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- Dec 5, 2013
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सुबह भट लेट आँख खुली. उठा तो पूरा जिस्म टूट रहा था. भट थकावट फील हो रही थी. नींद अछि आई थी लकिन पहर बी जिस्म दर्द क्र रहा था. जैसी 1सत टाइम गयम करनी क बढ़ जिस्म दर्द करता है.
में जगा तो नेहा अभी सो रही थी. नेहा बिलकुल नंगी सोइ हुई थी.
में न्य नेहा क मथ्य पी एक किश की तो नेहा न्य थोड़ी सी आँख खोल दी.
में. गुड मॉर्निंग बेबी
नेहा. टाइम क्या हुआ है. में 11 बज गए हैं
नेहा. तुम न्य मुझे उठाया क्यों नहीं तुम फ्रेश हो जाओ में नाश्ता बना देती हूँ.
नेहा बीएड सी उतनी लगी लकिन उसको नीची दर्द हो रहा था और उतनी में प्रॉब्लम हो रही थी.
में. बेबी आप लेती रहो नाश्ता में बना देता हूँ आज आप क लिए.
नेहा. नहीं में क्र लून गई.
में. जान में न्य बोलै न आप रहंय दो में बना दूँ गए
नेहा. ाचा ठीक है. लकिन पेहली मुझे वाशरूम तक पोहंचा दो.
नेहा उठी तो उसको चलनी में भट प्रॉब्लम हो रही थी. में ने उसका हाथ पाकर क्र उसको बाथरूम क गेट तक पुहंचा दिए.
नेहा वाशरूम चली गयी और में नीची किचन में चला गया.
में नाश्ता बनानी लगा और ये सोचनी लगा क ाचा हुआ में न्य रात को नेहा को ज़ोर सी नहीं किआ. आराम सी क्र क उसकी ये हालत थी तो ज़ोर सी करनी सी तो उसकी हालत हे खराब हो जाती.
में नाश्ता बना क्र ऊपर हे रूम में लय गया. नेहा फ्रेश हो क्र निकल आई थी. में न्य पेहली हे नेहा क कपृय रूम में चोर दिए थय.
नेहा चेंज क्र क बीएड पी बैठी थी. हम न्य नाश्ता किआ और पहर मैनी नेहा को एक पैन किलर दी.
में. अब तबियत किसी है जान
नेहा. अब ठीक हूँ बस नीची दर्द हो रहा है
में. सॉरी जान मेरी वजह सी आपको दर्द हो गया
नेहा. सॉरी की कोई बात नहीं है. ये दर्द तो एक न एक दिन औरत को सहना हे परता है. और अगर दर्द अपनी पसंद का मर्द दी तो उसकी तकलीफ ज़्यादा नहीं होती.
में. ाचा तो में तुम्हारी पसंद का मर्द हूँ
नेहा. अगर तुम मेरी पसंद क मर्द न होती तो में तुम्हें अपना आप कभी न देती. अब में तुम्हारी हो चुकी हूँ अली
में. तो पापा का क्या
नेहा. तुम्हारी पापा न्य मुझी सहारा देंय क लिए मुझ सी शादी की थी. और देखो न उन क सहरी क साथ मुझे मेरा प्यार बी मिल गया.
ी लव यू सो मच अली
में. ी लव यू तू बेबी. लकिन हम शादी तो नहीं क्र सकती न यू क्नोव में नैना सी शादी करना चाहता हूँ.
नेहा. ी क्नोव मेरी जान. और में शादी का कह हे नहीं रही. में तुम्हें अपना पति मान चुकी हूँ. तुम्हारी पापा का तो बस नाम हे है. तुम बस मुझे ऐसी हे प्यार कृत्य रहना.
में. थैंक यू नेहा. में हमेशा तुम्हें प्यार करूं गए. अब तुम रेस्ट करो
नेहा. मुझे मेरी रूम तक जन्य में हेल्प क्र दो प्लीज
में. हाँ चलो. में नेहा को उस क रूम में लय गया.
में बाहर आ क्र हॉल में टीवी देखनी लगा.
मेरी फोन की रिंग बजी तो मैनी फोन पिक किआ.
में.. Hello
आशा. Hi अली किसी हो
में. में ठीक हूँ
ा. तुम न्य वीकेंड का बोलै था. बताओ क्या प्लान है.
में. कहीं बाहर चलती हैं लंच पी
ा. गुड आईडिया
में. तुम रेडी हो जाओ में तुम्हें पिक करता हूँ
में रूम में गया और त्यार हो गया. त्यार हो क्र नीची आया और नेहा को बोलै क में कस्ब दोस्तुं क साथ जा रहा हूँ शाम तक आ जाओं गए.
में घर सी निकला और आशा को कॉल की. आशा रेडी थी.
में न्य उसको पिक किआ और हम सिटी सी बाहर साइड एरिया में एक रेस्टोरेंट पैर चली गए.
ये सिटी सी बाहर एक बारे रेस्टोरेंट था. जहाँ वेअल्थी फैमिलीज़ लंच या डिनर क लिए आती थय. जस्ट लिखे ा हॉलिडे डेस्टिनेशन.
में न्य पेहली सी टेबल रिज़र्व करवाया हुआ था. हम लोग जा क्र बेथ गए. थोड़ी दिएर में मेनू आ गया. मैनी आशा को बोलै क आर्डर करो. उस न्य खाना आर्डर क्र दिए.
वेटर. सर रश की वजह सी खाना अन्य में 1 ऑवर लगी गए. प्लीज don't मंद
में. It's ok. गेट उस कोल्ड ड्रिंक्स टिल थें
वेटर. Ok सर.
वेटर कोल्ड ड्रिंक्स लय आया और हम बातें करनी लगी
नेहा मुज सी बिज़नेस की डिटेल्स पूछ रही थी. हम बातें क्र रही थय. मैनी देखा क सामन्य क टेबल पी एक औरत अपनी पति और 2 बचूं क साथ बैठी थी.
वो बार बार मुझी देख रही थी और स्माइल क्र रही थी.
ये औरत कोई और नहीं थी. तान्या थी. जो मुझे हिल स्टेशन पैर मिली थी. आशा की बैक उस टेबल की तरफ थी इस लिए उसको नज़र नहीं आया. थोड़ी दिएर बढ़ तान्या उठ क्र हमारी टेबल पी आ गयी और बोली
टी. Hi अली किसी हो. ी ऍम सुरप्रीसेड तो सी यू हेरे
में. ये तो किस्मत क खेल हैं. किस्मत हमें पहर सी सामन्य लय आई
तान्या. यू अरे राइट.
(आशा कंफ्यूज हो क्र मुझे और तान्या को देख रही थी)
तान्या. तुम न्य इनका इंट्रोडक्शन नहीं करवाया. आशा की तरफ देखती हुए
में. ये आशा हैं मेरी मम्मी की फ्रेंड हैं. मम्मी न्य इन क लिए कच सामान भेजा था. वो देंय आया तो ये मुज्य साथ लंच क लिए लय आएं
आशा हैरान हो क्र मुझे देख रही थी लकिन कच नहीं बोली
तान्या. ो ाचा. मैनी सोचा तुम्हारी फ्रेंड हैं या पहर गर्लफ्रेंड (नॉटी स्माइल देती हुए)
तान्या पहर आशा को देख क बोली. प्लीज एक्सक्यूज़ उस फॉर ा मोमेंट
ाःसा. सूरे
तान्या. आओ अली तुम्हें अपनी फॅमिली सी मिलवाती हूँ.
में तान्या क साथ उठ क्र उन क टेबल क पास चला गया.
तान्या. अली ये हैं मर खान मेरी हस्बैंड. ये मेरा बारे बीटा और ये छोटा बीटा
में. Hi सर हाउ अरे यू
तान्या. खान सब ये अली है. बाकि इंट्रोडक्शन अली खुद करवाए गए आपको. (तान्या मेरी बारी में कच जानती हे नहीं थी.. इस लिए उस न्य भट चालाकी सी बात को मेरी पैर दाल दिए.
खान. अली बीटा क्या कृत्य हैं आप
में. अभी तो स्टडी क्र रहा हूँ अंकल लकिन आजकल हॉलीडेज हैं तो बिज़नेस बी देख रहा हूँ
खान. ो नीस. क्या बिज़नेस है आपका
में. मालिक ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज
खान. मालिक ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज में जॉब कृत्य हो क्या?
में. नै अंकल एक्चुअली में आजकल c.e.o हूँ. पापा आउट ऑफ़ कंट्री हैं इस लिए
खान. कुर्सी सी खरा हो गया और बोलै. ोय तू तो मेरी यार का बीटा है. ोय गली लग क मिल मेरी सी.
खान न्य मुज्य झफी दाल ली. खान पंजाब में रहता था इस लिए उसका एक्सेंट पंजाबी था . वि बोलै ो ककय कस क झफी पा यार.
में. आप पापा को जानती हो
खान. ो जानती. यार है वो मेरा. अभी ुक में उस न्य मेरी पास हे रहना था. लकिन मुज्य यहाँ आना प्र. 3 दिन में वापस जा रहा हूँ. उस सी बी मीलों गए. और तुज सी बी मिल लिए ये तो भट ाचा हो गया
खान. ये बता तू तान्या को कहाँ मिला.
में. वो अंकल एक ट्रिप पी इंट्रोडक्शन हुआ था इन सी.
खान. चल ाचा है यार. चल अब लंच हमारी साथ हे क्र अपनी फ्रेंड न वि लय आ इसी टेबल तय
में. नै अंकल आप का फॅमिली लंच है आप डिस्टर्ब हों.
खान. ो डिस्टरड कड़ा पुत्र लय आ उसको बी
में आशा क पास गया और बोलै.
में. आशु पापा क फ्रेंड हैं वो बोल रही हैं लंच हमारी साथ हे करो.
आशा. अगर तुम्हें ठीक लगता है तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है.
मुझे ाषा की ये आदत भट पसंद थी. वो मेरी हर बात मान लेती थी.
हम बी मर खान क टेबल पी बेथ गए. सब न्य लंच किआ. निकलती हुए खान बोलै.
खान. तू अपना नंबर मुझे दी दी कबि ज़रूरत परर सकती है. में न्य नंबर दी दिए. पहर हम न्य उनको bye बोलै और हम निकल गए.
गारी में आशा बोली
ा. अली ये लोग किसी दोस्त हं तुम लोगन क
में. खान अंकल पापा क ाच्य दोस्त हैं
ा. और वो औरत. वो इतनी फ्रैंक क्यों हो रही थी तुम्हारी साथ. देखा किसी मुझे तुम्हारी गफ बोल रही थी
में. यार वो मज़ाक क्र रही थीं. वैसी कच गलत तो कहाँ नहीं ुनहु न्य गफ तो तुम हो हे
ा. शट उप बद्तमीज़ (हस्ते हुए)
में. बदतमीज़ी तो अभी मैनी की हे कहाँ है. एक बार मौका तो दो बदतमीज़ी करनी का
ा. मौका दी दिए अगर तो
में. तो पहर तुम मेरी दीवानी हो जाओ गई
ा. शर्मा गयी
थोड़ी दिएर हमारी को बात नहीं हुई और आशा क घर आ गया.
में न्य आशा को ड्राप किआ. आशा बोली अंदर नहीं आओ गए
में. नहीं पहर कभी आऊं गए. अभी कच काम है
ा. Ok नेक्स्ट टाइम पक्का आना है तुम न्य मेरी साथ
में. Ok. में अंदर जाना चाहता था. लकिन मैनी खुद को कण्ट्रोल किआ. मुझे पता था क अगर में अंदर गया तो हम्र्य दरम्यान रोमांस हो गए.
और में कण्ट्रोल नहीं क्र पाऊँ गए क्यों क मुझे रात को छूट मिल चुकी थी. और अब मेरी लिए कण्ट्रोल करना मुश्किल हो जाता. क्यों क छूट का नशा सब सी अडिक्टिवे होता है.
में नहीं चाहता था क में आशा की मर्ज़ी क बगैर कच करूं इस लिए में घर चला गया
सुबह भट लेट आँख खुली. उठा तो पूरा जिस्म टूट रहा था. भट थकावट फील हो रही थी. नींद अछि आई थी लकिन पहर बी जिस्म दर्द क्र रहा था. जैसी 1सत टाइम गयम करनी क बढ़ जिस्म दर्द करता है.
में जगा तो नेहा अभी सो रही थी. नेहा बिलकुल नंगी सोइ हुई थी.
में न्य नेहा क मथ्य पी एक किश की तो नेहा न्य थोड़ी सी आँख खोल दी.
में. गुड मॉर्निंग बेबी
नेहा. टाइम क्या हुआ है. में 11 बज गए हैं
नेहा. तुम न्य मुझे उठाया क्यों नहीं तुम फ्रेश हो जाओ में नाश्ता बना देती हूँ.
नेहा बीएड सी उतनी लगी लकिन उसको नीची दर्द हो रहा था और उतनी में प्रॉब्लम हो रही थी.
में. बेबी आप लेती रहो नाश्ता में बना देता हूँ आज आप क लिए.
नेहा. नहीं में क्र लून गई.
में. जान में न्य बोलै न आप रहंय दो में बना दूँ गए
नेहा. ाचा ठीक है. लकिन पेहली मुझे वाशरूम तक पोहंचा दो.
नेहा उठी तो उसको चलनी में भट प्रॉब्लम हो रही थी. में ने उसका हाथ पाकर क्र उसको बाथरूम क गेट तक पुहंचा दिए.
नेहा वाशरूम चली गयी और में नीची किचन में चला गया.
में नाश्ता बनानी लगा और ये सोचनी लगा क ाचा हुआ में न्य रात को नेहा को ज़ोर सी नहीं किआ. आराम सी क्र क उसकी ये हालत थी तो ज़ोर सी करनी सी तो उसकी हालत हे खराब हो जाती.
में नाश्ता बना क्र ऊपर हे रूम में लय गया. नेहा फ्रेश हो क्र निकल आई थी. में न्य पेहली हे नेहा क कपृय रूम में चोर दिए थय.
नेहा चेंज क्र क बीएड पी बैठी थी. हम न्य नाश्ता किआ और पहर मैनी नेहा को एक पैन किलर दी.
में. अब तबियत किसी है जान
नेहा. अब ठीक हूँ बस नीची दर्द हो रहा है
में. सॉरी जान मेरी वजह सी आपको दर्द हो गया
नेहा. सॉरी की कोई बात नहीं है. ये दर्द तो एक न एक दिन औरत को सहना हे परता है. और अगर दर्द अपनी पसंद का मर्द दी तो उसकी तकलीफ ज़्यादा नहीं होती.
में. ाचा तो में तुम्हारी पसंद का मर्द हूँ
नेहा. अगर तुम मेरी पसंद क मर्द न होती तो में तुम्हें अपना आप कभी न देती. अब में तुम्हारी हो चुकी हूँ अली
में. तो पापा का क्या
नेहा. तुम्हारी पापा न्य मुझी सहारा देंय क लिए मुझ सी शादी की थी. और देखो न उन क सहरी क साथ मुझे मेरा प्यार बी मिल गया.
ी लव यू सो मच अली
में. ी लव यू तू बेबी. लकिन हम शादी तो नहीं क्र सकती न यू क्नोव में नैना सी शादी करना चाहता हूँ.
नेहा. ी क्नोव मेरी जान. और में शादी का कह हे नहीं रही. में तुम्हें अपना पति मान चुकी हूँ. तुम्हारी पापा का तो बस नाम हे है. तुम बस मुझे ऐसी हे प्यार कृत्य रहना.
में. थैंक यू नेहा. में हमेशा तुम्हें प्यार करूं गए. अब तुम रेस्ट करो
नेहा. मुझे मेरी रूम तक जन्य में हेल्प क्र दो प्लीज
में. हाँ चलो. में नेहा को उस क रूम में लय गया.
में बाहर आ क्र हॉल में टीवी देखनी लगा.
मेरी फोन की रिंग बजी तो मैनी फोन पिक किआ.
में.. Hello
आशा. Hi अली किसी हो
में. में ठीक हूँ
ा. तुम न्य वीकेंड का बोलै था. बताओ क्या प्लान है.
में. कहीं बाहर चलती हैं लंच पी
ा. गुड आईडिया
में. तुम रेडी हो जाओ में तुम्हें पिक करता हूँ
में रूम में गया और त्यार हो गया. त्यार हो क्र नीची आया और नेहा को बोलै क में कस्ब दोस्तुं क साथ जा रहा हूँ शाम तक आ जाओं गए.
में घर सी निकला और आशा को कॉल की. आशा रेडी थी.
में न्य उसको पिक किआ और हम सिटी सी बाहर साइड एरिया में एक रेस्टोरेंट पैर चली गए.
ये सिटी सी बाहर एक बारे रेस्टोरेंट था. जहाँ वेअल्थी फैमिलीज़ लंच या डिनर क लिए आती थय. जस्ट लिखे ा हॉलिडे डेस्टिनेशन.
में न्य पेहली सी टेबल रिज़र्व करवाया हुआ था. हम लोग जा क्र बेथ गए. थोड़ी दिएर में मेनू आ गया. मैनी आशा को बोलै क आर्डर करो. उस न्य खाना आर्डर क्र दिए.
वेटर. सर रश की वजह सी खाना अन्य में 1 ऑवर लगी गए. प्लीज don't मंद
में. It's ok. गेट उस कोल्ड ड्रिंक्स टिल थें
वेटर. Ok सर.
वेटर कोल्ड ड्रिंक्स लय आया और हम बातें करनी लगी
नेहा मुज सी बिज़नेस की डिटेल्स पूछ रही थी. हम बातें क्र रही थय. मैनी देखा क सामन्य क टेबल पी एक औरत अपनी पति और 2 बचूं क साथ बैठी थी.
वो बार बार मुझी देख रही थी और स्माइल क्र रही थी.
ये औरत कोई और नहीं थी. तान्या थी. जो मुझे हिल स्टेशन पैर मिली थी. आशा की बैक उस टेबल की तरफ थी इस लिए उसको नज़र नहीं आया. थोड़ी दिएर बढ़ तान्या उठ क्र हमारी टेबल पी आ गयी और बोली
टी. Hi अली किसी हो. ी ऍम सुरप्रीसेड तो सी यू हेरे
में. ये तो किस्मत क खेल हैं. किस्मत हमें पहर सी सामन्य लय आई
तान्या. यू अरे राइट.
(आशा कंफ्यूज हो क्र मुझे और तान्या को देख रही थी)
तान्या. तुम न्य इनका इंट्रोडक्शन नहीं करवाया. आशा की तरफ देखती हुए
में. ये आशा हैं मेरी मम्मी की फ्रेंड हैं. मम्मी न्य इन क लिए कच सामान भेजा था. वो देंय आया तो ये मुज्य साथ लंच क लिए लय आएं
आशा हैरान हो क्र मुझे देख रही थी लकिन कच नहीं बोली
तान्या. ो ाचा. मैनी सोचा तुम्हारी फ्रेंड हैं या पहर गर्लफ्रेंड (नॉटी स्माइल देती हुए)
तान्या पहर आशा को देख क बोली. प्लीज एक्सक्यूज़ उस फॉर ा मोमेंट
ाःसा. सूरे
तान्या. आओ अली तुम्हें अपनी फॅमिली सी मिलवाती हूँ.
में तान्या क साथ उठ क्र उन क टेबल क पास चला गया.
तान्या. अली ये हैं मर खान मेरी हस्बैंड. ये मेरा बारे बीटा और ये छोटा बीटा
में. Hi सर हाउ अरे यू
तान्या. खान सब ये अली है. बाकि इंट्रोडक्शन अली खुद करवाए गए आपको. (तान्या मेरी बारी में कच जानती हे नहीं थी.. इस लिए उस न्य भट चालाकी सी बात को मेरी पैर दाल दिए.
खान. अली बीटा क्या कृत्य हैं आप
में. अभी तो स्टडी क्र रहा हूँ अंकल लकिन आजकल हॉलीडेज हैं तो बिज़नेस बी देख रहा हूँ
खान. ो नीस. क्या बिज़नेस है आपका
में. मालिक ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज
खान. मालिक ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज में जॉब कृत्य हो क्या?
में. नै अंकल एक्चुअली में आजकल c.e.o हूँ. पापा आउट ऑफ़ कंट्री हैं इस लिए
खान. कुर्सी सी खरा हो गया और बोलै. ोय तू तो मेरी यार का बीटा है. ोय गली लग क मिल मेरी सी.
खान न्य मुज्य झफी दाल ली. खान पंजाब में रहता था इस लिए उसका एक्सेंट पंजाबी था . वि बोलै ो ककय कस क झफी पा यार.
में. आप पापा को जानती हो
खान. ो जानती. यार है वो मेरा. अभी ुक में उस न्य मेरी पास हे रहना था. लकिन मुज्य यहाँ आना प्र. 3 दिन में वापस जा रहा हूँ. उस सी बी मीलों गए. और तुज सी बी मिल लिए ये तो भट ाचा हो गया
खान. ये बता तू तान्या को कहाँ मिला.
में. वो अंकल एक ट्रिप पी इंट्रोडक्शन हुआ था इन सी.
खान. चल ाचा है यार. चल अब लंच हमारी साथ हे क्र अपनी फ्रेंड न वि लय आ इसी टेबल तय
में. नै अंकल आप का फॅमिली लंच है आप डिस्टर्ब हों.
खान. ो डिस्टरड कड़ा पुत्र लय आ उसको बी
में आशा क पास गया और बोलै.
में. आशु पापा क फ्रेंड हैं वो बोल रही हैं लंच हमारी साथ हे करो.
आशा. अगर तुम्हें ठीक लगता है तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है.
मुझे ाषा की ये आदत भट पसंद थी. वो मेरी हर बात मान लेती थी.
हम बी मर खान क टेबल पी बेथ गए. सब न्य लंच किआ. निकलती हुए खान बोलै.
खान. तू अपना नंबर मुझे दी दी कबि ज़रूरत परर सकती है. में न्य नंबर दी दिए. पहर हम न्य उनको bye बोलै और हम निकल गए.
गारी में आशा बोली
ा. अली ये लोग किसी दोस्त हं तुम लोगन क
में. खान अंकल पापा क ाच्य दोस्त हैं
ा. और वो औरत. वो इतनी फ्रैंक क्यों हो रही थी तुम्हारी साथ. देखा किसी मुझे तुम्हारी गफ बोल रही थी
में. यार वो मज़ाक क्र रही थीं. वैसी कच गलत तो कहाँ नहीं ुनहु न्य गफ तो तुम हो हे
ा. शट उप बद्तमीज़ (हस्ते हुए)
में. बदतमीज़ी तो अभी मैनी की हे कहाँ है. एक बार मौका तो दो बदतमीज़ी करनी का
ा. मौका दी दिए अगर तो
में. तो पहर तुम मेरी दीवानी हो जाओ गई
ा. शर्मा गयी
थोड़ी दिएर हमारी को बात नहीं हुई और आशा क घर आ गया.
में न्य आशा को ड्राप किआ. आशा बोली अंदर नहीं आओ गए
में. नहीं पहर कभी आऊं गए. अभी कच काम है
ा. Ok नेक्स्ट टाइम पक्का आना है तुम न्य मेरी साथ
में. Ok. में अंदर जाना चाहता था. लकिन मैनी खुद को कण्ट्रोल किआ. मुझे पता था क अगर में अंदर गया तो हम्र्य दरम्यान रोमांस हो गए.
और में कण्ट्रोल नहीं क्र पाऊँ गए क्यों क मुझे रात को छूट मिल चुकी थी. और अब मेरी लिए कण्ट्रोल करना मुश्किल हो जाता. क्यों क छूट का नशा सब सी अडिक्टिवे होता है.
में नहीं चाहता था क में आशा की मर्ज़ी क बगैर कच करूं इस लिए में घर चला गया