RUDRADIP- The God And Devil - Page 7 - SexBaba
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RUDRADIP- The God And Devil

अपडेट 56

मई बी अंश से नाराज भी था और मन में एक तरह की ख़ुशी भी हो रही थी.

क्यों की आज बहुत दिनों बाद मुझे कच्ची काली मिली थी..

पर पता नहीं क्यों मुझे अंश ने जो कहा उसपर एक बार सोचना पड़ेगा...

नहीं तो पता नहीं ये और क्या क्या करेगा मेरा ऐसा मंद ब्लॉक करके...

मैंने मृणाली को साइड में किया और वह से उठने की कोशिश करने लगा तभी उसने मेरा हाथ पकड़ा...

मृणाली- किधर चले बरखुद्दर... मुझे इस हाल में छोड़कर....

Mai-(itna सब कुछ होने के बाद भी हिचकिचाते हुए) Mmaaaiiii.....wool....fresh होने जा रहा हु...

मृणाली- वैसे मुझे लगा नहीं था तुम ऐसे लड़के होंगे एक लड़की को देखते hi उस पर टूट पदों और ऐसे की मेरा सारा बदन (दर्द से कहते हुए) दर्द कर रहा है...

Mai-Soorryyy.... मरूउउ.... वो क्या है न मुझे तुमको इस हालत में देख कण्ट्रोल hi नहीं रहा..

(मन में) अब क्या बोलू यही बोलना पड़ेगा ...

तभी बी अंश अपनी कामिनी हसी हस्ते हुए कहता है..

बी अंश- अबे वो तुझे चुटिया बना रही है उसको भी बहुत मजा आ रहा है....

Mai-(Jor से...) कक्य्याया...

Mrunali-Kya हुवा तुम क्यों इतने जोर से चिल्ला रहे ho...balki चिल्लाना तो मुझे चाहिए.

वैसे उस बी अंश की बात से मुझमे थोड़ी हिम्मत आ गयी थी इसलिए मई मृणाली से पूछता हु..

Mai-Acha सच बताओ तुम्हे मजा नहीं आया क्या इन सब में... जो इतने नखरे कर रही हो अब... बताओ...

मृणाली- वैसे पहले तो बहुत गुस्सा आया मुझे तुम पर फिर बाद में न जाने तुमने मुझपर क्या जादू किया...

पता नहीं की मई तुझमे बस खोटी hi चली गयी... और अभी हाल ऐसा है की मेरा मन अब तुम्हारे बिना नहीं लग रहा है... ी लव यू दीपू...

Mai-I लव यू तू... चलो तुम भी फ्रेश हो जाओ...

उसने उठने की कोशिश की पर वो उठ hi नहु सकीय क्यों की उसकी बहुत दर्द हो रहा था हिलने से.

साला मेरी hi अंश ने इस तरह उसे रूंध दिया था की वो मूव भी नहीं कर प् रही है...

फिर मई hi उसको बाथरूम लेकर गया और उसको अचे से रेडी किया वो बहुत hi शर्मा रही थी..

पर वैसे नहाते हुए भी उसको ऐसी हालत में देख मई कण्ट्रोल नहीं कर पाया...

और मैंने उसको नहाते हुए भज बहुत मसला और वो गरम भी हो गयी थी पर उससे ज्यादा कुछ नहीं किया मैंने...

फिर बहार आकर उसको एक टेबलेट दे दी पैन किलर की और उसको अपने मैजिक से उसका कुछ दर्द भी हल्का कर दिया...

जिससे उसको ज्यादा दर्द भी न हो और उसे पता भी नहीं चले ये मैंने किया है.

और उसको आराम करने का कहकर मई वह से अपने घर निकल गया...

घर में गया तो पापा बहार सोफे पर बैठकर न्यूज़ देख रहे थे..

मई जब उन तीनो ko(Sonam,Rasika और रितिका) उस अघोरी के चंगुल से बचाकर सुबह ले आया था..

पर उसके पहले मई अपने रियल वाले फॅमिली से मिलने गया था वह से लौटने के बाद मैंने उनको बचाया और घर आया था उनको लेकर...

(ये सब मैंने आप सब लोगो को याद दिलाने के लिए कह रहा हु...)

सुबह जब मई आया था तो पापा से मुलाकात नहीं हो पायी थी वो किसी काम से बहार गए थे..

लेकिन उनको जैसे hi पता चला की मई वापस आ गया हु वैसे hi वो अपना पूरा काम छोड़कर आ गए...

मुझे देखते hi वो अपने जगह से उठ गए और मई भी उनके तरफ गया और उनको जोर से गले लगाया...

मुझे देखकर उनकी आंखे नाम hi गयी थी पर उन्होंने अपने आंसू छुपा लिए...

वैसे अब मुझे सब सच पता चल गया था पर मैंने उनको बताना मुनासिब नहीं समजा..

और उनको अगर पता चल गया तो उनके मन में भी कुछ न कुछ चलता hi रहेगा... इसलिए मैंने उनको कुछ नहीं बताया इस बारे में...

पापा- कैसे हो बीटा कहा गए थे इतने दिन... न कुछ खबर और न hi तुम बताकर गए इस बार...

मई- वो क्या है न पापा बहुत hi इम्पोर्टेन्ट काम आ गया था इसलिए चला गया था...

Papa-Chahe कितना भी इम्पोर्टेन्ट काम क्यों न हो पर आगे से ध्यान रखना की अपने पापा को बोलकर hi जाना हमे भी तुम्हारा ख्याल रहता है बीटा बाप हु न...

उनके चहरे और बातो से hi झलक रहा था उनको भी मेरी बहुत फ़िक्र है और मेरे लिए प्यार दिख रहा था उनकी बातो से मुझे...

इसलिए मुझे उन पर और भी प्यार आ रहा था... इसी प्यार की बजह से मुझे अपने दोनों फॅमिली में कोई अंतर नहीं दिखाई दे रहा था...

मई- है पापा जरूर... लेकिन कभी गया भी तो बस मुझे याद करना मई आपको बता दूंगा की मई कहा हु.. वो क्या है न पापा....

पापा- पता है मुझे अगर किसी के पास कुछ स्पेशल है तो उसको कुछ स्पेशल और जरुरी काम भी होता है..

वो कहते है शक्तियों के साथ कुछ जिम्मेदारियां भी अति है पता है मुझे..

बस ये याद रखना की उसको निभाते निभाते अपने फॅमिली को मत भूल जाना...

Mai-Ha जरूर पापा... मई ये बात याद रखूँगा...

ये कहकर मैंने फिर से पापा को गले लगाया तभी एक अबाज आयी जो मेरी प्यारी माँ की थी....

माँ- वह... अपने पापा पर hi आज बहुत प्यार आ रहा है कभी हमारे तरफ भी देखा करो...

मेरे कुछ बोलने से पहले hi पापा बोलते है..

Papa-Aji... हम है न तुम्हारे तरफ ध्यान देने के लिए...

Mom-(Sharmate हुए) Shhiii...Kuch तो शर्म करो बीटा है सामने हमारे...

अब मैंने जाकर माँ की गले lagaya...Tabhi मेरे मन से अबाज अति है जो बी अंश की होती है..

बी अंश- ये तेरे इस बाप को बता की मेरे माल पर आंखे मत डाला कर....

Mai-uski बात पर मुझे गुस्सा तो आया पर मई अभी उसको कह भी नहीं सकता सोचा उसको बाद में देखता हु...

Mai-Aap दोनों मेरे लिए बेस्ट हो और मई आप दोनों से भी प्यार करता हु....

तभी जिसकी कमी थी वो आ गयी यानि की मेरी छिपकली...

ऋतू- ये तूने मेरे Mom-Dad को हुग कैसे किया हुवा है चल छोड़ उन्हें...

एक तो पता नहीं कहा कहा घूमता रहता है और यहाँ आकर हमारे Mom-Dad को हमसे चुरा रहा है...

बी Ansh-Aa गयी मेरी तेज टर्रब रानी....

Mai-(Uski बातो को इग्नोर करते हुए) ये Hello... किसने कहा ये तेरे Mom-Dad है ये मेरे है और भूल मत मई तुझसे बड़ा हु...

इसलिए ये सबसे पहले मेरे है फिर अगर नंबर आया तो.....

Ritu-Abe हैट.... बड़ा आया... कयके खाक बड़ा है तू... तुझसे बड़ी मई हु समजे इसलिए मेरा पहला हक़ है इनपर ...

ये लो सुरु हो गयी हमारी टूटू मैमै... और हमेशा की तरह सब मजा लेते हुए देख रहे थे...

लेकिन तभी हम सबमे एक ऐसा व्यक्ति बोल पड़ती है जिसका कभी कोई सोच भी नहीं सकता.. यानि की मेरी जान दी...

दी- तुम दोनों शांत बैठो तुम दोनों से बढ़ी मई हु इसलिए सबसे पहला हक़ मेरा बनता है Mom-Dad पर...

हम दोनों तो दी के ऐसे बिच में कूदने से सरप्राइज hi हो गए... लेकिन बोलना तो था hi उनका भी हक़ बनता है..

अभी मई कुछ बोलने जा hi रहा था की हमे दूर के तरफ से एक अबाज अति है जिनका बिच में आना असंभव था पर वो आ गए थे तो वो अबाज थी ..

भाई- कोई कुछ नहीं बोलेगा.. इस घर का सबसे बड़ा लड़का मई हु..

इसलिए mom-Dad सबसे ज्यादा प्यार मुझे करते है .. और मेरा उनपर पहला हक़ है...

अब तो ऐसा कहने से सब लोग hi सरप्राइज हो गए थे ..किसी ने भी ये एक्सपेक्टेड नहीं किया था भैया ऐसे हमारे बिच में आएंगे और ये kahenge..par ये हुवा कैसे ये तो...

बी Ansh-Abe घोंचू... ज्यादा सोचा मत कर वो काम मेरा है तू तो बस मजे लिया कर...

मुझे तो बहुत मजा आ रहा था इस गेम में तो फिर मई उन्हें क्यों वह अकेले रहने देता इसलिए ले आया इन्हे यहाँ....

Mai-Tuuuuu......

ऋतू- क्या कहा तूने भाई को ...

मई- नहीं मैंने भाई से नहीं मैंने To...Mera मतलब... है भाई se..lekin तू नहीं... तुम... नहीं... आप...

मई तुम्हे क्यों बताऊ मैंने भाई से किस नाम से बुलाया.. जाने दे...

(भाई की तरफ जाते हुए) भाई आप यहाँ कैसे... आप तो....

Bhai-ye क्या रूद्र तू hi मुझे यहाँ लेके आया और अब बोल रहा है.....

Mai-(man में ) अब सेल काळा ..पिटवायेगा क्या आगे से बता के किया कर) है मई hi आपको यहाँ लेकर आ गया...

सोचा यहाँ सब अपना हक़ जाता रहे है तो आप क्यों पीछे रहते...

माँ- कैसा हक़ कुछ nahi...Mera कोई भी बीटा छोटा हो या बड़ा या फिर बेटी...

लेकिन हमारे लिए सब एक hi है और हम तुम चारो से नहीं तुम सबसे एक सामान hi प्यार करते है.

और तुम सबका सामान हक़ है हम पर और हमारा तो है hi...

ये बात सुनते hi हम सब माँ- डैड की तरफ दौड़ पड़े और जैसे उनपर टूट पड़े वैसे उनको सब हुग करने लगे...

और हुग करने के बाद ऋतू झगड़ते हुए मेरा हाथ हटाने लगी... तो मैंने उसका और दी का हाथ हटाया...

आज तो दी को भी मजा आ रहा था तो उसने भैया और बाकियो का हाथ हटाने लगी.... तभी माँ हस्ते हुए कहती है...

माँ- ाररररीी..... मैंने अभी क्या कहा था और तुम फिर से झगड़ने लगे....

ये सुनकर सब हस्ते हुए फिरसे उनको गले लगाया...

फिर क्या ऐसा hi प्यार भरा माहौल हो गया था वह पर...

कुछ देर हम सब वह बैठकर प्यार भरी बाटे कर रहे थे... इस बिच मेरी और रितिका की नोकझोक चलती रही...

और दी और भाई भी हमारा साथ दे रही थी इन सबमे...

और इधर हमसे बहुत दूर ये वही जगह थी जिस बारे में मैंने आपको बताया था...

लेकिन सब भूल गए होंगे तो मई आपको याद दिला देता हु ...

कुछ साइंटिस्ट प्रोजेक्ट ग्रीन पर काम कर रहे थे जो लोगो की भलाई के लिए हो रहा था...

पर कुछ सैतानी सोच वाले साइंटिस्ट वालो ने उस प्रोजेक्ट में कुछ ऐसे चंगेस कर दिए थे.. जो बताना और ढूंढ पाना इम्पॉसिबल है...

1-2 अपडेट पहले मैंने बता दिया था वह पर जितने भी जानवरो की सांसे एक दम से बढ़ गयी थी...

और अचानक से रुक गयी.. और फिर उसी वक़्त वह पर राखी 24 हॉर्स की क्लॉक का टाइम काम हो रहा था...

ये देखते हुए वह पर बैठे कुछ साइंटिस्ट लोग एक मीटिंग लेने के लिए hi वह के सिक्योर रूम में चले गए...

अब चलो सुनते है उनमे क्या बाटे हो रही है... पर पहिलाल मई उनको स1, स2 के नाम से बुलाऊंगा...

स1- देखो आज जो भी हमने देखा वो मुझे कुछ ाचा नहीं लगा और मुझे लगता है की...

प्रोजेक्ट ग्रीन में कुछ गड़बड़ी हो गयी है.. और उसका आउटपुट कुछ भी हो सकता है...

तो हमे सतर्क होना पड़ेगा और हुई हमारा प्रोजेक्ट ग्रीन कही छुपाना होगा...

या कुछ दिन हमे उनको अपनी निगरानी में रखना पड़ेगा नहीं तो लोगो के लिए क्या करेंगे हमे पता नहीं...

मई क्या कहना चाहता हु आप सबको समाज आ रहा है न...

स2- है सर.. समाज में आ रहा है इसलिए मई क्या कहता हु.. क्यों न हम उन सबको हमारी दूसरी जगह लेकर चले जाये...

जिससे अगर कुछ होगा भी तो वो यहाँ नहीं होगा और उससे ज्यादा हमारा नुकसान भी नहीं होगा...

स1- है ये बात सच है तो चलो फिर अपने काम पर लग जाओ..

और फिर वो मीटिंग ख़तम हो जाती है और वो सब वह से जाने लगते है लेकिन उनमे से कोई एक था...

जिसका सैतानी दिमाग में तो कुछ और hi प्लान चल रहा था तो चलो सुनते है वो क्या कहने की कोशिश जार रहा है...

S3-(Man में) तुम कुछ भी करो स1 लेकिन हमने तो हमारा खेल पहले hi खेल दिया है...

अब तो बस ये 24 हॉर्स ख़तम हो जाये... ये गुड न्यूज़ तो मुझे बॉस को बतानी hi होगी...

ये कहते हुए वो भी उस रूम से चला जाता है और उधर सारा माहौल शांत हो जाता है ...

इधर मई अपने रूम में आ गया था क्यों की मुझे उस बी अंश से बात करनी थी...

क्यों की अगर उससे बात नहीं की तो न जाने ये साला ौड क्या क्या करेगा और मुझसे क्या क्या करवाएगा.................................

 
अपडेट 57

अब तो बस ये 24 हॉर्स ख़तम हो जाये... ये गुड न्यूज़ तो मुझे बॉस को बतानी hi होगी...

ये कहते हुए वो भी उस रूम से चला जाता है और उधर सारा माहौल शांत हो जाता है ...

इधर मई अपने रूम में आ गया था क्यों की मुझे उस बी अंश से बात करनी थी...

क्यों की अगर उससे बात नहीं की तो न जाने ये साला ौड क्या क्या करेगा और मुझसे क्या क्या करवाएगा.......


आगे.................

मई जाकर अपने रूम में सोफे पर बैठ गया और अभी मई उसे कुछ कहने hi वाला था तभी वो खुद hi बोल पड़ा...

बी अंश- है चल बोल अब क्यों याद किया मुझे...

मई- क्यों मतलब तूने जो बहार भूचाल मचाये रखा है मुझे उस बारे में बात करनी है...

बी Ansh-maine क्या किया भर कुछ भी तो नहीं वो तो बस ऐसे hi हो गया...

Mai-Tum ऐसा नहीं मानोगे न... तो फिर ठीक hai...sidhe मुद्दे पर एते है...

तुझे क्या करना ाचा लगता है.. मेरा मतलब तुझे करना क्या है मेरे साथ...

बी अंश- तेरे साथ क्यों कुछ करूँगा मई मुझे तो जिनके साथ जो करना hi है वो तो मई करूँगा hi और मुझे कोई नहीं रोक सकता...

मई- वो नहीं रे... ठीक है तुझे जो करना है कर पर मेरी कुछ शर्ते है वो तुझे माननी hi पड़ेगी...

बी Ansh-Kya नहीं... कैसी शर्त और मई क्यों मानूंगा तेरी शर्त...

मई- क्यों मतलब... तुम्हे सुन्ना hi होगा मेरी शर्त हम दोनों दोस्त है न...

बी Ansh-(haste हुए) क्या.... मेरे कान तो ठीक है क्या तूने अभी दोस्त कहा... अबे घोंचू हम दोनों एक hi है समजे...

मुझे उसपर गुस्सा तो आ रहा था पर साला जिसपर गुस्सा आ रहा है मई खुद hi हु कितनी अछि बात है न...

Mai-Acha चल ठीक है हम दोनों एक है लेकिन मेरी बात सुन प्लीज अगर हम दोनों यहाँ पर रहना है तो...

बी अंश- तो ऐसा बोल न Phir..Chal बता कोनसी शर्ते है तेरी...

Mai-Pahli ये की आज तूने जो मेरे साथ किया वो तू दोबारा नहीं करेगा...

बी Ansh-maine क्या किया तेरे साथ ये बता...

मई- वो जो तूने सुबह मेरा मंद ब्लॉक किया था न वो अगली बार से मत करना समजे...

बी अंश- ाचा ठीक है नहीं करूँगा लेकिन भूल मई की तूने सुबह मेरी बात नहीं मणि थी इसलिए मुझे वो करना पड़ा फिर...

Mai-isiliye तो तुझसे बात कर रहा हु न बे... तो सुन... तुझे जो करना है कर...

पर पहले मुझसे बात कर और अगर दोनों राजी हुए तो hi आगे बढ़ेंगे...

और है तू हमारी फॅमिली वालो में से किसी के ऊपर भी अपनी गन्दी नजर नहीं डालेगा...

बहार तुझे कही पर भी मुँह मरना है तो मार सकता है पर यहाँ नहीं...

लेकिन उसमे अगर वाले की भी मंजूरी होनी चाहिए...

बी Ansh-mai किसी पर बुरी नजर डालता नहीं ok वो तो बस चली जाती है... लेकिन तू अगर कह रहा है तो नहीं करूँगा...

मई- थैंक यू....

बी अंश- चल ठीक है मंजूर अब आगे बोल...

मई- और तुझे ये आगे क्या होने वाला है ये कैसे पता चलता है या हो चूका है...

या फिर तू किसी के भी मन में घुसकर जानकारी हासिल कर सकता है फिर चाहे वो कोई भी हो या कही भी हो...

बी अंश- ये मई नहीं बताऊंगा.... है इसमें मेरी एक शर्त तुझे माननी पड़ेगी की...

मई तुझे ये नहीं बताऊंगा और है जब तुझे जानने की जरुरत होगी तभी मई तुझे बताऊंगा वैसा मेरा एक मानना है मेरा नहीं मतलब हमारा...

मई- और वो क्या....

बी अंश- देखो दूसरे का सोचना जहा ख़तम होता है वह से हमे सोचना शुरू करना चाहिए... वैसे भी हम कुछ भी कर सकते है...

मई- मतलब... ये क्या है कुछ भी कर सकता है... और तू कहना क्या चाहता है जरा साफ़ साफ़ कह न...

बी अंश- अबे ***टू... तू सच में यार मेरे बिना कुछ भी नहीं है.. देख सामने वाला जो कोई भी हो...

उसको अपनी चाल चलने दो उसको उसका अपना गेम जिस तरह से खेलना है या फिर जैसा चाहो खेलने दो...

वैसा नहीं किया तो हमारा मजा किरकिरा हो जायेगा और इससे क्या होगा उसका भी मजा किरकिरा नहीं होगा..

फिर जब उसे लगे की वो जितने वाला है और जितने के बहुत करीब है मतलब बस पहुंचने hi वाला है...

तभी हमें हमारी चाल चलनी है और उस बजी को पलट देना है...

अब इससे ज्यादा मई तुम्हे डीप में नहीं समाज सकूंगा पर जब वक़्त आएगा न तब मई तुम्हे खुद दिखाऊंगा और वो भी जल्द hi आने वाला है शायद...

Mai-Chal ठीक है मई समाज तो गया पर तू जो कह रहा है वो मेरे भेजे में घुस नहीं रहा है क्यों की मेरे भेजे में तो भोसा भरा है जो तू है...

बी Ansh-Acha मई भूसा हु अबे मेरे आने की बजह से तेरा ये भूसे जैसा दिमाग चल रहा है... न जाने मई इसका Part कैसा हु यार...

मई- तू मेरा Part नहीं है तू बस मेरा hi दिमाग का एक अंश है समजे...

बी अंश- ाचा तो अब मई तुझे एक बात बताना तो चाहता था पर अब लगता है की अब वो बात तुझे बताने से कोई फायदा नहीं है...

इसलिए जाने दे जब वक़्त आएगा तब वो खुद hi तुझे बता देगा...

अब चल Bye बाटे बहुत हुयी मुझे सोना है वैसे भी आज मैंने बहुत म्हणत की है....

Mai-are लेकिन सुन मेरी बाटे अभी तक ख़तम नहीं हुयी hai...ye वो कोण है... सुन तो सही... लगता है चला गया..

इसका भी कुछ करना पड़ेगा... ये भी उसके hi तरह बाटे करता है...

चलो अभी मई भी सोता हु मैंने भी आज बहुत म्हणत की है...

फिर क्या मई भी सो गया... वैसे भी कल बहुत से काम करने थे.. तो चलो देखते है कल क्या होता है....

सुबह मेरी नींद आराम से टूटी.. लेकिन जब उठा तो मई अपने आप से hi बहुत सरप्राइज हो गया मतलब रात को जब मई सोया था तो अकेला था लेकिन अब तो...

ये कैसे हुवा... शायद मेरे सोने के बाद ये आयी होंगी यहाँ पर...

वो और कोई नहीं मेरी प्यारी दी थी.. जो रात में hi आ गयी थी और आकर मेरे बहो में सो गयी...

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सुबह उठने की कोशिश की तभी मालूम पड़ा की कोई मेरी बहो में सोया है उन्हें देखकर तो मुझे और प्यार आ रहा था उनपर...

दी आज सोते हुए बहुत खुश दिख रही थी... यानि की वो उनका मुस्कुराता हुवा चेहरा... मुझे तो बस वही दिख रहा था...

पूरी दुनिया एक तरफ और मेरी दी की मुस्कराहट एक तरफ... उनकी खूबसूरती और मासूमियत बहुत जजती थी उनपर...

लेकिन न जाने कुछ दिनों से हम दोनों एक दूसरे को वक़्त नहीं दे प् रहे है...

दी मुझे कुछ नहीं कहती थी इन सबके बारे में... पर उनको भी कुछ कुछ न फील होता था जो बस अपने अंदर hi छुपकर रखती थी ..

मेरी जान का टुकड़ा थी मेरी प्यारी दी... उनके तो इसी क्यूटनेस पर मई मर मिट चूका हु ..

मई एक तक उनके चहरे को घूरे जा रहा था न जाने मुझे क्या हुवा और मई उनकी तरफ झुकता चला गया...

ये कोई हवस या कुछ और नहीं था ये तो बस मेरे लिए उनका प्यार था जो मुझे उनकी तरफ अत्त्रक्ट करता था हमेशा...

और पता नहीं कब उनके होंठ मेरे होंठो में समां गए... न मेरे होंठ हिल रहे थे और न hi उनके...

मई तो बस उनकी आने वाली सांसो को उनके लिप्स से महसूस कर रहा था एक अलग hi नशा था...

उनके सांसो में जो मेरे बॉडी के अंदर इस तरह समां रहा था की वो मेरे बॉडी का hi एक तरह का हिस्सा हो... मुझे ये फीलिंग बहुत बेटर फील कर रही थी...

धीरे धीरे मेरे होंठ चलने लगे लेकिन ज्यादा नहीं बस थोड़ा थोड़ा...

कुछ देर बाद मुझे ऐसा लगा की मुझे वो भी अपने होंठ चला रही है...

ऐसा मुझे फील हुवा और है सच में वो भी अपने होंठ हिला रही थी... लेकिन बहुत धीमे से...

जैसे वो भी मेरे सांसो को अपने अंदर लेकर महसूस करना चाहती हो...

मेरे साँस के हर एक कतरे को अपनी साँस से मिला रही ho...Usne नींद में hi अपने बहो में और समां लिया तो मैंने भी उससे कसकर हुग किया...

5 मिनट तक हम दोनों ऐसे hi किश करते रहे.. लेकिन जब सांसे उखाड़ने लगी तो हम दोनों भी पीछे हैट गए...

वो अभी भी अपनी आंखे बंद किये हुए अपनी सांसे कण्ट्रोल कर रही थी लेकिन उन्होंने अब तक अपनी आंखे नहीं खोली थी ..

तभी मई उनके कान के पास गया.. और उनको बहुत धीरे अबाज से कहा वैसे तो हम दोनों hi थे वह पर फिर भी....

Mai-(Dhire से कान में) काश मेरे हर दिन की सुरुवात ऐसे hi हो.. तो मेरा हर दिन हेवन जैसा होगा... मुझे और किसी बात की जरुरत भी नहीं होगी फिर तो...

ये कहकर मैंने उनको गले लगाया तो वो भी मेरे गले लग गयी .

उन्होंने कहा कुछ नहीं पर है उनके चहरे पर अभी मुस्कराहट आ गयी थी.. जो छुपाते हुए चुप नहीं रही थी ...

हम कुछ देर ऐसे hi रहे... उनकी बहो में सोते हुए मेरी आंख फिर से लग गयी... और मई सो गया...

कुछ एक घंटे बाद मेरा दूर खटखटाने की अबाज आयी तो मई नींद से जग गया...

तभी मुझे सुबह हुवा वाकया याद आया और मई दी को इधर उधर ढूंढ़ने लगा लेकिन वो कही भी नहीं दिखी न जाने वो कहा चली गयी...

या शायद मई सपना देख रहा था या ये सब हकीकत थी कुछ समाज नहीं आ रहा था...

इसी ुधभुन में मैंने जाकर दूर खोला तो बहार सोनम थी जो कह रही थी...

सोनम- आप अभी तक सो रहे हो. आपको याद नहीं है क्या आज हमे इनॉगरेशन के लिए जाना है सब रेडी है आपको छोड़...

मैंने बहार जाकर इधर उधर देखा तो बहार मुझे कोई भी नहीं दिखाई दिया तो मैंने सोनम को अंदर खींच लिया उसको तो समाज hi नहीं आया ये क्या हुवा...

Sonam-aauuchhhh......ye क्या जी.... मुझे काम हाउ जाने दो .. कोई आ जायेगा.. और अगर हमे ऐसे हाल में देखेगा तो क्या सोचेंगे... जाने दो....

Mai-(Uske मुँह पर ऊँगली रखते हुए) स्स्स्सस्छ्हःहःहःह....... मुझे पता है इधर अभी कोई नहीं आएगा और तुम ज्यादा दुसरो पर ध्यान मत दो.

एक तो बहुत दिनों बाद मुझे ऐसी अकेली मिली ho...aaj मुझे तुमपर बहुत प्यार आ रहा है ऐसा लग रहा है तुम्हे खा जाऊ....

सोनम- ईई.... आपको क्या हो गया है आप ऐसी बातें क्यों कर रहे हो ..

Mai-Kyu मई ऐसे बाते नहीं कर सकता है वो भी अपने बीवी से...

Sonam-Kar सकते है लेकिन आप भूल गए हो यहाँ हम दोनों को छोड़ किसी को भी नहीं पता की मई आपकी बीवी हु..

और है याद है अपने hi कहा था जब तक सबको पता नहीं चल जाता ऐसा कुछ नहीं होगा...

Mai-Acha जाने दू... आज मौका भी है और दस्तूर भी... मुझे एक किश तो चाहिए आज और अभी...

ये कहते hi मई उसके और पास चला गया तो उसकी सांसे बढ़ने लगी...

Sonam-Nahi.... प्लीज... कोई आ जायेगा....

मई उसकी बातो का अनसुना करते हुए आगे बढ़ने लगा अब हम दोनों के बिच हवा जाने के लिए भी फैसला नहीं था...

उसके भी होंठ मेरे होंठ से लगने के लिए मेरी किश लेने के लिए मेरे सांसो में सामने के लिए तैयार थे...

वो तड़प रहे थे... विबरते हो रहे थे... अभी हम दोनों किश लेने हु वाले थे की तभी किसी ने मतलब मेरी माँ ने सोनम को अबाज दी....

जिससे हम दोनों भी हड़बड़ा गए... और वो अपने होश में आ गयी ..

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लेकिन फिर भी मई किश करने वाला था की वो मेरे चंगुल से निकल कर भाग गयी... और दूर पर जाकर हस्ते हुए कहने लगी...

Sonam-(Haste हुए) कोई बात नहीं... अगली बार जरूर होगा ये... चलो अब Bye... और है जल्दी से निचे आना हमे जाना है देर हो रही है...

और है किसी चाहिए to.....(Kuch सोचने की एक्टिंग करते हुए) ये लो... और उसने वही से मुझे फ्लाइंग किश दे दी...

और वो चली भी गयी... और इधर मई होंठ मसलते रह गया मतलब हाथ मसलते रह गया...

मई- (किश किश पर गुस्सा निकलू) मेरी मा का..... तभी दिमाग से अबाज ayi...(Ye अपने माँ को गली मत दे लगती है मुझे... अगर दी तो याद रखना....)

और मई फिर न चाहते हुए भी शांत बैठ गया...

पर ये हुवा कैसे... नहीं मतलब कैसे... इसका मतलब...

Mai-(Man में) तेरी तो तूने ऐसा क्यों किया... मैंने कल hi तुझको बताया था न...

बी Ansh-Are मैंने क्या किया.. वो सब तूने किया...

Mai-Ab झूठ मत बोल मुझे सब पता है...

बी Ansh-acha ठीक है मैंने hi किया पर तूने जो सुबह किया उससे मेरा मंद थोड़ा भटक गया था इसलिए उसको ठिकाने पर लेन के लिए ऐसा किया...

लेकिन क्या हुवा कुछ भी नहीं मिला सिवाय बाबाजी के ठुल्लू के...

मई- क्या.... तुझे दिमाग भी है... वो जाने दे नहीं लेकिन मैंने तुझे क्या बताया था ..

बी अंश- ाचा बाबा सॉरी आगे से ऐसा नहीं करूँगा वैसे तू भी तो होश में था...

मन की मैंने कुछ देर के लिए कण्ट्रोल ले लिया पर तू भी तो होश में था न तो तूने क्यों नहीं कण्ट्रोल किया आपने आप पर. ...

Mai-Chod जाने दे तुझसे तो बात करना hi बक्कर है वैसे भी मुझे लेट हो रहा है मई जाता है फ्रेश होने...

और वो अपनी बकबक करता रहा और मई उसे अनसुना करते हुए अपने काम में लग गया...

और जल्द hi रेडी होकर निचे आ गया तो सब रेडी हो गए थे... बस मेरी hi रह देख रहे थे...

और सब मुझे अजीब सी नजर से देख रहे थे जैसे मुझपर गुस्सा हो....

Mai-Kya.... ऐसे क्यों देख रहे हो सब मुझे... मैंने कुछ नहीं किया... वो तो बस थोड़ा सा लेट हो गया मई...

Ritu-(Gusse से) थोड़ा सा... पूरा 1 घंटा 13 मिनट और 38 सेकंड लेट हो गया है तू....

दी- और है इसी बात पर तुम्हे आज सुबह का ब्रेकफास्ट भी नहीं मिलेगा तुम्हे ऐसे hi चलना पड़ेगा हमारे साथ....

मई- क्या.... नहीं... ये तो सरासर न इंसाफ़ी है मेरे साथ... मेरे ऐसे hi नहीं लेट हुवा...

वो तो बस हो गया लेट लेकिन उसकी बजह से मेरा खाना तो बंद मत करो...

Mom-Nahi बीटा हम तुम्हारी खाना नहीं बंद कर रहे है हम तो बस तुम्हे ब्रेकफास्ट खाने नहीं दे रहे है...

और है यही सजा है तुम्हारीछालो अब जो खाना है वही जाकर खाओ....

Mai-No....Mom आप भी....

नेहा Bhabi-waise हम जा कहा रहे है .. कोई बताएगा... (भाई की तरफ देखते हुए) बस किसी को पूछा तो बता रहे है की सरप्राइज है...

भाई- मेरी तरफ मत देखो ये मेरा सरप्राइज नहीं है....

मई- क्या मेरी प्यारी भाबी.... अब सरप्राइज है तो उसे सरप्राइज hi रहने दो न और उस सरप्राइज का मजा उठाओ...

नेहा भाबी- ाचा ठीक है चलो फिर अब लेट नहीं हो रहा है क्या...

Mai-Par मेरा खाना....

सबने ये अनसुना करते हुए आगे बढ़ने लगे और मई वही खड़ा रहा...

तभी भाभी मेरे पास आयी और धीरे से बोली...

नेहा भाबी- (धीरे से कान में) चलो तुम्हारे लिए ब्रेकफास्ट ले लिया है बस हमारे वाले गाड़ी में बैठना... और किसी को बताना मत... वार्ना जो है वो भी नहीं मिलेगा....

Mai-(Khushi से भाबी को हुग करते हुए) वो मेरी प्यारी Bhabi.....I लव यू.....

ये मई कुछ जोर से बोलै था की सबने ये सुन लिया और मैंने भभ को साइड से गले लगाया...

ये सबने सुन लिया इसलिए सब पीछे मुद हमे देखने लगे...

जब मुझे पता चला की सबने मेरी बात सुन ली है और सब इधर hi देख रहे है तो मैंने भाभी को छोड़ा और उनसबको देखने लगा...

और भाबी भी मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी...

मई- क्या हुवा... चलो न अब... और क्या मई अपने भाबी से प्यार भी नहीं कर सकता kya...Chalo भी देर नहीं हो रहा है क्या?

ये कहते हुए मई सबसे पहले मई जाकर भाई के गाड़ी में बैठ गया....

सब मेरे पीछे पीछे आने लगे और अपनी कार्स में बैठ गए.

वैसे भाई के कार में मई भैया भाबी और रसिका बैठे थे.. और सब जिसमे जगह मिली उसमर बैठ गए...

जैसे hi गाड़िया निकल पड़ी और मई भाबी की तरह मुदा...

Mai-Chalo भाबी जल्दी निकालो खाना बहुत जोरो की भूक लगी है...

Bhai-Kya तुमने इसके लिए खाना ले लिया...

Bhabi-Kya करे अभी हमारा सिर्फ ये एक hi अकेला देवर है इतना तो करना hi था...

Mai-No बाटे बस खाना....

भाबी ने खाना निकला और मैंने झट से उनके हाथो से ले लिया..

और गपागप खाने लगा... मुझे ऐसा कहते देखर उन सबको हसी छूट गयी.....

और हम सब निकल पड़े उस सरप्राइज की और .......................................

 
अपडेट 58

Bhai-Kya तुमने इसके लिए खाना ले लिया...

Bhabi-Kya करे अभी हमारा सिर्फ ये एक hi अकेला देवर है इतना तो करना hi था...

Mai-No बाटे बस खाना....

भाबी ने खाना निकला और मैंने झट से उनके हाथो से ले लिया..

और गपागप खाने लगा... मुझे ऐसा कहते देखर उन सबको हसी छूट गयी.....

और हम सब निकल पड़े उस सरप्राइज की और .......................................

आगे.................

हमारी सभी कार्स एक जगह जाकर रुकी गयी थी... तो हम सब निचे उतर गए...

हम जहा पर रुके थे वह पर मतलब हमारे सामने उस सिटी की सबसे बड़ी बिल्डिंग थी...

जो हैलमे बानी थी... जो करीब करीब 150 फ्लोर्स की होगी...

ये बिल्डिंग इसलिए भी बहुत बड़ी दिख रही थी क्यों की हर एक फ्लोर भी हिघ्त और लेंथ में बहुत बड़ा था...

हम जैसे hi उतरे वह पर जितने भी लोग थे सब हमारा स्वागत करने लगे...

सिटी के सभी नॉमिनल और बड़े लोग ए हुवे थे जो हर एक एरिया में बहुत बड़ी बड़ी पोस्ट पर थे..

वह पर जो सब एक क़तर में खड़े होकर हमारा स्वागत कर रहे थे...

हमारे जितने भी एम्प्लाइज थे सब हमारे स्वागत में लगे हुए थे...

वैसे सबको पता था की सरप्राइज है पर वो क्या होगा मतलब ये होगा ये किसी ने भी एक्सपेक्टेंनाही किया था...

किसी को भी नहीं पता था की यहाँ पर क्या हो रहा है पर सभी हम साथ चल रहे थे...

तभी वह पर हमारे सामने एक बहुत hi बड़ा बम.. बहुत hi सेक्सी हॉट आइटम हमारे सामने अति है...

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उसको देखके तो मेरा मुँह ओपन hi रह जाता hai..wo तो ाचा था की कोई मेरे पास नहीं था शिवाय भाबी के... वार्ना वो सब तो मेरा मर मर के कचुम्बर बना देती...

Bhabi-(Mera मुँह बंद करते हुए) आराम से देवर जी... इतनी भी मुँह ओपन मत करो की वो पूरी hi आपके अंदर चली जाये...

Mai-Mai....Nahi to....(Sharmate हुए) क्या भाबी...

Bhabi-Waise लड़की हॉट है... पर जरा आराम से देखना....

तभी मेरे मन से अबाज अति है जो आपको तो पता hi है किसकी है...

बी Ansh-Aaj मुझे कुछ नहीं सुन्ना मुझे आज किसी भी हालत में उसकी छूट चाहिए मतलब चाहिए... अगर तू देगा तो अछि बात नहीं तो मुझे पता है कैसे हासिल करनी है...

मई- (मन में) ठीक है जिद्द मत कर ये इवेंट ख़तम हो जाने दे कुछ करते है इसका भी तब तक शांत रह....

वो लड़की हमारे सामने आकर कड़ी हो गयी और कहने लगी...

मिस- वेलकम पुरोहित फॅमिली... माय नाम इस हेर ा और मई आज आपके इस ओर्गानिसद की हेड hu..To चलो फिर सब लोग आपका hi इंतज़ार कर रहे है...

पापा- है लेकिन...

पापा कुछ कहने hi वाले थे की तभी मैंने पापा का हाथ पकड़ा और उनसे धीरे से कहा..

Mai-Papa वो जो कह रही है अभी वो करते है अंदर जाने के बाद मई आपको सब कुछ बता देता हु...

फिर पापा कुछ नहीं बोले और वो सकिसोर लेकर उन्होंने माँ को साथ लेकर वो कट किया और फिर अंदर आ गए...

जैसे hi उन्होंने वो कट किया. हम सबके ऊपर फूल गिरने लगे और सब तालिया बजने लगे..

वह पर सब बड़े बड़े लोग चाहे फिर वो पॉलिटिक्स में हो या गवर्नमेंट्स में फिर चाहे किसी और भी एरिया के...

सब ए हुए थे इसलिए पापा ने कुछ कहा नहीं और उन्होंने वो किया...

हम जब आ रहे थे तो सब पापा को कोंग्रटुलतिओन्स दे रहे थे... और पापा उनको थैंक्स कहते हुए आ रहे थे...

वैसे मेरे मन में एक बात आयी है इसीलिए यहाँ शेयर कर रहा हु...

अगर कुछ बड़ा प्रोग्राम या फिर इवेंट करना हो तो पता नहीं लोग किसी बड़े आदमी या फिर बड़े पॉलिटिक्स को बुलाकर अपने नए बिज़नेस या फिर कोई भी नए काम की शुरुवात क्यों करते है...

उनसब से बड़े हमारे पेरेंट्स है जिन्होंने हमे आज तक पढ़ाया और बड़ा किया...

और हमे इस काबिल बनाया की हम सब ये कर सके तो फिर हम इस नए जिंदगी की शुरुवात उनसे क्यों नहीं करते..

बल्कि हम ऐसा क्यों करते है की हम उसे कभी जानते भी नहीं और नहीं आगे जाकर वो हमे याद भी रखेगा. या फिर कभी हमारी हेल्प करेगा...

फिर कुछ देर पार्टी चलती रही और सब हमारा ऑफिस देखते रहे.. पापा भी सब बड़े लोगो से मिल रहे थे उनसे बातें कर रहे थे...

कुछ देर ऐसा hi चलता रहा और फिर बाकि सब खाना खाने के बाद वह से चले गए...

और हम सब फिर हम सब वह आ गए जहा पर भाई और पापा का ऑफिस केबिन रूम था...

जो बनाने वाले ने बहुत hi आलीशान बनाया था जो देखते hi शॉक हो जाये....

सब तरह कक कन्वेनैंस थी वह पर जो भी चाहिए वो सब उनके केबिन में मिल जायेगा...

और बहुत hi बड़ा था दोनों का केबिन... वैसे सच बोलू तो ये पापा के लिए किसी सरप्राइज से लिए काम नहीं था...

तो हम सब पापा के केबिन में चले gaye...Jate hi सब उस आलीशान कमरे को देखने लगे...

तभी मुझे पापा ने कुछ इशारा किया तो मैंने हीना को बहार भेज दिया वो बहार जाते hi पापा मुझसे कहने लगे...

Papa-Ye सब क्या है बीटा इतनी बड़ी बिल्डिंग और ये ऑफिस...?

Mai-Papa मुझे पता था आप ये सवाल पूछोगे इसलिए मई तैयार था. तो सुनो ये सिर्फ इतनी बड़ी बिल्डिंग hi नहीं ये हमारा हेड ऑफिस है...

भाई- मतलब?

वैसे ये बात तो भाई को भी नहीं पता थी की मई ऐसा कुछ करने वाला हु... उनको तो बस दूसरे सरप्राइज के बारे में hi पता था...

अगर आप लोगो को याद होगा तो मई बता दू की मैंने उससे पहले भाई से इससे पहले इस सब्जेक्ट में बात की थी पर पूरी तरह से नहीं बस इतना कहा था की एक सरप्राइज है जो अब भाई को याद आया होगा मैंने कहा है वो...

मई- मतलब भाई की सुनो हमारे न जाने कितने बिज़नेस है और न जाने कहा कहा पर है...

आल ओवर इंडिया में भी हमारा बिज़नेस फैला हुवा है और इंडिया के बहार भी है..

मन की हमने हर एक कंपनी सँभालने के लिए कोई न कोई रखा है...

लेकिन पता नहीं वो बाँदा कैसा होगा या फिर वो कोई झोल करता होगा हमारे कंपनी me...To इसीलिए मैंने ये हेड ऑफिस ओपन किया है...

पापा- तो इसका मतलब सरे कंपनी यहाँ से हैंडल होगी पर कैसे ...?

Mai-Papa वो सब मैंने सोच समझकर hi फैसला किया है आपका और भाई आप दोनों का भी ऑफिस यही है...

तो यहाँ पर इतने फ्लोर्स इसीलिए बनाये है क्यों की हर एक फ्लोर हमारे हर एक कंपनी को रिप्रेजेंट करेगा...

हर एक फ्लोर का एक हेड होगा जो उसको दिए हुए कंपनी से सब डाटा लेता रहेगा और फिर उनको जो चाहिए वो उनको देता रहेगा...

तो उस फ्लोर में हर एक एम्प्लाइज है जो हर एक लेवल का हर एक डिवीज़न का काम देखंगे... जो उस हेड को बताएँगे...

और वो हेड सीधा भाई को ये सब बताएगा... और फिर भाई आप को..

लेकिन इन सब में जो भी मीटिंग होगी मतलब वो चाहे नए बिज़नेस क्र लिए हो या फिर चाहे वो किसी भी और कामो के लिए वो सब भाई हैंडल करेंगे...

और कोई नहीं... फिर चाहे वो कही पर भी हो... सब भाई यही से हैंडल करेंगे... और वो कैसे वो भी मैंने देख लिया hai..Aur किसी को कुछ पूछना है...

सब मेरी और बहुत hi सरप्राइज होकर देख रहे थे... जैसे माइनर बहुत hi बड़ा काम किया हो और वो भी इतनी आसानी से... तभी माँ मेरे तरफ आकर मेरे सर से प्यार भरा हाथ फिरते हुए कहती है...

Mom-Dipu बीटा तुम तो अब बहुत बड़े हो गए हो गए जो तुमने सबसे छुपकर ये सरप्राइज प्लान किया...

बल्कि ये सबसे सुपर्ब प्लान है. और आज तक का सबसे बड़ा सरप्राइज...

आज मुझे तुम पर गर्व है बीटा की मई तुम्हारी माँ हु...

माँ की आँखों से आंसू झलकने लगे मुझसे ये देखा नहीं गया तो मई माँ के पास गया और उनके आंसू पोछे और उनसे कहने लगा...

मई- नहीं माँ ऐसी कोई बात नहीं है मैंने तो बस ये सब इसीलिए सोचा की हम सब साथ रह सके और किसी को कंपनी के काम से बहार भी नहीं जाना पड़े...

तभी पापा मेरे पास ए और मेरे कंधे पर हाथ रखते हुए बोले ..

Papa-I ऍम वैरी वैरी प्राउड ऑफ़ माय सोन... आज मई बहुत खुश हु... इस बार तुमने सबके बारे में Socha...Aaj मई बहुत खुश हु...

सब बहुत खुश थे और सबको मेरा ये आईडिया बहुत hi ाचा लगा था... बस ये बात बहार किसी को नहीं पता थी..

फिर सबने ऐसे hi हस्ते खेलते बाटे की और सबने मेरी तारीफ की फिर बाद मैंने सबको घर छोड़ दिया...

अब ऑफिस में मई भाई और रसिका hi थी. मैंने hi रसिका को रुकने के लिए कहा था... बाकि सब चले गए...

अभी तक जो सबने प्लान देखा था जो सरप्राइज देखा था उसके पीछे छुपे हुए मास्टर सरप्राइज प्लान को निकलने का टाइम आ गया था..

Bhai-Ab हम क्यों रुके है यहाँ पर तुम्हारा तो सरप्राइज हो गया न...

Mai-Itne जल्दी कहा भाई ये सरप्राइज तो सबके लिए था बल्कि हमारा सरप्राइज तो अभी बाकि है...

भाई- और वो क्या है?

मई- ये तो मुझे भी नहीं पता पर है ये सब हमे रसिका बताएगी तो चले रसिका....

रसिका- (मुस्कुराते हुए) है चलो...

भाई तो रसिका और मेरे तरफ देखते हुए hi आगे बढ़ रहे थे.. फिर हम भाई के ऑफिस चले गए...

वैसे मुझे भी नहीं पता था की वह तक कैसे पहुंचना है बस ये पता था यहाँ पर hi होगा वो सरप्राइज...

रसिका भाई के ऑफिस में जाते hi भाई के चेयर पर बैठ गयी और उसने टेबल पर राखी हुयी एक बेल्ल बजायी...

तो अचानक से उस रूम में अँधेरा हो गया मतलब दिन के उजाले में अँधेरा ?

ये कैसे हो सकता है न... बल्कि उसने सरे परदे गिरा दिए थे जो भाई को बहार की दुनिया से कांटेक्ट में रख रहे थे...

फिर रसिका भाई को उसी चेयर पर बिठाकर उठ गयी और उनको टेबल पर रखे हुए डेस्कटॉप में देखने को kaha...to उन्होंने भी वैसा hi किया...

तभी उस पक ने भाई के आईज स्कैन किया जो भाई के लिए अनएक्सपेक्टेड था...

और फिर फेस रेकग्निसे किया जो बिलकुल hi सही था...

ये सक्सेसफुल होते hi हमारे पीछे की दिवार साइड में हैट गयी... वह पर एक लिफ्ट की तरह दूर था जैसे वो कोई लिफ्ट हो...

हम तीनो भी वह चले गए तो वह जैसे लिफ्ट को ओपन करने के लिए कुछ बटन पर क्लिक करना पड़ता है वैसे hi यहाँ पर भाई का हाथ रखना पड़ता था तो वैसे hi भाई ने किया वह पर..

और भाई ने हाथ रखते hi वो लिफ्ट का दूर खुल गया तो हम तीनो उसमे चले गए...

वैसे भाई के साथ साथ मई भी ये सब देखकर थोड़ा तो शॉक हो गया था पर रसिका जैसे जैसे बोलते जा रही थी हम वैसे वैसे करते जा रहे थे...

हम लिफ्ट में चढ़ गए और रसिका ने कुछ बटन दबाया भी नहीं बल्कि वह पर कुछ बटन थे hi नहीं वो तो आटोमेटिक निचे की तरफ चलने लगी.. तभी रसिका कहने लगी...

Rasika-Bhai ये जो लिफ्ट है न वो आपके बॉडी वेट और आपका टेम्परेचर और आपके दिल की धड़कन मैसूर करने के बाद hi ये आगे बढ़ेगी..

मतलब सब मैसूर करने के बाद hi ये निचे जाने लगेगी नहीं तो अगर कोई और आया तो ये वह तक नहीं पहुंच पायेगा जहा पर हम जा रहे है...

तभी बी अंश बोलता है मुझसे...

बी Ansh-Mujhe एक बात बता हम जहा जा रहे है वह पर हमे ये रसिका ऐसे घुमा घुमाकर क्यों ले जा रही है..

तू बोले तो हम वह एक सेकंड में पहुंच जाते है.. बल्कि 1 सेकंड भी बहुत ज्यादा हुवा...

तो क्या करना है बोल और अगर है है तो अपनी आंखे बंद कर हम पहुंच जायेंगे...

Mai-Abe मुझे पता है हम वह पर आंखे बंद करते hi पहुंच जायेंगे पर भाई का क्या...

और जिस तरह से रसिका ने इसे डिज़ाइन किया है जिस तरह से वो हमे इतनी ख़ुशी से दिखा रही है तो उसके भी फीलिंग की कदर कर न और जो जैसा चल रहा है वैसा चलने दे...

बी अंश- ाचा ाचा ठीक है मई कुछ नहीं करूँगा पर तू भूल मत आज मुझसे तूने क्या प्रॉमिस किया है..

मई- ाचा ठीक है बाबा कुछ करता हु चल अब शांत बैठ...

ये कहते hi वो शांत बैठ गया और हमे जहा पहुंच जाना था हम वह पर आ गए...

करीब निचे 300 फ़ीट आने के बाद लिफ्ट रुक गयी और उसका दूर ओपन हो गया...

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तो जैसे अंडर ग्राउंड मेट्रो का हाल होता है न शामे वैसा hi हाल था बल्कि वह पर कोई भी नहीं दिख रहा था...

मतलब वह न आने का रास्ता और नहीं कही जाने का वह से शिवाय उस लिफ्ट से...

जब हम थोड़ा आगे बड़े तो वह पर रेल लाइन थी... जब हम थोड़ा आगे बड़े की हमारे लेफ्ट तरफ से एक मेट्रो आ गयी...

वो दिखने में एक्चुअल मेट्रो की तरह नहीं पर एक कार की तरह दिख रही थी कुछ ऐसी....

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रसिका ने इशारा किया तो हम उसमे जाकर बैठ गए और वो मेट्रो चल पड़ी...

कुछ 5 मिनट में hi वो रुक गयी पर क्या स्पीड थी उसकी करीब करीब 5 मिनट में hi हम 500 कम दूर आ गए थे...

फिर जैसे हम छाडे थे वैसे hi शामे प्लेटफार्म पर हम उतरे..

और पहले वह पर एक लिफ्ट थी पर अब वह जैसे एक बहुत hi बड़ा दूर था...

करीब करीब 50 फ़ीट bada...To उसको रसिका ने बहुत hi अछि तरह से सजाया हुवा था...

जैसे आज वेलकम हो रहा हो और आज तो उसका इनॉगरेशन होने वाला हो शामे वैसा...

फिर रसिका भाई से कहने लगी...

रसिका- भाई यहाँ पर आपका सब कुछ स्कैन होगा पूरी बॉडी... अपने ऑय... आपका फेस आपकी वौइस्.. आपके दिल की धड़कन सब कुछ...

जब उस दूर को लगे की सब ठीक है तभी वो दूर खुलेगा वार्ना नहीं....

Bhai-Baat तो तुम्हारी सही है रसिका पर मुझे एक बात बताओ तुम दोनों मेरे साथ ए ho..to इसमें तुम दोनों का कुछ भी क्यों नहीं है...

Mai-Kyu की भाई ये सबकुछ जो हो रहा है वो सब आपके लिए हो रहा है हमारे लिए नहीं...

भाई- है सच है ये मेरा सपना था की मई ऐसा hi कुछ करू.. पर मेरे साथ तुम दोनों हो तो फिर तुम दोनों वह पर कैसे आओगे मेरे बिना...

मई- पालक झपकते hi...

Bhai-Kyaa.... मई समजा नहीं...

रसिका- सब समाज जाओगे भाई अब चले .. अंदर जाकर आपको सब कुछ समाज आएगा...

फिर भाई उस दूर के सामने जाकर खड़े हो गए और फिर वह पर भाई का पूरा बॉडी स्कैन हुवा और धीरे धीरे वो दूर खुलने लगा...

और जैसे जैसे वो दूर खुलने लगा वैसे वैसे भाई की धड़कन बढ़ने लगी साथ में मेरी भी क्यों की मुझे सच में जानना था की रसिका ने क्या क्या किया है इस सीक्रेट रूम में...........................................

 
अपडेट 59

भाई- है सच है ये मेरा सपना था की मई ऐसा hi कुछ करू.. पर मेरे साथ तुम दोनों हो तो फिर तुम दोनों वह पर कैसे आओगे मेरे बिना...

मई- पालक झपकते hi...

Bhai-Kyaa.... मई समजा नहीं...

रसिका- सब समाज जाओगे भाई अब चले .. अंदर जाकर आपको सब कुछ समाज आएगा...

फिर भाई उस दूर के सामने जाकर खड़े हो गए और फिर वह पर भाई का पूरा बॉडी स्कैन हुवा और धीरे धीरे वो दूर खुलने लगा...

और जैसे जैसे वो दूर खुलने लगा वैसे वैसे भाई की धड़कन बढ़ने लगी साथ में मेरी भी क्यों की मुझे सच में जानना था की रसिका ने क्या क्या किया है इस सीक्रेट रूम में...........................................

आगे.................

और जैसे जैसे वो दूर खुलने लगा वैसे वैसे भाई की धड़कन बढ़ने लगी साथ में मेरी भी...

क्यों की मुझे सच में जानना था की रसिका ने क्या क्या किया है इस सीक्रेट रूम में...

जैसे जैसे दूर खुलता चला गया और अंदर का नजारा हमे दीखता चला गया..

पर जैसे hi हम दोनों ने अंदर का नजारा देखा तो सच में हम दोनों hi शॉक हो गए...

क्यों की सच में अंदर का हाल hi वैसा था...


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भाई के लिए तो जैसे हेवन में hi आ गए पर मेरे लिए ये हेवन के धूल के बराबर भी नहीं था..

लेकिन इसे हम धरती का हेवन जरूर कह सकते है... बहुत hi बेहतरीन और अचे तरीके से बनाया गया था उसको...


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है लेकिन जो भी पहली बार देखे बस खो hi जाये ऐसे तरीके से बनाया था उसको..

बहुत hi आलीशान तरह से बनाया था उसको जब मैंने उस जगह को पहली बार देखा था...

तब मुझे बिलकुल भी अहसास नहीं था की ये कभी ऐसा भी हो सकता है...

भाई का तो वो सब देखके मुँह hi ओपन रह गया था और वो तो बस वैसे hi देखते रह गए..

तभी अंदर से एक आदमी चलते हुए हमारे पास आया...

जो आप तो जानते hi होंगे की वो कोण होगा वो कोई और नहीं चिका था जो दूसरे गृह से आया था मेरे कहने पर...

चिका- आओ रद सर.... मई कितने दिनों से आप का hi इंतज़ार कर रहा था... ये तो बहुत hi अछि बात हुयी की आप यहाँ पर आ गए...

मई चिका के गले लगते हुए उसे कहने लगा...

Mai-I ऍम वैरी सॉरी चिका वो क्या है न मई दूसरे काम में जरा फस गया था तो बस इसीलिए कुछ ज्यादा hi लेट हो गया...

लेकिन अब मई आ गया हु न इसलिए सोचा सबसे पहला यही काम करू इसीलिए यहाँ चला आया...

Chika-Koi बात नहीं मुझे रसिका ने बता दिया था की आप कहा पर गए थे... इसलिए आपको मुझसे सॉरी बोलने की जरुरत नहीं है...

हम दोनों बात कर रहे थे पर भाई तो बस इस जगह की खूबसूरती में hi खो गए थे...

जो इसको बस निहारते hi जा रहे थे आखिर क्यों न हो ये उनका ड्रीम प्रोजेक्ट जो था...

मैंने भाई को हिलाकर होश में ले आया तो वो सीधा मेरे गले hi लग गया...

भाई- रूद्र मई आज बहुत खुश hu...Akhir तूने मेरा सपना पूरा कर hi दिया..

पर तूने ये सब किया कैसे और कब... क्यों की इसको देखकर लगता है की इसे बनाने में बहुत दिन नहीं बल्कि बहुत साल लग गए होंगे...

Mai-Bhai आप भूल रहे है की मेरे पास भी शक्तिया है तो बस इसी शक्तियों के इस्तेमाल से ये सब कर लिया..

अब भाई को क्या बताता की रसिका के पास शक्तिया और वो एक जिन्निए है और उसने hi ये सब बनाया है...

अगर ये बता देता तो और भी बड़ा बवाल हो जाता इसलिए ये नहीं बताया भाई को...

Bhai-Acha Ok पर रूद्र सच में यार तूने तो मेरे इमेजिनेशन से भी बहुत hi ाचा काम किया है...

ये सब तो मई कभी सोच hi नहीं सकता था...

मई- वैसे भाई ये सब मेरे अकेले का नहीं है ये सब मैंने किया पर ऐसे करने का आईडिया और इमेजिनेशन इनका है...

ाचा सॉरी आप तो उनसे मिले hi नहीं तो चलो मई आपसे इनसे मिलवा देता हु...

भाई ये है मर. चिका ये इस पुरे दुनिया के बहुत hi बड़े साइंटिस्ट है...

इनका इस मामले में कोई उनके पास भी नहीं है इस सदी के ये सबसे इंटेलीजेंट Insan(Alien) है...

और ये यहाँ पर सिर्फ और सिर्फ मेरी मदद करने के लिए hi ए hai..aur मर. चिका ये मेरे बड़े Bhai...Mr.....

चिका- ये आपके बड़े भाई है तो फिर ये मेरे लिए आपके hi तरह गॉड हो gaye...Mai आपको सर झुककर नमन करता हु...

वो सर झुकाने लगा तो भाई ने उसे रोका...

भाई- Are...are... ये आप क्या कर रहे हो आप मुझसे उम्र में बड़े हो.. और मई सिर्फ रूद्र का भाई हु और कुछ नहीं..

बाकि जो भी है सब इसका है... मुझे जो पसंद है मई वो करता हु और इसे जो है वो...

चिका- कितना बड़ा दिल है सर Aapka...To चलो फिर मई आपको ये पूरी जगह दिखता हु और इस पुरे जगह के बारे में बताता हु...

भाई- है चलो चलते है...

चिका- कैसा है रद सर अभी के लिए तो आपको वाकिंग करते हुए hi हमारे साथ चलना पड़ेगा...

क्यों की अभी तक हमने ये सिस्टम शुरू नहीं किया है और नहीं इसे टेस्ट किया है...

भाई- ऐसा क्यों... इतना बड़ा सिस्टम बनाया है आपने... तो एक बार तो चेक करना चाहिए न...

Mai-Wo क्या है न भैया हमारा ऐसा कहना था की ये सिस्टम आपके hi हाथ से स्टार्ट होना चाहिए वार्ना नहीं...

Rasika-aur है इस सिस्टम की एक अलग बात है इस सिस्टम को एक बार अगर स्टार्ट कर दिया तो फिर इसको डीएक्टिवेट या फिर स्टॉप किया नहीं जा सकता एक तरह से बोलै जाये it's इम्पॉसिबल...

Bhai-ok... Ok अब समाज आया तो चिका चलते हुए मुझे बताओ इस सिस्टम के बारे और इस पुरे लक्स सिटी के बारे में...

मई- वहहह... भाई क्या नाम दिया है आपने लक्स सिटी... ये तो हम कभी सोच hi नहीं पते...

वैसे मुझे सुनने की कोई जरुरत नहीं लेकिन फिर भी एक बार सुन hi लेता हु....

चिका- तो भाई ये जो लक्स सिटी है न 2KM/Square तक फैली हुयी है... तो आप सोच hi चुके होंगे की ये कितनी बड़ी सिटी है...

तो इस सिटी में आपको सब कुछ मिलेगा जो इस पुरे धरती पर कही भी मिलना इम्पॉसिबल...


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यहाँ पर खाने के लिए एक से बढ़कर एक चीजे जो आपके खाने का मन करे वो खाओ...

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फिर चाहे वो किसी भी सीजन का कोई भी खाना हो...

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यहाँ एंटरटेनमेंट की कोई भी कमी नहीं है... यहाँ आपको से देखेगा आउट ऑफ़ एअर्थ का सन देखेगा यहाँ पर जीरो ग्रेविटी लैब है...

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और है अगर आपको कोई नयी मॉडर्न या फिर कैसा भी किसी भी तरह का व्हीकल बनाना हो तो आप बना सकते हो...

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यहाँ प्राइवेट जेट है उसके लिए प्राइवेट लैंडिंग का लोकेशन है.. ऐसे हमारे पास 3 है...

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और उसके फीचर्स के बारे में मई आपको जब वक़्त आएगा तब बता दूंगा या फिर आप खुद hi जान जाओगे..

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यहाँ रहने के लिए एक से बढ़कर डीलक्स रूम्स है जो बहार के 5 स्टार से भी बहुत hi स्पेशल है...

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उस रूम्स को आप अपने हिसाब से चेंज भी कर सकते हो..

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और है एक और खास बात यहाँ मेडिकल लैब भी है

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जो इस दुनिया की कोई भी बीमारी को ठीक कर सकती है...

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फिर चाहे वो कैसी भी या कोई भी क्यों न हो...

अगर आप कुछ कमांड डोज तो उस काम का रिसर्च चलता रहेगा और जितने जल्दी हो सके उतने जल्दी उसका रिजल्ट भी मिल जायेगा...


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यहाँ की हर चीज आटोमेटिक है... आप बस आर्डर कीजिये और वो हो जायेगा...

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ट्रेनिंग रूम

यहाँ का माहौल हर सीजन की तरह चेंज होता रहेगा जो यहाँ के बहार की दुनिया में है...

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ताकि यहाँ रहने वालो को कोई परेशानी न हो..

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आपको जीने के लिए जितनी भी चीजे चाहिए फिर चाहे वो कुछ भी क्यों न हो यहाँ पर सब मिल जायेगा...

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इसके बारे में बोलै जाये तो ये कह सकते है इस दुनिया को इस लक्स सिटी को इस तरह से बनाया गया है की...

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इसको 1 वर्ड में या फिर चाहे वो कितने भी वर्ड्स में बोलै जाये वो सबकुछ काम है.. इसको वर्ड्स में डेस्क्रिबे कर पाना बहुत hi मुस्खिल है...

इस सिटी को तो बस वही जान सकता है जो यहाँ रहकर इसको फील करता हो...

Mai-Chika तुम मैं बात तो बताना तो भूल hi गए...

Chika-RD सर अब मई आपको वो बताऊंगा नहीं सीधा dikhaunga....(Right साइड की तरफ इशारा करते हुए) इस तरफ....


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हम उस तरफ जाने लगे तो सामने एक दूर था जो खुल गया... और खुलने के बाद हमे इस तरह का नजारा दिख गया....

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सामने एक बहुत hi बड़ा मतलब स्क्रीन था अपने थिएटर के 10 स्क्रीन बस जाये इतना बड़ा स्क्रीन...

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और उतना hi बदल हॉल... सच में यार वो हॉल बहुत hi बड़ा था और हमने Sci-fi फिल्मो जितना सबकुछ देखा है...

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उससे भी बहुत बढ़कर यहाँ का हाल था... तभी चिका कहने लगा...

Chika-Bhai ये है इस लक्स सिटी का नर्वस सिस्टम... आप उसका मतलब तो जानते hi हो..

तो ज्यादा डीप में न जाते हुए कहता हु की ये जो रूम है ये आप के सामने जो स्क्रीन है..

वो इतनी बड़ी है की हमारा जहा तक सिस्टम फैला हुवा है वह तक ये नजर रखा हुवा है...

और कही भी कुछ हो जाये ये उसे डिटेक्ट करेगा और फिर उसे इस स्क्रीन पर दिखाया जायेगा...

फिर उससे जुडी हुयी हर एक कड़ी को जोड़ेगा और जो आप कमांड देंगे वो उसका पालन करेगा...

इस बड़े स्क्रीन में बहुत hi माइक्रो पिक्चर में ये सब चलता रहेगा जो बस इसको पता होगा बाकि किसको नहीं..

बस जब कुछ होगा तभी ये आपको दिखायेगा... पर कुछ भी हो जाये ये है तो नर्वस सिस्टम और जैसे की मैंने पहले hi कहा था....

चलो अब हमे इस स्क्रीन को पार करना है...

Bhai-Matlab हमे इस स्क्रीन के उस तरफ जाना है लेकिन कैसे... मेरा मतलब...

Chika-(Smile करते हुए) सब समाज आ जायेगा सर... चले अब...

हम उस स्क्रीन के नजदीक पहुंच गए और ये क्या चिका और रसिका तो उस स्क्रीन को ऐसे पार करके चलिए गए जैसे वह पर वो स्क्रीन क्या कुछ भी नहीं है....

मई- चलना है न भाई....

भाई- aahhh...hhaa चलो चलते है पता नहीं अभी और क्या क्या दिखने को मिलेगा यहाँ पर..


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मई और भाई भी उस स्क्रीन को पार करते हुए चले गए और आगे देखे तो ये क्या यहाँ पर कुछ गैप था और फिर हमे सामने कुछ स्क्रीन दिखाई दिए...

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तो हम वह पहुंच गए...

Chika-To सर ये है इस पुरे सिस्टम यानि लक्स सिटी का दिमाग...


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यहाँ पर बैठकर आप इस लक्स सिटी को hi नहीं पुरे धरती को भी संभल सकते हो... फिर चाहे वो किसी भी तरह से क्यों न हो...

और है इस लक्स सिटी को कोई भी सटेलिते नहीं है.. मतलब है लेकिन बाकि जो सॅटॅलाइट है उसकी तरह नहीं...

जो मैंने और रद सर ने पहले hi ों करके रखा हुवा था उस सटेलिते को...

बस ये सिस्टम अगर स्टार्ट हो गया तो ये उस सटेलिते से कनेक्ट हो जायेगा और फिर आपको तो पता hi है...

Mai-Chika ये बिच में जगह क्यों छोड़ी है...

Chika-Wo भी आपको समाज आ जायेगा रद सर... बस अब इस सिस्टम को ों करने की देर है...

मैंने भाई की तरफ इशारा किया तो भाई आगे बढे... और उस सिस्टम के पास पहुंच गए...

उस सिस्टम को एते समय hi चिका ने हमे बता दिया था की उस सिस्टम को कैसे ों करना है तो बस भाई वही कर रहे थे...

वो सिस्टम के सामने जाकर कहने लगे...

Bhai-Hello मई युवराज पुरोहित. मई यहाँ आ गया हु और हमे इस दुनिया में..

बहुत से अचे काम करने है ये मेरी दिलों जान से ीचा है की मई ये काम करू..

तो क्या तुम मेरा इस काम में साथ डौगी.... प्लीज....

यही था उस सिस्टम को ों करने कोड वर्ड... भाई ने तो बोल दिया लेकिन आगे 2 मिनट्स तक कुछ भी नहीं हुवा...

भाई चिका की तरफ देखने लगे तो चिका उन्हें शांत रहने को कहता है...

मई भी अब आगे क्या होता है वो देखने के लिए उत्सुक था...

तभी रसिका मेरे पास अति है और मेरे कान में धीरे से कहती है..

Rasika-RD मुझे लगता है की अब आपको hi कुछ करना चाहिए...

मई- अब मई क्या कर सकता हु यार इसके सरे राइट्स तो भाई के पास है न...

रसिका- उनके पास सरे राइट्स है फिर भी इस पुरे सिस्टम का इस लक्स सिटी की मास्टर के आप हो... तो अब आप hi कुछ कर सकते हो...

Mai-Thik है बाबा कुछ करता हु मई...

तभी मई भाई के पास गया और जैसे मुझे लगा की आगे इनविजिबल स्क्रीन है...


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तो मैंने उस पर हाथ रखा तभी वह विज़िबल स्क्रीन आ गयी जो मेरे हाथो को स्कैन करने के बाद...

धीरे धीरे पुरे बॉडी को स्कैन करने लगी और आखिर में वो स्कैनिंग मेरे पैरो से होकर अंदर चली गयी और अब थी मेरी वौइस्...

मई- हे... सिमरन... गुड मॉर्निंग उप डार्लिंग... बहुत दिनों से सोई हो तुम... चलो अब कुछ अचे काम कर लेते है...

देखो तो कोण है आया है तुमसे मिलने युवी सर...

मेरे ऐसा कहने के बाद hi वह एक संगीत बजने laga..Jo उस पुरे लक्स सिटी में बजने लगा...

और तभी एक अबाज आयी जो जनि पहचानी सी थी.. और वो थी हमारी प्यारी भैया ने तैयार की हुयी सिमरन की ...

सिमरन- Hello रद सर हे युवी सर... गुड Morning...Sorry जरा मई लेट हो गयी...

वो क्या है न मई कुछ ाचा सा सपना देख रही थी इसलिए उठने में जरा देरी हो गयी.

और उसी बजह से मई आपका अबाज भी सुन नहीं पायी...

सिमरन के ऐसा कहने से हम सबको हसी आ गयी और वो भी हमारे साथ हमारे हसी का मतलब समझकर हसने लगी क्यों की जोके तो उसने hi मारा था....

चिका- तो युवराज सर आप अभी लक्स सिटी के ब्रेन में हो तो यहाँ से आप सबकुछ हैंडल कर सकते हो...

तो चलो मई आपको इस सिमरन के उसे के बारे में सबकुछ बताता हु और इस प्लाट के बारे में भी... रूद्र सर आप सुनेंगे इस बारे में...

Mai-Nahi यार चिका मेरे पास इतना वक़्त नहीं है क्यों की मुझे और भी बहुत कुछ काम है..

तो मई वो कर लेता हु और रही सिमरन के बारे में जानने की बात तो....

मई अभी अपना हाथ बढ़कर उस इनविजिबल स्क्रीन को हाथ लगाने hi वाला था की मेरे मंद से बी अंश कहता है...

बी अंश- अबे घोंचू... तू इतना बड़ा होकर भी सूद्र नहीं न.. रुक उसे हाथ मत लगा और ऐसा करने की कोई जरुरत भी नहीं है...

जब तूने इसको ों किया तभी से वो तुझसे कनेक्ट हो चुकी है यानि की तेरे अंडर कण्ट्रोल हो चुकी है...

अब जो भी तुझे जानकारी चाहिए वो तू उससे पूछ सकता है बिना उसको टच किये और वो भी कही से भी समजा....

उसके अंदर जितना भी डाटा आता रहेगा वो तू अपने हिसाबसे लेता रहेगा...

इतना सब कुछ बस हो गया क्या और कुछ जानकारी चाहिए तुझे...

Mai-(Man में) अभी के लिए बहुत है अब बाद में बता करते है...

Chika-Kya हुवा रद सर आप रुक क्यों गए और क्या सोच रहे हो...

Mai-Kuch नहीं जब मैंने इसको एक्टिवटे किया तभी ये मुझसे कंनेक्ट हो चुकी है...

इसलिए अब कुछ करने की जरुरत नहीं है अब मई चलता हु अगले काम के लिए...

Bhai-Konsa काम है रूद्र तुझे...

मई- काम तो अपना hi है भाई तो सुनो.. आज से हमारी जितनी भी कम्पनीज है सब का हेड ये है...


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और यही से hi अपने सभी कम्पनीज में हर तरह का कण्ट्रोल यही से होगा...

और फ्यूचर में जो भी कम्पनीज हमसे ज्वाइन होगी या हम बनाएंगे वो भी...

वो जो बहार हमने हेडक्वार्टर्स बनाया है वो तो बस दुनिया को दिखने के लिए है...

आपको कम्पनीज का कोई भी काम करना हो तो आप यही से कर सकते हो...


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और आपकी मीटिंग भी आप यही से हैंडल करोगे... फिर चाहे वो किसी भी लोकेशन पे क्यों न हो...

भाई- इतना सबकुछ होगा पर कैसे रूद्र...

Mai-(Smile करते हुए) भाई अब इतना बड़ा Sci-fi लक्स सिटी हमने बनायीं है..

तो अभी जो मजने कहा उसके सामने वो तो कुछ भी नहीं है और है...

वो कैसे होगा या कैसे करना होगा वो आपको चिका और रसिका बता देंगे और सबसे इम्पोर्टेन्ट बात...

Bhai-aur वो क्या...?

Mai-Mai अभी पं के ऑफिस जा रहा हु वह पर मीटिंग है थे रॉक की...

भाई इस न्यूज़ से कुछ शॉक तो हो hi गए थे...

भाई- (सरप्राइज) क्या..... लेकिन मीटिंग किस लिए? और तूने ये मुझसे पहले क्यों नहीं बताया...

Mai-Isliye क्यों की ये भी सरप्राइज में शामिल था और वो मीटिंग इसीलिए है क्यों की थे रॉक को अब हम इल्लीगल से लीगल कर रहे है...

और साथ में उसका नाम भी चेंज कर रहे है अब उसका नाम थे रॉक नहीं बल्कि थे डेविल होगा...

और आप हमेशा आप उसका दिमाग होंगे और मई सिर्फ एक्शन के टाइम hi जाऊंगा या फिर कोई मोस्ट इम्पोर्टेन्ट काम हो तो जैसे की आज है...

और वैसे भी थे रॉक मतलब अभी से थे डेविल के बन्दे तो इस Desh(India) में हर जगह है हर स्टेट हर डिस्ट्रिक्ट हर एरिया में है...

तो आप जानते है उनसे कांटेक्ट कैसे करना है और क्या कहना है..

Bhai-waise ये आईडिया तेरा बहुत hi कमल का है और मई उन सबसे बात तो कर लूंगा पर...

मुझे वह से आने के बाद बता देना की तुम्हारी मीटिंग कैसी रही.. और है उसका रिजल्ट्स भी... लेकिन तू जायेगा कैसे ऐसे hi...

मई- (स्माइल करते हुए) क्या भाई... अब आप कहा पर हो और आप क्या कर सकते हो भूल गए हो क्या?

खुद hi पता करलो की मई कैसे जाऊंगा वह पर और फिर उसका रिजल्ट और वो मीटिंग भी...

या फिर अगर आप चाहो तो आप मुझसे डायरेक्ट कांटेक्ट भी कर सकते हो मीटिंग में...

ये कहकर मई वह से गायब होकर फिर से उस बिल्डिंग में आ गया.. और वह पर भाई मेरी बात पर सोचते हुए बैठ गए...

Rasika-(Smile करते हुए) क्या भाई आप अभी लक्स सिटी में बैठे हुए हो..

यहाँ से आप पुरे एअर्थ पर नजर रख सकते हो तो फिर ये मीटिंग क्या चीज है..

भाई भी रसिका के बात पर हसने लगे और कहने लगे...

भाई- (हस्ते हुए) अरे है मई तो भूल hi गया था... रसिका अब मुझे सिमरन के बारे में कुछ बताओ...

Rasika-Ye आप मुझसे नहीं सीधा सिमरन से hi पूछ लीजिये...

ये कहकर रसिका भी अब एक चेयर पर जाकर बैठ जाती है और भाई जुट जाते है सिमरन से hi उसी के बारे में जानने के लिए...

और इधर मई अभी हेडक्वार्टर्स से बहार जाने लगा...

तभी मेरे दिमाग में फिर से वो बी अंश कहने लगता है.................................
 
अपडेट 60

Rasika-(Smile करते हुए) क्या भाई आप अभी लक्स सिटी में बैठे हुए हो..

यहाँ से आप पुरे एअर्थ पर नजर रख सकते हो तो फिर ये मीटिंग क्या चीज है..

भाई भी रसिका के बात पर हसने लगे और कहने लगे...

भाई- (हस्ते हुए) अरे है मई तो भूल hi गया था... रसिका अब मुझे सिमरन के बारे में कुछ बताओ...

Rasika-Ye आप मुझसे नहीं सीधा सिमरन से hi पूछ लीजिये...

ये कहकर रसिका भी अब एक चेयर पर जाकर बैठ जाती है और भाई जुट जाते है सिमरन से hi उसी के बारे में जानने के लिए...

और इधर मई अभी हेडक्वार्टर्स से बहार जाने लगा...

तभी मेरे दिमाग में फिर से वो बी अंश कहने लगता है.................................

आगे.................

बी Ansh-Abe किधर चला तू भूल गया क्या मेरे सेटिंग के बारे में...

Mai-Nahi यार ये मई कैसे भूल सकता हु. मई तो उसको hi ढूंढ रहा हु...

बी अंश- ये देख बम का नाम लिया नुकर बम अपने सामने..

मैंने साइड में देखा तो वो मिस हिना उस तरफ से हमारे तरफ आ रही थी...

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वो मुझे स्मिल करते हुए क्रॉस कर के आगे चली गयी की तभी मैंने उसको अबाज दिया...

मई- एक्सक्यूज़ में मिस्स्स....

हिना- यस... बोलिये सर...

Mai-Aap वही हो न जिसने ये इवेंट ऑर्गेनिसे किया था... आपका naam....(Yaad करते हुए)..

तभी वो बोल देती है...

Hina-Hina... हिना पटेल... नाम है मेरा और है मई hi हु इस ऑर्गेनिसे की हेड...

और आप शायद इस पुरोहित परिवार के सबसे छोटे बेटे रुद्रदीप ऍम ी राइट न...

क्या ऐटिटूड था यार उस लड़की का सच में यार ऐसा लग रहा था की उसको वही दाल के सीधा छोड़ दू ..

पर ऐसे लड़कियों को तो आराम से लेने में hi मजा अत है... उनकी ऐटिटूड की धज्जिया उड़ाकर वो भी सीधे तरीके से यानि प्यार से...

मई- है अब क्या करे इस नाचीज का मेरे फॅमिली वालो ने यही नाम रखा है अब क्या करे...

Hina-(Haste हुए) ाचा जी.... फ़्लर्ट....

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Mai-Ji नहीं... सीधा लाइन मार रहा हु...

वो मेरे बात से थोड़ी शर्मा तो गयी थी पर फिर अपने आप को कण्ट्रोल करते हुए कहती है...

Hina-Ok वैसे आप बहुत मजाकिया हो..

मई- और आप बहुत क्यूट और ब्यूटीफुल....

मेरी इस बात से तो उसके चहरे से न चाहते हुए भी एक ख़ुशी शरमाते हुए च गयी गयी..

और अपने खूबसूरती के घमंड में वो थोड़ी इतराती हुए कहती है और टॉपिक चेंज करते हुए...

हिना- ाचा Ok.. पर आपने मुझे अबाज क्यों दी थी...

अब आ गयी न असली बात पर साली ने टॉपिक hi चेंज कर दिया पर कोई बात नहीं फिर किसी दिन...

Mai-Ha वो ऐसा है की आप बहुत अचे से इवेंट ऑर्गेनिसे करते हो और आपकी प्लानिंग भी बहुत जबरदस्त रहती है...

तो मई सोच रहा था की हमने जो आज सबकुछ किया न उसके लिए एक पार्टी रखते है...

तो क्या आप वो अर्रंगे कर सकती हो क्यों की आपको तो पता hi है अब हमने इतना कुछ किया है तो कुछ न कुछ तो पार्टी रखनी hi चाहिए...

Hina-Ye तो बहुत hi अछि बात है की आपको मेरा आर्गेनाइजेशन बहुत पसंद आया और आप एक और प्लान कर रहे है...

पर मुझे तो इस बारे में कुछ भी पता नहीं है और....

उसकी बात को बिच में hi काटते हुए मई कहता हु...

Mai-Are है क्यों नहीं... तो एक काम करते है कल मई आपको दोपहर पिक करने आ जाऊंगा और कही जाकर इन सबके बारे में डिसकस करते है...

हिना- क्यों नहीं... आज रात मई खुद इस बारे में कुछ प्लानिंग करती हु और फिर कल आकर आपको दिखा देती हु...

मक- Ok... जो भी दिखाना है कल hi दिखाना मुझे वो भी बहुत अचे से... मई भी बहुत बेताब हु वो सब देखने के लिए.....

ऐसा कहकर और उसे आंख मरकर मई वह से अपनी कार में बैठकर चला गया...

और वो तो मेरी बातो का मीनिंग समझकर hi पूरी तरह से शॉक hi हो गयी...

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वो कुछ कहती उससे पहले hi मई वह से निकल गया...

और मुझे पता था वो जरूर आएगी क्यों की ऐसी ऐटिटूड वाली लड़कियों को अपने लाइफ में कुछ ऐसे hi मौके की जरुरत होती है और मैंने उसे वो दे दिया था...

अब तो उसको आना तो था hi अब वो कैसे अति है ये उसके ऊपर देपेंद है...

मेरे कार में बैठते hi बी अंश गुस्से से कहने लगा...

बी Ansh-Maine तुझसे क्या कहा था मुझे आज hi वो चाहिए...

मई- है पता है तूने क्या कहा था मुझसे... पर वो लड़की वैसी नहीं है रे...

इसलिए मैंने सोचा की अगर उसको लेना hi है तो क्यों नहीं जरा प्यार से ले लिया जाये...

वार्ना ऐसे मैजिक से तो हर लड़की हमारे निचे होती पर उससे उतना मजा भी नहीं अत...

बी अंश- मुझे वो सब नहीं पता तूने मुझसे वडा किया था और तूने वो तोड़ दिया और इसकी तुझे सजा मिलेगी... जरूर मिलेगी...

Mai-Mai तेरी हर सजा मंजूर करता हु पर प्लीज दूसरे को सामने हमें शर्मिंद होना पड़े ऐसा कुछ मत कर..

और किसी मासूम लड़की को अपने जल में मत फसा वो भी मुझ पर अपना कण्ट्रोल लेकर....

बी Ansh-Nahi रे मई तेरे जैसा चुटिया नहीं हु... जो जहा दिखे मुँह मरता रहूँगा...

मेरी बहुत सी ख्वाहिशे है जो सिर्फ तू hi पूरी करने वाला है और मई तुझे कोई ऐसी वैसी सजा नहीं दूंगा...

मई तो तुझे मतलब अपने आप को ऐसी सजा दूंगा की वो जरा हटके होगी और तू भी सोचता रह जायेगा समजे...

मई- ाचा ठीक है बाद में जो करना है कर पर अभी के लिए तू मेरा साथ दे समाज में आया...

और हम दोनों वह से निकल पड़े सिक्योर मीटिंग पर... तभी मैंने सिमरन से एक बार कांटेक्ट किया...

Mai-(Simran से) हे सिमरन मेरे कार का नंबर प्लेट चेंज कर दे और वो भी ऐसा रख दे जो आज तक किसी का भी नहीं हो और वो नंबर रजिस्टर hi नहीं हो किसी के नाम पर ...

सिमरन- हो गया रद... अब आप आराम से चले जाओ...

और है उसके साथ hi मैंने और थोड़ी बात की और फिर मई निकल पड़ा...

और कार में hi मैंने अपना हुलिया चेंज कर दिया जो आपको वह जाकर hi पता चल जायेगा की मैंने कोण हो गया हु अब...

और इधर हमारे लोकेशन से बहुत दूर उसी जगह जहा पर वो साइंटिस्ट कुछ बहुत बड़ा करना चाहते थे...

और वह पर किसी ने अपनी तंग अटककर उनका सारा खेल बिगड़ दिया और अब हम उसका hi रिजल्ट देखने के लिए यहाँ ए है

जब हम हमारे इनॉगरेशन में बिजी थे तभी... उन्होंने जो प्रोजेक्ट ग्रीन बनाया था उसमे कुछ हलचल शुरू हो गयी थी...

वह का हाल hi ऐसा था जो भी कल हुवा था उसके बजह से उन्होंने जितने भी इम्पोर्टेन्ट के चिजस थी सब वह से दूसरी जगह पर शिफ्ट कर दी थी...

अब तो वह पर सिर्फ कुछ जूनियर साइंटिस्ट hi थे.. जो बस उस प्रोजेक्ट ग्रीन पर नजर रख रहे थे और उनके साथ कुछ गार्ड्स...

क्यों की अभी वो 24 हॉर्स ख़तम होने में बस कुछ hi लम्हे बाकि थे..

वो सीनियर साइंटिस्ट भी दूर से कैमरा में देखते हुए उन पर नजर रख रहे थे...

तभी उस स1 को कुछ याद आ जाता है... तो वो उस स2 से कहता है ..

स1- हमने हमारा सब सामान वह से लेकर तो आ गए है न...

S2-Ha सर सब कुछ तो लेकर आ गए है हम क्यों क्या हुवा...

स1- कुछ नहीं और वो हमारे दूसरे मेगा प्रोजेक्ट का क्या... क्या उसका भी सब मटेरियल लेकर आ गए है न हम....

S2-(Yaad करते हुए) कोनसा दूसरा मेगा प्रोजेक्ट सर..

स1- अरे यार वो हमारा प्रोजेक्ट सर्किल...

स2- शीट्ट्ट्ट.... सर वो तो हम लाना hi भूल गए.. वो क्या है न हम इस प्रोजेक्ट के सक्सेस के बाद उसको देखना चाहते थे...

तो उसको साइड में hi रखा हुवा है.. और इसीलिए हमारा उसपर ध्यान hi नहीं गया...

स1- अबे उसको भी लेकर आना था पता नहीं यार अब क्या अनर्थ हो जायेगा... अब तो देखना hi पड़ेगा क्या खिचड़ी पकेगी वह पर...

और वही पे स3 अब उसका रोले अत hi रहेगा तो उसका नाम मई बोल देता हु...

डॉ. जॉन- Hello सर... अभी बस कुछ hi लम्हे बाकि है उन सबको उठने के लिए...

उधर से कोई ऐसा व्यक्ति था जो बहुत hi खास था अभी के लिए बस उसको शक्श लिखता हु....

शक्श- Ok और मुझे टाइम तो टाइम अपडेट देते रहना... और मैंने जो उसमे चंगेस करने को कहा था वो किये है न...

डॉ. John-Ha सर मैंने वो चंगेस कर दिए है बस उसके रिजल्ट्स का इंतज़ार है...

Shaksh-Mujhe सिर्फ पॉजिटिव Hi रिस्पांस चाहिए... वार्ना पता है न...

डॉ. जॉन- है सर पता है मुझे मई आपको निराश नहीं होने दूंगा ..

इतना बोलकर सामने से फ़ोन कट हो जाता है.. तभी वो टाइम पूरा हो गया और ..

अचानक से वह सोये हुए जानवर की आंखे खुल गयी... वो जानवर कोई और नहीं वुल्फ था...

उसकी आँखे खुलते hi पूरी तरह से रेड हो जाती है...

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और जिस गिलास में उसे रखा था वो तोड़कर वो बहार आ जाता है...

और वो जोर जोर से चिल्लाने लगता hai...Uski दहाड़ उस पुरे एरिया में गूंज रही थी...

तभी उसकी बॉडी में कुछ चंगेस होने लगता है... और एक आदमी की तरह वो हो गया...

यानि की आधा वुल्फ और आधा इंसान... लेकिन तकादे तो पूरी वुल्फ की तरह hi..

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और साथ hi में वो रोबोट और वो इंसान भी उठ कर खड़े हो गए...

जहा रोबोट की बात है तो वो और इंसान शांत थे पर रोबोट की आंखे पूरी तरह से रेड थी...

रोबोट के भी उठने के बाद मतलब जिस तरह से उसे बनाया था इन्होने तो वो ऐसी नींद से जागने के बाद उसके भी बॉडी में कुछ इस तरह के चंगेस आ गए थे...

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ौड इंसान की आँखे पूरी तरह से ब्लैक.. नार्मल सी बात है इसमें भी कुछ न कुछ चंगेस तो ए hi गए होंगे..

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तभी वह पर कुछ जूनियर साइंटिस्ट आ गए जो वह पर उस प्रोजेक्ट को संभल रहे थे...

ज1- Hello जी आप सब शांत हो जाओ...

तभी वो वुल्फ चिल्लाते हुए आगे अत है...

और उस ज1 को उठाकर पूरी तरह से पहाड़ देता है और उसके बॉडी को अलग अलग दिशा में फेक देता है...

जब उस ज1 को वो पहाड़ रहा था तब उसके मुँह से कुछ कराह भी नहीं निकली इतने जल्दी हो गया वो सब...

और ये दर्दनाक सन देखकर बाकि जर. लोगो की तो पूरी तरह से पहात के हाथ में आ गयी थी...

पहले तो उन जूनियर साइंटिस्ट ने उनको सँभालने की कोशिश करि पर कुछ हासिल नहीं हुवा ..

बल्कि उस वुल्फ और एक जर. साइंटिस्ट को फिर से तड़प कर मार दिया...

अभी वो सब बहुत दर गए तो उन्होंने वह के कुछ गार्ड्स को बुलाया...

तो वो गार्ड्स ने जैसे hi ये मंजर देखा तो उन्होंने अपने हाथ में लिए हुए हाई टेक गन्स को उनकी तरफ निशाना लगाया और सीधा फायर कर दिया...

पर आल अरे वास्ते कुछ भी नहीं हुवा उन सबको... उस गोलियों का उनपर कुछ भी असर नहीं हो रहा था...

तभी एक ने उनपर बम फेक दिया तो उस रोबोट ने वो पकड़कर साइड में फेक दिया तो वह बहुत बड़ा धमाका हुवा..

अब वह पर जितने भी थे सब बहुत hi बड़ी टेंशन में आ गए थे..

क्यों की किसी का भी असर उनपर नहीं हो रहा था और होगा भी कैसे... उन्होंने hi उनको बनाया था और ये सब खुबिया भी उन्होंने hi डाली थी उनके अंदर...

और उसी के साथ उनके अंदर कुछ ऐसी खुबिया भी आ गयी की जो किसी ने भी उनमे नहीं डाली थी पर उसके पीछे क्या रहस्य है मई आपको सामने बताऊंगा...

ये सब हो रहा था फिर भी वो इंसान शांत hi था और हलके से बस मुस्कुरा रहा था...

और साथ hi अपने बॉडी को निचे से लेकर ऊपर तक निहार रहा था...

ऐसे उसके निहारने का रीज़न तो वो खुद hi जाने पर बहुत अलग लग रहा था ऐसे खुद के hi बॉडी को निहारना..

वो इंसान पूरी तरह से नंगा hi था और बाकियो की बात करे तो वो नंगे hi होंगे...

अब क्या उन्होंने सब तरय करके देखा उनके ऊपर कुछ भी हो रहा था तभी उस इंसान ने अपने साथियो की तरफ देखते हुए कुछ इशारा किया तभी वो दोनों भी आगे बड़े...

और वो सब वह से उनके दर से इधर उधर भाग रहे थे... पर वो एरिया पहले hi सील कर दिया था बहार से...

अब वह से बहार निकलना इम्पॉसिबल... अब तो बस उनको अपनी मौत hi बचा सकती है...

अब वो वुल्फ अपने मुँह के साथ साथ अपने हाथो से भी आग फेकता हुवा आगे बढ़ने लगा...

और साथ hi जो भी उसके हाथ ए ह

उनको तोड़ते हुए उनको जलाते हुए आगे बढ़ने लगा...

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और कुछ कुछ का तो सीधा ब्लड hi पिने लगा... एक बार उसको ब्लड का चस्का लग गया तो आगे क्या वो सिर्फ वही करने लगा...

और इधर ये रोबो.. वह पर जितने भी हाई टेक् गन्स या फिर जो कुछ भी था...

वो सब गार्ड के हाथो में हो या फिर कही भी उनको अपनी तरफ खींच कर उनके ओपपोसे उसे कर रहा था...

जो भी टेक वह पर लोगो को मार सकती थी या फिर जो भी चीजे थी उनका उसे कर वो सबको मार रहा था और अभी इंसान वो तो बस ये तमाशा देख रहा था...

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तभी उसने कुछ इंसान कक भागते हुए दिखे तो वो उनके सामने सीधा उड़ते हुए गया और उनके सामने खड़ा हो गया...

और हस्ते हुए अपने मुँह से कला धुवा निकलने लगा और वो कला धुवा उस पुरे एरिया में घुलने लगा और जो भी उस काळा धुवे में आ जाता सीधा मर जाता...

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उस पुरे एरिया में वो कला धुवा पूरी तरह से फैलता जा रहा था और साथ hi इंसानो के अंदर से निकला ब्लड भी जो वुल्फ ने निकला था...

वो पूरा एरिया अब उस काळा धुएं से भर गया था...

और तभी उस रोबो ने सीधा किसी सॅटॅलाइट से कांटेक्ट कर एक मिसाइल सीधा अपनी तरफ बुला ली...

यानि 1 मिनट में hi वो पूरा एरिया उस मिसाइल से फटने वाला था...

इधर स1 एंड स2 के साथ जो भी बड़े बड़े साइंटिस्ट थे सब वह पर क्या हो रहा है है वो सब कैमरा से देख रहे थे...

और उन सबको अब अपने करतूत पर शरमीना होना पढ़ रहा था...

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जब उन्होंने उस मिसाइल को देखा की उस रोबो ने कोई मिसाइल लांच कर दी है तो उन्होंने उसको बहुत रोकने की बहुत कोशिश की पर सब नाकाम...

यानि वो पूरा एरिया अब उस मिसाइल से फटने वाला था... तभी उस इंसान ने वही पर लगे हुए कमरे में देखते हुए अपने हाथ को गन की तरह करते हुए अपनी कामिनी हसी हस्ते हुए फायर कर दिया.

और शामे उसी वक वो मिसाइल उस जगह पर जाकर टकरा gayi...aur उस एरिया का इतना बड़ा ब्लास्ट हुवा की वो पूरा एरिया जलकर खाक हो गया..

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ये तो ाचा हुवा की वो एरिया सिटी से बहुत दूर था... पर उस एरिया के साथ 50km/Sq. का एरिया पूरा उस मिसाइल के चपेट में आ गया था...

वह पर इतना बड़ा ब्लास्ट हुवा था की सभी और बस आग hi आग और साथ में उसका धुवा hi दिख रहा था...

और उस एक्सप्लोसिव इतनी एनर्जी क्रिएट हुयी की कोई बता नहीं सकता था...

इस एक्सप्लोसिव में उन तीनो का बच पाना मुश्किल है या नहीं ये तो नहीं पता पर ये क्या...

अरे ये तो वही तीनो है जो आग के लपटों से बचकर सीधा उड़ते हुए बहार आ गए...

अब उस इंसान के बॉडी पर एक ड्रेस आ गया था जो दिखने से एक अलग hi तरह से दिख रहा था अब...

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और वो तीनो हवा में उड़ते हुए गायब हो गए वह से और वो कहा चले गए किसी को भी नहीं पता...

लेकिन इन सबमे वह पर कुछ ऐसा हो गया था जिसके ऊपर किसी का भी ध्यान नहीं गया था अब तक..

न उन तीनो का और नहीं बाकि साइंटिस्ट वालो का क्यों की उनका कैमरा तो पहले hi जलकर खाक हो गया था...

पर वह जो भी हुवा था वो बहुत hi बहयनक हुवा था.. वह पर जो ब्बि हुवा था वो हमारे लिए अछि बात होने वाली थी या फिर बहुत hi बुरी ये तो अब आने वाला वक़्त hi बताएगा..................

अब चलते है रद की तरफ की वो कहा चला गया अपना हुलिया चेंज करने के बाद....

इधर एक बहुत hi सिक्योर जगह जहा पर इस कंट्री यानि इंडिया की जितनी भी ख़ुफ़िया मीटिंग्स होती थी वो जगह...

वह कोई परिंदा भी पेअर नहीं मार सकता था इतनी सिक्योर जगह थी वह पर...

ये जगह ज्यादा किसी को पता नहीं है जो भी हमारे इंडिया को सिक्योर करने में लीड करते है उन्हें छोड़...

वह पर अभी ऐसे hi मीटिंग जैसा माहौल था...

इंडिया के पं भी वह पर मौजूद थे और साथ hi हमारे प्रेजिडेंट भी...

और उनके साथ इंडियन आर्म्ड फोर्सेज के सभी लीडर्स..

वो सभी उस मीटिंग में मौजूद थे और वो सब इंडिया की बहुत hi बड़ी बात और सीक्रेट बात पर डिसकस कर रहे थे...

हमारे इंडियन आर्म्ड फोर्सेज के जितने भी डिविशंस है चाहे वो इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयरफोर्स, इंडियन कोस्ट गार्ड हो....

या फिर पैरामिलिटरी फोर्सेज, सेंट्रल आर्म्ड एंड रिजर्व्ड पुलिस सर्विसेज, इतर फोर्सेज, स्पेशल फोर्सेज, वेपन्स ऑफ़ मास्स डिस्ट्रक्शन...

उसके साथ डिफेन्स इंटेलिजेंस इंडियन पुलिस सर्विसेज, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स, कोबरा.....

और न जाने ऐसे कितने hi फोर्सेज है इंडिया में उन सबको लीड करने वाले ऑफिसर्स थे वह पर...

और उन सबको मीटिंग इंडिया को तरह तरह के होने वाले हमले से बचने के लिए और ऐसे hi बहुत साडी बातो पर डिसकस हो रहा था...

तभी एक आर्म्ड नेवी सोल्डिएर्स बहार से नॉक करता है...

उसको देखते hi उसका अफसर अपने रोबदार तूने में गुस्सा होते हुए पर ज्यादा जोर से नहीं क्यों की वह पर सब बैठे हुए थे...

नेवी अफसर- तुम.... तुम यहाँ क्यों ए... यहाँ पर आने को सबको मन है न...

तुम्हे पता है न इस गलती के बजह से तुम्हारी नौकरी भी जा सकती है.. नहीं तो कुछ भी हो सकता है...

सोल्जर- ी क्नोव सर... और मई उसके लिए आप सबसे सॉरी भी बोलता हु....

पर बात बहुत hi सीरियस थी इसलिए मुझे यहाँ आना पड़ा...

अफसर- जल्दी बोलो क्या बात है हमारे पास और भी बहुत कुछ काम है...

सोल्जर- सर बहार एक बहुत hi बुद्धा व्यक्ति आया है करीब 70-80 साल का...

और वो इस मीटिंग में आने की अनुमति चाहता है...

अफसर- It's इम्पॉसिबल... इस जगह के बारे में आज तक किसी को भी कुछ भी नहीं पता है...

और रही उस बूढ़े की बात तो... तो उसको इस जगह के बारे में किसने और क्यों बताया...

सोल्डर्स- पता नहीं सर पर वो बहुत जिद्द कर रहा था इस मीटिंग में आने की हमने उसे बहुत धमकाया...

पर वो हमारी बात मानाने को तैयार hi नहीं है... वो बस आप सबसे मिलने को कह रहा है...

तभी पं अपने रोबदार अबाज और एक अलग शैली से बोलते है...

पं- नाम क्या बताया तुमने उस बूढ़े का...

सोल्डर- सर उसने अपना नाम नहीं बताया पर वो कुछ कह रहा था की वो किसी के कहने पर यहाँ आया है क्या नाम बताया था यार उसने .....

Rock...Sock... पत्थर ऐसा hi कुछ...

तभी एक इंडियन पुलिस अफसर अपनी जगह से उठता है और पूरी तरह से शॉक होकर कहता है....

Officer-Kya..... कही उसने थे रॉक तो नहीं कहा.....

सोल्जर- है सर शामे उसने यही नाम बताया जिसने उसको भेजा है यहाँ पर....

ये नाम सुनकर तो सब शॉक hi हो गए...

पर जहा तक कुछ कुछ लीडर्स ऐसे भी थे वह पर जिन्होंने उसका नाम पहली बार सुना था...

और जिन्होंने नाम सुना था वो शायद कुछ जानते hi होंगे उसके बारे में...

और उस नाम से इनके मन में कुछ दर भी होंगे वैसे अपने भीतो उसके बारे में सुना hi है न...

पं ने भी उसके बारे में सुना tha...To वो कहते है...

PM-Thik है उस बूढ़े आदमी को यहाँ पर बुलाओ हम देखना चाहते है की वो हमसे क्या चाहता है... और इतनी इम्पोर्टेन्ट बात क्या है जो यहाँ पर चला आया...

आईपीएस अफसर- पर सर वो तो बहुत hi बड़ा सैतान और हरामी है और उसके नाम से न जाने कितने केसेस है आल ओवर इंडिया के पुलिस स्टेशन में...

वो एक अंडरवर्ल्ड डॉन की तरह hi है वो उतना फेमस नहीं जितने की बाकि है पर ये उससे भी काम नबी है...

और उसने अगर उस बूढ़े को भेजा है तो पता नहीं पर कुछ बम लगाकर ब्बि भेज सकता है न...

पं- जहा तक उसने हमे ढूंढा है उस हिसाब से पता चल hi जाता है वो कितनी बड़ी टॉफ है...

इतनी हाई सिक्योरिटी और इतनी हाई सिक्योर जगह के बावजूद भी उसने हमे ढूंढ लिया ये बहुत hi बड़ी बात है न...

और रही बात उसके बम लगाने की बात तो अब तक हम यहाँ ऐसे बैठे नहीं होते...

सब अपना सर निचे कर के बैठ गए क्यों की सच में ये बात तो सब के लिए सरप्राइज और शर्मिंदा करने की तरह थी...

पं- (उस सोल्डिएर्स को इशारा करते हुए कहते है) उस बूढ़े इंसान को लेकर आ जाओ.. वो भी अदब से....

Soldier-Yes सर....

ये कहकर वो वह से चले जाता है उस बूढ़े इंसान को लेन के लिए अब इतना कुछ हो रहा है..

वह पर वो भी थे रॉक का नाम लेकर तो अब आप सब जान hi गए होंगे की....

कोण आ गया होगा वह पर वो भी एक बूढ़े इंसान क्र भेष में थे रॉक का नाम लेते हुए..........................................

 
अपडेट 61

पं- (उस सोल्डिएर्स को इशारा करते हुए कहते है) उस बूढ़े इंसान को लेकर आ जाओ.. वो भी अदब से....

Soldier-Yes सर....

ये कहकर वो वह से चले जाता है उस बूढ़े इंसान को लेन के लिए अब इतना कुछ हो रहा है..

वह पर वो भी थे रॉक का नाम लेकर तो अब आप सब जान hi गए होंगे की....

कोण आ गया होगा वह पर वो भी एक बूढ़े इंसान क्र भेष में थे रॉक का नाम लेते हुए..........................................

आगे.................

वो सोल्जर एक बूढ़े इंसान को अपने साथ लेकर आ गया... और ये क्या वो बूढ़ा तो एक लाठी के सहारे चल रहा था...

वो बूढ़ा ऐसा चल रहा था जैसे वो बहुत hi तक़द लगाकर चलने की कोशिश कर रहा है....

उसके हाथ और उसकी बॉडी चलते हुए थोड़ी थोड़ी हिल रही थी...

जैसे हर एक बूढ़े की होती है... वो बूढ़े के एते hi उसको एक चेयर दे दी बैठने के लिए और वो उस चेयर पर बैठ गया...

वह पर बैठे सब ऑफिसर्स ऐसे देखने लगे की उनको वाकई में शक होने लगा की यार ये थे रॉक का कोई आदमी कैसे हो सकता है...

इतना बूढ़ा... जो खुद लाठी के सहारे चल रहा है... वो क्या किसी और के लिए काम करेगा...

वो सभी उसे बहुत घर घर से देख रहे थे तभी हमारे प्रेजिडेंट बोलते है...

प्रेजिडेंट- जी आपका नाम क्या है और आप यहाँ पर क्यों ए है...

अब आप सबको पता hi है तो मई डायरेक्ट मुद्दे पर अत हु...

मई- (बूढ़े की अबाज में) सर नाम में क्या रखा है और रही काम की बात तो जी मई आप सबसे बहुत hi महत्वपूर्ण बात करने आया हु...

प्रेजिडेंट- ठीक है तो फिर काम बताओ आपको क्या काम है हम सबसे...

मई- सर एक्चुअली क्या है न वो जो थे रॉक है न उसने आज तक लोगो के भलाई के लिए बहुत से काम किये है..

पर क्या है न कुछ रिश्वत खोर उसके रस्ते में आ hi जाते है.. और बना बनाया हुवा काम बिगड़ देते है...

ये हर समय होता आ रहा है... और साथ hi उसके नाम का गैर फायदा भी वो सब उठा रहे है..

की वो डॉन है और अंडरवर्ल्ड का कोई है... ड्रग्स बेचता है लड़किया सुप्प्लिकता है वो ये करता है वो करता है....

न जाने ऐसे कितनी अफ़वाए उसके बारे में फैली हुयी है इस इंडिया me..Jo भी आप सबने सुना है वो सब झूठ है...

और वो सच में इंडिया को हेल्प कर रहा है प्रोग्रेस करने के लिए...

प्रेजिडेंट- ये बात हम कैसे मान ले की वो सच में यही करता है और बाकि लोग उसका फायदा उठाते है..

Mai-Ye मई प्रूफ कर सकता हु सर पर...

प्रेजिडेंट- पर क्या?

मई- उसकी कुछ ख्वाहिशे है जो वो पूरा करना चाहता है तो सबसे पहले आपको वो पूरा करना होगा

प्रेजिडेंट- थे रॉक क्या चाहता है हमसे अभी ये बताओ...

Mai-Wo चाहता है की ये जो थे रॉक है वो इल्लीगल से अब लीगल हो जाये... और उसके रस्ते में किसी भी तरह की फिर वो कैसी भी क्यों न हो प्रॉब्लम न ए...

ये बात सुनते hi वह पर बैठे सब ऑफिसर्स हसने लगते है क्यों की सच में उस बूढ़े ने मतलब मैंने बात hi ऐसे की थी उनको हसी अणि hi चाहिए... पर वो सच भी तो था...

प्रेजिडेंट- क्या... और उस थे रॉक को ऐसा क्यों लग रहा है hi हम उसे लीगल बना देंगे. और उसको कोई रोकेगा भी नहीं...

Mai-Kyu की वो कुछ ऐसा कर सकता है जो आप सब नहीं कर सकते और नहीं आप उसे कभी सोच सकते हो.. और नहीं आप उस सोच के करीब भी जा सकते हो...

बल्कि अगर सच बोलू तो थे रॉक को यहाँ एंड की कोई जरुरत hi नहीं था वो अपना काम खुद hi कर लेता बिना आपके सामने ए और और लॉ तोड़ते हुए...

और आप उसको कभी भी मतलब कभी भी टच भी नहीं कर पते उसके मर्जी के खिलाफ...

पर क्या है न वो चाहता है की ये जो कर रहा है क्राइम से लड़ना और क्रिमिनल से लड़ना इसमें अचे लोगो की जान को कुछ नहीं होना चाहिए...

और इनमे अगर वो कुछ करे तो उसमे इंडिया गवर्नमेंट का भी हाथ हो क्यों की उनका भी वही काम है जो वो कर रहा है...

पर इंडिया गवर्नमेंट की भी न एक बाउंड्री है उनको ये सब अपनी हद में रहकर करना पड़ता है...

अब उस तरह के एक्साम्प्ले देने की जरुरत नहीं है मुझे क्यों की आप सब उस बात को जानते भी हो और पहचानते भी हो....

और रही थे रॉक की बात तो उसका कोई रूल नहीं है कोई बाउंड्री नहीं है बस गलत मत करना और गलत मत सहना...

और इसीलिए वो ऐसा चाहता है की वो सब आप सबके साथ मिलकर करे...

इससे ज्यादा मई कुछ और नहीं कहना चाहता बाकि आप सब लोग खुद समझदार हो...

और नहीं हो तो यहाँ पर बैठकर आप सब देश को चला नहीं रहे होते...

मेरी बात सुनते hi वह पर एक अफसर अपनी जगह से गुस्से से खड़े होकर कहता है...

पुलिस Officer-Ye क्या बत्तमीज़ज़ी है.. ये तो हमारा बदनामी हो रही है यहाँ पर...

अगर हम चाहे न तो उस थे रॉक को चुटकियो में मसल सकते है. और उसको जेल में डालकर मार भी सकते है पता है...

और हमारी सर्कार सब तरह के क्रिमिनल्स और क्राइम्स से लड़ने को हमेशा रेडी रहती है और इसमें हम किसी की मदद लेना जरुरी नहीं समझते...

मुझे उसकी बचो जैसी बात पर हसी आ गयी थी तो मई उसके करारा जवाब पर आराम से सवाल करते हुए कहा...

Mai-Aisa है तो फिर आज तक आप सब उसको क्यों नहीं पकड़ पाए... सिर्फ उसको hi नहीं बाकि सब क्रिमिनल्स को भी...

यही तो मई कह रहा हु की यही पर आकर आपकी सोच ख़तम हो जाती है. और उसकी सोच तो यही से स्टार्ट हो जाती है...

प्रेजिडेंट उस अफसर को शांत करते हुए बैठने को कहते है और फिर वो कहने लगते है...

प्रेजिडेंट- ठीक है तुम ये कह रहे हो तो साबित करके दिखाओ की हम तुम्हे लीगल क्यों करे...

और उसे वो सब अधिकार क्यों दे जो वो चाहता है और सबसे बड़ी बात यहाँ पर बैठने की पोस्ट क्यों दे दे...

मई- पहली बात उसे यहाँ पर आपके साथ बैठकर मीटिंग करने की जरुरत नहीं है... वो आपका काम है वो खुद कर लिया कीजिये...

और रही दूसरी बात साबित करने की तो आपके जितने भी सोल्डिएर्स है फिर चाहे वो इस इंडिया में हर एक दिवसों के भी क्यों न हो....

उनके अंदर चाहे कितना भी हुनर क्यों न हो फिर चाहे वो पावर का हो टेक्नोलॉजी का हो और वेपन्स हैंडलिंग का हो...

या फिर और कोनसे भी चीज का क्यों न हो ये सब उसके सामने फीका है फीका...

इसका मतलब आपके दिवसों के सबसे बेहतरीन और काबिल सोल्डिएर्स थे रॉक के सामने कुछ भी नहीं सुना आप लोगो ने कुछ भी नहीं....

और रही तीसरी बात तो वो वक़्त आने पर...

मेरी बात सुनकर तो सब पल भर के लिए शांत बैठे रहे जैसे पिनड्रॉप साइलेंस

पर दूसरे hi पल वो सब अपना पेट पकड़कर हसने लगे साथ में अपने प्रेजिडेंट और पं के चेहरों पर भी हसी आ गयी थी...

पर वो हसी ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है ये उनको नहीं पता था...

तभी फिर से एक अफसर कहता है

अफसर- थे रॉक इतना बड़ा शातिर खिलाडी है तो फिर एक बूढ़े के पीछे चुपके क्यों बैठा है सामने क्यों नहीं अत...

अगर तुम जैसा कह रहे हो वैसा होता तो तुम्हे नहीं भेजता बल्कि वो खुद आ जाता...

मई अपनी जगह से उठते हुए नार्मल तूने में कहता हु...

मई- कोण बोलै की थे रॉक नहीं आया और वो एक बूढ़े के पीछे चुपके बैठा है बल्कि मई खुद hi थे रॉक हु अब बोलिये...

ये सुनते hi वह पर जितने भी थे सब शॉक हो गए थे... पूरी तरह से शॉक...

पर अभी भी उनमे कुछ हिम्मत बाकि थी वो इसलिए क्यों की मैंने अभी तक उस बूढ़े की एक्टिंग नहीं छोड़ी थी...

बल्कि अभी भी मई उस 80 साल के बूढ़े की तरह hi बातें कर रहा था और ऊनि के तरह चालढाल कर रहा था...

फिर वो पुलिस अफसर कहता है...

अफसर- ऐसा है तो फिर हो जाये एक मुक़ाबला... इंडिया के हर दिवसों में बहुत से इंटेलीजेंट और काबिल सोल्डिएर्स है...

और साथ hi में वो सब शातिर और लड़ाई में माहिर भी है...

तो उनमे से अभी हमारे साथ कुछ ए हुए है तो क्या तुम उनसे लड़कर अपने आप को प्रूफ करा सकते हो...

और फिर हमे बताओ की तुम hi थे रॉक हु और होशियार और तकद्वर भी...

हमे दिखाओ की तुम सच में लीगल होने की काबिल हो उसके बाद hi हम कुछ सोच पाएंगे...

ये सुनते hi प्रेजिडेंट बोलते है...

प्रेजिडेंट- नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा यहाँ पर... अरे आप लोग उस बूढ़े की हालत तो देखो...

आप लोगो को लगता है की वो उन सब जाबांज सोल्डिएर्स से लड़ पायेगा...

Mai-Koi बात नहीं सर .. आप वो मत सोचिये. आप उस बात का टेंशन मत लीजिये..

आप तो ये सोचिये की ये जो आपके जाबांज सोल्डिएर्स है क्या वो मुझसे लड़ पाएंगे...

ये बात सुनकर तो वह पर जितने भी ऑफिसर्स थे उनके साथ साथ प्रेजिडेंट और पं के ईगो को बहुत ठेस पहुंची...

और अब तो उनको अपना अभिमान बचाना था तो अपने पं कहने लगे...

PM-Thik है जैसा तुम चाहो... तुम अगर अपने मौत को दावत hi दे रहे है तो हम कोण होते है इस रोकने वाले...

(अपने सभी ऑफिसर्स की और देखते हुए) हमारे हर एक दिवसों में से 5 सबसे काबिल और इंटेलिजेंट सोल्डिएर्स को यहाँ पर बुलाओ....

वैसे उस मीटिंग हॉल में कुछ और भी स्पेस था... तो जैसे hi पं ने आर्डर दे दिया सब दिवसों में से 5-5 सोल्डिएर्स आ गए और मेरे सामने खड़े हो गए...

और फिर मई अपनी लाठी के सहारे चलते हुए दूसरी तरफ खड़ा हो गया... ये सन देखकर प्रेजिडेंट कहते है...

प्रेजिडेंट- सबसे पहले हर एक दिवसों का 5तह रैंक वाला Hi उससे लड़ेगा बाकि के पीछे हो जाओ... और है जान से मत मरना बस घायल करना है...

उसके बाद बाकि के पीछे हैट गए और अब मेरे सामने तक़रीबन 25 के नजदीक सोल्डिएर्स थे...

वैसे उन्हें संभालना मेरे बाये पेअर का काम था... पर मई अपना खेल बिगड़ना नहीं चाहता था. और साथ hi अपना मजा किरकिरा नहीं करना चाहता था

इसलिए मई अपने लाठी के सहारे वैसे hi विबरते होये हुए खड़ा रहा...

वो सभी ऑफिसर्स और सब लोग जितने भी वह पर थे वो सब ये सन देखने के लिए बहुत hi बेताब थे की आगे क्या होने वाला है...

वैसे उन सोल्डिएर्स को ये भी पता नहीं था की मई कोण हु और मुझसे लड़ा क्यों जा रहा है..

बस उनको यही ऑर्डर्स मिले थे की आगे वाले बूढ़े को घायल करना है वो भी 1-2 मुक्के में hi... वो भी ज्यादा जोर से न मरते हुए....

और तभी एक सोल्जर मेरे सामने आया और अचानक से पता नहीं क्या हुवा मुझे न मेरा हाथ हिला और नहीं मेरा पेअर उठा....

और नहीं मई अपनी जगह से हिल पाया... एक तरह से कहा जाये तो लकवा मरना मई जहा खड़ा था जिस हालत में खड़ा था वैसा hi खड़ा रह गया...

और तभी उस आगे वाले सोल्जर ने बहुत hi जोर से मेरे मुँह पर मुक्का मार दिया....

और उस मुक्के से मई 5--6 फ़ीट पीछे जाकर गिर गया और वो भी बहुत बुरी हालत में...

मेरे मुँह से खून भी निकल रहा था... पर ये हुवा कैसे यार...

मुझे वो सोल्जर जब मार रहा था तब मुझे सब स्लो मोशन में दिख रहा था...

पर न जाने क्यों मई उसे चाहकर भी रोक नहीं पाया और मई होने हाथ पेअर हिला नहीं पाया...

मुझे खुद hi समाज में नहीं आया की ऐसा क्यों हुवा... और साथ hi मुँह से खून भी....

और मई उस जगह पड़ा रहा.. मुझे पता नहीं क्यों पर दर्द भी बहुत हो रहा था...

जैसे मेरा पूरा जबड़ा hi हिल गया हो पर ये कैसे हो सकता है यार...

और ये सन देखकर जो भी उस मीटिंग हॉल में बैठे थे सब हसने लगे...

मेरी इस हालत को देखकर... तभी वो आईपीएस अफसर कहता है...

अफसर- क्या हुवा थे रॉक को हमारे इन सरे सोल्डिएर्स को देखकर तुम्हारी साडी तक़द चली गयी है क्या... साडी हवा पहहहहससससससस.... बांके उड़ गयी...

अरे तुमने तो अभी हमारे एक सोल्जर का सिर्फ एक hi मुक्का खाया है और तुम्हारी ये हालत हो गयी...

और क्या कह रहे थे तुम... तुम ऐसे हो वैसे हो तुम hi थे रॉक हो..

अब तो तुम्हे भी याद आ गया होगा की तुम कोण हो जो कोई भी हो पर हमारे सामने कुछ भी नहीं हो...

ये कहकर वो अफसर हसने लगा और साथ में बाकि सब ऑफिसर्स भी... तभी प्रेजिडेंट कहते है...

प्रेजिडेंट- कोई जरुरत नहीं है अब ये फाइट करने की... जो प्रूफ होना था वो हो गया अब उस बूढ़े को यहाँ से लेकर चले जाओ...

उन ऑफिसर्स की हसी सुनकर मुझे बहुत hi अजीब लग रहा था बल्कि मई तो उन सबको अबाज भी नहीं सुन प् रहा था...

मेरा दिमाग सुन्नन... पढ़ गया था मई अपने hi सोच में गम था की ऐसे कैसे हो सकता है...

तभी उन लोगो के साथ और एक हसी मुझे सुनाई दी जो कुछ जनि पहचानी सी लगी..

उस हसी को पहचानते hi मुझे सब याद आ गया और मई सब समाज गया की मेरे साथ ऐसा कैसे हो सकता है...

अब वो अबाज यानि अपना बी अंश अपनी कामिनी हसी हस्ते हुए कहता है...

बी Ansh-(Haste हुए) क्या हुवा बे... निकल गयी तेरी सब हेकड़ी... थे रॉक सेल बुड्ढी...

तूने आज मुझसे इतनी प्यारी छूट चीन ली.. तो उसका बदला लेते हुए मैंने तो बस तेरे इतने बड़े पावर में से छोटा सा हिस्सा लोखड़ौन कर दिया.. अब मजा आया न तेरे को...

ये कहकर वो फिर से हसने लगा... और फिर कहता है...

बी Ansh-Dekh लिया न मेरी बात न मानाने का रिजल्ट... अब आगे से तू मेरी बात को टालने के लिए 1000 बार सोचेगा

उसकी ये बात सुनकर मुझे तो उस पर पहले तो बहुत गुस्सा आया पर साला गुस्सा निकलू किसपे..

ये साला तो खुद मई hi हु na...Dusra कोई होता तो उसको मार भी deta...par ये इससे मुझे सुलह करनी hi पड़ेगी...

Mai-(Man में) अरे भाई मुझे माफ़ कर दे यार... मई आगे से ऐसा कभी नहीं करूँगा...

तू जो कहे या जो करने को काहेवहि करूँगा और रही आज की बात तो मैंने तुझे कल लेने को कहा था न उसकी. तो फिर तूने ऐसा क्यों किया ...

बी अंश- क्यों किया मतलब... तूने तेरा वडा तोडा मुझसे किया हुवा तो उस बात की तुझे कोई न कोई सजा तो मिलनी hi चाहिए न...

वार्ना तू सुधरेगा नहीं.. और फिर से ऐसी गलतिया करता hi रहेगा... इसलिए तुझे पुनीश करना जरुरी था...

Mai-Mujhe माफ़ कर दे मेरे भाई... अगर तेरा पुनीश करना हो गया हो तो क्या प्लीज हम जिस काम के लिए ए थे उसे करे...

बी Ansh-(Haste हुए) तेरी सजा अभी तक पूरी नहीं हुयी है समजे...

Mai-Are मेरे भाई... मुझे माफ़ कर दे यार तुझे बाद में जो सजा देनी है दे दे पर अभी के लिए तो तू मेरा साथ दे दे प्लीज.....

बी अंश- ाचा चल ठीक है अभी के लिए तुझे माफ़ कर देता हु... पर दोबारा अगर कभी भी ऐसी गलती की न तो याद रखना...

मई क्या करूँगा और क्या करवाऊंगा जो तू कभी सोच भी नहीं पायेगा...

मई- है ठीक है मेरे भाई Ok दोने...

बी Ansh-Done दाना Done...To उठ ऐसा क्यों बैठा हुवा है...

मई- सेल पहले निचे गिरता है और फिर पूछता है की ऐसा निचे क्यों बैठा है...

बी अंश- है चल अब उठ और लड़ इनसे मेरे शेर... अपने इज्जत का सवाल है...

उठ सेल Uth...Pahle इस मुक्के वाले को मार बहुत तेज से मारा था सेल ने अभी भी दर्द हो रहा hai...waise तेरा दर्द मेरा जो है...

Mai-Ha जब वो हमे मार रहा था तब तुझे अपनी इज्जत की नहीं पड़ी थी जो अभी सोच रहा है...

तब तो तू सो गया था न मुझे बांधकर...

बी Ansh-(Apni कामिनी हसी हस्ते हुए) hihihi....Kya करू अब मई कमीना जो हु वो भी ऐसा वैसा नहीं पूरा का पूरा डी.........

वो सब छोड़ अब उठता है या फिर से मई वही कर दू...

मई- (उठने की कोशिश करते हुए) कोई जरुरत नहीं मई उठ लेता हु भाई...

अब मई उठते हुए प्रेजिडेंट से कहता हु....

मई- कोई बात नहीं है सर... ी ऍम रेडी.. मई तो बस आपके इन सोल्डिएर्स की पावर्स को देख रहा था की आखिर इनमे कितना दम है... जो मुझमे लड़ने का हिम्मत रखता है....

लेकिन (न करते हुए) ाहहमममम... कुछ भी नहीं है inme...Chalo अब अपनी पूरी तक़द से आ जाओ देखते है..

बी अंश- चल झूठा.... सेल ऐसा कह रहा है की तूने ये सब जान बूझकर किया अबे चूचिये मेरा नाम ले Mera.....Waise मेरा नाम क्या है......

Mai-(Man में) तू कुछ देर के लिए शांत नहीं बैठ सकता है क्या? मेरा मंद डाइवर्ट मत कर काम करने दे मुझे डिस्टर्ब मत कर अभी मुझे...

अब मई अपनी बात उन सब से कंटिन्यू करते हुए कहता हु की...............................


(अगला अपडेट जल्द hi.....)
 
अपडेट 62

मई- कोई बात नहीं है सर... ी ऍम रेडी.. मई तो बस आपके इन सोल्डिएर्स की पावर्स को देख रहा था की आखिर इनमे कितना दम है... जो मुझमे लड़ने का हिम्मत रखता है....

लेकिन (न करते हुए) ाहहमममम... कुछ भी नहीं है inme...Chalo अब अपनी पूरी तक़द से आ जाओ देखते है..

बी अंश- चल झूठा.... सेल ऐसा कह रहा है की तूने ये सब जान बूझकर किया अबे चूचिये मेरा नाम ले Mera.....Waise मेरा नाम क्या है......

Mai-(Man में) तू कुछ देर के लिए शांत नहीं बैठ सकता है क्या? मेरा मंद डाइवर्ट मत कर काम करने दे मुझे डिस्टर्ब मत कर अभी मुझे...

अब मई अपनी बात उन सब से कंटिन्यू करते हुए कहता हु की...............................

आगे.................

पर मई अपनी बात पूरी कर पता उससे पहले hi एक सोल्जर ने मेरे ऊपर हमला किया जिसने इससे पहले मुझे मुक्का मारा था...

वैसे उन सब सोल्डिएर्स ने मेरा नाम उस अफसर के मुँह से सुनकर थोड़ा बहुत तो शॉक हो hi गए थे..

पर मेरी ये हालत देख वो नार्मल भी हो गए थे... पर मैंने ऐसी बात कह उनके भी ईगो को टच किया था जैसे उन ऑफिसर्स को किया था...

खासकर वो सोल्जर जिसने मुझपर सबसे पहले हमला किया था...

इसलिए वो मेरी बात पूरी होने से पहले hi मुझपर और एक बार हमला करना चाहता था..

पर इस बार मैंने उसका हमला चूका लिया और वो दूसरी तरफ जाकर गिर गया...

तब मई अपनी बात कंटिन्यू करते हुए कहता हु.....

Mai-(Soldiers से) मई तुम लोगो में से किसी पर भी खुद से हमला नहीं करूँगा मई तो सिर्फ तुम्हारे हमले रोकूंगा जैसे अभी किया है...

क्यों की तुम सब सोल्डिएर्स हो वो भी हमारे इंडिया के जाबांज और काबिल सोल्डिएर्स हो. इसका प्रूफ ये सब ऑफिसर्स है...

तुम सब हमारे धरती माँ हमारे इंडिया के लिए अपनी जान भी दांव पर लगते हो..

और उसके लिए मई आप सबका शुक्रगुजार हु... पर ये मेरा काम है ..

तो बस मई खुद को प्रूफ करने के लिए तुम्ही नहीं मार सकता बस तुम्हारे हर एक हमले को रोक जरूर सकता हु...

तो इसीलिए मई नहीं चाहता की आपके बॉडी को कोई हरम हो और आगे जाकर आपकी बॉडी कमजोर हो...

तभी फिर से वो मेरे पीछे पड़ा हुवा नौजवान अब खड़ा होकर मेरे सर पर लाठी से वार hi करने वाला था की मई साइड में हैट गया...

और उस लाठी को अपने लाठी से रोका और उसके लाठिको हाथ से पकड़ कर सीधा आगे की तरफ उसको फेक दिया लाठी के साथ.

ज्यादा तक़द से नहीं पर फेक दिया और वो भी गिर गया कुछ आगे जाकर

तो मई फिर से उन सबसे कहता हु...

(ये आपके लिए है) अरे है मई भूल गया आपको बताना आप सबको वीर तो याद hi होगा ये वही है अभी मेरे हाथ में..

(अब तक मई बूढ़े की तूने में बात कर रहटगा पर अब तूने चेंज करते हुए यानि नार्मल करते हुए) तो चलो अब आ जाओ सरे....

ये कहकर मई अब सीधा खड़ा हो गया... यानि बूढ़े की तरह नहीं लाठी के सहारे झुका हुए..

अब सीधा खड़ा हो गया... ये देखकर तो सब और भी शॉक हो गए पर अब वो मायने नहीं था...

और सब सोल्डिएर्स टूट पड़े मुझ पर... कभी कोई मेरे मुँह पर वार करने की कोशिश करता तो कोई पेट तो कोई मेरे घूमने की बजह से पीठ पर...

तो कोई निचे मेरे पेअर पर... और मई उनके वार को उछलते कूदते हुए यानि हवा में कलाबाजी करते हुए रोक रहा था...

तो कभी साइड में हटते हुए तो कभी दोनों के हमले में से बचकर जाते हुए...

मई उनके हमले से बचते हुए ये भी देख रहा था की उन दोनों के हमले एक दूसरे को न लग जाये...

अगर कभी ऐसा मौका अत तो मई अपने वीर की मदद से उस हमले को रोक देता था...

वो सब मेरे इतने करीब होकर भी मुझे छू भी नहीं पाए थे...

इतने जल्दी से मई उनके वार को रोक रहा था पर है अपने स्पीड के शक्ति को कण्ट्रोल करते हुए hi मई ये सब कर रहा था...

कुछ लोक तो थक गए मुझ पर हमला करते हुए...

और आपको तो पता hi है अगर आप कोई काम कर रहे हो और अगर वो हो नहीं रहा हो तो कैसे फ़्रस्ट्रेशन अत है...

शामे उन सबकी हालत वैसे हो गयी थी...

मेरी इतनी सफाई से उनके वार को रोक रहा था की वह पर जितने भी थे सब बस हमे देखते hi रह गए...

और साथ में उन्हें शक भी हो रहा था की मई बूढ़ा हु या कोई नौजवान हु..

Mai-(Hamle को रोकते हुए) ठीक है अब बस बहुत हुवा सब आ जाओ और मई तुम्हारे हमले को रोककर...

तुम्हे मई कैसे मरूंगा बस यही दिखाऊंगा और उसके बाद वो सोल्जर पीछे हैट जायेगा..

और अगर नहीं हटा तो मुझे और भी तरीके एते है ोककक...

ये कहकर बाकि जितने भी सोल्डिएर्स थे वो सरे सोल्डिएर्स मेरे ऊपर आ गए..

अब तो वह का माहौल तो और भी बहयनक हो गया था बस डिफरेंस इतना था की वह पर अभी तक किसका ब्लड नहीं गिरा था...

और मई वह पर जितने भी सोल्डिएर्स थे उन सबके हमले को कभी मेरे वीर से तो कभी हाथ से तो कभी पेअर से रोक रहा था..

और साथ Hi उन पर हमला भी कर रहा था पर वैसा नहीं जैसा आप सोच रहे हो...

नोर्मल्ली बस उनके बॉडी को टच कर उनको दिख रहा था की मई उनको इस तरीके से हरा सकता हु या फिर मार सकता हु...

तो बस सोल्डिएर्स अपने बात के पक्के जरूर होते है वो मुझसे अपनी हार मानकर पीछे हैट गए और धीरे धीरे मई वही कर रहा था..

अब तो सब सोल्डिएर्स पीछे हैट गए थे एक भी सोल्जर वह नहीं बचा था जो मुझसे आकर लड़ सके...

तो मई उनकी तरफ देखकर एक बार स्माइल किया और फिर अपनी बूढ़े की एक्टिंग में आकर उन सभी ऑफिसर्स को और प्रेजिडेंट पं को कहता हु...

Mai-Bas यही है आपके सोल्डिएर्स... या इतनी hi है आपकी पावर्स... ये तो सब आपके काबिल और बहुत hi इंटेलीजेंट बन्दे थे तो क्या हुवा अब... इतना hi दम था आपके इन ऑफिसर्स में...

(सोल्डिएर्स की तरफ देखते हुए) मुझे माफ़ करना मई आप सबके काबिलियत और इंटेलिजेंस पर सवाल कर रहा हु..

ी क्नोव यू आल अरे ब्रेव... बूत मुझे मेरा काम करना है...

वो सोल्डिएर्स भी मेरे बातो का मतलब समझकर स्माइल देकर कहने लगे No प्रॉब्लम सर It's Ok...

वैसे मेरी फाइटिंग स्किल देखकर उन सोल्डिएर्स के साथ साथ सभी ऑफिसर्स और सब शॉक hi हो गए थे...

इसलिए मैंने अभी अभी जो कहा उसके जवाब में कोई कह hi नहीं पाया...

तो मई आगे कहते हुए कहता हु.

मई- तो क्या सोचा है मेरे प्रस्ताव का आप सब लोगो ने...

तभी प्रेजिडेंट और पं अपने आप में कुछ बातें करने लगे... और 2-3 मिनट्स बाद वो मुझसे कहते है...

प्रेजिडेंट- ठीक है हम तुम्हारा प्रस्ताव मान्य करते है पर उससे पहले मई तुमसे कुछ सवाल करना चाहता हु...

Mai-Ji जरूर... मई यही हु...

प्रेजिडेंट- सिर्फ Fighting(Powers) से hi मतलब लड़ाई में माहिर होने से देश को संभाला नहीं जाता उसके साथ सब रिसोर्सेज भी होना जरुरी है...

Mai-(Smile करते हुए) मैंने अभी तक आपको मेरा यही पॉइंट दिखाया है ok...

और रही बाकि रिसोर्सेज की बात तो आप एक बार सिग्न कर दो... उसके बाद मई आपको और एक नमूना दिखा दूंगा मेरा No प्रॉब्लम...

पं- ठीक है हम सब सिग्न कर देंगे पर इसमें तुम्हे क्या क्या चाहिए...

और सिग्न होने के बाद जब तक हमे बाकि का प्रूफ नहीं मिल जाता हम ये लेटर तुम्हे नहीं देंगे...

Mai-Thik है मुझे इस लेटर में साफ़ साफ तरीक्से से लिखा हुवा चाहिए की मई इस देश में क्राइम को जड़ से निकलने के लिए जो चहु वो कर सकता हु जैसे चहु वैसे कर सकता हु...

मई जैसे चहु वैसे क्रिमिनल को सजा दे सकता हु... मुझे कोई नहीं रोकेगा. और नहीं बाद में होने के मुझसे कोई एक्सप्लनेशन की गुजारिश करना...

अगर आपको प्रूफ चाहिए हो तो वो मई आपको दे सकता हु पर No एक्सप्लनेशन...

और मुझे कोई भी आर्डर नहीं देगा... शिवाय दिरकेट प्रेजिडेंट या पं के मई सिर्फ उनके Hi ऑर्डर्स फॉलो करूँगा...

पर जब बात इनोसेंट पीपल और क्रिमिनल की अति है तो मई किसी की भी नहीं सुनुँगा किसी की भी...

मई जो कर रहा हु यही इंडिया का लीड और सबसे स्पेशल फाॅर्स होगी और इसका नाम होगा थे DESTROYER...(Sorry दोस्तों नाम चेंज कर दिया है)

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यानि अब से कोई थे रॉक को नहीं बल्कि थे डिस्ट्रॉयर को जानेंगे.. और उसी के नाम से क्रिमिनल डरेंगे...

थे डिस्ट्रॉयर का सिर्फ नाम hi आएगा लोगो के सामने बस उसको कोण लीड कर रहा है और कोण कोण है उस टीम में इसके बारे में कुछ भी नहीं...

बल्कि इंडिया को जो भी हेल्प चाहिए फिर चाहे वो किसी भी तरह से क्यों न हो वो मई प्रोवाइड करूँगा...

आपके ये जितने भी फॉरेक्स है उन सबको भी... किसी भी तरह की...

और है इसमें मुझे आप के टीम में से सिर्फ एक hi बाँदा चाहिए सिर्फ एक hi बाँदा और मुझे कोई हेल्प नहीं चाहिए...

PM-Aur उसका नाम....


मई- दद...... ये है उसका नाम...

उसका नाम सुनते hi सब दर के मरे बहुत hi शॉक हो गए थे और उतने hi सरप्राइज...

क्यों की मैंने उनसे उनके सबसे काबिल और बहुत जाबांज हीरो की मांग की थी...

वो उनका हीरो एक कोहिनूर के सामान था... अगर कोई इम्पॉसिबल मिशन है तो बस यही बाँदा पूरा कर सकता है और कोई नहीं...

और न जाने ऐसे कितने hi मिशन और क्या क्या किया है उसने इंडिया के लिए....

पर उसको आज तक किसी ने भी नहीं देखा है उनके कुछ सीनियर्स को छोड़...

उसका नाम अंडरकवर में सबसे टॉप पर था और उसके नाम को न आज तक और न कभी कोई छू भी पाया है...

इसलिए मेरे से उसका नाम लेने से वो सब इतना शॉक हो गए थे... वैसे शॉक तो आप भी हो गए होंगे...

पं- हम तुम्हे सबकी पेर्मिशन्स दे सकते है पर उसकी नहीं... क्यों की वो अत भी अपने मर्जी से है और जाता भी अपनी मर्जी से...

वो सबसे खतरनाक एजेंट है हमारा और सबसे काबिल भी...

वो ज्यादा तर ऐसे मामले में हमारी बात नहीं मंटा इसलिए वो मिलना इम्पॉसिबल...

Mai-Mai आपको पूछ नहीं रहा हु बता रहा हु... और है मेरे जाते hi आपको उसका कॉल आ जायेगा आप उस बात का टेंशन मत lo.Mai उसको पर्सनली जनता हु....

ये खबर तो उनके लिए कोई नुक्लेअर बम से काम नहीं थी... ऐसा लग रहा था जैसे शॉक और सरप्राइज के मरे वो सब ऐसे hi पहात जायेंगे...

PM-Aisa है तो फिर Ok Done...Aur कुछ लिखना है क्या इसमें...

फिर मैंने उनको और भी बहुत कुछ बताया जो उन्होंने सब उसमे ऐड कर दिया और साथ hi सभी ऑफिसर्स और पं और प्रेजिडेंट ने भी उसमे सिग्न कर दी...

अब थी प्रूफ देने की बात तभी पं बोले...

पं- हमने हमारा काम कर दिया है अब तुम बोलो तुम हमे क्या दिखाना चाहते हो...

Mai-Ok... तो सुनो आप जैसे बोल रहे हो की ये सिक्योर जगह है यहाँ पर हमारी मीटिंग चल रही है...

तो ऐसा कुछ भी नहीं है यहाँ पर बहार का कोई परिंदा भी पेअर नहीं मार सकता...

बल्कि ये सब झूठ है यहाँ पर कैमरा लगे हुए है वो भी आप सब से छुपकर...

जो आपके जितने भी मीटिंग्स हो उन सबंक रिकॉर्ड करने के लिए और कही और लाइव भी दिखा रहा था...

और वो कैमरा कही और नहीं प्रेजिडेंट जहा बैठे है उसके ठीक पीछे वाले वाल पर और उनके सामने वाले में भी...

ये सुनकर तो सबकी पहात के हाथ में hi आ गयी... क्यों की ये सुनकर तो सच में यार उनको अब उनके सिक्योरिटी पर शक होना जायज था...

जैसे hi उन्होंने वो सुना वो सबसे पहले उस वाल में देखने लगे पर वह पर उनको कुछ भी नहीं दिखाई दिया तो उन्हें लगा की मई ऐसे hi बातें बना रहा हु...

Mai-aur साथ hi ये इतने माइक्रो कामर्स है की आपको दिखेंगे भी नहीं पर सब हद में रिकॉर्ड करेंगे और उसकी अबाज भी परफेक्ट आएगी...

प्रेजिडेंट- (डरते हुए) पर ये हुवा कैसे और कोण कर सकता है ये सब वो भी यहाँ पर... और ये सब तुम्हे कैसे मालूम...

और कोण अपने देश से गद्दारी कर रहा है वो भी इतनी बड़ी या फिर बहार का कोई आया है यहाँ पर...

मई- ये सब मुझे कैसे पता चला वो तो सीक्रेट है... ये आपके सोचने का काम है...

और रही उस गद्दार की बात तो वो जो कोई भी है यहाँ पर hi बैठा है और आप सबकी बातें भी सुन रहा है और उसके साथ उसके साथी भी है यहाँ पर...

PM-lekin कोण है वो उसका नाम बताओ और वो कैमरा भी दिखाओ...

प्रेजिडेंट- तो इसका मतलब अब तक जो भी हुवा वो सब रिकॉर्ड हुवा है और ये सब उन्होंने देख भी लिया है... तो ये बात तुमने हमे पहले क्यों नहीं बताई...

Mai-Darasar बात ये है की मेरी आने की न्यूज़ से अब तक का उस कैमरा में कुछ भी रिकॉर्ड नहीं हुवा है बल्कि वो कैमरा बंद पड़ा हुवा है अब तक.

यानि ये सब रिकॉर्ड हुवा hi नहीं है मैंने उसको अपने सिस्टम से कनेक्ट कर उसका फ्यूज hi उदा दिया है...

प्रेजिडेंट- लेकिन तुमने अभी तो कहा और तुमने ये सब कब किया बल्कि तुम तो हमारे बाद में ए थे न...

Mai-(Smile करते hai)Yahi तो मैं फरक है आपमें और मुझमे. मैंने पहले hi कहा था जहा पर आपकी सोच ख़तम थे रॉक की सोच वही से शुरू होती है...

मैंने 2 सोल्डिएर्स को इशारा किया और उनको प्लेस बताया तो उन्होंने वो कैमरा निकल दिए और प्रेजिडेंट के सामने रख दिए तो मई आगे कहता हु...

मई- ये रहे वो कमरे.. और आपको प्रूफ चाहिए था मेरा तो ये रहा और एक है..

और वो ये है की मई उस अफसर को और उसके सरे साथियो को भी जनता हु...

ये बात सुनकर सब चौंक गए और जो थे वो दर के मरे चौंक गए और अपने बॉडी से पसिनटपकने लगे...

पं- कोण है वो.. हमे बताओ हम अभी उनको मजा चकते है...

अभी मई कुछ कहने hi वाला था तभी उन सोल्डिएर्स में से 4 सोल्डिएर्स जो उनकी यूनिफार्म पहने हुए थे..

वो चारो अपने हाथ में गन और नाइफ लेकर मेरी तरफ आने लगे तो उनको देख बाकि सोल्डिएर्स उनकी तरफ गन करते है...

पर मैंने उनको रुकने को कहा और उन 4 गद्दारो को मेरी तरफ बढ़ने को कहा...

Mai-Relax सोल्डिएर्स... उनको आने दो..

उसमे से दोनों ने मेरे ऊपर गोलिया चला दी.. तो मैंने उनको मिस कर उसके पास जल्दी से पहुंच गया...

और जिसके पास नाइफ थी उसके पीछे जाकर उसी से उसकी गार्डन काट ली उसको तो मैंने चिल्लाने का मौका भी नहीं दिया और उसके हाथ से नाइफ चीन लिया...

और जो मेरे ऊपर गोलिया चला रहा था अब वो अपने साथी के ऊपर चला रहा था क्युकी मई उसके पीछे छुपा हुवा था

तो जो हाथ में गन लेकर गोलिया चला रहा था सीधा वो नाइफ सीधा उसके हाथ पे चिपका डाला...

तो वो दर्द के मरे जोर जोर से चिल्लाने लगा पर ज्यादा देर नहीं.

उसके हाथ को लगने के कारन वो गन निचे गिर रही thi..to उस गन को मैंने छलांग लगते हुए सातच कर निचे से hi उसके सर को फायर कर दिया...

तो उसका सर hi उड़ गया और साथ Hi खफा होकर उसका हाथ लेकर जिसमे नाइफ लगा हुवा था उसके साइन में खूनप दिया...

अब रहे बाकि 2 तो उनमे से एक को मैंने वो नाइफ दूसरे के छाती से निकलकर फेक के मारा तो वो सीधा उसके गले के आरपार हुवा और 4 के सीधा सर पर गोली मार दी...

उन चारो को मैंने ज्यादा चिल्लाने का मौका hi नहीं दिया...

ये सन देखकर उनका 5तह साथी था वो बहुत दर गया था और दर के मरे उसने अपने हाथ में गन पकड़कर एक अफसर को टारगेट किया...

वैसे ये सब उतने hi जल्दी से हुवा था जितने जल्दी मैंने उन सरे सोल्डिएर्स का हमला चूका रहा था...

और मेरी क्रूरता को देख मतलब मेरी मरने की स्किल्स मेरे गन्स और बाकि सब हत्यार ऐसे चलता देख वो तो और भी सरप्राइज हो गए...

वो सब तो यही सोच रहे थे की यार इसमें और कोण कोण सी खूबी है और कोण कोण सी स्किल्स....

तभी जिस 5तह बन्दे ने उस अफसर को टारगेट किया वो देख मई तो हसने लगा और मेरे इस बर्ताव को देख बाकि मेरी तरफ अजीब सी नजर से देखने लगे..

क्यों की उस 5तह बन्दे ने जल्दी जल्दी में अपने दर के कारन अपने hi बॉस के ऊपर गोली तान दी थी...

ये देखकर hi मुझको हसी आ गयी थी अब ये उनको कैसे संजय तभी मई कहता हु...

Mai-Abe जरा देख तो लिया कर की तूने किसके ऊपर गन तानी है और किसको बचाना है...

तो जैसे hi उसने उसका चेहरा देखा उसने अपनी गन हटा ली और यही मौका देख...

मई जल्दी से उसके पास पहुंचकर उसके hi हाथ सीधा उसके सर को गोली मार दी...

इतना खूनखराबा देख तो सब अपनी जगह से उठ hi गए थे और जिसके ऊपर गन तानी थी...

वो तो वह से भागने लगा तो मैंने उसका गाला पकड़ उसको तो पहले हवा में उठा लिया और फिर बाद में उसको प्रेजिडेंट के पैरो पर फेक दिया और कहने लगा...

मई- अबे तू कहा चला मेरे यार जरा तेरी भी खातिरदारी करने दो इन सबको... क्यों की मेरा टाइम ख़तम... (प्रेजिडेंट की तरफ देखते हुए) ये रहा आपका गद्दार..

सॉरी उनको मरना पड़ा क्यों की वो कुछ नहीं जानते थे... और वो सब उसी के लायक थे...

और जो इन सबका मैं है वो आपके सामने खड़ा है उससे hi अब पूछ लीजिये जो पूछना है वो सब...

अब मई चलता hu...(Tabhi मुझे लेटर के बारे में याद आया तो मई प्रेजिडेंट से कहता हु...)

Mai-Sir मेरा लेटर...

प्रेजिडेंट तो इतना सब देखने के बाद मुझसे डरने लगे थे सिर्फ वही क्या और वह पर जितने भी थे वो सब...

और मई जाने लगता हु तभी उनका फ़ोन रिंग होता है तो मई पलटता हु और प्रेजिडेंट से कहता हु...

मई- उठा लीजिये सर उसी का hi फ़ोन है मैंने कहा था न सर Aapse...Mere जाने के बाद कॉल आ जायेगा ये तो पहले hi आ गया...

ये कहकर मई पलटने hi वाला था की तभी अचानक से खुद को रोककर और एक बार मई प्रेजिडेंट से कहता हु

मई- ाचा और एक बात है सर... जब भी किसी को बचने की बात आएगी तो मई सिर्फ उनको hi बचाऊंगा जिनके नसीब में जीना लिखा ho...Ya फिर मेरे हाथो बचना...

ये कहकर मई वह से पलटा और बहार चला गया... और इधर वो सब पता नहीं जाते हुए मेरी बात का मतलब समजे की नहीं पर...

उनके चहरे के एक्सप्रेशन देखने लायक थे क्यों की अभी तक जो उन्होंने देखा और जो हुवा वो सब उनके किये कोई सरप्राइज और शॉक से काम नहीं था..............................................

 
अपडेट 63

मई- उठा लीजिये सर उसी का hi फ़ोन है मैंने कहा था न सर Aapse...Mere जाने के बाद कॉल आ जायेगा ये तो पहले hi आ गया...

ये कहकर मई पलटने hi वाला था की तभी अचानक से खुद को रोककर और एक बार मई प्रेजिडेंट से कहता हु

मई- ाचा और एक बात है सर... जब भी किसी को बचने की बात आएगी तो मई सिर्फ उनको hi बचाऊंगा जिनके नसीब में जीना लिखा ho...Ya फिर मेरे हाथो बचना...

ये कहकर मई वह से पलटा और बहार चला गया... और इधर वो सब पता नहीं जाते हुए मेरी बात का मतलब समजे की नहीं पर...

उनके चहरे के एक्सप्रेशन देखने लायक थे क्यों की अभी तक जो उन्होंने देखा और जो हुवा वो सब उनके किये कोई सरप्राइज और शॉक से काम नहीं था..............................................

आगे.................

और बहार आने के बाद लास्ट में जो हुवा उसके बारे में मई सोचने लगा.

और सोचते हुए hi बहार आकर मई अपनी कार में बैठा और वह से निकल पड़ा...

अभी भी मई अपने बूढ़े के हुलिए में hi था तो मई उससे कहता हु..

मई- (बी अंश से) क्यों बे ये जो तूने लास्ट में कहा वो क्या था...

बी Ansh-kya कहा मैंने और कहा भी होगा तो जो कहा सच कहा मैंने और क्या...

Mai-Ye जो उनके नसीब में जीना लिखा हो..

बी Ansh-Acha वो... सही तो कहा हमने क्या गलत कहा... जो यहाँ अत है उसको एक न एक दिन जाना hi पड़ता है...

तो जिसके जाने का टाइम आ गया हो उसको नहीं बचाएंगे ऐसा कहा मैंने..

अरे भाई इस दुनिया में बैलेंस रखना भी जरुरी होता है.. अगर हम ऐसे किसी की भी जान बचने लगे तो पता नहीं क्या होगा

इसलिए मैंने ऐसा कहा.. समजे अगर नहीं समजा तो जाने दे...

अभी मई उसको कुछ कहता तभी मुझे एक लड़की की बहुत जोर से चीख सुनाई दी.. तो मैंने झट से अपनी गाड़ी रोक दी...

और अपने चारो और देखने लगा. लेकिन मुझे कोई भी नहीं मई उसे कहता हु....

मई- अबे कोण थी ये जो इतने जोर से चीख रही hai...yeha तो कोई दिख भी नहीं रही है... सुन रहा है न तू अबे काळा कलूटे.

पर उसका कोई जवाब hi नहीं... यार अब ये कहा चला गया... न कोई बात न और कुछ सीधा गायब...

तभी फिर से मुझे और एक बार अबाज सुनाई दी... जो पिछली बार से अलग थी...

जो किसी को पुकार रही थी और उसकी अबाज सुनकर मई उस अबाज वाली को पहचान गया...

और कैसे भूल पता मई उस अबाज को मेरे जान की अबाज थी वो मेरे दिल की धड़कन की पर ऐसे... जैसे कह रही हो .....

अबाज- Bbbbhhhhaaiiiiyyyyyaaaaaaaaa...............Rrruuuddrrraaaa..... बब्भहिएयीाआआ............

ये सुनते hi मई पल भर में वह से गायब हो गया और सीधा वह आ गया जहा से मेरी जान मुझे पुकार रही थी....

मैंने जब वह का माहौल देखा तो वह पर कुछ भी ऐसा नहीं था या फिर कुछ भी ऐसा लगा...

जो वह का माहौल बिगड़ा हुवा है या फिर कुछ और है सब ठीक था यानि वो बस ऐसे hi चिल्ला रही थी...

मई जहा आया था और जो चिल्ला रही थी वो और कोई नहीं... मेरी जान मेरी दिल की धड़कन मेरी छोटी बहन दित्य थी जो मुझे अपनी आंखे बंद किये हुए पुकार रही थी...

और वो वह पर सिर्फ अकेली hi नहीं बल्कि उसके साथ और दो लड़किया थी और ये कोई और नहीं मेरी hi कौसिन्स थी..

त्रिशक्ति और Kaynat...(Shayad नाम मैंने चेंज कर दिए हो पर अब से यही रहेंगे)

वो मुझे अपनी आंखे बंद किये हुए फिर से पुकारती है तो मई जोर से पर ज्यादा नहीं नोर्मल्ली कहता हु.....

Mai-Kya हुवा क्यों चिल्ला रही हो... आंखे बंद कर गाला क्यों पहाड़ रही हो...

किसी की अबाज सुनकर उन तीनो ने अपनी आंखे खोल दी और सबने आगे देख लिया... और आगे देखते hi वो तीनो फिर से चिल्लाने लगी...

लेकिन इस बार दर से और जहा पर वो बैठी थी उसके पीछे जाकर चुप गयी....

उनके चिल्लाने की अबाज सुन मेरी माँ और दोनों ममी भी आ गयी... तो उन्हें देखते hi वो तीनो उनके पीछे जाकर चुप गयी और कहने लगी...

उनकी आँखों में दर की बजह से आंसू भी आ गए थे

Ditya-Maa... ये देखो न कोण घुस आया है हमारे महल में .. पता नहीं कोण है पर मुझे बहुत दर लग रहा है...

.

त्रिशक्ति- मुझे भी माँ.. और वो देखो कितना डरावना दिख रहा है वो....

माँ ने जब उनकी बात सुनी और मेरी और देखा तो पल भर के लिए वो भी सरप्राइज हो गयी थी...

पर जैसे hi उन्होंने मुझे पहचान लिया तो वो तीनो भी हसने लगी...

और मई यहाँ सोचने में लग गया की ये तो पहले मुझे बुलाती है और फिर मुझे hi डरके भाग जाती है ऐसा क्यों हो रहा है....

और अब ये छुपी है माँ के पीछे ये सब क्या चल रहा है यहाँ पर...

माँ- दित्य.. जिसे तुम दर रही हो वो तुम्हारे रूद्र भैया है..

ये सुनते hi उन तिनहोने एक बार मुझे सामने आकर देखा...

तो उन तीनो को मेरी तरफ ऐसे छुपते हुए देख मई भी हाथ हिलाकर कहने लगा...

मई- ये सब क्या चल रहा है...

पर मैंने सिर्फ एक्टिंग की थी मुँह से कुछ बोलै नहीं तो वो कहती है...

तीनो- क्या.......

वो तीनो पल भर मुझे देखती है और फिर से माँ के पीछे छुपते हुए दित्य कहती है...

दित्य- नहीं ये हमारे भैया नहीं है ये मुझे तो कोई और hi दिख रहा है. पता नहीं पर मुझे इनसे दर लग रहा है.. .

ये सुनकर माँ मेरे तरफ आने लगी तो दित्य उनको रोक देती है.

दित्य- नहीं माँ.. उसके पास मत जाओ वो पता नहीं कोण है आपको कुछ कर देगा..

Maa-Kuch नहीं होगा दित्य मई अभी इसकी खबर लेती हु...

ये कहकर माँ मेरे पास आ गयी तो मई माँ से कहने लगा..

मई- ये क्या है माँ वो तीनो मुझसे इतना दर क्यों रही है. aurr......aaaaahhhhh....Dardddd हो रहा है मम्माआ........

माँ मेरर पास आकर मेरा कान पकड़ कर मरोड़ने लगी और कहने लगी...

Maa-Kyu रे मेरी फूल जैसी प्यारी बच्चियों को क्यों छेद रहा है उनको क्यों डरा रहा है...

Mai-Mai कहा डरा रहा हु माँ... वो तो खुद अपने आप hi बस दर रही है..

पहले मुझे बुलाती है और फिर दर जाती है आप कान छोड़ो न माँ दर्द हो रहा है...

Maa-(Mera कान छोड़ते हुए) फिर ये हाल क्या बना रखा है अपना... सीधे सीधे नहीं आ सकता है क्या यहाँ पर....

Mai-(Apne आप को देखते हुए) हाललल...

तब जाकर मुझे याद आया की ये तो मुझे इस हालत में देखकर दर रही है...

यानि की मई अभी भी उस बूढ़े की हालत में था..

तब मैंने अपने आप को चेंज किया और यहाँ क्र भेष में आ गया... और वीर को भी गायब कर दिया...

Maa-Mujhe माफ़ करना माँ.. वो क्या है न मई कुछ काम कर रहा था...

तभी दित्य ने मुझे अबाज देकर यहाँ बुलवा लिया तो बस जल्दी जल्दी में मई ऐसे hi गया यहाँ पर...

माँ- ये बात मुझसे नहीं जिसको तुमने डराया है उनसे कहो...

वो अभी भी दोनों मामियो के पीछे छुपी हुयी थी और कभी कभी मुझे देख रही थी..

पर मेरे और उनके बिच में माँ थी तो इसी बजह से वो मुझे देख नहीं प् रही थी...

Mai-Ditya.... कहा छुपी हुयी ho...(Unki तरफ जाते हुए)

मेरी अबाज सुनकर और मुझे देखते hi वो मेरे तरफ भागते हुए चली आ गयी... और मुझे जोर से गले लगकर रट हुए कहने लगी...

Ditya-Kaha थे आप भैया.. पता है हमने आपको बुलाया तो पता नहीं कोण आ गया था यहाँ पर..

उसे देख मुझे बहुत दर लग रहा था भैया और देखो न आपके एते hi वो भाग गया...

मई- वो क्या है न दित्य मई hi वो था (हिचकिचाते हुए) वो मई कुछ काम कर रहा था...

तभी तुमने मुझे यहाँ बुला लिया इसलिए जल्दी जल्दी में मई वैसे hi चला आया...

ये सुनते hi पता नहीं कब उसके आंसू की जगह गुस्से ने ले ली...

दित्य- ाचा तो वो आप थे भैया... जाओ मुझे आपसे बात नहीं करनी आप ने हम सबको डरा दिया...

ये कहकर वो गुस्सा हो गयी मुझपर और अपना मुँह दूसरी तरफ कर गयी... तो मई भी नाटक करते हुए कहने लगा...

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मई- ाचा सॉरी बाबा मई सच में तुम सब कोडरने वाला नहीं था पर वी क्या है बस हो गया...

लेकिन ये सुनकर भी वो जैसे की वैसी hi रही तो मई आगे कहता हु...

मई- ाचा तो फिर ये जो चॉकलेट मई अपनी दित्य के लिए लेकर आया था वो उसको नहीं दे पाउँगा...

कोई बात नहीं मई बाकियो को दे देता हु.. तभी कायनात मेरे पास आ गयी...

कायनात- कोई बात नहीं भैया मुझे दे दो हम खा लेंगे...

तभी दित्य फिरसे उसी गुस्से को कायम रखते हुए पर थोड़ा काम हो गया था तो वो कहती है...

Ditya-Nahhiii...Koi बात नहीं और किसी के खाने की जरुरत नहीं जिसके लिए लेकर ए है सिर्फ वही खायेगी समजे...

मई- ऐसे कैसे जिसको कहानी है वो तो हमसे गुस्सा है न.. फिर

दित्य- (अपनेचेहरे पर हसी लेट हुए) मई कहा गुस्सा हु मई तो नहीं हु गुस्सा... ये दोनों गुस्सा है आपसे उन्हें मत दीजिये...

Trishakti-Acha तो अपने भैया के एते hi हमसे दुश्मनी... और हम गुस्सा है भैया पर..

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कोई बात नहीं भैया को जाने दे फिर हम hi साथ है..

दित्य- वैसे भैया आप जो बोल रहे हो वो होता क्या है और क्या करते है उसका कहते है क्या?

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वह रे मेरी प्यारी बहन इसको तो पता भी नहीं है वो क्या चीज है पर ऐसे लड़ रही है की...

इसको सब पता है और उसको बहुत पसंद है वो चीज...

और उसने ऐसे मासूमियत से पूछा था मुझसे की मुझे उसपर बहुत प्यार आ रहा था... .

Mai-(Uske गाल को किश करते हुए) बेतु वो एक खाने की चीज है और इस दुनिया की सब्सि लाजवाब और स्वादिष्ट चीज है तुम एक बार खाओगी न तो बस कहते hi रह जोगु और दे दो बोलेगी...

Ditya-Acha इतनी अछि चीज है तो फिर मुझे वो भी पूरी की पूरी चाहिए.. मई सब खाउंगी... और वो भी रोज..

मई- मई तुम्हारे लिए यहाँ पर चॉकलेट की पूरी दुनिया बना दूंगा...

फिर उसमे जाकर तुम कितना चॉकलेट और बहुत कुछ खा सकती हो...

कायनात- सच भैया फिर तो हम चलेंगे वह पर...

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Ditya-Nahi भैया इन्हे मत ले जाओ और भैया सिर्फ ये मेरे लिए कर रहे है इसलिए वह सिर्फ मई hi जाउंगी... है न भैया

Mai-Ha बेतु मई ये सब तुम्हारे लिए तुम सबके लिए कर रहा hu.Aur वह पर तुम सबका पेट भर सके इतना है. अब तो खुश है न...

दित्य- है बहुत खुश.. .

फिर हमने ऐसे hi कुछ देर बातें की और बहुत धमाल मस्ती की उन सबके साथ...

तभी मेरे नानाजी वह पर आ गए जो मुझे देखकर स्माइल करते हुए कहने लगा..

नानाजी- आ गए रूद्र बीटा चलो मुझे तुमसे कुछ बात करनी है...

नानाजी हमेशा काम की hi बात करते थे..

फिर क्या हम दोनों वही जगह चले जाये जहा पर हमेशा नानाजी मुझे बातें करने के लिए ले जाते है...

और है ये वही जगह है जहा पर थे लार्ड ने मुझे मेरी शक्ति दी थी और उसी से वो बी अंश आ गया था...

नानाजी- कैसे हो बीटा...

मई- ाचा हु नानाजी...

नानाजी- कैसी है वो तुम्हारी नयी शक्ति....

ये कहकर वो हसने लगे तो मई उनसे कहता हु...

Mai-Kya नानाजी आप को तो सब पता hi है फिर भी पूछ रहे हो.. और ये सब आपने hi दिया है मुझे...

नानाजी- मैंने तुम्हे कुछ भी नहीं दिया बीटा जो भी है तुम्हारा hi है बस उसे कण्ट्रोल करके रखा था जब उसकी जरुरत पड़ी तब उसे जगा दिया...

मई- पर नानाजी वो बहुत परेशां करता है मुझे.

Nanaji-Dekho बीटा तुम्हारे अनादर जितनी वाइट शक्तिया है उतनी hi ब्लैक शक्तिया भी ..

और ये जो अभी नींद से उठी है उनमे ब्लैक शक्तिया का अंश है इसलिए वो ऐसी है...

और तुम्हे उसकी कटपुतली बनकर उसके इशारो पर नाचना नहीं है...

बल्कि उसको अपना फ्रेंड बनाकर उसको अपना hi पार्ट्स समझकर अपनाना है...

ये वही शक्ति है जो तुम्हारे अंदर बहुत डीप में जो तुंहरे ख्वाहिशे है जो भी वह चल रहा है ये वही है और कुछ नहीं...

अगर इसे प्यार से नहीं कण्ट्रोल किया तो ये तुम्हारे ऊपर कण्ट्रोल कर देगी और फिर उसका जो रिजल्ट होगा वो बहुत hi बुरा होगा...

इसलिए हमने तुम्हे वह भेजा है ये तो सिर्फ उस ब्लैक मैजिक का अंश है धीरे धीरे सो पूरी तरहसे जागृत हो जाएगी...

तो सबसे पहले इसको कण्ट्रोल करना सीखो और ज्यादातर अपने गुस्से पर..

क्यों की ये ज्यादा तर तुम्हारे गुस्से के ऊपर काम करती है जितना ज्यादा तुम्हारा गुस्सा उतना hi ज्यादा इस शक्ति का परिणाम...

और इसे सिर्फ प्यार से hi कण्ट्रोल किया जा सकता है... अब तुम्हे सिर्फ वही करना है...

Mai-Ok नानाजी...

नानाजी- और एक महत्वपूर्ण बात करनी है तुमसे बीटा...

मई- बोलो नानाजी...

Nanaji(The लार्ड)- बीटा तुम्हे पता है हमारी ये दुनिया बाकि दुनिया से अलग है....

Mai-Ha नानाजी और इसीलिए यहाँ आना किसी के लिए संभव नहीं है... फिर चाहे वो कोई भी हो....

थे लार्ड- देखो बीटा तुम जहा अभी रहते हो वह का टाइम यहाँ से बहुत hi फ़ास्ट है...

मतलब जब से तुम यहाँ ए हो तब से वह पर पूरा 50 साल तो बिट चुके होंगे आराम से...

मई ये बात सुनकर बहुत hi शॉकेड हो गया था क्यों की सच में ये बात मेरे लिए बहुत बड़ा सरप्राइज और शॉकिंग न्यूज़ था...

पर इस सदमे में मई कुछ दिन पहले हुवा सन भूल गया था मतलब जब मई यहाँ पहली बार आया था तब का...

मई- (शॉक) Kkkyyyaaaa......Nanaji इतना वक़्त हो गया है मुझे यहाँ आकर...

पता नहीं मेरे जाने के बाद वह पर क्या हाल हो गया होंगे सबका. मुझे जाना होगा नानाजी अब...

Nanaji-Ruko रूद्र... जब तुम पिछली बार और थे तब वह पर 1500 साल गुजर गए थे ..

पर फिर भी तुम तुम्हारे टाइम पर पहुंच hi गए थे न... जहा पर तुम्हारी जरुरत थी...

ये सुनकर मई रुक जाता हु और उस बारे में सोचने लगता हु है यार ये तो सच है...

अगर नानाजी ने पहले जो बताया वो सही है तो फिर अब जो कह रहे है वो क्या है...

मई फिर से थे लार्ड के पास जाकर बैठ जाता हु और उनसे कहता हु...

मई- नानाजी ये सब क्या है मुझे तो कुछ समाज hi नहीं आ रहा है...

नानाजी- क्यों की तुम हमारे hi अंश हो और भूलो मत तुम्हारे अंदर कैसी कैसी शक्तिया है...

Mai-To क्या हम किसी भी वक़्त में जा सकते है...

Nanaji-Ha भी और नहीं भी...

मई- मतलब मई समजा नहीं...

थे Lord-Tum नहीं जा सकते अभी के लिए तो... क्यों की अभी तक तुम्हारे पास वो शक्ति आयी नहीं है...

और है इसीलिए मैंने तुम्हे वह भेजा है की तुम वह पर बहुत कुछ सिख सको वो भी जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी...

और तुम पूरी तरह से काबिल बन सको पहले से भी बेहतर...

मई- पर ये सब किसलिए?

थे लार्ड- तुम्हे ये सब वह का वक़्त hi बता देगा मई नहीं... और है तुम जब तक वह पर हो..

और अपना कार्य कर रहे हो तब तक कोई भी किसका भी कुछ भी फ्यूचर नहीं है...

मई- मतलब किसका भी कुछ फ्यूचर नहीं है ये मई समजा नहीं...

थे Lord-Maine कहा न इसीलिए तुम्हे वह भेजा गया है की तुम वह से लौट कर आओ तो पूरी तरह से परफेक्ट और परिपक्व बनकर आ जाओ...

उसके बाद खुद तुम्हे सब पता चल जायेगा..

मई- जैसे आप कहे नानाजी पर नानाजी मुझे एक बात बताओ अगर ये सब टाइम का ऐसा खेल है तो फिर जब मई फर्स्ट टाइम से गया था तो उसको कितने साल बिट गए है और यहाँ पर कितने दिन...

नानाजी- अगर मैंने बता दिया तो तुम समाज नहीं पाओगे इसलिए ये बात अपने अंश से hi पूछ लो... वही तुम्हे अछि तरह से सब कुछ बता पायेगा...

Mai-Ok नानाजी और कोई बात है नानाजी...

थे Lord-Ha है बीटा एक बात है देखो जिस तरह से दोनों दुनिया का टाइम अलग है उसके हिसाब से ये दुनिया इन सब मोहमाया से बहार है..

मतलब जैसे तुमने कहा था न जहा पर तुम्हारी सोच ख़तम वही से हमारी शुरू...

ये नानाजी के मुँह से सुनते hi मई शर्माने लगा और हसने भी लगा क्यों की मेरा डायलाग मुझे hi मार दिया था...

पर उनके मुँह से वो डायलाग सुनकर बहुत ाचा लग रहा था...

थे लोरड़मेरी हसी को देखते हुए वो मुझसे कहते है...

थे लार्ड- वैसे तुम्हारा डायलाग तो ाचा है पर अब मेरा भी सुन लो न मेरे सोच की कोई शुरवात है और नहीं कोई अंत...

सच में यार क्या डायलाग था उनका मतलब सही में यार उनके डायलाग को समझने के लिए अपने पास उस तरह की सोच होनी चाहिए की हम उनकी सोच को समाज सके...

Nanaji-Chalo जाने दो पर तुम्हारा वो वर्ड यहाँ पर भी फिट बैठता है... जहा पर वो दुनिया ख़तम वही से ये दुनिया स्टार्ट...

पर अगर सोचा जाये तो इसमें मेरे सोच का भी अंश है...

न उस दुनिया का कोई चोर है मतलब न स्टार्टिंग पॉइंट है और नहीं एंडिंग पॉइंट है...

तो सोचो इस दुनिया का कैसे होगा... बस कुछ ऐसे वेज़ है जो सिर्फ इन दोनों दुनिया को hi नहीं बल्कि सभी दुनिया को कनेक्ट करते है... लिखे लूप्स...

जो समय और दिमाग से परे है... जिनको समझना और महसूस कर पाना इम्पॉसिबल....

थे Lord-Tum सोच रहे हो की ये सब मई तुम्हे अभी क्यों बता रहा हु...

मैंने कुछ नहीं कहा पर ऐसे दर्शाया जैसे मई उनसे आंसर की अपेक्षा कर रहा हु...

थे लार्ड- क्यों की उस दुनिया में ऐसा कुछ होने वाला है जो वह के लोगो के लिए समाज पाना और महसूस कर पाना इम्पॉसिबल है....

Mai-Matlab क्या होने वाला है वह पर...

थे Lord-Rudra वह पर होने वाला नहीं है बल्कि हो गया है...

ये सब उनके कर्मो की hi करनी है जिसे उन्होंने अपने hi मौत की तरफ ले जा रही है और उससे बचने का कोई भी रास्ता नहीं है उनके पास..

Mai-Matlab मई समजा नहीं आप क्या कहना चाहते हो.......................................

 
अपडेट 64

Nanaji-Chalo जाने दो पर तुम्हारा वो वर्ड यहाँ पर भी फिट बैठता है... जहा पर वो दुनिया ख़तम वही से ये दुनिया स्टार्ट...

पर अगर सोचा जाये तो इसमें मेरे सोच का भी अंश है...

न उस दुनिया का कोई चोर है मतलब न स्टार्टिंग पॉइंट है और नहीं एंडिंग पॉइंट है...

तो सोचो इस दुनिया का कैसे होगा... बस कुछ ऐसे वेज़ है जो सिर्फ इन दोनों दुनिया को hi नहीं बल्कि सभी दुनिया को कनेक्ट करते है... लिखे लूप्स...

जो समय और दिमाग से परे है... जिनको समझना और महसूस कर पाना इम्पॉसिबल....

थे Lord-Tum सोच रहे हो की ये सब मई तुम्हे अभी क्यों बता रहा हु...

मैंने कुछ नहीं कहा पर ऐसे दर्शाया जैसे मई उनसे आंसर की अपेक्षा कर रहा हु...

थे लार्ड- क्यों की उस दुनिया में ऐसा कुछ होने वाला है जो वह के लोगो के लिए समाज पाना और महसूस कर पाना इम्पॉसिबल है....

Mai-Matlab क्या होने वाला है वह पर...

थे Lord-Rudra वह पर होने वाला नहीं है बल्कि हो गया है...

ये सब उनके कर्मो की hi करनी है जिसे उन्होंने अपने hi मौत की तरफ ले जा रही है और उससे बचने का कोई भी रास्ता नहीं है उनके पास..

Mai-Matlab मई समजा नहीं आप क्या कहना चाहते हो...

आगे.................

थे Lord-Rudra वह पर एक ऐसा hi लूप ओपन हो गया है पर अभी तक ये पता नहीं चला की वो लूप कैसे किसने और क्यों ओपन किया है...

और धरती पर कहा ओपन हो गया hai..Kya यही नियति है या फिर कुछ और..

और अगर ऐसा है तो फिर उसका परिणाम कितना खतरनाक हो सकता है सबके लिए ये बता पाना मुस्खिल है...

Mai-Par आपके नजरो से कुछ छुपा भी नहीं है और न hi ऐसी कोई बात है जो आपको पता नहीं है और साथ hi उसके पीछे का रीज़न...

तो फिर आप खुद hi क्यों नहीं उसको ढूंढ लेते और ख़तम कर देते...

थे Lord-(Smile करते हुए) वैसे अभी भी तुम मुझे अपने hi बातो में फसा देते हो रूद्र... पर है इस बार नहीं ये सब मुझे पता भी चल गया होगा पर फिर भी इसका जवाब मई तुम्हे नहीं बताऊंगा..

वो तो तुझे खुद hi ढूंढ़ना पड़ेगा. और मई उसमे तुम्हारी कुछ भी मदद नहीं करने वाला....

मई- ऐसे क्यों नानाजी आप थोड़ी तो हिंट बता दो.....

थे Lord-Mere ख्याल से इतना हिंट तुम्हारे लिए बहुत है... और अभी तो बस शुरुआत हुयी है अभी तो बहुत कुछ होना बाकि है...

ये कहकर वो थोड़ी सी स्माइल देते है और फिर से कहते है...

थे लार्ड- अब जाओ जाकर अपना काम करो और है शायद इसी की बजह से तुम्हे और एक बार सफर के लिए जाना पद सकता है...

Mai-Matlab कहा और कोनसे सफर के लिए.....

थे लार्ड- वही जहा पर तुम हमेशा जाते हो और अपने अंदर के खोये हुए जज्बात को अपने शक्ति को हासिल करते हो...

एक और बात शायद इस बार तुम्हारे साथ कोई और भी चलने वाला है...

उसको भी अपने साथ लेकर चले जाओ मजा आएगा इस बार कुछ पुराणी यादें तजा होगी तुम्हारी...

अभी मई कुछ कहने hi वाला था की तभी वो फिर से कहने लगे...

नानाजी- कभी कभी जवाब आसानी से प् ले ने से ाचा है खुद भी ढूंढ लिया करो उसमे जो नशा होता है वो एक अलग hi लेवल का होता है...

बहुत से ऐसी बातें है जो मई तुम्हे बताना चाहता हु पर मुझे लगता है मेरे बताने से ाचा है तुम खुद उन सब बातो को महसूस करो

और मुझे नहीं लगता की उसमे जो मजा अत है वो तुम मिस करने वाले.....

नानाजी के इस बात से मई शांत hi बैठ गया और आगे कुछ कह hi नहीं सका..

क्यों की उनको क्या कहना था मई पूरी तरह से समाज गया था..

तो मई उनकी पूरी बात समझकर कहता हु.

मई- ठीक है नानाजी जैसा आप कहे और अब मुझे भी पता चल गया है मुझे क्या करना है तो अब मुझे चलना चाहिए...

Nanaji-Ha पर जाने से पहले अपने बहन से मिलकर जरूर जाना वार्ना वो पूरा महल अपने सर पर ले लेगी...

बहुत सैतान हो गयी है वो बिलकुल तुम्हारी तरह और अब तो तुम्हारे आने से वो और भी सैतानी कर रही है...

तभी मुझे कुछ याद आ गया तो मई उनसे कहने hi जा रहा था तभी वो कहने लगे.

थे लार्ड- अभी नहीं बाद में.. वो भी होगा पर अभी उसको टाइम है पहले तुम अपना काम करो...

वो खुद तुमसे कहेगी इस बारे में और तब न मई रोक पाउँगा और नहीं कोई और तब तक एन्जॉय करो...

मई- उनकी बातो का मतलब समझकर मई अपनी दित्य के पास चला गया कुछ देर उससे बात की...

और फिर मई लौट आया नानाजी के मदद से अपने धरती पर उसी टाइम में उसी वक़्त में जब मई ये सब छोड़कर गया था..

कुछ नए सोच के साथ इस बार ज्यादा देर न हुयी...

फिर मई अपने घर चला गया और वही पर भाई को कॉल कर बुला लिया मैंने ..

घर में जाते hi माँ मुझसे कहने लगी...

माँ- बीटा कहा रहा था तू इतनी देर... चल अब अजा खाना खले ... सुबह से तूने कुछ भी नहीं खाया है....

Mai-Nahi माँ मई खाकर आया हु अभी....

Mom-Kaha से आया है तू खाकर.. तेरा भाई तो कह रहा था हम दोनों आ रहे है अभी घर खाना तैयार रखो...

मई अपनी जीभ दांतो पर दबाते हुए सोचने लगा.

Mai-(Man में) अब उनको क्या बताऊ मई कहा से खाना खाकर आया हु....

माँ- अरे माँ अपने ऑफिस में जो खाना बनाया था तो बस वही खाकर आ रहा हु बहुत भूक लगी थी मुझे तो बस वही खाकर आया हु अभी...

Mom-Acha Ok जा फिर अपने रूम में आराम कर बहुत दिनों से तू बस काम hi कर रहा है...

Mai-Ha माँ... लव यू...

ये कहकर मई ऊपर जाने hi वाला था की तभी एक आलास देने वाली अबाज सुनाई देती है...

तो मई इधर उधर देखता हु पर कोई भी नहीं दिखाया देता...

बी Ansh-Kise ढूंढ रहा है बे...

मई- सेल तुझे hi... ये अबाजे क्यों निकल रहा था...

बी अंश- क्यों मतलब मई अभी सोकर उठा हु तो आलास hi दूंगा न...

Mai-Acha लेकिन तू सोया कैसे हम दोनों तो बातें कर रहे थे न...

बी Ansh-Pata नहीं यार कभी कभी मुझे अचानक से नींद आ जाती है इस बार भी वैसा hi हुवा... वैसे हम घर कब आ गए...

ये तो वही समय था जब मुझे दित्य की अबाज सुनाई दे रही थी... इसका क्या मतलब हुवा भाई...

बी अंश- क्या सोच रहा है भेंडी..

मई- कुछ नहीं रे वो तो बस ऐसे hi आराम करने जा रहा था रूम ने...

बी Ansh-Nahi अब बहुत हुवा आराम अब च चलते है काम करने छूट मरने...

Mai-Tu सोया था मई नहीं और पता नहीं इस 1 दिन में मैंने कितने दिनों की जिंदगी जी ली है. इसलिए मेरा सोने का मूड है

बी अंश- पर तेरे मुन्ने का नहीं देख छूट का नाम सुनते hi कैसे खड़ा हो गया और मुझे भी कुछ नहीं पता मुझे छूट चाहिए मतलब चाहिए बहुत हुवा आराम...

वैसे भी तूने तो वो सुना hi होगा न आराम हराम होता है...

मई- अब मई कहा से लेकर औ तेरे लिए छूट... और कहा से करू अपने लिए छूट का जुगाड़..

बी अंश- अरे वो अपनी कल वाली आइटम है न जिसकी हमने कल hi सील तोड़ी थी...

Mai-Are है मई तो उसको भूल hi गया था कल से मैंने उसको कॉल भी नहीं किया अब उसकी तबियत कैसी है रुक कॉल करता हु...

बी Ansh-Are कॉल क्यों कर रहा है चल न उसके घर वह जाकर hi उसकी हालत देखके एते है... अगर चांस मिला तो फिर....

ये कहकर वो हस्ता है और मई भी उसकी बातों का मतलब समजकर हस्ते हुए...

जैसे hi अपने रूम में जा रहा था वैसे hi रेतुर्न गियर डालकर निचे आ गया...

तो माँ मिल गयी निचे उन्होंने मुझे बहार जाते हुए देख लिया तो पूछ लिया...

माँ- अभी तो आया है कहा जा रहा है तो मैंने भी बोल दिया...

मई- है माँ वो कुछ काम याद आ गया है तो बस उसी के लिए जा रहा हु...

ये कहकर मई वह से जल्दी से चला गया वार्ना अगर कोई और देख लेता तो वही रुकना पड़ता..

और अब मई अपनी बाइक लेकर वह से चला गया मृणाली के घर....

वह जाने के बाद मैंने दूर नॉक किया तो उसने hi दूर खुला पर वो आज बहुत hi हॉट दिख रही थी...

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उसने शार्ट और स्लीवलेस टॉप पन्हा था एक दम सेक्सी बम.. तो मुझे देखते hi वो मुस्कुराकर कहती है...

मृणाली- क्या हुवा आज कैसे आना हुवा हमारे गरीब के घर...

मई- बस ऐसे hi याद आ गयी और है वो तुम्हारी तबियत भी पूछनी थी...

मृणाली- मेरी तबियत....

ये याद एते hi वो बहुत hi अलग तरीके से शर्मायी...

Mai-Ab क्या अंदर भी नहीं आने डोंगी... वैसे कल भी आया था अंदर तो आज उतनी प्रॉब्लम नहीं होगी...

Mrunali-Hhhaa.a.... मतलब... क्या कहा तुमने अभी....

और फिर मेरी बातों का मतलब समजकर उसने मुझे रास्ता देते हुए धीरे से कहा जो मैंने सुना...

मृणाली- कमीना....

हम दोनों सोफे पर आकर बैठ गए... कल की बजह से वो मुझसे थोड़ी शर्मा भी रही थी और इसी बजह से वो मुझसे थोड़ी दूर भी जाकर बैठ गयी..

तो मई बात आगे बढ़ाते हुए कहने लगा..

मई- तो श्याम नहीं आया क्या अब तक...

मृणाली- नहीं उसको 1 वीक और लगेगा शादी का माहौल है न तो काम भी बहुत होते है...

और यहाँ मेरे एग्जाम भी नजदीक आ गए है अब फाइनल ईयर के तो इसलिए मई नहीं जा पायी.

इसने तो मेरे पूछने से पहले hi सबकुछ बता दिया लगता है ये शायद मुझे न्योता दे रही थी या फिर बता रही थी 1 वीक तक मई अकेली hi हु घर में...

Mai-Acha ऐसी बात है... तो मुझे यहाँ अब डेली आना पड़ेगा तुम्हारा ख्याल रखने के लिए...

अब कोई नहीं है यहाँ पर तुम्हारा भी ख्याल रखने के लिए कोई चाहिए न...

ये सुनकर वो तो पूरी यारह से शर्मा गयी.. जैसे मई उसे कह रहा हु अब तो पूरा 1 वीक अपना hi है और इस पुरे 1 वीक में मई तुम्हारी पूरी खातिरदारी करूँगा. .

मृणाली- तुम यहाँ बैठो मई कुछ पानी लेकर अति हु...

ये कहकर वो उठी और अपनी नागिन जैसी कमर हिलाते हुए किचन में चली गयी और तभी बी अंश कहता है....

बी अंश- अबे जा उसके पीछे देखा न कैसी अपनी गांड हिलाते हुए चली गयी..

और किचन में hi जाकर उसके पीछे से hi उसको पेल दियो वो तो अब तेरे को पुरे 1 वीक का न्योता दे रही है... जा...

ये सुनते hi मई झट से खड़ा हो गया और आराम से किचन में जाते hi उसको पीछे से हुग कर दिया...

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वो तो मेरे ऐसे हुग करने से दर hi गयी थी... और झट से दूर हैट गयी...

Mai-What...Kya हुवा?

मृणाली- Nahi...Dipu... ये सही नहीं है तुम... तुम अभी छोटे हो और ये सब गलत है... और... अगर किसी ने हमे ऐसे इस हालत में देख लिया तो...

मई- शःह्हष्ठ्हह... कुछ भी गलत नहीं है Ok... और हम यहाँ है घर में वो भी तुम्हारे...

यहाँ देखो मेरी आँखों में... क्या तुम्हे सच में लगता है ये गलत है और ये हमने जो किया है वो नहीं करना चाहिए...

मृणाली तो मेरे आँखों में देखते hi जैसे हिप्नोटिस हो गयी थी तो वो सिर्फ न में सर हिलती है.. तो मई उसे आगे कहता हु....

Mai-Kya तुम्हे जो भी कल हुवा वो पसंद नहीं आया क्या? या तुम्हे ऐसा लगता है जो हुवा वो फिर से नहीं होना चाहिए...

तो उसने इस बार है में सर हिलाया तो एक बार न में...

मई- Are...to फिर तुम दर किस्से रही हो अब देखो ये पूरा वीक सिर्फ हम दोनों hi है सिर्फ हम दोनों तो सोचो हम दोनों कितना मजा कर सकते हसि...

मृणाली- (आंखे निचे करते हुए) हम्म्म्म.....

Mai-(Uska सर ऊपर करते हुए) तो फिर तुम खुद को क्यों रोक रही हो बाह जाने दो अपने आप को इस प्यार में और आनंद लो उस पल का...

मृणाली- लेकिन कोई....

मैंने इस बार उसके लबो को हलके से चूमा और मई उससे कहने लगा...

मई- यहाँ कोई है hi नहीं तो कोण देखेगा हमे. ..

ये कहते hi मई उसके लबो पर प्यार से और एक बार चुम लेता हु तो वो इस बार अपनी आंखे बंद कर देती है...

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उसकी बंद आँखों की तरफ देखकर लग रहा था की वो मान गयी तो मई फिर से एक बार उसको लबो को चूमने लगता हु तो वो भी मेरा इस बार साथ देती है और हो जाती है हमारी शुरुवात...

वो भी मुझे जोर जोर से किश कर रही थी और मई भी अब उसको जोर जोर से किश कर रहा था...

मई तो उसके पुरे मुँह की चुम रहा था और साथ hi उसके मुँह अपने लबो से छोड़ भी रहा था...

वो भी पूरी तरह से वाइल्ड हो गयी थी तो मैंने उसके होठो को कांत भी लिया ..

वो भी मस्त सुरूर में आकर मेरा पूरी तरह से किश में साथ दे रही थी...

इस किश में पता नहीं हम दोनों ने एक दूसरे के कपडे कब निकल दिए...

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जब मेरा नंगा लुंड उसके नंगे हुयी और कल की बजह से फूली हुए छूट पर ठोकर मार रहा था तब मुझे लगा की हम दोनों नंगे हो गए है तो फिर क्या...

मैंने उसको वही किचन के फ्लोर पर बिठाया और जोर जोर से स्मूच लेते हुए उसके बूब्स भी दबा रहा था और साथ hi हलके हलके से मेरा लुंड उसकी छूट पर धड़क भी मर रहा था...

मई उसके मुँह को छोड़ कुछ देर उसके गले से लेकर पेट तक जीभ फिराया...

और फिर उसके निप्पल को अपने मुँह में लेते हुए जोर जोर से चूमने लगता हु...

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कभी जोर से उस निप्पल को अपनी मुँह में भर लेता जैसे मई पूरी शबाब में आकर दूध पि रहा हु...

और कभी कभी उसके निप्पल को काटने भी लग जाता हु...

वो भी अब पूरी शबाब में आ गयी और जोर जोर से आहे भर रही थी..

उसको भी इसमें मजा आने लगा था.. और चिल्ला भी रही थी...

मृणाली- Aaaaahhhhh....Diiipppuuuu....aarrraammmm से... काट क्यों रहे होओओओ.....

ह्ह्हम्म्म ... आऊर जूरर से.... पपूररा पि खा ज्जाऊऊ... बहुत मजा आ रहा है......

Aaahhhhh.........hhhhhhmmmmmm........ ऊऊओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.........

दद्दीिपप्पूउऊउउउ........ पता नहीं तुम इतने दिन कहा थे... पहले hi आ जाते तो और मजा कर लेते...

Mai-(Uske निप्पल को काँटते हुए) अभी तो हमारे पास पूरा हफ्ता है मेरी जान...

मृणाली- अब मुझसे ज्यादा कण्ट्रोल नहीं होता जाएं .. अब दाल भी दो मेरी फुद्दी में...

फिर क्या मेरा तो पहले से hi वह पर ठोकर मार रहा था और अब तो ग्रीन सिग्नल भी मिल गया...

इस बार निशाना लगाया और पहात से छूट शॉट... आधा लुंड अंदर चला गया था...

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उसका तो दूसरा hi टाइम था इसलिए उसको बहुत दर्द हो रहा था.. और वो दर्दसे चटपटा भी रही थी...

पर मई रुका नहीं मई दंडन शॉट लगते जा रहा था... और उसको भी मैंने चिल्लाने का पूरा मौका दिया और फिर पूरा अंदर दाल दिया...

एक बार चला गया तो मई कुछ देर रुका रहा और उसको किश करने लगा तो वो कहने लगी...

Mrunali-Pure जानवर हो तुम ऐसे भी कोई डालते है क्या?

मई- जी नहीं अभी तक अपने देखा hi कहा है की ये जानवर छोड़ता कैसा है... अब ये देखो इस जानवर को...

ये कहते hi मैंने फिर से जोर जोर से धक्के लगाने लगा.. और वो जोर जोर से आअह्ह्हेयी..... भरते हुए चिलाती रही...

कुछ देर छोड़ने के बाद वो खुद hi निचे बैठकर मेरा लुंड अपने मुँह में लेकर जोर जोर से चूसने लगी....

वहहह... क्या चूस रही थी यार बहुत मजा आ रहा था....

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और मैंने भी उसको रोका नहीं पूरा 1 घंटे तक मई उसको छोड़ता रहा.....

कभी मई ऊपर तो कभी वो ऊपर... कभी वो घोड़ी तो कभी वो hi दोगी पोजीशन में उसको छोड़ता रहा...

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किचन का एक कोना भी नहीं छोड़ा मैंने और लास्ट में सोफे पर डालकर पूरा पानी उसके छूट के अंदर hi दाल दिया...

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इस 1 घंटे में वो पता नहीं कितनी बार झड़ी थी... अब हम कुछ देर आराम करने लगे.. तो मृणाली कहती है...

Mrunali-Dipu तुम्हे भूक लगी है....

मई- है जरूर इतनी म्हणत के बाद तो भूक लगेगी hi न....

ये सुनकर वो हसने लगी और फिर वो ऐसे hi नंगी हालत में खाना बनाने के लिए निकल गयी...

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और मई यहाँ कुछ देर आराम किया और फिर खाना खाने के बाद हम दोनों फिर से स्टार्ट हो गए...

वैसे खाना कहते समय भी मई उसको परेशां करता रहा क्यों की मैंने उसको अपने गोदी में hi बिठाया था...

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2-3 राउंड लगाने के बाद मुझे दी का कॉल आया तब मेरा ध्यान वाच की तरफ गया...

Mai-Shiittt... यार पूरा दिन निकल gaya.Ab तो माँ बहुत चिल्लायेगी....

फिर मई जल्दी से कपडे पहने और उसको लास्ट में एक किश देकर निकल पड़ा और बाइक के साथ आ गया घर में...

घर में एते hi मुझे कोई नहीं दिखाई दिया तो मई अपने रूम की तरफ जाने लगा...

क्यों की सुबह से छोड़ रहा था तो बॉडी में उसकी खुसबू रह गयी थी और अगर ये खुसबू किसी ने ले ली...

तो उसके खुशबु का तो पता नहीं पर मेरी खुशबु निकल जाएगी...

और फिर वो किस लड़की का परफ्यूम था इस बात पे जुंग छेड़ेगी...

और वैसे भी इस घर में ऐसा कोई नहीं है जो डिटेक्टिव नहीं है मुझे छोड़...

ये सोचते हुए मई अपने रूम की तरफ जाने लगा.. तभी जिसका दर था वही सामने आ गया...

यानि आप सबकी प्यारी और मेरी प्यारी दुश्मन ऋतू की अबाज सुनाई दी जो मुझसे hi कह रही थी...

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रितिका- ये मच्छर... कहा से आ रहा है...

भाई उसकी अबाज सुनते hi मेरी तो पहात के हाथ में आ गयी थी क्यों की अगर उसको पता चल गया तो बस मेरी कुछ खैर नहीं..

तभी बी अंश कहता है...

बी Ansh-Bhai पतली गली से निकल ले.. वार्ना ये अगर पास आ गयी न तो जो मुझे मिल रहा है वो भी नहीं मिलेगा..

Ritu-Ye Hello मई कुछ कह रही हु तुझसे...

मई उसकी बातो को इग्नोर करके भाग कर अपने रूम में आ गया और अंदर से लॉक लगा दिया और जल्दी से भाग गया नहाने के लिए...

और वो वह सोचने लगी की यार अब ये क्यों भागने लगा मुझे देखते हुए...

पर वो शायद किसी और hi सोच में थी इसलिए उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया...

Ritu-(Man में) जाने दो उसको बाद ने देखती हु... पहले मुझे अपने काम पर फोकस करना है..

पता नहीं वह का क्या हाल हो गया होगा और मुझे बहुत दर भी लग रहा है पर जाना तो पड़ेगा...

ये कहकर वो भी चली गयी लेकिन ऐसे hi नहीं वो वह से गायब होकर कही चली गयी पता नहीं उसको ऐसा क्या काम याद आ गया था और उसको कहा जाना था...

और इधर मई फ्रेश होकर खाने के लिए आ गया निचे तो भाई अपने रूम ने बैठे थे...

तो मई चला गया उनसे बात करने के लिए. मतलब आज के बारे में पूछने के लिए....

यहाँ पर जिस जगह वो बहुत बड़ा एक्सप्लोसिव हुवा था वो जगह तो पूरी hi ख़तम हो गयी थी...

वो तो ाचा था की ये सब जिस कंट्री में हो रहा था वह की hi सर्कार ये सब करवा रही थी या फिर कोई ऐसा जिसके हाथ में पूरी सर्कार है... ये तो वो लोग hi जाने...

इसलिए ये सब जो हुवा वो कही बहार नहीं गया और नहीं मीडिया में आया...

और नहीं वह पर कोई भी इंसान मरे क्यों की वो जगह तो सब इलाको से बहुत दूर थी... इसलिए उस हमले में सिर्फ वो एक hi जगह ख़तम हो गयी थी...

ये सब होने के कुछ देर बाद वह पर कुछ गाड़िया अति है जो उन सब साइंटिस्ट लोगो की थी...

जो सर से लेकर पाओ तक PPE(Personal प्रोटेक्शन इक्विपमेंट) किट को पहन कर ए हुए थे...

वो कुछ 50 साइंटिस्ट थे जो उस एरिया की छानबीन करने के लिए ए थे...

वह पर क्या हुवा ये तो उनको मालूम हो गया था... पर उसके बाद करीब 9 घंटे बाद भी उनको वह पर कुछ भी नहीं दिखाई दिया...

और अचानक से वह का माहौल चेंज होने लगा पता नहीं कैसे...

पर उनको वह पर एक सॅटॅलाइट से कुछ अजीब सी इमेज दिख रही थी....

उनको कुछ ऐसी रीडिंग मिलने लगी जिसे समझना उनके लिए इम्पॉसिबल था..

एक अलग hi फ्रीक्वेंसी उनको वह पर महसूस हो रही थी... एक डिफरेंट एनर्जी...

और साथ hi वह कुछ स्पेशल चीज चमक रही है ऐसा भी कुछ लग रहा था उनको...

कुल मिलकर ऐसा लग रहा था की जब तक उसको आँखों से नहीं देख लेते तब तक पता नहीं चलेगा...

इसलिए वो सब वह ज्यादा देर न करते हुए देखने के लिए आये थे...

उनको क्या दिखा और क्या हो रहा है अभी वह पर...

वह पर इतना बड़ा एक्सप्लोसिव धमाका हो गया था की अभी तक वह पर पूरी तरह कोहराम फैला हुवा था...

अब मई स1 और स2 का नाम बता देता हु...

S1(Dr. Dollitle/Dr.D)-Yaha का तो अभी भी बहुत टेम्परेचर बहुत हाई है...

और साथ hi सब जल रहा है पर उसी के बिच में जो हमे दिख रहा था उसकी एनर्जी भी महसूस हो रही है और एक तरह का खिचाव भी...

S2-(Dr. रेड्डी/ डॉ. र) है सर हम वह पर पहुंच hi गए है तो चलो देख लेते है की वो क्या चीज है वो देखो अजीब सी लाइट उस तरफ से आ रही है.....

वो जगह तो पूरी तरह से खण्डार तो बन hi गयी थी पर उस खण्डार में भी वो अपना रास्ता निकलकर चलने लगे...

और उनके साथ कैच सिक्योरिटी भी थी हत्यार लेकर अगर कुछ हो जाये तो सँभालने के लिए...

और साथ hi वो डॉ. जॉन भी था जो इन सबपे नजर रख हुवा था और जो अभी वही फंड आउट करने आया है जो उन सबने देखा था....

और वो उस जगह पहुंच जाते है जो लाइट से चमक रही थी..

एक ऐसी लाइट जिसको पहले उन्होंने कभी भी नहीं देखा था... उसमे से एक ब्लू रेड कलर की रौशनी आ रही थी...

और साथ hi ब्लैक कलर की भी पर उनको अभी भी समाज नहीं आ रहा था की वो क्या चीज है..

लेकिन उनको एक बात बहुत hi सरप्राइज लगी वो ये की वो चीज जो भी थी वी हवा में थी... यानि पूरी तरह से हवा में लटक रही थी...

वो थोड़े नजदीक गए तो उनको उस रौशनी का एक शेप दिखने लगा जैसे बहार से वो Blue-Yellow कलर की थी...

और अंदर से पूरी तरह से ब्लैक..

अगर उसको देखा जाये तो ऐसा लग रहा था की वो एक सर्किल है और उसके अंदर का भाग खोकला है मतलब वो किसी कड़े की तरह दिख रहा था कुछ ऐसा....

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लिखे ब्लैक होल....................................

 
अपडेट 65

और वो उस जगह पहुंच जाते है जो लाइट से चमक रही थी..

एक ऐसी लाइट जिसको पहले उन्होंने कभी भी नहीं देखा था... उसमे से एक ब्लू रेड कलर की रौशनी आ रही थी...

और साथ hi ब्लैक कलर की भी पर उनको अभी भी समाज नहीं आ रहा था की वो क्या चीज है..

लेकिन उनको एक बात बहुत hi सरप्राइज लगी वो ये की वो चीज जो भी थी वी हवा में थी... यानि पूरी तरह से हवा में लटक रही थी...

वो थोड़े नजदीक गए तो उनको उस रौशनी का एक शेप दिखने लगा जैसे बहार से वो Blue-Yellow कलर की थी...

और अंदर से पूरी तरह से ब्लैक..

अगर उसको देखा जाये तो ऐसा लग रहा था की वो एक सर्किल है और उसके अंदर का भाग खोकला है मतलब वो किसी कड़े की तरह दिख रहा था कुछ ऐसा....

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लिखे ब्लैक होल..........................

आगे.................

तभी डॉ. रेड्डी कहते है....

Dr.Reddy(Dr. र)- सर ये तो लगता है हमारा प्रोजेक्ट सर्किल है.. उसको दिखने से ऐसा hi लग रहा है...

डॉ. डोलिट्ले( डॉ. डी)- पर हाउ इस आईटी पॉसिबल? ये कैसे हो सकता है.

डॉ. र- मुझे लगता है की जो यहाँ पर इतना बड़ा धमाका हुवा है न ये उसी के बजह से ये एक्टिव हो गया है...

और शायद यहाँ पर जो इतना बड़ा धमाका हुवा है उतनी उसकी एनर्जी होगी...

डॉ. दो- है जब भी हम ये प्रोजेक्ट करते थे तो हमारे फुल एनर्जी देने से भी ये एक्टिव नहीं हो प् रहा थी...

और हमे हमेशा लगता था की इसमें कोई कमी है पर वो क्या है पता नहीं चल रहा था..

डॉ. रेड्डी- और सर याद है हम पुरे ीोन्स और ेम्प पावर्स को एक कर के इसके ऊपर एक लाइट छोड़ी थी..

तो ये बस माइक्रो सेकंड के लिए एक्टिव हो गया था मतलब उस टाइम इसको एनर्जी मिल तो गयी थी पर इतनी नहीं की एक्टिव हो जाये...

और अब देखो इसको जितनी भी पावर्स चाहिए थी सब मिल गयी है एक्टिव होने के लिए...

तो हो गया अब एक्टिव पर साथ hi मुझे लगता है इसे हमने जैसे बनाया था...

ये उस तरह का न बनकर किसी और hi तरह का बन गया है मतलब कुछ तो हुवा है इसके साथ...

तभी वो डॉ. डी किसी और साइंटिस्ट को कुछ इशारा करते है तो वो उसको जैसे लेने के लिए जाता है...

और अपना हाथ आगे बढ़ता है पर ये क्या अचानक से उस Blue-Black कड़ा में से ब्लैक लाइट बढ़ने लगी...

और ऐसा लगा जैसे एक उसमे से वैक्यूम पावर एक्टिवटे हो गयी...

मतलब वो उस साइंटिस्ट को अपने अंदर खींचने लगी लिखे ब्लैक होल की तरह...

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वह पर जितना भी कोहरा उस धमाके की बजह धुवा था वो कड़ा अपने अंदर लेने लगा...

और साथ hi उस साइंटिस्ट को भी वैक्यूम की तरह अपने अंदर लेने लगा...

और कुछ सोचने से पहले तो वो साइंटिस्ट उसके अंदर चला गया था...

पर वो कहा गया ये किसी को भी नहीं पता चला और ये सब देखके तो वो सब और भी दर जाते है...

ये देखकर तो कोई भी उसको हाथ लगाने के लिए आगे नहीं जाता क्यों की ये देखकर तो सबकी पहात जाती है और कोई उसके आसपास भी नहीं भटकना चाहता...

लेकिन ये सब हुवा कैसे ये एक्टिव है पर इतना पावरफुल और उसने सिर्फ उस डॉक्टर को hi अपने अंदर खींच लिया बाकि किसी और को नहीं...

डॉ. र- सर हम जैसा सोच रहे थे ये प्रोजेक्ट तो उससे भी ज्यादा खतरनाक हो गया है अब.. उसको कण्ट्रोल कैसे करेंगे हम अब...

डॉ. डी- खतरनाक नहीं इंटरस्टिंग है... देखो न अब यहाँ का पूरा Kohram(Dust) हैट गया...

अब देखो यह जगह कैसे दिख रही है

.. जितना भी एरिया उस धमाके में ख़तम हो गया था वो सब दिख रहा है

इस बार वो डॉ. डी अपना मास्क उतर देता है तो ये देखकर बाकि सब और भी दर जाते है...

क्यों की वह पर उस धमाके के कारन वो एरिया रेडियोएक्टिव हो गया था...

लेकिन ये क्या मास्क निकलने के बाद भी डॉ. डी पर कुछ भी असर नहीं होता वो पहले की तरह hi खड़े थे तो वो कहते है....

डॉ. डी- देखा मैंने कहा था न ये चीज मतलब हमारा प्रोजेक्ट सर्किल सच में इंटरस्टिंग है..

इसने न बल्कि उस साइंटिस्ट को अपने अंदर खींच लिया बल्कि यहाँ पर जितना भी रेडिएशन था...

सबको अपने अंदर खींच कर ख़तम कर दिया और पहले की तरह ये जगह नार्मल बन गयी है अब...

ये देखकर सभी अपना मास्क उतर देते है तो उनको भी कुछ नहीं होता तो फिर से डॉ. डी आगे कहते है. .

Dr.D- देखो अब सब Ok है और है ये चीज हम कही लेकर नहीं जा सकते और न hi किसी और की बुरी नजर इस पर पड़ने दे सकते है...

तो मई गवर्नमेंट से बात कर लूंगा बस ये लैब मुझे 2 दिन में यहाँ पर रेडी चाहिए और साथ hi कुछ लेटेस्ट इंस्ट्रूमेंट्स भी....

ये होने के बाद मतलब 2 दिन के बाद hi हम इस पर एक्सपेरिमेंट शुरू कर देंगे और देखंगे की इसको कैसे कण्ट्रोल किया जाये और क्या क्या कर सकता है ये सर्किल सब कुछ...

ये कहकर वो सब वह से निकलने लगते है लेकिन अभी भी वो डॉ. जॉन चुप था...

और वो तो बस उस चीज को hi देखे जा रहा था.. सब जाने लगे और डॉ. ज वैसा hi खड़ा उसको देख रहा था...

ये देखकर Dr.R उससे कहता है....

डॉ. र- क्या हुवा ज भाई.. किस सोच में दुबे हो क्या तुम्हे भी उस साइंटिस्ट की तरह उसमे जाना है...

ये कहकर वो हसने लगता है.. तो डॉ. ज अपने आप को सँभालते हुए कहता है...

Dr.J- No माय फ्रेंड मई तो बस उसे ऐसे hi देख रहा था की इसने इतना बड़ा वैक्यूम पावर गेनेराते कैसे किया...

और उस साइंटिस्ट को अपने अंदर ले लिया वो सब तो ठीक है लेकिन वो गया कहा...

डॉ. र- कही भी जाने दो No टेंशन एक बार हम इस सर्किल के बारे में पता करे फिर वो कही भी गया हो उसको लेकर आ जायेंगे रेतुर्न...

डॉ J-(Man में) कुछ भी हो जाये मुझे ये बात तो उनको बतानी hi पड़ेगी... क्यों की ये दोनों शक्ति हमारे पास आ गयी तो फिर...

ये कहकर वो अपने मन hi मन में हसने लगता है और साथ hi उसके मुँह पर भी हसी दिखने लगती है...

पर उसके तरफ कोई ध्यान नहीं देता क्यों की सब उस सर्किल के बारे में hi सोच रहे थे...

और इधर रूद्र के घर जाने के बाद वो अपने भाई के रूम में चला जाता है...

भाई अपने रूम में बैठकर लैपटॉप में कुछ कर रहे थे तो मई भाई के रूम में जाते hi उनसे पूछता हु...

Mai-Kya हाल है भाई कैसा बिता आज का दिन और कैसा रहा सरप्राइज....

Bhai-Are रूद्र... भाई आज का सरप्राइज इतना ाचा होगा ये तो न मैंने एक्सपेक्ट किया था और न hi किसी और ने... बस और उसके बाद तो मेरी तो निकल hi पड़ी...

क्यों की लास्ट वाला सरप्राइज जरा हटके था और स्पेशल भी...

बी अंश- अभी एक और स्पेशल सरप्राइज बाकि है भाई तुम्हारे लिए वो भी आ जायेगा थोड़ी देर में...

ये कहकर वो हसने लगता है... और इसकी बातों को इग्नोर कर मई भाई से कहता हु...

वैसे उसको इग्नोर तो नार्मल था क्यों की वो आजकल कुछ भी बकते जा रहा है...

मई- वो तो है भाई अब ये सब हमारे फॅमिली के लिए नहीं तो किसके लिए करेंगे...

भाई- वैसे तूने क्या फाइट की है यार... नहीं मतलब जिनको मरना है उनको तो ऐसे मारा की उनकी रूह भी कैंप जाये...

और जिनको बचाना है तो उनको भी तो क्या बचाया है यार तुमने....

Mai-Bhai वो हमारे लिए इतना करते है तो उनको कैसे मार पता...

भाई- वैसे तूने ये फाइटिंग स्किल कहा से सीखी है जरा हमे भी तो सिखाओ....

मई- क्या भाई वो तो बस ऐसे hi मेरे अंदर आ गयी पता नहीं मैंने कब सीखा है उन सबको...

लेकिन है अगर आपको सीखना है तो मई नहीं आपको सिमरन सीखा सकती है...

Bhai-Kya सिमरन... और वो कैसे...

Mai-Lagta है आपने अभी तक उसको पूरी तरह से देखा और समजा नहीं है...

Bhai-Kaise समझता यार उसके अंदर इतने फंक्शन है की बस मई तो कायल हो गया...

उसको जितना समझने की कोशिश करता हु वो उतना कॉम्प्लिकेटेड होते जा रही है...

Mai-Isliye आप एक काम करो आपको जो चाहिए वो बस सिमरन को बोल दो.. वो आपके लिए सबकुछ करेगी...

उसके बस में ऐसा कुछ नहीं है जो आपके हर तरह के डिजायर हो या फिर जानकारी या बहुत कुछ है जो वो नहीं करेगी बस आप उसे एक बार पूछ लो...

भाई- Ok कल जब जाऊंगा तब मई देख लूंगा ये तो हो गया अब तो हम लीगल हो गए है पर आगे क्या मतलब ये बता हम काम कैसे करेंगे...

Mai-Kya भाई... आप इसके क्रेटर हो ये सब आपकी आईडिया है मैंने तो बस इसको कैसे चलना है और कहा से चलना है वो दिखाया है...

बाकि इसका दिमाग तो आप hi हो... और मई बॉडी आप जो आर्डर डोज थे डिस्ट्रॉयर को वो जरूर होगा और वो कैसे करना है वो आप खुद देख लो...

सब काम आप देख लो सिमरन के साथ मिल कर और अगर आप दोनों से भी कोई वर्क हो नहीं रहा है तब उसको मई देख लूंगा...

अभी हम कुछ कहते तभी भाबी आ गयी....

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नेहा भाबी- क्या चल रहा है भाइयो में जरा हमे भी बताओ...

भाई- नौपे... ये हम भाइयो का सीक्रेट है ये हम किसी को नहीं बताएँगे...

भाबी- अरे ऐसा कैसे चलो आप न सही लेकिन मेरा प्यारा लाडला देवर तो मुझे बताएगा...

Mai-Are भाबी... आपने मेरी सुबह इतनी हेल्प की है और ऊपर से मई आपका एक अकेला hi िन्ना प्यारा देवर हु...

इतना तो मेरा हक़ बनता है न आपको भाई का सीक्रेट बताने की...

Bhai-(Surprise) क्क्क्यया.... मेरा.. कोनसा सीक्रेट... ये रूद्र कुछ भी मत बोल मेरा ऐसा कोनसा सीक्रेट है मेरा... nnnahi....kuch भी तो नहीं है...

Bhabi-Ab तो बताना hi पड़ेगा वार्ना ये ऐसे कतराते नहीं...

ये कहकर भाबी हमारे साथ बीएड पर बैठ गयी...

Mai-(Kabhi भाई तो कभी भाबी की और देखते हुए) बताऊ भैया.....

Bhabi-Batao बताओ देवर जी आप इतनी सी बात अपनी भाबी की नहीं मानेंगे और हमे नहीं बताएँगे...

Mai-Ye देखो भैया भाबी इतने प्यार से कह रही है तो मुझे उनको बताना तो पड़ेगा hi चलो मई बता hi देता हु...

तो भाबी बात ऐसी है की.........

मई आगे कुछ कहता इससे पहले hi भाबी को पता नहीं अचानक से क्या हुवा पता नहीं...

वो अपना मुँह पकड़ कर जल्दी से बाथरूम में भाग गयी... और उसी वक़्त दी हमारे दूर के सामने से गुजर रही थी...

तो उसने वो देख लिया की भाबी अपना मुँह पकड़ कर बाथरूम में भाग रही लगी है...

तभी वो चिल्लाते हुए भाबी के पीछे भागी और हम भी... पर भाबी ने दूर बंद कर दिया... और उनके अबाज से लग रहा था जैसे वोमिटिंग कर रही है...

दी- कही तुम लोगो ने भाबी से कुछ कहा तो नहीं या फिर क्या किया आपने...

मई- हम क्या करेंगे दी हम तो बातें कर रहे थे तभी भाबी अचानक से भाग कर यहाँ चली आयी...

हम तीनो बहुत दर गए थे और हम तीनो को तो बहुत दर लगने लगा था...

पता नहीं अचानक से भाबी को क्या हो गया... कुछ समाज hi नहीं आ रहा था हम तीनो बहुत टेंशन में थे.. तभी मई कहता हु...

मई- रुको मई माँ को लेकर अत हु...

ये कहकर मई जल्दी से निचे भगा और माँ के पास चला गया माँ निचे खाना बना रही थी...

माँ- क्या हुवा दीपू इतना क्यों भाग रहा है तू...

Mai-(Hafna तो मेरे सांसो में hi नहीं है) माँ.. वो भाबी.... भाबी को पता नहीं क्या हुवा...

उनको अचानक से तबियत बिगड़ गयी है आप चल कर देखो न....

ये कहते hi माँ किचन का सारा काम वैसे hi छोड़ मेरे साथ ऊपर आ गयी...

और हम दोनों भाई के रूम में चले गए...

तो अभी तक भाबी बहार नहीं आयी थी पता नहीं क्या कर रही थी पर कुछ जवाब भी दे नहीं रही थी...

भाई और दी की अबाज सुन सोनम और रसिका भी वह पर आ गए the...Par भाबी का कुछ पता hi नहीं था...

Mom-(Door पर नॉक करते हुए) नेहा बीटा क्या हुवा है तुम्हे बहार आ जाओ... हमे बताओ...

माँ ने ये कहा और कुछ 5 सेकंड बाद hi दूर खुल गया... तभी भाई भाबी के पास भागते हुए गए...

Bhai-(Bhabi की तबियत चेक करते हुए) क्या हुवा था तुम्हे... तुम ऐसे बाथरूम में कैसे भाग गयी तबियत तो ठीक है न.. चलो डॉक्टर के पास चलते है....

भाबी जब से बाथरूम से बहार आयी थी उनके चहरे पर स्माइल थी तो वो वैसे hi कहती है.

भाबी- नहीं जी कोई जरुरत नहीं है...

भाई- अरे.... ऐसे कैसे जरुरत नहीं है रूद्र तुम कॉल करके डॉक्टर को यही बुला लो...

भाबी को अभी थोड़े थोड़े चक्कर भी आ रहे थे इसलिए वो भाई के सहारे कड़ी रहती है...

तो भाई ने उन्हें बीएड पर बिठा दिया...

तभी भाबी की मुस्कराहट को देखकर माँ कहती है...

माँ- नेहा बीटा ये कब से हो रहा है....

नेहा भाबी- माँ सुबह से....

Bhai-Subah से हो रहा है और तुम हमे अब बता रही हो वो भी हमने देखा इसलिए वार्ना तुम हमे कब बतानी वाली थी....

Mom-Pruthvi रुको मई बात कर रही हु न...

माँ के इस बात से भैया तो चुप hi हो जाते है तो माँ आगे कहती है...

माँ- नेहा बीटा कही.....

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भाबी माँ की तरफ देखते हुए शरमाते हुए स्माइल करती है और है में सर हिलती है...

और तभी माँ भाबी को अपने गले से लगा लेती है...

Mom-Are मेरी बची.... तुमने ये बात पहले क्यों नहीं बताई....

तूने ये खबर देकर हमारी ख़ुशी को लाखो करोडो गुना और बढ़ा दिया है....

ये क्या था यहाँ पर भाबी की तबियत ख़राब है फिर भी वो स्माइल कर रही है...

और यहाँ इनकी कोडवर्ड लैंग्वेज और अब ये ख़ुशी... इन सबका क्या मतलब है...

बी अंश- तू तो छू का छू hi रहेगा... मैंने तो पहले hi बोल दिया...

Mai-Tu चुप कर यहाँ सीरियस मटर है और तू कहा बिच में टपक रहा है चल सो जा....

बी Ansh-Ye देखो भलाई करने का तो जमाना hi नहीं रहा करो अपने मन की मुझे क्या मई तो चला सोने वैसे भी आज मैंने बहुत काम किये है...

उसकी सब बातो को मैंने इग्नोर कर दिया और वह देखो ये सुनते hi दी भी ख़ुशी के मरे अब भाबी को हुग करती है...

Bhai-Ye सब क्या चल रहा है यहाँ पर नेहा की तबियत ख़राब है... और आप सब ख़ुशी से नाच रहे हो... उसको हॉस्पिटल ले जाना छोड़...

Mom-Khush न हु तो और क्या हु आखिर मई दादी जो बनाने वाली हु....

भाई- (जल्दी se)Ha तो... आप दादी बनो या कुछ और पहले इसको तो हॉस्पिटल.......

फिर अचानक से भाई को और मुझे समाज आया की माँ क्या कह रही है...

तो वैसे hi हम सब सरप्राइज होकर पूरी तरह से चौंक जाते है और दोनों एक साथ...

दिनों- Kyaa.a...... दद्दाआड़डीई...... इसका मतलब.....

Di-Ha भाई मई बुवा बनाने वाली हु... और आप पापा....

ये बात सुनते hi भाई को होश hi नहीं रहता और वो भाबी को जोर से हुग कर लेते है... और उनको हवा में उठाकर घूमते है....

और भाई ख़ुशी से चिल्लाने लगते है... भाई की ये ख़ुशी तो कण्ट्रोल hi नहीं हो रही थी....

भैया फिर भाबी को निचे उतारकर हुग कर लेते है...

ऐसा सबके सामने भाबी को उठाकर घूमने से भाबी शर्मा जाती है और साथ में सब भी...

दी- भैया हम भी है यहाँ पर...

ये कहकर दी हसने लगती है और साथ में सब भी और भैया भी समाज जाते है तो वो कहते है...

भाई- ऊऊह्ह्ह.... सूररर्य्य.... वो क्या है न ख़ुशी में मई समाज hi नहीं पाया... पर मई आज बहुत खुश हु बाह्यत बहुत बहुत.....

माँ सामने आकर भाबी को कला टिका लगाती है और कहती है...

Mom-Ane वाले बचे को और उसकी माँ को किसी की नजर न लगे....

तभी सोनम दी से कान में धीरे से कहती है....

सोनम- दी ये सब इतना खुश क्यों हो रहे है और दादी बुवा पापा होने का मतलब क्या है...

दी ने तो अपने सर को हाथ hi मार दिया और हसने लगी...

वैसे ये सवाल तो रसिका ने किया था सोनम को और उसने जल्दी में दी को कर दिया.....

दी को ऐसा हस्ता देख सब उसकी तरफ देखने लगे तो वो कहती है...

दी- कुछ नहीं बस ख़ुशी में हसी आ gayi...(Sonam के कान में हसी को कण्ट्रोल करते हुए) मई तुम्हे बाद में बताती हु...

फिर क्या पुरे घर में ख़ुशी का माहौल च गया था...

पापा बहार थे तो माँ ने उन्हें सब बता दिया और कुछ मिठाई भी लेन को कह दिया...

भाई और भाबी आज बहुत खुश थे और साथ में पूरा परिवार भी.. बस एक मेंबर को छोड़ और वो कहा है ये बस उसको hi पता है..............................

 
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