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अपडेट- 08 (बी) (मेघा अपडेट)
वैसे तो आसमा ने निकाह से पहले कभी किसी गैर मर्द से शारारिक सम्बन्ध नहीं बनाये थे और अपनी विरगनित्य को भी सैम के हवाले की thi..................uske पीछे भी वजह थी उसकी छोटी behan............zoya....................kyon की उसे पता था अगर समाज में कहीं कोई ऊंच नीच हो गयी तो उसकी बहिन की निकाह रुक jayegi...............aur बदनामी होगी सो अलग se.............is वजह से वो लड़कों से दूर rahi..........halanki उसे सेक्स करना बहुत ज़्यादा पसंद था...................
अकेले जब भी वो वक़्त गुज़रती थी तो अक्सर पोर्न वीडियोस देखा करती thi......aur सोचा करती की काश उसका होने वाला शौहर भी कुछ उसके साथ ऐसा hi kare..............waise आसमा को वाइल्ड और हार्डकोर टाइप की सेक्स बेहद पसंद thi............jismein कोई लड़का लड़की को बड़ी hi बेरहमी से छोड़ता था .......उसकी चीखें निकलवाता tha............aisi hi कुछ फंतासी आसमा की भी thi...................ki कोई उसे बिस्टेर पर इतना रगड़े की उसकी बस चीखें निकलवाता rahe.........................magar अफ़सोस अभी तक आसमा के साथ इन दो महीनों में कहीं कुछ ऐसा नहीं हुआ था..........
सैम का लुंड करीब 4 या 5 इंच का hoga..............upar से 1.5 इंच mota......jo की एवरेज से भी बहुत छोटा tha.......................aur सबसे बड़ी दुःख तो इस बात की थी की सैम बिस्टेर पर मुस्खिल से 5 मिनट से ज़्यादा नहीं टिक पता tha....................aur रात में एक से दो बार उसका खड़ा भी होता तो भी मुस्खिल से बस 5 मिनट के liye...............issey ज़्यादा नहीं.........
इन दो महीनों में आसमा मुस्खिल से एक या दो बार hi सैम से सटिस्फी हो पायी thi..............wajah बहुत सी thi.............ek तो सैम हमेशा उसके बदन को इधर उधर choota.............usey हमेशा गरम करता रहता .................और जब अपनी बरी आती तो सीधा पेंतराते करके 5 मिनट में फिराग हो jata...........bina उसकी परवाह kiye..............na hi वो आसमा के साथ फोरप्ले karta.............na hi ओरल sex...........aur न hi डबल मीनिंग जैसी कुछ baatein...............na कोई roleplay..................jo आसमा को hi नहीं सभी लड़कियों को पसंद tha....................is वजह से आसमा के अंदर भी धीरे धीरे गुस्सा और चिड़चिड़ापन आता जा रहा tha.............is वजह से वो अक्सर अकेले में बहुत सी बातें सोचा karti...............magar ये सब वो किस्से kehti...................is वजह से वो अक्सर अब थोड़ी मायूस सी रहने लगी thi.............magar सैम को उसकी ये मायूसी कहीं नज़र नहीं आती थी..............
वो तो समझता था की दुनिया की सबसे बड़ी खुसीहयान तो बस दौलत hain..................agar दौलत हैं तो सब कुछ hain..............magar कहीं न कहीं ये सैम की बहुत बड़ी भूल भी thi.............is वजह से वो हमेश आसमा को दौलत और शौहरत से तौला karta................magar आसमा को तो जैसे इन सब का शौक न पहले tha..........aur न अब था.......................
" क्या सोचने लगी memsaheb...................main भी आपसे बात करने में लग gayi..........hari प्यास से तड़प रहा hoga.................aap पानी दे dijiye..................main उसे दे आती hoon..............aur बाकि का काम कल सुबह आकर हम करेंगे..............." और शांति बात को बीच में hi ख़तम करती हुई R.O में से पानी भरने लगती हैं वहीँ आसमा बेसुध सी कड़ी अभी भी अपने खेलों में कहीं गम थी............
" चलती हूँ मेमसाहेब.............." और इतना कहती हुई शांति फ़ौरन उस किचन से निकल जाती हैं वहीँ आसमा बस हूउउउउउऊँणणन्न में जवाब देती हुई फिर से सब कुछ सोचने लगती hain.............wo दोनों के जाने के बाद आसमा फिर बाथरूम जाती हैं और जब वो अपनी लग्गी नीचे सरकती हुई जब अपनी पंतय नीचे करती हैं उसकी पंतय पर उसके छूट का रूस लगा हुआ tha......................jo अभी तक गिला tha.....................hairan तो वो खुद थी की आज अचानक कैसे उसकी छूट इस तरह से गीली hui................magar दिल में नया एक्ससिटेमेंट भी तो tha................kuch सोचकर एक बार फिर से उसके चेहरे पर एक प्यारी सी हंसी आ गयी.....................
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सैम मार्किट से आ चूका था और वो अपने कमरे में सू रहा tha..............aasma आज पूरी तरह से बेचैन thi................neend तो क्या उसे तो अब एक पल का चैन भी नहीं आ रहा tha....................wo कभी घडी को तो कभी अपने मोबाइल को देख रही thi..........achahak उसकी सहेली हेमा का कॉल aaya...........jo उसकी कॉलेज फ्रेंड thi....................uska कॉल देखकर आसमा के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान तैर गयी............
" कैसी हो मेरी jaan"..................udher से उसकी सहेली हेमा की आवाज़ aayi.................aur इधर आसमा जवाब में धीरे से मुस्कुरा पड़ी.............
" मैं तो ठीक हूँ........... तू bata.................shadi करके तू तो खूब एन्जॉय कर रही होगी ...............हैं ना..................." और आसमा धीरे से बोल उठी वहीँ उसकी सहेली उसकी बाटिओं को सुनकर जैसे चहक उठी..............
" तू तो जानती हैं न mujhe................college टाइम पर भी तीन चार मेरे बॉयफ्रैंड्स हुआ करते they...........aur अब शादी के बाद भी दो तीन तो हैं hi......................mera हस्बैंड फॉरेन में रहता हैं और मैं यहाँ akele...................aaish कर रही hoon.................kisi और के साथ................." और हेमा मुस्कुराते हुए धीरे से बोल पड़ती हैं वहीँ आसमा का गाला एक बार फिर से सूखने लगता hain............jin चीज़ों से वो बचना चाहती थी वहीँ उसके साथ बार बार अब हो रहा था...........
" तू na..............kabhi नहीं sudhregi...................waise इस बार तेरा बॉयफ्रेंड कौन हैं..................." और आसमा हेमा से उत्शुकता से पूछती हैं वहीँ हेमा मुस्कुराते हुए धीरे से बोल पड़ती हैं..........
" बॉयफ्रेंड नहीं ..........मेरे घर का नौकर hain...............kya मर्द हैं yaar.................kya batawun.............aise मर्द से तो आज तक मेरा पला hi नहीं pada............itna मज़ा देता हैं की पूछो mutt............meri तो चीख निकलवा देता हैं ...............kambhakht.................jab भी मेरी चुदाई करता हैं मुझे अपनी बुर की सेकई करवानी पड़ती hain...............itna ज़्यादा मुझे रगड़ता हैं की मैं बिस्टेर से उठ भी नहीं pati............kabhi कभी तो वो मेरी मूट भी निकलवा देता हैं yaar.............jo भी कह यार मेरी तो लाइफ मज़े से कुत्त rahi.........aabhi अभी उसने मेरी बुर खूब रगड़कर छोड़ी हैं और उसका सारा छुम मैं अपने अंदर ली हुई hoon...........aaj भी उसने मुझे बहुत रगड़ा हैं की मैं ऐसे hi बिस्टेर पर पूरी नंगी सोई हुई hoon...............mujhe तो अब उठा भी नहीं जा raha....ooooooooooomaaaaaaaaaaaammmmmmmmmmmm.........a" और हेमा की ऐसी बातें आसमा के तन बदन में आग लगाने के लिए बस काफी था................
ऊके जिसमे में एक अजीब सी सेंसेशन hui......jissey उसका रोम रोम खड़ा हो gaya...............tangon के बीच उसकी बुर में गीलापन फिर से बढ़ने लगा .........जैसे तैसे वो अपने सांसों को नार्मल कर रही थी मगर यहाँ तो उसकी सांसें पूरी तरह से बेकाबू होते जा रहे they..............wo अपने हलक में थूक निगलती हुई अपनी सहेली की एक एक बातें सुन रही thi...............usey तो यकीन hi नहीं हो रहा था की उसकी सहेली ऐसी hain........shadi के बाद bhi.......aur शादी से पहले भी...............
" तुझे दुर्र नहीं lagta.....agar तेरा पति जान गया तो.................." और आसमा हौले से अपनी साँसों को संभालती हुई बोल पड़ती हैं वहीँ हेमा फिर से सिसकते हुए बोलती हैं.........
" कुछ नहीं होगा yaar.........zindagi अपनी हैं तो कहे को दूसरे के बारे में इतना सोचने ka....................mera हस्बैंड विदेश गया होगा तो कौन सा दूध का धूल hoga.......wo भी कहीं न कहीं लगा hi hoga............duniya के सरे मर्द एक जैसे होते हैं जहाँ किसी को मौका मिला कोई नहीं chookneywala..............aur बता तू कैसी hain.................teri शादी और सेक्स लाइफ कैसी चल rahi.......tera हुब्बी तुझे खुस तो रखता हैं na............college टाइम तो तुमने एक भी लड़कों को भाव नहीं di.........kya अभी भी पवित्रता की चादर तू ोधी हुई हैं..............." और हेमा जैसे आसमा को समझती हुई बोल पड़ती हैं वहीँ जवाब में आसमा बस खामोश hi रहती हैं................
" तू भी न yaar...............enjoy करना seekh.......kuch नहीं रखा हैं लाइफ mein..............shadi के पहले न sahi...............shadi के बाद तो तू बॉयफ्रैंड्स अब बना hi सकती hain..............khair ये तेरी लाइफ हैं मैं तुझे कुछ नहीं kahungi.............life में मज़े लेना सीख ले मेरी जान............. नहीं तो लाइफ आगे तेरे मज़ा legi................rakhti हूँ चल.......... bye..............apna ख्याल रखना................." और हेमा फ़ोन रख देती हैं मगर आसमा के दिमाग में जैसे बम के धमकी हो रहे they...................wo अपने सर को दोनों हाथों से पकड़कर बैठ जाती हैं और एक एक बाटिओं को शुरू से लेकर आंत तक सब कुछ सोचने लगती हैं...............
वैसे भी उसने लाइफ में सिर्फ दूसरों के खातिर समझौता hi तो किया tha.....................aur बदले में की मिला usey.................do पल की ख़ुशी भी nahin.............shauhrat दौलत की कमी तो वैसे hi पहले उसके पास नहीं थी और अब तो और नहीं thi......magar लाइफ में जो satisfaction.....................jo सुकून चाहिए था वो भी तो नहीं मिला tha.................ek अजीब सी pyaas.......ek अजीब सी tadap.........ek अजीब सी बेचैनी .................ऊके मुन्न में बार बार जो उठ रही थी shayad..................kuch तो कमी रह गयी थी उसकी ज़िन्दगी mein...........kuch अढोरापन था shayad..............kuch कमी सी thi......................magar kya......................shayad इस सवाल का जवाब उसके पास नहीं था मगर अब उसे इन सवालों के जवाब हर हाल में चाहिए था.....................
आसमा बहुत देर तक अपनी बीती हुई ज़िन्दगी के बारे में सब कुछ सोचती rahi...............ek एक घटना किसी फिल्म की तरह ुकि आँखों के सामने घूम रहा tha...........aab उसने भी फैसला कर लिया था चाहे जो ho......................aab वो भी अपनी ज़िन्दगी अपने तरीके से jiyegi..................chahe किसी को बुरा लगता हैं तो lage..................magar अब वो हर वो सुख हासिल करेगी जिसकी उसे चाह hain.............tadap hain................dekhna था की अस्मा की ज़िन्दगी में अब क्या बदलाव आने वाला था...........................
तो बे कॉन्टिनोएड.......................................................................
वैसे तो आसमा ने निकाह से पहले कभी किसी गैर मर्द से शारारिक सम्बन्ध नहीं बनाये थे और अपनी विरगनित्य को भी सैम के हवाले की thi..................uske पीछे भी वजह थी उसकी छोटी behan............zoya....................kyon की उसे पता था अगर समाज में कहीं कोई ऊंच नीच हो गयी तो उसकी बहिन की निकाह रुक jayegi...............aur बदनामी होगी सो अलग se.............is वजह से वो लड़कों से दूर rahi..........halanki उसे सेक्स करना बहुत ज़्यादा पसंद था...................
अकेले जब भी वो वक़्त गुज़रती थी तो अक्सर पोर्न वीडियोस देखा करती thi......aur सोचा करती की काश उसका होने वाला शौहर भी कुछ उसके साथ ऐसा hi kare..............waise आसमा को वाइल्ड और हार्डकोर टाइप की सेक्स बेहद पसंद thi............jismein कोई लड़का लड़की को बड़ी hi बेरहमी से छोड़ता था .......उसकी चीखें निकलवाता tha............aisi hi कुछ फंतासी आसमा की भी thi...................ki कोई उसे बिस्टेर पर इतना रगड़े की उसकी बस चीखें निकलवाता rahe.........................magar अफ़सोस अभी तक आसमा के साथ इन दो महीनों में कहीं कुछ ऐसा नहीं हुआ था..........
सैम का लुंड करीब 4 या 5 इंच का hoga..............upar से 1.5 इंच mota......jo की एवरेज से भी बहुत छोटा tha.......................aur सबसे बड़ी दुःख तो इस बात की थी की सैम बिस्टेर पर मुस्खिल से 5 मिनट से ज़्यादा नहीं टिक पता tha....................aur रात में एक से दो बार उसका खड़ा भी होता तो भी मुस्खिल से बस 5 मिनट के liye...............issey ज़्यादा नहीं.........
इन दो महीनों में आसमा मुस्खिल से एक या दो बार hi सैम से सटिस्फी हो पायी thi..............wajah बहुत सी thi.............ek तो सैम हमेशा उसके बदन को इधर उधर choota.............usey हमेशा गरम करता रहता .................और जब अपनी बरी आती तो सीधा पेंतराते करके 5 मिनट में फिराग हो jata...........bina उसकी परवाह kiye..............na hi वो आसमा के साथ फोरप्ले karta.............na hi ओरल sex...........aur न hi डबल मीनिंग जैसी कुछ baatein...............na कोई roleplay..................jo आसमा को hi नहीं सभी लड़कियों को पसंद tha....................is वजह से आसमा के अंदर भी धीरे धीरे गुस्सा और चिड़चिड़ापन आता जा रहा tha.............is वजह से वो अक्सर अकेले में बहुत सी बातें सोचा karti...............magar ये सब वो किस्से kehti...................is वजह से वो अक्सर अब थोड़ी मायूस सी रहने लगी thi.............magar सैम को उसकी ये मायूसी कहीं नज़र नहीं आती थी..............
वो तो समझता था की दुनिया की सबसे बड़ी खुसीहयान तो बस दौलत hain..................agar दौलत हैं तो सब कुछ hain..............magar कहीं न कहीं ये सैम की बहुत बड़ी भूल भी thi.............is वजह से वो हमेश आसमा को दौलत और शौहरत से तौला karta................magar आसमा को तो जैसे इन सब का शौक न पहले tha..........aur न अब था.......................
" क्या सोचने लगी memsaheb...................main भी आपसे बात करने में लग gayi..........hari प्यास से तड़प रहा hoga.................aap पानी दे dijiye..................main उसे दे आती hoon..............aur बाकि का काम कल सुबह आकर हम करेंगे..............." और शांति बात को बीच में hi ख़तम करती हुई R.O में से पानी भरने लगती हैं वहीँ आसमा बेसुध सी कड़ी अभी भी अपने खेलों में कहीं गम थी............
" चलती हूँ मेमसाहेब.............." और इतना कहती हुई शांति फ़ौरन उस किचन से निकल जाती हैं वहीँ आसमा बस हूउउउउउऊँणणन्न में जवाब देती हुई फिर से सब कुछ सोचने लगती hain.............wo दोनों के जाने के बाद आसमा फिर बाथरूम जाती हैं और जब वो अपनी लग्गी नीचे सरकती हुई जब अपनी पंतय नीचे करती हैं उसकी पंतय पर उसके छूट का रूस लगा हुआ tha......................jo अभी तक गिला tha.....................hairan तो वो खुद थी की आज अचानक कैसे उसकी छूट इस तरह से गीली hui................magar दिल में नया एक्ससिटेमेंट भी तो tha................kuch सोचकर एक बार फिर से उसके चेहरे पर एक प्यारी सी हंसी आ गयी.....................
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सैम मार्किट से आ चूका था और वो अपने कमरे में सू रहा tha..............aasma आज पूरी तरह से बेचैन thi................neend तो क्या उसे तो अब एक पल का चैन भी नहीं आ रहा tha....................wo कभी घडी को तो कभी अपने मोबाइल को देख रही thi..........achahak उसकी सहेली हेमा का कॉल aaya...........jo उसकी कॉलेज फ्रेंड thi....................uska कॉल देखकर आसमा के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान तैर गयी............
" कैसी हो मेरी jaan"..................udher से उसकी सहेली हेमा की आवाज़ aayi.................aur इधर आसमा जवाब में धीरे से मुस्कुरा पड़ी.............
" मैं तो ठीक हूँ........... तू bata.................shadi करके तू तो खूब एन्जॉय कर रही होगी ...............हैं ना..................." और आसमा धीरे से बोल उठी वहीँ उसकी सहेली उसकी बाटिओं को सुनकर जैसे चहक उठी..............
" तू तो जानती हैं न mujhe................college टाइम पर भी तीन चार मेरे बॉयफ्रैंड्स हुआ करते they...........aur अब शादी के बाद भी दो तीन तो हैं hi......................mera हस्बैंड फॉरेन में रहता हैं और मैं यहाँ akele...................aaish कर रही hoon.................kisi और के साथ................." और हेमा मुस्कुराते हुए धीरे से बोल पड़ती हैं वहीँ आसमा का गाला एक बार फिर से सूखने लगता hain............jin चीज़ों से वो बचना चाहती थी वहीँ उसके साथ बार बार अब हो रहा था...........
" तू na..............kabhi नहीं sudhregi...................waise इस बार तेरा बॉयफ्रेंड कौन हैं..................." और आसमा हेमा से उत्शुकता से पूछती हैं वहीँ हेमा मुस्कुराते हुए धीरे से बोल पड़ती हैं..........
" बॉयफ्रेंड नहीं ..........मेरे घर का नौकर hain...............kya मर्द हैं yaar.................kya batawun.............aise मर्द से तो आज तक मेरा पला hi नहीं pada............itna मज़ा देता हैं की पूछो mutt............meri तो चीख निकलवा देता हैं ...............kambhakht.................jab भी मेरी चुदाई करता हैं मुझे अपनी बुर की सेकई करवानी पड़ती hain...............itna ज़्यादा मुझे रगड़ता हैं की मैं बिस्टेर से उठ भी नहीं pati............kabhi कभी तो वो मेरी मूट भी निकलवा देता हैं yaar.............jo भी कह यार मेरी तो लाइफ मज़े से कुत्त rahi.........aabhi अभी उसने मेरी बुर खूब रगड़कर छोड़ी हैं और उसका सारा छुम मैं अपने अंदर ली हुई hoon...........aaj भी उसने मुझे बहुत रगड़ा हैं की मैं ऐसे hi बिस्टेर पर पूरी नंगी सोई हुई hoon...............mujhe तो अब उठा भी नहीं जा raha....ooooooooooomaaaaaaaaaaaammmmmmmmmmmm.........a" और हेमा की ऐसी बातें आसमा के तन बदन में आग लगाने के लिए बस काफी था................
ऊके जिसमे में एक अजीब सी सेंसेशन hui......jissey उसका रोम रोम खड़ा हो gaya...............tangon के बीच उसकी बुर में गीलापन फिर से बढ़ने लगा .........जैसे तैसे वो अपने सांसों को नार्मल कर रही थी मगर यहाँ तो उसकी सांसें पूरी तरह से बेकाबू होते जा रहे they..............wo अपने हलक में थूक निगलती हुई अपनी सहेली की एक एक बातें सुन रही thi...............usey तो यकीन hi नहीं हो रहा था की उसकी सहेली ऐसी hain........shadi के बाद bhi.......aur शादी से पहले भी...............
" तुझे दुर्र नहीं lagta.....agar तेरा पति जान गया तो.................." और आसमा हौले से अपनी साँसों को संभालती हुई बोल पड़ती हैं वहीँ हेमा फिर से सिसकते हुए बोलती हैं.........
" कुछ नहीं होगा yaar.........zindagi अपनी हैं तो कहे को दूसरे के बारे में इतना सोचने ka....................mera हस्बैंड विदेश गया होगा तो कौन सा दूध का धूल hoga.......wo भी कहीं न कहीं लगा hi hoga............duniya के सरे मर्द एक जैसे होते हैं जहाँ किसी को मौका मिला कोई नहीं chookneywala..............aur बता तू कैसी hain.................teri शादी और सेक्स लाइफ कैसी चल rahi.......tera हुब्बी तुझे खुस तो रखता हैं na............college टाइम तो तुमने एक भी लड़कों को भाव नहीं di.........kya अभी भी पवित्रता की चादर तू ोधी हुई हैं..............." और हेमा जैसे आसमा को समझती हुई बोल पड़ती हैं वहीँ जवाब में आसमा बस खामोश hi रहती हैं................
" तू भी न yaar...............enjoy करना seekh.......kuch नहीं रखा हैं लाइफ mein..............shadi के पहले न sahi...............shadi के बाद तो तू बॉयफ्रैंड्स अब बना hi सकती hain..............khair ये तेरी लाइफ हैं मैं तुझे कुछ नहीं kahungi.............life में मज़े लेना सीख ले मेरी जान............. नहीं तो लाइफ आगे तेरे मज़ा legi................rakhti हूँ चल.......... bye..............apna ख्याल रखना................." और हेमा फ़ोन रख देती हैं मगर आसमा के दिमाग में जैसे बम के धमकी हो रहे they...................wo अपने सर को दोनों हाथों से पकड़कर बैठ जाती हैं और एक एक बाटिओं को शुरू से लेकर आंत तक सब कुछ सोचने लगती हैं...............
वैसे भी उसने लाइफ में सिर्फ दूसरों के खातिर समझौता hi तो किया tha.....................aur बदले में की मिला usey.................do पल की ख़ुशी भी nahin.............shauhrat दौलत की कमी तो वैसे hi पहले उसके पास नहीं थी और अब तो और नहीं thi......magar लाइफ में जो satisfaction.....................jo सुकून चाहिए था वो भी तो नहीं मिला tha.................ek अजीब सी pyaas.......ek अजीब सी tadap.........ek अजीब सी बेचैनी .................ऊके मुन्न में बार बार जो उठ रही थी shayad..................kuch तो कमी रह गयी थी उसकी ज़िन्दगी mein...........kuch अढोरापन था shayad..............kuch कमी सी thi......................magar kya......................shayad इस सवाल का जवाब उसके पास नहीं था मगर अब उसे इन सवालों के जवाब हर हाल में चाहिए था.....................
आसमा बहुत देर तक अपनी बीती हुई ज़िन्दगी के बारे में सब कुछ सोचती rahi...............ek एक घटना किसी फिल्म की तरह ुकि आँखों के सामने घूम रहा tha...........aab उसने भी फैसला कर लिया था चाहे जो ho......................aab वो भी अपनी ज़िन्दगी अपने तरीके से jiyegi..................chahe किसी को बुरा लगता हैं तो lage..................magar अब वो हर वो सुख हासिल करेगी जिसकी उसे चाह hain.............tadap hain................dekhna था की अस्मा की ज़िन्दगी में अब क्या बदलाव आने वाला था...........................
तो बे कॉन्टिनोएड.......................................................................