The Super Boy - Page 4 - SexBaba
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The Super Boy

अपडेट 22



रीयूनियन पार्टी



डॉ. खुराना के बहुत मानाने के बाद देशमुख प्रभाकर मुझसे इलाज करवाने के लिए मन गए लेकिन उनके चेहरे पर अभी भी हीच किचहात दिख रहा था इस लिए मैंने अपने दिव्या दृस्टि से उनके पूरा बॉडी को देखना सुरु किया तो मुझे उनकी बीमारी के पता चल गया इस लिए मई उनसे बोलै.

मई- आप अभी भी मुझसे इलाज नहीं करवाना चाहते है न तो ठीक है आप मेरी बात सुन लीजिये इसके बाद भी आपको लगे की आप मुझसे इलाज नहीं करवाना चाहते है तो फिर आप यहाँ से जा सकते है फिर आपको डॉ. खुराना भी मुझसे इलाज करवाने के लिए फाॅर्स नहीं करेंगे.

देशमुख- ठीक है बोल मई सुन रहा हु तुम्हारे बातो को.

मई- आपके पुरे शरीर में जलन रहता है और ये जलन रत में सोने के समय और बढ़ जाता जिसके कारन आप अच्छे से सो भी नहीं पते है और सबसे बड़ी बात की ये जलन आपके माथे से सुरु हो कर पुरे शरीर में फ़ैल जाता है मेरी बात सही है न.

मेरे बात को सुन कर देशमुख प्रभाकर हैरान रह जाते है हलाकि देशमुख के साथ साथ एक और ब्यक्ति हैरान थी और वो थी डॉ. दिव्या वो वह पर कबका सिल्वर नीडल ले कर आ गयी थी और मेरी और देशमुख प्रभाकर के बात को सुन रही थी इधर मेरे बात सुन कर देशमुख प्रभाकर मुझसे पूछते है.

देशमुख- तुमने न मेरा कोई डायग्नोसिस किया और न hi मेरा पुलस चेक किया फिर तुम्हे कैसे पता चला की मुझे क्या प्रॉब्लम है कही तुम मेरे बारे में पहले से तो नहीं जानते.

मई- मई आपको पहले से नहीं जनता हु मुझे आपके बीमारी के बारे में आपको देखते hi पता चल गया था इस लिए आपको से ये सब पूछा.

देशमुख प्रभाकर मेरी बात को सुन कर हैरान हो गए थे की मई कैसे सिर्फ देख कर हु उनके बीमारी सही सही बता सकता हु अगर ये मेरी बीमारी को देखते hi पहचान गया है तो ये जरूर मेरा इलाज कर सकता है.

देशमुख- ठीक है मई तुमसे इलाज करवाने के लिए तैयार हु अब तुम बताओ की मुझे क्या करना होगा.

मई- ठीक है आप अपने शर्ट को निकल कर इस मेडिकल बीएड पर पेट के तरफ से हो कर सो जाइये.

मेरे बोलने के बाद देशमुख प्रभाकर मेडिकल बीएड के पास जा कर सो गए फिर मई दिव्या के तरफ देखते हुए बोलै.

मई- दिव्या क्या तुम सिल्वर नीडल ले आयी.

दिव्या- जी मई ले आयी हु ये लीजिये.

फिर वो मुझे सिल्वर नीडल के पैकेट दे दी मई सिल्वर नीडल के पैकेट लेकर देशमुख के पास गया और सिल्वर नीडल को हवा में उछाल दिया और अपने मेन्टल एनर्जी से उन सरे नीडल को अपने काबू में किया और देशमुख के बॉडी में कमर से लेकर सर तक में सिल्वर नीडल दाल दिया फिर अपने योगिक शक्ति को उस नीडल के रस्ते उनके बॉडी में डालने लगा थोड़ी देर तक ऐसे hi योगिक शक्ति को डालने के बाद देशमुख के बॉडी से पसीने आने सुरु हो गए और फिर वो पसीने हल्का काळा रंग रंग का था और उसमे से बदबू भी आ रहा था फिर मई सिल्वर नीडल को उनके बॉडी से निकल लिया और मई उनसे बोलै.

मई- देशमुख सर आप सबसे पहले वाशरूम में जा कर खुद को साफ कर लीजिये इसके बाद मई आपसे बात करता हु.

मेरे बात को सुन कर देशमुख प्रभाकर अपने प् को वह बुलाया और उनको कुछ बोल कर उसी में से आत्ताच वाशरूम में चले गए देशमुख को वह से जाने के बाद डॉ. खुराना मुझसे बोले.

डॉ. खुराना- क्या देशमुख प्रभाकर का इलाज हो गया वो ठीक हो गए.

मई- जब वो बहार निकालेंगे तो आप खुद उनसे पूछ लीजियेगा तब तक आप दूसरे पेशेंट को बुला लीजिये.

डॉ. खुराना- ठीक है.

इतना बोल कर वो बहार जाने hi वाले थे की तभी एक नर्स वह पर आयी और बोली.

नर्स- सर मेयर राघवेंद्र आये है क्या मई उनको यहाँ पर ले कर आ जाऊ.

डॉ. खुराना- क्या मेयर राघवेंद्र आये लेकिन वो यहाँ क्यों आये है.

मई- उनको मैंने hi बुलाया है आप उनको ले कर यहाँ आ जाइये.

नर्स मेरी बात सुन कर डॉ. खुराना को देखने लगी डॉ. खुराना ने अपना सर है में हिलाया तो वह से चली गयी और कुछ देर बाद वो मेयर राघवेंद्र को लेकर वह आ गयी डॉ. खुराना मेयर को देख कर बोले.

डॉ. खुराना- आइये मेयर साहब आपका सिटी हॉस्पिटल में स्वागत है.

मेयर- अरे नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं है मई तो यहाँ प्रतिक से अपना इलाज करवाने आया हु.

मई- मई जो आपको बोलै था वो आप लेकर आये है.

मेयर- है मई सरे जड़ी बूटियों को ले कर आया हु.

मई- ठीक है दिव्या तुम सर से वो जड़ी बूटी ले लो और उसका पाउडर बना कर यहाँ ले आओ.

मेरे बात को सुन कर दिव्या तुरंत मेयर से उन जड़ी बूटियों को ले लेती है और रूम में बहार निकल जाती है उसको बहार जाते hi देशमुख के प् अपने साथ कुछ कपडे लेकर वह आता है और वाशरूम में जा कर दरवाज़ा खटखटा है तो अंदर से देशमुख का आवाज आता है.

देशमुख- कोण है.

प्- सर मई हु आपका प् मई आपके लिए कपडे ले कर आया हु.

प् के बात सुन कर देशमुख वाशरूम के दरवाजा खोल कर प् से कपडे ले लेता है और उसको पहन कर बहार आता है और बहार आने के साथ hi मेरे सामने हाथ जोड़ कर बोलता है.

देशमुख- सॉरी डॉ. प्रतिक मैंने आपके साथ मिस्बेहावे किया उसके लिए और सुक्रिया अपने मुझे ठीक कर दिया मई आपके इस एहसान को कभी नहीं भूलूंगा आज से आपको इस सहर में किसी भी चीज के जरुरत हो तो मुझे एक बार यद् कीजियेगा मई आपके उस काम को किसी भी तरह से पूरा करूँगा ये मेरे आपसे वडा है.

देशमुख के बात सुन कर वह पर जितने भी लोग थे सब हैरान हो जाते है क्युकी देशमुख एक होम मिनिस्टर था और उसका सर्कार में अच्छा खासा चलता था.

मई- अरे नहीं आपको मुझे सॉरी बोलने की जरुरत नहीं है मई आपके बातो का बुरा नहीं मन था और सुक्रिया की कोई जरुरत नहीं है क्युकी आपका इलाज करना तो मेरा फ़र्ज़ था.

देशमुख- ये तो आपका बड़ापन है जो आप इस तरह से बोल रहे है.

डॉ. खुराना जो कब से हम दोनों के बात सुन रहे थे वो बिच में बोल पड़े.

डॉ. खुराना- सर अब आपका तबियत कैसी है क्या आप पूरी तरह से ठीक महसूस कर रहे है.

देशमुख- मई पूरी तरह से ठीक महसूस कर रहा हु डॉ. साहब और आपको भी थैंक्स अपने मुझे डॉ. प्रतिक से इलाज करवाया उसके लिए तो ठीक है डॉ. प्रतिक अब मई चलता हु और अपना no. मेरे प् को दे देना और मुझसे तूच में रहना.

मई- जी ठीक है.

इसके बाद मैंने अपना No. प् को दिया और देशमुख के no. अपने मोबाइल में सेव कर लिया इसके बाद देशमुख वह से चले जाते है.

देशमुख प्रभाकर को वह से जाते hi एक नर्स भागते हुए रूम में आयी और डॉ. खुराना से बोली.

नर्स- सर एक सीरियस केस आया है और आपको वह जाना जरुरी जय.

डॉ. खुराना- कैसा सीरियस केस और मुझे वह जाना क्यों जरुरी है और भी तो डॉक्टर है न इस हॉस्पिटल में तुम उनको जाकर बोलो की वो उस केस को संभाले.

नर्स- सर वो ऐसा केस है की उसे आपके शिवा और कोई संभल नहीं सकता.

डॉ. खुराना नर्स के बात सुन कर गंभीर हो जाये है और उस नर्स से पूछते है.

डॉ. खुराना- क्या हुआ है मुझे पूरी डिटेल्स में बताओ.

नर्स- सर बात ऐसी है की अभी जो पेशेंट आया है उसके बॉडी में रोड गुसा हुआ है और वो भी उसके दिल के करीब है.

नर्स के बात सुन कर डॉ. खुराना हैरान रह जाते है और फिर मेरे तरफ देखते हुए बोलते है.

डॉ. खुराना- प्रतिक हॉस्पिटल में एक सीरियस केस आया है इस लिए मुझे अभी यहाँ से जाना होगा.

मई- ठीक है सर आप जाइये और उस पेशेंट को देखिये यहाँ मई सब संभल लूंगा.

फिर Dr.khurana और वो नर्स दोनों वह से चले जाते है अब इस रूम में मई और मेयर hi बचे थे.

इधर दिव्या भी उन सरे जड़ी बूटियों को पाउडर बना कर ले आयी थी तो मई मेयर के भी इलाज सुरु कर दिया मैंने पहले उनको मेडिकल बीएड पर सुलाया और फिर अपने हाथ में सिल्वर नीडल लिया और 4 नीडल को मेयर के माथे में लगा और 4 नीडल दिल के चारो तरफ लगाया और 1 नीडल मेयर के नाभि में लगा दिया इसके बाद मैंने अपने योगिक शक्ति से मेयर के सर दिल और पेट के हिसे को क्लीन करने लगा थोड़ी देर तक क्लीनिंग करने के बाद मई अपने मेंटल पावर से जड़ी बूटियों के पाउडर को सिल्वर नीडल के माध्यम से मेयर के बॉडी में डालने लगा थोड़ी देर में जब सारा पाउडर को मेयर के बॉडी में डालने के बाद मेयर के बॉडी से सरे सिल्वर नीडल को निकल लिया और मेयर से बोलै.

मई- सर अभी मैंने आपके बॉडी में उस पाउडर को डाला है जिसके कारन आपके बॉडी के सरे पार्ट्स ब्लॉक हो गए है आप 1 घंटे तक अपना पेअर भी नहीं हिला सकते है इस लिए आपको 1 घंटे के लिए दूसरे रूम में शिफ्ट करवा दे रहा हु जब वो पाउडर पूरी तरह से आपके बॉडी में मिल जायेगा तो आप ठीक हो जायेंगे.

मेरे बात को सुन कर मेयर साहब ने अपना सर को है में हिला दिया इसके बाद मई दिव्या से बोलै.

मई- दिव्या मेयर साहब को दूसरे रूम में शिफ्ट करवा दो क्युकी अभी ये 1 घंटे तक हिल दल भी नहीं सकते है.

दिव्या- ठीक है.

इतना बोल कर वो वार्डबॉय को बुलाने के लिए चली जाती है थोड़ी देर में 2 वार्डबॉय आते है और मेयर को उठा कर दूसरे रूम में ले जाते है इसके बाद मई दिव्या को बोलै.

मई- दिव्या तुम एक काम करो मई आज और सिर्फ 15 पेशेंट को hi देखूंगा इस लिए जो पेशेंट ज्यादा क्रिटिकल कंडीशन में है उन्हें यहाँ लेन के लिए बोलो.

दिव्या मेरे बात को सुन कर वह से चली जाती है और 1 पेशेंट को अपने साथ लेकर आती है वो एक 10 साल का बचा था उस बचे के साथ उसके माँ बाप भी आये थे मैंने उस लड़के को ध्यान से देखा तो उस बचे के पुरे शरीर पीला हो गया था और वो बचा बेहोश था मई उन लोगो से उस बचे को मेडिकल बीएड पर लेटने के लिए बोलै और फिर अपने सिल्वर नीडल से उसका इलाज सुरु कर दिया थोड़ी देर बाद उस बचे की कंडीशन सही हो गया और वो बचा होश में आ गया जिसे देख कर उस बचे के माँ बाप बहुत खुस हो गए और वह से चले गए.

उनको जाने के बाद फिर एक और पेशेंट आया मैंने उसका भी इलाज कर दिया ऐसे hi मई धीरे धीरे 5 पेशेंट का इलाज कर दिया था तभी वह पर डॉ. खुराना आ गए जो कुछ परेशां लग रहे थे इस लिए मई उनसे पूछा.

मई- क्या बात है डॉ. खुराना आप परेशां लग रहे है.

डॉ. खुराना- है प्रतिक बात hi कुछ ऐसी है की मई परेशां हो गया.

मई- क्या बात है आप मुझे बता सकते है.

डॉ. खुराना- अभी अभी एक पेशेंट सीरियस कंडीशन में यहाँ लाया गया है उसके बॉडी में एक रोड गुसा हुआ है जो उसके दिल के बहुत करीब है अगर उस रोड को निकला गया तो उसके दिल को बहुत नुकसान पहुंचेगा जिसके करना उसका मरने का बहुत चांस है और अगर नहीं निकला गया तो वो वैसे भी मर जायेगा इस लिए समझ में नहीं आया रहा है की मई क्या करू.

मई- क्या मई एक बार उस पेशेंट को देख सकता हु.

डॉ. खुराना- अरे है मई ये कैसे भूल गया की चमत्कारी डॉक्टर तो अभी इसी हॉस्पिटल में है है है चलो एक बार तुम चल कर उस पेशेंट को देख लो.

इसके बाद मई दिव्या को भी अपने साथ लेकर डॉ. खुराना के साथ उस पेशेंट को देखने चला गया जब मई िक के पास पंहुचा तो देखा की एक औरत और एक लड़की वही पर बैठ कर रो रही थी वो लड़की जैसे hi डॉ. खुराना को देखि वो अपने माँ को लेकर उनके पास आयी और रट हुए बोली.

लड़की- प्लीज डॉ. साहब मेरे पिता जी को बचा लीजिये उनके शिवा हमारा इस दुनिया में कोई नहीं है अगर आप मेरे पिता जी को बचा लिए तो मई आपके लिए कुछ भी करने को तैयार रहूँगा प्लीज डॉक्टर साहब प्लीज.

डॉ. खुराना- देखिये खुद को सम्भालिये हम सब पूरी कोशिश करेंगे आपके पिता जी को बचने के लिए बाकि ऊपर वाले के ऊपर है वो जो चाहेंगे वही होगा.

इतना बोल कर डॉ. खुराना ने िक के दरवाजा खोल कर अंदर चले गए उनके जाने के बाद भी वो औरत और लड़की रो रही थी तो मैं उनके पास गया और उनसे बोलै.

मई- प्लीज आप सब रोना बंद कीजिये और ऊपर वाले पर भरोसा रखिये आपके पति को कुछ नहीं होगा.

औरत- कैसे रोना बंद करू बीटा वही है जिनके सहर हम दोनों माँ बेटी जिन्दा है अगर उनको कुछ हुआ तो हम सब मर जायेंगे.

मई- अच्छा ये सब आखिर हुआ कैसे आपके पति के शरीर में वो रोड गुसा कैसे.

वो औरत मेरे बात को सुन कर सुबकते हुए बोली.

औरत- बीटा मेरे पति एक कंस्ट्रक्शन साइट कर काम करते है आज भी वही पर काम कर रहे थे तभी पता नहीं कैसे वो ऊपर से निचे गिर गए और जहा वो गिरे वह पर रोड रखा हुआ था इसलिए जब वो वह पर गिरे तो रोड उनके शरीर में घुस गया.

मई- आप चिंता मत कीजिये आपके पति को कुछ नहीं होगा.

इतना बोल कर मई भी िक में चला गया जब मई वह गया तो देखा की वह पर डॉक्टर उस पेशेंट ऑपरेशन की तयारी कर रहे थे जब मई िक के गेट खोल कर अंदर गया तो सब के नजर मेरे तरफ हो गयी तभी एक डॉक्टर मेरे पास आया और बोलै.

डॉ.- अरे तुम दिखाई नहीं दे रहा है क्या की ये िक है और यहाँ पर बहार वालो को आना मन है.

अभी मई उस डॉक्टर को जबाब देने hi वाला था की तभी डॉ. खुराना बिच में बोल पड़े.

डॉ. खुराना- तुम इनसे तमीज से बात करो इन्हे मैंने बुलाया है और है ये बहार वाले नहीं है बल्कि ये भी इस हॉस्पिटल के डॉक्टर है.

डॉ. खुराना के बात सुन कर वो डॉक्टर कुछ नहीं बोलै लेकिन वो एक बार मुझे निचे से ऊपर तक जरूर घर कर देखा इधर मई अपने दिव्या दृस्टि से उस पेशेंट को स्कैन कर के देखने लगा तो मुझे उसके कंडीशन का पता चल गया फिर भी मई डॉ. खुराना से पूछा.

मई- पेशेंट की कंडीशन कैसा है.

डॉ. खुराना- अभी हम लोग ऑपरेशन की तयारी कर रहे है देखते है की ऑपरेशन के बाद क्या होता है.

मई- अगर इसका ऑपरेशन हुआ तो ये मर जायेगा क्युकी जो रोड इसके बॉडी में गुसा वो उसके दिल के बहुत करीब है और अगर उसका ऑपरेशन हुआ तो ये कन्फर्म है की उस रोड के चलते पेशेंट के दिल को बहुत नुकसान होगा.

वह पर खड़े सरे डॉक्टर और नर्स मेरे बात को सुन कर हैरान हो जाते है फिर डॉ. खुराना मुझसे पूछते है.

डॉ. खुराना- अगर इसका ऑपरेशन नहीं किया गया तो हम उस रोड को कैसे निकालेंगे.

मई- मई उस रोड को बिना ऑपरेशन के निकल सकता हु और उससे उस पेशेंट को कोई नुकसान भी नहीं होगा.

डॉ. खुराना- क्या आप सच में ऐसा कर सकते है.

मई- है मई ऐसा कर सकता हु लेकिन मेरी एक शर्त है की इस रूम में आपके और दिव्या के अलावा और कोई नहीं रहेगा.

डॉ. खुराना- ठीक है मई सबको बहार भेजता हु आप इस पेशेंट का इलाज सुरु कीजिये.

इतना बोल कर डॉ. खुराना सरे लोगो को वह से बहार भेज देते है अब उस िक में मई दिव्या और डॉ. खुराना hi बचे थे.

मई- दिव्या पेशेंट के बॉडी पर लगे सरे ब्लड को क्लीन कर खास कर वह जहा वो रोड घुसा हुआ है.

मेरी बात सुन कर दिव्या कॉटन से पातें के बॉडी पर लगा हुआ ब्लड साफ करने लगती है जब थोड़ी देर में सारा ब्लड साफ hi जाता है तो मई सिल्वर नीडल को उस रोड के चारो तरफ गुसा देता हु जिसके कारन ब्लड आना रुक जाता है इसके बाद मई दिव्या और डॉ. खुराना को देखते हुए बोलै.

मई- दिव्या और डॉ. खुराना आप दोनों मुझसे प्रॉमिस कीजिये की आप जो यहाँ पर देखेंगे वो किसी को नहीं बताएँगे.

मेरी बात को सुन कर दोनों हैरान रह गए फिर दोनों ने मुझसे प्रॉमिस किया की वो किसी को कुछ भी नहीं बताएँगे तो मई अपने मन में एक मंत्र पढ़ने लगा ये एक अमोघ चक्र पद्धति बिद्या थी मई जैसे जैसे मंत्र पढ़ रहा था मेरे हाथो से रौशनी निकलने लगी जैसे hi उन दोनों ने मेरे हाथ से रौशनी निकलता देखा तो दोनों हैरान रह गए और अपने आँखों को फाड़कर बस मुझे hi घूरे जा रहे थे इधर मई उस मंत्र की पढ़ते हुए अपने हाथ को उस पेशेंट के दिल पर रख दिया जिसके कारन उसके दिल के चारो तरफ एक सुरक्षा कवच बन गया अब वो रोड को कोई भी किसी भी तरह से निकलता तो उस पेशेंट के दिल को कोई भी नुकसान नहीं पहुँचता फिर मई अपने हाथ को उस पेशेंट के दिल से हटा कर उस रोड के ऊपर लाया तो वो रोड किसी चुम्बक की तरह खींचते हुए बहार निकलने लगा धीरे धीरे कर के मई उस रोड को बहार निकल दिया इसके बाद मई दिव्या को आवाज लगाया जो एक जगह पर स्तब्ध खड़ा हो कर बस मुझे hi देखे जा रही थी मेरे आवाज देने पर वो हकलाते हुए बोली.

दिव्या- ये ये ये कैसे हो सकता है आपके हाथ से वो रोशनी कैसे निकल रही थी.

दिव्या के बात सुन कर डॉ. खुराना भी मुझे सवाल भरी नजरो से घूरते हुए पूछे.

डॉ. खुराना- है प्रतिक तुम बताओ की तुम ये कैसे किया तुम्हारे हाथ से वो रोशनी क्यों निकली थी और तो और जिस रोड को ऑपरेशन कर के निकलने के लिए भी सरे डॉक्टर दर रहे थे उसे तुम बिना ऑपरेशन के कैसे निकल लिए.

मई- अभी इन सब सवालो का समय नहीं है आप ये सब मुझसे बाद में भी पूछ सकते है सबसे पहले आप इस पेशेंट के जख्मो को ड्रेसिंग कीजिये क्युकी अभी इसका ब्लड मेरे द्वारा लगाया गया सिल्वर नीडल के चलते रुका हुआ है अगर मई वो नीडल निकल दिया तो बहुत ज्यादा मात्रा में ब्लड निकल सकता है जिसके कारन पेशेंट को नुकसान भी हो सकता है.

मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना ने तुरंत दिव्या को बहार खड़े सरे डॉक्टर और नर्स को बुलाने के लिए बोलै थोड़ी देर वो सरे डॉक्टर और नर्स अंदर आ गए और जैसे hi उन लोगो में पेशेंट को देखा सब हैरान रह गए तभी उनमे से एक डॉक्टर बोलै.

1सत डॉक्टर- असंभव ये कैसे हो सकता है बिना ऑपरेशन किये ये रोड कैसे कोई निकल सकता है ये तो चमत्कार हो गया.

2ंद डॉक्टर- अरे है यार और देखो न इस रोड को निकलने में एक बून्द भी ब्लड नहीं लिकला है ये तो सच में चमत्कार है.

मई उन सरे डॉक्टर को यु हैरानी से बात करता देख कर उनसे बोलै.

मई- अरे आप सब बाद में भी बात कर सकते है पहले आप जाकर उस पेशेंट को ड्रेसिंग कीजिये.

मेरे बात को सुन कर वो सब होश में आये और तुरंत पेशेंट के पास चले गए फिर मई उस पेशेंट के बॉडी से नीडल को बहार निकल दिया इसके बाद वो सरे डॉक्टर उस पेशेंट का ट्रीटमेंट करने लगे फिर मई वह से निकल कर बहार आ गया मेरे पीछे पीछे डॉ. खुराना और दिव्या भी बहार आ गयी थी फिर मई जिस रूम में सरे पेशेंट को देख रहा था वह आ गया और चेयर पर बैठ गया मेरे पीछे पीछे वो दोनों भी उस रूम में आ गए थे लेकिन दोनों चुप hi थे दोनों में से कोई कुछ बोल नहीं रहा था तो मई उनके सन्ति को भांग करते हुए बोलै.

मई- अगर आप दोनों को कुछ पूछना है तो जल्दी पूछिए क्युकी मुझे और भी पेशेंट को देखना है और फिर यहाँ से जाना भी है.

मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना मुझसे बोले.

डॉ. खुराना- वो सब क्या था तुम्हारे हाथ से रोशनी कैसे निकल रही थी और तुमने इतने आसानी से बिना उस पेशेंट के दिल को नुकसान पहुचाये उस रोड कैसे निकल लिया.

डॉ. खुराना के बात सुन कर मई मुस्कुराने लगा और फिर बोलै.

मई- आपके सरे सवालो का सिर्फ एक hi जबाब है और वो है अमोघ चक्र पद्धति विद्या मई इसी विद्या के कारन उस रोड को निकल पाया.

मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना कुछ सोचने लगे तभी दिव्या मुझसे बोली.

दिव्या- सर ये अमोघ चक्र पद्धति विद्या क्या है क्या इसी के कारन आपके हाथ से वो रौशनी निकल रही थी.

मई- है तुमने बिलकुल सही बोलै इसी अमोघ चक्र पद्धति विद्या के कारन hi मेरे हाथ से वो रोशनी निकल रही थी और रही बात की अमोघ चक्र पद्धति विद्या क्या है तो मई तुम्हे अच्छे से समझाता हु दरसल अमोघ चक्र पद्धति विद्या आयुर्वेदा का hi एक ज्ञान है सदियों पहले ऋषि मुनि इस विद्या से मरीजों का इलाज करते थे इस अमोघ चक्र पद्धति से मई किसी भी बीमारी का इलाज कर सकता हु लेकिन इस पद्धति से किसी भी बीमारी का इलाज करने के लिए सबसे पहले इस पद्धति को अच्छे से सीखना होता है इस पद्धति के अंदर एक्यूपंक्चर बिधि भी आता है जिसके जरिये तुम सिल्वर नीडल के मदत से किसी का भी इलाज कर सकती हो.

मेरे बात को सुन कर दोनों हैरान रह गए तभी डॉ. खुराना बोले.

डॉ. खुराना- मैंने इस विद्या के बारे में एक किताब में पढ़ा था लेकिन मैंने ये कभी नहीं सोचा था की मई इस विद्या का उपयोग होते हुए अपने आँखों से देख पाउँगा क्या आप मुझे ये विद्या सीखा सकते है.

डॉ. खुराना के बात सुन कर इस बार मई हैरान रह गया और मई उनसे इसी हैरानी में पूछा.

मई- क्या आप इस विद्या को सीखना चाहते है.

डॉ. खुराना- है मई इसे सीखना चाहता हु.

मई- मई आपको ये विद्या सीखा तो सकता हु लेकिन उसके लिए आपको कड़ी ट्रेनिंग करनी पड़ेगी.

डॉ. खुराना- मई इस विद्या को सिखने के लिए कुछ भी करने को तैयार हु.

मई- ठीक है अगर आप कड़ी ट्रेनिंग करने के लिए तैयार है तो मई आपको ये विद्या सीखा दूंगा.

मुझे डॉ. खुराना को अमोघ चक्र पद्धति विद्या सीखने के लिए राजी होता देख कर दिव्या बोली.

दिव्या- सर मई तो आपका असिस्टेंट हु न तो क्या आप मुझे ये विद्या नहीं सीखा सकते है.

मई- मई तुमको भी ये विद्या सीखा दूंगा लेकिन तुमको भी कड़ी ट्रेनिंग करनी होगी.

दिव्या- मई तैयार हु सर इस विद्या को सिखने के लिए मुझे जो भी करना पड़ा मई करुँगी.

मई- ठीक है हम इसके बारे में बाद में बात करेंगे पहले मई बचे हुए पेशेंट को देख लेता हु.

डॉ. खुराना- ठीक है मई उन सरे पेशेंट को यहाँ भेजता हु.

इतना बोल कर डॉ. खुराना वह से चले गए फिर वो एक एक पेशेंट को यहाँ भेजते रहे और मई उनका इलाज करते रहा इसी तरह से समय निकलता रहा और मई एक एक कर के सरे पेशेंट का इलाज कर दिया इसके बाद मई मेयर के वार्ड में गया तो देखा की वो अब जग चुके थे और पहले से ज्यादा फ्रेश लग रहे थे.

मई- अब आपको कैसा महसूस हो रहा है मेयर साहब.

मेयर ने जब मेरे बात को सुने तो तुरंत मेरे तरफ देखने लगे और मुझे अपने सामने देख कर मुझे गले लगा लिए और बोले.

मेयर- लग रहा है जैसे मेरी नया जनम हुआ है अब मुझे मेरे सरे बॉडी फ्री लग रहा है थैंक यू प्रतिक अगर तुम नहीं होते तो पता नहीं कब तक मुझे इस बीमारी को झेलना पड़ता.

मई- अभी से खुस होने की जरुरत नहीं है क्युकी अभी आपका इलाज आधा hi हुआ है 10 दिन बाद मुझे फिर से आपका एक बार इलाज करना पड़ेगा इस लिए आप जड़ी बूटियों का इंतज़ाम कर लीजियेगा.

मेयर- तुम उसकी चिंता मत करो मई सरे जड़ी बूटियों का इंतजाम कर लूंगा और है तुम्हे अगर इस सहर में कुछ पद गया तो मुझे बोलना.

मई- एक काम तो है लेकिन उसके लिए आप कल शाम में मुझसे स्काई मून क्लब में मिलना होगा तब मई आपको बताऊंगा.

मेयर- ठीक है तुम मुझे समय बता देना मई आ जाऊंगा.

इतना बोल कर वो वह से चले गए फिर मई डॉ. खुराना से बोल कर वह से निकल गया लेकिन जाते जाते मैंने दिव्या को अपना no. दे दिया और वह से चला गया मुझे जाते हुए देख कर दिव्या के आँखों में मेरे लिउए बहुत ज्यादा इज्जत दिख रहा था और वो मन में सोच रही थी.

दिव्या- (मन में) मई कितना गलत थी मई इनके जैसे महँ आदमी को धोखेबाज़ समझ लिया था इनके जैसा डॉक्टर इस सहर में तो क्या पुरे देश में भी नहीं होगा और आज मुझे इनसे सिखने के लिए बहुत कुछ मिला.

दिव्या को ऐसे सोच में पड़ा देख कर डॉ. खुराना बोले

डॉ. खुराना- क्या सोच रही हो दिव्या.

डॉ. खुराना के बात सुन कर दिव्या अपने होश में आयी और बोली.

दिव्या- मई सोच रही हु अंकल की प्रतिक सर को कितना ज्ञान है ये सच में एक महँ और चमत्कारी डॉक्टर है ये इतना महँ होते हुए भी कितना सिंपल रहते है और थैंक्स अंकल आपके वजह से मुझे इतने महँ डॉक्टर के असिस्टेंट बनने को मिला जिसके कारन आज मई बहुत कुछ सिख पायी हु.

डॉ. खुराना- तुम सही बोल रही हो डॉ. प्रतिक एक महँ डॉक्टर के साथ साथ चमत्कारी डॉक्टर भी है ये सिटी हॉस्पिटल के किस्मत अच्छी है की वो यहाँ पर गेस्ट डॉक्टर के रूप में काम करने के लिए तैयार हो गए और आज लगभग लगभग सरे क्रिटिकल केस को वो ठीक कर दिया देखना कल के न्यूज़ में उसी के बारे में हैडलाइन होगा वो कल पुरे देश में छ जायेगा और मुझे लग रहा है की अगले संडे को यहाँ बहुत भीड़ होने वाली है.

इधर मई हॉस्पिटल से निकल कर बहार आया और शनाया को कॉल किया तो शनाया मुझे क्सक्सक्स मॉल में आने के लिए बोली फिर मई एक कैब बुक किया और क्सक्सक्स मॉल के लिए निकल गया जब मई मॉल के पास पंहुचा तो देखा की शनाया वह पहले से hi मेरी इंतज़ार कर रही थी मई कैब से निकल सीधा उसके पास गया तो शनाया मुझे देखते hi बोली.

शनाया- चलो जल्दी बहुत लेट हो गया है.

मई- है चलो.

फिर मई और शनाया जल्दी से मॉल के अंदर गए और सीधा मांस ब्यूटी पार्लर में लेके गयी और फिर वो ब्यूटी पार्लर वाले से कुछ बात की और मुझे बोली.

शनाया- प्रतिक तुम इस पार्लर में जाओ ये तुम्हारे हेयर कटाई करेंगे और तुम्हे ब्यूटी टच देंगे.

शनाया के बात सुन कर मई अनमने ढंग से बोलै.

मई- शनाया ये सब करने की क्या जरुरत है मई तो ऐसे hi अच्छा दीखता हु.

शनाया- मई जानती हु की तुम ऐसे hi अच्छे दीखते हो लेकिन आज मई पहली बार अपने दोस्तों को तुमसे मिलवाना चाहती हु और मई नहीं चाहती की कोई तुम्हे तुम्हारे लुक्स और कपडे पर कमेंट करे.

मई- ठीक है जैसा तुम बोलो.

इसके बाद मई ब्यूटी पार्लर के अंदर चला गया करीब 2 घंटे तक अंदर रहने के बाद मई बहार निकला तो मई पूरी तरह से चेंज हो गया था शनाया ने जैसे hi मुझे देखि वो बस मुझे देखते hi रह गयी मई उसको मुझे इस तरह से घूरता हुआ देख कर बोलै.

मई- ऐसे ध्यान से मुझे क्यों देख रही हो बेगम साहिबा.

मेरी बात को सुन कर शनाया हड़बड़ा गयी और हकलाते हुए बोली.

शनाया- न्नन्न नहीं मई तुम्हे क्यों देखूंगी मई तुमको नहीं देख रही थी चलो अब कपडे खरीदने चलते है.

इतना बोल कर शनाया ने मेरे हाथ को पकड़ी और मुझे खींचते हुए कपडे के शोरूम में लेकर आ गयी इसके बाद शनाया ने अपने पसंद से मेरे लिए कपडा सेलेक्ट की और मई उसे ट्रेल रूम में जाकर पहन कर देखा फिर मई ट्रेल रूम से बहार निकल कर शनाया को दिखते हुए पूछा.

मई- कैसा लग रहा है

जैसे hi शनाया ने मुझे उन कपड़ो में देखो तो वो मुझमे hi खो सी गयी और एकटक मुझे hi देखे जा रही थी शनाया को जबाब माँ देता देख मई दुबारा उससे पूछा तो वो शरमाते हुए बोली.

शनाया- अच्छे लग रहे हो तुम ऐसे hi कपडा महना करो.

मई- (मजाक करते हुए) मेरे बेगम साहिबा का हुकुम है तो मुझे तो उनके हुकुम का पालन तो करना hi होगा.

मेरे बात सुन कर शनाया शर्मा गयी और फिर अपने चेहरे पर झूठा गुसा लेट हुए बोली.

शनाया- आज कल तुम बाटे ज्यादा बनाने लगे हो चलो जल्दी बिल पाय करते है क्युकी पार्टी के लिए हम आल रेडी लेट हो गए है.

मई- है ठीक है चलो.

इसके बाद हम काउंटर पर आये और बिल पाय करने लगे मई जैसे hi पेमेंट करने के लिए अपना कार्ड निकला तो शनाया ने मेरे हाथ को पकड़ ली और बोली.

शनाया- नहीं प्रतिक आज मुझे पेमेंट करने दो ये मेरे तरफ से तुम्हारे लिए एक गिफ्ट है.

शनाया के बात सुन कर मैंने भी ज्यादा कुछ नहीं बोलै और अपने कार्ड को अपने पॉकेट रख लिया और फिर शनाया ने बिल पाय किया और फिर हम बहार आ गए इसके बाद हम वह से सीधा एक होटल में आ गए ये होटल भी मुंबई के फेमस होटलो में से एक थी और इसका नाम सिंघानिया होटल था और इस होटल का मालिक मनोज सिंघानिया थे खैर हम दोनों होटल में एंट्री किया और 3रद फ्लोर बने एक प्राइवेट रूम के अंदर आ गए वह आने के बाद देखा की वह पर करीब 15 लड़के और लड़किया थी रूम में म्यूजिक बज रहा था जैसे हम दोनों उस रूम में एंट्री किया सरे लड़के और लड़कियों की नजर हम पर पड़ी तो लड़के लोग के मुँह से शनाया को देख कर लार टपकने लगे वही मुझे देख लड़कियों भी आहे भरने लगी तभी उनमे से एक लड़की आगे आयी और शनाया से बोली.

लड़की- ही शनाया कैसी हो तुम तो हमें भूल hi गयी.

शनाया- अरे नहीं रिद्धिमा मई बस सोल्लगे लाइफ में थोड़ा ज्यादा बिजी हो गयी थी वैसे मई तो ठीक लेकिन तुम बताओ.

रिद्धिमा- मई भी ठीक हु वैसे ये हैंडसम लड़का कोण है.

शनाया- इसमे नाम प्रतिक है और ये मेरे हस्बैंड है और प्रतिक ये है रिद्धिमा मेरा स्कूल फ्रेंड.

शनाया के बात सुन कर वह पर आये सरे लोग चौक गए लड़के और लड़किया दोनों लोगो की डिल टूट गया लड़के तो मुझे घर कर घुसे से देखने लगे क्युकी शनाया स्कूल में सबसे फेमस लड़की थी और वो बहुत सरे लड़को की क्रश भी ठीक लेकिन शनाया किसी लड़की को भाव नहीं देती थी वही लड़किया शनाया से जलने लगी इधर शनाया के बात सुन कर रिद्धिमा ने हैरानी से बोली.

रिद्धिमा- तुमने सदी भी कर ली और हम सब को बताया भी नहीं.

रिद्धिमा के बात सुन कर एक लड़का उसको है में है मिलते हुए बोलै.

लड़का- है शनाया ये तो गलत बात है तुम ने सदी कर ली और हम सब को बताया भू नहीं अब आकाश का क्या होगा.

उस लड़के के बात सुन कर वह खड़े सरे लोग हसने लगे.

शनाया- ऐसी कोई बात नहीं है विकाश और रिद्धिमा हमारी सदी hi ऐसी कंडीशन में हुआ की मई किसी को बुला नहीं सका.

विकाश- वैसे प्रतिक मन्ना पड़ेगा तुम्हे तुमने हमारे स्कूल के सबसे फेमस गर्ल और सरे लड़की के क्रश को उदा कर ले गया वैसे तुमने ये किया कैसे.

रिद्धिमा- है शनाया बताओ न तुम दोनों को अर्रंगे मैरिज हुआ है या लव मैरिज.

शनाया- हमारा सदी दादा जी ने करवाया है इस लिए ये अर्रंगे मैरिज है.

विकाश- वैसे प्रतिक तुम करते क्या हो.

अभी मई विकाश के बात का जबाब देने hi वाला था की तभी वह पर एक आवाज आयी.

आवाज- ये करेगा भी क्या ये तो अपने ससुराल में घर जमाई बन कर रहता है और अपने सास ससुर और बीवी के पैसो पर ऐश मौज करता है.

उस आवाज को सुन कर सरे लोग हैरान हो जाते है और मुझे अजीब से नजरो से घर कर देखने लगते है मई और शनाया जब उस आवाज के तरफ देखता हु तो वह से मुझे आकाश शेरगिल और उसके साथ एक लड़की आती हुयी दिखती है मई आकाश को देख कर समझ गया की अब यहाँ पर मेरी बहुत बेइज्जती होने वाली है इधर सरे लोग आकाश के बात सुन कर हैरानी से कभी मुझे टी कभी शनाया को तो कभी आकाश को देख रहे थे सबको इस तरह हैरानी से खुद को देखता देख कर आकाश फिर से बोलै.

आकाश- अरे मई सच बोल रहा हु प्रतिक सच में शनाया के घर पर घर जमाई बन कर रहता है और वह पर खाना बनता है और बर्तन धोता है अगर विस्वास नहीं हो रहा है तो तुम सब खुद प्रतिक से पूछ लो क्यों प्रतिक मई सच बोल रहा हु न.

आकाश के बात सुन कर सरे लोग मुझे अजीब नजरो से घूरने लगे वही आकाश के साथ आयी लड़की जिसका नाम स्वाति है वो स्कूल के दिनों से hi शनाया से नफरत करती थी क्युकी स्कूल के सरे लड़के सिर्फ शनाया को hi भाव देते थे और उसकी तारीफ करते थे शनाया स्वाति से हर चीज में बेस्ट थी चाहे वो पढाई हो या फिर सुंदरता इस लिए वो शनाया से बहत नफरत करती थी लेकिन आज जब उसे पता चला की वो एक घर जमाई से सदी कर ली है तो उसके दिल को बहुत सुकून मिला और वो शनाया के मजाक उड़ाते हुए बोली

स्वाति- की शनाया तुमने ये क्या किया तुम एक ऐसे लड़के से सदी कर ली जो तुम्हारे घर पर घर जमाई बन कर रहता है मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी तुमको अपने सुंदरता पर बहुत घमंड था न इसी लिए तो तुम स्कूल के लड़को को थोड़ा भी भाव नहीं देती थी अगर तुम्हे सदी hi करना था तो तुम इस फटीचर से सदी क्यों की इसके तो लाख गुना अच्छा आकाश था तुम्हारे लिए वो तो तुम्हे प्रपोज़ भी कर चूका है.

स्वाति के बात सुन कर मुझे बहुत गुसा आया मई अभी उसे कुछ जबाब hi देने वाला था की तभी शनाया उसे बोल पड़ी.

शनाया- हाउ डरे यू तुम्हारी हिमत कैसे हुयी प्रतिक को फटीचर बोलने की तुम अभी उसके बारे में जानते hi क्या हो है मन की वो मेरे घर पर रहता है और वो मेरे घर पर रह कर खाना बनता है लेकिन कुछ भी हो वो मेरा पति है और मई उसके बारे में एक शब्द भी नहीं सुनूंगी अगर दुबारा से उसके बारे में कुछ बोली तो फिर तुम देख लेना की मई तुम्हारे साथ क्या करती हु.

शनाया में बात सुन कर सब संत हो गए लेकिन शनाया को इस तरह से मेरा स्टैंड लेना अच्छा नहीं लगा इस लिए वो शनाया से बोलै.

आकाश- शनाया तुम स्वाति से ये कैसी बाटे कर रही हो स्वाति ने गलत क्या बोलै वो तो ठीक hi बोल रही है न तुम्ही बताओ की एक घर जमाई की इस दुनिया में कितना इज्जत मिलता है इसके बारे में यहाँ सब के मन में कुछ न कुछ चल hi रहा होगा तुम किस किस के मुँह बंद करोगी.

आकाश के बात सुन कर शनाया कुछ नहीं बोली लेकिन मई अब चुप नहीं रह सका इस लिए मई बोलै.

आकाश के बात सुन कर शनाया कुछ नहीं बोली वही सबका मुद ख़राब होता देख कर रिद्धिमा बिच में आयी और बोली.

रिद्धिमा- अरे यार तुम लोग भी क्या बात ले कर बैठ गए हम सब यहाँ पर कितने दिनों बाद मिले है चलो चल कर एन्जॉय करते है.

रिद्धिमा के बात सुन कर सबने अपना सर है में हिलाया और सब वही पर लगे हुए टेबल पर बैठ गए और आपस में बाटे करने लगे ज्यादातर लोग मेरे बारे में hi बात कर रहे थे लेकिन मई चुप चाप सबके बात को सुन कर इग्नोर करता रहा थोड़ी देर में वह पर खाना आ गया और हम सब खाना खाने लगे तभी आकाश मेरा मजाक बनाते हुए बोलै.

आकाश- वैसे प्रतिक तुम कब तक घर जमाई बन कर रहोगे कब तक दुसरो के टुकड़ो पर पालोगे तुम ऐसा क्यों नहीं करते की कल मेरे कंपनी में आओ और मई तुम्हे अपने कंपनी में एक सिक्योरिटी गॉर्ड की नौकरी दे दूंगा.

आकाश के बात सुन कर सरे लोग मुस्कुराने लगे मई आकाश के बातो का मतलब समझ गया था की वो इंदिरेक्ट्ली मेरा मजाक उदा रहा है इस लिए मई बोलै.

मई- मुझे ये देख कर खुसी हुयी की तुम्हे मेरी इतना परवाह है लेकिन सॉरी मुझे किसी भी तरह के नौकरी की जरुरत नहीं है और वैसे मुझसे ज्यादा तो तुम्हे नौकरी की जरुरत है क्युकी तुम भी अपने बाप के पैसो पर पल रहे हो रही मेरी बात तो मई शनाया के घर में खाना बना कर hi खुस हु.

मेरे बातो को सुन कर सरे लोग हसने लगे वही जब आकाश ने देखा की मई उसकी बेइज्जती कर रहा हु तो वो घुसे से बोलै.

आकाश- मई यहाँ तुम्हारी मदत करने के बारे में सोच रहा हु और तुम मेरी hi बेइज्जती कर रहे हो आखिर तुम हो क्या जो तुममे इतना घमंड है आखिर तुम एक घर जमाई hi तो हो.

शनाया- बस बहुत हो आकाश तुम बहुत बेइज्जती कर लिए (फिर रिद्धिमा के तरफ देखते हुए) क्या तुम मुझे यहाँ पर बेइज्जती करने के लिए बुलाई थी चलो प्रतिक हम यहाँ से चलते है.

शनाया को इस तरह घुसे में देख कर आकाश को लगा की वो कुछ ज्यादा hi बोल दिया है शनाया अगर उससे गुसा हो कर चली गयी तो उसका काम ख़राब हो जायेगा इस लिए वो शनाया से बोलै.

आकाश- सॉरी सनाया मेरा इंटेंशन तुम दोनों बेइज्जती करना नहीं था मई तो बस प्रतिक को एक काम देना चाहता था ताकि सरे लोग उसका मजाक न उड़ाए.

रिद्धिमा- है शनाया तुम गुसा थूक डॉन और पार्टी को इंजॉय करो देखो हम सब बहुत दिन बाद मिले है अगर तुम इस तरह से गुसा हो कर चली जाओगी तो हम सब को अच्छा नहीं लगेगा.

इधर उसी होटल के एक रूम में समर सिंघानिया बैठा हुआ था तभी वह पर होटल के मैनेजर आया और बोलै.

मैनेजर- सर अपने मुझे बुलाया.

समर- है मनगर मैंने मैंने तुम्हे इस लिए बुलाया है की 3रद फ्लोर के प्राइवेट रूम में मेरा एक गेस्ट आये हुए है इस लिए तुम एक काम करो उस रूम में के सरे बिल माफ़ कर दो और उनसे बोलो की उनलोगो को आज होटल के तरफ से सरे बिल माफ़ है उन्हें जो भी खाना है खा सकते है और है साथ में इस होटल के सबसे महंगा वाइन भी उन सब के लिए लेके जाना.

मैनेजर- जी ठीक है मई अभी उनके लिए वाइन लेकर जाता हु और साथ में आपके बात को भी उन सब से बोल दूंगा वैसे सर आपके गेस्ट का नाम क्या है.

समर- उनका नाम प्रतिक है तुम्हे और कुछ जानना है.

मैनेजर- नहीं सर मई जा रहा हु.

इतना बोल कर मैनेजर वह से चला गया दरअसल जब मई और शनाया 3रद फूर के प्राइवेट रूम में जा रहे थे तब समर ने मुझे अंदर जाते हुए देख लिया था.

इधर प्राइवेट रूम में हम सब बैठ कर खाना खा रहे थे तभी प्राइवेट रूम का गेट खुला और मैनेजर अंदर आया फिर वो अंदर आने के साथ बोलै.

मैनेजर- मई आप सब के लिए इस होटल के मालिक मर. समर अग्रवाल के तरफ से ये वाइन लेकर आया हु और साथ में उन्होंने बोलै है की आप सब उनके गेस्ट के साथ पार्टी कर रहे है इस लिए आज इस पार्टी में जितने का भी बिल आएगा वो उनके तरफ से hi होगा.

मैनेजर के बात सुन कर उस रूम में बैठे सरे लोग हैरान रह गए लेकिन मई जनता था की समर ये सब मेरे लिए कर रहा है इस लिए मई मैनेजर को मन करते हुए बोलै.

मई- अरे नहीं मैनेजर साहब आपको और समर को हम सब के लिए ये करने की जरुरत नहीं है.

मेरी बात को सुन कर जो पहले से हैरान थे वो और हैरान हो गए और साथ में गुसा भी क्युकी उनको फ्री में इस होटल के सबसे महंगा वाइन पिने के लिए मिल रहा था मुझे ऐसे मन करने पर शनाया भी हैरान रह गयी और वो मुझसे धीरे से बोली.

शनाया- प्रतिक तुम ये क्या कर रहे हो मर. समर सिंघानिया ने अपने गेस्ट के चलते ये सब कर रहा है तो तुम उसे मन क्यों कर रहे हो.

अभी मई शनाया के बातो का जबाब देता उससे पहले hi स्वाति घुसे से बोली.

स्वाति- तुम्हारे अंदर थोड़ा भी तमीज़ नहीं है क्या की कब क्या बोलना चाहिए तुम अपने आप को समझते क्या हो और आकाश के फ्रेंड के द्वारा दिए गए गिफ्ट को तुम कैसे मन कर सकते हो अगर मन करना hi होगा तो आकाश करेगा न की तुम समझे और वैसे भी तुम्हारी औकात यहाँ खाना खाने की नहीं है ये तो भला हो आकाश का जो यहाँ पार्टी दिया और शनाया को बुलाया और शनाया तुमको अपने साथ लेकर यहाँ आ गयी नहीं तो तुम कभी सपनो में भी इस होटल में नहीं आ सकते थे.

स्वाति के बात सुन कर मुझे बहुत गुसा आया और मई घुसे में बोलै.

मई- मई कब से तुम्हारे इस बकवास को सुन रहा हु इस लिए अपने इस बकवास को बंद करो और तुम मुझे ये बताओ की कब मैंने आकाश के फ्रेंड के द्वारा दिए गए गिफ्ट को मन किया मई तो उसके दोस्त को जनता भी नहीं हु.

स्वाति- वह क्या नाटक करते हो तुम तुमने अभी अभी मैनेजर को मन नहीं किया और अब बोलते हो की तुम कब मन किये.

मई- वह तो समर आकाश के फ्रेंड है ये तो मुझे पता hi नहीं था क्या ये सच है आकाश समर तुम्हारा दोस्त है.

मेरे बात को सुन कर आकाश के माथे पर पसीना आने लगा लेकिन वो अपने पसीने को पोछते हुए बोलै.

आकाश- है समर मेरा दोस्त है और उसने hi ये वाइन मेरे लिए भेजा है और आज का सारा बिल माफ़ किया है.

स्वाति- सुन लिया न तुमने चलो अब आकाश और मैनेजर दोनों से माफ़ी मानगो.

मई- वो ऐसा है क्या (फिर मैनेजर से) क्या ये सच बोल रहा है क्या समर ने आकाश के लिए ये सब किया है.

मैनेजर जो कब से वाइन लिए खड़ा था और हम सब के बात को सुन रहा था वो बोलै.



मैनेजर- नहीं मर. समर ने ये सब आकाश के लिए नहीं किये है वो तो ये सब मर. प्रतिक के लिए किये है वैसे आप सब में प्रतिक कोण है.
 
अपडेट 23

रीयूनियन पार्टी 2


मैनेजर जो कब से वाइन लिए वह पर खड़ा था और हम सब के बात को सुन रहा था वो बोलै.

मैनेजर- नहीं मर. समर ने ये सब आकाश के लिए नहीं किये है वो तो ये सब मर. प्रतिक के लिए किये है क्युकी मर. प्रतिक hi उनका गेस्ट है वैसे आप सब में मर. प्रतिक कोण है.

मैनेजर के बात सुन कर वह सरे लोग हैरान हो गए और कभी उस मैनेजर को तो कभी मुझे घर कर देखने लगे तभी सरे लोगो का ध्यान अपने तरफ करते हुए स्वाति बोली.

स्वाति- आपको सायद गलत फहमी हुआ है मर. समर का फ्रेंड आकाश है नै की ये प्रतिक और वैसे भी ये प्रतिक कभी भी मर. समर के फ्रेंड नहीं हो सकता सायद आप उसे जानते नहीं है वो एक घरजमाई है और वो खुद दुसरो के टुकड़े पर पलटा है तो आप खुद hi सोचिये की इस जैसे दो कौड़ी के इंसान को मर. समर कैसे जानते होंगे.

स्वाति के बात सुन कर सब है में है मिलाने लगे इधर स्वाति के बात सुन कर आकाश भी खुस हो गया था फिर आकाश मेरा मजाक उड़ाते हुए बोलै.

आकाश- आप जानते नहीं है इसको औकात इस होटल में आने की भी नहीं है ये तो अपने बीवी के साथ यहाँ आ गया नहीं तो बहार गॉर्ड इसे अंदर घुसने भी नहीं देते तो भला ये कैसे मर. समर को जान सकता है.

आकाश और शनाया के बात सुन कर वह पर मौजूद सरे लोग के भी मन में यही सब चलने लगा था वो भी यही सोच रहे थे की सायद मैनेजर को गलत फहमी हो रहा है इधर शनाया को भी कही न कही ये लग रहा था की मनगर सायद आकाश के लिए आया होगा वो गलती से प्रतिक का नाम ले लिया इन सब के बात को सुन कर मैनेजर को गुसा आ गया और वो बोलै.

मैनेजर- मुझे कोई गलत फहमी नहीं हुयी है मई यहाँ मर. प्रतिक के लिए hi आया हु और मुझे खास कर के समर सर ने मर. प्रतिक के लिए hi भेजा है.

मैनेजर के बात सुन कर वह पर मौजूद किसी को भी विस्वास नहीं हो रहा था.

स्वाति- मई नहीं मानती की इस फटीचर घर जमाई को इतने बड़े आदमी भी जनता होगा.

अभी स्वाति कुछ और बोलने hi वाली थी की तभी पीछे से एक आवाज आयी.

आवाज- तुम्हारी हिमत कैसे हुयी प्रतिक सर को बेइज्जती करने की तुम चुप चाप इनसे माफ़ी मानगो नहीं तो मई तुम्हे आज तुम्हारी औकात दिखा दूंगा.

सबने जब ये आवाज सुना तो उस आवाज के तरफ देखने लगे मई और शनाया भी उस आवाज के तरफ देखने लगे इधर अपनी बेइज्जती को सुन कर स्वाति घुसे से उस आवाज वाले आदमी को घर कर देखने लगी और वो अभी पलट कर उस आदमी को कुछ बोलती तभी उस आदमी को देख कर मई बोल पड़ा.

मई- अरे समर तुम यहाँ क्या कर रहे हो.

मेरे मुँह से जब उस आदमी के लिए समर निकला तो सब हैरान रह गए और जो स्वाति अभी समर के बातो का जबाब देने वाली थी उसका मुँह भी अपने आप बंद हो गया और उसके माथे से पसीना निकलने लगा इधर शनाया भी जब मेरे मुँह से समर सुनी तो वो भी कभी मुझे तो कभी समर को देखने लगी इधर समर मेरे बात को सुन कर जबाब दिया.

समर- वो क्या है न सर की आज मेरा यहाँ पर एक बिज़नेस मीटिंग था इस लिए मई यहाँ आया था और मई आपको यहाँ पर अपने वाइफ के साथ आते हुए देखा तो आपसे मिलने आ गया.

मई- वो अच्छा है वैसे तुम्हारी ट्रेनिंग कैसी चल रही है.

समर- अच्छा चल रहा है सर वैसे सर मैंने आपके और आपके फ्रेंड के लिए कुछ वाइन यहाँ पर भेजा था आप उसे मेरी तरफ से एक्सेप्ट कर लीजियेगा.

मई- इसकी जरुरत तो नहीं थी लेकिन चलो कोई बात नहीं तुम इतने प्यार से हमारे लिए भेजे हो तो मई उसे एक्सेप्ट कर लूंगा.

समर- तो ठीक है सर मई अभी चलता हु अगर आपको किसी भी चीज़ की जरुरत हो तो आप मैनेजर से बोल दीजियेगा.

मई- ठीक है.

इसके बाद समर और मनगर दोनों वह से चले जाते है उनके जाने के बाद वह पर सरे लोग बस मुझे hi देखे जा रहे थे अब उनके मन मेरे प्रति कुछ सामान दिख रहा था इधर आकाश ने जब देखा की समर को सच में मई जनता हु और वो ये सब मेरे लिए hi भेजा है तो उसके चेहरे पर गुसा नजर आने लगा और वो मन hi मन सोचने लगा.

Akash-(Man में) ये फटीचर घर जमाई समर सिंघानिया को कैसे जनता है जरूर कुछ बात है मुझे पता लगाना hi पड़ेगा.

इधर शनाया ने जब देखा की समर मुझे बहुत अच्छे से जनता है और वो मुझे सर बोल रहा था तो शनाया से रहा नहीं गया और तुरंग मुझसे पूछी.

शनाया- प्रतिक तुम समर सिंघानिया को कैसे जानते हो और वो तुम्हे सर क्यों बोल रहा था.

मई- वो एक लम्बी कहानी है मई तुम्हे बाद में बताऊंगा.

शनाया- ठीक है.

रिद्धिमा- वाओ यार प्रतिक तुम तो सच में छुपा रुस्तम निकले तुम्हे तो इतना बड़ा आदमी जनता है और वो भी तुम्हे वो सर कह कर बुला रहा था जरूर तुमने कुछ बात है.

रिद्धिमा के बात सुन कर सरे लोग है में है मिलते है और मुझसे नजदीकियां बढ़ने लगते है अब वो सब आकाश से ज्यादा वैल्यू मेरा दे रहे थे ये सब देख स्वाति और आकाश के चेहरा घुसे से लाल हो रहा था लेकिन वो वह पर कुछ बोल अपनी बेइज्जती नहीं करवाना चाहते थे इस लिए वो चुप hi रहे जब सरे लोग मुझसे अच्छे से बात कर रहे थे ये देख कर शनाया को भी मुझपे गर्व महसूस हो रहा था और बहुत प्यार से मुझे देखे जा रही थी.

फिर विकाश ने वह पर मैनेजर के द्वारा लाया गया वाइन को खोला फिर वह पर मौजूद सरे लोग वाइन का मज़ा लेने लगे तभी रिद्धिमा वह से उठा कर वाशरूम गयी अभी वोन वाशरूम के पास पहुंची hi थी की तभी वो किसी आदमी से टकरा जाती है फिर वो उस आदमी को सॉरी बोल कर वह से जाने लगती है तभी वो आदमी उसका हाथ पकड़ लेता है और बोलता है.

आदमी- क्या जानेमन सिर्फ सॉरी बोलने से काम नहीं चलेगा मई जनता हु की तुम मुझसे जान भुज कर टकराई हो तो क्या बोलती हो चले हम रूम में.

रिद्धिमा उस आदमी के बात सुन कर घबरा जाती है और उसके हाथ से अपना हाथ छुड़ाते हुए बोलती है.

रिद्धिमा- ये क्या बतमीज़ी है छोड़ो मेरा हाथ और है मई तुमसे कोई जान बुझ कर नहीं टकराई थी वो सब अचानक से हुआ था और उसके लिए मई तुम्हे सॉरी भी बोल दिया.

रिद्धिमा इतना बोल कर वह से जाने लगती है तभी वो आदमी फिर से उसका हाथ पकड़ लेता है है और बोलता है.

आदमी- मई तुम जैसे लड़कियों को अच्छे से जनता हु इस लिए चुप चाप मेरे साथ चलो और है तुम्हे जितना पैसा चाहिए उतना मिल जायेगा.

रिद्धिमा- छोडो मेरा हाथ तुम जैसा सोच रहे मई उस तरह की लड़की नहीं हु समझे.

आदमी- देखो मई जनता हु की तुम किस तरह के लड़की हो इस लिए मई तुम्हे प्यार से बोल रहा हु की चलो मेरे साथ नहीं तो मुझे जबरदस्ती भी करनी आती है.

रिद्धिमा को उस आदमी के बात सुन कर बहुत गुसा आता है इस लिए वो अपना हाथ किसी तरह से आदमी से छुड़ाती है और उसे खींच कर एक थपड मर देती है जिसके कारन वो आदमी गुसा हो जाता है और फिर वो रिद्धिमा के बल को पकड़ लेता है और बोलता है.

आदमी- तुमने मुझे तपाद मर कर अच्छा नहीं किया अब तुम्हे मुझसे कोई नहीं बचा सकता है.

इतना बोल कर रिद्धिमा के चेहरे पर 2 तापस मरता है और उसको खींचते हुए अपने रूम के तरफ ले कर जाने लगता रिद्धिमा उस आदमी से छूटने की बहुत कोशिश करती है लेकिन वो आदमी उसे बहुत मजबूती से पकड़ा हुआ था इस वो खुद को उस आदमी से छुड़ा नहीं पा राहु थी तभी उसके हाथ एक फ्लावर वैसे से टकराता है जिसे वो अपने हाथो से मजबूती से पकड़ कर उस आदमी के ऊपर मरती है जिससे बचने के लिए वो आदमी उसको छोड़ देता है जैसे hi वो आदमी रिद्धिमा को छोड़ा वो भागते हुए सीधा प्राइवेट रूम में आ गयी और रट हुए शनाया के गले लग गयी जब सब ने रिद्धिमा को देखा तो उसके चेहरे पर थपड के निशान थे उसके मुँह के कोने से खून निकल रहा था ये देख कर सरे लोग घबरा गए फिर शनाया रिद्धिमा को चुप करवाती हुयी बोली.

शनाया- क्या हुआ रिद्धिमा तुम्हारी ये हालत कैसे हुयी और तुम रो क्यों रही हो.

रिद्धिमा शनाया के बात सुन कर रट हुए बोली.

रिद्धिमा- वो वाशरूम के पास एक आदमी मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश कर रहा था.

रिद्धिमा के बात कर सरे लोग हैरान रह गए और घुसे से अपने अपने हाथ के मुठी कास लिए तभी उस रूम का दरवाजा एक बार और खुला और उसमे से एक आदमी नशे के हालत में लड़खड़ाता हुआ अंदर आया और रिद्धिमा को देखते हुए बोलै.

आदमी- तुम मुझसे बच कर कहा तक भागोजी आज तुम्ही किसी भी तरह से मई अपने बिस्टेर तक ले कर hi आऊंगा (अभी वो बोल hi रहा था की तभी उसकी नजर स्वाति और शनाया पर पड़ी जिसे देख कर वो अपने मुँह से लार टपकते हुए बोलै) अरे यहाँ तो एक से बढ़ कर एक मॉल है कोई बात नहीं आज मई इसी से काम चला लेता हु बाद में तुम दोनों की भी बरी आएगी. इतना बोल कर वो रिद्धिमा के तरफ बढ़ने लगा उस आदमी के बात सुन कर मुझे बहुत गुसा आया और मई घुसे में उसके तरफ जाने लगा ये देख कर आकाश ने सोचा की अगर मई उस आदमी से रिद्धिमा को बचा लूंगा तो एक बार फिर मई सबके नजरो में हीरो बन जाऊंगा और ये बात आकाश को पसंद नहीं था इसलिए वो मन में सोचा.

आकाश- (मन में) अगर ये रिद्धिमा को बचता है तो फिर ये सबके नजरो में हीरो बन जायेगा और ये मई होने नहीं दूंगा तो क्यों न मई hi रिद्धिमा को इस आदमी से बचा कर सबके नजरो में हीरो बन जाऊ.

ये सोच कर मुझसे पहले hi आकाश उस आदमी के पास पहुंच गया और बोलै.

आकाश- तुम्हारी हिमत कैसे हुयी रिद्धिमा को हाथ लगाने की आज मई तुम्हे इतना मरूंगा की तुम यहाँ से अपने पैरो पर चल कर नहीं जाओगे.

आदमी- अच्छा ऐसा बात है तो ठीक है तुम मुझे हाथ लगा मर दिखाओ सायद तुम मुझे जानते नहीं हो की मई कोण हु.

आकाश- चाहे तू जो भी हो लेकिन तुम्हे रिद्धिमा को हाथ नहीं लगाना चाहिए था.

इतना बोल कर आकाश उस आदमी को मरने लगता है वो आदमी आकाश से बचने की कोशिश कार्ट्स है लेकिन वो नशे में था इस लिए वो खुद को आकाश से बचा नहीं पाया और वह से भागते हुए बोलै.

आदमी- तुमने मुझ पर हाथ उठा कर अच्छा नहीं किया अगर तुम्हारे अंदर डैम है तो बस 10 मिनट और यहाँ रुको इसके बाद मई तुम्हे बताऊंगा की मेरे ऊपर हाथ उठाने का क्या कीमत चुकाना पड़ता है.

आकाश- (घमंड में) है है ठीक है मई 10 मिनट तो क्या मई यहाँ अभी 1 घंटे तक रुकने वाला हु मई देखना चाहता हु की तुम मेरा क्या बिगड़ लोगे.

आदमी- ठीक तू रुक यही मई अभी अपने साथियो को लेकर आता हु.

हलाकि आकाश सबके सामने हीरो बनाने के लिए ये बोल तो दिया था लेकिन उसे भी अंदर hi अंदर कही न कही ये दर था की अगर वो आदमी सच में अपने साथियो को लेकर आ गया तो वो क्या करेगा इधर उस आदमी के धमकी को सुन कर सरे लोग दर गए थे और सब वह से निकल जाना चाहते थे इस लिए स्वेता आकाश से बोली.

श्वेता- आकाश अगर वो सच में अपने साथियो को ले कर यहाँ आ गया तो मई तो कहती हु की उसके आने से पहले hi हम यहाँ से चले जाते है.

आकाश- ऐसा कुछ भी नहीं है वो डरपोक आदमी जो मेरा दो लत कहते hi यहाँ से भाग गया तुमको क्या लहता है की वो यहाँ पर दुबारा आएगा तुम चिंता मत करो वो नहीं आएगा.

रिद्धिमा- शनाया मुझे दर लग रहा है अगर वो सच में आ गया तो प्लीज हमको यहाँ से ले चलो मई अब यहाँ पर नहीं रुकना चाहती हु.

रिद्धिमा के बात सुन कर शनाया भी थोड़ी घबरा गयी थी इस लिए वो मुझसे बोली.

शनाया- प्रतिक ी थिंक रिद्धिमा सही बोल रही है अब हमें यहाँ से चलना चाहिए अगर वो लोग सच में आ गए तो बहुत प्रॉब्लम हो जाएगी.

मई- तुम बेकार में चिंता कर रही हो अगर वो लोग आ भी जायेंगे तो मई तुम दोनों को कुछ नहीं होने दूंगा और वैसे भी तुम एक फाइटर हो तुम्हे इन जैसे गुंडों से डरने की जरुरत नहीं है तुम अभी रैंक 7 पर हो अगर तुम चाहो तो इन जैसे कितने hi गुंडों को अकेले संभल सकती हो.

शनाया- नहीं प्रतिक मुझे यहाँ कोई भी लड़ाई नहीं करनी है इसलिए चलो हम यहाँ से चलते है.

मई- मई ठीक है चलो चलते है.

इतना बोल कर मई शनाया और रिद्धिमा को लेकर वह से जाने hi वाले था की तभी उस प्राइवेट रूम के दरवाजा खुला और करीब पंद्रह गुंडे उस रूम में दाखिल हो गए जैसे hi सरे लोग इतने सरे गुंडों को देखा तो सब दर से थार थार कपङे लगे सरे लोगो में एक मई hi था वो चुप चाप बिना डरे वह पर खड़ा था इधर सरे गुंडों का लीडर हम सबको देखते हुए बोलै.

गुंडा लीडर- कोण था वो जिसने तुम पर हाथ उठाया.

Adami-(Akash के तरफ इशारा करते हुए) पिंटू दादा वो जो सामने बैठा है न वही है जिसने मुझ पर हाथ उठाया.

उस आदमी के बात को सुन कर पिंटू दादा आकाश को ऊपर से निचे तक देखने लगा और उसके तरफ बढ़ते हुए बोलै.

पिंटू- क्यों बे छुछुंदर तेरी इतनी हिमत की तुम मेरे यानि की पिंटू दादा के आदमी को मरे.

पिंटू दादा के बात सुन कर आकाश दर गया क्युकी पिंटू दादा उस एरिया के नमी गुंडा था उससे इस एरिया के सरे लोग डरते थे पिंटू के बात को सुन कर आकाश डरते हुए बोलै.

आकाश- पिंटू दादा आपके इस दोस्त ने मेरे एक फ्रेंड के साथ मिस्बेहावे करने की कोशिश कर रहा था इस लिए मैंने उसको मारा था प्लीज मुझसे गलती हो गयी हमको माफ़ कर दीजिये.

आकाश के बात सुन कर पिंटू दादा हस्ते हुए बोलै.

आकाश के बात सुन कर वह पर मौजूद सरे लोग हैरान हो गए क्युकी जो आकाश कुछ देर पहले सबको बचने के लिए और गुंडों को मरने की बात कर रहा था वही वही इस पिंटू दादा के सामने गिड़गिड़ाते हुए माफ़ी मांग रहा था.

पिंटू- अगर वो एक लड़की को छेड़ hi दिया तो क्या हो गया वो उस लड़की के साथ एक रत मजे करता और फिर छोड़ देता वैसे अब तो इस रूम में जितनी भी लड़किया है सब एक रत के लिए हमारे साथ जाएँगी लेकिन उससे पहले मई तुमको सबक सीखना चाहता हु क्युकी तुमने मेरे आदमी पर हाथ उठाया है.

पिंटू के बात सुन कर वही पर मौजूद साडी लड़किया दर गयी और घुसे से मेरी मुठी कास गयी मेरा मन कर रहा था की अभी मई इस पिंटू नाम के दादा को इतना मरू की वो यहाँ से आपमें पेअर चल कर न जाये लेकिन मई अभी संत रहा क्युकी मुझे आकाश को मर कहते हुए देखना था इधर पिंटू अपने आदमियों को बोल कर आकाश को पिटवाने लगा आकाश मारा खता हुआ गिड़गिड़ा कर रट हुए माफ़ी मांग रहा था.

आकाश- प्लीज पिंटू दादा मुझे माफ़ कर दीजिये मई नहीं जनता था की वो आपका आदमी है अगर मई जनता की वो आपका आदमी है तो मई उस हाथ भी नहीं लगता प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिये.

पिंटू आकाश के बात को सुन कर हस्ते हुए बोलै

पिंटू- तुमने मेरे आदमियों को मारा है इस लिए तुम्हे माफ़ी तो नहीं मिलेगी आज मेरे आदमी तुम्हारे हाथ पेअर तोड़ कर hi रुकेंगे.

पिंटू के बात को सुन कर आकाश दर और घबराहट से रोने लगा और रट हुए बोलै.

आकाश- प्लीज पिंटू दादा मुझे छोड़ दीजिये बदले में मई आपको पैसे देने के लिए तैयार हु.

आकाश के बात सुन कर पिंटू दादा के आँखों में चमक आ गया और वो खुस होते हुए बोलै.

पिंटू- ये तुमने किया न कुछ काम की बात चलो बताओ की तुम खुद को बचने के लिए कितने पैसे डोज यद् रखना की तुम मुझे इतना पैसा दो की मई संतुस्ट हो सकू और तुझे छोड़ सकू चलो बताओ कितना डोज.

पिंटू दादा के बात सुन कर आकाश कुछ देर तक सोचता रहा फिर बोलै.

आकाश- दादा मई आपको 20 लाख दूंगा प्लीज मुझे छोड़ दीजिये.

20 लाख सुन कर वह मौजूद सरे लोग हैरान रह गए और पिंटू दादा के आँखों में चमक आ गया लेकिन वो अपने खुसी को छुपाते हुए बोलै.

पिंटू- ठीक है मई तुमको 20 लाख के बदले छोड़ रहा हु लेकिन मई इन सरे लड़कियों को यहाँ से एक रत के लिए ले कर जाऊंगा खास कर के (शनाया के तरफ इशारा करते हुए) उस लकड़ी को वह क्या नमकीन लड़की है आज तक मई इतने नमकीन लड़की को नहीं देखा आज की रत मेरे लिए खास होने वाली है.

पिंटू के बात सुन कर साडी लड़किया दर जाती है शनाया तो दर कर मेरे पीछे छुपने की कोशिश करने लगी फिर पिंटू अपने बात को बोल कर शनाया के तरफ आने लगी और उसे पकड़ने के लिए अपना हाथ बढ़ाया तो ये देख कर मेरा खुल खौल गया और मई घुसे से आगे बढ़ कर पिंटू के साथ पकड़ लिया और शारद लहजे में उस से बोलै.

मई- मेरी हिमत कैसे हुयी शनाया के तरफ हाथ बढ़ने की तुम जब तक आकाश के साथ खेल रहे थे मई चुप था लेकिन तुमने शनाया और यहाँ पर मौजूद लड़कियों पर गन्दी नजर दाल कर अच्छा नहीं किया अब तुम्हे इसका परिणाम भुगतना होगा.

मेरे बात को सुन कर वह मौजूद सरे लोग हैरान हो गए और मुझे देखने लगे इधर पिंटू ने जब मेरे बातो को सुना तो वो हसने लगा और फिर घुसे से बोलै.

पिंटू- अच्छा तो तुम मुझे सबक सीखना चाहते हो लगता है की तुम भूल गए की अभी उस लड़के के साथ क्या हुआ था इस लिए लग रहा है की तुम्हे सब कुछ यद् दिलाना पड़ेगा और है मई आज इन सरे लड़कियों को किसी भी हालत में ले कर जाऊंगा चाहे उसके लिए तुम सब को मरना hi क्यों न पड़े.

मई- अगर ऐसी बात है तो तुम इन लड़कियों को हाथ लगा कर दिखाओ फिर तुम देखना की मई क्या करता हु.

मेरे बात को सुन कर पिंटू को बहुत गुसा आया और वही मेरे बात सुन कर साडी लड़किया डरने लगी क्युकी वो नहीं जानती थी की मई इतने सरे गुंडों से लड़ पाउँगा या नहीं इधर पिंटू घुसे शनाया के पास आया और उसको बालो से पकड़ने की कोशिश किया तो मई जल्दी से उसके हाथ को पकड़ लिया और खींच कर एक थपड उसे मर दिया जिसका परिणाम यह हुआ की वो चाकर कहते हुए निचे गिर गया और उसके आगे के 2 डट भी टूट गए थे जिसके चलते उसके मुँह से खून निकलने लगा था.

फिर वो अपने मुँह से खून थूकते हुए खड़ा हुआ और घुसे से बोलै.

पिंटू- तुमने मेरे ऊपर हाथ उठा कर अच्छा नहीं किया अब यहाँ से सही सलामत कोई नहीं जायेगा आज मई सबका यही पर कब्र खोदुंगा.

पिंटू के बात सुन कर सरे लोग दर गए और मुझे भला बुरा बोलने लगे.

स्वाति- कर ली अपने मन की देखा की अपना ताकत अब तुम्हारे चलते ये हम में से किसी को नहीं छोड़ेगा तू न सचमे एक फटीचर घरजमाई hi है तुझमे दिमाग नाम की कोई चीज hi नहीं है अगर तुम्हे शनाया को बचाना hi था तो इस पर हाथ क्यों उठाया अगर तुम इसके पेअर पकड़ कर गिड़गिड़ाते तो सायद ये हम सब को छोड़ भी देता लेकिन तुमने इस पर हाथ उठा कर हम सब को मुसीबत में दाल दिया.

विकाश- पिंटू दादा प्लीज हम सब को यहाँ से जाने दीजिये आप पर हाथ उठाने की गलती इसने की है तो आप इसे जान से मर दीजिये लेकिन हम सब को जाने दीजिये.

पिंटू- चुप एक डैम चुप अगर तुम और कोई बकवास किया न तो इससे पहले तुमको hi टपका दूंगा समझा अब ये लड़किया को तो मई लेकर जाऊंगा hi लेकिन तुम सब को भी नहीं छोडूंगा सबसे पहले इस लड़के को मरूंगा इसकी हिमत कैसे हुयी मुझ पर हाथ उठाने की.

पिंटू के बात सुन कर सरे लड़के और लड़किया दर गयी और मन hi मन मुझे कोशने लगी तभी आकाश अपने आप को फिर से मुसीबत में देख कर बोलै.

आकाश- प्लीज भाई आपको इसके साथ और लड़कियों के साथ जो भी करना है कीजिये लेकिन मुझे छोड़ दीजिये मैंने तो आपको पैसे भी दिए है.

पिंटू- तू चिंता मत कर मई तुझे कुछ नहीं करूँगा लेकिन मई अब इनमे से किसी को नहीं छोडूंगा और सबसे पहले मई इस लड़के को ठिकाने लगाऊंगा (अपने साथियो से) मरे रे इस लड़को को सेल की हिमत कैसे हुयी मुझ पर हाथ उठाने की इसको इतना मारो की इसकी ये खुद मेरे पैरो में गिर कर अपने जान की भीख मांगे.

पिंटू के बात सुन कर सरे गुंडे भागते हुए मेरे तरफ आने लगे ये देख कर शनाया दर गयी लेकिन मई उसे समझते हुए बोलै.

मई- डरो नहीं मई इन सब को संभल लूंगा बस तुम साइड में बैठ कर तमसा देखो.

मेरे बात को सुन कर शनाया रिद्धिमा को लेकर वह से एक साइड में जाकर एक टेबल पर बैठ गयी और दर से गुंडों को मेरे तरफ आते हुए देखने लगी.

इधर वो सरे गुंडे भागते हुए मेरे पास आये और मुझ पर हमला कर दिया लेकिन मई बस 2 hi मिनट में सबको धूल छठा दिया मई उन गुंडों को इतना मारा की वो उठने लायक भी नहीं बचे थे ये देख कर सरे लोग हैरान रह गए और आश्चर्य से मुझे देखने लगे इधर मेरा ताकत देख कर स्वाति और आकाश के भी हालत ख़राब हो गयी थी अपने साथियो को ऐसी हालत देख कर पिंटू दर गया और फिर डरते डरते बोलै.

पिंटू- तुमने इन सब को मर कर अच्छा नहीं किया तुम जानते नहीं हो की हम सब किसके आदमी है अगर उसे पता चल गया की तुमने हम सब को मारा है तो वो तुम्हे पटल से भी धुंध कर जान से मर देगा.

मई- अच्छा तो ऐसी बात है ठीक है फिर तुम एक काम करो उसे भी बुला लो मई भी देखना चाहता हु की वो कोण है और मेरा क्या बिगड़ लेता है.

मेरे बात को सुन कर पिंटू ने तुरंत अपने पॉकेट से मोबाइल निकला और किसी को कॉल किया.

पिंटू- भाई सिंघानिया होटल में एक लड़का है जिसने हमारे आदमियों को बहुत मारा है प्लीज आप जल्दी से यहाँ आ जाइये नहीं तो वो हम सब को मर देगा.

पिंटू के बात सुन कर कॉल के दूसरे तरफ से कुछ कहा गया जिसे सुन कर वो बहुत खुस हो गया और फिर कॉल कट करने के बाद मुझसे बोलै.

पिंटू- तू बस 10 मिनट रुक भाई आ रहे है आज तू यहाँ से जिन्दा वापस नहीं जायेगा.

मई- ठीक है मई 10 मिनट रुकता हु बुला लो जिसको भी बुलाना है.

इधर सरे लोग पिंटू के आदमियों के हालत देख कर हैरान थे उन्हें विस्वास hi नहीं हो रहा था की मेरे जैसा मामूली लड़का इतने सरे आदमियों को अकेले हरा दिया.

रिद्धिमा- वाओ शनाया तेरा हस्बैंड तो कमल का है उसने तो बड़ी आसानी से इतने सरे गुंडों को धूल छठा दिया.

रिद्धिमा के बात सुन कर शनाया के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गयी और वो बड़े प्यार से मेरे तरफ देखने लगी तभी फिर से उसे रिद्धिमा के आवाज सुनाई दी.

रिद्धिमा- लेकिन शनाया ये पिंटू किसी को फ़ोन कर के बुलाया है अगर वो गुंडा प्रतिक से ज्यादा ताकतवर हुआ तो फिर हम सब तो प्रॉब्लम में फास जायेंगे नहीं नहीं हमें यहाँ से चलना चाहिए शनाया तुम बोलो प्रतिक को की हमें यहाँ से चलते है.

रिद्धिमा के बात सुन कर शनाया घबरा गयी और वो मुझसे बोली.

शनाया- प्रतिक अब हमें चलना चाहिए हमें देर हो रही है.

मई शनाया के बातो के पीछे छुपे हुए दर को भाफ लिया और उसे समझते हुए बोलै.

मई- तुम चिंता मत करो और डरो तो बिलकुल hi नहीं जो भी आ रहा है आने दो उसको भी आज ये पता चल जायेगा की किसी लड़की पर बुरी नजर रखने वालो का क्या हसरा होता है और वैसे भी इसने तुम्हे छूने की कोशिश की है तो मई इसे ऐसे hi कैसे जाने दू अगर हम अभी यहाँ से चले गए तो इसका मनोबल और बढ़ जायेगा और फिर से ये लड़कियों के साथ गलत करने की कोशिश करेगा इस लिए आज इसे और इसके मालिक दोनों को सबक मिलना जरुरी है.

अभी हम बात कर hi रहे थे की उस प्राइवेट रूम का दरवाजा खुला और एक आदमी कुछ गुंडों के साथ अंदर आया और सीधा पिंटू के पास चला गया जैसे hi मई उस आने वाले आदमी को देखा तो मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी और मई उसको देखने लगा अभी उस आदमी का ध्यान मेरे तरफ नहीं गया था इस लिए वो आदमी सीधा पिंटू के पास जा कर उससे पूछा.

आदमी- तुम सब की ये हालत किसने की है किसकी इतनी हिमत हो गयी की इस सहर में वो बलदेव सिंह के आदमी पर हाथ उठाये.

पिंटू- भाई वो जो सामने लड़का खड़ा है वही ये सब किया है और तो और जब मई आपको बुलाने की बात की तब भी वो नहीं डरा और ऊपर आपको भी सबक सीखने की बात कर रहा था.

पिंटू के मुँह से बलदेव सिंह कर वह पर जितने भी लोग थे सबके चेहरे पर दर दिखाई देने लगा और सब दर से थार थार कपङे लगे क्युकी बलदेव सिंह गैंगस्टर का नाम इस सहर में सरे लोग जानते थे इधर बलदेव सिंह पिंटू के बात सुन कर गुसा हो गया और घुसे में मेरे तरफ देखते हुए बोलै.

बलदेव- इस सहर में ऐसा कोण पैदा हो गया जो बलदेव सिंह को सबक सीखने की बात कर रहा है.

इतना बोलते हुए बलदेव सिंह जैसे hi मेरे तरफ घूम कर देखा तो उसकी हालत hi ख़राब हो गयी और वो दर से थार थार कपट हुए बोलै.

बलदेव- अअअअअ आप.

मई- है मई तो बोलै अब तुम मुझे किस तरह से सबक सीखने वाले हो.

बलदेव- (हकलाते हुए) ममम मई बबब भला आपको कैसे सबक सीखा सकता हु.

मई- क्यों नहीं सीखा सकते मैंने अभी अभी तेरे इस आदमी से सुना की तू इस एरिया का बहुत बड़ा गुंडा है और इन लोगो की मदत भी बहुत करता है और इनको मरने वालो को जिन्दा नहीं छोड़ता तो तुम मुझे सबक क्यों नहीं सीखा सकते आओ आगे आओ और मुझे सबक सिखाओ.

मेरे बात को सुन कर बलदेव सिंह और दर गया और डरते हुए सीधा पिंटू के पास गया और फिर उसको तपाद मरते हुए पूछता है.

बलदेव- तुमने प्रतिक भाई के साथ क्या किया है जल्दी बताओ नहीं तो आज मई तुम्हे यही पर जान से मर दूंगा.

बलदेव से थपड खा कर और फिर उसकी बात को सुन कर पिंटू हैरान हो गया और फिर मन में सोचने लगा आखिर बॉस इस मामूली से घर जमाई के लिए तत्पर क्यों मरे इधर जब बलदेव सिंह ने देखा की पिंटू कुछ भी नहीं बोल रहा है तो बलदेव सिंह को और गुसा आ जाता है और फिर वो घुसे से पिंटू को एक और थपड मरता है और बोलता है.

बलदेव- आखिर तुम बोल क्यों नहीं रहे हो बताओ मुझे की तुमने प्रतिक भाई के साथ क्या किया है.

बलदेव के बात सुन कर अब पिंटू को भी गुसा आ जाता है और वो थोड़ा घुसे से बोलता है.

पिंटू- क्या भाई आप इस दो कौड़ी के घरजमाई के लिए मुझे मर रहे है मई तो आपका खास आदमियों में से एक हु और इसकी इतनी औकात नहीं की आप इसे भाई कह कर पुकारे.

पिंटू से मेरे प्रति इतना ख़राब बात सुन कर बलदेव दर गया और पिंटू पर उसे बहुत गुसा आया वो तुरंत पिंटू को मरना स्टार्ट किया और बोलै.

बलदेव- जब तक तुम मुझे सच सच नहीं बताओगे की यहाँ पर क्या हुआ है तब तक मई तुम्हे ऐसे hi मरता रहूँगा.

बलदेव सिंह के बात सुन कर पिंटू दर जाता है और फिर डरते डरते वो साडी बाटे बलदेव सिंह को बताता है जिसे सुन कर बलदेव सिंह दर जाता है और मुझे देखने लगता है फिर वो धीरे धीरे मेरे पास आता है और मेरे सामने घुटनो के बल गिर जाता है और बोलता है.

बलदेव- मुझे माफ़ कर दीजिये भाई मई नहीं जनता था की यहाँ पर क्या हुआ है मई तो बस ये सुना की किसी ने मेरे आदमियों को मारा है तो मई बस यहाँ आ गया लेकिन आप बोलिये मई की आप क्या चाहते है आप जो बोलियेगा मई वही करूँगा.

मई- पिंटू की तो गलती है hi लेकिन साथ में तुमने भी गलती की है और तुम्हारी पहली गलती ये है की तुमने अपने गैंग में ऐसे गुंडे को भर रखा है जिसके मन में लड़कियों के प्रति कोई इज्जत नहीं है और तुम्हारी दूसरी गलती ये है की की बिना यहाँ से सिचुएशन समझे तुम मुझे मरने के लिए आगे बढ़ गए ये तो भलो हो ऊपर वाले का की यहाँ पर मई खड़ा था अगर मेरे जगह पर कोई और होता तो तुम ये बिना जाने की गलती किसकी है तुम उसपे हमला कर देते.

बलदेव- भाई मुझसे गलती हो गयी अब से ये गलती दोबारा नहीं होगी और है आप मुझे जो सजा देना चाहे दे सकते है.

मई- मुझे ये देख कर खुसी हुयी की तुम्हे अपने गलतियों का एहसास हो गया इस लिए मई तुम्हे माफ़ कर रहा हु लेकिन इस गुंडे ने मेरी बीवी के तरफ गन्दी नजर डाली है इस लिए मई इसे माफ़ नहीं कर सकता.

मेरे बात सुन कर बलदेव खुस हो गया लेकिन पिंटू दर से वही थार थार कपङे लगा.

बलदेव- आप इसको जो भी सजा देना चाहते है दे सकते है भाई.

मई- तुम एक काम करो इसके यहाँ से ले जाओ और दोनों पेअर और दोनों हाथ को थोड़ दो आज मई इसको इतना hi सजा देना चाहता हु अगर मुझे ये दोबारा किसी लड़की को परेशां करते हुए दिख गया तो मई इसे जिन्दा नहीं छोडूंगा.

बलदेव मेरे बात कोण कर अपने आदमियों को इशारा किया तो वो पिंटू को खींचते हुए वह से लेकर चले गए इसके बाद फिर से एक बार और बलदेव मेरे पास झुक कर माफ़ी माँगा और वह से चला गया उसके जाते hi सरे लड़को और लड़कियों ने रहत के सास ली और मुझे घर कर देखने लगे वो लोग मुझे इस तरह से बलदेव सिंह से बात करता देख कर और बलदेव को मेरे सामने घुटनो पर बैठता देख कर सरे लोग हैरान हो गए थे और मन hi मन सोचने लगे की आखिर ये प्रतिक है कोण जिससे सिंघानिया परिवार के वरिष्ठ सर कह कर बुलाता है वो अकेले hi एक साथ 15 आदमियों से लड़ कर जीत सकता है और तो और मुंबई सहर के अंदर वर्ल्ड के बादशाह इसके सामने गीध गिड़ा रहा है आखिर ये प्रतिक है कोण ये कही से भी घर जमाई नहीं लगता जरूर इसके अंदर कुछ बात है तो वही आकाश और स्वाति को तो जैसे सदमा hi लग गया था.

Akash-(Man में) साला ये प्रतिक आखिर है कोण क्या किसी घरजमाई के पास इतना पावर हो सकता है नहीं नहीं ये जो दीखता है वैसा ये है नहीं जरूर इसमें कुछ खास बात है जो ये सबसे छुपा रहा है अब मुझे इसको देख कर ये तो पता चल गया की मई इसे ताकत से नहु हरा सकता मुझे शनाया को पाने के लिए अब ताकत की नहीं बल्कि कूटनीति का इस्तेमाल करना पड़ेगा क्या मुझे पुस्पा अनूठी को प्रतिक के बारे में सब बता देना चाहिए अरे अरे नहीं नहीं मई ये क्या सोच रहा हु अगर मई पुस्पा आंटी को प्रतिक के सचाई बताया तो वो प्रतिक और शनाया के रिश्ते को एक्सेप्ट कर लेगी और मई ये होने नहीं दे सकता हु मुझे hi अब कुछ करना होगा और उसके लिए मुझे इन दोनों के साथ इनके hi सोल्लगे में एडमिशन लेना होगा.

इधर आकाश अपने hi सोचो में गम था और वही पर साडी लड़किया तो मुझ पर फ़िदा hi हो गयी थी और वो मन hi मन शनाया से जल रही थी आज शनाया को भी मुझपे गर्व महसूस हो रहा था लेकिन फिर जैसे hi उसकी नजर वह मौजूद लड़कियों पर गयी उसे गुसा आने लगा और वो घुसे से कभी मुझे तो कभी उस लड़कियों को देख रही थी क्युकी वो साडी लड़किया बड़े प्यार से मुझे देखे जा रही थी इधर रिद्धिमा बलदेव सिंह को मुझसे डरता हुआ और मेरे घुटनो में गिरता हुआ देख कर शनाया से बोली.

रिद्धिमा- यार शनाया मुझे एक बात बताओ ये तुम्हारा पति सच में एक घरजमाई hi है न क्युकी मुझे इसको देख कर नहीं लगता की ये घरजमाई है और अगर ये घर जमाई भी है तो जरूर इसको घरजमाई बनाने के कारन कुछ और है क्युकी जिस ब्यक्ति को इतने बड़े बड़े आदमी जानते हो और जिससे सहर के इतना बड़ा गुंडा भी डरता हो वो कोई मामूली आदमी नहीं है पता है शनाया अब न मुझे तुमसे जलन महसूस हो रही है काश की ये तुम्हारा पति न होता तो मई इसे अपना लाइफ पार्टनर बना लेती.

रिद्धिमा के बात सुन कर शनाया कुछ नहीं बोली और बस प्यार से मुस्कुराते हुए मुझे hi देखे जा रही थी आज सच में उसे मुझ पर प्यार आ रहा था क्युकी आज मई उसके दोस्तों के सामने उसके सर को गर्व से ुचा कर दिया था वो अपने मन में सोचने लगी.

शनाया- वोय होय मेरे हुब्बी क्या कमल किया तुमने मजा आ गया आज मई बहुत खुस हु और मई ये समझ चुकी हु की मुझे तुमसे अच्छा हस्बैंड नहीं मिलता और मुझे तुमसे प्यार हो गया है तुमने सदी वाले दिन ठीक हु बोलै था की एक न एक दिन तुम मेरे दिल को जीत लोगे और आज वो सच हो गया तुमने मेरे दिल को पूरी तरह से अपना दीवाना बना लिया कुछ दिन बाद कॉलेज में एनुअल फंक्शन है और मई उसी फंक्शन में सबके सामने प्रपोज़ करूँगा ी लव ु माय हुब्बी.

इधर सरे लड़के और लड़किया मेरे पास आ गए और मुझे थैंक्स बोलने लगे रिद्धिमा भी मेरे पास आयी और बोली.

रिद्धिमा- थैंक यू प्रतिक अगर आज तुम नहीं होता तो पता नहीं आज हम सब लड़कियों के साथ क्या हो जाता और वैसे भी यहाँ पर कुछ ऐसे भी लोग है जो देंगे हाकते है की वो बहुत बहादुर है और जब कोई मुसीबत आती है तो सबसे पहले वो hi अपना कदम पीछे हटा लेते है.

रिद्धिमा के बात सुन कर सरे लोग आकाश को देखने लगते है आकाश भी समझ रहा था की रिद्धिमा उसके बारे में hi बोल रही है तो वो बिल पाय करने के बहाने वह से निकल गया फिर उसके जाने के बाद एक एक कर के हम सब वह से निकल गए इधर मई और शनाया गाड़ी में बैठ कर घर के तरफ जा रहे थे शनाया गाड़ी ड्राइव कर रही थी और मई उसके पास वाले सीट पर बैठा हुआ था इधर शनाया गाड़ी ड्राइव करते हुए बार बार मुझे देखे जा रही थी उसके मन में बहुत सरे सवाल थे वो मुझसे बहुत कुछ पूछना छह रही थी इस लिए वो मेरे तरफ देखते हुए मुझसे बोली.

शनाया- अब तुम मुझे बताओगे भी की ये सब क्या था तुम्हे कैसे इतने बड़े आदमी जानते है और तुमसे इस सहर के सबसे बड़ा गुंडा बलदेव सिंह इतना क्यों दर रहा था.



मई शनाया के बात सुन कर चौक गया अब मुझे समझ में नहीं आ रहा था की मई शनाया को क्या बताऊ क्युकी मई अपने बारे में शनाया को अभी सच बता नहीं सकता था और मई झूठ उससे बोलना नहीं चाहता था लेकिन मुझे कुछ तो शनाया को बताना hi था तो मैंने सोचा की मुझे शनाया को कोई ऐसी कहानी बताना होगा जो झूठ भी न हो और उसे अभी मेरे बारे में पता भी न चले.
 
अपडेट 24

'पानी टंकी में लाश'

शनाया और मई सिंघानिया होटल से गाड़ी में बैठ कर घर जाने के निकल गए थे रस्ते में शनाया ने मुझसे पूछा की मई समर सिंघानिया को कैसे जनता हु और सहर के इतना बड़ा गैंगस्टर मुझसे इतना दर क्यों रहा था.

मई शनाया द्वारा पूछे गए सवाल सुन कर कुछ सोचने लगा हलाकि मई जनता था की आज यहाँ पर जो भी कांड हुआ है उसका जबाब तो मुझे शनाया को देना hi था इसलिए मई सोचने लगा की शनाया को क्या बताऊ क्युकी मई अपने बारे में शनाया को अभी सच बता नहीं सकता था और मई झूठ उससे बोलना नहीं चाहता था लेकिन मुझे कुछ तो शनाया को बताना hi था तो मैंने सोचा की मुझे शनाया को कोई ऐसी कहानी बताना होगा जो झूठ भी न हो और उसे अभी मेरे बारे में पता भी न चले मुझे इस तरह से सोच में देख कर शनाया मुझसे बोली.

शनाया- तुम क्या सोचने लगे प्रतीक तुम मुझे बताओ की तुम समर सिंघानिया को कैसे जानते हो और बलदेव सिंह तुमसे इतना दर क्यों रहा था.

शनाया के बात सुन कर मुझे समझ में आ गया था की मुझे इसको कुछ न कुछ बताना hi होगा ये अपने सवालो के जबाब सुने बिना नहीं रहेगी.

मई- मर. मनोज सिंघानिया जो दादा जी के बर्थडे पार्टी में रतन मिश्रा के साथ आये थे शायद तुम उनको जानती hi होगी.

शनाया- है मई उनको जानती हु लेकिन मनोज सिंघानिया का मेरे सवाल से क्या मतलब है तुम सीधा सीधा मेरे सवालो का जबाब दो तुम बात को यु न घुमाओ समझे.

मई- अरे बाबा मई तो तुम्हारे सवालो का hi जबाब दे रहा हु समर सिंघानिया मनोज सिंघानिया का hi बीटा है और मनोज सिंघानिया को एक रेयर बीमारी हो गयी थी जिसका इलाज कोई नहीं कर पा रहा था और तुम तो जानती hi हो की मई एक आयुर्वेदिक डॉक्टर भी हु तो बस मई उनका इलाज कर दिया और तब से मनोज सिंघानिया मुझे अपनों जैसा मानते है और है एक बात और है मई समर सिंघानिया को मार्टिकल आर्ट्स सीखने वाला हु इस लिए वो मुझे इतना इज़्ज़त दे रहा था.

मेरे बात को सुन कर शनाया पहले तो हैरान रह गयी फिर बाद में जोर जोर से हसने लगी और हस्ते हुए बोली.

शनाया- है है है अच्छा अच्छा तो तुम समर को मार्टिकल आर्ट्स सिखाते हो चलो मन लिया की तुम समर के गुरु हो इसलिए वो तुम्हे इतना इज्जत दे रहा था लेकिन बलदेव का क्या वो तुम्हे इतना इज्जत क्यों दे रहा था.

मई- वो मुझे इस लिए इज्जत दे रहा था की उसे पता चल गया था की मई एक ग्रांडमास्टर हु.

मेरे बात को सुन कर शनाया फिर से चौक गयी और फिर सीरियस फेस बना कर मुझसे बोली.

शनाया- मजाक की भी हद होती है प्रतिक अगर तुम्हे नहीं बताना है तो मत बताओ लेकिन मुझे झूठ बोलने की जरुरत नहीं है.

शनाया के बात सुन कर मई हैरान हो गया और उसी हैरानी में मई शनाया से पूछा.

मई- मैंने कब तुमसे झूठ बोलै मई सच बोल रहा हु की उसे पता चल गया था की मई एक ग्रांडमास्टर हु और वो एक ग्रांडमास्टर से पन्गा नहीं लेना चाहता था.

शनाया- (हस्ते हुए) तुम एक ग्रांडमास्टर हो ये मजाक नहीं तो और क्या है तुम जानते भी हो की एक मार्टिकल आर्टिस्ट को ग्रांडमास्टर बनने के लिए कितना म्हणत करना पड़ता है एक मार्टिकल आर्टिस्ट को ग्रांडमास्टर लेवल हासिल करने के लिए पूरी जिंदगी निकल जाती है तब भी वो एक ग्रांडमास्टर नहीं बन पता है और तुम बोल रहे हो की इतनी सी उम्र में ग्रांडमास्टर बन गए.

मई- मई सच बोल रहा हु मई एक ग्रांडमास्टर hi हु.

शनाया- बस प्रतिक बहुत हो गया मजाक अगर तुम्हे नहीं बताना है तो मत बताओ लेकिन एक बात यद् रखना समर सिंघानिया से दोस्ती तो अच्छी है लेकिन बलदेव सिंह से तुम दूर hi रहना क्युकी ये गुंडे मावली किसी के सेज नहीं होते.

मई- तुम जैसा सोच रही हो बलदेव सिंह वैसा आदमी नहीं है लेकिन अगर तुम मुझे उससे दूर रहने के लिए बोल रही हो तो मई इस बारे में सोचूंगा लेकिन मई तुमसे कोई वडा नहीं कर सकता.

मेरे बात को सुन कर शनाया कुछ नहीं बोली सायद मेरी सचाई सुनने के बाद भू उसको मुझ पर विस्वास नहीं हुआ इस लिए वो मुझ पर गुसा हो गयी उसे लगा की मई उसको कुछ नहीं बताना चाहता इस लिए मई उससे झूठ बोल रहा हु अभी तो मई उसे सिर्फ ग्रांडमास्टर के बारे में बताया तो उसे विस्वास नहीं हुआ लेकिन अगर मुझे उसे किसी दिन अपनी सचाई बताना पड़ेगा तो वो कैसे मुझ पर विस्वास करेगी खैर छोडो ये बात जब वो समय आएगा तब देखा जायेगा.

मई- (अपने मन में) शनाया आज भले hi तुम्हे मेरे बातो पर विस्वास नहीं हो रहा है लेकिन जिस दिन तुम हाफ ग्रांडमास्टर के रैंक पर पहुंच गयी उस दिन मई तुमसे साबुत के साथ अपना सचाई बताऊंगा.

इधर हम दोनों बाटे करते करते कब घर पहुंच गए पता hi नहीं चला जब घर के दरवाजे पर पहुंच कर घर का दूर बेल्ल बजाय तो पुस्पा आंटी ने दरवाजा खोला और अपने सामने मुझे और शनाया को देख कर तना मरना सुरु कर दी लेकिन मई उनके तनो को इग्नोर करते हुए घर के अंदर आ गया और सीधा शनाया के साथ उसके रूम में चला गया फिर हम दोनों बरी बरी से फ्रेश हुए और अपने अपने बीएड पर आ कर सो गए थोड़ी देर बाद शनाया के नींद आ गया तो मई अपने शक्तियों से उस रूम में एक माया जल बनाया जिससे ये लगे की मई भी वह पर सोया हुआ हु.

वह पर माया जल फैला कर मई वह से गायब हो कर हवेली में आ गया और फिर एक रूम में जाकर अपने स्टोरेज रिंग से सरे जड़ी

बूटियों को बहार निकल दिया जैसे hi मई सरे जड़ी बूटियों को बहार निकला उस रूम में हर्ब (जड़ी बूटी) का ढेर लग गया गुरुदेव ने मेरे लिए बहुत साडी हर्ब का बेवस्था कर दिया था वह पर बहुत मात्रा में उन सरे हर्ब का बीज भी था जिसका मई खेती कर सकता था उन हर्ब में ऐसे ऐसे दुर्लभ हर्ब था की उस हर्ब को दुनिया में मिलना नामुमकिन था मई इतने सरे हर्ब को देख कर बहुत खुस हुआ फिर मई यहाँ जिस काम के लिए आया था उसे करने के बारे में सोचने लगा.

दरसल मेरा यहाँ आने का कारन था की मई दो और मेडिसिन बनाना चाहता था मई शनाया के कंपनी के लिए एक क्रीम बनाना चाहता था जिसे लगाने से लगाने वाले की सुंदरता और बढ़ जाये और उसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी न हो और साथ में लगाने वाले चेहरे से किसी भी तरह का डेग चाहे वो जलने का hi डेग क्यों न हो और पिम्पल्स जैसे बीमारिया भी ख़तम हो जाये अगर मई ये क्रीम बना कर शनाया को दे दिया तो उसकी कंपनी इस क्रीम के कारन आसमान छूने लगेगी.

यहाँ आने का एक और कारन था दरसल मैंने सोचा की मई जो कंपनी सुरु करने वाला हु उसमे अगर एक hi दवा होगी तो ये अच्छा नहीं लगेगा इस लिए मई अपने कंपनी के लिए कुछ और दवा बनाना चाहता था और मेरे पास दवा बनाने के लिए हर्ब की कोई कमी नहीं थी.

फिर मई शनाया के कंपनी के लिए जो क्रीम बनाने के लिए सोचा था वो बनाने लगा पांच तरह के हर्ब को मिलाने के बाद मई उन सरे हर्ब को लिक्विड में बदल दिया फिर उस लिक्विड को थिक किया और थिक करने के बाद उसे ठंढा होने दिया वो सरे लिक्विड थिक हो कर ठंढा होने के बाद क्रीम में बदल गया इसके बाद मई उस क्रीम को छोटे छोटे बोतलो में डालने लगा उन सरे क्रीम से 15 बोत्तल भर गए फिर मई उन सरे बोतल को अपने स्टोरेज रिंग में दाल दिया.

इसके बाद मई बहुत तरह के हर्ब को रेफिने कर के 2 तरह के मेडिसिन 💊 रेडी किया एक था इंस्टेंट रिकवरी पिल 💊 और दूसरा था लेवल उप पिल 💊 मैंने इंस्टेंट रिकवरी के 50 मेडिसिन 💊 बनाया इस मेडिसिन 💊 का खास बात यह था की ये किसी भी तरह के जखम का पल भर में ठीक कर सकता था इसके बाद मैंने फिर दूसरा मेडिसिन लेवल उप पिल का भी मैंने 50 पिल 💊 hi बनाया इस पिल 💊 का खास काम यह था की ये ग्रांडमास्टर के निचे के लेवल के योद्धा को एक लेवल ऊपर पंहुचा सकता था बोले तो आसानी से लेवल पर करा सकता था लेकिन इसमें एक प्रॉब्लम थी की एक ब्यक्ति इस पिल 💊 का उसे सिर्फ 2 बार hi कर सकता था यानि की ये पिल 💊 खा कर एक योद्धा अपने लेवल को 2 बार hi बढ़ा सकता था.

खैर मैंने जब सरे मेडिसिन 💊 को बना लिया तो उन सरे मेडिसिन 💊 को दो बोतल में भर कर अपने स्टोरेज रिंग में दाल लिया इसके बाद फिर से गायब हो कर अपने रूम में पहुंच गया और वह पर लगाया गया माया जल को हटा दिया फिर मैंने शनाया को देखा तो वो अभी भी सो hi रही थी ये देख कर मैंने भी वही सोफे पर सो गया.

फिर नेक्स्ट डे सुबह में उठ कर किचन में चला गया और सुबह के लिए ब्रेकफास्ट रेडी करने लगा तभी मुझे बहार हॉल से टीवी का आवाज सुनाई दिया तो मई बहार देखने के लिए आ गया की आखिर इतनी सुबह में कोण टीवी देख रहा है तो मैंने बहार आ कर देखा की शनाया के पापा टीवी में कोई न्यूज़ देख रहे थे जब मेरी नजर उस न्यूज़ पर गया तो मेरा तो होश hi उड़ गया क्युकी वो न्यूज़ मेरे बारे hi थी न्यूज़ में एंकर चीला चीला के बोल रही थी.

एंकर- आज का तजा खबर सिटी हॉस्पिटल में आया एक चमत्कारी डॉक्टर जो किसी भी तरह के बिमारियों को चुटकी में इलाज कर देता है हमें सूत्रों से पता चला है की उस चमत्कारी डॉक्टर का नाम डॉ. प्रतिक है और कल hi उन्होंने सिटी हॉस्पिटल में अस ा गेस्ट डॉक्टर ज्वाइन किया है सूत्रों से मुझे पता चला है की कल उन्होंने एक लगभग भर चुके मरीज़ को अपने इलाज से ठीक किया है है अपने बिलकुल सही सुना दरसल कल सिटी हॉस्पिटल में एक पेशेंट आया था जिसके शरीर में एक लोहे का रोड घुसा हुआ था उस पेशेंट को सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मारा हुआ बता दिया था लेकिन डॉ. प्रतिक किसी भगवन की तरह वह आये और उस मरीज़ के जिंदगी को बचा लिया ऐसे hi उन्होंने कल सिटी हॉस्पिटल में 15 पेशेंट का इलाज किया जिनका इलाज होना नामुमकिन था.

ऐसे hi न जाने वो एंकर मेरे बारे में क्या क्या बढ़ा चढ़ा कर बता रही थी फिर देखते hi देखते पुरे शहर और फिर पुरे देश में ये खबर किसी आग की तरह फैल गया की सिटी हॉस्पिटल मुंबई में एक चमत्कारी डॉक्टर आया है जो किसी भी तरह के बिमारियों को चुटकी में ठीक कर सकता है फिर क्या था उस चमत्कारी डॉक्टर से अपने बीमारी का इलाज करवाने के लिए देश के कोने कोने से पेशेंट मुंबई आने की तयारी करने लगे.

वही दूसरे तरफ मुंबई यूनिवर्सिटी के एक गर्ल हॉस्टल में लड़किया सुबह में उठ कर फ्रेश होने के लिए जब वाशरूम में गयी और जैसे hi वाशरूम के अंदर लगे नल को स्टार्ट किया तो उसमे से पानी के साथ साथ भयंकर बदबू आने लगी जिसके कारन लड़किया वोमिटिंग करते हुए बहार भागी और जोर जोर से चीला कर हॉस्टल के वार्डन की भुलाने लगी इतने सरे लड़ियो को एक साथ छिलने के आवाज को सुन कर वार्डन को लगा की कुछ गड़बड़ है तो वो भागते हुए उन लड़कियों के पास गयी और जाकर पूछी.

वार्डन- क्या हुआ तुमलोग इतना जोर से क्यों चीला रही हो.

वार्डन के बात सुन कर एक लड़की सामने आयी और बोली.

लड़की- चिलौ नहीं तो क्या करू जब मई फ्रेश होने के लिए वाशरूम मर गयी और जैसे hi मैंने नल को स्टार्ट किया तो उसमे से पानी के साथ भयंकर बदबू आने लगा मई तो उस बदबू से बेहोश होते होते बची

उस लड़की के बात सुन कर वार्डन हैरान हो गयी और बोली.

वार्डन- ऐसा कैसे हो सकता मैंने पिछले हफ्ते hi तो टंकी को क्लीन करवाया था.

वार्डन के बात सुन कर दूसरी लड़की बोली.

2ंद लड़की- तो आपको क्या लग रहा है की हम सब झूठ बोल रहे है अगर ऐसा है तो आप खुद वाशरूम में जा कर देख लीजिये.

उस लड़की के बात सुन कर वार्डन वही पर लगे कॉमन वाशरूम में जाती है और जैसे hi वो नल को चालू करती है वो तुरंत hi वाशरूम से बहार निकल जाती है और साडी लड़कियों से बोलती है.

वार्डन- लगता है कोई चूहा मर कर पानी टंकी में गिर गया है इस लिए इतना बदबू आ रहा है तुम सब चिंता मत कर मई अभी भोला को बोलती हु वो जा कर पानी टंकी के सफाई कर देगा.

इतना बोल कर वार्डन एक भोला नाम के आदमी को बुलाती है और उसे टंकी साफ करने के लिए बोलती है वार्डन के बात सुन कर भोला टंकी साफ करने के लिए चला जाता है और वो ऊपर छत पर जा कर जैसे hi पानी टंकी के ढकन को खोलता है तो उसे पानी में जो दीखता है उसे देख कर वो बुरी तरह से घबरा जाता है और जोर जोर से छिलने लगता है लाश लाश पानी में लाश है जी है दोस्तों पानी टंकी में एक लड़की की लाश थी.

इधर वार्डन अपने रूम में जा hi रही थी की तभी उसे भोला के छिलने का आवाज सुनाई दिया जिसे सुन कर वो भगति हुयी छत के ऊपर आ गयी उसके साथ में कुछ और लड़किया भी थी वार्डन ऊपर छत पर आने के बाद घुसे से भोला से बोलती है.

वार्डन- सुबह सुबह से साडी लड़कियों चीला चीला कर दिमाग ख़राब कर दी और अब तुम यहाँ खड़े खड़े चीला रहे हो अब बोलोगे भी की क्या हुआ है तुम इतना जोर से क्यों चिलए.

भोला जो वो लाश को देख कर डरा हुआ था जो वार्डन की कड़क आवाज सुन कर और दर गया और डरते हुए बोलै.

भोला- वो वो ो मैडम वो वो.

वार्डन- अरे ये वो वो वो क्या लगा रखा है जल्दी बोलो मुझे और भी काम है.

भोला- वो मैडम इस पानी टंकी के अंदर एक लड़की की लाश है.

भोला के बात सुन कर वार्डन और उनके साथ आयी साडी लड़किया हैरान हो जाती है वार्डन को भोला के बात सुन कर लगता है की भोला उनके साथ मजाक कर रहा है इस लिए वो भोला से बोली.

वार्डन- ये क्या मजाक कर रहे हो भोला तुम सुबह सुबह hi पि लिए हो क्या अगर ये तेरा मजाक है तो आज तुम अपने काम से हाथ धो बैठोगे.

वार्डन के बात सुन कर भोला और दर जाता है और डरते हुए बोलता है.

भोला- मैडम मई आपके साथ मजाक क्यों करूँगा यहाँ सच में एक लड़की की लाश है.

भोला के बात सुन कर वार्डन उस पानी टंकी के पास आती है और उसके अंदर देखने लगती जैसे hi वो पानी टंकी में एक लाश को देखती है वो भी दर जाती है और तुरंत कॉल कर के वह पुलिस को बुला लेती है वह पर खड़े लड़कियों ने जब सुना की पानी टंकी में सच में लाश है तो सब हैरान हो गयी और फिर अपने सरे फ्रेंड को कॉल कर के बताने लगी ऐसे hi एक कॉल शनाया के पास भी आया तो शनाया ने जब सुना की सोल्लगे के गर्ल हॉस्टल के पानी टंकी में एक लड़की के लाश मिली है तो वो भी हैरान हो गयी और वो तुरंत hi मेरे पास आ गयी और मुझसे बोली.

शनाया- प्रतिक मुझे अभी सोल्लगे जाना है क्या तुम मेरे साथ आ सकते हो.

मई- है क्यों नहीं लेकिन बात क्या है जो तुमको इतना सुबह सुबह सोल्लगे जाना है.

शनाया- बात ऐसी है की आज सोल्लगे के गर्ल हॉस्टल में पानी के टंकी में एक लड़की की लाश मिली है और मुझे उसी को देखने जाना है.

शनाया के बात सुन कर शनाया के मम्मी पापा के साथ साथ मई भी हैरान हो गया.

अजय- किसकी है वो लाश कुछ पता चला और वो लड़की मरी कैसे.

शनाया- जाहिर सी बात है की अगर उस लड़की के लाश पानी में मिली है तो जरूर उस लड़की का मर्डर हुआ है.

शनाया के बात सुन कर शनाया के मम्मी बोली.

पुस्पा- हे भगवन ये क्या हो रहा है इस दुनिया में अब लड़किया सोल्लगे जैसे विद्या के मंदिर में भी सुरक्षित नहीं है.

शनाया- अब क्या करे माँ इस दुनिया में कुछ ऐसे डस्ट होते है जिनको अपने आगे कुछ नहीं दीखता ऐसे लोगो को तो बिच चौराहे पर गोली मर देनी चाहिए थी.

मई- इस लड़की के मर्डर में जो भी होगा उसका सजा जरूर मिलेगी तुम चिंता मत करो मई अभी तैयार हो कर आता हु और साथ में सोल्लगे के लिए चलते है.

शनाया- ठीक है जल्दी करना मुझे न जाने क्यों बेचिअनि सी हो रही है मुझे ऐसा लग रहा की वो लड़की मेरी जान पहचान वाली hi है इस लिए मुझे जल्दी जाना है और उस लड़की के लाश को देखना है इसके पहले की पुलिस वाले उस लाश को ले जाये.

मई- ठीक है बस 2 मिनट में मई तैयार हो कर आता हु.

इसके बाद मई रूम में गया और जल्दी से तैयार हो कर बहार आ गया और फिर शनाया के साथ सोल्लगे के लिए निकल गया इधर गर्ल हॉस्टल के छत पर बहुत सरे लोगो का भीड़ लगा हुआ था और साथ में वह पर पुलिस वाले भी मौजूद थे और उस लाश की जांच कर रहे थे उस लाश को पूरी तरह से जांच करने के बाद एक पुलिस वाला वार्डन के पास आया ये पुलिस अफसर वह पर मौजूद सरे पुलिस ओफ्फिसरो का हेड इंस्पेक्टर विनय था ये इंस्पेक्टर एक no. का भ्रस्ट अफसर था ये पैसो के लिए कुछ भी कर सकता था वो वार्डन के पास आया और बोलै.

आईएनएस. विनय- क्या आप इस लड़की को जानती है.

वार्डन- है मई इसे अच्छी तरह से जानती हु ये लड़की इसी हॉस्टल में रहती थी अभी ये कुछ दिनों के लिए अपने गाओं गयी थी और 2 दिन पहले hi वापस लौटी थी और इस लड़की का नाम स्नेहा है ये बहुत अच्छी लड़की थी.

वार्डन के बात सुन कर आईएनएस. विनय पहले थोड़ा मुस्कुराया और फिर थोड़े घुसे से तेज़ आवाज में बोलै.

आईएनएस. विनय- मई आपसे ये नहीं पूछा की ये लड़की अच्छी थी या नहीं अगर ये लड़की इतनी hi अच्छी थी तो इसने सुसाइड क्यों किया.

आईएनएस. विनय के बात सुन कर सरे लोग हैरान रह गए तभी इंस्पेक्टर के बात सुन कर वार्डन बोली.

वार्डन- ये आप क्या बोल रहे है ये लड़की ऐसी नहीं थी की ये सुसाइड कर समझे आप अच्छी तरह से तहकीकात कीजिये जरूर इस लड़की के साथ कुछ गलत हुआ है.

वार्डन के बात सुन कर इंस्पेक्टर विनय को गुसा आ गया और वो घुसे से बोलै.

आईएनएस. विनय- आप अपने काम से काम रखिये समझे नहीं तो मई इस लड़की के मर्डर के केस में आपको hi अंदर कर दूंगा बड़ी आयु मुझे काम सीखने वाली.

वार्डन और इंस्पेक्टर के बात सुन कर वह पर मौजूद सरे लोग हैरान हो गए थे तभी उस भीड़ में से एक लड़का बहार निकला और बोलै.

लड़का- वार्डन मैडम आप ये क्या बोल रही है आप जानती है की ये लड़की कैसी थी इस लड़की का चाकर एक लड़के से चल रहा था और वो लड़का इस लड़की को धोखा दे दिया इसी के गम में आ कर ये लड़की सुसाइड कर ली.

उस लड़का के बात को सुन कर सभी उस लड़के के तरफ देखने लगे जैसे hi सब की नजर उस लड़के पर गयी सब चौक गए और फिर दर से एक कदम पीछे हो गए क्युकी वो लड़का इस सोल्लगे में स्टूडेंट यूनियन का लीडर था और इसका नाम रॉकी भानुसाली था इस सोल्लगे पर इसका hi सिका चलता था उसको ऐसे बोलते देख समझ गए थे की जरूर इस लड़की को मरने में इसका कुछ हाथ होगा तभी ये ऐसा बोल रहा है.

वार्डन- तुम ये क्या बोल रहे हो स्नेहा ऐसी लड़की नहीं थी मई मन hi नहीं सकती की वो कभी भी इन सब बातो के लिए सुसाइड भी कर सकती है.

रॉकी- आपको मैंने या न मैंने से क्या होता है और अभी अभी इंस्पेक्टर साहब ने भी यही बोलै की स्नेहा ने सुसाइड किया है तो बात ख़तम आप इनके घरवालों को बुला कर इसकी लाश उन्हें दे दीजिये अब यहाँ पर और बात बढ़ने से कोई फायदा नहीं है.

अभी ये लोग बात कर hi रहे थे की तभी एक और आवाज वह पर आयी ये आवाज किसी और की नहीं बल्कि शनाया की थी मई और शनाया वह कब का पहुंच गए थे लेकिन शनाया ने जैसे hi स्नेहा के लाश को देखि वो शौख हो गयी और उसके आँखों से आंसू निकलने लगे क्युकी इस सोल्लगे में उसकी 2 बेस्ट फ्रेंड थी एक पायल और दूसरा स्नेहा मई शनाया को यु रोटा देख कर उसको सँभालने लगा तभी उसे रॉकी के आवाज सुनाई दिया जिसे सुन कर उसे बहुत गुसा आया और वो घुसे से बोली.

शनाया- स्नेहा का कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं था इस लिए ये कभी भी सुसाइड नहीं करती मई दावे में साथ बोल रही हु की इसका मर्डर हुआ है.

शनाया के बात सुन कर सरे लोग उसे देखने लगे इधर आईएनएस. विनय ने देखा की एक और लड़की वह आकर उसके खिलाफ बोल रहा है तो वो तुरंत शनाया के पास आया और बोलै.

आईएनएस. विनय- और तुम ये कैसे बोल सकती हो की इसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं था और वैसे तुम हो कोण.

इतना बोल कर वो इंस्पेक्टर शनाया को ऊपर से ले कर निचे तक गन्दी नजरो से घूरने लगा.

शनाया- मेरा नाम शनाया मल्होत्रा है और स्नेहा मेरी फ्रेंड थी इस लिए मई ये दावे के साथ बोल सकता हु की इसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं था और ये सुसाइड नहीं कर सकती बल्कि इसकी मर्डर हुआ है.

इधर मई जब वह पर पंहुचा तो उस लाश को देख कर मुझे कुछ गड़बड़ लगी इस लिए मई अपने दिव्या दृष्टि से उस लाश को देखने लगा और मैंने उस लाश को देखते hi समझ गया की ये सुसाइड नहीं बल्कि मर्डर है इसलिए मई इंस्पेक्टर विनय के पास गया और बोलै.

मई- आप कैसे बोल सकते है की इस लड़की ने सुसाइड किया है क्या अपने इसकी बॉडी को अच्छे से जाँच किया है.

मेरे बात कोण सुन कर इंस्पेक्टर घबरा गया लेकिन अपने घबराहट को छुपाते हुए बोलै.

इंस्पेक्टर- अब तुम पुलिस वाले को सिखाओगे की उसे काम कैसे करना है अबे तू है कोण.

मई- मई आपको सीखा नहीं रहा बल्कि पूछ रहा हु की आपने इस बॉडी को अच्छे से जाँच किया है या नहीं.

इंस्पेक्टर- है मैंने इसे अच्छे से जाँच किया है.

मई- अगर आप इस बॉडी को अच्छे से जाँच किया है तो फिर आप इसे सुसाइड क्यों बता रहे है कही आप इसके गुनहगार को छुपा तो नहीं रहे.

मेरे बात को सुन कर इंस्पेक्टर के माथे से पसीना निकलने लगा और वो हकलाते हुए बोलै.

इंस्पेक्टर- तुम कहना क्या चाहते हो तुम एक पुलिस वाले पर इल्जाम लगा रहे हो जानते हो इसकी सजा तुम्हे जेल भी हो सकती है.

मई- मई आपके ऊपर इल्जाम नहीं लगा रहा हु बल्कि जो सच है वही बोल रहा हु आप एक बात बताइये अगर आप इस बॉडी को अच्छे से जाँच किया तो आपको इसको लड़की के बाह में इंजेक्शन का निशान नहीं दिखा इस लड़की ने सुसाइड नहीं किया है बल्कि इसका मर्डर हुआ है और इसका मर्डर हाई दोसे ड्रग्स के कारन हुआ है इस लड़की को हाई दोसे ड्रग्स दिया गया और इसके बाद इसके साथ रपे किया गया है.

मेरे बात को सुन कर वह पर मौजूद सरे लोग हैरान हो गए वही इंस्पेक्टर के तो हालत hi ख़राब हो गया वही कोई और भी वह पर मौजूद था जिसका हालत भी मेरे बातो को सुन कर ख़राब हो गया था वो और कोई नहीं बल्कि रॉकी hi था वो तुरंत आगे आया और मुझसे घुसे से बोलै.

रॉकी- तुम जानते भी हो की तुम क्या बोल रहे हो तुम इस सोल्लगे को बदनाम कर रहे हो इस सोल्लगे में कोई भी ड्रग्स उसे नहीं करता तुम ड्रग्स के नाम ले कर इस सोल्लगे को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हो और मई स्टूडेंट यूनियन का लीडर होते हुए कभी भी अपने इस सोल्लगे को बदनाम नहीं होने दूंगा इस लिए बोल रहा हु की अगर तुम्हे साहू सलामत रहना है तो तुम चुप चाप यहाँ से चले जाओ मई किसी भी कीमत अपने इस सोल्लगे की बदनामी नहीं होने दूंगा.

रॉकी के बात सुन कर मई समझ गया की इस लड़की के मर्डर में इसी का हाथ है तभी मुझे सचाई बताने नहीं दे रहा है.

मई- मई इस सोल्लगे को बदनाम नहीं कर रहा बल्कि मई एक लड़की के साथ हुए नाइंसाफी के लिए आवाज उठा रहा हु इस लड़की के साथ बहुत गलत हुआ है और इस लड़की को इंसाफ मिलना hi चाहिए इस लड़की की साथ ये सब जिसने भी किया है उसे सजा मिलनी hi चाहिए.

मेरे बात को सुन कर रॉकी और घुसे में आ गया और वो बोलै.

रॉकी- तुम्हे एक बार में समझ में नहीं आ रहा है इस लड़की के साथ कोई भी नाइंसाफी नहीं हुआ है बल्कि इसने खुद सुसाइड किया है इंस्पेक्टर साहब आप चुप क्यों है आप आगे के कार्यवाई के लिए इस बॉडी को लेकर जाइये ये लोग बस ऐसे hi तमसा करते रहेंगे.

रॉकी के बात सुन कर इंस्पेक्टर आगे बढ़ा तो शनाया उसके सामने आ गयी और बोली.

शनाया- आप ऐसे स्नेहा के बॉडी को लेकर नहीं जा सकते है हम जानते है की आप इस बॉडी को यहाँ से ले जाकर सुसाइड बता कर केस बंद कर दीजियेगा लेकिन मई ऐसे होने नहीं दूंगी जब तक आप ये साबित नहीं कर देते की ये मर्डर नहीं सुसाइड है तब तक मई यहाँ से नहीं हटूंगी.

शनाया के बात को सुन कर वह खड़े सरे स्टूडेंट भी बॉडी को ले जाने से मन करने लगे ये देख कर आईएनएस. विनय घुसे से शनाया से बोलै.

आईएनएस. विनय- देखो तुम चुप चाप मुझे ये बॉडी ले कर जाने दो नहीं तो एक पुलिस वाले के काम में बढ़ा डालने के जुर्म में तुम्हे भी अंदर दाल दूंगा समझी.

आईएनएस. विनय के बात को सुन कर गर्ल हॉस्टल के वार्डन आगे आयी और बोली.

वार्डन- आप कितनो को अंदर डालेंगे हम सब शनाया के साथ है आप जब तक ये क्लियर नहीं कर देते की संध्या का मर्डर हुआ है तब तक हम यहाँ से नहीं हटेंगे.

वार्डन के बात सुन कर वह पर खड़े सरे स्टूडेंट आगे बढ़ते है और स्नेहा के बॉडी के चारो तरफ से खड़ा हो जाते है इधर इंस्पेक्टर ने जब देखा की सरे स्टूडेंट शनाया के साथ आ गए है तो वो रॉकी को देखने लगा तभी उसके मोबाइल पर एक मस्सगे आता है.

मस्सगे- तुम उन सब को बोल दो की स्नेहा के मर्डर हुआ है और तुम उसकी जाँच करोगे और बहार जा कर मीडिया वालो को बोल देना की ये मर्डर नहीं सुसाइड है बाकि सब मई देख लूंगा और रही बात इन दोनों का तो मई इन दोनों को बाद में देखता हु बहुत दुसरो के काम में तंग अदने का शौख है न इन दोनों को अब देखते है की जब खुद पर प्रॉब्लम आएगी तब ये दोनों क्या करेंगे.

आईएनएस. विनय वो मस्सगे पढ़ने के बाद बोलता है.

आईएनएस. विनय- ठीक है जब आप लोगो को यही लग रहा है की ये सुसाइड नहीं मर्डर है तो मई इसकी तहकीकात करूँगा और जो भी दोसी होगा उसको कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी अब आप लोग हटिये मुझे बॉडी को post-mortem के लिए भेजना होगा.

हलाकि इंस्पेक्टर के बात सुन कर किसी को उस पर विस्वास नहीं हुआ लेकिन वो लोग कर भी क्या सकते थे इस लिए वो सब साइड हैट गए लेकिन शनाया साइड हटने से पहले इंस्पेक्टर को धमकाते हुए बोली.

शनाया- मई तुम्हारे बात को सुन कर बॉडी को ले जाने दे रहा हु लेकिन यद् रखना अगर कुछ गड़बड़ करने की कोशिश की तो मई सबसे पहले तुम्हारे ऊपर hi केस करुँगी की तुमने दोसी के साथ देते हुए साबुत के साथ छेड़खानी की है और मर्डर को सुसाइड दिखा दिया.

शनाया के बात को सुन कर वो इंस्पेक्टर घबरा जाता है और उसके माथे से पसीना आने लगता है फिर वो किसी तरह से खुद को शम्भालता है और कांस्टेबल को बोल कर लाश को post-mortem के लिए भेज देता है इसके बाद वो इंस्पेक्टर मुझे और शनाया को घूरते हुए वह से निकल जाता है.

इंस्पेक्टर के वह से जाने के बाद सरे लोग धीरे धीरे वह से निकल जाते है लेकिन मई और शनाया वही पर रुके हुए थे सब सरे लोग चले गए तो शनाया मुझसे लिपट कर रोने लगी और रट हुए बोली.

शनाया- वो वो मर गयी प्रतिक ये सब उसके hi साथ क्यों हुआ वो बहुत अच्छी लड़की थी ये सब उसके साथ नहीं होना चाहिए था तुम जानते तो प्रतिक उस बेचारी के माँ बाप बूढ़े है वो अपने माँ बाप के एकलौती संतान थी अब उसके बिना उसके माँ बाप का क्या होगा प्रतिक हमें किसी भी तरह से उसे जस्टिस दिलवाना होगा और उसके दोसी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाना होगा.

मई- तुम चिंता मत करो हम दोनों मिल कर उसके मुजरिम को उसके अंजाम तक पंहुचा कर रहेंगे तुम चिंता मत करो तुम जैसा चाहोगी वैसा hi होगा मई तुम्हारे साथ हु.

मेरे बात को सुन कर शनाया कास कर मुझे गले लगा लेती है और बोलती है.

शनाया- मुझे तुम पर पूरा बिस्वास है प्रतिक की तुम मेरा साथ कभी नहीं छोड़ोगे प्रतिक मई चाहती हु स्नेहा के लिए हम आज सैम 9 बजे एक कैंडल मार्च निकले.

मई- ठीक है तुम जाकर सोल्लगे के लड़कियों को कैंडल मार्च के लिए मनाओ और मई लड़को से बात करता हु.

इसके बाद मई और शनाया वह से निकल जाते है हम दोनों वह से निचे आ गए और शनाया गर्ल हॉस्टल के लड़कियों से मिलने चली गयी और मई बॉयज हॉस्टल के लड़को से मिलने जाने लगा तभी मेरे मोबाइल पर बलदेव सिंह का कॉल आने लगा तो मैंने कॉल को रिसीव किया और बोलै.

मई- है बलदेव बोलो.

बलदेव- बॉस प्लीज कल के लिए माफ़ कर दीजियेगा मई नहीं जनता था की मेरे लड़के ऐसा भी काम करते है नहीं तो मई पहले hi उन्हें सुधर दिया होता.

मई- अरे छोड़ उन सब बातो को मई कल की बाटे कल hi भूल गया था और अगर तुम यही बात करने के लिए कॉल किया है तो कॉल को रख सकते हो मई तुमसे गुसा नहीं हु.

बलदेव- बॉस मैंने कॉल इस लिए किया था की आज से हवेली रिन्यूअल का काम सुरु हो गया है और मैंने हवेली के आस पास की साडी जमीं भी खरीद लिया है.

मई- हम्म अच्छा काम किया है इस लिए तुम्हे इसका इनाम तो मिलना hi चाहिए तुम एक काम करो आज स्काई मून क्लब में मेरी किसी से मीटिंग है तो तुम आज 4 बजे के लगभग में वह पर यद् से पहुंच जाना और है आज मेरी वाइफ की भी स्काई मून क्लब में किसी के साथ मीटिंग है और उसका जिसके साथ मीटिंग है वो आदमी मुझे सही नहीं लग रहा इस लिए तुम अपने कुछ आदमियों को सेक्रेटली शनाया के सुरक्षा के लिए लगा दो मई नहीं चाहता की शनाया के ऊपर कोई खतरा हो.

बलदेव- ठीक है बॉस हो जायेगा.

इतना बोल कर बलदेव ने कॉल कट कर दिया इसके बाद मई बॉयज हॉस्टल के तरफ जाने लगा तभी मुझे पीछे से सोनू के आवाज सुनाई दिया.

सोनू- प्रतिक भाई तुम यहाँ पर इतनी सुबह सुबह आ गए और मुझे बताया भी नहीं अगर बता दिया होता तो मई भी साथ में आ जाता न.

मई- है यार क्या करू सुबह सुबह शनाया के पास सोल्लगे से किसी का कॉल आ गया था इस लिए जल्दीबाजी में उसके साथ निकल गया तुम्हे कॉल करने को यद् hi नहीं रहा.

सोनू- कोई नहीं भाई तुम उस समय तुम्हे भ hi के साथ रहना जरुरी था क्युकी मई जनता हु की स्नेहा भाभी के बेस्ट फ़्रैंडो में से एक थी उनके ऊपर क्या बिट रहा होगा वो वही जानती होंगी अच्छा तुम्हे क्या लगता है की स्नेहा सच में सुसाइड कर सकती थी.

मई- नहीं सोनू स्नेहा ने सुसाइड नहीं किया बल्कि उसका मर्डर हुआ है.

सोनू- और तुम इतना यकीं से कैसे बोल सकते हो की उसका मर्डर hi हुआ है.

मई- अरे यार सोनू तुम ये कैसे भूल गए की मई एक डॉक्टर भी हु इसलिए मुझे स्नेहा के बॉडी को देखते hi पता चल गया था की उसे हाई दोसे ड्रग्स दिया गया है और उसके साथ रपे भी हुआ है और तुम मुझे एक बात बताओ की अगर कोई लड़की सुसाइड करेगी तो वो पानी के टंकी में जा कर करेगी क्या.

सोनू- अरे है भाई मैंने तो ये सोचा hi नहीं भाई हम स्नेहा के मुजरिम को नहीं छोड़ेंगे चाहे वो जो भी हो हम उसे सजा दिलवा कर hi रहेंगे वैसे तुम अभी कहा जा रहे हो. मई- मई अभी बॉयज हॉस्टल के लड़को से मिलने जा रहा था मुझे न बॉयज हॉस्टल के लड़को को किसी भी तरह से कैंडल मार्च के लिए तैयार करना है.

सोनू- ठीक है भाई हम दोनों चल कर उनसे बात करते है मुझे पता है वो सब जरूर मन जायेंगे.



इसके बाद मई और सोनू दोनों बॉयज हॉस्टल के तरफ जाने लगे तभी हम दोनों को कुछ लड़को ने घेर लिया इसमें वो रॉकी भी था.
 
अपडेट 25

शनाया वस रॉकी


मई और सोनू जब बाय्स हॉस्टल की और जा रहे थे तभी कुछ लड़को ने आ कर हमें चारो तरफ से घेर लिया जब मई उन लड़को को ध्यान से देखने लगा तभी मुझे वह पर रॉकी दिखाई दिया जिसे देख कर मई उससे बोलै.

मई- ये क्या बतमीज़ी है तुम सब हमारा रास्ता क्यों रोक कर खड़े हो हम दोनों को जाने दो हम बहुत जरुरी काम से जा रहे है.

रॉकी मेरे बात को सुन कर मुस्कुराते हुए बोलै.

रॉकी- अरे चले जाना मई कहा तुम लोगो को रोक रहा हु बस मुझे तुम्हे कुछ समझाना है पहले मेरे बात को समझ लो इसके बाद चले जाना.

मई- ठीक है बोलो क्या बोलना छह रहे हो.

रॉकी- ये जो तुम और वो लड़की कर रहे हो न उसे रोक दो नहीं तो तुम दोनों का क्या अंजाम होगा तुम सोच भी नहीं सकते.

मई- अच्छा ऐसा है क्या ाचा तुम मुझे एक बात बताओ की स्नेहा के मर्डर में कही तुम्हारा hi हाथ तो नहीं है.

रॉकी मेरे बात को सुन कर हड़बड़ा जाता है और फिर घुसे से अपना डट भीचते हुए बोलता है.

रॉकी- देखो मई तुम्हे अभी बात से समझा रहा हु तुम समझ जाओ मेरे बात को नहीं तो तुम्हारी लाश भी किसी को नहीं मिलेगा और है उस लड़की को भी समझा देना नहीं तो उसका अंजाम स्नेहा से भी भयानक होगा.

रॉकी के मुँह से शनाया के बारे में गलत शब्द सुन कर मेरे खून खौलने लगा और मेरे हाथ के मुठिया बंद हो गयी और मई घुसे से उसके तरफ बढ़ने लगा तो मेरे हाथ को सोनू ने पकड़ लिया और धीरे से मुझसे बोलै.

सोनू- जाने दो भाई अगर तुम कीचड़ में कंकड़ मरोगे तो तुम पर hi पड़ेगा.

सोनू को रोकने पर मई रुक तो गया था लेकिन मेरा गुसा अभी भी संत नहीं हुआ था इस लिए मई घुसे से रॉकी के आँखों में देखते हुए बोलै.

मई- तुम्हे शनाया के बारे में नहीं बोलना चाहिए था तुमने उसके बारे में बोल कर गलती कर दी मुझे ये तो अंदाजा हो गया है की स्नेहा के मर्डर में कही न कही तुम भी इन्वॉल्व हो लेकिन अभी मेरे पास कोई साबुत नहीं है और पहले मई इस केस में शनाया के चलते इन्वॉल्व था लेकिन अब मई खुद इस केस को अपने तरीके से सोल्वे करूँगा और इसमें जो जो भी शामिल है सबको मई खुद अपने हाथो से दर्दनाक मौत दूंगा.

इतना बोल कर मई उन सरे लड़को को ढाका दिया और मई वह से निकल गया मेरे जाने के बार रॉकी अपने डट को भीचते हुए बोलै.

रॉकी- बहुत ऐटिटूड है इस लड़के में अच्छा है मुझे ऐसे लड़को को सबक सीखने में और भी मजा आता है (अपने एक साथी से) इसके बारे में सब पता लगाओ की ये कहा रहता है क्या करता है कब कहा जाता मुझे इसके बारे में सब कुछ जानना है और रही बात उस लड़की की तो मई अभी जा कर उसे भी अच्छे से समझा देता हु अगर वो समझ गयी तो अच्छा नहीं तो उसका भी हल स्नेहा जैसी hi होगी.

रॉकी के दोस्त- ठीक है भाई मई इसके बारे में सब कुछ पता कर के आज सैम तक आपको बताता हु.

इसके बाद वो सब वह से चले जाते है इधर मई और सोनू बॉयज हॉस्टल में आ कर सरे लड़को को इक्क्ठा कर के उन्हें समझाता हु जिसके कारन सरे लड़के कैंडल मार्च के लिए तैयार हो जाते है इधर शनाया भी गर्ल्स हॉस्टल के लड़कियों को कैंडल मार्च के लिए मन लेती है और वह से बहार निकल जाती है अभी वो गर्ल्स हॉस्टल से थोड़ी दूर hi आयी थी की तभी उसे रॉकी और उसके लड़को ने घेर लिया और रॉकी आगे आ कर बोलै.

रॉकी- तुम जो ये सब कर रही हो न उसे बंद कर दो मरने वाली तो मर गयी अब तुम बेकार में उसके लिए अपना जान क्यों गवाना चाहती हो.

रॉकी के बात सुन कर शनाया को बहुत गुसा आया और वो घुसे से रॉकी से बोली.

शनाया- अच्छा तो इसका मतलब है की तुम भी स्नेहा में मर्डर में शामिल हो इसलिए मुझे धमकी देने आये हो तुम्हे जो करना है कर लेना मई भी देखना चाहती हु की तुम मेरा क्या बिगड़ लेते हो मई स्नेहा को इंसाफ दिला कर hi रहूंगी और जिसने भी उसके साथ गलत किया है उसे मई सजा जरूर दिलवाऊंगी.

रॉकी को शनाया के बात सुन कर गुसा आ जाता है और वो घुसे से बोलता है.

रॉकी- तुम्हे मई प्यार से समझा रहा हु तो समझ में नहीं आ रहा है लगता है तुम्हारे साथ भी वही करना होगा जो स्नेहा के साथ हुआ है.

शनाया- अच्छा तो तुम मुझे छू कर दिखाओ मई स्नेहा नहीं हु जो तुम सब का जुल्म सह लुंगी मई शनाया हु शनाया एक एक को चिर कर रख दूंगी समझा.

शनाया के बात को सुन कर रॉकी के साथ साथ उसके चमचे भी हसने लगे फिर रॉकी हस्ते हस्ते सीरियस हो जाता है और अपने चांचो से बोलता है.

रॉकी- पकड़ लो इस साली को और ले चलो आड़े पर आज इसका घमंड मई वही पर उतरूंगा फिर देखता हु की ये शेरनी खुद को मुझसे कैसे बचती है.

रॉकी के बात सुन कर उसके चमचे शनाया के तरफ बढ़ते है ये देख कर शनाया भी उनसे लड़ने के लिए तैयार हो जाती है शनाया को पूरा बिस्वास था की वो इन सब को धूल छठा सकती है क्युकी वो एक रैंक 7 के मार्टिकल आर्टिस्ट है इधर उन चमचो में से दो चमचा आगे आ कर शनाया को पकड़ने की कोशिश करता है तो शनाया ऊपर हवा में उछलती है और घुमा कर दोनों लड़को को एक एक किक मरती है जिसके चलते दोनों लड़के कुछ दूर जा कर गिरते है और बहु बेहोश हो जाते है क्युकी वो लोग एक मामूली इंसान थे और शनाया एक रैंक 7 का मार्टिकल आर्टिस्ट थी अपने साथियो का ऐसा हल देख कर रॉकी और उसके दोस्त सब हैरान हो जाते है रॉकी के दोस्तों की तो दर के मरे हालत hi ख़राब हो गयी थी वो सब जो अभी शनाया को पकड़ने के लिए आगे बढ़ रहे थे अपने 2 दोस्तों की हालत देख कर अपने hi जगह पर रुक गए इधर हैरान तो शनाया भी थी वो नहीं जानती थी की रैंक 7 में आने के बाद उसकी ताकत इतनी बढ़ गयी थी वो अपने ताकत को देख कर खुश हो गयी और फिर उन सब को ललकारते हुए बोली.

शनाया- आओ न रुक क्यों गए आज मई तुम सब को मई ऐसी सबक सिखाऊंगी की तुम सब फिर किसी भी लड़की को गलत निगाहो से कभी नहीं देखोगे.

शनाया के बात सुन कर रॉकी को गुसा आ जाता है और घुसे से अपने साथियो को बोलता है.

रॉकी- तुम सब इस मामूली सी लड़की से दर गए मैंने तुम सब को खिला खिला कर तगड़ा इसी मिए नहीं बनाया था की तुम सब एक लड़की से दर जाओ अगर तुम लोग उस लड़की को पकड़ कर नहीं लाये तो आज मई तुम सब को जान से मर दूंगा.

रॉकी के बात सुन कर शनाया उसका मजाक उड़ाते हुए बोली.

शनाया- तुम इन चमचो पर क्यों भड़क रहे हो जब ये लोग मुझसे लड़ना hi नहीं चाहते तो तुम बेकार में इन लोगो की मेरे पास मरने के लिए क्यों भेज रहे हो तुम एक काम क्यों नहीं करते तुम खुद मेरे पास क्यों नहीं आते कही ऐसा तो नहीं की तुम्हारी औकात सिर्फ इन जैसे चमचो से hi है अगर तुममे हिमत है तो तुम खुद आ कर मुझे पकड़ कर दिखाओ.

शनाया के बात सुन कर रॉकी को बहुत ज्यादा बेइज्जती महसूस हुआ उसने घुसे से शनाया के तरफ बढ़ते हुए बोलै.

रॉकी- ये सेल सब तो नामर्द है जो एक लड़की से दर रहे है लेकिन मई तुम्हे पकड़ कर अपने साथ ले कर hi जाऊंगा और तुम्हारी ऐसी हालत करूँगा की देखने वाले की रूह भी कप जायेगा.

इतना बोल कर वो शनाया के पकड़ने के लिए जाइए hi अपना हाथ उसके तरफ बढाती है शनाया उसका हाथ पकड़ कर मोड़ देती है और खींच कर एक लत उसके पेट में मरती है जिसके कारन वो दर्द से चिलता हुआ दूर जा कर गिरता है लेकिन वो अपने दर्द को बर्दास्त करते हुए फिर से खड़ा होता है और और शनाया को गली देते हुए बोलता है.

रॉकी- साली कुटिया तेरी हिमत कैसे हुयी मुझ पर हाथ उठाने की आज मई तुम्हारी ऐसी हालत करूँगा की तू खुद को भी मुँह दिखने लायक नहीं रहेगी (फिर अपने साथियो से ) अगर तुम सब इसको पकड़ का मेरे फार्महाउस पर ले कर नहीं चले तो यद् रखना आज तुम सबका आखरी दिन होगा.

रॉकी के धमकी भरी बात सुन कर सरे लड़के दर से कपङे लगते है फिर वो हिमत कर के शनाया के तरफ बढ़ते है और सब एक साथ शनाया पर टूट पड़ते है लेकिन शनाया बखूबी सबका सामना कर रही थी तभी एक लड़का पीछे से एक हॉकी स्टिक से शनाया के सर पर मरने की कोशिश करता है तभी वह पर मई पहुंच कर उस लड़के से हॉकी को छीन लेता हु और उसको एक लत मर देता हु जिसके कारन वो उड़ता हुआ कुछ दूर जा कर गिरता है और बेहोश हो जाता है.

अब आप सब सोच रहे होंगे की मई ऐसे तुरंत शनाया के पास कैसे आ गया तो मई आपको बता देता हु दरअसल मई पहले hi यहाँ पर पहुंच गया था और शनाया को उन सब लड़को से लड़ते हुए देख रहा था मई अभी भी वह पर नहीं आता लेकिन मई जैसे hi देखा की एक लड़के ने शनाया के सर पर पीछे से वॉर करने वाला है तो मई उसे बचने के लिए सामने आ गया मुझे शनाया को इन सब से लड़ते हुए देख कर बहुत मजा आ रहा था लेकिन इस लड़के ने मेरा सारा मजा ख़राब कर दिया.

मई- क्या यार शनाया तुम रैंक 7 पर होने के बाद भी इन सब को हारने में इतना समय ले रही हो अगर तुम्हे इनसे मजबूत दुश्मन मिल गया तो तुम उसको कैसे सम्भालो गई.

मेरे बात को सुन कर शनाया को गुसा आ गया और वो घुसे से मुझे घूरते हुए बोली.

शनाया- मई इन सब से अकेले लड़ रही हु और तुम उधर खड़े हो कर लेक्चर दे रहे हो तुम्हे तो मई बाद में बताउंगी.

इतना बोल कर वो फिर से सबको मरने लगी थोड़ी देर में वो सबको मर कर वही बेहोश कर दी और फिर वो रॉकी के तरफ बढ़ने लगी जैसे hi रॉकी ने देखा की उसके सरे साथी बेहोश हो गए है और शनाया उसके तरफ बढ़ रही है तो वो घबरा गया और वह से भागने लगा लेकिन भागते भागते अपना डायलाग बोलना नहीं भुला.

रॉकी- आज तो मई यहाँ से जा रहा हु लेकिन यद् रखना बहुत जल्द मई तुम दोनों को ऐसी मौत मरूंगा की देखने वाले की रूह भी कप जायेगा.

इतना बोल कर वो वह से भाग गया उसके जाने के बाद शनाया मेरे पास आयी और मुझसे घुसे से बोली.

शनाया- है तो अब बोलो क्या बोल रहे थे.

मई- मई मई कहा कुछ बोल रहा था (कुछ सोचते हुए) है यद् आया मई बोल रहा था की वह क्या लड़ाई करती हो कैसे तुमने उन सब को धूल छठा दी मुझे तुमको उन सब को मरते हुए देख कर बहुत मजा आया.

शनाया- तुम सच में यही बोल रहे थे न.

मई- है मई सच में यही बोल रहा था.

शनाया- लेकिन मुझे कुछ और सुनाई दिया था.

मई- सायद तुम्हारी कण बज रहा होगा मैंने तो यही बोलै था.

शनाया- छोडो वो सब बाटे तुम मुझे ये बताओ की क्या बॉयज हॉस्टल के स्टूडेंट्स मन गए कैंडल मार्च के लिए.

मई- है सब मन गए और गर्ल हॉस्टल के लड़किया क्या वो लोग भी मन गए.

शनाया- है वो सब भी मन गए.

मई- ठीक है तो हम घर चलते है आज वैसे भी सोल्लगे बंद hi रहेगा और हमें यहाँ सैम को कैंडल मार्च के लिए आना भी तो है.

शनाया- है ठीक है चलो वैसे भी मुझे आज मीटिंग के लिए स्काई मून क्लब भी जाना है.

मई- है ठीक है चलो चलते है.

इसके बाद हम दोनों वह से निकल कर घर आ गए फिर दोनक फ्रेश हुए इसके बाद शनाया वह से स्काई मून के लिए निकल गयी और मई हवेली में आ गया क्युकी आज से हवेली में रिन्यूअल का काम चल रहा था तो सोचा की देख लिया जाये मई जैसे hi वह पंहुचा मुझे वह पर बलदेव सिंह दिख गया और मई उसके पास चला गया.

मई- कैसा काम चल रहा है बलदेव.

जैसे hi बलदेव ने मेरे आवाज को सुना वो हड़बड़ा गया और और पीछे मुद कर मुझसे बोलै.

बलदेव- अरे बॉस आप यहाँ पर.

मई- है अभी मई खली बैठा था तो सोचा की क्यों न रिन्यूअल का काम देख लिया जाये.

बलदेव- ठीक किया जो आप आ गए वैसे अभी रिन्यूअल का काम सुरु hi हुआ है.

मई- वैसे ये काम ख़तम होने में कितना दिन लग जायेगा.

बलदेव- लगभग हवेली का काम तो 10 से 15 दिन में ख़तम हो जायेंगे लेकिन हवेली के बहार जो जमी अपने लिया उसके काम में समय लग सकता है.

मई- कितना समय लगेगा.

बलदेव- यही कोई 1 मंथ.

मई- मेरे पास इतना समय नहीं है इस लिए इनको बोलो की आदमी और बढ़ा के और काम जल्दी ख़तम करे अगर उन्हें और पैसा चाहिए तो वो भी मिल जायेगा लेकिन मुझे 15 दिन में हवेली पूरा कम्पलीट चाहिए बहार से भी और अंदर से भी.

बलदेव- ठीक है बॉस मई इनसे बात करता हु.

मई- और है मुझे एक ड्राइवर लाइसेंस भी बनवाना है क्या तुम इसमें मेरी मदत कर सकते हो.

बलदेव- है बॉस आपको उसकी चिंता करने की जरुरत नहीं है मई बनवा दूंगा.

मई- ठीक है और है शनाया के पीछे सिक्योरिटी के लिए आदमी लगा दिया है न.

बलदेव- जी बॉस

मई- गुड ठीक है अब मई चलता हु और है तुम समय से स्काई मून क्लब मीटिंग के लिए आ जाना

बलदेव- ठीक है बॉस.

इसके बाद मई वह से निकल जाता हु फिर मई अपना मोबाइल निकल कर मनोज सिंघानिया को कॉल कर के आज के मीटिंग के बारे में बताता हु तो वो आने के लिए रेडी हो जाते है फिर मई विशाल को भी कॉल करता हु और मीटिंग में आने के लिए बोलता हु साथ में निधि बो भी लेन के लिए बोलता हु इसके बाद मेयर को कॉल कर के आज के मीटिंग में आने के लिए बोल देता हु सरे लोगो को कॉल करने के बाद मई सीधा स्काई मून क्लब के लिए निकल जाता हु क्युकी मुझे शनाया की बहुत चिंता हो रही थी उस दिन जैसे विपिन ठाकुर शनाया को घर कर देख रहा था उससे मुझे शक है की आज वो शनाया के साथ कुछ गड़बड़ करने की कोशिश जरूर करेगा.

इधर रॉकी सोल्लगे से भागने के बाद सीधा अपने घर जाता है और वो जैसे hi अपने घर में अन्तर करता है उसे सामने से आते हुए उसका बड़ा भाई नजर आता है तो वो किसी तरह से उससे अपने फेस को छुपा कर अंदर जाने लगता है तभी उसके बड़ा भाई जतिन भानुसाली की नजर उस पर पड़ती है तो उससे पूछता है.

जतिन- तुम इस तरह से अपना मुँह छुपा कर क्यों जा रहे हो कुछ प्रॉब्लम हुयी है क्या.

जतिन के बात सुन कर रॉकी उससे बोलता है.

रॉकी- नहीं भाई मई मुँह छुपा कर नहीं जा रहा हु वो क्या है न की सोल्लगे में फुटबॉल के ट्रेनिंग करते समय मेरे फेस पर चोट लग गयी थी इस लिए मई अपने रूम में जा रहा हु.

जतिन ने जब सुना की उसके भाई को सोल्लगे में चोट लग गया है तो वो थोड़ा घबरा जाता है और भागते हुए उसके पास जा कर बोलता है.

जतिन- दिखा मुझे कितनी चोट लगी है.

इतना बोल कर जतिन रॉकी के फेस को अपने तरफ घूमता है उसके चेहरे पर लगे चोट को देख कर हैरान हो जाता है.

जतिन- रॉकी तुम मुझसे झूठ क्यों बोल रहे हो ये चोट तुम्हे किसी से लड़ने में आयी लेकिन तुम बोल रहे हो की फुटबॉल के ट्रेनिंग करते समय लगा है.

जब रॉकी ने देखा की जतिन को शक हो गया है की वो किसी से मर खा कर आया है तो रॉकी के सर निचे हो गए और वो हकलाते हुए जतिन को आज जो सोल्लगे में हुआ सब बता दिया जब जतिन ने सुना की रॉकी एक लड़की से मर खा कर आया है तो वो घुसे से बोलै.

जतिन- तुम शर्म नहीं आ रहा है तुम एक लड़की से मर खा कर आ गए और वैसे भी मई तुमको पहले hi बोलै था न की सोल्लगे में ये सब मत किया करो अगर तुम उस लड़की स्नेहा को अपने फार्महाउस पर ले कर जाते तो किसी को पता भी नहीं चलता लेकिन नहीं तुम्हे तो सोल्लगे में hi सब करना था.

जतिन के बात सुन कर रॉकी के चेहरा शर्म से झुक गया और वो हकलाते हुए बोलै.

रॉकी- सॉरी भाई गलती हो गयी आगे से ऐसा गलती दोबारा नहीं होगा.

जतिन- बात तुम्हारी गलती की नहीं है अगर इस मामले के कारन कही किसी को सोल्लगे में ड्रग्स सप्लाई के बारे में पता चल गया है तो तुम जानते हो की तुम्हारे साथ क्या होगा.

रॉकी- जी भाई गलती हो गयी आप उनसे एक बार बात कर लीजिये इस मामले में उनका बीटा भी था दरसल उनके बेटे को hi वो लड़की पसंद आ गयी थी इस लिए मई उनके बेटे को खुस करने के लिए ये सब किया लेकिन हमें पता नहीं था की ड्रग्स हाई दोसे हो जायेगा और वो लड़की मर जाएगी मैंने तो सोचा था की पहले हम दोनों उसके साथ मजे करेंगे और फिर उसका वीडियो बना लेंगे ताकि वो हमारे बारे में किसी को कुछ नहीं बताये.

जतिन रॉकी के बात सुन कर कुछ संत हो गया और फिर वो कुछ सोचते हुए बोलै.

जतिन- ठीक है मई भाई से इस बारे में बात कर लूंगा तुम पहले उस लड़के और लड़की का कुछ इंतजाम करो और है इस बार मई तुम्हारे साथ सुलेमान और शेरा को भेज रहा हु वो दोनों लेवल 8 के मार्टिकल आर्ट्स जानते है वो आराम से उस लड़की और लड़के को संभल लेंगे और है इस बार जो भी करना अपने फार्महाउस पर ले जा कर करना सोल्लगे में नहीं मई नहीं चाहता की सोल्लगे में और कोई पन्गा हो और इन सब में लोगो की नजर हमारे धंधे पर जाये.

रॉकी- ठीक है भाई वो लोग आज रत को कैंडल मार्च निकलने वाले है हम उसी समय प्लान बना कर हमला करेंगे और भाई अगर आप भी साथ में रहते तो अच्छा होता.

जतिन- मई भी तुम्हारे साथ रहता लेकिन मुझे किसी और को निपटना है सेल ने मेरा बहुत बड़ा नुकसान करवा दिया है ठीक है तुम अब जाओ रेस्ट करो मई अभी भाई से बात करता हु.

जतिन के बात सुन कर रॉकी अपने रूम में चला जाता है उसके जाने के बाद जतिन किसी अननोन को कॉल करता है और बोलता है.

जतिन- भाई सोल्लगे में एक प्रॉब्लम हो गयी है.

अननोन- हम्म क्या प्रॉब्लम हो गयी क्या वो प्रॉब्लम तुम सब से सँभालने लायक नहीं है जो तुम मुझे कॉल किया.

जतिन- नहीं भाई मई उस प्रॉब्लम को संभल लूंगा लेकिन मैंने सोचा की ये बात आपको भी पता होना चाहिए.

अननोन- हम्म ठीक है बताओ क्या हुआ है सोल्लगे में.

जतिन- भाई सोल्लगे में छोटे सबह और मेरा भाई दोनों मिल कर एक लड़की को ड्रग्स दे कर उसके साथ मजे किये और वो लड़की ड्रग्स के हाई दोसे के कारन मर गयी.

अननोन- तो इसमें प्रॉब्लम क्या है ऐसा पहली बार थोड़े न हुआ है तुम एक काम करो उस मर्डर को सुसाइड दिखा कर केस बंद करवा दो.

जतिन- वो भाई रॉकी ने इंस्पेक्टर विनय के साथ मिल कर सुसाइड दिखने के कोशिश किया था लेकिन पता नहीं एक लड़का और एक लड़की है जो पुरे सोल्लगे के लड़के और लड़कियों को भड़का रहा है ये सुसाइड नहीं मर्डर है.

अननोन- तो तुम उन दोनों को भी संत करवा दो.

जतिन- भाई वो रॉकी ने कोशिश की थी लेकिन दोनों मार्टिकल आर्ट्स फाइटर है वो दोनों रॉकी और उसके आदमियों को बहुत मारा है.

अननोन- ये कैसी मुसीबत मोल ले लिया उनलोगो ने मई कितने बार बोलै हु की ये सब करना है तो फार्महाउस पर जा कर करो सोल्लगे में नहीं ठीक मई तुम्हारे पास रखा को भेज रहा हु वो उन दोनों को संभल लेगा क्युकी वो एक रैंक 9 का फाइटर है और उसके साथ काम से काम 10 और रैंक 7 और 8 के फाइटर होंगे इन सब को ले जा कर आज रत को hi उनका काम तमाम कर दो और है यद् रखना उनको मरने के बाद उनकी लाश कही दूसरे जगह ले जा कर जला देना ताकि किसी को कोई साबुत न मिले अगर किसी को साबुत मिल गया तो फिर हम सब पुलिस के नजरो में आ जायेंगे और इससे हमारे ड्रग्स के धंधे में बहुत परेशानी होगी.

जतिन- ठीक है भाई जैसा बोल रहे है वैसा hi होगा.

इतना बोल कर वो कॉल कट कर देता है और आज सैम के लिए प्लान बनाने लगता है इधर शनाया भी स्काई मून क्लब में पहुंच गयी थी और वह पहुंचने के बाद वो विपिन ठाकुर को कॉल लगाया तो वो उसको थर्ड फ्लोर पर रूम no 302 में आने के लिए बोलै शनाया भी बिना कुछ सोचे समझे रूम no. 302 में जाने के लिए निकल गयी इधर जब विपिन को पता चला की शनाया वह आ गयी है तो बहुत खुस हुआ और खुद से hi बोलै.

विपिन- जब से तुमको देखा है तब से तुमको पाने के लिए तड़प गया हु आज जाकर मेरी हसरत पूरी होगी आज मई तुमको किसी भी तरह से पा कर रहूँगा चाहे उसको लिए मुझे कुछ भी क्यों न करना पड़े.

इधर विपिन अपने hi प्लान में लगा हुआ था और शनाया के आने का इंतज़ार कर रहा था तो वही शनाया विपिन के रूम के पास पहुंच गयी थी जैसे वो रूम के पास पहुंची तो उसने देखा की वह पर चार बॉडी बिल्डर बॉडीगार्ड खड़े हुए है शनाया ने जब उन सरे बॉडीगार्ड को देखा तो उसको अंदर से कुछ बुरा होने की फीलिंग आने लगी इस लिए वो सावधान hi गयी लेकिन आज उसे किसी भी तरह से विपिन ठाकुर से मीटिंग करनी hi थी और उसे अपने अपने कंपनी में इन्वेस्ट करने के लिए मानना hi था नहीं तो उसकी कंपनी का बहुत लूज़ होता हो सकता था की उसकी कंपनी बंद भी हो जाये इस लिए वो किसी तरह से अपने मन को काबू कर के रूम के दरवाजे के पास गयी और फिर दुर्बल बजायी तो अंदर से विपिन का आवाज आया. विपिन- दरवाजा खुला है तुम अंदर आ जाओ.

शनाया जब रूम के अंदर आयी तो उसे फिर से कुछ गलत होने का आभास होने लगा और उसे वह पर उनकंफर्टबले फील होने लगी इस लिए वो विपिन से बोली.

शनाया- सर क्या आप बहार में मीटिंग नहीं कर सकते मई इस रूम में उनकंफर्टबले फील कर रही हु.

शनाया के बात सुन कर विपिन थोड़ा हड़बड़ा गया और फिर खुद को संत करते हुए बोलै.

विपिन- अरे शान्या तुम ये कैसी बात कर रही हो मई ये खास रूम हमारे मीटिंग के लिए hi बुक किया है और तुम बोल रही हो की तुम्हे यहाँ उनकंफर्टबले फील हो रहा है कही तुम मुझे गलत तो नहीं समझ रही अगर ऐसा है तो ठीक है तुम जा सकती हो हमारे बिच कोई भी डील नहीं होगी.

विपिन जनता था की शनाया को अभी एक इन्वेस्टर की बहुत जरुरत है अगर उसके कंपनी में मई इन्वेस्ट नहीं किया तो उसका कंपनी बर्बाद हो जाएगी इस लिए वो उसे थोड़ा धमकाते हुए बोलै और शनाया ने सच में उसके बात को सुन कर दर गयी और फिर वो अपने आप को सँभालते हुए बोली.

शनाया- नहीं सर आप गलत समझ रहे है मई तो बस ऐसे hi बोल रही थी ठीक है अगर आप यही पर मीटिंग करना चाहते है तो हम मीटिंग करने के लिए तैयार है.

इतना बोल कर शनाया अपने प्रोजेक्ट के फाइल को विपिन के तरफ बढ़ाते हुए बोली.

शनाया- सर ये हमारे कंपनी का प्रोजेक्ट है हम अभी इसी पर काम करने वाले है आप एक बार इसे देख लीजिये और फिर हम आगे के प्रोसीजर को पूरा करेंगे.

मेरे बात को सुन कर विपिन मेरे हाथ से फाइल ले लिया और उसको ध्यान से देखने लगा ऐसा शनाया को लग रहा था की विपिन उस फाइल को ध्यान से देख रहा है लेकिन विपिन फाइल के बहाने शनाया के लेग्स को देख रहा था और मुँह से लार टपका रहा था.

विपिन- (मन में) वह क्या टंगे है इसकी जब इसकी टंगे इतना खूबसूरत है तो इसके बाकि का जिस्म कितना खूबसूरत होगा मुझसे अब बर्दास्त नहीं हो रहा है मुझे किसी भी तरह से इसे अपने काबू में करना hi होगा.

इधर मई भी स्काई मून क्लब पहुंच गया और वह पर शनाया को ढूंढने लगा लेकिन मुझे शनाया कही नहीं दिख रही थी जब मुझे शनाया वह कही नहीं दिखी तो मई अपने दिव्या दृस्टि को एक्टिव किया और पूरा स्काई मून को स्कैन करने लगा तभी मुझे शनाया 3रद फूर के एक रूम में दिखी जो वह एक चेयर पर बैठ कर विपिन से बात कर रही थी तभी मेरी नजर शनाया से हैट कर विपिन पर गया जो बुरी तरह से शनाया को घर रहा था ये देख कर मेरा खून hi खौल गया लेकिन मई अभी कुछ कर नहीं सकता था क्युकी अगर मई अभी कुछ करता तो शनाया मुझे hi गलत समझती इस लिए मई चुप रहा और उन दोनों को ध्यान से देखने लगा.

इधर विपिन उस फाइल को देखने के बाद शनाया से बोलै.

विपिन- हम्म काफी इंट्रेस्टिंग प्रोजेक्ट है मई इस प्रोजेक्ट को देख कर बोल सकता हु की हमें आगे चल कर बहुत प्रॉफिट होने वाला है इस लिए मेरे तरफ से डील दोने है.

शनाया विपिन के बात सुन कर खुस हो जाती है और वो खुसी से बोलती है.

शनाया- सर अगर आपको मेरा प्रोजेक्ट पसंद आया तो क्यों न हम पेपर सिग्नेचर कर ले.

विपिन- अरे इतनी भी क्या जल्दी है मई बोल दिया न की हमारी तरफ से डील दोने है तो पेपर भी सिग्नेचर हो जायेगा लेकिन पहले इस डील को दोने होने का सेलिब्रेशन तो कर लिया जाये.

इतना बोल कर वो किसी को कॉल करता है फिर थोड़ी देर बाद एक लड़का उस रूम में आता है और एक वाइन के बोत्तल के साथ 2 गिलास ले कर आ गया और वो वाइन के बोत्तल और गिलास को टेबल पर रखने के बाद वह से चला गया ये सब देख कर शनाया विपिन से बोली.

शनाया- ये सब क्या है सर आपने ये वाइन के बोत्तल क्यों मंगवाई है.

विपिन- मैंने बोलै था न शनाया की डील दोने होने के खुसी में सेलिब्रेशन किया जाये तो इसलिए मैंने ये वाइन मंगवाया है हम इस वाइन को ख़तम करने के पेपर सिग्नेचर कर लेंगे.

विपिन के बात सुन कर शनाया हड़बड़ा गयी और फिर वो हड़बड़ाते हुए बोली.

शनाया- लेकिन सर मई वाइन नहीं पीती इसे आप hi पि लीजिये और जल्दी से पेपर पर सिग्नेचर कर दीजिये मुझे कुछ और भी काम है इस लिए मुझे यहाँ से जाना होगा.

शनाया के बात सुन कर विपिन को अपना प्लान फ़ैल होते हुए नजर आ रहा था इस लिए वो शनाया से बोलै.

विपिन- कॉमन शनाया ये तुम कैसी बाटे कर रही ये वाइन hi तो है इसे पिने से कुछ नहीं होता और वैसे भी मई तुम्हे पूरा बोत्तल पिने के लिए नहीं बोल रहा हु बस एक गिलास पि को बाकि का सारा मई पि लूंगा.

शनाया- सॉरी सर लेकिन मई ये नहीं पि सकता.

शनाया को वाइन न पिने के लिए बोलता देख कर विपिन कुछ सोचने लगा कुछ देर सोचने के बाद वो बोलै.

विपिन- हम्म तो तुम वाइन नहीं पीती हो इस लिए आज भी नहीं पि रही तो ठीक है कोई बात नहीं तुम वाइन नहीं पीती हो तो कोई जबरदस्ती नहीं है लेकिन तुम जूस तो पि hi सकती हो न या तुमको उससे भी प्रॉब्लम है.

विपिन के बात सुन कर शान्या भी सोचने लगती है.

शनाया- (मन में ) अरे अब मई इससे कैसे बोलू की मुझे यहाँ पर कुछ भी खाने या पिने का मन नहीं है लेकिन अगर मई इससे बोलूंगा की मई जूस भी नहीं पि सकती हु तो कही ये गुसा हो कर डील कैंसिल न कर दे जूस hi तो है क्या होगा पिने से मुझे नहीं लगता की ये मेरे साथ कुछ गड़बड़ करेगा.

शनाया को इस तरह से सोचता देख कर विपिन ठाकुर को अब गुसा आने लगा था इस लिए वो थोड़ा घुसे से बोलै.

विपिन- मुझे ऐसा क्यों लग रहा है शनाया की तुम्हे मुझ पर शक हो रहा है अगर ऐसा है तो ठीक है तुम जा सकती हो मुझे तुम्हारे साथ कोई डील नहीं करना है.

विपिन के बात सुन कर शनाया हड़बड़ा जाती है और जल्दी से बोलती है.

शनाया- ऐसा कुछ भी नहीं है आप कुछ ज्यादा hi सोचने लगे भला मुझे आप पर क्यों शक होगा ठीक है आप जूस मंगवा लीजिये मई पि लुंगी.

शनाया के बात सुन कर विपिन बहुत खुस होता है और वो फिर से किसी को कॉल करता है और बोलता है.

विपिन- मेरे रूम में एक स्पेशल जूस बना कर भेजो.

उधर से- ठीक है बॉस अभी भेजता हु.

विपिन ने पहले से hi सब सेट कर के रखा हुआ था की अगर शनाया वाइन पिने से मन करेगी तो उसको किसी तरह से जूस पिने के लिए मन लूंगा और ये स्पेशल जूस का मतलब था की उस जूस में ड्रग्स मिला हुआ था थोड़ी देर बाद एक वेटर जूस से भरा हुआ गिलास ले कर आ गया.

जब विपिन ने देखा की वेटर जूस लेकर आ गया है तो वो उसे इशारे से शनाया को देने के लिए बोल देता है वो वेटर विपिन का इशारा समझ कर जूस का गिलास शनाया के तरह बढ़ा देता है जिसे शनाया अपने हाथो में पकड़ लेती है.

इधर जब मई देखा की एक वेटर शनाया को जूस का गिलास दिया है तो मई अपने दिव्या दृस्टि से उस जूस को अपने दिव्या दृस्टि से देखने लगा जैसे hi मई उस जूस के गिलास को देखा तो मुझे उस जूस में कुछ गड़बड़ लगी ये देख कर मई घबरा गया और तुरंत शनाया को कॉल लगाने लगा लेकिन शनाया का कॉल लग hi नहीं रहा था यहाँ पर बहुत सरे लोग थे इस लिए मई यहाँ पर टेलिपोर्ट हो कर शनाया के पास भी नहीं जा सकता था इस लिए मई जल्दी से भागते हुए सीढिया चढ़ने लगा क्युकी मेरे पास लिफ्ट का इंतजार करने के लिए समय नहीं था.

मई दौड़ते हुए कुछ सी सेकंड में सीढिया चढ़ते हुए 3रद फ्लोर पर पहुंच गया और जिस रूम में शनाया थी उस रूम के सामने आ गया लेकिन वह पर 4 बॉडीगॉर्ड खड़े हो कर पहरा दे रहे थे जो मुझे देखते hi हरकत में आ गए और एक बॉडीगार्ड मुझसे बोलै.

बॉडीगार्ड- ये कोण हो तुम और इधर कहा चले आ रहे हो चलो जाओ यहाँ से क्युकी मेरे बॉस ने इस पुरे 3रद फ्लोर को आज के लिए बुक कर रखा है.

बॉडीगार्ड के बात सुन कर मई उसे आराम से बोलै.

मई- हैट जाओ मेरे रस्ते से मुझे इस रूम में जाना है क्युकी मेरी वाइफ इस रूम में गयी है और मुझे उसे लेकर अभी घर जाना है.

मेरे बात सुन कर सरे बॉडीगार्ड मुझे अजीब नजरो से देखने लगे तभी एक बॉडीगार्ड हस्ते हुए बोलै.

बॉडीगार्ड- वो तो लड़की तुम्हारी वाइफ है अरे यार क्या लड़की है वो उस जैसी लड़की के तुम जैसा हस्बैंड कैसे मिल गया देखो लड़के उस लड़की पर बॉस का दिल आ गया इस लिए वो लड़की आज रत यही पर रहेगी तुम उसे कल लेकर चले जाना.

बॉडीगार्ड के बात सुन कर मुझे बहुत गुसा आया और मई घुसे में उसके तरफ बढ़ते हुए बोलै.

मई- तुम्हे मेरी शनाया के बारे में ऐसी बात बोल कर गलती कर दी इस लिए मई आज तुम्हारा हाथ पेअर तोड़ने वाला हु तो सोच की तेरे बॉस ने तो उसपे गलत निगाह डाला है इस लिए उसका क्या हसरा होगा.

मेरी बात सुन कर सरे बॉडीगार्ड हसने लगे और फिर एक बॉडीगार्ड आगे बढ़ कर कुछ बोलने hi वाला था की उसकी बोलती बंद हो गयी और उसके मुँह से एक दर्दनाक आवाज आयी वो जोर जोर से छिलने लगा.

दरसल हुआ ये की मुझे उसकी बात सुन कर बहुत गुसा आ गया था इस लिए वो और कोई बकवास करता उससे पहले hi मई जल्दी से उसका हाथ पकड़ा और 90° में धुंआ दिया जिसके कारन उसका हाथ कड़क के आवाज से सतग टूट गया और उसके मुँह से एक भयंकर चीख निकल गयी और वो जोर जोर से छिलने लगा अपने एक साथी के ऐसा हालत देख कर सरे गॉर्ड हैरान हो गए और फिर घुसे से मुझे मरने के लिए आगे बढे लेकिन मेरे पास ज्यादा समय नहीं बचा था मुझे किसी भी तरह से शनाया को वो जूस पिने से रोकना था इस लिए मैंने कुछ hi मिनट में सबको मर मर कर बेहोश कर दिया.

लेकिन मुझे निचे से ऊपर आने में और ऊपर आ कर उन सरे बॉडीगॉर्ड को निपटने में कुछ समय बिट गया था जिसके कारन शनाया वो जूस पि गयी थी और वो जैसे hi वो जूस पि उसको चाकर आने लगे और उसे हल्का नासा जैसा महसूस होने लगा तो वो समझ गयी की इस जूस में कुछ मिलाया हुआ था इस लिए वो लड़खड़ाते हुए आवाज में विपिन से बोली.

शनाया- तुमने इस जूस में क्या मिलाया था मुझे चाकर क्यों आ रहा है.

शनाया के बात सुन कर विपिन हसने लगा और हस्ते हुए बोलै.

विपिन- कसम से जबसे तुमको देखा है न तब बस मेरे दिलो दिमाग में तुम हु घूम रही थी तुम्हे क्या लगा की मई यहाँ पर मई तुम्हारे कंपनी में इन्वेस्ट करने के लिए मीटिंग रखा है नहीं मई यहाँ पर तुम्हारे साथ रेट रंगीन करना चाहता था इस लिए तुम्हे यहाँ बकाया है.

विपिन के बात सुन कर शनाया दर गयी और नसे के हालत में लड़खड़ाते हुए बोली.

शनाया- ममम मुझे छूना बबब भी मत नहीं तो मेरा हस्बैंड प्रतिक तुम्हे जिन्दा नहीं छोड़ेगा अगर तुमने मुझे छूने की कोशिश की तो वो तुम्हे जान से मर देगा.

शनाया के बात सुन कर विपिन हसने लगा और हस्ते हुए बोलै.

विपिन- वो लूज़र मुझे मरेगा जो खुद तुम्हारे घर पर घर जमाई बन कर बैठा है और तुम्हारे टुकड़ो पर पलटा है वो मुझे मरेगा पहले तो वो यहाँ आएगा नहीं और वो यहाँ आ भी गया तो बहार जो मेरे बॉडीगार्ड है न वो उसको जान से मर देंगे बस अब बहुत हो गयी बाटे अब मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा है.

इतना बोल कर वो शनाया के तरफ बढ़ने लगा ये देख कर शनाया उससे बोली.

शनाया- तत्तत तुम ददद दूर रहो मुझसे देखो ममम मुझे छूना भी मत.

शनाया विपिन को भले hi अपने शब्दों से मन कर रही थी लेकिन ड्रग्स उसके ऊपर इतना हावी हो गया था की वो चेयर से उठ भी नहीं पा रही थी और न hi अपने शरीर के कोई पार्ट्स हिला प् रही थी वो बस बेबस हो कर अपने आँखों में आंसू लिए दर के साथ विपिन को देखे जा रही थी इधर विपिन आगे बढ़ते हुए शनाया के पास पहुंच गया और वो जैसे hi अपना हाथ शनाया को छूने के लिए आगे बढ़ता तभी एक धड़ाम के साथ उस रूम का दरवाजा टूट गया और उसी के साथ कमरे में मई दाखिल हो गया दरवाजा टूटने के आवाज सुन कर विपिन के हाथ जो की शनाया को छूने के लिए आगे बढ़ा था वो अपने आप hi रुक गया और वो मुद कर दरवाजे के तरफ देखने लगा.

जैसे hi उसकी नजर दरवाजे पर खड़ा मुझ पर गया तो पहले तो वो दर गया लेकिन बाद में वो घुसे से मुझे घूरते हुए बोलै.

विपिन- कोण हो तुम और तुम्हारी हिमत कैसे हुयी इस रूम में दरवाजा थोड़ कर आने की.

विपिन के बात सुन कर मुझे और ज्यादा गुसा आ गया और मई घुसे से उसके तरफ बढ़ते हुए बोलै.

मई- मई कोण हु वो छोड़ पहले तू मुझे ये बता की तेरी हिमत कैसे हुयी मेरी शनाया पर बुरी नजर डालने की और उसे ड्रग्स देने की आज तू पका मेरे हाथो से मरेगा आज मई तुम्हे ऐसा सबक सिखाऊंगा की तू किसी भी लड़की के तरफ नजर भी उठा कर नहीं देखेगा.

मेरी बात को सुन कर विपिन जोर जोर से हसने लगा और मुझसे बोलै.

विपिन- शायद तू मुझे जनता नहीं है इस लिए तुम मुझसे ऐसी बाटे कर रहा है तू मुझे छूना तो दूर अगर तूने मुझे हाथ भी लगाया तो मई तुम्हारे पुरे खंडन को इस दुनिया से गायब करवा दूंगा.

विपिन के बात सुन कर मई और घुसे में आ गया और उसके पेट में एक लत मर दिया जिससे वो उड़ते हुए दिवार से टकरा गया और उसके मुँह से खून निकलने लगा मई घुसे में उसके तरफ बढ़ते हुए बोलै.

मई- तुम मेरे खंडन को गायब करेगा ठीक है कर मई भी देखता हु की तू मेरे खंडन को कैसे गायब करता है तुम्हे मुझे हाथ लगाने के लिए बोलै था लेकिन मैंने तुम्हे मर कर तुम्हारे मुँह से खून निकल दिया अब कर मेरे खंडन को गायब.

मेरे बात को सुन कर विपिन घुसे से अपने मुँह आये खून को थूकते हुए बोलै.

विपिन- तुमने मेरे ऊपर हाथ उठा कर गलती कर दी अब तुम्हे मुझसे कोई नहीं बचा सकता.

इतना बोल कर वो अपने गॉर्ड को आवाज लगाने लगा लेकिन जब उसका कोई गॉर्ड अंदर नहीं आया तो वो परेशां हो गया मई उसको इस तरह से परेशां होता देख कर बोलै.

मई- क्या हुआ तुम तो अपने गॉर्ड को बुला रहे थे न वो नहीं आये न और वो अब आएंगे भी नहीं क्युकी मैंने पहले hi उनको मर मर कर बेहोश कर दिया.

मेरे बात को सुन कर विपिन बौखला गया और घुसे से वो ऐसा कुछ बोल गया जो उसे नहीं बोलना चाहिए था.

विपिन- तुमने मुझ पर इस कुटिया के लिए हाथ उठाया न तू देख अब मई क्या करता मई सबसे पहले तुझे मरूंगा और फिर इस कुटिया को अपने रखैल बना कर रखूँगा.

इतना बोल कर वो अपना मोबाइल निकला और फिर किसी को कॉल कर के वह आने के लिए बोल दिया लेकिन इधर मेरा दिमाग उसके बात को सुन कर hi ख़राब हो गया था इस लिए मई आगे बढ़ते हुए उसके पास गया और उसे मरने लगा.

मई- सेल तूने मेरी शनाया के बारे में क्या बोलै तुम उसे अपना रखैल बनाएगा तुमने अपने इसी गन्दी जुबान से उसका नाम लिया न आज मई तेरे ये जुबान hi काट दूंगा.

इतना बोल कर मई उसे मरते रहा मई उसे तबतक मरता रहा जब तक की वो बेहोश नहीं हो गया लेकिन मई उसके बेहोश होने पर भी नहीं रुका और उसे मरते hi रहा लेकिन तभी मेरे पीछे से एक कड़क आवाज आयी.



आवाज- तुम्हारी हिमत कैसे हुयी विपिन पर हाथ उठाने की.
 
अपडेट 26

फर्स्ट मीटिंग ऑफ़ थे P&S कंपनी ऑफ़ फार्मा

समुन्द्र के बीचो बिच एक आइसलैंड है जिसमे राठौर फॅमिली रहती है और इस आइसलैंड का नाम है राठौर आइसलैंड हलाकि पहले इस आइसलैंड का कुछ और नाम था लेकिन जब इस आइसलैंड को राठौर फॅमिली ने खरीद कर यहाँ रहना स्टार्ट किया तब से इस आइसलैंड के नाम को बदल कर राठौर आइसलैंड रख दिया गया इस आइसलैंड पर आने जाने के लिए ज्यादातर लोग हेलीकाप्टर का उसे करते है जिसके कारन यहाँ पर बहुत साडी हेलिपैड बना हुआ है.

राठौर आइसलैंड के आसमान में एक हेलीकाप्टर 🚁 के आवाज गूंज रहा था सायद आज कोई इस आइसलैंड पर आ रहा था थोड़ी देर में वो हेलीकाप्टर एक हेलिपैड पर आ कर उतरा और उसमे से एक लड़की बहार निकली और भागते हुए सीधा राठौर मेंशन के अंदर चली गयी जब वो राठौर मेंशन में एंटर हुयी तो उसकी नजर संजय राठौर पर पड़ी जो अपने रूम में निकल कर कही बहार जा रहे थे जैसे hi उस लड़की ने संजय राठौर को देखि वो भागते हुए उनके पास गयी और संजय राठौर के पेअर छू कर प्रणाम की जैसे hi समझ राठौर ने उस लड़की को देखा तो वो चौक गए और खुश होते हुए बोले.

संजय- अरे पायल बेटी तुम कब आयी.

पायल- मई अभी जस्ट आ hi रही हु पापा.

संजय- और कैसी है तू और तेरा पढाई कैसी चल रही है.

पायल- मई ठीक हु पापा और मेरी पढाई भी अच्छी चल रही है वैसे पापा बाकि सब कहा है कोई दिखाई नहीं दे रहा है और दादा जी के तबियत कैसी है.

पायल के बात सुन कर संजय राठौर थोड़ा उदास हो गए और वो उदासी में hi बोले.

संजय- सब अपने अपने रूम में है और रही बात तुम्हारे दादा जी की तो उनकी तबियत दिन पर दिन और ख़राब होते जा रही है यहाँ तक की अब डॉक्टर भी जबाब दे चुके है.

संजय के मुँह से अपने दादा जी के बारे में सुन कर पायल उदास हो जाती है और वो वह से तुरंत अपने दादा जी के कमरे के तरफ चली जाती है वो वह जाकर देखती है की उस कमरे में उसकी दादी कौशल्या देवी और उसके चाचा सिकेन्द्र राठौर मौजूद है तभी उसकी नजर उसके दादा जी ऊपर चली जाती है जो एक बीएड पर लेते हुए थे और उनके पुरे शरीर पर मेडिकल इक्विपमेंट लगा हुआ था अपने दादा जी के ऐसी हालत देख कर पायल के आँखों में आंसू आ जाता है फिर वो आगे बढ़ कर अपनी दादी के पास जाती है जब कौशल्या देवी के नजर पायल पर पड़ती है तो वो उदासी में hi भी मुस्कुराते हुए बोलती है.

कौशल्या देवी- अरे पायल बेटी तुम कब आयी.

पायल- जी दादी मई अभी hi आयी हु और बहार पापा से मुझे दादा जी के कंडीशन के बारे में पता चला तो यहाँ आ गयी.

अभी ये लोग बात कर hi रहे थे की तभी उनके पास सिकेन्द्र राठौर आ गए और वो पायल के सर पर हाथ फेरते हुए बोलै.

सिकेन्द्र- कैसी हो पायल बेटी.

पायल- मई ठीक हु चाचा जी दादी और चाचा जी मुझे आप दोनों से दादा जी के इलाज को ले कर कुछ बात करनी थी.

कौशल्या देवी- अब तुम इनके इलाज को ले कर क्या बात करोगी बेटी हम सब ने इनको दुनिया के बेस्ट डॉक्टर से दिखा चुके है लेकिन सब ने सिर्फ एक hi जबाब दिया की तुम्हारे दादा जी..

इतना बोल कर कौशल्या देवी रोने लगी पायल इस तरह से अपने दादी को रट हुए देख कर बोली.

पायल- दादी ऐसा नहीं है की कुछ डॉक्टरों ने जबाब दे दिया तो अब दादा जी का इलाज संभव hi नहीं है अभी भी एक ऐसा डॉक्टर है जो दादा जी को ठीक कर सकते है और सायद छोटी चची को भी कोमा से बहार निकल सकते है.

पायल के बात सुन कर कौशल्या देवी और सिकेन्द्र दोनों हैरान रह गए फिर सिकेन्द्र अपने हैरानी को काबू करते हुए खुसी से बोलै.

सिकेन्द्र- क्या तुम सच बोल रही हो क्या वो पिता जी का इलाज कर सकता है कही तुम हमसे मजाक तो नहीं कर रही हो.

पायल- आपको क्या लगता है चाचा जी की मई दादा जी के इलाज को लेकर आओ सब से मजाक करूँगा.

पायल के बात सुन कर कौशल्या देवी खुसी से बोली.

कौशल्या देवी- पायल बीटा कोण है वो डॉक्टर और वो कहा रहता है अगर तुम्हारी बात सच है तो हमें उस डॉक्टर को यहाँ लाना hi होगा चाहे उसके लिए हमें अपनी पूरी सम्पति hi क्यों न उड़ानी पड़े.

सिकेन्द्र- है बेटी तुम बताओ की वो डॉक्टर कहा है अगर वो सच में पिता जी का इलाज कर दिया तो मई खुद उसे राठौर फॅमिली की आधी सम्पति उसे दे दूंगा.

पायल- ये सब करने की कोई जरुरत नहीं है चाचा जी क्युकी मैंने सुना है की वो इलाज के बदले किसी से कुछ भी नहीं लेता और है वो सिटी हॉस्पिटल में अस ा गेस्ट डॉक्टर अपॉइंटमेंट हुआ है.

कौशल्या देवी- ये तुम क्या बोल रही हो सिटी हॉस्पिटल में वो एक गेस्ट डॉक्टर है ये मजाक कर रही हो पायल जिस बीमारी को दुनिया के बड़े बड़े डॉक्टर नहीं कर पाए उसे मुंबई जैसे शहर के सिटी हॉस्पिटल के गेस्ट डॉक्टर ठीक करेगा.

पायल- आप उसके बारे में गलत सोच रही है दादी उसने सिर्फ सिटी हॉस्पिटल में एक दिन hi पेशेंट का इलाज किया है लेकिन वो एक दिन में hi सिटी हॉस्पिटल के सरे क्रिटिकल केस का इलाज कर दिया जिनको आज तक मुंबई के कोई डॉक्टर भी नहीं कर पाया था इस लिए सब उस डॉक्टर को चमत्कारी डॉक्टर के नाम से बुलाने लगे है.

पायल के बात सुन कर सिकेन्द्र और कौशल्या देवी दोनों हैरान हो गए फिर सिकेन्द्र अपने हैरानी को संत करते हुए पायल से बोलै.

सिकेन्द्र- क्या तुम सच बोल रही हो क्या उसने सच में सिटी हॉस्पिटल के सरे क्रिटिकल मरीजों का इलाज कर दिया.

पायल- है चाचा जी मई ठीक बोल रही हु अगर आपको मुझ पर बिस्वास नहीं है तो आप आज का न्यूज़ hi देख लीजिये उसमे आपको पता चल जायेगा.

पायल के बात सुन कर सिकेन्द्र और कौशल्या देवी दोनों वही पर मोबाइल निकल कर न्यूज़ देखने लगी जैसे जैसे वो दोनों न्यूज़ देख रहे थे वैसे वैसे उनके चेहरे पर खुसी बढाती जा रही थी फिर पूरी न्यूज़ देखने के बाद सिकेन्द्र बोले.

सिकेन्द्र- तुम ठीक बोल रही हो पायल ये तो सच में एक चमत्कारी डॉक्टर hi है मुझे जल्द से जल्द इसको यहाँ पर लाना होगा मुझे बिस्वास है की ये पिता जी को ठीक कर सकता है.

कौशल्या देवी- तो तुम ऐसे बात करते हुए समय क्यों बर्बाद कर रहे हो जाओ और जाकर इस डॉक्टर को किसी भी कीमत पर ले कर आओ शायद यही वो डॉक्टर है जो तुम्हारे पापा के साथ साथ नंदनी को भी ठीक कर सके.

सिकेन्द्र- लेकिन माँ अब आज जाना संभव नहीं है क्युकी हमें यहाँ से मुंबई जाते जाते सैम हो जाएगी और हमारा उस डॉक्टर से सैम में मुलाकात नहीं हो पायेगा क्युकी सैम को वो डॉक्टर अपने फॅमिली के साथ होगा.

कौशल्या देवी- ठीक है तो तुम कल चके जाना मई ये खुशखबरी सबको जाकर सुनती हु.

इतना बोल कर वो वह से चली जाती है आज बहुत दिनों बाद इन दोनों माँ बेटे के चेहरे पर खुसी दिखी थी इधर कौशल्या देवी ने जाकर सबको ये खबर सुनाई तो सब खुस हो गए तभी एक लड़का आगे आ कर कौशल्या देवी से बोलै.

लड़का- दादी मुझे आपसे कुछ बात करनी थी.

कौशल्या देवी- है सूर्य बोलो न क्या बोलना चाहते हो.

सूर्य- दादी मई ये बोलना चाहता हु की मई भी पापा के साथ मुंबई जाऊंगा क्युकी मुझे सिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर बीरेंद्र खुराना से अच्छा खासा जान पहचान है और जब मई उनसे बात करूँगा तो वो हमें उस डॉक्टर के बारे में सारा सचाई बता देंगे और साथ में उससे मिलवा भी देंगे.

कौशल्या देवी- अरे ये तो और अच्छी बात है ठीक है तुम भी सिकेन्द्र के साथ चले जाना.

इधर मुझसे मर कहते कहते विपिन बेहोश हो गया था लेकिन मई उसकी बेहोशी के हालत को परवाह न करते हुए उसे मरे जा रहा था तभी मेरे पीछे से एक आवाज आयी.

आवाज- तुम्हारी हिमत कैसे हुयी विपिन सर पर हाथ उठाने की तुम जानते भी की तुमने किसके साथ पन्गा लिया है.

मई उस आवाज को सुन कर उसके तरफ मुद गया तो देखा की सामने एक अधेड़ उम्र में आदमी खड़ा था जिसका उम्र लगभग 40 या 45 साल का होगा और उसके के बल उड़े हुए थे उसने अपने आँखों पर मोटा चस्मा लगाया हुआ था मई उस आदमी को एक बार देखने के बाद उसको इग्नोर कर दिया और फिर से विपिन को मरने लगा मई अब तक विपिन को इतना मर चूका था की उसके पुरे शरीर से खून निकल रहा था.

इधर वो आदमी मुझे उसके बात को सुन कर अनसुना करते देख कर और विपिन को बुरी तरह से मरते हुए देख कर घुसे से बोलै.

आदमी- तुझे एक बार में सुनाई नहीं देता क्या कोण हो तुम और तुम विपिन सर को क्यों मर रहे हो देखो उसे छोड़ दो नहीं तो तुम्हारे लिए ठीक नहीं होगा.

इधर शनाया अभी भी नशे में थी और अपने हलके खुले आँखों से सब देख रही थी जब उसने देखा की मई अभी भी विपिन को मर रहा हु तो वो हलके आवाज में मेरा नाम की मुझे जैसे hi शनाया के आवाज सुनाई दिया मई तुरंत उसके पास गया और उसे उठा कर वही पर लगे हुए बीएड पर सुलाते हुए उससे बोलै.

मई- तुम अभी कुछ भी मत बोलो तुम यहाँ पर आराम करो मई तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगा.

इतना बोल कर मई धीरे से शनाया के गले का एक वीन की दबा दिया जिसके चलते शनाया वही बेहोश hi गयी इधर जब मई विपिन के पास से हैट कर शनाया के पास गया तो वो आदमी भागते हुए विपिन के पास गया और उसे होश में लेन की कोशिश करने लगा लेकिन जब पूरी कोशिश करने के बाद भी वो होश में नहीं आया तो वो तुरंत अपने जान पहचान के पुलिस वाले को कॉल कर दिया और फिर वो आदमी घुसे से मेरे पास आ गया और मेरा कलर पकड़ते हुए बोलै.

आदमी- तुमने विपिन सर पर हाथ उठा कर अच्छा नहीं किया तुम जानते नहीं hi की वो कोण है.

मई- चाहे वो जो भी हो लेकिन उसे मेरे वाइफ को हाथ नहीं लगाना चाहिए था और वैसे तुम कोण हो जो उसका तरफदारी करने के लिए यहाँ पर आये हो.

आदमी- मई इस स्काई मून क्लब का मैनेजर हु और विपिन सर मेरे क्लब के डिमांड मेंबर है और तुम यहाँ आ कर मेरे डायमंड मेंबर के साथ मर पिट कर के अच्छा नहीं किया तुम जानते भी हो की डायमंड मेंबर क्या होते अरे मई तो भूल hi गया तुम जानोगे भी कैसे जो खुद एक भिखारी है डायमंड मेंबर के बारे में क्या जानेगा और वैसे तुमने यहाँ विपिन सर के साथ जो किया है न उसका सजा तो तुम्हे मिल कर hi रहेगा इस लिए मई पुलिस को कॉल कर दिया है वो यहाँ कभी भी आने वाले होंगे.

मई- अच्छा तो तुम इस स्काई मून क्लब के मैनेजर हो क्या तुम अपने इस क्लब में इसी तरह के धंधा करते हो तुम जानते हो की तुम्हारे इस सो कॉलेड डायमंड मेंबर ने मेरे वाइफ को यहाँ मीटिंग के लिए बुलाया और उसके जूस में दुर्गस्य मिला का इसके साथ मिसबिहेव करने की कोशिश की है अगर मई ये बात मीडिया वाले को बता दू की तुम्हारे इस क्लब में क्या होता है तो तुम्हारे इस क्लब को बंद होने में देरी नहीं लगेगी और तुमने अच्छा hi किया हो तुम पुलिस वालो को यहाँ बुला लिया क्युकी मई भी उनको hi कॉल करने वाला था.

अभी हम बात कर hi रहे थे की तभी वह एक पुलिस इंस्पेक्टर आ गया और वो वह आने के साथ hi बोलै.

इंस्पेक्टर- कोण है जिसने विपिन ठाकुर को मरने की कोशिश की है.

पुलिस इंस्पेक्टर को वह पर देख कर मैनेजर बहुत खुस हो गया और वो खुसी से इंस्पेक्टर से बोलै.

मैनेजर- सर आप इस आदमी को गिरफ्तार कर लीजिये इसने हमारे क्लब में जोर जबरदस्ती घुस कर हमारे खास मेहमान को जान से मरने की कोशिश किया है आप देख सकते है विपिन सर अभी भी इससे मर खा कर बेहोश पड़े है अगर मई सही समय पर नहीं पहुँचता तो ये अब तक इनको जान से मर दिया होता.

मैनेजर के बात सुन कर इंस्पेक्टर पहले जा कर विपिन ठाकुर को देखता है फिर वो मेरे पास आ कर मुझसे बोलता है.

इंस्पेक्टर- क्यों बे तुमको कुछ ज्यादा hi गर्मी छड़ गया है जो इस क्लब में आ कर मर पिट कर रहा है चल तू मेरे साथ ठाणे मई तुम्हे वह ले जा कर तू हरी साडी गर्मी निकलता हु.

इंस्पेक्टर के बात सुन कर मई उसकी आँखों में आंखे डाक कर बोलै.

मई- इंस्पेक्टर सर इसमें मेरी कोई गलती नहीं है इस हरामजादे ने यहाँ पर मेरी बीवी को मीटिंग के लिए बुलाया था और फिर उसके जूस में ड्रग्स मिला कर उसके साथ गलत करने की कोशिश किया था इस लिए मई उसकी मारा हु.

मेरी बात को सुन कर वो मैनेजर जल्दी से आगे आया और इंस्पेक्टर से बोलै.

मैनेजर- नहीं सर ये झूठ बोल रहा है यहाँ पर ऐसा कुछ नहीं हुआ था बल्कि ये लड़का और ये लड़की दोनों मिल कर विपिन सर को लूटने का प्लान बनाया था और जब विपिन सर को इनकी प्लान के बारे में पता चल गया तो ये दोनों उस पर झूठा इल्जाम लगा कर मरने लगे.

मैनेजर के बात सुन कर मुझे उस पर बहुत गुसा आया लेकिन मई उसके घुसे को दबाते हुए बोलै.

मई- अच्छा तो मई झूठ बोल रहा हु ठीक है इंस्पेक्टर साहब ये रहा वो साबुत इस गिलास को आप फॉरेंसिक लैब में भेज कर जाँच करवा सकते है इस गिलास में अभी भी वो ड्रग्स थोड़ा बहुत मिल जायेगा और वो रही मेरी वाइफ जिसको ड्रग्स दिया गया था.

मेरे बात को सुन कर वो इंस्पेक्टर ने उस गिलास के तरफ देख और फिर मैनेजर के तरफ देख कर कुछ इशारा किया तो मैनेजर अपने एक आदमी को उस गिलास को वह से हटाने के लिए बोलै लेकिन मई इंस्पेक्टर और मैनेजर के इशारो को देख लिया था इस लिए मई आगे बढ़ते हुए वो गिलास को अपने कब्जे में कर लिया ये देख कर वो मैनेजर घबरा गया और जल्दी से मेरे पास आ कर बोलै.

मैनेजर- तुम इस गिलास को क्यों ले रहे हो ये मेरे क्लब का गिलास है और तुम जानते भी हो की ये गिलास कितना महंगा है अगर ये तुम्हारे साथ से गिर कर टूट गया तो इसका पेमेंट कोण करेगा चलो ये गिलास मुझे दो.

मई- अच्छा तो अब तुम इस गिलास को यहाँ से ले जा कर साबुत भी मिटाना चाहते हो लेकिन मई ऐसा होने नहीं दूंगा और इंस्पेक्टर लगता है तुम भी इसके साथ मिले हुए हो कोई बात नहीं मेरे पास इस सहर के मेयर का नंबर है मई उनको बुला लेता हु और ये गिलास अब मई उनके hi हटो में दूंगा.

मेरे बात को सुन कर वो पहले तो घबरा गए लेकिन फिर मेरे ड्रेस को देख कर उन्हें लगा की मई उनसे बचने के लिए झूठ बोल रहा हु तो इंस्पेक्टर हस्ते हुए बोलै.

इंस्पेक्टर- ठीक है तुम बुला लो मई भी देखना चाहता हु की कोण है वो मेयर जो तुम्हे मुझसे बचा लेगा.

मई इंस्पेक्टर के बात सुन कर मुस्कुराने लगा और फिर तुरंत hi मेयर राघवेंद्र को कॉल कर के यहाँ की साडी घटना को बताया और उनको जल्द से जल्द वह पर पहुंचने के लिए बोलै इधर मेयर राघवेंद्र मेरी बात को सुन कर तुरंत hi स्काई मून क्लब के लिए निकल गए और साथ में किसी और को भी फ़ोन कर के वह आने के लिए बोल दिया करीब आधे घंटे बाद उस रूम में मेयर के साथ एक और आदमी आया था. मेयर को वह पर आया हुआ देख कर इंस्पेक्टर के हालत hi ख़राब हो गया था वही मैनेजर के हालत तो मायेर के साथ जो आदमी आया था उसको देख कर hi ख़राब हो गया था क्युकी वो आदमी और कोई नहीं बल्कि इस क्लब का ओनर था इधर मेयर और वो आदमी उन दोनों को इग्नोर कर के मेरे पास आते है और मेयर राघवेंद्र मुझसे बोलते है.

राघवेंद्र- सॉरी प्रतिक मुझे आने में थोड़ी देर हो गयी.

मई- कोई बात नहीं सर थोड़ी देर तो हुयी लेकिन आप आ तो गए न.

राघवेंद्र- अरे कैसी बात करते हो तुम बुलाओ और मई न औ वैसे इनसे मिलो ये है इस क्लब के ओनर मर. राजेश दुबे और राजेश ये है मर. प्रतिक.

मई- हैल्लो सर.

राजेश- हैल्लो प्रतिक कैसे हो सॉरी प्रतिक की तुम्हे मेरे क्लब में आ कर प्रॉब्लम फेस करना पड़ा वैसे यहाँ पर हुआ क्या था.

राजेश के बात सुन कर मैंने उन दोनों को आज यहाँ इस क्लब में जो जो हुआ था सब बता दिया जिसको सुन कर दोनों को बहुत गुसा आया और घुसे में मेयर और राजेश दोनों इंस्पेक्टर और मैनेजर को एक एक थपड मरते है इसके बाद मेयर राघवेंद्र घुसे से इंस्पेक्टर को बोलते है.

मेयर- तुम्हे शर्म आणि चाहिए की तुम पुलिस वाले हो कर एक गुंडे के साथ से रहे थे तुम जैसे पुलिस ऑफिसर्स को तो तुरंत जॉब से हटा देना चाहिए और मई इस बारे में कमिश्नर सर से जरूर बात करूँगा लेकिन उससे पहले तुम एक काम करो इस विपिन ठाकुर को अरेस्ट करो और पहले जा कर इसका इलाज करवाओ और जब ये ठीक हो जाये तो इसे जेल में दाल दो रही बात एविडेंस की तो मई वो लेकर आ जाऊंगा.

इंस्पेक्टर- जी सर आप जैसा बोल रहे है वैसा hi होगा.

मेयर- गुड जाओ और जा कर उसे गिरफ्तार करो और यहाँ से ले कर चले जाओ.

मेयर के बात को सुन कर इंस्पेक्टर अपने दो पुलिस वालो इशारा किया तो वो दोनों विपिन को वह से उठा कर ले गए फिर मैंने मेयर के हाथ में वो गिलास देते हुए बोलै.

मई- सर उसने इसी गिलास में जूस के साथ ड्रग्स मिला कर शनाया को दिया था और ये मैनेजर इस गिलास को बदलना छह रहा था आप इसे भी गिरफ्तार करवा दीजिये क्युकी इस जैसे आदमी अगर बहार रहा तो न जाने और कितने मासूनो की जिंदगी बर्बाद होगी.

मेरे बात को सुन कर वो मैनेजर दर गया और डरते हुए मुझसे माफ़ी मांगते हुए बोलै.

मैनेजर- प्लीज सर मुझे माफ़ कर दीजिये मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी प्लीज मुझे जेल मत भेजिए अगर मई जेल चला गया तो मेरे बीवी बचो का क्या होगा.

मई- जब तुम यहाँ उस कमीने इंसान की मदत कर रहे थे तब तुम्हे अपना बीवी और बचा नजर नहीं आया.

मेरे बात को सुन कर उस मैनेजर के सर शर्म से निचे झुक गया और फिर वो क्लब के ओनर के पास जा कर बोलै.

मैनेजर- सर आप मुझे बचा लीजिये मई हमेशा आपके क्लब में ईमानदारी से काम किया है प्लीज सर मुझे बचा लीजिये.

मैनेजर- अगर तुम ईमानदारी से काम करता तो तुम बस चाँद पैसो के लिए विपिन जैसे घटिया आदमी के मदत करने की कोशिश नहीं करता.

मैनेजर- सर मई ये सब पैसो के लिए नहीं कर रहा था बल्कि मई ये सब इस क्लब के इज्जत बचने के लिए कर रहा था क्युकी विपिन ठाकुर के इस क्लब के डायमंड कार्ड होल्डर है और दूसरी बात की अगर किसी को पता चल जाता की हमारे क्लब के एक डायमंड कार्ड होल्डर ने एक लड़की के साथ गलत करने की कोशिश की तो हमारे क्लब के बहुत बदनामी होती और वैसे भी ये इस क्लब में जबरदस्ती आये है क्युकी आपको भी पता है की इस क्लब में सिर्फ और सिर्फ कार्ड होल्डर hi एंट्री कर सकते है.

मुझे उस मैनेजर के बात सुन कर गुसा आ गया और मई घुसे में आगे बढ़ कर उस मैनेजर के गाल पर एक थपड मारा और उससे बोलै.

मई- तुम्हारे इस क्लब की इज्जत एक लड़की के इज्जत से बढ़ कर है शर्म आती है मुझे तुम जैसे इंसान पर जो अपनी इंसानियत hi बेच खायी है और तुम्हे क्या लगा की मई इस क्लब में जबरदस्ती आया हु तो जान लो की अगर विपिन के पास डायमंड कार्ड है तो मेरे पास भी सुप्रीम कार्ड है अब तुम बताओ की इस क्लब में डायमंड कार्ड का ज्यादा वैल्यू है या सुप्रीम कार्ड का.

मेरे बात को सुन कर वह खड़े सब हैरान हो गए किसी को विस्वास hi नहीं हो रहा था की मेरे पास सुप्रीम कार्ड है क्युकी इस क्लब में सिर्फ और सिर्फ 10 hi सुप्रीम कार्ड होल्डर थे और ये कार्ड को ऐसे hi कोई भी इशू नहीं कर सकता था बल्कि इस कार्ड को इशू करने का हक़ सिर्फ और सिर्फ इस क्लब के सबसे बड़े शेयर होल्डर के हाथ में था जब मैंने देखा की मेरे बातो पर वह मौजूद किसी को भी विस्वास नहीं हो रहा है तो मई अपने पॉकेट से सुप्रीम कार्ड निकल कर सबको दिखाया तब जा कर सबको बिस्वास हुआ फिर मई राजेश दुबे को देखते हुए बोलै.

मई- अब आप hi बताइये राजेश दुबे जी की आपका इस क्लब में इसी तरह के काम होते है अब आप बताइये की इस मैनेजर के गलती के लिए आप इसे क्या सजा देंगे.

राजेश- मई इस मैनेजर को अभी इस वक़्त काम से निकलता हु और मई अभी पुलिस स्टेशन में कॉल कर के इंस्पेक्टर को बुलाता हु और उसे जेल भेजवाया हु और है प्रतिक जी आज इस क्लब में आपके साथ जो भी प्रॉब्लम हुयी उसके लिए मई आपसे मफिर मंटा हु.

मई- कोई बात नहीं राजेश जी आप बस आगे से ध्यान रखियेगा की अब से इस क्लब में किसी के साथ भी ऐसा न हो और है आज मेरी एक मीटिंग यहाँ पर होने वाली है इस लिए आप एक प्राइवेट रूम का इंतजाम कर दीजियेगा.

राजेश- ठीक है प्रतिक जी मई आपके इस बात पर ध्यान रखूँगा की अब से हमारे इस क्लब में किसी के साथ भी ज्यादती न हो और है आप बेफिक्र हो कर यहाँ पर मीटिंग के लिए आ सकते है मई यहाँ पर आपके लिए सारा इंतजाम करवा दूंगा.

मई- तो ठीक है राजेश जी अब मई चलता हु और है मेयर साहब थैंक्स आज अपने जो मेरे लिए किया है उसके लिए और है आप कोशिश कीजियेगा की वो विपिन ठाकुर लम्बे वक़्त के लिए अंदर hi रहे ठीक है मेयर साहब अभी मई चलता हु अब आपसे मीटिंग में hi मुलाकात होगी.

मेयर- ठीक है प्रतिक मई भी चलता हु.

इतना बोल कर मेयर और राजेश उस मैनेजर को खींचते हुए बहार ले कर चले गए उनके जाने के बाद मई शनाया के पास गया और पहले उसके शरीर से सरे ड्रग्स को बहार निकलता हु फिर उसे होश में लाया हु जैसे hi शनाया होश में आती है और अपने सामने मुझे देखती है तो वो रट हुए मुझे गले लगा लेती है और बोलती है.

शनाया- सॉरी प्रतिक मई तुम्हारी बात को न मन कर यहाँ पर मीटिंग के लिए आ गयी वो विपिन ठाकुर सच में बहुत कमीना आदमी था अगर आज तुम सही समय पर नहीं आते तो मई तुम्हे अपना मुँह दिखने के काबिल भी नहीं रहती.

मई शनाया को सी तरह से रोटा हुआ देख कर उसे संत करवाते हुए बोलै.

मई- जब मेरी शनाया किसी मुसीबत में हो और भला मई क्यों नहीं आता मई तुम्हे कभी भी कुछ भी नहीं होने दूंगा और रही बात उस विपिन की तो उसको उसके किये की सजा मिल गयी है अब वो तुम्हे कभी परेशां नहीं करेगा.

मेरी बात को सुन कर शनाया रट हुए भी मुझे देखने लगी अचानक उसे न जाने क्या सुझा वो तुरंत अपना हॉट मेरे होतो पर लगा दी और मुझे किश करने लगी उसको इस तरह से मुझे किश करने से मई हैरान हो गया और मई बस एक तक शनाया के आँखों में hi देखता रह गया उसके आँखों में मुझे अपने लिए बेशुमार प्यार दिखाई दे रहा था.

लेकिन तभी शनाया को ये एहसास हुआ की वो क्या कर रही है तो झट से मुझसे अलग हो गयी और मुझसे शरमाते हुए नजरे चुराने लगी इस तरह से उसे शरमाते हुए देख कर मेरे होतो पर एक हलकी सी मुस्कान आ गयी और फिर मई उसे छेड़ते हुए बोलै.

मई- वह आज तो मेरा दिन बन गया अगर मुझे पता होता की तुम्हे बचने के बाद मुझे ऐसा इनाम मिलने वाला था तो मई तुमको कब का बचा लेता.

मुझे इस तरह से बोलता देख कर शनाया और शर्मा गयी और फिर थोड़ा गुसा दिखते हुए बोली.

शनाया- ठीक ठीक है बहुत हो गयी तुम्हारी बाटे अब मुझे घर जाना है तुम चलोगे मेरे साथ या फिर मई अकेले hi चली जाऊ.

मई शनाया के बात सुन कर हड़बड़ा गया और फिर बड़बड़ाते हुए उससे बोलै.

मई- तुम अकेली क्यों जाओगी मई यहाँ पर किस लिए हु चलो मई तुम्हे घर छोड़ दे रहा हु.

मेरे बात को सुन कर शनाया जैसे hi बीएड से उठने लगी तो वो लड़खड़ा गयी और ऐसा इस लिए हुआ की भले hi मई उसके शरीर से उस ड्रग्स को निकल दिया था लेकिन उस ड्रग्स से जो कमजोरी शनाया के शरीर में हुआ तो वो अभी भी था वो एक डेढ़ घंटा तक रेस्ट करती तो ठीक हो जाती.

मई इस तरह से शनाया को लड़खड़ाते हुए देख कर तुरंत hi उसको पकड़ लिया और उसको अपने गॉड में उठाने लगा ये देख कर शनाया मेरे गॉड में आने से मांस करने लगी लेकिन मैंने उसे बहुत समझाया तब जा कर वो मणि फिर मई उसको अपने गॉड में उठा कर बहार आया बहार आने के बाद मई सोचने लगा की अब गाड़ी कोण ड्राइव करेगा क्युकी शनाया तो ड्राइव कर नहीं सकती थी और मेरे पास ड्राइवर लाइसेंस नहीं था फिर कुछ सोच कर मैंने एक टैक्सी की रोकवाया और फिर उसी में बैठ कर शनाया के घर आ गया फिर मई शनाया को उसके घर में छोड़ने के बाद फिर से स्काई मून क्लब आ गया जहा मीटिंग होने वाला था.

वह पर आने के बाद मई सीधा राजेश जी से मिला और उनको प्राइवेट रूम के बारे में पूछा तो वो मुझे प्राइवेट रूम में ले कर चले गए इसके बाद मई सरे लोगो को कॉल कर के मीटिंग में आने के लिए बोल दिया करीब आधे घंटे बाद सरे लोग वह पर आ गए वह पर आने वालो में मेयर राघवेंद्र प्रजापत, विशाल ओबेराय, निधि ओबेराय, मनोज सिंघानिया, समर सिंघानिया, बलदेव सिंह शामिल थे.

जब सरे लोग आ गए तो मई मीटिंग को स्टार्ट करते हुए बोलै.

मई- आप लोग सोच रहे होंगे की मई आप सब को यहाँ पर किस लिए बुलाया है तो मई आप सब को ये बताने ये पहले कुछ दिखाना चाहता हु.

इतना बोल कर मई अपने जेब में हाथ डाला 3 छोटा दबा निकल लिया उन तीनो दबा मेडिसिन से भरा हुआ था फिर मई एक दबे से एक मेडिसिन निकल कर उन सब को दिखते हुए बोलै इस मेडिसिन का नाम मैंने संजीवनी गोली रखा है सायद आप सब पहले भी इस गोली को देख चुके है और कुछ लोग तो इसका उसे भी कर चुके है मई आप सब को इस गोली का फायदा बता दे रहा हु इस गोली को खाने के बाद आपके शरीर में किसी भी तरह के बीमारी हो चाहे वो स्किन की बीमारी हो या अंदरूनी बीमारी सब ठीक हो जायेगा इसके बाद इसका एक और फायदा ये है की अगर इस दवा को कोई बूढ़ा आदमी खायेगा तो उसका चेहरे से झुरिया भी गायब हो जायेगा और अगर कोई मार्टिकल आर्टिस्ट इस गोली को खता है तो वो अपने लेवल को आराम से बढ़ा सकता है इस तरह के इस गोली से और भी कई फायदा इसे खाने वाले को मिलेगा और ये दूसरा मेडिसिन है इंस्टेंट रिकवरी पिल इसको खाने के बाद कोई भी झखम चाहे वो कटा हुआ झखम हो या जला हुआ झखम या फिर किसी तरह के चोट का झखम हो वो तुरंत hi ठीक हो जायेगा.

मेरी बात को सुन कर वह पर बैठे सरे लोग हैरान हो गए और सब मुझे हैरानी भरी नजरो से देखने लगे उनको मेरी कही गयी बातो पर बिस्वास नहीं हो रहा था तभी अचानक से निधि जोर जोर से हसने लगी और हस्ते हुए मुझे बोली.

निधि- है है है है सॉरी सॉरी प्रतिक इस तरह से हसने के लिए लेकिन तुम बात hi ऐसी बोल रहे हो की मुझे बिस्वास नहीं हो रहा है और तुम्हारी बात को सुन कर मुझे हसी आ गयी.

मई- और तुम्हे मेरी किस बात पर हसी आयी क्या तुम्हे ऐसा लग रहा है की मई संजीवनी गोली और इंस्टेंट रिकवरी गोली के बारे में मजाक कर रहा हु.

निधि- सॉरी प्रतिक जी मेरे कहने का वो मतलब नहीं था संजीवनी गोली के बारे में यहाँ सब जानते है इस लिए उस पर यहाँ बैठे सबको बिस्वास है लेकिन इस इंस्टेंट रिकवरी गोली पर किसी को भी बिस्वास नहीं हो रहा है.

मनोज- है प्रतिक निधि सही बोल रही है हम तुम्हारे संजीवनी गोली पर तो आंख बंद कर के भी बिस्वास कर सकते है लेकिन इस इंस्टेंट गोली पर नहीं.

मई- हम्म आप दोनों को इंस्टेंट गोली पर बिस्वास नहीं हो रहा है अच्छी बात है (फिर कुछ देर रुक कर) यहाँ पर और कोई है जिसे इंस्टेंट गोली पर बिस्वास नहीं वो भी अपना रे रख सकता है.

मेरी बात को सुन कर मेयर बोले.

मेयर- मुझे तुम पर बिस्वास है प्रतिक की तुम जो भी बोल रहे हो वो सोच समझ कर hi बोल रहे होंगे.

मेयर के बात सुन कर समर और बलदेव ने भी है में गर्दन हिला दिया फिर मई विशाल के तरफ देखा तो विशाल मुझसे बोलै.

विशाल- मुझे आप पर बिस्वास है क्युकी जब आप संजीवनी गोली जैसी अमृत को बना सकते है तो इंस्टेंट रिकवरी पिल भी बना सकते है लेकिन अगर ये सच में हो गया है तब तो मार्किट में तहलका मच जायेगा.

मई- मई जनता हु की यहाँ पर बैठे किसी को भी पूरी तरह से बिस्वास नहीं हो रहा है की इंस्टेंट रिकवरी पिल जैसा भी कोई चीज हो सकता है तो ठीक है मई आप सब को प्रूफ कर के दिखा देता हु (समर से) समर तुमको मुझ पर जितना बिस्वास है.

मेरे बात को सुन कर समर के साथ साथ सब कंफ्यूज हो गए की मई अभी इंस्टेंट रिकवरी पिल को प्रूफ करने वाला था लेकिन अचानक मई समर से ये कैसा सवाल कर रहा हु.

समर- मई आपको अपना गुरु मंटा हु इस लिए मुझे आप पर बहुत बिस्वास है आपका कहा हुआ कोई भी बात मेरे लिए पत्थर की लकीर है.

मई- ठीक अगर तुमको मुझ पर इतना hi बिस्वास है तो आज मई तुमसे एक परीक्षा लेना चाहता अगर तुम उस परीक्षा में पास हो गए तो मई तुम्हे अपना शिस्य बना लूंगा.

मेरे बातो को सुन कर समर खुस हो गया एयर फिर तुरंत hi मुझसे बोलै.

समर- ठीक है मई परीक्षा देने के लिए तैयार हु.

मई- ठीक है अगर तुम परीक्षा देने के लिए तैयार हो तो तुम अभी एक चाकू लायो और अपने हाथ पर बड़ा सा झखम कर लो यद् रखना की वो झखम गहरा होना चाहिए.

मेरे बात को सुन कर वह पर बैठे सरे लोग हैरान हो गए और समर के तो हालत hi ख़राब हो गयी वो दुविधा में पास गया की वो मेरे बात मने या न मने लेकिन कुछ देर तक सोचने के बाद आखिर कर वो मेरे बात को मैंने के लिए तैयार हो गया और फिर वो तुरंत एक वेटर से चाकू लेन को बोलै थोड़ी देर बाद वो वेटर एक चाकू ला कर समर को दे दिया जैसे hi वेटर ने समर को चाकू दिया तो समर ने देरी न करते हुए अपने हाथ पर रख कर चला दिया जिसके कारन उसके हाथ पर गहरा झखम बन गया और उसके हाथ से ब्लड चलने लगा.

जैसे hi समर के हाथ से ब्लड निकलने लगा ये देख कर सरे लोग हैरान हो गए मनोज सिंघानिया के तो हालत hi ख़राब हो गया और भागते हुए अपने बेटे समर के पास गए और उसका हाथ पकड़ लिए फिर थोड़े कड़क आवाज में समर से बोले.

मनोज- पागल हो गए हो क्या ये तुमने क्या किया कितना खून बाह रहा है चलो अभी मई तुम्हे हॉस्पिटल ले कर चलता हु.

मई- हॉस्पिटल जाने की जरुरत नहीं है उसकी झखम यही पर ठीक हो जायेगा.

मेरे बातो को सुन कर मनोज सिंघानिया को गुसा आ गया और वो घुसे में बोले.

मनोज- मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी प्रतिक की तुम बस अपना दवा को एक्सपेरिमेंट करने के लिए समर का हाथ जख्मी करवा दिया.

मई- अरे आप बेकार में चिंता कर रहे है कुछ नहीं हुआ है समर को (फिर समर को एक गोली देते हुए) समर तुम इस गोली को खा लो सब ठीक हो जायेगा.

समर मेरे हाथ से उस गोली को ले कर खा जाता है फिर गोली खाने के 2 मिनट तक कुछ भी नहीं होता है ये देख कर मनोज सिंघानिया और गुसा हो जाते है और घुसे में मुझसे बोलते है.

मनोज- मई तुम्हारा बहुत इज्जत करता हु इसका मतलब ये नहीं है की तुम मेरे बेटे को नुकशान पहुचाओ तुमने बोलै था की दवा खाने के बाद इसका जखम ठीक हो जायेगा तो अब तुम मुझे ये बताओ की इसे दवा खाये हुए 2 मिनट से ऊपर hi गए लेकिन अभी तक इसका ब्लड भी नहीं रुका है.

मई- आप मुझे ये बताइये की कोण सा ऐसा दवा है जो कहते hi बीमारी को ठीक कर दे मई यहाँ जादू नहीं कर रहा की जादू किया और आदमी गायब मैंने समर को दवा खिलाया है तो दवा को असर होने में थोड़ा तो समय लगेगा hi.

अभी मेरा बात पूरा भी नहीं हुआ था की समर छिलने लगा.

समर- चमत्कार चमत्कार ये तो सच में चमत्कार हो गया मेरे हाथ में लगे जखम तो बिलकुल ठीक हो गया और अब वह पर कोई जखम का निशान भी नहीं बचा है.

जब सबने समर की आवाज सुनी तो उसके जखम को देखने लगे लेकिन जैसे hi वो उसके जखम को देखे सब के सब हैरान हो गए और सबकी बोलती बंद हो गयी.

मेयर- असंभव ये नहीं हो सकता ये तो सच में जादू है जादू.

निधि- अब मुझे खुद पर hi हसी आ रही है की मई प्रतिक जैसे एक चमत्कारी डॉक्टर पर शक किया जो संजीवनी गोली जैसी मेडिसिन को बना सकता है वो कुछ भी कर सकता है.

विशाल- मुझे तो पहले से hi इस पर बिस्वास था.

बलदेव- और मई तो बॉस के हर बातो पर आँख बंद कर के बिस्वास करता हु.

ऐसे hi सब बस मेरी तारीफे किये जा रहे थे और मई बस उनका रिएक्शन देख कर मुस्कुरा रहा था फिर मई सबको संत करवाते हुए बोलै.

मई- आप सब तो 2 मेडिसिन के बारे में जान गए लेकिन ये तीसरा मेडिसिन आम आदमी के लिए नहीं है बल्कि ये मार्टिकल आर्टिस्ट के लिए है और इस मेडिसिन का नाम मैंने लेवल उप पिल रखा है मई आप सब को इसका डेमो दिखता हु. (फिर समर के तरफ देखते हुए) समर मई तुम्हारा जो परीक्षा लिया था उसमे तुम पास हो गए थे इस लिए अब तुम्हे इनाम मिलेगा तो क्या तुम इनाम लेने के लिए तैयार हो.

समर- जी गुरूजी.

मई- यार मुझे गुरूजी मत बोलो ऐसा लगता है जैसे मई बूढ़ा हो गया हु तुम मुझे सर बोल सकते हो और है तुम यहाँ मौजूद सरे लोगो को अपने लेवल के बारे में बता दो.

समर- ठीक है सर मई अभी 8तह लेवल पर हु.

मई- अच्छा है तो तुम्हे जो इनमे मिलने वाला है वो ये है की मई तुम्हे एक लेवल ऊपर पंहुचा दूंगा यानि की तुम अभी पंचा मिनट में लेवल 9 पर पहुंच जाओगे.

इतना बोल कर मई उसे एक गोली खाने को दिया तो समर मेरे हाथ से गोली लेते hi खा गया जैसे hi वो गोली को खाया उसके शरीर में शक्तियां बढ़ने लगी जिसके कारन वो वही पर मैडिटेशन करने के लिए बैठ गया करीब 5 मिनट तक मैडिटेशन करने के बाद उसके बॉडी से एक अंडा टूटने जैसा आवाज आया और समर ने अपनी आँखे खोल ली उसकी आँखे खुसी से चमक रही थी इस लिए वो तुरंत hi मेरे सामने घुटनो पर बैठ गया और मुझसे बोलै.

समर- मुझे लेवल 9 पर पहुंचने के लिए सुक्रिया सर मई आपका ये अहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगा.

मई- अरे पागल लड़के तुम मुझे ये बताओ की एक गुरु अपने शिस्य पर कभी एहसान कर सकता है क्या मेरा काम hi है तुम्हे ज्ञान देना और आगे बढ़ाना तो तुम लेवल 9 पर पहुंचे इसमें मेरे अहसान नहीं है बल्कि ये मेरा कर्त्तव्य है.

इधर समर को लेवल पर होता देख कर सरे लोग हैरान हो गए थे और बस मुझे hi देखे जा रहे थे तभी निधि मुझसे बोली.

निधि- अब बस भी करो प्रतिक और कितना हम सबको हैरान करोगे.

निधि के बात सुन कर सरे लोग हसने लगते है मई निधि के बातो को इग्नोर कर बोलै.

मई- अब आप सब सोच रहे होंगे की मई ये तीनो मेडिसिन आप सब को क्यों दिखाया तो मई आप सबको ये बताना छह रहा हु की मई इन तीनो मेडिसिन की बिज़नेस करना चाहता हु और इसमें मई आप सब को पार्टनर रखना चाहता हु तो क्या आप सब मेरे साथ मिल कर इस मेडिसिन के बिज़नेस को करना चाहेंगे.

मेरे बात को सुन कर सब हैरान हो गए और फिर कुछ देर सोचने के बाद सबने अपना सर है में हिला दिया इसके बाद मई मनोज सिंघानिया से पूछा.

मई- आप तो बहुत पहले से मेडिसिन लाइन में है तो आप मुझे ये बताइये की इस मेडिसिन का प्राइस क्या होना चाहिए.

मेरे बात को सुन कर मनोज सोच में पद गए फिर वो कुछ देर सोचने के बाद बोले.

मनोज- मेरे हिसाब से संजीवनी गोली की कीमत 1 लाख इंस्टेंट रिकवरी पिल की कीमत 50 हजार और लेवल उप पिल की कीमत 30 हजार होनी चाहिए अब आप सब पूछेंगे की दवा की कीमत इतनी महंगी क्यों होनी चाहिए तो मई आपको बता दू की ये दवा एक यूनिक दवा है तो इसे महंगा तो होना hi चाहिए और इस दवा में जिस तरह के खूबी है उसके अनुसार तो इसकी कीमत बहुत काम है.

मनोज के बात सुन कर सब अपने सर को है में हिला दिया और उसके द्वारा लगाया प्राइस को सबने एक्सेप्ट कर लिया दवा की कीमत लग जाने के बाद मई भी बहुत खुस था क्युकी मई जनता था की मेरे दवा में जिस तरह की खूबी है अगर ये मार्किट में सबको पता चल जाये तो मेरे दवा को खरीदने के लिए लाइन लग जायेगा फिर मई अपने बात को आगे बढ़ाते हुए बोलै.

मई- मई आप सब को आपका काम बता दे रहा हु अगर आप सब को सही लगे तब hi है बोलियेगा सबसे पहले निधि मई चाहता हु की तुम मेरे कंपनी को सम्भालो अस ा जनरल मैनेजर तुम्हे तुम्हारे पद के अनुसार सैलरी मिलेगी और साथ में कंपनी के 5 % शेयर भी.

निधि मेरे बात को सुन कर बहुत खुस हो गयी क्युकी मई जो कंपनी खोलने वाला था वो आगे चल कर पूरी दुनिया के no. 1 कंपनी बनाने वाला था और इसका 5 % शेयर hi ओबेराय फॅमिली के सम्पति के 25 % शेयर के बराबर होगा इस लिए वो खुसी से बोली.

निधि- मई इस पद के लिए रेडी हु.

निधि के बात सुन कर मई भी खुस हो गया और फिर अपने बात को आगे बढ़ाते हुए बोलै.

मई- बलदेव सिंह तुम्हारे कंधे पर हमारे इस कंपनी के सुरक्षा के भर होगा तुम्हे ये देखना होगा की हमारे इस कंपनी को कोई कुछ नुकशान न पंहुचा पाए और मई इस काम के लिए तुम्हे कोई सैलरी नहीं दूंगा बल्कि मई अपने कंपनी में तुम्हे 7 % का शेयर दूंगा क्या तुम्हे मंजूर है.

बलदेव- बॉस अगर आप मुझे कुछ नहीं भी देते तब भी मई आपके काम करने के लिए तैयार हु.

मई- मेयर साहब मई अब आपका काम आपको बता रहा हु दरसल आपका काम इस कंपनी को लीगल और इललीगल लफड़ो से बचने का होगा आप चाहे तो इसके लिए एक वकील भी रख सकते है और साथ में आपको इस कंपनी के लिए फ़ूड & ड्रग्स डिपार्टमेंट से लाइसेंस भी बनवाना होगा और मई इस काम के लिए आपको इस कंपनी में 8% का शेयर दूंगा अब आप बताइये की क्या आप इस काम को करने के लिए तैयार है.

मेयर- तुम भी कैसी बात कर रहे हो प्रतिक भला मई इतना अच्छा ऑफर कैसे ठुकरा सकता हु.

मई- हम्म अच्छी बात है अब विशाल जी आपको इस कंपनी शाले डिपार्टमेंट संभालना होगा और आपको मई 10% का शेयर दूंगा.

विशाल- मुझे मंजूर है.

मई- अच्छी बात है और मनोज जी आप का पहले से hi मेडिसिन कंपनी है इस लिए आपके कनेक्शन में बहुत सरे जड़ी बूटियों के बिक्रेता होंगे तो आपका काम है की इस कंपनी के लिए मटेरियल लाना और इसके लिए मई आपको भी 10 % का शेयर दूंगा अब आखिरी में बचता है समर तो समर मई तुम्हारे अंडर में हर डिपार्टमेंट दे रहा हु टुनको भी तुम्हारे काम के अनुसार सैलरी और साथ में कंपनी के 5% शेयर दूंगा.

मेरे बात को सुन कर समर खुस हो गया समर के साथ साथ वह पर मौजूद सरे लोग खुस थे तभी निधि मुझसे पूछती है.

निधि- जब तुम कंपनी खोलने के बारे में सोच hi लिया है तो इसका कुछ नाम भी सोचा होगा.

मई- है सोचा है न मई इस कंपनी का नाम P&S कंपनी ऑफ़ फार्मा रखना चाहता हु.

निधि- P&S कंपनी ऑफ़ फार्मा हम्म अच्छा नाम है.

मई- निधि अब तुम्हारा काम है की तुम इस शेयर में कंपनी और ऑफिस खोलने के लिए एक अच्छा सा लैंड देखा और है तुम्हारे पास एक मंथ का समय है मुझे इंडिया के हर कोण में अपने P&S कंपनी का मेडिकल स्टोर खोलना चाहता हु जहा पर सिर्फ हमारी hi दवा शाले होगी और मई अगले मंथ को 1 तारीख को इस दवा को मार्किट में लांच करना चाहता हु तो क्या तुम इस 1 मंथ में ये सरे काम कर लोगी.

निधि- हो तो जायेगा लेकिन ये सब करने के लिए बहुत सरे पैसो की जरुरत होगी.

मई- कितने पैसो की जरुरत होगी.

निधि- करीब 500 करोड़ की.

मई- ठीक है तुम काम स्टार्ट करो मई पैसो की बेवस्था कर लूंगा और है आप सब से मई एक और बात पूछना चाहता हु क्या आप लोग ठाकुर & Son's कंपनी के बारे में जानते है.

मनोज- है मई उनको जनता हु.

विशाल- मई भी जनता हु कुछ बात है क्या जो तुम ठाकुर & Son's कंपनी के बारे में पूछ रहे हो.

मई- है मुझे उस कंपनी को बर्बाद करना है क्युकी उस कंपनी के सीईओ विपिन ठाकुर ने मेरी वाइफ पर गलत निगाह डाली है.

मेरे बात को सुन कर सब हैरान रह गए सबसे ज्यादा हैरान तो निधि हुयी थी हलाकि सब इस लिए हैरान थे की विपिन की इतनी हिमत की मेरे वाइफ पर गलत निगाह डाला तो वही निधि इस लिए हैरान थी की मेरी सदी हो गयी है लेकिन वो अपनी हैरानी को छुपा ली तभी विशाल मुझसे बोलै.

विशाल- उस कमीने की इतनी हिमत की वो तुम्हारे वाइफ पर गलत निगाह डाला तुम बताओ की उसके साथ क्या करना है.

मई- मई बस चाहता हु की वो सड़क पर आ जाये उसका कंपनी बैंक क्रिप्ट हो जाये.

मनोज- बस तुम बोल दिया वही काफी है अब तुम आराम से घर पर बैठ कर देखो की उस कंपनी के साथ क्या क्या होता.

मई विशाल और मनोज के बात सुन कर खुस हो गया और मन में hi सोचा.

Mai-(Man में) विपिन ठाकुर बहुत घमंड था न तुम्हे अपने पैसो पर अब देख न तुम्हारा ये कंपनी बचेगा हुए न hi तुम.

मई- मुझे आप सब से एक और बात करनी थी.

विशाल- है बोलो न क्या बात करनी थी.

मई- मेरे पास कुछ ऐसी चीजे है जिसका मई ऑक्शन करवाना चाहता हु इस लिए क्या आप किसी ऐसे को जानते है जो ऑक्शन कर के पुरे देश भर के आदमी को यहाँ पर जमा कर सके.

विशाल- है मई ऐसे एक आदमी को जनता तो हु लेकिन उससे बात करने से पहले क्या हम सब जान सकते है की आपको क्या ऑक्शन करवाना है.

मई विशाल के बात सुन कर सोच में पद गया की मई इन लोगो को बताऊ या नहीं बताऊ लेकिन फिर सोचा की ऑक्शन होगा तो सबको पता चल hi जायेगा इस लिए मई अभी hi इन लोगो को बता दे रहा हु.

मई- दरसल मेरे पास एक दिव्या तलवार और एक स्टोरेज रिंग है जिसे मई ऑक्शन करवाना चाहता हु और साथ में मई चाहता हु की इन तीनो मेडिसिन की भी एक्शन हो जिससे लोग लॉन्च से पहले hi इसके बारे में जान जाये इससे फायदा ये होगा की हमें इन मेडिसिन को शाले करने में ज्यादा प्रॉब्लम न हो.

मेरे बात को सुन कर वह मौजूद सरे लोग हैरान हो गए वो तो बस यही सुन कर हैरान थे की मेरे पास दिव्या तलवार और एक स्टोरेज रिंग है.

मेयर- ुंबलीवबले ऐसा नहीं हो सकता क्या सच में तुम्हारे पास ये दोनों चीज है.

मई- है एक मिनट मई अभी आप सबको दिखता हु इतना बोल कर मई अपने स्टोरेज रिंग से एक लौ ग्रेड के फायर तलवार को निकला और उसे हाथ में ले कर उन सब दिखाया जैसे hi मई उस तलवार को अपने हाथ में पकडस उस तलवार से आग निकलने लगा ये देख कर सब हैरान हो गए और आँखे फाडे बस उस तलवार को hi देखे जा रहे थे.

मनोज- ये तलवार तो सच में कमल का है अगर आप इसे बेचना hi चाहते है तो इसे मुझे दे दीजिये मई इसका आपको मुंहमांगी कीमत दूंगा.

मई- सॉरी लेकिन मई इसे आप में से किसी को नहीं दे सकता हु क्युकी आप लोग इस तलवार को संभल नहीं पाओगे ये सिर्फ हाफ ग्रैंड मास्टर के लेवल के ऊपर वाले इस तलवार को संभल सकते है इस लिए मई इसे ऑक्शन hi करवाना चाहता हु लेकिन मई आपसे प्रॉमिस करता हु की जब समर हाफ ग्रैंड मास्टर के लेवल पर पहुंच जायेगा तो मई उसे एक ऐसा hi तलवार दूंगा.

मेरी बात कोण सुन कर सब संत हो गए हलाकि उन लोगो के चेहरे पर अभी भी उस तलवार को लेकर लालच नजर आ रहे थे लेकिन वो जानते थे की अगर वो इस तलवार को ले भी ले तब भी इसका उसे नहीं कर सकते है मई उन सब के चेहरे को देखते हुए बोलै.

मई- आप सब चिंता मत कीजिये मई आप सब को समय आने पर एक तलवार और एक स्टोरेज रिंग दूंगा.

मेरे बात को सुन कर सब खुस हो गए तभी विशाल के नजर मेरे अंगूठी पर गयी और वो बोलै.

विशाल- तुम जो अंगूठी पहने हुए हो वो वही स्टोरेज अंगूठी है न ये तो कमल का अंगूठी है और इस तलवार का तो कहना hi क्या है अगर इन दोनों का ऑक्शन हुआ तो ये अरबो में शाले होंगे.

मई- है आपकी बात सही है इस लिए मई चाहता हु की इसके एक्शन में इंडिया के हर कोण से आदमी आये.

मेरे बात को सुन कर विशाल खुस होते हुए बोलै.

विशाल- मई एक ऐसे परिवार को जनता हु जो ऐसा एक्शन करवाता है तुम एक काम करो कल तुम मेरे साथ उनके घर चलो हम वही पर बैठ कर उनसे इस बारे में बात कर लेंगे.

मई- ठीक है मई कल तैयार रहूँगा ठीक है तो अब हम इस मीटिंग को यही समाप्त करते है मुझे थोड़ा काम है इस लिए मुझे अभी जाना होगा.

इतना बोल कर मई अपने चेयर से उठ कर जाने hi वाला था की तभी निधि मुझसे बोली.

निधि- प्रतिक थोड़ा रुकना मुझे तुमसे कुछ बात करनी है इस लिए मई सोच रही हु की मई भी तुम्हारे साथ चालू मई तुम्हे घर तक छोड़ भी दूंगी और मुझे तुमसे जो बात करनी है वो भी कर लेंगे.

मई- ठीक है चलो.

इसके बाद मई और निधि दोनों वह से बहार आ जाते है और फिर निधि के गाड़ी में बैठ कर निकल जाते है.

मई- है निधि अब बताओ तुम मुझसे क्या बात करना चाहती थी.

मेरी बात को सुन कर शनाया कुछ देर तक सोचती रही फिर वो मुझसे बोली.

निधि- दरअसल बात ऐसी है की मेरे एक दोस्त है उसके पापा संत सेविअर गर्ल्स सोल्लगे के प्रिंसिपल है और कुछ दिनों से उस सोल्लगे में कुछ अजीब सी घटनाये हो रही है और उस घटना के कारन वह पर 3 लड़कियों की मौत तक हो गयी है.


निधि के बात सुन कर मई कुछ सोचने लगा ुझे ऐसा लग रहा था की मई इस सोल्लगे के नाम किसी से सुना हुआ थोड़ा दिमाग पर जोर देने के बाद मुझे यद् आया की इस सोल्लगे में तो शनाया के छोटी सिस्टर शानवी पढ़ती है जैसे hi मुझे यद् आया की इस सोल्लगे में शानवी पढ़ती है तो मई तुरंत hi चौकना हो गया.
 
अपडेट 27

शनाया इन डेंजर

मई और निधि स्काई मून क्लब से निकल गए थे और निधि मुझे मेरे घर तक छोड़ने के लिए आ रही थी रस्ते में मुझे निधि ने बताया की संत ज़ेवियर गर्ल्स सोल्लगे में कुछ कुछ अजीब सी घटनाये हो रही है और उन घटनाओं के कारन 3 लड़की की जान चली है जब निधि ने संत ज़ेवियर गर्ल्स सोल्लगे के नाम ली तो मुझे यद् आया की शनाया के सिस्टर शानवी भी तो वही पर पढ़ती है इस लिए मुझे शानवी के लिए चिंता होने लगी हलाकि मई अभी तक शानवी से मिला नहीं था और न hi मई उसे देखा था लेकिन फिर भी मई शनाया से उसके बारे में बहुत कुछ सुन रखा था शनाया उससे बहुत प्यार करती थी इसलिए अगर शानवी को कुछ हुआ तो शनाया को बहुत तकलीफ होगा इस लिए मई थोड़ा बेचैन हो गया और निधि से पूछा.

मई- निधि मुझे पुरे डिटेल्स में बताओ की वह आखिर हो क्या रहा है और उन लड़कियों की जान कैसे चली गयी.

निधि- मई तुमको साडी बाटे डिटेल्स में बताती हु दरसल वह पर 3 दिनों से लड़कियों और टीचरो को ऐसा लगता है की उस सोल्लगे में किसी का आत्मा है और कई लड़कियों का तो ये भी कहना है की वो उस आत्मा को अपने आँखों से देखि है और इन तीन दोनों में 3 लड़की मर चुकी है वह पर डेली 1 लड़की की मौत हो रही है और पता नहीं आज किस लड़की की बरी है.

निधि के बात सुन कर मई कुछ सोचते हुए बोलै.

मई- और लड़किया मरी कैसे थी ये किसी को पता नहीं चला क्या.

निधि- वह के वार्डन का कहना है की जो तीन लड़किया मरी थी वो सैम में मेष से खाना खा कर अपने रूम सोने के लिए चली गयी थी लेकिन जब सुबह में हॉस्टल के वार्डन उनके कमरे में गयी तो उन लड़कियों की शरीर के कपडा फटा हुआ था और लड़किया अपने hi बीएड पर मरी हुयी थी.

निधि के बात सुन कर मई और टेंसन में हो गया क्युकी वह पर शानवी भी थी इस लिए मई मन hi मन सोचने लगा.

मई- (मन में) कही आज रत में शानवी के साथ कुछ गलत हो गया तो नहीं नहीं मुझे आज hi जा कर देखना होगा की आखिर वह hi क्या रहा है.

मई- मुझे लगता है की वह पर जरूर कुछ गड़बड़ है और हमें आज hi चल कर वह पर देखना होगा क्युकी बात लड़कियों की जान की है इस लिए तुम गाड़ी को सीधा उस सोल्लगे के तरफ मोड़ दो हम अभी उस सोल्लगे में जायेंगे.

मेरी बात को सुन कर निधि खुस हो गयी और गाड़ी को शानवी के सोल्लगे के तरफ मोड़ दी फिर करीब आधे घंटे बाद हम उस सोल्लगे के गेट पर पहुंच गए फिर गाड़ी को सोल्लगे के गेट हु पार्क करने के बाद मई और निधि गेट के पास गए और फिर निधि गॉर्ड से कुछ बात की और हम दोनों अंदर चले गए.

जैसे hi मई अंदर आया मुझे यहाँ पर बहुत hi खतरनाक नेगेटिव एनर्जी महसूस होने लगा जिसके करना मई वही पर रुक गया और मई वह चारो तरफ देखने लगा फिर मुझे एक तरफ से वो नेगेटिव एनर्जी आते हुए महसूस हुआ वो नेगेटिव एनर्जी इतना खतरनाक था की वह पर मेरा डैम घुटने लगा तब मई अपने शरीर के पॉजिटिव एनर्जी को निकला जिसके कारन वो नेगेटिव एनर्जी जहा से आया था उधर hi वापस जाने लगा तो मई भी उस नेगेटिव एनर्जी के पीछे उधर hi जाने लगा जिधर वो जा रहा था मुझे इस तरह से दूसरी डिश में जाते हुए देख कर निधि भागते हुए मेरे पास आयी और मुझसे बोली.

निधि- क्या हुआ प्रतिक तुम उधर कहा जा रहे हो हमें तो इधर जाना है न.

निधि के बात सुन कर मई उसके तरफ देखने लगा और फिर कुछ सोच मई उससे बोलै.

मई- अच्छा तुम मुझे बता सकती हो की उस और क्या है.

निधि- नहीं ये तो मुझे भी नहीं पता है लेकिन तुम ये क्यों पूछ रहे हो.

मई- क्युकी मुझे उस दिशा से बहुत hi खतरनाक नेगेटिव एनर्जी आते हुए महसूस हो रहा है वह पर जो भी नेगेटिव एनर्जी है वो बहुत खतरनाक है इस लिए हमें सबसे पहले ये जानना होगा की वह पर क्या आखिर है क्या.

निधि- देखो प्रतिक ये एक गर्ल्स सोल्लगे है इस लिए हम बिना प्रिंसिपल के परमिशन के कही भी नहीं जा सकते है इस लिए हमें सबसे पहले प्रिंसिपल के पास जाना होगा.

मई- ठीक है हम सबसे पहले प्रिंसिपल के पास hi चलते है.

इसके बाद हम दोनों प्रिंसिपल के ऑफिस तरफ जाने लगे तभी मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी जो अपने कुछ सहेलियों के साथ बहार से आ रही थी वो लड़की कुछ हद तक देखने में शनाया के तरह hi दिख रही थी इस लिए मुझे ये समझते देर नहीं लगा की ये शनाया के छोटी बहन शानवी है जैसे hi मई उसे पहचाना तो मुझे एक पल के लिए लगा की मई उससे बात करू लेकिन फिर कुछ सोच कर मई उससे बात करने का इरादा छोड़ दिया और फिर निधि के साथ प्रिंसिपल के ऑफिस के बहार चला गया.

प्रिंसिपल के ऑफिस के बहार जाने के बाद निधि प्रिंसिपल से अंदर जाने की परमिशन ली एयर फिर हम दोनों अंदर आ गए हम जैसे hi अंदर गए तो प्रिंसिपल की नजर हम दोनों पर गयी तो वो वह पर निधि को देख कर गए फिर वो निधि से बोले.

प्रिंसिपल- अरे निधि बीटा तुम यहाँ... तुम यहाँ क्या कर रही हो और ये कोण है तुम्हारे साथ में.

निधि- अंकल ये है प्रतिक और प्रतिक ये है इस सोल्लगे के प्रिंसिपल और मेरे अंकल.

मई- (दोनों हाथ जोड़ कर) नमस्ते सर.

प्रिंसिपल- नास्ते बीटा निधि तुमने मुझे बताया नहीं की तुम यहाँ क्यों आई हो.

निधि- अंकल इस सोल्लगे में जो भी हो रहा है वो जब मुझे काजल ने बता दिया तो मई वही देखने के लिए आयी हु की वो प्रॉब्लम ठीक हुआ या नहीं.

निधि के बात सुन कर प्रिंसिपल कुछ देर तक सोचने के बाद बोले.

प्रिंसिपल- वह तो तुम्हे काजल ने सब बता दिया है यहाँ कुछ भी ठीक नहीं है निधि यहाँ पर पर तीन तीन लड़कियों की मौत हो गयी है और पुलिस अभी भी पता नहीं लगा पाया है की उनकी मौत कैसे हुयी है और यहाँ के सरे बचे भी डरे हुए और वो सब अपने घर जाने के लिए बोल रहे है इसलिए मुझे समझ में hi नहीं आ रहा है की मई क्या करू.

प्रिंसिपल के बात सुन कर थोड़ा आगे आया और उनसे बोलै.

मई- देखिये सर यहाँ पर जो भी प्रॉब्लम है उसे पुलिस कभी सोल्वे नहीं कर सकती और मई जहा तक देख पा रहा हु की यहाँ का प्रॉब्लम बहुत बड़ा है अगर अभी कुछ नहीं किया गया तो आज फिर से एक लड़की की जान जा सकता है.

मेरे बात को सुन कर प्रिंसिपल बस हैरानी से मुझे देख जा रहे थे फिर वो मेरे तर्ज अजीब से नजरो से देखते हुए पूछे.

प्रिंसिपल- वैसे तुम कहना क्या चाहते हो इस केस को पुलिस क्यों नहीं सोल्वे कर सकती और सबसे बड़ी बात की तुम इतना बिस्वास के साथ कैसे कह सकते हो की यहाँ के प्रॉब्लम बहुत बड़ा है और भी किसी की जान जा सकती है तुम आज पहली बार यहाँ आये हो तो तुम इतना बिस्वास के साथ ये सब कैसे बोल सकते हो.

मई- मई इतना बिस्वास के साथ इस लिए बोल रहा हु की जब मई अपनी पहली कदम इस सोल्लगे के गेट के अंदर रखा था न तभी मुझे पता चल गया था की यहाँ का प्रॉब्लम बहुत बड़ा है और तो और मुझे आपके सोल्लगे से इतना खतरनाक नेगेटिव एनर्जी महसूस हो रहा है की अगर यहाँ पर कुछ नहु किया गया तो वो नेगेटिव एनर्जी सब कुछ बर्बाद कर के रख देगी.

मेरी बात को सुन कर पहले तो प्रिंसिपल हैरान हो गया फिर जोर जोर से हसने लगा और हस्ते हुए निधि से बोलै.

प्रिंसिपल- निधि तुम ये किस बेवकूफ को अपने साथ लायी है ये आज के मॉडर्न ज़माने में भू बहुत प्रेत की बाटे कर रहा है तुम इसे यहाँ से लेकर चले जाओ क्युकी इसके वजह से बेकार में इस सोल्लगे में अफवाहे फैलेंगी.

प्रिंसिपल के बात सुन कर निधि उनको समझते हुए बोली.

निधि- सर प्रतिक सच बोल रहा है यहाँ पर कुछ तो गड़बड़ है नहीं तो आप hi मुझे बताइये की अचानक आपके सोल्लगे में ऐसी गड़बड़ क्यों होने लगी क्यों 3 दिन में 3 लड़किया मर गयी ये सोल्लगे तो यहाँ बहुत पहले से चल रही है तो ये सब पहले क्यों नहीं हुआ और सबसे बड़ी बात की यहाँ के कुछ स्टूडेंट्स और टीचर ने कोई आत्मा को घूमते हुए देखा है तो क्या सब के सब झूठ बोल रहे है.

प्रिंसिपल निधि के बात सुन कर हैरान हो गया और बस एक तक निधि को hi देखे जा रहा था और उसके बातो के बारे में सोचे जा रहा था तभी वह पर पेओन भागते हुए आया और हफ्ते हुए बोलै.

पेओन- वो वो सर वो वह पर सर वो वह पर.

प्रिंसिपल- क्या हुआ तुम इतना घबराये हुए क्यों हो आराम से बोलो आखिर बहार हुआ क्या है.

प्रिंसिपल के बात सुन कर वो पेओन थोड़ा संत हुआ और फिर प्रिंसिपल से बोलै.

पेओन- सर आप जल्दी चलिए वो पुराणी वाली बिल्डिंग पर एक लड़की चढ़ गयी है और वो ऊपर से कभी भी कूद सकती है.

पेओन के बात सुन कर हम सब हैरान हो गए और फिर प्रिंसिपल उसी हैरानी से बोलै.

प्रिंसिपल- क्या.. लेकिन ये कब हुआ मैंने मन किया था न की उस पुराणी बिल्डिंग के तरफ कोई भी नहीं जायेगा तो फिर वो लड़की वह पर कैसे गयी.

प्रिंसिपल के बात सुन कर अभी वो पेओन उनकी बातो का जबाब देने hi वाला था की तभी बिच में निधि बोल पड़ी.

निधि- आप दोनों ये क्या बाटे लेकर बैठ गए सबसे पहले चलिए हम किसी तरह से उस लड़की की जान बचाएंगे.

निधि के बात सुन कर प्रिंसिपल को ये रीलीज़ हुआ की उन्हें सबसे पहले उस लड़की को बचने के बारे में सोचना चाहिए ये पूछ ताछ तो बाद में भी हो जाएगी.

प्रिंसिपल- है चलो जल्दी चलते है भगवन करे की मेरे पहुंचने तक वो लड़की सही सलामत रहे और ऊपर से कूड़े न.

इसके बाद हम सब वह से निकल कर उस बिल्डिंग के तरफ जाने लगे थोड़ी देर बाद हमसब एक पुराणी बिल्डिंग के पास पहुंच गए थे जैसे hi मई उस बिल्डिंग के पास पंहुचा तो मुझे वह उस बिल्डिंग में बहुत hi ज्यादा स्ट्रांग नेगेटिव एनर्जी महसूस होने लगा तो मई समझ गया की मुझे जो नेगेटिव एनर्जी यहाँ आने के बाद महसूस हुआ था वो यही से आ रहा था फिर मई वह पर चारो तरफ देखने लगा तो देखा की वह पर बहुत सरे स्टूडेंट्स जमा हो गए है थे और उस बिल्डिंग के छत पर देखे जा रहे है जब मई उस बिल्डिंग पर देखा तो वह एक लड़की कड़ी थी और सबको घर कर देख रही थी जैसी hi मई उस लड़की को देखा तो मेरा दिल के धड़कन तेज़ होने लगा क्युकी ये लड़की और कोई नहीं बल्कि शानवी थी और पूरी तरह से उसकी आँखे काली हो गयी थी इसका मतलब था की उस नेगेटिव एनर्जी ने उसको अपने कब्जे में ले लिया था.

मई शानवी को ऐसे देख कर घबरा गया और अपने मन में सोचने लगा.

मई- (अपने मन में) अगर शानवी को कुछ हो गया शनाया को बहुत दुःख होगा क्युकी वो शानवी से बहुत प्यार करती है और मई अपने जीते जी शनाया को दुखी नहीं देख सकता इस लिए मुझे शानवी को बचाना hi होगा लेकिन मई उसे बचाओ कैसे मई इन सब के सामने अपने पावर का उसे नहीं कर सकता लेकिन मुझे किसी भी तरह से इसे बचाना तो होगा hi क्या करू कुछ समझ में नहीं आ रहा है (कुछ देर सोचने के बाद) है मई एक काम कर सकता हु मई किसी भी तरह से शानवी के अंदर से उस नेगेटिव एनर्जी को बहार निकल दिया तो शायद वो अपने होश में आ जाएगी और खुद वो निचे उतर जाएगी.

मई भले hi ऐसा सोच रहा था लेकिन ये करना बहुत मुश्किल था पहली बात तो की शानवी मुझसे बहुत दूर थी और दूसरी बात की उसे जिस नेगेटिव एनर्जी ने पोस्सेस्स किया है वो बहुत खतरनाक नेगेटिव एनर्जी है वो इतनी आसानी से तो शानवी को अपने कण्ट्रोल से बहार नहीं करेगा हलकी जो भी हो मुझे किसी भी तरह से शानवी को बचाना hi था अभी मई अपने hi सोच में था की इधर प्रिंसिपल ने छीलते हुए शानवी से बोले.

प्रिंसिपल- शानवी बीटा तुम ऊपर क्या कर रही हो देखो तुम ऊपर से गिर जाओगी तुम प्लीज निचे आ जायो तुमको अगर कुछ भी प्रॉब्लम है तो तुम मुझे बताओ इस तरह से छत पर चढ़ कर ऊपर से कूदने में तुम्हे कुछ हासिल नहीं होगा इस लिए तुम प्लीज निचे आ जाओ पर एक साथ बैठ कर तुम्हारे प्रॉब्लम का हल ढूंढेंगे.

प्रिंसिपल अपने तरफ से शानवी को बहुत समझने की कोशिश कर रहे थे लेकिन शानवी अगर अपने होश में होती तब न उनके बातो को समझती वो तो दूसरे के काबू में थी उसे तो ये भी पता नहीं था की उसके साथ आखिर ये हो क्या रहा है इधर प्रिंसिपल को इस तरह से शानवी को समझते हुए देख कर मई उनके पास गया और उनसे बोलै.

मई- देखिये प्रिंसिपल साहब वो आपको समझने से नहीं समझेगी क्युकी वो अभी अपने होश में नहीं है उसके ऊपर नेगेटिव एनर्जी का काबू है.

प्रिंसिपल ने जब मेरे बात को सुना तो वो मुझे घुसे से घर कर देखने लगा और फिर घुसे से निधि से बोलै.

प्रिंसिपल- निधि तुम ये कैसे आदमी को अपने साथ यहाँ पर ले कर आयी हो इतना सीरियस सिचुएशन है फिर भी इसे मजाक सूझ रहा है ( फिर मुझसे ) अरे भाई तुम अभी 21 सेंचुरी में हो कर भी ग्वारो जैसा बात क्यों कर रहे हो ये बहुत प्रेत आत्मा और नेगेटिव एनर्जी जैसा कुछ भी नहीं होता समझे इस लिए अपना मुँह बंद रखो पता नहीं ऐसे लोग कहा कहा से आ जाते है.

प्रिंसिपल के बात सुन कर मई और निधि एक दूसरे के तरफ देखने लगे फिर निधि प्रिंसिपल को समझती हुयी बोली.

निधि- देखिये अंकल प्रतिक जो भी बोल रहा है वो सोच समझ कर बोल रहा है आप एक बार उसकी बाटे अच्छे से सुन लीजिये और रही बात नेगेटिव एनर्जी की तो मई खुद अपने आँखों से देखा है नेगेटिव एनर्जी को आप तो जानते hi है की मई कैसी लड़की हु मई बिना देखे किसी के बातो पर बिस्वास करने वाली लड़की नहीं हु आप एक बारे अच्छे से प्रतिक के बात को सुन लीजिये अगर फिर भी आपको इसके बात पर बिस्वास नहीं होगा तो हम यहाँ से चले जायेंगे.

निधि के बात सुन कर प्रिंसिपल कुछ देर के लिए सोच में पद जाते है फिर वो सकुचाते हु प्रतिक को देख कर बोलते है.

प्रिंसिपल- देखो भाई वैसे तो मेरे पास तुम्हारे फालतू बात सुनने के लिए टाइम नहीं है लेकिन मई फिर भी निधि के बोलने पर तुम्हे 2 मिनट दे रहा हु अगर तुम मुझे ये साबित कर के बता डोज की ये लड़की सच में पोस्सेस्सिवे है तो मई तुम्हारा हर बात मैंने के लिए तैयार हो जाऊंगा और अगर तुम ये बात साबित नहीं कर पाए तो तुम चुप चाप यहाँ से चले जाना.

मई- ठीक है बस मुझे आपको समझने के लिए 2 मिनट का hi समय काफी है मई आपको सबसे पहले ये बताना चाहता हु की ये लड़की जो अभी बिल्डिंग के छत पर है वो कुछ समय पहले सायद मार्किट से आयी है और आप बताइये की जो लड़की कुछ समय पहले खुस थी और वो खुसी खुसी अपने फ्रेंड्स के साथ मस्ती करते हुए बहार घूम रही थी अचानक उसको ऐसा क्या हो गया की वो सुसाइड करने के लिए बिल्डिंग के ऊपर चली गयी.

मेरे बात को सुन कर प्रिंसिपल सोच में पद गए और उनको भी कही न कही मेरे बात सच hi लग रही थी लेकिन उनके मन में अभी भी दुविधा था इस लिए वो कुछ नहीं बोले उनको न बोलता देख कर मई आगे बोलै.

मई- ये तो मेरा पहला रीज़न की ये लड़की अपने मन से सुसाइड करने नहीं गयी है अब आप मेरा दूसरा रीज़न सुनिए आप मुझे ये बताइये की इस बुलिडिंग में पूरा सेवंथ फ्लोर hi है और यहाँ पर जो सीढिया है वो सेवंथ फ्लोर तक hi जाती है सेवंथ फ्लोर के छत पर जाने के लिए कोई भी साधन नहीं है तो ये लड़की ऊपर कैसे गयी.

मेरे बात को सुन कर वह पर खड़े सरे लोग आचार्य चकित रह गए और प्रिंसिपल के तो हैरानी का कोई ठिकाना hi नहीं था.

प्रिंसिपल- अरे है मैंने तो ये सोचा hi नहीं की वो लड़की ऊपर छत पर कैसे गयी (फिर कुछ सोचते हुए) हो सकता है की वो किसी तरह खिड़की से चढ़ कर ऊपर गयी हो.

मई- है आपकी बात भी सही हो सकती है क्युकी खिड़की से चढ़ कर ऊपर जाया जा सकता है लेकिन मुझे आप एक बात बताइये की इस लड़की को सुसाइड hi करना था तो ये गर्ल्स हॉस्टल के छत से कूद कर भी सुसाइड कर सकती थी तो ये इतना म्हणत कर के इसी बिल्डिंग के छत पर क्यों आयी अब मेरे आखरी रीज़न ये है की आप इस लड़की के आँखे देखिये इस लड़की के आँखे पूरी तरह से काली है तो आप मुझे बताइये की क्या इस लड़की के पूरी आँखे पहले से hi काली थी या ये अभी काली दिख रही है.

मेरे बात को सुन कर सब शानवी को ध्यान से देखने लगे प्रिंसिपल भी ध्यान से शानवी के आँखों को देख रहे थे तभी अचानक उनका दर के मरे हालत hi ख़राब हो गयी और उनके माथे से पसीना बहने लगा और दर से थार थार कपङे लगे फिर वो हकलाते हुए मुझसे बोले.

प्रिंसिपल- आआ अगर आए आपकी बात सही है तो हहह हम उउउ उस लड़की को कैसे बचाएंगे.

मई- आप इस लड़की की चिंता मत कीजिये मई इसे बचा लूंगा.

इतना बोल कर मई अपने हाथ में मिटटी की उठाया और कुछ मंत्र पढ़ने लगा मंत्र को पूरा करने के बाद मई उस मिटटी से एक बसा सा रेखा खींचा और फिर प्रिंसिपल से बोलै.

मई- आप सब इस घेरे में आ जाइये मई इस लड़की को बचने की कोशिश कर रहा हु जब तक मई उस लड़की को बचा कर वापस न आ जाऊ आप सब इस घेरे से बहार मत निकालिएगा अगर आप में से कोई भी इस घेरा को पर करता है और उसे कुछ होता है तो मई उसका जिमेवार नहीं होऊंगा.

मेरे बात को सुन कर प्रिंसिपल तुरंत वह पर टीचर और स्टूडेंट को उस घेरा में आने के लिए बोलते है इसके बाद मई निधि को भी उस घेरे में जाने के लिए बोल देता हु मेरी बात को सुन कर निधि और बाकि सरे टीचर स्टूडेंट यहाँ तक की प्रिंसिपल भी उस घेरे में चले जाते है.

मई ये घेरा 2 करने से बनाया था पहला कारन ये था की मई जब उस नेगेटिव एनर्जी को शानवी के शरीर से बहार निकलू तो वो किसी और को अपने काबू में न कर ले खैर उन सब को घेरे में जाने के बाद मई उस बिल्डिंग के तरफ बढ़ गया अभी मई उस बिल्डिंग के पास पहुंचने hi वाला था की तभी मेरे मोबाइल पर शनाया का कॉल आ गया मैंने जब देखा की मेरे मोबाइल पर शनाया का कॉल आ रहा है तो मई तुरंत कॉल को रिसीव किया और बोलै.

मई- है शनाया बोलो अब कैसी तबियत है तुम्हारी.

शनाया- मई ठीक हु प्रतिक वैसे मैंने तुम्हे ये पूछने के लिए कॉल किया था की तुम कब तक आओगे क्युकी हमें आज कैंडल मार्च के लिए सोल्लगे भी जाना होगा.

मई- सॉरी शनाया मई यहाँ पर किसी काम में फास गया हु एक काम करो तुम चली जाओ मई तुम्हे सीधा सोल्लगे में hi मिलूंगा.

शनाया- ठीक है लेकिन तुम अपना काम ख़तम कर के जल्दी आने की कोशिश करना.

मई- ठीक है मई कोशिश करूँगा की जल्दी से वह पर पहुंच जाऊ और है अपना ध्यान रखना.

इतना बोल कर मई कॉल कट कर दिया इसके बाद मई उस बुलिडिंग के तरफ जाने लगा जिस बिल्डिंग के ऊपर शानवी थी थोड़ी देर में मई उस बिल्डिंग के अंदर था अंदर आने के बाद मैंने देखा की कोई मुझे देख तो नहीं रहा है न जब मई कन्फर्म हो गया की मुझे कोई नहीं देख रहा है तो मई गायब हो कर कुछ सेकंड में मई उस बिल्डिंग पर ऊपर पहुंच गया जहा पर शानवी कड़ी थी मुझे ऊपर आया हुआ देख कर शानवी जोर जोर से हसने लगी लेकिन ये हसने की आवाज शानवी के नहीं था बल्कि उसके अंदर मौजूद उस नेगेटिव एनर्जी का था क्युकी जो हसने की आवाज मुझे सुनाई दे रहा था वो कोई मर्द का आवाज था शानवी हस्ते हुए मुझे बोली.

शानवी- है है है है है तू आ गया आ गया तू है है है है मुझे तुम्हारा hi इंतज़ार था है है है है तू यहाँ आ तो गया है लेकिन तू यहाँ से जिन्दा वापस नहीं जायेगा है है है है है.

मई उस नेगेटिव एनर्जी के बात सुन कर मुस्कुराते हुए बोलै.

मई- अच्छा तो तुम मुझे मरोगे तुममे इतनी शक्ति है की तुम मुझे मर सको वैसे तुम मुझे एक बात बताओ की तुम आखिर हो कोण और तुमने मुझे ये क्यों बोलै की तू आ गया आखिर तुम मेरी इंतज़ार क्यों कर रहे थे.

आत्मा- मई कोण हु है है है मई वो हु जिसका नाम सुन कर hi मनुस्यो के शरीर से उनकी आत्मा निकल जाती है हाहाहाहा मई मई हु महा प्रेत है है है और मई यहाँ पर तुम्हारा इंतज़ार इस लिए कर रहा था ताकि मई तुम्हे जान से मर सकू तुम्हे यद् है आज से कुछ दिन पहले तुम्हे एक प्रेत को जला कर भस्म किया था मई उसी प्रेत का बदला लेने के लिए आया हु और यहाँ पर तुम्हे बुलाने के लिए हु मैंने ये जल बिछाया था.

मई उसकी बात सुन कर चौक गया और थोड़ा मुस्कुराते हुए बोलै.

मई- अच्छा तो तुम्हे यहाँ पर गोरखनाथ ने भेजा है ताकि वो मेरा पता लगा सके वैसे वो खुद आता तो अच्छा होता लेकिन उसने तुम जैसे मामूली प्रेत को मुझसे लड़ने के लिए भेज दिया.

महाप्रेत- लड़के तुम्हे मरने के लिए तो मई hi काफी हु मेरे मालिक का तो बात hi छोड़ दो अगर मेरे मालिक यहाँ पर आ जाये तो तुम उनके एक हुंकार से hi मरे जाओगे और वैसे भी आज तुमने इस महाप्रेत को मामूली बोल कर उसका बेइज्जती किया है आज मई तुम्हे मर कर तेरे खून से अपना प्यास बुझाऊंगा हाहाहाहाहा.

मई- अच्छा है मई देखता हु की तुम मेरा खून कैसे पिटे हो.

इतना बोल कर मई कुछ मंत्र पढ़ा और अपने हाथ से एक रौशनी शानवी पर छोड़ दिया फिर वो रौशनी धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए शानवी के शरीर में चला गया जिसके कारन उस महाप्रेत के एक भयानक चीख निकल गयी और वो तुरंत hi शानवी के शरीर को छोड़ कर बहार निकल गया.

जैसे hi वो महाप्रेत शानवी के शरीर से बहार निकला वैसे hi मई शानवी के शरीर पर एक सुरक्षा कवच चढ़ा दिया अब वो महाप्रेत कितना भी कोशिश करता वो शनाया के शरीर में दोबारा नहीं जा सकता था इधर शनाया के शरीर से जैसे hi वो महाप्रेत बहार निकला वैसे hi शनाया को होश आ गया था और वो इधर उधर देखने लगी सबसे पहले उसकी नजर मुझ पर गयी लेकिन मेरे बाद जैसे hi उसने उस महाप्रेत को देखि वो दर के मरे वही बेहोश हो गयी.

मई उसे बेहोश होता देख कर जल्दी से उसके पास गया और उसको वह से उठा कर एक सुरक्षित जगह पर सुला दिया और फिर से उस महाप्रेत के पास चला आया इधर वो महाप्रेत जैसे hi शानवी के शरीर से बहार निकला पहले तो उसे बिस्वास hi नहीं हुआ की मई उसे कितनी आसानी से शानवी के शरीर से बहार निकल दिया फिर वो घुसे से जोर से चिलाय उसका चिलाना इतना खतरनाक था की आस पास के बिल्डिंग से जितने भी कांच लगे हुए थे सब टूट कर टुकड़ो में बिखर गए इधर वो महाप्रेत घुसे से अपना आकर बढ़ने लगा वो जैसे जैसे अपना आकर बढ़ा रहा था वैसे वैसे वह पर कला बदल छाने लगा था और भयंकर बिजली निकलने लगी थी.

इधर प्रिंसिपल और निधि के साथ उस घेरे में बैठे हुए जितने भी लोग थे वो उस भयंकर रूप ले चूका महाप्रेत को देख कर दर से थार थार कपङे लगे वो आज जो देख रहे थे उनपर उन सब को बिस्वास hi नहीं हो रहा था वो सब इतना दर गए थे की किसी के मुँह से एक शब्द भी नहीं निकल रहा था.

इधर जब वो महाप्रेत अपना भयंकर रूप धारण कर लिया तब वो अपने शक्तियों से अपने हाथ में एक काली एनर्जी का बोलल बनाया और मुझ पर छोड़ दिया वो काली एनर्जी का गोला मुझसे टकराता मेरे हाथ से एक गोल्डन रौशनी निकली और उस गोले को नस्ट कर दिया ये देख कर वो महाप्रेत हैरान हो गया फिर वो अपने हैरानी को काबू करते हुए मेरे ऊपर अपने काली शक्तियों से हमला किया लेकिन मई उस हमले को भी अपने पॉजिटिव एनर्जी से नस्ट कर दिया इस तरह से वो महाप्रेत मेरे ऊपर बहुत सरे हमला किया लेकिन मई उसके सरे हमले को नस्ट कर दिया ये देख कर वो महाप्रेत बौखला गया और मेरे तरफ अभी तक के सबसे खतरनाक हमला किया लेकिन मई उसे भी आसानी से नस्ट कर दिया और फिर उस महाप्रेत से बोलै.

मई- बहुत हो गया तेरा हमला लेकिन अब तुम मेरे हमले से बच कर दिखाओ.

इतना बोल कर मैंने कुछ मंत्र पढ़ा और फिर अपने हाथ एक पॉजिटिव एनर्जी के रोशनी से एक राशि बनाया और उसको उस महाप्रेत पर फेक दिया जैसे hi मई उस रौशनी के राशि को उस महाप्रेत पर फेका तो वो राशि जाकर उस महाप्रेत से लिपट गया और उसको चारो तरफ से बांध दिया अपने आप को इस तरह से बंधा हुआ देख कर वो महाप्रेत खुद उस बंधन से छुड़ाने की कोशिश करने लगा लेकिन लाख कोशिश करने के बाद वो खुद को उस बंधन से छुड़ा नहीं पाया तो मई उसे इस तरह से खुद को छुड़ाने की प्रयास करते हुए देख कर हस्ते हुए बोलै.

मई- क्या हुआ अभी तो तुम मेरे खून से अपनी प्यास बुझाने वाले थे अब क्या हुआ तुम ये मामूली राशि के बड़हन से भी नहीं छूट पा रहे हो.

मेरी बात को सुन कर महाप्रेत घुसे डट को पिस्टे हुए बोलै.

महाप्रेत- तू मुझे इस राशि से बांध कर ये मत सोच की तू बच जायेगा अगर अब मई मर भी जाऊंगा तो मुझे कोई परवाह नहीं है क्युकी मेरा काम सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे आइडेंटिटी को अपने मालिक के सामने लाना था और वो मई कर चूका हु अब तुम्हे मेरे मालिक जिन्दा नहीं छोड़ेंगे.

मई उस महाप्रेत के बात सुन कर हैरान हो गया और मई मन hi मन सोचने लगा.

मई- (अपने मन में) वो तो ये सब गोरखनाथ का जल था ताकि वो मेरी असली आइडेंटिटी देखा सकते मई ये पहले क्यों नहीं सोचा की ये काली शक्तियों का मेरे प्रति को जल भी hi सकता है वो सब मेरा तो कुछ नहीं बिगड़ सकते लेकिन उनसे मेरी फॅमिली को खतरा हो सकता है मुझे सावधान रहना होगा लेकिन मुझे ये समझ में नहीं आ रहा है की इस महाप्रेत के जरिये उस गोरखनाथ को कैसे मेरे बारे में पता चला क्या वो यहाँ आस पास hi है.

इतना सोचने के बाद मई अपने दिव्या दृस्टि को चारो तरफ फैला दिया और वह के 1 कम के अंदर में अपने दिव्या दृस्टि से देखने लगा लेकिन मुझे वह पर गोरखनाथ मुझे कही भी महसूस नहीं हुआ तभी मुझे एक बात पर ध्यान आया.

मई- अरे है मई तो ये सोचा hi नहीं जरूर गोरख नाथ ने इस महाप्रेत के साथ आत्मा कनेक्शन बनाया होगा और वो अपने जगह पर बैठे बैठे सब कुछ सुन और देख रहा होगा मुझे किसी भी तरह से इस महाप्रेत और गोरखनाथ के बिच का आत्मा कनेक्शन को तोडना होगा.

फिर मैंने तुरंत hi अपने एक हाथ में स्प्रिचैल एनर्जी को जमा किया और दूसरे हाथ में अपने योगिक शक्ति को इकट्ठा कर के दोनों को एक साथ मिला दिया और कुछ मंत्र पढ़ते हुए उस महाप्रेत पर हमला कर दिया जैसे hi मेरी योगिक शक्ति और स्प्रिचैल शक्ति से बना एनर्जी बोलल उस महाप्रेत से टकराया उसका आत्मा कनेक्शन टूट गया और उसको भयंकर दर्द महसूस हुआ और वो जोर से छिलने लगा इधर वो तांत्रिक गोरखनाथ नाथ को भी एक भयानक दर्द हुआ और उसकी एक भयंकर चीख निकल गयी वो समझ गया की उसकी आत्मा का कनेक्शन उस महाप्रेत से टूट गया है जिसके करना वो और बौखला गया आत्मा के कनेक्शन टूटने का मतलब था की उसकी आत्मा कुछ हद तक डैमेज हो गयी थी इस लिए उसके मुँह से खून निकलने लगा फिर वो अपने मुँह से खून को साफ कार्टर हुए बोलै.

गोरखनाथ- नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता कोई भी मेरे द्वारा बनाया गया आत्मा कनेक्शन को नहीं तोड़ सकता है मई तुमको कमजोर समझ कर गलती किया अब मई तुम पर नहीं बल्कि तुम्हारे अपनों पर हमला करूँगा और फिर देखता हु की तुम उनको मुझसे कैसे बचते हो.

इधर मैंने जब उस महाप्रेत के आत्मा कनेक्शन को हटाया तो उसे भी बहुत दर्द हुआ और वो दर्द में छिलने लगा और बोलने लगा.

महाप्रेत- मुझे छोड़ मैंने यहाँ जो भी किया गोरखनाथ के कहने पर किया मई तो उसका एक गुलाम हु अगर मई उसका बात नहीं मंटा तो मुझे जला कर भस्म कर देता इसलिए मुझे छोड़ दो मुझे जाने दो.

मई- ठीक है मई तुमको जाने दूंगा लेकिन मई तुमसे जो भी पूछूंगा तुम्हे मुझ से वो सब सच सच बताना होगा.

महाप्रेत मेरे बात को सुन कर मेरे सामने गिड़गिड़ाते हुए बोलै.

महाप्रेत- मई आपके सरे सवालो का जबाब दूंगा लेकिन प्लीज मुझे मरना मत.

मई- ठीक है तो तुम मुझे सबसे पहले ये बताओ की तुम्हे तो मुझे जल में फसने के लिए और भी जगह मिल सकती थी लेकिन थी इसी जगह को क्यों चुना.

मेरे बात को सुन कर महाप्रेत एक पल के लिए कुछ सोच में पद गया और फिर वो मुझसे बोलै.

महाप्रेत- मई तुम्हे फ़साने के लिए इस जगह को नहीं चुनने वाला था लेकिन जब मई यहाँ से गुजर रहा था तो मुझे यहाँ पर एक आत्मा के होने का एहसास हुआ तो मई यहाँ चला आया फिर मई उस आत्मा से मिला तो उसने मुझसे बोलै की वो तुम्हे फसने में मेरी मदत करेगी लेकिन बदले में उसे भी उसकी मदत करनी होगी इस सोल्लगे को बर्बाद करने में.

मई- अच्छा तो ऐसी बात है लेकिन वो इस सोल्लगे को बर्बाद क्यों करना चाहती थी.

महाप्रेत- ये तो मुझे भी नहीं मालूम है क्युकी मई उससे इसका कारन पूछा hi नहीं.

मई- अच्छा चलो कोई बात नहीं अब तुम मुझे ये बताओ की मुझे गोरखनाथ कहा मिलेगा.

मेरे बात को सुन कर महाप्रेत चुप हो गया ये देख कर मुझे उसपर बहुत गुसा आया तो मई अपने हाथ से एक रौशनी का गोला बना कर उसपर फेका जिसके कारन वो दर्द से छिलने लगा.

मई- अगर तुम्हे इस दर्द से बचाना है तो तुम मुझे गोरखनाथ के ठिकाने का पता बताओ.

मेरे बात को सुन कर वो महाप्रेत दर्द से छीलते हुए बोलै.

महाप्रेत- नहीं मई उसका पता नहीं बता सकता अगर मई ऐसा किया तो वो मुझे जला कर भस्म कर देगा.

मई- और अगर तुम नहीं बताये तो मई तुम्हे तड़पा तड़पा कर मरूंगा.

मेरे बात को सुन कर वो महाप्रेत दर गया और फिर बोलै.

महाप्रेत- ठीक है ठीक है बताता हु वो मुंबई के दक्षिण साइड के जंगल में एक गुफा में रहता है.

मई- ठीक है अब तुम्हारा यहाँ का काम ख़तम हुआ.

इतना बोल कर मई कुछ मंत्र पढ़ते हुए अपने हाथ में एक रौशनी तैयार किया और उसको उस महाप्रेत पर फेक दिया जिसके कारन वो महाप्रेत जल कर वही पर भस्म हो गया इसके बाद मई शानवी को अपने गॉड में उठाया और उसे लेकर उन सब के पास आ गया मुझे सही सलामत अपने पास आता देख कर निधि और प्रिंसिपल खुस हो गए और भागते हुए मेरे पास आ गए.

प्रिंसिपल- तुम ठीक तो हो न और इसे क्या हुआ ये ठीक है न.

मई- है मई ठीक हु और इसे कुछ नहीं हुआ है बस ये बेहोश है.

निधि- ऊपर में क्या हुआ हमसब को बस वो आत्मा hi दिखाई दे रहा था क्या तुमने उसे भगा दिया.

मई- है मैंने उसे भगा दिया है लेकिन अभी इस सोल्लगे पर से संकट गयी नहीं है क्युकी यहाँ पर एक और आत्मा है जो इस सोल्लगे को बर्बाद करना चाहता है.

मेरे बात को सुन कर प्रिंसिपल के हालत hi ख़राब हो गया और तुरंत मेरे पास आ कर अपने दोनों हाथ जोड़ कर बोलै.

प्रिंसिपल- प्लीज प्रतिक तुम मेरे सोल्लगे को बचा लो अगर तुम्हे कुछ भी चाहिए होगा तो वो सब तुमने दूंगा लेकिन प्लीज तुम मेरे सोल्लगे को बचा लो.

मई- ठीक है मई आपके सोल्लगे को बचा लूंगा लेकिन आज नहीं आज मुझे कुछ काम है इसलिए मई अभी यहाँ से जाना चाहूंगा लेकिन है मई 2 दिन बाद इस सोल्लगे में आऊंगा और इस सोल्लगे को उस आत्मा से छुटकारा दिलवा दूंगा तब तक आप एक काम कीजिये आप सभी स्टूडेंट्स को 3 दिन में छूती दे दीजिये और उन्हें उनके घर जाने के लिए बोल दीजिये क्युकी अगर वो यहाँ पर रहे तो उनकी जान को खतरा हो सकता है.

प्रिंसिपल मेरे बात को सुन कर खुस हो गए और फिर वो बोले.

प्रिंसिपल- ठीक है मई सरे स्टूडेंट्स को अभी छूती दे दे रहा हु.

अभी हम सब बात कर hi रहे थे की तभी शानवी को होश आ गया और अपने आप को सबके बिच में पा कर वो पूछी.

शानवी- मई अभी कहा हु.

शानवी के बात सुन कर उसकी एक दोस्त उसके पास आयी और उसे साडी बात बताई जिसे सुन कर पहले तो वो दर गयी और फिर मेरे तरफ प्यार से देखते हुए बोली.

शानवी- थैंक यू आज अपने मेरी जान बचा कर मुझ पर एक एहसान किया है मई इस एहसान का बदला एक दिन जरूर चुकाऊँगी.

मई- अरे इसमें एहसान की क्या बात है ये तो मेरा फ़र्ज़ था और है प्रिंसिपल सर ने सबको 3 दिन की छूती दिए हुए है तो तुम अपने घर जा कर आराम करो.

शानवी- ठीक है.

इतना बोल कर शानवी मुझे ध्यान से देखने लगी और फिर उसके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गयी फिर वो अपने मन में सोचने लगी.

शानवी- है कितना सुन्दर है ये इसने मेरी जान बचा कर मेरे दिन पर अपना काबू कर लिया अरे मई तो इसका नाम पूछी hi नहीं.

शानवी- वैसे मेरी जान बचने वाले फ़रिश्ते का मई नाम जान सकती हु क्या.

मई- है है क्यों नहीं मेरा नाम प्रतिक है.

शानवी- (अपने मन में) है कितना प्यारा नाम है अब तो मई इसे अपना बना कर हु रहूंगी जब मई इसे पहली बार उस प्रेत से मेरे लिए लड़ते हुए देखि थी तब से मेरे दिल में इसके लिए पता नहीं क्या होने लगा है मई बस इसे देखते hi रहना चाहती हु.

इधर शानवी अपने ख्यालो में hi खोयी हुयी और उधर मई और निधि प्रिंसिपल से आज्ञा लेकर वह से निकल गए थे निधि मुझे मुंबई यूनिवर्सिटी तक ड्राप करने के लिए जा रही थी हम दोनों जैसे hi सोल्लगे के गेट से बहार निकले तो एक आदमी किसी को कॉल कर के बोलै.

आदमी- भाई वो निकल चूका है लेकिन उसके साथ विशाल ओबेराय की बहन भी है.

बॉस- हम्म अच्छा है आज एक तीर से दो सीकर hi जायेंगे तुम उनका पीछा करते रहना और मुझे लोकेशन सेंड करते रहना.

आदमी- जी भाई मई उसके पीछे hi हु.

बॉस- ठीक है तुम उसका पीछा करते रहो हम उसको सोल्लगे के कुछ दूर पर जो सुनसान रास्ता है वही पर घेरेंगे आज उसे मुझे कोई नहीं बचा सकता आज मई उसका काम तमाम कर के hi रहूँगा.

इतना बोल कर वो बॉस कॉल कट कर दिया मई और निधि इन सब बातो से बेखबर मुंबई यूनिवर्सिटी के तरफ बढे जा रहे थे कुछ दूर आने के बाद सुनसान रास्ता सुरु हो गया था अभी हम उस सुनसान रस्ते में कुछ दूर hi आये थे की तभी मुझे रस्ते में बहुत बड़ा बड़ा पत्थर लगा हुआ दिखाई दिया जिसे देख कर hi हम दोनों समझ गए थे की कुछ गड़बड़ है इस लिए मई निधि से बोलै.

मई- निधि मई निचे उतर कर रस्ते से उन पथरो को हटा रहा हु लेकिन मुझे गाड़ी से उतरने के बाद तुम गाड़ी में hi रहना और है गेट को अच्छे से लॉक कर लेना क्युकी मुझे कुछ गड़बड़ होने का एहसास हो रहा है.

मेरी बात को सुन कर निधि दर गयी और मुझसे बोली.

निधि- लेकिन प्रतिक अगर कोई तुम पर हमला कर दिया था तो तुम गाड़ी से मत उतरो मई किसी दूसरे रस्ते से तुम्हे मुंबई यूनिवर्सिटी तक छोड़ दूंगी.

मई- तुम मेरी चिंता मत करो मुझे कुछ नहीं होगा और गड़बड़ होने सिर्फ मुझे एहसास हो रहा है जरुरी नहीं है की सच में कोई गड़बड़ हो.

निधि- ठीक है तुम अपना ध्यान रखना.

मई निधि के बात सुन कर सिर्फ मुस्कुरा दिया इसके बाद मई गाड़ी से निचे उतर गया मेरे उतरने के बाद निधि गेट को अच्छे से लॉक कर ली थी.

इधर शनाया भी अपने घर से निकल कर सोल्लगे पहुंच गयी थी और वो जैसे hi सोल्लगे के अंदर आयी तो उसे सोनू दिख गया वो तुरंत hi सोनू के पास गयी इधर सोनू ने जब देखा की शनाया अकेले सोल्लगे आयी है तो वो उससे बोलै.

सोनू- भाभी आप अकेले आयी है प्रतिक भाई नहीं आया क्या.

शनाया पहले तो सोनू के मुँह से भाभी सुन कर चौक गयी फिर वो मुस्कुराने लगी और मुस्कुराते हुए बोली.

शनाया- नहीं वो मेरे साथ नहीं आया है वो किसी काम में फास गया था इस लिए वो थोड़ा लेट से आएगा तुम एक काम करो बॉयज हॉस्टल के लड़को को बुला लो और मई गर्ल्स हॉस्टल के लड़कियों की बुला लेती हु इसके बाद हम सोल्लगे के बीचो बिच से कैंडल मार्च निकालेंगे और स्नेहा के आत्मा के सन्ति के लिए 2 मिनट्स का मौन रखेंगे.

सोनू- ठीक है मई अभी सबको बुलाता हु.

इतना बोल कर सोनू वह से बॉयज हॉस्टल के लिए निकल गया और शनाया गर्ल्स हॉस्टल के लिए निकल गयी थोड़ी देर बाद दोनों बॉयज हॉस्टल और गर्ल्स हॉस्टल के लड़को और लड़कियों को लेकर सोल्लगे के बीचो बिच जमा हो गए इसके बाद वह पर स्नेहा के फोटो रखा गया और उसके ऊपर फूलो का माला डाला गया इसके बाद शनाया ने वह पर एक मोमबत्ती जलाई फिर वह पर मौजूद सरे लोग अपने हाथो में पकडे हुए मोमबत्ती जला लिए और फिर स्नेहा के आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट के मौन रख लिए.

जैसे hi सरे लोग अपने आँखों को बंद कर के मौन धारण किये तभी वह कही से बहुत सरे स्मोक बम आ कर गिरे और चारो तरफ धुय hi धुय फैल गया और उस धुएं का फायदा उठाते हुए कुछ खतरनाक गुंडे उन सरे लोगो को चारो तरफ से घेर लिए और उनको मरना सुरु कर दिए इधर सरे स्टूडेंट्स ने देखा की गुंडे उन पर हमला कर दिया है तो वो सब अपना जान बचा कर वह से भागने लगे सोनू सरे लड़को को उन गुंडों से बच कर भागता देख कर हैरान हो गया फिर वो इधर उधर शनाया को ढूंढने लगा जब उसकी नजर शनाया पर पड़ी तो वो भागते हुए उसके पास चला गया और उससे बोलै.

सोनू- भाभी हमें गुंडों ने चारो तरफ से घेर लिया है हमें किसी भी तरह से यहाँ से निकलना होगा.

शनाया- ठीक है चलो.

वो लोग अभी वह से जाने hi वाले थे की तभी उनके सामने 3 गुंडा आ कर खड़े हो गए शनाया उनको देखते hi समझ गयी के सा मार्टिकल आर्ट्स एक्सपर्ट है तो सोनू से बोली.

शनाया- सोनू तुम यहाँ से जल्दी जाओ और जाकर प्रतिक को कॉल करो तब तक मई इन सब को संभालती हु.

सोनू- नहीं भाभी मई आपको छोड़ कर नहीं जाऊंगा एक काम कीजिये आप यहाँ से भाग जाइये मई इन सब को कुछ देर के लिए रोक कर रखता हु.

शनाया- नहीं सोनू तुम इन लोगो से नहीं लड़ पाओगे ये लोग मार्टिकल आर्ट्स के एक्सपर्ट है इस लिए तुम यहाँ से चले जाओ और जाकर प्रतिक को कल करो तुम मेरी चिंता मत करो मई इन लोगो को संभल लुंगी.

अभी ये लोग बात कर hi रहे थे की तभी एक गुंडा सामने आ कर बोलै.

गुंडा- तुम दोनों को ऐसा लगता है की हम तुम दोनक को यहाँ से जाने देंगे.

इतना बोल कर वो गुंडा सोनू के पेट में एक लत मरता है जिससे सोनू उड़ता हुआ दूर जा कर गिरता है और वही बेहोश हो जाता है सोनू को इस तरह बेहोश होता देख कर शनाया थोड़ा घबरा जाती है और फिर घुसे से उस गुंडे को देखते हुए बोलती है.

शनाया- तुमने सोनू के ऊपर हाथ उठा कर अच्छा नहीं किया आज तुम यहाँ से बच कर नहीं जा पाओगे.

शनाया के बात सुन कर वो तीनो गुंडे जोर जोर से हसने लगते है तभी एक गुंडा आ कर शनाया से बोलै.

गुंडा- तुम्हारे अंदर बहुत हिमत है लड़की क्युकी आज तक शेरा को धमकी दे कर कोई भी जिन्दा नहीं बचा है लेकिन मई क्या करू बॉस ने तुम्हे जिन्दा लेन के लिए बोले है इस लिए तुम्हे छोड़ना पद रहा है.

शनाया उस शेरा के बात को सुन कर घुसे उसके तरफ भागते हुए जाती है और उछालते हुए एक किक शेरा को मरती है शेरा शनाया के उस हमले के लिए तैयार नहीं था इस लिए शेरा उड़ते हुए पीछे जा गिरता है है लेकिन गिरने के साथ hi वो तुरंत उठ कर खड़ा हो जाता है और शनाया को मरने के लिए उसके तरफ भागते हुए आया है फिर दोनों में कुछ देर तक लड़ाई होती है लेकिन दोनों में से कोई हर नहीं मंटा है ये देख कर शेरा के साथ वाले दोनों गुंडे भी आ कर शनाया से लड़ने लगते है.

जब दोनों गुंडे भी आ कर शनाया के लड़ने लगते है तो शनाया एक साथ तीनो से लड़ नहीं पति है और इसी का फायदा उठा कर शेरा ने शनाया के सर पर हमला कर देता है जिससे शनाया वही बेहोश हो कर गिर जाती है और फिर वो लोग शनाया को उठा कर अपने गाड़ी में डालते है और वह से निकल जाते है.

इधर मई निधि के कार से बहार निकल कर उन सरे पथरो को हटाने लगा तभी वह पर चारो तरफ 20 या 25 गुंडे अपने हाथो में हथियार ले कर निकले और मुझे चारो तरफ से घेर लिए और मुझ पर हमला कर दिए निधि इतने सरे गुंडों के बिच में मुझे घिरा हुआ देख कर दर गयी और वो कार के गेट खोल कर बहार निकलने hi वाली थी की तभी मुझे इस बात का आभास हो गया और मई जोर से छीलते हुए निधि से बोलै.

मई- नहीं निधि तुम कार से बहार मत निकलना और तुम मेरी चिंता मत करो मई इन सब को संभल लूंगा.

मेरे बात को सुन कर सरे गुंडे मुझ पर हसने लगे मई देखा की सरे गुंडे मुझ पर है रहे है तो मई उनसे बोलै.

मई- अरे यार तुम लोग हस्ते hi रहोगे या फिर तुम सब जो यहाँ करने आये हो वो करोगे क्युकी मुझे न बहुत देर हो रही है मुझे तुम सब को निपटा कर यहाँ से जाना भी है वैसे एक बात बताओ तुम लोगो को यहाँ पर मरने के लिए किसने भेजा है.

जब सरे गुंडों ने देखा की मई इतने सरे गुंडों से घिरा हुआ होने के कारन भी उनसे दर नहीं रहा बल्कि उनका मजाक उदा रहा हु तो वो हैरान हो गए तभी उन गुंडों का लीडर मेरा मजाक उड़ाते हुए बोलै.

गुंडा- लगता है इतने आदमी को देख कर दर के मरे पागल हो गया है इसी लिए ये ऐसी बाटे कर रहा है बचे आज तुम हमारे होठो मरे जाओगे इस लिए तुम्हारी कोई आखरी इच्छा हो तो बता दो.

इतना बोल कर वो गुंडा हसने लगा और उसके साथ hi उसके साथी भी हसने लगे मई उसके बातो कोण सुन कर उसे इग्नोर किया और उससे बोलै.

मई- तुम यहाँ मुझे मरने आये हो न तो अपना काम करो ये फालतू की बाटे कर के मेरा समय बर्बाद मत करो और है तुम मुझे ये बताओ की मुझे मरने के लिए तुम्हे यहाँ किसने भेजा है.

मेरे बात को सुन कर वो गुंडा हस्ते हुए बोलै.

गुंडा- आज मई पहली बार देख रहा हु की किसी को मैने की भी जल्दी होती है कोई बात नहीं मई तुम्हारा ये इच्छा अभी पूरी कर दे रहा हु और तुम तो अभी मरने वाले हो तो तुम ये जान क्या hi कर लोगे की मुझे किसने भेजा है बस तुम आराम से मर जाओ हाहाहाहा

इतना बोल कर वो गुंडा अपने साथियो को इशारा करता है उसके दो साथ मुझे मरने के लिए आगे बढ़ते है उन दोनों ने अपने हाथ में चाकू पकडे हुए थे और वो अपने चेहरे पर डेविल स्माइल के साथ मुझे देखते हुए आगे बढ़ रहे थे ये देख कर मेरे होठो पर भी एक डेविल स्माइल आ गया और मई उन दोनों से बोलै.

मई- अरे यार तुम दोनों ऐसे स्लो मोशन में क्यों चले आ रहे हो जल्दी करो अच्छा मई एक काम करता हु मई hi तुम दोनों के पास आ जाता हु.

इतना बोल कर मई उन दोनों के तरफ बढ़ने लड़ा और अगले hi पल मई उनके सामने खड़ा था अपने सामने मुझे यु अचानक देख कर दोनों गुंडा घबरा गए और एक कदम पीछे चल गए उन्हें ये समझ hi नहीं आया की अभी मई उनसे कुछ दूर पर खड़ा था तो अचानक मई उनके सामने कैसे आ गया केवल वो दोनों hi हैरान नहीं थे बल्कि उनके लीडर के साथ साथ सरे गुंडे हैरान थे खैर वो दोनों गुंडा अपने हैरानी को काबू करते हुए अपने चाकू से मुझ पर हमला कर दिया लेकिन उनके चाकू मुझ पाक पहुँचता उससे पहले hi मई दोनों को एक एक किक मर दिया जिसके कारन वो उड़ते हुए कुछ दूर जा कर गिरे और वही पर बेहोश हो गए अपने साथियो को ऐसी हालत देख कर सरे गुंडे घबरा गए तभी उन गुंडों को लीडर बोलै.

गुंडा- हम्म तुम्हारे अंदर ताकत तो है तुम्हारा ये हमला देख कर मुझे समझ में आ गया की तुम एक मार्टिकल आर्ट्स एक्सपर्ट हो कोई बात नहीं तुम दो को एक साथ तो मर सकते हो लेकिन 25 को नहीं.

इतना बोलै कर गुंडों के लीडर ने अपने सरे साथियो को मेरे ऊपर एक साथ हमला करने के लिए बोलै और उसकी बात सुन कर उसके सरे साथी अपने अपने हथियार ले कर मुझ पर हमला कर दिए उनको एक साथ अपने ऊपर हमला करते देख कर भी मई अपने जगह से नहीं हटा और बस उनको अपने तरफ आते हुए देखने लगा फिर कुछ hi देर में वो सरे गुंडे आ कर मुझ पर हमला करने लगे फिर क्या था मई भी एक एक कर के सबको धोना सुरु कर दिया बस कुछ हु मिनट में वो सरे गुंडे जमीं पर पड़े हुए दर्द से चीला रहे थे.

उधर उन गुंडों के लीडर ने अपने साथियो को ऐसी हालत देखि तो उसके माथे से पसीना आने लगा वो बुरी तरह से घबरा गया था लेकिन फिर वो अपने घबराहट को काबू करते हुए जोर से चीला कर बोलै.

गुंडा- मन की तुम एक मार्टिकल आर्ट्स के एक्सपर्ट हो और तुम्हारे सामने मेरे ये आदमी किसी काम के नहीं थे लेकिन अब तुम इन लोगो से लड़ कर दिखाओ.

उस गुंडे का इतना hi बोलना था की एक गाड़ी से पांच लोग बहार निकले जिन्हे देख कर hi मई समझ गया की ये सब मार्टिकल आर्ट्स के एक्सपर्ट है और वो भी 9तह लेवल के मार्टिकल आर्ट्स एक्सपर्ट है लेकिन मई इन सब को देख कर भी अपने जगह से नहीं हटा और बस उन सब को देख कर मुस्कुरा रहा था और मुस्कुराते हुए बोलै.

मई- चलो तुम लोग भी आ कर आजमा लो.

मेरा इतना बोलना hi था की वो पांचो भागते हुए मेरे पास आये और मुझ पर हमला कर दिया पांचो पांच तरफ से हमला कर रहे और मई उनके हमले को रोके जा रहा था मई अभी तक उन पर हमला नहीं किया था कुछ देर तक उनके हमले को रोकने के बाद अब मई भी उन पर हमला करने का मन बना लिया था फिर मई उन सब को मरना सुरु किया और तब तक मरता रहा जब तक वो सब बेहोश न hi गए उन सब को मर कर बेहोश करने के बाद मई उन सरे गुंडों के लीडर के तरफ जाने लगा जो अपने साथियो के हालत को देख कर दर से थार थार कम्प रहा था उसने जैसे hi देखा की मई उसके तरफ आ रहा हु तो वो दर से कंपते हुए बोलै.

Gunda-Dekho तुम आगे मत बढ़ना नहीं तो तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा.

मई- अच्छा और मई तुम्हारे तरफ बढ़ते रहा तो तुम क्या कर लोगे.

मेरे बात को सुन कर वो गुंडा और दर गया इसके बाद वो अपने कमर से एक गन निकला और मेरे ऊपर तन दिया इसके बाद वो हस्ते हुए बोलै.

गुंडा- अगर तुम ऐसे hi मेरे तरफ बढ़ते रहे तो मई तुम्हे गोली मर दूंगा.

मई- अच्छा तो ऐसी बात है ठीक है चलो गोली मई भी देखना चाहता हु की तुम्हारा ये खिलौना मुझे मर सकती है या नहीं.

इतना बोल कर मज फिर से उस गुंडे के तरफ बढ़ने ये देख कर वो गुंडा और दर गया और फिर वो मुझसे बोलै.

गुंडा- तुम अभी जहा हो वही रहो नहीं तो मई सच में तुमको गोली मर दूंगा.

मई उस गुंडे के बात को सुन कर उसके तरफ देखा और मुस्कुराते हुए उसके तरफ बढ़ने लगा ये देख कर वो गुंडा और दर गया और मुझ पर गोली चला दिया लेकिन वो गोली मुझे छू भी पति उससे पहले hi मई उसे पकड़ लिया अपने गोली को ऐसे खली जाता देख कर वो गुंडा हैरान हो गया और फिर पागलो की तरह मुझ पर गोली चलने लगा लेकिन वो जितना भी गोली चलता मई सरे गोली को अपने हाथो से hi पकड़ लेता था ये देख कर वो गुंडा बुरी तरह से दर गया और अपने घुटनो पर आ गिरा.

गुंडा- मुझे माफ़ कर दो मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी मई आपको सब कुछ सच सच बताने के लिए तैयार हु.

मई- ठीक तो तुम मुझे सिर्फ एक सवाल का जबाब दे दो अगर तुमने सही सही जबाब दिया तो मई तुम्हे कुछ भी नहीं करूँगा लेकिन अगर तुम मुझसे झूठ बोलने की कोशिश की तो मई तुम्हे पटल लोक से धुंध कर तुम्हे मर देंगे.

गुंडा- ठीक है बताता हु लेकिन मुझे और मेरे साथियो को कुछ नहीं करोगे दरअसल मुझे तुम्हे और इस लड़की को मरने के लिए जतिन भानुसाली ने बोलै था.

मई जतिन भानुसाली के नाम सुन कर सब समझ गया इस लिए मई उससे बोलै.

मई- ठीक है तुम अब यहाँ से अपने साथियो को ले कर जा सकते हो लेकिन यद् रखना तुम मुझे दोबारा कही दिख मत जाना नहीं तो मई तुम्हे वही जान से मर दूंगा.

मेरे बात को सुन कर वो गुंडा अपने सर को है में हिलाया और फिर वो अपने साथियो को गाड़ी में दाल कर वह से चला गे.

इधर एक फार्महाउस में शनाया बेहोशी के हालत में एक चेयर पर बैठी हुयी थी और इसके हाथ पेअर मजबूत राशि से बंधा हुआ था तभी उसके सामने रॉकी आता है और एक साथी से बोलता है.

रॉकी- इसके मुँह पर पानी मर कर इसे होश में लाओ आज मई इसे समझाता हु की रॉकी से पन्गा लेने का अंजाम क्या होता है.

रॉकी के बात सुन कर एक गुंडे ने एक जग में पानी लाया और शनाया के चेहरे पर दाल दिया जिसके कारन शनाया को होश आ जाता है जब शनाया को होश आया तो वो अपने अपने आप को एक चेयर पर बंधा हुआ देख कर हैरान हो गयी और अपने चारो तरफ देखने लगी जब उसकी नजर रॉकी पर गया तो वो समझ गयी की उसे किडनैप करने वाला यही है इस लिए वो रॉकी से बोली.

शनाया- तुम्हारी हिमत कैसे हुयी मुझे किडनैप करने की लगता है तू उस दिन के मर को भूल गया है.

रॉकी- मई कुछ नहीं भुला हु इसी लिए तो आज मई तुमको यहाँ लाया हु आज मई तुमको बताऊंगा की रॉकी के ऊपर हाथ उठाने का क्या अंजाम होता है उस दिन तुम मुझे अपना गर्मी दिखा रही थी न तो आज मई तुम्हारे अंदर के साडी गर्मी निकल दूंगा.

रॉकी के बात सुन कर शनाया को गुसा आ गया और वो घुसे से रॉकी से बोली.

शनाया- तुम मेरे अंदर के गर्मी को निकलोगे तुम्हारे अंदर इतनी औकात है तुमने मेरी गर्मी देखि hi कहा है अगर मई अपनी गर्मी तुम्हे दिखाउंगी तो तू जल कर खख हो जायेगा तू अपने आप को मर्द समझता है ठु है तुम जैसे मर्द पर तुम एक लड़की को बांध कर उसको अपनी गर्मी दिखाना चाहता है अगर तू सच में एक मर्द है तो मेरे हाथ और पेअर को खोल कर देख अगर मई तेरे अंदर से तेरी मर्दानगी न निकल दी तो मेरा नाम भी शनाया मल्होत्रा नहीं.

शनाया के बात सुन कर रॉकी को बहुत गुसा आया और वो घुसे से पागल हो गया फिर अपने जेब से एक चाकू निकला और और शनाया के तरफ बढ़ते हुए बोलै.

रॉकी- तुम बहुत बोल गयी तुम्हे इतना नहीं बोलना चाहिए था आज मई तुम्हे ऐसा सबक सिखाऊंगा की तुम मरते डैम तक नहीं भूलेगी.


इतना बोल कर रॉकी उस चाकू पर मजबूती से पकड़ बनता है और फिर शनाया पर चला देता है जैसे hi वो चाकू शनाया को लगती है वैसे hi शनाया के मुँह से एक दर्दनाक चीख निकल जाता है और वो जोर से चिलाती है प्रतिककक........
 
अपडेट 28

थे क्रुएलिटी ऑफ़ प्रतिक


यूनिवर्स के एक प्लेनेट पर एक आदमी काळा कपडे पहने हुए काली शक्तियों का ध्यान कर रहा था वो आदमी दिखने में बहुत खतरनाक लग रहा था अचानक वो उठ खड़ा होता है और जोर जोर से हसने लगता है.

आदमी- है है है है है है मुझे.. है है है है मुझे मालिक को कैद से आजाद करने का रास्ता मिल गया है है है है मुझे मिल गया रास्ता मालिक को आजाद करने का अब हमें इस दुनिया पर राज करने से कोई नहीं रोक सकता है है है है है है.

इतना बोल कर वो आदमी वह से गायब हो कर एक महल में आता है और अपने सैनिक से बोलता है.

आदमी- जाओ और जा कर अजातशत्रु को बुला कर लाओ.

सैनिक- जो आज्ञा महाराज.

इतना बोल कर वो सैनिक वह से चला जाता है फिर कुछ देर बाद वह पर एक आदमी आता है जो 8 फ़ीट लम्बा था उसे देखने से hi पता चल रहा था की वो बहुत खतरनाक और ताकतवर है वो आदमी आ कर सीधा पहले वाले आदमी के आगे अपना सर जुखा कर बोलता है.

आदमी- महराज ेवलिश के चरणों में सेनापति अजातशत्रु कर प्रणाम मेरे लिए क्या आज्ञा है महाराज.

ेवलिश- तुम्हे पता तो होगा hi की मई मालिक को आजाद करने के लिए काली शक्तियों का तपस्या कर रहा था.

अजातशत्रु- जी महाराज मुझे पता है मई छमा चाहूंगा महाराज लेकिन क्या कोई उपाय मिला जिससे हम मालिक को आजाद कर सके.

अजातशत्रु के बात को सुन कर ेवलिश जोर जोर से हसने लगा और हस्ते हुए बोलै.

ेवलिश- है अजातशत्रु हमें वो उपाय मिल गया है जिससे हम मालिक को आजाद करा सके और उसके लिए तुम्हे एक काम करना होगा.

अजातशत्रु- अगर मई मालिक के आजाद होने में कुछ काम आ सका तो ये मेरा सौभाग्य होगा महाराज आप आज्ञा कीजिये.

ेवलिश- तुम्हे पृथ्वी लोक जाना होगा और वह जा कर तुमने ऐसे लोगो को खोजना होगा जिनके शरीर पर त्रिदेव और त्रिदेवियों का निशान हो और तुम्हे उनका खून ले कर यहाँ आना होगा और उसी खून से हम मालिक के ऊपर लगे उस कवच को तोड़ सकेंगे लेकिन एक बात को यद् रखना उन सब के रक्षा करने के लिए उन सब का रक्षक भी वह पर होगा जो बहुत hi ज्यादा ताकतवर होगा.

ेवलिश के बात सुन कर अजातशत्रु कुछ देर तक सोचता रहा और फिर बोलै.

अजातशत्रु- महाराज आप मुझे छमा करे तो क्या मई आपसे कुछ सवाल कर सकता हु.

ेवलिश- आज्ञा है पूछो क्या पूछना छह रहे हो.

अजातशत्रु- पहली बात की वो कितने लोग होंगे जिनका खून लेकर मुझे यहाँ आना है और दूसरी बात की पृथ्वी लोक बहुत बड़ा है तो मई उन्हें ढूंढूंगा कैसे.

ेवलिश- हम्म बहुत अच्छा सवाल किया है तुमने तो सुनो वो कुल 6 लोग है जिनमे 3 लड़का और 3 लड़की होंगे और तुम्हारे पास उनको ढूंढने के लिए 10 साल का समय है लेकिन यद् रखना यहाँ का 10 साल पृथ्वी लोक के 2 साल के बराबर है इस लिए तुम्हे उन्हें 2 सालो में धुंध निकलना होगा और उसके लिए तुम्हे पृथ्वी लोक जो भी करना पड़े वो करो और है वह अपने साथ कुछ सैनिकों को भी लेकर जाना और अपना एक आर्गेनाइजेशन बनाना जिससे तुम्हे उन्हें ढूंढने में आसानी होगी और तुम्हे एक काम बहुत सावधानी से करनी होगी क्युकी उन सब का रक्षक बहुत ताकतवर होगा.

अजातशत्रु- मई उनके शरीर से सारा खून निकल कर ले आऊंगा चाहे उसके लिए मुझे उन्हें मरना hi क्यों न पड़े और रही बात उन सब के रक्षक की तो मई उसे भी संभल लूंगा.

एलवीश- मुझे सिर्फ उनके शरीर के एक बून्द खून जरुरत है चाहे उसके लिए तुम्हे उन्हें जान से मारो या फिर कुछ और करो उससे मुझे कोई मतलब नहीं है बस मुझे उनके खून से मतलब है बस यद् रखना की ये काम किसी भी हालत में हो जाना चाहिए.

अजातशत्रु- जी महाराज मई समझ गया आप चिंता मत कीजिये मई ये काम कर लूंगा और मई आज hi कुछ सैनिकों को लेकर पृथ्वी लोक के लिए निकल जाता हु.

इतना बोल कर वो वह से चला जाता है और फिर अपने कुछ साथी सैनिक को लेकर एक पोर्टल में माध्यम से पृथ्वी लोक के लिए निकल जाता और वो जैसे hi पृथ्वी लोक के वायु मंडल में एंट्री करता है वैसे hi गुरुदेव जो ध्यान में बैठे थे उनकी आँखे खुल जाता है और वो अपने आप से बोलते है.

गुरुदेव- (अपने आप से) नहीं ऐसा नहीं हो सकता उन लोगो को डार्क लार्ड को आजाद करने का रास्ता मिल गया अगर वो डार्क लार्ड को आजाद करने में कामयाब हो गए तो इस दुनिया में तबाही आने से कोई नहीं रोक सकता मुझे प्रतिक को सावधान करना होगा.

इधर रॉकी के फार्महाउस पर रॉकी ने अपने चाकू से शनाया के ऊपर हमला किया जिसके कारन शनाया के चेहरे पर एक गहरा झखम हो गया और उससे खून निकलने लगा जिसके कारन शनाया को बहुत तेज़ दर्द हुआ और उसकी चीख निकल गयी और दर्द से में जोर से चिलायी प्रतिक....

शनाया को दर्द में तड़पते हुआ देख कर रॉकी को बहुत मजा आ रहा था इस लिए जोर जोर से हस्ते हुए बोलै.

रॉकी- चीला और जोर से चीला तुम्हे इस तरह से दर्द में चिलता हुआ देख कर मुझे बहुत मजा आ रहा है यद् है जब तुमने और उस प्रतिक ने मुझे सोल्लगे में सबके सामने मारा था तो मुझे भी ऐसा hi दर्द महसूस हुआ था आज मई तुम्हारी वो हालत करूँगा की तुम्हे खुद अपने चेहरे देख कर घिन आएगा.

शनाया रॉकी के बात सुन कर दर्द में कराहते हुए बोली.

शनाया- मुझे छोड़ दो जाने दो मुझे नहीं तो अगर प्रतिक को पता चल गया की तुमने मेरे साथ क्या किया है तो वो तुम्हे जिन्दा नहीं छोड़ेगा.

शनाया के बात सुन कर रॉकी जोर जोर से हसने लगा और शनाया को गन्दी नजर से देखते हुए बोलै.

रॉकी- तुम्हे ऐसे कैसे छोड़ दू तुम जैसे कमसिन काली को बिना फूल बनाये मई कैसे छोड़ सकता हु और रही बात उस प्रतिक की तो तुम चिंता मत करो उसके सामने hi मई तुम्हारे साथ मजे करूँगा इसके बाद तुम दोनों को जान से मर दूंगा है है है है है.

इतना बोलने के बाद रॉकी अपने जेब से मोबाइल निकलता है और मेरे पास कॉल करता है इधर मई उन सरे गुंडों को मरने के बाद निधि के पास चला आता हु और देखता हु की निधि अपने बड़ी बड़ी आँखों से घूरे जा रही है मई उसको इग्नोर कर के गाड़ी में बैठ जाता हु और उसको गाड़ी चलने के लिए बोलता हु मेरी बात को सुन कर निधि गाड़ी को स्टार्ट करती है और आगे बढ़ा देती है लेकिन वो मुझे घूरना बंद नहीं करती तो मई उसे ऐसे खुद को घूरता हुआ देख कर उससे बोलता हु.

मई- तुम मुझे ऐसे घर कर क्यों देख रही हो अपना ध्यान गाड़ी चलने पर दो नहीं तो हमारा एक्सीडेंट हो जायेगा समझी.

मेरी बात को सुन कर शनाया मुझे घूरते हुए बोली.

निधि- यार तुम हो क्या चीज मुझे समझ में नहीं आ रहा है यार एक hi आदमी के अंदर इतना टैलेंट कैसे हो सकता है मन की तुम एक अच्छा डॉक्टर हो और अच्छे अच्छे मेडिसिन भी बना लेते हो और तो और तुम नेगेटिव एनर्जी से भी आसानी से लड़ सकते हो लेकिन एक साथ इतने सरे गुंडों से तुम अकेले कैसे लड़ गए और चलो लाडे तो लाडे लेकिन तुम उनको बुरी तरह से हरा भी दिए यार तुम मुझे सच सच बताओ की तुममे और क्या खूबी है.

शनाया के बात सुन कर मई मुस्कुरा दिया और मुस्कुराते हुए बोलै.

मई- जब मई अपने गुरुदेव से बैध की शिक्षा ले रहा था तब मई मार्टिकल आर्ट्स की भी ट्रेनिंग लिया था और अब मई एक ग्रांडमास्टर के रैंक पर हु और मई इनके जैसे 100 गुंडों को अकेले संभल सकता हु.

निधि- (चौकते हुए) क्या तुम सच में एक ग्रांडमास्टर हो.

मई- है मई सच में एक ग्रांडमास्टर हु मई तुम्हे भला झूठ क्यों बोलूंगा.

निधि- वाओ यार मई आज तक किसी ग्रांडमास्टर को नहीं देखि थी आज मेरी तमना एक ग्रांडमास्टर को देखने की पूरी हो गयी अब मुझे भी मार्टिकल आर्ट्स सीखना है क्या तुम मुझे सीखा सकते हो.

निधि के बात सुन कर मई चौक गया और उससे बोलै.

मई- क्या तुम्हे सच में मार्टिकल आर्ट्स सीखनी है.

निधि- है यार मुझे सच में मार्टिकल आर्ट्स सीखनी है तुम बोलो न क्या तुम मुझे सीखा सकते हो.

मई- है क्यों नहीं लेकिन उसके लिए तुम्हे बहुत म्हणत करनी होगी.

निधि- मई म्हणत करने से नहीं डर्टी तुम बस मुझे इतना बताओ की तुम मुझे मार्टिकल आर्ट्स की ट्रेनिंग कब से दे रहे हो.

मई- मई तुम्हे अभी ट्रेनिंग नहीं दे सकता लेकिन मई तुम्हारे लिए एक ट्रेनर का इंतज़ाम कर दूंगा जब तुम फिफ्थ रैंक पर कर जाएगी तो मई तुम्हे ट्रेनिंग देना सुरु कर दूंगा.

निधि- ठीक है.

अभी हम दोनों बात कर hi रहे थे की तभी मुझे एक झटका लगा और मुझे आभास हुआ की शनाया किसी खतरे में है जैसे hi मुझे ये आभास हुआ वैसे hi मेरा चेहरा सीरियस हो गया तभी मेरे मोबाइल पर एक अननोन no. से कॉल आने लगा मई अपने मोबाइल पर अननोन no. से कॉल आता देख कर पहले उसे इग्नोर करने के बारे सोचा लेकिन मुझे पता नहीं क्या हुआ की मई वो कॉल रिसीव कर लिया और बोलै.

मई- हैल्लो कोण बोल रहा है.

उधर से- मई कोण बोल रहा हु वो सब छोड़ पहले मेरी बात सुन अगर तुम्हे शनाया को बचाना है तो तुम मेरे बताये हुए अड्रेस पर आ जाओ और है अकेले hi आना अगर तुम पुलिस को इन्फॉर्म करने की कोशिश की तो यहाँ शनाया के साथ कुछ भी हो सकता है और है मेरे बताये हुए एड्रेस पर पहुंचने के लिए तुम्हारे पास सिर्फ आधा घंटा है अगर तुम आधे घंटे में नहीं पहुंचे तो तुम्हे यहाँ शनाया के लाश मिलेगा.

मई उस कॉलर के बात को सुन कर घबरा गया और फिर तुरंत hi शनाया के पास कॉल करने लगा लेकिन उसका मोबाइल बंद आ रहा था मुझे इस तरह से घबराया हुआ देख कर निधि बोली-

निधि- क्या हुआ प्रतिक तुम इतना घबराये हुए क्यों हो किसका कॉल था सब ठीक तो है न.

मई- निधि तुम मुझे यही पर छोड़ दो और यहाँ से जाओ मुझे कही और जाना होगा.

निधि- क्या बात है प्रतिक तुम इस तरह से बिच में क्यों उतर रहे हो क्या बात है यु अचानक कहा जाना है तुम्हे.

मई- कुछ काम यद् आ गया है इस लिए मुझे कही जाना है.

निधि- ठीक है तो चलो मई तुम्हे वही पर छोड़ दे रही हु.

मई- नहीं तुम मुझे यही पर छोड़ दो मई चला जाऊंगा और है तुम यहाँ से सीधा अपने घर चली जाना.

मेरे चेहरे को सीरियस देख कर और मेरी बात को सुन कर शनाया तुरंत hi गाड़ी रोक दी और फिर मई तुरंत गाड़ी से निचे उतर गया इसके बाद मई निधि को वह से जाने के लिए बोल दिया मेरी बात सुन कर निधि वह से चली गयी उसको वह से जाते hi मई अपनी आँखे बंद किया और शनाया को उसके पेन्डेन्ट के माध्यम से ढूंढने की कोशिश करने लगा लेकिन मुझे उसका पता नहीं चल रहा था ये देख कर मई घबरा गया क्युकी उसका पेन्डेन्ट काम न करने का मतलब था की या तो शनाया को कुछ हो गया है या फिर वो अपने पेन्डेन्ट को पहन कर नहीं राखी है फिर मुझे यद् आया की मेरे पास एक और शक्ति है जिससे मई शनाया को आसानी से धुंध सकता हु.

ये एक ऐसी शक्ति है की मई अगर किसी ब्यक्ति से एक बार भी मिला हु तो उसका पता मई इस शक्ति से आसानी से लगा सकता हु की वो ब्यक्ति अभी कहा है लेकिन मई उस ब्यक्ति को तब hi धुंध सकता हु जब वो ब्यक्ति कोई शक्ति के प्रयोग कर के खुद को छुपा न रहा हो खैर मई इसी शक्ति का प्रयोग किया और ध्यान में बैठ कर शनाया को ढूंढने लगा थोड़ी देर तक ध्यान में शनाया को ढूंढने के बाद आखिर कर मुझे शनाया के लोकेशन मिल hi गया और मई गायब हो कर वह पहुंच गया.

जब मई वह पर पंहुचा तो देखा की सामने एक फार्महाउस है फिर मई अपने दिव्या दृस्टि से उस फार्महाउस को ध्यान से देखा तो मुझे पता चला की अंदर करीब 50 लोग हथियार के साथ पहरा दे रहे है और शनाया को रॉकी ने 2ंद फ्लोर के एक रूम में चेयर से बांध कर रखा हुआ है और वो अपने गंदे इरादों से उसे घर रहा है.

मई जब शनाया के हालत देखा तो मेरे आँखों में आंसू आ गए मुझे खुद पाए hi बहुत गुसा आ रहा था की मई शनाया के रक्षा नहीं कर पाया फिर मई घुसे से रॉकी को देखते हुए अपने आप से hi बोलै.

मई- आज मई इस रॉकी को और उसके आदमियों को इतनी दर्दनाक मौत दूंगा की इसकी रूप कम्प जाएगी और ये दोबारा जनम लेने में हजार बार सोचेगा मुझे अभी शनाया के पास जाना होगा लेकिन अगर मई टेलिपोर्ट हो कर वह पर जाऊंगा तो मेरी सचाई शनाया को पता चल जायेगा और अगर मैं गेट से गुंडों को मरते हुए गया तो कही रॉकी शनाया को कुछ न कर दे मई ऐसा करता हु की मई छत से जाता हु किसी को कुछ पता भी नहीं चलेगा.

ये सोच कर मई टेलिपोर्ट हो कर सीधा छत के ऊपर चला गया जब मई छत पर पंहुचा तो देखा की वह पर भी दो गुंडे हथियार के साथ कर निगरानी कर रहे थे जैसे hi मई छत पर प्रकट हुआ तो उन दोनों गुंडों की नजर मुझ पर पद गयी तो उन दोनों ने तुरंत मेरे ऊपर गन तन दिए और मुझ पर गोली चलने के लिए अपने ऊँगली को ट्रिगर पर ले जाने लगे ये देख कर मैंने जल्दी से अपने जेब सिल्वर नीडल निकला और उन गुंडों पर चला दिया उन गुंडों की ऊँगली ट्रिगर पर पहुँचती उससे पहले hi मई उन दोनों को मर चूका था इसके बाद मई सीधी से उतारते हुए सीधा सीधा 2ंद फ्लोर पर आ गया और फिर शनाया जिस रूम में बंद थी उस रूम के पास जाकर दरवाजे को लत मरते हुए थोड़ दिया और अंदर घुस गए.

जैसे hi मई अंदर गया तो अंदर के नजारा देख कर मेरा खून खौल गया और मेरी आँखे घुसे से लाल हो गयी क्युकी अंदर शनाया एक चेयर से बंधी हुयी थी और उसके चेहरे से खून निकल रहा था रॉकी ने अपने चाकू से शनाया के चेहरे पर एक गहरा झखम बना दिया था रॉकी इतना सब करने के बाद भी नहीं रुका था वो शनाया के चेहरे पर अपने थपेड़ो का बरसात कर दिया था जिससे शनाया के होठो से खून निकल रहा था और शनाया के पूरा चेहरा सूज गया था शनाया के ऐसी हालत देख कर मेरे आँखों से आंसू बहने लगे और मेरे चेहरे पर एक क्रूरता दिखाई देने लगी इधर दरवाजे के टूटने की आवाज सुन कर रॉकी पीछे मुद कर देखा और सामने मुझे देख कर हैरान हो गया फिर वो अपने चेहरे पर कुटिल मुस्कान लेट हुए बोलै.

रॉकी- तू तो बड़ी जल्दी आ गया लगता है तू इससे बहुत प्यार करता है अब मुझे तेरे सामने इसके इज्जत उतरने में मजा आएगा.

रॉकी इतना बोल कर जोर जोर से हसने लगा मई उसको इस तरह से हस्ता देख कर उसको बोलै.

मई- है लो तुम्हे जितना हसना है क्युकी अब मई तुम्हे ऐसी दर्द दूंगा की तुम मुझसे मरने के लिए भीख मांगोगे तुम्हे सब कुछ करना चाहिए था लेकिन शनाया को हाथ नहीं लगाना चाहिए था.

इतना बोल कर मई उसके तरफ बढ़ने लगा रॉकी मुझे अपने तरफ आते हुए देख कर अपने हाथ में एक गन ले लिया और उसे मेरे ऊपर तानते हुए बोलै.

रॉकी- अगर तुम एक कदम भी आगे बढ़ाये तो मई तुम्हे अभी के अभी गोली मर दूंगा.

मई- तुम इस खिलौने से किसे डरा रहे हो अगर डैम है तो चलाओ गोली.

इतना बोल कर मई उसके तरफ बढ़ने लगा ये देख कर रॉकी ने मेरे ऊपर गोली चला दी लेकिन उसके गोली को मई अपने हाथो से hi पकड़ लिया ये देख कर रॉकी चौक गया और दर से थार थार कंपनी लगा और फिर अपने गन के साडी गोलिया मेरे ऊपर चलने लगा लेकिन मई उसके द्वारा चलायी गयी साडी गोली को बिच में hi पकड़ लिया और आगे बढ़ते हुए उसे एक लत मारा जिसके कारन वो उड़ता हुआ दिवार से टकरा गया.

इसके बाद मई शनाया के पास गया और उसको बंधे हुए रसियो को खोलने लगा और उसकी ऐसी हालत देख कर मुझे खुद पर भी बहुत गुसा आ रहा था फिर मई अपने आँखों में आंसू लिए हुए उससे बोलै.

मई- मुझे माफ़ कर देना शनाया मई तुम्हारा अच्छे से ध्यान नहीं रख पाया लेकिन मुझे तुम्हारी कसम है की जिसने भी तुम्हारा ये हालत किया है उसे ऐसी दर्दनाक मौत दूंगा की उसका रूह भी कम्प जायेगा.

इधर शनाया अपने सामने मुझे देख कर रोने लगी और रट हुए बोली.

शनाया- ये रॉकी बहुत गठिया इंसान है प्रतिक इसने मेरे चेहरे को ख़राब कर दिया अब मई कैसे किसी को अपना ये फेस दिखाउंगी और मुझे दर्द भी बहुत हो रहा है प्रतिक

शनाया के बात सुन कर मई उससे बोलै.

मई- तुम चिंता मत करो शनाया मेरे होते हुए तुम्हे कुछ नहीं होगा और न hi तुम्हारी ये फेस ख़राब होगा तुम ये दवा खा लो और रेस्ट करो तुम बस अभी रेस्ट करो.

इतना बोल कर मैंने अपने स्टोरेज रिंग से इंस्टेंट रिकवरी पिल निकला और शनाया को खिला दिया इसके बाद मई उसके गर्दन के एक नस को दबा दिया जिसके कारन वो वही बेहोस हो गयी इसके बाद मई उसके सामने एक इनविजिबल बैरियर बना दिया जिससे उसको कोई नहीं हानि नहीं पंहुचा सकता था.

इधर गन के आवाज सुन कर करीब 10 गुंडे उस रूम में आ गए उसमे शेरा सुलेमान और एक और 9तह रैंक के फाइटर था वो सब आ कर मुझे घेर कर खड़े हो गए जब रॉकी ने देखा की उसके साथ रूम में आ गए है तो उसने चैन की साँस ली और फिर अपने साथियो से बोलै.

रॉकी- इसने मेरे ऊपर हाथ उठाया है तुम सब मिल कर इसे जान से मर दो और है इसे तड़पा तड़पा के मरना.

रॉकी के बात सुन कर सुलेमान बोलै.

सुलेमान- आप चिंता मत करो भाई इसके लिए तो मई अकेले hi काफी हु.

इतना बोल कर सुलेमान अपने मार्टिकल आर्ट्स पोजीशन में आ गया और मेरे ऊपर हमला करने लगा उसने एक पंच बनाया और हमला कर दिया उसका पंच हवा को चीरते हुए मेरे पास आने लगा लेकिन मई अपने जगह पर सन्ति से खड़े हो कर बस उसे hi घूरे जा रहा था जैसे hi उसका पंच मुझे लगने वाला था मई अचानक उसके पंच को अपने हाथो से पकड़ लिया और उसे ट्विस्ट कर दिया जिसके कारन एक क्रैक का आवाज आया और उसका हाथ टूट गया जिसके कारन सुलेमान का जोर से छिलने का आवाज आया.

मई उसके हाथ को ट्विस्ट करने के बाद भी नहीं छोड़ा और अपने दूसरे हाथ से उसके गाल पर एक थपड मारा जिसके कारन हो वही पर गिर गया इसके बाद मई अपना एक पेअर उठा कर उसके छाती पर रखा और उसके हाथ को खींच कर शरीर से बहार कर दिया जिसके कारन पुरे फार्महाउस में उसका दर्द से भरा आवाज गूंज गया और जब उसको दर्द बर्दास्त नहीं हुआ तो वो वही पर बेहोश हो गया अपने साथ के ऐसा हालत देख कर वह मौजूद सरे गुंडों की हालत ख़राब हो गयी.

इधर अपने साथी के ऐसा हालत देख कर शेरा और उसके साथ वाला 9 रैंक का मार्टिकल आर्टिस्ट ने एक साथ मिल कर मुझ पर हमला कर दिया लेकिन मई उन दोनों का भी वही हलय किया जो सुलेमान का किया था अपने तीनो 9 रैंक के मार्टिकल आर्ट्स योद्धा के हालत को देख कर रॉकी के हालत hi ख़राब हो गया और वो दर से थार थार कम्पनी लगा लेकिन तभी उसकी नजर अपने गुंडों पर पड़ी जो उन तीनो के हालत देख कर दर गए थे और अपने जगह पर hi खड़े थे उन सब को ऐसे एक जगह पर खड़ा देख कर वो घुसे से उन सब पर छीलते हुए बोलै.

रॉकी- तुम लोग खड़े खड़े क्या देख रहे हो सब एक साथ मिल कर इस्पे हमला करो और इसे जान से मर दो नहीं तो आज मई तुम सब को जिन्दा नहीं छोडूंगा.

रॉकी के बात सुन कर सरे गुंडे दर गए और फिर एक साथ मेरे तरफ बढ़ने लगे जब मई देखा की सरे गुंडे एक साथ मेरे तरफ बढ़ रहे है तो मई वही पास में पड़ा हुआ चाकू जो की रॉकी का चाकू था उसने इसी चाकू से शनाया के ऊपर हमला किया था उसे उठाया और फिर उन सरे गुंडों के आने का इंतज़ार किये बिना hi मई उन सब पर उस चाकू से हमला कर दिया फिर क्या था किसी का हाथ कटा तो किसी का पेअर यहाँ तक की कुछ लोगो के गर्दन भी कट कर जमीं पर गिर गए थे बस कुछ hi सेकंड में उन सब का काम मई तमाम कर दिया था.

इधर अपने सरे गुंडों की ऐसी हालत देख कर रॉकी की हालत hi ख़राब हो गया था वो अपने जगह पर खड़े हुए hi थार थार कम्पे जा रहा था यह तक की उसने अपने पेंट में hi पेशाब भी कर दिया था मई उन सरे गुंडों को मरने के बाद रॉकी के तरफ बढ़ने लगा तभी उस रूम में बहुत सरे हथियार बंद गुंडे आ गए और मुझे चारो तरफ से घेर लिया और मुझ पर गन तन कर खड़े हो गए.

इधर अपने इतने सरे गुंडों को गन के साथ देख कर रॉकी को कुछ हिम्मत मिली और वो जोर से हस्ते हुए बोलै.

रॉकी- है है है है तुम इन सरे गुंडों से बच तो गए लेकिन इतने सरे गन से निकले गोलियों से कैसे बचोगे आज मई तुम्हे जान से मर कर इस शनाया के जिस्म से खेलूंगा ये बहुत hi नमकीन मॉल है बहुत मजा आएगा (फिर अपने गुंडों से) इसके शरीर को गोलियों से छलनी छलनी कर दो मर डालो सेल को जिन्दा मत छोड़ना.

अपने बॉस की आर्डर को सुन कर सरे गुंडे मुझे पर गोलिया चलने लगे इतने सरे गोलिया चलने के बाद पुरे रूम में स्मोक hi स्मोक फैल गया था जिसके कारन वह पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था इधर रॉकी इतने सरे गोलियों को मुझ पर चलता हुआ देख कर समझ गया की मेरा काम तमाम हो गया है इस लिए वो जोर जोर से हसने लगा और हस्ते हुए बोलै.

रॉकी- है है है आखिर में उसे मैंने मर hi दिया बड़ा आया था मुझसे पन्गा लेने वाला मुझसे जो भी पन्गा लेता है उसकी हालत ऐसे hi होती है अब मई इस कमसिन काली का मजा लूंगा अब मुझे रोकने वाला कोई नहीं है है है है है.

रॉकी अपने बाटे बोल कर पागलो की तरह हसे जा रहा था लेकिन जैसे hi धीरे धीरे वह से सरे स्मोक ख़तम हुआ तो उसकी हसी अपने आप hi गायब हो गया और वो वही सदमे में चला गया और दर से थार थार कम्पनी लगा क्युकी उसके सामने मई जस का तस खड़ा था और मुझे एक खरोच भी नहीं आया था और तो और मेरे सामने बहुत साडी गोलिया हवा में रुकी हुयी थी ये देख कर वो दर से हकलाते हुए बोलै.

Rocky-Nnnn नहीं आ ऐसा नन्ही ह्ह्ह्हो सस्साक्त टट्टूं ऐसे जिन्दा कैसे रह सकते हो तुम ीीतने सरे गोलियों से कैसे बचे और ययए गोली ऐसे हवा में कैसे रुकी हुयी है.

दरअसल हुआ ये था की जब उन सरे गुंडों ने मुझ पर गोलिया चलायी तो मई अपने दिव्या शक्तियों से उन सरे गोलियों को हवा में hi रोक दिया था.

मई- अब तुम ये जान कर क्या करोगे की मई जिन्दा कैसे बचा और ये गोलिया हवा में कैसे रुकी हुयी है क्युकी अब तो तुम मरने वाले हो.

इतना बोल कर अपने अपने हाथ को घुमाया तो वो साडी गोलिया भी घूम गयी फिर मैंने अपने हाथ से इशारा किया तो वो साडी गोलिया उन सरे गुंडों को लगने लगा और वो सब वही पर गिर कर मरने लगे कुछ हु सेकंड में वो सरे गुंडे वही पर मर कर गिरे हुए थे ये देख कर रॉकी सदमे में वही अपने घुटनो पर गिर गया.

इधर मई उन सरे गुंडों को मरने के बाद रॉकी के तरफ बढ़ने लगा मुझे अपने तरफ बढ़ता हुआ देख कर रॉकी दर से कम्पनी लगा और मुझसे बोलै.

रॉकी- तुम तुम मेरे साथ क्या करने वाले हो देखो अगर तुमने मुझे कुछ किया तो तुम्हे मेरा भाई जिन्दा नहीं छोड़ेगा वो तुमने और तुम्हारे पुरे परिवार को जान से मर देगा.

मई- राशि जल गयी लेकिन बल नहीं गया (फिर कुछ सोचते हुए) ठीक है मई तुम्हे छोड़ दूंगा लेकिन मुझे तुमसे कुछ जानना है अगर तुम मुझे सच सच बता दिए तो मई चुप चाप शनाया को ले कर यहाँ से चला जाऊंगा.

मेरे बात को सुन कर रॉकी ने रहत की साँस ली और हड़बड़ाते हुए मुझसे बोलै

रॉकी- है है मई मई तुमको सब कुछ बताऊंगा लेकिन मुझे मरना मत.

मई- ठीक है तो तुम मुझे ये बताओ की स्नेहा के मर्डर में किसका किसका हाथ है और यद् रखना मुझे सच जानना है अगर तुम मुझे झूठ बोलोगे तो मई तुम्हे अभी इसी वक़्त जान से मर दूंगा.

रॉकी मेरे बात को सुन कर हैरान रह गया उसे मेरे बात सुन कर hi पसीना आने लगा उसे लगा नहीं था की मई ये सवाल उससे पूछूंगा वो अपने मन में hi सोचने लगा.

रॉकी- (अपने मन में) इसने ये कैसा सवाल पूछ लिया अगर मई इसे स्नेहा के मर्डर के पीछे का सचाई इसे बता दिया तो ये तो मुझे नहीं मरेगा लेकिन वो लोग मुझे और मेरे परिवार को तड़पा तड़पा कर मरेंगे और अगर मई इसे मई कुछ नहीं बताऊंगा तो ये मुझे मर देगा मई क्या करू मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है अगर मई बताऊंगा तब भी मुझे मरना hi है और न बताया तब भी मुझे मरना है तो मई अपने परिवार वालो को कुछ नहीं होने दे सकता.

इतना सब सोचने के बाद रॉकी बोलै.

रॉकी- मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है.

रॉकी के बात सुन कर मई आगे बढ़ते हुए उसका गाला पकड़ लिया और उससे बोलै.

मई- देखो तुम मुझे सच सच बता दो नहीं तो मई सच में तुम्हे जान से मर दूंगा.

रॉकी- तुम्हे जो करना है करो लेकिन मई तुम्हे कुछ भी नहीं बताऊंगा.

मई- मई भी देखता हु की तुम मुझे सचाई कब तक नहीं बताओगे.

इतना बोल कर मई वो चाकू को हाथ में मजबूती से पकड़ा और उसके हाथ के एक ऊँगली को काट दिया जैसे hi रॉकी के ऊँगली कटा हो दर्द से छिलने लगा मई उसको दर्द से चिलता हुआ देखा कर पूछा.

मई- क्या हुआ दर्द हो रहा है ऐसे hi दर्द मेरी शान्या को भी हुआ होगा चलो मई तुम्हे एक चांस और देता हु मुझे सब कुछ सच सच बता दो मई तुम्हे छोड़ दूंगा लेकिन अगर तुम मुझे कुछ नहीं बताया तो मई तुम्हारे बॉडी के हर पार्ट्स को एक एक कर के काट दूंगा और मई ये तब तक करूँगा जबतक की तुम खुद मुझे सब कुछ सच सच नहीं बता देते और है एक बात और यद् रखना मई तुम्हे मरने नहीं दूंगा क्युकी मई एक डॉक्टर भी हु इस लिए तुम मुझे सोच समझ कर जबाब देना.

रॉकी को मेरे बात सुन कर रूह तक कम्प गया लेकिन वो मुझे कुछ बताना नहीं चाहता था इस लिए चुप hi रहा उसको चुप देख कर मई स्माइल करते हुए बोलै.

मई- ठीक है अगर तुम मुझे बताना नहीं चाहते हो तो कोई बात नहीं मई भी देखता हु तुम कब तक चुप रहते हो.

इतना बोल कर मई रॉकी के हाथ को पकड़ा और एक एक कर के उसमे ऊँगली काटना सुरु कर दिया और फिर पुरे फार्महाउस में रॉकी के चिकन गूंजने लगी ऐसे hi मई एक एक कर के उसके एक हाथ के सरे ऊँगली को काट दिया मई जब भी उसका एक ऊँगली कट्टा तो वो दर्द में जोर से चिलता और बेहोश हो जाता फिर मई अपने वाटर एलिमेंट से उसके ऊपर पानी दाल कर होश में लता और एक और ऊँगली को काट देता जब मई उसके एक हाथ के पांचो ऊँगली को काट दिया तो उसे होश में ला कर बोलै.

मई- हम्म मन गया मई तुझे तुम होतो बहुत शाक्त लेकिन मुझे भी तुम्हारे जैसे शाक्त आदमी को झुकाने में मजा आता है.

इतना बोल कर मई उसके दूसरे हाथ को पकड़ लिया और जैसे hi मई उसके ऊँगली काटने वाला था रॉकी जोर से छीलते हुए बोलै.

रॉकी- म मम्मी सब बताता हु प्लीज अब और मेरे ऊँगली को मत काटो मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

मई- हम्म अगर तुम मुझे पहले hi सब बता देते तो तुम्हारी साडी ऊँगली सही सलामत रहती चलो ठीक है अब तुम मुझे बताओ की स्नेहा के मर्डर में किसका हाथ है और ये सब उसने क्यों किया.

मेरे बात को सुन कर रॉकी थोड़ी देर तक चुप रहा और फिर बोलै.

रॉकी- स्नेहा के मर्डर मैंने और कुंदन यादव ने मिल कर किया था हम उसे मरना नहीं चाहते थे वो तो हमारी बहुत काम आती थी.

मई- अच्छा लेकिन वो तुम्हारी काम कैसे आती थी.

रॉकी- हम सोल्लगे में ड्रग्स का धंधा करते थे हमलोगो ने मिल कर सोल्लगे में बहुत सरे लड़के और लड़कियों को पहले ड्रग्स का लत लगाया और फिर उनसे ड्रग्स का धंधा करवाने लगे उन्ही लोगो में से एक स्नेहा भी थी वो ड्रग्स के धंधा करना नहीं चाहती थी लेकिन ड्रग्स के लत के कारन उसे ये सब करना पद रहा था.

मई- जब वो तुम लोगो के काम कर hi रही थी तो तुम लोग उसे मरे क्यों.

रॉकी- कुंदन यादव ने एक बार शनाया को देखा था तब से वो शनाया के दीवाना हो गया था और शनाया स्नेहा के फ्रेंड थी इस लिए कुंदन चाहता था की स्नेहा किसी भी तरह से शनाया को ड्रग्स के लत लगाए लेकिन स्नेहा ये सब करने के लिए तैयार नहीं थी जब हम लोगो ने उसको प्रेशर देना सुरु किया तो वो शनाया को सब कुछ बताने की धमकी देने लगी इस लिए घुसे में आ कर कुंदन यादव ने उसे ड्रग्स के हाई दोसे दे दिया और फिर हम सब ने मिल कर उसके साथ रपे किया हाई दोसे ड्रग्स के कारन शनाया की मौत हो गयी जिसे देख कर हम सब घबरा गए फिर हमसब ने उसके बॉडी को गर्ल्स हॉस्टल के बहार लेन की कोशिश करने लगे तभी गर्ल्स हॉस्टल के वार्डन जग गयी जिसे देख कर हमने स्नेहा के लाश को पानी टंकी में दाल दिया.

मैंने जब सुना की कुंदन के नजर शनाया पर था तो मुझे बहुत गुसा आया और मई मन hi मन कुंदन को बर्बाद करने का सोच लिया इसके बाद मई रॉकी से पूछा.

मई- ठीक है अब तुम मुझे ये बताओ की ये कुंदन यादव कोण है.

रॉकी- कुंदन यादव यहाँ क्र ंप मंटू यादव का बीटा है वो बहुत hi ायस किस्म का लड़का है उसने आज तक न जाने कितने लड़कियों को किडनैप कर के उनका रपे किया और फिर उन्हें मर कर जंगल में फेक दिया और इन सब में मई उसका साथ देता था.

मई- ठीक है अब तुम मुझे मंटू यादव में बारे में साडी बाटे बताओ.

रॉकी- मंटू यादव एक ंप है लेकिन वो सिर्फ कहने के लिए ंप है वो ंप के आड़ में गैर क़ानूनी काम करता है जैसे ड्रग्स का धंधा ह्यूमन ट्रैफिकिंग ऐसे न जाने उसका कितना बिज़नेस है अब मई तुमको सब कुछ बता दिया प्लीज अब मुझे छोड़ दो.

रॉकी के बात सुन कर मई मुस्कुराने लगा और अपने मोबाइल में चालू कैमरा को बंद किया जब रॉकी मुझे सब बताने के लिए तैयार हुआ था उसी समय मई अपने मोबाइल के कैमरा चालू कर के वीडियो बनाना सुरु कर दिया था.

खैर मई रॉकी के बात को सुन कर उससे बोलै.

मई- तुमने बहुत सरे पाप किये है इस लिए तुम्हे इस धरती पर जीने का कोई अधिकार नहीं है एक बार के लिए तो मई तुम्हे माफ़ भी कर देता लेकिन तुमने जो शनाया के साथ किया उसका कोई माफ़ी नहीं है अब तुम्हे मरना होगा.

इतना बोल कर मई चाकू को रॉकी के दिल में उतर दिया जिसके कारन उसकी तुरंत hi मौत हो गया रॉकी को मरने के बाद मई शनाया के पास गया तो देखा की उसके चेहरे का जखम ठीक हो गया था लेकिन डेग अभी भी रह गया था जो शनाया के इतने सुन्दर चेहरे पर बहुत ख़राब लग रहा था ये देख कर मई उसके चेहरे पर ब्यूटी क्रीम जो मई शनाया के कंपनी के लिए बनाया था उसे निकलने लगा फिर कुछ सोचा की ये क्रीम जब ये होश में आ जाएगी तब इसे दूंगा ताकि ये इसकी खुबिया को खुद देख सके ये सोच कर मैंने वो क्रीम को नहीं निकला फिर शनाया को अपने बहो में उठा लिया तभी मेरी नजर उसके गले पर गयी तो मैंने देखा की शनाया वो पेन्डेन्ट नहीं पहनी है जो उसे मैंने दिया था ये देख कर मुझे बहुत दुःख हुआ लेकिन मैंने अपने भावनाओ को काबू करते हुए बोलै.

मई- वह तभी मई सोचु की पेन्डेन्ट के माध्यम से शनाया को धुंध क्यों नहीं प् रहा था इसने तो वो पेन्डेन्ट पहनी hi नहीं है मुझे इसको बोलना होगा वो पेन्डेन्ट कभी अपने गले से न उतरे.

इसके बाद मई शनाया को लेकर उस रूम से बहार निकल गया और उस फार्महाउस में कुछ ढूंढने लगा तभी मेरी नजर किचन पर गयी जैसे hi मई किचन की देखा मेरे चेहरे पर एक डेविल स्माइल आ गयी फिर मई तुरंत उस किचन में गया तो देखा की वह पर 2 गैस का स्लेंडर रखा हुआ है तो मई एक स्लेंडर के पास गया और उसमे से गैस को ओपन कर दिया जिसके कारन वह चारो तरफ गैस फैल गया इसके बाद मई मैं गेट से होते हुए फार्महाउस से बहार आ गया.

फार्महाउस से बहार निकलने के बाद मई अपने हाथ में एक छोटा सा फायर बॉल बनाया और फार्महाउस पर फेक दिया जैसे hi वो फायर बॉल फार्महाउस के अंदर गया तो वह पर एक तेज़ विस्फोट हुआ और फार्महाउस धु धु कर के जलने लगा इधर मई फार्महाउस को जलता हुआ देख कर मन hi मन बोलै.

Mai-(man में) एक काम तो काम तमाम हो गया अब बरी है कुंदन यादव की जिस किसी ने भी मेरी शनाया पर गन्दी नजर डाली उसका मई सर्वनाश कर दूंगा.

मई ऐसी हालत में घर तो जा नहीं सकता था क्युकी शनाया के और मेरे कपडे पर खून लगा हुआ अगर मई शनाया को इस हालत में घर ले कर गया तो माँ मेरी जान hi ले लेंगी इस लिए मई बलदेव सिंह को कॉल कर के यहाँ आने के लिए बोलै और साथ में अपने लिए एक सेट कपडा लेन के लिए भी बोलै और फिर अपना लोकेशन सेंड के दिया करीब एक घंटे बाद बलदेव सिंह वह पर आ गया और गाड़ी से उतर कर मेरे पास आया तो उसने देखा की मई शनाया को अपने गॉड में लिया हु और मेरे पुरे कपडे पर खून लगा हुआ है तो वो घबरा गया और घबराते हुए मुझसे बोलै.

बलदेव- ये सब क्या है बॉस आपके और मैडम के कपड़ो पर ये खून कैसे लगा है कही आप दोनों को कुछ हुआ तो नहीं है चलिए पहले डॉक्टर के पास चलते है.

बलदेव को इस तरह से हड़बड़ाते हुए देख कर मई उससे बोलै.

मई- हम दोनों को कुछ भी नहीं हुआ है और ये खून जो तुम मुझ पर देख रहे हो वो मेरा नहीं बल्कि मेरे दुश्मनो का है जो मुझसे पन्गा लेने की कोशिश कर रहे थे.

मेरी बात को सुन कर बलदेव को थोड़ी रहत मिली इसके बाद उसका नजर जलते हुए फार्महाउस पर गया तो पूछा.

बलदेव- बॉस ये फार्महाउस में आग कैसे लगी कही इसमें भी आपका hi हाथ तो नहीं है.

बलदेव के बात सुन कर मई मुस्कुराने लगा और मुस्कुराते हुए बोलै.

Mai-Ha तुमने सही सोचा ये मेरा hi काम है कुछ लोग थे जो मुझे और शनाया को नुकशान पहुंचना चाहते थे इस लिए मई उन सब को नरक में भेज दिया.

मेरी बात को सुन कर बलदेव के माथे से पसीना आने लगा और वो मन hi मन सोचा.

बलदेव- (अपने मन में) अच्छा हुआ जो मई बॉस से कोई ज्यादा पन्गा नहीं लिया और उनके अंडर में काम करने लगा नहीं तो इनसब के जैसे मेरी भी हालत हो जाती.

इधर मई बलदेव को अपने hi ख्यालो में खोया हुआ देखा तो उससे बोलै.

मई- अब तुम यहाँ पर रह कर पुलिस के आने की इंतज़ार कर रहे हो क्या.

मेरी बात को सुन कर बलदेव सिंह हड़बड़ाते हुए बोलै.

बलदेव- ंन्न नहीं बॉस चलिए हम चलते है वैसे आप अभी इस हालत में कहा जाओगे.

मई- तुम हम दोनों को किसी होटल में छोड़ दो वैसे क्या तुम मेरे लिए कपडे लाये हो.

बलदेव- है बॉस लेकर आया हु.

इतना बोल कर बलदेव ने मुझे एक पैकेट दिया जिसमे कपडे थे फिर मई अपना कपडा चेंज किया और जिस कपडे पर खून लगा था उसे उस फार्महाउस में फेक दिया ताकि वो भी जल जाये इसके बाद हम सब वह निकल गए.

इधर गाड़ी में बैठने के बाद मई शनाया के गले का नस दबा कर उसे होश में ले आया शनाया जब होश में आयी और अपने सामने मुझे देखि तो वो मेरे गले लग कर रोने लगी और बोली.

शनाया- आज फिर तुम आ कर मेरी जान बचा ली मैंने तो सोचा था आज मेरी आखिरी दिन है मई अब तुम सब को कभी देख नहीं पाऊँगी.

इतना बोल कर शनाया और जोर से रोने लगी ये देख कर मई उसे संत करते हुए बोलै.

मई- संत हो जाओ शनाया देखो अब तुम सेफ हो मेरे होते हुए तुम्हे कुछ नहीं होगा.

मेरी बात को सुन कर शनाया थोड़ी संत हुयी और बोली.

शनाया- तुम जानते नहीं प्रतिक वो रॉकी कितना घटिया आदमी है उसने मेरे चेहरे पर अपने चाकू से निशान बना दिया..

इतना बोल कर वो अपने चेहरे पर हाथ फेर कर देखने लगी जब उसने देखा की उसके चेहरे पर कोई जखम नहीं है तो वो चौक गयी और मुझसे बोली.

शनाया- मेरे चेहरे पर तो उस रॉकी ने अपने चाकू से जखम बना दिया था लेकिन अब वो जखम नहीं है ये कैसे हुआ.

मई शनाया के बात सुन कर मुस्कुराने लगा और उससे बोलै.

मई- मैंने बोलै न शनाया की मेरे होते हुए तुम्हे कोई कुछ नहीं कर सकता अब ये सब बाटे छोडो और तुम मुझे ये बताओ की तुम यहाँ पर पहुंची कैसे.

मेरी बात सुन कर शनाया मुझे साडी बाटे बताने लगी उसकी बात को सुन कर मई बोलै.

मई- चलो जो होना था वो हो गया और जिसने भी तुम्हारे साथ ये सब करने की कोशिश की है उन सब को मई सजा दे दिया है.

मेरी बात को सुन कर शनाया चौक गयी और मुझसे बोली.

शनाया- तुमने उन लोगो के साथ क्या किया.

मई- मई उन लोगो के साथ क्या किया ये तुम्हे कल न्यूज़ में बता चल जायेगा वैसे तुम मुझे एक बात बताओ मई की मैंने जो पेन्डेन्ट तुम्हे दिया था वो कहा है.

मेरी बात सुन कर शनाया अपने गले को चेक करने लगी जब उसने देखा की उसके गले में वो पेन्डेन्ट नहीं है तो वो घबरा गयी तभी उसे कुछ यद् आया तो वो बोली.

शनाया- वो सहित मई वो पेन्डेन्ट सुबह स्नान करने समय निकल दिया था लेकिन स्नान करने के बाद मुझे उसे पहनने के लिए यद् hi नहीं रहा.

मई- देखो शनाया को पेन्डेन्ट कोई मामूली पेन्डेन्ट नहीं है इस लिए तुम मुझसे एक वैड्स करो की चाहे कैसी भी सिचुएशन क्यों न हो तुम उस पेन्डेन्ट को कभी नहीं निकलोगी.

शनाया- ठीक है मई वडा करती हु की अब से मई उस पेन्डेन्ट को कभी नहीं निकलूंगी.

मई- ठीक है अब तुम रेस्ट करो हम इस हालत में घर नहीं जा रहे है इस लिए हम आज किसी होटल में रुकेंगे.

शनाया- ठीक है अच्छा प्रतिक तुम मुझे एक बात बताओ की मेरे चेहरे पर चाकू से जो जखम हुआ था वो ठीक कैसे हुआ.

शनाया के बात सुन कर मई कुछ देर तक चुप रहा फिर उससे बोलै.

मई- मेरे पास एक दवा है जिसको इंस्टेंट रिकवरी पिल बोलते है उसकी खासियत ये है की वो किसी भी जखम को पांच मिनट में ठीक कर देता है तुम्हारी जखम को तो मैंने ठीक कर दिया है लेकिन उसका डेग नहीं गया है अभी भी तुम्हारे चेहरे पर कट का निशान है लेकिन तुम उसकी भी चिंता मत करो हम जब होटल के रूम में पहुंचेंगे तो मई तुम्हे कुछ ऐसा दूंगा की उसको लगाने से तुम्हारे वो निशान भी ठीक hi जायेगा.

मेरी बात को सुन कर शनाया हैरान हो गयी और उसी हैरानी में बोली.

शनाया- क्या ऐसा भी कोई दवा होता है जिससे किसी के जखम तुरंत भर जाये.

मई- है होता है तभी तो तुम्हारी ये जखम इतनी जल्दी ठीक हो गयी.

शनाया- लेकिन वो दवा तुम्हारे पास कहा से आया.

शनाया के बात सुन कर मई सोच में पद गया की उसे सच बताऊ या नहीं फिर सोचा की उसे अभी सचाई नहीं बतानी चाहिए क्युकी वो रॉकी के चलते पहले hi सदमे में है.

मई- अभी तुम इन सब बातो को छोडो की वो दवा मेरे पास कहा से आयी है मई सही समय आये पर तुम्हे सब बता दूंगा.

शनाया- ठीक है.



हम दोनों ऐसे hi बाटे करते हुए होटल तक पहुंच गए बलदेव ने पहले hi होटल में ऑनलाइन रूम बुक कर लिया था होटल पहुंचने के बाद शनाया ने अपने स्कार्फ़ 🧣 से कपडे पर लगे हुए ब्लड को कवर कर लिया और फिर हम होटल के अंदर आ गए फिर रिसेप्शनिस्ट से रूम के के लिया और रूम में आ गया
 
अपडेट 28

नेक्स्ट अपडेट

शार्प शूटर अटैक्स ों टुडे नाईट

( अपडेट समथिंग 10000 वर्ड्स का होगा)

और भाई लोग काम से उड़ाते पर लिखे तो दिया करो यार हमें स्टोरी लिखने का यहाँ से पैसा नहीं मिलता इस लिए हम सरे राइटर लिखे से hi हो जाते है पिछले अपडेट में 80+ लिखे मिला था इस लिए मई इंतजार में था की इस अपडेट पर भी उतना hi मिलेगा इस लिए मई अभी तक अपडेट नहीं दिया था लेकिन चलो कोई बात नहीं मई आज रत को अपडेट पोस्ट कर दूंगा.
 
अपडेट 29

शार्प शूटर अटैक्स


जब मई संत ज़ेवियर सोल्लगे से उस शैतानी शक्ति को हराकर वह से आ गया तो मेरे पीछे शानवी भी एक टैक्सी बुक कर के अपने घर अपने घर आ गयी थी शानवी को यु अचानक घर आये हुए देख कर पुस्पा और अजय दोनों हैरान हो गए फिर दोनों खुस होते हुए शानवी को गले लगा लिया और अजय शानवी से बोलै.

अजय- तुम ऐसे अचानक कैसे आ गयी तुम तो अगले महीने घर पर आने वाली थी न.

अपने पापा के बात सुन कर शानवी को सोल्लगे में हुआ घटना यद् आ गए जिससे उसके चेहरे पर थोड़ी देर के लिए दर छ गया लेकिन फिर उसको मई यद् आया तो उसके चेहरे से वो दर गायब हो गया और वो मुस्कुराते हुए बोली.

शानवी- डैड वो क्या है न की सोल्लगे को किसी कारन से 3 दिन के लिए बंद कर दिया गया है और सोल्लगे के सरे स्टूडेंट्स को छूती दे दिया गया है.

शानवी के बात सुन कर अजय और पुस्पा दोनों हैरान हो गए फिर पुस्पा शानवी से पूछती है.

पुस्पा- लेकिन वो लोग अचानक से सोल्लगे क्यों बंद कर दिया क्या वह पर कुछ हुआ था क्या.

अपने माँ के बात सुन कर शानवी कुछ देर के लिए संत hi गयी फिर वो अपने माँ से बोली.

शानवी- पता नहीं माँ वो लोग हम सब को कुछ बताया नहीं बस प्रिंसिपल सर ने सरे स्टूडेंट्स को बोलै की वो पुरे कॉलेज को तीन दिन के लिए बंद कर रहे है तो हम सब अपने अपने घर चले आये वैसे माँ दीदी और जीजू नहीं दिख रहे है कही गए है क्या.

शनि के बात सुन कर पुस्पा को शनाया का ध्यान आया तो वो अपने मोबाइल में समय देखने लगी मोबाइल में 10 बजने को था लेकिन शनाया अभी तक आयी नहीं थी.

पुस्पा- अरे उसके सोल्लगे में एक लड़की का मुंडेर हो गया है तो शनाया उसी लड़की के कैंडल मार्च के लिए गयी है उसे अभी तक आ जाना चाहिए था लेकिन वो आयी नहीं है रुको मई उसके पास कॉल करके पूछती हु वो अभी तक आयी क्यों नहीं.

शानवी- और जीजू कहा है क्या वो भी दीदी के साथ गए है.

शानवी के मुँह से मेरे लिए जीजू सुन कर पुस्पा को बहुत गुसा आया और वो घुसे से शानवी से बोली.

पुस्पा- उस कामचोर निकम्मे घरजमाई को तुम अगर दोबारा जीजू बोली तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा समझी.

पुस्पा को इस तरह से शानवी पर गुसा करते हुए देख कर शानवी और उसके पापा दोनों हैरान हो गए अजय इस लिए हैरान हुआ की पुस्पा अपने दोनों बेटियों से बहुत प्यार करती थी वो अपने दोनों बेटियों से कभी घुसे में बात नहीं करती थी और आज अचानक पुस्पा को शानवी पर गुसा होते देख कर हैरान हो गए थे और शानवी के हैरानी का कारन ये था की उसे मेरे बारे में कुछ भी मालूम नहीं था वो बस इतना जानती थी की शनाया की सदी हो गयी है और उसके जीजू का नाम प्रतिक है लेकिन जब शानवी ने अपने माँ के मुँह से मेरे लिए कामचोर और निकम्मा सुना तो वो हैरान हो गयी.

शानवी- माँ आप जीजू को कामचोर और निकम्मा क्यों बोल रहे है.

पुस्पा- तुमने फिर से उसे जीजू बोलै तुम उसके बारे में जानती hi क्या हो प्रतिक शनाया के पति होने के लायक नहीं है न उसके खंडन का कुछ पता है और न hi उसके पास पैसे है जिससे वो शनाया को एक सुखी जिंदगी दे सके वो तो हमारे घर में घर जमाई बन कर रहता है और हमारे टुकड़ो पर hi पलटा है मेरी बेटी शनाया के तो जिंदगी hi बर्बाद हो गया उससे सदी करके.

अपनी माँ के बात सुन कर शानवी फिर से हैरान हो गयी और उसे मुझ पर गुसा आने लगा क्युकी वो अपनी बहन से बहुत प्यार करती थी और वो नहीं चाहती थी की उसकी बहन के सदी किसी ऐसे ब्यक्ति से हो इस लिए वो घुसे से अपने माँ से बोली.

शानवी- जब आपको ये सब पता था तो आप ऐसे आदमी के साथ दीदी के सदी कैसे होने दिया.

पुस्पा- क्या करती बेटी बाबू जी का यही फैसला था की शनाया के सदी उससे हो जाये अगर हम इस सदी के खिलाफ होते तो बाबू जी हमें अपने जायदाद से बेदखल कर देते.

शानवी को अपनी माँ के बात सुन कर दादा जी पर बहुत गुसा आ रहा था वो घुसे से बोली.

शानवी- दादा जी ऐसे कैसे कर सकते है शनाया दीदी तो उनकी लाड़ली पोती थी न तो वो दीदी के जिंदगी ऐसे कैसे बर्बाद कर सकते है मुझे दीदी से अभी मिलना है आप उनको फ़ोन कर के जल्दी यहाँ पर बुला लीजिये.

इधर शानवी और पुस्पा के बात सुन कर अजय शानवी को समझते हुए बोले.

अजय- तुम अभी प्रतिक के बारे में कुछ भी नहीं जानती हो शानवी इस लिए उसके बारे में ऐसी बाटे मत करो तुम जानती हो उसको एंटीक का बहुत अच्छा ज्ञान है और वो तुम्हारे दादा जी के बर्थडे पर करीब 10 करोड़ के एंटीक गिफ्ट किया था अब तुम hi बताओ की जो ब्यक्ति किसी को सिर्फ गिफ्ट में 10 करोड़ का एंटीक दे सकता है वो अपने और अपनी वाइफ के लिए क्या क्या नहीं कर सकता है अभी तुम दोनों उसको कुछ समय दो वो जरूर कुछ न कुछ अच्छा काम करेगा.

इधर पुस्पा शानवी के बात मन कर शनाया को कॉल करने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसके कॉल न लगने से थोड़ी घुसे में थी जब उसने अजय के बात सुना तो उसको और गुसा आ गया और घुसे में बोली.

पुस्पा- आप तो चुप hi रहो उसको कोई एंटीक का ज्ञान नहीं है वो तो बस उसका किस्मत अच्छा था इस लिए उसे वो एंटीक मिल गया और वो उस एंटीक को बाबू जी को दे दिया अगर उसको सच में एंटीक का ज्ञान होता तो इस तरह घर जमाई बन कर नहीं रहता और मेरी तने नहीं सुनता समझे आप अब आप उसका बड़ाई किया तो आप देखना मई क्या करती हु.

पुस्पा के बात सुन कर अजय चुप हो गए इधर शानवी भी अजय के बात सुन कर हैरान हो गयी थी लेकिन जब उसने अपने माँ की बात सुनी तो उसको भी लगा की मेरे किस्मत से hi वो एंटीक मुझे मिला होगा इस लिए वो अपने डैड के बातो को इग्नोर करते हुए अपनी माँ से बोली.

शानवी- माँ आप शनाया दीदी कॉल कर रही थी तो क्या हुआ उनसे बात हुआ या नहीं.

पुस्पा- नहीं शानवी उसका मोबाइल बंद आ रहा है मुझे समझ में नहीं आ रहा की वो अपने मोबाइल को बंद क्यों किया हुआ है.

शानवी- माँ अगर दीदी के कॉल स्विच ऑफ आ रहा है तो आप प्रतिक के पास कॉल कीजिये वो भी तो उसी सोल्लगे में पढता है न.

पुस्पा- ठीक है उसको भी कॉल कर के देखती हु.

इतना बोल कर पुस्पा मेरे no. पर कॉल लगाने लगी लेकिन मेरे no. पे कॉल लग रहा था लेकिन मई कॉल उठा नहीं रहा था क्युकी उस समय मई गाड़ी में बैठ कर शनाया को संभल रहा था और मेरा मोबाइल साइलेंट मोड में था.

जब पुस्पा ने देखा की मेरे मोबाइल पर कॉल जा रहा है और मई कॉल नहीं उठा रहा हु उन्हें मुझ पर बहुत तेज़ गुसा आने लगा और वो घुसे में बोली.

पुस्पा- उस कमीने की इतनी हिमत हो गयी की मेरी कॉल नहीं उठा रहा है आने दो आज उसे मई उसको अच्छी सबक सिखाऊंगी.

इधर मई और शनाया होटल के रूम में आ गए थे रूम में आने के बाद मैंने शनाया को फ्रेश होने के लिए बोलै और और उससे उसके कपडे को साइज पूछ कर बलदेव को कॉल करने के लिए अपना मोबाइल निकला तो देखा की उस पर शनाया के माँ का बहुत साडी मिस्ड कॉल थी मई अपने मोबाइल पर अपने सास का इतनी साडी कॉल देख कर घबरा गया मुझे इस तरह से घबराता हुआ देख कर शनाया मुझसे बोली.

शनाया- क्या बात है प्रतिक तुम अपने मोबाइल को देख कर इतना घबरा क्यों रहे हो.

मई- आज तुम्हारी माँ मुझे जिन्दा नहीं छोड़ेंगी.

शनाया- क्यों क्या हुआ.

मई- उन्होंने मेरे पास बहुत बार कॉल किया है लेकिन मेरा मोबाइल साइलेंट मोड में था इस लिए मई उनके कॉल का जबाब नहीं दिया लेकिन वो मेरे पास तो कभी कॉल करती नहीं थी तो आज क्यों कर रही थी.

शनाया ने जब मेरी बात सुनी तो वो अपना मोबाइल ढूंढने लगी जब उसका मोबाइल उसे नहीं मिला तो वो मुझसे बोली.

शनाया- लगता है मेरी मोबाइल कही गिर गयी है शायद वो मेरे पास कॉल कर रही होंगी लेकिन जब मेरा कॉल नहीं लगा होगा तो वो तुम्हारे पास कॉल कर रही होंगी तुम चिंता मत करो मई माँ को समझा दूंगी वो तुमको कुछ नहीं बोलेंगी.

मई शनाया के बात सुन कर थोड़ा रिलैक्स हुआ और फिर शनाया से बोलै.

मई- तुम जा कर पहले फ्रेश हो जाओ इसके बाद माँ से बात कर लेना.

शनाया- ठीक है.

इसके बाद मई बलदेव को कॉल कर के बोल दिया की शनाया के लिए कपडे का इंतजाम करे इसके बाद मई उसको शनाया के कपडे का साइज मस्सगे कर दिया.

इधर शनाया मेरी बात को सुन कर फ्रेश होने के लिए वाशरूम में जाने लगी तो मई उसे अपने जेब से एक क्रीम निकल कर दिया और बोलै.

मई- शनाया तुम स्नान करने से पहले इस क्रीम को अपने चेहरे पर लगा कर 5 मिनट के लिए छोड़ देना इसको लगाने से तुम्हारी चेहरे पर जो निशान हुआ है वो ख़तम हो जाएगी.

मेरी बात सुन कर शनाया उस क्रीम को देखने लगी फिर वो अपने हाथ में क्रीम को लेते हुए मुझसे बोली.

शनाया- क्या सच में इस क्रीम से मेरी निशान ख़तम हो जायेंगे.

मई- तुम पहले इसे क्रीम को अपने चेहरे लगाओ तो सही तुम्हे खुद hi इस क्रीम के खासियत का पता चल जायेगा.

शनाया- देखो प्रतिक तुम सच बोल रहे हो न कही ऐसा न हो की इस क्रीम को लगाने से मेरा चेहरा और ख़राब हो जाये.

मई- देखो शनाया तुम जानती हो न की मई तुम्हे कभी कोई नुकशान नहीं पंहुचा सकता इस लिए तुम मुझ पर विस्वास करो तुम्हे कुछ नहीं होगा (मजाक करते हुए) वैसे अगर तुम्हारा चेहरा ख़राब भी हो जायेगा तब भी तुम मेरी बीवी hi रहोगी और मई अभी जितना प्यार तुमसे करता हु उस समय भी उतना hi प्यार करूँगा.

मेरी बात को सुन कर शनाया शर्मा गयी उसके गाल टमाटर की तरह लाल हो गए फिर वो नकली गुसा दिखते हुए मुझसे बोली.

शनाया- देखो मई तुम्हारे बोलने पर ये क्रीम अपने चेहरे पर लगा रहा हु लेकिन मुझे कुछ हुआ न तो मई तुम्हे छोडूंगी नहीं बड़ा आये मुझे प्यार करने वाला.

इतना बोल कर शनाया वाशरूम में चली गयी और मई उसके बात सुन कर मुस्कुराने लगा इधर शनाया वाशरूम में जा कर उस क्रीम को अपने हाथो में ले कर देखते हुए खुद से बोली.

शनाया- क्या ये सच में मेरे चेहरे पर लगे चाकू के निशान को ख़तम कर सकता है कही ऐसा न हो की ये मेरे चेहरे को और ख़राब कर दे क्या करू इसे लागू या न लागू हलाकि प्रतिक इतने विस्वास से इसे मुझे दिया है वो तो मुझे कुछ नुकशान होने नहीं देगा इतना सोचने से अच्छा है इसे लगा कर देख लेती हु.

इसके बाद शनाया उस क्रीम को अपने पुरे चेहरे पर लगा लेती है जैसे hi क्रीम शनाया के चेहरे पर लगता है शनाया के पुरे चेहरे में एक ठंढक दौड़ जाती है उसकी पूरी चेहरा ठंडा हो जाता है उस क्रीम को लगाने के करीब पांच मिनट बाद शनाया अपने चेहरे को पानी से धो लेती है और आईने के सामने जा कर खुद को देखने लगती है जब आईने में उसने खुद के चेहरे को देखि तो वो हैरान रह गयी और बार बार अपने आखो को मलते हुए अपने चेहरे को देखने लगी उसे विस्वास hi नहीं हो रहा था की उसके चेहरे के वो निशान इस क्रीम को लगाने के बाद बस पांच मिनट में hi गायब हो गया था.

और तो और उसके चेहरे पर पहले से ज्यादा निखार आ गया था और उसकी चेहरे की स्किन सॉफ्ट और आकर्षक हो गयी थी अगर इस समय उसे कोई देख लेता तो वो उसको पाने के लिए पागल hi हो जाता खैर शनाया अपने चेहरे को कोमल और पहले से ज्यादा खूबसूरत और आकर्षक देख कर बहुत खुस हुयी और वो खुसी से झूमने लगी आज उसके साथ जो भी हुआ था वो सरे गमो की वो अपने इस बदले हुए रूप को देख कर भूल गयी वो बहुत खुस दिख रही फिर वो खुस होते हुए बोली.

शनाया- वह क्या क्रीम है इस क्रीम ने तो मेरे चेहरे पर लगे हुए चाकू के निशान को भी गायब कर दिया और साथ में मुझे और भी ज्यादा सुन्दर बना दिया और ये सब प्रतिक के कारन हुआ है प्रतिक मुझसे इतना प्यार करता है की वो मेरे ऊपर एक संकट भी आने नहीं देता मई खुस हु प्रतिक की मुझे तुम जैसा जीवन साथी मिला है मई बहुत जल्द तुम्हारी बन भी जाउंगी बस प्रतिक तुम थोड़ा और इंतजार कर लो.

इतना बोल कर शनाया स्नान करने लगती है इधर मैंने बलदेव से जो कपडा शनाया के लिए लेन को बोलै था वो मेरे रूम आ कर दे दिया था इसके बाद मैंने जा कर वाशरूम के दरवाजे को नॉक किया तो शनाया दूर के पास आ गयी और बोली.

शनाया- क्या है तुम इस तरह से दरवाजा को क्यों बजा रहे हो मई अभी स्नान कर रही हु स्नान करने के बाद दरवाजा खोलूंगी समझे इस लिए तुम चुप चाप जाकर बीएड पर बैठो मई स्नान कर के आ रही हु.

मई- (अपने आप में धीरे से बढ़ाते हुए बोलै) ये बोल तो ऐसी रही है की ये वाशरूम के दरवाजा खोलेगी तो मई अंदर जा कर इसको प्यार करने लगूंगा.

मुझे इस तरह से बड़बड़ाते हुए सुन कर शनाया बोली.

शनाया- क्या बोलै तुमने फिर से बोलो मुझे सही से कुछ सुनाई नहीं दिया.

शनाया के बात सुन कर मई हड़बड़ा गया और मन hi सोचा.

मई- (मन में) बच गया यार नहीं तो अगर ये सुन लेती को मैंने अभी क्या बोलै है तो ये मुझे अपने कमरे में सोने भी नहीं देती.

मुझे इस तरह से ख्यालो में खोया हुआ देख कर शनाया बोली.

शनाया- अब तुम कहा खो गए बताओगे भी की तुम दरवाजा क्यों पिट रहे थे और क्या बड़बड़ा रहे थे.

मई शनाया के बात सुन कर अपने होश में आया और हड़बड़ाते हुए बोलै.

मई- व्व्व वो वो मई मई क्या बोल रहा था है यद् आया मई ये बोल रहा था की तुम्हारे लिए मैंने कपडा मंगवा लिया है तुम ये कपडे लो और इसे पहन लो.

मेरी बात सुन कर शनाया थोड़ा सा दरवाजा खोली अपने अपने हाथ को बढ़ा दिया फिर मई बलदेव द्वारा लाये गए कपड़ो को शनाया के हाथ में पकड़ा दिया इसके बाद शनाया थोड़ी देर में कपडा पहन कर बहार आ गयी जब वो वाशरूम से बहार आयी तो मई भी वाशरूम में जा के फ्रेश हुआ और फिर शनाया से बोलै.

मई- शनाया तुम्हारी मम्मी मेरे पास बार बार कॉल कर रही है तुम एक बार उनसे बात कर लो.

शनाया- ठीक है लाओ फ़ोन दो मुझे.

फिर मई अपना मोबाइल शनाया को दे दिया तो शनाया कुछ देर पर अपनी माँ से बाटे करती रही फिर वो उनको समझा कर मेरे पास आयी और बोली.

शनाया- थैंक्स प्रतिक आज तुमने मुझे दो बार बचा लिया नहीं तो आज पता नहीं मेरे साथ क्या होता.

इतना बोल कर शनाया उदास हो गयी मई उसको इस तरह से उदास देख कर उससे बोलै.

मई- देखो शनाया तुम इस तरह से उदास मत रहा करो मुझे तुम्हारे हस्ते हुए चेहरा अच्छा लगता है न की ऐसे उदास चेहरा वैसे भी मेरे रहते हुए तुम्हे कोई भी नुकशान नहीं पंहुचा सकता है अगर कोई तुम्हे नुकशान पहुंचने की सोचा भी तो मई उसका समूल विनाश कर दूंगा समझी इस लिए अब अपने चेहरे से इस उदासी को हटाओ और थोड़ा सा मुस्कुरा दो.

मेरे बात को सुन कर शनाया मेरे तरफ प्यार से देखने लगी फिर वो कुछ सोचते हुए बोली.

शनाया- मई जानती हु प्रतिक की तुम्हारे रहते हुए मुझे कोई कुछ नहीं कर सकता और वैसे भी मई इस कारन से उदास नहीं हु बल्कि मई ये सोच सोच कर उदास हु की सुबह में मई उस कमीने विपिन ठाकुर से जिस पर्पस के लिए मीटिंग करने गयी थी वो तो हुआ नहीं अब मई अपने कंपनी को कैसे बचाऊंगा.

शनाया के बात सुन कर मई कुछ सोचते हुए बोलै.

मई- तुम उसके लिए भी टेंशन मत लो मई कुछ न कुछ जुगाड़ करता हु मई तुंहरे कंपनी की किसी भी हालत में डूबने नहीं दूंगा चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी क्यों न करना पड़े.

मेरी बात को सुन कर शनाया हैरान हो गयी फिर वो सीरियस चेहरे के साथ मुझे देखते हुए बोली.

शनाया- मई जानती हु प्रतिक की तुम मुझे इस तरह से उदास नहीं देखना चाहते हो इस लिए ऐसा बोल रहे हो लेकिन अभी मुझे जितने पैसो की जरुरत है वो बहुत ज्यादा है और तुम उतने पैसो की इंतेज़ाम नहीं कर सकते हो.

मई- क्यों नहीं कर सकता तुम मुझे बताओ की कितने पैसो की तुम्हे जरुरत है.

शनाया- मुझे 50 करोड़ की जरुरत है अब तुम मुझे बताओ की तुम इतने पैसो की इंतेज़ाम कर सकते हो जानते हो प्रतिक बड़ी बड़ी बाटे में किसी का कुछ नहीं जाता लेकिन अगर उसी बात को सच करना पद जाये तो बड़े बड़े धुरंधर की भी हालत ख़राब हो जाती है इस लिए मई तुम्हे बोल रही हु की तुम उतने पैसो की इंतेज़ाम नहीं कर सकते हो.

शनाया के बात सुन कर मई कुछ सोच में पद गया फिर मई कुछ सोचते हुए शनाया से बोलै.

मई- शनाया मेरे पास कुछ ऐसे दोस्त है जो तुम्हारी मदत कर सकते है रुको मई उनसे बात करता हु.

मेरी बात को सुन कर शनाया हैरान हो गयी और वो हैरानी से मुझसे बोली.

शनाया- क्या सच में वो लोग मेरी मदत कर सकते है.

मई- है वो लोग तुम्हारी मदत जरूर करेंगे रुको मई उनसे बात करता हु.

इतना बोल कर मई अपने फ़ोन से निधि को कॉल कर दिया और वह से बहार निकल गया.

मई- हैल्लो निधि सॉरी तुम्हे इस समय डिस्टर्ब करने के लिए.

निधि- अरे कोई बात नहीं प्रतिक तुम मुझे कभी भी कॉल कर सकते हो वैसे तुम इस समय किस लिए कॉल किया.

मई- दरअसल मुझे तुमसे एक बात करनी थी.

निधि- है बोलो न प्रतिक मई सुन रही हु.

मई- मई चाहता हु की तुम कल शनाया के कंपनी में जाओ और उसके कंपनी में 80 करोड़ रूपए इन्वेस्ट करो.

निधि मेरी बात को सुन कर चौक गयी और मुझे चौकते हुए मुझसे बोली.

निधि- 80 करोड़ लेकिन अभी मेरे पास इतने पैसे नहीं है (फिर कुछ सोचते हुए) ठीक है मई विशाल भाई से पैसे लेकर उस कंपनी में इन्वेस्ट कर दूंगा लेकिन क्या तुम मुझे बता सकते हो की तुम उस कंपनी में इतना पैसा क्यों इन्वेस्ट करवाना चाहते हो और वैसे ये शनाया है कोण.

मई- तुम्हे पैसो के बारे में सोचने की जरुरत नहीं है मई तुम्हारे अकाउंट में अभी 80 करोड़ ट्रांसफर कर दे रहा हु तुम बस उस कंपनी में इस पैसे को इन्वेस्ट कर दो और है इसमें कही भी मेरा नहीं आना चाहिए और है शनाया मेरी वाइफ है.

मेरी बात को सुन कर निधि हैरान हो गयी और उसे शनाया से जलन होने लगी फिर वो कुछ सोचते हुए बोली.

निधि- ठीक है मई कल उसके कंपनी में जाउंगी और तुमने जो मुझे पैसा दिया है उसे इन्वेस्ट कर दूंगी लेकिन तुम मुझे बताओ की इन्वेस्टमेंट के पेपर किसके नाम से रेडी करुँगी.

मई- तुम ये डील P&S कंपनी ऑफ़ फार्मा के तरफ से करोगी.

निधि- ठीक है.

इसके बाद मई कॉल कट देता हु और निधि के अकाउंट में 80 करोड़ ट्रांसफर कर देता हु और ये सरे पैसे मुझे विशाल ओबेराय ने दिया था मैंने स्टोन गैंबलिंग में जो स्टोन ख़रीदा था विशाल ने उन सरे स्टोन का एक कीमत लगा कर उसका 50 % विशाल ने मेरे अकाउंट में दाल दिया था.

मई निधि से बात करने के बाद शनाया के पास आया और उससे बोलै.

मई- शनाया अब इन्वेस्टमेंट के लिए चिंता मत करो मई किसी से इस बारे में बात किया है वो तुमसे कल तुम्हारे ऑफिस में मिलेगा और अगर तुम्हारी डील अच्छा रहा तो वो जरूर तुम्हारे कंपनी में इन्वेस्ट करेगा.

मेरी बात सुन कर शनाया खुस हो गयी और मुझसे बोली.

शनाया- थैंक्स प्रतिक मेरी इतनी बड़ी प्रॉब्लम को सोल्वे करने के लिए.

मई- अरे इसमें थैंक्स की क्या बात हुयी तुम मेरी वाइफ हो और अपनी वाइफ की मदत करना मेरा फ़र्ज़ है अब तुम इन सब बातो को छोडो और अपनी माँ से बात कर लो वो कब से फ़ोन कर रही है.

शनाया- ठीक है मुझे अपना फ़ोन दो मई बात करती हु.

इसके बाद मई अपना फ़ोन शनाया को दे दिया इसके बाद शनाया अपने माँ के पास कॉल की और बाटे करने लगी थोड़ी देर तक बाटे करने के बाद वो मेरे पास आयी और मुझसे बोली.

शनाया- वो घर पर शानवी आयी हुयी है इसी लिए माँ बार बार कॉल कर रही थी उन्होंने हमें जल्दी घर पर बुलाया है.

मई- ठीक है चलो चलते है.

इसके बाद मैंने बलदेव को कॉल कर के गाड़ी निकलने के लिए बोलै और फिर हम उस गाड़ी में बैठ कर घर के लिए निकल गए.

इधर गोरखनाथ को जब मेरे बारे में पता चल गया तब वो अपने एक महा प्रेत को मेरे बारे में साडी जानकारी निकलने को बोलै तो वो महा प्रेत करीब 2 घंटे में मेरी साडी जानकारी निकल कर तांत्रिक गोरखनाथ क्र पास आ गया ये देख कर गोरखनाथ ने उस महाप्रेत को बोलै.

गोरखनाथ- क्या हुआ तुम्हे उस लड़के बारे में पता चला या नहीं.

महाप्रेत- मुझे उसके बारे में साडी बाटे पता चल गया है मालिक वो लड़का अपने सास ससुर के घर पर घरजमाई बन कर रहता है लेकिन मई सिर्फ उस घर के बहार से hi पता लगा पाया क्युकी उस घर पर उसने एक सुरक्षा कवच लगा रखा है जिसके कारन मई अंदर नहीं जा पाया और मुझे ऐसा लग रहा है की उसने अपने फॅमिली के सरे मेंबर पर सुरक्षा कवच लगा रखा होगा.

महाप्रेत के बात सुन कर गोरखनाथ कुछ सोचने लगा और फिर वो खुस होते हुए बोलै.

गोरखनाथ- तो वो मेरे दर से अपने सरे परिवार पर सुरक्षा कवच लगा दिया है हम्म बहुत अच्छा वो अपने सुरक्षा कवच से सिर्फ मेरे गुलाम को hi रोक सकता है लेकिन वो मुझे कैसे रोकेगा मई एक एक कर के उसके सरे परिवार वालो को उससे छीन लूंगा और उनको अपना गुलाम बना लूंगा है है अब मजा आएगा आज मई बहुत दिनों बाद शहर में कदम रखूँगा मई आ रहा हु प्रतिक अगर बचा सको तो खुद को और अपने परिवार वालो को मुझसे बचा कर दिखाओ आ रहा हु मई.

इतना बोल कर गोरखनाथ अपना कुछ सामान लेता है और वह से निकल जाता है वही दूसरी तरफ रॉकी के फार्महाउस में हुए दमके के कारन वह पर बहुत साडी भीड़ जमा थी जिसमे पुलिस से लेकर न्यूज़ रिपोर्टर और दमकल भी था दमकल वाले आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे तो पुलिस वाले जाँच में लगे हुए थे की आखिर फार्महाउस में धमाका क्यों हुआ तो वही न्यूज़ रिपोर्टर वह पर न्यूज़ कवरेज कर रहे थे.

इधर भानुशाली परिवार के बंगले पर जतिन इस वक़्त अपने मोबाइल पर अपने एक गुंडे से बात कर रहा था और थोड़े घुसे में लग रहा था.

जतिन- क्या वो बच गया लेकिन ये कैसे हो गया तुम लोग इतने सरे आदमी हो कर भी एक मामूली आदमी को नहीं मर पाए.

गुंडा- बॉस वो कोई मामूली आदमी नहीं था वो हवा की तरह आया और 5 मिनट में hi मेरे सरे आदमी को मर डाला वो तो सुकर है की मई पीछे छिप गया था और उसकी नजर मुझ पर नहीं पड़ी नहीं तो आज मई भी जिन्दा नहीं बचता.

जतिन- (घुसे से) सेल मई तुम सब को खिला खिला कर संध इसी लिए नहीं बनाया की तुम लोग किसी के हाथो मरे जाओ तुम सब एक डैम बेकार हो और तू सेल कण खोल कर सुन ले मेरे सामने दिखना मत नहीं तो मई तुम्हे वही गोली मर दूंगा.

इतना बोल कर जतिन घुसे से अपने फ़ोन को वही पर पटक देता है और बोलता है.

जतिन- ये कैसे हो सकता है प्रतिक तो दिखने में एक डैम मामूली लगता है फिर वो कैसे मेरे भेजे हुए 30 आदमियों को अकेले मर सकता है (फिर कुछ सोचते हुए) हम्म मई तुम्हे कमजोर समझ कर गलती कर दिया तुमने जिस तरह से मेरे इतने सरे आदमियों को मारा है उससे तो मई एक बात समझ गया हु की तुम्हे ताकत से नहीं हराया जा सकता कोई बात नहीं अब मई तुम्हे ताकत से नहीं बल्कि दिमाग से हराऊंगा.

इतना बोल कर वो फिर से अपने फ़ोन को अपने हटो में लेता है और किसी को कॉल कार्ट्स है.

जतिन- हैल्लो रोबर्ट मई बो रहा हु जतिन.

रोबर्ट- है जतिन भाई बोलिये क्या काम आ गया इस मुझसे जो अपने मेरे पास कॉल किया है.

जतिन- मुझे एक आदमी को टपकना है और मई इस काम के लिए तुम्हे मुँह माँगा इनाम दूंगा बोलो तुम्हे कितने पैसे चाहिए.

रोबर्ट- भाई मुझे उसके बारे में पूरी जानकारी चाहिए इसके बाद hi मई आपको पैसो के बारे में बताऊंगा.

जतिन- उसका नाम प्रतिक है और सायद वो एक हाई लेवल के मार्टिकल आर्टिस्ट है तुम्हे ये काम बहुत सावधानी से करना होगा तुम कर लोगे न ये काम.

रोबर्ट- आप बेफिक्र रहो भाई आज तक मेरे द्वारा चलायी गयी गोली से कोई नहीं बचा है मई आपका काम जरूर करूँगा लेकिन उसके लिए मुझे 5 करोड़ चाहिए.

रोबर्ट- तुम पैसो की चिंता मत करो तुम्हे पैसे मिल जायेंगे लेकिन मुझे किसी भी कीमत पर वो आदमी मारा हुआ चाहिए मई तुम्हे अभी एडवांस के रूप में 2 करोड़ ट्रांसफर कर रहा हु बाकि काम होने के बाद दूंगा.

रोबर्ट- ठीक है भाई आपका काम हो जायेगा.

इतना बोल कर रोबर्ट कॉल कट कर देता है थोड़ी देर बाद उसके मोबाइल पर 2 करोड़ क्रेडिट होने का मस्सगे आ जाता है और और साथ में मेरा एक फोटो भी आ जाता है जिसे देख कर रोबर्ट मुस्कुराते हुए बोलता है.

रोबर्ट- बचे बहुत जी लिए तुम अब तुम्हारे मरने का समय आ गया है क्युकी आज तक इस शार्प शूटर रोबर्ट से कोई नहीं बच पाया है आज तक मई जिसका भी सुपारी लिया हु वो दूसरे दिन का सूरज नहीं देख पाया है.

इधर जतिन रोबर्ट से बात करने के बाद जैसे hi कॉल कट करता है वैसे उसके बॉडीगार्ड भागते हुए उसके पास आता है और उससे बोलता है.

बॉडीगार्ड- सर एक बुरी खबर है.

बॉडीगार्ड के बात सुन कर जतिन भायखला जाता है और अपने आप से बोलता है.

जतिन- पता नहीं आज सबको क्या हो गया है जो भी आ रहा है बस बुरी खबर hi सुना रहा है (फिर बॉडीगार्ड पर छीलते हुए) अब खड़े खड़े मेरा मुँह देखते रहोगे या बताओगे भी की क्या बुरी खबर लाये हो.

जतिन के बात सुन कर बोडीगॉड डरते डरते बस इतना hi बोल पता है.

बॉडीगार्ड- सर वो रॉकी सर..

बॉडीगार्ड के बात सुन कर जतिन घबरा जाता है और घबराते हुए बोलता है.

जतिन- क्या हुआ रॉकी को तुम ऐसे चुप क्यों हो गए बताओ मुझे क्या हुआ है रॉकी को.

जतिन के बात सुन कर बोडीगॉड डरते हुए बोलता है.

बॉडीगार्ड- आप खुद hi देख लीजिये सर.

इतना बोल कर बोडीगॉड वही पर लगे हुए टीवी को ों कर के एक न्यूज़ चैनल लगा देता है न्यूज़ चैनल में आकर बोल रही थी.

न्यूज़ आकर- नमस्कार आज दिन भर के बड़ी ख़बरों में आपका स्वागत है मई हु आपकी मानसी आज मई अभी सहर के मशहूर बिज़नेस मन नागेंद्र भानुसाली जी के फार्महाउस पर मौजूद हु नागेंद्र भानुसाली के फार्महाउस में अभी अभी एक भयानक धमाका हुआ है और ये फार्महाउस धु धु कर के जल रहा है पुलिस इस छानबीन में लगी हुयी है की आखिर ये धमाका हुआ कैसे क्या ये धमाका गैस स्लेंडर फटने से हुआ है या फिर ये किसी तरह का आतंकी हमला है अभी अभी शूटरों से मुझे पता चला है की आज रत नागेंद्र भानुसाली के छोटा बीटा रॉकी भानुसाली अपने कुछ दोस्तों के साथ यहाँ पार्टी कर रहे थे तो जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चला है उनकी खोज बिन चालू जैसे इस बारे में कोई नयी अपडेट मिलती है तो मई वो आप तक पंहुचा दूंगी आप देख रहे है हंगामा न्यूज़ और मई हु मानसी कमरा मन आसिष के साथ.

जैसे hi जतिन उस न्यूज़ को देखता है उसकी हालत hi ख़राब हो जाती है वो अपने आप में hi बड़बड़ाने लगता है.

जतिन- ये कैसे हो सकता हमारे फार्महाउस में धमाका कैसे हो सकता है और वैसे भी आज तो रॉकी सोल्लगे के मटर को निपटने गया था तो वो फार्महाउस पर कैसे पंहुचा कही इस फार्महाउस में जो धमाका हुआ है वो सोल्लगे से hi तो रिलेटेड नहीं है (फिर कुछ सोचते हुए) अगर ऐसा हुआ और उसमे मेरे भाई को कोई नुकशान हुआ तो मई पुरे सोल्लगे को शमसान में बदल दूंगा अगर मेरे भाई को कुछ भी हुआ तो मई किसी को जिन्दा नहीं छोडूंगा.

जतिन इतना बोल कर अपने जगह से उठ कर भागते हुए एक रूम के पास जाता है और उसे जोर जोर से पीटने लगता है और बोलता है.

जतिन- डैड डैड दरवाजा खोलिये एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो गयी है.

जतिन के बोलने के थोड़ी देर बाद दरवाजा खुलता है और उसमे से एक मिडिल आगे आदमी बहार आता है ये आदमी और कोई नहीं बल्कि नागेंद्र भानुसाली था जतिन और रॉकी के बाप नागेंद्र दरवाजे को खोलने के बाद थोड़ी तेज़ आवाज में जतिन से बोलता है.

नागेंद्र- तुम इस तरह से दरवाजा क्यों पिट रहे हो तुम्हे पता है न की अभी समय क्या हो रहा है और ये समय मेरे रेस्ट करने का होता है.

नागेंद्र के बात सुन कर जतिन थोड़ा दर जाता है क्युकी नागेंद्र भानुसाली का एक नियम था की अगर कोई उनको रेस्ट करते समय परेशां करता था तो वो उसे कड़ी सजा देते थे.

जतिन- व्व्व मुझे पता है डैड लेकिन बात hi कुछ ऐसी है की मुझे आपको डिस्टर्ब करना पड़ा.

जतिन के बात सुन कर नागेंद्र थोड़ा संत होता है और जतिन से बोलता है.

नागेंद्र- है बताओ क्या हुआ तुम इतना परेशां क्यों हो.

जतिन- डैड हमारे फार्महाउस में धमाका हुआ है और हमारा फार्महाउस पूरी तरह से जल कर तबाह हो गया है.

जतिन के बात सुन कर नागेंद्र हैरान हो गया और वो उसी हैरानी में बोलै.

नागेंद्र- क्या लेकिन ये कैसे हुआ और कब हुआ और वह पर हमारा कोई आदमी तो नहीं था न किसी को उससे कोई नुकशान तो नहीं हुआ है न.

नागेंद्र के बात सुन कर जतिन थोड़ा उदास हो गया और फिर वो उदासी से बोलै.

जतिन- डैड दरअसल बात ऐसी है की वह पर रॉकी और कुछ उसके साथी भी थे जिनका अब तक कोई पता नहीं चला है.

नागेंद्र को जतिन के बात सुन कर एक जोर का झटका लगा क्युकी वो रॉकी से बहुत प्यार करता था वो धाम से अपने अपने बीएड पर गिर गया फिर वो घुसे से जतिन से बोलै.

नागेंद्र- उसको भी आज hi अपने दोस्तों के साथ वह पर पार्टी करनी थी चलो हमें भी वह पर चल कर देखना चाहिए और है रॉकी वह पर क्यों था मुझे इसकी भी साडी जानकारी चाहिए क्युकी फार्महाउस में जो भी हुआ है वो आकस्मित नहीं हुआ है ये जरूर किसी का किया हुआ है इस लिए तुम मुझे सच सच बताओ की आखिर रॉकी वह पर कर क्या रहा था.

नागेंद्र के बात सुन कर रॉकी बहुत दर गया अगर वो रॉकी के बारे में सब बता देते तो नागेंद्र उसे छोड़ता नहीं लेकिन वो कर भी क्या सकता था इस लिए उसने सब कुछ सच सच बताने के बारे में सोचने लगा.

जतिन- वो डैड बात ऐसी है की...

फिर जतिन ने रॉकी सोल्लगे में क्या किया और फिर रॉकी के साथ क्या हुआ सब नागेंद्र की बताते चला गया उसने ये भी बता दिया की आज रॉकी ने शनाया को किडनैप करने का प्लान बनाया था उसने जब सब कुछ नागेंद्र को बता दिया तो नागेंद्र घुसे से एक तपाद जतिन को मरता है और बोलता है.

नागेंद्र- उसके साथ इतना कुछ हो गया और तुम दोनों मुझे बताना भी सही नहीं समझा आज जो भी फार्महाउस में हुआ है मुझे लग रहा है की उसी लड़की के कोई चाहने वाला किया है और मुझे लग रहा है शायद अब रॉकी हमारे बिच....

इतना बोलते बोलते नागेंद्र के आँखों में आंसू आ गया फिर वो अपने आंसू को पोछते हुए बोलै.

नागेंद्र- चलो अभी हमें फार्महाउस के लिए निकलना होगा और है तुमने अभी बताया न की उस लड़की के साथ एक लड़का भी था तो तुम उस लड़के के बारे में साडी जानकारी निकालो मुझे कही न कही ऐसा लग रहा है की इस कांड में उस लड़के का हाथ हो सकता है.

जतिन- ठीक है डैड.

इतना बोल कर जतिन किसी को कॉल किया और मेरे बारे में साडी जानकारी निकलने को बोल दिया इसके बाद वो अपने गररगे से गाड़ी निकला और दोनों बाप बेटे अपने कुछ बॉडीगार्ड के साथ फार्महाउस के लिए निकल गए थोड़ी देर बाद जब वो लोग फार्महाउस पर पहुंचे तो देखा की दमकल वालो ने आग पर काबू पा लिया था और पुलिस वाले वाला पर इन्वेस्टीगेशन कर रहे थे और उनके साथ में फॉरेंसिक वाले भी थे करीब आधे गंदे तक जाँच करने के बाद सरे लोग वह से बहार निकल गए उन सबको बहार आता हुआ देख कर नागेंद्र तुरंत hi वह पर गया और बोलै.

नागेंद्र- सर ये फार्महाउस मेरी है और इस फार्महाउस में मेरा छोटा बीटा अपने दोस्तों के साथ नाईट को पार्टी करने आया था क्या उसका कुछ पता चला.

नागेंद्र के बात सुन कर पुलिस इंस्पेक्टर आगे आया और बोलै.

इंस्पेक्टर- सर हमें वह पर बहुत साडी जाली हुयी बॉडी मिली है वो इतनी बुरी तरह से जल गयी है की उन्हें पहचाना भी मुश्किल है इस लिए अभी बताना मुश्किल है की इसमें आपका बीटा था या नहीं वैसे आप बता सकते है की आपका बीटा यहाँ पर इतने सरे लोगो के साथ कोण सी पार्टी कर रहा था क्युकी अंदर में करीब 80 लोगो की जाली हुयी बॉडी मिली है.

उस पुलिस इंस्पेक्टर के बात सुन कर नागेंद्र हड़बड़ा गया और फिर वो खुद को संत करते हुए बोलै.

नागेंद्र- ये आप कैसे बात कर रहे हो इंस्पेक्टर साहब ये मुझे कैसे पता होगा की वो यहाँ पर इतने सरे आदमियों के साथ क्या कर रहा था वो तो हमें बोलै था की वो फार्महाउस पर पार्टी करने जा रहा है और आज वो यही पर रुकेगा.

नागेंद्र के बात सुन कर वो पुलिस इंस्पेक्टर एक बार उसे घर कर देखा और उनसे बोलै.

नागेंद्र- मई उम्मीद करता हु की आपका बात साहू हो नहीं तो आप भी जानते है की कानून का हाथ कितना लम्बा होता है.

इंस्पेक्टर के बात सुन कर नागेंद्र को उस पर बहुत गुसा आया और घुसे से बोलै.

नागेंद्र- आप ये कैसी बाटे कर रहे हो यहाँ मेरा बीटा लापता है और आप मुझे धमकी दे रहे हो (फिर खुद को संत करते हुए बोलै.) आप अच्छे से जाँच कीजिये मुझे भी ये पता करना है की आखिर यहाँ पर हुआ क्या था और मेरे फार्महाउस में ये आगे कैसे लगी.

इंस्पेक्टर- यहाँ पर हुआ क्या था ये तो मई नहीं जनता लेकिन यहाँ पर ये आगे कैसे लगा ये मुझे पता चल गया है.

जतिन- ये आग कैसे लगी थी सर.

इंस्पेक्टर- ये आग गैस स्लेंडर फटने के कारन लगी है अब मुझे ये पता करना है की ये गड स्लेंडर अपने आप फटा है यार फिर कोई जान भुज कर इस गैस स्लेंडर के साथ छेड़खानी की है ठीक है अब आप लोग जा सकते है हम कल आपको पूरी रिपोर्ट दे दूंगा.

इतना बोल कर वो इंस्पेक्टर सरे लाशो को गाड़ी में रखवाता है और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज देता है.

इधर मई और शनाया घर के मैं गेट पर पहुंच गए थे फिर शनाया ने घर के दुर्बल बजाय तो थोड़ी देर बाद घर का दरवाजा खुला और दरवाज़ा खोलने वाला शक्श भागते हुए आयी और शनाया के गले लग गयी दरवाजा खोलने वाला शक्श कोई और नहीं बल्कि शानवी थी.

शानवी- ी मिस यू डीडू आप अभी तक कहा थी मई कब से आपका वेट कर रही हु.

शानवी को इस तरह से गले लग कर उससे शिकायत करते हुए देख कर शनाया के चेहरे पर मुस्कान आ गया और वो मुस्कुराते हुए बोली.

शनाया- ी मिस यू तू मेरी जान मेरी छोडो तुम बताओ तुम कैसी हो और हॉस्टल से कब आयी.

शानवी- मई तो हॉस्टल से शाम में hi आ गयी थी और आपका वेट कर रही थी लेकिन पता नहीं आप कहा थी और तो और आपका फ़ोन भी नहीं लग रहा था.

शनाया- वो मेरे सोल्लगे में कुछ प्रॉब्लम हो गयी है इसी लिए मई और तुम्हारे जीजू दोनों वही गए थे और मेरा फ़ोन भी वही पर कही गिर गया इस लिए शायद तुम्हारा कॉल नहीं लग रहा होगा.

ये लोग को ऐसे hi गेट ओर खड़े हो कर बात करता देख कर मई आगे बढ़ा और शनाया से बोलै.

मई- तुम दोनों को यही गेट पर hi खड़े खड़े बात करना है या फिर अंदर भी चलोगी.

मुझे उन दोनों बहनो के बिच बोलना शायद शानवी को अच्छा नहीं लगा इस लिए वो बिना मेरे तरफ देखे hi बोलने लगी.

शानवी- हे मिस्टर आपको किसने हक़ दिया मेरे और डीडू के बिच बोलने की और वैसे भी हम गेट पर बात करे या अंदर उससे आपको क्या आप जाइये अपना काम कीजिये समझे.

इतना बोल कर शानवी मेरे तरफ देखने लगी और जैसे hi उसकी नजर मुझ पर पड़ी वो हैरान हो गयी और चौकते हुए जोर से चिलायी.

शानवी- आप.... आप यहाँ क्या कर रहे है.

शानवी को इस तरह जोर से छीलते हुए देख कर मई मुस्कुराने लगा मुझे पहले से hi पता था जब पहली बार शानवी मुझे अपने घर में देखेगी तो कही न कही उसका रिएक्शन ऐसा hi होगा लेकिन ये बात शनाया को मालूम नहीं था वो इस तरह से शानवी को चिलाती हुयी देख कर वो हैरान हो गयी और शानवी से बोली.

शनाया- तुम प्रतिक को देख कर ऐसे चिलायी क्यों और इस तरह से उसे देख कर हैरान क्यों हो गयी क्या तुम दोनों पहले भी एक दूसरे को जानते हो.

शनाया के बात सुन कर शानवी उसे कुछ बोलने hi वाली थी की तभी मई अपने गर्दन को न में हिला कर उसे इशारा किया तो शानवी मेरे इशारे को समझते हुए बोली.

शानवी- है मई इन्हे पहले से जानती हु इन्होने मुझे कुछ बुरे लोगो से बचाया था.

शानवी के बात सुन कर शनाया हैरान हो गयी थी फिर वो खुद को सँभालते हुए मुझसे बोली.

शनाया- थैंक यू प्रतिक तुमने मेरी बहन की जान बचाई तुम नहीं जानते की मई अपनी बहन से कितना प्यार करती हु अगर इसे कुछ हो जाता तो पता नहीं मई क्या कर बैठती.

इधर मई शानवी के बात को सुन कर अपने मन hi मन उसकी तारीफ करने लगा की वो कैसे अपनी बहन से झूठ भी नहीं बोली और सचाई भी नहीं बताया फिर शनाया के बातो का जबाब दिया.

मई- तुम भी ये कैसी बात कर रही हो शनाया अगर शानवी तुम्हारी बहन है तो मेरी कुछ भी लगती क्या वो भी तो मेरी अपनी hi है इसलिए उसे बचाना तो मेरा फ़र्ज़ था.

शनाया मेरी बात सुन कर मुस्कुराने लगी तो वही शानवी को एक ग़लतफ़हमी हो गयी की मई उसे अपना बोल रहा हु इसका मतलब मई भी उससे प्यार करता हु और ये सोच कर वो मन hi मन ब्लश करने लगी फिर वो खुद को ठीक करते हुए शनाया से बोली.

शानवी- अपने मुझसे तो पूछ लिया लेकिन आप मुझे ये नहीं बताई की ये यहाँ पर आपके साथ क्या कर रहे है और आप इन्हे कैसे जानती है.

शानवी की बात सुन कर मई और शनाया मुस्कुराने लगे फिर शनाया मुस्कुराते हुए बोली.

शनाया- तुम ये कैसी सवाल पूछ रही हो शानवी मई भला अपने पति को क्यों नहीं जानूँगी.

शानवी के बात सुन कर शानवी के दिल धक् से रक् के रह गया उसको कही न कही मुझको को यहाँ पर देख कर ऐसा लगा था की मई उसका जीजू हो सकता है लेकिन वो ये बिस्वास करना नहीं चाहती थी लेकिन जब शनाया ने उसे ये बोलै तो जैसे उसके सरे अरमानो पर पानी फिर गयी उसे बिस्वास hi नहीं हो रहा था की जिससे उसे वो अपना पहला प्यार शमझ रही थी वो उसी के बड़ी बहन का हस्बैंड निकला इस लिए वो उदास होते हुए बोली.

शानवी- क्या तुम सच बोल रही हो दी ये प्रतिक तुम्हारे हस्बैंड है क्या यही हमारे जीजू है.

शनाया- है शानवी भला मई तुमसे झूठ क्यों बोलूंगी प्रतिक hi मेरस पति है समझी अब बहुत हो गयी दरवाजे पर बात चलो अब हम अंदर चलते है.

इसके मई मई और शनाया घर के अंदर आ गए जहा पर पुस्पा और अजय दोनों हमारा इंतज़ार कर रहे थे इधर शानवी घर के अंदर आने के बाद तुरंत अपने रूम में चली गयी उसको अपने रूम में जाते हुए सरे लोग देखे लेकिन उसकी आँखों से निकलते आंसू को कोई भी नहीं देखा इधर पुस्पा शनाया को देख कर जल्दी से उसके पास आयी और उसे गले लगते हुए बोली.

पुस्पा- तुम ठीक तो हो न बेटी तुम्हे कुछ हुआ तो नहीं है न.

शनाया- नहीं माँ मई ठीक हु भला मुझे क्या होगा.

शनाया के बात सुन कर पुस्पा थोड़ी रहत के साँस ली और बोली.

पुस्पा- जब तुम्हारा मोबाइल बंद आ रहा था और इस निकम्मे ने मेरी कॉल रिसीव नहीं की तो तुम जानती हो मई कितना घबरा गयी थी मुझे लगा की कही तुम दोनों को कुछ हो तो नहीं गया.

पुस्पा माँ के मुँह से आज ऐसी फिक्र वाली बात सुन कर मुझे बहुत अच्छा लगा और मई ये समझ गया की पुस्पा माँ भले hi ऊपर से कितना भी कठोर क्यों न हो वो अंदर से बहुत नरम दिल इंसान है आज उन्होंने पहली बार शनाया के साथ साथ मेरी भी फिक्र किया था इधर शनाया अपनी माँ के बात सुन कर बोली.

शनाया- माँ वो मेरा मोबाइल कही गिर गया था इस लिए आपका कॉल नहीं लग रहा होगा और प्रतिक के मोबाइल मेरे पास था और वो साइलेंट मोड में था इस लिए पता नहीं चला.

अजय- भगवन का शुक्र है की तुम दोनों ठीक हो चलो जाओ और खाना खा कर रेस्ट करो.

शनाया- जी डैड.

इसके बाद मई और शनाया खाना खाया और अपने रूम में चला गया रूम में जाने के बाद मई सोफे पर सोने के लिए जाने लगा तो शनाया मुझसे बोली.

शनाया- तुम्हे अब उस सोफे पर सोने की जरुरत नहीं है तुम मेरे साथ बीएड शेयर कर सकते हो लेकिन यद् रखना की तुम मुझे टच नहीं करोगे और है मई पिलो से एक बाउंड्री बनाउंगी तुम उसे मेरे इजाजत के बिना पर नहीं करोगे.

शनाया के बात सुन कर मुझे यकीं hi नहीं हुआ की वो खुद मुझे अपने साथ बीएड शेयर करने के लिए बोल रही है फिर मई खुस होते हुए मन hi मन बोलै.

मई-( मन में ) वाओ आज मई शनाया के साथ बीएड शेयर करूँगा भले hi मई एक कोने में पड़ा रहूँगा लेकिन उसके साथ एक बीएड पर तो सो पाउँगा आज वो मुझे अपने बीएड पर जगह दी है तो जरूर मई एक दिन उसके दिल में भी अपने लिए जगह बना लूंगा.

इसके बाद मई शनाया के साथ बीएड को शेयर किया और एक तरफ हो कर सोने की कोशिश करने लगा लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी क्युकी मई आज शनाया के साथ बीएड शेयर कर के बहुत hi ज्यादा एक्सीटेंड था वही हल शनाया का भी था उसे भी नींद नहीं आ रही थी ऐसे hi करीब 2 घंटे बाद दोनों को नींद आया और दोनों सो गए.

इधर शानवी अपने रूम में जाने के बाद फुट फुट कर रोने लगी और रट रट बोले जा रही थी.

शानवी- (रट हुए) आखिर ये मेरे hi साथ क्यों हुआ क्यों मुझे एक ऐसे आदमी से प्यार हुआ जो की एक सदी सुदा इंसान है भगवन तुम ये मेरे साथ क्या खेल खेल रहे हो क्यों मुझे उससे प्यार हुआ अब मई अपने दिल को कैसे मनौ की वो किसी और का है (फिर वो रट हुए hi कुछ सोचने लगी और वो सोचते सोचते मुस्कुराने लगी) प्रतिक को तो इस घर में कोई पसंद नहीं करता और मुझे ऐसा लगता है की शायद शनाया दी भी उसे पसंद नहीं करती अगर ऐसा है तो ये मेरे लिए बहुत अच्छा है मई किसी तरह से दोनों को अलग कर दूंगा फिर प्रतिक को मेरा होने से कोई नहीं रोक सकता है लेकिन अगर सच में दीदी उससे प्यार करती होंगी तो मई क्या करुँगी (फिर कुछ सोचते हुए बोली) नहीं ऐसा नहीं होगा वो प्रतिक से प्यार नहीं करती होंगी अगर वो सच में प्रतिक से प्यार करती होंगी तो मई किसी भी तरह से उन दोनों के बिच में दरार ले आउंगी और फिर प्रतिक मेरा होगा.

इतना बोलने के बाद शानवी के चेहरे पर एक डेविल मुस्कान आ गयी और फिर वो अपने बीएड पर सो गयी.

इधर रोबर्ट को जब जतिन ने मेरे फोटो और 2 करोड़ रुपया भेजा तो वो तुरंत इंडिया के लिए निकल गया और इंडिया आने के बाद अपने कुछ आदमियों को मेरे बारे में साडी जानकारी निकलने के लिए बोल दिया और फिर उसके आदमी भी मेरे बारे में जानकारी निकलने में लग गए और करीब 2 घंटे बाद उसके आदमी मेरे बारे में साडी जानकारी निकल कर रोबर्ट को बता दिया इसके बाद रोबर्ट ने अपने एक आदमी को मेरे ऊपर नजर रखने के लिए बोल दिया.

दूसरे दिन सुबह उठ कर मई ध्यान लगाया और फिर सबके लिए नास्ता रेडी किया और फिर शनाया को बोल कर की मई बहार जा रहा हु और घर से बहार निकल गया इसके बाद मैंने एक तस्य को रुकवाया और उसमे बैठ कर सिंघानिया मेन्शन के लिए निकल गया इधर मुझे घर से निकलते हुए देख कर वो आदमी वो रोबर्ट को कॉल कर के बोल दिया की मई घर से निकल गया हु.

इधर अभी मई घर से कुछ दूर hi आया था तभी एक ऑटो वाला और एक बाइक वाला आपस में भी गए और वह पर एक एक्सीडेंट हो गया इसके बाद वह पर लोगो के भीड़ जमा होना सुरु हो गया जिसके कारन पुरो रोड hi ब्लॉक हो गया रोड को ब्लॉक देख कर मई तस्य के गेट खोल कर बहार निकला तो मुझे ऐसा लगा की कोई मुझ पर बाजार रखे हुए है इस लिए मई इधर उधर देखने लगा तभी मुझे खतरे का आभास हुआ और मई एक तरफ मुद गया जैसे hi मई मुदा तो मेरे कण के बगल से होते हुए एक गोली निकली और जा कर तस्य के शीशे से टकरा गया ये देख कर मई हैरान hi गया इधर जब मई उस गोली से बच गया तो ये देख कर रोबर्ट भी हैरान हो गया और वो फ़्रस्ट्रेशन में बोलै.

रोबर्ट- ये कैसे हो सकता है आज तक कभी भी मेरी गोली मिस नहीं हुयी लेकिन आज कैसे हो गया कोई बात नहीं ये एक गोली से तो बच गया लेकिन दूसरे गोली से कैसे बचेगा आज ये जरूर मरेगा.

इतना बोलने के बाद वो फिर से अपने स्नाइपर गन को रीलोड किया और मुझ पर फायर कर दिया.

इधर मई अभी उस हादसे से हैरान hi था की तभी फिर से मुझे खतरे का एहसास हुआ तो मई फिर से एक साइड हो गया और रोबर्ट की गोली फिर से मिस हो गया ये देख कर रोबर्ट भायखला गया क्युकी उसका आज तक एक भी गोली मिस नहीं हुआ था और यहाँ उसकी 2 गोली मिस हो गया था.

इधर कुछ देर लगा मुझे ये समझने में की कोई छुप कर मुझे मरने के लिए गोली चला रहा है जैसे hi ये बात मुझे समझ में आया मई तुरंत hi अलर्ट हो गया और अपने स्प्रिचैल एनर्जी और योगिक एनर्जी को चारो तरफ फैला दिया जिससे मुझे पता चल गया की जो आदमी मुझ पर गोली चला रहा है वो सामने वाले बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर है मुझे जैसे hi ये बात पता चला मई तुरंत अपने जेब से एक सिल्वर नीडल को निकला और अपने स्प्रिचैल एनर्जी से उस आदमी के तरफ फेक दिया मेरे स्प्रिचैल एनर्जी के कारन वो नीडल किसी गोली से भी तेज़ गति से रोबर्ट के पास पहुंच गया और वो अभी संभल पता उससे पहले hi वो नीडल उसके सर के पर हो गया और वो वही पर मर गया.

इधर मई उस नीडल से रोबर्ट के ऊपर हमला करने के बाद मई इधर उधर देखा तो देखा की किसी की नजर मेरे ऊपर नहीं है तो मई तुरंत hi गायब हो कर उस बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर पहुंच गया और वह जा कर देखा की रोबर्ट मेरे नीडल के लगने से मर गया था फिर मई वह पर आस पास देखा तो मुझे एक स्नाइपर गन और रोबर्ट के अलावा वह पर कुछ नहीं मिला.

जब मुझे वह पर कुछ भी नहीं मिला तो मई वह से जाने लगा तभी मुझे एक फ़ोन के घंटी की आवाज सुनाई दी जिसे सुन कर मई वही रुक गया और फिर उस फ़ोन को ढूंढने लगा थोड़ी देर ढूंढने के बाद मुझे वो फ़ोन रोबर्ट के पॉकेट में मिला फिर मई उस फ़ोन को निकल कर देखने लगा तो पाया की उस फ़ोन पर कलर नाम में जतिन का नाम दिख रहा था तो फिर मई तुरंत hi कॉल को रिसीव कर लिया और अपने कण में लगा लिया तभी उधर से जतिन का आवाज सुनाई दिया.

जतिन- क्या हुआ काम हुआ या नहीं तुमने प्रतिक को मारा या नहीं.

जतिन के बात सुन कर मई मुस्कुराने लगा और फिर मुस्कुराते हुए बोलै.



मई- प्रतिक को मरना इतना भी आसान नहीं है तुमने जिसे भी मुझे मरने के लिए भेजा था वो सब मरे गए है तुमने बहुत कोशिश कर ली मुझे मरने की लेकिन अब तुम्हारी बरी है बचा सको तो खुद को बचा लो मुझसे मई बहुत जल्द मई तुम्हारे पास आने वाला हु.
 
अपडेट 30

थे कांस्पीरेसी

गोरखनाथ जंगल से निकल कर सीधा सहर में आ गया और वो अभी एक मेन्शन के सामने खड़ा था तभी वह पर एक गॉर्ड आया और गोरखनाथ से पूछा.

गॉर्ड- है जी आपको किस्से मिलना है.

गॉर्ड के बात सुन कर गोरखनाथ उसे एक बार घर कर देखा और फिर उससे बोलै.

गोरखनाथ- तुम इस घर के मालिक से बोलो की बाबा गोरखनाथ आये है और वो दरवाजे पर इंतज़ार कर रहे है.

जैसे hi उस गॉर्ड ने गोरखनाथ का नाम सुना तो वो दर से थार थार कपङे लगा और वो तुरंत मुद कर अंदर भगा वो गॉर्ड तांत्रिक गोरखनाथ के नाम अपने मालिक से सुन रखा था और वो ये भी जनता था की गोरखनाथ कितना खतरनाक है अगर उसको थोड़ा भी गुसा आता है तो वो सामने वाले को जला कर रख कर देता है इस लिए वो दर से कपङे लगा था और तुरंत अपने मालिक को बुलाने के लिए अंदर की तरफ भगा.

इधर नागेंद्र भानुसाली और जतिन भानुसाली उदास बैठे हुए थे क्युकी वो कल रत से रॉकी को बहुत ढूंढने की कोशिश की लेकिन वो उन्हें कही नहीं मिला तो वो समझ गए थे की अब रॉकी इस दुनिया में नहीं रहा सायद वो भी उस आग में जल कर मारा गया उन्हें समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे तभी नागेंद्र भानुसाली अपने जगह से खड़े हुए और बोले.

नागेंद्र- हमने रॉकी को बहुत जगह धुंध लिया लेकिन वो हमें कही भी नहीं मिला मुझे लगता है की रॉकी उसी आग में जल गया है इसलिए इतना ढूंढने के बाद भी नहीं मिल रहा है अगर हमें ये पता लगाना है की उसके साथ क्या हुआ है तो हम उनकी मदत लेनी hi होगी.

जतिन- डैड इसमें हमारा मदत कोण करेगा कोण है वो ये सब जानकारी निकल सकता है.

नागेंद्र- मई जिनके बारे में बात कर रहा हु वो बहुत बड़ा तांत्रिक है उनसे कुछ भी नहीं छुप सकता कल फार्महाउस में जो भी हुआ होगा वो अपने तांत्रिक बिधि से सब जान जायेंगे.

नागेंद्र के बात सुन कर जतिन हैरान हो गया उसे तो बिस्वास hi नहीं हो रहा था की कोई ऐसा आदमी भी हो सकता है जो इस ज़माने में भी तांत्रिक क्रिया करता हो जतिन अपने हैरानी को काबू करते हुए बोलै.

जतिन- वो कोण है पिता जी जो अपने तांत्रिक बिधि से ये सब जानकारी हमें दे सकते है.

नागेंद्र- वो है बाबा गोरखनाथ हमें उनसे मिलके के लिए जाना होगा.

अभी ये लोग आपस में बात hi कर रहे थे की तभी एक गॉर्ड भागते हुए आया और बोलै.

गॉर्ड- मालिक मालिक वो दरवाजे पर बाबा गोरखनाथ आये हुए है और वो आपसे मिलने के लिए बोल रहे है.

जी है दोस्तों वो मेन्शन नागेंद्र भानुसाली का hi था और यहाँ गोरखनाथ नागेंद्र भानुसाली से hi मिलने के लिए आया था जब नागेंद्र और जतिन ने सुना की बाबा गोरखनाथ खुद वह पर उनसे मिलने आये है तो दोनों हैरान हो गए फिर कुछ देर बाद दोनों अपने हैरानी को काबू करते हुए दरवाजे की तरफ भागे जब वो दरवाजे पर पहुंचे तो अपने सामने गोरखनाथ को खड़ा देख कर नागेंद्र तुरंत अपने घुटनो पर आ गया और उसके देखा देखि जतिन भी अपने घुटनो पर आ गया इसके बाद नागेंद्र गोरखनाथ से बोलै.

नागेंद्र- गुरु जी के चरणों में इस नाचीज का प्रणाम.

गोरखनाथ- सदा खुस रहो.

नागेंद्र- गुरु जी आप इस नाचीज के दरवाजे पर आने का कास्ट क्यों किये आप मुझे बुला लिया होता.

गोरखनाथ- वो सब छोडो तुम मुझे ये बताओ की तुम्हारे घर में ये मौत का मातम क्यों छाया है क्या किसी को कुछ हुआ है क्या.

नागेंद्र- जी बाबा मेरा छोटा बीटा कल शाम से लापता है आप एक काम कीजिये पहले आप अंदर चलिए फिर मई आपको सब कुछ बताता हु.

गोरखनाथ- ठीक है चलो.

इसके बाद नागेंद्र और जतिन गोरखनाथ को ले कर अपने गेस्ट रूम में गए और अपने नौकर को बोल कर कुछ खाने पिने का सामान लेन के लिए बोले इसके बाद नागेंद्र ने उसके साथ जो भी कल से हो रहा था सब गोरखनाथ को बता दिया नागेंद्र के बात सुन कर गोरखनाथ ने बोलै.

गोरखनाथ- हम्म तो तुम दोनों को उसका पता लगाना है ठीक तुम उसका एक कपडा ले कर आओ मई तुम्हे पता लगा कर बता देता हु.

गोरखनाथ के बात सुन कर नागेंद्र तुरंत जतिन से रॉकी के कपडा लेन के लिए बोलै अपने बाप के बात सुन कर जतिन तुरंत रॉकी के कमरे में गया और थोड़ी देर में रॉकी के एक कपडा ले कर गेस्ट रूम में आ गया और उसे गोरखनाथ को दे दिया.

गोरखनाथ ने रॉकी के कपडे को अपने हाथ में पकड़ा और अपने आँख को बंद कर के ध्यान में कुछ मंत्र बढ़ने लगा फिर उसे ध्यान में एक दृश्य दिखाई दिया जिसने एक आदमी जिसका और hi कुछ अलग लग रहा था और उसके चेहरे के आगे एक रोशनी थी जिससे उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था वो शक्श अपने हाथ में चाकू ले कर रॉकी के एक एक ऊँगली को काट रहा था फिर वो उस चाकू से रॉकी को जान से मर देता है और वह से बहार निकल कर एक आग के गोला बना कर फार्महाउस पर फेक देता है जिससे फार्महाउस में एक भयानक विस्फोट होता है और पूरा फार्महाउस आग के चपेट में आ जाता है ये सब देख कर गोरखनाथ अपने आँख को खोलता है और अपने मन में बोलता है.

गोरखनाथ-( अपने मन में) ये कैसे मेरी विद्या आज तक मुझे कभी धोखा नहीं दिया तो आज कैसे धोखा दे दिया मुझे रॉकी के पूरा चेहरा अच्छे से दिख रहा था लेकिन उस लड़के का चेहरा क्यों नहीं दिख रहा था ये जरूर वही प्रतिक होगा जिसके लिए मई यहाँ पर आया हु क्युकी एक वही है जो मेरे विद्या को रोकने की शक्ति रखता है.

इधर गोरखनाथ को अपने ध्यान से बहार आने के अपने में hi खोया हुआ देख कर नागेंद्र बोलै.

नागेंद्र- क्या हुआ गुरु जी आपने ऐसा क्या देखा अपने ध्यान में की आप अपने आप में hi खो गए क्या मेरा बीटा आपको दिखा क्या वो सही सलामत है.

नागेंद्र के बात सुन कर गोरखनाथ अपने खयालो से बहार आया और बोलै.

गोरखनाथ- नागेंद्र तुम्हारा बीटा अब जिन्दा नहीं है वो उसी फार्महाउस में जलकर मर गया है लेकिन ये कोई आकस्मित मौत नहीं है बल्कि वह पर कोई था जो उसे बहुत hi दर्दनाक मौत मारा है.

गोरखनाथ के बात सुन कर दोनों बाप बेटे के आँखों में आंसू आ गए क्युकी उन्हें अभी तक कही न कही ये विस्वास था की रॉकी अभी जिन्दा हो सकता है लेकिन गोरखनाथ के बात सुन कर उन दोनों पर तो पहाड़ hi टूट गया था फिर जतिन अपने आप को सँभालते हुए बोलै.

जतिन- जिसने भी मेरे भाई को मारा है मई उसे जिन्दा नहीं छोडूंगा चाहे वो कोई भी उसे मई धुंध निकलूंगा और उसे ऐसा दर्दनाक मौत दूंगा की वो दोबारा जनम लेने से भी डरेगा.

नागेंद्र- मेरे बेटे को मर कर उसने अच्छा नहीं किया है मई उसके खंडन में किसी को जिन्दा नहीं छोडूंगा जिस तरह से रॉकी उस आग में तपाद तपाद कर मर गया वैसे hi मई उन सब को भी तड़पाऊंगा.

गोरखनाथ- तुम लोग उसे उसके परिवार को कुछ नहीं कर पाओगे क्युकी वो कोई आम इंसान नहीं है अगर वो चाहे तो पालक झपकते hi तुम सब का वजूद इस दुनिया से मिटा सकता है.

गोरखनाथ के बात सुन कर दोनों बाप बेटे हैरान हो गए जतिन को तो गोरखनाथ के बातो पर यकीं hi नहीं हो रहा था लेकिन नागेंद्र गोरखनाथ को अच्छे से जनता था इस लिए उसे पता था की अगर गोरखनाथ ऐसा बोल रहा है तो वो सच hi होगा फिर वो अपने दोनों हाथ को जोड़ कर गोरखनाथ से बोलै.

नागेंद्र- गुरूजी अब आप hi मुझे कोई रास्ता बताइये मुझे अपने बेटे बदला लेना है मई उसे और उसके परिवार को जान से मरना चाहता हु.

नागेंद्र के बात सुन कर गोरखनाथ कुछ सोचते हुए बोलै.

गोरखनाथ- तुम चिंता मत करो उसे मरने में तुम दोनों की मदत मई करूँगा और वैसे भी जहा तक मुझे लग रहा है की मई जिस इंसान के लिए यहाँ पर आया हु वो यही है.

गोरखनाथ के बात सुन कर नागेंद्र को कुछ यद् आया और गोरखनाथ से बोलै.

नागेंद्र- हमें माफ़ करे गुरूजी मई तो अपने बेटे के गम में ये भूल hi गया था की आप जंगल छोड़ कर सहर में आये है तो जरूर कुछ महत्वपूर्ण काम होगा आपको इस लिए मेरी गलती को छमा करते हुए मुझे ये बताने की कृपया करे की आपका यहाँ आने का मुख्या कारन क्या है.

नागेंद्र के बात सुन कर गोरखनाथ कुछ देर सोचता रहा फिर वो बोलै.

गोरखनाथ- इस शहर में कोई ऐसा है जिसने मेरे शक्तियों को चुनौती दिया है मई उसे hi यहाँ पर मरने के लिए आया हु.

गोरखनाथ के बात सुन कर नागेंद्र हैरान हो गया और वो हैरानी से गोरखनाथ से पूछा.

नागेंद्र- इस सहर में ऐसा कोण आ गया जो आप जैसे शक्तिशाली तांत्रिक की शक्तियों को चुनौती दे रहा है.

गोरखनाथ- है एक प्रतिक नाम का लड़का जिसने मुझे बहुत परेशां किया है तुम्हे यद् है मैंने तुम्हारे बोलने के बाद ओबेराय के घर में एक आत्मा को वास् करवाया था ताकि वो आत्मा धीरे धीरे पुरे ओबेराय फॅमिली को ख़तम कर सके.

नागेंद्र- है गुरूजी मुझे यद् है लेकिन मुझे ये समझ में नहीं आ रहा है वो लोग अभी तक सही सलामत कैसे है.

गोरखनाथ- क्युकी उस आत्मा को उस प्रतिक नाम के लड़के ने ख़तम कर दिया है.

गोरखनाथ के बात सुन कर नागेंद्र चौक गया और हलाकि चौका तो जतिन भी था लेकिन वो आत्मा के बात पर नहीं चौका था बल्कि वो प्रतिक के नाम सुन कर चौक गया तह फिर वो अपने जगह से उठ कर बहार गया और किसी को कॉल किया थोड़ी देर तक रिंग जाने के बाद उधर से कॉल रिसीव हुआ तो जतिन बोलै.

जतिन- हैल्लो काम हुआ या नहीं तुमने उस प्रतिक को मारा या नहीं.

इधर कॉल रिसीव करने वाला कोई और नहीं बल्कि मई hi था मैंने उस शार्प शूटर को मरने के बाद उसके पास आया था ताकि मुझे कोई साबुत मिल सके की मुझ पर ये हमला करवाने वाला कोण था जब मैंने उस फ़ोन पर जतिन के नाम से कॉल आते हुए देखा तो समझ गया की ये काम उसी का था इस लिए मई कॉल रिसीव कर के जतिन से बोलै.

मई- प्रतिक को मरना इतना भी आसान नहीं है तुमने जिसे भी मुझे मरने के लिए भेजा था वो सब मरे गए है तुमने बहुत कोशिश कर ली मुझे मरने की लेकिन अब तुम्हारी बरी है बचा सको तो खुद को बचा लो मुझसे मई बहुत जल्द मई तुम्हारे पास आने वाला हु.

मेरी बात को सुन कर जतिन दर गया और तुरंत कॉल कट दिया और फिर वो वह से बड़बड़ाते हुए नागेंद्र और गोरखनाथ के पास जाने लगा.

जतिन- ये ये कैसे हो सकता है वो रोबर्ट जैसे शार्प शूटर के गोली से कैसे बच सकता है और तो और ये उसे मर भी दिया ये जरूर वही प्रतिक है जिसके बारे में गुरु जी बता रहे है.

जतिन को अपने में बड़बड़ाते हुए वह पर आते हुए नागेंद्र उससे बोलै.

नागेंद्र- क्या हुआ तुम अभी कहा गए थे और तुम ये अपने आप में hi क्या बोले जा रहे हो.

नागेंद्र के बात सुन कर जतिन हड़बड़ाते हुए बोलै.

जतिन- मई मई मई उस प्रतिक नाम के लड़के को जनता हु और उससे मेरी दुश्मनी भी है मैंने उसे मरने के लिए 50 गुंडे भेजे थे उसने सब को मर दिया और तो और मई उसे मरने के लिए रोबर्ट जैसे शार्प शूटर को भी भेजा था लेकिन वो उसके गोली से भी बच गया और उसे भी मर दिया.

जतिन के बात सुन कर नागेंद्र और गोरखनाथ दोनों चौक गए.

नागेंद्र- हम्म तो जरूर ये वही होगा लेकिन तुम्हारा उसके साथ दुश्मनी कब और कैसे हुआ और तुमने इस बारे में मुझे क्यों नहीं बताया.

नागेंद्र के बात सुन कर जतिन के माथे पर पसीना आने लगा क्युकी वो जनता था की अगर उसके पिता को ये पता चला की वो भानुशाली ज्वेल्लेरी कंपनी को विशाल के साथ शर्त लगा कर हर गया है तो उसे छोड़ेंगे नहीं लेकिन उसे कुछ न कुछ तो बताना hi था इस लिए उसने सोचा की बाद में पता चलने से अच्छा है की आज hi पिता जी को सब सच सच बता दिया जाये इसके बाद उसने उस दिन स्टोन गैंबलिंग में जो भी हुआ था सब कुछ सच सच नागेंद्र से बता दिया जतिन के बात सुन कर नागेंद्र को जतिन पर बहुत गुसा आया लेकिन वो घुसे में जतिन से कुछ बोल पता उससे पहले hi गोरखनाथ बोल पड़ा.

गोरखनाथ- हम्म तुम्हारी बात सुन कर मुझे लग रहा है की मुझसे पन्गा लेने वाला प्रतिक और ये प्रतिक दोनों एक hi है और इसने hi तुम्हारे छोटे बेटे को मारा है.

गोरखनाथ के बात सुन कर जतिन घुसे से बोलै.

जतिन- मई इस प्रतिक को छोडूंगा नहीं और न hi उस लड़की को छोडूंगा जिसके चलते मेरा भाई मारा गया है.

जतिन के बात सुन कर गोरखनाथ उस पर गुसा होते हुए बोले.

गोरखनाथ- अभी तक तुम उसे दो बार मरने की कोशिश कर चुके हो लेकिन तुम उसे मर नहीं पाए इससे तुम्हे समझ में नहीं आया की तुम उसका कुछ भी बिगड़ नहीं सकते हमें उसे और उसके परिवार को ख़तम करना है तो हमें कोई अच्छा सा प्लान बनाना होगा इस लिए अभी तुम यहाँ से जाओ मई कोई अच्छा सा प्लान बना कर तुम दोनों को बता दूंगा.

इधर सिकेन्द्र राठौर और सूर्य राठौर दोनों हेलीकाप्टर से मुंबई के लिए निकल गए थे करीब 2 घंटे के सफर के बाद वो लोग मुंबई में बने अपने पर्सनल हेलिपैड पर उतरे ये हेलिपैड राठौर फॅमिली का पर्सनल हेलिपैड है और राठौर फॅमिली के मेंबर को आइसलैंड से मुंबई आना जाना होता है तो ये इसी हेलिपैड का उसे करते है और है ऐसा हेलिपैड इंडिया के हर शहर में बना हुआ है जो राठौर फॅमिली का पर्सनल हेलिपैड है.

सिकेन्द्र और सूर्य दोनों हेलिपैड से जब बहार निकले तो उनके सामने महंगे करो का पूरा काफिला मौजूद था और उन सरे करो में उनका पर्सनल बॉडीगॉर्ड मौजूद थे जो मुंबई आने वाले सरे राठौर फॅमिली के सुरक्षा में मौजूद रहते थे उस सरे करो के आगे एक लक्ज़री कार थी जो दुनिया के सबसे महंगे करो में से एक थी सूर्य और सिकेन्द्र जा कर उस कार में बैठ गए और ड्राइवर से सिटी हॉस्पिटल चलने के लिए बोल दिया इसके बाद वो सरे कार सिटी हॉस्पिटल के लिए निकल गया.

करीब 1 घंटे के सफर के बाद सिकेन्द्र राठौर और सूर्य राठौर के काफिला सिटी हॉस्पिटल पहुंच गया था जब सिटी हॉस्पिटल के गॉर्ड ने इतने सरे गाड़ियों को हॉस्पिटल के सामने रुकते हुए देखे तो सब गॉर्ड अलर्ट हो गए क्युकी वो सब जानते थे की इतने सरे गाड़ियों के आने का मतलब था की कोई व्विप आदमी hi आया होगा.

इधर सिकेन्द्र और सूर्य का काफिला सिटी हॉस्पिटल के सामने रुका तो दोनों कार से उतर कर सिटी हॉस्पिटल के अंदर चले गए उनके साथ में उनके बॉडीगॉर्ड भी थे कैर वो लोग सिटी हॉस्पिटल के अंदर जाने के बाद सीधा रिसेप्शनिस्ट के पास गए रिसेप्शनिस्ट ने जब देखा की उसके पास इतने सरे लोग आये है तो वो उनसे बोली.

रिसेप्शनिस्ट- मई ी हेल्प ु सर.

सिकेन्द्र- हमें डॉ. खुराना से मिलना है क्या वो अभी हॉस्पिटल में मौजूद है.

सिकेन्द्र के बात सुन कर वो रिसेप्शनिस्ट एक बार सूर्य और सिकेन्द्र को ध्यान से देखती है और बोलती है.

रिसेप्शनिस्ट- क्या आपके पास उनसे मिलने का अपॉइंटमेंट है.

रिसेप्शनिस्ट के बात सुन कर सूर्य राठौर आगे आया और बोलै.

सूर्य- नहीं हमारे पास कोई अपॉइंटमेंट नहीं लेकिन आप अभी कॉल कर के उनसे बोलिये की सूर्य सिंह राठौर उनसे मिलने के लिए आया है.

रिसेप्शनिस्ट ने सूर्य के बात सुन कर डॉ. खुराना के पास कॉल किया और बोली.

रिसेप्शनिस्ट- हैल्लो सर आपसे मिलने के लिए कोई सूर्य सिंह राठौर आये है और वो आपसे मिलना चाहते है.

इधर अपने केबिन में बैठा हुआ रिसेप्शनिस्ट से बात कर रहा था जब उसने सुना की उससे मिलने में लिए सूर्य सिंह राठौर आया है तो वो तुरंत वह से बहार आ गया क्युकी वो जनता था की सूर्य सिंह राठौर कोण है इस सिटी हॉस्पिटल में राठौर फॅमिली का भी शेयर था इस लिए वो जल्दी से अपने केबिन से बहार निकला और सूर्य सिंह राठौर को रइवे करने के लिए रिसेप्शन एरिया में आ गया और उन सब को अपने साथ ले कर अपने केबिन में चला आया फिर केबिन में आने के बाद डॉ. खुराना उन लोगो से बोलै.

डॉ. खुराना- आप क्या लेना पसंद करेंगे चाय कॉफ़ी या फिर कोल्ड ड्रिंक्स.

डॉ. खुराण के बात सुन कर सिकेन्द्र सिंह राठौर मुस्कुराते हुए बोले.

सिकेन्द्र- नहीं हम ठीक है हम लोग यहाँ पर कुछ खाने पिने के लिए नहीं आये है बी थे वे इन सब के लिए थैंक्स हम यहाँ पर कुछ काम से आये थे आप मेरा वो काम कर दीजिये हम उसी से संतुस्ट हो जायेंगे.

डॉ. खुराना- जी आप बताइये आपको मुझसे क्या काम है अगर मेरे बस में होगा तो मई आपका वो काम जरूर करूँगा.

सिकेन्द्र- मैंने सुना है की यहाँ पर कोई प्रतिक नाम का डॉक्टर है जो किसी भी तरह के बीमारी को ठीक कर सकता है और उसे सब चमत्कारी डॉक्टर भी बोलते है.

डॉ. खुराना- है अपने सही सुना है डॉ. प्रतिक हमारे इस हॉस्पिटल के गेस्ट डॉक्टर है और वो किसी भी तरह से बीमारी को ठीक कर सकते है मई सच कहु तो मैंने अपने आज तक के करियर में ऐसा डॉक्टर नहीं देखा है जिस बीमारी के इलाज सिटी हॉस्पिटल के साथ साथ पुरे देश के डॉक्टर नहीं कर पाए उस बीमारी को डॉ. प्रतिक ने चुटकियो में इलाज कर दिया लेकिन मुझे एक बात नहीं समझ में आयी की आप डॉ. प्रतिक के बारे में क्यों पूछ रहे है.

डॉ. खुराना के बात सुन कर वह मौजूद सरे लोग हैरान हो गए थे अब सिकेन्द्र बिस्वास hi गया था की उसके पिता जी को सिर्फ मई hi ठीक कर सकता हु इस लिए वो डॉ. खुराना से बोले.

सिकेन्द्र- दरअसल मुझे यहाँ आने का कारन है की मुझे डॉ. प्रतिक से मदत चाहिए थी क्या मई उनसे एक बार बार कर सकता हु.

सिकेन्द्र के बात सुन कर डॉ. खुराना कुछ सोचने लगे फिर कुछ देर तक सोचने के बाद सिकेन्द्र से बोले.

डॉ. खुराना- दरअसल बात ऐसी है की डॉ. प्रतिक एक गेस्ट डॉक्टर है और वो यहाँ पर सप्ताह में सिर्फ एक बार hi पेशेंट को देखते है और वो भी संडे इस लिए वो आज ड्यूटी पर नहीं है इस लिए आज आपको उनसे मुलाकात नहीं हो सकती वैसे मई जान सकता हु आपको उनसे क्या काम था.

डॉ. खुराना के बात सुन कर सिकेन्द्र कुछ सोचने लगा फिर वो कुछ सोचते हुए बोले.

सिकेन्द्र- तो क्या आप उनको यहाँ पर बुला नहीं सकते है प्लीज आप उनको एक बार यहाँ पर बुला लीजिये ये किसी के जिंदगी और मौत का सवाल है प्लीज अगर आप ये काम कर दिए तो राठौर फॅमिली आपका ये एहसान कभी नहीं भूलेगा.

डॉ. खुराना- मेरे पास तो उसका नंबर तो है (फिर कुछ सोचते हुए) ठीक है मई उसके पास कॉल कर के उसे बुलाने की कोशिश करता हु.

इसके बाद डॉ. खुराना उन लोगो के पास से थोड़ी दूर पर जाकर मेरे पास कॉल करने लगते है.

इधर मई उस शार्प शूटर को मरने के बाद मई उस बिल्डिंग से बहार आ गया तो देखा बेचारा वो तस्य वाला अभी तक मेरे इंतजार में वही रोड के बगल में तस्य को पार्क कर के मेरा इंतज़ार कर रहा था मई उस तस्य वाले के पास जा कर उसे सॉरी बोलै और फिर उसे ओबेराय मेंशन चलने के लिए बोल दिया अभी हम कुछ hi दूर गए थे की तभी मेरे मोबाइल पर किसी का कॉल आने लगा जब मई अपना मोबाइल निकल कर देखा तो वो कॉल डॉ. खुराना का था मई इस समय उनका कॉल देख कर सोच में पद गया यार आखिर इस वक़्त मेरे पास कॉल क्यों कर रहे है कही कोई इमरजेंसी तो नहीं आ गयी ये सोचते हुए मैंने कॉल को रइवे करते हुए बोलै.

मई- हैल्लो डॉ. खुराना कैसे है आप

डॉ. खुराना- मई ठीक हु डॉ. प्रतिक आप बताओ.

मई- मई भी ठीक हु वैसे आपने कॉल क्यों किया कुछ काम था क्या.

डॉ. खुराना- है वो क्या है न की तुमसे मिलने के लिए कोई यहाँ पर आये हुए है और उनको तुमसे कोई जरुरी काम है तो क्या तुम अभी सिटी हॉस्पिटल आ सकते हो.

मई- क्या.. मुझसे मिलने के लिए कोई आया है कोण है वो और उन्हें मुझसे क्या काम है.

डॉ. खुराना- उन्हें तुमसे क्या काम है ये तो मई नहीं जनता हु लेकिन वो वर्ल्ड के 5 आमिर खानदानो में से एक राठौर खंडन के लोग है तुम उनसे एक बार आ कर मिल लोगे तो अच्छा होगा.

मई- सॉरी डॉ. खुराना मई अभी उनसे नहीं मिल सकता क्युकी अभी मई किसी और काम से कही जा रहा हु.

मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना थोड़ा दर जाते है क्युकी वो जानते थे की अगर उनको मुझसे मिलना है तो वो मुझसे मिलने के लिए किसी भी हद तक जा सकते थे क्यों की राठौर फॅमिली एक ऐसा फॅमिली है जो देश को चलाया है यहाँ तक की उनके बातो को काटने का प्रयास कोई मंत्री या बड़ा अधिकारी भी नहीं करता इंडिया में उन लोगो का hi सिका चलता है इस लिए वो मुझे समझते हुए बोले.

डॉ. खुराना- देखो प्रतिक बात को समझो वो लोग कोई आम आदमी नहीं है वो लोग चाहे तो कुछ भी कर सकते है और वैसे भी वो लोग बोल रहे थे की उनको तुमसे मिलना जरुरी है क्युकी ये किसी के जिंदगी का सवाल इस लिए एक बार मेरी बात मन कर आ जाओ और उनसे मिल लो.

डॉ. खुराना के बात सुन कर मई सोच में पद गया हलाकि मुझे किसी से कोई दर नहीं था फिर भी मई सोचा की एक बार मिलने से क्या होगा अगर ये लोग सच में इतना बड़ा आदमी है तो आगे जरूर मेरा कुछ काम आएंगे इस लिए मई डॉ. खुराना से बोलै.

मई- ठीक है मई अभी आ रहा हु सिटी हॉस्पिटल उन लोगो से मिलने के लिए लेकिन मेरे पास ज्यादा समय नहीं है इस लिए मई उन सब को सिर्फ 1 घंटे का hi समय है क्युकी मुझे किसी काम से अर्जेन्ट कही जाना है.

डॉ. खुराना- ठीक है तुम आ जाओ यहाँ पर ये लोग तुम्हारा इंतज़ार कर रहे है.

डॉ. खुराना के बात सुन कर मई तुरंत तस्य ड्राइवर को सिटी हॉस्पिटल चलने के लिए बोलै इसके बाद करीब आधे घंटे में मई सिटी हॉस्पिटल पहुंच गया था वह पर पहुंचने के बाद मई तस्य से निचे उतरा और उसको पेमेंट किया इसके बाद मई सिटी हॉस्पिटल के अंदर आ गया.

मई जैसे hi सिटी हॉस्पिटल में आया वह पर मौजूद सरे स्टाफ मुझे इज्जत भरी नजरो से देख रहे थे क्युकी ये लोग मुझे संडे को मरीजों के इलाज करते हुए देखे थे खैर मई इन सब को इग्नोर करते हुए सीधा डॉ. खुराना के केबिन के पास पहुंच गया तो देखा की डॉ. खुराना के केबिन के बहार बहुत सरे बॉडीगॉर्ड खड़े थे वो सरे बॉडीगॉर्ड देखने में hi बहुत खूंखार लग रहे थे और सरे के सरे 9तह ग्रेड के मार्टिकल आर्टिस्ट थे उनको देखने से hi लग रहा था की ये लोग किसी बहुत बड़े आदमी के बॉडीगॉर्ड होंगे.

मई उन सरे बॉडीगॉर्ड को इग्नोर करते हुए डॉ. खुराना के केबिन के अंदर जाने लगा तभी सरे बॉडीगॉर्ड मुझे घर कर देखने लगे फिर एक बॉडीगार्ड आगे आया और मेरे रास्ता रोकते हुए बोलै.

बॉडीगार्ड- ये तुम इस तरह से कहा घुसे जा रहे हो तुम अंदर नहीं जा सकते.

मई- अच्छा और भला मई अंदर क्यों नहीं जा सकता.

बॉडीगार्ड- क्युकी ये कोई आम डॉक्टर के केबिन नहीं है ये इस हॉस्पिटल के डायरेक्टर के केबिन है और तुम जैसे मामूली आदमी डायरेक्टर के केबिन में नहीं जा सकता और वैसे भी अंदर हमारे बॉस अभी डॉ. खुराना से कुछ बात कर रहे है.

बॉडीगार्ड के बात सुन कर मुझे उस पर बहुत गुसा आया लेकिन मई अपने घुसे को काबू करते हुए एक बार उस बॉडीगार्ड को घर कर देखा और उससे बोलै.

मई- देखो मेरे पास तुमसे बहस करने के लिए टाइम है इस लिए तुम मुझे अंदर जाने दो नहीं तो कही ऐसा न हो की बाद में तुम्हे पछताना पड़े.

बॉडीगार्ड मेरी बात को सुन कर मुझे ऊपर से लेके निचे तक घुरा और फिर मेरे ऊपर हस्ते हुए बोलै.

बॉडीगार्ड- तुम कही के प्राइम मिनिस्टर हो या फिर इस हॉस्पिटल के चमत्कारी डॉ. प्रतिक हो जो मई तुम्हे अंदर नहीं जाने दूंगा तो मुझे पछताना पड़ेगा.

उस बॉडीगार्ड के बात सुन कर मई मुस्कुराते हुए बोलै.

मई- मई कही का कोई प्राइम मिनिस्टर नहीं लेकिन मेरा नाम जरूर डॉ. प्रतिक है इस लिए hi मई तुम्हे बोल रहा हु की तुम मुझे अंदर जाने दो नहीं तो बाद में तुम्हे बहुत पछताना पड़ेगा.

मेरे बात को सुन कर वो बॉडीगॉर्ड हस्ते हुए बोलै.

बॉडीगार्ड- है है है तुम लोगो ने सुना न भाई ये फटीचर इंसान क्या बोल रहा है ये ये है है है ये खुद को डॉ. प्रतिक बोल रहा है अगर तुम चमत्कारी डॉ. प्रतिक हो तो मई इस देश का प्राइम मिनिस्टर हु.

उस बॉडीगार्ड के बात सुन कर सरे बॉडीगॉर्ड हसने लगे इधर मई उस बॉडीगार्ड के बात सुन कर मुस्कुराते हुए बोलै.

मई- अच्छा तो तुम्हे नहीं लगता है की मई डॉ. प्रतिक हु तो ठीक है मई यहाँ से जा रहा हु लेकिन मेरे जाने के बाद तुम लोगो के साथ जो भी होगा उसका जिमेवार तुम सब होंगे.

अभी मई उस बॉडीगार्ड से बात कर hi रहा था की तभी मेरे मोबाइल पर फिर से डॉ. खुराना के कॉल आने लगा जैसे hi मैंने देखा की मेरे मोबाइल पर डॉ. खुराना के कॉल आ रहा है तो मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी और फिर मई कॉल उठा कर बोलै.

मई- है डॉ. खुराना बोलिये.

डॉ. खुराना- आप अभी कहा है कितना समय लगेगा आपको यहाँ आने में.

मई- मई तो आपके केबिन के बहार कबका आ गया था लेकिन यहाँ पर कुछ बॉडीगॉर्ड है वो मुझे अंदर hi नहीं आने दे रहे है और जब मई उन्हें बोलै की मई डॉ. प्रतिक हु तो वो लोग मेरे बातो पर बिस्वास hi नहीं कर रहे है इस लिए मई वापस जा रहा हु.

मेरे बात को सुन कर डॉ. खुराना हैरान हो गए और वो हडबडते हुए बोले.

डॉ. खुराना- नहीं तुम जाना नहीं तुम वही पर रुको मई बहार आ रहा हु.

इधर डॉ. खुराना मुझसे बात कर के कॉल कट किया और हड़बड़ाते हुए बहार के तरफ जाते हुए देखा तो सिकेन्द्र सिंह राठौर थोड़ा परेशां हो गए और उसी परेशानी में वो डॉ. खुराना से बोले.

सिकेन्द्र- क्या हुआ डॉ. प्रतिक नहीं आ रहे है क्या जो आप इतना परेशां लग रहे है.

सिकेन्द्र के बात को सुन कर डॉ. खुराना जाते जाते रुक गए और वो सिकेन्द्र के तरफ देखते हुए बोले.

डॉ. खुराना- सर आपने बहुत hi बद्तमीज़ बॉडीगार्ड को अपने साथ में रखा हुआ है.

डॉ. खुराना के बात सुन कर सिकेन्द्र कंफ्यूज हो गए और वो डॉ. खुराना को सवाल भरे नजरो से देखते हुए पूछे.

सिकेन्द्र- आप ये क्या बोल रहे है क्या किया है मेरे बॉडीगॉर्ड ने.

डॉ. खुराना- डॉ. प्रतिक मेरे केबिन के बहार आ गए है और आपके बॉडीगॉर्ड उनको अंदर नहीं आने दे रहे है और साथ में उनके साथ बतमीज़ी भी कर रहे है.

डॉ. खुराना के बात सुन कर सिकेन्द्र और सूर्य दोनों चौक गए फिर सूर्य घुसे से बोलै.

सूर्य- उन गुआर्दो की इतनी हिमत की वो चमत्कारी डॉ. प्रतिक के साथ बदतमीज़ी करे एक काम कीजिये आप यही पर रुकिए मई खुद बहार जाता हु और डॉ. प्रतिक को अपने साथ ले कर आता हु.

इतना बोल कर सूर्य केबिन से बहार आ गया और वो मुझे चारो तरफ देखने लगा जैसे hi सूर्य की नजर मुझ पर पड़ी तो वो मुझे वो ऊपर से लेके निचे तक घुरा और फिर मुझे इग्नोर करते हुए अपने बॉडीगार्ड के पास गया और उनसे बोलै.

सूर्य- डॉ. प्रतिक किधर है और तुम लोगो की इतनी हिमत कैसे हो गयी की तुम लोग डॉ. प्रतिक की इंसल्ट कर सको और उनको अंदर आने से रोक सको.

सूर्य के बात सुन कर सरे बॉडीगॉर्ड दर गए तभी एक बॉडीगार्ड आगे आया और बोलै.

बॉडीगार्ड- सर यहाँ पर डॉ. प्रतिक नहीं आये है और न hi हम सब ने डॉ. प्रतिक की इंसल्ट किया है यहाँ पर सिर्फ ये ग्वार लड़का आया था और ये डायरेक्टर के केबिन में जाने के लिए बोल रहा था तो हमने इसे जाने से रोक दिया.

बॉडीगार्ड के बात सुन कर सूर्य मुझे घर कर देखा फिर वो अपने मन में सोचा.

सूर्य- ( मन में) कही यही तो डॉ. प्रतिक नहीं है नहीं नहीं मई ये क्या सोचने लगा ये ग्वार जैसा दिखने वाला लड़का चमत्कारी डॉ. प्रतिक कैसे हो सकता है लेकिन डॉ. खुराना तो बोल रहे थे की डॉ. प्रतिक केबिन के बहार है और यहाँ पर तो सिर्फ ये लड़का है तो कही यही तो डॉ. प्रतिक नहीं एक मिनट इससे इसका नाम पूछ कर देखता हु.

सूर्य- एक्सक्यूज़ में तुम्हारा नाम क्या है और तुम यहाँ पर क्या कर रहे हो.

मई सूर्य के बात को सुन कर उसे घूरते हुए बोलै.

मई- मुझे यहाँ पर डॉ. खुराना ने मिलने के लिए बुलाया है और मेरा नाम प्रतिक है.

मेरी बात को सुन कर सूर्य हैरान हो गया और वो मुझे हैरानी से घूरते हुए बोलै.

सूर्य- तो क्या तुम्ही हो डॉ. प्रतिक.

मई- जी मई hi डॉ. प्रतिक वैसे तुम कोण हो और बहार तो डॉ. खुराना आने वाले थे न तो तुम क्यों आये.

मेरी बात को सुन कर सूर्य मुझे अजीब नजरो से घूरने लगा थोड़ी देर तक ऐसे hi घूरने के बाद वो मुझसे बोलै.

सूर्य- हैल्लो डॉ. प्रतिक मेरा नाम सूर्य सिंह राठौर है और डॉ. खुराना ने मुझे तुमको लेने के लिए बहार बेजा है लेकिन तुम मुझे एक बात बताओ क्या तुम सच में डॉ. प्रतिक हो या तुम मुझसे झूठ बोलने की कोशिश कर रहे हो अगर तुम मुझसे झूठ बोल रहे होंगे तो सोच लेना की इसका अंजाम बहुत बुरा होगा.

मई सूर्य के बातो को सुन कर उसे एक बार घर कर देखा और फिर उसके बातो को इग्नोर करते हुए बोलै.

मई- अंदर चले या यही पर तुम्हे मेरी पूरी जनम कुंडली निकालनी है

मेरे बातो को सुन कर सूर्य एक बार मुझे घर कर देखा और और वो केबिन के दरवाजे के तरफ बढ़ते हुए बोलै.

सूर्य- ठीक है चलो.

इसके बाद मई और सूर्य दोनों डॉ. खुराना के केबिन में चले गए मई जैसे hi अंदर गया डॉ. खुराना मुझे देखते hi खुसी से आगे बढे और मुझसे हाथ मिलते हुए बोले.

डॉ. खुराना- आइये डॉ. प्रतिक आपका सिटी हॉस्पिटल में स्वागत है इनसे मिलिए ये है सिकेन्द्र सिंह राठौर और ये है इनका भतीजा सूर्य सिंह राठौर और सिकेन्द्र सर ये है डॉ. प्रतिक जिनसे मिलने के लिए आप यहाँ पर आये हुए है.

इधर सिकेन्द्र ने मुझे देख कर हैरान हो गए फिर वो अपने हैरानी को काबू करते हुए बोले.

सिकेन्द्र- तो आप है वो चमत्कारी डॉ. प्रतिक मुझे आपसे मिल कर खुसी हुयी डॉ. प्रतिक.

मई- मुझे भी आपसे मिल कर खुसी हुयी.

(फिर अपने मन में) मुझे इनको देख कर ऐसा क्यों लग रहा है की हम पहले भी कही मिल चुके है और इनसे मिलके मुझे अपने पैन का एहसास क्यों हो रहा है.

इधर मई सिकेन्द्र सिंह राठौर को देख कर अपने में खोया हुआ था तो वही सिकेन्द्र का भी हल कुछ मेरे hi जैसा था.

सिकेन्द्र- (अपने मन में) मुझे इसको देख कर ऐसा क्यों लग रहा है की मई पहले भी इसे कही देखा है (फिर कुछ सोचते हुए) एक मिनट इसका फेस तो कुछ हद तक रागनी और प्रताप के फेस से मिल रहा है तो क्या ये वही है नहीं नहीं ऐसा कैसे हो सकता है वो तो कब के हम सब को छोड़ कर जा चूका है ये वो कैसे हो सकता है ये सिर्फ एक कोइंसिडेन्स है बस और कुछ नहीं.

इधर मुझे और सिकेन्द्र को ऐसे खोये हुए देख कर सूर्य और डॉ. खुराना को कुछ अजीब लगा इस लिए डॉ. खुराना हम दोनों को होस में लेट हुए बोले.

डॉ. खुराना- सिकेन्द्र सर आपको जो भी डॉ. प्रतिक से बात करना था कर सकते है.

डॉ. खुराना के बात सुन कर सिकेन्द्र कुछ सोचते हुए डॉ. खुराना से बोलै.

सिकेन्द्र- दे. खुराना क्या सच में ये वही चमत्कारी डॉ. है जो किसी भी तरह के बीमारियों का इलाज कर सकते है.

डॉ. खुराना- है ये वही डॉ. प्रतिक है.

डॉ. खुराना के बात सुन कर सिकेन्द्र अभी कुछ बोलने hi वाला था की तभी सूर्य बोल पड़ा.

सूर्य- आप ये क्या मजाक कर रहे है डॉ. खुराना ये आपको कहा से डॉक्टर लग रहा है और मन की ये डॉक्टर होगा भी तो इतनी छोटी उम्र में इसके पास इतना एक्सपीरियंस कहा से आ गया की ये किसी भी तरह के बीमारी का इलाज कर सके जरूर ये कोई जालसाज आदमी है जो आपको पागल बना रहा है.

सूर्य के बात सुन कर डॉ. खुराना को बहुत गुसा आया लेकिन वो सूर्य को कुछ बोल भी नहीं सकते थे इस लिए वो उसे समझते हुए बोले.

डॉ. खुराना- ये आप कैसी बाटे कर रहे हो मैंने प्रतिक को खुद अपने आँखों से मरीजों का इलाज करते हुए देखा है और सच पूछिए तो आज तक मई इनके जैसा डॉक्टर कही नहीं देखा आप इनके काम काम उम्र पर मत जाइये ये बहुत टैलेंटेड है.

सूर्य- लगता है की आप भी इसके साथ मिल कर लोगो को लूटना सुरु कर दिए है तभी आप इसका इतना गुणगान कर रहे है मुझे तो ये कही से भी डॉ. नहीं लग रहा है.

मुझे सूर्य के बात सुन कर बहुत गुसा आया इस लिए मई घुसे से उस पर छीलते हुए बोलै.

मई- बस बहुत हो गया बहुत कर लिए तुम मेरा इंसल्ट अगर तुम अब एक और शब्द मेरे बारे में बोलै तो ठीक नहीं होगा समझे वैसे भी मुझे तुम लोगो से मिलने का कोई शौख नहीं था अगर मई एक फ्रॉड डॉ. हु तो तुम लोग मुझसे मिलने hi क्यों आये मई तो यहाँ खुद नहीं आया था जब तुम लोग मुझे बुलाये तब hi मई यहाँ पर आया था (फिर डॉ. खुराना से बोलै) डॉ. खुराना क्या आप यहाँ पर मेरी बेइज्जती करवाने के लिए मुझे बुलाया था अगर ऐसा है तो मुझे इन लोगो की मदत कोई भी मदत नहीं करना है इस लिए मई यहाँ से जा रहा हु.

इधर सिकेन्द्र कब से चुप चाप सूर्य के बातो को सुन रहा था वो जब मेरे बात को सुन तो वो घबरा गया और फिर वो सूर्य पर गुसा होते हुए बोलै.

सिकेन्द्र- ये क्या बतमीज़ी है सूर्य तुम इस तरह से डॉ. खुराना और डॉ. प्रतिक की इंसल्ट कैसे कर सकते हो क्या तुम ये भूल गए की डॉ. प्रतिक खुद हमसे मिलने नहीं आये है बल्कि हमने उनको बुलाया है चलो इनसे माफ़ी मानगो.

सिकेन्द्र के बात सुन कर सूर्य हैरान हो गया और वो हैरानी से सिकेन्द्र को देखते हुए बोलै.

सूर्य- आप ये क्या बोल रहे है चाचा मई इस दो कौड़ी के आदमी से माफ़ी मांगू ये कभी नहीं हो सकता.

सूर्य के बात सुन कर सिकेन्द्र को बहुत गुसा आया और छीलते हुए उसे बोलै.

सिकेन्द्र- अगर तुम इनसे अभी माफ़ी नहीं मांगे तो यद् रखना आइसलैंड जाने के बाद मई ये सब फॅमिली में बताऊंगा फिर तुम्हे राठौर फॅमिली के रूल के हिसाब से सजा दी जाएगी.

सूर्य सजा के बात सुन कर दर जाता है क्युकी वो जनता था राठौर फॅमिली की सजा बहुत खतरनाक होती है इसी लिए मुझसे मज़बूरी के कारन माफ़ी मांगने के लिए तैयार हो गया और वो मुझसे हाथ जोड़ कर बोलता है.

सूर्य- सॉरी डॉ. प्रतिक मुझे आपके बारे में ऐसा नहीं बोलना चाहिए था.

मई देखा की सूर्य भले hi मुझसे माफ़ी मांग रहा है लेकिन उसके चेहरे पर कोई भी पछतावा नहीं दिखा रहा है बल्कि उसके चेहरे पर अभी भी घमंड दिख रहा है तो मई सोचा की क्यों न इसका घमंड तोड़ hi दिया जाये ये सोच कर मई उससे बोलै.

मई- मई इस बार तुम्हे माफ़ कर रहा हु लेकिन अगर दोबारा तुम मेरी इंसल्ट करने की कोशिश की तो तुम्हे बहुत पछताना पड़ेगा और तुम ये मत सोचना की तुम एक हाफ ग्रांडमास्टर हो तो तुम मुझसे बच जाओगे न तुम और न hi तुम्हारे ये बॉडीगॉर्ड मेरा कुछ बिगड़ पाएंगे.

इतना बोल कर मई अपनी थोड़ी पावर को रिलीज़ किया उस रूम में एक भयानक दबाव बन गया जिसके कारन वह पर सब अपने घुटनो पर आ गए एक सिकेन्द्र hi ऐसा था जो बहुत स्ट्रगल करने के बाद मेरे दबाओ को बर्दास्त कर प् रहा था अभी तो मई अपने पूरा पावर के 15 परसेंट hi रिलीज़ किया था तब इन लोगो का ऐसी हालत हो गयी थी अगर मई अपने पुरे पावर को रिलीज़ कर देता तो ये लोग मेरे पावर के दबाओ के कारन यही पर मर जाते.

इधर सरे लोग मेरे पावर को देख कर हैरान थे और दर के मरे थार थार कम्प रहे थे तो वही सूर्य के तो दर के मरे हालत hi ख़राब हो गया था वो अपने मन में मेरे hi बारे में सोचे जा रहे थे.

सूर्य- (अपने मन में) ये मई क्या कर दिया मई एक ग्रांडमास्टर को नाराज कर दिया ये चाहे हो अपने एक ऊँगली हिला कर hi मुझे मेरे सरे बॉडीगॉर्ड के साथ मर सकता है मुझे इससे कोई भी पन्गा नहीं लेनी चाहिए और जहा तक हो सके तो मुझे इससे दोस्ती कर लेनी चाहिए.

सिकेन्द्र भी यही सोच रहा था की वो मुझसे दोस्ती कर ले ताकि वो मेरा और उसके परिवार का रिलेशन अच्छा बना रहे फिर वो मेरे सामने अपने दोनों हाथ जोड़ कर बोले.

तो वही सिकेन्द्र के भी हालत कुछ ठीक नहीं थे वो भी मेरे पावर को देख कर डरा हु था और अपने मन में सोचे जा रहा था.

सिकेन्द्र- (अपने मन में) ऐसा कैसे हो सकता है ये इतनी काम उम्र में एक ग्रांडमास्टर कैसे हो सकता है नहीं नहीं ये एक ग्रांडमास्टर का बढ़ाओ नहीं था तो इसका मतलब के ये एक सुडोमास्टर है ये एक सुडोमास्टर hi है क्युकी मई एक ग्रांडमास्टर होते हुए भी इसके बढ़ाओ को बहुत मुश्किल से रोक प् रहा था.

(मई आप सब को बता दू की मार्टिकल आर्ट्स में सुडोमास्टर ग्रांडमास्टर के अगला लेवल है और है जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ेगी वैसे वैसे आपको मार्टिकल आर्ट्स के लेवल के बारे में भी पता चलता जायेगा)

फिर सिकेन्द्र मेरे पास आ कर अपने दोनों हाथ जोड़ कर मुझसे माफ़ी मांगते हुए बोलै.

सिकेन्द्र- मई अपने इस भतीजे के तरफ से आपसे माफ़ी मांगता हु डॉ. प्रतिक मेरा भतीजा अभी न समझ है इसे पता नहीं है की किसके साथ कैसी बाटे करनी चाहिए.

मुझे सिकेन्द्र के यु मेरे सामने हाथ जोड़ना अच्छा नहीं लगा इस लिए मई उनसे बोलै.

मई- अरे आपको मेरे सामने हाथ जोड़ने की जरुरत नहीं है आप मुझसे बड़े है और आप मेरे सामने हाथ जोड़ कर मुझे पाप के भागीदारी बना रहे है वैसे भी अपने तो मुझे कुछ भी नहीं बोलै जो भी बोलै वो सूर्य ने बोलै था और वो मुझसे पहले hi माफ़ी मांग चूका है इस लिए आप मेरे सामने हाथ जोड़ कर मुझे लज्जित न कीजिये.

सिकेन्द्र मेरे बात को सुन कर बहुत खुस हो गया और वो मन hi मन सोचने लगा.

सिकेन्द्र- (अपने मन में) ये इतना ताकतवर हो कर भी कितना सौम्य है अगर किसी के पास इतना ताकत और इतना ज्ञान हो तो वो घमंड में चूर हो जायेगा वो अपने आप को भगवन समझने लगेगा लेकिन डॉ. प्रतिक में इन सब बातो का थोड़ा भी घमंड नहीं है धन्य है इसके माता पिता जो इसके जैसे लड़के को जनम दिया काश की ये वही होता तो मेरा परिवार बहुत भाग्यशाली होता इसके जैसे बीटा प् कर.

मई सिकेन्द्र को अपने खयालो में खोया हुआ देखा तो उनको होस में लेट हुए बोलै.

मई- वैसे सर आपने मुझे बताया नहीं की आप मुझे यहाँ पर क्यों बुलाया था.

मेरे बात को सुन कर सिकेन्द्र कुछ देर के लिए सोच में पद गए फिर वो मुझसे बोले.

सिकेन्द्र- मुझे आपसे एक हेल्प चाहिए थी इस लिए मई आपको यहाँ बुलाया हु

मई- आप जैसे आमिर आदमी को मेरे जैसा गरीब आदमी किस तरह से हेल्प कर सकता है.

सिकेन्द्र- बात इसमें अमीरी और गरीबी का नहीं है आपके पास जो हुनर है उस हुनर से आप बड़े बड़े अमीरो को भी अपने सामने झुका सकते हो दरअसल बात ऐसी है की मेरे पिता जी का बहुत समय से तबियत ख़राब है और हम सब ने उनको दुनिया के एक से बढाकर एक डॉक्टर को दिखा चुके है लेकिन वो लोग मेरे पिता जी के बीमारी का इलाज नहीं कर पाए हम सबने आस hi छोड़ दिया था की अब मेरे पिता जी जिन्दा बचेंगे लेकिन फिर जैसे hi हम सब ने आपके बारे में सुना तो हमारे मन में एक आस जग गयी की आप मेरे पिता जी को ठीक कर सकते इस लिए मई आपके पास आया हु प्लीज आप मेरे पिता जी को बचा लीजिये.

मई सिकेन्द्र के बात सुन कुछ सोचते हुए उनसे बोलै.

मई- ठीक है मई आपके पिता जी को एक बार जरूर देखूंगा और अगर मेरे बस में हुआ तो मई उनको ठीक भी कर दूंगा आप अपने पिता जी को यहाँ पर लाये है क्या.

सिकेन्द्र- नहीं मेरे पिता जी यहाँ पर नहीं हाउ वो क्या है न की मेरे पिता जी अभी कोमा में है और वो यहाँ पर आने के हालत में नहीं इस लिए वो अभी हमारे घर पर hi है आपको मेरे घर पर hi चल कर उनका इलाज करना होगा.

सिकेन्द्र के बात सुन कर मई सोच में पद गया फिर कुछ देर सोचने के बाद मई सिकेन्द्र से बोलै.

मई- सॉरी सर मई आपके घर पर नहीं चल सकता क्युकी मुझे यहाँ पर अभी बहुत सरे काम पेंडिंग पड़े हुए है इस लिए मेरे पास इतना समय नहीं है की मई आपके घर चल सकू कोशिश कीजिये की आप अपने पिता जी को यही पर ला सके.

मेरे बात को सुन कर सिकेन्द्र परेशां हो गया फिर वो मेरे सामने अपना हाथ जोड़ कर बोलै.

सिकेन्द्र- प्लीज डॉ. प्रतिक आप ऐसा मत बोलिये मई आपके ऊपर बहुत बिस्वास कर के यहाँ पर आया हु प्लीज एक बार चल कर आप उनको देख लीजिये.

मई सिकेन्द्र के बात सुन कर कुछ सोचने लगा कुछ देर तक सोचने के बाद बोलै.

मई- ठीक है मई आपके घर पर चलूँगा लेकिन आज नहीं आज मुझे बहुत सरे काम है इस लिए आप एक काम कीजिये आप मुझे 2 दिन का समय दीजिये मई यहाँ का अपना काम कर के आपके साथ चलूँगा लेकिन आज जाना पॉसिबल नहीं है.

मेरे बात को सुन कर सिकेन्द्र कुछ मायूस हो जाता है और वो मायूसी से hi बोलता है.

सिकेन्द्र- ठीक है डॉ. प्रतिक आप पहले अपना काम कर लीजिये मई 2 दिनों तक आपका इंतज़ार कर लूंगा.

मई सिकेन्द्र को इस तरह से मायूस होता हुआ देख कर उनसे बोलै.

मई- आप इस तरह से मायूस मत होइए मई आपको एक गोली देता हु आप इस गोली को अपने पिता जी को खिला दीजियेगा इस गोली को खाने से ये होगा की आपके पिता जी के सेहत में थोड़ा सुधर हो जायेगा और सायद हो कोमा से बहार भी आ जायेंगे फिर मई 2 दिन बाद जा कर उनको पूरी तरह से ठीक कर दूंगा.

इसके बाद मई अपने जेब में हाथ डाला और स्टोरेज रिंग से एक संजीवनी गोली निकला और सिकेन्द्र को देते हुए बोलै.

मई- आप इस गोली को अपने पिता जी खिला देना लेकिन है एक बात को ध्यान में रखियेगा इस गोली को खाने के बाद उनके शरीर से बहुत साडी गन्दगी निकलेगी इस लिए आप सब घबराइयेगा नहीं.

सिकेन्द्र- थैंक यू डॉ. प्रतिक इस गोली के लिए.

मई- ठीक है तो अब मई चलता हु.

इतना बोल कर मई सिटी हॉस्पिटल से बहार आ गया और एक तस्य को रुकवा कर ओबेराय मेंशन के लिए अभी मई कुछ hi दूर गया था की तभी मुझे मेरे मन में गुरुदेव की आवाज आया.

गुरुदेव- कैसे हो पुत्र.

मई गुरुदेव की आवाज सुन कर हड़बड़ा गया और फिर उनसे बोलै.

मई- प्रणाम गुरुदेव

गुरुदेव- आयुष्मान भाव पुत्र मुझे तुमसे कुछ बात करना था पुत्र इस लिए आज तुम्हे समय निकल कर अपने पांचो साथियो के साथ आश्रम आना होगा मुझे तुम सब से जरुरी बात करना है.

मई- जो आज्ञा गुरुदेव मई उन सब को लेकर वह पर पहुंच जाऊंगा लेकिन गुरुदेव क्या मई आपसे कुछ पूछ सकता हु गुरुदेव.

गुरुदेव मेरी बातो को सुन कर मुस्कुराने लगे और बोले.

गुरुदेव- तुम यही पूछना चाहते हो न की अचानक मई तुम लोगो को आश्रम क्यों बुला रहा हु.

मई- है गुरुदेव.

गुरुदेव- पुत्र मई तुम्हे ज्यादा तो नहीं बता सकता लेकिन मई तुम्हे इतना जरूर बता दकता हु की पृथ्वी पर बहुत बड़ा संकट आने वाला है और इस संकट से तुम्हे hi अपने साथियो के साथ मिल कर लड़ना है इस लिए आज रत को तुम अपने साथियो को लेकर आ जाना.

मई- ठीक है गुरुदेव मई उन सब को लेकर रत में आश्रम पंहुचा जाऊंगा.

इसके बाद गुरुदेव के आवाज आना बंद हो गया जब गुरुदेव का आवाज आना बंद हुआ तो मई अपने पांचो दोस्तों से टेलिपाथी के द्वारा बात करने की कोशिश करने लगा थोड़ी देर बाद मई उनके मन से जुड़ गया तो मई उनसे बोलै.

मई- कैसे हो दोस्तों.

मेरी आवाज सुन कर सब चौक गए तभी रोहन मेरी आवाज को सुन कर बोलै.

रोहन- क्या बात है भाई आज सूरज किधर से निकला है जो तुमको हम सब से बात करने का समय मिल गया.

मई- अरे यार क्या बताऊ मुझे समय hi नहीं मिलता की मई तुम सब से बात करू मई यहाँ पर अभी बहुत ज्यादा बिजी चल रहा हु यार.

कारन- तो बताओ इतने दिन बाद तुम हल चल पूछने के लिए तो हमसे संपर्क नहीं किया होगा न तो बताओ भाई हम सब के लिए क्या हुकुम है.

मई- अरे यार ऐसी कोई बात नहीं है दरअसल आज गुरुदेव ने मुझसे टेलिपाथी द्वारा बात की थी वो आज किसी भी समय हम सब को आश्रम में बुलाये है इस लिए तुम सब एक जगह पर रहना मई तुम सब को लेने के लिए शाम के समय आऊंगा और मई तुम सब को टेलेपोर्टेशन के माध्यम से आश्रम ले कर चलूँगा.

दीप्ती- लेकिन अचानक गुरुदेव ने हमें आश्रम क्यों बुलाया है क्या कोई प्रॉब्लम हो गया है वह पर सब ठीक तो है न.

मई- है वह पर सब ठीक है और गुरुदेव ने मुझे ज्यादा तो नहीं बताया लेकिन वो बोल रहे थे की धरती पर कोई संकट आने वाला है इसी लिए हम सब को गुरुदेव ने आश्रम में बुलाया है.

रोहन- ठीक है हम सब तैयार रहेंगे.

मई- Ok बी मई अब कनेक्शन को कट कर रहा हु और है अब हमारी बाटे आश्रम में जाने के बाद hi होगी.

अपने दोस्तों से बात करने के बाद मई विशाल को मस्सगे कर दिया की मई ओबेराय मेन्शन पहुंचने वाला हु तुम तैयार रहना फिर मई थोड़ी देर बाद ओबेराय मेन्शन पहुंच गया था तस्य ड्राइवर ने तस्य को ओबेराय मेन्शन के सामने रोक दिया इसके बाद मई तस्य से उतर कर ड्राइवर को पेमेंट किया और मेन्शन के अंदर चला गया अब मुझे यहाँ पर सरे गॉर्ड पहचानते थे इस लिए मुझे अंदर जाने से किसी ने भी नहीं रोका.

खैर मई थोड़ी देर बाद मेन्शन के अंदर ड्राइंग रूम में पहुंच गया वह पर गया तो देखा की वह पर जगमोहन ओबेराय बैठ कर चाय पि रहे थे और टीवी पर न्यूज़ देख रहे थे मई उनके पास गया और उनको प्रणाम करते हुए बोलै.

मई- नमस्ते अंकल.

जगमोहन- नमस्ते बीटा और बताओ क्या हल चल है.

मई- मई ठीक हु अंकल आप बताइये आपका तबियत कैसी है अब.

जगमोहन- मई तुम्हारा वो दवा लेने के बाद एक डैम फिट हो गया हु.

अभी हम बात कर hi रहे थे की तभी विशाल ओबेराय भी रेडी हो कर ड्राइंग रूम में आ गया इसके बाद मई जगमोहन अंकल को बी बोल कर वह से निकल गए विशाल खुद गाड़ी ड्राइव कर रहा था और मई उसके बगल में बैठा हुआ था कुछ देर तक गाड़ी में सनता छाया रहा फिर मई उस सनते को तोड़ते हुए विशाल से बोलै.

मई- विशाल भाई कल अपने बताया नहीं था की वो कोण सा परिवार है जो एक्शन करवाता है.

मेरे बात को सुन कर विशाल कुछ देर तक सोचता रहा फिर वो मुझसे बोलै.

विशाल- वह कल मैंने नहीं बताया था कोई बात नहीं आज बता देते है दरअसल मुंबई के सबसे बड़े परिवारों में से एक है अग्रवाल परिवार और यही परिवार ऑक्शन करवाता है इनका ऑक्शन का बिज़नेस सिर्फ इंडिया में hi नहीं बल्कि पुरे वर्ल्ड में फैला हुआ है अगर ये चाहे तो वर्ल्ड वाइज भी ऑक्शन करवा सकते है.

मई- हम्म तो ये अग्रवाल परिवार ऑक्शन करवाने का क्या चार्ज करता है.

विशाल- वैसे तो ये लोग ऑक्शन करवाने के लिए जो भी सामान उस ऑक्शन में शाले होता है उसके प्राइस का 15% चार्ज करते है लेकिन जो सामान ज्यादा रिस्की वाला होता है उस पर ये लोग अलग उस सामान के सेफ्टी के लिए अलग से चार्ज करते है.

ऐसे hi हम बात करते हुए अग्रवाल ग्रुप के ऑफिस पहुंच गए फिर हम दोनों कार से बहार निकले और सीधा ऑफिस के अंदर चले अंदर जाने के बाद हम दोनों रिसेप्शन एरिया में गए और फिर आगे बढ़ते हुए विशाल ने रिसेप्शनिस्ट से बोलै.

विशाल- एक्सक्यूज़ में मम क्या हम सूर्यदेव अग्रवाल से मिल सकते है.

विशाल के बात सुन कर वो रिसेप्शनिस्ट एक बार विशाल के ऊपर नजर डाली और फिर उससे बोली.

रिसेप्शनिस्ट- सॉरी सर लेकिन सूर्यदेव अग्रवाल आज ऑफिस नहीं आये है.

रिसेप्शनिस्ट के बात सुन कर मई और विशाल दोनों परेशां हो गए क्युकी हम यहाँ पर जिस काम के लिए आये थे वो काम सिर्फ सूर्यदेव अग्रवाल या फिर उनका बीटा hi कर सकता था इस लिए विशाल ने उस रिसेप्शनिस्ट से बोलै.

विशाल- तो क्या यहाँ पर उनका बीटा धीरज अग्रवाल मौजूद है अगर वो यहाँ पर है तो आप हमें उनसे hi मिलवा दीजिये.

रिसेप्शनिस्ट- सॉरी सर लेकिन वो भी यहाँ पर नहीं है इनफैक्ट यहाँ पर अग्रवाल परिवार का कोई भी मौजूद नहीं है.

विशाल- वह तो अब हम उनसे कैसे मिलेंगे हमें उनसे मिलना बहुत जरुरी था.

विशाल के बात सुन कर वो रिसेप्शनिस्ट कुछ सोचने लगी फिर वो कुछ सोचते हुए मिली.

रिसेप्शनिस्ट- वैसे आप है कोण और आपको उनसे क्या काम था.

विशाल- मेरा नाम विशाल ओबेराय है और मई ओबेराय ग्रुप के सीईओ हु और मुझे उनसे कुछ पर्सनल काम था.

जैसे hi उस रिसेप्शनिस्ट ने सुना की वो ओबेराय ग्रुप के सीईओ विशाल ओबेराय है तो वो लड़की घबरा गयी क्युकी ओबेराय ग्रुप भी अग्रवाल ग्रुप के तरह बहुत बड़ी कंपनी थी इस लिए उस रिसेप्शनिस्ट का घबराना जायज था वो घबराते हुए विशाल से बोली.

रिसेप्शनिस्ट- सॉरी सर मई आपको पहचान नहीं पायी.

विशाल- कोई बात नहीं अच्छा आप मुझे ये बताइये की आपके पास सूर्यदेव अग्रवाल या फिर धीरज अग्रवाल का मोबाइल no. तो होगा hi तो क्या आप उनका no. मुझे दे सकती है.

विशाल के बात सुन कर रिसेप्शनिस्ट थोड़ी सोच में पद गयी फिर वो अपने सोच से बहार आते हुए बोली.

रिसेप्शनिस्ट- ठीक है सर उनका बिज़नेस कार्ड है मेरे पास एक मिनट रुकिए मई आपको उनका बिज़नेस कार्ड दे रही हु.

फिर वो रिसेप्शनिस्ट ने अपने ड्रावर से एक बिज़नेस कार्ड निकला और विशाल को दे दिया विशाल ने जब उस कार्ड को देखा तो उसपे सूर्यदेव अग्रवाल लिखा हुआ था यानि की वो कार्ड सूर्यदेव अग्रवाल का था खैर विशाल कार्ड लेने के बाद अपना मोबाइल निकला और सूर्यदेव अग्रवाल के no. डायल करके कॉल लगा दिया थोड़ी देर रिंग जाने के बाद सूर्यदेव अग्रवाल ने कॉल रिसीव किया और बोलै.

सूर्यदेव- हैल्लो कोण बोल रहा है.

विशाल- हैल्लो सूर्यदेव जी मई विशाल ओबेराय बोल रहा हु.

जब सूर्यदेव अग्रवाल ने सुना की फ़ोन पर विशाल ओबेराय है तो वो थोड़ा हैरान हो गया फिर वो अपने हैरानी को काबू करते हुए बोलै.

सूर्यदेव- है विशाल जी बताइये आज सपने मेरे पास कॉल क्यों किया कुछ काम था क्या.

विशाल- है अग्रवाल सबह मुझे आपसे किसी को मिलवाना था क्या आप आज अपने ऑफिस आ सकते है.

सूर्यदेव- नहीं विशाल जी आज हमारे परिवार से कोई भी ऑफिस नहीं जा पायेगा.

सूर्यदेव के बात सुन कर विशाल को ऐसा लगा की शायद सूर्यदेव अग्रवाल कुछ उदास है तो वो सूर्यदेव से बोलै.

विशाल- क्या बात है अग्रवाल साहब आप उदास लग रहे है कोई बात है क्या.

विशाल के बात सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल चुप हो गया फिर थोड़ी देर बाद वो ठंडी आहे भरते हुए बोलै.

सूर्यदेव- है विशाल जी वो क्या है न की कुछ दिन से मेरी बेटी का तबियत था और आज अचानक उसको तबियत बहुत ज्यादा बिगड़ गयी मैंने बहुत सरे डॉक्टर को दिखाया लेकिन कोई भी उसे ठीक नहीं कर पाया इसी लिए मई थोड़ा परेशां हु.

सूर्यदेव अग्रवाल के बात सुन कर विशाल तुरंत hi बोल पड़ा.

विशाल- आपकी बेटी अभी कहा पर है वो हॉस्पिटल में है या घर पर है.

विशाल की इस तरह के बात सुन कर सूर्यदेव को कुछ समझ में नहीं आया तो वो विशाल से बोले.

सूर्यदेव- हॉस्पिटल में डॉ. ने जबाब दे दिया इस लिए हम उसे घर ले कर जा रहे है लेकिन आप ये क्यों पूछ रहे है.

विशाल- मई ये इस लिए पूछ रहा हु की मेरे पास एक डॉक्टर है और मई पुरे विस्वास के साथ बोल सकता हु की वो आपकी बेटी को ठीक कर देगा.

विशाल के बात सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल हैरान हो गए फिर वो खुसी से बोले.

सूर्यदेव- ये तो अच्छी बात है आप उन्हें लेकर सीधा मेरे घर पर आ जाइये हम यहाँ आपका वेट करेंगे.

इतना बोल कर सूर्यदेव ने कॉल कट कर दिया इसके बाद विशाल मेरे पास आया और मुझसे साडी बाटे बताई तो मई तुरंत hi उसके साथ चलने के लिए तैयार हो गया फिर हम अग्रवाल ग्रुप से अग्रवाल मेन्शन के लिए निकल गए.

इधर शनाया भी सुबह में नास्ता करने के बाद अपने कंपनी के लिए निकल गयी थी जब वो अपने कंपनी में पहुंची तो वो सीधा अपने ऑफिस में जा कर काम करने लगी तभी उसका मोबाइल पर किसी का कॉल आया तो उसने देखा की कॉल किसी अननोन no. से आ रहा था फिर वो कुछ सोच कर कॉल रिसीव किया तो शनाया को दूसरी तरफ से एक लड़की के आवाज सुनाई दिया.

कॉल- क्या मेरी बात शनाया मल्होत्रा से हो रही है.

शनाया- जी मई शनाया मल्होत्रा hi बोल रही हु आप कोण बोल रही है.

कॉल- हैल्लो मम मई P&S ग्रुप ऑफ़ फार्मा से निधि ओबेराय बात कर रही हु मैंने सुना है की आपके कंपनी को इन्वेस्टर की जरुरत है.

शनाया- जी मम आपने सही सुना है.

निधि- तो मई आपके कंपनी में P&S ग्रुप ऑफ़ फार्मा के तरफ से 80 करोड़ इन्वेस्ट करना चाहता हु तो क्या आप मेरे साथ बिज़नेस करना चाहेंगी.

शनाया ने जब सुना की उसकी कंपनी में कोई 80 करोड़ इन्वेस्ट करना चाहता है तो वो बहुत खुस हो गयी लेकिन फिर वो कुछ सोचते हुए बोली.

शनाया- अगर आप मेरे कंपनी में इतना पैसा इन्वेस्ट करना चाहती है तो जरूर आपका कोई कंडीशन भी होगा.

शनाया के बात सुन कर निधि के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी और वो मुस्कुराते हुए बोली.

निधि- साडी बाटे कॉल पर hi कर लेंगी क्या आप या फिर हम मिल कर इस पर कुछ बाटे करे.

शनाया- ठीक है हम मिल कर hi बाटे करते है एक काम कीजिये आप मेरे कंपनी में आ जाइये हम यही पर बात भी कर लेंगे और हमारी बात बन गयी तो हम डील भी सिग्नेचर कर लेंगे.

निधि- ठीक है हम तुरंत hi वह के लिए निकल रहे है.

इतना बोल कर निधि कॉल कट कर दी और शनाया के कंपनी के लिए निकल गयी करीब आधे घंटे कार ड्राइव करने के बाद निधि शनाया के कंपनी में आ गयी थी इसके बाद वो रिसेप्शन पर जा कर शनाया के केबिन के बारे में पूछती है और फिर वो शनाया के केबिन में चली जाती है और शनाया से बोलती है.

निधि- ही शनाया जी मुझे आने में लेट तो नहीं हुआ न.

शनाया- नहीं नहीं निधि जी आप समय पर hi आयी है वैसे आप क्या लेना पसंद करेंगी चाय कॉफ़ी या फिर सॉफ्टड्रिंक्स.

निधि- नहीं नहीं इन सब की जरुरत नहीं है हम सीधा इन्वेस्टमेंट पर बात कर लेते तो अच्छा था क्युकी मुझे कही और भी जाना है.

शनाया- ठीक है तो फिर आप बताइये की आप मेरे कंपनी में इतने ज्यादा पैसा क्यों इन्वेस्ट करना चाहती है.

निधि शनाया के बात सुन कर सोच में पद जाती है उसे समझ में नहीं आ रहा था की वो शनाया के बातो का क्या जबाब दे क्युकी वो तो यहाँ मेरे बोलने पर इन्वेस्ट करने के लिए आयी थी लेकिन उसे कुछ तो जबाब देना hi था इस लिए वो कुछ सोचते हुए बोली.

निधि- मुझे आपके कंपनी में मुख्या कारन ये है की P&S ग्रुप ऑफ़ फार्मा एक मेडिसिन कंपनी है और आपका कंपनी भी स्किन केयर प्रोडक्ट्स बनती है तो जहा तक की हम दोनों की कंपनी एक hi फिल्ड में काम कर रही है और मुझे ऐसा लगता है की स्किन केयर प्रोडक्ट्स में इन्वेस्ट पर पर मुझे ज्यादा रेतुर्न मिलेगा क्युकी स्किन केयर आज कल सरे लोग उसे कर रहे है चाहे वो आदमी हो या औरत इस लिए स्किन केयर का डिमांड मार्किट में सबसे ज्यादा है दूसरी बात ये है की मई आपके कंपनी के पीछे का अकड़ा निकल कर देखा हु ये कंपनी कुछ सालो में बहुत अच्छा रेतुर्न दी है बस ये 2 साल से hi ये कंपनी लोस्स में जा रही है नहीं तो पहले इस कंपनी अच्छी चल रही थी और तीसरी और आखरी बात की मुझे आप पर बिस्वास है आप मेरा लोस्स नहीं होने देंगी.

निधि के बात सुन कर शनाया के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और वो मुस्कुराते हुए बोलती है.

शनाया- हम्म अपने रीज़न तो अच्छा दिया चलिए कोई बात नहीं अब हम शेयर पर बात कर ले.

निधि- है क्यों नहीं.

इसके बाद निधि और शनाया दोनों बैठ कर इन्वेस्टमेंट के बारे में कुछ बाटे डिसकस करती है फिर निधि शनाया से 80 करोड़ रूपए इन्वेस्ट करने के बदले में कंपनी के 70% शेयर मांगती है लेकिन शनाया इसके लिए राजी नहीं होती है फिर दोनों में शेयर को लेकर कुछ देर तक बहस होता है और आखिर में शनाया निधि को 51% शेयर देने के लिए राजी हो जाती है लेकिन साथ में एक शर्त भी रखती है की P&S ग्रुप ऑफ़ फार्मा का शेयर hi कंपनी में ज्यादा रहेगा लेकिन कंपनी में जो भी डेसिओं लेना होगा वो शनाया hi लेगी मतलब भी भले निधि को शेयर ज्यादा होता लेकिन कंपनी पर कण्ट्रोल शनाया के hi होता शनाया के कंडीशन सुन ने के बाद निधि कुछ देर तक सोचती है फिर वो शनाया के कंडीशन पर राजी हो जाती है.

इसके बाद शनाया इन्वेस्टमेंट के डॉक्यूमेंट रेडी करती है जिसपर लिखा होता है की P&S ग्रुप ऑफ़ फार्मा का शेयर 51% शेयर और शनाया का 49% शेयर रहेगा इसके बाद दोनों डॉक्यूमेंट पर सिग्नेचर करते है फिर निधि कंपनी के अकाउंट में 80 करोड़ ट्रांसफर कर देती है इसके बाद वो वह से चली जाती है.

निधि के जाने के बाद शनाया खुसी से सरे स्टाफ को बुलाती है और बोलती है की अब हमारा कंपनी बंद नहीं होगा क्युकी उसे आज 80 करोड़ का इन्वेस्टमेंट मिला है ये सुन करे सरे स्टाफ खुश हो जाते है इसके बाद शनाया अपने ऑफिस में जा कर कुछ काम करने लगती है तो वही पर उन स्टाफ में से कोई एक ऐसा भी था जब उसने सुना की कंपनी को 80 करोड़ के इन्वेस्टमेंट मिला है तो वो लड़की तुरंत किसी को कॉल कर देती है.

लड़की- हैल्लो अमृता मम हमारा सारा प्लेन फैल हो गया अब कंपनी को कोई नुकसान नहीं होगा क्युकी कंपनी को एक इन्वेस्टर मिल गया.

उस लड़की के बात सुन कर अमृता मल्होत्रा जो की शनाया की कजिन सिस्टर थी वो थोड़ा घुसे में बोली.

अमृता- क्या... क्या बोली तुम शनाया को एक इन्वेस्टर मिल गया लेकिन ये कैसे हुआ वो कंपनी तो लोस्स में चल रही थी न तो फिर ऐसा कोण सा पागल इन्वेस्टर था जो लोस्स में जाते हुए कंपनी में इन्वेस्ट किया.

लड़की- ये मुझे नहीं पता है मम की वो इन्वेस्टर कोण था लेकिन मई ये जानती हु की उसने 80 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया है.

लड़की के बात सुन कर अमृता हैरान हो जाती है और बोलती है.

अमृता- क्या 80 करोड़ लेकिन ये कैसे हो सकता है एक डूबती हुयी कंपनी में कोई 80 करोड़ की इन्वेस्टमेंट कैसे कर सकता है अगर ये सच हुआ तो शनाया फिर से उस कंपनी को बुलंदियों पर ले जा सकती है नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता मई शनाया को अपने से आगे नहीं निकलने दे सकती हु मेरे सरे किये कराये पर पानी फिर जायेगा मुझे कुछ तो करना hi होगा ठीक मई अभी कॉल रख रही हु लेकिन है तुम उसके ऊपर नजर रखना और वह के एक एक खबर मुझे चाहिए समझ गयी न.

लड़की- जी मम आप टेंशन मत लीजिये मई आपको साडी खबर देती रहूंगी.

उस लड़की के बात सुन कर अमृता कॉल कट कर देती है और जोर से चिलाती है.

अमृता- नहीं शनाया तुम मुझसे नहीं जित सकती मई तुम्हे जितने नहीं दूंगी जो कंपनी मेरी होनी चाहिए थी उसे दादा जी ने तुम्हे दे दिया मई इस कंपनी को hi बर्बाद कर दूंगी.

वही पर बैठा हु विक्की मल्होत्रा कब से अमृता के बात सुन रहा था वो बोलै.

विक्की- हमसे उस कंपनी को बर्बाद करने के लिए क्या क्या नहीं किया और आखिर में जब वो कंपनी बर्बादी के कगार पर आ गया तो कोई इन्वेस्टर 80 करोड़ के इन्वेस्टमेंट कर के हमारे किये कराये पर पानी फेर दिया लेकिन कोई बात नहीं अबकी बार मई ऐसा प्लान बनाऊंगा की वो कंपनी भी बंद होगी और शनाया को भी जेल होगा.

विक्की के बात सुन अमृता बहुत खुश हो गयी और फिर वो खुसी से बोली.

अमृता- है अगर ऐसा हो गया तो बहुत मजा आएगा अगर शनाया को भी जेल हो गया तो सबसे ज्यादा खुसी मुझे hi होगा लेकिन उस निकम्मे घरजमाई का भी कुछ करना होगा.

अमृता के बात सुन कर विक्की के चेरे पर एक कमीना मुस्कान आ गया और वो मुस्कुराते हुए बोलै.

विक्की- उसके लिए भी इंतेज़ाम हो गया है बहुत जल्द hi शनाया और उस निकम्मे घर जमाई का तलाक होगा और ये करवाएगा आकाश शेरगिल.

अमृता- आकाश शेरगिल लेकि वो क्या करने वाला है.

विक्की- मई और आकाश ने मिल एक ऐसा प्लान बनाया है की उस घरजमाई को लत मर सब घर से बहार निकालेंगे लेकिन उससे पहले शनाया और उसके कंपनी के बारे में कुछ सोचना पड़ेगा.


अमृता- ठीक है तुम्हे जो करना है करो लेकिन मुझे शनाया के बर्बादी चाहिए.

वर्ड 10.5क
 
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