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- Dec 5, 2013
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युवी को उन दोनों के सिवा कोई नज़र नहीं आया तो वो घूम कर घर के पीछे गया जहा उसे उसकी नानी दिखाई दी जिसे देखते hi युवी चुपके अंदर दाखिल हुआ और नानी को पीछे से आ कर नानी के कंधे पैर सर रखते हुए बोलै
युवी - में आ गया हु मेरी सेक्सी नानी इसलिए अब रोना बंद करो
नानी- इस बात का hi तो डर था मुझे की तू ये खबर सुन के यहाँ जरूर आएगा
युवी - तो क्या तुम्हे ऐसे hi छोड़ देता इस मुश्किल घडी में ाचा ये बताओ बड़े मां कहा है वो नहीं दिख रहे वो ठीक तो है न
नानी - उसे बराबर वाले कमरे में बाँध रखा है किया कुछ नहीं उसके साथ
युवी - तो छोटे मां को क्यों मारा है फिर
नानी - क्युकी उसकी शादी थी जिसकी वजह से तू और वो यहाँ आये थे तो वो उसे hi अपनी बेज़्ज़ती की वजह मान रहा है
युवी - ाचा तो इसलिए मां को इतना प्यार दिया है चलो फिर सारा प्यार उसे ब्याज के साथ वापस करता हु पैर पहले बड़े मां को आज़ाद करू
नानी - युवी मेरी बात मान तू चला जा बीटा वो बहुत गुस्से में है और उसके साथ वाले भी गुंडे hi लग रहे थे में नहीं चाहती तुझे कुछ भी हो एक तू hi तो सहारा है सविता का
युवी - ो मेरी हॉट नानी मुझे कुछ नहीं होता तू चिंता न कर पहले इस का हिसाब कर लू फिर तेरी छूट का करूँगा तब जाऊंगा
नानी - बेशरम कुछ शर्म कर अब तो मुझ बुद्धि को बक्श दे अब तो मर ने की कगार पैर हु
युवी - अभी कहा बुद्धि हुई हो नानी देखो तुम्हारी ये मोती मोती चूचिया अभी भी किसी जवान औरत को मात देती है ( नानी का ब्लाउज ऊपर कर के उसकी मोती चुहियों को मसल ते हुए बोलै)
नानी - ऊऊफफफफ युवी मत कर ये समय सही नहीं है बहार मौत पसर रही है और तू अपनी नानी की सोई हुई इछाओ को जाग रहा है
युवी - पहले उस मौत को hi मौत की नींद सुला कर आता हु नानी फिर तुम्हारी ें मोती चूचियों से खेलूंगा आज रात बस तू जब तक अपनी छूट को सवार ले ( चुकी को जोर से मसल कर जाते हुए बोलै)
नानी- आअह्ह्ह कमीना कही का ऊऊफफफ कितनी जोर से मसल के गया है ससष्ठ आअह्ह्ह पता नहीं रात को क्या हाल करेगा मेरा
नानी के कमरे से निकल कर युवी दबे पाँव बड़े मां के कमरे तक पहुंच कर चुप चाप अंदर घुस गया जहा उसके मां चिंता में बैठे हुए थे जिनके कंधे पैर हाथ रख कर अपनी और घूमते हुए बोलै
युवी - क्या बात है मां जी बुढ़ापा मान गए क्या
पहले तो वो युवी को देख कर खुश हुए फिर बहार का माहोल याद कर के चिंता जताते हुए बोले
बड़े मां- तुम्हे यहाँ नहीं आना चाहिए था युवी हम संभल लेते बात चित से
युवी - ये मामला मुके और लात से संभलेगा मां जी इस लिए पुराने वाले अवतार में आईये और बांझे संग इनका बांड बजाइये उठिये
युवी की बात सुनकर उनके मुरझाये चेहरे पैर हलकी सी मुस्कान आ गयी जिसे देख कर युवी मुस्कुरा कर बोलै
युवी - ये हुई न बात अब लगता है की मां से मिल रहा हु
मां को समझा ने के बाद युवी ने किसी को मिलाया और बोलै
युवी - हां तो फिर रेडी फॉर एक्शन आ जाओ
युवी ने घर से निकलते hi अपनी सिक्योरिटी के हेड को अचे फिघ्टर्स के लिए बोल दिया था जो बहार पहुंच कर उसके इशारे का इंतज़ार कर रहे थे जिन्हे सिग्नल देने के बाद युवी कूद के घर के आंगन में आते हुए अमित से बोलै
युवी - औलाद तो तू मर्द की hi निकला पैर अफ़सोस खुद नामर्द है जो रिश्तो का सम्मान नहीं कर पाया
अमित - आ गया तू बहुत इंतज़ार करवाया पैर आया चोरो की तरह hi
युवी - इसे दबिश कहते हिजड़े पैर तू नहीं समझेगा इसलिए तुझे तेरी तरह hi समझाता हु
अमित - समझ ने समझा ने का टाइम निकल चूका आज तो तेरी गर्दन धड़ से अलग करूँगा कुत्ते आअह्हह्ह्ह्हह
युवी अपनी तरफ आती तलवार के हाथ को बिच में hi रोक कर अमित से बोलै
युवी - दम आज भी नहीं है तुझ में पैर तू यकीन कर आज के बाद तू ऐसी हरकत कर ने लायक नहीं रहेगा और हां तुझे बाप बन ने का जो सुख दिया है न मैंने उसे देख देख के मुझे याद रखियो की उसका और तेरा बाप एक hi है
अमित - साले कुट्टी की ा................
बाकी बात मुँह में hi रह गयी जब युवी के भरी पंच चेहरे पैर पड़े वही जो अमित के साथी थे वो अमित की हालत देख आगे बढे उसे बचा ने के लिए की तभी दोनों हाथो में पिस्तौल लिए युवी के साइड का बाँदा सामने आ गया जिसे देख जो जहा था वो वही रुक गया
माहोल पूरी तरह से बदल चूका था और एक बार फिर अमित की हार हुई थी पैर कोई और भी था जिस के दिल में उसके लिए नफरत भरी हुई थी और वो थे युवी के बड़े मां जो आगे आये और अमित की दुनाई करते हुए गुस्से से बाद बड़ा ने लगे
बड़े मां- आज तूने साड़ी हदें पार कर दी मादरचोद जिसकी अब कोई माफ़ी नहीं होगी सिर्फ सजा होगी जो में तुझे अपने हाथो से दूंगा तुझे जान से मार कर दूंगा
अमित की हालत ख़राब हो चुकी थी की तभी कमरे से आती काय ममी ने एक जोरदार छाता अमित के गाल पैर रसीद कर दिया और चीख ते हुए बोली
काय - थू है तुझ पैर कुत्ते अरे तू मर्द तो क्या भाई भी कहलाने के लायक नहीं है इस से ाचा होता की तू पैदा होते hi मर जाता कमीने तू ने मुझे किसी से आंख मिला ने के काबिल नहीं छोड़ा और अभी भी बेशर्मो की तरह घर रहा है चटटक्खककककक
बड़े मां - इस में तुम्हारी कोई गलती नहीं काय तुम आज भी हमारे लिए वैसी hi हो जैसी पहली थी
युवी - मतलब हॉट न सेक्सी वाली बड़े मां
युवी की बात सुनकर सब के चेहरे पैर हसी लौट आयी पैर काय ममी की आंखे और सर शर्म से झुका हुआ था जिसे छुपाती वो युवी को देखते हुए बोली
काय- तुम भी मुझे माफ़ कर दो युवी मेरी वजह से तुम्हे भी परेशानी उठा नई पड़ी सब मेरी hi गलती है मुझे इस निचे को बुलाना hi नहीं चाहिए था शादी में
युवी - सब भूल जाओ आप और अब से आप सब हमारे सेहर में रहेंगे यहाँ नहीं और में कुछ सुन ने वाला नहीं हु
बड़े मां- पैर हम वह क्या करेंगे और पहले इस का तो सोचो इसे ऐसे तो नहीं छोड़ सकते वर्ण ये फिर लौटेगा कभी न कभी
युवी - ये अब कभी नहीं लौट सकेगा मां जी इस का इंतज़ाम कर दिया है मैंने आज के बाद ये सिर्फ व्हील चेयर पैर hi ज़िन्दगी गुज़ार सकेगा
अमित - नहीं ऐसा मत करो इस से ाचा तो मुझे जान से मार दो
युवी - मौत तेरे लिए बहुत छोटी सजा होगी मेरे लाल इस लिए तू अब साडी ज़िन्दगी दुसरो पैर मोहताज़ रहेगा ताकि तुझे पता चले की बुरे कर्मो की सजा कितनी भयानक होती है और वो तेरे चमचे जिन के बल बूते तू उछाल रहा था भाग गए तुझे छोड़ कर इसलिए जो भी करो खुद के दम पैर करो राकेश ले जाओ इसे और इस के घर फैक आओ
युवी की बात को सुनकर अमित रो पड़ा पैर अब कुछ नहीं हो सकता था सजा सुना दी गयी थी जो रस्ते में hi उसे मिल ने वाली थी
जिस का अंदाज़ा उसे गाडी में बैठ ते hi हो गया था घर में सब उसे जाते हुए देख रहे थे की तभी काय ने युवी को गले से लगा कर उसका गाल चुम लिया जिस पैर युवी बोलै
युवी - देख लो मां मामी लाइन मार रही है बाद में मत कहना की भांजा बीवी ले उदा
बड़े मां- तू जाने तेरी मामी जाने में तो पहले नहाऊंगा साले ने नाहा ने भी नहीं दिया
मां की बात सुनकर सब है ने लगे माहोल फिर से खुश नुमा हो चला था
काय- बहुत हसी आ रही है इधर आओ तुम्हे में हसती हु बड़े आये मां से शिकायत कर ने वाले( युवी को अपने कमरे में ले जाते हुए बोली)
कमरे में घुसते hi दोनों ममी भांजे के होठ जुड़ गए और दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को चूमते हुए बीएड तक जा पहुंचे
चुम्मा छाती करते हुए युवी के हाथ काय की मोती गांड तक जा पहुंचे रूम में हीट बढ़ ने लगी थी कोई इन्हे देख कर ये कह hi नहीं सकता था की अभी यहाँ कितना गंभीर माहोल था
किसी भी पल दोनों के कपडे ज़मीन पैर गिर जाते की तभी बहार से आवाज़ आयी नानी की जो दोनों को बुला रही थी जिसे सुन के काय युवी के ऊपर लेती हुई बोली
काय- बचा लिया तुम्हारी नानी ने वर्ण आज खा जाती तुम्हे पूरा का पूरा
युवी - अब तो मेरे पास hi रहोगी पता चल जायेगा कोण किसे खाता है (जाती हुई काय की मोती गांड देखते हुए बोली)
युवी को उन दोनों के सिवा कोई नज़र नहीं आया तो वो घूम कर घर के पीछे गया जहा उसे उसकी नानी दिखाई दी जिसे देखते hi युवी चुपके अंदर दाखिल हुआ और नानी को पीछे से आ कर नानी के कंधे पैर सर रखते हुए बोलै
युवी - में आ गया हु मेरी सेक्सी नानी इसलिए अब रोना बंद करो
नानी- इस बात का hi तो डर था मुझे की तू ये खबर सुन के यहाँ जरूर आएगा
युवी - तो क्या तुम्हे ऐसे hi छोड़ देता इस मुश्किल घडी में ाचा ये बताओ बड़े मां कहा है वो नहीं दिख रहे वो ठीक तो है न
नानी - उसे बराबर वाले कमरे में बाँध रखा है किया कुछ नहीं उसके साथ
युवी - तो छोटे मां को क्यों मारा है फिर
नानी - क्युकी उसकी शादी थी जिसकी वजह से तू और वो यहाँ आये थे तो वो उसे hi अपनी बेज़्ज़ती की वजह मान रहा है
युवी - ाचा तो इसलिए मां को इतना प्यार दिया है चलो फिर सारा प्यार उसे ब्याज के साथ वापस करता हु पैर पहले बड़े मां को आज़ाद करू
नानी - युवी मेरी बात मान तू चला जा बीटा वो बहुत गुस्से में है और उसके साथ वाले भी गुंडे hi लग रहे थे में नहीं चाहती तुझे कुछ भी हो एक तू hi तो सहारा है सविता का
युवी - ो मेरी हॉट नानी मुझे कुछ नहीं होता तू चिंता न कर पहले इस का हिसाब कर लू फिर तेरी छूट का करूँगा तब जाऊंगा
नानी - बेशरम कुछ शर्म कर अब तो मुझ बुद्धि को बक्श दे अब तो मर ने की कगार पैर हु
युवी - अभी कहा बुद्धि हुई हो नानी देखो तुम्हारी ये मोती मोती चूचिया अभी भी किसी जवान औरत को मात देती है ( नानी का ब्लाउज ऊपर कर के उसकी मोती चुहियों को मसल ते हुए बोलै)
नानी - ऊऊफफफफ युवी मत कर ये समय सही नहीं है बहार मौत पसर रही है और तू अपनी नानी की सोई हुई इछाओ को जाग रहा है
युवी - पहले उस मौत को hi मौत की नींद सुला कर आता हु नानी फिर तुम्हारी ें मोती चूचियों से खेलूंगा आज रात बस तू जब तक अपनी छूट को सवार ले ( चुकी को जोर से मसल कर जाते हुए बोलै)
नानी- आअह्ह्ह कमीना कही का ऊऊफफफ कितनी जोर से मसल के गया है ससष्ठ आअह्ह्ह पता नहीं रात को क्या हाल करेगा मेरा
नानी के कमरे से निकल कर युवी दबे पाँव बड़े मां के कमरे तक पहुंच कर चुप चाप अंदर घुस गया जहा उसके मां चिंता में बैठे हुए थे जिनके कंधे पैर हाथ रख कर अपनी और घूमते हुए बोलै
युवी - क्या बात है मां जी बुढ़ापा मान गए क्या
पहले तो वो युवी को देख कर खुश हुए फिर बहार का माहोल याद कर के चिंता जताते हुए बोले
बड़े मां- तुम्हे यहाँ नहीं आना चाहिए था युवी हम संभल लेते बात चित से
युवी - ये मामला मुके और लात से संभलेगा मां जी इस लिए पुराने वाले अवतार में आईये और बांझे संग इनका बांड बजाइये उठिये
युवी की बात सुनकर उनके मुरझाये चेहरे पैर हलकी सी मुस्कान आ गयी जिसे देख कर युवी मुस्कुरा कर बोलै
युवी - ये हुई न बात अब लगता है की मां से मिल रहा हु
मां को समझा ने के बाद युवी ने किसी को मिलाया और बोलै
युवी - हां तो फिर रेडी फॉर एक्शन आ जाओ
युवी ने घर से निकलते hi अपनी सिक्योरिटी के हेड को अचे फिघ्टर्स के लिए बोल दिया था जो बहार पहुंच कर उसके इशारे का इंतज़ार कर रहे थे जिन्हे सिग्नल देने के बाद युवी कूद के घर के आंगन में आते हुए अमित से बोलै
युवी - औलाद तो तू मर्द की hi निकला पैर अफ़सोस खुद नामर्द है जो रिश्तो का सम्मान नहीं कर पाया
अमित - आ गया तू बहुत इंतज़ार करवाया पैर आया चोरो की तरह hi
युवी - इसे दबिश कहते हिजड़े पैर तू नहीं समझेगा इसलिए तुझे तेरी तरह hi समझाता हु
अमित - समझ ने समझा ने का टाइम निकल चूका आज तो तेरी गर्दन धड़ से अलग करूँगा कुत्ते आअह्हह्ह्ह्हह
युवी अपनी तरफ आती तलवार के हाथ को बिच में hi रोक कर अमित से बोलै
युवी - दम आज भी नहीं है तुझ में पैर तू यकीन कर आज के बाद तू ऐसी हरकत कर ने लायक नहीं रहेगा और हां तुझे बाप बन ने का जो सुख दिया है न मैंने उसे देख देख के मुझे याद रखियो की उसका और तेरा बाप एक hi है
अमित - साले कुट्टी की ा................
बाकी बात मुँह में hi रह गयी जब युवी के भरी पंच चेहरे पैर पड़े वही जो अमित के साथी थे वो अमित की हालत देख आगे बढे उसे बचा ने के लिए की तभी दोनों हाथो में पिस्तौल लिए युवी के साइड का बाँदा सामने आ गया जिसे देख जो जहा था वो वही रुक गया
माहोल पूरी तरह से बदल चूका था और एक बार फिर अमित की हार हुई थी पैर कोई और भी था जिस के दिल में उसके लिए नफरत भरी हुई थी और वो थे युवी के बड़े मां जो आगे आये और अमित की दुनाई करते हुए गुस्से से बाद बड़ा ने लगे
बड़े मां- आज तूने साड़ी हदें पार कर दी मादरचोद जिसकी अब कोई माफ़ी नहीं होगी सिर्फ सजा होगी जो में तुझे अपने हाथो से दूंगा तुझे जान से मार कर दूंगा
अमित की हालत ख़राब हो चुकी थी की तभी कमरे से आती काय ममी ने एक जोरदार छाता अमित के गाल पैर रसीद कर दिया और चीख ते हुए बोली
काय - थू है तुझ पैर कुत्ते अरे तू मर्द तो क्या भाई भी कहलाने के लायक नहीं है इस से ाचा होता की तू पैदा होते hi मर जाता कमीने तू ने मुझे किसी से आंख मिला ने के काबिल नहीं छोड़ा और अभी भी बेशर्मो की तरह घर रहा है चटटक्खककककक
बड़े मां - इस में तुम्हारी कोई गलती नहीं काय तुम आज भी हमारे लिए वैसी hi हो जैसी पहली थी
युवी - मतलब हॉट न सेक्सी वाली बड़े मां
युवी की बात सुनकर सब के चेहरे पैर हसी लौट आयी पैर काय ममी की आंखे और सर शर्म से झुका हुआ था जिसे छुपाती वो युवी को देखते हुए बोली
काय- तुम भी मुझे माफ़ कर दो युवी मेरी वजह से तुम्हे भी परेशानी उठा नई पड़ी सब मेरी hi गलती है मुझे इस निचे को बुलाना hi नहीं चाहिए था शादी में
युवी - सब भूल जाओ आप और अब से आप सब हमारे सेहर में रहेंगे यहाँ नहीं और में कुछ सुन ने वाला नहीं हु
बड़े मां- पैर हम वह क्या करेंगे और पहले इस का तो सोचो इसे ऐसे तो नहीं छोड़ सकते वर्ण ये फिर लौटेगा कभी न कभी
युवी - ये अब कभी नहीं लौट सकेगा मां जी इस का इंतज़ाम कर दिया है मैंने आज के बाद ये सिर्फ व्हील चेयर पैर hi ज़िन्दगी गुज़ार सकेगा
अमित - नहीं ऐसा मत करो इस से ाचा तो मुझे जान से मार दो
युवी - मौत तेरे लिए बहुत छोटी सजा होगी मेरे लाल इस लिए तू अब साडी ज़िन्दगी दुसरो पैर मोहताज़ रहेगा ताकि तुझे पता चले की बुरे कर्मो की सजा कितनी भयानक होती है और वो तेरे चमचे जिन के बल बूते तू उछाल रहा था भाग गए तुझे छोड़ कर इसलिए जो भी करो खुद के दम पैर करो राकेश ले जाओ इसे और इस के घर फैक आओ
युवी की बात को सुनकर अमित रो पड़ा पैर अब कुछ नहीं हो सकता था सजा सुना दी गयी थी जो रस्ते में hi उसे मिल ने वाली थी
जिस का अंदाज़ा उसे गाडी में बैठ ते hi हो गया था घर में सब उसे जाते हुए देख रहे थे की तभी काय ने युवी को गले से लगा कर उसका गाल चुम लिया जिस पैर युवी बोलै
युवी - देख लो मां मामी लाइन मार रही है बाद में मत कहना की भांजा बीवी ले उदा
बड़े मां- तू जाने तेरी मामी जाने में तो पहले नहाऊंगा साले ने नाहा ने भी नहीं दिया
मां की बात सुनकर सब है ने लगे माहोल फिर से खुश नुमा हो चला था
काय- बहुत हसी आ रही है इधर आओ तुम्हे में हसती हु बड़े आये मां से शिकायत कर ने वाले( युवी को अपने कमरे में ले जाते हुए बोली)
कमरे में घुसते hi दोनों ममी भांजे के होठ जुड़ गए और दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को चूमते हुए बीएड तक जा पहुंचे
चुम्मा छाती करते हुए युवी के हाथ काय की मोती गांड तक जा पहुंचे रूम में हीट बढ़ ने लगी थी कोई इन्हे देख कर ये कह hi नहीं सकता था की अभी यहाँ कितना गंभीर माहोल था
किसी भी पल दोनों के कपडे ज़मीन पैर गिर जाते की तभी बहार से आवाज़ आयी नानी की जो दोनों को बुला रही थी जिसे सुन के काय युवी के ऊपर लेती हुई बोली
काय- बचा लिया तुम्हारी नानी ने वर्ण आज खा जाती तुम्हे पूरा का पूरा
युवी - अब तो मेरे पास hi रहोगी पता चल जायेगा कोण किसे खाता है (जाती हुई काय की मोती गांड देखते हुए बोली)