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- Dec 5, 2013
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लगबग लोगबाग 9.30 बज चके थय दोनो माँ बेटे सोफे मई नंगे बेसूद सोये हुए thy..pass मई hi ऋषि भी बीएड मई अभी तक सोया हुआ था..
उधर दूसरे रूम मई भी यही हाल टा कुसुम भी अभी तक सो रही थी...
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
पास मई hi ऋषि का पड़ा फ़ोन विबरते होने लगा... बोल नहीं सकते कितनी देर से विबरते हो रहा था
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
रजनी सोये सोये मई अपने हाट पीछे लेजाते हुए फ़ोन का वाइब्रेशन बंद कर देती है..
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
रजनी- hellooooooo.............ooo
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr.. वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
बाए बार फ़ोन वाइब्रेशन से रजनी अपने बेटे का हाट उठता क फ़ोन को चेक करती ही..
ृक्षाणा कॉल्लिंग... ृक्षाणा कालिंग...
रजनी- ( ये इस वक्त क्यों कॉल कर रही है)...
रजनी आधी आँखे कोले मान hi मान बडबर्टी है... नीड अभी भी उसके सिर पे सवार थी ... उसको बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था की वो अपने बेटे क साथ नंगी सोई है और सामने बीएड मई उसका पति है...
रजनी- हांण... ृक्षाणा.... बाद माई .... करना.....
ृक्षाणा -मैडम साहब कहा.... है....
तो.. तो.. तो .. तो.. तो.. तो..... बीप बीप...
रजनी फ़ोन वही रख फिर सो जाती है.... मगर इस बार सोते hi कुछ 7-8 सेक् मई एक दम से उत् बैठ थी है....
स्याद से उसने ीफोने मई 9.51ऍम.. देख लिया था...
रजनी- ीीेन्नन्न... .




वो फिर से अपने पति का फ़ोन उठा क चेक करती है 10.52 ऍम . 19 मिस्ड कॉल फ्रॉम ृक्षाणा...
रजनी- omg




आज नयी नयी रैंड की किस्मत अछि थी की उसके पति का फ़ोन उससे पास रखा था क्या होता अगर यही फ़ोन ऋषि क तकए क अस्स पास होता.. उसका सुन्दर सा फेस जिसमे बेटे की माल की पपडिया जमी हुई थी एक दम से देर से भर गया
रिसोर्ट का कमरा पूरा उत्तल पुतल हुआ था . पिगली हुई आइसक्रीम बीएड क अस्स पास फारस मई फली हुई थी .. उसका ब्लाउज बीएड क एक साइड जमीं मई पड़ा हुआ था , लहंगा उसके टैंगो क साइड पे... कंडोम का पैकेट टेबल पे रखा हुआ था , उसकी कुछ रंग बिरंगी कांच की चुडिया टूट क अस्स पास फ्लोर मई फैली हु थी... .
रजनी- शीट..... विक्की ... विक्की.... .
वो अपने नंगे बेटे को हिला क उठाने लगी...
विक्की- huuuu...sooneee दू...
मगर विक्की अपनी करवट बदल क दूसरे साइड सो जाता है .. रजनी को थो पता था उसका बीटा अपनी मर्ज़ी से hi उट्ठेगा .. वो जयादा फाॅर्स किये बिना सामने पड़े एक चादर से अपने बेटे क नंगे बदन को डाक लेती है
और जल्दी से नंगी hi सबसे पहले सोफे क कपडे से निचे पड़ी आइसक्रीम , चॉक्लेट को पोछने लगती है साथ साथ वो उन् टूटी हुई चुडिया को भी िकता करती रही जो कल उसके बेटे ने उसको बजाते हुए टूटे थय
अगर उससे कोई ऐसे देख ले थो लगेगा की वो कोई पालतू नौकरनी हो जो मालिक से छोड़ने क बाद सबूत मिटा थी हो (पेट्वोमें).......
रजनी- (शीट... क्या होता आज मई थो कही मुँह दिकने लायक hi नहीं बचती)
उसकी नज़र काम करते करते बार बार अपने पति की और जा रही थी कही उसका पति जग न जाये उसके फेस मई एक अजीब सी घबराहट और देर था ... वो फारस साफ़ कर जल्दी से अपना लहंगा और ब्लाउज बैग मई मई बिना फोल्ड पैक कर देती है.. और बीते हुए कल का सलवार कुरता पहन लेती है....
रजनी- उह ये थो यही है...




वो टेबल पे पड़े कंडोम को भी लहंगे वाले बैग मई छुपा देती है...
उसकी नज़र एक बार फिर कमरे क चारो और गुमने लगी .. कही कुछ चूत थो नहीं रहा...
रजनी- ू यी... ये नंगु...
वो पास मई पड़े बेटे क कपडे को उठा सोफे क पास जाती है और उससे शॉर्ट्स पहने लगती है...
विक्की- हुऊ.... क्या... कररही हो सोने दो...
रजनी- विक्की.. उठो अपने कपडे पहनो जल्दी..
वो बरी बरी अपने बेटे क शॉर्ट्स के बजवो को उसके दोनो टैंगो मई दाल रही थी.... चादर ऊपर होने से बीटा का सोया हुआ लुंड उससे साफ़ नज़र आने लगा..
जो की उसके हाट क िस्पर्श से हिलने लगा...
vicky-(sleeping टोन) सोनी.. दू मुम्ममय बाद मई करते है...
रजनी अपने बेटे क थिंग्स मई एक थपकी मरती है... और शार्ट को ऊपर चढ़ने लगती है.. .
रजनी- ok ... पहले अपना निकार पहन लो...
विक्की भी सोये सोये मई अपनी गांड उठा क अपनी माँ को शॉर्ट्स पहना ने देता है..
अगर अभी कोई रजनी को देखे थो बोल hi नहीं सकता की ये कभी पतिव्रती, सरीफ औरत रही होगी बल्कि वो थो इसको बेवफा, बुदजालं, कुलटा, रैंड बोलिंगे जो की कूद क बेटे क साथ मुँह कला कर रही है और इससे समाज मई रहने का कोई हक़ नहीं है
साडी चीज़े सेटल हो जाने से अब रजनी क चेहरे पुर सुकून आने लगा और वो जल्दी से दरवाज़ा कॉल देती है.....
रजनी-( कुसुम क रूम को जाते हुए) - ये ृक्षाणा क्यों इतने कॉल कर रही थी..
उसके कदम कुसुम का दूर खोलने से पहले रुक जाते है और वो फिर से अपने पति क फ़ोन की और वापस चली जाती है..
19 मिस्ड कॉल फ्रॉम ृक्षाणा....
कालिंग... ृक्षाणा... कालिंग ृक्षाणा....
ट्रिंग.. ट्रिंग... ट्रिंग.. trinng...tring .. ट्रिंग..
रजनी- कहा गयी पिचकूप थे फ़ोन..
उधर ृक्षाणा अभी अपना फ़ोन नहीं उठा रही ..
रजनी- इतने कॉल थो इस लड़की ने कभी किये नहीं.. आज क्यों...
रजनी 4-5 बार कॉल कर क देखती है पर रूकसहाना कॉल नहीं ुट्टठी.. रजनी फिर से उठ क अपनी बहिन क कमरे की और जाने लगती है पर इस बार वो अपने पति का फ़ोन अपने पास ले जाना नहीं भूलती.
कककककककाआआततततततततताएकक......
उसकी बहिन बिस्तरे पे पेट क बा ल बेहोस नेन्द्र मई सोई हुई थी..
रजनी- कुसुम ... कुसुमं.. उठो देखो ..11 बजने को है .. काब तक तुम साब क साब सोये रहोगे... उठो...
कुसुम- हुऊ... दी.. सोने दो बड़ा सेर दर्द हो रहा है....
रजनी- यार कोई थो उत् जाओ टाइम देखो..
वासे नीड ना पूरी होने क वजह से उसका भी सिर दर्द हो रहा था. मगर उसके और उसके बहिन क सेर दर्द मई बहुत फरक था.. कहा वो पूरी रात बेटे से छोड़ने क बाद सिर्फ 3-4 जानता सोई थी वही उस ने अपने बहिन और पति को 1-2 नहीं बल्कि 8 नीड की गोलिया किलयी थी .
कुसुम- दी बस टोरी देर और फिर उठ थी हु ..
कुसुम करवट बदल क अपनी दीदी क जांघो पे अपना सेर रख लेती है.. रजनी भी तकए की आड़ ले का वही आराम करती है.. पर. अचानक से उसका ड़याँ अपनी छोटी बहिन क सिनी मई जाता है पूरा एक हाट का निसान जिसमे फिश करी क दाग लगे हुए थय... उसके दिमाग मई एक hi बात आती है क्या कल रात उसके बेटे ने उसकी बहिन क साथ कुछ किया..
rajni-he इस सुच ा जर्क...
उसकी निगाही अपनी बहिन क और हिस्सों मई भी निसान को ढूढ़ने लगी.. मगर सिनी क अल्वा उससे. दाग कही और नहीं मिले...
कुसुम भी अपनी आँखे कॉल अपनी दीदी का अजीब सा फेस देखती है जिसमे उससे गुस्सा और देर दोनो नज़र आ रहा था.
कुसुम- gudmrg..di... कितना बज्ज गया..
रजनी- उह तुम उठ गयी 11 से ऊपर हो गया है चलो ुतो जल्दी ..
कुसुम- हैं... uthh..thi huu....are दी ये क्या लगा.... ये आपके फेस पे ये वाइट वाइट दाग क्यों लगे है
रजनी- हेबेई.. क्या.. कहा...
रजनी जल्दी से उठ सामने मिररियर मई अपनी सकल देखती है स्याद से वो जल्दी जल्दी मई अपना मुँह धोना भूल गयी थी.. उसका फेस माल क पपडियो से सना हुआ था.. कुसुम भी अपनी दीदी क एक दम से ऐसे उठने से चॉक जाती है. जैसे कोई चोर चोरी मई पकडे जाने से डरता है
कुसुम- आह.. दीदी क्या कर रही हो एक थो मेरा सेर दर्द..
रजनी ने जल्दी मई गॉड मई रखा हुआ छोटी बहिन का सेर एक दम हकबके मई बीएड क गड़े मई पटुक दिया . वयस्को कल रात का वो पल याद आ गया जॉब उसके बेटे ने एक वक्त सिर्फ मुँह छोड़ छोड़ क उसका makeup..kiya था..
वो जल्दी से अपना मुँह दोने लगती है..
रजनी- कुछ कहा तुमने कुसुम ...
कुसुम- ये किसी ृक्षाणा का 19 मिस्ड कॉल ए है..
रजनी- हाआआ....... न. .. इधर दो फ़ोन...
कुसुम क हाट पे उसके जीजू का फ़ोन था .. रजनी एक दम से लपक क फ़ोन को चीन लेती है सायद से उसको वाश बेसिन मई फेस धोते कल वाली सेल्फी भी याद आ गयी
कुसुम- अरे यू सिक दीदी.. व्हाट अरे यू दोंग .. और मुँह दोने से कुछ नहीं होगा आप पूरी मेस्सी लग रही हो और आपके बॉडी मई से अजीब सी महक स्मेल आ रही है.. नाहा लो.
रजनी अपनी छोटी बहिन को एक नज़र देखती है और गैलरी खोल क कल रात की सेल्फी जल्दी जल्दी डिलीट करने लगती है..
रजनी- हाँ... हैं. वो वो.. ठीक है तुम अपने जीजू और विक्की को ुतवो मई नाहा hi लेती हु..
रजनी अपनी बहिन क कोई और सवाल का जवाब नहीं देना चाहती थी वो जल्दी से वह से निकल क पति वाली रूम क बाथरूम मई घुस जाती है.. कुसुम को अचानक से ए अपनी दीदी क बेहेवियर से तोरा अजीब लगता है मगर वो भी अपने जीजू और बजे को उतने चले जाती है..
कुसुम- आह मेरा सेर.. .. जीजू उठो कब रक् सोओगे 11.30 हो गया उठो जल्दी..
ऋषि- ाँ haa.n. ... कुसुममममम हआ न..
कुसुम- ारी जीजू 11.30 बज गए है उठ जाओ जल्दी ..
ऋषि कैसे न कैसे बिस्तरे मई उठ क बैठ जाता है उसका भी बहुत तेज़ सेर दर्द हो रहा था.. वो वह से बैठी बैठी कुसुम और सोफे मई सोये अपने बेटे को देखने लगता है..
ऋषि- ये विक्की सोफ़िये mai....didi कहा है तुम्हारी...
कुसुम- वो अंदर नाहा रही है..
रजनी अंदर टूथब्रश करते करते अपने आप को सामने सीसी मई देख रही थी. उसके दिमाग मई अभी भी कई चीज़े गुमने लगी( क्या उसने साब ठीक कर दिया .. अगर कुसुम वो पिछ देख लेती थो.. ओर कुछ थो नहीं बचा ना... लहंगा, आइसक्रीम ,कंडोम, ब्लाउज, बेटे को शॉर्ट्स)
रजनी- (हाँ साब कर diya..tha...)...
कुसुम- विक्की उठो ... .
कुसुम अपने सोये हुए बजे को हिला हिला क उठने लगी .. .
विक्की- mummy...so जाओ.. अभी बहुत टाइम है वो लोग जल्दी नहीं जागिंगे...
कुसुम- व्हाट... कोण नहीं जागिंगी... दुफर मई मम्मी नहीं मौसी हु.. उठो अब..
विक्की जॉब मम्मी और मौसी सुबाद को एक साथ सुनता है थो वो अपनी एक आंख खोल देर सा जाता है.. ..कही उसने कोई गलती थो नहीं कर di..kya.. वो और उसकी माँ पकड़ी गयी...
उसकी गांड की हवा निकलने लगी..
कुसुम- उठो.. विक्की... 12 बजने वाले है...
विक्की- haaa..n..... mausi..,mummy किधर है ...
कुसुम- दी नाहा रही है जल्दी उठो तुम भी..
विक्की हिम्मत से पलट क अपनी मौसी को देखता hai..samne उसके डैड बीएड पे बैठी उससे hi देख रहे थय..
विक्की- guud..mrggg... मूसीई ..... (हिम्मत kar)chai मिलेगी क्या क क्या..
ऋषि- हाँ कुसुम चाय आर्डर कर दो मेरा भी सेर मई पता नहीं बहुत दर्द हो रहा है
कुसुम - आपके भी क्या मेरी भी हो रहा है जीजू रुको आर्डर करती हु..
कुसुम सब क लिए चाय आर्डर कर देती है विक्की भी सोफे मई बैठ ीदार उधर देखने लगता है.. उसको हर चीज़ सही जगह पे नज़र अति है ...
विक्की- (हम्म्म स्याद से मम्मी ने फसने से पहले साब चीज़ टिक कर diya..hai)
कुसुम- विक्की तुम भी नाहा लेना वही स्मेल तुमसे भी आ रही है....
विक्की- कासी स्मेल मौसी??
ऋषि- हाँ मुझे भी कमरे से अजीब सी महक थो आ रही है..
कुसुम- वही जो अभी दीदी से आ रही थी तभी थो नाहने गयी है वो...
अति भी कैसे नहीं दोनो माँ बेटे ने उन्दोनु को सुला देने क बाद रात भर डर्टी हनीमून जो मनाया था
विक्की- हाँ मुझे भी सयाद से फिश करी की होगी...
कुसुम- नहीं नहीं फिश करी से थो अलग अति है ये किसी अलग चीज़ की महक है..
उसकी मौसी एक तरह से सही बोल रही थी ये महक फिश करी की नहीं बल्कि माल, पसीने, सप्रेम, टूक ,susu,stoberry,chocolate को कॉम्बिनेशन की थी.
टिंग ..टोंग...
रिसोर्ट बॉय- सर थिस इस योर टिया..
कुसुम- थैंक्स पूत थे टिया ों तहत टेबल
रिसोर्ट बॉय एक नज़र कुसुम को देखता है फिर विक्की पर सयाद से उसकी नज़र रात की उस सेक्स गॉडेस को दंड रही थी.. जो की अंदर बाथरूम मई नाहा रही थी
ऋषि- हु अरे यू लुकिंग फॉर
रिसोर्ट बॉय- नथिंग सर.
अब वो रिसोर्ट बॉय कैसे बोले क वो उस हसीना को दंड रहा है जिसने कल रात उसका भी पानी नकल था सपने मई .. वो बस पीछे देखते देखते आइसक्रीम का बाउल को उठा क बहार चला जाता है.
विक्की भी सोफे मई बैठी बैठी उसी देख मुस्कुरने लगता है
तो बे कॉन्टिनुई..
उधर दूसरे रूम मई भी यही हाल टा कुसुम भी अभी तक सो रही थी...
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
पास मई hi ऋषि का पड़ा फ़ोन विबरते होने लगा... बोल नहीं सकते कितनी देर से विबरते हो रहा था
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
रजनी सोये सोये मई अपने हाट पीछे लेजाते हुए फ़ोन का वाइब्रेशन बंद कर देती है..
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
रजनी- hellooooooo.............ooo
वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr.. वरररर. वररर.. वररर.. vrr....vrrr. वॉर.. vrr...vrrr..
बाए बार फ़ोन वाइब्रेशन से रजनी अपने बेटे का हाट उठता क फ़ोन को चेक करती ही..
ृक्षाणा कॉल्लिंग... ृक्षाणा कालिंग...
रजनी- ( ये इस वक्त क्यों कॉल कर रही है)...
रजनी आधी आँखे कोले मान hi मान बडबर्टी है... नीड अभी भी उसके सिर पे सवार थी ... उसको बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था की वो अपने बेटे क साथ नंगी सोई है और सामने बीएड मई उसका पति है...
रजनी- हांण... ृक्षाणा.... बाद माई .... करना.....
ृक्षाणा -मैडम साहब कहा.... है....
तो.. तो.. तो .. तो.. तो.. तो..... बीप बीप...
रजनी फ़ोन वही रख फिर सो जाती है.... मगर इस बार सोते hi कुछ 7-8 सेक् मई एक दम से उत् बैठ थी है....
स्याद से उसने ीफोने मई 9.51ऍम.. देख लिया था...
रजनी- ीीेन्नन्न... .
वो फिर से अपने पति का फ़ोन उठा क चेक करती है 10.52 ऍम . 19 मिस्ड कॉल फ्रॉम ृक्षाणा...
रजनी- omg
आज नयी नयी रैंड की किस्मत अछि थी की उसके पति का फ़ोन उससे पास रखा था क्या होता अगर यही फ़ोन ऋषि क तकए क अस्स पास होता.. उसका सुन्दर सा फेस जिसमे बेटे की माल की पपडिया जमी हुई थी एक दम से देर से भर गया
रिसोर्ट का कमरा पूरा उत्तल पुतल हुआ था . पिगली हुई आइसक्रीम बीएड क अस्स पास फारस मई फली हुई थी .. उसका ब्लाउज बीएड क एक साइड जमीं मई पड़ा हुआ था , लहंगा उसके टैंगो क साइड पे... कंडोम का पैकेट टेबल पे रखा हुआ था , उसकी कुछ रंग बिरंगी कांच की चुडिया टूट क अस्स पास फ्लोर मई फैली हु थी... .
रजनी- शीट..... विक्की ... विक्की.... .
वो अपने नंगे बेटे को हिला क उठाने लगी...
विक्की- huuuu...sooneee दू...
मगर विक्की अपनी करवट बदल क दूसरे साइड सो जाता है .. रजनी को थो पता था उसका बीटा अपनी मर्ज़ी से hi उट्ठेगा .. वो जयादा फाॅर्स किये बिना सामने पड़े एक चादर से अपने बेटे क नंगे बदन को डाक लेती है
और जल्दी से नंगी hi सबसे पहले सोफे क कपडे से निचे पड़ी आइसक्रीम , चॉक्लेट को पोछने लगती है साथ साथ वो उन् टूटी हुई चुडिया को भी िकता करती रही जो कल उसके बेटे ने उसको बजाते हुए टूटे थय
अगर उससे कोई ऐसे देख ले थो लगेगा की वो कोई पालतू नौकरनी हो जो मालिक से छोड़ने क बाद सबूत मिटा थी हो (पेट्वोमें).......
रजनी- (शीट... क्या होता आज मई थो कही मुँह दिकने लायक hi नहीं बचती)
उसकी नज़र काम करते करते बार बार अपने पति की और जा रही थी कही उसका पति जग न जाये उसके फेस मई एक अजीब सी घबराहट और देर था ... वो फारस साफ़ कर जल्दी से अपना लहंगा और ब्लाउज बैग मई मई बिना फोल्ड पैक कर देती है.. और बीते हुए कल का सलवार कुरता पहन लेती है....
रजनी- उह ये थो यही है...
वो टेबल पे पड़े कंडोम को भी लहंगे वाले बैग मई छुपा देती है...
उसकी नज़र एक बार फिर कमरे क चारो और गुमने लगी .. कही कुछ चूत थो नहीं रहा...
रजनी- ू यी... ये नंगु...
वो पास मई पड़े बेटे क कपडे को उठा सोफे क पास जाती है और उससे शॉर्ट्स पहने लगती है...
विक्की- हुऊ.... क्या... कररही हो सोने दो...
रजनी- विक्की.. उठो अपने कपडे पहनो जल्दी..
वो बरी बरी अपने बेटे क शॉर्ट्स के बजवो को उसके दोनो टैंगो मई दाल रही थी.... चादर ऊपर होने से बीटा का सोया हुआ लुंड उससे साफ़ नज़र आने लगा..
जो की उसके हाट क िस्पर्श से हिलने लगा...
vicky-(sleeping टोन) सोनी.. दू मुम्ममय बाद मई करते है...
रजनी अपने बेटे क थिंग्स मई एक थपकी मरती है... और शार्ट को ऊपर चढ़ने लगती है.. .
रजनी- ok ... पहले अपना निकार पहन लो...
विक्की भी सोये सोये मई अपनी गांड उठा क अपनी माँ को शॉर्ट्स पहना ने देता है..
अगर अभी कोई रजनी को देखे थो बोल hi नहीं सकता की ये कभी पतिव्रती, सरीफ औरत रही होगी बल्कि वो थो इसको बेवफा, बुदजालं, कुलटा, रैंड बोलिंगे जो की कूद क बेटे क साथ मुँह कला कर रही है और इससे समाज मई रहने का कोई हक़ नहीं है
साडी चीज़े सेटल हो जाने से अब रजनी क चेहरे पुर सुकून आने लगा और वो जल्दी से दरवाज़ा कॉल देती है.....
रजनी-( कुसुम क रूम को जाते हुए) - ये ृक्षाणा क्यों इतने कॉल कर रही थी..
उसके कदम कुसुम का दूर खोलने से पहले रुक जाते है और वो फिर से अपने पति क फ़ोन की और वापस चली जाती है..
19 मिस्ड कॉल फ्रॉम ृक्षाणा....
कालिंग... ृक्षाणा... कालिंग ृक्षाणा....
ट्रिंग.. ट्रिंग... ट्रिंग.. trinng...tring .. ट्रिंग..
रजनी- कहा गयी पिचकूप थे फ़ोन..
उधर ृक्षाणा अभी अपना फ़ोन नहीं उठा रही ..
रजनी- इतने कॉल थो इस लड़की ने कभी किये नहीं.. आज क्यों...
रजनी 4-5 बार कॉल कर क देखती है पर रूकसहाना कॉल नहीं ुट्टठी.. रजनी फिर से उठ क अपनी बहिन क कमरे की और जाने लगती है पर इस बार वो अपने पति का फ़ोन अपने पास ले जाना नहीं भूलती.
कककककककाआआततततततततताएकक......
उसकी बहिन बिस्तरे पे पेट क बा ल बेहोस नेन्द्र मई सोई हुई थी..
रजनी- कुसुम ... कुसुमं.. उठो देखो ..11 बजने को है .. काब तक तुम साब क साब सोये रहोगे... उठो...
कुसुम- हुऊ... दी.. सोने दो बड़ा सेर दर्द हो रहा है....
रजनी- यार कोई थो उत् जाओ टाइम देखो..
वासे नीड ना पूरी होने क वजह से उसका भी सिर दर्द हो रहा था. मगर उसके और उसके बहिन क सेर दर्द मई बहुत फरक था.. कहा वो पूरी रात बेटे से छोड़ने क बाद सिर्फ 3-4 जानता सोई थी वही उस ने अपने बहिन और पति को 1-2 नहीं बल्कि 8 नीड की गोलिया किलयी थी .
कुसुम- दी बस टोरी देर और फिर उठ थी हु ..
कुसुम करवट बदल क अपनी दीदी क जांघो पे अपना सेर रख लेती है.. रजनी भी तकए की आड़ ले का वही आराम करती है.. पर. अचानक से उसका ड़याँ अपनी छोटी बहिन क सिनी मई जाता है पूरा एक हाट का निसान जिसमे फिश करी क दाग लगे हुए थय... उसके दिमाग मई एक hi बात आती है क्या कल रात उसके बेटे ने उसकी बहिन क साथ कुछ किया..
rajni-he इस सुच ा जर्क...
उसकी निगाही अपनी बहिन क और हिस्सों मई भी निसान को ढूढ़ने लगी.. मगर सिनी क अल्वा उससे. दाग कही और नहीं मिले...
कुसुम भी अपनी आँखे कॉल अपनी दीदी का अजीब सा फेस देखती है जिसमे उससे गुस्सा और देर दोनो नज़र आ रहा था.
कुसुम- gudmrg..di... कितना बज्ज गया..
रजनी- उह तुम उठ गयी 11 से ऊपर हो गया है चलो ुतो जल्दी ..
कुसुम- हैं... uthh..thi huu....are दी ये क्या लगा.... ये आपके फेस पे ये वाइट वाइट दाग क्यों लगे है
रजनी- हेबेई.. क्या.. कहा...
रजनी जल्दी से उठ सामने मिररियर मई अपनी सकल देखती है स्याद से वो जल्दी जल्दी मई अपना मुँह धोना भूल गयी थी.. उसका फेस माल क पपडियो से सना हुआ था.. कुसुम भी अपनी दीदी क एक दम से ऐसे उठने से चॉक जाती है. जैसे कोई चोर चोरी मई पकडे जाने से डरता है
कुसुम- आह.. दीदी क्या कर रही हो एक थो मेरा सेर दर्द..
रजनी ने जल्दी मई गॉड मई रखा हुआ छोटी बहिन का सेर एक दम हकबके मई बीएड क गड़े मई पटुक दिया . वयस्को कल रात का वो पल याद आ गया जॉब उसके बेटे ने एक वक्त सिर्फ मुँह छोड़ छोड़ क उसका makeup..kiya था..
वो जल्दी से अपना मुँह दोने लगती है..
रजनी- कुछ कहा तुमने कुसुम ...
कुसुम- ये किसी ृक्षाणा का 19 मिस्ड कॉल ए है..
रजनी- हाआआ....... न. .. इधर दो फ़ोन...
कुसुम क हाट पे उसके जीजू का फ़ोन था .. रजनी एक दम से लपक क फ़ोन को चीन लेती है सायद से उसको वाश बेसिन मई फेस धोते कल वाली सेल्फी भी याद आ गयी
कुसुम- अरे यू सिक दीदी.. व्हाट अरे यू दोंग .. और मुँह दोने से कुछ नहीं होगा आप पूरी मेस्सी लग रही हो और आपके बॉडी मई से अजीब सी महक स्मेल आ रही है.. नाहा लो.
रजनी अपनी छोटी बहिन को एक नज़र देखती है और गैलरी खोल क कल रात की सेल्फी जल्दी जल्दी डिलीट करने लगती है..
रजनी- हाँ... हैं. वो वो.. ठीक है तुम अपने जीजू और विक्की को ुतवो मई नाहा hi लेती हु..
रजनी अपनी बहिन क कोई और सवाल का जवाब नहीं देना चाहती थी वो जल्दी से वह से निकल क पति वाली रूम क बाथरूम मई घुस जाती है.. कुसुम को अचानक से ए अपनी दीदी क बेहेवियर से तोरा अजीब लगता है मगर वो भी अपने जीजू और बजे को उतने चले जाती है..
कुसुम- आह मेरा सेर.. .. जीजू उठो कब रक् सोओगे 11.30 हो गया उठो जल्दी..
ऋषि- ाँ haa.n. ... कुसुममममम हआ न..
कुसुम- ारी जीजू 11.30 बज गए है उठ जाओ जल्दी ..
ऋषि कैसे न कैसे बिस्तरे मई उठ क बैठ जाता है उसका भी बहुत तेज़ सेर दर्द हो रहा था.. वो वह से बैठी बैठी कुसुम और सोफे मई सोये अपने बेटे को देखने लगता है..
ऋषि- ये विक्की सोफ़िये mai....didi कहा है तुम्हारी...
कुसुम- वो अंदर नाहा रही है..
रजनी अंदर टूथब्रश करते करते अपने आप को सामने सीसी मई देख रही थी. उसके दिमाग मई अभी भी कई चीज़े गुमने लगी( क्या उसने साब ठीक कर दिया .. अगर कुसुम वो पिछ देख लेती थो.. ओर कुछ थो नहीं बचा ना... लहंगा, आइसक्रीम ,कंडोम, ब्लाउज, बेटे को शॉर्ट्स)
रजनी- (हाँ साब कर diya..tha...)...
कुसुम- विक्की उठो ... .
कुसुम अपने सोये हुए बजे को हिला हिला क उठने लगी .. .
विक्की- mummy...so जाओ.. अभी बहुत टाइम है वो लोग जल्दी नहीं जागिंगे...
कुसुम- व्हाट... कोण नहीं जागिंगी... दुफर मई मम्मी नहीं मौसी हु.. उठो अब..
विक्की जॉब मम्मी और मौसी सुबाद को एक साथ सुनता है थो वो अपनी एक आंख खोल देर सा जाता है.. ..कही उसने कोई गलती थो नहीं कर di..kya.. वो और उसकी माँ पकड़ी गयी...
उसकी गांड की हवा निकलने लगी..
कुसुम- उठो.. विक्की... 12 बजने वाले है...
विक्की- haaa..n..... mausi..,mummy किधर है ...
कुसुम- दी नाहा रही है जल्दी उठो तुम भी..
विक्की हिम्मत से पलट क अपनी मौसी को देखता hai..samne उसके डैड बीएड पे बैठी उससे hi देख रहे थय..
विक्की- guud..mrggg... मूसीई ..... (हिम्मत kar)chai मिलेगी क्या क क्या..
ऋषि- हाँ कुसुम चाय आर्डर कर दो मेरा भी सेर मई पता नहीं बहुत दर्द हो रहा है
कुसुम - आपके भी क्या मेरी भी हो रहा है जीजू रुको आर्डर करती हु..
कुसुम सब क लिए चाय आर्डर कर देती है विक्की भी सोफे मई बैठ ीदार उधर देखने लगता है.. उसको हर चीज़ सही जगह पे नज़र अति है ...
विक्की- (हम्म्म स्याद से मम्मी ने फसने से पहले साब चीज़ टिक कर diya..hai)
कुसुम- विक्की तुम भी नाहा लेना वही स्मेल तुमसे भी आ रही है....
विक्की- कासी स्मेल मौसी??
ऋषि- हाँ मुझे भी कमरे से अजीब सी महक थो आ रही है..
कुसुम- वही जो अभी दीदी से आ रही थी तभी थो नाहने गयी है वो...
अति भी कैसे नहीं दोनो माँ बेटे ने उन्दोनु को सुला देने क बाद रात भर डर्टी हनीमून जो मनाया था
विक्की- हाँ मुझे भी सयाद से फिश करी की होगी...
कुसुम- नहीं नहीं फिश करी से थो अलग अति है ये किसी अलग चीज़ की महक है..
उसकी मौसी एक तरह से सही बोल रही थी ये महक फिश करी की नहीं बल्कि माल, पसीने, सप्रेम, टूक ,susu,stoberry,chocolate को कॉम्बिनेशन की थी.
टिंग ..टोंग...
रिसोर्ट बॉय- सर थिस इस योर टिया..
कुसुम- थैंक्स पूत थे टिया ों तहत टेबल
रिसोर्ट बॉय एक नज़र कुसुम को देखता है फिर विक्की पर सयाद से उसकी नज़र रात की उस सेक्स गॉडेस को दंड रही थी.. जो की अंदर बाथरूम मई नाहा रही थी
ऋषि- हु अरे यू लुकिंग फॉर
रिसोर्ट बॉय- नथिंग सर.
अब वो रिसोर्ट बॉय कैसे बोले क वो उस हसीना को दंड रहा है जिसने कल रात उसका भी पानी नकल था सपने मई .. वो बस पीछे देखते देखते आइसक्रीम का बाउल को उठा क बहार चला जाता है.
विक्की भी सोफे मई बैठी बैठी उसी देख मुस्कुरने लगता है
तो बे कॉन्टिनुई..