अपडेट - 42
लास्ट में आपने पढ़ा की एक तरफ सहर में सारा अपनी अम्मी सलमा को अपने साथ शामिल कर के एक साथ चुसाई और चुदाई का मज़ा लेती है......
वही गाओं में ठाकुर की हवेली में गोलू को तरीका का सच पता चल जाता hai.....aur वो तरीका से खुल कर बात कर लेता है.....
और फिर कल्लू उस लड़की की तलाश में लग जाता hai....jisne रेखा को छुड़वाते हुए देखा था.....
वही जाकर के घर पहुंचते hi गोलू का प्लान सुरु हो जाता hai.....jiske लिए वो धर्म को जाकर के पीछे लगा देता है..........
अब आगे.........
ठाकुर की हवेली में..............
यहाँ कल्लू काफी देर तक उस लड़की को पूरी हवेली और बाहर के गार्डन में ढूंढ़ता raha.....jisne कल्लू को रेखा के साथ देखा tha.....par अब तक वो उसे कही नहीं दिखी thi....jisse कल्लू थोड़ा परेशान भी हो चूका था.....
Khair....kallu जब doond-doond कर फ़्रस्टेड हो gaya....to उसका गुस्सा बढ़ने laga.....aur उसने लड़की को ढूढ़ना छोड़ा और अपने कमरे में जा कर शराब पिने लगा.....
कल्लू- पता नहीं कहा मर गई saali.....kya पता ठाकुर तक भी बात पहुंच गई ho.....samjh नहीं आता की क्या karu.....ek तरफ लगता है की ठाकुर के आने के पहले hi निकल lu....wahi सोचता हु की आने दो साले ko......jo होगा देखा jayga.....ohh...ye फोन भी na....bina वक़्त के बजने लगता है......
( कॉल पर )
कल्लू- कौन है.....
सामने- दारु ज्यादा पि ली क्या.....
कल्लू- अरे भाई aap....maaf karna....maine देखा नहीं.....
सामने- तो आँखे sambhaal.....jara सी भी चूक हुई na....to सब बर्बाद हो jayga.....samjha.....
कल्लू- जी bhai...sorry....kahiye....
सामने- कैसा चल रहा है तेरा काम......
कल्लू- kaam....sab बढ़िया hai......jaisa सोचा tha.......bas कुछ और बची hai....to रेखा है na....wo जुगाड़ करवा degi.....aap फ़िक्र न करे.....
सामने- मुझे वह की कोई फ़िक्र नहीं hai.....mujhe तो बस उस माया की फ़िक्र hai.......tu मिला है न उससे.....
कल्लू- है bhai...mila.....aur मज़ा भी liya....par काम नहीं बना.....
सामने- जनता tha....badi मोती चमड़ी hai.....aasaani से मुँह नहीं खोलेगी......
कल्लू- आप कहे तो चमड़ी उतरवा दू....
सामने- nhi....aisa कुछ सोचना भी mat......use खरोच भी नहीं आणि chahiye......jo भी karna....pyaar से करना....
कल्लू- वही किया tha.....par वो मानी hi nhi....maine फोटो भी दिखाई thi.....par उसने देखते hi मुझे भगा diya....ek सब्द भी नहीं बोलै.....
सामने- hmm....janta tha.....itni आसानी से नहीं bolegi.....jab तक उसका दिल नहीं pighlega.....wo चुप hi रहेगी.....
कल्लू- वैसे bhai....uski ज्यादा जरूरत है kya....matlab...hum लोग सबको ठिकाने तो लगा hi रहे hai.....to उसे छोडो....
सामने- बात तो सही hai.....par मुझे उससे कुछ chahiye....bahut जरूरी baat....jo सायद पूरी कहानी hi बदल दे......
कल्लू- आपको भरोषा है की उसके दिल में कोई राज hai...haa....
सामने- पक्का hai.....warna वो ठाकुर से बच नहीं pati...aur न hi ऐसी आलीशान जिंदगी जी सकती thi.....kuch तो hai....jo ठाकुर जैसे कमीने को भी चुप रहने पर मजबूर किये हुए hai......kuch aisa....jiske सामने आते hi ठाकुर की बज jaygi....mujge बस वही जानना है.....
कल्लू- ठीक hai....main फिर से कोसिस करता हु....
सामने- nhi....abhi ruk...jab बोलू तब jana....filhaal तू हवेली में आये मेहमानो का ख्याल rakh....thakur की beti.....wo मुझे chahiye.....kaise karega....tu dekh....par वो मुझे हर कीमत पर chahiye....samjha.....
कल्लू- ठीक है bhai.....main देखता हु...
सामने- hmm....aur sun.....kal फार्महाउस पर पहुंच jana.....waha क्या करना hai....ye बाद में बता duga....theek...rakhta hu....bye...
कल्लू- जी bhai....bye.....
और फिर कल्लू ने कॉल रखरे hi एक लार्ज पेग gatka....aur तमतमारा हुआ रूम से निकल कर उस रूम में पहुंच gaya....jaha उसने उस लड़की को जाते देखा था.......
और इस बार कल्लू की किस्मत चमक uthi...kyoki लड़की उसी रूम में thi.....jo कल्लू को देख कर सहम कर कड़ी हो गई....
Kallu(gate लॉक कर के)- जनता tha....kabhi न कभी तो सामने aaygi.....bahut भगाया न mujhe....ab सब बसूलूगा.....
लड़की- ये क्या बदतमीज़ी hai....gate kholo....warna मैं chillaugi....samjhe.......
कल्लू- चिल्लाएगी तो jaroor.....par थोड़ा रुक ja....baat तो कर ले.....
लड़की- kya....kya बात करनी hai....mujhe नहीं करनी कोई बात....
ये बोल कर वो लड़की आगे बढ़ने को हुई तो कल्लू ने अपना हाथ फैला diya....jisse वो लड़की रुक गई.....
लड़की- मेरा रास्ता छोडो.....
कल्लू- छोड़ duga....pahle बताओ to...tum हो कौन....
लड़की- kavya.......thakur साब की नवासी....
कल्लू- ohh..to ठाकुर तुम्हारा नाना है....
काव्य- haa....aur आप कौन हो.....
कल्लू- तुम्हे क्या लगता hai...koun हो सकता hu....tumne तो डेझा hi hai...ki मैं कहा और किसके साथ tha....aur क्या कर रहा tha...ye भी देखा hai...hai न....
काव्य- मैंने कुछ नहीं dekha.....jane दो मुझे.....
कल्लू- are...tum डरो mat....main तुम्हे darane-dhamkane नहीं aaya....main तो बस jaan-pahchaan करने आया hu..aur फिर ये भी जानना tha....ki तुम्हे वो सब देख कर कैसा laga...hmm....
काव्य- मैंने बोलै na....maine कुछ nhi...aaah....kya कर रहे हो.....
काव्य बोल hi रही थी की कल्लू ने उसे अपने पास खींच लिया और उसे घुमा कर अपने करीब चिपका लिया.....
काव्य- छोडो mujhe...main सच में चिल्ला दूगी....
कल्लू- ssshh.....mujge बस इतना बता do....ki तुम्हे वो सब कैसा laga....fir मैं चला jauga....hmm..
काव्य- dekho.....mere ननु को पता चल गया na....to वो आपको गोली मार dege....jante हो न.....
कल्लू- nhi....ab ये उल्टा हो चूका hai....wo कुछ नहीं कर sakta....kyoki उसका परिवार अब मेरे नीचे hai....wo सब मेरा साथ dege.....tum देख तो चुकी ho....thakur की बीवी भी मेरी hai.....samjhi....
काव्य- पर मैं nhi...samjhe आप....
कल्लू- तो मैंने कब bola.....main तो बस तुमसे पूछने आया hu....ki जब तुमने dekha...ki तुम्हारी नानी जब मेरे लुंड चूस रही thi....tab तुम क्या सोच रही थी......
काव्य- बकवास बंद karo......samjhe...
कल्लू- bakwaas....to तुम्हे इसे बकवास कहती ho...humare गाओं में तो इसे तगड़ी लुंड चुसाई बोलते hai......hahaha...accha बताओ to.....tumne ऐसी बकवास पहले भी देखि है कभी....
काव्य- nhi...main ये सब नहीं janti....mujhe जाने दो bas....nhi तो मैं अब चीला hi dugi...aahhh..kya कर रहे हो....
काव्य बोल hi रही थी की कल्लू के हाथ काव्य के बदन पर लिपट gaye...aur वो पीछे खड़ा हो कर काव्य के पुरे बदन को सहलाने लगा.....
काव्य- chhodo.....ye क्या बदतमीज़ी hai...chhodo मुझे....
कल्लू- तुम्हे मेरा लुंड कैसा laga....sach बताना.....
काव्य- बकवास बंद karo....aur छोडो mujhe....nhi तो बहुत बुरा होगा....
कल्लू- accha...bura hoga....tab तो अच्छे से hi बुरा होने do.....thoda बताओ to....mere लुंड के बारे में कुछ तो bolo....bolo न...
काव्य- aahh....chhodo mujhe.....plz....
कल्लू- देखो kavya.....main चहु तो बहुत कुछ कर सकता hu...aur मेरा कुछ भी नहीं bigdega.....bharosa rakho.....isliye तुम बस मेरे सवालों के जवाब दे do....aur फिर मैं चला jauga.....theek है....
काव्य- ठीक hai...puchho...kya पूछना है....
कल्लू- पूछा to....mera लुंड कैसा laga....sach बोलना....
काव्य- कैसा matlab....lund जैसा hi लगेगा न.....
Kallu(gala सहलाते हुए)- पर kaisa....gala फाड़ने वाला है की नहीं....
काव्य- हम्म.......
कल्लू- वैसे तुम्हारा गाला भी अच्छा hai.....accha batao....mera लुंड चूसते टाइम तुम्हारी नानी कैसी दिख रही थी....
काव्य- पूछो mat.....mujhe उन पर बहुत ज्यादा गुस्सा है.....
कल्लू- वो ठीक hai.....par लगी kaise....kuch तो सोचा होगा....
काव्य- एक नंबर की रंडी.....
Kallu(gaal सहला कर)- सच me....waise मुझे भी वो रंडी लगती hai......aur पसंद भी hai....par उसकी जगह तुम होती तो...
काव्य- kya....chhodo मुझे....
कल्लू- are...bura क्यों मानती ho...main तो बस दिल की बात बोल रहा tha....waise उसको छोड़ने में मज़ा बड़ा आता hai.....aur वो मुँह तो ऐसे चुदवाती है na....uff....mujhe नहीं लगता की कोई लड़की ऐसे मुँह छुड़वा सकती hai....kam से काम तुम तो बिलकुल nhi...tumhare बस का नहीं है....
काव्य- kya...kahna क्या चाहते ho.....us बुद्धि से मेरी barabari......ye तो मेरी इंसल्ट है.....
Kallu(man में)- निशु ने सही बोलै tha......iska ईगो हर्ट karo...to काम बन जायगा....
काव्य- plz....uske साथ मेरा नाम मत lena....samjhe आप.......
कल्लू- ठीक hai.....par क्या karu....use छोड़ते टाइम जो उसकी गांड से थपकी निकलते है na.....wo तो तुमसे हो नहीं सकता न....
काव्य- मुझसे बहुत कुछ हो सकता hai......main बेस्ट hu...samjhe न....
कल्लू- accha.....par देख कर लगता nhi...ki तुम्हारे पास कुछ मज़ेदार चीज हो सकती hai........mujhe तो बेकार....
Kavya(gusse से)- क्या bola.....main bekaar....aap जानते क्या हो मेरे बारे me.....meri एक झलक देखने को लड़को की लाइन लगी रहती hai.....are जवान तो jawaan....buddhe भी मुझे देख कर जवान हो जाते hai......samjhe आप...
कल्लू- तो देख hi लेता hu....yeeh...
काव्य- mummy....ye क्या kiya...meri ड्रेस क्यों फाड़ दी....
कल्लू- नै दिला duga.....dekhne तो do.....aakhir तू चीज क्या hai...kuch है भी की....
काव्य- plz...meri इंसल्ट करने की सोचना भी mat....warna बहुत बुरा होगा....
कल्लू- ohh...to तुम अपने आपको बेस्ट मानती ho.....haa...
काव्य- जी haa...i म थे बेस्ट.....
Kallu(ghuma कर)- तो साबित करो......
काव्य- kya...kya matlab....matlab कैसे....
कल्लू- तुम बेस्ट हो na....to मुझे खुश कर के dikhao......agar तुम ऐसा कर paai....to तुम best....nhi to....aisi तो कई पड़ी होती है....
काव्य- चुप raho.....main कोई aisi-waisi लड़की नहीं hu.....main बेस्ट hu....aur मैं ये साबित कर के रहूँगी....
Kallu(man में)- बन गई baat......aah...thanks निशु....
काव्य- bolo....lagate हो शर्त....
कल्लू- है bolo...kya शर्त है....
काव्य- अगर मैंने साबित कर diya...ki मैं बेस्ट hu...to आप मेरी हर बात manoge....jab तक मैं यहाँ rahoogi....theek है...
कल्लू- ठीक hai....par अगर तुम मेरे सामबे टिक नहीं पाई तो....
काव्य- तो जो आप बोलो....
कल्लू- ठीक hai....tumhe मेरा काम करना hoga.....na मत बोलना....
काव्य- ठीक hai....par उसकी जरूरत नहीं padegi.....aap मेरे सामने टिक hi नहीं पाओगे....
कल्लू- तो फिर हो जाओ suru.....dekhte है कौन किसके सामने पास्ट पड़ता है....
काव्य- ठीक hai.......aaj आपको पता chalega...ki सहर की लड़की ये गाओं की बकवास लड़कियों या अयर्तों की तरह इजी नहीं hoti......sahar की लड़की acche-acche मर्दो का घामड़ चूर कर सकती है.....
कल्लू- देखते hai.....ye लो fir....dikhao अपना डैम.....
ये बोलते हुए कल्लू ने अपना लोअर निकाल feka....jisse उसका तगड़ा लुंड काव्य के सामने आ gaya....aur काव्य की आँखे बड़ी हो गई.......
कल्लू- देख mat...baith....aur मुँह खोल....
और फिर कल्लू ने काव्य को घुटनो पर बैठाया और बैठते hi काव्य के सामने जैसे hi कल्लू का लुंड jhooma....to उसका मुँह अपने आप खुल गया....
और काव्य का मुँह खुलते hi कल्लू ने अपना लुंड काव्य के मुँह में दाल diya...aur आराम से उसका सर दावते हुए हलके से मुँह छोड़ने लगा....
कल्लू- वैसे तू चूँकि kyo.....mera लुंड तो तू देख hi चुकी thi....fir भी.....
काव्य- uuuuuuuuuuuuuuuuummmmmmmmmmmmmmmm........
कल्लू- ohh.....bolgi kaise....chal बोल ले.....
काव्य- uuummhh....aisa कोई करता है kya.....aah...kitna बड़ा है.....
कल्लू- पहले छोटा लगा था क्या.....
काव्य- nhi....par इतने पास से कुछ ज्यादा hi बड़ा लग रहा है......
कल्लू- hmm...waise bhi...ye सही तरीका नहीं tha.....uth ja.....thoda मूड तो बना lu.....yeehh...ab इस ड्रेस की क्या जरूरत....
ये बोलते hi कल्लू ने काव्य को उठाया और उसकी फटी हुई ड्रेस पकड़ कर बॉडी से अलग कर दी.......
काव्य- aaah.....aaraam से निकल भी सकते the.....puri फाड़ डाली...
कल्लू- क्या karu....aadat से मजबूर hu.....par चिंता मत kar....agar मुझे किस कर दिया na....to ऐसे कई ड्रेस ला कर दुगा.....
काव्य- accha....dekhte hai....waise ड्रेस फाड़ hi दी hai....to बता भी do....kaisi हु मैं.......
कल्लू- hmm.....mast दिखती ho....ab देखते है की इस मस्त दिखने वाले जिश्म में मस्ती कितनी hai....chalo....dekhe to...kitni गर्मी है तेरे में.....
ये बोलते hi कल्लू ने काव्य को लिटाया और उसकी तागे खोल कर छूट देखने laga....aur देखते hi हसने भी लगा.....
कल्लू- तू तो साली पहले से hi पानी बहा रही hai.....lagta है लुंड hi कहेगी.....
काव्य- क्या karu.....itni देर जो देखती rahi.....par वैसे मत dalna....main तो मर hi जोगी.....
कल्लू- तो तू खुद ले fir....jitna मर्जी chahe....main तो बस लुंड को छूट से मिला रहा हु........
ये बोल कर कल्लू आगे हुआ और काव्य के ऊपर आ कर अपना लुंड उसकी छूट पर रगड़ने laga.....jisse काव्य की सिसकी फुट पड़ी.....
काव्य- aah.....ye तो ऊपर से hi खतरनाक दिख रहा hai.....pata नहीं क्या करेगा अंदर जा कर......
कल्लू- वही karega....jo छूट के साथ होना chahiye....fadega....marega.....thokega....hahaha.....
काव्य- आपको हसी आ रही hai.....aur मेरी तो सोच कर hi फैट रही hai.......kaise सह पाउगी.....
कल्लू- kyo....sahar की लड़की का डैम निकल gaya.....wo भी बिना कुछ किये....
काव्य- ऐसा कुछ nhi......theek hai.....pura एक साथ मत daalna.....thodi देर बाद पूरा dalna.....ruko....main खुद hi....aaahhh.....supada hi इतना मोटा hai.....maaaa....mar गईइइइइइ.....
जैसे hi काव्य ने लुंड को अपनी छूट के मुँह पर lagaya....waise hi कल्लू ने धक्का मार कर आधा लुंड घुसा दिया....
काव्य- aaaaaaaahhhh.......fat गई meri.....aaah....
कल्लू- क्या फैट gai.....pahle से hi फटी hai....kitni बार चूड़ी hai..haa....
काव्य- aaahh.....jyada nhi.....bas बॉयफ्रेंड से chudi....aaahhh....par उसका इतना बड़ा nhi....oh maa.....tej मत करना.....
कल्लू- जो तू kahe......jab मन हो तो bolna....abhi ऐसे hi सही.....
और फिर कल्लू हलके धक्को के साथ काव्य की छूट फाड़ने laga....aur काव्य खुद hi कल्लू का लुंड हाथ में थामे चुदवाती rahi...kyoki उसे दर tha....ki कही कल्लू पूरा लुंड एकसाथ न दाल दे.....
कल्लू- क्या hua.....pura लेगी भी या नहीं.....
काव्य- aaahh...aaahh.....baad me....aahhh....aahh....
कल्लू- क्या yaar...mujhe तो लगा था की तू मज़ेदार hogi....par तेरे बस ki....khair छोडो....
काव्य- aaahh...kya matlab...aah...bolo....kahna kya.....aah....kya कह रहे हो.....
कल्लू- पूरा ले न.....
काव्य- अभी तो main....meri...aaahh....aaahhh....
कल्लू- झाड़ गई saali....nikal गया सारा डैम...
काव्य- aaahh....ab तो असली डैम जगा hai.....ruko....batati हु....
ये बोल कर काव्य ने कल्लू को लेटने का इसरा kiya....aur फिर खुद उसका लुंड अपनी छूट में ले कर उछलने लगी.....
काव्य- aaahh...aahh..aahh...aahh...
कल्लू- अब कुछ मज़ा aaya.....thoda तेहि से उछाल na....maza आएगा....
काव्य- aahhh...ruko to.....aahh...bada है ye.....ohh maa....aahh..aahh...
कल्लू- are....pura दिन नहीं है मेरे paas....main hi करता हु........
और फिर कल्लू ने काव्य की कमर पकड़ी और उसे तेजी से उछालते हुए छोड़ने laga....jisse काव्य की चीखे गूँज उठी,...
काव्य- aaahh.....mar gai....maa......ohhh....mar jaugi.....aaahh...dheeerrrre.....aaahhh...aaahhh..aahh...aaahh...
कल्लू- नखरे मत kar....pura लुंड तो गप्प कर gai...ab क्या रोटी hai....maza ले बस.....
काव्य- aaaahhh.....aadmi हो या saand....aaahhh....mere पेट में लग रहा ye....aaaahhh....aaaahhhh....
कल्लू- जो भी samjh.....bas ये bata....maza आया न.....
काव्य- aaahh....maza....aaahh...meri छूट to....oh maa.....main....aaahh...aaahhh..aaaahhh.....
और कुछ hi धक्को के बाद काव्य की कासी हुई छूट ने एक बार फिर से पानी छोड़ diya....aur छूट से fucchh-fucchh की आवाजें निकलने लगी.....
काव्य- aaahh....thoda रुको न....
कल्लू- मैं खली नहीं रह sakta......choot से निकलूंगा तो कही और लेना होगा.....
काव्य- nhi....kahi नहीं....
कल्लू- तो फिर मरवाती रह chupchaap.....yeeehhh...yreehhh...
काव्य- aaaaahhhhh...theek hai.....aaahh....choos loogi.....nikalo....aahhh....
कल्लू- sabaash......chal चूस ले....
और फिर जैसे से hi कल्लू ने काव्य को बाजु में kiya....to वैसे hi काव्य बड़े प्यार से कल्लू का लुंड चूसने लगी....
काव्य- uuuummm..uuummm...uuummm..uuumm....
कल्लू- अब ठीक है न.....
काव्य- uuummmhh....aah...kya theek...faad दी मेरी....
कल्लू- तो रोटी क्यों hai....fat गई na....ab तो मज़ा hi आएगा.....
काव्य- जानती hu...aaauuummm...uuummm...
कल्लू- अब चूस कर hi निकलेगी क्या.....
काव्य- uuummmhhh...aahh...nhi....leto...
और फिर जैसे hi कल्लू leta....waise hi काव्य दोवारा से लुंड के ऊपर बैठ gai...aur एक बार फिर से कल्लू ने काव्य को गॉड में ले कर छोड़ना सुरु कर दिया........
कल्लू- अब ठीक है न.....
काव्य- aahh...haa.....karte raho....aahhh...
कल्लू- साली सब की सब रांड भरी है इस घर में.....
काव्य- aaahh...sab matlab.....aur किसको छोड़ा है....
कल्लू- बाद में batauga....abhi टाइम काम है.....
काव्य- aaahh.....bataba जरूर.....
कल्लू- hmm...chal....hawa की सैर करता हु....
और इतना बोलते hi कल्लू ने काव्य को बाजु में किया और फिर उसे उठा कर बापिस से लुंड पर बैठा कर खड़ा हो गया....
और फिर देखते hi देखते कल्लू khada-khada hi काव्य को गॉड में उछालते हुए छोड़ने लगा.....
काव्य- aaahh......ye kya.....aahhh...aisa कौन करता hai.....aaahhh...
कल्लू- नैन करता हु na....aur भी बहुत कुछ करता hu....wo आगे जान जायगी....
काव्य- aaahh...sapne मत dekho....aaahh....kuch नहीं मिलने wala.....oh maa.....main to....aaahh...
कल्लू- वो तो समय batayga.....abhi तो मज़ा le.....yeeehhhh....
और फिर कल्लू ने काव्य को ताबड़तोड़ धक्को के साथ छोड़ा और उसे हवा ने उछालते हुए hi 2 बार झाड़ा दिया....
और फिर जैसे hi कल्लू झड़ने को hua...to उसने काव्य को बीएड पर पटका और उसके मुँह को अपने लुन्द्रास से tar-batar कर दिया....
कल्लू- aahh....maza आ gaya....kasi हुई है तेरी....
काव्य- uummm....ab नहीं rahi....faad di....aaah.....
कल्लू- कोई na....ab आराम कर le....baad में मिलता हु.....
काव्य- aahh.....mujhe सच जानना hai....samjhe....
कल्लू- सच की कीमत होती hai.....chukayegi तो जान jaygi...warna डाली रहेगी.......
काव्य- kya.....kaisi keemat....sab तो दे दिया....
कल्लू- ये मैंने मांगा नहीं tha.....jab आराम हो जाए तो milna....keemat भी बता duga....chalta हु....
फिर कल्लू ने अपने कपडे पहने और काव्य के ऊपर चद्दर दाल जार कमरे से निकल गया......
पर जैसे hi कल्लू बाहर aaya....waise hi सामने खड़े सख्स को देख कर उसका मुँह खुला रह गया......
Kallu(man में)- एक मुसीबत निपटी nhi....dusri हाज़िर हो gai.....ab इसे कैसे सँभालु......
=========================
जाकर के घर में..............
यहाँ एक बाथरूम में पानी की बौछार के sath-sath aah-aah और thaap-thaap की आवाजों से पूरा बाथरूम गूँज रहा था.......
क्योकि शावर के नीचे गोलू इस वक़्त जाकर की बेटी अस्मा को बाहों में जकड़े हुए चोदे जा रहा था.......
अस्मा- aaahh....kitna chodege....aaahh.....subah से दोपहर होने वाली hai.....ab तो जाने दीजिये.....
गोलू- बस थोड़ा सा aur.....fir चली जाना.....
अस्मा- aaahh.....ammi ढूंढ रही होगी mujhe.....aahh...kya बोलूगी....
गोलू- बोल देना की छूट मरवा रही thi...hahaha.....
अस्मा- aah....aap भी na.....aaahh....main गई.....
गोलू- gai....chal ये टांग ऊपर kar.....yeehhhh.....
और गोलू ने अस्मा की टांग ऊपर कर के जोरदार धक्को के साथ चुदाई जारी राखी......
यहाँ अस्मा की चुदाई जारी thi.....to वही जाकर खान की बीवी सलीमा कुछ परेशानी में दिख रही thi....aur अपनी बेटी को आवाज लगते हुए पुरे घर में घूम रही थी......
रुबीना- क्या हुआ ammi.....aap कुछ परेशान दिख रही है......
सलीमा- haa..wo कबसे अस्मा को देख रही hu.....kahi दिख hi नहीं rahi.....apne कमरे में भी नहीं hai...na hi घर में कही और दिखी......
रुबीना- अरे ammi.....baahar बगीचे में होगी.....
सलीमा- मैंने वह भी dekha......nhi है....
रुबीना- हो सकता है की किसी सहेली के घर गई ho.....aap परेशान क्यों होतो hai....aa जायगी....
सलीमा- परेशान नहीं hu....bas वो बोल कर नहीं गई na.......isliye.....
रुबीना- आ jaygi....accha ammi....main थोड़ा खेत तक जा रही hu....inko खाना ले जाना है न.....
सलीमा- तू क्यों jaygi.....wo है न noukar....khan साब ने किलिये रखा है use....use भेज दे....
रुबीना- पर क्या वो ऐसे काम karega.....matlab....aapne अब्बू से पूछा है.....
सलीमा- उसमे पूछना kya....noukar मतलब noukar.....wo सब karega.....bol उसे....
रुबीना- पर वो है kaha.....mujhe तो सुबह से दिखा hi nhi....saayad कमरे में hi hoga.....so रहा हो सायद....
सलीमा- इस वक़्त tak....wo कही का बदसगाह गई kya....yaha सोने आया hai.....ruk....main अभी देखती हु उसे......
ये बोल कर सलीमा उस कमरे की तरफ बाद gai....jo गोलू को रहने के लिए दिया हुआ था......
पर जब सलीमा ने गेट से गोलू को आवाज दी तो उसे कोई जवाब नहीं mila.....kyoki उस वक़्त तो गोलू बाथरूम में सलीमा की बेटी को छोड़ने में लगा था.....
और यहाँ जब कई बार आवाज देने पर गोलू का जवाब नहीं aaya...to सलीमा रूम में आ gai....aur गोलू को वह न प् कर गुस्से में आ गई.....
सलीमा- ये भी gaayab......kaha gaya.....ye काम करने आया है या matargasti.....golu.....golu.....
Asma(bathroom में)- aah...ammi.....ab क्या होगा....
गोलू- तू चुप रह na.....main देख luga...tu बस मज़ा ले....
अस्मा- aahh....ruk जाओ na.....ammi को जवाब do.....aahh....nhi तो वो गुस्सा होगी....
गोलू- तो होने de.....par मैं तेरा पानी निकाल कर hi jauga....yeehhh...yeehhh...
वह सलीमा गोलू को आवाज देती जा रही thi....aur यहाँ गोलू आराम से अस्मा को छोड़ने में लगा था.....
और बेचारी asma....wo अपनी आहों को दवाये हुए लुंड खा रही थी.....
Khair....thodi देर बाद जब अस्मा फिर से jhadi....tab जा कर गोलू ने उसे छोड़ा और एक टॉवल लपेट कर बाथरूम से निकल आया....
गोलू- अरे aap....kya हुआ.....
सलीमा- क्या हुआ matlab......haaye.....tere kapde....kapde तो पहन लेता......
गोलू- ओह haa....wo आप कबसे बुला रही thi....aur वैसे bhi...main कपडे ले कर नहीं गया tha.....socha की यहाँ कौन aayga.....naha कर पहन लगा.....
सलीमा- तो क्या टॉवल में hi आ जायगा......
गोलू- अब टॉवल hi साथ thi...to लपेट li.....bina टॉवल के आता to....sahi नहीं रहता न....
ये बोल कर गोलू मुस्क्यरा diya....jisse सलीमा का गुस्सा बाद गया.....
सलीमा- badtameej.....aise कोई बोलता है.....
गोलू- ohh..sorry...main तो bas.....khair.....aap bataye.....kya हुआ....
सलीमा- कुछ nhi....tu यहाँ काम करने आया है na....to सुबह से जाएगा kar....kaam होते hai....samjhe....
गोलू- ठीक hai....main आपका सारा काम karuga.....bas मौका तो दो....
सलीमा- क्या मतलब....
गोलू- मतलब आप बोलो तो.....
सलीमा- hmm....mere साथ खेत पर चलना hai....taiyaar हो जा....
गोलू- ठीक hai...mujhe बस 30 मिनट do.....main आता हु....
सलीमा- इतनी der....theek hai.....jaldi आना....
गोलू- हम्म...
फिर सलीमा गुस्से में hi बाहर निकल gai...aur गोलू बापिस बाथरूम में घुस गया......
अस्मा- क्या हुआ....
गोलू - कुछ nhi....aaaauuummmm....uuuummmm...uuummmm...uuuummmm......
अस्मा- uuuummmmhhh....aah.....kya बोली ammi.....uuummm....
Golu(aage बाद कर)- uuummmhh....aah......kuch nhi....chal काम पूरा करते hai.....aaja.....
अस्मा- uummhh.....aap ऐसा करोगे तो मैं फास jaugi......har दिन ऐसा नहीं कर paugi....samjho na.....uuummmmm.....
गोलू- तू घबराती क्यों hai....main हु na....kuch सेट कर लगा.....
अस्मा- uummmmhhh....wo सब बाद me....abhi कैसे jaugi.....ammi बाहर hi होगी....
गोलू- तू काम तो ख़त्म kar....fir देखता हु.....
अस्मा- hmm....waise अम्मी ने टॉवल में बना तम्बू तो नहीं देखा na.....dekho....khada हुआ है.....
गोलू- hahaha....dekh लिया होता तो तेरी जगह वो चूस रही होती न.....
अस्मा- uuuummmm...uuummhh...aah....mera हक़ कोई नहीं ले sakta....samjhe आप.....
गोलू- अरे haa....ab जल्दी kar....fir तेरी अम्मी को भी निपटना है.....
अस्मा- uuummhh...aah...kya मतलब....
गोलू- कुछ nhi....use कुछ काम hai...to जाना hoga....jaldi कर....
अस्मा- hmm..aaauuummmmm......uummmm...uuummm...uuummm.....
फिर अस्मा ने कुछ देर तक लुंड चूसा और फिर गोलू ने दोवारा से अस्मा को शावर के नीचे खड़ा कर के छोड़ना सुरु कर दिया......
और फिर एक दमदार चुदाई के बाद दोनों बहा कर बाहर aaye.....aur कपडे पहन कर तैयार हो गए.....
अस्मा- अब क्या kare...ammi बाहर hi होगी....
गोलू- जनता hu...dekh...main तेरी अम्मी के साथ खेत जाने वाला hu....to जैसे hi बाहर niklu....tu निकल jana....theek है....
अस्मा- ठीक है....
फिर गोलू कमरे से बाहर आया और सलीमा के साथ खेत के लिए निकल gaya.....aur उसके जाते hi अस्मा भी कमरे से बाहर आ गई....
पर जैसे hi अस्मा कमरे का गेट बंद कर के mudi....waise hi उसकी आह निकल गई.....
Asma(man में)- मर गई asma.....ab क्या होगा......
==========================
एक तरफ जहा जाकर के घर में उसकी बेटी अस्मा किसी को देख कर परेशान हो रही thi....wahi खेत जाते वक़्त गोलू की नजरें baar-baar सलीमा की गांड को घूर रही थी......
असल में दोनों खेत की मेड पर चल रहे the....jaha सलीमा आगे थी और गोलू उसके पीछे......
Salima(man में)- लड़का है तो damdaar.....badan भी bhar-pura hai.....pura मर्द दीखता hai.....par क्या इसका इस्तेमाल ठीक hoga....kahi कोई गड़बड़ हो गई तो.....
Golu(man में)- गांड तो मस्त है साली ki....pata नहीं जाकर चुटिया है की kya.....itni मस्त बीवी के साथ भी मज़ा नहीं कर pata.....bechara.....
Salima(man में)- गड़बड़ तो तब होगी न जब मैं इसे हद से आगे बढ़ने dugi.....main तो इसकी लगाम खींच कर rakhugi.....bas देखना hi तो hai....ki मुझे देख कर इसे क्या महसूस होता hai.....isme गलत भी क्या है.....
Golu(man में)- काश ये फास jaaye.....fir dekhna....dono maa-beti को एक साथ choduga......par है तो साली बड़ी tedi.....aasaani से हाथ नहीं आएगी....
Salima(man में)- वैसे ये खामोश क्यों hai.......kar क्या रहा hai.....ohh....sala meri......iski तो....
गोलू- क्या hua....ruk क्यों गई.....
सलीमा- तेरा ध्यान कहा hai.....kya देख रहा था.....
गोलू- सच बोलू या झूठ.....
सलीमा- सच बोल.....
गोलू- तो सच वही hai....jo आप सोच रही है.....
सलीमा- मतलब तू meri....sharm नहीं आती....
गोलू- शर्म kaisi.....ab ऐसी चीज देखूगा नहीं तो मर्द किस काम का.....
सलीमा- khamosh.....bada आया mard.....tu ruk....saari मर्दानगी निकलती हु teri.....main tujhe...aaaahhhhh....ammmi.....mar gai....aaahh....
सलीमा गुस्से से गोलू की तरफ बड़ी hi थी की उसका पेअर फिसल gaya....aur वो मेड से लुड़कते हुए बाजु के खेत में जा गिरी....
सलीमा जैसे hi गिरी तो जोर से कराह uthi....aur गोलू तुरंत उसके पास पहुंच कर उसे सहारा देने लगा.....
सलीमा- nhi...hath मत लगाना मुझे......
गोलू- ठीक hai....nhi lagata.....aap ठीक तो है.....
सलीमा- तुझे ठीक दिख रही hu.....aah...pure बदन में तकलीफ हो रही है....
गोलू- तभी तो सहारा दे रहा hu.....lo...hath पकड़ो और उठो.....
सलीमा- क्या नसीब है mera....aaaahhhh......mar गाई....
सलीमा ने जैसे hi गोलू का हाथ पकड़ कर उठने की कोसिस ki...waise hi उसकी आह निकल gai....aur वो बापिस गिर गई....
गोलू- क्या हुआ..........
सलीमा- नहीं उठ sakti.....lagta है मोच आ गई पेअर में.....
गोलू- अरे yaar....ab....
सलीमा- अब kya....kisi को bula.....main चल नहीं सकती....
गोलू- किसे bulaau....yaha door-door तक कोई नहीं दिख raha.....ek काम करता hu...main आपको उठा कर ले चलता हु....
सलीमा- kya....utha kar....tu पागल है kya.....mujhe uthayga....are....mujhe उठाने के चक्कर में खुद बैठ jayga....badan देखा है न मेरा.....
गोलू- है देखा hai.....aur मैं उठा भी सकता हु.....
सलीमा- रहने de.....mujhe uthayga...huh...
गोलू- accha....agar उठा लिया तो....
सलीमा- तो kya.....utha भी लिया तो kya.....utha कर रखना नहीं hai.....utha कर करेगा क्या.....
गोलू- ले jauga...jaha आप bolo...khet या घर......
सलीमा- तुम मुझे उठा कर chaloge....itna डैम है....
गोलू- आज़मा कर तो देखो.....
सलीमा- रहने de....mujhe उठाने के चक्कर में खुद उठ जायगा.....
गोलू- वो बाद में dekhege......ye batao...ki उठा लिया तो क्या......
सलीमा- तो kya.....theek hai....utha कर ले गया na.....to तू जो कहे....
गोलू- तो फिर bolo....chalna कहा hai...khet या घर....
सलीमा- खेत रहने de.....ghar hi ले chal....agar डैम है तो....
गोलू- तो आओ फिर...
और फिर गोलू ने सलीमा को यु बाजों में उठा लिया जैसे की वो कोई बच्ची ho....aur सलीमा ने भी हड़बड़ा कर अपनी बाहें गोलू के गले में दाल दी....
गोलू- देख लिया.....
सलीमा- अभी घर पहुंचना बाकि है....
गोलू- आप बस बाहों को गले में कास के फसाये rakhna.....abhi पहुँचता हु....
सलीमा- अब चलो....
और फिर गोलू अपनी बाहों में सलीमा को ले कर कुछ hi देर बाद घर पहुंच gaya......aur सलीमा की आवाज पर रुबीना और अस्मा उसके पास आ गई......
अस्मा- ammi....ye kya....kya हुआ अम्मी को.....
सलीमा- कुछ nhi.....ek काम karo...tum दोनों खेत jao........mera बीटा भूखा hoga.....aur उसे कही जाना भी tha....to उसके आने तक खेत देखना.....
रुबीना- पर ammi...aapko ऐसे छोड़ कर....
सलीमा- मैं ठीक hu.....aur ये गोलू है न मुझे dekhne.....ab इसे खेत पता होता तो इसे भेज देती...
अस्मा- तो मैं चली जाती हु इनके sath.....bhabhijaan यही रुक जायगी.....
सलीमा- nhi.....jo बोलै वो kar......aah....aur इसे तेल दे कर jana.....tab तक ये मेरी मालिश कर देगा......
अस्मा- hmm...lati हु....
फिर अस्मा तेल के कर आई और फिर रुबीना के साथ खेत पर निकल गई.....
सलीमा- chalo...pair की मालिश करो....
गोलू- hmm...karta हु....
पर इससे पहले की गोलू मालिश karta.....uska फोन बज utha......aur वो सलीमा को बोल कर कमरे के बाहर आ गया.....
Golu(call पर)- hello...koun...
माया- maya......tum गोलू हो न.....
गोलू- haa.....par तुम....
माया- बोलै to....maya......
गोलू- maya.....koun माया....
माया- तुम्हारे हर सवाल का jawaab........maya....
गोलू- ohh.....maya.....kahiye.....
माया- कल आ कर milo....aur अपने सवालों के जवाब ले जाओ.....
ये बोल कर माया ने कॉल कट कर diya....aur गोलू कुछ सोचने लगा.....
Golu(man में)- आखिर वो टाइम आ hi gaya.....ab पता chalega....ki शर्त की सुरुवात कहा हुई thi......bas....fir शर्त का अंजाम मैं दिखाऊगा.......
कल्लू के सामने नै मुश्किल बन कर कौन आया......???
अस्मा को पकड़ने वाला कौन है........???
सलीमा का प्लान क्या HAI.....KYA वो गोलू को शिकार बनाने में कामयाब हो PAYGI.....YA फिर खुद शिकार हो जायगी....???
माया के पास ऐसा कौन सा राज HAI....JISKE लिए गोलू इतना परेशान है....???
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी......
थैंक्स फ्रंड...
कीप रीडिंग...