Parivar se nafrat fir pyaar - Page 2 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 10

पिछली बार अपने देखाकि कुछ लड़के निशा और बाकि सब को देख कर गंदे कमेंट मरते है और साक्षी उन्हें जो बताती तो वो बाग़ कर निशा के पैरो में गिर जाते है और निशा शॉक हो जाती है

सुनील :हमे माफ़ करदिजिये आंटी हमसे गलती हो गई

निशा : ठीक है चलो माफ़ किया पर अगली बार किसी को भी गन्दी नज़र से मत देख न

संजय : है आंटी हम किसी को नहीं देखेंगे ऐसी नज़र से

और ये कह कर वो वह से निकल जाते हैऔर निशा और बाकि सब निशा की फ्रेंड मेघा के घर जाते है

शाम होंगे थी सूरज दुब गया था निशा और बाकि सब भी घर पहुंचे hi थे वो देखते हैं ाक्ष और उसके तीन दोस्त बैठे हुए थे

डी1 :यार आकाश जब से तुषार गया है तबसे तो हम सब को भूल hi गया है

आकाश :अरे ऐसा कुछ नहीं है

डी2 :अरे भाई ये सब तो भाभियो का कमाल है वो hi ऐसे आने नाहीदेति होगी सायद

निशा :क्यों भाईसाहब आपकी घर अली लगाम नहीं कस्ती क्या

डी3 :अरे भाभी जी हमारे भैया को तो हु मरी भाभी कभी कभी चाबुक भी कास देती है

और ये सुनके सब हसने लगते है तभी अंकित अपनी दादी के रूम में से बहार आता है और हॉल में रखे टेबल के ड्रॉवर में कुछ धुंध ने लगता है

डी2 :अरे अंकित कैसे हो और कितनी लड़की पाते है

अंकित :में इन सब मामलो में नहीं पड़ता लड़की को आना है तो आये नहीं तो अपनी माँ छुड़ाए

अंकित बात सुन के सब एक बार को शोक हो जाते है

डी1 : लड़की आयी नहीं या कोई भाव नहीं देती

और इस बात पे सब है दे हाइपर अंकित का गुस्सा बढ़ ने लगता है वो गुस्से से गुर्राया

अंकित :यहाँ आपको हसी आ रही है एक औरत मरने पड़ी है और हसी आ रही है

सब अंकित की बात पर चुप हो गए

अंकित :शीतल चची दादी की दवाई ख़तम हो गई है दूसरी दवाई कहा है

शीतल: वो डी1 भाईसाहब बैठे है न वो सोफे के ड्रॉवर में है

अंकित डी1 के पास जा कर

Ankit:jara उठिये मुझे उसमे से दवाई निकालनी है

डी2 और डी3 तो अंकित की बात से संत हो गए थे पर डी1 को अभी भी मस्ती सूज रही थी

डी1 :पहले मुझे तेरा डांस दिखा मेने सुना है बड़ा अच्छा डांस करलेता है

अंकित तो गुस्से में ताहि

अंकित :में आखरी बार कह रहा हु उठ जाईये

डी1 :में भी तो वही कह रहा हुएक बार डांस कर फिर में उठ जाऊंगा

अंकित मनोज से कहता है

अंकित :चाचा इनसे कह दो अगर 2मं में ये नहीं उठा तो तीसरे मिनट में में इनका डाट तोड़ दूंगा

सब 2 मं पुरे होने का वेट करते है फिर अंकित ने बोलै

अंकित: बहुत हो गया खेल ये कह कर वो डी1 का गाला पकड़ कर एक झटके में खड़ा करता है और दिवार से सत्ता देता hi और एक जोरदार मुक्का उसके मुँह पे मरता है जिससे सच में डी1 के 3 डाट टूट चुके थे

सब अंकित का ये एक्शन देख कर शॉक हो गए थे डी1 दर्द से चीख उठा

डी1 : आअह्ह्ह सच मच मर दिया रे

अंकित :अले ले ले ले तो तुम क्या मजाक समजे थे साला सराफत की भासा समाज में hi नहीं आती और ये कह कर अंकित दवाई ले कर वहासे अपनी दादी के रूम में जाता है

ेथर तीनो दोस्त जा छू के थे

आकाश : निशा ये हु मारा hi गुस्साते जो उसने डी1 पर उतरा

निशा :छोड़िये न आकाश आपको तो पता है वो कितना गुस्से वाला है

तभी आकाश रूम से अंकित को आता हुवा देख ता है

आकाश :अंकित यहाँ आओ मुझे तुमसे बात करनी है

अंकित आकाश की बात को अनसुना करके अपने रूम की और बढ़ जाता है पर तभी आकाश अंकित को पकड़ लेता है जिससे अंकित का पारा टूट जाता है

अंकित :छोड़िये मुझे

आकाश :नहीं छोड़ूंगा बाप हु में तेरा मुझे तुमसे बात करनी है

अंकित :मेने कहा न मुझे अप्पम से किसी से भी बात नहीं करनी छोड़िये मुझे

ाक्ष :देखो अंकित मुझे तुमसे बात करनी है तुम प्यार से मान जाओ नहीं तो मुझे अपना हाथ उठाना पड़ेगा

अंकित :छोड़िये मुझे

अंकित चिल्ला के पलट ता और जब वो पलट ताहै तो उसका चेहरा देख कर सभी के रोंगटे खड़े हो जाते हाइक्यू की अंकित इतना गुस्से और दर्द में था की उसकी आखो से ासु की जगह खून निकल रहा था वो कहावत सच है न उसी की तरह अंकित सच में खून के आशु रो रहता

अंकित छिलके बोलता है

ांकित :तो मारिये न मारिये आज मार hi दीजिये कमसेकम आप से रिस्ता टूटेगा तंग आगे हु ऐसी ज़िंदगी जीते हुए

तभी निशा आकर उसको एक खींच के थप्पड़ लगा देती है

निशा :ख़बरदार अगर ऐसी बात बोली तो बीटा है तू मेरा

ांकित को बहुत गुस्सा आता है तो वो निशा को मरने के लिए अपना हाथ उठता है पर मनोज उसे रोक लेता है

आकाश :देख बीटा हम मानते है की हमसे गलती हुई है पर हम तुजसे बहुत प्यार करते है तुझे पाताहै रोज़ तुझे मनीषा और निशा याद करती है मनीषा भले hi तेरी सौतेली माँ है पर तुझे अपना सागा बीटा मानती है और निशा तो तेरी माँ है वो तो तरस गई थी तुझे देख ने के लिए

ांकित :क्या ये सच मेरी माँ है जरा ये सवाल अपने आप से पूछिए

ीक बार को तो सब टेंशन में आगये क्योकि अवंतिका की सच्चाई घर के किसी भी बच्चे को नहीं पता थी

आकाश : हां निशा hi तेरी माँ है क्या तुम्हे पता नहीं

ांकित :मुझे पता है आप जिस को मेरी माँ बता रहे है वो मेरी माँ नहीं है मृ माँ अवंतिका शिंग रावल थी

आवंतिका का नाम सुनते hi नेहा मोनिका और साक्षी शॉक होजाते है

और वह खड़े सब लोग भी

आकाश: बीटा हमसे गलती हुयी है हम मानते है बीटा पर सब भूल जाओ बीटा हमे माफ़ कार्डो

अंकित :, क्या भूल जाऊ है क्या भूल जाऊ

भूल जाऊ वो 18 साल जो मेने माँ

बाप के प्यार के बिना गुजरे है भूल जाऊ की आपसे एक बार मिल ने के लिए 18 साल तड़पा हु है अरे जाईये ये अपना झूठा प्यार और झूठी ममता किसी और को दिखाइए अरे इनके जैसी माँ होने से तो ाचा ये होता की में बिन मायके

कक्कछहहाआटटटाअक्कककक

ये थप्पड़ अंकित को मारा था निशा ने अंकित ने जो बाते बोली थी उससे निशा की ममता को ठेश पहुंची थी

निशा रट हुए बोली

निशा :क्या बोलै बिन माँ के मरजाता है अरे बीटा कैसे मरने देती बीटा है तू मेरा भले hi तू मेरी कोख से नहीं जन्मा. और क्या बोलै तूने मेरी ममता झूठी है है बीटा तुझे क्या पता है जा जेक पूछ अपनी दादी से

तुझे इसी सीने से दूध पिलाया है

और बीटा तुझे क्या पता तुझे मेने अपने सेज बेटे से बढ़ कर मन है

अंकित भी गुस्से से बोलै

अंकित :और दूध पीला के गौ में hi 18 साल के लिए चोर दिया था ाप्त है न मेरे बारे में सोच न छोड़ hi दीजिये और मुझसे कोई उम्मीद भी मत रख न

और ये कह कर अंकित घर के बहार चला जाता है

यहाँ घर में निशा तो जोर से रो रही थी आकाश ने उसको सीने से लगा लिया

तभी नेहा उसके पास आकर बोली

नेहा :चोर न माँ वैसे भी कहा मेरा सागा भाई है उसके होने न होने से क्या फर्क पड़ेगा

निशा को ये सुन के बहुत गुस्सा अत है वो नेहा को एक थप्पड़ मर देती है

निशा :खबर दार जो उसे सौतेला बोलै तो सागा भाई है वो तेरा और मेरा सागा बीटा

नेहा रट हुए बोली

नेहा : एक बात बोलू माँ पापा उसने एक सब्द भी गलत नहीं बोलै वो हमसे नफरत करता है और ये कहा कर निशा भी चली गई रूम में

आज के एक्सीडेंट से सब दुखी थे आकाश भी रो रहा था क्यों की गलती तो उसकी hi थी

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अपडेट 11

अंकित आज जो हुआ था उससे बहुत गुस्से में था और वो गौ में चला जाता है जहा सुनील और सूंजै बैठे थे और वो जब अंकित को आता देखते है तो उनकी गांड फैट जाती है

संजय :सुनील वो देख एक आ रहा है लगता है आंटी ने उसे सब बता दिया

सुनील :अरे भाई देख घबरा मत हम उससे माफ़ी मांग लेंगे अंकित वैसे भी साफ़ दिल वाला है हमे माफ़ जरूर करेगा

अंकित वह पहुंच जाता है

अंकित : सुनील एले जेक एक बोतल लेके आ इंग्लिश की और ये कह कर अंकित उसे एक 2000

का नोट देता है

अंकित : सूंजै सिगरेट लिया है या नहीं

संजय :सिगरेट है है येलो और अंकित सिगरेट फूक ने लगता है

अंकित रात को 10 बजे जब घर में आता है तो देख ता है घर के हॉल में कोई नहीं था सब अपने रूम में बैठे थे वो सीधा अपने रूम में जाता है अंकित पूरी

तरह नशे में था उससे खुद को संभाला भी नहीं जा रहा था

ईथर निशा मनीषा शीतल और तन्वी एक रूम में बैठे थे तभी तन्वी बोली

तन्वी : लगता है अंकित आगया आप रोकिये में उससे खाना देकर ातिहुँ

निशा :तू रूक में उसे खाना देकर आती हु

और ये कह कर निशा किचेन में जाकर एक प्लाट में खाना दाल टी है और अंकित के रूम में जाती है तो देखती है की अंकित बीएड पर उल्टा लेता हुवा था ोे उसकी आखों में अब भी आशु थे.

अंकित को ऐसे देख कर तो निशा का तो दिल दुःख ने लगता है वो जेक अंकित के शूज निकल टी है और खाने की थाली बीएड पर रख कर उसको उठाने लगती है पर अंकित पूरी तरह नशे में था उसकी बॉडी उसके काबू में नहीं थी वो अंकित को जैसे खड़ा करते वैसे hi अंकित िथै उठे लुड़कने लगता

और जैसे hi एक बार अंकित लुढ़का तो सीधा जेक अंकित का सर निशा के सीने से चिपक गया निशा को तो जैसे आज एक अलग hi खुसी हो रही थी उसे तो जैसे दुनिया भर का सुख मिल गया था वो खींच देर अंकित को ऐसे hi सीने से लगाई बैठे रहरी है फिर उसको खाना खिलाती है

अंकित नशे में बोलै

अंकित : तन्वी चची क्या बात है आज आप के सीने से लगके पहली बार एक अलग hi सुकून मिल रहा है आज आपके सीने से लग कर हवस नहीं जग रही बस एक अलग तरह का प्यार फील हो रहा है मुझे नहीं पता की ये क्या है पर क्या आप ऐसे hi मुझे सुलायेगी

निशा (मन में) : अरे बीटा तुझे जो सुकून मिला रहा है वो एक माँ की ममता है तुझे तो कभी नहीं मिला पर में वादा करती हु तुझे में रोज ऐसे hi सुलाउंगी और तेरे गले लगने से मुझे पहली बार एहसास हुवा की जब एक बीटा सीने से लगता है तो कितना सूख मिलता है

उसके बाद निशा अंकित को खाना खिला कर उसके कपडे चेंज करती है जब अंकित के कपडे चेंज हो जाते है और निशा जाने लगती है तो तभी उसे एक ख्याल आता है वो अंकित के पास जेक उसका चेहरा ध्यान से देखती है उसे वो बहुत प्यारा लगता है

निशा (मन में) :कितना प्याररा है मेरा बीटा कास ये मेरी कोख से जनम लेता एक बार तेरी नफरत ख़तम होजाये बीटा में तुझे हर तरह का प्यार दूंगी माँ का भी और बीवी का भी

और ये कह कर निशा खाने की प्लाट किचेन में रख कर आती है और बाकि सब जहा बैठे थे वह चली जाती है आज निशा के चेहरे पर एक अलग hi ख़ुशी थी

मनीषा :क्या बात है दीदी बढ़ी खुश नज़र आ रही हो

नेहा :है माँ अंकित की नाराज़ गई ख़तम हो गई क्या

मोनिका :है बड़ी माँ बताइये न क्या भाई ने खाना खाया या नहीं मुझे तो भाई की बहुत चिंता है

निशा :अरे रूक जा ज़रा सास तो लेने दे एक गिलास पानी तो दे

निशा पानी पि के बोली

निशा :अरे खुश तो होगी hi न आखिर मेरे बेटे को आज पहली बार मेरे सीने से लग कर खाना खिलाया है

शीतल :अरे वह दीदी सीने से लग कर ये चमत्कार कैसे हुवा

निशा :साहब जेड ड्रिंक करके आये है उसे क्या पता की खाना खिलने वाली उसकी माँ है या चची

नेहा :है सौतेली माँ

निशा को पता था की नेहा क्यों ऐसा बोल रही है

निशा नेहा को गले लगा कर कहती है

निशा : बीटा भले hi में उसकी सगी माँ नहीं हु पर मेने उसे सागा बीटा बनाने का वादा दिया है

नेहा :माँ आप ने कभी बता या नहीं की मेरी भी एक बाटी माँ थी अवंतिका न यही नाम है न उनका

निशा :तुझे पता नहीं जब अवंतिका दीदी मौत के करीब थी तब उनके अंदर की माँ ने मेरे अंदर की ममता ागपर भरोसा किया था तो उनको कैसे वादा न कर टी

नेहा : माँ क्या बड़ी माँ ने मुझे देखा था

निशा :है बीटा उन्होंने तुझे हंमेशा माकी तरह पला है जब भी तू बीमार होती तो वो और में पूरी रात जग कर तुझे देखती रहती जब कभी भी मुझे जरुरी काम से जाना पड़ता और तू रोटी थी तो वो hi तुझे तेरी माँ बन कर तेरा ख्याल रखती थी

अब तू hi बता की जिस ायरत ने तेरा माँ बन कर ख्याल रखा हो उसके बेटे को तू सौतेला बोल रही है

नेहा :ी ऍम सॉरी माँ में आज के बाद कभी भाई को ऐसा कुछ भी नहीं कहूँगी की उसे लगे की वो मेरा सौतेला भाई है और वैसे भी मेने कभी उसे सौतेला भाई नहीं मन और नहीं मोनिका ने

और ऐसे hi सब सोने चले जाते है नेहा निशा के रूम में सोने चली जाती है

नेहा : माँ मुझे वैसे hi सुलाओ न जैसे बचपन में सुलाती थी निशा समाज गई की नेहा क्या कह टी है

निशा बीएड पर जेक सीधा लेट लती है और अपना ब्लाउस निकल कर ब्रा भी निकल देती है और उसके 38 साइज के बूब्स को आज़ाद करती है नेहा जड़ी से उसकी माँ को लिपट जाती है और एक बूब्स को मुँह में भर लेती है

निशा :नेहा बीटा अब जल्दी hi इस दूसरी साइड पर तेरे भाई की कमी भी पूरी होजाये बस में यही चाहती हु की मेरे दोनों बचो को अपना दूध पीला कर सुलौ

और ऐसे hi रात को सभी लोग सो जाते है

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बी Bye
 
अपडेट 12

ेथर रात को आकाश गहरी सोच में डूबा हुवा था

आकाश (मन में) : अंकित मेरे बचे तुझे आखिर कैसे संजो की हमसे गलती हो गई

तू जो मैग वो हम देने को तैयार है बस हमारे पास वापस आजा

अवंतिका तुमदेख रही हो न हु मारा बीटा केसा हो गया है पता नहीं आज तुम यहाँ होती तो क्या होता पर इतना कह सकता हु की अगर तुम यहाँ होती तो अंकित को जरूर समजा देती बस अब भगवन से एक hi प्राथना है की सब जल्दी ठीक हो जाये

और आकाश सो जाता है

सुभह के 6 बज रहे थे सब अभी सो रहे थे अभी बस तीन hi लोग जगे थे एक तो निशा दूसरी शीतल और तीसरा अंकित

अंकित जब जगता है तो उसका सर दर्द से फटा

जा रहा था उसे हैंगओवर हो रहा था वो अपने आप को संभल ता है और बाथरूम में जेक फ्रेश होता है और अपने गयम वाले कपडे पहनता है और अपने बैग से प्रोटीन सके का जार निकल कर निचे चला जाता है

ईथर निशा और शीतल नास्ते की तयारी कर रही थी और मनीषा भी वह आ चुकी थी

तभी अंकित किचेन के दर ाजे पर आजाता है जब निशा उसे देख टी है तो वो खुश होती है निशा ने देखा की अंकित गयम ड्रेस में था मतलब वो गयम करने जा रहा था तभी अंकित बोलता है

अंकित : चची में ऊपर गयम रूम में जा रहा हु ये प्रोटीन सके का पाउडर है और ये मेरा सिप्पर है इस बरोटीन को इस बोलत ने पानी के साथ मिलके मुझे ऊपर दे जाना

और ये कह कर हर शीतल को दे देता है

शीतल :ठीक है बीटा तुम जाओ में अभी ले कर आती हु

और अंकित गयम में चला जाता है

यहाँ में आपको बाटाडू की गौण वाले घर में भी इनके पास गयम रूम है

जब प्रोटीन सके बनजाता है तब तक नेहा और मोनिका भी गयम वाले ड्रेस में वह आ जाती है तभी निशा ने कहा की

निशा :शीतल तू रोक में अंकित को दे कर आती हु बोतल

फिर निशा मनीषा नेहा और मोनिका गयम वाले रूम में जाती है तो देख टी है की अंकित पुसपष कर रहा है वो एक लोहे की रोड को अपने हाथो से पकड़ कर खुद को ऊपर खींच रहा है ये. ये चारो उसकी बॉडी देख कर ें चारो के सबर का बांध टूट गया चारो की छूटे गीली हो गई

निशा उसका प्रोटीन शेक उसे देती है पर अंकित ने उसका कोई जवाब नहीं दिया वो अंकित के पास जेक उसे अपने हाथ से हिलती है पर अंकित को चुने से निशा को एक अलग hi मजा आरहा था उसने जैसे hi अंकित को छुआ तो उसके सरीर में तेज सिहरन दौड़ गयी

पर अंकित ने इसबार भी जवाब नहीं दिया

मनीषा :दीदी ये जवाब क्यों नहीं दे रहा

तभी नेहा की नज़र बाजु के टेबल पे रखे अंकित के ीफोने और ऐरपोडस के केस

पर पड़ती है वो बोलती

नेहा :अरे माँ वो. नहीं सुनेगा ये देखो उसने ऐरपोडस लगाए हुआ है तभी सब की हसी निकल जाती है और नेहा उसका फ़ोन लेकर उसपे चल रहे गाने को स्टॉप करती है और अंकित चौक जाता है वो पीछे मुड़के देख ता है तो नेहा उसका फ़ोन लेकर खुश कर रही थी अभी वो कुछ बोलता उससे पहले hi नेहा बोली

नेहा :भाई इसका पासवर्ड तो बताओ

अंकित : मेरा फ़ोन का पासवर्ड जानने का हक़ तो मेरे बाप का भी नहीं है और ये कह कर वो प्रोटीन शेक को लेकर पिने लगता है तभी मोनिका बोली

मोनिका :आप चिंता मत करो दी में अभी इसका पासवर्ड हैक करती हु

मोनिका अपना फ़ोन निकल कर खुश करने लगती है कई तरय करने के बाद भी पासवर्ड नहीं टुटा

मोनिका : भाई तुमने ये कैसा पासवर्ड है खुल hi नहीं रहा

अंकित :अंकित टूटेगा कैसे इसे भी हैक करके रक्खा है

नेहा :इम्पॉसिबल मोनिका ने तो बड़ी बड़ा सर्वर हैक किया है तो ये कैसे हो सकता है

अंकित अपना शिप्पर रख कर नेहा के पास जा कर अपना फ़ोन लेके बोलै

अंकित : क्यों नहीं हो सकता हैकिंग क्या सिर्फ तुम्हे hi आती है क्या

नेहा मनिका ये बात सुनके तो शॉक रहा जाती है साथ में निशा और मनीषा भी

और अंकित चला गया अपने रूम में

फिर वो तैयार हो कर निचे आता है तो देख ता है नेहा नहाके आयी थी और अपने बाल सूखा रही थी जब अंकित नेहा को देख ता है तो देख ता hi रहता है

क्यों की नेहा तो थी hi खूबसूरत पर सायद अंकित ने कभी ठीक से उसे देखा hi नहीं

अंकित कहकर भी नेहा के ऊपर से नज़ारे नहीं हटा प् रहता तभी वह निशा नास्ता लेकर आजाती है वो देखती है अंकित नेहा को ताड़ रहा है निशा की तो हसी निकल जाती हैए

निशा( मन में) : अरे वह मेरा बीटा तो अपनीही बहन को देख रहा है ऐसा क्या दिख गया ऐसे नेहा में

तभी वह तिया आजाती है और अंकित की गॉड में बैठ जाती है और तन्वी भी वह नास्ता लेकर आजाती है पर अंकित अभी भी नेहा को घूर जा रहा था

तिया अंकित को हिलके बोलती है : भाई क्या देख रहे हो

अंकित : अरे गुड़िया तू कब आयी

तिया जब आप वह देख रहे थे अंकित जब अपने आस पास देखता है तो उसने देखा की तन्वी और निशा उसे hi देख रही है अंकित को बहुत शर्म आती है और उसके गाल शर्म से लाल हो जाते है और वो निचे देख कर नास्ता करने लगता है

और वो जब बहार जा रहा था तो उसने देख नेहा बहार अपने बाल अभी भी सूखा रही थी अंकित की नज़र फिर से ुष पर चिपक जाती है वो दोनों बस एक दूसरे को घूर जा रहे थे तभी अंकित दीवाल से टकरा गया और ये देख कर नेहा की हसी निकल गई और अंकित के चेहरे पे भी स्माइल आगे ोे उसने दीवाल पे एक जोर का घुसा. मारा तो ऊपर रखा गमला टूट गया

फिर अंकित गौ के लड़को के साथै खेल ने चला जाता है

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अपडेट 13

ेथर जब अंकित दीवाल से टकरा कर बहार जाता है तो नेहा की हसी निकल जाती है और वो मन में सोचती है

नेहा (मन में) : क्या यार क्या जरुरत थी अपने प्यारे भाई से नज़ारे मिला ने की अगर उसे ज्यादा चोट लगजाति तो फिर नेहा टेरेस पर चली जाती है तो देख टी

अंकित के घर के पीछे एक छोटा सा मदन था वह वो देखती है अंकित गौ के लड़को के साथ क्रिकेट खेल रहा था

नेहा वही कड़ी उससे देख ने लगती है

जब अंकित की बेटिंग की बरी आई तो अंकित ने बहुत hi संदर 4 एंड 6 लगाए और अपनी टीम को जिताया सब ने अंकित के लिए ताली बजे और नेहा ने भी जैम कर ताली बजेपर सारे लड़के नेहा को hi देख रहे थे और अपने दिल पर हाथ रख दिए पर सब अंकित को जानते थे तब सब नार्मल होने की कोसिस करने लगे

फिर सब खेल ने में लग गए इस बार अंकित फील्डिंग कर रहा था पर अंकित की नज़र नेहा पर थी अंकित मन में सोच ता है

अंकित :मन में ये यहाँ क्या देख रही है कही मुझे तो नहीं देख रही एक बार देखु क्या

तकभी अंकित का दिमाग कहता है क्या कर रहा है अंकित ये मत भूल की वो कोण है

पर कहते है न दिल के आगे दिमाग की क्या चलती है फिर अंकित ने देखा तो नेहा जा चुकी थी फिर अंकित वहासे घर आजाता है

और वो अपने कमरे में जाता है अपना लेपटॉप निकला hi था की तभी उससे याद आता है की आज तो उसका रिजल्ट आनुंश होना था जब अंकित रिजल्ट वाली वेबसाइट पर जाता है तो वो ओपन नहीं हो रही थी वो फिर लेपटॉप बांध करता है और निचे चला जाता है और अपना लेपटॉप भी साथै में ले जाता है

जब वो हॉल में आता है तो उससे कोई नहीं दिख ता वो वही पे अपना फ़ोन रख देता है और अपने लेपटॉप पर हेड फ़ोन लगा कर गेम खेल ने लगता है हेड फ़ोन का साउंड बहुत लाऊड था जिससे अंकित को गेम के शिव किसी की भी आवाज सुनाई न दे

अंकित अपनी hi मस्ती में गेम खेल रहा था तभी वह निशा नेहा और मोनिका आजाते है वो देख ते है अंकित गेम खेल रहा है तो वो उसके पास जाकर आवाज़ लगाती है पर अनित सुनता भी कैसे उसने हेड फ़ोन लगा रखे थे

तकभी नेहा की नज़र उसके फ़ोन पर पड़ती है वो रिंग कर रहा था नेहा जब उसका नाम देख टी है और बोलती है

नेहा : ये कोण है आर्यन लगता है भाई का दोस्त होगा

निशा :उठा तो पता तो चले की मेरे बेटे की सांगत कैसी है

नेहा कॉल पिछ करती है

सामने से आर्यन बोलता है

आर्यन : अंकित मेरे भाई आज तो हम दो no च गए कॉलेज में हमदोनो ने कॉलेज में सबसे ज्यादा मार्क्स से पास हुए है

नेहा :hello आप आर्यन है न

आर्यन :अरे एक तेरी आवाज़ को क्या हुवा

नेहा :में अंकित की दीदी बोल रही हु

आर्यन :नमस्ते दीदी कैसी है आप और अंकित कहा है

निशा : अरे बीटा अंकित बहार गया है बोलो क्या काम था में उससे बता दूंगी

आर्यन :आंटी आप अंकित को बोल देना की मेने उसका रिजल्ट का फोटो बेझा है वो देख ले और मेरा भी बेझा है

फिर कॉल कट होता है तो नेहा आये हुए मश्ग को देख टी है तो तीनो के होसे उड़जाते है आर्यन का स्कोर था 95 %पास और अंकित का 99% पास अंकित कॉलेज में टोपर बन गया था

नेहा :माँ मेरा भाई तो हर तरह से होसियार है भाई ने पुरे कॉलेज में टॉप किया है

निशा :मुझे तो गर्व है अपने बचे पर इतना होनहार बीटा किसी नसीब वालो को hi मिलता है

तभी वह आकाश और मनोज आजाते है ये दोनों आज सुबह hi फैक्ट्री गए थे निशा ाक्ष को ये बात बताती है तो उसके भी होसे उड़जाते है आज उसे अपने बेटे पर गर्व था उसने अंकित को कहा पर अंकित कैसे सुनता तो आकाश ने उसे हिलाया तो अंकित का ध्यान टूट गया और वो सब की तरफ देख ने लगा

नेहा उसे बोलती है

नेहा :भाई तुम्हारा फ़ोन इसमें आर्यन का कॉल आया था उसने तुम्हे तुम्हारा रिजल्ट भेजा है

अंकित ये सुनके जल्दी से अपना रिजल्ट देख ता है तो वो भी खुश हो जाता है और मनोज के गले लग जाता है

अंकित : चाचा मेरे मार्क्स पुरे कॉलेज में सबसे ज्यादा आये में पुरे कॉलेज का टॉपर हु

आकाश :कोंग्रटुलतिओन्स बीटा आओ अपने पापा के गले तो मिलो

अंकित : थैंक्स बूत गले मिलने की बात आप नहीं करो तो बेहतर है और आप ने आज तो बोल्दिया के आप मेरे बाप है पर आइंदा अगर ये बोलै तो में भूल जाऊंगा की आप मुझसे उम्र में बड़े हो मुझे इस माँ बाप वर्ड से सख्त नफरत है ये तो अच्छा है आज मेरा मूड ठीक है.

और अंकित अपने रूम में जाने लगता है तो उसने देखा की तन्वी निचे जाने के लिए सामने से आ रही है पर अंकित को खड़ा देख कर वो थोड़ी दर जाती है

तन्वी मन में :अरे ये यहाँ क्यों खड़ा है अगर इसके पास जाउंगी तो ये जरूर ऐसी वैसी हरकत करेगा

तभी वो तिया को बुलाती है

तन्वी :तिया जरा मेरे साथ तो चल

फिर तिया भी तन्वी के पीछे आ रही थी पहले तन्वी जब अंकित के पास से गुजरी तो अंकित का पारा लिमिट क्रॉस करगया और वो बोलै

अंकित धीरे से :साली रांड देख लूंगा तुझे

तन्वी बस मुस्कुराके चली जाती है

फिर अंकित अपने रूम में चला जाता है और लेट जाता है अभी करीब 20 मिनट्स hi हुए थे की अंकित के रूम के दर ाजे पर कनक हुवा अंकित को और गुस्सा आ गया और बोलै

अंकित :क्या है

तन्वी : में हु बीटा तेरे लिए नास्ता लायी हु

अंकित :नहीं करना नास्ता आप जाओ ह्यः से

तन्वी अबकी बार दर अजा खोल कर अंदर आजाती है और वो दरवाजा अंदर से लोक करदेती है अंकित के सीने से लगजाति है की अंकित उसको बालो से कद ता है जिससे तन्वी को दर्द होता है अंकित गुस्से में बोलता है

अंकित :क्यों बे चची गांड में कुछ ज्यादा hi हवा भर गई है क्या

तन्वी दर्द से तड़पते हुई बोली

तन्वी :अरे बीटा पहले चोर तो बार्ड हो रहा है

अंकित :साली अभी क्या नाटक कर रही थी

और अंकित तन्वी को चोर देता है

तन्वी अरे वो तो बस ऐसे hi मजाक कर रही थी अब बताऊ क्या करना है

अंकित: आज तो में तुझे जी भर के छोडूंगा

तन्वी दर जाती है

तकंवी :अरे अभी छोड़ ने का रहने दो अभी घर में सभी लोग मौजूद है

अंकित : आज तू मुझे ठंडा करे बगैर नहीं जा सकती ये बोल क्रंकीट अपना लैंड बहार निकल ता है

अब तन्वी को थोड़ा दर लग रहा था

अंकित बोलै :छोड़ ने नहीं देगी पर तू मेरा मुँह में जरूर लेगी और मुझे ठंडा भी करेगी

और ये कह कर तो तन्वी के मुँह में अपना लुंड दर लार छोड़ ने लगता हैऔर यहाँ तन्वी की सास उखड़ ने लगी तो उसे चोर दिया

तन्वी :खु खु खु क्या करते हो खु खु ऐसे कोई करता है

तो अंकित उसे उठा कर उसके गलो पर होठ पर गले में हर जगह चूमने और चाटने लगता है और एक दो जगह पर तो बाईट के निशान भी पद गए थे ेथर निशा को कुछ याद आता हैतो वो तन्वी को आवाज देती है पर कोई जावा बी न प् कर वो अंकित के रूम के पास जाती है और उसे आवाज लगाती है.

पर अंकित तन्वी को चोर hi नहीं रहा था तो तन्वी जैसे तैसे करके चुटी और दर अजा खोल कर निकाल गई पर अंकित को बहुत गुस्सा आ रहा था क्यों की उसे खड़े लैंड पर देखा मिला था

जब तन्वी बहार आती है तो वो हाफ रही थी पर निशा को सामने देख कर तो उसकी गांड hi फात गई

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तन्वी जब बहार आती है तो निशा उसके सामने कड़ी थी तन्वी की तो गांड hi फैट गई

निशा बोली : अरे तन्वी जरा मेरे साथ रूम में आ तो खुश बात करनी है

तन्वी बस उसके पीछे पीछे चली जाती है

एक रूम में अब निशा और तन्वी hi थे अब

निशा :क्या में जान सकती हु तू अंकित के कमरे में क्या कर रही थी

तन्वी ये सुनके तो उसकी हवा hi टाइट हो गयी

निशा :थोड़ा गुस्सा दिखते हुए

मेने पूछा क्या कर रही थी जो तेरी ऐसी हालत हो गई

तन्वी अब डर गयी थी

निशा :तो मेरा शक सही था अंकित के तेरे साथ जिस्मानी सम्बन्ध है और उसकी पहल भी तूने की थी

अब तन्वी रोने लगती हैऔर निशा से माफ़ी मांगती है

तन्वी (रट हुए) : दीदी मुझे माफ़ कार्डो में कभी भी उसको ऐसी नज़र से नहीं देखूंगी पर में क्या करती वो जब भी गुस्सा कर ता था आप को लेकर तो उससे संत करने के लिए में यही करती थी और ये तरीका काम भी करता था और न जाने क्यों में अंकित को देख कर बहक hi जाती हु पर अब नहीं. मुझे माफ़ कार्डो दीदी मुझे माफ़ कार्डो..

निशा भी उससे गले लागलेटी है और बोलती है

निशा :तन्वी एक तो तुझे भी पता है की वो हमसे नफरत करता है पर फिर भी तुमलोगो ने माँ बन कर उसको पला और वो

पहले से hi बिगड़ा हुवा है अगर तुम hi उससे ये सब सिखाऊंगी तो वोटो और बिगड़ेगा

उससे थोड़ा डाट फटकार कर रख फिर देख न कैसे लाइन पर आएगा

तन्वी :है दीदी अब में उससे एक माँ का hi प्यार दूंगी आप देख न में उसको लाइन पर लाके रहूंगी वैसे दीदी अगर हम अंकित को देख कर बहक सनकी है तो आप भी तो एक औरत hi आप को कुछ नहीं हुवा

निशा थोड़ा सरमने लगी

निशा :चुप कर बेसरम कुछ भी बोलती है बीटा है मेरा

निशा ये सब ऐसे बोली जैसे वो कुछ छुपा रही हो तन्वी बोलती है

तन्वी :अरे दीदी हमसे तो जूथ मत बोलो हमे पता है जब आपने चारो ने मतलब मनीषा दीदी नेहा और मोनिका ने जब उससे पाह ली बार देखा था तब आप चारो की छूट ने पानी छोरा थक्यो हैना.

निशा भी बोली

निशा : अब तुजसे क्या छू पाव जा. पहली बार उसको देखा था तब एक तरफ मेरी ममता उमड़ पड़ी और दूसरी तरफ छूट ने पहली बार इतना पानी बहाया इतना पानी तो कभी

छुड़वाते वक़त भी नहीं बहा था पर तुझे कैसे पता

तन्वी है कर बोली : अरे दीदी उस दी मेने hi सब के कपडे धोने के लिए डाले थे माँ कसम सब की पेंटी से क्या खुशबु आ रही थी सब से शानदार और नशीली खुस हु तो आपकी और मनीषा दीदी की पेंटी से आ रही थी आप चारो के पानी की खुश भू

सूंघ के तो मेरी पेटी भी गीली हो गई दीदी कभी हमे भी तो अपनी छूट का स्वाद चखो

निशा :जरूर चखूंगी पर उससे पहले अंकित की नफरत ख़तम करनी है

तन्वी :क्या दीदी आप भी अंकित से छोड़ना चाहती हो देखिये जूथ मत बोलना

निशा भी पढ़ी लिखी थी और मॉर्डन थी मॉर्डन ख़यालात वाली थी उसने भी कहा

निशा :में भी छोड़ना तो कहती हु पर मेरा बीटा है इसी लिए में पीछे हटी हु

तन्वी ने भी निशा से और कोई सवाल नहीं किया इस बारे में फीर दोनों बाते कर ने लगते है

यहाँ अंकित बहुत गुस्से में था उसने तन्वी के फ़ोन पर फ़ोन किया पर तन्वी निशा के साथ उसके रूम में थी पर तन्वी के रूम में साक्षी थी उसने कॉल पिछ किया

अंकित फ़ोन पर

अंकित :चची कहा चली गयी लड़ खड़ा करके जल्दी आ देखो आपको याद करके कैसे मेरा लैंड खड़ा है

साक्षी जब ये सुनती है तो उससे बेहद गुस्सा आता है और बोलती है अंकित से

साक्षी : कमीने तुझे सरम नहीं आई अपनी माँ सामान चची को भी नहीं बक्शा

अंकित को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा वो उसे बोलता है

अंकित : ओह तो साक्षी दीदी आप है तभी में सोचु की मेरी सेक्सी चची बोल क्यों नहीं रही थी

साक्षी को अंकित की बातो से घिन्न आने लगती है

साक्षी : तू इतना निचे गिर सकता है ये में सोच भी नहीं सकती थी तू इंसान है या

जानवर

अंकित :ओह तो आज मेरी प्यारी दीदी को मेरी बातोसे घिन आ रही है पहले क्यों नहीं आयी जब आप छूट खोल के कहती थी की अंदर दाल कर छोड़ भाई तुझे भी मजा

आएगा

साक्षी :बचपन में होजाती है गलतिया तब हम समझदार नहीं थे

अंकित :तो अब तो समाज दर भी ये दी अब तो और मजा आएगा

साक्षी तो अंकित की बात से रोने लगती है और फ़ोन कट करदेती है

यहाँ शीतल निशा मोनिका नेहा मनीषा सब एक रूम में बैठी थी तभी

साक्षी वह रट हुए जाती है और बोलती है

साक्षी (शीतल से) : माँ मुझे जहर लाडे में जीना नहीं कहती

मनीषा :साक्षी बेटी क्या हुवा और ये सब ऐसा क्यों बोल रही हो

साक्षी :अंकित की वजह से

'क्या किया है अंकित ने साक्षी बीटा' ये आवाज कमरे के दूर से आयी जब सबने देखा की वह मनोज और आकाश खड़े थे

आकाश साक्षी के पास आके उसका सर सहला कर बोलता है क्या किया नाकित ने

साक्षी : अंकित हर वक़त मुझे छेद ताहै और गंदे कमैंट्स पास करता है.

और तो और साक्षी बोलने से पहले शीतल की तरफ देखती है क्योकि शीतलाइसे मामलो को संभालना जानती थी

वो साक्षी को देख कर न में गर्दन हिलायी पर साक्षी इतनी फटस्टरड थी की बोली

साक्षी : और वो तन्वी माँ को भी पीसकली ह्रास करता है कभी भी कही भी खुश भी करलेता है चची तो अपनी इज़्ज़त को लेकर कभी खुश नहीं बोली

निशा और तन्वी की तो गांड फैट गई क्यों किये जानती थी की गलती तन्वी की भी है और अगर अंकित ने तन्वी का नाम अगर ले लिया तो पता नहीं क्या होगा

आकाश को तो बहुत गुस्सा आरहा था और वो बोलै

आकाश :वो समाज ता क्या है अपने आपको बड़ा गुस्से वाला है तो क्या खुश भी करेगा

मनोज :तन्वी तेरे साथ इतना कुछ होगया और तूने मुझे बताया भी नहीं एक बार बोलतो देना था

तन्वी :में वो वो में

तभी कमरे केदूर से आवाज आई

'इज़्ज़त ख़राब होने के दरसे नहीं बोल पायी चची.' अंकित को देख कर तो निशा और तन्वी की तो हवाही निकल गई

अंकित बोलै :है में साक्षी दी को लेकर गंदे कमेंट करता हु ये सिर्फ मेरी गलती है उसकी नहीं और चची के साथ भी ये करता हु उसमे सिर्फ मेरी गलती है

आकाश :अरे नालायक कमीने कैसा

इंसान है

अंकित : आप तो चुप hi रहिये आप को मेरी बात में बोलने का कोई हक़ नहीं है जो बोलन है वो मनोज चाचा और शीतल चची बोलेंगे

शीतल तो बस आशु बहा रही थी

मनोज बोलै : अब में क्या बोलू अंकित खुश बोलने लायक तुमने छोरा hi नहीं में सोच भी नहीं सकता थकी तुम इतना निचे गिर सकते हो

अंकित :हो गया अब चची आपको भी कुछ बोलना है

शीतल :बेशर्मो को बोलके क्या फ़ायदा

अंकित: ठीक है में चलता हु

और ये कह कर अंकित अपनी दादी के रूम में चला जाता है

अंकित आप ी दादी के सीने में सर रख कर बोलता है

अंकित :दादी जीने का मन नहीं कर रहा है बस ऐसा लगता है सब छोड़ के बस मर जाऊ

सुलोचना भी प्यार से अंकित के सर पर हाथ फेर कर बोलती है

सुलोचना :बीटा नशा और गुस्सा किसी के भी सुखी संसार को तबाह करसकता है बस एक बार इन्शान खुद पर का हु पाना शिख जाये फिर देख न जिंदगी कितनी. खूबसूरत होती है

और अंकित घरसे निकल कर अपने खेत में चला जाता है वह एक बेंच थी

बैठ ने केलिए अंकित अपने ऐरपोडस

निकल कर एक सांग प्ले करता हैऔर वही बेंच पर लेट जाता है

यहाँ सब अंकित के जाने के बाद वही बैठे थे तो तन्वी जोर से रोने लगी

मनोज :बस तन्वी चुप होजाउ अरे हो गई बिचारी गलती

शीतल :है छोटी वो भी तो सब से सामने सरम सार हुवा है

निशा :ये अपनी गलती पर रो रही है

अंकित से सभंव बनाने की पहल इसने की थी

मनोज : ओह तो महारानी अब क्यों रो रही है

शीतल :है उस बिचारे ने तेरा नाम तक नहीं लिया.

साक्षी भी बोली :गलती तो मुझसे भी हुयी है माँ 14 साल का था अंकित पर में तो समझदार थी तब मेने अनजाने में अंकित से सम्बन्ध बनालिये थे मुझे भी माफ़ कार्डो

साक्षी की बात पर तो सब शॉक हो जाते है

मनोज :वह माझे तुमने किये सजा अंकित को मिल रही है जो कभी उसने किहि नहीं

तभी आकाश जो इतनी देर से चुप बैठा था वो बोलै

आकाश :मनोज ये सब हमारे hi किये की सजा है.

मनोज जनता था की उसका भाई क्या कह रहा है

मनोज :भैया क्या हम ये रा, इन्हे बतादे वाइज भी इससे हु मारा परिवार में hi प्यार बढे गए क्योहै न

आकाश : नहीं मनोज ये आज के टाइम अगर किसी को पता चला तो क्या होगा तू जनता हैना

मनोज : भैया आप भी जानते है की हम मैं से कोई भी ये राज़ बहार उजागर न हो उसकी पूरी गुरेट्टी लेंगे

आकाश : मैं जनता हु इससे हमारा प्यार तो बढ़ेगा पर क्या सच मैं ये ठीक होगा एक बार फिर सोच ले

मनोज : भैया मैं तो 100 % सूरे हु इससे हम अरे घर के सारे प्रॉब्लम सॉल्व होजाएंगे अंकित का भी

निशा : ये आप लोग क्या बाते कर रहे है कब से जल्दी बताईये न हमे टेंशन हो रहा है

आकाश : मनोज मैं भी तैयार हु मैं hi बताता हु आखिर ये सब शुरू भी तो मेरी वजह से हुवा है आज मैं आप सब को हमारे परिवार का एक ऐसा राज़ बाउंगा जिससे शायद आप सबकी जिंदगी बदल जाएगी

निशा : ऐसा कोनसा राज़ बताने वाले है

आकाश : पर उससे पहले आप सब को वडा करना होगा की ये बात आप मैं से कोई भी किसी को नहीं बताएँगे क्यों की अगर ये बात बहार निकली तो रावल फॅमिलिय ककी इज़्ज़त नाम और सोहरत तबाह होजायेगी

सब : हम वडा करते है

आकाश : थे है तो ये बात तबकी है जब हम दौड़ने भाई जवान थे और सेक्स के प्रति उत्तेजित थे तब हु मरी मने पिता के जाने बाद हमे सँभालने केलिए सब किया यहाँ तक की हम हु मरी माँ के साथ hi सेक्स करने लागेको की हमारी माँ को फ़िक्र थी की कही हम कभी बुरी संगत में न पड़े इसी लिए हमने ये सब किया

और अब बात आती है की हम अप्प सभी घर की लड़कियों और ओउरतो को भी ये अधिकार दे की आप भी घर के किसी भी मर्द से सेक्स करसकते है

सब आकाश की बात सुनकर खुश भी थे ोे हैरान भी निशा बोली

निशा :ठीक है पर हम सभी पर अंकित का हक़ पहले होगा और आपका बाद में है बेटियों से पूछ लो उनको अगर आपके साथ करना है तो कर सकती है

तभी नेहा मोनिका साक्षी बोली :नहीं हमारे ऊपर पहला हक़ हमारे भाई का hi होगा

सब ी तीनो की बात पर हुस्ने लगते है मनोज ने कहा

मनोज :भैया अब अंकित की तो निकल पड़ी

आकाश :हम यार पता नहीं में उस पर गुस्सा क्यों होगया

मनीषा :अब जोब्बी हुवा वो भूल जाओ अब तो बस में और निशा दीदी अंकित को माँ का प्यार देना चाहते है

निशा: पर अंकित है कहा

शीतल :अरे दीदी आजाये गए यही कही गया होगा

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

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यहाँ सब इतना कुछ होने के बाद सब अपनी बातो में बिज़ी होगये ये सब दोपहर को जो भी हुवा यही सब सोच कर अपना अपना काम में लग ए पर अभी रात के 10 बजे रहे थे अंकित को गुस्सा हो कर घर से गए हुए 6 घंटे होगये थे पर अब तक अंकित की कोई खबर नहीं थी घर में सब परेशां होगये थे

मनीषा : निशा दीदी अंकित अब तक नहीं आया है मुझे बहुत टेंशन हो रही है एक तो आज इतना कुछ होगया है वो पता नहीं उस पर क्या बिट रही होगी

निशा :बात तो तेरी सही है ऊपर से आज उसने इतना सब कुछ सहा है पता नहीं मेरा बीटा किस हाल में होगा आकाश अपने एक बात पुछु आप भी ये सब करते थे तो आज आपने और मनोज भाई ने अंकित पर गुस्सा क्यों किया

आकाश :पता नहीं निशा उस वक़ार मुझे ये लगा की अंकित उनसे जबरदस्ती कर रहा है इसी लिए मुझे गुस्सा आया क्यों की में भले hi सेक्स का शौकीन हु पर में किसिस के साथ जबरदस्ती नहीं करता

शीतल : आप रुकिए दीदी में उसे ढूंढ कर लती हु यही कही गया होगा

निशा : शीतल तू रूक में भी चलती हु

शीतल :नहीं दीदी एक तो वो पहले hi आपसे गुस्सा है और आज जो कुछ भी हुवा है उसके बाद पता नहीं वो किस

मूड में होगा

और शीतल निकल जाती है अंकित को धुंध ने

और यहाँ से दूर अंकित के खेत में तीन लोग बैठे थे संजय सुनील और अंकित. अंकित तो पूरी तरह नशे में धुत पड़ा था उसने इतनी पिली थी की शराब से भरा हुवा प्लास्टिक का गिलास भी जैसे तैसे पिया और वही पड़े सिगरेट के पैकेट से एक निकल कर पीने लगा सुनील और सूंजै तो शॉक थे की आखिर अंकित इतनी क्यों पि रहा है संजय और सुनील को अब ये बात पता चल चुकी थी की अंकित अपने परिवार से नफरत करता है

सुनील : एक यार इतनी क्यों पी रहे हो जरा अपनी हालत तो देखो ऐसे घर कैसे जाओगे और तुम्हारे घर वाले क्या कहेंगे

अंकित लड़खड़ाते हुए खली की हुई सरब की बोतल को एक पत्थर पर मारता है और कच का टुकड़ा सुनील को दिखा के

अंकित :क्यों रे चूतिये तुझे क्या में जितनी भी पीयू और घर की बात क्यों की तूने भोसड़ी के कौनसा घर किसका घर और परिवार कैसा परिवार मेरा अपनी दादी के शिव कोई नहीं है

संजय कीटो गांड hi फैट जाती है वो यहासे चला जाता है पर सुनील अंकित को दोस्त मंटा था इसी लिए वो वही रहा

फिर अंकित को पता नहीं क्या हुवा वो लगभग रुवाषि अवाजमे बोलै

अंकित :सॉरी यार में जरा गुस्से में ज्यादा बोल गया

सुनील : कोई बात नहीं भाई में जानता हु तुम दादी को खोने से दर रहे हो

अंकित की आखों में आशु आगये और वो रट हुए बोलै

अंकित : अगर मेरे रोने से दादी अगर ठीक होजाये तो में तो जिंदगी भर रोने के लिए तैयार हु एक वही तो है मेरी अपनी उनके जाने के बाद कौन होगा मेरा एक वहितो है चाचा चचाई को अपना मंटा था लेकि अब तो उन्हें भी मेरे माँ बाप ने मेरे

रिश्ते से अलग करदिया

अंकित की बात सुन कर सुनील की आखों में भी आशु आजाते है लेकिन कोई और भी था जो ये सब सुनकर रो रहा था जहा अंकित बैठा था उससे कुछ दूरीपर पेड के पीछे छुपी शीतल

भी अपने मुँह पर हाथ रह कर रो रही थो और वो वह से चली गई

पर अंकित एकबार फिर गुस्से में सुनील से बोलै

अंकित :लेकिन अब में सब से नफरत करता हु किसी से बात नहीं करूँगा वोजिये या मारे मुझे हु से कुछ लेनादेना नहीं है

सुनील :भाई एक दोस्त होने के नाते कह रहहु क्यातुम अपनेके बिना खुश रह पाओगे

अंकित : बेशक रह पाउँगा बेसुमार पेशा है मेरे पास में शर में एक आलीशान ज़िन्दगी जीता हु

और मेरे पास उनका एक भी रूपये नहीं है ये सब मेने अपनी जान की बाज़ी लगा कर कमाए है

सुनील : ठीक है भाई रुको एक आखरी पेग बच्चा है बोतल में में पीलू फिर चलते है

अंकित :वो पग मुझे दे में पीयू गए

सुनील :अरे नहीं भाई रुमने बहुत पि राखी है अपनी हालत तो देखो

अंकित उठता है तो उसके कदम लड़खड़ा जाते है पर फिर भी वो सुनील के हाथ से पेग ले कर पि जाता है और बेहोश हो जाता hai.sunil उसको सहारा देकर घर की और दोनों बढ़ने लगते है

यहाँ जब शीतल घर आकर सब को सबकुछ बताती है तो सब की आंखोमे आशु आजाते है खास कर आकाश और निशा की

निशा :आकाश प्लीज मुझे मेरा बीटा वापस चाहिए कैसे भी उसकी नफरत खता म करनी hi होगी

आकाश :मुझे भी यही लगता है

निशा :मन हम सुब अंकित से बेतहासा प्यार कटे है पर आज हम 18 साल बात यहाँ आके उससे हम उसके माँ बाप बता रहे है ये गलत है

मनीषा :है दीदी ठीक कह रही है

आकाश :बस एक बार अंकित का मूड ठीक होजाये तो में उससे बात करूँगा

यहाँ सुनील अंकित को सहारा देकर जैसेतैसे घर पूछता है जब सब अंकित की हालत देख ते है तो सब का दिल दुखता है खाश कर आकाश का

आकाश (मन में) : क्या हालत बना राखी है मेरे बच्चे ने और आकाश अंकित को सीने से लागलेता है क्यों की

अंकित अभी भी नशे में था और आकाश उसको सहारा देकर अंकित को उसके रूम में सुला देता है

मनीषा : निशा दीदी आज ना काने क्यों मुझे कुछ अनहोनी का आभास हो रहा है

निशा : सब ठीक होजायेगा छोटी बस भगवन पर भरोषा रख

और ऐसे hi सुबह होतहि है अभी सुबहके 9 बज रहे थे पर अंकित अभीभी सो रहा था तभी उसके दर ाजे पर कनक हुवा

अंकित उसकी आवाज से जब जगा तो अंकित का सर पहात रहा था वो जैसे तैसे नींद में रूम का गेट खोलता है

सामने शीतल खदीठि चाय लेके

उससे देख कर तो आज अंकित फुल गुस्से में था और उससे इतना गुस्सा आरहा थकी अंकित का चेहरा ला होगया

क्यों की अंकित का रंग बहुत hi गोरा था

उसने एक हाथ अपने सर पर रखा हुवा था

शीतल :अरे बीटा सर क्यों पकड़ रक्खा है

अंकित बहुत hi रउडेलीय बोलता है

अंकित :जब सर में दर्द होगा तो सर hi पकडूँगा न कुछ और तो पकडूँगा नहीं

शीतल : मेने सोचा की

अंकित (बीच में) :आपने जो सोचा क्या नहीं सोच मुझे उससे कोई मतलब नहीं है आप यहाँ क्यों आई है

शीतल : वो बीटा में तुम्हारे लिए चाय ले थी

अंकित :मुझे नहीं पिणि है चाय वे

आप जाओ जहा से मुझे अकेला चोर दो

और अंकित फ्रेश होक दादी के रूम में जाता है और अपने दादी के सीने में सर रख कर रुवाषि आवाज में बोलै

अंकित : आपको पता है दादी जब भी में आपके पास होता हु तो मुझे किसी की जरुरत नहीं रहती बस मन करता है हंमेशा आपके सीने में सर रख कर आपके आगोश में बैठा राहु पर अब तो आप भी मुझे चोर कर जारही हो

अंकित यहाँ अपनी दादी के प्यार में इतना खोगया की उसे पता hi नहीं चला की रूम में शीतल तन्वी निशा और मनीषा आचुकी है और सब ने अंकित की बात सुनी तो सब की आंखोमे आशु आगये

निशा : मम्मीजी चलिए आप दवा खलीजिये मम्मीजी उठिये

निशा के काफी आवाज लगाने के बाद भी वो नहीं उठी अंकित ने भी ये बात को नोटिस किया और वो अपनी दादी के दिल के पास hi उसका कान था जब अंकित ने उनकी धड़कन नहीं सुनी तो वो एक बार तो शॉक हो कर बैठ गया और

फिर से अपना कान दादी के दिलके पास रकह पर धड़कन न सुनकर उससे लगा की कही वैसा तो नहीं है जैसा वो सोच रहा है जब अंकित ने तीसरी बार भी ये किया और कोई आवाज अंकित को सुनाई नाहिदी तो अंकित समाज जाता है और अपनी दादी की आंखोमे देख ता है

तो उसकी आखे बस उसे hi देख रही थी पर हिल नहीं रही थी जिससे अंकित समाज जाता है की उसकी दादी उसे चोर के जा चुकी है

और जब अंकित रट हुए अपणीदादि की आखे हंमेशा केलिए बांध करता है तब उनचारो को पता चलता है की उनकी सास अब इस दुनिया में नहीं रही तभी वह आकाश मनोज

नेहा मोनिका तिया और साक्षी आजाते है उन्हें भी समाज ने में देर नहीं लगती की की अब सुलोचना उनके बिच नहीं रही वो सब भी रोना स्टार्ट कर देते है सबसे ज्यादा तो बुरी हालत अंकित की थी वो बस अपनी दादी को बहो में भर के रो रहा था जैसे किसीने उसकी ज़िंदगीकी सबसे कीमती चीज़ उससे चीन लिया हो

फिर कुछ लोगो को फ़ोन किया जाता है

और अंतिम यात्रा की तैयारी की जाती है

और शाम होने तक सुलोचना पांच

तत्वों में वायलिन होजाती है

फिर सब घर आजाते है रात होते होते सब अपने घर चले जाते हैबस घरके लोग hi रह जाते है

अभी रात के 9 बज रहे थे किसीका भी खाने का मन तो नाहीतः पर आकाश ने सब को थोड़ा खाना खिला दिया

तभी निशा को खुश याद आता है

वो तन्वी से कहती है

निशा :अरे तन्वी हमने तो खलिया पर अंकित कोटो खाना दिया hi नहीं बिचरे ने कल से कुछ नहीं खाया होगा

अंकित अपने रूम में सो रहा वोटो अंतिम यात्रा के बाद जब सभी घर आये तब hi सो गया था

जब निशा उसके गेट को नोक करती है तो अंकित उठ के गेट खोलता है और निशा को देख कर तो उसकी आंखोमे जैसे गुस्सा उतर आया

अंकित गुर्राया

अंकित :अब क्या खडिहि रहोगी या कुछ बोलोगी भी क्या है आपको

निशा :बीटा खाना खालो तुमने कैसे कुछ नहीं खाया है

अंकित : मुझे नहीं खाना और अब मुझे डिस्टर्ब मत करना

निशा : में भी देख तो हु कैसे नहीं खता बीटा तूने कल से कुछ नहीं खाया है चल निचे खाना खले

और ये कह कर निशा अंकित का हाथ पकड़ती है पर जैसे अंकित का हाथ पकड़ती है उससे शॉक लगता है अंकित का हाथ बहुत तप रहा था निशा को ज्यादा टाइम नहीं लगा समझने को की अंकित बीमार है

निशा की आखों में ासु आगये वो अंकित को बड़े प्यार से बोली

निशा :अंकित बीटा तुझे तो बुखार है तू रो में अभी खाना और दवाई लेकर आती हु

अंकित निशा का हाथ जाता देता है और बोलै

अंकित : आप जाइये यहासे इससे पहले की में कुछ गलत कर बैठु मुझे नहीं चाहिए ये आपकी झूठी हमदर्दी

और ये कह कर अंकित दर अजा बांध करता है निशा जेक ये बात आकाश को बताती है पर वो कुछ नहीं कर सकते थे सब बस आज का दिन भूल न चाहते थे

फिर धीरे धीरे सब सो गए

पर अंकित उठ चूका था अभी रात के 2 बजे थे अंकित सबसे पहले जेक फ्रेश होता है और उसके बाद निचे जाकर ाँपी दादी की एक फोटो लेता है और अपना सामना पैक करने लगता है और उससे खिड़की से निचे उतरता हैऔर खुद भी निचे आजाता है और घर से बहार जाता है और अपने घर को देख ने लगता है और सोच ता है

अंकित (मन में) : कितनी यादे है मेरी इस घरके साथ पर अब यहाँ ा जान लोगोने कब्जः करलिया है इस लिए अब में यहाँ नहीं रह सकता हो सके तो मुझे माफ़ करदेना दादी में यहाँ से जा राहु इनसब से दूर यहकि यादो से दूर अब इस दुनिया में मेरा कोई अपना नहीं

और अंकित अपनी गुड़िया तिया के टेबलेट पर एक मश्ग करदेता है और अपना सामान अपनी रेंज रोवर में रखता है और गौ से दूर चला जाता है

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यहाँ अंकित बहुत दुखी था और बहुत गुस्से में पर अब बस अपने शर कीओर hi बाद रहा था पर उसे कमज़ोरी सी लग रही थी तो वो रस्ते पे एक होटल पर रोका और

वह पे थोड़ा नास्ता किया और वापस रस्ते पर गाड़ी चलने लगा वो अबतक गौ से काफी दूर आ चूका था

यहाँ गौण में सब उठ चुके थे सब नास्तकर रहे थे तभी मनीषा ने बोलै

मनीषा :दीदी में अंकित को उठाने कर ातिहुँ

निशा : है उसे जरा देखना तो उससे बुखार था वो उतर गया की नहीं

मनीषा :ठीक है दीदी में अभी आती हु

और ये कह कर निशा अंकित के रूम में चली गयी

यहाँ मनोज और आकाश दोनों कुछ अपनी माकी कुछ रश्मि बाकीथी उन्ही की तैयारिओं की बाते कर रहे थे

मनीषा जब अंकित के रूम में जाती है तो उसने देखा अंकित वह नहीं था उससे लगा की वो फ्रेश होने गया होगा वो बाथरूम के पास जाती है तो उससे कोई आवाज नहीं सुनाई देशर देख टी है की बाथरूम का दरवाजा भी खुला है

वो सीधा जिम वाले रूम में जाती है तो देख टी है की वह पर भी कोई नहीं था मनीषा की आखों में आशु आजाते है वो घबरा जाती है

वशीधा निचे चली जाती है

मनीषा :आकाश. दीदी अंकित यहाँ पर नहीं है कही चला गया है

निशा और आकाश भी ये सुन के घबरा जाते है

आकाश : क्या कहा गया वो तुमने घरमे ठीक से तो देखा न

मनीषा: है मेने सब जगह देख लिया वो कही नहीं है

निशा तो रोने लगती है

निशा :कहा चला गया मेरा बीटा

तन्वी बोली

तन्वी :दीदी आप चिंता मत करो यही कही गया होगा

शीतल :है दीदी आप रुको हम उसे ढूंढ कर लेट है और ये कह कर शीतल आकाश और मनोज तीनो घरसे चले गए गौण में उन्होंने हर जगह छान मारा पर अंकित कही नहीं मिला

वो तीनो घर आजाते है निशा और मनीषा तो आकाश के सीने से चिपक कर रोने लगती है

निशा : आकाश प्लीज मुझे मेरा बीटा चाहिए प्लीज उसे कहिसे भी ढूंढिए में मेरे बेटे के बगैर अब नहीं जी पूगी प्लीज मुझे मेरे बेटे के पास जाना है

नेहा और मोनिका भी अपने पापा के सीने से चिपक कर रो रही थी

नेहा : प्लीज पापा भाई को कहिसे भी ढूंढी ये हमे हु मारा भाई वापस चाहिए

मोनिका : है पापा हमे हु मारा भाई चाहिए प्लीज हमारे भाई को ढूंढिए

और साक्षी भी मनोज के गले लग कर रोने लगती है

साक्षी :पापा भाई मेरी वजह से hi घर चोर के चला गया मुझे माफ़ कार्डो पापा प्लीज मुझे माफ़ कार्डो

तन्वी और शीतल भी रोने लगी

तभी वह तिया आजाती है वो अभी अभी उठी थी

तिया :मम्मी भैया कहा है मुझे उनसे बात करनी है

तन्वी : तिया तेरे भैया हम सब को चोर कर चले गए

तिया ये सुनके तो जैसे उसमे जान hi नहीं. बची थी वो तो बेहोश hi होगयी जब उसने सुना की अंकित उससे बहुत दूर चला गया

सब बस तिया को होश में लेन की कोशिश करने लगे तन्वी की तो. बहुत बुरी हालत हो गयी

वो तो. बस तिया तिया कह कर रट हुए तिया की होश में लेन की कोशिस करने लगी

थोड़ी देर बाद तिया को होश आगया

और वो सीधा निशा के गले लग गयी

और जोरसे रोने लगी तिया करि एक घंटे तक रोटी रही और निशा भी उसे अपने गले से लगाकर फर से उसे समजती रही पर निशा खुद रो रही थी

तिया : भैया कहा गए मुझे उनके पास जाना है मुझे उनके पास ले चलिए भैया आप कहा चले गए

तभी तिया को कुछ यद् आया वो बोली

तिया :अंकित भैया कभी मुझे बिना बताये इस घर से नहीं जाते है उन्होंने जरूर कोई न कोई मश्ग छोड़ा होगा रुकिए में मेरा टेबलेट लेकर ातिहुँ और तिया अपने रूम की और चली गयी

नेहा :चाचा जी क्या सच में अंकित भैया तिया को hi सब बताते थे या तिया मजाक कर रही है

तभी साक्षी बोली

साक्षी : है नेहा दीदी हम सब फॅमिली मेंबर्स में दादी के बाद तिया hi है जिसे अंकित बहुत प्यार करता है

तभी तिया टेबलेट लेकर आयी तो साक्षी बोली गुड़िया अपना टेबलेट ईथर दो

तो तिया गुस्से से चिल्लाई

तिया : साक्षी दीदी आप मुझे गुड़िया नाम से नहीं बुला सकती क्यों की ये नाम मुझे मेरे अंकित भैया ने दिया था और आपने हितो उनपर वो गन्दा इलज़ाम लगाया था

साक्षी ये सुन कर फिर से रोने लगी

और मनीषा ने उसे गले लागलिया

नेहा बोली

नेहा :तिया बेबी क्या में देख सक्तिहु तुम्हे टेबलेट .

तिया नेहा के पास जा कर उसे टेबलेट देती है जैसेही नेहा टेबलेट ों करती है उसे नोटिफिकेशन बार पर एक मश्ग का आइकॉन बना हुवा था ये तिया केलिए वो मश्ग अंकित ने छोरा था

नेहा तुरन्तवो मश्ग ओपन करती है और नेहा जोरसे पढ़ कर मॉग सब को सुनती है

तब का मश्ग

' मेरी प्यारी गुड़िया में तुम्हे कुछ बताना कहता हु वो ये है की में इसघर से इस घर की सभी यादो को छोड़कर हंमेशा केलिए जा रहा हु क्युकी अब दादी तो रही नहीं और एक वही थी जो मुझे अपना मानती थी बाकि तो तुम और साक्षी दीदी दोनों चची और कच्ची hi थी जिनको में अपना मंटा थापर अब तो उनको भी मेरे रिश्ते से मेरे माँ बाप ने अलग करदिया अब मेरा इस दुनिया में और कोई नहीं पर तुम कभी ये मत सोच न की में तुमसे भी नफरत करता हु तुम तो मेरी प्यारी गुड़िया हो और कभी ये मत समाज न की में तुम्हे कभी नहीं मिलूंगा जब भी तुम मुझे याद करोगी उससे ठीक 2दिनके अंदर hi तुम मुझे अपने सामने खड़ा पाओगी और में तुम्हे चोर के ईसिस लिए गया की तुम अभी छोटी हो ुम्हे माँ बाप के प्यार की जरुरत है और तुम तो खुश नसीब हो की तुम्हारे माँ बाप है जो तुम्हे प्यार करते है बाकि मेरा क्या है में अपनी पुराणी लाइफ में खुश हु अब इतने साल माँ बाप के प्यार के बिना जी लिया है तो आगे भी जी hi लूंगा

और इतना पढ़ ने के बाद बिचारि नेहा अपने आपको रोक नहीं पायी और वो बहुत बुरी तरह रो पड़ी

निशा ने उससे संभाला

निशा :संत होजा बेटी संत होजा हम तेरे भाई को धुंध निकालेंगे

नेहा :मम्मी बिचारा भाई अंदर से कितना दुखी है मुझसे अब और सहन नहीं होता में बस अपने भाईका प्यार कहती हु में उससे अपने सीने से लगाना कहती हु में बस उसके मुँह से दीदी सुनने के लिए तराश गयी हु

निशा :बीटा तू क्या में भी तराश गयी हु अपने बेटे को सीने से लगाने के लिए मुझसे भी अब बर्दास्त नहीं होता में भी उसके मुहसे मम्मी सुनने के लिए तराश गयिहु

और नेहा अपने आप को संभल के आगे मश्ग पड़ती है

मश्ग में आगे

अब में कहता हु की ये मश्ग तुम्हारे पापा यानिकि मनोज चाचा पढ़े

चाचा अगर आप्ये मश्ग पढ़ रहे हो तो में आपसे बिनती करता चुकी अब जो में आपसे बोलने जारहा हु वसंके आप किसी भी चची को गलत मत समझना बात ये है की मेरे साथ सेक्स रिलेशन बनाने की पहल दोनों चची और साक्षी दीदी ने कीथी उस वक़त मेने वो इलज़ाम अपने ऊपर लेलिया क्यों की जब कोई लड़का ये गलती करता है तो लोग उससे कुछ सुना कर चुप होजाते है पर जब एक औरत या लड़की ये गलती करती है तो समाज उससे कभी माफ़ नहीं करता हो सके

तो मुझे भी माफ़ करदेना मेरे ऐसे रूप के कारन hi सायद चची बहक गयी

और ये लास्ट बात उनलोगो के लिए जो मुझे उनका बीटा बताते है

सबसे पहले मर आकाश निशा और मनीषा आप लोग को में सिर्फ इतना hi पूछना कहता हु की क्या आपने जो मेरे साथ किया है वो सही है या

गलत आपको क्या लगता है की एक बीटा सालो बाद अपने माँ बाप को सामने पाकर उनके पैरो में गिर जायेगा क्यों की वो सिर्फ इसी लिए क्यों की वो उसके माँ बाप है अरे माँ बाप बनने केलिए अपने बेटे को प्यार देना पड़ता है अपनी जाती जिंदगी मेसे अपने बा को केलिए टाइम निकलना पड़ता है तब आप कह सकता की आप उनके माँ बाप हो बाकि सिर्फ पैदा करदेने से कोई माँ बाप नहीं बनजाता और आपकी दोनों बेतिया जो मुझे अपना भाई कहती है में उनसे भी पूछना चाहूंगा की चलो आप मिलने तो नहीं आई काम से काम ीक फ़ोन भी नहीं किया आपने

वैसे भी अब इन बातो का कोई मतलब नहीं निकलता में जारहा हु अपने शर और मेरे लिए परेशां मत होना क्यों की अब आपकेलिए में और मेरेलिए आप सिर्फ एक अजनबी है और मेरी चिंता भी नहीं कीजिये गए क्यों की मेरे पास पैसा भी है और मेरे पास कमाने के भी रस्ते है

सीधा बोलू तो में अपनी लाइफ में अकेला खुस हु.

अन्तमे में बस इतना hi कहूंगा की अगर मेरे बाद अगर आपलोगो के यहाँ कोई बीटा पैदा होता है तो उसके साथ ये सब मत करना क्या पता वो

सूइसाइड करले

बस ाबमे कुछ नहीं कहूंगा भी खुश रहना मुझे भूल जाना और अपनी लाइफ में हंमेशा खुश रहना

ये मश्ग सुनके तो सब जिन्दा लाश बन गए है निशा आकाश और मनीषा और नेहा मोनिका का तो रो रो के बुरा हाल था

आकाश :मनोज साडी रश्मि पूरा होने में कितना वक़त लगेगा

मनोज :भैया काम से काम आज का दिन तो पूरा निकल जायेगा

आकाश :ठीक है अभी के अभी सब अपनी पैकिंग स्टार्ट कार्डो और मनोज तुम लोग भी अब हुम्मारे साथ hi चलो शर में ये फैक्ट्री में एक मनेजर रखवा देंगे

मनोज :पर भैया हम सब वह रहेंगे कहा

आकाश :क्यों भाई तुम लोग हमारे साथ रहोगे हमारे बंगलो में और आजसे मेरी कंपनी का तू 50%मालिक है और हम दोनों सहर में रहेंगे तो हमारा परिवार भी साथ रहेगा एक बार तुजसे और माँ से अलग रहने की गलती कर चूका हु और उसकी सजा मिलरही मुझे मेरा बीटा अब हमे माँ बाप नहीं मंटा काम से काम तुम तो मुँह मत फेरो

निशा :है मनोज भैया आपलोग भी चलिए न हमारे साथ कमसे काम हमारा पूरा परिवार तो साथ रहे गए

मनोज :पर भैया इन बच्चियों का स्कूल का क्या होगा और कॉलेज का भी

आकाश : वो सब में देख लूंगा क्या तुम सब हमारे साथ चलोगे

मनोज :ठीक है भैया पर अंकित का क्या करेंगे उसे ढूँढना तो होगा hi

आकाश :भाई तेरा बड़ा भाई का नाम इंडिया के तो 5 बिस्सनेसमान में 2 नंबर पर आता है मेरे कई कॉन्टेक्ट्स है अंकित कही भी हो हम उसे ढूंढ निकालेंगे वैसे मनोज तुमने कहा था की अंकित को किसी की जान बचने के बदले बहुत पैसे ओर बहुत प्रॉपर्टी मिली है

वैसे कितनी है उसके पास छोड़ो वैसे. भी क्या फर्क पड़ता हमे बस हमारे बेटे से मतलब है

मनोज. :भैया आपके पास टोटल कितनी प्रो प्रॉपर्टी हैए बताइये तो

आकाश : अब तुजसे क्या छुपाना में पुरे 10000 करोड़ का मार्किक हु और तुम भी अब तुम्हारे पाश भी तो 5000करोड़ की प्रॉपर्टीज है उससे मिलकर हु ये 15000 करोड़ क्यों ये तू क्यों पूछ रहे हो

मनोज :क्यों की अंकित अकेला 30000 करोड़ का मालिक है अपने ार्स ग्रुप्स और कंपनी का नाम सुना है

आकाश : है सुना है वोहितो है इंडिया

की no. 1 कंपनी

मनोज : उसका मालिक मर चूका है और अंकित ने उसीके मालिक की जान बचाई थी अब वो आंकिक की है ार्स का मतलब है अंकित सींग रावल ग्रुप्स ऑफ़ कंपनी

आकाश :ओह मेरा बीटा तो मुझसे भी बड़ा बिस्सनेसमान निकला

और आकाश और मनोज सब सुलोचना की आखरी रश्मि निभाकर चल पड़ते है अपने सहर की और सब के मन में सिर्फ अंकित hi आ रहा था

यहाँ अंकित घर पाउच कर सबसे पहले अपनी लॉस एंगल्स की फ़्लैट बुक करता है और अमेरिका चला जाता है

अंकित (मन में) :चलो अब थोड़ा वक़त अकेले hi बिता लेताहु वह जाकर थोड़ी रहत मिलेगी

और अंकित निकल पड़ता है अमेरिका के लिए

अपडेट पोस्टेड गाइस

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ब्बये
 
अपडेट 16

यहाँ सब गौण से अपने सहर आजाते है

अभी रात थी और सब लोग थके हुए थे इसी

लिए सब लोग खाना खा कर सजाते है

यहाँ मनोज और आकाश एक रूम में और शीतल और मनीषा एक रूम में और एक रूम में निशा तिया और तन्वी और साक्षी नेहा और मनिका एक रूम में सो रही थी

निशा के रूम में निशा और तिया जाग रही थी वो दोनों अंकित की फोटो देख रहीथी तिया के तब में

तभी निशा बोली

निशा :तिया बेबी अब सो जाओ बीटा बहुत देर होगयी है

तिया :पर बड़ी माँ मुझे नींद नहीं आरही है और ऊपर से माँ भी सो गयी है नहीं तो माँ मुझे कैसे भी सुला देती थी

निशा : तो कैसे ौलटी थी तन्वी तुम्हे बेबी मुझे बताओ आज में तुम्हे वैसे सुलङोगी

तिया :वो बड़ी माँ माँ मुझे अपना दूध पिलाते हुए सुलाती थी

निशा : अरे बीटा इतनीसी बात आजा आज अपनी बड़ी माँ का दूध पाइक सजा

तिया थोड़ा सरमाती हुयी बोली

तिया : पर में में आप का कैसे पि सकती हु आप तो मेरी बड़ी माँ है

निशा :अरे बीटा भले hi में तुम्हारी बड़ी माँ हु पर तुम मुझे भी सिर्फ मम्मी बोल सकती हो ठीक है और तुम अपनी मम्मी के साथ जो भी करती हो वो मेरे साथ भी कर सकती हो चलो यहाँ आओ

और ये कह कर निशा अपनी मैक्सी खोल देती है और निशा ने अंदर ब्रा भी नहीं पानी थी और तिया को बुलाती है

तिया भी निशा का एक साइड का बूब अपने मुँह में भर के चूसने लगती है निशा भी उसे अपनी बहो में भर लेती है

तिया : बड़ी माँ आपके बूब कितना बड़ा है मम्मी से मजा आ रहा है चूसने में

निशा :टीयू में ने कहा न मुझे सिर्फ मम्मी hi बोलो और मुझे खुसी है की तुम्हे मेरे बूब्स पसंद आये

और तिया भी मजे से निशा का दूध पि रही थी और निशा भी अंकित को याद करके मस्ती में ज़ूम रही थी तभी तिया ने अपना एक हाथ निशा की छूट पर फेर न स्टार्ट किया तो निशा थोड़ा चौक गई

निशा : बीटा ये क्या कर रही है

तिया :मम्मी जब भी मम्मी मुझे सुलाती है तब वो और में ऐसे hi एक दूसरे के साथ करते है मुझे और मम्मी दोनों को इससे मजा आता है

निशा :मन में तन्वी तो बड़ी फ़ास्ट निकली चलो एक और hi सही आखिर इस3 हु मारा परिवार एक दूसरे के एक दम करीब आएगा

और निशा भी तिया की छूट पर हाथ फेरना सुरु करदेती है करीब 15 मं ऐसे करने के बाद तिया और निशा दोनों जड़ जाती है और तिया निशा को जकड के सो जाती है

सुबह सब उठ चुके थे आकाश को आज ऑफिस नहीं जाना था क्यों की आज वो अपने खास आदमियों को अंकित को धुंध ने के लिए आस पास के सहरो में भेजने वाला था सब सुबह सुबह उठे hi थे की सविता

आगयी वो इन सब को देख कर चौक गई

वो मनीषा से बोली

सविता :अरे मेमसाहब ये लोग कोण है

निशा :अरे सविता ये मेरे देवर जी और देवरनिया है और ये दोनों हु मरी बेतिया ये गौण में रहते थे और अब ये हंमेशा हमारे साथ रहेंगे

सविता :हम्म अच्छी बात है पर आपने तो कहा था की आप का एक बीटा भी है वो तो दिखाई नहीं देरहा वो क्या नाम था उसका है अंकित वो hi नाम था न

अंकित का नाम सुनते hi सब की आखें एक बार नुम होजाती है

निशा बोली

निशा :सविता अब जी में तुम्हे बताने जा रही हु वो ध्यान से सुन्ना और याद रहे ये बात तुम्हारे बिच hi रहे

फिर निशा उससे सब बताती है वो सब सुनके तो एक बार सविता की भी आखे नुम हो जाती है

सविता :आप चिंता मत कीजिये मेम साहब सब ठीक हो जायेगा भगवन पर भरोषा रखे

फिर घर में इस स्टेट के कमिश्नर आते है जो की एक ईमानदार इन्शान है

और इनकी आगे भी आकाश के जितनी hi है और ये आकाश के दोस्त है

कॉम :hello मर आकाश हाउ अरे यू

आकाश :I'm फाइन कमिश्नर साहब बस अब खुश hi प्रॉब्लम है ये सोल्वे हो जाये तो हमे लाइफ में खुश नहीं चाहिए

कॉम :अरे सर सब ठीक होजायेगा

आकाश : ऐसी लिए तो आप को बुलाया है और थक्यौ आप मेरे बुलावे पर आये

कॉम :अरे क्यों न आते आपने हमरा मेरी एक दोस्त होने के नाते मदद की है मेरे बेटे की बिस्सनेस

में भी हेल्प की और क्या में आप की एक बार हेल्प नहीं कर सक्सा बोलिये कैसे याद किया आज आपने

आकाश अंकित की एक फोटो उसे देता है और बोलता है

आकाश :ये है मेरा बीटा अंकित आप को इसे ढूँढना है

फिर आकाश उसे साडी बात बताता है

फिर कमिश्नर कहता है

कॉम :आप चिंता मत कीजिये आकाश

हम इसे कहिसे भी धुंध निकालेंगे

आकाश :सर अगर इससे जुड़े कोई भी हो जैसे की जान पहचान वाले या फिर इनके दोस्त हो तो सीधा हमसे मुलाकात करवाना ok

कॉम :ok मर आकाश हम जल्द hi इसे धुंध निकालेंगे

यहाँ सब अंकित को ढूंढने में लगे थे और अंकित लॉस एंगेल्स में अपनी बाइक ड्राइव करते हुए बात कर रहा था

तभी उससे पीछे से बस ने टक्कर मर डिजिससे अंकित को बहुत चोट आयी

वो हॉस्पिटल में ज़िन्दगी और माउथ के बिच लड़ रहा था तभी वह उसका एक फ्रेंड आया जिसका नाम तहत रोनी

रोनी डिसूज़ा : इसका बाप अमेरिका के एक होटल और कैसिनो का मालिक है

जैक डिसूज़ा : ये रोनी का बाप है

जेनीपुर डिसूज़ा :ये रोनी की माँ है और ये एक सिंटिस्ट भी हैए अभिएक बहुत अनोखे फार्मूला पर रिसर्च कर रही है अगर ये फार्मूला कामयाब हो गया तो इंशा की शारीरिक और मानसिक स्ट्रेंथ बढ़ा सकते है

यहाँ हॉस्पिटल में जैक और जेनीपुर भी आजाते हैऔर वो दोनों अंकित को hi देख रहे थे

तभी डॉक्टर ओट से बहार आये तो जैक उनके पास जेक बोलै

जैक :डॉक्टर अब अंकित की तबियत कैसी है

डॉक् :देखिये में आपको सच hi बतातेहु वो बस अब कुछ घंटो का मेहमान है

और ये सुनके तो रोनी रो पड़ा जैक और जेनीपुर उसे संत कर रहे थे की रोनी बोलै

रोनी :माँ हम क्या अंकित को वो फार्मूला नहीं दे सकते जिसे आप ने बनाया था

जेनी : है वो दे तो सकते है पर क्या इसे वो देना सेफ होगा ी मैं ऐसा भी तो होसकता है वो इस का इस्तेमाल गलत कामो में भी करे

रोनी :नहीं माँ में अंकित को जनता हु वो गलत काम तो कभी नहीं करेगा और वैसे भी आप उस फार्मूला को नस्ट करने वाली हो तो क्यूना इससे एक इन्शान की जान hi बचाली जाये

जेनी भी यही ठीक समाज टी है और जैक डॉक्टर से बात कार्स के जेनी की लैब में अंकित को शिफ़ करवाता है और वह अंकित के अंदर वो टॉनिक दिया जाता है ऐसे hi 5 दिन होगये अंकित अब होसे आया वो बहुत hi पावर फूल फील कर रहा था

जेनी ने उससे पूछा

जेनी :कैसा फील कर रहे होबेटा

अंकित :वैरी एनर्जेटिक

जेनी : गॉड इस वैरी हेल्पफुल की तुम बच गए क्यों की तुम्हारे अंदर एक ऐसा फार्मूला डाला गया है जिससे तुम्हारी बॉडी दिख ने में वैशी hi रहेगी लेकिन अब तुम 100 आदमियों के बराबर हो ुम्हारा सरीर हर वपूण से सेफ है यानि अगर तुम चाहो की तुम्हे वपूण हरम करे तो hi वो वपूण तुम्हारे लिए हार्मफुल होगा वर्ण नहीं और तुम्हारा दिमाग भी पहले से जयादा तेज होगा जहा तुम्हारा दिमाग 70 %काम करता था वह 99%काम करेगा और ु हरी अट्रैक्शन पावर भी बहुत बढ़ गई है कोई भी लड़की तुम्हे देख ले तो उसकी छूट से पानी बहता hi रहेगा

ये सब सुनके तो अंकित बहुत खुस होता है

और चला जाता है अपने फार्म हाउस पर जो उसने बिच के किनारे ले रक्खा था वह पहले से hi एक लड़की उसका इंतज़ार कर रही थी अंकित उससे रूम में लेजा कर सेक्स करना स्टार्ट लॉर्डेटा है एक तो अंकित पहले सही अपने दिमाग में अपनी गौण वाली घटना याद करके परेशां हो रहा तैसी लिए वो बिना रुके बस उस कॉल गर्ल को चोदे जारहा था अंकित पूरा दिन पूरी रात उसे छोड़ता रहा और जब वो होश में आये तो उसने उस लड़की की हालत देखि

लड़की :आखिर सर आप को हुवा क्या था इतना तो कभी किसी ने नहीं छोड़ा मुझे आह अब तो में 1 महीने तक उठ भी नहीं पाऊँगी

अंकित :सॉरी अबाउट तहत पर में तुम्हँरे लिए दोबुल पेय करदूंगा और ये कह कर अंकित उससे 10,000 डॉलर देता है और वो लड़की भी चली जाती हैऔर अंकित बस एक रूम में गुमसुम बैठ जाता है

ऐसेही 1.5 महियँ निकल जाता है यहाँ सब अंकित केलिए परेशां हो रहे थे

नेहा :माँ आखिर कब मिलेगा भाई कितना टाइम होगया उससे देखे पहले जब उससे 18 साल तक नहीं देखा था तब भी उसकी ितनियाद आती थी पर अब तो सबर hi नहीं हो रहा है

तन्वी : नेहा बेटी संत हो जाओ अंकित का पता जल्दी hi चल जायेगा

'अंकित का पता चल गया नेहा बीटा'

ये आवाज दरवाजेसे आयी थी सब दरवाजे की और देख रहे थे वह आकाश और मनोज खड़े थे सब ने देखा की दोनों के चेहरे पे एक अलग hi खुसी थी वो दोनों वह आजाते है

आकाश :हु मारा बीटा क्सक्सक्सक्सक्स सहर में है

मनीषा :आप यहाँ क्यों आये जाईये और उसे ले कर आईये

आकाश :अब हम सुब वह जायेंगे और वही रहेंगे क्युकी मेने मेरे ऑफिस की मैं ब्रांच वह शिफ्टिंग करदी है

सब खुश होजाते है आख़िरकार सब को अंकित का पता चल गया था

वो लोग भी उस सहर में पहुंच जाते है और आकाश ने जान बुज कर अंकित के बंगलो के बाजूवाले hi बंगलो खरीद लिया था और सब अपने बंगलो को देख कर खुश होजाते है ये घर अंकित के घरसे भी बड़ा था

सब लोग अपना सामान शिफ्ट करते है और सब रात के खाने केलिए दिनिग टेबल पर आजाते है सबलोग आज बहुत खुश थे

तिया :वाओ आज कितने दिनों बाद भाईकी खबर मिली है

तभी मनीषा बोली : है बेटी इसी खुसी में मेने आज चिकन बनाया है तुम्हे पसंद हैना

शीतल बोली : ये तो अंकित को भी बहुत पसंद है

निशा :बस एक बार अंकित मान जाये उसे तो अपने हाथो से बनके खिलाऊंगी

आकाश : यार निशा मनीषा आज इस खाने से और खुसी से चुदाई का मूड बन गया है आज रात को रेडी रहना

निशा : जी नहीं अब तो मुझपे पहला हक़ सिर्फ मेरे बेटे कही होगा एक बार उसके साथ करलु उसके बाद hi आप के साथ करुँगी

आकाश :ये तो गलत है यार ा छे खासा मूड ख़राब कटड़िया मनीषा देखो तुम तो मन मत करना

मनीषा :नहीं में भी निशा दीदी के साथ हु और सभी लड़की और शीतल और तन्वी ने भी यही कहा की जब तक अंकित उन्हें नहीं छोड़ेगा वो भी किसी और से नहीं छुड़ेगी

आकाश मनोज को बोलता है

आकाश :यार छोटे अंकित ने तो हमारे लौड़े लगाड़िये

और सब हुस्ने लगते है और सब सो जाते है

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

ी होप यू लिकेड

सी यू सून

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अपडेट 17

यहाँ जब सभी लोग उठते है सब अभी बहार गार्डन वाले डाइनिंग टेबल पे नास्ता कर रहे थे की आकाश ने बोलै

आकाश :तुम लोगो को पता है की मेने ये बंगलो hi क्यों ख़रीदा.

साक्षी :नहीं बड़े पापा मुझे लगा की ये बंगलो बड़ा hi आलीशान है इसी लिए ये आपने ख़रीदा

सभी साक्षी की है में है मिलते है

आकाश : छोटे तुझे तो पता होगा की क्यों मेने ये बंगलो ख़रीदा है

मनोज :भैया जो सब ने कहा मुझे भी वही लगता है

आकाश :मेने ये बंगलो इस लिए ख़रीदा क्यों की वो देखो वो दूसरा बंगलो तुमलोगो को दिख रहा है

निशा : है वो भी बड़ा संदर बंगलो है

आकाश :संदर तो होगा hi क्यों की वो बंगलो हमारे बेटे का है

मनीषा :क्या वो बंगलो अंकित का है

सब इस बात से खुश भी होते है और हैरान भी

मोनिका : पापा तो चलो अभी भाई के पास चलते है

निशा :है आकाश चलो चलते है अभी

आकाश : ठीक है पर पहले सब नास्ता तो ख़तम करो

फिर सब जाते है अंकित के बंगलो में और वो सब अंकित का घर देख कर शॉक हो जाते है

वो सब घर की दुर्बल बजाते है तो प्रिय ने दरवाजा खोला

प्रिय :जी बोलिये

निशा :हमे अंकित से मिलना है कहा है वो.

प्रिय : जी पर आप लोग कोण है और आप सर से क्यों मिलना चाहते है

निशा : में उसकी माँ हु और ये उसका परिवार वैसे तुम कौन हो

प्रिय :जी वो में अंकित सर के घरका काम करती हु और अंकित सर ने कभी बताया नहीं की उसका परिवार भी है

मनीषा : तो अंकित ने तुम्हे क्या क्या बताया है

प्रिय :जी मेने एक बार अंकित सर से पूछा था पर जैसे मैंने ये सवाल किया वो बहुत गुस्सा होगी और मुझपर तो भड़क उठे

आकाश :अरे तुम फिर भी उसका काम क्यों करती हो अगर वो तुम पर गुस्सा करता है तो

प्रिय :देखिये आप सर को गलत मत समजिये वो तो मेरे लिए और मेरे परिवार केलिए भगवन सामान है

निशा :क्यों ऐसा क्या किया अंकित ने की तुम्हारे लिए और तुम्हारे परिवार के लिए भगवन बन गया

फिर प्रिय साडी बात उनको बताती है की कैसे उनकी प्रॉपर्टी चिनली गई कैसे अंकित ने उसे काम दिया जमीं दी और कमाने का रास्ता भी दिया कैसे उसने प्रिय के साथ सेक्स किया सब बता देती है

सब अंकित के ऐसे बर्ताव केलिए अपने ऊपर गर्व महसूस करते है

आकाश :चलो अंकित कैसा भी है पर वो एक अच्छा इन्शान तो बना

प्रिय :पर आपने हमे बताया नहीं की अंकित आपके साथ क्यों नहीं रहता और वो आपका नाम सुनते hi गुस्सा क्यों होगये

निशा :ऐसा इसी लिए क्यों की वो हम सब से नफरत करता है

प्रिय :क्या में नहीं मान सकती ऐसा जिन्दा दिल मेकडील इन्शान किसी से नफरत करसकता है

मनीषा : हम तुम्हे सब बताएँगे पर याद रखना तुम ये बात कभी भी किसी को नहीं बताओगे

प्रिय हां में अपना सर हिलती है

फिर निशा और सब उसे गौण वाली घटना और बाकि सब बतादेते है

एक बार कोटो प्रिय की आखों में भी आशु आजाते है

नेहा :अरे दीदी आप क्यों रो रही हो

प्रिय :क्यों की मैंने अंकित को हंमेशा अपना छोटा भाई मन हाइपर आज पता चला जो इन्शान बहार से सबको खुस नजर अत था और खुसिया बात ता था वो अंदर से कितना अकेला था

आकाश :अभी अंकित कहा है उसकी कोई खबर

प्रिय :नहीं मुझे नहीं पता जब सर गौण से आये थे तो सिर्फ सुबह तक यहाँ रहे और सुबह होते hi अपना कुछ सामान लिया और निकल गए

आकाश :क्या तुम्हे पता है की अंकित का कोई खास क़रीबिया दोस्त हो जिसे अंकित कुछ न छुपता हो या कोई ऐसा इन्शान जैसे अंकित की पला पल की खबर हो

प्रिय थोड़ा सोच टी है और फिर बोली

प्रिय : है है उनका सबसे खास फ्रेंड आर्यन खन्ना वो खन्ना ट्रांसपोर्टर्स का इ मालिक का बीटा

आकाश :उसका कोई नंबर या एड्रेस होगा तुम्हारे पास

प्रिय : है हैना उसका नंबर है मेरे पास ये लीजिये

उसके बाद वो आर्यन का नंबर लेता है और आकाश बोलै

आकाश :चलो अब चलते है अपने घर

प्रिय :सर ये भी तो आपका hi घर है

अंकित सर आपके बेटे है

आकाश :है पर जब तक अंकित हमे माफ़ नहीं करता तबतक हम यहाँ नहीं रह सकते

और सब उसके घर आजाते है और आकाश आर्यन को फ़ोन करता है

कॉल पर

आकाश : hello क्या में आर्यन खन्ना से बात कर रहा हु

आर्यन : है बोलिये में आर्यन hi बोल रहा हु

आकाश : कैसे हो बीटा

आर्यन : ठीक हु पर आप कौन है

आकाश :में तुम्हारे बेस्ट फ्रेंड अंकित का डैड बोल रहा हु

आर्यन :ओह नमस्ते अंकल

आकाश : बीटा क्या तू अभी अंकित के घर के पास जो दूसरा बंगलो है

वह आ सकते हो

आर्यन : है क्यों नहीं अभी आजतक हु

फिर आकाश फ़ोन कट करता है

फॉर आर्यन आकाश के घर पहुंच जाता है

आर्यन : hello अंकल कैसे हो आप

आकाश :बस बीटा ठीक हु

आर्यन :बोलिये अंकल क्या बात करनी थी

आकाश :बीटा क्या तुम्हे पता है अंकित कहा है

आर्यन :नहीं वो तो गौण में होगा वो कह रहा था आपकी माँ की तबियत ख़राब थी तो

आर्यन ने नोटिस किया की आकाश उसे बड़े गौर से देख रहा है

आर्यन :अरे अंकल आप ऐसे क्यों देख रहे हो मुझे

आकाश :बीटा अगर बुरा न मनो तो एक बात पुछु

आर्यन :है पूछिए

आकाश :क्या तुम अनमोल खन्ना के बेटे हो

आर्यन शॉक होजाता है क्युकी उसने तो अपने पापका नाम इनको बताया hi नहींथा

आर्यन :ये आपको कैसे पता क्या आप मेरे डैड को जानते हो क्या

आकाश : अरे जानुगाकेसे नहीं ुम और अंकित जैसे फ्रेंड हो में और तुम्हारे पापा अनमोल भी बेस्ट फ्रेंड है हम कॉलेज में साथ पढ़ते थे

आर्यन ओह ये तो अच्छी बात है पापा बहुत hi खुस होंगे आपसे मिल कर

आकाश : है वो तो है बूत वो सब बाद में पर अब जो में तुम्हे बताने जारहु वो में कहूंगा की तुम किसिस को न बताओक्यू की ये बात अंकित की है

आर्यन :ठीक है अंकल अंकित केलिए तो में खुश. भी कर सकतहु

आकाश :ओह हो बड़ी पक्की दोस्ती लगती है तुम दोनों की

आर्यन :है वोटो है

फिर आकाश फिर से वही सब बताता है गौण वाली स्टोरी

आर्यन :ओह माय गॉड बिचारे अंकित के साथ इतना सब कुछ होगया

आकाश : आर्यन वो तुम्हारे शिव किसी की बात नहीं मानेगा क्या तुम उसे अभी फ़ोन कर सकते हो की वो कहा है

और है उसे ये मत कहना की में तुमसे मिला हु

आर्यन कॉल लगता है

अंकित अभी केलिफोर्निया के अपने बगले के पास जो बीच था वह धुप सका रहा था वो कॉल पिक करता है

अंकित :है आर्यन बोल

आर्यन : भाई कैसा है और कहा पे है

अंकित : अरे वो अब दादी रही नहीं फिर अंकित उसे वही बताता है जी अकास ने उसे बताया था गौण की स्टोरी

आर्यन :भाई जान के दुःख हुवा पर अभी तू कहा पर है

अंकित :में अभी अमेरिका में थोड़ा टाइम रिलेक्स करने आया हु यार क्या बताऊ मेरे दिमाग का बॉदा बन गया था

अंकित के ऐसा बोलते hi आर्यन की तो हवा टाइट होजाती है

आर्यन :भाई धीरे बोल मम्मी साइड में hi बैठी है

अंकित :ओह सॉरी सॉरी बोल क्या काम था

आर्यन :अरे वो पापा तुजसे मिलना चाहते है कब आरहा है इंडिया

अंकित : ठीक है मिल लूंगा में 3 दिन बाद आऊंगा

आर्यन : ठीक है bye

अंकित : bye

और दोनों कललकत करदेते है आज यहाँ सब ने प्लान बना कर hi रखा था की अंकित को कैसे मनाये

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यहाँ जब अंकित ने फ़ोन कट किया तो उसे शक हुवा की आर्यन कुछ छुपा रहा है

उसने सीधा अनमोल (आर्यन के डैड) को कॉल किया तो उन्होंने बोलै की उनको तो अंकित से कोई काम नहीं था फिर अंकित ने सज को फ़ोन किया

कॉल पर

अंकित :hello मर सज कैसे है आप

सज :यार तुम भी न जब लड़की हाथ में मुश्किल से आती है तभी तुम फ़ोन करते हो

अंकित :अरे सॉरी सॉरी मुझे पता नहीं था में बाद में फ़ोन करता हु

सज :अब डिस्टर्ब करहि दिया है तो बोलो क्या काम था

अंकित :असल में आज करीब आधे घंटे पहले मुझे मेरे दोस्तों आर्यन का फ़ोन आया था क्या तुम पता कर सकते हो की वो

उस वक़त कहा था

सज :ठीक है 1 घंटे में फ़ोन करता हु

और फिर ऐसे hi 2 दिन निकल जाते है आज आकाश एंड फमलीय एक होटल में गए थे क्यों की आर्यन ने उन्हें फ़ोन करके कहा था की उसकी फमलीय भी आज वही आने वाली थी

यहाँ आकाश और उसकी फमलीय पहले hi वह बैठे थे

और वह आर्यन अपने डैड से बात कर रहा था उसने अनमोल की आखो पर पट्टी बांध दी और उसे आकाश के पास ले गया

अनमोल :अरे आर्यन कहा ले जारहा है कुछ तो बताओ बीटा

रागिनी :है बीटा कहा ले जा रहा हैए तो बता

आर्यन :डैड it's ा सरप्राइज प्लीज लो पहुंच गए

आकाश अनमोल को देख कर खुश हो गया

आर्यन: डैड अब आप पट्टी उतरिये

जब अनमोल अपनी पट्टी उतरता है तो तो वो आकाश को देख कर बहुत खुस होता है

आर्यन : डैड ये है आपके कॉलेज के बेस्ट फ्रेंड आकाश हैना कैसा लगा सरप्राइज

अनमोल :बीटा आज तो तूने दिल खुस करदिया

आकाश मेरे भाई गले तो मिल यार

आकाश :कैसा अनमोल तू आज भी वाइज कभी वैसा hi है एकदम भोला

और दोनों दोस्त गले मिले

अनमोल : बस ठीक हु अब तू मिल गया है अब कह नहीं सकते

फिर सब आपस में मिलने लगे

आकाश : ये है मेरी बीविया निशा और मनीषा ये मेरी बेतिया नेहा और मोनिका ये है मेरा छोटा भाई मनोज और उसकी बीविया शीतल और तान्वियर उनकी बेटी तिया और साक्षी

अनमोल :hello कैसे हो आप सबलोग

सभी :हम सब ठीक है

अनमोल :ये मृ बीवी रागिनी और ये मेरी बेतिया रश्मि स्वाति जानवी और ये मेरा बीटा आर्यन

आकाश :पर अभी हमारा परिवार अधूरा है सिर्फ एक इन्शान की कमी है

अनमोल : है मेभी यही पूछने वाला था आर्यन बता रहा थकी तेरी माँ की तवियत ख़राब होने की वजह से वो नहीं रही सुनके दुःख हुवा

आकाश : है वो तो है पर में मेरी माँ की बात नहीं कर रहा हमे मेरे बेटे की बात कर रहा हु

अनमोल :तो कहा है तेरा बीटा बुलाओ उसे मुझे उससे मिलना है

आर्यन :डैड आप उससे मिल चुके हो

अनमोल :क्या में उससे मिल चूका हु कोण है वो

आकाश :वो और कोई नहीं आर्यन का दोस्त अंकित है वही है मेरा बीटा

अनमोल :क्या अंकित तेरा बीटा है ओह्ह तभी में सोचु की उसका चेहरा खुश जाना पहचाला लग रहा है

आकाश :या यार मुझे भी पता नाहोता की आर्यन तेरा बीटा है फिर उसका चेहरा देखने के बाद पता चला की वो तेरा hi बीटा है

अनमोल :चलो अब लंच आर्डर करे

फिर सब ने मिलकर लंच किया आकाश और अनमोल की बेटियों में काफी अच्छी दोस्ती हो गयी थी

तभी आर्यन का फ़ोन बजा वो फ़ोन पर नाम देख कर खुश हुवा

आर्यन आकाश को बोलता है

आर्यन :अंकल अंकित का फ़ोन

आर्यन फ़ोन पिछ करके

आर्यन :है भाई कैसा है और कब आरहा है

अंकित :बस ठीक हु और इंडियन पहुंच गया हुओर घर hi आरहा हु

आर्यन :ठीक है हम अभी आते है

यहाँ आर्यन से एक भूल हो गयी की उसने बोलै हम आते है जिससे अंकित का शक गहरा हो गया

और कॉल कट होगया

यहाँ अंकित अपने प्रिवेट प्लेन से उतरा और उस प्लान के पीछे का दरवाजा खोला

और अंकित उसके अंदर गया और अपनी ब्रांड नई फेरारी कार निकली जो अंकित को उसके दोस्त रोनी के पापा ने गिफ्ट करि थी

जब अंकित वो कार लेकर इंडिया की सड़को पर निकला तो सबकी नजर सिर्फ उस कार पर थी

यहाँ आर्यन और आकाश और उसका परिवार अंकित के घर पहुंच गए

आर्यन :अंकल में अभी यहाँ से जाता हु और अभी थोड़ी देर बाद यहाँ आऊंगा क्यों की अंकित को शक नहीं होना चाहिए और आर्यन निकल गया

यहाँ सब अंकित के घर के गेट के पास खड़े थे

तभी अंकित की कार उसके घर के अंदर आती है सब तो बस अंकित की कार को hi देख रहे थे वो धुप में रेड कलर के साथ चमक रही थी अंकित जब गाड़ी से उतरा तो शॉक हो गया सब लोगो को यहाँ देख कर

अंकित ने अपना बैग लिया और सब को इग्नोर करते हुए अंदर चला गया

और अंदर जेक सोफे पर बैठ गया और प्रिय को आवाज लगायी तभी प्रिय गेट से आयी

अंकित :प्रिय जरा मेरे लिए कफ लाओ

आकाश और सब अंकित के पास जाकर उससे बात करते है

आकाश :बीटा हमसे आखिर ऐसी क्या गलती हो गयी की तुम घर चोर के चले आये

अंकित कुछ नहीं बोलता बस चुप चाप बैठा रहता है तभी प्रिय कॉफ़ी ले कर आतीहै

आकाश :अंकित में कुछ पूछ रहा हु

अंकित बस कफ पिता रहा जब कॉफी ख़तम हुयी तो अंकित बोलै

अंकित :हां तो क्या कह रहे थे आप

आकाश को थोड़ा गुस्सा अत है वो अंकित की तरफ ऊँगली रख के जोर से बोलता है

आकाश : तमीज़ से बात करो अंकित बाप हु में तेरा

अंकित को भी गुस्सा आया और वो बोलै

अंकित :आई ऊगली निचे कर वार्ना हाथ काट के फेक दूंगा किसी लायक नहीं रहेगा और एक बात बता बे तू किस हक़ से मुज पर गुस्सा कर रहा है है

आकाश :जबान संभल के अंकित बाप हु में तेरा और उसी के हक़ से बोल रहा हु

अंकित :वो हक़ आप कब का खो चुके है और बाप है हां अरे नहीं चाहिए जैसे माँ बाप

आकाश :आखिर किस बात का गुस्सा है हमसे

अंकित :गुस्सा है हु में गुस्सा तब से जबसे आप मुझे चोर के चले गए आपने कभी मुझे बाप वाला प्यार नहीं दिया न hi माँ वाला प्यार और ये दोनों जो मुझे उनका बीटा बताती है इन लोगो ने और आपने मुझे 18 साल तब मिलने नहीं आये और आपने एक बार भी फ़ोन पर बात करके ये नहीं पूछा की में जिन्दा हु या मर गया

तभी आर्यन वह आजतक है आर्यन को देख कर आज अंकित को उसपर बेहद गुस्सा आया

आर्यन :अंकित मेरे भाई कैसा है

अंकित :आर्यन क्या तूने इन्हे बताया की में यहाँ रहता हु क्या तू इनसे मिला था और तुझे सब पता था की में इनसब से गुस्सा हु

तभी वह अनमोल और रागिनी भी आगये अनमोल को सब पता था की यहाँ अभी क्या हुवा है क्युकी आर्यन के कांटेक्ट लेंस में कैमरा लगा हुवा था

अनमोल : देखो अंकित बीटा तुम संत हो जाओ बात करके हर बात का हुल निकला जा सकता है

अंकित फुल गुस्से में बोलै :अंकल आप इस मामले से दूर रहे प्ल्ज़्ज़

अंकित : आर्यन में दुबारा नहीं पूछूंगा

निशा :बीटा देखो हम मानते है की हम से भूल हुई है प्ल्ज़ हु मरी बात तो सुनलो

अंकित :आप अप्निये जूठी ममता अपनी छाती में hi रखिये आर्यन तुझे हु मरी दोस्ती की कसम है सच बोल

आर्यन :है मुझे पता था पर जब आकाश अंकल ने मुझे तेरे बारे में बताया तो मुझे तेरी फ़िक्र हो रही थी इसी लिए मेने उनका साथ दिया जिससे वो तुज तक पहुंच साथै इसी लिए में इनसे मिला

अंकित :तुझे पता था न की में अपने परिवार से नफरत करता हु पर. क्या तुझे ये भी पता था की तू जो कर रहा है उससे मुझे दुःख होगा

आर्यन :प्ल्ज़ अंकित मुझे माफ़ करदे मुझे नहीं पता था की तुझे इससे तकलीफ होगी

अंकित : सेल 100 लोगो को में अकेला हरा सकता हु पर जब आपका दोस्त जिस पर आप हंमेशा आँख बांध करके भरोसा करते हो और जब वो आपको धोका देता है तो सेल दूसरे दोस्त का सीना भी चलनी होजाता है ये करके तूने मेरा दिल तोड़ दिया यार

और आज के बाद मेरा कोई दोस्त नहीं है

आर्यन ये सुनके उसकी आखों में आशु आगये वो जेक अंकित के पासगया और उससे माफ़ी मांगने लगा

आर्यन :अंकित प्ल्ज़्ज़ यार m7jhe माफ़ करदे मुझसे गलती होगयी पर प्ल्ज़्ज़ मुझसे दोस्ती मत तोड़ यार एक तुहि तो दोस्त है मेरा और वो अंकित का कन्धा पड़के उसे हिलता है लेकिन अंकित उसे ढाका देदेता है

आर्यन में अब हिम्मत नहीं थी क्युकी वो जनता है की अब अंकित आसानीसे नहीं मानेगा

मनीषा और निशा :अंकित अब बहुत हुवा तुझे हमे जोसफ देनी है देदे पर अब घर चल बीटा प्लीज

अंकित :जो तो हॉल

और अंकित अपने रूम में चला गया

अनमोल और रागिनी भी आर्यन को लेके अपने घर चले गए और आकाश भी सबको लेकर अपने घर आगया

अंकित आज बहुत रोया क्युकी आज उससे अपने भाई जैसे दोस्ती ने धोका दिया था

आर्यन जा भी यही हाल था

आकाश भी आज बहुत परेशां था उनसे अनमोलसे माफ़ी भी मांगी और कहा की आर्यन को भी में सॉरी बोलता हु ऐसे hi दिन गुजरने लगे करीब 10 दूँ बाद अंकित को एक कॉल आया तो अंकित ने अपनी कार निकली और चला गया

यहाँ एक बडीसी एक बिउलडिंग थी और ये एक डैम ख़ुफ़िया बेस की तरह लग रहा था

यहाँ में कुछ आपको बता न चौंगा की ऐसी एजेंसीज रॉलिटी में नहीं है ये तो बस फन के लिए है

ये है क्ट ये उन (यूनाइटेड नेशन) का hi एक डिपार्टमेंट है ये डिपार्टमेंट किसी भी देश में अपना टारगेट को पकड़ सकते है ये वर्ल्ड की सबसे हाई पोवे एजेंसी है और इनलोगो को किसी को भी मरने का हक़ है

और इंडियन ब्रांच के चीफ है अनमोल खन्ना जिहा ये आर्यन के डैड है ये पहले रॉ चीफ थे पर प्रमोशन मिलते hi ये क्ट में चीफ बन गए

इसने आज आकाश से बात कीथी किसी टेर्रोरिस्ट्स गोरुपके बारे में

असल में जब आकाश किसी मीटिंग में गया था और जब वो वाश रूम में गया तो उसने एक आदमी को बात करते हुए सुना जब उसने सुना तो उससे पता चला की 15 अगस्त के दिन

इस सहर में परेड के टाइम बहुत सरे बोम्ब्ब्लास्त होने वाले है तो आकाश ने अनमोल को ये सब बताया

क्यों की आकाश को ये पता था की अनमोल रॉ चीफ है

तब अनमोल ने उसे बोलै की वो उसे घर आके मिले

अब अनमोल इस बिल्डिंग से निकला कर अपने घर गया तो उसने देखा की

आकाश निशा और मनीषा वही बैठे थे

अनमोल रॉ चीफ है ये बात सिर्फ आर्यन और उसकी माँ रागिनी को hi पता थी पर सबको बहुत जल्द जाता लगने वाला था

अनमोल : है आकाश तू क्या बोल रहा था

आकाश : यार आज जब में समीर ग्रुप्स ऑफ़ कम्पनीज के साथ डील केलिए गया तब मेने उसके एक एम्प्लोयी को फ़ोन पर बात करते सुना वो बोल रहा था की

आदमी : है समीर सर काम होगया है बस सब लड़के अपनी अपनी तयारी में लग गए है 15 अगस्त में अभी 3 दिन बाकि है तब तक सब सेट होजायेगा और हमारे आदमी परेड की

भीड़ में घुस कर बम ब्लास्ट करदेंगे और इंडियन में मातम च जायेगा

अनमोल :है आकाश तो क्या तुमने उसका चेहरा देखा

आकाश :अरे यार चेहरा क्या देखना मेने तो उसकी फोटो hi लेली है ये देखो

अनमोल उस फोटो को देख कर

अनमोल :हम्म्म आकाश थैंक्स तुमने आज देश की मदद की है अगर तुम ये सब न करते तो हमे पता तो चलता पर बहुत देर होगति

आकाश :वो तोह ठीक है पर सब ठीक तो होगा न अनमोल प्लीज लाखो लोगो की जान खतरे में है

निशा :भाई साहब इनपर तो कोई खतरा नहीं होगा न

अनमोल :नहीं भाभी जी में आकाश की सिक्योरिटी लगा देता हु और रही बात इस टेर्रोरिस्ट्स अटक की तो इस केस में मैं अपना बेस्ट अफसर लगाऊंगा जिसको फ़ैल करना नामुम किन है

मैंने उसे यही बुलाया है वो अत hi होगा

और घरके बहार एक ग़दीरुकि और उस्समे से एक लड़का बहार आया और वो सीधा जेक अनमोल के सामने खड़ा होगया

उस लड़के को देख कर सब शॉक हो गए

अनमोल : सो गाए मीट माय बेस्ट एजेंट

थे सीनियर एजेंट ऑफ़ क्ट (काउंटर टेररिस्ट आर्गेनाईजेशन) मर एक

उर्फ़ अंकित सींग रावल

जिहा ये लड़का अंकित था

अपडेट पोस्टेड गाइस

ी होप यू लिकेड

सी यू सून

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