Pyar ki had paar- family loves forever - Page 2 - SexBaba
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Pyar ki had paar- family loves forever

अपडेट 5

एक पल के लिए तो सुंग ली लू भी घबरा जाता है..

और वो लड़का डायरेक्ट रिंग के अंदर चला जाता है.

लड़का : इतना खुस होने की जरूरत नहीं है

सुंग ली लू एक बार मुझसे तो भीड़ लिए...

सुंग ली लू : कौन है बे तू..

लड़का : तेरी मौत आवाज़ सुनाई नहीं देती तुजे...

वह कत्ले आम मचा है जहा पर महा काल खड़ा है जब ये सम्पान होगा वही बचेगा जो अनंत होगा...

सुंग ली लू (थोड़ा घबराते हुए) : आज में तुजे भी नहीं चोरु गए..

तुम लोग बोहोत कमजोर होते हो इस आवाज़ से मुझे डरा नहीं सकते..

लड़का : जब मौत अति है तो हर कोई दर जाता है

तू हम हम को कमज़ोर शामाज ता है...

" भगवाम की बनाई हुए डुबलीकेट कॉपी"

तभी

एक आवाज़ सुनाई देती है उस लड़के को जिससे सुनकर उस लड़के का गुस्सा और बाद जाता है..

औरत( लड़के से ) : भैया....

चूर्ण मत इस को इसने मेरे वीर को मारा है बोहोत बुरी तरह से..........

और आखो (ऑय) में आशु लिए रोने लगती है.

उसके साथ में दूसरी लड़की

लड़की (उस औरत सी) : भाभी रोना बंद करो अब कुछ नहीं होगा भाई को ...( वो लड़की उस लड़के को पहचान जाती है उसकी ब्लू ऑय देख कर )

और वो लड़का उस वीर को देखता है जिसकी हालत बोहोत बुरी होती है.

लड़का उस वीर के पास जाकर बोलता है.

लड़का (वीर से) : दर्द की शाम हो या. सुख का सवेरा हो.

सब कुछ क़बूल है अगर साथ तेरा हो.

मुझको बुला लेती है रोज़ एक नए बहाने से तेरी याद वाक़िफ़ हो गयी है मेरे हर ठिकाने से.

शायद वीर भी उस लड़के को पहचान जाता है..

वीर ( लड़के से) : बहुत दर्द के साथ बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से हो सके तो लौट आए किसी बहाने सी,

तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले कोई बिखर गया है तेरे जाने से.

लड़का (वीर सी) : रिश्तों में दूरिया तो आती जाती रहती है. फिर भी दोस्ती दिलों को मिला लेती है,

वो दोस्ती ही क्या जिसमे नाराज़गी न हो

पर सच्ची दोस्ती दोस्तों को मन ही लेती है.

ये सुन के वीर क दिल को ाचा लगता है और इसी के साथ वीर बेहोश हो जाता है..

सुंग ली लू (लड़के से ) : तू उससे बात ही करता रहेगा या मुजसे पिटेगा भी...

और इसे के साथ सुंग ली लू उस लड़के को मरने के लिए आगे बढ़ता है.

तभी

लड़का (सुंग ली लू से गुस्से में ) : तू हम भारतीयों को कमज़ोर शमजता है

देख ते है कितनी ताकात है तेरे अंदर

मार मुझे माआआआआ जितना दाम है तुजमे मार..............

तेरे पास 2 मिनट का टाइम है.

इससे के साथ सुंग ली लू उस लड़के के चेस्ट पर घुसा मरता है .

मगर उसके ग़ुस्सा मरते ही उसकी फिंगर की हादी टूट जाती है और पूरी जलने लगती है (उससे ऐसा लगता है जैसे किसी आग (फायर) के समुन्दर में किसी बोहोत ही कठोर चीज़ पर घुसा मारा हो.)

उससे के साथ वो बोहोत जोर से चिल्लाने लगता है.

आआआआह

और उस लड़के के बिना मरे होई वो सुंग लू ली निचे गिर जाता है.

और वही लोगो में खुस - फूस होने लगती है.

और सुंग ली लू को दुबारा मरने की हिम्मत नहीं होती.

लड़का ( सुंग ली लू से ) : बस इतनी ही ताकात थी तेरे अंदर मेरे से टकराने की.

थोड़ी देर के बाद सुंग ली लू दुबारा खड़ा होता है.

फिर

लड़का : योर टाइम इस ओवर नाउ माय टाइम.

और वो लड़का एक तीज के थपड उसके गाल पर मरता है

जिससे उसके निचे की गर्दन की हड्डी टूट जाती है.

और वो सुंग ली लू ों थे स्पॉट मर (डेड ) जाता है

वही रिंग के भार एक आदमी बोलता है

आदमी : ये लोग ऐसा ही होता है चले तो चाँद तक

नहीं तो शाम तक..

और वह भारत माता की जय के नारे लगने लग जाते है.

भारत माता की जय

और कुछ लोग जय महाकाल बोलने लग जाते है.

तभी

वो दोनों औरत और लड़की वीर के पास आ जाते है..

मगर वो लड़की वीर को न देख कर उस लड़के की नीली आखे देखने लग जाती है

तभी

लड़का मैनेजर को आवाज़ लगता है

और मैनेजर भागता हुए उस लड़के के पास अत है.

लड़का ( मैनेजर से) : जो पैसे इस फाइट के मिलने वाले है वो इस औरत को दे दो..

जिससे वो वीर का इलाज करा सके.

और वो लड़का भार जाने लगता है.

और गेट के पास पहोचता ही है की

वो लड़की भगति हुए पीछे से आ जाती है.

और उस लड़के के पीछे से गले लग जाती है.

लड़की (उस लड़के सी) : तुम मुझे फिरसे चोर कर जाना चाहते हो. ( और उस लड़के को और तेज़्ज़ से गले लगा लेती है.) पलज़्ज़ज़ मुझे चोर कर मत जाओ..

लड़का ( लड़की सी) : कोण हो तुम में तुम नहीं जनता

लड़की ( लड़के से ) : तुम ऐसा किउ बोल रहे हो मेरा प्यार इतना कमज़ोर नहीं की में तुम न पहचान सकू.

ाचा तुम मुझे नहीं जानते हआ.

ठीक है फिर तुम कैसे पता की उस लड़के का नाम वीर है...

और अब फिर तुम मुझसे दूर चले गई न तो में मर (डेड) जोगी ........

और रट हुए वही बैठ जाती है...

लड़का उस लड़की को उठाते हुए ( आँख नाम होते हुए बोल ता है )

लड़का ( लड़की से) : तुम रोया (कैर्री) करोगी तो मुझे ाचा नहीं लगेगा.

में जल्द ही वापिस आउगा . और वीर को भी बोल देना.

और अपना ख़याल रखना

लड़की ( सिसकारियां लेते हुए) : में तुम दुबारा खोना नहीं. चाहती में टूट जोगी.

लड़का ( नाम आखो सी) : प्यार का तोफा हर किसी को नहीं मिलता ये वो फूल है जो हर भाग में नहीं खिलता इस फूल को कबि टूटने मत देना क्योकि टूटा हुआ फूल वापस नहीं खिलता..

तुम मेरी कमज़ोरी बनना चाहती हो या तक़्क़त अगर तुम टूट गए तो में भी टूट जाउगा.

और लड़का उससे एक छोटा सा डिब्बा देता है और बोलता है इससे तुम जब खोलना जब में तुमसे मिलुंगा

तुम मेरी कसाम है तुम उससे पहले इसे नहीं खोलोगी..

और में बस कुछ सालो में जरूर बापस आउगा मेरा कुछ साल और इंतज़ार नहीं कर सकती.

लड़की ( लड़के से) : में तुम्हारी ताकात बनना चाहती हु.

और में तुम्हारा कुछ साल तो क्या जिंदगी भर इंतज़ार कर सकती हु..

जब तक के लिए में इस डिब्बे को देख कर जी लगी.

और वो लड़का वह से चला जाता है...

अगली सुबह.....................
 
अपडेट 6

अगली सुबह ......

रोज़ सुबह सुबह राहुल 5 बजे उठा है और भर जॉगिंग के लिए जाता है.

उसके बाद आकर 1 घंटा एक्सरसाइज करता है.

फिर चल देता है अपनी बहनो (रूचि & निशा ) को जगाने के लिए मगर उससे क्या पता वो पहले से ही जाग रही है.

कमरे में .

रूचि ( निशा से) : आज भैया हमें उतने वाले है स्कूल के लिए

निशा (रूचि से ) : तो कुछ धमाका मचाये क्या..

अरे नहीं

फिर निशा रूचि से

रूचि कुछ बोलती है निशा के कान में

फिर दोनों हसने लगते है.

और चुप चाप सोने (स्लीप) करने की एक्टिंग करने लगते है.

जैसे ही राहुल रूम में एंटर होता है

देखता है की रूचि और निशा दोनों एक दूसरे की बहो में गले लगा कर सो रही होती है.

दोनों इतनी प्यारी लगती है की कोई भी मोहित जाए.

और राहुल उन दोनों के पास पोहोच ता है और अपनी दोनों बहनो को उतने के लिए पहले उनके माथे (फोरहैड ) पर किश करके .जैसे hi कुछ बोलने वाला होता है.

वैसे ही दोनों

अचानक से

राहुल का हाथ ( हैंड ) पकड़ लेती है और उसको बीएड पर गिरा देती है

और रूचि राहुल के ऊपर बैठ जाती है.

और निशा उसके बगल में बैठ जाती है.

और दोनों राहुल के गाल पर तेज़्ज़ तेज़्ज़ किश करने लगती है और उसका पूरा गाल (चिक ) गीला कर देती है.

और फिर बोलती है.

भैया किश ऐसे करनी चाहिए जिसमे थोड़ा ज्यादा प्यार हो.

राहुल ( मैं में ) : लगता है ये कुछ धमाका करने वाली है.

कही ये मेरा रपे तो नहीं करने वाली .

नहीं यार ये तो बहन है ऐसा नहीं करेगी.

फिर क्या करेगी

रूचि ( बड़े प्यार से ) : भैया आज हमें आपका एक दिन चैहिये और हम जो बोलेगे वो आप करो गए हमारे स्कूल से आने के बाद.

राहुल ( दोनों से) : किउ तुम दोनों काम पर गई हो घर में धमाका करने के लिए जो मुझे भी शामिल करना चाहती हो.

निशा : नहीं मेरे प्यारे भैया हम तो बस शॉपिंग पर जाना चाहते है

कुछ सामान खरीदना है.

और रूचि जो राहुल पे बैठी हुए थी उसकी गांड राहुल के लुंड पर जिस रही थी

जिससे राहुल गरम होने लगता है.

इसका आभास जिसे ही राहुल को होता है.

वो जल्दी से रूचि को अपने ऊपर से उठता देता है और बैठ जाता है.

राहुल ( दोनों से) : पायल के साथ चले जाना

ये सुन कर दोनों उदास हो जाती है.

जिसे राहुल भी देख लेता है.

निशा : भैया हमें आपके साथ जाना है.

रूचि बड़े प्यार से राहुल का मुँह अपनी तरफ करते हुए.

भाई पलज़्ज़ज़

राहुल ( दोनों से) : ठीक है अब ज्यादा इमोसनल ब्लैकमेल मत करो..

फिर दोनों हसने लगती है..

और भागते हुए वाशरूम में चली जाती है.

और बोलती है भैया याद रख न भूल मत जाना..

और राहुल ठीक है बोल कर चल देता है .

अपनी पढ़ाकू बहन पायल के पास.

राहुल जैसे ही रूम में एंटर होता है.

रूम में देखता है की पायल बुक को सीने से लगाए सो (स्लीप) रही होती है.

राहुल पायल के पास जाकर उसकी बुक को साइड में रख ता है की

अचानक उसके बुक से एक फोटो निचे गिर जाती है.

जिसे देख कर राहुल थोड़ा शॉकेड हो जाता है.

फिर सोचता है शायद ऐसे ही राखी होगी

और वो बुक को साइड में रख देता है.

और पायल को उतने लगता है.

पायल : भाई सोने दो न 5 मिनट बाद उत् जोगी..

राहुल : ुट्टी है की में बुआ को बुलाऊ..

पायल बुआ का नाम सुन कर उत् जाती है.

राहुल : कॉलेज जाना है है की नहीं अड्मिशन के लिए जल्दी त्यार हो जा..

में भी त्यार होने जा रहा हु.

और राहुल वह से निकल जाता है.

अपने रूम में त्यार होने.

पायल जब बुक की तरफ देखती है तो थोड़ा शॉकेड हो जाती है

पायल ( मैं में ) : कही भैया ने वो फोटो देख तो नहीं ली.

यही सोचे हुए पायल भी नहाने निकल जाती है.

जब राहुल त्यार होकाल निचे अत है तो देखता है सब डिनर पर राहुल का ही

इंतज़ार कर रहे है.

जब सब राहुल को देखते है तो हैरान हो जाते है.

किउकी राहुल बोहोत ज्यादा हैंडसम लग रहा होता है इन कपड़ो में..

रूचि राहुल को देख कर बोलती है.

रूचि : भैया आज आप बोहोत हैंडसम लग रहे हो.

भैया कॉलेज अड्मिशन के लिए ही जाना कही किसी लड़की के चक्कर में मत फास जाना...

तभी

निशा: हां भैया नहीं तो हम कावरे रह जाएगी.

इस बात पर माला (बुआ ) किचन से एते हुए दोनों ( रूचि & निशा) को आँख दिखाने लग जाती है.

और पायल उनको गुस्से में देखकर बोलती है.

पायल ( निशा से ) : तुम्हारा कुंवारा रहने से क्या मतलब है.

निशा बी( मैं में ) : ये दीदी भी न कुछ नहीं समझती बोहोत सरीफ बनने की कोसिस करती है.

एक दिन इनका भन्दा जरूर फोरु गई..

रूचि बात को शमलते हुए ..

रूचि ( पायल से) : दीदी निशा का मतलब है की वो लड़की कुवारी मर जाएगी.

किउकी भैया तो हम लोगो से प्यार करते है न..

निशा ( उसदास होकर) : और पायल दीदी से कुछ ज्यादा होई.

जिससे सुकर पायल दीदी थोड़ा मुस्कुरा देती है. और मैं में बोलती है.

पायल (मैं में ) : और नहीं तो क्या राहुल को तो में सिर्फ में ही सिर्फ में प्यार करती हु .

और वो मुझसे भी जल्द ही प्यार करेगा..

और थोड़ा हसने लगती है.

निशा ( घूरते हुए) : दीदी हमें भी बता दो आप किउ हस्स रही हो.

पायल हरबराते हुए. बोलती है कुछ नहीं बस ऐसे ही.

तभी

राहुल सब की बात सुनकर सोचता है मैं में..

राहुल ( मैं में ) : ये बस क्या ड्रामा चल रहा है कुछ शामाज में नहीं आ रहा..

कही ये...... में कुछ भी सोच लेता हु.

और तभी.

माला (बुआ) सबको ब्रेअके फ़ास्ट कराती है.

माला ( बुआ) : मेरा बीटा तो है ही हैंडसम कही किसी की नज़र न लग जाए..

और माला (बुआ) राहुल को काजल का टिका लगा देती है.

फिर तीन ( पायल, रूचि , निशा)

क्या हम नहीं है. लग रहे खूबसूरत मा

इस पर राहुल बोलता है.

जिसे सुनकर तीनो सॉकेड हो जाती है....................
 
भाई हीरो हीरोइन को मिलने में अभी टाइम है. (उसके मिलने के बाद ही राज लोक ( जहा पहले हमारे हीरो का पहले जनम हुए था. उसके बारे में पता चलेगा ) और कोई भी किसी से भी प्यार कर सकता है. इसमें हमारा कोई बस नहीं है.

और भी लकिया आएगी राहुल के जीवन में

और इन लोगो के प्यार का भी एक कारन है. वो वरदान जो ासुरो को मिला है.

इन सबके प्यार करने के बारे की सचाई जब पता चलेगी जब राहुल उस शख्स से मिलेगा जिसने हमारे हीरो को बचाया था.

जो आगे पता चलेगा.
 
अपडेट 7

जिसे सुनकर तीनो सॉकेड हो जाती है....................

अब आगे.....

मेरे तीनो बहन तो खूबसूरत नहीं है.

और तीनो सॉकेड हो कर गुस्से में देखने लगती है.

तीनो आखे नाम करके बोलती है हम आपको अछि नहीं लगती....

फिर राहुल दुबारा बोलता है.

राहुल ( तीनो से) : मेरी साड़ी बहन तो पारी है और पारी खूबसूरत नहीं होती बोहोत खूसबसुरत होती है.

और तीनो आकर राहुल के गले लग जाती है.

तभी.

माला बुआ बोलती है..

माला बुआ : और नहीं तो क्या

मेरा बीटा हैंडसम है तो मेरी बेटी पारी हुए न..

और फिर

माला बुआ उन तीनो को भी कला टिका लगा देती है.

तभी भर स्कूल की बस आ जाती है.

और रूचि & निशा को लेट हो रहा होता है.

तो जल्दी से ब्रेक फ़ास्ट करती है.

निशा ( राहुल से ) : भैया याद रखना भूल मत जाना.

और राहुल भी हां में मुंडी हिला देता है.

और रूचि & निशा स्कूल की बस में बैठ कर निकल जाती है.

तभी पायल बोलती है राहुल से

पायल ( राहुल से ) : ये क्या याद रकने के लिए बोल रही थी.

माला ( बुआ) : है बीटा कुछ धमाका तो नहीं करने वाले हो.

मुझे लग रहा है किउकी बोहोत दिन से कुछ नहीं हुआ है.

राहुल ( दोनों से) : नहीं बुआ वो शाम को निशा & रूचि को कुछ सामान खरीदना है इसलिए शॉपिंग पर जाने के लिए बोल रही थी..

तभी

टीवी पर एक न्यूज़ आ रही होती है.

एक रिंग फाइटिंग में सुंग ली लू की डेथ हो गई.

ये दुनिया का सबसे खतरनाक फाइटर था.

आज तक इससे कोई हरा नहीं सका.

उसके ऊपर बोहोत रपे केस और निर्दोषो की हत्या के भी अरूप थे.

सूत्रों से पता चला है की.

हैरानी की तो बात ये है की

कोई लड़का अचानक से रिंग में अत है.

और उसके पीछे से एक बोहोत ही डरावनी आवाज़ अति है.

वह पर करले आम मचा है जहा. पर महाकाल खड़ा है. जब ये शम्पायन होगा वही बचेगा जो अनंत होगा.

क्या राज है इस आवाज़ का कुछ भी पता नहीं चला है

जिसे सुनकर पहले तो सब घबरा जाते है

और कुछ पता नहीं चला है.

और

फिर

जब वो लड़का एक ही थपड में सुंग ली लू को ठतम कर देता है.

और फिर वह

भारत माता की जय और महाकाल की जय के नारे लगने लगते है.

कोण है ये महाकाल

क्या ये कोई हीरो है.

कहा से आया है ये.

क्या ये भारत माता का बीटा है.

या कोई और

इसकी पहचान अभी भी गुप्त है.

ये खबर पुरे इंडिया ही नहीं भर देश में भी पहोच जय है.

फिर

माला ( बुआ) : कोण है ये महाकाल जिसने इतने खतरनाक फाइटर को एक थपाद में ख़तम कर दिया.

अगर ये लड़ाई करता तो क्या होता.

पायल : जो भी हुआ ाचा हुआ

माँ अपने सुना नहीं कितने रपे और निर्दोषो की हत्या की है इस नै.

राहुल : और नहीं तो क्या असो के साथ ऐसा ही होना चाहिए.

फिर राहुल पायल से बोलता है

राहुल (पायल से ) : लेट हो रहा है एडमिशन के लिए चलो.

फिर हम दोनों कॉलेज के लिए निकने लगते है.

पीछे से माला बुआ बोलती है

माला ( बुआ) : बीटा दोनों अचे से जाना और कोई तकलीफ हो तो फ़ोन कर देना.

और

में पायल को अपने साथ बाइक में बैठा कर निकल जाता हु.

मगर पायल मेरे से कुछ ज्यादा ही चिपक कर बैठी है वो ऐसा किउ करती है.

शाळा भी तक शामाज में नहीं आया.

जब में कॉलेज में पोहोचता हुए तो उन लड़को को देकते ही बोहोत हैरान हो जाता हु........................

चलो चलते है पटल लोग की तरफ.............

मुर्ख ( बेवक़ूफ़ ) हो तुम

तभी पीछे से ासुर गुरु आते हुए दिखाई देते है. और ये देखते ही वो दोनों ासुर लड़कियों को ले जाने के लिए सैनी को ( सिपाही ) से बोलते है. और वो सभी लड़कियों को यहाँ से ले जाते है.

फिर से ासुर गुरु

पास एते हुए..

मुर्ख तो यहाँ मज़े कर रहा है.

और यहाँ तुमने सोचा. की 17 साल से दानवासुर यहाँ नहीं आया उसका क्या कारन ( bajaye)hai.

ासुर राज : हमने बोहोत कोसिस की पर ........................

जब तक हमारी सकती पुन्ना ( दुबारा ) वापस नहीं आ जाती

हम कैसे पता लगा सकते है की दानवासुर धरती लोक से किउ वापस नहीं आया

कामासुर : मगर भाई धरती लोक में ऐसी कोई सकती नहीं है. जो दानवासुर को रोक सके

फिर क्या कारन ( बजाये) हो सकती है.

ासुर गुरु : सिर्फ उस शक्ति को चोर कर और वो.........

ासुर गुरु : कोनसी शक्ति गुरु जी और वो क्या .....

ासुर गुरु : वो लड़का और वो लॉकेट को चोर कर . जिसमे उसने ..........................

कामासुर : मगर वो लड़का तो उस टाइम बचा ( चाइल्ड) होगा ना

तो वो क्या कर सकता था....

और वो लॉकेट तो उसके पास था तो वो धरती लोक कैसे जा सकता है.

क्या उसने भी फिर से जनम लिया था..

ासुर गुरु : मुझे सिर्फ लगता है. विश्वास से नहीं बोल सकता...

ासुर राज : अब हम क्या करे गुरु जी आप ही बताइये कोई रास्ता दिखाइए जिससे हम

उस कवज ( शील्ड) को तोर सके और धरती लोक जा सके...

ासुर गुरु : एक रास्ता है ..

वो है महादेव ( महाकाल)

कामासुर : वो हमारी मदद नहीं करेंगे आपको पता है ासुर गुरु किउकी .................

ासुर गुरु : मुझे पता है.

मगर प्रेरणा की तो मदद करेंगे ना.....

किउकी.................
 
अपडेट 8

पटल लोक

ासुर गुरु : एक रास्ता है ..

वो है महादेव ( महाकाल)

कामासुर : वो हमारी मदद नहीं करेंगे आपको पता है ासुर गुरु किउकी .................

ासुर गुरु : मुझे पता है.

मगर प्रेरणा की तो मदद करेंगे ना.....

किउकी.................

अब आगी.....

असुरराज : मगर प्रेरणा ( चारो असुरो की एक लौटी बहन ) फिरसे हमारे रस्ते में आ गई तो

ासुर गुरु : ऐसा नहीं होगा.

फिर ासुर गुरु उनके कान ( एअर) में कुछ बोलते है

जिसे सुनकर दोनों ासुर के चेहरे के भाव बदलने लगते है

और उनके चेहरे पर करीलाना मुस्कराहट आ जाती है.

और दोनों ासुर ( कामासुर और असुरराज ) चल देते है प्रेरणा के कक्ष ( कमरे) की और

वही दूसरी और

एक लड़की अपने कक्ष (कमरे) में किसी याद में रो (कैर्री) रही होती है.

और वो लड़की बड़े मासूमियत के साथ बोल रही होती है.

लड़की : कितना इंतज़ार करना पड़ेगा तुम्हारा तुम कब आओगे

अब तो मेरे आशु ( टेअर) भी सुख गए है रो रो कर.

मुझे तो ये भी नहीं पता की तुम खा हो.

तुम्हारा पुनर जनम खा हुआ है.

देव लोक में हुआ है

या जीन लोक में हुआ है.

या पारी लोक में हुआ है

या धरती लोक में हुआ है.

में इस कक्ष ( कमरे) से भर भी नहीं जा सकती भैया ने मुझे इतने सालो से कक्ष ( कमरे ) में बंद जो कर रख है है..

अब तुम नहीं ए तो में मृत्यु ( डेड या मरना) की गॉड में सोना (स्लीप) पसंद करुँगी. किउकी अब मेरे से और इंतज़ार नहीं होगा.

कितने साल बिट गए तुम्हारा इंतज़ार करते हुए

दिन भर भटकते रंते हैं अरमान तुझे मिलने को,

न यह दिल ठहरता है न तेरे इंतज़ार रखता है,

किन लफ्ज़ो मैं लिखू मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें,

दिन रात दिन रात की बेचैनी है, यह आठ पहर का रोना है,

असर बुरे है फुरकत मैं, मालूम नहीं क्या कर बैठु.

फिर

वो लड़की अपने प्यार को याद करते हुए...

महादेव की मूर्ति की और जाने लगती है

तभी

पीछे से दोनों ासुर जाते है

और ासुराज बोलता है.

ासुराज : बहन प्रेरणा तेरे लिए खुस खबरि है ..

प्रेरणा ( दोनों ासुर से ) : इतना कास्ट ( परेशां ) पंहुचा कर तुम्हारा जी नहीं भरा

इतना जुर्म तो देवकी माता पर बी भी नहीं किया होगा उस कंश ने जितना अत्याचार तुमने मेरे ऊपर किया है.

और अब भी जी नहीं भरा ,

जो दुबारा मुझ पर अत्याचार करने आ गए

तुमने तो मेरे प्यार तक मुझसे चीन लिया है.,

अभी भी कोई कसार रह गई है तो वो भी पूरा कर लो

मगर तुम मुझसे कबि भी उस तलवार और उस लॉकेट का राज नहीं जान सकते..

और वो खा है वो भी नहीं..

वो सिर्फ मेरे प्यार की है.

चाहे तुम मेरी अब जान भी ले लो..

किउकी अब जीने से क्या फयदा किउकी मेरा मेरा प्यार तो मेरे पास है नहीं...

ासुराज कातिलाना मुस्कराहट के साथ बोलता है.

ासुराज : मेरे लाड़ली बहन तेरे जीने का फयदा है ,

और में तेरे से उस तलवार और लॉकेट के बारे में जानने नहीं आया हु.

और जो मने तुम पर जो अत्याचार किये भाई.

उसके लिए हमे माफ़ कर दो.

और में तो तुम्हारे लिए खुसखबरी लेकर आया हु.

उस लड़के का जनम आज से 17 साल पहले धरती लोक में कबका हो चूका है.

अभी हमें ासुर गुरु ने बताया है.

प्रेरणा ( खुसी से) : सच भैया ( और प्रेरणा खुसी से झूमने लगती है)

फिर

दुबारा अचानक से रोने लगती है.

प्रेरणा अपने दोनों भाइयो से बोलती है.

प्रेरणा : मुझे किउ बता रहे हो इसमें तुम्हारा कोई षड्यंत्र ( शाजिश ) तो नहीं किउकी तुमने .............?.....................

और उसने अपना सरीर त्याग दिया.

कामासुर : बहन हमें माफ़ कर दो मगर हमें तुम्हारा दुःख नहीं देखा गया इसलिए हमने असुरगुरु से पता लगाने के लिए कहा ( झूट ).

प्रेरणा : फिर में अभी डर्टी लोक जाती हु.

ासुराज (मैं में) : बोल तो ऐसे रही है जैसे उस कवज ( शील्ड ) को तोड़कर धरती लोक पहुंच जाएगी.

उस शील्ड को तोरणा इतना आसान होता तो मुझे इतने समय के लिए अपनी शक्तिया नहीं गावनि पार्टी.

और इसको मानाने के के लिए इतने पापड़ भी न बेलने पड़ते.

फिर ासुराज प्रेरणा से बोलता है.

ासुराज : नहीं जा सकती किउकी वो कवज ( शील्ड) जो उसके ..................... से बानी है

वो हमें धरती लोक नहीं जाने देगी.

प्रेरणा ( उदास होकर ) : वो शील्ड तो कोई भी नहीं तोर सकता.

कामासुर : हां ये तो है.

मगर एक शख्स है जो तुम वो शील्ड तोरने के बारे में बता सकता है..

प्रेरणा ( खुस होकर) : कोण है वो भैया.

ासुराज : महादेव

प्रेरणा : वो हमें नहीं बतायेगे..

कामासुर : फिर हम अब कर भी क्या सकता है.

चलो भाई.

और दोनों ासुर भर आ जाते है.

कामासुर ( ासुराज से) : हमने असुरगुरु के कहने पर प्रेरणा के मैं में उस कवज ( शील्ड) तोरने का बीज तो दाल दिया.

मगर क्या वो उसमे कामयाब होगी..

ासुराज : देखते है क्या होता है.

वही प्रेरणा

अपने दोनों भाई ( ासुराज और कामासुर ) के जाने के बाद.

अपने कक्ष ( कमरे) का दरवाजा सही से बंद कर लेती है.

और महादेव भगवान् की मूर्ति के पास जाकर उनके चरणों में बैठ जाती है.

और प्रेरणा महादेव भगवान् से बोलती है

..............
 
अपडेट 9

वही प्रेरणा

अपने दोनों भाई ( ासुराज और कामासुर ) के जाने के बाद.

अपने कक्ष ( कमरे) का दरवाजा सही से बंद कर लेती है.

और महादेव भगवान् की मूर्ति के पास जाकर उनके चरणों में बैठ जाती है.

और प्रेरणा महादेव भगवान् से बोलती है

अब आगी..........

प्रेरणा ( महादेव से ) : बाबा प्रकट होइए आज आपको प्रकट होना hi होगा.

मुझे अपने प्यार से मिलाने के लिए आपको आना ही होगा

आप अपनी पुत्री को ऐसा रोटा हुआ कैसे देख सकते है.

बाबा ( महादेव) प्रकट होइ ये

थोड़ी देर इंतज़ार करने के बाद भी कुछ नहीं होता तो फिर प्रेरणा बोलती है..

प्रेरणा ( महादेव से) : इतने कठोर मत बनिए बाबा मेरे अपने भैया ने तो मुझसे मेरे प्यार को चीन लिए था.

अभी मुझे पता चला है के मेरे प्यार का जनम धरती लोक में बहोत समय पहले हो चूका है.

कमसे काम आप तो अपनी इस पुत्री पर रेहम करिये..

मेरी पूरी ज़िन्दगी तो बस रोहन ( राहुल का पुनर जनम का नाम) पर सुरु होती है और रोहन पर ख़तम.

एक आशा की किरण मुझे दिखाई दी है..

मेरी मदद करो बाबा..

मने साड़ी ज़िन्दगी बस आपकी भक्ति की है. और अपने प्यार रोहन को याद किया है.

जबसे वो गया है बस इंतज़ार कर रही हु अब मुझ से इंतज़ार नहीं होता ..

इसे के साथ प्रेरणा बोहोत दर्द के साथ रोने लगती है..

ाचा आप मेरी बात नहीं सुनोगे ठीक है

फिर आप

अपनी पुत्री को मरता हुआ देखो किउकी में रोहन के बिना जी नहीं सकती..

और फिर

प्रेरणा अपनी शक्तियों से तिरशूल का ड़याँ करती है.

और त्रिशूल उसके हाथ ( हैंड) में आ जाता है.

और

जैसे ही वो त्रिशूल को अपने पेट ( स्तोमच)

में मरने वाली होती है.

तभी

उससे कुछ याद आ जाता है.

और अचानक प्रेरणा त्रिशूल को फेक डटी है.

में मर भी नहीं सकती बाबा

मने रोहन से वादा किया था की में उस तलवार की रक्षा करुँगी...

अब में क्या करू बबाआ....

तभी उसकी मैं में उसकी दीदी ( सुनैना ) का गण याद आ जाता है...

और वो उस गाने ( सांग) को महादेव के चरणों में जाकर गाने लगती है.

बोहोत दर्द के साथ...

बाबा तेरे चरणों की ,

अगर धुल जो मिल जाये , सच कहती हु बस मेरी तक़दीर बदल जाए,

सुनते है तेरे रेहमत दिन रात बरसती है,

इस दया के सागर से, एक बूँद जो मिल जाए,

मेरे प्यार रोहन से मिला दो न,

मेरी ज़िन्दगी सवार जाए, अब इंतज़ार न होता है,

मेरी मदद करो बाबा,

यह मैं बाबा चंचल है, इससे कैसे मई समजाव,

जितना इससे शाम जाऊ उतना मचल जाए,

प्यार तो लोगो को जीना शिकता है,

मेरे रोहन से मिला दो न, अब मुझसे सवार न हो पाए,

बाबा तेरे चरणों की धुल जो मिल जाये,

ये निस चल प्रेम है, यह बाबा लालच नहीं इस में, रोहन है मेरी ज़िन्दगी एक बार मिला दो न, तो मेरी ज़िन्दगी सवार जाए,

दीदी ( सुनैना) को तो मिलाया था मुझे भी मिला दो ना, अपनी पुत्री पर रेहम करो बाबा, आपकी पुत्री खुस हो जाए.

इससे के साथ प्रेरणा बेहोश हो जाती है.

तभी एक तेज़्ज़ रौशनी सामने चमकने लगती है.

और वो धीरे - धीरे एक आकर लेने लगती है.

और सामने महादेव और पारवती माता प्रकट हो जाती है,

महादेव ( प्रेरणा से) : ुत्तो पुत्री

तभी प्रेरणा सिसकते हुए महादेव और माता पारवती को देखने लगती है

और माता पारवती के गले लग जाती है,

माता पारवती ( प्रेरणा से) : सुनैना की तरह तेरे मान में भी रोहन के लिए बिना लालच का प्रेम है.

पुत्री बोल तुजे क्या चाहिए.

मेरे से तेरा ये दर्द देखा नहीं गया..

इसलिए महादेव के साथ में भी आ गई..

बोल पुत्री तुझे क्या चाहिए

महादेव ( प्रेरणा से) : हां पुत्री बोल सुनैना मेरी सबसे प्यारी पुत्री है वैसे ही तू भी तो है,

आज तुझे जो भी चाहिए बोल पुत्री..

प्रेरणा माता पारवती के गले से हटकर

रट हुए महादेव और माता पारवती के चरणों में गिर जाती है

और तेज़्ज़ तेज़्ज़ रोने लगती है..

माता पारवती : पुत्री अब रोना बंद करो नहीं तो रोहन के दिल पर क्या गुज़रेगी पता है तुजे

रोहन तो बस तुम्हारा और सुनैना का है और किसी का नहीं हो सकता

प्रेरणा रट हुए माता पारवती से बोलती है

बोहोत मासूमियत के साथ.

प्रेरणा : में क्या करू माँ ये आशु रखते ही नहीं मुझे मेरे प्यार रोहन से मिलना है माआ .

महादेव ( प्रेरणा से) : मगर बेटी अगर तू धरती लोक रोहन से मिलने गई तो तुझे कुछ दर्द भी झेलने पड़ेगे.

जो में नहीं चाहता की मेरी पुत्री वो दर्द झेले...

इसलिए में तेरे से मिलने नहीं आ रहा था..

प्रेरणा : बाबा में हर दर्द झेलने के लिए त्यार हु बस मुझे रोहन से मिला दीजिये..

महादेव : सोच लो किउकी में नहीं चाहता की तुम उस दर्द से गुज़रो.

प्रेरणा : मने सोच लिया है बाबा रोहन से दूर रहने का दर्द झेलने से ाचा है उसके पास रहकर दर्द झेलू

कमसे काम मुझे ये खुसी तो होगी की मेरा प्यार मेरे साथ है.

फिर

मुझे दुनिया का हर दर्द भी काम लगेगा.

महादेव कुछ और भी बोलने वाले होते है

तभी

माता पारवती महादेव से बोलती है.

माता पारवती ( महादेव से ) : प्रभु बात मान जाएगी न मुझ से मेरी पुत्री का दर्द अब और नहीं देखा जाता और अब आप कुछ नहीं बोलेगे..

महादेव ( प्रेरणा से) : पुत्री अगर तुमने फैसला कर ही लिया है तो ठीक है.

मगर

तुम उसको जब तक दिखाई नहीं दे सकती जब तक जब तक vo................Usse नहीं मिल जाती..

और

जब तक तुम अपनी शक्तियों का इस्तेमाल भी नहीं कर सकती जब tak.......................................,.hai.

फिर प्रेरणा खुसी से झूमने लगती है.

फिर

प्रेरणा माता पारवती से बड़ी मासूमियत से पूछती है

प्रेरणा ( माता पारवती से सरमते में): माँ इतने वर्ष (साल) गुज़र गए है कही में उनके सामने में बुरिया (ओल्ड) तो नहीं लागगी न..

माता पारवती ( हस्ते हुए) : नहीं पुत्री ऐसा नहीं होगा तुम सब उससे उम्र की हो जाओगी

जिस उम्र का रोहन ( राहुल) है.

महादेव ( प्रेरणा से) : तुम मेरा एक काम भी करना होगा धरती लोक जाकर

प्रेरणा : क्या महादेव

फिर महादेव प्रेरणा के कान में कुछ बोलते है.

माता पारवती ( प्रेरणा से) : पुत्री तुमने इतना ाचा गण ( सांग) गाकर मुझे और महादेव को बोहोत खुस किया है और तुमने हम दोनों से कुछ मांगा ही नहीं और में कुछ भी नहीं सुनुँगी

बोल न पुत्री

तुझे क्या चाहिए महादेव और मुझसे

अगर तुमने नहीं मांगा तो मुझे और महादेव को ाचा नहीं लगेगा..

प्रेरणा : माँ और बाबा आप से में समय आने पर मांग लोगो.... प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़

महादेव ( प्रेरणा से ) : ठीक है पुत्री.

और हमेशा खुस रहो...

और फिर महादेव और माता पारवती वह से चले जाते है..

वही डर्टी लोक में
 
अपडेट 10

चलो अब चलते है धरती लोक की तरफ.....

जब में कॉलेज पहोचता हु तो उन लड़को को देखकर हैरान हो जाता हु.....

अब आगी.....................

सामने से तीन लड़के आ रहे होते है

उन लड़को ने जैसे ही मुझे देखा भागते हुए मेरे गले लग गए..

राहुल उन लड़को से

राहुल : तुम यहाँ कैसे

लड़का 1 : भाई तू जबसे हॉस्टल से गया है हमारा भी मैं नहीं लगा...

( भाई राहुल माला बुआ के घर में रहने से पहले हॉस्टल में रहता था. उसके बाद वो माला बुआ के पास आ गया. ये बात आगे के अपडेट में पता चलेगी.. )

तभी

लड़का 2 : फिर जैसे ही हमारा स्कूल ख़तम हुआ हम इस कॉलेज में एडमिशन के लिए आ गए..

लड़का 3 : मगर भाई तू यहाँ कैसे

राहुल ( उन लड़को से) : भाई हॉस्टल से जाने के बाद में अपनी बुआ के पास रहने आ गया था.

और यहाँ कॉलेज में एडमिशन के लिए आया हु.

तभी

तीनो लड़के एक साथ बोलते है फिर तो मज़ा आ गया किउकी हम भी इसी कॉलेज में एडमिशन के लिए आए है.

अचानक से पायल बोलती है

पायल ( राहुल से) : राहुल यह कोण है..

राहुल ( पायल से) : पायल यह मेरे दोस्त है.

पायल ( राहुल से) : मने तो कभी नहीं देखा इनको

तभी लड़की 1 बोलता है.

लड़का 1 : राहुल ये पायल है न तेरी बहन

और राहुल हां में सर ( हेड) हिला देता है.

तभी लड़का 2 बोलता है

लड़का 2 : पायल दीदी आप हमें नहीं जानती मगर हम आपको जानते है राहुल बोहोत तारीफ करता था पायल दीदी और सोनाली दीदी ( यह भी राहुल की बहन है. जब में राहुल की माँ का करैक्टर बताउगा जब पता चल जाएगा) की

अपनी तारीफ सुनकर पायल खुस हो जाती है.

तभी लड़का 3 बोलता है.

लड़का 3 : पायल दीदी हम राहुल के हॉस्टल के फ्रेंड है.

तभी पायल बोलती है

पायल ( तीनो से) : ाचा वैसे तुम सबका नाम क्या है.

लड़का 1 : मेरा नाम राम है.

लड़का 2 : मेरा नाम सोहन है.

लड़का 3 : मेरा नाम मोहन है.

पायल (तीनो लड़को से) : वेल नीस तो मीट यू.

फिर राहुल और तीनो में कुछ बाटे होने लगती है.

फिर पायल बोलती है.

पायल : हमें फॉर्म भरने निकलना चाहिए नहीं तो अद्द्मिस्सिओ क्लोज्ड हो जाये.

फिर

सब जाने लगते है फॉर्म भरने के लिए

फिर

अचानक

पायल बोलती है में तो पेन लाना भूल गयी

तभी तीनो लड़के बोलते है हम भी पेन लाना भूल गए.

तभी

राहुल बोलता है में अभी भर जाकर स्टेशनरी से पेन खरीद कर लता हु.

जब तक तुम फॉर्म लो

और चारो हां में सर ( हेड) हिला देती है.

और राहुल अपने डाक्यूमेंट्स भी पायल को देकर भर स्टेशनरी के लिए निकल जाता है.

पेन लेने..

जिसे ही राहुल पेन लेकर स्टेशनरी से निकलता है.

तो देकता है सामने लोगो की बोहोत भीड़ लगी हुए होती है.

( अब में राहुल को में कहुगा)

मैं ने भी जाकर देखा. और जैसे ही मैंने देखा मेरी हालत ख़राब हो गई...

मैं ने देखा एक आदमी खून से लेथ पथ पड़ा हुआ है और सब लोग तमाशा देख रहे थे.

मैं उनके पास गया और सरको उठाकर अपने गॉड मैं रखा.

सर ( हेड) से बोहोत खून निकल रहा था.

मैं : यहाँ पर एक आदमी पड़ा हुआ है और आप लोग खड़े खड़े तमाशा देख रहे हो.

आदमी 1 : देखो हम किसी जमले मैं नहीं पड़ना चांटे पुलिस के जमले मैं पड़ना नहीं हमें.

आदमी 2 : और नहीं तोह किया कोण पुलिस के चक्कर कटेगा.

मैं : अगर यहाँ पर आपके अपने पड़े होते तोह फिर भी ऐसे ही बोलते. काम से काम एम्बुलेंस तोह बुला लेते. मैं भी किन्ने बोल रहा हु.

मैं उठकर टैक्सी रुकवाया और उनको घोड़ मैं उठाकर टैक्सी में डाला और उनके सर ( हेड) को अपने घोड़ में रखकर टैक्सी वाला को कहा.

मैं : भैया हॉस्पिटल चलो

टैक्सी वाला हॉस्पिटल की तरफ बाद गया करीब 10 मिनट मैं हम हॉस्पिटल पोहोच गए.

वही दूसरी तरफ........

पायल मेरा इंतज़ार कर रही थी.

फिर पायल राम से बोलती है.

पायल ( राम से) : ये राहुल अभी तक किउ नहीं आया

राम ( पायल से) : पायल दीदी उसे पेन नहीं मिल रहा होगा आ जाएगा.

पायल : अड्मिशन का टाइम ख़तम हो रहा है. अब में खा से लौ पेन.

यह राहुल भी न पता नहीं खा चला गया होगा पेन लेने.

तभी

एक लड़की बोलती है

पीछे से

लड़की (पायल से) : शायद आपको पेन चाहिए ये लीजिये

फिर

पायल उस लड़की को थैंक्स बोलती है.

और पायल फॉर्म भर देती

राहुल का भी..

तभी

उस लड़की का फ़ोन बजने लगता है.

जिसने पायल को पेन दिया था.

और वो लड़की फ़ोन को उठता टी है.

और लड़की जो सुनती है वो सुनते ही शॉकेड हो जाती है.

और फॉर्म को वही चोर कर भाग जाती है.

पायल बोलती है.

इसको क्या हुआ ये फ़ोन छोड़कर किउ भाग गई.

फिर

पायल उसका लड़की का फॉर्म भी जमा करवाने लगती है. एडमिशन के लिए

और पायल राम से बोलती है

पायल (राम से) : मैं भर जाकर देखती हु तुम मेरा भी फॉर्म जमा करवा देना.

पता नहीं किउ मुझे घबराहट हो रही है.

और पायल कॉलेज के गेट की तरफ जाने लगती है.

वही दुसरी तरफ.......

मैं टैक्सी वाले भैया से

मैं : भैया जरा स्ट्रेक्टर ले लाना

टैक्सी वाला अंदर चला गया और स्ट्रेचर ले आया. इनको स्ट्रेचर मैं डालकर अंदर ले आया. मैं रिसेप्शन के पास चला गया.

मैं : .सुनिए जरा डॉक्टर को भूलना इनका एक्सीडेंट हुआ है.

रिसेप्शनिस्ट : एक्सीडेंट फिर तो यह पुलिस केस है. पहले पुलिस को बुलाइये.

मैं : अरे आप पहले इलाज तोह शुरू करो.

रिसेप्शनिस्ट : देखिये यहाँ की रूल है की ऐसे केसेस मैं पहले पुलिस आएगा फिर इलाज होगा.

मैं ( ग़ुस्से से) : अजीब औरत है आप यहाँ इनकी जान जा रही है. आपको रूल की पड़ी हुयी है. अगर इनको कुछ हो गया तोह.

रिसेप्शनिस्ट : वह हम नहीं जानते पहले पुलिस आएगी फिर इलाज होगा.

तभी डॉक्टर ा जाती है.

डॉक्टर : क्या हो रहा है यहाँ.

मैं : देखिये मैडम इनका एक्सीडेंट हुआ है और काफी खून निकल चूका है.

मैं इनको कहा की इलाज शुरू करो लेकिन इनको तोह बस पुलिस को बुलाने की पड़ी हुयी है.

डॉक्टर आदमी के पास जाकर देखती

डॉक्टर : अरे यह तोह ऋषभ है यहाँ के बड़े बिज़नेस. वार्ड बॉय जल्दी से इनको ओट में लेकर चलो.

फिर वह लोग इनको ओट मैं लेकर गए. डॉक्टर मुझे बोलै.

डॉक्टर : देखो इसका बोहोत खून बह चूका है तोह खून की जरुरत पद सकता है.

तुम्हारा ब्लड ग्रुप क्या है.

मैं : जी मुझे मालूम नहीं

डॉक्टर : नर्स इसका ब्लड ग्रुप चेक करो देखो की ो है की नहीं.

मैं नर्स के साथ एक कमरे मैं चला गया

तभी

मुझे एक आवाज़ सुनाई दी

तुम उससे ब्लड नहीं दे सकते .

अगर तुमने उससे ब्लड दिया तो वो जल ( फायर) कर रख हो जाएगा.

( पता नहीं किउ मने वो बात सुन ली और नर्स को रोक लिया.)

में क्या करू मैं ब्लड नहीं दे सकता.

पायल को बोल दो वो दे सकती है. ब्लड

मने फटाफट पायल को कॉल किया

फिर

भर आ गया.

डॉक्टर ( नर्स से) : क्या हुआ ब्लड मैच हुआ.

नर्स ( डॉक्टर से) : डॉक्टर इसने ब्लड चेक नहीं करने दिया.

डॉक्टर ( मुझसे) : तुम कैसे इंसान हो अभी बोल रहे थे की वो मर जाएगी और अब ब्लड चेक नहीं करवा रहे.

अगर इनको 30 मिनट में ब्लड नहीं मिला तो ये मर (डेड) हो जाएगी.

तभी सामने से एक औरत भगति हुयी आ रही थी. और उसके पीछे एक लड़की थी.

जैसे ही मैंने उस लड़की को देखा मेरी दुनिया थम गयी................
 
अपडेट 11

डॉक्टर ( मुझसे) : तुम कैसे इंसान हो अभी बोल रहे थे की वो मर जाएगी और अब ब्लड चेक नहीं करवा रहे.

अगर इनको 30 मिनट में ब्लड नहीं मिला तो ये मर (डेड) हो जाएगी.

तभी सामने से एक औरत भगति हुयी आ रही थी. और उसके पीछे एक लड़की थी.

जैसे ही मैंने उस लड़की को देखा मेरी दुनिया थम गयी................

अब ाजी.........

जैसे ही मैंने उस लड़की को देखा मेरी दुनिया थम गयी. क्या आसमान से पारी उतर आया क्या. हस्सें और खूबसूरत देखने से hi लगता है फुर्सत से बनाया गया है.

जभ वह मेरे सामने ा गयी तोह मैं उसके रूप मैं ही खो गया. उसके बहते असू देखकर मेरा दिल रो पड़ा. मैं उसके पास जाकर खड़ा हो गया और मेरी मुँह से निकल गया.

मैं : आप रोये मात सब ठीक हो जायेगा.

वह लड़की मेरी तरफ देखा और देखते ही उसके असू रुख गए. मेरी आँखों में नमी चाय हुआ था. वह मुझे कुछ देर देखि पीर नज़रे झुका ली.

तभी डॉक्टर बहार ए

औरत : कोमल जी अभी वह कैसे है.

डॉक्टर : अगर जल्द ही उनने ब्लड नहीं मिला तो उनका बचना न मुंकिन है.

लड़की : पापा मर जाएगी

मुझे चोर के चले जाएगी. और तेज़ तेज़ रोने लगी.

तभी

औरत ( डॉक्टर से) : कोमल जी आप मेरा ब्लड ले लिए.

अब डॉक्टर को में कोमल कहुगा.

कोमल : आप में से किसी का भी ब्लड ऋषब जी के ब्लड से मैच नहीं हो रहा है. उनके पास बास 10 मिनट है.

हमने ब्लड बैंक से बात की मगर वह से ब्लड आने में टाइम लगेगा.

और अगर हमे अर्जेन्ट ब्लड नहीं मिला तो...

तभी पीछे से पायल भागते हुए आती है.

और

राहुल को देखते ही बोहोत घबरा और देर जाती है. किउकी उसके पुरे कपडे ब्लड से लटपट होते है.

पायल बोहोत दर्द में तेज़्ज़ तेज़्ज़ रट हुए राहुल से बोलती है.

पायल ( राहुल से) : तुझे क्या हो गया तू ठीक तो है न तू तो पेन लेने गया था ये सब कैसे हो गया में सोनाली दीदी को क्या बोलूगी की में अपना वादा नहीं निभा पाए.

तेरा ठीक से ख्याल नहीं रख पाए.

राहुल पायल को ऐसे दर्द में देखता तो उसके भी असू निकल जाते.

राहुल ( पायल से) : पायल मुझे कुछ नहीं हुआ है देखो में ठीक हु

फिर जब पायल राहुल को ठीक से देखती है.

जब उसको यकीं हो जाता है. की राहुल ठीक है उससे कुछ नहीं हुआ है.

जब जाकर पायल चुप होती है.

मगर पायल के आशु अभी भी निकल रहे थे किउकी पायल कभी भी राहुल को ऐसी हालत में नहीं देख सकती थी.

फिर

पायल ( राहुल से) : तू ठीक है तो यहाँ हॉस्पिटल किउ आया

फिर

राहुल पायल को पूरी बात बता देता है.

फिर

पायल ( डॉक्टर से) : आप मेरा ब्लड ले लो

कोमल : ब्लड चेक करने के लिए नर्स को बोलती है.

राहुल ( डॉक्टर से) : डॉक्टर ब्लड चेक करने का टाइम नहीं है पायल के ब्लड से वो ठीक हो जाए गए

मेरा विश्वास कीजिये.

डॉक्टर जल्दी से पायल का ब्लड लेकर.

ऋषब जी को चढ़ा देते है.

ब्लड चढ़ाते ही ऋषब जी की हार्ट बीत बढ़ने लगती है.

नर्स भर भागते हुए

लड़की नर्स को ऐसे भागते हुए देखती है तो बोलती है

लड़की ( नर्स से) : क्या हुआ पापा ठीक तो है न.

नुसरे ( लड़की से) : ब्लड चढ़ाते ही उस आदमी की हार्ट बीत बोहोत तेज़्ज़ हो गई है अगर उनकी हार्ट बीत नार्मल नहीं हुए तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे.

लड़की ( नर्स से) : प्ल्ज़्ज़ मेरे पापा को बचा लो

पलज़्ज़ज़ बचा लो.

राहुल से उस लड़की का दर्द नहीं देखा गया.

और राहुल उस लड़की के पास जाकर बोलता है.

राहुल ( लड़की से) : मुझ पर विश्वास है न तो रोना बंद करो तुम्हारे पापा को पूछ नहीं होगा. प्ल्ज़्ज़

वो लड़की राहुल को ही देखे जा रही थी.

उसको विश्वास हो रहा था की ये लड़का उसके पापा को कुछ नहीं होने देगा.

और वो लड़की हां में सर ( हिला ) देती है.

तभी

पता नहीं किउ अचानक

राहुल भागते हुए ओट में चला जाता है.

और उनका हैंड पकड़ लेता है.

और ऋषब जी की थोड़ी देर में हार्ट बीत नार्मल होने लगती है.

तभी डॉक्टर (कोमल जी) राहुल से बोलती है.

तुम अंदर कैसे आए

अचानक

जब डॉक्टर ( कोमल) देखती है की ऋषब जी की हार्ट बीत नार्मल होने लगी है.

और कुछ देर में हार्ट बीत नार्मल हो जाती है.

तो

राहुल भर आ जाता है.

डॉक्टर कोमल भी भर आकर उस औरत से बोलती है.

डॉक्टर कोमल ( औरत से) : रानी जी ऋषब जी अब ठीक है.

मगर ये कैसे हुआ मुझे नहीं पता.

बस देखा की उस लड़के ने ऋषब जी का हैंड पकड़ा और उनकी हार्ट बीत नार्मल हो गए.

पायल ब्लड देकर जैसे hi भर आकर उस लड़की को देखती है तो पेचान जाती है. ( किउकी ये वही लड़की है जिसने पायल को पेन दिया था. और अपना फॉर्म चोर कर भाग गई थी)

पायल ( लड़की से) : सोनम ( नाम उसने फॉर्म में देख लिया था ) वह ठीक है.

डॉक्टर कोमल : पर ये सब हुआ कैसे

रानी : सुबह टहल ने निकले थे पर उसके बाद पता नहीं.

सोनम : हम मिल सकते है क्या.

कोमल डॉक्टर : सोनम बीटा अभी नहीं सुबह मैं केबिन में सिफत कर देंगे उसके बाद मिल सकते है.

रानी : थैंक्स कोमल जी.

कोमल : अरे थैंक्स मुझे नहीं इस लड़के को दीजिये जिसने ऋषब जिजको यहाँ लाये और इस लड़की ने उनने खून भी दिया ( पायल की तरफ इशारा करते हुआ).

रानी : तुम दोनों का बोहोत बोहोत धन्यबाद

मैं : धन्यबाद की कोई जरूरत नहीं है. यह तो मेरा और पायल का फ़र्ज़ था.

हे न पायल

और पायल हां में सर ( हेड) हिला देती है.

और तभी राहुल के दोस्त भी आ जाते है

और सोहन बोलता है.

सोहन ( पायल से) : पायल दीदी अड्मिशन की साडी फॉर्मलिटीज पूरी हो गई है और उस लड़की का भी फॉर्म जमा करने की भी फॉर्मलिटीज पूरी कर दी है.

मगर आप

अचानक से वह से किउ चली गई थी

राहुल ( मैं में) : ये लो बस सबको एक एक करके बात बता ते रहो.

फिर

पायल उन तीनो को भी साड़ी बात बता देती है.

रानी राहुल और पायल के पास जाकर बोलती है.

रानी ( दोनों से) : पीर भी आज कल कहा सब लग अपना फ़र्ज़ निभाते है.

डॉक्टर कोमल : ाचा अब में चलता हु.

मैं ( रानी आंटी से) : ाचा आंटी अब में चलता हूँ.

रानी : अरे ऐसे कैसे तुम्हारा नाम क्या है.

मैं : राहुल

रानी : तुम खा रहते हो.

तभी

पायल : हम .....................एड्रेस में रहते है.

पायल ( आंटी से) : ाचा आंटी हम चलते है.

रानी : ऐसे कैसे उनसे ( ऋषब जी) मिलकर तोह जाओ.

राहुल जब टाइम देखता है तो उससे कुछ याद आ जाता है.

राहुल ( मैं में) : मने तो रूचि & निशा को शॉपिंग के लिए कहा था.

मैं ( रानी आंटी से) : नहीं आंटी मुझे जरुरी काम है. हमें जल्दी निकलना होगा.

रानी : पीर तुम्हारा नंबर दे jao.unko अगर बात करनी हुए तोह.

मैं : ठीक है आंटी

रानी : सोनम बीटा नंबर लेलो

सोनम: जी माँ

पीर मैं और पायल और मेरे दोस्त उन सबको नमस्ते बोल कर और में सोनम को एक बार देख कर बहार आ गया.

टैक्सी वाला अभी तक बहार खड़ा था मैंने टैक्सी करके कॉलेज की तरफ चल दिया किउकी बाइक तो वही कड़ी थी.

और अपने दोस्तों को भी अपने घर जाने के लिए बोल दिया और वो भी निकल गए थे अपने घर की और.

मैं : पायल इन कपड़ो का क्या करू घर पर किसी को पता नहीं चलना चाहिए फालतू का परेशां होंगे

पायल : एक काम करते है. मॉल में चलते है वही कपडे खरीद कर चेंज कर लेना

और इन कपड़ो को फेक देना.

मैं : ठीक है

मैं टैक्सी वाले से बोलता हु

मैं : टैक्सी वाले भैया पहले टैक्सी किसी मॉल में रोक देना फिर कॉलेज की तरफ ले जाना.

टैक्सी वाला हां में सर हिलता है.

फिर

हम मॉल से कपडे चेंज और दो गिफ्ट भी ले लिए अपनी बहन के लिए किउकी मुझे पता था लेट होने के बजसे दोनों गुस्सा होगी.

फिर

में कॉलेज पहोचप गया किउकी मेरी बाइक तो कॉलेज में होई थी और

फिर में बाइक में बैठ कर निकल गया घर की तरफ..

और जब में घर पहोचा तो

हैरान हो गया.

मैं ( मान में) : कही बुआ को कुछ पता तो नहीं चल गया.

लगता है अब तू गया काम से....
 
अपडेट 12

हैरान हो गया.

मैं ( मान में) : कही बुआ को कुछ पता तो नहीं चल गया.

लगता है अब तू गया काम से....

माला बुआ हरबारकर बोलती है

माला बुआ ( राहुल से) : को......... कुछ नहीं बीटा

वो क्या है न मुझे कुछ काम है इसलिए मुझे भर जाना है.

कल सुबह तक आए जोगी..

मैंने भी कुछ ज्यादा नहीं बोलै किउकी मुझे देर लग रहा था की माला बुआ को कुछ पता न चल जय ( उस एक्सीडेंट के बारे में)

पायल कुछ बोलने वाली होती है तो में उससे भी चुप करा देता हु.

और माला ( बुआ) कल सुबह तक आने का बोल कर निकल जय शायद किसी जल्दी में थी.

और मैं पायल से

मैं (पायल से) : पायल तुम आराम करो तुम थक गई होगी.

और पायल हां में सर ( हेड) हिला देती है.

और अपने रूम में चली जाती है.

अब में चल देता हु सबसे खतरनाक रूम की तरफ मलतब अपनी बहन ( रूचि & निशा ) के पास................

मैं ( रूचि & निशा) के कमरे में आ गया दोनों बीएड पर बैठी हुयी थी..

मैं दोनों के पास चला गया मेरे पास जाते होई दोनों बहन ने अपना चेरा दूसरी तरफ कर लिया.

मैं ने अपने कान पकड़ कर सॉरी कहा.

रूचि : अब ये सब करने की कोई जरूरत नहीं है.

राहुल : क्या गुस्सा हो मुझ पर

निशा : आप हमें अपना एक दिन देने वाले थे और शॉपिंग लेजाने वाले थे पर आप लेट है गए.

राहुल (मैं में) : अब इनको क्या बताऊ की किउ लेट हो गया.

राहुल : एक काम की वजसे देर हो गयी.

रूचि : क्या हमसे बी जरुरी काम था.

राहुल : तुमसे जरुरी कोही काम हो सकता है क्या मुझे .

निशा : पीर इतनी देर से क्यों आये

राहुल : वो एक शॉप पर ज्यादा समय लग गया.

रूचि : आप तो कॉलेज गए थे अड्मिशन के लिए पीर शॉप में क्या करने गए थे.

राहुल : वो मैं नहीं बता सकता

निशा (प्यार से) : क्या मुझे भी नहीं

राहुल : मैं बता नहीं सकता हां पर दिखा जरूर सकता हु.

और मैं ने पॉकेट में से गिफ्ट का बॉक्स निकल कर एक रूचि को

और एक निशा को दे दिया.

निशा : किसके लिए लिया है.

राहुल : है एक पागल लड़की उसके किये लिया है.

रूचि : क्या अपने अपनी गफ के लिए लिया है.

राहुल : पागल गफ के लिए नहीं. हां पर एक फ्रेंड के लिए जरूर लिया है.

निशा : कौन है वो

राहुल : अंदाज़ा लगा कर देखो

रूचि : क्या मुझे पता है उस फ्रेंड के बारे में.

राहुल : अरे हां एक काम करो मैं तुम उसके नाम का फर्स्ट वर्ड बताता हु पीर तुम नाम बताना.

निशा ( मैं में ) : कही पायल दीदी के लिए तो नहीं लिया

निशा : क्या है 1 वर्ड

राहुल : एक के नाम का है "न"

एक के नाम का है "र"

रूचि & निशा एक साथ : क्या ये अपने मेरे लिए लिया है.

राहुल : तुम दोनों तो स्मार्ट निकली एक झटके में पता लगा लिया.

ये सुन कर रूचि & निशा मेरे गले लग गई.

रूचि & निशा एक साथ : थैंक यू भैया गिफ्ट देने के लिए और मुझे अपना फ्रेंड बनाने के लिए.

राहुल : चलो अब गिफ्ट तो खोलो.

निशा : हां खोलती हु पर आज तो मेरा बर्थडे भी नहीं है पीर ये गिफ्ट किस खुसी में.

राहुल (प्यार से) : अपनी सबसे खूबसूरत फ्रेंड बनाई है. कुछ तो धमाका होना चाहिए है.

और अभी हम शॉपिंग पर भी चलेंगे.

पहले गिफ्ट तो खोलो

रूचि : सच में अभी हम शॉपिंग पर भी जाएगी. और वैसे गिफ्ट में क्या है.

राहुल : खोल कर देखो.

दोनों ने गिफ्ट खोला और दोनों एक खूबसूरत से ब्रेसलेट देख कर खुस हो गयी और मेरे गले लग गई.

दोनों एक साथ : थैंक ु भैया बोहोत प्यारा है मैं इसे हमेसा अपने पास रखूगी.

मगर तुम से प्यारा नहीं है. किउकी मेरी बहन दुनिया की सबसे प्यारी है.

और इस बात पर दोनों खिलखिला कर हसने लगती है.

राहुल : तुम दोनों हस्ते हुए बोहोत अछि लगती हो हमेशा हस्ते रहना.

और थोड़ी सेठानी भी करते रहना

दोनों एक साथ : वो तो हम अभी करेंगे ही.

राहुल को कुछ शामाज में नहीं अत.

राहुल (दोनों से ): सिर्फ तुम दोनों के लिए गिफ्ट लाया हु और तुम थैंक ु से काम चला रही हो.

रूचि ( मैं में) : भैया एक बार बोल तो दो. फिर तुम देखो हम क्या करते है.

निशा : पीर क्या चाहिए

राहुल : एक प्यारी सी किश चाइये

और दोनों ने मेरे गालो पर किश की बौछार कर दी.

निशा ( मैं में ) : एक बार पुछु लिप पर किश करने के लिए चलो कोई बहाने से पूछ लेती हु.

निशा : भैया अब ठीक भाई या पीर किसी और जगा पर भी चाइये

रूचि : हां भैया बताओ ना

राहुल : ( मैं निशा & रूचि की बात सुनकर पूरी तरह शॉकेड हो गया बात बदलते हुए) जल्दी त्यार हो जाओ शॉपिंग के लिए निकल न है.

रूचि चलो निशा त्यार होते भाई.

और निशा & रूचि एक दूसरे को देखते हुए कड़ी हो गई. मैं भी खड़ा हो गया.

पीर मने जो कबि नहीं सोचा था वो रूचि & निशा ने किया.

दोनों मेरे होंटो पर किश करके भाग गई.

मैं तो पूरी तरह शॉकेड हो गया.

ये दोनों ने ऐसा किउ किया कही रूचि & निशा .............................नहीं ये कबि नहीं हो सकता है. मुझे इन दोनों से बात करनी होगी..

पीर में थोड़ी देर में नार्मल होने के बाद मैं भी शॉपिंग के लिए त्यार होने निकल गया.

जब त्यार होकर में भर निकला तो दोनों मेरे सामने कड़ी थी.

राहुल : ऐसा तुमने किउ किया मुझे ये पसंद नहीं आया.

रूचि ( थोड़ा डरते हुए) : वो... वो

राहुल : वो वो क्या

निशा : वो हमने सोचा की बहन की तरफ से गालो पर किश किया और फ्रेंड की तारा होंटो पर

राहुल ( थोड़ा गुस्से में) : पर मुझे ये पसंद नहीं आया. दुबारा ऐसा मत करना.

निशा ( उदास होते हुए ) : सॉरी, हम ऐसा दुबारा कबि नहीं करेंगे.

राहुल : ठीक है अब है दो तुम्हारा चेहरा उदास ाचा नहीं लगता.

और पीर में दोनों बहनो को गुदगुदी करने लगता..

फिर

रूचि & निशा फिर नार्मल हो गए और हसने लगे.

राहुल : मेरे प्यारी बहन ऐसे ही हस्ते रहना उदास तुम बिलकुल भी अछि नहीं लगती..

पीर में शॉपिंग में निकल ने से पहले पायल के पास चला गया बताने के लिए.

मगर वो भी चलने की ज़िद करने लगी. मगर मने कमज़ोरी ( ब्लड डेन के बजसे) का बोल कर शमजाने की बोहोत कोसिस की पर नहीं मणि शायद आज की बात को याद करके घबरा गई होगी.

फिर

मने उसको पहले कुछ जूस पिलाया

जिससे ज्यादा कमज़ोरी न लगे

अब रूचि & निशा को कैसे शम्जाओ वो तो मेरे साथ अकेले जाना चाहती थी. शॉपिंग के लिए.

फिर मने रूचि & निशा को भी शमजाय पायल के चलने का बोल कर .

पहले तो नहीं मणि मगर बाद में मान गई.

और माला बुआ तो भर गई थी तो इसलिए मने घर को लॉक किया और चल पड़े शॉपिंग की और

हम टैक्सी से निकले किउकी बाइक से तो जा नहीं सकते थे.

और टैक्सी में बैठे ही बाते करने लगे.

राहुल ( रूचि & निशा से) : तो तुम दोनों ने सोच लिया की क्या लेना है

रूचि : हम सब साथ होने से हमारा काम जल्दी हो जाता है.

राहुल : मैं तुम दोनों के पड़े के शमन के बारे में पूछ रहा हुए.

निशा : हम भी उसकी ही बात कर रहे है.

और निशा ने मेरा पोपट कर दिया सोचा था की इनका परेशां करुगा मगर मगर बहन से कबि कोई जीत सका है.

और सब हसने लगे.

राहुल : मुझ पर है रही हो , टैक्सी घर की तरफ घुमा लो

पायल ( घूर कर) : घुमा कर तो देखो तो देखो.

निशा : हम स्ट्राइक करेंगे

रूचि : वुमन एम्पोवेर का जमाना है. भैया.

राहुल ( मैं में) : लगता है शॉपिंग के टाइम बहन भी दुसमन बन जाती है. ) झूट

राहुल : ये पायल भी तुम्हारे तरफ है जिससे में अकेला पद गया.

रूचि : मेजोरिटी कर्रिएस लॉ, इस हिसाब से चलने में समझदारी है.

राहुल : तुम सब एक से बढ़कर एक हो तुमसे जितना मुश्किल ही होता है जब तुम सब साथ में होती हो.

फिर ऐसे ही बाटे चलती रही.......

नेक्स्ट अपडेट में प्रेरणा की एंट्री.....

भाई मने अगला अपडेट भी आज ही दे दिया है इसलिए कल अपडेट नहीं दे पाउगा.
 
भाई ऋषब को बचाना जरूर था किउकी इन के पास भी हमारे हीरो के कुछ राज़ है.

दोनों बहनो को तो बनाना ही था किउकी राहुल अपनी बहनो से कितना प्यार करता है ये अभी राहुल को खुद नहीं पता.

इस प्यार का भी कुछ राज़ है.

माला बुआ खा गई ये भी आगे पता चल और उनकी परेशानी का कारन भी...

अगले अपडेट में प्रेरणा की एंट्री होगी

उसके बाद चलेंगे सुनैना के पास कुछ हैकिंग करने अगली हैकिंग भी जबरदस्त होगी....

अपने साथ बनाये रहिये और कमेंट में जरूर बताना किउकी अगर कमैंट्स एते रहते है तो अगला अपडेट लिकने में भी मज़ा अत है.

और लिखे करके है तो ये पता चलता है की आपको ये अपडेट कितना पसंद आया.
 
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