SHART KA ANJAAM - Page 10 - SexBaba
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SHART KA ANJAAM

बस ख़त्म hi होने वाली hai.....sab गाओं आ hi गए hai.....waha कुछ सेक्स hoga.....aur फिर राज खुल jayga.....story ख़त्म......

और haa....bhahubali की तरह मुझे पैसे मिलते तो 1 मंथ में hi लिख deta.....paiso के लिए तो कोई भी लिख देगा....

बूत यहाँ लाइफ चलने को जॉब pahle....fir रियल life....fir मूड हुआ तो story....yahi सबका फंदा hai...koi यहाँ रियल लाइफ इग्नोर कर के नहीं aata...na लिखने और न hi padne....right.....

Well....next अपडेट कमिंग टुनाइट....

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
अपडेट - 51

लास्ट में आपने पड़ा की एक तरफ जाकर के घर में आखिरकार गोलू के सामने जाकर की बीवी सलीमा नंगी हो कर मालिश करा hi लेती है....

पर गोलू जब सलीमा को गरम कर के बिना चोदे चला जाता hai....to सलीमा गुस्से से बौखला जाती है.....

वही दूसरी तरफ हवेली में कामना चुपके से रेखा की चुदाई देख लेती hai....aur कल्लू को अपना प्लान पूरा करने वाला मोहरा बनाने का सोच लेती है....

और फिर अंत में जाकर का भाई जलाल अपने परिवार के साथ गाओं में बापिस आ जाता है.......

अब आगे.............

जाकर के गाओं में..........

यहाँ जैसे hi जाकर का भाई जलाल अपनी बीवी और बेटी के साथ बस स्टैंड से निकल कर जाकर के घर की तरफ चलने laga....waise hi सामने से एक कार आ gai...aur उसमे से जाकर का एक दोस्त निकला......

जलाल- are....dharma bhai....aap.....

धर्म- hmm....jakaar ने बोलै था की तुम अपने परिवार के साथ आ रहे ho...wo भी बस se.....to लेने aaya....maaf karna.....thodi देर हो गई....

जलाल- अरे nhi....maafi kaisi....hum यु hi पैदल भी चले jate.....pahle भी तो पैदल चलते थे न.....

धर्म- haa....par अब बात अलग hai....tumhari बीवी और खास कर बेटी को तो चलने की आदत नहीं होगी na.....chalo....sab कार में आ jao.....jalaal....hum सामान ले लेते है.....

और फिर धर्म ने जलाल के साथ मिल कर सबका सामान कार में रखा और जलाल के परिवार को कार से जाकर के घर तक छोड़ दिया......

धर्म- lo....sara सामान भी आ gaya....maon अब चलता हु.....

जलाल- are....andar तो chaliye....kuch chai-pani....

धर्म- वो सब बाद me.......aata हु न fir....abhi तुम सब आराम karo.....milta हु...

जलाल- जैसा आप kahe.....sukriya.....

और फिर धर्म कार से अपने रस्ते निकल gaya....aur जलाल अपने परिवार के साथ जाकर के घर के मैं गेट पर आ गया....

सलमा- भाईजान खुद नहीं आये स्टैंड.....

जलाल- वो गाओं में है hi nhi....tabhi तो उनका दोस्त aaya....bhaijaan ने hi भेजा था.....

सलमा- ohh.....salima भाभीजाण तो है न.....

जलाल- hmm....sara....dastak तो दो....

Asma(gate खोल कर)- उसकी कोई जरूरत नहीं पड़ेगी chachajaan.......aaiye....andar आइये....

इससे पहले की सारा गेट पर दस्तक deti....jakaar की बेटी गेट खोल कर सामने आ gai....aur उसे देखते hi सारा आगे बड़ी और अस्मा के गले लग गई.....

अस्मा- कैसी है तू.....

सारा- मैं तो ठीक hu....tu bata....kya बात hai....kuch ज्यादा hi खिल गई hai.....kyo अम्मी.....

Salma(muskura कर)- hmm.....bahut प्यारी लग रही है....

Asma(sharma कर)- आइये चचीजां.....

सलमा- भाभीजाण कहा है.....

अस्मा- ammi....wo बैडरूम में hai.....taviyat कुछ ठीक nhi....to सोइ हुई hai....main जगती हु....

सलमा- अरे nhi.....aaraam करने do.....waise भी हम कौन सा भागने वाले hai.....rahne दो....

Rubina(aate हुए)- सलाम chachijaan....chachajaan.....

जलाल- salaam.....khush रहो.....

सलमा- कैसी है हमारी बहुरानी....

रुबीना- खैरियत hai....sara.....

Sara(gale लग कर)- कैसी हो भाभीजाण....

Rubina(muskura कर)- बहुत acchi....aao.....andar चलते है.....

और फिर जलाल का परिवार घर के अंदर आ gaya....aur देखते hi देखते chai-naste का दौर सुरु हो गया.....

पर इस दौरान न hi सलीमा अपने कमरे से nikli....na hi गोलू किसी की नज़रों में आया.....

Khair....chai-naste के बाद जलाल एक कमरे में आराम करने laga....wahi सलमा को रुबीना अपने कमरे में ले gai....aur सारा को अस्मा अपने कमरे में ले आई......

सारा- अब bata....tere चेहरे पर ये निखार कैसे bada....kya राज़ है.....

अस्मा- raaz....isme राज़ kaisa....bas हो गया......

सारा- चुप kar.....main अच्छी तरह से जानती हु की लड़की का निखार कब और कैसे बदलता है......

अस्मा- क्या बोल रही hai.....meri कुछ समझ नहीं आया.....

सारा- सच्ची bata....koun है वो.....

अस्मा- kya....koun मतलब.....

सारा- wahi...jisne मेरी बहिन को जन्नत की सैर कराइ hai.....koun hai....bol....

अस्मा- कुछ भी बकवास कर रही hai.....hmm....

सारा- ोये कुछ bhi......main कोई अनादि nhi....aur तू मुझसे chhipaygi.....bhool gai....hum बहने होने के sath-sath पुराणी सहेलियां भी है......

अस्मा- haa....par तू गलत सोच रही hai....aisa कुछ भी नहीं.....

सारा- accha.....to खा मेरी कसम.....

अस्मा- kasam....isme कसम की क्या बात है......

सारा- नहीं खा sakti....kyoki मैं जानती हु की तू सच छिपा रही है.....

अस्मा- ऐसा कुछ भी नहीं है यार.....

सारा- ठीक hai.....jab तू मुझे कुछ बता hi नहीं सकती तो मतलब hi kya.....tu baith....main चलती हु.....

ये बोल कर सारा मुँह फुला कर कमरे से निकल gai....aur अस्मा ख़ामोशी से उसे जाते हुए देखती रही......

Asma(man में)- क्या yaar.....kaha फास gai....bataugi नहीं तो मुँह फुलाए rakhegi....aur बता दिया to.....koi बबाल न कर दे bas.......kuch तो करना hi होगा......

ये सोच कर अस्मा भी सारा के पीछे निकल gai....aur jaise-taise उसे समझा कर बापिस अपने कमरे में ले आई......

सारा- सच बोलेगी......

अस्मा- है baba.....par थोड़ा रुक to.....aise hi तो नहीं बता sakti....koi आ गया to....kisi ने सुन लिया तो.....

सारा- ओह ho....tu गेट बंद kar.....aur कोई पूछेगा तो जवाब मैं दे dugi....chal...gate लगा और सुरु हो जा.....

Asma(chid कर)- ज़िद्दी hi rahegi....theek hai....koi आता तो तू hi निपटना....

ये बोल कर अस्मा ने गेट को अंदर से बंद किया और सारा को अपने और गोलू के बारे में सुरु से बताने लगी.......

यहाँ अस्मा अपने कमरे में अपनी चुदाई की कहानी बड़े मज़े से अपनी चचेरी बहिन सारा को सुना रही thi....to वही अस्मा की अम्मी सलीमा अपने कमरे में नंगी लेती हुई अपनी छूट को सहलाते हुए किसी से फोन पर बातें कर रही थी.......

( कॉल पर )

सलीमा- सच्ची yaar....ab तक तकलीफ हो रही hai.....bahut बुरा पेलता है वो.....

सामने- पर पेला kab.....tune तो बताया था की वो गरम करने निकल गया था......

सलीमा- ha....bola की मालिश khatm...aur चला गया था.....

सामने- तो फिर पेल कब diya....bapis आया था क्या.....

सलीमा- नहीं na.....bada बेरहम hai....wo तो सोने की तैयारी में tha.....wo तो मैं hi नहीं रुक saki.....kya karti....pura बदन तप रहा tha.....bina चूड़े राहत भी नहीं मिलती....

सामने- kya....tu खुद गई थी chudwane......aur मुझसे बोली थी की सोने वाली hai....jhoothi....

सेलिना- ऐसा नहीं hai.....tab मैं सोने को तैयार hi thi....par हवस जो जाएगी na.....need hi नहीं aai....to फिर चली गई....

सामने- और चुद gai...hehehe....

सलीमा- है mat......ye सब तेरी वजह से hi हुआ hai.....tune hi बोलै था na...ki आगे bad....use दीवाना बना.......

सामने- hmm....aur तू खुद उसकी दीवानी बन gai.....hai न....

सलीमा- क्या karu....wo है hi aisa....meri जगह तू भी होती na....to रुक नहीं पाती.....

सामने- मेरी chhod.....tu ये bata....ki आखिर हुआ क्या tha......chal बोल....

सलीमा- hmm......to सुन फिर.......

लास्ट नाईट...............

रात को जब गोलू ने सलीमा की मालिश ख़त्म ki.....to वो अपने कमरे में निकल गया tha....par सलीमा को एकदम गरम कर के छोड़ गया था.....

सलीमा इतनी गरम थी की बस उसे चुदाई hi दिख रही thi....lekin शर्म के मारे वो गोलू से कह न सकीय.....

और गोलू के जाने के बाद अपने बदन की गर्मी मिटने के लिए वो बाथरूम में घुस gai....aur नाहा कर बीएड पर आ गई.....

सलीमा सोच रही थी की उसे नीड आ जायगी तो सब ठीक हो jayga....par उसकी छूट बुरी तरह से लुंड की मांग कर रही thi...aur छूट की उसी कुलबुलाहट ने सलीमा की आँखों से नीड को कोसो दूर भेज दिया था.....

सलीमा अपने हाथ से अपनी छूट को समझने की पूरी कोसिस करती rahi...par उसकी छूट की तड़प काम होने की जगह बाद चुकी थी.....

और फिर सेलिना ने वो फैसला liya....jo उसने सोचा भी न tha....aur अपने नंगे बदन को एक निघ्त्य से धक् जार गोलू के कमरे में पहुंच गई....

वह गोलू ने अपने कमरे का गेट खुला hi छोड़ा tha....aur खुद बीएड पर चद्दर ताने पड़ा हुआ था......

सायद गोलू जनता था की उसने सलीमा को उस हद तक गरम कर दिया hai...ki सलीमा खुद चल कर अपनी छूट मरवाने aaygi....isliye गोलू ने गेट खुला छोड़ा था......

लेकिन जैसे hi सलीमा गोलू के कमरे में pahuchi....to गोलू ने चौंकने का अच्छा खासा नाटक किया.......

गोलू- क्या hua.....aur तुम अंदर कैसे आ गई.....

सलीमा- wo...gate खुला hi था.....

गोलू- ohh....saayad भूल गया houga.....par तुम यहाँ kaise.....kya अभी भी दर्द हो रहा है पेअर में.....

सलीमा- hmm....takleef तो hai....par पेअर में nhi.....kahi और hi सुरु हो गई है......

गोलू- accha....to batao.....kaha hai...main अभी कुछ करता हु....

सलीमा- जानती hu....tum hi सबकुछ कर सकते हो......

गोलू- तो फिर बताओ......

सलीमा- बताती हु......

ये बोल कर सलीमा घूमी और अपने बदन से अपनी निघ्त्य निकाल di...jisse उसका नंगा बदन गोलू की आँखों के सामने आ गया......

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गोलू- hmm....chalo....ab शर्म तो गई तुम्हारी.....

सलीमा- haa....tumne बेशर्म जो बना दिया.....

गोलू- accha....to दर्द जहा है....

सलीमा- पुरे बदन में.....

गोलू- kya....kaise.....malish तो ठीक हुई थी...

सलीमा- सब उसी मालिश की वजह से हुआ है.....

गोलू- मैं समझा नहीं.....

सलीमा- तुम अयर्तों की मालिश करते हो न.....

गोलू- हां....

सलीमा- तो फिर तुम्हे ायरत के बदन की हर तकलीफ को समझना chahiye....aur उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी तुम्हारी hi होगी.....

ये बोलते हुए सलीमा आगे बाद कर गोलू के पास बीएड पर आ gai....aur गोलू के होंठो को चूम लिया....

गोलू- uumm....bilkul....main साडी तकलीफ दूर karuga......par पहले बताओ to...ki परेशानी है क्या.....

सलीमा- परेशानी तुम हो.....

गोलू- kya.....main कुछ समझा नहीं.....

सलीमा- तुम मर्द लोग ायरत की तकलीफ कब समझते ho.....bas अपने मन का कर के निकल जाते हो....

गोलू- मैं अभी भी कुछ नहीं samjha.....saaf-saaf बोलो....

सलीमा- तुमने आज मेरे बदन में ऐसी आग लगाईं hai....jo सालो से देवी हुई thi.....isliye अब तुम hi उस आग को bujhaoge....samjhe....

गोलू- aag....theek hai....batao क्या करना है.....

गोलू की बात सुन कर सलीमा ने अपनी नजरें गोलू के लुंड पर टिका di....aur फिर गोलू को चूमने lagi....to गोलू ने भी सलीमा को अपनी मजबूत बाहों में भर कर चूमना सुरु कर दिया.......

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सलीमा- aah.....itne नासमझ मत bano.....mujhe तुम्हारी जरूरत hai....mera बदन ये आग सह नहीं sakta....kuch karo.....bujha दो इसे....

गोलू- बुझा duga....par समझाओ to.....mujhe कुछ पता तो चले की चाहती क्या हो....

सलीमा- तुम ऐसे नहीं मानोगे na....theek hai....puri बेशर्म hi बन जाती hu.....mere बदन को राउंड dalo....chahe तो हर एक अंग को खा jao.....bas मेरी आग बुझाओ.....

Golu(muskura कर)- यही तो सुन्ना चाहता था main.......ab देखो क्या हाल करता हु तुम्हारा.......

ये बोलते hi गोलू ने सलीमा के दूध को जोर से दवा diya......aur सलीमा सिसकी मारने के बाद गोलू के होंठो को चूसने में लगा गई.....

और गोलू ने भी अब मूड बना लिया tha......to दोनों hi ek-dusre के होंठो को चूसने में लग gaye.....jabki सलीमा का हाथ रफ़्तार से गोलू का लुंड सहलाने लगा......

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गोलू- uummmhhh.....tumne पहले hi बोल दिया होता तो अब तक निपटा भी deta......aaauuummmmm......

सलीमा- uummmhh.....kitne इसारे kiye.....par तुम adiyal.....ungli हिला कर निकल liye....daal देते na.....kyo आ गए.....

गोलू- तुमसे बुलवाना जो tha....chalo....ab थोड़ा गीला कर do.....nhi तो दर्द ज्यादा होगा.....

सलीमा- kya....maine कभी ऐसा किया नहीं.....

गोलू- कुछ तो नया करना hi होगा न.....

सलीमा- पर मैं जानती hu....aaj कल के लड़के चुसवाना पसंद करते hai......isliye main.....ruko...sssrruuuppppp...aah....

आउट फिर सलीमा ने पहले अपनी जवान को लुंड पर firaya....aur देखते hi देखते अपना मुँह खोल कर लुंड चूसना सुरु कर दिया......

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गोलू- तुम तो बोली थी की कभी नहीं kiya....par चूसती तो अच्छा हो......

सलीमा- uuummmmhhh.....maine देखा hai......usi से सीख liya.....aaauuuummmm......

गोलू- wah.....matlab लुंड की तलाश में thi.....ki कब मिले और चूस लो......

सलीमा- uuummmhhh....aah...aisa कुछ nhi.....wo तो तुम्हारा अच्छा लगा to...warna हाथ भी न lagati.....ab तोको mat.....aaauuuummmm....uuuummmm......

गोलू- ठीक hai....tokta nhi....thoda तुम्हे भी मज़ा दे देता हु......

ये बोल कर गोलू ने सलीमा को ऐसा घुमाया की सलीमा अब गोलू के ऊपर 69 पोसिटिव में आ गई....

और फिर एक तरफ सलीमा ने गोलू का लुंड गपागप चूसना सुरु kiya....to वही गोलू ने भी सलीमा की गरम छूट को चेतना सुरु कर दिया.......

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दोनों hi बड़ी ख़ामोशी से apne-apne काम में लगे हुए the.....na hi सलीमा ने एक सब्द बोलै और न hi गोलू ने.....

हककी गोलू इस टाइम सलीमा की हवस का भरपूर मज़ा ले रहा tha.....lekin अभी भी उसका दिमाग अपना खेल बढ़ाने में hi लगा था.....

गोलू जनता था की अब सलीमा भी उसके जाल में फास चुकी hai......isliye गोलू अब जाकर को उसके पापो की सजा देने का तरीका भी सोच रहा था.....

Khair.....isi बीच सलीमा ने गोलू के लुंड को choos-choos कर पूरी तरह तैयार कर diya....sath hi साथ सेलिना की छूट गोलू की चुसाई से परेशान हो कर पानी भी वह चुकी.....

और अब सलीमा को बेसब्री से गोलू का लुंड अपनी छूट में महसयस करने की पड़ी thi.....isliye उसी ने गोलू को टोका.....

सेलिना- aaahh....bas करो ab.....aur न tadpaao....daal भी do....aah.....

गोलू- सूक से......

और फिर गोलू ने सलीमा को बीएड पर लिटाया और उसकी तागे चौड़ी कर के बड़ी आसानी से अपना लुंड सलीमा की छूट में दाल दिया.....

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सलीमा- आआह्ह्ह्ह.....

गोलू- नाटक मत kar....puri खुली हुई है तेरी....

सलीमा- aaahh....par ये lund.....oohhh....bada है na.....aaahh....mar gai....mota भी hai....aaahh.....aaahh....

सलीमा बोल hi रही थी की गोलू ने धक्के लगाने सुरु कर diye....jis से सलीमा की मादक सिसकियाँ कमरे में शोर करने लगी.....

सलीमा को गोलू का लुंड बड़ा मज़ा दे रहा tha....isliye वो अपनी गांड utha-utha कर लुंड खाने में लगी thi....aur सिसकी तो ऐसे मार रही thi...jaise की उसकी सुहागरात हो.....

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सलीमा- aaahh...aahh..aahh...aammiiii...mar gai...aahh...aahh....

गोलू- वैसे तेरी छूट अभी भी कासी हुई hai.....kaise.....

सलीमा- aaahh....saalo से हाथ नहीं लगा na....aaahhh......

गोलू- हाथ या lund...hahaha.....

सलीमा- aaahh....ha wahi....aahh...joor se....main...main...aaahh..aaahhh....aahhh.....

और सलीमा ने गांड हिलाते हुए एक बार फिर से पानी बहा diya....aur अब हर धक्के पर उसकी छूट से puchh-puchh की आवाज निकलने लगी.....

सलीमा- aahh...thoda रुको na....bade ज़ालिम ho........ruko....

गोलू- रुकना मेरी फितरत में hi nhi....par तेरी हालत को देख कर कुछ अच्छा करता hu....aa जा.....

और फिर गोलू ने सलीमा को उठाया और अपनी गॉड में बैठा liya.....aur फिर सलीमा के bade-bade दूधो को चूमते हुए बड़े प्यार से सलीमा को छोड़ना जारी रखा.....

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गोलू- uuummhh....ab ठीक है न....

सलीमा- aahh....tum तो जादूगर ho.....ek पल में hi मूड बना देते ho.....aahh...kaash खान साब भी ऐसे होते.....

गोलू- accha.....sirf ऐसे होने से काम चल jata.....lund का kya......uske पास ऐसा लुंड कहा से हो सकता है....

सलीमा- aaahh....baat तो सही hai....ye chamdiwala...aahh....iski बात hi जुड़ा hai......kaash तुम मिल जाते to...aahh.....to जवानी बर्बाद न जाती.....

गोलू- कोई na.....jawani दोवारा से बापिस ला duga....tu बस देखती ja....chal....ab सुरु हो जा.....

ये बोल कर गोलू पीछे लेट गया और सलीमा भी गोलू का इसरा समझ कर तेजी से uper-neeche होते हुए अपनी छूट मरवाने लगी.....

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सलीमा के उछलने से उसके bade-bade दूध हवा में झूल रहे the....jo गोलू की गर्मी को लगातार बढ़ाते है रहे थे.....

और वही जब सलीमा की छूट लुंड को nigalti....to उसकी गांड जो थाप मार रही थी na.....uummm.....wo आवाज सुन कर गोलू का दिल जार रहा था की अभी सलीमा की गांड मार दे....

पर गोलू जल्दबाजी के मूड में नहीं tha....isliye वो सलीमा की हरकते देखरा हुआ मज़े ले रहा था.....

Khair.....kuch देर बाद सलीमा की छूट ने फिर से फुब्बारा छोड़ diya....aur सलीमा अपनी साँसे सम्हालते हुए गोलू के ऊपर hi लेट gai....aur फिर दोनों ek-dusre के होंठो को चूसने लगे.....

और कुछ hi देर बाद जैसे hi सलीमा गरम हुई तो अपनी गांड हिलने lagi....aur गोलू ने धक्के मार कर सलीमा की ख्वाहिश पूरी कर दी.....

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सलीमा- aaahh....kitna karega....thakta नहीं.....

गोलू- अभी se....abhi तो सुरु हुआ है.....

सलीमा- haay.....itne में तो खान साब 3 बार ढेर हो jate......aahhh....

गोलू- हर कोई गोलू नहीं hota....hum अनोखे hai......yeeehh.....

सलीमा- aaahh....ammi....kitna तेज मरता है re.....aaahh....karta rah....karta....aaahh....

और फिर गोलू ने तेज रफ़्तार से सलीमा को तब तक choda...jab तक की सलीमा की छूट फिर से पानी नहीं हो गई....

पर इस बार गोलू रुका nhi.....balki उसने सलीमा को बाजु में लिटाया और जोरदार चुदाई जारी राखी.....

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गोलू के ताबड़तोड़ धक्को से सलीमा की आह निकल रही thi.....uski छूट में गोलू का तगड़ा लुंड ऐसे धूम मचा रहा tha...jaise की फाड़ कर hi रख देगा....

पर गोलू का ये बेरहम रूप सलीमा को बहुत मज़ा दे रहा tha....kyoki वो पहली बार एक ऐसे मर्द के साथ thi....jisne उसे रुला दिया था.....

सलीमा की छूट आज कई बार पानी छोड़ चुकी thi....par अभी भी हर धक्के में उसकी आह निकल रही thi....aur सलीमा को ऐसा मज़ा पहले कभी नसीब नहीं हुआ था.....

Khair....golu ने जबरजस्त चुदाई करते हुए एक बार फिर से सलीमा को झड़ने पर मजबूर कर दिया....

और जब गोलू खुद झड़ने को hua...to उसने सलीमा को मुँह में लुंड लेने को kaha.....jisse सलीमा थोड़ी सहम गई....

हलाकि सलीमा ये जानती थी की कई एयरटेन अपने मुँह में लुंड झड़वाती hai....aur उसे भी कही न कही ये करने की ख्वाहिस thi....par वो पहली hi बार में ये सब करने से बच रही थी....

पर जब गोलू ने baar-baar सलीमा को bola....to सलीमा भी मान gai....aur उसने पहली बार अपने मुँह में लुन्द्रास निकलवाया bhi...aur फिर उसे हलक में भी उतार ले गई....

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इस दमदार चुदाई के बॉस सलीमा बुरी तरह से पास्ट पद चुकी thi...isliye वो गोलू के साथ hi सो गई....

और फिर जब सलीमा का beta-bahu घर aaye...tab जा कर सलीमा अपने कमरे में गई.....

असल में जब सलीमा का bera-bahu घर aaya....to गोलू ने सलीमा को अपने जमरे में भेज दिया और खुद कपडे पहन कर गेट खोला....

जबकि सलीमा नंगी hi अपने कमरे में आ गई thi....aur कमरे का गेट लगा कर वैसे hi नंगी सो गई थी......

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प्रेजेंट में........


सलीमा अपनी सहेली को पिछली रात का किस्सा सुनते हुए लगातार अपनी छूट मसलती रही thi....isi वजह से उसकी छूट 2 बार झाड़ चुकी thi....par सलीमा की मस्ती अभी भी बाकि थी.....

सलीमा- बहुत बुरा हाल किया उसने to.....kya ठोकता hai...aah....ab तक तीस उठ रही है.....

सामने- ओह ho....waise अब तो तुझसे जलन सी होने lagi....kya मर्द मिला tujhe....kaas मुझे भी मिल जाए....

सलीमा- चुप kar....wo अब मेरा hai.....najar भी मत डालना....

सामने- accha....chal ठीक hai.....tu मज़े kar.....par बाद में कभी मुझे bhi....samjh न....

सलीमा- वो सब बाद me....chal अब फोन rakh.....saayad खान साब के छोटे भाई आ गए है अपने परिवार के sath....to मैं तैयार हो जाती hu....kal रात से hi नंगी पड़ी हु...

सामने- hehehe...besharm....ja...ho जा taiyaar.....fir बात करेंगे.....

सलीमा- hmm...bye....

और फिर सलीमा जैसे hi बीएड से uthi...to उसके मुँह से आह निकल gai.....kyoki गोलू के धक्के खा कर उसके बदन का बुरा हाल हो चूका था....

फिर भी सलीमा ने अपने आपको संभाला और बाथरूम में घुस gai....aur कुछ देर बाद hi एक सरीफ ायरत की तरह तैयार हो गई.......

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ठाकुर की हवेली में.............


यहाँ कामना ने जबसे कल्लू और रेखा की चुदाई देखि thi...tabhi से उसके दिमाग ने एक प्लान आ गया tha.....aur उसी प्लान को पूरा करने के इरादे से कामना ने कल्लू को अपने साथ खेत चलने को kaha....aur दोनों कुछ hi देर में खेत पर आ गए.....

कल्लू- अब काम की बात करे.....

Kamna(chounk कर)- kya...kaisa kaam....matlab क्या है तुम्हारा....

कल्लू- oye.....mana की ायरत को समझना किसी के बस की बात nhi....par थोड़ा तो समझ hi सकते hai......aur मेरी समझ साफ़ बोल रही hai...ki तू मुझे यहाँ किसी खास काम के लिए लाइ hai....ab बोल....

Kamna(muskura कर)- hmm....dam तो है hi....dimaag भी बड़ा तेज चलते हो.....

कल्लू- ऐसा hi samjh....chal अब bol....warna यही नंगा कर दुगा.....

कामना- तो कर दे na....rokta कौन है....

Kallu(muskura कर)- जनता hu....par सायद तू समझी nhi.....main नंगा तो karuga....par कपडे बापिस नहीं hoge.....nangi hi रह jaygi....samjhi....

कामना- kya....kuch bhi.....marwana है क्या.....

कल्लू- तो सीधा मुद्दे पर आ ja.....isse पहले की मुझे गुस्सा आये....

कामना- ठीक hai.....pahle ये bata....thakurain की कबसे ले रहा है.....

Kallu(man में)- ohh....to साली को पता चल hi gaya.....par बताया kisne.....kusi ने भी बताया ho...apna क्या उखाड़ लेगी....

कामना- क्या hua....sitti-pitti गुल हो गई.....

कल्लू- ghanta.....main डरता nhi......haa...chodta हु use......jaise tujhe....teri बेटियों ko....teri देवरानी ko....sabko छोड़ता hu....bol क्या karegi.....thakur को bolegi....ja बोल दे.....

कामना- are....gussa क्यों होते ho...main तो बस पूछ रही थी.....

कल्लू- ये पूछने को इतनी दूर लाइ.....

कामना- nhi....asal में मुझे तुमसे एक काम hai......wo तुम्ही कर सकते हो.....

कल्लू- accha......koun सा काम.....

कामना- मेरा एक sapna.....sapna इस हवेली की ठकुराइन बनने का......

कल्लू- उसमे क्या hai.....rekha के बाद तू hi banegi....ghar की बड़ी बहु जो है.....

कामना- nhi...mujhe अभी बनना hai.....uske saamne......main चाहती हु की वो मुझे ठकुराइन कह कर बुलाये......

कल्लू- hmm....par उसके लिए तेरे पति को ठाकुर बनना hoga.....ya फिर तुझे ठाकुर की patni.....bol क्या करेगी.....

कामना- दोनों hi नहीं.....

कल्लू- तो फिर.....

कामना- इस हवेली में सिर्फ ठकुराइन का राज hoga....thakurain kamna.....aur कोई nhi....thakur भी नहीं....

कल्लू- खतरनाक इरादे है tere....par ऐसे सपने देख कर खुश हो सकती hai....haqiqat में ऐसा होना मुश्किल है....

कामना- तुम चाहो तो हो सकता है.....

Kallu(ghoor कर)- चल क्या रहा है तेरे दिमाग me....saaf-saaf बोल.....

कामना- baitho....sab बताती हु.....

और फिर कामना ने कुछ देर तक अपने दिमाग में चल रहा प्लान पूरी तरह से कल्लू की बता diya.....jise सुन कर कल्लू खुश भी tha....par साथ में हैरान भी......

कामना- अब बोलो......

कल्लू- तेरा दिमाग भी na.....chalo....maan लिया की ये सब हो gaya.....to इसमें मेरा क्या फायदा......

Kamna(muskura कर)- तुम मेरे hoge.....aur इस हवेली के इकलौते mard......aur हम सब teri......samjh गए न......

Kallu(muskura कर)- इसमें नया क्या hai....tum सब तो मेरी हो hi चुकी.....

कामना- तो तुम hi bolo.....kya चाहते हो....

कल्लू- umh....time आने पर batauga.....tab तक करते hai.....suruwat तो ho....ab चले....

कामना- ऐसे कैसे chale.....thoda इस खुले आसमान के neeche....is हरियाली me.....do jishm....ek नहीं होंगे क्या.....

Kallu(muskura कर)- आ गई ायकाट par.....chal.....hariyali में चल......

इसके बाद कामना और कल्लू उठ कर खेत के अंदर जाने lage....jaha वो आराम से कामलीला कर सके.......

Kallu(man में)- क्या किस्मत पाई है ठाकुर ne.....yaha तो सबके सब ek-dusre के लिए तलवार निकले खड़े hai.....bhai को बताना hoga.....ki यहाँ का काम पूरा हुआ समझो....

कामना- किस सोच में पद गए......

कल्लू- hmm...kuch nhi....main धार मार कर आता hu.....tu नंगी milna....samjhi....

ते बोल कर कल्लू थोड़ा दूर आया और तुरंत किसी को कॉल कर के कामना की बात बताने लगा......

(कॉल पर)

कल्लू- अब bolo....hume कुछ करने की जरूरत है क्या......

सामने- बिलकुल है.....

कल्लू- पर ये सब तो....

Saamne(beech में)- जो दीखता है वो सही ho.....ye हमेशा नहीं hota.....tum पहले samjho.....koun क्या सोच रहा hai....kyo सोच रहा hai.....uska इरादा क्या hai......jara socho....jo अपनों का न hua....wo तेरा होगा kya......socho....samjho....fir कोई कदम उठाना....

कल्लू- मैं सतर्क hu.....aur मैं सच का पता भी कर luga....maine कुछ सोचा hai...dekhte है कौन क्या करता है....

सामने- good....par अब जल्दी करना hoga.....jalaal गाओं में आ चूका है......

कल्लू- ohh....to टाइम आ गया.....

सामने- hmm......shart का अंजाम जल्द hi सामने hoga.....bas तू काम ख़त्म kar.....baki काम हो hi चूका समझ.....

कल्लू- तो ठीक hai.....jaldi मिलते hai.....bye...

========================

जाकर के घर में.........


यहाँ जलाल का परिवार chai-nasta कर के आराम कर रहा tha......par जलाल की बीवी सलमा के दिल को चैन नहीं था....

असल में सलमा ने बस से उतारते वक़्त कुछ ऐसा महसूस किया tha....jise वो भूल नहीं प् रही thi.....aur वो था एक साक्ष......

असल में सलमा ने बस स्टैंड पर एक साक्ष को देखा tha....jise देख कर सलमा को आदि की याद आ गई thi...aur तभी से उसके दिल में कस्मकस चल रही थी.....

इसलिए सलमा अपना दिल बहलाने को घर के पीछे लगे गार्डन में टहलने निकल gai.....aur अपने hi ख्यालो में इस कदर खो gai...ki उसे अंदाजा भी नहीं हुआ की वो घर से काफी दूर निकल आई है.....

तभी अचानक से सलमा की आँखों के सामने एक चेहरा आ gaya....jise देखते hi सलमा का बदन दर से सहम गया....

सलमा उस चेहरे को आँखे फाड़ कर देख रही thi....aur उसकी आवाज उसके हलक में फास सी गई थी..........

सलमा- aaa....aa....aaaaaa....aaa...

कामना का प्लान क्या HOGA.....KYA कल्लू उसकी हेल्प करेगा....???

कल्लू सच का पता कैसे LAGAYGA.....KAHI वो फास तो नहीं रहा....???

सलमा के सामने कौन AAYA...JISE देख कर सलमा की हालत HI खराब हो गई......???

अस्मा और सारा की MASTI.....SALMA और सलीमा की HAWAS......HAWELI में नया NAATAK.......NEXT में.........

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....


थैंक्स फ्रेंड्स...

कीप रीडिंग....
 
अपडेट - 52

लास्ट में आपने पढ़ा की एक तरफ ठाकुर की बड़ी बहु कामना अपनी छूट मरवाने के बाद कल्लू को एक प्लान बताती hai....aur उसको पूरा करने के लिए कल्लू की हेल्प मांगती है....

वही दूसरी तरफ गाओं में जाकर के घर में उसके भाई की फॅमिली आ जाती hai....par उससे बेफिक्र हो कर जाकर की बीवी अपने बीएड पर लेती हुई अपनी सहेली को पिछली रात हुई चुदाई का किस्सा सुनती है.....

और फिर जलाल की बीवी सलमा जब गाओं में टहलने निकलती hai....to उसे एक साक्ष दीखता hai....jise देखते hi सलमा बुरी तरह ख़ौफ़ज़दा हो जाती है......

अब आगे................



जाकर के गाओं में...........


यहाँ जाकर के भाई जलाल की बीवी जब टहलने के लिए घर से बाहर nikli...to टहलते हुए घर से कुछ दूर निकल गई.....

और वह पर सलमा जब घर बापिस आने का सोच कर mudi....to उसकी नजरों के सामने एक साक्ष आ gaya....jise देखते hi सलमा की जवान उसके हलक में फसने लगी.....

सलमा की नज़र जो देख रही thi....us पर सलमा के ज़ेहन को यकीन नहीं tha....isi वजह से सलमा बुरी तरह खौफजदा हो चुकी थी.....

सलमा ने जैसे hi उस साक्ष को dekha....waise hi सलमा के दिल की धड़कन तेज हो चली thi.....maare घबराहट के उसके बदन के हर हिस्से से पसीना निकलने लगा tha....aur juwaan....wo तो जैसे रही hi नहीं थी....

वही सलमा की हालत देख कर सामने आया साक्ष सलमा की हालत पर तरस खाने की जगह उसकी हालत और ज्यादा खराब करने के इरादे से आगे आने लगा....

और तब सलमा ने देखा की वो साक्ष अपने हाथ में एक धारदार कुल्हाड़ी जैसा कुछ लिए हुए उसकी तरफ आ रहा hai.....jis से सलमा और ज्यादा ख़ौफ़ज़दा हो गई.....

सलमा कौफ्फ़ खा कर चिल्लाना चाहती thi....madad की गुहार लगाना चाहती thi...par सलमा की जवान उसका साथ नहीं दे रही थी....

अब तो बस सलमा को यही लग रहा tha....ki वो साक्ष आगे आएगा और उसे ख़त्म कर dega.....aur ये सोच कर hi सलमा का ang-ang पानी होने लगा था.....

पर किस्मत से तभी एक आहात hui....aur उसे सुनते hi सलमा के पास आ रहा साक्ष रुक गया......

और फिर सलमा की आँखों के सामने अचानक से धुआँ उठने laga....aur जब वो धुआँ hata....tab तक वो साक्ष गायब हो चूका था.....

सलमा ये सब देख कर और ज्यादा ख़ौफ़ज़दा हो gai...aur उसके दिल को यकीन हो gaya...ki वो साक्ष कोई इंसान नहीं बल्कि आत्मा था.....

सलमा ये सब सोच hi रही थी की उसके कंधे पर एक हाथ आ gaya...aur सलमा जोर से चीख पड़ी....

जलाल- क्या hua.....main hu....tumhara सौहार.....

सलमा- huh...aap...khansaab....aap...

और सलना अचानक से जलाल के सीने से चिपक gai...aur सलमा की हालत देख जलाल भी उसकी पीठ सहलाने लगा....

जलाल- क्या hua.........itni ख़ौफ़ज़दा क्यों ho......kuch अजीब देखा क्या....

सलमा- हम्म.....

जलाल- लगा hi tha.....par घबराओ mat....main आ गया न......

फिर जलाल ने कुछ देर तक सलमा को शांत kiya...aur जब सलमा नार्मल hui...to वह से चलने को बोलने लगी....

जलाल- है chalo....par बताओ तो sahi....kya देख लिया aisa....jo तुम जैसी चांट ायरत भी सहम गई....

Salma(man में)- अब आपको क्या batau.....nhi....aapko नहीं बता सकती....

जलाल- बोलो.....

सलमा- wo....ek आदमी dikha....uske हाथ में कुल्हाड़ी जैसा कुछ tha....fir अचानक धुआँ utha...aur wo....wo गायब हो gaya....to मैं घबरा gai....fir आप आ गए....

जलाल- ohh....are....ye गाओं hai....dhua तो उठता hi रहता है yaha.....kai लोग आज भी लकड़ी का चूल्हा jalate....aur खेत में भी rahte....to झौका आया hoga.....aur वो आदमी लकड़ी काट कर आ रहा hoga....kai लोग जाते है लकड़ी katne....hmm....

सलमा- है saayad....aisa hi hoga....wo बस अचानक ी सब साथ हुआ na....to दर गई....

जलाल- कोई nhi...chalo ghar.....bhabhijaan पूछ रही है...

सलमा- वो जाग gai....theek तो है न....

जलाल- ठीक तो hai....par पूरी तरह nhi.....par जाग gai....chalo...

सलमा- जी....

और फिर सलमा अपने सौहार के साथ घर की तरफ चल di....par उसके दिल और दिमाग में उस साक्ष की तस्वीर जैम चुकी thi...jise उसने देखा tha.....aur वो यही सोच रही thi...ki आखिर जो hua....wo हक़ीक़त thi...ya सिर्फ उसके ज़ेहन का भरम......

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ठाकुर की हवेली में................


ठाकुर की बड़ी बहु कामना को खेत में खुले आसमान के नीचे कुटिया बना कर छोड़ने के बाद जब कल्लू बापिस हवेली pahucha....to उसके सामने फिर से एक नया सवाल खड़ा हो गया......

असल में अभी तक कल्लू ये भी नहीं समझ पाया था की कामना उसका इस्तेमाल अपनों के hi खिलाफ क्यों करना चाहती hai.....ki तभी कल्लू के सामने एक और साक्ष नया सवाल ले कर आ गया.....

वो नया साक्ष और कोई nhi....balki ठाकुर की संधान तारा thi.....tarika की maa....jisne अपनी आँखों से अपनी बेटी की छूट में कल्लू का लुंड जाते देखा tha....wo भी अपने दामाद के सामने......

Khair....jab कल्लू बापिस हवेली में aaya....to उसके कमरे में तारा पहले से hi मौजूद thi....aur कल्लू का hi इंतज़ार कर रही थी.....

कल्लू- aap....yaha.....

तारा- kyo....main यहाँ क्यों नहीं हो sakti....aakhir मेरी बेटी का ससुराल hai....haq तो बनता है न.....

कल्लू- बिलकुल बनता hai....par इस कमरे me.....wo क्या है na...ki ठाकुर ने ये कमरा मुझे दिया हुआ hai....aur मेरे ख्याल से ठाकुर की मर्जी के आगे तो आपकी बेटी भी कुछ नहीं बोल sakti....to फिर aap.....samjh रही है न.....

Tara(ghoor कर)- बातें बहुत आती है तुम्हे......

कल्लू- मुझे तो बहुत कुछ आता hai.....par वो chhodo.....yaha होने की कोई खास wajah....kuch तो जरूर होगी....

तारा- haa....baat करनी थी tumse....akele में.....

कल्लू- वो तो मैं समझ gaya.....par....agar आप अपनी बेटी के बारे में बात करने आई hai...to उसका फायदा nhi....kyoki उस बात के बारे में आपको आपकी बेटी से मिलना chahiye....mujhse नहीं....

तारा- kyo....tum भी तो बराबर के हिस्सेदार हो उस सब me.....ho न....

कल्लू- कह सकती ho....par मैंने कोई जबरजस्ती नहीं ki....na hi धमका कर कुछ kiya....wo अपनी मर्जी से मेरे पास आई thi....aur haa....uske पति की मर्जी भी शामिल hai....to यहाँ मैं तो गलत हो hi नहीं sakta......hai न.....

तारा- मैंने कब बोलै की तुम गलत हो या sahi....aur वैसे bhi.....main यहाँ sahi-galat के बारे में बात करने नहीं आई.....

कल्लू- तो फिर आपके दिल में और क्या हो सकता hai....bataiye.....

तारा- bataugi.....par पहले तुम्हे वादा करना होगा की तुम वही करोगे जो मैं कहुगी.....

कल्लू- kya....tum हो koun....jo मैं तुम्हारी कोई बात maanu.....haa....

तारा- आप से सीधा tum.....hmm....

कल्लू- मैं इज्जत तब तक देता हु जब तक की सामने वाला मुझे छोटा न samjhe......samjhi......

तारा- hmm...sorry.... मेरा वो मतलब बिलकुल नहीं tha.....main तो तुमसे एक रिक्वेस्ट कर रही हु बस.....

कल्लू- request......par रिक्वेस्ट में कोई शर्त नहीं hoti....na hi कोई बंदिश.....

तारा- जानती hu....par मजबूरी hai.....main नहीं चाहती की तुम न bolo....kyoki तुम्हारे अंदर मुझे वो आशा दिख ताहि hai.....ki मैं अपना मक़सद पूरा कर सकती hu....warma मैंने तो हिम्मत hi हार दी थी....

कल्लू- ऐसी भी क्या बात hai.....ki tum....theek hai....pahle तुम मुझे पूरी बात batao.....wo भी sach-sach.....hmm...

तारा- बता तो du....par बात सुन कर तुम किसी को......

Kallu(beech में)- dekho....agar मुझे सही laga....to मैं तुम्हारा काम कर भी duga....aur अगर सही न laga....to इस बात की चिंता मत करना की मैं किसी और से ये बात karuga...bharosha rakho.....agar मैं है नहीं boluga....to समझ लेना की हमारी कोई बात हुई hi nhi......ab ठीक है.....

तारा- hmm.....to मैं चाहती हु की तुम इस हवेली में हर एक aourat....har लड़की को ऐसा बना do....jaisa तुमने तरीका को बनाया है.....

कल्लू- क्या मतलब.....

तारा- मतलब ye....ki वो सब अपने pati...baap और दादा की फ़िक्र छोड़ कर उनके सामने तुमसे chude.....aur वो साले अपनी hi biwi...beti और नातिन को छुड़वाता देख अपना लुंड मसलते रहे.....

Kallu(man में)- क्या हो रहा है ये सं इस हवेली me....har कोई एक hi बात कर रहा hai.....samjh नहीं आता की पन्गा क्या hai...sab के सब एक जैसा सोच रहे hai....kyo....

तारा- क्या hua....sunne में अजीब लगा na.....ya फिर तुम ये सोचने lage...ki मुझे तो तुम्हे अपनी बेटी से दूर रहने का बोलना चाहिए tha....par मैं तो कुछ और hi ङोल रही hu...hmm....

कल्लू- nhi..matlab haa....ajeeb तो laga.....par....main सोच रहा tha...ki ये सब करना hi क्यों hai....matlab....isme तुम्हारा क्या fayda....yu hi तो कोई कुछ चाहता nhi....hai न....

तारा- फायदा तो कुछ नहीं hai....par कुछ hai.....jo दिल में आग की तरह धधक रहा hai....saayad ठाकुर के परिवार की ऐसी हालत देख कर मेरी वो aag.....saayad कुछ काम हो जाए.....

कल्लू- aag.....hmm.....ab मुझे वो batao....jo सिर्फ तुम्हारे दिल में hai...jise सायद और कोई नहीं janta....tumhari बेटी भी nhi....hai न....

तारा- kya....tum ऐसा कैसे बोल सकते हो....

कल्लू- अपने पास भी दिमाग hai...aur आँखे bhi....jo तुम्हारी आँखों में गुस्सा और दर्द देख सकती hai.....jo abhi-abhi आँशु बन कर निकला था.....

Tara(aankh साफ़ कर के)- hmm.....sahi samjhe.....aur अब मैं ये भी कह सकती हु की मैंने सही इंसान को चुनने का सोचा है.....

कल्लू- तुम्हारा चुनाव तो ठीक hai....par इस चुनाव का परिणाम तभी पता chalega....jab तुम अपना दिल खोल कर dikhaogi.....samjhi न.....

तारा- समझ gai.....thoda पानी पि lu....fir दिल भी खोल दूगी.....

कल्लू- हम्म....

और फिर तारा ने पानी पिया और उसके बाद अपने अतीत का किस्सा सुनना सुरु कर दिया.....

तारा- ये बात मेरे परिवार की hai....meri hai....aur सबसे khas.....meri प्यारी बहिन ki.....jiski वजह से मैं यहाँ hu.....matlab ऐसी सोच के sath......samjhe....

कल्लू- ऐसे तो मैं kya...koi भी नहीं समझ payga....tum पूरी बात बताओ तो कुछ समझू न.....

तारा- बता रही हु na.....ab बोलना mat....sirf सुन्ना.....

कल्लू- ohk.....bolo....

तारा- मैं एक acche-khase संस्कारी और पैसेवाले परिवार से आती hu....matlab मेरे maa-baap......mere पिता गाओं के एक प्रतिष्ठित आदमी थे.......

मेरे घर में हम 4 लोग the...maa-papa...main और मेरी प्यारी behan.....jo मेरी जान थी.....

असल में हम बहने ek-dusre की जान thi.....dono बहने काम और सहेलियां ज्यादा thi....aur हमारे बीच इतना प्यार tha...ki कई देखने वाले तो जल जाते थे......

हम दोनों हर समय साथ hi रहते the....sath padna...khelna....khana या फिर sona.....hum ek-dusre के साथ hi सबकुछ करते थे.......

पर फिर समय ने करवट li....aur हम दोनों को अलग होना pada....par मजबूरी में nhi...balki किसी की ख़ुशी के लिए.....

असल में मेरी मौसी को कोई संतान नहीं thi....aur मेरी मौसी और मेरी माँ भी हम बहनो की तरह ek-dusre को प्यार करती थी.....

मेरी माँ को मेरी मौशी का बाँझ कहलाना दुःख देता tha....isliye उन्होंने हम बहनो को bola....ki हमसे से एक अपनी मौसी को माँ मान कर उनके साथ रहे.....

तो हम बहनो ने भी माँ की हालत देख कर ये सोच liya....ki अगर हमारी वजह से किसी की जिंदगी में ख़ुशी आती है तो क्यों पीछे रहे.....

असल में परोपकार की भावना हमे हमारे पिता की दें thi.....to हम बहनो ने भी अपनी मौसी की खातिर अपने साथ को ख़त्म कर liya....aur हम दोनों अलग हो गए.....

पर अलग होने के बाद भी हमारा प्यार वैसा hi raha....hum आपस में मिलते तो थे hi...bas हर दिन मिलना नहीं हो पता था....

पर हम जब अपनी माँ और मौसी को किस देखते the...to हम अपना दुःख भूल कर जीते थे......

Khair....samay आगे bada....hum बड़े हुए और हमारी साडी भी हो gai......aur हम दोनों apne-apne ससुराल पहुंच गए.....

उसके बाद भी हमारा प्यार काम न hua...hum ek-dusre के ससुराल जाते रहते थे.....

फिर मेरी बहिन माँ bani....to उसकी खुशियां और बाद gai...aur मैं उसकी ख़ुशी देख कर खुश थी....

पर फिर एक दिन मेरी जिंदगी में एक झटका laga....mere पति की एक एक्सीडेंट में मौत हो gai......aur एक पल में मेरी खुसिया मुझसे छीन गई....

पर मेरी बहिन मेरे साथ कड़ी thi...usne न सिर्फ मुझे sambhala...balki बहुत कोसिस कर के मुझे एक बार फिर से किसी की पत्नी बना दिया....

पर मेरे लिए दूसरे पति को अपनाना आसान नहीं tha.....uper से वो मुझे में बहिन से काफी दूर भी ले आया tha...matlab हमारे गाओं काफी दूर थे....

पर मेरी बहिन के समझने पर मैंने कोसिस ki....time laga....par मैं नए घर में जिंदगी जीना सीख गई......

और फिर समय की रफ़्तार के साथ हम दोनों apni-apni जिंदगी में ज्यादा बिजी हो gaye....par हमारा प्यार अपनी जगह बना रहा.....

फिर एक दिन मुझे खबर मिली की मेरी बहिन का पूरा परिवार जल कर ख़ाक हो gaya....jo मेरे लिए दुनिया का सबसे बड़ा झटका था.....

उस दिन न सिर्फ मैंने अपनी बहिन खोई thi....balki साथ hi साथ मेरी जिंदगी की साड़ी खीशियन खो दी थी.....

उस दिन के बाद मैं एक अलग hi इंसान बन गई hu.......ek swarthi....matkabi....aur गुस्से से भरी.....

जिसका जीने का सिर्फ एक hi मक़सद tha....apni बहिन के कातिल तक pahuchna.....aur उसे मौत से भी बदतर सजा देने का.....

इसलिए मैंने अपने हिसाब से khoj-been सुरु ki....aur सालो की म्हणत के बाद मुझे पता chala...ki ठाकुर विक्रांत hi वो इंसान hai....jisne मेरी बहिन को मुझसे चीन है.....

पर जब मुझे पता chala....us समय तक विक्रांत मेरा समधी बन चूका tha.....isliye मैं छह कर hi अपने पति या परिवार को कुछ नहीं कह saki....bas अंदर hi अंदर घुटने लगी.....

पर आज मैं तुम्हारे अंदर अपने मक़सद को पूरा होते देख रही hu.....aaj मैं ये सोच सकती hu....ki वो तुम ho...jiske जरिये मैं ठाकुर विक्रांत को तबाह कर के अपनी प्यारी बहिन की मौत का हिसाब ले सकती हु....

तुम hi वो साक्ष ho...jo मेरे दिल में जल रही इस बदले की आग को बुझा सकते ho....sirf तुम.....

ते बोल कर तारा चुप हो gai...uska बदन गुस्से से कांप सा रहा tha.....chehra लाल पद चूका tha...aur पसीना भी पुरे चेहरे पर उमड़ आया था.....

ये देख कर कल्लू ने एक गिलास पानी लिया और तारा को दे diya....jise तारा एक hi सास में जातक गई.....

तारा- hmm....ab bolo....mera साथ डोज.....

कल्लू- क्या तुम्हे पक्का पता है की ठाकुर ने hi तुम्हारी बहिन को....

Tara(joor से)- haa.....thakur hi जिम्मेदार है उसका......

कल्लू- ohk....par thakur....kya वो अकेला tha...matlab कोई और भी था क्या उसके साथ....

तारा- और का मुझे पता nhi....par मुझसे ये पक्का पता है की विक्रांत hi जिम्मेदार hai......aur मैं उसे छोडूगी नहीं....

Kallu(man में)- ये जो बोल रही है उस हिसाब से तो ये उसी घर की बात कर रही hai...jis घर के लिए भाई और मैं ये सब कर रहे hai.....par अगर ऐसा hai...to इसके बारे में भाई को कैसे पता nhi....unhe तो सब पता होता है....

तारा- क्या सोच रहे हो....

कल्लू- uhm....kuch nhi....tumhari behan....uska नाम क्या hai....matkab था....

तारा- तुम्हे ये जानने की जरूरत नहीं....

कल्लू- जरूरत hai.....mujhe पता तो होना चाहिए की मैं किसकी वजह से क्या कर रहा hu...haa....

तारा- पुष्प.....

कल्लू- hmm....(man में)- ये नाम तो पहले भी सुना hai.....matlab इसकी बात में सच्चाई है....

तारा- अब bolo....sath डोज मेरा.....

कल्लू- अगर मैं हां bolu...to मेरा कुआ fayda.....matlab....kaam बड़ा hai....to कीमत भी मिलनी चाहिए न.....

तारा- कीमत milegi....itni milegi...jitni तुम सोच भी नहीं सकते....

कल्लू- अच्छा....

तारा- haa....advance कल milega.....ab ठीक.....

कल्लू- ठीक है.....

Tara(khadi हो कर)- तो कल बात karege....tara किसी का हक़ नहीं maarti.....isliye एडवांस पहले hi dugi...par याद rakhna....kaam न hua....to तारा बसूली भी पूरी करना जानती hai....samjhe....

कल्लू- हम्म.....

तारा- कल मिलते है फिर....

ये बोल कर तारा कमरे से निकल gai....aur कल्लू उसकी कहानी को अपने मन में याद करते हुए कुछ सवालों के जवाब ढूंढ़ने में लग गया.......

====================

जलाल के घर में..........

यहाँ आने के बाद जबसे जाकर के छोटे भाई जलाल की बीवी सलमा ने घर के पास एक साक्ष का चेहरा देखा tha.....tabse सलमा का दिल और दिमाग बुरी तरह से परेशान था.....

इसलिए सलमा घर आने के बाद भी सबके बीच बैठी हुई अपने hi ख्यालों में खोई रही....

सलमा ये चाहती नहीं थी की कोई भी उसे परेशान dekhe.....isliye वो सबके बीच बैठी झूठी मुस्कान भी बिखेर रही थी....

पर उस फीकी मुस्कान को सलमा की बेटी सारा ने समझ लिया और वो सलमा को बहाने से एक कमरे में ले आई.....

सारा- क्या बात है अम्मी......

सलमा- kya....kuch भी तो नहीं....

सारा- मुझसे झूठ bologi.....sach-sach batao....kya हुआ.....

सलमा- wo....wo मैंने abhi....sara.....

इतना बोल कर सलमा ने सारा को गले से लगा लिया और halje-halke से सुबकने लगी.....

सारा- क्या हुआ ammi.......batao मुझे.....

सलमा- मैंने उसे dekha......apni नजरों के saamne.....wahi था वो.....

सारा- koun......kisko dekha.....haa....

सलमा- आदि....

सारा- kya.....bol क्या रही ho......hosh में तो हो.....

सलमा- मैंने देखा है use.....yahi....isi गाओं में.....

सारा- पर ये kaise....wo मर चुके है....

सलमा- जानती hu....par मैं झूठ नहीं बोल rahi.....maine अपनी आँखों से dekha....kasam से.....

Sara(jhalla कर)- ammi.....bas karo....tumhe.....suno मेरी baat....saayad तुम थकी हुई ho......hmm....aaraam karo...sab ठीक हो जायगा.....

सलमा- नहीं beta....main झूठ नहीं बोल rahi....wahi tha......maine देखा उसे....

Sara(joor से)- bas.....bahut hua.....dekho....aadi के बारे में यहाँ कोई नहीं janta.....to ऐसा कुछ भी मत करना की लोग सवाल kare....aur haa.....bhool जाओ की क्या hua......aur जब तक कोई सबूत न हो na....tab तक कुछ बोलने का सोचना भी मत.....

सलमा- saboot....kya तुझे मेरी बात पर यकीन नहीं.....

सारा- yakeen......kaise करू yakeen.....jata socho....maan लो की वही the.....maan लो bas.....to वो तुम्हे छोड़ते kya....are....wo वही पेल dete......janti हो न....

सलमा- तुम्हे ये सब झूठ लग रहा है na...haa...

सारा- haa....kyoki मुर्दे कभी जिन्दा नहीं hote....samjhi.....

सलमा- पर मैंने....

सारा- bas.....aap फ्रेश हो jao....dimaag शांत हो jayga.....aur फिर आराम से खाना खा कर सो jana.....sab ठीक हो जायगा....

सलमा- बीटा....

Sara(beech में)- बस ammi....ab जा कर फ्रेश हो jao...main बहार hu.....hmm..

ये बोल कर सारा तो निकल gai....par सलमा को अभी भी समझ नहीं आ रहा था की वो क्या सच maane.....sara की कही बात या फिर अपनी आँखों से देखा चेहरा......

Khair.....salma ने अपनी बेटी की बात मानी और फ्रेश होने चली gai....aur दोवारा रेडी हो कर बाकि सबके बीच आ गई....

फिर यु hi बातों का सिलसिला चलता raha....ek-dusre की khair-khabar पूछी gai.....aur हसी मजाक करते हुए रात के खाने का वक़्त भी हो गया.....

फिर सबका खाना हुआ और सब apne-apne बीएड पर सोने चल diye.....par सलमा की आँखों में door-door तक नींद नहीं थी.....

सलमा बुरी तरह से बेकरार thi....wo अपने दिल और दिमाग के बीच फांसी हुई thi....use समझ नहीं आ रहा था की वो किसकी बात माने........

बस इसलिए सलमा रात को भी घर के बाहर टहलने निकल aai....taki उसका दिल हल्का हो सके......

पर सलमा का दिल हल्का होने की जगह baar-baar आदि और उस जगह को hi याद कर रहा tha....jaha पर सलमा ने वो आदि का चेहरा देखा था.....

और फिर सलमा के दिल से मजबूर हो कर उसके कदम अपने आप आगे बढ़ने lage....aur कुछ hi देर बाद वो उस जगह पहुंच gai.....jaha दिन में उसने आदि को देखा tha....jiska चेहरा उसे परेशान कर रहा था......

सलमा उस जगह पहुंच तो गई thi....par उसका दिल अब जोर से धड़कने भी लगा tha....kyoki उसने गाओं में भूतो की कई कहानियां जो सुन राखी थी.....

सलमा जानती थी की आदि मर चूका hai....uska यहाँ जिन्दा होना तो नामुमकिन hai....to फिर जिसे उसने dekha....wo तो सिर्फ आदि का भूत hi हो सकता है......

सलमा dari-sahmi सी कड़ी हुई ये सब सोच hi रही thi....ki वह अचानक से दुआ उठने laga......aur देखते hi देखते सलमा के चारो तरफ दुआ मडराने लगा.....

ये सब देख कर सलमा की हालत और ज्यादा बुरी हो gai.....aur वो खुद से बोलने lagi...ki उसे यहाँ आना hi नहीं चाहिए था.....

सलमा- यहाँ से जाना hi ठीक hoga....pata नहीं यहाँ क्या बाला hai.....nikal hi जाती hu....warna.....

सलमा जाने को मुड़ी हो थी की उसके सामने दुन्ये के beecho-beech आदि आ कर खड़ा हो gaya....jo की एकदम नंगा हो कर आया था.....

आदि को इस तरह देख कर सलमा का हाल ज्यादा hi बेहाल हो gaya.....use समझ नहीं आ रहा था की वो क्या kare.....kya soche....kya कहे....

की तभी आदि की आवाज़ ने सलमा को अंदर तक हिला diya....aur सलमा आँखे फाड़े आदि को घूरने लगी......

आदि- डरो mat....tumhe मुझसे डरने की कोई जरूरत nhi.....shant हो jaao....hmm....

आदि का ये सब कहना सलमा के लिए एक चमत्कार tha......wo सोच hi नहीं सकती थी की उसके साथ कभी ऐसा hoga.....isliye सलमा चाह कर भी कुछ बोल नहीं प् रही thi....uski जवान जैसे उसके हलक में चिपक सी गई थी......

आदि- डरो मत salma.....main तुम्हारा बुरा करने नहीं aaya....dekho....main तुम्हारा आदि hu......pahchano mujhe.....main दुश्मन नहीं hu.....balki तुम्हारे हुश्न का कदरदान हु.....

सलमा- aaaa...aadi....aaap...aap....aap kaise.....nhi....ye मुमकिन नहीं......

आदि- भगवान् चाहे तो सब संभव hai....dekho....usne मेरी सुन li.....isliye तो तुम मुझे देख प् रही ho......baki कोई मुझे देख नहीं sakta....koi भी नहीं.....

सलमा- mujhe.....mujhe यकीन नहीं hota.....ye नहीं हो सकता.....

आदि- मेरी प्राथना का असर है salma....isliye मैं तुम्हारे सामने hu.....aur सिर्फ तुम hi मुझे देख सकती ho.....mujhe महसूस कर सकती हो.....

सलमा- kya....mahsoos.....main...main समझी नहीं.....

आदि- देखो mujhe.....mere जिश्म पर कोई भी कपडा nhi......kyoki मैं चाहता था की तुम मुझे ऐसे hi dekho....jo तुम्हे पसंद tha.....hai न.....

सलमा- haa....par आप to....maine अपनी आँखों से देखा tha.....aap मर चुके हो....

आदि- दुनिया के liye.....par तुम्हारे लिए nhi.....aur इसका सबूत तुम कुछ ले सकती ho....aage bado....aur महसूस करो मुझे.....

सलमा- kya.....kaise....

आदि- मुझे छू kar....pyaar कर ke.....par ये तभी hoga...jab तुम भी मेरी तरह कपड़ो के बिना मेरे पास aaogi.....aao salma....nikaal फेको ये kapde....aur उस प्यार को महसयस karo....jo हमारे बीच tha....aaj भी hai......aur हमेशा रहेगा.....

सलमा- ये मुमकिन नहीं hai....aisa कैसे हो सकता hai....aap मर चुके हो.....

आदि- तुम्हारे सवाल का जवाब अभी मिल jayga.....bas अपने कपड़ो को nikalo....aur मेरे पास aao.....fir तुम्हे सारे जवाब मिल जायगे....

Salma(man में)- क्या ये एक ख्वाब hai....nhi.....khwaab तो बिलकुल nhi...par ये मुमकिन nhi......koi मारा हुआ insaan....aah...kya karu.....aajmaau kya....jo ये बोल रहे है.....

आदि- ज्यादा मत सोचो salma.....time काम hai.....jaldi karo....aur अपने दिल में उठ रहे हर सवाल का जवाब ले लो.....

सलमा- ठीक hai......mujhe भी सच्चाई पता करनी है......

ये बोल कर सलमा ने जल्दी से अपनी kurti-salwaar....bra-panty निकली और पूरी तरह नंगी हो कर आदि के सामने कड़ी हो गई....

सलमा के नंगे होते hi आदि आगे बाद gaya....aur साथ hi साथ वह दुआ भी ज्यादा उठने लगा.....

और फिर सलमा के देखते hi देखते आदि बिलकुल से सलमा के करीब जा pahucha.....aur इससे पहले की सलमा कुछ समझ paati....aadi ने सलमा का भरा हुआ बदन अपनी मजबूत बाहों में भर लिया......

जैसे hi सलमा को आदि के बदन की गर्मी महसूस hui....waise hi सलमा के दिल की धड़कन तेज होने लगी....

सलमा को यकीन नहीं हो रहा था की उसे एक ऐसे इंसान के बदन का अहसास हो रहा hai...jo की उसके सामने मर चूका है....

पर सलमा अब कुछ नहीं कर सकती thi...kyoki वो आदि की बाहों में thi.....uper से उसे खौफ्फ़ भी tha.....sath hi साथ उस मर्द के बदन का ahsaas....jisne सलमा को चुदाई का असली मज़ा दिया था.....

ये सब सलमा को मजबूर कर रहा था की वो बस आदि के इसारे पर hi chale.....aur फिर वही हुआ.....

आदि ने सलमा के ुओंठो को chooma...to सलमा ने भी पुरे दिल से आदि के होंठो को चूसना सुरु कर दिया....

होंठो की चुसाई के साथ आदि और सलमा के हाथ ek-dusre के बदन पर भी घूम रहे थे....

कभी आदि सलमा के bade-bade दूध dawata...to कभी उसकी छूट को प्यार से सहला देता.....

वही सलमा का हाथ भी आदि के लुंड का बराबर जायजा ले रहा tha...jo की गर्मी प् कर फूलने लगा था.....

फिर जैसे hi आदि का लुंड तन कर खड़ा hua....to आदि ने सलमा के कंधे दवा कर उसे घुटनो पर बैठा दिया....

और सलमा भी एक अच्छी रखेल की तरह आदि के दिल की बात समझ कर अपने हाथ से लुंड सहलाने lagi....aur देखते hi देखते मुँह में भर कर चूसने लगी......

सलमा जानती थी की वो जिसका लुंड चूस रही hai....wo आदि तो मर चूका hai....par वो इस वक़्त हवस में इतनी पागल हो गई thi....ki उसे सिर्फ अपनी हवस मिटने की पड़ी थी.....

इसलिए सलमा ने पूरी सिद्दत से लुंड को गले तक ले कर चूसना जारी rakha.....aur उस हसीं अहसाह को दोवारा से महसूस kiya....jo उसे आदि से कई बार मिल चूका था......

सलमा आज कुछ ज्यादा hi गरम हो कर लुंड चूस रही thi....isiliye उसकी ढेर साड़ी लार भी लुंड के sath-sath उसके मुँह से abdar-baahar होने लगी थी.....

Khair....jab लुंड पूरी तरह से अपने सबाब पर आ gaya.....to आदि ने सलमा को रोका और पालक झपकते hi सलमा को घुमा कर आगे की तरफ झुका दिया......

सलमा जानती थी की अब ये तगड़ा लुंड उसकी छूट की गहराई में जाने वाला hai....isliye सलमा ने अपनी तागे खोल कर छूट का मुँह चौड़ा कर लिया......

और फिर आदि का लुंड सलमा की छूट की दीवार से रगड़ खता हुआ सत् से गहाई तक उतर gaya....jisse सलमा की चीख निकल गई......

सलमा चीखी जरूर thi....par इस ताक़िफ़ में भी उसे इतना मज़ा मिला था की उसके बदन का हर अंग ख़ुशी से झूम उठा था......

और फिर आदि के धक्को की रफ़्तार ने सलमा को जन्नत की सैर पर पंहुचा diya....aur वो पूरी मस्ती में आहें भरते हुए अपनी छूट की धज्जियाँ उड़वाने लगी.....

सलमा के दिल और दिमाग से अब ये ख्याल जा चूका tha...ki वो कहा hai....kiske साथ hai.....insaan या भूत.....

इस वक़्त तो सलमा को बस यही ख़ुशी thi.....ki उसकी छूट में उसका मनचाहा लुंड घुसा हुआ hai...aur उसकी छूट की कर्री ठुकाई कर रहा है.........

सलमा ितमे मज़े में thi....ki वो khade-khade hi छूट मरवाते हुए 2 बार झाड़ gai.....par उसे थकान जरा भी महसूस नहीं हुई.....

और फिर जब सलमा दोवारा jhadi....to आदि ने सलमा को लगभग उल्टा लिटा कर छूट मारनी सुरु कर दी.....

अब सलमा का बदन जमीन पर tha...jo हर धक्के पर रगड़ खा रहा tha....par सलमा को इससे कोई तकलीफ महसूस नहीं hui.....wo तो बस छुड़वाने में मगन rahi....aur चुड़ते हुए एक बार और छूट का पानी निकाल फेका.......

सलमा जब तीसरी बार jhadi....tab उसे अपने बदन पर रगड़ की तकलीफ महसूस hui....to उसने सहमति हुए आदि को बोल hi दिया.....

सलमा- aahh....neeche तकलीफ हो रही है....

सलमा की बात पर आदि ने कोई जवाब नहीं diya.....balki सलमा की छूट से लुंड निकाल कर उसकी गांड पर थपकी मार di....aur फिर कमर को हाथो से थोड़ा ऊपर कर लिया.....

आदि का इसरा सलमा बखूबी समझ सकती thi....isliye वो जल्दी से अपनी घुटने मोड़ कर अच्छी कुटिया की तरह पोज़ ले कर तैयार हो गई.....

जैसे hi सलमा कुटिता bani...waise hi आदि ने एक ऊँगली सलमा की गांड में पेल di....jisse सलमा सिसक उठी.....

और फिर आदि ने अपना लुंड सलमा की गांड पर सेट किया और सररर से पूरा लुंड सलमा की गांड में घुसा दिया.....

सलमा- aaaaahhhh.......mar gai...aahh...

सलमा की चीख का आदि पर कोई असर नहीं hua....wo अपनी hi मस्ती में सलमा की गांड मारने laga.....to सलमा भी कुछ देर बाद इत्मीनान से गांड hila-hila कर अपनी गांड मरवाने का मज़ा लेने लगी.....

सलमा इस वक़्त इस कदर मदहोश हो कर गांड मरवा रही thi....jaise की वो सालो से गांड मरवाने को तरस गई हो.....

सलमा अब भूल चुकी थी की आदि मर चूका hai.....uske लिए तो आदि उसके साथ tha.....use कुटिया बना कर गांड मारे जा रहा tha....wo भी khulam-khulla.....

सलमा की हवस ऐसी thi....ki वो सायद अपने परिवार वालो को भी भूल चुकी thi.....aur उसके ज़ेहन में ये कौफ्फ़ भी नहीं था की कही कोई आ गया तो क्या होगा.....

सलमा पूरी मस्ती में आहें भरते हुए गांड चुदाई का लुफ्त उठा रही thi....aur इसका सबूत थी उसकी choot....jo पानी बहाये hi जा रही थी.....

सलमा को भी सायद ये अंदाजा नहीं tha...ki उसकी छूट आज कितनी बार झाड़ चुकी hai.....wo तो बस छुड़वाने में मस्त थी.....

Khair.....aadi ने जब जी भर कर सलमा की गांड मार li....to उसका लुब्द भी पानी फेकने को बेताब होने लगा.....

इसलिए उसने सलमा की गांड से लुंड निकला और सलमा को फिर से थपकी maari.....jo की सलमा के लिए एक इसरा था.....

और सलमा इसरा समझ कर तुरंत घटना पर आ gai....aur आदि का लुंड एक बार फिर से सलमा के मुँह में समां गया.....

फिर सलमा ने पूरी सिद्दत से लुंड की चुसाई ki....aur लुंड का पानी होने हलक में उतारने लगी.....

सलमा ने पानी की आखिरी बूँद भी नहीं chhodi.....wo पूरा पानी अपने पेट में ले gai....aur फिर लुब्द को chaat-chaat कर पूरी तरह साफ़ भी कर दिया.....

Khair.....jab चुदाई का माहौल thama.....tab जा कर सलमा को थकान महसूस hui....aur वो वही बैठ कर साँसे लेने लगी.....

सलमा की आँखे बंद thi...aur चेहरे पर छुड़वाने का भरपूर सुकून भी tha....kyoki आज कई दिन बाद वो उस मर्द से चूड़ी thi.....jiske लिए वो दिल से रखेल बन चुकी थी.....

सलना अपनी आँखे मूंदे अपनी hi मस्ती में आराम फरमाती rahi......par जब उसकी आँख khuli.....to वह का माहौल देख कर वो फिर से घबरा गई......

अब सलमा के सामने न hi आदि tha....na की dhuan.....waha सिर्फ सलमा thi....wo भी पूरी नंगी.....

सलमा ने जब अपने आपको नंगा महसूस kiya.....to एकदम से उसकी झक्की सी खुल gai....aur उसने तुरंत अपने कपडे उठा कर पहन लिए.....

Salma(man में)- ये सब आखिर था kya....main क्या कर रही thi....kyo कर रही thi.....aur aadi....wo कहा hai.....wo तो mar....ya khuda.....kya हो रहा है ये sab....ye मैं क्या......

और सलना इतनी घबरा gai....ki वो कब बेहोश हो gai....ye उसे भी पता नहीं चला......

पर जब सलमा दोवारा से होश में aai....to उसने अपने आपको उसी बीएड पर लेता हुआ paya....jaha वो पिछली रात में अपने सौहार के साथ सोने के लिए लेती थी.....

Salma(man में)- मैं yaha.....kab aai...kaise....main तो उस जंगल me....aadi.......nhi...wo तो मर चूका tha.....par वो तो मेरे sath......aaahh.....kya वो सच tha...ya फिर ये सब एक ख्वाब था.....??

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माया की हवेली में..........


यहाँ माया की हवेली में एक मेहमान आया हुआ tha....jiska नाम सुनते hi माया के चेहरे पर थोड़ा गुस्सा भी आ चूका tha.....fir भी माया ने अपने नौकर से उस मेहमान की खातिरदारी करने को bola....aur कुछ देर बाद रेडी हो कर उससे मिलमे हॉल में पहुंच गई......

माया- आखिर वो क्या चीज hai....jo तुम्हे माया की चौखट पर ले आई.....

Aadmi(khada हो कर)- नमस्ते ठकुराइन.....

माया- thakurain.....mat kaho......kyoki ठाकुर की बीवी होने का हक़ अब किसी और जे पास है.....

आदमी- जनता hu....par उस बात से सच्चाई नहीं बदल sakti.....aur मेरे लिए तो मरते डैम तक आप hi ठकुराइन होगी.....

माया- ितमा मक्खन लगाने की जरूरत तो nhi....khair....kaise आना hua.....wo भी इतने सालो बाद.....

आदमी- बताता hu.....par उससे पहले आपका धन्यवाद करना chahuga....jo आपने मुझे पहचान लिया.....

माया- hmm.....mudde की बात करोगे.....

आदमी- ji....main चाहता था की अब आप हवेली लौट जाए......

Maya(gusse से)- माया को हुक्म सुनने की आदत नहीं hai.....bhool गया क्या.....

आदमी- नहीं thakurain....ye हुक्म नहीं hai.....bas एक प्राथना hai......haweli को उसकी ठकुराइन की जरूरत है.....

माया- nhi.....ek हवेली में एक hi ठकुराइन हो सकती hai......aur वह ठकुराइन है.....

आदमी- बस कुछ दिन के लिए है.....

Maya(ghoor कर)- क्या मतलब.....

आदमी- अब आपको ये तो पता hi होगा की ठाकुर की हवेली में एक जादूगर आ चूका hai....jo हवेली की हर एक ायरत और लड़की पर.....

Maya(beech में)- जानती hu....mil चुकी हु usse.....kallu.....hai न....

आदमी- ठीक पहचाना......

माया- hmm....to क्या उसने ठाकुर को यकीन दिखा diya...ki उसकी बीवी एक रांड है.....

आदमी- अब तक तो nhi....par जल्द hi काम पूरा होगा.....

माया- hmm...fir bhi.....thakur के बुलाये बिबा मैं उस हवेली में कदम नहीं रखने वाली....

आदमी- पर अगर ठाकुर hi न रहा तो.....

Maya(ghoor कर)- मतलब क्या है tumhara....kya वो लड़का ठाकुर को.....

Aadmi(beech में)- nhi....wo nhi....thakur का अंत वैसे hi hoga....jaise उसने कर्म किये है.....

माया- ohh....to मैं सही thi......thakur का वर्तमान उसी अतीत का परिणाम hai.....jaha एक शर्त के लिए ठाकुर ने पुरे परिवार ko.......kyo....yahi बात है न....

आदमी- सही पहचाना.....

माया- तो तुम ठाकुर को मिटाना चाहते ho....matlab मुझे विधवा बनाओगे.....

आदमी- वैसे आपको तो ऐसे रहने की आदत hi hai....isme बुरा क्या है....

माया- बुरा और अच्छा मुझे सोचने do....tum अपना दिमाग मत lagao.....mujhe बस ये batao....ki आखिर वो लड़का आया कहा se.....koun है wo....kya वो उसी परिवार का hai......sach बताना....

आदमी- बता duga....par हर एक सच को सामने आने का एक नियत समय होता hai.....aapko प्रतीक्षा करनी होगी.....

माया- accha......waise एक सच तो तुम्हारा भी hai.....yaad है की भूल gaye.....apni जवानी का karm.....bhoole तो नहीं.....

आदमी- वो पुराणी बात thi......khatm हो गई.....

माया- अच्छा hai......ab ये भी बता do...ki यहाँ आना कैसे hua....chaahte क्या हो तुम........

आदमी- आपकी हवेली में बपीसी.....

माया- वो समझ gai....par किसलिए......

आदमी- कुछ गहरे राज़ है उस हवेली me.....jinhe निकलना कल्लू के बस की बात nhi.....waha आपकी जरूरत पड़ेगी.....

Maya(kuch सोचते हुए)- अब तुम जा सकते हो......

आदमी- तो क्या मैं इसे हां समझू....

माया- मुझे पुष्प का वो उत्तराधिजारी chahiye......sirf वही hoga....jo माया के हलक से कोई राज़ निकलवा payga......tum समझदार ho.....samjh गए होंगे......

आदमी- जी....

माया- अगली बार तुम्हारी सकल नहीं dekhugi.....samjhe.....

आदमी- समझ गया.....

उसके बाद वो आदमी वह से निकल gaya....aur माया ने खुद को अपने कमरे में कैद कर लिया.......

और फिर माया ने अलमारी में रखे एक पुराने से बक्से से एक फोटो nikali....aur उसे चूम कर रो पड़ी.....

Maya(man में)- अब तुम्हारी मौत का पूरा हिसाब होगा मेरी jaan......kisi को नहीं chhodugi......kisi को भी nhi....sabko मिलेगी तो बस दर्दनाक मौत.......



क्या तारा की कहानी सच HAI....KALLU उसका साथ देगा....???

सलमा के साथ क्या HUA.....KYA वो ख्वाब THA....YA हक़ीक़त.....???

माया का सच क्या HAI....USKE दुश्मन कौन HAI....AUR वो कुस आदमी से MILI......JO न सिर्फ कल्लू को जनता HAI...BALKI शर्त की बात भी जनता है.....???

अस्मा और सारा के MAZE......SALMA और सलीमा की KASMAKAS.....TARA का नया ROOP......NEXT में.....

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....


थैंक्स फ्रेंड्स...

कीप रीडिंग.....
 
अपडेट - 53

रिवाइंड........

अब तक की कहानी में आपने पड़ा की पहले एक आदि नाम का लड़का जलाल खान की बीवी सलमा और बेटी सारा को फसा कर छोड़ता है और चुपके से जलाल को बर्बाद कर देता hai.....jis वजह से जलाल क़र्ज़ में डूबता गई और आदि का कर्ज़दार हो जाता है.....

फिर आदि एक दीपक नाम के बिजनेसमैन की दोनों बेतिया छोड़ कर उसे भी बर्बाद कर देता है.....

पर एक दिन सारा जब अपनी अम्मी के साथ आदि को देखती है तो वो आदि को गोली मार देती hai....aur आदि का कुस ख़त्म होता है....

वही जलाल के गाओं में उसके बड़े भाई जाकर के घर गोलू नाम जा एक लड़का आता hai....jise जाकर के दोस्त धर्म ने भेजा tha....kisi खास मक़सद से....

और फिर उसी दौरान गोलू , जाकर की बेटी, बहु और बीवी को छोड़ देता hai.....aur इंतज़ार करता है जाकर के भाई जलाल की फॅमिली के गाओं आने का......

वही एक गाओं में ठाकुर विक्रांत से एक कल्लू नाम का लड़का दोस्ती कर के ठाकुर की हवेली में आ जाता है.....

और फिर कल्लू अपने लुब्द की डैम पर ठाकुर की बीवी, बहुओ और नटिनो को छोड़ देता hai.....sath hi साथ ठाकुर की पहली बीवी माया को भी छोड़ डालता है......

इस सब घटनाओ के बीच एक गहरा रिश्ता hai...jo धर्म , गोलू और कल्लू के बीच है......

ये सब एक शर्त के अंजाम के लिए ठाकुर और खान फॅमिली को बर्बाद कर रहे hai....par वो क्या वजह hai.....kyo hai....iska अब तक कोई पता नहीं......

अब आगे..........

जाकर के घर में.........

यहाँ दोपहर के खाने के बाद जलाल यु hi गाओं में घूमने निकल गया tha....to वही जलाल की बीवी सलमा अपनी जेठानी सलीमा के साथ बैठी gup-sup कर रही थी....

वही सलमा की बेटी सारा इस वक़्त सलीमा की बेटी अस्मा के कमरे में thi....aur उनके बीच कामुक बातों का दौर सुरु हो चूका था.......

सारा- अब तो बता de.....kisne खिला दिया तुझे.....

अस्मा- ऐसा कुछ भी नहीं है.....

सारा- dekh....main कोई बच्ची नहीं hu...na hi tu.....hum दोनों जानते है की लुंड क्या होता है और चुदाई किसे कहते hai....isliye फालतू ड्रामा छोड़ और सच बोल.....

अस्मा- are.....tujhe ऐसा क्यों लगता है की मेरी जिंदगी में कोई लड़का hai.....haa....

सारा- तेरा चेहरा बता रहा hai....maine dekha....kaise लुंड सुन कर hi तेरे होठो पर मुस्कान खिल गई थी....

Asma(muskura कर)- वो to....ab लुंड चीज hi ऐसी hai....koi भी लड़की मुस्कुरा देगी.....

सारा- मतलब तू ऐसे नहीं bataygi....theek hai....main खुद hi देखती हु की कैसा लुंड खाया है tune.....chal दिखा.....

ये बोल कर सारा एकदम से आगे हुई और अस्मा के ऊपर झुक कर उसकी जांघो को थाम लिया.....

अस्मा- aah....kya करती hai....hat....

सारा- अब तो देख कर hi रहूगी......

और फिर सारा ने अस्मा की दोनों जांघो को जोर से दवा दिया जिस से अस्मा की सिसकी निकल गई.....

अस्मा- aah....hat न यार......

सारा- तो फिर तू hi दिखा दे.....

अस्मा- ठीक hai....aaraam se.....ruk...main करती हु....

और फिर अस्मा ने अपने hi हाथो से अपनी तागो को नंगा करना सुरु कर diya.....par जैसे hi अस्मा नीचे से नंगी hui....to सारा ने उसे ऊपर से भी नंगा करवा diya....aur इस तरह अस्मा कुछ hi देर में सिर्फ bra-panty में आ गई.....

सारा- वह yaar....tera बदन तो हर तरह से खिल gaya....uumm....bade मज़े मार रही है न.....

अस्मा- accha....tu भी काम nhi....main जानती हु....

सारा- ऐसा कुछ भी नहीं.....

अस्मा- अब ये तो देख कर hi पता chalega....chal...ab तेरी बारी....

सारा- क्या मतलब....

अस्मा- कपडे उतारती है की मैं utaaru.....huh...

सारा- are...theek hai....ruk ja....mujhe तेरी कोई शर्म नहीं.....

ये बोल कर सारा ने भी अपने कपडे निकाल diye....aur खान परिवार की 2 कुवारी लड़कियां अब सिर्फ bra-panty में लेती हुई नजर आने लगी.....

अस्मा- तेरी to....tu तो मुझसे भी jyada.....kabse खा रही है.....

सारा- कहा yaar.....mahino गुजर गए कुछ खाये huye......sab सूखा पड़ा है....

अस्मा- ohh....kyo क्या hua....khilane वाला भाग गया क्या.....

सारा- nhi.....bhaga nhi....bas दूर चला gaya.....haalaat कुछ ऐसे the...ki उसे जाना hi पड़ा.....

अस्मा- hmm....to कोई दूसरा देख ले.....

सारा- दूसरा kya.....kisi से भी कर लू kya.....main koi....nhi....aise hi किसी पर यकीन नहीं करती मैं....

अस्मा- ये भी सही hai....zanana खराब है....

सारा- hmm..waise तेरा वाला कैसा hai.....yakeen करने लायक है न....

अस्मा- bilkul.....us पर तो अपने आपसे ज्यादा यकीन hai......wo मज़ा करते hai.....galat नहीं करते.....

सारा- ओह ho.....itna यकीन है....

अस्मा- अरे haa....wo है hi aise.....agar तेरे साथ होते na...to तू भी ऐसा hi यकीन करती....

सारा- hmm....par मेरे पास नहीं है न....

Asma(soch कर)- एक बार kahu....bura मत लगाना.....

सारा- बोल...

अस्मा- तुझे मुझ पर यकीन है....

सारा- बिलकुल hai....kyo....

अस्मा- और तेरी छूट भी प्यासी hai....hai न....

सारा- हफ्तों से....

अस्मा- तो अगर तेरी छूट को आराम मिल jaaye.....matlab ....मैं जुगाड़ करा दू तो....

Sara(ghoor कर)- क्या मतलब.....

अस्मा- dekh....jo मेरा hai....wo तुम्हे bhi....samjh रही हो न....

Sara(ghoorte हुए)- मतलब तू मुझे अपने यार के neeche.....haa....

अस्मा- इसमें बुराई क्या hai....wo असली मर्द hai.....tujhe ऐसा मज़ा देंगे की तू खुद baar-baar उनके पास jaygi....aur अपने वाले को भी भूल जायगी....

सारा- क्या बोल रही hai....aise थोड़े होता hai....wo क्या सोचेंगे....

अस्मा- वो मैं संभल loogi.....tu बस खुद को तैयार कर........

सारा- सिर्फ मेरे तौयार होने से क्या hoga.....unki मर्जी भी मायने रखती है na.....aur फिर जगह का kya.....haa....

अस्मा- जगह की कोई फ़िक्र nhi.....isi घर में होता hai.....aaj भी यही होगा......

सारा- kya.....yaha....tujhe दर नहीं lagta....ghar में सभी hai....kisi को शक भी हुआ na....to ....

Asma(beech में)- वो सब तू मुझ पर chhod.....kisi को kaano-kaan खबर नहीं hogi....bas तू तैयार है तो bol....bol....maza चाहिए न.....

Sara(muskura कर)- मैं तो तैयार hi hu....dekhu तो सही की तेरे वाला कितना दमदार है......

अस्मा- ohh....dekhna bacchu.....cheekhe न मारी न तो मेरा नाम bhi......saayad देख कर hi रूह कांप jaaye....dil sambhalna......haa...

सारा- रहने de.....bula तो sahi....dekhti हु की कौन किस पर भरी पड़ता है.....

अस्मा- ओह ho...ye guroor.....aaj तो तू गई समझ......

और फिर अस्मा ने अपना मोबाइल उठाया और गोलू को कॉल कर दिया......

( कॉल पर )

गोलू- है बोल.....

अस्मा- क्या कर रहे हो......

गोलू- एक रंडी की गांड मार रहा hu...tu बोल न.....

अस्मा- accha.....to थोड़ी सी मेहरवानी यहाँ भी कर दो.....

गोलू- बाद me....abhi टाइम नहीं.....

अस्मा- are.....baad में nhi....abhi...jaroori hai....samjho......

गोलू- kya.....ab तू मुझे आर्डर degi....haa....

अस्मा- आर्डर nhi......request hai.....yaha 2 छूटे आपके लिए पागल हो रही है.....

गोलू- क्या matlab.....aur कौन है.....

अस्मा- है ek.....bada गुरवीर है उसे अपने uper.....main चाहती हु की आप उसका गुरूर मिटा दो.....

गोलू- accha....saali तूने मुझे समझ क्या रखा hai......koi भी राह चलती ले आएगी क्या मेरे लिए.....

अस्मा- अरे nhi....bahan है मेरी.....

गोलू- वो कब आई.........

अस्मा- are...meri सगी बहन nhi.....mere चचाजान की ladki.....sara....sahar से आई hai.....wahi....

गोलू- ohh.....to सहर वाली को गाओं का लुंड खाना है......

अस्मा- hmm....isliye तो बुला रही hu....taki आप इसकी चीखे निकलवा do....bada गुरूर है na....huh....

गोलू- अब गुरूर की बात hai.....tab तो आना hi hoga......tu रुक thoda....main निपटा कर आता हु.....

अस्मा- मेरे कमरे में hi aana....bas कोई देख न पाए.....

गोलू- वो सब मैं देख luga.....bas तुम दोनों नंगी milna.....koi भी कपडा दिखा na....to कुछ नहीं karuga....samjhi....

अस्मा- जैसा आप कहे.....

गोलू- अब रख.....

और फिर आमा ने कॉल कट किया और सारा को साड़ी बात समझा di....jiske बाद दोनों बहनो ने अपने जिश्म को bra-panty से भी आज़ाद कर diya......aur दोनों नंगी हो कर ek-dusre के जिश्म का मुआयना करने लगी.....

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जाकर के घर के पास........


वह सारा और अस्मा नंगी हो कर गोलू के आने का इंतज़ार कर रही thi....aur यहाँ गोलू जाकर की बहु रुबीना की गांड मारने में लगा था.......

रुबीना- aaahhh.....thoda आहिस्ता se....aaahh.....

गोलू- टाइम नहीं hai.....jana होगा.....

रुबीना- aaahh......main कितनी मुश्किल से निकल कर aai....aur आप है to....aaahh.....kyo जा रहे है......

गोलू- जरूरी hai......aur तेरी फाड़ कर hi jauga.....aur क्या चाहिए.....

रुबीना- aahhhhh....par मेरी choot......wo तो अभी tak.....aaammmii......mar गई.....

गोलू- छूट तो अब रात को hi maregi.....abhi गांड मरवा और nikal......tujhe ख़ास काम भी करना hai....yaad है न.....

रुबीना- aaahh....yaad hai.....par wo....aahh......kahi कुछ उल्टा न हो jaayyyee....aaaaaiii....main to...aaahh...aaahh.....

गोलू- तू ायरत hai........ek मर्द को कैसे फ़साना है जानती hai....aur जब मर्द की कमजोरी हाथ में ho....tab तो कुछ उल्टा हो नहीं sakta.....mujhe पता है की कर legi.....bas जल्दी karna.....aaj रात hi सब हो जाए तो अच्छा है.....

रुबीना- aaahh....kosis karugi.....aahh...

गोलू- शाबाश मेरी jaan.....isi बात पर तेरी चीखे निकलता hu...ye le....yeeehhh....yyyeeehh......

और फिर उस जगह पर रुबीना की cheekhe.....gaand की thaape......aur गोलू की मरदाना गुर्राहट गूंजती rahi.....aur जब गोलू ने अपने लुंड को रुबीना की गांड में खाली kiya.....tab जा कर एक दमदार गांड चुदाई का सिलसिला ख़त्म हुआ.......

गोलू- अब nikal....aur रात को हां hi सुन्ना hai....samjhi.....

रुबीना- hmm....main पूरी कोसिस करुँगी....

Golu(man में)- अगर ये आज hi कामयाब हो गई na......to समझो 1 हफ्ते में hi इस खान परिवार की बर्बादी पूरी हो जायगी.....

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एक गाओं में............


यहाँ धर्म बड़ी तेजी से गाओं की गली में चल रहा tha.....uske माथे की सिकन saaf-saaf बता रही थी की वो किसी बात को ले कर परेशान था......

धर्म जिस तेजी से अपने कदम बड़ा रहा tha.....usi तेजी से baar-baar पीछे मुद कर भी देख रहा tha.....jaise की उसके पीछे कोई ho....jise देख वो तेजी से जा रहा था.....

Khair.....kuch hi देर बाद धर्म एक घर के सामने रुक गया और हड़बड़ा कर गेट खटखटाने लगा.....

और फिर जैसे hi गेट khula....waise hi धर्म अंदर गया और फुर्ती के साथ गेट को बापिस बंद कर दिया......

उस घर में इस वक़्त धर्म के साथ एक ायरत thi......jo धर्म को ऐसी हालत में देख थोड़ा सा घबरा चुकी थी.....

रजनी- क्या हुआ kaka.....aap aise.....ye पसीना kaisa.....hua क्या......

धर्म- aah...baad me.....pahle अंदर chal....thoda पानी ला....

रजनी- ji...aap baitho....main पानी लती हु....

और फिर धर्म घर के अंदर के कमरे में आ gaya....aur कुछ देर बाद रजनी भी पानी ले aai....jise धर्म बिना सांस लिए जातक गया......

धर्म- aaah.....ab चैन मिला.....

Rajni(glass लेते हुए)- क्या हुआ था काका.....

धर्म- huh....kuch nhi....wo थक gaya.....garmi भी है bahut.....gala सूख रहा था.....

रजनी- accha....baki सब ठीक तो है न.....

धर्म- ha...ha सब ठीक hai....tu फ़िक्र मत कर.....

रजनी- और पानी लौ.....

धर्म- है ले आ.....

रजनी- चाय बनाऊ.....

धर्म- बना le....main थोड़ा आराम कर लेता हु....

फिर रजनी दोवारा धर्म को एक गिलास पनो दे गई और किचेन में चाय बनाने lagi.....usi बीच धर्म बीएड पर लेट कर किसी गहरी सोच में डूब गया.....

Dharma(man में)- आखिर वो था koun....koi तो जरूर था जो मेरा पीछा कर रहा tha....par कौन हो सकता hai....is गाओं में तो किसी की इतनी मजाल नहीं हो sakti.....aakhir कौन hoga.....aur उसे मुझसे क्या chahiye.....mere पास to.....aa....kahi कोई मेरे खेल पर नजर तो नहीं रख raha....thakur....jakaar.....nhi....unhe इतनी अकाल kaha.....agar होती तो इतनी आसानी से अपने घर में दुश्मन न paalte.....chutiye साले.....

रजनी- लीजिये काका....

Dharma(chounk कर)- huh...kya....

रजनी- चाय काका.....

धर्म- hmm...la दे.......

रजनी- क्या बात है kaka....kuch परेशान दिख रहे ho.....sab ठीक तो है न....

धर्म- बोलै to...sab ठीक है....

रजनी- कल्लू ठीक है न....

धर्म- haa...tera कल्लू भी ठीक hai.....badi फ़िक्र न uski...kyo....

Rajni(sharma कर)- क्यों नहीं hogi....par उसे मेरी कोई नहीं padi.....kabse आया hi नहीं.....

धर्म- वो काम से गया hai......sabar rakh....aa जायगा....

रजनी- पर kab....kitne दिन हो गए.....

धर्म- तो क्या hua....accha.....samjh gaya.....sun....kallu नहीं आता तब तक अपने पति को खुश रख na.....baki कल्लू आ कर तुझे कुश करेगा hi करेगा.....

Rajni(sharma कर)- पति सही होता तो कल्लू से थोड़े na.....aap ये बताओ की वो कब aayga......ohh....lagta है मेरे पति आ गए......

रजनी बोल hi रही थी की किसी ने गेट पर दस्तक दे di.....jise सुन कर धर्म एक बार फिर से घबरा सा गया......

धर्म- ruk......pahle पूछ लेना की कौन hai....tabhi खोलना.....

Rajni(man में)- काका कुछ तो छिपा रहे hai.......kisi का दर है सायद.....

धर्म- अब जा न.....

रजनी- जी....

और फिर रजनी ने जा कर गेट khola....to सामने वाले को देख कर ख़ुशी के मारे रजनी का ang-ang खिल गया......

धर्म- कौन है बीटा.....

रजनी- wo.....aaiye न andar....kaka आये है.....

और फिर जैसे hi धर्म ने रजनी के साथ कल्लू को dekha.....to धर्म की आँखों में भी ख़ुशी आ गई.....

Dharma(khade हो कर)- आजा मेरे शेर......

Kallu(gale लग कर)- क्या बात है kaka.....aap यहाँ......

धर्म- kyo....kya नैन यहाँ नहीं आ सकता.....

कल्लू- क्यों nhi....par यहाँ आने के लिए कोई तो वजह होनी chahiye....jaise मेरी hai....ye रजनी.....

धर्म- पता hai.....main तो बस गर्मी में थक गया tha....to थोड़ा पानी पिने रुक gaya.....ab मैं चलता hu....tu भी जल्दी निकल jana.....waise तू आया kyo....wo भी बिना bataye......abhi काम ख़त्म नहीं हुआ.....

कल्लू- अरे haa.....janta हु sab....par जरूरी था .....बैठो बताता हु....

धर्म- क्या हुआ.....

कल्लू- tara.....ye नाम सुना है कभी.....

Dharma(soch कर)- nhi.....koun है ये....

कल्लू- पता nhi....haweli में आई hai....to सोचा पूछ लू....

धर्म- ये बात तो फोन से भी पूछ सकता था न......

कल्लू- haa...par सोचा की आज इसी बहाने रजनी से bhi....samjho न.....

धर्म- hmm...waise उस तारा से कोई बात हुई kya....ya कुछ और.....

कल्लू- नहीं na.....wo तो ठीक से मिली भी nhi....bas देखा hai...aur नाम पता है बस......

धर्म- हम्म....

कल्लू- मैंने सोचा की पहले पूछ lu.....ki उसका करना क्या है.....

धर्म- वो तुझसे मिली नहीं na.....na कोई बात hui....aur वो हवेली की नहीं hai.....to फिर दूर hi rah.....humara काम है हवेली के sadasya....bahar वालो से मुझे क्या.....

कल्लू- ठीक hai.....waise आप कहा गए थे.....

Dharma(chounk कर)- कही nhi....main कहा जाउगा....

कल्लू- वो आपने बोलै न की गर्मी से थक गए the.....to सोचा की कही गए होंगे.....

धर्म- अरे nhi....main यु hi खेत गया tha.....aur गाओं में hi tha.....chalo....tum ऐश karo....main निकलता hu....aur टाइम से हवेली पहुंच jana......samjhe....

कल्लू- जी....

और फिर जैसे hi धर्म बहार निकला तो रजनी ने गेट बंद कर diya....aur फिर दोनों बिना टाइम गवाए बैडरूम में आ गए....

बैडरूम में आते hi रजनी ने फुर्ती के साथ अपने कपडे निकले और कल्लू को नंगा कर के उसका लुंड चूसने में लग gai.....wahi कल्लू ने उसी टाइम एक कॉल कर दिया.....

(कॉल पर)

कल्लू- hello bhai...free हो....

सामने- है बोल.....

कल्लू- आपका शक सही tha.....dharma काका के दिनाग में कुछ तो hai......wo कुछ छिपा रहे है......

सामने- पर kya....ye पता लगा....

कल्लू- nhi...wo झूठ बोल रहे hai.....aaj मैंने खुद देखा उन्हें गाओं से बाहर से आते huye....par वो बोले की गाओं में hi the.....aur haa...kisi से फोन पर बात भी कर रहे the....kuch फोटो की baat.....main सुन नहीं पाया.....

सामने- मुझे लगा hi tha.....kuch तो है इनके दिमाग me.....jo हमे नहीं pata......par पता करना hi hoga.......dekh...main अभी कुछ दिन बिजी hu....to तुझे hi कुछ करना hoga....mujhe पूरी खबर chahiye...ki इन दिनों वो कहा जाते hai...kus-kis से मिलते hai...sab kuch...tab सायद साड़ी बात भी क्लियर हो जायगी.....

कल्लू- ठीक hai....main कुछ करता hu.....waise उन्हें तारा के बारे में कुछ पता nhi.....aisa बोलै....

सामने- तो फिर तारा ने उसका नाम क्यों लिया था.....

कल्लू- वही बात तो मेरे शक को और ज्यादा पुख्ता कर gai.....ki धर्म काका का कोई झोल जरूर है....

सामने- hmm.....tu पता kar....baki कुछ दिन बाद मैं अपने तरीके से पता कर luga....samjha....

कल्लू- ठीक hai.....baad में लगता हु....

ये बोल कर कल्लू ने कॉल कट किया और रजनी का सर पकड़ कर तेजी से उसका मुँह छोड़ने लगा.....

कल्लू- aahh....kitna मज़ा देती है tu......bada याद आई teri....chal aaja.....jaldi से बजा du...fir किसी और को बजाना है....

रजनी- aah.....aah....itne दिन बाद तो आये ho....raat तक तो रुक जाते....

कल्लू- टाइम नहीं hai.....vas ये काम पूरा हो jaaye....fir तू hi तू hogi....aaja मेरी kutiya....gaand उठा के आजा.....

और फिर रजनी जल्दी से कुटिया बानी और कल्लू ने उसे छोड़ना सुरु कर diya.....jisse रजनी की आहें पुरे कमरे में शोर मचने लगी.....

==========================

जाकर के घर में............


यहाँ जैसे hi गोलू सबसे छिपते हुए अस्मा के कमरे में दाखिल hua.....waise hi सारा की आँखे बड़ी हो gai....aur वो गोलू को एक तक घूरने लगी.....

Asma(gate लगा कर)- क्या हुआ sara......sakl देखते hi आखे फैट गई kya.....hehehe......

सारा- ऐसा hi samjh.....inka चेरा देख कर ऐसा laga....jaise ki.....khair....hi....main sara....asma की bahan...chacheri.....

Golu(muskura कर)- खूबसूरत ho......kya asma.....tumhare खानदान में सब ऐसी hi है kya.....chehra भी मस्त और andar....samjh गई न.....

Asma(muskura कर)- कुछ ऐसा hi समझो.....

गोलू- तो sara....thoda पास तो aao.....jara अच्छे से देख तो lu.....asma.....ek चाय मिलेगी.....

अस्मा- kya....aise me....aapke कहने पर हम दोनों नंगे hai....ab ऐसे में कैसे....

Golu(beech में)- कपडे पहन और ja.....mujhe चाय chahiye....samjhi na.....tab तक तेरी बहिन को देखता हु......

अस्मा- ठीक hai....par सुरु मत हो जाना.....

गोलू- फ़िक्र मत कर.....

और फिर जैसे hi अस्मा चाय बनाने कमरे से nikli....to सारा एकदम उछाल कर गोलू की बाहों में आ गई......

सारा- शुक्र है आप ठीक hai.......uuummhh....

गोलू- ये तो तू भी जानती hai....ki मैं ठीक hi रहुगा....

सारा- कितना मिस किया aapko....aur आपको तो मेरी पड़ी hi nhi....hai न.....

गोलू- पड़ी न होती तो तुझे यहाँ बुलवाता hi क्यों......

सारा- अरे haa....waise आपका प्लान क्या hai.......aur अम्मी का क्या करना hai.....agar अब्बू ने देखा तो फिर....

Golu(beech में)- sshhh...chup....ye सब बातें यहाँ नहीं karni....yaha मैं गोलू hu.....aur मैं सब संभल luga.....tu भी अपनी अम्मी की तरह हैरान hi rahna......ye नहीं की सबको पता चल jaaye...ki गोलू hi आदि है.....

सारा- मैं तो नहीं bataugi....par आप abbu-ammi को कैसे संभालोगे.....

गोलू- बोलै na....wo मेरा काम hai....tu बस वो कर जो कहता हु.....

सारा- hmm....matlab आज रात अम्मी को फिर से वो दवा पिलानी है....

गोलू- हम्म....

सारा- पर वो बाहर नहीं गई तो.....

गोलू- जरूरत nhi.....wo जहा hogi..wahi thokuga.....tu बस ये ध्यान rakhna....ki उसके साथ तेरा बाप न सोने पाए.....

सारा- ये तो मैं कर लगी....

गोलू- गुड...

सारा- वैसे अस्मा के अलावा kis-kis को थोक चुके यहाँ......

गोलू- सबको....

Sara(chounk कर)- kya.....sab matlab........badi अम्मी भी.....

गोलू- haa....sirf एक बाकि hai....jo यहाँ है नहीं....

सारा- नूर baji......par बड़ी अम्मी kaise.....wo तो कितनी sareef......unko कैसे छोड़ा.....

गोलू- भूल गई kya.....aadi का जादू चलता है na....to कोई भी ायरत नहीं बच paati....isara पाते hi गांड उठा कर आदि की कुटिया बन जाती है.....

अस्मा- आप आदि हो.....

गोलू और सारा बात कर hi रहे थे की तभी अस्मा की आवाज ने दोनों को चौंका diya......aur जैसे hi दोनों ने मुद कर अस्मा को dekha...to अस्मा की गुस्से से भरी निगाहें देख कर दोनों घबरा gaye....kyoki उन्हें दर tha....ki कही आदम आदि का सच सबको न बता दे......

धर्म का सच क्या HAI.....KALLU कैसे पता करेगा......???

आदि को गोलू बनने की जरूरत क्यों HUI.......KYA वजह थी ये नाटक करने की.....???

क्या सारा और गोलू अब अस्मा को समझा PAYGE......KAISE.....???

कुछ MASTI....KUCH RAAZ.....KUCH MAJBOORI......KUCH BADLE.....NEXT में.......

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी......


सायद कुछ कमी lage....but स्टोरी लिंक एडजस्ट की है thodi....to नेक्स्ट उपदटेस में कमी पूरी हो जायगी......

थैंक्स फ्रेंड्स...


कीप रीडिंग....
 
अपडेट - 54

लास्ट में आपने पड़ा की जाकर के घर में सारा और गोलू की बातों से ये क्लियर हो जाता है की गोलू और आदि एक hi इंसान है......

और सारा की मदद से hi आदि की मौत का नाटक करने के बाद गोलू जाकर के घर में आया था.......

पर परेशानी ये हुई की सारा और गोलू का ये सच आसमा जान चुकी thi....ab देखना है की अस्मा क्या करती है......

वही दूसरी तरफ जब कल्लू अपनी माल रजनी से मिलने जाता है तो वह उसे धर्म भी मिलता hai.....jo कल्लू के लिए चौकाने वाली बात थी.....

Khair...kallu वह रजनी को छोड़ता है और फिर उसे कुछ समझा कर हवेली आ जाता hai.....jaha वो तरीका की माँ तारा से मिलने के लिए तैयार होता है......

अब आगे.............

जाकर के घर में............

जब सारा और गोलू बातें कर रहे the....ki कैसे आदि ने hi एक प्लान के जरिये अपनी मौत दिखाई और अब गोलू के नाम से जाकर के घर में आ चूका है.....

उसी वक़्त आसमा बापिस से कमरे में आ चुकी thi....aur वो ये जान चुकी थी की गोलू कोई और नहीं बल्कि आदि hai.....jo सारा और उसकी फॅमिली को पहले से hi जनता है.......

गोलू- अरे aasma....chai ले aai....lao दो.....

Aasma(gusse से)- मैंने क्या puchha.....aap आदि हो......

Golu(sara को देख कर)- hmm......main hi आदि हु.....

आसमा- और आदि है koun.....kya रिश्ता है आदि का सारा se......batayge जरा.....

गोलू- तुम पहले baitho.....fir मैं....

Aasma(gusse से)- nhi....mujhe सच batao....kaise जानते हो तुम दोनों ek-dusre ko.....bol sara......kya है ये sab.....aur वो आदि की mout.....chachijaan के sath....wo सब है kya....batao मुझे.....

सारा- main....aap hi बोलिये.....

गोलू- मैं बोल तो रहा hu.....aasma....tu शांति से baith....main सब batauga.....aadi कौन hai......golu कौन hai......ye दो नामो का chakkar....aur बाकि sab.....main हर एक बात batauga....trust में....

आसमा- trust.....wo तो आपने बाकि hi नहीं rakha......sab बर्बाद कर दिया.....

गोलू- nhi....aisa कुछ भी nhi....tu मेरी बात तो सुन le....fir जो तू chahegi...wahi hoga....theek है....

सारा- है aasma....ek बार बात तो सुन ले inki.....sach सुन कर तू भी सब समझ jaygi.....ki इस सबकी जरूरत क्या थी....

आसमा- ओह ho.....lagta है कुछ ज्यादा hi लगाव है inse......kya वकालत कर रही hai.....theek hai.....main सुन रही हु.....

गोलू- तुम बैठो तो......

आसमा- haa...lo बैठ gai.....ab बोलोगे.....

गोलू- hmm....baat थोड़ी लम्बी hai.....aur उलझी हुई bhi....to ध्यान से सुन्ना......

आसमा- मेरा ज़ेहन ठीक से काम करता hai....aur कान bhi....aap bole....sahi-galat की समझ है mujhme.....boliye अब.....

गोलू- ठीक hai.....to सुनो फिर.......

और फिर गोलू ने अपना और खान परिवार का इतिहास बताना सुरु कर diya......jise सुनते हुए आसमा की न सिर्फ आँखे बड़ी होने lagi....balki उसका दिमाग भी तेजी से गरम होने laga...aur उसके जिश्म में एक अजीब सी हलचल सुरु हो gai.......aur वो एक बट की तरह बैठी हुई पूरी बात सुनती रही.......

Golu(baat ख़त्म कर के)- अब फैसला तुम hi karo....ki मैं सही हु या galat.......par सिर्फ अपनों का सोच कर nhi.....ek इंसान की तरह sochna......hmm.....

Aasma(sara को देख कर)- क्या ये sab......sab सच है......

Sara(sir हिला कर)- हम्म...

आसमा- तुझे यकीन hai.....matlab....humara pariwar.....wo ऐसे तो नहीं हो sakte......main कैसे मान लू.....

सारा- मैं भी नहीं maanti.......par मैंने सबूत देखे hai.....tab जा कर इनका साथ diya....ye सब सच बोल रहे है......

आसमा- तो क्या हमारे घरवाले इतने bekaar.....aahh....yakeen नहीं होता.....

सारा- सच तो यही है aasma.......yakeen नहीं hota.....par सच तो सच hi है.....

गोलू- अब बोलो aasma......main सही हु या गलत.......

आसमा- पता nhi.....par आपने नाम क्यों badla......kya जरूरत थी इसकी....

गोलू- वो भी समझा duga.....saayad आगे जो ho.....uske बाद तुम समझ जाओगी की मेरा नाम बदलने की वजह क्या थी.....

आसमा- मतलब ये सब प्लान tha....mujhse milna...mere घर में aana.....aur mujhe.....sab प्लान था na....haa....

गोलू- तुमसे मिलना प्लान tha.....but तुम्हारा बुरा करने की कभी सोच नहीं rahi.....aur मैं तुम्हारे जरिये hi इस घर में आना चाहता tha.....par उससे पहले hi किस्मत ने कुछ ऐसा साथ diya....ki तेरा बाप खुद मुझे यहाँ ले आया......

आसमा- तो क्या अब्बू आपको ऐसे hi ले aaye.....matlab kaise.....wo आपसे मिले कैसे.....

गोलू- तुम सच सुन्ना चाहती है.....

आसमा- जी हां.....

गोलू- सोच lo.....sach बड़ा कड़वा होता hai....saayad तुम्हे पसंद न आये.....

आसमा- मैं कोई बच्ची nhi.....samjh सकती hu....padi-likhi लड़की hu.....sach कैसा भी ho.....use एक्सेप्ट कर सकती hu......aap बोले बस......

गोलू- good....to सुनो fir.....sach ये hai...ki तेरा बाप चाहता है की कैसे भी तेरी अम्मी को बदचलन साबित किया जाए........

Aasma(gusse से)- क्या बकवास hai.....mere अब्बू ऐसा सोच भी नहीं सकते.....

गोलू- मैंने कहा tha....sach कड़वा होता hai......kya hua....padai भूल gai....haa.....

आसमा- nhi....par मैं ये नहीं मान sakti....bhala मेरे अब्बू ऐसा क्यों चाहेंगे.....

गोलू- ताकि वो साड़ी प्रॉपर्टी हासिल कर सके.......

आसमा- पर वो तो अब्बू की hi है.....

गोलू- nhi....paper पर वो तेरी अम्मी की hai...aur कानून पेपर मंटा है....

आसमा- हो सकता hai....par अब्बू को जरूरत hi क्या hai...wo इस घर ke...hum सबसे मालिक hai.....sab उनके hi अंडर है na.....to फिर...

गोलू- सही kaha....par अगर वो तुम्हारी फुसरी अम्मी ले आये tab.....kya तब भी तुम सब अपने अब्बू का साथ dogi....kya किसी भी ायरत को इस घर की मालकिन बनते देख पाओगी.....

आसमा- बस karo.....abbu ऐसा सोच भी नहीं sakte....aap बकवास बंद करो....

गोलू- मैं बिबा सबूत के मुँह नहीं chalata......ye dekho.....tere बाप का कला sach.....dekh इसे....

और फिर गोलू ने अपने मोबाइल में एक विडिओ प्ले कर diya....jusme आसमा के अब्बू जाकर खान किसी ायरत के साथ हमबिस्तर हो रहे थे.....

आसमा- ये नहीं हो sakta...ye मेरे अब्बू नहीं हो sakte.....aap झूठ बोल रहे है....

गोलू- सच का सामना करो aasma.....ye ायरत तेरे अब्बू की दूसरी बीवी hai.......jiske साथ तेरा बाप जिंदगी बिताना चाहता hai....lekin इस प्रॉपर्टी के लिए तुम सबको बोल नहीं प् रहा......

आसमा- पर kyo....unhe जरूरत क्या है iski.....kya कमी है उनके पास.....

गोलू- kami.....saayad उसकी hawas.....tabhi तो उसने अपने से छोटी उम्र की लड़की से साडी ki...dekho use.....wo तेरी बड़ी बहिन की उम्र की लगती hai....hai की नहीं....

Aasma(sir हिला कर)- हम्म....

गोलू- वही तो उसकी कमजोरी है.....

आसमा- अगर ऐसा है तो उसी के साथ रहे na...chhod दे hume....hum जी लगे....

गोलू- पर वो कैसे जी payga....kyoki अगर उसने तुम सबको chhoda....to कानूनन ये प्रॉपर्टी तेरी अम्मी को milegi....uper से तेरे बाप को हर महीने खर्चा भी देना होगा तुम sabko.....jo वो दे नहीं सकता.....

आसमा- abbu....ye सब क्यों किया aapne.....kyo.....

गोलू- इसका जवाब तो वही देगा.....

आसमा- तो क्या अब्बू ने आपको मेरी अम्मी के लिए यहाँ लाया था.....

गोलू- hmm...wo चाहता था की कैसे भी कर के मैं तेरी अम्मी को अपने साथ सुला lu....fir वो उसे बदचलन साबित कर के दूसरी बीवी के साथ आसानी से रह jayga.....aur तब कानून भी उसी का साथ देगा.....

आसमा- और आप मान gaye....ye भी नहीं सोचा की आप मेरी अम्मी को समाज की नजरों में गिराने के लिए आ रहे ho....aur वो तो बाद की baat.....aap ये करने कैसे वाले the....meri अम्मी बड़ी सरीफ hai....wo गलत बात भी नहीं sunegi....sath सोना तो दूर की बात.....

Golu(muskura कर)- sareef.....wo मेरा काम hai....mujhe ऐसी सरीफजादियो को लुंड खिलाना बखूबी आता hai.......par मेरा वो इरादा था hi nhi.....mere इरादे कुछ और hai.....jo मैं बता चूका हु........

आसमा- तो क्या आप मेरी अम्मी को भी.....

गोलू- उसकी बात chhodo....ab तुम bolo....kya करना है tumhe.....mera साथ dogi....ya फिर सबको बताओगी.....

आसमा- समझ नहीं आ raha....ye सब अचानक से kya-kya हो गया मेरे साथ....

गोलू- मैं तुम्हे रोकूंगा nhi....gate सामने hai......tum चाहो तो जा सकती ho.......fir जो दिल चाहे karna......tumhari मर्जी.....

Aasma(soch कर)- मैंने सोच लिया है....

ये बोल कर आसमा कड़ी हुई और घूर कर गोलू और सारा को देखने lagi.....aur फिर अचानक hi वो गेट की तरफ बस गई....

सारा- रोको use....warna मुश्किल हो जायगी....

गोलू- nhi.....dekhu तो वो क्या करती hai.....aur तुम डरो mat....abki बार कुछ हुआ तो मैं मरने नहीं wala.....ab मारने की बारी है......

==========================

ठाकुर की हवेली में..........


रजनी से मिलने के बाद जब कल्लू बापिस हवेली में आया तो उसे हवेली में बड़ी ख़ामोशी नजर aai....jo ज्यादातर होती नहीं थी......

Kallu(man में)- इतनी shanti....kaise.....sab मर गए kya.....chalo....rekha से पूछता हु....

पर कल्लू जब रेखा के कमरे में गया तो वो खली tha.....aur वैसे hi तरीका भी अपने कमरे में नहीं थी......

कल्लू- ये तरीका कहा मर gai.....uski माँ के बारे में बात करनी thi....huh....chalo मिल कर hi आता hu...lagti तो गड़बड़ hai.....fir bhi.....dekhu तो क्या चाहती है साली.....

ये सोच कर कल्लू आगे बड़ा hi था की उसे कुछ आवाज सुनाई di....jo ठाकुर की बड़ी बहु कामना के कमरे से आई थी....

तो फिर कल्लू के कदम कामना के कमरे में आ pahuche....aur उसने देखा की कामना अपनी बेटी के साथ hai....aur दोनों कुछ कपडे तरय कर रही थी.....

कल्लू- क्या बात hai....itne सारे कपडे......

कामना- अरे आप....

कल्लू- तुम से सीधा आप.....

निशु- अब तो आप hi निकलेगा मुँह se.....chakh जो लिया hai....kyo मम्मी.....

कामना- क्या boli.....chup रहा kar....maa हु तेरी.....

निशु- तो क्या hua.....wo कहते है na...ki जब जवानी आ jaaye....to बेटी अपने मम्मी की सहेली बन जाती hai...kyo कल्लू ji...theek कहा न मैंने....

कल्लू- अब तूने बोलै है तो ठीक hi hoga.....chalo...main आता हु....

कामना- ऐसे hi चले जायगे क्या.....

कल्लू- तो फिर कैसे जाना चाहिए.....

कामना- nishu....tu ja....aur गेट लगा jana.....jara इनकी बिदाई कर दू.......

निशु- क्यों nhi....par बिदाई तो मुझे भी करनी है......

कामना- चुप kar......aisa नहीं होता....

निशु- सोच lo....ya तो साथ karege...nhi तो कुछ नहीं होगा.....

कामना- पर तेरे sath.....ye सही नहीं है....

निशु- क्या mummy....ab भी sahi-galat....hum दोनों सब जानते hai....aur कौन सा पहली बार इनके साथ होंगे.....

कामना- है जानती hu...tu तो मुझसे पहले hi.....theek hai......gate laga.....aaj maa-beti मिल कर इन्हे चखेंगे.....

कल्लू- ओह ho....tab तो बिदाई काफी मजेदार hogi......chalo आ जाओ.....

ये बोल कर कल्लू आगे बड़ा और कामना के होंठ चूसने laga....jisme कामना भी पूरा साथ दे रही थी....

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कामना तो होंठो को ऐसे चूस रही thi...jaise सालो की प्यासी thi...aur कल्लू का hi वेट कर रही थी.....

वही निशु गेट लगा कर aai...to अपनी मम्मी की हवस देख कर मुस्कुरा उठी........

कामना- uuummhh...aah....tujhe क्या हुआ.....

निशु- कुछ nhi....main बस सोच रही thi...ki कभी तुमने पापा के होंठ चूसे होंगे ऐसे.....

कामना- तेरे पापा में ये बात kaha......ye तो ख़ास मर्द होते hai....jinke लिए ायरत कुछ भी भूल जाती है.....

निशु- जैसे अभी मुझे भूल gai.....main बेटी हु tumhari.....pahle मुझे मौका मिलना चाहिए न.....

कामना- nhi....is काम में तो पहले main...aah...aaraam से....

कामना बात hi कर रही थी की कल्लू ने कामना की ब्रा नीचे कर के उसके दूध चूसना सुरु कर दिया.....

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कल्लू- uummmmhh.....kya re....sirf ब्रा me.....chudne hi बैठी थी क्या.....

कामना- aahh...nhi ji....wo तो कपडे तरय कर रहे the....uuff.....joor से chooso....joor से......

निशु- ठीक है mummy.....tum मज़े lo.....main फिर कुछ और चूसती हु.....

ये बोल कर निशु ने कल्लू का पेण्ट खोलना सुरु कर diya.....aur कल्लू वही आराम से कामना के दुध चूसता raha.....aur कामना मस्ती में सिसकती रही.....

इस तरह कुछ hi देर में निशु ने कल्लू का पेण्ट और ुंडेरवेरे निकाल liya....aur अब कल्लू का तगड़ा लुंड निशु के नाजुक हाथो में था....

निशु आराम से कल्लू का लुंड हिला कर उसे गरम कर रही thi....aur वही कल्लू बेदर्दी से कामना के दूधो को dawa-dawa कर चूसने में लगा हुआ था.....

अब कमरे में मौजूद तीनो लोग पूरी तरह गरम हो चुके the....kamna और निशु की छूट कुलबुलाना सुरु कर चुकी thi...to कल्लू का लुंड भी तन चूका था.....

और जैसे hi कल्लू का लुंड तन कर खड़ा hua....waise hi कामना भी घुटनो पर आ गई....

और फिर दोनों maa-beti baari-baari कल्लू के लुंड को मुँह में भर कर चूसने में लग गई....

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लुंड चुसवाते हुए कल्लू ने अपनी शर्ट भी निकाल feki....jisse उसका कैसा हुआ बदन एकदम नंगा हो gaya.....aur वो आराम से लुंड चुसवाते हुए मज़ा लेने लगा......

कामना- अब छोड़ bhi....mujje दे न....

निशु- uummhhhh..aah..kya mummy...sab मज़ा तुम hi ले lo...beti का कुछ नहीं....

कामना- गुस्सा मत kar......tu पहले करवा लेना bas....ab चूसने तो de....aauuummmmm...uuummmm...yuummm....

निशु- वह mummy......mast चूसती हो.....

कल्लू- तू भी काम नहीं.....

निशु- बेटी किसकी hu....hehehe....

कामना- uuummmhhhh.....le चूस le.....najar मत लगा.....

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निशु- है lao.....aaauuuummmmm....uuuummmm...uuummmmmm...

कामना- आज इसकी ऐसे lena...ki कुछ दिन लुंड का सोचे भी न.....

कल्लू- फ़िक्र मत kar....dono को ऐसे hi thokuga......chal nishu....aaja ab....time काम है....

और फिर कल्लू ने निशु को रोक कर उसे बीएड पर खींचा और कुछ hi देर बाद निशु को कुटिया बना कर छोड़ना सुरु कर दिया......

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निशु- aaahhhh.....aap तो सच में दर्द दे रहे hai.....aaahh....dheere करो न......

कल्लू- उसके लिए टाइम nhi.....aise hi ठोकूंगा.....

और फिर कल्लू ने धक्को की रफ़्तार बड़ा di...aur लुंड सततत छूट में खलबली मचने लगे.....

ये देख कर कामना के चेहरे पर मुस्कान खिल gai...jisse निशु को गुस्सा आ गया......

निशु- aaahh....has lo...aahh....tumhari भी ऐसे hi maregi....aaahhh....aaahh.....

कामना- देख lugi.....abhi तो तेरी हालत मज़ेदार दिख रही hai....bada लुंड खाने का सूक है na.....ab झेल....

Kallu(man में)- ये सच में maa-beti hi hai....aisi होती है maa.....gajab परिवार है साला ठाकुर ka....randiyan भरी पड़ी है......

Kamna(choot सहलाते हुए)- अब मैं क्या karu....aise नहीं रह सकती.....

ये बोल कर कामना आगे बाद कर कल्लू के पीछे आ gai....aur फिर प्यार से झुक कर कल्लू की गांड चाटने लगी.....

कल्लू- ये saali.....kya कर रही है......

कामना- आपको मज़ा दे रही hu....aap लगे रहो.....

कल्लू- पर कर क्या रही hai....gaand कहेगी क्या.....

कामना- और kya.....aapko मज़ा aayga.....karne तो दो....

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और फिर कामना ने अपनी जीभ निकाल कर कल्लू की गांड चटनी सुरु कर di....jisse कल्लू मचल उठा और जोरदार धक्के मरने लगा......

निशु- aaaahhhhh...marwa दिया mummy......aaahh...mera टाइम भी aayga....aaahhh...bataugi....aahh...aaahh....

अब कमरे में चुदाई का रंग पूरी तरह से चढ़ चूका tha......dono maa-beti कल्लू के साथ खुल कर मज़ा ले रही thi...aur कल्लू को भी उन maa-beti को एक साथ चुदाई का खेल खेलते देख पूरा मज़ा आ रहा था.....

और इसी मज़े के बीच निशु की छूट ने पानी छोड़ diya....par कल्लू रुका nhi.....balki उसने निशु को पलटा कर दीवार से चुदाई सुरु कर दी.....

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कल्लू पूरी स्पीड से निकल शु की छूट की धजकियाँ उदा रहा tha....aur ये देख कर कामना कुछ ज्यादा hi गरम हो रही थी....

आज पहली बार था जब दोनों maa-beti अपनी मर्जी से एक साथ कल्लू से चुद रही thi.....saayad यही बात कामना को कुछ ज्यादा गरम कर रही थी......

कामना- बहुत hua.....meri बारी.....

निशु- aahhh....ruk ja.....main bas.....ohhh.....aaahh...aahh....

कल्लू- थोड़ा सब्र रख le......teri भी फाड़ता हु....

कामना- जल्दी करो न.....

निशु- aaahhh.......mera तो होने doooooo....aaaaahhhh....main gaaaiiii....aaahhh...aaahhh....

और जैसे hi निशु दोवारा से झड़ी तो कल्लू ने सटाक से लुंड को बहार खींच और कामना को बीएड पर पटक दिया.....

कल्लू- अब फाड़ता हु तेरी.....

कामना- तो फाड़ो na....roka किसने haaaiii....maaaaaa......

निशु- aahh....nani याद आई na....hehehe.....

कामना- aaahhhh.......maaar डाला re..,....choot तो थी......

निशु- सही kiya.....gaand hi फाड़ो inki...badi गर्मी छड़ी hai.....ab झेलो....

कम्बा- aaahh.....aaahhh.....mar gai,....aaahhh....sach में फाड़ di...aaahh..aaahh...

कल्लू- जैसा तूने bola....wahi हुआ.....

निशु- जोर से maaro....dawa के maaro.....chal न सके आज......

कामना- aahhh...tu चुप rah....maaa.....mar gai....aaahh...aaahh...

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कल्लू ने कामना की गांड को ऐसे ठोकना सुरु किया था की कामना की चीखे निकल रही thi.....aur ये देख कर निशु अपना दर्द भूल कर है रही थी.....

कल्लू को जाने की बड़ी जल्दी thi...isliye वो कुछ ज्यादा hi जोश में धक्के मार रहा tha.......par उसकी जल्दबाजी कामना को भारी पद रही थी.....

इसलिए कामना कुछ hi देर बाद pani-pani हो कर हाफने lagi....par कल्लू ने उस पर कोई दया नहीं dikhai......ulta उसे अपनी गॉड में ले liya....aur फिर uchhal-uchhal कर गांड मारने लगा......

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कामना- aaaahhh.....mar gai...aahh...dheere...dheere....ddhhheeeerreeee.........aaaaahhhh....

निशु- जोर se....joor se....joor se.....hehehe......gaand फटेगी तभी तो चलने में आह निकलेगी न......

कामना- aaahhh...beti है या dushman......maa की गांड फैट रही hai....aaaiii.....has रही है.....

निशु- चुदाई में कोई बेटी nhi...koi मम्मी nhi....bas छूट hai...gaand hai....aur तगड़ा लुंड hai.....maza करो मम्मी......

कामना- aaahh....meri hi बेटी है tu.....aaahhhh.....sach kaha........aaahh....aakhuri सच तो चुदाई hi hai.....oh maa.....meri choot.....aaaahhh...aaahhh....

निशु- क्या बात है mummy.....tumhari छूट तो आज झरना बानी हुई hai.....bahe hi जा रही......

कामना- aaahhh...kya karu....tere बाप ने सूखा hi दी thi....par इस लुंड ne....aaahh....jo खोली है na....uuummm......ab रोके नहीं रूकती....

कल्लू- चल आराम कर le.....teri बेटी की छूट भी है लाइन में......

कामना- aahhhh....uski भी फाड़ do....gaand मारना......

कल्लू- ये मैं तय करुगा की मुझे किसकी गांड मारनी है या choot....chupchaap मज़ा ले bas....aaja मेरी छोटी chamiya....tujhe झूला झूलता हु.....

ये बोल कर कल्लू ने निशु को अपनी मजबूत बाहों में उठाया और उसकी छूट में लुंड दाल कर हवा में उछालते हुए छोड़ने लगा.....

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निशु- aaahh...mummmy......marwa दिया tune....aaahhh...aaahhh...aahhh....

कामना- क्या बात hai....aisa नजारा हक़ीक़त में तो किस्मत वाले hi देख पाते hai......aisi चुदाई तो बस सपनो में हो सकती hai......ya फिर वो फिल्मो में.....

निशु- aaahh...yaha मेरी जान पर बन aai....aur tum....aaahhh....tum सपनो में खोई ho.....aaahhh..........kaisi माँ ho....aaahh....mar गई....

कामना- बड़ी किस्मत वाली माँ हु beta......apni बेटी को एक तगड़े लुंड पर झूलते dekhna....uuummmmm.....kisko नसीब होता है ये देखना.....

निशु- aaahh....kallu ji....mera.....aahh..mera हो गया......

कल्लू- पर मेरा नहीं हुआ na.....tu मज़े kar.....dowara से होगा.....

निशु- aaahh....dard हो रहा है.....

कामना- दर्द में hi मज़ा है बीटा.....

निशु- aaahh....to अपनी गांड मरवाओ न....

कल्लू- सही kaha....iski गांड hi फाड़ता hu....tu आराम कर....

ये बोल कर कल्लू ने निशु को बीएड पर छोड़ा और कामना को खींच कर लिटा दिया.....

कामना- aaahh.......marwa दिया mujhe....beti है की दुश्मन....

निशु- दर्द में hi मज़ा है na....ab झेलो....

कामना- तुझे तो मैं baaaattttttttt........aaaaaiiiiii....faad दी रे......

कामना बोल hi रही थी की कल्लू ने लुंड को कामना की गांड की गहराई तक ठूस diya....jisse कामना की चीख निकल गई......

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कामना- aaaaaahhhhh....bata कर तो डालते.....

कल्लू- तू क्या बता कर आई thi...ki तू लुंड की प्यासी hai....haa.....

कामना- aahh...par अब तो पता है न....

कल्लू- तो अब तुझे भी पता चल गया na...ki तेरी गांड भर gai.....ab मज़ा le.....yeeehhhh....

कामना- aaahh....maza......aaahhh.....mar gai.....aaahhh...aaahhhh....

निशु- aahh...mera सारा दर्द निकल जाता hai....jab अपनी hi मम्मी को तड़पता देखती hu....maza आ रहा है.....

कामना- aaahhh...besharm.....chup...aahh....aaahhh....

निशु- क्या mummy.....ab भी शर्म karu....ab तो बेशरमी के दिन hai....dekho na....dono maa-beti एक मर्द की gulaam.....aisa मौका किसे मिलता है.....

कामना- aaahh..tu ruk...baad me...aaahh...batati हु बाद me...aahh..aaahhh....

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और फिर कल्लू ने ताबड़तोड़ धक्के मारते हुए करीब 15 मिनट तक कामना की गांड मारी.....

और फिर कल्लू झड़ने को तैयार हो gaya....to उसके इसारे पर निशु आगे आई और अपनी मम्मी की जांघो के बीच मुँह रख कर लेट गई.....

और फिर कल्लू ने लुंड को कामना की गांड के छेद पर खली कर diya....aur लुंड का पानी कामना की गांड से बहते हुए निशु के मुँह पर जाने लगा....

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निशु ने लुंड का सारा पानी अपने मुँह में समां liya....aur फिर अपनी मम्मी के होंठो से होंठ मिला दिए....

इस तरह दोनों maa-beti ने लुन्द्रास का स्वाद chakha....aur बाद में कल्लू के लुंड को चाट कर साफ़ कर दिया.....

निशु- अब क्या इरादा है.....

कल्लू- अब मुझे जाना hoga........par haa....kamna....tumne अपने पति से बात की....

कामना- अभी nhi....par आज रात कर लूँगी.....

निशु- कौन सी बात.....

कामना- पहले सब ठीक हो jaaye...fir बताऊगी....

निशु- मतलब....

कल्लू- तू इसमें मत pad.....kuch hai....jiske बाद तुम सब अपनी मर्जी की मालिक हो jaogi.....fir जो चाहे करो.....

निशु- sach....matlab हम खुल कर मज़े ले पायगे.....

कामना- है सायद.....

कल्लू- सायद की जरूरत नहीं padegi....tu बस वही कर जो मैंने समझाया tha....theek है....

कामना- hmm.....karti हु....

कल्लू- chalo.....ab दूसरा काम भी देख लू....

निशु- मतलब किसी और की भी फटनी है....

Kallu(muskura कर)- फटेगी तो तुझे जरूर बताउगा........

ये बोल कर कल्लू वह से निकल कर फार्महाउस पहुंच gaya........jara तरीका की माँ तारा उसका बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी.......

कल्लू- मुझे देर तो नहीं हुई.....

तारा- हुई तो sahi.....badi देर कर दी मेहरवा aate-aate......

कल्लू- खास लोग हनेशा देर से hi आते है....

तारा- अब ये तो कुछ देर में पता चलेगा की तुम मेरे लिए खास हो भी या.....

कल्लू- वो भी जान jaogi....filhaal कुछ खा le....bhookh लगी है.....

तारा- सब तैयार hai..........aaiye....khas कमरे में चलते है.....

और फिर तारा अंदर वेक कमरे में चल padi....aur कल्लू भी तारा की मटकती गांड देखते हुए तारा के पीछे चल पड़ा........

पर जैसे hi कल्लू कमरे में pahucha....to सामने बैठे साक्ष को देख कर कल्लू के माथे पर सिकन आ गई........

कल्लू- ये yaha....kaise....ye यहाँ कर क्या.....

Tara(ungli दिखा कर)- sssshhhhhhhh......badla लेना सिर्फ तेरा काम नहीं है बच्चे......

कल्लू- मतलब तुम सब.......

Tara(beech में)- kyo....plan क्या तू hi कर सकता hai.....ya फिर तेरा golu....yahi नाम है न उसका........

कल्लू- तुम उन्हें जानती हो.....

तारा- हम वो सब जानते है जो तुम दोनों जानते ho.....to ab.....tum वही करो जो हम कहते hai......nhi तो....

Kallu(akad कर)- नहीं तो क्या.......

कल्लू की बात सुन कर सामने बैठा साक्ष उठ कर कल्लू के पास aaya....aur कल्लू के सीने पर अपना हाथ गुमने लगा......

साक्ष- सुना है बड़ा डैम है tujhme.....chodta भी अच्छा hai......aur लुंड भी कमाल hai....hai न तारा.....

तारा- लाजवाब hai....bistar पर तो ये किसी को भी भरी पड़ेगा.....

साक्ष- बहुत khoob.....par bacche.....ye लड़ाई सिर्फ बिस्तर पर नहीं लड़ी जा rahi......bistar पर भले hi तेरा राज चलता ho....par दिमाग का कमाल हमारा भी काम नहीं......

कल्लू- तुम लोग हो koun.....golu भाई को कैसे जानते ho....aur मुझसे क्या चाहते हो......

तारा- ओह maa....itne सारे sawaal......theek hai.....har सवाल का जवाब milega.....par थोड़ा रुकना होगा......

कल्लू- मेरे पास फालतू का टाइम नहीं है.....

साक्ष- accha.....to अब मेरी भी सुन le.....ya तो अपना टाइम हमे सौंप de.....ya फिर तेरा सारा टाइम हम ख़त्म कर देते hai.....choise इस urs......ya तो हमारे साथ raho....ya आखिरी बार इस दुनिया को देख लो......

इतनी बात होते hi कमरे के अंदर 4 हथयारबन्द लो ग आ gaye....aur उन्होंने कल्लू को गन पॉइंट पर रख लिया......

साक्ष- तुम्हारे पास टाइम काम है na....to जल्दी फैसला करो....

तारा- है kallu.....jaldi karo.....mujhe सब्र नहीं होता......

Kallu(man में)- ये सब हो क्या रहा hai......maine ये मिस कैसे कर diya....aur गोलू भाई भी नहीं जान sake....par मैं ऐसे hi...nhi.....ye लड़ाई इतनी आसानी से नहीं हार sakte.....mujhe कुछ करना hi hoga.....main मर तो नहीं sakta......kaash गोलू भाई को कुछ आईडिया हो गया ho........kya karu.....lagta है आज पहली बार घुटने टेकने hi hoge.....hey bhagwaan.....sambhaal लेना......

और फिर कल्लू ने अपने हाथ ऊपर कर diye.....aur ये देख कर तारा और उसका साथी ek-dusre को देख कर मुस्कुरा उठे.....

तारा- मैंने कहा था na......choot का चक्कर किसी भी मर्द को फसा देता hai....chalo...ye तो fasa....ab तुम गोलू को sambhalo......tab तक इसे मैं देखती हु.....

अस्मा ने गोलू का सच सबको बता दिया.....???

कल्लू के सामने कौन AAYA....JISE देख कर कल्लू हैरान रह गया....???

तारा का सच क्या HAI....WO सब कैसे जानती है....???

कल्लू के बारे में गोलू को पता चल PAYGA.....YA वो खुद भी फास जायगा.....???

जानेगे अगले अपडेट में.........

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....


थैंक्स फ्रेंड्स...

कीप रीडिंग...
 
अपडेट - 55

लास्ट में आपने पड़ा की एक तरफ जाकर के घर में गोलू और सारा मिल कर आसमा को आदि उर्फ़ गोलू की हक़ीक़त बताते hai.....aur फिर आसमा के जवाब का वेट करते है......

वही दूसरी तरफ जब कल्लू हवेली में कामना और उसकी बेटी निशु को छोड़ कर तारा से मिलने फार्महाउस पहुँचता है.....

तो वह पर कल्लू को ठाकुर की असली पहली पत्नी मिलती hai....jise देख कर कल्लू को झटका लगता hai.....aur फिर उसे तारा के साथ देख कर भी कल्लू को बड़ा झटका लगता है......

और जब पुष्प और तारा मिल कर कल्लू को अपना प्लान बताती hai......to कल्लू का दिमाग hi घूम जाता है.......

अब आगे..................

ठाकुर के फार्महाउस में..........

यहाँ एक कमरे में कल्लू को कुछ हथयारबन्द लीगो ने गन पॉइंट पर रखा हुआ tha.....aur कल्लू के सामने तारा बैठी हुई मुस्कुरा रही थी.....

वह पर तारा के साथ उसकी एक साथी भी thi....jise तारा के साथ देख कर कल्लू भी परेशान tha....aur ये जान कर तो और भी परेशान हो चूका tha...ki उन दोनों को गोलू और कल्लू के बारे में काफी कुछ पता था......

असल में तारा की साथी और कोई nhi...balki एक ायरत thi.....jo उम्र में तारा की हमउम्र hi लग रही thi....ekdam भरा हुआ badan....aur दिखने में भी मस्त......

कल्लू- सुनिए madam......mere सवालों का जवाब भी देती जाओ......

""मैडम nhi....thakurain बोलो.....

कल्लू- thakurain.....matlab.....tum तो वही हो na....jo हवेली में थी......

माया- maya......haa....main hi हु maya....asli ठकुराइन.....

कल्लू- पर तुम तो...

Maya(beech में)- जानती hu....tumne जब मुझे देखा tha....tab मैं हवेली में काम जरने वाली ायरत thi....hai न....

कल्लू- hmm....aur मैं जिस ठकुराइन से मिला था wo....wo कौन थी....

माया- वो मेरी नौकरानी hai....jo मेरे लिए कुछ भी कर सकती hai.....aur उसने किया bhi....acche से छोड़ा था न तूने उसे.....

कल्लू- नौकरानी....

माया- तुझे क्या laga....thakurain तुझे मिलते hi छूट खोल degi....hehehe.....

तारा- hehehe.....bechara.....kya सोचा tha...kya हो गया.....

कल्लू- इस सबकी जरूरत क्या thi.....maine तुम्हारा क्या बिगाड़ा था......

माया- बात बिगड़ने की नहीं hai....baat थी humari.....hum दोनों सालो से दिल में एक सपना लेकर जी रहे the....par वो पूरा करना हमारे बस में नहीं tha......lekin जब तुम mile....tab हमने socha...ki सातड़ एक तुम hi ho...jo हमारे सपनो को हक़ीक़त में बदल सकता है.....

कल्लू- और क्या है वो sapna....main जान सकता हु....

माया- वैसे तो मैं तुम्हे बताना जरूरी नहीं samjhti....par अब जब तुम हमारे साथ ho....to....tum लोग बाहर जाओ....

माया की बात सुन कर सभी हथयारबन्द लोग कमरे से निकल gaye....aur माया ने गेट को लॉक कर दिया......

माया- सबसे अहले तो तुम्हे यु मजबूर करने के लिए sorry....par सायद यही एक तरीका tha.....jiske सहारे हम अपना सपना पूरा कर सकते है....

कल्लू- सपना है क्या.....

माया- सपना है हुकूमत karna.......apne दुश्मनो को mitana.....aur सालो पहले जो...

Tara(beech में)- गोलू......

कल्लू- kya....kya मतलब गोलू....

Tara(maya को देख कर)- हमे गोलू चाहिए.....

कल्लू- वो तो खुद ठकुराइन से मिलने वाले the....fir मेरे साथ ते sab....aakhir क्यों.....

माया- तुम्हे samjhane.....ki सिर्फ तुम hi ताक़तवर नहीं ho....hum तुम्हारी सोच से भी बाद कर है......

तारा- असल में हम चाहते थे की तुम हमारी maano....humare हिसाब से चलो...

कल्लू- पर kyo....main तुम्हारा तो कुछ बिगाड़ नहीं रहा न......

माया- बिगाड़ भी नहीं sakte....par ये chhodo....hum बस इतना चाहते hai....ki तुम अपना काम karo....par साथ में हमारा भी करो.....

कल्लू- और वो क्या है......

माया- वो तारा समझा देगी.......

ये बोल कर माया कमरे से बाहर जाने lagi....to कल्लू ने उसे रोक दिया......

कल्लू- हमारी बात अभी ख़त्म नहीं हुई....

माया- और भी कुछ है क्या.....

कल्लू- तुम दोनों हो koun...aur गोलू भाई को कैसे जानती हो.....

माया- तुम जल्द जान jaoge.....par उससे पहले मैं गोलू को तो देख lu.....tara...ise समझा dena....samjhe तो theek....nhi तो यहाँ लाश गाड़ने के लिए काफी ज़मीन hai.....samjh गई....

Tara(muslura कर)- उसकी जरूरत नहीं padegi......main हु na....samjh dugi....aap जाइये.....

और फिर माया कमरे से निकल जाती hai....aur तारा कमरे का गेट फिर से लॉक कर लेती है.....

तारा- इतना मत socho.....thoda आराम कर lo....fir सब समझती hu....ye लो....

ये बोलते हुए तारा ने कल्लू को पानी का गिलास दे दिया और कल्लू पानी पि कर बीएड पर बैठ कर फिर से कुछ सोचने लगा........

तारा- और कितना सोचोगे........

कल्लू- हम्म.....

तारा- थक गए होंगे न soch-soch kar......kai सवाल hoge.....jinke जवाब नहीं मिल rahe....hai न.....

कल्लू- मुझे सिर्फ एक hi जवाब chahiye......baki की मुझे कोई परवाह नहीं.....

तारा- सायद मैं कुछ मदद कर saku....puchh कर देखो.....

कल्लू- तुम दोनों किसकी तरफ ho....kya तुम लोग गोलू भाई के खिलाफ हो......

तारा- ये नहीं पूछना चाहिए tha....kyoki मैं चाह कर भी इसका जवाब नहीं दे sakti....majboor हु na....samjho.....

कल्लू- मजबूर तो मैं भी hu....tum भी कुछ समझ लो......

तारा- dekho.....is टाइम तो मैं तुम्हे कुछ भी नहीं कह sakti....par haa...agar तुम हमारा साथ doge....to तुम्हे हर एक सवाल का सही जवाब मिल जायगा.....

कल्लू- sath....theek hai....par मेरी एक शर्त है.....

तारा- shart.....huh.....tumhe लगता है की तुम कोई शर्त रखने की हालत में भी हो.....

Kallu(muskura कर)- तुम्हे क्या laga...mout का दर दिखा कर मुझे डरा dogi....are jao....kal मरता हु तो आज मर jaau.....par मौत के दर से हर पल नहीं मरने wala....samjhi न.....

तारा- क्या शर्त है.....

कल्लू- गोलू भाई को कुछ नहीं होना चाहिए.....

तारा- बड़े कमाल की बात है na....tum मरने को तैयार ho....par गोलू की चिंता hai.....aisa kyo....kya लगता है गोलू तुम्हारा.....

कल्लू- गोलू bhai......hai तो एक आम इंसान hi....par मेरे liye....mere लिए वो सबसे ऊपर hai.....usse भी uper....jisko दुनिया के ऊपर कहा जाता है.....

तारा- पर kyo.....kya रिश्ता है तुम्हारा गोलू से.....

कल्लू- टाइम आने पर जवाब भी मिल jayga......theek है....

Tara(muskura कर)- मेरा hi डीएलओगे मुझे चिपका diya.....good....

कल्लू- अब bolo.....shart मंजूर है तो है kaho....fir मैं हर हाल में तुम्हारा साथ दुगा.....

तारा- hmm....acchi शर्त hai....aur रही मेरी manjoori.....to तुम खुद समझ जाओ.....

ये बोलते हुए तारा ने अपने जिश्म पर लिपटी निघ्त्य को खोल कर जिश्म से अलग कर diya....aur तारा पूरी तरह से नंगी हो कर कल्लू के सामने आ गई....

तारा- मेरा जवाब समझ गए न.....

Kallu(muskura कर)- ऐसे तरीके मुझे बहुत पसंद आते hai.......ab आगे bado....sath मिल कर चलना है na.......to इस साथ को पक्का करते hai....aao....

और फिर तारा आगे बाद कर बीएड तक आई और कल्लू का पेण्ट निकाल कर उसके लुंड को आज़ाद कर दिया......

इस दौरान कल्लू भी बीएड से खड़ा हो चूका tha....aur तारा का नंगा बदन देख कर उसका लुंड भी खड़ा होने लगा था.....

तारा- uff.....jabse देखा hai...tab से परेशान किये हुए है......

कल्लू- तो इतनी देर क्यों ki....pahle hi आ जाती....

तारा- क्या kare.....dil के साथ दिमाग की सुन्ना जरूरी है na....khair....aaj हाथ आ hi gaya.....uuff.....kitna बड़ा है ज़ालिम....

कल्लू- झेल पाओगी.....

Tara(muskura कर)- अभी तारा को समझा hi जहा tumne.....aaj समझ जाओगे.....

ये बोल कर तारा नीचे हुई और घुटनो पर आ कर कल्लू का लुंड चूसने लगी......

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तारा- uuuuuummmmmhhh....mazedaar....aaauuummmmmm....uuuummm..uuummmm....

कल्लू- पूरी खिलाडी हो इस खेल की.....

तारा- uuummmhh....aah....sirf तुम hi अकेले नहीं हो yaha.....aaauuummmm...uuuummmm...uuummmmm....

Kallu(man में)- पहले मज़े लेता hu.....baad में सोचुगा की आगे करना क्या है......

और फिर कल्लू ने भी पुरे मज़े से अपना लुंड चुसवाते हुए अपनी t-shirt निकाल कर खुद को नंगा कर दिया.....

और कल्लू का गठीला बदन देख कर तारा का जोश भी बाद gaya...aur देखते hi देखते कल्लू का लुंड तारा के गले की गहराई में जाने लगा.....

तारा ने कल्लू के लुंड को अपने मुँह में bhar-bhar कर अपनी लार से तर कर diya....aur अब लुंड पूरी तरह तैयार था.....

इसलिए कल्लू ने बिना देर किये तारा को रोक कर बीएड पर खींचा और पोजीशन बनाते hi तारा की छूट में लुंड उतार दिया.....

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तारा- mmmmaaaaaaa....aaaahhh.....

कल्लू- नहीं झेल पाई na.....maa याद आ गई....

तारा- aaahhh.....maza तभी आता hai....aaahh....jab लुंड कहते hi माँ याद आ jaaye....rukna mat.....aaaahh....aise hi....thok de....aahh...aahh...

तारा की बात सुनते hi कल्लू ने दमदार धक्को की बारिस सुरु कर di....aur उसका लुंड तारा की छूट को चीयर कर गहराई तक ठोकने लगा......

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तारा- aaaaahhhhh.....ye बात हुई na....aaaahhh.....maan gai....aaahhh....aaahhh.....

कल्लू- मेरा लुंड कहते hi ायरत मान जाती hai....isme कुछ नया नहीं.....

तारा- aaahhh....itea रहा hai....aaahh....koi na....aaahh....tera बनता भी है itraaannnaam....meri to....aaaahhhhh.....

कल्लू के ताबड़तोड़ धक्को के आगे तारा की छूट ज्यादा देर रुक नहीं सकीय और पानी छोड़ने लगी.....

इसलिए अब कमरे में तारा की aah-aah के साथ puchh-puchh की आवाज भी गूजने लगी thi....aur साथ में दो बदन टकराने का शोर.....

कमरे का माहौल काफी गरम हो रहा tha....aur उसी तेजी से तारा भी गरमा चुकी थी.....

इसलिए तारा ने कल्लू को सवारी करने को kaha....aur तुरंत कल्लू के लुंड पर uchhal-uchhal कर छूट मरवाने लगी....

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तारा- aaahh...aahh...maan गई re....aahh...bada तगड़ा ची दता hai....aaahh..maza आ गया....

कल्लू- पर मेरे मज़े का kya.....teri तो खुली हुई है....

तारा- aahh...to क्या करू fir...aaahh.....

Kallu(gaand सहला कर)- पीछे वाला छेद सायद मज़ा दे....

तारा- aaahh...janti thi....tu मेरी गांड के पीछे hai...aaahh.....pura मर्द है na...aahh...gaand तो फाड़ेगा hi...aahhh...

कल्लू- तो फाड़ दू....

तारा- aahh..kar lena....par अभी mujhe....main bas...aaahh.....aaahh....aaahhh...aaahhh...

और फिर uchhalte-uchhalte तारा की सिसकियाँ बड़ी और कुछ देर बाद वो लुंड को छूट में भर कर hi बैठ गई.....

कल्लू- इतनी जल्दी पास्ट पद गई.....

तारा- aah...fikr मत kar.....pura मज़ा dugi.....bade दिन बाद सूखा ख़त्म हुआ hai.......jitna मार सके maar.....aahh...sath दूगी....

कल्लू- बहुत khoob....to चल अब पिछवाड़ा फाड़ते है.....

ये बोल कर कल्लू ने तारा को सीधा लिटाया और उसकी तागे फैला कर लुंड को गांड के छेद पर टिका दिया.....

तारा- थोड़ा aaraaaaammmmm......mmmmaaa.....itni tej.....aaaahhhhh....

कल्लू - ज्यादा दर्द नहीं देना na....yeeee....

तारा- mmmmmmmmmmmmaaaaaaaaaaaa......aah...pura घुसा diya.....aaaahh....ye दर्द hi था.....

कल्लू- बस हो गया na....ab मज़ा आएगा....

और फिर कल्लू ने आराम से तारा की गांड मारनी चालू कर di....aur तारा भी कराहते हुए गांड मरवाने लगी......

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और देखते hi देखते कल्लू के तगड़े लुंड ने तारा की गांड को गहराई तक खोल diya....aur तारा हर धक्के पर मज़े से आह करने लगी.....

कल्लू- बोलै था na....jyada दर्द नहीं दुगा....

तारा- aah...bada तगड़ा खिलाडी hai.....aahh....

कल्लू- काम तो तुम भी नहीं....

तारा- aahh...wo तो hai.....chal....fir से सवारी करती hu....pichhe से....

इतना सुनते hi कल्लू ने सटाक से लुंड को बाहर खींच liya....aur फिर कल्लू को लिटा कर तारा ने लुंड को अपनी गांड में ले कर uthal-baithak सुरु कर दी....

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तारा- aaahh...aaahh...ab मज़ा आएगा....

कल्लू- सवारी करने का बड़ा सूक है....

तारा- aahh....pasand है bas.....aaahh...aaahh..aahh...

Kallu(man में)- पूरी हवसी है saali.....fir भी दिमाग चलती hai......koi na....time आने de.....tujhe पालतू कुटिया बना कर ठोकूंगा.....

तारा- ओह maa....meri छूट तो फिर se.....aahh....thoda छूट में हो जाए....

ये बोल कर तारा उठी और गांड से लुंड निकलते hi उसे छूट में ले कर उछलने लगी.....

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तारा- aaahh...aaj तो बड़ी जल्दी hi....aaahh...bas ho...aahh..aahh..aahhhhh....

और तारा की छूट ने एक बार फिर से पानी निकाल feka....par इस बार तारा पास्ट नहीं padi.....balki चुतरस से सना हुआ लुंड अपनी गांड में ले कर उछलने लगी.....

तारा- देख liya......dam मुझमे भी है....

कल्लू- दिख रहा hai.....gajab की चूड़ाकड है.....

तारा- aah....aourat चूड़ाकड न ho....aahh....to मर्द को मज़ा क्या degi....aahh...aahh...

कल्लू- बात तो सही hai.....to अब स्पीड बढ़ाते hai.....dekhu तो तेरी गांड की taqat....jhel पाएगी की नहीं.....

तारा- आठ..... मैं खुद दिखती हु मेरी taqat.......dekho...aaahhhh....aaahhh....aaahhhh.....

और तारा ने खुद hi अपने आपको तेजी से uper-neecha करना सुरु कर diya....jisse कल्लू का लुंड तारा की गांड में जोरदार ठोकर मारने लगा.....

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तारा अब हर धक्के पर कराह रही thi....fir भी उसके उछलने की रफ़्तार काम नहीं हुई....

तारा को देख कर ऐसा लग रहा था की आज वो कल्लू के लुंड को खा जाना चाहती hai....saayad कई सालो बाद उसकी हवस इतनी जोर से जाएगी थी.....

वही कल्लू भी पुरे जोश के साथ नीचे से लुंड पेलने में लगा tha....jisse तारा की गांड की थापे कमरे में गूँज उठी थी....

और इन्ही मादक आवाजों के बीच तारा की छूट ने एक बार फिर से पानी का झरना आगे diya.....aur वो पास्ट पड़ने लगी....

तो कल्लू ने तारा को तुरंत बीएड के सिरहाने से टिका कर उसकी गांड मारना सुरु कर दिया.....

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तारा- aaahh.....dam है तेरे में.....

कल्लू- डैम भी है और तरीका bhi....tabhi तो तुझे कुटिया बनाया.....

तारा- aahh....kutiya.....aahh..mardo की खास पसंद.....

कल्लू- पर ायरत को मज़ा तभी आता hai...jab कोई दमदार मर्द उसे कुटिया banaye.....sahi कहा न....

तारा- है मेरे sher.....tu वैसा hi मर्द hai....warna आज तक कोई तारा को कुटिया नहीं बोल पाया.....

कल्लू - पर मैं बोलूगा bhi....aur कुटिया की तरह पेलूगा bhi....ye ले....

तारा- aaaaahhhh....maar fir....joor से maar...aaahh....faad दे कुटिया की....

तारा की बातों से कल्लू का जोश बाद gaya....aur वो पूरी रफ़्तार से तारा की गांड मारने लगा.....

और फिर कल्लू ने तब तक तारा की गांड पेलना जारी rakha....jab तक की कल्लू झड़ने पर नहीं आया....

और जैसे hi कल्लू झड़ने laga....waise hi उसने तारा को घुमा कर अपने सामने कर दिया....

और जैसे hi कल्लू ने लुंड हिलना सुरु किया तो तारा ने भी अपना मुँह खोल liya.....aur तारा अब लुन्द्रास का रसपान करने को पूरी तरह तैयार थी....

और फिर देखते hi देखते कल्लू के लुंड का पानी तारा के मुँह पर पिचकारी मारने लगा.....

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और तारा ने मुँह खोल कर लुन्द्रास को अपने मुँह में लेना सुरु कर diya.....aur कुछ हिस्सा तारा के गोर चेहरे को भी तरबतर करने लगा.....

कल्लू- aah.....maza आ gaya....mast है तू...

तारा- uummm....tu भी मस्त hai....aauuummmmhhhhhh....

और फिर तारा ने कल्लू के लुंड को चूस कर साफ़ कर diya....aur अपने चेहरे पर लगा लुन्द्रास भी हाथ में ले कर हलक में उतार लिया.....

कल्लू- अब काम की बात कर ले....

तारा- aah...abhi मेरी हालत काम के लायक nhi....tum jao....raat को milege.....taiyaar rahna....kuch खास काम करना है रात को....

कल्लू- ठीक है.....

और फिर कल्लू फ्रेश हो कर फार्महाउस से निकल aaya.....par अपने साथ कई सारे सवाल भी ले aaya...jiske जवाब उसे हर कीमत पर चाहिए थे......

==========================

जाकर के घर में.........


यहाँ जब गोलू ने जाकर की बेटी आसमा को अपना सारा सच bataya....to उसे सुन कर आसमा कड़ी हुई और घूर कर गोलू और सारा को देखने lagi.....aur फिर अचानक hi वो गेट की तरफ बाद गई....

सारा- रोको use....warna मुश्किल हो जायगी....

गोलू- nhi.....dekhu तो वो क्या करती है......

और फिर देखते hi देखते आसमा ने गेट को अंदर से लीक kiya....aur पलट कर गोलू और सारा के सामने आ गई.....

आसमा- आइंदा कुछ भी बोलने या करने से पहले गेट जरूर चेक कर lena.....wo तो मैं thi....koi और होता to....pata है न क्या होता फिर.....

Golu(muskura कर)- तो तुम हमारे साथ हो.....

आसमा- haa...par मेरी कुछ शर्ते है....

सारा- शर्त.....

आसमा- शर्त nhi....sharte....ek से jyada....samjhi न.....

सारा- है पर....

Golu(beech में)- नहीं sara......tum बोलो aasma....kya चाहती हो.....

आसमा- मेरा pariwar....main नहीं चाहती की आपकी दुश्मनी की वजह से मैं अपने परिवार को खो दू.....

गोलू- ये पॉसिबल नहीं hai....jo किया hai...wo भुगतना hi पड़ेगा......

आसमा- आप सही कह रहे hai....par मेरे बारे में भी तो sochiye....aur sara.....kya हम दोनों की कोई गलती thi....tum hi बोलो sara....kya तुम अपने परिवार को नहीं चाहती....

सारा- main....haa...bilkul चाहती hu.....main भी उन्हें खोना नहीं चाहती......

आसमा- dekhiye....sara भी नहीं चाहती की हम किसी अपने को खो दे.....

गोलू- मैं समझ सकता hu....apno को खोने का दर्द बड़ा भयानक होता है......

आसमा- तो क्या आप हमे इस तकलीफ से छुटकारा दे सकते है......

Golu(soch कर)- ठीक hai....main वादा नहीं karta....par पूरी कोसिस करुगा की उन्हें सजा देने के लिए उनकी जान न लेनी पड़ी....

आसमा- कोसिस.....

गोलू- ha....kyoki अगर बात मेरी जान पर aai....ya मेरे किसी अपने की जान par....tab मैं कोई वादा नहीं करता.....

आसमा- ठीक hai.....main उम्मीद करुँगी की आपको ऐसी नौवत न आये........

गोलू- और क्या चाहती हो...

आसमा- अपने अब्बू को हमेसा के लिए अपनी अम्मी के साथ देखना चाहती hu......main नहीं चाहती की अब्बू की जिंदगी में कोई और ायरत आ कर मेरी अम्मी की जगह ले.....

गोलू- ये मैं कर सकता hu....par इसके लिए तुम्हारी अम्मी को मेरा कहा मन्ना hoga....aur सायद कुछ हद भी पार करनी पड़े......

आसमा- अगर बात उनके रिश्ते को बचने की hai...to मैं अम्मी को खुद बोलूगी.....

गोलू- तब तो वादा raha.....tumhari अम्मी की जगह कोई नहीं ले पाएगी.....

आसमा- सुक्रिया.....

गोलू- और कुछ.....

आसमा- और भी hai......par पहले मुझे ये bataiye.....ki आपने आज तक कितनी को पेला है....

Golu(muskura कर)- ये क्यों जानना है....

आसमा- ऐसे hi....accha....mere परिवार की hi बता दीजिये.....

गोलू- तेरे परिवार ki...hmm...to सिर्फ एक बाकि hai....teri बड़ी बहिन.....

Aasma(hairani से)- मतलब मेरी अम्मी, भाभीजाण, फूफी, chachijaan.....sara और main......sabko पेल दिए.....

Golu(muskura कर)- अब तुम सब हो hi इतनी acchi.....to मैं रोक नहीं पाया.....

आसमा- बड़े बेकार ho.....mujhe तो बता देते......

गोलू- kyo....tu क्या कर leti....rok देती क्या....

आसमा- nhi....main देखती to....ki वो सब kaise....khas कर की मेरी ammi......unki चुदाई होते देखना तो मज़ेदार होता....

सारा- सही kaha.....jab मैंने अपनी अम्मी को चुड़ते देखा था na.....to इतना मज़ा आया tha....main...main समझा नहीं sakti....wo अहसाह कुछ अलग hi था.....

आसमा- मैं तो सोच कर hi मस्त हो जाती hu....kaash देखने मिल जाता.....

गोलू- उसमे क्या hai.....tujhe भी दिखा dege.....bas थोड़ा वेट कर......

सारा- तो अब तो तू हमारे साथ है न....

आसमा- अभी एक काम बाकि है....

गोलू- अब क्या है....

Aasma(sara को देख कर)- इसको pelo....abhi....wo भी बुरी तरह se......taki ये चीखती रहे.....

सारा- ye....aisa kyo...maine क्या बिगाड़ा तेरा.....

आसमा- तूने hi सब bigada....mujhe बताया क्यों nhi.....uski सजा तो milegi....golu ji.....ye काम तो करना hi hoga.....mujje ये रोटी हुई दिखनी चाहिए....

गोलू- ohh....sorry sara.....par अब तो ये hoga.....aakhir शर्त है न......

आसमा- अब आएगा मज़ा.....

गोलू- पर उसके पहले तुझे भी नंगा होना होगा.....

आसमा- kyo....mujhe ऐसा हाल नहीं करवाना......

गोलू- फ़िक्र मत kar.....tujhe दर्द नहीं hoga....tu बस मज़ा करेगी.....

आसमा- तब तो मैं तैयार hi hu....aapke सामने नंगा होने के लिए तो बस मौका hi ढूंढ़ती hu......ye लो....

और फिर आसमा ने अपने कपडे निकलना सुरु कर diya.....wahi गोलू के इसारे पर सारा भी नंगी हो गई.....

पर इसके पहले की चुदाई का खेल सुरु hota.....golu का फोन बज utha....aur गोलू ने आसमा और सारा को इसरा कर के कॉल पिक कर लिया..........

( कॉल पर )

गोलू- है बोल......

कल्लू- bhai.....ek प्रॉब्लम हो गई है.....

गोलू- बोलता रह......

कल्लू- सुनिए......

और फिर कल्लू ने गोलू को तारा और ठकुराइन वाला पूरा सन समझा diya.....jise सुन कर गोलू को भी एक बड़ा झटका लगा.....

पर इस टाइम आसमा और सारा मिल कर गोलू के लुंड को choom-chaat कर मज़ा ले रही thi.....to गोलू ने मूड खराब न करना hi सही समझा......

कल्लू- boliye.....ab क्या करे....

गोलू- वो लोग जो चाहते है karo......aur मेरी तरफ से कोई प्रॉब्लम नहीं hogi....tum बस भरोसगा कायम rakho....baki कब क्या और कैसे करना hai....ye मैं देख लगा.....

कल्लू- वो आपके पास आने वाली hai....ya कुछ karegi...pata nhi.....but कोई तो प्लान है....

गोलू- तू फ़िक्र मत kar......unhe गोलू चाहिए na.....us परिवार का उत्तराधिकारी......

कल्लू- जी भाई......

गोलू- वो उसका कुछ नहीं बिगाड़ paygi.....joor लगाने de.....tu ज्यादा सोच mat.....apna काम करता rah.....bas ठाकुर को कुत्ता बना कर ले aa....baki सब मैं देख लगा....

कल्लू- ठीक है bhai.....jald मिलते hai....bye....

गोलू- bye.....

सारा- uuummhh.....kya hua...koi परेशानी.....

गोलू- जिसके लुंड को चूसने वाली दो जवान लड़कियां बैठी ho....use कोई क्या परेशान karega......chalo.....chaalu रहो........

सारा- hmm...aaauuummmmmmm...uuummmm.....uuuuummmm.....

आसमा - aah...main क्या गोते hi चूसती rahu.....mujhe भी de.....aaauuummmmm...uuuummmm...uummmm....

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फिर आसमा और सारा मिल कर baari-baari गोलू का लुंड चूसने lagi....aur गोलू ने किसी को मश्ग कर के ठकुराइन और तारा की प्लानिंग का तोड़ सोच लिया.......

Golu(man में)- उन्हें गोलू chahiye.....huh....milega.....par साथ में आएगी tawaahi......thakurain.....aourat कितनी भी तेज ho......shikari को पीछे छोड़ना किसी ायरत के बस की बात nhi.....ab dekhna.....shikari का कमाल........

तारा और पुष्प मिल कर कल्लू से क्या करने वाली है....???

आसमा की शर्त खान परिवार में कौन से नए नज़ारे दिखेगी....???

गोलू का प्लान और शिकारी का KAMAAL......NEXT अपडेट में........

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....


थैंक्स फ्रेंड्स...

कीप रीडिंग....
 
अपडेट - 56

लास्ट में आपने पढ़ा की एक तरफ आसमा जब गोलू का सच जानती है तो उसका साथ देने के लिए कुछ शर्ते रख देती hai...jise गोलू मान भी जाता है.....

वही कल्लू यहाँ तारा सुर पुष्प के जाल में फास जरा hai.....aur इस जाल से बाहर निकलने के लिए गोलू से बात करता है.....

तो गोलू बोलता है की अभी तारा के इसारो ओर चलते raho.....aage वो तारा और पुष्प को भी देख लेगा.......

और फिर गोलू कुछ कॉल कर के सारा और आसमा के जवान जिश्मो का मज़ा लेने लगता है.......

अब आगे.................

जाकर के घर में..........

जाकर के घर के एक कमरे में जाकर की बेटी आसमा और भतीजी सारा पूरी नंगी हो कर गोलू का लुंड चूसने में लगी थी.....

वही जाकर की बीवी सलीमा और जाकर के भाई की बीवी सलमा भी उसी लुंड को याद kar-kar के अपनी छूट को मस्त कर रही थी.....

और इन सबसे बेखबर जाकर और उसका भाई जलाल अपने hi मतलब की साज़िश बुनने में लगे हुए थे.....

पर वो नहीं जानते the....ki सबसे बड़ा साज़िश करने वाला तो इस वक़्त उन दोनों की बेटियों को अपने लुंड पर नाच नचा रहा है.....

गोलू आराम से अपना लुंड सारा और आसमा से चुसवा रहा tha....aur इसी बीच उसने फोन के जरिये जाकर और ठकुराइन से निपटने का इंतज़ाम भी कर लिया था......

और फिर जैसे hi गोलू का लुंड तैयार hua....to शर्त के हिसाब से गोलू ने सारा को उठा कर कुटिया बना diya....aur उनकी नंगी गांड पर जोरदार थप्पड़ मारने लगा.....

सारा - aaaaaiii...ammi.....ye kya...aaahh....maar क्यों रहे हो.....

आसमा- तकलीफ होगी तभी तो मज़ा आएगा न....

सारा- वो to...aaahhh....mar gai.....gaand मारने की बात हुई थी ki...ammi....aaahhh.....

गोलू- गांड भी फोड़ी jaygi.....par पहले गांड तोड़ी भी jaygi....kyo आसमा.....

आसमा- bilkul.....mujhse छिपाया na....ab सजा भी भुगत.....

गोलू- चल sara.....aaj रोने की बारी.......

सारा- मेरा वक़्त आने do.....isko तो main....aaaaaaaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiii.....

सारा बोल hi रही थी की गोलू ने अपना लुंड सेट कर के एक जोरदार धक्का मारा और पूरा लुंड सारा की गांड चीरता हुआ घुस गया.....

एक साथ पूरा लुंड गांड में घुसते hi सारा चीख padi....aur दर्द के मारे उसकी आँखे भर आई......

आसमा- एक बार aur.....mujhe इसकी चीख सुन्ना है....

गोलू- क्यों nhi....ye ले.....

और गोलू ने सटाक से लुंड बाहर खींचा और अगले hi पल पूरा लुंड सारा की गांड में पेल diya.....aur सारा दोवारा से चीख पड़ी......

सारा- aaaaaahhhhhhhhh......bas kar.....aaahh....

आसमा- अभी तो भीतर गया hai......maza तो अब aayga......golu ji.....ise तब तक पेलो जब तक ये पास्ट न पद जाए....

गोलू- क्यों nhi...aaj तो तेरी hi chalegi.....ye ले....

और फिर गोलू ने तेजी से सारा की गांड मारनी सुरु कर di...aur आसमा भी सारा के सामने आ gai....aur अपनी छूट सारा के सामने पेश कर दी....

आसमा- चल चाट........

सारा- aaahhh.....bataugi तुझे bhiii...aaahhhhh.....

आसमा- वो बाद की baat.....abhi chaat.....mera पानी भी तू hi पीयेगी.....

और फिर सारा ने अपना मुँह आसमा की छूट पर झुका liya.....aur गांड मरवाते हुए आसमा की छूट को चाटने लगी.......

सारा को भले hi गांड मरवाने में तकलीफ हो रही thi.....par आज वो काफी वक़्त के बाद गोलू से खुल कर छुड़वा रही thi......isliye उसे सुकून tha....ki इस घर में उसे अब गोलू के साथ छिप कर मज़ा नहीं लेना पड़ेगा.......

वही आसमा तो बस सारा के मज़े लेने के मोइड में thi....isliye वो सारा के लगे बदन पर beech-beech में थप्पड़ भी जड़ रही thi....jisse सारा तड़प रही थी.....

Khair.....ye सब खेल आगे चल hi रहा था की आसमा की छूट ने पानी छोड़ diya......aur झड़ते hi उसने सारा का मुँह अपनी छूट पर दवा लिया.....

इसलिए सारा को आसमा की छूट का रास पीना pada.....aur उसे इतना मज़ा आया की वो भी तुरंत पानी बहाने लगी.....

सारा के झड़ते hi उसका बदन ढीला पद गया tha.......aur आसमा की छूट भी लुंड खाने को कुलबुला उठी थी......

इसलिए आसमा ने गोलू को अपनी छूट की तरफ इसरा कर diya....aur गोलू में भी आसमा को तुरंत खींच लिया....

और फिर गोलू ने आसमा को सारा के ऊपर hi झुका कर उसकी छूट मारनी सुरु कर di......jisse हर धक्के पर आसमा के sath-sath सारा का बदन भी झटके खाने लगा......

सारा- aaahh.....marwa तू रही hai....aur धक्के मुझे पद रहे है.....

आसमा- aaahh....tu धक्को से परेशान hai.....aaaahhh....aur यहाँ मेरी छूट की haalat.....ammmii.....kitni जोर से पेल रहे hai....aaahh.....

सारा- पूरा जोर से मारो आप to.....badi आई दुसरो की गांड फ़तवाने wali...khud की फटी तो उछलने lagi....haa.....

आसमा- aaahh....ruk ja......batati hu....thoda main.....oh ammi.....maza आ gaya....aaahh...aahh...aaahh....

और फिर जोरदार धक्को के साथ गोलू ने आसमा की छूट को भी chod-chod कर पानी निकाल दिया.....

और जब ासना झाड़ कर पास्ट हो gai....to उसने फिर से सारा की गांड फाड़ने का फरमान सुना दिया....

और गोलू भी आसमा की बात मान कर सारा की गांड में दनादन धक्को के साथ लुंड पेलने laga.....jis से सारा की चीखे फिर से कमरे में गूजने लगी......

एक तरफ सारा आहें भरते हुए गांड मरवा रही thi....to वही आसमा उठ कर सारा के सामने आ gai.....aur सारा के दूध दवा कर उसकी तड़प और ज्यादा बढ़ाने लगी.....

सारा- aaahh...kya करती है....

आसमा- गोलू जी ने काफी अच्छे से दूध चूसे है tere....hai न....

सारा - aahh....tere भी तो चूसे न....

आसमा- hmm......par तेरे से ज्यादा नहीं....

सारा- aaahh....aahh....fikr मत kar....tere भी choosege.....mujhse भी jyada...aaammmii.....dawa मत साली.....

आसमा- ammi.....sahi kaha....humari अम्मियो के भी चूसेंगे न.....

सारा- aaahh.....kyo nhi.....is खानदान में कोई दोइधवाली बाकि नहीं ragegi.....oh ammi....main to....marwa दिया tune....aaahh...aaahh...aahhh....

और फिर सारा की छूट ने एक बार फिर से गर्मी निकाल feki....aur पास्ट पड़ी सारा को आसमा अपने हाथो से सहलाने लगी....

सारा- aahh...ruk ja....thoda सब्र kar....aahh...aaraam तो कर लू....

आसमा- अभी nhi....golu ji.....dhakke रुकने नहीं chahiye......iski गांड को इतना खोलना hai...ki चलते हुए साफ़ समझ aaye...ki आई है गांड मरवा कर.....

गोलू- haa....aaj तो तेरी hi chalegi.....ye लो...

सारा- aaahhh......kameeni कही ki...aaahh...aaahh....ruk ja.....waqt मेरा भी aayga....aaahh....

आसमा- न baby....ab वक़्त मेरा hi hoga....aur सब मेरे हिसाब से hi hoga...golu ji....aap pelo.....main जरा अपनी बहन के दूध चख लू.....

और फिर गोलू ने सटासट लुंड को सारा की गांड में andar-baahar करना सुरु कर diya.....aur आसमा ने झुक कर सारा के दूधो को चूसना जारी रखा.....

आसमा- uuummhh.....kagi मस्त है तेरे दूध to.....golu जी ने कायदे से चूसा है लगता है......

सारा- aaahh.....tujhe क्यों जलन होने lagi.....aaahhh....tu भी चुसवा le...ohh अम्मी....

आसमा- अब तो चुसवाउगि hi....waise bhi....ab वो सिर्फ मेरे दूध hi चूसने वाले hai.....gaon में जो ragege.....tu फिर तू जलेगी.....

सारा- aaahh....meri फ़िक्र chhod.....aaahh....main कही नहीं जाने wali....ohh.....meri choot......aaahh....aaahh....

आसमा- uuummmhh......tab तो और ज्यादा मज़ा aayga.....aisi hi फटेगी teri....har रोज़....

सारा- aaahh.....aammiiii....main.....aaahh...fir se.....aaaahhhh....aaahh..aah....

और सारा की छूट ने एक बार फिर से पानी छोड़ diya....aur वो बिस्तर पर पास्ट पद gai....jaise की उसके बदन में जान hi न बाकि हो.....

और जैसे hi सारा पास्ट padi....waise hi आसमा ने गोलू की तरफ अपनी गांड ghumaai...aur अपनीले हाथ से अपनी गांड सहला कर गोलू को दिखने लगी....

और गोलू ने भी मुस्कुराते हुए अपना लुंड सारा की गांड से निकाल कर आसमा की गांड में दाल दिया.....

गांड में लुंड जाते hi ासना भी cheekhi....par उसकी चीख में मस्ती thi....jaise की वो गांड मरने को बेताब hi थी.....

और फिर गोलू ने धक्के सुरु huye....to आसमा की मादक सिसकियाँ कमरे में शोर मचने लगी.....

और आसमा के बदन पर पड़ने वाली थापे सुन कर सारा भी फिर से मस्त हो gai....aur सारा के बीचे लेट कर गांड में aate-jate तगड़े लुंड पर अपनी जवान रगड़ने लगी.....

सारा की हरकत से आसमा और गोलू की मस्ती भी बाद gai....aur गोलू बेपरवाह हो जार दनादन आसमा की गांड फाड़ने में लग गया......

अब कमरे में मौजूद हर साक्ष चुदाई की मस्ती में इतना डूब चूका tha...ki उन्हें इस बात की खबर hi नहीं थी की कमरे के बाहर भी एक बड़ा खेल हो रहा है.....

असल में जब कमरे के भीतर सारा और आसमा अपनी चुदाई करने में मस्त thi...to कमरे के बाहर उन दोनों की अम्मियाँ भी apni-apni छूट की गर्मी से परेशान दिख रही थी.....

सारा की अम्मी सलमा और आसमा की अम्मी सलीमा की छूट को परेशान करने वाला एक hi लुंड tha.....par दोनों hi इस बात से बेखबर थी.....

इसलिए न चाहते हुए भी दोनों आपस में बैठी बातें करने में लगी thi.....taki अपने दिल को बहला sake...aur कुछ वक़्त के लिए hi sahi....apni गरम होती छूट की परेशानी से निजात प् सके.....

सलमा- और बताइये bhabhijaan.....jindagi में कुछ नया क्या है......

सलीमा- नया क्या होना hai.......wo भी इस उम्र me.....bas घर hai....ghar की जिम्मेदारी.......

सलमा- इस उम्र में matlab.....aisa क्यों कहती hai.....abhi उम्र hi क्या हुई aapki.....maaf karna,....par अभी भी आप कैयो पर भारी hai....hehehe.....

सलीमा- उदा le....tu भी मेरा मज़ाक उदा le......badi मोती लगती हु न मैं तुझे.....

सलमा- touwa......ye क्या कहा bhabhijaan.....moti होगी आपकी dushman....aap तो माशाअल्लाह गजब का बदन पाई है.....

सलीमा- कुछ bhi...haa....

सलमा- अरे nhi.....sachhi कहु na....to आपके जैसे बदन वाली ायरत पर तो कोई भी फ़िदा हो जाए.....

सलीमा- चुप kar....kuch भी बोलती hai.....are....wo झाकने gaye.....ab तो कोई देख भी ले तो बहुत है.....

सलमा- नहीं bhabhijaan.....main झूठ नहीं kahti.....sach बोल रही hu....ek असली मर्द तो ऐसे hi ायरत की फ़िराक में रहता hai......taki वो ragad-ragad कर मज़ा ले सके......

सलीमा- hmm....teri बातें आज भी नहीं badli....ulta ज्यादा hi बेसरम हो गई hai....kahi सहर में koi....hmm...

सलमा- अरे नहीं bhabhijaan.....khan साब के होते हुए कौन bhala.,...aur मुझ में आपकी तरह बात कहा.....

Salima(man में)- पक्का किसी का ले रखा है isne.....dikhti भी तो मस्त hai.....jab मुझे जवान लौड़ा पसंद कर gaya....to इसको to....ye तो मेरे से भी ज्यादा पटाखा दिखती है.....

सलमा- कहा खो गई bhabhijaan.....aapko मुझ पर यकीन नहीं क्या....

सलीमा- अरे nhi.....main तो यु सोच रही thi...ki जब तू मेरी इतनी तारीफ कर रही hai....to फिर खुद की भी कर na....tu तो मुझसे ज्यादा कमाल दिखती hai....dekh jara....kaise हर अंग खिला हुआ है....

Salma(sharma कर)- क्या आप bhi....khair....ye बातें यु खुले में करना खरते वाला hai....sara और आसमा घर में hi है.....

सलीमा- अरे haa....tu भी na....tu hi सुरु करती hai.....besaram कही की....

सलमा- accha....to chalo....ek बेसर्मी और sahi....batao na.....bade कहसाब के अलावा किसी ने इस मखमली बदन को सहलाया की नहीं.....

सलीमा- इतनी जर्रूरत किसकी है yaha.....khan साब काट के फेक देंगे.....

सलमा- वो तो hai....par आपका दिल नहीं hota.....ya बड़े कहसाब अभी भी दवा kar....hmm...

सलीमा- अरे chhodo.....wo तो देखते hi nhi....aur मुझे किसी की जरूरत nhi....par तुझे सायद बराबर खुराक मिल रही hai....haa....

सलमा- kaash....par मेरी फूटी taqdeer.....koi मिलता hi नहीं.....

सलीमा- haaye...besaram....chup कर ab....chal कुछ नाता बना लेते hai.....wo लोग आते hi होंगे.....

सलमा- ji...baate तो होती rahegi....waise आप परेशान क्यों होती hai....main रुबीना के साथ मिल कर नास्ता बना loogi....aap आराम करे....

ये बोल कर सलमा उठी और रुबीना को बुला कर किचेन में चली gai.....jabki सलीमा होने hi आप में इस बात से खुश होने lagi...ki उसकी जवानी सलमा को भी दिख रही hai.....aur उसकी जवानी की प्यास को बुझाने वाला मर्द भी उसे मिल चूका है.....

Khair.....yaha किचेन में नास्ते की तौयारी चल रही thi....aur वह एक कमरे में सारा और आसमा मिल कर गोलू के लुंड का पानी जातक कर अपनी प्यास बुझा चुकी थी.....

और फिर थोड़ा आराम करने के बाद गोलू उस कमरे से निकल कर बाहर चला aaya......wahi सारा और आसमा भी कपडे पहन कर अपनी अम्मी लोगो के पास आ गई....

फिर कुछ देर बाद जाकर और जलाल भी घर पहुंच gaye....aur सब मिल कर नास्ता करने लगे.......

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ठाकुर की हवेली में.........


यहाँ कल्लू जबसे तारा से मिल जार बापूस आया tha...tabhi से कुछ परेशान सा दिख रहा tha.....saayad उसने दिमाग में कुछ चल रहा tha....jaise कोई sawaal....juska जवाब उसे मिल नहीं रहा था.....

कल्लू बस अपने आप में खोता हुआ कुछ सोचने में लगा tha....wo भी इस kadar....ki उसे ये भी भनक नहीं lagi....ki उसके कमरे में कोई और भी आ चूका था....

और जो कल्लू के कमरे में आया हुआ tha.....wo थी tarika.....jo अपने दिल में एक अलग hi प्लान ले कर कल्लू से मिलने आई थी....

तरीका- ऐसा भी क्या सोच रहे जो मुझे नजर उठा कर भी नहीं देखा....

कल्लू- uhh....tum....tum कब आई....

तरीका- कब की आई hu....aapne देखा hi nhi.....kya hua.....maa ने कुछ कहा क्या.....

कल्लू- nhi....wo मुझसे क्या bolegi...aur क्यों bolegi.....par haa....tum पर तो बड़ा गुस्सा किया होगा न.....

तरीका- bilkul....par मैंने बात संभल li.....wo किसी को कुछ नहीं बोलेगी.....

कल्लू- चलो अच्छा hai....waise तुम क्यों aai.....kuch काम था क्या.....

तरीका- काम तो वही hai....bataya था न.....

कल्लू- kya....is हवेली की मालकिन banna....haa....

तरीका- hmm....aur मैंने जो झूठ बोलै tha.....uske लिए सॉरी.....

कल्लू- वैसे तेरी गलती माफ़ी लायक तो nhi....par फिर भी तेरा काम हो सकता hai.....bas तुझे मेरा एक काम करना होगा.....

तरीका- आपको तो सब दे hi चुकी hu....mere पति भी कुछ भी करने को रेडी hai.....aur क्या चाहिए.....

कल्लू- हर काम का मतलब सिर्फ हवस नहीं hoti....mujhe कुछ और काम hai...jo सिर्फ तुम hi अच्छे से कर सकती हो....

तरीका- सिर्फ main.....aisa क्या काम है....

कल्लू- dekho...main साफ़ boluga....mujhe तेरी माँ तारा की पूरी कुंडली chahiye....matlab ki....wo कहा जाती hai...kis से मिलती hai....kya बातें करती hai....ye सब....

तरीका- मेरी maa.....unse आपका क्या मतलब.....

कल्लू- सवाल nhi....sirf suno....main चाहता हु की तुम मुझे उसकी पूरी खबर do.....har एक मिनट की.....

तरीका- लेकिन आपको ये सब क्यों जानना hai....meri माँ कहा से आ गई इस सबके बीच.....

कल्लू- बोलै na....sawaal nhi....aur मैं उसका बुरा नहीं सोच raha.....baki मैं सही टाइम पर batauga....abhi सिर्फ मेरी सुन....

तरीका- चलो मान लेती hu....par मैं ये सब करूगी kaise.....main यहाँ और वो....

Kallu(beech में)- साथ में raho.....jaan जाओगी.....

तरीका- ये कैसे hoga.....matlab कुछ दिन की बात होती तो theek.....aur मैं तो मायके भी 3-4 दिन के लिए hi जाती thi....to अब अचानक से उनके साथ rahna....ye नहीं हो sakta......wo नहीं मानेगी....

कल्लू- एक बात bata....wo तुझे प्यार करती है की नहीं......

तरीका- haa....sabse ज्यादा....

कल्लू- तब तो मान jaygi....bas तुझे थोड़ा सा कास्ट hoga....fir तू सीढ़ी अपनी माँ के साथ होगी.....

तरीका- आप करना क्या चाहते है....

Kallu(muskura कर)- तू अपने कपडे utaar.......baki मुझ पर छोड़ दे......

और फिर कल्लू के कहने पर तरीका नंगी हुई और कल्लू ने तरीका की काफी जोरदार तरीके से चुदाई करनी सुरु कर दी.....

Kallu(man में)- तारा madam......tumhara काम तो सेट हुआ samjho.....ab बस ठकुराइन का इंतज़ाम करना hai....fir तुम दोनों रंडियों को तुम्हारी ायकाट dikhauga.....kallu को गुलाम बनाने चली थी na....ab dekhna....wo हाल करुगा की हर टाइम मौत की दुआ मांगोगी दोनों की dono....huh......

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जाकर के घर में..........


रात का वात हो चूका tha.....to घर के सभी लोग apni-apni जगह सोने जा चुके थे........

लेकिन जलाल की बीवी सलमा की आँखों में नीड नहीं thi....use तो हर लम्हा बस आदि की याद सत्ता रही थी.....

और जबसे उसे एक अनजान साक्ष ने छोड़ा tha......jo सबके हिसाब से उसका वहां tha.....tabse आदि का लुंड याद kar-kar के सलमा की छूट की बुरी हालत हो रही थी....

सलमा को अब तक यकीन नहीं हो रहा था की उसकी चुदाई होना सिर्फ एक वहां tha.....matlab की उसकी चुदाई हुई hi nhi...wo किसी साक्ष से मिली hi नहीं.....

सलमा से भले hi उसकी बेटी ने इसे वहां कहा tha....par सलमा को पक्का अहसास tha....ki उसने जो महसूस किया वो हक़ीक़त thi....aur जो लुंड उसकी छूट फाड़ कर चुदाई कर रहा tha....wo आदि के लुंड के जैसा hi था......

सलमा इन्ही सब ख्यालों में खोई हुई घर के हॉल में टहल रही thi....ki तभी अचानक से उसे पीछे से अपनी बाहों में जकड लिया....

और इससे पहले की सलमा मुँह से कुछ बोल paati....us साक्ष ने अपने हाथ से सलमा का मुँह दबोच लिया......

साक्ष- ssshh.....ek सब्द मत nikalna....warna पछताएगी......

सलमा- uumm...uuummm.....

साक्ष- बोलै न chup.....warna अभी तेरे सौहार को तेरा और आदि का रिश्ता समझा duga.....samjhi...

आदि का नाम आते hi सलमा की आँखे छोड़ी हो gai....aur एकदम से सकते में आ गई.....

साक्ष- ज्यादा मत soch....main सब जनता hu....kaise तू आदि की रांड बन कर मज़े लेती thi....aur फिर कैसे तेरे hi सामने तेरी बेटी ने उसे गोली maari.....main सब जनता हु....

सलमा- uummm...uuummmm......

साक्ष- chup.....ye dekh....ye राग सबूत.....

और फिर उस साक्ष ने सलना के सामने 2 फोटो nikali......jisme पहली में तो सलमा आदि से चुद रही thi....aur दूसरी में सलमा अपनी बेटी सारा के साथ आदि की लाश के पास कड़ी thi....aur सारा के हाथ में गन थी.....

साक्ष- अब bata...chillaygi या मेरी maanegi.....bol...manegi मेरी baat....to हां में सर हिला....

उसके बाद सलमा ने तुरंत हां में सर हिला diya.....aur उस साक्ष ने अपना हाथ सलमा के मुँह से हटा दिया.....

सलमा- तुम हो koun....ye सब कैसे जानते हो.....

साक्ष- वो सब chhod.....apni और अपनी बेटी की भलाई चाहती है तो मेरी बात maan....warna फिर तेरा पूरा खानदान bugtega......tera रंडपना और तेरी बेटी का कातिल hona.....puri दुनिया जान जायगी....

सलमा- क्या चाहते हो.....

साक्ष- अब आई न सही मुद्दे par....saali....kya मस्त माल है tu....lagta है बड़ा पेला है आदि ने.....

सलमा- जल्दी bolo....chahte क्या हो...

साक्ष- तेरे जैसी माल से और क्या चाहुगा.....

और ये बोलते hi उस साक्ष ने सलमा की गांड पर जोईरदार थप्पड़ जड़ दिया....

सलमा- ाःह.....

साक्ष- chal....aadi का तो बहुत khaya....aaj गेन के मर्द का भी चख ले....

सलमा- kya...nhi...main ये नहीं करुँगी....

साक्ष- तो मैं चला तेरे सौहार के paas....aur haa....agar मुझे यहाँ कुछ भी hua...to मेरा साथी सारे सबूत पुलिस को दे dega.....fir तू समझना sabko....ki तू कैसी और तेरी बेटी kaisi...theek है na....chalu मैं....

सलमा- नहीं....

साक्ष- तो प्यार से बोल na....ki तेरी छूट मार lu....bol....

सलमा- कर लो....

साक्ष- ऐसे nhi.....mere सामने बैठ कर gidgida......aur नंगी हो kar.....fir bol....ki तुझे जोर से pelu....tab बात बनेगी....

सलमा- ये क्या बकवास है.....

साक्ष- अब तू बकवास hi देख लेना fir....chalta हु....

सलमा- nhi....ruko....ruk jao....main....main करती हु....

और फिर सलमा ने मजबूर हो कर अपनी मैक्सी निकली और पूरी नंगी हो कर उस साक्ष के सामने बैठ गई......

साक्ष- अब बोल भी दे.....

सलमा- ठीक hai.....maar लो मेरी.....

साक्ष- पूरा बोल.....

सलमा- मार लो meri,....joor se....maar lo.....ab ठीक है.....

साक्ष- बड़ा मज़ा आता है किसी ायरत को अपने बस में कर ke.....chal aaja....tu भी क्या याद rakhegi...ki किसी तगड़े मर्द से छुड़वाया tha.....uff ये मोती गांड.....

और उस साक्ष ने सलमा को उठा कर उसकी गांड पर एक और जोरदार थप्पड़ जड़ diya.....jisse सलमा सिसक उठी.....

सलमा- aahhh....dheere......koi सुन लेगा....

साक्ष- सुन hi lega....tera मुँह जो खुला hai....ise बंद करना hoga.....chal मुँह khol.......choos इसे....

और फिर उस साक्ष ने सलना को नीचे बैठाया और अपना लुंड निकाल कर सलमा के मुँह में दाल दिया.....

सलमा के मुँह में जैसे hi लुंड गया तो उसे आदि की याद आ gai....aur वो लुंड को पूरी सिद्दत से चूसने लगी.....

साक्ष- wah....mast चूसती है saali.....lagta है बहुत चूसा है.....

सलमा- uuummm....uuummmm...uuummmm....uuummmm....

साक्ष- aah.....kya मुँह है tera....itna garam......chod hi लेता हु.....

और फिर उस साक्ष ने तेजी से सलमा का मुँह छोड़ना सुरु कर diya....aur देखते hi देखते लुंड पूरा उफान पर आ gaya...aur वही सलमा की छूट भी अब लुंड खाने की मिन्नतें करने लगी थी.....

तो फिर उस साक्ष ने सलमा को उठाया और khade-khade hi सलमा की चुदाई सुरु कर di....jisme सलमा भी पूरा साथ दे रही thi....aur मस्ती में सिसक रही थी......

सलमा अपनी छूट में लुंड लेते hi चुदाई में इस कदर खो गई thi...ki सायद उसे याद भी नहीं था की वो कहा hai...aur इस घर में koun-koun है....

सलमा तो अभी मस्त हो कर खुले में कड़ी हुई छूट मरवा रही thi.......aur इतनी बेखबर thi....ki उसे अहसास भी नहीं हुआ की कोई tha....jo उसकी दमदार चुदाई अपनी आँखों से देख रहा था.....

Khair.....joordaar धक्को की वजह से सलमा की छूट जल्द hi पानी हो gai...aur उसने एक जोरदार सिसकी के साथ अपनी छूट से पानी बहा दिया.....

और सलमा की यही सिसकी उसके मज़े के लिए खलल पैदा कर gai...kyoki उसकी सिसकी सुन कर जलाल को होश आया और वो अपने कमरे से निकलने लगा......

और जैसे hi सलमा को किसी के आने की आहात hui...to वो घबरा gai...aur उसे छोड़ने वाले साक्ष ने भी माहौल को समझ कर सलमा को छोड़ दिया.....

साक्ष- मैं फिर आउगा....

इतना सुनते hi सलमा ने अपने कपडे उठाये और तेजी से बाथरूम में घुस gai....wahi वो साक्ष भी एक कमरे में घुस गया......

और जैसे hi वो कमरे में aaya....waise hi किसी ने कमरे का गेट बंद कर diya.....aur पलट कर उस साक्ष को देखने लगी.....

गोलू- ऐसे क्या देख रही hai.....mask तो तूने hi पहनाया था......

Sara(muskura कर)- hmm....par साड़ी तयारी बेकार gai....ammi तो ठीक से चुद hi नहीं पाई.....

गोलू- कोई na......jaygi kaha....ab तो रोज़ hi उसे ऐसे छोड़ना होगा.......

सारा- जानती hu....par मेरी समझ नहीं aata....ki आप अम्मी को सच क्यों नहीं batate......wo कौन सा आपके खिलाफ जाने वाली है.....

गोलू- थोड़ा मज़ा तो ले yaar.....baki रहा तेरा sawaal......to कुछ भी ऐसे hi नहीं करता main.....kuch तो होगा hi....jo सही टाइम पर बता दुगा.....

सारा- जैसा आप kahe.....par अब्बू ने जाग कर पूरा मज़ा खराब कर दिया......

गोलू- वो तो hai....pura जोश में है.........

Sara(lund सहला कर)- उसके लिए मैं हु न......

ये बोल कर सारा ने गोलू का लुंड बाहर निकला और मुँह में भर कर चूसने लगी.....

सारा- uummmmhh.....ammi की छूट का swaad.....badi लजीज है मेरी अम्मी की छूट.....

गोलू- तू भी काम नहीं.....

सारा- जानती hu.....waise आसमा का क्या सोचा........

गोलू- वो सब मुझ पर छोड़ de.....tu लगी रह.....

सारा- hmm....aaauuuuummmmm....uuummm...uuummmm......

Golu(man में)- बस कुछ दिन aur......fir इस घर की सकल बदल jaygi......fir कोई कितना भी जाग le.....chudaai नहीं rukegi.....bas अब पुष्प को संभालना hai.....fir होगा इस कहानी का अंत.....

आखिर गोलू और सारा मिल कर सलमा को क्यों तड़पा रहे HAI....KYA प्लान है गोलू का.....???

क्या गोलू , आसमा की शर्ते पूरी KAREGA....YA आसमा को HI झटका मिलेगा....???

तरीका किसका साथ DEGI.....TARA KA....YA कल्लू का.....???

कल्लू कैसे तारा को लाइन पर ला पायेगा....???

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी......

GIF विल एडेड सून.......


थैंक्स फ्रेंड्स...

कीप रीडिंग....
 
मुझे जब आग लगेगी तब मैं यहाँ नहीं miluga....ye बात पक्की है...

रहे मेरे reader....to जो जानते hai...wo आयगे hi...aur जो नहीं jante....unke लिए सफ पड़ा hai....lage रहे....

रही बात रेगुलर अपडेट ki...to वो नहीं हो payga.....real लाइफ pahle....fir टाइम मिला तो स्टोरी....

और haa...agar स्टोरी लिखना इतना इजी hai...to कोई एक लिख कर dekho....fir बताना.....

जिसने कभी लड़की की बॉडी को नंगा न देखा ho....wo छोड़ने वाले को छूट का अहसास बताने लगे तो क्या hoga....hahaha.....

जस्ट ा example...dont टेक आईटी पर्सनल....

बूत स्टोरी लिखना इजी कभी नहीं hota....kyoki सिर्फ चुदाई लिखना हो तो सायद इजी ho...but स्टोरी ले कर चलना वो भी चुदाई करते huye....badi बात है....

एक बार तरय karo....samjh आ जायगा....

बाकि स्टोरी तो ख़त्म कर के hi rahuga...time कितना भी lage....aur comment....wo तो रीडर्स की marji.....unhi ने वृत्तेर banaya...to वो hi समझ ले....

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
अब ऐसी सेक्सफुल स्टोरी पर जिसमे सेक्स सन ज्यादा ho....waha कमेंट क्या होंगे....

और सायद यहाँ रीडर्स स्टोरी से ज्यादा सेक्स सन देख rahe....to क्या करे....

जो स्टोरी देखते hai...wo कमेंट भी अलग करते है.....

और haa....meri कुछ स्टोरी hai...jaha स्टोरी hi देखि जाती hai....u क्नोव डट...

तो यहाँ का जो hai....chalne दो....

बाकि अपडेट तो करुगा hi और स्टोरी बुइ फिनिश hogi...ab सायद जल्दी hi निपटा दुगा.....

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
जब रीडर्स को अपडेट का पूछने का हक़ है तो मुझे भी हक़ है उनकी सोच जानने ka....ki क्या वो बोर हो रहे.....

रीडर्स की सोच जान कर उसी हिसासब से आगे बढ़ना hi सही है.....

रही बात टाइम ki....to सालो तक चलने वाली स्टोरी भी रीडर्स को याद रहती hai.....main तो बहुत काम लेट हु....

और इंडेक्स इसलिए rakhta....taki रीडर्स स्टोरी को एकसाथ पढ़ sake....characters जान सके.....

मैंने खयद सालो चलने वाली स्टोरी रीड की hai...to ये कोई िस्सू nhi.....story के लिए टाइम देना hi पड़ता hai...readers को भी...

Well....update अभी ज्यादा स्पीड से नहीं आ sakte.....to क्या kahe....readers hi बताये की स्टोरी कंटिन्यू करे या बंद....

फिर मैं अपने मन की करुगा hi.....ok

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
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