Samraat ..The Tales of Debauchery, Hate & Revenge - SexBaba
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Samraat ..The Tales of Debauchery, Hate & Revenge

hotaks

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कोविद से पहले....

कोविद से पहले मेरी बुसिनेस्स कुछ ऐसी थी.. मेरे लिए लंच का समय निकाल पाना मुश्किल था... मेरा काम hi ऐसा था.. ऊपर की कृपा से सब कौशल मंगल था.. पर कोविद ने ऐसा डिस्टर्ब किया.. कुछ ऐसे हालत ख़राब हुए.. कर्ज़े के बोझ टेल जा दबा.. जो अभी तक उतर नहीं सका... लाइफ जैसे तैसे काट रही रही थी..

समय फ्री था बहुत फ्री था.. सो ष्प को खूब समय दिए मैंने...

पररर अब्ब्ब

उपरवाले की कृपा से मेरा धंदा फिरसे अपनी रूटीन पर आने लगा है... ऐसे में समय की फिरसे कमी हो गयी है मेरे पासस....

अब आप सब से जुड़ा हों तो तो जुड़ा रहूँगा.... अपडेट की स्पीड कभी ज़ायदा समय मिला तो ज़यादा लिख कर पोस्ट कर दिए करंगा....

काम मिला तो कम्मं...

जैसे hi लास्ट कुछ डेज से उड़पते लिखना तो दूर की बात.. लिखना क्या है. वो भी नहीं सोचने का समय था मेरे पास..

आज कुछ दिन में समय मिला.. तो सोचा क्या लिखा जाए.. फिर अभी डेढ़ घंटे में अपडेट लिख डाला... और पोस्ट भी कर दी...

सो अपडेट लेट हो तो मायूस नहीं होना.. उपदटेस आते रहेंगे.. देर से सही.. पर आप का साथ बना रहेगा...

थैंक्स फॉर यू लव......
 
इमेजिनेशन स्टोरी.. आल वर्ड्स अरे माय ओन थॉट्स.. किसी जीवित या मेरिट का इस कहानी से कोई सम्बन्ध नहीं है..

आल सेन्टेन्सेस ऑफ़ थिस स्टोरी अरे फॉर ओनली इन्तेर्तैन्मेंट.. कहानी पढ़ कर मज़ा लें. तेरे इस no नीड तो थिंक एनीथिंग ेल्स..

ी हैवे नोटिसद तहत गुड वरिटेरस गेट गुड सपोर्ट... तोह मैंने भी सोचा कुछ अपना ब्रैनवा में चल रही स्टोरी को वर्ड्स की सुरत्वा में आप सब के सामने प्रस्तुत कर दिए जाए.. कितना अच्छा राइटर बन सकूंगा, नहीं जानता. पर अच्छा लिखने ला प्रयास जरूर करूँगा.

स्टोरी एअर्थ और एक दूसरे प्लेनेट से जुडी हुई होगी. दूसरा पालनेट जिसका नाम निमुनिका है.. उस प्लेनेट पर रहने वळून को निमून कहा जाता था..

ी कैन गिव 2 और 3 उपदटेस इन ा वीक..


धन्यवाद!!

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♥️🇮🇳 ीनडीइक्ष 🇮🇳♥️

इंट्रोडक्शन♥️🇮🇳 :01 ♥️🇮🇳 :02♥️🇮🇳 :03♥️🇮🇳 : 04♥️🇮🇳 :05♥️🇮🇳 :06♥️🇮🇳 :07♥️🇮🇳 : 08♥️🇮🇳 :09♥️🇮🇳 :10♥️🇮🇳 : 11♥️🇮🇳 :12♥️🇮🇳 :13♥️🇮🇳 :14♥️🇮🇳 : 15♥️🇮🇳 :16♥️🇮🇳 :17♥️🇮🇳 :18♥️🇮🇳 :19♥️🇮🇳 :20♥️🇮🇳 :21♥️🇮🇳 :22♥️🇮🇳 : 23♥️🇮🇳 : 24♥️🇮🇳 :25♥️🇮🇳 :26♥️🇮🇳 : 27♥️🇮🇳 :28♥️🇮🇳 :29♥️🇮🇳 :30♥️🇮🇳 :31♥️🇮🇳 :32♥️🇮🇳 :33♥️🇮🇳 :34♥️🇮🇳 :35♥️🇮🇳 :36♥️🇮🇳 :37♥️🇮🇳 :38♥️🇮🇳 :39♥️🇮🇳 :40♥️🇮🇳 :41♥️🇮🇳 :42♥️🇮🇳 :43♥️🇮🇳 :44♥️🇮🇳 : 45♥️🇮🇳 :46♥️🇮🇳 :47♥️🇮🇳 : ♥️🇮🇳 :

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Episode:01

साउथ अटलांटिक ओसियन में अपनी मंज़िल की और बढ़ रहा हारमनी ऑफ़ थे सीज नमी शिप, उस शिप के अंतिम फ्लोर की छत पर खड़ा हुआ ठाकुर दक्ष सिंह.

अपने देश से हज़ारों मिले दूर, अपणु से 6 साल से दूर एक मरीन लाइफ जी रहा था दक्ष. सब उसके लिए मर चुके थे और वो सब के लिए..


6 इयर्स.....

6 सालों से दक्ष ठाकुर ने किसी की कोई भी खबर नहीं ली थी. वहां से निकले जाने के बाद (धुत्कार कर, ज़लील करके निकाले जाने के बाद) कोण इस दुन्या में आया और कोण इस दुन्या से गया. दक्ष ठाकुर नहीं जनता था.

दादा, दादी, माँ, पापा, भाई बेहेन, चाचा चची, उनके बच्चे और दूसरे सब अभी भी जी रहे हाँ या मर गए हाँ. दक्ष ठाकुर नहीं जनता था. और न hi जानना चाहता था. दक्ष ठाकुर किसी के बारे में जान्ने की ज़रूरत भी नहीं समझता थी.

एवरीवन हॉटेड हिम एंड हे हॉटेड एवरीवन

सालों से सबसे दूर था दक्ष फिर भी.. वो आवाज़ें, वो चीखें, वो अल्फ़ाज़, वो नफरत वो धुत्कार, उसे आज भी याद थी. जब भी उन आवाज़ों की गूँज उसके अंदर गूंजती थी तो वो पागल सा होने लगता हों.


ज़िन्दगी......

ज़िंदा रहने को दिल नहीं चाहता था दक्ष का. पर मर भी नहीं सकता था.. इतना दर्द भर दिए गया था उसके अंदर. अपने शरीर के अंदर से आत्मा तक को निकाल बहार करने के लिए दक्ष ठाकुर क्या कुछ नहीं कर जाया करता था. दुन्या का कोनसा ऐसा खतरनाक काम था, जो दक्ष ठाकुर ने न किया हो. समुद्र की उस गहराई तक वो जा पोहंचा था, जहाँ तक पोहंच पाना शायद किसी के लिए मुमकिन न रहा हो..

पर दक्ष ठाकुर.....

दक्ष ठाकुर बिना किसी डर खौफ के हर खतरनाक गहराई में उतर जाया करता था. सुसाइड करने की कोशिश कभी नहीं की थी दक्ष ठाकुर ने. हाँ जिस काम में उसकी जान जाने के 80%-90% भी चान्सेस करते तो वो ज़रूर कर जाया करता था.

दुन्या में कोई भी काम 100% डेंजरस नहीं था दक्ष ठाकुर के लिए.. अगर होता तो वो कब का मर चूका होता.. उसे मिला दर्द उसे इस दुन्या को छोड़ कर जाने भी नहीं देता था.

दीक्ष बेकमे ा multi-talented मन बिकॉज़ ऑफ़ थे दन्गेर्स हे फसद.

शायद वो मरना भी नहीं चाहता था. अगर मर जाता तो फिर वो उसे कैसे हासिल कर पता. एक वही तो थी जिसके लिए वो मरना नहीं चाहता था.. वो भी दक्ष से नफरत करती थी..

शी हॉटेड हिम इममेंसेलय.....

वही थी जिसकी वजा से दक्ष की ज़िन्दगी बर्बाद हो गई थी, वही थी जिसकी वजा से दक्ष ठाकुर को मौत नहीं आ रही थी. वही थी जिसके मिलने की आस लिए दक्ष ठाकुर हमेशा hi खतरों से लड़ जाया करता था. जहाँ यकीनी मौत हुआ करती थी, दक्ष ठाकुर वहां से भी बच जाया करता था.

वही थी जिसने दक्ष ठाकुर को बर्बाद कर दिए था.. वही थी जिसे पाने के लिए दक्ष ठाकुर हमेशा से बेताब रहा था. वही थी, जो शायद कभी बदल कर दक्ष ठाकुर की ज़िन्दगी में फिरसे भी आ जाए तो दक्ष ठाकुर कभी भी उसे न अपना सकूँ..

कुछ ऐसे hi विचार दक्ष ठाकुर के थे.

कैसी अजीब बात थी, जिसे दक्ष ठाकुर बेइंतेहा चाहता था, जिसे पाने के लिए दक्ष ठाकुर मरना भी नहीं चाहता था. जिसे पाने के लिए दक्ष ठाकुर ज़िंदा था. अगर कभी वो दक्ष ठाकुर की ज़िन्दगी में आ भी जाती तो दक्ष ठाकुर उसे पाए बिना साइड से निकल जाता..

जिस तरह से दक्ष ठाकुर को धुत्कार दिए गया था. शायद वो भी कभी मौका मिलने पर उसे धुत्कार देता..

"मुझे नफरत है तुमसे शदीद नफरत... ी हेट यू दक्ष.. ी हेट यू.. एंड ी विल ऑलवेज हेट यू.. मर जाना पर कभी मुझसे अपनी सूरत मैट दिखाना thuuuuuuuuuu.."

"तुम.. तुम.. मेरे भाई नहीं हो सकते दक्ष.. नहीं.. नहीं.. तुम मेरे भाई नहीं हो सकते.. ऐसी नीच हरकत करने वाला कभी मेरा भाई हो hi नहीं सकता.. दफा हो जाओ हमारी ज़िन्दगी से हमेशा हमेशा के लिए.. कभी अपनी घट्टिया सूरत लेके मेरे सामने भी मैट आना"

"तू मेरी कोख में hi क्यों नहीं मर गया पापी.. काश मुझे पता होता तू ऐसा निकले गए. तोह मैं खुद तुझे अपने हाथों से अपनी कोख में hi मार देती.. अगर ऐसा किया होता तो आज ऐसा दिन देखना नसीब नहीं होता"

"कितना छह थी मुझे एक वारिस की.. कितनी खुशियां मनाई थी हम सब ने तेरे जनम दिन पर.. पर तुम.. तुम तो हमारा खून कहलवाने लायक नहीं हो. दफा हो जाओ मेरी हवेली से.. फिर कभी यहाँ मैट आना"

"हमेशा hi मैं खुद पर गर्व किया करता था तुझे अपना बीटा पा कर.. पर तू.. पर तू hi मेरे और मेरे खंडन की इज़्ज़त को मिटटी में मिला गया.. अपने hi घर की बहु बेटियों की इज़्ज़त के साथ खेलने लगा.. थूऊऊऊ है तुझ पर.. निकललललल जाए मेरे घर से.. निकल जा हम सब की ज़िंदगियों से..


"निकलल जा"

"निकलल जा"

"निकलल जा"

"निकलल जा"


आकाश में बदल नहीं थे, चांदनी रात थी, स्टार्स चमक रहे थे. ठंडी ठंडी हवा चल रही थी. मौसम सुहाना था, तूफ़ान के आने का कोई ामकान नहीं था.. पर जो तूफान बार बार दक्ष ठाकुर के अंदर आने लगता था. वो समुद्री तूफ़ान से कहीं बढ़ कर था..

कुछ भी तो नहीं भुला था दक्ष ठाकुर.. सब कुछ ऐसे याद था दक्ष ठाकुर को, जैसे कुछ समय पहले की बात हो.. फिरसे सब याद आने लगा तो उसके अंदर की आग फिरसे बढ़ने लगी. ऐसे समय में कोई काम hi उसके सामने आया करता था.. वेह्शी बन जाया करता था दक्ष ठाकुर. वो पागल तो नहीं होता था. लेकिन पागल पैन की हद्द से भी कहीं बढ़ जाया करता था.

दक्ष ठाकुर शिप पर पिछले 3 साल से अस ा इंजीनियर काम कर रहा था. इस काम में भी दक्ष ठाकुर सलफमादे था. देख कर सब सीख गया था. बिना डिग्री के hi वो शिप पर अस ा नेनेर काम कर रहा था...

दक्ष ठाकुर के अंदर की घुटन बढ़ने लगी तो छत छत पर मौजूद इण्टरकॉम से नीचे कॉल करके बताने लगा

"मैं समुद्र में उतरना चाहता हों"

दक्ष ठाकुर की बात का धयान हमेशा hi रखा जाता था. कुछ देर में शिप धीरे होकर समुद्र में hi रुक गया..

रात का आखरी पहर था. तोह शिप के स्टाफ के शिव सरे पैसेंजर्स सो रहे थे.. अपने कपडे उतार कर, एक अंडरवियर में छत पर रहते हुए hi एक लॉन्ग जम्प लगाया दक्ष ठाकुर ने और दोनों हाथ आगे करते हुए सीधा समुद्र के पानी में जा पोहंचा..

पानी को चीरते हुए वो बहुत नीचे तक गया... फिर वापिस ऊपर की और उठने लगा.. जल्द hi वो पानी की सतह पर था. दक्ष ठाकुर फिरसे पानी में जाने hi वाला था कह ऊपर आस्मां से एक तेज़ रौशनी की लकीर सी चमकती हुई नीचे अपनी और आते हुए दक्ष को दिखी..

रौशनी की उस लकीर की स्पीड बहुत ज़यादा थी. दक्ष हैरान होता उससे पहले hi वो रौशनी की लकीर निचे आते hi उससे टकरा गई..

रौशनी के टकराने से दक्ष ठाकुर को 440 वाल्ट का झटका लगा.. दक्ष बिना तड़पे hi पानी में बहुत नीचे जा कर बेहोश हो गया... हाई वोल्टेज से लगने वाला झटका वो सहन नहीं कर पाया था.

होश आने पर दसख ने आंख खोल कर पहले राइट फिर लेफ्ट देखा.. खुद को साहिल पर लेते हुए पाया तो फिरसे ऑंखें बंद कर लीं.. फर्स्ट तो दक्ष को याद hi नहीं रहा था रात वो शिप पर था और समुद्र में नाहा रहा था..

जैसे hi उसे सब याद आया वह एक झटके में उठ बैठा.. उठते hi वो फिरसे पीछे की और गिर पड़ा.

दक्ष खुद से.. ये मुझे इतनी वीकनेस क्यों फील हो रही है. ऐसे जैसे मैं सालों से भूका हों. जैसे मैंने अपने अंदर की साडी शक्ति का उपयोग कर लिया हो. दक्ष जैसे भी करके खुद के अंदर बची ख़ुशी शक्ति को इकठा करने लगा.. वो लड़खड़ाते हुए उठ खड़ा हुआ. दक्ष आस पास देखने लगा.. देखने पर पाया कह वो तो एक मिनी आइलैंड पर था.

व्हाट इस थिस.. हाउ इस थिस पॉसिबल.. मैं तोह शिप के पास नाहा रहा था. यहाँ कैसे आ गया..

दक्ष समुद्र किनारे खड़ा आइलैंड को देखने लगता तोह कभी समुद्र में.. दूर दूर तक उसे वो शिप नज़र नहीं आ रहा था.. वहां एक आइलैंड के शिव कुछ भी नहीं था. कुछ था तोह चरों और समुद्र का पानी था.


"तुम भूल गए हो दक्ष, तुम समुद्र में नाहा रहे थे.. मैं आस्मां से गिरते हुए तुमसे टकरा गई thi..tumse टकराते hi मैं तुममे समाती चली गई थी.. तुम मेरी पावर को सहन नहीं कर पाए और बेहोश हो गए"

लड़की की आवाज़ सुनकर दक्ष फिरसे लड़खड़ा गया.. वह चरों दिशाओं में देखने लगा.. पर कोई आस पास नहीं था.

"यहाँ तुम्हारे आस पास कोई नहीं है दक्ष. जो तुम्हे नज़र आएगा. यहाँ इस सनसन आइलैंड पर तुम हो और एक मैं हों"

दक्ष की हैरत काम hi नहीं हो रही थी.

दक्ष : तुम कहाँ हो, तुम मुझे नज़र क्यों नहीं आ रही.. क्या तुम इनविजिबल हो..


"मैं तुम्हारे अंदर हों"

दक्ष : व्हाट नॉनसेंस.. ऐसा कैसे हो सकता है. कोई किसी के अंदर कैसे समा सकता है. तुम ज़रूर इनविजिबल हो. और मुझसे झूट बोल रही हो.

"i'm नॉट लाइंग दक्ष.. मैं सच में hi तुम्हारे अंदर हों.. रात मैं तुमसे टकराते hi तुममे समा गई थी. यही वजा बानी जो मेरे दुश्मन मुझे प् नहीं सके"

दक्ष फिरसे बैठ गया.. अपने सर्र को दोनों हाथों से थाम कर वो उस आवाज़ वाली से बोलै

दक्ष : अरे यू स्टिल किडिंग में?


"नहीं दक्ष मुझे क्या ज़रूरत है.. तुमसे मज़ाक करने की"

दक्ष : तो मुझे बताओ, तुम... तुम कैसे मेरे अंदर समा सकती हो और तुम हो कोण, आस्मां से कैसे आ सकती हो तुम.. आस्मां से आने वाला ऐसे तो नहीं आता. कोई आ भी जाए तो उसका ज़िंदा बच पाना मुमकिन नहीं है.

"ेहेहेहेहे.. एक साथ इतने सवाल"

दक्ष : तो बताओ मुझे, खुद से hi सब बता दो..

"यूनिवर्स में इतने सीक्रेट्स हाँ, किसी भी प्लेनेट पर रहने वाले पुरे यूनिवर्स के सीक्रेट्स नहीं जान सकते.. मैं भी ऐसे hi पालनेट से आई हों"

दक्ष : थिस इस आल नॉनसेंस.. ऐसा कुछ भी नहीं है.. पृथ्वी के शिव किसी और प्लेनेट पर ज़िन्दगी मुमकिन नहीं है. अगर है तोह पृथ्वी पर उसका पोहंच पाना मुमकिन नहीं है..

"दक्ष ठाकुर इस यूनिवर्स में सब मुमकिन है.. अपनी दुन्या के बारे में बताओ, हज़ारों साल पहले रहने वाले किसी एक भी वियक्ति को ज़िंदा करके आज की दुन्या दिखा दी जाए तो वो देख कर यही कहेगा "असंभव" ये नहीं हो सकता.. दक्ष एवरीथिंग इस पॉसिबल इन थिस यूनिवर्स.. ऐसे बहुत से सीक्रेट्स हाँ, जिन्हे कोई प् नहीं सका"

उसकी बातें सुनकर दक्ष के सर्र में दर्द होने लगा था.

दसख : मुझे बस इतना बता दो, अगर तुम सच में hi मेरे अंदर हो तो मई तुम्हे महसूस क्यों नहीं कर प् रहा.


" दक्ष मैं तुम्हारे अंदर से बहार निकल कर तो तुम्हारे साँमे विज़िबल नहीं हो सकती. हाँ तुम मुझे देख सकते हो"

दक्ष : वो कैसे?

"वो ऐसे कह तुम अपनी ऑंखें बंद कर अपनी दोनों आँखों के बेच में देखो"

दक्ष उसकी बात सुनकर ऑंखें बंद कर गया.. फिर वो उसी के बताये हुवे पर अमल करने लगा

दसख : ये क्या मुझे तो वाइट वाइट दिख रहा है सब


"अब अपनी आँखों पर दोनों हाथ रख कर देखो"

दक्ष ने अपनी आँखों में दोनों हाथ रख कर देखा तोह

दक्ष : ओह माय गॉड तुम तो मुझे सच में दिख रही हो.. तुम्हारी सूरत मुझे पूरी क्यों नहीं दिखा दे रही. तुम्हारा चढ़ा धुंदला धुंदला क्यों दिखा दे रहा है मुझे.


"तुम अभी मुझे क्लियर नहीं देख सकते.. उसके लिए तुम्हे अपनी ब्रेन पावर बढ़ानी होगी.. दक्ष तुमने अपनी काम हो चुकी पावर को भूल चुके हो"

दक्ष : हाँ ये बात तो मैं सच में भूल hi गया था. तुमने मुझे कुछ सोचने लायक छोड़ा hi कहाँ था. तुम्हे अपने अंदर पा कर मैं शॉक हो गया था.

"तुम बेहोश हो गए थे तो मैं अपने दुश्मनो की पोहंच से दूर होने के लिए अपनी पावर का उसे करते हुए, बेहोशी में hi तुम्हे इस आइलैंड पर ले आई.. ये आइलैंड उस शिप से 300 मिले दूर है.. इसी वजा से तुम्हारी पावर डाउन हुई है दक्ष.. जितनी स्पीड मैंने उसे करि है, वो तुम्हारी पावर से कहीं बढ़ कर है"

अपने दोनों हाथ हटा कर दक्ष ने अपनी ऑंखें खोल दीं..
 
Episode:02

दक्ष : ठीक है मैंने देख लिया तुम मेरे अंदर समाई हुई हो.. कृपया अब मेरे अंदर से बहार तशरीफ़ ले आएं.

"सॉरी दक्ष मैं बहार नहीं आ सकती"

दक्ष : वो किस ख़ुशी में मिस!

"मेरा नाम षिमुना है"

दक्ष : खूब, अच्छा नाम है.. लेकिन मैं अपने वजूद को किसी का ठिकाना नहीं बनने दे सकता.

षिमुना : दक्ष अगर मैं बहार निकली तो मेरे दुश्मन जान जाएंगे, मैं कहाँ हों. नहीं प्ल्ज़ मुझे अपने अंदर hi रहने दो. मैं लोजान के कब्ज़े में नहीं जाना चाहती, अगर वो मुझे पकड़ कर वापिस प्लेनेट पर ले गए तोह मेरा पूरा मार दिया जाएगा.. षिमुना सिसक पड़ी थी.. दक्ष लड़कियों पर दया करना भूल चूका था. लेकिन षिमुना पर दक्ष को दया आ गयी. षिमुना एक दूसरे प्लेनेट से थी, दक्ष को उसपर दया आ गई.

दक्ष : अच्छा अच्छा नहीं निकलने को बोलता..

दक्ष को चक्कर से आने लगे थे, वो लेट गया

षिमुना : सॉरी दक्ष मेरी वजा से तुम्हारी ऐसी हालत हुई है.

दक्ष : इतस ok षिमुना.. अब मेरी ये वीकनेस कैसे दूर होगी, और कितने समय में दूर होगी.

षिमुना : दक्ष मैं तुम्हारी एअर्थ पर उपलब्ध शक्ति बढ़ने वाली चीज़ों बारे नहीं जानती. तुम मुझे समुद्र में मिले थे, तुम जानते होंगे, समुद्र में क्या कुछ ऐसा है, जिससे से तुम खुद को रिकवर कर सकते हो.. और

दक्ष : और क्या षिमुना?

षिमुना : दक्ष हर प्लेनेट पर बहुत कुछ ऐसा भी पाया जाता है, जो हर ढूंढ नहीं पता. ऐसी चीज़ों के उपयोग से शक्ति को कई गुना बढ़ाया भी जा सकता है.

दक्ष : ये बात तो मैं भी समझता हों षिमुना. हमारे समुद्र की गहराइयो में बहुत कुछ ऐसा है, जिनके बारे में पुस्तकें भरी पड़ी हाँ.. पर समुद्र की गहराई में पायी जाने वाली उन जड़ी बूटियों तक किसी की रसाई मुमकिन नहीं है.

षिमुना : अब्ब मुमकिन है दक्ष.

दक्ष षिमुना की बात हैरान रह गया.

षिमुना : तुम भूल रहे हो दक्ष, दसख तुम आइलैंड पर कैसे आये. जब तक मैं तुम्हारे अंदर हों. तुम समुद्र की किसी भी गहराई में जा सकते हो.. देख सकते हो, सांस ले सकते हो, खा पि सकते हो.

दक्ष : kyaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa?

षिमुना : हाँ दक्ष ये मुमकिन है.. और तुम्हे ऐसा hi करना पड़ेगा दक्ष, मुझे भी ज़रूरत है इस सब की. तुम जितनी खुद की पावर बढ़ाओगे दक्ष, उतनी सेफ मैं भी रहूंगी.

दक्ष : इस बात का क्या मतलब हुआ षिमुना

षिमुना : दक्ष मैं बहार रह कर भी खतरे में हों और तुम्हारे अंदर रह कर भी.

दक्ष : बहार रहते तुम्हे अपने hi प्लेनेट वळून से खतरा होगा. मेरे अंदर रहते हुए भला कैसा खतरा?

षिमुना : मुझे एअर्थ पर आते हुए एअर्थ के स्पेस सेण्टर से देख लिया गया होगा. मेरे पीछे आ रहे निमोन्स भी एअर्थ वळून की नज़रों से बच नहीं सके होंगे दक्ष. ानोथेर प्लेनेट से जुडी हुई कोई भी इन्फो हो, सब उसकी छान बीन में लग जाते हाँ. हम तो फिर भी इंसानो से मिलते जुलते हाँ. हमें कैसे नहीं एअर्थ वाले ढूंढेंगे.. मैं तो तुम्हारे अंदर रह कर सबकी नज़रों से ओझल हो गयी हाँ. पर दूसरे निमोन्स किसी की नज़रों से छुप नहीं सकेंगे.. क्यों की वो मेरी तहरा से किसी दूसरे में समां नहीं सकते. निमोन्स ने पहले तो तुम्हे समुद्र में ढूंढा होगा. न मिलने पर तुम्हारी खोज की होगी. तुम कोण हो कहाँ से आये हो.. कइयों को मारा होगा उन्हों ने तुम्हारे बारे में जान्ने के लिए. निमोन्स मेरे पीछे थे. मुझे तुममे समाते हुए वो देख चुके होंगे. अब वो तुम्हारी खोज में होंगे. ऐसे वो सबकी नज़रों में आ गए होंगे. अगर ऐसा हो चूका है दक्ष तोह निमोन्स बारे साड़ी एअर्थ वाले जान चुके होंगे.

दक्ष : मुझे क्यों ढूंढें षिमुना, वो ये भी तो सोच सकते हाँ, तुम मेरे अंदर से निकल कर किसी और में भी समां सकती हो.

षिमुना : उन्हें तुरंत hi पता चल जाएगा दक्ष, जब भी मैं तुम्हारे अंदर से बहार निकलेंगी. बार बार किसी में समाने से मेरी पावर भी काम होती है. और मुझे एअर्थ पर रह कर ताक़त हासिल करनी है, न कह काम.. लोजान को मार कर फिरसे अपने मीसा को किंग बनाना है मुझे.

दक्ष : मीसा?

षिमुआ : हमारे प्लेनेट पर पिता को मीसा कहते हाँ दक्ष

दक्ष : और माँ को?

षिमुना : ेहेहेहे मीसी

दक्ष : हाहाहा "meesa".."meesi"

षिमुना : चलो दक्ष अब यहाँ से चलते हाँ. किस कंट्री में जाना चाहोगे तुम.

दक्ष : पहले तो समंदर में रहते हुए hi मुझे अपनी शक्ति वापिस पानी होगी.

षिमुना : पानी hi नहीं बढ़ानी भी होगी.. तुम्हे फाइटिंग आती है दक्ष?

दक्ष : स्ट्रीट फाइटिंग आती है किसी हद तक. बहुत काम किसी से लड़ने का चांस बना है मेरा.

षिमुना : तुम्हे अपनी एअर्थ के हिसाब से लड़ना सीखना होगा दक्ष. वर्ण तुम्हारे लिए मेरे लिए बहुत मुश्किल हो जाएगी. और सच कहूं तो तुम्हारे वजूद के बेस्ट ठिकाना मुझे किसी और वजूद में नहीं मिलेगा. अपने लिए मेरे लिए खुद को पॉवरफुल बनाओ दक्ष.

दक्ष : अब तो ऐसा hi करना पड़ेगा.. चलो चलते हाँ समुद्र में

दक्ष उठा लड़खड़ा हुआ समुद्र में उतर गया. समुद्र में उतारते hi दक्ष को खुद में कुछ एनर्जी महसूस होने लगी..

कुछ गहराई में जाते hi दक्ष ने ऑंखें खोल कर सांस लेने की कोशिश की. सच में hi उसे कोई परेशानी नहीं बानी. सांस लेने से पानी उसकी नाक में नहीं गया. ऐसा सब दक्ष के लिए हैरत अंगेज़ था. दक्ष फिर समुद्र के पानी में लम्बे लम्बे सांस लेने लगा..

षिमुना : मैंने कहा था न दक्ष तुमसे.. पानी में तुम्हे किसी किसम की कोई परेशानी नहीं होगी. हाँ अगर कोई परेशानी बन सकती है तो वो है समुद्री जीव से. खुद को उससे बचने की कोशिश करना. तुम किसी भी समुद्र जीव से ज़यादा स्पीड से तेर कर सकते हो.

दसख : ये सब मेरे लिए बड़ा अजीब है षिमुना

षिमुना : अजीब तो होगा hi. तुम ठहरे इंसान, एक इंसान पानी में सांस ले रहा हो. उसके लिए अजीब तो होगा hi.. चलो अब आगे बढ़ो और नीचे गहरी में उतरो..

दक्ष : गहराई में अभी खतरा ज़यादा होगा. पहले खुद को रिकवर कर लूँ..

दक्ष नार्मल गहराई में रहते हुए hi वापसी का सफर तय करने लगा. आगे अफ्रीका था. शिप पर वो लौट नहीं सकता था. आगे जा नहीं सकता था. अब्ब से उसकी लाइफ के मॉनिंग्स बदल गए थे. षिमुना उसके अंदर से निकल भी जाती तो भी दुन्या वाले उसे ज़िंदा जान कर उसके पीछे पद जाते.


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षिमुना ने जैसा दक्ष से कहा था, हुआ भी बिलकुल वैसा hi. पूरी दुन्या में खलबली मच गयी थी. नासा वळून ने षिमुना समेत पांच और निमोन्स को एअर्थ पर आते हुए देख लिया था. ये खबर तुरंत hi अमेरिकन प्रेजिडेंट को दी गई. वहां से खबर पुरे वर्ल्ड की मीडिया को दे दी गई.

फिर तो जैसे पूरी दुन्या के न्यूज़ चैनल वाले इस खबर को नशर करने लगे.

सटटेलिते कामर्स को ज़ूम करके सबको देख लिया गया सिवाए षिमुना के. पांचो निमोन्स अकार में तो दिखाई दे रहे थे लेकिन उनके फेस क्लियर नहीं थे. षिमुना रौशनी में लिपटी हुई दिखाई दे रही थी. बाकी निमोन्स बिना रौशनी के थे.

समुद्र के जिस हिस्से की और वो सब उतारते दिखाई दिए थे. वहां से गुज़र रहे सभी शिप्स पर कांटेक्ट किया जाने लगा. जल्द hi दक्ष वाले शिप बारे भी सब जान गए. उस शिप पर हुए निमोन्स के हमले की खबर भी पता चल गई थी. इस खबर के साथ hi शिप पर लिए गए निमोन्स के स्नेप भी आल वर्ल्ड में वायरल होते चले गए.. पास्सनेजर्स शिप था. कइयों ने स्नैप्स लिए निमोन्स के तोह कइयों ने वीडियोस बना ली थी.

शिप पर निमोन्स के हुए हमले बारे षिमुना भी दक्ष को बता चुकी थी. निमोन्स दक्ष की डिटेल पाने के लिए कुछ भी कर सकते थे. और हुआ भी वही.

दक्ष जब समुद्र में नाहा रहा था. षिमुना को दक्ष में समाते तोह कोई नहीं देख सका. लेकिन शिप के स्टाफ षिमुना के आने की झलक देख गया था. षिमुना के बाद दूसरे 5 निमोन्स भी जब समुद्र में गिरे तो एक ज़ोरदार आवाज़ हुई थी. पानी के छींटे बहुत दूर तक गए थे.. जिसे शिप पर देख लिया गया था.. फ़ौरन hi साईरन बजा कर सबको सावधान भी कर दिए गया..

निमोन्स जब समुद्र में षिमुना को नहीं प् सके. दक्ष के साथ वो समुद्र में hi रहते हुए कहीं दूर बहुत दूर चली गई थी. वो षिमुना का पीछा नहीं कर पाए.. दक्ष की डिटेल हासिल करने के लिए वो शिप पर चढ़ गए. निमोन्स के अकार देख कर सब दर गए. शिप के गार्ड्स जिनके पास लेटेस्ट गन्स थी. उन गन्स का रुख निमोन्स की और कर दिए गया..

शिप के कप्तान भी जान गया था, आस्मां से टपके हुए इंसान नहीं हो सकते.. उनके अकार भी इंसानो से बड़े थे. कप्तान ने सिक्योरिटी इंचार्ज को देखा तो इंचार्ज ने गार्ड्स को हमला करने को बोल दिए.

एक जुंग छिड़ गयी थी शिप पर. बहुत से गार्ड्स मारे गए. निमोन्स के लिए एअर्थ वळून से लड़ाई आसान नहीं थी. गोलियां लगने से वो भी ज़ख़्मी होने लगे.. उनमे जो लीडर था. वो सबको समुद्र में कूदने के लिए बोल गया..

सब समुद्र में कूदने लगे.. निमोन्स लीडर ने एक गार्ड को पकड़ और उसके माथे से माथे जोड़ कर दक्ष बारे इन्फो लेने लगा.. लेकिन उसे कुछ हासिल नहीं हुआ. दक्ष को शिप पर सब डीके के नाम से जानते थे.. दक्ष कहाँ से आया था, कहाँ रहता था, कोई नहीं जानता था. दक्ष ने भी अपनी इन्फो सही से किसी को नहीं बताई थी.. अपना घर और अपने सब वो छोड़ चूका था. तोह किसी को अपने बारे से सब बताने की ज़रूरत भी उसने महसूस नहीं की थी..

निमोन्स लीडर भी समुद्र में उतर गया.. वह षिमुना को पाने में नाकाम हो गया था. दक्ष बारे डिटेल भी वो पा नहीं सका था. कुछ तो करना hi था, खली हाथ तो वो भी वापिस नहीं लौटने वाले थे.


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शिप में बनाई गई निमोन्स की पिक्स ंद वीडियोस अमेरशन सीआईए को भेज दी गई..

पावर.....

जिसके पास पावर होती, उसी के अंदर मज़ीद पावर का लालच सबसे बढ़ कर होता है..

प्लेनेट कोई भी हो, उसमे रहने वाले कैसे भी हों. हर कोई सबसे बढ़कर खुद को पॉवरफुल देखना चाहता है.

दूसरे प्लेनेट से आये हुओं के लिए साडी दुन्या पागल होने लगी थी. दुन्या के सबसे पॉवरफुल कंट्री किसी एक भी निमून को हासिल कर लेना चाहते थे. एक तो स्पेस बारे बहुत से सीक्रेट्स उनके हाथ लगते दूसरे वो निमोन्स पर रिसर्च करके बहुत सी पावर भी हासिल कर सकते थे.

बड़े बड़े देशों की इंटेलिजेंस कम्पनीज के साथ साथ अंडरवर्ल्ड वाले भी ऐसी खबर सुनकर लालच में आ गए थे. वो भी निमोन्स के लिए सर गरम होने लगे..


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Episode:03

दक्ष समुद्र में तैरता हुआ आगे बढ़ने लगा. दक्ष की लाइफ 6 साल पहले जैसी भी थी, पर घर से निकलने के बाद की लाइफ दक्ष के लिए अडवेंचरउस लाइफ बन गयी थी.

अपणु से मिली धुत्कार ने दक्ष को एक नया जीवन दे दिए था. 6 साल मरीन लाइफ जी कर दक्ष वो बन चूका था. जो वह अपने देश में, अपने परिवार के साथ रह कर नहीं बन सकता था.

षिमुना के दक्ष की लाइफ में आ जाने से दक्ष की अडवेंचरउस लाइफ और भी ज़यादा अडवेंचरउस, थ्रिलिंग हो गयी थी. जैसा और जितना षिमुना ने दक्ष को बता दिया था. दसख षिमुना से सब सुन और जान कर पहले तो हैरान हुआ था. पर फिर बाद में वो खुश भी हो गया था..

दक्ष पिछले 6 साल से ऐसी hi लाइफ तो जी रहा था. खतरों में बिना दर्रे कूद पड़ना उसका शौक बन गया था. अकॉर्डिंग तो षिमुना दक्ष के लिए अब आगे की लाइफ एक डेंजरस लाइफ में बदलने वाली थी. पूरी दुन्या निमोन्स के साथ साथ दक्ष की राह पर भी लगने वाली थी. दक्ष तो था hi खतरों का मांझा हुआ खिलाडी.. खतरा कितना बड़ा hi क्यों न हो, दसख हमेशा दत्त कर सामना किया करता था.

नयी मिलने वाली चुनौती को भी दक्ष ने पुरे मैं से एक्सेप्ट कर लिया था. कोई था नहीं अब उसकी ज़िन्दगी में, अपना देश अपना परिवार वो छोड़ चूका था. अपने नए बन चुके दुश्मनो से लड़ते हुए अगर वो मारा भी जाता है तोह किसी को कानो कान खबर भी नहीं होनी थी. खबर हो भी जाती तो कौनसा किसी को फर्क पड़ने वाला था. कोई नहीं अब उसके लिए रोने वाला.

षिमुना : दक्ष बहुत देर से खामोश हो तुम! व्हाई?

दक्ष : (लम्बी सांस छोड़ते हुए) तुम तो मेरे अंदर हो षिमुना, मेरे विचार नहीं जान सकती क्या तुम?

षिमुना : दक्ष मैं तो तुम्हारे अंदर की वो बात भी जान सकती हों, जो तुम भी नहीं जानते, तुम वो भूल चुके हो. पर मैं बिना तुम्हारी परमिशन के ऐसा कुछ नहीं कर सकती. आईटी इस बाद तो टेक इंटरेस्ट इन someone's पर्सनल थॉट्स दक्ष!!

दक्ष षिमुना की बात पर मुस्कुरा पड़ा

दक्ष : (ग्लैड) षिमुना यू कैन बे माय गुड फ्रेंड!

षिमुना भी दक्ष की बात पर खुश हो गई.

षिमुना : डेफिनिटेली मैं तुम्हे तुम्हारी दुन्या की सबसे बेस्ट फ्रेंड बन कर दिखाउंगी दसख. मेरे लिए बड़ी ख़ुशी की बात है दक्ष, जो एअर्थ पर आते hi मुझे तुम मिल गए. मुझे तुम्हारे जैसा दोस्त शायद hi एअर्थ पर मिलता.

दक्ष : मुझे भी कुछ ऐसा hi लग रहा है षिमुना.. वर्ण पिछले 6 साल से मैंने कभी किसी लड़की से दोस्ती नहीं की.

षिमुना : (शॉकेड) व्हाई?

दक्ष : जल्द hi रीज़न भी बता दूंगा. मुझे लगता है, तुम hi वही हो, जिस के आगे मैं अपना दर्द खोल सकता हों.. वर्ण तो कोई इस दुन्या में मुझे ऐसा मिला नहीं जिस के सामने मैं खुद को खोल सकूँ..

षिमुना : (चिर्प) ी ऍम ग्लैड तो क्नोव तहत ी ऍम बिकमिंग स्पेशल तो यू.

दक्ष : तुम हमारी दुन्या से नहीं हो न और फिर तुमसे ज़यादा देर कुछ छुपाया भी तो नहीं जा सकता.. तुम तो मेरे अंदर समाई हुई हो और जाने कितने समय तक तुम मेरे अंदर hi रहने वाली हो. मुझे भी तुम जैसी hi एक दोस्त की ज़रूरत थी. मुझे भी जो एक दोस्त की कमी फील हुआ करती थी, आज वह भी पूरी होते हुए नज़र आ रही है..

षिमुना : मैं समझ सकती हों दक्ष, ज़रूर तुम्हारी ज़िन्दगी में कुछ ऐसा हुआ है, जिस बिना पर तुम ऐसे बन गए हो.. पर मैं तुमसे वडा करती हों दक्ष.. कभी भी अपनी हद से आगे बढ़ने की कोशिश नहीं करुँगी. अपनी पावर का गलत उसे नहीं करुँगी.

दक्ष : वह तो ठीक है, पर अब्ब मैं ऐसे और इतनी रफ़्तार से तो नहीं तैर सकता.. अगर में ऐसे hi तैरता रहा तो मैं फिर वो हासिल नहीं कर पाऊँगा, जिसकी तलाश हम दोनों को है. मैं ये भी तो नहीं जनता वो समुद्र के किस एरिया में मिलेंगी मुझे.

षिमुना : dd-daskh मेरे पास एक सलूशन है, aa-agar तुम ग़ुस्सा न करो तो

दक्ष : इसमें हिचकिचाने की क्या बात है. ये तो अच्छी बात है षिमुना जो तुम्हारे पास कोई सलूशन है

षिमुना : दक्ष बात हिचकिचाने की है भी और नहीं भी

दक्ष : षिमुना मुझे लगता है हमारे बीच ये फॉर्मेलिटी अब ख़तम हो जनि चाहिए. ऐसे तो हम हर बात पर विचार hi करते रहेंगे और काम की बात हम कभी नहीं कर पाएंगे.

षिमुना : सही कहा तुमने दक्ष.. मुझे तो वैसे भी कोई प्रॉब्लम नहीं होने वाली थी. बात तो तुम्हारी है. क्यूंकि मैं तुम्हारे अंदर हों. और जो बात मैं कहने जा रही हों, उसका कनेक्शन तुम्हारे ब्रेन से था.

दक्ष : ब्रेन से? षिमुना खुल कर कहो जो भी कहना चाहती हो!

षिमुना : दक्ष जब से तुम इस दुन्या में आये हो. अपनी आँखों से तुमने जो कुछ भी देखा है, कानो से जो कुछ भी सुना है. वो सब तुम्हारे ब्रेन में सेव है. पर तुमने कभी उसका उसे नै किया. तुम अपनी उस मेमोरी से अनजान हो. ऑस्कर सब देखा सुना हम रेगुलरली याद नहीं करते तोह हम उसे भूलने लगते हाँ. पर वो न्यूरॉन्स में मौजूद रहता है.

दक्ष : हम्म्म ये तो तुम सही कह रही हो.. आगे बोलो

षिमुना : तुम्हारे ब्रेन में उतर के मैं वो सब कुछ रीड कर सकती हों दक्ष, जो तुम भूल चुके हो. जो तुम याद नहीं रख पाए, मैं वो भी रीड करके अपनी मेमोरी में सेव कर सकती हों और मेरी मेमोरी तुम्हारी मेमोरी से कहीं बढ़कर है. मेरा ब्रेन तुम्हारे ब्रेन से कहीं बढ़कर पॉवरफुल है. दक्ष तुम मुझे समुद्र में मिले थे.. तोह तुम एक मरीन लाइफ जीने वाले इंसान huwe..tum बहुत से ऐसे भी लोगों से मिले होंगे, जिनसे तुमने समुद्र में पाई जाने वाली रेयर चीज़ों के बारे में सुना होगा, बुक्स में पढ़ा होगा, पिक्स देखि होंगी. तुम वो सब याद नहीं रख सकते.. पर अगर तुम मुझे परमिशन दो अपने ब्रेन में घुसने की तोह मैं वो साडी जानकारी वहां से प्राप्त कर सकती हों.

षिमुना की बात सुनकर दक्ष को 440 नहीं 1000+ वोल्टस का झांकता लगा था. षिमुना की बातें सुनकर समुद्र के पानी में hi उसका मोहन खुला का खुला रह गया था. बहार होता तो ज़रूर कोई न कोई माखी दसख के मोहन में घुस जाती.

दक्ष : असंभव!!!

षिमुना : सब कुछ मुमकिन है दक्ष, मैं अपने प्लेनेट की प्रिंसेस हों, हमारे प्लेनेट पर किंग परिवार के पास बहुत सी शक्तियां होती हाँ.. मुझमे भी हाँ. यही शक्तियां लोजान भी पाना चाहता है..

दक्ष ने एक लम्बी सांस छोड़ी... अपने दोनों हाथों की मुट्ठियों बना कर बंद करके और खोल कर देखने लगा.

दक्ष : जब से तुम मुझे मिली हो षिमुना, मुझे सब अजीब देखने सुनने को मिल रहा है. अगर तुम सच कह रही हो षिमुना, तोह फिर ये और भी अच्छी बात है.. इससे काम जल्दी होने की संभावना है. वर्ण मई कहाँ पुरे समुद्र में मारा मारा फिरता रहूँगा. मैं जानता भी तो नहीं कह वो रेयर थिंग्स मुझे कहाँ से प्राप्त होंगी.

षिमुना : उसके लिए मुझे तुम्हारे बरिन को खंगालना पड़ेगा दक्ष!!

दक्ष : और मेरे ब्रेन को खंगालते समय तुम्हे मिलेगी मेरी गुज़री ज़िन्दगी की वो दास्ताँ, जिसे मैंने आज तक सब से छुपा कर रखा हुआ है.

षिमुना : हाँ ऐसा भी हो सकता है दक्ष.. पर मैं तुमसे वडा करती हों. मई तुम्हारे ब्रेन के उस हिस्से में नहीं घुसूंगी जहाँ तुम्हारे सीक्रेट्स सेव हाँ.

दक्ष : (साद) नहीं षिमुना तुम चाहो तो वो सब भी जान सकती हो.

षिमुना : नहीं दक्ष, वह सब मैं तुम्हारे मोहन से सुन्ना चाहूंगी, खुद से मैं ऐसा नहीं करना चाहती. ये अच्छी बात नहीं होगी, न तुम्हारे लिए और न hi मेरे लिए. तुम्हारे मेमोरी को सर्च करते समय मैं जो कुछ भी देखूंगी, वो सब तुम्हे भी दिखाई देने लगेगा.. इससे तुम पर ज़रूर अच्छा असर नहीं पड़ेगा.

दक्ष : (ब्रेअथे) हाँ सही कहा तुमने षिमुना, मैं अभी वो सब कुछ फिरसे याद नहीं करना चाहता.

षिमुना : तोह तुम्हारी ऑर्डर से मुझे परमिशन है दक्ष?

दक्ष : जो अहेड!!

दक्ष की परमिशन मिलने पर षिमुना दक्ष के दिमाग में घुस गई.. वहां से वो दक्ष की ज़िन्दगी में आये हुवे लोगों को सर्च करने लगी. दक्ष की समुद्र से जुडी साडी इन्फो सर्च करनी शुरू कर दी. कोई व्यक्ति अगर दक्ष से मिला था शिप पर, उससे हुई साडी बातें, उसके पास देखि हुई बुक्स, उन बुक्स में मौजूद रेयर थिंग्स की रेयर पिक्स, दक्ष जो बुक्स खुद से लाइब्रेरी में या शिप पर पढ़ चूका था. षिमुना वो सब भी सर्च करने लगी..

जैसे जैसे षिमुना आगे बढ़ रही थी, वैसे वैसे समुद्र के पानी में रहते हुए दक्ष की आँखों के सामने भी एक फिल्म सी चलने लगी थी. जहाँ दक्ष था, वो समुद्र का काम गहराई वाला एरिया था. वहां दक्ष को कोई खतरा नहीं था. दक्ष को समुद्र में कुछ और दिखाई नहीं दे रहा था. कुछ दिख रहा था तोह वो सब कुछ दिख रहा था दक्ष को, जो षिमुना दक्ष की न्यूरॉन्स में सर्च कर रही थी.. दक्ष को अपना गुज़रा समय फिरसे दिखने लगा. गुज़रा समय याद किया जाए तोह वो हमेशा अच्छी बुरी यादें दोनों लेकर आता है. दक्ष भी अच्छी बुरी दोनों यादों में जाने लगा.

षिमुना की सर्च की वजा से दक्ष को ब्रेन में बहुत पीडन भी होने लगी थी.. दक्ष ने अपने सर्र को दोनों हाथों से थाम लिया था.

40 मिंट तक षिमुना दक्ष के ब्रेन में बिजी रही.. साडी इन्फो सर्च करके उसे अपने ब्रेन में उतरने लगी. तब तक दक्ष की हालत बहुत ख़राब हो चुकी थी. ये बात षिमुना ने पहले दक्ष को नहीं बताई थी. षिमुना खुद भी सब कुछ जल्दी कर लेना चाहती थी.

षिमुना अपने काम से फ्री हुई तो दसख बेहोश हो चूका था. अब षिमुना के लिए टेंशन नहीं रही थी. दक्ष जो कुछ नहीं जानता था, जो कुछ दक्ष भूल चूका था. षिमुना वो सब कुछ जान चुकी थी. कोनसी रेयर थिंग दक्ष के लिए सबसे बेस्ट हाँ और कहाँ कहाँ उसके मिलने की संभावना है, षिमुना जान चुकी थी..

बेहोश हो चुके दक्ष को षिमुना ने अपनी पावर का उसे करके समुद्र में तैरना शुरू कर दिए. षिमुना दक्ष को फ़्लैश स्पीड से समुद्र में लेके एक साइड में आगे बढ़ने लगी.

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दक्ष एक आइलैंड के साहिल पर था. शाम होने वाली थी.

दक्ष को होश आया तोह वो अपनी ऑंखें खोलने की कोशिश करने लगा.. ऑंखें तो दक्ष की नहीं खुल पाई थी, पर उसके मोहन से दर्द के कारण कराहें ज़रूर निकलने लगी थी.. दक्ष को अपना पूरा जिस्म फोड़े की तरह से दुखता हुआ महसूस हुआ..

दक्ष ने सर हिलने की कोशिश की तोह उसकी चीखें निकलने लगी..

दक्ष : sshhh--shimuna ये मुझे इतना दर्द को क्यों हो रहा है

षिमुना : सॉरी दक्ष ये सब मेरी वजा से हुआ है. मुझे ऐसा करना पड़ा दक्ष.. तुम तो बेहोश हो गए थे. मुझे अपनी पावर उसे करनी पड़ी. जो कुछ मुझे तुम्हारे लिए चाहिए था... वो सब ढूंढ़ने के लिए मुझे 4000 मिले तक समुद्र को सर्च करना पड़ा.

दक्ष : (शॉकेड) kyaaaaaaaaaaaaaa?

षिमुना : हाँ दक्ष उसके लिए मुझे वापिस एक बार फिरसे ाफिरका के समुद्र की ऑर्डर जाना पड़ा था.. अपनी पूरी स्पीड का उसे किया है मैंने दक्ष. 6 घंटों में मैंने 4000 मिले तक के समुद्र को छान मारा था.. मेरी पावर का ऐसा उसे तुम्हारा शरीर सहन नहीं कर पाया और तुम्हारी ऐसी हालत हो गई.

दक्ष : (कराहते हुए) कुछ मिला भी है या ऐसे hi खली हाथ लौट आई हो.

षिमुना : (चहकते हुए) हाँ मिला न, बहुत कुछ मिला है मुझे दक्ष..

दक्ष को ख़ुशी भी हुई पर दर्द का एहसास बहुत बढ़कर था.

दक्ष : मेरे इस दर्द का कुछ करो षिमुना.. मुझसे सहन नहीं हो रहा ये दर्द!!

दक्ष की हालत सच में hi बहुत ख़राब थी. दक्ष एक इंसान था, एक निमून गर्ल ने अपनी पावर का उसे कुछ ज़यादा hi एक इंसान पर कर दिए था.

षिमुना : दक्ष तुम्हारे राइट हैंड में एक ओसियन फ्लावर है, उसे मोहन में लेकर चबाओ.

षिमुना की बात पर दक्ष को अपने राइट हैंड में किसी लपलपी सी चीज़ का एहसास होने लगा.. अपनी बची खुची शक्ति का प्रयोग करके दक्ष ने अपने हाथ में मौजूद समुद्री फूल को अपने मोहन में दाल लिया.. दक्ष को उस ओसियन फ्लावर का टास्ते बहुत ज़यादा कड़वा लगा.. वो उसे उगलने वाला था. पर षिमुना ने उसे रोक दिया.

दसख मोहन से तो कुछ नहीं बोल सकता था. मंद में hi वो षिमुना से बोल पड़ा.

दक्ष : ऐसा लग रहा है षिमुना जैसे मेरे अंदर की अंतड़ियाँ तक बहार आने वाली हों. कितनी जल्दी इस समुद्री फूल का रास मेरे अंदर तक फेल गया है.

षिमुना : यही तो खासियत है दक्ष इस फूल की. देखना कितनी जल्दी तुम्हारा सारा दर्द जाता रहेगा..

दक्ष के लिए उस कड़वे फूल को चबाना ज़हर चबाने के बराबर था. पर मरता क्या न करता, उसे वो फूल चबा चबा कर निगलना hi पड़ा.

दक्ष को अपने सीने में जैसे भंवर से बनते हुए महसूस होने लगे the..aisa लगने लगा जैसे उसके शरीर में कोई अनवांटेड चीज़ घुस गई हो... जो खाया था, वो पेट में उतर के अपना असर दिखने लगा था. दक्ष की चीखें फिरसे शुरू हो गयी.. षिमुना कुछ नहीं बोली. कुछ बोल कर कोई फायदा भी तो नहीं होने वाला था.

दक्ष कुछ मिंट तक चीखता, चिल्लाता, तड़पता रहा.. फिर वो एकदुम्म से शांत पद गया.. अगर कोई देखता तो यही समझता, दक्ष मर चूका है.. दक्ष की सांस थम चुकी थी. बॉडी में कोई भी मूवमेंट देखने को नहीं मिल रही थी.

ये कंडीशन भी ज़यादा देर बरकरार नहीं रही.

दक्ष लेते लेते hi किसी अड़ियल घोड़े की तरह एकदुम्म से hi पलटी खा कर उठ खड़ा हुआ.. दक्ष अपनी ऑंखें बार बार भींच रहा था. अपनी मुट्ठियां वो बार बार खोल और बंद कर रहा था.. अपने दोनों पेअर उठा उठा कर वो बड़े ज़ोर से साहिल की रेट पर मार रहा था..

दक्ष फिरसे चीखने चिल्लाने लगा.. इस बार का चीखना कुछ और अंदाज़ में था.. कोई देखने वाला होता तो वो दक्ष को देख कर यही कहता "पागल है साला"

षिमुना भी दक्ष की हालत पर हस्सन लगी थी. दक्ष का दर्द hi ख़तम नहीं हुआ था, साथ hi दक्ष के अंदर शक्ति भी बहुत बढ़ने लगी थी. शक्ति बढ़ी तोह दक्ष की दिमागी हालत भी उसके कण्ट्रोल से बहार होने लगी थी. ओसियन फ्लावर की कड़वाहट और हीट ने भी दक्ष के अंदर शक्ति और आग बहुत बढ़ा दी थी. षिमुना ये सब जानती थी. वो ये भी जानती थी, दसख की ऐसी हालत ज़यादा देर नहीं रहेगी.. दक्ष जल्द hi ठीक भी हो जाएगा.

बास वो दक्ष की हालत देख कर खूब हस्स रही थी. दक्ष भी षिमुना की हंसी में अपनी हंसी की आवाज़ मिलाये साहिल पर इधर उधर दौड़ने लगा.

दक्ष ने या षिमुना ने एक बात पर धयान नहीं किया था. जितनी स्पीड का प्रयोग किया था षिमुना ने समुद्र में, उसी स्पीड की वजा से दक्ष का अंडरवियर समुद्र के किस एरिया में उतर गया था, षिमुना या दक्ष दोनों नहीं जानते थे. ओसियन फ्लावर की हीट ने दक्ष के जिस्म और दिमाग में hi आग नहीं भरी थी. दक्ष के लुंड में भी एक भयंकर आग भर दी थी..

दक्ष की भाग दौड़ से दक्ष का लुंड भी साथ में hi उछाल कूद मचा रहा था.. जिसका अकार अपने पुरे जोबन पर था. जिसकी सख्ती हमेशा से कहीं बढ़कर थी.


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हर घर में, हर मोहल्ले में, हर गाओं में, हर टाउन में, हर शहर में, हर स्टेट में, हर कंट्री में एक हाकिम होता है.

घर में, मोहल्ले में या फिर गाओं, टाउन या शहर में जो सबसे बड़ा होता है. जिसकी बात सुन्ना वहां रहने वळून पर फ़र्ज़ होती है.. ऐसो को हाकिम कहा जाता है.

घर में, मोहल्ले में अगर कोई एक बड़ा हो, किसी एक का आर्डर चलता हो तो नेगेटिव सोच रखने वाले खुद को उसकी जगा पर लाने के लिए सर धार की बाज़ी भी लगा दिया करते हाँ..

कहीं लड़ाइयां होती है तो कहीं साज़िशें जनम लेने लगती है. किसी पर हुकूमत करना, हर पावर रखने वाले की सोच हुआ करती है. ज़यादा पावर रखने वाला और भी इलाके अपने अंडर लेने की कोशिश करता है. तोह वहीँ जिसके पास पावर न हो, वह पावर पा कर हुकूमत करने के खवाब देखने लगता है.

हमारी एअर्थ पर 5-7 देश बहुत पॉवरफुल देश हाँ.. सबसे पावरफुल कंट्री अमेरिका है.. जैसे उसकी सोच है, आल वर्ल्ड पर कब्ज़ा करने की, हर देश में अपना झंडा लहराने की, हर किसी के सर को अपने आगे झुका हुए देखने की. जिस देश में कोई इंसान ख़ास हो, उसके अंदर ाबिलिटीज़ का भण्डार हो.. उसे अपने अंडर लेने की कोशिश करते हाँ. जिस देश में कुछ ऐसा पाए जाने की संभावना हो, जिसे पा कर वो और भी पॉवरफुल बन सके. तोह फिर वही अपनी पावर का उसे करके उस देश या उस जगा को अपने अंडर लेने की कोशिश करते हाँ.

हुकमरान बनने का सपना देखने वाले आल यूनिवर्स में पाए जाते हाँ. जैसे पृथ्वी पर अमेरिका है तोह

निमुनिका में लोजान है.. लोजान भी एक नेगेटिव सोच रखने वाला निमून था. पावर के लालच में, निमुनिका का किंग बनने के चक्कर में वो अपने कुछ साथी बना कर साज़िशें करने लगा.

लोजान फिर नाकाम नहीं रहा, कई साल तक साज़िशें करने के बाद लोठाम से उसने सिंघासन छीन लिया.. पर उसे कुछ प्राप्त नहीं हो सका.

अकॉर्डिंग तो Nimoonica's लॉज़.....

लोजान को सब के सामने षिमुना के साथ सम्भोग करना था. संभाग के बाद फिर षिमुना के साथ वहीँ मौका पर शादी करनी थी. लोजान किंग बनता और षिमुना मलिका. शादी के फ़ौरन बाद षिमुना के पुरे परिवार के सर्र कलम कर दिए जाते.

पर.....

षिमुना को ये सब मंज़ूर नहीं था. एक मलिका बनने की छह उसके दिल में भी थी. पर अपने परिवार को वो मरता हुआ नहीं देख सकती थी. अपने प्लेनेट पर वो लोजान को किंग बनते भी नहीं देख सकती थी. षिमुना जानती थी लोजान कितनी घट्टिया नेचर का निमून है. एक बार लोजान किंग बन गया तो फिर उसके प्लेनेट वाले खुशियों को तरसने लगेंगे.. लोजान किंग बनने के बाद पावर पाने का हक़दार भी बन जाता.. फिर पावर पा कर वो पुरे प्लेनेट पर और आस पास के प्लैनेट्स पर तबाही मचा देता..

षिमुना लोजान की नेचर से बखूबी वाक़िफ़ थी.. इसी कारण वो अपने प्लेनेट से भाग कर एअर्थ पर आ गई.. किसी दूसरे प्लेनेट पर भी वो नहीं जा सकती थी. वहां वो लोजान से मेहफ़ूज़ नहीं रह सकती थी. एक एअर्थ hi उसे मेहफ़ूज़ दिखी तोह वो फिर एअर्थ पर आ गई..

उसे भागते hi लोजान को भी खबर हो गई.. लोजान ने अपने सबसे ख़ास और दरिंदा सिफत वारियर्स को षिमुना के पीछे लगा दिया.. वो भी षिमुना के पीछे एअर्थ पर आ गए.. पर वो षिमुना को पा न सके.. दक्ष की सूरत में षिमुना निमोन्स की नज़रों से मेहफ़ूज़ हो गई. अब षिमुना को पा लेना निमोन्स वररिरस के लिए आसान नहीं था.

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आज के लिए इतना hi मित्रो.. रीड एंड एन्जॉय थिस अपडेट.. रेविएवस के लिए तो कहना hi नहीं पड़ेगा मुझे. 2 अपडेट में hi इतना ज़बरदस्त प्रेम देख कर मेरे मैं को बहुत ख़ुशी मिली ha.:vhappy:


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हाहाहा जो खाया था दक्ष उसका कुछ रिजल्ट निकलना hi था :लाफ:

नेक्स्ट episode में निमुनिका से रिलेटेड सम इंटरेस्टिंग फैंस सामने आएंगे.. लाफ्टर विल इनक्रीस और डिक्रीसे.. ये तो नेक्स्ट पता चलेगा.. जो भी होगा डेफिनिटेली मज़ेदार होगा

आईटी टर्न्ड आउट वेल फॉर दक्ष... कहाँ वह इतना सब यद् करता

धन्यवाद भाई 🙏🙏
 




Episode:04






लोजान जैसी सोच रखने वळून की कमी नहीं थी पुरे यूनिवर्स में....




एअर्थ पर निमोन्स के पाए जाने की चर्चा हुई तोह हर तरफ हलचल मच उठी.. दुन्या की बड़ी बड़ी ऑर्गनिज़तिओन्स निमोन्स को, दक्ष को अपने कब्ज़े में देखने के लिए मीटिंग्स अर्रंगे करने लगी.

दुन्या की सबसे बड़ी ऑर्गनिज़तिओन्स में....

NO:01 रेड पावर Organization(R.P.O) जो अमेरिका की थी..

NO:02 ब्लैक आदम organization(B.A.O) इजराइल

NO:03 अंडरवर्ल्ड माफिया

ये तीनो पुरे वर्ल्ड में सबसे ज़यादा पॉवरफुल ऑर्गनिज़तिओन्स मणि जाती थी. रपो एंड बाओ के लीडर्स कोण कोण थे, ये बात कोई नहीं जानता था. रपो एंड बाओ के ऑर्डर्स पर पूरी सर्कार हिल जाया करती थी. जो भी ऑर्डर्स इनकी ऑर्डर से जारी हुआ करते, उन ऑर्डर्स की वैल्यू दोनों देशो के प्राइम मिनिस्टर्स के ऑर्डर्स से भी बढ़कर हुआ करती.

इन दोनों ऑर्गनिज़तिओन्स का पॉलिटिक्स से कोई कनेक्शंस नहीं था, इन लीडर्स का काम था, अपने अपने देश को आल ओवर थे वर्ल्ड सब से बढ़कर स्ट्रांग बनाना. देश को पॉवरफुल बनाने के लिए जिस किसी चीज़ की भी ज़रूरत होती रपो ंद बाओ hi सब ज़रूरत पूरी किया करती थी. अपने देश को पुरे वर्ल्ड में सबसे पॉवरफुल देखने के लिए दोनों देश की जनता भी अपनी अपनी ऑर्गनिज़तिओन्स का भरपूर साथ दिए करते थे. इस मामले में सब एक थे.

इन्ही दोनों ऑर्गनिज़तिओन्स के अंडर थी दोनों देशो साड़ी ऑर्गनिज़तिओन्स. रपो और बाओ के लीडर्स कोण कोण थे, हेड ऑफिस कहाँ कहाँ थे, ये बात कोई नहीं जानता था. कोई अगर जानता भी था, तोह उन के बारे में भी कोई नहीं जानता था. दोनों ऑर्गनिज़तिओन्स के लीडर्स, उनसे जुड़े ख़ास लोगों को कभी किसी ने नहीं देखा था. सब बास मिलने वाले ऑर्डर्स को फॉलो किया करते थे.

अंडरवर्ल्ड का भी ऐसा hi कुछ सन था.. अंडरवर्ल्ड का लीडर भी कभी किसी के सामने नहीं आया था. वो फोन पर, वीडियो कॉल में हमेशा आवाज़ और फेस बदल कर सामने आया करता था.

तीनो ऑर्गनिज़तिओन्स ने पुरे वर्ल्ड में अपने ऑर्डर्स जारी कर दिए थे, दक्ष एंड निमोन्स जहाँ कहीं भी मिलें. उन्हें किसी भी हाल में अपने अंडर लिया जाए..

ऑर्डर्स मिलते hi हज़ारों एजेंट्स समुद्र में, समुद्र के जिस एरिया में निमोन्स आये थे, उस एरिया के आस पास के देशो में सर्चिंग शुरू कर दी गयी.

अभी तक कोई नहीं जानता था, आने वाले निमोन्स हाँ और वो किस प्लेनेट से आये हाँ. ये केवल दक्ष hi जानता था.

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रपो, बाओ अंडरवर्ल्ड वाले जितने खुश थे.. उससे कहीं बढ़ कर खुश थे इंडिया वाले.

बिकॉज़........

ानोथेर प्लेनेट से आने वळून का जब जब ज़िक्र होता, साथ ज़िक्र होता एक हिंदुस्तानी का..

दक्ष "डीके" के नाम से शिप पर जाना जाता था. कोई भी दक्ष को उसके रियल नाम से नहीं जानता था. दक्ष ने घर छोड़ने के बाद एक तोह अपना पूरा नाम कभी किसी को नहीं बताया, दूसरा अपने नाम के साथ ठाकुर हटा दिए था.

जब निमोन्स एअर्थ पर आये तो शिप के पास समुद्र में केवल दक्ष था, उसके बाद दक्ष कहीं भी नहीं मिला. सब समझने लगे, दक्ष से जुड़ा है ानोथेर प्लेनेट से आने वळून का रहस्य.

वैसे तोह कोई भी कन्फर्म नहीं था कह आने वाले ानोथेर प्लेनेट से हाँ.. पर उनकी शक्लें उनके अकार देख कर सबने समझ लिया था. वह हुमंस नहीं हाँ. ज़रूर वो किसी दूसरे प्लेनेट से आये हाँ.. जिस अंदाज़ में वो सब आये थे.. नासा वळून ने अपने हिसाब से कन्फर्म कर दिया था.. वो ानोथेर प्लेनेट से hi हाँ. और नासा ऐसे मामलों में कैसे गलती कर सकता था.

इंडिया वळून ने जब ये सुना कह एक इंडियन समुद्र में लापता हो गया है.. ठीक उसी जगा से, जहाँ पर निमोन्स आ टपके थे. इंडियन ये जान कर बहुत खुश हो गए थे.

इंडिया में रॉ भी पूरी तरह से एक्टिव हो चुकी थी. रॉ वळून ने भी अपने सभी एजेंट्स को निमोन्स एंड दक्ष सर्चिंग के काम पर लगा दिए था.. साथ hi ये भी ऑर्डर्स जारी कर दिए थे, दक्ष से जैसे hi कनेक्शन बने, उससे बात करने की कोशिश की जाए. उसे अपने साथ मिलाने की कोशिश की जाए. अगर दक्ष को वर्ल्ड की इतर ऑर्गनिज़तिओन्स से खतरा हो तो दक्ष की पूरी पूरी मदद की जाए. कुछ भी बन पड़े, दक्ष को कुछ होने न दिया जाए. और अपनी रॉ आइडेंटिटी किसी पर ज़ाहिर न होने दें.

मामला वर्ल्ड टॉप ऑर्गॅनिएशन्स का hi नहीं था.. मामला पोलिटिकल भी बन सकता था. हंगामे तो जनम लेने hi वाले थे. वो भी बहुत ज़यादा. ये बात रॉ समेत साड़ी दुन्या समझ चुकी थी.

बात पावर पाने की थी, तोह पावर हर कोई पाना चाहता था. जैसे भी पानी पड़े.. लाशों के ढेर भी लगाने पड़ें तोह लगाने से कोई भी पीछे नहीं हटने वाला था.

नासा वाले बरसों से स्पेस रिसर्च के चलते अरबों डॉलर्स खर्च कर चुके थे. पर वह ऐसी जानकारी प्राप्त नहीं कर पाए थे, जैसी अब निमोन्स के आ जाने से मिलने की संभावना थी.

इंडिया hi क्या वर्ल्ड का कोई भी कंट्री होता, अमेरिका सबसे नंबर 1 रहने की सोचता.. निमोन्स के मामले में भी नंबर 1 रहने के लिए रपो को कुछ भी करना पड़ता तो वो पीछे न हटती. यही हाल बाओ का भी था. वो भी दक्ष के लिए, निमोन्स के लिए कुछ भी कर जाती.

अंडरवर्ल्ड वळून से भी पुंगा होने वाला था. पर रॉ वळून को उनकी कोई टेंशन नहीं थी. अंडरवर्ल्ड वळून से तो वह हमेशा से hi निपटते आ रहे थे.

सैंकड़ों रॉ एजेंट्स भी अपने काम पर लग चुके थे. वो भी दक्ष और निमोन्स को सर्च करने लगे.. डीके इंडिया से था तोह रॉ वाले ज़यादा खुश थे और समझते थे, यूनिवर्स से जुडी जानकारी पाने का हक़ उन्हें सबसे ज़यादा है.. पर वो खुल कर कुछ भी नहीं कर सकते थे. सब रपो बाओ की नज़रों में आये बगैर करना था. अगर दुन्या जान जाती, डीके या निमोन्स रॉ वळून के हाथे छड्ड गए हाँ तोह रपो एंड बाओ वाले कैसे भी करके डीके या निमोन्स को अपनी कस्टडी में ले लेते..



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लोजान किंग न बनकर भी किंग hi था.. वो किंग बन चूका था, पर किंग और उसके परिवार को मार नहीं पाया था. किंग बनने पर मिलने वाली पावर प्राप्त नहीं कर पाया था. फिर भी वो किंग था.

अगर लोजान षिमुना के साथ सबसे सामने सम्भोग करके, शादी करके, किंग लोठाम और उसके परिवार के सभी मेंबर्स के सर कलम करके किंग बनता, तो उसे मिलती वह पावर, वो शक्तियां जो किंग को प्राप्त हुआ करती थी. पर लोजान इस मामले में खली हाथ रह गया था. षिमुना के निमुनिका से भाग जाने की वजा से लोजान शक्तियां प्राप्त नहीं कर पाया था.

बड़ा दुःख था लोजान को इस बात का.. पर वो कुछ कर नहीं पा रहा था. उसके वारियर्स षिमुना के पीछे गए हुए थे और लोजान या कोई भी निमून ये नहीं जनता था, षिमुना या दूसरे वारियर्स कहाँ गए हाँ.

लोजान पुरे प्लेनेट की जानकारी रखता था. वह अपने प्लेनेट के सबसे बड़े स्पेस सेण्टर पर भी कई चक्कर लगा चूका था, वहां मौजूद साइंटिस्ट्स से बात करके षिमुना और दूसरे निमोन्स को सर्च करने के ऑर्डर्स दे चूका था. पर अभी तक किसी का कोई भी सुराग़ नहीं मिल पाया था.

अगर लोजान किंग बन जाता, उसे शक्तियां प्राप्त हो जाती तो फिर उसके लिए षिमुना या दूसरे निमोन्स वारियर्स को ढूंढ पाना कोई मुश्किल काम नहीं रहता.

पारर अफ़सोस.....

लोजान के पास शक्तियां नहीं थी. nimoonica's साइंटिस्ट्स सर तोड़ कोशिश कर रहे थे. नए नए एक्सपेरिमेंट्स करके जल्द से जल्द वह लोजान को खुश कर देना चाहते थे. लोजान नया बना किंग बना था. सब लोजान की मदद करके लोजान को खुश कर देना चाहते थे. लोजान की नज़रों में खुद की वैल्यू बढ़ाना चाहते थे.

षिमुना ने निमुनिका से उड़ान भरी तो उसे 25 दिन लग गए थे एअर्थ पर पोहचने में. इन 25 दिनों में लोजान भी आराम से नहीं बैठा था. उसका ज़यादा तर समय स्पेस सेण्टर में hi गुज़रता था.

nimoonica's साइंटिस्ट्स एक ऐसी सर्चिंग मशीन बनाने में लगे हुए थे, जिस की मदद से निमोन्स पुरे यूनिवर्स में जहाँ कहीं भी होंगे, नयी बनाई जाने वाली मशीन उन्हें सर्च कर लिया करेगी.

लोजान ये जान कर बड़ा खुश हुआ था. वह चाहता था जल्द से जल्द उसके साइंटिस्ट वो सर्चिंग मशीन बना लें.





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ओसियन फ्लावर खा लेने से दक्ष खुद पर कण्ट्रोल को बैठा था. ओसियन फ्लावर जो सदियों से समुद्र की गहराई में रहा था. उस तक कभी भी सूरज की रौशनी नहीं पोहंच पायी थी. फिर भी वो अपने अंदर इतनी कड़वाहट और हीट रखता था, दक्ष का दिगेंस्टीवे सिस्टम बिगड़ कर रह गया.

पारर.....

पारर ऐसा ज़यादा देर नहीं रहा.. ओसियन फ्लावर ने बड़ी तेज़ी के साथ दक्ष के खून में शामिल होकर दक्ष के वजूद के सरे दर्द को निचोड़ लिया.. केवल दर्द hi नहीं निचोड़ा, अपनी हीट के कारण दक्ष के दिमाग में भी ज़बरदस्त बिगाड़ पैदा किया.

दक्ष पहले तो किसी मुर्दे के जैसा हो गया, फिर वो किसी अड़ियल घोड़े के जैसे उठ खड़ा हुआ. फिर वह पागलों की तरह हस्ता हुआ साहिल पर दौड़ने लगा.

दक्ष जैसा भी था, था तोह एक आम इंसान hi. कैसे वह एक रेयर ओसियन फ्लावर की कड़वाहट और हीट सहन कर पता. जितनी हीट दक्ष के शरीर में बढ़ी, उतनी hi हीट दक्ष के दिमाग में भी बढ़ी. जब तक वह हीट दक्ष के दिमाग में रही, दक्ष ऐसे hi हस्ता रहा, दौड़ता रहा. पागलों जैसे कहकहे लगता रहा.

आधे घंटे बाद दक्ष कुछ नार्मल हुआ तोह

दक्ष : क्या था ये सब षिमुना?

षिमुना : ेहेहेहे जो भी था, पर सब बड़ा मज़े का था. ेहेहेहे पता है दक्ष आज कितने समय के बाद में इतना खुल कर हंसी हों.

दक्ष जो ओसियन फ्लावर के ज़ेर इ असर था, वो साद नहीं हो सकता था. वो अभी भी लाफिंग मूड में था. सीरियस तो वो हो नहीं सकता था.

दक्ष : हाँ था तो सब कुछ बड़ा हटके (दक्ष की नज़र अपने लुंड पर पड़ी तोह) और कुछ रोमांचक भी.. दक्ष की आँखों से देख रही थी षिमुना इस दुन्या को. वो भी दक्ष के लुंड को देख गयी..

एहहहहहए होहोहोहो एहहहहहए हाहाहाहा एहहहहहए

इस बार षिमुना इतना हंसी जितना पहले दक्ष हंस रहा था. दक्ष भी फिरसे हस्सन लगा.. वह खड़ा हुआ और अपने लुंड को पकड़ कर दबा दबा कर हस्सन लगा.. इतना गरम, इतना सख्त पहले कभी नहीं दक्ष ने अपने लुंड को पाया था. दक्ष फिरसे अपने लुंड को पकड़ कर हस्सन लगा.

षिमुना : ेहेहेहेहे पता है दक्ष, सच में hi आज मैं जितना हंसी हों, इतना पहले कभी नहीं हंसी.

दक्ष : ऐसा क्यों?

षिमुना : एक तोह मुझे अपने प्लेनेट से निकले बहुत दिन हो गए हाँ. दूसरा वहां मुझे तुम नहीं मिले थे ना ेहेहेहेहे और न hi ऐसा कोई सन देखने को मिला था ेहेहेहे

दक्ष : अच्छा! मुझे ये बताओ षिमुना तुम एक लड़की होकर भी मेरे लिंग को देख कर क्यों हसने लगी.

षिमुना : क्यों मई नहीं है सकती क्या दक्ष!! और ये लिंग क्या होता है हाँ, लुंड कहो इसे तुम दक्ष लुंड!! षिमुना हस्ते हुए, मज़े लेती हुई बोली.

दक्ष : लड़कियां तो ऐसा सब देख कर शर्म से लाल पीली हो जाया करती हाँ. और तुम हो कह खुल कर हस्स रही हो, बात कर रही हो.

षिमुना : दक्ष हमारे प्लेनेट पर सेक्स इतना आम है, इतना शायद hi पुरे यूनिवर्स में कहीं हो. हमारे प्लेनेट पर लड़की, लड़का जैसे hi जवान होते हाँ, उन्हें सेक्स करना पड़ता है. ये एक लॉ भी है हमारे प्लेनेट का.

दक्ष : क्याआआआ?

षिमुना : हाँ दक्ष!!

दक्ष : ओह्ह फिर तो तुम भी?

षिमुना : क्या मैं भी दक्ष! मैं भी एक जवान लड़की हों, जवान होते hi मैंने सेक्स कर लिया था. उसके बाद तो कोई हिसाब hi नहीं रहा. हाँ पर शादी और बच्चों के लिए एक स्टैण्डर्ड है. किंग परिवार का मेंबर बिना परख के किसी से शादी नहीं कर सकता.

दक्ष ने एक लम्बी सांस ली.

दक्ष : तोह अब मैं अपने इस खड़े सामान का क्या करूँ.

षिमुना : उसके लिए तोह तुम्हे समुद्र की कोई कच्ची मछली hi खानी सही रहेगी. उसके अंदर नमी बहुत होती है, उसी से काम हो सकती है तुम्हारे अंदर की हीट.

दक्ष : क्याआ? कच्ची मछली.. मैं कैसे खाऊँगा कच्ची मछली

षिमुना : ेहेहेहेहे दांतो से उधेड़ उधेड़ के

दक्ष : हाहाहा तुम मुझे किस दुन्या का इंसान बनाने वाली हो षिमुना

षिमुना : ेहेहेहे यूनिवर्सल मन. अपने वर्ल्ड में तो तुम सुपर ह्यूमन बन hi चुके हो. मई जो मिल गई हों तुम्हे.. अंत में षिमुना अपनी तारीफ करते हुए मज़े से बोली.

दक्ष : तुम्हारे मेरे साथ होने से सच में hi मैं फेमस हो गया हों. पर तुम्हारे आ जाने से मेरी ज़िन्दगी का सुकून भी ख़तम होने वाला है. ये बात भी मैं जान गया हों.

षिमुना : कुछ अगर ख़ास मिल जाए तोह फिर कुछ तो खोना hi पड़ता है दक्ष. षिमुना उसी टोन में बोली.

दक्ष चलता हुए समुद्र में उतर गया.. शाम हो चुकी थी. समुद्री फूल खा कर दक्ष भी एक समुद्री जीव बन चूका था. पानी में उतरा तोह वह और षिमुना भूल गए थे कह शाम के समय अँधेरे में वह फिश कैसे पकड़ेंगे. पर पानी में उतरने के बाद दक्ष तैरता हुआ आगे बढ़ने लगा. दक्ष को अँधेरे में भी सब साफ़ साफ़ नज़र आने लगा था.

जितनी स्पीड दक्ष को षिमुना की वजा से मिल चुकी थी. कैसे कोई मछली उसकी पोहंच से निकल सकती थी. हाँ पानी में चिकनी मछली पर कब्ज़ा जमाना आसान काम नहीं था.

मुश्किल तो हुई दक्ष को, पर 2कग की एक मछली पकड़ hi ली दक्ष ने.. मछली पकड़ कर दक्ष समुद्र के पानी से बहार निकल पड़ा. वही साहिल पर बैठ कर वो उसे दांतों से चबाने लगा. सच में hi उसे अपने शरीर की, दिमाग की हीट में कमी महसूस होने लगी.

दक्ष वो साड़ी मछली चाट कर गया.. एक लम्बा डकार लेकर दक्ष वही लेट गया. मरीन लाइफ जीने वाला दक्ष अब एक विल्फ लाइफ जीने लगा था. किसी जंगली वेह्शी की तरह वह कच्ची मछली डेंटन से उधेड़ उधेड़ कर खा गया था.

दक्ष का पेट बहुत समय बाद भरा था. हीट काम हुई तो दक्ष को फिरसे नींद आने लगी. दक्ष वही लेते लेते सो गया.

अगली सूबा बहुत देर से दक्ष की आंख खुली थी, वो भी बहुत तेज़ धुप के कारन.. दक्ष को अपने जिस्म में हीट बढ़ती हुई फील हुई तोह दक्ष उठ बैठा. दक्ष ने ऊपर सूरज की ऑर्डर देखा तोह दक्ष को अंदाज़ा हुआ कह वो बहुत देर तक सोता रहा है. दिन के 10 से ऊपर का टाइम हो चूका था.

दक्ष खड़ा हुआ और आइलैंड की ऑर्डर देखने लगा.

षिमुना भी दक्ष की आँखों से सब देखने लगी.

षिमुना : आइलैंड की ऑर्डर क्या देख रहे हो दक्ष!

दक्ष : देख रहा हों अब आगे मुझे क्या करना चाहिए. आइलैंड पर घूमना सही रहेगा या नहीं.

षिमुना : नहीं दक्ष अभी तो तुम कुछ भी नहीं हो. मेरा मतलब है, तुम जैसे हो वैसा कोई नहीं है. तुम एक डेरिंग मन हो. आइलैंड पर बने खतरों से निपट सकते हो. पर जैसी लाइफ अब तुम्हे मिल चुकी है. उसी को सामने देखते हुए तुम्हे हर कदम फूंक फूंक कर उठाना होगा. तुम्हे दुन्या से लड़ने के लिए फाइटिंग सीखनी होगी. खुद को सेफ रखने के लिए तुम्हे स्ट्रांग बनना होगा. आइलैंड के अंदर जाना सही नहीं रहेगा. एक तो हम आइलैंड बारे कुछ नहीं जानते और दूसरा हमारा टाइम भी वास्ते होगा. तुम जल्द से जल्द खुद को स्ट्रांग बनाने की कोशिश करो.

दक्ष : इतना तो सब मैं भी समझता हों षिमुना. काम तो मैं पहले भी नहीं था किसी से. पहले मेरे लिए ख़तरात समुद्री थे. पर अब पूरी दुन्या और निमोन्स मेरे पीछे पद चुके हाँ. मुझे खुद को सबका सामना करने लायक बनाना होगा.

षिमुना : यही बात तो मैं भी कह रही हों दक्ष!!

दक्ष : निमोन्स जो इस दुन्या में आये हाँ षिमुना, उनकी पावर किस हद तक है.

षिमुना : इस हद तक दक्ष! अगर तुम कभी उनके हाथ लग जाओ तोह पावर का उसे करके तुम्हारी हड्डियों का सुरमा बनाने में निमोन्स को देर नहीं लगेगी. तुम छह कर भी उनके सामने टिक नहीं पाओगे. वो इंसान नहीं हाँ दक्ष! वह निमोन्स हाँ. बहुत hi ज़यादा पॉवरफुल इतने कह तुम्हारी एअर्थ का कोई भी इंसान उनका सामना नहीं कर सकता. हाँ हथियारों के आगे उनकी नहीं चल सकती. हथियारों के आगे वो मात खा जाएंगे.

दक्ष : दिमाग के मामले में भी वह निमोन्स हम इंसानो से बढ़कर नहीं हो सकते षिमुना. हमारी दुन्या में बहुत से ब्रेन्स ऐसे हाँ, जिनका जवाब नहीं है. वही हाँ जो इस दुन्या को अपनी मुठी में लिए हुए हाँ.

षिमुना : इतना तो मैं भी जानती हों दक्ष! साइंस के मामले में हम एअर्थ वळून से कहीं बढ़कर हाँ. पर इंटेलिजेंस में हम काम हो सकते हाँ. इसी लिए मेरे मीसा कभी भी अपने प्लेनेट से एअर्थ पर आने का नहीं सोचते थे. पर लोजान कभी खुद को रोक नहीं पायेगा.

दक्ष : लोजान ने कभी हमारी दुन्या में प्रवेश करने की सोची भी तो उसे भी देख लिया जाएगा. ये एअर्थ है षिमुना यहाँ लोजान की नहीं चलने वाली. यहाँ के ब्रिएंस के आगे वह भी फ़ैल हो जाएगा.. एनीवे तुम ----- दक्ष आगे बोलता अपने हाथों को देख कर वह चौंकते हुए चुप हो गया. दक्ष के साथ साथ षिमुना भी दक्ष के हाथों को देखने लगी. दक्ष जहाँ हैरान हुआ अपने हाथों को देख कर. वही षिमुना एक बार फिरसे खिलखिला कर हस्सन लगी.

दक्ष : ये क्या है षिमुना?

षिमुना : ेहेहेहेहे दक्ष!! ेहेहेहेहे jj-jo भी है दक्ष! पर है बड़ा मज़े का. ेहेहेहे तुम कितने सूंदर हो गए हो न दक्ष ेहेहेहेहे

दक्ष के हाथ hi नहीं उसका पूरा जिस्म काला सियाह हो गया था. वही देख कर दक्ष शॉकेड था तो षिमुना का हस्ते हस्ते बुरा हाल होने लगा था.

दक्ष : ज़रूर ये कल वाले से फ्लावर की वजा से हुआ है. तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया षिमुना, ऐसा भी कुछ मेरे साथ हो सकता है.

षिमुना : ेहेहेहे मुझे नहीं पता था दक्ष! ऐसा भी कुछ हो सकता है. ऐसे एफेक्ट बारे मैं नहीं जानती थी. अच्छा हुआ जो नहीं जानती थी मैं. वर्ण तुम्हारी ऐसी सुंदरता मैं कैसे देख पाती ेहेहेहे

दक्ष को चिंता होने लगी थी. पर षिमुना को केवल मज़ा आ रहा था.

दक्ष : अब क्या करूँ मैं षिमुना मैं तोह सारा hi काला हो गया हों. मुझमे और एक नीग्रो में अब्ब कोई फर्क नहीं रहा.. फिरसे मेरा रंग मुझे कैसे वापिस मिल सकता है?

षिमुना : ेहेहेहे रहने दो दक्ष ऐसे अच्छे दिख रहे हो. यू अरे लुकिंग वैरी ब्यूटीफुल एंड अट्रैक्टिव दक्ष! कसम ले लो जो इतनी सुंदरता मैंने पहले कभी देखि हो.. षिमुना थी कह खिलखिलाये hi जा रही थी. चुप होने में hi नहीं आ रही थी.

दक्ष : क्या ख़ाक अच्छा दिख रहा हों मैं. एक काला आदमी भी कभी ब्यूटीफुल दिख सकता है क्या.. दक्ष परेशान हो गया था अपने ब्लैक कलर को देख के.

बड़ी मुश्किल से षिमुना ने खुद पर काबू पाया. वर्ण तो अगर वो विज़िबल होती तोह वहीँ लूट पूत होने लगती दक्ष की सुंदरता को देख कर.

षिमुना : मेरा ख्याल है, कुछ दिन ये रंग रहेगा, फिर धीरे धीरे चला जाएगा. अगर इसका इतना नुकसान होता तो मुझे तुम्हारे ब्रेन से वो जानकारी ज़रूर मिलती दक्ष!

दक्ष : ठीक कह रही हो तुम षिमुना. अब मुझे रंग को छोड़ kar"jo कुछ तुम समुद्र से लाइ थी" उसपर धयान देना होगा.

दक्ष फिर षिमुना के दवारा लाइ गई रेयर थिंग को देखने लगा.

षिमुना : इसमें जो ब्लैक शिनय स्टोन है न दक्ष, इसे पीस कर खाना होगा. अगर तोह यहाँ आग और बर्तन होते तोह अच्छा रहता. उसी बर्तन में पानी दाल कर, उबाल कर, इन स्टोन्स को उसमे दाल कर लिक्विड बनाया जाता, फिर तुम उसे पीते तोह बड़ी जल्दी इसका असर तुमपर होना था. इन 1 वीक hi तुम खुद को इतना स्ट्रांग पाते कह मैं करता किसी पेड़ को मुक्का मार कर गिरा दो. और ग्रीन कलर की जो लम्बी लम्बी पत्तियां हाँ. इसको खाने से तुममे सहन शक्ति बढ़ेगी. ब्लैक शिनय स्टोन और दूसरी चीज़ों के खाने से होने वाले नुकसान से बचत होगी.

दक्ष : पत्तियों का उपयोग कैसे करना है षिमुना?

षिमुना : ये भी पीस कर hi लेनी हाँ दक्ष.. बास इन्हे पहले सुखना होगा.

दक्ष : और ये लचकदार सी, लपलपी सी बेल किस काम आएगी?

षिमुना : इसे धुप में रखोगे तो एक आयल में बदल जायेगी दक्ष!.. फिर तुम इसकी मालिश अपने बदन पर करना, इससे तुम्हारे बदन में लचक बहुत ज़यादा बढ़ जायेगी. फिर कभी तुम्हारी कोई हड्डी टूटेगी नहीं.

दक्ष : मैं खुद से तोह मालिश करने से रहा.

षिमुना : जितनी और जहाँ तक हो सकती है करो दक्ष. बाकी इसे साथ ले लेना.. आबादी में पोहंचेंगे तोह तुम किसी की मदद ले सकते हो.

सब समझ कर दक्ष ने उन रेयर चीज़ों का इस्तेमाल शुरू कर दिए.. आइलैंड पर रहते हुए दक्ष साहिल पर दूर दूर निकल जाता. भूक लगती तो समुद्र में उतर कर फिशिंग करता.

दूसरे दिन दक्ष साहिल पर बहुत आगे निकल गया.. 2 घंटे बाद दक्ष को एक वाटफॉल दिखा. दक्ष वॉटरफॉल देख कर खुश हो गया.. दक्ष दौड़ता हुआ वॉटरफॉल में कूद गया. बहुत देर तक वो नाहटा रहा. ठंडा पानी पि कर दक्ष को बड़ा सुकून मिला था. जो बात पानी में होती है वह किसी और चीज़ में कहाँ. पानी पि कर दक्ष के अंदर ज़िन्दगी की लेहेर दौड़ गई.

वही दक्ष को बहुत से अलग अलग शेप में पत्थर मिले. दक्ष ने कुछ नोकदार पत्थर उठाये, एक पत्थर में बड़ा सा छेड़ बना हुआ था झरने के पानी के गिरने की वजा से.. दक्ष ने उस पत्थर को भी उठा लिया. फिर नोकदार पत्थरो की मदद से वो उस छेड़ को और भी खुला करने लगा.. दक्ष में अब ताक़त बढ़ने लगी थी. दक्ष शाम तक लगा रहा.. षिमुना भी दक्ष का हौसला बढाती रही. शाम तक दक्ष ने पत्थर को घिस घिस कर एक पायल जैसा बना लिया था.

पायला मिल गया था दक्ष को, साफ़ पानी भी झरने की सूरत मौजूद था. अब दक्ष को आग जलने वाले स्टोन्स की तलाश थी. ऐसे पत्थर ज़रूर दक्ष को मिलते इस आइलैंड पर.

अलगे दिन दक्ष को वो फायर स्टोन भी मिल गए.. उन्ही स्टोन से दक्ष ने आग जलाई. फिर तोह उस आइलैंड पर दक्ष के मज़े हो गए.. समुद्र में जा के वो मछलियां पकड़ लाता और आग पर भून कर खाने लगता.. उसी आग से वो शिनय स्टोन्स और पानी को, पायला नुमा पत्थर में दाल कर पिघलने लगा...

दक्ष की मरीन लाइफ वाइल्ड लाइफ में बदल चुकी थी, दक्ष तोह था hi ऐसी लाइफ के भरपूर मज़े लेने वाला इंसान. दक्ष वही रहते हुए खूब एन्जॉय करने लगा.. दक्ष वो साडी रेयर थिंग्स आइलैंड पर रहते हुए इस्तेमाल करने लगा. बहुत तेज़ी से दक्ष में बदलाव आने लगे. मालिश सही से न कर पाने की वजा से दक्ष को अपना शरीर अकड़ता हुआ महसूस होने लगता. ऐसे समय उसके लिए झुक पाना आसान नहीं रहता था. ऐसी हालत में दक्ष ज़यादा समय समुद्र में बिताने लगता.. वही उसे रहत मिलती.

2 हफ्ते तक दक्ष उसी आइलैंड पर रहा. खुद में बदलाव ला कर दक्ष फिर अपने अगले सफर के लिए निकल पड़ा.. बची हुई समुरदृ चीज़ें उसने एक समुद्री बेल में बांध कर अपनी कमर कर गिर्द लपेट ली थी.. दक्ष दिखने में किसी टार्ज़न से काम नहीं लगता था.

दक्ष में इतनी पावर तो नहीं आई थी कह वह सच में hi मुक्का मार कर पेड़ गिरा सकता, हाँ पर दक्ष के अंदर 10-12 आदमियों के बराबर शक्ति ज़रूर आ गई थी.

दक्ष को उन रेयर थिंग्स के उपयोग से अपना रंग hi वापिस नहीं मिला था. दक्ष को मिला था एक ऐसा रंग, जो देखने वाले को खुद से बेगाना कर सकता था. दक्ष शुरू से hi मर्दानगी में नंबर 1 था. बहुत सी लड़कियां दक्ष को पाने के लिए मचल जाय करती थी.

और अब्ब...

अब्ब तो लड़कियां दक्ष के लिए ज़रूर पागल होने वाली थी. एक स्वीम्मर की बॉडी में जैसी अट्रैक्शन हुआ करती है, वो किसी गयम में सालों लगा कर बनाई गई बॉडी में भी नहीं हुआ करती. दक्ष गुड लुकिंग में मामले कइयों से बढ़कर था. अब्ब तोह वह लाखों में नहीं क्रोरो एक हो गया था..

दक्ष समुद्र में स्विमिंग करते हुए, षिमुना की शक्ति के आधे इस्तेमाल को बड़ी ैसिलय अपने शरीर पर सहन कर प् रहा था. षिमुना अगर फ़्लैश स्पीड से समुद्र में तैरती तोह दक्ष का शरीर अब भी इतनी स्पीड सहन न पता. हाँ पर अब दक्ष बेहोश नहीं हो सकता था. दक्ष को उतना दर्द नहीं हो सकता था. आइलैंड पर गुज़रे कुछ दिनों में दक्ष इतना स्ट्रांग बन गया था.

दक्ष जा रहा था चीन.. वहीँ वह फाइटिंग सही से सीख सकता था. वहीँ मिल सकती थी वो फाइटिंग स्किल्स जो दक्ष को पुरे वर्ल्ड में कहीं नहीं मिल सकती थी, वहीँ बन सकता था दक्ष इस दुन्या का सबसे बेस्ट फाइटर.. एक वहीँ देश था, जहाँ दक्ष को मिल सकते थे ऐसे उस्ताद जो उसे जान कर, समझ कर, वो सीखा सकते थे. जो दक्ष को पूरी दुन्या में कहीं और से सीखने को नहीं मिल सकता था.

ये भी दक्ष को षिमुना ने hi बताया था. दक्ष को घर से निकले 6 महीने होने को आये थे, दक्ष एक शिप पर एक इंजीनियर का हेल्पर था. वहीँ शिप पर दक्ष को एक चिनेसे मास्टर chi-fang मिला था. 90 साल से भी ऊपर की आगे थी मास्टर chi-fang की.. दक्ष ने मास्टर chi-fang को बड़ा सम्मान दिए था.. जितने दिन मास्टर chi-fang और दक्ष का साथ रहा था, दक्ष ने अपने किसी बड़े के जैसे मास्टर chi-fang का ख्याल रखा था.

मास्टर chi-fang ने दक्ष को कभी चीन आने का कहा था. दक्ष को फाइटिंग सीखने की बात करि थी मास्टर chi-fang ने. मास्टर chi-fang एक मांझा हुआ मास्टर था. बड़ा नाम था उनका चीन में. मास्टर chi-fang एक ऐसा मास्टर था, जिसके पास ऐसी स्किल्स थी, जो बहुत काम hi किसी मास्टर में देखने को मिलती थी. और जैसी पुराणी कला मास्टर chi-fang के पास थी. उन्हें सीख पाना भी हर किसी के बास की बात नहीं थी.

षिमुना ने दक्ष को मास्टर chi-fang की याद दिलाई तोह दक्ष को मास्टर chi-fang के साथ बिताये सभी पल याद आने लगे. दक्ष को फिर से मास्टर chi-fang से मिलने की छह होने लगी. पहले कभी दक्ष ने मास्टर chi-fang से मिलने की छह अपने मैं में नहीं आने दी थी. पहले की लाइफ दक्ष के लिए और तरह की लाइफ थी. पर अब दक्ष के लिए लाइफ के मैनिंग्स बदल चुके थे.

दक्ष चीन मास्टर chi-fang के पास hi जा रहा था.




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जितने दिन दक्ष को आइलैंड पर लगे, उतने दिनों में कुछ भी नहीं हुआ. पूरी दुन्या दक्ष को, निमोन्स को ढूंढ़ने में लगी रही. पर कोई भी हाथ नहीं लगा. जितनी हंगामा मचा था न्यूज़ में, वो सुस्त पड़ने लगा. लोगों का जोशो खरोश भी काम पड़ने लगा. लाइफ एक बार फिरसे रूटीन पर आने लगी.

दक्ष आइलैंड पर था और निमोन्स समुद्र में.. स्टुपिड तोह वो भी नहीं थे. ऐसे hi तोह वह खुल कर सामने नहीं आ सकते थे. निमोन्स थे पर अकाल वाले थे. अपने प्लेनेट पर नहीं थे वह, एअर्थ पर थे. ये बात वह बहुत अच्छे से जानते थे.

निमोन्स किसी की नज़रों में भी नहीं आना चाहते थे. वर्ण पूरी दुन्या तोह उनके पीछे पद hi चुकी थी.. ये बात भी वह जान चुके थे. दक्ष बारे भी वह ये जान गए थे दक्ष इंडिया से है.. दक्ष इंडिया लौटा या नहीं, लौटेगा भी या नहीं ये बात भी कन्फर्म नहीं थी.

कोई भी स्टेप लेने से पहले वह अच्छे से जानकारी ले लेना चाहते थे. निमोन्स समुद्र में सफर करते हुए इंडिया के पास पोहंच चुके थे. समुद्र में सफर करते हुए वह किसी साहिल पर रात के समय पोहचते और मिलने वाले किसी इंसान के माथे से माथे जोड़ कर इन्फो निकलते, फिर उसे मार कर कहीं दफ़न कर देते. अपने बारे वह इन्फो लीक नहीं होने दे रहे थे. इस मामले में निमोन्स वाकई बहुत दिमाग इस्तेमाल कर रहे थे. अभी तक निमोन्स के हाथों मरे हुओं की लाशें कहीं से नहीं मिली थी. वर्ण उनके मरने पर सब जान जाते, ये सब निमोन्स ने hi किया है और उनका रुख किस दिशा में है.

निमोन्स इंडिया के पास पोहंच कर एक दूर के संसान साहिल पर रहने लगे.. अगली मिलने वाली इन्फो तक वो किसी भी शहर में दाखिल नहीं हो सकते थे. उन्हें ग़र्ज़ भी तो किसी और से नहीं थी.. ग़र्ज़ थी तो बस दक्ष से थी. क्यूंकि षिमुना उसके अंदर समा जाने के बाद फिरसे बहार नहीं निकली थी. दक्ष मिलता तोह षिमुना भी मिल जाती.

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आज के लिए इतना Hi मित्रो... बाकी नेक्स्ट Episode में... 😍👀👀👀👀

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Episode:05






आम पुलिस वळून के लिए एक बात बड़ी मशहूर है, पुलिस वाले अगर सच्चे मैं से किसी केस को सोल्वे करने पे आएं तोह केस कितना भी रहस्मई क्यों न हो. कोई क्लू भी उनके पास न हो, फिर भी वो केस सोल्वे कर hi लेते हाँ. असल मुजरिम तक पोहंच जाते हाँ.




दक्ष के मामले में तोह फिर भी वर्ल्ड की बेस्ट ऑर्गनिज़तिओन्स एक्टिव हो चुकी थी, वो कैसे न फिर दक्ष की डिटेल निकाल पाती.

जैसे hi दक्ष उर्फ़ डीके की बात सब तक पोहंची. R.P.O की एक सबमरीन उस शिप तक जा पोहंची और डीके बारे डिटेल हासिल करने लगी. डीके कोण था, ये तोह वो नहीं जान पाए, पर डीके एक इंडियन है, ये बात वह शुरू में hi जान गए थे. शिप पर मौजूद कुछ लोगों को साथ लिया गया और लेकर चल पड़े अपने एक आइलैंड पर.. वहीँ डीके का स्केच तैयार करवाया गया.

फिर शुरू हुई डीके की खोज.. डीके इंडियन है, क्या वो इंडिया में hi रहता है या कहीं और. ये बात तोह वो नहीं जान सके. पूरी आर्गेनाइजेशन के मेंबर्स को डीके की पिक्स ट्रांसफर कर दी गयी. जहाँ कहीं भी डीके मिले. तुरंत सबको खबर कर दी जाए. किसी भी हाल में उसे अपने हाथों से निकलने न दिए जाए. डीके की पिक्स इंडिया में भी मौजूद अपने एजेंट्स को भेज दी गई.. वो भी डीके की खोज में लग गए.

जितने दिन दक्ष आइलैंड पर रहा, उतने दिनों में दक्ष के बारे में डिटेल हासिल कर ली गयी थी. और ये डिटेल b.A.O वाले भी किसी तरह से हासिल करने में सफल रहे.

दक्ष पिछले 6 साल से अपने घर से, अपने परिवार से दूर था. ये बात भी सब जान गए थे. क्यों दूर था, ये बात अभी वो नहीं जान पाए. दोनों ऑर्गनिज़तिओन्स को डीके के घर वळून से कुछ लेना देना नहीं था. इसलिए डीके के घर वळून पर धयान छोड़ कर डीके को ढूंढ़ने में लग गए.

डीके के परिवार बारे जान कर भी वह खामोश हो गए थे. डीके परिवार इंडिया में कुछ गिने चुने परिवारों में से एक परिवार था. उन्हें डिस्टर्ब करना, मतलब सीधा सीधा पोलिटिकल इश्यूज क्रिएट करना था. दोनों ऑर्गनिज़तिओन्स ने डीके की डिटेल डीके के घर वळून तक नहीं पोहचने दी. अगर पोहंच जाती तोह वो भी इतने पॉवरफुल थे, डीके के लिए दोनों देशों की ऑर्गनिज़तिओन्स से लड़ जाते. इस तरह से दोनों ऑर्गनिज़तिओन्स के इंडिया से रेलतीओन्स डिस्टर्ब हो जाते. क्यूंकि डीके परिवार इंडिया में इन्तहा का पॉवरफुल परिवार था. उन्हें डिस्टर्ब करने से पूरी सर्कार हिल कर रह जाती. ऐसा दोनों ऑर्गनिज़तिओन्स नहीं चाहती थी.

शिप के अपनी मंज़िल पर पोहचने के बाद अंडरवर्ल्ड वाले भी डीके का स्केच बनवा कर डीके की खोज शुरू कर चुके थे. वो भी पूरी दुन्या में फेल कर निमोन्स और डीके को ढूंढ़ने लगे.

दुन्या बड़ी हैरान थी. निमोन्स का कहीं भी कोई पता नहीं चल पाया था. ऐसा hi हाल ऑर्गनिज़तिओन्स का भी था. पर वह हिम्मत नहीं हारे थे. डीके समुद्र में कहीं मारा भी जा सकता है. जैसा वह सब सोच रहे थे. षिमुना जो एक लाइट की सूरत में एअर्थ पर आते हुए दिखी थी. उसका और डीके दोनों का कहीं भी पता नहीं चल पाया था, उसके बाद निमोन्स का शिप पर हमला करना भी आर्गेनाइजेशन को ऐसा सब समझा रहा था.. जिस से लगे, डीके मारा नहीं है, वो उस लाइट वाले के साथ कहीं ग़ायब हो गया है.

इसी बात को सामने रखते हुए सब सर्चिंग में लगे हुए थे.




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दक्ष चीन पोहंच गया. सुबह होने तक वो पानी में hi रहा, सुबह होने से कुछ देर पहले वो समुदा से बहार निकल पड़ा.

ये दक्ष का कोई पहला चीन विजिट नहीं था. शिप पर रहते हुए वो पहले भी कई बार चीन आ चूका था. मास्टर chi-fang से मिलने की नहीं सोची थी कभी दक्ष ने.

दक्ष समुद्र से बहार जिस एरिया में निकला था, उस एरिया के बारे में दक्ष के पास कोई इन्फो नहीं थी. साहिल पर खड़े होकर दक्ष ने एक अंगड़ाई ली. फिर ऊपर आकाश को देखने लगा.

ऊपर आकाश में अभी भी अँधेरा था. पर दक्ष को आकाश में बदल साफ दिखाई दे रहे थे. सफेद बदल, काळा बदल एक साथ एक दिशा में भाग रहे थे. मनो जैसे रेस लगी हो. दोनों एक दूसरे से आगे निकल जाने के लिए बेताब थे.

ऐसा hi हाल कुछ दक्ष के साथ भी था. सफेद, काले सियाह बादल ऑर्गनिज़तिओन्स की सूरत में दक्ष के पीछे भी लग चुके थे. और उसे अपने कब्ज़े में करके नयी दुन्या डिस्कवर करने के लिए, नयी पावर पाने के लिए बेताब थे.

षिमुना : ेहेहेहे दक्ष हमारा सवागत करने के लिए कोई भी मौजूद नहीं है पुरे चीन में.

दक्ष भी हस्ता हुआ बोलै..

दक्ष : तोह हम खुद से hi कहे देते हाँ. दक्ष एंड असीम शक्तियों की मालिक षिमुना का सवागत है चीन की सर ज़मीन पर... दक्ष हस्ते हुए बोलै तोह षिमुना भी फिरसे हस्सन लगी.

षिमुना : बढ़िया अंदाज़ था तुम्हारा दक्ष!

दक्ष : मैं ऐसा कभी भी नहीं था षिमुना. तुम्हारे आने से मैं बहुत बदल गया हों.

षिमुना : ेहेहेहे मेरे आने से उतना फर्क नहीं पड़ा दक्ष. जितना रेयर थिंग्स के उसे से तुममे फर्क आया है. तुम पहले जैसे थे, अब वैसे नहीं रहे हो. तुम्हारे अंदर का माहौल सारा hi बदल चूका है.

दक्ष : हाँ षिमुना! पहले में हर दम सीरियस hi रहा करता था. मन चाहता था तोह ज़िन्दगी के मज़े भी लूट लिया करता था. एक आग थी हमेशा से मेरे दिल में. पर अब मुझे अपने अंदर की वो आग अपनी शिद्दत खोटी हुई महसूस हो रही है षिमुना. पहले जहाँ में यादों में डूब कर दुखी हो जाया करता था. कभी कभी पागलपन की हद में प्रवेश कर जाया करता था. पर अब वहीँ मुझे अपने अंदर कहीं भी दुःख दर्द फील नहीं हो रहा है. अब्ब तो जैसे ज़िन्दगी में हर पल मस्त रहने को मैं करने लगा है.

षिमुना : दक्ष अक्सर औकात हम खुद दुःख में रहना पसंद करते हाँ. जिस वजा से हम अंदर से कमज़ोर होने लगते हाँ. फिर छह कर भी हम खुद को अंदर से स्ट्रांग नहीं बना पाते. या फिर हम खुद को स्ट्रांग बनाने की कोशिश नहीं करते. जो कुछ तुम खा चुके हो दक्ष. उसके खाने से तुम अंदर से न केवल स्ट्रांग हुवे हो, तुम अंदर से चेंज भी हो गए हो. अब जो तुम्हारा रूप खुल कर सामने आ रहा है. वो असल में तुम्हारा वह रूप है, जिसे तुम अपने अंदर कहीं दबा चुके थे. अब तुम फिरसे पहले जैसे हो गए हो. हाँ अगर कभी तुम्हे तुम्हारी गुज़री ज़िन्दगी से जुड़े हुए मिले तोह फिर पता चलेगा, तुम्हारे अंदर किस हद तक बदलाव आये हाँ. अभी तोह तुम सबसे दूर हो न. इसलिए भी तुम खुद को स्ट्रांग फील कर रहे हो.

दक्ष ने एक गहरी सांस ली.

दक्ष : शायद तुम सही कह रही हो.

षिमुना : दक्ष तुम न तोह आइलैंड पर हो और न समुद्र में.

दसख : तोह?

षिमुना : ेहेहेहे तुम अभी भी फिटरी हालत में हो दक्ष!!

दक्ष भी हसने लगा.

दक्ष : पता नहीं क्यों, पर ऐसे रहने में बड़ा मज़ा आने लगा है. इतने दिन बिना कपड़ों के रहा हों तोह अच्छा भी लगने लगा है. दक्ष हस्ते हुए बोलै तो षिमुना खुल कर हसने लगी.

दक्ष : षिमुना तुम उड़ कर आई थी न एअर्थ पर.

षिमुना : हाँ, पर तुम अब क्यों पूछ रहे हो.

दक्ष : वो इसलिए समुद्र में तुम मुझे फ़्लैश स्पीड से तैरने में मदद देती रही हो. अब ज़मीन पर हाँ. यहाँ भी कुछ ऐसा सन हो सकता है क्या?

षिमुना : नहीं दक्ष! तुमने अभी तक घोर नहीं किया, न hi मुझसे पूछा, मैं क्यों इतनी स्पीड से आई थी एअर्थ पर.

दक्ष : तोह अब बता दो.

षिमुना : दक्ष मैंने जो शूज पहन रखे हाँ वह हमारे प्लेनेट की सबसे स्पेशल इन्वेंशन है.

दक्ष : अच्छा! वह कैसे?

षिमुना : ब्लेंड ऑफ़ मेटल्स से बने हाँ मेरे शूज. जो निमोन्स मेरे पीछे आये हाँ वो भी ऐसे hi शूज पहन कर आये हाँ एअर्थ पर.

दसख : शॉकेड!!!

षिमुना : मैं समुद्र में रहते हुए अपने शूज को तुम्हारे पैरों से थोड़ा सा बहार निकल कर स्विमिंग करती थी दक्ष. तभी तो मैं इतनी स्पीड उसे कर पाई हों.

दक्ष : मुझे इस बात का एहसास क्यों नहीं हो पाया षिमुना.

षिमुना : कैसे हो पता दक्ष! तुम भाग दौड़ में बिजी थे, मैं भी इस तरफ धयान नहीं दे पाई. वर्ण तुम्हे बता देती.

दक्ष : ऐसा करने से निमोन्स तुम्हे पा नहीं सके. ऐसा क्यों?

षिमुना : हम निमोन्स की एक खास महक होती है दक्ष! जो केवल हम hi फील कर सकते हाँ. में अगर तुम्हारे अंदर से निकलती हों तोह निमोन्स फ़ौरन जान जाएंगे, फिर से किसी के अंदर से निकल कर एअर्थ पर कहीं हों. खुश्की पर रहूं या फिर समुद्र में. वह जान जाएंगे. खली शूज निकलने से वो मेरी बू नहीं प् सकते दसख!

दसख ने एक लम्बी सांस ली, षिमुना की हैरत भरी बातें सुनकर वो शॉकेड भी था और एक्ससिटेड भी. बड़ा अनोखा और हटके सुनने को मिल रहा था दक्ष को.

दक्ष : तोह अब यहाँ भी तुम मुझे लेके उड़ सकती हो.

षिमुना : हाँ दक्ष! पर ये सही नहीं रहेगा. ऐसे तुम सबकी नज़रों में आ जाओगे और मेरे शूज भी. फिर तोह सच में hi पूरी दुन्या पागल हो जायेगी दक्ष! तुम्हारे लिए, मेरे शूज के लिए. शूज से निकलने वाली लाइट दूर से hi सब देख जाएने. दूर से किसी गन से भी तुम्हे टारगेट भी किया जा सकता है.

दक्ष : मैं भी एक नार्मल लाइफ जीना चाहता हों षिमुना. जितना तुम मेरे लिए कर रही हो, वह भी बहुत ज़यादा है. मुझे ज़मीन पर एक नार्मल इंसान की तरह hi रहने देना.

दक्ष खेतों के बीच में से गुज़र रहा था. आधे घंटे बाद दक्ष एक सड़क पर पोहंचा. अब सड़क पर तोह वो आगे बढ़ नहीं सकता था. दक्ष रोड से हटकर चलने लगा. कुछ आगे उसे एक हाउस दिखा. दक्ष ने उस हाउस के बहार लटक रहे एक कपडे को लिया.. उसे चीयर कर लम्बा किया. फिर उसे लुंगी की सूरत में बांध लिया.

षिमुना : चलो एक काम तोह हुआ. अब मास्टर chi-fang को ढूंढ़ना होगा तुम्हे.

दक्ष : उससे पहले hi मुझे ढूंढ़ने वाले ढूंढ निकालेंगे. अगर तोह मेरे बारे में, तुम्हारे और दूसरे निमोन्स बारे खबर पूरी दुन्या में फेल चुकी है तोह.

षिमुना : इस बात पर तोह मैं 100% सूरे हों दक्ष! एअर्थ वाले सब जान चुके होंगे, सब तुम्हारे और निमोन्स के पीछे होंगे.

दक्ष : देख लेंगे षिमुना सब को. अब तोह बात hi दूसरी है.

षिमुना : बात दूसरी हो या तीसरी. अभी तुम स्ट्रांग बने हो दक्ष, फाइटर नहीं. और एक फाइटर हमेशा ताक़तवर पर भरी होता है.

दक्ष : जनता हों षिमुना!! ये तोह मई भी समझ सकता हों. अब सब के सामने आने वाला हों तो हंगामा तोह खूब खूब रहेगा.

दक्ष चलता हुआ आगे बढ़ने लगा. हलकी सर्दी थी. पर दक्ष को कोई फर्क नहीं पद रहा था. दक्ष लुंगी बंधे सड़क पर चल रहा था. बहुत देर बाद पीछे के रस्ते से एक गाडी के आने की आवाज़ सुनाई देने लगी तोह दक्ष रुक कर, मुद कर गाडी को देखने लगा. सूरज निकलने hi वाला था. सूरज की चमक शुरू हो चुकी थी. अँधेरा टोटली ख़तम हो चूका था.

दक्ष ने लिफ्ट के लिए हाथ आगे किया तोह गाडी उसके पास आ कर रुक गई.. दक्ष ने ड्राइवर वाले शीशे पर झुक कर अंदर देखा तोह गाड़ी एक बूढा शख्स ड्राइव कर रहा था. कोई और नहीं था गाडी में.

दक्ष : मुझे आगे तक छोड़ देंगे.. दक्ष इंग्लिश में बोलै. दक्ष चिनेसे नहीं बोल सकता था.

वह चिनेसे, इंग्लिश समझ गया, पर बोलै कुछ नहीं, फ्रंट दूर के अंदर का लॉक उसने हटा दिए तोह दक्ष घूम kar,door खोल कर फ्रंट सीट पर आ बैठा. गाड़ी फिरसे सड़क पर दौड़ने लगी.

षिमुना : कुछ सनकी सा लगता है मुझे तोह ये?

दक्ष : क्या कह सकते हाँ षिमुना. हमें लिफ्ट मिल गयी, हमारे लिए इतना hi बहुत है. अब जैसा भी है, हमें इससे क्या.

बीस मिंट बाद गाडी एक दौराहे पर रुक गई. चिनेसे बोधा दक्ष को देख कर कुछ बोलै. दक्ष को तोह समझ नहीं आई और न hi षिमुना को.

षिमुना : मुझे लगता है दक्ष ये दूसरे रोड पर मुड़ने का कह रहा है.

दक्ष ने जिस साइड में बूढ़े ने मुड़ना था, उधर देखा तोह कुछ फालसे पर उसे एक फार्महाउस दिखा. दक्ष इंग्लिश में बूढ़े का शुक्रिया ऐडा करके दूर खोल कर बहार आ गया.

गाडी उसी फार्महाउस की ऑर्डर बढ़ गई.

दक्ष : अब समझ आया वह क्या कह रहा था.

षिमुना : हाँ दूसरे रोड पर शहर है. ये अपने फार्महाउस पर जा रहा है. शायद वही उसका घर भी होगा.

दक्ष दूसरे रोड पर चलने लगा. अब तक सूरज भी निकल कर अपनी अब ो ताब दिखने लगा था.

15 मिंट बाद शहर का मैं इलाका शुरू हो गया. दक्ष के पास पैसे थे और न hi कपडे. ऐसी हालत में दक्ष शहर में दाखिल होता तोह सब उसे हैरत भरी नज़रों से देखते. एक तोह दक्ष इंडियन था, दूसरा दक्ष एक वेह्शी इंसान भी दिख रहा था. सर और चेहरे के बाल बड़े बड़े और उलझे हुए थे. लिफ्ट देने वाले ने तो कुछ नहीं कहा था दक्ष से. पर अब ज़रूर दक्ष को देख कर सब चौंक जाते.

षिमुना : दक्ष तुम्हे किसी घर में मेहमान बन जाना चाहिए.

दक्ष : हाँ चीन मेहमान नवाज़ी में बहुत फेमस है. दक्ष एक हाउस देख कर उसकी ऑर्डर बढ़ गया.. दूर नॉक करने की ज़रूरत नहीं पड़ी. दूर खुला हुआ था. और एक बूढी चिनेसे औरत के साथ एक बूढा चिनेसे घर के अंदर कुर्सियों पर बैठे हुए थे. दक्ष को देख कर दोनों ने दक्ष को अंदर बुला लिया. दोनों दसख को देख खुश भी हो गए थे. दक्ष के पास आते hi दोनों उठ कर खड़े हो गए.

दक्ष उनके पास पोहंचा. दक्ष को चिनेसे अंदाज़ में प्रणाम करना आता था, दक्ष ने दोनों को चिनेसे अंदाज़ में प्रणाम किया. दोनों दक्ष के चिनेसे प्रणाम से और भी खुश हो गए.

दक्ष इंग्लिश में कुछ बोलता बूढी हिंदी में बोल पड़ी.

औरत : तुम इंडेन हो न?

दक्ष औरत के मोहन से हिंदी सुनकर हैरान रह गया. ख़ुशी भी बहुत हुई दक्ष को.

दक्ष : जी ौतन्य जी मैं इंडियन hi हूँ!.. दक्ष सीना तान कर बोलै.

औरत : ी लव इंडिया एंड ी लव इंडियंस तू!!

दक्ष के साथ साथ षिमुना भी खुश हो गई. बोधा अपनी साथी औरत को प्यार से देखने लगा.

बूढ़ा : जिआंग आज तो तुम्हारे दिल को बड़ी ख़ुशी मिल गयी. सुबह सुबह एक इंडियन जो तुम्हे मिल गया है.

जिआंग : हाँ चेन आज सच में मुझे बड़ी ख़ुशी मिली है. बीटा नाम क्या है तुम्हारा?

दक्ष सोचने लगा उसे क्या नाम बताये

षिमुना : बता दो दक्ष! अपना रियल नाम बता दो. भले लोग हाँ और फिर हमने कोनसा ज़यादा देर यहाँ रुकना है. जिआंग और चेन दोनों दक्ष का मोहन ताकने लगे. नाम बनाते में क्या सोचना.

दक्ष : जी मेरा नाम डीके है.

"डीके" जिआंग और चेन एक दूसरे को कर दक्ष को ऊपर निचे से देखने लगे.

षिमुना : वही हुआ न दक्ष, देखो दोनों ने भी नाम सुन रखा है. ज़रूर न्यूज़ में आल ओवर थे वर्ल्ड तुम्हारे नाम को डिसकस किया गया है.

दक्ष : अब क्या करें?

षिमुना : क्या करना है, ओखली में सर्र दिया है तो मुसल से क्या डरना. षिमुना हस्ते हुए बोली.

दक्ष : वाह हमारे देश की कहावतें भी बोलने लगी तुम.

षिमुना : ेहेहेहे अब तो पता नहीं मैं क्या क्या बोलने लगूंगी.

जिआंग : बीटा तुम---

दक्ष : जी आंटी अब आप से क्या छुपाना. जल्द hi पूरी दुन्या भी ये जान जायेगी, मैं चीन पोहंच चूका हों.

दक्ष का जवाब सुनकर दोनों झटका खा गए. दोनों ने बड़े जोश से दक्ष के एक एक कंधे को पकड़ लिया. दोनों के चेहरे ख़ुशी और जोश के कारण सुर्ख होने लगे थे.

चेन : दक्ष बीटा तुम ज़िंदा हो तोह इसका मतलब वो सब सच है.

जिआंग : चेन मैं बता नहीं सकती मुझे कितनी ख़ुशी मिल रही है. एक तो मुझे एक इंडियन मिला सुबह सुबह, दूसरे मैंने उस इंसान को देख लिया, जो पूरी दुन्या में फेमस हो चूका है.

दक्ष और षिमुना दोनों चेन और जिआंग को खुश देख कर मंद मंद मुस्कुरा रहे थे.

जिआंग : बीटा चलो हमारे साथ अंदर.

दोनों दक्ष को थाम कर अंदर ले गए. बड़े प्यार से दक्ष को एक कुर्सी पर बिठाया. दोनों बस शोक से दक्ष को देखने लगे.

जल्द hi जिआंग के चेहरे पर चिंता के भाव आने लगे.

जिआंग : चेन दक्ष बेटे को तोह पूरी दुन्या से अब खतरा रहेगा.

चेन : ओह्ह! हाँ जिआंग तुम सही कह रही हो.

दक्ष : आप दोनों परेशां हो हों, मुझे कुछ नहीं होगा. मैं कोई माँ का पुतला नहीं हों.

जिआंग : बीटा तुम चीन hi क्यों आये हो, अपने देश क्यों नहीं गए?

दक्ष : आंटी जी मैं थे ग्रेट मास्टर chi-fang से मिलने आया हों.

"chi-fang"

जिआंग और चेन दोनों एक दूसरे को देखने लगे.

चेन : दक्ष बीटा वह तोह तुम्हे शाओलिन टेम्पल में hi मिलेंगे. पर तुम क्यों उनसे मिलना चाहते हो.

जिआंग : चेन मैं समझ सकती हों, दक्ष बीटा क्यों मास्टर chi-fang से मिलना चाहते हाँ. ज़रूर दसख बीटा मास्टर से ट्रैंनिंग लेने आये होंगे.

दक्ष : ऐसा hi है आंटी! एक बार मास्टर मुझे शिप पर मिले थे. उन्हों ने खुद से कहा था मुझे फाइटिंग सीखने के लिए.

जिआंग : ऐसी बात है दक्ष बीटा तोह फिर ज़रूर तुम कुछ खास होंगे. वर्ण तोह वो कभी किसी से ऐसा नहीं कहते. उन्हें जब अपने मतलब का कोई मिलता है, तभी ऐसी बात करते हाँ.

दसख : पता नहीं मुझमे क्या देखा था मास्टर जी ने जो मुझसे ऐसा कहा था. पर अब मुझे सच में hi बड़ी ज़रूरत महसूस होने लगी है.

चेन : हाँ बीटा तुम चीन आ तोह गए हो और शाओलिन टेम्पल भी यहाँ से सैंकड़ों मिले दूर है. वहां तक सबकी नज़रों से बच कर पोहंच पाना तुम्हारे लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा.

जिआंग : बीटा अपनी रक्षा करना, मुझे तुम बहुत प्यारे लगे हो.

दक्ष : जी आंटी जी अपनी रक्षा के लिए hi तोह मास्टर के पास जा रहा हों.

चेन : जैसा हमने न्यूज़ में सुना था दक्ष बीटा. उससे ज़रूर तुम्हारे लिए कदम कदम पर खतरे बनते रहेंगे.

दक्ष : मैं ख्याल रखूँगा अंकल जी!

जिआंग : दक्ष बीटा तुम बचे कैसे. और वो रौशनी कैसी थी.

षिमुना : दक्ष इन्हे सब मत बताना, मुझे हिडन hi रहने देना दुन्या वळून की नज़र में. वर्ण तोह खतरा तुम्हारे लिए और भी बढ़ जाएगा, किस किस से तुम लड़ते फिरोगे.

दक्ष : जी आंटी जी जैसा आपने सुना था, उससे मिलती जुलती कुछ बात है. और बचा में इसलिए हों आंटी जी पिछले 6 साल से मैं मरीन लाइफ जी रहा हों, समुद्र मेरे लिए कभी खतरनाक नहीं हो सकता.

दोनों दक्ष के जवाब से संतुस्ट नहीं हुए, पर दक्ष से इस बारे कुछ और भी नहीं पुछा दोनों ने.

कुछ देर और बातें होती रही फिर दसख के लिए चिनेसे ब्रेकफास्ट तैयार किया गया. तब तक दक्ष फ्रेश हो चूका था घर के अंदर बने एक बाथरूम में घुस कर. एक सूट कपड़ों का भी उसे मिल गया था.

दोनों के शिव घर में कोई और नहीं था. दक्ष ने उनके साथ दो घंटे और बिताये. दक्ष फिर दोनों से मिलकर वहां से निकल पड़ा. यहाँ ज़यादा देर रहना दोनों को खतरे में दाल सकता था.

दक्ष का हुलिया बदला हुआ था. दक्ष को टेंशन तो बनती पर ज़यादा नहीं. अगर बनती भी थी तोह देखि जाती.

षिमुना : दक्ष अब से तुम सावधान रहना. मुझे लगता है पूरी एअर्थ hi तुम्हारे लिए डेंजरस जोन में बदल गई है.

दक्ष : जानता हों षिमुना मेरे लिए बहुत खतरा है. जल्द hi सब जान भी जाएंगे मैं चीन में हों. आज नहीं तोह कल सब को पता चल hi जाना है.. कब तक सबकी नज़रों से छुपा रह सकता हों. एक बार मास्टर के पास पोहंच जाऊं, फिर कोई टेंशन नहीं रहेगी.

दक्ष ने शाओलिन टेम्पल का रास्ता जान लिया था दोनों से.. दक्ष आबादी से हटकर सफर करने लगा.

षिमुना : दक्ष तुम कोई गाडी क्यों नहीं ले लेते. सफर आसान हो जाएगा.

दसख : यहाँ से दूर निकल लून, फिर तरय करता हों. कहीं यहाँ पर खोज न शुरू हो जाए और दोनों अंकल आंटी के लिए न मुसीबत बन जाए.

षिमुना : यू अरे सुच ा लवली पर्सन दक्ष!!

दक्ष : हम्म्म

दक्ष 10 कम उस इलाके से दूर हो चूका था. दक्ष का चेहरा बालों से भरा हुआ था. चिनेसे ड्रेस वो पहने हुए था. नहाने से चेहरे और सर्र के बाल सुलझ चुके थे.

षिमुना : दक्ष देखो सब कैसे तुम्हे एक आम सा टूरिस्ट समझ कर नज़र अंदाज़ कर रहे हाँ.

दसख हस्ता हुआ बोलै

दक्ष : हाँ अगर सब जान जाए, डीके उनके बीच में से गुज़र कर जा रहा है तो एक हंगामा मच उठेगा.

षिमुना : ेहेहेहे!! अगर ऐसा हुआ न दक्ष! तोह देखना तुम्हारा मोहन hi सब चूम चूम कर लाल करदेंगे.

दक्ष : ः मोहन लाल चूमने से नहीं होगा षिमुना, पड़ने वाली मार से होगा. आम लोगों में शामिल हाँ वह लोग भी जो मुझे ढूंढ रहे हाँ. एक बार किसी ने मुझे पहचाना तोह पल भर में hi पूरा चीन क्या, पुरे वर्ल्ड में खबर फेल जाएगा.

षिमुना : सब सोचेंगे दक्ष! तुम बचे कैसे. समुद्र के उस इलाके से कैसे बच कर चीन पोहंचे.

दक्ष : अब तोह सब को कन्फर्म हो जाएगा षिमुना मैं तुम्हारे साथ कोई न कोई सम्बन्ध है. वर्ण एक अकेला आदमी कैसे इतने खतरनाक समुद्र से बच सकता है.

षिमुना : सही कहा तुमने दक्ष!

दक्ष इधर उधर भी देख कर चल रहा था. लोगों के चेहरे भी देख रहा था वह. एक जगा उसे एक आदमी कार से निकलते हुए दिखा.

दक्ष : क्या ख्याल है, इसकी कार न उड़ा लें.

षिमुना : ख्याल तोह अच्छा है. पर

दक्ष : पर कार छीन कर निकलना खतरे को दावत देने के बराबर है.

षिमुना : ऑफ़ कोर्स दक्ष!!

देखते हाँ. कोई दूसरी कार देखते हाँ. जल्द कोई जान न सके मैंने कार चुराई है.

षिमुना : एक दूसरा रास्ता भी है दक्ष!

दक्ष : वो क्या?

षिमुना : तुम कहीं से पैसों का इंतेज़ाम करो और बस या फिर एक टैक्सी करके भी जा सकते हो.

दक्ष : खतरा तोह वैसे भी बनेगा षिमुना! रस्ते में चेकिंग होगी, मेरे पास न कोई पासपोर्ट है और न hi कोई और ईद कार्ड. कहीं भी मैं सेफ नहीं रहने वाला.

षिमुना : तोह इसका मतलब है टेम्पल तक पोहचने में तुम्हे बहुत से ख़तरात को पार करना पड़ेगा.

दक्ष : अच्छा है ना, ऐसे मुझे भी पता भी चल जाएगा, मैं कितना स्ट्रांग बन चूका हों.

षिमुना :और दूसरे सब भी जान जाएंगे, दक्ष समुद्र से बच निकला है और कुछ hi दिनों में कई आदमियों के बराबर पावर भी उसमे आ गई है. एक hi मुक्का में किसी को भी मार सकता है. ये तोह गलत बात हो जायेगी न फिर दक्ष.

दक्ष : जब ट्रैंनिंग ले लूंगा, तब भी तोह सब जान hi जाएंगे मेरी ताक़त के बारे में.

षिमुना : दक्ष वह समुद्री बेल तोह बंधी है न तुम्हारी कमर पर?

दक्ष ने हाथ लगा कर चेक किया तोह वो बेल कमर पर बंधी हुई थी.

दक्ष : शुक्र है बंधी हुई है. वर्ण तोह मैं इसे भूल hi चूका था.

षिमुना : दक्ष तुम्हे मालिश का बहुत ख्याल रखना पड़ेगा, वर्ण बीच रस्ते में hi तुम्हारा फड्डा अगर किसी से पड़ता है तोह तुम्हारे लिए मसला हो सकता है. अब तू समुद्र के पास भी नहीं हो. शरीर में अकड़न बढ़ी तोह प्रॉब्लम हो सकती है दक्ष.

दक्ष : अच्छा किया जो याद दिला दिए. अब बच के निकलने की कोशिश करूँगा.

मज़ीद 4 कम के बाद दक्ष को एक जगा एक कार कड़ी दिखी. दक्ष ने आस पास देख कर उस कार को हासिल करने की सोची. कुछ देर लगी पर दक्ष कार के अंदर घुस कर कार को बिना के के स्टार्ट करके निकल पड़ा था.

षिमुना : दक्ष पता है हमारे प्लेनेट में ऐसी ऐसी गाड़ियां हाँ, तुम देखोगे तोह हैरान रह जाओगे.

दक्ष : अभी तोह बहुत कुछ पूछना बाकी है षिमुना तुमसे तुम्हारे प्लेनेट के बारे में.

षिमुना : (चहकते हुए) कभी हमारे प्लेनेट पर जाना हुआ न तुम्हारा दसख तोह तुम देख कर हैरान रह जाओगे. ीनता खूबसूरत, इतना तरफी याफ्ता प्लेनेट है हमारा. सच में पुरे यूनिवर्स में हमारे प्लेनेट के जैसा कोई दूसरा प्लेनेट नहीं है.

दक्ष : (हस्ता हुआ) बस बस ब्रेक लगा, कितनी तारीफ करेगी अपने प्लेनेट की. कोई भी प्लेनेट हो, वहां के लिए रहने वळून के लिए वही यूनिवर्स का सबसे बेस्ट प्लेनेट होता है. अभी तुमने हमारी एअर्थ को देखा hi कहाँ है. जब देखोगी तोह तुम भी हैरान रह जाओगी. आज पहली बार हम चीन में दाखिल हुए हाँ, देखती जाओ बस तुम. फिर बताना एअर्थ खूबसूरत है या निमुनिका.

षिमुना : (लाफिंग) डेफिनिटेली निमुनिका.

दक्ष भी है पड़ा. कार को स्पीड से वह रोड पर दौड़ाये हुए आगे बढ़ने लगा. एक जगा चिनेसे इंग्लिश दोनों लैंग्वेज में लिखा हुआ था "तांचेंग काउंटी 19कम"

षिमुना : यहाँ के नाम बड़े अजीब हाँ दक्ष तांचेंग काउंटी.. भला ये भी कोई नाम हुआ.

दक्ष : ये चीन है, यहाँ की लैंग्वेज hi ऐसी है. अब तोह हमें पता भी चल गया है हम कहाँ हाँ.

षिमुना : हम्म ये तोह है.

15 मिंट में कार तांचेंग काउंटी के बीच में से गुज़र रही थी. और दक्ष के साथ साथ षिमुना भी आस पास देख रही थी. दोनों जानना चाहते थे कोई डीके को देख कर चौंक तोह नहीं रहा. पर कोई ऐसा नहीं दिखा.

तांचेंग काउंटी क्रॉस किया तोह आगे एक चेक पोस्ट आ गई.

दक्ष : अब यहाँ से पुंगा शुरू होने वाला है षिमुना!

षिमुना : दक्ष जब रेस लगे तोह खुद को मेरे कण्ट्रोल में दे देना.

दक्ष : (हैरान होक) उससे क्या होगा.

षिमुना : उससे ये होगा गाड़ी उतनी स्पीड से तुम गाडी ड्राइव नहीं कर पाओगे जितनी स्पीड से मैं कर सकती हों. और मजाल है जो गाड़ी कहीं उलट जाए या कोई मुझे पकड़ भी पाए.

दक्ष : देखते हाँ क्या करना सही रहेगा.

चेक पोस्ट पर दक्ष को फोरेनर समझते हुए पासपोर्ट तालाब किया गया, जो दक्ष के पास नहीं था. अब तो भागना hi बनता था. दक्ष ने एक्सेलरेटर पर एकदुम्म से hi दबाओ बादः दिया... गाडी धुंआ उगलते हुए जननननन की आवाज़ करती हुई सबके बीच में से निकलती चली गई. हर तरफ हड़बड़ी मच उठी. दक्ष गाड़ी को लेकर चेक पोस्ट से दूर होने लगा.

षिमुना : ववव मज़ा आ गया दक्ष! ऐसी hi लाइफ जीने में तोह मज़ा है. षिमुना बहुत ज़ायदा एक्ससिटेड हो गई थी.

दूसरी तरफ चेक पोस्ट पर खड़े हुए पुलिस वाले हेड ऑफिस कॉल करने लगे.. वहां से पता चला, गाड़ी की चोरी की रिपोर्ट भी की जा चुकी है. सब अलर्ट हो गए. दक्ष को गाडी समेत अरेस्ट करने के ऑर्डर्स जारी कर दिए गए.

दक्ष षिमुना के साथ तेज़ी से अपनी मंज़िल की ऑर्डर बढ़ने लगा.

षिमुना : ववव कैसा ज़बरदस्त एडवेंचर है ये दक्ष! सच में मुझे तोह मज़ा hi आ गया. सुन रहे हो पुलिस गाड़ियों के साईरन की आवाज़ें. दक्ष मुझे गाड़ी ड्राइव करने दो न प्ल्ज़.. षिमुना रिक्वेस्ट करने लगी.

दक्ष : (हस्ते हुए) तुम इतनी उतावली क्यों होने लगी हो षिमुना.

षिमुना : क्या करूँ दक्ष, चोर पुलिस वाला खेल मुझे बहुत पसंद है.. बड़ा मज़ा आता है मुझे चोर पुलिस खेलते हुए.. षिमुना भी पुरे पुरे मज़े ले रही थी.

150/हर की स्पीड से गाडी रोड पर दौड़ रही थी. दक्ष खुद भी एक मांझा हुआ ड्राइवर था. षिमुना भी अपनी कारीगरी दिखने के लिए उतावली होने लगी थी. एअर्थ पर आज उसका भी 1सत एडवेंचर शुरू हुआ था. वह बहुत ज़यादा एक्ससिटेड हो गई थी.

जल्द hi कई पुलिस गाड़ियां दक्ष के करीब पोहंच गई. आगे के एक चौराहे से और भी पुलिस गाड़ियां स्पीड से आती हुई दिखानी देने लगी.

षिमुना : प्ल्ज़ दक्ष मुझे ड्राइव करने दो न.

दसख : okay!

दक्ष ने प्रेमिशन दी तोह दक्ष को एक झटका लगा और गाड़ी भी अपनी आखरी हद्द की स्पीड से दौड़ने लगी. षिमुना ने दक्ष को अपने कण्ट्रोल में ले लिया था. सीट बेल्ट दक्ष ने बांध रखा था. षिमुना गाडी को फिर ऐसे ड्राइव करने लगी, पल भर में hi साडी पुलिस गाड़ियां बहुत पीछे रह गयी. षिमुना मारे ख़ुशी के चीखती हुई ड्राइव करने लगी.

जैसा शोर षिमुना की ड्राइविंग से मच उठा था, जैसे एक शहर में एक रोड पर एक गाडी पुरे शहर की पुलिस को अपने पीछे लगाए हुए थी. ये खबर मीडिया पर भी आने लगी. फिर तोह जैसे एक कोहराम hi मच उठा हर तरफ.

रोड पर लगे हुए कक्तव टीवी की वीडियो से डीके को पहचान लिया गया. डीके की फोटागे टीवी पर भी दिखाई जाने लगी.. सब जान गए डीके चीन पोहंच चूका है.

चीन पुलिस ये बात पहले नहीं जान पाई. बाद में जब शहर में और भी कई गाड़ियां इस रेस में शामिल हुई तब कहीं जा के उनके कान खड़े हुए. अब उनकी टेंशन बढ़ गई थी. वह जान गए थे उनका देश वॉर जोन में बदलने वाला है. जब तक डीके चीन में है ये वॉर ख़तम होने वाली नहीं.

चीन पुलिस को, एजेंट्स को भी डीके और दूसरे सबके पीछे लगा दिए गया. डीके उनके लिए भी अट्रैक्टिव पर्सन था. चीन वाले भी डीके को प् कर दूसरे प्लेनेट बारे इन्फो प्राप्त करने का सोचने लगे.




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शाओलिन टेम्पल में एक फाइटिंग कॉम्पिटिशन चल रहा था. एक अमेरिकन लड़की एक चिनेसे ट्रेंनेड फाइटर को तिगनी का नाच नचाये हुए थी. लड़की जिसे ट्रैंनिंग लेते हुए 5 मोनथस बीत चुके थे, बहुत काम समय में hi वह टॉप फिघ्टर्स में शामिल हो चुकी थी. कोई नहीं था उसके मुक़ाबले का पुरे टेम्पल में. जो भी उसके सामने आता, लड़की उसे पहले राउंड में hi नाकआउट कर देती. ऐसी हालत कर दिए करती थी सामने वाले की, 2ंद राउंड के लिए वह उठने लायक नहीं रहता था.

अब्ब भी वो अपने हरीफ़ को सँभालने का मौका नहीं दे रही थी. रिंग के चरों ऑर्डर खड़े हुए सब लड़की के नाम की माला जप रहे थे. और लड़की चेहरे पर विजयी मुस्कान लिए हुए अपने राइवल पर ताबड़ तोड़ हमले कर रही थी.

कुछ hi देर में उस लड़की से लड़ने वाला निचे पड़ा हुआ था. उसका मोहन सूज चूका था. उसके कंधे के दोनों जोड़ हिल चुके थे. लड़की ने कुछ पल उसे देखा, फिर वहीँ से जम्प करती हुई रिंग से बहार कूद गई.

उस लड़की का साथी एक टॉवल लिए हुए उसके पास आया, लड़की ने टॉवल लेकर अपने चेहरे पर, जिस्म पर आया हुआ पसीना साफ़ किया. फिर वाटर बोतल अपने साथी से लेकर एक साइड जाने लगी.. लड़का भी उसके पीछे चल पड़ा.

पीछे रह गए सब अभी भी क्लैपिंग कर रहे थे. लड़की एक कमरे में पोहंची, उसके पीछे उसका साथी भी कमरे में पोहंच गया.

लड़का : मैडम आज भी आपने बहुत बढ़िया से फाइट की है. लड़की ने एक नज़र लड़के को देखा. कुछ पल देखती रही, फिर कमरे में मौजूद एक मिरर के सामने जा कड़ी हुई और खुद को देखने लगी.

वह लड़के को उसकी बात का जवाब देने hi वाली थी, उसी पल कमरे में मौजूद लड़की के बैग में रखे हुए फोन की रिंग बजने लगी. लड़की ने एक बार फिरसे खुद को मिरर में देखा, एक लम्बी सांस ली और अपने बैग के पास पोहंच कर, फोन निकल कर नंबर देखने लगी.

नंबर देख कर लड़की ने कॉल पिक की.

लड़की : यस मार्गरेट स्पीकिंग!

उधर से : मार्गरेट मैं हों!

आवाज़ सुनकर मार्गरेट कड़ी हो गई.

मार्गरेट : यस सर!

सर : डीके चीन पोहंच चूका है मार्गरेट, कैच हिम.. इससे पहले, वह किसी और के हाथ लगे. तुम उसे अपने कब्ज़े में ले लो. वहां के एजेंट्स तैयार हाँ, बस तुम्हारे पोहचने की देर है.

मार्गरेट : ok सर! मैं अभी निकलती हों... कॉल एन्ड हुई मार्गरेट ने तुरंत ड्रेस चेंज किया फिर वह लड़के से बोली.

मारग्रेट : जिमी तुम यहीं रहना मैं जा रही हों. मार्गरेट ने जिमी का जवाब नहीं सुना. बैग में रखे एक और मिनी बैग को हाथ में लिया और कमरे से निकल पड़ी.

मार्गरेट R.P.O से कनेक्टेड थी. ट्रैंनिंग के लिए वह शालीन टेम्पल में पिछले 5 महीनो से ट्रैंनिंग ले रही थी. अभी 4 महीने की ट्रैंनिंग और बाकि थी मार्गरेट की.


मार्गरेट: आगे:27......R.P.O स्पेशल एजेंट.

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गाड़ी षिमुना ड्राइव कर रही थी और षिमुना को तोह 11 मुल्कों की पुलिस भी नहीं पकड़ सकती थी. ये मुठी भर पीछा करने वाले कैसे पकड़ सकते थे. जबसे से सारा कण्ट्रोल षिमुना के हाथ में आया था. तब से षिमुना सब को अपने पीछे छोड़ते हुए 50कम का सफर तय कर चुकी थी. षिमुना सच में hi बिजली बानी हुई थी.. मजाल है जो कोई उसे पा सका हो.

पर एक कहावत है.. सेर को सवा भी मिल hi जाता है. दक्ष षिमुना का साथ पा कर सेर बन चूका था. समुद्री रेयर थिंग्स खा कर बहुत पावर हासिल कर चूका था. पर दुन्या में एक से बढ़ कर एक मौजूद हाँ. और दुन्या की सबसे बड़ी दो ऑर्गनिज़तिओन्स ऐसे hi तो नहीं सबसे बढ़कर थी. ऐसे hi तो नहीं वो आल ओवर थे वर्ल्ड हुकूमत कर रही थी.

उनके एजेंट्स कोई आम एजेंट्स नहीं थे. सबके सब मंझे हुए एजेंट्स थे. ताक़त में और दिमाग में वह दक्ष से काम भी नहीं थे.

खबर मिलते hi वह सब भी डीके के पीछे लग गए. दक्ष एक वीरान इलाके से गुज़र रहा था. पुलिस और दूसरों का दूर दूर तक कोई पता नहीं था.

षिमुना तोह गाडी को प्लेन बनाये हुए थी, वह कहाँ किसी और तरफ धयान दे पाती. वह मज़े से ड्राइविंग कर रही थी. दक्ष ने hi धयान दिए. दक्ष को हेलिकोप्तेर्स की आवाज़ें सुनाई देने लगी.

एक नहीं था हेलीकाप्टर, 3-3 हेलिकोप्तेर्स दक्ष के पीछे पोहंच चुके थे.

दसख : षिमुना हेलिकोप्तेर्स!

षिमुना ने स्पीड काम की.. जैसे वह अब होश में आई हो.

षिमुना : कहाँ?

दक्ष ने सर बहार निकल कर देखा तोह देख कर हैरान रह गया. 3 हेलिकोप्तेर्स सर पर पोहच चुके थे..

"वूववववव" ये तोह बहुत बढ़िया सन है दक्ष!

दक्ष : सन की बची, गाडी दूर ले जाओ इनके पास से. अभी तोह हम साहिल से 100कम hi दूर हुए हाँ. टेम्पल अभी भी 400+कम दूर है. ऐसे तोह नहीं पोहंच पाँऊगा मैं वहां तक.

षिमुना : दक्ष तुम कह रहे थे न, खुद को परखना चाहते हो.. तोह समय आ गया है खुद को परखने का.

दक्ष : हम्म्म समय तोह गाडी को चुराते समय hi शुरू हो गया था. खैर देखते हाँ, जब बच सकते हाँ, बचने की कोशिश करते हाँ. न बच सके तोह फिर लड़ना पड़ेगा.

षिमुना : और बिना लाडे हम इनसे बच कर नहीं निकल सकते! सामने देखो!!

सामने देखा तोह

षिमुना : वाह क्या ब्यूटी है दक्ष!

सामने एक लड़की बाइक पर आ रही थी.


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बीच सड़क में बाइक को स्टैंड पर करके दक्ष की ऑर्डर मोहन करके, दोनों हाथ सीने पर बांध कर कड़ी हो गई.


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षिमुना : कुचल न दूँ मैं इसे दक्ष!

दक्ष : नहीं अब तोह देखना hi पड़ेगा. दक्ष के कहने पर षिमुना ने ब्रेक लगा कर गाडी को रोक दिए... लड़की कातिल अंदाज़ में चलती दक्ष की ऑर्डर बढ़ने लगी. हेलिकोप्तेर्स पीछे फ़िज़ा में चक्कर काटने लगे.

षिमुना : दक्ष! कितनी हॉट लड़की है न. साली के आम कितने कैसे हुए, कितने उठे हुए हाँ.

इतनी देर में लड़की दक्ष वाली साइड में पोहंच कर झुक गई. दक्ष साइड का शीशा पहले hi गिरा चूका था. लड़की ने दोनों हाथ खिड़की में रखे और दक्ष को घूरने लगी. कुछ पल देखती रही, फिर वह होंटो पर स्माइल लाते हुए दक्ष से बोली.

लड़की : Hello मर. डीके! ी ऍम मार्गरेट!

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आज के लिए इतना hi मित्रो.. उम्मीद है आपको ये अपडेट पानन्द आया होगा.

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निमुनिका पर भी कहानी का रुख मुड़ेगा. पर देर से.

षिमुना की डिटेल आप पढ़ चुके हाँ. दसख की डिटेल भी सामने आ जायेगा.

दोनों का साथ लम्बा चलने वाला है.

सभी क्यू के ाँस स्टोरी में और जल्द hi.

ये तोह है.

षिमुना को एक न एक दिन तोह लौटना hi होगा अपने प्लेनेट पर. तब दसख hi उसके काम आएगा. हाउ?? स्टोरी में पता चलेगा.

स्टोरी रिवेंज भी बनेगी मित्र डिटेल खुलने के बाद. सकी फि ट्रैक पर भी चलेगी एंड मच जनरेस ों थे वे..

धन्यवाद मित्र 🙏🙏👌👌
 
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