RUDRADIP- The God And Devil - SexBaba
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RUDRADIP- The God And Devil

hotaks

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Dec 5, 2013
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Hello फ्रेंड्स....!

मई अपनी रुद्रदीप की स्टोरी ष्प पर पहले लिख रहा था.. लेकिन वो साइट बंद होने के बाद आवर कुछ ब्रेक लेने के बाद मई अपनी स्टोरी फिर से लिखना चाहता हु...

और ये स्टोरी मई कम्पलीट करके hi रहूँगा.. तो चलो फिर मई अपनी स्टोरी स्टार्ट करता हु और वो भी कुछ नए अंदाज़ में.....


PART 1 रद...
 
अपडेट 1



दी- चलो दीपू..... उठ जाओ कब से सोये हुए हो... देखो अब सुबह भी हो गयी है तुम्हे अपने कॉलेज जाना नहीं है क्या..

मई- नहीं जाना मुझे कॉलेज... अब सोने भी दो...

दी मुझे और जोर से हिलाते हुए कहने लगी.

दी- तुम उठते हो की नहीं या मई पानी ले औ तुम्हे उठाने के लिए...

दी ये कहकर पलटने hi वाली थी की तभी मैंने उनका हाथ पकड़कर अपने पास खींच लिया तो वो भी मेरे साइड में लेट गयी.

तो मैंने उन्हें अपने अघोष में ले लिया और उनसे नींद में hi मई कहने लगा..

Mai-(nind में) कोई कही नहीं जायेगा चलो अब आप भी सो जाओ और मुझे भी सोने दो...

Di-Par दीपू......

दी आगे कुछ कह hi नहीं पायी क्यों की उनका मुँह मैंने अपने हाथो से बंद कर दिया और उनसे कहने लगा...

मई- चलो अब सो जाओ...

फिर क्या दी को भी शायद यही चाहिए था इसीलिए उन्होंने मुझे अपनी तरफ खींचकर अपनी बहो में ले लिया और सो गयी...

Mom-(Ritu से) अरे ये मोनू कहा रह गयी...

सोनम- माँ वो रद को उठाने गयी है लेकिन अब तक नहीं आयी मई देखती हु वो कहा रह गयी...

फिर सोनम मेरे रूम आ जाती है.. इधर कुछ देर होने के बाद सोनम भी दिखाई नहीं देती तो फिर सेल्ल माँ कहती है..

माँ- अरे ये सोनम तो मोनू को ढूंढ़ने गयी थी न ये कहा गायब हो गयी...

माँ मेरे रूम की तरफ आ hi रही थी की तभी ऋतू कहती है.

ऋतू- रुको माँ मई देखती हु वो दोनों कहा रह गयी...

माँ- है ठीक है जल्दी जा.. वैसे hi यहाँ पर खाना ठंडा हो रहा है...

फिर क्या ऋतू भी मेरे रूम में चली आती है और वो भी वही रह जाती है.. इधर माँ परेशां ये चारो कहा रह गए..

सब दीपू के रूम में जा रहे है लेकिन लौट के कोई भी नहीं आ रहा है. आखिर ये माजरा क्या है कुछ समाज नहीं आ रहा...

Mom-(Pareshan होते हुए) ये क्या ऋतू भी चली गयी और वो भी गायब हो गयी आखिर ये हो क्या रहा है यहाँ पर...

पापा- अनु तुम क्यों इतना परेशां हो रही हो होंगे वही कही कुछ काम कर रहे होंगे...

माँ- ऐसा क्या काम कर रहे है जो चारो से भी पूरा नहीं हो प् रहे... मई देखके आती हु...

माँ अभी जा hi रही थी की फिर से रसिका कहती है...

रसिका- रुको माँ मई देखके आती हु ये सब कहा रहा गए है...

माँ- नहीं...! तुम नहीं अगर तुम गयी तो इन सबकी तरह तुम भी वह जाकर गायब हो जाओगी.. मई hi देख के आती हु क्या हो रहा है वह पर...

फिर माँ मेरे रूम आ जाती है और वो सामने बीएड की तरफ देखती है तो वो नजारा देखकर अपने सर को hi हाथ लगा देती है... और धीरे से हस्ती है.. और फिर निचे चली आ जाती है...

पापा- क्या हुवा तुम तो खली हाथ hi वापस आ गयी बाकि लोग कहा है ...

माँ- चलो आप को भी दिखती हु बाकि लोग कहा है पर पहले पानी की बदली तो ले लू साथ...

फिर माँ पापा और रसिका तीनो साथ में मेरे रूम में चले आ रहे थे... अब आप सोच रहे होंगे की ये सब तो यहाँ है पर नेहा भाबी कहा चली गयी तो सबर रखो वो भी आपको जल्द hi पता लग जायेगा...

तीनो मेरे रूम में एंटर करते है और वो सब देखते है तो सब धीरे से हसने लग जाते है.. क्यों की आगे का नजारा hi कुछ ऐसा था...

मई सबके बिच में मेरे राइट साइड दी लेफ्ट साइड सोनम और बिच में मतलब मेरे ऊपर ऋतू तीनो सोये हुए थे...

फिर क्या उन तीनो ने अपने हाथ में पानी से भरी हुयी बदली ले ली और एक के बाद एक हमारे ऊपर पानी फेकते चले गए...

इतनी बड़ी और तेज बारिश महसूस कर के सब ऐसे उठ गए जैसे भूचाल आ गया हो.. और हुवा भी कुछ वैसा hi था...

हमारे सामने तीनो भी हाथ में बदली लिए हुए खड़े थे.

Mai-(dress झड़ते हुए) क्या माँ ये आपने ाचा नहीं किया...

माँ- तुझे तो मई बाद में देख लुंगी लेकिन आप लोग.. तुम लोगो को मैंने किस लिए यहाँ भेजा था और तुम तीनो इसी के साथ सो गयी...

दी- माँ इसने हमे जबरदस्ती अपने साथ सुला लिया..

पापा- और तुम सब सो गए...

ऋतू- है... और क्या करते... लेकिन आपने ये हमारे ऊपर पानी डालकर ाचा नहीं किया...

माँ- मुझे तो लगता है इससे भी बुरा करना चाहिए था तुम लोगो के साथ.. चलो अब उठो और रेडी हो जाओ...

मई- अब क्या बाकि रह गया है रेडी होने के लिए स्नान तो हमारा यही हो गया अब सिर्फ ड्रेस चेंज करने है...

फिर क्या सब अपने भीगे हुए हुलिए के साथ बहार चले गए लेकिन तभी ऋतू ने कुछ ऐसा कर दिया जो हम में से कोई भी सोच भी नहीं सकता था...

उसने बाथरूम से पानी लेकर रसिका और माँ के ऊपर फेक दिया और जोर जोर से हसने लगी... अब पापा के ऊपर तो नहीं फेक सकती न वार्ना....

अब क्या सब पानी में भीगे हुए थे पापा को छोड़कर और मेरा रूम तो फुल पानी से भर गया था...

Ritu-(haste हुए) देखा माँ आपने हमे भिगाया और मैंने आपको हिसाब बराबर चलो अब सब रेडी हो जाओ...

माँ तो बहुत गुस्से से बोल रही थी ऋतू को लेकिन ऋतू को भी पता है इस वक़्त क्या करना है और वो वह से भाग गयी और ये देखकर हम सब हसने लगे...

फिर क्या था सब भीगे हुए थे तो सब अपने रूम में जाकर रेडी होने के लिए चले गए.. अब रह गया मई तो मुझे भी रेडी होना था और रूम में चारो और पानी hi पानी था...

मैंने सोचा पहले रूम को साफ कर दू फिर खुद को...

और 1 मिनट के अंदर hi मई अपने रूम को पहले जैसा कर के मई भी रेडी हो गया... अब ये सब कैसे हुवा वो आपको बताने की जरुरत नहीं है क्यों की वो सब तो आपको पता hi है...

कुछ देर बाद मई निचे गया तो सब रेडी होकर डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे और पापा तो अपना ब्रेकफास्ट करके चले गए थे...

फिर हम सबने हसी मजाक करते हुए खाना खाया और उसके बाद मई और ऋतू कॉलेज के लिए चले गए...

अब कॉलेज का इतने दिनों बाद हमारा पहला दिन था.. मई बाइक चला रहा था और ऋतू अपने कार से दिव्या के वह से कॉलेज आने वाली थी...

 
अपडेट 2

अब कॉलेज का इतने दिनों बाद हमारा पहला दिन था.. मई बाइक चला रहा था और ऋतू अपने कार से दिव्या के वह से कॉलेज आने वाली थी...

आगे.......................

आज मई घर में हुए प्रोग्राम की बजह से लेट हो गया था.. इसीलिए मेरा फर्स्ट लेक्चर स्टार्ट हो गया था स्टार्ट क्या ऑलमोस्ट ख़तम होने को आया था...

और अब इतने दिनों बाद कॉलेज जा रहा हु इसीलिए मई ये भी भूल गया था की अभी लेक्चर किसका है..

और मेरे सब फ्रेंड्स भी नहीं दिख रहे the...Shayad वो क्लासरूम में होंगे..

अब मई भी जाता हु. लेकिन सोचा अब लेक्चर ख़तम होने hi वाला होगा तो कुछ देर गार्डन में जाकर बैठ जाता हु..

वह पर ज्यादा कोई लड़के नहीं थे.. पर जो भी थे वो सब मुझे बहुत hi अजीब सी नजर से देख रहे थे.

और क्यों न देखे इतने दिनों बाद जो कॉलेज आया हु..

पर मई उन सबको इग्नोर करते हुए वही एक जगह बैठ गया और सोचने लगा...

Mai-(Man में) बहुत मुश्किल था घर वाले को बताना और कुछ सूझ भी तो नहीं रहा था..

खैर भला हो सोनम का जिसने राइट टाइम पर दिमाग लगाया और सबको बचा लिया...

और अब देखो भाबी भी खुश है. वो तो अब अपने पति के साथ नई यॉर्क में मजे कर रही है..

लेकिन ये सब हुवा कैसे आप सब के मन में यही सब चल रहा होगा..

तो आप लोगो के दिमाग को ज्यादा जोर न देते हुए मई hi बता देता हु..

उस दिन चिका का गृह दानवो से बचने के बाद हम सब धरती पर लौट ए थे और हमारे साथ अब रसिका भी जुड़ चुकी थी..

रसिका शायद आप भूल गए होंगे तो बताता हु वो एक जीन की राजकुमारी है और वो रद को एक गुफा में मिली थी.

जहा पर जादूगर ने उसे बंदी बनाकर रखा हुवा था..

और सोनम अगर याद नहीं है तो वो एक ड्रैगन राजकुमारी है और ये दोनों अपनी जगह बहुत hi बड़ी शक्तिशाली है..

और रितिका... उसका क्या कहना उसके बारे मैंने अब तक कुछ बताया hi नहीं..

पर लगता है बहुत जल्द आपको उसके बारे में पता चल जायेगा...

तो अब हम धरती पर तो आ गए पर यहाँ सब नया था रसिका के लिए तो पहले उसे समजना था..

मई- रसिका अब हम सब हमारे घर जा रहे है.. लेकिन वह जाकर हम क्या बताएँगे सबको की कोण है ये रसिका...

रसिका - अगर आप कहो तो गायब होकर आप सबके साथ रह सकती हु..

रितिका- नहीं.. अब तुम हमारे परिवार का एक हिस्सा हो तो इसलिए अब तुम हमारे साथ ऐसे hi रहोगे..

मई- पर ऋतू हम घर वालो को क्या बताएँगे की कोण है ये ...

पहले hi मई परेशां हु की उनको मेरी याददास्त कैसे लौट आयी ये कैसे बताऊ और अब ये...

रितिका- तुम उसकी चिंता मत करो.. वो सब मेरे ऊपर छोड़ दो.. और वैसे भी उन सबको मेरे बारे में ज्यादा नहीं..

पर मेरे अंदर पावर्स है ये तो पता लग hi गया है तो कुछ सच कुछ झूठ मिलकर मई बताउंगी.. तुम टेंशन न लो..

मई- Ok पर रसिका तुम को तो यहाँ के बारे में कुछ भी पता नहीं होगा..

तो तुम एक काम करो अपने मैजिक से यहाँ के बारे में सबकुछ जान लो.. और है ये ड्रेस भी चेंज कर लो..

रसिका- जैसा आप कहे रद...

उसके बाद रसिका ने एक चुटकी बजायी और अपने दोनों हाथ फैला कर वो हवा में गोल गोल घूमने लगी.. और कुछ देर बाद वो रुक गयी..

पर इस बार वो कुछ अलग hi लग रही थी... वो इंडियन ड्रेस में बहुत hi ब्यूटीफुल दिख रही थी.

वो इतनी क्यूट दिख रही थी की मई तो उसे देखता hi रह गया..

उसने सिंपल सा कुरता पजामा पहना हुवा था..

लेकिन उसे भी वो हॉट लग रही थी. मई उसे घर रहा हु ये बात ऋतू ने तो नहीं पर सोनम ने नोटिस कर ली और उसने निचे मुझे पेअर मारा...

जिसकी बजह से मई होश में आया और हड़बड़काकर इधर उधर देखने लगा.. और गलती से मेरे मुँह से निकल गया..

मई- ोोोूचछहहहहहह........

ऋतू- क्या हुवा बे मोठे....

मई- कुछ नहीं वो तो बस ऐसे hi...Chalo अब हम देर हो रही है चलना नहीं है क्या...

ऋतू- है चलो घर पर जाकर सब को सरप्राइज देते है...

हम गाड़ी की तरफ जाने लगे तभी जाते हुए सोनम मुझे धीरे से कहनरे लगी..

Sonam-Shukar मनाओ सिर्फ मैंने hi देख लिया अगर ऋतू दी ने देख लिया होता न तो.......

मई- थैंक्स...! अब आगे से सावधानी बरतूंगा....

सोनम- मतलब उसे देखोगे ये फिक्स है...

मई- अरे मई लड़का हु यार नजर चली जाती है न चाहते हुए भी...

सोनम- ाचा साहब जी आप लड़के हो लेकिन मुझे तो नहीं लगता...

Mai-(Naughty स्माइल के साथ) एक बार मुझे मौका दे तो सही फिर बताता हु की मई लड़का हु या कोई और.....

सोनम तो ये सुनते hi शर्मा गयी और अपना मच छुपाने लगी.. और इसके आगे वो कुछ कह hi नहीं पायी..

फिर हम चारो गाड़ी में बैठने लगे तभी ऋतू कहती है...

ऋतू- ये मोठे वह कहा ोीचे बैठ रहा है चल यहाँ अगर आ और कार चला..

Mai-(Man में) यार इसके तो धरती पर एते hi तेवर बदल जाते है... इसका कुछ करना होगा..

शायद रसिका को भी ये अनएक्सपेक्टेड था इसलिए वो भी शॉकेड चहरे के साथ हमे देख रही थी..

पर वो बोली कुछ नहीं शायद सोनम ने उसे कुछ इशारा किया होगा...

फिर क्या मई ड्राइविंग सीट पर बैठा और निकल पड़े हम घर की तरफ.............
 
अपडेट 3

पर वो बोली कुछ नहीं शायद सोनम ने उसे कुछ इशारा किया होगा...

फिर क्या मई ड्राइविंग सीट पर बैठा और निकल पड़े हम घर की तरफ.............

आगे.......................



मई इसी सोच में डूबा हुवा था तभी मुझे पीछे से किसी ने हिलाया और मई होश में आ गया..

और जब मैंने पीछे मुद कर देखा तो वो कोई और नहीं मेरी दिव्या थी...

उसे देखकर तो मई ये भी भूल गया की हम कहा है.. क्यों की मैंने उसे देखते hi झट से खड़े होकर उसे गले लगा लिया..

दिव्या- ये क्या कर रहे हो रद... हम कॉलेज ग्राउंड में है.. और यहाँ हमे कोई भी देख सकता है मुझे छोड़ो...

वैसे दिव्या तो ये अपने मुँह से कह रही थी पर मेरे बहो से छूटने का कोई प्रयास नहीं कर रही थी..

पर आखिर में मई hi समाज गया इसीलिए मैंने उसे अपनी बहो से आज़ाद कर दिया...

मई- तुम यहाँ क्या कर रही हो...

दिव्या- मई तो अभी ऋतू के साथ आयी हु तो क्लास में जाते वक़्त मैंने तुम्हे यहाँ देख लिया तो यहाँ चली आयी.. वैसे तुम यहाँ क्या कर रहे हो...

Mai-kuch नहीं मई तो बस ऐसे hi बैठा हुवा था.. वो पहला लेक्चर मिस हुवा न इसीलिए... चलो अब चलते है क्लास में...

दिव्या- ोये Hello चलो मतलब मई जाती हु तुम बाद में आ जाना... समजे...

मई- ठीक है अब तुम जाओ मई थोड़ी देर में आ जाता हु...

दिव्या- पर तुम्हे आज रत का प्लान तो याद है न.

मई- अरे तुम्हारी बात हो और हम भूल जाये ये हो hi नहीं सकता..

दिव्या- (नक् फूलते हुए) है है पता है कैसे नहीं भूल सकते कुछ दिन पहले मुझे कैसे भूल गए थे तुम...

मई- (पीछे से हल्का बहो में लेते हुए) तब तो तुम्हे hi क्या सबको भूल गया था मई.. चलो अब जाओ तुम वार्ना फिर से देर हो जाएगी हम दोनों को....

Divya-ha ठीक है Ok bye जल्दी आना...

उसके बाद दिव्या वह से चली गयी. और मई भी वह से क्लासरूम में चला गया...

अंदर जाते वक़्त सब मुझे बहुत hi अजीब सी नजर से देख रहे थे.. साथ में मेरे दोस्त भी...

शायद उनको मेरी याददास्त लौट आयी है इसके बारे में नहीं पता.

आवर कैसे पता होगा उसके बाद हम कभी मिले hi नहीं..

मई अपने दोस्तों के पास गया आवर उनसे कहने लगा..

Mai-Kyu बे हुतियो ऐसे क्यों देख रहे हो मुझे क्या पहिली बार देख रहे हो क्या मुझे..

Shyam-(Shak की नजर से मुझे देखते हुए) RD...Teri याददास्त.......

मई- तो क्या लाइफ टाइम वैसा hi राहु क्या. वैसे तुझे क्या लगता है मुझे देखते हुए...

Ravi-(Mere गले में हाथ डालते हुए) अबे घोंचू तो फिर तू इतने दूर क्यों खड़ा है..

आजा यार गले मिल जा..

(गले मिलते हुए) साला तेरी याददास्त लौट भी आयी और तूने हमे बताया भी नहीं...

श्याम- बताएगा भी कैसे हम होते कोण है इसके...

मैंने रवि को छोड़कर श्याम को गले लगाया और उसे कहनरे लगा..

मई- इस बार बोलै है अगली बार ऐसा मत बोलना याद रख.. यार तुम सब मेरे दोस्त हो..

और इस दुनिया में अगर खुद के बाद हमे कोई जनता है तो वो हमारा दोस्त hi होता है.. और तुम सब मेरे वही यार हो..

राहुल- तो फिर बता तेरी ये याददास्त कैसे गयी आवर कैसे आयी..

Mai-(Man में) साला इन्होने तो मुझे मेरे hi शब्दों में पकड़ लिया...

लेकिन तभी हमारे क्यूट सी आवर मेरे फेवरेट मम की एंट्री हो गयी.. उसको देखकर मेरे सरे दोस्त शांत हो गए.

और तभी मैंने धीरे से उनको कहा..

Mai-Baad में बताऊंगा तुम सबको...

लेकिन ये बोलते हुए मुझे उस मम ने पकड़ लिया और सबको बैठकर सिर्फ मुझे hi खड़ा कर दिया ..

वैसे आप सब लोगो को याद नहीं है तो मई याद दिलाता हु इस मम के बारे में..

की उस हॉर्स पावर को हासिल करने के पहले मतलब याददास्त जाने के पहले रद का एक मम से सामना हो गया था...

उस वक़्त रद ने मम को ऊनि के केबिन में लिप किश किया था... आवर वो भी शायद दो बार उसके बाद इन दोनों की मुलाकात अभी हो रही है..

मम- बहुत दिन बाद ए हो और एते hi क्लास में मस्ती करनी शुरू कर di..Chalo बताओ कहा थे इतने दिन..

मई- मम मई वो.... मई..

Ritika-Mam इसकी याददास्त चली गयी थी इसीलिए वो आ नहीं पाया..

मम- ( छोटा मच बनाते हुए) सो साद... लेकिन अब .

मई- मम मई अब ठीक हु...

मम- ठीक है अब अपना ख्याल रखो और अब ए हो तो अपने फ्रेंड्स से मदद लो स्टडी में और इतने दिन का कवर कर लो..

Shyam-(Dhire से) अगर आप कहो तो ये पुरे साल का अभी कवर कर देगा...

उसकी बात सिर्फ हमारे दोस्तों ने और मैंने सुन ली थी.. इसीलिए सब निचे मुँह कर के है रहे थे..

मम- आवर है रूद्र लंच टाइम में मेरे केबिन में आ जाओ तुमसे मच बात करनी है..

मई- Ok मम...!

फिर मम अपना सब्जेक्ट पढ़ने लगी.. इतने दिनों बाद लेक्चर कर रहा था इसीलिए मुझे बहुत बोरिंग लग रहा था ये सब लेकिन क्या करू बैठना तो था hi..

जैसे तैसे और 1 लेक्चर कर दिए और लंच टाइम में हम सब बहार आ गए..

मई- रवि तुम सब कैंटीन में बैठो मई अभी अत हु मम से मिलकर...

राहुल- क्या बात है तुम्हे एते hi मम ने बुला लिया हमे तो कभी नहीं बुलाती...

Mai-Hoga कोई काम तुम जाओ अब...

उसके बाद वो सब कैंटीन में चले गए और मई मम के केबिन में..................

 
अपडेट 4

उसके बाद वो सब कैंटीन में चले गए और मई मम के केबिन में................................

आगे............................



मई- मई ी के इन मम...?

निकिता मम- आओ रूद्र... बैठो यहाँ...

मई जाकर उनके सामने चेयर पर बैठ गया तो वो आगे कहने लगी..

निकिता मम- अब कैसा हल है तुम्हारा ठीक तो हो न..

मई- है मम मई ठीक हु अब..

निकिता मम- ाचा तो फिर तुम्हारी याददास्त कैसे गयी थी मतलब कोई एक्सीडेंट...?

Mai-(jhuth) है वो मम मेरा एक्सीडेंट हो गया था.. तो मई अपने बाइक से कही जा रहा था.. और रत का समय था..

मेरे आगे वाला जो ट्रक था उसमे स्ट्रीट लाइट नहीं थी.. तो मई उसदे जा धड़का और ब्रीच से निचे गर्ल गया पानी में...

निकिता मम- तो फिर तुम्हारी याददास्त कैसे लौटी...

मई- बस आप सबकी दुआ और प्यार ने मुझे ज्यादा दिन आप सबसे दूर नहीं रहने दिया. तो आ गयी फिर वापस...

मम ये सुनकर हलकी सी शर्माकर धीरे से है रही थी...

मम- ाचा... तो फिर इतना प्यार करते है तुम्हे सब...

मई- क्यों आप नहीं करती क्या...

Mam-(Hadbadate हुए) Mmm...Mai... क्यों करू भला तुम कोण हो मेरे....

Mai-(Smile के साथ) क्यों मई आपका स्टूडेंट नहीं हु क्या....

इतना कहकर मई जोर से हसने लगा और मम शर्माकर निचे देखने लगी...

Mai-acha तो मम अब मई चलता हु.. बाद में मिलते है...

मम- है है ठीक है और है पढ़ाई में ध्यान देना अब एग्जाम नजदीक ए है...

मई अपनी जगह से खड़ा हुवा और बहार जाने के लिए निकला hi था की तभी मुझे कुछ याद आया इसीलिए मई वही रुक गया..

ये मम ने नोटिस किया तो वो कहने लगी...

Mam-Kya हुवा रूद्र कुछ भूल गए हो क्या...

Mai-(Naughty स्माइल के साथ) है मम भुला तो हु और वो आपको भी पता है...

इतना कहकर मई झट से मम के पास गया और उनके नजदीक झुककर जल्दी से उनके चिक पर एक किश कर दिया..

और जल्दी से पीछे हटकर वह से जाते हुए मम को bye कहकर निकल गया...

ये सब मैंने इतने जल्दी किया था की मेरे जाने जे बाद भी मम शॉक में थी...

इधर मई वह से कैंटीन में चला गया तो सब मेरी hi रह देख रहे थे...

Ravi-Kaha रह गया था बे.. कितनी देर से वेट कर रहे है हम सब तेरा...

Mai-Sorry... सॉरी... Sorry....Dosto... मम ने मुझे कुछ काम के लिए बुलाया था इसीलिए वह गया था...

श्याम- वैसे जिस काम के लिए गया था हुवा न वो काम...

मैंने इस बात का जवाब सिर्फ हसकर दिया तो वो खुद hi समाज गया जो समझना था...

उसके बाद हम सब वही पर खाना खाने बैठे हुए थे..

तभी वह पर कुछ 9-10 लड़के एते है और हमारे सामने बैठ जाते है...

और आपस में जोर से गन्दी गन्दी गालिया देते हुए बोल रहे थे...

और कैंटीन से जो चाहिए था वो ले रहे थे...

मैंने एक बार अपनी दोस्तों की तरफ देखा तो राहुल कहने लगा...

राहुल- यार ये तेरे जाने के बाद इलेक्शन हुवा था इसमें ये चीटिंग कर के कॉलेज सेक्रेटरी बना हुवा है..

और तब से अपने आवारा दोस्तों के साथ यहाँ आकर मस्ती करता है..

लड़कियों को छेड़ता है.. गन्दी गन्दी कमैंट्स भी करता hai...Aur अगर इसकी बात कोई नहीं मन तो बहुत hi बुरी तरह से मरता है...

रितिका- तो फिर इसकी कोई कम्प्लेन क्यों नहीं करता...

Shyam-Kaise करेगा हमारे शहर के दसप का जो बीटा है.. अगर कोई कम्प्लेन करे तो सीधा अपने बाप से कहकर जेल में डालकर.....

मई- समाज गया मई.... ठीक है कोई बात नहीं अब मई आ गया हु न..

किसी का तो पता नहीं पर अपने ग्रुप में से किसी को भी कुछ नहीं होगा....

रितिका- अबे मोठे तू नहीं( शर्ट की कलर ऊपर करते हुए) मई आयी हु अब...

Mai-Acha ाचा कोई तो है तुम राहु या मई....

हमारा ये सब चल hi रहा था तभी उस ग्रुप में से एक लड़का रितिका को देखकर कहता है...

जो शायद हम सबने सुन लिया था पर किसको कहा था ये मुझे नहीं पता चला क्यों की मेरी पीठ उनकी तरफ थी...

लड़का1- यार वो पटाखा देख न... कैसा चिकना माल है.. कितना hara-bhara माल है.. यार ये मिल जाये न तो जननात्तट आह्ह्हह्हह्हआआ.....

वो लड़का इतना कहते हुए उस लड़की की तरफ मतलब ऋतू की तरफ आ hi रहा था.

तभी उस लड़के का हाथ दूसरे लड़के ने पकड़ लिया...

लड़का 2- अरे यार उसको मत देख वो रद की सिस्टर है... उसे पन्गा मत ले वार्ना जान से हाथ धोना पड़ेगा...

लड़का1- (गुस्से से) कोण है बे वो रद नहीं जनता मई किसको और नहीं जानने की कोई जरुरत है... चल अब उसका मजा ले लू थोड़ा...

तभी वो दसप का लड़का उस लड़के1 से कहता है...

दसप बॉय- ( हवा में सिगरेट का धुवा उड़ाते हुए) जा भाई पकड़ ले जिसको भी पकड़ना हो अगर कोई पन्गा होगा तो मई देख लूंगा....

ये सब मई शांति से सुन रहा था मई क्या हमारे ग्रुप में से सब सुन रहे थे पर कोई कुछ नहीं बोल रहा था..

क्यों की सबको पता था वो आग के मुँह में हाथ डालने जा रहा है...

और सब एक तरफ से एक्ससिटेड थे ये सन देखने के लिए और खुद मई भी.............................

 
अपडेट 5

ये सब मई शांति से सुन रहा था मई क्या हमारे ग्रुप में से सब सुन रहे थे पर कोई कुछ नहीं बोल रहा था..

क्यों की सबको पता था वो आग के मुँह में हाथ डालने जा रहा है...

और सब एक तरफ से एक्ससिटेड थे ये सन देखने के लिए और खुद मई भी................................

आगे............................



लड़का1 रितिका के पास जाता है और उसके पास जाकर कहता है...

लड़का1- हठियई... रे.. मेरी चमक चलो... यहाँ कहा बैठी हो.... चलो हमारे साथ हम तुम्हे जन्नत की सैर करते है...

मई तो उस लड़के के हिम्मत पर दाद देता हु. और एक तरफ से गुस्सा.. साला मेरी गफ पर लाइन मार रहा है..

Ritu-(Uski तरफ देखती हुए) क्या तुम मुझसे कह रहे हो....

लड़का1- (आंख मरते हुए) क्या यहाँ तुम्हारे अलावा कोई और पटाखा है क्या मेरी जानेमन....

उस लड़के की बात सुनकर शायद सब लड़किया रितिका से जल गयी होगी..

क्यों की सब लड़कियों को अपने सामने किसी और लड़की की तारीफ पसंद नहीं है फिर आगे चाहे कोई भी हो या कोई भी सिचुएशन हो...

Ritu-(Apni जगह से खड़े होते हुए) ाचा... तो आओ मुझे सिर्फ चुकार देखो... अगर तुमने मुझे छू लिया तो ी ऍम आल योर्स....

ऋतू का ये सुनते hi मई उसके मुँह की तरफ देखने लगा.. और मई ये सोच रहा था की आखिर ये लड़की करना क्या चाहती है....

Ladka1-(Us दसप बॉय की तरफ देखते हुए) भाई... ये लड़की तो बहुत जल्दी मान गयी...

दसप बॉय- तो फिर सोच क्या रहा है जा न उसे पकड़ ले...

वो लड़का रितिका को चुने के लिए अगर बड़ा और और अपना हाथ आगे बढ़ाकर चुने hi वाला था की....

तभी कुछ ऐसा हुवा की वो लड़का हवा में उड़ते हुए उस दसप बॉय के पैरो के पास सोया हुवा tha...Matlab बेहोश पड़ा हुवा था...

अब ये सब हुवा कैसे वही सब सोच रहे थे.. पर मैंने तो फुल स्लो मोशन के साथ सब सन देख लिया था...

उस लड़के का हाथ जैसे hi रितिका को चुने वाला था वैसे hi ऋतू ने उसका वही हाथ पकड़कर जोर से मरोड़ दिया...

और वो चिल्ला पता उसे पहले hi उसके छाती पर एक तमाचा लगा दिया...

जिससे वो एक बार जमीं पर गिरकर और फिर हवा में उड़ते हुए पीछे जा gira...(Jaise सिंघम में हुवा था)

ये देखकर वो दसप बॉय अपनी जगह से खड़ा हुवा और उस अपने दोस्त को उठाने की कोशिश करने लगा पर सब बेकार...

क्यों की वो शायद बेहोश हो गया था.. लगता है ऋतू ने ज्यादा जोर से मरने की कोशिश नहीं की थी...

लेकिन ये देखकर उस दसप बॉय को बहुत गुस्सा आ गया था..

लड़का2- भाई मैंने आपसे पहले hi कहा था इसके आगे मत जाओ ये बहुत पहुंची हुयी चीज है...

दसप बॉय- अब ये कोई भी हो मेरे आगे कुछ भी नहीं है..

(अपने दोस्तों की तरफ इशारा करते हुए) जाओ रे उस लड़की को लेकर मेरे पास ले आओ.. अब खुद मई उसे देखता हु ...

उसका ये सुनते hi उसके सरे दोस्त हमारे मतलब ऋतू के पास जाने लगे लेकिन ऋतू तो अब फुल जोश में थी...

Ritu-Agar आप सब को अपनी जान प्यारी है तो यहाँ से चले जाईये वार्ना तुम सबका वो हशर करुँगी की तुम सब मुझे भिक मांगोगे की मुझे मार दो...

ये बात मैंने भी सुन ली थी इसीलिए मैंने ऋतू को मन hi मन में कहा....

Mai-(Man में) इतना भी दर्द मत दे उनको सिर्फ सबक सीखा de..wo सब उस दसप के लड़के के कहने पर ये सब कर रहे है..

इसमें इनका कोई दोष नहीं है सिर्फ इनको बेहोश कर दे..

ये सुनकर रितिका ने मेरी तरफ देखा लेकिन बोली कुछ नहीं.. और नहीं उसने अपने मन में कुछ सोचा जो मई पद सकू...

तभी एक लड़के ने आकर ऋतू का हाथ पकड़ने की कोशिश की तभी ऋतू ने अपने दूसरे हाथ से सीधा गाल पर बहुत जोर से तमाचा मार दिया जिससे वो वही लेट गया..

ये देखकर तो दूसरे लड़के भी दर गए थे ऋतू से. लेकिन अब वो सब पीछे नहीं हैट सकते...

एक लड़के के हाथ क्रिकेट की बात थी तो वो बात रितिका को मरने के लिए उठाया लेकिन ऋतू ने निचे झुककर उस बात को जाने दिया...

पर वो बात सीधा उसी के साइड में खड़े लड़के को बहुत जोर से लगी इसलिए वो वही बेहोश हो गया. और उसके सर से खून निकलने लगा...

फिर ऋतू ने उस लड़के को एक बैक किक देकर उसे भी वही पंहुचा दिया जहा सब लड़के जा रहे थे मतलब बेहोशी में....

फिर क्या जो भी लड़का रितिका के सामने आता उसका वही हाल होता किसी न किसी तरह..

मई खुश था क्यों की ऋतू ने मेरी बात मन ली थी... जब ये फाइटिंग सन चल रहा था तभी भी हम वही अपनी जगह कूल होकर बैठे हुए थे...

लेकिन बाकि के सब उस फाइटिंग को खड़े होकर देख रहे थे.. बल्कि वो कैंटीन पुरे स्टूडेंट्स से भर गया था..

क्यों की जैसे hi जिस किसी को पता चल रहा था यहाँ पर फाइटिंग चल रही है वैसे hi सब यही चलते हुए आ रहे थे...

और इसी बिच मैंने एम्बुलेंस को भी बुला लिया था.. अब सिर्फ वो लड़का2 और दसप बॉय hi बचा था..

और वो दोनों भी बहुत शॉक में थे ये सन देखकर वो दोनों hi क्या वह के सब स्टूडेंट्स शॉक में थे यहाँ तक की मेरे फ्रेंड्स भी कुछ इसी हालत में थे....

उन सब के बेहोश हो जाने के बाद ऋतू उस दसप के बॉय से कहने लगी...

Ritu-Aur भी है या बस इतना hi दम है तुझमे या तेरे दम पे उड़ने वाले इन सब लड़को में...

ये सुनकर दसप का बचा गुस्सा करने लगा.. वैसे दर और गुस्से के मिलाप क्या कहते है मालूम नहीं पर उसका कुछ ऐसा hi हल था...

तभी उस लड़के ने अपनी जेब से गन निकली.. गन देखकर सब स्टूडेंट्स हल्ला करने लगे...

मतलब जोर जोर से चिल्लाते हुए इधर उधर भाग रहे the..Par रितिका नार्मल थी ये मई जनता था...

लेकिन अब बस बहुत हुवा ये खेल अब इन सबको दिखाना hi पड़ेगा की रद इस बैक...

मतलब वैसे नहीं जैसे आप सब सोच रहे हो.. जस्ट हीरो की तरह विथाउट उसे पावर...

Mai-(Jor से चिल्लाते हु) रूयककककक..... जजजावू.... साबबबब.....

ये सुनते hi सब जहा थे वही रुक गए क्यों की मई चिल्लाया hi बहुत जोर से था..

ऋतू मेरे पीछे उन सब लड़को को मरने के बाद वही कड़ी थी...

और मेरे सरे फ्रेंड्स भी सब अपनी जगह खड़े हो गए थे.. लेकिन मई अकेला hi अपनी जगह बैठा हुवा था...

मई अपनी जगह से खड़ा हुवा और जैसे hi बाकि सरे स्टूडेंट्स ने मुझे देखा उन सब लोगो में कुछ हलचल होने लगी..

मतलब वो सब आपस में कुछ बाटे करने लगे.. और जैसे hi मई उस लड़के की तरफ पलटा मुझे देखकर उस दूसरे लड़के की जान हाथ में आ गयी थी...

क्यों की उसने एक्सपेक्ट hi नहीं किया था की मई वह पर होऊंगा.. और नहीं उस दसप के लड़के ने..

वैसे वो भी मुझे जनता था.. और दर के मरे उसके भी हाथ पेअर थार थार कैंप रहे थे..

लेकिन उसको लगा की उसके पास एक प्लस पॉइंट है जो उसके हाथ में गन है..

पर शायद उसको ये पता नहीं था की हम कोण है...

उसने बिना सोचे समजे गन चलनी चाही.. तो वैसे hi स्पीड में मैंने ऋतू को साइड किया और उसके पास पहुंचकर उसकी गन ऊपर कर दी...

और गन की गोली चाट की तरफ चल गयी.. मई इतने जल्दी यहाँ पर कैसे आया...

ये सोचने के लिए मैंने उसे वक़्त hi नहीं दिया और झट से उसके मुँह पर एक हल्का सा पंच मार दिया..

जिसकी बजह से वो बेहोश होकर निचे गिर गया tha.tabhi बहार से एम्बुलेंस की आबाज आने लगी.. तो मैंने उस लड़का2 से कहा...

मई- देखो मई तुम्हे इस लिए छोड़ रहा हु क्यों की तुम एक अचे लड़के हो और अब इन्हे यहाँ से हॉस्पिटल ले जाओ इसीलिए...

फिर कुछ डॉक्टर और नर्स वह पर आ गए और उन सबको यहाँ से ले गए..

वैसे ये सब जब हो रहा था तब प्रिंसिपल के साथ सब टीचर्स भी वह आ गए थे.. उनके साथ सुबह वाली मम भी थी...

तभी प्रिंसिपल सर मेरे पास आ जाते है और कहते है...

प्रिंसिपल- मर. पुरोहित अब तुम अपने घर जाओ और चलो बचो तुम सब भी अपने घर जाओ..

फिर प्रिंसिपल सर के कहने पर सब स्टूडेंट्स वह से निकल जाते है और साथ में हम सब भी..

फिर मेरे दोस्त भी उनके घर निकल पड़ते है.. और यहाँ रह गए हम तीनो तो मई रितिका को साथ लेकर दिव्या को Bye कहकर अपने घर की तरफ निकल पड़ता हु..

और दिव्या ऋतू की स्कूटी लेकर उसके घर की तरफ चली जाती है...................................

 
अपडेट 6

फिर मेरे दोस्त भी उनके घर निकल पड़ते है.. और यहाँ रह गए हम तीनो तो मई रितिका को साथ लेकर दिव्या को Bye कहकर अपने घर की तरफ निकल पड़ता हु..

और दिव्या ऋतू की स्कूटी लेकर उसके घर की तरफ चली जाती है...................................

आगे............................



बाइक पर बैठे हुए मुझे रितिका कहती है...

Ritu-Tumne मुझे रोका क्यों उन्हें मरने से...

Mai-Ritu इसमें उनका कोई दोष नहीं था बल्कि वो सिर्फ उस दसप के लड़के गलत सांगत में आ गए थे..

और उन्हें सिर्फ ाचा रास्ता दिखाना जरुरी था.. और उसके लिए उन सबके मन में दर होना जरुरी है बस इतना hi ...

रितिका- ाचा ok... चल ठीक है वैसे उस वक़्त मुझे तेरे पर hi गुस्सा आ गया था मुझे रोकने के लिए.. ऐसे लग रहा था तुझे मारु उनकी जगह...

Mai-(Naughty स्माइल के साथ) तुमने तो मुझे मार hi दिया है अपने प्यार में और कितना मरोगी....

Ritu-(Sharmate हुए) Hat....kuch भी ....

Mai-Are तुम तो शर्मा गयी... मतलब तुम शर्माती भी हो मुझे तो आज hi पता चला...

ऐसे hi बाटे करते हुए हम दोनों घर पहुंच गए तो दी और माँ सोफे पर बैठे हुए टीवी देख रहे थे...

माँ- आ गए तुम दोनों लेकिन साथ में....

Mai-Mom इस नकचढ़ी ने आज कॉलेज में पन्गा खड़ा कर दिया था. इसलिए साथ में आ गए....

रितिका- क्या मैंने पन्गा लिया तो तूने क्या किया उन सबको मोठे...

Mai-Kya किया मैंने बता न... ..

दी- चुप बैठो तुम दोनों एते hi शुरू हो गए कुछ देर तो ढंग से रहा करो बिना झगड़ा किये हुए....

मई- इससे और अचे से बात.... (टेढ़ा मुँह करते हुए) इम्पॉसिबल.....

रितिका- मुझे भी कोई शौक नहीं चढ़ा है... हहहहहहह.. चल जा....

ये कहते hi हम दोनों अपने अपने रूम में निकल गए.. निकल क्या भाग गए वह से...

Mom-Ye लो... क्या हुवा कॉलेज में पूछने तो देते उसे पहले hi यहाँ से भाग गए...

तभी किचन से सोनम अपने हाथ में चाय लेकर एते हुए बोलती है...

सोनम- माँ आपको पता नहीं पर ये उन सबका प्लान था यहाँ से भाग जाने का.. आप से बचने के लिए...

माँ- अच्छा.... तभी तो मई सोचु ये लोग जितने प्यार से ए थे..

उतने hi एंग्री मूड में क्यों चले गए आने दो उन दोनों को देखती हु मई...

दी- माँ अभी नहीं रात में उस वक़्त सब होंगे और भाई भी तो होंगे तब देखती हु ये दोनों कैसे भाग जाते है...

मई यहाँ अपने रूम में आकर रेडी हुवा और अपने बीएड पर बैठे हुए मोबाइल में गेम खेलने लगा..

तो चलो दोस्तों रद को गेम खेलने दो तब तक मई आपको बताता हु याददास्त लौट आने के बाद जब वो घर ए तब क्या हुवा तो चलो फिर......

हम सब कार में घर की तरफ रवाना हो गए... मई गाड़ी चला रहा था..

और मेरे साथ रितिका बैठी हुयी thi..Tabhi हमारा घर काम महल आ गया...

बहुत दिनों बाद यहाँ एते हुए मई बहुत खुश हो रहा था... घर के सामने गाड़ी रोककर हम सब कार में से उतर गए और सब दूर पे खड़े हुए...

तभी अचानक से दूर खुला तो अंदर से भाबी ने दूर खुला..

और बहार हम सबको खड़े हुए देखकर वो बहुत खुश हो गयी... और वही से माँ और दी को अबाज लगाने लगी...

वो दोनों भी दौड़ते हुए चले ए.. अब इतने जोर से कोई बुलाएगा तो भागकर hi आएंगे न...

लेकिन जैसे hi उन दोनों ने हमे देखा वो दोनों भी ख़ुशी सी झूम उठे...

माँ तो भागते हुए मेरे पास आकर मुझे कसकर अपने गले लगा लिया..

माँ की बहो में जाकर मुझे एक अलग hi ख़ुशी हो रही थी. जिससे शब्दों में बया न कर सकू...

फिर क्या माँ ने मेरे चहरे पर एक ऐसी जगह नहीं छोड़ी जहा पर उन्होंने किश नहीं किया... बल्कि मेरा चेहरा पूरा लिपस्टिक से भर गया था..

लेकिन ये देखते हुए रितिका चुप बैठे ये कैसे हो सकता है...

रितिका- माँ मई भी हु यहाँ आपकी बेटी... ये नाइंसाफी है बेटे के एते hi माँ अपने बेटी को भूल गयी...

Mom-(Ankho में आंसू) तुझे कैसे भूल सकती हु मई.. तुम सब तो मेरे जिगर टुकड़े ho...Aur आज तूने मेरे बेटे की याददास्त लौट आने में मदद की है...

रितिका- अरे हेल्प... माँ ये कहकर अपने मुझे पराया कर दिया...

दी- ये नौटंकीबाज़ बस कर माँ को परेशां करना....

रितिका- ये सही नहीं है दी... मई करू तो नौटंकी और ये बड़ा भालू करे तो प्यार...

Mai-Tu भालू किसको बोली छिपकली....

Ritika-(chidate हुए) तुझे मोठे.....

ये कहकर रितिका भागने लगी और मई उसके पीछे उसे पकड़ने के लिए...

हमे ऐसा देखकर सब की आँखों में आंसू होकर भी सब हसने लगे...

सोनम को तो ये सब मालूम hi था पर रसिका के लिए ये सब नया था..

क्यों की यहाँ पर आने से पहले हम दोनों जैसे प्यार से बाटे और रह रहे थे..

यहाँ पर एते hi उसके अपोजिट हो गए...

ये उसको बहुत कन्फ्यूज्ड कर रहा था शायद..

इसलिए सोनम ने उसे धीरे से कुछ इशारा कर दिया था शायद बाद में बताउंगी ऐसा hi कुछ....

Bhabi-(Khush होते हुए) माँ आज घर घर जैसे लग रहा है..

माँ- क्यों न लगे आज इस घर के Do-do जान जो आ गए है...

तभी दी का ध्यान सोनम के साथ कड़ी रसिका पर जाता है तो वो कहती है...

दी- सोनम ये तुम्हारे साथ लड़की कोण है...

दी के मुँह से यू सुनते hi हम दोनों भी अपने जगह खड़े हो जाते है और अब हम दोनों एक दूसरे के मुँह की तरफ देख रहे थे...

मई- (धीरे से) अब बता न....

Ritika-Mom वो दरअसर हम जब दीपू का इलाज कर रहे थे न वह पर मिली है रसिका हमे..

Mom-Lekin है कोण ये .... ये तो batao....waise रसिका ाचा नाम है...

अब तो मुझे भी कुछ सूझ नहीं रहा था और सबकी हालत देखकर मुझे ऐसा hi लग रहा था तो मैंने hi माँ से कहने लगा....

मई- माँ हम आपको सब बताएँगे लेकिन अभी नहीं पापा को आने दो.. सबको एक साथ बताएँगे हम..

अब देखो न हम इतने दिनों बाद ए है और एते hi आपके सवाल शुरू.....

माँ- ठीक है... ठीक है... चलो अब तुम सब अपने कमरे में जाओ और कुछ देर आराम करो..

तब तक हम सब खाने की तैयारी करते है और पापा भी आ जायेंगे उस samay...Par ये लड़की कहा जाएँगी....

Sonam-Mom ये मेरे कमरे में रहेगी आज से...

फिर मई माँ से मिलकर अपने कमरे में चला जाते हु.. लेकिन एक बात रह गयी थी..

मई जब से आया था दी से खुलकर और उनसे बात hi नहीं की थी..

इसीलिए उनका भी चेहरा उतर गया था और वो भी अपने रूम में चली गयी...

पर ये मैंने नोटिस नहीं किया था इसलिए मई उस वक़्त जान नहीं पाया.. अब मई अपने रूम में आकर फ्रेश होकर सो जाता हु.......................

 
अपडेट 7

पर ये मैंने नोटिस नहीं किया था इसलिए मई उस वक़्त जान नहीं पाया.. अब मई अपने रूम में आकर फ्रेश होकर सो जाता हु...........................

आगे............................



कुछ देर बाद मुझे सोनम उठाने आयी बहुत दिनों बाद अपने रूम में सोते हुए बहुत ाचा लग रहा था...

Sonam-RD उठना नहीं है क्या निचे सब तुम्हारी रह देख रहे है...

Mai-Ha ठीक है तुम चलो मई अभी आया...

उसके बाद सोनम निचे चली गयी और मई फ्रेश होकर निचे चला गया..

तो सब डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे और मेरी hi रह देख रहे थे...

मई वह पहुंचते hi पापा मेरे पास आकर मुझे गले लगाया और कहने लगे...

Papa-Thank गॉड तुम पहले की तरह हो गए.. ी मिस यू रूद्र....

मई- ी मिस यू पापा.. एंड ी लव यू....

पापा- चलो अब खाना खाओ हम बाद में बाटे करते है..

हम सब खाना खाने बैठ गए थे . और सबके चहरे की तरफ देखते हुए मुझे ऐसा लग रहा था..

इनके मन में बहुत से सवाल है.. लेकिन वो पूछ नहीं रहे है..

लेकिन मुझे एक बाद अलग लग रही थी वो ये की दी का चेहरा कुछ मुरझा हुवा लग रहा था..

मगर वो खुश भी लग रही थी.. उनके मन में क्या चल रहा है मुझे वो समाज नहीं आ रहा था.. और नहीं मई अभी समझना चाहता था...

हम सब डाइनिंग टेबल पर बैठ गए.. मेरे दोनों साइड माँ पापा और माँ के साइड ऋतू..

और उसके सामने दी उसके साइड सोनम मेरे सामने रसिका और फिर नेहा भाबी बैठी हुयी थी...

और भाबी के पास एक चेयर खली थी जिसमे कोई बैठा नहीं था... और आज सब मेरे पसंद का hi किया हुवा था...

ये देखकर मई बहुत खुश हुवा लेकिन एक शक्श तहत जो ये देखकर गुस्सा हो गया tha.Aur वो कोण है ये तो आप जानते hi हो...

रितिका- क्या माँ आपने सब अपने लादले का hi फेवरेट खाना बनाया हुवा है और मेरा क्या.. हम भी तो बहुत दिनों बाद घर ए है...

Mai-Ha तो क्या हुवा... ये मेरी माँ है और ये मुझे तुमसे भी ज्यादा प्यार करती है इसलिए...

Ritika-(Gusse से) कुछ भी बकता है मोठे.. माँ आप hi बताओ आप किस से ज्यादा प्यार करती है...

Papa-Ha ... है.. बताओ हम भी तो सुने आप किस से ज्यादा प्यार करते है...

माँ- आप भी इन बचो में शामिल हो गए.....

पापा- मई कहा शामिल हुवा हु मई तो बस जो सच है वो जानना चाहता हु...

माँ- मई तुम सबसे बहुत प्यार करती हु.. किसी को भी ज्यादा नहीं और किश को भी काम...

ऋतू- तो फिर आज आपने सिर्फ इस मोठे की पसंद का hi खाना क्यों बनाया मेरी पसंद का क्यों नहीं...

Mom-ha तो इसमें कोनसी बड़ी बात है कल बना दूंगी मई तेरी पसनद का खाना अब तो खुश हो और अब चलो सब खाना खाओ...

जब ये सब चल रहा था तब सब हमारे तरफ hi देख रहे थे..

पर मुझे ऐसा महसूस हो रहा था दी हमारे साथ होकर भी नहीं है..

और भाबी के आँखों में आंसू अस गए थे ये देखकर लेकिन ये ख़ुशी के आंसू थे.. पर मुझे कुछ मिसिंग लग रहा था..

Mom-Chalo बचो अब खाना शुरू करो...

Mai-Abhi कहा मम्मी कुछ देर रुको.. भाबी आपने भैया को बताया नहीं मई लौट आया हु इस बारे में...

भाबी- नहीं अभी तक नहीं लेकिन रात को बताउंगी....

Mai-Nahi आप उन्हें अभी कॉल करो और उनसे पूछो क्या कर रहे है...

पापा- लेकिन रूद्र हम उसे बाद में कॉल करेंगे न खाना ख़तम होने के बाद...

मई- ऐसे कैसे हम सब यहाँ फुल मस्ती में खाना खा रहे है.. और यहाँ पर भैया भी तो नहीं है.. तो मई चाहता हु आप उनसे कॉल करो...

Di-Karo भाबी.. इसकी बात मने बगैर ये खायेगा नहीं...

फिर भाबी ने भैया को कॉल किया.. तो ऋतू ने भाबी से स्पीकर ों करने के लिए कहा क्यों की हम सब सुन सके..

उधर भाई ने कॉल पिक कर दिया और यहाँ भाबी कुछ कहे उसे पहले hi भैया ने अपना काम कर दिया था...

भैया- Hi... जानेमन.. आज कैसे याद आ गयी हमारे डार्लिंग को हमारी...

ऋतू- (भाबी को चिढ़ाते हुए) आप के डार्लिंग को तो नहीं पर उनके रिश्तेदारों को तो आप की याद आ गयी है भैया..

ये सुनते hi भाबी शर्मा गयी और वह भैया को पता लग गया था..

कॉल किसी और ने पिक किया है इसलिए वो कहने लगे...

Bhaiya-Kon बोल रहा है...

Bhabi-Ji कोई नहीं लेकिन आप इस वक़्त क्या कर रहे है...

भैया- वो मई अभी अपना ब्रेकफास्ट बना रहा हु लेकिन तू........

इसके आगे मैंने कुछ भी नहीं सुना और झट से चला गया नई यॉर्क मतलब भाई जिस जगह थे वह...

भाई सच में वह खाना बना रहे थे.. और साथ में फ़ोन पर बात भी कर रहे थे..

मैंने भैया को वह से सीधा इंडिया मतलब जहा हम खाना खा रहे थे वह ले आया..

और फिर उन्हें भाबी के पास बिठाया और मई अपनी जगह आ Gaya.Aur टाइम फिर से अपनी तरह चलने लगा....

भैया- तुम क्या कर रही हो... और सब लोग कहा है अभी जो अबाज आयी थी वो........

ये सब कह रहे थे भैया का ध्यान निचे था लेकिन जब उन्हें पता चला की वो खाना नहीं बना रहे है..

किसी दूसरी जगह बैठे हुए बोल रहे है तो वो भी एक पल के लिए दर hi गए थे...

और यहाँ पर बाकि लोग वो सब तो भैया को ऐसे अचानक सामने देखकर दर hi गए थे..

मतलब जो अबाज मोबाइल से आ रही थी.. अभी वो सामने बैठे हुए आ रही है.. ये देखकर डरेंगे hi न सब...

तो इन सबमे मई मजा लेने लगा डरने की एक्टिंग करते हुए जैसे मैंने कुछ किया hi नहीं हो...

Papa-Yuvraaj तुम यहाँ.....

भैया- (पापा की तरफ देखते हुए) Hi... डैड......

ये कहकर वो फिर से निचे देखते है लेकिन जब उनको पता चलता है की सच में उनके सामने डैड है तो वो भी घबरा जाते है...

किसी को भी कुछ समाज नहीं आ रहा था ये सब कैसे हुवा.. लेकिन कुछ लोग थे जिन्हे सब समाज आ गया था ये सब कैसे हुवा....

तभी भैया मुझे सोनम और ऋतू को देखकर और भी शॉक हो जाते है..

मतलब उन्हें क्या करे और क्या न करे ऐसा हो रहा था.. और इन सबमे अब मुझे मेरी hi गलती का अहसास हो रहा था..

भैया- रूद्र और रितिका तुम.... ये सब क्या हो रहा है यहाँ पर मई यहाँ कैसे मई तो...

Ritika-(Gusse से) ये सब इस मोठे ने किया है.. इसने hi भाई को यहाँ ले आया है... बताके नहीं जा सकते थे क्या...

ये सुनते hi सब मेरी तरफ देखने लगे.. अब तो छुपाने से hi कोई फायदा नहीं था..

इसलिए मई शांत hi रहना सही समजा और ये देखकर तो सब समाज hi गए. ये सब कैसे और किसने किया...

तभी भाई अपने जगह से खड़े हुए और मेरी तरफ आने लगे..

मुझे लगा मुझ पर चिल्लायेंगे लेकिन नहीं वो मेरे पास आकर मुझे गले लगाया और कहने लगे...

भैया-. थैंक गॉड तुम लौट ए रूद्र ी मिस यू मेरे भाई...

मई- ी मिस यू तू भैया....

माँ- लेकिन मुझे एक बात बताओ ये सब हुवा कैसे मतलब युवी यहाँ कैसे...

Mai-Mom मई सब बताऊंगा पर खाना खाने के बाद आज इतने दिनों बाद हम सब यहाँ बैठे हुए थे.. और सिर्फ भैया hi यहाँ नहीं थे तो मई उन्हें यहाँ ले आया...

भाबी- लेकिन कोई ऐसा लता है क्या किसी को सब दर गए थे न....

मई- (कण पकड़ते हुए) उसके लिए सॉरी लेकिन मुझे लगा आप सबको सरप्राइज दूंगा...

Papa-Thik है ठीक है अब सब खाना खाओ उसके बाद हम सब बाते करेंगे...

उसके बाद सब अपनी जगह बैठ गए और भैया भाबी के पास...

भैया रसिका को देख लिया पर उन्होंने सोचा बाद में hi पूछूंगा सबसे...

आज इतने दिनों बाद भाई और मई घर का खाना खाकर बहुत खुश थे...

और फिर हम सब ने खाना खाया और हम सब हॉल में आकर जिसको जहा जगह मिली वह बैठ गए हमारी बानी बनायीं स्टोरी सुनने के लिए..............

 
अपडेट 8

और फिर हम सब ने खाना खाया और हम सब हॉल में आकर जिसको जहा जगह मिली वह बैठ गए हमारी बानी बनायीं स्टोरी सुनने के लिए..............

आगे............................



दी- तो चलो बताओ अब तुम्हारी याददास्त कैसे लौट आयी और वह पर हुवा क्या और ये रसिका कोण है...

मई रितिका की तरफ देखने लगा और वो मेरी तरफ.. क्यों की उसको hi इन सब चीजों के बारे में बताना था...

लेकिन वो अभी शांत थी.. और मई यहाँ हैरान हो गया की ये कुछ बोल क्यों नहीं रही है. अब मई क्या करू..

लेकिन तभी सोनम सबसे कहती है...

सोनम- रसिका मेरी छोटी बहन है...

ये सुनकर तो घर वालो के साथ मई भी शॉक में रह गया..

उनके साथ मई भी सोचने लगा की सोनम क्या बक रही है क्या ये सही है...

(मन में) मतलब... नहीं रे.. कुछ भी मत सोच...

सच में उसके बात ने सबको चौका दिया था... पर अभी तो शुरुवात थी..

माँ- (चौंकते हुए) तुम्हारी बहन.... लेकिन ये बात तुमने पहले hi हमे क्यों बता नहीं दी और अब....

सोनम- उसके लिए ी ऍम रियली सॉरी... पर उस वक़्त मई इस बारे में सोच hi नहीं पायी. क्यों की मुझे उस वक़्त इतना ज्यादा पता नहीं था.. मतलब अभी भी नहीं है पर...

भाबी- वो सब तो ठीक है पर मुझे एक बात बताओ ये इतने दिन कहा थी.. और ये तुम्हे मिली कहा...

अब रितिका का दिमाग चल गया मतलब उसके दिमाग में एक नयी कहानी ने जनम ले लिया मतलब आईडिया...

लेकिन ये सुनकर मुझे कुछ रहत महसूस हुयी क्यों की सोनम ने ऐसे hi कुछ कह दिया था...

रितिका- वो क्या है न भाबी.. सोनम और रसिका के mom-Dad का एक्सीडेंट हो गया था और वो दोनों मर गए..

पर इन दोनों को अकेला छोड़ गए. इस एक्सीडेंट को सोनम बर्दास्त नहीं कर पायी और उसकी दिमागी हालत ऐसी हो गयी...

उसके बाद उन दोनों बहनो को उनके रिश्तेदारों ने अपने साथ ले गए लेकिन अलग अलग...

सोनम अपने चाचा के साथ और रसिका अपने मां के साथ...

लेकिन उन दोनों को उनके रिश्तेदार बहुत टॉर्चर करते the.unse घर का सारा काम करवाते थे...

और इसीलिए सोनम वह से भाग गयी और हमे मिल गयी... फिर हम जब दीपू का इलाज कर रहे थे..

तब एक जंगल में हमे रसिका बहुत hi बुरी हालत में मिली थी...

तो जहा से दीपू का इलाज किया वही पर रसिका का भी इलाज कर दिया और वो ठीक हो गयी...

सोनम रसिका को पहचान नहीं पायी पर रसिका ने उसे पहचान लिया...

अब वो दोनों सेज बहने है तो रसिका को अकेले छोड़ना ाचा नहीं लगा तो हम उसे भी साथ ले ए...

(इमोशनल होते हुए) क्या माँ हमने ये ाचा नहीं किया....

वहहह.... रे रितिका क्या कहानी सुनाई तुमने.. एक बार तो मई भी विश्वास कर लू इस स्टोरी पर..

पर मुझे सब मालूम है न... लेकिन ऋतू की कहानी सुनकर सब ऐसे इमोशनल हो गए थे की सबकी आँखों में से आंसू आने लगे...

माँ अपनी जगह से कड़ी हुयी और ऋतू को अपने गले लगते हुए कहती है..

माँ- नहीं बेटी तुमने ये बहुत hi ाचा किया... ( फिर सोनम और रसिका की तरफ जाते हुए)

और तुम दोनों मई आज से तुम दोनों की माँ हु समजे.. अब कभी भी अपने आप को अकेली मत समझना...

Bhabi-Aur मई भी हु आपकी बड़ी बहन...

Mai-(Man में) हुसस्ससहहहह..... चलो ये तो मटर सोल्वे हो गया अब देखते है आगे क्या पूछते है...

भैया- लेकिन रूद्र तुम्हारी याददास्त कैसे लौट आयी.

अब क्या कहे... साला जब बिना पढ़ाई के एग्जाम देने जाओ न वैसे फील हो रहा है अब मुझे...

अब फिर से सब अपनी जगह आकर बैठ गए थे...

लेकिन इस सवाल का जवाब तो ऋतू hi देंगी क्यों की वही तो है जो मुझे यहाँ से ले गयी थी...

ऋतू- भाई जब हमे रद मिल गया था उसी रात मुझे एक सपना आया था उसमे मुझे किसी की अबाज सुनाई दी..

जो कह रहा था की अगर तुम रद की याददास्त लौटना चाहती हो तो तुम्हे हिमालय की सबसे बड़ी छोटी पर उसको साथ लेकर आना होगा..

और वो भी किसी को भी बिना bataye.To मैंने उसे अबाज से पूछा की मेरे घर वाले मुझे इतना दूर नहीं भेजेंगे अकेले.

तो उस अबाज ने कह दिया की तुम्हारे परिवार का एक ऐसा हिस्सा जो तुम्हारा परिवार के साथ रहता हो..

पर तुम्हारा उससे कोई रिश्ता नहीं होना चाहिए उसे अपने साथ लेकर ा जाओ..

तो मई अपने साथ सोनम के लेकर चली गयी... और वह पहुंचने के लिए हमे 3-4 दिन लगे..

और जब हमे वह पर एक बहुत बूढ़े बाबा से मिले तो वो रूद्र को अपने साथ ले गए..

और हमे 7 दिन बाद आने के लिए कह दिया. तब तक हम वह घूमते रहे लेकिन तभी हमे वह रसिका मिल गयी...

और जब 7 दिन बाद हम वह पहुंचने तो इसकी याददास्त वापस आ गयी थी.. और ये पहले की तरह ठीक हो गया था..

तो हमने वह रसिका को भी दिखा दिया तो उस बाबा ने उनका इलाज कर दिया तो हम यहाँ चले ए...

भाबी- वो सब तो ठीक है पर मुझे एक बात बताओ तुम्हारे अंदर इतने साडी पावर्स कहा से आयी..

हम सबने उस दिन देखि थी जिस दिन हमे दीपू मिले थे.. और है वो सपना सिर्फ तुम्हे hi क्यों आया..

अब क्या कहे उसे भी समाज नहीं आ रहा था. और नहीं हममे से किसी को..

लेकिन इसका जवाब हमारे अलावा किसी और के पास भी था...

Papa-Kyu की इसके अंदर भी रूद्र की तरह hi पावर्स है जो उसके अंदर बचपन से hi है...

ये बात सुनकर सब फिर से चौंक गए तभी भाई कहते है..

भाई- तो डैड आपने ये बात हमे पहले क्यों नहीं बताई...

Papa-Yuvraaj उस वक़्त हमने इस चीज पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.. पर वक़्त के साथ साथ इनकी पावर्स बढ़ती चली गयी और आज देखो...

भाबी- वो सब तो ठीक है लेकिन ऋतू तुम्हे hi वो सपना क्यों आया ये नहीं बताया तुमने..

साला आज तो भाबी जर्नलिस्ट hi बन गयी है.. उनके तो सवाल hi ख़तम होने से नहीं रहे..

लेकिन किसी सवाल का जवाब ऋतू न दे ऐसा कभी हो सकता है...

Ritu-Bhabi वो तो मुझे भी नहीं पता ऐसा क्यों हुवा... शायद मुझ में कुछ पावर्स है इसलिए...

मैंने सोचा आज के लिए बहुत हुवा अब चलते है वार्ना इनके सवाल ख़तम hi नहीं होंगे...

मई- चलो अब बहुत हुयी मुलाकात अब हमे आराम करना है...

माँ- दीपू बीटा आज तू मेरे साथ सोयेगा...

ऋतू- और माँ मई....

Mom-Tu अपने रूम में जाकर सो जाना...

ऋतू- (इमोशनल ब्लैकमेल) ये तो सरासर न इंसाफ़ी है मेरे साथ..

देखो न अपने इस लादले के साथ मई भी तो यहाँ आयी हु तो फिर आप उसे hi क्यों अपने साथ ले जा रहे हो...

मई- (चिढ़ाते हुए) क्यों की माँ तुझसे ज्यादा मुझे प्यार करती है न माँ...

माँ- नहीं मेंतुम दोनों से hi प्यार करती hu...Chal ठीक है तू भी आजा मेरे रूम में सम के लिए... नौटंकी...

हमारा यहाँ ये सब चल रहा था लेकिन दी अभी भी शांत थी.. ये मैंने नोटिस कर लिया था और अब वक़्त आ चूका था उनसे बात करने का...

तो माँ से कुछ काम है कहकर मई अपने रूम में चला गया और कुछ देर बाद दी भी अपने रूम में चली गयी तो मई पंहुचा सीधा उनके कमरे में..

जो दी बीएड पर बैठी कुछ कर रही थी.. मुझे अपने दूर पर देख कर भी उन्होंने अनदेखा कर दिया...

मई- Hi दी...

लेकिन उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया तो मैंने उनसे फिर से पुकारा लेकिन फिर भी वैसा hi हुवा...

Mai-Di मुझे पता नहीं आप मुझसे क्यों नाराज़ हो लेकिन मई आपसे बहुत प्यार करता हु..

और मुझे ये आपका ऐसा मुझसे नाराज़ होने नहीं दिखाई देता..

अगर आप मेरी वजह से नाराज हो तो मई hi ये घर छोड़कर चला जाता हु...

ये कहकर मई पलटा और रूम सी बहार hi जाने वाला था की तभी दी ने मुझे पीछे से आकर गले लगा लिया..

और रोने लगी. उनका रोना सुनकर मैंने उन्हें छोड़कर आगे से गले लगा लिया..

Mai-Kya हुवा दी आपको आप इतना तो क्यों रहे हो . किसी ने कुछ कहा है क्या आपको बताओ न दी..

उन्हें ऐसा देखते हुए मेरे भी आँखों में आंसू आ रहे the.tabhi दी ने कहा...

दी- तू मुझे कहा छोड़कर चला गया था दीपू.. पता है मई कितना रोई थी तेरी बजह से...

Mai-I ऍम सॉरी दी... लेकिन आगे से ऐसा नहीं होंगे.. अब तो माफ़ कार्डो मुझे...

दी- ये याददास्त कैसे चली गयी थी Teri...Mujhe तो लगा तू गया अब हम सबको छोड़कर..

लेकिन तुम्हे हमारी कोई परवाह hi नहीं है. अगर होती तो तू हमे बताकर जाता जहा भी जाना है..

मई- ी ऍम सॉरी दी.. पर अब मैं आपको कही भी छोड़कर नहीं जाऊंगा...( मन में) अंश क्या मई दी को सच बता दू...

अंश- ये आपका फैसला है तो बता दीजिये... पर उतना hi बता दीजिये जितना वो जानना चाहती है...

फिर मैंने दी को बीएड पर बिठा दिया और उन्हें पानी पिलाया तो दी कहने लगी...

दी- अब बता कहा गया था तू.. और तेरी याददास्त..?

मई- दी आपको तो पता है मेरे अंदर शक्तिया है.. पर जब आपके पास कोई शक्ति हो तो आपके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी भी अति है..

और वो क्या है वो मुझे नहीं पता पर उसके लिए मुझे रेडी रहना होगा...

इसलिए मुझे गुरूजी ने कुछ शक्तिया हासिल करने के लिए भेजा था..

तो वही पर कुछ बुरी शक्तिया मेरे दिमाग पर हावी हो गए थे इसलिए मुझे कुछ याद नहीं था...

और अब उन शक्तियों का प्रभाव काम हो गया तो मई पहले की तरह हो गया...

दी- ऐसी बात है तो फिर तूने निचे सबको या बात क्यों नहीं बताई ..

Mai-Kyu की मई नहीं चाहता की मेरी बजह से कोई और परेशां हो . और आपके ऊपर मई पुरे भरोषा कर सकता हु इसलिए आपको बताया...

Di-Lekin अगली बार तू कही नहीं जायेगा और अगर जायेगा तो तू मुझे अपने साथ लेकर जायेगा चल मुझे प्रॉमिस कर...

Mai-Ok बाबा प्रॉमिस... अब तो पहले की तरह मुस्कुराओ न...

फिर दी जब हसी यो मुझे लगा जैसे मुझे मेरी जन्नत मिल गयी...

अब कुछ देर ऐसे hi बाटे करने के बाद मई माँ के रूम में सोने के लिए निकल पड़ा...

जहा पर पहले से hi ऋतू सोई हुयी थी और पापा नजर नहीं आ रहे थे शायद मेरे रूम में गए होंगे सोने के लिए...

फिर क्या मैंने ऋतू को साइड में कर दिया और उन दोनों के बिच में सो गया..

तो माँ ने मुझे अपने साइन से कसकर लगाकर रखा उस रात मुझे बहुत चैन से नींद आयी..............................

 
अपडेट 9

तो माँ ने मुझे अपने साइन से कसकर लगाकर रखा उस रात मुझे बहुत चैन से नींद आयी..............................

आगे............................



अगली सुबह मई जल्दी उठा और सबसे पहले रेडी हुवा.. माँ भी जल्दी hi उठ गयी थी..

लेकिन भाबी अभी तक सोई हुयी थी. शायद इतने दिनों की कसार उन्होंने भैया के साथ पूरी कर ली थी. इसलिए अभी तक दोनों भी सोये हुए है...

माँ- बहुत जल्दी उठ गया आज तू दीपू....

Mai-Ha माँ सोच रहा हु आज अपने दोस्तों से मिल कर आ जाऊ.. बहुत दिन हुए उनसे मिला नहीं हु न...

माँ- ठीक है तो नाश्ता करके तो जा...

मई- नहीं माँ मई जल्द hi लौट आऊंगा.. जब आपका ब्रेकफास्ट रेडी हो जाये और सब रेडी होकर डाइनिंग टेबल पर बैठ जाये तो मुझे कॉल करना..

माँ- ठीक है चल लेकिन जल्दी आ ..

Mai-Mom ये भी कोई कहने की बात है...

Mom-(Haste हुए) है भाई अब तो जल्दी आ ऐसा कहने का कोई मतलब hi नहीं है..

मैंने ये सुना पर आगे और माँ कुछ बोले उससे पहले hi मई वह से बहार आ गया..

और वही से गायब हो गया और चला अपने मंजिल की तरफ...

तो सब सोच रहे होंगे इतने सुबह मई कहा जा रहा हु तो मई अपने बचपन के पहले प्यार याने दिव्या को मिलने जा रहा हु...

मई सीधा उसके रूम में जा पंहुचा वो अभी तक सोये हुयी थी...

ववव... सोते हुए वो कितनी क्यूट दिख रही थी.. कुछ देर के लिए तो मई उसे देखता hi रह गया...

न जाने क्यों पर इसे देखते hi मेरे दिल की धड़कन तेज हो जाती है...

वो किसी का फोटो अपने साइन से लगाकर सोई हुयी थी... मैंने पास जाकर देखा तो वो हम दोनों की hi पिछ थी...

मई उसके पास जाकर पहले उसके माथे को किश किया.. तो पहले वो थोड़ी सी नींद में hi हिली..

इसबार वो सिधार होकर सो गयी.. तो मैंने हम दोनों का पिछ साइड में रख दिया...

और फिर उसके लबो पर एक छोटा सा किश कर दिया जिसकी बजह से उसके चहरे पर स्माइल आ गयी लेकिन आंखे बंद करके hi वो मुस्कुरायी...

और नींद में hi उसने अपने दोनों हाथ फैलाये और शायद नींद में hi कहने लगी.. शायद उसे वो ये सब सपना लग रहा था...

दिव्या- हे.. दीपू इतना दूर क्यों खड़े हो मेरे पास आ जाओ न...

मई कहा पीछे रहने वाला था मैंने उसे सोते हुए अपने बहो में ले लिया और उसे अपने गले लगा लिया...

उसने भी मुझे कसकर गले लगा लिया जैसे मुझे कभी छोड़ेगी hi नहीं..

कुछ देर तो वो शांत रही लेकिन जब उसे अहसास हुवा की सच में उसके बहो में कोई है..

तो उसने झट से अपनी आंखे खोली तो उसके सामने मई था और मई उसके hi आँखों में देख रहा था...

मुझे देखकर तो वो शॉक hi हो गयी जैसे hi मुझे लगा वो चिल्लाने वाली है वैसे hi मैंने उसका मुँह दबा दिया..

Mai-Kya कर रही हो सब लोग उठ जायेंगे... शांत रहो मई hi हु तुम्हारा दीपू..

उसने कुछ देर मुझे देखा और फिर से मुझे कसकर गले लगा लिया..

जैसे मई उसे कही दूर छोड़कर जा रहा हु और वो मुझे कही नहीं जाने देना चाहती हो...

तभी मुझे अहसास हुवा की वो रो रही है तो मैंने उसे अलग करने की कोशिश की..

पर वो तो मुझे छोड़ने के लिए रेडी hi नहीं थी.. जैसे तैसे मैंने उसे समजने की कोशिश की..

मई- दिव्या क्या हुवा तुम्हे तुम रो क्यों रही हो .. अब मई आ गया हु न...

जैसे तैसे उसने मुझे छोड़ा तो मैंने उसके आंसू अपने लबो से चुम लिए..

Mai-Kya हुवा तुम इतना क्यों रो रही हो अब मई आ गया हु न तुम्हे कही नहीं छोड़कर जाऊंगा पगली...

दिव्या- प्रॉमिस....!

Mai-(Man में) साला ये लड़कियों को हर वक़्त प्रॉमिस hi क्यों चाहिए होता है..

सीधा सीधा क्यों नहीं कह देती की मुझे तुम पर भरोसा hi नहीं है कभी भी....

Divya-Bolo न प्रॉमिस...

Mai-Acha बाबा ठीक है प्रॉमिस..

ये सुनते hi दिव्या मुस्कुराते हुए मेरे गले लग गयी और कहने लगी...

दिव्या- वैसे दीपू तुम इतनी subah..(Achanak मुझे छोड़ते हुए) लेकिन तुम्हारी याददास्त तो...

Mai-(Phir से उसे अपनी बहो में लेते हुए) अब मुझे सब याद आ गया है...

ये सुनते hi एक बार के लिए तो उसके चहरे के एक्सप्रेशन hi चेंज हो गए थे..

लेकिन फिर वो बहुत खुश होकर मेरे गले लग गयी... मई ऐसे उसके बदलते हुए एक्सप्रेशन को देखकर मुझे भी कुछ देर के लिए समाज नहीं आया..

लेकिन जब उसने मुझे इतने प्यार से गले लगाया की मई उसमे खो hi गया...

तभी मेरा फ़ोन बजा.. देखा तो माँ का फ़ोन था...

माँ- Hello... दीपू कहा है तू चल जल्दी घर आ सब तेरा इंतज़ार कर रहे है.. ब्रेकफास्ट के लिए...

मई- Ok mom..(Phone रखने के बाद दिव्या से) अब मई चलता हु लेकिन रेडी रहना हम आज कही घूमने जायेंगे...

मई जल्द hi आऊंगा तब तक तुम फुल रेडी होना चाहिए....

दिव्या- ok माय डिअर... ी लव यू..

मई- ी लव यू तू बेबी....

उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को कुछ देर तक किश करते रहे और फिर बाद में मई घर आ गया..

घर पर जाते hi सबके सवाल शुरू हो गए की इतने सुबह सुबह इतना सजधजकर कहा गया था...

तो मैंने फ्रेंड्स का बहाना बनाकर उन्हें ताल दिया.. और अब हमारा ब्रेकफास्ट भी हो गया था..

और अब भाई को न्यूयोर्क भी जाना था क्यों की उन्हें वह पर एक मीटिंग थी... उसके बाद वो फ्री थे..

तो मेरे मन में ऐसे hi एक आईडिया आयी तो मई कहने लगा...

मई- भैया.. क्यों न आप भाबी को कुछ दिन के लिए अपने साथ ले जाओ..

वह पर आपका काम भी हो जायेगा और उसके बाद आप भाबी को वह पर घुमा भी लेना..

Bhaiya-Nahi रे रूद्र मुझे वह मीटिंग से hi वक़्त नहीं मिलता मई Neha(Bhabi) को कहा घुमाऊंगा...

ये सुनकर भाबी का चेहरा कुछ उतर सा गया था ये देखकर दी कहने लगी..

Di-Isme क्या है युवी भाई दिन भर आप काम करो और जब आप फ्री हो जाओ तो भाबी के साथ घूम लिया करो..

और वैसे भी आप दोनों दो टाइम का खाना तो यही घर में हमारे साथ hi तो खाएंगे है न दीपू...

मई समाज गया दी क्या कहना चाहती है तो मैंने भी उनके है में है कह दिया तो और अब तो सब लोग यही कह रहे थे...

Ritu-Agar आप को घर का खाना हर रोज पसंद न हो तो आप कभी कभी बहार डेट पर भी जा सकते है...

लेकिन भाई मानाने को तैयार hi नहीं थे तभी फिर से ऋतू hi कहती है...

ऋतू- रुक जाओ सब अब हमारे भाई hi इतना न कर रहे है तो हम क्या कर सकते है वैसे मुझे लगता है की दाल में कुछ कला है जो भैया न कह रहे है ...

भैया- (जोर से) ऋतू aaj-Kal तू बहुत ज्यादा बोलने लगी है... ाचा ठीक है सब लोग यही कह रहे है तो मई ले जाता हु इसे अपने साथ...

भाबी- (रट हुए) लेकिन अभी मुझे कही नहीं जाना...

ये कहते hi भाबी अपने रूम में भाग गयी और हम सब भाई की तरफ देखने लगे...

सोनम- लो हो गया काम.. रुला दिया मेरी बड़ी बहन को अब चलो जीजाजी आप hi जाओ और मनाओ उन्हें और हम उन्हें खुश देखना चाहते है चली जाओ जल्दी...

सोनम ने ऐसा कहा जैसे एक साली अपने जीजाजी पर हुकुम चलती है..

कुछ वैसा hi लेकिन इस बार भाई भी कुछ नहीं बोले शायद उन्हें भी अपने गलती का अहसास हो गया था..

और वो भी भाबी के पीछे अपने रूम में चले गए...

और हम सब लोग वही बहार बैठे हुए उनका इंतज़ार करने लगे..

कुछ देर बाद भाई और भाबी मुस्कुराते हुए बहार आ गयी और भाबी के पास एक बैग थी.. लगता है उन्होंने अपने जाने की पैकिंग भी कर ली है...

मुझे तो ऐसा लग रहा था की ये अब हमारा प्लान नहीं बल्कि भाई का hi प्लान था... तभी मई भाई के पास जाता हु और धीरे से कहता हु...

Mai-(Dhire से) भैया ये सब....

भाई- भूल मत तेरा बड़ा भाई हु मई.. होगा तू भी बहुत होशयार लेकिन इस मामले में मई तुझसे एक कदम आगे हु...

भाई की ये बात सुनते hi मैंने उनके आगे हाथ जोड़ दिए. और ये देखकर ऋतू कहने लगी...

ऋतू- वैसे भैया भाबी बहुत जल्दी मान गयी.. वैसे मुझे तो यही भी ऐसा hi लग रहा है की...

तभी किसी ने तो नहीं लेकिन मैंने hi उसका मुँह बंद कर दिया और उसे कहने लगा...

मई- चुप कर मेरी माँ.. कितनी काली दाल बनाएगी.. चली माँ मई इन दोनों को छोड़कर ा जाता हु और फिर इससे बात करता हु...

फिर भाबी ने mom-Dad के पेअर छुए और मई उन्हें न्यूयोर्क छोड़कर आ गया...

वैसे ऋतू का सवाल तो सबके hi मन में था पर कोई कुछ बोलै नहीं...

मतलब की कोई कुछ बोलता नहीं और ये छिपकली कभी शांत बैठती नहीं.......................

 
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