अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 3 - SexBaba
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अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

अवेसमे अपडेट डॉ साहब,

बेहद hi शानदार, लाजवाब और अमेजिंग अपडेट है भाई,

ये राजू तो हद से ज्यादा कमीनपंती पर उतर आया है, सोनू और भाभी को घर से निकल कर भी उसे चैन नहीं मिला जो उन्हें जान से मारने के लिए आ रहा है,

मुझे लगता है की उस लड़की चंचल के अलावा भी और कोई जरूर है जो राजू को ऐसी घटिया सलाह दे रहा है,

देखते हैं अब उन दोनों की किस्मत उन्हें कहाँ ले जाती है,

वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट भाई
 
हाहाहा सही कहा भाई, कामदेव और अक भाई भी काम नहीं हैं हार्ट अटैक देने में. यु तो ऐसे धुरंधर दोस्त और भी हैं जो अपने रिव्यु के लिए जाने जाते हैं. मगर आज कल तो आप hi टॉप पर चल रहे हैं. :)

वैसे एक बात ये तो है की सच बात कड़वी होती है मगर ज़्यादातर लोगो को हजम नहीं हो पाती. मेरे कहने का मतलब इसी बात पर था की ज़रा ऐसे लोगो का ख़याल किया करे. सच बात भी बोलिये मगर इस कला के साथ की दूसरे बन्दे को नुक्सान न होने पाए. :डी

और एक मज़ेदार बात ये भी है की कुछ मेरे जैसे इनोसेंट एंड सेंसटिव लोग भी हैं जो ऐसे रिव्यु को पढ़ कर उसे दिल पर ले लेते हैं. :lol1:

खैर जाने दीजिये भाई आप लगे रहिये,,,,,, :गुड:
 
ी गेस यू अरे राइट भाई .. फ्रॉम नेक्स्ट टाइम ोंवर्ड्स ी विल टेक थे सॉफ्ट अप्प्रोच .. ेस्पेशलय अपने डॉ. साब के लिए .. क्यों की सबसे ज्यादा मैं इनपर() और जी पर ही मेहरबान रहता हु ...:बुटकिक: ... बूत मैं सबसे ज्यादा मज़ाक अपने डॉ. साब से इसी लिए करता हु क्यों की ये ज्यादा टेंशन नहीं लेते .. एंड थे बोथ अरे कूल ...

वैसे नज़र तो आप पर भी thi:hinthint2: .. मगर आप तो चुपके से निकल लिए .. :ेस्क:.. और विराज को वही समुन्दर किनारे छोड़ आये ...
 
भाभी इस गोइंग तो प्ले थे रोले ऑफ़ बोथ मदर एंड पार्टनर इन थिस स्टोरी. आईटी इस वैरी नीस तो सी भाभी टेकिंग केयर ऑफ़ सोनू. थे एल्डर बरोथेर है साइड वैरी बिग एंड डर्टी थिंग्स, हे शुड नॉट हैवे दोने थिस. आईटी इस थे ड्यूटी ऑफ़ थे एल्डर बरोथेर तो हैंडल थे यंगर बरोथेर एंड हेरे थे यंगर बरोथेर इस एक्सपेलड़ फ्रॉम थे हाउस. लव विल हैपन अन्य्तिमे, फर्स्ट तो टेक रिवेंज, बरोथेर, एल्डर बरोथेर इस बास्टर्ड. ैक्सिंग समवन ऑफ़ रोंगडोंग इस एक्विवैलेन्ट तो कैपिटल पनिशमेंट.

अस ऑलवेज थे अपडेट वास् ग्रेट, यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी. थैंक यू...❤️❤️❤️
 
डॉ साहब कहानी बहुत बढ़िया बनेगी.............नींव बहुत जबर्दस्त डाली है आपने............

देह की हद होती है............मन अनंत है

ये देवर भाभी का मन से लगाव .............बहुत कुछ दिखा सकता है...........अगर इसे देह के दायरे से बाहर रहने दोगे

अब देखते हैं ये दोनों कहाँ पहुँचते हैं............और क्या होता है इनकी ज़िंदगी में

भाई का अंजाम तो .............अभी समय लगेगा
 
भोत hi ाचा अपडेट डॉ भैया ...और आप करना क्या च रहे हो हो स्टार्टिंग में hi इतना सब कुछ हीरो और उसकी भाभी माँ के saath.....aur जैसा की मेने सोचा था एक शादी शुदा इंसान तभी पगलाता है जब उसका चक्कर हो और ये भाई का पड़ोस वाली के साथ चक्कर चल रहा है तभी इतना कुछ सुनाया उसने बड़ा दुष्ट है इसकी तो अचे से बजाना डॉ Bhaiya:bat1::drummer:.......isne ये तक नहीं सोचा की एक उसका छोटा भाई है तो दूसरी वो जिसने अपना सब कुछ दे दिया और क्या कुछ नहीं सुना होगा उसने लोगो से ..... खेर इतना तो पता है की उपरवाले के घर में देर है पैर अंधेर नहीं ...और ऊपरवाला न सही तो डॉ भैया तो है hi छोड़ना मत उसको ...और अब देखते है ये बस हमारे हीरो और उसकी भाभी माँ को किस मंज़िल ले जाती है और वो मंज़िल में और भी कथनीया है या सरल है .....कहानी भोत hi अछि लग रही है लेकिन अपडेट छोटे लग रहे है :ब्लश1:

ेआगेरली वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट .....एंड कीप समिलिंग
 
बोहोत hi ाची सुरवात , प्यार और अट्रैक्शन मई फसा हुवा सोनू का भाई .

भाभी माँ और देवर के बिच का पवित्र प्यार .

और अब अनजाने राह पर निकल पड़े भाभी माँ और सोनू की किस्मत उन्हें कहा लेकर जाएगी ये देखना और भी रोमांचकारी होगा.

ाचा बिल्ड उप किया है कहानी को.

इंतजार रहेगा.........
 
:थैंक्स: धन्यवाद कसी भाई पधारने के लिए..

आपने जो यूएससी के टाइम बोलै था उसी से प्रेरित होकर ये स्टोरी रोमन में लिख रहा हु , और आप जो फॉण्ट उसे करते हो वो मैंने भी कॉपी की है :डी तो माफ़ कर दीजियेगा इसके लिए , क्या है न आपकी यूएससी वाली स्टोरी हीरो का फॉण्ट देखकर hi मैं दीवाना हो गया था उस फॉण्ट का ..:lol1:

आप थ्रेड में आये मुझे बहुत ख़ुशी हुई, आशा है की आप अपने कमेंट्स से मुझे अनुग्रहित करेंगे ..और कोई गलती हो तो वो भी खुले दिल से बताएँगे ...
 
भाई हमारे जिन्हे हमारी जी लाल खोपड़ी भी कहती है ..ये स्टोरी के बड़े वाले क्रिटिक और एनालिस्ट hai,ye स्टोरी को राइटर से भी अच्छी तरह समझा सकने की काबिलियत भी रखते है .. थोड़ा मोड़ा मज़ाक तो चलता hi रहता है इसलिए इनकी बात का बुरा नहीं मन्ना चाहिए ..:अप्प्रोवे:

आप थोड़ा नाजुक दिल के आदमी हो लेकिन फिर भी मेरी सहल है की गुस्सा खुद को जलाता है तो अगर कुछ गुस्सा है तो उसे बहहर निकल दो जिसकी बात पसंद नहीं उसे वही बोल दो और खुद हलके हो जाओ ..:संत:

नाराजगी खुद को hi तकलीफ पहुँचती है भाई :अप्प्रोवे:

और सबसे बड़ी और काम की बात मेरी स्टोरी पदों और रेगुलर रिव्यु do.ise नहीं बोलना :हहै:
 
:थैंक्स: धन्यवाद कामदेव भाई :)

इस स्टोरी को सॉफ्ट और सीधा रखने की कोशिस करूँगा.......

अब आप तो जानते हो की मैं जयदा देर तक ये नहीं कर पता, थोड़ी स्टोरी उछाले कूड़े तभी मजा आता है लिखने में थोड़ा ट्विस्ट और टर्न तो होंगे लेकिन इसकी आत्मा जो की रिश्तो में छिपे हुए इमोशंस है उसे मेन्टेन करने की पूरी कोशिस रहेगी
 
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