Samraat ..The Tales of Debauchery, Hate & Revenge - Page 5 - SexBaba
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Samraat ..The Tales of Debauchery, Hate & Revenge

chi-fang अच्छे इंसान भी हाँ और जीनियस.. राजा ठाकुर को समय से पहले बताना जरुरी भी था. घर के बड़े हाँ, एक गलत फैसले के कभी कोई और गलत फैसला नहीं लिया राजा ठाकुर ने.

कुछ ऐसा hi खेल खेला गया था दक्ष के साथ.. दक्ष सब जान के खुद को रोक नहीं पायेगा..

मैं से चाहती है न अपने भाई को. उसे गलत नहीं मानती.

धन्यवाद भाई ! ✨
 
मास्टर ने सही किया दादा ठाकुर को बता कर ज़ोरो भाई. बाद में इसकी ज़रूरत भी रहेगी. और राजा ठाकुर को एहसास भी होना चाहिए अपनी की गई गलती का. और फिर राजा ठाकुर परवर में सबसे बड़े हाँ और सबसे ज़यादा सख्त भी. मास्टर ने उन्हें बता कर उतना hi नरम भी कर दिया. जितना वो सख्त थे.

अब दक्ष भी टेलिपाथी सीखेगा और बवाल मचाएगा. पर दुन्या में सेर पर सवा सेर भी मौजूद हाँ. देखते हाँ आगे चल के दक्ष की राह में कैसे कैसे दुश्मन आते हाँ.

थैंक्स ा लोट भाई!
 
:thank_you:

दादा जी समझ गए हाँ. उनके सरे रूल्स टूट के रहेंगे. वो खुद भी टूटेंगे. कुछ टूट चुके हाँ, ये जान के दसख ने कोई गलती नहीं करि थी.

अब परिधि के सामने कैसे खुद को सख्त बना रख सकते हाँ. एक परिधि hi तो थी जिसने हमेशा दक्ष पे विश्वास किया था. और आज उसके विश्वास की जीत हुई थी.


okay भाई. आप कहें और हम न मने ये कैसे हो सकता है. ऐसे hi बताते रहने से वरिटेरस में सुधर आता है. :thank_you:

बहुत बहुत शुक्रिया भाई! 👌🙏
 
Episode:16

1सत एक्शन Episode..


टाइगर टेम्पल की ट्रैंनिंग छोड़ चूका था. टाइगर अब रेगुलर बेसमेंट में दोनों मास्टर्स के साथ रहते हुए ट्रैंनिंग कर रहा था. निमंस को मार देने के बाद मास्टर CHI-FANG ने समझ लिया था, जैसी वार्निंग निमंस दे कर वापिस निमुनिका लौटे हाँ. वापिस आने के बाद वह शांत नहीं रहेंगे. ज़रूर वो बदला लेंगे, कोहराम मचाएंगे. षिमुना को भी पाना था उन्हों ने. षिमुना जिसने डीके को कभी छोड़ा hi नहीं था.

टाइगर के लिए जल्द से जल्द ट्रेंनेड होना ज़रूरी था. टाइगर के लिए ज़यादा खतरा नहीं. टाइगर के परिवार को था, पूरी दुन्या को था. और टाइगर को ट्रैंनिंग केवल खुद की रक्षा के लिए hi नहीं दी जा रही थी. दूसरों की ज़िन्दगियों पर बन आये ख़तरात को काम करने के लिए भी दी जा रही थी.

इसी बात को सोचते हुए टाइगर को ख़ास दी जा रही थी. आम फाइटिंग से हटकर स्पेशल फाइटिंग की स्पेशल मूव्स के साथ साथ टेलिपाथी सिखाई जा रही थी. आल किंड्स ऑफ़ फाइटिंग आर्ट तो सीखने के लिए टाइगर को बरसों लग जाते. पर टाइगर के पास इतना समय नहीं था.

टाइगर की ट्रैंनिंग बहुत स्पीड से जारी थी. टाइगर हार्ड से भी हार्ड ट्रैंनिंग पुरे मैं के साथ कर रहा था. टाइगर हर गुज़रते दिन के साथ बेस्ट से बेटर होता जा रहा था.




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षिमुना और WANG-ZHI कार में बैठे हुई शहर जा रही थी. शाम से कुछ देर पहले का समय था. षिमुना मिनी ड्रेस में बहुत खूबसूरत दिख रही थी. कार वही ड्राइव कर रही थी. दोनों है है के बातें कर रही थी.

WANG-ZHI : शिमि तुम हमेशा ऐसे hi रहती हो क्या. मुझे तुम्हारा ऐसा अंदाज़ बहुत पसंद है. ऐसे खिले चेहरे के साथ के साथ मुस्कान और फिर खिलखिला कर हसना, कसम से तुम्हारी जैसी एक भी हमारी दुन्या में नहीं है.

षिमुना : हम्म्म! सही कहा तुमने WANG-ZHI मैं सच में hi ऐसे हस्ती मुस्कुराती अच्छी लगती. मैं hi क्या कोई भी हमेशा खुश रहे तोह उसके जैसी कोई नहीं हो सकती. वहां के हालत बिगड़ने से पहले वहां की लाइफ बहुत मस्त थी. किसी को कभी कोई परेशानी नहीं बानी थी. सभी खुश खुश रहा करते थे और मैं हमेशा से ऐसे hi खुश खुश रहती आयी हों. मुझे कभी कोई ग़म नहीं मिला WANG-ZHI मेरी लाइफ हमेशा से मस्ती से भरपूर रही है. पर लो--

WANG-ZHI ने षिमुना की जांग पर हाथ रख दिए. षिमुना समझ गई. वो लोजान का ज़िक्र करने जा रही थी. पर WANG-ZHI ने उसे रोक दिया था. दोनों कभी भी निमुनिका का नाम नहीं लिया करती थी. घुमा फिर कर बातें कर लिया करती थी. बेसमेंट में आज़ादी से बात करती थी. वहां कोई खतरा नहीं था. यहाँ चरों और डीके और षिमुना को ढूंढ़ने वाले मौजूद थे.

WANG-ZHI ने षिमुआ की जांग पर हाथ रखा तोह उसकी नज़र षिमुना की कमर पर गई. जहाँ खून का एक नन्हा सा धब्बा था.

WANG-ZHI : शिमि तुम्हरे खून का कलर कितना डिफरेंट है. रेड और ग्रीन कलर को मिक्स कर दिए जाए तोह जैसा कलर बनता है, शामे वैसे hi तुम्हारे खून का भी कलर है.. WANG-ZHI की बात सुनकर षिमुना को झटका लगा. षिमुना ने फ़ौरन गाड़ी रोकी और WANG-ZHI की नज़रों का पीछा करते हुए अपनी कमर को देखने लगी. ऊँगली पर खून लगा कर अपनी आँखों के सामने करते हुए चिंता से देखने लगी.

षिमुना बहुत कुछ सोच रही थी. गाडी को स्पीड से शहर वाली कोठी की ऑर्डर स्पीड से बढ़ाते हुए बोली.

षिमुना : WANG-ZHI गड़बड़ हो गई. वह स्टुपिड मुझसे टकराया था. अब मुझे समझ आ रही है. वह साला स्टुपिड नहीं है, कोई एजेंट है. एक बार उसे देख के मुझे लगा भी था, वो अनजाने में hi किसी से नहीं टकराता. ज़रूर उसका कोई मकसद होगा. पर मैं भी स्टुपिड हों, जो इस मामले को लिघ्टलय ले बैठी. ज़रूर वो मुझे और टाइगर को ढूंढ़ने के लिए टेम्पल में आया होगा. और भी तोह कई वहां हाँ जो हमें ढूंढ़ने में लगे हुए हाँ.

षिमुना की बात कर WANG-ZHI भी परेशान हो गई.

षिमुना ने सही आईडिया लगाया था. डीके लास्ट टाइम टेम्पल में ग़ायब हुआ था. उसके बाद वो नहीं दिखा था. उसके बाद षिमुना ने खुद को दो अलग अलग देशो में खुद को शो करवा कर सबको गुमराह करने की कोशिश की थी.

पर टाइगर के लास्ट मिशन के कारण सब अलग अलग एंगल से सोचने लगे थे. सोफिए तोह फिर भी एक बृल्लनत ब्रेन थी. कैसे वो इतना सब न सोच जाती.

बहुत सोचने पर सोफिए के मंद में ये बात आई. आने वाला स्ट्रेंजर फीमेल भी तोह हो सकती है. और एक फीमेल की दोस्ती भी जल्द hi किसी से भी हो सकती है. स्टुपिड को टास्क मिला तोह वो मेल एंड फीमेल एव्री nation's स्टूडेंट को चेक करने लगा.

षिमुना टेम्पल में पाई जाने वाली लड़कियों में सबसे सुन्दर थी. हाइट में भी वो मर्दों के बराबर की थी. स्टुपिड ने षिमुना को पहले भी देख रखा था, फिरसे देखा तोह उसने सोचा इसे भी चेक कर hi लिया जाये. शायद ये वही ho.Jiske लिए ईंटे हंगामे हो रहे हाँ.

ऐसे hi स्टुपिड षिमुना से टकरा गया. षिमुना थोड़ी लापरवा भी हो गई थी. इतने दिनों से कोई भी उसपर शक नहीं कर पाया था. स्टुपिड अपना काम करके निकल लिया. षिमुना जो बहुत स्ट्रांग भी थी, एक सुई की चुभन को नज़र अंदाज़ कर गई. इस बार स्टुपिड ने बेल्ट पिन का उपयोग नहीं किया था. रिंग में लगी मिनी पिन का उसे किया था. काम होते hi वह टेम्पल से खिसक लिया था. षिमुना का ब्लड कलर देख लिया था स्टुपिड ने. उसे समझने में देर नहीं लगी, ये लड़की आने वाले स्ट्रॉन्गेर्स में से एक है.

स्टुपिड ने ीबन मार्श को रिपोर्ट दी, ीबन ने इंडिया में सोफिए को बता दिए.

मार्गरेट जो टेम्पल पर सिर्फ ट्रैंनिंग के लिए आई हुई थी. वह भी ऐसा hi कुछ सोच चुकी थी. मार्गरेट सोफिए से काम जीनियस नहीं थी. वह न केवल स्टुपिड को देख कर उसके बारे में जान गई थी. वह, उसका असिस्टेंट और कुछ दूसरे एजेंट्स स्टुपिड को एक एक सेक् मॉनिटर कर रहे थे. और स्टुपिड इस बात से अनजान था. अनजान तोह बाओ के दूसरे एजेंट्स भी थे. मार्गरेट किसी भी तरह से सोफिए से काम नहीं थी.

षिमुना ने जान लिया था, अब उसके लिए खतरा बढ़ चूका है. टेम्पल में, टेम्पल से बहार रहते हुए वो विज़िबल थी तोह शूज नहीं पहन सकती थी. शूज उसकी पहचान बन सकते थे. वही षिमुआ का सबसे बड़ा हथियार भी थे. अब वही शूज षिमुना के पास नहीं थे.

षिमुना अंधी तूफ़ान की तरह से गाडी को कोठी की और ले जा रही थी. एक वरन एरिया से गुजरने के बाद मिनी माउंटेन रेजिडेंशियल एरिया आया तोह षिमुना को स्पीड कुछ कम् करनी पड़ी.. ऊंची निचे रस्ते थे. षिमुना गाडी को 70 की स्पीड से ड्राइव करने लगी.

WANG-ZHI : शिमि डर रही हो क्या तुम..

षिमुना ने WANG-ZHI को मुस्कान से देखा और बोली. डर. अभी तक तोह डर का सांमना नहीं करना पड़ा कभी मुझे. हाँ अपने परिवार के लिए मैं ज़रूर ख़ौफ़ज़दा हों. मेरे मौजूदा किंग के हाथ लगते hi मेरे परिवार को मार दिए जाएगा. इस बार के शिव कोई और बात मुझे ख़ौफ़ज़दा नहीं कर सकती. ये अब की बात है, बाद का पता नहीं. षिमुना हस्ते हुए बोली. WANG-ZHI भी हसने लगी.

WANG-ZHI : सही कहा, दर की कोई बात नहीं है. और फिर अभी तक कोई हमारे सामने भी नहीं आया था. जब आएगा तोह मैं और तुम किसी से काम भी नहीं हाँ.

षिमुना : ऑर्ग वाले बहुत फ़ास्ट हाँ WANG-ZHI, चीन आते समय मैं उसकी फुर्ती देख चुकी हों. किसी भी समय हमारा उनका टकरा होने वाला है. तुम बस पिछली सीट पर चली जाओ. और सीट में से गन्स निकल लो. सीट्स के निचे वाला केबिन भी देख लेना. ज़रूरत पद सकती है.

गन्स WANG-ZHI ने इमरजेंसी के लिए रखे थे. कभी भी ज़रूरत पद सकती थी. WANG-ZHI चली गाडी से पिछली सीट पर जा पोहंची और गन्स निकल ली.

कुछ और आगे बढे तोह....

षिमुना : ज़ही सामने कुछ चूसे दिख रहे हाँ, रेडी हो जाओ. WANG-ZHI रेडी हुई तोह षिमुना अपने सबसे खतरनाक मूड में आ गई. आगे दो गाड़ियां रोड बोलक किये हुए थी. ये बाओ वाले थे, कुछ प्लान किया हुआ था उन्हों ने.

षिमुना ने पास पोहंच के गाडी धीमी की और "WANG-ZHI खुद को काबू में रखना" बोल कर एकदुम्म से गाडी को सामने कड़ी दोनों गाड़ियों से पूरी स्पीड से टकरा दिए.

"बोओओओओओओममम"

की ज़ोरदार आवाज़ के साथ वह दोनों गाड़ियां इधर उधर लुढ़कती चली गई. WANG-ZHI और षिमुना को भी ज़बरदस्त झटका लगा था. पर दोनों काम भी नहीं थी. WANG-ZHI ग्रेट मास्टर CHI-FANG की शेरनी पोती थी. तोह षिमुना अपने प्लेनेट की शेरनी प्रिंसेस. इतनी चोट उसका कुछ नहीं बिगड़ सकती थी. हाँ फ्रंट शीशे के टूट जाने से शीशे के कुछ टुकड़े उसे ज़रूर लग गए थे. जिसके कारण उसका खून निकलने लगा था.

किसी ने भी गाडी पर फायरिंग नहीं की थी. फायरिंग करने की ज़रूरत hi नहीं थी. सबको षिमुना ज़िंदा चहिये थी. गाडी के पास hi करीब खड़े हुए 4 एजेंट्स भी उछाल कर साइड हो गए थे. WANG-ZHI को भी किसी पर फायर करने का मौका नहीं मिला था.

कुछ फैसले पर एक गाडी में मौजूद ीबन मार्श दूरबीन से सब देख रहा था. पास hi एक हैवी बाइक भी कड़ी थी. उसके होंटो पर मुस्कान थी. ीबन मार्श षिमुना पर हमला करने के मूड में नहीं था.. वह बड़े धयान से गाडी ड्राइव कर रही षिमुना को देख रहा था. स्टुपिड एजेंट की रिपोर्ट के बाद भी वह खुद से षिमुना को देख कर परख लेना चाहता था. बिना परखे हमला करना या सामना करना गलत बात थी.

अब षिमुना को जो ीबन मार्श ने देखा तोह फ़ौरन hi कान में लगी डिवाइस पर बोल पड़ा. मैडम ये वही है..

सोफिए : गुड तोह फिर हम अपने एक मिशन में सक्सेसफुल रहे. कोशिश करना उसे कब्ज़े में करने की, वर्ण वीडियो बना लेना. मार्गरेट के हाथ नहीं आई तोह ज़रूरी नहीं कह हमारे भी हाथ लग hi जाए. पहले उसे अच्छे से जान लेते हाँ. आगे की फील्डिंग सेट है न ीबन..

ीबन मार्श : जी मैडम आगे सब फील्डिंग सेट है.

सोफिए : ठीक है तुम भी लग जाओ काम पे.. ीबन गाडी से निकला और बाइक पे बेथ गया. स्पीड के साथ षिमुना की गाडी का पीछा करने लगा. बाइक स्पेशल थी, 450km/hr की स्पीड से रन करती थी. ीबन भी गोली की सी स्पीड के साथ षिमुना के पीछे जाने लगा. उसके आदमी पहले से hi षिमुना के पीछे तो कुछ आगे रस्ते में थे.

षिमुना की गाडी का अगला हिस्सा काफी डैमेज हो गया था. पर षिमुना फिर भी उसे खातिर में न लाते हुए गाड़ी ड्राइव कर रही थी. षिमुना एक बार फिरसे 150+ की स्पीड से गाड़ी ड्राइव कर रही थी. WANG-ZHI दोनों हाथो में गन लिए एक्टिव बैठी पीछे देख रही थी.

WANG-ZHI : क्या ख्याल है, पीछे आने वळून को उदा दूँ.

षिमुना : आगे वळून की फ़िक्र करो WANG-ZHI पीछे वाले तोह पीछे hi रह जाएंगे, आगे वळून को हटती जाओ. अब तोह शीशा भी ब्रेक हो चूका है.

WANG-ZHI : रियल फाइट की नहीं कभी मैंने ऐसी वाली.. आज लगता है, ये भी करनी पड़ेगी.

षिमुना ; (लाफिंग) और खून भी बहाना पड़ेगा.

WANG-ZHI : (लाफिंग) जब खून खुद hi कहने लगे, मुझे बहा दो. तोह फिर उसकी न सुनी जाए तोह ज़यादती होगी.

आगे 300 मीटर की दूरी पर सिटी था. वहां से पहले एक क्रॉस रोड था.. और दोनों साइड्स कुछ गाड़ियां बड़ी स्पीड से आती हुई दिखाई दीं.

षिमुना : लो और आ रहे हाँ हमारा सवागत करने वाले.

WANG-ZHI : आज पता चला शिमि! मुझे भी ऐसी hi लाइफ बड़ी पसंद है. अब तक ऐसे हालातों का सामना नहीं करना पड़ा. आज कर रही हों तोह कसम से बहुत मज़ा आ रहा है. इतनी खतरनाक सिचुएशन में भी दोनों नार्मल मूड में थी. दोनों किसी को भी सीरियसली नहीं ले रही थी. जैसे पिकनिक पर निकली हुई हों. और रस्ते में पटाखे फोड़ रही हों.

ीबन मार्श भी बाइक पर पीछे थे. कुछ और भी बाइक पर, गाड़ियों पर षिमुना के पीछे थे. कुछ बहुत दूर वफके वक़्फ़े से मौजूद थे, उनका काम केवल षिमुना को कैमरा में रिकॉर्ड करना था.

दोनों साइड्स से गाड़ियों को आते हुए देखा तोह ीबन अपने आदमियों से बोलै.

ीबन : ये दूसरी साइड वाले कौन हाँ... जवाब मिला "बॉस हम नहीं जानते" एक कान में सोफिए से राब्ते में रहने के लिए डिवाइस लगाई हुई थी तोह दूसरे कान में अपने आदमियों से राब्ते में रहने के लिए.

सोफिए : ीबन तुम जानते हो न हमारी राह में आने वळून का हम क्या हाल करते हाँ.

ीबन : जी मैडम!

ीबन : अपने आदमियों से) राकेट लांचर से आने वाली सभी गाड़ियों को हिट करो. गन्स से फायर करो, कोई भी बीच में ए तो उसे उदा दो.. इतना बोल कर ीबन गियर बदलता हुआ, रेस बढ़ता हुआ पल भर में hi षिमुना के बराबर पोहंच गया. ीबन सुपर एजेंट था. एक ज़बरदस्त बाइकर होने के साथ साथ एक कमल का पायलट भी था. हेलीकाप्टर से लेके प्लेन भी उड़ा सकता था.

ीबन षिमुना के बराबर पोहंचा तोह WANG-ZHI फायर करने लगी थी. षिमुना ने भी ीबन की आँखों में देख लिया था, समझ गई थी. बाँदा खतरनाक है.. षिमुना ीबन मार्श को देखते हुए WANG-ZHI को फायरिंग से रोक गई थी.

ीबन : hello शिमि मैडम. सब आपको पाना चाहते हाँ. पर हम दूसरों से अलग हाँ. आपने देख hi लिया होगा. ओनली गाइयों से hi आपका रास्ता रोकने की कोशिश की गई है. कोई भी मेरा आदमी गन नहीं उठा पाया आपकी ऑर्डर.. क्या हम बैठ कर कहीं बात कर सकते हाँ.

षिमुना ीबन की बात पर मुस्करा उठी. तोह WANG-ZHI खिलखिला कर है पड़ी. ीबन को WANG-ZHI की हंसी अपने लिए मज़ाक लगी. ीबन को WANG-ZHI पर बेहद ग़ुस्सा आने लगा. पर अपने चेहरे के भाव से पता नहीं लगने दिए.

षिमुना : तुम अच्छे बाइक हो मर!

"मेरा नाम ीबन मार्श है मैडम और मैं बाओ से हों"

षिमुना : गुड तो सी यू कहूँगी, अगर तुम मुझे कैच कर पाए. फिर बैठ के बातें भी कर लेंगे.

क्रॉस रोड कुछ hi दूरी पर रह गया था. वहां पोहचने से पहले से hi दोनों गैंग में mud-bheed(aamna सामना) हो चूका था. हैवी गन्स, रॉकर लांचर द्वारा एक दूसरे को जान से मार देने पर तुले हुए थे सब.. दूसरा गैंग चीन का एक क्रिमिनल गैंग था. जिसे मार्गरेट ने भेजा था. मार्गरेट परदे में रहते हुए खेल रही थी. रपो वाले एक डिवाइस पर लाइव ये सब दिखा रहे थे. मार्गरेट सब देखते हुए उन्हें गाइड कर रही थी. रपो डायरेक्ट बाओ वळून से नहीं टकरा सकती थी. इसलिए लोकल गैंगस्टर्स को बीच में आई थी. कुछ और प्लान भी मार्गरेट ने किया हुआ था.

ीबन मार्श को चैलेंज देकर षिमुना को बिना ीबन मार्श को अंदाज़ा कराये फ़ौरन hi ब्रेक लगाई, साथ hi साथ hi स्टेरिंग घुमा के गाडी को को भी घुमा दिया. ीबन मार्श आखरी समय पर खुद को बचा गया, वर्ण गाड़ी की ज़ोरदार टक्कर उसे जाने कितने फ़ीट दूर उछाल देती..

WANG-ZHI और षिमुना दोनों है पड़ी.. षिमुना गाडी को ड्राइव करते हुए पीछे आ रहे बाओ एजेंट्स को भी हिट लगी. सब बोखला कर इधर उधर होने लगे. पर षिमुना 4 को कुचलती हुई स्पीड से वापिस जाने लगी.

ीबन मार्श ग़ुस्से से षिमुना को देखने लगा. ीबन मार्श इंसल्ट फील करने लगा था. सुपर एजेंट होने हुए भी वह कुछ नहीं कर प् रहा था. उसे और सबको षिमुना ज़िंदा जो चाहिए थी.

सोफिए : ीबन तुम ग़ुस्से में हो क्या.. सोफिए कुछ ग़ुस्से में बोली तोह ीबन बाइक की स्पीड और भी बढ़ता हुआ अपने ग़ुस्से पर काबू पा कर सोफिए से सॉरी कहने लगा.

सोफिए : ीबन तुम पहली बार किसी मिशन पर निकले हो क्या?. जो ऐसे बच्चू जैसे रियेक्ट कर रहे हो.. जो फ़ास्ट एंड कैच थम.. प्यार से काबू में आये तोह ठीक. वर्ण उसे ज़ख़्मी करने की कोशिश करो. दूसरे गैंग का क्या हुआ.

ीबन : उनका खत्म हो चूका है मैडम. हमला भी किसी एजेंट्स जैसो वाला नहीं था. अनारी पैन से लाडे थे. मारे गए सब के सब. कुछ हमारे एजेंट्स भी मारे जा चुके हाँ. ीबन मार्श को पल पल की रिपोर्ट मिल रही थी.

षिमुना बैक मिरर से देख रही थी. ीबन किसी से बात कर रहा था. 20 मीटर वो षिमुना से दूर था. षिमुना ने अचानक से hi ब्रेक लगा दी. ीबन एक बार फिरसे षिमुना की गाडी से टकराते टकराते बचा. ीबन मार्श मैं में षिमुना को गलियां देने लगा. षिमुना ने गाडी को राइट टर्न किया और रोड से उतर दिया... षिमुना को रेस रेस खेलने में बहुत मज़ा आ रहा था.

WANG-ZHI ने भी अब रह में आने वाले एजेंट्स को शूट करना शुरू कर दिए था. 3 एजेंट्स WANG-ZHI शूट कर चुकी थी. इस बात पर भी ीबन मार्श को बड़ा ग़ुस्सा आया था. पर वह मजबूर था, WANG-ZHI या षिमुना को शूट करने का आर्डर नहीं दे सकता था. षिमुना ानोथेर प्लेनेट से न जुडी होती तोह कबका उसका खेल ख़तम किया जा चूका होता. ये सब रपो वाले और मार्गरेट के साथ साथ बाओ के एक हेड ऑफिस पर भी देखा जा रहा था. जहाँ बाओ वाले ग़ुस्से में थे, वहीँ रपो वाले खुश थे. वह नहीं चाहते थे, षिमुना बाओ के हाथ लगे.

षिमुना रोड से हटके गाडी ड्राइव करने लगी. ीबन और एक और एजेंट बाइकर बने षिमुना के पीछे थे. एक जगा रास्ता सही मिला तोह षिमुना फिरसे रोड पर चढ़ गई और इस बार गाडी को आखरी स्पीड तक ड्राइव करने लगी. ीबन भी बेस्ट बाइकर था. पर वह छह कर भी षिमुना को क्रॉस नहीं कर पा रहा था. षिमुना कभी एकदुम्म से ब्रेक लगा देती तोह कभी zig-zag अंदाज़ में ड्राइव करने लगती. ीबन मार्श के लिए कोई चांस नहीं बनने दिए षिमुना ने अगले निकलने का. ीबन ने या दूसरे एजेंट ने फायर नहीं किया तो WANG-ZHI ने भी फायर नहीं किया.. अगर करती भी तोह ीबन खुद को बचा सकता था. इतना कमल तोह उसे हासिल था hi.

षिमुना ने क्रॉस रोड पर राइट टर्न लिया और उसी दिशा में पूरी स्पीड से आगे बढ़ने लगी. ये रत्सा कोठी की और जाता था.

कोई और एजेंट षिमुना या ीबन का मुकाबला नहीं कर पाया. 5 मिंट बाद षिमुना की गाडी एक वाटर टैंकर के पास से गुजरने लगी तोह वहां से कुछ फैसले पर मार्गरेट के स्पेसेल एजेंट्स में से एक ने राकेट लांचर से फायर कर दिए.. राकेट लांचर वाटर टैंकर से टकराया तो टैंकर के चीथड़े उदा गया. हज़ारों टन वाटर एक साथ बाह निकला अरु षिमुना की राह में आ गया. षिमुना गाड़ी पर अपना कण्ट्रोल बरकरार नहीं रख पाई, स्टेरिंग पर उसका हाथ घूम गया. गाडी बड़ी स्पीड के साथ रोड से उतरती हुई दूर जाने लगी. गाडी उलटी नहीं थी. षिमुना ने फ़ौरन hi अपना कण्ट्रोल बना भी लिया था. पर उसे गाडी रोकनी पद गई थी. फ्रंट शीशे टूटे होने के कारण गाडी के अंदर बहुत सा पानी भी भर गया था.

ीबन मार्श ज़रूर गिर कर अपने घुटने छिलवा बैठा था. उसकी बाइक भी टूट फूट का शिकार हो गई थी.

टोटल 8 एजेंट्स थे, 4 स्पीड से षिमुना की गाडी की और भागे तोह चार पीछे आ रहे बाओ के एजेंट्स पर फायरिंग करने लगे.

4 एजेंट्स जब गाडी के पास पोहंचे तोह उन्हें गाडी खली मिली.. मार्गरेट जो लाइव सब देख रही थी. वो भी हैरान रह गई. दोनों अचानक से ग़ायब कैसे हो गई. गाड़ी से बहार भी नहीं निकली.

पता तब चला जब अचानक से hi गाडी के अंदर से फायरिंग शुरू हो गई. ाग्नेट्स के सीनो में, सर में लाल लाल निशान बनने लगे. कई गोलियां चली और चरों एजेंट्स को पल भर में ढेर कर गई.

षिमुना और WANG-ZHI बहुत देर से ीबन और दूसरे एजेंट को शूट नहीं कर रही थी. तोह सब समझे, दोनों रपो एजेंट्स को भी शूट नहीं करेंगी. पर षिमुना और WANG-ZHI जो फ़ौरन hi गाड़ी की बखसैत उठा के, सीट के निचे बने केबिन में छुप गई थी. गन्स की नाल बहार निकल कर एजेंट्स को शूट करने लगी थी.

दोनों फिर झटके से बहार निकली और बाकी के चरों एजेंट्स को भी शूट करने लगी. जो बाओ के एजेंट्स से लड़ रहे थे. इधर धयान नहीं दे पाए. गोलियों की आवाज़ सुनके भी यही समझे, उनके साथियों ने फायरिंग की है.

हैंड तो हैंड फाइट का सन नहीं बना था. बनता तोह सन और भी कमल का लाइव देखने वळून को मिलता. शाम का अँधेरा भी कुछ देर में होने वाला था. दोनों बकिया चरों एजेंट्स को रोड पर ढेर करती हुई निकल पड़ी. कुछ फासले पर रपो एजेंट्स की दो गाड़ियां मौजूद थी. षिमुना एक गाडी में घुसी और पंच मार कर तारों का गुच्छ बहार निकल लिया. दो तारों को जोड़ कर गाड़ी स्टार्ट करि और निकल पड़ी कोठी की ऑर्डर.

कोई वहां देखने वाला नहीं था, सिवाए ीबन मार्श के.. जो साइड होक तमाशा देख रहा था. उसे एक समय पर मौका मिला भी था, षिमुना या WANG-ZHI को शूट करने का. पर वो दोनों को शूट नहीं कर पाया. ऐसा करना उनके मिशन के लिए सही नहीं था. एजेंट्स और भी कई मिल सकते थे. पर षिमुना नहीं मिल सकती थी. WANG-ZHI को शूट करता तो षिमुना ग़ुस्से में आ जाती और फिर खूंखार बाला बन कर उसपर सबपर टूट पड़ती.

अभी लड़ाई ने ऐसा ज़ोर भी नहीं पकड़ा था, कह इस हद तक जाया जा सकता. रपो, बाओ, सोफिए, ीबन मार्श और मार्गरेट समझ गई थी, षिमुना बहुत आगे की चीज़ है.

उसे काबू में करने के लिए कुछ स्पेशल करना पड़ेगा. षिमुना की फुर्ती और फैसला लेने की शक्ति भी बहुत बढ़कर थी. गाडी पर उसका कण्ट्रोल देख कर भी सब बहुत कुछ समझ चुके थे. वर्ण हज़ारों टन वाटर से गाडी के लड़खड़ा जाने के बाद कण्ट्रोल बना जाना आसान काम नहीं था.

मार्गरेट या किसी को भी अपने अपने एजेंट्स के मरने पर कोई ग़म नहीं हुआ था. मिशन पूरा नहीं कर पाए थे. षिमुना को हासिल नहीं कर पाए थे. पर षिमुना को देख गए थे. षिमुना भी चिनेसे सूरत में थी. पर सामने तोह आ hi गई थी. उसकी चाल ढाल, चलने, भागने को वो सब देख चुके थे. वो समझ रहे थे अब षिमुना को ढूंढ पाना मुष्किल काम होगा पर नामुमकिन नहीं. लाखों एजेंट्स उनके पूरी दुन्या में पहले हुए थे. षिमुना चीन से निकल भी जाती तोह जहाँ भी जाती उसे ढूंढ़ना न मुमकिन नहीं रहता.




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षिमुना के ज़ख्मो को वाश करके क्रीम लगा दी गई थी. कोई भी ज़ख़्म ऐसा नहीं था, जहाँ ड्रेसिंग की ज़रूरत पड़ती.

षिमुना और WANG-ZHI दोनों मास्टर CHI-FANG के सामने मौजूद थी और मास्टर CHI-FANG दोनों को प्यार से देख रहे थे.

CHI-FANG : बहुत बढ़िया मेरी बच्चियों, तुम दोनों ने खूब मुकाबला किया सभी का. मैं पहले से hi सब जान गया था. ये भी जान गया था टेम्पल में और बहार कैसे कैसे खेल खेले जा रहे हाँ. मैं पहले से तुम्हे सावधान भी कर सकता था. पर ये लड़ाई मेरी लड़ाई नहीं है. ये तुम सब की लड़ाई है. अपने दौर में मैं ऐसी लड़ाई लड़ चूका हों. अब तुम सब की बारी है. तुम्हे सब सीखना भी है. खुद की रक्षा करनी है दूसरों की भी.

एक हिसाब से ये टकरा तुम दोनों की परीक्षा भी था. WANG-ZHI बेटी तुम्हारी परफॉरमेंस भी खूब रही. जहाँ ज़रूरत नहीं थी, वहां किसी की जान नहीं ली. दुश्मन के साथ भी उसी के हिसाब से चलो. वो चाल चले तोह तुम भी चाल चलो. वह तुमपर हमला न करे. तुम भी न करो. उसे देखो, परखो, सोचो वो क्या करने वाला है. कैसे करने वाला है. उसके मैं के क्या चल रहा है. वो जो उसकी ज़ुबान पर है, उसके दिल में भी वही है या कुछ और चल रहा है उसके मैं में.

तुम दोनों ने देखा, बाओ वाले अभी तुम पर कोई हमला नहीं कर रहे. षिमुना बेटी एक बात हमेशा याद रखना, दुन्या में किसी पर भी विश्वास कर लेना, पर बाओ वळून पर कभी न करना. बाकी तुम्हे खुद से पता चल जायेगा, मैंने ऐसा क्यों बोलै. ये भी पता चल जाएगा वो कैसी नेचर के हाँ. जितना मीठा बोलते हाँ, उतने hi खतरनाक भी होते हाँ. अपने मतलब के लिए कुछ भी कर गुज़रते हाँ.

ऐसा hi हाल रपो वळून का भी है. रपो बाओ से भी पुराणी ऑर्ग है. बरसों मेरा भी टकरा रहा है रपो वळून से.. समय आने पर तुम्हे भी रपो वळून का एक रूप देखने को मिलेगा. मैं कुछ जानता हों षिमुना बेटी. पर अब मैं अपनी जगा टाइगर बेटे को देने जा रहा हों. वही कुछ दिनों बाद से अपने काम के साथ साथ मेरा काम भी करेगा. फिर सामने आएगा वो कुछ जो न तो तुम और न hi टाइगर बीटा जान सकते हाँ. अबसे तुम भी बैसमेंट में रहके ट्रैंनिंग करोगी. मैं नहीं चाहता मेरा देश के लोगों की जान जाए. आज मैंने hi अपने देश की सर्कार को रोक दिया था. वह भी तुम्हरे लिए बेचैन होने लगे हाँ. पर मैंने उन्हें कह दिया, वह तो हाथ आएगी नहीं, अपने hi देश के सैंकड़ों सैनिको की जान खतरे में दाल डोज.

दोनों कुछ देर और बेथ के चली गई. शाम से कुछ पहले टाइगर फ्री हुआ तोह षिमुना और WANG-ZHI उसके पास जा पोहंची.. WANG-ZHI सिंपल टाइगर को हुग कर गई. और षिमुना बेशर्मो की तरह टाइगर को चूमने लगी. टाइगर ने भी षिमुना के दोनों गाल पर एक एक किश कर दिए.

षिमुना : टाइगर के कान में.. टाइगर कब मेरे होंटो की गर्मी फील करोगे.

टाइगर हस्स पड़ा.

टाइगर : होंटो की गर्मी फील करना मेरे लिए कोई नयी बात नहीं है. पिछले 6 सैलून में अनेको बार मैंने कितने hi होंटो की गर्मी को फील किया है.

WANG-ZHI एक आंख दबा के दोनों को देखने लगी. उसके होंटो पर मुस्कान भी थी.

षिमुना : तो फिर मुझे क्यों तरसा रहे हो ऐ ज़ालिम इंसान. कुछ मेरे होंटो की गर्मी फील करो, कुछ मुझे अपने इन तपते होंटो की गर्मी फील करने दो. कितने बुरे मेज़बान हो तुम. यूनिवर्स के कई प्लैनेट्स को टुकड़ा के एअर्थ पर केवल तुम्हारे लिए आई हों और तुम हो कह मुझे कोई भाव hi नहीं दे रहे.

हाहाहाहा टाइगर hi नहीं हंसा, WANG-ZHI भी खिखिला कर है पड़ी.

WANG-ZHI : टाइगर के लिए तुम पूरी यूनिवर्स के सभी प्लेनेट वळून को निराश करके एअर्थ पर टाइगर के लिए आई हो.. हाहाहा

टाइगर षिमुना को मुस्कान से देख रहा था. टाइगर के दिल में षिमुना बेस्ट फ्रेंड बांके उतर गई थी. लवर के लिए कोई जगा नहीं थी टाइगर के दिल में. लवर वाला खाना लॉक्ड था. षिमुना उसी लॉक्ड एरिया को छोड़ के बाकी के सभी खानो में डेरे ज़माने लगी थी.

षिमुना : और नहीं तोह क्या. अगर ऐसा न होता तोह क्या पूरी एअर्थ के इतने बड़े समुद्र में मैं सीढ़ी टाइगर के ऊपर hi ाँ गिरती. स्पेशल इसलिए hi तोह आई हों मैं एअर्थ पर और ये ज़ालिम हरजाई, बेवफा, be-muravvat मेरे लिए ीनता भी नहीं कर सकता. मेरे होंटो की गर्मी को भी काम नहीं कर सकता. क्या फायदा हुआ मुझे इतनी दूर से आने का.. षिमुना दिलकश मुस्कान होंटो पर लिए टाइगर को देखते हुए बोली तोह टाइगर ने षिमुना के चेहरे को दोनों हथेलियों में भर लिया. षिमुना की आँखों की चमक बढ़ी तोह WANG-ZHI "aahamm""aahamm" करने लगी. टाइगर भी बड़े चाओ से षिमुना की आँखों में देखता हुआ कुछ आगे बढ़ा तोह षिमुना को अपने पुरे बदन में सनसनी सी दौड़ती हुई महसूस होने लगी. षिमुना अंदर से और भी खिलने लगी थी. ये पहला मौका था, जब टाइगर इतने पास आ रहा था. अपने चेहरे को इतने पास ला रहा था.

षिमुना अपने होंटो पे ज़ुबान फेरने लगी तोह टाइगर ने अपने होंठ और भी करीब कर दिए. षिमुना के होंटो की गर्मी बढ़ी तोह टाइगर को अपने होंटो पर आग की सी तपिश फील होने लगी.

कुछ पल यही सन रहा. WANG-ZHI के दिल में भी कुछ कुछ होने लगा था. वो भी तोह ऐसे hi लम्हे टाइगर के साथ जीना चाहती थी. कुछ और भी बढ़के पा लेने की छह बड़ी शिद्दत के साथ WANG-ZHI के अंदर पलने लगी थी. उसकी भी साँसे कुछ तेज़ चलने लगी. उसके दिल की धड़कन भी कुछ तेज़ चलने लगी. उसे भी कुछ मेथा मीठा सा दर्द होने लगा.

षिमुना जो आस लगाए बैठी थी, अब टाइगर उसके होंटो को अपने होंटो में भर के न केवल ठंडा कर देगा, कुछ उसके होंटो की शराब पि कर, कुछ अपने होंटो की शराब पीला कर कुछ घंटो के लिए खुद भी नशे में हो जायेगा तोह उसे भी कुछ घंटो के लिए नशे में कर देगा.

पारर...

पर टाइगर में बहुत चेंज आ गया था. टाइगर के अंदर भी मस्ती भर गई थी. उसके अंदर का दर्द फ़िलहाल के लिए कहीं जा सोया था.

टाइगर ने षिमुना के होंटो पर फूँक मारी और षिमुना को छोड़ के दो कदम पीछे हैट गया. षिमुना जो किश होने के आधे नशे में हो होक अपनी ऑंखें बंद कर गई, हैरत से ऑंखें कौन के टाइगर को देखने लगी. टाइगर होंटो पर मुस्कान लिए उसे देखने लगा..

षिमुना को ग़ुस्सा नहीं आया.. टाइगर उसके लिए स्पेशल था. और हमेशा रहने वाला था. एक मुद्दत से उसने न सेक्स किया था और न hi किसी मन पसंद व्यक्ति को किश किया था. टाइगर के लिए उसके अंदर जबज़ट मचलने लगे थे. षिमुना पुरे मैं से टाइगर के साथ हर हद पार कर जाने के लिए बेताब थी.

पारर..

टाइगर उसे किश न करके उसे छोड़ के साइड हो चूका था. उसे स्माइल से देख रहा था. जितनी वो हैरान थी. उतनी hi WANG-ZHI भी हैरान थी.. भला कोई लड़का लड़की की मर्ज़ी जान्ने के बाद किश कैसे नहीं कर सकता था. वो भी इतने करीब आने के बाद. इतना मैं बना लेने के बाद..

टाइगर : वह क्या है ना, अभी मेरी ट्रैंनिंग जारी है. और ट्रैंनिंग के पूरा होने से पहले मुझे बस सिलेक्टेड फूड्स पर hi गुज़ारा करना है. तुम्हारे होंटो की chashni(ras) अगर मेरे पेट में उतरा न तोह मेरा पेट ख़राब हो जाएगा और मैं आगे की ट्रैंनिंग करने से जाऊँगा..

तोह...

आज के लिए सॉरी. किश ट्रैंनिंग के बाद.. वो भी दो दो और स्पेशल वाली.. टाइगर हस्ता हुआ जाने लगा तोह षिमुना नकली ग़ुस्से से चीखती हुई टाइगर के पीछे दौड़ पड़ी...

टाइगर भी हस्ता हुआ उससे बचते हुए इधर उधर भागने लगा. कुछ दूर खड़े मास्टर shoon-li ये सब देख के मुस्कुरा रहे थे. तोह wang-zhi खिल खिला कर हसने लगी थी.


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आज के लिए इतना Hi मित्रो! मिलते हाँ अगले Episode के साथ जल्द Hi..


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बड़ी स्ट्रगल कर रहा है टाइगर. मास्टर भी तोह टाइम वास्ते न करते हुए टाइगर को जल्द ट्रेंनेड कर देना चाहते हाँ.

प्यार जो बहुत करती है अपने भाई से. जीने की छह तो बढ़ेगी hi.

निमंस एअर्थ पर आये तोह षिमुना के लिए थे. पर यहाँ तोह षिमुना उनके हथु से साफ बच निकली. निमंस भूल गए हाँ, खुद कितनो को वो मार चुके हाँ. डीके ने 3 मार दिए तोह ग़ुस्से में आ गए.

टाइगर कब घर लौटता है, देखते हाँ .. अब जल्द hi स्टोरी में बहुत से चेंज देखने को मिलेंगे..

बहुत बहुत शुक्रिया भाई... साथ बने रहे ✨
 
Episode:17


दसख के पिता ठाकुर अर्जुन सिंह, राजा ठाकुर की बात पर बोल गए थे, वो खुद hi देख लेंगे इन ऑर्ग वळून को. किसी में इतना दुम्म नहीं जो उनके बरसों की म्हणत से खड़े किये हुए बिज़नेस एम्पायर को दक्ष के लिए यौन तबाहो बर्बाद कर दें.

ठाकुर परिवार में पावर के मामले में कोई भी काम नहीं था. अर्जुन ठाकुर भी काम नहीं था. हाई लेवल पर रिलेशन्स थे तोह बात करने का ढंग भी जनता था. उसकी आवाज़ में, बात में पावर भी थी.

पर असली पावर राजा ठाकुर की थी. और राजा ठाकुर ने खुद को इस मामले से अलग कर दिए था. हर बात वही करता तोह उसके बाद कौन इस परिवार को स्टैंड बी कर सकता था. कोण ऐसे लोस्स पुहंचने वळून को जवाब दे सकता था, टकरा सकता था.

पर अर्जुन ठाकुर राजा ठाकुर के बराबर न होते हुए भी काम नहीं था. जितनी पावर और वज़नदार आवाज अर्जुन सिंह की थी, उतनी विक्रम सिंह की नहीं थी.

अर्जुन ठाकुर ने अपने रिलेशन्स का इस्तेमाल किया और CM,PM से लेके सभी सभी नेताओ से बात कर डाली. अर्जुन सिंह का बिज़नेस बहार hi डिस्ट्रॉय हुआ था, बहुत से कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल हुए थे. तोह कइयों ने साथ छोड़ दिए था. इंडिया में अभी भी उनके कई बड़े बड़े प्रोजेक्ट चल रहे थे. कुछ आर्मी वळून के साथ थे तोह कुछ देश के जाने माने बड़े बड़े बिल्डर्स के साथ.

अर्जुन सिंह सबपर ऐसे बरसे सबको अपना आप खतरे में महसूस होने लगा. सब जानते थे, बोलने वाला अर्जुन सिंह नहीं राजा ठाकुर है, और राजा ठाकुर के कहे को नकारना मतलब खुद के लिए तबाही लाना था. पं तक को अपनी कुर्सी खतरे में दिखाई देने लगी. ऐसी hi पावर रखते हुए राजा ठाकुर.. फ़ौरन hi रपो के बड़ों से बात की गई तोह अर्जुन सिंह की बात सुनते हुए रपो ने बिगड़े सभी काम फिरसे सुधरने शुरू कर दिए.

रपो एक वर्ल्ड बेस्ट ऑर्ग थी. शराफत से रहते तोह कभी ऑर्ग अपने पैरों पर कड़ी नहीं रह सकती थी. वो क्या जाने किसी को, राजा ठाकुर क्या, राजा ठाकुर से हरज़ गुना बढ़कर पॉवरफुल इंसान उनके सामने कोई वैल्यू नहीं रक्त था. रपो वाले तोह अपने देश की सर्कार चलाया करते थे. कैसे वो राजा ठाकुर या फिर किसी और की सुन सकते थे. उनका लिया फैसला गलत गलत भी होता तोह भी वो अपनी hi मन मर्ज़ी किया करते थे.

पर इंडिया के साथ बने अच्छे रिलेशन्स और ढेरों कॉन्ट्रैक्ट के चलते वो गिरगिट बन गए. रंग बदलने लगे. जो किया उसपर सॉरी तोह नहीं बोली. पर फिरसे राजा ठाकुर के साथ वो ऐसा नहीं करेंगे ऐसा बोल दिए.

पर दर पर्दा वो अपने दूसरे खेल में लग गए. साज़िशें करना hi तोह उनका असली काम था. वो समझ गए थे, जितना पॉवरफुल परिवार डीके का है. ऐसे hi चलता रहा तो वो कुछ नहीं कर पाएंगे. और डीके हमेशा उनकी पोहंच से बचता रहेगा. इंडिया में भी कई ऐसे हरामज़ादे भी थे, जो पैसों के लिए अपनी माँ, बहनो को भी बेच दिए करते थे. और ऐसे लोग दुन्या के कोने कोने में भी पाए जाते हाँ.

रपो ने कुछ इंडिया से तो कुछ दूसरों कन्ट्रीज के गैंगस्टर्स को कॉन्ट्रैक्ट दे दिए. राजा ठाकुर के परिवार के टोटली बिज़नेस को डिस्ट्रॉय करने के लिए. डीके कभी लौट कर अपने परिवार में आये भी तोह वहां पोहंच के सुरक्षित न रह पाए. उसका परिवार अपनी पावर खो बैठे. डीके को इंडिया में कहीं छुपने के लिए जगा न मिले.

राजा ठाकुर ने अर्जुन सिंह को शाबाशी नहीं दी....

राजा ठाकुर जान गए थे, अब जल्द hi वो समय आने वाला है, जब उनके सरे रूल्स और ाँ बाण शान मिटटी में मिलने वाली है. सब देख के भी वो कुछ नहीं कर पाएंगे.

राजा ठाकुर भी दुन्या देख चुके थे, जानते थे, ओरगजीनेशन वलु से बिगड़ के कभी कोई सुरक्षित नहीं हो पाया. ऑर्ग अगर खुल के कुछ न करे तोह चतुराई पर उतर आती है. फिर ऐसे खेल खेलती है, कोई उनके सामने खड़ा रहने की हिम्मत नहीं कर पता.

मास्टर CHI-FANG इस बारे भी खुल कर राजा ठाकुर को बता चुके थे. और राजा ठाकुर ने यकीं भी कर लिया था. पहले वो देश में रहते हुए, अपने इलाके में रहते हुए, आम जनता की भलाई का काम किया करते थे. अब उनका पोता आल वर्ल्ड में घूम घूम के वही काम करने वाला था. राजा ठाकुर को ये सोच के ख़ुशी थी.

दर था तोह बस इतना के इत्तिहास ऐसी कई घटनाओं से भरा पड़ा है. जब जब कोई समाज सेवाज जन्मा है तोह उससे जुड़े हुओं के साथ दुश्मनो ने कभी अच्छा बर्ताव नहीं किया. अब भी राजा ठाकुर अपने परिवार के लिए चिंतित थे. दक्ष के मैदान में उतरने से पहले hi दुश्मन बिज़नेस के पीछे पद गए थे. जल्द hi वो सबकी जान को भी आने वाले थे.

अर्जुन ठाकुर इंडिया में बिज़नेस की देख रेख करने लगा. कुछ दिन ठीक रहा सब. फिर वही हुआ जो राजा ठाकुर ने सोचा था. जो रपो वळून ने प्लान किया था.

बहार के, इंडिया के अंदर के बहुत से कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल होने लगे. कइयों पर अजीब अजीब घंटाएं घटने लगी. कहीं किसी लाश मिलती तोह कहीं कोई किसी लड़की का रपे करके लड़की को वही फ़ेंक देता. कई जगा पर तोह भयंकर ब्लास्ट भी होने लगे. तीन बड़े शिप जो माल लेके फॉरेन जा रहे थे, वो समुद्र की गहराइयों में पोहंचा दिए गए.

राजा एम्पायर को तबाह करने के लिए दुश्मन कैसे कैसे खेल खेलने लगा था. राजा ठाकुर और परिधि नार्मल रहे तोह सब के पैरों टेल ज़मीन खिसकने लगी. कई सालों की म्हणत से खड़ा किया बुसिनेस एम्पायर दिनों में hi रेट के महक के जैसे ज़मीन बोस होने लगा.

विक्रम सिंह, उसकी पत्नी और बच्चे खुश थे. डेस्टोरी होने वाले बिज़नेस में उनका ओनली 10% hi था. 90% राजा ठाकुर, अर्जुन ठाकुर और परिवार के दूसरे मेंबर्स के नाम पर था.

पूरा देश ये देख के हैरान था, कितनी जल्दी राजा ठाकुर एम्पायर का नाम ख़तम हो रहा हटा.. एक ऐसा एम्पायर जिसकी बुलंदी देखने वाले पीछे को गिर जाया करते थे. ऐसी बुलंदी जिसकी आखरी ऊँचाई तक पोहंच पाना किसी के लिए मुमकिन नहीं था. एक ऐसा परिवार जो देश का सबसे पॉवरफुल परिवार था. राजा ठाकुर जो अपने hi इलाके में खुद की अदालत लगाया करता था. खुद hi फैसले किया करते और खुद hi सजा भी सुनाया करते थे.

राजा ठाकुर का आल वर्ल्ड में पहला हुआ बिज़नेस एम्पायर ऐसे तबाह ो बर्बाद हो रहा था, जैसे भयंकर तूफ़ान आने पर झोंपड़ियों का हाल हुआ करता है. छोटे पेड़ पोड़ों का हाल हुआ करता है.

अर्जुन ठाकुर भाग भाग के थक गया था. शुरू में सब उसके लिए भाग दौड़ करते रहे, फिर वो भी पीछे हैट गए. अर्जुन ठाकुर अपने आदमियों के साथ इंडिया के कभी एक सिटी की और भागता तोह कभी दूसरी सिटी की ऑर्डर. कई बार तोह गंगटेरस से उसका आमना सामना भी हुआ,. कुछ अर्जुन ठाकुर तोह कुछ उसके आदमियों ने गुंडों को मार गिराया. तोह कुछ आदमी अर्जुन ठाकुर के भी मारे गए.

अर्जुन ठाकुर बिज़नेस के बाद अपने ामदियों का लोस्स सहन नहीं कर पाया और घर लौट आया. वो समझ गया था वो कुछ नहीं कर पायेगा. देश में और दुन्या के दूसरे कन्ट्रीज में जैसा सब हो रहा है, ये सब रपो hi कर रही है. ऐसा सब समझ रहे थे. सबको यकीं भी था.

पर रपो ने इस सब से इंकार कर दिए था. ंप और दुसरो ने भी रपो के बड़ों से बात की, इस सब को बंद करने के लिए कहा. पर रपो ने कह दिए. डीके के पीछे केवल वो hi नहीं हाँ. डीके के पीछे वर्ल्ड की और भी दूसरी कई ऑर्गनिज़तिओन्स लगी हुई हाँ. और फिर राजा ठाकुर ने अब तक जैसी लाइफ जी है, उसके सेंकडो दंशमन भी तो हाँ. इस मोके का फायदा वो क्यों नहीं उठा सकते. ज़रूर राजा ठाकुर के सताए हुए hi ऐसा सब कर रहे हाँ. रपो ने ऐसा बयां देकर सबके मोहन बंद कर दिए. रपो ने कुछ गलत भी नहीं कहा था.

और राजा ठाकुर के सताए हुए भी काम पॉवरफुल नहीं थे. अब तोह वो राजा ठाकुर से भी बढ़कर पॉवरफुल बन गए होंगे. राजा ठाकुर की पावर बिज़नेस से थी, रैलाशंस से थी. अब न बिज़नेस रहा था और न hi रिलेशन्स. बिना पावर और बिज़नेस के रिलेशन्स रख के कोई करता भी तोह क्या.

बहुत से परिवार ऐसे भी थे, जो राजा ठाकुर से खर खाये हुए थे. कई राजस्थान में आये बिगड़े लड़को की घट्टिया हरकतों के चलते राजा ठाकुर ने उन्हें वहीँ सजा सुना दी थी. कइयों को रपे के चलते जान से मार दिए था. कइयों के हाथ तोह कइयों के पेअर काट डाले थे. कैयो की तो जीब काट डाली थी तोह कइयों की ऑंखें. अपने बनाये रूल्स पर राजा ठाकुर इतना hi सख्त दिल भी था.

अब वही रपो गैंगस्टर्स के साथ साथ अपना खेल भी खेलने में लग गए थे. सब मिलकर राजा ठाकुर परिवार को पूरी तरह से बर्बाद कर देना चाहते थे. रॉ या देश का कोई और इदारा इस मामले में कुछ नहीं कर पा रहा था. कैसे कुछ करते, कोई एक होता तोह उसके खिलाफ एक्शन भी लेते. रपो ने इंकार कर दिए था. कई गैंगस्टर्स गैंग अलग अलग इलाकों में, अलग अलग अंदाज़ में काण्ड कर रहे थे.

पैसे भी राजा ठाकुर परिवार के पास तेज़ी से कम् होने लगा.. जिनके साथ राजा ठाकुर, अर्जुन सिंह ने कॉन्ट्रैक्ट्स किये थे, वो पैसों की डिमांड करने लगे. वो भी तोह राजा ठाकुर के साथ बर्बाद हो रहे थे. राजा ठाकुर या अर्जुन ठाकुर कैसे सबकी भरपाई कर सकते थे.

अलका जो दिल्ली में रह रही थी. पावर के न रहने से उसके लिए भी खतरे बढ़ने लगे थे. अलका की सिक्योरिटी पर डेप्लॉयड गार्ड्स भी कुछ नर्वस होने लगे. राजा ठाकुर के कहने पे अलका को भी राजस्थान लौटना पड़ा. अलका जब लौटी तोह बदली हुई थी. सतीश ठाकुर को मिल के अलका ने बुरा मोह नहीं बनाया था. ऐसे मिली थी अलका सतीश से, जैसे वो सतीश से मोहब्बत करने लगी हो. सतीश खिल उठा था. अलका को पा के. अलका को बदला हुआ देख के. अलका की खुद के लिए स्माइल और आँखों में चमक पर सतीश बहुत खुश हुआ था.

हालत कुछ और बिगड़े तोह सबके लिए वहां रहना मुश्किल होने लगा. राजा ठाकुर जानते थे, रपो ने हमें कमज़ोर करने के लिए जो खेल खेला था, वो आखरी हद तक पोहंच चूका है. राजा एम्पायर नहीं रहा था अब. तोह सेंकडो दुश्मन उठ खड़े हुए थे.

वैल्यू अक्सर इंसान की नहीं हुआ करती. वैल्यू पावर की हुआ करती थी. और पावर में राजा ठाकुर सबसे बढ़ कर थे. अब वो सबसे बढ़कर नहीं रहे थे. उनकी पावर जो ख़तम हो गई थी.

राजा ठाकुर ने समझ लिया, अब यहाँ से उनका दाना पानी ख़तम होने को है. यहाँ रहे तोह दुश्मन लड़ने के लिए आएगा और लड़ने पर जहाँ दुश्मन के आदमी मरेंगे वहीँ उनके अपने भी कई मारे जायेगे. और राजा ठाकुर अब ऐसा नहीं होने देने चाहते थे.

दक्ष की हक़ीक़त न खुलती तोह राजा ठाकुर न बदलते. राजा ठाकुर न बदलते तो किसी के माई के लाल की इतनी हिम्मत hi कहाँ होती कह वो राजा ठाकुर से टकरा सकता. राजा ठाकुर अब भी इतनी पावर रखते थे. राजा ठाकुर के लिए अब भी कई मर मिटने के लिए तैयार थे. पर राजा ठाकुर अब ऐसा नहीं चाहते थे. जितना जीना था, जी चुके थे, जितने फैसले लेने थे, ले चुके थे. बहुत राज कर लिया था राजा ठाकुर ने सबपर. अब उसके पोते की बारी थी.

ये सरे बिगड़े हालत कोई ठीक नहीं कर पा रहा था. राजा ठाकुर का शेर पोता दसख ठाकुर hi एक ऐसा शेर था, जो सरे बिगड़े हालत ठीक कर सकता था.

हालत ने भयंकर रुख तब बदला. जब दसख की बड़ी सिस्टर पायल सिंह का रिश्ता टूटा. पहले राजा ठाकुर का परिवार देश का सबसे बड़ा परिवार था, तो कोई भी ठाकुर परिवार से जुड़ के खुद को खुशनसीब hi समझता. पर अब ठाकुर परिवार सड़क पर आ गया था. तो कोई उन्हें देखने वाला नहीं था. कोई वैल्यू भी तोह नहीं रह गई थी ठाकुर परिवार की.

सब बहुत दुखी हो गए थे रिश्ता टूटने पर. पायल सिंह रोने लगी थी. ये रिश्ता उसे बोहुअत पसंद था. पसंद की शादी नहीं थी, अर्रंगे मर्रिज थी. पर पायल सिंह को लड़का भ गया थम उसके साथ कई बार घूमने भी जा चुकी थी. अच्छी बॉन्डिंग हो गई थी दोनों में. बहुत से सपने भी देख डाले थे पायल सिंह ने. सरे सपने टूट कर बिखर गए थे. बहुत से प्लान बनाये थे पायल सिंह ने, सब धरे रह गए थे.

पायल सिंह : ये सब उस कमीने की वजा से hi हो रहा है. घर से निकल के भी हमें चैन से जीने नहीं दे रहा. सारा बिज़नेस, साडी इज़्ज़त मिटटी में मिला दी कमीने ने. सिसकते हुए... मेरे घर बनने से पहले hi उजाड़ दिए कमीने ने..

विक्रम सिंह : सही कहा पायल बेटी तुमने, ये सब उस कमीने की वजा से hi हो रहा है.

राजा ठाकुर, रानी देवी और परिधि भी सब देख सुन रहे थे. राजा ठाकुर तोह सुकून से रहे, वो जानते थे, जल्द hi वो लौट के आएगा, फिर दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा. पायल अब जो उसे बुरा भला कह रही है. जब सब उसके सामने आएगा तोह कैसे अपनी hi नज़रों में गिर जाएगी.

पर परिधि चुप नहीं रही वो चीख पड़ी...

परिधि : मेरे भाई को कुछ मत कहना दीदी. मेरे भाई ने जो भी किया बहुत सही किया. उनकी अपनी लाइफ है, जैसे चाहें वो जियें. स्ट्रॉन्गेर्स को मार कर पुण्य का काम किया है मेरे भाई ने. कोई पाप नहीं किया और माफ़ करना दीदी आप की शादी भाई के कारण नहीं टूटी है. कच्चे रिश्ते हमेशा hi ऐसे टूट जाया करते हाँ, मतलब के रिश्ते भी ऐसे hi कभी भी साथ छोड़ जाया करते हाँ. एक बार पहले भी आप सब ने भाई को धुत्कार कर घर से निकल दिया था. आप सब से खून का रिश्ता था भाई का. पर रिश्ता कच्चा था आप सब का भाई से. पक्का होता तोह, अटूट विश्वास होता तोह आप सब सोचते भाई ऐसा कर भी कैसे सकते हाँ. कुछ नहीं किया था मेरे भाई ने. ज़रूर किसी दुश्मन ने कोई चाल चली थी. और आप सब कच्चे रिश्तों में बंधे मेरे भाई पर आरोप लगा कर उसे धुत्कार कर, उसपर थूक कर उसे घर से निकल गए.

अलका भी चीख पड़ी : सही किया जो उसे घर से निकल दिए था. वो था hi इस लायक. कमीना कहीं का.

अर्जुन सिंह और रोहिणी सिंह बस देख रहे थे. एक बार फिरसे बरसों बाद हवेली में दसख का ज़िक्र हो रहा था. एक बार फिरसे उसे लेके हवेली में सब बहस करने लगे थे. पर बिज़नेस के देह जाने से वो भी टूट चुके थे. साडी इज़्ज़त सारा नाम मिटटी में मिल चूका था. दक्ष के कारण hi ऐसा सब हुआ है, ये वो भी मान रहे थे. वो दसख की फवोइ में नहीं बोले.

सतीश तो अलका का पालतू बना हुआ था. वो अलका की सपोर्ट में बोल पड़ा.

सतीश : कितना दर्द दिए था उस कमीना ने तुम्हे. कितने बरस तुम दुःख में रही हो अलका. मैं कभी तुम्हारा साथ नहीं छोडूंगा अलका. हमेशा तुम्हारे साथ खड़ा रहूँगा.

अलका प्यार से सतीश को देखने लगी. तोह सतीश की बहने और माँ भी दसख को लेके बातें करने लगे. वो साडी बातें फिरसे दोहराई जाने लगी जो बरसों पहले हुई थी.

राजा ठाकुर एक साइड बैठे हुए सब को देख रहे थे. वो किसी को कैसे कह सकते थे, तुम सब गलत हो, गलत तो वो भी थे, अब भी वो खामोश थे, किसी से नहीं कह सकते थे. बंद करो सब अपनी अपनी बकवास मेरा पोता कभी गलत नहीं था, न कल और न hi आज. वो कभी गलत हो hi नहीं सकता था. हम सब की बुद्धि hi उस समय भ्रष्ट हो गई थी. अपने hi खून को हम पहचान नहीं पाए थे. कितना बड़ा आरोप अपने hi खून पर लगा बैठे थे. कितना बड़ा ज़ुल्म हम अपने hi खून पर कर बैठे थे. पर राजा ठाकुर कुछ बोल नहीं सकते थे. जिसका खेल था, लौटने के बाद अब उसी को अपना खेल खेलना था.

सब दक्ष को गलत कह रहे थे तोह परिधि भी राजा ठाकुर की छूट मिलने पर चीख चीख कर अपने भाई को बेगुनाह बोल रही थी. अर्जुन सिंह, रोहिणी सिंह जो पहले दक्ष को लेके ग़ुस्से में थे. वो राजा ठाकुर को खामोश तोह परिधि को बढ़ चढ़ कर बोलते देख कर हैरान थे.

रोहिणी माँ थी, एक गलती के बाद कई साल अपनी hi कोख से जन्मे बच्चे को गलत बोलती आ रही थी. आज राजा ठाकुर को खामोश देखा, परिधि को खुल कर बोलते सुना तोह उसके दिल की धड़कन बेकाबू होने लगी. आज बरसों बाद उसके दिल में अपने बेटे के लिए कुछ हलचल हुई थी. आज उसे भी लग रहा था, जैसे सच में hi कुछ गलत हुआ था उसके बेटे के साथ. वर्ण राजा ठाकुर ऐसे चुप न रहते, उसकी बेटी इतना न बोलती. दसख का भाई भी साइड में था. उसे अपने भाई को सही गलत कहने की काम hi आदत थी. हाँ उसे समय ज़रूर वो भी दूसरों के साथ मिलके कुछ गलत बोल गया था. फिर बरसों दसख का ज़िक्र नहीं हुआ तोह वो भी दक्ष को भूल गया. न अच्छे अंदाज़ में याद करता और न hi बुरे अंदाज़ में.. आज उसे ये दुःख ज़रूर था, दसख के कारन उसकी लाइफ भी बर्बाद हो रही थी. वो भी सबके साथ सड़क पर आ गया था.

अलका जो इतने दिनों से खामोश थी, डाब की बातें सुनकर कभी कभी वो भी दक्ष के खिलाफ बोल लेती थी. सतीश के साथ ऐसे जुड़ के कड़ी थी वो, जैसे उसने मैं से सतीश को अपना मान लिया हो. दक्ष की फवौर में एक भी बात उसके मोह से नहीं निकल रही थी. और यही बात परिधि का ग़ुस्सा भी बढ़ा रही थी. एक अलका hi उसके भाई पर विश्वास कर लेती तोह वो कभी भी इतने समय तक दूर न रहता. जितना वो टूट गया था, इतना कभी न टूटा. अलका दसख की ज़िन्दगी थी, अलका की ज़िन्दगी भी दसख था. अलका को तोह दक्ष पर अपना विश्वास बनाये रखना चाहिए था. यदि बनाये रखती तोह हालत बदले होते.

पर ऐसा नहीं हो पाया था. अलका ने भी दक्ष पर थूक दिए था. अपनी बेपनाह नफरत के साथ अपनी ज़िन्दगी से निकल फेंका था. पर दिल से नहीं निकल पा रही थी. अब जाने क्यों वो दक्ष के खिलाफ होक सतीश से चिपकी हुई थी. शायद राजा एम्पायर के साथ साथ उसके पिता का सारा बिज़नेस भी ब्लास्ट हो गया था. इसी कारण उसका ग़ुस्सा बढ़ा हुआ था.

अलका के पापा का सारा बिज़नेस राजा ठाकुर, अर्जुन ठाकुर hi संभल रहे थे.

रत के समय विक्रम सिंह, रुपाली सिंह और उसके बेटे बेटियां मिलके प्लान बनाने लगे.

अगली सुबह सब फिरसे एक साथ थे.

विक्रम सिंह राजा ठाकुर से : बाबू जी हमें यहाँ से चल देना चाहिए, यहाँ सबके लिए अब खतरा बढ़ गया है. हम बेटियों वाले हाँ बाबू जी कभी भी कुछ भी हो सकता है. दुश्मन बहुत hi नीच है, कैसे थोड़े से दिनों के हमें सड़क पर ले आया है.

राजा ठाकुर विक्रम सिंह को देखने लगे. तोह सब विक्रम सिंह की बात पर हैरान रह गए थे. सब सोचने लगे. सच में hi अब हवेली रहने लायक नहीं रही थी. यहाँ रहे तोह कभी भी कुछ भी हो सकता था. दुश्मन एक नहीं था, बहुत से दुश्मन थे, और कोण कोण था, ये भी नहीं जानते थे. कोण कोण राजा ठाकुर के लिए, पुरे परिवार के लिए दिल में खार रखे हुए था, कोई नहीं जनता था.

राजा ठाकुर सबको देखने लगे. सब एक दूसरे को देख रहे थे. सबके चेहरों के भाव विक्रम सिंह की बात को सही मान रहे थे. यहाँ सब सुरक्षित नहीं थे. ये सबको लग रहा था.

सोहिनी सिंह जो अपने दिल में आयी बहुत सी बातें "जो दसख ठाकुर के बारे में थे" अर्जुन सिंह से कर चुकी थी. अर्जुन सिंह भी रोहिणी की बात पर दूसरे एंगल से सोचने लगा था. पर उसका दिल नहीं माना. वो रोहिणी से यही कहता रहा, दक्ष hi गलत था. जैसा उनके किया था, कैसे कोई और बात हो सकती थी. दक्ष को कुछ भी करने पहले हम सबके बारे में सोचना चाहिए था. अर्जुन सिंह को भी अपनी साख बड़ी पायरी थी. अब वो सड़क पर आ गया था. तोह कैसे दसख को सही कह सटका था.

रोहिणी सिंह इस समय बस दक्ष के बारे में hi सोच रही थी. उसे लेके विचारों में उलझी हुई थी. तो परिधि ठाकुर अपने दादा को देख रही थी, जो पुरकुसुं थे.

राजा ठाकुर : यहाँ से कहीं और कहाँ जायेंगे हम सब.. राजा ठाकुर विक्रम को परखती नज़रों से देखते हुए बोले.

अलका जिसे सतीश पहले hi सब बता चूका था.

अलका : दादा जी आप सब मेरी खानदानी हवेली पर चले चलिए, वहां आज भी मेरे इंतज़ार में हाँ सब. वहां सब सेफ भी रहेंगे.

राजा ठाकुर : वहां जाना सही नहीं रहेगा. कुछ दिन और इंतज़ार कर लेते हाँ. फायर देखते हाँ, क्या करना सही रहेगा.

रुपाली दसख की चची बोली : माफ़ करना बाबू जी, पर मैं अब यहाँ नहीं रह सकती और न hi मेरे बच्चे अब यहाँ रहेंगे. मई किसी को खतरे में नहीं दाल सकती. यहाँ रही तोह कभी भी कुछ भी हो सकता है.

अलका : दादा जी मैं भी अब यहाँ नहीं रहना चाहती. मुझे लगता है, अब मुझे अपनी खानदानी हवेली लौट जाना चाहिए. पता नहीं क्यों मुझे अब यहाँ पर घुटन होने लगी है. और फिर वहां भी तोह मेरा बरसों से इंतज़ार किया जा रहा है. मेरी असल भी तोह वही है न दादा जी. आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया है दादा जी. पर मैं यहाँ नहीं रह सकती. अब तोह यहाँ का सब ख़तम भी हो चूका है तोह यहाँ रह के मैं खुद को खतरे में नहीं दाल सकती.

राजा ठाकुर लका को दुःख से देखने लगे. अलका ऐसी बात बोल जाएगी, राजा ठाकुर ने सोचा नहीं था. राजा ठाकुर अलका को देखते रह गए. पायल सिंह भी चुप नहीं रही वो भी बोल पड़ी.

पायल सिंह : मैं भी अब यहाँ नहीं रहना चाहती दादा जी. मुझे भी चाचा चची और सबके साथ किसी सेफ जगा जाना है. अरु सेफ जगह अलका की हवेली है तोह मई भी वहां जाना चाहूंगी. यहाँ रही तोह उस कमीने के दुश्मन सबके साथ मुझे भी मार देंगे. उस कमीने के किये काण्ड पर अब मुझे कोई भरोसा नहीं रहा है. जैसे दुश्मन उसके, हम सब के पीछे पड़ें हुए हाँ, यहाँ कोई भी सेफ नहीं है, मैं भी नहीं. इसलिए मैं भी यहाँ से जाना चाहूंगी. रिश्ता क्या टूटा था, पायक सिंह को भी हिम्मत मिल गयी थी. शायद वो भी जान गई थी, अब राजा ठाकुर "राजा ठाकुर" नहीं दादा ठाकुर बांके रह गए हाँ. तभी उसमे भी हिम्मत आ गई थी. बिना झिझके वो खुल के बोल गई थी.

पायल सिंह की बात पर राजा ठाकुर को दुःख नहीं पोहंचा. कितना प्यार करती थी पायल अपने भाई से, जब अपने उसी भाई को थप्पड़ मार मार के, ज़लील करके घर से निकलने में सबसे आगे रही तोह अब भी कुछ भी कर जाती, राजा ठाकुर को दुःख नहीं पोहचने वाला था. राजा ठाकुर अपने टूटते परिवार को देख रहे थे. पर वह इसे टूटने से बचा भी नहीं सकते थे.

रोहिणी सिंह के दिल में हो रही हलचल और भी बढ़ने लगी थी.

रोहिणी सिंह : न पायल बेटी तुम ऐसा कोई फैसला मत करो. जैसा बाबू जी बोलते हाँ, वही सही रहेगा. रोहिणी अपनी सास के पास पोहंची. रानी देवी भी सब मिटटी में मिल जाने पर बहुत दुखी थी. राजा ठाकुर ने उसे भी कुछ नहीं बताया था दक्ष के बारे में. वो भी अब तक दक्ष को hi गलत माँ रही थी.

रोहिणी सिंह : माँ जी रोक लें न मेरी पायल को. उसे बोल दें वो ऐसा फैसला न ले.

रानी : दसख के कारण हम सब बर्बाद हो चुके हाँ रोहिणी बेटी. पायल की शादी भी टूट चुकी है. मैं या कोई और कैसे उसके दर्द को काम कर सकते हाँ. इस समय पायल को जो सही लगेगा, वही करेगी. और हम उसे रोक भी नहीं सकते. और फिर ठीक hi तो कहा है उसने. उसके साथ साथ सबको खतरा है यहाँ पर. मैं तोह कहती हों हम सब को यहाँ से चले जाना चाहिए.

रानी राजा ठाकुर को देखते हुए बोली : सुनिए जी सबका यहाँ से जाना सही रहेगा. आप सबको जाने की परमिशन दे दें.

राजा ठाकुर : आप कुछ नहीं जानती महालक्ष्मी जी, अलका के पुरखो की हवेली जाना सही फैसला नहीं है. वहां न हम अब जायेंगे और न hi फिर कभी. वाहन जाना किसी के लिए भी सेफ नहीं है. जानती हाँ न आप वो कहाँ पर है. देहरादून के पहाड़ों में बसी एक बस्ती में है वो हवेली और वहां किसी को भी गए बरसों बीत चुके हाँ. नहीं वहां कोई नहीं जायेगा. वहां सब और भी खरते में आ जायेंगे. वहां दुश्मन पोहंचा तोह निकलने का रास्ता भी नहीं मिलेगा.

रानी देवी अपने पति की बात पर खामोश हो गई. वो कह तोह सकती थी. पर बात मनवा नहीं सकती थी. फैसला तोह राजा ठाकुर का hi होना था. जो भी फैसला करते, रानी देवी को मानना पड़ता.

रुपाली : पर मैं अपने बच्चू के साथ यहाँ नहीं रह सकती.

विक्रम सिंह : हम आज hi यहाँ से निकल जायेंगे बाबू जी. अब हम यहाँ पर नहीं रह सकते. यहाँ अब कुछ भी नहीं रह गया.

सतीश : अलका तुम साथ हो न मेरे.. अलका सतीश की आँखों में देखती हुई.

अलका : हाँ सतीश अब मैं और एक पल भी यहाँ नहीं रह सकती. हम आज hi यहाँ से निकलेंगे.

सतीश खुश हो गया.

पायल सिंह : मुझे भी अपने साथ hi लेते जाना सतीश, मुझे भी वहीँ जाना है. मैं जा के पैकिंग करती हों..

पायल उठ के चली गई. विक्रम सिंह, उसकी पत्नी, बेटे और बेटियां भी उठ के पैकिंग करने चले गए.

राजा ठाकुर : अर्जुन सिंह तुम नहीं जाना चाहोगे विक्रम के साथ.

अर्जुन सिंह : नहीं बाबू जी, मैं आपके साथ hi रहना चाहूंगा. हालत जैसे भी हुए, मिलकर रहेंगे. खतरा हुआ तो आपके साथ मिलके लडूंगा. जान भी चली जाए तो भी ग़म नहीं है बाबू जी..

राजा ठाकुर मैं में.. तुम न होते तोह दक्ष भी ऐसा न होता. तुमने कभी कोई गुनाह नहीं किया, हमेशा मेरी hi मानी है, मैं तुमसे खुश तोह हो अर्जुन सिंह, पर तुम भी अपने बेटे को दोषी मान बैठे. तुमने भी उसे गलियां देकर, धुत्कार कर घर से निकला था. हाहहह काश कोई उस समय मुझे ये फैसला लेने से रोक सकता. तो आज ये दिन न देखने पड़ते. कैसे सामना कर पाऊँगा मैं अपने पोते का.

रोहिणी पायल के जाने का सुनके दुखी थी. वो आंसू बहाने लगी थी. वो छह के भी उसे रोक नहीं प् रही थी. ज़िद्दी भी थी पायल सिंह.

पायल सिंह, अलका और सबके साथ हवेली से चली गई. किसी ने भी जाने वळून को अलविदा नहीं कहा. राजा ठाकुर को मास्टर CHI-FANG ने बोल दिए था, जो हो रहा है, होने दो. समय खुद से खेल खेल रहा है. तोह उसे खेलने दो. जल्द hi दक्ष का खेल शुरू होने वाला है. परिवार बिखर रहा है तोह वो बिखरा hi रहेगा. आज बिखर रहा है तोह बाद में भी बिखरेगा hi.

राजा ठाकुर दुखी थे, बेहद दुखी. पर कुछ कर नहीं सकते थे. शर्मसार थे, बहुत ज़यादा. पर उनका सर अब जल्दी उठने वाला नहीं था. दक्ष के आने पर शायद उनका झुका सर कभी उठ सके. ये तोह बात की बात थी.

दसख की बुआ का परिवार इन सभी झमेलों से बचा हुआ था. उनका बिज़नेस अलग था, उनके डीके मटर से कोई लेना देना नहीं था.. रपो ने उन्हें कुछ नहीं kaha.Unke बिज़नेस को डिस्ट्रॉय नहीं किया.

एक दो चक्कर हवेली के लगा के वो चले गए थे. वो कोई मदद भी तोह नहीं कर सकते थे. करने की कोशिश करते तो उन्हें भी सड़क पर ले आया जाता. सभी की दुश्मनी थी तोह राजा ठाकुर के परिवार से थी. बुआ परिवार से कोई दुश्मनी नहीं थी. वो भी किसी से काम नहीं थे. उनका अपना बहुत बड़ा खंडन था, कुछ पॉलिटिक्स में थे तोह कुछ बहुत बड़े बिजनेसमैन. एक को डिस्टर्ब करते तोह सब को करना पड़ता. सबको करते तोह देश का बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था.

इसी कारण बुआ परिवार बचा हुआ था. राजा ठाकुर ने भी उनको अपने घर में खुश रहने को बोल दिए था. कोई भी मदद करने से मन कर दिए था. राजा ठाकुर समझ गए थे, अब उनका ज़वाल शुरू हो चूका था. अब जो समय शुरू होगा वह होगा उनके पोते का समय. राजा ठाकुर के बाद वो बनेगा असली सम्राट, पुरे देश का नहीं, पुरे वर्ल्ड का नहीं, निमुनिका का भी. इतना वो समझ रहे थे. दसख की षिमुना से सांगत पर भी वो बहुत कुछ जान गए थे. और फिर मास्टर CHI-FANG ने भी उन्हें कुछ कुछ बता दिया था. तभी तोह राजा ठाकुर शांत थे. खुश थे, बिगरे हालातों पर भी चिंतित नहीं थी. साख बिड़द गई थी. इज़्ज़त मिटटी में मिल गई थी. बिज़नेस रहा न पास कोई पैसा. फिर भी वो शांत थे. बेहद शांत. शायद आने वाले समय की आहात उन्हों ने सुन ली थी.

बुआ और सब बहुत दुखी भी हुए थे, दिल से वह सब भी राजा ठाकुर की मदद करना चाहते थे. पर इंटरनेशनल लेवल मटर था, कैसे वो कुछ कर सकते थे. हाई लेवल पर राजा ठाकुर एम्पायर को डिस्ट्रॉय किया गया था, कैसे कोई उनकी मदद कर सकता था.

कोई बीच में आता तोह रपो खेल बदल बदल कर खेलती. पर जीत उसी की होती.

रॉ की नज़र थी राजा ठाकुर के परिवार पर. उनके बहुत से एजेंट्स बस्ती में दूर दूर तक पहले हुए थे. राजा ठाकुर को वो बर्बाद होने से तोह नहीं बचा पाए थे. पर राजा ठाकुर के परिवार की सुरक्षा के लिए वो ज़रूर मैदान में उत्तरी हुई थी. मैं से वह भी डीके को सही कह रहे थे. मटर रपो का था, पॉलिटिशंस किसी के नहीं होते, ये रॉ वाले जानते थे. वो भी परदे में रहते हुए बहुत कुछ करना चाहते थे.





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सोफिए निमंस के वापिस लौट जाने के बाद डीके, षिमुना की और आकर्षित हो गई थी. सोफिए ने ीबन मार्श को ये मिशन दिए था. खुद वहां होती तोह शायद रिजल्ट hi कुछ और होता. ीबन मार्श फ़ैल हो गया था, पहले मिशन में. षिमुना को देख कर भी अपने कब्ज़े में नहीं कर पाया था. wang-zhi और षिमुना ने सबको तिगनी का नाच नचा दिए था.

उस घटना के बाद wang-zhi तोह टेम्पल में नज़र आती रही. पर षिमुना किसी को नज़र नहीं आये. सिमोना के सामने आ जाने से टाइगर की मौजूदा लुक भी रिकॉर्ड से निकल ली गई थी. डीके अब टाइगर के नाम से एक चिनेसे hi सूरत में रह रहा है, ये बात जान के सबको झटका लगा था.

षिमुना नज़र आणि बंद हुई तोह टाइगर पहले से hi सबकी नज़रों से ओझल था. Wang-zhi टेम्पल में ओपनली घूमती फिरती, टेम्पल के अंदर किसी किसम की कोई करवाई नहीं की जा सकती थी. यहाँ तक कह टेम्पल के अंदर सटेललिते द्वारा भी नहीं देखा जा सकता था. मास्टर CHI-FANG नहीं चाहते थे, कोई ऐसा कर पाए. और फिर चीन किसी को इतनी इजाज़त कहाँ देता क कोई टेम्पल को सॅटॅलाइट से देख भी सके.

कई एजेंट्स टेम्पल के अंदर रहते हुए षिमुना और dk(tiger) को खोजते रहे. पर दोनों किसी को भी नहीं मिल पाए.

मार्गरेट भी बाओ एजेंट्स को देख कर है दिए करती थी. वो जानती थी, टेम्पल में जो खो जाए उसे ढूंढा नहीं जा सकता था. और फिर कोई ऐसा करता भी तो मार्गरेट खुद से उसकी जान ले लेती. रपो वाले बहार hi कोशिश कर रहे थे. बाओ वाले अंदर घुस कर कोशिश कर रहे थे. मार्गरेट यहाँ ट्रैंनिंग कर रही तोह उसने रपो को बोल दिया था, डीके या षिमुना अगर टेम्पल के अंदर हाँ भी तोह उन्हें ढूंढा न जाये. जब वो बहार निकले तोह फिर उनके साथ कुछ भी किया जा सकता है. वह खुद कुछ भी सब कर जायेगी. पर टेम्पल के अंदर किसी किसम की कोई करवाई करने की इजाज़त मार्गरेट भी रपो को नहीं दे सकती थी. और रपो मारगरेट की कोई बात ताल भी नहीं सकते थे. मार्गरेट रपो की स्पेशल एजेंट थी. उसकी बात हमेशा मानी जाती थी.

समय बीतने लगा. टाइगर अपनी ट्रैंनिंग में निकलता जा रहा था. Wang-zhi और षिमुना की बाओ एंड रपो वळून से फाइट को 2 महीने बीत चुके थे.

टाइगर को टेम्पल आये हुए और ट्रैंनिंग करते हुए 3 महीने से ऊपर का समय हो चूका था. आज के hi दिन राजा ठाकुर हवेली पर सब एक साथ बैठे हुए दक्ष के कारण होने वाले लोस्स पर बहस कर रहे थे. आज के hi दिन पायल सिंह अलका और चाचा परिवार के साथ देहरादून के पहाड़ों में बसी एक बड़ी बस्ती में मौजूद हवेली के लिए निकल चुकी थी.

टाइगर फाइटिंग के साथ साथ टेलिपाथी की ट्रैंनिंग में लगा हुआ था. फाइटिंग तो टाइगर सभी नहीं सीख पाया था. बहुत सी फाइटिंग स्किल वो ज़रूर सीख चूका था. पर उसने भी अपना फोकस सबसे ज़यादा टेलिपाथी पर hi बढ़ाया हुआ था. मास्टर ने भी कह दिए था, टेलिपाथी सबसे बढ़कर है, फाइटिंग समय के साथ साथ सीखी जा सकती है. पर टेलिपाथी की सीख में वक़्फ़ा मुमकिन नहीं है.

टाइगर को दो महीने लगे थे, हज़ारों लाखों आवाज़ों में से किसी एक आवाज़ पर अपना फोकस बनाने में. टाइगर के लिए ये काम सबसे मुश्किल काम सबत हुआ था. इंसानी आवाज़ें, जनवाज़ो की आवाज़ें, ाहूँ सिसकियों की आवाज़ें सुन सुन के अक्सर टाइगर का धयान टूट जाया करता था. कभी ऐसा भी होता के सभी आवाज़ें एक साथ मिलके इतने भयंकर शोर में बदल जाया करती थी. टाइगर को लगने लगता, कहीं सच में hi उसका मेन्टल बैलेंस न बिगड़ जाए. टाइगर को रेयर थिंग्स का कारण मिली पावर और दोनों मास्टर्स की दी गई ख़ास योग ट्रैंनिंग hi बचा पायी थी. वर्ण जिस तेज़ी से टाइगर आगे बढ़ रहा था, टाइगर वाकई पागल हो सकता था.

टाइगर अब टेलिपाथी की लास्ट स्टेज पर था. या ये कहना सही रहेगा, टाइगर टेलिपाथी सीख चूका था. एक आवाज़ पर उसका कण्ट्रोल बन चूका था. और अक्सर वो एक समय पर एक आवाज़ पर धयान देते हुए धयान में व्यस्त रहता.




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रात देहरादून सिटी में मौजूद एक कोठी में बिता कर सब अगले दिन की सुबह बस्ती के लिए निकल चुके थे. बड़े hi भयंकर सफर के बाद दिन के 4 बजे सब हवेली पर जा पोहंचे. अलका को देख के पूरी बस्ती में शोर मच उठा था. सब चीख चीख कर एक दूसरे को बुलाने लगे. अलका भी सबको देख कर बहुत खुश हुई. पायल सिंह यहाँ आने पर थकन तो महसूस कर रही थी. पर अंगेजमेंट के टूटने पर मिलने वाले ग़म से वह फ़िलहाल निकल चुकी थी.

पायल सिंह को ये एडवेंचर बेहद पसंद आ रहा था. अलका और अपनी कौसिन्स के साथ रहते हुए उसने इस सफर को खूब एन्जॉय किया था.

कुछ hi देर में पूरी बस्ती हवेली के बहार थी. हवेली के 1सत फ्लोर पर स्टेज बना हुआ था. मतलब जहाँ अलका और सब थे, वो एक छत थी, निचे एक कमरे था, पीछे हवेली का फर्स्ट फ्लोर उस छत से आत्ताच था. ये ख़ास बस्ती वळून से बात चित करने के लिए अलका के बाप दादा न बनवाया था.

अलका भी सबके साथ वहीँ थी, अलका को विक्रम सिंह ने एक बड़ी कुर्सी कर, जो अलका के पुरखो की ख़ास कुर्सी थी, उसपर बिठाया था.

अलका वहीँ बैठ के अपनी बस्ती वळून से बात करने लगी. बस्ती वाले अलका को फिरसे अपने बीच पा के बहुत खुश थे. अलका के नाम की जय जय कार कर रहे थे. इतने खुश थे, ख़ुशी के मारे रो रहे थे. हज़ार से ऊपर का मजमा था.





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सतीश : अलका क्या तुम मुझसे शादी के लिए तैयार हो.

अलका कुछ हेरात से सतीश को देखने लगी.

सतीश : अलका सच कहूं तोह मई बहुत समय से तुम्हारे लिए बेचैन हों, एक पल भी अब तुम्हारे बिना नहीं रहा जाता. कितनी देर हो गई है अलका हमारी सगाई हुए. अब शादी कर लेनी चाहिए.

अलका सतीश को देखती रही. कुछ देर बाद वो बोली.

अलका : सतीश मेरी ज़िन्दगी में पहले दसख था, तुम अच्छे से जानते hi हो. पर अब वो नहीं है, मेरी तुमसे सगाई भी हो चुकी है. मैं से न भी सही, पर मैंने तुमसे शादी की हामी भरी है. मोहब्बत तो मैं तुमसे नहीं कर सकती, पर तुम्हारी पत्नी ज़रूर बांके रहूंगी. बाद में भी करनी hi है तोह अब हो जाये क्या फर्क पड़ता है.

अलका ने कहा तोह सतीश ख़ुशी से झूम उठा. वो सोच भी नहीं सकता था, अलका उसे इतनी बड़ी खुश खबरि सुनाएगी. कहाँ वो उससे बात करना भी गवारा नहीं करती थी, कहाँ अब वो उससे चिकपणे भी लगी थी. उससे अच्छे से बात भी करने लगी थी. अब शादी के लिए भी फ़ौरन hi मान गयी थी.

सतीश ने सबको बता दिए था, अलका शादी के लिए तैयार है. पायल सिंह और सतीश के भाई बहनो ने बहुत ख़ुशी मनाई.

बस्ती के बड़ों से बात की गई. जब पुजारी जी से बात हुई तोह वो बोले.

पुजारी : अलका बेटी मुझे तुमसे अकेले में बात करनी है. पुजारी की बात पर सब वहां से दूर होक खड़े हो गए. पुजारी जी और अलका दोनों वही रह गए.

पुजारी : अलका बेटी क्या तुम जिस लड़के से शादी करने जा रही हो, उसे पुरे मैं से स्वीकार कर रही हो.

अलका : जो पुजारी जी, बहुत समय पहले hi मेरी सतीश से सगाई भी हो चुकी है. मैं इस शादी से खुश हों.

पुजारी : पर मुझे वो लड़का सही नहीं लगा रहा अलका बेटी.

अलका : पर मेरे लिए वही सही है पुजारी जी. उसके शिव मैं किसी और से शादी नहीं करना चाहती.

पुजारी अलका को घोर से देखने लगे. अलका की चीन पर एक टिल था, पुजारी वो देखने लगे.

फिर वो बोले.

पुजारी : अलका बेटी तुम्हारे ये टिल कबसे है, क्या ये बनाया हुआ टिल है.

अलका : पुजारी जी कैसे बात करते हाँ, क्या टिल भी बनाया जा सकता है.

पुजारी मैं में-- शमा करना अलका बेटी, तुम बहुत समय बाद आई हो तोह परख करना ज़रूरी है.

पुजारी ऐसे hi कुछ और सवाल अलका से पूछता गया. और अलका पुजारी को जवाब देती गई.

पुजारी फिर बोलै : अलका बेटी क्या तुम अपने खानदानी राज़ के बारे में कुछ जानती हो.

अलका हैरान होक : कैसा राज़ पुजारी जी, मैं किसी राज़ के बारे में नहीं जानती.

पुजारी जी अलका की आँखों में देख रहा था. अलका की आँखों में देख के पुजारी को लगा, अलका सच में कुछ नहीं जानती. ये देख के पुजारी जी कुछ पुरसुकून हो गए..


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आज के लिए इतना Hi मित्रो! मिलते हाँ अगले Episode के साथ जल्द Hi..

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थैंक्स ा लोट भाई 🙏🙏🙏🙏🙏

wang-zhi का ज़्यादा रोले नहीं रहेगा स्टोरी में भाई. बाद देखते हाँ समय कुछ लेके आता है. इस स्टोरी में बहुत कुछ पढ़ने को मिलेगा.

थैंक्स भाई.. साथ बने रहे

:thank_you:🙏🙏

तरेंगे तो उठेंगी hi षिमुना का अंदर मैं में. टाइगर उसके लिए बहुत खास जो हो गया है.

💪💪🙏🙏

मास्टर ऑर्ग वळून को अच्छे स जानते हाँ, षिमुना को बताना भी ज़रूरी था. अक्सर मीठे बोलो पर मन बदल जाया करता हाँ.

खेल दोनों का था, मास्टर ने नहीं बताया,.. दोनों ने अपने खेल को अच्छे से खेला

मैं आपको अभी से विनर घोषित करता हों भाई... मेरा वोट ओनली फॉर यू.

थैंक्स भाई

शुक्रिया भाई साथ बने रहे

थैंक्स ा लोट भाई.. साथ बने रहे ✨
 
थैंक्स बट्टू भाई...

जुदाई ला लम्हा आना hi था. जब राजा ठाकुर खुदसे खामोश रहे तोह कैसे जाना वळून को रोका जा सकता था. बस सरसरी सा hi कहा था. जो राजा ठाकुर को नहीं छोड़ सकते थे, वो उनके साथ रह गए, बाकि चले गए. परवर को बिखेरने का काम तोह सब पहले hi दक्ष को घर से निकल के कर चुके थे. अब वही रस्क एक दूसरे अंदाज़ में निभ रही है.

देखते हाँ भाई, आगे क्या सामने आता है. सोफिए अलका के रूप में है, या अलका सच में hi बदल गई है. जो भी होगा सब सामने आ जायेगा. मस्टर के दिमाग रक् षिमुना की पांच नहीं हो सकती मेरी भाई. षिमुना खुद में बहुत कुछ है तोह मास्टर शीमना से कहीं बढ़ कर है. टाइगर पहले एक नार्मल इंसान था, तो शीमना ऐसा कर पाई थी. आगे चल के बहुत कुछ सामने आता जायेगा. पता चलेगा षिमुना को भी. वो हर किसी के ब्रेन में पूरी तरह से नहीं घुस सकती

दिमाग के लेवल होते हाँ. टाइगर ने खुद से पेर्मिशन दी थी. तभी षिमुना ऐसा कर पाई थी. थैंक्स ा लोट भाई.. कीप सुप्प्रोटींग ✨
 
:अप्प्रोवे:

नेक्स्ट अपडेट में सामने आ जायेगा भाई. पुजारी के पास कौनसा रहस्य है अलका के परिवार से रिलेटेड.

दिमाग से फ़ैल हो रही है. हमेशा इमोशंस को लेके चलती है.

देखते हाँ भाई नेक्स्ट क्या सामने आता है. अलका hi है, या अलका के साथ कोई और खेल खेला जा रहा है. या अलका अब खुद से बदल रही है.

रोहिणी सिंह के मैं में हलचल तो होनी hi थी. समय हमेशा अपनी चाल बदलता रहता है. अब समय बदल रहा है तोह राजा ठाकुर के बाद रोहिणी सिंह भी विचारों में उलझने लगी हाँ. राजा ठाकुर को तोह सही ज्ञान हो गया था. पर रोहिणी कुछ नहीं जानती..

बहुत बहुत शुक्रिया सभी भाई! 🙏🙏🙏👌👌👌👌 ✨
 
समय बदल रहा है तोह राजा ठाकुर कैसे समय के चक्र को रोक सकता है. जो होना है, वो तोह होक hi रहेगा.

ये तोह है अब समय दक्ष का है. वो अब सारा खेल खेलगा.. सब अपना अपना खेल खेल चुके.. साज़िशें करने वाले साज़िशों में सफल रहे. पर अब कुछ भी आसान नहीं होगा. अब टाइगर टेलिपाथी जो सीख गया है.

शुक्रिया ज़र्रों भाई.. साथ बने रहे ✨
 
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