Parivar se nafrat fir pyaar - Page 17 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 135

सेकण्ड्स लास्ट अपडेट

यहाँ अंकित के बेहोश होते hi उसकी सभी बीइओ ने उसे घेर लिया उसे होश मैं लेन लगी पर अंकित नहीं जगा नेहा ने अंकित का सर अपनी गोदी मैं रख लिया

नेहा : मोनी कीर्ति जाओ जाकर माँ डैड और बाकि लोगो को बुलाओ जल्दी जाओ

कीर्ति और मोनिका जैसे तैसे लंगड़ाते निशा

और मनीषा के रूम मैं पहुंची और दूर खटखटाने लगी

यहाँ रूम मैं निशा और मनीषा एक दूसरे को टाइट हुग करके सो रही थी

मनीषा जैसे hi आवाज सुन कर जगी वैसे hi निशा भी जाग गयी

निशा : अरे इतनी सुबह सुबह कोण है

मनीषा : है दीदी अभी तो 5:30 हो रहे है

निशा : रूक मैं देखती हु

मनीषा : आठ कितनी प्यारी नींद आरही थी

निशा उठी और जाकर दूर खोला मनीषा भी पीछे hi आरही थी

निशा : अरे मोनू क्या हुवा इतना घबराई हुयी क्यों लग राइ हो ओह्ह अच्छा पहली बार है न होती है होती है थोड़ी घबराहट

मोनिका : मुम्मा मुम्मा वोऊ वोऊ हूफ्फ

निशा : अरे सांस तो लेले क्या बात है बता

कीर्ति : मुम्मा वो भाई हम अरे साथ सेक्स कर रहा था तब वो बेहोश होगया और वो होश मैं hi नहीं आरहा है हूफ्फ हूफ्फ

निशा : क्या तुम जाओ और बाकि लोगो को बुलाओ मैं अंकित के पास जाती हु मनु जाओ जल्दी और है पहले लीज़ा को जगाओ वो डॉक्टर है

मनीषा : है दीदी

और निशा गयी अंकित के रूम मैं और मनीषा गयी आकाश को जगाने जो इस वक़त सुमि और मेघा के साथ सो रहा था

उसने दूर नॉक किया तो मेघा ने दूर खोला

मनीषा : दीदी आकाश कहा है वो अंकित बेहोश होगया है और उसे होश hi नहीं आरहा है जल्दी चलिए

मेघा : कययआआ रुको मैं अभी आती हु उसके बाप को जगदु

मेघा ने आकाश को जगाया आकाश को जैसे hi पता चला वो बीएड पर से चला ग लगा कर भगा अंकित के रूम की और

निशा अंकित के रूम मैं आयी अंकित को अपनी गोदी मई लेकर

निशा : अंकित अंकित उठो बीटा आखें खोलो बीटा देखो आपकी मुम्मा है यहाँ उठो अंकित अंकित

निशा के लाख बार उठाने पर भी अंकित नहीं उठा तब तक मनीषा सबको जगा कर रूम मैं ले आयी थी लीज़ा ने आते hi अंकित को चेक किया और ा छे से सुला दिया निशा की गॉड मैं

आकाश : डॉ क्या हुवा है अंकित को

लीज़ा : पहले तो आप लोग डरिये मर कोई बड़ा इशू नहीं है बास अंकित ने ज्यादा ताक़त से सेक्स करलिया है और थोड़ा ज्यादा होगया है वैसे गर्ल्स कितनी देर से च रहा है ये सब

नेहा : वो रात के 10 बजेसे जब हमे सुहाग रात स्टार्ट हुयी थी

लीज़ा : हम्म मतलब 7.5 घंटे से अंकित सेक्स कर रहा है वैसे कोण कोण बाकि रवह गया

मोनिका : कोई भी नहीं सब की बारी लेली सिर्फ आगे से hi नहीं पीछे से भी और पिछले एक घंटे से वो बिना रुके हम सुब को दूसरी बार भी छोड़ चूका है और जब वो झाड़ गया तब बेहोश होगया

तन्वी : बाप रे मतलब अंकित ने तुम सब को छोड़ा और वो भी एक बार नहीं 2 बार

सभी ने शरमाते हुए है मैं अपनी मुंडी हिलायी

लीज़ा : और क्या तुम सब ने रेस्ट किया था खास कर अंकित ने

नेहा ने फिर अपनी पूरी सुहाग रात की कहानी 5 मं मैं सुना दी की कैसे बारी बरी सब की ले ली अंकित ने और सभी लड़कियों को रेस्ट दिया और फिर दूसरी लड़की की बरी आयी

लीज़ा : मतलब तुम सब ने सेक्स के बाद प्रॉपर रेस्ट किया और अंकित ने नहीं हम्म मतलब वो ज्यादा थक गया था और खाना भी थोड़ा सा hi खाया था और अंकित ने इतना भयंकर सेक्स किया सिर्फ छूट hi नहीं बल्कि गांड भी वो भी 6 की 6 मान गयी

लीज़ा : देखों अंकित ने इस बार अपने सरीर की फुल पावर लगा दी इसीलिए वो बेहोश होगया है मतलब अब जब वो होश मैं आएगा तब वो हिल भी नहीं पायेगा निशा मैं इसे एक इंजेक्शन लगा रही हु तब तक इस बाबू के लिए अच्छा हैवी और टेस्टी ब्रेकफास्ट रेडी करो और है अपना और मनीषा का दूध भी इसमें इन्क्लुडे करना ok

निशा : है मनीषा रजनी ज़राभाभी चलो

रजनी : है बूत दीदी आप यही रहो और अंकित का ध्यान रखो हम सब है करलेंगे

निशा : नहीं मैं भी चलती हु

मनीषा : रहने दे रज्जो जब बात अंकित की हो न तब निशा दी किसी की नहीं सुनती

रजनी : ok दीदी आप भी चलो

लीज़ा ने एक इंजेक्शन लगाया अंकित को

लीज़ा : अहह लग गया अच्छा निशा इसे 2 घंटे बाद होश आजायेगा और तब तुम यही रहने जब ये होश मैं आये तो सबसे पहले उसे अपना दूध पिलाना ताकि उसमे ताक़त आये ok

निशा : है चलो

नेहा : है माँ चलिए

निशा : ंना तुमसे किसी ने नहीं कहा मेरी बच्चियों जाओ कब. से मज़े कर रही हो थोड़ा आराम करलो जब ब्रेकफास्ट रेडी होजयायेगा तब तुम्हे जगा दूंगी चली अपने रूम मैं

सभी : वही तो है और आने दो न मुम्मा

मनीषा थोड़ा प्यार वाले गुस्से से बोली

मनीषा: न बोलना दिदिने चलो सो जाओ

और सभी लड़किया सो गयी उन्हें भी रेस्ट मिल जाये थोड़ा

यहाँ सभी लेडीज ढेर सरे हवय नास्ते की प्रेपरेशन मक़िन लग गयी

और इनमे करीब 1.5 घंटा लग गया तो सभी फिर फ्रेश हुयी और नाहा धो कर अंकित के रूम मैं गयी अंकित की बहनो और बीइओ को उठाया वो भी फ्रेश होने निकल गयी सभी की सभी आज बहुत ज्यादा खिली खिली लग रही थी

वो सब भी फ्रेश होकर आगयी सब आज कुछ ज्यादा hi सूंदर लग रही थी

खैर खोदी देर बाद अंकित को होश आया और उसने आखें खोल के देखा तो सब उसे hi घुर्र रहे थे

अंकित : आह्हः म्मैं ामुम्मा

अंकित की आवाज धीमे थी

लीज़ा : केसा दिल कर रहे हो बेटे

अंकित : व्वीकक अह्ह्ह्ह

निशा : बीटा तुम इतने लवरवाह कैसे हो सकते हो तुम जानते थेना सुहागरात है तुम्हारी फिर भी खाना ठीक से नहीं खाया न तुमने आपने बिलकुल ख्याल नहीं रखते तुम

अंकित : सरररयय मुम्मा

वही धीमे आवाज मैं

.

मनीषा : और बीटा तुम्हे एक hi दिन मैं इतना ताक़त के साथ सेक्स करने की क्या जरुरत थी मतलब गांड भी खोलदी सबकी वो तो बाद मैं भी हो सकता था

अंकित : मेने मन किया था फिर भी ये सभी नहीं मणि और मेरे लिए ये सारा दर्द सेह गयी

निशा : चलो ठीक है किया तो किया बूत फिर दूसरी बार करने की क्या जरुरत थी

अंकित : वो इनकी बहुत इच्छा तो बस इसीलिए

कीर्ति : बूत भैया आप मन भी तो कर सकते थे न

अंकित : क्यों तुम सब मेरे लिए इतना भयंकर दर्द सेह सकती हो तो क्या मैं तुम्हारी विश पूरी नहीं करसकता

निशा : हाय मेरे बचो किसी की नज़र न लगे कितना प्यार करते है एक दूसरे से पर बीटा आगे से ध्यान रखना और अभी आओ मुम्मा आपको दूध पिलाएगी जिससे थोड़ी वीकनेस काम हो

निशा ने अपना ब्लाउज ऊपर किया और अपना एक भरी दूध निकला और निप्पल सीधा अंकित के मुँह मैं दे दिया

अंकित : ऊम्मम ुउउम्म ोुरपो कूप्पो कुलपपल छप्प चायपप ममम ूमम

ऐसे hi थोड़ी देर निशा का दूध पिने के बाद अंकित मैं ताक़त आगयी और वो फ्रेश होएं चला गया और अभी भी वो सिर्फ एक ढेले टीशर्ट और ट्राउज़र मैं hi निचे आया जब वो निचे आया तो सामने टेबल सजा हुवा था एक दम हैवी नास्ता बना था अंकित केलिए

मनीषा : चलो बीटा खाना स्टार्ट करो नहीं रुको मैं hi खिलाती हु

और मनीषा अंकित को खिलने लगी काफी सारा खाने के बाद अंकित बोलै

अंकित : माँ बस अब नहीं खाया जायेगा

मनीषा : दीदी ये मन कर रहा है

तभी निशा वह आयी और अंकित का काम पकड़ लिया

निशा : क्यों बीटा जी बहुत नखरे होरहे है है जिसतना है सब फिनिश करो इसके बाद 2 गिलास दूध भी बन रहा है वो भी फिनिश करना है

अंकित दर गया और जल्दी जल्दी खाना कहने लगा खैर खाने के बाद जब तक अंकित ने 2 बड़े गिलास दूध फिनिश नहीं किया तब तक निशा और मनीषा वह से हिली नहीं और उसके बाद

निशा : अब सीधा रूम मैं मेडिसिन लेकर सोने ok no मोरे एक्टिविटी

अंकित सीधा जेक रूम मैं मेसिने खाने लगा और लेट गया तभी रूम का दर अजा खुला और रजनी अंदर आयी

और अंकित को चिपका के लेट गयी वो भी

रजनी : हम्म तो लगता है दीदी ने आज हालत ख़राब करदी हैना

अंकित : है थोड़ा ज्यादा होगया आज

रजनी : ओह्ह दीदी को तुम्हारी बहुत फिक्र रहती है तुम दिल पे मत लेना और है दीदी की लाइफ का सिर्फ एक hi मकशद है वो है अपने बचो पर अपना प्यार और ममता लूटना खास कर तुम पर निशा दीदी की दिल के टुकड़े नहीं तुम खुद उसका डिल हूँ

अंकित : है जनता हु मुम्मा मेरे लिए बहुत ज्यादा सेंसेटिव है और मैं खुश भी हु की इतनी ज्यादा लोविंग और केयरिंग मुम्मई है मेरी

तभी पिछेसे निशा आयी

निशा : जय बाटे हो रही है मसि भांजे मैं

रजनी मस्ती करते हुए बोली

रजनी : कुछ नहीं अंकित कह रहा है माँ कितनी गुस्से वाली है एक दम खडुश आह्हः दीदी ये मैं नहीं अंकित कह रहा है आह्हः चोरोना

अंकित हसने लगता है क्यों की निशा ने रजनी का काम पकड़ा था और खींचा

निशा : क्यूरे छोटी खुद ऐसा बोल कर मेरे बेटे पर इलज़ाम लगा रही है

रजनी : नहीं दी प्लीज कान चोरो न सॉरी आह्हः दीदी दुःख रहा है

अंकित : चोर दो न मुम्मा

और निशा ने चोर दिया

रजनी : आठ आपको कैसे पता की ये मैं बोली हु आपका बीटा नहीं

अंकित : क्या मसि अभी आप hi तो कह रही थी की मुम्मा मेरे लिए बहुत सेंसेटिव है और आपको क्या लगा की उन्हें मुझ पर विश्वास नहीं है

रजनी : आठ माँ बेटे ने आज मेरा hi

पप्लू बना दिया

ऐसे hi हसी मज़ाक मैं दो दिन बीत गए आज फिर बेऔतीशंस आयी थी क्यों??? अरे क्यों क्या अंकित की सभी पत्नियों की इच्छा थी की अंकित निशा और मनीषा के साथ भी शादी के जोड़े मैं सुहागरात मनाये तो बस आज वो इच्छा पूरी होने जा रही थी

बेऔतीशंस ने अपना कमल दिखाया और वो चली गयी

निचे सब डिनर कर रहे थे और निशा और मनीषा ने डिनर कर लिया था पहले hi

खैर निचे डिनर कर रहे थे सब और गप्पे लड़ा रहे थे

आकाश : बीटा आज ठीक से डिनर करना

अंकित : जी डैड

नेहा : अब हमारी बरी कब है फिर

अंकित : अरे मेरी जणू दो दिन से चुद रही हो अभी भी मन नहीं भरा थोड़ा कण्ट्रोल करो

मोनिका : ोफो अब कण्ट्रोल नहीं होता वेल हम मैनेज कर लेंगे

फिर सबका डिनर कम्पलीट हुवा और फिर सब अपने अपने काम मैं लग गए अंकित ने सिर्फ एक बॉक्सर पहना और चला गया वही रूम मैं जो आज फिर एक बार वैसा hi सजा हुवा था

वेल अंकित ने सामने देखा की उसकी दोनों माये फुल ब्राइड बानी हुयी थी

अंकित वह उन दोनों के पास गया और दोनों के घूँघट उठाये

अंकित की धड़कने तेज़ होगयी

सामने थी निचा और मनीषा मस्ट ब्राइडल रेड मेकअप होठों पर गहरी लाल लिपस्टिक गले मैं मंगलसूत्र मांग भरी हुयी और माथे पे लाल बिंदी शाइनी हेयर और बालो का सेक्सी जुड़ा बना हुवा जो उन्दोनो के चेरे को और छुडासी बना रहा था शादी का लाल लहंगा और हाथों मैं महेंदी

अगर कोई भी आदमी इन दोनों को देख लेता इस रूप मैं तो उनका बिना हाथ लगाए पानी निकल जाता

अब देखना ये है की अंकित और इन दोनों की सुहागरात किसी होती है एक हिंट दू बेहद प्यारी होएं वाली है

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 136

लास्ट अपडेट ऑफ़ थिस स्टोरी

आज अंकित को अपनी किस्मत पर गर्व होरहा था की क्या hi किस्मत थी उसकी उसकी माये दोनों hi कितनी हॉट सेक्सी थी पर उस सब से भी ज्यादा वो उसकेलिये बहुत लोविंग और केयरिंग भी थी

अंकित को अपनी तरफ यू देखता प् कर आज दोनों के hi मन मैं उसकेलिये और प्यार बढ़ गया

मनीषा : ऐसे क्या देख रहा है बेटे हम आज hi नहीं बल्कि जब तक जिन्दा है बस तेरी hi है

अंकित : सच कहु माँ तो आज मैं बहुत खुश हु जब भी आप दोनों के पास होता हु तो खुद को दुनिया का सबसे खुश नसीब इन्शान समझ ता हु मेरी भले hi शादी होगयी हो बूत मैं सबसे ज्यादा प्यार आप दोनों से hi करता हु भले hi कोई भी मेरे बारे मैं कुछ भी सोचे

निशा : हम खुसी हुयी बीटा ये जान कर बूत क्या तुम्हारे डैड तुम्हारे लिए मायने नहीं रखते

अंकित (स्माइल) : उनकी मेरे दिल मैं एक अलग hi जगह है माँ उनकी जगह तो आप भी नहीं ले सकती बूत जो आपकी जगह है वह कोई नहीं हो सकता मेरी माँ अवंतिका भी नहीं

ये सुन्ना था की निशा और मनीषा दोनों की आखों मैं हलके आशु उमड़ पड़े क्यों की अंकित ने उन्हें अपनी सगी माँ से भी ऊपर मन था

निशा : बीटा एक बात मानोगे

अंकित : हुकुम करिये

निशा : आज तुम खुद को जबरदस्ती नहीं रोकोगे पुरे प्यार से छोड़ोगे हमे भले hi तुम 5 मं मैं झाड़ जाओ बूत तुम खुद को काबू नहीं करोगे हमे देख न है की तुम कितना जल्दी झड़ते हो हमारे प्यार मैं

मनीषा : हां बीटा जितना जल्दी जाड़ोगे हम मतलब तुम हमसे इतना प्यार करते हो अगर हम दोनों मैं फैसला होजाये जैसे मुझमें थोड़ी देर से जय निशा दी के साथ मेरे से थोड़ा जल्दी तो टेंशन जरा भी मतलेना हम दोनों hi तुमसे ज्यादा प्यार करती है

अंकित : है माँ जैसा आप कहे पर शुरू किस्से करू आपके साथ या निशा मा के साथ

मनीषा : एक काम करो मुझसे शुरुआत करो

निशा : है मैं भी यही कहने वाली थी

अंकित : ठीक है माँ

फिर अंकित मनीषा के पास गया और उसे हुग करलिया एक दम टाइट और अंकित मनीषा के मांसल सरीर को फइलल करने लगा

मनीषा तो अपने बेटे को अपने आगोश मैं प् कर hi मदहोश होने लगी थी

फिर दोनों के सर आमने सामने आयी मनीषा ने पहले अंकित के माथे को चूमा और फिर देखते hi देखते दोनों के होठ जुड़ गए

अंकित : ऊम्मम ूउम्म्म पपूछ ुउउम्म... ूउम्म्म कितने दिनों बाद ये होठ मिले है ऊम्मम ूम.... ूमम

मनीषा : जानती हु बीटा इसी लिए तो ूमम ूउम्म्म ूमम आज तुम्हे..... ज्यादा मज़ा आरहा है... ऊम्मम ूमम.......

अंकित : ूमम अब तो ऊम्मम मेरे hi है ये ूमम ुउउम्म ूमममम ऊम्मम ऊम्मम

फिर अंकित ने मनीषा के गले को मुँह को गलू को लग भगा पुरे उप्पेर part को चूमा

मनीषा : ाःह... बेबी आठ तुम बहुत अच्छी कर रहे हो आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह्ह ऊऊफफफ ऊम्मम..

अंकित : छुऊं ूमम पूछ ूमम पूछ ूमम

काहिर फिर अंकित ने ब्लॉश के ऊपर से hi मनीषा के भरी भरकम चूचियों को देखने लगा

मनीषा : लगता है मेले बाबू को मुम्मा का दुधु पीना है न आओ मेरे बेटे

अंकित ने ब्लॉश के ऊपर से hi मनीषा के चुचो को मुँह मैं भर लिया

अंकित : ूमम.... ऊम्मम ूमम.. पूछ ूमम छाआपप छाप्प. ूमम

मनीषा : आठ बीटा आराम से रुको ब्लॉश निकल देती हु फिर आराम से चुसो

अंकित पीछे हुवा और मनीषा ने अपना ब्लॉश निकल दिया और ब्रा भी निकल दिया ब्रा के निकल ते hi मनीषा की गोल गोल सर्फ बूत तानी हुयी एक दम गोरी चिट्टी चूचिया उछाल कर सामने आयी उसपर थे एक दम मस्ट मध्यम साइज के लाल लाल निप्पल्स जो किसीको भी दीवाना बना दे

मनीषा : आओ बच्चा मुम्मा का दूध पियो

अंकित गया और एक चुचिको मुँह मैं भर लिया और दूसरी को अपने हाथोसे दबाने लगा

अंकित : ूमम ूमम सूरप्प छाआपप चाप ूमम ूमम सूरप्प ूम चाप चाप ूमम

मनीषा : आठ बीटा आठ बहुत पसंद है न बड़े बड़े दूध तुम्हे आठ पियो जी भर के पीओ मेरे बेटे ूमम

काहिर ऐसे hi अंकित 15 मं तक मनीषा के दूध चुस्त रहा

फ़िरेफोक्स अंकित ने मनीषा के मांसल पेट को चूमा और कभी उसके पेट के हिस्से को मुँह मैं लेकर चुस्त

मनीषा : आठ बीटा ये पेट है मेरा दूध नहीं आह्हः आठ

अंकित : उम् पर मुझे तो ये भी पसंद है एक दम माखन जैसा ूमम

काहिर फिर मनीषा ने अंकित को हटाया और कहदी होगयी और अपना गहग्र निकलडिया और पेंटी भी सामने थी मनीषा की गोरी एक दम चिकनी छूट जहा बालो का नामो निशान नहीं था और फिर अपने पेअर फैला दिए

मनीषा : आओ मेरे बेटे

अंकित मनीषा की छूट के पास गया और उसकी खुशबु अपने अंदर लेने लगा

अंकित : अहह ये खुशबु इसके सामने तो अच्छी ाछक परफ्यूम फ़ैल है

मनीषा : थैंक्स बीटा नाउ प्लीज सूचक mummy's पुसी

अंकित : खुसी से सुरर्र्प्प सूररप्पप्पो ूउम्म्म ुउउम्म सूररप्पप्पो सूरप्प ूमम

मनीषा : आह्हः ओह्ह बीटा मैंने आह्हः आह्हः कितना मिस किया इस चूसै आठ को आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह ऊम्मम

अंकित : सुरर्र्प्प पप सुर्र्ररपपप ूउम्म्म सूररपपपप ूमम

मनीषा : ओह्ह मीय आह्हः स्सीइ आह्हः बीटा ऐसे hi सूचक आईटी एएस आठ आह्हः आह्हः आठ

अंकित : सुरर्र्प्प ूमम ूमम सुरर्र्प्प सुरर्र्प्प ूमम सुर्र्प सूररपपपप ूमम

मनीषा : ऊऊओह्ह्ह एएससस बबीता यस मुम्मा इस कमिंग यस आठ आठ आठ आआआअह्हह्ह्ह्हह

ससस्कककूइयररटत

ससस्कककूइयररटत

ससस्कककूइयररटत

और मनीषा ने तीन फव्वारे अंकित के मुँह मैं चोरे और अंकित खुसी खुसी उसे पी गया

अंकित : ूमम वैरी टेस्टी...

मनीषा : बेटे अब आओ और दिखाओ की तुम कितना प्यार करते हो अपनी मनीषा माँ सी

अंकित ने लुंड मनीषा की छूट पर लगाया और दिया एक तगड़ा शार्ट

पूरक लुंड एक hi बार मैं मनीषा की छूट के अंदर आज अंकित को बहुत ज्यादा हीट कर रही छूट का अनुभव हुवा था ऊपर से आज उसे बस प्यार से करना था नाकि 40 मं की लुम्बी चुदाई करनी थी

अंकित : आह्हः आह्हः माँ आपपप पहले से ज्यादा गरम हो अंदर से

मनीषा : आअह्ह्ह्हह मेरे बेटे आह्हः फाटत गयी मेरी तुमने एक hi बार मैं दाल दिया आह्हः इम्प्लांट के बाद मेरी छूट कास गयी है बेटे आह्हः कोई नहीं मेरे बच्चे प्यार करो अपनी माँ को आह्ह्ह्ह

मनीषा को दर्द तो हो रहा था पर उतना नहीं बूत आज फिर थोड़ा सा खून निकला था

अंकित एक दम धीरे धीरे शार्ट मार रहा था

मनीषा : आह्ह्ह्ह बेटे कितना प्यार से कर रहा है मेरा बच्चा आठ बेटे एस एस एस एस्सस एस्सस आह्ह्ह्ह आठ ऐसे hi बाबू

अंकित : माँ आठ मुझे बहुत मज़ा आरहा है आह्ह्ह्ह ऐसे धीरे धीरे करने मैं आठ

इन दोनों की चुदाई की स्पीड एक दम धीमे थी जिससे दोनों को hi मज़ा आरहा था

मनीषा : आह्हः बीटा ऐसा लग रहा है जैसे तुम मेरी छूट को बेहकद प्यार से मस्सगे कर रहे हो

अंकित : आह्हः आह्हः माँ सच मैं हम 1 वीक मैं 2 बार ये वाली चुदाई करेंगे

मनीषा : आह्हः बीटा ऐसे hi आअह्ह्ह आअह्ह्ह्हह यस यस यस आठ

अभी सिर्फ 5 मं hi हुए थे चुदाई मैं की अंकित झड़ने लगा

अंकित : आह्हः इतनी जल्दी कैसे मेरा आ सकता है आठ आठ माँ आठ

मनीषा : नहीं मेरा बच्चा खुद को कण्ट्रोल मत कर होजा हल्का अंदर hi

अंकित : आह्हः आआह्ह्ह्ह आआआहहहहह आह्हः आठ

मनीषा : आह्हः बीटा मैं भी आठ आह्हः आह्हः आह्ह्ह्हह्ह आआअह्ह्ह्ह

और मनीषा का जिस्म थर्राने लगा उसे आज पहली बार मनीषा को मल्टीपल ओर्गास्म आया था वो बहुत ज्यादा ुस्त होगयी और मनीषा ने अंकित को अपने आगोश मैं ले लिया और लगा तार उसके गाल और गले को चूमने लगी

थोड़ी देर बाद दोनों फ्रेश होने गए और वापस आगये

मनीषा : मुझे पता था तुम बहुत प्यार करते हो मुझसे मेरे बच्चे अगर निशा दीदी के पास मुझसे काम टाइम लगे झड़ने मैं तो भी मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है

अंकित : यस माँ

फिर अंकित के सामने निशा आगयी निशा को तो देख कर hi अंकित की हालत ख़राब होने लगी थी

निशा : अरे यू रेडी हनी

अंकित : यस मुम्मा

और दोनों ने एक दूसरे को ऐसे जाकर लिया जैसे दूसरा कही दोर्र न हो जाये

अंकित को तो जैसे दुनिया की साडी खुशिया hi मिल गयी निशा के गले लगने से अंकित ने निशा को ऐसे जकड़ा था दोनों के बिच से हवा के गुजरने जितनी भी जगह नहीं थी

अंकित वैसे hi मदहोश होने लगा निशा के नशीले और सुपर मिल्फी बॉडी की खुशबु उसे पागल कर रही थी

अंकित से रहा नहीं गया और वो निशा के कानो को मुँह मैं भर कर चूसने लगा

अंकित : ूमम ूमम ूमम

निशा भी बहुत खुश थी आखिर सबसे ज्यादा अंकित निशा का hi लाडला था

निशा : बीटा मुझे देख के क्या होजाता है तुझे जो ऐसे प्यार करने लगता है

अंकित : ये तो मैं खुद भी नहीं जनता बस मन करता है आपसे या मनीषा माँ के कभी भी दूर hi ना जाऊ उम् आठ आपकी ये खुशबु

फिर अंकित और निशा के होठो का मिलाप होजाता है निशा के हलके बड़े हॉट अंकित को बहुत ज्यादा पसंद थे

अंकित : ूमम माँ आपके होठ ूमम पूछ सबसे बेस्ट है ूमम ूमम... ूमम पूछ ऊम्मम ूमम.. सूरप्प

निशा : चुसो मेरे बच्चे तेरी ये माँ का जिस्म उसकी आत्मा बल्कि मेरा वजूद भी तेरा है ूमम ूमम ूमम पूछ पूछ ूमम पपुंच

अंकित करीब 20 मं तक किसी प्यासे की तरह निशा के होठों चुस्त रहा निशा भी उसका पूरा साथ देती रही

फिर दोनी अलग हुए और रेस्ट लिया एक छोटा सा और फिर अंकित निशा के गरदन तक उसे चूमने चाट ने लगा

अंकित : ूउम्म्म पूछ छुऊं छू छू ऊम्मम मुम्मा ूमम ूमम

निशा : ओह्ह मेरा बीटा मेरा प्यारा बीटा ऊह्ह्हह्ह ऐसे hi आअह्ह्ह्हह कितना प्यार करता है अपनी निशा माँ से ओह्ह मेरे लाल आठ

अंकित : बहुत ूमम ज्यादा ूमम पपूछह ूउम्म्म ूमम ूमम पपूछह

निशा : ओह्ह्ह आठ ाःह ाःह मुम्मा का दूध पियो मेरा बच्चा ूमम ाःह

अंकित ने इस बार भी निशा के ब्लाउज के ऊपर से hi मुँह मैं भर लिया निशा की चूचियों को

अंकित : ूमम ूउम्म्म ूमम पपुच्छ ूमम ूमम ूमम ओह्ह ऊम्मम मुम्मा ये ब्लॉश निकल दो न मज़ा नहीं आरहा है

निशा ने अंकित की बात मानते हुए अपना सीना तान कर अपनी ब्लॉश के बोटों खोले और दूरी भी खोल दी

और ब्रा भी और दोनों को निकल दिया सामने थी निशा की गोरी चिट्टी एक दम खूबसूरत गोल गोल तानी हुयी चूचिया ऐसी चूचिया जो किसी भी आदमी का सपना हो और ऊपर थे हलके गुलाबी निप्पल्स जो बहुत ज्यादा उत्सुक थे अंकित के मुँह मैं जाने केलिए

निशा : क्या देख रहे हो

अंकित : दुनिया मैं मेरा सबसे कीमती खजाना

निशा थोड़ी शर्मगाई और एक कातिलाना मुस्कराहट दी जिससे अंकित और ज्यादा घायल हो गया

निशा : अब आओ और पियो मुम्मा के दुद्दू को

अंकित : ूमम सुरर्र्प्प सूररपपपप ूमम..... ूमम... सुरर्र्प्प... ूमम पपुयउच्च... छाप्प... छाप्प ऊम्मम...

निशा : आठ आठ ऐसे hi मेरा बच्चा आठ... अहहा.. आठ.. ऐसे hi पियो मुम्मा को दुद्दू को आठ आह ओह्ह्ह..

अंकित : सुरर्र्प्प m..uuummm ूमम सूररपपपप ... सुर्र्प ूमम आह पपूछह छाप्प.. छाप्प ूमम्ब

अंकित नसिह की चूचियों को तो बहुत ज्यादा देर तक चुस्त रहता है निशा सिर्फ अपनी चूचियों की चूसै से hi एक बार झाड़ चुकी थी पर अपने बेटे को रोकले वो निशा नहीं होसकती निशा उसे जी भर कर अपनी चूचिया चूसने देती है

करीब 25 मं तक अंकित निशा के बूब्स को चुस्त रहता है और निशा एक एक हाथ से उसका सर सहलाये जा रही थी

निशा : अहह बीटा क्या हुवा थक गए

अंकित : नहीं माँ बस अब बाद मैं चूसूंगा पहले आपको फ्री करदु

निशा : कोई बात नहीं मेरे बच्चे जब मन करे तब चूसना

अंकित : अभी आपकी छूट को चूसना है

निशा ने एक स्माइल दी और अपना घगराउर पेंटी उतर दिया और अंकित के सामने लेट गयी

निशा : आओ मेरे बच्चे चतलो

अंकित : सुर्र्ररपपप.... सुरर्र्प्प ूमम सुरर्र्प्प ूमम.. उम्म्म ूमन सूररपपपप... ूमम

निशा : आठ मेरे बच्चे ऐसे छतो मुम्मा की पुसी को बहुत ज्यादा पसंद हैना मेरी पुसी तुम्हे

अंकित ने इसका जवाब अपनी जीब से दिया

निशा : आअह्ह्ह जानती थी आह्हः चुसो मेरे लाल्ल्ल आह्हः आठ सीई आठ

अंकित : सुरर्र्प्प सूरप्प ऊम्मम सुरर्र्प्प ूमम सुरर्र्प्प

निशा : आठ मैं आरही हु मेरे बाबू आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह

और स्ककूर्रियिररत्तत्त

ससस्कककूइयररटत

ससस्कककूइयररटत

ससस्कककूइयररटत

4 फव्वारे अंकित के मुँह मैं निशा ने चोर अंकित बिना रुके इस अमृत को पिता रहा

अंकित निशा के सीने से लग कर

अंकित : मज़ा आया माँ

निशा : अभी असली मज़ा तो बाकि है मेरे लाल

फिर अंकित ने अपना लुंड निशा की छूट मैं फसाया और एक जोर दार शार्ट मारा मनीषा की गर्मी तो अंकित जैसे तैसे सेह गया पर निशा अंकित की लाड़ली माँ थी उसकी ममता उसका प्यार ये सब मिलके अंकित कैसे कण्ट्रोल कर सकता था

अंकित तड़प ने लगा

अंकित : आठ ाःह माँ मुझे आपकी गर्मी बर्दास्त नहीं हो रही हैए अहह

निशा ने अपनी बहे फैलाई और अंकित को हुग किया और बोली

निशा : कोई जबरदस्ती खुश को मत रोक मेरे बच्चे बस प्यार कर तेरा जल्दी झरना तेरे प्यार का सबूत होगा

अंकित : आठ आठ

अंकित जैसे तैसे 3 शार्ट मरता है बूत 4 शार्ट मैं निशा को टाइट हुग करता है और उसके गले लगजाता है और झड़ने लगता है

अंकित : आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह मा ी लूव्वे यू आह्हः ी आम सॉरी मैं प्यार नहीं कर पाया आह्हः

निशा भी अपनी छूट मैं अंकित के गरम लावे को महसूस करके थरथराने लगती है उसे भी मल्टीपल ओर्गास्म की प्राप्ति होती है

निशा भी अंकित के सर को सहलाये लगती है और उसके चेहरे पर एक बहुत प्यारी स्माइल थी आखिर अंकित का आज निशा की छूट मैं सिर्फ 4 धक्को तक टिकना इस बात का सबूत था की अंकित निशा से कितना प्यार करता है और निशा आज अवंतिका को दिए गए वेड मैं खरी उत्तरी थी उसने अंकित को इतना प्यार दिया की अंकित के दिल मैं निशा केलिए क्या जगह है ये बात अंकित के 4 प्यार भैरव धक्को ने साबित करदी इसीलिए आज वो बेहद खुश थी

अंकित ने अपना सर उठाया और निशा की चूचियों के बिच रक्खा

और पिछेसे उसे मनीषा ने जकड लिया

अंकित : माँ सॉरी मैं ज्यादा नहीं कर पाया

दोनों : नहीं हुमारव बेटे तूने सही किया और आज तूने ये साबित कर दिया की तेरे डिल मैं हमारे लिए सिर्फ प्यार भरा है

अंकित : मुम्मा नींद आ रही है

निशा : सजा मेरे लायलललल सजा

फिर ये तीनो hi सैंडविच पोजीशन मैं सो गए मतलब अगल बगल निशा मनीषा और बिच मैं अंकित निशा को हुग किये हुए था

सब सो रहे थे लेकिन निशा नींद मैं सपना देख रही थी जहा उसे एक जनि पहचानी आवाज़ उसे पुकार रही थी ये कोई और नहीं ये थी अवंतिका यानि अंकित की माँ

अवंतिका : निशा यययय निशा उठो भी

निशा : अरे दीदी आप कैसे कहा से ाप्प

अवंतिका : ये तुम्हारा सपना है निशा जरा बाजु मैं देखों

निशा ने बाजु मैं देखा तो वो मनीषा थी

निशा : दी पर मनीषा मेरे सपने मैं कैसे ओह्हो मेरे कुछ समाज मैं नहीं आरहा है

अवंतिका : मनीषा भी वही सपना देख रही जो तुम देख रही हो मैं बस तुम दोनों से आखिरी बार मिलने आयी हु

निशा : आखिरी बार क्यों

अवंतिका : है आखिरी बार क्यों की शायद ऊपर वाले ने यही सोचा था की जब तक मैं मेरे दिल के टुकड़े कोई पूरी तरह प्यार मैं न देख लू मुझे मुक्ति नहीं मिली

निशा : तो क्या दीदी हम दोनी आपकी नज़रो मैं खरी उत्तरी

मनीषा : है दीदी बताईये

इस बार अवंतिका की आखों मैं आशु आगये और उसने निशा और मनीषा दोनों को अपने गले लगाया

अवंतिका : कैसे सुक्रिया ऐडा कर पायेगी ये अभागन माँ तुम दोनों का तुम दोनों ने अपनी कोख से निकली बच्चियों से ज्यादा प्यार और ममता मेरे बेटे पर लुटाई है और मुझे खुसी है की मेरा बीटा आज खुश है तुम दोनों हमेशा मेरे बच्चे के साथ रहना और उसका ख्याल रखना

मनीषा : दीदी हम एक माँ के साथ एक औरत भी है और माँ दिल सिर्फ ायरत के पास होता है और अंकित हमारा बीटा है

अवंतिका : इसीलिए तो बस एक बार तुमसे सपने मैं मिलने आयी बस अब चलती हु मेरे लाल का ख्याल रखना

निशा : अपनी जान से ज्यादा दीदी कस आप भी जिन्दा होती

अवंतिका ने एक स्माइल की और चली गयी उसके जाते hi दोनों की नींद खुली गयी और निशा मनीषा दोनों ने एक दूसरे को देख कर स्माइल पास की और फिर अंकित की सोर देखा जो किसी छोटे बच्चे की तरफ निशा को हुग किये हुए उसकी एक चुकी को मुँह मैं भरके चैन की नींद सो रहा था

निशा ने अंकित के माथे को चूमा और मनीषा ने पीछे से अंकित के गाल को चूमा और उन दोनों के मुँह से एक hi सब्द निकला

दोनों : हमारा लाडला और प्यारा बीटा

काहिर इसी तरह अंकित के भी सपने मैं अवंतिका आयी

अवंतिका : उठो मेरे लाल मेरा बच्चा

अंकित : उम् मुम्मा आप कैसे

अवंतिका : ये बस सपना है और आज तुझे फिर से नार्मल देख कर मुझे मुक्ति मिलने वाली है तो सोचा बस एक आखिरी बार अपने सीने से लागलु अपने कलेजे को

अंकित : माँ क्या आप चली जाओगी

अवंतिका : ः बीटा चली तो मैं 18 साल पहले गयी थी और चिंता मत करना मैं हमेशा तुम्हारे साथ हु बस और कुछ नहीं जुग जग जियो मेरे लाल निशा को हमे श अपनी सगी माँ बताना ये मेरी विश है और यहाँ आ

अंकित अवंतिका के पास गया तो अवंतिका ने उसे अपने सीने से लगाया और उसका सर चुम लिया और फिर अवंतिका भी अंकित के सपने से ोजेल होगयी

काहिर फिर सुबह होगयी सब ने पुरे वीकेंड खूब एन्जॉय किया और बहुत ज्यादा चुदाई की और इनकी इसी हसी खुसी मैं 3 साल बीत गए

इन बीते तीन साली मैं अंकित का प्यार अपने परिवार वालो केलिए बढ़ता hi गया सब हसी खुसी साथ रव्हते सेक्स करते और लाइफ को एन्जॉय करते

आकाश अभी भी अपना बिज़नेस अच्छी संभल रहा है और अंकित की पढाई पूरी होचुकी है इसी लिए वो आकाश के साथ वीक मैं 4 दिन ऑफिस भी जाता है और कई बार डील्स भी अंकित जाता है करने और अंकित की ऐयाशिया अभी भी चालू है अंकित कई बिज़नेस विमेंस को भी छोड़ चूका है क्यों की अंकित का चार्म hi ऐसा है के अछेसे अच्छी फीमेल उस पैर फ़िदा होजाती है

अब आते है लेडीज की तरफ वेल निशा और मनीषा और तन्वी अभी भी घर संभालती है साथ मैं सुमि और मेघा भी वापस लंदन चली गयी अपनी बेटी सुप्रिया और माहिरा के पास वेल अंकित इन चरोंको एक साथ इन तीन सालो मैं कई बार छोड़ चूका है

अंकित की सभी पत्नियों की चूचिया और गांड बढ़ गयी है तिया आज 19 साल की है बूत उसके चुके 33 साइज के है और तिया को चोर कर सभी पत्नियों की चूचिया बहुत बढ़ गयी है सबके 36 साइज होगया है और सभी ने दूध वाली मेडिसिन भी खली है जिससे रावल खंडन मैं अब जितनी भी लड़किया और एयरटे है सभी दुधारू है सब दूध देती है इस सब मैं अंकित की तीनो माये भी पीछे नहीं है जहा तन्वी के चुके 36 के थे वो अब 38 के है बाकि निशा और मनीषा की चूचिया 38 की थी वही अब 40 की है बूत एक बात है सभी की सभी अओर्तो की चूचिया अभी भी कड़क है 1% भी ढीले नहीं हुए है

अब इस घर मैं कोई दूध नहीं आता क्यों की लेडीज अपने चूचियों से hi इतना दूध निकल लेती है

रजनी और ज़रा का भी अंकित के साथ सब चालू hi है ज़रा की बेटी जिया भी अब अंकित से चीड़ चुकी है वो भी तिया के साथ अपनी कॉलेज लाइफ एन्जॉय कर रही है

अंकित के दोस्त तो कारन और जूही की भी शादी हुयी अभी 1 महीने पहले और 2 महीने बाद आर्यन और अनन्य की शादी है

कारन और आर्यन को अंकित की फॅमिली का राज़ पता है पर दोस्त हैना साले जान दे देंगे पर किसी को बताएँगे थोड़ी hi

अंकित रक्षा को भी आरती के साथ छोड़ चूका है

बाकि अंकित का निशा के साथ प्यार अब बढ़ता hi रहता है आकाश भी बिज़नेस के साथ अपनी लाइफ एन्जॉय करता है

और नसिह मनीषा अब भी अपने पति आकाश को एक पत्नी की कमी महसूस नहीं होने देती

काहिर सब ऐसे चलता रहा और सभी हसी खुसी जिंदगी जी रहे है बच्चो के बारे मैं अभी अंकित का कोई प्लान नहीं था

और यहाँ ख़तम होती है परिवार से नफरत और फिर प्यार की कहानी अजय चौहान की जुबानी

मेरे रीडर्स भाइयो मैं आप सब का तहे दिल से सुक्रिया अदा करता हु जो आप लोग मेरे साथ इस सफर मैं चले और एन्ड तक बने रहे

आओ सब की एक बिग थैंक यू वेल इस स्टोरी को कम्पलीट कर रहा हु इस फोरम से नहीं जा रहा ok

वेल फाइनल अपडेट पोस्टेड भाईलोग

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
साला पूरी स्टोरी लिखी मेने कई अच्छे रिप्लाई मिले कई बुरे मिले कुछ देख के मुझसे सिखने की बात बोलते तो कुछ ये काम है वो काम है बोलके मुझे hi सिखाते बूत कोई न अपन ऑलवेज बे हम्बल

बूत बडी आपने जो रिप्लाई दिया है और जिस फीमेल कैरेक्टर को अपना फवौरीते पोइटऑउट किया है उस हिसाब ने जैसे खुद अजय चौहान बांके ये स्टोरी पढ़ी है ये मैं दावे के साथ कह सकता हु

निशा का कैरेक्टर मैंने यही ध्यान मैं रखके लिखा गया है की जस्ट शी वास् अनलिमिटेड मॉम्स लव अफेक्शन मशीन मैं निशा नाम के इस कैरेक्टर को वो दर्जा देना चाहता था की जब भी मेरी इस स्टोरी का कोई भी रीडर निशा नाम सुने तो उसके दिमाग मैं सबसे पहले यही सेक्सी हॉट मिलफ निशा का नाम आये

वेल और जैसा की आपने रिप्लाई दिया है ये मेरे थ्रेड का ओने ऑफ़ थे बेस्ट रिप्लाई है और मेने यहाँ माँ का नाम निशा hi क्यों रक्खा ये भी एक रहश्य है अगर आपने रिप्लाई मैं पूछेंगे तो मन नहीं करूँगा बताने से

वेल थैंक्स बडी फॉर ब्यूटीफुल रिप्लाई एंड फॉर लोविंग निशास कैरेक्टर
 
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