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- Dec 5, 2013
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अपडेट 56
मई बी अंश से नाराज भी था और मन में एक तरह की ख़ुशी भी हो रही थी.
क्यों की आज बहुत दिनों बाद मुझे कच्ची काली मिली थी..
पर पता नहीं क्यों मुझे अंश ने जो कहा उसपर एक बार सोचना पड़ेगा...
नहीं तो पता नहीं ये और क्या क्या करेगा मेरा ऐसा मंद ब्लॉक करके...
मैंने मृणाली को साइड में किया और वह से उठने की कोशिश करने लगा तभी उसने मेरा हाथ पकड़ा...
मृणाली- किधर चले बरखुद्दर... मुझे इस हाल में छोड़कर....
Mai-(itna सब कुछ होने के बाद भी हिचकिचाते हुए) Mmaaaiiii.....wool....fresh होने जा रहा हु...
मृणाली- वैसे मुझे लगा नहीं था तुम ऐसे लड़के होंगे एक लड़की को देखते hi उस पर टूट पदों और ऐसे की मेरा सारा बदन (दर्द से कहते हुए) दर्द कर रहा है...
Mai-Soorryyy.... मरूउउ.... वो क्या है न मुझे तुमको इस हालत में देख कण्ट्रोल hi नहीं रहा..
(मन में) अब क्या बोलू यही बोलना पड़ेगा ...
तभी बी अंश अपनी कामिनी हसी हस्ते हुए कहता है..
बी अंश- अबे वो तुझे चुटिया बना रही है उसको भी बहुत मजा आ रहा है....
Mai-(Jor से...) कक्य्याया...
Mrunali-Kya हुवा तुम क्यों इतने जोर से चिल्ला रहे ho...balki चिल्लाना तो मुझे चाहिए.
वैसे उस बी अंश की बात से मुझमे थोड़ी हिम्मत आ गयी थी इसलिए मई मृणाली से पूछता हु..
Mai-Acha सच बताओ तुम्हे मजा नहीं आया क्या इन सब में... जो इतने नखरे कर रही हो अब... बताओ...
मृणाली- वैसे पहले तो बहुत गुस्सा आया मुझे तुम पर फिर बाद में न जाने तुमने मुझपर क्या जादू किया...
पता नहीं की मई तुझमे बस खोटी hi चली गयी... और अभी हाल ऐसा है की मेरा मन अब तुम्हारे बिना नहीं लग रहा है... ी लव यू दीपू...
Mai-I लव यू तू... चलो तुम भी फ्रेश हो जाओ...
उसने उठने की कोशिश की पर वो उठ hi नहु सकीय क्यों की उसकी बहुत दर्द हो रहा था हिलने से.
साला मेरी hi अंश ने इस तरह उसे रूंध दिया था की वो मूव भी नहीं कर प् रही है...
फिर मई hi उसको बाथरूम लेकर गया और उसको अचे से रेडी किया वो बहुत hi शर्मा रही थी..
पर वैसे नहाते हुए भी उसको ऐसी हालत में देख मई कण्ट्रोल नहीं कर पाया...
और मैंने उसको नहाते हुए भज बहुत मसला और वो गरम भी हो गयी थी पर उससे ज्यादा कुछ नहीं किया मैंने...
फिर बहार आकर उसको एक टेबलेट दे दी पैन किलर की और उसको अपने मैजिक से उसका कुछ दर्द भी हल्का कर दिया...
जिससे उसको ज्यादा दर्द भी न हो और उसे पता भी नहीं चले ये मैंने किया है.
और उसको आराम करने का कहकर मई वह से अपने घर निकल गया...
घर में गया तो पापा बहार सोफे पर बैठकर न्यूज़ देख रहे थे..
मई जब उन तीनो ko(Sonam,Rasika और रितिका) उस अघोरी के चंगुल से बचाकर सुबह ले आया था..
पर उसके पहले मई अपने रियल वाले फॅमिली से मिलने गया था वह से लौटने के बाद मैंने उनको बचाया और घर आया था उनको लेकर...
(ये सब मैंने आप सब लोगो को याद दिलाने के लिए कह रहा हु...)
सुबह जब मई आया था तो पापा से मुलाकात नहीं हो पायी थी वो किसी काम से बहार गए थे..
लेकिन उनको जैसे hi पता चला की मई वापस आ गया हु वैसे hi वो अपना पूरा काम छोड़कर आ गए...
मुझे देखते hi वो अपने जगह से उठ गए और मई भी उनके तरफ गया और उनको जोर से गले लगाया...
मुझे देखकर उनकी आंखे नाम hi गयी थी पर उन्होंने अपने आंसू छुपा लिए...
वैसे अब मुझे सब सच पता चल गया था पर मैंने उनको बताना मुनासिब नहीं समजा..
और उनको अगर पता चल गया तो उनके मन में भी कुछ न कुछ चलता hi रहेगा... इसलिए मैंने उनको कुछ नहीं बताया इस बारे में...
पापा- कैसे हो बीटा कहा गए थे इतने दिन... न कुछ खबर और न hi तुम बताकर गए इस बार...
मई- वो क्या है न पापा बहुत hi इम्पोर्टेन्ट काम आ गया था इसलिए चला गया था...
Papa-Chahe कितना भी इम्पोर्टेन्ट काम क्यों न हो पर आगे से ध्यान रखना की अपने पापा को बोलकर hi जाना हमे भी तुम्हारा ख्याल रहता है बीटा बाप हु न...
उनके चहरे और बातो से hi झलक रहा था उनको भी मेरी बहुत फ़िक्र है और मेरे लिए प्यार दिख रहा था उनकी बातो से मुझे...
इसलिए मुझे उन पर और भी प्यार आ रहा था... इसी प्यार की बजह से मुझे अपने दोनों फॅमिली में कोई अंतर नहीं दिखाई दे रहा था...
मई- है पापा जरूर... लेकिन कभी गया भी तो बस मुझे याद करना मई आपको बता दूंगा की मई कहा हु.. वो क्या है न पापा....
पापा- पता है मुझे अगर किसी के पास कुछ स्पेशल है तो उसको कुछ स्पेशल और जरुरी काम भी होता है..
वो कहते है शक्तियों के साथ कुछ जिम्मेदारियां भी अति है पता है मुझे..
बस ये याद रखना की उसको निभाते निभाते अपने फॅमिली को मत भूल जाना...
Mai-Ha जरूर पापा... मई ये बात याद रखूँगा...
ये कहकर मैंने फिर से पापा को गले लगाया तभी एक अबाज आयी जो मेरी प्यारी माँ की थी....
माँ- वह... अपने पापा पर hi आज बहुत प्यार आ रहा है कभी हमारे तरफ भी देखा करो...
मेरे कुछ बोलने से पहले hi पापा बोलते है..
Papa-Aji... हम है न तुम्हारे तरफ ध्यान देने के लिए...
Mom-(Sharmate हुए) Shhiii...Kuch तो शर्म करो बीटा है सामने हमारे...
अब मैंने जाकर माँ की गले lagaya...Tabhi मेरे मन से अबाज अति है जो बी अंश की होती है..
बी अंश- ये तेरे इस बाप को बता की मेरे माल पर आंखे मत डाला कर....
Mai-uski बात पर मुझे गुस्सा तो आया पर मई अभी उसको कह भी नहीं सकता सोचा उसको बाद में देखता हु...
Mai-Aap दोनों मेरे लिए बेस्ट हो और मई आप दोनों से भी प्यार करता हु....
तभी जिसकी कमी थी वो आ गयी यानि की मेरी छिपकली...
ऋतू- ये तूने मेरे Mom-Dad को हुग कैसे किया हुवा है चल छोड़ उन्हें...
एक तो पता नहीं कहा कहा घूमता रहता है और यहाँ आकर हमारे Mom-Dad को हमसे चुरा रहा है...
बी Ansh-Aa गयी मेरी तेज टर्रब रानी....
Mai-(Uski बातो को इग्नोर करते हुए) ये Hello... किसने कहा ये तेरे Mom-Dad है ये मेरे है और भूल मत मई तुझसे बड़ा हु...
इसलिए ये सबसे पहले मेरे है फिर अगर नंबर आया तो.....
Ritu-Abe हैट.... बड़ा आया... कयके खाक बड़ा है तू... तुझसे बड़ी मई हु समजे इसलिए मेरा पहला हक़ है इनपर ...
ये लो सुरु हो गयी हमारी टूटू मैमै... और हमेशा की तरह सब मजा लेते हुए देख रहे थे...
लेकिन तभी हम सबमे एक ऐसा व्यक्ति बोल पड़ती है जिसका कभी कोई सोच भी नहीं सकता.. यानि की मेरी जान दी...
दी- तुम दोनों शांत बैठो तुम दोनों से बढ़ी मई हु इसलिए सबसे पहला हक़ मेरा बनता है Mom-Dad पर...
हम दोनों तो दी के ऐसे बिच में कूदने से सरप्राइज hi हो गए... लेकिन बोलना तो था hi उनका भी हक़ बनता है..
अभी मई कुछ बोलने जा hi रहा था की हमे दूर के तरफ से एक अबाज अति है जिनका बिच में आना असंभव था पर वो आ गए थे तो वो अबाज थी ..
भाई- कोई कुछ नहीं बोलेगा.. इस घर का सबसे बड़ा लड़का मई हु..
इसलिए mom-Dad सबसे ज्यादा प्यार मुझे करते है .. और मेरा उनपर पहला हक़ है...
अब तो ऐसा कहने से सब लोग hi सरप्राइज हो गए थे ..किसी ने भी ये एक्सपेक्टेड नहीं किया था भैया ऐसे हमारे बिच में आएंगे और ये kahenge..par ये हुवा कैसे ये तो...
बी Ansh-Abe घोंचू... ज्यादा सोचा मत कर वो काम मेरा है तू तो बस मजे लिया कर...
मुझे तो बहुत मजा आ रहा था इस गेम में तो फिर मई उन्हें क्यों वह अकेले रहने देता इसलिए ले आया इन्हे यहाँ....
Mai-Tuuuuu......
ऋतू- क्या कहा तूने भाई को ...
मई- नहीं मैंने भाई से नहीं मैंने To...Mera मतलब... है भाई se..lekin तू नहीं... तुम... नहीं... आप...
मई तुम्हे क्यों बताऊ मैंने भाई से किस नाम से बुलाया.. जाने दे...
(भाई की तरफ जाते हुए) भाई आप यहाँ कैसे... आप तो....
Bhai-ye क्या रूद्र तू hi मुझे यहाँ लेके आया और अब बोल रहा है.....
Mai-(man में ) अब सेल काळा ..पिटवायेगा क्या आगे से बता के किया कर) है मई hi आपको यहाँ लेकर आ गया...
सोचा यहाँ सब अपना हक़ जाता रहे है तो आप क्यों पीछे रहते...
माँ- कैसा हक़ कुछ nahi...Mera कोई भी बीटा छोटा हो या बड़ा या फिर बेटी...
लेकिन हमारे लिए सब एक hi है और हम तुम चारो से नहीं तुम सबसे एक सामान hi प्यार करते है.
और तुम सबका सामान हक़ है हम पर और हमारा तो है hi...
ये बात सुनते hi हम सब माँ- डैड की तरफ दौड़ पड़े और जैसे उनपर टूट पड़े वैसे उनको सब हुग करने लगे...
और हुग करने के बाद ऋतू झगड़ते हुए मेरा हाथ हटाने लगी... तो मैंने उसका और दी का हाथ हटाया...
आज तो दी को भी मजा आ रहा था तो उसने भैया और बाकियो का हाथ हटाने लगी.... तभी माँ हस्ते हुए कहती है...
माँ- ाररररीी..... मैंने अभी क्या कहा था और तुम फिर से झगड़ने लगे....
ये सुनकर सब हस्ते हुए फिरसे उनको गले लगाया...
फिर क्या ऐसा hi प्यार भरा माहौल हो गया था वह पर...
कुछ देर हम सब वह बैठकर प्यार भरी बाटे कर रहे थे... इस बिच मेरी और रितिका की नोकझोक चलती रही...
और दी और भाई भी हमारा साथ दे रही थी इन सबमे...
और इधर हमसे बहुत दूर ये वही जगह थी जिस बारे में मैंने आपको बताया था...
लेकिन सब भूल गए होंगे तो मई आपको याद दिला देता हु ...
कुछ साइंटिस्ट प्रोजेक्ट ग्रीन पर काम कर रहे थे जो लोगो की भलाई के लिए हो रहा था...
पर कुछ सैतानी सोच वाले साइंटिस्ट वालो ने उस प्रोजेक्ट में कुछ ऐसे चंगेस कर दिए थे.. जो बताना और ढूंढ पाना इम्पॉसिबल है...
1-2 अपडेट पहले मैंने बता दिया था वह पर जितने भी जानवरो की सांसे एक दम से बढ़ गयी थी...
और अचानक से रुक गयी.. और फिर उसी वक़्त वह पर राखी 24 हॉर्स की क्लॉक का टाइम काम हो रहा था...
ये देखते हुए वह पर बैठे कुछ साइंटिस्ट लोग एक मीटिंग लेने के लिए hi वह के सिक्योर रूम में चले गए...
अब चलो सुनते है उनमे क्या बाटे हो रही है... पर पहिलाल मई उनको स1, स2 के नाम से बुलाऊंगा...
स1- देखो आज जो भी हमने देखा वो मुझे कुछ ाचा नहीं लगा और मुझे लगता है की...
प्रोजेक्ट ग्रीन में कुछ गड़बड़ी हो गयी है.. और उसका आउटपुट कुछ भी हो सकता है...
तो हमे सतर्क होना पड़ेगा और हुई हमारा प्रोजेक्ट ग्रीन कही छुपाना होगा...
या कुछ दिन हमे उनको अपनी निगरानी में रखना पड़ेगा नहीं तो लोगो के लिए क्या करेंगे हमे पता नहीं...
मई क्या कहना चाहता हु आप सबको समाज आ रहा है न...
स2- है सर.. समाज में आ रहा है इसलिए मई क्या कहता हु.. क्यों न हम उन सबको हमारी दूसरी जगह लेकर चले जाये...
जिससे अगर कुछ होगा भी तो वो यहाँ नहीं होगा और उससे ज्यादा हमारा नुकसान भी नहीं होगा...
स1- है ये बात सच है तो चलो फिर अपने काम पर लग जाओ..
और फिर वो मीटिंग ख़तम हो जाती है और वो सब वह से जाने लगते है लेकिन उनमे से कोई एक था...
जिसका सैतानी दिमाग में तो कुछ और hi प्लान चल रहा था तो चलो सुनते है वो क्या कहने की कोशिश जार रहा है...
S3-(Man में) तुम कुछ भी करो स1 लेकिन हमने तो हमारा खेल पहले hi खेल दिया है...
अब तो बस ये 24 हॉर्स ख़तम हो जाये... ये गुड न्यूज़ तो मुझे बॉस को बतानी hi होगी...
ये कहते हुए वो भी उस रूम से चला जाता है और उधर सारा माहौल शांत हो जाता है ...
इधर मई अपने रूम में आ गया था क्यों की मुझे उस बी अंश से बात करनी थी...
क्यों की अगर उससे बात नहीं की तो न जाने ये साला ौड क्या क्या करेगा और मुझसे क्या क्या करवाएगा.................................
मई बी अंश से नाराज भी था और मन में एक तरह की ख़ुशी भी हो रही थी.
क्यों की आज बहुत दिनों बाद मुझे कच्ची काली मिली थी..
पर पता नहीं क्यों मुझे अंश ने जो कहा उसपर एक बार सोचना पड़ेगा...
नहीं तो पता नहीं ये और क्या क्या करेगा मेरा ऐसा मंद ब्लॉक करके...
मैंने मृणाली को साइड में किया और वह से उठने की कोशिश करने लगा तभी उसने मेरा हाथ पकड़ा...
मृणाली- किधर चले बरखुद्दर... मुझे इस हाल में छोड़कर....
Mai-(itna सब कुछ होने के बाद भी हिचकिचाते हुए) Mmaaaiiii.....wool....fresh होने जा रहा हु...
मृणाली- वैसे मुझे लगा नहीं था तुम ऐसे लड़के होंगे एक लड़की को देखते hi उस पर टूट पदों और ऐसे की मेरा सारा बदन (दर्द से कहते हुए) दर्द कर रहा है...
Mai-Soorryyy.... मरूउउ.... वो क्या है न मुझे तुमको इस हालत में देख कण्ट्रोल hi नहीं रहा..
(मन में) अब क्या बोलू यही बोलना पड़ेगा ...
तभी बी अंश अपनी कामिनी हसी हस्ते हुए कहता है..
बी अंश- अबे वो तुझे चुटिया बना रही है उसको भी बहुत मजा आ रहा है....
Mai-(Jor से...) कक्य्याया...
Mrunali-Kya हुवा तुम क्यों इतने जोर से चिल्ला रहे ho...balki चिल्लाना तो मुझे चाहिए.
वैसे उस बी अंश की बात से मुझमे थोड़ी हिम्मत आ गयी थी इसलिए मई मृणाली से पूछता हु..
Mai-Acha सच बताओ तुम्हे मजा नहीं आया क्या इन सब में... जो इतने नखरे कर रही हो अब... बताओ...
मृणाली- वैसे पहले तो बहुत गुस्सा आया मुझे तुम पर फिर बाद में न जाने तुमने मुझपर क्या जादू किया...
पता नहीं की मई तुझमे बस खोटी hi चली गयी... और अभी हाल ऐसा है की मेरा मन अब तुम्हारे बिना नहीं लग रहा है... ी लव यू दीपू...
Mai-I लव यू तू... चलो तुम भी फ्रेश हो जाओ...
उसने उठने की कोशिश की पर वो उठ hi नहु सकीय क्यों की उसकी बहुत दर्द हो रहा था हिलने से.
साला मेरी hi अंश ने इस तरह उसे रूंध दिया था की वो मूव भी नहीं कर प् रही है...
फिर मई hi उसको बाथरूम लेकर गया और उसको अचे से रेडी किया वो बहुत hi शर्मा रही थी..
पर वैसे नहाते हुए भी उसको ऐसी हालत में देख मई कण्ट्रोल नहीं कर पाया...
और मैंने उसको नहाते हुए भज बहुत मसला और वो गरम भी हो गयी थी पर उससे ज्यादा कुछ नहीं किया मैंने...
फिर बहार आकर उसको एक टेबलेट दे दी पैन किलर की और उसको अपने मैजिक से उसका कुछ दर्द भी हल्का कर दिया...
जिससे उसको ज्यादा दर्द भी न हो और उसे पता भी नहीं चले ये मैंने किया है.
और उसको आराम करने का कहकर मई वह से अपने घर निकल गया...
घर में गया तो पापा बहार सोफे पर बैठकर न्यूज़ देख रहे थे..
मई जब उन तीनो ko(Sonam,Rasika और रितिका) उस अघोरी के चंगुल से बचाकर सुबह ले आया था..
पर उसके पहले मई अपने रियल वाले फॅमिली से मिलने गया था वह से लौटने के बाद मैंने उनको बचाया और घर आया था उनको लेकर...
(ये सब मैंने आप सब लोगो को याद दिलाने के लिए कह रहा हु...)
सुबह जब मई आया था तो पापा से मुलाकात नहीं हो पायी थी वो किसी काम से बहार गए थे..
लेकिन उनको जैसे hi पता चला की मई वापस आ गया हु वैसे hi वो अपना पूरा काम छोड़कर आ गए...
मुझे देखते hi वो अपने जगह से उठ गए और मई भी उनके तरफ गया और उनको जोर से गले लगाया...
मुझे देखकर उनकी आंखे नाम hi गयी थी पर उन्होंने अपने आंसू छुपा लिए...
वैसे अब मुझे सब सच पता चल गया था पर मैंने उनको बताना मुनासिब नहीं समजा..
और उनको अगर पता चल गया तो उनके मन में भी कुछ न कुछ चलता hi रहेगा... इसलिए मैंने उनको कुछ नहीं बताया इस बारे में...
पापा- कैसे हो बीटा कहा गए थे इतने दिन... न कुछ खबर और न hi तुम बताकर गए इस बार...
मई- वो क्या है न पापा बहुत hi इम्पोर्टेन्ट काम आ गया था इसलिए चला गया था...
Papa-Chahe कितना भी इम्पोर्टेन्ट काम क्यों न हो पर आगे से ध्यान रखना की अपने पापा को बोलकर hi जाना हमे भी तुम्हारा ख्याल रहता है बीटा बाप हु न...
उनके चहरे और बातो से hi झलक रहा था उनको भी मेरी बहुत फ़िक्र है और मेरे लिए प्यार दिख रहा था उनकी बातो से मुझे...
इसलिए मुझे उन पर और भी प्यार आ रहा था... इसी प्यार की बजह से मुझे अपने दोनों फॅमिली में कोई अंतर नहीं दिखाई दे रहा था...
मई- है पापा जरूर... लेकिन कभी गया भी तो बस मुझे याद करना मई आपको बता दूंगा की मई कहा हु.. वो क्या है न पापा....
पापा- पता है मुझे अगर किसी के पास कुछ स्पेशल है तो उसको कुछ स्पेशल और जरुरी काम भी होता है..
वो कहते है शक्तियों के साथ कुछ जिम्मेदारियां भी अति है पता है मुझे..
बस ये याद रखना की उसको निभाते निभाते अपने फॅमिली को मत भूल जाना...
Mai-Ha जरूर पापा... मई ये बात याद रखूँगा...
ये कहकर मैंने फिर से पापा को गले लगाया तभी एक अबाज आयी जो मेरी प्यारी माँ की थी....
माँ- वह... अपने पापा पर hi आज बहुत प्यार आ रहा है कभी हमारे तरफ भी देखा करो...
मेरे कुछ बोलने से पहले hi पापा बोलते है..
Papa-Aji... हम है न तुम्हारे तरफ ध्यान देने के लिए...
Mom-(Sharmate हुए) Shhiii...Kuch तो शर्म करो बीटा है सामने हमारे...
अब मैंने जाकर माँ की गले lagaya...Tabhi मेरे मन से अबाज अति है जो बी अंश की होती है..
बी अंश- ये तेरे इस बाप को बता की मेरे माल पर आंखे मत डाला कर....
Mai-uski बात पर मुझे गुस्सा तो आया पर मई अभी उसको कह भी नहीं सकता सोचा उसको बाद में देखता हु...
Mai-Aap दोनों मेरे लिए बेस्ट हो और मई आप दोनों से भी प्यार करता हु....
तभी जिसकी कमी थी वो आ गयी यानि की मेरी छिपकली...
ऋतू- ये तूने मेरे Mom-Dad को हुग कैसे किया हुवा है चल छोड़ उन्हें...
एक तो पता नहीं कहा कहा घूमता रहता है और यहाँ आकर हमारे Mom-Dad को हमसे चुरा रहा है...
बी Ansh-Aa गयी मेरी तेज टर्रब रानी....
Mai-(Uski बातो को इग्नोर करते हुए) ये Hello... किसने कहा ये तेरे Mom-Dad है ये मेरे है और भूल मत मई तुझसे बड़ा हु...
इसलिए ये सबसे पहले मेरे है फिर अगर नंबर आया तो.....
Ritu-Abe हैट.... बड़ा आया... कयके खाक बड़ा है तू... तुझसे बड़ी मई हु समजे इसलिए मेरा पहला हक़ है इनपर ...
ये लो सुरु हो गयी हमारी टूटू मैमै... और हमेशा की तरह सब मजा लेते हुए देख रहे थे...
लेकिन तभी हम सबमे एक ऐसा व्यक्ति बोल पड़ती है जिसका कभी कोई सोच भी नहीं सकता.. यानि की मेरी जान दी...
दी- तुम दोनों शांत बैठो तुम दोनों से बढ़ी मई हु इसलिए सबसे पहला हक़ मेरा बनता है Mom-Dad पर...
हम दोनों तो दी के ऐसे बिच में कूदने से सरप्राइज hi हो गए... लेकिन बोलना तो था hi उनका भी हक़ बनता है..
अभी मई कुछ बोलने जा hi रहा था की हमे दूर के तरफ से एक अबाज अति है जिनका बिच में आना असंभव था पर वो आ गए थे तो वो अबाज थी ..
भाई- कोई कुछ नहीं बोलेगा.. इस घर का सबसे बड़ा लड़का मई हु..
इसलिए mom-Dad सबसे ज्यादा प्यार मुझे करते है .. और मेरा उनपर पहला हक़ है...
अब तो ऐसा कहने से सब लोग hi सरप्राइज हो गए थे ..किसी ने भी ये एक्सपेक्टेड नहीं किया था भैया ऐसे हमारे बिच में आएंगे और ये kahenge..par ये हुवा कैसे ये तो...
बी Ansh-Abe घोंचू... ज्यादा सोचा मत कर वो काम मेरा है तू तो बस मजे लिया कर...
मुझे तो बहुत मजा आ रहा था इस गेम में तो फिर मई उन्हें क्यों वह अकेले रहने देता इसलिए ले आया इन्हे यहाँ....
Mai-Tuuuuu......
ऋतू- क्या कहा तूने भाई को ...
मई- नहीं मैंने भाई से नहीं मैंने To...Mera मतलब... है भाई se..lekin तू नहीं... तुम... नहीं... आप...
मई तुम्हे क्यों बताऊ मैंने भाई से किस नाम से बुलाया.. जाने दे...
(भाई की तरफ जाते हुए) भाई आप यहाँ कैसे... आप तो....
Bhai-ye क्या रूद्र तू hi मुझे यहाँ लेके आया और अब बोल रहा है.....
Mai-(man में ) अब सेल काळा ..पिटवायेगा क्या आगे से बता के किया कर) है मई hi आपको यहाँ लेकर आ गया...
सोचा यहाँ सब अपना हक़ जाता रहे है तो आप क्यों पीछे रहते...
माँ- कैसा हक़ कुछ nahi...Mera कोई भी बीटा छोटा हो या बड़ा या फिर बेटी...
लेकिन हमारे लिए सब एक hi है और हम तुम चारो से नहीं तुम सबसे एक सामान hi प्यार करते है.
और तुम सबका सामान हक़ है हम पर और हमारा तो है hi...
ये बात सुनते hi हम सब माँ- डैड की तरफ दौड़ पड़े और जैसे उनपर टूट पड़े वैसे उनको सब हुग करने लगे...
और हुग करने के बाद ऋतू झगड़ते हुए मेरा हाथ हटाने लगी... तो मैंने उसका और दी का हाथ हटाया...
आज तो दी को भी मजा आ रहा था तो उसने भैया और बाकियो का हाथ हटाने लगी.... तभी माँ हस्ते हुए कहती है...
माँ- ाररररीी..... मैंने अभी क्या कहा था और तुम फिर से झगड़ने लगे....
ये सुनकर सब हस्ते हुए फिरसे उनको गले लगाया...
फिर क्या ऐसा hi प्यार भरा माहौल हो गया था वह पर...
कुछ देर हम सब वह बैठकर प्यार भरी बाटे कर रहे थे... इस बिच मेरी और रितिका की नोकझोक चलती रही...
और दी और भाई भी हमारा साथ दे रही थी इन सबमे...
और इधर हमसे बहुत दूर ये वही जगह थी जिस बारे में मैंने आपको बताया था...
लेकिन सब भूल गए होंगे तो मई आपको याद दिला देता हु ...
कुछ साइंटिस्ट प्रोजेक्ट ग्रीन पर काम कर रहे थे जो लोगो की भलाई के लिए हो रहा था...
पर कुछ सैतानी सोच वाले साइंटिस्ट वालो ने उस प्रोजेक्ट में कुछ ऐसे चंगेस कर दिए थे.. जो बताना और ढूंढ पाना इम्पॉसिबल है...
1-2 अपडेट पहले मैंने बता दिया था वह पर जितने भी जानवरो की सांसे एक दम से बढ़ गयी थी...
और अचानक से रुक गयी.. और फिर उसी वक़्त वह पर राखी 24 हॉर्स की क्लॉक का टाइम काम हो रहा था...
ये देखते हुए वह पर बैठे कुछ साइंटिस्ट लोग एक मीटिंग लेने के लिए hi वह के सिक्योर रूम में चले गए...
अब चलो सुनते है उनमे क्या बाटे हो रही है... पर पहिलाल मई उनको स1, स2 के नाम से बुलाऊंगा...
स1- देखो आज जो भी हमने देखा वो मुझे कुछ ाचा नहीं लगा और मुझे लगता है की...
प्रोजेक्ट ग्रीन में कुछ गड़बड़ी हो गयी है.. और उसका आउटपुट कुछ भी हो सकता है...
तो हमे सतर्क होना पड़ेगा और हुई हमारा प्रोजेक्ट ग्रीन कही छुपाना होगा...
या कुछ दिन हमे उनको अपनी निगरानी में रखना पड़ेगा नहीं तो लोगो के लिए क्या करेंगे हमे पता नहीं...
मई क्या कहना चाहता हु आप सबको समाज आ रहा है न...
स2- है सर.. समाज में आ रहा है इसलिए मई क्या कहता हु.. क्यों न हम उन सबको हमारी दूसरी जगह लेकर चले जाये...
जिससे अगर कुछ होगा भी तो वो यहाँ नहीं होगा और उससे ज्यादा हमारा नुकसान भी नहीं होगा...
स1- है ये बात सच है तो चलो फिर अपने काम पर लग जाओ..
और फिर वो मीटिंग ख़तम हो जाती है और वो सब वह से जाने लगते है लेकिन उनमे से कोई एक था...
जिसका सैतानी दिमाग में तो कुछ और hi प्लान चल रहा था तो चलो सुनते है वो क्या कहने की कोशिश जार रहा है...
S3-(Man में) तुम कुछ भी करो स1 लेकिन हमने तो हमारा खेल पहले hi खेल दिया है...
अब तो बस ये 24 हॉर्स ख़तम हो जाये... ये गुड न्यूज़ तो मुझे बॉस को बतानी hi होगी...
ये कहते हुए वो भी उस रूम से चला जाता है और उधर सारा माहौल शांत हो जाता है ...
इधर मई अपने रूम में आ गया था क्यों की मुझे उस बी अंश से बात करनी थी...
क्यों की अगर उससे बात नहीं की तो न जाने ये साला ौड क्या क्या करेगा और मुझसे क्या क्या करवाएगा.................................