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अपडेट -103
मैं निचे चला आया tha.......Dark वर्ल्ड वालो से मिलने ko.......wo सब के सब गुस्से में the......ho भी क्यों naa.......Maine उनके एक साथी को उठा लिया tha.......par एक बात thi......kisi ने गुस्से में कुछ किया nahi.......ek बार bhi.......naa तब जब रूपल दीदी ने उनको होटल में आने बोलै था हॉल में इन् सब के लिए और ना hi तब जब मैं गया वह pe.......kaaran तो बस एक hi नज़र आ रहा tha......unki वो ग़लतफ़हमी.......
सायद उनको ऐसा लग रहा होगा की अगर उन्होंने हमारे साथ कुछ भी kiya.....to डार्क पावर वाली Chachi.....unka साथ कभी नहीं देगी.......
वो सब शांति से बैठे हुए the.....Main उनके बिच में गया........
मैं - मुझे आप सभी से बात करनी thi.......bas इसी वजह से ये सब करना पड़ा........
वो सब तब भी चुप the......wo कहते है ना मुसीबत में गधे को भी बाप बनाना पड़ता hai......ye सायद मुझे वही गधा समझ रहे थे :सिघ:
मैंने उनका ज्यादा वक़्त नहीं लेने का socha......waise भी मुझे वापस ऊपर जाना था और उस लड़की को संभालना tha.........Main ये सोच रहा था कही वो मधु के पास ना चली jaaye.......kya पता कब क्या कर दे वो........
मैं - मैं आप सब का ज्यादा वक़्त नहीं lunga......mujhe पता है आप सब की samasya......maine आपके साथी से सब सुन्ना hai.......aapko इसके बारे में अब चिंता करने की जरुरत नहीं hai.......Mujhe कुछ वक़्त दे मैं खुद वह आऊंगा और जो भी परेशानी है उसको ख़तम कर दूंगा........
"तुमसे कुछ नहीं hoga........humme वो चाहिए......"
वो सायद चची की बात कर रहे थे........
मैंने भी अब खुद को इनसब के सामने साबित करने के बारे में ना सोचते हुए बस इतना सा कह दिया.......
मैं - अब आपकी परेशानी एक सुई से हल हो रही है आप तलवार निकल के उसको और बड़ा क्यों करना चाहते hai..........Main जानता हु मैं ये कर सकता hu.....aur अगर ना हुआ तो मैं पक्का आपकी तलवार को वह पे लेके आऊंगा........
मेरी बात सुन्न के वो सब के सब एक दूसरे को देखने लग gaye........aur आपस में खुसफुसाने लग गए........
दीदी - ये सब क्या बोल रहा hai.......Mummy वह जायेगी.......
मैं - अरे दीदी मैं कर दूंगा इनकी समस्या को सोल्वे वो तो बस इनको ऐसे hi बोल रहा हु.......
तभी वह पे कोई खड़ा हुआ.......
"पर इसमें खतरा hoga.......agar तुम खतरा उठाने को तैयार हो तो ठीक hai......humme कोई परेशानी नहीं है......"
मैं - हां मुझे पता hai........to ठीक है अब मुझे नहीं लगता आपको मेरी चची का पीछा करने की जरुरत hai........Main वह आऊंगा कुछ वक़्त में और सब सेट कर दूंगा.......
वो सब भी इस बात से खुश the........haa मेरे वह जाने से hi.......ab मैं जाऊँगा और मुझे कुछ भी hua......to चची को तो आना hi होगा naa........aur उसके बाद तो जो बुरे लोग है वह उनको चची यूँ hi संभल legi......aisa hi कुछ सोच रहे होंगे वो सब.......
"ठीक hai......par तुम कब आने वाले हो waha......kya हम सब यही पे रुक्के तुम्हे साथ ले जाने के लिए......."
मैं - रुकना ना रुकना ये सब आप सभी पे hai........Mujhe आने में कुछ वक़्त तो lagega......abhi यहाँ पे बहुत कुछ चल रहा hai........par इतना कह सकता हु आपकी परेशानियां ज्यादा लम्बी नहीं चलने dunga........baaki जैसा मैंने कहा रुकना ना रुकना सब आप सभी पे है.......
मैंने उनसे ये बात कही और फिर दीदी को वह का सँभालने को बोल के मैं ऊपर अपने रूम में चला गया जहा दोनों भाई बहन को छोड़ा था मैंने........
वह पंहुचा तो कोई था hi नहीं........
मुझे लगने लगा ये दोनों निकल गए होंगे मधु के पास जाने ko......Main वह से निकलने को हुआ तो वो दोनों वह पे आ गए.........
रिआन - हमने देखा निच्चे tumhe....tum....
"ये नाटक कर रहा था हममे दिखने के liye..........warna ये क्यों मदद करने लग गया उन् लोगो ki.......iske जैसे लोग खुद के सिवई किसी के बारे में नहीं सोचते......."
रिआन - तुमने देखा ना अभी निच्चे क्या ये झूट बोल रहा tha.......natak कर रहा था लगा तुम्हे कही ऐसा.......
वो चुप रही पर मुझे घूरती रही........
रिआन - अच्छा ये chodo.......Prateek इसको उन् मछलियों वाली बात batao.......batao इसको की यहाँ पे इम्मोर्टल्स के कुछ तरीके है जो लोग आज़मा रहे है.......
मैं - तो क्या उसको लेके अभी तक कोई जांच शुरू hi नहीं हुई hai........Maine ऐसा सोचा tha......par मुझे लगा था ये तो समझेगी तुम्हारी बातों को.......
रिआन - इसमें इसकी गलती nahi.......Maine hi बात को छोड़ di......Mujhe लगा अगर इम्मोर्टल्स का ध्यान यहाँ आया तो उनकी नज़र में तुम और मधु भी आ jaaoge.....aur फिर और ज्यादा परेशानी होगी तुम्हे.......
"रिआन इससे बोलो मुझे उस जगह के बारे में bataye.......tum तो वह नहीं गए थे naa......isse बोलो मुझे वह लेके chale.......Main देखना चाहती हु उस जगह को......"
रिआन - Nahi........iski जरुरत नहीं hai.......jo जैसा है वैसा रहने देते है जैसा मैंने कहा अगर यहाँ पे ज्यादा इम्मोर्टल्स आने जाने lage......to चीजजें बिगड़ने लग जायेगी.......
"मैं मान लुंगी तुम्हारी baat......par इससे kaho.....main यहाँ आती rahungi........ispe नज़र rakhne.......aur एक baar.......ek बार भी मुझे laga.......Madhu के साथ फिर से कुछ हो रहा hai......Main उसी वक़्त इसको ख़तम कर dungi......ab तो इम्मोर्टल की बॉडी भी नहीं है इसके pas......aur ना hi मधु को पता चलेगा कुछ......"
रिआन - तुम हमेसा ऐसी बातें hi क्यों करती हो.......
मैं - ठीक hai.......mujhe मंजूर है........
रिआन - पर इसकी जरुरत नहीं है.......
"उसने कह दिया उसको मंजूर है अब इस्पे बात करके कुछ नहीं मिलने wala......Chalo मुझे मधु से मिलवाओ....."
रिआन - Kya......abhi तो कहा tha.....usse नहीं मिल सकते........
मैं भी यही कहने वाला था की उससे मिलने जाओगे तो सायद वो ना pahchane......yaa फिर कुछ और hi हो जाए......
"मैं बस देखने के लिए बोल रही hu.......puccho इससे कहा है वो अभी......"
मैंने उसको उसके सिचुएशन के बारे में बताया वो यहाँ अपने माता पिता को एक करने आयी है वगेरा वगेरा.......
"सायद यही वजह hai.........yahi वजह है की वो एकलौती ऐसी इम्मोर्टल है जिसके माता पिता hai.......ek परिवार hai......kyunki वो उसके काबिल hai.......tumhare जैसे nahi......pata नहीं क्या पसंद है उसको तुम......"
वो आगे कुछ बोलती उससे पहले रिआन ने उसका हाथ pakda.....aur दोनों के दोनों गायब......
इसकी मुझसे बननी hi नहीं kabhi.......mere हिसाब से इसकी सोच उस मूर्ति में कैद बन्दे से डिट्टो मितली thi......haa पर ये भी मधु को पाने के लिए नहीं दौड़ रही थी बस यही बात अलग thi.....ye मधु के साथ hi रहा करती thi.......acche dost......isko मैं बिलकुल पसंद नहीं tha......Mujhe छोड़ के सायद hi कोई दूसरी चीज़ज़ बननी ho......jisko लेके दोनों के विचार अलग अलग थे.....
इसको यही छोड़ते है और उन दोनों के पीछे चलते है.........
रिआन उसको लेके सीधा उधर hi चला गया जहा मधु को वो देख सकते the.......waise देखने का तो वो कही से भी देख लेते पर आम इंसानो की तरह देख सकते वह पे.......
मधु सोल्लगे से वापस आ चुक्की thi......apne पिता से तो मिल aayi....ab आगे के बारे में सोच रही thi........Daksh मां तो वह से चले गए the.......aakhir और भी काम होते hai....par पंकज नहीं गया tha....wo वही पे tha.......aur मधु को बता रहा था धीरे धीरे आगे बढ़ने के बारे में......
क्यूंकि मधु इस वक़्त बहुत आगे का सोच रही thi.......wo अपने माँ पिता के साथ उस घर में हो ऐसा........
पंकज - देखो अभी पहला hi पड़ाव था ये और तुमने ठीक ठाक kiya.......ye जो इतना सोचती हो तुम उसी वजह से सायद वह जाके घबरा रही थी......
मधु - पता nahi.....accha मुझे वापस उनको देखना है......
पंकज - किसको.....
मधु - किसको kya......apne पापा ko........Main उनसे ना जाने कितने सालों बाद मिल्ली hu.....aur......aur हममे वैसी कोई बात भी नहीं हुई......
पंकज - जैसी तुम्हारी कहानी है naa.......usme ये नार्मल hai.......aur अभी ये सोचो कल वह इंसानो के बिच कैसे रहोगी akeli.......koi गड़बड़ नहीं करनी है tumhe......aur jaadu.....bhul के भी नहीं.......
मधु - haa.....yaad है मुझे......
पंकज - ये सब पापा ने कहने को बोलै tha......ab मेरी sunno......maine कुछ मूवीज में देख रखा है ये रैगिंग लेते hai......aur नए लोगो को परेशां करते है कलागेस mein..........agar ऐसा कुछ ho.......to थोड़ी बहुत चालाकी चलेगी.......
मधु - उसकी जरुरत नहीं padegi.......Main वह पे इस बात का ध्यान रखूंगी की किसी मुसीबत में ना padu.......haa पर अगर ऐसी कोई बात हुई तब की तब देखेंगे......
पंकज - हम्म तैयार रहना chahiye......bas देखते देखते वो लोग तुम्हे ना देख le.....jo भी करना आराम se.....tumhari ताकतें उनसे बहुत ज्यादा hai....yaad रहे......
ये दोनों यहाँ बातें कर रहे the.......Rian अपनी बहन को पंकज के बारे में बता रहा tha.........sukar है उसको वो सब पता नहीं tha......ki कैसे प्रतीक ने उसको भगा दिया था वगेरा wagera........warna उसको तो बस एक छोटी सी बात चाहिए thi.....wo निकल पड़ती मधु को बचने के liye.........chahe मधु को इस बात का पत्ता हो या नहीं.......
रिआन - अब चले यहाँ se........yaa यही रहना है.......
"मैं इसको देखना चाहती हु......"
रिआन - देख तो रही ho.......aur कैसे देखना है.......
"मैं उससे मिलना चाहती हु........"
रिआन - Nahi......hum इस बात पे सहमत हुए the.......yaad है naa......to हम नहीं जाने wale.......isse उसको भी परेशानी हो सकती hai.......humme अब वापस चलना चाहिए........
थोड़ा बहुत समझने पे वो समझ गयी और दोनों के दोनों hi वापस चले गए.......
ये सब चल रहा था yaha.......wahi आश्रम में दब अपनी तैयारी किये जा रहा tha........usko पता था वह जाना और वह से वापस आ जाना ये दोनों hi आसान काम नहीं hai......wo जिससे सामना करने जा रहा tha......wo उसके सरीर से सायद लाख या फिर उससे भी ज्यादा गुणा बड़ा tha........par उसको ये करना था......
लीडर को अपने साथ लेकर चल रहा था wo.......Leader के लिए सबसे पहले तो वो चीज़ज़ बनवानी thi.....jisse लीडर को कोई शारीरिक दर्द ना दे सक्के Fumos.......iske लिए वो पुजारी जी के पास भी गया tha.....innn सब के होने में काम से काम 2 दिन का वक़्त तो लग्न hi था.........
नेक्स्ट डे.....
सुबह सुबह मधु तैयार होक्के निकल गयी सोल्लगे जाने के liye........saaman सारे उसके लिए ख़रीदे जा चुक्के थे......
वो सोल्लगे पैदल hi निकली thi.....phir एक ऑटो लेके उससे सोल्लगे तक pahuchi.......waha गेट के पास ऑटो वाले ने रोका और वो भी पैसे देके निच्चे उतर गयी.......
आज भीड़ थी वह pe......matlab लोग the......kaafi सारे लोग the......tarah तरह के......
मधु को इन् सब से घंटा hi कोई मतलब tha.....wo यहाँ आयी थी बस अपने पापा के liye.......par क्या kare......ab जो होना है वो होना है और वो तो होना hi है.....
मधु धीरे धीरे अंदर जा रही thi.....ki तभी उसके सामने कुछ लड़के आ गए........
"नई एडमिशन"
मधु ने उनकी तरफ dekha......haa में अपनी मुंडी हिलायी और साइड से जाने lagi......par वो लोग वापस से उसका रास्ता रोक लिए......
"नाम कौन बताएगा......"
मधु - मधु
नाम बताने के बाद वह से निकलने lagi.......phir से रोक लिया.......
" ऐसे देते है इंट्रो......"
मधु - मुझे इंट्रो देना नहीं आता........
"accha.....theek hai.......chalo हमारे साथ एक्स्ट्रा क्लास लेते है tumhari......intro कैसे देते है ये सिखाते है आज......"
मधु - मैं खुद सिख लुंगी.....
इतना बोलने के बाद मधु वापस से आगे जाने lagi......par इस बार उन् लड़को की हिम्मत सायद ज्यादा बढ़ गयी थी की उनमे से एक ने मधु के कंधे पे हाथ रख diya......aaspass कुछ लोग the......jo ये सब देख रहे the.......wo बस देख hi रहे थे कुछ कर नहीं रहे थे........
मैं भी मधु के पीछे पीछे सोल्लगे तक पहुंच गया tha......aur देख रहा था ये sab.......uss वक़्त तक तो मैंने खुद को रोकके हुए tha.......par इन् लोगो ने उसको हाथ lagaya......wahi पीछे खड़े मैंने अपनी उँगलियों से डार्क पावर का एक छोटा सा अंश बहार निकला hi tha......ki वो खुद से अंदर चला गया......
मुझे याद है ये कब होता tha........Dark पावर जब भी गोल्डन पावर के पास hota.....aur उसको पता होता की गोल्डन पावर को उसकी कोई जरुरत नहीं वो आइए करता tha.......yaani की छह के भी मैं पहले भी मधु की तब तक मदद नहीं कर पाटा tha.....jab तक वो अपने गोल्डन पावर को स्टाबलिजे ना कर लेती thi.......uska उसके पावर पे जो कण्ट्रोल tha.....wo मेरा कभ नहीं हुआ......
मैं सोचने लगा क्या गोल्डन पावर बहार आने वाला hai......agar ऐसा hua......to ये सारे ladke......pata नहीं इनका क्या होगा.......
"क्या हो रहा है यहाँ......."
आगे कुछ होता उससे पहले किसी की आवाज वह पे gunji.......wo आवाज किसी और की नहीं thi......Madhu के पिता की thi.....uss एक आवाज ने गोल्डन पावर को ऐसे दबाया उसके अंदर की वो बहार नहीं आ paaya........uss आवाज से ध्यान जो भटक गया था उसका......
मधु पीछे देखने लग गयी जहा से उसके पिता बोल रहे the......jo इस सोल्लगे के डीन भी थे......
वो लड़के जो अभी मधु के सामने थे वो ऐसे गायब हुए जैसे गधे के सर से शिंग......
उनके एते hi सभी अपने अपने क्लासेज में जाने लग gaye.......ye कुछ सख्त किसम के इंसान लगे mujhe........Main क्लास में नहीं पेड़ के पास tha.....waha से मधु को देख रहा tha......aur वो अपने पापा को........
डीन साहब उसके पास pahuche......aur उसको क्लास में जाने का बोल के आगे बढ़ गए.......
यहाँ डीन सर उस जगह से निकले और सारे लोग जो यहाँ वह हो गए थे वो वापस से आ गए उस jagah......Madhu वही कड़ी rahti....agar उन् लड़कियों के ग्रुप ने उनको वह से हटाया ना होता तो.........
ग1 - ुये तू क्या पागल hai........tu बचने के बाद भी वह पे क्यों कड़ी थी.......
ग2 - हां वो लड़के सही लड़के नहीं hai.......ameer बाप के बिगड़े औलाद है वो saare......unse दूर रहा करियो......
मधु उनकी बातें सुन्न के बस उनका चेहरा देखे जा रही थी........
ग1 - अरे हम भी तेरे सीनियर्स hi hai......haa पर ठीक ठाक wale......acche वाले नहीं बोल सकते हममे भी......
ग2 - हाँ जी अच्छे वाले हममे भी मत samajhna.......ragging तो हम भी लेंगे......
ग1 - और नहीं तो kya......haa पर छोटा sa......aur इजी sa........koi बड़ा सा नहीं.......
ग2 - पर आज नहीं फिर कभी ले lenge.....hai naa.......aaj तू बच गयी इसी बात पे चाय शै हो जाए......
ग1 - nahi.....Chai nahi......pichli बार भी चाय का hi हुआ tha......iss बार faluda......faluda पिलाना होगा......
मधु - पर मैं......
ग1 - अब इसमें भी नाटक karegi......aaj छोड़ रहे तेरे ko.......pareshan हो गयी hogi....kal ना छोड़ेंगे अब चल......
मधु - अरे पर.....
मधु बोलती रही पर उन् दोनों ने उसको पकड़ा और लेके चले गए वही के कैंटीन mein......aur एक टेबल पे जाके चुप चाप बैठ gaye.......Mujhe याक्किन नहीं हो रहा था अभी तब जो लड़कियां चपर चपर करि जा रही थी वो एकदम से शांत कैसे हो gayi.......yahi बात वह मधु भी सोच रही hogi.....tabhi दोनों के चेहरों को देख रही थी.......
उनमे से एक ने मेनू कार्ड उसके हाथ में पकड़ा दिया और चेहरा ढकने को बोल diya.......bol क्या diya.....apne हाथ से धक्का हुआ था.......
मैं ये सब देख रहा tha........Main भी कैंटीन में चला गया और उनके पीछे के टेबल पे बैठ गया...........
मैंने देखा दरअसल उन्ही लड़को में से 2 लड़के यहाँ पे आये हुए थे जिन्होंने मधु का रास्ता रोका tha.......sayad उससे बचने को वो लड़कियां मधु का चेहरा धक्के जा रही थी.......
मधु ने उनसे पूछा क्या बात hui.....aise क्यों कर रहे ho.....par वो जवाब नहीं दे रही thi....bas चुप रहने को कह रही थी........
इन् सब से चिढ़ के उसने अपने चेहरे के सामने से वो मेनू हटा diya......aur कड़ी हो gayi........jisse उन् दो लड़को ने उसको देख लिया......
पता नहीं ये लड़के यहाँ करने क्या आये the......kisi भी तरह से ये तो नहीं लग रहा था वो यहाँ मधु को धुंध रहे hai.......par जब उन्होंने मधु को dekha.....to पहले वाले ने किसी को फ़ोन kiya.....aur फिर गेट के पास चला गया.......
उन् दोनों लड़कियों ने तो पहले मधु को निच्चे बिठाया और उन्होंने भी देखा जो कुछ hua.......phir गहरी साँस लेने के बाद दोनों ने मधु का हाथ पकड़ा और उसको अपने साथ लेके जाने lagi.....par गेट पे तो वो खड़े the.......phir भी वो दोनों मधु को लेके गयी........
"रूक्को अभी कोई बहार नहीं जा सकता......"
ग1 - तुझे पता है ना मैं कौन hu......chal साइड हैट.......
"प्रोफेसर की बेटी तू होगी घर mein.......yaha पे हमारा राज चलता है samjhi.....jo बोलै वो सुन्न और जाके बैठ waha......ooye कैंटीन वाले इनको खिलाओ बे जो खाना है inko......aur पैसे ना ले लेना......"
ग2 - तमीज़ से बात करो......
"tamiz.......tu ज्यादा बोल mat......samjhi.....warna इस नयी लड़की के साथ तुम दोनों का भी......"
मैंने फिर से कोशिश करि डार्क पावर को बहार निकलने ki.......inki बातें सुनने के बाद मुझे इनको इतना दर्द देना tha.....ki इनकी जिंदगी में बस वही एक अहसास बच्चे और कुछ भी nahi.......par ये डार्क power.....bahar आके अंदर चला जा रहा tha.........iss बार भी मधु की वजह से.......
मुझे ये समझ नहीं आ रहा था मैं यहाँ पे क्या ये सब बस देखने आया hu......iss बार मैं आगे जाने को उठा की और लोग आ गए उसी ग्रुप के......
ध्रुव - मैंने आपकी पावर्स काम कर दी hai.....par फिर भी देख के मारिएगा......
मैं पूरा तैयार tha......par कुछ होना भी तो चाहिए tha.......waha से वो सब आये...
मधु - तुम सब वापस आ गए.........
"क्या kare........ab तुमने इंट्रो दिया hi नहीं सही se......to हम लेने आ gaye.....intro....."
एक चूतिये ने ये लाइन boli.....aur उसके साथ उस ग्रुप के सारे लोग हसने lage.......ye बन्दे जैसे अपनी hi दुनिया में खुश the......wo होते है ना तो बे कूल दुदेस वाले log.......wahi थे ये सारे......
ग1 - साइड हो jaao.......abhi भी मौका है.......
"ये दोनों भी है yaha......inse भी बदला लेना है....."
मधु ने सोचा था यहाँ पे वो बस एक hi चीज़ज़ पे फोकस karegi......par nahi......ye तो होने से raha........wo पहले से hi चिद्धि हुई thi......ek तो उस लड़ने ने शुरू में उसको टच kiya......aur उसके बाद वो दो ladkiyan......haa उन्होंने कुछ किया नहीं par.....unki हरकतों से वो थोड़ा और चिढ़ गयी thi........ab ये वापस आ गए थे......
मधु ने जो सबसे पास में खड़ा tha......usko एक जोर का थपड दिया......
पहले कुछ बातें चल रही थी वह कैंटीन mein.......par उस आवाज के baad........uske बाद तो एकदम से सन्नाटा hi चा gaya......aur जिसको लगी th......wo निच्चे पड़ा हुआ था और उसके पास में 2 दांत भी गिर्री हुए थे.......
दोनों लड़कियां जो अभी मधु को सायद बचने की कोशिश कर रही thi......wo दोनों बस मधु को देखे जा रहे थे.......
वो दोनों क्या सब के sab.......Main खुद देखे जा रहा था.......
उस वक़्त जो मैंने देखा वो थोड़ा और अलग tha......uski बॉडी चमकनी शुरू हो गयी thi......golden पावर बहार आने लग गयी thi.......isko देख मैं इस चिंता में चला गया कही पूरी तरह बहार ना आ jaaye.......warna हो गया बेडा पार.....
"आईईईई ladki.........tujhe पता भी है किसको मारा tunne.......MLA का भतीजा है ये......."
जो बोल रहा था उसको भी एक padi.....wo भी निच्चे गिर्रा हुआ था.......
मैं अपनी डार्क पावर को बहार निकलने की कोशिश कर रहा tha......taaki अगर ये गोल्डन पावर निकले भी तो मैं उसको धक् sakku......par वो हो hi नहीं रहा था.......
वह पे अब लड़को ने भी अपना हाथ चलने का सोच लिया tha.....par उनको कहा पता tha......ye कौन hai.......iss बार भी इसको ट्रेनिंग मिली हुई hai.....uss चोर se.......aur उसके बाद पुजारी ji......aur इन् सब से बढ़ के मैंने खुद सिखाया था उसको जब हम इम्मोर्टल थे......
मैं उसके गोल्डन पावर को ढकने की कोशिश कर रहा tha.....aur वो वह पिटाई किये जा रही थी.......
मैं - ध्रुव डार्क पावर बहार क्यों नहीं आ raha.......Main उससे मधु की उन् सब को पीटने में मदद थोड़ी करने वाला हु......
ध्रुव - वो मैंने hi ताक़त कमज़ोर कर दी है naa.......abhi नार्मल करता हु......
उसने सब नार्मल kiya......aur मैंने तुरंत डार्क पावर को बहार निकला और उससे पुरे कांटें को धक् diya......jisse गोल्डन पावर छह के भी वह से बहार नहीं जा पायेगा.......
ये सब करके जब मैंने सामने की ओर dekha......to वह पे बस वो लड़के निच्चे पड़े हुए dikhe.......aur मधु आगे जा रही thi.....aur उसके पीछे वो दो ladkiyan......daudti हुई जा रही थी.......
गोल्डन पावर वापस से उसके सरीर में चला गया tha......Maine बहार जो उसके अंश बच्चे हुए थे उनको अपने पास डार्क पावर के जरिये पा liya......aur आगे बढ़ा.......
मधु ने अच्छी धुलाई करि थी inki.......par थोड़ा तो मेरा भी बनता था ना.........
मैं पास की चेयर पे बैठ gaya......aur डार्क पावर के एक छोटे से टुकड़े को बहार nikala........wo उन् सब के अंदर jaata.....aur बहार aata......pahle की बात होती तो सच में इनकी यादों से इनकी साड़ी खुशियां छिन्न leta.....par अभी की इनकी हालत देख ke......maine ज्यादा कुछ ना करने का सोचा.......
बस 10 सेकंड के लिए डार्क पावर को खुल्ला छोड़ diya....usne इन् सब के हड्डियों को अंदर से जाने तोड़ diya......dard से ये सब के सब बेहोश हो gaye.......wahi बाकी के सब तो इन् सब का वीडियो बनाने में लगे हुए थे......
वीडियो बहुत गलत चीज़ज़ होती hai......log इसको साबुत मान लेते hai.......ab इंसानो का क्या है वो चुप रह जाते है पर ये वीडियोस ये तो बस बोलते रहते है naa.......Main वह पे हर एक मोबाइल और कैमरा में से वो वीडियो हटा diya......thoda जादू थोड़ा technology......isse काम हो गया था......
उसके बाद मैं भी वह से निकल गया........
नेक्स्ट अपडेट में dekhenge.......MLA को वापस se.......aur दब का फोमोस जाना और डेमोस वालो से लड़ना......
:सिघ: तबियत कुछ ठीक नहीं hai......iss वजह से लेट हो गया......
मैं निचे चला आया tha.......Dark वर्ल्ड वालो से मिलने ko.......wo सब के सब गुस्से में the......ho भी क्यों naa.......Maine उनके एक साथी को उठा लिया tha.......par एक बात thi......kisi ने गुस्से में कुछ किया nahi.......ek बार bhi.......naa तब जब रूपल दीदी ने उनको होटल में आने बोलै था हॉल में इन् सब के लिए और ना hi तब जब मैं गया वह pe.......kaaran तो बस एक hi नज़र आ रहा tha......unki वो ग़लतफ़हमी.......
सायद उनको ऐसा लग रहा होगा की अगर उन्होंने हमारे साथ कुछ भी kiya.....to डार्क पावर वाली Chachi.....unka साथ कभी नहीं देगी.......
वो सब शांति से बैठे हुए the.....Main उनके बिच में गया........
मैं - मुझे आप सभी से बात करनी thi.......bas इसी वजह से ये सब करना पड़ा........
वो सब तब भी चुप the......wo कहते है ना मुसीबत में गधे को भी बाप बनाना पड़ता hai......ye सायद मुझे वही गधा समझ रहे थे :सिघ:
मैंने उनका ज्यादा वक़्त नहीं लेने का socha......waise भी मुझे वापस ऊपर जाना था और उस लड़की को संभालना tha.........Main ये सोच रहा था कही वो मधु के पास ना चली jaaye.......kya पता कब क्या कर दे वो........
मैं - मैं आप सब का ज्यादा वक़्त नहीं lunga......mujhe पता है आप सब की samasya......maine आपके साथी से सब सुन्ना hai.......aapko इसके बारे में अब चिंता करने की जरुरत नहीं hai.......Mujhe कुछ वक़्त दे मैं खुद वह आऊंगा और जो भी परेशानी है उसको ख़तम कर दूंगा........
"तुमसे कुछ नहीं hoga........humme वो चाहिए......"
वो सायद चची की बात कर रहे थे........
मैंने भी अब खुद को इनसब के सामने साबित करने के बारे में ना सोचते हुए बस इतना सा कह दिया.......
मैं - अब आपकी परेशानी एक सुई से हल हो रही है आप तलवार निकल के उसको और बड़ा क्यों करना चाहते hai..........Main जानता हु मैं ये कर सकता hu.....aur अगर ना हुआ तो मैं पक्का आपकी तलवार को वह पे लेके आऊंगा........
मेरी बात सुन्न के वो सब के सब एक दूसरे को देखने लग gaye........aur आपस में खुसफुसाने लग गए........
दीदी - ये सब क्या बोल रहा hai.......Mummy वह जायेगी.......
मैं - अरे दीदी मैं कर दूंगा इनकी समस्या को सोल्वे वो तो बस इनको ऐसे hi बोल रहा हु.......
तभी वह पे कोई खड़ा हुआ.......
"पर इसमें खतरा hoga.......agar तुम खतरा उठाने को तैयार हो तो ठीक hai......humme कोई परेशानी नहीं है......"
मैं - हां मुझे पता hai........to ठीक है अब मुझे नहीं लगता आपको मेरी चची का पीछा करने की जरुरत hai........Main वह आऊंगा कुछ वक़्त में और सब सेट कर दूंगा.......
वो सब भी इस बात से खुश the........haa मेरे वह जाने से hi.......ab मैं जाऊँगा और मुझे कुछ भी hua......to चची को तो आना hi होगा naa........aur उसके बाद तो जो बुरे लोग है वह उनको चची यूँ hi संभल legi......aisa hi कुछ सोच रहे होंगे वो सब.......
"ठीक hai......par तुम कब आने वाले हो waha......kya हम सब यही पे रुक्के तुम्हे साथ ले जाने के लिए......."
मैं - रुकना ना रुकना ये सब आप सभी पे hai........Mujhe आने में कुछ वक़्त तो lagega......abhi यहाँ पे बहुत कुछ चल रहा hai........par इतना कह सकता हु आपकी परेशानियां ज्यादा लम्बी नहीं चलने dunga........baaki जैसा मैंने कहा रुकना ना रुकना सब आप सभी पे है.......
मैंने उनसे ये बात कही और फिर दीदी को वह का सँभालने को बोल के मैं ऊपर अपने रूम में चला गया जहा दोनों भाई बहन को छोड़ा था मैंने........
वह पंहुचा तो कोई था hi नहीं........
मुझे लगने लगा ये दोनों निकल गए होंगे मधु के पास जाने ko......Main वह से निकलने को हुआ तो वो दोनों वह पे आ गए.........
रिआन - हमने देखा निच्चे tumhe....tum....
"ये नाटक कर रहा था हममे दिखने के liye..........warna ये क्यों मदद करने लग गया उन् लोगो ki.......iske जैसे लोग खुद के सिवई किसी के बारे में नहीं सोचते......."
रिआन - तुमने देखा ना अभी निच्चे क्या ये झूट बोल रहा tha.......natak कर रहा था लगा तुम्हे कही ऐसा.......
वो चुप रही पर मुझे घूरती रही........
रिआन - अच्छा ये chodo.......Prateek इसको उन् मछलियों वाली बात batao.......batao इसको की यहाँ पे इम्मोर्टल्स के कुछ तरीके है जो लोग आज़मा रहे है.......
मैं - तो क्या उसको लेके अभी तक कोई जांच शुरू hi नहीं हुई hai........Maine ऐसा सोचा tha......par मुझे लगा था ये तो समझेगी तुम्हारी बातों को.......
रिआन - इसमें इसकी गलती nahi.......Maine hi बात को छोड़ di......Mujhe लगा अगर इम्मोर्टल्स का ध्यान यहाँ आया तो उनकी नज़र में तुम और मधु भी आ jaaoge.....aur फिर और ज्यादा परेशानी होगी तुम्हे.......
"रिआन इससे बोलो मुझे उस जगह के बारे में bataye.......tum तो वह नहीं गए थे naa......isse बोलो मुझे वह लेके chale.......Main देखना चाहती हु उस जगह को......"
रिआन - Nahi........iski जरुरत नहीं hai.......jo जैसा है वैसा रहने देते है जैसा मैंने कहा अगर यहाँ पे ज्यादा इम्मोर्टल्स आने जाने lage......to चीजजें बिगड़ने लग जायेगी.......
"मैं मान लुंगी तुम्हारी baat......par इससे kaho.....main यहाँ आती rahungi........ispe नज़र rakhne.......aur एक baar.......ek बार भी मुझे laga.......Madhu के साथ फिर से कुछ हो रहा hai......Main उसी वक़्त इसको ख़तम कर dungi......ab तो इम्मोर्टल की बॉडी भी नहीं है इसके pas......aur ना hi मधु को पता चलेगा कुछ......"
रिआन - तुम हमेसा ऐसी बातें hi क्यों करती हो.......
मैं - ठीक hai.......mujhe मंजूर है........
रिआन - पर इसकी जरुरत नहीं है.......
"उसने कह दिया उसको मंजूर है अब इस्पे बात करके कुछ नहीं मिलने wala......Chalo मुझे मधु से मिलवाओ....."
रिआन - Kya......abhi तो कहा tha.....usse नहीं मिल सकते........
मैं भी यही कहने वाला था की उससे मिलने जाओगे तो सायद वो ना pahchane......yaa फिर कुछ और hi हो जाए......
"मैं बस देखने के लिए बोल रही hu.......puccho इससे कहा है वो अभी......"
मैंने उसको उसके सिचुएशन के बारे में बताया वो यहाँ अपने माता पिता को एक करने आयी है वगेरा वगेरा.......
"सायद यही वजह hai.........yahi वजह है की वो एकलौती ऐसी इम्मोर्टल है जिसके माता पिता hai.......ek परिवार hai......kyunki वो उसके काबिल hai.......tumhare जैसे nahi......pata नहीं क्या पसंद है उसको तुम......"
वो आगे कुछ बोलती उससे पहले रिआन ने उसका हाथ pakda.....aur दोनों के दोनों गायब......
इसकी मुझसे बननी hi नहीं kabhi.......mere हिसाब से इसकी सोच उस मूर्ति में कैद बन्दे से डिट्टो मितली thi......haa पर ये भी मधु को पाने के लिए नहीं दौड़ रही थी बस यही बात अलग thi.....ye मधु के साथ hi रहा करती thi.......acche dost......isko मैं बिलकुल पसंद नहीं tha......Mujhe छोड़ के सायद hi कोई दूसरी चीज़ज़ बननी ho......jisko लेके दोनों के विचार अलग अलग थे.....
इसको यही छोड़ते है और उन दोनों के पीछे चलते है.........
रिआन उसको लेके सीधा उधर hi चला गया जहा मधु को वो देख सकते the.......waise देखने का तो वो कही से भी देख लेते पर आम इंसानो की तरह देख सकते वह पे.......
मधु सोल्लगे से वापस आ चुक्की thi......apne पिता से तो मिल aayi....ab आगे के बारे में सोच रही thi........Daksh मां तो वह से चले गए the.......aakhir और भी काम होते hai....par पंकज नहीं गया tha....wo वही पे tha.......aur मधु को बता रहा था धीरे धीरे आगे बढ़ने के बारे में......
क्यूंकि मधु इस वक़्त बहुत आगे का सोच रही thi.......wo अपने माँ पिता के साथ उस घर में हो ऐसा........
पंकज - देखो अभी पहला hi पड़ाव था ये और तुमने ठीक ठाक kiya.......ye जो इतना सोचती हो तुम उसी वजह से सायद वह जाके घबरा रही थी......
मधु - पता nahi.....accha मुझे वापस उनको देखना है......
पंकज - किसको.....
मधु - किसको kya......apne पापा ko........Main उनसे ना जाने कितने सालों बाद मिल्ली hu.....aur......aur हममे वैसी कोई बात भी नहीं हुई......
पंकज - जैसी तुम्हारी कहानी है naa.......usme ये नार्मल hai.......aur अभी ये सोचो कल वह इंसानो के बिच कैसे रहोगी akeli.......koi गड़बड़ नहीं करनी है tumhe......aur jaadu.....bhul के भी नहीं.......
मधु - haa.....yaad है मुझे......
पंकज - ये सब पापा ने कहने को बोलै tha......ab मेरी sunno......maine कुछ मूवीज में देख रखा है ये रैगिंग लेते hai......aur नए लोगो को परेशां करते है कलागेस mein..........agar ऐसा कुछ ho.......to थोड़ी बहुत चालाकी चलेगी.......
मधु - उसकी जरुरत नहीं padegi.......Main वह पे इस बात का ध्यान रखूंगी की किसी मुसीबत में ना padu.......haa पर अगर ऐसी कोई बात हुई तब की तब देखेंगे......
पंकज - हम्म तैयार रहना chahiye......bas देखते देखते वो लोग तुम्हे ना देख le.....jo भी करना आराम se.....tumhari ताकतें उनसे बहुत ज्यादा hai....yaad रहे......
ये दोनों यहाँ बातें कर रहे the.......Rian अपनी बहन को पंकज के बारे में बता रहा tha.........sukar है उसको वो सब पता नहीं tha......ki कैसे प्रतीक ने उसको भगा दिया था वगेरा wagera........warna उसको तो बस एक छोटी सी बात चाहिए thi.....wo निकल पड़ती मधु को बचने के liye.........chahe मधु को इस बात का पत्ता हो या नहीं.......
रिआन - अब चले यहाँ se........yaa यही रहना है.......
"मैं इसको देखना चाहती हु......"
रिआन - देख तो रही ho.......aur कैसे देखना है.......
"मैं उससे मिलना चाहती हु........"
रिआन - Nahi......hum इस बात पे सहमत हुए the.......yaad है naa......to हम नहीं जाने wale.......isse उसको भी परेशानी हो सकती hai.......humme अब वापस चलना चाहिए........
थोड़ा बहुत समझने पे वो समझ गयी और दोनों के दोनों hi वापस चले गए.......
ये सब चल रहा था yaha.......wahi आश्रम में दब अपनी तैयारी किये जा रहा tha........usko पता था वह जाना और वह से वापस आ जाना ये दोनों hi आसान काम नहीं hai......wo जिससे सामना करने जा रहा tha......wo उसके सरीर से सायद लाख या फिर उससे भी ज्यादा गुणा बड़ा tha........par उसको ये करना था......
लीडर को अपने साथ लेकर चल रहा था wo.......Leader के लिए सबसे पहले तो वो चीज़ज़ बनवानी thi.....jisse लीडर को कोई शारीरिक दर्द ना दे सक्के Fumos.......iske लिए वो पुजारी जी के पास भी गया tha.....innn सब के होने में काम से काम 2 दिन का वक़्त तो लग्न hi था.........
नेक्स्ट डे.....
सुबह सुबह मधु तैयार होक्के निकल गयी सोल्लगे जाने के liye........saaman सारे उसके लिए ख़रीदे जा चुक्के थे......
वो सोल्लगे पैदल hi निकली thi.....phir एक ऑटो लेके उससे सोल्लगे तक pahuchi.......waha गेट के पास ऑटो वाले ने रोका और वो भी पैसे देके निच्चे उतर गयी.......
आज भीड़ थी वह pe......matlab लोग the......kaafi सारे लोग the......tarah तरह के......
मधु को इन् सब से घंटा hi कोई मतलब tha.....wo यहाँ आयी थी बस अपने पापा के liye.......par क्या kare......ab जो होना है वो होना है और वो तो होना hi है.....
मधु धीरे धीरे अंदर जा रही thi.....ki तभी उसके सामने कुछ लड़के आ गए........
"नई एडमिशन"
मधु ने उनकी तरफ dekha......haa में अपनी मुंडी हिलायी और साइड से जाने lagi......par वो लोग वापस से उसका रास्ता रोक लिए......
"नाम कौन बताएगा......"
मधु - मधु
नाम बताने के बाद वह से निकलने lagi.......phir से रोक लिया.......
" ऐसे देते है इंट्रो......"
मधु - मुझे इंट्रो देना नहीं आता........
"accha.....theek hai.......chalo हमारे साथ एक्स्ट्रा क्लास लेते है tumhari......intro कैसे देते है ये सिखाते है आज......"
मधु - मैं खुद सिख लुंगी.....
इतना बोलने के बाद मधु वापस से आगे जाने lagi......par इस बार उन् लड़को की हिम्मत सायद ज्यादा बढ़ गयी थी की उनमे से एक ने मधु के कंधे पे हाथ रख diya......aaspass कुछ लोग the......jo ये सब देख रहे the.......wo बस देख hi रहे थे कुछ कर नहीं रहे थे........
मैं भी मधु के पीछे पीछे सोल्लगे तक पहुंच गया tha......aur देख रहा था ये sab.......uss वक़्त तक तो मैंने खुद को रोकके हुए tha.......par इन् लोगो ने उसको हाथ lagaya......wahi पीछे खड़े मैंने अपनी उँगलियों से डार्क पावर का एक छोटा सा अंश बहार निकला hi tha......ki वो खुद से अंदर चला गया......
मुझे याद है ये कब होता tha........Dark पावर जब भी गोल्डन पावर के पास hota.....aur उसको पता होता की गोल्डन पावर को उसकी कोई जरुरत नहीं वो आइए करता tha.......yaani की छह के भी मैं पहले भी मधु की तब तक मदद नहीं कर पाटा tha.....jab तक वो अपने गोल्डन पावर को स्टाबलिजे ना कर लेती thi.......uska उसके पावर पे जो कण्ट्रोल tha.....wo मेरा कभ नहीं हुआ......
मैं सोचने लगा क्या गोल्डन पावर बहार आने वाला hai......agar ऐसा hua......to ये सारे ladke......pata नहीं इनका क्या होगा.......
"क्या हो रहा है यहाँ......."
आगे कुछ होता उससे पहले किसी की आवाज वह पे gunji.......wo आवाज किसी और की नहीं thi......Madhu के पिता की thi.....uss एक आवाज ने गोल्डन पावर को ऐसे दबाया उसके अंदर की वो बहार नहीं आ paaya........uss आवाज से ध्यान जो भटक गया था उसका......
मधु पीछे देखने लग गयी जहा से उसके पिता बोल रहे the......jo इस सोल्लगे के डीन भी थे......
वो लड़के जो अभी मधु के सामने थे वो ऐसे गायब हुए जैसे गधे के सर से शिंग......
उनके एते hi सभी अपने अपने क्लासेज में जाने लग gaye.......ye कुछ सख्त किसम के इंसान लगे mujhe........Main क्लास में नहीं पेड़ के पास tha.....waha से मधु को देख रहा tha......aur वो अपने पापा को........
डीन साहब उसके पास pahuche......aur उसको क्लास में जाने का बोल के आगे बढ़ गए.......
यहाँ डीन सर उस जगह से निकले और सारे लोग जो यहाँ वह हो गए थे वो वापस से आ गए उस jagah......Madhu वही कड़ी rahti....agar उन् लड़कियों के ग्रुप ने उनको वह से हटाया ना होता तो.........
ग1 - ुये तू क्या पागल hai........tu बचने के बाद भी वह पे क्यों कड़ी थी.......
ग2 - हां वो लड़के सही लड़के नहीं hai.......ameer बाप के बिगड़े औलाद है वो saare......unse दूर रहा करियो......
मधु उनकी बातें सुन्न के बस उनका चेहरा देखे जा रही थी........
ग1 - अरे हम भी तेरे सीनियर्स hi hai......haa पर ठीक ठाक wale......acche वाले नहीं बोल सकते हममे भी......
ग2 - हाँ जी अच्छे वाले हममे भी मत samajhna.......ragging तो हम भी लेंगे......
ग1 - और नहीं तो kya......haa पर छोटा sa......aur इजी sa........koi बड़ा सा नहीं.......
ग2 - पर आज नहीं फिर कभी ले lenge.....hai naa.......aaj तू बच गयी इसी बात पे चाय शै हो जाए......
ग1 - nahi.....Chai nahi......pichli बार भी चाय का hi हुआ tha......iss बार faluda......faluda पिलाना होगा......
मधु - पर मैं......
ग1 - अब इसमें भी नाटक karegi......aaj छोड़ रहे तेरे ko.......pareshan हो गयी hogi....kal ना छोड़ेंगे अब चल......
मधु - अरे पर.....
मधु बोलती रही पर उन् दोनों ने उसको पकड़ा और लेके चले गए वही के कैंटीन mein......aur एक टेबल पे जाके चुप चाप बैठ gaye.......Mujhe याक्किन नहीं हो रहा था अभी तब जो लड़कियां चपर चपर करि जा रही थी वो एकदम से शांत कैसे हो gayi.......yahi बात वह मधु भी सोच रही hogi.....tabhi दोनों के चेहरों को देख रही थी.......
उनमे से एक ने मेनू कार्ड उसके हाथ में पकड़ा दिया और चेहरा ढकने को बोल diya.......bol क्या diya.....apne हाथ से धक्का हुआ था.......
मैं ये सब देख रहा tha........Main भी कैंटीन में चला गया और उनके पीछे के टेबल पे बैठ गया...........
मैंने देखा दरअसल उन्ही लड़को में से 2 लड़के यहाँ पे आये हुए थे जिन्होंने मधु का रास्ता रोका tha.......sayad उससे बचने को वो लड़कियां मधु का चेहरा धक्के जा रही थी.......
मधु ने उनसे पूछा क्या बात hui.....aise क्यों कर रहे ho.....par वो जवाब नहीं दे रही thi....bas चुप रहने को कह रही थी........
इन् सब से चिढ़ के उसने अपने चेहरे के सामने से वो मेनू हटा diya......aur कड़ी हो gayi........jisse उन् दो लड़को ने उसको देख लिया......
पता नहीं ये लड़के यहाँ करने क्या आये the......kisi भी तरह से ये तो नहीं लग रहा था वो यहाँ मधु को धुंध रहे hai.......par जब उन्होंने मधु को dekha.....to पहले वाले ने किसी को फ़ोन kiya.....aur फिर गेट के पास चला गया.......
उन् दोनों लड़कियों ने तो पहले मधु को निच्चे बिठाया और उन्होंने भी देखा जो कुछ hua.......phir गहरी साँस लेने के बाद दोनों ने मधु का हाथ पकड़ा और उसको अपने साथ लेके जाने lagi.....par गेट पे तो वो खड़े the.......phir भी वो दोनों मधु को लेके गयी........
"रूक्को अभी कोई बहार नहीं जा सकता......"
ग1 - तुझे पता है ना मैं कौन hu......chal साइड हैट.......
"प्रोफेसर की बेटी तू होगी घर mein.......yaha पे हमारा राज चलता है samjhi.....jo बोलै वो सुन्न और जाके बैठ waha......ooye कैंटीन वाले इनको खिलाओ बे जो खाना है inko......aur पैसे ना ले लेना......"
ग2 - तमीज़ से बात करो......
"tamiz.......tu ज्यादा बोल mat......samjhi.....warna इस नयी लड़की के साथ तुम दोनों का भी......"
मैंने फिर से कोशिश करि डार्क पावर को बहार निकलने ki.......inki बातें सुनने के बाद मुझे इनको इतना दर्द देना tha.....ki इनकी जिंदगी में बस वही एक अहसास बच्चे और कुछ भी nahi.......par ये डार्क power.....bahar आके अंदर चला जा रहा tha.........iss बार भी मधु की वजह से.......
मुझे ये समझ नहीं आ रहा था मैं यहाँ पे क्या ये सब बस देखने आया hu......iss बार मैं आगे जाने को उठा की और लोग आ गए उसी ग्रुप के......
ध्रुव - मैंने आपकी पावर्स काम कर दी hai.....par फिर भी देख के मारिएगा......
मैं पूरा तैयार tha......par कुछ होना भी तो चाहिए tha.......waha से वो सब आये...
मधु - तुम सब वापस आ गए.........
"क्या kare........ab तुमने इंट्रो दिया hi नहीं सही se......to हम लेने आ gaye.....intro....."
एक चूतिये ने ये लाइन boli.....aur उसके साथ उस ग्रुप के सारे लोग हसने lage.......ye बन्दे जैसे अपनी hi दुनिया में खुश the......wo होते है ना तो बे कूल दुदेस वाले log.......wahi थे ये सारे......
ग1 - साइड हो jaao.......abhi भी मौका है.......
"ये दोनों भी है yaha......inse भी बदला लेना है....."
मधु ने सोचा था यहाँ पे वो बस एक hi चीज़ज़ पे फोकस karegi......par nahi......ye तो होने से raha........wo पहले से hi चिद्धि हुई thi......ek तो उस लड़ने ने शुरू में उसको टच kiya......aur उसके बाद वो दो ladkiyan......haa उन्होंने कुछ किया नहीं par.....unki हरकतों से वो थोड़ा और चिढ़ गयी thi........ab ये वापस आ गए थे......
मधु ने जो सबसे पास में खड़ा tha......usko एक जोर का थपड दिया......
पहले कुछ बातें चल रही थी वह कैंटीन mein.......par उस आवाज के baad........uske बाद तो एकदम से सन्नाटा hi चा gaya......aur जिसको लगी th......wo निच्चे पड़ा हुआ था और उसके पास में 2 दांत भी गिर्री हुए थे.......
दोनों लड़कियां जो अभी मधु को सायद बचने की कोशिश कर रही thi......wo दोनों बस मधु को देखे जा रहे थे.......
वो दोनों क्या सब के sab.......Main खुद देखे जा रहा था.......
उस वक़्त जो मैंने देखा वो थोड़ा और अलग tha......uski बॉडी चमकनी शुरू हो गयी thi......golden पावर बहार आने लग गयी thi.......isko देख मैं इस चिंता में चला गया कही पूरी तरह बहार ना आ jaaye.......warna हो गया बेडा पार.....
"आईईईई ladki.........tujhe पता भी है किसको मारा tunne.......MLA का भतीजा है ये......."
जो बोल रहा था उसको भी एक padi.....wo भी निच्चे गिर्रा हुआ था.......
मैं अपनी डार्क पावर को बहार निकलने की कोशिश कर रहा tha......taaki अगर ये गोल्डन पावर निकले भी तो मैं उसको धक् sakku......par वो हो hi नहीं रहा था.......
वह पे अब लड़को ने भी अपना हाथ चलने का सोच लिया tha.....par उनको कहा पता tha......ye कौन hai.......iss बार भी इसको ट्रेनिंग मिली हुई hai.....uss चोर se.......aur उसके बाद पुजारी ji......aur इन् सब से बढ़ के मैंने खुद सिखाया था उसको जब हम इम्मोर्टल थे......
मैं उसके गोल्डन पावर को ढकने की कोशिश कर रहा tha.....aur वो वह पिटाई किये जा रही थी.......
मैं - ध्रुव डार्क पावर बहार क्यों नहीं आ raha.......Main उससे मधु की उन् सब को पीटने में मदद थोड़ी करने वाला हु......
ध्रुव - वो मैंने hi ताक़त कमज़ोर कर दी है naa.......abhi नार्मल करता हु......
उसने सब नार्मल kiya......aur मैंने तुरंत डार्क पावर को बहार निकला और उससे पुरे कांटें को धक् diya......jisse गोल्डन पावर छह के भी वह से बहार नहीं जा पायेगा.......
ये सब करके जब मैंने सामने की ओर dekha......to वह पे बस वो लड़के निच्चे पड़े हुए dikhe.......aur मधु आगे जा रही thi.....aur उसके पीछे वो दो ladkiyan......daudti हुई जा रही थी.......
गोल्डन पावर वापस से उसके सरीर में चला गया tha......Maine बहार जो उसके अंश बच्चे हुए थे उनको अपने पास डार्क पावर के जरिये पा liya......aur आगे बढ़ा.......
मधु ने अच्छी धुलाई करि थी inki.......par थोड़ा तो मेरा भी बनता था ना.........
मैं पास की चेयर पे बैठ gaya......aur डार्क पावर के एक छोटे से टुकड़े को बहार nikala........wo उन् सब के अंदर jaata.....aur बहार aata......pahle की बात होती तो सच में इनकी यादों से इनकी साड़ी खुशियां छिन्न leta.....par अभी की इनकी हालत देख ke......maine ज्यादा कुछ ना करने का सोचा.......
बस 10 सेकंड के लिए डार्क पावर को खुल्ला छोड़ diya....usne इन् सब के हड्डियों को अंदर से जाने तोड़ diya......dard से ये सब के सब बेहोश हो gaye.......wahi बाकी के सब तो इन् सब का वीडियो बनाने में लगे हुए थे......
वीडियो बहुत गलत चीज़ज़ होती hai......log इसको साबुत मान लेते hai.......ab इंसानो का क्या है वो चुप रह जाते है पर ये वीडियोस ये तो बस बोलते रहते है naa.......Main वह पे हर एक मोबाइल और कैमरा में से वो वीडियो हटा diya......thoda जादू थोड़ा technology......isse काम हो गया था......
उसके बाद मैं भी वह से निकल गया........
नेक्स्ट अपडेट में dekhenge.......MLA को वापस se.......aur दब का फोमोस जाना और डेमोस वालो से लड़ना......
:सिघ: तबियत कुछ ठीक नहीं hai......iss वजह से लेट हो गया......