अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 45 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

भाई जब एक मूर्तिकार किसी पत्थर पर अपने हतियार लेकर बैठता हे, और जब एक चित्रकार हाथ में बुरुश और रंग लेकर कैनवास पर आधी टेडी लकीरे खींचता हे तो सामने वालो या देखने वालो को कुछ नहीं पता होता की वो लोग करना क्या चाहते हे और जब वो अपने काम का 75 प्रतिसत पूरा कर लेता हे तब सबको पता चलता हे वो कर क्या रहा हे या किसकी मूर्ति या तस्वीर बना रहा हे लेकिन अगर तब वो देखने वालो से पूछे की बताओ अब क्या बनाऊ तो सबकी अपनी2 सलाह होगी और फिर न तो मूर्ति बनेगी और न hi चित्र बनेगा. इसलिए डॉ. साहब जिस कहानी को आपने सुरु किया हे उसे आप hi सही तरीके से उसकी मंजिल तक पंहुचा सकते हे. फिर भी में तो चाहूंगा की सोनू को भाभी का प्यार मिल जाये और उसकी की सदी नेहा से हो जाये और वो लोग हसी खुसी रहे. बाकि आप देख लो.

वेटिंग 4 नेक्स्ट अपडेट
 
अपडेट 43


“अरे उठो न ये क्या घोडा बेचकर सो रहे हो “

नेहा मुझे जोरो से उठा रही थी ,

जब नींद टूटी तो शराब के नशे का आभास होने लगा, रत का अभी भी अच्छे से नहीं उतरा था ..

“सोने दे न “

“दोपहर हो गयी है और साहब को सोना है , यंहा काम से आये हो या दारू पिने , अभी तक पुरे शरीर से दारू की बदबू आ रही है , चलो उठो.. यंहा कांड हो गया है और तुम्हे कोई फिक्र hi नहीं है “

कांड????

“क्या हुआ ?”

“फ्रेश हो कर आ जाओ भाभी जल्दी बुला रही है ,अब की नहीं उठे न तो पूरा बाल्टी तुम्हारे ऊपर दाल दूंगी “

नेहा ने थोड़ा जोर दे कर कहा, ऐसा लग रहा था जैसे कोई अपने पति को उठा रही हो , ये ख्याल आते hi मेरे होठो में एक मुस्कान आ गयी ..

“ोकक जणू “

मने थोड़ी शरारत से कहा था जिससे उसके होठो में भी मुस्कान आ गयी

“बड़े आये जणू वाले जल्दी आओ”

वो वंहा से निकल गयी थी , मैं भी तैयार होकर तुरंत भाभी के कमरे में पंहुचा , टीवी ों था और लगभग सभी वही बैठे थे..

“तू पागल हो गए हो क्या कहा थे रत भर …(फिर अपना नाक बंद करती है ) देसी शराब पि कर घूम रहे हो यानि गांव गए थे “भाभी ने मुझे घुरा तो मैं झूठ नहीं बोल पाया

“है भाभी वो दोस्तों के साथ ..”

“तुम पागल हो गए हो क्या .. ये देखो ये क्या हो गया है गांव में “

मैंने टीवी की और देखा न्यूज़ चल रही थी ..

“शिवा के नाम से क़त्ल करने वाली सकती गैंग की सदस्य आज पकड़ी गयी , पुलिस ने उसे उसके घर से तब गिरफ्तार किया जब उसने 3 नए खून किये वो भी अपने hi आशिक़ो के , गांव वालो के अनुसार इस कातिल का नाम चंचल है और ये अपने पति का घर छोड़कर गांव में रहा करती थी , वही इसने एक शादी शुदा मर्द से सम्बन्ध बनाया और फिर उसके घर में रहने लगी लेकिन चंचल के सम्बन्ध तिवारी गैंग के 3 गुंडों से भी था , जिसके कारण उस व्यक्ति को उसी के घर से निकाल कर वो उन गुंडों के साथ रहने लगी थी , लेकिन कल रत उसी शैली में 3no का कतल कर दिया जिसे कतल शहर में हो रहे है …इससे पुलिस ने ये मान लिया है की शहर में तिवारी गैंग से जुड़े हुए लोगो को मरने वाली भी यही ायरत है …”

नई सुनकर मैंने भाभी, महिमा, नेहा और डॉ की और देखा जो की वही बैठे थे ..

“तो तुम्हे क्या लगता है शिवा की ये शिवा के नाम पर खून किसने किया होगा , क्या तुम्हे लगता है की ये इसी ायरत ने किया है जो तुम्हारे भाई की रखैल थी ..??”

डॉ ने मुझे अंकित या सोनू न कहकर शिवा कहा था जिससे मैं थोड़ा झेप गया ..

“मुझे क्या पता डॉ साहब , ऐसे भी काजल और पूर्वी दोनों ने hi एक चीज कही थी वो था की कातिल कोई ायरत है “

डॉ न जाने क्यों मेरी बात सुनकर हँसाने लगा ..

“ायरत है है ायरत hi तो है , और शायद अब मुझे समझ आने लगा है की वो ायरत कौन है “

उसने हम सभी को घुरा और भाभी ,मेरे और महिमा के चेहरे का भाव एक साथ बदलने लगा ……..

*********

शाम होते hi मेरे दोस्त गांव पहुंच चुके थे , हमें आश्रम से निकलने की सख्त मनाही थी क्योकि बहार की हालत सही नहीं चल रही थी , गांव में एक क़त्ल हो गया था शहर से पुलिस और क्रीम ब्रांच के अलावा स्पेशल इन्वेस्टिगेटर्स की टीम भी आयी थी जिसमे पूर्वी और विजय भी थे , तिवारी के गैंग के साथ साथ जीवा गैंग वाले भी कुत्तो की तरह हमें ढुंढाहने में लगे थे और इस कांड के बाद तो सभी का ध्यान गांव पर चला गया था …

लेकिन मेरे दोस्तों को कौन समझाए ऐसे भी गांव के कई लोग आश्रम आते रहते थे तो ये लोग भी आ hi गए ..

साथ में एक देसी दारू की बोतल भी थी , हम जंगल के अंदर एक झरने के किनारे बैठे थे ..

“सालो इतने खतरे में क्यों आ गए क्या पता तुम्हारा भी पीछा हो रहा होगा “

“अबे टेंशन नहीं लेने का हम लोगो ने पूरा सेफ्टी रखा है, लेकिन साला ये भी कमाल हो गया कैसे , उस चुतियो को मार कर किसीने उस रंडी को फंसा दिया , मुझे तो लगा था की ये तेरा काम होगा सेल दारू के नशे में उन लोगो को पेल दिया होगा लेकिन फिर पता चला की कोई लौंडिया ये क़त्ल कर रही है … बाप रे भाई साली क्या खतरनाक चीज होगी यार वो “

“है खतरनाक तो होगी तभी ये सब कर रही है “

मैंने अपना पग हिलाते हुए कहा

तभी मुझे मैरी मार्लो (सेकेट्री और डॉ चुटिया ), और नेहा आते हुए दिखे , मैरी हमेशा की तरफ बस एक साड़ी में थी जो उसके जिस्म से पूरी तरह से चिपका हुआ था , सफ़ेद रंग की साड़ी में उसका यौवन जैसे झलक कर बहार की और आने को बेताब था , ऐसे भी उसके जिस्म का सबसे आकर्षक अंग उसके साइन में उठे हुए वो पर्वत hi थे जिसपर कोई भी इंसान चढ़ने की छह करने लगता ..

वही नेहा एक सादे सलवार कमीज में थी , माथे में छोटी सी बिंदी उसके चेहरे को और hi खूबसूरत बना रही थी , बल खुले हुए लहरा रहे थे और दोनों के पायलो की खान खान से पूरा माहौल गूंज रहा था ..

दोनों एक दूजे से एक डैम अलग लग रहे थे एक तरफ मैरी काम की देवी लग रही थी तो नेहा प्रेम की देवी ..

“मादरचोद ये कौन है..”

करिया के मुँह से ये निकलना स्वाभाविक भी था ..

“ओह है तुम अपनी भाभी से मिलना छह रहे थे न ये आ गयी “

हरिया का तो जैसे मुँह hi खुला का खुला रह गया

“ये मेरे दोस्त है , और ये मैरी जी है और ये नेहा है मेरी दोस्त “

मैंने दोस्त पर थोड़ा जोर दिया था , जंहा सोहन नेहा को देखकर अपने हाथ जोड़ दिया वही हरिया अपना सर गड़ाए खड़ा था ..

“अबे नजर उठा के देख भी ले अपनी भाभी को “

इस बार मैंने सीधे hi भाभी कहा

“नहीं भाई हमारी नजर भाभी के चरणों पर hi रहेगी भाई मैं भाभी को नहीं देख सकता “

मर्री और नेहा ने मुझे अजीब निगाहो से देखा

“अरे वो क्या है न की गांव में भाभी का इतना सम्मान किया जाता है की उनका चेहरा नहीं देखा जाता “ सोहन ने मुश्किल से अपनी हंसी छुपाते हुए कहा था

“ओह्ह सो क्यूट ,तुम बहुत hi सरीफ हो हरिया “

मर्री ने उसके बालो को सहलाया , और हरिया जैसे कैंप hi गया

“नहीं भाभी आप ऐसा मत कीजिये मैं आपसे दूर राहु तभी ठीक है “

अब तब मुझे भी समझ आ चूका था की हरिया ने मर्री को अपनी भाभी समझ लिया है और इसीलिए उसको नहीं देख रहा है क्योकि मर्री ने पारदर्शी कपडे पहन रखे थे ..

लेकिन हमने थोड़ा और मजा लेनी की सोची

“तो क्या हुआ हरिया देख तेरी भाभी इनाम में तुझे कुछ दिखाना चाहती है”

“अरे भाई इतना तो सब दिखा रही है और क्या दिखाएगी , मुझसे ये पाप नहीं होगा भाई “

“अरे देख ले कुछ नहीं होता शहर में सब चलता है “

हरिया ने इस बार मुझे घुरा

“अबे मुझे पता था की शहर जाकर तू बदल गया है लेकिन इतना बदल जायेगा ये नहीं सोचा था यार , अरे वो हमारी भाभी है उनके जिस्म के ऐसे अंगो को तू खुद hi देखने के लिए कह रहा है .. तू पगला गया रे सोनू , चलो सोहन चले यार यंहा से ये साला तो पाप करवाएगा रे “

हम सभी जोरो से हंस पड़े थे

“अरे देवर जी एक बार सर उठा कर देख तो लीजिये की आपकी भाभी है कौन “

इस बार नेहा ने कहा था , नेहा की आवाज सुनते hi जैसे हरिया को होश आया उसने सर उठा कर देखा और बस थोड़ी देर तक नेहा के चेहरे को देखता hi रहा

“वाह आप तो सक्छात देवी है ,,इतनी सूंदर “

उसने सीधा नेहा के चरणों में अपने सर को रख दिया था

“अरे ये क्या कर रहे हो “ नेहा जैसे हड़बड़ा गयी , वही मेरे होठो में मुस्कान आ गयी ..

ये साला इतना मासूम और देसी तो सिर्फ अपना हरिया hi हो सकता है ऐसे मासूम से मुझे अपने अक्की की भी यद् आ गयी पता नहीं वो क्या कर रहा होगा , अब मैं और नेहा तो ट्यूशन नहीं जाने वाले थे और उसे सस के साथ जाना था या फिर अकेले :ो

यंहा हरिया को देखकर मर्री खुश हो गयी

“तुम बहुत hi क्यूट हो , आओ मैं तुझे कुछ दिखती हु”

उसने हरिया के गलो को सहलाते हुए कहा , इस बात तो जैसे हरिया बिलकुल खुद hi गया , क्योकि अब तक सोहन ने तो गांव की दो तीन ओउरतो की ले ली थी लेकिन हरिया का धागा अभी तक नहीं टुटा था ..



मर्री ने उसे झाड़ियों के तरफ इशारा किया , हैरया ने बड़ी hi उम्मीद से मुझे देखा और मैंने बस उसे आंख मार दिया..
 
अब चुन्नी क्या समझा....

जोह ऐसे हंस रहा हैं... इस से पहले कहीं आगरा में तो नहीं था ये....

Btw वह अलग बात थी की कुछ कारनामे काजल ने भी किया अतीत में....

लेकिन इस स्टोरी में तोह असली कारनामे चाल मस्तानी कोमल hi कर रही hain..jaise उस तिवारी के तीन गुंडों को मार के उस चंचल को hi फंशा दिया.. तीर एक, शिकार दो.... बाकि लोग तोह बस ऐंवे hi..

खैर

Let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट

ब्रिलियंट अपडेट.... ग्रेट गोइंग :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:
 
गजब हे डॉ. साहब आपने तो वो कहावत सही कर दी की जहा जहा पड़े पेअर संतान के वह होव बनता धार. अंकित गाओ क्या गया आपने तो वह 3 कतल करवा दिए और फसाया किसे उस चंचल को. इस पुरे काण्ड से शक की जो सुई भाभी पर 40 प्रतिशत थी अब वो 50 पर आ गया हे क्यों की उन 3no ने भाभी के पति को मर 2 के पागल कर दिया और चचल ने साडी जायदाद हड़प ली. खाई सोनू का दोएत हरिया तो बहुत hi सरीफ निकला या ये भी आगे अपना रंग दिखायेगा. फिलहाल तो मैरी उसे कुछ दिखने ले जा रही हे.

वेटिंग 4 नेक्स्ट अपडेट
 
ात नाईट, मोरे अल्कोहल हद गॉन उप, स्टिल ड्रंक. :lol1: चंचल है बीन सौगत, बूत आईटी इस नॉट येत नोन व्हेदर शी है कमिटेड थे मर्डर. मैरी इस डॉ Sahab's पर्सनल सेक्रेटरी. :डी थिस इस रॉंग, डॉ. साहब, यू हैवे अरेंज्ड हरिया एंड व्हाट शुड ी दो, थिंक ऑफ़ में आल्सो. :लव:

अस ऑलवेज थे अपडेट वास् ग्रेट, यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी.

थैंक यू...

???
 
रत को सोनू तो धुत्त tha.................sohan और हरिया को भाभी भी जानती हैं

इन्हीं तीनों का कारनामा लगता है मुझे तप

बल्कि हरिया और भाभी पर ज्यादा शक है

क्योंकि ये दोनों सोनू के सामने तो बुद्धू से दीखते हैं..........................

लेकिन जरुरत से ज्यादा बुद्धू दिखनेवाले अक्सर दिखावा hi करते हैं.............

देखते हैं इस आरती को bhi..........abhi क्या कारनामे करेगी
 
वाह बहुत खूब डॉ साहब एक और पहेली भरा update....not बाद,,,,, :क्लाप्स:

तो इस बार खून करने वाले की पहचान चंचल के रूप में कराई आपने. बल्कि ये कहना सही होगा की ऐसा इशारा किया आपने जो की बहुत हद तक संभव है की झूठा hi होगा या फिर ये सच भी हो सकता है क्यों की आप कुछ भी कर सकते हैं,,,,, :डेड:

कहानी में कई लोग शक के घेरे में आ चुके हैं मगर असल में खिलाडी कौन है ये तय करना ज़रा मुश्किल लग रहा है. भाभी की माँ, नेहा की माँ और खुद भाभी ये तीनो मैं सस्पेक्ट हैं या शायद चौथा पांचवा भी कोई हो सकता है मगर इन तीनो के लिए खून करने का रीज़न एक hi हो ये पॉसिबल कैसे हो सकता hai..ya फिर कोई ऐसा पेंच है जिसका सम्बन्ध तीनो के साथ hi पॉसिबल बनाया गया हो डॉ साहब की कृपा से. :हम्म:

खैर डॉ साहब की महिमा वही जाने मगर उस हरिया का उद्धार ज़रूर करवा देना. बेचारे का आधा जीवन ऐसे hi गुज़र गया है. या फिर ये दोनों नमूने उतने शरीफ या बुद्धू हैं नहीं जितने का दिखावा कर रहे हैं,,,,,, :डी
 
:सुपर्ब: :गुड: अमेजिंग अपडेट है डॉ साहब,

अब ये क्या नया बवाल है, चंचल के तीनो बॉयफ्रेंड को मारकर चंचल को फंसा दिया,

और इधर हमारे साधू हरिया महाराज मर्री को अपनी भाभी समझ कर उससे नज़ारे फेर रहे थे,

लगता है आज हरिया का धागा खुल hi जाएगा,

अब देखते हैं की आगे क्या होता है,

वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट
 
"वह भाई बारे रोमांस चल रहा है नेहा और सोनू के बेच mein(i ऍम फीलिंग जलूस) और यह अब बस कोण कांड कर गया और यह साला हरिया मर्री को hi अपनी भाबी समझने laga(wese है तो वो भी हॉट आइटम) और यह क्या मर्री को हरिया पसंद ा गया और झरियो की तरफ ले gayi(yeh ज़रूर बस प्रेग्नेंट हो कर कोई कांड करे गई साली विदेशी छोकरी अपने गाओं के मासूम से भोले भले लोंदे को ख़राब कर रही है)"

exe'lun' अपडेट
 
अपडेट 44
भाभी मेरे मोबाइल में रखा वो वीडियो ध्यान से देख रही थी जो मैंने कल रत में बनाया था ..

मैं अभी नशे में था और अपने कमरे में आकर बैठा था, भाभी भी मेरे कमरे में आ गयी थी साथ hi नेहा भी बैठी थी, किसी भाभी ने ऐसे hi मोबाइल उठाया और भैया का वो वीडियो उनके सामने था ..

“ये सब क्या है सोनू ?“

“कल रत जब उनकी ये हालत देखि तो मुझे बहुत बुरा लगा भाभी , लेकिन एक ख़ुशी भी हुई , इस आदमी ने आपको न सिर्फ गांव से बहार निकला बल्कि आज पुरे गांव वाले यही समझते है की हम दोनों एक साथ भागे थे, इसने हमें और हमारे रिश्ते को भी बदनाम कर दिया है भाभी , इसे तो सजा मिलनी hi थी “

अब ये ख़ुशी था या दुःख मादरचोद कुछ भी समझ नहीं आ रहा था , भाभी की आँखों से भी neer(pani) बाह रहे थे, नेहा ने उन्हें सम्हाला

“जैसा भी है मेरा पति है ये, मैंने प्यार किया था इससे ..”

वो फफक कर रो पड़ी थी ..

“जिसने आपके साथ ऐसा किया उसे भी भगवन ने सजा दे hi दी , और जिसने इनके साथ ऐसा किया उसे भी “

नेहा ने सांत्वना भरे शब्दों में कहा ..

“है ये तो है लेकिन एक सवाल अब मेरे दिमाग में और जोरो से गूंजने लगा है नेहा , आखिर कौन है जिसने चंचल को फसाया है?? “

नेहा उसकी बात से थोड़ी हड़बड़ाई

“आपको ऐसा क्यों लगता है भाभी “

नेहा की बात सुनकर भाभी बस हलके से मुस्कुराई और मुझे देखने लगी

“ये बात क्या तुम्हे थोड़ी अजीब नहीं लगती की एक दिन अचानक सोनू को उसके भाई इस हालत में मिलते है, और उसी रत चंचल ये क़त्ल कर देती है .. अगर मरना hi था तो उसी रत क्यों ??”

“तो आप क्या बोल रही हो की मैंने उसे मारा है “

मैंने भी भाभी की निगाहो से अपनी निगाहो को मिला लिया

“मारा नहीं लेकिन मरवाया तो जरूर है , ये कोई इत्तफाक नहीं हो सकता की जिस दिन तुम्हे दुःख होता की तुम्हारे भाई की हालत ऐसी हो गयी है उसी दिन वो ायरत फंस जाती है …”

उनकी बात सुनकर मैं थोड़ा हंस पड़ा

“क्या भाभी आप भी “

लेकिन भाभी गंभीर थी

“सोनू …. मेरी और देख … बता दे .. काम से हम दोनों से तो मत छुपा रे ..”

तभी कमरे में महिमा (नेहा की माँ) भी आ गई ..

“कोण किस्से क्या छिपा रहा है है भाई ..”

हम सभी के चेहरे गंभीर हो चुके थे जिसे देखकर वो भी थोड़ा गंभीर हो गयी

“क्या हुआ ..??”

“वही हुआ जो बहुत पहले हो जाना था , एक दूसरे पर पूरा विश्वास ..” इस बार ये बात डॉ ने कही थी वो भी कमरे में आ गए थे ..

“एक दूसरे पर पूरा विश्वाश करो और सब कुछ साफ साफ बता दो , हम सभी को पता है की ये किसने किया है लेकिन बोल कोई नहीं रहा है , जिससे भी कोमल का जो भी रिश्ता है वो बोल दे …”

हम सभी एक दूसरे के चेहरे को देखने लगे थे वही नेहा बेचारी बड़े hi आश्चर्य से हमें देख रही थी ..

“देखो मैं कोमल को सालो से जनता हु जब वो सकती हुआ करती थी तब से , उसके काम करने का तरीका बड़ा hi पेचीदा है , सोनू तुम्हे नहीं पता लेकिन तुम्हारी भाभी को जरूर उसका गेम समझ आ गया होगा , वो है भी तो उसकी hi बेटी न … “

डॉ हलके से हंस दिया , अब तो मैं भी भाभी को ध्यान से देखने लगा … आखिर क्या बात वही थी जो मैं समझ रहा था ..

“भाभी …?? क्या जो मैं सोच रहा हु वो सच है “

बदले में भाभी मुस्कुराई

“है सोनू … मैं भी कितनी पागल हु जो इतना नहीं समझ पायी लेकिन इस क़त्ल से मेरे दिमाग में हर चीज साफ हो गयी , मेरी माँ सच में सबकी माँ है हम दोनों के साथ गेम खेल गयी और हम दोनों एक साथ होते हुए भी उसे समझ नहीं पाए “

मेरी आंखे चौड़ी हो गयी

“हे भगवन , मैं hi चुटिया निकल गया “मैंने अपना सर पकड़ लिया था लेकिन मैं अकेला नहीं था

“तुम अकेले नहीं हो मुझे लग रहा है की मैं भी इस गेम में शामिल हु “ नेहा की माँ महिमा ने कहा सभी उसकी और देखने लगे और सभी एक साथ जोरो से हंस पड़े ..

“लेकिन उसने ये सब किया कैसे “ डॉ बोल पड़ा ..

“जब सबको मेरे बारे में पता चल hi गया है तो क्यों न मैं hi बता दू “

सभी की नजर दरवाजे की और गयी जंहा पर कोमल कड़ी थी , बिलकुल भाभी की कॉपी थी लेकिन उम्र के अंतर के कारण आया बदलाव साफ साफ पता चल रहा था ..

“आखिर आप आ hi गयी “ मैंने , भाभी ने , महिमा ने एक साथ hi बोलै था …

जिसे सुनकर कोमल के चेहरे में मुस्कान खिल गयी ..

*************

“तो कहा से शुरू किया जाए “कोमल ने हम सभी को एक नजर देखा

अभी रत हो चुकी थी खाना खाकर हम सभी क जगह इकठ्ठा हुए थे , सभी गोल घेरा बनाकर बैठे थे ..

“शायद जब हमने गांव छोड़ा तब से क्योकि स्टोरी तो वही से शुरू होती है न “भाभी ने अपनी बात राखी

“नहीं मेरे ख्याल से तब से जब मैं आपसे पहली बार मिला था , और आपको भाभी समझ लिया था “ ये बोलकर मैंने कोमल को देखा उसके होठो में एक मुस्कान आ गयी ..

“नहीं मेरे ख्याल से कहानी तो तब से शुरू हुई जब जीवा और तिवारी ने मिलकर नेहा के पिता की हत्या की थी ..” महिमा ने अपने आँखों में आया आंसू पोछते हुए कहा ..

सभी अभी कोमल की और hi देख रहे थे तभी डॉ बोल पड़े

“मेरे ख्याल से तो कहानी चिकारा गांव के उस छोटे से गैंग वार से शुरू होनी चाहिए जिससे जीवा गैंग बना और फिर कॉलेज का वो इलेक्शन जनाः से कोमल सकती में बदल गयी “

हम सभी के लिए ये बात बिलकुल नयी थी हम सभी ये कहानी सुन्ना चाहते थे इसलिए सभी ने एक साथ हां में सर हिलाया ..

“हुम्म्म तो मुझे शुरू से शुरू करना होगा , ठीक है तो सुनो ..”

उसने एक गहरी साँस छोड़ी …



(note-dosto यंहा से स्टोरी कोमल के पोव से चलेगी , कोशिस करूँगा की कोमल की स्टोरी जयदा समय न ले कुछ उपदटेस में कम्पलीट हो जाए )
 
Back
Top