Pyar ki had paar- family loves forever - Page 5 - SexBaba
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Pyar ki had paar- family loves forever

थैंक्स फॉर सपोर्टिंग आनंद भाई आपकी ही स्टोरी पढ़कर मुझे हौसला मिला की में भी स्टोरी लिखू.

आनंद भाई में आपकी और कासी भाई की स्टोरी का फैन हु

आपकी वृत्तंग का फैन हु.

आपकी देसी बीस और स्फोरम की साड़ी स्टोरी फैंटास्टिक है.

चाहे आपकी

साजन की स्टोरी हो

या चमत्कार हो

या सांड वाली स्टोरी.

आप एक बोहोत महँ और अचे राइटर हो.

जिससे हौसला पाकर

मैंने भी आपकी स्टोरी लिख पाया

आप टाइम निकल कर एक बार मेरी स्टोरी पूरी पढ़कर अपना सुग्गेस्टियन्स जरूर देना

की आपको स्टोरी किसी लगी.

वैसे यह मेरी पहली स्टोरी है

मुझे स्टोरी लिखने का ज्यादा एक्सपीरियंस नहीं है फिर भी जितना हो सका उतना लिखा पाया हु.

मुझे पता है आपकी जॉब और इतनी साड़ी स्टोरी में आपका सारा टाइम निकल जाता है.

फिर भी एक बार मेरी स्टोरी जरूर पड़ने की कोसिस करना जैसे ही टाइम मिले एक बार पूरी पढ़ पर अपना सुग्गेस्टियन्स जरूर देना.

मैंने जब से स्टोरी स्टार्ट की है में सोच रहा था की एक बार आनंद भाई अपना रिव्यु जरूर दे की आपको स्टोरी किसी लगी.

थैंक्स फॉर सपोर्टिंग भाई.

बस आप अपना साथ बनाये रहिये.

:congrats::congrats::congrats:

मोस्ट वेलकम

प्यार की हद पर - फॅमिली लव्स फॉरएवर थ्रेड में
 
भाई अगर अपने मेरे सरे अपडेट ध्यान से पड़े होगा तो यह बात क्लियर जरूर हो जाएगी

किउकी सोनम का भी बोहोत बड़ा राज़ है

अपने सही कहा राहुल अपनी बहन को चोर पर किसी से प्यार नहीं कर सकता यह राहुल की नियति है.

बेस 1 या 2 अपडेट के बाद यह बात क्लियर हो जाएगी.

और इस सेक्स के पीछे की बजा भी.....

थैंक्स फॉर सपोर्टिंग भाई

बस अपना साथ बनाये रखिये

और अपना रिव्यु देते रहिये.

एंड मोस्ट वेलकम

आपका प्यार की हद पर - फॅमिली लव्स फॉरएवर थ्रेड में....
 
अपडेट 26

और सोनम ने आखे खोली और मने अपना लुंड सोनम के मुँह की तरफ कर दिया

और सोनम कबि मेरे को देखती तो कबि लुंड को

फिर सोनम ने

अब ाजी.............

फिर सोनम ने मेरे लुंड पर एक किश करके लुंड को चोर दिया.

और अपनी गार्डन ना में हिला दी.

सोनम ने मेरे लुंड पर किश किया जिससे मुझे सोनम पर प्यार आया और सोनम का न करने का तरीका भी पसंद आया.

मतलब सोनम लुंड को मुँह में नहीं लेना चाहती थी.

सोनम ने लुंड नहीं चूसा मतलब एक काम बाकि है.

वो है लुंड का छूट से मिलान.

फिर मैंने सोनम की गांड के निचे तकिया रखा दिया.

और सोनम की लेग के बीच में आ गया.

और मैंने अपने लुंड पर थूक लगाया और लुंड को छूट पर रख दिया

मेरा लुंड सोनम की छूट को प्यार करना चाहता था.

उसको फील करना चाहता था.

लुंड और छूट का मिलान होने वाला था.

उस मिलान में दर्द होने वाला था.

पर मेरा लुंड छूट को दर्द देने से पहले उसको प्यार करना चाहता था.

दर्द से पहले का प्यार

मुझे कुछ न करते देख सोनम ने अपनी आखे खोल ली और आगे बढ़ने को कहा.

मैं ने फिर लुंड पर थूक लगाया और लुंड को छूट पर रखा और सोनम के ऊपर आ गया.

मैंने पहले सोनम के लिप्स पर किश किया .

पीर मैंने एक झटका मारा

पर कुछ नहीं हुआ,

मेरा लुंड फिसल गया

मैंने फिर से लुंड को छूट पर रखा और एक जोर का झटका मारा और मेरा लुंड का टोपा सोनम की छूट में चला गया.

सोनम के मुँह से चीख निकल गयी

सोनम की दर्द भरी चीख सुनकर मुझे ऐसा लग रहा था की दर्द सोनम को नहीं बल्कि मुझे हो रहा है.

दर्द सोनम को हो रहा था और पानी मेरे आखों में आ रहा था.

ऐसा लग रहा था की में सोनम को दर्द में देख नहीं सकता .

मेरा दिल तड़प रहा था.

सोनम ने जब मेरी आँखों में पानी देखा तो सोनम ने चीख न बंद कर दिया और दर्द को बर्दास्त करना शुरू कर किया.

सोनम ने अपना हाथ ( हैंड) अपने मुँह में दबाकर अपनी चीख को रोकने लगी पर सोनम को दर्द हो रहा था.

सोनम का दर्द काम करने के लिए

मैंने अपने लिप्स सोनम के लिप्स पर रख कर चूसने लगा .

जिससे सोनम दर्द को भूल कर किश पर फोकस कर सके ताकि दर्द काम हो जाये.

अभी तो सिर्फ मेरे लुंड का टोपा अंडर गया था.

पूरा लुंड अंडर जाना बाकि था.

पर मुझे क्या हुआ था की सोनम को दर्द होता हुआ देख नहीं प् रहा था.

पर सोनम को प्यार भी करना था.

ऊपर से मेरा लुंड सोनम की छूट में जाने के लिए बेताब हो रहा था.

थोड़ी देर में सोनम संत हो गयी

फिर मैं हाथो ( हैंड) से बूब्स को दबाने लगा.

थोड़ी देर में सोनम को ाचा लगने लगा.

मैंने सोनम को इशारे से पूछा की अंडर दालु उसने हां में गार्डन हिला दी

फिर मैंने सील तोड़ने वाला झटका मारा .

वो झटका जिससे कोही लड़की अपनी ज़िन्दगी भर भूल नहीं सकती झटका मर कर लुंड सोनम की सील थोड़ कर 5 इंच तक अंडर चला गया.

सोनम ने बोहोत कोसिस की चीख न निकले पर यह ऐसा झटका था जिस के मरते ही हर लड़की की चीख निकल जाती है.

सोनम की भी चीख निकल गयी मेरा किश करने से उसकी दबी हुयी चीख मेरे मुँह में डाब गयी.

सोनम और मेरे आखो से पानी की एक धरा निकलने लगी.

सोनम को सासे लेने की ज्यादा जरूरत थी जिस से मैंने उसके लिप्स को अपने लिप्स से आज़ाद किया पर बूब्स दबाता गया.

और सोनम के मुँह से आआआह दारररररडद्ड वार्ड निकला .

पर सोनम ने कण्ट्रोल करते हुए उस वर्ड को बिच में ही रोक दिया .

मुझे पता था की सोनम को दर्द हो रहा है.

फिर भी सोनम ने मुझे लुंड बहार निकलने को नहीं कहा.

और अंडर डालने को भी नहीं कहा .

वो बस मेरे निचे लेती हुयी अपने दर्द को मुझ पर जाहिर नहीं होने देना चाहती थी.

सोनम तो मुझे इतना प्यार करती थी की उसने आखे ( आईज) खोल कर मुझे आखो से इशारा करके थोड़ी देर रखने को कहा.

उसे लगा की अगर में भी सोनम को प्यार करता हु तो मैं उसका इशारा शामाज जाउगा.

और हुआ भी ऐसा ही मैं शामाज गया की सोनम क्या कहना चाहती है.

किउकी प्यार हमेशा दर्द पहचान ही जाता है.

मैं ऐसे ही रुका रहा मुझे ऐसे देख कर सोनम की आखो में चमक आ गयी.

सोनम को भी लगने लगा की मैं भी उससे बोहोत प्यार करता हुए.

मगर बता नहीं पा रहा हुए.

शायद दिव्या की याद के बजसे.

सोनम मेरे अंदर के प्यार को जगाना चाहती थी.

सोनम ( मैं में ) : दिव्या मैंने अपना वादा पूरा किया और राहुल के अंदर का प्यार जगा दिया जीसे वो भूल गया था.

जिसको वो हवस शामाज बैठा था.

तुम्हारा प्यार बोहोत पवन है.

जो राहुल की जान बचने के लिए उससे चोर दिया.

जो दिव्या राहुल से दूर होने के नाम से भी डर्टी थी.

उसने राहुल के लिए उसकी जान बचने के लिए अपने प्यार की कुर्वानी दी

तुम पता था की राहुल कबि तुम नहीं छोड़ेगा इसलिए राहुल के मैं में नफरत भरी जिससे राहुल वह से चले जाए.

मगर दिव्या राहुल जब तुम इस हालत में देखे गए तब उसकी क्या हालत होगी.

यह शायद तुमने नहीं सोचा होगा.

जल्दी ही कोमा से बहार आए जाओ दिव्या.

मैंने अपने लुंड को ऐसे ही रखा और फिर से सोनम के लिप्स चूसने लगा बूब्स को दबाने लगा

15 मिनट के बाद सोनम को ाचा लगने लगा.

सोनम का दर्द काम हो गया.

मैंने सोनम के लिप्स को चोर दिया और बूब्स को भी.

अब सोनम के फेस पर दर्द नहीं था बस प्यार ही प्यार दिख रहा था.

मैंने पिलो की तरफ देखा उस पे खून लगा हुआ था.

मैं लुंड को धीरे से बहार निकल कर अंडर डालने लगा धीरे धीरे लुंड को अंडर बहार करने लगा .

अभी तक 5 इंच लुंड अंदर गया था.

मैं आराम से 2 मिनट तक लुंड को हिलता रहा.

सोनम तो बिना पलके झुकाये मुझे देख रही थी क्या पता क्या देख रही है.

मैं जो प्यार से लुंड अंडर बहार कर रहा था .

मैं उसे ज्यादा दर्द नहीं होने दे रहा था.

शायद सोनम यही देख रही थी.

या कुछ और.

मैं लुंड को बड़े प्यार से सोनम की छूट में दाल रहा था.

शायद सोनम मेरा यही प्यार देख रही थी.

फिर धीरे धीरे गति बढ़ाने लगा अब सोनम का कुछ दर्द काम हुआ था.

पर मैं ने अभी तक पूरा लुंड अंडर नहीं डाला था मैं इंतज़ार करने लगा की कब सोनम की छूट पानी छोड़ेगी.

5 मिनट तक ऐसे ही चुदाई करने से सोनम की छूट ने पानी चूड दिया.

सोनम की छूट से पानी के साथ खून भी बहार आ गया था.

छूट अब गीली हो गयी थी.

लुंड के लिए जगह बनने लग गई थी.

फिर मैंने ाकारी झटका मारा और पूरा 10 इंच का लुंड सोनम की छूट में चला गया सोनम की दबी हुयी दर्द भरी चीख निकल गयी.

मैंने सोनम का बचा हुए दर्द बूब्स दबाकर काम करने लगा.

मैंने सोनम से बोलै.

राहुल ( सोनम से ) : बस हो गया अब दर्द नहीं होगा.

जितना दर्द होना था हो गया ..........

पूरा लुंड अंदर चला गया है......

बाद थोड़ा देर रुको सब ठीक हो जायेगा...

सोनम ( मैं में ) : मुझे अपने दर्द से ज्यादा तुम्हारा दर्द दिखाई देता है राहुल यह दर्द तो कुछ देर में ख़तम हो जाएगा मगर मुझे खुसी है की

मेरे प्यार ने शायद तुम्हारा इतने सालो का दर्द ख़तम कर दिया

सोनम ने कहा....

सोनम : राहुल मुझे दर्द नहीं हो रहा है

मुझे पता था की सोनम जुट बोल रही है.

मेरे लुंड से दर्द न हो यह हो नहीं सकता

सोनम की कुवारी छूट में दर्द न हो यह हो ही नहीं सकता.

10 इंच का लुंड अंदर जाने के बाद चीख निकले और दर्द न हो यह हो ही नहीं सकता.

सोनम ने मेरे लिए कहा की उससे दर्द नहीं हो रहा.

सोनम की बात सुनने के बाद मैंने लुंड को बहार निकल लिया

और लुंड पर जो खून था वो यह बता रहा था की सोनम को कितना दर्द हो रहा था.

मैं समाज गया की सोनम मेरे लिए , अपने प्यार के लिए दर्द बर्दास्त कर रही है.

यह भी मेरी तरह अपने दर्द को भूल कर दूसरे के दर्द की फ़िक्र करते है.

जैसे दिव्या करती थी.

दिव्या भी जब दर्द में होती थी तो उस दर्द को बताकर मुझे परेशां नहीं करना चाहती थी.

दिव्या भी मेरे दर्द को पहचान जाती थी.

यहाँ प्यार होता है तो

वह उस प्यार के सामने दुनिया का हर दर्द काम लगता है.

चाहे वो केसा भी दर्द हो.

मैंने लुंड को धीरे से फिर अंदर दाल दिया और सोनम के बूब्स दबाते हुए लुंड को धीरे धीरे आगे पीछे करना सुरु कर दिया.

लुंड को हिलने से सोनम को दर्द हो रहा था.

सोनम ने अपने हाथ ( हैंड ) मेरे पिट ( बैक) पे रक् दिए.

जैसे सोनम को दर्द होता सोनम अपने नाखून मेरे पिट में गाड़ने लगती और

सोनम बोलती

राहुल मुझे दर्द नहीं हो रहा.

एक तरफ दर्द के वजसे नाखून से मेरी पिट ( बैक ) को खर्च रही थी.

दूसरी तरफ सोनम बोल रही थी की मुझे दर्द नहीं हो रहा.

सोनम के साथ चुदाई करते हुए मुझे कोही जल्दी नहीं करनी थी.

मैं हर एक धक्के को महसूस करना चाहता था.

मैंने ऐसा क्यों कर रहा था मुझे पता नहीं था.

पर हर एक धक्के के साथ मुझे एक अलग ही आनंद मिल रहा था.

अब मेरे धक्को को महसूस करके सोनम

अपने दिलो दिमाग में यह चुदाई फिट कर रही थी.

मैं बड़े प्यार से सोनम की चुदाई कर रहा था.

आज मुझे क्या हुआ था मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा था.

न सोनम को जल्दी थी और न मुझे जल्दी थी.

न सोनम मुज़से अलग होना चाहती थी और न में सोनम से अलग होना चाहता था.

तीन दिन से मेरे साथ सब अजीब हो रहा था.

सोनम के पापा को बचाना

पायल और निशा & रूचि के लिए मेरा प्यार देखना.

जब में बेहोश था.

इस प्रेरणा का आना और प्रेरणा का राज़

मेरे सरीर में शक्तियों को सहचर होना.

सुनैना कौन है में अभी तक नहीं जनता

अब अचानक से सोनम का मेरे लिए प्यार और इतना प्यार की सोनम मेरे साथ एक रात के लिए सोने ( स्लीप ) के लिए भी त्यार हो गई थी.

अचानक से मेरे अंदर नफरत ख़तम होकर बोहोत सारा प्यार का सहचर होना.

यह सब मेरे साथ क्या हो रहा था मुझे खुद नहीं पता था.

मैंने अपने 10 इंच के लुंड को सोनम की छूट की गहराई तक अंदर दाल कर धक्के मरता गया .

फिर भी सोनम का दर्द काम नहीं हुआ

पर मुझे लग रहा था की सोनम का प्यार बढ़ रहा है.

बस मैं धक्के मर कर अपने जीवन को सफल कर रहा था.

मैंने लुंड को धीरे से पूरा बहार निकाल लेता फिर अंडर पूरा लुंड छूट में घुसा देता.

ऐसे 30 35 बार करने के बाद सोनम की छूट में मेरे लुंड के लिए जगह बना दी.

और लुंड आराम से अंडर जाने लगा.

छूट में लुंड के लिए जगह बनने से सोनम का दर्द ख़तम हो गया .

मैं धक्के लगता रहा.

सोनम भी अपनी गांड ऊपर करके मेरा साथ दे रही थी.

सोनम अब शिस्कारिया ले रही थी पर खुल कर नहीं ले रही थी .

वो मुज़से शर्मा रही थी.

बस बिच बिच में आआह आआह आआह

कर रही थी.

10 मिनट तक मैं दिमाग को चुदाई से अलग रख कर दिल को सोनम की चुदाई फील करने दे रहा था.

मैं सोनम की ऐसे ही चुदाई करता रहा.

फिर से सोनम ने अपने पानी चोर दिया.

फिर मैंने सोनम के पेअर को थोड़ा ज्यादा फैला दिया और धक्के मरने लगा .

मैंने बोहोत तेज़्ज़ गति के साथ सोनम की छूट फाड़ने लगा.

मैं सोनम को हर धक्के का मज़ा दे रहा था.

और हर धक्के का मज़ा ले भी रहा था.

कमरे में हमारी चुदाई का म्यूजिक गूंज रहा था.

म्यूजिक कब से बज रहा था यह न सोनम को पता था नहीं मुझे पता था.

सोनम ने ज्यादा तर समय अपनी आखे बंद राकी थी.

पर सोनम बिच बिच में अपनी आखे खोल कर मुझे धक्के मरते हुए देखकर फिर अपनी आखे बंद कर लेती.

सोनम ने फिर एक बार अपना पानी चोर दिया था.

इस लम्बी चुदाई में एक अलग ही मज़ा था.

थोड़ी देर बाद मुझे लगने लगा की अब मेरा होने वाला था.

अब मुझे अपनी ढ़ाके मरने की गति और बदनी थी पर सोनम को दर्द न हो , इसके लिए दिल मुझे इसकी इजाजत नहीं दे रहा था.

अगर दिल की जगह दीमक होता तो अब तक मैंने अपनी गति बड़ा दी होती और मेरा वीर्य सोनम को छूट में होता.

मैंने बड़े प्यार के साथ आखरी झटका भी धीरे धीरे मर रहा था.

आखरी झटका वो भी धीरे धीरे मरने के लिए मुझे मेरे दिल ने बोहोत मदद की .

मेरे धक्के की गति बहोत बाद गयी थी.

शायद सोनम को भी यह पता चल गया होगा.

की मेरा होने वाला है.

इसलिए सोनम भी अपनी गांड उठाकर मेरा साथ देने लगी.

फिर एक आखरी वाले के साथ मेरा वीर्य निकल गया और मैंने जल्दी से अपना लुंड निकल कर सारा वीर्य सोनम की छूट के ऊपर दाल दिया.

थोड़ी देर मैं सोनम के ऊपर hi रहा फिर सोनम नार्मल हो गई.

अब सोनम को अपने बदन में दर्द महसूस हो रहा था.

किउकी मैं अभी तक सोनम के ऊपर था .

मुझे इस बात का अहसास हुआ मैं सोनम के ऊपर से अलग हो गया.

मेरा लुंड पे खून लगा हुआ था सोनम के छूट पर भी खून लगा हुआ था.

मैं बीएड से निचे आकर खड़ा हुआ मुझे पता था की अब सोनम को चलने में दर्द होगा.

इसलिए मैंने सोनम को अपनी घोड़ में उठा लिया.

सोनम को घोड़ में लेते ही सोनम ने आखे खोल ली.

मुझे बड़े प्यार से देखने लगी

मैं सोनम को उठा कर बाथरूम में ले गया.

बाथरूम में सोनम को एक जगह पर बैठा दिया.

सोनम मेरी तरफ देख रही थी.

की मैं क्या कर रहा हुए.

और क्या करने वाला हुए.

मैंने गरम गरम पानी लिया और गरम पानी से छूट को साफ़ करने लगा

फिर टॉवल को गरम पानी में दाल कर छूट की मालिश करने लगा.

सोनम को अब ाचा लग रहा था.

यह सब सोनम करते हुए मुझे चुप चाप देख रही थी.

मैं सोनम के दर्द को शामाज कर सोनम की छूट को साफ़ किया .

यह सोनम डेक्टि गयी .

मेरे ऐसा करने से सोनम की दिल में मेरे लिए प्यार और ज्यादा बढ़ गया था.

फिर मैंने सोनम को वही बाथरूम में छोड़कर

वह से बहार आ गया.

और थोड़ी देर के बाद सोनम भी बाथरूम से बहार आ गयी.

और सोनम बीएड पर बैठ गयी मैंने सोनम को मेडिसिन दी .

सोनम ने कुछ नहीं पूछा की यह मेडिसिन किस लिए है.

फिर भी मैंने सोनम को बता दिया की यह पैन किलर है जिससे तुम्हारा दर्द काम हो जाएगा.

( यह पैन किलर की मेडिसिन हमेशा मेरे पास रहती थी )

सोनम की इतनी फ़िक्र करने की वजसे सोनम का दिल मेरे प्यार से भर गया.

मेडिसिन खाने के बाद मैंने सोनम को बीएड पर लिया दिया.

मैं भी सोनम के साथ लेट गया.

और सोनम अपने सर ( हेड ) को मेरी चेस्ट पर रख कर सो गयी.

और सोनम जल्दी से सपनो की दुनिया में चली गयी.

सोनम को बहोत साड़ी तस्वीर एक साथ देखने लगी उस सपने में.

पर मेरी आखो की नींद बोहोत दूर जा चुकी थी.

उसकी वजा सोनम थी.

फिर मैं दिव्या को याद करने लगा

जब दिव्या ने मुझ पर प्यार नहीं किया था अपने प्यार पर विश्वास नहीं किया था.

तभी मुझे प्यार से नफरत हो गए थी .

मैंने सोच लिया था की अब में किसी से भी प्यार नहीं करुगा.

मगर सोनम ने बता दिया था की हर लड़की एक जैसे नहीं होती.

सोनम ने सिर्फ प्यार किया है इतना प्यार की वो मेरे लिए इतना कुछ कर गयी.

दर्द होने पर भी मेरे लिए उसने कुछ नहीं कहा .

सोनम को सिर्फ प्यार चाहिए मेरा प्यार चाहिए

मैंने सोनम के सर ( हेड ) को अपनी चेस्ट से उठा कर बाद पर रख दिया.

और फ्रेश होकर भर चला गया .

घर के भर जाते ही मैंने अपने दोस्त को कॉल किया और उनको एक जगह पर मिलने के लिए बुलगा.

थोड़ी टाइम बाद राम, श्याम, और मोहन आ गए.

वही

थोड़ी देर के बाद सोनम की आँख ( आईज) अचानक से खुल जाती है.

बोहोत तेज़्ज़ तेज़्ज़ बोलती है.

सोनम : रोहान .............नाहीइइइइइइ

Rohaaan................nahiiiiiiii

और पागलो की तरह राहुल को ढूंढ़ने लगाती है.

और सोनम को राहुल कही नहीं दिखाई देता.

और लास्ट में.

सोनम बीएड पर बैठ कर तेज़्ज़ तेज़्ज़ रोने लगती है....

सोनम का पूरा चेहरा ( फेस ) पसीने में भीगा हुआ था.

आखो से आंसू की धरा निकल रही थी.

कुइकी शायद अभी सोनम के आखो के सामने अपने रोहन को बचने की गुहार लगाने लगी.

उसका रोहन एक आग में जाल हुआ दिखाई दे रहा था.

सोनम का सरीर पूरी तरह से काँप रहा था.

सोनम का सरीर तो वर्त्तमान में ही था परन्तु सोनम की आत्मा अभी भी राजलोक ( जहा रोहन का जनम हुआ था ) का वो सच जान गई थी.

जिसके कारन राहुल का दुबारा जनम हुआ था धरती लोक में.

भाई अभी धक् गया हु इस अपडेट की स्पेलिंग में सुबह ही चेक करुगा.
 
अपडेट 27

सोनम का सरीर तो वर्त्तमान में ही था परन्तु सोनम की आत्मा अभी भी राजलोक ( जहा रोहन का जनम हुआ था ) का वो सच जान गई थी.

जिसके कारन राहुल का दुबारा जनम हुआ था धरती लोक में.

अब ाजी......

उस जगह पर राम , श्याम और मोहन आ जाते है.

मैंने पहले अपने दोस्तों से कंपनी के बारेमे पूछा.

तभी राम बोलता है.

राम ( राहुल से) : भाई जैसे तुमने बोलै था हमने कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवा दिया है रोहन नाम से और सारे पैसे कंपनी के अकाउंट में डलवा दिए है.

और यह रहा एटीएम कार्ड और चेक बुक और कुछ डॉक्यूमेंट कंपनी से रिलेटेड

और राहुल ने एटीएम कार्ड ले लिया .

तभी

मोहन : भाई मगर इस कंपनी का नाम क्या रखना है.

राहुल : इस कंपनी का नाम फॅमिली लव्स फॉरएवर ग्रुप ऑफ़ कंपनी रखो और उसका भी रजिस्ट्रेशन करवा दो.

और शहर 2 ( जहा सुनैना रहती है ) और शहर 3 ( जहा राहुल रहता है. ) में मने यह जगह पसंद की है.

वह पर ऑफिस बनाओ.

और ऐसा ऑफिस बनाना होगा.

और राहुल ने अपने मोबाइल में से वो फोटो राम के मोबाइल में दाल दी

राम उस फोटो को देख कर शॉकेड हो जाता है.

फिर राम बोलता है भाई ऐसा ऑफिस बनाने में तो कमसे काम 900 करोड़ रूपीस का खर्चा आएगा.

फिर हम कंपनी क्या 100 करोड़ से चलाएगे

राहुल : 100 करोड़ नहीं 30 करोड़ किउकी मुझे अभी 70 करोड़ रूपीस चाहिए है.

और अभी मुझे कंपनी नहीं चलनी है.

वो सब में बाद में देखूगा बस तुम अभी ऐसा ऑफिस बनाओ.

और राहुल के तीनो दोस्त हां में गार्डन हिला देती है.

और राहुल उनको तीन ब्लेंक चके डाटा है.

पैसे निकलने ले लिए.

और कंपनी के डॉक्यूमेंट भी सिग्न कर देता है.

और पूरा कम्पलीट रजिस्ट्रेशन के लिए अपने दोस्तों को ही दे देता है.

और राहुल के तीनो दोस्त चले जाते है.

और अपने काम पर लग जाते है.

और राहुल टाइम देखता है तो 2 बज रहे होते है.

फिर

राहुल एक बोहोत बरी ज्वेलरी शॉप में घुसता है.

और कुछ देखने लगता है.

तभी

एक आदमी बोलता है.

आदमी ( राहुल से ) : सर में आपकी क्या मदद कर सकता हुए.

मगर राहुल तो बस इधर उधर नज़र घुमा रहा था.

तभी राहुल को एक लॉकेट दिखाई देता है.

वो लॉकेट बोहोत ही खूबसूरत और प्यारा लग रहा होता है.

तभी

राहुल बोलता है.

राहुल ( आदमी से ) मुझे यह लॉकेट चाहिए.

फॉर वो आदमी उस लॉकेट को देखता है.

आदमी : सर यह लॉकेट बोहोत कॉस्टली है पुरे 70 करोड़ का.

राहुल अपना कार्ड उस आदमी को दे देता है और वो आदमी राहुल से पेमेंट ले लेता है.

और राहुल वो लॉकेट लेकर निकल जाता है अपने घर की तरफ.

तभी एक मैनेजर उस आदमी के पास आ जाता है.

मैनेजर ( उस आदमी से ) : जरा वो लॉकेट लेकर आना

आदमी : सर खोंसा लॉकेट

मैनेजर : अरे वही जो यहाँ रखा था.

आदमी : सर वो लॉकेट

मैनेजर : है वही लॉकेट

आदमी : सर वो तो एक लड़के को मने सेल्ल कर दिया.

मैनेजर शॉकेड होकर बोलता है.

मैनेजर : क्याआ

तू पागल हो गया है क्या.

आदमी : क्यों क्या हुआ सर.

मैनेजर : साले वो लॉकेट ठाकुर साहब का खानदानी लॉकेट है.

तेरा दीमक तो नहीं ख़राब हो गया.

मैनेजर ( चिल्लाते हुए ) : एक बार मुझ से पूछ तो लेता.

आदमी : सॉरी सर

वो मुझे पता नहीं था.

में यहाँ नई हु.

मैनेजर बाकि सब से बोलता है.

मैनेजर : किस साले ने इसको नुकरि पर रखा है.

तभी दूसरा आदमी आ जाता है.

आदमी 2 : सर क्या हुआ.

कुछ किया क्या इसने

मैनेजर : साले इसने ठाकुर साहब का खानदानी लॉकेट सेल्ल कर दिया

पता है न तुझे ठाकुर साहब गांड मर लगे इस दूकान की.

आदमी 2 : सर अभी में कुछ लोगो को भेजता हु उस लड़के को ढूढ़ने.

और उसने कार्ड से पेमेंट की हो जिससे हमे उस लड़के का एड्रेस मिल जाएगा.

आप परेशां मत होइए

मैनेजर सर.

मैनेजर : अगर मुझे यह लॉकेट नहीं मिला न तो तुम दोनों को यहाँ से निकल दुगा.

और ठाकुर साहब के पास फेक दुगा.

और सब लोग राहुल को ढूंढ़ने निकल जाते है.

वही

तभी

वह प्रेरणा आ जाती है और सोनम से बोलती है.

प्रेरणा : सोनम रोना बंद करो

मगर सोनम को तो कुछ सुनाई ही नहीं दे रहा था.

सोनम बस रोहन

रोहन

तभी

प्रेरणा सोनम के पास जाकर सोनम का ( हैंड ) पकड़ लेती है.

प्रेरणा : सोनम शांत हो जाओ तुम्हारा रोहन तुम्हारे साथ ही है.

राहुल के रूप में.

तब

जाकर सोनम शांत होती है.

और सामने देखने लगती है.

मगर सोनम को कुछ दिखाई नहीं देता.

फिर

सोनम घबरा जाती है की यह बोल कौन रहा है.

सोनम : कौन है.

प्रेरणा : सोनम में प्रेरणा

सोनम : प्रेरणा तुम और तुम दिखाई किउ नहीं दे रही हो और रोहन कहा गया

फिर प्रेरणा सोनम को पूरा सच बता देती है.

की वो दिखाई किउ नहीं दे रही.

सोनम : मेरा रोहन कहा है.

प्रेरणा : वो भर गया है.

प्रेरणा : सोनम तुम अभी कुछ भी राहुल को नहीं बताना है की तुम कौन हो और उस राज लोक की सचाई.

सोनम : मैं राहुल से इतना प्यार किउ करती हु मुझे कभी समाज में ही नहीं आया था.

जब राहुल मुझे दिखाई दिया तो हमेशा राहुल को प्यार करने की

राहुल को देखने की तालाब लगी रहती थी.

मुझे ऐसा लगता था की में राहुल को कभी खो न दू.

इसलिए में छुपकर हमेशा राहुल का पीछा करती रहती थी.

और अपने आप को विश्वास दिलाती थी की राहुल ठीक है.

में न चाहते हुए भी राहुल की तरफ आपने आप ही खींची चली जाती थी.

मगर में राहुल को अपने प्यार का इज़हार भी नहीं कर सकती थी.

किउकी राहुल उस टाइम दिव्या से प्यार करता था.

फिर दिव्या ने खुद राहुल को चोर दिया.

और दिव्या ने मुझ से वादा लिया की सोनम तुम राहुल का ख्याल रखना उसकी जान को खतरा है.

इस लिए मने राहुल को छोरा है.

फिर तो मुझे जैसे कोई मकशद मिल गया था.

की कही राहुल को कुछ न हो गए.

फिर

एक दिन मेरे पापा का एक्सीडेंट हुआ और में भागते हुए हॉस्पिटल पोहोची.

और वह राहुल को देखा.

जब राहुल ने कहा की तुम्हारे पापा को कुछ नहीं होगा.

मुझ पर विश्वास रखो.

पता नहीं मुझे ऐसा लगा की चाहे कुछ भी हो जाए राहुल मेरे पापा को कुछ नहीं होने देगा.

और मेरा प्यार राहुल के लिए और बढ़ गया .

मुझे विश्वास हो गया था की जिससे में प्यार करती हुए वो किसी को न जाने पहचाने भी सब की मदद करता है.

सबका इतना ख्याल रखता है.

और अपने दिल के दर्द को किसी को भी नहीं बताता में और राहुल से प्यार करने लगी.

फिर

अगले दिन राहुल मुझसे मिला और उसने अचानक से मेरा बर्थडे सेलिब्रेट करने लगा.

तभी

मुझे लगा शायद राहुल भी मुझे प्यार करता है इसलिए मेरा बर्थडे सेलिब्रेट कर रहा है.

में सोचने लगी

जैसे में राहुल के बारे में में जानती थी वैसे ही राहुल भी मेरे

भी जनता होगा इसलिए उस को मेरा जनम दिन के बारेमे पता है.

शायद राहुल भी मेरी तरह अपने प्यार का इज़हार करने से देर रहा है.

इसलिए मने अपने प्यार का इज़हार कर दिया .

मगर मुझे क्या पता था की राहुल मेरे प्यार को ठुकरा देगा.

तभी

राहुल ने मुझसे बोलै में तुम एक दिन के लिए अपनी गफ बनाना चाहता हुए.

तुममे प्यार करना चाहता हुए

तभी

मेरा सारा प्यार टूट गया मुझे लगने लगा की यह राहुल नहीं हो सकता किउकी जो राहुल दुसरो के लिए इतना करना है.

सबकी इतनी केयर करता है.

वो राहुल मुझसे अपने सरीर की भूख मिटाना चाहता है.

वो मेरे प्यार को नहीं मेरे सरीर को पाना चाहता है.

उस दिन घर पर जाकर बोहोत रोई ( कैर्री ) और सोचने लगी की जिससे मने प्यार किया वो लड़का एक हवस मैं डूबा हुआ एक ऐसा इंसान निकला जो बस दुसरो के सरीर का इस्तेमाल करना चाहता है.

दुसरो के भावनाओ के सरीर के साथ खेलना जनता है.

फिर

थोड़ी देर

बाद मने फिशला किया की शायद वो मेरा सरीर पाना चाहता है मगर मने तो राहुल को सच्चे दिल से प्यार किया है उसके सरीर से नहीं उसकी आत्मा से प्यार किया है.

तभी

मेरी अंतर आत्मा ने कहा की यह सच नहीं है.

जरूर कोई बात है.

इसलिए मैंने आज निकल पड़ी राहुल के पास में यह देखना चाहती थी की राहुल की हवस जित टी है या मेरा प्यार .

मगर जब राहुल में मुझे प्यार कर रहा था तो मुझे राहुल के फेस पर दिखा की मुझे दर्द में देखकर राहुल के भी आखो से आशु निकल आए है.

उसका दिल भी तड़प रहा है.

वो अपनी हवस दिखाकर अपने प्यार को छुपाने की कोसिस कर रहा है.

जिससे में उससे सिर्फ सरीर का भूका इंसान शामझू.

तभी

मुझे पता चल गया की राहुल मुझे कितना प्यार करता है.

फिर में सो गयी और मुझे राज लोक और राहुल के बारे में पता चल की में किउ राहुल से इतना प्यार करती हुए.

किउ राहुल को दिलो जान से चाहती हुए.

मुझे पता चला की मेरा जनम किउ हुआ है .

उसके पीछे क्या कारन है.

अब में दुबारा अपने रोहन को राहुल के रूप में नहीं खो सकती.

अब चाहे वो मेरा कितना भी सरीर का इस्तेमाल करे यह बात बताने के लिए की वो बस सरीर का भूका है.

मगर मुझे अब पता चल गया है की राहुल सरीर का नहीं प्यार कर भूका है.

तभी

प्रेरणा : सही कहा सोनम तुमने की राहुल प्यार का भूका है सरीर का भूका नहीं है.

किउकी जो दिव्या ने राहुल के साथ किया उससे राहुल को लगाने लगा था की सब लड़किया एक जैसी होती है.

वो प्यार तो करती है मगर अपने प्यार पर विश्वास नहीं करती.

और राहुल का प्यार पर से विश्वास ुत्य गया था.

वो भी यह शामाजने लगा था की मैं सिर्फ हवस का भूका हुए.

फिर राहुल ने सोच लिया था की अब कबि वो किसी से भी प्यार नहीं करेगा.

फिर

तुमने उससे प्यार का इज़ार किया तो वो तुम बस यह दिखाना चाहता था की वो सरीर का भूका है.

और तुमसे प्यार नहीं करता

किउकी राहुल को यह देर था की कही तुम भी उसका विस्वास तोड़कर राहुल को छोड़कर न चले जाओ.

इसलिए राहुल ने तुम्हारे साथ यह सब किया.

सोनम : मगर मुझे रोहन के बारे में पता कैसे चला किउकी पहले तो पता नहीं चला .

तो आज क्या हो गया जो मुझे पता चल गया.

इस बात पर प्रेरणा थोड़ा शरमाते हुए बोलती है.

प्रेरणा : सेक्स करने से तुम सब कुछ याद आ गया किउकी राहुल की कोई भी बहन अगर राहुल से सेक्स करती है तो उस लड़की को जल्दी ही राजलोक की साड़ी सचाई पता चल जाएगी .

और अपने जनम का उदेश्ये भी.

बस सुनैना दीदी को छोड़कर.

सोनम : सुनैना को किउ और क्या में भी राहुल की बहन हुए.

प्रेरणा : सुनैना को छोड़कर इसलिए किउकी राहुल की साड़ी बहन मेरा और सुनैना का ही एक रूप है .

जिन्नो ने इस धरती लोक में जनम लिया है और उन्सबके जनम का एक उदेश्ये है .

और तुम तो राहुल की सगी और सुनैना की हंसकाल बहन है.

इस बात पर सोनम शॉकेड हो जाती है.

सोनम : राहुल मेरा भाई है यह कैसे हो सकता है

वो भी सागा और में सुनैना की हमशकल किउ हु.

प्रेरणा : वो समय आने पर पता चलेगा.

सोनम : सुनैना दीदी कहा है.

प्रेरणा : वो भी धरती लोक में है .

मगर अभी समय नहीं आया है की राहुल और सुनैना का मिलान हो.

मगर जल्द ही समय आएगा.

जब राहुल और सुनैना का एक बोहोत ही अद्भुत मिलान होगा.

सोनम : कौन कौन सुनैना दीदी का रूप है.

और कौन कौन आपका रूप है.

प्रेरणा : यह भी समय आने पर पता चलेगा.

सोनम : अगर हम में से कुछ भने ( सिस्टर्स ) सुनैना दीदी का रूप है तो.

तो सुनैना दीदी ने खुद भी धरती लोक पर जनम किउ लिया.

प्रेरणा : यह भी समय आने पर पता चलेगा.

सोनम : कमसे काम यह तो बता दो की राहुल की कितनी बहन है.

प्रेरणा ( मुश्कुराते हुए ) : राहुल की 8 सिस्टर्स है सुनैना को मिलकर.

सोनम....
 
अपडेट 28

प्रेरणा : यह भी समय आने पर पता चलेगा.

सोनम : कमसे काम यह तो बता दो की राहुल की कितनी बहन है.

प्रेरणा ( मुश्कुराते हुए ) : राहुल की 8 सिस्टर्स है सुनैना को मिलकर.

सोनम....

अब ाजी...

सोनम : क्या राहुल सबके साथ सेक्स करेगा और वो सब इसके लिए त्यार होगी.

प्रेरणा : हां राहुल को सेक्स तो सबके साथ करना पड़ेगा मगर अभी उसमे बोहोत टाइम है.

और राहुल की साड़ी बहन राहुल से खुद से भी ज्यादा प्यार करती है.

जैसे तुम करती थी.

जबकि तुमको भी पता नहीं था की तुम राहुल से इतना प्यार किउ करती हो. और राहुल की तरफ किउ खेचि चली जाती है.

मगर यह एक दूसरे को एक्सेप्ट करेगी या नहीं उसके बारेमे तो मुझे नहीं पता

और इस चक्कर में कितने धमाके होंगे वो भी नहीं पता.

और राहुल पर क्या गुज़र ने वाली है इस धमाके में उसने खुद क्या सपने में भी नहीं सोचा होगा.

सोनम : ाचा

प्रेरणा : क्या तुम एक्सेप्ट करोगी राहुल की साड़ी बहनो को.

अब सोनम भी नकरे करते हुए.

सोनम : वो भी समय आने पर पता चल जाएगा.

प्रेरणा : क्या

मेरी प्यारी बहन कमसे काम मेरे बारे में तो सोच

में भी राहुल से प्यार करती हुए. ( थोड़ा उत्सुकता से )

सोनम ( आखे गोल गोल घूमते हुए ) : प्रेरणा दीदी अपने इतना कुछ समय पर चोर दिया है यह भी समय पर चोर दो.

सोनम प्रेरणा के शोल्डर पर हाथ रखते हुए बोलती है.

सोनम : प्रेरणा दीदी आप टेंशन मत लो हम आपके बारेमे जरूर सोचेंगे.

प्रेरणा ( मैं में ) : में सब को एक्सेप्ट करने को त्यार हु.

मगर यह मेरे को एक्सेप्ट करने को त्यार नहीं है.

और यह सोनम मेरे बारेमे सोचेगी.

बड़ी आये मेरे बारे में सोचने वाली.

मेरा और सुनैना दीदी का ही रूप होकर हमसे दुश्मनी इनको बोहोत भरी पड़ेगी.

पहले ही उस फुस्सी बम ( निशा & रूचि ) ने दीमक ख़राब कर रखा है.

मेरे ऊपर धमाका करके और अब यह हाइड्रोजन बम ( सोनम ) भी लगता है उसके ही तरफ हो जाएगी.

और राहुल की बाकि बहन भी एक तरफ हो गई तो यह लोग मेरे ही खिलाफ वर्ल्ड वॉर 3 न चेर दी.

कुछ सोच प्रेरणा कुछ सोच.

हां कोई बात नहीं मेरे पास भी सबसे खतरनाक नुक्लेअर बम ( सुनैना ) है.

इन सब को ऐसा मज़ा चकाऊगी की अगली बार मेरे से पन्गा नहीं लेगी.

फिर प्रेरणा तेज़्ज़ तेज़्ज़ हसने लग जाती है और वह से गायब हो जाती है.

सोनम ( मैं में ) : राहुल मेरा भाई कैसे हो सकता है वो भी सागा भाई.

अब में कैसे एक्सेप्ट करुँगी राहुल को अपने प्यार के रूप में.

तभी बाइक की आवाज़ आती है.

और

राहुल कमरे में आ जाता है.

सोनम बीएड पर बैठी ( सीट ) होती है.

और राहुल सोनम को कड़ी करता है और खुद

सोनम के सामने घुटनो पर बैठ जाता है

और राहुल सोनम का हैंड पकड़ कर सोनम से बोलता है.

नाम आखो से.

राहुल : सोनम मैं तुम्हारे प्यार के काबिल नहीं हु ऐसी हरकत कर कर मुझे अब अपने आप पर घिन आने लगी है.

मैंने तुम्हारे प्यार का मज़ाक उदय तुम प्यार करने को कहा.

तुम अपने प्यार को दिखाने के बहाने तुम्हारे साथ सेक्स किया.

मैं दिव्या से बोहोत प्यार करता हु मगर उसने मुझे अपनी भाभी के साथ किश करते हुए देख लिया था.

उसकी भाभी न मेरे साथ जबरदस्ती किश किया था.

मगर मने दिव्या को बोहोत शमझाने की कोसिस की मेरा विश्वास करो.

मगर दिव्या ने मेरा विश्वास नहीं किया.

सोनम ( मैं में ) : राहुल तुम पूरा सच नहीं पता अगर पूरा सच पता चला तो पता नहीं तुम क्या कर बैठोगे.

राहुल : मुझे वह से निकल दिया उस टाइम मेरा दिल बोहोत रोया ( कैर्री ) की जिससे में प्यार करता हुए उसने मुझपर विश्वास नहीं किया.

पर किउ.

राहुल : जब से मुझे लगने लगा की में बस हवस के निचे दबा हुआ एक लड़का हुए.

हर लड़की एक जैसे होती है बस प्यार का दिखावा करती है और बाद में चोर कर चली जाती है.

इसलिए मैंने दुबारा प्यार नहीं करना चाहता था.

राहुल : मुझे पता था की तुम मुज़से प्यार करती हो और मेरा 5 साल से पीछा कर रही हो

और उससे पहले जब में दिव्या से प्यार करता था तब भी तुम मुझे चुप चुप कर देखा करती थी.

मगर में इग्नोर कर देता था किउकी में दुबारा से टूटना नहीं चाहता था.

दुबारा से प्यार नहीं करना चाहता था.

जब तुम मुझे हॉस्पिटल में दिखी

राहुल : तब मेरा दिल बोहोत जोरो से धधकने लगा

मुझे लगने लगा की कही में तुमसे प्यार न कर बेतहु.

जब तुम रो ( कैर्री ) कर रही थी अपने पापा के लिए तो मेरा दिल भर आया.

पता नहीं किउ मुझे क्या हुआ में अपने आप को रोक नहीं पाया

सोनम ( मैं में ) : किउकी में सुनैना का ही तो रूप हुए.

और वो भी हंशक

राहुल : तुमको विश्वास दिलाने लगा की तुम्हारे पापा को कुछ नहीं होगा

मेरा प्यार तुम और तुम्हारे पापा को कुछ नहीं होने देगा.

चाहे कुछ भी ho.gae.

उसके बाद कल तुमने मुझे प्यार का इज़हार किया.

सोनम ( मैं में ) : वो इसलिए की तुम्हारे दिल से नफरत काम हो सके और तुम अपने अंदर का दर्द बहार निकल सको.

दिव्या गलत नहीं थी राहुल वो भी तुमसे उतना ही प्यार करती है जितना तुम दिव्या को करते हो.

राहुल : तो में अपने आप को शामिल नहीं पाया और मुझे वो तस्वीर याद आने लगी

जब

सिर्फ एक किश के बजसे दिव्या ने मुझे चोर दिया था.

अपने प्यार को चोर दिया था.

कही तुम भी मुझे न चोर दो जीसे में टूट जाओ.

इसलिए में तुम बस यह दिखाना चाहता था की मेरे अंदर सिर्फ हवस है.

में सिर्फ सरीर का भूखा हुए.

जिससे तुम्हारा प्यार टूट गए.

सोनम ( मैं में ) : तुम हवस के भूखे नहीं राहुल तुम प्यार के भूखे है.

राहुल : मगर तुम्हारा प्यार नहीं टुटा बल्कि तुमने जब मुझे कहा की

मैं तुमसे कुछ मगु

और मने हां कहा

तो तुमने मुज़से यह कहा की मैं तुममे बस प्यार करू और इतना प्यार करू की जिस प्यार की कोई हद न हो.

जिसमे सरीर की भूख न हो.

कोई लालच न हो.

बस प्यार हो.

राहुल : वही मेरे अंदर की उस हवस ने दम तोर दिया.

मुझे लगने लगा की मैं हवस का नहीं प्यार का भूखा हुए.

मुझे माफ़ कर दो सोनम.

मुझे माफ़ कर दो.

और इससे के साथ सोनम भी घुटने के बल बैठ ( सीट ) गई और राहुल को गले लगा लिया दोनों के आशु रखने का नाम ही नहीं ले रहे थे.

राहुल का यह दर्द देखकर सोनम को भी अपना दर्द छोटा लगने लगा था.

किउकी सोनम को तो बस दो दिन ही दर्द हुआ था.

मगर राहुल तो पता नहीं कितने सालो से इस दर्द में जी रहा था की उसके अंदर सिर्फ हवस है.

कोई लड़की उससे प्यार नहीं करती.

और दोनों अपने मैं के दर्द को हल्का करने लगे.

फिर

सोनम : अब तुम में कुछ नहीं होने दूगी.

और कहा चले गए थे तुम मुझे चोर कर पता है कबसे में तुम्हारा इंतज़ार कर रही रही.

राहुल अब मज़ाक में बोलता है.

राहुल : तुम तो ऐसे बोल रही हो जैसे तुम मेरी बीवी हो.

इस बात पर सोनम शर्मा जाती है.

राहुल : ज्यादा शर्माने की जरुरत नहीं है.

और अब किसी भी सिचुएशन में मुझे छोड़कर तो नहीं जाओगी.

मुझ पर हमेशा विश्वास करोगी ना.

सोनम ( मैं में ) : अब मैं क्या करू क्या मैं राहुल को बताऊ की वो मेरा सागा भाई है.

अगर मैंने बता दिया तो शायद राहुल फिर टूट जाएगा .

फिर शायद में भी राहुल को शामिल नहीं पाउगी.

शायद राहुल दुबारा न सोचने लग जाए की उसने हवस में अपनी ही बहन के साथ प्यार किया.

अब मैं क्या करू.

मैं प्रेरणा दीदी से भी नहीं पूछ पाई.

नहीं नहीं अभी में राहुल को टूटने नहीं दे सकती यह सब बाद में देखूँगी.

सोनम : राहुल में तुम कबि भी चोर कर नहीं जोगी चाहे कोई भी सीटीएशन हो.

हमेशा तुम पर विश्वास करुँगी.

ाचा अब जल्दी त्यार हो गाओ तुम मम्मी और पापा से भी तो मिलना है.

राहुल : सोनम तुम मुझे कितना प्यार करती हो

सोनम : अपनी जान से भी ज्यादा.

राहुल : फिर अपनी आखे बंद करो.

सोनम : किउ

राहुल : करो न प्लीज.

और सोनम अपनी आखे बंद कर लेती है.

और राहुल सोनम के गले में वो लॉकेट दाल देता है.

राहुल : अब अपनी आखे खोलो

और सोनम अपनी आखे खोलती है.

और लॉकेट को अपने गले में देखकर और खुस्स हो जाती है.

सोनम : यह लॉकेट किस लिए में यह नहीं ले सकती.

राहुल : यह हमारे प्यार की निशानी होगा.

और तुम हमारे प्यार की निशानी को अलग करना चाहती हो.

इसको खोल कर देखो.

और सोनम लॉकेट को खोल कर देखती है.

तो उसमे राहुल और सोनम की फोटो होती है

और लॉकेट दिल शेप का होता है.

सोनम : थैंक यू राहुल इसको में हमेशा शामिल कर रखूगी.

तुम्हारी प्यार की निशानी शामाज कर

राहुल : सोनम अभी तुम मेरी फ्रेंड बन कर रहना होगा मेरी बहन के सामने जब तक में उनको हमारे बारेमे नहीं बता देता.

सोनम : मुझे तुम मिल गए और मुझे क्या चाहिए

मगर अब तुम भी एक वादा करना होगा की तुम मुझे कभी चोर कर नहीं जाओगे चाहे तुम कोई भी सचाई पता चले.

राहुल सोचते हुए

राहुल : खांसी सचाई की बात कर रही हो सोनम

सोनम : वादा करो न.

राहुल : सोनम में वादा करता हुए. अब तो बता दो

सोनम : वो सब बाद में बताऊगी अब जल्दी त्यार हो गाओ.

राहुल : ठीक है और मुझे जल्दी भी निकल न है.

तुम्हारे घर से किउकी मुझे सोनाली दीदी के पास जाना है.

सोनम : ी लव यू राहुल

राहुल : ी लव यू तू मेरी जान.

और फिर दोनों त्यार होकर निकल जाते है सोनम के घर के तरफ.......
 
अपडेट 29

सोनम : ी लव यू राहुल

राहुल : ी लव यू तू मेरी जान.

और फिर दोनों त्यार होकर निकल जाते है सोनम के घर के तरफ.......

अब ाएगीए.....

और राहुल जैसे ही सोनम के घर पोहोचता है.

इतना बड़ा घर देखकर हैरान हो जाता है.

किउकी सोनम का घर बोहोत बड़ा था.

बोहोत सारे गॉर्ड और नौकर थे.

किउकी सोनम के पापा ऋषभ यहाँ के सबसे बड़े बिज़नेस मन मैं से एक थे.

राहुल : सोनम तुम तो बोहोत बड़े घर में रहती हो.

काफी अमीर भी लगती हो.

फिर तुमने मुझसे प्यार किउ किया .

मैं तो एक मिडिल क्लास फॅमिली से हुए.

सोनम : प्यार कबि मिडिल क्लास फॅमिली को देखकर नहीं होता.

मेरे लवर जी

प्यार तो दो आत्माओ से होता है.

और यह प्यार कबि आमिर या गरीब नहीं देखता.

राहुल : फिर भी.

सोनम राहुल के गले में अपने दोनों हाथ डालकर.

सोनम : कबि भी इंसान प्यार को नहीं चुनता हमेशा प्यार इंसान को चुनता है.

जैसे तुम चुना प्यार ने मेरे लिए.

प्यार तो वो होता है.

जिसको तुम प्यार करते हो उसको तुम प्यार की हद तक चाहना चाहते हो.

बेपन्हा उसको प्यार करना चाहते हो.

इसलिए तो भगवान् भी प्यार के आगे अपने घुटने तक देते है.

कोई भी इंसान चाहे वो कितना भी शक्तिशाली किउ न हो जाए.

मगर प्यार के आगे हमेशा हार ही जाता है.

किउकी दुनिया का सबसे शक्तिशाली अगर कोई हत्यार है तो वो प्यार है.

जो लोग हज़ारो साल तपस्या करते है. उस भक्ति और उस प्यार के बस में ही तो आकर महादेव भी वरदान दे देते है.

जबकि महादेव को सब पता होता है की जय शख्स उस वरदान को दूर उपयोग करेगा मगर फिर भी भगवन उसको वरदान देते है पता है किउ.

राहुल : किउ जब महादेव को पता है की इस वरदान से विनाश ही होगा फिर किउ महादेव ऐसा वरदान देते है.

सोनम ( मुस्कुराते हुए ) : किउकी प्यार के बजसे

उस शख्स ने इतने साल जब तक वो तपस्या कर रहा था. उतने साल उस शख्स ने बस अपने महादेव को ही याद किया.

बस अपने दिल और दीमक में बस महादेव का ही नाम लिया.

यही तो प्यार होता है.

यहाँ भगवान् भी उस प्यार मैं मोहित होकर वरदान दे देते है.

इसलिए राइटर ने भी हमारी कहानी का नाम

प्यार की हद पार रखा है.

राहुल : क्या तुम सच में माइक प्यार की हद पार तक मुझसे प्यार करती hi.

सोनम अपने फेस पर शिकन लेक.

सोनम : कोई साख.

और राहुल न में गार्डन हिला देता है.

फिर

दोनों सोनम के घर में घुसने लगते है.

और गार्ड गेट खोल देता है.

और हम अंदर चले गए.

और अंदर वाला गेट आंटी ने खोला.

रानी : अरे बीटा ा गए.

राहुल : नमस्ते आंटी.

रानी : नमस्ते बीटा.

सोनम तुम खा गए थी और राहुल को पाने पापा के रूम में ले जाओ.

सोनम : चलो राहुल

फिर सोनम ऋषभ के कमरे में राहुल को ले जाती है.

सोनम : पापा यह राहुल है.

ऋषभ : अरे बीटा आओ बैठो

राहुल ऋषभ अंकल के साइड में बेथ जाता है.

राहुल : नमस्ते अंकल.

अब आपकी तबियत कैसे है.

ऋषभ : अब तोह काफी ठीक हूँ .

तुम नहीं होते तो शायद में जिन्दा नहीं होता.

राहुल : अरे अंकल ऐसे किउ बोल रहे है.

वैसे मैं तो सिर्फ आपको हॉस्पिटल लेकर गया था.

आपको तो डॉक्टर ने बचाया है.

ऋषभ : लेकिन तुम हॉस्पिटल नहीं ले जाते तो डॉक्टर कैसे बचता मुझे.

राहुल : वो सब छोड़िये अंकल.

अब आप ठीक है.

यही बोहोत बड़ी बात है.

ऋषभ : और बताओ बीटा तुम क्या करते हो.

राहुल : अंकल अभी मैंने एब्स कॉलेज में अड्मिशन करवाया है.

ऋषभ : इस कॉलेज में तो सोनम ने भी अड्मिशन कराया है.

ऋषभ सोनम से पूछते हुए.

किउ सोनम

और सोनम हां में अपनी गार्डन हिला देती है.

ऋषभ : अब तुम दोनों तो एक ही कॉलेज में पड़ोगे.

राहुल : जी अंकल

फिर ऐसे ही 5 मिनट बात होती है.

फिर

राहुल : अंकल अब मुझे चलना चाहिए अभी मुझे अपने गाओं ( विलेज ) भी निकल न है.

ऋषभ : ऐसे कैसे बीटा कमसे काम डिनर तो करके जाओ.

राहुल : अंकल में लेट हो जाओगे अगली बार आकर जरूर डिनर करुगा.

ऋषभ : ठीक है बीटा.

फिर राहुल ऋषभ अंकल के कमरे से निकल जाता है.

और सामने दो आंटी को देकता है.

एक तो रानी आंटी ( सोनम की माँ ) होती है.

दूसरी सीमा आंटी ( यह वही आंटी थी जिसको राहुल ने बचाया था. जब उनके सामने ट्रक आ गया था और जिनके पीछे वो गुंडे पड़े थे )

राहुल सीमा आंटी को देखते ही शॉकेड हो जाता है.

राहुल ( सीमा से ) आंटी आप यहाँ और आप ठीक तो है न.

पहले तो सीमा आंटी राहुल को देखते ही वो भी शॉकेड हो जाती है

फिर

सीमा आंटी : हां बीटा में ठीक हु.

अगर तुम नहीं एते तो वो गुंडे मुझे मर ही देते.

राहुल : आंटी वैसे वो गुंडे आपके पीछे किउ पड़े थे.

तभी

रानी आंटी : तुम दोनों एक दूसरे को जानते हो.

फिर सीमा आंटी रानी आंटी को साड़ी बात बता देती है.

उस एक्सीडेंट और उन गुंडों वाली भी.

रानी आंटी : बीटा तुम तो हमेशा सबकी मदद करते हो.

बोहोत अचे इंसान हो तुम.

रानी ( सीमा से ) : सीमा पता है इसने ही उनकी ( ऋषभ ) की भी जान बचाई थी.

फिर रानी आंटी भी सीमा को साड़ी बात बता देती है.

उस हॉस्पिटल वाली.

राहुल फिरसे

राहुल : आंटी वैसे वो गुंडे आपके पीछे किउ पड़े थे.

सीमा आंटी ( राहुल से ) : वो सब चोरो बीटा तुम तो बोहोत नेक और अचे इंसान लगते हो कभी आना मेरे घर भी

डिनर पर.

राहुल : जरूर आंटी ाचा अब में चलता हु.

रानी : बीटा डिनर तो करते जाओ.

राहुल : आंटी फिर कबि अभी मुझे जाना होगा.

अगली बार पक्का डिनर करुगा.

रानी : ठीक है बीटा मगर अगली बार डिनर किये बिना जाने नहीं दूगी.

राहुल : ठीक है आंटी.

और फिर राहुल रानी आंटी का आशीर्वाद लेता है.

रानी : हमेशा खुस्स रहो बीटा.

फिर

राहुल जब सीमा आंटी के पैर ( फुट ) चुकार आशिर्बाद लेने लगता है.

तो

अचानक से

राहुल के शर्ट के ऊपर के बटन खुल जाते है.

और राहुल का सीना ( चेस्ट) दिखाई देने लगता है.

और सीमा आंटी की नज़र राहुल के सीने ( चेस्ट ) पर जैसे ही पड़ती है.

पूरी तरह शॉकेड हो जाती है.

सीमा (शॉकेड होकर बोलती है.) : यह तुम्हारे चेस्ट पर महाकाल की तस्वीर कैसे है.

राहुल : वो आंटी पता नहीं कबि कवर यह तस्वीर दिखाई देने लगती है तो कभी कवर गायब हो जाती है.

मुझे आज तक शामाज में नहीं आया इस तस्वीर के बारे में की यह अचानक किउ दिखाई देने लगती है.

फिर कहा गायब हो जाती है.

राहुल की बात सुनकर

सीमा आंटी को तो जैसे साप ( स्नेक ) ही सुंग गया था.

वो एक दम पुतला बन गयी थी.

उसके आगे वो कुछ बोल ही नहीं पायी.

और राहुल सीमा आंटी का आशीर्वाद लेकर राहुल निकल जाता है .

घर के बहार

और बाइक पर बैठकर अपने घर की तरफ निकल जाता है.

तभी

सीमा आंटी अचानक से ुट्टी है.

और भागते हुए

रोहन रोहन चिल्लाने लगती है.

और जब तक सीमा बहार अति है

जब तक राहुल निकल जाता है.

यह देखकर रानी आंटी भी शॉकेड हो जाती है.

की सीमा ने अचानक रोहन का नाम किउ लिया.

और रानी आंटी भी सीमा आंटी के पीछे भगति है.

और सीमा आंटी वही बैठ कर बस रोहन रोहन चिल्लाती रहती है.

और रानी आंटी उनको शमलते हुए पहले सोफे पर बैठ टी है.

फिर रानी आंटी सीमा आंटी से बोलती है

रानी : सीमा तूने रोहन का नाम किउ लिया इतने सालो बाद और रोहन खा है.

सीमा ( रट हुए ) : रानी यह राहुल ही मेरा रोहन है.

मेरा भांजा

मेरी बहन रीमा का बीटा.

रानी पूरी तरह शॉकेड होकर.

रानी : क्या

सीमा : मैं तो पहले ही शामाज गई थी जब राहुल ने मुह्जे बचाया था.

किउकी उसकी स्पीड इतनी तेज़्ज़ थी की वो सिर्फ रोहन के अलावा किसी की नहीं हो सकती

मगर मुझे पूरी तरह से विश्वास नहीं था.

मगर जब अभी मुझे राहुल की चेस्ट पर महाकाल की तस्वीर देखि तो मुझे पूरी तरह विश्वास हो गया की यही रोहन है .

किउकी वो कोई मलूली तस्वीर नहीं है वो ..............................

रानी ( खुस्स होकर ) : यह अपने ठाकुर साहब का पोता ( ग्रैंड सोन ) है.

सीमा हां में गार्डन हिला देती है.

तभी

रानी सोनम को जोर जोर से आवाज़ लगाती है.

रानी : सोनम सोनम सोनम.

और सोनम भागते हुए बहार आती है.

सोनम : क्या हुए माँ.

रानी : बीटा अभी राहुल को फ़ोन कर उसको बोल की अभी जल्दी से यहाँ आए.

सोनम : क्यों माँ और क्या हुआ है.

आप इतना परेशां किउ लग रही हो.

रानी : जितना बोलै है उतना कर और जल्दी जा.

और सोनम जैसे ही मूर्ति है

तभी

सीमा को सोनम के गले में वो लॉकेट दिखाई देता है.

सीमा : सोनम तेरे गले में यह लॉकेट कैसे आया.

सोनम थोड़ा घबरा जाती है.

और हरबारकर बोलती है.

सोनम ( हरबराते हुए ) : कुछ नहीं आंटी यह तो मैंने भर से ख़रीदा था.

और जल्दी से कमरे की तरफ जाने लगती है.

और रानी भी उस लॉकेट को देखती है तो बोलती है.

रानी : रुख सोनम इधर आ.

सोनम : माँ में राहुल को कॉल करती हु.

रानी : तुझे यहाँ आने को बोलै है न

और सोनम घबराते हुए अपनी माँ के पास आती है.

सोनम : जी माँ

रानी : झूठ मत बोल सोनम जल्दी बता.

सोनम ( गार्डन निचे करते हुए ) : माँ में सच बोल रही हुए.

सीमा : बीटा सच बता दे हम तुम को कुछ नहीं बोलेगे और यह लॉकेट हमारा खानदानी लॉकेट है.

और यह लॉकेट किसी के पास नहीं हो सकता किउकी...........

और वही सीमा चुप हो जाती है.

सोनम : नहीं आंटी सच में में झूठ नहीं बोल रही.

सीमा सोनम के पास जाकर.

सोनम से बड़े प्यार से बोलती है.

सीमा : सोनम बीटा देख में वादा करती हुए.

की कोई तुझे कुछ नहीं कहेगा .

कोई बात है तो बता दे.

सोनम : आंटी आप मुझे से यह लॉकेट तो नहीं लोगी न.

और आप वादा करती हो जो में आपसे मांगूगी वो आप मुझे डौगी

खाओ मेरी कसम.

सीमा : तेरी कसम बीटा.

सोनम : माँ से भी कहो.

रानी : तेरी कसम.

सोनम.....

नेक्स्ट अपडेट रात में

Abhi.kuch काम आ गया जिसके बजसे और नहीं लिख पाया.
 
थैंक्स आनंद भाई जो आप ने अपना कीमती समय निकल कर

प्यार की हद पार - फॅमिली लव्स फॉरएवर में अपना रिव्यु दिया.

में तो शॉकेड ही हो जाता था की आपका दुबारा रिव्यु आया है वो भी मेरी स्टोरी पढ़कर

सच कहु तो मैंने 2 या 3 बार ऊपर निचे देखा की कही यह साजन का थ्रेड तो नहीं खोल रखा मैंने

किउकी में आपकी साजन की स्टोरी कमसे काम 6 या 7 बार पूरी पड़ी है.

तो ऐसे गलती हो जाती है

की आनंद भाई ने मेरी स्टोरी का दूसरी बार रिव्यु दिया.

और मुझे बोहोत ज्यादा खुसी हुए की आपको मेरी स्टोरी पसंद आए.

वैसे आनंद भाई मेरी हिंगलिश थोड़ी वीक है.

इस वजसे गलती हो जाती है.

और मोबाइल में टाइप करना भी थोड़ी मुश्किल पड़ता है.

जिससे कोई वर्ड कही का कही टाइप हो जाता है.

और मुझे दुबारा चेक करने का टाइम भी नहीं मिलता.

ऑफिस और कॉलेज के काम के बजसे.

वैसे मेरी हिंगलिश कोई ख़ास अछि नहीं है.

फिर भी में हिंगलिश में लिखने की कोसिस करता हुए.

किउकी कोसिस करने वालो की कभी हार नहीं होती.

एक न एक दिन मेरी हिंगलिश भी अछि हो जाएगी यह मेरी ाचा है.

इसलिए में अपडेट में जो वर्ड सही से नहीं लिख पता उस वर्ड के ब्रैकेट में में इंग्लिश वर्ड लिख देता हुए.

और मुझे आपकी यह बात बोहोत अछि लगती है की आप थोड़े से वर्ड में बोहोत अछि बात कह जाते हो.

अपने स्पेलिंग में गलती है यह तो बताया ही मगर उससे आपने मुझे मोटीवेट भी किया की में इस स्पेल्लिंग्स को धीरे धीरे सुदरू.

थैंक्स अमांडा भाई फॉर सपोर्टिंग एंड गिविंग एक्सीलेंट रिव्यु.

वैसे में भी आपके जैसा ही राइटर बनना चाहता हुए

किउकी आपकी जो स्टोरी होती है वो फैंटास्टिक मैंब्लोइंग और बोहोत अनएक्सपेटाब्ले होती है.

में आपका फैन आपकी साजन जो स्टोरी अपने इतने अचे से खूबसूरत तरीके से लिखी उसके बजसे नहीं हु.

बल्कि इसके बजसे से हुए की जो वर्ड आप अपनी स्टोरी में लिखते हो वो बोहोत ही अलग होते है.

साजन की ही स्टोरी ले लो

अपने उसमे जो इमोशनल स्कीन डाला जिस में पायल और रूचि रो रही थी.

जब 6 जनम की स्टोरी स्टार्ट हुए थी.

वो सन ऐसा था की बड़े के आशु ही हां जाए.

जब अपने परिधि के डेथ के बारेमे बताया था की

बाँदा खुद ही बोलने लगता है भाई परिधि को मत मारो.

और आपकी स्टोरी में जो आपने मिनिरल वाला चैरेक्टर दिखाया है.

वो भी ऐसा है की बाँदा हस्स हस्स कर पागल हो जाए

सेक्स का क्या कहु भाई.

जब आपने स्टोरी के स्टार्टिंग में काजल बुआ के साथ सेक्स किया था उसमें आपने जो शध्या और मतली को छोड़ने को बुआ से पूछा था

वो सन ऐसा था की बाँदा अपना लुंड ही हिलता रह जाये.

और सस्पेंस की बात hi तो

क्या कहु

भेजा फाफ सस्पेंस डाला है अपने अपनी स्टोरी में

और अगर प्यार में कहु तो

दिव्या का क्या कहु इतना प्यार की बस उसको तो अपने साजन के अलावा दुनिया से कोई मतलब ही नहीं है.

वैसे इतनी बार स्टोरी पढ़कर मुझे इस स्टोरी के बारेमे बोहोत कुछ पता चल गया है.

की इस स्टोरी में जो भी दिखाया जा रहा है वो बस दिखावा है.

असल में आपकी साजन वाली स्टोरी कुछ और ही है.

किउकी पास्ट में जो हुआ होता है वो प्रेजेंट में भुकतना पड़ता है.

और जो अभी आप स्टोरी में दिखा रहे हो वो राज अभी वो चीज़ प्रेजेंट में भुकत रहा है.

और इससे से ही राज का फ्यूचर देपेंद करेगा.

वैसे जब रीडर्स को यह पता चलेगा की यह साजन की स्टोरी वो नहीं है जो दिखाया जा रहा है तो उनके लिए शॉकिंग जरूर होगा.

और आपकी सांड वाली स्टोरी भी भाई बोहोत अछि है.

आपने उसमे इतना सेक्स सन दिखाया है की कोई सोच भी नहीं सकता.

जिसमे अपने राज को पूरा कमीना और छोड़ू दिखाया है.

और इतना कमीना की कालू की बहन को ही सूखा सूखा छोड़कर

कल्लू की पत्नी को भी गीला गीला छोड़ रहा है.

बोहोत अवसं है यह भाई

वैसे में अपनी बात आपको बताया पाया की नहीं वो मुझे नहीं पता बूत

शायद में आपकी तरह अपनी स्टोरी की भी इतना इंटरेस्टिंग को कुछ अलग बना सकू.

उसके लिए अभी मुझे बोहोत टाइम लगेगा किउकी अभी तो यह फर्स्ट स्टोरी ही अचे से लिख लू.

एंड थैंक्स फॉर सपोर्टिंग आनंद भाई.
 
अपडेट 30

सीमा : तेरी कसम बीटा.

सोनम : माँ से भी कहो.

रानी : तेरी कसम.

सोनम.....

अब ाजी......

सोनम : ऐसे नहीं पूरा बोलो की जो में मांगूगी वो आप मुझे डौगी.

दोनों एक साथ : अगर तू मुझे इस लॉकेट के बारेमे बता डौगी की यह लॉकेट खा से आया.

तो में तेरी कसम कहती हु की जो तू मांगेगी वो में तुझे दूगी.

रानी : अब एक भी शैवाल नहीं सोनम अब जल्दी बता

सोनम ( रट हुए ) : यह लॉकेट राहुल ने मुझे दिया है.

सीमा आंटी : उसके पास यह लॉकेट कैसे आया और उसने यह लॉकेट तुझे किउ दिया.

सोनम सीमा आंटी के गले लगते हुए बोलती है.

फिर सोनम रानी और सीमा को साड़ी बात बता देती है. ( बस चुदाई की बात छोड़कर )

रानी बोहोत गुस्से में.

रानी : पता भी है तू क्या बोल रही है.

सीमा आंटी : रानी तू चुप हो जा बीटा यह बता की राहुल के पास यह लॉकेट कैसे आया.

सोनम : यह तो मुझे भी नहीं पता

राहुल ने यह लॉकेट मेरे गले में दाल दिया था.

रानी बेहद गुस्से में.

रानी : राहुल तेरा क्या लगता है. पता भी है.

तू राहुल के साथ प्यार कैसे कर सकती है.

अब सोनम भी थोड़ा गुस्से में बोल देती है

सोनम : मुझे पता है.

की वो मेरा भाई है.

अब रानी और सीमा दोनों पूरी तरह शॉकेड हो जाती है.

रानी : तुझे पता है राहुल तेरा भाई है.

फिर भी तू उससे प्यार करती है.

सोनम : हां करती हु.

और हादसे ज्यादा प्यार करती हु.

अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करती हु.

किउकी मैं राहुल को उस दर्द में दुबारा नहीं देख सकती जिस दर्द से वो अभी बहार निकला है.

अगर मैंने राहुल को चोर दिया तो इस बार वो टूट जाएगा.

और टूट कर बिकार जाएगा.

और राहुल के टूटने से पहले में मरना पसंद करुँगी.

मगर में राहुल को नहीं चोर सकती.

राहुल को यह भी सच नहीं बता सकती की में उसकी बहन हु.

सीमा : सोनम तू क्या बोल रही है.

और राहुल किश दर्द में था.

फिर सोनम दोनों को दिव्या की साड़ी बात बता देती है.

सीमा और रानी : क्याआ.

सीमा : सोनम चल तू मेरे साथ एक कमरे में मुझे तुज़से कुछ बात करनी है.

और सीमा आंटी सोनम को एक कमरे में ले जाती है.

सीमा : सोनम बीटा और भी कुछ है तो बता दे.

सोनम ( अपनी गार्डन निचे करके ) : और कुछ नहीं है.

सीमा : तू झूट मत बोल में तेरे बारेमे सब जान जाती हुए.

जल्दी बता बीटा और क्या बात है.

सोनम : आंटी मैंने राहुल के साथ प्यार किया था आज ( चुदाई की बात वो सिर्फ सीमा को बताती है.)

सीमा : क्याआ.

तू पागल तो नहीं हो गई है.

पता भी है तू क्या बोल रही है.

सोनम : मैं क्या करती आंटी मुझे राहुल को उस दर्द से बहार निकलना था जिसके कारन मुझे यह सब करना पड़ा.

मुझे माफ़ कार्डो आंटी

यह सब करना जरुरी था.

और सुनैना सीमा के लेग पर गिर जाती है.

और सीमा के फेस पर बोहोत गुस्से वाला एक्सप्रेशन था

मगर जब सुनैना सीमा के लेग पर गिर जाती है.

तो सीमा को कोई बात याद आ जाती है

और वो बात याद एते ही सीमा का गुस्सा एक दम से गायब हो जाता है.

सीमा सुनैना को उठाते हुए.

बोलती है.

सीमा : बीटा ऐसे किसी के लेग पर नहीं गिरते तूने तो बोहोत ाचा काम किया है.

अब रोना बंद कर

तूने कोई गलत काम नहीं किया.

मुझे तेरे ऊपर गर्व है की तू मेरी भांजी है.

और सीमा सोनम के आशु पोहोच देती है.

और सोनम को खड़ा करके

सीमा सोनम को अपने गले लगा लेती है.

इस बार सोनम पूरी तरह शॉकेड हो जाती है.

सोनम : में आपकी भांजी यह कैसे हो सकता है.

और मैंने राहुल के साथ प्यार किया और आप ज्यादा गुस्सा भी नहीं हुए

बोहोत जल्दी मान गई.

सीमा सोनम से अलग होते हुए.

सीमा ( मुस्कुराते हुए ) : वो सब बाद में बताऊगी.

सोनम : मगर फिर भी यह कैसे हो सकता है.

और राहुल भी अचानक मेरा भाई कैसे बन गया यह भी मुझे अभी तक सही से शामाज नहीं आया था.

और अपने एक और झटका दे दिया की में आपकी भांजी हु.

तो इसका मतलब राहुल भी आपका भांजा है.

सीमा मुस्कुराते हुए.

सीमा : मेरी भांजी राहुल भी मेरा भांजा है.

और तेरा सागा भाई.

और बाकि सब में बाद में बताऊगी.

पहले राहुल को कॉल कर और यहाँ बुला.

और जैसे ही सोनम राहुल को कॉल करने लगती है.

तभी

वह से प्रेरणा बोलती है.

( यह आवाज़ सिर्फ राहुल और राहुल की सिस्टर को ही सुनाई दे सकती है जब तक प्रेरणा दिखाई नहीं देने लगती.)

प्रेरणा : सोनम अभी तुम राहुल को कुछ नहीं बता सकती

सोनम : पर किउ.

प्रेरणा : सोनम शम्जो बात को अगर तुम ने राहुल को बता दिया की उसकी एक मसि भी है .

तो उसको तुम यह भी बताना पड़ेगा की तुम भी उसकी बहन हो.

और फिर राहुल टूट जाएगा किउकी वो कभी नहीं चाहेगा की राहुल कबि अपनी बहन के साथ सेक्स करे

जब तक राहुल...................................... नहीं हो जाता तुम उसको कुछ नहीं बता सकती.

है अपनी मसि से मिलवा सकती हो राहुल से मगर यह नहीं बता सकती की सीमा राहुल की सगी मसि है.

तभी

सीमा : सोनम बीटा जल्दी फ़ोन लगा न राहुल को

तभी

सोनम सीमा को प्रेरणा की साड़ी बात बता देती है.

की अभी राहुल को यह नहीं पता चलना चाहिए की सीमा उसकी सगी मसि है.

किउकी..................

सीमा : मैं कितनी अभागन हुए की में राहुल को यह भी नहीं बता सकती की वो मेरा भांजा है.

सोनम : मसि जल्दी समय आएगा जब उसको भी यह सचाई पता चल जाएगी.

सीमा : आज से में एहि रहूगी तेरे पास जब तक राहुल को सब कुछ पता नहीं चल जाता.

और सीमा और सोनम भर आ जाती है.

सीमा : रानी आज से कुछ दिन तक में यही रहूगी तेरे पास तुझे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है.

रानी : किसी बात कर रही हो सीमा

यह तुम्हारा ही तो घर है.

सीमा ( सोनम ) : सोनम बीटा राहुल से मुज़से एक बार मिलवा तो दे

कमसे काम उसको अपने गले तो लगा लू.

जिससे मेरे दिल को ठंडक पद जाए

और सोनम राहुल को कॉल करती है.

और उससे कुछ देर बात करती है.

सोनम ( सीमा से ) : मसि वो अभी अपने घर से गाओं के लिए निकला है.

और राहुल बोल रहा था की जैसे ही वो अपने गाओं से आएगा सबसे पहले यहाँ आएगा.

सीमा : वैसे राहुल रहता किस के पास है.

सोनम : राहुल अपनी बुआ के पास रहता है.

और अभी अपनी माँ के पास गया है.

सीमा : अपनी माँ के पास दीदी क्या गाओं में रहती है.

यह कैसे हो सकता है.

और आज तक मुझे कबर ही नहीं हुए.

जरा राहुल की फॅमिली की फोटो तो दिखा जरा.

और सोनम सीमा को राहुल की फॅमिली की फोटो दिखाती है.

और जिससे देखकर सीमा एक दम शॉकेड हो जाती है.

सीमा : यह कौन है.

सोनम : यह राहुल की माँ है.

और यह बुआ.

फिर सीमा कुछ सोच कर मुस्कुराते हुए बोलती है.

सीमा : ाचा ठीक है.

तभी पीछे से सोनम की छोटी बहन आ जाती है.

प्राची ( रानी से ) : माँ आज खाने में क्या बना है.

रानी ( प्राची से ) : दाल चावल

बने है.

तू जल्दी से फ्रेश हो जा

में खाना लगाती हुए.

फिर ऐसे ही सबमे बात होती रहती है.

और रात हो जाती है.

और सीमा अपने घर में कॉल करती है.

सीमा : hello.

ठकुराइन : किसी है बीटा सीमा.

सीमा : में ठीक हु माँ

ठकुराइन : तू अभी तक किउ नहीं आए.

सीमा : वो माँ क्या है न की में अभी कुछ दिन रानी के यहाँ hi रखने का सोच रही हु.

तभी पीछे से कुछ आवाज़े आने लगती है.

सीमा : माँ यह आवाज़ किसी आ रही है

ठकुराइन : वो क्या है न सीमा हमारा खानदानी लॉकेट इस ज्वेलरी वाले ने किसी और को बेच दिया है.

हमने उस लॉकेट को इस ज्वेलरी वाले को पोलिश के लिए दिया था.

तो तेरे पापा ( ठाकुर साहब ) उस पर गुस्सा है.

और उनका गुस्सा भी ख़तम नहीं हो रहा है.

किउकी तुझे पता है वो लॉकेट तेरी बड़ी बहिन ( राहुल के असली माँ ) का है.

अब हमारे पास बास उसकी यह आखरी निशानी थी.

अब लगता है. वो भी खो गई.

इस बजसे यह ( ठाकुर साहब ) बोहोत गुस्सा है.

सीमा : माँ गुस्सा होने की कोई जरूरत नहीं है

वो लॉकेट सोनम के पास है.

ठकुराइन शॉकेड होकर.

ठकुराइन : क्या

और वो लॉकेट मेरी पोती ( ग्रैंड दौघ्तर ) के पास कैसे आया.

सीमा : वो सब में आपको बाद में बताऊगी.

पहले पापा ( ठाकुर साहब ) को बोलो की ज्यादा गुस्सा न किया करे नहीं तो उसका ब्लड प्रेशर बाद जाएगा

ठकुराइन : ठीक है बीटा में ठाकुर साहब को बता देती हुए.

सीमा : बई माँ.

ठकुराइन : ब्येई बीटा.

और फ़ोन कट जाता है.

और रात होने के बाद सब सोने ( स्लीप ) चले जाते है.

और आज सीमा और सोनम एक ही कमरे में सोते है.

सोनम ( सीमा से ) : मसि अब बताओ न की में राहुल की बहन कैसे हुए.

और आप मेरी मसि कैसे है.

इन साब के पीछे क्या कारन ( बजाये ) है.

अगर आप मेरी मसि है तो में यहाँ किउ रहती हुए.

सीमा : बताती हुए थोड़ा सबर रख इतने सारे सवाल .

सोनम : बताओ न मसि.

सीमा : यह सब जानने के लिए तुझे राहुल के जनम का राज़ जानना होगा.

की कितनी मुस्किलो का सामना करके दीदी ( राहुल की असली माँ ) ने राहुल को जनम दिया था.

सोनम : तो जल्दी बताओ न.

सीमा : ाचा सुन.

फ्लैशबैक राहुल के जनम की कहानी......
 
अपडेट 31

सोनम : तो जल्दी बताओ न.

सीमा : ाचा सुन.

फ्लैशबैक राहुल के जनम की कहानी......

अब ाजी...........

वही

राहुल अपने घर पोहोच ता है.

और साड़ी पैकिंग करके निकल जाता है.

सोनाली के पास

जैसे ही राहुल घर से निकलता है.

तभी

राहुल का फ़ोन बजने लगता है.

राहुल फ़ोन उठता है.

राहुल : hello

पायल : राहुल खा है तू अभी तक आया किउ नहीं सोनाली दीदी बोहोत गुस्सा है.

राहुल : बस पायल निकल गया हु.

2 या 3 घंटे में पोहोच जाउगा.

पायल : जल्दी आ

सोनाली दीदी परेशां हो रही है.

और अगर तू जल्दी नहीं आया तो मुझे मत बोलियों

पायल बचा लो.

राहुल : हां हां

नहीं कहुगा मैं खुद शामिल लगा

सोनाली दीदी को

पायल : तू आ तो बच्चू फिर पता चलेगा की तू कैसे शमलता है.

सोनाली दीदी को

तभी

राहुल : क्या बोहोत गुस्सा है सोनाली दीदी.

पायल : हूउउ

तभी

पीछे से आवाज़ ा रही होती है.

सोनाली : पायल क्या बोल रहा है बेतु ( राहुल )

पायल : दीदी आ रहा है रस्टी में है.

सोनाली : बोहोत बिगड़ गया है ,

आने दो आज इसको चोरगी नहीं.

अचे से पिटाई करुँगी.

हमेशा सोचता है की सोनाली दीदी तो मरती ही नहीं है.

आज तो अचे से खबर लगी.

वही

राहुल : अरे बाप रे लगता है.

आज तो में गया काम से

पायल : आज तो तेरे ऊपर बम फटने वाला है.

मेरे को तो तू मन लेता है

अब देखती हु की तू सोनाली को कैसे बनता है.

और जल्दी आ फटा फैट.

राहुल : आ रहा हु.

और फ़ोन कट हो जाता है.

और राहुल जल्दी से बस स्टैंड पोहोचता है.

और बस में बैठ जाता है.

और बस निकल जाती है गाओं 1 ( राहुल के माँ के घर) की और

तभी

कंडक्टर राहुल से बोलता है.

कंडक्टर : टिकट

तो

राहुल अपनी पॉकेट से पर्स निकलने लगता है.

तभी

अचानक देखता है की वो तो जल्दी जल्दी में अपना पर्स घर में ही भूल गया.

राहुल ( मैं में ) : यार अब क्या करू पर्स तो घर पर भूल गया .

मगर एटीएम है.

मेरे पास

राहुल ( कंडक्टर से ) : भैया पर्स तो में घर पर भूल गया

क्या एटीएम से काम चलेगा.

कंडक्टर : भाई यह बस है कोई होटल नहीं जो एटीएम से पेमेंट हो जाएगी

और जल्दी टिकट लो वर्ण यही उतर दुगा.

और कंडक्टर आगे चला जाता है टिकट लेने

राहुल अपने बेग में से कुछ पैसे देखता है .

शायद कुछ पैसे मिल जाए

मगर पैसे नहीं मिलते

राहुल ( मन में) : अब क्या करू

तभी

राहुल की नज़र अपने बगल में बैठी हुए

एक लड़की पर पड़ती है.

और राहुल के मैं में एक खतरनाक ख्याल अत है.

उस लड़की ने सूट पहन रखा होता है.

और सीट पर बैठे बैठे सो रही होती है.

और राहुल की नज़र उस लड़की के बूब्स के पास रखे हुए पर्स पर पड़ती है.

और राहुल वह से धीरे से पर्स निकल ता है.

और टिकट के पैसे लेकर

उस पर्स को वही रख देता है.

धीरे से

और कंडक्टर से टिकट ले लेता है.

फिर

थोड़ी देर बाद एक ढाबा आ जाता है.

फिर

वह बस 10 मिनट रखने वाली होती है.

और राहुल को भूख लग रही होती है.

किउकी राहुल ने सुबह से कुछ नहीं खाया था

तो फिर

उस लड़की के बूब्स के पास से पर्स निकलता है.

और थोड़ो खाने पिने के पैसे निकल कर फिर

पर्स धीरे से वही रख देता है.

और लंच कर लेता है.

और वो बिचारि लड़की अभी तक सो ( स्लीप ) रही होती है और उस लड़की को तो कुछ पता ही नहीं होता की कोई उसके बूब्स में हैंड डालकर पर्स बहार निकल रहा है.

और यह काम राहुल इतनी सवाई से करता है की किसी को भी राहुल पर शक नहीं होता.

फिर

बस चल देती है.

फिर

ट्रैफिक सिग्नल पर राहुल को एक झरमुरि वाला दिखाई देता है.

और वो झरमुरि वाला बस में चढ़ जाता है.

राहुल फिर वही से पर्स निकल कर झरमुरि ले लेता है.

और

पर्स फिर वही रख लेता है.

तभी

कंडक्टर जोर से बोलता है

कंडक्टर : गाओं 1 आने वाला है.

उसी के साथ उस लड़की की नींद खुल जाती है.

और वो लड़की राहुल को देखती है.

लड़की ( मैं में ) : कितना हैंडसम लड़का है.

और बोहोत सरीफ भी लग रहा है.

कितना बोलै से फेस है इसका.

तभी

राहुल उस लड़की से बोलता है.

राहुल : क्या आप झरमुरि खायेगी

लड़की : no थैंक्स

में खुद झरमुरि ले लगी

और वो लड़की अपने पर्स को निकलने लगती है.

तभी

राहुल ( मैं में ) : कही इसे पता न चल जाए की इसके पैसे मैंने निकले है.

राहुल थोड़ा हार्बर जाता है

राहुल : अरे आप किउ झरमुरि लेगी.

आप हमारे बगल में बैठी है.

इसलिए

हम पडोसी हुए न

हम इससे में झरमुरि शेयर कर लेते है न.

लड़की : थैंक ु अगर आप इतनी बोल रहे है तो में आपकी बात मैं जाती हु.

वैसे आपका नाम किया है.

तब जाकर राहुल के जान में जाम अति है.

कही वो लड़की अपना पर्स खोल लेती तो राहुल तो गया था काम से

राहुल : राहुल

और आपका

लड़की : शान्या.

राहुल उस लड़की से हैंड मिलते हुए

राहुल : नीस तो मीट यू शान्या जी.

बोहोत ही खूबसूरत नाम है आपका बिलकुल आप की तरह.

( राहुल उस लड़की की थोड़ी तारीफ कर देता है.)

शान्या खुस्स हो जाती है

शान्या : थैंक्स राहुल

तभी

बस में टिकट चेकर चढ़ जाते है.

और एक एक करके सबकी टिकट चेक करने लगता है.

राहुल ( मैं में ) : साला लगता है आज किस्मत ही ख़राब है.

पहले पर्स घर भूल गया

फिर जैसे तैसे पैसे का जुगाड़ किया

अब लगता है सोनाली दीदी बाद में पीतल कारगी यह लड़की पहले मेरी पिटाई कर देगी.

तभी

टिकट चेकर राहुल की टिकट चेक करता है

फिर

शान्या से

टिकट चेकर : मम अपनी टिकट दिखाई यह.

और शान्या अपनी टिकट निकलने के लिए अपना पर्स निकलती है.

तभी

राहुल ( टिकट चेकर से ) : सर इसने टिकट ले राखी है.

इन सब की क्या जरुरत है.

टिकट चेकर ( राहुल से ) : यह हमारा काम है हमे अपना काम करने दीजिये.

और अपने पर्स में से टिकट निकल कर टिकट चेकर को दे देती है.

शान्या : यह लीजिये टिकट

और टिकट चेकर शान्या की टिकट देखकर आगे निकल जाता है.

तभी

शान्या देखती है की यह मेरे पास खुल्ले पैसे कैसे है.

मेरे पास तो 2000 का नोट था

यह 1500 रूपीस कैसे रह गए.

राहुल अब अपनी आखे ( आईज ) गोल गोल घूमते हुए बोलता है.

राहुल : वो क्या है न शान्या

मेरे पास टिकट के पैसे नहीं थे में अपना पर्स घर भूल गया था.

इसलिए मने वह से ( इशारा करते हुए बूब्स के पास ) पैसे निकले और टिकट ले लिए.

फिर पराया माल शामाज कर वही रख दिए.

शान्या शॉकेड होकर

शान्या : क्याआ

मगर टिकट तो 200 रूपस्स की थी.

राहुल ( निचे सर झुका कर ) : वो मैंने सुबह से खाया नहीं था तो फिर वह से 250 रूपीस निकले और लंच कर लिया और कसम से मैंने उस पर्स को पराया माल शामाज कर वही रख दिया.

शान्या : मगर फिर भी 50 रूपस्स खा गए

राहुल : वो फिर झरमुरि खाने का मैं हुआ तो फिर वह से 50 रूपीस निकले और.

तभी

शान्या गुस्से में

शान्या : पराया माल शामाज कर वही रख दिया.

तुम शर्म नहीं आई वह से ( बूब्स के पास से ) पैसे निकलते हुए.

राहुल हां में गार्डन हिला देता है.

शान्या गुस्से में

शान्या : तुम तो में बोहोत सरीफ लड़का शामाज रही थी.

तुम शर्म नहीं आई वह से ( बूब्स के पास से ) पैसे निकलते हुए.

और शान्या उत् कर राहुल का हैंड पकड़ लेती है.

शान्या ड्राइवर से बोलती है.

शान्या : भैया बस रोको

और ड्राइवर बस रुख देता है.

और शान्या राहुल को बस से उतर देती है.

और अपनी सीट पर बैठ जाती है.

शान्या ( मैं में ) : अब यह वाली जगह ( बूब्स के पास वाली ) भी सुरक्षित नहीं है.

लोग अब इतने एडवांस हो गए है.

की वह से भी ( बूब्स के पास से ) पैसे निकल लेते है.

वही

राहुल निचे उतर जाता है.

राहुल ( मैं में ) : चल कई न अब गाओं 1 ज्यादा दूर नहीं है.

मगर में अब जाऊ कैसे

और रात के 8 बाज रहे है सोनाली दीदी भी गुस्सा करेगी.

तभी

राहुल की नज़र एक लड़की पर पड़ती है.

जो स्कूटी पर कड़ी होती है.

और उसको कुछ लड़के परेशां कर रहे होते है.

तभी

राहुल वह आ जाता है.

और उन लड़को को ठिकाने लगा देता है.

तभी

वो लड़की राहुल से बोलती है.

लड़की : थैंक्स

राहुल : यह तो मेरा फ़र्ज़ था.

लड़की ( मैं में ) : यह लड़का कुछ जाना पहचाना लग रहा है.

पर याद नहीं आ रहा.

फिर

लड़की : तुम यहाँ नए हो.

राहुल : नहीं बस बोहोत सालो के बाद आया हु.

लड़की : वैसे आपको कही जाना है तो में आपको चोर देती हुए.

राहुल : थैंक्स

मदद करने के लिए

मुझे गाओं 1 में इस जगह पर जाना है.

लड़की : मैं भी वही जा रही हु

मेरा घर भी वही है.

अगर आप चाहो तो में आपको वह चोर देती हु

फिर

राहुल उस लड़की के पीछे बैठ जाता है.

और

लड़की स्कूटी चला देती है.

थोड़ी दूर जाने के बाद जैसे ही राहुल का घर आने वाला होता है.

तभी

अचानक से

स्कूटी के सामने एक गद्दा ( होल ) आ जाता है.

जिससे स्कूटी थोड़ा इधर उधर होने लगती है.

और राहुल को गिरने से बचने के लिए कुछ नहीं मिलता

और राहुल गलती से उस लड़की के बूब्स पकड़ लेता है जोर से

और वो लड़की एक दम से झनझना जाती है.

और हरबराते हुए स्कूटी रोक लेती है.

और वो लड़की राहुल को उतारते हुए

देती है

बोलती है.

लड़की ( राहुल से ) : मने तुम लिफ्ट दी

और तुम ने मेरे साथ यह किया ( मतलब बूब्स पकड़ लिए ) अगली बार तुम मुझे दिखाई दिए न तो मैं तुम्हारी अचे से तागे ( लेग ) थोड़ दूगी

तुम जानते नहीं हो मुझे

की में कौन हु

पता नहीं लड़की देखि नहीं

पद जाते है उसके पीछे

और

राहुल को वो लड़की कुछ बोलने का मौका ही नहीं देती

और वह से चली जाती है.

स्कूटी में बैठकर.

राहुल ( मैं में ) : बहनचोद मेरी क्या गलती थी

इसमें

सामने गद्दा ( होल ) आ गया

था तो मुझे पकड़ने के लिए कुछ नहीं मिला तो गलती से इस लड़की के बूब्स पकड़ लिए

इसमें में क्या करता

साला पता नहीं मेरे साथ रोज़ज क्या होने लगता है.

कुछ करू भी नहीं तब भी बाते सुनने को मिल जाती है

चल कोई न अब तो बस 5 मिनट का रास्ता बचा है पेडल ही चला जाउगा.

और राहुल पेडल ही अपने घर की तरफ निकल जाता है.

और कुछ मिनट में अपने घर पोहोच जाता है.

नई चरक्टेर्स

काजल : राहुल की माँ

आगे 38 साल

देखने में रंग सावला है.

और यह हाउस वाइफ है.

और सबसे बोहोत प्यार करती है.

सोनाली : राहुल की बड़ी बहिन

आगे 20 साल

देखने में बोहोत ही खूबसूरत

अभी यह कॉलेज कर रही है.

मेडिकल की पड़े.

और राहुल को अपने दिलो जान से चाहती है.

और राहुल पर अपना पूरा हक़ जमती है.

और राहुल को हमेशा बेतु बुलाती है.

और राहुल सोनाली से थोड़ा डरता भी है. और प्यार भी सबसे ज्यादा करता है.

किउकी एक सोनाली ही तो थी.

जिसने राहुल को हर तकलीफ से बचाया था.

राहुल कही भी हो

राहुल का दर्द सोनाली तक पोहोच ही जाता है.

सोनिआ : ,राहुल की दूसरी बहन

आगे 19 साल

यह भी देखने में बोहोत खूबसूरत है.

मगर इनके साथ थोड़ा उल्टा है.

यह राहुल से प्यार तो करती है.

मगर परेशां भी बोहोत करती है. राहुल को

दीपक : राहुल के डैड

आगे 40 साल

यह राहुल से बोहोत नफरत करते है

इन्ही के बजसे राहुल यहाँ से गया था.

इनको राहुल एक फोटो आँख भी नहीं भाता

इस नफरत की एक बजा है जो आगे चल कर पता चलेगी.

नाउ बैक तो थे स्टोरी.

जैसे ही राहुल गेट बजने वाला होता है.

उससे पहले

राहुल की माँ ( काजल ) गेट खोलती है.

काजल ( राहुल से ) : आ गया मेरा बीटा कितने सालो से देखा नहीं था. तुझे

तभी

एक लड़की राहुल से बोलती है.

लड़की ( राहुल से ) : तू यहाँ भी आ गया लगता है बिना लत ( लेग ) घुसे खाए नहीं मैंने वाला तू

तभी

काजल ग़ुस्से बोलती है.

काजल ( गुस्से में ) :
 
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