Adultery Jung Pyar ke liye Nafrat Se - Page 7 - SexBaba
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Adultery Jung Pyar ke liye Nafrat Se

आज रात या कल अर्ली मॉर्निंग
 
भाइयो माफ करना ी क्नोव ी हैवे तो गिव अपडेट बूत समय नहीं मिल पा रहा दिन में ऑफिस और उसके बाद लेट नाईट दिवाली डिनर एंड पार्टी में निकल जाता है बसीकली इस साल सरे कुशन्स दिवाली पर घर पर है तो समय hi नहीं मिल रहा होपफ़ुल्ली मंडे तक अपडेट पूरा कर दूंगा
 
अपडेट No 37

आरव को घेर कर सब खड़े थे ,तभी उन सब के बीच पीहू निकल कर अति है और सीधे जा कर आरव के गले से लग जाती है उसे आज किसी से न कोई शर्म थी न कोई लिहाज ,वो तो बास अपनी जान के पास रहना छाती थी .

अर्चना – एक लड़की हम सब भी है यहाँ ,अकेली तू hi नहीं है ,जिसे आरव से प्यार है हम भी लाइन में है .

Pihu-Mene मन किया है एके मिल लो पर मई तो अब इसे नहीं छोड़ने वाली 5 साल बाद देख रही हु इसे .

पीहू की बात सुन सब हसने लगे और इसी बीच आकृति कड़ी hi जाती है .

आकृति- सुनो सुनो मेरी बात सुनो ,आज से ठीक 5 दिन बाद मेरे भाई की शाद्दी है और दुलहन और कोई नहीं ,,,, अब इतना कह आकृति रुक गेय पर उसके इतना कहते है सब उसे उत्सुकता से देखने लगे पर आकृति तो मज़े लेने के मूड में थी वो बोली, चची आप को पता है आज सुबह hi C.M शब् की बेटी का रिश्ता आया है और लड़की तो आप जानती hi हो .

अभी आकृति ने इतना बोलै hi था की पीहू उछाल पड़ी और बोली दी आप मेरी दुश्मन हो अपनी hi बेहेन का घर उजाड़ रही हो ,और वो कम की लड़की कैसे आप को मेरे जानू के लिए चूसे की वो करम जाली न जाने कितने घाट का पानी पि कर बैठी है ,और मेरे रहते कोई मेरी जान पर हक़ नहीं जमा सकता ,और अगर किसी ने जबरदस्ती करि तो पुरे घर को कैलेंडर में आग लगा कर मार दूंगी .

पीहू ने जब अपनी बात तुनकते हुए कही तो वही अर्चना चची और रिया और हमनी की हस्सी छूट गेय और आकृति उसके कान खेचते हुए तूने सोचा भी कोसे की मई किसी और को चूसे करुँगी अपनी भाभी के लिए मेरी जान मई तो तेरी तंग खींच रही थी , इतना बोल आकृति ने आरव और पीहू को दोनों को अस पास बैठा दोनों के हाथ को अपने हाथ में ले पीहू को एक लाल चुनरी पहना के बोली आज फोनो एक दूसरे को देख लो क्यों की अब सीधा शादी वाले दिन दिखोगे वक दूसरे को .

आरव – दी ये ऐसे कैसे मुझसे भी कोई पूछो मुझे शाद्दी करनी है की नहीं .

तभी इन सब के बीच प्रिंसेस भी कूद पड़ी

प्रिंसेस – No वोर्री जणू आवर प्लेन इस ात एयरपोर्ट लेट गेट बैक तो उस ,आप को शाद्दी नहीं करनी तो आप को कली फाॅर्स नहीं कर सकता .

प्रिंसेस – वासी भी हम अमेरिकन सिटीजन है तो यहाँ का कोई लॉ काम नहीं करता , और मुझे तो ये पुलिस वाली बिलकुल अच्छी नहीं लगती ,कहा आप सीईओ और ये एक इंस्पेक्टर.

अब वह प्रिंसेस की बाते सुन बाकि सब हसने लग्र वागी पीहू का दिमाग का बल्ब फ्यूज होगया था वो उठी और प्रिंसेस को गोदी में उठा बॉईल , 3 फिट की छोकरी क्यों मेरी ज़िन्दगी को जहनुम बना रही है बीटा मान जा मई तुझे रोज़ चिप्स और कोल्ड्रिंक और चॉकलेट लेकर दूंगी मान जा मेरी माँ .

प्रिंसेस – मेरे जणू ने मेरे अकाउंट में मिलियन ऑफ़ डॉलर दाल कर रखे है ी don’t नीड योर मनी .

पीहू- अपना साद सा फेस बना कर मान जा न जणू प्लीज , अब यहाँ पीहू के ऐसी साद फेस बना कर बोलने ऐ प्रिंसेस को भी अच्छा नहीं लग रहा था तो बोली ok ी एग्री बूत ों ओने टर्म .

पीहू दोने डील दोने जो भी हो ी ऍम रेडी .

प्रिंसेस पहले सुन तो लो .

पीहू- बोलो.

प्रिंसेस – मुझे रोज़ मॉर्निंग स्कूल चोदे जणू जायगा और लेने तुम होगी और मेरा लुचबॉक्स माँ नहीं आप बनाओगे .

और एव्री संडे ओनली में एंड जान्नु विल जो फॉर ड्राइव एंड यू विल नॉट डिस्टर्ब उस िफ़ एग्री थें सिग्ना एग्रीमेंट .

पीहू- बीटा ी ऍम एग्री विथ यू व्हाई नीड तो सिग्न एग्रीमेंट .

प्रिंसेस – No जणू टोल्ड में व्हेन तवो पीपल गेट एग्री ों अन्य थिंग आईटी शुड बे ों राइटिंग .

अब प्रिंसेस और पीहू की बात चीत देख रोहित अपने सर पर हाथ मर लेता है और अपनी बीवी से कहता है जान ये तो हम सब से बड़ी वाली बुसनेस्स मन बनेगी देख लेना , अभी सु ककी जवाब देती आरव बोलै भाई भले hi वो बेटी आप की हो पर है तो वो मेरी जान मेरा पहला बच्चा और ये सब वैसे भी उसका है मेने पहले hi अपनी विल बना दी है ,मेरी साडी चल अचल प्रॉपर्टी सब मेरे बाद मेरी प्रिंसेस का होगा .

रोहित- क्या पागल है तू ,इतने अच्छे मोके पर कैसी बाटे करते है .

अभी सारा परिवार कृषि कृषि आरव और पीहू की शादी की तैयारी में लगा था वही पारी अपने घर पर होतो है आज तो जैसे उसका सब कुछ उजाड़ गया था ,उसका पति रवि मेहता हॉस्पिटल में था और उसकी बेटी जिसे उसने अपना बच्चा समझ कर पला था उसे उसकी बुआ आकर लेगी थी और वो ब्बि बिना एक बार पीछे मुड़े अपनी माँ को देखे अपनी बुआ के साथ अमेरिका जाने की तैयारी में थी .

पारी आज बहुत अकेली थी वो अपने बेटे से मिलना छाती थी पर उसे कुछ पता hi नहीं था आरव कहा है वो उसे मिलना छाती थी .

ऐसे सोचते सोचते रात हो चली थी पारी ने अपने बेटे से मिलने का फैसला किया और वो निकल गेय अपने घर की तरफ आज पारी वो hi पुराणी वाली पारी थी जिसे राश ड्राइविंग करना पसंद था वो कार चलते हुए जा रही थी और अपने आप को मन में तैयार कर रही थी की छाए जो भी हो जय वो अपने बेटे को मन कर hi रहेगी और इसी सोच में पारी पहुंच अपने पुराने घर जो कभी उसके और ारु का था .

पारी अभी अपने घर के बहार hi पहुंची थी उसने घर पर चल कदम देखा उसे समझ आगे की आरव अकेला नहीं है उसने तभी अपने मोबाइल से किसी को कॉल किया .

यहाँ घर पर सब डिनर कर के सोफे पर बैठे आगे शाद्दी की चर्चा कर रहे थे तभी रोहित के मोबाइल पर रिंग हुई और नंबर देखते hi रोहित उछाल पड़ा पर फिर उसने वह का माहौल देख धीरे से उठा और किचन की तरफ गया .

रोहित- मम आप ने कॉल किया सब ठीक तो है .

पारी- ी ऍम नॉट योर बॉस रोहित कितनी बार बोलै है तुम्हे मुझे मम नहीं बुलाया करो ,मेरा बीटा तुम्हे भाई बोलता है तो मई तुम्हारी चची हुई .

रोहित- मम अभी घर पर सब है आप को कुछ अर्जेंट था, ( रोहित मुद्दे की बात डायरेक्टली पारी से नहींकर सकता था ,वो छाए जो भी था पर था तो पारी के कारन hi ,पारी ने hi रोहित को मदद की थी उसकी अर्ली स्टेज लाइफ में और जो भी हो वो आरव की माँ थी और रोहित का हमेशा से मन था की जो भी मटर है वो आरव और पारी मम का है बाकि किस को हक़ नहीं है उन दोनों के बीच में आने का )

पारी- मुझे आरव से बात करनी है ,घर खली करवा दो .

रोहित – मम पर आप को लगता है ये सही समय है .

पारी – रोहित मेने बहुत इंतज़ार कर लिया है, मुझे मेरे बेटे से आज बात करनी है , समय को देखते देखते 8 साल निकल गया है .

रोहित- गिव में टीम ी गिव यू ा कॉल ,और कॉल कट कर रोहित वही बेसिन पर लटक सा गया और अपना मुँह दोहने लगा जैसे उसने कोई बहुत भरी काम किया हो तभी ,उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा और ये ककी और नहीं आकृति थी .

आकृति – चची का कॉल था भैया .

रोहित – है में मुंडी हिलाई और बोलै हम सब को जाना होगा वो आरही है .

आकृति – अब उन्हें क्या काम है , इतना सब बर्बाद कर के क्या छाती है वो .

रोहित- ाकु मई पहले भी बोलै हु आज भी बोलता hu,hume कोई हक़ नहीं इन दोनों के बीच बोलने का लेट थम टॉक ,लेट थम फिनिश आईटी िफ़ थे वांट आईटी शुड बे क्लीन .

आकृति छाती तो नहीं थी पर रोहित की बात में भी दम था वो वह से निकल दरविंग रूम में जाकर सब को एक मश्ग ड्राप किया और 5 मं में सब घर से निकल गेय बहाना कर के पर आरव को सब समझ ारः था .

सब के जाने के बाद आरव अपने आप से ,(भाई वो आरही है क्या कहूंगा ,कैसे फेस करूँगा उन्हें ,उन्होंने जो किया उसके बाद तो मुझे उन्हें देखने में भी घिन आरही है )

डेविल- तूफान ख़तम हो चूका है अब तुझे तय करना है की तुझे उजाड़ चुकी बस्ती की दोबारा बसना है उसी किनारे जहा तूफान आया था या फिर ऐसी जगह जाना है जहा अगली बार तूफान न उसके .

आरव समझ तो गया था पर कहते है न दिल क्या करे .

आरव घर का मैं दूर खोल कर एक सफर पर बैठा था और तभी एंट्री हुई पारी की वो अपने बेटे को 8 साल बाद देख रही थी उसके बाल सलीके से काढ़े हुए थे उसके चेरे पर एक अलग ग्लो था ,वो थोड़ा पतला दिख रहा था पर उसकी हिघ्त अब पहले से थोड़ी बढ़ चली थी उसके चेरे पर रहने वाली मुस्कान जैसे गायब होगेउ थी इस लिए उसके चेरे पर एक ठैराव सा था पर ये ठैराव एक तूफान से भीड़ कर hi आया था , आरव थे यंगेस्ट बिल्लिओनेर एंड मुलती अवार्ड विनर था ,उसको देख ऐसा लग रहा था की हे इस किंग .

पारी तो जैसे खो सी गेय अपने बेटे को देखते हुए पर उसके कानो में पड़े वो शब्द जो उसने एक्सपेक्ट किये थे .

मिस पारी मेहता वेलकने तो सिंह हाउस हाउ मई ी हेल्प यू , ये था आरव .

पारी- बीटा , बॉस इतना hi बोल पाए की आरव ने अपनी मुंडी उठाई और उसके चेरे पर एक मुस्कान थी जो एक तरह से उसका मज़ाक उदा रही थी .

आरव – बीटा? किसका बीटा ?कोण सा बीटा ?

मिस पारी जहा तक मुझे पता है आप की एक बेटी है और आप के बेटे की मौत हो चुकी है आप के लास्ट हस्बैंड से जो था .

अब यहाँ आरव के शब्द पारी के दिल को चीयर रहे थे और पारी ये भी जान गेय थी की ये आरव hi है न की डेविल .

पारी- तुझे जब सब पता था तो मुझे क्यों नहीं बताया ?

आरव – मिस पारी आप क्या बात कर रही है आप क्या यहाँ अपनी कंपनी के लिए कोई डील के लिए आए है तो तो आकृति दी को बोल दो वैसे भी पीछे 4 सालो से मेरी कंपनी के कारन hi तो आप की लाइफ स्टेबल है .

पारी- ारु मई तेज की बात कर रही हु तुझे जब सब पता था तो मुझे कुछ क्यों नहीं बताया , मुझे क्यों नहीं रोका सच बोलै ,एक बार बोल कर तो देखता ,मई सब चूड देती .

आरव – मैंने नहीं बताया तुम्हे सब बताया तुम्हे रोका और क्लियर बताया की मई और डेविल आप के साथ है जब तक आप हमारे साथ है पर आप को तो आग लगी थी अपनी लाइफ जीने की तो जाओ जियो अपनी लाइफ एंड ी ऍम मेकिंग ओने थिंग क्लियर मई न आप को आज माफ़ करूँगा न कल आप ने जो भी किया वो गुनाह है और उस गुनाह की कोई माफी नहीं सुकर मनाओ मैंने तुम्हे मारा नहीं तो निकल जाओ यहाँ से और एन्जॉय करो अपनी आज़ादी और लाइफ और हां अगर पैसे की दिकत हो तो ाकुरति दी को बोल देना तुझे लाइफ में सब मिलेगा पैसा ,इज़्ज़त पर नहीं मिलेगा तो तेरा बीटा ,तू जिए गए पर तुझे कभी कृषि नहीं मिलेगी ,तुझे कभी सुकून नहीं मिलेगा और कभी अगर मई मर गया तो मेरा आखरी चेरा भी देखने को नहीं मिलेगा ये मेरा वादा है तूने न सिर्फ मुझे धोखा दिया बल्कि तुमने मुझे लाइफ का एक सबसे बड़ा जखम दिया है जो कभी नहीं भर सकता ,नाउ गेट आउट फ्रॉम हेरे ी don’t वांट तो सी यू इतस लिखे ी वोमिट हेरे अस ी ऍम सीइंग यू .

पारी टूट गई बिलकुल उसकी आँखों से अस्सू बह रहे थे उसे तो समझ hi नहीं ारः था की क्या करे वो बो वही जैम सी गेय थी अपने बेटे के मुँह से सरे शब् सुन कर उसे विश्वास hi नहीं हो रहा था की उसका खुद का जाना बीटा उसे डिसगस्टिंग समझ रहा है पर वो धीरे धीरे भरी कदमी से आरव के घर से बहार निकली और सड़क पर चलते hi जा रही थी ,अभी वो रोड पर चल hi रही थी की एक कार ने पीछे से एके हॉर्न मारा और जोर से ब्रेक मार एक गेट खुला और एक हाथ बहार निकला और उसे पकड़कर गाड़ी में बैठा दिया ,ये कोई और नहीं आकृति थी , आकृति ने देश बोर्ड से टिश्यू पेपर निकल कर पारी की तरफ किया और बोलै आप को सच आज पता चला है तो आप तकलीफ में हो सोचो उसे पर क्या बीती होगी जो 8 साल से इस सच के बोझ टेल दबा है चची , आप अपनी जगह अदि रही उसने आप को रोका आप के रस्ते का कटा बना ,पत्थर बन कर उसने आप को रोकने की कोशिश की पर आप तो जैसे किसी बच्चे की तरह साडी सरद तोड़ कर उड़ जाना छाती थी तो उसने वो दिया जो आप को चाइये था तो अब आप क्यों दुखी हो रही है चची .

पारी- तुम्हे भी सच पता था तो एक बार तो खुल कर बोल देती ऐसे कैसे तुम लोगो ने सोचा की मई नहीं रुकोगी ,मुझे तो आज सचाई पता चली है ,मुझे किसी ने कुछ नहीं बताया और अब मुझे सब ने दोषी भी बना दिया मानती हु गलती की पर क्या मुझे हक़ नहीं था सही समय पर सच का पता चलने का है मई बहक गई थी 16 साल तक मई रेट बिस्तर पर करवट बदले गुजारी और जब मुझर थोड़ी कृषि मिली बहार तो मई बहक गई ,तुम सब को सब पता था तो क्यों नहीं बताया सच मुझे .

आकृति चुप थी उसे पता था छे जो भी हो पारी दिल की बुरी नहीं है और जब आकृति ने अपने माँ बाप को खोया था तब पारी hi थी जिसने उसे आरव की जिमेदारी दी थी और उसे डिप्रेशन में जाने से रोका था गृद्धतिओं तक पारी hi थी जिसने आकृति की साडी पढाई का खर्चा hi नहीं उठाया था बल्कि वो उसे अपनी बेटी की तरह hi मति थी , पर आज वो कुछ नहीं कर सक्तित hi आकृति ने उन्हें कंपनी वाले फ्लैट पर छोड़ो और बोलै चची उसे थोड़ा समय दो मई उसे बात करती हु ,पर आप पहले अपने आप को सम्भालो और आरव की शाद्दी है 5 दिन बाद , अब यहाँ पारी के आसुओ के बहने की रफ़्तार और तेज होगी क्यों की उसके बेटे की ज़िन्दगी का इतना बड़ा दिन और उसी ये हक़ भी नहीं की वो वह जा सके .

ऐसे hi करते करते 5 दिन निकल जाते है आज पुरे सिटी में एक hi चर्चा थी आरव तेज प्रताप सिंह की शादी स्टेट के बड़े से बड़े मिनिस्टर और बुस्सिनेस्स्में को बुलाया गया था शाद्दी एक बड़े ग्राउंड में थी एक तरफ बड़े लोग थे और दूसरी तरफ आरव की कंपनी के सपोर्ट से चलने वाले आठ आश्रम वृद्धा आश्रम और गरीबो के लिए खाने कज व्यस्त की गई थी जसि तरफ गरीबो और अन्थो के लिए खाने की जगह थी वह पर पारी बैठे थी और वह पर लगी स्क्रीन पर अपने बेटे और बहु कोदेख रही थी और उसके आँखों से अस्सू निकल रहे थे और वो एक एक अस्सू बहते बुए वो खाना खा रही थी तभी वह पर एक आवाज ने उसकी तन्द्रा तोड़ी और ये था लकी उसे जैसे hi उसके गार्ड ने बताया वो भगा भगा वह आया और बोलै चची माँ आप यहाँ क्या कर रही हो .

पारी ने उसको आंख उठा कर देखा और प्यार उसके माथे पर हाथ फेरा और उसका माथा चुम कर बोली कुछ नहीं अपने ारु को देख रही थी .

लकी – है पर आप यहाँ क्यों ,आप चलिए मेरे साथ .

पारी- न मेरे बच्चे न , आज उसका बड़ा दिन है और अब मुझे मेरी गलती का एहसास है बास उसे कुश देख लिए इस माँ का दिल इतने में hi कुश होगया .

लकी – चची सच बताओ आप को किसने कुछ बोलै , हाथ तोड़ दूंगा उसके आप चलिए मेरे साथ .

पारी – नहीं लकी तू जा उसे तेरी जरुरत होगी उसे कुछ मत बताना ,सब को अपने कर्मो की सजा मिलती है और मेरे गुनहाओ की सजा तो अभी शुरू हुई है तू जा और हां पारी ने 2 दबे पकड़ा दिए बीटा मेरी इतनी बात मन लास्ट फेरे से पहले ये सेट तेरी भाभी को आरव के हाथो पहना देना और ये चैन तेरी माँ के हाथो उसके गले में डलवा दे प्लीज बीटा मेरा इतना कहा मन ले .

लकी ने है में गर्दन घुमा कर अपनी चची के पेअर छुए और निकल गया मंडप की तरफ अभी आरव और पीहू खड़े हुए थे फेरो के लिए और लकी ने जा कर पहले अपनी माँ के कान में कुछ कहा और अर्चना ने एक नज़र कमरे में देखा और फिर वो गोल्ड का सीताराम सेट पहले उसने पीहू को पहनाया और फिर गोल्ड की चैन जिसमे एक लॉकेट लटका था वो आरव के गले में पहना दिया और जब वो ये कर रबी थी तब उसकी नज़र बराबर कमरे की तरफ थी जैसे वो अपने दोस्त को बता रही हो की वो परेशां न हो .

पारी वह फेरे होने तक कड़ी रही और जब बारात बीड़ा होगी तब वो बोझिल कदमो से निकल गेय अपने घर की तरफ तभी एक बार फिर एक कार आकर रुकी पर इस बार उसमे रोहित था उसने कार रोकी और बहार निकल पारी के पेअर छुए और फिर पारी को कार में बिठाया .

पारी – रोहित मुझे उसी मंदिर ले चल जहा पहली बार आरव घायल हुआ था .

रोहि- मम रात होगी है कल आप को ले चलता हु मई भी अभी वह का रास्ता नहीं याद .

पारी – ठीक है कह कर शांत होगी , रोहित ने पारी को उसके घर छोड़ा और वह से निकल गया .

पारी आज बहुत कुश थी अपने बेटे के ने जीवन के लिए पर दुखी भी की उसकी ज़िद और गुस्से के कारण उसकी काम वैष्णो के कारन उसने सब तबाह कर दिया .

आरव की शाद्दी हो चुकित थी 6 दिन बाद आरव और पीहू सब रश्मि पूरी कर चुके थे और अब वो दोनों अपने होनेमून के लिए गोवा जा रहे थे बी रोड ये डिसिशन आरव का था सब परिवार वालो ने उसे बीड़ा किया अभी कुछ घंटे hi बाईट थे की अर्चना ठाकुर के पुरे घर के मोबाइल और लैंडलाइन बजने लगे और आकृति भगति हुई रूम से बहार आए और टीवी ों की तो न्यूज़ चल रही थी आरव की कार का एक्सीडेंट हुआलोनवला रोड पर और स्पॉट पर आरव और पीहू दोनों एक्सपिरे होगी किसी को विश्वास hi नहीं हो रहा था कीबीए क्या हुआ पर अब सच यही था आरव और पीहू नही रहे थे और जब ये न्यूज़ पारी ने सुनी तो वो तो जैसे किसी और दुनिया में चली गेय और वो निकल गेय अपनी कार से उसी मंदिर जहा सब से पहले आरव का झगड़ा हुआ था प् फिर जहा से आरव के सफर की सुरवात हुई थी .

पारी मंदिर की दहलीज़ पर पहुंच हे महादेव ये क्या है आप क्या न्य , मेरे बचे की क्या गलती सूए क्यों सजा दी मजदेव आप छे तो मेरी जान लेलो पशर मेरे बच्चू को लोटा दो वो अभी नादाँ है महादेव मैंने अपना सब कुछ खो दिया है मेरे बच्चो को जीवन दान देदो महादेव छाए तो मेरी जान लेलो ,और ये बोल अपना माथा मंदिर की चौखट पर पटकने लगी तभी वह एक आवाज़ गुंजी इस जनम में भी तुम अपने किसी के लिए अपना जीवन ख़तम करना छाती हो अनसुइया तुम ये आवाज़ उसी बाबा की थी जो कुछ वर्षो पहले आरव को मिला था .

पारी- बाबा मेरा नाम पारी है अनसूया नहीं .

बाबा- उसके माथे को छुआ और बोली बेटी तुम अनसुइया hi हो और ऐसा करते hi पारी की आँखों के सामने पिछले जनम का सब कुछ आने लगा जो भी हुआ था और ये hi उसका प्रिस्किट था .

पारी – बाबा मेरे प्रिस्किट में मेरे भाई अभय की क्या गलती उसे किस बात कक सजा मिली .

बाबा – पिछले जनम में भी वो प्यार में पद मानवबकालयन से चूक जो अपराध किया उसे उसकी सजा मिली जैसा कहा गया था जिस बेहेन के प्रेम में उसने नर्सिंगहार किया वो hi बेहेन उसे सब से ज्यादा तकलीफ देगी ,बीटा यही तेरी और उसकी नियति थी जो हो चुकी आप तू छाए तो अपने अगले जनम के चक्र में प्रवेश कर सकती है या फिर स्वर्ग की और जा सकती है .

पारी- अगला जनम नहीं चाइये बाबा न स्वर्ग का मोह है मुझे तो अपने बेटे के साथ इस जनम में hi समय बिताना था प्रभु ,इस माँ की इतनी सी ख्वाइश है की मई अपने बेटे के साथ राहु .

बाबा कुछ पल पारी को देखते है और बोलते है जा दिया तुझे नियति को बदलने का मौका जा बदल सके तो बदल ले अपना प्रारब्ध पर कहने वही से शुरू होगी जहा से आरव ने इस मंदिर पर कदम रखा था बदल सकती है तो बदल ले पर न तू उसे कुछ बताल पाएगी न किसी और कक तू मृत्यु और जनम के चाकर को भी नहीं रोकेगी अगर ऐसा करिगी तो सब ख़तम हो जायगा जा बदल सके अपना प्रारब्ध तो अब बदल ले और इतना बोलते hi बाबा अंतर धाम होगी और पारी वही मदिर की सीढ़ियों में गिर गयी और बेहिओश होगी .

पारी की आंखे कुली तो हॉस्पिटल के रूम में थी , और उसे मचिनो की आवाज आरही थी उसकी आंखे कुली तो सामने उसका बीटा आरव लेता था बीएड पर और उसे ड्रिप चढ़ी हुई थी ये वही समय था जब आरव ने पहली बार अपनी माँ को रवि मेहता के साथ देखा था और अब पारी कड़ी थी उसने जैसे hi ये सब देखा पहले तो उसे विस्वास hi नहीं हुआ पर अगले hi पल उसे बाबा की आवाज सुनाई दी जा बदल ले बच्ची अपनी नियति अगर बदल सकती हो ,और पारी ने अपनी आँखों को बंद कर महादेव को सुक्रिया ऐडा किया और भाग कर अब्ने बेटे के पास पहुंची और उसके माथे को चूम ारु मुमा विल गिव हिज 100% थिस टाइम , वो अब कोई गलती नहीं करेगी ,शी विल नेवर लेट यू डाउन और अपने बेटे के माथे को चूमने लगी .

(तो भाइयो और उनकी बहनो आप को कैसी लगी स्टोरी मुझे कमेंट में जरूर बताना और आगे की स्टोरी हमे @माग्देवील भाई कंटिन्यू करेंगे .

इस स्टोरी में जितने भी सेक्स सन थे उन्हें लिखा था @ढालचंदरून ने तो तारीफ के लिए एक लिखे उनके लिए भी और स्टोरी को एन्ड तक लेन में मेरा साथ दिया है मैक्स डेविल उर्फ़ सुनी भाई )
 
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