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- Dec 5, 2013
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अपडेट-60
अब तक...
इस से पहले की इनकी बहस और चलती निकिता सामने ब्रिज की तरफ आने लगी. राहुल और बाकी सभी लोगो को निकिता का चेहरा सामने से दिख रहा था और पियूष की पीठ दिखाई दे रही थी.
पियूष : *हार्ट बीटिंग फास्टर*
धीरे धीरे निकिता के कदम आगे की और बढ़ रहे थे और वो कुछ hi पल बाद पियूष के सामने आके कड़ी हो गयी.
अब आगे...
पियूष (निर्वसली) : उम्...
निकिता : हां?
राहुल (मैं में) : सबसे पहली बात... पियूष रिजेक्ट होने वाला है ये तोह पक्की बात है. वो भले hi बुरे से बुरे रिजल्ट के लिए तैयार है पर... पर रिजेक्शन का असर उसके दिल पर बोहत गहरा पड़ेगा. इसलिए निकिता मुझसे रिक्वेस्ट करने आयी थी.
पियूष : mein...ummm..
राहुल (मैं में) : पियूष को रिजेक्शन से बचाने के लिए, निकिता और पियूष की दोस्ती को टूटने से बचाने के लिए, दोनों एक साथ वैसे hi दोस्त बने रहे उसके लिए... में सिर्फ... में sirf...ek hi चीज़ कर सकता हु और वो है...
तभी राहुल पेड़ के पीछे से बाहर निकल आगे बढ़ के ब्रिज के पास उन् दोनों की तरफ जाने लगता है, तानिया और नेहा दोनों कन्फ्यूज्ड होक राहुल को देखने लगती है.
पियूष : woo...baat ये है की... में..
में...
तभी राहुल पियूष के एकदम बाजू से निकल उसके सामने आ जाता है और तपाक से बोल देता है,
"में तुम्हे बोहत समय से प्यार करता हु. ी लव यू. क्या तुम मेरी गफ बन्न न पसंद करोगी?"
*साइलेंस*
निकिता : (हेईईईन्न्नन्नं????? राहुल भैया मुझसे???? प्याआआरररर??? Omg!!! क्या कहु???? में क्या कहु??? एक मिनट!! वो मुझे आँखों से इशारे क्यों कर रहे है??)
तभी निकिता को राहुल की कही गयी बात याद आ जाती है. "जो तुमने अभी अभी कहा. यही बात बाद में तुम फिरसे मुझसे कहना. सही समय आने पर तुम्हे पता चल जाएगा तुम्हे कब कहना है ये सब."
यही शब्द तोह थे राहुल के.
निकिता : (मतलब? मतलब? वो चाहते है की में उनसे वही सब कहु? Omg!!! मतलब? मुझे उन्हें रिजेक्ट करना है?)
राहुल : (क्या कर रही है ये? जल्दी बोल न!!! भूल गयी क्या कैफ़े में क्या बताया था मेने इससे?)
इधर राहुल के प्रपोजल से सब हक्के बक्के रह गए थे. अभी अभी हुआ क्या?
नेहा शॉकेड सी सामने चल रहे सन को देख रही थी, उसके मैं में यही चल रहा था की ये बास्टर्ड अब क्या नया ड्रामा करने लगा? पर एक पल के लिए तोह नेहा का दिल भी घबरा गया था जैसे hi राहुल ने निकिता को प्रोपोज़ किया उसके मैं में राहुल और निकिता का हस्ता हुआ चेहरा और दोनों कपल्स है ऐसी तस्वीरें उसके मैं में मंडराने लगी थी. एक अजीब सी घबराहट आ गयी थी उसके अंदर. अब ये घबराहट किस लिए थी? ये तोह उससे भी नहीं पता.
तानिया भी भौचक्की सी सामने हो रहे सन को देखे जा रही थी. उसकी आँखों में थोड़ा क्रोध था, थोड़ी उलझन, थोड़ी निराशा, न जाने क्या विचार उत्पन्न हो रहे थे इस वक़्त उसके मैं में.
इधर निकिता खुद को संभाल गहरी सास लेती है और फिर कहती है,
"I'm सॉरी!! में... में अभी किसी रिलेशनशिप में नहीं रहना चाहती. मुझे कोई भी प्रोपोज़ करेगा, मेरा जवाब शामे hi रहेगा. यदि और कोई बात नहीं है, तोह में चलती हु. Bye bye!" बोलते वक़्त उसकी आवाज़ लड़खड़ा रही थी. भला ऐसा क्यों था?
पियूष ये सुन्न स्तब्ध सा बस खड़ा हुआ था. दौड़ते दौड़ते निकिता फिर बाहर की और जाने लगी.
राहुल : तोह सुन्न लिया तुमने?
पियूष : राहुल भैया, हां मेने सब सुन्ना. वेल... मुझे इस बात की बोहत ख़ुशी है की ये बात मुझे रिजेक्ट होने से पहले hi पता चल गयी. में खुश हु काम से काम आपने मेरी इज़्ज़त बचा ली वर्ण में रिजेक्ट होता तोह शायद सदमे में hi चला जाता. फिर पता नहीं क्या कर बैठता...
राहुल : वेल!! नाउ यू क्नोव...
पियूष : येह! वन्स अगेन, थैंक यू भैया... में चलता हु अब.
पियूष इतना बोल बाहर चला जाता है.
राहुल भी एक गहरी सास लेकर वापस पेड़ की तरफ धीरे धीरे जाने लगता है जहा नेहा और तानिया कड़ी हुई थी. तानिया उससे अजीब निगाहो से देख रही थी और...??? और?? वो रो रही थी??? हां!! तानिया की आँखों में ासु थे. पर क्यों???
तानिया (क्रिस) : ी हेट यू!!!
राहुल : ???????
तानिया (रुवासी आवाज़ में) : mujhse...mujhse कहा तक नहीं जा रहा...
नेहा (कन्फ्यूज्ड) : तानिया दीदी?
तानिया (रट हुए) : ी हेट यू...
राहुल : हँ??????
तानिया (रो कर) : क्या प्लान था ये?
नेहा : दीदी आप रो क्यों रही हो?
तानिया : एक पल के लिए मुझे लगा तुमने सच में उससे प्रोपोज़ कर दिया.
पर... पर ...
राहुल : वही एक तरीका था... मेरे ऐसा करने से ना तोह दोनों की दोस्ती टूटी, न hi पियूष रिजेक्ट हुआ, उससे सच भी पता चल गया और न hi उससे रिजेक्शन का अब कोई डर सताएगा.
उसके इतना कहती hi तानिया जोरर से चिल्लाते हुए कहती है,
"पर तुम्हारा क्या!??? यू इडियट!!"
आस पास के सभी लोग राहुल और बाकी सब की तरफ घर के देखने लगे थे. तानिया क्यों इतना नाराज़ थी!? क्या हो गया उससे एकदम से?
राहुल : हे हे! कलम डाउन! ज़्यादा मत सोचो अब. सब ख़तम, अब चलो घर.
तानिया : अभी कुछ ख़तम नहीं हुआ है.
पियूष रिजेक्ट नहीं हुआ. उनकी फ्रेंडशिप भी नहीं टूटी, पियूष को सच पता चल गया. निकिता भी अब एक टेंशन से आज़ाद है. सब कुछ पहले जैसा हो गया जैसे कुछ बदला hi नहीं था. Par...par...
तानिया एकदम से जोरर से रोने लगती है,
"तुम्हारा क्याआ!??? क्या तुम कभी दुसरो की फीलिंग्स के बारे में नहीं सोच सकते??? Tum...tum इतने स्मार्ट होने के बावजूद भी इतनी छोटी सी बात क्यों नहीं समझ सकते? Mein...mein कभी भी वो देखना नहीं चाहती थी... कभी नहीं..."
राहुल (मैं में) : dusro...dusro की फीलिंग्स? मेने कब..!?
तानिया : नेहा! प्लीज! मुझे ज़रा अकेले में बात करने दो. क्या तुम घर जा सकती हो?
नेहा : o...ok दीदी.
नेहा एक नज़र राहुल पर घुमा कर घर जाने लगती है. यहाँ तानिया तोह सिसक रही थी. बिलकुल ऐसे जैसे उसका दिल किसी ने बोहत दुखाया हो.
तनीषा : क्यों किया ऐसा तुमने?
राहुल : wait...tum...tum इतना नाराज़ क्यों हो?
जस्ट कलम डाउन!
तानिया एक बार फिर जोरर से चिल्लाते हुए कहने लगती है,
"यू इडियट!! तुमने दोनों की फ्रेंडशिप सेव करि, उस पियूष को रिजेक्ट होने से सेव किया पर तुम्हारा क्या? तुमने वो रिजेक्शन अपने ऊपर क्यों लिया? क्यों????
क्यों तुमने साड़ी बेइज़्ज़ती अपने सर्र ली? क्यों...?? ज़रा भी ख़याल नहीं आया मेरी फीलिंग्स के बारे में? की केसा महसूस होगा मुझे जब तुम ऐसा करोगे?"
राहुल स्तब्ध सा खड़ा होक बस तानिया को hi देखे जा रहा था. उसकी समझ में नहीं आ रहा था की ये इतना गुस्सा क्यों है. और क्या कहा अभी अभी इसने? उसकी फीलिंग्स? मतलब??
तानिया : तुम तोह हीरो बन्न के सारे दुःख दर्द अपने ऊपर ले लेते हो. ऐसे hi नेहा के साथ भी तुम कुछ कर रहे हो जो किसी को नहीं बता रहे. और अब ये...
पर तुम्हे ज़रा भी ख़याल नहीं आया की मेरे ऊपर क्या बीतेगी जब तुम्हे अपने दिल पर चोट खाते हुए देखूंगी? क्यों सबकी प्रोब्लेम्स को अपने सर पर लेते हो तुम? क्यों ख़ुशी ख़ुशी अपने आप को चोट पहुचाते रहते हो तुम? तुम्हे पता भी है मुझे केसा फील होता है जब तुम्हे खुद को ऐसे दिल पर चोट पहुचाते हुए देखती हु में...? जबसे तुम्हारे घर आयी हु तबसे देख रही हु सबकी प्रोब्लेम्स को तुम अपने ऊपर ले लेते हो, सबकी डाट भी सुनते हो. क्यों??
तानिया शायद आज अपनी लिमिट पर पहुँच चुकी थी. और आज उसके सारे छुपे हुए इमोशंस बाहर आ रहे थे. वो अपने दिल की बात राहुल के सामने कहे जा रही थी...
आगे बढ़ के वो राहुल की कल्लोर को कस के पकड़ लेती है, आस पास के लोग भी राहुल और तानिया को hi देख रहे थे. सोच रहे थे की जवान जोड़ी है, लगता है लड़ाई हो गयी है दोनों में. पर वो क्या जाने? ये लड़ाई नहीं थी, ये तोह प्यार था. शायद तानिया ऐसे hi अपना प्यार जताती है?
राहुल (शॉकेड) : tum...tum मेरे लिए? मेरे लिए तुम्हे दुःख हुआ?
तानिया (चिल्लाते हुए) : यू स्टुपिड!!!! एससससस!! ी लव यू ... कैसे देख सकती हु तुम्हे कोई दूसरी लड़की को प्रोपोज़ करते हुए? कैसे देख सकती हु तुम्हे एक अनजान लड़के के लिए खुद के दिल को चोट पहुचाते हुए? बोलो!!! कैसे!???
राहुल : वो mein...mein...
राहुल के इतना कहते hi अचानक पता नहीं क्यों उसकी आँखों से ासु अपने आप बहने लगते है. पर राहुल को किस बात का गम?? पता नहीं क्यों पर ासु तोह निकल रहे थे, शायद राहुल का दिल बोहत hi उदास था और आज तानिया के शब्दों के वार से उसका दिल और न सेह सका और सारे छिपे इमोशंस अपने आप ासु के ज़रिये बाहर आ रहे थे.
*साइलेंस*
आवाज़ आ रही थी तोह केवल हलकी हलकी आस पास के लोगो की जो अपनी बातो में दूर खड़े वार्तालाप कर रहे थे. और उन् पेड़ के पत्तो की जो हवा से एक दूसरे से टकरा रहे थे.
तानिया को रीलीज़ हुआ की अभी अभी वो क्या बोल गयी. उसने प्रोपोज़ कर दिया राहुल को. वो शांत होक साइड में लगे पेड़ को देखने लगी. अब उसका मंद क्लियर था. पहले की तरह वो झिजक नहीं रही थी. शायद उसने मैं में ठान लिया था या वो किसी नतीजे पे आ पहुची थी. की राहुल से वो प्यार करती है, और उससे इस बात से कोई लेना देना नहीं था की वो दोनों भाई बहिन है.
राहुल : k...kya कहा तुमने?
तानिया : वही जो तुमने सुना.
राहुल को अब भी बिलीव नहीं हो रहा था की तानिया ऐसा कुछ कह देगी? क्या ये वही तानिया थी जो बात बात पर झगड़ा करती थी? क्या ये वही तानिया थी जो उससे चपडगंजु कहकर बुलाया करती थी? तानिया कब से राहुल की परवाह करने लगी? और तोह और प्यार??
राहुल का दिमाग चकराने लगा था.
इस से पहले की राहुल कुछ कहता, तानिया अपनी नज़रे कर उसके चेहरे को देखती है तोह पाती है की राहुल की आँखों से ासु बह रहे है. आगे बढ़ के वो राहुल के आसुओ को पोछती है और उसका हाथ पकड़ के ले जाने लगती है,
"चलो मेरे साथ"
राहुल : हँ? पर कहा!?
तानिया : don't टॉक. जस्ट के विथ में.
बिना कुछ बताये, तानिया राहुल को लेकर बाइक के पास ले आयी और उससे चलने के लिए कहने लगी.
राहुल : कुछ बताओगी कहा चलना है?
तानिया : हां पहले बाइक तोह स्टार्ट करो.
राहुल बाइक स्टार्ट करके आगे चल देता है, दोनों अभी रास्ते में hi आगे बढ़ रहे थे, की राहुल ने फिरसे पूछ लिया,
"कहा चलना है?"
तानिया : मुझे आइस क्रीम खानी है, चलो कही
राहुल : यू सूरे!? 7:30 हो गया है, हलकी हलकी ठण्ड आ चुकी है अब!
तानिया : I'm सूरे. तुम चलो.
राहुल : well...ok!
दोनों एक टॉप न टाउन में जाके रुकते है और अंदर जाके बैठ जाते है, तब तानिया कन्वर्सेशन स्टार्ट करती है,
तानिया : तोह? तुम रोये क्यों?
राहुल : में? वह...
तभी सर्वे करने वाला आ जाता है,
सर्वर : सर! ये रही आपकी स्ट्रॉबेरी एंड ma'am की चॉकलेट चिप्स वाली
राहुल : ओह! थैंक्स!
दोनों आइस क्रीम खाने लगते है, इस बीच राहुल का ध्यान तोह आइस क्रीम पर hi था, पर तानिया का ध्यान आइस क्रीम पर काम राहुल पर ज़्यादा था, उसकी आँखें राहुल को ज़्यादा और आइस क्रीम को काम देख रही थी.
जब राहुल ने ये नोटिस किया तोह वो बिना पूछे न रह सका,
राहुल : क्या हुआ? ऐसे क्यों देख रही हो मुझे?
तानिया (थोड़ा चौंकते हुए) : wo...kuch नहीं! तुम... तुम स्मार्ट लग रहे हो
राहुल : हम्म्म्म? हहै! में तोह बचपन से hi स्मार्ट हु
तानिया : हम्म्म!!
अब ये बात थोड़ी कन्फूसिओं वाली थी. तानिया ने हम्म केहहकर जवाब दिया? राहुल ने खुदकी झूठी तारीफ करि थी पर तानिया ने सिर्फ हम्म कहा? हर्र बार तोह वो उसकी धो देती थी पर ये आज कुछ नया बेहेवियर था.
तानिया : यू क्नोव व्हाट?
राहुल : ????
तानिया : अहिंदा से ऐसा कभी मत करना.
कहते हुए उसने अपना हाथ राहुल के हाथ के ऊपर रख दिया, आँखों में हलके हलके ासु थे, और वो एक तक्क राहुल को hi देख रही थी. आँखों में बड़ी hi मायूसी छायी हुई थी.
तभी उसने कुछ ऐसा किया, जिसकी राहुल को बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी.
आगे बढ़ के तानिया ने राहुल के होंठ हौले से चूम लिए और वापस शर्मा के वो अपनी आइस क्रीम खाने लगी.
इस 2 सेकंड की किश ने मानो राहुल को हिला के रख दिया. एक तोह वो दोनों अभी टॉप न टाउन में मौजूद थे, जहा फैमिलीज़ कपल्स सभी आते रहते है, दूसरा उसने होंठो पे किश किया. आस पास के लोग जिन्होंने ये देखा वो उन्ही दोनों को देख रहे थे और राहुल को अब बोहत ावक्वार्ड लग रहा था.
पर इधर तोह तानिया को जैसे कोई फ़र्क़ hi नहीं पड़ा, वो बड़ी hi मज़े से अपना सर झुकाए पूरा आइस क्रीम पर कंसन्ट्रेट कर रही थी और बड़े hi चाव से खा रही थी. ये लड़किया भी न, इन्हे समझना दुनिया का सबसे मुश्किल काम होता है भाई.
राहुल : तानिया!?? ये?? ये क्या किया तुमने अभी अभी.
तानिया (ब्लश) : नथिंग!!
राहुल : तानिया! थिस इस नॉट ा जोके. यू जस्ट किस्ड में ों थे लिप्स.
तानिया (ब्लश) : यस!
राहुल : विययययययय!????
तानिया : बिकॉज़ ी वांटेड तो...
राहुल : wh...whaaat!!?? ये कोई मज़ाक नहीं है तानिया... तुम्हे पता है न?
तानिया : ी क्नोव व्हाट I'm दोंग. तोह अब मुझे लेक्चर मत दो. में तुमसे बड़ी हु दो साल समझे? मेरा मैं किया तुम्हे किश करने का तोह मेने कर दिया!
राहुल : पागल हो क्या? वही पूछ रहा हु में की एकदम से...
तानिया : बिकॉज़ ी लव यू.... यू इडियट!!!
अब क्या बार बार बोलना पड़ेगा क्या?? पार्क में सुना नहीं था क्या? चपडगंजु कही का! जब तक बार बार चिल्ला के नहीं बोलूंगी तब तक तेरे भेजे में ये बात घुसेगी नहीं क्या?
राहुल : .........
तानिया : तोह सुन्न!! ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू,....
राहुल : बस बस मेरी माता चुप हो जा, देख सब इधर hi देख रहे है, ोये भाई ये पैसे लो यार तुम आइस क्रीम के, क्या कर रहे हो? खड़े हो वह आराम से? पैसे लेने चाहिए न तुरंत? चल मेरी माता यहाँ से घर चल.
राहुल फटाफट पैसे पाय कर के, तानिया को खींच के बाहर ले आया पर तानिया तोह जैसे रेडियो की तरह चालु थी और ृक्क hi नहीं रही थी.
राहुल : तानिया! प्लीज स्टॉप आईटी! ी गेट आईटी. प्लीज....
पर तानिया पर तोह जैसे भूत सवार था. वो ी लव यू की ृत्त लगाए जा रही थी.
तभी राहुल उसके कंधो को पकड़ के कहता है,
"ी लव यू तू! अब चले ...!?"
उसके इतना कहते hi तानिया शांत हो जाती है और फिर एकदम से खिल खिला के हस्सन लगती है और राहुल के गले लग जाती है, और फिर रोने भी लगती है
राहुल : अब क्या हुआ???
तानिया : चपडगंजु!! I'm हैप्पी!!! I'm सोऊ हैप्पी!!!
राहुल (स्माइल्स) : अब चले!?
तानिया : एक बार और बोल न प्लीज...
राहुल : क्या?
तानिया : वही जो तूने अभी कहा था...
राहुल : ी लव यू तू! अब चले!?
बदले में तानिया मुस्कुराते हुए हां में सर हिलाती है और अपने ासु पॉच लेती है.
ऐसे hi करते करते समय बीत गया, तानिया और राहुल के रिलेशन अब थोड़ा सा आगे बढ़ गया था, दोनों के बीच किस्सेस होती थी, पैशनेट वाली भी और नार्मल भी. पर उस से ज़्यादा कुछ नहीं क्युकी थोड़े दिन बाद hi तानिया वापस से अपने शहर जा चुकी थी, उसकी नौकरी लग चुकी थी. उसका मैं तोह नहीं था बिलकुल भी पर वो भी जानती थी की इसमें वो कुछ नहीं कर सकती.
अंशु और वंशु भी दोनों वापस घर जा चुकी थी अपने, क्युकी उन्हें यहाँ आए बाह्य समय हो गया था और अब तोह वह वैसे भी राहुल की हो चुकी थी, दोनों बहनो की आपस में बॉन्डिंग बोहत अच्छी हो गयी थी ,जाने से पहले दोनों ने राहुल के साथ खूब एन्जॉय किया और रातें रंगीन की. अभी वो यही समझ रही थी की वो दोनों अपने मायके में लौट के आयी है.
इधर सभी के जाते hi निशा को जैसे जन्नत मिल गयी. वो अपने बेतु राहुल के साथ अब आराम से वक़्त व्यतीत करती और दोनों माँ बेटे आपस में एन्जॉय करते. प्यार करते.
करीब 5 महीने बीत चुके थे, सब कुछ हो चूका था, यहाँ कोरोना वायरस भी आ चूका था, जिसके चलते साड़ी दुनिया अभी पीड़ित है. राहुल और उसका परिवार भी सावधानी बारात ते हुए कोरोना नाम के वायरस से बचने की कोशिश करते जा रहे थे.
(में यहाँ कहानी में कोरोना वायरस को यहाँ तक hi सीमित रखूँगा, मतलब कहानी में कोरोना वायरस आ के जा भी चूका है, अब सब कुछ नार्मल होने लगा है)
जब मई का महीना आया तोह राहुल का समय भी आ गया अपनी कॉलेज लाइफ से विदा लेने का. दो दिन बाद कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी, जिसमे सभी को सम्मलित होना था. इन् 6 महीनो में राहुल ने मास्टर की भी साड़ी ट्रेनिंग ली और मोनिका के साथ भी उसकी फ्रेंडशिप काफी स्ट्रांग हो गयी. दोनों कभी कभी डेट्स पे भी चले जाते थे. राहुल तनीषा का भी अच्छे से ख्याल रखता उसके घर जाता और प्यार करता.
ऋचा को भी राहुल मोटीवेट करता रहता आगे बढ़ने के लिए पर निकिता का बेहेवियर कुछ अजीब सा रहता. जब भी वो राहुल को देखती उस से दूर चली जाती थी. उस पियूष वाले सन के बाद से वो राहुल से कुछ दूर दूर सी रहती थी, काम बात करती थी, नज़रे नीचे रखती थी. राहुल को ये बात पता चल गयी थी पर उसने कभी भी आगे बढ़कर पूछा नहीं.
दो दिन बाद राहुल के कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी. सारे सीनियर्स को आना था, मिछ पे आके दो शब्द कहने थे, और कुछ मोमेन्टोस दिए जाने वाले थे. राहुल भी उसी दिन का वेट कर रहा था की कब वो उस कॉलेज से निकले और कब अपनी असली लाइफ शुरू करे.
और दो दिन बाद वो दिन आ hi गया...
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आज के लिए इतना hi गाइस!
धन्यवाद्!
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इस से पहले की इनकी बहस और चलती निकिता सामने ब्रिज की तरफ आने लगी. राहुल और बाकी सभी लोगो को निकिता का चेहरा सामने से दिख रहा था और पियूष की पीठ दिखाई दे रही थी.
पियूष : *हार्ट बीटिंग फास्टर*
धीरे धीरे निकिता के कदम आगे की और बढ़ रहे थे और वो कुछ hi पल बाद पियूष के सामने आके कड़ी हो गयी.
अब आगे...
पियूष (निर्वसली) : उम्...
निकिता : हां?
राहुल (मैं में) : सबसे पहली बात... पियूष रिजेक्ट होने वाला है ये तोह पक्की बात है. वो भले hi बुरे से बुरे रिजल्ट के लिए तैयार है पर... पर रिजेक्शन का असर उसके दिल पर बोहत गहरा पड़ेगा. इसलिए निकिता मुझसे रिक्वेस्ट करने आयी थी.
पियूष : mein...ummm..
राहुल (मैं में) : पियूष को रिजेक्शन से बचाने के लिए, निकिता और पियूष की दोस्ती को टूटने से बचाने के लिए, दोनों एक साथ वैसे hi दोस्त बने रहे उसके लिए... में सिर्फ... में sirf...ek hi चीज़ कर सकता हु और वो है...
तभी राहुल पेड़ के पीछे से बाहर निकल आगे बढ़ के ब्रिज के पास उन् दोनों की तरफ जाने लगता है, तानिया और नेहा दोनों कन्फ्यूज्ड होक राहुल को देखने लगती है.
पियूष : woo...baat ये है की... में..
में...
तभी राहुल पियूष के एकदम बाजू से निकल उसके सामने आ जाता है और तपाक से बोल देता है,
"में तुम्हे बोहत समय से प्यार करता हु. ी लव यू. क्या तुम मेरी गफ बन्न न पसंद करोगी?"
*साइलेंस*
निकिता : (हेईईईन्न्नन्नं????? राहुल भैया मुझसे???? प्याआआरररर??? Omg!!! क्या कहु???? में क्या कहु??? एक मिनट!! वो मुझे आँखों से इशारे क्यों कर रहे है??)
तभी निकिता को राहुल की कही गयी बात याद आ जाती है. "जो तुमने अभी अभी कहा. यही बात बाद में तुम फिरसे मुझसे कहना. सही समय आने पर तुम्हे पता चल जाएगा तुम्हे कब कहना है ये सब."
यही शब्द तोह थे राहुल के.
निकिता : (मतलब? मतलब? वो चाहते है की में उनसे वही सब कहु? Omg!!! मतलब? मुझे उन्हें रिजेक्ट करना है?)
राहुल : (क्या कर रही है ये? जल्दी बोल न!!! भूल गयी क्या कैफ़े में क्या बताया था मेने इससे?)
इधर राहुल के प्रपोजल से सब हक्के बक्के रह गए थे. अभी अभी हुआ क्या?
नेहा शॉकेड सी सामने चल रहे सन को देख रही थी, उसके मैं में यही चल रहा था की ये बास्टर्ड अब क्या नया ड्रामा करने लगा? पर एक पल के लिए तोह नेहा का दिल भी घबरा गया था जैसे hi राहुल ने निकिता को प्रोपोज़ किया उसके मैं में राहुल और निकिता का हस्ता हुआ चेहरा और दोनों कपल्स है ऐसी तस्वीरें उसके मैं में मंडराने लगी थी. एक अजीब सी घबराहट आ गयी थी उसके अंदर. अब ये घबराहट किस लिए थी? ये तोह उससे भी नहीं पता.
तानिया भी भौचक्की सी सामने हो रहे सन को देखे जा रही थी. उसकी आँखों में थोड़ा क्रोध था, थोड़ी उलझन, थोड़ी निराशा, न जाने क्या विचार उत्पन्न हो रहे थे इस वक़्त उसके मैं में.
इधर निकिता खुद को संभाल गहरी सास लेती है और फिर कहती है,
"I'm सॉरी!! में... में अभी किसी रिलेशनशिप में नहीं रहना चाहती. मुझे कोई भी प्रोपोज़ करेगा, मेरा जवाब शामे hi रहेगा. यदि और कोई बात नहीं है, तोह में चलती हु. Bye bye!" बोलते वक़्त उसकी आवाज़ लड़खड़ा रही थी. भला ऐसा क्यों था?
पियूष ये सुन्न स्तब्ध सा बस खड़ा हुआ था. दौड़ते दौड़ते निकिता फिर बाहर की और जाने लगी.
राहुल : तोह सुन्न लिया तुमने?
पियूष : राहुल भैया, हां मेने सब सुन्ना. वेल... मुझे इस बात की बोहत ख़ुशी है की ये बात मुझे रिजेक्ट होने से पहले hi पता चल गयी. में खुश हु काम से काम आपने मेरी इज़्ज़त बचा ली वर्ण में रिजेक्ट होता तोह शायद सदमे में hi चला जाता. फिर पता नहीं क्या कर बैठता...
राहुल : वेल!! नाउ यू क्नोव...
पियूष : येह! वन्स अगेन, थैंक यू भैया... में चलता हु अब.
पियूष इतना बोल बाहर चला जाता है.
राहुल भी एक गहरी सास लेकर वापस पेड़ की तरफ धीरे धीरे जाने लगता है जहा नेहा और तानिया कड़ी हुई थी. तानिया उससे अजीब निगाहो से देख रही थी और...??? और?? वो रो रही थी??? हां!! तानिया की आँखों में ासु थे. पर क्यों???
तानिया (क्रिस) : ी हेट यू!!!
राहुल : ???????
तानिया (रुवासी आवाज़ में) : mujhse...mujhse कहा तक नहीं जा रहा...
नेहा (कन्फ्यूज्ड) : तानिया दीदी?
तानिया (रट हुए) : ी हेट यू...
राहुल : हँ??????
तानिया (रो कर) : क्या प्लान था ये?
नेहा : दीदी आप रो क्यों रही हो?
तानिया : एक पल के लिए मुझे लगा तुमने सच में उससे प्रोपोज़ कर दिया.
पर... पर ...
राहुल : वही एक तरीका था... मेरे ऐसा करने से ना तोह दोनों की दोस्ती टूटी, न hi पियूष रिजेक्ट हुआ, उससे सच भी पता चल गया और न hi उससे रिजेक्शन का अब कोई डर सताएगा.
उसके इतना कहती hi तानिया जोरर से चिल्लाते हुए कहती है,
"पर तुम्हारा क्या!??? यू इडियट!!"
आस पास के सभी लोग राहुल और बाकी सब की तरफ घर के देखने लगे थे. तानिया क्यों इतना नाराज़ थी!? क्या हो गया उससे एकदम से?
राहुल : हे हे! कलम डाउन! ज़्यादा मत सोचो अब. सब ख़तम, अब चलो घर.
तानिया : अभी कुछ ख़तम नहीं हुआ है.
पियूष रिजेक्ट नहीं हुआ. उनकी फ्रेंडशिप भी नहीं टूटी, पियूष को सच पता चल गया. निकिता भी अब एक टेंशन से आज़ाद है. सब कुछ पहले जैसा हो गया जैसे कुछ बदला hi नहीं था. Par...par...
तानिया एकदम से जोरर से रोने लगती है,
"तुम्हारा क्याआ!??? क्या तुम कभी दुसरो की फीलिंग्स के बारे में नहीं सोच सकते??? Tum...tum इतने स्मार्ट होने के बावजूद भी इतनी छोटी सी बात क्यों नहीं समझ सकते? Mein...mein कभी भी वो देखना नहीं चाहती थी... कभी नहीं..."
राहुल (मैं में) : dusro...dusro की फीलिंग्स? मेने कब..!?
तानिया : नेहा! प्लीज! मुझे ज़रा अकेले में बात करने दो. क्या तुम घर जा सकती हो?
नेहा : o...ok दीदी.
नेहा एक नज़र राहुल पर घुमा कर घर जाने लगती है. यहाँ तानिया तोह सिसक रही थी. बिलकुल ऐसे जैसे उसका दिल किसी ने बोहत दुखाया हो.
तनीषा : क्यों किया ऐसा तुमने?
राहुल : wait...tum...tum इतना नाराज़ क्यों हो?
जस्ट कलम डाउन!
तानिया एक बार फिर जोरर से चिल्लाते हुए कहने लगती है,
"यू इडियट!! तुमने दोनों की फ्रेंडशिप सेव करि, उस पियूष को रिजेक्ट होने से सेव किया पर तुम्हारा क्या? तुमने वो रिजेक्शन अपने ऊपर क्यों लिया? क्यों????
क्यों तुमने साड़ी बेइज़्ज़ती अपने सर्र ली? क्यों...?? ज़रा भी ख़याल नहीं आया मेरी फीलिंग्स के बारे में? की केसा महसूस होगा मुझे जब तुम ऐसा करोगे?"
राहुल स्तब्ध सा खड़ा होक बस तानिया को hi देखे जा रहा था. उसकी समझ में नहीं आ रहा था की ये इतना गुस्सा क्यों है. और क्या कहा अभी अभी इसने? उसकी फीलिंग्स? मतलब??
तानिया : तुम तोह हीरो बन्न के सारे दुःख दर्द अपने ऊपर ले लेते हो. ऐसे hi नेहा के साथ भी तुम कुछ कर रहे हो जो किसी को नहीं बता रहे. और अब ये...
पर तुम्हे ज़रा भी ख़याल नहीं आया की मेरे ऊपर क्या बीतेगी जब तुम्हे अपने दिल पर चोट खाते हुए देखूंगी? क्यों सबकी प्रोब्लेम्स को अपने सर पर लेते हो तुम? क्यों ख़ुशी ख़ुशी अपने आप को चोट पहुचाते रहते हो तुम? तुम्हे पता भी है मुझे केसा फील होता है जब तुम्हे खुद को ऐसे दिल पर चोट पहुचाते हुए देखती हु में...? जबसे तुम्हारे घर आयी हु तबसे देख रही हु सबकी प्रोब्लेम्स को तुम अपने ऊपर ले लेते हो, सबकी डाट भी सुनते हो. क्यों??
तानिया शायद आज अपनी लिमिट पर पहुँच चुकी थी. और आज उसके सारे छुपे हुए इमोशंस बाहर आ रहे थे. वो अपने दिल की बात राहुल के सामने कहे जा रही थी...
आगे बढ़ के वो राहुल की कल्लोर को कस के पकड़ लेती है, आस पास के लोग भी राहुल और तानिया को hi देख रहे थे. सोच रहे थे की जवान जोड़ी है, लगता है लड़ाई हो गयी है दोनों में. पर वो क्या जाने? ये लड़ाई नहीं थी, ये तोह प्यार था. शायद तानिया ऐसे hi अपना प्यार जताती है?
राहुल (शॉकेड) : tum...tum मेरे लिए? मेरे लिए तुम्हे दुःख हुआ?
तानिया (चिल्लाते हुए) : यू स्टुपिड!!!! एससससस!! ी लव यू ... कैसे देख सकती हु तुम्हे कोई दूसरी लड़की को प्रोपोज़ करते हुए? कैसे देख सकती हु तुम्हे एक अनजान लड़के के लिए खुद के दिल को चोट पहुचाते हुए? बोलो!!! कैसे!???
राहुल : वो mein...mein...
राहुल के इतना कहते hi अचानक पता नहीं क्यों उसकी आँखों से ासु अपने आप बहने लगते है. पर राहुल को किस बात का गम?? पता नहीं क्यों पर ासु तोह निकल रहे थे, शायद राहुल का दिल बोहत hi उदास था और आज तानिया के शब्दों के वार से उसका दिल और न सेह सका और सारे छिपे इमोशंस अपने आप ासु के ज़रिये बाहर आ रहे थे.
*साइलेंस*
आवाज़ आ रही थी तोह केवल हलकी हलकी आस पास के लोगो की जो अपनी बातो में दूर खड़े वार्तालाप कर रहे थे. और उन् पेड़ के पत्तो की जो हवा से एक दूसरे से टकरा रहे थे.
तानिया को रीलीज़ हुआ की अभी अभी वो क्या बोल गयी. उसने प्रोपोज़ कर दिया राहुल को. वो शांत होक साइड में लगे पेड़ को देखने लगी. अब उसका मंद क्लियर था. पहले की तरह वो झिजक नहीं रही थी. शायद उसने मैं में ठान लिया था या वो किसी नतीजे पे आ पहुची थी. की राहुल से वो प्यार करती है, और उससे इस बात से कोई लेना देना नहीं था की वो दोनों भाई बहिन है.
राहुल : k...kya कहा तुमने?
तानिया : वही जो तुमने सुना.
राहुल को अब भी बिलीव नहीं हो रहा था की तानिया ऐसा कुछ कह देगी? क्या ये वही तानिया थी जो बात बात पर झगड़ा करती थी? क्या ये वही तानिया थी जो उससे चपडगंजु कहकर बुलाया करती थी? तानिया कब से राहुल की परवाह करने लगी? और तोह और प्यार??
राहुल का दिमाग चकराने लगा था.
इस से पहले की राहुल कुछ कहता, तानिया अपनी नज़रे कर उसके चेहरे को देखती है तोह पाती है की राहुल की आँखों से ासु बह रहे है. आगे बढ़ के वो राहुल के आसुओ को पोछती है और उसका हाथ पकड़ के ले जाने लगती है,
"चलो मेरे साथ"
राहुल : हँ? पर कहा!?
तानिया : don't टॉक. जस्ट के विथ में.
बिना कुछ बताये, तानिया राहुल को लेकर बाइक के पास ले आयी और उससे चलने के लिए कहने लगी.
राहुल : कुछ बताओगी कहा चलना है?
तानिया : हां पहले बाइक तोह स्टार्ट करो.
राहुल बाइक स्टार्ट करके आगे चल देता है, दोनों अभी रास्ते में hi आगे बढ़ रहे थे, की राहुल ने फिरसे पूछ लिया,
"कहा चलना है?"
तानिया : मुझे आइस क्रीम खानी है, चलो कही
राहुल : यू सूरे!? 7:30 हो गया है, हलकी हलकी ठण्ड आ चुकी है अब!
तानिया : I'm सूरे. तुम चलो.
राहुल : well...ok!
दोनों एक टॉप न टाउन में जाके रुकते है और अंदर जाके बैठ जाते है, तब तानिया कन्वर्सेशन स्टार्ट करती है,
तानिया : तोह? तुम रोये क्यों?
राहुल : में? वह...
तभी सर्वे करने वाला आ जाता है,
सर्वर : सर! ये रही आपकी स्ट्रॉबेरी एंड ma'am की चॉकलेट चिप्स वाली
राहुल : ओह! थैंक्स!
दोनों आइस क्रीम खाने लगते है, इस बीच राहुल का ध्यान तोह आइस क्रीम पर hi था, पर तानिया का ध्यान आइस क्रीम पर काम राहुल पर ज़्यादा था, उसकी आँखें राहुल को ज़्यादा और आइस क्रीम को काम देख रही थी.
जब राहुल ने ये नोटिस किया तोह वो बिना पूछे न रह सका,
राहुल : क्या हुआ? ऐसे क्यों देख रही हो मुझे?
तानिया (थोड़ा चौंकते हुए) : wo...kuch नहीं! तुम... तुम स्मार्ट लग रहे हो
राहुल : हम्म्म्म? हहै! में तोह बचपन से hi स्मार्ट हु
तानिया : हम्म्म!!
अब ये बात थोड़ी कन्फूसिओं वाली थी. तानिया ने हम्म केहहकर जवाब दिया? राहुल ने खुदकी झूठी तारीफ करि थी पर तानिया ने सिर्फ हम्म कहा? हर्र बार तोह वो उसकी धो देती थी पर ये आज कुछ नया बेहेवियर था.
तानिया : यू क्नोव व्हाट?
राहुल : ????
तानिया : अहिंदा से ऐसा कभी मत करना.
कहते हुए उसने अपना हाथ राहुल के हाथ के ऊपर रख दिया, आँखों में हलके हलके ासु थे, और वो एक तक्क राहुल को hi देख रही थी. आँखों में बड़ी hi मायूसी छायी हुई थी.
तभी उसने कुछ ऐसा किया, जिसकी राहुल को बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी.
आगे बढ़ के तानिया ने राहुल के होंठ हौले से चूम लिए और वापस शर्मा के वो अपनी आइस क्रीम खाने लगी.
इस 2 सेकंड की किश ने मानो राहुल को हिला के रख दिया. एक तोह वो दोनों अभी टॉप न टाउन में मौजूद थे, जहा फैमिलीज़ कपल्स सभी आते रहते है, दूसरा उसने होंठो पे किश किया. आस पास के लोग जिन्होंने ये देखा वो उन्ही दोनों को देख रहे थे और राहुल को अब बोहत ावक्वार्ड लग रहा था.
पर इधर तोह तानिया को जैसे कोई फ़र्क़ hi नहीं पड़ा, वो बड़ी hi मज़े से अपना सर झुकाए पूरा आइस क्रीम पर कंसन्ट्रेट कर रही थी और बड़े hi चाव से खा रही थी. ये लड़किया भी न, इन्हे समझना दुनिया का सबसे मुश्किल काम होता है भाई.
राहुल : तानिया!?? ये?? ये क्या किया तुमने अभी अभी.
तानिया (ब्लश) : नथिंग!!
राहुल : तानिया! थिस इस नॉट ा जोके. यू जस्ट किस्ड में ों थे लिप्स.
तानिया (ब्लश) : यस!
राहुल : विययययययय!????
तानिया : बिकॉज़ ी वांटेड तो...
राहुल : wh...whaaat!!?? ये कोई मज़ाक नहीं है तानिया... तुम्हे पता है न?
तानिया : ी क्नोव व्हाट I'm दोंग. तोह अब मुझे लेक्चर मत दो. में तुमसे बड़ी हु दो साल समझे? मेरा मैं किया तुम्हे किश करने का तोह मेने कर दिया!
राहुल : पागल हो क्या? वही पूछ रहा हु में की एकदम से...
तानिया : बिकॉज़ ी लव यू.... यू इडियट!!!
अब क्या बार बार बोलना पड़ेगा क्या?? पार्क में सुना नहीं था क्या? चपडगंजु कही का! जब तक बार बार चिल्ला के नहीं बोलूंगी तब तक तेरे भेजे में ये बात घुसेगी नहीं क्या?
राहुल : .........
तानिया : तोह सुन्न!! ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू,....
राहुल : बस बस मेरी माता चुप हो जा, देख सब इधर hi देख रहे है, ोये भाई ये पैसे लो यार तुम आइस क्रीम के, क्या कर रहे हो? खड़े हो वह आराम से? पैसे लेने चाहिए न तुरंत? चल मेरी माता यहाँ से घर चल.
राहुल फटाफट पैसे पाय कर के, तानिया को खींच के बाहर ले आया पर तानिया तोह जैसे रेडियो की तरह चालु थी और ृक्क hi नहीं रही थी.
राहुल : तानिया! प्लीज स्टॉप आईटी! ी गेट आईटी. प्लीज....
पर तानिया पर तोह जैसे भूत सवार था. वो ी लव यू की ृत्त लगाए जा रही थी.
तभी राहुल उसके कंधो को पकड़ के कहता है,
"ी लव यू तू! अब चले ...!?"
उसके इतना कहते hi तानिया शांत हो जाती है और फिर एकदम से खिल खिला के हस्सन लगती है और राहुल के गले लग जाती है, और फिर रोने भी लगती है
राहुल : अब क्या हुआ???
तानिया : चपडगंजु!! I'm हैप्पी!!! I'm सोऊ हैप्पी!!!
राहुल (स्माइल्स) : अब चले!?
तानिया : एक बार और बोल न प्लीज...
राहुल : क्या?
तानिया : वही जो तूने अभी कहा था...
राहुल : ी लव यू तू! अब चले!?
बदले में तानिया मुस्कुराते हुए हां में सर हिलाती है और अपने ासु पॉच लेती है.
ऐसे hi करते करते समय बीत गया, तानिया और राहुल के रिलेशन अब थोड़ा सा आगे बढ़ गया था, दोनों के बीच किस्सेस होती थी, पैशनेट वाली भी और नार्मल भी. पर उस से ज़्यादा कुछ नहीं क्युकी थोड़े दिन बाद hi तानिया वापस से अपने शहर जा चुकी थी, उसकी नौकरी लग चुकी थी. उसका मैं तोह नहीं था बिलकुल भी पर वो भी जानती थी की इसमें वो कुछ नहीं कर सकती.
अंशु और वंशु भी दोनों वापस घर जा चुकी थी अपने, क्युकी उन्हें यहाँ आए बाह्य समय हो गया था और अब तोह वह वैसे भी राहुल की हो चुकी थी, दोनों बहनो की आपस में बॉन्डिंग बोहत अच्छी हो गयी थी ,जाने से पहले दोनों ने राहुल के साथ खूब एन्जॉय किया और रातें रंगीन की. अभी वो यही समझ रही थी की वो दोनों अपने मायके में लौट के आयी है.
इधर सभी के जाते hi निशा को जैसे जन्नत मिल गयी. वो अपने बेतु राहुल के साथ अब आराम से वक़्त व्यतीत करती और दोनों माँ बेटे आपस में एन्जॉय करते. प्यार करते.
करीब 5 महीने बीत चुके थे, सब कुछ हो चूका था, यहाँ कोरोना वायरस भी आ चूका था, जिसके चलते साड़ी दुनिया अभी पीड़ित है. राहुल और उसका परिवार भी सावधानी बारात ते हुए कोरोना नाम के वायरस से बचने की कोशिश करते जा रहे थे.
(में यहाँ कहानी में कोरोना वायरस को यहाँ तक hi सीमित रखूँगा, मतलब कहानी में कोरोना वायरस आ के जा भी चूका है, अब सब कुछ नार्मल होने लगा है)
जब मई का महीना आया तोह राहुल का समय भी आ गया अपनी कॉलेज लाइफ से विदा लेने का. दो दिन बाद कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी, जिसमे सभी को सम्मलित होना था. इन् 6 महीनो में राहुल ने मास्टर की भी साड़ी ट्रेनिंग ली और मोनिका के साथ भी उसकी फ्रेंडशिप काफी स्ट्रांग हो गयी. दोनों कभी कभी डेट्स पे भी चले जाते थे. राहुल तनीषा का भी अच्छे से ख्याल रखता उसके घर जाता और प्यार करता.
ऋचा को भी राहुल मोटीवेट करता रहता आगे बढ़ने के लिए पर निकिता का बेहेवियर कुछ अजीब सा रहता. जब भी वो राहुल को देखती उस से दूर चली जाती थी. उस पियूष वाले सन के बाद से वो राहुल से कुछ दूर दूर सी रहती थी, काम बात करती थी, नज़रे नीचे रखती थी. राहुल को ये बात पता चल गयी थी पर उसने कभी भी आगे बढ़कर पूछा नहीं.
दो दिन बाद राहुल के कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी. सारे सीनियर्स को आना था, मिछ पे आके दो शब्द कहने थे, और कुछ मोमेन्टोस दिए जाने वाले थे. राहुल भी उसी दिन का वेट कर रहा था की कब वो उस कॉलेज से निकले और कब अपनी असली लाइफ शुरू करे.
और दो दिन बाद वो दिन आ hi गया...
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आज के लिए इतना hi गाइस!
धन्यवाद्!