- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 144,731
अपडेट - 11 परवीन का पुराण से मिलान कंटिन्यू.
पीहू की ज़ुबानी अग्गे की कहानी:
गाड़ी से उतर कर पुराण हम दोनों के साथ मॉल की तरफ शॉपिंग के लिए चल पड़ा.
वह मेरी परवीन मम्मी के साथ चिपक कर चल रहा था.
बीच बीच में वो मम्मी के चूतड़ों और मुम्मो को छू लेता था.
कभी कभी अपने हाथ से मम्मी के चूतड़ों की दरार को ज़ोर से रगड़ देता था.
जब वो ज़ोर से मम्मी के ासशोले को मसल ता था तो मम्मी बिदक जाती थी.
मम्मी ने अंकल को धीमी आवाज़ में कहा, यार पीहू देख रही है, शॉप के अंदर जा क्र, कर लेना मेरे चूतड़ों से छेड़खानी.
अंकल ने कहा ठीक है बेबी लेकिन पीहू तो बहुत प्यार से देखती है मेरी तरफ
उसको कोई गुस्सा नहीं आता जब में तुम्हारे साथ ऐसी हरकतें करता हु.
मुझे तो लगता है तुम्हारे साथ साथ तुम्हारी बेटी पीहू भी त्यार है मेरे निचे लेटने के लिए.
तुम क्यों शर्म आती है उस से, में तो कहता हु तुझे पीहू की कोई फ़िक्र नहीं करनी चाहिए.
मुझे तो लगता है तुम्हारी बेटी भी ले लेगी मेरा लुंड अपनी छूट में तुम्हारे साथ साथ hi.
मम्मी ने कहा यार आखिर मेरी बेटी है पीहू शर्म तो आएगी hi.
और तुम लगने से क्या होता है.
हाँ एक बार पीहू मुझे खुद खुल क्र बोल दे की वो लेना चाहती है तुम्हारा लुंड अपनी छूट mein,tab कुछ और बात है.
लेकिन तब तक उस से पर्दा रखना जरुरी है.
अंकल ने मम्मी के बूब्स को अछि तरह दबा क्र कहा
ठीक है सजनी लेकिन तुम देख लेना होटल के कमरे में पहुँच क्र वो खुद तुम को बोल देगी के उसको भी चाहिए hi मेरा लोढ़ा.
मम्मी ने कहा, जब पीहू
मुझे ऐसा बोल देगी तब में तुम को नहीं रोकूंगी
तब चाहे तुम हम माँ बेटी दोनों को एक साथ hi छोड़ लेना.
तब तक प्लीज थोड़ा पर्दा रखो उस से.
तभी हम सब उन्देर्गर्मेन्ट्स की शॉप पर पहुँच गए.
वहां पुराण ने मम्मी के लिए एक ट्रांसपेरेंट ब्रा और ग स्ट्रिंग वाली पेंटी पसंद की.
मम्मी ने कहा, राजेईई इनमें तो मेरा सब सामान साफ दिख रहा है.
अंकल ने कहा वैसे रिवाज तो िह्न का hi है अज्ज कल, और िह्न कपड़ों में तुम्हे कौन सा पब्लिक में जाना है.
िह्न कपड़ों में तोह तुझे अज्ज रात मेने hi देखना है
बल्कि मिलान के समय तो इनको भी उतर hi देना है
मतलब में अपना डंडा तो तुम्हारे फुद्दी में तुझे नंगा कर के hi डालूंगा.
तुझे ज्यादा दिक्कत लगती है तो पीहू से पूछ लो और उसको भी एक 2 सेट दिला देता हु में अगर उसको पसंद है.
चूँकि सूनर & लेटर उसको भी तोह लेना hi है मेरा सांप अपने बिल में ऐसे कपडे पेहेन क्र.
अंकल और मम्मी बहुत धीमी आवाज़ में बात क्र रहे थे लेकिन मुझे सब सुन रहा था.
आखिर मम्मी ने मुझे पूछा क्यों बेटी तुझे कैसे लगे यह उन्देर्गर्मेन्ट्स, मुझे तो कुछ रेवेलिंग लगते हैं.
अगर तुझे पसंद है तो हम दोनों 2 दो ले लेती हैं.
मेने कहा मम्मी , आज कल रिवाज तो इन्ही कपड़ों का है.
ले लेती हैं हम दोनों 2 दो पेयर्स, अंकल इतने प्यार से दिला रहे हैं.
अंकल ने खुश होकर बहाने से मेरे बूबीएस और गालों को थोड़ा छू क्र कहा, देखा बीत्या की भी यही पसंद है.
मेने अंकल की टच से नाराज़ होने की बजाये उनकी टच का स्माइल देके स्वागत किआ चूँकि असल में तोह मेरी भी गीली हुई पड़ी थी और मेरी छूट त्यार थी अंकल का लुंड अंदर लेने के लिए.
इस से थोड़ा बोल्ड होकर अंकल ने मेरी जांघ पर हल्का सा हाथ फेर के कहा कितनी प्यारी लड़की है .
अंकल ने एक बार और मेरी चीक्स पर हाथ फेरकर कहा, बहुत समझ दर है हमारी बेटी.
मेने उनको बार बार बहाने से मुझे छू ने से क्या रोकना था , मेरी गुलाबो ने तो पहले hi अपना गेट खोल रखा था अंकल के मुस्सल के लिए.
इसके बाद अंकल ने उन्देर्गर्मेन्ट्स के 2 दो पेयर्स हम दोनों माँ बेटी को दिला दिए.
सलेसगिरल ने कहा तुम केबिन में जा क्र साइज बगैर चेक करलो बिल पाय करने से पहले.
अंकल ने मुझे कहा बेबी तुम थोड़ा यहीं रुको, पहले तुम्हारी मम्मी को चेक क्र लेने दो साइज.
उसके बाद अंकल और मेरी परवीन
मम्मी केबिन में चले गए.
में भी दबे पाऊँ केबिन के पास पहुँच कर उनको बहार से कीहोल में से देख ने लगी.
अंकल ने अंदर घुसते hi मम्मी को ज़ोर से पकड़ कर अपने आलिंगन में ले लिया.
मम्मी को चूमने लगा, बूबीएस दबाने लगा, चूतड़ों को मसलने लगा.
मम्मी ने कोई इतराज़ नहीं किया बल्कि वो भी अंकल का पूरा साथ देने लगी.
अंकल ने मम्मी को हॉर्नी होते देख क्र अपना गधे जैसा बड़ा लोढ़ा पेण्ट की ज़िप खोल कर बहार निकल क्र मम्मी के हाथ में पकड़ा दिए.
में तो अंकल का लुंड देख कर दर hi गई, चूँकि उनका लुंड अमर के लोडे के कपरिसों में थोड़ा लम्बा था लेकिन मोटा बहुत ज्यादा था.
.दर में इसलिए गयी चूँकि पता नहीं मुझे क्यों ऐसा लगता था की में सूनर और लेटर लुंगी hi अंकल के लुंड को अपनी छूट में.
मम्मी ने अंकल का लोढ़ा पकड़ कर हिलाते हुए कहा, जी राजे अभी के लिए अपने लुंड को अपनी पेण्ट के अंदर दाल लो, यह जगह उपयुक्त नहीं है नग्न होने के लिए
और पीहू भी बहार hi है.
रात को में खुद तुम्हारे लुंड से भरपूर प्यार करुँगी खुद तुम्हारी पेण्ट की ज़िप खोल क्र तुम्हारे लोडे को बहार निकल क्र.
अंकल ने कहा फिर अगर में रात को तुम्हारा नाडा खोल क्र तुम्हारी छूट से प्यार करू तो तुम मुझे रोकना मत.
नहीं जी में क्यों रोकूंगी तुझे रात को खोल लेना तुम मेरी सलवार का नाडा.
Uncle:Lekin अब तुम मुझे अपना सामान दिखा तो दो, नग्न होकर अपनी पेंटी और ब्रा पहन क्र.
Mummy:Haan जी दिखा देती हु और ऐसा बोल क्र मम्मी ने अपने कपडे उत्तर क्र अपने यार की दिलाई हुई ब्रा और पेंटी पहन ली.
अंकल ने मम्मी के बड़े बूब्स देख क्र उनको पकड़ कर मम्मी के बूब्स से प्यार करना शुरू क्र दिए, उनको दिवार के साथ लगा क्र चुम्मा चेतना शुरू क्र दिए
मम्मी ने अंकल को कोई खास नहीं रोका बस इतना hi कहा की ठीक है राजेईई अब मेने तुझे दिखा दी है ब्रा और पेंटी पहन क्र, अब चलते हैं यहाँ से बाकि का सिलेबस रात को पूरा क्र लेना.
अंकल ने कहा ठीक है सजनी, अब अगर तुम इजाजत दो तो ऐसे hi तुम्हारी बेटी पीहू को भी ब्रा और पेंटी का साइज चेक करवा दू.
मम्मी ने कहा इतनी जल्दबाजी मत करो पीहू के लिए, अपनी बेटी को में hi चेक करवा देती हु उन्देर्गर्मेन्ट्स का साइज.
बाद में अगर वो सहमत हो जाएगी तुम्हारा लुल्ला अपने फुद्दी में लेने के लिए तो तुम जो मर्ज़ी चेक कर लेना मेरी बेटी पीहू का.
अभी उसको अपना विचार बना लेने दो मतलब उसको सोच लेने दो की उसने तुम्हारा लुंड लेना है या नहीं अपनी छूट के छेड़ में.
अंकल ने कहा ठीक है रानी, तो में भेजता हु पीहू को बहार जाकर केबिन में.
अभी के लिए तुम खुद hi चेक करलो उसके उन्देर्गर्मेन्ट्स का साइज.
मम्मी ने अपने कपडे पेहेन क्र, अंकल को बोल दिया, ठीक है राजे, अब तुम बहार जा क्र भेज दो मेरी बेटी को केबिन में.
जैसे hi मेने पुराण अंकल को बहार आते देखा, में कीहोल से दूर होकर कड़ी हो गयी.
अंकल ने बहार ा क्र मेरे चूतड़ों को थोड़ा छू क्र कहा,
बेबी अब तुम केबिन में अपनी मम्मी के पास जाकर अपने उन्देर्गर्मेन्ट्स का साइज चेक करलो.
मेने भी अंकल को स्माइल देके और उनको थोड़ा छू के कहा जी अंकल जाती हु में केबिन में.
में केबिन में मम्मी के पास पहुँच गई और मम्मी से पूछा जी मम्मी कैसे बुलाया आप ने मुझे.
मम्मी ने कहा, तुम भी ब्रा और पेंटी पहन क्र साइज बगैर देखलो बेबी.
हाँ मम्मी तुमने तो देख लिए लगता है साइज और अंकल को भी दिखा दिए लगता है.
अरे नहीं बेटी वो तो वैसे hi ा गया था केबिन में पुराण, मेने तभी उसको बाहर भेज क्र तुझे अंदर बुला लिए है.
मेने उसको कुछ नहीं दिखाया.
मेने कहा में समझ सकती हु मम्मी, मुझे राबिआ तै ने सब बता दिए था.
मुझे कोई इतराज़ नहीं अगर तुम करना चाहती हो कुछ कुछ अंकल के साथ.
मम्मी ने कहा थैंक्स बेटी मुझे
समझ ने लिए, अब तुझे तो पता hi है की तुम्हारे पापा तो मेरी प्यास बुझा ने के काबिल नहीं हैं, बस इसीलिए.
मेने कहा मम्मी कोई बात नहीं मुझे भी वैसे अंकल बहुत अचे लगे हैं.
लो अब में तुझे ब्रा और पेंटी पहन क्र दिखा टी हु और में नग्न होकर नै ब्रा और पेंटी पहन ने लगी.
मम्मी ने मेरे बूबीएस पर हाथ फेरकर कहा, पहले से तोह बड़े हो गए हैं बेटी तुम्हारे मुम्मे, लगता है जमाई राजे ने खींचे होंगे अछि तरह.
मेने कहा हाँ मम्मी तुम्हारे जमाई ने तो मसले hi हैं मेरे मुम्मे लेकिन फिर भी तुम्हारे वालों से तोह छोटे hi हैं मेरे.
बेटी वैसे अगर तुम चाहो गई तो वापस ससुराल जाने से पहले तुम्हारे भी बूबीएस मेरे जैसे बड़े हो जायेंगे.
मेने कहा वो कैसे मम्मी.
मम्मी ने कहा अगर तुम और जमाई राजा अपने विचार खुले रखो गए तो तुम दोनों भी बहुत एन्जॉय करोगे.
मतलब अगर तुम भी प्यार करोगी मेरी तरह विभिन्न मर्दों से तोह तुम्हारे भी खिंच खिंच क्र बड़े कर देंगे पुराण जैसे मर्द.
लेकिन यह सब तुझे hi डीडे करना है के तुम यह सब चाहती हो या nhi,koi जबरदस्ती नहीं.
मेने कहा ठीक है मम्मी, मुझे कुछ सोचने दो पहले
पर तुम तो खिचवा hi लो अंकल से आज रात.
लेकिन इस सब से अगर तुम्हारे जमाई राजे को इतराज़ हुआ तो.
अरे बेटी अमर के इतराज़ का भी प्रबंध कर देंगी हम मतलब उसके सांप को भी विभिन्न छूटों की सैर करवा देंगी हम.
में और राबिआ तो ले hi लेंगी तुम्हारे हुब्बी का लोढ़ा अपनी छूटों में .
तुम्हारी सहेली पूजा को अमर पहले hi छोड़ चूका है.
और हो सकता है किसी और औरत के छेड़ भी मिल जाये अमर के सांप को घुसने के लिए यहाँ पर.
मेने कहा फिर भी मुझे थोड़ा सोचने तो दो, पहले तोह आज तुम hi लेके देखलो अंकल का मुस्सल अपने फुद्दी में.
अभी तोह काफी समय है ,मुझे दिन भर सोचने दो,
हो सकता है हम माँ बेटी दोनों इकट्ठे hi ले ले रात को अंकल का लोढ़ा अपने छेदों में.
चलो ठीक है बेटी, अब हम बहार चलती हैं, पुराण इंतज़ार क्र रहा होगा.
ठीक है मम्मी चलते हैं बहार.
उसके बाद हम दोनों माँ बेटी बहार ा गए.
जैसे मेने अंकल और मम्मी की केबिन में हुई बातें सुन ली थी, लगता है अंकल ने भी वैसे hi हम माँ बेटी की बातें सुनी hi होगी.
फिर हम तीनो वापस होटल लौट ए.
में मम्मी के साथ उनके कमरे में hi चली गई .
मम्मी को मुझ पर बहुत प्यार आने लगा.
उन्होंने मुझे अपनी बाबों में ले क्र और मेरी छूट सेहला क्र पूछा, क्यों बेटी केसा लगा तुझे अंकल के साथ घूम क्र.
यह क्या हुआ तुझे तुम्हारी छूट तोह बहुत पानी छोड़ रहा है.
क्या तुझे अमर जमाई राजे की याद ा रही है.
मेने कहा मम्मी मुझे अमर की याद तोह वैसे आती hi रहती है
लेकिन अब तो मेरी छूट अंकल के लुंड के लिए आंसू बहा रही है.
में बहुत दुविधा में हूँ की कैसे अपनी रामप्यारी को टिक्का उन.
अब मुझे इतना बड़ा स्टेप उठा न तो बहुत मुश्किल लगता है मतलब अंकल का लोढ़ा अपनी छूट में लेने वाला स्टेप.
में अपनी सहेली ज़ुनैरा से बात करके देखूंगी की वो क्या कहती है
मेरे अंकल से प्यार करके उनका डंडा अपनी छूट में लेने के वारे में.
अब में राबिआ तै जी के कमरे में चली जाती हु, वहां जा क्र अपनी सहेलियों से चाट करके देखती हु इसके वारे में.
वैसे मुझे ाचा लगा तुम्हारे और अंकल के साथ घूम क्र
और अब तुमसे क्या छिपा न अंकल ने तुम्हारे साथ साथ, थोड़ा मुझ पर भी हाथ फेर दिए था घूमते samay,isiliye मेरी छूट गीली हुई पड़ी है.
मम्मी को ऐसा बोल क्र में राबिआ तै के कमरे में पहुँच गई.
अपडेट यहीं पर कम्पलीट होती है.
फ्रेंड्स
प्लीज लिखे रिप्लाई ंद कमेंट करके बताना की आप को केसा लगा राजी का ये प्रयास.
राजी आपके प्यार का इंतज़ार करेगी


पीहू की ज़ुबानी अग्गे की कहानी:
गाड़ी से उतर कर पुराण हम दोनों के साथ मॉल की तरफ शॉपिंग के लिए चल पड़ा.
वह मेरी परवीन मम्मी के साथ चिपक कर चल रहा था.
बीच बीच में वो मम्मी के चूतड़ों और मुम्मो को छू लेता था.
कभी कभी अपने हाथ से मम्मी के चूतड़ों की दरार को ज़ोर से रगड़ देता था.
जब वो ज़ोर से मम्मी के ासशोले को मसल ता था तो मम्मी बिदक जाती थी.
मम्मी ने अंकल को धीमी आवाज़ में कहा, यार पीहू देख रही है, शॉप के अंदर जा क्र, कर लेना मेरे चूतड़ों से छेड़खानी.
अंकल ने कहा ठीक है बेबी लेकिन पीहू तो बहुत प्यार से देखती है मेरी तरफ
उसको कोई गुस्सा नहीं आता जब में तुम्हारे साथ ऐसी हरकतें करता हु.
मुझे तो लगता है तुम्हारे साथ साथ तुम्हारी बेटी पीहू भी त्यार है मेरे निचे लेटने के लिए.
तुम क्यों शर्म आती है उस से, में तो कहता हु तुझे पीहू की कोई फ़िक्र नहीं करनी चाहिए.
मुझे तो लगता है तुम्हारी बेटी भी ले लेगी मेरा लुंड अपनी छूट में तुम्हारे साथ साथ hi.
मम्मी ने कहा यार आखिर मेरी बेटी है पीहू शर्म तो आएगी hi.
और तुम लगने से क्या होता है.
हाँ एक बार पीहू मुझे खुद खुल क्र बोल दे की वो लेना चाहती है तुम्हारा लुंड अपनी छूट mein,tab कुछ और बात है.
लेकिन तब तक उस से पर्दा रखना जरुरी है.
अंकल ने मम्मी के बूब्स को अछि तरह दबा क्र कहा
ठीक है सजनी लेकिन तुम देख लेना होटल के कमरे में पहुँच क्र वो खुद तुम को बोल देगी के उसको भी चाहिए hi मेरा लोढ़ा.
मम्मी ने कहा, जब पीहू
मुझे ऐसा बोल देगी तब में तुम को नहीं रोकूंगी
तब चाहे तुम हम माँ बेटी दोनों को एक साथ hi छोड़ लेना.
तब तक प्लीज थोड़ा पर्दा रखो उस से.
तभी हम सब उन्देर्गर्मेन्ट्स की शॉप पर पहुँच गए.
वहां पुराण ने मम्मी के लिए एक ट्रांसपेरेंट ब्रा और ग स्ट्रिंग वाली पेंटी पसंद की.
मम्मी ने कहा, राजेईई इनमें तो मेरा सब सामान साफ दिख रहा है.
अंकल ने कहा वैसे रिवाज तो िह्न का hi है अज्ज कल, और िह्न कपड़ों में तुम्हे कौन सा पब्लिक में जाना है.
िह्न कपड़ों में तोह तुझे अज्ज रात मेने hi देखना है
बल्कि मिलान के समय तो इनको भी उतर hi देना है
मतलब में अपना डंडा तो तुम्हारे फुद्दी में तुझे नंगा कर के hi डालूंगा.
तुझे ज्यादा दिक्कत लगती है तो पीहू से पूछ लो और उसको भी एक 2 सेट दिला देता हु में अगर उसको पसंद है.
चूँकि सूनर & लेटर उसको भी तोह लेना hi है मेरा सांप अपने बिल में ऐसे कपडे पेहेन क्र.
अंकल और मम्मी बहुत धीमी आवाज़ में बात क्र रहे थे लेकिन मुझे सब सुन रहा था.
आखिर मम्मी ने मुझे पूछा क्यों बेटी तुझे कैसे लगे यह उन्देर्गर्मेन्ट्स, मुझे तो कुछ रेवेलिंग लगते हैं.
अगर तुझे पसंद है तो हम दोनों 2 दो ले लेती हैं.
मेने कहा मम्मी , आज कल रिवाज तो इन्ही कपड़ों का है.
ले लेती हैं हम दोनों 2 दो पेयर्स, अंकल इतने प्यार से दिला रहे हैं.
अंकल ने खुश होकर बहाने से मेरे बूबीएस और गालों को थोड़ा छू क्र कहा, देखा बीत्या की भी यही पसंद है.
मेने अंकल की टच से नाराज़ होने की बजाये उनकी टच का स्माइल देके स्वागत किआ चूँकि असल में तोह मेरी भी गीली हुई पड़ी थी और मेरी छूट त्यार थी अंकल का लुंड अंदर लेने के लिए.
इस से थोड़ा बोल्ड होकर अंकल ने मेरी जांघ पर हल्का सा हाथ फेर के कहा कितनी प्यारी लड़की है .
अंकल ने एक बार और मेरी चीक्स पर हाथ फेरकर कहा, बहुत समझ दर है हमारी बेटी.
मेने उनको बार बार बहाने से मुझे छू ने से क्या रोकना था , मेरी गुलाबो ने तो पहले hi अपना गेट खोल रखा था अंकल के मुस्सल के लिए.
इसके बाद अंकल ने उन्देर्गर्मेन्ट्स के 2 दो पेयर्स हम दोनों माँ बेटी को दिला दिए.
सलेसगिरल ने कहा तुम केबिन में जा क्र साइज बगैर चेक करलो बिल पाय करने से पहले.
अंकल ने मुझे कहा बेबी तुम थोड़ा यहीं रुको, पहले तुम्हारी मम्मी को चेक क्र लेने दो साइज.
उसके बाद अंकल और मेरी परवीन
मम्मी केबिन में चले गए.
में भी दबे पाऊँ केबिन के पास पहुँच कर उनको बहार से कीहोल में से देख ने लगी.
अंकल ने अंदर घुसते hi मम्मी को ज़ोर से पकड़ कर अपने आलिंगन में ले लिया.
मम्मी को चूमने लगा, बूबीएस दबाने लगा, चूतड़ों को मसलने लगा.
मम्मी ने कोई इतराज़ नहीं किया बल्कि वो भी अंकल का पूरा साथ देने लगी.
अंकल ने मम्मी को हॉर्नी होते देख क्र अपना गधे जैसा बड़ा लोढ़ा पेण्ट की ज़िप खोल कर बहार निकल क्र मम्मी के हाथ में पकड़ा दिए.
में तो अंकल का लुंड देख कर दर hi गई, चूँकि उनका लुंड अमर के लोडे के कपरिसों में थोड़ा लम्बा था लेकिन मोटा बहुत ज्यादा था.
.दर में इसलिए गयी चूँकि पता नहीं मुझे क्यों ऐसा लगता था की में सूनर और लेटर लुंगी hi अंकल के लुंड को अपनी छूट में.
मम्मी ने अंकल का लोढ़ा पकड़ कर हिलाते हुए कहा, जी राजे अभी के लिए अपने लुंड को अपनी पेण्ट के अंदर दाल लो, यह जगह उपयुक्त नहीं है नग्न होने के लिए
और पीहू भी बहार hi है.
रात को में खुद तुम्हारे लुंड से भरपूर प्यार करुँगी खुद तुम्हारी पेण्ट की ज़िप खोल क्र तुम्हारे लोडे को बहार निकल क्र.
अंकल ने कहा फिर अगर में रात को तुम्हारा नाडा खोल क्र तुम्हारी छूट से प्यार करू तो तुम मुझे रोकना मत.
नहीं जी में क्यों रोकूंगी तुझे रात को खोल लेना तुम मेरी सलवार का नाडा.
Uncle:Lekin अब तुम मुझे अपना सामान दिखा तो दो, नग्न होकर अपनी पेंटी और ब्रा पहन क्र.
Mummy:Haan जी दिखा देती हु और ऐसा बोल क्र मम्मी ने अपने कपडे उत्तर क्र अपने यार की दिलाई हुई ब्रा और पेंटी पहन ली.
अंकल ने मम्मी के बड़े बूब्स देख क्र उनको पकड़ कर मम्मी के बूब्स से प्यार करना शुरू क्र दिए, उनको दिवार के साथ लगा क्र चुम्मा चेतना शुरू क्र दिए
मम्मी ने अंकल को कोई खास नहीं रोका बस इतना hi कहा की ठीक है राजेईई अब मेने तुझे दिखा दी है ब्रा और पेंटी पहन क्र, अब चलते हैं यहाँ से बाकि का सिलेबस रात को पूरा क्र लेना.
अंकल ने कहा ठीक है सजनी, अब अगर तुम इजाजत दो तो ऐसे hi तुम्हारी बेटी पीहू को भी ब्रा और पेंटी का साइज चेक करवा दू.
मम्मी ने कहा इतनी जल्दबाजी मत करो पीहू के लिए, अपनी बेटी को में hi चेक करवा देती हु उन्देर्गर्मेन्ट्स का साइज.
बाद में अगर वो सहमत हो जाएगी तुम्हारा लुल्ला अपने फुद्दी में लेने के लिए तो तुम जो मर्ज़ी चेक कर लेना मेरी बेटी पीहू का.
अभी उसको अपना विचार बना लेने दो मतलब उसको सोच लेने दो की उसने तुम्हारा लुंड लेना है या नहीं अपनी छूट के छेड़ में.
अंकल ने कहा ठीक है रानी, तो में भेजता हु पीहू को बहार जाकर केबिन में.
अभी के लिए तुम खुद hi चेक करलो उसके उन्देर्गर्मेन्ट्स का साइज.
मम्मी ने अपने कपडे पेहेन क्र, अंकल को बोल दिया, ठीक है राजे, अब तुम बहार जा क्र भेज दो मेरी बेटी को केबिन में.
जैसे hi मेने पुराण अंकल को बहार आते देखा, में कीहोल से दूर होकर कड़ी हो गयी.
अंकल ने बहार ा क्र मेरे चूतड़ों को थोड़ा छू क्र कहा,
बेबी अब तुम केबिन में अपनी मम्मी के पास जाकर अपने उन्देर्गर्मेन्ट्स का साइज चेक करलो.
मेने भी अंकल को स्माइल देके और उनको थोड़ा छू के कहा जी अंकल जाती हु में केबिन में.
में केबिन में मम्मी के पास पहुँच गई और मम्मी से पूछा जी मम्मी कैसे बुलाया आप ने मुझे.
मम्मी ने कहा, तुम भी ब्रा और पेंटी पहन क्र साइज बगैर देखलो बेबी.
हाँ मम्मी तुमने तो देख लिए लगता है साइज और अंकल को भी दिखा दिए लगता है.
अरे नहीं बेटी वो तो वैसे hi ा गया था केबिन में पुराण, मेने तभी उसको बाहर भेज क्र तुझे अंदर बुला लिए है.
मेने उसको कुछ नहीं दिखाया.
मेने कहा में समझ सकती हु मम्मी, मुझे राबिआ तै ने सब बता दिए था.
मुझे कोई इतराज़ नहीं अगर तुम करना चाहती हो कुछ कुछ अंकल के साथ.
मम्मी ने कहा थैंक्स बेटी मुझे
समझ ने लिए, अब तुझे तो पता hi है की तुम्हारे पापा तो मेरी प्यास बुझा ने के काबिल नहीं हैं, बस इसीलिए.
मेने कहा मम्मी कोई बात नहीं मुझे भी वैसे अंकल बहुत अचे लगे हैं.
लो अब में तुझे ब्रा और पेंटी पहन क्र दिखा टी हु और में नग्न होकर नै ब्रा और पेंटी पहन ने लगी.
मम्मी ने मेरे बूबीएस पर हाथ फेरकर कहा, पहले से तोह बड़े हो गए हैं बेटी तुम्हारे मुम्मे, लगता है जमाई राजे ने खींचे होंगे अछि तरह.
मेने कहा हाँ मम्मी तुम्हारे जमाई ने तो मसले hi हैं मेरे मुम्मे लेकिन फिर भी तुम्हारे वालों से तोह छोटे hi हैं मेरे.
बेटी वैसे अगर तुम चाहो गई तो वापस ससुराल जाने से पहले तुम्हारे भी बूबीएस मेरे जैसे बड़े हो जायेंगे.
मेने कहा वो कैसे मम्मी.
मम्मी ने कहा अगर तुम और जमाई राजा अपने विचार खुले रखो गए तो तुम दोनों भी बहुत एन्जॉय करोगे.
मतलब अगर तुम भी प्यार करोगी मेरी तरह विभिन्न मर्दों से तोह तुम्हारे भी खिंच खिंच क्र बड़े कर देंगे पुराण जैसे मर्द.
लेकिन यह सब तुझे hi डीडे करना है के तुम यह सब चाहती हो या nhi,koi जबरदस्ती नहीं.
मेने कहा ठीक है मम्मी, मुझे कुछ सोचने दो पहले
पर तुम तो खिचवा hi लो अंकल से आज रात.
लेकिन इस सब से अगर तुम्हारे जमाई राजे को इतराज़ हुआ तो.
अरे बेटी अमर के इतराज़ का भी प्रबंध कर देंगी हम मतलब उसके सांप को भी विभिन्न छूटों की सैर करवा देंगी हम.
में और राबिआ तो ले hi लेंगी तुम्हारे हुब्बी का लोढ़ा अपनी छूटों में .
तुम्हारी सहेली पूजा को अमर पहले hi छोड़ चूका है.
और हो सकता है किसी और औरत के छेड़ भी मिल जाये अमर के सांप को घुसने के लिए यहाँ पर.
मेने कहा फिर भी मुझे थोड़ा सोचने तो दो, पहले तोह आज तुम hi लेके देखलो अंकल का मुस्सल अपने फुद्दी में.
अभी तोह काफी समय है ,मुझे दिन भर सोचने दो,
हो सकता है हम माँ बेटी दोनों इकट्ठे hi ले ले रात को अंकल का लोढ़ा अपने छेदों में.
चलो ठीक है बेटी, अब हम बहार चलती हैं, पुराण इंतज़ार क्र रहा होगा.
ठीक है मम्मी चलते हैं बहार.
उसके बाद हम दोनों माँ बेटी बहार ा गए.
जैसे मेने अंकल और मम्मी की केबिन में हुई बातें सुन ली थी, लगता है अंकल ने भी वैसे hi हम माँ बेटी की बातें सुनी hi होगी.
फिर हम तीनो वापस होटल लौट ए.
में मम्मी के साथ उनके कमरे में hi चली गई .
मम्मी को मुझ पर बहुत प्यार आने लगा.
उन्होंने मुझे अपनी बाबों में ले क्र और मेरी छूट सेहला क्र पूछा, क्यों बेटी केसा लगा तुझे अंकल के साथ घूम क्र.
यह क्या हुआ तुझे तुम्हारी छूट तोह बहुत पानी छोड़ रहा है.
क्या तुझे अमर जमाई राजे की याद ा रही है.
मेने कहा मम्मी मुझे अमर की याद तोह वैसे आती hi रहती है
लेकिन अब तो मेरी छूट अंकल के लुंड के लिए आंसू बहा रही है.
में बहुत दुविधा में हूँ की कैसे अपनी रामप्यारी को टिक्का उन.
अब मुझे इतना बड़ा स्टेप उठा न तो बहुत मुश्किल लगता है मतलब अंकल का लोढ़ा अपनी छूट में लेने वाला स्टेप.
में अपनी सहेली ज़ुनैरा से बात करके देखूंगी की वो क्या कहती है
मेरे अंकल से प्यार करके उनका डंडा अपनी छूट में लेने के वारे में.
अब में राबिआ तै जी के कमरे में चली जाती हु, वहां जा क्र अपनी सहेलियों से चाट करके देखती हु इसके वारे में.
वैसे मुझे ाचा लगा तुम्हारे और अंकल के साथ घूम क्र
और अब तुमसे क्या छिपा न अंकल ने तुम्हारे साथ साथ, थोड़ा मुझ पर भी हाथ फेर दिए था घूमते samay,isiliye मेरी छूट गीली हुई पड़ी है.
मम्मी को ऐसा बोल क्र में राबिआ तै के कमरे में पहुँच गई.
अपडेट यहीं पर कम्पलीट होती है.
फ्रेंड्स
राजी आपके प्यार का इंतज़ार करेगी