अपडेट 43
“अरे उठो न ये क्या घोडा बेचकर सो रहे हो “
नेहा मुझे जोरो से उठा रही थी ,
जब नींद टूटी तो शराब के नशे का आभास होने लगा, रत का अभी भी अच्छे से नहीं उतरा था ..
“सोने दे न “
“दोपहर हो गयी है और साहब को सोना है , यंहा काम से आये हो या दारू पिने , अभी तक पुरे शरीर से दारू की बदबू आ रही है , चलो उठो.. यंहा कांड हो गया है और तुम्हे कोई फिक्र hi नहीं है “
कांड????
“क्या हुआ ?”
“फ्रेश हो कर आ जाओ भाभी जल्दी बुला रही है ,अब की नहीं उठे न तो पूरा बाल्टी तुम्हारे ऊपर दाल दूंगी “
नेहा ने थोड़ा जोर दे कर कहा, ऐसा लग रहा था जैसे कोई अपने पति को उठा रही हो , ये ख्याल आते hi मेरे होठो में एक मुस्कान आ गयी ..
“ोकक जणू “
मने थोड़ी शरारत से कहा था जिससे उसके होठो में भी मुस्कान आ गयी
“बड़े आये जणू वाले जल्दी आओ”
वो वंहा से निकल गयी थी , मैं भी तैयार होकर तुरंत भाभी के कमरे में पंहुचा , टीवी ों था और लगभग सभी वही बैठे थे..
“तू पागल हो गए हो क्या कहा थे रत भर …(फिर अपना नाक बंद करती है ) देसी शराब पि कर घूम रहे हो यानि गांव गए थे “भाभी ने मुझे घुरा तो मैं झूठ नहीं बोल पाया
“है भाभी वो दोस्तों के साथ ..”
“तुम पागल हो गए हो क्या .. ये देखो ये क्या हो गया है गांव में “
मैंने टीवी की और देखा न्यूज़ चल रही थी ..
“शिवा के नाम से क़त्ल करने वाली सकती गैंग की सदस्य आज पकड़ी गयी , पुलिस ने उसे उसके घर से तब गिरफ्तार किया जब उसने 3 नए खून किये वो भी अपने hi आशिक़ो के , गांव वालो के अनुसार इस कातिल का नाम चंचल है और ये अपने पति का घर छोड़कर गांव में रहा करती थी , वही इसने एक शादी शुदा मर्द से सम्बन्ध बनाया और फिर उसके घर में रहने लगी लेकिन चंचल के सम्बन्ध तिवारी गैंग के 3 गुंडों से भी था , जिसके कारण उस व्यक्ति को उसी के घर से निकाल कर वो उन गुंडों के साथ रहने लगी थी , लेकिन कल रत उसी शैली में 3no का कतल कर दिया जिसे कतल शहर में हो रहे है …इससे पुलिस ने ये मान लिया है की शहर में तिवारी गैंग से जुड़े हुए लोगो को मरने वाली भी यही ायरत है …”
नई सुनकर मैंने भाभी, महिमा, नेहा और डॉ की और देखा जो की वही बैठे थे ..
“तो तुम्हे क्या लगता है शिवा की ये शिवा के नाम पर खून किसने किया होगा , क्या तुम्हे लगता है की ये इसी ायरत ने किया है जो तुम्हारे भाई की रखैल थी ..??”
डॉ ने मुझे अंकित या सोनू न कहकर शिवा कहा था जिससे मैं थोड़ा झेप गया ..
“मुझे क्या पता डॉ साहब , ऐसे भी काजल और पूर्वी दोनों ने hi एक चीज कही थी वो था की कातिल कोई ायरत है “
डॉ न जाने क्यों मेरी बात सुनकर हँसाने लगा ..
“ायरत है है ायरत hi तो है , और शायद अब मुझे समझ आने लगा है की वो ायरत कौन है “
उसने हम सभी को घुरा और भाभी ,मेरे और महिमा के चेहरे का भाव एक साथ बदलने लगा ……..
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शाम होते hi मेरे दोस्त गांव पहुंच चुके थे , हमें आश्रम से निकलने की सख्त मनाही थी क्योकि बहार की हालत सही नहीं चल रही थी , गांव में एक क़त्ल हो गया था शहर से पुलिस और क्रीम ब्रांच के अलावा स्पेशल इन्वेस्टिगेटर्स की टीम भी आयी थी जिसमे पूर्वी और विजय भी थे , तिवारी के गैंग के साथ साथ जीवा गैंग वाले भी कुत्तो की तरह हमें ढुंढाहने में लगे थे और इस कांड के बाद तो सभी का ध्यान गांव पर चला गया था …
लेकिन मेरे दोस्तों को कौन समझाए ऐसे भी गांव के कई लोग आश्रम आते रहते थे तो ये लोग भी आ hi गए ..
साथ में एक देसी दारू की बोतल भी थी , हम जंगल के अंदर एक झरने के किनारे बैठे थे ..
“सालो इतने खतरे में क्यों आ गए क्या पता तुम्हारा भी पीछा हो रहा होगा “
“अबे टेंशन नहीं लेने का हम लोगो ने पूरा सेफ्टी रखा है, लेकिन साला ये भी कमाल हो गया कैसे , उस चुतियो को मार कर किसीने उस रंडी को फंसा दिया , मुझे तो लगा था की ये तेरा काम होगा सेल दारू के नशे में उन लोगो को पेल दिया होगा लेकिन फिर पता चला की कोई लौंडिया ये क़त्ल कर रही है … बाप रे भाई साली क्या खतरनाक चीज होगी यार वो “
“है खतरनाक तो होगी तभी ये सब कर रही है “
मैंने अपना पग हिलाते हुए कहा
तभी मुझे मैरी मार्लो (सेकेट्री और डॉ चुटिया ), और नेहा आते हुए दिखे , मैरी हमेशा की तरफ बस एक साड़ी में थी जो उसके जिस्म से पूरी तरह से चिपका हुआ था , सफ़ेद रंग की साड़ी में उसका यौवन जैसे झलक कर बहार की और आने को बेताब था , ऐसे भी उसके जिस्म का सबसे आकर्षक अंग उसके साइन में उठे हुए वो पर्वत hi थे जिसपर कोई भी इंसान चढ़ने की छह करने लगता ..
वही नेहा एक सादे सलवार कमीज में थी , माथे में छोटी सी बिंदी उसके चेहरे को और hi खूबसूरत बना रही थी , बल खुले हुए लहरा रहे थे और दोनों के पायलो की खान खान से पूरा माहौल गूंज रहा था ..
दोनों एक दूजे से एक डैम अलग लग रहे थे एक तरफ मैरी काम की देवी लग रही थी तो नेहा प्रेम की देवी ..
“मादरचोद ये कौन है..”
करिया के मुँह से ये निकलना स्वाभाविक भी था ..
“ओह है तुम अपनी भाभी से मिलना छह रहे थे न ये आ गयी “
हरिया का तो जैसे मुँह hi खुला का खुला रह गया
“ये मेरे दोस्त है , और ये मैरी जी है और ये नेहा है मेरी दोस्त “
मैंने दोस्त पर थोड़ा जोर दिया था , जंहा सोहन नेहा को देखकर अपने हाथ जोड़ दिया वही हरिया अपना सर गड़ाए खड़ा था ..
“अबे नजर उठा के देख भी ले अपनी भाभी को “
इस बार मैंने सीधे hi भाभी कहा
“नहीं भाई हमारी नजर भाभी के चरणों पर hi रहेगी भाई मैं भाभी को नहीं देख सकता “
मर्री और नेहा ने मुझे अजीब निगाहो से देखा
“अरे वो क्या है न की गांव में भाभी का इतना सम्मान किया जाता है की उनका चेहरा नहीं देखा जाता “ सोहन ने मुश्किल से अपनी हंसी छुपाते हुए कहा था
“ओह्ह सो क्यूट ,तुम बहुत hi सरीफ हो हरिया “
मर्री ने उसके बालो को सहलाया , और हरिया जैसे कैंप hi गया
“नहीं भाभी आप ऐसा मत कीजिये मैं आपसे दूर राहु तभी ठीक है “
अब तब मुझे भी समझ आ चूका था की हरिया ने मर्री को अपनी भाभी समझ लिया है और इसीलिए उसको नहीं देख रहा है क्योकि मर्री ने पारदर्शी कपडे पहन रखे थे ..
लेकिन हमने थोड़ा और मजा लेनी की सोची
“तो क्या हुआ हरिया देख तेरी भाभी इनाम में तुझे कुछ दिखाना चाहती है”
“अरे भाई इतना तो सब दिखा रही है और क्या दिखाएगी , मुझसे ये पाप नहीं होगा भाई “
“अरे देख ले कुछ नहीं होता शहर में सब चलता है “
हरिया ने इस बार मुझे घुरा
“अबे मुझे पता था की शहर जाकर तू बदल गया है लेकिन इतना बदल जायेगा ये नहीं सोचा था यार , अरे वो हमारी भाभी है उनके जिस्म के ऐसे अंगो को तू खुद hi देखने के लिए कह रहा है .. तू पगला गया रे सोनू , चलो सोहन चले यार यंहा से ये साला तो पाप करवाएगा रे “
हम सभी जोरो से हंस पड़े थे
“अरे देवर जी एक बार सर उठा कर देख तो लीजिये की आपकी भाभी है कौन “
इस बार नेहा ने कहा था , नेहा की आवाज सुनते hi जैसे हरिया को होश आया उसने सर उठा कर देखा और बस थोड़ी देर तक नेहा के चेहरे को देखता hi रहा
“वाह आप तो सक्छात देवी है ,,इतनी सूंदर “
उसने सीधा नेहा के चरणों में अपने सर को रख दिया था
“अरे ये क्या कर रहे हो “ नेहा जैसे हड़बड़ा गयी , वही मेरे होठो में मुस्कान आ गयी ..
ये साला इतना मासूम और देसी तो सिर्फ अपना हरिया hi हो सकता है ऐसे मासूम से मुझे अपने अक्की की भी यद् आ गयी पता नहीं वो क्या कर रहा होगा , अब मैं और नेहा तो ट्यूशन नहीं जाने वाले थे और उसे सस के साथ जाना था या फिर अकेले :ो
यंहा हरिया को देखकर मर्री खुश हो गयी
“तुम बहुत hi क्यूट हो , आओ मैं तुझे कुछ दिखती हु”
उसने हरिया के गलो को सहलाते हुए कहा , इस बात तो जैसे हरिया बिलकुल खुद hi गया , क्योकि अब तक सोहन ने तो गांव की दो तीन ओउरतो की ले ली थी लेकिन हरिया का धागा अभी तक नहीं टुटा था ..
मर्री ने उसे झाड़ियों के तरफ इशारा किया , हैरया ने बड़ी hi उम्मीद से मुझे देखा और मैंने बस उसे आंख मार दिया..