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रात को डिनर के टाइम जब मैं निचे आ रहा था तब
माँ – बीटा किया हुआ तुजे कहा खोया हुआ है डिनर लग चूका है अजा
अब ाजी
चलो देखते है अब किया हुआ अदि के साथ
मैं डिनर करने के लिए सीढ़ियों से निचे आ रहा था की अचानक निचे आते हुए मेरा धेयान घर के दरवाजे की तरफ गया और मैं फिर हैंग हो गया, 2 दिन में अब तीसरी बार में हैंग हुहा था, उसकी वजा थी नीलम, जैसे hi मैंने दरवाजे की तरफ देखा वह से नीलम अंदर आ रही थी और उसके साथ इक आदमी औरत और इक लड़की थी, पता नहीं मुझे हर बार उसे देखते किया हो जाता है, मैं नीलम में खोया हुआ था तभी माँ मुझे आवाज देती हैं
माँ - बीटा किया हुआ तुजे कहा खोया हुआ है डिनर लग चूका है अजा
माँ की आवाज से मैं होअह में अत हूँ और जैसे hi मैं हॉल में अत हूँ डैड उस आदमी के गले लगते है फिर सभी घरवालों से बोलते है
डैड – इनसे मिले ये है मेरे दोस्तों अमर उनकी वाइफ मनीषा और उनकी बेतिया कीर्ति और नीलम, िनी hi इन्विते किया था मैंने डिनर के लिए
डिनर करने के बाद सभी बड़े हॉल में बेथ कर बाते करने लगते हैं और नीलम और कीर्ति मेरी बहनो के साथ उनके कमरे में चली जाती है, जाना तो मैं बी चाहता था उनके साथ पर फिर यही सोच कर नहीं जाता की दीदियो के सामने कुछ उलटी सीधी हरकत न करदु, हॉल में जब सभी बाते कर रहे थे तो माँ वह से उठ कर किचन में जाती है तो मैं बी उनके पीछे चला जाता हूँ, मुझे किचन के अंदर देख कर माँ बोलती है
माँ – बीटा कुछ चाइये था
में – नहीं माँ मैं तो ये पूछने आया था की ये सब कोण है
माँ – बीटा वो आपको पापा के दोस्त की फॅमिली है
में – वो तो डैड ने बता दिया था माँ पर पहले तो अन्य मैंने कबि नहीं देखा
माँ – बीटा पहले वो इसी सेहर में रहते थे पर फिर काम की वजा से उनका ट्रांसफर हो गया था, अब वो फिर यही आ गए है, वैसे नीलम तुम्हारी क्लास में hi है न
में – ग माँ
माँ – बोहत प्यारी बची है
फिर मैं वह से अपने कमरे में चला जाता हूँ, नीलम के ख्याल में कब नींद आ जाती है मुझे पता hi नहीं चलता.
फिर ेसे hi 6 महीने गुजर जाते है, इन 6 महीनो में एसा इक दिन बी नहीं गुजरा जब मैंने नीलम के बारे में न सोचा हो, संडे और चुटी वाले दिन तो मेरा घर में बिलकुल जी नहीं लगता था, मेरा तो बीएस यही मैं करता था की वो मेरे सामने बैठी रहे और मैं ुसेट देखता रहो, हलकी इन 6 महीनो में मैंने उसे प्रोपोज़ करना तो दूर ठीक से बात बी नहीं की, मैंने उस से बात करने की कोसिस तो बोहत की पर जब बी वो मेरे सामने अति थी मेरे मुँह से कोई सब्द hi नहीं निकल ता था, उसे बी पता है की मैं उसे लिखे करता हूँ, क्योकि क्लास में एसा बोहत बार होता था की जब मैं उसकी तरफ देख रहा होता था तो वो बी बिच बिच में मेरी तरफ देख रही होती थी, मुझे पता था की अगर मैंने उसे प्रोपोज़ किया तो वो न नहीं करे गई पर मैं हिम्मत hi नहीं जूता पता था उसे बात करने की, मैंने इक बात का बोहत धेयान रखा हुआ था की किसी और को न पता चले की मैं नीलम को लिखे करता हूँ.
ेसे hi इक दिन जब मैं और अभी कैंटीन में बैठे हुए थे तब अभी बोलता है
अभी – भाई तेरा उसका ये नैन मटका कब तक ेसे hi चले गए, तुन उसे प्रोपोज़ क्यों नहीं करता, तुजे बी पता है वो तुजे लिखे करती है
में – भाई करना तो मैं बी चाहता हूँ पर मेरी हिम्मत hi नहीं होती है और जब वो मेरे सामने अति है मैं कुछ बोल hi नहीं पता हूँ
अभी – एसा न हो जबतक तुन हिम्मत जुटे तबतक उसे कोई और प्रोपोज़ करदे
में – कोई उसके पास आ कर तो दिखाए उसकी जान न लेनु गए मैं
अभी – आज तक कबि माखी बी मरी है जान लेने की बात करता है
फिर हम दोनों क्लास में आ जाते है, अभी के सम्मे मैंने शो नहीं किया पर मेरे दिमाग में इक बात बेथ गयी थी की अगर नीलम को किसी और ने प्रोपोज़ करदिया और अगर नीलम ने उसे एक्सेप्ट कर लिए तो मेरा किया होगा, ये बात दिमाग में आते hi मैं कूद से बोलै
में – नहीं एसा नहीं हो सकता, मैं जल्द hi उसे प्रोपोज़ करू गए
फिर ेसे hi 2 महीने निकल जाते है.
आज मैंने पका कर लिया था की मैं नेलन को प्रोपोज़ करू गए, हाफ टाइम जब मैं नीलम के पास जाने वाला था तभी अभी मेरे पास अत है और मुझे अपने साथ ग्राउंड में ले जाता है, अभी थोड़ो परेशान लग रहा था इसीलिए मैं उसके साथ चला जाता हूँ, ग्राउंड में पोंछने के बाद
में – किया हुआ भाई तुन परेशान लग रहा है सब ठीक तो है
अभी – भाई तुन नीलम को प्रोपोज़ मत करियो, मैं तो कहता हूँ तुन उस से दूर hi रहियो
में – किया हुआ भाई तुजे पता है न आज मैं उसे प्रोपोज़ करने वाला हूँ
अभी – भाई एसा मत कर तेरे लिए ाचा होगा
में – क्यों भाई एसा किया हो गया
अभी – भाई मुझे अपने दोस्तों से पता चला है की उसकी फ्रेंडशिप किसी और के साथ है
अभी की बात सुन क्र मुझे जतका लगता है
में – तुन ये किया कह रहा है भाई, और मैंने तो आज तक उसे किसी लड़के से बात करते हुए नहीं देखा
अभी – भाई देखा तो मैंने बी नहीं पर जो मुझे पता चला मैंने तुजे बता दिया
में – एसा नहीं हो सकता भाई, तुजे पता है न की मैं उस से कितना प्यार करता हूँ
अभी – बही इसी लिए तो तुजे पहले hi बता रहा हूँ
में – बही मुझे पहली बार तेरी बात पर यकीं नहीं आ रहा
अभी – ठीक है भाई अभी तुन उसे प्रोपोज़ मत कर मैं खुद पता लगता हूँ
फिर ेसे hi 1 महीना गुजर जाता है, इस 1 महीने में मैं इक दिन बी चैन से नहीं रह पाया, मेरा दिल कह रहा था की अभी ने जो कहा वो झूठ है पर दिमाग कह रहा था अभी तेरे भाई जैसे है वो तुजे झूठ क्यों बोले गए
ेसे hi इक दिन स्कूल टाइम अभी मेरे पास अत है
Me(tension में) – किया पता चला भाई
अभी – भाई मैंने सब पता लगा लिया है और मुझे ये पता चला है
तो बे कंटिन्यू...
रात को डिनर के टाइम जब मैं निचे आ रहा था तब
माँ – बीटा किया हुआ तुजे कहा खोया हुआ है डिनर लग चूका है अजा
अब ाजी
चलो देखते है अब किया हुआ अदि के साथ
मैं डिनर करने के लिए सीढ़ियों से निचे आ रहा था की अचानक निचे आते हुए मेरा धेयान घर के दरवाजे की तरफ गया और मैं फिर हैंग हो गया, 2 दिन में अब तीसरी बार में हैंग हुहा था, उसकी वजा थी नीलम, जैसे hi मैंने दरवाजे की तरफ देखा वह से नीलम अंदर आ रही थी और उसके साथ इक आदमी औरत और इक लड़की थी, पता नहीं मुझे हर बार उसे देखते किया हो जाता है, मैं नीलम में खोया हुआ था तभी माँ मुझे आवाज देती हैं
माँ - बीटा किया हुआ तुजे कहा खोया हुआ है डिनर लग चूका है अजा
माँ की आवाज से मैं होअह में अत हूँ और जैसे hi मैं हॉल में अत हूँ डैड उस आदमी के गले लगते है फिर सभी घरवालों से बोलते है
डैड – इनसे मिले ये है मेरे दोस्तों अमर उनकी वाइफ मनीषा और उनकी बेतिया कीर्ति और नीलम, िनी hi इन्विते किया था मैंने डिनर के लिए
डिनर करने के बाद सभी बड़े हॉल में बेथ कर बाते करने लगते हैं और नीलम और कीर्ति मेरी बहनो के साथ उनके कमरे में चली जाती है, जाना तो मैं बी चाहता था उनके साथ पर फिर यही सोच कर नहीं जाता की दीदियो के सामने कुछ उलटी सीधी हरकत न करदु, हॉल में जब सभी बाते कर रहे थे तो माँ वह से उठ कर किचन में जाती है तो मैं बी उनके पीछे चला जाता हूँ, मुझे किचन के अंदर देख कर माँ बोलती है
माँ – बीटा कुछ चाइये था
में – नहीं माँ मैं तो ये पूछने आया था की ये सब कोण है
माँ – बीटा वो आपको पापा के दोस्त की फॅमिली है
में – वो तो डैड ने बता दिया था माँ पर पहले तो अन्य मैंने कबि नहीं देखा
माँ – बीटा पहले वो इसी सेहर में रहते थे पर फिर काम की वजा से उनका ट्रांसफर हो गया था, अब वो फिर यही आ गए है, वैसे नीलम तुम्हारी क्लास में hi है न
में – ग माँ
माँ – बोहत प्यारी बची है
फिर मैं वह से अपने कमरे में चला जाता हूँ, नीलम के ख्याल में कब नींद आ जाती है मुझे पता hi नहीं चलता.
फिर ेसे hi 6 महीने गुजर जाते है, इन 6 महीनो में एसा इक दिन बी नहीं गुजरा जब मैंने नीलम के बारे में न सोचा हो, संडे और चुटी वाले दिन तो मेरा घर में बिलकुल जी नहीं लगता था, मेरा तो बीएस यही मैं करता था की वो मेरे सामने बैठी रहे और मैं ुसेट देखता रहो, हलकी इन 6 महीनो में मैंने उसे प्रोपोज़ करना तो दूर ठीक से बात बी नहीं की, मैंने उस से बात करने की कोसिस तो बोहत की पर जब बी वो मेरे सामने अति थी मेरे मुँह से कोई सब्द hi नहीं निकल ता था, उसे बी पता है की मैं उसे लिखे करता हूँ, क्योकि क्लास में एसा बोहत बार होता था की जब मैं उसकी तरफ देख रहा होता था तो वो बी बिच बिच में मेरी तरफ देख रही होती थी, मुझे पता था की अगर मैंने उसे प्रोपोज़ किया तो वो न नहीं करे गई पर मैं हिम्मत hi नहीं जूता पता था उसे बात करने की, मैंने इक बात का बोहत धेयान रखा हुआ था की किसी और को न पता चले की मैं नीलम को लिखे करता हूँ.
ेसे hi इक दिन जब मैं और अभी कैंटीन में बैठे हुए थे तब अभी बोलता है
अभी – भाई तेरा उसका ये नैन मटका कब तक ेसे hi चले गए, तुन उसे प्रोपोज़ क्यों नहीं करता, तुजे बी पता है वो तुजे लिखे करती है
में – भाई करना तो मैं बी चाहता हूँ पर मेरी हिम्मत hi नहीं होती है और जब वो मेरे सामने अति है मैं कुछ बोल hi नहीं पता हूँ
अभी – एसा न हो जबतक तुन हिम्मत जुटे तबतक उसे कोई और प्रोपोज़ करदे
में – कोई उसके पास आ कर तो दिखाए उसकी जान न लेनु गए मैं
अभी – आज तक कबि माखी बी मरी है जान लेने की बात करता है
फिर हम दोनों क्लास में आ जाते है, अभी के सम्मे मैंने शो नहीं किया पर मेरे दिमाग में इक बात बेथ गयी थी की अगर नीलम को किसी और ने प्रोपोज़ करदिया और अगर नीलम ने उसे एक्सेप्ट कर लिए तो मेरा किया होगा, ये बात दिमाग में आते hi मैं कूद से बोलै
में – नहीं एसा नहीं हो सकता, मैं जल्द hi उसे प्रोपोज़ करू गए
फिर ेसे hi 2 महीने निकल जाते है.
आज मैंने पका कर लिया था की मैं नेलन को प्रोपोज़ करू गए, हाफ टाइम जब मैं नीलम के पास जाने वाला था तभी अभी मेरे पास अत है और मुझे अपने साथ ग्राउंड में ले जाता है, अभी थोड़ो परेशान लग रहा था इसीलिए मैं उसके साथ चला जाता हूँ, ग्राउंड में पोंछने के बाद
में – किया हुआ भाई तुन परेशान लग रहा है सब ठीक तो है
अभी – भाई तुन नीलम को प्रोपोज़ मत करियो, मैं तो कहता हूँ तुन उस से दूर hi रहियो
में – किया हुआ भाई तुजे पता है न आज मैं उसे प्रोपोज़ करने वाला हूँ
अभी – भाई एसा मत कर तेरे लिए ाचा होगा
में – क्यों भाई एसा किया हो गया
अभी – भाई मुझे अपने दोस्तों से पता चला है की उसकी फ्रेंडशिप किसी और के साथ है
अभी की बात सुन क्र मुझे जतका लगता है
में – तुन ये किया कह रहा है भाई, और मैंने तो आज तक उसे किसी लड़के से बात करते हुए नहीं देखा
अभी – भाई देखा तो मैंने बी नहीं पर जो मुझे पता चला मैंने तुजे बता दिया
में – एसा नहीं हो सकता भाई, तुजे पता है न की मैं उस से कितना प्यार करता हूँ
अभी – बही इसी लिए तो तुजे पहले hi बता रहा हूँ
में – बही मुझे पहली बार तेरी बात पर यकीं नहीं आ रहा
अभी – ठीक है भाई अभी तुन उसे प्रोपोज़ मत कर मैं खुद पता लगता हूँ
फिर ेसे hi 1 महीना गुजर जाता है, इस 1 महीने में मैं इक दिन बी चैन से नहीं रह पाया, मेरा दिल कह रहा था की अभी ने जो कहा वो झूठ है पर दिमाग कह रहा था अभी तेरे भाई जैसे है वो तुजे झूठ क्यों बोले गए
ेसे hi इक दिन स्कूल टाइम अभी मेरे पास अत है
Me(tension में) – किया पता चला भाई
अभी – भाई मैंने सब पता लगा लिया है और मुझे ये पता चला है
तो बे कंटिन्यू...