुझे ड्रिंक करने को कहा मेने कभी ड्रिंक किया नहीं था ऐसी लिए में वो पूरा पेग पि गया पर पेग पिटे हिमे होश खो बैठा ऐसी हालतमे मेने क्याक्या किया येभी मुझे याद नहीं

पर जब मुझे होश आया तब सामने का नजारा देख कर चौक गया सामने खुशबु दी बैठी थी और रो रही थी उनकी हालत देख कर ेशलग रहा था की जैसे

उनका किसी ने रपे किया हो पर मुझे पता तो तब चला जब खुशबु दिने बोलना सुरु किया वो रोटव हुआ एक बात hi दोहरा रही थी

की आर्यन ने मेरा रपे किया बस तभी से डैड की छोड़ कर सब मुझसे नफरत करते है पर भाई मेरा यकीं मान मेने किसी का रपे नहीं किया

ये सब सुनकर तो अंकित की भी आँखे नुम हो गई थी

अंकित (नुम आखोसे) : किसने किया ये सब तू बस बोल सेल मछोड़ कर रख देंगे शला ऐसा कभी होता है क्या में उस खुस हु को छोडूंगा नै

आर्यन :ऐसा कुछ मत करना नहीं तो मेरा परिवार टूट जायेगा

अंकित :अरे कैसे संत होजाउ कोई साला मेरे भाई को फसा कर ऐश करे में ऐसा हर्गिश नहीं होने दूंगा और तेरी बातो से तो ऐसा फील होता है जैसे तुझे फ़साने वाला कोई तेरा अपना हिहै.

आर्यन :सही कहा वो मेरे मां का लड़का विक्की है और उसने ऐसा ऐसी लिए किया क्यों की मेरे परिवार रिश्तेदार हंमेशा मृ पढाई और बाकि सुब मामलों में मेरी तरफ करते है और वो मुझसे जेलस फील कर ता है

पर भाई तू ऐसा कुछ मत करना जिससे मेरा परिवार बर्बाद हो जाये

अंकित कुछ बोल ने को हुआ पर आर्यन ने उसे मन कर दिया

आर्यन : अच्छा वो चोर कल माँ का बर्थडे है और उन्होंने तुम्हे इन्विते किया है पार्टी में तो अजना

अंकित :कल मुझे कुछ काम से बहार जाना है पर में टाइम आने की कोसिस जरूर करूँगा

और दोनों वहासे निकल गए और अंकित ने आर्यन को ड्राप किया और अपने घर की और बढ़ने लगा

अंकित (मन में) : भाई मुझे पता है तू कभी अपने परिवार का बुरा नहीं सोच सकता और न hi रपे जैसा घिनोना काम

कर सखा है कल तेर माँ की बर्थडे पार्टी में तुझे बहुत बड़ा सरप्राइज दूंगा में तुझे परेशां नहीं देख सकता में तुझे ते रा परिवार वापस जरूर दिलाऊंगा ये वादा है एक दोस्त का.

भाइयो इसमें मेने आर्यन की कहा नई ऐसी लिए डाली है कियुकी आर्यन की माँ की बर्थडे पार्टी महि आपको अंकित की नफरत की एक झलक दिखेगी ok

ब्ययी सी यू सून
 
अपडेट 5

अंकित के सहर में

अंकित आर्यन की बात को याद कर रहा था

और उसने थान लिया था की वो आर्यन को उसका परिवार जरूर लौटाएगा.

अंकित घर आकर फ्रेश होता है और उसके बाद खाना खाने के बाद अपने बीएड रूम में अत है और अपना ीफोने निकल कर अपने खास आदमी को फ़ोन करता है

जो था सज

सज अंकित का खास आदमी था या यु कहु की

प्राइवेट डिटेक्टर

कॉल पर

एक : कहा है अप्प

सज : बस थोड़ा बहुत काम में बिजी था क्यों क्या हुवा कुछ काम था क्या.

एक : है काम 5है तभी तो कॉल किया है नहीं तो अप्पको फ़ोन करता क्या हाहाहा.

सज : है बच्चे ुदलो मजाक हम तुम्हारी तरह रईस नहीं है हमे तो कामना पद ता है.

एक : सॉरी सॉरी अच्छा अब काम की बात सुनो में एक फोटो भेज रहा हु वो लड़की मुझे किसी भी हालत में चाहिए

सज :कब चाहिए बोलो में आदमी लगता हु

एक : मुझे कल शाम 6 बझे वो लड़की चाहिए बोलिये कर पाएंगे के नहीं

सज :अरे तुम बोलो और हम न करे ऐसा हुवा है क्या पर पेशा थोड़ा ज्यादा लगेगा

Ak:app उसकी चिंता मत कीजिये अप्प लड़की को मेरे सामने लाओ में ुशी वक़्त पैसे ट्रांसफर करदूंगा

सज : तो ठीक है कल शाम 6 बजे वो लड़की तुम्हारे सामने होगी.

एक : ok ब्यय थें

ये कहकर अंकित फ़ोन कट करता है और सोने चला जाता है

अगले दिन सुबह अंकित उठता है और जिम कर ने लगता है और प्रिय के साथ एक बार चुदाई करने के बात कॉलेज निकल जाता है.

आज फिर से वो और आर्यन केंटीन में बैठे थे पर अज्ज आर्यन की हालत थोड़ी अच्छी थी

अंकित :और भाई अज्ज थोड़ा बेटर लगरहा है तू क्या बात है

आर्यन :बस कुछ नहीं अज्ज डैड वापस आगये और मेने उनके साथ माँ को विश भी किया पर कास जल्दीही सब कुछ ठीक हो जाये

अंकित :बस ऊपर वाले पर भरोसा रख वो सब ठीक करेगा

आर्यन : यार तू कभी भी मेरी बात का बुरा नहीं मंटा और हंमेशा मेरी हेल्प के लिए तैयार होता है कास यार तेरे भी माँ बाप जिन्दा होते

यहाँ आर्यन ने ऐसा ऐसी लिए कहा की क्यों की

जब आर्यन ने अंकित से पूछा था उसके परिवार के बारे में तो अंकित ने यही कहा था की उसके परिवार में सिर्फ उसकी दादी hi है माँ बाप मर गए क्योकि तब अंकित के अंदर उसके माँ बाप के लिए नफरत जनम ले चुकी थी

अंकित : यार वो सब बाते छोड़ चल अब में चलता हु मुझे कुछ काम है

आर्यन : पर भाई अभी तो 4 hi बजे है और तू क्या पार्टी में नहीं आएगा

अंकित :अरे भाई मेरे फ़ोन का चार्जर बिगड़ गया है वो hi लेने जा रहहु और आंटी के लिए गिफ्ट भी तो लेना है

आर्यन : ठीक है भाई तो पार्टी में मिलते है.

और ये कह कर अंकित वहासे निकल कर सीधे अपने घर जाता है और तैयार होकर बहार निकल जाता है और एक मॉल में जाता है और वह से एक एक्सपेंसिव लेडीज परफूम गिफ्ट पाक करा ता है और कार के पास अत है की तभी उसका फ़ोन बजने लगता है ये सज का कॉल था

कॉल पर

अंकित :है काम हुवा या नहीं

सज : अरे सब रेडी है वाइज है तो ये मस्ट माल क्या तुम्हारे आने तक हम मजा ले क्या

अंकित : नहीं ऐसा सोच न भी मत वो मेरे दोस्तों की बहन है

सज :क्या ठीक है जल्दी आ जाओ

अंकित कॉल कट करके अपने फार्म हाउस पर पहुँचता हैवह वो देखता है की खुश भी चेयर पर बंधी हुई है और सज और उसके 2 आदमी गेम खेल रहे है

अंकित : और भाइयो क्या हल चल

सभी अंकित से गले मिलते है

सज :अब पैसे भी देहि दो

अंकित : अभिलो और येलो हो hi गए सब के अकाउंट में 1 लक्स ट्रांफे करदिये है ठीक है

सज : हमे ऐसी लिए तुम्हारे साथ काम करना पसंद है

अंकित: ठीक है अब जरा अपने जुस्त से तो मिल्लू

और ये कहा कर अंकित खुशबु के पास जाता है और उसके सामने चेयर पर बैठ ता है

और सज से उसे खोल ने को कहता है और जैसे hi सज उसे खोल ताहै अंकित देख ता है की खुशबु बहुत दरी हुई है

अंकित (खुशबु से): देखिये दीदी डरिये मत हम आपको खुश नहीं करेंगे

खुसबू : तो मुझे यहाँ किध एप करके क्यों लिए हो छोड़ दो मुझे

अंकित : छोड़ देंगे पर पहले खुश काम की बाते हो जाये फिर हम आपको आपके परिवार के पास ले जायेंगे

खुसबू : कैसा परिवार मेरा कोई परिवार नहीं में अनाथ हु और जो मेरा परिवार था वो भी मेरी वजह से तबाह होगया

और ये कह कर खुशबु बुरी तरह टूट कर रोने लगती है पर अंकित उसे संभालता है और पानी पिलाता है

अंकित : मुझे पता है आपकी वजह से आर्यन का पूरा परिवार उससे नफरत करता है

आर्यन का नाम सुन कर खुसबू चौंक गई

खुसबू (हैरानी से) : तुम कैसे जानते हो आर्यन को.

अंकित : क्यों की आर्यन मेरा बचपन से दोस्त है क्या अप्प मुझे नहीं जानती खुशबु दी

खुशबु : अंकित तुम तो तुम ने ये सब किया अगर तुम ने ये सब किया है तो मुझे पूरा यकीं है की तुम मेरे परिवार को भी एक कार्डो गए.

अंकित : चलो जान कर खुसी हुई की अप्प मुझे जानती है

खुशबु : अरे जाँऊगी कैसे नहीं याद करो तुम्हे और आर्यन को में और रश्मि पढ़ाया करती थी

अंकित :वो सुब तो ठीक है पर आपका आर्यन ने ऐसा क्या बुरा किया की अप्पने उसपर इतना बड़ा इल्जाम लगाडिया

और खुशबु पूरी बात अंकित को बताती है

और उसे सुनके अंकित का खून खोलने लगता है पर उसने इस वक़्त सैंतिसे काम लिया

बात पूरी होने के बाद ाँकि टी बोलै

अंकित : हम्म तो ये बात है अज्ज आपको और आर्यन को अपना परिवार जरूर वापस मिलेगा ये वादा हे मेरा दीदी

और ये कह कर अंकित खुस हु को रूम में तैयार होने भेजता है और दोनों निकल पड़ते है आर्यन के बनलौ की और

आर्यन के बंगलो पर

सब तैयार होकर निचे आ चुके है और सब अंकित का वेट कर रहे थे तब अनमोल ने आर्यन को कहा

अनमोल: आर्यन तुमने अंकित को कहते था न

आर्यन :है डैड कहा तो था पर पता नहीं कहा रह गया

तभी जानवी आर्यन को तना मरते बोली

जहान्वी : एक काम भी ठीक से नहीं करता बाकि गलत काम में तो भाई माहिर है यो है न

रश्मि : चुप रह जानवी हमे उससे कोई बात नहीं करनी सामजी न तू रुक में अंकित को फ़ोन करती हु

बिचारा आर्यन अपनी दीदी के मुहसे इतनी कड़वी बाते सुन कर उसकी आंखोमे आशु आ गए जैसे hi रश्मि अंकित को फ़ोन कर ने वाली थी तभी घर के बहार कार रुकने की आवाज आयी तभी रागिनी बोली

रागिनी :लगता है अंकित बीटा आ गया

अंकित अंदर एते हुआ सब ने अंकित को विश किया अंकित ने रागिनी को विश किया और उसने रागिनी को उसका गिफ्ट भी देदिया सब हसी खुसी बाते कर रहे थे के तभी अंकित बोलै

अंकित : आपलोग आज बहुत खुश है क्यों न आपकी ख़ुशी को दोगुना करदु

रागिनी: बीटा अंकित ये क्या बोल रहा है

अंकित :है आंटी में आज आपको अपना बीटा और एक बेटी लौटाऊंगा

रश्मि : ये क्या बोल रहा है भाई

अंकित अज्ज में आप सुब क3 सामने आर्यन के बर्थडे के नाईट जो हादसा हुवा था उसकी सच्चाई वापस लोग

रश्मि :भाई ये क्या बोल रहे हो उसदिन हमने अपनी आखोसे देखा था आर्यन का रूप हमे तो सरम अति है ये कहते हुआ की आर्यन हु मारा सागा भाई है

अंकित : रश्मि दीदी जिसने आर्यन को फसाया है वो यहितो कहता था की आर्यन सब की अजरो में गिर जाये और आप सब उससे नफरत करो

रागिनी :क्या तुम्हारे पास इसका कोई प्रूफ है जिससे ये साबित हो की आर्यन ने उस मासूम लड़की का रपे नहीं किया था

अंकित: है आंटी इसका साबुत है रुकिए अभी बताता हु.

और ये कहकर अंकित अपना फ़ोन निकल कर एक मश्ग कर ता है और खुशबु घर के अंडर आजाती है सब खुशबु को देख कर बाग़ कर उसके पास जाते है और उससे गले लगते है

रश्मि : यार खुशबु तू क्यों घर छोड़ कर भागी क्या कमी थी हमारे प्यार में

हमे पता है तेरे साथ इस आर्यन ने बहुत गलत किया पर इसमें हु मारा क्या कसूर.

रागिनी आगे आकर खुशबु को सीने से लगा लेती है और रोने लगती है तभी अंकित बोलै

अंकित : आंटी खुसबू दीदी hi बताएगी की उस दिन आखिर हुवा क्या था

रागिनी : बोल बीटा आखिर हुवा क्या था उस दिन

खुशबु : उसदिन जब सुब लोग गोवा जा रहे थे तब विक्की भाई ने मुझे रोका और

अपना फ़ोन में मुझे एक वीडियो दिखाई वीडियो में मेने देखाकि विक्की ने बड़ी चालाकी से बाथरूम में फ़ोन सेट किया और जब में नहाने गई तो उसने सब रिकॉर्ड करलिया..

फिर जब मेने उससे कहा की उसने ऐसा क्यों किया तो उसने कहा की मुझे उसका साथ देना है आर्यन को सब की नजरो में गिराने के लिए फिर भी में नहीं मणि तो उसने मुझसे कहा की अगर मेने वैसा नहीं किया तो वो क्लिप इंटरनेट पर दाल देगा इसीलिए मजबूर हो कर उसका साथ दिया और ुष रात जब हम सब खेल रहे थे और आर्यन को ड्रिंक करने की सजा मिली तो विक्की ने उसमे एक खतरनाक ड्रग मिलाड़िया जिससे इंसान जिन्दा लाश बा जाता है

ओर तब भी रूम में जाने के बाद मेने उसको मन कर दिया तो विक्की ने मेरा सही में रपे किया और मुझे बेहोश करके आर्यन के रूम में लगाया और बाकि का आप

जानते है

कहानी सुन कर सबकी आँखें नुम हो गई और रागिनी आगे बाद कर आर्यन का सर चूम कर उसे साइन से लगा कर रो पड़ी

Ragini(rote हुए) : मुझे माफ़ करदे बीटा में अपने बेटे के साथ ऐसा बर्ताव किया में तो माफ़ी के भी काबिल नहीं पर फिर भी हो सके तो मुझे माफ़ करदे न.

आर्यन :माँ आप ये कैसी बात कर रहे है कोई माँ अपने बेटे से माफ़ी मांगती है क्या और आप तो मेरी प्यारी माँ हो तो आप माफ़ी मत मांगिये

उसके बाद रश्मि, स्वाति, जानवी, ऐसा सब ने आर्यन को सॉरी बोलै और खुशबु ने भी आर्यन को सॉरी बोलै और सब अपनी बाते क्लियर कर रहे थे तभी राजीव विक्की के पास गया और उसे पिट ने लगा

राजीव : नालायक तू तो जिन्दा रहने लायक नहीं है यही सिखाया था मेने साले तेरे हैसा बीटा होने से तो अच्छा होता मेरा कोई बीटा hi नहीं होता.

और उसके बात राजीव ने विक्की को खूब पिता और उसे फॉरेन भेजने की तयारी करने लगे

तभी आर्यन अंकित के पास आया और नुम आखों से बोलै

आर्यन : थैंक्स भाई आज तू ने मेरा परिवार लौटा दिया वार्ना मुझे पता भी नहीं था की में अपने परिवार के साथ जिंदगी गुजर भी पाउँगा की नहीं में ये तेरा अहसान...

अंकित : बस क्या भाई भाई भी बोलता है और

अहसान भी मंटा है अपनी दोस्ती इतनी कमजोर है क्या और ये बोल कर दोनों दोस्त गले मिले

रागिनी : बीटा तुम्हारा तो में जितना सुक्रिया करू उतना काम है पर में एक बात समाज नहीं अपराही की कोई भी दोस्त इतना पर्सोनलिय होकर ये सब नहीं कर ता

आर्यन : है भाई मेने भी देखा है की जब भी में अपने परिवार के साथ होता हु तो ये देख कर ते आखों में हंमेशा अस्सू ए है

रागिनी :है बीटा मेने हंमेशा तेरे इस होते चेहरे के पीछे एक अजीब सा दुःख देखा है

Ankit(num आखों से) :अरे आप लोग क्या पूछ रहे है ऐसा कुछ नहीं है

आर्यन : भाई अब हम से भी जूथ बोलेगा

रागिनी :बतादो बेटे अगर कोई बात होतो

मन हल्का हो जाये गए

अंकित : आपको पता है मेरी भी एक फमलीय है माँ बाप है दादी है चाचा चची है पर में अपनी दादी को छोड़ कर सं से नफरत करता हु

अंकित ने लास्ट लाइन थोड़े गुस्से में बोली

रागिनी आखिर ऐसी क्या बात है जो तुम अपने माँ बाप से इतनी नफरत करते हो

अंकित (फुल गुस्से में) :क्योकि वो मेरे माँ बाप कहला ने के लायक नहीं है

क्या आपको पता है 2 साल का था में जब वो मुझे दादी के पास चोर कर चले गए शर पर आज तक बस यही कहा की हम तुजसे मिलने आएंगे पर कहा भी के

से यतो दादी को बोल देते या चाचा को बोल देते बाकि आज तक वो मुझसे मिलने नहीं ए इसीलिए में उनसे नफरत करता हु सिर्फ और सिर्फ नफरत और चाचा चची से इसी किये नफरत करता हु क्यों की वो भी उन्हीके इशारों पर नाचते है मेरा तो बस इस दुनिया में मेरी दादी के शिव कोई नहीं

ये कहकर अंकित बुरी तरह रो पड़ा पर आर्यन ओर रागिनी ने उसे संभाला रागिनी

ने अंकित को सीने से लगा लिया और बोली

रागिनी : तू मेरा भी बीटा है

उसके बाद सबने पार्टी एन्जॉय कीओर अंकित उसके घर निकल गया और पढाई करने लगा क्यों की 1 दिन बाद उसके एक्साम्स स्टार्ट होने वाले थे पर एग्जाम के बाद उसके जीवन में जो तूफ़ान आने वाला है उससे वो अंजान था.

अपडेट पोस्टेट गाइस ी होप यू लिकेड

सी यू सून बबेय
 


क्युकी आर्यन को सिर्फ ये पता था की विक्की ने ये सब किया है और उससे ये लगता था की सायद ड्रग के अक्षर में उसने सायद कुछ किया भी होइसि लिए कही न कही अपने अप्प को गुनेहगार मंटा था और भाई कभी कभी लोगो के सामने ऐसे सीन हो जाते है जिससे किसिसका भी मन डबल सकता है खैर विक्की की सजा अगले अपडेट में आएगी

और वो फॉरेन जेक कोई ऐश नहीं करे गए
 
अपडेट 6

पिछली बार अपने देखा की की कैसे एक आर्यन को उसकी फमलीय से मिलता है और विक्की का सच सामने लता है और उसके बाद राजीव उसकी अच्छी खासी धुलाई करता है

उसके बाद राजीव विक्की को फॉरेन भेजने कीतैयारी करता है

अब आगे

राजीव : सेल आज तेरी वजह से सब के सामने मेरी इज्जत की धज्जियाँ उड़ गई तुजे तो ऐसी सजा दूंगा की तू हंमेशा याद रखेगा तू अज्ज के अज्ज फॉरेन जा रहा है

और हंमेशा वही रहेगा और ये मत सोचना की तू वह जा कर वह मेरे पैसो से ऐश करेगा तुझे वह मेरा एक आदमी मिलेगा जो तुझे जंगल ले जायेगा वह तू

लकड़ी काट के मजदूर बांके अपना ख्याल

खुद रखेगा और आइदा मुझे अपनी सकल मत दिखाना

विक्की रट हुए अपने किये की माफ़ी मांग रहा था पर राजीव ने उसकी एक नहीं सूनी

यहाँ अंकित आर्यन की एग्जाम भी ख़त्म होने को थी और लास्ट पेपर बाकि था

और वही दुश्री तरफ आकाश के शर में नेहा और मोनिका कभी सम पूरी हो चुकी थी

आकाश के शर में

सब सुबह सुबह उठकर तैयार हो छू के थे तभी आकाश का फ़ोन बज उठा

ये कॉल मनोज का था गौ से

कॉल

आकाश :है मनोज बोलो कैसे हो

मनोज: वो भैया मेटो ठीक हु पर माँ किटवियत ख़राब हो गयी है पतानहीं क्या हुवा है कल शाम से बहुत बुखार है

आकाश : क्या माँ की तवियत ख़राब है तुम ने किसी डॉक्टर को दिखाया की नहीं

मनोज : है भैया हम अभी हॉस्पिटल टॉक में हिहै बस रिपोर्ट ए उसके बाद हमे पता चले की माको आखिर हुवा क्या है

आकाश :हम्म खीक है हम अभी गौ आते है

उसके बाद आकाश ने कॉल काट किया और सब को कहा की हम गौ जा रहे है सुब खुश थे क्यों की सब को अंकित को मिलने की एक्ससिटेमेंट थी

ांकित के सहर में

अंकित और आर्यन अपना एग्जाम देने जा रहे थे की तभी अंकित का फ़ोन बजा

कल पर

अंकित : है चाचा बोलिये

मनोज : वो अंकित बीटा कल रात से माकी तवियत ख़राब हेपता नहीं बहुत बुखार था उन्हें

अंकित ये बात सुनते hi टेंशन में आ गया क्यों वो इस दू िया में सुब से ज्यादा प्यार अपनी दादी को hi करता था

अंकित :तो उन्हें जल्दी डॉक्टर के पास ले जाईये जल्दी

मनोज : है बीटा हम अभी हॉस्पिटल में hi है बस रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे

अंकित : ठीक है जैसे hi रिपोर्ट ए मुझे भी फ़ोन कर देना.

और ये कह कर अंकित फ़ोन कट करके पेपर देने चला जाता है

वह आकाश को मनोज से पता चलता है की उसकी माँ को ब्लड सेंसर है.

और आकाश अपनी फमलीय के साथ निकल पड़ता है गौ की और

यहाँ अंकित अपना पेपर देकर बहार एते है और वो अपने चाचा को फ़ोन करता है

कॉल पर

अंकित : चाचा क्या आया रिपोर्ट में

मनोज : बीटा रिपोर्ट तो आ गई पर माको आए माको

अंकित : अरे चाचा सीधे सीधे बताओ न क्या हुवा मेरी दादी को

मनोज : वो माँ को ब्लड सेंसर है लास्ट

स्टीज्ह.

ये सुनकर तो अंकित की दुनिया hi डगमगा जाती है और उसकी आँख में आशु आने लगते है अंकित रुवासी आवाज में बोलै

अंकित :किए हुवा ये सब दादी तो बिलकुल ठीक थी

मनोज : संभल अपने आप को बीटा और बीमारी कह कर थोड़ी आती है

अंकित :में अभी वह आने के लिए निकल ता हु

मनोज :नहीं बीटा हम सब यहाँ हैना और

तेरा लास्ट पेपर भी बाकि है तो वो देकर hi आना ठीक है

और फ़ोन कट हो जाता है और अंकित रोने लगता है और आर्यन उससे पूछ ता है की क्या हुवा तो उससे साडी बात बता देता है

तभी अंकित के कॉल पर उसकी चची तन्वी का फ़ोन आता है

अंकित रट हुए :चची कैसे हुवा ये सब

तभी सामने तन्वी भी जोर से रो पड़ी

तन्वी :बीटा बीमारी पुचके थोड़ी अति है

अंकित में परसो गौ में होगा आप चिंता मत करो

और वही दूसरे दिन आकाश अपने गौ अपने घर पंहुचा और सीधा अपनी माँ के पास पहुंच गया और ुष के पेरो में गिर कर रो ने लगा

आकाश :माँ उठो माँ देखो में आगया

सुलोचना अपनी आँखे खोलती है

सुलोचना : बीटा तू आ गया आँखें तरस गई थी तुझे देखने के लिए बीटा चलो काम से काम मेरी मौत hi तुझे यहाँ खींच ले

आकाश :माँ मुझे माफ़ कार्डो पैसो के पीछे भाग ते में अपने hi परिवार को भूल गया मुझे माफ़ कार्डो माँ

सुलोचना :बीटा मेटो एक माँ हु और माँ तो हंमेशा अपने बा को को माफ़ करदेती है बीटा मुझे तो बस अंकित की चिंता है बस एक तो वो इतना गुस्से वाला है और ऊपर से मेरे शिव किसी की सुनता भी तो नहीं है

आकाश : आप चिंता मत करो माँ हम सब मिलकर उसे संभल लेंगे अच्छा ये तो बताओ की वो दीखता कैसा है क्या आज भी वो हु मारा प्यार छोटा बीटा है

सुलोचना :तेरा वो प्यार बीटा एक खूबसूरत मर्द बन चूका है अब उसके बारे में क्या कहु एक डैम प्यारा चेहरा ऊपर से करात करने की वजह से उसका एक मस्ट गठीला बदन कुल मिला कर तेरा बीटा एक डैम हीरो दीखता है

आकाश : माँ अब हम सब संभल लेंगे और अंकित को अपने साथ ले जायेंगे

सुलोचना :ऐसी गलती कभी मत करना बीटा वो तुम सब से नफरत करता है

आकाश : तो अप्प hi बताओ क्या करे

सुलोचना :बस उससे थोड़ा समय दो सब ठीक हो जायेगा

तभी पीछे से निशा और मनीषा की आवाज आई

निशा मनीषा : मजी ये क्या हो गया आप को हमे माफ़ कदेना माजी हम आपकी सेवा भी नहीं कर पायी

सुलोचना :अरे बेटी चुप होजाओ तुम दोनों इतनी सुन्दर हो तुम्हारी आखों में ेषु ा छे नहीं लगते

तभी पीछे से एक और आवाज आई

नेहा मोनिका : दादी और ये कहा कर दोनों आगे बढ़ कर सुलोचना के सेने पर सर रख कर रोने लगी

सुलोचना : नेहा मोनिका बीटा रो मत देखो में हंमेशा तुम्हार3 साथ hi रहूंगी

तभी शीतल ने कहा माजी दवाई खालो और सुलोचना दवाई खाकर सो गई

और यहाँ सुब एक दूसरे से मिले

साक्षी आगे आकर निशा को गले लगा कर बोली

साक्षी : ो मेरी प्यारी बड़ी माँ और मेरी प्यारी मनीषा माँ किसी है अप्प दोनों

निशा : अरे मेरी बच्ची कितनी बड़ी हो गई हैऔर प्यारी तो थी hi

मनीषा : है साक्षी बेटी तुम तो बहुत ब्यूटीफुल हो

नेहा :अरे साक्षी सिर्फ अपनी बड़ी माँ से मिलेगी या बहनो से भी

साक्षी : अरे नेहा दीदी और ये कहकर दोनों गले मिली

नेहा: चलो पहचाना तो सही

साक्षी : अरे पहचानोगी कैसे नहीं इतनी सूंदर तो मेरी नेहा दीदी hi हो सकती है

और आप मेरी मोनिका दीदी हो न

मोनिका :ओह हो तो पहचान गई नहीं तो मुझे लगा किमेरी हॉट सिस्टर सिर्फ अपने बड़ी बहन को hi पहचान टी है

आज पूरा परिवार साथ था बस कमी थी तो सिर्फ अंकित की अब देखते है जब सब फेस तो फेस होंगे तो गया होगा

गाइस अपडेट पोस्टेड ी होप यू लिकेड

सी यू सून बबेय
 
अपडेट 7

अंकित के सहर में

आज अंकित का लास्ट पेपर था अंकित रोज़ की तरह रेडी हो के एग्जाम देने चला गया

आज बस अंकित को अपनी दादी की टेंशन थी

एग्जाम खतम कारण3 के बाद अंकित और आर्यन केंटीन में आगये और आज अंकित टेंशन में लग रहा था ऐसी लिए आर्यन ने पूछ लिया

आर्यन: भाई क्या बात है आज तू टेंशन में लग रहा है

अंकित: है भाई वो दादी को ब्लड केसर हो गया है और उनके पास बस एक महीना hi है

आर्यन :ओह गॉड ये क्या हो गया

अंकित: है भाई पता नहीं कैसे होगया पर अब मेरी दादी मुझे छोड़ कर चली जाएगी

और ये कह कर अंकित रोने लगता है

आर्यन: संभल अपने अप्प को भाई तू वो अंकित है जो कभी मुश्किल में हार नहीं मन ता अब क्या करना है ये बता

अंकित: कुछ नहीं बस आज अपने गौण जा रहा हु बस अब एक महीना अपनी दादी के साथ hi रहुगा

और उसके बाद अंकित सीधा घर जाता हैऔर अपना सामान पैक करने लगता है और परया उससे पूछ टी है

प्रिय :क्या हुवा अंकित अप्प बड़े परेशां लग रहे है

अंकित :है प्रिय दादी को ब्लड केसर है ऐसी लिए में गौण जा रहहु तुम घर का ख्याल रख न

प्रिय : ऐसे hi चले जाओगे ेथर आओ मुझे एक बार गले तो लगो प्लीज

और ान किट उसके पास जहा हैडोनो एक दम टेट हुग करते है ोे प्रिय और अंकित किश करने लगते है

प्रिय :ूउम्मंहहह अब जाओ भगवन सब ठीक करेगा

और अंकित अपन8 रहेंगे रोवर निकलता है और निकल पड़ता है गौण की तरफ

गौ में आज शाम को सब खाना खाके बैठे थे

तभी आकाश बोलै

आकाश : अरे मनोज अब हम सब इतने दिनों बाद आये है इतने दिनों में क्या क्या हुवा वो सब तो बता चुके अब थोड़ा हमारे बेटे के बारे में भी बताओ

मनोज: अरे भैया अब तो उसके बारे में क्या बताऊ एक करिये आप क्या जानना चाहते है ये बताओ

आकाश :पहले ये बताओ के वो दीखता कैसा है मतलब माँ ने तो बताया hi पर कुछ और बताओ

मनोज: हम्म तो सबसे पहले आप का बीटा एक दम हीरो लगता अब आप कुछ और पूछे उससे पहले महि आप के बेटे के बारे में सब बता देता हु

अंकित दीखता ऐशा है के आज के बड़े बड़े हीरो उसे देख कर शर्मा जाये

दूध सा गोरा रंग है ऊपर से सिल्की बाल

और वो रोज़ गयम जाता है जिससे उसकी बॉडी बहुत अच्छी हो गयी है

जब अंकित 9 क्लास में था तब से हॉस्टल में रहता था और छुट्टिओ में घर अत था और जिस स्कूल में पढता था वो भी एक डैम बेस्ट श्कूल थी.

पर अंकित पढाई जरुरत से ज्यादा hi अच्छा था उसने सब का दिल जित लिया क्यों की उसका दिमाग इतना तेज की अगर कोई भी एग्जाम हो वो उसे चुटकियो में पर कर सकता था

और तो और पढाई में भी अच्छा है

आकाश : यार ये मेरा बीटा आखिर क्या बाला है

यहाँ तक की अंकित के बारे में सुन के तोह

वह बैठे सब चौक गए थे

मनोज : क्यों भैया अभी तो उसकी एक मैं खुभी बाकी है ुर उसने अपने इस हुनर में तो पीएचडी कर राखी है

और उसकी ये खुभी है फाइट है अंकित एक बहुत बड़ा फाइटर है आज तक कोई भी

फाइटर अंकित से जीत नहीं पाया है

क्यों की अंकित को 8 अलग अलग फाइट मास्टर्स ने सिखाया है और सुब ने अंकित को हर तारा की फाइटिंग स्किल की ट्रेनिंग दी है और अंकित ने सब मास्टर्स का भरोषा जीता है अंकित की ट्रिन्निग जब वो यहाँ से गया तब से hi सुरु होगयी थी

उसके सारे मास्टर दांग थे की कोई इतनी छोटी उम्र मैं कैसे ये साडी फाइटिंग स्किल सिख सकता है वो भी इतनी जल्दी

अंकित को फाइटिंग फील्ड में टूथ ब्रेकर के नाम से जाना जाता है क्यों की अंकित आज तक

30 मैच खेला है और एक भी नहीं हरा

और तो आवर 30 मेट ह में से 18 मैच में अंकित अपने सामने वाले के फाइटर के डाट

तोड़ चूका है

आकाश : क्या बीटा है यार मेरा तो

निशा : मनोज भैया हमे अंकित की फोटो तो दिखाओ हम भी देखे तो साहिकी हमारा इतना होनहार बीटा दीखता कैसा है

मनोज : भाभी अभी फोटो देखनी है या कल जब वो हमारे सामने खड़ा होगा तब देखना है

निशा : क्या मेरा बीटा कल आ रहा है

और ये बोल कर निशा के साथ साथ सब की आखो से आशु आ गए क्यों की सब उससे मिलने केलिए एक्सीटेंड थे

मनोज: है भाभी कल अंकित आ रहा है और

अब तक तो वो निकल भी चूका होगा रुकिए में फ़ोन करता हु

और ये कह कर मनोज अपना फ़ोन निकल ता है और अंकित को फ़ोन करता है

यहाँ अंकित कार ड्राइव कर रहा था उसने फ़ोन पिक किया

कॉल पर

अंकित : है चाचू बोलिये क्या काम था

सब अंकित की आवाज सुन के खुश हो गए

मनोज :बीटा तुम्हे हाई बताने के लिए फ़ोन किया था की तुम्हारे माँ डैड गौण आ चुके है

और ये सुनते hi उसने गुस्से से कहा

अंकित : चाचू फ़ोन रखिये

मनोज : क्यों क्या तुम्हे अपने डैड से बात नहीं करनी

अंकित : कोनसे डैड है मेरा कोई डैड नाहीमुझे किसी से बात नहीं करनी मुझे बस आप ी दादी की चिंता है

और ये कह कर अंकित फ़ोन काट देता है

यहाँ सब की आखों में आशु आ गए

निशा तो आकाश के सीने से लग लार रो ने लगी यहाँ नेहा और मोनिका भी शीतल और तन्वी से लिपट कर रोने लगी

निशा : क्या वो हुमंसे सचमे नफरत करता है

आकाश : पता नहीं पर हम उसे मनाएंगे और वो जरू मानेगा

सब को एक आशा की किरण नजर आ रही थीपर क्या अंकित इतनी जल्दी मानेगा

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गौण में

सुबह सब अंकित के आने की खुसी में सब जल्दी उठ गए थे सब बस बेसब्री से अंकित की hi राह देख रहे थे तभी कोई दरवाजा खटखटा ता है और नेहा दरवाजा खोल टी है

सामने दो लड़किया और एक औरत कड़ी थी

ये थी निशा की दोस्त दीपा और उसकी बेटी दिया और दीपा की भांजी टीना

नेहा उनको देख hi रही थी की दीपा बोली की

बोली

Deepa:are तुम कोण हो बेटी तुम्हे पहले तो यहाँ नहीं देखा एक मं तुम निशा की बेटी होना

नेहा : है पर आप कोण

तभी निशा पीछे से बोली

त्रिशा :अरे दीपा तू औ अंदर आओ

फॉर दोनों सहेलिया गले मिली और बाते करने लगी

दीपा :क्या यार तू तो सहर जा कर सब को भूल hi गई

निशा : अरे ऐसा कुछ नहीं है बस अब तो आगे न बोल किसी हे और तेरी बेटिकाः है

दीपा : बस सब मजे में और मेरी बेटी ये रही इसका नाम है दिया और ये है मेरी भांजी टीना

निशा उसको गले लगाती है और बोली

निशा : अरे कितनी बड़ी होगी है बेटी तू तो

बबस इसी तरह वो बाते कर रही थी और नेहा उसको देख रही थी साक्षी और मोनिका भी उनके पास आगे

ओर नेहा से बोली की अंदर चलते है और अंदर जेक सेक्सी नेहा से बोली

साक्षी :नेहा दी इन लोगो का दादी को देखने आना तो बहाना है असल में ये लोग अंकित से मिलने आयी है

नेहा : है तो उसमे क्या मिलने दे उससे क्या फर्क पड़ेगा

साक्षी : अरे दीदी वो दिया है न वो अंकित के लिए पागल हो वो कैसे भी करके अंकित को पाना चाहती है

ओर उसकी बात सुनके नेहा और मोनिका हसने लगी और मोनिका बोली

ममोनिका : अरे वो क्या सोच के भाई को पाना चाहती है उस की सकल देखि है एक तो सावली है उपरसे भाई के साथ हैघट भी नहीं मिलती होगी और वो मेरे भाई को पाना चाहती है

नन्हा : वैसे अंकित क्या करता है उसके साथ

साक्षी : अंकित किसिस को भाव नहीं देता और तो और वो किसी को अगर देख ता भी है तो उसको प्यार नहीं करता बस एक बार छोड़ता है और चोरर देता है हमारे गौण की सभी लड़की यो को सिर्फ अंकित के साथ सदी करनी है

नन्हा ये सुन कर और एक्सीटेंड हो गईऔर बोली

नन्हा : वो लोग ऐसा क्यों सोच ते है की अंकित उनके जैसे में फास जायेगा मेरे भाई को तो पारी जैसी लड़की मिलेगी

सेक्सी : दोनों मतलब है अंकित से. दिया ने एक बार अंकित को प्रोपोज़ किया पर अंकित ने उसे भाव तक नहींदिया और तब उसने अंकित की बात अपनी माँ की बताई तब उसे पता चला की अंकित हम से भी रईस है तो दीपा आंटी के मन में भी लालच जग गई तब से अंकित को फ़साने के फ़िराक में है

नन्हा :लगे रहने दे अंकित उसको भाव तक नहीं देने वाला

तभी दरवगजे पर नॉक हुवा जब निशा ने दरवाजा खोला तो सामने तिया कड़ी थी जो निशा को सामने देख कर भाग कर गले लग गई

तटीय :मेरी प्यारी बड़ी माँ कितने दिनों बाद आई आप

त्रिशा उसके गाल पर किश करके बोली

न्नीसा : अरे मेरी प्यारी छोटी गुड़िया तो बहुत बड़ी होगयी किट नई प्यारी है

उसके बाद दीपा और उआकी दोनों बेटी या चली गई सब हॉल में बैठे थे आकाश

निशा मनीषा शीतल तन्वी नेहा मोनिका सेक्सी और तिया सभी बाते hi कर रही थी की निशा बोली

न्नीसा :में माजी को दवाई देने जा रहिहु

ओर वो सुलोचना के कमरे में जाती है और दवाई देती है

तभी सुलोचना बोली

सुलोच न: निशा बेटी अंकित गौण आरहा है

त्रिशा :है वो बस कल फ़ोन किया तो उसने बोलै आ रहा है

सुलोचना : अरे नहीं अंकित घर के बहुत करीब पहुंच चूका है

सुलोचना ऐसे बोल रही थी जैसे अंकित की हर आहात का उसे पता चल रहा हो

तभी दरवाजे पर कनक हुवा और सुलोचना बोली अंकित आ गया

ओर तन्वी दरवाजा खोलती है तो सामने देखा अंकित सचमे खड़ा था

तन्वी : अरे अंकित बीटा आ गए

पर अंकित ने मास्क पहना था और उसका पूरा सर एक खास तरह के हेलमेट से कवर था वो सिसध अपने दादी के रूम में जाता है और उसके अपना मास्क निकल कर सुलोचना के सीने पर अपना सर रक् कर रोने लगता है

अंकित : आपको पता चल जाता हैना दादी केमे ाराहहु

सुलोचना : तुजमे तो मेरी जान बस्ती है बीटा

अंकित : तो मुझसे चोरर कर क्यों जा रही है

और अंकित रोने लगता है

सुलोचना : बीटा में कही नहीं जाउंगी ोे मेने कहा न तू तो मेरी जान है में हंमेशा तेरे साथ रहूंगी

अंकित : ठीक है दादी अब आप आराम करिये और ये कह कर अंकित हॉल में आके अपना मास्क उतर ता है और उसके चेहरे को देख कर निशा मोनिका मनीषा नेहा की छूट तो प् ी छोड़ ने लगती है

और निशा अपने आप को संभल टी है और अंकित का अनपे दादी की तरफ प्यार देख कर ुकि भी बहे चाट पटाने लगती है पर वो जानती थी की ऐसा नामुमकिन था

आकाश : अंकित मेरे बेटे कैसे हो तुम

अंकित मनोज को देख कर

अंकित: कोण है ये

मनोज : ये तुम्हारे पापा है अंकित

अंकित ये बात सुन कर अंकित के चेहरे पर गुस्सा च जाता है

आकाश क्याहुवा बीटा अपने पिता से बात भी नहीं करोगे

अंकित,: बात करने केलिए अपने छोरा hi क्या है मुझे किसी से बात नहीं करनी

और तभी वह तिया बागती हुई आती है

और अंकित खुटणो पर बेथ कर अपनी बहे खोल लेता है और तिया को गले लगता है

तिया : भैया कैसे हो आप मेने आप को कितना मिस किया

अंकित :बस ठीक हु मेरी गुड़िया बोल तू किसी है अब भी उतनी hi प्यारी है या नहीं

और उसके बाद शीतल बोलती है

शीतल : तिया बीटा अंकित को अपनी सगी बहनो से तो मिलने दो

और अंकित बोलै

अंकित :चची मेने कहा न मुझे इनके परिवार से कोई लेना देना नहीं और मुझे इनसे बात नहीं करनी

ये बात अंकित थोड़ा गुस्से में बोलता है

और अपने रूम में जेक अपना सामान रख के गौमे निकल जाता है इधर आकाश भी अपने दोस्तों से मिलने निकल पड़ता हैऔर मोनिका साक्षी और नेहा एक रूम में बैठे थे नेहा और मोनिका तो रो रही थी

साक्षी :चुप हो जाओ दीदी प्लीज उसकी बात का बुरा मत मानिये वो तो है hi ऐसा

नेहा : तो और क्या करू इतने साल बाद उसको देखा पर एक बार भी हमसे बात नहीं की

इग्नोर करके चला गया

तभी वह निशा आजाती है

निशा नेहा और मोनिका को हुग करके कहती है

निशा : रो मत बेटी सब ठीक हो जायेगा हम भी देख ते है आखिर कितने दिन तक हमसे गुस्सा रहेगा

मोनिका : बड़ी माँ क्या अंकित सच में हमसे नफरत करता है

निशा :अरे नहीं वो तो माजी की तबियत खराब हैना ऐसी लिए थोड़ा परेशां है देखना अंकित हमारे साथ hi रहे गए

निशा (मन में) : खास ऐसा हिहो पता नहीं मेरा बचा किस हॉलमे होगा एक तो बिचारे को माँ का प्यार मिला नहीं ऊपर से मजी की तवियत ख़राब है हे भगवन प्लीज मुझे मेरा बीटा लौटा दे

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अंकित घर से थोड़ी दूर जेक सिगरेट पी ने लगता है और थोड़ी देर बाद वो

घर आजाता है इस वक़्त घर के हॉल में सब बैठे थे अंकित जब वह अत है तो सब उसे hi देख रहे होते है तभी तन्वी बोलती है

तन्वी: अंकित बीटा आओ थोड़ा खाना खालो

अंकित का पारा अभी भी गर्म था वो बोलता है

अंकित :अभी भूक नहीं है चची बाद में खा लूंगा

और ये कह कर अंकित वह से अपने रूम में चला जाता है और तभी वह तिया आजाती है और तन्वी से कहती है

तिया : मम्मी भैया कहा है मुझे उनसे मेरा गिफ्ट लेना है

तिया ऐसी लिए कह रही थी क्यों की जब अंकित पिछली बार घर आया था तब वो तिया के लिए गिफ्ट लाना भूल गया था और तब उसने कहा था की अगली बार वो सिर्फ तिया के लिए hi गिफ्ट लाएगा

तन्वी : बीटा अंकित अपने कमरे में है और उसको परेशां मत करना सायद वो गिफ्ट लाना भूल गया हो

तभी पीछे से आवाज अति है :अंकित कभी कुछ नहीं भूलता

ये अंकित था और उसके हाथ में दो बॉक्स थे जो गिफ्ट रैप किये हुवे थे वो तिया के पास आके

अंकित :और मेरी गुड़िया का गिफ्ट तो कभी नहीं भूल सकता ये कहा कर वो तिया को बोक्सस दे देता है

तिया :वाओ भैया इतने बड़े गिफ्ट थैंक यू

और तिया जब गिफ्ट खोलती है तब ज्यादा शॉक हो जाती है क्यों की एक बॉक्स में एप्पल का एक मिनी टेबलेट था और दूसरे में एक एक्सपेंसिव हेड फ़ोन थे

अंकित :अब तो खुस है न मेरी गुड़िया

अंकित के गले लग कर

तिया : बहुत खुस मम्मी देखो भैया मेरा गिफ्ट नहीं भूले और कितना अच्छा टेबलेट लाये है

तिया सब को टेबलेट दिखती है सब तिया को प्यार देते है पर अंकित अपने रूम में चला जाता है

मनीषा :तन्वी जाओ अंकित को खाना खिलाडो वो अभी थोड़ा टेंशन में होगा पर इसका मतलब ये नहीं की मेरा बीटा खाना भी न खाये

तन्वी :आप चिंता मत करो दीदी में अभी उसे कहा खिला कर आती हु

ओर ये कहा कर वो एक खाने की प्लाट ले कर अंकित के रूम में जाती है और

गेट लॉक करदेती है वो देख टी है

की अंकित सिगरेट पि रहा है

तन्वी अंकित के पास जेक उसके गले में बहे दाल के

तन्वी : तो सिगरेट पी के पेट भरा जाता है

आज अंकित को नजाने क्या हो गया था वो अपनी चची को देख के एक्सीटेंड हो रहा था उसने सिगरेट फेक के तन्वी की कमर में हाथ दाल देता है दोनों एक दूसरे के चेहरे से पास एक ऊँगली की दुरी पर थे

तन्वी: क्या बात है पहले तो देख ते भी नहीं थे और आज तो सामने से बुला रहे हो

अंकित : आज पता चला है की आप कितनी हॉट हो आज तो जब के ठोकूंगा

तन्वी और अंकित एक दूसरे से अपने होठ भिड़ा देते है करि 15 मं एक दूसरे के होठ निचोड़ ने के बाद तन्वी की सासे उखड ने लगी और दोनों का किश टूट गया

तन्वी : कसम से तुम जब फॉर्म में होते हो तो क्या किश करते हो

अंकित : अभी तो सुरु वाट है अभी तो पूरी पिक्चर दिखता हु

तन्वी जानती थी अगर अंकित ने उसको अभी छोड़ा तो उसकी चीखे निकलडे गए क्यों की तन्वी जानती थी की अंकित का लुंड केसा है इसी लिए उसने जाने में hi भलाई संजीयर जाने लगी पर अंकित ने उसे पकड़ लिया

अंकित ये क्या चची अब आप जा नहीं सकती और अंकित उसको बीएड पर गिरा कर किश करने लगता है पर तन्वी जटपटा रही थी तभी रूम के बहार से आवाज आती है तन्वी ये निशा थी जो तन्वी को बुला रही थी

निशा :तन्वी कहा है तू जल्दी आ हमे मेघा के घर जाना है

अंकित जब ये आवाज सुनता है तो वो बाजु में रखे काच के ग्लागो हाथ में ले कर गुस्से से उसे मसल देता है जिससे अंकित के हाथ में भी चोट लगती है

तन्वी ये देख टी है और बोलती है

तन्वी : अंकित ये क्या किया देखो कितना खून निकल रहा है

अंकित : एक तो ये सब लोग पता नहीं कहा से आगये

तन्वी: वो तुम्हारे माँ बाप है ऐसा नहीं बोलते बीटा में रात को आउंगी ok

और अंकित के हाथ में पति बाढ़ ने के बाद वो चली जाती है

वो जब बहार आती है तो दर जाती है क्यों की सामने निशा मनीषा और शीतल खड़े थे

(भले hi शीतल भी अंकित से छुड़वा कहती है पर वो ये नहीं जानती की तन्वी की भी यही िक्षा है)

निशा इतनी देर कहासे लग गई तन्वी से बोलती है

तन्वी वो मेने सोचा की अंकित खाना खले बाद में प्लाट ले कर hi जाऊ पर वो अभी भी खा रहा है

तन्वी ये सब हकलाते हुए बोली इस लिए निशा को उसपे शक हुवा पर वो बोली कुछ नहीं

निशा :चल जल्दी मेघा के घर जाना है

तन्वी :कोण मेघा

शीतल :अरे दीदी सबसे खास सहेली मेघा

तन्वी : है चलो चलते है

निशा :ऐसे जाएगी क्या जा जेक हुलिया ठीक कर

तन्वी ये बात सुनके दर से जल्दी से चली जाती है

निशा शीतल से पूछती है

निशा : ये अंकित का रूम हैना

शीतल : हां

निशा :रुक में एक बार देख के अति हु आखिर क्या कर रहा है मेरा बच्चा

शीतल :क्या बात है दीदी अब उसके बगैर रहा नहीं जाता

निशा :क्या करू जबसे देखा है मेरी ममता मुझे अंदर hi अंदर खाये जा रही है

शीतल : नहीं दीदी वो बहुत गुस्सा करेगा वो उसका रूम है ऐसे hi नहीं जा सकते

तब तक तन्वी भी आ चुकी थी और नेहा मोनिका और साक्षी भी तिया अपने नए तब पर गेम खेल रही थी ऐसी लिए वो नहीं जा रही थी

जब ये लोग रस्ते पर जा रहे थे तब सबकी नजर निशा मनीषा नेहा और मोनिका पर थी तभी आगे कुछ लड़के उन्हें देख कर

सुनील : अरे संजय देख तो आज अपने गौमे परिया उतर आयी है

संजय :है यार क्या रंग है क्या अंग है जब चलती है तो दिल में खाल बलि

मच जाती है

नेहा :माँ देखो न ये कैसे कमेंट मार रहा है

तभी साक्षी सामने आके बोलती है उन दोनों से

साक्षी : तूने सही कहा संजय ये है

ये निशा है और ये नाहीशा और ये दोनों मेरी बड़ी माँ है एक की सगी माँ और ये दोनों सगी बहने अगर एक

को पता चला की ुमने उनकी माँ बहनो के लिए ऐसे कमेंट किये है तो तुमहाते डिल में खलबली नहीं सीधा भूकंप आएगा

ये सुनते hi वो दोनों भाग कर निशा और मनीषा से माफ़ी मांगते है

निशा तो ये देख कर शोक हो जाती है

निशा साक्षी से :ये एक कौन है

साक्षी :बड़ी माँ या गौण के लड़के अंकित को एक बुलाते है

निशा तो शोक थी की आखिर अंकित चीज़ क्या है जो ये लोग उनसे इतना डरते है

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