Parivar se nafrat fir pyaar - Page 13 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 102

यहाँ अंकित के फार्म हाउस पर अमन और उसके करीब 10 एडमिन मौजूद थे

और सभी लड़कियों को एक रूम मैं बैठाया गया था अमन रूम मैं गया और उन लड़कियों को बोलै

अमन : चलो गर्ल्स बहार ाजो और कुछ नास्ता करलो आप सब भी थक गयी होंगी

लड़किया : हमे यहाँ क्यों रखा गया है प्लीज हम आपके हाथ जोरते है हमे चोर दीजिये एक पहले hi रीमा बाई ने हमारी जिंदगी बर्बाद करदी है काम से काम बची कुछ जिंदगी तो जी लेने दीजिये

अमन : देखिये आप सब टेंशन मत लीजिये हम यहाँ आपको कोई नुकसान नहीं पहुचायेंगे आप सब अभी थोड़ा नास्ता करलिए और रिलेक्स कीजिये सर बस अभी आते hi होंगे

लड़की : कोण है आपके सर हमे मिलना है उनसे

अमन : है वो बस अभी ाही रहे.....

तभी अंकित अंदर आया

अंकित : आ रहे है नहीं आज्ञा

अमन : आईये अंकित सर ये सब आपका hi इंतज़ार कर रहे थे

अंकित : है वो तो ठीक है कैसे है ये सब खाना वन खाया या नहीं

अमन : नहीं अभी तो नहीं

अंकित : ठीक है आप बहार जाईये बाकि का मैं संभालता हु

और अमन बहार चला गया और कीर्ति अंदर आयी सभी लड़किया कीर्ति को देख कर शौक होगयी और उसके पीछे पीछे निशा मनीषा तन्वी और आकाश भी अंदर आगये

और लड़किया कीर्ति को देख कर शौक इसी लिए हुयी की क्यों की कीर्ति किसी राजकुमारी से काम नहीं लग रही थी ा छे कपडे थोड़ी बहुत ज्वेलरी और हल्का मेकअप ये कमाल था नेहा और मोनिका का

लड़की : कीर्ति तुम और वो भी ऐसे और अंकित जी भी यहाँ है

कीर्ति : हां ऋचा मैं hi हु और है ये मेरे भैया है

ऋचा : क्या पर कैसे कब

अंकित : मक़िन बताता हु ऋचा जी

फिर अंकित उन्हें सिर्फ अपने और कीर्ति के बिछड़ने की कहानी hi सुनाता है और कुछ नहीं

सभी लड़किया : कोंग्रटुलतिओन्स कीर्ति तुझे तेरा परिवार मिल गया वो ऐसा परिवार जो राजाओ के परिवार जैसा hi है

कहानी सुनने के बाद सभी लड़किया अंकित को उम्मीद भरी नज़रो से देखने लगी

अंकित : देखिये मैं जनता हु की आप सब की जिंदगी के कुछ साल बहुत ख़राब गुज़रे है मैं उन्हें बदल तो नहीं सकता पर एक काम करसकता था की आप सब को वह से निकल कर आपको अपनी फॅमिली के पास पंहुचा न आप सब मेरे आदमी को अपना एड्रेस और परिवार वालो के बारे मैं बता दीजिये गए मैं आपको आपके घर के गेट तक चोर्ने की जिम्मेदारी मेरी है

लड़किया : आपका बहुत बहुत शुक्रिया पर अब हम वर्जिन नहीं रहे हमारी वैसे टाइम मैं भी आप ने हमारे लिए बहुत कुछ किया हम आपका एहसान कभी नहीं भूलेंगे

अंकित : क्या आप अपनी विर्जिनिटी आपस कहती है

एक लड़की : है ऐसा हो सकता है क्या सच मैं ये पॉसिबल है

अंकित : यस मैडम एवरीथिंग अस पॉसिबल थ्रू साइंस

लड़किया : ठीक है हम तैयार है

तभी कुछ 6 लड़किया बोली जिनमे से 3 की उम्र करीब 26 साल के आस पास की थी और बाकि की 3 कुछ राउंड 18तह से 2 या 3 साल काम की थी

लड़की : अंकित जी हम कहा जायेंगे हम तो अनाथ थे हमे अगवा करके लाया गया था आपने इनसब को तो उनके घर पंहुचा दिया पर हमारा कोई घर नहीं है

आकाश : बीटा एक काम करते है वैसे भी लॉस वेगास मैं हमारा होटल रेडी होने वाला है 1 साल मैं वो पूरा रेडी होजायेगा

अंकित : है पर उसका इन सब से क्या लेना देना डैड

आकाश : देखों हमारे पास एक साल का टाइम है इस एक साल मैं इन तीनो को होटल मैनेजमेंट का कोर्स करवादो और हम उन्हें वह भेज देते है जिससे ये एक अच्छी लाइफस्टाइल जी सके और उस होटल की इनकम के 60 % शेर उनका बाकि का हमारा

अंकित : है ये होसकता है मस्ट आईडिया हाउ डैड मैं भी यही सोच रहा था पर अपने पहले बोल दिया

आकाश : बेटे बाप हु तेरा तेरी हर विश समाज जाता हु

तीनो : जी इसकी क्या जरुरत है हमे बस आपकी एक कंपनी मैं नौकरी दे दीजिये हमारे लिए इतना hi काफी है

अंकित : नहीं इसकी जरुरत है तुमने कहा न की तुम अनाथ हो और मुझे इस मामले मैं एक्सपीरियंस है मैं समाज सकता हु तुमने किन हालातो कामना किया है सो प्लीज और है मुझे उम्मीद है की तुम वह का काम अचे से संभालोगी

वैसे मैं तो तुम्हारा नाम पूछना hi भूल गया

लड़की : मेरा नाम है छाया है ये है अवनि और ये है नैना और ये तीनो जो की आज से हमारी बेतिया है इनका नाम है

डॉली, जिया और ये अनिशा

अंकित : वाओ बेतिया

छाया : है अब हमारा तो कोई घर है नहीं तो कोई अपना भी नहीं होगा तो मैंने सोचा की मैंने इनको hi अपन एक परिवार मान लिया है काम से काम कोई तो होगा जिसे हम अपना कह सके

अंकित : सचमे छाया आपका डिल बहुत बड़ा है

निशा : बीटा इन्होने ये सही फैसला किया है इन्हे ऐसा hi करने दो

अंकित : जैसा आपका हुकुम मुम्मा

चाय : ये आपकी माँ है क्या

अंकित : सिर्फ मेरी नहीं कीर्ति की भी माँ है क्यों आपको कोई शक है क्या

चाय : मैं झूठ नहीं बोलूंगी अंकित जी लेकिन ऐसी खूबसूरती मैंने अपने जीवन मैं बहुत काम देखि है सच में मैडम आप बहुत ज्यादा सूंदर हॉट एंड सेक्सी हो

निशा के चेहरे पर स्माइल आजाती है

अंकित मज़ाक मैं

अंकित : ैय मेरी माँ पे नज़र मत दो

सभी हसने लगते है

छाया : वैसे अंकित जी क्या आपसे अकेले मैं बात हो सकती है

अंकित : है जरूर अरे सुनो सब लोग अब आपका काम मैंने करदिया है तो अब आपलोग बहार जाईये और कुछ नास्ता कीजिये और अपना hi फार्महाउस समझना और थोड़ी देर रिलेक्स कीजिये

सब लोग : ok

अंकित : माँ आप लोग भी ऊपर बैठिये मैं अभी आता हु कीर्ति तू भी जा

निशा : ठीक है

कीर्ति : मुम्मा क्या मैं कुछ वक़त अपनी सहेलियों के साथ राहु भले hi वो जैसी भी थी पर उस वक़त वह उन्होंने hi मुझे जिन्दा रहने की हिम्मत दी थी प्लीज माँ

निशा और मनीषा : अरे मेरी बच्ची तुझे पूछने की जरुरत नहीं जा ये फार्महाउस तेरा hi है जहा मर्जी घूम

कीर्ति : थैंक्स माँ लव यू

दोनों : लव यू तू बच्चा जा

फिर ये तीनो भी निकल लिए

अंकित : हम्म तो बताईये क्या हुवा

छाया : वो अंकित जी वैसे तो आपने हमे वह सब कुछ दे दिया है बंगलो, जॉब, गाडी सब कुछ पर आपको तो पता hi होगा की हम तीनो की छूट खुल चुकी है और हमने सेक्स भी लगभग कई बार किया है तो अब हम उसके आदि हो चुकी है कस आप इसका भी कुछ इंतज़ार करदेते तो अच्छा रहता

अंकित : अरे हआ मेने ये तो सोचा hi नहीं वैसे एक काम करो वह वैसे भी कई लड़के मिलेंगे आपको और वैसे भी आप 6 की 6 बहुत खूब सूरत हो कोइना कोई मिल hi जायेगा

छाया : वो तो ठीक है पर अब हमे लड़को पर भरोसा नहीं रहा वैसे एक काम हो सकता है

अंकित : वो क्या

छाया : आप भी हमारे साथ वह रहे तो या आप हफ्ते मैं एक बार आकर हमारे साथ रहे

अंकित : नहीं चाय मैं अपनी फॅमिली से पहले hi बहुत दूर रह चूका हु इसी लिए मैं उन्हें अब अपना सारा टाइम देना कहता हु और चलो मैं हफ्ते मैं नहीं आसक्त पर 1 महीने मैं आसक्त हु पर अभी भी सवाल यही है की क्या तुम जिस्म की तड़प सेह लोगी क्यों की जब तुम सब यहाँ आयी तो मेने तुम सब के ब्लड टेस्ट करवाए थे जिसमे से जितनी भी तुम्हारे आगे की लड़किया है जो चूड़ी हुयी है उनके ब्लड मैं सेक्स पावर की ड्रग मिली है रिपोर्ट मई मुझे भी कुछ सूज नहीं रहा है

दोनों hi थोड़ी देर सोचते है तभी छाया के दिमाग मैं एक बात याद आती है

छाया : एक काम हो सकता है अंकित जी

अंकित : वो क्या

छाया : अपना फ़ोन दीजिये

अंकित ने अपना फ़ोन दिया और छाया उसमे कुछ ढूंढने लगी और अंकित को दिखाया

अंकित : अरे यू किडिंग में

छाया : no ी ऍम नॉट पर एहि एक रास्ता है

अंकित : छाया अरे यू सीरियस तुम ट्रांसजेंडर से अपनी पुसी के ऊपर की जगह पर लुंड इम्प्लांट करना कहती हो

छाया : है एहि एक रास्ता है जिससे हम आपके आने तक हमारी सेक्स की भूख मिटा सकते है

अंकित : नहीं ये सही है पर सीरियसली तुम ये करना कहती हो तुम जानती होना ये फीमेल तो मेल ट्रांसफॉर्मेशन है तुम मेल बनना कहती हो

छाया : अरे नहीं मैं सिर्फ लुंड और अंडकोसे का इम्प्लांट कहती हु बाकि मुझे अपना ये जिस्म बहुत प्यारा है वैसे इसमें कितना खर्चा होगा जो भी होगा वो आप मेरी सेलेरी मैं से काट लेना

अंकित : अरे खर्चे का टेंशन मत लो मैं तो तुम्हारी मदद hi करूँगा बस क्या ये सही रहेगा या नहीं क्यों की ये बहुत क्रिटिकल ऑप्शन होता है

छाया : मैं सब सेह लुंगी बस आप मुझसे एक वडा करिये की आप हंमेशा हमारे साथ सेक्स करने केलिए आते रहेंगे

अंकित : ठीक है अस योर विश और है इस 5 की जिम्मेदारी है तुम पर ी होप यू विल मैनेज

छाया : ठीक है

अंकित : चलो अब कुछ खा पिलो

फिर ये सब बहार आजाते है

सबने अच्छी नास्ता किया और फिर सब लोग हॉल मैं आगयी

आकाश : बीटा अब जरा रीमा बाई की भी खातिर दरी करो क्या बोलती हो क्या रीमा बाई को तोर्च हेर सहते देखना है या नहीं

सभी लड़किया : उस डायन को हम खुद दर्द देना कहती है उसे दर्द देकर हु हमे सुकून मिलेगा

आकाश : तो इस तरफ आजाओ वह राखी खुर्सियो पर बैठ जाओ और अमन सब को पॉप कॉर्न दो एंटरटेनमेंट मैं कमी नहीं होनी चाहिए

सभी लड़किया चेयर्स पर बैठ गयी और सामने एक थिएटर की तरह पर्दा लगा हुवा था जहा उसमे दिख रहा था की रीमा बाई को रस्सियों से बंधा हुवा था और वो पूरी नंगी थी

तभी उस रूम मैं अंकित आया

अंकित : रीमा बाई रीमा बाई रीमा बाई क्या हाल करदिया मेरे आदमियों ने तुम्हारा

रीमा : कोण ओह्ह तो तू है जिसने मुझे ऐसे बंधा हुवा है कमीने भड़वे तेरी हिम्मत कैसे हुयी रीमा बाई को बांधने की मेरे आदमी आते hi होंगे और तू मेरा कुछ भी नहीं बिगड़ पायेगा मुझे चुराने वाले आएंगे क्यों की वो खुस मिनिस्टर्स है नेता है जिसे तू कुछ नहीं करपयेगा क्यों की उन्हें आकाश रावल का सपोर्ट है और वो खुद नहीं जनता की वो कीन्हे सपोर्ट कर रहा है

अंकित : हहहहहहहहह सच में क्या हहहहहहह

रीमा : आठ इसमें हसने की क्या बात है वैसे हसले कुछ hi दिन मैं तू खून के आशु रोयेगा

अंकित : हसु नहीं तो और क्या करू यार अहहहहहहह तभी आकाश अंदर आता है

जिससे रीमा बाई के चेहरे पर मुस्कान आजाती है

रीमा : देख सेल भड़वे आगये मुझे बचने वाले सर मैं रीमा बाई आपके आदमी कम है न वो जानते है मुझे और ये मुझे यहाँ बांध के रक्खा हुवा है प्लीज सर मुझे यहाँ से निकल लीजिये

इस बार दोनों बाप बेटे ठहाका मर कर हसने लगते है

अंकित : हहहहहहह डैड ये आपके आदमी कम को जानती है इसे मेरे चंगुल से चुरा लुओ हहहहहहहहह

आकाश हस्ते हुए आकर रीमा बाई को खींच के एक मरता है जपद

आकाश : कामिनी. ेरी बेटी कीर्ति को मारेगी साली कुटिया रंडी आज तुझे वो सबक सिखाऊंगा की जी दी भर तड़पेगी

रीमा : कीर्ति आपकी बेटी है मुझे नहीं पता था और आप मुझे क्यों मर रहे है मैंने तो उसे बड़ा किया है

अंकित : हम भी तुझे चोरडेटे अगर तूने लड़कियों पर और खास कर कीर्ति पर हाथ न उठाया होता

अंकित माइक. मैं बोलता है

अंकित : गर्ल्स क्या रीमा बाई को चुड़ते देखना है वो भी गैंगबैंग है

बहार बैठी सभी लड़किया मइके मैं बोली

लड़किया : हआ आए इस कुटिया की गांड मैं एक साथ 3 लुंड देखने है हमे

अंकित : जरूर ाजाओ भाई

तभी आकाश और अंकित निकल जाते है और उसके बाद अंदर 4 या 5 लोग आते है एक दम काळा एबोनी मन वो आकर अपने हैवान जैसे लुंड से रीमा बाई को नोचने लगते है

उन्होंने करीब 4 घंटे तक रीमा बाई को पूरीतरह नोच डाला

( भाइयो मुझे पता है की आपको रीमा बाई के साथ का टॉर्चर देखना था की उसका ब्रूटल सेक्स देखना था पर सॉरी जो भी हो पर मेरा जमीर किसी भी ायरत के साथ ऐसा सन लिखने की इजाज़त नहीं देता जो भी हो मेरी इस स्टोरी मैं कोई भी ायरत हो किसी भी मैंने उसका वर्णन प्यार से hi किया है पर ऐसे रपे सन मैं नहीं लिख सकता ी ऍम सॉरी)

उसके बाद रावल फॅमिली वह से अपने मेंशन मैं ाजति है

सब लोग अपने अपने रूम मैं आजाते है और आराम करने लगते है फिर सब लोग रात को डिनर करने के बाद अपने अपने रूम मैं जाते है

अंकित अपने रूम मैं था और निशा अंकित को बहो मैं लेकर प्यार कर रही थी उसके पुरे चेहरे को बेतहासा प्यार से चुम रही थी अंकित भी अपनी माँ से साथ प्यार मैं बिजी था निशा अंकित को ऐसे चुम रही थी जैसे वो उसकी गोदी मैं खेलने वाला छोटा बच्चा हो

तभी अंकित का फ़ोन बझतै है

निशा उसे उसका फ़ोन देती है

अंकित : ये कमीना मुझे चैन से प्यार भी नहीं लेने देगा

निशा हसने लगती है

अंकित ने कॉल पिक किया

अंकित : है भाई बोल

आर्यन : भाई आज तो गजब होगया

अंकित : मुझे पिक्चर नहीं देखनी सीधे क्लीमेक्स पर आजा

आर्यन : आज सोल्लगे मैं सोनम ने एक लड़की को बहुत मारा क्यों की उसने तुझसे लेके बोलै की '' मुझे अंकित पसंद है '' बस इतना hi उस लड़की ने बोलै और सोनम ने उसे धो दिया बिचारि बहुत रो रही थी

अंकित : तो मैं क्या करू

आर्यन : अरे भाई हमे उसके बारे कुछ तो सोचना होगा वो मेंटली सिक है मुझे दर है की कही वो हममे से किसी को न नुकसान पहुचाडे

अंकित : तू ज्यादा चिंता न कर वो कुछ नहीं करेगी और अगर उनसे ऐसा सोचा भी इस बार उसकी ा छे से गांड मरूंगा

आर्यन : मतलब तू सेक्स करेगा या स्लेंग मैं बोलै

अंकित : नहीं उसकी गांड hi मरूंगा वो भी बिना तेल के

आर्यन : कही तू उसका रपे तो नहीं करेगा न

अंकित : अबे भोसस.... ओह्ह मतलब की वो भी मुझे पाना कहती है और वैसे भी वो एक बार के बाद कभी सेक्स का नाम भी नहीं लेगी उसे अच्छी छोडूंगा पर इतना छोडूंगा की 3 दिन बीएड से उठ पायेगी

अंकित के मुँह से गली निकलने hi वाली थी की उसने पता चला की निशा भी वह तो रुक गया अंकित कहे जैसा भी था सेक्स मैं पर वो वैसे कभी भी लेडीज के सामने गालिया नहीं देता था

आर्यन : ठीक वैसे जर्रा संभल के रहना अब तू

अंकित : ok ब्ययी

और कॉल कट होजाता है

निशा : क्या हुवा अभी गली देते देते रुक क्यों गए

अंकित : कुछ नहीं वो बस मुँह से निकल गया पर आप थी तो नहीं बोलै मुझे आपके सामने या किसी भी लेडीज के सामने गालिया देना अच्छा नहीं लगता

निशा : वैसे बीटा मेरी विश है वो पूरी करोगे

अंकित : क्या मुम्मा

निशा : जब भी हम सेक्स करेंगे तब नहीं पर जब हम दोनों ऐसे रोज़ रूम मैं अकेले होते है क्या तुम छोटे बच्चे की तरह hi रहोगे जैसे अभी मैं तुम्हे प्यार कर रही थी क्या रोज़ वैसे करने डोज

अंकित : है है क्यों नहीं माँ और पता नहीं क्यों मुझे छोटा बच्चा बन कर आपसे प्यार लेने मैं बड़ा ाचा लगता है

पर एक अपसोस है की मेरी हिघ्त बढ़ गयी है इसी लिए आपकी गोदी मैं नहीं रह सकता नहीं तो मैं आपकी गोदी से उतरता hi नहीं

निशा : तो चलो अब आजाओ वैसे भी तुम आज भी मेरी गोदी मैं खेलने वाले मेरे छोटी नन्हे अंकित हो उम्माह पूछी ूमममहहह

और फिरसे निशा अंकित को प्यार करने लगती है तभी आकाश अंदर आजाता है

आकाश : भाई क्या बात है माँ बेटे को प्यार करते देख मुझे बड़ा सुकून मिल रहा है

अंकित : डैड आप यहाँ

आकाश : है वो मेने सोचा की जब से तुम पैदा हुए हो कभी भी मेरे साथ नहीं सोये हो बीटा मेरा भी एक सपना था की एक साइड तुम्हारी माँ हो एक साइड मैं और बिच मैं हमारा प्यारा बीटा. मैंने और निशा मनीषा और नेहा मोनिका तो ऐसे कई बार सोये है पर तुम्हारे साथ कभी मौका नहीं मिला

अंकित भी खिशक गया बीएड पर आकाश के लिए जगह बना दी

अंकित : आईये डैड आज हम तीनो यही सोयेंगे

फिर ऐसा hi बिच मैं अंकित सीधा सोया हुवा था और उसके दोनों साइड निशा और आकाश दोनों की अंकित की तरफ करवट ले कर सोये थे अंकित ने दोनों का एक एक साथ पकड़ रख्हा था

अंकित तो सो गया पर निशा और आकाश बाटे कर रहे थे

निशा : आकाश कस हम कुछ ऐसा कर पते की ये फिरसे एक छोटा बच्चा बनजाता और हम रोज़ हमारे इस बेबी को खिलते

आकाश : सही कहा निशा पर अफ़सोस ऐसा नहीं हो सकता वक़त किसी केलिए नहीं रुकता पर ये मेरा वडा है की हम इतनी खुसिया बटोरलेंगे की पिछले सरे गम भी काम पद जाये उनके सामने

निशा : हम्म वैसे मैं कभी कभी सोचती हु की ये कभी हमे माफ़ नहीं करता तो क्या हमारी फॅमिली ऐसी होती

आकाश : उसका तो मुझे नहीं पता जान पर मुझे इस बात की खुसी है की हमारी फॅमिली कम्पलीट होगयी जहा कोई गीले सिक्वे नहीं है है तो बस एक दूसरे केलिए हद से ज्यादा प्यार और सम्मान और क्या चाहिए हमे है

और फिर दोनों एक लिप किश करते है और फिर दोनों अंकित के सर को चुके उसके सर से अपना सर टिका कर सो जाते है आज अंकित पहली बार बहुत ज्यादा सुकून महसूस कर रहा था आखिर उसे आज पहली बार अपने माँ बाप का एक साथ प्यार मिल रहा था

अब देखते है समान क्या गुल खिलाती है

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 103

सुबह का वक़त था सब लोग उठ गए थे लेकिन अंकित और आकाश नहीं

यहाँ मनीषा, निशा और तन्वी ब्रेकफास्ट बना रही थी

बाकि की अंकित की बेहेन अपने अपने काम मैं लगी हुयी थी नेहा अपनी स्कूल जाने की तैयारी कर रही थी मोनिका भी कॉलेज केलिए रेडी हो रही थी साक्षी अपने लैपटॉप मैं लगी हुयी थी तिया भी अपना स्कूल का बैग पाक कर रही थी

निशा : मनु जाओ जरा लाड साब को उठा कर आओ और आकाश को भी

मनीषा : है दीदी अभी उठा कर आती हु

मनीषा ऊपर रूम मैं चली गयी

उसने देखा की आकाश और अंकित एक hi पोस्टिव मैं सो रहे है मनीषा को भी बड़ा प्यार आता है वो पहले आकाश के पास जाती है

मनीषा : आकाश उठा जाईये आपको ऑफिस नहीं जाना क्या अरे उठ जाईये

आकाश : आठ उठ रहा हु उठ रहा हु मेरी माँ

मनीषा : जी नहीं मैं अंकित की माँ हु आपकी नहीं चलिए उठिये

आकाश भी उठ कर अपने रूम मैं चला जाता है और फ्रेश होने लगता है

मनीषा फिर अंकित के पास जाती है

मनीषा : वेक उप हनी उठ जाओ देखों सुबह होगयी चलो उठो

अंकित : ूमम सोने दो न माँ आप भी सो जाओ मेरे साथ

ये बोल अंकित मनीषा को भी अपने ऊपर खींच लेता है और अपनी बाँहों मैं भर कर सोने लगता है

मनीषा : आअह्ह्ब अरे तुम उठो मुझे भी लेता दिया अरे उठ जाओ वर्ण कॉलेज के लिए लेट होजाओगे

अंकित : ठीक है पहले दूध पिलाइये फिर उठ ता हु

मनीषा : अच्छा ठीक है ये लो

और मनीषा ने अपनी मैक्सी के बोटों खोल दिए और एक चुकी बहार निकल दी और अंकित के मुँह मैं दे दी

अंकित : ूउम्मम्म ुउउम्म सुररपपप सुररपपप ूमम

मनीषा : आठ आअह्ह्ह्ह ाअरराम से बीटा वर्ण मैं मूड मैं आउंगी

अंकित : ूउम्मम्म सऊररप्प पपोऊछ पूउछहः ूउम्मम्म आह्हः सुररपपप ूमम

मनीषा : चली अब बस भी करो बहुत दूध पि लिया बाकि का कॉलेज से आने के बाद पि लेना अभी चलो

अंकित साद फेस बना के

अंकित : ok माँ

मनीषा : ाललीई मेरा बेबी नाराज़ होगया यहह आओ तुम्हारा मूड तो एक मं मैं रिफ्रेश करती हु

और मनीषा ने एक गहरा किस्स्स किया अंकित के होठों को और सही मैं ंकित का मूड एक दम फ्रेश होगया

अंकित : ुउउम्म आअह्ह्ह्ह माँ क्या था ये

मनीषा : क्यों बेटे मज़ा आया न

अंकित : है बोहोत मज़ा आया मैं अब एक दम फ्रेश फइलल कर रहा हु

फिर सब निचे ब्रेकफास्ट टेबल पर आगये

आकाश : कीर्ति बीटा यहाँ अच्छा तो लग रहा हैना

कीर्ति : है डैड यहाँ मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और मुझे ऐसा लगता है की मैं यहाँ आज़ाद पंछी की तरह हु

तन्वी : बीटा तुम यहाँ एक दम फ्री हो बस मज़े से रहो

कीर्ति : जी मम्मी

आकाश : वैसे बीटा तुमने पढाई की है या नहीं

कीर्ति : है डैड मैंने पढाई की है पर चुप चुप कर मेरा कॉलेज मैं बी. ा. का 1 ईयर ख़तम हो चूका है और उसके बाद मैंने पढ़िए नहीं की क्यों की मेरे पास पैसे नहीं थे

आकाश : अंकित मैं आज hi प्रिंसिपल को फ़ोन करता हु तुम कीर्ति को उसके मिस हुए लेक्टर के नोट्स का इंतेज़ाम करो

अंकित : यस डैड और कोई हुकुम

निशा : है पर ये मेरा हुकुम है आज हम सब शॉपिंग करने जा रहे है ok

अंकित : है ठीक है और कुछ

मनीषा : नहीं और कुछ नहीं

कीर्ति : माँ भैया को पूछ तो लो कही उन्हें कुछ काम होगा तो

निशा : बीटा मैं अपने बेटे को जानती हु उसे कोई भी काम होगा तो वो बाद मैं करलेगा पर वो मेरी मनीषा की या किसी की बात नहीं टालता क्यों बीटा

अंकित : है कीर्ति मेरे लिए अगर मुम्मा ने कह दिया तो बात वही ख़तम होगयी

कीर्ति : सिर्फ मुम्मो की hi बात मानते हो भैया या फिर हम बहनो की भी

मोनिका : नहीं वो हम सब की बात का ख्याल रखता है इसी लिए तो हमारा लाडला है

तिया : और मेरे भैया मेरी तो हर बात ों थे स्पॉट मान लेते है क्यों भैया

अंकित : सिवई बदमाशी वाली ज़िद्दी को चोर कर गुड़िया

तिया : है पता है पता है और है आज मॉल मेरे आने के बाद hi जायेंगे ok

अंकित : है है तिया देवी अब गुस्सा न होईये

तिया : तथास्तु

अंकित : रुक गुड़िया तेरी तो

कीर्ति : देखा भाई मेरी गुड़िया आपसे ज्यादा स्मार्ट है

अंकित : तो क्या मैं स्मार्ट नहीं बेबी मैंने ा छे ाचो को बोतल मैं उतरा है और अपने दुश्मनो के पिछवाड़े फाड़ दिए है

निशा : है चलो अब लड़ना बांध करो

आकाश : टीयू चलो मैं आपको स्कूल ड्राप करदेता हु

तिया : आयी डैड

और तिया अपना बेग लेकर आकाश का हाथ पकड़ कर ये दोनों बहार चले गए

तभी निशा को एक बात याद आयी

निशा : ारी नहीं ये कैसे भूल गयी हम सब ये तो हम सच मैं दिमाग से hi निकल गया

अंकित : क्या हुवा मुम्मा

निशा : अरे हम संध्या भाभी को तो भूल hi गए उनको तो पता hi नहीं की आखिर हुवा क्या है

अंकित : अरे है मैं भी भूल गया माँ हमने तो उन्हें बताया hi नहीं की वो मेरी सगी ममी है

मनीषा : है दीदी हम इतना बड़ा सच बताना कैसे भूल गए

तभी पीछे से आवाज आयी पीछे संध्या रक्षा और आरती तीनो कड़ी थी

संध्या : कोई बात नहीं मुझे पता चल गया

निशा : संध्या भाभी हो सके तो हमे माफ़ करदेना हमने आपको बताया नहीं

संध्या की आखों मैं आशु थे

संध्या : कोई बात नहीं निशा मुझे तो खुसी है की आखिर मेरी ननद और मेरे पति क्क कातिल मारा गया

पर क्या मुझे मेरे भांजे का प्यार नहीं मिलेगा

निशा : क्यों नहीं मिलेगा पर सिर्फ भांजे का hi नहीं भांजी का भी मिलेगा

संध्या : है सही कहा आखिर नेहा मोनिका साक्षी तिया भी तो मेरी भांजी है

मनीषा : नहीं दीदी आपकी एक और भांजी है

रक्षा : यही तो मैं कबसे बुआ को बताना चाहती हु पर ये तो अंकित की सच्चाई को सुन कर हद से ज्यादा उतावली होगयी

संध्या : मतलब क्या है आपका और रक्षा बीटा तुम्हारा

फिर निशा संध्या को साडी बात बताती है जिसे कीर्ति भी सुनती है क्यों की कीर्ति को भी नहीं पत्ता था की संध्या कोण है

संध्या : हे भगवन आखिर क्या पाप किये थे जो मेरे बा को को ये सब कुछ सेना पड़ा

तभी अंकित आगे आया और संध्या का हाथ पकड़ कर

अंकित : ममी जो हुवा उसे हम बदल नहीं सकते तो उसे भूल कर एक नयी शुरुआत करना hi बेहतर है प्लीज आप चुप होजाईये

संध्या अंकित को अपनी बहो मैं ले लेती है

संध्या : मेरा बचा बीटा मुझे माफ़ करदे मैं तुझे पहचान नहीं पायी

अंकित : नहीं ममी आप माफ़ी मत मांगिये इसमें आपका कोई कुसूर नहीं है प्लीज चुप होजाईये

संध्या भी खुद को संभल टी है

संध्या : कीर्ति बीटा यहाँ आओ

और संध्या कीर्ति को भी अपने सीने से लगा कर रो पड़ती है थोड़ी देर बाद सब नार्मल होजाते है

अंकित : मुम्मा हम कॉलेज जा रहे है

फिर अंकित मोनिका और रक्षा चारो कॉलेज निकल गए

रक्षा : ाचा बेबी उस सोनम का कुछ सोचा

अंकित : है सोच रहा हु उसकी एक बार ा छे से गांड फाड़ hi दू

रक्षा : क्या पर इससे तो जो उसे चाहिए वो मिल जायेगा

अंकित : नहीं हनी वो सिर्फ मेरे साथ सेक्स नहीं करना चाहती वो मुझसे शादी करना चाहती है और वो मेटली बहुत ज्यादा सिक गई अगर वो हमारे घर मैं आयी तो वो मेरे करीब किसी को नहीं आने देगी न मेरी बहनो को नहीं मेरी मॉम्स को नहीं डैड को और मुझे इसी बात का दर है की कही वो उन्हें नुकसान न पंहुचा दे इसी लिए एक बार उसे ऐसा जहां कर छोडूंगा की वो सेक्स के नाम से भी डरेगी

रक्षा : मतलब उसका रैप करोगे ये अच्छी बात नहीं

अंकित : अरे यार तुम लड़किया सीधा रपे पर क्यों आजाती हो अच्छा सुनो तुम्हे पता है की मेरे अंदर कितनी ताकत है मतलब मैं सुपर ह्यूमन हु तो मेरे निचे वाली पावर भी सुपर है मैं जब तक कहे उसे छोड़ सकता हु पर वो ये नहीं जानती उसे यही लगता है की मेरा लुंड नार्मल साइज का होगा और पावर भी ठीक होगी पर ऐसा है नहीं

रक्षा : मतलब तुम्हारा है कितना बड़ा

मोनिका : अरे मेरी भोली आयतन तू खुद hi देखलेना

रक्षा : क्या दीदी अभी

मोनिका : देख अब शर्मा मत

रक्षा : ठीक है

रक्षा अंकित के लुंड वाली जगह पर हाथ बढाती है

अंकित : अरे ोुह्ह्ह्ह रुक जाओ अगर अभी खड़ा होगया तो लेने के देने पढ़ जायेंगे बाद माइंड ेख लेना

रक्षा : ok पर तिम्मिंग के बारे मैं तो बता hi सकते हो

अंकित : मेरी तैममिंग तुम सुहागरात मैं देख लेना आखिर उसमे तुम अकेली नहीं होगी

रक्षा : है वो तो है मेरे साथ नेहा दी, मोनिका दी, साक्षी दी, कीर्ति, और तटीयू भी होगी

और ये लोग कॉलेज पहुंच जाते है

और अपने ग्रुप के पास आते है

कारन : हटो अंकित भाई आपको तो पता hi होगा की सोनम के कारनामे

अंकित : है कल आर्यन ने बताया था

रक्षा : वैसे किसी को पता है की कीर्ति भी वापस आगयी है अपने परिवार के पास

जूही : है कारन ने बताया था कल

वैसे कहा है वो नहीं आयी

अंकित : अरे नहीं वो बहुत जल्द hi कॉलेज ज्वाइन करेगी क्यों की आज hi वो हमारे प्रिंसिपल से मिल चुकी है

रक्षा : अरे है और एक बात जो हमारी प्रिंसिपल है वो मेरी बुआ है ये तो सबको पता है पर उनका अंकित के साथ क्या रिस्ता है ये शायद आप सब को पता नहीं होगा

अनन्य : अरे मेरी सस्पेंस क्वीन सस्पेंस मैं क्यों बात करती है जो है बताना

रक्षा : वो असल मैं संध्या बुआ अंकित की सगी ममी है

सब : व्हाटटटटटटट क्या सच मैं

अंकित : है

आर्यन : ये तो आज का सबसे बड़ा झटका है

अंकित : आज का मतलब

कारन : मतलब तेरे साथ रह रह कर हमारी लाइफ मैं थ्रिल आज्ञा है हर एक दिन मैं कुछ नए झटके मिल रहे है

अंकित : क्यों बे में तारीफ कर रहा है या बुराई

कारन : अरे नहीं बीआरओ हमे तो मज़ा आता है तेरे साथ रहने मैं वैसे भी ये लाइफ कोई लाइफ है जिसमे थ्रिल न हो

अंकित : हम्म्म वैसे वो लड़की कहा है आयी है या नहीं और उसके बारे मैं कुछ पता भी है की नहीं

कारन : है पता है कल hi उसकी हिस्ट्री निकली है लड़की का नाम है रौशनी आगे है 20 इयर्स हम से एक साल सीनियर है कॉलेज मैं उसके डैड की इलेक्ट्रॉनिक्स के आल ओवर इंडिया मैं कई शोरूम है है माँ और डैड की लाड़ली बेटी है इसका एक भाई और है जो 13 साल का है

अंकित : हम्म ok वैसे अभी कहा है

कारन : लस हॉस्पिटल सोनम ने उसे बहुत मारा था मल्टिपल स्क्रेच ए है पर मेंटली बहुत शौक है

अंकित : हम्म्म आज मिल आऊंगा उससे आखिर मेरी hi तो वजह से उसका ये हाल हुवा

अनन्य : वैसे अंकित इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है

अंकित : यस अनु बूत नाम तो मेरा hi उसे हुवा न

अनन्य : है पर जैसे तुमने उसकी कुंडली निकली है वैसे hi अगर तुम सोनम की निकल कर कुछ करते तो बढ़िया था

अंकित : नाम है सोनम सिंघानिया आगे 18 साल माँ मरचुकि है बाप के मेंटली और प्स्य्चिकालय टॉर्चर से नयी माँ के लाड प्यार ने उसे बिगाड़ दिया है उसका बाप ड्रग का बिज़नेस करता है और इस प्रिंसेस को भी ड्रग्स का शोख बहुत है बहुत सरे नशे करने की वजह से hi इसका दिमाग खली हो चूका है

सब लोग मुँह फाडे अंकित को hi देख रहे थे

कारन : एडमिट है या गूगल यार तुझे कैसे पता

अंकित : वैसे भी घरमें बैठे बैठे फ्री hi होता हु कुछ तो करूँगा hi

अनन्य : अब क्या करोगे

अंकित : इसके साथ सेक्स और क्या ऐसा बजाऊंगा की 4 दिन उठ भी नहीं पायेगी

जूही : अंकित यार थोड़ी तो तमीज रखो हम भी यहाँ है

अंकित : देखो यार हम सुब यहाँ फ्रेंड्स है और फ्रेंड्स मई तो गली भी पानी की तरह बहती है ये तो नार्मल वर्ड है आज की जेनरेशन का और हम सब hi एक आगे के है तुम्हे भी कोई जरुरत नहीं थी की तुम कारन को अपना बॉय फ्रेंड बनती फिर भी अगर बुरा लगा होतो सॉरी

जूही : अरे नहीं नहीं मैटो मजाक कर रही थी वैसे फाड़ देना उसकी

कारन : वैसे रौशनी से कब मिलने जाएगा

अंकित : शाम को जाऊंगा क्यों

कारन : हम भी चलते है

अंकित : वैसे मैं सोच रहा था की अकेले hi जाऊ क्या हैना की वो अभी थोड़ा दरी हुयी होगी और इतने सरे लोगो को देख कर शायद उसे सोनम का बर्ताव याद आजाये उसे यही लगेगा की हम भी उसके साथ वैसा hi करेंगे पर अगर चलना है तो चल सकते हो

आर्यन : नहीं ये सही है तू अकेला hi जा

अंकित : चलो अभी क्लास मैं चलते है

फिर सब क्लास मैं निकल जाते है और उसके बाद घर सब लोग लंच कर रहे थे

अंकित : मुम्मा मैं लंच के बाद जरा बहार जा रहा हु 4 बजे तक आजाऊंगा

निशा : क्यों क्या हुवा

अंकित : वो माँ थोड़ा काम है एक जान से मिलने जाना है

मनीषा : बाबू आखिर बात क्या है

फिर अंकित उन्हें साडी बात बताता है

निशा : है ठीक है मिल आना और जरा उस लड़की से संभल न बीटा उसका कोई भरोसा नहीं है हे वास् हार्मफुल ऑफ़ यू

अंकित : ok मुम्मा

फिर अंकित लंच करता है और रेडी होजाता है और निचे आजाता है

और निचे आकर अपनी तीनो मुम्मो की पप्पी ले कर निकल जाता है

अंकित बाइक पर था की तभी ऊपर किसी की नज़र पड़ी

अंकित हॉस्पिटल पंहुचा और रिसेप्शन पर पहुंच गया

अंकित : एक्सक्यूज़ में ी वांट ा मीट रौशनी राणा प्लीज गिव में हेर रूम्स नंबर

रिसेप्शनिस्ट : रौशनी राणा हम्म्म यस 3 फ्लोर रूम नंबर 7

अंकित : थान यू

और अंकित लिफ्ट की और बढ़ जाता है वो चेहरा जिसने अंकित को देखा था वो भी उसकी लिफ्ट मैं उसके साथ आजाता है उस साक्ष ने अपना फेस कवर किया हुवा था जिससे अंकित ने भी कोई खास ध्यान नहीं दिया अंकित का फ्लोर एते hi वो रूम की तरफ बढ़ गया

जहा से वो सीधा एक केबिन मैं गया

अंकित : hello मेरी बुआ रानी लीज़ा

जिहा ये हॉस्पिटल लीज़ा का था

लीज़ा : अरे आज अचानक हमारी याद कैसे आगयी

अंकित : आपकी याद तो हंमेशा hi आती है बुआ पर आप hi फ्री नहीं होती

और ये बोल दोनों गले लग जाते है लीज़ा ने अंकित के गले लगते hi अंकित का गाल को मुँह मैं ले लिया निप्पल्स की तरह चूसने लगी

अंकित : अच्छा मेरी ट्रिक मुझ पर hi

लीज़ा : क्यों तुम हर बार हैसा hi करते हो आज सोचा मैं करके देखु पर सच मैं गाल को सूचक करने मैं मज़ा बड़ा आता है

अंकित : तो आप hi मज़े लोगी या मुझे भी दो गई

लीज़ा : पहले बताओ यहाँ कैसे आज

अंकित : है वो बताता हु

और अंकित ने उसे साडी बात बताई

लीज़ा : हम्म्म पहले उससे मिलो फिर बात करेंगे

अंकित और लीज़ा रूम मैं गए अंकित ने देखा की रौशनी एक परफेक्ट फिगर गर्ल है सही साइज की चूचिया और गांड भी पतली कमर और वो खुद भी गोरी बाल भी ा छे नार्मल ब्यूटी फेस मतलब एक परफेक्ट लड़की

लीज़ा : रौशनी जी देखिये कोण आया है ये है मेरे फमलीय क्लाइंट मर अंकित रावल मैं इनकी फॅमिली डॉक्टर हु

अंकित ने देखा की रौशनी की 3 फ्रेंड्स और उसके माँ डैड थे वह

अंकित पहले जेक उसके माँ डैड के पेअर छूटा है

अंकित : अंकल आंटी मैं माफ़ी कहता हु की मेरी वजह से रौशनी की ये हालत हुयी

र डैड : अरे बीटा हमे तो पता भी नहीं की ये सब कैसे हुवा रौशनी बताती hi नहीं है

अंकित : मैं बताता हु की क्या हुवा

अंकित : असल मैं रौशनी अपनी फ्रेंड्स के साथ बाते कर रही थी और बातो बातो मैं उसके मुँह से निकल गया की वो मुझे पसंद करती है और उसे एक लड़की ने सुन लिया क्यों की वो भी मुझे पसंद करती है इसी लिए उसे गुस्सा आज्ञा और उसने रौशनी को मार दिया

र माँ : क्या उसकी इतनी हिम्मत सुनिए जी उस लड़की का जरा अच्छा इलाज करवाइये

अंकित : पर आंटी उसका कोई फायदा नहीं

र माँ : वो क्यों

अंकित : आंटी सॉरी मैं बात को बीच मैं रोक रहा हु पर क्या मैं पहले रौशनी से मिल सकता हु

र माँ : अरे बीटा उसमे सॉरी क्या मिलो

अंकित रौशनी के पास जाता है और स्टूल पर बैठ जाता है

अंकित : अब किसी हो रौशनी

रौशनी : आप आगयेना अब मैं बिलकुल ठीक हु वैसे मैं एक्सपेक्ट नहीं किया था की आप आओगे

अंकित : आना पता आखिर मेरे नाम का गलत उसे हुवा था

रौशनी : वैसे आपको बुरा तो नहीं लगाना की मेने बोल्दिया की मैं आपको पसंद करती हु

अंकित : इसमें बुरा मैंने वाली क्या बात है और ये आप आप क्या कर रही हो मैं तुमसे आगे मैं छोटा हु

रौशनी : है पर मैं जानती हु आप कोण है

र डैड : कोण है ये बीटा

रौशनी : डैड ये रावल इंडस्ट्रीज के मालिक आकाश रावल के बेटे है

र डैड : ओह्ह सॉरी बीटा हमने तुम्हे पहचान नहीं

अंकित : अरे कोई बात नहीं अंकल वैसे मैं आपको जनता हु हमारे सरे ऑफिस मैं और बाकि सब जगह पर इलेक्ट्रॉनिक्स के इटंस आपके पास से hi आते है क्यों सही कहना

र डैड : ये तो आपके पापा का बड़प्पन है की वो इलेक्ट्रॉनिक्स की साडी डील्स हमारे साथ करते है और आपके शेरस से भी हमे बड़ा फायदा मिलता है

र माँ : वैसे बीटा ये सही टाइम तो नहीं है पर मैं कुछ पूछना चाहती हु वैसे हमारी रौशनी भी पसंद करती है तुम्हे और तुम हमे भी पसंद आये और हर माँ बाप की इच्छा होती है की उनकी बेटी उसके माँ बाप के घर से भी ा छे घर मैं जाये क्या हम तुम हमारी बेटी रौशनी से शादी करना चाहोगे

र डैड : है वैसे भी हम ने हंमेशा हमारी बेटी की साडी विश पूरी की है और तुम हमे भी पसंद आये

अंकित : अंकल आंटी मैं आपकी और आपके प्रपोजल की रेस्पेक्ट करता हु पर सॉरी ऐसा नहीं हो सकता मेरी शादी किसी और के साथ तय होचुकी है

र डैड : क्या वैसे क्या वो लड़की वही है जिसके साथ तुम्हारी शादी फिक्स की गयी है

अंकित : नहीं वो बस मेरी तरफ अट्रेक्ट है जिसे वो प्यार का नाम दे रही हज बाकि कुछ नहीं

र माँ : तो उसने रौशनी पर हमला क्यों किया

अंकित : क्यों की वो मेंटली उन्स्तब्ले है दुनिया भर के नशे उसने अपने अंडर समां लिए है जिसके चलते उसका दिमाग अब किसी काम का नहीं रहा

र डैड : वैसे और कितनी लड़किया एट्रेक्ट है

तभी रौशनी की एक फ्रेंड बोली

र फ्रेंड : अरे पुरे कॉलेज की लड़किया अट्रेक्ट है अंकित की तरफ

अंकित शर्मा जाता है

र माँ : अरे बीटा शर्माओ मत बहुत काम लड़के ऐसे होते है जिनका तुम्हारे जैसा रूप रंगत होती है और वो अट्रेक्ट होती है उसमे उनकी गलती भी नहीं है व क्यों की तुम हो hi इतने प्यारे और हैंडसम

र डैड : है सही कहा बीटा इसी लिए तो तुम्हारी अउ तू भी अट्रेक्ट हो गयी

र माँ बेखयाली मैं : है होगयी

र माँ : मतलब क्या आप भी बच्चों के सामने

सब हसने लगते है

रौशनी : माँ डैड क्या मैं और अंकित जी अकेले मैं बात कर सकते है

र माँ : है ठीक है बीटा हम बहार जाते है

अब देखते है अंकित और रौशनी मैं क्या बात होती है

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड

ी होप यू लिखे आईटी

सेव् यू सून

ब्बये
 
अपडेट 104

यहाँ सब लोग रौशनी के रूम के बहार चले जाते है रह जाते है रौशनी और अंकित

रौशनी : अंकित प्लीज आप गेट को लॉक करदिजिये मैं नहीं चाहती की यहाँ जो बात हम करे वो कोई भी सुन ले

अंकित भी गेट को लॉक करके वापस बैठ जाता है

अंकित : अब बोलो क्या हुवा क्या बात करनी है

रौशनी : अंकित क्या आप ने सच कहा था की आपकी शादी फिक्स होगयी है

अंकित : देखों रौशनी मैं जनता हु तुम क्या कहना चाहती हो पर देखों तुम एक अच्छी लड़की हो दिखने मैं भी एक दम परफेक्ट हो ईमान योर फेस, फिगर एंड एवरीथिंग तुम्हे मुझसे भी अच्छा कोई न कोई तो मिल hi जायेगा बूत मैं शायद तुम्हारे नसीब मैं नहीं हु

रौशनी : पर आखिर मैं आपसे बेहिसाब प्यार करती हु

अंकित : बात प्यार करने की नहीं है जान कुछ बाते ऐसी होती है जिन्हे हम किसीको बता नहीं सकते तुम ऐसा hi समाज लो

रौशनी : किसी बाते अंकित आप अगर कहे तो बता सकते है मैं प्रॉमिस करती हु ये बात हंमेशा हंमेशा केलिए मेरे साइन मैं दफ़न रहेगी

अंकित : अगर मेरी बात होती तो मैं बता भी देता रौशनी बूत ये बात सिर्फ मेरी नहीं मेरी फॅमिली से रेलेटेड है इसी लिए ीाम सॉरी अगर मैं कुछ और करसकु तुम्हारे लिए तो तुम बेझिजक कह सकती हो

रौशनी को अंकित की बात का बुरा तो लगा पर वो समझदार थी उसने अंकित की मज़बूरी समझी थी सोनम की तरह ज़िद्दी पर नहीं आड़ गयी थी वो रो रही थी और अंकित भी चुप hi बैठा हुवा था अंकित उसके अंदर के दर्द को बहार निकलने देना कहता था

अभी रूम मैं बिलकुल चुप्पी थी

अंकित : ी ऍम सॉरी रौशनी बूत थैंक्स की तुम ने मेरी मज़बूरी को समझा

रौशनी : सॉरी अंकित मेरी भी ये एक तरह से ज़िद्दी hi होगयी पर मुझे पता चल गया की मैं बस आपकी तरफ अट्रेक्ट हुयी थी

वैसे वो लड़की जिसने मुझ पर अटैक किया था उसका क्या सीन है अंकित क्या आप बता सकते है

अंकित : है बात आजसे 1.5 साल पहले की है जब मैं यहाँ नहीं दूसरे सिटी मैं था वह कॉलेज मैं रक्षा और सोनम मिली थी

रक्षा वो है जिससे मेरी शादी होने वाली है और सोनम वो है जिसने तुम पर अटैक किया

मैं और रक्षा ने एकदुरे को प्रोपोज़ भी करदिया पर फिर उसने आकर मुझे प्रोपोज़ किया पर मैं नहीं मन मैंने उसे हुंबलीय मन किया जैसे अभी तुम्हे किया पर वो इसे अपनी बेइज़ती समझ बैठी और उसने एक पलाइन बना कर मेरा और रक्षा का झगड़ा करवादोय और हम दोनों को अलग करवा दिया और अभी जुट कुछ महीनो पहले hi मैं और रक्षा का पचुप हुवा है और हम शादी करने वाले है

बूत सोनम वो एक मेंटली सिक लड़की है बाप भी इल्लीगल काम करता है और उसने अपनी hi पत्नी को फिजिकली और मेंटली इतना टॉर्चर किया की वो मर गयी दूसरी शादी की और दूसरी पत्नी भी इसके बाप के जैसी थी तो माँ बाप के लाड प्यार ने बिगड़ दिया इसको सोनम ने दुनिया का एक भी नशा बाकि नहीं रक्खा जिस वजह से उसका दिमाग उन्स्तब्ले है उसे जो चीज़ चाहिए मतलब चाहिए उसका मन्ना ये है की जो उसका नहीं वो किसीका भी नहीं आज नहीं तो कल मैं उससे भी बात करने hi वाला हु अगर समझ जाये ठीक है वर्ण इसबार उसका अंजाम बुरा होगा

रौशनी : ठीक है अंकित जैसा आप कहे और सुक्रिया मिलने आने केलिए मुझे बहुत ज्यादा खुसी हुयी की आप आये मैं तो बस ये चाहती थी की बस एक बार ऐसा हो जाये की मैं आपको करीब से बस देख सकू पर आप यहाँ आये और मुझसे बात की ये मरे लिए बहुत ज्यादा है मेरे लिए जैसे ये जैक पॉट है

अंकित : हम्म वैसे क्या मैं एक बार तुम्हारे गाल पर किश कर सकता हु तुम्हारे गाल बड़े सूंदर है

रौशनी : हां क्यों नहीं प्लीज और अगर आप कहे तो होठ भी

और रौशनी शर्मा गयी

अंकित आगे बढ़ा और रौशनी के गाल पर किश करने लगा रौशनी की आखे बांध होगयी अंकित 2या 3 मं तक उसके दोनों गाल को चूमा और फिर फिर अंकित ने अपने एक हाथ से रौशनी के चेरे को पकड़ा और धीरे उसके होठों से अपने होठ मिला दिए अंकित के ऐसा करते hi रौशनी के सरीर मैं एक सिहरन दौड़ गयी वो भी बराबर अंकित का साथ देने लगी

और दोनों hi एक दूसरे के मुँह मैं अपनी जुबान दाल कर चूसने लगे होठो को ये सिलसिला करीब 10 मं तक चला फॉर फिर अंकित ने अपना हाथ रौशनी की कमर के निचे लेजा कर छूट के पास रक्खा और रौशनी की और देखा जैसे उसकी परमिशन मांग रहा हो रौशनी कहा अंकित को उसकी छूट के साथ खेलने से रोकने वाली थी अंकित ने ऊँगली से hi रौशनी को जदया और 5 मं की और एक बार स्लॉपी किश करने लगा

यहाँ बहार अलग hi सीन चल रहा था बहार सब स्टाफ वाले लीज़ा और रौशनी के माँ डैड उसके फ्रेंड सब बेहोश थे और लॉबी मैं धुवा धुवा था और एक जान रौशनी के रूम के दूर के मिरर मैं इनदोनो को देख रहा था ये कोई और नहीं सोनम थी

सोनम : एक बार मार पड़ी फिर भी नहीं सुधरी और इसकी ये हिम्मत की मेरे अंकित को किश करेगी एक बार कॉलेज मैं आजा फिर से यही पछुआ दूंगी और इसबार ऐसी हालत करुँगी की जिंदगी भर कॉलेज की शकल नहीं देखे गई

और सोनम वह से चली गयी

यहाँ अंकित और रौशनी का कार्यक्रम ख़तम हुवा

अंकित: अरे यू okay

रौशनी : यस ी फइलल वैरी वैरी गुड वैसे आपने अभी कहा की आप मेरे लिए कुछ कर सकते है

अंकित : है बोलो क्या चाहिए

रौशनी : अंकित आप मुझसे शादी तो नहीं कर सकते पर क्या... क्या आप मुझे.. मुझे बच्छा दे सकते है मैं चाहती हु की मेरी कोख मैं आपका बीज पहले पीला

अंकित : वहहाआटट ारे यू सीरियस मतलब तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहती हो

रौशनी : आप पूरी बात सुन लीजिये

देखिये आप मुझसे शादी तो नहीं कर सकते पर एक बच्चा तो दे hi सकते है और इससे मुझे वो आपका प्यार भी मिल जायेगा और एक बात आपसे प्यार का सुख भी

और ट्रस्ट में मैं एक hi बार अपने हस्बैंड को धोका दूंगी उसके बाद कोई नहीं होगा उनके अलावा आप भी नहीं और मैं नहीं कभी अपने और आपके मिलान की निशानी को उसका हक़ मांगने आपके पास आउंगी

अंकित : क्या तुम्हारी शादी कब तय हुयी

रौशनी : वो अभी तय नहीं हुयी पर एक फॅमिली का प्रपोजल आया है बस मेरे हां करने की देरी है

अंकित : हम्म्म मैं कभी अपनी ज़ुबान से नहीं मुकरता जब सही टाइम आजाये तो मुझे कांटेक्ट करलेना

रौशनी : वो आपका नंबर

अंकित ने उसे अपना नंबर दिया और वह से बहार आया और बहार आज्ञा तो भर की हालत देख कर वो शौक होगया उसने सभी को उठाया और पानी वाणी पिलाया

9र फिर लीज़ा को उस के केबिन मैं ले आया

लीज़ा : आठ अब मैं ठीक हु अंकित

अंकित : बुआ आखिर हुवा क्या था

लीज़ा : पता नहीं अच्चानक से धुवा आया और हम सब बेहोश होगये रुको मैं कक्तव फूटगे देखती हु

फिर लीजा ने वही किया और रिकॉर्डिंग देखने लगे

अंकित : बुआ स्टॉप ये ये वही है सोनम मतलब उसने मुझे और रौशनी को देख लिया

लीज़ा : तुम क्यों इतना पैनिक कर रहे हो वैसे भी उसने इतनी हिम्मत नहीं की वो तुम्हे छू भी सके

अंकित : अरे मुझे मेरी नहीं रौशनी की चिंता है उसने मुझे तो देख पर साथ मैं रौशनी को भी देख लिया

लीज़ा : बीटा चिंता मत कर यहाँ उसे कोई प्रॉब्लम नहीं होगी

अंकित : लीज़ा बुआ आप जानती नहीं हो की वो क्या बाला है क्या करू क्या करू समाज नहीं आरहा है

लीज़ा: रुक एक मं

अंकित टेंशन मैं चक्कर काट रहा था तो लीज़ा ने अपनी मिनी ड्रेस जो की सिर्फ उसकी ठेस तक hi थी उसे कमर तक ऊपर चढ़ाया और अपनी पेंटी निकलदी और वह सोफे पर बैठ गयी और अंकित का हाथ पाकर कर निचे बैठाया और अंकित का मुँह अपनी छूट पर घुसा दिया

लीज़ा के छूट की खुशबु अंदर जाते hi अंकित एकदम शांत होगया और लीज़ा की छूट को चाटने लगा

लीज़ा : ोुह्ह्ह्ह होइनी तुम ज्यादा टेंशन मत लो ओह्ह्ह आआअह्ह्ह्हह बस अभी इस पर ध्यान दो आअह्हह्ह्ह्ह ये सूचक आईटी बेबी आह्हः

अंकित : सूअररिपू ऊम्मम पूछ पूकुउछहह ूउम्म्म लईकी ऊम्मम ोुररपपप

लीज़ा : ओह्ह्ह बेबी मेरी क्लीट को अपने मुँह मैं लो और सूचक लिखे आ निप्पल आह्ह्ह्हहए ोुह्ह्ह्ह ये आअह्हह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह्ह यस सुक प्लीज ा आअह्हह्ह्ह्ह

अंकित : सूअररिपू सुर्र्प्प ऊम्ममाहः ओह्ह्ह ूउम्म्म पपूछह ऊम्मम

लीज़ा : ओह्ह बेबी ी कमिंग प्लीज दो आईटी फ़ास्ट आह्ह्ह्हहए यस यस यस यस आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ीीीेस्सस्स्स्सस्स आअह्हह्ह्ह्ह

और लीज़ा का शारीर थरथरा गया और वो झाड़ ने लगी और अंकित बड़े सूक से उसका पानी पि गया

अंकित अब काफी रिलेक्स फइलल कर रहा था

अंकित : बुआ एक आईडिया

लीज़ा : हम्म्म छूट का पानी पिटे hi दिमाग चलने लगा तुम्हारा बोलो

अंकित : लीज़ा बुआ मैं यहाँ दो बॉडीगार्ड लगा रहा हु आप रौशनी के ट्रीटमेंट मैं हर चीज़ आप या सीमा hi करना जैसे उसे मैडिसन देना ेट्स ेट्स okay अब मैं चलता हु

लीज़ा : हम्म्म ूमममहहा

लीज़ा ने अंकित के होठों को चूमा ोरवो चला गया

फिर अंकित एक बार रौशनी के पास गया और सब से मिल कर निकल गया अंकित ने देखा की 4 : 30 बजह रहे है

अंकित : अरे बाप रे माँ और सभी मेरा वेट कर रही होगी चल जल्दी अंकित वर्ण आज तेरी खैर नहीं

अंकित जल्दी से बाइक को भागता है और निकल पड़ता है रावल मैंशन की तरफ

अंदर सभी लेडीज वेट कर रही थी

निशा ( गुस्सा होते हुए) : कहा इतनी देर पता है क्या हालत होगयी थी हमारी फ़ोन भी नहीं उठा रहा था

अंकित : सॉरी मुम्मा वो थोड़ा लेट होगया वो वह एक प्रॉब्लम होगयी थी और फ़ोन साइलेंट पर था सॉरी मुम्मा सॉरी एवरीवन

निशा : हम्म चलो जल्दी रेडी होकर आओ

अंकित जल्दी से वह से कटलेट और रेडी होकर निचे आजाता है

और अंकित ने एक गाडी निकली जिसमे सब आगये और चल पड़े मॉल की और जब ये सब अंदर घुसे

कीर्ति : वाओ माँ कितना बड़ा मॉल है आज पहली बार मैं किसी मॉल मैं आयी हु थिस इस अमेजिंग

नेहा : बेबी ये तुम्हारा hi मॉल है

कीर्ति : मतलब

अंकित : मतलब की ये मॉल हुमारा hi है और इस पर अबसे सबसे ज्यादा तेरा हक़ है पूरा का पूरा मॉल hi तेरा है

कीर्ति थोड़ी इमोशनल होगयी

कीर्ति : कल तक अंदर गारमेंट्स लेने केलिए भी पैसे नहीं थे रीमा बाई से मांगने पड़ते थे और आज पता चल की यहाँ तो एक पूरा मॉल hi मेरे सामने है कस ये कोई सपना न हो

और कीर्ति की आखे नुम होगयी

मनीषा और निशा उसके पास गयी

दोनों : अय्यियीय रोना नहीं बेबी चलो तुम्हे जो भी पसंद हो लेलो जितनी चाहिए शॉपिंग करलो सब तुम्हारा है

नेहा : चलो हम तुम्हे आज की फैशन के कपडे सेलेक्ट करते है मैं तुम्हारी हेल्प करुँगी

और बाकि की बेहेन : हम भी चलो चलते है

कीर्ति : मुम्मा आप तीनो भी चलिए

अंकित (मन में) : बीटा अंकित पतली गली से कत्ले वर्ण आज तू कुली बांके रहेगा

अंकित : आप लोग शॉपिंग करो मैं हहै जरा अपने लिए शॉपिंग करलु है और अंकित जाने को हुवा

तन्वी : रुको अंकित

अंकित : अरे फास गया

तन्वी : तुम हमारे साथ चलो अपने लिए बाद मैं करलेना

अंकित : मम्मी प्लीज मुझे बक्श दो

मनीषा : ौसे कैसे चल बदमाश

अंकित : माँ आप भी

निशा : बीटा चल हमारे साथ

अंकित : है कैब चलो hi

निशा : गुड बेबी

फिर क्या था सब लेडीज सेक्शन मैं चले गए कीर्ति केलिए कई ड्रेस लिए निघटवेअर लिए और हिल्स जुटे और भी काफिर कुछ

फिर सब लोग थोड़ी देर आराम करने केलिए बैठ गए

अंकित : हां मेरे तो हाथ hi दुःख गए उठाते उठाते सामान

कीर्ति : मुम्मा इतना सारा सामान क्यों

तन्वी : बीटा तुम रावल खानदान की बेटी हो और तुम्हारे लिए इतना भी काम है अभी तो दूसरी बार भी आना होगा

अंकित ( अपने आप से) : बाप रे अभी भी दूसरी बार अब क्या करू

अंकित का मन : तू क्या करेगा जो करना है यही सब करेंगे

कीर्ति : हां मैं तो थक गयी माँ अब तो होगया या कुछ बाकि है

मनीषा : अभी कहा बेबी अभी तो उन्देर्गर्मेन्ट्स तो बाकि है

निशा : है चलो फिर अंकित की भी शॉपिंग करवानी है

फिर सब उठा गए और चल दिए पर यहाँ भी इसे अजीब इत्तेफ़ाक़ कहो या कुछ और सोनम यहाँ भी अंकित को देख लेती है

सोनम : ये यहाँ क्या कर रहा है अच्छा शॉपिंग करवाने आया है अपनी फॅमिली को तो ठीक है पर मुझे इसकी फॅमिली पर भी नज़र रखनी होगी की वो ज्यादा अंकित के करीब न आये

यहाँ सब की शॉपिंग होगयी फिर अंकित की बरी आयी तो सभीने फिरसे अंकित को ा छे से शॉपिंग करवा दी

अंकित : माँ मुझे सिर्फ 5 t-shirts लेनी थी अपने 20 दिलवाड़ी

निशा : चुप मैं अपने बेटे केलिए कुछ भी करुँगी तुम नहीं रोकोगे मुझे

अंकित : अच्छा ठीक है

निशा : और कुछ लेना है या नहीं

अंकित : है मुझे बॉडी डॉ और परफ्यूम लेने है अपने लिए मेरे पास सरे ख़तम होगई है

फिर सब लोग परफ्यूम के शॉप मैं चले गए जहा इस बार भी निशा ने उसे बहुत सरे डॉ और परफ्यूम दिलवा दिए

फिर सब लोग बहार आगये

अंकित : हाससस ख़तम हुयी शॉपिंग आज केलिए

सब : है सही कहा

निशा : है पर तुम कुछ ज्यादा hi थक गए चलो फ़ूड कोर्ट मैं

सब लोग वह से फ़ूड कोर्ट आगये

निशा : अंकित तुम बैठो नेहु बेबी जाओ सब केलिए जो चाहिए वो लेकर आओ

नेहा : ठीक है मुम्मा

फिर नेहा और मोनिका सब को पूछने लगी

नेहा : मेरे लिए तो ओरंगग्रेट और मोनिका केलिए लिंएडरिनक आपलोग क्या लेंगे

साक्षी : वाटरमैलों पंच

तिया : स्त्रव्बेर्री स्मूदी

कीर्ति : वैनिला स्मूदी

तन्वी : मिक्स फ्रूट जूस

मनीषा : हब्बल ग्रीन स्मूदी

निशा : मेरे लिए मॉकटेल और अंकित केलिए एक कैफ़ेचिनो

कीर्ति : मुम्मा आपको कैसे पता की भाई को क्या चाहिए

तो सब मज़ाक मैं बोले

सब : माँ है ी स्की पता तो होगा hi

और सब है दिए

सब लोग अपनी अपनी ड्रिंक इंजॉय करने लगे

नेहा : भाई टाइम क्या हुवा है

अंकित : मैं जनता हु मैंने टिकट्स बुक करदिये है चलो चलते है मूवी देख ने

सभी बहने : हमारा प्यार भाई

फिर सब मूवी केलिए चल दिए

सब मूवी फिनिश करके बहार आगये

तन्वी : कीर्ति बीटा मज़ा आया न

कीर्ति : बहुत मज़ा आया पर अब भूक लग रही है

अंकित : चलो रेस्टोरेंट चलते है

सब लोग एक ा छे से रेस्टोरेंट मैं गए वह टेबल पर बैठे हुए थे और सभी लेडीज वाशरूम गए थे की वह ाक्ष भी आज्ञा

आकाश : अरे सब लोग यहाँ

अंकित : है डैड वो सब को शॉपिंग के बाद भूक लग रही थे तो हम सब यहाँ आगये आपको भी बस फ़ोन करने hi वाला था पर आप यहाँ

आकाश : है वो मैं यहाँ एक डील के बारे मैं डिस्कस करने आया था तभी तुम दिखे तो 6अहा आगे

तभी सब आगये और सभी बहने आकाश के गले लग गयी

सब : पापा आप यहाँ

आकाश : है चलो मेरा काम होगया है तो मैं भी डिनर यही करूँगा

मनीषा : ये आपने अच्छा किया

फिर सब डिनर करते है और सब डिनर कम्पलीट करते है आकाश भी बिल पाय करदेता है और जैसे hi ये लोग बहार आते है..........

तो बे कंटिन्यू

अपडेट पोस्टेड फ़िरेन्ड्स

ी होप यू लिकेड

सी यू सून

ब्बये
 
देखों प्रमोद भाई आपकी तरह मेने भी वो स्टोरी पढ़ी है और मुझे भी बुरा लगा जब रितेश भाई ने उस स्टोरी को चोर दिया बूत वो स्टोरी जितनी भी थी no दोबुत बहुत ज्यादा अच्छी थी और मुझे भी बेहद पसंद आयी पर कही कही मुझे लगा की यहाँ चंग हो सकते है

मेने सोचा वो चेंज मैं रितेश भाई को सुग्गेस्ट करू पर फिर पता चला की उन्होंने स्टोरी hi चोरडी है तो उसका कुछ मतलब नहीं निकल ता था बूत ये स्टोरी मुझे हद से ज्यादा पसंद थी तब मैंने मैदान मैं उतारनेका फैसला किया ताकि भले hi वैसी स्टोरी न सही बूत उससे मिलती झूलती एक स्टोरी लिखू मैं कोई प्रोफेशनल राइटर नहीं हु

बस मुझे इस फोरम पर स्टोरी पढ़ना अच्छा लगता था तो यहाँ आया और मैंने इस स्टोरी का सिर्फ इंट्रो hi पोस्ट किया था पर पहली हु बार मैं इतना अच्छा रिस्पांस आया की मैं लिखता गया

अन्य्वयस आपको अगर स्टोरी अच्छी लगती है तो जरूर पढ़े वर्ण चोरडे बूत प्लीज बेफालतू की बकचोदी न करे

यहाँ बहुत सरे रीडर्स है जिन्हे मेरी स्टोरी पसंद है

प्लीज अगर पसंद ए तो ा छे कमेंट करे बाकि बेफालतू के कमेंट न करे थिस इस हम्बल रिक्वेस्ट यू
 
अपडेट 105

जैसे hi सब लोग रेस्टोरेंट से बहार आने को हुए अंकित बोलै

अंकित : डैड आपको बहार जाईये मैं आता हु

आकाश : कहा जा रहा है बेटे

अंकित : अरे डैड वाशरूम जा रहा हु

आकाश : है आजा जल्दी

जैसे ये सब बहार आये तो बहार सोनम कड़ी थी और लपक कर निशा का गाला दबाने लगी

निशा : आअह्ह्ह्ह को..... आहहहा

आकाश : हे चोरो उसे चोर

सभी लोग सोनम को निशा से चुराने लगे

नेहा : चोर मेरी माँ को कामिनी चोर उन्हें आह्ह्ह्ह

तो सोनम ने नेहा का भी गाला पदक लिया

निशा : आकाश... मेरा डैम आह्हः.. घघुत रह आअह्ह्ह्ह

सोनम : कामिनी हरामज़ादी तू मेरे अंकित के करीब आएगी साली तू माँ है तो अपनी हद मैं रह अगर मेरे अंकित के पास भी आयी तो मार दूंगी तुझे तू अपनी हद मैं रह भले hi तू उसकी माँ है पर मेरे अंकित के करीब भी मत जाना वर्ण मार दूंगी

तभी आकाश ने पूरी ताक़त से सोनम को खींचा और निशा और नेहा का गाला छुड़वाया और सोनम को दूर धकेल दिया

नेहा और निशा दोनों गहरी संशे लेने लगी सब ने उन्हें संभाला

पर यहाँ सोनम फिर से वह लपकी

लेकिन इस बार एक झन्नाटेदार जपद पड़ा उसके गाल पर थप्पड़ इतना तेज था की

सोनम उनसे थोड़ी दूर जाकर गिरी और उसके मुहसे खून निकल ने लगा और गाल पर पंजा चाप गया

ये थप्पड़ अंकित ने मारा था सोनम को

सब ने अंकित को देखा अंकित की आखे गुस्से से लाल थी

सोनम : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी मुझे मरने की मैं तुमसे प्यार करती हु और ायरत इसकी हिम्मत कैसे हुयी तुम्हारे इतने करीब ने की तुम्हारे करीब आने का हक़ सिर्फ मेरा है मैं इसे छोड़ूंगी नहीं मैं मर दूंगी इसे

ये बोल कर सोनम फिर निशा के तरफ बढ़ती है तो इस बार अंकित उसका गाला पकड़ लेता है और थप्पड़ पर थप्पड़ मरने लगता है

अंकित ( फुल गुस्से मैं) : साली हरामज़ादी तेरी हिम्मत कैसे हुयी मेरी माँ को हाथ लगाने की है मेरी माँ को मारेगी रुक आज तेरा सारा प्यार निकल ता हु ये ले एले प्यार चाहिए ा तुझे है मेरी माँ को मारेगी साली रांड कामिनी तेरी ये हिमत है एले

अंकित ने करीब 34 से 35 थप्पड़ मरे होंगे उसे सोनम का पूरा चेहरा सूज गया था और मुँह से खून की धार बह रही थी

और भी थप्पड़ पड़ते की तभी

निशा : बीटा चोरडे उसे मत मार उसे

अंकित : नहीं मुम्मा ये आज नहीं बचेगी मुझे और रक्षा को इसने अलग किया मैं चुप रहा वापस आकर फिर हमे परेशां किया फिर भी चुप रहा मेरा नाम लेकर एक निर्दोष को मारा तब भी मैं चुप रहा पर आज इसने लिमिट क्रॉस करदी आपको हाथ लगा कर इसकी हिम्मत कैसे हुयी आपको हाथ लगाने की

ये बोल फिरसे थप्पड़ मरने लगता है सोनम को

निशा : नहीं बीटा रुक जा तुझे मृ कसम

अंकित के हाथ वही रुक गए पर एक फाइनल थप्पड़ मारा जिससे सोनम बेहोश होगयी

अंकित : माँ दीदी आप लोग ठीक हैना

दोनों : है हम ठीक है चलो अब चलते है

आकाश : रुको मैं एम्बुलेंस को कॉल करदेता हु इसे इस्सके घर तक चोर आएगी

अंकित : नहीं डैड कोई जरुरत नहीं है पड़े रहने दो इसे यहाँ

आकाश : अंकित तुम जाओ और गाड़ी निकालो हम इसे यहाँ नहीं चोर सकते चलो जाओ और घर पहुँचो मैं भी पहुंच रहा हु

अंकित थोड़ा संत होकर : जी डैड चलिए आप सभी लोग

फिर सब घर निकल जाते है और आकाश वही रहता है पर होटल का मैनेजर आकाश को कहता है की एम्बुलेंस को वो बुला देगा और आकाश को भी वह से फ्री करदेता है

घर आकर सब लोग अपने अपने रूम मैं चले जाते है

नेहा और कीर्ति एक रूम मैं दूसरे मैं आकाश और मनीषा तीसरे मैं साक्षी मोनिका और एक रूम मैं तन्वी और तिया

और एक रूम मैं अंकित और निशा

सब सो गए बस चार लोग जग रहे थे पुरे मेंशन मैं

वो चार थे नेहा कीर्ति और अंकित और निशा

चलिए पहले नेहा के रूम मैं चलते है

निशा सीधी लेती थी और कीर्ति उसे जप्पी दाल के

कीर्ति : डीडू आपको दर्द हो रहा है

नेहा : नहीं गुड़िया मैं ठीक हु

कीर्ति : दर्द हो रहा है फिरभी जूथ बोलिगी आप तो

कीर्ति ने नेहा की गर्डर पर कुछ देर किश किया

कीर्ति : अब मेरी प्यारी दीदी को जल्दी आराम मिलेगा

नेहा : गुड़िया तेरे किश करते hi आराम मिल गया था बाबीकगाल अब सजा

कीर्ति नेहा की बाँहों मैं अपने आप hi कास जाती है और बोलती है

कीर्ति : मेरी प्यारी दीदी

जिससे नेहा मुस्कुराती है

नेहा : मेरी नॉटी सिस्टर

और दोनों सो जाती है

यहाँ अंकित के रूम मैं निशा माँ फ्रेश होने गयी थी तो वही अंकित फ्रेश हो चूका था पर रूम मैं चक्कर काट रहा था

निशा बाथरूम से बहार आयी तो देखा की अंकित अभी भी गुस्से मैं है

निशा : बीटा क्या हुवा क्यों ऐसे चक्कर काट रहा है

अंकित : मुम्मा आपने मुझे क्यों रोका आज उस कामिनी को जान से मार्डेटा तो छे करा मिल जाता हहहह

अंकित को गुस्से मैं फुंकारता देखकर निशा दरी नहीं पर घबरा जरूर गयी थी

निशा : बीटा तू से मरता तो वो मार्जाती और भगवन न करे तुझे कुछ होजाता तो तेरे बाद मेरा मनु और तनु का क्या होता एक hi तो बीटा है हमारा 100 मुश्किल के बाद तो पाया है तुझे

इस बार अंकित संत होगया

निशा : बीटा अयाह आजा बीएड पर

अंकित : माँ मुझे बात करनी है अभी

निशा : वो बाद मैं पहले अपनी मुम्मा का दूध पिले फिर बात करेंगे

अंकित भी बीएड पर आज्ञा निशा ने अपनी पिंक कलर की मैक्सी को साइड किया और एक चुकी बहार निकली

निशा पिंक कॉर्क निप्पल देख कर अंकित पूरी तरह संत होगया और अपनी माँ की चूचियों को चूसने लगा

निशा ब्रा सिर्फ बहार जाते वक़त पहनती थी घर मैं उसे पता था की अंकित कभी भी मांग सकता है उसकी चुकी को तो घर मैं नहीं पहनती थी

अंकित : माँ सूररपपपप आज उसकी वजह से ूमममम मुझसे एक बार फिर लड़की पर हाथ ूउम्म्म उठना पड़ा

निशा : अभी कुछ मत बोल बस आराम कर दिमाग ठंडा कर और सजा

अंकित भी कुछ नहीं बोलता बस किसी बच्चे की तरह निशा की ममता की गॉड मैं सुजाता है

किसी ने सच hi कहा है एक माँ अपने बेटे को किसी भी कोई भी मुसीबत मैं लड़ने केलिए ताक़त भर hi देती है

सुबह सुबह सब लोग नास्ता कर रहे थे की इतने मैं मल्होत्रा फॅमिली भी ाजति है

सब लोग उनसे मिलते है

निशा : भाई भाभी आपलोग यहाँ

राज : है वो जीजू ने फ़ोन करके मुझे इन्विते किया है

आकाश : है वो आज एक मेरा फॅमिली मीटिंग का प्लान है

निशा : वो क्या

आकाश : पहले ब्रेक फ़ास्ट तो करलो

फिर सब ब्रेकफास्ट कर रहे थे की अंकित निचे आज्ञा अभी वो सिर्फ एक नाईट वेस्ट और शॉर्ट्स मैं था और बाल भी बिखरे हुए थे जो उसकी आखों तक आ रहे थे

राज : अरे भांजे फ्रेश नहीं होना था तो मुँह तो धोलेटा

अंकित : अरे मामू मैं मुँह धोके आया हु

निशा : उसके पास जाती है सीने से लगा कर गुड मॉर्निंग बेबी

अंकित : गुड मॉर्निंग

आकाश : बीटा क्या हुवा आज फ्रेश हुए बिना hi निचे आज्ञा

अंकित : अरे डैड मेरे बाथरूम का शावर ख़राब होगया लगता है पानी hi नहीं आरहा है

आकाश : अरे तो पुरे मेंशन मैं सिर्फ एक बाथ रूम थोड़ी है दूसरे के रूम मैं चला जा

अंकित भी उठ कर चला जाता है और फ्रेश होकर निचे आता है

आकाश : चलो सब लोग थिएटर रूम मैं

रावल मेंशन मैं एक लुक्सुरिओउस मिनी थिएटर रूम भी है

अंकित : डैड कोई मूवी लाये हो क्या नयी वाली

आकाश : नहीं बीटा आप सब लोगो को हमारे फुतुर के बारे मैं बताना है

अंकित : इंट्रेस्टिंग

आकाश : तो सब से पहले सेल साहब आपसे सुरु करते है

आपको तो पता है हमारे घर मैं सब एक दूसरे को इतना प्यार करते है की सब एक दूसरे के साथ सेक्स कर सकते है और आपके कहने के मुताबिक रजनी और ज़रा भी अब अंकित केलिए बुक हो चुकी है तो मैं और आपकी बेहेन ये कहते है की आपलोग हमसे अलग न रहे और हमारे साथ h7marw घर मैं रहे

राज. : जीजू देखिये मैं आपको बहुत मानता हु पर ऐसे बेहेन के घर मैं हम नहीं रह सकते ये समाज के खिलाफ है

निशा : भाई प्लीज मान जा देखो ज़रा भाभी भी अकेली होती है घर पर आप हॉस्पिटल चलेजाते हो रजनी अपने कॉलेज और जिया स्कूल इसीलिए मान जाईये

आकाश : मान जाईये सेल साहब अब तो मैं भी अकेला हु मेरा छोटा भाई तो रहा नहीं काम से काम आप होंगे तो मुझे भी घर मैं कम्पनी मिल जाएगी

अंकित : मामू अपने भांजे केलिए इतना तो करहि सकते है

काफी बहस के बाद राज मान जाता है

आकाश : तो अब दूसरी बात हमारा ये मैंशन जिस सोसाइटी मैं है वो पूरी कटाई केलिए जाने वाली है क्यों की ये सिटी डेवेलोप हो रहा है इसी लिए गवर्नमेंट ये यहाँ रिंग रोड बनाना चाहती है पर यहाँ रहने वालो को उनके माकन के मुताबिक उनको रकम देने वाली है तो हमे ये घर एक साल मैं खली करना होगा

बूत टेंशन नॉट इसका सलूशन मैंने पहले hi निकल लिया है हमारी ये सोसाइटी सिटी के स्टार्टिंग मैं है जो बीच की अपोजिट साइड है बूत हमारे सिटी के एन्ड मैं जो समुन्दर है वह पर हमारी सिटी काफी डेवेलोप होगयी है और वह रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी भी काफी बिक चुकी है वह हमारे पास सु से अच्छा प्लाट मैंने खरीदा था और वह हमारे इस मेंशन से भी बड़ा मेंशन रेडी होने hi वाला है

अंकित : डैड आपने तो बहुत बड़ी प्लानिंग कर राखी है सच मैं यू अरे थे बेस्ट डैड

आकाश : थैंक्स बीटा मुझे पता था गवर्नमेंट ऐसा कुछ करेगी इसी लिए मैंने पहले hi प्रेपरेशन कर्ली थी

अब आते है हमारे नई मेंशन की तरफ

ये है हमारा मेंशन ये बोल आकाश ने स्क्रीन ों करदी जिसमे एक बड़ा सा मेंशन था

आकाश : इस मेंशन मैं एक बड़ा सा गुर्दें है जो घर के पीछे है और है हमारा प्लाट सब से बड़ा है और इसकी बॉउंड्री पर मैंने 30 फिर ुचि दीवारे बनवाइए ताकि हमने कोई देख न सके

मेंशन का फ्रंट समुन्दर की अपोजिट डायरेक्शन मैं होगा मतलब मेंशन का मुँह आगे की तरफ और मेंशन के पीछे बड़ा गुर्दें एक बड़ा लुक्सुरिओउस स्विमिंग पूल्स होगा और सीधा समुन्दर भी दिखेगा और हम हमारे घर से सीधा बीच पर भी जा सकते है क्यों की बीच का कुछ हिस्सा मैंने खरीद लिया है जिससे कोई भी हमारे इलाके के बीच मई. नहीं घुस सकता और वह भी बौंडरी की दीवारे है

जिससे हम जैसे मर्जी चुदाई कर सकते है किसी का दर नहीं

अब चलते है इनसाइड थे मेंशन

ये है सीटिंग हाल ये लेडीज केलिए उनका मैं पसंद लुक्सुरिओउस किचन

और ये हमारे बीएड रूम्स और है बीएड रूम्स अभी ऐसे hi है ये तुम सब को डीडे करना है की तुम लोगो को अपने अपने बीएड रूम्स कैसे चाहिए

ओरबाकि के साडी चीज़े वही है जो इस वाले मेंशन मैं है तो सब लोग बताओ पसंद आया नया घर

सब के मुँह खुल्ले के खुले रह गए आखिर आकाश ने सबकी पसंद को ध्यान मैं जो रक्खा था

निशा : ये तो सच मैं बहुत बड़ा सरप्राइज था हमारे लिए

अंकित : डैड यू र थे बेस्ट डैड अपने सच मैं कमल का मेंशन रेडी करवाया है

आकाश : और है मनु मैंने सूरज (मनीषा का भाई) को भी बोलै था पर वो लोग गोआ नहीं चूर्ण कहते तुम्हे बुरा तो नहीं लगाना की निशा के भाई के भाई यहाँ है और सूरज वह

मनीषा : आपने बिलकुल सही फैसला किया है आकाश मुझे कोई गम नहीं है वैसे भी निशा दीदी मेरी बड़ी बेहेन है उनसे किसी जेएलओसी फील करुँगी और राज भाई मेरे भी तो भाई हैना मुझे कोई गम नहीं है

आकाश : है और बीटा अब तेरे लिए सबसे बड़ी बात इस घर की साडी लेडीज तेरी है इस घर मैं उनपर सबसे ज्यादा हक़ तेरा है हमारा बाद मैं और मेरी और राज की टेंशन मत ले हमारे लिए आयेदिन नयी नयी लड़किया आती रहेगी और तुम भी चाहो तो किसी को भी ऑफिस आकर मजे ले सकते हो हम भी हमारी पत्नियों को हमारा प्यार भी देंगे पर पहला हक़ तेरा होगा

क्या सब को मंजूर है

सब : हआ हमे मंजूर है

अंकित : डैड नेक्स्ट वीक आप सब को मेरा ब्लड अपने अंदर इम्प्लांट करवाना है तो रेडी रहना वैसे डैड क्या मुझे अभी बिज़नेस ज्वाइन करना होगा

आकाश : ok हम सब रेडी है और खबरदार जब तक मैं हु बिज़नेस मैं hi सम्भालूंगा तुम एन्जॉय करो अगर तुम्हे ऐसा लगे तो वीक मैं एक बार अजय करना ऑफिस

अंकित : ok डैड

यहाँ सभी अंकित की बेहेन कड़ी होगयी

सब : डैड हम भी कुछ कहना कहते है

आकाश : अब तुम्हे क्या हुवा क्या चाहिए

सब : देखिये डैड भाई से हम लोग हमारे आइलैंड पर शादी करेंगे मतलब की भाई यहाँ साड़ी दुनिया के सामने रक्षा से शादी करेगा और उसके बाद हमसब से हम सब की शादी हमारा सीक्रेट होगी क्यों की हम नहीं कहते की हमारी वजह से आप पर या भाई पर कोई भी ऊँगली उठाये बस डैड हमारी ये विश है

आकाश : हम्म जैसा तुम ठीक समझो

और लाड साहब आप कुछ कहना चाहेंगे

अंकित : मैं बस इतना कहना कहूंगा की मुझे कुछ नहीं चाहिए बस मैं रोज़ रात को अपनी तीनो माओ मेंसे एक के सीने से लग कर सोना कहता हु आप सब की सेक्सुअल नीड्स मैं पूरी करदूंगा बस मुझे मेरी माँ के प्यार की भूख है बस वो चाहिए मुझे बाकि अपनी सभी बीवियों को उनका प्यार भी देने की जिम्मेदारी भी मैं निभाउंगा

आकाश : ये भी ठीक है दोने

फिर सब लोग अपने अपने काम पर चल देते है

अंकित : मोनी दीदी चलो हमे कॉलेज जाना है

फिर ये लोग भी कॉलेज आजाते है और सब मिलके बाते करने लगते है अंकित ने रक्षा को भी मेंशन वाली बात बतादि

तभी कॉलेज मैं सोनम की एंट्री होती है सकल से सूजन काफी हद तक जा चुकी थी पर अभी भी गाल और होठ दोनों सूजे हुए थे हर कोई उसे देख है रहा था

अंकित का ग्रुप भी इसे देख कर है रहा था सिवाए अंकित के

कारन : यार इसका मुँह देख कर लगता है किसी ने इसके गाल पर तबला समाज कर बजा दिया है हहहहहहह

मोनिका : हाहाहा सही कहा पर किसी ने नहीं भाई ने hi बजाय है तबला

आर्यन : क्या कैसे आखिर क्या बात हुयी जो तूने इसका मेक ओवर hi बिगड़ दिया

अंकित ने कल रात जो हुवा वो बतादिया

अनन्य : सच मैं ये अकाल से पैदल है अब इस रंडी को निशा आंटी से भी प्रॉब्लम है सच मैं एक दम सही किया

जूही : पर अंकित मन्ना पड़ेगा एक hi थपड मैं पूरा गाल सुजा दिया

मोनिका : हहह एक थप्पड़ नहीं 38 थप्पड़ खाये है उसने

कारन : यार इतने थप्पड़ कैसे मर दिए यार तूने उसको

अंकित थोड़ा गुर्राया

अंकित : साली की हिम्मत कैसे हुयी मेरी माँ को हाथ लगाने की उसने सीधा गाला दबाया और मैं उसे चोररडू इसकी माँ कोई.....

कारन : ेयी ीे बस बस बस संत होजा मेरे भाई वैसे भी उसका मज़ाक अच्छा बन रहा है तू संत होना रे क्यों टेंशन लेता है शांत होजा रुक मैं कुछ कोक लेकर आता हु उसे पीकर ठंडा होजा

अंकित : रूक ये ले पैसे

कारन : अब तू मुझसे मार खायेगा

अंकित चुप रह गया

यहाँ सोनम को आज इतनी शर्म आ रही थी जिस वजह से उसका चेहरा शर्म से लाल हो चूका था

अब देखते है क्या होता है और है इसके बाद के अपडेट मैं सोनम का Chapter सोल्वे होगा ok

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 106

आज कॉलेज मैं सभी को बहुत मज़ा आज्ञा कैसे नहीं आता सोनम की जो बैंडबाजी थी ये सब देख कर सभी हस्ते हस्ते लोटपोट होगई थे

बूत यहाँ सोनम बहुत गुस्से मैं थी

वो अपने घर मैं आयी तो वह उसकी माँ उससे कहती है उसकी माँ का नाम था

वर्षा

वर्षा : अरे ये क्या हुवा मैं एक दिन क्या नहीं थी तो ये क्या हाल बना लिया अपना बबयव

सोनम : माँ वो मुझसे प्यार hi नहीं करता मैं उसे कितना प्यार करती हु उसे पता भी नहीं वो मेरी और आँख उठा कर देखता तक नहीं है

वर्षा : क्या हुवा कोण नहीं देखता बोल तो सही उसे लेकर तेरे तलवे न चटवाये तो देखना

फिर वर्षा को सोनम पूरी बात बताती है

वर्षा ( मन में) : ये लड़की भी यही मिला था क्या प्यार करने केलिए अब बोलतो दिया है तो करना hi पड़ेगा वार्ना कही इसने इसके पापा को बतादिया तो मेरी लाइफ जो इतनी अच्छी चल रही है वो मुझे डाइवोर्स देके या मार्के पूरी खर्रब करदेगा वैसे भी साला नामर्द hi है खड़ा तो होता नहीं उससे तो परेशां हु hi और अब ये उसकी बेटी भी मेरी ऐसो आराम की जिंदगी भी मुझसे छीनने पर तुली हुयी है क्या करू

सोनम : अब आप hi बताईये माँ की कैसे मैं उसके परिवार वालो को उसके करीब आने दू उसके करीब जाने का हक़ सिर्फ मेरा हैना

वर्षा : एक काम कर उसका नंबर दे मुझे मैं बात करती हु वो पक्का मान जायेगा पर तू अब और कुछ मत करना जा जेक आराम कर

सोनम वर्षा को अंकित का नंबर देती है और खुद ऊपर चली जाती है कुछ देर बाद वर्षा सोनम को कॉफी देती है जिसमे वो नींद की गोली का 2 दोसे दे देती है जिससे सोनम सो जाये

और उसके बाद वो अंकित को कॉल करती है

अंकित अभी हॉल मैं बैठ कर सबके साथ कॉफी पि रहा था सब यही थे सिवाय आकाश और राज के क्यों की दोनों अपने अपने ऑफिस गए थे

ों कॉल

अंकित : hello

वर्षा : hello मर. अंकित रावल

अंकित : यस स्पीकिंग बूत हु अरे यू

वर्षा : मैं हु वर्षा सिंघणीअ सोनम की माँ

अंकित : तो क्या मैं जान सकता हु आपने क्यों कॉल किया है

वर्षा : मुझे बात करनी है तुमसे

अंकित : येह प्लीज तेल्ल में

वर्षा : कॉल पर नहीं 1 घंटे है रॉयल कैफ़े ok प्लीज मीट

अंकित : येह सूरे

वर्षा : ok थैंक्स ी ऍम वेटिंग फॉर यू

अंकित : ब्यययय

कॉल कट

मनीषा : बीटा किसका कॉल था

अंकित : वो कल वाली लड़की की माँ का था वो मिलना चाहती है

निशा : बीटा ये डेफिनिटेली ट्रैप है

अंकित : no मुम्मा ये ट्रैप नहीं है क्यों की जिस तरह से उनके बात करनेका तरीका था मुझे लगता है वो खुद परेशां है

तन्वी : बीटा तुम इतने यकीन से कैसे कह सकते हो

अंकित : मम्मी आप कुछ भूल रही है के मैं क्या हु

निशा : अरे है हम तो भूल hi गए की हमारा बीटा सुपर ह्यूमन है बूत बेबी तुम जाओ हम मन नहीं करेंगे बूत ध्यान से जाना ok

अंकित : यस माँ

उसके बाद सब यु hi इधर उतर की बातो मैं टाइम पास करते है और आधे घंटे बाद अंकित निकल पड़ता है कैफ़े की और

थोड़ी देर बाद hi वर्षा और अंकित आमने सामने होते है

वर्षा : hello यंग मैं

अंकित : hello आंटी हाउ अरे यू

वर्षा : हम्म आंटी मुझे तो लगा था सोनम ने जो किया उसके बाद तो मुझे गली या बदतमीज़ी मैं बात करोगे

अंकित : आंटी जो भी किया वो सोनम ने किया आपने नहीं और मैं दावे के साथ कह सकता हु की वो आपके नक़्शे कदम पर नहीं चली क्यों की आपके कॉल पर बात करने के तरीके से hi मैं समाज गया था की आप खुद दोनों बाप बेटी से परेशां है

वर्षा : तुम इतने यकीन के साथ कैसे कह सकते हो

अंकित : अब मैं अपनी तारीफ नहीं करूँगा बूत शायद सोनम ने आपको बताया होगा की मेरा दिमाग कितना चलता है और कितना नहीं

वर्षा : हम्म्म ी ऍम इम्प्रेस्सेड उसने बताया था की बहुत शार्प मंद है तुम्हारा

अंकित : और वैसे भी आंटी अओर्तो या लड़कीओ से बदसलूकी करना या बदतमीज़ी करना मेरी फितरत नहीं है बूत जब बात लिमिट क्रॉस कर्जाती है तो मुझे भी अपनी पर आना पड़ता है वेल वो सब छोड़िये व्हाट दो यू वांट नाउ

वर्षा : देखो अंकित मैं तुम्हे कुछ नहीं कहूँगी क्यों की जो तुमने किया वो सही है बूत मैं तुम्हे कुछ बताना चाहती हु

सोनम की माँ मेरी सगी बेहेन थी जब वो कॉलेज मैं पढ़ती थी तब उसे सेखर नाम के लड़के से प्यार होगया सेखर सोनम के पापा है वो सेखर के प्यार मैं इस कदर पागल होगयी की उसे सेखर का सब कुछ सही लगने लगा बूत सेखर एक नंबर का घटिया ी शान था न जाने कितनो को ड्रग सप्लाई करता था और मेरी बेहेन बस उसे वो hi सही लगता क्यों की मेरी बेहेन को इसका असली चेहरा नहीं दिखा था

सेखर एक रेपिस्ट है नजाने कितनी लड़कियों का रपे करके मार डाला है उसने मेरी दीदी से प्यार का नाटक सिर्फ इसी लिए किया था क्यों की वो हमारा बिज़नेस पा सके

क्यों वो बस एक नार्मल लड़का था उसके माँ बाप के साथ मैं नहीं जानती क्या हुवा क्यों की उसने कहा था की वो बस अकेला है और उसके पास बस यही कमाने का जरिया था दुसरो को लूटना और दीदी तो उसके प्यार मैं पागल hi इतनी होगयी की उसे सब बता दिया

फिर उसने अपना मैं प्लान बनाया उसने धोके से हमारे माँ बाप को मार दिया और पापा की विल मैं लिखा था की उनके बाद वो सर्रा बिज़नेस हम दोनों बहनो का होगा क्यों की मेरे पापा को कोई लड़का नहीं था

सेखर ने बड़ी चालाकी से वो बिज़नेस हथिया लिया और हमारे इसी बिज़नेस की आड़ मैं वो ड्रग्स स्मगलिंग का मैं बिज़नेस चलता है

पर आखिर कार मेरी दीदी को उसकी असलियत पता चल गयी और उन्होंने इस पर लीगल एक्शन लेने की सोची जिसके चलते वो पुलिस से मिलने पहुंची बूत इस हरामी को उसका पता लग गया तो उसने उसके बाद मेरी बेहेन को धीरे धीरे ड्रग देना सुरु किया मेंटली एंड प्स्य्चिकालय टॉर्चर करना स्टार्ट किया और एक दिन दीदी ने अपने परेशानी यो से तंग आकर अपनी जान लेली

पर तब सोनम 10 साल की थी और उसका ध्यान रखने केलिए मेने उस हरामी से शादी कर्ली पर इसका कुछ फायदा नहीं हुवा उसने पूरा बिज़नेस अपने नाम करवलिया

अब मेरे पास कोई छर्रा नहीं था धीरे धीरे उस कमीने ने सोनम को भी ड्रग्स की लत लगाडी जब मुझे ये पता चला तो मेरे और शेखर के बिच बहुत कहा सुनी हुयी तो उसने मुझे धामी दी अगर मैं शांत नहीं बैठी तो वो मुझे मार डालेगा

मैं दर गयी क्यों की अगर मुझे कुछ होजाये तो मुझे परवाह नहीं अपनी बूत मैं सोनम को उस हैवान के पास नहीं चोर सकती तुम्हे शायद ये अजीब लगेगा बूत शेखर सोनम के जिस्म को पाना कहता है बस इसी लिए मैं चुप बैठी हु और उसकी और सोनम की हर बात मानती हु

और मैंने तुम्हे ये सब इसलिए बता रही हु क्यों की तुम hi हो जो सोनम को सुधर सकते हो क्यों की सोनम को मरना इतनी आसान बात नहीं है अगर उसके बाप को पता चला तो नजाने वो तुम्हारे साथ क्या करता शेखर अभी रोमानिया गया हुवा है इसी लिए उसे ये बात नहीं पता प्लीज अंकित क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो

पूरी बात सुन कर अंकित भी चौक गया

अंकित : तो अब आप क्या चाहती है

वर्षा : मैं शेखर से दूर जाना चाहती हु और साथ मैं अपनी बच्ची को और बिज़नेस कहती हु कैसे भी करके उस हैवान को मिटादो मैं जिंदगी भर तुम्हारी एहसान मंद रहूंगी

अंकित : हम्म आंटी टेंशन मत लीजिये शेखर के इंडिया लेंड करते hi उसका किस्सा ख़तम और आप और सोनम एक अच्छी लाइफ जियेंगी ये मेरा प्रॉमिस है

वर्षा : थैंक्स अंकित

फिर दोनों बहार आगये वर्षा अपनी कार के पास गया और अंकित भी वही गया उसे चोर्ने

वर्षा : अंकित तुमने मेरी इतनी मदद की उसके लिए थैंक्स क्या मैं तुम्हे एक बार हुग कर सकती हु

अंकित ने भी अपनी बहे फैला ली और दोनों ने हुग करने के बहाने एक दूसरे को जकड लिया

वर्षा खुद को रोक नहीं पायी एक तो बरसोंसे वो नहीं चूड़ी थी क्यों की शेखर का लुंड खड़ा नहीं होता था और ऊपर से अंकित तो था हिअ लग

और अपने अंकित भाई की तो कमज़ोरी hi थी भरी हुयी एयरटे

गले लगते hi अंकित को एक खुशबु आयी

अंकित : ूमममम क्या खुशबु है आंटी लगता है आप बरसो से प्यासी है

वर्षा : है बहुत और तुम्हे देख कर लगता है तुम्हे मेरा जिस्म भ गया है

अंकित : बुझा दू प्यास

वर्षा : b7jha पाओगे

अंकित : मौका तो दो

वर्षा : हम्म तो ठीक है आज रात 8 बजे से लेकर सुबह के 7 बझे तक मैं तेरी

अंकित : मुझ पैर इतना भरोषा है आंटी

वर्षा : तुम चाहते तो मेरे साथ कुछ भी कर सकते थे पर थोड़ा बहुत तो शार्प मंद मेरा भी है इसी लिए भरोषा है तुम पर

अंकित : ok मैं चलता हु ब्ययी

अंकित घर आज्ञा और सबको साडी वाते बातड़ी यहाँ आकाश भी आचुका था और राज भी

निशा : तो बीटा अब क्या करोगे

और अंकित ने एक कॉल मिला दिया

ों कॉल

अंकित : कैसे है सप ऋषभ सक्सेना साहब

ऋषब : अरे यार तू क्यों ऐसे बोलता है यार आप जैसे बड़े लोगो की hi दुआ है जो इतनी जल्दी सप बन गया हु

अंकित : नहीं सप साहब ये तो आपकी म्हणत थी आपने जिस तरह हमारी मदद करि थी उस हिसाब से वो पोस्ट आप डिज़र्वे करते थे

ऋषभ : और बताईये कैसे कॉल किया

अंकित : सप साहब मार्किट मैं उड़ती हुयी खबर आयी है की आपको कमिसिनोर बनने केलिए बस एक बड़ा केस सोल्वे करने की देर है

ऋषभ : है बूत केस आये तो न

अंकित : चलिए मैं आपका ये सपना सच करता हु सिंघानिया ग्रुप की क्सक्सक्सक्स एरिया मैं जो फैक्ट्री है वह जाईये और राइड मारिये वह अरबो का ड्रग भरा हुवा है

और है उसके मालिक शेखर सिंघानिया को अरेस्ट करके उसे एक समशान जगह पर पंहुचा दीजिये आपको कमिसिनोर बनने की गुड नई उसके 2 दिन बाद मिल जाएगी

ऋषभ : हम्म्म ठीक है कब करना है ये सब

अंकित : राइड आज hi मारिये रात को ताकि कलतक शेखर सिंघानिया इंडिया आजाये और कल शाम तक उसका खेल ख़तम ok

ऋषब : ok वेल नीस ऑफर हैट्स ऑफ तो यू ब्ययी

निशा : तो अब क्या प्लान है

अंकित : आज मई और उसकी बीवी उसकी बर्बादी की खुसी मांयेंगे

मनीषा : बदमास तू न बहुत बिगड़ गया है

अंकित मनीषा के पास जा कर उसे हुग करके

अंकित : है अब बिगाड़ा हुवा हुआ सुधरा हुवा हु जो भी समाज लो बूत जैसा भी हु आपका बीटा हु मेरी प्यारी माँ

मनीषा : ऊम्मम हआ वैसे बात तो सही है

सभी लोग डिनर की प्रिपरेशन केलिए चले गयी

यहाँ अंकित अपनी बहनो रूम मैं चला जाता है

अंकित ने देखा की मोनिका साक्षी तिया और कीर्ति पुबज खेल रही थी

अंकित : अरे ये क्या होरहा है

मोनिका : अरे भाई दो मं रुक न बस गेम जीत hi गए

अंकित : अरे मुझे भी खेलनी है कब ख़तम होगी गेम

कीर्ति : भाई जब होगी हम बतादेंगे अभी रुको थोड़ा

अंकित : अच्छा ये तो बतादो नेहा दीदी कहा है

मोनिका: वो टेरेस पर होंगी

अंकित भी टेरेस पर पहुंच जाता है वो देखता है नेहा डूबता हुए सूरज को देख रही थी अंकित धीमे धीमे उसके पास गया और पीछे से बाँहों मैं भर लिया

और सीधा नेहा की नेक पर एक गहरा किश करता ह

नेहा : आअह्ह्ह भाई क्या कर रहे हो यहाँ से कोई भी देख लेगा

अंकित : देखने दो मुझे किसी का दर नहीं कोई देखता है तो देखले मैं अपनी जान को प्यार करूँगा hi उम्माह ऊम्म्हा ऊम्म्हा

ओर अंकित नेहा के गालो पर किश करने लगता है

नेहा : ओह्ह्ह भाई कब हमारी शादी होगी और कब हम एक दूसरे को प्यार कर पाएंगे

अंकित : वैसे अगर आप कहो तो अभी hi हम प्यार कर सकते है

नन्हा : नहीं नहीं अभी नहीं सुहागरात मैं hi सब करेंगे मैं मेरी बहनो को धोका नहीं देना चाहती मैं चाहती हु की जिस दिन लड़की की सुंदरता पुरे सबब पर होती है तब तुम हम सब को प्यार करना और सबसे ज्यादा लड़की सूंदर शादी वाले आउट फिट मैं hi लगती है

अंकित : जैसा आप को ठीक लगे

नन्हा : चलो अब चलते है डिनर रेडी होगा

फिर ये दोनों और सब डिनर टेबल पर आजाते है और डिनर करके अंकित निकल पड़ता है होटल की और जहा आज उसका और वर्षा का सेलिब्रेशन होने वाला था

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

बबबये
 
अपडेट 107

अंकित होटल मैं एंटर करता है और रिसेप्शन पर जाता है और वह से पता करके सीधा होटल के रूम मैं जाता है

जहा वर्षा थी

अंकित रूम को नॉक करता है तो वर्षा दूर ओपन करती है तो अंकित वर्षा को देखता hi रह जाता है

वर्षा ने अभी एक ब्लैक साड़ी पहनी हुयी थी होठों पर डार्क ब्लैक लिपस्टिक, सेक्सी हेयर स्टाइल हलकी ज्वेलरी और हल्का मेक उप ऊपर से भरी हुयी तो थी hi वो क्यों की अभी उसकी सिर्फ एक बार hi चुदाई हुयी थी जब सेखर के साथ सुहागरात हुयी थी

अंकित अंदर आया और गेट के बहार

'' दो नॉट डिस्टर्ब '' का कार्ड लगा दिया

और वो अंदर आज्ञा अंकित अंदर आया तो उसे एक जनि पहचान खुशबु आयी

अंकित : हम्म वर्षा ये किसी खुशबु है ूमम ये तो छूट की खुश बू है

वर्षा : पहली बात मुझे आंटी hi कहो इससे चुदाई में ज्यादा एक्ससिटेमेंट होती है और तुम्हारे आने से पहले मैं यहाँ अपनी छूट का पानी स्प्रे करदिया ताकि सुबह तक हमे सिर्फ चुदाई की खुशबु आये

अंकित : अरे बाप रे इतनी खतरनाक प्लानिंग लगता है खूब प्यासी हो

वर्षा : का मैं इतनी प्यासी हु की मेरे और सेखर मैं मेने एक चीज़ को चोरी है वो ये की मैं भी कभी कभी सोनम को नींद की गोली देकर उसक8 छूट से अपनी छूट को संत करती थी

अंकित : तो तुममे और सेखर मैं क्या फर्क है

वर्षा : फर्क है मैं अपनी बेटी के साथ मज़े करना चाहती हु और वो हरामी अपनी बेटी को खुद छोड़ के अपने उन जानवर दोस्तों के बिच नोचने केलिए चोर्ने वाला था

वैसे क्या पिओगे

अंकित : वैसे तो मैं नशे मैं बहुत काम चुदाई करता हु बूत मेरा भी एक अपना स्टाइल है एक काम करो एक स्कॉच का नीट पेग बनाओ

वर्षा ने पेग बनाया

वर्षा : क्या लोगे सोडा पानी या कोल्ड ड्रिंक

अंकित : आपकी छूट का मूट क्या छूट रास

वर्षा ने अपनी साड़ी ऊपर की और गिलास को अपने छूट के पास लेगयी और उसमे मूत दिया और अंकित की तरफ बढ़ाया

वर्षा : तुम्हारा स्टाइल मुझे पसंद आया

अंकित ने गिलास लिया और एक hi बार मैं फिनिश किया और गिलास साइड मैं रख कर बोलै

अंकित : चलो अब मुझे ुंदरेस करो

वर्षा अंकित के पास आगयी और उसके शर्ट के बोटों खोलने लगी और उसकी चेस्टा पर हल्के हल्के बाईट करने लगी और चाटने लगी जब शर्ट खुल गयी तो वर्षा ने अंकित का एक निप्पल्स अपने होठों मैं लिया और जोरदार बाईट किया

अंकित : आठ आंटी धीरे आठ

वर्षा : अब वेट नहीं होता बेटे मुझे आज जीभर कर छोड़ना है

अंकित : क्यों वो हरामी ने नहीं छोड़ा क्या

वर्षा : वो क्या छोड़ेगा भादवा साला उसका तो ठीक से खड़ा भी नहीं होता सुहागरात मैं भी विग्रा खायी थी तब जाकर मुश्किल से मेरी छूट खोल प्या था

अंकित : कोई न आंटी आज मैं खोल दूंगा आपकी छूट और गांड भी

वर्षा : जो खोलना है खोल ले बीटा बस मेरी छूट का सारा पानी निकल दे आज

फिर वर्षा ने अंकित की बेल्ट खोलदी और और पेण्ट और अंडरवियर भी. िकल दी

वर्षा ने अंकित को बा हों मैं भर लिया और दोनों वीलडलीय किसिंग मैं लग गए

अंकित को वर्षा की ब्लैक लिप्स अलग hi किक दे रहे थे

अंकित : उउउउम्मम्म आआह्ह मूमममाःह्ह्ह ूउम्म्म पाऊउछह ूउम्म्म चूकुंब पपूछहहह ऊम्ममाहः

वर्षा : ऊम्मम बेटे तुम मुझे आज पागल करदोगे आह्हः ऊम्ममाहः आठ ऊम्ममाहः उम्माह्ह्ह्ह आठ पाऊउछह

फिर अंकित ने वर्षा की साड़ी खोल दी और और वो भी पूरी नंगी हो गयी आज वर्षा को इतनी आग लगी थी की वो रुकना नहीं चाहती थी

फिर अंकित उसके बूब्स पर टूट पड़ा

वैसे तो वर्षा खुद बहुत गोरी थी बूत उसकी निप्पल्स और छूट डार्क ब्राउन रंग के थे

अंकित : ऊम्ममाहः ुउमाठ ूउम्म्म ऊम्मम ससूरररपपप सूरप्प उउउउम्मम्म ॉंटतीयी आप इतनी गोरी हो तो आपके निप्पल्स और छूट ब्राउन क्यों है

वर्षा : मुझे ब्राउन कलर अपने बॉडी part पर पसंद है इसी लिए

अंकित : ुउउम्माह्ह्ह ूउम्म्म सुर्र्प ूमममम ूउम्म्म

वर्षा की छूट से लगा तर पानी बह रहा था

फिर अंकित ने वर्षा को लेटाया और उसकी छूट के पास आज्ञा

और एक गहरी सांस ली

अंकित ने सीधा मुँह जोर दिया वर्षा की छूट से

अंकित : सुररपपपपप सूररपे ूम्मा ूमम आअह्ह्ह ससूरररपपप ूमम

वर्षा : आअज अंकित बीटा ओह्ह्ह तुम अपनी आंटी को पागल करदोगे आअह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह आठ ओह्ह्ह आअह्ह्ह सोनम मेरी बेटी देख तेरी माँ कैसे अपनी छूट चुसवा रही है आठ

अंकित : सस्सूऊऊररपपपपप ऊम्मम सूररपे ऊम्मम सूर्पपपप

अंकित लगातार बिना रुके वर्षा की छूट चूस रहा था वर्षा कह कर भी झड़ने से खुस को रोक नहीं पा रही थी

अंकित ने उसके क्लाइटोरिस को अपने मुँह मैं भरा और जोर जोर से चूसने लगा

वर्षा तो पागल hi होगयी और झड़ने के बहुत करीब पहुंच गयी

वर्षा : बीटा मैं जड़ रही हु ाःह तेरी आंटी झड़ने वाली है ाःह पिजा मेरी चुटका रास मैं ाआररराहीई हहहउ आअह्हह्ह्ह्ब्ब्ब्ब

वर्षा बिलकुल शांत गयी

अंकित उसका सारा प् ी पी गया और अंकित ने देर न करते हुए उसकी छूट पर लुंड सेट किया अंकित जनता था की वर्षा का ध्यान नहीं है यही सही मौका है

और अंकित ने पूरी ताकत से एक जोर दार झटका मारा तो उसका लुंड वर्षा की छूट को चीरता हुवा अंदर खुश गया

वर्षा : आअह्ह्ह मम्मीयी मरगयी मेरी छूट फैट गयी आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

अंकित ने दूसरा झटका मारा

वर्षा : आआह्ह सोनम देख इसने मेरी छूट फाडड्ड दी ाअभभ्भहभहह

अंकित थोड़ा रुका

अंकित : आअह्ह्ह्हह आंटी आपकी छूट इतनी टाइट है आह मेरा लुंड अंदर जुलस रहा है गर्मी से आअह्ह्ह

थोड़ी देर बाद अंकित वर्षा को पकड़ के धक्के लगाने लगता है

वर्षा : आह्हः यस यस जोर से आह्हः आअह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्हह यस यस यस यस यस आह्हः

अंकित : ये आंटी येलो येलो यस येह फूकिं येअहहह ओह्ह यस आंटी

वर्षा : यस आठ छोड़ो मुझे जोरसे छोड़ो फाड़ दो मेरी हूत को आह्हः यस यस यस यस आह्हः

अंकित : यश आंटी टेक आईटी टेक आईटी यस यस यस आह्हः ाःह

इनकी चुदाई करीब 2 घंटे चली इतने मैं वर्षा करीब 10 बार झाड़ चुकी थी

अंकित का भी अब होने वाला था उसने वर्षा को बहो मैं झकड़ा और पूरी रफ़्तार से झाके मरने लगा

अंकित : आंटी कहा निकलू

वर्षा : यह आअह्ह्ह आह्हः आह्ह्ह्ह भहहरारडीए आप्पंणी ाउंटियय कक्कीी कछूउत्त्तग आअह्ह्ह

अंकित : यस यस यस यस ाहाःभःभबभ

और अंकित ने वर्षा की छूट मैं पिछड़ी शुरू करदी दोनों hi निढाल होकर सुस्ताने लगे

फिर दोनों थोड़ी देर बाद फ्रेश हुए और बीएड पर आगये

दोनों फिरसे किश करने लगे

अंकित : हम्म्म तो मज़ा आया या नहीं

वर्षा : सोचा नहीं था उठना मज़ा आज्ञा सच में अंकित तुम कमाल हो

अंकित : वैसे अभी गांड बाकी है

वर्षा : वो तो मैं तभी दूंगी जब तुम मुझे बताओगे की सेखर को कैसे बर्बाद करोगे

अंकित : उसकी शुरुआत हो चुकी है आंटी जी रुको मैं पूछता हु

अंकित ने एक फ़ोन घुमाया सप को

अंकित : क्यों सप साहब क्या मिला वह पर

सप : अंकित मेरे भाई तूने तो मेरा दिल खुश करदिया यहाँ करीब 120 करोड़ का ड्रग मिला है जो बहुत hi ज्यादा हाई क्वालिटी का है बस अब शेखर सिंघानिया को नोटिश भेजा है सुबह वो यहाँ होगा

अंकित : एक बात का ख्याल रखना उसकी बेटी और बीवी का नाम कही नहीं आना चाहिए वो निर्दोष है और सुनो

अंकित उसे कुछ समझाता है

सप : OK हो जायेगा

अंकित कॉल काट देता है

अंकित : लो आंटी होगया काम अब एक काम करो अभी यहाँ मत रुको अभी घर पर जाओ और अपना सामान पेल करो क्यों की कल शाम को आपकी वेगास की फ्लईघट है

वर्षा : ok तो गांड कब मरोगे

अंकित : उसकी टेंशन मत लो जब वेगास आऊंगा तब खुलेमें मरूंगा आपकी भी और सोनम की भी

वर्षा : मंजूर है

अंकित : और है बाकि के बिज़नेस के पेपर्स आपके पास पहुंच जायेंगे

वर्षा : थैंक्स अंकित तुमने मेरी बहुत मदद की है कभी जरुरत पड़े तो याद करना मैं जरूर आउंगी तू. हरा साथ देने

अंकित : जरूर

फिर दो ो कपडे पहन कर फटाफट निकल जाते है

यहाँ सेखर सिंघानिया सुबह इंडिया आता है तो पुलिस उसे अरेस्ट करलेती है उसकी साडी कंपनी और फॅक्टरीस सील होचुकी थी सेखर को जब एक समशान सड़क पार्स लेजाया जा रहा था तो अंकित के बेस्ट स्नाइपर ने उसे शूट करदिया

और सप ने भी किसी ने पुरानी दुश्मनी निकलने केलिए शेखर सिंघानिया की किसीने हत्या करदी ऐसा केस बना दिया और केस को क्लोज करदिया

सेखर सिंघानिया की कंपनी को कुछ और जांच पड़ताल के बाद उसकी फॅमिली यानि वर्षा के नाम करदिया गया अंकित ने भी वो पेपर्स उसे भिजवा दिए

अब सप साहब भी कमिष्नर बन चुके थे जिसकी घोसना करदी गयी थी

इसी मैं एक वीक निकल गया

(नोट - सॉरी दोस्तों बूत सेखर का सन मैंने ऐसा hi सोचा था छोटा और है दोपहर को आधा hi अपडेट आया उसके लिए सॉरी वो असल मैं मैं लिख रहा था तो गलती से पोस्ट का बोटों डाब गया

और है अब सेक्स सीन्स को चोर के सभी सीन्स शार्ट मैं आगे बढ़ाऊंगा ताकि आपको एक बेहतरीन एन्ड तक ले जा सकू)

फिर एक दिन सब रावल मेंशन मैं जमा हुए थे इसबार रक्षा की फॅमिली भी यहाँ थी

विनोद : आकाश जी आप तो जानते है की मेरी बेहेन अंकित की ममी है तो उसने अंकित और रक्षा के ा छे फ्यूचर केलिए गौण के मंदिर मैं पूजा रखवाई है

आकाश : है तो कोई बात नहीं सब जाने की तैयारी करते है

संध्या : अरे नहीं नहीं आकाश जी ऐसा कुछ नहीं है वो तो बस एक छोटी सी hi पूजा है अगर आपकी परमिशन हो तो मैं अंकित को साथ लेजाती हु हम आज शाम को निकलेंगे तो कल शाम तक वापस भी आजायेंगे

निशा : है मुझे ये सही लगता है आकाश हमे कल पंडित जी के पास भी जाना है इनकी शादी का अच्छा सा महूरत देखने

आकाश : हम्म्म तो ठीक है अंकित जाने की तैयारी करो

अंकित : जी डैड

अब देखते है अंकित का ये साफ़त उसे कोण सा मज़ा देता है

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अपडेट 108

यहाँ रावल मैंशन मैं अंकित अपनी पेकिंग कररहा था निशा ोे तन्वी उसकी हेल्प कर रही थी

अंकित : हस्सस होगया

निशा: हम्म्म अब थोड़ा आराम करलो

तन्वी : बीटा मैं कॉफी लाती हु

और तन्वी चली जाती है

निशा अंकित के पास बैठ जाती है तो अंकित उसकी गॉड मैं सर रख देता है

अंकित : ूम मुम्मा आपसे दूर जाने का मन नहीं कर रहा

निशा उसका सर सहलाने लगती है

निशा : बीटा तेरे बिना तो मेरा भी दिल नहीं लगता बूत तुम्हे जाना चाहिए संध्या दीदी भी तुम्हारी ममी है वो भी तुमसे प्यार करती है और वो बहुत अकेली भी है तुम्हे उनके साथ थोड़ा टाइम स्पेंड करना चाहिए

अंकित : है माँ ok मैं जाता हु कल तक आजाऊंगा

निशा : है वह पहुंच कर फ़ोन करनाऔर खाने पिने का ध्यान रखना और संध्या दीदी का भी ध्यान रखना

अंकित : ok मुम्मा

तभी तन्वी कॉफी लती है

अंकित कॉफी पि कर निचे आजाता है जहा संध्या भी कड़ी थी संध्या ने अभी एक सलवार सूट पहना हुवा था जो टाइट फिटिंग था और वो भी कमाल लग रही थी

अंकित : ममी चले

संध्या : है चलो

फिर दोनों निकल पड़ते है जल्दी

रस्ते मैं दोनों इधर उधर की बात करने लगते है

अंकित : वैसे ममी आप कम्फर्टेबले तो होना

संध्या : है क्यों

अंकित : नहीं वो आपके कपडे आप पर सूट कर रहे है बूत वो ज्यादा फ़ीट लग रहे है

संध्या के अंदर एक अलग hi आग लग गयी अंकित के ये कहने से वैसे संध्या को बहुतो ने बोलै बूत आज जब अंकित ने बोलै तो उसके अंदर एक अलग hi एक्ससिटेमेंट ने जनम लेलिया

संध्या : वो मुझे टाइट फिटिंग कपडे hi पसंद है क्यों तुम्हे अच्छी नहीं लगी क्या

अंकित : नहीं ऐसा नहीं है वो आप इसमें बहुत ज्यादा ब्यूटीफुल लग रही है

अब संध्या की आखों मैं लाल डोरे चढ़ने लगे थे

संध्या : चल जूते ऐसा क्या है मुझमे जो ब्यूटीफुल लगता है तुझे

संध्या ( मन में) : हे भगवन ये क्या हो रहा है मुझे मैं अंकित की तरफ इतनी क्यों अत्त्रक्ट हो रही हु मन निशा ने मुझे बताया की वो सब आपस मैं सेक्स करते है पर मेने अंकित को कभी उस नज़र से नहीं देखा और अंकित भी अभी बस ऐसे hi बताते करते रहा है तो मैं उसकी तरफ अट्रेक्ट क्यों हो रही हु

अंकित : नहीं ममी छोड़िये इस बात को आपको बुरा लगेगा

संध्या : है मुझे पता था अब इस बूढी ायरत वो बात कहा

अंकित : अरे नहीं ममी सच मैं आप बहुत ब्यूटीफुल हो बूत जो वर्ड मैं उसे करने वाला था उससे आप गुस्सा होजाती

संध्या : देखों बीटा खुल कर बात करो मुझसे मैं कोई गुस्सा नहीं करुँगी

अंकित : अच्छा आप जीती बस आप बहुत हॉट एंड सेक्सी हो मैं ये कहना कहता था

संध्या : क्यों ऐसा क्या है जो मैं हॉट एंड सेक्सी हु मतलब मेरे सरीर का कोनसा part तुझे सेक्सी लगता है

अंकित ( मन में) : अरे बाप रे मर गए मैं तो ऐसे hi बोल रहा था पर ममी तो फुल लाइन देने पे आगयी है गलती मेरी hi है क्या जरुरत थी ये बात चेर ने की एक मं मैं क्यों ये कर रहा हु अगर ममी पट्टी है तो पत्नी दोना वैसे भी ये तो मेरी फॅमिली मैं कॉमन है और वैसे भी ममी सालो से प्यासी है इतना तो मैं कर hi सकता हु

अंकित भी अब जोश मैं आज्ञा

अंकित : वो आपके ब्रेस्ट और हिप्स बहुत ज्यादा सेक्सी है

संध्या (मन में) : अब रिश्तों को रखो साइड मैं अब मुझसे नहीं होता कण्ट्रोल 15 साल से प्यासी हु अह्ह्ह मेरी छूट कबसे गीली है बीटा तेरी ममी तेरी होने वाली है

संध्या : ओह्ह मतलब मेरी चूचिया और गांड तुझे पसंद आयी ऐसा बोलना

अंकित आंखे फाड़े संध्या को देख रहा था

अंकित : है ममी और आपका फेस भी बेऔतिफुल है स्पेशलय आपके होठ

संध्या : बीटा जा जरा साइड मैं रोक तो मुझे पेषकब करने जाना है

अंकित अपनी गाडी को साइड मैं रखा ये इलाका बिलकुल सुमसान था ज़ाहिर सी बात है गांव की बॉर्डर सुरु होगयी थी तो दोनी तरफ जंगल था

स्नाध्या उत्तरी और फटाफट झड़ी के पीछे गयी और मूतने बैठ गयी

जैसे hi वो बैठी उसकी छूट फव्वारे के साथ झड़ने लगी

स्क्वूईरररत्तत्तरतररर

संध्या : आअह्हह्ह्ह्हह ऊह्ह्हह्ह्ह्ह ईएसस आअह्हह्ह्ह्हह

उसके बाद संध्या ने पेशाब किया और झट से वापस आगयी अब संध्या हल्का महसूस कर रही थी

अंकित : अब चले गांव दूर नहीं है

संध्या : है चलो अंकित और संध्या गांव मैं घुस रहे थे

अंकित, : ममी आप इस गांव को जानती है क्या

संध्या : है मेरे बड़े पापा इस गांव के ठाकुर थे अब वो तो नहीं रहे इसी लिए इस गांव की साड़ी जमीन मेरे नाम पे है और हम यहाँ उन्ही की हवेली मैं रहने वाले है ज्यादा बड़ी तो नहीं है बूत तुम कह सकते हो 20 लोग आराम से रह सकते हो

अंकित : हम्म इंटरेस्टिंग वैसे अपनी इतनी जल्दी क्यों यहाँ आने को कहा

संध्या : क्यों की कल और परसो यहाँ मंदिर की सबसे बड़ी पूजा होने वाली है और उसी जगह पर मेला भी लगने वाला है और मेरे बड़े पापा के बाद मैं इस गांव की मालकिन हु तो वो लोग पूजा मुझसे hi करवएंगे

अंकित : हम्म वैसे ये गांव ज्यादा डेवेलोप है या नहीं

संध्या : तुम क्यों पूछ रहे हो

अंकित : अगर नहीं हो तो मैं डैड से इस बारे मैं बात करके इस जगह को डेवेलोप करवाना कहूंगा ताकि यहाँ के लोग नयी टेक्नोलॉजी को एक्सेप्ट करके इस गांव को और अपनी जीवन शैली को डेवेलोप कर सके

संध्या : सच मैं तुम अवंतिका दीदी के hi बेटे हो वो भी लोगो की मदद करने मैं विशवास रखती थी

फिर ये दोनों गांव मैं एंटर करते है अंकित देखता है गांव मैं माकन कच्चे है और गांव वालो का आउट फिट भी ट्रेडिशनल है सिंपल कुरता और धोती ओरसीर पर पगड़ी और लेडीज एंड गर्ल्स ट्रेडिशनल साडी मैं है और कुछ लिखे बंजारन आउट फिट मैं

अंकित : वैसे ममी आप यहाँ आखिरी बार कब आयी थी

संध्या : अरे मैं तो यहाँ आती रहती हु

अंकित : तो आपने इन लोगो को आउट फिट्स अंदर इतर मटेरियल के लिए कभी बात नहीं की जो यहाँ सब लोग पुराने ज़माने के कपड़ो मैं है और इनके ऑउटफिट से तो लग रहा है जैसे ये सब बंजारे हो

संध्या : है बहुत साल पहले मेरे बड़े पापा का यहाँ इससे छोटा गांव था बूत एक प्रॉब्लम थी यहाँ के गांव वालो के घर पर उस टाइम पर लड़के ज्यादा पैदा हुए थे और लड़कियों की मात्रा बहुत काम थी सब सोच hi रहे थे की इस समस्या से कैसे हल निकलेगा क्यों की तब ये सिटी भी यहाँ नहीं बसा था तो दूसरा गांव बहुत दूर था तब एक दिन बंजारों का एक कबीला यहाँ ठहरा था तो इस प्रॉब्लम केलिए मेरे बड़े पापा यानि तुम्हारे नाना जी उनके पास गए और उनसे हंमेशा यही रुकने की बात की और यहाँ के लड़को का शादी का प्रोपोज़ल्स भी दिए और बदले मैं उन्हें अपने खेतो मैं उन्हें मजदूरी का काम भी दिया और बंजारों का एक और मैं काम होता है जो बंजरने होती है वो देहव्यापार करके पैसे कमेटी थी तो और मेरे बड़े पापा भी काफी रंगीन मिजाज के थे तो तुम समझ दर हो तो बस ऐसे hi सब चलने लगा धीरे धीरे सब ने यहाँ बंजारों के ट्रेडिशन को अपना लिया

और इन लोगो को अपना एहि ऑउटफिट पसंद है मेने बात की थी तो सभी लगने मन करदिया

अंकित : हम्म इंटरेस्टिंग

फिर ये लोग हवेली पहुंच गए

गौण बहुत छोटा था करीब मुश्किल से 60 घर होंगे इसलिए अभी 75 % गांव वाले उनके पीछे खड़े थे हवेली मैं इस गांव मैं 2 व्हीलर काम थी और अपने अंकित भाई सीधे रेंज रोवर वेलर लेकर खुश गए थे मतलब लौंडे का क्या सन होगा समझ रहे हो

पहले संध्या बहार निकल टी है

तो गांव वाले पहचान जाते है उनमेसे एक आदमी आता है

आदमी : मालकिन आपका स्वागत है हमे पता था की आप इस साल भी जरूर आएंगी यहाँ पर

संध्या : वो तो आना hi था बाबाजी मेरे बड़े पापा यहाँ की जिम्मेदारी मुझे सूप कर गए है..

तभी दूसरी साइड से अंकित निकलता है सब उसे देखने लगते है

लड़कियों और अओर्तो की छूट ने तो नदिया बहा दी

क्यों अंकित ने अभी एक नेवी ब्लू हूदि और लेग टाइट ब्लैक पेण्ट पहना हुवा था और ब्लू कलर के hi शूज और हवा के जोके के साथ लहराते सिल्की हेयर विथ कूल हेयर स्टाइल और आखों पर ब्लैक सनग्लासेस और जो यहाँ की लड़कियों और अओर्तो को ज्यादा एक्ससाइट कर रहा था वो था अंकित का दूध के जैसा गोरा रंग और उसकी मस्कुलर बॉडी

और आखिर अंकित हैंडसम भी था वैसे भी इस गांव मैं सभी लड़के या तो सावले या फुल ब्लैक रंग के थे तो अंकित जैसे हीरो के अरमान तो यहाँ की फीमेल मैं जागना बनता है

अंकित ने देखा की सभी लड़किया और अओर्तो की स्किन की रंगत या तो सावली थी या तो ब्लैक थी बूत सभी का फिगर कातिलाना और नैन नक्श बहुत तीखे और सावले रंग मैं भी सुन्दर था

और अंकित ने एक बात नोटिस की की सभी लड़किया और एयरटे बड़े प्यार और उम्मीद भरी नज़रो से उसे hi देख रही है

अंकित ( मन में) : बीटा यहाँ तो तुझे देखते hi तेरी दीवानी होगयी वैसे ये भी काम नहीं है सच में सावली लड़कियों का नशा अलग hi किक देता है मुझे देखते है इतना तो पक्का है की छूटो की कमी नहीं है यहाँ

पर पहले मैं संध्या ममी को सेट करदु फिर सबा कुछ

आदमी : मालकिन ये कोण है

संध्या : ये मेरा भांजा और मेरा बीटा अंकित है

आदमी : छोटे मालिक आपका स्वागत है यहाँ

अंकित : सुक्रिया काका पर आप मुझे मालिक न कहे मैं तो आपसे छोटा हु आप मुझे अंकित hi बुलाइये

अंकित का नाम सुन कर तो लड़किया और घायल होगयी

और आपस मैं बाते करने लगी

लड़की 1 : हाय देख तो कितना गोरा है जैसे रोज़ दूध मैं नाहटा हो

लड़की 2 : है रे कितना सूंदर है हमने तो कभी सोचा भी नहीं था की कोई मर्द इतना सूंदर हो सकता है

लड़की 3 : कस ये मुझे अपने साथ लेजाए कस ये मुझे जब तक यहाँ है अपनी नौकरानी रखले

लड़की 1 : हाय मैं तो इससे शादी करना चाहती हु कस ये हां करदे

लड़की 2 : ख़याली पुलाव मत पका इतना सूंदर लड़का क्या तुझ से शादी करेगा वैसे भी देख तो देख कर hi किसी बड़े बाप का लग रहा है

लड़की 1,: पर इसे देख कर तो मेरी छूट रो रही है

लड़की 2 : तेरी क्या हम सब की छूट रो रही है पर तू टेंशन मत ले मैं बाबा से कह कर इनके ध्यान रखने की जिम्मेदारी ले लुंगी और मौका मिला तो एक एक बार इससे छुड्वाभि लेंगे वैसे भी इसका लुंड भी बहुत गोरा होगा हमने तो आज तक अपने बाप के और भाई के काळा लुंड hi लाइट है एक बार तो बनता है क्या पता ये हमे अपनी रखैल बनाले तो इसके साथ रहने को मिल जाये

वो आदमी : चलिए मालकिन अंदर चलते है हमने हवेली की साफ़ सफाई करवा दी है

संध्या : है चलिए

फिर सब लोग हवेली मैं आजाते है

और अंकित और संध्या अपने अपने रूम मैं चले जाते है

यहाँ वो चारो लड़किया उस आदमी को बोल कर अंकित की जिम्मेदारी ले लेती है

वो आदमी: ठीक है तू 8 मालकिन और छोटे मालिक का ध्यान रखना और है अगर मालिक तुम सब को छोड़ना चाहे तो चुड़लेना मन मत करना

और जाओ नाहा धो के ा छे से तैयार होक आओ चलो जाओ सब चली गयी और अच्छी रेडी होकर आयी विथ मेक उप

और संध्या केलिए चार एयरटे जो इन चारो लड़कियों की माँ थी

अंकित और संध्या फ़्रेशः होते है और निचे आजाते है

अंकित ने अभी शॉर्ट्स पहने हुए थे और एक हलकी t-shirt पहनी हुयी थी

और संध्या ने एक सेक्सी निघ्त्य पहनी थी उसने भी थान लिया था की वो छूट संत करवाना चाहती है

दोनों hi दिंनिंग टेबल पर आगये

अंकित ने थान लिया था की जो करेगा वो खुल कर करेगा

वो 8 फ्रेमलेस उन दोनों को खाना सर्व करने लगती है

अंकित देखता है की वो चारो अंकित से खाना देने के बहाने कुछ ज्यादा hi चिपक रही है अंकित को थोड़ी मस्ती सूजी जब लड़की1 उसे जुक कर खाना सर्व कर रही थी तो अंकित ने एक हाथ पीछे लेजाकर उसकी गांड को पूरी ताक़त से दबाया

लड़की 1 के मुँह से आह्ह्ह्हह निकल गया

ायरत 1 : अरे क्या हुवा

लड़की 1 : वो माँ चीटिने कटा शायद

अंकित कुछ नहीं बोलै और खाना खाने लगा

फिर थोड़ी देर बाद सबने खाना ख़तम किया अंकित उठा तो लड़की 2 ने पूछा

लड़की 1 : छोटे मालिक आप कुछ पीना चाहेंगे या नहीं

उसका मतलब ड्रिंक्स से था

अंकित : है जरूर पर क्या यहाँ गायन मैं कुछ मिलेगा या नहीं

लड़की 2 : है मिलेगा हमारे गांव मैं एक स्पेशल चीज़ बनती है आप अपने कमरे मैं बैठिये हम लेकर आते है

अंकित ऊपर चला गया और कमरे मैं चेयर पर बैठ कर अपने फ़ोन मैं बिजी होगया

थोड़ी देर बाद वो लड़किया वापस आयी तो उनके हाथ मैं एक बड़ी डिज़ाइनर केतली थी जैसे महाराज ो के पास होती थी जो चंडी की थी और साथ मैं गिलास भी

लड़की 2 ने एक गिलास भर के दिया अंकित को अंकित ने जैसे hi सिप मारा उसका पूरा दिमाग शांत होगया जैसे उसने अमृत पि लिया हो एक hi घुट मैं उसे सुरूर आने लगा

अंकित : वहहह क्या ड्रिंक है इतना सही ड्रिंक तो मैंने कभी नहीं लिया क्या है ये

लड़की 1 : ये शराब को यहाँ के लोग बनाते है इसमें अलग अलग फल, फूल और कई पौधो का रास है जिसे 5 दिन तक बनने केलिए रक्खा जाता है

अंकित ने 1 गिलास पूरा ख़तम करदिया अब उसे छूट की भूख जागने लगे

यहाँ वो चारो लड़किया

लड़की 3 : अब इन्हे जरूर छूट चाहिए होगी मज़ा आएगा

लड़की1 : मेरे पास एक प्लान है

लड़की 4 : वो क्या है

लड़की1 : मैं इससे कहूँगी की अगर ये हमे छोड़ना कहता है तो हमसे सदी करे उससे पहले ये हमे नहीं छोड़ सकता जिससे होगा ये की ये यही गौण मैं रह जायेगा फिर हमे भी अपने साथ लेजायेगा

लड़की 2: अबे ऐसा भूलसे भी मत करना कही ये भड़क गया तो पता है क्या होगा

लड़की 1 : जो भी होगा देखा जायेगा मैं एक बार पूछूँगी मन करदेगा तो वैसे भी छुड़वाने वाली हु

तभी अंकित खड़ा हुवा और लड़की एक को पिछेसे बाँहों मैं भरा

अंकित : वहहह मेरी बाबय तुझे लगता है ज्यादा hi गर्मी छड़ी थी खाना खाने के टाइम पर वैसे तेरा जिस्म तो कमाल का है

लड़की 1 : आआह्ह्ह साहब इतनी पसंद हु क्या मैं अगर है तो शादी करलो मुझसे सच मैं दिल खुश करदूंगी

अंकित : न मैं शादी नहीं करसकता क्यों की मैं किसी और से प्यार करता हु पर वो भी जानती है वो अकेली मेरा शांत नहीं करसकती इसी लिए मुझे फुल परमिशन है किसी को भी छोड़ने की बोल छोड़ दू तुझे

लड़की1 : नहीं साहब आपको मुझसे शादी करनी होगी तो hi आप मुझे छू पाएंगे..

लड़की खुद मन hi मन है रही थी

उसे लगा की बाज़ी उसके हाथ मैं आगयी पर अंकित ने अगले hi पल पूरी बाज़ी पलट दी अंकित ने उसे आज़ाद करदिया

अंकित : गेट लॉस्ट

लड़की 1 : क्या

अंकित : निकलो यहाँ से क्या लगता है साहब को अपना जिस्म दिखा कर अपनी उँगलियों पर नचाओगी है मेरे पास तेरे जैसी 100 है ये तो तुम्हारा जिस्म मुझे भय और तुम सामने से आयी थी उस टाइम नहीं तो मैं तुझे हाथ भी नहीं लगता मैं किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करता जाओ यहाँ से मेरा मूड मत ख़राब करो जावूओ

अंकित थोड़ा जोर से बोलै तो उन चारो पतली गली से कट लिया

अंकित ने फिर एक गिलास भर और बहार देखा तो बहार बारिश हो रही थी

तो अंकित टेरेस पर चला गया और बारिश का मज़ा लेने लगा पर उसने देखा की संध्या भी वही थी बारिश का मज़ा ले रही थी अंकित उसकी तरफ बढ़ गया.

अब देखते है ये बारिश संध्या केलिए खुसी का सामान था या ये बारिश उसका दर्द इ दिल बया करती है

और है अबसे सभी अपडेट चुदाई से भरपूर होंगे बूत आप बोर नहीं होंगे ये वडा है मेरा

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अंकित संध्या के पास आया उसने देखा संशय कुछ नहीं कर रही थी बस वो अपनी नैक ऊपर किया अपने चेहरे पर बारिश की बुँदे महसूस कर रही थी अंकित ने उसके कंधे पर हाथ रखा

अंकित : ममी अआप यहाँ आप ठीक हैना

संध्या ने चेहरा घुमाया और तभी बिजली कड़की और बिजली की रौशनी मैं अंकित को संध्या का चेहरा दिखा

अंकित ने देखा संध्या की आखें लाल है

अंकित : ममी आप ठीक हैना

संध्या : नहीं बीटा कैसे ठीक होगा एक ये बारिश hi तो है जो मेरा दुःख समझती है 15 साल होगये अपने प्यार केलिए तड़पते हुए

अंकित : ममी ऐसा मत बोलिये हम सब आपके साथ है अकेली नहीं है

संध्या : बीटा इंसान को अपनों के प्यार के अलावा भी एक प्यार की जरुरत होती है वो होता है चुदाई तुम सब जिंदगी के हर मोड़ मैं मेरे साथ हो मुझे पता है पर क्या करू ये जिस्म की आग मेरी जान लेकर रहेगी. जब से तेरे मां गए है मेने अपने जिस्म को किसी को ठीक से दिखाया तक नहीं किसी के बारे मैं सोचना तो दूर की बात है पर अब बर्दास्त नहीं होता मैं कहता हु कोई मुझे जब कर चोदे मेरी छूट का सारा पानी निकल दे मेरी छूट को अपने माल से भर दे पर अपनों की इज़्ज़त को लेकर डर्टी हु कही किसी को पता चल गया या उल्टा सीधा होगया तो क्या करुँगी मैं

अंकित : ममी आप किसी पर भी भरोषा नहीं कर सकती क्या आप को मुझ पर भरोसा है

संध्या : बीटा तुझ पर तो पूरा भरोषा हज

अंकित: क्या मैं आपके साथ चुदाई कर सकता हु

संध्या को तो यही सुन्ना था उसे लगा की वो थोड़े नखरे करे

संध्या : पर बीटा मैं कैसे तुम्हारे साथ ये सब कर सकती हु मैं तो तुम्हारी मामी हु

अंकित : ममी मुझे पता है निशा माँ ने आप को सब कुछ बताया है हमारे बारे मैं तो मैं आपके साथ भी चुदाई कर सकता हु

संध्या : नहीं ये गलत है तुम मेरे बेटे जैसे हो

अंकित ( मन में) : साला एयरटे भीना

ओरगासूम पर पहुंचने वाली होगी पर नखरे नहीं छोड़ेंगी कोई बात नहीं सॉरी ममी मैं उन लोगो मैं से नहीं जो लेडीज के नखरे उठाये

अंकित : है ममी शायद आप ठीक कह रही है हमे ये नहीं करना चाहिए चली अब अंदर चलते है

यहाँ संध्या का पैसा उल्टा पद गया

संध्या : बीटा अगर तुम चाहो तो मेरे साथ वो सब कर सकते हो बस मेरी छूट की गर्मी निकल दो बीटा मैं मज़ाक कर रही थी बेटे अपनी इस ममी की छूट मैं अपना लुंड दाल कर छोड़ो मुझे मेरी जिस्म को निचोड़ दो बस प्लीज

अंकित : ठीक है ममी आप कहती होतो चलिए रूम मैं चलते है

फिर ये दोनों रम मैं आगये संध्या : बीटा थोड़ा रुको मैं हल्का तैयार होजाउ

फिर संध्या ने कपडे निकल फैके और बस मेक उप करलिया और अंकित के पास गयी और देख ते hi देखते दोनों के होठो का मिलान होगया

संध्या : ुउउम्माह्ह्ह्ह ूमाहहह आह्हः ूउममहाहह ूमाहहह ूममममहहह पपूउछहः ऊम्ममाभा छू छू उममहहहहा.

संध्या भूखे भेड़िये की तरह अंकित के होठों को चूस रही थी

अंकित : ुउउम्माह्ह्ह्ह ूमाहहह ुउउम्म माममममीज ूउम्म्माँ पूउच्चभः अआप तो बभूततत ज्यादा ा वाइल्ड़ होगयी होओओओ ूममममहहह पपूउछहः ुऊम. म.

संध्या : ुउउम्माह्ह्ह्ह ुउउम्माह्ह्ह्ह कककुछः मैट बुल्ल बेटे बास ाअपनी मामी को करने दिए. ुउउम्माह्ह्ह्ह

अंकित : उममहहहहा ूउममहाहह ूम्मा मऊआह्ह्ह्हह ऊम्मम ूउम्म्म

करीब 15 मं तक दोनों एक दूसरे के होठों को चूसते रहे

अंकित अब संध्या की चूचियों पर आगये संध्या की 36 साइज की चूचिया बहुत ज्यादा सेक्सी थी अंकित ने उसके निप्पल्स को मुँह मैं भरा

संध्या : आअह्ह्ह बीटा पि. जा अपनी इस मामी का दूध बहुत ा छे आह्हः ओह्ह्ह ऐसे चूस ले बीटा अपनी ममी की चूचियों को आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह

अंकित : ूउम्मम्मम ूउम्म्म सुऊररपपप सूररीप्पपप्प ऊम्मम ूमम आअह्ह्ह

अंकित उसकी चूचियों को जोर से दबाने लग

संध्या : है बेटे दबा दबा कर चुसो आठ ऐसे hi दबाओ आह्हः ओह्ह्ह

अंकित : ूउम्मम्मम ुउउम्माह्ह्ह्ह आह्हः पपूउछहः ूउम्म्म उम्

फिर अंकित ने संध्या को लेटाया और उसकी छूट पर आज्ञा अंकित छूट के ाअजु बाजु किश करने लगा संध्या का हाल वेहाल था

और अंकित उसकी छूट को चाट ने लगा

अंकित : सुऊररपरपपपललळ सुसुर्ररप्प्प ूम्मा लीक लीककक लिककक ऊम्मम ूमाहहह सुरररपपप

संध्या : आह्ह्ह्हह्ह बीटा कहा सीए सीसीएकखहा यी सबब आअह्ह्ह किटी न आआआछ्हा लाग्ग रहा है आह्ह्ह्ह रोकना मत आअह्ह्ह बेटे

संध्या अब बेकाबू हो चुकी थी वो अंकित के सर को अपनी छूट मैं दवा रही थी

अंकित ने संध्या के क्लीट को अपनी जीब से पूरी तेज़ी से चाटने लगा

संध्या : आह्हः बेटे आअह्ह्ह ऐसे hi रुकना मत मैं आ रही हु पिजा अपनी ममी का छूट रास aaaahahhhhhhhhhh

वैसे तो संध्या कई बार ऊँगली करके अपने आपको संत करती थी पर

पर एक मर्द की बात hi अलग होती है

फिर अंकित भी संध्या के बाजु मैं लेट गया क्यों की संध्या हाफ रही थी

थोड़ी देर बाद संध्या नार्मल हुयी

अंकित : मज़ा आया ममी

संध्या : पूछ मत बीटा

अंकित : अब आपकी बरी ममी मेरे लुंड को गिला कार्डो फिर आपकी छूट की गर्मी भी देखनी है मुझे

संध्या जुट से कड़ी हुयी

और अंकित के अंडरवियर को निकल फैका

संध्या शौक होगयी

संध्या : सच में बीटा आज से पहले कभी भी इतनी सूंदर किज़्ज़ नहीं देखि

और संध्या ने अंकित के लुंड को मुँह मैं भर लिया

संध्या : ूमममम पपयूछह ूम्मा आह्हः ूमम ुउउम्म ूमम ाःह स्सीइ ूमममम ूमम जूउउउम्म गगूउऊउउउ

अंकित : ाःह संध्या ममी आपका मुँह hi ीत्तत्न गरम है आठ छूट ूरर गांड का क्या हाल होगा आअह्ह्ह

10 मं के ब्लोजॉब के बाद संध्या सीधे लेट गयी टंगे फैला के

संध्या : बीटा एक hi बार मैं छेद खोल देना

अंकित जनता था की ये उसका लुंड आराम से सेह लेगी क्यों की ये संध्या पूरी तरह हवस मैं पागल हो चुकी थी

अंकित ने लुंड को सेट किया और हल्का पूछ करके अपना सूपड़ा अंदर फसाया

संध्या : आअह्ह्ह बेटे रुक मत मर जतका

अंकित ने जोरसे एक जतला मारा तो उसका लुंड 5 इंच तक घुस गया और संध्या छटपटाने लगी

संध्या : आआह्ह्ह्हह ोुह्ह्ह्ह गया या अभी बाकि है आअह्ह्ह फैट गयी रे मेरी आअह्हह्ह्ह्हह

अंकित एक और जोरदार शॉट मारा तो अंकित का लुंड संध्या की छूट मैं जड़ तक घुस गया और संध्या की बच्चे दानी से टकराया

संध्या ये एहसास पाकर हिल गयी

संध्या : आआह्ह्ह्ह फाटत गयी मेरी बीटा थोड़ा रुक जा

अंकित ( मन में) : नहीं अभी नहीं आह्हः निकलना मत

अंकित को संध्या की छूट की गर्मी महसूस हो रही थी आज पहली बार ऐसा हो रहा था की उसका माल सिर्फ छूट की गर्मी से hi निकलने वाला था बूत उसने रोक लिया

संध्या करीब 5 मं बाद नार्मल हुयी

संध्या : बीटा अब सुरु कर तुझमे जितनी ताक़त है उतनी जोर से छोड़ अपनी इस ममी को

अंकित ने चुदाई चालू की

संध्या : आह्हः आह्हः आह्हः यस बीटा आह्ह्ह्ह यस यस यस यस आह्ह्ह्ह याहहह फ़क में फ़क मी एस यस

अंकित : आआह्ह्ह्ह ममी आपकी छूट बहुत टाइट है आआह्ह्ह्ह ये मेरे लुंड को पूरी तरह निचोड़ रही है आआह्ह्ह्ह यस यस याहहह येह आअह्ह्ह यस यस

संध्या : ाःह बीटा मैं आयआयएईइइइइइइइइ आअह्हह्ह्ह्हह

और संध्या जड़ गयी

संध्या : बीटा छूट तो खोल दी अब गांड भी खोल्दे

अंकित : नहीं ममी आपको दर्द होगा बहुत आआह्ह्ह्ह यस यस

अंकित अभी भी लुंड पेल रहा था

संध्या : आअह्ह्ह होने दे जो होता है वो बस मेरी गांड भी फाड़ दे जब तक तू मेरे साथ है तब तक मुझे छोड़ते रहना मेरे सरे छेद भर दे आअह्हह्ह्ह्हह

और अंकित ने लुंड निकला और गांड मैं सेट किया

अंकित ने सिर्फ सूपड़ा hi अंदर डाला था ऑर्डर संध्या जटपटाने लगी

अंकित ने एक जोर दार शॉट मारा तो उसका लुंड संध्या की गांड को चिर ता हुवा अंदर घुस गया

संध्या : आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह माअररर्र गागयीइइइइइइइ आआह्ह्ह्हह मीरीईई फायतत्तत गगयीईइई आह्ह्ह्हह्ह

दोनों hi थोड़ी देर रुके और फिर से चुदाई शुरू हुयी

संध्या गांड उठा उठा कर अंकित के धक्को का जवाब दे रही थी

सननध्या : आह्हः हनी फ़क मई ासस्स आह्हः यस यस यस आह्ह्ह्ह

अंकित : ममी आपकी गांड का जवाब नहीं यस यस यस आह्ह्ह्ह

सननध्या : आअह्ह्ह आह्हः आअह्ह्ह कितना मज़ा आरहा है आह्हः यस यस ओह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह मेरी गण्ड आह्ह्ह्ह

अंकित : यस यस यस यस आह्हः यस यस

अंकित ने आ छे अच्छी की छूट की धजय उददी थी पर अंकित को सिर्फ निशा और मनीषा की छूट hi टक्कर दे सकती थी चुदाई मैं और आज उनके बाद संध्या के सामने अंकित ढीला पद रहा था

ऐसे 1.5 घंटे की पलंग तोड़ चुदाई के बाद अंकित झाड़ ने वाला था संध्या तो 10 बार झाड़ चुकी थी पर फिर भी कमज़ोर नहीं हुयी थी ये उसक बात का साबुत था की वो चुदाई केलिए कितना तदपि है

अंकित के रूम का बीएड पूरा का पूरा गिला हो चूका था

अंकित : आआह्ह्ह्ह मामंमी मैं आए रहा हु आह्ह्ह्हह्ह

संध्या : भरदे मेरी छूट मैं अपना लावा आआअह्ह्ह्ह मैं भी

और अंकित और संध्या दोनों hi एक साथ झाड़ गए संध्या का सरीर थरथरा गया उसे पहली बार मल्टीप्ल ओर्गास्म की अनुभूति हुयी

दोनों hi निहाल होकर पड़े थे अंकित फ्रेश होकर आज्ञा और संध्या को भी फ्रेश करवाया

अंकित : ममी आपके रूम मैं चलते है यहाँ ये बीएड तो पूरा गिला होचुका है

फिर ये दोनों संध्या के रूम मैं जाते है जहा संध्या अंकित को बाँहों मैं जकड लेती है

अंकित : मज़ा आया ममी

संध्या : पूछ मत मेरे बच्चे तूने तो 15 साल की गर्मी निकल दी एक बार मैं जब तक यहाँ है मुझे खूब छोड़ना

अंकित : ममी क्या मैं आपका का दूधः पिटे पिटे सजाउ

संध्या ने अपनी चुचिको उसके मुँह मैं दे दिया

संध्या : सजा बेटे मैं तुझे एक गिरफ दूंगी जल्दी hi

फिर ये दोनों सो जाते है ै सुबह पूजा का दिन था संध्या जल्दी उठ गयी और बाथ रूम जाने वाली थी की उसे मीठा मीठा दर्द होने लगा अपनी जांघ पर वो उठी और फ्रेश होकर आयी उसने अंकित को शार्ट पहना दिए थे और ब्लैंकेट ओढ़ा दिया था उसकी कमर तक

फिर खुद मिरर के सामने आगयी और रेडी होने लगी उसने मस्ट मेक उप किया बालो को बंधा और ज्वेलरी पहनी और रेड कलर की साड़ी पहनी

और अंकित को एक किश किया और चली गयी अंकित भाई तो नींद के राजा थे मस्ट सो रहे थे सीधे लेट कर

संध्या निचे आयी और हॉल मैं बैठ कर पूजा केलिए थाल सजाने लगी

वो 8 जान भी आगये थे वो नास्ता बना रहे थे

उन 4 लड़किया संध्या की हेल्प कर रही थी

संध्या : अरे सुनो तुम चारो जाकर अंकित को उठादो फिर मंदिर भी जाना है

ये चारो निकल लिए अंकित के पास

इन्होने देखा की अंकित सीधा लेता हुवा है ये चारो अंकित की क्लियर कट बॉडी देख कर hi घायल होगयी

यहाँ मैं लड़कियों के नाम बतादेता हु ( लड़की 1: रेशमा, लड़की 2 :अंजू, लड़की 3 :गीता, लड़की 4 : मीता)

रेशमा : गीता चल उठाते है

गीता : ना बाबा न मैं नहीं उठाउंगी एक तो पहले hi तेरी वजह से हम पर गुस्सा है ये

रेशमा : अंजू, मीता तुम दोनों उठाओ उसे

दोनों : न हमे नहीं मरना उठाएंगे तो चारो साथ उठाएंगे वर्ण कोई नहीं

रेशमा : एक काम करते है सब उठाओ इसे

फिर चारो मिलके अंकित को जगती है

अंकित उठ कर बैठ जाता है और जमाई लेते हुए बदन तोड़ने लगता है अंकित के ऐसा करने से उसकी बॉडी के कट्स एक दम शार्प दीखते है इन चारो को

अंकित : तुम जाओ मैं आता हु निचे

रेशमा : अंकित जी हमे माफ़ करदिजिये कल केलिए

अंकित : ी साइड गेट लॉस्ट

और अंकित बाथरूम मैं घुस गया

और फ्रेश होकर बहार आया उसने अभी टोलिया लपेटा हुवा था उसने देखा वो चार अभी भी वही कड़ी थी नज़ारे जुकाते

अंकित : तुम्हे एक बार मैं समाज नहीं आता

रेशमा : हमे माफ़ करदिजिये अंकित जी हमसे गलती होगयी बाबाजी ने कहा था की आपको किसी भी चीज़ केलिए मन न करे चुदाई केलिए भी नहीं

अंकित थोड़ा चल कर उनकी तरफ आता है तो उसका टोलिया निचे गिर जाता है और इस चारो को अंकित के लुंड के दर्शन होजाते है अंकित भी बिना शर्म के टोलिया उठा कर वापस उनके सामने लपेट लेता है

ये चारो तो लुंड देख कर और घायल होगयी

अंकित : जब उन्होंने कहा था तो कल तुमने कहा वो क्या था जरा बताएंगी

रेशमा : वो थोड़े नखरे करना तो हम लड़कियों का हक़ है न

अंकित : तो अपने नखरे से अपनी गांड मरवाओ मेरे सामने नखरे करने की सोचना भी मत मुझे लड़कियों के नखरो से सख्त चीड़ है

रेशमा : हमे माफ़ करदिजिये प्लीज

अंकित : सोचूंगा अभी जाओ यहाँ से मुझे रेडी होना है

रेशमा : आप हमारे सामने भी हो सकते है हमसे क्या सहरमाना

अंकित : मुझे अकेले मैं रेडी होने की आदत है और कुछ कहना है वर्ण जाओ

ये चारो वह से निकल गयी अंकित भी रेडी होगया

पलाइन वाइट शर्ट और ब्लू लेग टाइट जीन्स विथ वाइट शूज एंड हाथ मैं ब्लैक वाच अंकित निचे आया तो उन 4 लड़कियों के साथ साथ उनके माये और संध्या भी घायल होगयी वो चल कर संध्या के पास आया और हुग किया और लिप किश किया

संध्या : सच मैं बहुत हैंड सम लग रहा है

अंकित : आप भी काम नहीं लग रही

और उसके काम मैं कहता है : मन कर रहा है अभी आपकी साड़ी मैं घुस के आपकी छूट का रास पि जाओ

संध्या : बाद मैं पिलेना हनी अभी मंदिर चलते है

ायरत 1 : मालकिन आप इन चारो को ले जाईये हम अभी आते है घर पे थोड़ा काम है

वो ायरत उन चार लड़कियों को कहती है

फिर अंकित ने गाडी निकली और सरे उसमे बैठ गए फिर सब लोग मंदिर पहुंच गए

जैसे hi संध्या और अंकित वह पहुंचे सब उनपे फूल बरसाने लगे फिर मंदिर मैं पूजा हुयी

ये लोग मेले मैं घूम hi रहाहै थे कोई..........

बाकि का अगले अपडेट मैं

अपडेट पोस्टेड भाईलोग

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अपडेट 110

पिछली बार आपने देखा की अंकित और संध्या पूजा करके मेले मैं घूम रहे थे की तभी वह कुछ आदमी भागते भागते आते है और उसी बाबाजी को कहते है जिसने अंकित का स्वागत किया था और अभी वो उन्हीके साथ था

आदमी : बाबाजी बाबाजी वुवु ववु

बाबाजी : क्या हुवा क्या होगया

आदमी : ववूऊ कालानाग और उसके डाकू आगये

बाबाजी : हे भगवन अब वो हमारे इस तेहवार को भी बर्बाद करदेंगे

अंकित : क्या हुवा बाबाजी कोण है ये कालानाग

बाबाजी : छोटे मालिक वो पास के जंगल का एक डाकू है वो आता है और हमारे गांव मैं सब कुछ बर्बाद करदेता है और गावलो से आनाज और बाकि की चीज़े चीन जाता है और लड़कियों यार अओर्तो को उठालेजाता है नहीं तो किसी को मार देता है हम परेशां होगये है उससे

संध्या : तो आप ने पुलिस मैं कम्प्लेन क्यों नहीं की

बाबाजी : हमने की थी मालकिन पर जो पुलिस वाला उन्हें पकड़ ने गया था उन्होंने उसको मार दिया और गांव मैं फेक गए

अंकित : कितने आदमी है उसके पास

बाबाजी : उसकी सेना मैं बस 20 आदमी है

अंकित : और आप गांव वाले मिल कर करीब 150 लोग है पहले hi ख़तम करदेना था न

बाबाजी : बीटा हम शांति से रहने वाले लोग है हम किसी पर हाथ भी नहीं उठाते मार ा तो बहुत दूर की बात है पता नहीं कब हमे इससे छुटकारा मिलेगा

अंकित : आने दो उसे मैं देखता हु कितना दम है उसमे

तभी वह करीब 20 आदमी आजाते है पुराणी जीब मैं

कालानाग : गांव वालो हमे जो चाहिए वो देदो वार्ना काट डालूंगा एक एक को

अंकित : कोण है बे तू मादरचोद की अओलाद भोस्डिके जो तुझे हम देंगे

कला नाग : हम्म गोरा रंग आ छे कपडे लगता है सेहर का मुर्गा है बच्चे चुप चाप बैठा रह वर्ण तुझे पका कर खा जायेंगे

अंकित : हहह्खाहाःहाहाः सच मैं वही डायलॉग अबे ोू साप के नाजायज़ सपोले तेरे जैसे कई नाग का फैन खुचल चूका हु हाहाहा चुप चाप निकल वर्ण यही नंगा करके छोडूंगा

कालानाग गुस्से से लाल होगया

कला नाग : जाओ रे इस चिकने को उठाओ ये रात मैं हमारा मनोरंजन करेगा

अंकित : तुझे देखते hi समाज गया था की तुझे गांड मरने का नहीं मरवाने का शौक है सुना गांव वालो ये अब मेरा लोढ़ा अपनी गांड मैं लेगा

इस वक़त मेले मैं पूरा का पूरा गांव मौजूद था सब है पड़े

और कालानाग गुस्से मैं फुंकारने लगा क्यों की जीन गांव वालो मैं उसके सामने बोलने की हिमायत नहीं थी एक लड़के ने उसकी भरे बाजार उसकी बेइज़ती करदी

कला नाग : जाओ और इस लड़के को ख़तम कार्डो

पहला आड़ मि भाग कर अंकित के पास आता है

अंकित ने एक घुसा पूरी ताक़त से उसके पेट मैं उतार दिया और वो सीधा दूर जाकर गिरा कुछ आदमी उसे देखते है

आदमी : सरदार ये मर चूका है

ये सुन कर तो सब के सब दांग रह गए

कालानाग : हम्म बच्चे तुझमे डैम तो हाउ

अंकित : तुझे देख ते hi समाज चूका हु की तुझसे कुछ होने वाला नाइहि है बस ये चाकू और तलवार की धार पर उछाल रहा है आज तक तेरा पला सिर्फ उन कुत्तो पड़ा होगा जो तेरी तरह सिर्फ अपनी गली के शेर थे अगर हिम्मत है और अगर तू मर्द है तो ये तलवारे चोर और असली मर्द की तरह हाथ से हाथ मुकाबला कर गांववव वालो अगर ये मेने कहा वैसे न आये तो समाज लेना कालानाग का खड़ा नहीं होता

एक बार फिर अंकित ने कालानाग की इज़्ज़त की धज्जियाँ उददी

कला नाग ठहरा 60 साल का आदमी बूत बोड्डी अभी भी अच्छी थी

फिर क्या था सब डाकू आये अंकित को मरने पर सब के सब परलोक सुधर गए कालानाग की भी कई हड़िया टूट गयी अंकित ने उस हे ऐसे धोया था की धोभीघाट मैं लोग कपडे तोते है और गांव की लड़किया अंकित की फाइट से और ज्यादा इम्प्रेस होगयी

अंकित ने अपना बेल्ट निकला और अँधा धुन मरने लगा

कला नाग चीखता रहा चिल्ला ता रहा पर अंकित तभी रुका जब उसका मन भर गया

कालानाग : मुझे माफ़ करदे बीटा मैं आज के बाद कभी किसी को परेशां नहीं करूँगा मुझे चोर दे

अंकित ने कालानाग को जिन्दा तो रखा पर उसके हाथ पेअर पूरी तरफ नाकाम करदिये

अंकित : अब आप सब इसके आतंक से पूरी तरह फ्री है

सब गांव ाले खुसीसे ज़ूम उठे फिर सब लोग इवनिंग तक घर आगये

संध्या : बीटा मन्ना पड़ेगा तूने उनको अच्छा सबक सिखाया

अंकित : ममी मुझे कोई भी इन्शान दूसरे इंसान पर जोर जबरदस्ती करे ये मुझसे नहीं देखा जाता

संध्या : चल अब फ्रेश होजा और खाना खलेते है

अंकित : ममी एक बात कहु आप ये साड़ी मत बदलना आज इसमें hi मस्ती करेंगे

संध्या : है ठीक है अब जा

फिर ये दोनों फ्रेश होगये और खाना खाने लगे लंच करने के बाद अंकित अपने रूम मैं गया और जब निचे आया तो देखा कुछ गांव वाले ए हुए थे उनके साथ ायते भी थी जो खुल्लम खुल्ला अंकित को याद रही थी

अंकित : ममी ये सब यहाँ

बाबाजी : है छोटे मालिक वो हम कहते है की आज आप यही रहे हम जानते है की आप को अपना कारोबार भी देखना होता है पर हमारी विनती है आप आज और कल कालका दिन यहाँ रुके आज हमे छोटे मालिक की वजह से आज़ादी मिल गयी कला नाग के आतंक से इसी खुसी मैं मेने पुरे गांव मैं आज और कल्कि दिन भव्य उत्सव का आयोजन किया है

अंकित : ममी क्या कहती है आप रुक जाते है

संध्या : है ठीक है वैसे भी मेने निशा को कल hi फ़ोन करदिया था उनकी और से फुल परमिशन है

अंकित : यस थैंक्स ममी आप सच मैं ग्रेट हो

संध्या : ठीक है बाबाजी हम आज और कल यही रुकेंगे

सभी गांव वाले चले जाते है और गांव मैं तैयारियां होने लगती है

यहाँ संध्या अपने रूम मैं आराम कर रही थी

अंकित अपने रूम मैं आकर निशा को फ़ोन करता है

ों कॉल

अंकित : hello मुम्मा हाउ और यू

निशा : मेरा बछ्ह उउउउम्माह्ह्ह केसा है

अंकित : ी ऍम फाइन मुम्मा आप किसी हो

निशा : ी ऍम तू बेबी केसा है वह सब तुझे अच्छा तो लग रहा हैना

अंकित : है माँ थिस इस तू ब्यूटीफुल पर आपके बिना अच्छा नहीं लग रहा

निशा : बाबय मुझे मिस कर रहा है बीटा

अंकित : है माँ बहोत और सॉरी मैंने आपसे पूछे बिना hi यह र2 दिन रहने का प्लान बना लिया सोचा ममी को थोड़ा खुस करदु

निशा : बीटा मेरी तरफ से फुल परमिशन है बस तुम मज़े करो

अंकित : मेरी तीनो माँ सु से बेस्ट है और आप तो मेरी जान हो ी लव यू मुम्मा

निशा : लव यू तू बच्चा

अंकित : वैसे माँ मेरी 6 की 6 तितलियाँ क्या कर रही है

निशा : वो अपने रूम मैं होंगी और रक्षा भी आयी थी और चली गयी वैसे मुझमे ऐसा क्या है जो मेरे बेटे की जान बस्ती है मुझ में

अंकित : क्यों की मेरी तीनो माँ और स्पेशलय आप के अंदर सिर्फ अपने लिए प्यार देखता हु आप नखरे नहीं करती इसी लिए सबसे ज्यादा आप मुझे पायरी हो और माँ भी और मम्मी भी जो आके अगल बगल बैठी है

दोनों : तुझे कैसे पता की हम यहाँ है

अंकित : माँ मम्मी सिर्फ माँ hi अपने बेटे के दिल से नहीं जुडी होती बीटा भी माँ के दिल से जुड़ा होता है ी लव यू माय मूमस

निशा, मनीषा, तन्वी : लव यू तू हनी

अंकित : ब्ययी माँ

फिर अंकित ने कल कट किया और नेहा को लगाया

नेहा : hello बेबी कैसे हो

अंकित : आप किसी हो मैं बिलकुल ठीक हु और आपकी तबियत तो ठीक हैना इम्प्लांट के बाद

( अंकित के ब्लड का इम्प्लांट अपनी फॅमिली मैं स्टार्ट होचुका था पहले उसकी 5 बहने और आकाश थे)

नेहा : है वैसे तो ठीक है बूत वीकनेस लग्र यही है

अंकित : कोई बात नहीं जब तुम पूरी तरह ठीक होजाओगी तब एक दम एनर्जेटिक फील करोगी ताम मज़ा आएगा

नेहा : पर पास आओ तबना मज़ा आएगा तुम तो हमारे पास एते hi नहीं

अंकित : में डीडू ये रो बस मैं hi जनता हु की जब आप सामने होती है तो मैं कैसे रोक पता हु अपने आप को दीदी अगर मैं पास आया तो मैं अपने आप को अपने आप को रोक नहीं पाउँगा बूत शादी के बाद आपको ये शिकायत नहीं रहेगी

नेहा : सच भाई अब बर्दास्त नहीं होता प्लीज जल्दी करना मेरी छूट अब लुंड मांग रही है

अंकित : और मेरा लुंड अपनी प्यार की छूट मांग रहा है वैसे मेरी बाकि की परिया कहा है

नेहा : सो रही है बोल रही थी भाई का खनन बहुत बुरा है ज्यादा वीकनेस लग रही है तो सो रही है सभी

अंकित : उनको कहना उनके भाई का खून जब पूरी तरह असर करेगा तब तुम अपने भैया को बहुत थैंक्स बोलोगी

नेहा : वैसे शादी के बाद कहा घूमने लेकर जाओगे

अंकित : जहा आपका डिल करे बतादेना

नेहा : मेरी एक विश पूरी करेगा

अंकित : क्या विश है में जान की

नेहा : हम कही ठंडी जगह जायेंगे जैसे रोमणिया या पेरिश और हम खुले आसमान के निचे बर्फ मैं सेक्स करेंगे ठाड़े मैं गरम

अंकित : अब इससे ज्यादा मत बोलना वर्ण रह नहीं पाऊँगा बही आजाऊंगा आपके पास

नेहा : ठीक है वैसे पास आकर क्या करोगे

अंकित : पास आऊंगा और आपके गुलाब की काली जैसे होठों को मुँह मैं लेकर बहुत ज्यादा प्यार से चूसूंगा आपकी चिहियो का दूध पीयू गए खूब दबाऊंगा और प्यार से आपकी छूट मैं अपना लुंड घुमाऊंगा और जन्नत की सैर करवाऊंगा और अपना लावा की गर्मी आपको महसूस करवाऊंगा

नेहा : बस मेरे पति देव इससे आगे बड़े तो मैं कण्ट्रोल नहीं कर पाऊँगी ब्ययी लव यू

अंकित : लव यू आल मई होनेस

फिर दोनों तरफ कॉल कट होजाता है

फिर अंकित वह से संध्या के रूम मैं जाता है जहा संध्या बीएड पर ल शेप मैं बैठी थी

अंकित गया और सीधा संध्या के पति छोत मैं खुस गया और छूट को चाटने लगा

अंकित : सौउररेपल्ल सुऊररपपपप सूररपपप ऊम्मम सूरेपुप पपूछहहहह

संध्या : आठ अंकित तुम्हे मेरी छूट लगता है ज्यादा hi पसंद आगयी है

अंकित : ममी आज आप लाल साड़ी मैं बहुत ज्यादा हॉट लग रही हो सुऊररपपपप सुऊररपपपप सूररपपप

संध्या : आठ बीटा त्र गिफ्ट आज hi आने वाला है तैयार रहना

अंकित : ok ममी अभी आपकी छूट का मज़ा ले लेता हु

अंकित नंगा हुवा और उसने संध्या की सारे को उसकी कमर तक किया और लुंड दाल दिया संध्या की छूट मैं

अंकित धक्के लगते लगते संध्या का ब्लाउज और ब्रा भी निकल देता है और ु की एक चुकी को मुँह मैं भर के शॉट मरने लगता है

संध्या : आठ यस यस यस ओह्ह बीटा छोड़ो मुझे मैं चुदाई केलिए तड़प गयी हु आह्हः ऐसे यस पी जो मेरे बच्चे अपनी ममी की चूचियों का दूध ाहः आअह्ह्ह यस यस आठ यस

अंकित : ूउम्म्म ऊम्मम सुर्र्पो पपूछह यस ममी यस यूउऊउउउम्मम्म ूउम्म्म यस यस सूररपपप ूमममममम

संध्या : आठ बीटा मैं आयी आअह्हह्ह्ह्ह ुआहहहह आह्ह्ह्हह आह्हः यस यस यस ा

अंकित : आअह्ह्ह ममी आपकी छूट का पानी नहीं सच मैं मेग्मा जितना गरम है आह्हः आठ

संध्या : यस बीटा यस यस आह्हः आह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह आह्हः ओह्ह सीई आअह्ह्ह यस

अंकित : सूयर्र्प्प ऊम्मम पपूछह ूउम्म्म. ुउउम्म

संध्या : आठ बीटा मैं फिरसे आयी आह्ह्ह्हह यस यस यस फुके में हार्ड हनी यस यस आह्हः

अंकित ने भी स्पीड बधाई और संध्या झाड़ गयी ऐसे hi 30 घंटे की उल्टा पलट चुदाई के बाद अंकित झड़ने वाला था

अंकित : ममी आप मेरा पानी टेस्ट करेगी

संध्या : है जरूर पीला मुझे अपना पानी

फिर अंकित ने लुंड छूट से निकल कर संध्या के मुँह मैं देदिया संध्या अंकित के टोपे को मुँह मैं लेकर उस पर अपनी जीब चलने लगी स्नाध्या की गरम जीब लुंड पर पड़ते hi अंकित बेकाबू हुवा और उसका सारा लुंड रास निकल गया

संध्या बड़े चाव से वो पि गयी फिर अंकित शांडिया दोनों चूचियों के बीच अपना सर रख कार्लेट गया

दोनों करीब 10 मं बाद नार्मल हुए संध्या अंकित का सर सहलाने लगी

स्नाध्या : तूने सच मैं गर्मी शांत करदी मेरे बच्चे

अंकित : थैंक्स ममी वैसे ममी मुझे आपका पइसस पीना है

संध्या : क्या सच में तेरे मां भी जब भी हम सेक्स करते थे तब हम भी एक दूसरे को मूट पिलाते थे

अंकित : तो मुझे भी पिलवा

संध्या : चल ठीक है जा मेरी छूट के पास

अंकित निचे आया और संध्या की छूट से अपना मुँह जोर दिया और संध्या मूतने लगी और अंकित पि गया

संध्या : मज़ा आया

अंकित : हां बहुत बूत ज्यादा नहीं था

संध्या : क्यों की मैं अभी फ्रेश होकर hi बैठी थी

अंकित : वैसे ममी उन चारो अओर्तो को सेट करना

संध्या : चारो की चारो छोड़ पायेगा

अंकित : वो आप hi देखलेना

संध्या : चल ठीक है कुछ करती हु फिर ये दोनों सो गए

यहाँ निशा मनीषा और तन्वी बैठे हुए थे

निशा : वैसे तन्वी तुम्हारी सील तो इस बार आकाश hi खोलेंगे

तन्वी : है मैं चाहती थी की अंकित खोले बूत आकाश केलिए भी ये कर सकती हु बूत गांड तो अंकित hi खोलेगा वैसे दीदी आप भी तो हमारी सुहाग रत मैं होंगी आप क्या करोगी वैसे

मनीषा : हमने आकाश से बात कर्ली है की अंकित hi हमारे छेद खोलेगा और आकाश हमारे साथ कई बार चुदाई कर चुके है इसलिए वो शायद तुम्हे hi उस रात छोड़ेंगे हम बस आकाश के साथ ओरल सेक्स करेंगी

निशा : मनु 2 दिन बाद तुम्हे और तनु को भी ब्लोड्ड इम्प्लांट करवाना है रेडी होना अपनी खूब सुरति को और ज्यादा बढ़ने केलिए

दोनों : हां

तन्वी : वैसे ौमी और मेघा दीदी कब आएंगी पिछली बार भी आने का बोल रही थी बूत आयी नहीं

निशा : अरे वो सुप्रिया और माहिरा का थोड़ा एक्सीडेंट्स होगया था तो वो नहीं आयी आजाएंगी

यहाँ गांव मैं वो चारो लड़किया

रेशमा : आज रात कुछ भी होजाये मैं अंकित का लुंड लेकर रहेंगी हम चार

तीनो : है सही कहा बहुत मज़ा आएगा

देखते है अंकित इनकी क्या हालत कार्य है चुदाई मैं

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