अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 46 - SexBaba
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अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

वाह क्या बात है,,,,,, :क्लाप्स:

ये बीच में क्या गोच पॉच लगा दिया था आपने डॉ साहब. क्या इस लिए की हमें थोड़ा सा चक्कर आ जाये,,,,, :बात1:

वैसे तो ये सब बड़े बड़े सूरमा बने हुए थे मगर इन्हे पूरी स्टोरी में ये नहीं समझ आया की इन्हे ये पहले hi समझ जाना चाहिए tha(Aisa आपने लिखा),,, :शॉकेड:

खैर अभी तो असली गेम शुरू हुआ है मगर एक बात माननी पड़ेगी की कहानी में अभी अभी एंट्री ले कर आये डॉ को सब कुछ पता है. अब सवाल ये है की जब इन्हे सब कुछ पता hi है तो इन्होने सबको पहले hi क्यों नहीं बता दिया.? काम से काम हम लोगो का दिमाग तो चकरघिन्नी न बना हुआ रहता. या फिर इस सारे फसाद की जड़ यही हैं और अब तक सबको घुमा रहे थे,,,, :डेड:

तो कोमल जी हाज़िर हो चुकी हैं और अब सब कुछ सिलसिलेवार बताने वाली हैं. ये बहुत अच्छा किया डॉ साहब आपने, अब थोड़ी दिमाग की बत्ती ठीक से जलेगी ऐसा ख़याल आ रहा है,,,,, :व्हॅप्पी:
 
भाभी है ा वोँड इन हेर हार्ट एंड इस पैनेड सीइंग हेर हस्बैंड अगेन टुडे. नाउ कोमल इस बैक, नाउ एवरीथिंग विल बे अंडरस्टुड. नाउ जस्ट वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट अपडेट.

अस ऑलवेज थे अपडेट वास् ग्रेट, यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट.

थैंक यू...

???
 
इस फोरम में मेरे बाद अगर कोई दूसरा शरीफ और मासूम बाँदा है तो वो आप hi हो मेरे प्यारे भाई. डॉ साहब आपको बिगाड़ने पर टूल गए हैं ये पक्की बात hai....magar ज़रा thahro....ye क्या है भाई.????

आपने भी कह दिया...
Ok.. ी ऍम वेटिंग,,,,, :शॉकेड:

डॉ साहब छोरे को पक्का बिगाड़ दिया न आपने,,,, :बात1:
 
ये तो सोलहो आने सच बात है भाई और ये बात भी सही समझा आपने की ये हमारी शराफत और मासूमियत से जलते हैं. इस लिए अब ये हम जैसो को अपने जैसा hi बना देना चाहते हैं. शुरुआत आकाश भाई से की है और वो इसमें कामयाब भी होते नज़र आ रहे हैं मगर अब हम ऐसा नहीं होने देंगे,,,,,, :नोनो:

इंक़लाब ज़िंदाबाद,,,,, :प्रोटेस्ट:
 
अपडेट 45
फ्लैशबैक स्टार्ट ..

मैं जीवा और सम्पत एक साथ hi बड़े हुए थे , मैं एक सीधी सधी सी पढ़ने वाली लकड़ी थी वही सम्पत और जीवा को पैसे से बहुत प्यार था , और पैसो के लिए hi वो उटपटांग काम किया करते थे ,उनके लिए मेरी पढाई लिखे महज तिमेपास hi थी , ऐसे भी वो बेचारे करते भी तो क्या करते , माँ बाप का साया बचपन में hi हमारे ऊपर से छूट गया था , और इसी gurbat(garibi) ने सम्पत से हमारा रिश्ता मजबूत किया था , वो भी हमारे पास वाली जुग्गी में रहता था, वो भी अनाथ और हम भी और शायद इसीलिए उसने जीवा को hi अपना परिवार मान लिया क्योकि जीवा hi उसे भी खाना खिलता था ..

इसी सिलसिले में वो मार पिट करने लगे , जीवा और सम्पत थे तो दोस्त लेकिन भाई से बढाकर थे ..

समय बीतता गया और हम बड़े होते गए , न तो जीवा ने पढाई की और ना hi सम्पत ने लेकिन मुझे पढ़ना था , मुझे इन चुतियो के चोचलो में नहीं पड़ना था..

मैंने अपनी पढाई जारी राखी ..

वो समय ऐसा हो चला था की हमारा गांव गंजे की तस्करी का अड्डा बन गया था , आये दिन इसी बात के लिए मार पिट हुआ करती थी और गंजे के व्यापार में दो hi लोग थे

एक था जीवा और दूसरा था पठान गैंग का सलीम ..

उस समय पठान गैंग का हर जगह बहुत hi रौब था और सभी लावांडो को बस करीम भाई बनना था..

करीम भाई यानि की करीम पठान , पठान गैंग का बॉस जो की शहर में रहकर सब कुछ चलता था , सभी छोकरे लोगो का वो रोले मॉडल था …

जीवा को भी डॉन बनना था लेकिन करीम जैसा नहीं उससे भी बड़ा , उसके पास उस टाइम कोई गैंग नहीं थी लेकिन जिगर था ..

सलीम और जीवा के आये दिन लड़ाई झगड़े होते रहते थे , सलीम, जीवा को करीम के नाम से डराने की कोशिस भी करता था लेकिन जीवा किसी की सुनता तब न …

एक दिन जब हम खाना खाने बैठे थे …

“अबे तो सलीम हमारे लड़को को धमका रहा है , साला पठान गैंग का रॉब दिखा कर हमारे लड़को को डरता रहता है “

सम्पत थोड़ा गुस्से में दिख रहा था जैसा वो हमेशा hi होता था …

“टेंशन नहीं लेने का उस मादरचोद को तो एक दिन मौका देखकर उदा देना है “

जीवा ने भी स्वाभाविक रूप से कहा था

“सालो तुम लोग कैसे भाई हो, जवान बहन बैठी हुई है और तुम लोग ऐसे गालिया दे रहे हो शर्म नहीं आती क्या “

मैं ऐसे इस बात पर रोज hi चिल्लाया करती थी लेकिन फर्क किसे पड़ता था, वो दोनों बस बेशर्मो जैसे हंस पड़े थे ..

तभी अचानक ..

धाय..

एक तेज गोली आकर सीधे जीवा के गिलास में लगी ..

हम सभी झुक गए थे , समझ आ चूका था की हमला हुआ है .

जीवा ने मेरे हाथो में एक पिस्तौल थमा दी

“मैं इसका क्या करुँगी “

मैं चौक गयी थी

“रखो वक़्क़त पड़े तो चलना “

जीवा इतना बोलकर वंहा से निकल गया , गोलिया चली और जीवा और सम्पत भी घायल हुए लेकिन आखिर में जीवा ने पुरे बाजार के सामने सलीम का गाला काट दिया था …..

सलीम का गाला काट कर चौराहे पर तंग दिया गया … ये सीधे सीधे डिक्लेरेशन था की अब से वंहा बस एक hi डॉन था , जीवा भाई ..

और एक hi गैंग था जीवा गैंग ……..

लेकिन इन सबसे पठान बौखला गया था , लेकिन सहीद उसकी इस जगह से दुरी और अपने सभी वफादारों के क़त्ल के कारण उसका इस जगह से कण्ट्रोल खो गया , और जीवा की किस्मत भी उसपर महेरबान थी , सलीम के सभी लोग अब जीवा के साथ आ गए थे , गंजे के साथ साथ जमीन और पिस्तौल का काम भी चल पड़ा था , सब को पैसे जाने लगे थे इसलिए अब करीम के खास सरकारी लोग भी जीवा के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रहे थे ..

सब कुछ बढ़िया चल रहा था तभी मेरा सिलेक्शन कॉलेज के लिए हुआ , जीवा को मुझसे कोई मतलब नहीं था की मैं क्या कर रही हु , कॉलेज शहर में था तो पहला सवाल ये आया की मैं शहर कैसे जाउंगी …

अब जीवा तो मेरी मदद करने से रहा ऐसे भी उसे मेरा पढ़ना पसंद भी नहीं आता था , तब मुझे शहर ले जाने की जिम्मेदारी ली मेरे बचपन के दोस्त भुवन ने ….

“बाबा ने “… आरती भाभी अचानक से बोल उठी

“है बीटा तुम्हरे बाबा ने “ इतना बोलकर कर कोमल ने वंहा बैठे भुवन की और देखा जो की हलके हलके मुस्कुरा रहा था ..

स्टोरी फिर से शुरू ..

भुवन और मैं भी बचपन से दोस्त थे , भुवन हमेशा से एक सीधा साधा लड़का था , जंहा गांव के सभी लोग गंजे और बंदूख में व्यस्त थे वही मैं किताबो में और भुवन मुझमे (वो हलके से हंसती है )..

मुझे पता था की भुवन मुझे पसंद करता है लेकिन मैंने उसे हमेशा hi अपना दोस्त hi समझा था , वो मेरी हर चीज में मदद करता था , मेरे हर फैसले में मेरे साथ खड़ा होता , आज भी मेरे साथ hi है जबकि सभी मुझे छोड़ कर चले गए ..

(कोमल ने भुवन को बड़े hi प्यार से देखा और फिर सर झटककर फिर से बोलने लगी )

तो है हम कॉलेज पहुंचे , और पहले hi दिन कुछ लड़के मुझे घेर कर मेरी राकिंग लेने लगे …

“ये छमिया नाम क्या है रे तेरा “

एक लड़का ने बड़े hi बत्तमीजी से पूछा ..

“तमीज से बात करो “ उस लड़के की बात सुनकर भुवन को गुस्सा आ गया था , लेकिन वो लोग लगभग 10-15 की संख्या में थे वही हम बस 2 , और भी लड़के और लड़किया वंहा मौजूद थे लेकिन सभी अपनी नजरे झुकाये हुए खड़े थे ..

“मादरचोद हमें आंखे दिखता है जनता नहीं क्या हम करीम भाई के लड़के है , और यंहा तुम्हारे सीनियर “

करीम का नाम सुनकर दिमाग hi हिल गया था , ये गांव नहीं था और अगर किसी को पता चल गया की मैं जीवा की बहन हु तो पता नहीं करीम हमारे साथ क्या करेगा , मैंने भुवन का हाथ बढ़ाया और आँखों से hi समझाया की चुप रहे ..भुवन चुप हो चूका था ..

“करीम भाई का नाम सुनकर देखो साला कैसे दुबक गया “

सभी जोरो से हांसे

“भाई क्या मस्त माल है यार , अगर इसे दिखने में इतना लजीज है तो कहने में कैसा होगा “ उसी ग्रुप के एक लड़के ने दन्त दिखते हुए कहा सभी लोग हंसने लगे और सभी की नजर मुझपर hi टिक गयी थी , मैं उन लोगो की हवसी नजरो को अपने जिस्म के हर कटाव को घूरते हुए महसूस कर सकती थी ..

वो भूखे भेडियो जैसे मुझे देख कर अपने लार टपका रहे थे , जीवन में पहली बात मुझे इतना दर लग रहा था मुझे ऐसा लग रहा था जैसे जे लोग आँखों से hi मेरा बलात्कार कर देंगे ,

आज मुझे अहसास हुआ था की मर्द न सिर्फ जिस्म से बल्कि अपनी नजरो से भी एक लड़की को नंगा कर देता है ..

उनकी नजरे मुझे चुभने लगी थी ..

“भाई ये कच्ची काली लग रही है देखो तो कैसे मचल रही है , अभी तो इसे छुवा भी नहीं है और ऐसे शर्मा रही है , जब इस नंगी करके रगड़ेंगे तब तो मजा hi आ जायेगा “

सभी कुत्ते फिर से हँसाने लगे थे ..

“बस बहुत हुआ , एक लड़की से बात करने की तमीज नहीं है क्या तुम्हे “

भुवन गुस्से से लाल हो चूका था, मैंने जोरो से उसका हाथ दबाया था लेकिन मैं जानती थी की ये लोग भी अपने हद से बाद रहे थे और किसी भी सच्चे मर्द के लिए एक लड़की के बारे में इतना सुन्ना सहन सकती से बहार hi होता है ..

है सच्चा मर्द वही होता है जो ायरत की इज्जत करे और उसके इज्जत की रक्षा करे न की वो जो किसी ायरत की इज्जत को उछलता हो ..

“मादरचोद हमें सिखाएगा तू की कैसे बात करते है, अभी तेरी आइटम को पुरे कॉलेज के सामने नंगा करके पेल देंगे न तो भी तू कुछ नहीं कर पायेगा “

एक लड़का सामने बाद कर भुवन के कालर को पकड़ने लगा , तभी भुवन भी गुस्से भी फुट गया

“मादरचोद इसे नंगा करेगा तेरी माँ की “

भुवन ने एक घुसा लड़के के मुँह में मार दिया था , सभी लोग हस्तप्रद थे , जैसे समय रुक सा गया हो , सभी नए लड़के और लड़किया हमें hi ध्यान से देख रहे थे उनके साथ साथ और भी लोग रूककर हमें hi देख रहे थे ..

भुवन का घुसा लगने पर उस लड़के की हालत वही हुई जो अक्सर नामर्दो की होती है , उसने अपने दोस्तों से भुवन को मरने के लिए कहा … वो भौखला गया था ..

भुवन भी अपने पोजीशन में आ गया था लेकिन एक अकेला इंसान आखिर कितनो से लड़ पता , कुछ hi देर में उसके ऊपर काबू कर लिया गया था उसके हाथ पैरो को लोगो ने पकड़ लिया था और उसे बुरी तरह से मार रहे थे ..

मेरे सामने ये सब हो रहा था, मेरे कारन मेरा दोस्त मार खा रहा था और मैं बस चुप चाप देख रही थी … अचानक भुवन की आंखे मेरी आँखों से मिली जैसे वो कह रहा हो की जब तक मैं जिन्दा हु मैं लड़ता रहूँगा ..

और वही वो पल था जब मेरे अंदर कुछ हो गया …

मेरे हाथ वंहा गए जंहा मैंने सोचा भी नहीं था , मेरे बैग में अभी भी जीवा का दिया वो पिस्तौल था मैंने पिस्तौल निकाल लिया और सीधे उन लोगो पर तान दिया…

“छोडो इसे वर्ण “

मैं जोरो से चिल्लाई थी

सभी की नज़ारे मेरे hi ऊपर थी

“साली हमें पिस्तौल दिखती है “

उनमे से एक चिल्लाया और दो तीन लोगो ने अपने अपने जेबो से पिस्तौल निकाल ली , मेरे हाथ ट्रिगर पर जा चुके थे ,

धय धाय धाय ..

हवा में तीन गोलिया उड़ने लगी थी ,, न जाने ये गोलिया किसके किस्मत में थी ..

एक के कंधे में ये जा घुसी, तो 2 गोलिया बस लोगो के आजु बाजु से hi निकल गयी थी ..

मैंने जीवन में पहली बार बंदूख चलायी थी , मुझे नहीं पता था की मेरा निशाना क्या है …

मैं बस मूर्ति के जैसे कड़ी थी की..

“मादरचोद ने गोली चला दी ,मारो साली को “

लगभग 4-5 बंदूखों की नोक मेरी और हो चुके थे , धाय धाय धाय ..

हवाओ में गोलियों की आवाज गूंज गयी थी , मैं अभी भी मूर्ति के जैसे जमी हुई कड़ी थी की ..

किसी ने मुझे धक्का देकर निचे गिरा दिया था , और भी गोलिया चली ..

“तिवारी निकल जा यंहा से ये तेरा मामला नहीं है ..”

“ये मेरा कॉलेज है , और यंहा का हर मामला मेरा मामला है … अगर करीम भाई को पता चला की तुम लोग कॉलेज में ये सब कर रहे थे तो सोचो तुम्हारा क्या हल होगा …”

उस शख्स की बातो से वो लोग जैसे शांत हो गए

“लेकिन इस साली ने ..”

“टुनमे बत्तमीजी की थी … अब मामला यही ख़त्म करो , मैं इसमें पुलिस और करीम भाई को इन्वॉल्व नहीं करना चाहता “

“ठीक है आज तो बच गए लेकिन साली अगर कभी अकेली मिली न तो पुरे शरीर का गोश्त नोच लेंगे “

वो लोग वंहा से निकल गए थे ..

ये वही शख्स था जिसने मुझे धकेल कर मेरी जान बचाई थी , वो एक लम्बा चौड़ा , गोर रंग का शख्स था .. माथे पर एक तिलक लगा हुआ था जो उसके गोर रंग में और भी खिल रहा था ..

गले में एक दुप्पट्टा और कुरता और जीन्स पहने हुए ये कोई नेता जैसे लग रहा था ..

“तुम लोग तो बड़े hi बहादुर निकले , अकेले hi इन लोगो से भीड़ गए , गनीमत है की मैं आ गया वर्ण “

हमारी आंखे मिली और जैसे कुछ हो गया , ये अहसास जीवन में पहली बार हुआ था , जैसे पुरे शरीर में एक करंट सी दौड़ गयी थी ..मैं अब भी मूर्ति की तरह कड़ी हुई उसके उन गुलाबी होठो दो देख रही थी जिनसे इतने प्यारे शब्द निकल रहे थे ..

उसकी वो बड़ी बड़ी आंखे , मैं न जाने क्यों शर्मा सी गयी थी ..

“hello ..”

उसने मुझे थोड़ा सा हिलाया

और जैसे मैं किसी सपने से जाएगी

“जी जी .. थैंक्स आपने हमें बचा लिया “

“थैंक्स वाली क्या बात है , ऐसे मैं इस कॉलेज का होने वाला प्रेजिडेंट हु , दया संकर तिवारी , आप लोगो का पहला दिन है ??”

उसने अपना हाथ बढ़ाया और भुवन और मैंने उससे हाथ मिलाया .. उसकी आंखे भी बार बार मेरी और hi जा रही थी ..

हम थोड़ी देर तक बात किये , पता चला की कॉलेज में इलेक्शन होने वाला है और दया सनकर भी एक कैंडिडेट है ..

लेकिन तो तगड़ा कैंडिडेट है वो वंहा के मला का बीटा है , यंहा मजेदार बात ये थी की दोनों hi करीम से सपोर्ट में थे ..

करीम ने दोनों को hi कह दिया था की अपने लेवल में काम करो ..

करीम का नाम यंहा ऐसे था जैसे वो कोई भगवन हो, उसकी परमिशन के बिना यंहा कोई भी कुछ नहीं कर सकता था ..

“तो तुम्हारे लिए तो बड़ी मुश्किल होगी “ भुवन ने तिवारी से कहा

“है मुश्किल तो है , उसका बाप मला है और उसके पास पैसे भी बहुत है , लड़के भी ऐसे है जो मार काट कर सके … पावर पैसा दोनों है उसके पास .. और मेरे पास है सिर्फ मेरा हौसला .. बिना किसी सपोर्ट के इतना आगे बाद गया की तो आगे भी कर hi लूंगा , कुछ लड़के है मेरे पास और साथ में करीम भाई से परमिशन भी ले ली है चुनाव लड़ने की “

दया की हर बात मुझे और भी इम्प्रेस कर रही थी , वो सिर्फ हैंडसम hi नहीं था उसके अंदर हुमूर भी था , कुछ करने का जस्बा उसके आँखों में दिखाई देता था , उसके चेहरे में एक तेज था , वो इंटेलीजेंट था बिलकुल शार्प … कुल मिलकर मुझे वो पसंद था .. पहली hi मुलाकात में उसने मुझे इतना इम्प्रेस कर दिया था जितना अभी तक कोई नहीं कर पाया था …….

“ऐसे तुम लोग मेरी पार्टी ज्वाइन कर रहे हो न “

उसने आखिर में कहा

“है बिलकुल “ भुवन और मेरे मुँह से एक साथ निकला था ..

चीजे बड़ी hi सिंपल लग रही थी लेकिन मुझे क्या पता था की ये मुलाकात और वो लड़को से मेरा लड़ जाना आगे कितना बड़ा तांडव करने वाला था ……….

दूसरे दिन जब हम कॉलेज पहुंचे तो वह पर भीग लगी हुई थी जंहा पर हमारी लड़ाई हुई थी ..

कई लाशे रस्सियों के जरिये छत से बांध दी गयी थी , उनका खून निचे टपक रहा था , जमीं पर खून फ़ैलाने लगा था , पुलिस वाले भी अपने नाक में रुमाल रखे थे, जो भी कमजोर दिल का इंसान उसे देखता वो उलटी कर डालता ..

जब मैंने उन्हें देखा तो मेरी भी सांसे रुक सी गयी ..



वो लोग वही थे जिनके साथ कल हमारा झगड़ा हुआ था ….
 
तो पहले भुवन से दोस्ती..............

फिर तिवारी बचने आया तो उससे पहली नज़र का प्यार.............

और अब ये............

सम्पत का कारनामा............

ये जीवा ने नहीं सम्पत ने मरे hain..............kyonki जीवा अब गैंगस्टर बन गया hai....wo हर कदम soch-samajhkar uthayega.........gusse में नहीं

जब कोमल इस कॉलेज में आयी तो jiva-sampat इतने भी बेवकूफ नहीं की यहाँ नज़र न रखें

क्रिमिनल अपनी kamjoriyon-apne परिवार को हमेशा सेफ करके चलता है

वर्ण ख़त्म हो जायेगा
 
गजब का अपडेट दिया हे भाई. तो जीवा गैंग बन गयी और कोमल सहर में तिवारी से भी मिल गयी. एक तरफ तो वो भुवन का गुणगान करती हे वही दूसरी तरफ तिवारी पर आकर्षित भी होती हे. मतलब कुल ये हे की डॉ. साहब ने भाभी को तो बकस दिया पर उनकी माता जी को लपेट hi लिया जो 2 मर्दो से प्यार करेंगी या फिर किसी एक का दिल तोड़ेंगी (जस्ट किडिंग)

वेटिंग 4 नेक्स्ट अपडेट
 
:सुपर्ब: :गुड: अमेजिंग अपडेट डॉ साहब,

बेहद hi शानदार और लाजवाब अपडेट है भाई,

ये कोमल की कॉलेज में एंट्री तो बहोत धमाकेदार हुई है,

और वो तो पहली नज़र में hi तिवारी पर फ़िदा हो गयी है,

अब इन लोगों को किसने मार कर टांग दिया है,

अब देखते हैं की आगे क्या होता है,

वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट
 
थे पास्ट इस वैरी इंटरेस्टिंग. इन थिस अपडेट, यू हैवे डेस्क्रिबेद हाउ नार्मल पीपल ग्रेजुअली जो बाद बी दोंग रॉंग थिंग्स. संपथ एंड जीवा अरे ग्रीद्य फॉर वेल्थ, ी एग्री तहत मनी इस नेसेसरी बूत ग्रीड इस ा बाद थिंग.

कोमल वास् िनीतिकल्ली ा स्ट्राइटफॉरवर्ड गर्ल एंड वांटेड तो स्टडी, शी वास् नॉट लिखे हेर ब्रोठेर्स, ी ऍम ग्लैड. यू अरे कम्प्लीटली राइट तहत ा वुमन शुड बे रेस्पेक्टेड. आईटी डस नॉट मटर व्हेदर शी इस हेर ओन और नॉन. कोमल दीद एवरीथिंग अंडर कपुलसीओं. हाउ कोमल लिकेड तिवारी इस प्रॉबब्ली ान अट्रैक्शन. आईटी है जस्ट बेगुन, मान्य सीक्रेट्स अरे येत तो ओपन.

अस ऑलवेज थे अपडेट वास् ग्रेट, यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी.


थैंक यू...

???
 
फ्लैशबैक बताते हुए बिच बिच में अंकल आंटी नैन मटक्का भी कर रहे हैं वह भी रोमांटिक प्रीफिक्स में :डी

सो कोमल ने पहली नज़र में दिल दे दिल दे बैठी तिवारी को... लव ात फर्स्ट सिघ्त :डी

हम्म सायद जीवा ने उन लड़को को मारा होगा ?

Let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट

ब्रिलियंट अपडेट..... ग्रेट गोइंग :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:
 
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