इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 11 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट-60

अब तक...

इस से पहले की इनकी बहस और चलती निकिता सामने ब्रिज की तरफ आने लगी. राहुल और बाकी सभी लोगो को निकिता का चेहरा सामने से दिख रहा था और पियूष की पीठ दिखाई दे रही थी.

पियूष : *हार्ट बीटिंग फास्टर*

धीरे धीरे निकिता के कदम आगे की और बढ़ रहे थे और वो कुछ hi पल बाद पियूष के सामने आके कड़ी हो गयी.


अब आगे...

पियूष (निर्वसली) : उम्...

निकिता : हां?

राहुल (मैं में) : सबसे पहली बात... पियूष रिजेक्ट होने वाला है ये तोह पक्की बात है. वो भले hi बुरे से बुरे रिजल्ट के लिए तैयार है पर... पर रिजेक्शन का असर उसके दिल पर बोहत गहरा पड़ेगा. इसलिए निकिता मुझसे रिक्वेस्ट करने आयी थी.

पियूष : mein...ummm..

राहुल (मैं में) : पियूष को रिजेक्शन से बचाने के लिए, निकिता और पियूष की दोस्ती को टूटने से बचाने के लिए, दोनों एक साथ वैसे hi दोस्त बने रहे उसके लिए... में सिर्फ... में sirf...ek hi चीज़ कर सकता हु और वो है...

तभी राहुल पेड़ के पीछे से बाहर निकल आगे बढ़ के ब्रिज के पास उन् दोनों की तरफ जाने लगता है, तानिया और नेहा दोनों कन्फ्यूज्ड होक राहुल को देखने लगती है.

पियूष : woo...baat ये है की... में..

में...

तभी राहुल पियूष के एकदम बाजू से निकल उसके सामने आ जाता है और तपाक से बोल देता है,

"में तुम्हे बोहत समय से प्यार करता हु. ी लव यू. क्या तुम मेरी गफ बन्न न पसंद करोगी?"

*साइलेंस*

निकिता : (हेईईईन्न्नन्नं????? राहुल भैया मुझसे???? प्याआआरररर??? Omg!!! क्या कहु???? में क्या कहु??? एक मिनट!! वो मुझे आँखों से इशारे क्यों कर रहे है??)

तभी निकिता को राहुल की कही गयी बात याद आ जाती है. "जो तुमने अभी अभी कहा. यही बात बाद में तुम फिरसे मुझसे कहना. सही समय आने पर तुम्हे पता चल जाएगा तुम्हे कब कहना है ये सब."

यही शब्द तोह थे राहुल के.

निकिता : (मतलब? मतलब? वो चाहते है की में उनसे वही सब कहु? Omg!!! मतलब? मुझे उन्हें रिजेक्ट करना है?)

राहुल : (क्या कर रही है ये? जल्दी बोल न!!! भूल गयी क्या कैफ़े में क्या बताया था मेने इससे?)

इधर राहुल के प्रपोजल से सब हक्के बक्के रह गए थे. अभी अभी हुआ क्या?

नेहा शॉकेड सी सामने चल रहे सन को देख रही थी, उसके मैं में यही चल रहा था की ये बास्टर्ड अब क्या नया ड्रामा करने लगा? पर एक पल के लिए तोह नेहा का दिल भी घबरा गया था जैसे hi राहुल ने निकिता को प्रोपोज़ किया उसके मैं में राहुल और निकिता का हस्ता हुआ चेहरा और दोनों कपल्स है ऐसी तस्वीरें उसके मैं में मंडराने लगी थी. एक अजीब सी घबराहट आ गयी थी उसके अंदर. अब ये घबराहट किस लिए थी? ये तोह उससे भी नहीं पता.

तानिया भी भौचक्की सी सामने हो रहे सन को देखे जा रही थी. उसकी आँखों में थोड़ा क्रोध था, थोड़ी उलझन, थोड़ी निराशा, न जाने क्या विचार उत्पन्न हो रहे थे इस वक़्त उसके मैं में.

इधर निकिता खुद को संभाल गहरी सास लेती है और फिर कहती है,

"I'm सॉरी!! में... में अभी किसी रिलेशनशिप में नहीं रहना चाहती. मुझे कोई भी प्रोपोज़ करेगा, मेरा जवाब शामे hi रहेगा. यदि और कोई बात नहीं है, तोह में चलती हु. Bye bye!" बोलते वक़्त उसकी आवाज़ लड़खड़ा रही थी. भला ऐसा क्यों था?

पियूष ये सुन्न स्तब्ध सा बस खड़ा हुआ था. दौड़ते दौड़ते निकिता फिर बाहर की और जाने लगी.

राहुल : तोह सुन्न लिया तुमने?

पियूष : राहुल भैया, हां मेने सब सुन्ना. वेल... मुझे इस बात की बोहत ख़ुशी है की ये बात मुझे रिजेक्ट होने से पहले hi पता चल गयी. में खुश हु काम से काम आपने मेरी इज़्ज़त बचा ली वर्ण में रिजेक्ट होता तोह शायद सदमे में hi चला जाता. फिर पता नहीं क्या कर बैठता...

राहुल : वेल!! नाउ यू क्नोव...

पियूष : येह! वन्स अगेन, थैंक यू भैया... में चलता हु अब.

पियूष इतना बोल बाहर चला जाता है.

राहुल भी एक गहरी सास लेकर वापस पेड़ की तरफ धीरे धीरे जाने लगता है जहा नेहा और तानिया कड़ी हुई थी. तानिया उससे अजीब निगाहो से देख रही थी और...??? और?? वो रो रही थी??? हां!! तानिया की आँखों में ासु थे. पर क्यों???

तानिया (क्रिस) : ी हेट यू!!!

राहुल : ???????

तानिया (रुवासी आवाज़ में) : mujhse...mujhse कहा तक नहीं जा रहा...

नेहा (कन्फ्यूज्ड) : तानिया दीदी?

तानिया (रट हुए) : ी हेट यू...

राहुल : हँ??????

तानिया (रो कर) : क्या प्लान था ये?

नेहा : दीदी आप रो क्यों रही हो?

तानिया : एक पल के लिए मुझे लगा तुमने सच में उससे प्रोपोज़ कर दिया.

पर... पर ...

राहुल : वही एक तरीका था... मेरे ऐसा करने से ना तोह दोनों की दोस्ती टूटी, न hi पियूष रिजेक्ट हुआ, उससे सच भी पता चल गया और न hi उससे रिजेक्शन का अब कोई डर सताएगा.

उसके इतना कहती hi तानिया जोरर से चिल्लाते हुए कहती है,

"पर तुम्हारा क्या!??? यू इडियट!!"

आस पास के सभी लोग राहुल और बाकी सब की तरफ घर के देखने लगे थे. तानिया क्यों इतना नाराज़ थी!? क्या हो गया उससे एकदम से?

राहुल : हे हे! कलम डाउन! ज़्यादा मत सोचो अब. सब ख़तम, अब चलो घर.

तानिया : अभी कुछ ख़तम नहीं हुआ है.

पियूष रिजेक्ट नहीं हुआ. उनकी फ्रेंडशिप भी नहीं टूटी, पियूष को सच पता चल गया. निकिता भी अब एक टेंशन से आज़ाद है. सब कुछ पहले जैसा हो गया जैसे कुछ बदला hi नहीं था. Par...par...

तानिया एकदम से जोरर से रोने लगती है,

"तुम्हारा क्याआ!??? क्या तुम कभी दुसरो की फीलिंग्स के बारे में नहीं सोच सकते??? Tum...tum इतने स्मार्ट होने के बावजूद भी इतनी छोटी सी बात क्यों नहीं समझ सकते? Mein...mein कभी भी वो देखना नहीं चाहती थी... कभी नहीं..."

राहुल (मैं में) : dusro...dusro की फीलिंग्स? मेने कब..!?

तानिया : नेहा! प्लीज! मुझे ज़रा अकेले में बात करने दो. क्या तुम घर जा सकती हो?

नेहा : o...ok दीदी.

नेहा एक नज़र राहुल पर घुमा कर घर जाने लगती है. यहाँ तानिया तोह सिसक रही थी. बिलकुल ऐसे जैसे उसका दिल किसी ने बोहत दुखाया हो.

तनीषा : क्यों किया ऐसा तुमने?

राहुल : wait...tum...tum इतना नाराज़ क्यों हो?

जस्ट कलम डाउन!

तानिया एक बार फिर जोरर से चिल्लाते हुए कहने लगती है,

"यू इडियट!! तुमने दोनों की फ्रेंडशिप सेव करि, उस पियूष को रिजेक्ट होने से सेव किया पर तुम्हारा क्या? तुमने वो रिजेक्शन अपने ऊपर क्यों लिया? क्यों????

क्यों तुमने साड़ी बेइज़्ज़ती अपने सर्र ली? क्यों...?? ज़रा भी ख़याल नहीं आया मेरी फीलिंग्स के बारे में? की केसा महसूस होगा मुझे जब तुम ऐसा करोगे?"

राहुल स्तब्ध सा खड़ा होक बस तानिया को hi देखे जा रहा था. उसकी समझ में नहीं आ रहा था की ये इतना गुस्सा क्यों है. और क्या कहा अभी अभी इसने? उसकी फीलिंग्स? मतलब??

तानिया : तुम तोह हीरो बन्न के सारे दुःख दर्द अपने ऊपर ले लेते हो. ऐसे hi नेहा के साथ भी तुम कुछ कर रहे हो जो किसी को नहीं बता रहे. और अब ये...

पर तुम्हे ज़रा भी ख़याल नहीं आया की मेरे ऊपर क्या बीतेगी जब तुम्हे अपने दिल पर चोट खाते हुए देखूंगी? क्यों सबकी प्रोब्लेम्स को अपने सर पर लेते हो तुम? क्यों ख़ुशी ख़ुशी अपने आप को चोट पहुचाते रहते हो तुम? तुम्हे पता भी है मुझे केसा फील होता है जब तुम्हे खुद को ऐसे दिल पर चोट पहुचाते हुए देखती हु में...? जबसे तुम्हारे घर आयी हु तबसे देख रही हु सबकी प्रोब्लेम्स को तुम अपने ऊपर ले लेते हो, सबकी डाट भी सुनते हो. क्यों??

तानिया शायद आज अपनी लिमिट पर पहुँच चुकी थी. और आज उसके सारे छुपे हुए इमोशंस बाहर आ रहे थे. वो अपने दिल की बात राहुल के सामने कहे जा रही थी...

आगे बढ़ के वो राहुल की कल्लोर को कस के पकड़ लेती है, आस पास के लोग भी राहुल और तानिया को hi देख रहे थे. सोच रहे थे की जवान जोड़ी है, लगता है लड़ाई हो गयी है दोनों में. पर वो क्या जाने? ये लड़ाई नहीं थी, ये तोह प्यार था. शायद तानिया ऐसे hi अपना प्यार जताती है?

राहुल (शॉकेड) : tum...tum मेरे लिए? मेरे लिए तुम्हे दुःख हुआ?

तानिया (चिल्लाते हुए) : यू स्टुपिड!!!! एससससस!! ी लव यू ... कैसे देख सकती हु तुम्हे कोई दूसरी लड़की को प्रोपोज़ करते हुए? कैसे देख सकती हु तुम्हे एक अनजान लड़के के लिए खुद के दिल को चोट पहुचाते हुए? बोलो!!! कैसे!???

राहुल : वो mein...mein...

राहुल के इतना कहते hi अचानक पता नहीं क्यों उसकी आँखों से ासु अपने आप बहने लगते है. पर राहुल को किस बात का गम?? पता नहीं क्यों पर ासु तोह निकल रहे थे, शायद राहुल का दिल बोहत hi उदास था और आज तानिया के शब्दों के वार से उसका दिल और न सेह सका और सारे छिपे इमोशंस अपने आप ासु के ज़रिये बाहर आ रहे थे.

*साइलेंस*

आवाज़ आ रही थी तोह केवल हलकी हलकी आस पास के लोगो की जो अपनी बातो में दूर खड़े वार्तालाप कर रहे थे. और उन् पेड़ के पत्तो की जो हवा से एक दूसरे से टकरा रहे थे.

तानिया को रीलीज़ हुआ की अभी अभी वो क्या बोल गयी. उसने प्रोपोज़ कर दिया राहुल को. वो शांत होक साइड में लगे पेड़ को देखने लगी. अब उसका मंद क्लियर था. पहले की तरह वो झिजक नहीं रही थी. शायद उसने मैं में ठान लिया था या वो किसी नतीजे पे आ पहुची थी. की राहुल से वो प्यार करती है, और उससे इस बात से कोई लेना देना नहीं था की वो दोनों भाई बहिन है.

राहुल : k...kya कहा तुमने?

तानिया : वही जो तुमने सुना.

राहुल को अब भी बिलीव नहीं हो रहा था की तानिया ऐसा कुछ कह देगी? क्या ये वही तानिया थी जो बात बात पर झगड़ा करती थी? क्या ये वही तानिया थी जो उससे चपडगंजु कहकर बुलाया करती थी? तानिया कब से राहुल की परवाह करने लगी? और तोह और प्यार??

राहुल का दिमाग चकराने लगा था.

इस से पहले की राहुल कुछ कहता, तानिया अपनी नज़रे कर उसके चेहरे को देखती है तोह पाती है की राहुल की आँखों से ासु बह रहे है. आगे बढ़ के वो राहुल के आसुओ को पोछती है और उसका हाथ पकड़ के ले जाने लगती है,

"चलो मेरे साथ"

राहुल : हँ? पर कहा!?

तानिया : don't टॉक. जस्ट के विथ में.

बिना कुछ बताये, तानिया राहुल को लेकर बाइक के पास ले आयी और उससे चलने के लिए कहने लगी.

राहुल : कुछ बताओगी कहा चलना है?

तानिया : हां पहले बाइक तोह स्टार्ट करो.

राहुल बाइक स्टार्ट करके आगे चल देता है, दोनों अभी रास्ते में hi आगे बढ़ रहे थे, की राहुल ने फिरसे पूछ लिया,

"कहा चलना है?"

तानिया : मुझे आइस क्रीम खानी है, चलो कही

राहुल : यू सूरे!? 7:30 हो गया है, हलकी हलकी ठण्ड आ चुकी है अब!

तानिया : I'm सूरे. तुम चलो.

राहुल : well...ok!

दोनों एक टॉप न टाउन में जाके रुकते है और अंदर जाके बैठ जाते है, तब तानिया कन्वर्सेशन स्टार्ट करती है,

तानिया : तोह? तुम रोये क्यों?

राहुल : में? वह...

तभी सर्वे करने वाला आ जाता है,

सर्वर : सर! ये रही आपकी स्ट्रॉबेरी एंड ma'am की चॉकलेट चिप्स वाली

राहुल : ओह! थैंक्स!

दोनों आइस क्रीम खाने लगते है, इस बीच राहुल का ध्यान तोह आइस क्रीम पर hi था, पर तानिया का ध्यान आइस क्रीम पर काम राहुल पर ज़्यादा था, उसकी आँखें राहुल को ज़्यादा और आइस क्रीम को काम देख रही थी.


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जब राहुल ने ये नोटिस किया तोह वो बिना पूछे न रह सका,

राहुल : क्या हुआ? ऐसे क्यों देख रही हो मुझे?

तानिया (थोड़ा चौंकते हुए) : wo...kuch नहीं! तुम... तुम स्मार्ट लग रहे हो

राहुल : हम्म्म्म? हहै! में तोह बचपन से hi स्मार्ट हु

तानिया : हम्म्म!!

अब ये बात थोड़ी कन्फूसिओं वाली थी. तानिया ने हम्म केहहकर जवाब दिया? राहुल ने खुदकी झूठी तारीफ करि थी पर तानिया ने सिर्फ हम्म कहा? हर्र बार तोह वो उसकी धो देती थी पर ये आज कुछ नया बेहेवियर था.

तानिया : यू क्नोव व्हाट?

राहुल : ????

तानिया : अहिंदा से ऐसा कभी मत करना.

कहते हुए उसने अपना हाथ राहुल के हाथ के ऊपर रख दिया, आँखों में हलके हलके ासु थे, और वो एक तक्क राहुल को hi देख रही थी. आँखों में बड़ी hi मायूसी छायी हुई थी.

तभी उसने कुछ ऐसा किया, जिसकी राहुल को बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी.

आगे बढ़ के तानिया ने राहुल के होंठ हौले से चूम लिए और वापस शर्मा के वो अपनी आइस क्रीम खाने लगी.


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इस 2 सेकंड की किश ने मानो राहुल को हिला के रख दिया. एक तोह वो दोनों अभी टॉप न टाउन में मौजूद थे, जहा फैमिलीज़ कपल्स सभी आते रहते है, दूसरा उसने होंठो पे किश किया. आस पास के लोग जिन्होंने ये देखा वो उन्ही दोनों को देख रहे थे और राहुल को अब बोहत ावक्वार्ड लग रहा था.

पर इधर तोह तानिया को जैसे कोई फ़र्क़ hi नहीं पड़ा, वो बड़ी hi मज़े से अपना सर झुकाए पूरा आइस क्रीम पर कंसन्ट्रेट कर रही थी और बड़े hi चाव से खा रही थी. ये लड़किया भी न, इन्हे समझना दुनिया का सबसे मुश्किल काम होता है भाई.

राहुल : तानिया!?? ये?? ये क्या किया तुमने अभी अभी.

तानिया (ब्लश) : नथिंग!!

राहुल : तानिया! थिस इस नॉट ा जोके. यू जस्ट किस्ड में ों थे लिप्स.

तानिया (ब्लश) : यस!

राहुल : विययययययय!????

तानिया : बिकॉज़ ी वांटेड तो...

राहुल : wh...whaaat!!?? ये कोई मज़ाक नहीं है तानिया... तुम्हे पता है न?

तानिया : ी क्नोव व्हाट I'm दोंग. तोह अब मुझे लेक्चर मत दो. में तुमसे बड़ी हु दो साल समझे? मेरा मैं किया तुम्हे किश करने का तोह मेने कर दिया!

राहुल : पागल हो क्या? वही पूछ रहा हु में की एकदम से...

तानिया : बिकॉज़ ी लव यू.... यू इडियट!!!

अब क्या बार बार बोलना पड़ेगा क्या?? पार्क में सुना नहीं था क्या? चपडगंजु कही का! जब तक बार बार चिल्ला के नहीं बोलूंगी तब तक तेरे भेजे में ये बात घुसेगी नहीं क्या?

राहुल : .........

तानिया : तोह सुन्न!! ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू,....

राहुल : बस बस मेरी माता चुप हो जा, देख सब इधर hi देख रहे है, ोये भाई ये पैसे लो यार तुम आइस क्रीम के, क्या कर रहे हो? खड़े हो वह आराम से? पैसे लेने चाहिए न तुरंत? चल मेरी माता यहाँ से घर चल.

राहुल फटाफट पैसे पाय कर के, तानिया को खींच के बाहर ले आया पर तानिया तोह जैसे रेडियो की तरह चालु थी और ृक्क hi नहीं रही थी.

राहुल : तानिया! प्लीज स्टॉप आईटी! ी गेट आईटी. प्लीज....

पर तानिया पर तोह जैसे भूत सवार था. वो ी लव यू की ृत्त लगाए जा रही थी.

तभी राहुल उसके कंधो को पकड़ के कहता है,

"ी लव यू तू! अब चले ...!?"

उसके इतना कहते hi तानिया शांत हो जाती है और फिर एकदम से खिल खिला के हस्सन लगती है और राहुल के गले लग जाती है, और फिर रोने भी लगती है


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राहुल : अब क्या हुआ???

तानिया : चपडगंजु!! I'm हैप्पी!!! I'm सोऊ हैप्पी!!!

राहुल (स्माइल्स) : अब चले!?

तानिया : एक बार और बोल न प्लीज...

राहुल : क्या?

तानिया : वही जो तूने अभी कहा था...

राहुल : ी लव यू तू! अब चले!?

बदले में तानिया मुस्कुराते हुए हां में सर हिलाती है और अपने ासु पॉच लेती है.

ऐसे hi करते करते समय बीत गया, तानिया और राहुल के रिलेशन अब थोड़ा सा आगे बढ़ गया था, दोनों के बीच किस्सेस होती थी, पैशनेट वाली भी और नार्मल भी. पर उस से ज़्यादा कुछ नहीं क्युकी थोड़े दिन बाद hi तानिया वापस से अपने शहर जा चुकी थी, उसकी नौकरी लग चुकी थी. उसका मैं तोह नहीं था बिलकुल भी पर वो भी जानती थी की इसमें वो कुछ नहीं कर सकती.

अंशु और वंशु भी दोनों वापस घर जा चुकी थी अपने, क्युकी उन्हें यहाँ आए बाह्य समय हो गया था और अब तोह वह वैसे भी राहुल की हो चुकी थी, दोनों बहनो की आपस में बॉन्डिंग बोहत अच्छी हो गयी थी ,जाने से पहले दोनों ने राहुल के साथ खूब एन्जॉय किया और रातें रंगीन की. अभी वो यही समझ रही थी की वो दोनों अपने मायके में लौट के आयी है.

इधर सभी के जाते hi निशा को जैसे जन्नत मिल गयी. वो अपने बेतु राहुल के साथ अब आराम से वक़्त व्यतीत करती और दोनों माँ बेटे आपस में एन्जॉय करते. प्यार करते.

करीब 5 महीने बीत चुके थे, सब कुछ हो चूका था, यहाँ कोरोना वायरस भी आ चूका था, जिसके चलते साड़ी दुनिया अभी पीड़ित है. राहुल और उसका परिवार भी सावधानी बारात ते हुए कोरोना नाम के वायरस से बचने की कोशिश करते जा रहे थे.

(में यहाँ कहानी में कोरोना वायरस को यहाँ तक hi सीमित रखूँगा, मतलब कहानी में कोरोना वायरस आ के जा भी चूका है, अब सब कुछ नार्मल होने लगा है)

जब मई का महीना आया तोह राहुल का समय भी आ गया अपनी कॉलेज लाइफ से विदा लेने का. दो दिन बाद कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी, जिसमे सभी को सम्मलित होना था. इन् 6 महीनो में राहुल ने मास्टर की भी साड़ी ट्रेनिंग ली और मोनिका के साथ भी उसकी फ्रेंडशिप काफी स्ट्रांग हो गयी. दोनों कभी कभी डेट्स पे भी चले जाते थे. राहुल तनीषा का भी अच्छे से ख्याल रखता उसके घर जाता और प्यार करता.

ऋचा को भी राहुल मोटीवेट करता रहता आगे बढ़ने के लिए पर निकिता का बेहेवियर कुछ अजीब सा रहता. जब भी वो राहुल को देखती उस से दूर चली जाती थी. उस पियूष वाले सन के बाद से वो राहुल से कुछ दूर दूर सी रहती थी, काम बात करती थी, नज़रे नीचे रखती थी. राहुल को ये बात पता चल गयी थी पर उसने कभी भी आगे बढ़कर पूछा नहीं.

दो दिन बाद राहुल के कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी. सारे सीनियर्स को आना था, मिछ पे आके दो शब्द कहने थे, और कुछ मोमेन्टोस दिए जाने वाले थे. राहुल भी उसी दिन का वेट कर रहा था की कब वो उस कॉलेज से निकले और कब अपनी असली लाइफ शुरू करे.

और दो दिन बाद वो दिन आ hi गया...

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आज के लिए इतना hi गाइस!

धन्यवाद्!
 
नहीं भाई लोखड़ौन से कहानी का कोई लेना देना नई है, मेने पहले से hi सोच के रखा था, अब क्युकी तानिया वंशु और अंशु सभी जा चुके थे तोह राहुल के ये 5 महीने नार्मल hi बीते.
 
I'm सो सॉरी गाइस!!

ी वांट तो इन्फॉर्म यू तहत today's अपडेट विल के टुमारो.

मेरे एरिया में थोड़ा प्रॉब्लम हो गयी है.

अभी अभी 2 लोग कोरोना से इन्फेक्टेड पाए गए है, उसके चलते यहाँ एरिया में अफरा तफरी सी मची हुई है, लोगो के कॉल्स आ रहे है, माहौल थोड़ा बिगड़ा हुआ है. में आशा करता हु आप समझ रहे होंगे. टेंशन की कोई बात नहीं है, आज का अपडेट कल आ जाएगा. आपको कल के अपडेट में थोड़ा थ्रिल और सस्पेंस देखने को मिलेगा.

एक बार फिरसे माफ़ी चाहता हु, में नहीं चाहता था की आप लोगो को अँधेरे में राखु, इन्फॉर्म करना मेरा काम है. इसलिए ी होप आप सभी बात को समझ रहे होंगे.

धन्यवाद्!
 
अपडेट-61

अब तक...

दो दिन बाद राहुल के कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी. सारे सीनियर्स को आना था, मिछ पे आके दो शब्द कहने थे, और कुछ मोमेन्टोस दिए जाने वाले थे. राहुल भी उसी दिन का वेट कर रहा था की कब वो उस कॉलेज से निकले और कब अपनी असली लाइफ शुरू करे.

और दो दिन बाद वो दिन आ hi गया...


अब आगे...

आज राहुल के कॉलेज में उसकी फेयरवेल सेरेमनी थी और आज वो भी बड़े hi अच्छे से रेडी होकर कॉलेज जाने के लिए तैयार था. पिछले बीते हुए इन् 5-6 महीनो में बोहत सी बातें हुई जिस से राहुल की ज़िन्दगी hi बदल गयी, एक ख़ूबसूरत गफ मिली, एक डॉक्टर उस से 5 साल बड़ी पत्नी भी मिली, दो सगी बहने जो 3 साल बाद उस से मिलने आयी उसके घर वो भी उसकी हो के रह गयी और तोह और एक और गरम मसाला एन्ड में उसको मिला पर अब सब कुछ बैक तो नार्मल हो चूका था राहुल के लिए. सिर्फ कुछ महीनो की बात थी, उससे पता था उसका प्यार कही नहीं जाएगा, अभी उससे पहले अपना एम्पायर खड़ा करना पड़ेगा ये बात राहुल भली भाति जानता था.

इन् 5-6 महीनो में उसकी लाइफ नोर्मल्ली hi गुज़री, सुबह वो रोज़ मास्टर के पास जाता और कुछ न कुछ सीख के आता, उसकी बॉडी पहले से सख्त और मज़बूत हो गयी थी, स्टैमिना भी कई गुना बढ़ गया था और सबसे ख़ास बात लड़ने की स्किल्स और उसके रेफ्लेक्सेस पहले के मुताबिक़ काफी ज़्यादा बढ़ चुके थे. बीते महीनो में नेहा का रवैया राहुल के प्रति बिलकुल भी नहीं बदला बल्कि नेहा और कुछ न कुछ करके राहुल को तंग करती और उसकी बेइज़्ज़ती करती, उसके खिलाफ षडियंत्र रचती, लड़ती झगड़ती, पर ये सब अब वो निशा से छुप कर करती थी.

राहुल भी नेहा के विरोध का जवाब अब विरोध से hi देता था. अब वो पहले की तरह सेहत नहीं था, वो भी नेहा को खरी खोटी सुनाता और हमेशा उससे यही कहता की नेहा कितनी भी कोशिश क्यों न कर ले, वो हमेशा राहुल के नीचे hi रहेगी. इसका असर यही पड़ता की नेहा गुस्से से लाल हो जाती और अपने काम में अपना 100% देती ताकि वो राहुल की बोलती बंद कर सके.

खर्र! चलते है हम सब राहुल के कॉलेज की तरफ, राहुल रेडी होक कॉलेज पहुचा तोह पाया की सभी लोग सज धज के आए हुए है, लोगो की गैप शाप चल रही है, माहौल बोहत hi बढ़िया लग रहा था पर न जाने क्यों राहुल के दिल में एक अजीब सी फीलिंग थी. जिससे वो खुद समझ नहीं पा रहा था.

जब फेयरवेल की एंडिंग सेरेमनी में दो शब्द बोलने की राहुल की बारी आयी तोह वो भी स्टेज पे गया और अपनी कॉलेज लाइफ से रिलेटेड कुछ चाँद शब्द राहुल ने भी व्यक्त किये.

खाना पीना हुआ, डांस वगैरह भी हुआ, सौरभ भी आया हुआ था और वो भी राहुल के साथ hi घूम फिर रहा था. ऋचा भी राहुल के साथ hi थी दोनों अपने इस कॉलेज के पिछले 4 साल की यादो को याद कर रहे थे क्युकी इसके बाद तोह दोनों कुछ महीनो के लिए अलग हो जाएंगे. इस बात से राहुल भी दुखी था पर ऋचा से तोह रहा hi नहीं जा रहा था की वो अब राहुल से महीनो तक नहीं मिल पाएगी.

ऋचा : शाम हो गयी है हनी!! आधे से ज़्यादा लोग जा चुके है, चलो मेरे साथ

ऋचा राहुल का हाथ पकड़ ले जाने लगती है,

राहुल : किधर?

ऋचा : चलो तोह सही!

ऋचा राहुल का हाथ थाम उससे ले जा रही थी पर कहा?

तभी दोनों चलते चलते ऊपर बिल्डिंग की टेरेस पर आ जाते है.

ऋचा : याद है न ये जगह?

राहुल : कैसे भूल सकता हु इस जगह को?

इधर पे hi तोह तुम मुझे मिली थी.

ऋचा : हां! इधर पे hi तुमने मेरी आँखें खोली थी, इधर पे hi मुझे तुमसे प्यार हुआ था, इधर पे hi तुम्हारे साथ मेरा पहला हुग था, कैसे भूल सकती हु ये जगह में? पर अब... अब हमे अलग होना होगा

राहुल : नहीं रीचु!! सिर्फ कुछ महीनो की hi बात है. ी प्रॉमिस सब कुछ सेटल होते hi तुम्हे अपने पास बुला लूंगा और हम फिर साथ में hi रहेंगे.

ऋचा : ी ट्रस्ट यू हनी!! ी लव यू!!

राहुल : ी लव यू तू रीचु! देखो! कितना प्यारा मौसम है न? बाहर चेह चाहते हुए पक्षियों की आवाज़, ये ढलता हुआ सूरज, एक एंडिंग सेरेमनी के लिए परफेक्ट मौसम.

राहुल मुस्कुराते हुए मौसम की hi तारीफ कर रहा था की इतने में उससे कॉल आ गया!

"अननोन नंबर से कॉल?" फ़ोन की स्क्रीन देखते हुए उसने अपने मैं में कहा और फिर कॉल उठा लिया.

राहुल : hello?

दूसरी तरफ से एक आदमी की आवाज़ आयी, "राहुल??"

राहुल : यस! थिस इस राहुल. हु अरे यू?

कॉलर : सांपत्ति बंद कर और कान खोल कर सुन्न. तू कहा है, किसके साथ है ये सब मुझे पता है, में तुझे देख सकता हु. सुना है वो निकिता तेरी बहिन जैसी है!?

निकिता का नाम सुनते hi राहुल के मैं में निकिता की छवि आ जाती है और कॉलर के मुँह से निकिता का नाम सुन्न राहुल की आँखें बड़ी हो जाती है, एक अजीब सी फीलिंग उससे घेर लेती है.

राहुल : कोण हो तुम?

कॉलर : में कोण हु ये जान ने की ज़रुरत तुम्हे नहीं है, सिर्फ इतना जान लो की तुम्हारी निकिता मेरे क़ब्ज़े में है, यदि बचाना है तोह तुम्हे मेरे कुछ सवालों के उत्तर देने होंगे.

राहुल : क्या मज़ाक है ये? कोई प्रैंक कर रहा है तोह अभी भी वक़्त है सुधर जाओ, और सीधे सीधे बता दो की कौन हो?

कॉलर : लगता है तुम ऐसे नहीं मानोगे, तुमको ट्रेलर देना hi पड़ेगा. तोह सुनो ये...

तभी वो कॉलर किसी को फ़ोन पकड़ाता है और दूसरी तरफ से एक आवाज़ आती है जो राहुल के रोये खड़े कर देती है,

"राहुल भैयाआ!! मुझे बचा लीजिये...."

कॉलर : सुन्न लिया तूने अब? अब हो गया भरोसा?

राहुल गुस्से के मारे अपनी मुट्ठी कस लेता है और एक नज़र ऋचा की और घुमाता है जो उसको सवालिया नज़रो से कुछ पूछ रही थी की कोण है फ़ोन पर? इधर उसकी बहिन को किसी ने क़ब्ज़े में कर लिया था और राहुल भला क्या जवाब देता? वो सोच रहा था की निकिता उसके कारण इस मुसीबत में फस्स गयी है.

राहुल (मैं में) : कोण है ये? लकी?? नहीं! यदि वो होता तोह उसके ऐसा करने से पहले hi मुझे मास्टर सावधान कर देते. तोह फिर कोण?

राहुल : क्या चाहते हो तुम?

कॉलर : सबसे पहले अपनी गफ को कहो की वो बिल्डिंग के बाहर जाए, उसका यहाँ कोई काम नहीं है.

राहुल : रीचु!! क्या तुम कार में जाके बैठ सकती हो? प्लीज!? ये लो के!! जब तक में न कहु, कार से बाहर मत आना. में बाद में सब कुछ बता दूंगा.

ऋचा (टेंशन में आ कर) : क्या हुआ?! तुम इतने परेशां क्यों लग रहे हो? हनी?? कोई बात है क्या?

राहुल : रीचु! प्लीज! अभी जाओ! ी स्वेअर में तुम्हे बाद में सब बताऊंगा!

ऋचा : oo..ok!!

न चाहते हुए भी ऋचा, राहुल के लिए, उसके कहने पर कार की के लेकर पार्किंग की तरफ चली जाती है, कॉलेज पूरा खाली हो चूका था इस वक़्त, जो लोग बचे थे तोह केवल कुछ जूनियर्स जो फेयरवेल की एंडिंग सेरेमनी के डेकोरेशन को हटवा रहे थे, और कुछ स्टाफ के लोग, जो जाने की तैयारी कर रहे थे. और बहार वॉचमैन और गार्ड्स. बाकी बिल्डिंग सुनसान सी हो गयी थी लगभग.

राहुल : वो चली गयी है, अब बोलो क्या चाहते हो तुम?

कॉलर : रूम no. 100 में जाओ वह एक प्रश्न मिलेगा तुम्हे! उसका जवाब तुम्हे वह पर रखे एक सफ़ेद शीट पर काले मार्कर से लिखना होगा, जाओ अब जल्दी.

राहुल : व्हाट थे....?? मज़ाक चल रहा क्या यहाँ? में तुम्हारे क्वेश्चन सोल्वे करने आया हु क्या?

कॉलर : नहीं करोगे तोह पछताओगे! भूलो मत निकिता मेरे क़ब्ज़े में है!

Rahul(mann में) : सहित!!! आवाज़ तोह निकिता की hi थी? ये झूठ नहीं बोल रहा, पर है कोण ये? शीट!!! ऋचा को भी मेने अभी कुछ नहीं बताया है, क्या करू अब???

राहुल : ठीक है! में जाता हु.

कॉलर : जल्दी!! टाइम काम है तुम्हारे पास...

राहुल दौड़ते हुए पूरी ऊपर की खाली फ्लोर में रूम no. 100 की तरफ जाने लगता है, जैसे hi वो एंटर करता है, उससे ब्लैकबोर्ड पे एक क्वेश्चन दिखाई देता है,

दो डंडी से बनता है एक मैथ सिग्न,

आधी तोड़ो तो बन जाता है एक अल्फाबेट,

तोह जल्दी बता दो क्या है वो अल्फाबेट,

क्युकी में करता नहीं वेट!

राहुल : व्हाट थे...?? ये क्या बकचोदी है?? शीट्ट्ट्ट!!!

तभी वो कान में वापस फ़ोन लगाता है, तोह दूसरी और से आवाज़ आती है

कॉलर : जल्दी से उसका आंसर दो और वह एक सफ़ेद शीट है उसके बगल में मार्कर है, आंसर उसमे बड़े अक्षर में लिखना.

राहुल : मुझे ऐसा क्यों लग रहा है की तुम मेरे साथ प्रैंक कर रहे हो? भला तुम्हे ये अंसवेरस सोल्वे करवा के क्या मिलेगा?

कॉलर : तोह तुम अब भी मुझे सीरियसली नहीं ले रहे हां? तोह रुको...

तभी दूसरी साइड से एक बार फिर निकिता की आवाज़ आती है, "राहुल भैयाआ!! ुवाआआ.... बचा लो मुझे भैया, सेव में प्लीज, प्लीज... प्लीज!!!"

फिरसे निकिता की आवाज़ सुन्न राहुल एक बार फिर शॉकेड रह जाता है, और उसका गुस्सा भी बढ़ जाता है, राहुल को अब पूरा यकीन हो गया था की निकिता उस कॉलर के क़ब्ज़े में है. पहले तोह कही न कही राहुल ये सोच रहा था की शायद कॉलर के पास निकिता की कोई रिकॉर्डिंग होगी पर जब निकिता के शब्द बदले हुए इस बार सुनाई दिए और वो भी रोटी हुई आवाज़ में तोह राहुल को पक्का यकीन हो गया की ये कॉलर मज़ाक नहीं कर रहा और इस मामले में अब राहुल को सीरियस होना पड़ेगा.

राहुल : शीट्ट्ट्ट!!! दमन आईटी!!!! क्या हो सकता है वो?? दो डंडी से बनता है मैथ सिग्न? मैथ सिग्न तोह +(प्लस), -(माइनस), /(डिवाइड), और X(multiply) है. दो डंडी से तोह प्लस और मल्टीप्लय के सिग्न बनते hai....shittt!! कोनसा??

तभी राहुल पहेली के अगले part पर ध्यान देता है तोह पाटा है की उसमे लिखा है,

आधी तोड़ो तोह बन जाता है अल्फाबेट!

तभी राहुल + में से एक डंडी का आधा हिस्सा गायब कर देता है तोह उसको मिलता है "टी"

राहुल : हां! यही तोह है, एसससससस! टी एक अल्फाबेट hi तोह है.

राहुल फौरन वाइट शीट पर ब्लैक मार्कर जो वही पे रखा हुआ था उस से बड़े से अक्षर में टी लिख देता है और वापस से फ़ोन को कान में लगाता है.

कॉलर : क्या बात है!! चलो अब रूम no. 110 में जाओ, वह अगला सवाल तुम्हारा इंतज़ार कर रहा होगा. हाहाहाहा!!!

राहुल (गुस्से में) : दमन यू!!!! तू मुझे मिल जाए में तेरा वो हाल करूँगा न...

कॉलर : उसके पहले hi में तुझे इन् सब प्रश्नो से hi थका दूंगा, हाहाहाहा! चल जल्दी जा अब!

राहुल न चाहते हुए भी, दौड़कर रूम no. 110 की और जाने लगता है, आज उससे खुद पे इस बात का गर्व हो रहा था की उससे अपने कॉलेज का बिल्डिंग स्ट्रक्चर पूरी तरह से रट्टा हुआ है, काम से काम उससे ढूंढ़ना तोह नहीं पद रहा था की कोण सा रूम कहा पर है.

राहुल जब रूम no. 110 में एंटर किया तोह सामने बोर्ड पर अगला प्रश्न उसका इंतज़ार कर रहा था,

"िंदुस्तानके की S.I यूनिट बताओ

और अगले प्रश्न की और फौरन जाओ"

राहुल : साइंस का क्वेश्चन? में एक कंप्यूटर स्टूडेंट हु, पर तुमने क्या मुझे बेवक़ूफ़ समझा है? ये तोह कोई आठवीं क्लास का बच्चा भी कर ले. हम्फ!! िंदुस्तानके की S.I यूनिट होती है henry(H)

राहुल आगे बढ़ के उस वाइट शीट पर ब्लैक मार्कर से बड़े से अक्षर में एक "ह" बना देता है.

और फिर से कान में फ़ोन लगाता है,

कॉलर : क्या बात है! तुम तोह वाक़ई होशियार हो.

राहुल (गुस्से में) : शायद तुमने मुझे हलके में ले लिया. अब बकवास बंद करो और बताओ की निकिता कहा है? यदि उससे एक खरोच भी आयी न तोह तुम्हारा वो हश्र करूँगा की मौत मांगने पर मजबूर हो जाओगे.

कॉलर : अरे अरे! ये मत भूलो की तुम अभी मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते. तुम्हारी निकिता फिलहाल तोह सुरक्षित है, फिलहाल तोह... लेट मत करो! समय गुज़र रहा है!! रूम no. 150. टाइम इस टीकिंग... टिक tok...tik टोक.... हाहाहाहा!!

राहुल : शीट्ट्ट्ट!! फ़क थिस...

वो फिरसे दौड़ते हुए रूम no. 150 की और जाता है, और अगला प्रश्न बोर्ड पर उसके सामने था,

वैसे तोह में एक एक्विलाटेरल ट्रायंगल हु,

पर यदि मेरी एक साइड को एडजस्ट करते हो,

तोह में एक अल्फाबेट बन जाता हु,

तोह बताओ वो अल्फाबेट,

क्युकी में करता नहीं वेट!

राहुल : याअररररर! में इसका भरता बना दूंगा यदि ये मुझे मिला तोह! कलम डाउन राहुल! कलम डाउन!

राहुल फ़्रस्ट्रेशन के मारे कुछ ज़्यादा hi गुस्से से लाल हो रहा था ऐसे में उसको अपनी मास्टर की कही बात याद आ गयी, "क्रोध मनुष्य का शत्रु है"

और तुरंत hi राहुल ने खुद को कलम किया और ठन्डे दिमाग से सोचने लगा.

राहुल : एक एक्विलाटेरल ट्राइंगल वो होता है जिसकी साड़ी साइड्स इक्वल ho...hmm! मतलब की कुछ ∆ ऐसा. यदि में इसकी किसी एक साइड को एडजस्ट करू तोह ये एक अल्फाबेट बन जाएगा?

राहुल ने पहले 2 साइड को ादजूस6 किया पर फौरन hi उसने वो आईडिया चोरर दिया और नीचे वाली साइड को थोड़ा ऊपर किया तोह उसकी आँखों में एकदम से चमक आ गयी

∆ की नीचे वाली साइड को ऊपर करते hi उससे अल्फाबेट "ा" मिल गया.

उसने फौरन शीट पर ा लिखा और फ़ोन वापस से कान में लगाया,

कॉलर : क्या बात है!! पर इस वाले में तुम्हे हल्का सा वक़्त लग गया हाहाहा!!! फिर भी ये अमेजिंग था. अब चलो! रूम no. 180. नेक्स्ट.

राहुल : और कितने सवाल बचे है तुम्हारे? फ़ालतू का टाइमपास क्यों?

कॉलर : अब तू जाता है या फिर यहाँ में निकिता के साथ अपनी मस्ती चालु करू?

राहुल (जोरर से) : उससे हाथ लगा के तोह दिखा तू... तेरा वो हाल करूँगा न...

कॉलर (जोरर से) : शट उप!!!! चल जल्दी भाग अब, रूम no. 180.

बिना मैं के राहुल पूरे गुस्से में रूम no. 180 की तरफ दौड़ लगा देता है और वह पहुँच के उससे अपना अगला प्रश्न दिख जाता है,

में एक रास्ता हु जो साउथ से नार्थ जाता है,

पर जब कोई मुझे दिएगोनालय क्रॉस करता है,

तोह में एक अल्फाबेट बन जाता हु

क्या हु में? टाइम नहीं लगाना है!

राहुल : सोच राहुल सोच!!! शीट्ट्ट्ट....

रास्ता??? साउथ से नार्थ....?? मतलब...

नीचे से upar...haa!!

तभी राहुल शीट पर दो लाइन बना देता है, नीचे से ऊपर ले जाते हुए,

कुछ इस प्रकार से,

||

राहुल : मुझे दिएगोनालय क्रॉस करो तोह बन जाता हु अल्फाबेट??

तभी राहुल एक लाइन उसके आधे में खींच देता है और उससे उसका जवाब मिल जाता है,

|| पे जैसे hi उसने लाइन खींची तोह उससे न मिल गया. जो की एक अल्फाबेट था.

उसने फौरन वाइट शीट पर न बनाया और फ़ोन कान से लगाया.

कॉलर : अगला प्रश्न रूम no. 210 में

राहुल भी बिना कुछ बोले दौड़ते हुए वह जाने लगा, स्टैर्स को कुंडे फांदते वो जितना जल्दी हो सकता था उतनी स्पीड में दौड़ रहा था.

उस वक़्त उसके चेहरे पर टेंशन, घबराहट, थकान, फ़्रस्ट्रेशन, गुस्सा, पसीना सब नज़र आ रहा था.

जैसे hi वह रूम no. 210 में पहुचा तोह अगला प्रश्न सामने था.

में एक अल्फाबेट हु जो 3 लाइन्स से बना है,

फिजिक्स में में कुछ और,

केमिस्ट्री में में कुछ और,

में शार्ट फॉर्म की तरह भी उसे होता हु जब आपको कन्वर्सेशन एन्ड करना हो!

क्या हु में?

राहुल : ये वाला टफ है! कलम डाउन! टेक आईटी इजी!!

राहुल गहरी सास लेता है, बाहर आलरेडी अँधेरा हो चूका था, अब उसका जी घबरा रहा था, अपने लिए नहीं पर निकिता और ऋचा के लिए.

राहुल : तीन लाइन्स से बनता है अल्फाबेट?

तोह तीन लाइन्स से तोह ा, फ, ह, क, न, और ज़ है.

फिजिक्स में... केमिस्ट्री में...

तभी राहुल पहेली की वो एंडिंग लाइन पढता है

और थोड़ी देरर सोचने लगता है, और अचानक उसकी आँखों में चमक आ जाती है और वो वाइट शीट उठाता है और उसपे लिख देता है

"क"

क तीन लाइन्स से बनता है.

क फिजिक्स में केल्विन की S.I यूनिट भी है,

क केमिस्ट्री में पोटैशियम को कहा जाता है,

और कन्वर्सेशन एन्ड करने के लिए हम okay कहते है जिसको शार्ट फॉर्म में क भी कहते है

राहुक ने ये सब प्रश्नो को समझ लिया था और उसको आंसर मिल चूका था.

कॉलर : गुड! मुझे लगा नहीं था तुम ये कर पाओगे, अब लास्ट क्वेश्चन! रूम no. 230 में. जाओ जल्दी!

राहुल हफ्ते हुए तेज़्ज़ी से दौड़कर रूम no. 230 में जाता है और रूम को खोलता है, तोह ब्लैकबोर्ड पर आखिरी सवाल था.

"यूनिकोड 83. व्हाट ऍम ी?"

राहुल : यूनिकोड?? एक मिनट!! कही ये?? अब तक जितने भी क़ुएस्तिओन्स थे वो अल्फाबेट से रिलेटेड hi थे. तोह ये भी? यूनिकोड.... ये तोह कंप्यूटर से रिलेटेड है... 83...unicode....83....hmmm...

हां!! यूनिकोड में ा का मतलब होता है 65, मतलब 83 ......

राहुल फौरन शीट उठाता है और उसपर लिख देता है,

"स"

कॉलर : क्या बात है! *क्लाप्स* तुम तोह मेरी उम्मीद से कही ज़्यादा काबिल निकले.

राहुल (हफ्ते हुए) : बकवास.... बंद करो!!

और बताओ की निकिता कहा है.

कॉलर : बाहर निकलो और स्टाफ रूम के सामने जाओ, वह से कॉरिडोर के दूसरे साइड देखो.

राहुल दौड़ते हुए बिना कुछ कहे स्टाफ रूम की तरफ दौड़ लगा देता है और वह पहुँच के उससे कुछ दिखाई नहीं देता, स्टाफ रूम में ताला लगा हुआ था, जब वो कॉरिडोर के दूसरे साइड बिल्डिंग के दूसरे चोरर की और देखता है तोह उसकी आँखें खुली की खुली रह जाती है

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आज के लिए इतना hi फ्रेंड्स.

ये अपडेट में आप लोगो को पढ़ाई से रिलेटेड कुछ ज़्यादा hi चीज़े देखने मिल गयी ः.


पर ये ज़रूरी था, ये आपको नेक्स्ट अपडेट में पता लग जाएगा.
 
शुक्रिया भाई!

ख़ुशी है की आपको पसंद आया!

अगला अपडेट भी पोस्ट कर दिया है

पढियेगा ज़रूर!

जो बात आपको खटक रही है, उसमे कोई मिस्ट्री नहीं है भाई. नेहा ने रिएक्शन दिया था, उसने पूछा था की तानिया रो क्यों रही है और वो थोड़ा कन्फ्यूज्ड भी थी.
 
स्टोरी का प्लाट यहाँ से इसलिए चेंज हुआ क्युकी यहाँ तक सभी फीमेल लीड चरक्टेर्स के मैं में राहुल के प्रति फीलिंग्स जगाना था. जो की हो चूका था. सभी के साथ सेक्स दिखाना नहीं. कुछ चीज़े आगे के लिए भी रखनी है. इसकिये यहाँ से कहानी का प्लाट चेंज हुआ. आगे देखोगे आप की कैसे राहुल जीरो से हीरो बनता है.
 
अरे बोहत बोहत धन्यवाद् भाई! आपको अपडेट इतना पसंद आया उस बात की मुझे बेहद ख़ुशी है.

जी हां! निशा और राहुल तोह एक दूसरे के बिना रह hi नहीं सकते. उनका प्यार तोह हमेशा रहेगा.
 
भाई शायद आप ये भूल रहे है को लोखड़ौन के चलते अब मेरी प्राइवेसी काम हो चुकी है, जहा में अकेले बैठ कर अपडेट लिख लेता था अब में अपने घरवालों से hi घिरा रहता हु अक्सर. केवल रात में hi टाइम मिलता है. तोह उपदटेस जैसे hi रेडी होते जाएंगे में पोस्ट करता जाऊंगा.
 
लोखड़ौन का असर सब पर है भाई. अब हमारी प्राइवेसी काम हो चुकी है, घरवाले साथ में बैठे रहते है, ऐसे में फ़ोन पर साइट भी नहीं खोल सकते. पहले की तरह अब अकेले रहकर अपडेट लिखने के लिए समय ढूंढ़ना पड़ता है.
 
अपडेट-62



अब तक...

राहुल (हफ्ते हुए) : बकवास.... बंद करो!!


और बताओ की निकिता कहा है.

कॉलर : बाहर निकलो और स्टाफ रूम के सामने जाओ, वह से कॉरिडोर के दूसरे साइड देखो.



राहुल दौड़ते हुए बिना कुछ कहे स्टाफ रूम की तरफ दौड़ लगा देता है और वह पहुँच के उससे कुछ दिखाई नहीं देता, स्टाफ रूम में ताला लगा हुआ था, जब वो कॉरिडोर के दूसरे साइड बिल्डिंग के दूसरे चोरर की और देखता है तोह उसकी आँखें खुली की खुली रह जाती है

अब आगे...

राहुल कॉरिडोर पे खड़े होक बिल्डिंग की दूसरी साइड जब दूसरे कॉरिडोर पे देखा तोह वह अँधेरा था, क्युकी शाम ढल चुकी थी इसलिए पहले तोह कुछ नज़र नहीं आया पर अचानक वह की लाइट जाली और करीब 6 लोग वह पर खड़े हुए दिखाई दिए, उन् 6 लोगो के हाथ में वाइट शीट्स थी जिससे वो लोग अपने चेहरे के सामने पकडे हुए थे, पर ये क्या? ये तोह...




ये तोह वही साड़ी शीट्स थी, और उस पर लिखा हुआ था थैंक्स. ये सारे तोह अभी अभी राहुल ने उत्तर दिए थे, और भला राहुल अपनी hi राइटिंग कैसे नहीं पहचानता?

उससे समझने में देरर न लगी की वो 6 लोग जो पकडे हुए है वो उसी ने थोड़ी देरर पहले लिखा था. थैंक्स? पर किसलिए??

राहुल की कुछ समझ नहीं आया, एक तोह वो न hi चेहरा देख पा रहा था और न hi अनुमान लगा पा रहा था की वो सब कोण है. उसने फौरन दूसरी साइड जाने की सोची और दौड़ते हुए वह कुछ hi सेकण्ड्स में दूसरे चोरर पर पहुँच गया.

सामने 6 लोग अभी भी चेहरा उन् शीट्स से ढके हुए थे,

राहुल : तुम सब? कोण?

तभी सभी ने शीट्स हटाई और अपना अपना चेहरा दिखाया तोह राहुल के होश hi उड़द गए.

सामने निकिता, पियूष, सौरभ, सिमरन (ये वही लड़की है जो नेहा के बर्थडे में राहुल से मिली थी, अपडेट 36 में आप दुबारा पढ़ सकते है), सृष्टि (राहुल और ऋचा की कॉमन फ्रेंड), और नेहा?? नेहा भी?

सामने का नज़ारा देख राहुल तोह स्तब्ध था hi बूत उस से भी ज़्यादा सुरप्रीसेड नेहा को देख के था. ये यहाँ क्या कर रही है? यही सवाल उससे सत्ता रहा था.

नेहा ने भी जब देखा की राहुल उससे hi देख रहा है तोह उसने फौरन अपनी सफाई पेश करते हुए कहा,

नेहा : व्हाट? में सिर्फ यहाँ टाइमपास के लिए आयी थी, पर ये इन् लोगो ने मुझे ये थमा दिया.

कहते हुए उसने वाइट शीट जिस पर न लिखा हुआ था नीचे फेक दी और अपने हाथ बाँध कर कड़ी हो गयी.

निकिता ने फौरन उस शीट को नीचे से उठा लिया और अपने सीने से लगा लिया.

निकिता : wo...wo मेरे कहने पर hi नेहा यहाँ पर है भैया.

कहते हुए उसने अपनी नज़रे नीचे कर ली.

पियूष : थैंक यू राहुल भैया!

राहुल : कोई मुझे बताएगा यहाँ पर चल क्या रहा है? और सौरभ तू यहाँ? सृष्टि तुम भी? मुझे लगा तुम दोनों hi घर चले गए.

पियूष : में बताता हु भैया! दरअसल! आज आपका और बाकी सारे सीनियर्स का इस कॉलेज में लास्ट दिन था. अब क्युकी हम फर्स्ट ईयर वाले एंडिंग सेरेमनी में इन्वितेद नहीं थे पर में और बाकी सब आपके लिए कुछ करना चाहते थे.

राहुल : ???

पियूष : इसलिए मेने और बाकी सब ने सौरभ भैया और सृष्टि दीदी की हेल्प ली क्युकी वो दोनों आपको अच्छे से जानती है. सौरभ भैया ने hi हमे ये बताया की आपको थ्रिल और सस्पेंस पसंद है और यदि आपकी असली खूबी बाहर निकालनी है तोह हम सभी को कुछ ऐसा करना था जिस से आप को थ्रिल महसूस होए और थोड़ा डर लगे.

सौरभ : हां भाई! माफ़ करना तुमसे सीक्रेट रखा, पर अब क्या करू? ये बच्चे इतने प्यार से मदद मांगने आये थे की में मन hi नहीं कर पाया और थोड़ा तोह में भी चाहता था की तुझे उस सिचुएशन में देखु. कसम से क्या सन था यार हाहाहा...

सृष्टि : हां! पर राहुल की दाद देनी पड़ेगी, कितना कलम होक उसने साड़ी सिचुएशन को डील किया.

सौरभ : सच में! यदि ये सब असली में हो रहा होता और राहुल की जगह में होता तोह में तोह कभी भी निकिता को नहीं बचा पाटा. I'm सॉरी निकिता, मेरा उतना दिमाग तोह कभी न चल पाटा.

राहुल : *स्माइल्स*

पियूष : आपने उस दिन मेरी इतनी मदद की, तोह बदले में मेरी और बाकी सब की तरफ से थैंक यू समझिये इससे.

सिमरन : हां! वेल! में ये सब नहीं करती पर जब मुझे पता चला की ये सब आपके लिए किया जा रहा है तोह में भला कैसे पीछे रहती? और हां! में याद तोह हु न आपको?

राहुल : सिमरन??

सिमरन (स्माइल्स) : चलिए! काम से काम याद तोह हु.

राहुल : तोह ये सब तुम लोगो ने मेरे लिए किया? ताकि जाते जाते में कुछ थ्रिल महसूस करू और ये मेमोरी बना के जाऊ?

नेहा को चोरर कर सभी लोगो ने हां में सर हिला दिया, तभी राहुल जोरर जोरर से हस्सन लगता है

राहुल : वाओ!! सच में! तुम लोग मुझे थ्रिल महसूस करवाने में कामयाब हुए, में वाक़ई दर्रा हुआ था.

पियूष : बिलकुल! हम कॉलेज में लगे कामर्स से आपको लाइव देख रहे थे भैया. आप निकिता के लिए बोहत ज़्यादा hi गुस्से में आ गए थे, आपकी हर्र एक बात हम सब ने सुनी. और आपकी हर एक हरकत हम सब कामर्स में देख रहे थे. और सॉरी भैया! वो आवाज़ बदल कर मेने hi आपसे वैसे बात करि थी, तोह उसके लिए सॉरी.

राहुल फिर से हस्ते हुए आनंद लेता है और फिर निकिता की तरफ बढ़कर उससे अपने सीने से लगा लेता है.

राहुल : क्यों रे? तू भी मिली हुई थी इनके साथ? इधर में कितना घबरा गया था तुझे पता है?

राहुल की अचानक हुग से निकिता जब सम्भली तोह अचानक उसकी आँखों में ासु आ गए, वो भी राहुल की हर एक हरकत देख रही थी, देख रही थी की राहुल को उसकी कितनी परवाह है, देख रही थी की राहुल उसके लिए किन किन हदो को पार कर सकता था, उसके लिए किस हद्द तक जाने को तैयार था और यहाँ वो पिछले कुछ महीनो से राहुल से दूर भाग रही थी, उस से नज़रे चुरा रही थी. निकिता को खुद पे hi घिन आ रही थी. पर क्या करती? इसके अलावा उसके पास कोई चारा hi नहीं था. क्यों? वो इसलिए क्युकी जब से राहुल ने वो फेक प्रपोजल किया था और जब से निकिता ने राहुल को फाकेली रिजेक्ट किया था तबसे उसके अंदर कुछ फीलिंग्स थी जिन्हे वो समझ नहीं पा रही थी. और जब उससे समझ ने आया की वो फीलिंग्स क्या थी तोह उसने दूर होना hi बेहतर समझा.

वो नहीं चाहती थी की उसके चलते उसकी बहिन की ज़िन्दगी में प्रोब्लेम्स आये. क्या वो राहुल की तरफ अत्त्रक्टेड थी? जी हां! और जब बेचारी निकिता को खुद के hi क्रश को रिजेक्ट करना पड़ा तब सोचिये क्या बीती होगी उसपर. उससे भी ये बात तभी पता चली थी की राहुल उसका क्रश है.

ज़रा इमेजिन करिये की आपके क्रश ने आपको ी लव यू कहा और आप उससे रिजेक्ट कर रहे हो, भले hi ये झूठा एक्ट था पर ज़रा सोचिये, केसा लगेगा आपको? बुरा लगेगा न!? यही हाल निकिता का था. उससे राहुल से लगाव सा था पर जब उसने राहुल को उस दिन रिजेक्ट किया तब उससे पता चला की वो लगाव क्या था. और बेचारी वो सेह न पायी. यहाँ राहुल पियूष को सदमा न लगे इसके लिए टेंशन में था पर सदमा तोह बेचारी हमारी निकिता को लग गया था.

पर आज जब राहुल को ऐसे उसके लिए परवाह करते देखा तोह निकिता के अंदर का विरोध कुछ गायब सा हो गया. अपने हाथ को फैलाते हुए उसने रट रट राहुल को भी कस के भींच लिया.

राहुल : अरे!? अब रो क्यों रही है? और हां! इतने दिनों से मुझसे दूर क्यों भाग रही थी?

राहुल की बात सुन्न निकिता और जोरर से रोने लगती है और उसकी हज छाती में अपना मुँह छुपा लेती है,

निकिता (रट हुए) : I'm सोविई (I'm सॉरी)

कहते वक़्त बेचारी ढंग से बोल भी नहीं पा रही थी. रो जो रही थी.

राहुल : क्या?

सृष्टि : सॉरी कह रही है.

राहुल : किस बात के लिए.

निकिता : आपसे दूर जाने के लिए

राहुल: हां! वही पूछ रहा में, क्यों किया ऐसा?

निकिता : ......

राहुल : क्या हुआ? नहीं बताना क्या?

निकिता ना में सर हिला देती है.

राहुल : फिरसे करोगी ऐसा?

एक बार फिरसे निकिता ना में सर हिला देती है.

इधर नेहा कुछ अजीब नज़रो से निकिता और राहुल को एक दूसरे की बाहो में लिप्त हुआ देख रही थी उसके मैं में कुछ चल रहा था और उससे कुछ अजीब महसूस हो रहा था. हर्र बार जब वो निकिता और राहुल को साथ देखती तोह पता नहीं उससे ये फीलिंग क्यों आ जाती थी, और हर्र बार वो इस फीलिंग को समझने में नाकामयाब रहती.

राहुल : गुड!! वैसे!! मुझे इतना अच्छा सरप्राइज देने के लिए आप सभी को थैंक्स. मेने बिलकुल भी ये सब एक्सपेक्ट नहीं किया था.

नेहा : हम्फ!!

तभी पीछे से ऋचा की आवाज़ आती है,

"तोह यहाँ हो तुम?"

वो दौड़ते दौड़ते आयी और देखा की सभी लोग यहाँ खड़े हुए है और राहुल की बाहो में उसकी छोटी बहिन निकिता है.

राहुल : रीचु?

ऋचा (हफ्ते हुए) : tum...yaha? चल क्या रहा है?

फिर राहुल सब कुछ सच सच बता देता है ऋचा को.

ऋचा : हे bhagw@@n! तुम्हे पता है में कितना टेंशन में थी? इतने कॉल्स किये तुम्हे पर तुमने एक कॉल नहीं उठाया, फिर मुझसे रहा नहीं गया तोह में खुद चली आयी, पर तुम कही मिल hi नहीं रहे थे...

राहुल : सॉरी रीचु! फ़ोन साइलेंट पर था इसलिए कॉल का पता hi नहीं चला.

सॉरी तुम्हे टेंशन में दाल दिया.

ऋचा : अहिंदा से ऐसा कभी मत करना हनी!

राहुल : *ब्लश*

ऋचा : क्या हुआ?

जब ऋचा गौर करती है की अभी अभी सब के सामने वो क्या कह गयी तोह वो भी शर्म के मारे अपना मुँह छुपा लेती है.

राहुल फिर आगे बढ़ निकिता को चोरर ऋचा को अपनी बाहो में ले लेता है.

सृष्टि : ओह्ह होऊ!! देखो तोह बाबू शोना का प्यार हहै!!

सभी हस्सन लगते है.

ऋचा (ब्लश) : शट उप सृष्टि!!

ऐसे hi थोड़ा थ्रिल, थोड़ा सस्पेंस, थोड़ी हस्सी, थोड़ा प्यार और थोड़े से एन्जॉयमेंट के बाद राहुल का आखिरी दिन कॉलेज में समाप्त हुआ और ये रात भी यही शान्ति से गुज़र गयी.

अगले दिन राहुल अपने मास्टर के पास गया , आज मास्टर से शिक्षा लेने का आखिरी दिन था. आज के दिन मास्टर ने उससे कोई शिक्षा नहीं दी और सारा समय बातो में hi गुज़ारा.

मास्टर : तोह आज तुम्हारा ये आखिरी दिन है राहुल.

राहुल : हां मास्टर! इसके बाद में ये शहर चोरर कर चला जाऊंगा.

मास्टर : तोह तुम फिर हमेशा के लिए बाहर hi रहोगे या फिर यहाँ पे बाद में आकर बस जाओगे?

राहुल : इसका जवाब में अभी नहीं दे सकता मास्टर.

मास्टर : क्या इसका जवाब तुम्हे खुद नहीं पता या तुम बताना नहीं चाहते?

राहुल : मुझे खुद नहीं पता!

मास्टर : हम्म! देखो राहुल!

राहुल : जी मास्टर!

मास्टर : आने वाले समय में हो सकता है तुम्हारे ऊपर कई साड़ी मुसीबते आये, पर तुम उसका दत्त कर सामना करना. बस हिम्मत मत हारना. तुम्हे ऐसे लोग भी मिलेंगे जो बल से नहीं बल्कि बुद्धि से लोगो मात देते है और षडियंत्र भी रचते है. ऐसे लोगो से बोहत hi सावधान रहना राहुल.

राहुल : जी मास्टर!

तभी वह मोनिका आ जाती है,

मोनिका : तोह हीरो अब तुम चले जाओगे?

राहुल : हां मोनिका दी.

राहुल और मोनिका दोनों का रिलेशन उस दिन के बाद से काफी क्लोज हो गया था. मोनिका नहीं चाहती थी की राहुल उससे मिस कहकर बुलाये इसलिए राहुल ने फिर उससे दी कहकर बुलाना शुरू कर दिया. मोनिका को ये भी पसंद नहीं आया था पर धीरे धीरे उसने एक्सेप्ट कर लिया और अब राहुल मोनिका को मोनिका दी कहकर hi बुलाता है.

मोनिका (साद होकर) : में तुम्हे मिस करुँगी!

राहुल : में भी आपको और बाकी सभी को मिस करूँगा दी!

मोनिका : तोह मत जाओ न! तेरा पूरा ख़याल में रखूंगी, तेरा सारा खर्चा में उठाउंगी तुझे अपने साथ रखूंगी. मत जा!

राहुल : दी ये आप क्या कह रही हो? आप ये कैसे भूल सकती हो की में राहुल हु. ये सब में कैसे एक्सेप्ट कर सकता हु? आप तोह जानती है न मुझे अच्छे से?

मास्टर : मोनिका? शायद तुम भूल रही हो की एक सच्चा मर्द ये कभी नहीं चाहेगा की उसका खर्चा एक लड़की उठाए और बिना कोई परिश्रम किये उसके ऊपर बोझ बन्न कर रहे.

मोनिका : पर राहुल मेरे लिए बोझ नहीं है...

मास्टर : मॉनिकाआआ....

मोनिका : umm...sorry! सॉरी राहुल! मुझे सोचना चाहिए था बोलने से पहले.

राहुल (स्माइल्स) : कोई बात नहीं दी! मुझे आपकी हर्र बात अच्छी लगती है.

मोनिका (ब्लश) : पागल!!

कहते हुए वो वह से चली जाती है.

मास्टर तभी उठ के रूम का दूर अंदर से लॉक कर देते है,

मास्टर : राहुल!

राहुल : जी?

मास्टर : समय आ गया है की अब में तुमसे गुरु दक्षिणा मांगू.

राहुल : j...ji!

मास्टर : क्या तुम तैयार हो?

राहुल : हां मास्टर! कहिये! क्या चाहते है आप मुझसे?

मास्टर : देखो राहुल! मुझे नहीं पता तुम ये सुन्न ने के बाद कैसे रियेक्ट करोगे पर एक गुरु को दक्षिणा तोह देनी hi पड़ती है. में भले hi तुम्हे स्वार्थी लागु पर में भी कुछ नहीं कर सकता. अब यदि में तुम्हे स्वार्थी लगता भी हु तोह मुझे केवल इस बात का अफ़सोस hi रहेगा ज़िन्दगी भर.

राहुल : में कुछ समझा नहीं मास्टर!?

मास्टर : अब कैसे कहु तुमसे राहुल... मुझसे कहा भी नहीं जा रहा है.

राहुल : इसमें इतने सोचने वाली क्या बात है मास्टर? कह दीजिये! आप अपनज hi गुरु दक्षिणा मांग रहे है, किसी और की नहीं.

मास्टर : हम्म!! राहुल... में चाहता हु की...

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आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
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