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रीयूनियन पार्टी
डॉ. खुराना के बहुत मानाने के बाद देशमुख प्रभाकर मुझसे इलाज करवाने के लिए मन गए लेकिन उनके चेहरे पर अभी भी हीच किचहात दिख रहा था इस लिए मैंने अपने दिव्या दृस्टि से उनके पूरा बॉडी को देखना सुरु किया तो मुझे उनकी बीमारी के पता चल गया इस लिए मई उनसे बोलै.
मई- आप अभी भी मुझसे इलाज नहीं करवाना चाहते है न तो ठीक है आप मेरी बात सुन लीजिये इसके बाद भी आपको लगे की आप मुझसे इलाज नहीं करवाना चाहते है तो फिर आप यहाँ से जा सकते है फिर आपको डॉ. खुराना भी मुझसे इलाज करवाने के लिए फाॅर्स नहीं करेंगे.
देशमुख- ठीक है बोल मई सुन रहा हु तुम्हारे बातो को.
मई- आपके पुरे शरीर में जलन रहता है और ये जलन रत में सोने के समय और बढ़ जाता जिसके कारन आप अच्छे से सो भी नहीं पते है और सबसे बड़ी बात की ये जलन आपके माथे से सुरु हो कर पुरे शरीर में फ़ैल जाता है मेरी बात सही है न.
मेरे बात को सुन कर देशमुख प्रभाकर हैरान रह जाते है हलाकि देशमुख के साथ साथ एक और ब्यक्ति हैरान थी और वो थी डॉ. दिव्या वो वह पर कबका सिल्वर नीडल ले कर आ गयी थी और मेरी और देशमुख प्रभाकर के बात को सुन रही थी इधर मेरे बात सुन कर देशमुख प्रभाकर मुझसे पूछते है.
देशमुख- तुमने न मेरा कोई डायग्नोसिस किया और न hi मेरा पुलस चेक किया फिर तुम्हे कैसे पता चला की मुझे क्या प्रॉब्लम है कही तुम मेरे बारे में पहले से तो नहीं जानते.
मई- मई आपको पहले से नहीं जनता हु मुझे आपके बीमारी के बारे में आपको देखते hi पता चल गया था इस लिए आपको से ये सब पूछा.
देशमुख प्रभाकर मेरी बात को सुन कर हैरान हो गए थे की मई कैसे सिर्फ देख कर हु उनके बीमारी सही सही बता सकता हु अगर ये मेरी बीमारी को देखते hi पहचान गया है तो ये जरूर मेरा इलाज कर सकता है.
देशमुख- ठीक है मई तुमसे इलाज करवाने के लिए तैयार हु अब तुम बताओ की मुझे क्या करना होगा.
मई- ठीक है आप अपने शर्ट को निकल कर इस मेडिकल बीएड पर पेट के तरफ से हो कर सो जाइये.
मेरे बोलने के बाद देशमुख प्रभाकर मेडिकल बीएड के पास जा कर सो गए फिर मई दिव्या के तरफ देखते हुए बोलै.
मई- दिव्या क्या तुम सिल्वर नीडल ले आयी.
दिव्या- जी मई ले आयी हु ये लीजिये.
फिर वो मुझे सिल्वर नीडल के पैकेट दे दी मई सिल्वर नीडल के पैकेट लेकर देशमुख के पास गया और सिल्वर नीडल को हवा में उछाल दिया और अपने मेन्टल एनर्जी से उन सरे नीडल को अपने काबू में किया और देशमुख के बॉडी में कमर से लेकर सर तक में सिल्वर नीडल दाल दिया फिर अपने योगिक शक्ति को उस नीडल के रस्ते उनके बॉडी में डालने लगा थोड़ी देर तक ऐसे hi योगिक शक्ति को डालने के बाद देशमुख के बॉडी से पसीने आने सुरु हो गए और फिर वो पसीने हल्का काळा रंग रंग का था और उसमे से बदबू भी आ रहा था फिर मई सिल्वर नीडल को उनके बॉडी से निकल लिया और मई उनसे बोलै.
मई- देशमुख सर आप सबसे पहले वाशरूम में जा कर खुद को साफ कर लीजिये इसके बाद मई आपसे बात करता हु.
मेरे बात को सुन कर देशमुख प्रभाकर अपने प् को वह बुलाया और उनको कुछ बोल कर उसी में से आत्ताच वाशरूम में चले गए देशमुख को वह से जाने के बाद डॉ. खुराना मुझसे बोले.
डॉ. खुराना- क्या देशमुख प्रभाकर का इलाज हो गया वो ठीक हो गए.
मई- जब वो बहार निकालेंगे तो आप खुद उनसे पूछ लीजियेगा तब तक आप दूसरे पेशेंट को बुला लीजिये.
डॉ. खुराना- ठीक है.
इतना बोल कर वो बहार जाने hi वाले थे की तभी एक नर्स वह पर आयी और बोली.
नर्स- सर मेयर राघवेंद्र आये है क्या मई उनको यहाँ पर ले कर आ जाऊ.
डॉ. खुराना- क्या मेयर राघवेंद्र आये लेकिन वो यहाँ क्यों आये है.
मई- उनको मैंने hi बुलाया है आप उनको ले कर यहाँ आ जाइये.
नर्स मेरी बात सुन कर डॉ. खुराना को देखने लगी डॉ. खुराना ने अपना सर है में हिलाया तो वह से चली गयी और कुछ देर बाद वो मेयर राघवेंद्र को लेकर वह आ गयी डॉ. खुराना मेयर को देख कर बोले.
डॉ. खुराना- आइये मेयर साहब आपका सिटी हॉस्पिटल में स्वागत है.
मेयर- अरे नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं है मई तो यहाँ प्रतिक से अपना इलाज करवाने आया हु.
मई- मई जो आपको बोलै था वो आप लेकर आये है.
मेयर- है मई सरे जड़ी बूटियों को ले कर आया हु.
मई- ठीक है दिव्या तुम सर से वो जड़ी बूटी ले लो और उसका पाउडर बना कर यहाँ ले आओ.
मेरे बात को सुन कर दिव्या तुरंत मेयर से उन जड़ी बूटियों को ले लेती है और रूम में बहार निकल जाती है उसको बहार जाते hi देशमुख के प् अपने साथ कुछ कपडे लेकर वह आता है और वाशरूम में जा कर दरवाज़ा खटखटा है तो अंदर से देशमुख का आवाज आता है.
देशमुख- कोण है.
प्- सर मई हु आपका प् मई आपके लिए कपडे ले कर आया हु.
प् के बात सुन कर देशमुख वाशरूम के दरवाजा खोल कर प् से कपडे ले लेता है और उसको पहन कर बहार आता है और बहार आने के साथ hi मेरे सामने हाथ जोड़ कर बोलता है.
देशमुख- सॉरी डॉ. प्रतिक मैंने आपके साथ मिस्बेहावे किया उसके लिए और सुक्रिया अपने मुझे ठीक कर दिया मई आपके इस एहसान को कभी नहीं भूलूंगा आज से आपको इस सहर में किसी भी चीज के जरुरत हो तो मुझे एक बार यद् कीजियेगा मई आपके उस काम को किसी भी तरह से पूरा करूँगा ये मेरे आपसे वडा है.
देशमुख के बात सुन कर वह पर जितने भी लोग थे सब हैरान हो जाते है क्युकी देशमुख एक होम मिनिस्टर था और उसका सर्कार में अच्छा खासा चलता था.
मई- अरे नहीं आपको मुझे सॉरी बोलने की जरुरत नहीं है मई आपके बातो का बुरा नहीं मन था और सुक्रिया की कोई जरुरत नहीं है क्युकी आपका इलाज करना तो मेरा फ़र्ज़ था.
देशमुख- ये तो आपका बड़ापन है जो आप इस तरह से बोल रहे है.
डॉ. खुराना जो कब से हम दोनों के बात सुन रहे थे वो बिच में बोल पड़े.
डॉ. खुराना- सर अब आपका तबियत कैसी है क्या आप पूरी तरह से ठीक महसूस कर रहे है.
देशमुख- मई पूरी तरह से ठीक महसूस कर रहा हु डॉ. साहब और आपको भी थैंक्स अपने मुझे डॉ. प्रतिक से इलाज करवाया उसके लिए तो ठीक है डॉ. प्रतिक अब मई चलता हु और अपना no. मेरे प् को दे देना और मुझसे तूच में रहना.
मई- जी ठीक है.
इसके बाद मैंने अपना No. प् को दिया और देशमुख के no. अपने मोबाइल में सेव कर लिया इसके बाद देशमुख वह से चले जाते है.
देशमुख प्रभाकर को वह से जाते hi एक नर्स भागते हुए रूम में आयी और डॉ. खुराना से बोली.
नर्स- सर एक सीरियस केस आया है और आपको वह जाना जरुरी जय.
डॉ. खुराना- कैसा सीरियस केस और मुझे वह जाना क्यों जरुरी है और भी तो डॉक्टर है न इस हॉस्पिटल में तुम उनको जाकर बोलो की वो उस केस को संभाले.
नर्स- सर वो ऐसा केस है की उसे आपके शिवा और कोई संभल नहीं सकता.
डॉ. खुराना नर्स के बात सुन कर गंभीर हो जाये है और उस नर्स से पूछते है.
डॉ. खुराना- क्या हुआ है मुझे पूरी डिटेल्स में बताओ.
नर्स- सर बात ऐसी है की अभी जो पेशेंट आया है उसके बॉडी में रोड गुसा हुआ है और वो भी उसके दिल के करीब है.
नर्स के बात सुन कर डॉ. खुराना हैरान रह जाते है और फिर मेरे तरफ देखते हुए बोलते है.
डॉ. खुराना- प्रतिक हॉस्पिटल में एक सीरियस केस आया है इस लिए मुझे अभी यहाँ से जाना होगा.
मई- ठीक है सर आप जाइये और उस पेशेंट को देखिये यहाँ मई सब संभल लूंगा.
फिर Dr.khurana और वो नर्स दोनों वह से चले जाते है अब इस रूम में मई और मेयर hi बचे थे.
इधर दिव्या भी उन सरे जड़ी बूटियों को पाउडर बना कर ले आयी थी तो मई मेयर के भी इलाज सुरु कर दिया मैंने पहले उनको मेडिकल बीएड पर सुलाया और फिर अपने हाथ में सिल्वर नीडल लिया और 4 नीडल को मेयर के माथे में लगा और 4 नीडल दिल के चारो तरफ लगाया और 1 नीडल मेयर के नाभि में लगा दिया इसके बाद मैंने अपने योगिक शक्ति से मेयर के सर दिल और पेट के हिसे को क्लीन करने लगा थोड़ी देर तक क्लीनिंग करने के बाद मई अपने मेंटल पावर से जड़ी बूटियों के पाउडर को सिल्वर नीडल के माध्यम से मेयर के बॉडी में डालने लगा थोड़ी देर में जब सारा पाउडर को मेयर के बॉडी में डालने के बाद मेयर के बॉडी से सरे सिल्वर नीडल को निकल लिया और मेयर से बोलै.
मई- सर अभी मैंने आपके बॉडी में उस पाउडर को डाला है जिसके कारन आपके बॉडी के सरे पार्ट्स ब्लॉक हो गए है आप 1 घंटे तक अपना पेअर भी नहीं हिला सकते है इस लिए आपको 1 घंटे के लिए दूसरे रूम में शिफ्ट करवा दे रहा हु जब वो पाउडर पूरी तरह से आपके बॉडी में मिल जायेगा तो आप ठीक हो जायेंगे.
मेरे बात को सुन कर मेयर साहब ने अपना सर को है में हिला दिया इसके बाद मई दिव्या से बोलै.
मई- दिव्या मेयर साहब को दूसरे रूम में शिफ्ट करवा दो क्युकी अभी ये 1 घंटे तक हिल दल भी नहीं सकते है.
दिव्या- ठीक है.
इतना बोल कर वो वार्डबॉय को बुलाने के लिए चली जाती है थोड़ी देर में 2 वार्डबॉय आते है और मेयर को उठा कर दूसरे रूम में ले जाते है इसके बाद मई दिव्या को बोलै.
मई- दिव्या तुम एक काम करो मई आज और सिर्फ 15 पेशेंट को hi देखूंगा इस लिए जो पेशेंट ज्यादा क्रिटिकल कंडीशन में है उन्हें यहाँ लेन के लिए बोलो.
दिव्या मेरे बात को सुन कर वह से चली जाती है और 1 पेशेंट को अपने साथ लेकर आती है वो एक 10 साल का बचा था उस बचे के साथ उसके माँ बाप भी आये थे मैंने उस लड़के को ध्यान से देखा तो उस बचे के पुरे शरीर पीला हो गया था और वो बचा बेहोश था मई उन लोगो से उस बचे को मेडिकल बीएड पर लेटने के लिए बोलै और फिर अपने सिल्वर नीडल से उसका इलाज सुरु कर दिया थोड़ी देर बाद उस बचे की कंडीशन सही हो गया और वो बचा होश में आ गया जिसे देख कर उस बचे के माँ बाप बहुत खुस हो गए और वह से चले गए.
उनको जाने के बाद फिर एक और पेशेंट आया मैंने उसका भी इलाज कर दिया ऐसे hi मई धीरे धीरे 5 पेशेंट का इलाज कर दिया था तभी वह पर डॉ. खुराना आ गए जो कुछ परेशां लग रहे थे इस लिए मई उनसे पूछा.
मई- क्या बात है डॉ. खुराना आप परेशां लग रहे है.
डॉ. खुराना- है प्रतिक बात hi कुछ ऐसी है की मई परेशां हो गया.
मई- क्या बात है आप मुझे बता सकते है.
डॉ. खुराना- अभी अभी एक पेशेंट सीरियस कंडीशन में यहाँ लाया गया है उसके बॉडी में एक रोड गुसा हुआ है जो उसके दिल के बहुत करीब है अगर उस रोड को निकला गया तो उसके दिल को बहुत नुकसान पहुंचेगा जिसके करना उसका मरने का बहुत चांस है और अगर नहीं निकला गया तो वो वैसे भी मर जायेगा इस लिए समझ में नहीं आया रहा है की मई क्या करू.
मई- क्या मई एक बार उस पेशेंट को देख सकता हु.
डॉ. खुराना- अरे है मई ये कैसे भूल गया की चमत्कारी डॉक्टर तो अभी इसी हॉस्पिटल में है है है चलो एक बार तुम चल कर उस पेशेंट को देख लो.
इसके बाद मई दिव्या को भी अपने साथ लेकर डॉ. खुराना के साथ उस पेशेंट को देखने चला गया जब मई िक के पास पंहुचा तो देखा की एक औरत और एक लड़की वही पर बैठ कर रो रही थी वो लड़की जैसे hi डॉ. खुराना को देखि वो अपने माँ को लेकर उनके पास आयी और रट हुए बोली.
लड़की- प्लीज डॉ. साहब मेरे पिता जी को बचा लीजिये उनके शिवा हमारा इस दुनिया में कोई नहीं है अगर आप मेरे पिता जी को बचा लिए तो मई आपके लिए कुछ भी करने को तैयार रहूँगा प्लीज डॉक्टर साहब प्लीज.
डॉ. खुराना- देखिये खुद को सम्भालिये हम सब पूरी कोशिश करेंगे आपके पिता जी को बचने के लिए बाकि ऊपर वाले के ऊपर है वो जो चाहेंगे वही होगा.
इतना बोल कर डॉ. खुराना ने िक के दरवाजा खोल कर अंदर चले गए उनके जाने के बाद भी वो औरत और लड़की रो रही थी तो मैं उनके पास गया और उनसे बोलै.
मई- प्लीज आप सब रोना बंद कीजिये और ऊपर वाले पर भरोसा रखिये आपके पति को कुछ नहीं होगा.
औरत- कैसे रोना बंद करू बीटा वही है जिनके सहर हम दोनों माँ बेटी जिन्दा है अगर उनको कुछ हुआ तो हम सब मर जायेंगे.
मई- अच्छा ये सब आखिर हुआ कैसे आपके पति के शरीर में वो रोड गुसा कैसे.
वो औरत मेरे बात को सुन कर सुबकते हुए बोली.
औरत- बीटा मेरे पति एक कंस्ट्रक्शन साइट कर काम करते है आज भी वही पर काम कर रहे थे तभी पता नहीं कैसे वो ऊपर से निचे गिर गए और जहा वो गिरे वह पर रोड रखा हुआ था इसलिए जब वो वह पर गिरे तो रोड उनके शरीर में घुस गया.
मई- आप चिंता मत कीजिये आपके पति को कुछ नहीं होगा.
इतना बोल कर मई भी िक में चला गया जब मई वह गया तो देखा की वह पर डॉक्टर उस पेशेंट ऑपरेशन की तयारी कर रहे थे जब मई िक के गेट खोल कर अंदर गया तो सब के नजर मेरे तरफ हो गयी तभी एक डॉक्टर मेरे पास आया और बोलै.
डॉ.- अरे तुम दिखाई नहीं दे रहा है क्या की ये िक है और यहाँ पर बहार वालो को आना मन है.
अभी मई उस डॉक्टर को जबाब देने hi वाला था की तभी डॉ. खुराना बिच में बोल पड़े.
डॉ. खुराना- तुम इनसे तमीज से बात करो इन्हे मैंने बुलाया है और है ये बहार वाले नहीं है बल्कि ये भी इस हॉस्पिटल के डॉक्टर है.
डॉ. खुराना के बात सुन कर वो डॉक्टर कुछ नहीं बोलै लेकिन वो एक बार मुझे निचे से ऊपर तक जरूर घर कर देखा इधर मई अपने दिव्या दृस्टि से उस पेशेंट को स्कैन कर के देखने लगा तो मुझे उसके कंडीशन का पता चल गया फिर भी मई डॉ. खुराना से पूछा.
मई- पेशेंट की कंडीशन कैसा है.
डॉ. खुराना- अभी हम लोग ऑपरेशन की तयारी कर रहे है देखते है की ऑपरेशन के बाद क्या होता है.
मई- अगर इसका ऑपरेशन हुआ तो ये मर जायेगा क्युकी जो रोड इसके बॉडी में गुसा वो उसके दिल के बहुत करीब है और अगर उसका ऑपरेशन हुआ तो ये कन्फर्म है की उस रोड के चलते पेशेंट के दिल को बहुत नुकसान होगा.
वह पर खड़े सरे डॉक्टर और नर्स मेरे बात को सुन कर हैरान हो जाते है फिर डॉ. खुराना मुझसे पूछते है.
डॉ. खुराना- अगर इसका ऑपरेशन नहीं किया गया तो हम उस रोड को कैसे निकालेंगे.
मई- मई उस रोड को बिना ऑपरेशन के निकल सकता हु और उससे उस पेशेंट को कोई नुकसान भी नहीं होगा.
डॉ. खुराना- क्या आप सच में ऐसा कर सकते है.
मई- है मई ऐसा कर सकता हु लेकिन मेरी एक शर्त है की इस रूम में आपके और दिव्या के अलावा और कोई नहीं रहेगा.
डॉ. खुराना- ठीक है मई सबको बहार भेजता हु आप इस पेशेंट का इलाज सुरु कीजिये.
इतना बोल कर डॉ. खुराना सरे लोगो को वह से बहार भेज देते है अब उस िक में मई दिव्या और डॉ. खुराना hi बचे थे.
मई- दिव्या पेशेंट के बॉडी पर लगे सरे ब्लड को क्लीन कर खास कर वह जहा वो रोड घुसा हुआ है.
मेरी बात सुन कर दिव्या कॉटन से पातें के बॉडी पर लगा हुआ ब्लड साफ करने लगती है जब थोड़ी देर में सारा ब्लड साफ hi जाता है तो मई सिल्वर नीडल को उस रोड के चारो तरफ गुसा देता हु जिसके कारन ब्लड आना रुक जाता है इसके बाद मई दिव्या और डॉ. खुराना को देखते हुए बोलै.
मई- दिव्या और डॉ. खुराना आप दोनों मुझसे प्रॉमिस कीजिये की आप जो यहाँ पर देखेंगे वो किसी को नहीं बताएँगे.
मेरी बात को सुन कर दोनों हैरान रह गए फिर दोनों ने मुझसे प्रॉमिस किया की वो किसी को कुछ भी नहीं बताएँगे तो मई अपने मन में एक मंत्र पढ़ने लगा ये एक अमोघ चक्र पद्धति बिद्या थी मई जैसे जैसे मंत्र पढ़ रहा था मेरे हाथो से रौशनी निकलने लगी जैसे hi उन दोनों ने मेरे हाथ से रौशनी निकलता देखा तो दोनों हैरान रह गए और अपने आँखों को फाड़कर बस मुझे hi घूरे जा रहे थे इधर मई उस मंत्र की पढ़ते हुए अपने हाथ को उस पेशेंट के दिल पर रख दिया जिसके कारन उसके दिल के चारो तरफ एक सुरक्षा कवच बन गया अब वो रोड को कोई भी किसी भी तरह से निकलता तो उस पेशेंट के दिल को कोई भी नुकसान नहीं पहुँचता फिर मई अपने हाथ को उस पेशेंट के दिल से हटा कर उस रोड के ऊपर लाया तो वो रोड किसी चुम्बक की तरह खींचते हुए बहार निकलने लगा धीरे धीरे कर के मई उस रोड को बहार निकल दिया इसके बाद मई दिव्या को आवाज लगाया जो एक जगह पर स्तब्ध खड़ा हो कर बस मुझे hi देखे जा रही थी मेरे आवाज देने पर वो हकलाते हुए बोली.
दिव्या- ये ये ये कैसे हो सकता है आपके हाथ से वो रोशनी कैसे निकल रही थी.
दिव्या के बात सुन कर डॉ. खुराना भी मुझे सवाल भरी नजरो से घूरते हुए पूछे.
डॉ. खुराना- है प्रतिक तुम बताओ की तुम ये कैसे किया तुम्हारे हाथ से वो रोशनी क्यों निकली थी और तो और जिस रोड को ऑपरेशन कर के निकलने के लिए भी सरे डॉक्टर दर रहे थे उसे तुम बिना ऑपरेशन के कैसे निकल लिए.
मई- अभी इन सब सवालो का समय नहीं है आप ये सब मुझसे बाद में भी पूछ सकते है सबसे पहले आप इस पेशेंट के जख्मो को ड्रेसिंग कीजिये क्युकी अभी इसका ब्लड मेरे द्वारा लगाया गया सिल्वर नीडल के चलते रुका हुआ है अगर मई वो नीडल निकल दिया तो बहुत ज्यादा मात्रा में ब्लड निकल सकता है जिसके कारन पेशेंट को नुकसान भी हो सकता है.
मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना ने तुरंत दिव्या को बहार खड़े सरे डॉक्टर और नर्स को बुलाने के लिए बोलै थोड़ी देर वो सरे डॉक्टर और नर्स अंदर आ गए और जैसे hi उन लोगो में पेशेंट को देखा सब हैरान रह गए तभी उनमे से एक डॉक्टर बोलै.
1सत डॉक्टर- असंभव ये कैसे हो सकता है बिना ऑपरेशन किये ये रोड कैसे कोई निकल सकता है ये तो चमत्कार हो गया.
2ंद डॉक्टर- अरे है यार और देखो न इस रोड को निकलने में एक बून्द भी ब्लड नहीं लिकला है ये तो सच में चमत्कार है.
मई उन सरे डॉक्टर को यु हैरानी से बात करता देख कर उनसे बोलै.
मई- अरे आप सब बाद में भी बात कर सकते है पहले आप जाकर उस पेशेंट को ड्रेसिंग कीजिये.
मेरे बात को सुन कर वो सब होश में आये और तुरंत पेशेंट के पास चले गए फिर मई उस पेशेंट के बॉडी से नीडल को बहार निकल दिया इसके बाद वो सरे डॉक्टर उस पेशेंट का ट्रीटमेंट करने लगे फिर मई वह से निकल कर बहार आ गया मेरे पीछे पीछे डॉ. खुराना और दिव्या भी बहार आ गयी थी फिर मई जिस रूम में सरे पेशेंट को देख रहा था वह आ गया और चेयर पर बैठ गया मेरे पीछे पीछे वो दोनों भी उस रूम में आ गए थे लेकिन दोनों चुप hi थे दोनों में से कोई कुछ बोल नहीं रहा था तो मई उनके सन्ति को भांग करते हुए बोलै.
मई- अगर आप दोनों को कुछ पूछना है तो जल्दी पूछिए क्युकी मुझे और भी पेशेंट को देखना है और फिर यहाँ से जाना भी है.
मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना मुझसे बोले.
डॉ. खुराना- वो सब क्या था तुम्हारे हाथ से रोशनी कैसे निकल रही थी और तुमने इतने आसानी से बिना उस पेशेंट के दिल को नुकसान पहुचाये उस रोड कैसे निकल लिया.
डॉ. खुराना के बात सुन कर मई मुस्कुराने लगा और फिर बोलै.
मई- आपके सरे सवालो का सिर्फ एक hi जबाब है और वो है अमोघ चक्र पद्धति विद्या मई इसी विद्या के कारन उस रोड को निकल पाया.
मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना कुछ सोचने लगे तभी दिव्या मुझसे बोली.
दिव्या- सर ये अमोघ चक्र पद्धति विद्या क्या है क्या इसी के कारन आपके हाथ से वो रौशनी निकल रही थी.
मई- है तुमने बिलकुल सही बोलै इसी अमोघ चक्र पद्धति विद्या के कारन hi मेरे हाथ से वो रोशनी निकल रही थी और रही बात की अमोघ चक्र पद्धति विद्या क्या है तो मई तुम्हे अच्छे से समझाता हु दरसल अमोघ चक्र पद्धति विद्या आयुर्वेदा का hi एक ज्ञान है सदियों पहले ऋषि मुनि इस विद्या से मरीजों का इलाज करते थे इस अमोघ चक्र पद्धति से मई किसी भी बीमारी का इलाज कर सकता हु लेकिन इस पद्धति से किसी भी बीमारी का इलाज करने के लिए सबसे पहले इस पद्धति को अच्छे से सीखना होता है इस पद्धति के अंदर एक्यूपंक्चर बिधि भी आता है जिसके जरिये तुम सिल्वर नीडल के मदत से किसी का भी इलाज कर सकती हो.
मेरे बात को सुन कर दोनों हैरान रह गए तभी डॉ. खुराना बोले.
डॉ. खुराना- मैंने इस विद्या के बारे में एक किताब में पढ़ा था लेकिन मैंने ये कभी नहीं सोचा था की मई इस विद्या का उपयोग होते हुए अपने आँखों से देख पाउँगा क्या आप मुझे ये विद्या सीखा सकते है.
डॉ. खुराना के बात सुन कर इस बार मई हैरान रह गया और मई उनसे इसी हैरानी में पूछा.
मई- क्या आप इस विद्या को सीखना चाहते है.
डॉ. खुराना- है मई इसे सीखना चाहता हु.
मई- मई आपको ये विद्या सीखा तो सकता हु लेकिन उसके लिए आपको कड़ी ट्रेनिंग करनी पड़ेगी.
डॉ. खुराना- मई इस विद्या को सिखने के लिए कुछ भी करने को तैयार हु.
मई- ठीक है अगर आप कड़ी ट्रेनिंग करने के लिए तैयार है तो मई आपको ये विद्या सीखा दूंगा.
मुझे डॉ. खुराना को अमोघ चक्र पद्धति विद्या सीखने के लिए राजी होता देख कर दिव्या बोली.
दिव्या- सर मई तो आपका असिस्टेंट हु न तो क्या आप मुझे ये विद्या नहीं सीखा सकते है.
मई- मई तुमको भी ये विद्या सीखा दूंगा लेकिन तुमको भी कड़ी ट्रेनिंग करनी होगी.
दिव्या- मई तैयार हु सर इस विद्या को सिखने के लिए मुझे जो भी करना पड़ा मई करुँगी.
मई- ठीक है हम इसके बारे में बाद में बात करेंगे पहले मई बचे हुए पेशेंट को देख लेता हु.
डॉ. खुराना- ठीक है मई उन सरे पेशेंट को यहाँ भेजता हु.
इतना बोल कर डॉ. खुराना वह से चले गए फिर वो एक एक पेशेंट को यहाँ भेजते रहे और मई उनका इलाज करते रहा इसी तरह से समय निकलता रहा और मई एक एक कर के सरे पेशेंट का इलाज कर दिया इसके बाद मई मेयर के वार्ड में गया तो देखा की वो अब जग चुके थे और पहले से ज्यादा फ्रेश लग रहे थे.
मई- अब आपको कैसा महसूस हो रहा है मेयर साहब.
मेयर ने जब मेरे बात को सुने तो तुरंत मेरे तरफ देखने लगे और मुझे अपने सामने देख कर मुझे गले लगा लिए और बोले.
मेयर- लग रहा है जैसे मेरी नया जनम हुआ है अब मुझे मेरे सरे बॉडी फ्री लग रहा है थैंक यू प्रतिक अगर तुम नहीं होते तो पता नहीं कब तक मुझे इस बीमारी को झेलना पड़ता.
मई- अभी से खुस होने की जरुरत नहीं है क्युकी अभी आपका इलाज आधा hi हुआ है 10 दिन बाद मुझे फिर से आपका एक बार इलाज करना पड़ेगा इस लिए आप जड़ी बूटियों का इंतज़ाम कर लीजियेगा.
मेयर- तुम उसकी चिंता मत करो मई सरे जड़ी बूटियों का इंतजाम कर लूंगा और है तुम्हे अगर इस सहर में कुछ पद गया तो मुझे बोलना.
मई- एक काम तो है लेकिन उसके लिए आप कल शाम में मुझसे स्काई मून क्लब में मिलना होगा तब मई आपको बताऊंगा.
मेयर- ठीक है तुम मुझे समय बता देना मई आ जाऊंगा.
इतना बोल कर वो वह से चले गए फिर मई डॉ. खुराना से बोल कर वह से निकल गया लेकिन जाते जाते मैंने दिव्या को अपना no. दे दिया और वह से चला गया मुझे जाते हुए देख कर दिव्या के आँखों में मेरे लिउए बहुत ज्यादा इज्जत दिख रहा था और वो मन में सोच रही थी.
दिव्या- (मन में) मई कितना गलत थी मई इनके जैसे महँ आदमी को धोखेबाज़ समझ लिया था इनके जैसा डॉक्टर इस सहर में तो क्या पुरे देश में भी नहीं होगा और आज मुझे इनसे सिखने के लिए बहुत कुछ मिला.
दिव्या को ऐसे सोच में पड़ा देख कर डॉ. खुराना बोले
डॉ. खुराना- क्या सोच रही हो दिव्या.
डॉ. खुराना के बात सुन कर दिव्या अपने होश में आयी और बोली.
दिव्या- मई सोच रही हु अंकल की प्रतिक सर को कितना ज्ञान है ये सच में एक महँ और चमत्कारी डॉक्टर है ये इतना महँ होते हुए भी कितना सिंपल रहते है और थैंक्स अंकल आपके वजह से मुझे इतने महँ डॉक्टर के असिस्टेंट बनने को मिला जिसके कारन आज मई बहुत कुछ सिख पायी हु.
डॉ. खुराना- तुम सही बोल रही हो डॉ. प्रतिक एक महँ डॉक्टर के साथ साथ चमत्कारी डॉक्टर भी है ये सिटी हॉस्पिटल के किस्मत अच्छी है की वो यहाँ पर गेस्ट डॉक्टर के रूप में काम करने के लिए तैयार हो गए और आज लगभग लगभग सरे क्रिटिकल केस को वो ठीक कर दिया देखना कल के न्यूज़ में उसी के बारे में हैडलाइन होगा वो कल पुरे देश में छ जायेगा और मुझे लग रहा है की अगले संडे को यहाँ बहुत भीड़ होने वाली है.
इधर मई हॉस्पिटल से निकल कर बहार आया और शनाया को कॉल किया तो शनाया मुझे क्सक्सक्स मॉल में आने के लिए बोली फिर मई एक कैब बुक किया और क्सक्सक्स मॉल के लिए निकल गया जब मई मॉल के पास पंहुचा तो देखा की शनाया वह पहले से hi मेरी इंतज़ार कर रही थी मई कैब से निकल सीधा उसके पास गया तो शनाया मुझे देखते hi बोली.
शनाया- चलो जल्दी बहुत लेट हो गया है.
मई- है चलो.
फिर मई और शनाया जल्दी से मॉल के अंदर गए और सीधा मांस ब्यूटी पार्लर में लेके गयी और फिर वो ब्यूटी पार्लर वाले से कुछ बात की और मुझे बोली.
शनाया- प्रतिक तुम इस पार्लर में जाओ ये तुम्हारे हेयर कटाई करेंगे और तुम्हे ब्यूटी टच देंगे.
शनाया के बात सुन कर मई अनमने ढंग से बोलै.
मई- शनाया ये सब करने की क्या जरुरत है मई तो ऐसे hi अच्छा दीखता हु.
शनाया- मई जानती हु की तुम ऐसे hi अच्छे दीखते हो लेकिन आज मई पहली बार अपने दोस्तों को तुमसे मिलवाना चाहती हु और मई नहीं चाहती की कोई तुम्हे तुम्हारे लुक्स और कपडे पर कमेंट करे.
मई- ठीक है जैसा तुम बोलो.
इसके बाद मई ब्यूटी पार्लर के अंदर चला गया करीब 2 घंटे तक अंदर रहने के बाद मई बहार निकला तो मई पूरी तरह से चेंज हो गया था शनाया ने जैसे hi मुझे देखि वो बस मुझे देखते hi रह गयी मई उसको मुझे इस तरह से घूरता हुआ देख कर बोलै.
मई- ऐसे ध्यान से मुझे क्यों देख रही हो बेगम साहिबा.
मेरी बात को सुन कर शनाया हड़बड़ा गयी और हकलाते हुए बोली.
शनाया- न्नन्न नहीं मई तुम्हे क्यों देखूंगी मई तुमको नहीं देख रही थी चलो अब कपडे खरीदने चलते है.
इतना बोल कर शनाया ने मेरे हाथ को पकड़ी और मुझे खींचते हुए कपडे के शोरूम में लेकर आ गयी इसके बाद शनाया ने अपने पसंद से मेरे लिए कपडा सेलेक्ट की और मई उसे ट्रेल रूम में जाकर पहन कर देखा फिर मई ट्रेल रूम से बहार निकल कर शनाया को दिखते हुए पूछा.
मई- कैसा लग रहा है
जैसे hi शनाया ने मुझे उन कपड़ो में देखो तो वो मुझमे hi खो सी गयी और एकटक मुझे hi देखे जा रही थी शनाया को जबाब माँ देता देख मई दुबारा उससे पूछा तो वो शरमाते हुए बोली.
शनाया- अच्छे लग रहे हो तुम ऐसे hi कपडा महना करो.
मई- (मजाक करते हुए) मेरे बेगम साहिबा का हुकुम है तो मुझे तो उनके हुकुम का पालन तो करना hi होगा.
मेरे बात सुन कर शनाया शर्मा गयी और फिर अपने चेहरे पर झूठा गुसा लेट हुए बोली.
शनाया- आज कल तुम बाटे ज्यादा बनाने लगे हो चलो जल्दी बिल पाय करते है क्युकी पार्टी के लिए हम आल रेडी लेट हो गए है.
मई- है ठीक है चलो.
इसके बाद हम काउंटर पर आये और बिल पाय करने लगे मई जैसे hi पेमेंट करने के लिए अपना कार्ड निकला तो शनाया ने मेरे हाथ को पकड़ ली और बोली.
शनाया- नहीं प्रतिक आज मुझे पेमेंट करने दो ये मेरे तरफ से तुम्हारे लिए एक गिफ्ट है.
शनाया के बात सुन कर मैंने भी ज्यादा कुछ नहीं बोलै और अपने कार्ड को अपने पॉकेट रख लिया और फिर शनाया ने बिल पाय किया और फिर हम बहार आ गए इसके बाद हम वह से सीधा एक होटल में आ गए ये होटल भी मुंबई के फेमस होटलो में से एक थी और इसका नाम सिंघानिया होटल था और इस होटल का मालिक मनोज सिंघानिया थे खैर हम दोनों होटल में एंट्री किया और 3रद फ्लोर बने एक प्राइवेट रूम के अंदर आ गए वह आने के बाद देखा की वह पर करीब 15 लड़के और लड़किया थी रूम में म्यूजिक बज रहा था जैसे हम दोनों उस रूम में एंट्री किया सरे लड़के और लड़कियों की नजर हम पर पड़ी तो लड़के लोग के मुँह से शनाया को देख कर लार टपकने लगे वही मुझे देख लड़कियों भी आहे भरने लगी तभी उनमे से एक लड़की आगे आयी और शनाया से बोली.
लड़की- ही शनाया कैसी हो तुम तो हमें भूल hi गयी.
शनाया- अरे नहीं रिद्धिमा मई बस सोल्लगे लाइफ में थोड़ा ज्यादा बिजी हो गयी थी वैसे मई तो ठीक लेकिन तुम बताओ.
रिद्धिमा- मई भी ठीक हु वैसे ये हैंडसम लड़का कोण है.
शनाया- इसमे नाम प्रतिक है और ये मेरे हस्बैंड है और प्रतिक ये है रिद्धिमा मेरा स्कूल फ्रेंड.
शनाया के बात सुन कर वह पर आये सरे लोग चौक गए लड़के और लड़किया दोनों लोगो की डिल टूट गया लड़के तो मुझे घर कर घुसे से देखने लगे क्युकी शनाया स्कूल में सबसे फेमस लड़की थी और वो बहुत सरे लड़को की क्रश भी ठीक लेकिन शनाया किसी लड़की को भाव नहीं देती थी वही लड़किया शनाया से जलने लगी इधर शनाया के बात सुन कर रिद्धिमा ने हैरानी से बोली.
रिद्धिमा- तुमने सदी भी कर ली और हम सब को बताया भी नहीं.
रिद्धिमा के बात सुन कर एक लड़का उसको है में है मिलते हुए बोलै.
लड़का- है शनाया ये तो गलत बात है तुम ने सदी कर ली और हम सब को बताया भू नहीं अब आकाश का क्या होगा.
उस लड़के के बात सुन कर वह खड़े सरे लोग हसने लगे.
शनाया- ऐसी कोई बात नहीं है विकाश और रिद्धिमा हमारी सदी hi ऐसी कंडीशन में हुआ की मई किसी को बुला नहीं सका.
विकाश- वैसे प्रतिक मन्ना पड़ेगा तुम्हे तुमने हमारे स्कूल के सबसे फेमस गर्ल और सरे लड़की के क्रश को उदा कर ले गया वैसे तुमने ये किया कैसे.
रिद्धिमा- है शनाया बताओ न तुम दोनों को अर्रंगे मैरिज हुआ है या लव मैरिज.
शनाया- हमारा सदी दादा जी ने करवाया है इस लिए ये अर्रंगे मैरिज है.
विकाश- वैसे प्रतिक तुम करते क्या हो.
अभी मई विकाश के बात का जबाब देने hi वाला था की तभी वह पर एक आवाज आयी.
आवाज- ये करेगा भी क्या ये तो अपने ससुराल में घर जमाई बन कर रहता है और अपने सास ससुर और बीवी के पैसो पर ऐश मौज करता है.
उस आवाज को सुन कर सरे लोग हैरान हो जाते है और मुझे अजीब से नजरो से घर कर देखने लगते है मई और शनाया जब उस आवाज के तरफ देखता हु तो वह से मुझे आकाश शेरगिल और उसके साथ एक लड़की आती हुयी दिखती है मई आकाश को देख कर समझ गया की अब यहाँ पर मेरी बहुत बेइज्जती होने वाली है इधर सरे लोग आकाश के बात सुन कर हैरानी से कभी मुझे टी कभी शनाया को तो कभी आकाश को देख रहे थे सबको इस तरह हैरानी से खुद को देखता देख कर आकाश फिर से बोलै.
आकाश- अरे मई सच बोल रहा हु प्रतिक सच में शनाया के घर पर घर जमाई बन कर रहता है और वह पर खाना बनता है और बर्तन धोता है अगर विस्वास नहीं हो रहा है तो तुम सब खुद प्रतिक से पूछ लो क्यों प्रतिक मई सच बोल रहा हु न.
आकाश के बात सुन कर सरे लोग मुझे अजीब नजरो से घूरने लगे वही आकाश के साथ आयी लड़की जिसका नाम स्वाति है वो स्कूल के दिनों से hi शनाया से नफरत करती थी क्युकी स्कूल के सरे लड़के सिर्फ शनाया को hi भाव देते थे और उसकी तारीफ करते थे शनाया स्वाति से हर चीज में बेस्ट थी चाहे वो पढाई हो या फिर सुंदरता इस लिए वो शनाया से बहत नफरत करती थी लेकिन आज जब उसे पता चला की वो एक घर जमाई से सदी कर ली है तो उसके दिल को बहुत सुकून मिला और वो शनाया के मजाक उड़ाते हुए बोली
स्वाति- की शनाया तुमने ये क्या किया तुम एक ऐसे लड़के से सदी कर ली जो तुम्हारे घर पर घर जमाई बन कर रहता है मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी तुमको अपने सुंदरता पर बहुत घमंड था न इसी लिए तो तुम स्कूल के लड़को को थोड़ा भी भाव नहीं देती थी अगर तुम्हे सदी hi करना था तो तुम इस फटीचर से सदी क्यों की इसके तो लाख गुना अच्छा आकाश था तुम्हारे लिए वो तो तुम्हे प्रपोज़ भी कर चूका है.
स्वाति के बात सुन कर मुझे बहुत गुसा आया मई अभी उसे कुछ जबाब hi देने वाला था की तभी शनाया उसे बोल पड़ी.
शनाया- हाउ डरे यू तुम्हारी हिमत कैसे हुयी प्रतिक को फटीचर बोलने की तुम अभी उसके बारे में जानते hi क्या हो है मन की वो मेरे घर पर रहता है और वो मेरे घर पर रह कर खाना बनता है लेकिन कुछ भी हो वो मेरा पति है और मई उसके बारे में एक शब्द भी नहीं सुनूंगी अगर दुबारा से उसके बारे में कुछ बोली तो फिर तुम देख लेना की मई तुम्हारे साथ क्या करती हु.
शनाया में बात सुन कर सब संत हो गए लेकिन शनाया को इस तरह से मेरा स्टैंड लेना अच्छा नहीं लगा इस लिए वो शनाया से बोलै.
आकाश- शनाया तुम स्वाति से ये कैसी बाटे कर रही हो स्वाति ने गलत क्या बोलै वो तो ठीक hi बोल रही है न तुम्ही बताओ की एक घर जमाई की इस दुनिया में कितना इज्जत मिलता है इसके बारे में यहाँ सब के मन में कुछ न कुछ चल hi रहा होगा तुम किस किस के मुँह बंद करोगी.
आकाश के बात सुन कर शनाया कुछ नहीं बोली लेकिन मई अब चुप नहीं रह सका इस लिए मई बोलै.
आकाश के बात सुन कर शनाया कुछ नहीं बोली वही सबका मुद ख़राब होता देख कर रिद्धिमा बिच में आयी और बोली.
रिद्धिमा- अरे यार तुम लोग भी क्या बात ले कर बैठ गए हम सब यहाँ पर कितने दिनों बाद मिले है चलो चल कर एन्जॉय करते है.
रिद्धिमा के बात सुन कर सबने अपना सर है में हिलाया और सब वही पर लगे हुए टेबल पर बैठ गए और आपस में बाटे करने लगे ज्यादातर लोग मेरे बारे में hi बात कर रहे थे लेकिन मई चुप चाप सबके बात को सुन कर इग्नोर करता रहा थोड़ी देर में वह पर खाना आ गया और हम सब खाना खाने लगे तभी आकाश मेरा मजाक बनाते हुए बोलै.
आकाश- वैसे प्रतिक तुम कब तक घर जमाई बन कर रहोगे कब तक दुसरो के टुकड़ो पर पालोगे तुम ऐसा क्यों नहीं करते की कल मेरे कंपनी में आओ और मई तुम्हे अपने कंपनी में एक सिक्योरिटी गॉर्ड की नौकरी दे दूंगा.
आकाश के बात सुन कर सरे लोग मुस्कुराने लगे मई आकाश के बातो का मतलब समझ गया था की वो इंदिरेक्ट्ली मेरा मजाक उदा रहा है इस लिए मई बोलै.
मई- मुझे ये देख कर खुसी हुयी की तुम्हे मेरी इतना परवाह है लेकिन सॉरी मुझे किसी भी तरह के नौकरी की जरुरत नहीं है और वैसे मुझसे ज्यादा तो तुम्हे नौकरी की जरुरत है क्युकी तुम भी अपने बाप के पैसो पर पल रहे हो रही मेरी बात तो मई शनाया के घर में खाना बना कर hi खुस हु.
मेरे बातो को सुन कर सरे लोग हसने लगे वही जब आकाश ने देखा की मई उसकी बेइज्जती कर रहा हु तो वो घुसे से बोलै.
आकाश- मई यहाँ तुम्हारी मदत करने के बारे में सोच रहा हु और तुम मेरी hi बेइज्जती कर रहे हो आखिर तुम हो क्या जो तुममे इतना घमंड है आखिर तुम एक घर जमाई hi तो हो.
शनाया- बस बहुत हो आकाश तुम बहुत बेइज्जती कर लिए (फिर रिद्धिमा के तरफ देखते हुए) क्या तुम मुझे यहाँ पर बेइज्जती करने के लिए बुलाई थी चलो प्रतिक हम यहाँ से चलते है.
शनाया को इस तरह घुसे में देख कर आकाश को लगा की वो कुछ ज्यादा hi बोल दिया है शनाया अगर उससे गुसा हो कर चली गयी तो उसका काम ख़राब हो जायेगा इस लिए वो शनाया से बोलै.
आकाश- सॉरी सनाया मेरा इंटेंशन तुम दोनों बेइज्जती करना नहीं था मई तो बस प्रतिक को एक काम देना चाहता था ताकि सरे लोग उसका मजाक न उड़ाए.
रिद्धिमा- है शनाया तुम गुसा थूक डॉन और पार्टी को इंजॉय करो देखो हम सब बहुत दिन बाद मिले है अगर तुम इस तरह से गुसा हो कर चली जाओगी तो हम सब को अच्छा नहीं लगेगा.
इधर उसी होटल के एक रूम में समर सिंघानिया बैठा हुआ था तभी वह पर होटल के मैनेजर आया और बोलै.
मैनेजर- सर अपने मुझे बुलाया.
समर- है मनगर मैंने मैंने तुम्हे इस लिए बुलाया है की 3रद फ्लोर के प्राइवेट रूम में मेरा एक गेस्ट आये हुए है इस लिए तुम एक काम करो उस रूम में के सरे बिल माफ़ कर दो और उनसे बोलो की उनलोगो को आज होटल के तरफ से सरे बिल माफ़ है उन्हें जो भी खाना है खा सकते है और है साथ में इस होटल के सबसे महंगा वाइन भी उन सब के लिए लेके जाना.
मैनेजर- जी ठीक है मई अभी उनके लिए वाइन लेकर जाता हु और साथ में आपके बात को भी उन सब से बोल दूंगा वैसे सर आपके गेस्ट का नाम क्या है.
समर- उनका नाम प्रतिक है तुम्हे और कुछ जानना है.
मैनेजर- नहीं सर मई जा रहा हु.
इतना बोल कर मैनेजर वह से चला गया दरअसल जब मई और शनाया 3रद फूर के प्राइवेट रूम में जा रहे थे तब समर ने मुझे अंदर जाते हुए देख लिया था.
इधर प्राइवेट रूम में हम सब बैठ कर खाना खा रहे थे तभी प्राइवेट रूम का गेट खुला और मैनेजर अंदर आया फिर वो अंदर आने के साथ बोलै.
मैनेजर- मई आप सब के लिए इस होटल के मालिक मर. समर अग्रवाल के तरफ से ये वाइन लेकर आया हु और साथ में उन्होंने बोलै है की आप सब उनके गेस्ट के साथ पार्टी कर रहे है इस लिए आज इस पार्टी में जितने का भी बिल आएगा वो उनके तरफ से hi होगा.
मैनेजर के बात सुन कर उस रूम में बैठे सरे लोग हैरान रह गए लेकिन मई जनता था की समर ये सब मेरे लिए कर रहा है इस लिए मई मैनेजर को मन करते हुए बोलै.
मई- अरे नहीं मैनेजर साहब आपको और समर को हम सब के लिए ये करने की जरुरत नहीं है.
मेरी बात को सुन कर जो पहले से हैरान थे वो और हैरान हो गए और साथ में गुसा भी क्युकी उनको फ्री में इस होटल के सबसे महंगा वाइन पिने के लिए मिल रहा था मुझे ऐसे मन करने पर शनाया भी हैरान रह गयी और वो मुझसे धीरे से बोली.
शनाया- प्रतिक तुम ये क्या कर रहे हो मर. समर सिंघानिया ने अपने गेस्ट के चलते ये सब कर रहा है तो तुम उसे मन क्यों कर रहे हो.
अभी मई शनाया के बातो का जबाब देता उससे पहले hi स्वाति घुसे से बोली.
स्वाति- तुम्हारे अंदर थोड़ा भी तमीज़ नहीं है क्या की कब क्या बोलना चाहिए तुम अपने आप को समझते क्या हो और आकाश के फ्रेंड के द्वारा दिए गए गिफ्ट को तुम कैसे मन कर सकते हो अगर मन करना hi होगा तो आकाश करेगा न की तुम समझे और वैसे भी तुम्हारी औकात यहाँ खाना खाने की नहीं है ये तो भला हो आकाश का जो यहाँ पार्टी दिया और शनाया को बुलाया और शनाया तुमको अपने साथ लेकर यहाँ आ गयी नहीं तो तुम कभी सपनो में भी इस होटल में नहीं आ सकते थे.
स्वाति के बात सुन कर मुझे बहुत गुसा आया और मई घुसे में बोलै.
मई- मई कब से तुम्हारे इस बकवास को सुन रहा हु इस लिए अपने इस बकवास को बंद करो और तुम मुझे ये बताओ की कब मैंने आकाश के फ्रेंड के द्वारा दिए गए गिफ्ट को मन किया मई तो उसके दोस्त को जनता भी नहीं हु.
स्वाति- वह क्या नाटक करते हो तुम तुमने अभी अभी मैनेजर को मन नहीं किया और अब बोलते हो की तुम कब मन किये.
मई- वह तो समर आकाश के फ्रेंड है ये तो मुझे पता hi नहीं था क्या ये सच है आकाश समर तुम्हारा दोस्त है.
मेरे बात को सुन कर आकाश के माथे पर पसीना आने लगा लेकिन वो अपने पसीने को पोछते हुए बोलै.
आकाश- है समर मेरा दोस्त है और उसने hi ये वाइन मेरे लिए भेजा है और आज का सारा बिल माफ़ किया है.
स्वाति- सुन लिया न तुमने चलो अब आकाश और मैनेजर दोनों से माफ़ी मानगो.
मई- वो ऐसा है क्या (फिर मैनेजर से) क्या ये सच बोल रहा है क्या समर ने आकाश के लिए ये सब किया है.
मैनेजर जो कब से वाइन लिए खड़ा था और हम सब के बात को सुन रहा था वो बोलै.
मैनेजर- नहीं मर. समर ने ये सब आकाश के लिए नहीं किये है वो तो ये सब मर. प्रतिक के लिए किये है वैसे आप सब में प्रतिक कोण है.
रीयूनियन पार्टी
डॉ. खुराना के बहुत मानाने के बाद देशमुख प्रभाकर मुझसे इलाज करवाने के लिए मन गए लेकिन उनके चेहरे पर अभी भी हीच किचहात दिख रहा था इस लिए मैंने अपने दिव्या दृस्टि से उनके पूरा बॉडी को देखना सुरु किया तो मुझे उनकी बीमारी के पता चल गया इस लिए मई उनसे बोलै.
मई- आप अभी भी मुझसे इलाज नहीं करवाना चाहते है न तो ठीक है आप मेरी बात सुन लीजिये इसके बाद भी आपको लगे की आप मुझसे इलाज नहीं करवाना चाहते है तो फिर आप यहाँ से जा सकते है फिर आपको डॉ. खुराना भी मुझसे इलाज करवाने के लिए फाॅर्स नहीं करेंगे.
देशमुख- ठीक है बोल मई सुन रहा हु तुम्हारे बातो को.
मई- आपके पुरे शरीर में जलन रहता है और ये जलन रत में सोने के समय और बढ़ जाता जिसके कारन आप अच्छे से सो भी नहीं पते है और सबसे बड़ी बात की ये जलन आपके माथे से सुरु हो कर पुरे शरीर में फ़ैल जाता है मेरी बात सही है न.
मेरे बात को सुन कर देशमुख प्रभाकर हैरान रह जाते है हलाकि देशमुख के साथ साथ एक और ब्यक्ति हैरान थी और वो थी डॉ. दिव्या वो वह पर कबका सिल्वर नीडल ले कर आ गयी थी और मेरी और देशमुख प्रभाकर के बात को सुन रही थी इधर मेरे बात सुन कर देशमुख प्रभाकर मुझसे पूछते है.
देशमुख- तुमने न मेरा कोई डायग्नोसिस किया और न hi मेरा पुलस चेक किया फिर तुम्हे कैसे पता चला की मुझे क्या प्रॉब्लम है कही तुम मेरे बारे में पहले से तो नहीं जानते.
मई- मई आपको पहले से नहीं जनता हु मुझे आपके बीमारी के बारे में आपको देखते hi पता चल गया था इस लिए आपको से ये सब पूछा.
देशमुख प्रभाकर मेरी बात को सुन कर हैरान हो गए थे की मई कैसे सिर्फ देख कर हु उनके बीमारी सही सही बता सकता हु अगर ये मेरी बीमारी को देखते hi पहचान गया है तो ये जरूर मेरा इलाज कर सकता है.
देशमुख- ठीक है मई तुमसे इलाज करवाने के लिए तैयार हु अब तुम बताओ की मुझे क्या करना होगा.
मई- ठीक है आप अपने शर्ट को निकल कर इस मेडिकल बीएड पर पेट के तरफ से हो कर सो जाइये.
मेरे बोलने के बाद देशमुख प्रभाकर मेडिकल बीएड के पास जा कर सो गए फिर मई दिव्या के तरफ देखते हुए बोलै.
मई- दिव्या क्या तुम सिल्वर नीडल ले आयी.
दिव्या- जी मई ले आयी हु ये लीजिये.
फिर वो मुझे सिल्वर नीडल के पैकेट दे दी मई सिल्वर नीडल के पैकेट लेकर देशमुख के पास गया और सिल्वर नीडल को हवा में उछाल दिया और अपने मेन्टल एनर्जी से उन सरे नीडल को अपने काबू में किया और देशमुख के बॉडी में कमर से लेकर सर तक में सिल्वर नीडल दाल दिया फिर अपने योगिक शक्ति को उस नीडल के रस्ते उनके बॉडी में डालने लगा थोड़ी देर तक ऐसे hi योगिक शक्ति को डालने के बाद देशमुख के बॉडी से पसीने आने सुरु हो गए और फिर वो पसीने हल्का काळा रंग रंग का था और उसमे से बदबू भी आ रहा था फिर मई सिल्वर नीडल को उनके बॉडी से निकल लिया और मई उनसे बोलै.
मई- देशमुख सर आप सबसे पहले वाशरूम में जा कर खुद को साफ कर लीजिये इसके बाद मई आपसे बात करता हु.
मेरे बात को सुन कर देशमुख प्रभाकर अपने प् को वह बुलाया और उनको कुछ बोल कर उसी में से आत्ताच वाशरूम में चले गए देशमुख को वह से जाने के बाद डॉ. खुराना मुझसे बोले.
डॉ. खुराना- क्या देशमुख प्रभाकर का इलाज हो गया वो ठीक हो गए.
मई- जब वो बहार निकालेंगे तो आप खुद उनसे पूछ लीजियेगा तब तक आप दूसरे पेशेंट को बुला लीजिये.
डॉ. खुराना- ठीक है.
इतना बोल कर वो बहार जाने hi वाले थे की तभी एक नर्स वह पर आयी और बोली.
नर्स- सर मेयर राघवेंद्र आये है क्या मई उनको यहाँ पर ले कर आ जाऊ.
डॉ. खुराना- क्या मेयर राघवेंद्र आये लेकिन वो यहाँ क्यों आये है.
मई- उनको मैंने hi बुलाया है आप उनको ले कर यहाँ आ जाइये.
नर्स मेरी बात सुन कर डॉ. खुराना को देखने लगी डॉ. खुराना ने अपना सर है में हिलाया तो वह से चली गयी और कुछ देर बाद वो मेयर राघवेंद्र को लेकर वह आ गयी डॉ. खुराना मेयर को देख कर बोले.
डॉ. खुराना- आइये मेयर साहब आपका सिटी हॉस्पिटल में स्वागत है.
मेयर- अरे नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं है मई तो यहाँ प्रतिक से अपना इलाज करवाने आया हु.
मई- मई जो आपको बोलै था वो आप लेकर आये है.
मेयर- है मई सरे जड़ी बूटियों को ले कर आया हु.
मई- ठीक है दिव्या तुम सर से वो जड़ी बूटी ले लो और उसका पाउडर बना कर यहाँ ले आओ.
मेरे बात को सुन कर दिव्या तुरंत मेयर से उन जड़ी बूटियों को ले लेती है और रूम में बहार निकल जाती है उसको बहार जाते hi देशमुख के प् अपने साथ कुछ कपडे लेकर वह आता है और वाशरूम में जा कर दरवाज़ा खटखटा है तो अंदर से देशमुख का आवाज आता है.
देशमुख- कोण है.
प्- सर मई हु आपका प् मई आपके लिए कपडे ले कर आया हु.
प् के बात सुन कर देशमुख वाशरूम के दरवाजा खोल कर प् से कपडे ले लेता है और उसको पहन कर बहार आता है और बहार आने के साथ hi मेरे सामने हाथ जोड़ कर बोलता है.
देशमुख- सॉरी डॉ. प्रतिक मैंने आपके साथ मिस्बेहावे किया उसके लिए और सुक्रिया अपने मुझे ठीक कर दिया मई आपके इस एहसान को कभी नहीं भूलूंगा आज से आपको इस सहर में किसी भी चीज के जरुरत हो तो मुझे एक बार यद् कीजियेगा मई आपके उस काम को किसी भी तरह से पूरा करूँगा ये मेरे आपसे वडा है.
देशमुख के बात सुन कर वह पर जितने भी लोग थे सब हैरान हो जाते है क्युकी देशमुख एक होम मिनिस्टर था और उसका सर्कार में अच्छा खासा चलता था.
मई- अरे नहीं आपको मुझे सॉरी बोलने की जरुरत नहीं है मई आपके बातो का बुरा नहीं मन था और सुक्रिया की कोई जरुरत नहीं है क्युकी आपका इलाज करना तो मेरा फ़र्ज़ था.
देशमुख- ये तो आपका बड़ापन है जो आप इस तरह से बोल रहे है.
डॉ. खुराना जो कब से हम दोनों के बात सुन रहे थे वो बिच में बोल पड़े.
डॉ. खुराना- सर अब आपका तबियत कैसी है क्या आप पूरी तरह से ठीक महसूस कर रहे है.
देशमुख- मई पूरी तरह से ठीक महसूस कर रहा हु डॉ. साहब और आपको भी थैंक्स अपने मुझे डॉ. प्रतिक से इलाज करवाया उसके लिए तो ठीक है डॉ. प्रतिक अब मई चलता हु और अपना no. मेरे प् को दे देना और मुझसे तूच में रहना.
मई- जी ठीक है.
इसके बाद मैंने अपना No. प् को दिया और देशमुख के no. अपने मोबाइल में सेव कर लिया इसके बाद देशमुख वह से चले जाते है.
देशमुख प्रभाकर को वह से जाते hi एक नर्स भागते हुए रूम में आयी और डॉ. खुराना से बोली.
नर्स- सर एक सीरियस केस आया है और आपको वह जाना जरुरी जय.
डॉ. खुराना- कैसा सीरियस केस और मुझे वह जाना क्यों जरुरी है और भी तो डॉक्टर है न इस हॉस्पिटल में तुम उनको जाकर बोलो की वो उस केस को संभाले.
नर्स- सर वो ऐसा केस है की उसे आपके शिवा और कोई संभल नहीं सकता.
डॉ. खुराना नर्स के बात सुन कर गंभीर हो जाये है और उस नर्स से पूछते है.
डॉ. खुराना- क्या हुआ है मुझे पूरी डिटेल्स में बताओ.
नर्स- सर बात ऐसी है की अभी जो पेशेंट आया है उसके बॉडी में रोड गुसा हुआ है और वो भी उसके दिल के करीब है.
नर्स के बात सुन कर डॉ. खुराना हैरान रह जाते है और फिर मेरे तरफ देखते हुए बोलते है.
डॉ. खुराना- प्रतिक हॉस्पिटल में एक सीरियस केस आया है इस लिए मुझे अभी यहाँ से जाना होगा.
मई- ठीक है सर आप जाइये और उस पेशेंट को देखिये यहाँ मई सब संभल लूंगा.
फिर Dr.khurana और वो नर्स दोनों वह से चले जाते है अब इस रूम में मई और मेयर hi बचे थे.
इधर दिव्या भी उन सरे जड़ी बूटियों को पाउडर बना कर ले आयी थी तो मई मेयर के भी इलाज सुरु कर दिया मैंने पहले उनको मेडिकल बीएड पर सुलाया और फिर अपने हाथ में सिल्वर नीडल लिया और 4 नीडल को मेयर के माथे में लगा और 4 नीडल दिल के चारो तरफ लगाया और 1 नीडल मेयर के नाभि में लगा दिया इसके बाद मैंने अपने योगिक शक्ति से मेयर के सर दिल और पेट के हिसे को क्लीन करने लगा थोड़ी देर तक क्लीनिंग करने के बाद मई अपने मेंटल पावर से जड़ी बूटियों के पाउडर को सिल्वर नीडल के माध्यम से मेयर के बॉडी में डालने लगा थोड़ी देर में जब सारा पाउडर को मेयर के बॉडी में डालने के बाद मेयर के बॉडी से सरे सिल्वर नीडल को निकल लिया और मेयर से बोलै.
मई- सर अभी मैंने आपके बॉडी में उस पाउडर को डाला है जिसके कारन आपके बॉडी के सरे पार्ट्स ब्लॉक हो गए है आप 1 घंटे तक अपना पेअर भी नहीं हिला सकते है इस लिए आपको 1 घंटे के लिए दूसरे रूम में शिफ्ट करवा दे रहा हु जब वो पाउडर पूरी तरह से आपके बॉडी में मिल जायेगा तो आप ठीक हो जायेंगे.
मेरे बात को सुन कर मेयर साहब ने अपना सर को है में हिला दिया इसके बाद मई दिव्या से बोलै.
मई- दिव्या मेयर साहब को दूसरे रूम में शिफ्ट करवा दो क्युकी अभी ये 1 घंटे तक हिल दल भी नहीं सकते है.
दिव्या- ठीक है.
इतना बोल कर वो वार्डबॉय को बुलाने के लिए चली जाती है थोड़ी देर में 2 वार्डबॉय आते है और मेयर को उठा कर दूसरे रूम में ले जाते है इसके बाद मई दिव्या को बोलै.
मई- दिव्या तुम एक काम करो मई आज और सिर्फ 15 पेशेंट को hi देखूंगा इस लिए जो पेशेंट ज्यादा क्रिटिकल कंडीशन में है उन्हें यहाँ लेन के लिए बोलो.
दिव्या मेरे बात को सुन कर वह से चली जाती है और 1 पेशेंट को अपने साथ लेकर आती है वो एक 10 साल का बचा था उस बचे के साथ उसके माँ बाप भी आये थे मैंने उस लड़के को ध्यान से देखा तो उस बचे के पुरे शरीर पीला हो गया था और वो बचा बेहोश था मई उन लोगो से उस बचे को मेडिकल बीएड पर लेटने के लिए बोलै और फिर अपने सिल्वर नीडल से उसका इलाज सुरु कर दिया थोड़ी देर बाद उस बचे की कंडीशन सही हो गया और वो बचा होश में आ गया जिसे देख कर उस बचे के माँ बाप बहुत खुस हो गए और वह से चले गए.
उनको जाने के बाद फिर एक और पेशेंट आया मैंने उसका भी इलाज कर दिया ऐसे hi मई धीरे धीरे 5 पेशेंट का इलाज कर दिया था तभी वह पर डॉ. खुराना आ गए जो कुछ परेशां लग रहे थे इस लिए मई उनसे पूछा.
मई- क्या बात है डॉ. खुराना आप परेशां लग रहे है.
डॉ. खुराना- है प्रतिक बात hi कुछ ऐसी है की मई परेशां हो गया.
मई- क्या बात है आप मुझे बता सकते है.
डॉ. खुराना- अभी अभी एक पेशेंट सीरियस कंडीशन में यहाँ लाया गया है उसके बॉडी में एक रोड गुसा हुआ है जो उसके दिल के बहुत करीब है अगर उस रोड को निकला गया तो उसके दिल को बहुत नुकसान पहुंचेगा जिसके करना उसका मरने का बहुत चांस है और अगर नहीं निकला गया तो वो वैसे भी मर जायेगा इस लिए समझ में नहीं आया रहा है की मई क्या करू.
मई- क्या मई एक बार उस पेशेंट को देख सकता हु.
डॉ. खुराना- अरे है मई ये कैसे भूल गया की चमत्कारी डॉक्टर तो अभी इसी हॉस्पिटल में है है है चलो एक बार तुम चल कर उस पेशेंट को देख लो.
इसके बाद मई दिव्या को भी अपने साथ लेकर डॉ. खुराना के साथ उस पेशेंट को देखने चला गया जब मई िक के पास पंहुचा तो देखा की एक औरत और एक लड़की वही पर बैठ कर रो रही थी वो लड़की जैसे hi डॉ. खुराना को देखि वो अपने माँ को लेकर उनके पास आयी और रट हुए बोली.
लड़की- प्लीज डॉ. साहब मेरे पिता जी को बचा लीजिये उनके शिवा हमारा इस दुनिया में कोई नहीं है अगर आप मेरे पिता जी को बचा लिए तो मई आपके लिए कुछ भी करने को तैयार रहूँगा प्लीज डॉक्टर साहब प्लीज.
डॉ. खुराना- देखिये खुद को सम्भालिये हम सब पूरी कोशिश करेंगे आपके पिता जी को बचने के लिए बाकि ऊपर वाले के ऊपर है वो जो चाहेंगे वही होगा.
इतना बोल कर डॉ. खुराना ने िक के दरवाजा खोल कर अंदर चले गए उनके जाने के बाद भी वो औरत और लड़की रो रही थी तो मैं उनके पास गया और उनसे बोलै.
मई- प्लीज आप सब रोना बंद कीजिये और ऊपर वाले पर भरोसा रखिये आपके पति को कुछ नहीं होगा.
औरत- कैसे रोना बंद करू बीटा वही है जिनके सहर हम दोनों माँ बेटी जिन्दा है अगर उनको कुछ हुआ तो हम सब मर जायेंगे.
मई- अच्छा ये सब आखिर हुआ कैसे आपके पति के शरीर में वो रोड गुसा कैसे.
वो औरत मेरे बात को सुन कर सुबकते हुए बोली.
औरत- बीटा मेरे पति एक कंस्ट्रक्शन साइट कर काम करते है आज भी वही पर काम कर रहे थे तभी पता नहीं कैसे वो ऊपर से निचे गिर गए और जहा वो गिरे वह पर रोड रखा हुआ था इसलिए जब वो वह पर गिरे तो रोड उनके शरीर में घुस गया.
मई- आप चिंता मत कीजिये आपके पति को कुछ नहीं होगा.
इतना बोल कर मई भी िक में चला गया जब मई वह गया तो देखा की वह पर डॉक्टर उस पेशेंट ऑपरेशन की तयारी कर रहे थे जब मई िक के गेट खोल कर अंदर गया तो सब के नजर मेरे तरफ हो गयी तभी एक डॉक्टर मेरे पास आया और बोलै.
डॉ.- अरे तुम दिखाई नहीं दे रहा है क्या की ये िक है और यहाँ पर बहार वालो को आना मन है.
अभी मई उस डॉक्टर को जबाब देने hi वाला था की तभी डॉ. खुराना बिच में बोल पड़े.
डॉ. खुराना- तुम इनसे तमीज से बात करो इन्हे मैंने बुलाया है और है ये बहार वाले नहीं है बल्कि ये भी इस हॉस्पिटल के डॉक्टर है.
डॉ. खुराना के बात सुन कर वो डॉक्टर कुछ नहीं बोलै लेकिन वो एक बार मुझे निचे से ऊपर तक जरूर घर कर देखा इधर मई अपने दिव्या दृस्टि से उस पेशेंट को स्कैन कर के देखने लगा तो मुझे उसके कंडीशन का पता चल गया फिर भी मई डॉ. खुराना से पूछा.
मई- पेशेंट की कंडीशन कैसा है.
डॉ. खुराना- अभी हम लोग ऑपरेशन की तयारी कर रहे है देखते है की ऑपरेशन के बाद क्या होता है.
मई- अगर इसका ऑपरेशन हुआ तो ये मर जायेगा क्युकी जो रोड इसके बॉडी में गुसा वो उसके दिल के बहुत करीब है और अगर उसका ऑपरेशन हुआ तो ये कन्फर्म है की उस रोड के चलते पेशेंट के दिल को बहुत नुकसान होगा.
वह पर खड़े सरे डॉक्टर और नर्स मेरे बात को सुन कर हैरान हो जाते है फिर डॉ. खुराना मुझसे पूछते है.
डॉ. खुराना- अगर इसका ऑपरेशन नहीं किया गया तो हम उस रोड को कैसे निकालेंगे.
मई- मई उस रोड को बिना ऑपरेशन के निकल सकता हु और उससे उस पेशेंट को कोई नुकसान भी नहीं होगा.
डॉ. खुराना- क्या आप सच में ऐसा कर सकते है.
मई- है मई ऐसा कर सकता हु लेकिन मेरी एक शर्त है की इस रूम में आपके और दिव्या के अलावा और कोई नहीं रहेगा.
डॉ. खुराना- ठीक है मई सबको बहार भेजता हु आप इस पेशेंट का इलाज सुरु कीजिये.
इतना बोल कर डॉ. खुराना सरे लोगो को वह से बहार भेज देते है अब उस िक में मई दिव्या और डॉ. खुराना hi बचे थे.
मई- दिव्या पेशेंट के बॉडी पर लगे सरे ब्लड को क्लीन कर खास कर वह जहा वो रोड घुसा हुआ है.
मेरी बात सुन कर दिव्या कॉटन से पातें के बॉडी पर लगा हुआ ब्लड साफ करने लगती है जब थोड़ी देर में सारा ब्लड साफ hi जाता है तो मई सिल्वर नीडल को उस रोड के चारो तरफ गुसा देता हु जिसके कारन ब्लड आना रुक जाता है इसके बाद मई दिव्या और डॉ. खुराना को देखते हुए बोलै.
मई- दिव्या और डॉ. खुराना आप दोनों मुझसे प्रॉमिस कीजिये की आप जो यहाँ पर देखेंगे वो किसी को नहीं बताएँगे.
मेरी बात को सुन कर दोनों हैरान रह गए फिर दोनों ने मुझसे प्रॉमिस किया की वो किसी को कुछ भी नहीं बताएँगे तो मई अपने मन में एक मंत्र पढ़ने लगा ये एक अमोघ चक्र पद्धति बिद्या थी मई जैसे जैसे मंत्र पढ़ रहा था मेरे हाथो से रौशनी निकलने लगी जैसे hi उन दोनों ने मेरे हाथ से रौशनी निकलता देखा तो दोनों हैरान रह गए और अपने आँखों को फाड़कर बस मुझे hi घूरे जा रहे थे इधर मई उस मंत्र की पढ़ते हुए अपने हाथ को उस पेशेंट के दिल पर रख दिया जिसके कारन उसके दिल के चारो तरफ एक सुरक्षा कवच बन गया अब वो रोड को कोई भी किसी भी तरह से निकलता तो उस पेशेंट के दिल को कोई भी नुकसान नहीं पहुँचता फिर मई अपने हाथ को उस पेशेंट के दिल से हटा कर उस रोड के ऊपर लाया तो वो रोड किसी चुम्बक की तरह खींचते हुए बहार निकलने लगा धीरे धीरे कर के मई उस रोड को बहार निकल दिया इसके बाद मई दिव्या को आवाज लगाया जो एक जगह पर स्तब्ध खड़ा हो कर बस मुझे hi देखे जा रही थी मेरे आवाज देने पर वो हकलाते हुए बोली.
दिव्या- ये ये ये कैसे हो सकता है आपके हाथ से वो रोशनी कैसे निकल रही थी.
दिव्या के बात सुन कर डॉ. खुराना भी मुझे सवाल भरी नजरो से घूरते हुए पूछे.
डॉ. खुराना- है प्रतिक तुम बताओ की तुम ये कैसे किया तुम्हारे हाथ से वो रोशनी क्यों निकली थी और तो और जिस रोड को ऑपरेशन कर के निकलने के लिए भी सरे डॉक्टर दर रहे थे उसे तुम बिना ऑपरेशन के कैसे निकल लिए.
मई- अभी इन सब सवालो का समय नहीं है आप ये सब मुझसे बाद में भी पूछ सकते है सबसे पहले आप इस पेशेंट के जख्मो को ड्रेसिंग कीजिये क्युकी अभी इसका ब्लड मेरे द्वारा लगाया गया सिल्वर नीडल के चलते रुका हुआ है अगर मई वो नीडल निकल दिया तो बहुत ज्यादा मात्रा में ब्लड निकल सकता है जिसके कारन पेशेंट को नुकसान भी हो सकता है.
मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना ने तुरंत दिव्या को बहार खड़े सरे डॉक्टर और नर्स को बुलाने के लिए बोलै थोड़ी देर वो सरे डॉक्टर और नर्स अंदर आ गए और जैसे hi उन लोगो में पेशेंट को देखा सब हैरान रह गए तभी उनमे से एक डॉक्टर बोलै.
1सत डॉक्टर- असंभव ये कैसे हो सकता है बिना ऑपरेशन किये ये रोड कैसे कोई निकल सकता है ये तो चमत्कार हो गया.
2ंद डॉक्टर- अरे है यार और देखो न इस रोड को निकलने में एक बून्द भी ब्लड नहीं लिकला है ये तो सच में चमत्कार है.
मई उन सरे डॉक्टर को यु हैरानी से बात करता देख कर उनसे बोलै.
मई- अरे आप सब बाद में भी बात कर सकते है पहले आप जाकर उस पेशेंट को ड्रेसिंग कीजिये.
मेरे बात को सुन कर वो सब होश में आये और तुरंत पेशेंट के पास चले गए फिर मई उस पेशेंट के बॉडी से नीडल को बहार निकल दिया इसके बाद वो सरे डॉक्टर उस पेशेंट का ट्रीटमेंट करने लगे फिर मई वह से निकल कर बहार आ गया मेरे पीछे पीछे डॉ. खुराना और दिव्या भी बहार आ गयी थी फिर मई जिस रूम में सरे पेशेंट को देख रहा था वह आ गया और चेयर पर बैठ गया मेरे पीछे पीछे वो दोनों भी उस रूम में आ गए थे लेकिन दोनों चुप hi थे दोनों में से कोई कुछ बोल नहीं रहा था तो मई उनके सन्ति को भांग करते हुए बोलै.
मई- अगर आप दोनों को कुछ पूछना है तो जल्दी पूछिए क्युकी मुझे और भी पेशेंट को देखना है और फिर यहाँ से जाना भी है.
मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना मुझसे बोले.
डॉ. खुराना- वो सब क्या था तुम्हारे हाथ से रोशनी कैसे निकल रही थी और तुमने इतने आसानी से बिना उस पेशेंट के दिल को नुकसान पहुचाये उस रोड कैसे निकल लिया.
डॉ. खुराना के बात सुन कर मई मुस्कुराने लगा और फिर बोलै.
मई- आपके सरे सवालो का सिर्फ एक hi जबाब है और वो है अमोघ चक्र पद्धति विद्या मई इसी विद्या के कारन उस रोड को निकल पाया.
मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना कुछ सोचने लगे तभी दिव्या मुझसे बोली.
दिव्या- सर ये अमोघ चक्र पद्धति विद्या क्या है क्या इसी के कारन आपके हाथ से वो रौशनी निकल रही थी.
मई- है तुमने बिलकुल सही बोलै इसी अमोघ चक्र पद्धति विद्या के कारन hi मेरे हाथ से वो रोशनी निकल रही थी और रही बात की अमोघ चक्र पद्धति विद्या क्या है तो मई तुम्हे अच्छे से समझाता हु दरसल अमोघ चक्र पद्धति विद्या आयुर्वेदा का hi एक ज्ञान है सदियों पहले ऋषि मुनि इस विद्या से मरीजों का इलाज करते थे इस अमोघ चक्र पद्धति से मई किसी भी बीमारी का इलाज कर सकता हु लेकिन इस पद्धति से किसी भी बीमारी का इलाज करने के लिए सबसे पहले इस पद्धति को अच्छे से सीखना होता है इस पद्धति के अंदर एक्यूपंक्चर बिधि भी आता है जिसके जरिये तुम सिल्वर नीडल के मदत से किसी का भी इलाज कर सकती हो.
मेरे बात को सुन कर दोनों हैरान रह गए तभी डॉ. खुराना बोले.
डॉ. खुराना- मैंने इस विद्या के बारे में एक किताब में पढ़ा था लेकिन मैंने ये कभी नहीं सोचा था की मई इस विद्या का उपयोग होते हुए अपने आँखों से देख पाउँगा क्या आप मुझे ये विद्या सीखा सकते है.
डॉ. खुराना के बात सुन कर इस बार मई हैरान रह गया और मई उनसे इसी हैरानी में पूछा.
मई- क्या आप इस विद्या को सीखना चाहते है.
डॉ. खुराना- है मई इसे सीखना चाहता हु.
मई- मई आपको ये विद्या सीखा तो सकता हु लेकिन उसके लिए आपको कड़ी ट्रेनिंग करनी पड़ेगी.
डॉ. खुराना- मई इस विद्या को सिखने के लिए कुछ भी करने को तैयार हु.
मई- ठीक है अगर आप कड़ी ट्रेनिंग करने के लिए तैयार है तो मई आपको ये विद्या सीखा दूंगा.
मुझे डॉ. खुराना को अमोघ चक्र पद्धति विद्या सीखने के लिए राजी होता देख कर दिव्या बोली.
दिव्या- सर मई तो आपका असिस्टेंट हु न तो क्या आप मुझे ये विद्या नहीं सीखा सकते है.
मई- मई तुमको भी ये विद्या सीखा दूंगा लेकिन तुमको भी कड़ी ट्रेनिंग करनी होगी.
दिव्या- मई तैयार हु सर इस विद्या को सिखने के लिए मुझे जो भी करना पड़ा मई करुँगी.
मई- ठीक है हम इसके बारे में बाद में बात करेंगे पहले मई बचे हुए पेशेंट को देख लेता हु.
डॉ. खुराना- ठीक है मई उन सरे पेशेंट को यहाँ भेजता हु.
इतना बोल कर डॉ. खुराना वह से चले गए फिर वो एक एक पेशेंट को यहाँ भेजते रहे और मई उनका इलाज करते रहा इसी तरह से समय निकलता रहा और मई एक एक कर के सरे पेशेंट का इलाज कर दिया इसके बाद मई मेयर के वार्ड में गया तो देखा की वो अब जग चुके थे और पहले से ज्यादा फ्रेश लग रहे थे.
मई- अब आपको कैसा महसूस हो रहा है मेयर साहब.
मेयर ने जब मेरे बात को सुने तो तुरंत मेरे तरफ देखने लगे और मुझे अपने सामने देख कर मुझे गले लगा लिए और बोले.
मेयर- लग रहा है जैसे मेरी नया जनम हुआ है अब मुझे मेरे सरे बॉडी फ्री लग रहा है थैंक यू प्रतिक अगर तुम नहीं होते तो पता नहीं कब तक मुझे इस बीमारी को झेलना पड़ता.
मई- अभी से खुस होने की जरुरत नहीं है क्युकी अभी आपका इलाज आधा hi हुआ है 10 दिन बाद मुझे फिर से आपका एक बार इलाज करना पड़ेगा इस लिए आप जड़ी बूटियों का इंतज़ाम कर लीजियेगा.
मेयर- तुम उसकी चिंता मत करो मई सरे जड़ी बूटियों का इंतजाम कर लूंगा और है तुम्हे अगर इस सहर में कुछ पद गया तो मुझे बोलना.
मई- एक काम तो है लेकिन उसके लिए आप कल शाम में मुझसे स्काई मून क्लब में मिलना होगा तब मई आपको बताऊंगा.
मेयर- ठीक है तुम मुझे समय बता देना मई आ जाऊंगा.
इतना बोल कर वो वह से चले गए फिर मई डॉ. खुराना से बोल कर वह से निकल गया लेकिन जाते जाते मैंने दिव्या को अपना no. दे दिया और वह से चला गया मुझे जाते हुए देख कर दिव्या के आँखों में मेरे लिउए बहुत ज्यादा इज्जत दिख रहा था और वो मन में सोच रही थी.
दिव्या- (मन में) मई कितना गलत थी मई इनके जैसे महँ आदमी को धोखेबाज़ समझ लिया था इनके जैसा डॉक्टर इस सहर में तो क्या पुरे देश में भी नहीं होगा और आज मुझे इनसे सिखने के लिए बहुत कुछ मिला.
दिव्या को ऐसे सोच में पड़ा देख कर डॉ. खुराना बोले
डॉ. खुराना- क्या सोच रही हो दिव्या.
डॉ. खुराना के बात सुन कर दिव्या अपने होश में आयी और बोली.
दिव्या- मई सोच रही हु अंकल की प्रतिक सर को कितना ज्ञान है ये सच में एक महँ और चमत्कारी डॉक्टर है ये इतना महँ होते हुए भी कितना सिंपल रहते है और थैंक्स अंकल आपके वजह से मुझे इतने महँ डॉक्टर के असिस्टेंट बनने को मिला जिसके कारन आज मई बहुत कुछ सिख पायी हु.
डॉ. खुराना- तुम सही बोल रही हो डॉ. प्रतिक एक महँ डॉक्टर के साथ साथ चमत्कारी डॉक्टर भी है ये सिटी हॉस्पिटल के किस्मत अच्छी है की वो यहाँ पर गेस्ट डॉक्टर के रूप में काम करने के लिए तैयार हो गए और आज लगभग लगभग सरे क्रिटिकल केस को वो ठीक कर दिया देखना कल के न्यूज़ में उसी के बारे में हैडलाइन होगा वो कल पुरे देश में छ जायेगा और मुझे लग रहा है की अगले संडे को यहाँ बहुत भीड़ होने वाली है.
इधर मई हॉस्पिटल से निकल कर बहार आया और शनाया को कॉल किया तो शनाया मुझे क्सक्सक्स मॉल में आने के लिए बोली फिर मई एक कैब बुक किया और क्सक्सक्स मॉल के लिए निकल गया जब मई मॉल के पास पंहुचा तो देखा की शनाया वह पहले से hi मेरी इंतज़ार कर रही थी मई कैब से निकल सीधा उसके पास गया तो शनाया मुझे देखते hi बोली.
शनाया- चलो जल्दी बहुत लेट हो गया है.
मई- है चलो.
फिर मई और शनाया जल्दी से मॉल के अंदर गए और सीधा मांस ब्यूटी पार्लर में लेके गयी और फिर वो ब्यूटी पार्लर वाले से कुछ बात की और मुझे बोली.
शनाया- प्रतिक तुम इस पार्लर में जाओ ये तुम्हारे हेयर कटाई करेंगे और तुम्हे ब्यूटी टच देंगे.
शनाया के बात सुन कर मई अनमने ढंग से बोलै.
मई- शनाया ये सब करने की क्या जरुरत है मई तो ऐसे hi अच्छा दीखता हु.
शनाया- मई जानती हु की तुम ऐसे hi अच्छे दीखते हो लेकिन आज मई पहली बार अपने दोस्तों को तुमसे मिलवाना चाहती हु और मई नहीं चाहती की कोई तुम्हे तुम्हारे लुक्स और कपडे पर कमेंट करे.
मई- ठीक है जैसा तुम बोलो.
इसके बाद मई ब्यूटी पार्लर के अंदर चला गया करीब 2 घंटे तक अंदर रहने के बाद मई बहार निकला तो मई पूरी तरह से चेंज हो गया था शनाया ने जैसे hi मुझे देखि वो बस मुझे देखते hi रह गयी मई उसको मुझे इस तरह से घूरता हुआ देख कर बोलै.
मई- ऐसे ध्यान से मुझे क्यों देख रही हो बेगम साहिबा.
मेरी बात को सुन कर शनाया हड़बड़ा गयी और हकलाते हुए बोली.
शनाया- न्नन्न नहीं मई तुम्हे क्यों देखूंगी मई तुमको नहीं देख रही थी चलो अब कपडे खरीदने चलते है.
इतना बोल कर शनाया ने मेरे हाथ को पकड़ी और मुझे खींचते हुए कपडे के शोरूम में लेकर आ गयी इसके बाद शनाया ने अपने पसंद से मेरे लिए कपडा सेलेक्ट की और मई उसे ट्रेल रूम में जाकर पहन कर देखा फिर मई ट्रेल रूम से बहार निकल कर शनाया को दिखते हुए पूछा.
मई- कैसा लग रहा है
जैसे hi शनाया ने मुझे उन कपड़ो में देखो तो वो मुझमे hi खो सी गयी और एकटक मुझे hi देखे जा रही थी शनाया को जबाब माँ देता देख मई दुबारा उससे पूछा तो वो शरमाते हुए बोली.
शनाया- अच्छे लग रहे हो तुम ऐसे hi कपडा महना करो.
मई- (मजाक करते हुए) मेरे बेगम साहिबा का हुकुम है तो मुझे तो उनके हुकुम का पालन तो करना hi होगा.
मेरे बात सुन कर शनाया शर्मा गयी और फिर अपने चेहरे पर झूठा गुसा लेट हुए बोली.
शनाया- आज कल तुम बाटे ज्यादा बनाने लगे हो चलो जल्दी बिल पाय करते है क्युकी पार्टी के लिए हम आल रेडी लेट हो गए है.
मई- है ठीक है चलो.
इसके बाद हम काउंटर पर आये और बिल पाय करने लगे मई जैसे hi पेमेंट करने के लिए अपना कार्ड निकला तो शनाया ने मेरे हाथ को पकड़ ली और बोली.
शनाया- नहीं प्रतिक आज मुझे पेमेंट करने दो ये मेरे तरफ से तुम्हारे लिए एक गिफ्ट है.
शनाया के बात सुन कर मैंने भी ज्यादा कुछ नहीं बोलै और अपने कार्ड को अपने पॉकेट रख लिया और फिर शनाया ने बिल पाय किया और फिर हम बहार आ गए इसके बाद हम वह से सीधा एक होटल में आ गए ये होटल भी मुंबई के फेमस होटलो में से एक थी और इसका नाम सिंघानिया होटल था और इस होटल का मालिक मनोज सिंघानिया थे खैर हम दोनों होटल में एंट्री किया और 3रद फ्लोर बने एक प्राइवेट रूम के अंदर आ गए वह आने के बाद देखा की वह पर करीब 15 लड़के और लड़किया थी रूम में म्यूजिक बज रहा था जैसे हम दोनों उस रूम में एंट्री किया सरे लड़के और लड़कियों की नजर हम पर पड़ी तो लड़के लोग के मुँह से शनाया को देख कर लार टपकने लगे वही मुझे देख लड़कियों भी आहे भरने लगी तभी उनमे से एक लड़की आगे आयी और शनाया से बोली.
लड़की- ही शनाया कैसी हो तुम तो हमें भूल hi गयी.
शनाया- अरे नहीं रिद्धिमा मई बस सोल्लगे लाइफ में थोड़ा ज्यादा बिजी हो गयी थी वैसे मई तो ठीक लेकिन तुम बताओ.
रिद्धिमा- मई भी ठीक हु वैसे ये हैंडसम लड़का कोण है.
शनाया- इसमे नाम प्रतिक है और ये मेरे हस्बैंड है और प्रतिक ये है रिद्धिमा मेरा स्कूल फ्रेंड.
शनाया के बात सुन कर वह पर आये सरे लोग चौक गए लड़के और लड़किया दोनों लोगो की डिल टूट गया लड़के तो मुझे घर कर घुसे से देखने लगे क्युकी शनाया स्कूल में सबसे फेमस लड़की थी और वो बहुत सरे लड़को की क्रश भी ठीक लेकिन शनाया किसी लड़की को भाव नहीं देती थी वही लड़किया शनाया से जलने लगी इधर शनाया के बात सुन कर रिद्धिमा ने हैरानी से बोली.
रिद्धिमा- तुमने सदी भी कर ली और हम सब को बताया भी नहीं.
रिद्धिमा के बात सुन कर एक लड़का उसको है में है मिलते हुए बोलै.
लड़का- है शनाया ये तो गलत बात है तुम ने सदी कर ली और हम सब को बताया भू नहीं अब आकाश का क्या होगा.
उस लड़के के बात सुन कर वह खड़े सरे लोग हसने लगे.
शनाया- ऐसी कोई बात नहीं है विकाश और रिद्धिमा हमारी सदी hi ऐसी कंडीशन में हुआ की मई किसी को बुला नहीं सका.
विकाश- वैसे प्रतिक मन्ना पड़ेगा तुम्हे तुमने हमारे स्कूल के सबसे फेमस गर्ल और सरे लड़की के क्रश को उदा कर ले गया वैसे तुमने ये किया कैसे.
रिद्धिमा- है शनाया बताओ न तुम दोनों को अर्रंगे मैरिज हुआ है या लव मैरिज.
शनाया- हमारा सदी दादा जी ने करवाया है इस लिए ये अर्रंगे मैरिज है.
विकाश- वैसे प्रतिक तुम करते क्या हो.
अभी मई विकाश के बात का जबाब देने hi वाला था की तभी वह पर एक आवाज आयी.
आवाज- ये करेगा भी क्या ये तो अपने ससुराल में घर जमाई बन कर रहता है और अपने सास ससुर और बीवी के पैसो पर ऐश मौज करता है.
उस आवाज को सुन कर सरे लोग हैरान हो जाते है और मुझे अजीब से नजरो से घर कर देखने लगते है मई और शनाया जब उस आवाज के तरफ देखता हु तो वह से मुझे आकाश शेरगिल और उसके साथ एक लड़की आती हुयी दिखती है मई आकाश को देख कर समझ गया की अब यहाँ पर मेरी बहुत बेइज्जती होने वाली है इधर सरे लोग आकाश के बात सुन कर हैरानी से कभी मुझे टी कभी शनाया को तो कभी आकाश को देख रहे थे सबको इस तरह हैरानी से खुद को देखता देख कर आकाश फिर से बोलै.
आकाश- अरे मई सच बोल रहा हु प्रतिक सच में शनाया के घर पर घर जमाई बन कर रहता है और वह पर खाना बनता है और बर्तन धोता है अगर विस्वास नहीं हो रहा है तो तुम सब खुद प्रतिक से पूछ लो क्यों प्रतिक मई सच बोल रहा हु न.
आकाश के बात सुन कर सरे लोग मुझे अजीब नजरो से घूरने लगे वही आकाश के साथ आयी लड़की जिसका नाम स्वाति है वो स्कूल के दिनों से hi शनाया से नफरत करती थी क्युकी स्कूल के सरे लड़के सिर्फ शनाया को hi भाव देते थे और उसकी तारीफ करते थे शनाया स्वाति से हर चीज में बेस्ट थी चाहे वो पढाई हो या फिर सुंदरता इस लिए वो शनाया से बहत नफरत करती थी लेकिन आज जब उसे पता चला की वो एक घर जमाई से सदी कर ली है तो उसके दिल को बहुत सुकून मिला और वो शनाया के मजाक उड़ाते हुए बोली
स्वाति- की शनाया तुमने ये क्या किया तुम एक ऐसे लड़के से सदी कर ली जो तुम्हारे घर पर घर जमाई बन कर रहता है मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी तुमको अपने सुंदरता पर बहुत घमंड था न इसी लिए तो तुम स्कूल के लड़को को थोड़ा भी भाव नहीं देती थी अगर तुम्हे सदी hi करना था तो तुम इस फटीचर से सदी क्यों की इसके तो लाख गुना अच्छा आकाश था तुम्हारे लिए वो तो तुम्हे प्रपोज़ भी कर चूका है.
स्वाति के बात सुन कर मुझे बहुत गुसा आया मई अभी उसे कुछ जबाब hi देने वाला था की तभी शनाया उसे बोल पड़ी.
शनाया- हाउ डरे यू तुम्हारी हिमत कैसे हुयी प्रतिक को फटीचर बोलने की तुम अभी उसके बारे में जानते hi क्या हो है मन की वो मेरे घर पर रहता है और वो मेरे घर पर रह कर खाना बनता है लेकिन कुछ भी हो वो मेरा पति है और मई उसके बारे में एक शब्द भी नहीं सुनूंगी अगर दुबारा से उसके बारे में कुछ बोली तो फिर तुम देख लेना की मई तुम्हारे साथ क्या करती हु.
शनाया में बात सुन कर सब संत हो गए लेकिन शनाया को इस तरह से मेरा स्टैंड लेना अच्छा नहीं लगा इस लिए वो शनाया से बोलै.
आकाश- शनाया तुम स्वाति से ये कैसी बाटे कर रही हो स्वाति ने गलत क्या बोलै वो तो ठीक hi बोल रही है न तुम्ही बताओ की एक घर जमाई की इस दुनिया में कितना इज्जत मिलता है इसके बारे में यहाँ सब के मन में कुछ न कुछ चल hi रहा होगा तुम किस किस के मुँह बंद करोगी.
आकाश के बात सुन कर शनाया कुछ नहीं बोली लेकिन मई अब चुप नहीं रह सका इस लिए मई बोलै.
आकाश के बात सुन कर शनाया कुछ नहीं बोली वही सबका मुद ख़राब होता देख कर रिद्धिमा बिच में आयी और बोली.
रिद्धिमा- अरे यार तुम लोग भी क्या बात ले कर बैठ गए हम सब यहाँ पर कितने दिनों बाद मिले है चलो चल कर एन्जॉय करते है.
रिद्धिमा के बात सुन कर सबने अपना सर है में हिलाया और सब वही पर लगे हुए टेबल पर बैठ गए और आपस में बाटे करने लगे ज्यादातर लोग मेरे बारे में hi बात कर रहे थे लेकिन मई चुप चाप सबके बात को सुन कर इग्नोर करता रहा थोड़ी देर में वह पर खाना आ गया और हम सब खाना खाने लगे तभी आकाश मेरा मजाक बनाते हुए बोलै.
आकाश- वैसे प्रतिक तुम कब तक घर जमाई बन कर रहोगे कब तक दुसरो के टुकड़ो पर पालोगे तुम ऐसा क्यों नहीं करते की कल मेरे कंपनी में आओ और मई तुम्हे अपने कंपनी में एक सिक्योरिटी गॉर्ड की नौकरी दे दूंगा.
आकाश के बात सुन कर सरे लोग मुस्कुराने लगे मई आकाश के बातो का मतलब समझ गया था की वो इंदिरेक्ट्ली मेरा मजाक उदा रहा है इस लिए मई बोलै.
मई- मुझे ये देख कर खुसी हुयी की तुम्हे मेरी इतना परवाह है लेकिन सॉरी मुझे किसी भी तरह के नौकरी की जरुरत नहीं है और वैसे मुझसे ज्यादा तो तुम्हे नौकरी की जरुरत है क्युकी तुम भी अपने बाप के पैसो पर पल रहे हो रही मेरी बात तो मई शनाया के घर में खाना बना कर hi खुस हु.
मेरे बातो को सुन कर सरे लोग हसने लगे वही जब आकाश ने देखा की मई उसकी बेइज्जती कर रहा हु तो वो घुसे से बोलै.
आकाश- मई यहाँ तुम्हारी मदत करने के बारे में सोच रहा हु और तुम मेरी hi बेइज्जती कर रहे हो आखिर तुम हो क्या जो तुममे इतना घमंड है आखिर तुम एक घर जमाई hi तो हो.
शनाया- बस बहुत हो आकाश तुम बहुत बेइज्जती कर लिए (फिर रिद्धिमा के तरफ देखते हुए) क्या तुम मुझे यहाँ पर बेइज्जती करने के लिए बुलाई थी चलो प्रतिक हम यहाँ से चलते है.
शनाया को इस तरह घुसे में देख कर आकाश को लगा की वो कुछ ज्यादा hi बोल दिया है शनाया अगर उससे गुसा हो कर चली गयी तो उसका काम ख़राब हो जायेगा इस लिए वो शनाया से बोलै.
आकाश- सॉरी सनाया मेरा इंटेंशन तुम दोनों बेइज्जती करना नहीं था मई तो बस प्रतिक को एक काम देना चाहता था ताकि सरे लोग उसका मजाक न उड़ाए.
रिद्धिमा- है शनाया तुम गुसा थूक डॉन और पार्टी को इंजॉय करो देखो हम सब बहुत दिन बाद मिले है अगर तुम इस तरह से गुसा हो कर चली जाओगी तो हम सब को अच्छा नहीं लगेगा.
इधर उसी होटल के एक रूम में समर सिंघानिया बैठा हुआ था तभी वह पर होटल के मैनेजर आया और बोलै.
मैनेजर- सर अपने मुझे बुलाया.
समर- है मनगर मैंने मैंने तुम्हे इस लिए बुलाया है की 3रद फ्लोर के प्राइवेट रूम में मेरा एक गेस्ट आये हुए है इस लिए तुम एक काम करो उस रूम में के सरे बिल माफ़ कर दो और उनसे बोलो की उनलोगो को आज होटल के तरफ से सरे बिल माफ़ है उन्हें जो भी खाना है खा सकते है और है साथ में इस होटल के सबसे महंगा वाइन भी उन सब के लिए लेके जाना.
मैनेजर- जी ठीक है मई अभी उनके लिए वाइन लेकर जाता हु और साथ में आपके बात को भी उन सब से बोल दूंगा वैसे सर आपके गेस्ट का नाम क्या है.
समर- उनका नाम प्रतिक है तुम्हे और कुछ जानना है.
मैनेजर- नहीं सर मई जा रहा हु.
इतना बोल कर मैनेजर वह से चला गया दरअसल जब मई और शनाया 3रद फूर के प्राइवेट रूम में जा रहे थे तब समर ने मुझे अंदर जाते हुए देख लिया था.
इधर प्राइवेट रूम में हम सब बैठ कर खाना खा रहे थे तभी प्राइवेट रूम का गेट खुला और मैनेजर अंदर आया फिर वो अंदर आने के साथ बोलै.
मैनेजर- मई आप सब के लिए इस होटल के मालिक मर. समर अग्रवाल के तरफ से ये वाइन लेकर आया हु और साथ में उन्होंने बोलै है की आप सब उनके गेस्ट के साथ पार्टी कर रहे है इस लिए आज इस पार्टी में जितने का भी बिल आएगा वो उनके तरफ से hi होगा.
मैनेजर के बात सुन कर उस रूम में बैठे सरे लोग हैरान रह गए लेकिन मई जनता था की समर ये सब मेरे लिए कर रहा है इस लिए मई मैनेजर को मन करते हुए बोलै.
मई- अरे नहीं मैनेजर साहब आपको और समर को हम सब के लिए ये करने की जरुरत नहीं है.
मेरी बात को सुन कर जो पहले से हैरान थे वो और हैरान हो गए और साथ में गुसा भी क्युकी उनको फ्री में इस होटल के सबसे महंगा वाइन पिने के लिए मिल रहा था मुझे ऐसे मन करने पर शनाया भी हैरान रह गयी और वो मुझसे धीरे से बोली.
शनाया- प्रतिक तुम ये क्या कर रहे हो मर. समर सिंघानिया ने अपने गेस्ट के चलते ये सब कर रहा है तो तुम उसे मन क्यों कर रहे हो.
अभी मई शनाया के बातो का जबाब देता उससे पहले hi स्वाति घुसे से बोली.
स्वाति- तुम्हारे अंदर थोड़ा भी तमीज़ नहीं है क्या की कब क्या बोलना चाहिए तुम अपने आप को समझते क्या हो और आकाश के फ्रेंड के द्वारा दिए गए गिफ्ट को तुम कैसे मन कर सकते हो अगर मन करना hi होगा तो आकाश करेगा न की तुम समझे और वैसे भी तुम्हारी औकात यहाँ खाना खाने की नहीं है ये तो भला हो आकाश का जो यहाँ पार्टी दिया और शनाया को बुलाया और शनाया तुमको अपने साथ लेकर यहाँ आ गयी नहीं तो तुम कभी सपनो में भी इस होटल में नहीं आ सकते थे.
स्वाति के बात सुन कर मुझे बहुत गुसा आया और मई घुसे में बोलै.
मई- मई कब से तुम्हारे इस बकवास को सुन रहा हु इस लिए अपने इस बकवास को बंद करो और तुम मुझे ये बताओ की कब मैंने आकाश के फ्रेंड के द्वारा दिए गए गिफ्ट को मन किया मई तो उसके दोस्त को जनता भी नहीं हु.
स्वाति- वह क्या नाटक करते हो तुम तुमने अभी अभी मैनेजर को मन नहीं किया और अब बोलते हो की तुम कब मन किये.
मई- वह तो समर आकाश के फ्रेंड है ये तो मुझे पता hi नहीं था क्या ये सच है आकाश समर तुम्हारा दोस्त है.
मेरे बात को सुन कर आकाश के माथे पर पसीना आने लगा लेकिन वो अपने पसीने को पोछते हुए बोलै.
आकाश- है समर मेरा दोस्त है और उसने hi ये वाइन मेरे लिए भेजा है और आज का सारा बिल माफ़ किया है.
स्वाति- सुन लिया न तुमने चलो अब आकाश और मैनेजर दोनों से माफ़ी मानगो.
मई- वो ऐसा है क्या (फिर मैनेजर से) क्या ये सच बोल रहा है क्या समर ने आकाश के लिए ये सब किया है.
मैनेजर जो कब से वाइन लिए खड़ा था और हम सब के बात को सुन रहा था वो बोलै.
मैनेजर- नहीं मर. समर ने ये सब आकाश के लिए नहीं किये है वो तो ये सब मर. प्रतिक के लिए किये है वैसे आप सब में प्रतिक कोण है.