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- Dec 5, 2013
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सबसे पहले हैप्पी नई ईयर सभी को!
वैसे तोह में मेगा अपडेट नई देने वाला था पर नई ईयर की ख़ुशी में और आप सभी लोगो ने वेट किया इसलिए आज एक और मेगा अपडेट मेरी तरफ से आप सभी लोगो के लिए... एन्जॉय!!
मेगा अपडेट
अपडेट-38
अब तक...
राहुल ने न कुछ बोलै और कहा, टेडी और अंशु को लेके वो अपने रूम में चला गया. टेडी को उसने अपने बीएड के नीचे दाल दिया. अब उसका क्या मोल था? पर राहुल के लिए था, क्युकी उसने पहली बार इतना महंगा गिफ्ट खरीदा था.
और अंशु को चुप कराने के लिए उससे अपने साथ चिपका के लिटा लिया. यहाँ अंशु रोये जा रही थी और वह नेहा भी अपने कमरे में रोये जा रही थी.
पर वह गुस्से के कारण रो रही थी
और अंशु ग्लानि के कारण.
अब आगे...
अगली सुबह सबसे पहले अंशिका की आँख खुली और उसने अपने बगल में देखा तोह राहुल का चेहरा वंशु के स्तन के बीच छुपा हुआ था. शायद रात में वंशु और बाकी सब लौट आए थे, और वंशु सीधा उनके कमरे में आकर साथ में सो गयी.
पर ये राहुल का मुँह वंशु के बूब्स में क्यों धसा हुआ था? ये नज़ारा देख अंशु को पता नहीं क्यों पर थोड़ी जेएलओसी सी हुई, और उसने फौरन राहुल का चेहरा पकड़ के अपने सीने में दोनों मुलायम बूब्स के बीच घुसेड़ दिया.

अंशु के बूब्स वंशु के कपरिसों में छोटे ज़रूर थे, पर सख्ती में अव्वल थे. बिलकुल an-chhuye दूध. यदि कोई एक बार हाथ लगा ले तोह दबाए बिना न माने.
"भाई और वंशु दी फिजिकली एक्टिव है शायद. देखो toh...kese मुँह वंशु दी के बूब्स में लगाए हुए थे भाई. नहीं नहीं... भाई ऐसा कर hi नहीं सकते. कल मेने किश किया था तोह कैसे पीछे हट रहे थे. ज़रूर वंशु dii...haa...zaroor वंशु दी ने hi स्टार्टिंग करि होगी. पर इतना सब जान ने के बाद भी मुझे इनपर गुस्सा क्यों नहीं आ रहा है? उल्टा मुझे जलन क्यों हो रही है? उफ्फ्फ... जब भी इनको देखती हु मैं करता है, वंशु दी की जगह भाई मेरे साथ इंटिमेट होए...
धत्त्त!! ये क्या सोचने लगी में... Par...par... ी वांट हिम...",
अंशु मैं में अपने से hi बात करे जा रही थी और राहुल को कस के भींचे हुए थी.
तभी राहुल की नींद खुल गयी. और उसके अगल बगल गालो में सॉफ्ट सॉफ्ट सी फीलिंग हुई और एक मदहोश कर देने वाली खुशबू उससे आयी, तोह उससे समझते देरर न लगी की ये बूब्स है.
एकदम से झटके से राहुल पीछे हटा तोह अंशु और राहुल दोनों की आँखे आपस में मिल गयी.
अंशु (शर्माते हुए) : good...good मॉर्निंग भाई
राहुल : ummm...good मॉर्निंग!!
अंशु शर्मा रही थी और बेचारी कुछ न बोल सकीय.
राहुल सबसे पहले वाशरूम में घुसा...
दिमाग : अबे? अबे मेरे को कुछ गड़बड़ होने की फीलिंग क्यों आ रही है?
दिल : गड़बड़ नहीं, अब अच्छा होएगा! हहै
अंशु प्यार जो करने लगी है राहुल से
दिमाग : व्हाट रब्बिश!? देख राहुल, करियर पर फोकस कर. समझा? एक बहिन तोह वैसे hi पीछे पड़े हुई है. और दूसरी भी लग गयी अब!? तू करियर देख और इन् सब से दूर हट.
इस बार राहुल को दिमाग की बात वाक़ई सही लगी. अभी उससे संजय सर को भी मज़ा चखाना था और तोह और जॉब भी हासिल करनी थी. राहुल ने इतने दिनों में अपने दिमाग में सारा प्लान तैयार कर लिया था की उससे कब और क्या और कैसे करना है. अब बस उससे सही मौके का इंतज़ार था. पर आज राहुल किसी और मूड में था.
कल जो कुछ भी हुआ, वो भूला नहीं था. और मंद फ्रेश करने के लिए उसने ठान लिया की आज क्या करना है.
तैयार होक सीधा वह तनीषा के हॉस्पिटल पोहचता है और उसके केबिन में एंटर करता है,
तनीषा : राहुल??
राहुल : चलिए मेरे साथ!
तनीषा : अरे?! अरे हाथ तोह चोर्रो, कहा ले जा रहे हो भाई? कुछ बताओ तोह...
राहुल : जल्दी से चलिए, अर्ली लीव लीजिये आप पहले
तनीषा : अरे पर कुछ बताओ तोह...
राहुल : जैसा बोलै है पहले वैसा करिये
तनीषा : अच्छा बाबा!!
और तनीषा अर्ली लीव लेके राहुल के साथ उसकी बाइक पे निकल जाती है
तनीषा : अरे अब बोल भी दो कुछ? देख राहुल! मुझे सताओ मत, मेरा जी घबरा रहा है अब, बता दो क्या बात है.
राहुल : दी घबराने वाली कोई बात नहीं है.
और फिर राहुल तनीषा को एक मूवी थिएटर में ले जाता है.
तनीषा : उफ्फ्फ ोोू मूवी के लिए इतना ड्रामा?? और में सोची की कही कुछ गड़बड़ तोह नहीं... कितना दर्रा दिया था तूने मुझे
राहुल : सॉरी! अब प्लीज, चलिए अंदर.
और दोनों फिर मूवी देखने लगते है, जो की एक रोमांटिक मूवी थी. आज राहुल हर वो काम कर रहा था, जो एक बॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड के लिए करता है.
मूवी दिखाना, खाना खिलाना, फ़्लर्ट करना, पार्क में घुमाना, ड्रेस दिलवाना, आज राहुल ने सब कुछ किया.
और ये सारे पैसे उसकी म्हणत की कमाई के थे, जो उसने फ्रीलांसर के रूप में कमाए थे.
एन्ड में राहुल तनीषा को एक होटल में ले गया और एक रूम बुक करवाया.
शर्म के मारे तनीषा नज़रे नहीं मिला पा रही थी, उससे पता था आगे क्या होने वाला है. पर क्या उससे अफ़सोस था? बिलकुल भी नहीं! आज वह बहुत खुश थी. राहुल ने जो कहा था, वो कर रहा था वह बखूबी.
रूम में आते hi राहुल ने तनीषा को बाहो में ले लिया और अपने होंठ सीधे उसके तपते गरम होंठो से चिपका दिए.
"Uuuummmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm"

तनीषा ने तोह पूरी तरह सौप दिया था खुदको, आज उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन होने वाला था ये.
किश इतनी पैशनेट हो गयी, की कब दोनों बिस्तर में आ गए दोनों को hi पता नहीं चला.
मदहोशी ऐसी छायी थी दोनों में, की अभी यदि कोई इन्हे अलग भी करे तोह ये अलग न होए.
देखते hi देखते, तनीषा सिर्फ ब्रा पंतय में आ गयी थी. काली ब्रा और पंतय में उसका सुडोल जिस्म, राहुल को भड़काने के लिए काफी था.
दोनों बेतहाशा एक दूसरे को चूम रहे थे, *स्लुर्प स्लुर्प* की आवाज़ों से पूरा कमरा गूँज रहा था.
राहुल इतने प्यार से हर अंग को चूम रहा था, जैसे की कही टूट के बिखर न जाए उसकी तनीषा दी. उसकी इतनी केयर देखते हुए, तनीषा की पलकों में ासु आ गए.
राहुल (घबराते हुए) : दी!? आप रो रही है?
तनीषा : ये ख़ुशी के ासु है पगलू
राहुल : ख़ुशी के...?
तनीषा : हम्म!! ख़ुशी के... कैसे में तुमसे मिली जब मेरा कोई नहीं था, कैसे तुमने मुझे एक घर दिया, मेरे अकेले होने के बावजूद तुमने मेरा कभी गलत फायदा नहीं उठाया, कैसे तुमने मेरी पढाई पूरी करवाई और मुझे आज इस क़ाबिल बनाया, कैसे तुमने मुझे हिम्मत दी और आगे बढ़ने के लिए उकसाते रहे, कैसे तुमने मेरी हर्र मुसीबत में खड़े होकर साथ दिया, कैसे मुझे तुमसे प्यार हो गया, कैसे तुमने मुझे अपनाया, और आज कैसे इतनी परवाह के साथ मुझे डेट पे लाए, हर वो काम किया जो एक बर्फ अपनी गफ के लिए करता है
आज में वह अकेली तनीषा से यहाँ अपने प्यार के साथ वाली तनीषा बन्न गयी हु. तोह खुश नहीं होउंगी तोह क्या होउंगी? ी लव यू राहुल!! ी लव यू!
अभी राहुल कुछ बोलने वाला था की तनीषा उसके होंठो पे अपनी एक ऊँगली रख के उससे चुप करवा देती है. और ऊपर उठ के उसके कान में कहती है,
"मेरे दर्द की परवाह मत करना. आज मेरे मुँह से चींखे निकालनी चाहिए.
जमकर रगड़ना! में हर दर्द सहने को तैयार हु तुम्हारे लिए"
और तनीषा उसके एअरलोबे को अपने गरम मुँह में भर लेती है.
तनीषा के मुँह से ऐसी बात सुन्न, राहुल का लुंड एक बार में तन तना के खड़ा हो जाता है.
खून का संचार लुंड में तेज़ी से हो रहा था. लुंड गुफा खोदने के लिए तैयार था.
राहुल : दी?? आप... ऐसी बात??..
तनीषा : क्यों? क्या में गन्दी बातें नहीं कर सकती? मुझे भी आता है राहुल ये सब बातें करना. इनफैक्ट हर लड़की को आता है...
राहुल शर्माते हुए मुँह फेर लेता है
तनीषा : लुक ात में राहुल
राहुल तनीषा को देखता है, तोह पाटा है, तनीषा दोनों हाथो से अपने दूध मसल रही है, जो की ब्रा में कैद है, और अपना निचला होंठ दातो से दबाए हुए है,
तनीषा : फ़क में!!!!
बस उसका इतना कहना था, की राहुल को इतना जोश चढ़ा और फौरन उसने तनीषा के रसीले होंठो को जमकर चूसना शुरू कर दिया, और दोनों हाथ दूध पे ले जाके जम्म के मसलने लगा.
"Mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm"
दोनों बहुत ज़्यादा जोश में थे.
होंठ को काट भी रहा था राहुल. तनीषा की इस अदा ने राहुल के अंदर जो चिंगारी लगी हुई थी, वो पूरी तरह भड़का दी थी. अब वो एक भयानक आग में तब्दील हो चुकी थी, जो बिना तनीषा का स्वाद चखे नहीं भुजने वाली थी.
किश करते करते, राहुल ने तनीषा की ब्रा भी निकल दी, और उसके सामने उछलते हुए 2 बड़े बड़े सुडोल गोर दूध सामने आ गए. जैसे मानो आमंत्रण दे रहे हो की "आओ, चूस लो मुझे".
राहुल ने एक पल भी नहीं गवाया और सीधा तनीषा के एक दूध के गुलाबी निप्पल को मुँह में ठूस लिया और एक बच्चे की तरह उससे चूसने लगा.
थूक के मेल मिलाप से और चुसाई से निप्पल भी कड़क हो गए थे, जो की संकेत था की अगला स्टेप में अब बढ़ना चाहिए.
तनीषा ने भी होंठ चूमते हुए राहुल की शर्ट उतार दी और उसके सिक्स पैक्स वाली बॉडी में अपने हाथ घुमाने लगी, राहुल ने भी मौका देखते हुए तनीषा की पंतय जो एकमात्र वस्त्र उसके शरीर पे रह गया था, वह भी उतार दिया.
अब तनीषा पूरी नंगी लेती हुई थी बिस्तर पर. आज राहुल फर्स्ट टाइम असली में किसी की छूट देख रहा था. लुंड को एक और झटका लगा और वह और खड़ा हो गया.
राहुल ने अपनी अंडरवियर भी निकाली और उसका लुंड देख के तनीषा की आँखे फटी की फटी रह गयी.
तनीषा : राहुल...? इतना? इतना बड़ा? ये तोह मेरी जान निकाल देगा
राहुल : उम्... दी आप रेडी नहीं है तोह कोई बात नहीं, में आपको फाॅर्स नहीं करूँगा.
तनीषा : नहीं पगलू. में पहली बार इससे देख रही हु न, इसलिए... तुझे फ़िक़र करने की कोई ज़रुरत नहीं है. चढ़ जा मेरी ऊपर... आज अपना बना ले मुझे हमेशा के लिए.
राहुल : डीई...
और राहुल झुक कर होंठो का रसपान करने लगता है. थोड़ी देरर की किसिंग के बाद अब अगले स्टेप पर जाने के लिए तैयार था राहुल.
राहुल नीचे की तरफ अपनी जुबां तनीषा के शरीर पे फिर के नीचे बढ़ने लगा. नाभि आते hi उसने अपनी गरम जुबां अंदर नाभि में दाल दी.
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh"
और तनीषा के मुँह से सिसकी निकल गयी
फिर राहुल छूट याने की अपने लक्ष्य के पास पहुचा. एक दम साफ़ सुथरी छूट देख के वो भी इतने करीब से राहुल की उत्तेजना बढ़ती जस रही थी.
उसने एक पल भी नहीं गवाया और अपनी जुबां निकल के सीधा छूट पर लगा दी और चूसने लगा
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
रआआआआअह्ह्हुउउउउउउललल्ल,
Aaaaaaaaaassshhhhhhhhhhh"
तनीषा की छूट में आज पहली बार किसी ने जुबां फिराई थी. ज़ाहिर सी बात है की सिसकिया तोह आज निकालनी hi थी.
पर ये तोह शुरुआत थी.
पोर्न देख देख के राहुल को सब पता था क्या क्या करना है. हलाकि ये दोनों का फर्स्ट टाइम था, पर दोनों बेहतर होते जा रहे थे.
चूस चूस के राहुल ने छूट का हाल बेहाल कर दिया था. तनीषा दो बार आलरेडी जहर चुकी थी. और राहुल छूट के रास को अपनों जुबां से छूट के इर्द गिर्द फैला रहा था. पहली बार में उससे स्वाद थोड़ा बेकार ज़रूर लगा था पर धीरे धीरे वो बेस्वाद भी स्वाद में तब्दील हो गया. और अब तोह जैसे उससे चस्का चढ़ गया था.
अगले hi पल तनीषा ने राहुल की सेवा के लिए उसका लुंड अपने हाथो में ले लिया और उससे हिलाने लगी. पहली बार वो ब्लोजॉब देने जा रही थी. टोपा देख के hi उससे अजीब सा लग रहा था. पर उसने कोई पल नहीं गवाया.
और अगले hi पल उसने टोपा मुँह में लिया
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh"
इस बार सिसकी राहुल के मुँह से निकली थी. भले hi तनीषा एक ामतीउर थी इस मामले में, बल्कि बिगिनर कहना सही रहेगा. पर वो कोशिश करती जा रही थी और खुद को बेहतर बना रही थी.
उससे पता था यदि राहुल के दिल में उससे अपने लिए एक बहुत hi ख़ास जगह बनानी है, तोह आज उससे अपना पूरा हुनर दिखाना पड़ेगा और राहुल की कोई कमज़ोरी ढूंढ़नी पड़ेगी जो सिर्फ उससे पता हो.
लुंड तनीषा की चुसाई से थूक से सन्न चूका था और चुदाई के लिए एकदम तैयार था.
तभी तनीषा ने ऐसा कुछ किया जिस से राहुल की ज़ोरदार सिसकी निकली.
तनीषा ने राहुल के अंतुले अपने मुँह में भर लिए और जीभ घुमा घुमा के उन्हें गुलाब जामुन की तरह भरी हुई थी अपने मुँह में.
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Diiiiiiiiii, ये क्याआआ!?????....."
तनीषा (मैं में) : तोह ये है वीक पॉइंट इसका? हहै...
चूस चूस के राहुल की बॉल्स एकदम फूल गयी थी. मालुम पद रहा था की अंदर बहुत माल भरा हुआ है. बस निकलने के देरी है.
तनीषा फिर वापस बीएड पर लेत गयी. और फिर अपने दोनों हाथो का फैला के राहुल को आमंत्रित किया,
"प्लीज राहुल! अब और देरर न करो"
राहुल को पता था अब यही मैं काम है
आज इसके बाद वो एक मर्द और तनीषा एक औरत बन्न जाएंगे.
राहुल ने ज़्यादा सोचा नहीं, और अपना लुंड छूट के मुँह पे लगाया, छूट के होंठ आपस में ऐसे जुड़े थे जैसे मानो उन्हें अलग करना नामुमकिन है. पर यही तोह राहुल का मिशन था आज.
अंदर घुस के आना ौड अपना झंडा गाड़ के आना.
राहुल ने लुंड को छूट पर थोड़ा सहलाया और फिर एक झटका मारा जिस से लुंड फिसल गया, और तनीषा की आह निकल गयी.
राहुल ने फिरसे तरय किआ और एक तेज़्ज़ शॉट मारा, इस बार लुंड का टोपा अंदर चला गया, और तनीषा की चींख निकल गयी.
राहुल ने ज़्यादा वेट नहीं किया और एक तेज़्ज़ धक्का लगाया जिस से लुंड लगभग आधा अंदर चला गया.
बेचारी तनीषा की दर्द के मारे आँखे hi पलट गयी...
और चींख से कमरा गूँज गया.
राहुल का पता था ये होटल रूम है, ज़्यादा शोर भी सही नहीं. तनीषा को दर्द न हो इसलिए वो थोड़ी देरर रुक गया.
तनीषा की आँखों से ासु बहते जा रहे थे. दर्द. इतना दर्द की पूछो मत.
इतना बड़ा लुंड उसकी नाज़ुक छूट में आधा घुसा हुआ था और ताबड़ तोड़ चुदाई के लिए तैयार था. दर्द कैसे न होता!?
हिम्मत करके तनीषा ने आगे बढ़ने को कहा तोह राहुल ने एक झटका और दिया और लुंड और अंदर समा गया. बस अब थोड़ा सा hi लुंड बचा हुआ था बाहर.
पर राहुल ने आज ठान लिया था की आज इतने से hi चुदाई करेगा वह.
अपनी तनीषा दी को यु दर्द में देख उससे बहुत दुःख हो रहा था.
पर दर्द सिर्फ तनीषा को नहीं था, राहुल का भी ये फर्स्ट टाइम था. आज उसके टोपे से धागा टूट चूका था. तोह दर्द तोह उससे भी था. पर तनीषा के दर्द के सामने उसका ये दर्द कुछ भी नहीं था.
राहुल ने होंठ चूमते हुए, दूध को मसलते हुए तनीषा को नार्मल किया और उससे रिलैक्स फील करवाया.
जब तनीषा ने कमर की हरकत शुरू की तोह राहुल को संकेत मिल गया की बस अब शुरू होगा खेल.
राहुल ने फिर करारे धक्के लगाना शुरू किया, तनीषा की चींखे ज़रूर आ रही थी पर राहुल को पता था ये दर्द दी को बाद बहुत सुख देने वाला है.
इसलिए राहुल बिलकुल नहीं रुका और ताबड़ तोड़ चुदाई करते हुए तेज़्ज़ शॉट्स मार रहा था.
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Uuuuuuufffffffffffffffffffffffff
उम्मम्मम्मम्मम aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh
Raaaaaaaahhhuuuuuullllllllll
Aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh"
कमरा इन् आवाज़ों से और थप थप की आवाज़ों से गूंज रहा था.
तनीषा को भी थोड़ी देरर बाद दर्द की जगह एक आनंद आने लगा. एक अजीब सा आनंद. जिसकी अनुभूति उससे पहले कभी नहीं हुई. और गांड उचका के वो खुद जोरर जोरर से छोड़ने लगी...
तनीषा (मैं में) : aaaahhhhhhhhhhh उफ्फफ्फ्फ़ तोह... तोह ये होता है सेक्स??
हाय्ययी!!! में अब तक इस सुख से कैसे वंचित थी? हाय्ययी राहुल्ल्ल
उफ्फ्फ्फ़!!! आआह्ह्ह!!!
राहुल : ाः आअह्ह्ह डीई... आज.... आज से आप ... मेरी होओओओ....
तनीषा : हां रहलललल..... मेरे शोणनाए... फ़क में!!! रगड़ दो आज मुझे भाई....
राहुल : आअह्ह्ह दीदी....
आज तनीषा वाक़ई बहुत हॉर्नी थी. ये रूप देख के राहुल का जोश चरम सीमा पे पहुँच चूका था.
अंदर छूट किसी भट्टी की तरह गरम थी, और जैसे hi राहुल का लुंड अंदर जाता, छूट उससे कसके जकड लेती जैसे मानो लुंड को खाने की कोशिश कर रही हो.
ऐसे hi 20 - 25 धक्के मारते मारते राहुल का अब वीर्य निकलने वाला था.
जहर तोह वह पहले hi जाता अलनी तनीषा दी को छोड़ने में क्युकी तनीषा हॉट hi इतनी थी पर धक्के उसने स्लो कर दिए थे.
राहुल : डीई... ाररह्ह्ह्ह में आने वाला हु...
तनीषा (इशारा समझते हुए) : अंदर दाल दे राहुल... अंदर... आअह्ह्ह्हह
अंडररररररर.....
और राहुल ने थोड़े और ढ़ाके लगाए तोह तनीषा एक चींख के साथ चौथी बार जहर गयी और एन्ड में राहुल ने अपना पूरा मुट्ठ तनीषा की छूट के अंदर पेल दिया....
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh"
तेज़्ज़ सिसकी के साथ राहुल और तनीषा दोनों hi पोस्ट पद गए. राहुल सीधे तनीषा के ऊपर गिर पड़ा, और तनीषा ने उसका चेहरा अपने स्तनों में छुपा लिया और कास के जकड लिया.
आज दोनों एक मर्द और एक औरत बन चुके थे. तनीषा आज सबसे ज़्यादा खुश थी.
पर आगे क्या होगा? क्या होगा जब वंशु और बाकी सब को पता चलेगा इनके रिलेशनशिप के बारे में? सब सुलझ जाएगा या फिर कोई तूफ़ान आएगा?
और राहुल ने क्या प्लान बनाया है संजय सर को सबक सिखाने के लिए?
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आज के लिए इतना hi फ्रेंड्स!!
वैसे तोह में मेगा अपडेट नई देने वाला था पर नई ईयर की ख़ुशी में और आप सभी लोगो ने वेट किया इसलिए आज एक और मेगा अपडेट मेरी तरफ से आप सभी लोगो के लिए... एन्जॉय!!
मेगा अपडेट
अपडेट-38
अब तक...
राहुल ने न कुछ बोलै और कहा, टेडी और अंशु को लेके वो अपने रूम में चला गया. टेडी को उसने अपने बीएड के नीचे दाल दिया. अब उसका क्या मोल था? पर राहुल के लिए था, क्युकी उसने पहली बार इतना महंगा गिफ्ट खरीदा था.
और अंशु को चुप कराने के लिए उससे अपने साथ चिपका के लिटा लिया. यहाँ अंशु रोये जा रही थी और वह नेहा भी अपने कमरे में रोये जा रही थी.
पर वह गुस्से के कारण रो रही थी
और अंशु ग्लानि के कारण.
अब आगे...
अगली सुबह सबसे पहले अंशिका की आँख खुली और उसने अपने बगल में देखा तोह राहुल का चेहरा वंशु के स्तन के बीच छुपा हुआ था. शायद रात में वंशु और बाकी सब लौट आए थे, और वंशु सीधा उनके कमरे में आकर साथ में सो गयी.
पर ये राहुल का मुँह वंशु के बूब्स में क्यों धसा हुआ था? ये नज़ारा देख अंशु को पता नहीं क्यों पर थोड़ी जेएलओसी सी हुई, और उसने फौरन राहुल का चेहरा पकड़ के अपने सीने में दोनों मुलायम बूब्स के बीच घुसेड़ दिया.

अंशु के बूब्स वंशु के कपरिसों में छोटे ज़रूर थे, पर सख्ती में अव्वल थे. बिलकुल an-chhuye दूध. यदि कोई एक बार हाथ लगा ले तोह दबाए बिना न माने.
"भाई और वंशु दी फिजिकली एक्टिव है शायद. देखो toh...kese मुँह वंशु दी के बूब्स में लगाए हुए थे भाई. नहीं नहीं... भाई ऐसा कर hi नहीं सकते. कल मेने किश किया था तोह कैसे पीछे हट रहे थे. ज़रूर वंशु dii...haa...zaroor वंशु दी ने hi स्टार्टिंग करि होगी. पर इतना सब जान ने के बाद भी मुझे इनपर गुस्सा क्यों नहीं आ रहा है? उल्टा मुझे जलन क्यों हो रही है? उफ्फ्फ... जब भी इनको देखती हु मैं करता है, वंशु दी की जगह भाई मेरे साथ इंटिमेट होए...
धत्त्त!! ये क्या सोचने लगी में... Par...par... ी वांट हिम...",
अंशु मैं में अपने से hi बात करे जा रही थी और राहुल को कस के भींचे हुए थी.
तभी राहुल की नींद खुल गयी. और उसके अगल बगल गालो में सॉफ्ट सॉफ्ट सी फीलिंग हुई और एक मदहोश कर देने वाली खुशबू उससे आयी, तोह उससे समझते देरर न लगी की ये बूब्स है.
एकदम से झटके से राहुल पीछे हटा तोह अंशु और राहुल दोनों की आँखे आपस में मिल गयी.
अंशु (शर्माते हुए) : good...good मॉर्निंग भाई
राहुल : ummm...good मॉर्निंग!!
अंशु शर्मा रही थी और बेचारी कुछ न बोल सकीय.
राहुल सबसे पहले वाशरूम में घुसा...
दिमाग : अबे? अबे मेरे को कुछ गड़बड़ होने की फीलिंग क्यों आ रही है?
दिल : गड़बड़ नहीं, अब अच्छा होएगा! हहै
अंशु प्यार जो करने लगी है राहुल से
दिमाग : व्हाट रब्बिश!? देख राहुल, करियर पर फोकस कर. समझा? एक बहिन तोह वैसे hi पीछे पड़े हुई है. और दूसरी भी लग गयी अब!? तू करियर देख और इन् सब से दूर हट.
इस बार राहुल को दिमाग की बात वाक़ई सही लगी. अभी उससे संजय सर को भी मज़ा चखाना था और तोह और जॉब भी हासिल करनी थी. राहुल ने इतने दिनों में अपने दिमाग में सारा प्लान तैयार कर लिया था की उससे कब और क्या और कैसे करना है. अब बस उससे सही मौके का इंतज़ार था. पर आज राहुल किसी और मूड में था.
कल जो कुछ भी हुआ, वो भूला नहीं था. और मंद फ्रेश करने के लिए उसने ठान लिया की आज क्या करना है.
तैयार होक सीधा वह तनीषा के हॉस्पिटल पोहचता है और उसके केबिन में एंटर करता है,
तनीषा : राहुल??
राहुल : चलिए मेरे साथ!
तनीषा : अरे?! अरे हाथ तोह चोर्रो, कहा ले जा रहे हो भाई? कुछ बताओ तोह...
राहुल : जल्दी से चलिए, अर्ली लीव लीजिये आप पहले
तनीषा : अरे पर कुछ बताओ तोह...
राहुल : जैसा बोलै है पहले वैसा करिये
तनीषा : अच्छा बाबा!!
और तनीषा अर्ली लीव लेके राहुल के साथ उसकी बाइक पे निकल जाती है
तनीषा : अरे अब बोल भी दो कुछ? देख राहुल! मुझे सताओ मत, मेरा जी घबरा रहा है अब, बता दो क्या बात है.
राहुल : दी घबराने वाली कोई बात नहीं है.
और फिर राहुल तनीषा को एक मूवी थिएटर में ले जाता है.
तनीषा : उफ्फ्फ ोोू मूवी के लिए इतना ड्रामा?? और में सोची की कही कुछ गड़बड़ तोह नहीं... कितना दर्रा दिया था तूने मुझे
राहुल : सॉरी! अब प्लीज, चलिए अंदर.
और दोनों फिर मूवी देखने लगते है, जो की एक रोमांटिक मूवी थी. आज राहुल हर वो काम कर रहा था, जो एक बॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड के लिए करता है.
मूवी दिखाना, खाना खिलाना, फ़्लर्ट करना, पार्क में घुमाना, ड्रेस दिलवाना, आज राहुल ने सब कुछ किया.
और ये सारे पैसे उसकी म्हणत की कमाई के थे, जो उसने फ्रीलांसर के रूप में कमाए थे.
एन्ड में राहुल तनीषा को एक होटल में ले गया और एक रूम बुक करवाया.
शर्म के मारे तनीषा नज़रे नहीं मिला पा रही थी, उससे पता था आगे क्या होने वाला है. पर क्या उससे अफ़सोस था? बिलकुल भी नहीं! आज वह बहुत खुश थी. राहुल ने जो कहा था, वो कर रहा था वह बखूबी.
रूम में आते hi राहुल ने तनीषा को बाहो में ले लिया और अपने होंठ सीधे उसके तपते गरम होंठो से चिपका दिए.
"Uuuummmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm"

तनीषा ने तोह पूरी तरह सौप दिया था खुदको, आज उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन होने वाला था ये.
किश इतनी पैशनेट हो गयी, की कब दोनों बिस्तर में आ गए दोनों को hi पता नहीं चला.
मदहोशी ऐसी छायी थी दोनों में, की अभी यदि कोई इन्हे अलग भी करे तोह ये अलग न होए.
देखते hi देखते, तनीषा सिर्फ ब्रा पंतय में आ गयी थी. काली ब्रा और पंतय में उसका सुडोल जिस्म, राहुल को भड़काने के लिए काफी था.
दोनों बेतहाशा एक दूसरे को चूम रहे थे, *स्लुर्प स्लुर्प* की आवाज़ों से पूरा कमरा गूँज रहा था.
राहुल इतने प्यार से हर अंग को चूम रहा था, जैसे की कही टूट के बिखर न जाए उसकी तनीषा दी. उसकी इतनी केयर देखते हुए, तनीषा की पलकों में ासु आ गए.
राहुल (घबराते हुए) : दी!? आप रो रही है?
तनीषा : ये ख़ुशी के ासु है पगलू
राहुल : ख़ुशी के...?
तनीषा : हम्म!! ख़ुशी के... कैसे में तुमसे मिली जब मेरा कोई नहीं था, कैसे तुमने मुझे एक घर दिया, मेरे अकेले होने के बावजूद तुमने मेरा कभी गलत फायदा नहीं उठाया, कैसे तुमने मेरी पढाई पूरी करवाई और मुझे आज इस क़ाबिल बनाया, कैसे तुमने मुझे हिम्मत दी और आगे बढ़ने के लिए उकसाते रहे, कैसे तुमने मेरी हर्र मुसीबत में खड़े होकर साथ दिया, कैसे मुझे तुमसे प्यार हो गया, कैसे तुमने मुझे अपनाया, और आज कैसे इतनी परवाह के साथ मुझे डेट पे लाए, हर वो काम किया जो एक बर्फ अपनी गफ के लिए करता है
आज में वह अकेली तनीषा से यहाँ अपने प्यार के साथ वाली तनीषा बन्न गयी हु. तोह खुश नहीं होउंगी तोह क्या होउंगी? ी लव यू राहुल!! ी लव यू!
अभी राहुल कुछ बोलने वाला था की तनीषा उसके होंठो पे अपनी एक ऊँगली रख के उससे चुप करवा देती है. और ऊपर उठ के उसके कान में कहती है,
"मेरे दर्द की परवाह मत करना. आज मेरे मुँह से चींखे निकालनी चाहिए.
जमकर रगड़ना! में हर दर्द सहने को तैयार हु तुम्हारे लिए"
और तनीषा उसके एअरलोबे को अपने गरम मुँह में भर लेती है.
तनीषा के मुँह से ऐसी बात सुन्न, राहुल का लुंड एक बार में तन तना के खड़ा हो जाता है.
खून का संचार लुंड में तेज़ी से हो रहा था. लुंड गुफा खोदने के लिए तैयार था.
राहुल : दी?? आप... ऐसी बात??..
तनीषा : क्यों? क्या में गन्दी बातें नहीं कर सकती? मुझे भी आता है राहुल ये सब बातें करना. इनफैक्ट हर लड़की को आता है...
राहुल शर्माते हुए मुँह फेर लेता है
तनीषा : लुक ात में राहुल
राहुल तनीषा को देखता है, तोह पाटा है, तनीषा दोनों हाथो से अपने दूध मसल रही है, जो की ब्रा में कैद है, और अपना निचला होंठ दातो से दबाए हुए है,
तनीषा : फ़क में!!!!
बस उसका इतना कहना था, की राहुल को इतना जोश चढ़ा और फौरन उसने तनीषा के रसीले होंठो को जमकर चूसना शुरू कर दिया, और दोनों हाथ दूध पे ले जाके जम्म के मसलने लगा.
"Mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm"
दोनों बहुत ज़्यादा जोश में थे.
होंठ को काट भी रहा था राहुल. तनीषा की इस अदा ने राहुल के अंदर जो चिंगारी लगी हुई थी, वो पूरी तरह भड़का दी थी. अब वो एक भयानक आग में तब्दील हो चुकी थी, जो बिना तनीषा का स्वाद चखे नहीं भुजने वाली थी.
किश करते करते, राहुल ने तनीषा की ब्रा भी निकल दी, और उसके सामने उछलते हुए 2 बड़े बड़े सुडोल गोर दूध सामने आ गए. जैसे मानो आमंत्रण दे रहे हो की "आओ, चूस लो मुझे".
राहुल ने एक पल भी नहीं गवाया और सीधा तनीषा के एक दूध के गुलाबी निप्पल को मुँह में ठूस लिया और एक बच्चे की तरह उससे चूसने लगा.
थूक के मेल मिलाप से और चुसाई से निप्पल भी कड़क हो गए थे, जो की संकेत था की अगला स्टेप में अब बढ़ना चाहिए.
तनीषा ने भी होंठ चूमते हुए राहुल की शर्ट उतार दी और उसके सिक्स पैक्स वाली बॉडी में अपने हाथ घुमाने लगी, राहुल ने भी मौका देखते हुए तनीषा की पंतय जो एकमात्र वस्त्र उसके शरीर पे रह गया था, वह भी उतार दिया.
अब तनीषा पूरी नंगी लेती हुई थी बिस्तर पर. आज राहुल फर्स्ट टाइम असली में किसी की छूट देख रहा था. लुंड को एक और झटका लगा और वह और खड़ा हो गया.
राहुल ने अपनी अंडरवियर भी निकाली और उसका लुंड देख के तनीषा की आँखे फटी की फटी रह गयी.
तनीषा : राहुल...? इतना? इतना बड़ा? ये तोह मेरी जान निकाल देगा
राहुल : उम्... दी आप रेडी नहीं है तोह कोई बात नहीं, में आपको फाॅर्स नहीं करूँगा.
तनीषा : नहीं पगलू. में पहली बार इससे देख रही हु न, इसलिए... तुझे फ़िक़र करने की कोई ज़रुरत नहीं है. चढ़ जा मेरी ऊपर... आज अपना बना ले मुझे हमेशा के लिए.
राहुल : डीई...
और राहुल झुक कर होंठो का रसपान करने लगता है. थोड़ी देरर की किसिंग के बाद अब अगले स्टेप पर जाने के लिए तैयार था राहुल.
राहुल नीचे की तरफ अपनी जुबां तनीषा के शरीर पे फिर के नीचे बढ़ने लगा. नाभि आते hi उसने अपनी गरम जुबां अंदर नाभि में दाल दी.
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh"
और तनीषा के मुँह से सिसकी निकल गयी
फिर राहुल छूट याने की अपने लक्ष्य के पास पहुचा. एक दम साफ़ सुथरी छूट देख के वो भी इतने करीब से राहुल की उत्तेजना बढ़ती जस रही थी.
उसने एक पल भी नहीं गवाया और अपनी जुबां निकल के सीधा छूट पर लगा दी और चूसने लगा
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
रआआआआअह्ह्हुउउउउउउललल्ल,
Aaaaaaaaaassshhhhhhhhhhh"
तनीषा की छूट में आज पहली बार किसी ने जुबां फिराई थी. ज़ाहिर सी बात है की सिसकिया तोह आज निकालनी hi थी.
पर ये तोह शुरुआत थी.
पोर्न देख देख के राहुल को सब पता था क्या क्या करना है. हलाकि ये दोनों का फर्स्ट टाइम था, पर दोनों बेहतर होते जा रहे थे.
चूस चूस के राहुल ने छूट का हाल बेहाल कर दिया था. तनीषा दो बार आलरेडी जहर चुकी थी. और राहुल छूट के रास को अपनों जुबां से छूट के इर्द गिर्द फैला रहा था. पहली बार में उससे स्वाद थोड़ा बेकार ज़रूर लगा था पर धीरे धीरे वो बेस्वाद भी स्वाद में तब्दील हो गया. और अब तोह जैसे उससे चस्का चढ़ गया था.
अगले hi पल तनीषा ने राहुल की सेवा के लिए उसका लुंड अपने हाथो में ले लिया और उससे हिलाने लगी. पहली बार वो ब्लोजॉब देने जा रही थी. टोपा देख के hi उससे अजीब सा लग रहा था. पर उसने कोई पल नहीं गवाया.
और अगले hi पल उसने टोपा मुँह में लिया
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh"
इस बार सिसकी राहुल के मुँह से निकली थी. भले hi तनीषा एक ामतीउर थी इस मामले में, बल्कि बिगिनर कहना सही रहेगा. पर वो कोशिश करती जा रही थी और खुद को बेहतर बना रही थी.
उससे पता था यदि राहुल के दिल में उससे अपने लिए एक बहुत hi ख़ास जगह बनानी है, तोह आज उससे अपना पूरा हुनर दिखाना पड़ेगा और राहुल की कोई कमज़ोरी ढूंढ़नी पड़ेगी जो सिर्फ उससे पता हो.
लुंड तनीषा की चुसाई से थूक से सन्न चूका था और चुदाई के लिए एकदम तैयार था.
तभी तनीषा ने ऐसा कुछ किया जिस से राहुल की ज़ोरदार सिसकी निकली.
तनीषा ने राहुल के अंतुले अपने मुँह में भर लिए और जीभ घुमा घुमा के उन्हें गुलाब जामुन की तरह भरी हुई थी अपने मुँह में.
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Diiiiiiiiii, ये क्याआआ!?????....."
तनीषा (मैं में) : तोह ये है वीक पॉइंट इसका? हहै...
चूस चूस के राहुल की बॉल्स एकदम फूल गयी थी. मालुम पद रहा था की अंदर बहुत माल भरा हुआ है. बस निकलने के देरी है.
तनीषा फिर वापस बीएड पर लेत गयी. और फिर अपने दोनों हाथो का फैला के राहुल को आमंत्रित किया,
"प्लीज राहुल! अब और देरर न करो"
राहुल को पता था अब यही मैं काम है
आज इसके बाद वो एक मर्द और तनीषा एक औरत बन्न जाएंगे.
राहुल ने ज़्यादा सोचा नहीं, और अपना लुंड छूट के मुँह पे लगाया, छूट के होंठ आपस में ऐसे जुड़े थे जैसे मानो उन्हें अलग करना नामुमकिन है. पर यही तोह राहुल का मिशन था आज.
अंदर घुस के आना ौड अपना झंडा गाड़ के आना.
राहुल ने लुंड को छूट पर थोड़ा सहलाया और फिर एक झटका मारा जिस से लुंड फिसल गया, और तनीषा की आह निकल गयी.
राहुल ने फिरसे तरय किआ और एक तेज़्ज़ शॉट मारा, इस बार लुंड का टोपा अंदर चला गया, और तनीषा की चींख निकल गयी.
राहुल ने ज़्यादा वेट नहीं किया और एक तेज़्ज़ धक्का लगाया जिस से लुंड लगभग आधा अंदर चला गया.
बेचारी तनीषा की दर्द के मारे आँखे hi पलट गयी...
और चींख से कमरा गूँज गया.
राहुल का पता था ये होटल रूम है, ज़्यादा शोर भी सही नहीं. तनीषा को दर्द न हो इसलिए वो थोड़ी देरर रुक गया.
तनीषा की आँखों से ासु बहते जा रहे थे. दर्द. इतना दर्द की पूछो मत.
इतना बड़ा लुंड उसकी नाज़ुक छूट में आधा घुसा हुआ था और ताबड़ तोड़ चुदाई के लिए तैयार था. दर्द कैसे न होता!?
हिम्मत करके तनीषा ने आगे बढ़ने को कहा तोह राहुल ने एक झटका और दिया और लुंड और अंदर समा गया. बस अब थोड़ा सा hi लुंड बचा हुआ था बाहर.
पर राहुल ने आज ठान लिया था की आज इतने से hi चुदाई करेगा वह.
अपनी तनीषा दी को यु दर्द में देख उससे बहुत दुःख हो रहा था.
पर दर्द सिर्फ तनीषा को नहीं था, राहुल का भी ये फर्स्ट टाइम था. आज उसके टोपे से धागा टूट चूका था. तोह दर्द तोह उससे भी था. पर तनीषा के दर्द के सामने उसका ये दर्द कुछ भी नहीं था.
राहुल ने होंठ चूमते हुए, दूध को मसलते हुए तनीषा को नार्मल किया और उससे रिलैक्स फील करवाया.
जब तनीषा ने कमर की हरकत शुरू की तोह राहुल को संकेत मिल गया की बस अब शुरू होगा खेल.
राहुल ने फिर करारे धक्के लगाना शुरू किया, तनीषा की चींखे ज़रूर आ रही थी पर राहुल को पता था ये दर्द दी को बाद बहुत सुख देने वाला है.
इसलिए राहुल बिलकुल नहीं रुका और ताबड़ तोड़ चुदाई करते हुए तेज़्ज़ शॉट्स मार रहा था.
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh
Uuuuuuufffffffffffffffffffffffff
उम्मम्मम्मम्मम aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh
Raaaaaaaahhhuuuuuullllllllll
Aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh"
कमरा इन् आवाज़ों से और थप थप की आवाज़ों से गूंज रहा था.
तनीषा को भी थोड़ी देरर बाद दर्द की जगह एक आनंद आने लगा. एक अजीब सा आनंद. जिसकी अनुभूति उससे पहले कभी नहीं हुई. और गांड उचका के वो खुद जोरर जोरर से छोड़ने लगी...
तनीषा (मैं में) : aaaahhhhhhhhhhh उफ्फफ्फ्फ़ तोह... तोह ये होता है सेक्स??
हाय्ययी!!! में अब तक इस सुख से कैसे वंचित थी? हाय्ययी राहुल्ल्ल
उफ्फ्फ्फ़!!! आआह्ह्ह!!!
राहुल : ाः आअह्ह्ह डीई... आज.... आज से आप ... मेरी होओओओ....
तनीषा : हां रहलललल..... मेरे शोणनाए... फ़क में!!! रगड़ दो आज मुझे भाई....
राहुल : आअह्ह्ह दीदी....
आज तनीषा वाक़ई बहुत हॉर्नी थी. ये रूप देख के राहुल का जोश चरम सीमा पे पहुँच चूका था.
अंदर छूट किसी भट्टी की तरह गरम थी, और जैसे hi राहुल का लुंड अंदर जाता, छूट उससे कसके जकड लेती जैसे मानो लुंड को खाने की कोशिश कर रही हो.
ऐसे hi 20 - 25 धक्के मारते मारते राहुल का अब वीर्य निकलने वाला था.
जहर तोह वह पहले hi जाता अलनी तनीषा दी को छोड़ने में क्युकी तनीषा हॉट hi इतनी थी पर धक्के उसने स्लो कर दिए थे.
राहुल : डीई... ाररह्ह्ह्ह में आने वाला हु...
तनीषा (इशारा समझते हुए) : अंदर दाल दे राहुल... अंदर... आअह्ह्ह्हह
अंडररररररर.....
और राहुल ने थोड़े और ढ़ाके लगाए तोह तनीषा एक चींख के साथ चौथी बार जहर गयी और एन्ड में राहुल ने अपना पूरा मुट्ठ तनीषा की छूट के अंदर पेल दिया....
"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh"
तेज़्ज़ सिसकी के साथ राहुल और तनीषा दोनों hi पोस्ट पद गए. राहुल सीधे तनीषा के ऊपर गिर पड़ा, और तनीषा ने उसका चेहरा अपने स्तनों में छुपा लिया और कास के जकड लिया.
आज दोनों एक मर्द और एक औरत बन चुके थे. तनीषा आज सबसे ज़्यादा खुश थी.
पर आगे क्या होगा? क्या होगा जब वंशु और बाकी सब को पता चलेगा इनके रिलेशनशिप के बारे में? सब सुलझ जाएगा या फिर कोई तूफ़ान आएगा?
और राहुल ने क्या प्लान बनाया है संजय सर को सबक सिखाने के लिए?
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आज के लिए इतना hi फ्रेंड्स!!
